Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 9 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

मई बीएड पर पूरी तरह नंगी लेते हुए अपने दोनों पिरो को फैला कर हरिया के लुंड को इमेजिन करते हुए अपनी गीली छूट पर हाथ फेरने lagi........or हल्का हल्का बड़बड़ाने लगी.......

aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaa कितना मज़ा आ रहा है छूट सहलाने में....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना प्यासी है मेरी chut.....hariya जी का मोटा लुंड देख कर ये ऐसे पागल हो रही जैसे हरिया जी अभी आकर इसकी प्यास बुझा देंगे....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हरिया जी प्लसससससससस मेरी छूट की प्यास बुझा दो अपने मोठे लुंड से....... हाआआयययय कितना मज़ा आएगा जब हरिया जी का मोटा मेरी छूट को फाड़ते हुए अंदर घुसेगा..... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff

मई अपने छूट के क्लीट को हलके हाथो से सहलाते हुए बड़बड़ाने लगी......





मेरी कामुकता इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी की मई मदहोशी में पता नहीं क्या क्या बड़बड़ाने लगी.....

उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हरिया जी कितनी सेक्सी बातें करते hai......man करता है बस उनकी गन्दी बातो को सुनती राहु......

मेरा मन हरिया जी से बात करने की कर रही थी..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मज़ा आएगा हरिया जी से बात करते हुए छूट सहलाने में........

मई इतना ज्यादा बहक चुकी थी की मैंने फ़ौरन अपना सेलफोन उठाया और एअरबुद्स कनेक्ट करके कान में लगा liya........or धड़कते दिल से हरिया जी को कॉल लगा दिया....... सोसाइटी में हर किसी के पास वॉचमन का नंबर होता hai........mere पास व् हरिया जी का नंबर सेव था पहले से.........

कॉल लगा कर जैसे हे रिंग होने लगा हर रिंग के साथ मेरी धड़कन भट तेज़ होने लगी.........

मैंने फ़ौरन कॉल कट कर diya........meri साँस भट तेज़ हो चुकी थी.......

कॉल जैसे हे कट किया मैंने वैसे हे हरिया जी का बैक कॉल आने laga......screen पर हरिया जी का बैक कॉल देख कर मेरी साँस और ज्यादा तेज़ हो gayi.......maine कांपते हाथो से कॉल रकव कर लिया.......

लेकिन मेरी आवाज़ हे नहीं निकल पा रही थी.....

हरिया - hello कौन साहब बोल रहे है......

मेरे माथे से पसीना टपकने लगा हरिया जी की आवाज़ सुन कर......

हरिया - hello hello कौन बोल रहा है....

लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो पा रही थी की मई कुछ बोलू......

हरिया जी Hello hello करते करते कॉल को कट कर दिए........

मैंने फिरसे कॉल लगाया......

हरिया - hello कौन बोल रहा है hello hello .....कुछ बोलते क्यों नहीं हो aap......agar कुछ बोलना नहीं है तो कॉल क्यों किया hai......hariya ने फिरसे hello hello करते हुए कॉल कट कर दिया........

इसी तरह तीन चार बार मैंने कॉल लगा कर कुछ नहीं bola.......ab हरिया गुस्सा हो चूका था......

मैंने फिर से कॉल लगाया....

हरिया - अबे बहनचोद तेरी माँ को छोड़ू सेल रंडी की aulaad......abhi फ़ोन में घुस कर बिना थूक लगाए तेरी गांड मार लूंगा .......

हरिया जी की गन्दी गन्दी गाली सुन कर मई और व् ज्यादा होर्नेय होने lagi......or फिर धीरे से बोली - जी मई हु शालिनी.......

हरिया मेरी आवाज़ एक बार में समझ gaya.......uska लुंड मेरी सेक्सी आवाज़ से हे खड़ा हो चूका tha....lekin वो जान बुझ कर मुझे तड़पने के लिए बोलै....

हरिया - जी कौन शालिनी.......

मई मुस्कुराने लगी और बोली - अपनी दोस्त को इतनी जल्दी भूल गए.........

हरिया - ाआयययययययय haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आखिर अपने मान हे लिया मुझे अपना दोस्त....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई मर जावा आपकी छूट चाट kar.......boliye मेरी छुडासी मेमसाब कैसे यद् किया mujhe.....lagta है आपको मेरा लुंड भट ज्यादा याद आ रहा hai......hai न ....????

अब मई क्या बोलती .....हरिया जी सही हे तो कह रहे थे........

मई हलकी आवाज़ में बोली - ऐसी कोई बात नहीं hai......mai तो बस ऐसे हे चेक कर रही थी की ये आपका हे नंबर है या किसी और वॉचमन का है........

हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आपकी सेक्सी आवाज़ सुन कर हे मेरा लुंड खड़ा हो गया मेमसाब उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या मस्त सेक्सी आवाज़ है आपकी........

मई - मस्का लगाना तो कोई आपसे सीखे हरिया जी.......

हरिया - आप तो सर से पेअर तक माखन हो मेमसाब आपको माखन लगाने की क्या ज़रूरत hai.......ek बार सिर्फ आप बिल्डिंग नंबर 15 के टॉप फ्लोर पर आके के तो dekho........fir आपको पता चलेगा मस्का लगाना किसे कहते है......

मई - ाचा जी वह आकर मई क्या karungi......waha क्या है......

हरिया - वह वॉचमन के लिए एक रूम hai.......us रूम में सिर्फ मई आराम करता हु जब ड्यूटी में रहता hu....waha कोई और नहीं आ जा सकता है.......

मई - ाचा जी तो भला मई वह जाकर क्या करुँगी.......

हरिया - अपने वडा किया है की आप मुझे अपनी उतरी हुयी पंतय डौगी ......

मई - प्लसससससससस न हरिया जी ये मुझसे नहीं hoga......mujhe भट शर्म आएगी आपको अपनी उतरी हुयी पंतय देने में...... प्लसससससससस कुछ और मांग लीजिये न .....

हरिया - मुझे तो आपकी पंतय हे चाहिए memsaab..........kitni कंजूस हो आप .....आप मुझसे उसके बदले में 2 पंतय ले लेना नया खरीद कर ला दूंगा mai......lekin मुझे आपकी उतरी हुयी पंतय चाहिए .......

मई धीरे धीरे अपनी छूट को सहलाते हुए हरिया से बात कर रही thi......mera जोश बढ़ता जा रहा था हरिया जी की गन्दी बातें सुन कर.......

मई एक हाथ से अपनी छूट को सहला रही थी और अब कामुकता की वजह से दूसरे हाथ से अपनी चुकी को मसलने lagi.....or मसलते हुए मैंने अपने एक निप्पल को पकड़ कर खींच liya...jiski वजह से मेरे मुँह से एक कामुक सिसकारी निकल gayi....jise हरिया ने सुन लिया.......

हरिया का लुंड एकदम से भट ज्यादा टाइट हो गया ये जान कर की मई अपनी छूट सहला रही hu........kyu की वो समझ गया की मई बात करते हुए अपनी छूट सहला रही हु.......





हरिया - एक बार आ जाओ न मेमसाब मेरे रूम पर.......

मई - नहीं naaaaaaaaaaa हरिया जी कोई देख लेगा तो मई कही की न रहूंगी........ प्लसससससससस ऐसा मत करिये मेरे साथ........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ummmmaaaahhhhhh.......karke मई जान बुझ कर सिसकारी लेने लगी ताकि हरिया मेरी सिसकारी सुन सके........

हरिया - मई कुछ नहीं करूँगा बस आपकी पंतय लूंगा और आपसे थोड़ा प्यार करूँगा..........

मई - नहीं नहीं प्लसससससससस मई बस पंतय देकर वापस आ जाउंगी..........

हरिया - आपकी गदरायी जवानी को एक बार तो छूने का मौका दीजिये memsaab......sirf एक बार प्लसससससससस.......

मई अब ज्यादा कामुक हो चुकी थी और कामुकता की वजह से मेरी छूट में भट ज्यादा खुजली होने lagi.....maine छूट पर हाथ को फेरते हुए अपनी एक ऊँगली धीरे से अपनी गीली छूट में घुसा di.....jiski वजह से मेरे मुँह से एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh निकल गयी........ आआआआअह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa..........





हरिया व् मेरी सेक्सी आवाज़ को सुन कर पागल सा हो gaya......wo बात करते हुए अपने कमरे में चला गया क्यों की आलरेडी एक वॉचमन गेट पर था.....

हरिया अपने रूम में जाकर बिस्टेर पर लेट कर मुझसे गन्दी गन्दी बातें करने लगा.........

हरिया - आप ऊपर से इतनी छुडासी हो मेमसाब तो आपकी छूट कितनी चिकनी होगी ... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मई तो आपकी छूट देखने को तरस रहा hu........ek बार अपनी छूट दिखा दो न मेमसाब........

मई अपने छूट में अब तेज़ी से ऊँगली अंदर बहार करने लगी हरिया की बात सुन कर........

मई - ाचा जी कभी पंतय मांगते हो कभी मेरी छूट देखना चाहते हो ...आखिर आ चाहते हो क्या.......

हरिया - मई तो अपना मुसल लुंड आपकी चिकनी छूट में छोड़ना चाहता हु शालनी जी......

हरिया मेमसाब से अब शालनी जी में उतर गया........

मई छूट में ऊँगली करते हुए आआआआअह्हह्ह्ह्हह हरिया जी प्लसससससससस आआआआअह्हह्ह्ह्हह उम्मम्मम्म ऐसी बातें मत karo.....mujhe कुछ हो रहा है............
 
मई अपनी छूट में ऊँगली करते हुए हरिया से सेक्सी बातें कर रही thi.......mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई बता नहीं sakti.......kisi गैर मर्द से इस तरह कॉल पर बात करते हुए छूट में ऊँगली करना चुकी दबाना इतना मज़ा देता है ये मैंने सपने में व् नहीं सोचा था.........

मेरी सिसकियाँ तेज़ होती चली जा रही थी जो की हरिया व् भट आसानी से सुन रहा tha..........hariya मेरी सिसकियाँ सुन कर पागल हो चूका tha....wo व् अपना लुंड बहार निकल कर सहलाने लगा और बोलै .....

मेमसाब आपका दोस्त आपसे एक रिक्वेस्ट कर सकता है क्या......

मई मादक आवाज़ में बोली - बोलिये naaaaaaaaaaa हरिया जीईईई.......

हरिया - मई आपको देखना चाहता हु ऊपर से निचे तक्क.....

मई समझ गयी हरिया मुझे नंगी देखने की बात कर रहा hai.....lekin मई हरिया को छेरते हुए बोली - अभी तो कुछ देर पहले अपने मुझे dekha....wo व् घर घर kar.........or कितना देखना चाहते हो aap.........aap तो मुझे ऐसा घर रहे थे जैसे मुझे खा हे जाओगे..........

हरिया - आपको मई ज़िन्दगी भर व् देखता राहु तो व् मेरा मैं नहीं bharega.....aap इतनी ज्यादा खूबसूरत और हॉट हो.........

मई हरिया के मुँह से अपनी तारीफ सुन कर और ज्यादा कामुक हो रही थी........

मई - ाचा जी फिर से मस्का लगाना शुरू हो गया आपका.......

हरिया - मस्का तो आपका जिस्म है मेमसाब जिसे मई देखना चाहता hu.......ek बार दिखा दो न ऊपर से से निचे tak.......bina बदल वाला चाँद......

मई समझ रही थी की हरिया बदल मेरे कपड़ो को बोल रहा tha.......lekin अनजान बनते हुए मई boli.......bina बदल के चाँद तो आसमान पर न दिखेगा हरिया जी.........

उस चाँद का क्या मुकाबला मेरी शालनी चाँद se.........apke सामने तो वो चाँद व् फीका hai.........mera भट मन कर रहा अपनी शालनी चाँद को बिना बदल के देखने का.........

मई बनते हुए बोली - आप पहेली भट बुझाते हो हरिया ji......mai आपकी बात समझ नहीं रही हु......

हरिया - मुझे आपकी संगमरमर सा तराशा बदन देखना है बिना कपड़ो का........

मई शोकेड होकर बोली - आप पागल तो नहीं हो गए हरिया जी...........

हरिया - आपको देख कर कौन पागल नहीं हो जाएगा memsaab........aap हो हे इतनी chudasi.......kya मस्त उभरी हुयी गांड है आपकी....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आपके गांड की थिरकन देख कर मेरा लुंड ऐसा खड़ा हुआ ऐसा खड़ा हुआ की अभी तक मुरझाने का नाम नहीं ले raha........mai अभी आपसे बात करते हुए अपने अकड़े हुए लुंड को हाथो में लेकर सहला रहा hu.......dekhna चाहोगी क्या .....बोलकर हरिया अपने लुंड का एक शार्ट वीडियो भेज देता है व्हाट्सप्प par..........jaise हे मैंने व्हाट्सप्प पर उसका लुंड का वीडियो dekhi...meri तो साँस हे अटक gayi.......aisa लग रहा था जैसे हरिया की 2 नहीं तीन पेअर hai......itna मोटा और काला लुंड देख कर मेरी छूट एकदम से फड़फड़ाने लगी........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa ये क्या भेज दिया अपने हरिया ji.......bht बदमाश हो आप........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना भयानक है आपका wo..........itna बड़ा व् भला किसी का होता है क्या......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaaaaaaa.........bolkar मई अपने छूट में ज़ोर ज़ोर से ऊँगली करने लगी............. aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff की आवाज़ निकलने लगी...........





हरिया - मेमसाब एक बार जब ये गधा जैसा लुंड आपकी नाजुक सी छूट में घुसेगा तब आपको पता चलेगा की बड़ा लुंड से छुड़वाने का कितना मज़ा है......

मई - न बाबा न इतना बड़ा तो मुझे देख कर हे डर लग रहा hai......ye मेरी छोटी सी पुसी में घुसेगा हे nhi............mai तो मर हे jaungi........ye जब घुसेगा to.......aap आने पास हे रखो आना गधा जैसा घोडा जैसा हथ्यार.......

हरिया - हथ्यार नहीं मेमसाब लुंड बोलते है इसे......

मई अपने छूट में ूँगी अंदर बहार करते हुए जोश में बोली - मई आपकी तरह बेशरम नहीं hu.......itni गन्दी भाषा मई नहीं उसे करती......

हरिया - देखो तो मेरा लुंड कैसे उछाल रहा है आपकी छूट में घुसने के लिए......

मई - प्लसससससससस न हरिया जी ऐसी गन्दी बातें मत करो न वर्ण मई बहक जाउंगी........

हरिया - तो बहक जाओ न मेरी जान शालिनी memsaab........ek बार अपनी सुडोल चूचियों के दर्शन करवा दो न मेरी छुडासी मेमसाब..........

मई इतनी ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की अभी हरिया मुझसे जो कहता मई कर देती.....

मई नज़ाकत से बोली - नहीं naaaaaaaaaa हरिया जी प्लसससससससस naaaaaaaaaa मुझे शर्म आ रही .......

हरिया - शर्म तो औरतो का गहना hai.....jo औरत शर्म न करे वो औरत कहलाने लायक हे nhi......aap शरमाते हुए जब अपनी बड़ी बड़ी चुकी दिखाओगी तब तो और व् ज्यादा सेक्सी लगोगी आप......

मई - आप न भट बदमाश हो हरिया ji....acha रुको ......बोलकर मई अपनी चुकी की एक पिक्स लेकर भेज दी व्हाट्सप्प पर.....





हरिया ने जैसे हे मेरी नंगी चुकी व्हाट्सप्प पर देखा हरिया पागल सा हो gaya....or उसके ज़ोर से कराहने की आवाज़ आयी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh memsaab.....kya मस्त चुकी है आपकी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy........man कर रहा इन चूचियों को पकड़ कर मुँह में भर lu........or निचोड़ निचोड़ कर पीयू.......

मई मदहोशी में बोली - achaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.........to पि लो न किसने रोका है...........

बोलकर मैंने फिर से पिक्स भेज दी दोनों हाथो से चुकी मसलते हुए.....





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब मई पागल हो जाऊंगा आपकी चुकी देख कर..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या खूबसूरत चुकी है apki........ekdam नारियल की तरह शख्त........ मेमसाब वीडियो कॉल पर औ naaaaaaaaaaa प्लसससससससस......

मई नखरा दिखते हुए बोली - nhiiiiiiiiiii naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa मुझे शर्म आएगी.......

हरिया - प्लसससससससस न मेमसाहब औ न वीडियो कॉल par...bolkar हरिया फ़ौरन वीडियो कॉल लगा दिया.......

हरिया का वीडियो कॉल देख कर मेरी साँस भट तेज़ी से ऊपर निचे होने lagi.......mai कांपते हाथो से हरिया का वीडियो कॉल रकव कर ली......

और फिर जैसे हे हरिया ने मुझे वीडियो कॉल पर देखा वो एक लम्बी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भरते हुए बोलै......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब क्या मस्त जिस्म है apka......ekdam छुडासी औरत हो aap......apko रगड़ क छोड़ने में मज़ा आ jaega......itni बुरी तरह छोडूंगा मई आपको की आप पलंग से उठ व् नहीं पाओगी.......

मई मोबाइल को एक जगह पर सेट कर दी और एअरबुद्स लगा हुआ होने की वजह से हरिया से आराम से फ्री हैंड बात करने लगी......





मई - मुझे भट शर्म आ रही है हरिया जी प्लसससससससस ऐसे मुझे घर कर मत देखो मई पिघल जाउंगी......

मई हरिया के सामने एकदम नंगी कड़ी thi........mere जिस्म में एक व् कपडा नहीं tha.....meri चिकना बदन देख कर हरिया अपना लुंड फुल स्पीड में हिलने laga......mai एक अदा के साथ अपने बालो को सहलाते हुए हरिया के तरफ नशीली नज़रो से देखि........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब मन तो कर रहा अभी जाकर आपको आपके रूम में पकड़ कर छोड़ du........bolo तो मई आ जाता हु आपके पास....

मई - ाचा जी इतनी हिम्मत है अपने को आप मेरे रूम में आ जाओगे.......

हरिया - अभी अपने मेरी हिम्मत देखि कहा है memsaab....ek बार सिर्फ आप हाँ तो बोलो फिर देखो......

