- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
ऐसे कोई बात नहीं है .. मेरे उसके बारे मई की कोई सोच बदली नहीं है लेकिन मैंने पहले बार जब उसको देखा था तब जितना बुरा मुझे लगा था अब सोच रही हु वो उतना बुरा नहीं है
मतलब आप की सोच बदली है
तब आरती जरा शरमाते हुई कहते है

ऐसे कोई बात नहीं है
पक्का
हाँ .. अब जेक आपने काम कर
कर लुंगी पर दीदी नवाज़ आने के बाद पक्का उसने खाना खिलाओगे न
हां खिलाऊंगी बाबा .. तू जा अब ..
तब नीता वह से चली जाती है.. उधर जैसे hi नवाज़ फैक्ट्री जाता है और मैनेजर साहब को फाइल देता है तो वो उसे वह रुकने को कहता है नवाज़ वैसे करता है.. फिर उसको फैक्ट्री का कुछ काम भी नवाज़ को करना पड़ता hai..ye सब काम करके थकभग के श्याम को नवाज़ घर आता है. घर मतलब शेठजी का घर
अब बहार हाल मई नवाज़ आ जाता है.. नवाज़ को देखते हुई शेठ जी कहते है
दे दिया फाइल मैनेजर साहब को
हाँ शेठ जी
तब नवाज़ के हातो मई एक बॉक्स शेठजी देखते है
ये क्या है .. कैसा बॉक्स है ..
आप मैडम जी को बुलाओ न
आरती को
हाँ
क्या काम है...
वो मेमसाब के पास कुछ काम था..
हाँ बुलाता हु रुको यहाँ
ऐसा कह के शेठ जी अन्दर रूम मई जाते है..
आरती बीटा
हाँ पापाजी
वो नवाज़ आया है
पापाजी ने ऐसे कहने के बाद आरती पापा जी के तरफ देखने लगती है.. पर आपने ससुर को कहते कुछ नहीं hai..par उसके चेहरे पर ऑटोमेटिकली एक स्माइल आ जाती है .. और मैं मई कहते है ..
आ गया
वो कह रहा है तुम्हारे पास उसका कुछ काम है..
तब वो शर्मा जाती है ..

और शरमाते हुई कहती है
उसका काम और मेरे पास
हाँ बीटा .. ऐसा कह रहा है वो .. बहार खड़ा है वो.. तुम्हारा वेट कह रहा है.. जेक देख लो..
हाँ पापाजी.. जेक देखती हु..
ऐसा कह के किचन से बहार हाल मई जाने वाले दूर पाई खड़े होक वो हाल मई देखती है .. तो नवाज़ वह खड़ा था .. तब वो कुछ सोच के आपने बैडरूम मई जाती है और मिरर के सामने खड़े होक आपने बाल ठीकठाक करने लगती है..

फिर आपने साड़ी का पल्लू ठीक कर लेती है .. फिर हल्का सा मेकअप कर लेते है.. हल्का सी
लगा लेती है..
फिर थोड़ा शरमाते हुई कहते है
उसका मेरे पास कोनसा काम होगा .. बहार से आते hi पापाजी के हटो मेरे को बुलाने लगा .. उसको जरा भी साबरा नहीं है क्या .. थोड़े देर बाद मई उसके सामने आ hi जाती न .. नवाज़ भी न .. ये भी नहीं सोचा पापाजी क्या सोचते .. वो सोच सकते थे न या उसको कह भी सकते थे न
क्या काम है मुझे बता .. मई आरती को बता दूंगा .. क्या पता उनोने पूछा भी होगा .. फिर क्या उस कमीने ने पापाजी को ये तो नहीं कहा न की मई आरती मेमसाब को .. नहीं नहीं ..
फिर कमर के वह साड़ी ठीक से बन्दते हुई कहती है ..

