Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani - Page 11 - SexBaba
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Adultery Garam ammi or chudasi mummy do dosto ki kahani

शहला मन में सोच रही थी - omg ये इंसान है या janwar....kitni बेरहमी से अपनी अम्मी को छोड़ रहा....... ufffffffff........baji की तो हालत ख़राब कर दी इसने छोड़ छोड़ kar.......or अभी तक ये फारिग नहीं हुआ hai....ye ज़रूर सेक्स वाला कैप्सूल खा कर बजी को छोड़ रहा hai...warna मेरे शोहर तो मैक्सिमम 10 मिनट में जहर जाते hai.............kitna कमीना लड़का hai....apni हे अम्मी को सेक्स कैप्सूल खा कर रंडी जैसा छोड़ रहा hai..........itni बुरी तरह तो कोई रंडी को व् नहीं छोड़ता होगा...........

यही सब सोचते हुए मेरी छूट पूरी तरह से गीली होकर उसमे से रस टपकने लगा tha.........mai कपडे के ऊपर से हे अपनी छूट को हलके हाथो से सहलाने lagi.......udhar बजी झरने के बाद ज़ैद से मिन्नतें कर रही थी बेटा छोर मुझे अब मुझसे नहीं होगा...... प्लसससससससस मेरी छूट में जलन हो रही hai........oh maaaaaaaaaaaaaaaaa काश कोई मुझे इस जानवर से बचा lo.........baji रोने lagi.....lekin ज़ैद को अपनी माँ पर ज़रा व् तरस नहीं आ रहा tha....wo भूखे भेड़िये की तरह अपनी अम्मी को दबोचा हुआ उसे छोड़ रहा था..........

ज़ैद - अभी कहा मेरी रांड अम्मी jan.....abhi तो आपको इतना छोडूंगा की आपकी छूट का सारा पानी सूख जाएगा........

बोलकर ज़ैद रुकसाना बजी को और ज़ोर से छोड़ने लगा.........

रुकसाना बजी ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और ज़ैद को गलियां देने लगी - कामिनी aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh आआआअह्ह्ह्हह ayiiiiiiiiiiiiiiiiiiii छोर मुझे हरामी....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa इस हरामी ने mujheeeeeeeeeeeeee.............

रुकसाना बजी जितनी गलियां दे रही थी ज़ैद इतनी ज्यादा बेरहमी से छोड़ रहा tha.........lagbhag 2 मिनट बिजली की तेजी के साथ छोड़ने के बाद ज़ैद ने अपनी अम्मी को छोर दिया.............





जैसे हे ज़ैद ने रुकसाना बजी को छोरा वो हफ्ते हुए ज़ैद को गुस्से से देखने लगी......

ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी रांड अम्मी jan......maza नहीं आया kya.....bolkar ज़ैद एक हरामी हंसी देने लगा ........

बजी अपना मुँह बनाते हुए बोली - कामिनी मार हे डालोगे क्या अपनी अम्मी ko.......bap रे कितना बेरहम हो tum....apne अब्बू से जस्ट उल्टा ho.......wo तो ......बोलकर बजी रुक गयी और शर्म से लाल हो गयी.......

ज़ैद - वोटो क्या मेरी छुडासी अम्मी .....

बजी शरमाते हुए बोली - जाओ न तुम भट गंदे हो गए हो आजकल ...उस कामिनी अजय के साथ रह कर........

ज़ैद हँसते हुए अपना लुंड अपने हाथो से सहलाने लगा और बोलै - अब्बू तो सिर्फ बिज़नेस करना जानते है मेरी जान ammi.....tumhari जैसी गरम माल को कैसे छोड़ा जाता hai.....wo हर मर्द नहीं janta......tum जैसी मोती गांड वाली कुटिया को एक मर्द कुत्ता हे छोड़ कर संतुस्ट कर सकता है........

रुकसाना बजी अपने बेटे की बात का ज़रा व् बुरा नहीं मान रही थी बल्कि ज़ैद की गन्दी बातो से वो और ज्यादा होर्नेय हो रही थी उसकी आँखों से पता चल रहा था...... रुकसाना बजी ज़ैद को छुडास भरी नज़रो से देखने लगी जैसे उसे खा हे जाएगी......





इतनी गन्दी बात अपने अब्बू को बोल रहा था और रुकसाना बजी गुस्सा होने के बजाय अपना जिस्म और ज्यादा इठला रही थी और ज़ैद को कामुक नज़र से देख रही thi.....hairat से मेरी आंख बड़ी हो gayi.......or मई मन हे मन सोचने lagi.......kitni बड़ी रंडी है मेरी बजी अंदर se......dekhne में इतनी शरीफ लगती है जैसे इससे ज्यादा शरीफ पूरी दुनिया में कोई न होगा.......

मई अपनी आंख गाड़े हुए दोनों को देख रही थी और उनकी गन्दी बातें सुन रही थी......





ज़ैद - ऐसे क्या देख रही हो मेरी रंडी अम्मी ........इतनी मस्त चुकी है आपकी की इन चूचियों को दबा दबा कर सारा रस निकल लूंगा मई......

रुकसाना बजी अपनी दोनों चुकी को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर बोली - और कितना रास निकलोगे मेरे राजा ......चूस चूस कर तो इनको लाल कर चुके हो........





ज़ैद आगे बढ़ कर अपनी अम्मी को दोबारा से दबोच लिया और वही बीएड पर बिठा कर उनकी गरम छूट में अपनी दो ऊँगली फुचकाककककक करके घुसा diya......baji के मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल गयी...... आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr गयी mai.........chhoro मुझे कामिनी.........

