Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 2 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

और फिर वो आपने पति और ससुर के पास चली गयी और उनसे बाते करने लगी .. अब आरती वह कड़ी थी और शेठजी और अरविन्द एकदूसरे से बात कर रहे थे .. वह खड़े होक वो आपने मोबाइल मई चाट कर रही थी ..

थोड़ी देर बाद बहार से नीता आती है और नवाज़ के पास जाती है ....और वो दोनों बाते करने लगे ..

कैसे है तेरे तबियत नीता

कैसे होगी मेरे tabiyat..itane जोर से करने की क्या जरुरत थी ..

मैंने कहा जोर से किया .. और तुमने की कहा था

मैंने कब कहा था भला ..

तुमने hi कहा न जल्दी जल्दी करो

तब बुरा से मू करके नीता कहते है





नवाज़ मैंने जल्दी जल्दी करो कहा था .. जोर जोर से करने को नहीं कहा था

तभी आरती पीछे गर्दन करते है तो उसे ये दोनों दिख जाते है ..





आरती नीता को देखते हुई कहते है

लगता है महारानी आ गयी

तब अरविन्द कहता है

कोण महारानी

तब स्माइल करते हुई आरती कहते है

कोई नहीं .. आप मुझे बता दो ये पौदे कहा कहा लगाने है

बात बदलते हुई आरती कहते है

तब शेठजी कहते है

इससे क्या पता होगा .. तुम और कंचन hi डीडे करो

हाँ यही सही है पापा जी

ऐसा कह के आपने ससुर से बात करने लगे .. कुछ देर बात करने के बाद उस्सने ऐसे hi अपनी गर्दन पीछे की पलटी तो अभी भी वो दोनों बात कर रहे थे .. तब क्यूरियस होक उनको देखने लगी .. और मैं मई कहने लगी ..

ये क्या इतने देर से बाते कर रहे है .. कही ये पहले से एक दूसरे को जानते तो नहीं न .. और बातो को चक्कर मई इन् दोनों ने काम करना hi बंद कर दिया है .. अब ये ऐसे hi बाते करेंगे तब पौदे कब निचे उतरेंगे और कब लगाएंगे .. यही सोचकर उन दोनों को देखने लगी ..





तभी नवाज़ नीता के पास जाने लगा .. मतलब जाने के लिए एक पेअर आगे बढ़ाया था उसने

मत आओ मेरे पास .. वो तीनो वह कहदे है ..कोई पलट गया तो लेने के देने पड़ेंगे ..

तब नवाज़ इधर देखने के लिए मुड़ने वाला था तभी अपनी गर्दन घुमा के आरती सामने आपने पति और ससुर से बात करने का नाटक करने लगी .. और मैं मई कहती है ..

इन् दोनों के सिर्फ पाचन hi है या इनका कुछ चक्कर भी है क्या .. मुझे ऐसा क्यों लगा नवाज़ इस को मिलाने के लिए आएगी आ रहा था पर इसने रोक लिया और उसके बाद hi पलट कर इधर देखने लगा .. पर अगर नीता का इसके साथ चक्कर है तो इसने पहले मुझसे कहा क्यों नहीं ..

तब खुद hi कहने लगी ..

आरती तू भी पागल है क्या अगर उसका किसी के साथ चक्कर है तो वो तुजे क्यों बताएँगे ..

कुछ देर शांत रहकर कहने लगी ..

ाटलिस्ट कभी तो उसके मू से नवाज़ का नाम निकलती .. गलती से hi सही .. अगर हम किसी से प्यार करते है तो उसके बारे मई अच्छी बात आपने फ्रेंड को बताते तो है .. अफेयर के बारे मई नहीं बताया तो भी .. और वो मुझे आपने फ्रेंड और बड़ी दीदी मानते hi है तो वो उसके बारे मई मुझे बता सकती थी .. ी थिंक मई कुछ गलत सोच रही हु .. नीता का उसके साथ कुछ नहीं है .. शयद जान पाचन होगी या वो नीता पाई लट्टू होगा .. वैसे हमारे नीता अच्छी hi है .. दिखने मई भी अच्छी है और स्वाभाव से भी .. कोई भी उसपे लट्टू hi होगा .. मई hi गलत सोच रही हु ..

आरती कुछ विचार मई है ये देख के शेठजी कहते है

बीटा क्या सोच रही हो ..

कुछ भी तो नहीं

ज्यादा मत सोचो ..पहले उन्दोनो से पौदे निचे उतर लो ..

जी

फिर आगे का सोचेंगे .. कहा लगाने है .. वैसे तुम्हारे ननद है hi तुम्हारे हेल्प के लिए .. वो कुछ न कुछ आईडिया तुम देंगे hi ..

हां दीदी का दिमाग इस मामले मई बहुत चालत है ..

जेक उनसे फटाफट पौदे निचे उतर लो .. लेट हो गया तो बाद मई बारिश आने की संभावना है ..

हाँ पापा माहौल वैसा hi लग रहा है

उप्पर आकाश की तरफ देखते हुई अरविन्द कहता है ..

जी मई अभी जाती हु उन्दोनो के पास

ऐसा कह के आरती पलट के जाने लगी .. तब शेठजी कहते है ..

बीटा ..उस कामचोर को जरा इधर भेज दो ..तब तक नवाज़ पौदे निचे उतर लेगा ..

जी पापा जी

ऐसा कह के आरती उन्दोनो के पास जाने लगी .. वो दोनों आपस मई बात करने मई बिजी थे .. उस वजह से उनका इधर ध्यान नहीं था.. आरती के पायल की आवाज भी उन सुनाई नहीं दी ..उनके पास जाकर आरती कहती है ..

बाते hi करोगे या काम भी करोगे ..

जी जी दीदी .. काम hi कर रहे है ..

अच्छा .. मुझे सीखा रहे है ..

नहीं दीदी ..

ऐसा कह के पौदे निचे रखने लगी ..

वैसे क्या बाते कर रहे थे तुम दोनों इतने देर

कुछ तो नहीं दीदी ..

मई कब से देख रही हु ..तुम दोनों पौदे निकलने के बजाये बाते कर रहे हो ..

इस वक़्त नीता और नवाज़ की पीठ आरती के चहरे के सामने थी ..और वो दोनों पौदे निकल के निचे रख रहे थे .. दोनों आरती की तरफ देख नहीं रहे थे ..

नहीं दीदी कुछ बाते नहीं चल रही थी ..

मुझे क्या उल्लू समाज रखा है क्या ..

इतना बोल कर आपने बाल बढ़ाने लगी ..निचे गर्दन करके ..





तब नवाज़ पीछे गर्दन करके आरती को कुछ कहने वाला था तभी उसके सामने का नज़ारा देख के उसकी आँखे एक जगह पाई रुख गयी .. वो जहाज थी .. आरती के बूब्स .. उसके बड़े बड़े मम्मी..

एक्चुअली हुआ ये था की बाल बंदने के लिए उसने आपने हाट उप्पर किये थे और उसी वक़्त हवा की वजह से उसके साड़ी का पल्लू उसके मम्मी से बाजु हुआ था ..और उसने इस वक़्त स्लीवलेस ब्लाउज पहना था .. इस वजह से उसके मम्मी का अच्छा सा दर्शन नवाज़ को हो गया था और उस वजह से उसका लौड़ा फिर से टाइट होने लगा था ..