मई - जी नहीं आप वही raho......hehehehehe........bas मोबाइल पर हे मज़ा lo.....bolkar मैंने अपनी एक चुकी पकड़ कर हल्का हल्का सहलाने लगी हरिया को तड़पाने के लिए ........

Aaaaaaaaaaaaahhhhhh हरिया जी ये आपने कैसी आआगगगगग लगा दी है मेरे जिस्म में........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मज़ा आ रहा अपनी बूब्स मसलने में मुझे........





हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेमसाब और ज़ोर से मसलो न अपनी chuchi.....itna हल्का मसलने से क्या hoga.........dono हाथो से मसलो

मई हरिया की बात किसी बच्ची की तरह मान रही thi....maine अपने दोनों हाथो से अपने बूब्स दबाने lagi....jise देख कर हरिया और ज़ोर ज़ोर से अपना लुंड हिलने लगा.........





मई व् अब पूरी तरह बेशरम बन चुकी थी कामुकता की वजह se.......mai अपनी साडी मर्यादा भूल कर एक काले कलूटे लौ क्लास बुड्ढे को एक रंडी की तरह रिझा रही थी अपनी चुकी दबा कर अपनी चुकी मसला कर अपनी चुकी हिला kar......mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की आज तक अपने पति से छोड़ने में व् मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया tha.......meri धड़कन भट तेज़ चल रही thi.......aisa लग रहा था जैसे मेरा दिल बहार निकल जाएगा .......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब क्या मस्त औरत हो aap.....apko छोड़ कर मई तो धन्य हो जाऊंगा........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितनी बडिब्बादी और सुडोल चुकी है apki.....koi व् मर्द आपको चुकी देख ले तो वो रात भर सो नहीं paega........sirf आपकी चुकी को यद् कर कर के वो मर्द इतना मुठ मरेगा की सुबह तक वो मुठ मार मार कर कमजोर पद जाएगा..........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया जी मुझे निचे कुछ हो रहा है....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मई पागल हो जाउंगी......... plssssssssssssss कुछ करो ........

हरिया - मेमसाब धीरे धीरे अपना एक हाथ निचे ले जाओ अपनी छूट की taraf......apne नाभि को ढलते हुए.......

मई अपना हाथ धीरे धीरे पेट को सहलाते हुए अपनी नाभि के पास ले गयी........

हरिया - अब अपनी नाभि को हल्का हल्का sahlao........or अपने मुँह से थूक निकल कर अपनी नाभि में लगाओ........

मैंने अपने मुँह से थूक निकल कर अपनी नाभि में जैसे हे लगे मुझे एक करंट सा महसूस hua......garam गरम और चिकना थूक के एहसास से मेरी छूट फड़फड़ाने लगी..........

मई अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही thi....hariya के कुछ बोले बिना हे मैंने अपना एक हाथ अपने छूट के पास ले गयी और जैसे हे अपना हाथ मैंने छूट में lagaya.......lazzat की वजह से मेरी एक लम्बी सिसकारी निकल गयी और मेरी आंखें बंद हो gayi.......mai तड़प कर अपने सर को पीछे करते हुए एक आआआआअह्हह्ह्ह्हह भरी और अपनी छूट को हल्का हल्का सहलाने लगी........





हरिया - इतनी जल्दी छूट में हाथ मत लगाओ मेरी जान शालिनी वर्ण मज़ा नहीं aega........thoda तड़पोगी तब झरने में और व् ज्यादा मज़ा आएगा........

पहले मुझे अपनी गदरायी हुयी गोल मटोल गांड के दर्शन करवाओ.......

मई हरिया को नशीली नज़रो से देखते हुए अपने बालो को दोनों हाथो से झटका देकर बिखेर diya.....jisse मई और व् ज्यादा छुडासी दिखने lagi.........bikhre हुए बाल में औरत सबसे ज्यादा छुडासी दिखती hai.....ye हर औरत और हर मर्द जनता hai.........fir मई मुद कर एक अदा के साथ कैमरा के तरफ अपने गांड को करके झुक gayi........or अपने गांड को दोनों हाथो से फैला कर अपनी छूट और गांड का छेड़ हरिया को दिखा दी.......





हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली कुटिया क्या मस्त गांड है Tera.........thuk लगा कर अपना पूरा लुंड एक हे बार में घुसा दूंगा तेरी गांड me.....tu तड़पती रह जाएगी........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया जी तो घुसा दो न अपना गधा जैसा लुंड मेरी गांड me.......Janam जनम की प्यासी है मेरी गांड लुंड के liye............bolkar मई अपनी ऊँगली से अपने गांड के छेड़ को हल्का हल्का सहलाने लगी............





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh साली कुटिया शालिनी अपने गांड के छेद पर ढेर सारा थूक लगाओ......

मई हरिया की बातो को ऐसे मान रही थी जैसे मई हरिया की गुलाम hu.....or हरिया अब मुझे गलियां व् दे रहा tha......hariya की गालियां मुझे और ज्यादा होर्नेय बना रही थी.........

मई ढेर सारा थूक अपने गांड के छेड़ में lagaya......ab मेरी गांड की छेड़ भट ज्यादा चाप चाप करने lagi....thuk की वजह से...........

हरिया - अब अपना एक ऊँगली अपने गांड के छेड़ में हल्का हल्का घुसाओ.........

मई जोश में इतना ज्यादा आ चुकी थी की बिना सोचे समझे अपनी एक ऊँगली फुचकाककककक करके अपने गांड में घुसा di.......meri गांड की छेड़ इतनी छोटी थी की ऊँगली घुसने के वजह से मई दर्द से तड़प उठी.......

मई एकदम से अकड़ गयी लेकिन मैंने अपनी ूँगी गांड से बहार नहीं निकली......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr गयी मइईईई हरिया जी plssssssssssssss मुझसे नहीं होगा.......... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई ऊँगली बहार निकल रही हु......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेरी जान शालीन रुक जाओ मत निकालो अभी मज़ा आने lagega.........thoda निचे झुक जाओ कुटिया की tarah........or अब धीरे धीरे ऊँगली अंदर बहार करो.....

मई रोनी आवाज़ में बोली - प्लसससससससस हरिया जी मुझे भट दर्द हो रहा है....... प्लसससससससस बोलकर मैंने ऊँगली गांड से बहार निकल li........or हांफने लगी........

मई उसी तरह कुटिया बानी हुयी थी.....

हरिया - ाचा अब अपने हाथ को निचे से ले जाकर अपने छूट में ऊँगली घुसा दो .......

मैंने बिलकुल वैसा हे Kiya....jaise हे मैंने ऊँगली छूट में ghusayi......mujhe एक अजीब सी सुकून mila.......aisa लगा की मई स्वर्ग में hu.........meri गदरायी मोती गांड कैमरा के सामने इतना ज्यादा सेक्सी दिख रहा था की हरिया मेरी गांड को खा जाने वाली नज़रो से घूरते हुए अपना लुंड हिला रहा था........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब क्या मस्त गांड है apki......man तो कर रहा अपना मुँह आपके गांड के दरार में घुसा कर खूब चूसूं और अपना सारा थूक आपके गांड के दरार में भर दू.........





मई एक अदा के साथ वापस कड़ी होने lagi.....hariya को देखते huye.......mai हाई हील्स 👠 पहनी हुयी थी जिसकी वजह से मेरे गांड और व् ज्यादा उभरी हुयी दिख रही थी......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया जी अब मुझसे बरदास नहीं होता है.... plssssssssssssss मुझे ओर्गास्म chahiye.....mujhe झरना hai....warna मेरी छूट फड़फड़ाती हे रहेगी.......... plssssssssssssss मुझे कुछ करो मुझे झरवाओ हरिया जी.....

बोलकर मई अपने गर्दन घुमा कर हरिया को देखते हुए अपने ज़बान बहार निकल कर हरिया को सडके करने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब अब बीएड पर चली जाओ.......

मई झट सा बीएड पर चली गयी....

मई - अब क्या करू हरिया जी....

हरिया - अब आप धीरे धीरे अपने छूट को अपने नरम हाथो से sahlao......samjho मई तुम्हारी छूट चाट रहा हु.......

मई अपने हाथो से अपनी छूट को ऊपर से सहलाने लगी.....

मई मदहोशी में आंखें बंद करके छूट को ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगी......

Aaaaaaaaaaaaahhhhhh हरिया ji.......apka लुंड भट बड़ा है........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट मज़ा आएगा जब आपका मोटा लुंड मेरी छूट में घुसेगा...... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मई तो लज़्ज़त से मर हे जाउंगी........ प्लसससससससस naaaaaaaaaa





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh शालिनी मेरी रांड ऐसे हे हाँ ऐसे हे ....और ज़ोर से रगड़ो अपनी रंडी छूट ko.........ab अपनी दो ऊँगली घुसा दो छूट के अंदर......

मैंने अपनी एक ऊँगली फुचकाककककक करके अपनी छूट में घुसेड़ दी और अपने छूट को ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगी......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy हरिया जी छोड़ो मुझे और ज़ोर से छोड़ो faaaaaaaaaadddddddddddd दो मेरी कमसिन छूट....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ maaaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy.....





हरिया - और ज़ोर से छोड़ो साली रंडी ताकत नहीं है क्या तेरे हाँथ में बहनचोद साली chhinaar....chodo ज़ोर से ......सोचो की मेरा गधा जैसा लुंड तेरी छूट में अंदर बहार हो रहा है.........

मई - हाँ हाँ मई आपकी रंडी हु छोड़ो अपनी रंडी को हरिया जी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh फाड़ दो मेरी छूट aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii......

बोलकर मई भट ज़ोर से झरने lagi....aisa लगा मेरे जिस्म का सारा चीज़ बहार आ रहा है.............





मई झरते हुए करवट लेकर अपने दोनों जांघो को आपस में ज़ोर से भींच ली......

Aaaaaaaaaaaaahhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy maaaiiiiiiiiiiiiiiiii gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ भट mazaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaa राहाआआआआ.......





मई आज से पहले इतना कभी नहीं झरि thi.......idhar हरिया मुझे मछली जैसी तड़पता देख कर मुस्कुरा diya........wo समझ गया की मेरे अंदर एक रंडी छुपी hai.....or मुझे लुंड की भट ज्यादा भूख है.......

मई कुछ देर ऐसे हे बिस्टेर पर पड़ी rahi....or वीडियो कालिंग चालू हे tha.......hariya व् मुझे कुछ नहीं बोल रहा tha.....kyu की वो जनता था की औरत झरने के बाद कुछ मिनट का रिलैक्स चाहती है.......

2 मिनट के बाद हरिया बोलै - कैसा लगा मेमसाब मुझसे कॉल पर छुड़वाने में.......

अब मई जहर चुकी थी सारा जोश ठंडा हो चूका था इसलिए मई शर्म से पानी पानी हो गयी हरिया के ऐसे पूछने से.......

मई शरमाते हुए सर झुका कर सिर्फ ह्म्म्मम्म्म्म बोली......

हरिया - क्या हम्म्म्म शालिनी ji......boliye न मज़ा आया की नहीं.......

मई शरमाते हुए बोली - हम्म्म्म भट मज़ा आया......

अब एक लास्ट बार कैमरा के एकदम सामने आकर अपनी एक चुकी पकड़ कर हल्का हल्का मसलते हुए अपनी छूट को सहलाओ......

मई हँसते हुए उठ कर बैठ गयी और बोली - भट बदमाश हो aap.......or एक कातिल मुस्कान देते हुए अपने चुकी को एक हाथ से पकड़ कर दूसरे हाँथ से अपनी छूट को हल्का हल्का सहलाने लगी......





हरिया - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेमसाब क्या माल हो aap........mai आपको पंतय का वेट कर रहा hu........aap तो जहर गयी और मुझे प्यासा छोर diya.........ab जबतक आपकी पंतय नहीं आती मई जहर नहीं पाउँगा.......

मई - जी नहीं अब कोई पंतय नहीं मिलने वाली.......

बोलकर मैंने कॉल कट कर दिया........

हरिया मुझे कॉल पर कॉल लगता रहा लेकिन मैंने रकव नहीं ki...hariya को तड़पने के लिए.........

मैंने मन बना लिया था की हरिया को अपनी पंतय देने जाउंगी.......

मई भट अचे से तैयार हुयी एकदम नयी नवेली दुल्हन की तरह ........और अपनी छूट रस से भीगी हुयी पंतय को पर्स में डालकर निकल पड़ी हरिया को देने........



 
मई भट बन सवार कर अपने घर से निकली हरिया को अपनी छूट रस से भीगी हुयी पंतय dene......mujhe डर व् लग रहा था की कही कोई देख न le......garmi की भट तेज़ धुप थी जिसकी वजह से सभी लोग अपने अपने घरो में बंद they.....or दोपहर का 4 बज रहा tha......sabhi लोग सिराज डूबने के बाद अपने अपने घरो से निकलते the...isliye पूरी सोसाइटी लगभग सन्नाटा tha........fir व् मुझे भट डर लग रहा था की कही कोई देख लेगा तो मेरी इज़्ज़त कही को नहीं rahegi........mai बदनाम न हो jaun......mai इस बिल्डिंग के पास पहुंची तो मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने laga.......mera मैं किया की मई वापस चली jaun........lekin वासना की आग में मई ऐसी दीवानी हो चुकी thi.....ke मेरा जिस्म मेरा साथ नहीं दे रहा tha....mere पेअर खुद बखुद इस बिल्डिंग की लिफ्ट तक मुझे ले gayi....mai लिफ्ट से ऊपर जाने लगी और मेरे जिस्म से पसीना ऐसे चल रहा था जैसे मैंने नाहा लिया ho........ek तो गर्मी भट थी ऊपर से एक्ससिटेमेंट भट ज्यादा हो रही thi.......jaise हे लिफ्ट टॉप फ्लोर पर रुकी मेरा दिल इतनी ज़ोरो से धड़कने लगा की ऐसा लग रहा था की मेरा दिल अब बहार निकल jaega.....mere हाथ पेअर थरथरने lage.......mere पेअर कैंप रहे थे.........

मई भट मुश्किल से लिफ्ट से बहार निकली और लिफ्ट ऑटोमेटिकली बंद होकर निचे चला गया............

अब मई लिफ्ट के पास कड़ी कड़ी अपने साड़ी के पल्लू को दोनों हाथो से पकड़ कर उसे मरोड़ने लगी...... एक्ससिटेमेंट की वजह se.......mai शर्म से मरी जा रही थी.......





मई भट मुश्किल से अपने कदम आगे बढ़ने लगी जहा हरिया का रूम था.......

धुप इतनी तेज़ थी की मेरा बदन जल रहा tha......mai भट हिम्मत करके आगे बढ़ रही thi....mere जिस्म से पसीना ऐसा गिर रहा था जैसे मई बारिश में भीग गयी हु.......

मई उस रूम के दूर के पास जाकर कड़ी हो गयी रूम का दूर बंद tha......or मई बहार कड़ी होकर ये डीडे नहीं कर पा रही थी की मई दूर नॉक करू या न karu........mai भट असमंजस में thi.........sharam और डर के वजह से मेरे पेअर और हाथ कैंप रहे the.........mai वापस भाग जाना चाहती थी लेकिन मेरा जिस्म मेरा पेअर मेरा साथ नहीं दे रहा tha........mere खुले हुए बाल बार बार मेरे चेहरे पर आ जा रहे the......mere लाल लाल होंठ और मेरा खूबसूरत चेहरा मेरे जुल्फों से आधे ढके हुए भट सेक्सी लग रहे थे.......





मैंने जानबूझ कर पायल पहना हुआ था .....मुझे पता था की मर्दो को पायल की आवाज़ भट सेक्सी लगती hai..........achanak से मैंने डीडे किया की मई वापस अपने घर jaungi.......or एक हे झटके में मई मुद कर भट तेज़ी से वापस पेअर बढ़ा दिया....





जिसकी वजह से मेरी पायल की छम्म छम्म को आवाज़ पूरे छत्त पर गूंजने lagi.......or शायद हरिया ने व् मेरी पायल की आवाज़ सुन Li.......hariya ने फ़ौरन भाग कर दूर ओपन किया और मुझे वापस जाती हुयी देख कर मेरी गदरायी गांड की थिरकन को घूरने laga........or मन हे मन सोचा ....है साली रंडी क्या गांड है तेरी बहनचोद.........





आआआ





हरिया मेरे गांड को हे घर रहा था की अचानक उसे होश आया की मई वापस जा रही hu....to उसने मुझे पीछे से आवाज़ दिया........

हरिया - हरिया मेमसाब शालनी मेमसाब रुकिए तो sahi.....kaha भागी जा रही हो इतनी तेज़ी se......jab मिलने आयी हो तो फिर वापस क्यों भाग रही ho.........yaha किसी का डर नहीं hai....yaha कोई नहीं अत hai......aap एकदम बेफिक्र रहो...........

हरिया की आवाज़ से मई वही पर ठिठक कर रुक गयी...........

और एक झटके में मई मुद कर हरिया को देखने लगी.......





आआआ





एक झटके में मुड़ने की वजह से मेरी जुल्फें मेरे चेहरे पर आ gayi......or मई भट हे सेक्सी नज़रो से हरिया को देखने लगी........

मेरी खूबसूरती देख कर हरिया की आंखें फटी की फटी रह gayi........mere लाल लाल होंठ मेरे जुल्फों के बिच में स्ट्रॉबेरी की तरह दिख रही thi........hariya तो मुझे बिना पालक झपकाए देखे जा रहा था........

मई व् हरिया को सेक्सी नज़रो से देख रही थी........





आधा धुप आधी छाव में कड़ी होने की वजह से मई और व् ज्यादा सेक्सी लग रही thi......meri शैडो दिवार पर दिख रही thi....or मई अपने साड़ी के पल्लू को हाथो में पकड़ी हुयी थी......





हरिया बेसुध होकर मुझे एक टुक्क देख रहा tha......jaise उसे कोई शॉकेड लग गया ho.........is तरह हरिया को घृता देख कर मई शर्म से पानी पानी हो चुकी थी.......

मैंने शर्म से नज़र झुका ली......