लेकिन ज़ैद कहा छोड़ने वाला tha....wo पूरी रफ़्तार से बजी की छूट को अपनी ऊँगली से छोड़ने लगा.......

बजी का पूरा जिस्म थरथरने laga....baji ने ज़ैद को अपने हाथो से पकड़ li......or अपने जिस्म को वाइब्रेशन करने लगी.....

आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh छोरो मुझे betaaaaaaaaaaaaaaaaa araaaaaaaaaaammmmmmmm seeeeeeeeeeee naaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff maaaaaaaaaaaaaaaaa

ज़ैद का खड़ा लुंड बजी की जांघो में रगड़ मार रहा था .....बजी की काम वासना फोर्स बढ़ने lagi......uski छूट वापस से इतनी गरम हो चुकी थी की अब उसकी छूट को ज़ैद का मोटा लुंड चाहिए था.....





आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaaaaaaa कितना बेरहमी से छोड़ रहा है अपनी अम्मी को....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy काश मुझे व् कोई ऐसे छोड़ता....... कामुकता की वजह से मेरी आंखें बंद हो gayi....or मई व् अपनी छूट को कपडा के ऊपर से रगड़ने लगी........ कामुकता की वजह से मेरी आंखें बंद थी और मई ज़ोर ज़ोर से अपनी छूट को रगड़ रही थी.........





ज़ैद भट तेज़ी से अपनी दो ऊँगली बजी को छूट में छोड़ रहा tha........baji ज़ोर ज़ोर से आआआअह्ह्ह्हह आआआअह्ह्ह्ह ummmmmmmmmmmmm betaaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस धीरीईईए आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa...........kiye जा रही थी ......

बजी एक बार झरने में बाद दोबारा लुस्टि हो चुकी थी ज़ैद के द्वारा छूट में ऊँगली करने se........ab बजी पूरी तैयार हो चुकी थी छूट में लुंड लेने क liye......baji खुद से अपनी छूट ज़ैद के हाथो में पटकने lagi.....or अपने कमर को ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी........ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh betaaaaaaaaaaaaaaaaa उम्मम्मम्मम्म प्लसससससससस aaaaaaahhhhh........karte हुए बजी ने ज़ैद का मोटा लुंड अपने हाथो में पकड़ लिया और सहलाते हुए अपने गुलाबी होंठ ज़ैद के होंठो में रख diya....or बेतहाशा चूसने लगी........

ज़ैद - कैसा लग रहा है मेरी छुडासी रांड को......

बजी - आआआअह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaaaaaaaaa भट मज़ा आ रहा hai......or ज़ोर से छोड़ो अपनी ungli......faad दो मेरी छूट..... आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa..........apna मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा दो betaaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस अब मुझसे बरदास नहीं हो raha............bolte हुए बजी अपने हाथो से ज़ैद का मोटा लुंड ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी.......





मई येसब देख कर पागल हो चुकी thi.....meri आँखों में कामुकता चा चुकी thi.........mai भट हे सेक्सी नज़रो से ज़ैद के जिस्म को घूरने lagi.......or उसके लुंड को देखते हुए मेरी आँखों में मस्ती छाने लगी.........

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh माआआआ कितना तगड़ा लुंड है ज़ैद का.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये लुंड मई अपनी छूट में लेके rahungi......chahe कुछ व् हो jaye..........meri छूट की प्यास यही लुंड बुझा सकता hai..........yahi सब सोचते हुए मई ज़ैद के मोठे लुंड को टुकटुकी लगा कर देखने लगी......





ज़ैद अब अपनी अम्मी को बिस्टेर पर लिटा diya....or दोनों जांघों के बिच में बैठ कर अपने हाथो से बजी की दोनों नंगी जांघों को हल्का हल्का सहलाते हुए अपना हाथ जैसे हे बजी की छूट के पास ले गया बजी तड़प कर दोनों हाथो से चादर पकड़ ली........

बजी - आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद plssssssssssssss नाआआ अब मत तड़पाओ अपनी अम्मी जान को....... plssssssssssssss कुछ करो naaaaaaaaaaa वर्ण मई पागल हो जाउंगी..... प्लसससससससस

ज़ैद अपनी अम्मी को आँखों में देखते हुए धीरे से अपना सर निचे ले गया और उनकी छूट में अपना मुँह रख diya.......baji लज़्ज़त की वजह से अपने छूट को थोड़ा ऊपर कर di.....or ज़ैद के मुँह में हल्का हल्का रगड़ने लगी ......ज़ैद हरामी मुस्कान देते huye.......apna मुँह बजी की छूट में जैसे हे रखा बजी तड़प कर अपने चुकी पर हाथ फेरने lagi....or मोअन करने लगी...... आआआअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म बीटा plssssssssssssss लुंड घुसाओ naaaaaaaaaa भट जलन हो रही छूट में .......

ज़ैद - अभी कहा मेरी कुटिया अभी तो तुम्हे और तड़पाऊंगा मेरी रंडी अम्मी jan......bolkar ज़ैद फिर से छूट में मुँह लगा कर चूसने चाटने लगा......





बजी जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी और अपने हे हाथो से अपनी चुकी मसलने लगी.....

