- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
शहला मन में सोच रही थी - omg ये इंसान है या janwar....kitni बेरहमी से अपनी अम्मी को छोड़ रहा....... ufffffffff........baji की तो हालत ख़राब कर दी इसने छोड़ छोड़ kar.......or अभी तक ये फारिग नहीं हुआ hai....ye ज़रूर सेक्स वाला कैप्सूल खा कर बजी को छोड़ रहा hai...warna मेरे शोहर तो मैक्सिमम 10 मिनट में जहर जाते hai.............kitna कमीना लड़का hai....apni हे अम्मी को सेक्स कैप्सूल खा कर रंडी जैसा छोड़ रहा hai..........itni बुरी तरह तो कोई रंडी को व् नहीं छोड़ता होगा...........
यही सब सोचते हुए मेरी छूट पूरी तरह से गीली होकर उसमे से रस टपकने लगा tha.........mai कपडे के ऊपर से हे अपनी छूट को हलके हाथो से सहलाने lagi.......udhar बजी झरने के बाद ज़ैद से मिन्नतें कर रही थी बेटा छोर मुझे अब मुझसे नहीं होगा...... प्लसससससससस मेरी छूट में जलन हो रही hai........oh maaaaaaaaaaaaaaaaa काश कोई मुझे इस जानवर से बचा lo.........baji रोने lagi.....lekin ज़ैद को अपनी माँ पर ज़रा व् तरस नहीं आ रहा tha....wo भूखे भेड़िये की तरह अपनी अम्मी को दबोचा हुआ उसे छोड़ रहा था..........
ज़ैद - अभी कहा मेरी रांड अम्मी jan.....abhi तो आपको इतना छोडूंगा की आपकी छूट का सारा पानी सूख जाएगा........
बोलकर ज़ैद रुकसाना बजी को और ज़ोर से छोड़ने लगा.........
रुकसाना बजी ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और ज़ैद को गलियां देने लगी - कामिनी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आआआअह्ह्ह्हह ayiiiiiiiiiiiiiiiiiiii छोर मुझे हरामी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने mujheeeeeeeeeeeeee.............
रुकसाना बजी जितनी गलियां दे रही थी ज़ैद इतनी ज्यादा बेरहमी से छोड़ रहा tha.........lagbhag 2 मिनट बिजली की तेजी के साथ छोड़ने के बाद ज़ैद ने अपनी अम्मी को छोर दिया.............

जैसे हे ज़ैद ने रुकसाना बजी को छोरा वो हफ्ते हुए ज़ैद को गुस्से से देखने लगी......
ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी रांड अम्मी jan......maza नहीं आया kya.....bolkar ज़ैद एक हरामी हंसी देने लगा ........
बजी अपना मुँह बनाते हुए बोली - कामिनी मार हे डालोगे क्या अपनी अम्मी ko.......bap रे कितना बेरहम हो tum....apne अब्बू से जस्ट उल्टा ho.......wo तो ......बोलकर बजी रुक गयी और शर्म से लाल हो गयी.......
ज़ैद - वोटो क्या मेरी छुडासी अम्मी .....
बजी शरमाते हुए बोली - जाओ न तुम भट गंदे हो गए हो आजकल ...उस कामिनी अजय के साथ रह कर........
ज़ैद हँसते हुए अपना लुंड अपने हाथो से सहलाने लगा और बोलै - अब्बू तो सिर्फ बिज़नेस करना जानते है मेरी जान ammi.....tumhari जैसी गरम माल को कैसे छोड़ा जाता hai.....wo हर मर्द नहीं janta......tum जैसी मोती गांड वाली कुटिया को एक मर्द कुत्ता हे छोड़ कर संतुस्ट कर सकता है........
रुकसाना बजी अपने बेटे की बात का ज़रा व् बुरा नहीं मान रही थी बल्कि ज़ैद की गन्दी बातो से वो और ज्यादा होर्नेय हो रही थी उसकी आँखों से पता चल रहा था...... रुकसाना बजी ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी जैसे उसे खा हे जाएगी......