हरैया अपने आप को सँभालते हुए बोलै - कसम से मेमसाब क्या खूबसूरत लग रही हो aap......ekdam पटाखा लग rahi.......itni खूबसूरत औरत मेरे सामने कड़ी है मुझे तो अपने आँखों पर यकीं हे नहीं हो रहा है........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy आपके ये रसीले लाल लाल honth......man तो कर रहा इन होंठो को कच्चा चबा जॉन.........

मेरे अंदर तो पहले से हे काम वासना की आग भड़क रही thi.....hariya को देख कर और उसकी गन्दी बातो से मई और ज्यादा होर्नेय होने lagi.......maine इतराते हुए खा जाने वाली नज़रो से हरिया को देखने lagi......lekin कुछ बोली नहीं.......









हरिया मुस्कुराते हुए बोलै - ऐसे क्या देख रही हो मेमसाब मुझे खा जाने का इरादा है क्या apko........ya मेरे गधे जैसे लुंड को खाओगी.......

मई शरमाते हुए बोली - आपके दिमाग में सिर्फ सेक्स का हे भूत सवार रहता है 24 हरष..........

हरिया - पहले नहीं रहता था मेमसाब लेकिन जबसे आपको देखा hai......mera लुंड बैठने का नाम हे नहीं लेता hai.......apki बड़ी बड़ी चुकी और मोती गांड को यद् करके ये हमेशा खड़ा हे रहता hai........abhi हे देख लो aap.....aapki मोती गांड देख कर पागल हो गया hai........bolkar हरिया अपने लुंड को पंत के ऊपर से सहलाते हुए मुझे दिखने लगा........

हरिया को पंत के ऊपर से उसका घोड़े जैसा लुंड सहलाता देख कर मई पागल सी हो gayi....mere बदन की गर्मी बढ़ने लगी.......

मई कुछ सेकंड हरिया के मोठे लुंड को घूरने lagi.......mai छह कर व् अपनी नज़र हरिया के लुंड से हटा नहीं पा रही thi......mai उसके लुंड को घूरते हुए एक अदा के साथ अपने बाल को अपने कंधे से हटाने lagi.......mai इतनी सेक्सी नज़रो से देख रही थी की कोई व् मर्द होता तो उसका लुंड मुझे देख कर फड़फड़ाने लगता......





हरिया मुझे अपना लुंड घूरता देख कर एक हरामी मुस्कान देते हुए बोलै .......पकड़ेगी क्या memsaab......apne हाथो में लेकर देखो न इसे.......

हरिया की बातो से अचानक मई होश में ayi.......or शरमाते हुए बोली - मई भला क्यों पकडू आपका wo........apka वो भट बेशरम hai......har औरत को देख कर खड़ा होने लगता है......





हरिया - मेमसाब यही तो खासियत है मेरे लुंड me.....ki वो इतना कमजोर नहीं है की किसी को व् देख कर खड़ा हो jaye.......woto आप पहली औरत हो जिसे देख कर हे ये खड़ा हो जाता hai........ye जनता है की इसकी असली मालकिन आप हे हो.......

हरिया की बात से मई खिलखिला कर हंस पड़ी - धत्त pagal......mai भला इसकी मालकिन कब से हो gayi......aap व् न कुछ व् बकते ho.......apse तो बात हे करना बेकार hai........mai चली आप अपने इसको पकड़ कर ऐसे हे खड़े raho....mai चली......

मई झूट मुठ का जाने की एक्टिंग करते हुए एक झटके में मुद कर जाने lagi......or हल्का सा मुद कर हरिया को सेक्सी नज़रो से देखा Maine......mai जान बुझ कर हरिया को अपनी मोती गांड की थिरकन दिखा कर पागल करना चाहती thi.......isliye मई अपने गांड को कुछ ज्यादा हे मटकाती हुए जा रही थी......

















मेरा बिलकुल व् मन नहीं था जाने का लेकिन मई हरिया को तड़पना छह रही thi......or बार बार मई मुद कर हरिया को देख रही थी की हरिया अब मुझे rokega....lekin वो कमीना तो मेरी मरकटी गांड को ऐसे घर रहा था जैसे अभी अपना खड़ा लुंड मेरी गांड में थूक लगा के घुसा dega.........mai दूर के पास जाकर रुक गयी और हरिया को एक सेक्सी अंदाज़ में बोली - मई जा रही हु हरिया जी byee......bolkar मई नशीली नज़रो से हरिया की आँखों में देखने लगी......









और फिर मई मुद कर दूर ओपन करके जाने का नाटक करते हुए फिर से हरिया को मुद कर लास्ट बार देखि की अब तो रोक लो हरिया जी............





इतने में हरिया होश में एते हुए बोलै - प्लस प्लस मेमसाब ऐसा मत करना प्लस आप पहली बार मेरे रूम पर आयी हो ......कमसेकम एक कप कॉफी तो पि lo.......warna आपके दोस्त का दिल टूट जाएगा.......

मई हरिया को घूरते हुए वापस से दूर बंद कर दी......





मई - लेकिन आप फिर से शुरू हो जाओगे गन्दी गन्दी बातें करना........

हरिया - अरे वोटो आपको देख कर अपने आप मेरे ज़बान से आपकी तारीफ निकलने लगती hai....mai छह कर व् खुद को रोक नहीं पता hu......isme मेरी नहीं आपकी गलती है......

मई हैरत से हरिया को देखते हुए बोली - इसमें मेरी क्या गलती है भला ......

हरिया - आप इतनी खूबसूरत हॉट न सेक्सी क्यों ho.....na आप इतनी ज्यादा छुडासी होती और न हे मेरे मुँह से आपके बारे में कुछ निकलता........

मई हरिया की बातो से इतना ज्यादा इम्प्रेस हुयी की मई खुद पर शर्माने lagi......ko क्या सच में मई इतनी ज्यादा हॉट न सेक्सी हु......

मई - ाचा बाबा चलो मैंने मान लिया मेरी गलती hai.......lekin मई अब ज्यादा देर नहीं रुक सकती ....मेरे बेटे का आने का टाइम हो चूका hai...wo किसी व् वक़्त आ jaega......mujhe जाना होगा......

हरिया - plssssssssssssss न मेमसाहब सिर्फ 5 मंत के लिए औ न मेरा गरीब khana.......ek कॉफी की हे तो बात hai...fir आप चली Jana.....or मेरे लिए जो आप अपनी उतरी हुयी पंतय लायी हो वो व् दे देना......

जैसे हे हरिया के मुँह से मैंने पंतय सुना मई तो शर्म से लाल हो गयी......

मई हकलाते हुए बोली - माँ मैंने कोई पंतय वैनटी नहीं लाया hai....woto मई बास ऐसे हे आपसे मिलने आ गयी थी........

हरिया - ाचा हटाओ पंतय को पहले आप मेरे गरीब खाने में पधारो......

बोलकर हरिया मुझे भट हे इज़्ज़त भरी अदा से दोनों हाथो को अपने रूम के तरफ लहराते हुए मुझे जाने को कहा......

मई हरिया को इस अदा से भट खुश हुयी और हरिया को मुस्कुरा कर देखा और फिर मई हरिया के रूम की तरफ चल पड़ी.....

हरिया मेरी साड़ी में उभरी हुयी टाइट गांड को देख कर अपना लुंड सहलाते हुए बोलै ....है शालिनी जी कितनी उभरी हुयी छुडासी गांड है apki....man तो कर रहा पीछे से पकड़ कर अपना मुँह आपके गांड के दरार में लगा कर आपकी गांड के छेड़ में अपना सारा थूक भर दू......





 
मई अपनी गांड मटकाते हुए हरिया के रूम के तरफ बढ़ गयी .....हरिया मेरी गांड देख कर अपना लुंड सहलाते हुए मेरे पीछे पीछे आने लगा......













मई जानबूझ कर अपनी गांड को कुछ ज्यादा मटका रही thi....taki हरिया मेरी गांड की थिरकन देख कर और ज्यादा पागल हो जाये....





हरिया के रूम के पास जाकर मैंने एक बार हरिया को भट हे सेक्सी नज़रो से मुद कर देखा........









हरिया की नज़र मेरे गांड को हे घर रही thi.......apne गांड को इस तरह घूरता देख कर मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी.......

मई दूर ओपन करके रूम के अंदर दाखिल हो गयी.......





रूम में जाकर मई एक जगह पर कड़ी हो gayi.......mujhe भट ज्यादा शर्म महसूस हो रही thi......mai एक लौ क्लास वर्कर को अपनी ुसेड पंतय देने आयी thi......hawas की आग में मई इतना पागल हो चुकी थी की मुझे अपनी इज़्ज़त की व् परवाह नहीं थी......

मैंने मुद कर देखा तो हरिया दूर के पास खड़ा होकर मेरे जिस्म को घर रहा था.......

मई हरिया को एक सवालिया नज़रो से देखते हुए बोली - हरिया जी जो व् करना है जल्दी करिया na.....mera बीटा आने वाला है मुझे जल्दी घर जाना होगा.......

मेरा पसीना से भीगा हुआ बदन सोने की तरह चमक रहा tha......blouse को फाड़ कर मेरे बूब्स बहार आने को बेचैन the........blouse व् पूरा का पसीने से भीग चूका tha.....jisse मेरी निप्पल साफ़ झलक रही थी......





हरिया - क्या करू मेमसाब आपको देख कर मन हे नहीं भरता है ऐसा लगता है बस आपको देखता हे rahu....upar से निचे tak......bolkar हरिया मेरी सुडोल चूचियों को घूरते हुए अपने होंठो पर ज़बान फेरने laga.......mai शर्म से पानी पानी हो गयी हरिया के इस तरह मेरे बूब्स घूरने से........

मेरा पसीना मेरे गर्दन से होते हुए मेरी चुकी पर जा रही थी जिससे मेरा जिस्म और ज्यादा चमक रहा था.......

मई - प्लसससससससस हरिया जी मुझे ऐसा घूरना बंद karo.....mujhe भट शर्म आ रही है......





आप ऐसे हे घूरते रहोगे तो मई चली jaungi.....bolkar मई हरिया को सेक्सी नज़रो से देखते हुए मुद कर जाने lagi.....lekin दूर के पास तो हरिया खड़ा tha....mai दूर के तरफ जैसे हे बढ़ी हरिया दूर बंद कर दिया......

मई सवालिया नज़रो से हरिया को देखने lagi.....ki तुमने दूर क्यों बंद किया.......

मई हरिया के भट करीब चली गयी thi.....mere लाल लाल होंठ देख कर हरिया ने बोलै - मेमसाब क्या रसीले होंठ है आपके .........अपने दोस्त को एक बार अपने होंठो का जाम पीला दो न......





मई हरिया को बनावटी गुस्सा से घूरते हुए एक अदा के साथ पलट gayi......jaise मई उससे हु......





हरिया - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये अदा मुझे मार हे डालेगी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या उभरी हुयी गांड है मेमसाब apki.....man तो कर रहा इस गांड को अपने दोनों हाथो में थाम lu....or जी भर कर मसल दू......

मई इतराते हुए बोली - दूसरों की बीवी से इस तरह गन्दी बात करते हुए आपको ज़रा व् शर्म नहीं अति .......





हरिया - दूसरे की बीवी मेरी दोस्त व् तो hai......or अपने दोस्त से कैसी शर्म शालनी जी.......

मई नशीले आँखों से हरिया को देखते हुए बोली - ाचा जी लेकिन मैंने तो अभी तक आपको दोस्त नहीं मन है.......

हरिया - अगर आप दोस्त नहीं मानती तो अपनी पंतय देने मुझे क्यों अति.......

मई - ाचा जी आपको कैसे पता मई पंतय देने आयी हु......





हरिया - मुझे आपकी छुडासी आँखों में दिख रहा है की आप यहाँ मुझे पंतय देने आयी हो......

मई हँसते हुए - ाचा जी आप आंख व् पढ़ना जानते हो......

हरिया - मई पूरा जिस्म पढ़ना जनता hu......apke जिस्म को एक गठीले मर्द की प्यास है ....जिसकी वजह से आपकी छूट मेरा लुंड लेने के लिए बेचैन हो रहा है.......

मई - ऐसी कोई बात नहीं hai......samjhe नाआ.......

हरिया - आपके ये लरजते होंठ कह रहे है की मुझे चूस लो......

मई - ऐसा कुछ नहीं है आप अपने मन से कुछ व् मत बोलो समझे na.........door से हटो मुझे जाना hai......mai गुस्सा दिखते हुए बोली......

हरिया - एक बार अपने होंठो का जाम पीला दो फिर चली जाना मेमसाब......

मई - no way.....apni शकल ेने में देखि hai......buddhe खूसट .....बोलकर मई हंस पड़ी.......

हरिया - शकल पर मत जाओ memsaab......ek बार जब मेरा लुंड ले लोगी अपने छूट में तो समझ में आएगा मई क्या चीज़ हु........

मई - हहहहए तुम बस सपने हे देखते raho........ab plssssssssssssss मुझे जाने दो न हरिया ji........kyu मुझे तंग कर रहे ho........mai हे पागल थी जो यहाँ आ गयी.......

हरिया - बस एक किश दे दो फिर चली जाना.......

मई - नहीं naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa ऐसा क्यों कर रहे हो aap.......mujhe जाने दो नाहा....

हरिया - अपने दोस्त की सिर्फ एक रिक्वेस्ट मन लो न मेमसाब फिर चली जाना......

मई बनावटी गुस्सा से हरिया को देखते हुए बोली - जाओ न मई आपसे कभी बात नहीं karungi......aap भट गंदे ho......mujhe भट शर्म आ रही hai.....mai आंख बंद करती हु आप खुद ले लो.........

मई आंख बंद करके कड़ी हो गयी और मेरा जिस्म थार थार कपङे laga.......hariya मेरे करीब आकर मेरे खूबसूरत चेहरे को निहारने laga......or मेरे रसीले होंठ को देखते हुए अपना खुरदरा हाथ मेरे चेहरे पर जैसे हे फेरा ......मुझे 440 वाल्ट का करंट सा लग gaya..........mera जिस्म इतना ज़ोर का झटका मारा की मई झट से आंख खोल कर हरिया को बोली - मैंने सिर्फ किश लेने को बोलै tha......chhune को नहीं.....

हरिया - मेमसाब बिना छुवे तो किश होगा हे नहीं.........

मई शरमाते हुए बोली - ाचा तो फिर जल्दी karo......bol कर मैंने अपनी आंख फिर से बंद कर ली.......

हरिया ने फिर से मेरे चहेरे पर अपना हाथ लगाया तो मुझे फिर से करंट सा laga...lekin इस बार मई अपने साँस को रोके हुए एक मूरत की तरह कड़ी thi......meri चुकी भट ज़ोरो से ऊपर निचे हो रही थी मेरे हर साँस के sath.......or हरिया मेरे चुकी को भट गौर से घर रहा था और मेरे चेहरे पर अपना हाथ फेर रहा tha.....mai एकदम मदहोश होने lagi.......pahle तो मई अपनी आंखें बस ऐसे हे बंद की हुयी thi...lekin हरिया के हाथ फेरने से अब मेरी आंखें मदहोशी में बंद हो गयी thi.........kamukta की वजह से मेरे होंठ थरथरने lage.......man तो कर रहा था की मई खुद अपने लरजते होंठ हरिया के काले होंठो में रख कर उसके मोठे मोठे काले होंठो को अपने नाजुक होंठो से चूस लू ....हरिया जान बुझ कर मुझे तड़पा रहा tha.....usne मेरी आँखों में पहले हे हवस देख लिया tha.......wo इसी तरह अपना हाथ फेरता रहा और मेरा जिस्म उसके हाथ फेरने की वजह से काम ज्वाला में भट तेज़ी से जलने laga........mujhse अब बरदास नहीं हो रहा था तो मैंने धीरे से अपनी आंख खोल कर हरिया को भट हे कामुकता से देखने lagi.......jaise मई कह रही हु की प्लसससससससस हरिया जी मुझे और मत तड़पाओ .........मुझे यही कुटिया बना कर बेरहमी से छोड़ डालो.......





मई अपनी अधखुली आँखों से हरिया को इस तरह देख रही थी जैसे मई कह रही हु की प्लसससससससस हरिया जी मेरा जिस्म जल रहा hai.......mujhe अपनी बहो में भर लो और मेरी होंठो को बेरहमी से चुसो ....खा जाओ इन्हे..........

हरिया मेरी मनोदशा को भट अचे से पढ़ रहा tha......meri ये हालत देख कर हरिया के चेहरे पर एक हरामी मुस्कान तैरने lagi......or वो मुझे और ज्यादा तड़पाने laga.......ab वो मेरे चहेरे पर धीरे धीरे हाथ फेरते हुए मेरे नाजुक होंठो को सहलाने laga........mai तो एकदम से तड़प uthi.......aisa लगा मेरी छूट अब पानी छोर degi.......hariya मेरे होंठो को अपने खुरदरे ऊँगली से मसल रहा था और इधर मेरी छूट हद्द से ज्यादा गीली होकर पानी की बौछार कर रही thi.........hariya अब मेरे दोनों होंठो को हल्का हल्का अपने ऊँगली से सहलाने laga...or मेरी हालत भट ज्यादा ख़राब होने लगी कामुकता की वजह se......meri आंख फिर से बंद हो gayi......mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मई बता नहीं सकती.....

ये सोच कर ज्यादा कामुक हो रही थी मई की एक गैर मर्द वो व् एक बुद्धा काला कलूटा आदमी मुझे छू रहा hai....mere होंठो के साथ खेल रहा है........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब क्या नाजुक होंठ है apke.....aisa लग रहा है जैसे मई गुलाब की पंखुड़ियों को सहला रहा हु........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेमसाब आप सच में स्वर्ग की अप्सरा ho.......is होंठ को चूसने के सपने तो देवता लोग व् देखते honge.........lekin आज ये होंठ मेरा hai.....aaj मई इस होंठ को चूस चूस कर इससे खून निकल दूंगा .......

मुझसे अब बरदास न हुआ तो मई अपनी आंखे हलकी सी खोल कर हरिया को मदहोशी आँखों से देखते हुए बोली......

हरिया जी प्लसससससससस naaaaaaaaaa अब बास karo......mera जिस्म कैंप रहा hai.....mujhse बरदास नहीं हो रहा है....... प्लसससससससस हरिया जी basssssssssss.......





अचानक हरिया ने मेरे होंठ को सहलाते हुए वो किया जो मई एक्सपेक्ट नहीं कर सकती थी...........