इस वक़्त आरती निचे देख के आपने बाल बांध रही थी .. इस वजह से उसे कुछ पता नहीं था की नवाज़ क्या देख रहा है और वो अनजाने मई नवाज़ को क्या दिखा रही है .. और उसका अंजाम आगे जेक उसपे क्या होने वाला है .. इस सब से आरती इस वक़्त बेखबर थी .. फिर नवाज़ ने आपने आप को कण्ट्रोल किया और आगे देख के पौदे निकलने लगा..

तब आरती फिर से कहती है

तुम दोनों को क्या लगता है मुझे कुछ पता नहीं है क्या .. तुम दोनों कब से काम के नाम पाई बाते कर रहे हो .. क्या तुम दोनों सच मई मुझे उल्लू समाज रहे हो क्या ..

तब नवाज़ झट से कहता है

आप उल्लू कहा आप तो स्मार्ट हो

तब आरती नवाज़ को देखने लगी .. पर वो उसकी तरफ पिट कर के काम कर रहा था ..

अच्छा तुम 10 मिनट मई पता लगा क्या मई स्मार्ट हु

नहीं दीदी ये तो ऐसे hi बाते करता है .. इस की बात पाई ध्यान न दो दीदी आप ..ये ऐसे hi तिमेपास वाली बाटे करता है ..

लगता है तुजे इसके बारे मई बहुत कुछ पता है

जी दीदी .. थोड़ा बहुत ..

तू पहले से जानती है इससे ..

जरा आशर्य से नीता की और देखते हुई कहती है ..

हाँ दीदी

कैसे

वो दीदी मैंने उसके साथ आप के खेत मई कुछ दिन काम किया था न तो इस वजह से मुझे नवाज़ के बारे मई थोड़ा बहुत पता है.

तब आरती फिर से उसे पूछती है

क्या कह रही तू

क्या दीदी

क्या तिमेपास वाली बात .. मतलब .. क्या कहना चाहती थी तू ..

दरअसल दीदी इसे है न लडिगेस लोंगो के साथ फालतू की बात करने की आदत है ..

फालतू की बात .. कैसे फालतू की बात ..

मेमसाब आप इसके बातो मई मत आओ .. ये नीता कुछ भी कहते है मेरे बारे मई ..

मुझे तो लग रहा है नवाज़ नीता को तुम्हारे बारे मई थोड़ा बहुत नहीं बहुत कुछ पता है ..

और स्माइल करने लगी ..

वो दीदी मैंने आप को बताया न मैंने नवाज़ के खेत मई कुछ दिन काम किया था न तो इस वजह से मुझे नवाज़ के बारे मई थोड़ा बहुत पता है.....

ये थोड़ा बहुत नहीं बहुत कुछ है ..

तब नीता कुछ कहने वाली थी तभी उधर से शेठजी आवाज देते है

बेटे उस कामचोर को भेज दो इधर

तब नवाज़ जरा आशर्य से आरती के चहरे की और देखते हुई कहता है ..

कोण कामचोर मेमसाब

तब आरती चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है ..





दूसरा कोण है यहाँ .. नीता के अलावा .. नीता को पापा जी कामचोर कहते है ..

तब जरा गुस्सा दिखते हुई नीता कहती है ..

मई कितना भी काम कर लू शेठजी को मई कामचोर hi लगाती हु ..

तब आरती कहती है ..

ये अब तुजे और पापा जी को hi पता .. पर तू अब ज्यादा बाते मत बना नहीं तो पापाजी तुज पर गुस्सा हो जायेंगे .. तू निकल यहाँ से ..

जी दीदी ..

कह के नीता वह से निकल जाती है ..





 
अब नीता वह से चली जाती है.. और नवाज़ पौदे नीचे लेने लगता है. आरती उसे बता रही थी . ये यहाँ से उठाओ उसे यहाँ रखो .. पहले ये निकालो .. फिर ये . आरती जैसे जैसे बता रही थी वैसे वैसे नवाज़ कर रहा था

कुछ देर बाद आरती कहते है

नीता क्या कह रही थी तुम्हारे बारे मई ..

किसी बात मेमसाब

ारे बाबा तिमेपास वाली बात ..

मेमसाब आप उसके बातो पाई ध्यान न दो

अच्छा

फिर नवाज़ आपने काम पाई लगा गया . अब टेम्पो की बहार साइड वाले पौदे निकलना हो चुके थे . अब अंदर के पौदे बाकि थे ..अंदर के पौदे निकलने के लिए नवाज़ को टेम्पो के अंदर जाना पड़ता था पर फिर से बहार रखने के लिए टेम्पो के कार्नर पाई पौदे रख के निचे उतर कर पौदे को उतके निचे रखना पड़ता था. ये बहुत डिफिकल्ट होनेवाला था नवाज़ के लिए. ये सब सोचकर नवाज़ कहता है

नीता कब आएंगे

मेमसाब

क्यों ..

वो अब अंदर के पौदे बचे है .. वो अकेले से नहीं होगा न

क्यों नहीं होगा .. आसान तो है .. अंदर से पौदे ुटालो और नीचे रख लो

आसान कहा है मेमसाब .. उसके लिए मुझे अंदर जाना पड़ेगा फिर उसको बहार लेके आना पड़ेगा फिर यहाँ रख के निचे उतरना पड़ेगा और फिर पौदे को उतके निचे रखना पड़ेगा

बात तो तुम सही कह रहे हो

नीता होती तो हेल्प हो जाती

सच है नीता होती तो हेल्प हो जाती पर अब वो अंदर गयी है.. यहाँ बहार भी नहीं है

आपने ससुर की तरफ देखते हुई

हाँ यहाँ दिख नहीं रही है

अब अंदर गयी है ..बहार कब आएंगे ये कामचोर क्या पता

आप भी नीता को कामचोर कहते हो क्या

तब नीता नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है

अब कामचोर है तो कहूँगी न .. वो जाने दो अब बचे हुई पौदे कैसे निकलोगे वो बता दो ..बारिश का मौसम है .. बारिश कभी भी आ सकती है ..

तब नवाज़ कुछ सोचने लगा .. आरती की तरफ देखते hui..tab आरती भी टेम्पो से सात के खड़े होक नवाज़ को देखते है और कहती है ..





क्या सोच रहे हो..

तभी टेम्पो ड्राइवर टेम्पो मई जो आगे साइड बैठा था वो कहता है ..

जल्दी करो भाई .. मुझे मेरे गाँव जाना है .. बारिश का मौसम है. मुझे नदी क्रॉस करके जाना है

तब जरा गुस्से से नवाज़ कहता है..

बाए…

और रुख जाता है..

वो बहनचोद कहना चाहता था पर आरती को देख के रुख गया .. और आरती वो समझ गयी

बहन के भाई .. देख नहीं रहे हो कर रहा हु..

तब आरती को हलके से हसे आ जाती है..

हां हां जल्दी करो

है कर रहा हु





उसको देखते हुई कहते है

उसपे गुस्सा होक कुछ फायदा नहीं..

अब क्या करे मुझे अकेले hi करना पड़ेगा.. नीता नहीं है तो

ठीक है कर लो फिर
 
अब नवाज़ पौदे अंदर से निकल कर बहार लता था फिर बाहर टेम्पो कई कार्नर मई रख कर निचे उतारकर गर्दन मई रखता था .. इसमे नवाज़ को बहुत त्रासदयास था ..ये आरती ने देख लिया था ..