बजी - प्लसससससससस betaaaaaaaaaaaaaaaaa और न तड़पाओ अपनी प्यारी अम्मी ko.....chodo नाआआ plssssssss........mujhe अपनी प्यासी छूट में तुम्हारा मोटा लुंड chahiyeeeeeeeeeeeee आआआअह्ह्ह्हह प्लसससससससस betaaaaaaaaaaaaaaaaa छोड़ो maaaaaaaaaaaa मेरी छुटटटटटटरर.....

ज़ैद उठा कर बैठ गया और अपना लुंड बजी की छूट में रख कर रगड़ने लगा ........

बजी अपनी छूट को ऊपर उठाने लगी की किसी तरह ज़ैद का लुंड उसकी छूट में समां jaye......lekin ज़ैद बजी को तड़पा रहा था...........

बजी - प्लसससससससस नाआआ ज़ैद भट बदमाश हो tum.....apni अम्मी को इस तरह तड़पते हुए तुम्हे ाचा लग रहा है न.... प्लसससससससस घुसाओ नाआआआ मेरे rajaaaaaaaaaaaa betaaaaaaaaaaaaaaaaa.......

ज़ैद - पहले बोलो तुम मेरी रखैल हो......

बजी - नहीं नाआआ betaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐसी गन्दी बातें मत karo.....apni अम्मी को व् भला कोई अपनी रखैल बनता है....... प्लसससससससस नाआआ घुसाई माआआआ प्लसससससससस

ज़ैद अपना लुंड छूट के बहार रगड़ते हुए फिर bola....pahle बोलो तुम मेरी रखैल हो............

बजी न चाहते हुए व् इतनी मजबूर हो चुकी थी छूट की प्यास में की उसने बोल हे diya......han बाबा मई तुम्हारी रखैल हु तुम्हारी रांड हु अब तो छोड़ो अपनी रखैल अम्मी ko...ghusa दो अपना मोटा लुंड एक हे बार में मेरी छूट में........

ज़ैद के चेहरे पर एक हरामी मुस्कान तैर gayi....zaid ने अपने लुंड ने ढेर सारा थूक लगाया और एक ज़ोर का धक्का मारा ....ज़ैद का मोतौंद बजी की छूट को चीरता हुआ पूरा अंदर चला gaya.........baji के मुँह से एक ज़ोर की चीख निकल गयी ............ aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaarrrrrrrrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa reeeeeeeeeee इस ज़ालिम neeeeeeeeeeeeeeeee haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट दर्द हो रहा आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa.......baji ज़ोर ज़ोर से रोने lagi..........baji की आँखों से आंसू निकल pade.......lekin ज़ैद को ज़रा व् रहम नहीं aya....wo अपने लुंड को एक हे झटके में भर निकाल कर फोर्स एक ज़ोरदार धक्का मारा ....बजी फिर से दर्द से तड़प uthi.....baji की बड़ी बड़ी चुकी व् हर धक्के के साथ उछलने लगी........





Aaaaaaahhhhh.aaaaaaaaaaahhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa प्लसससससससस धीरीईईए आआआअह्ह्ह्हह marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई plssssssssssssss धीरीईईए......





अअअअअ































इतनी दमदार चुदाई देख कर मेरी आंखें. फटी की फटी रह gayi.........baji को इस तरह रोटा देख कर मेरी व् औरत रोनी जैसी बन gayi...or मई ज़ैद को कोसने lagi.....kitna ज़ालिम है ये लड़का अपनी अम्मी को रंडी की तरह छोड़ छोड़ कर मार देलेगा ये हरामी.......





लेकिन ज़ैद अपनी अम्मी को बुरी तरह छोड़ रहा था कभी कुटिया बना कर कभी गांड में थप्पड़ मर कर कभी उल्टा लिटा kar.......ab बजी को व् मज़ा आने लगा और बजी व् अपनी मोती गांड हिला हिला कर ज़ैद का पूरा लुंड अपनी छूट में लेते हुए गन्दी गन्दी गलियां देने लगी......

आआआअह्ह्ह्हह हरामी सेल मादरचोद छोड़ मुझे फाड़ दे मेरी छूट......
 
लगभग आधा घंटा छोड़ने के बाद बजी फिर से अपने ओर्गास्म पर पहुँच गयी और ज़ैद को बिस्टेर में धकेल कर खुद उसके ऊपर चढ़ गयी......

बजी - आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद मेरे राजा betaaaaaaaaaaaaaaaaa कितना मज़ा देता है tu......bolkar ज़ैद का लुंड अपने हाथो से पकड़ कर अपने छूट में सेट कर दी और धीरे धीरे बैठने lagi.....ki अचानक ज़ैद ने निचे से एक ज़ोर का धक्का मारा .....ज़ैद का लुंड फुचकाककककक करके बजी की छूट को चीरता हुआ अंदर घुस gaya.......baji के मुँह से अब दर्द भरी चीख की जगह कामुक सिसकियाँ निकलने लगी........

आआआअह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaaaaaaaaa धीरीईईए naaaaaaaaaa.......bolkar बजी उसके लुंड पर पूरी तरह बैठ गयी और अपनी मोती गांड हिलने lagi.....zor ज़ोर से उनके लुंड पर उछलने लगी...... आआआअह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaaaaaaaaa उम्मम्मम्मम्म कितना मोटा लुंड है teraaaaaaaaaaa ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मेरी छूट को पूरी तरह फैला देता है जब व् घुसता है..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh

बोलकर बजी अपनी चुकी ज़ैद के मुँह के पास ले गयी और उसके बाल को पकड़ कर अपनी चुकी उसके मुँह में रगड़ने लगी....