इतनी गन्दी बात अपने अब्बू को बोल रहा था और रुकसाना बजी गुस्सा होने के बजाय अपना जिस्म और ज्यादा इठला रही थी और ज़ैद को कामुक नज़र से देख रही thi.....hairat से मेरी आंख बड़ी हो gayi.......or मई मन हे मन सोचने lagi.......kitni बड़ी रंडी है मेरी बजी अंदर se......dekhne में इतनी शरीफ लगती है जैसे इससे ज्यादा शरीफ पूरी दुनिया में कोई न होगा.......
मई अपनी आंख गाड़े हुए दोनों को देख रही थी और उनकी गन्दी बातें सुन रही थी......

ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी रंडी अम्मी ........इतनी मस्त चुकी है आपकी की इन चूचियों को दबा दबा कर सारा रस निकल लूंगा मई......
रुकसाना बजी अपनी दोनों चुकी को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर बोली - और कितना रास निकलोगे मेरे राजा ......चूस चूस कर तो इनको लाल कर चुके हो........

ज़ैद आगे बढ़ कर अपनी अम्मी को दोबारा से दबोच लिया और वही बीएड पर बिठा कर उनकी गरम छूट में अपनी दो ऊँगली फुचकाककककक करके घुसा diya......baji के मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल गयी...... आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr गयी mai.........chhoro मुझे कामिनी.........
लेकिन ज़ैद कहा छोड़ने वाला tha....wo पूरी रफ़्तार से बजी की छूट को अपनी ऊँगली से छोड़ने लगा.......
बजी का पूरा जिस्म थरथरने laga....baji ने ज़ैद को अपने हाथो से पकड़ li......or अपने जिस्म को वाइब्रेशन करने लगी.....
आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोरो मुझे betaaaaaaaaaaaaaaaaa araaaaaaaaaaammmmmmmm seeeeeeeeeeee naaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaaaaaaaaaaaaaaaa
ज़ैद का खड़ा लुंड बजी की जांघो में रगड़ मार रहा था .....बजी की काम वासना फोर्स बढ़ने lagi......uski छूट वापस से इतनी गरम हो चुकी थी की अब उसकी छूट को ज़ैद का मोटा लुंड चाहिए था.....

आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना बेरहमी से छोड़ रहा है अपनी अम्मी को....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy काश मुझे व् कोई ऐसे छोड़ता....... कामुकता की वजह से मेरी आंखें बंद हो gayi....or मई व् अपनी छूट को कपडा के ऊपर से रगड़ने लगी........ कामुकता की वजह से मेरी आंखें बंद थी और मई ज़ोर ज़ोर से अपनी छूट को रगड़ रही थी.........

ज़ैद भट तेज़ी से अपनी दो ऊँगली बजी को छूट में छोड़ रहा tha........baji ज़ोर ज़ोर से आआआअह्ह्ह्हह आआआअह्ह्ह्ह ummmmmmmmmmmmm betaaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस धीरीईईए आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa...........kiye जा रही थी ......
बजी एक बार झरने में बाद दोबारा लुस्टि हो चुकी थी ज़ैद के द्वारा छूट में ऊँगली करने se........ab बजी पूरी तैयार हो चुकी थी छूट में लुंड लेने क liye......baji खुद से अपनी छूट ज़ैद के हाथो में पटकने lagi.....or अपने कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaaaaaaaaa उम्मम्मम्मम्म प्लसससससससस aaaaaaahhhhh........karte हुए बजी ने ज़ैद का मोटा लुंड अपने हाथो में पकड़ लिया और सहलाते हुए अपने गुलाबी होंठ ज़ैद के होंठो में रख diya....or बेतहाशा चूसने लगी........
ज़ैद - कैसा लग रहा है मेरी छुडासी रांड को......
बजी - आआआअह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaaaaaaaaa भट मज़ा आ रहा hai......or ज़ोर से छोड़ो अपनी ungli......faad दो मेरी छूट..... आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa..........apna मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा दो betaaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस अब मुझसे बरदास नहीं हो raha............bolte हुए बजी अपने हाथो से ज़ैद का मोटा लुंड ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी.......