लगता है नीता अब जल्दी नहीं आएंगे ....मई तुम हेल्प कर देती हु ..

नहीं आप रहने दो…

क्यों

नहीं आप रहने दो

क्यों क्या तुजे क्या लगता है मई कर नहीं पाउंगी

ऐसे बात नहीं है

तो क्या बात है

जब नवाज़ पौदे अंदर से बहार आके टेम्पो के कार्नर मई रखता है तब आरती आपने साड़ी का पल्लू कार्नर मई बंद के वो पैदा उठा के नीचे रखती है

नहीं मालकिन आप मत करो ..

ऐसा कह के टेम्पो मई hi एक साइड मई बैठ जाता है ..

उसको थका हुआ देख के आरती कहती है

क्या रे इतने जल्दी थक गया...

नहीं बस थोड़ा रुक गया…

मुझे तो लगा तुम बहुत काम करते हो .. बॉडी तो काफी अच्छी बनायीं पर जल्दी थक गए तुम तो

नहीं मेमसाब ..लगभग टेम्पो खली किया मैंने अकेले ..ये थोड़ी महामुळी बात है.... अब ये अंदर बहार और उप्पर निचे करने से थोड़ा सा थक गया हु .. पैरो पे थोड़ा प्रेशर आ गया है… कोई नहीं अभी करवा देता हु कम्पलीट

और उतने लगा ..

तब आरती कहती है

ारे आराम करना है तो आराम करो ..मई तो मज़ाक कर रही थी ..

तब नवाज़ बैठ गया नीचे ..

लगता है तुम बहुत ज़्यादा थक गए हो ..जरा आराम करो ..मई अभी आयी …

बोलके अंदर चली गयी ..

उसे अंदर जाते हुई नवाज़ बैठे बैठे पीछे से देख रहा था .. उसकी गांड को ..उसके नंगी कमर और नंगी पीट को .. नवाज़ थक गया है ये जानकर उसके लिए पिने को कुछ लाया जाया ये सोचकर वो अंदर जाने लगे थी .. किचन मई .. जाते जाते वो एक बार पलट के देखते है तब वो पति ये नवाज़ उसे hi देख रहा है..



वो बिना कोई रिएक्शन देखे अंदर जाते है और थोड़े देर बाद एक जूस का गिलास लेके बहार आती है
 
अब आरती जूस का गिलास लेके बहार आ चुकी थी ..और नवाज़ के तरफ जा रही थी ..

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आरती को अपनी तरफ आता हुआ देखकर वो बीड़ी का एक तेज़्ज़ काश लेता है और उसका धुवां ऊपर की तरफ छोड़ने लगता है ..और फिर आती हुई आरती को देखता रहता है ..चलने की वजह से उसके आम उप्पर निचे हो रहे थे .. अब आरती नवाज़ के पास पहुँच गयी थी ..

ये क्या बीड़ी पि रहे हो तुम

हाँ मेमसाब

थके हुई थे न तुम

हाँ बीड़ी हमें एनर्जी देती है

बीड़ी कैसे एनर्जी देगी ..एनर्जी आने है तो ये जूस पि लो

उसके हाथ से जूस का गिलास लेते हुई नवाज़ कहता है

हाँ ये सही कहा आपने ..

बीड़ी से कहा एनर्जी मिलेंगे ..

ऐसा कहते हुई बीड़ी फेक देता है .. और उसके हाथ से जूस का गिलास लेते हुई नवाज़ कहता है .. आरती को देखते हुई ..

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आरती के चहरे पर स्माइल थी..

असली एनर्जी तो इस जूस से hi आएंगे

ऐसा कह के उसके आम को घूरने लगा … तब शयद उसे पता चला ..फिर आरती आपने साडी का पल्लू आपने बूब्स पर ठीक से रख देती है ..

आपका बहुत बहुत शुक्रिया memsaheb.....................aap बहुत ाची hain..............waise एक बात बोलूं मेमसाहेब....................

कहो

आप खेत मई नहीं आती क्या

नहीं

कभी भी

कभी भी नहीं

इसलिए को हमने पहली कभी आपको नहीं देखा .. कभी कभार खेत मई आ जाना चाहिए आप को ..आपका आपने खेत है ..

हाँ बात तो सही है तुम्हारी

वैसे आप कब आयी यहाँ

मतलब

शादी करके कब आयी यहाँ

तुम नहीं पता तुम्हारे छोटे मालिक की शादी कभ हुई

मई तब आपके यहाँ नहीं था

6 महीने हो गए है
 
अच्छा 6 महीने हो गए क्या

हाँ .. वैसे तुम्हारा जूस पीना हो गया होगा तो बच्चा हुआ काम कम्प्ले कर दो

हाँ मेमसाब

कह के वो उठ गया

अब मई तुम्हारी हेल्प कर देती हु

जी मेमसाब पर मेरी वजह से आप को तकलीफ

नहीं होगी

झट से आरती बोलते है

फिर नवाज़ पौदे अंदर से दे रहा था और आरती बहार उसे रख रही थी ..

नवाज़ क्या तू पहले भी यहाँ आया है

तब झट से नवाज़ बोलता है

नहीं मेमसाब पहली बार आया हु

तब नवाज़ की तरफ घूरते हुई देखते है और कहते है..

फिर इस बंगले के बारे मई इतना सारा कैसे पता है तुजे.. क्या आते hi पूरा बंगला घूम के देख लिया क्या तुमने ...

आरती अपनी गर्दन पीछे घूमते हुई नवाज़ से ये कहती है... उसके चेहरे पर हलकी से स्माइल थी.. ये कहते हुई..

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तब नवाज़ मैं मई कहता है

मैं जब नीता को ये बता रहा था तब इसने सुन लिया शयद.. लगता है इसका मेरे तरफ hi ध्यान था .

ऐसा नवाज़ आरती ने जब पूछा तो सोचने लगता है .. नवाज़ उसकी गांड को आँखों hi आँखों मई नंगी करते हुई देख रहा तह ..

आपने आँखों मई आरती की गांड को नंगे करते हुई नवाज़ कहता है

नहीं मेमसाब .. मैं तो आज पहली बार यहाँ आया हु.. आप के बारे मई बहुत कुछ सुना है पहले hi..

क्या??

आरती आर्चाय से कहते है

मेरे बारे मई . . और तुमने..

मेरा मतलब आप के बंगले के बारे मई मैडम जी..

आरती अब एक पैदा उतके रख देती और फिर घूम जाती है और टेम्पो से पिट सत्ता के खड़े होकर आपने नशीले आँखों से नवाज़ की तरफ देखते हुई कहती है..

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ओह्ह्हू.. अच्छा... ऐसा क्या सुना है हमारे बंगलो के बारे मैं

बहुत कुछ

अच्छा या बुरा

आरती के चहरे पर हलकी सर स्माइल थी..

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सुबह जब नवाज़ को पहले बार आरती ने देखा था तब उसे नवाज़ पर बहुत गुस्सा आया tha..us गुस्से का नामोनिशान नहीं था .. यूँ कह सकते है अब वो काफी हद तक काम हो गया था..