हरिया ने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख diya.........mai तो जैसे शॉकेड हो gayi.........or झट सा अपना हाथ पीछे खींच लिया ......मेरी साँस अब जड़ से ज्यादा तेज़ भागने lagi.....meri धड़कन इतनी तेज़ हो गयी की मई लड़खड़ाने लगी.......

मैं मदहोशी के खुमार में हरिया के होंठो पर अपना होंठ रख कर उसके होंठो को बेतहाशा चूसने लगी.......

हरिया मेरे नंगी कमर पर अपना हाथ रख कर मुझे अपने तरफ ज़ोर से खींच कर मेरे होंठो को चूसने laga........mere हाथ अपने आप हरिया के जिस्म पर चलने लगा था.........





मई इतना ज्यादा लुस्टि हो चुकी थी की हड़िया के गर्दन पर अपनी बहो का हार बना कर दाल di...or उसके होंठो को इस तरह चूसने लगी जैसे वो मेरा पति हो....



 
हरिया व् मेरे होंठो को बेतहाशा चूस रहा tha.........hariya के मुँह से मुझे तम्बाकू बीड़ी पता नहीं क्या था उस चीज़ की बदबू आ रही थी लेकिन मई इतनी ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की ये बदबू मुझे और ज्यादा होर्नेय बना रहा था...........

हरिया का गठीला जिस्म मुझे और ज्यादा आकर्षित कर रहा tha.....mai हरिया के जिस्म को ऐसे छू रही थी जैसे पहली बार मैंने इतना गठीला बदन देखा ho.......uski पूरी बॉडी पत्थर की तरह thi........hariya ने ऊपर से कुछ पहना हुआ नहीं tha........hariya ने सिर्फ ट्रॉउज़र पहना हुआ tha........uska काला जिस्म मुझे और ज्यादा होर्नेय बना रहा था.........

हरिया ने मेरी कमर सहलाते हुए अचानक अपना हाथ मेरे बूब्स पर रख diya.......mai तो जल बिन मछली की तरह तड़प uthi.........maine झट सा हरिया का हाथ बूब्स से हटा दिया ......लेकिन हरिया ने फिरसे अपना हाथ मेरे बूब्स पर रख कर हल्का दबा diya.......mai लज़्ज़त की वजह से पागल हो gayi........mai हरिया के हाथ के ऊपर अपना हाथ रख diya.....lekin उसका हाथ मैंने अपने बूब्स पर हे रहने diya......mujhe हरिया का शख्त हाथ अपने बूब्स पर भट अच्छे लग रहे the.....hariya अब धीरे धीरे मेरे बूब्स को सहलाते हुए मेरे रसीले होंठो को चूसने laga..........mai कामुकता की वजह से पागल होने lagi.......hariya के इस तरह मेरे बूब्स दबाने से मई भट ज्यादा होर्नेय हो गयी और मई हरिया के होंठो को बेतहाशा चूसने lagi...........achanak हरिया अपना ज़बान मेरे मुँह के अंदर घुसाने laga........uske ज़बान में लगा हुआ तम्बाकू मेरे मुँह में घुलने laga......mujhe उलटी सी आने लगी........





तम्बाकू का टेस्ट और उसकी बदबू अब बरदास से बहार होने lagi.......mai एक हे झटके में हरिया से अलग हो gayi.....or तेज़ तेज़ सांसो से हांफने लगी..........

पैसनेय से मई एकदम नाहा चुकी thi....mera ब्लाउज साड़ी ब्रा सब पसीने से भीग चूका था.......

इतना पशनातेली किश करने की वजह से मेरे जिस्म में काम वासना की आग लग चुकी thi......meri छूट इतनी गीली हो गयी थी की पंतय मेरे छूट रस से भीग कर मेरी छूट छप्प छप्प करने लगी.......

मेरे बाल बिखरे हुए थे और ब्लाउज साड़ी सब अस्तवयस्त हो चुके थे........

हरिया अपने होंठो को अपने हाथो से पूछते हुए बोलै - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेमसाब क्या टेस्ट है आपके होंठो ka.......shahad से व् मीठा और रसमलाई से व् ज्यादा mazedaar......mera बस चले तो मई सुबह शाम आपके होंठो को चुस्त राहु......

हरिया की तारीफ सुन कर मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi......mai हरिया को कामुक नज़रो से देखते हुए मुस्कुरा दी.....





मैंने अपनी साड़ी को ठीक किया और हरिया को एक अदा से देखते हुए बोली - आप न भट गंदे हो हरिया ji.......ekdam जानवर की तरह किश करते ho.......meri नशीली आंखें और मेरे रसीले होंठ देख कर हरिया बोलै - आपकी नशीली आँखों में इतना नशा है की बिन पिए कोई मर्द बहक जाएगा.......

मई - ाचा जी इसलिए आप बहक गए हो ...है na.....hehehehehe





हरिया अपने लुंड को पंत के ऊपर से सहलाते हुए बोलै - मेरे साथ साथ मेरा लुंड व् तो बहक गया है शालिनी ji......ab इसे कौन समझाएगा.......

मई हरिया के लुंड को एक नज़र घर कर देखि और फिर हरिया को सेक्सी नज़रो से देखते हुए बोली - इसे आपकी पत्नी samjhaegi.....ye मेरे बास का नहीं hai.......hehehehehe

बोलकर मई अपने बालो को अपने हाथो से सहलाने लगी एक अदा के साथ......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh शालिनी ji.....iske लिए आपके जैसी गदरायी औरत chahiye.....meri पत्नी इसको खेल नहीं पाती hai.....lekin आपकी गांड इतनी उभरी हुयी है आपकी छूट में इतनी आग है की आप हे इस गधा जैसा लुंड को वो सुख दे सकती हो जो मेरी पत्नी नहीं दे सकती ........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy जब ये गधा जैसा लुंड आपकी कमसिन छूट को फाड़ते हुए घुसेगा तब जाकर इस लुंड को सुकून मिलेगा.........

मई हरिया की गन्दी बातो से और ज्यादा होर्नेय होती जा रही thi......lekin मई हरिया को खूब तड़पाना चाहती thi.....mardo को तड़पने में औरतो को सबसे ज्यादा मज़ा अत है.......

इसलिए मैंने हरिया को बोलै - अब मुझे जाना होगा हरिया ji......bolkar मई हरिया को एक सेक्सी मुस्कान देते हुए अपने बालो को झटका दी और मुद कर अपने गांड को मटकते हुए रूम से बहार जाने लगी.......





लेकिन मई तो ये छह रही थी की हरिया मुझे जाने न दे और मेरे जिस्म को निचोड़ निचोड़ कर मेरे जिस्म का सारा रस निकल le........or मेरी छूट को आज वो इतना चोदे की मई बास तृप्त हो जॉन.......

मई अपने गांड को कुछ ज्यादा मटकते हुए बढ़ रही थी ताकि हरिया मेरे गांड को देख कर और ज्यादा जोश में आकर मुझे पटक पटक कर कुटिया जैसा चोदे.......





इतने में हरिया आगे बढ़ कर मेरी साड़ी का पल्लू पकड़ liya.......mai हैरत से आंखें फाड़ कर बोली ओह माआआआ ये क्या कर रहे हो हरिया जी .... प्लसससससससस मुझे जाने दो न.........





हरिया मेरी साड़ी को खींचते हुए bola......itni जल्दी व् क्या है मेमसाब अभी तो शाम होने में भट टाइम hai.......bolkar हरिया मेरी साड़ी को खींचने लगा......

मई अपनी साड़ी को एक हाथ से पकड़ li......meri धड़कन भट तेज़ हो चुकी thi.........jiski वजह से मेरी चुकी ब्लाउज के ऊपर से और व् ज्यादा सेक्सी लग रही थी ऊपर निचे होते हुए........

मई हरिया को भट हे कातिल नज़रो से देखने लगी और हल्का हल्का मुस्कुराने लगी......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब आपकी साड़ी की क्या खुशबु hai.....bolkar हरिया मेरी साड़ी को अपने नाक के पास ले जाकर सूंघने laga......mai अपनी साड़ी को दोनों हाथो से पकड़ कर समेत तय हुए हरिया को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी.....

मेरी आवाज़ अब भट भारी हो चुकी थी कामुकता की वजह से........

मई - plssssssssssssss न हरिया जी मेरी साड़ी छोड़िये plssssssssssssssaaaa ..........

हरिया साड़ी को सूंघता हुआ बोलै - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या मदहोश खुशबू है आपके साड़ी ki......apke जिस्म की खुशबू आपके साड़ी से व् आ रही hai...........jiski साड़ी को खुशबु ऐसी मदहोश करने वाली है उसके जिस्म की खुशबू कैसी होगी........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh शालनी जी थोड़ा करीब तो aao......bolkar हरिया एक झटके में खड़ा होकर मुझे अपने बहो में भर liya....or मुझे पीछे से पकड़ कर मेरे दोनों चुकी को हल्का हल्का दबाने laga.........mai तो जैसे कटी पतंग की तरह हरिया के झोंखे में बहती चली gayi......hariya का मोटा मोटा शख्त हाथ जब मेरी चुकी को हलका हल्का मसल रहा था तो ऐसा लग रहा था जैसे पहली बार मेरी चुकी को इतना शख्त हाथ ने पकड़ा hai.........kya मजबूत हाथ थे हरिये ke........mai मदहोशी में अपना सर हरिया के मुँह में टिका di......hariya मेरे बालो को सूंघते हुए बोलै....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेमसाब आपके बालो को खुशबु जब इतनी मदहोश करने वाली है तो आपके छूट की खुशबु कैसी होगी ..............आपकी पंतय मई अपने साथ रखूँगा जबतक उसमे आपकी छूट का रस पूरी तरह से ख़तम नहीं हो जाता............

मई नशीली आँखों से हरिया को देखते हुए बोली ...... प्लसससससससस naaaaaaaaaa हरिया जी ऐसी गन्दी बातें मत karo.........mujhe जाने दो naaaaaaaaaa....... plssssssssssssss.........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh ummmmmmmmmmmmm हरिया jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii plssssssssssssss वह से हाथ हटाओ....... plssssssss..........mai मदहोशी में हरिया को बोल रही थी हाथ हटाने लेकिन मेरा जिस्म हरिया जी के छुवन से पिघल रहा tha.........hariya के दोनों हाथ मेरे दोनों बूब्स पर the......or हरिया हल्का हल्का मेरे बूब्स को दबा रहा tha.........hariya का खड़ा लुंड मेरे गांड पर रगड़ खा रहा tha............meri तो हालत ख़राब होने लगी..........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब क्या गुदाज गांड है आपका ....ऐसा लग रहा जैसे मेरा लुंड किसी मखमल से टकरा रहा hai............bolkar हरिया अपना एक हाथ से मेरी साड़ी का पल्लू पूरी तरह मेरे चुकी से हटा कर ज़मीन पर गिरा diya.....or अपना हाथ निचे ले जाकर मेरी साड़ी को धीरे धीरे ऊपर करने laga......meri एक तरफ की जांघ पूरी तरह नंगी हो चुकी thi.......meri चिकनी जांघो पर अब हरिया अपना खुरदरा हाथ फेरने laga........mai तो हवस में ऐसी पागल हो चुकी थी की मुझे हरिया का अपने जांघो पर हाथ फेरना भट ज्यादा एक्सीटेंड कर रहा tha..........mai हरिया के हाथो पर अपना हाथ रख कर हरिया के हाथो को खुद से अपने जांघो पैर फेरने lagi....or अपने गांड को हरिया के लुंड पर धीरे धीरे रगड़ने लगी..........

हरिया समझ गया की अब मई छोड़ने के लिए बिलकुल रेडी हो चुकी hu........hariya मेरे गर्दन पर अपना मुँह जैसे हे रखा मई कसमसाने lagi........or लज़्ज़त की वजह से मेरी आंख बंद हो गयी........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लसससससससस ऐसा मत करो मई किसी की पत्नी हु..... उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh........ plssssssssssssss naaaaaaaaaa hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh..........

मई गर्दन घुमा के हरिया को देखि तो हरिया मेरे गर्दन पर किश करने में इतना बिजी था की मेरी आँखों में उसने देखा हे नहीं और मेरी गर्दन को बास चूमता जा रहा था........

मेरी साड़ी भट ज्यादा ढीली हो चुकी थी इसलिए मैंने धीरे से अपना हाथ साड़ी के पास ले गयी और कमर पर अपनी साड़ी को थोड़ा टाइट कर दी ताकि साड़ी खुल कर निचे न गिर जाये.........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh शालनी jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii एकदम माखन के जैसा आपका जिस्म hai........kya मस्त मांसल और चिकनी जांघ है apki......bolkar हरिया मेरी नंगी जांघ को अपने कठोर हाथो से हल्का हल्का सहलाने laga...........meri तंग कानून लगी हरिया के इस तरह मेरी जांघ सहलाने se..........hariya मुझे गर्दन पर बेतहाशा चुम चाट रहा था और एक हाथ से मेरी चुकी मसल रहा था तो दूसरी हाथ से मेरे नंगे कांगो को सहला रहा tha.......meri छूट इतनी ज्यादा मचल उठी की छूट का छेड़ अपने आप खुल बंद होने laga......or छूट से बारिश की तरह पानी बहने लगा जो मेरी पंतय को पूरी तरह गीली कर diya..........mera मन कर रहा था की घूम कर हरिया के काले होंठो को अपने होंठ में दबा लू और जी भर कर चूस lu.........ki अचानक हरिया मेरी जांघ को सहलाते हुए अपना हाथ मेरी पंतय पर ले gaya....mai सिहर uthi......or मेरा जिस्म कंपनी laga........panty का गीलापन देख कर हरिया के चहेरे पर एक हरामी मुस्कान तैर gaya.........hariya मेरे कण के पास अपना मुँह ले gaya....hariya की गरम गरम साँस मेरे कण पर पड़ते हे मई मदहोश होने lagi.........hariya मेरे कण में हल्का सा बोलै...........

हरिया - मेमसाब आपकी छूट इतना ज्यादा पानी छोर रही है की ऐसा लग रहा है जैसे लुंड घुसवाने के लिए पागल हो गयी है आपकी छूट.........

हरिया की बात से मई शर्म से पानी पानी हो gayi........madhoshi में मेरी आंख बंद हो gayi...........ki अचानक हरिया ने मेरी छूट को अपने शख्त हाथो में भींच liya....mai तड़प kar....thar थार कपङे lagi.....aisa लगा मेरे पेअर में अब जान नहीं बची hai.......mai हरिया से एक झटके में अलग होकर जैसे हे दूर हटना चाही मेरे पेअर लड़खड़ा गए और मई वही सोफे पर धड़ाम सा गिर gayi.......mai एकदम बदहवासी के आलम में सोफे पर निढाल हो gayi......meri आंखें बंद हो चुकी thi......meri धड़कन भट तेज़ चल रही थी ...मेरी साड़ी अस्तवयस्त the........blouse से आधा से ज्यादा मेरी चुकी बहार झांक रही thi.........meri एक जांघ पूरी तरह नंगी thi.......saree ऊपर उठी हुयी थी........





मेरी पूरी बॉडी पसीने से लथपथ thi......hariya मुझे इस अवस्था में देख कर एकदम से गंगना utha.....or अपना लुंड मसलते हुए बोलै - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली क्या माल है tu......tujhse बड़ी छुडासी माल मैंने आजतक सपने में व् नहीं देखा है....

हरिया की बात सुन कर मई होश में आयी और उठ कर वही बैठ gayi....mera ब्लाउज का एक साइड का स्ट्रिप हरिया ने मेरे कंधे से हटा कर मेरी हाथो पर कर दिया tha....jab वो मुझे गर्दन पर चुन चाट रहा tha.........meri साड़ी एक साइड मेरे हाथो पर अटकी हुयी thi......or मेरा पूरा जिस्म पसीना से चमक रहा tha........mere बाल बिखरे हुए the........mai हरिया को एक तुक मुस्कुराते हुए देखने lagi........or वो अपना लुंड सहलाते हुए मुझे बोलै.........

हरिया - मेमसाब आपकी छूट इतनी ज्यादा पानी क्यों छोर रही है.........

हरिया के इस सवाल से मई शर्म से लाल हो gayi.....or अपनी नज़र निचे झुका ली......

जैसे हे मैंने अपनी नज़र निचे की मुझे एहसास हुआ मई ऊपर से लगभग नंगी हो चुकी hu....maine झट पत् अपनी साड़ी और ब्लाउज को ठीक किया........





हरिया धीरे से मेरे करीब आकर ज़मीन पर घुटनो के बॉल बैठ gaya...or मेरा एक हाथ अपने हाथो में लेकर अपने चेहरे को मेरे चेहरे के करीब लाने laga.......meri धड़कन को अभी अभी कण्ट्रोल हुयी thi...fir से तेज़ होने lagi.......mere जिस्म की आग भट ज्यादा भड़क चुकी thi......maine गर्दन घुमा कर हरिया की आँखों में देखते हुए अपना हाथ हरिया के चेहरे पर रख दिया.........





और फिर हरिया के होंठो के तरफ अपने होंठ बढ़ने lagi......na चाहते हुए व् मेरे होंठ अपने आप हरिया के होंठ के करीब जाने laga.....hariya व् अपना चेहरा मेरे चहेरे के एकदम करीब करने laga....hum दोनों को साँस आपस में घुलने lagi......or मेरे होंठ अपने आप खुल गए ....हरिया ने फ़ौरन मेरे होंठो को अपने होंठो में जकड कर मुझे किश करने laga..........mai व् बिना विरोध किये हरिया के होंठो को चूसने लग गयी ........







 
हरिया मेरे होंठो को भट प्यार से चूस रहा tha.......or मई व् हरिया के किश का जवाब दे रही thi.......dhire धीरे हरिया मेरे जिस्म के साथ खेलने laga...........hariya का हाथ मेरी नंगी कमर पर हल्का हल्का महसूस हो रही thi.....hariya भट हलके हाथो से मेरे नंगे कमर को सहला रहा था.......