मई येसब देख कर पागल हो चुकी thi.....meri आँखों में कामुकता चा चुकी thi.........mai भट हे सेक्सी नज़रो से ज़ैद के जिस्म को घूरने lagi.......or उसके लुंड को देखते हुए मेरी आँखों में मस्ती छाने लगी.........
Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh माआआआ कितना तगड़ा लुंड है ज़ैद का.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये लुंड मई अपनी छूट में लेके rahungi......chahe कुछ व् हो jaye..........meri छूट की प्यास यही लुंड बुझा सकता hai..........yahi सब सोचते हुए मई ज़ैद के मोठे लुंड को टुकटुकी लगा कर देखने लगी......

ज़ैद अब अपनी अम्मी को बिस्टेर पर लिटा diya....or दोनों जांघों के बिच में बैठ कर अपने हाथो से बजी की दोनों नंगी जांघों को हल्का हल्का सहलाते हुए अपना हाथ जैसे हे बजी की छूट के पास ले गया बजी तड़प कर दोनों हाथो से चादर पकड़ ली........
बजी - आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss नाआआ अब मत तड़पाओ अपनी अम्मी जान को....... plssssssssssssss कुछ करो naaaaaaaaaaa वर्ण मई पागल हो जाउंगी..... प्लसससससससस
ज़ैद अपनी अम्मी को आँखों में देखते हुए धीरे से अपना सर निचे ले गया और उनकी छूट में अपना मुँह रख diya.......baji लज़्ज़त की वजह से अपने छूट को थोड़ा ऊपर कर di.....or ज़ैद के मुँह में हल्का हल्का रगड़ने लगी ......ज़ैद हरामी मुस्कान देते huye.......apna मुँह बजी की छूट में जैसे हे रखा बजी तड़प कर अपने चुकी पर हाथ फेरने lagi....or मोअन करने लगी...... आआआअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म बीटा plssssssssssssss लुंड घुसाओ naaaaaaaaaa भट जलन हो रही छूट में .......
ज़ैद - अभी कहा मेरी कुटिया अभी तो तुम्हे और तड़पाऊंगा मेरी रंडी अम्मी jan......bolkar ज़ैद फिर से छूट में मुँह लगा कर चूसने चाटने लगा......

बजी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी और अपने हे हाथो से अपनी चुकी मसलने लगी.....
बजी - प्लसससससससस betaaaaaaaaaaaaaaaaa और न तड़पाओ अपनी प्यारी अम्मी ko.....chodo नाआआ plssssssss........mujhe अपनी प्यासी छूट में तुम्हारा मोटा लुंड chahiyeeeeeeeeeeeee आआआअह्ह्ह्हह प्लसससससससस betaaaaaaaaaaaaaaaaa छोड़ो maaaaaaaaaaaa मेरी छुटटटटटटरर.....
ज़ैद उठा कर बैठ गया और अपना लुंड बजी की छूट में रख कर रगड़ने लगा ........
बजी अपनी छूट को ऊपर उठाने लगी की किसी तरह ज़ैद का लुंड उसकी छूट में समां jaye......lekin ज़ैद बजी को तड़पा रहा था...........
बजी - प्लसससससससस नाआआ ज़ैद भट बदमाश हो tum.....apni अम्मी को इस तरह तड़पते हुए तुम्हे ाचा लग रहा है न.... प्लसससससससस घुसाओ नाआआआ मेरे rajaaaaaaaaaaaa betaaaaaaaaaaaaaaaaa.......
ज़ैद - पहले बोलो तुम मेरी रखैल हो......
बजी - नहीं नाआआ betaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐसी गन्दी बातें मत karo.....apni अम्मी को व् भला कोई अपनी रखैल बनता है....... प्लसससससससस नाआआ घुसाई माआआआ प्लसससससससस
ज़ैद अपना लुंड छूट के बहार रगड़ते हुए फिर bola....pahle बोलो तुम मेरी रखैल हो............
बजी न चाहते हुए व् इतनी मजबूर हो चुकी थी छूट की प्यास में की उसने बोल हे diya......han बाबा मई तुम्हारी रखैल हु तुम्हारी रांड हु अब तो छोड़ो अपनी रखैल अम्मी ko...ghusa दो अपना मोटा लुंड एक हे बार में मेरी छूट में........
ज़ैद के चेहरे पर एक हरामी मुस्कान तैर gayi....zaid ने अपने लुंड ने ढेर सारा थूक लगाया और एक ज़ोर का धक्का मारा ....ज़ैद का मोतौंद बजी की छूट को चीरता हुआ पूरा अंदर चला gaya.........baji के मुँह से एक ज़ोर की चीख निकल गयी ............ aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa reeeeeeeeeee इस ज़ालिम neeeeeeeeeeeeeeeee haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट दर्द हो रहा आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa.......baji ज़ोर ज़ोर से रोने lagi..........baji की आँखों से आंसू निकल pade.......lekin ज़ैद को ज़रा व् रहम नहीं aya....wo अपने लुंड को एक हे झटके में भर निकाल कर फोर्स एक ज़ोरदार धक्का मारा ....बजी फिर से दर्द से तड़प uthi.....baji की बड़ी बड़ी चुकी व् हर धक्के के साथ उछलने लगी........