अच्छा hi.. मेमसाब जी.. इतने खूबसूरत बंगले के बारे मई कोण बुरा बता सकता है..

वो तारीफ तो बंगले की कर रहा था पर देखे जा रहा था आरती के खुबसुरती को..

तुमने बांग्ला अभी तक अच्छे से देखा नहीं है.. तो कैसे कह सकते हो.. वो कितना खूबसूरत है या नहीं..

आरती नखरा दिखते हुई कमर पर हाथ रखते हुई सेक्सी तरीके से खड़े होक पूछते है

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देखने की क्या जरूरत है मेमसाब जी.. अच्छी चीज़ पहले hi नज़र मई बहा जाती है.

नवाज़ के इस बात पर आरती का चेहरा खिल उठता है..

अच्छा जी.. बाते तो बहुत अच्छे कर लेते हो.. कहा से सीखे इतने अच्छे बाते करना

हम कहा से गरीब लोग अच्छे बाते करना सीखेंगे.. मेमसाब जी.. जो दिल मई होता है वही बोल देते है.. वो खुद बा खुद आप जैसे बड़े लोंगो को अच्छे लगने लगती है..

आरती खुल रहे है ये जानकार नवाज़ उसको बाटली मई उतरने की कोशिश कर रहा था..

आरती नवाज़ के इस बात पर खुल कर हस्ती है..

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जब से ये दोनों आये है तब से पहली बार आरती खुल कर हसे थी...

आरती हस्ते हुई कहते है

शयद इसी को नीता टाइमपास कहते है

तिमेपास ?? मई समजा नहीं मेमसाब

वो कह रही थी न की तुम लेडीज लोंगो से तिमेपास वाली बाते करते हो

आप भी न मेमसाब किस की बातो मई आ गए ..

सिर्फ बाते hi करना जानते हो या काम बाम भी करना आता है.. कुछ..

तब नीता वह आ जोकि थी .. आते hi वो कहते है..

काम तो बहुत अच्छे से करता है ये.. कोई कम्प्लेन की गुंजाइश नहीं rahege..dekho अकेले टेम्पो खली किया नवाज़ ने दीदी..

तब आरती नीता को देखते है ..

आ गयी तू .. महारानी..

जी दीदी

बहुत जल्दी आ गयी

वो थोड़ा ज्यादा टाइम गया अंदर दीदी .. वो शेठजी ने जरा ज्यादा hi काम दिया था..

तब आरती कहते है

वैसे क्या कह रही थी तू

आप कह रहे थे न नवाज़ को काम करना आता भी है बाते hi करता है ..

हाँ कहा था

तब मैंने आप से कहा

काम बहुत अच्छे से करता है.. इसलिए अकेले टेम्पो खली किया इसने

तब नखरे से आरती कहते है

अकेले ???

अकेले??

और नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है

इसने अकेले नहीं किया .. मैंने हेल्प की है ..

आपने हेल्प की .. मतलब

तब नवाज़ कहता है

मई यहाँ से पौदे उतके मेमसाब को देता था और मेमसाब उसे निचे रखते तह hi

दीदी आप ने ये सब किया ..

पौदो को देखते हुई आरती कहती है

हाँ .. तुजे शक है क्या

दीदी इतने सरे पौदे निचे रखे क्या

हाँ

क्यों किया आपने ये सब .

क्यों . नहीं करना चाहिए था क्या

हाँ नहीं करना था .. अब शेठजी को पता चला तो वो बहुत डांटेंगे

तो जल्दी आना तह

गलती हो गयी दीदी

अब तिमेपास मत कर और तुम दोनों मिल के ये सब पौदे लगा लो
 
ठीक है मेमसाब.. हम दोनों लगा देंगे .. कोनसे पौदे गर्दन में कहा लगाने हैं बता दिज्ये ताकि हम सही जगह सही पौदे लगा देते है ....

हाँ दीदी बता दो और फिर आप अंदर जाओ .. और आराम कर लो .. आप थक गयी होंगे न ..

मई क्यों थकुँगे .. मुझे क्या आपने जैसा समाज के रखा है क्या .. मई चहु तो अकेले ये सब पौदे लगा सकती हु

हां… दीदी .. सॉरी..

ठीक है

आप जरा कहा कहा कोनसे पौदे लगाने है ये बता दो

ये सुन के आरती जरा टेंशन मई आ गयी …उसने इस के बारे मई ज्यादा सोचा नहीं था .. थोड़े देर पहले थोड़ा सोचा था पर फाइनल डीडे नहीं किया था .. उसने कंचन को कॉल किया था पर कॉल कनेक्ट नहीं हुआ था

आरती ये सब सोच रही थी तभी नीता फिर से कहते है

बता दीजिये न दीदी

रुख जरा सोचने दे

जी सोचिये

ऐसा नवाज़ कहता है

अच्छे से सोच के बता दीजियेगा

तभी आरती कहते है

कंचन दीदी को पूछते हु

जी दीदी … पूछ लीजियेगा .. पर मेरे मनो तो तब आरती नीता को देखने लगाती है





मेरे मनो तो आप hi बता दो .. आपकी चॉइस हमेशा बेस्ट होती है…

आरती स्माइल करते हुई कहती है …

ऐसा कुछ नहीं है…

तब नीता एक पौदे को देखते हुई कहती है ..

दीदी कितने खूबसूरत पौदे हैं ना....

आरती - हाँ बोहत....

नीता - दीदी ये वाले से शुरू करे क्या ..

हाँ नीता इस से सुरु करते है ..

ऐसा कहते हुई नवाज़ को देखते हुई कहती है





नवाज़ इस पौदे से सुरु करो और उदार से....

आरती एक जगा इशारा करते हुवे बोलती

है....

नवाज़ - ठीक है मेमसाब ....

फिर नवाज़ वो पैदा लगाने लगता है.... आरती वहीँ कड़ी हुई नीता से बाते कर रही थी.. नीता नवाज़ को मदद करते हुई आरती से बाते कर रही थी ..

तब नीता थोड़ा दूर जेक पौदे लगाने के लिए मीठी निकलने लगी ..तब नवाज़ कहता है आरती को

मेमसाब ये पौधे जरूर खूबसूरत है लेकिन इनकी रखवाली करना आसान बात नहीं है .... इनकी रखवाली करना आसान बात नहीं होती अगर इनकी रखवाली ठीक से नहीं की गयी तो भरा या कोई और कीड़ा मकुड़ा खा सकता है...

ये बात नवाज़ आरती के तरफ देखते हुई बोलता है .... पर आरती को ये ऐसा क्यों कह रहा ये पता नहीं चलता ..उसे लगता है ये पौदे के लिए hi कह रहा है ..वो वही समाज के कहती है ..

हाँ बिलकुल सही कह रहे हो तुम नवाज़ .. फिर इनकी रखवाले कैसे करनी होगी ??

तब नवाज़ आरती को ऊपर से निचे देखते हुई कहता है ....





अरे मेमसाब आप बिलकुल भी चिंता मत करो मैं हूँ न... आपके घर के इस खूबसूरत पौधे को आंच तक नहीं आने दूंगा मई ...इसका ख्याल मैं अपने

पुरे मन से रखूँगा.... वो क्या है न मेमसाब ऐसे खूबसूरत पौधों की

रखवाली सिर्फ हम जैसे hi रख सकते हैं....