आआआअह्ह्ह्हह betaaaaaaaaaaaaaaaaa मई गयी मई गयी बोलते हुए बजी झरने लगी......





पूरी तरह झरने के बाद बजी ज़ैद पर निढाल हो गयी जैसे उसके जिस्म में अब जान बाकि न रह गया हो........

ज़ैद व् कुछ देर ऐसे हे अपना लुंड बजी को छूट में डेल हुए हे लेता रहा.....

ज़ैद - मेरी रानी अम्मी .....अब मेरा व् लुंड दुखने लगा है इसका कोई उपाय कर do...warna फिर से तुम्हे कुटिया बना कर छोड़ना पड़ेगा मुझे.......

बजी मुस्कुराते हुए उठ कर बैठ गयी.....

बजी - तुम इंसान हो या जानवर कितनी देर से छोड़ रहे हो लेकिन तुम्हारा लुंड है की झरने का नाम हे नहीं ले रहा है.......

ज़ैद - इतनी छुडासी जो हो tum.....mera लुंड को मन हे नहीं भरता है कितना व् चोदे तुम्हे.......

बजी ज़ैद के सीने में मुक्का करते हुए इतराते हुए बोली - धत्त बदमाश अपनी अम्मी को व् आने जैसी गन्दी बना दिया है तूने......

बोलकर बजी ज़ैद के लुंड को हाथो में पकड़ कर हल्का हल्का सहलाने लगी और अपना गरम मुँह खोल कर ज़ैद के लुंड को अपने मुँह में भर liya........fir धीरे धीरे उसके लुंड को चूसने लगी.........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी मेरी रांड क्या लुंड चुस्ती हो tum........lagta है अब्बू तुम्हे खूब लुंड छुड़वाते है......

बजी लुंड मुँह से निकाल कर ज़ैद को कामुक नज़रो से देखते हुए उसके जांघो पर हल्का मरते हुए बोली - धत्त बदमाश कुछ व् बोलते ho.....aisa कुछ नहीं है समझे naaaaaaaaaaa....tunhare अब्बू का लुंड आजतक मैंने मुँह में नहीं लिया है......

बोलकर बजी फिरसे उसके लुंड को चूसने lagi......puch पूछ पुचुक पुचुक की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी....





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जान ऐसे हे चुसो आआआअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म भट मज़ा आ रहा hai.......poori हलक तक घुसा कर चुसो माआआआ अम्मी आआआअह्ह्ह्हह

बजी - न बाबा न तुम्हारा लुंड इतना बड़ा है की मेरी साँस अटक जाती है पूरा लुंड अंदर तक लेने में.......

ज़ैद - ऐसे हे चूसते रहोगी तो एक घंटा में व् मेरा लुंड अपना क्रीम नहीं फेकेगा bahar.........bolkar ज़ैद बजी के वालो को पकड़ कर हल्का हल्का लुंड पर दबाने लगा.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी और अंदर लो न उम्मम्मम्मम्म मेरी रखैल रुकसाना और अंदर lo........bolkar ज़ैद अपनी अम्मी के बालो को ज़ोर से होल्ड करके अपना लुंड उसके मुँह में घुसाने laga.......baji छटपटाने lagi....lekin बजी को व् लुंड हलक तक घुसाने का मन tha....shayad इसी लिए वो विरोध नहीं करते हुए ज़ैद के लुंड को अंदर जाने दे रही thi........zaid धीरे धीरे करते हुए अपना पूरा लुंड बजी के हलक तक घुसा कर उसके बालो को पकड़ कर हल्का हल्का छोड़ने लगा.......





आआआअह्ह्ह्हह मेरी रंडी रुकसाना क्या माल है तू मादरचोद साली randi.......zaid जोश में भट ज्यादा गलियां देने लगा बजी ko.....or बजी व् अपनी पूरी ताकत से ज़ैद का लुंड हलक में घुसवा कर चूसने लगी......

ज़ैद अब पागल सा हो चूका था शायद उसका लुंड पानी छोड़ने वाला tha.....zaid दोनों हाथो से अपनी अम्मी में सर को पकड़ कर उसके मुँह को छोड़ने लगा.......

आआआअह्ह्ह्हह साली रांड आआआअह्ह्ह्हह मेरी रंडी अम्मी ऐसे हे बहन होड़ साली छिनाल वेश्या ऐसे हे चूस अपने बेटे का लुंड........





आआआअह्ह्ह्हह कुटिया साली छिनाल ऐसे हे aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh बोलते हुए ज़ैद बजी के मुँह को बेरहमी से छोड़ने laga.........baji की साँस अटकने lagi....baji गु गु करने lagi....baji से बरदास नहीं हो रहा tha.......achanak ज़ैद ने बजी का सर छोर diya....baji जल्दी सा अपना मुँह लुंड से पीछे खींच कर हल्का हल्का हाफने लगी.....





आआआअह्ह्ह्हह साली छिनाल रुकसाना क्या चुस्ती है तू बहनचोद साली randi.....tabhi तो अजय लग रहा था .....भट गरम माल है तेरी अम्मी ...साली एक नंबर की छिनाल है अंदर है.......

अपनी गन्दी तारीफ सुन कर बजी और व् ज्यादा एक्सीटेंड हो गयी और ज़ैद की आँखों में कामुकता से देखते हुए दोबारा ज़ैद के लुंड को मुँह में भर ली और इस बार खुद से ज़ैद का लुंड अपने हलक तक घुसा कर चूसने lagi......apne दोनों हाथो को ज़ैद के जांघो को ज़ोर पकड़ ली और धीरे धीरे करते हुए उसका पूरा का पूरा लुंड अपने मुँह में हलक तक घुसा ली......