Aaaaaaahhhhh.aaaaaaaaaaahhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस धीरीईईए आआआअह्ह्ह्हह marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई plssssssssssssss धीरीईईए......

अअअअअ












इतनी दमदार चुदाई देख कर मेरी आंखें. फटी की फटी रह gayi.........baji को इस तरह रोटा देख कर मेरी व् औरत रोनी जैसी बन gayi...or मई ज़ैद को कोसने lagi.....kitna ज़ालिम है ये लड़का अपनी अम्मी को रंडी की तरह छोड़ छोड़ कर मार देलेगा ये हरामी.......

लेकिन ज़ैद अपनी अम्मी को बुरी तरह छोड़ रहा था कभी कुटिया बना कर कभी गांड में थप्पड़ मर कर कभी उल्टा लिटा kar.......ab बजी को व् मज़ा आने लगा और बजी व् अपनी मोती गांड हिला हिला कर ज़ैद का पूरा लुंड अपनी छूट में लेते हुए गन्दी गन्दी गलियां देने लगी......
आआआअह्ह्ह्हह हरामी सेल मादरचोद छोड़ मुझे फाड़ दे मेरी छूट......
यही सब सोचते हुए मेरी छूट पूरी तरह से गीली होकर उसमे से रस टपकने लगा tha.........mai कपडे के ऊपर से हे अपनी छूट को हलके हाथो से सहलाने lagi.......udhar बजी झरने के बाद ज़ैद से मिन्नतें कर रही थी बेटा छोर मुझे अब मुझसे नहीं होगा...... प्लसससससससस मेरी छूट में जलन हो रही hai........oh maaaaaaaaaaaaaaaaa काश कोई मुझे इस जानवर से बचा lo.........baji रोने lagi.....lekin ज़ैद को अपनी माँ पर ज़रा व् तरस नहीं आ रहा tha....wo भूखे भेड़िये की तरह अपनी अम्मी को दबोचा हुआ उसे छोड़ रहा था..........
ज़ैद - अभी कहा मेरी रांड अम्मी jan.....abhi तो आपको इतना छोडूंगा की आपकी छूट का सारा पानी सूख जाएगा........
बोलकर ज़ैद रुकसाना बजी को और ज़ोर से छोड़ने लगा.........
रुकसाना बजी ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और ज़ैद को गलियां देने लगी - कामिनी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आआआअह्ह्ह्हह ayiiiiiiiiiiiiiiiiiiii छोर मुझे हरामी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने mujheeeeeeeeeeeeee.............
रुकसाना बजी जितनी गलियां दे रही थी ज़ैद इतनी ज्यादा बेरहमी से छोड़ रहा tha.........lagbhag 2 मिनट बिजली की तेजी के साथ छोड़ने के बाद ज़ैद ने अपनी अम्मी को छोर दिया.............