थोड़ा शर्माके
वो कहा मेरे को मेमसाब कहता है .. मेरे को तो मैडम जी कहता है .. उसने पापा जी को ये तो नहीं कहा होगा न की मई सिर्फ मैडम जी को hi बताऊंगा .. कह भी सकता है .. कमीने का कुछ भरोसा नहीं ..
ऐसा कह के शरमाते है ..
जाने दो मुझे क्या करना वो जाने और पापा जी जाने .. मई जेक उसे मिलते हु.. कही मैंने लेट कर दिया तो मुझे आवाज़ देगा .. मई जेक उसे पूछ hi लुंगी .. ऐसा क्या अर्जेंट काम है मेरे पास जो उसको साबरा नहीं हो रहा है
ऐसा कह के वो एक बार साड़ी ठीक करती है .. बाल ठीक करती है और बहार हॉल मई चली जाती है ..और उसके सामने कड़ी हो जाती है और बड़ी अड्डा के साथ उसके सामने कड़ी हो जाती है ..सर पाई हाट रख के ..

और उसको देखते हुई जरा नौटंकी गुस्सा दिखते हुई कहती है
क्या है .. क्यों बुला रहे थे मुझे
कुछ नहीं आप को देखने का मैं कर रहा था
तब जरा नखरे से कहते है
देख लिया
अब कहा .. अब तो सुरवात की है .. अब तो अच्छे से देखना बाकि है
तब शरमाते हुई कहती है
अच्छा जी
हाँ जी मैडम जी
देखु क्या
मन करुँगी तो नहीं देखोगे क्या
अपनी मैडम जी का आदेश सर आँखों पर .. आपने मन किया तो नहीं देखूंगा
तो ठीक है फिर मत देखो
आपको नहीं देखु तो किसको देखु मैडम जी
मैडम जी के बचे देखना है तो तेरे नीता को देखो .. मुझे क्यों देख रहे हो ..
उसे तो कब से देख रहा हु .. अब आप की बरी ..
तब आरती नवाज़ की तरफ देखने लगे..

वो पसीने से भीगे हुई उसके बॉडी को वो देखने लगे .. . और कहते है
ये क्या हुलिए बनाया है
मतलब
कितने पसीने से भीगे हुई हो
आप की वजह से
मेरे वजह से वो भला कैसे
आपने मुझे फैक्ट्री भेजा था .. और वह जाने के बाद मैनेजर साहब ने बहुत सारा काम लगाया .. इस वजह से इतना पसीना आया है ..
तब स्माइल करते हुई कहती है
बी थे वे मैंने तुम फैक्ट्री नहीं भेजा .. तुम्हारे छोटे मालिक और शेठजी ने भेजा था ....
आपने hi बताया होगा
भला मई क्यों बोलूंगी
ताकि मई आप से दूर राहु इसलिए
मई क्यों तुम आपने से दूर करू
तो क्या पास रखना चाहती हो क्या आप
मेरा वो मतलब नहीं था..
तो क्या मतलब था आपका
मेरे कहने का सिर्फ इतना मतलब है के मैंने तुम नहीं भेजा फैक्ट्री
आपने hi भेजा है
मई भला क्यों भेजूंगी
ताकि मई नीता से दूर राहु
नवाज़ ने एक दांव खेला
मई क्यों करुँगी नीता से दूर तुम .. वैसे तुम दोनों को एक दूसरे से चैन नहीं है ... जब से तुम गए हो तब से मेरा उसने दिमाख ख़राब किया है .. नवाज़ कहा गया है बिल के और अब तुम भी उसके पास जाना चाहा रहे हो तो जाओ आपने माशूका के पास
जाऊंगा न मैडम जी
तो जाओ न
तब नवाज़ कहता है
मैडम जी आप इस मैक्सी मई बहुत खूबसूरत लग रही हो
तब उसकी और घूम कर देखते है

और अड्डा के साथ कहते है
मई नीता नहीं हु .. और ये मैक्सी नहीं है.. निघ्त्य है..
ऐसा कह के नवाज़ को देखने लगी . उसका भीगा बदन .. और आपने आप से कहने लगे... इसकी हाइट अरविन्द से एक दो इंच काम hi है मगर बॉडी ज़्यादा मस्कुलर है. शायद ये कुछ एक्सरसाइज या गयम वगैरा की वजह से होगी . और फिर खुद से hi कहने लगे.. इन् गरीब लोगो के पास गयम के लिए पैसे कहा होंगे.. और ये खेत मई रहता है और गयम तो इधर गाओं मई है.. खेत से गयम के लिए आना इससे पॉसिबल नहीं होगा.. खेत मई hi ये एक्सरसाइज करता होगा..
मतलब आप की सोच बदली है
तब आरती जरा शरमाते हुई कहते है