इतने में ज़ैद के मुँह से एक ज़ोरदार कराह निकली आआआअह्ह्ह्हह अम्मी जान मई झरने वाला हु araaaaaaaaaaammmmmmmm मेरी रंडी रुकसाना ..... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मई गया मई gaya.....bolte हुए ज़ैद का लुंड बजी के मुँह में क्रीम छोड़ने लगा.........

ज़ैद का क्रीम जैसे हे बजी के हलक में उतरने laga...baji ने ज़ोर से ज़ैद के जांघों को पकड़ liya....or उसके क्रीम को अपने मुँह में भरने lagi......zaid इतना ज्यादा विरए छोर रहा था की बजी के मुँह में भर कर ओवरफ्लो होने laga.....mai देख कर हैरान रह gayi.....or सोचने लगी ....बाप रे इतना विरए तो घोडा व् नहीं छोटा hoga.....mere शोहर तो इसका 10 परसेंट व् विरए नहीं छोड़ते hai....ye सच में जानवर hai.....ye सोचकर मेरे चेहरे पर अपने आप एक कातिल मैस्काण तैर गयी......





ज़ैद अपना लुंड भर निकाल कर बजी के चेहरे पर विरए की पिचकारी मरने laga......or बजी के बालो को पकड़ कर bola......zaban बहार निकाल कुटिया साली छिनाल ......बजी व् अपना मुब पूरा खोल कर अपनी ज़बान बहार निकल दी और ज़ैद के विरए को भट हे मस्ती में अपने चेहरे और ज़बान और मुब के अंदर झरवाने लगी....





कुछ देर झरने के बाद ज़ैद ने बजी के बालो को छोर diya......baji वही फर्श पर बैठ कर हांफने लगी ......

बजी - एकदम घोडा हो तुम zaid.....kitna विरए णिअकलते हो तुम...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ भट मज़ा आया तुम्हारा गरम गरम विरए पिने me........ab मई बाथरूम जा रही hu....warna शहला आ जाएगी तो सब गड़बड़ हो जाएगा.........

बजी को क्या मालूम की मई कबसे आयी हुयी हु और बजी की रान्दीपना देख रही hu........baji बाथ रूम चली गयी ज़ैद ने एक वाइट टॉवल उठा कर अपने कमर में लपेट liya....zaid की बॉडी इतनी आकर्षक थी की उसके जिस्म को देख कर हे मेरी छूट फड़फड़ाने लगी thi......mai अंदर झांक हे रही थी की ज़ैद की नज़र मुझपर पद gayi.....zaid के चेहरे पर एक हरामी मुस्कान तैर gayi......zaid और मई एक दूसरे को कामुकता से देखने lage.........mai शर्म से अपनी नज़र झुका li.........lekin फिर मैंने ज़ैद की तरफ देखा तो ज़ैद वही खड़ा हुआ अपने टॉवल को हल्का सा खोल कर निचे गिरा diya.........meri तो धड़कन हे रुक gayi.....zaid का बैठा हुआ लुंड व् मेरे शोहर के लुंड से मोटा दिख रहा था.......







ज़ैद मुझे देख कर मुस्कुराते हुए मुझे इशारे से bola.....chahiye क्या मेरा lund.......mai शर्म से लाल हो गयी और ज़ैद को कामुकता से देख कर मुस्कुराने lagi........meri आँखों से साफ़ पता चल रहा था की मई ज़ैद से छोड़ने के लिए बेचैन hu.........zaid ने इशारे से मुझे अंदर बुलाया.....





मई शर्म से पानी पानी हो gayi....or ना में सर हिला कर वह से भाग gayi........mera जिस्म थार थार कैंप रहा tha...mere पेअर में जान नहीं thi...mai लड़खड़ाते हुए सीढियाँ से निचे उतरने lagi.......mere दिमाग में बास बजी की चुदाई और ज़ैद का मुझसे हरामी नज़रो से घूरना चल रहा था.....





बजी शायद भट ज्यादा थक चुकी thi...isliye वो ऊपर हे आराम करने lagi...zaid निचे आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ gaya....or मुझे आवाज़ diya.....khala जान कुछ खाने को दो naa....bht भूख लगी है......

ज़ैद के सामने जाने से मुझे इतनी ज्यादा शर्म आ रही थी की ज़ैद की आवाज़ से हे मेरी धड़कन बढ़ गयी.......

मई किसी तरह सैंडविच बना कर ज़ैद को देने के लिए थरथराते कदमो से डाइनिंग टेबल तक पहुँच gayi........or ज़ैद को जिससे हे मैंने सैंडविच parosa.......zaid ने मेरी उभरी हुयी गांड पर अपना हाथ रख कर हल्का सा दबा diya.....mere जिस्म में 440 व् का करंट लगा ho....meri साँस हे अटक gayi....mai ज़ैद की आँखों में देखते हुए सहमी सी कड़ी हो गयी........

ज़ैद - खला जान आपका घड़ा अब पानी मांग रहा hai.......bolo तो अपना नल का पानी इसमें दाल दू.......





ज़ैद उठ कर खड़ा हो गया और मुझे अपनी बहो में जकड कर मेरी आँखों में देखते हुए बोलै - तो खला जान कैसा लगा देख कर........

मई शर्म से लाल हो गयी और हड़बड़ाते हुए बोली - का क्या कैसा लगा....???