नवाज़ लगता है तुमको बहत कुछ पता है पौधों के बारे में....

हां मेमसाब क्या है मैं सैलून से अपने घर के पौधे की अछि तरह से

ख्याल रखते आ रहा hu....ab बरी है दूसरे के घर के पौधों की रखवाली

रखने की…

ाचा है तुम मुझे मिले .. नहीं तो इन् पौधों की ठीक से रखवाली का टेंशन मुझे रहता ....…

आप कोई टेंशन न लो .. मई हु न मई सब सही से करूँगा

आरती कुछ कहते तबभी उसके हस्बैंड अरविन्द ने उसे आवाज दी

आरती.. आरती.. इधर अंदर आना जरा

आपने पति की तरफ देखते हुई कहते है

जी.. आ रही हु

ऐसा कह के नवाज़ को कहते है

अच्छे से पौदे लगाना .. तुम्हारे छोटे मालिक बुला रहे है मुझे.. मई अंदर जाती हु

ऐसा कह के वो अंदर जाने लगी ..

उसे अंदर जाते हुई नवाज़ बैठे बैठे पीछे से देख रहा था .. उसकी गांड को ..उसके नंगी कमर और नंगी पीट को ..



























































 
उसे अंदर जाते हुई नवाज़ बैठे बैठे पीछे से देख रहा था .. उसकी गांड को ..उसके नंगी कमर और नंगी पीट को ..

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अंदर जाने के बाद आरती आपने ससुर और पति से बात करती है .. फिर आपने बैडरूम मई गयी और अपनी साडी निकल फेकि और निघ्त्य पहन कर फ्रेश हुई और तभी उसके पति ने उसे आवाज़ दिया ..

आयी ..रुको जरा

उसने अंदर से कहा और कुछ देर बाद बहार आयी और रूटीन की तरह वो कॉफ़ी बनके अपने पति को दी और ससुर को दी .. और किचन में डिनर की तैयारी करने लगी ..उसे पता था नीता उसको हेल्प नहीं करेने को आएंगे .. इसलिए उसे खुद hi करना था सबकुछ आज .. दूसरी बात उसका पति कल शहर जाने वाला था तो कही न कही उसे आज अपने पति का साथ चाहिए था.. क्यों की आज नवाज़ ने नीता के साथ नज़दीक आने का चांस मारा था उस वजह से भी आरती को लग रहा था की आज उसे पति के साथ की बहुत जरुरत थी .. इसलिए वो किचन का काम अधूरा छोड़ के हॉल में जाकर पति के बगल में बैठ के बाते करने lagi..lekin कुछ 10 मीन्स बाद उसका पति बैडरूम जाके दूसरे कपडे पहन कर बहार जाने के लिए तैयार हुआ तो…. आरती ने उसे पूछा की

अब आप कहा जा रहे हो…

जरा काम है

कल मुझे चोर के शहर जा रहे हो

एक दिन के लिए जा रहे हो

एक दिन बोल के 2-3 दिन रहते हो आप

काम होता है

मई समाज सकती हु पर अब यहाँ हो तो आपने बीवी के साथ कुछ टाइम स्पेंड करो न जी

करूँगा ..जरूर करूँगा पर थोड़ा बहार होक आने के बाद

हर बार बहार जाना ठीक है क्या .. कुछ देर घर में रुक नाह सकते क्या?

अरे आरती तुम तो पता hi है सुबह से लेकर शाम तक काम करके थक जाता हु सो थोड़ा बहार जाके दिमाग फ्रेश कर लेता हु …

तब आरती कहती है

चाहे तो मई आप को फ्रेश कर लुंगी

ऐसा बोल के उसके बहो मई आपने दोनों हाट दाल के उसको किश करने लगी ..





आरती के चूमने से अरविन्द के बॉडी मई उत्तेजना का संचार होने लगा ..उसने भी अपनी जीभ आरती के मू मई दाल दिया और अपनी बीवी को चूमने लगा .. आपने पति ने किश करते hi आरती बोहत ज़्यादा गरम हो चुकी थी .. अब उसे ये याद भी नहीं था की उसका ससुर घर मई hi है और उसका नौकर और नौकरानी भी बहार है ..और ये सब श्याम के टाइम हो रहा था रात मई नहीं .. जोश में दोनों को hi कुछ भी ख्याल नहीं था के इस वक़्त वह कोई भी आ सकता hai....chahe वो जो भी हो अगर आ जाता तो लफड़ा होना लाज़मी tha....uske हस्बैंड ने बार बार उसके होंठ चूमने से आरती अब बोहत ज़्यादा गरम होचुकी थी .....

तभी बहार से आवाज़ आता है

बहुरानीय....

तब उसका हस्बैंड झट से किश तोड़ता है और आरती को देखते हुई कहता है ..

पापा आवाज दे रहे है तुम

तब आरती अपनी आंख खोलती है.... आरती की ऑंखें इस वक़्त सुर्ख लाल थी .वो इस वक़्त अपनी छूट की प्यास बजाना चाहा रही थी आपने पति से पर बहु के फ़र्ज़ के आगे वो मजबूर थी.... .. जिस साइड से वो आवाज आया था उस साइड के दूर की तरफ देखते हुई बहुत hi गुस्से मई देखते हुई बोलते है ..

जी पापा जी

रात मई करते है

ऐसा उसके हस्बैंड ने कहा तब आरती ने कुछ नहीं कहा …आपने पति के तरफ उसने देखा भी नहीं ..इस मई उसके पति की कोई भी गलती नहीं थी ..पर उससे गुस्सा उसपर भी आ रहा था और आपने पति पर भी ..और कुछ hi देर में उसका पति चला गया तो आरती आपने ससुर के पास चली गयी ..उनसे थोड़ी बात की और फिर से आके किचन में अपना बचा हुआ काम निपटने lagi..lekin कही न कही तो आरती को आज पहली बार आपने पति पर गुस्सा आ रहा था ..उसे अकेलापन फील हो रहा था..

आपने पति और ससुर के बारे मई सोचते हुई दूसरी तरफ उसके दिमाग में नवाज़ की baate..aur उसके हरकत याद आने लगी ..वो नवाज़ के हरकत को ..जब उसने आरती के हाट को टच किया था ..वो सोच कर कहती है ..

गलती से hi लग गया होगा हाथ लेकिन मुझे अलग hi अहसास क्यों हो रहा था उस वक़्त उसके हाथ लगने से....

आरती को खुद के जिस्म के रिएक्शन पर यकीन नहीं होरहा tha....fir वो काम ख़तम कर बीएड पर लेट जाती hai....lekin उसके दिमाग में बार बार वही ख्याल आ रहा था जब नवाज़ और उसकी नज़र मिली थी और नवाज़ ने उसे आँखों से अजब सा इशारा किया था ..फिर वो खुद को समजने लगी ..

नहीं नहीं उसने कुछ इशारा नहीं किया ..

तब बहार से उसके ससुर ने कहा

बहु खाना बना है क्या

हाँ पापा जी

कहते हुई बहार आ जाती है ..आपने ससुर को खाना देती है ..कुछ देर बाद खुद खाना खाके आपने बीएड पाई जेक लेट जाती है ..लेकिन सोचते हुई वो कब गहरी नींद में चली गयी पता hi

नहीं चला....