ऐसे कोई बात नहीं है
पक्का
हाँ .. अब जेक आपने काम कर
कर लुंगी पर दीदी नवाज़ आने के बाद पक्का उसने खाना खिलाओगे न
हां खिलाऊंगी बाबा .. तू जा अब ..
तब नीता वह से चली जाती है.. उधर जैसे hi नवाज़ फैक्ट्री जाता है और मैनेजर साहब को फाइल देता है तो वो उसे वह रुकने को कहता है नवाज़ वैसे करता है.. फिर उसको फैक्ट्री का कुछ काम भी नवाज़ को करना पड़ता hai..ye सब काम करके थकभग के श्याम को नवाज़ घर आता है. घर मतलब शेठजी का घर
अब बहार हाल मई नवाज़ आ जाता है.. नवाज़ को देखते हुई शेठ जी कहते है
दे दिया फाइल मैनेजर साहब को
हाँ शेठ जी
तब नवाज़ के हातो मई एक बॉक्स शेठजी देखते है
ये क्या है .. कैसा बॉक्स है ..
आप मैडम जी को बुलाओ न
आरती को
हाँ
क्या काम है...
वो मेमसाब के पास कुछ काम था..
हाँ बुलाता हु रुको यहाँ
ऐसा कह के शेठ जी अन्दर रूम मई जाते है..
आरती बीटा
हाँ पापाजी
वो नवाज़ आया है
पापाजी ने ऐसे कहने के बाद आरती पापा जी के तरफ देखने लगती है.. पर आपने ससुर को कहते कुछ नहीं hai..par उसके चेहरे पर ऑटोमेटिकली एक स्माइल आ जाती है .. और मैं मई कहते है ..
आ गया
वो कह रहा है तुम्हारे पास उसका कुछ काम है..
तब वो शर्मा जाती है ..

और शरमाते हुई कहती है
उसका काम और मेरे पास
हाँ बीटा .. ऐसा कह रहा है वो .. बहार खड़ा है वो.. तुम्हारा वेट कह रहा है.. जेक देख लो..
हाँ पापाजी.. जेक देखती हु..
ऐसा कह के किचन से बहार हाल मई जाने वाले दूर पाई खड़े होक वो हाल मई देखती है .. तो नवाज़ वह खड़ा था .. तब वो कुछ सोच के आपने बैडरूम मई जाती है और मिरर के सामने खड़े होक आपने बाल ठीकठाक करने लगती है..

फिर आपने साड़ी का पल्लू ठीक कर लेती है .. फिर हल्का सा मेकअप कर लेते है.. हल्का सी
फिर थोड़ा शरमाते हुई कहते है
उसका मेरे पास कोनसा काम होगा .. बहार से आते hi पापाजी के हटो मेरे को बुलाने लगा .. उसको जरा भी साबरा नहीं है क्या .. थोड़े देर बाद मई उसके सामने आ hi जाती न .. नवाज़ भी न .. ये भी नहीं सोचा पापाजी क्या सोचते .. वो सोच सकते थे न या उसको कह भी सकते थे न
क्या काम है मुझे बता .. मई आरती को बता दूंगा .. क्या पता उनोने पूछा भी होगा .. फिर क्या उस कमीने ने पापाजी को ये तो नहीं कहा न की मई आरती मेमसाब को .. नहीं नहीं ..
फिर कमर के वह साड़ी ठीक से बन्दते हुई कहती है ..