हरिया का हाथ अब धीरे धीरे ऊपर जाने लगा और मेरी नंगी पीठ पर हरिया अपना हाथ चलने laga......maine बैकलेस ब्लाउज पहन रखा था सिर्फ एक दूरी से बंधी हुयी thi...........mere जिस्म की आग इतनी ज्यादा भड़क चुकी थी की मुझसे अब सहन करना नामुमकिन हो गया tha.......mai व् हरिया के बालो को सहलाते हुए उसके होंठो को चूस रही thi.......ye परवाह किये बिना की वो कितना गन्दा काला कलूटा hai...........lekin ये गन्दा बुद्धा व् मुझे अभी दुनिया का सबसे ाचा मर्द लग रहा tha..........hariya अपना एक हाथ मेरे हाथो पर रख कर मेरे हाथो को सहलाते हुए मेरा हाथ फोरस्फुल्ली अपने लुंड पर रख दिया पंत के ऊपर से he........itna बड़ा लुंड के एहसास से हे मेरा जिस्म काँप gaya......mai झट्ट सा अपना हाथ पीछे खींच ली........

हरिया मेरे कानो के लौ को अपने होंठो से पकड़ कर चूसने laga.....mai तो जैसे जन्नत की सैर में चली गयी..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इतना मज़ा आ रहा था जब हरिया मेरे कानो के लौ को चूस रहा tha.............hariya धीरे से मेरे कानो में बोलै ........शालनी मैडम पकड़िए न मेरा lund......ye कबसे आपके हाथो में आने को तड़प रहा था.........

मई कसमसाने लगी और बोली - प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii naaaaaaaaaaa........mujhse नहीं hoga.....plssssss मुझे जाने दीजिये न हरिया ji.....dusre की पत्नी को इस तरह तंग्ग करते हुए आपको शर्म नहीं अति है........ प्लसससससससस naaaaaaaaaa छोड़िये न मुझे.........

मई झूट का छोड़िये न छोड़िये न कर रही थी लेकिन खुद हे हरिया से लिपटे हुए thi.......mai चाहती तो हरिया से अलग होकर आराम से जा सकती थी अपने ghar......lekin मेरा जिस्म मुझे इसकी इजाज़त नहीं दे रहा tha..........mere जिस्म को हरिया की छुवन भट अच्छी लग रही थी.........

हरिया - आपसे क्यों नहीं होगा मैडम ji.....aapne पहले कभी किसी का लुंड नहीं पकड़ा है क्या.........

मई शरमाते हुए बोली - हम्म पकड़ी hu........lekin आपका ये पेनिस किसी घोड़े से कम् नहीं hai.........maine इंसान का पकड़ा है घोड़े का नहीं........

हरिया - तो शालनी जी एक बार घोड़े का पकड़ कर देख लो फिर देखो कितना मज़ा आएगा.......

बोलकर हरिया ने फिर से मेरा हाथ अपने लुंड पर रख diya......pant के ऊपर से हे हरिया का लुंड इतना मोटा लग रहा था की मेरी साँस फूलने lagi........mai धीरे धीरे अपना हाथ हरिया के लुंड फार फेरने lagi........hariya मेरे बालो को पकड़ कर मेरी आँखों में देखने laga......mai हरिया को बेहद हे कामुक नज़रो से देखते हुए अपना हाथ हरिया के लुंड पर फेरने लगी........

हरिया - मैडम जी इसे बहार निकालो न......

मई शरमाते हुए ना में गर्दन हिला दी..........

हरिया मेरे बूब्स के पास अपना हाथ फेरते हुए अचानक मेरे एक बूब्स को दबा diya.....mai दर्द से तिलमिला उठी.......

मेरे मुँह से एक भट हे तेज़ सिसकी निकल गयी..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa धीरररररररररीबीईई naaaaaaaaaa......... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना कठोर हाथ है आपका...........

हरिया - क्या करू मेमसाब आपकी चुकी इतनी मस्त है की मुझसे रहा नहीं gaya......man तो कर रहा इसे निचोड़ निचोड़ कर दबाऊं........

मई मुस्कुरा कर बोली - प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii naaaaaaaaaaa हरिया ji......mujhe मार डालने का इरादा है क्या आपका.....

हरिया - अभी कहा मेरी जान शालनी ji.....jab मेरा घोडा जैसा लुंड आपकी नाजुक छूट में घुसेगी तब आपको पता लगेगा की मार डालना किसी कहते है.......

हरिया की बात सुन कर मेरी छूट फिर से फड़फड़ाने lagi.....or मई हरिया के लुंड को अपने हाथो में ज़ोर से पकड़ ली........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy जैसे हे मैंने हरिया का लुंड पकड़ा मई दांग रह gayi.......itnaaaaaaaaaa मोटाआआ लुंड बाआआपपपपप reeeeeeee..........pahli बार इतना मोटा लुंड हाथ में पकड़ कर मेरी धड़कन बढ़ने लगी .....मई हरिया के लुंड को पकड़ कर हल्का हल्का हिलने लगी.........

हरिया की हालत ख़राब होने लगी पहली बार उसका मोटा लुंड कोई खूबसूरत बड़े घर की औरत ने पकड़ा tha.....hariya मदहोशी में कराहने लगा...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब क्या मुलायम हाथ है आपकी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ और ज़ोर से मसलो न मेरा लुंड.........

मई व् हरिया के लुंड को ज़ोर ज़ोर से मसलने lagi......hariya अब बेकाबू हो चूका tha......wo मुझे पकड़ कर अपने गॉड में उठा liya........or मेरे होंठो को चूसने laga......ye पहली बार था जब कोई मर्द मुझे इस तरह गॉड में एक बच्ची की तरह उठा रखा tha.......hariya की मरदाना ताकत देख कर मई हरिया को मन हे मन कहने लगी...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना ताकत है हरिया ka.......mujhe ऐसे उठा लिया जैसे कोई बच्ची को उठा लेता hai........mai व् मदहोशी में हरिया के होंठो को चूसने lagi.........meri साड़ी कमर तक उठी हुयी थी जिसकी वजह से मई मेरी पूरी जांघ और गांड नंगी हो चुकी थी...........

मेरा हाथ खुद बखुद हरिया के मोठे लुंड पर चला gaya......or मई हरिया के लुंड को अपने हाथ से मसलने लगी .....इधर हरिया मेरे होंठ को चूस चूस कर उसे खा रहा था.........





मेरे इस तरह हरिया के लुंड पर हाथ चलने से हरिया पागल हो gaya......wo अब भट ज्यादा जोश में आ चूका tha.....usne एक हाथ से मेरे ब्लाउज को एक साइड से निचे कर दिया और मेरी एक चुकी को बहार निकल कर अपने मुँह में भर liya.......mai लज़्ज़त की वजह से पागल हो gayi.........or मई ज़ोर ज़ोर से हरिया के लुंड को सहलाने लगी......





हरिया मेरे चुकी को बेतहाशा चूस रहा था और मेरे निप्पल को अपने दन्त में पकड़ कर हल्का हल्का चुभा रहा था.........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii plssssssssssssss धीरीईईए naaaaaaaaaaa aaaaaaaaajjjjjjjjjjj आप मुझे मार हे daloge.......kyaaaaaaaa....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss काटो मत maaaaaaaaaaa..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa.........

हरिया - अब मुझसे बरदास नहीं होता memsaab......bolkar हरिया मुझे गॉड से निचे उतार दिया और एक हे झटके में अपना पंत खोल कर लुंड बहार निकल लिया.........

मई इतने करीब से हरिया का विशाल लुंड देख कर हैरान रह gayi......mujhe तो अपनी आँखों पर यकीं नहीं हो रहा tha....ki इंसान का लुंड इतना मोटा और बड़ा व् हो सकता है........

मई आंखें फाड़े हरिया के खड़े लुंड को हिलता हुआ देख रही थी.........









मई अपने मुँह पर शॉकिंग एक्शन में हाथ रखते हुए बोली - omg ये क्याआआआ haiiiiiiiiiiiiiii........aaaaaappppppp इंसान हो या ghoda.............maine अपनी ज़िन्दगी में इतना बड़ा पेनिस किसी का नहीं देखा hai......yeti मेरे पति से 3 गुना ..........बोलते बोलते मई रुक गयी ....जोश जोश में मेरे मुँह से कुछ व् निकल जाता.......





हरिया अपने लुंड को अपने हाथ से हिलाते हुए बोलै - आपके पति से 3 गुना क्या memsaab........bolkar हरिया एक हरामी मुस्कान से मुझे देखने लगा.......

मई शर्मा कर नज़र झुका ली और बोली - कुछ नहीं हरिया ji....wa वो गलती से निकल गया मेरे मुँह से.......

हरिया - अब निकल हे गया है तो बोल व् दो मैडम ji........apke पति का लुंड मेरे लुंड से 3 गुना छोटा और पतला hai....yahi न........

मई शर्म से लाल हो gayi........ek दो कौड़ी का वॉचमन मेरे पति के बारे में मज़ाक उड़ा रहा था और मई उसे कुछ नहीं कह पा रही thi.........lund को भूख ऐसी होती है...........

इतने में मेरे सेलफोन पर कॉल आने laga...........maine जैसे हे अपने पर्स से मोबाइल निकला मेरी साँस फूल gayi........mere पति का कॉल tha.......maine इशारे से हरिया को चुप रहने को बोलै........

मई - hello जी

मेरा पति - hello शालिनी क्या कर रही हो....

मई हकलाते हुए बोली - व वो मई कुछ काम कर रही हु जी......

इतने में हरिया मेरे करीब आकर मुझे अपनी बहो में जकड liya........mai कसमसाने lagi....or हरिया को आंख दिखा कर दूर होने का इशारा करने lagi..........lekin हरिया मुझे बहो में भर कर मेरे गर्दन को चूमने laga..........mai एक हाथ से मोबाइल पकड़ी हुयी थी और दूसरे हाथ से हरिया को धक्का देकर खुद से अलग करना छह रही thi.......lekin वो कहा टास से मास्स होने वाला tha.....mai कहा उसके सामने भीगी बिल्ली और वो कहा सैंड जैसा मर्द.........

मुझे हरिया पर गुस्सा आना चाहिए था लेकिन मुझे तो अपने पति पर गुस्सा आ रहा tha......mai मन हे मन सोच रही thi.......inka व् कॉल इसी वक़्त आना tha......kuchh देर के बाद कॉल नहीं कर सकते थे kya.........ek तो खुद मुझे संतुष्ट नहीं कर paate........or आज मुझे मौका मिला है जी भर क मज़ा लेने का तो उसपर व् ये पनोती कर रहे कॉल कर के.........

मई अपने पति से बात कर रही थी इधर हरिया मेरे जिस्म के साथ खेल रहा tha......hariya मेरी चुकी को हल्का हल्का मसल रहा था ब्लाउज के ऊपर से और मुझे गली पर तो गर्दन पर किश कर रहा था.........

मेरी आवाज़ भट भारी हो चुकी थी कामुकता की वजह से........

पति - शालनी तुम्हारी आवाज़ इतनी धीमी और भरी भरी क्यों आ रही है.........

मई हड़बड़ाते हुए बोली - व वो वो मई बीएड पर लेती हु न तो आंख लग गयी thi.....isliye शायद मेरी आवाज़ भरी आ रही है.........

पति - ोोू ाचा ........

मई और मेरा पति कॉल पर बात कर रहे थे इधर हरिया मेरी चुकी हल्का हल्का दबाते हुए मुझे सोफे पर खींच कर बिठा diya............or मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख दिया.......

मई हरिया को भट नशीली आँखों से देखते हुए उसका लुंड हल्का हल्का सहलाने lagi........or हरिया मेरी चुकी को हल्का हल्का मसलने लगा.........

मेरी तो एक्सिटमेंट की वजह से बुरा हाल हो रहा tha......aisa अनुभव मैंने कभी सपने में व् नहीं सोचा tha.....apne पति से कॉल पर बात करते हुए मई एक बुड्ढे मर्द का लुंड sahlaungi.........itna ज्यादा मज़ा आने लगा की मई बता नहीं सकती हु............

हरिया मेरा सर पकड़ कर अपने लुंड पर झुकाने laga........mai न न करती रही इशारे से लेकिन वो नहीं मन और उसकी पकड़ इतनी मजबूत थी की मई कुछ कर व् नहीं प् रही थी ...........आखिर कर हरिया के लुंड तक मेरा मुँह पहुँच हे गया ........मेरी धड़कन भट तेज़ हो gayi.........mai छह कर व् अपने आप को हटा नहीं प् रही thi......mujhe डर था की कही हरिया ने कुछ बोल दिया और मेरे पति ने सुन लिया तो उन्हें शक हो jaega......mai समझ चुकी थी की हरिया अपना लुंड चुसवाना छह रहा tha........hariya ने मेरे सर को अपने लुंड के इतने करीब कर दिया की उसके लुंड की बदबू मेरे सांसो में घुलने लगी........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ उसके लुंड की बदबू से मुझे घिन्न आने laga......lekin मई मजबूर thi.....hariya मेरे सर के बालो को पकडे हुए मेरे सर को अपने लुंड पर झुका चूका था और मई छह कर व् अपना सर हटा नहीं प् रही थी और न हे हरिया से कुछ बोल प् रही थी ........मई अपना ज़बान निकल कर हरिया के लुंड को हल्का सा चाट liya.......mera जिस्म गंगना उठा......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कैसा अजीब टेस्ट था हरिया के लुंड ka..........shayad वो अपने लुंड को धोता नहीं tha..........isliye ऐसी बदबू आ रही थी उसके लुंड se.........or उसका टेस्ट व् भट कड़वा लग रहा tha........mai वापस अपने ज़बान से हरिया का लुंड chati........or नज़र उठा कर हरिया को रोनी सूरत बनाते हुए हसरत भरी निगाह से देखा और ना में सर हिलाते हुए हरिया से इशारो में बोली....... plssssssssssssss मुझसे नहीं होगा........

हरिया हरामी मुस्कान देते हुए मुझे चूसने का इशारा kiya.....mai मुँह बनाते हुए हरिया का लुंड हल्का हल्का ऊपर हे ऊपर चाटने lagi.....jiski वजह से मेरे मुँह से चाटने की आवाज़ सुन कर मेरे पति बोले........

पति - ये कैसी आवाज़ आ रही तुम्हारे मुँह से shalni...kuchh खा रही हो क्या......

मई - हाँ जी कुछ चाट रही हु......

पति - क्या चाट रही मेरी जान......

मई - वो मई आपको क्यों bataun......bas इतना समझ लीजिये की कोई भट हे अनमोल चीज़ चाट रही hu.....jo अपने कभी मुझे नहीं दिया ........हहहहए

पति - ाचा जी ज़रा मई व् तो जणू वो अनमोल चीज़ क्या है.........

मई - मैंने कहा न आपको जानने की ज़रूरत नहीं है.......

इधर हम दोनों हस्बैंड वाइफ आपस में बात कर रहे थे इधर हरिया मेरे गांड पर अपना हाथ फेरने लगा ........मई और ज्यादा मदहोश हो गयी हरिया का हाथ अपने गांड पर महसूस karke.........mujhe हरिया का गांड सहलाना इतना मज़ा दे रहा था की मई जान बुझ कर घुटनो के बल आ चुकी thi......kutiya की पोज़ me......taaki हरिया का हाथ आराम से मेरी गांड के कोने कोने तक पहुँच jaye......ab हरिया मेरी गांड को ऊपर से निचे तक पूरी तरह सहला रहा था...........





अचानक हरिया ने मेरी साड़ी को कमर तक ऊपर कर diya........or मेरी गांड की दरार को अपने खुरदरे हाथो से सहलाने laga.......meri तो जान हे निकल gayi.......meri एक लम्बी सिसकारी निकल गयी....... ummmmmmmmmmmmm.....karke......hariya मेरी गांड की दररर को छेरते हुए अब मेरी पंतय के ऊपर से हे मेरी छूट को सहलाने laga......mai तो जैसे पागल सी हो uthi...........maine हरिया के लुंड को होश जोश में मुँह में घुसाने lagi........lekin उसका लुंड भट ज्यादा मोटा था जिसकी वजह से मुझे अपना मुँह पूरी तररह फाड़ना pada...fir व् हरिया का लुंड मेरी मुँह में नहीं घुस रहा tha..........ki अचानक हरिया ने मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड पर दबा diya......hariya को लुंड थोड़ा सा मेरे मुँह में घुस gaya.....aisa लगा मेरा मुँह फट padega..........mai अकबका कर अपना मुँह पीछे खींच li.........or हरिया के लुंड को भट घर कर देखने लगी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा लुंड है इसका .......पता नहीं ये मेरे मुँह में घुसेगा व् या नहीं.......





मई हरिया की आँखों में देखने लगी जैसे कह रही हु की इतना मोटा लुंड मेरे मुँह में नहीं घुसेगा प्लसससससससस मई नहीं ले पाऊँगी अपने मुँह me.......lekin हरिया मेरी रिक्वेस्ट को नज़र अंदाज़ करते हुए मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड में वपा से दबाने laga......maine मोबाइल को स्पीकर्स में दाल कर साइड में रख दिया और अपने पति से बात करते huye.......or हरिया को आँखों में देखते हुए उसके लुंड को हल्का हल्का अपने मुँह में घुसाने lagi.....bht मुश्किल से उसके लुंड का सूपड़ा मेरे मुँह के अंदर गया तो मई हल्का हल्का उसके लुंड के सुपडे को चूसने lagi........lekin हरिया मेरे सर को और ज्यादा दबाव दे रहा था की मई उसके लुंड को मुँह के और ज्यादा अंदर lu......mai हरिया को बनावटी गुस्सा से देखते हुए उसका लुंड चूसने लगी........





हरिया लज़्ज़त की वजह से गुर्राने laga......aaaaaaaaaaaaaaa mmmmmmmmmmmmmm उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़

मैंने फटाक सा अपना एक हाथ हरिया के मुँह पर रख diya....or उसको आंख मिचकाती हुयी इशारों में आवाज़ नहीं निकलने को बोली.........

इधर मेरे पति ने हरिया की आवाज़ सुन ली थी......

पति - ये कैसी आवाज़ आ रही है शालनी ....अजीब अजीब आवाज़ आ रही है आज .....