अगली सुबह विंडो से अति हुई सूरज की किरण से उसकी आंख खुलती hai...wo अपने ऑंखें मलते हुई बैठ जाती है बीएड में और टाइम देखती hai....fir बीएड से उतर कर फ्रेश होने चली जाती hai...fresh होने के बाद वो बहार आकर मिरर में देख कर खुद को तैयार करती है.. थोड़ा तभी उसके मोबाइल पर कॉल आता है....

आरती- hello...

अरविन्द - हां उठ गयी??

आरती - जी अभी थोड़ी देर pehle....aap कब चले गए ..मुझे उठाया भी नहीं ..

अरविन्द - हां वो जल्दी जाना था .. सुनो वो मैं आज नहीं रेतुर्न नहीं आ paunga...shayd 2 दिन और लग जायेंगे....

लेकिन क्यों आप ने तो एक दिन का तो कहा था न .. आप आज hi लौट के आने वाले थे न ???

हां एक क्लाइंट की जो अब मीटिंग थी वो आफ्टरनून मई होगी और इवनिंग वाले क्लाइंट की फ्लाइट डिले होगयी इसलिए रुकना पड़ेगा आज भी..

आरती थोड़ा मायूस सी होती hai....use यहाँ अजीब लग रहा था फिर भी बे मन से कहती है ....

जी...

अरविन्द को आरती की आवाज़ से पता चल जाता है के आरती को घर में बोर हुआ है....

आरती फ़िक्र मत करो बस 2 दिन की बात है फिर मैं आ jaunga...fir हम कहीं घूमने चलेंगे....

जीई...

चलो मैं अब रखता हु.. bye…

फिर आरती नाश्ता करने लगती है....















हह

























हह







हह







यु













हह







हह

हह



 
तभी वह नीता और नवाज़ आते है ..हसते हुई.. आरती का नास्ता हो चूका था .. आरती को किचन मई देख के नीता वही रुख जाती है और उसे आरती की कल की बात याद आती है ..नवाज़ को नास्ते मई यहाँ न लेन की इसलिए वो डर जाती hai..aur वो धीरे से कहते है ..

दीदी मई इसके लिए नास्ता बनके बहार लेके दे देते हु

और वो फिर नवाज़ को कहते है

तुम बहार रुको मई नास्ता लेकर आते हु

तब आरती दोनों की और देखते है ..और कहते है

उसे नास्ता बहार hi देना था तो किचन मई उसको क्यों लेके आयी ..

सॉरी दीदी

सॉरी की बच्ची

इतने समय तक वो बैठी थी दिंनिंग टेबल मई और वो दोनों खड़े थे किचन के दूर पर ..ऐसा कह के वो उठ के अपनी प्लेट लेके उठ जाती है और घूम के किचन सिंक मई जेक अपनी प्लेट रख के हैंड वाश करने के लिए नल चालू करने लगी पर नल से पानी hi नहीं आ रहा था

तो दीदी मई क्या करू ..

अब क्या कर सकते है ..बनके नास्ता खिला दे

यहाँ या बहार

तब गर्दन घुमा के देखते है

यही पाई

और नल घुमा के कहती है

ये नल से पानी क्यों नहीं निकल रहा है

तब नवाज़ कहता है

मेमसाब मई कुछ हेल्प करू

तब नवाज़ की और गर्दन घुमा के देखते है

किस मई

पानी निकलने मई .. ी मैं नल का पानी निकलने मई

शुक्रिया पर मई कर लुंगी

कह के नल से पानी निकलने के लिए नल घुमा रही थी पर पानी नहीं आ रहा था तब नवाज़ फिर से कहता है

आप कहे तो

तब झट से कहते है

ठीक है

कहके उसे हाट से इधर आने का इशारा करती है





हह



























हह

























हह

हह











 
तो दीदी मई क्या करू ..

अब क्या कर सकते है ..बनके नास्ता खिला दे

यहाँ या बहार

तब गर्दन घुमा के देखते है

यही पाई

और नल घुमा के कहती है

ये नल से पानी क्यों नहीं निकल रहा है

तब नवाज़ कहता है

मेमसाब मई कुछ हेल्प करू

तब नवाज़ की और गर्दन घुमा के देखते है

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किस मई

पानी निकलने मई .. ी मैं नल का पानी निकलने मई

शुक्रिया पर मई कर लुंगी

कह के नल से पानी निकलने के लिए नल घुमा रही थी पर पानी नहीं आ रहा था तब नवाज़ फिर से कहता है

आप कहे तो

तब झट से कहते है

ठीक है

कहके उसे हाट से इधर आने का इशारा करती है और सर के पूछे हाट दाल अड्डा के साथ उसको देखने लगी ..





तब नवाज़ कहता है .. उसके पास जेक

अब आप इतने प्यार से बुला रही हो आपने पास तो मुझे आना hi पड़ेगा न आप के पास

तब गुस्से से उसके और देखते हुई कहते है

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मैंने तुम बुलाया क्या आपने पास

तब नवाज़ कहता है

मतलब ..

नवाज़ आगे कुछ कहता उससे पहले hi आरती नखरे से कहती है ..उसको देख के ..

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मैंने नहीं बुलाया तुम hi कह रहे थे मेमसाब मई हेल्प करू क्या

उसके बात मई एक अड्डा थी .. चहरे पर हलकी सी स्माइल थी और कमर पाई हाट था ..

तब नवाज़ कहता है

ऐसे अड्डा हमें दिखाओगे मेमसाब तो हम मर hi जायेंगे

तब स्माइल करते हुई कहती है

बात को मत घुमाओ .. मैंने कब तुम बुलाया था ये पहले बताओ

तब नवाज़ कहता है

अब आप बुलाओ या मई औ आपके पास..

थोड़ा रुक के आरती के चहरे की एक्सप्रेशन देखता है ..वो उसे hi घर रही थी ..तब नवाज़ आगे कहता है उसको देखते हुई

आप की हेल्प करने आप के पास .. एक hi बात है न

तब उसके खंड को मरती है

एक बात नहीं है

कैसे

ज्यादा बात मत करो .. चुपचाप आपने काम करो

ऐसा बोल के स्माइल करती है

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और नीता को देखती है .. पर नीता की नज़र इधर नहीं थी ..वो आपने मोबाइल मई बिजी थी ..तब मैं मई कहते है आरती

नीता तू उधर बिजी है और इधर तेरा आशिक़ मुझपे लाइन मार रहा है

ऐसे कहते hi उसके चहरे पर शर्म आ जाती है .. इधर नवाज़ पानी के नल के पास जाता है और नल घुमाके देखता है तब उससे पानी नहीं आता फिर वो 4-5 बार नल का कॉक आगे पीछे घूमता ..फिर निचे बैठ के बेसिन के निचे से पाइप देखने का तरय करता है पर उसे वह पाइप नहीं दिखता तब वो फिर से उठ के नल का कॉक घुमाके देखने लगता है तब आरती कहती है

हो गया क्या ठीक

तब नवाज़ कहता है

देख रहा हु मेमसाब

ऐसा बोल के नवाज़ आरती को देखने लगा

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तब आरती कहती है

मुझे नहीं देखना है उधर नल को देखना है

वही देख रहा हु

ऐसा बोल के घूम के नल को घूमने लगता है ..