थोड़ा शर्माके
वो कहा मेरे को मेमसाब कहता है .. मेरे को तो मैडम जी कहता है .. उसने पापा जी को ये तो नहीं कहा होगा न की मई सिर्फ मैडम जी को hi बताऊंगा .. कह भी सकता है .. कमीने का कुछ भरोसा नहीं ..
ऐसा कह के शरमाते है ..
जाने दो मुझे क्या करना वो जाने और पापा जी जाने .. मई जेक उसे मिलते हु.. कही मैंने लेट कर दिया तो मुझे आवाज़ देगा .. मई जेक उसे पूछ hi लुंगी .. ऐसा क्या अर्जेंट काम है मेरे पास जो उसको साबरा नहीं हो रहा है
ऐसा कह के वो एक बार साड़ी ठीक करती है .. बाल ठीक करती है और बहार हॉल मई चली जाती है ..और उसके सामने कड़ी हो जाती है और बड़ी अड्डा के साथ उसके सामने कड़ी हो जाती है ..सर पाई हाट रख के ..

और उसको देखते हुई जरा नौटंकी गुस्सा दिखते हुई कहती है
क्या है .. क्यों बुला रहे थे मुझे
कुछ नहीं आप को देखने का मैं कर रहा था
तब जरा नखरे से कहते है
देख लिया
अब कहा .. अब तो सुरवात की है .. अब तो अच्छे से देखना बाकि है
तब शरमाते हुई कहती है
अच्छा जी
हाँ जी मैडम जी
देखु क्या
मन करुँगी तो नहीं देखोगे क्या
अपनी मैडम जी का आदेश सर आँखों पर .. आपने मन किया तो नहीं देखूंगा
तो ठीक है फिर मत देखो
आपको नहीं देखु तो किसको देखु मैडम जी
मैडम जी के बचे देखना है तो तेरे नीता को देखो .. मुझे क्यों देख रहे हो ..
उसे तो कब से देख रहा हु .. अब आप की बरी ..
तब आरती नवाज़ की तरफ देखने लगे..

वो पसीने से भीगे हुई उसके बॉडी को वो देखने लगे .. . और कहते है
ये क्या हुलिए बनाया है
मतलब
कितने पसीने से भीगे हुई हो
आप की वजह से
मेरे वजह से वो भला कैसे
आपने मुझे फैक्ट्री भेजा था .. और वह जाने के बाद मैनेजर साहब ने बहुत सारा काम लगाया .. इस वजह से इतना पसीना आया है ..
तब स्माइल करते हुई कहती है
बी थे वे मैंने तुम फैक्ट्री नहीं भेजा .. तुम्हारे छोटे मालिक और शेठजी ने भेजा था ....
आपने hi बताया होगा
भला मई क्यों बोलूंगी
ताकि मई आप से दूर राहु इसलिए
मई क्यों तुम आपने से दूर करू
तो क्या पास रखना चाहती हो क्या आप
मेरा वो मतलब नहीं था..
तो क्या मतलब था आपका
मेरे कहने का सिर्फ इतना मतलब है के मैंने तुम नहीं भेजा फैक्ट्री
आपने hi भेजा है
मई भला क्यों भेजूंगी
ताकि मई नीता से दूर राहु
नवाज़ ने एक दांव खेला
मई क्यों करुँगी नीता से दूर तुम .. वैसे तुम दोनों को एक दूसरे से चैन नहीं है ... जब से तुम गए हो तब से मेरा उसने दिमाख ख़राब किया है .. नवाज़ कहा गया है बिल के और अब तुम भी उसके पास जाना चाहा रहे हो तो जाओ आपने माशूका के पास
जाऊंगा न मैडम जी
तो जाओ न
तब नवाज़ कहता है
मैडम जी आप इस मैक्सी मई बहुत खूबसूरत लग रही हो
तब उसकी और घूम कर देखते है

और अड्डा के साथ कहते है
मई नीता नहीं हु .. और ये मैक्सी नहीं है.. निघ्त्य है..
ऐसा कह के नवाज़ को देखने लगी . उसका भीगा बदन .. और आपने आप से कहने लगे... इसकी हाइट अरविन्द से एक दो इंच काम hi है मगर बॉडी ज़्यादा मस्कुलर है. शायद ये कुछ एक्सरसाइज या गयम वगैरा की वजह से होगी . और फिर खुद से hi कहने लगे.. इन् गरीब लोगो के पास गयम के लिए पैसे कहा होंगे.. और ये खेत मई रहता है और गयम तो इधर गाओं मई है.. खेत से गयम के लिए आना इससे पॉसिबल नहीं होगा.. खेत मई hi ये एक्सरसाइज करता होगा..










