ज़ैद मेरी गांड को दोनों हाथो से मसलते हुए बोलै - अम्मी की चुदाई ......

मई बनावटी गुस्सा दिखते हुए बोली - कितने कामिनी हो तुम zaid....apni अम्मी के साथ ऐसी गन्दी हरकत करते हुए तुम्हे ज़रा व् शर्म नहीं अति है...... चहहीइ मुझे तो सोच कर हे घिन्न अति hai.......or प्लसससससससस मुझे छोरो मई तुम्हारे हाल में फसने वाली नहीं हु समझे न मिस्टर ........बोलकर मैंने ज़ैद को दोनों हाथो से धक्का देकर जैसे हे मुद कर जाने को हुयी ज़ैद ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे फिर से अपने साइन से चिपका लिया.....

ज़ैद - इसमें शर्म की क्या baat......ammi अपनी मोती गांड और बड़े बड़े दूध हिला हिला कर दिन भर घर में चलती है तो कोई व् मर्द उसे छोड़ dega.........itni गदरायी माल है अम्मी........





बोलकर ज़ैद मेरी गांड को फिर से अपने हाथो में दबोच लिया और हल्का हल्का सहलाने लगा.......

मेरी काम वासना बढ़ने lagi.......zaid की बहो में मई पिघलने lagi.....mai पहले से हे भट ज्यादा होर्नेय थी रुकसाना बजी और ज़ैद की दमदार चुदाई देख kar.......isliye ज़ैद जब मेरे जिस्म को सहला रहा था तो मेरी काम वासना और ज्यादा भड़क उठी thi........fir व् मई खुद पर कण्ट्रोल करने की कोशिश करने lagi.........zaid मेरे गांड को इतना प्यार से मसल रहा था की मई धीरे धीरे और ज्यादा कामुक होती जा रही thi........itne में ज़ैद ने मेरे चेहरे पर हाथ फेरते हुए बोलै - खला जान आप तो अम्मी से व् ज्यादा खूबसूरत और हॉट माल हो......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ तुम्हारी ये होंठ इतने रसीले है की मन कर रहा इन होंठो को चूस कर सारा रस निचोड़ lu.....bolkar ज़ैद मेरे होंठो पर अपने होंठ रख diya......mai कामुकता की वजह से अपने गांड को हिलने लगी...........

ज़ैद मेरे होंठो को जैसे हे चूसना शुरू किया मुझे ऐसा लगा जैसे ज़िन्दगी में पहली बार कोई मुझ किश कर रहा ho......mere तन बदन में आग लग gayi.......man तो कर रहा था की मई व् साथ देने लग jaun......lekin फिर माइन ज़ैद को एक धक्का देकर खुद से अलग किया और हँसते हुए एक अदा के साथ मुद कर जाने लगी अपने गांड को ज़ोर ज़ोर से मारकाट huye....taki ज़ैद मेरी लटकती गांड को देख कर और ज्यादा जोश में पागल हो जाये......





ज़ैद ने तेज़ी से बढ़ कर मुझे पीछे से मेरे हाथ को पकड़ कर अपने तरफ खींच liya......or अपने सीने से लगते हुए kaha.....kaha जा रही हो मेरी गॉर्जियस खला jaan......apka ये जिस्म कितना कमाल का सेक्सी है की मई क्या बताऊँ apko......man तो कर रहा आपको पूरी तरह नंगी करके आपके पूरे जिस्म को माखन लगा कर चाट jaun........or अपने ज़बान को आपकी गुलाबी छूट में घुसा घुसा कर आपकी छूट क सारा रस पी जॉन......

ज़ैद की गन्दी बातो से मई पूरी तरह बहक चुकी thi....ab मुझमे विरोध करने की ज़रा सी व् इच्छा नहीं बिच गयी thi.....mai ज़ैद के कंधे को पकडे हुए बास ज़ैद की आँखों में देखते जा रही थी........





ज़ैद धीरे धीरे मेरे जिस्म पर अपना हाथ फेर रहा था जिसकी वजह से मई और व् ज्यादा पागल हुए जा रही thi....zaid की सांसो खुशबु मुझे और ज्यादा पागल बना रही thi.........mai ज़ैद को खा जाने वाली नज़रो से देख जा रही thi....ki अचानक ज़ैद ने अपना होंठ मेरे होंठो के करीब जैसे हे लाया मैंने लपक कर ज़ैद के होंठो को अपने होंठो से पकड़ कर चूसने लगी...





जैसे मई जन्म जनम की प्यासी hu.........zaid का बलशाली बदन मोठे मोठे हाथ पेअर भरी भरकम जिस्म को मई अपने नाजुक हाथो से महसूस करने लगी और उसके होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी......





हम दोनों एक दूसरे को बेतहाशा किश करने lage.....mai तो ज़ैद के होंठो को खाने lagi..........zaid अपना एक हाथ धीरे से मेरी कठोर चूचियों पर जैसे हे रखा मेरी छूट एकदम से फड़फड़ाने lagi.....aisa लगा की मेरी छूट अभी के अभी पनि छोर देगी.........



 
Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ummmmmmmmmmmmm खला जान क्या बॉडी है apki.....ekdam माखन के जैसी........... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इतनी चिकनी हो आप की अगर मुठ मरकर मई आपके चुकी पर गिरा दू तो मेरा वीर्य आपकी चिकनी बॉडी में फिसलते हुए अपने आप आपकी छूट में समां जाएगा...........