जैसे हे ज़ैद ने रुकसाना बजी को छोरा वो हफ्ते हुए ज़ैद को गुस्से से देखने लगी......
ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी रांड अम्मी jan......maza नहीं आया kya.....bolkar ज़ैद एक हरामी हंसी देने लगा ........
बजी अपना मुँह बनाते हुए बोली - कामिनी मार हे डालोगे क्या अपनी अम्मी ko.......bap रे कितना बेरहम हो tum....apne अब्बू से जस्ट उल्टा ho.......wo तो ......बोलकर बजी रुक गयी और शर्म से लाल हो गयी.......
ज़ैद - वोटो क्या मेरी छुडासी अम्मी .....
बजी शरमाते हुए बोली - जाओ न तुम भट गंदे हो गए हो आजकल ...उस कामिनी अजय के साथ रह कर........
ज़ैद हँसते हुए अपना लुंड अपने हाथो से सहलाने लगा और बोलै - अब्बू तो सिर्फ बिज़नेस करना जानते है मेरी जान ammi.....tumhari जैसी गरम माल को कैसे छोड़ा जाता hai.....wo हर मर्द नहीं janta......tum जैसी मोती गांड वाली कुटिया को एक मर्द कुत्ता हे छोड़ कर संतुस्ट कर सकता है........
रुकसाना बजी अपने बेटे की बात का ज़रा व् बुरा नहीं मान रही थी बल्कि ज़ैद की गन्दी बातो से वो और ज्यादा होर्नेय हो रही थी उसकी आँखों से पता चल रहा था...... रुकसाना बजी ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी जैसे उसे खा हे जाएगी......

इतनी गन्दी बात अपने अब्बू को बोल रहा था और रुकसाना बजी गुस्सा होने के बजाय अपना जिस्म और ज्यादा इठला रही थी और ज़ैद को कामुक नज़र से देख रही thi.....hairat से मेरी आंख बड़ी हो gayi.......or मई मन हे मन सोचने lagi.......kitni बड़ी रंडी है मेरी बजी अंदर se......dekhne में इतनी शरीफ लगती है जैसे इससे ज्यादा शरीफ पूरी दुनिया में कोई न होगा.......
मई अपनी आंख गाड़े हुए दोनों को देख रही थी और उनकी गन्दी बातें सुन रही थी......

ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी रंडी अम्मी ........इतनी मस्त चुकी है आपकी की इन चूचियों को दबा दबा कर सारा रस निकल लूंगा मई......
रुकसाना बजी अपनी दोनों चुकी को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर बोली - और कितना रास निकलोगे मेरे राजा ......चूस चूस कर तो इनको लाल कर चुके हो........

ज़ैद आगे बढ़ कर अपनी अम्मी को दोबारा से दबोच लिया और वही बीएड पर बिठा कर उनकी गरम छूट में अपनी दो ऊँगली फुचकाककककक करके घुसा diya......baji के मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल गयी...... आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr गयी mai.........chhoro मुझे कामिनी.........
लेकिन ज़ैद कहा छोड़ने वाला tha....wo पूरी रफ़्तार से बजी की छूट को अपनी ऊँगली से छोड़ने लगा.......
बजी का पूरा जिस्म थरथरने laga....baji ने ज़ैद को अपने हाथो से पकड़ li......or अपने जिस्म को वाइब्रेशन करने लगी.....
आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोरो मुझे betaaaaaaaaaaaaaaaaa araaaaaaaaaaammmmmmmm seeeeeeeeeeee naaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaaaaaaaaaaaaaaaa
ज़ैद का खड़ा लुंड बजी की जांघो में रगड़ मार रहा था .....बजी की काम वासना फोर्स बढ़ने lagi......uski छूट वापस से इतनी गरम हो चुकी थी की अब उसकी छूट को ज़ैद का मोटा लुंड चाहिए था.....

आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना बेरहमी से छोड़ रहा है अपनी अम्मी को....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy काश मुझे व् कोई ऐसे छोड़ता....... कामुकता की वजह से मेरी आंखें बंद हो gayi....or मई व् अपनी छूट को कपडा के ऊपर से रगड़ने लगी........ कामुकता की वजह से मेरी आंखें बंद थी और मई ज़ोर ज़ोर से अपनी छूट को रगड़ रही थी.........