मई हरिया के लुंड को मुँह से निकल कर boli....wa वो न आज यहाँ नेटवर्क प्रॉब्लम hai....isliye आवाज़ घररररर घर्रर्र करने लगती है achanak.......bolkar मैंने हरिया के लुंड को दोनों हाथो में पकड़ कर बेतहाशा चूसने चाटने lagi.......mai अपने दोनों हाथो से हरिया का लुंड पकड़ी thi........ek हाथ में उसका हल्लावी लुंड समा नहीं रहा था.......





चाप चाप चाप चाप चिक चिक चिक चाप चाप चटक चटक उम्मम्मम्मम्म की आवाज़ इतनी तेज़ हो गयी थी की मेरे पति को मेरी लुंड चाटने की आवाज़ साफ़ सुनाई दे रही thi.......mai अब लुंड को खा जाना चाहती thi....meri छूट हद से ज्यादा पानी छोड़ने लगी thi.......itna मोटा लुंड मेरे हाथ में था जिसकी वजह से मेरी छूट गीली हो रही थी.......





हरिया मेरे सर को पकड़ कर मेरे लुंड में दोबारा से दबाने laga......mai हरिया के हाथो को हटा कर हरिया को कातिल नज़र से देखते हुए ....उसका लुंड अपने मुँह में घुसाने lagi.........ab मैंने ठान लिया था चाहे जो व् हो जाये इसका लुंड मई अपने हलक तक घुसा कर rahungi........mai अपनी पूरी ताकत से हरिया का लुंड अपने मुँह में धीरे धीरे घुसाने lagi.....thoda घुसा कर पहले उसको चुस्ती फिर थोड़ा और अंदर घुसा कर chusti....is तरह उसका आधा लुंड मैंने भट मुश्किल से अपने मुँह के अंदर तक घुसा लिया......





हरिया की लज़्ज़त के वजह से कामुक आवाज़ निकलने लगी .... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम उम्मम्मम्माआआआ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh....

हरिया मेरे सर को पकड़ कर दोबारा अपने लुंड को मेरे मुँह में छोड़ने laga.........mai व् अब उसके लुंड को सहन कर ले रही thi...........mujhr इतना ज्यादा मुँह दर्द करने लगा की मई उसका लुंड बहार निकल कर फिर दोबारा मुँह के अंदर दाल कर चुस्ती फिर मुँह दर्द होता तो फिर बहार निकल लेती.....





अब हरिया पागल हो चूका tha....wo अपना दोनों हाथ मेरे सर को पकड़ कर अपना लुंड मेरे मुँह में छोड़ने laga......mai छटपटाने lagi.....lekin मई जल बिन मछली की तरह तड़प रही thi....kuchh कर नहीं पा रही थी......





हरिया ने मुझे पकड़ कर बीएड पर उल्टा लिटा दिया और मेरी दोनों चुकी को एक हे झटके में बहार निकल कर अपना लुंड मेरे मुँह में ज़बरदस्ती घुसा कर मेरे दोनों चुकी को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से मसलते हुए मेरे मुँह को छोड़ने laga.........mujhe ऐसा लगा की अब मई मर जाउंगी.......

उसका मोटा लुंड मेरी हलक तक घुस रहा tha......or उसकी मजबूत हथेली मेरी नाजुक सी चुकी को इस तरह मसल रही थी जैसे की वो आता गूथ रहा हो.......





इधर मेरे हुब्बी कॉल पर Hello hello कर रहे थे लेकिन मई जवाब कहा से दे पति मेरा मुँह तो हरिया के लुंड से भरा हुआ था........
 
हरिया मेरे मुँह को भट बेरहमी से छोड़ रहा tha..........mera गाला दर्द से फटा जा रहा tha........hariya का लुंड मेरे गले के अंदर टक्कर मार रहा tha.......hariya बिजली की रफ़्तार से मेरा मुँह छोड़ रहा था......





लेकिन मुझे एक अजीब सा मज़ा मिल रहा tha.........jo मज़ा शायद मुझे आज तक कभी नहीं मिला tha........mere पति कॉल पर Hello hello किये जा रहे the.......Hello शालिनी क्या हुआ जवाब क्यों नहीं दे रही ho.........ek तरफ मेरे पति की आवाज़ आ रही थी दूसरे तरफ हरिया अपना गधा जैसा लुंड मेरे हलक तक घुसा कर मेरे मुँह को छोड़ रहा था .......हरिया ने मुझे भट मजबूती से पकड़ा हुआ tha........mera मुँह छोड़ते हुए वो आने एक हाथ से मेरी चुकी व् मसल रहा tha..........mai दर्द और लज़्ज़त की वजह से बेकाबू होने लगी.......





मई हिल व् नहीं प् रही thi............ek मिनट ऐसे हे मेरे मुँह को भट बेरहमी से छोड़ने के बाद हरिया ने आना लुंड मेरे मुँह से बहार निकल लिया...........





......मई हफ्ते हुए उठ कर बैठ gayi.......or ज़ोर ज़ोर से साँस लेते हुए खांसने lagi..........meri साड़ी अस्तवयस्त थी और ब्लाउज का स्ट्रिप दोनों कंधो से निचे गिर कर हाथ में फसा हुआ था जिसकी वजह से मेरी दोनों चुकी लगभग नंगी thi.......mai हरिया को बनावटी गुस्सा से देख रही थी..........





अचानक मेरा धयान मोबाइल पर गया ....जिसपर मेरे हुब्बी Hello शालनी Hello शालनी कर रहे थे.......

मई झट सा मोबाइल उठाने के लिए झुकी तो मेरे ब्लाउज से मेरी दोनों चुकी लगभग बहार आने lagi.......meri चुकी पर बेतहाशा पसीना गिर रहा था जिसकी वजह से मेरी चुकी और व् ज्यादा सेक्सी नज़र आ रही thi...........pasine से मेरा ब्लाउज और साड़ी व् भीग चूका था और भीग कर मेरे जिस्म से चिपक गया था............









मई मोबाइल उठा कर वही बगल वाले पलंग पर बैठ गयी.....

मेरी आधी नंगी जिस्म को देख कर हरिया और व् ज्यादा पागल होने लगा........





मई खासते हुए बोली - खो खो खो खो hello जी खो खो खो..........

पति - क्या हुआ शालिनी इतना खांस क्यों रही ho.......or कबसे मई hello hello किये जा रहा हु तुम कुछ बोल क्यों नहीं रही थी........

मई - व वो मेरे गले में कुछ फस्स गया tha........isliye मेरी साँस अटक गयी थी..........

पति - ऐसी चीज़ तुम कहती क्यों हो जो गले में फस्स jaye........kabse तुम चटकारा ले ले कर खा रही हो..........

मई - खाने में मज़ा आ रहा है इसलिए तो खा रही hu......aaj तक मैंने ये चीज़ कभी नहीं खाया tha........itna ज्यादा टेस्टी है की मन कर रहा बास खाती हे rahu.......bolkar मई हरिया को देख कर एक सेक्सी मुस्कान देने लगी.........





हरिया मेरे सामने खड़ा होकर अपना लुंड हाथ में लिए हुए सहला रहा था और मुझे खा जाने वाली नज़रो से देख रहा tha..........hariya का लुंड एक तो भट ज्यादा काला था ऊपर से मेरे मुँह में घुसने को वजह से थूक से पूरा भीग चूका tha.......ab हरिया का लुंड मेरी थूक से भीगा होने की वजह से चमक रहा था...........

हरिया का खड़ा लुंड से मेरी नज़र हे नहीं हट रही thi.....meri छूट इतनी ज्यादा गीली हो चुकी thi.....ki मई एकदम बेकाबू होने लगी छोड़ने के liye.........mai हरिया के लुंड को घर रही thi...or अपने पति से मोबाइल पर बात कर रही थी .........हरिया की आँखों में एक कातिल नज़र से देखते हुए मैंने अपने पति से बोली...........





आप जब Hello hello कर रहे थे तो मई छह कर व् कुछ नहीं बोल प् रही thi.........jo मई चूस चाट कर खा रही थी वो मेरे गले में जाकर अटक गया tha............bolkar मई हरिया की आँखों में देखते हुए एक रंडी की तरह मुस्कुरा di..........Abhi मई और खाउंगी अभी मन नहीं भरा है मेरा.........

पति - तुम सच में पागल ho......jab जान रही हो की वो गाला में फस्स जाता है तो खाने की ज़रूरत हे क्या है ऐसी चीज़ को......

मई एक कातिल मुस्कान से हरिया को आँखों में देखते हुए बोली - आप नहीं समझोगे इतना टेस्टी चीज़ मैंने अपनी लाइफ में पहले कभी नहीं खाया hai.......kitna व् खा लू चाट लू चूस लू मेरा मैं नहीं भरने वाला इस चीज़ se.......bolkar मई हरिया के लुंड को घूरने लगी...........





हरिया मुझे इशारा से अपनी तरफ bulaya...........mai शरारती अंदाज़ में हरिया को देखते हुए ना में सर हिला di.......hariya अपने हल्लावी लुंड को हिलाते हुए इशारे से बोलै ........आओ न मेमसाहब कबसे ये इंतज़ार कर रहा है ये ........

मई जान बुझ कर मोबाइल को स्पीकर्स में दाल रखा था ताकि मेरे पति की आवाज़ हरिया व् sune.......mai कड़ी होकर इतराते हुए हरिया को देख कर मुस्कुराते हुए अपने पति से बोली ...........अब मई चली मुझे भट काम करना है.........

पति - पति से बढ़कर और क्या काम hai.......thodi देर और बात कर लो फिर काम कर लेना.........









मई हँसते हुए बोली - ाचा जी इमोशनल ब्लैकमेल कर रहे हो....

पति - मेरी जान तुम्हे नहीं करूँगा तो और किसे करूँगा.......

मई मुस्कुरा कर हरिया को देखते हुए अपने पति को बोली - को करना है वोटो ठीक से करते नहीं ...........

पति - अब क्या हे कर सकता हु मेरी jan.......budhapa में जितना कर रहा हु इतना हे भट है........





मई हँसते हुए बोली - वोटो सिर्फ आप में बुढ़ापा आया hai.....baki लोग बुढ़ापा में व् भट दम्म खम्म रखते है......

बोलकर मई अपने बालो में हाथ फेरते हुए एक अदा के साथ हरिया को सेक्सी अदा से देखने लगी.........





हरिया अपना लुंड मसलते िये मुझे िश्रा से बोलै - और कितना तडपाओगी मेरी जान अब आ व् जाओ न........

मई मोबाइल हाथ में लिए हुए हरिया के तरफ बढ़ gayi......apne गदराये गांड को मटकाते हुए........

मई जैसे जैसे हरिया की तरफ जा रही थी मेरी धड़कन तेज़ होती जा रही thi........ab मई बेशरम बन कर मज़ा लेना छह रही थी..........





मई हरिया के पास जाकर कड़ी हो gayi........ab मई हरिया से खुल कर मज़ा लेना चाहती थी क्यों की मेर जिस्म की आग पूरी तरह भड़क चुकी thi........meri छूट से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा tha..........mai हरिया के बिलकुल करीब आकर हरिया की आँखों में देखते हुए अपना हाथ उसके लुंड पर रख di.......mere जिस्म में करंट सा दौड़ gaya.....meri साँस फूलने lagi........itna मोटा लुंड था की मेरे हथेली में पूरी तरह समां नहीं प् रहा tha........mai हरिया के नंगे जिस्म पर हाथ फेरते हुए हरिया की आँखों में बेशर्मो की तरह देखने लगी........... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे ये बेशर्मी करना और व् ज्यादा एक्सीटेंड कर रहा था........

मई मन हे मन सोची - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम लुंड है हरिया ka....aisa लग रहा मैंने आग पकड़ लिया ho...........upar से वो इतना मोटा था की मेरी एक हथेली में समा हे नहीं रहा tha........mai हरिया के लुंड को सहलाते हुए अपना होंठ धीरे से हरिया के तरफ बढ़ा di.......hariya मेरे होंठो को अपने होंठो में भर कर चूसने laga.........chap चाप चाप चाप की आवाज़ पूरे रूम में गूंजने लगी..........









मैंने जान बुझ कर अपना मोबाइल आने दोनों चुकी के बिच में अटका दी thi.......taki मेरे दोनों हाथ फ्री rahe.....or मेरे पति को व् यहाँ की चाप चाप की आवाज़ सुनाई de...........mai जान बुझ कर अपने पति को लुंड चूसने की आवाज़ किश की आवाज़ सुनना चाहती thi.............mai हरिया के होंठ को बेतहाशा चूसने लगी जैसे मई जनम जनम की जिस्म की प्यासी औरत hu.........kiss की उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff उम्मम्मम्मम्म पूछ पूछ पूछ की आवाज़ मेरे पति को साफ सुनाई दे रहा था..........

हरिया मेरे जिस्म को भट बुरी तरह मसल रहा था और मुझे किश कर रहा था.....

मई हरिया से किश तोड़ते हुए हरिया की आँखों में देखने lagi......or अपने हाथ से हरिया का लुंड सहलाते हुए अपने पति से बोली - और कितना बात करियेगा अब रख दिए मोबाइल मुझे ये खाना है ........आपसे बात करने के चक्कर में हे मेरे गले में अटक गया था ये ..........अब मई पूरी कंसन्ट्रेट करके इसे खाउंगी चूसूंगी चाटूँगी....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ भट मज़ा आ रहा है ये खाने में..............

पति - तुम फिर से वो चीज़ खाने lagi.......kamaal करती हो तुम व् शालनी........

मई - इतना टेस्टी है ये चीज़ की मुझे खाने में भट मज़ा आ रहा hai..........bolkar मई हरिया के लुंड को ज़ोर ज़ोर से हिलने lagi.........hariya तड़प कर मेरे दोनों चुकी को अपने हाथो में लेकर ज़ोर से मसल diya.......mere मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी - uyyyiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaa धीरीईईए naaaaaaaaaa...........

पति - क्या धीरे .......शालनी....

मई - व वो कुछ नहीं गलती से निकल गया मुँह से.........

मेरे पति को मुझपर आजतक कभी शक नहीं हुआ था इसलिए आज व् मेरे पति को मुझपर शक नहीं हो रहा था........

हरिया मेरी चुकी को अब धीरे धीरे मसलते हुए मेरे होंठो पर फिर से अपना होंठ रख कर चूसने laga........mai व् हरिया के मोठे काले होंठो को चूसने lagi.......or अपना एक हाथ से हरिया का गधा जैसा लुंड सहला रही..........

अब मुझसे रहा नहीं gaya......mai धीरे से निचे बैठ कर हरिया के लुंड को दोनों हाथो से पकड़ कर सहलाते huye.......hariya की आँखों में देखने लगी.......

मई मन में सोच रही थी - उफ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा और कितना बड़ा लुंड है............ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी छूट की तो हालत ख़राब कर देगा ये lund.........kitna दर्द होगा जब ये मेरी छूट में घुसेगा..........





मई दोनों हाथो से हरिया के लुंड को भट ज़ोरो से रगड़ने lagi......or हरिया को छुडास भरी नज़रो से देखते हुए अपने पति से बोली...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii इतना मज़ा आ रहा है इसे खाने में की मन कर रहा बास खाती हे राहु........

पति - अरे इसका कोई नाम व् तो होगा .........कबसे ये चीज़ ये चीज़ बोले जा रही हो.......

मई मुस्कुराते हुए बोली - मुझे इसका खुद नाम नहीं पता है.........

पति - ाचा जाने दो अब मई रखता हु तुम आराम से जी भर कर पहले खा lo.......bolkar मेरे पति ने कॉल कट कर दिया.........





मई ईसिस तरह उसके लुंड को सहलाते हुए अपने ज़बान से चाटने lagi........or धीरे धीरे उसके लुंड के सुपडे को अपने मुँह में लेने लगी....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इतना मोटा सूपड़ा मेरे मुँह को पूरा भर दे रहा tha.......aisa लग रहा था जैसे कोई कोक्को बॉल ⚽ hai..........mai उसके लुंड के सुपडे को कभी मुँह में लेती कभी ज़बान से चाट ti.........mujhe इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था की मेरी छूट पानी को बौछार किये जा रही thi.......an कर रहा था की ये गधा जैसा लुंड अपने छूट में फुचकाककककक करके घुसा lu.......chahe छूट फाटे या जो हो........... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इतना मोटा लुंड मेरी छूट को फाड़ कर जब अंदर घुसेगा तो मई तो मर हे jaungi..........mai हरिया की आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए उसके लुंड को चूसने लगी.......





अअअअअ





हरिया से अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया था वो कबसे अपनी आवाज़ रोके हुए अंदर हे अंदर तड़प रहा था........

मई भट पशनातेली हरिया के लुंड को चूस रही thi......itna मोटा लुंड मई भट थोड़ा हे मुँह के अंदर ले पा रही थी.......





आआआ





हरिया से अब कण्ट्रोल नहीं हुआ तो उसके मुँह से हलकी हलकी सिसकियाँ निकलने लगी..... ummmmmmmmmmmmm aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh.......





हरिया अब खुल कर बात करते हुए बोलै - मेरी जान शालिनी जी haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या लुंड चुस्ती हो आप..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या गरम मुँह है apka........or अंदर लो न मेरा लुंड.......

हरिया की बात सुन कर मई उसके लुंड को जबरन अपने मुँह में ठूसने lagi.......lekin क्या मजाल की वो गधा जैसा लुंड मेरे मुँह में समां jaye.........bht कोशिश करने पर व् लुंड को मई मुँह के अंदर नहीं ले प् रही thi..........aisa लग रहा था जैसे मेरे मुँह के बगल से फट पड़ेगा.........





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh हरिया जी और अंदर नहीं ले पाऊँगी मई प्लसससससससस इतना हे रहने दो नाआआ बोलकर मई लुंड को वापस अपनी पूरी शक्ति से मुँह के अंदर घुसाने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब दुनिया में ऐसा कोई लुंड नहीं बना है जो औरत अपनी छूट गांड और मुँह में न घुसा paye.......bolkar हरिया मुँह में धक्का मरने laga......lekin फिर व् उसका लुंड का थोड़ा हे भाग अंदर घुस रहा था........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh शालिनी मेरी जान और अंदर लो न मेरुण्ड को......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या लुंड चूस रही हो आप..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मज़ा हे आ गया आपके गरम मुँह में लुंड लुंड देने se.......bolkar हरिया मेरे सर को पकड़ कर अपने लुंड को मेरे मुँह में हल्का हल्का छोड़ने लगा........