बोलते हुए ज़ैद मेरे कपडे उतरने laga......maine ज़रा व् विरोध नहीं किया बल्कि मई खुद व् ज़ैद का साथ देते हुए अपने कपडे को उतारने lagi.........ab मई सिर्फ ब्रा और पंतय में ज़ैद के सामने thi....or ज़ैद मेरे होंठो को चूस रहा था.......





ज़ैद - ओह माय गॉड खला जान ब्लैक ब्रा और ब्लैक पंतय में तो आप बिलकुल पोर्न फिल्मो की हीरोइन जैसी हॉट लग रही ho.......bolkar ज़ैद मुझे गॉड में उठा कर बगल में भट बड़ी खिड़की थी वह पर बिठा diya.........or खुद निचे बैठ कर मेरे आधे से ज्यादा ननगा जिस्म को देखते हुए बोलै....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy खला जान क्या चिकनी जांघें है apki......bolkar ज़ैद मेरी नंगी जांघो को चूमने laga.......meri तो लज़्ज़त की वजह से जान हे निकल gayi.........zaid धीरे धीरे मेरी नंगी जांघों को चाट रहा tha...zaid का गरम गरम थूक मेरी जांघो को गिला कर रहा था इधर मेरी छूट गीली हो रही thi........aisa लग रहा था जैसे बिना चूड़े हे मई जहर jaungi...........meri छूट में एक तूफ़ान सा आ गया था..... लज़्ज़त की वजह से मेरी आंखें खुद बा खुद बंद होने लगी.........

अब ज़ैद मेरी जांघों को चाट टा हुआ धीरे धीरे ऊपर बढ़ने लगा.....





और अचानक ज़ैद की ज़बान जैसे हे मेरी नाभि को टच की मेरा जिस्म एकदम से थरथरने laga........mere हाथ पेअर कांपने लगे.......

मई नखरा दिखते हुए बोली - आआआअह्ह्ह्हह ज़ैद उम्मम्मम्मम्म प्लसससससससस ऐसा मत करो..... ummmmmmmmmmmmm मई अपने शोहर को धोखा नहीं दे सकती........ उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ये तुमने क्या कर दिया है मेरे जिस्म ko........mai छह कर व् अलग नहीं हो पा रही हु..... plssssssssssssss मुझे जाने दो zaid..............mai जोश में पता नहीं क्या क्या बोले जा रही thi............itne में ज़ैद ने अपना जीभ मेरी गहरी नाभि में घुसा दिया और घूमने laga.........mai तो तड़प हे uthi.........meri छूट ुंभलने लगी जैसे दूध चूल्हे पर उबलता hai.........man तो कर रहा था की ज़ैद का लुंड उसके पंत से बहार निकल कर अपनी छूट में खुद से घुसा lu.......itne में ज़ैद ने मेरी नाभि में चाट चाट कर थूक से भर diya.......meri नाभि ज़ैद के गरम गरम और चिपचिपा थूक से पूरी तरह भर gaya......meri नाभि से चाप चाप की आवाज़ आने lagi.......zaid अब धीरे धीरे अपना मुँह ऊपर ले जाते हुए मेरी चुकी को ब्रा के ऊपर से हे चाटने laga.......or अचानक मेरी निप्पल को अपने दांतो में दबा liya....mere मुँह से एक लज़्ज़तदार सिसकारी निकल गयी..... आआआअह्ह्ह्हह zaiddddddddddddddddddd nhiiiiiiiiiiii दन्त से nhiiiiiiiiiiii plssssssssssssss............

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy खला जान कितनी सुडोल चूचियां है apki.....ekdam अम्मी जान की tarah..........bolkar ज़ैद मेरे गर्दन को चाटने laga.......na चाहते हुए व् मेरा हाथ ज़ैद के सर पर चला गया और मई लज़्ज़त के मारे ज़ैद के बालो को सहलाने लगी...........





ज़ैद ने मेरी चुकी को ब्रा के ऊपर से अपने चूसना शुरू कर diya.......mai मोअन करने लगी उम्मम्मम्मम्म aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddddddd प्लसससससससस nhiiiiiiiiiiii हटऊऊऊ बजी आ जाएगी...... प्लसससससससस नाआआआआ......

लेकिन ज़ैद कहा मानने वाला tha.....usne अचानक मेरी चुकी से ब्रा निकाल कर एक झटके में फेक diya......bra को इतनी ज़ोर से खींचा था कामिनी ने की ब्रा का हुक हे टूट Gaya.......mere बड़े बड़े दूध उसकी नज़रो के सामने the......mai शर्म से अपना मुँह छुपा ली.......

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy खला जान क्या सुडोल चुकी है apki......aap तो अम्मी से व् ज्यादा सेक्सी हो ........खलु तो आपकी चुकी खूब चूसते होंगे.....

मई शरमाते हुए बोली - धत्त बदमाश कितने गंदे हो tum......kuchh व् बोलते हो.....

ज़ैद - तो क्या खलु आपकी चुकी नहीं chuste......agar नहीं चूसते तो अस पास का कोई पडोसी मर्द फसा लो ......फिर देखो जब वो आपको रगड़ कर छोड़ेगा और आपकी चुकी को चूस चूस कर लाल कर देगा तब कितना मज़ा आएगा आपको.......

गैर मर्द से छोड़ने के नाम से मेरी छूट रिसने lagi......mai मन में सोचने लगी.... आआआअह्ह्ह्हह कितना मज़ा अत है जब गैर मर्द मुझे घूरता है गन्दी नज़रो se......to सोचो कितना मज़ा आएगा जब गैर मर्द मेरे जिस्म को छुएगा मेरी छूट चाटेगा मेरी चुकी मैलेगा ufffffffff.....zaid सही कह रहा है........