ज़ैद भट तेज़ी से अपनी दो ऊँगली बजी को छूट में छोड़ रहा tha........baji ज़ोर ज़ोर से आआआअह्ह्ह्हह आआआअह्ह्ह्ह ummmmmmmmmmmmm betaaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस धीरीईईए आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa...........kiye जा रही थी ......
बजी एक बार झरने में बाद दोबारा लुस्टि हो चुकी थी ज़ैद के द्वारा छूट में ऊँगली करने se........ab बजी पूरी तैयार हो चुकी थी छूट में लुंड लेने क liye......baji खुद से अपनी छूट ज़ैद के हाथो में पटकने lagi.....or अपने कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaaaaaaaaa उम्मम्मम्मम्म प्लसससससससस aaaaaaahhhhh........karte हुए बजी ने ज़ैद का मोटा लुंड अपने हाथो में पकड़ लिया और सहलाते हुए अपने गुलाबी होंठ ज़ैद के होंठो में रख diya....or बेतहाशा चूसने लगी........
ज़ैद - कैसा लग रहा है मेरी छुडासी रांड को......
बजी - आआआअह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaaaaaaaaa भट मज़ा आ रहा hai......or ज़ोर से छोड़ो अपनी ungli......faad दो मेरी छूट..... आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa..........apna मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा दो betaaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस अब मुझसे बरदास नहीं हो raha............bolte हुए बजी अपने हाथो से ज़ैद का मोटा लुंड ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी.......

मई येसब देख कर पागल हो चुकी thi.....meri आँखों में कामुकता चा चुकी thi.........mai भट हे सेक्सी नज़रो से ज़ैद के जिस्म को घूरने lagi.......or उसके लुंड को देखते हुए मेरी आँखों में मस्ती छाने लगी.........
Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh माआआआ कितना तगड़ा लुंड है ज़ैद का.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये लुंड मई अपनी छूट में लेके rahungi......chahe कुछ व् हो jaye..........meri छूट की प्यास यही लुंड बुझा सकता hai..........yahi सब सोचते हुए मई ज़ैद के मोठे लुंड को टुकटुकी लगा कर देखने लगी......

ज़ैद अब अपनी अम्मी को बिस्टेर पर लिटा diya....or दोनों जांघों के बिच में बैठ कर अपने हाथो से बजी की दोनों नंगी जांघों को हल्का हल्का सहलाते हुए अपना हाथ जैसे हे बजी की छूट के पास ले गया बजी तड़प कर दोनों हाथो से चादर पकड़ ली........
बजी - आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss नाआआ अब मत तड़पाओ अपनी अम्मी जान को....... plssssssssssssss कुछ करो naaaaaaaaaaa वर्ण मई पागल हो जाउंगी..... प्लसससससससस
ज़ैद अपनी अम्मी को आँखों में देखते हुए धीरे से अपना सर निचे ले गया और उनकी छूट में अपना मुँह रख diya.......baji लज़्ज़त की वजह से अपने छूट को थोड़ा ऊपर कर di.....or ज़ैद के मुँह में हल्का हल्का रगड़ने लगी ......ज़ैद हरामी मुस्कान देते huye.......apna मुँह बजी की छूट में जैसे हे रखा बजी तड़प कर अपने चुकी पर हाथ फेरने lagi....or मोअन करने लगी...... आआआअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म बीटा plssssssssssssss लुंड घुसाओ naaaaaaaaaa भट जलन हो रही छूट में .......
ज़ैद - अभी कहा मेरी कुटिया अभी तो तुम्हे और तड़पाऊंगा मेरी रंडी अम्मी jan......bolkar ज़ैद फिर से छूट में मुँह लगा कर चूसने चाटने लगा......