उतना तो मैंने भी किया था

किया होगा पर आपने निचे कहा देखा होगा

निचे कुछ है hi नहीं तो क्या देखोगे

देखना पड़ता है मेमसाब

तो देख लो फिर

तब नवाज़ घूम के आरती को देखता है और कहता है

थैंक यू मेमसाब

तब आरती कहती है

बेशरम !!!

आरती की अड्डा को देख कर नवाज़ का लुंड सर उठाने लगा जिसका एहसास होते hi नवाज़ ने अपनी नज़र घुमा ली और नल ठीक करने लगा .. और आरती उसको देखने लगी ..पीछे खड़े होकर आरती नवाज़ को बहुत गौर से देख भी रहे थे और कुछ सोच भी रही थी...

ऐसा क्या है इस मई जो नीता को ये छिछोरा पसंद आया .. दिखने मई तो कुछ ख़ास नहीं है.. हल्का सा मोटा भी है.. फिर स्माइल करते हुई कहते है

हाँ बाते अच्छा करता है

हाँ ये हो सकता है आपने बातो मई hi नीता को फसा लिया होगा

तभी नवाज़ गर्दन घुमाके एक बार आरती को देखता है तब वो देख लेता है आरती उसे hi घर रही है .. तब उसे देख के आरती कहती है

हो गया ठीक क्या

नहीं कर रहा हु

तब आपने चहरे पर स्माइल लेट हुई अदा के साथ कहती है

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मुझे तो लगा था तुम तो 2 मिनट मई कर लोगे पर तुम तो कुछ काम के नहीं हो ..सिर्फ बाते करते रहते हो

ऐसा कह के उसके पास चली गयी ..मतलब सिंक के पास चली गयी .. तब नवाज़ उसको देखते हुई कहता है

कर भी लेता पर मुझे क्या पता था आप नल को इतना ख़राब कर डौगी

तब नखरे से कहती है

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अच्छा जी .. ये अच्छा है ..तुम नल ठीक नहीं कर पा रहे हो और दोष मुझे दे रहे हो .. दोष का टिकरा मुज पर फाड़ रहे हो

आप को दोष नहीं दे रहा हु मेमसाब

फिर

नल आपने इतना जाम किया है इसलिए बोलै

बी थे वे ये नल मई अकेले उसे नहीं करती

फिर कोण उसे करता है

तब नीता के तरफ देखकर कहती है

तुम्हारी महारानी

तब नीता की तरफ देखकर कहता है

मई तो भूल hi गया था .. आप दोनों यहाँ काम करते हो

तब झट से आरती कहती है

मई यहाँ कोई कामवाम नहीं करती ..मई मालकिन हु और वो नौकर ..

वही

क्या वही

मेरे कहने का मतलब था की मेमसाब वो काम करती है और आप उसे गाइड करते हो

ऐसा कहो न फिर

वैसे भी इसमें हर्ज़ ही क्या hi की माइड की हेल्प मेमसाब करे ...इतने बड़े बंगलो पर आप दोनों अकेले hi होते हो ..सरे काम अकेले नीता तो नहीं कर पति होगी न .. तब आपने उसे थोड़े हेल्प करदी तो इसमे बुरी बात तो नहीं है न मैडम जी

तब एक नज़र आरती नवाज़ को देखकर फिर निचे देखती हुई कहती है



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जी जी कोई बुराई नहीं है .. कोई बुरी बात नहीं है इसमे

मई सही कह रहा हु न मेमसाब

तब आरती कहती है

हाँ हाँ तुम सही कह रहे हो ..

वैसे भी मुझे लगता है आप दोनों सरे काम मिल बाटकर करती हो मालकिन और माइड .. क्यों मेमसाब ...सही कह रहा हु न मई ..

हाँ हाँ ..बिलकुल

तभी नल से पानी आ जाता है ..तब आरती कहती है ..

आ गया पानी

हाँ ..कर दिया मैंने आप का काम

हाँ थैंक यू ..

वेलकम जी मेमसाब

जरा बाजु हो jao..muje देखने दो

तब नवाज़ बाजु होने का नाटक करता है और आरती नल चालू करती है वैसे hi पानी का फाॅर्स बढ़ाता है तब नवाज़ झट से नल बंद करने के लिए हाट आगे बड़के नल के तप पर हाट रखते हुई नल बंद करने लगा वह आलरेडी आरती का हाट था ..आरती के हाट पर नवाज़ का हाट रखते hi आरती को बड़ा झटका लगा .... वो आरती के तरफ देखने लगता है जो इस वक़्त उसके सामने कड़ी thi....aur उसे hi देख रही थी ..गुस्से से..



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उसने सोचा hi नहीं था की ऐसा कुछ होगा या नवाज़ ऐसा कुछ करेगा ..नवाज़ इतनी हिम्मत करेगा ऐसा आरती ने नहीं सोचा था .....अब नवाज़ अपने गंदे काले हाथो मई आरती के गूरे कोमल हाथो को थम लेता hai..aarti गुस्से से उसे देख रही थी लेकिन नवाज़ है रहा था ..अब आरती आपने हाथ खींचने लगी तो नवाज़ उसको हाट खींचने नहीं दे रहा था ..नवाज़ उसे hi देख रहा था .. उसका मेक उप देख रहा tha.wo उसको देख के मैं मई कहता है ..

मस्त माल लग रही मेमसाब ..
 
उसका कोमल हाट पकड़ के नवाज़ को मस्त लग रहा था और वो हाट चोर नहीं रहा था ये देख के आरती को नवाज़ पर गुस्सा आ रहा था .. नवाज़ अब आरती के बदन की खुशबू से पागल हो रहा था .उसने आरती के हातो को जस्ट पकड़ा था और आरती आपने हाट को खींचने की कोशिश कर रही थी पर वो खिंच नहीं पा रही थी … अब खींचातानी मई नवाज़ का हाट अचानक आरती के चूड़ी को लगा ..जो अभी देर पहले बज रही थी ..चूड़ी को हाट लगते hi आरती बहुत डर गयी…



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दर के उसे देखने लगी ..उसे लगा इसके वजह से छुरी टूट न जाये ..वो नवाज़ को देखने लगी पर उसने उसे कुछ नहीं कहा .. नवाज़ बहुत खूंखार तरीके से आरती को देख रहा था …उसके देखने से ऐसा लग रहा था जैसे वो उसे खा hi जायेगा .. …

अब नवाज़ को लगा अगर इसने हाट खिंचा और इसकी छुरी टूट गयी तो मामला बिगड़ सकता है ..कुछ हुआ तो इसका पति और ससुर बहुत मरेंगे मुझे ऐसा सोचके वो झट से हाट चोर देता है तब आरती समाज गयी इसने क्यों हाट छोरा ..यही सोचकर वो निचे देख के शर्माने लगी ..