मई - प्लसससससससस सर से हाथ हटाओ naaaaaaaaaaa मई चूस रही हु na.......aap भट बेरहमी से करते ho......mai खुद से चूसूंगी आप हाथ हटाओ मेरे सर से.......





हरिया ने अपना हाथ मेरे सर से हटा liya.....mai अपना एक हाथ हरिया के लुंड लुंड को पकड़ कर उसके लुंड को चूसने लगी........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब अब मुझसे रहा नहीं जा रहा hai.......apko छूट में घुसने के लिए मेरा लुंड कबसे बेचैन hai.........bolkar हरिया मुझे कंधे से पकड़ कर कड़ी कर देता hia........mai हरिया की आँखों में देखने लगती हु एक सेक्सी अंदाज़ में........





मेरे मन में एक शरारत सूझी hai....mai हरिया को हल्का धक्का देकर पलट कर जाने लगती hu.......or मुद कर हरिया को तैसे करते हुए देख कर हंस देती हु......

मई - अब मुझे जाना hoga......isse आगे मई नहीं कर सकती hu.......apna हथ्यार आप हाथ में लेके खड़ा रहो मई chali.....bolkar मई खिलखिला कर हंस देती हु और बाल को झटका देते हुए लहराते हुए मई अपनी गांड मटका कर जाने लगती हु......



 
हरिया - मेमसाब आज तो मई आपको छूट फाड़ कर हे rahunga.......bolkar हरिया मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे गर्दन पर किश की बौछार कर di......mai कसमते हुए बोली - प्लसससससससस हरिया जी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ऐसा मत करो मुझे जाने दो naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa........ ufffffffff..........mai खुद चाहती थी की हरिया मुझे जाने न दे और मुझे भट बेरहमी से chode........meri छूट में इतनी आग लगी हुयी थी की मुझे एक मोठे तगड़े लुंड से छोड़ने की तड़प बढ़ चुकी थी.............

हरिया मेरे दोनों चुकी को ज़ोर ज़ोर से ब्लाउज के ऊपर से हे मसलने लगा.......

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa plssssssssssssss धीरीईईए naaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh भट ज़ोर से दबाते हो aap........aaaahhhhhh आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह aaaahhhh..........hariya का खड़ा लुंड मेरे गांड पर टक्कर मार रहा tha....mai बेकाबू होने lagi........hariya मुझे दिवार से सत्ता दिया और मेरी गांड पर हाथ फेरते हुए बोलै....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेमसाब क्या मस्त गांड है apki......aaj मई इस गांड को छोड़ छोड़ कर फाड़ दूंगा........





हरिया की गन्दी बातो से मई और ज्यादा होर्नेय हो रही thi.......mai दिवार पर किसी नागिन की तरह इठला रही thi.....or जान बुझ कर अपने गांड को व् हिला रही थी ताकि हरिया और ज्यादा जोश में आकर मुझे चोदे.......

हरिया मेरे गांड को घूरता हुआ सहला रहा tha.....or धीरे धीरे मेरी गांड को मसल रहा tha....mai लज़्ज़त से कैंप रही थी......... उफ्फ्फफ्फ्फ़ hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लसससससससस aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh..... ummmmmmmmmmmmm.....





हरिया अब मेरी गांड को सहलाते हुए अपना हाथ मेरी नाभि के पास ले जाकर मेरी नंगी कमर और पेट को सहलाने लगा

....मई अपना हाथ हरिया के हाथ में रख दी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii





कामुकता से मेरा बुरा हाल हो रहा tha.....mai अपने बालो को एक हाथ से इकट्ठा करके समेत ली ताकि हरिया मेरी नंगी पीठ को चूमे.....

हरिया समझ गया मई क्या चाहती hu....wo झट सा अपना गरम मुँह मेरी नंगी पीठ पर रख diya....mao कसमसाने लगी

....उसका गरम गरम थूक मेरी नंगी पीठ को गिला कर रहा tha....or मेरी छूट उसके वजह से गीली हो रही थी......









आआआ

हरिया पीठ चूमते हुए मेरे बालो को व् अपने मुँह में पकड़ कर खींच deta.....mai तड़प कर aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii क्याआआआ कर रहे हो आप....... उम्मम्मम्म........ plssssssssssssss मुझे जाने दो naaaaaaaaaa...........





मुझसे रहा नहीं गया मई एक हे झटके में हरिया के तरफ मुद गयी और हरिया को छुडास भरी नज़रो से देखते हुए उसके चेहरे को पकड़ कर उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर बेतहाशा चूसने लगी........... उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म ummmmmmmmmmmmm पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ मैंउसके होंठो को खा रही थी और अपने हाथो से हरिया के चेहरे को पकड़ी हुयी थी......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh हरिया जी प्लसससससससस कुछ करो..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ये कैसी आग लगा दी है अपने मेरे जिस्म me.....puch पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ पूछ उम्मम्मम्मम्म उम्मम्मम्मम्म





हरिया मुझे बहो में भींच कर मेरे होंठो को खाने laga......or मेरी नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगा......









Aaaaaaaaaaaaahhhhhh हरिया जी मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा है........ plssssssssssssss कुछ करो.....





अअअअअअअ





हरिया शरारती अंदाज़ में बोलै - क्या करू मेमसाब.......

मई शर्मा गयी और बोली - मेरी प्यास बुझा दो हरिया जी.......

हरिया - खुल कर बोलिये न memsahib.....kya करू.....

मई शरमाते हुए बोली - आप भट गंदे हो जाओ नहीं बोलूंगी mai.....mujhe शर्म अति है.......

हरिया - प्लसससससससस न मेमसाहब एक बार बोलो न क्या करू..

मई शरमाते हुए बोली - मुझे छोड़िये न हरिया जी प्लसससससससस भट जलन हो रही है मेरी छूट में........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh plssssssssssssss अपना मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा दो naaaaaaaaaa........

हरिया मेरी ब्लाउज पीछे से खोलता हुआ बोलै .....इतनी व् जल्दी क्या है मेमसाब कितना लुंड के लिए तड़पोगी उतना ज्यादा मज़ा आएगा छोड़ने में.......





ये बोलते हुए हरिया मेरा ब्लाउज खोल कर फेक diya....ab मई सिर्फ ब्रा में thi.......bra में मेरी दोनों चुकी और व् ज्यादा सेक्सी दिख रही थी.........

हरिया मेरी चुकी को घूरते हुए बोलै haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली क्या चुकी है तेरी शालिनी..........

हरिया के इस तरह चुकी घूरने से मई शर्म से लाल हो गयी ....मई झट से हरिया के चेहरे को पकड़ कर उसके होंठो हो चूसने लगी.........





हरिया ने मेरे होंठ चूसते हुए मेरी साड़ी को खोल कर फेक diya.......ab मई सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में thi.....maine खुद से अपना पेटीकोट उतार कर ज़मीन पर गिरा diya..........hariya समझ गया की मई बेचैन hi छोड़ने के लिए.......

हरिया ने मुझे दिवार से लगा कर मेरी नंगी जिस्म पर हाथ फेरते हुए बोलै...... उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेमसाब क्या कातिल बदन है apka......is बदन को देख कर तो जानवर व् छोड़ने के लिए बेचैन हो jaenge.....mai तो इंसान हु ...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या कटीला गांड hai......bolkar हरिया मेरी गांड को सहलाने laga.....ab मई सिर्फ पंतय में थी इसलिए हरिया का हाथ मेरी गांड पर पड़ते हे मई तड़प uthi...........mai खुद से अपनी चुकी दिवार पर रगड़ने लगी............ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मई मरररररर जाउंगी...... प्लसससससससस अपना लुंड मेरी छूट में डालो naaaaaaaaaaa





हरिया - आपकी छूट को और चोदा इंतज़ार करने दो मेमसाब .......अभी तो मई आपकी उभरी हुयी गांड पर फ़िदा hu.....wo देखो ेने में क्या मस्त दिख रही हो तुम ...गांड बहार निकाल कर........

मैंने जैसे हे खुद को ेने में देखा मई शर्म से लाल हो gayi........sach में मेरी गांड भट ज्यादा बहार की तरफ निकली हुयी thi........apne गांड को खूबसूरत बनावट को देख कर मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर गयी.........





मई शर्म से अपनी नज़र झुका li....or हरिया मेरी गांड को अपने हाथो से सहलाते हुए अपना लुंड मेरे जिस्म से रगड़ रहा tha........hariya का लुंड मुझे और ज्यादा पागल कर रहा था.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लसससससससस naaaaaaaaaa बोलते हुए मई पलट gayi.....or दिवार से सात gayi.......hariya मेरी आँखों में देखते हुए बोलै - क्या प्लसससससससस naaaaaaaaaa खुल कर बोलो न मेरी जान शालिनी.....

मई शर्म से नज़र झुका ली और बोली - आप सच में भट गंदे हो हरिया ji.......bht तड़पाते हो.......

हरिया मेरी नंगी नाभि पर हाथ फेरते हुए बोलै - औरत जितना ज्यादा तड़पती है उतना ज्यादा चुदवाती है.........







हरिया अब धीरे धीरे अपना हाथ मेरी छूट के तरफ ले जाने laga.....lazzat की वजह से मेरी आंख बंद होने lagi....mera जिस्म अकड़ने लगा.......





Aaaaaaaaaaaaahhhhhh मेमसाब आपकी पंतय कितनी गीली हो चुकी hai......apki छूट भट ज्यादा उतावली है मेरे लुंड से छोड़ने के liye........hariya ये बोलते हुए अपना हाथ छूट के इर्द गिर्द घूमने laga......mai हरिया के हाथ को अपने छूट में लेने के लिए तड़प रही थी लेकिन हरिया जान बुझ कर अपना हाथ छूट तक नहीं ले जा रहा था मुझे तड़पने क liye.......maine आंख खोल कर हरिया को सेक्सी नज़रो से देखते हुए kaha..........ab उतार व् दो न मेरी panty..........kab तक तड़पाओगे अपनी दोस्त को..........





हरिया - अब्बी और तड़पना बाकि है मेरी जान shalni.....bolkar हरिया मुझे बीएड पर पटक diya......mai बीएड पर गिर कर वापस उठ कर बैठ gayi....or हरिया मेरे पास बैठ gaya......mai हरिया की आँखों में देखते हुए खुद से अपनी चुकी दबाने lagi....or बोली aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरिया jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लसससससससस मेरी चुकी बेचैन है आपकी हाथो में आने के लिए......













हरिया मुझे बहो में भर कर मेरी दोनों चुकी को पकड़ कर मसलते हुए bola.......kya मस्त चुकी है आपकी शालिनी ji......ji करता है इसे खा जॉन.....

मई - तो खा जाओ न किसने रोका है.......

हरिया मुझे बेतहाशा चूमते हुए मुझे बीएड पर लिटा दिया और मेरे पेअर को चूमते हुए मेरी पंतय को धीर धीरे उतरने laga......meri धड़कन तेज़ होने लगी.......

हरिया ने मेरी पंतय उतार कर अपने नक् के पास ले जाकर सूंघने लगा...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब आपकी छूट की क्या खुशबु है........

बोलकर हरिया मेरी पंतय मेरे मुँह के पास लेकर मेरे मुँह में रगड़ने लगा.....

मई घिन्न की वजह से अपना चेहरा इधर उधर करने लगी......

मई - चहहीइ हरिया जी कितने गंदे हो आप............

हरिया हँसते हुए बोलै - अब्बी पता चलेगा मई जितना गन्दा हु मेरी जान......

बोलकर हरिया अपना हल्लावी लुंड मेरी छूट के पास रख कर रगड़ने laga.......mai बेचैन हो gayi.....or अपना छूट हरिया के लुंड पर धकेलने लगी........

मई - प्लसससससससस naaaaaaaaaa hariyaaaaaaaaaaaaaa jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii घुसा दो naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa.......

हरिया ने अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगाया और धीरे धीरे अपना मोटा लुंड मेरी छूट में पुश करने laga.....uska लुंड का सूपड़ा इतना ज्यादा मोटा था की मेरी छूट की दिवार को चीरता हुआ जैसे हे उसका लुंड का सूपड़ा अंदर गया मेरी जान हे निकल गयी.........

मई दर्द से रोने लगी ..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii plssssssssssssss धीरीईईए हरिया jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii प्लसससससससस रुक जाओ भट दर्द हो रहा hai......apka भट ज्यादा मोटा है.......





हरिया रुकने के बजाय धीरे धीरे अपने लुंड को घुसनीगा..........

मई दर्द से तड़प रही रही thi......mai हरिया की आँखों में रोनी सूरत बना कर देखते हुए बोली plssssssssssssss हरिया जी थोड़ा रुक जाओ न..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई plssssssssssssss भट दर्द हो रहा है......

हरिया मेरी आँखों .इ देखते हुए हल्का हल्का धक्का लगाने लगा उसका लुंड का थोड़ा सा हिस्सा मेरी छूट में था बाकि भरा tha.........hariya इतना में हे मुझे हल्का हल्का छोड़ रहा tha......or मम्मी दर्द से ाः ाः ाः ाः ाः ाः किये जा रही थी.........





अचानक हरिया थोड़ा ज़ोर लगा कर अपना लुंड मेरी छूट में घुसा diya....hariya का आधा लुंड मेरी छूट में समां gaya....mai दर्द से तड़प कर ज़ोर ज़ोर से रोने लगी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa कामिनी हरामी बहार nikalo...mujhe नहीं छुड़वाना तुमसे..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa मरररररर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई भट दर्द हो रहा हिअ........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh हरामी बहार निकालो अपने जानवर को .........





हरिया मेरे जांघ को भट ज़ोर से पकड़ liya......or अचानक एक ज़ोरदार धक्का mara........hariya का पूरा लुंड मेरी छूट को फाड़ता हुआ अंदर चला gaya....meri छूट फट कर उससे खून निकलने laga......mai एक ज़ोरदार चीख के साथ बेहोश हो gayi.........lekin हरिया मुझे छोड़ना नहीं chora......wo मेरे मुँह कर पानी मार कर मुझे होश में laya....or बेरहमी से मेरी जांघो को पकड़ कर मुझे छोड़ने laga.....mai दर्द से मरी जा रही thi....maine दोनों हाथो से चादर पकड़ लिया........





अब हरिया मेरे दोनों पेअर को आस में सत्ता कर मुझे ज़ोर ज़ोर से छोड़ने laga.......mai रट हुए उससे रहम की भीख मांगने lagi........mujhe क्या पता था की मोटा लुंड से छोड़ने में इतना ज्यादा दर्द होता है............





हरिया - साली रंडी भट गर्मी है न तेरी छूट me....aaj मई तेरी छूट की साडी गर्मी निकल दूंगा bahanchod.....aaj से तू मेरी रंडी है........

बोलकर हरिया मेरी छूट को ऐसी बेरहमी से छोड़ रहा था की मई ओर्गास्म पर पहुँच gayi.........mere पेअर थरथरने लगे......

मेरे पेअर आज तक ऐसा कभी नहीं कंपा था जैसा इस वक़्त कैंप रहा था.........

हरिया अपना होंठ मेरे होंठ पर रख कर चूसने laga......orgasm की वजह से मई दर्द भूल चुकी thi.......itna ज्यादा पानी मेरी छूट से आज से पहले कभी नहीं निकला था.....





हरिया मेरे पेअर को कांपता देख कर अपना स्पीड धीरे कर diya....wo मुझे आराम से से झरने देना चाहता tha.....kyu की वो जनता था की अभी मेरी और व् भट बुरी तरह वो चुदाई करेगा.......
 
अब ाजेईई........

आगे की कहानी शहला (ज़ैद को खला) की ज़ुबानी..........

ज़ैद और रुकसाना बजी की चुदाई देख कर मेरा मन किसी व् काम में नहीं लग रहा tha.......mere आँखों के सामने बार बार रुकसाना बजी और ज़ैद को चुदाई घूम रही थी.....

मई मन में सोच रही थी - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना बेरहमी से छोड़ रहा था था ज़ैद अपनी अम्मी को........ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना बड़ा और मोटा लुंड है ज़ैद का....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अपनी अम्मी की छूट को पूरी तरह फैला दिया था उसके लुंड ne...........meri रुकसाना बजी इतनी कामिनी निकलेगी मुझे तो यकीं हे नहीं हो raha......itni शरीफ औरत और अंदर से इतनी बड़ी randi........apne हे बेटे से छुड़वा कर मज़े ले रही है.......

मई सोफे पर बैठ कर चाय पीते हुए ये सब सोच रही थी.........

Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff कितना स्टैमिना है ज़ैद me......or एक मेरे शोहर है जो 5 मिनट में हे फुस्स्स हो जाते है......

ज़ैद का मोटा तगड़ा लुंड को इमेजिन करते हुए मेरी छूट गीली होने लगी थी.......

मई खुद को समझते हुए अपने आप को कहने लगी.......... चहहीइ ये मई क्या क्या सोच रही hu........yesab करना गुनाह hai......agar बजी गुनाह कर रही तो मई भला इस गुनाह में क्यों padu...........mai अंदर हे अंदर असमंजस में पड़ी थी thi..........nhi नहीं मई ज़ैद को अपने पास तक फटकने नहीं dungi......bht कमीना लड़का है wo.....jo अपनी अम्मी को छोड़ सकता है वो भला मुझे क्या chhorega............dhatt ये मई क्या सोच रही hu.......zaid ने तो अभी तक ऐसा वैसा कुछ नहीं किया है मेरे sath..........agar करने की कोशिश करेगा तो एक झापड़ रसीद कर दूंगी मई use.........mai कोई ऐसी वैसी लड़की थोड़ी hu......mai अपने शोहर को कभी धोखा नहीं दे सकती.........

येसब सोचते हुए मई चाय की चुस्की ले रही थी.........





इतने में ज़ैद उधर से आया.......

ज़ैद - Hello खला जान क्या कर रही हो......

ज़ैद को देख कर मेरी धड़कन ऑटोमेटिकली बढ़ gayi.....pata नहीं क्यों.......

मई व् नार्मल चेहरा बनाते हुए मुस्कुरा कर बोली - हुई ज़ैद .....बस ऐसे हे चाय का मज़ा ले रही हु........

ज़ैद अब खिलाड़ी बन चूका था औरतो से बात करने में..........