बजी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी और अपने हे हाथो से अपनी चुकी मसलने लगी.....
बजी - प्लसससससससस betaaaaaaaaaaaaaaaaa और न तड़पाओ अपनी प्यारी अम्मी ko.....chodo नाआआ plssssssss........mujhe अपनी प्यासी छूट में तुम्हारा मोटा लुंड chahiyeeeeeeeeeeeee आआआअह्ह्ह्हह प्लसससससससस betaaaaaaaaaaaaaaaaa छोड़ो maaaaaaaaaaaa मेरी छुटटटटटटरर.....
ज़ैद उठा कर बैठ गया और अपना लुंड बजी की छूट में रख कर रगड़ने लगा ........
बजी अपनी छूट को ऊपर उठाने लगी की किसी तरह ज़ैद का लुंड उसकी छूट में समां jaye......lekin ज़ैद बजी को तड़पा रहा था...........
बजी - प्लसससससससस नाआआ ज़ैद भट बदमाश हो tum.....apni अम्मी को इस तरह तड़पते हुए तुम्हे ाचा लग रहा है न.... प्लसससससससस घुसाओ नाआआआ मेरे rajaaaaaaaaaaaa betaaaaaaaaaaaaaaaaa.......
ज़ैद - पहले बोलो तुम मेरी रखैल हो......
बजी - नहीं नाआआ betaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐसी गन्दी बातें मत karo.....apni अम्मी को व् भला कोई अपनी रखैल बनता है....... प्लसससससससस नाआआ घुसाई माआआआ प्लसससससससस
ज़ैद अपना लुंड छूट के बहार रगड़ते हुए फिर bola....pahle बोलो तुम मेरी रखैल हो............
बजी न चाहते हुए व् इतनी मजबूर हो चुकी थी छूट की प्यास में की उसने बोल हे diya......han बाबा मई तुम्हारी रखैल हु तुम्हारी रांड हु अब तो छोड़ो अपनी रखैल अम्मी ko...ghusa दो अपना मोटा लुंड एक हे बार में मेरी छूट में........
ज़ैद के चेहरे पर एक हरामी मुस्कान तैर gayi....zaid ने अपने लुंड ने ढेर सारा थूक लगाया और एक ज़ोर का धक्का मारा ....ज़ैद का मोतौंद बजी की छूट को चीरता हुआ पूरा अंदर चला gaya.........baji के मुँह से एक ज़ोर की चीख निकल गयी ............ aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa reeeeeeeeeee इस ज़ालिम neeeeeeeeeeeeeeeee haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट दर्द हो रहा आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa.......baji ज़ोर ज़ोर से रोने lagi..........baji की आँखों से आंसू निकल pade.......lekin ज़ैद को ज़रा व् रहम नहीं aya....wo अपने लुंड को एक हे झटके में भर निकाल कर फोर्स एक ज़ोरदार धक्का मारा ....बजी फिर से दर्द से तड़प uthi.....baji की बड़ी बड़ी चुकी व् हर धक्के के साथ उछलने लगी........

Aaaaaaahhhhh.aaaaaaaaaaahhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस धीरीईईए आआआअह्ह्ह्हह marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई plssssssssssssss धीरीईईए......

अअअअअ












इतनी दमदार चुदाई देख कर मेरी आंखें. फटी की फटी रह gayi.........baji को इस तरह रोटा देख कर मेरी व् औरत रोनी जैसी बन gayi...or मई ज़ैद को कोसने lagi.....kitna ज़ालिम है ये लड़का अपनी अम्मी को रंडी की तरह छोड़ छोड़ कर मार देलेगा ये हरामी.......

लेकिन ज़ैद अपनी अम्मी को बुरी तरह छोड़ रहा था कभी कुटिया बना कर कभी गांड में थप्पड़ मर कर कभी उल्टा लिटा kar.......ab बजी को व् मज़ा आने लगा और बजी व् अपनी मोती गांड हिला हिला कर ज़ैद का पूरा लुंड अपनी छूट में लेते हुए गन्दी गन्दी गलियां देने लगी......
आआआअह्ह्ह्हह हरामी सेल मादरचोद छोड़ मुझे फाड़ दे मेरी छूट......













































































































