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तब नीता कहती है

ारे नवाज़ कॉक बंद कर दो

तब दोनों चौंक गए और दोनों एक साथ hi नल बंद करने लगे तब फिर से दोनों के हाथ एक दूसरे को टच किये तब झटपट मई कॉक की स्पीड बाद गयी और कॉक उप्पर को हुआ ..वो कॉक चारो और घूम सकता था ..उप्पर करने से पूरा पानी आरती के साडी पर गिरा तब आरती चिल्ला उठी

ओह्ह्ह्ह नूवो

तब नीता कहती है

ारे नवाज़ क्या कर दिया ..मेमसाब को पूरा भीगा दिया

तब नवाज़ आरती को देख के कहता है

ओह्ह्ह ..सॉरी सॉरी मेमसाब

तब नीता कहती है

क्या सॉरी दीदी को पूरा भीगा दिया

तब नीता की और देख के कहती है

नहीं नहीं उसकी कोई गलती नहीं है

ऐसा बोल के नवाज़ को देखने लगी



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नवाज़ भी उसको देखने लगा ..वो भीगी हुई साडी मैं एकदम हॉट लग रही थी.... ये देख के नवाज़ का कला लौड़ा पंत मैं फनफना रहा tha....nawaz का लुंड उसकी पेण्ट के बहार आने को मारा जा रहा था.. वो ये नजारा देख कर पागल हो गया था... उसने खुदको इतना गरम पहले कभी नहीं पाया था ..पर नीता वह थी इस वजह से नवाज़ ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा बिना देखने के ..तभी उसकी नज़र आरती की गोरी नैवेल पर जाती है जो पानी की वजह से और रौशनी की वजह से चमक रही थी.... नीता के होते हुई वो लगातार आरती के नवल को देख रहा था उससे वो शर्मा गयी और नीचे देखने लगी ..

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और अगले पल वो वह से चली गयी ..इस वक़्त नीता और नवाज़ दोनों किचन में अकेले थे और घर में भी कोई नहीं था सिवाए आरती के जो भीगने की वजह से वह से चली गयी थी आपने बैडरूम मई .... आरती की वजह से नवाज़ बहुत गरम भी हो गया था ..नीता के अलावा अब वो आपने गर्मी कहा उतर सकता था ..इसलिए वो नीता के पास चला गया और उसको आपने बहो मई ले लिया तब नीता कुछ बोलने वाली थी के नवाज़ उसके मम्मी को दबाता है ....तब नीता अब नहीं बोलके पीछे हैट जाती है पर नवाज़ फिरसे उससे चिपक जाता है...

ाःह नवाआज़ज़ज़ .....नाहीईई ..डीडीईई है

आरती दूर से आपने बैडरूम की तरफ जा चुकी थी पर नीता के आवाज़ से आरती पीछे पलट के दूर पाई आ जाती है और डरते डरते अंदर देखती है





अंदर ये सन था की नवाज़ ने नीता का हाट पकड़ रखा था और नीता नाटक कर रही थी या सच मई दर रही थी वो उसे hi पता था

plssssssssssssss नवाज़ छोरो न मेरा हाथ..... दीदी न आ जाये ..

नहीं आएंगे तुम्हारी दीदी

और उसका हाट पकड़ के जोर से अपनी और खिंच लेता है

सीईएसस्सससीई... सीईएसस्सससीई…

नीता के चूड़ियों की खंनननन खननन आवाज़ आती है

आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह चोरो न ..साबरा करो ..न .. मई कहा मन कर रही हु पर अब नहीं

तू जब नज़दीक होती है न रानी तब साबरा hi तो नहीं होता

कमीना साला

उन दोनों को देखते हुई आरती कहती है

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नहीं न

तब नवाज़ कहता है

सिर्फ एक बार

नहीं

क्यों

मुझे पता है ..तुम्हारा एक बार से मैं नहीं बरेगा

पक्का एक बार hi करूँगा

तुम्हारा एक बार hi बहुत देर तक चलता है

अब काम टाइम मई करूँगा

आरती भहुत कामुकता से दोनों को देख रही थी और दोनों की बाते सुन रही थी





आरती की नज़र नवाज़ पर hi thi....wo देखना चाहा रही थी वो नीता के साथ क्या क्या करता है तब नवाज़ नीता के एक चुकी पर आपने एक हाट रखता है वैसे hi आरती के आँखे चमक उठी ..अब नवाज़ नीता के चुकी को हल्का हल्का सहलाने लगता है इस वजह से वो गरम हो रही थी.... ये सब देख के आरती को समझ नहीं आ रहा था क्या kare...yahan रुके या वापस जाये... आरती के कदम वापस जाने के लिए मुड़े hi थे के ahhhhhhhhhh की आवाज़ उसके कान पाई पड़ी

नवाज़ अपना एक हाथ नीता की सुडोल चुकी पर ले जाकर नीता की बड़ी चुकी को दबाता है.. इसलिए नीता के मू से आवाज़ आता है ..

नीता की चूचियां आरती के जितनी बड़ी तो थी लेकिन उसके जैसी सुडोल और टाइट और गोल मटोल नहीं thi...itni कम् उम्र में और शादी के इतने काम समय मई भी भहुत काम लड़कियों की चुकी इतनी बड़ी होती है जितनी बड़ी आरती की थी..... आरती की चुकी 34डी thi......aur नीता की भी लगभग उतने hi थी .. आरती का जिस्म भट मदमस्त था ..... फिगर 34 24 36 thi....chuchi 34डी कमर 24 और गांड 36 की थी...... कुल मिलकर वो एक सेक्स बम थी...... इसलिए उसे देखते hi नवाज़ को पसंद आ गयी थी ..वो भट हे शरारती और चुलबुली लड़की thi......aab शादी हो गयी है तो औरत बोल सकते है ..जो मन में अत था वो बोल देती thi......neeta का और उसकी अच्छी जमती थी .. नीता उसको दीदी कहती थी वैसे तो आरती नीता से उम्र मई काम थी .. पर मालकिन होने की वजह से उसे दीदी कहती थी ..

अब नवाज़ नीता के दोनों चुकी को मसलने लगता है......

Aaaaaaaaaa aaaaaaaaaa

ये देख के आरती धीरे धीरे मदहोश हो रही थी ........वो अपने होंठों पे अपनी जीभ चलाने लगी…

तब नवाज़ धीरे धीरे अपना मोठे काळा होंठ नीता के होंठ के तरफ बढ़ने लगता hai.......neeta इतना बहक चुकी थी की अब उसने विरोध करना बंद कर दिया thi......jaise हे नवाज़ के होंठ नीतक के होठो के नज़दीक पहुँचते है नीता अपनी आंखे बंद करके उसे ग्रीन सिग्नल दे देती है अपने रसीले होंठो को चूसने ka........tab नवाज़ के चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर जाती hai.......nawaz अपने होंठ नीता के होंठो के ठीक करीब लेकर 1 मिनट के लिए रुक जाता है ........जब एक मिनट तक नवाज़ किश नहीं करता तो आरती इधर कहती है

ये किश क्यों नहीं कर रहा है

तब नवाज़ झट से गर्दन घुमा के दूर की तरफ देखता है तब झट से आरती पीछे चुप जाती है

ओह्ह्ह गॉड.. इस कमीने ने मुझे देखा तो नहीं न .. अब मई क्या करू

तब इधर नीता अपनी आंखें खोल कर नवाज़ को

कहते है ....

अब क्या hua.....chuso न मेरे honth.....chus चूस कर सारा रस निचोड़ लो मेरे होंठो का…

तब आरती कहती है

कामिनी तो अब तक ओपपोसे कर रही thi..aab क्या हुआ .. अब तो किश करो बोल रही है.. अब नहीं आएंगे क्या दीदी.. साली नाटक कर रही थी शयद .. ये दोनों भी कमीने है ..

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