ज़ैद मेरे सामने हे सोफे पर बैठ गया और बोलै - ज़ैद मेरी चुकी को एक नज़र घूरते हुए बोलै....... चाय पीने में व् कोई मज़ा है ........मज़ा तो दूध पीने में अत hai....wo व् गधा गधा दूध....... उम्मम्मम्मम्म मज़ा हे आ जाता है दूध पीने में.......





मई ज़ैद की इस हरकत से शर्मा गयी और ज़ैद पर गुस्सा व् आया mujhe......maine अपने दुपट्टे को अपनी चुकी पर ढकते हुए kaha........sabki अपनी अपनी पसंद hai......mujhe चाय कॉफी दूध से ज्यादा पसंद है........

मैंने दुपट्टा से अपनी चुकी ढाका तो ज़रूर लेकिन कही न कही मई खुद चाहती थी की ज़ैद मेरी चुकी की झलक dekhe.......shayad मेरे अंदर की औरत को सामने सिर्फ एक हत्ता कट्टा मर्द बैठा नज़र आ रहा था ........लेकिन मई खुद को समझा रही थी की ये तो तुंहरे बेटे के जैसा है ......बहन का बीटा व् खुद का हे बीटा होता hai.....or मई अपने बेटे के साथ ऐसी गन्दी हरकत करू चहहीइ मई इतनी गन्दी औरत नहीं hu.......yahi सब सोच में मई पड़ी हुयी thi.......lekin जान बुझ कर मैंने सूट के सामने दुपट्टा नहीं ढाका जिसकी वजह से मेरी चिकनी चिकनी गोरी चुकी को हलकी झलक ज़ैद को दिख रही thi.............or मुझे व् पता था की मेरी चुकी को हलकी झलक ज़ैद को दिख रहा है............





ज़ैद हँसते हुए मज़ाक करने लगा - क्या खला जान आप व् न एकदम कुछ नहीं जानती ho.........lagta है खलु आपको ठीक से सिखाते नहीं hai.......ladko को दूध से ज्यादा तो बिरयानी व् नहीं पसंद होता hai..........har लड़का दूध का शौक़ीन होता hai........kya खलु आपका दूध नहीं पिटे hai........ma मेरा मतलब खलु को आप दूध नहीं पिलाती हो.......

मई गुस्से से ज़ैद को बोली - क्या बकवास कर रहे हो ज़ैद ....खला से कोई ऐसी गन्दी बात करता है .........





ज़ैद मुझे गुस्सा देख कर बोलै - इसमें गन्दी बात मैंने क्या बोली खला jan.....raat में सोने के टाइम खलु को आप दूध नहीं देती ho......meri चुकी को घूरते हुए ज़ैद बोलै.....

कही न कही ज़ैद की डबल मीनिंग बातो से मई व् गरम हो रही thi.......mere चेहरे का रंग सुर्ख लाल हो gaya......maine अपने दुपट्टे को अपने दूध पर अछि तरह धक् liya....or ज़ैद को सेक्सी नज़रो से देखते हुए बोली - तुम भट बदमाश हो गए हो ज़ैद ...............बोलते कुछ हो और एक्सप्लेन कुछ और करते हो.......





ज़ैद - क्या खला जान आप व् न ......एके जैसी ब्यूटीफुल एंड एडवांस लेडी वो व् दुबई में रहने वाली lady......itni छोटी छोटी बातो को पकड़ेगी ये मैंने सोचा नहीं tha........aap पहले व् खंडन की सबसे एडवांस एंड ब्यूटीफुल लेडी thi..........or मैंने तो सोचा था की दुबई जाने के बाद तो आप और व् ज्यादा एडवांस हो गयी hogi........mujhe आज व् यद् है आपको सभी लोग लेबनानी लड़की बोलते थे आप इतनी ज्यादा खूबसूरत थी........

मई अपनी तारीफ सुन कर सुर्ख लाल हो gayi........wo व् एक चुड़क्कड़ लड़के से जो अपनी हे अम्मी को बेरहमी से छोड़ता hai.............zaid के मुँह से अपनी तारीफ सुन कर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वो मुझे छोड़ने के लिए मेरी तारीफ कर रहा hai.........isliye उसके मुँह से अपनी तारीफ सुन कर मेरा जिस्म गंगना utha........mere आँखों में हवस आने lagi........mai ज़ैद को सेक्सी नज़र से देखते हुए मुस्कुरा कर बोली..........





मई - ाचा जी खूबसूरत दिखती थी .........इसका मतलब अब मई खूबसूरत नहीं दिखती hu......hai न.....????

ज़ैद - हाहाहाहाहा अभी मई कुछ बोलूंगा तो आप फिर से गुस्सा हो जाओगी.......

मई समझ गयी की ज़ैद कोई गन्दी बात बोलना चाहता hai........mai वो बात सुनने के लिए बेचैन हो गयी की अब ज़ैद क्या बोलेगा ........

मई - ok बाबा मई गुस्सा नहीं होने वाली बोलो क्या बोलना है.......

ज़ैद - पहले आप खूबसूरत दिखती thi.....lekin अब आप गॉर्जियस हॉट न सेक्सी दिखती हो........

मई शरमाते हुए अपने गाल पर हाथ रख कर बोली - ओह रियली ......लेकिन मुझे तो नहीं lagta........aaj तक तुंहरे खलु ने ऐसा कभी नहीं बोलै mujhe......or तुम्हे मई किस एंगल से हॉट सेक्सी गॉर्जियस और पता नहीं क्या क्या दिखती हु.........





ज़ैद - आपको किसी व् एंगल से देख लो आप भट ज्यादा सेक्सी hai......apki आंखें किसी हिरणी के जैसी बड़ी बड़ी और नशीली hai.......apka चेहरा चाँद के जैसा चमकता हुआ दीखता hai.......apke मुलायम चिकने गाल के सामने तो माखन व् फ़ैल hai........apke गुलाबी नाजुक honth..........aisa लगता है की गुलाब की पंखुड़ी hai........apke घने काले बाल किसी हीरोइन के जैसे सिल्क hai.......or apka........bolkar ज़ैद रुक जाता है..........

मुझे अपनी तारीफ इतनी अछि लग रही थी की मन कर रहा था की ज़ैद बास यु हे मेरी तारीफ करता रहे........

मई थोड़ा इठलाते हुए बोली - ाचा जी और क्या.....????? रुक क्यों गए tum.....aage क्या बोलना छह रहे थे वो व् बोल दो.......

ज़ैद - आगे बोलूंगा तो आप फिर से गुस्सा करने lagogi.........isliye मई और बोलकर रुक gaya..........apke खूबसूरत चेहरे पर गुस्सा ाचा नहीं लगता........

मई - नहीं बोलोगे तब मई गुस्सा हो jaungi........bolo न और kya......bolkar मई ज़ैद को भट हे सेक्सी नज़र से देखने lagi........jaise ज़ैद से मई कह रही हु की मेरी चुकी मेरी गांड के बारे में व् कुछ बोलो......





ज़ैद - अब मई क्या बताऊँ खला jaan......apke जैसी लेडी मैंने आज तक नहीं dekhi.......itni प्यारी दिखती हो न आप की मई क्या बताऊँ.........

ज़ैद जान बुझ कर गन्दी बातें नहीं कर रहा tha..........wo छह रहा था की खला जान खुद उसे उकसाये गन्दी बात करने क लिए......

मई - ाचा जी अपनी खला को फ़्लर्ट कर रहे हो........

ज़ैद - नहीं बाबा ऐसी कोई बात नहीं hai......aap जैसी हो मई बास वही बता रहा हु.......

मई ज़ैद की बातो से अंदर हे अंदर भट खुश हुए जा रही थी ........हर लड़की और औरत को उसकी तारीफ भट पसंद होती hai............Khushi की वजह से मेरी आँखों में चमक जाग चुकी thi..........mai अंदर हे अंदर मुस्कुरा रही थी..........





मैंने अपनी आंखें बंद करके एक लम्बी ाँह bhari.........or ज़ैद मेरी खूबसूरती को बास निहार रहा था.........





ज़ैद - एक बात बोलू खला जान .....

मई - हम्म्म बोलो....

ज़ैद - आप खुले बालो में तो कयामत लगती ho.......Kasam से..........

मई हँसते हुए - ाचा ji.........jada मस्का मत lagao........bolte हुए मई जान बुझ कर अपना दुपट्टा आने सर से निचे सरका di.....jisse मेरे बाल आज़ाद हो gaye.......or मई ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए बोली - तुम अब जवान हो चुके हो ज़ैद .......बदमाश तुम्हारी नज़र सिर्फ लड़कियों पर हे रहती है क्या.....?????





ज़ैद हँसते हुए बोलै - क्या खला जान आप इतना व् नहीं जानती ho........duniya भट हिघटिच हो चुकी है आजकल जब लड़का जवान हो जाता है तो उसकी नज़र लड़कियों में नहीं रहती है............

मई - ाचा जी तो फिर किस पर रहती है आजकल के लड़को को नज़र.........????





ज़ैद - अब ये व् मुझे हे बताना पड़ेगा.....

मई मुस्कुराते हुए बोली - तुम हे बता दो .....मई थोड़ी न लड़का हु जो मई जाँऊगी की आजकल के लड़को की नज़र कहा रहती है......

ज़ैद - आजकल के सभी जवान लड़के बास भाभी या आंटी पर नज़र रखते है......

मई - ओहूऊऊऊ तो जनाब की नज़र लड़कियों को छोर कर औरतो पर रहती है........ औरतो में ऐसा क्या दीखता है तुम लोगो को जो लड़कियों में नहीं दीखता.......





ज़ैद - आंटी और भाभियों का गदराया बदन........ अब आप खुद को हे देख लो पहले दुबली पतली thi.....khubsurat पहले व् थी आप लेकिन शादी के बाद आपका जिस्म पूरा भर गया है....... आपके बॉडी का शेप इतना सेक्सी न हॉट हो गया है की ये आपकी खूबसूरती में चार चाँद लगा दिया hai.......apko किसी व् एंगल से देखो कमाल की सेक्सी लगती हो aap........or सबसे ज्यादा अट्रैक्टिव तो आपका बैक hai.......ekdam मिटटी का घड़ा के जैसा गोल एंड बहार की और उभरा hua........jab आप चलती हो और आपका ये मिटटी का घड़ा थिरकता है तो मर्दो के अरमान जाग जाते है........

अब ज़ैद ने मन बना लिया था की वो मुझसे खुल कर गन्दी बात करेगा.......

ज़ैद की बात से मई और व् ज्यादा एक्सीटेंड होती जा रही thi.......zaid की गन्दी बातें मुझे भट ज्यादा होर्नेय बना रही थी......

मई - बदमाश तुम यही सब देखते हो अपनी खला me......tumhe शर्म नहीं अति ज़रा व्.......

बोलकर मई भट सेक्सी नज़र से ज़ैद को देखने लगी.........





ज़ैद - अपने हे तो मुझसे कहा है की आप मेरी फ्रेंड के जैसी ho......to मई अपने फ्रंड से खुल कर बात कर रहा हु ज़रा व् कुछ नहीं छुपा रहा hu......kasam से......

मई हँसते हुए - फ्रंड जैसी हु तो क्या हुआ फिर व् मई तुम्हारी अम्मी जैसी hu......or अपनी अम्मी को तुम इतनी गन्दी नज़र से देखते ho......tumhe शर्म नहीं आती ज़रा व्......

ज़ैद - जिसकी अम्मी इतनी ज्यादा हॉट न सेक्सी हो तो वो बेचारा क्या करे......

मई मुस्कुरा कर बोली - ाचा जी फिर तो तुम अपनी अम्मी की मिटटी का घड़ा देखते होंगे है na.....kyu की रुकसाना बजी का मिटटी का घड़ा तो मुझसे व् ज्यादा बड़ा और गोल मटोल hai.......bolkar मई खिलखिला कर हंस padi......Hehehehehehe........

ज़ैद - पता नहीं आप और अम्मी क्या खा कर बड़ी हुयी हो जो दोनों का मिटटी का घड़ा इतना ज्यादा उभरा हुआ और गोल मटोल है......

मई बनावटी गुस्स में बोली - कितने कामिनी हो तुम ज़ैद .....अपनी अम्मी तक को नहीं छोरा तुमने......... और मुझे ज़ैद और रुकसाना बजी की चुदाई यद् आने लगी की कैसे ज़ैद रुकसाना बजी को रुला रुला कर छोड़ रहा tha......janwar की tarah......or रुकसाना बजी व् अपने एकलौते बेटे का मोटा लुंड किसी रंडी की तरह अपने छूट में घुसवा रही thi.........yesab सोच कर हे मेरी छूट गीली होने lagi......mere आँखों में नशा छाने लगा.......

ज़ैद - अभी अपने मेरा कमीनापन देखा कहा है खला jaan.....bolkar ज़ैद एक हरामी मुस्कान देने लगा......

मई अब धीरे धीरे लुस्टि होती जा रही thi......isliye मई खुद चाहती थी की ज़ैद मुझसे गन्दी गन्दी बातें करे.......

मई मन हे मन सोचने lagi......beta मैंने तुंहारा कमीना पैन देख लिया है जब तुम अणि अम्मी को कुटिया बना कर छोड़ रहे थे.........

मैंने जान बुझ कर गर्मी का बहन करके आना दुपट्टा अपनी चुकी से हटा di.......jisse मेरी बड़ी बड़ी सुडोल चूचिया कपडा के ऊपर से हे भट ज्यादा सेक्सी दिखने लगी.........

ज़ैद मेरे ठीक नज़दीक बैठा हुआ था बिना दुपट्टा के मेरी चुकी देख कर ज़ैद का लुंड धीरे धीरे पंत के अंदर हलचल करने लगा.........

वो मेरी चुकी को घूरते हुए पंत के ऊपर से अपना लुंड सहलाते हुए बोलै - मुझे दूध पिने का मन कर रहा खला jaan......pila दो न दूध......

ज़ैद के इस तरह अपनी चुकी को घूरता देख कर और दूध पिने का नाम सुन कर मेरी धड़कन बढ़ gayi.........mai नशीली आँखों से ज़ैद को देखते हुए बोली - अपनी अम्मी से बोलो वो तुम्हे दूध पीला देगी.............





ज़ैद अपने ज़बान को अपने होंठो पर फेरता हुआ मेरी चुकी को घूरने लगा और बोलै - आज आप हे पीला do...hamesha तो अम्मी पिलाती हे है.....

मई अपनी आंख मचकाते हुए सेक्सी अंदाज़ में बोली - no वे मई नहीं पिलाने वाली रुकसाना बजी को मई बुला देती हु वो पीला देगी तुम्हे doodh.....hehehehehe.....

मुझे ज़ैद का इस तरह से अपनी चुकी को घूरना इतना ज्यादा एक्सीटेंड कर रहा था की मेरी छूट पूरी तरह गीली होकर मेरी पंतय भीगा रही thi..........maine जान बुझ कर अपना हाथ चुकी के ठीक निचे रख कर चुकी को थोड़ा ऊपर उप कर दिया जिससे मेरी चुकी सलवार सूट में और व् ज्यादा आकर्षक दिखने लगे..........





मई ज़ैद को तड़पाने के लिए उठ कर कड़ी हो गयी और बोली - तुम जबतक रुकसाना बजी से दूध मांग कर पियो मई ज़रा अपने बालकनी में झाड़ू लगा देती hu....mujhe ज़रा व् डस्ट पसंद नहीं hai......tabhi बालकनी गयी थी तो डस्ट देख कर मुझे उनकंफर्टबले फील हो रही थी........

और मैंने मज़ाक में बोलै - और हाँ ज्यादा मिटटी का घड़ा मत देखा करो वर्ण घड़ा से पानी निकलने के बजाय कही और से पानी निकल jaega......bolkar मई खिलखिला कर हंस पड़ी..........





अब मई मुद कर अपने कमरे के तरफ जाने lagi.......mai जान फही थी की ज़ैद मेरी थिरकती गांड को देख कर पागल हो जाएगा और कुछ न कुछ कमेंट ज़रूर karega.......maine अपना पर्स टेबल से उठा कर अपने रूम के तरफ अपनी गदरायी मोती गांड को मटकाते हुए चल padi.....mai जान बुझ कर और ज्यादा गांड मटका रही थी ताकि ज़ैद मेरी गांड की थिरकन देख कर पागल हो जाये.......

ज़ैद हवसी नज़रो से मेरी गांड को गोलाई को एक टुक्क देख रहा था .....और अपने लुंड को पंत के ऊपर से सहला रहा था.......

ज़ैद से रहा नहीं गया और वो मुझे सुना कर ज़ोर से बोलै - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ खला जान क्या मस्त घड़ा है apka.......is घड़े को तो मई अपने नल के पानी से भरूंगा ........





ज़ैद ने जैसे हे कहा की वो अपने नल के पानी से मेरा घड़ा भरेगा मेरी डिल की धड़कन एकदम से भट ज्यादा तेज़ हो gayi.......ab वो खुल कर गन्दी बातें कर रहा tha........meri छूट फड़फड़ाने लगी ज़ैद की बात se.......mai वही रुक gayi......or एक अदा के साथ ज़ैद को मुद कर dekhi.......meri आँखों में हवस थी जो ज़ैद को आसानी से दिख रही थी ज़ैद व् समझ चूका था की मुझे उसकी गन्दी बात से भट ज्यादा मज़ा आ रहा है......

मैंने मुँह बनाते हुए बोलै - हुंह ऐसा कोई नल नहीं है जो मेरा घड़ा भर sake......nal का पानी ख़तम हो जाएगा लेकिन मेरा घड़ा नहीं भरने wala.......bolkar मई एक ऐडा के साथ अपने बाल को झटका देते हुए वास मुद कर अपनी गदरायी गांड को लचकाते हुए मटकाते हुए अपने रूम के तरफ जाने लगी........





ज़ैद मेरी गांड को घूरते हुए बोलै - एक बार मौका तो देखे देखो खला जान आपका घड़ा के साथ साथ आपका आगे का फूफा व् भर दूंगा अपने नल के पानी से.......

मई बिना मुड़े ज़ैद से बोली - no वे वो दिन कभी नहीं aega......tum बस ख्याली पुलाव पकाते raho....samjhe न बच्चू........



 
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