ज़ैद मेरी चुकी को बेतहाशा चूस रहा था और बिच बिच में दांतो से हल्का हल्का काट व् रहा tha........ab मुझसे बरदास करना नामुमकिन हो चूका था........

ज़ैद मेरी चुकी चूसते हुए अपना दोनों हाथ मेरी उभरी हुयी गांड पर रख कर मसल रहा tha.......wasna की आग मेरे जिस्म में इतना भड़क चूका था की मेरा हाथ खुद बखुद ज़ैद के लुंड पर चला gaya......pant के ऊपर से जैसे हे मैंने ज़ैद का मोटा लुंड पकड़ा मेरी धड़कन भट ज्यादा तेज़ हो गयी........





मेरा दिमाग सुन्न रह gaya....itna मोटा लुंड ज़िन्दगी में पहली बार मैंने पकड़ा tha...........mai मन में सोचने lagi....ya खुदा कितना मोटा लुंड है उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेरे शोहर से दोगुना ज्यादा मोटा है ये तो...... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy जब ये मेरी छूट में घुसेगा तो मई तो मर हे जाउंगी..........

ज़ैद मेरे कानो में हल्का सा बोलै - खला जान चुसो न मेरा लुंड........

मई शरमाते हुए ना में सर हिला दी......

ज़ैद ने मेरी चुकी को ज़ोर से मसलते हुए बोलै चुसो न मेरी जान......

मई तड़प कर बोली - नहीं naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa बजी आ जाएगी ......

ज़ैद - आने दो न अम्मी को उसको व् तुंहरे साथ हे छोड़ dunga....kitna मज़ा आएगा दोनों बहन एक साथ मुझसे छुडवाओगी.........

मई शरमाते हुए बोली - चहहीइ कितने गंदे हो तुम ज़ैद.........

ज़ैद - वोटो मई hu....bolkar ज़ैद मेरे सर को फाॅर्स करते हुए मुझे निचे बिठा दिया...........

मई पहले ज़ैद की आँखों में देखने lagi....bholi सी सूरत बना kar....zaid ने इशारे से कहा निकालो न मेरा लुंड पंत से बहार...........

मई हल्का मुस्कुरा कर ज़ैद को देखि फिर धीरे धीरे ज़ैद का ट्रॉउज़र निचे करने lagi........jaise हे ज़ैद का लुंड ट्रॉउज़र से बहार aya......meri धड़कन धक् सा रह gayi.......mere मुँह से न चाहते हुए व् निकल gaya.....bap reeeeeeeeeee कितना बड़ा है ..........बोलकर मैंने ज़ैद का लुंड अपने हाथो में पकड़ लिया....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मोटा और कितना बड़ा है ज़ैद ka....aisa लग रहा कोई मोटा सा कुकुम्बर 🥒 पकड़ लिया हो मैंने.......

मेरा मुँह खुद बखुद खुल गया और धीरे से मैंने ज़ैद क मोटा लुंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने lagi........zaid का आधा लुंड हे मेरे हलक तक चला गया tha......mai सोचने लगी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इतना बड़ा लुंड है की हलक की गहराई तक घुस जाएगा.........

मई पूरे जोश में ज़ैद का लुंड चूसने लगी..........





आआआअह्ह्ह्हह खला क्या गरम मुँह है आपका...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसे हे चुसो मेरी जान.... आआआअह्ह्ह्हह haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मज़ा आ रहा hai.........zaid मोअन करते हुए लुंड चुसवाने लगा..........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh khalaaaaaaaaaaa जाआआआंनंन्न ufffffffffffffffffffgfggffffffffff पूरा अंदर लो न मेरा lund......apne हलक तक घुसा कर चुसो........

ज़ैद के लुंड का सूपड़ा इतना ज्यादा मोटा था की सिर्फ सूपड़ा हे छूट में घुसने से छूट फट jata.........haaaaaayyyyyyyyy ढैय्या इतना मोटा सूपड़ा है इस कामिनी ka.......tab ना बजी इसकी रखैल बन गयी hai.....itna मोटा सूपड़ा वाला मर्द जब किसी औरत के छूट में अपना लुंड ghusaega.......to उस औरत का क्या हाल hoga.....ye सोच कर हे पूरे बदन में झुरझुरी दौड़ gayi.....mai उसके लुंड को इस तरह चूस रही थी जैसे मई लुंड की कितनी बड़ी प्यासी औरत हु.......





मेरा मैं कर रहा था की ज़ैद मुझे गलियां देते हुए अपना लुंड छुड़वाए जिस तरह वो बजी के साथ कर रहा tha.......pata नहीं क्यों मुझे गलियां देते हुए चुदाई भट अछि लगने लगी थी जबसे मैंने ज़ैद को बजी को गलियां देते हुए छोड़ते देखा tha......lekin मई अपने मुँह से ज़ैद को नहीं बोल सकती थी की मुझे गलियां दो.......

ज़ैद पूरा जोश में आ चूका था उसका लुंड लोहे के जैसा हार्ड हो गया tha........itna मोटा लुंड पहली बार मैंने मुँह में लिया tha.....mera मुँह पूरा भर गया था ज़ैद के लुंड se........mere शोहर का लुंड तो ऐसा लगता था जैसे लोल्लयपोप चूस रही hu...........itna ज्यादा मज़ा आ रहा था मोटा लुंड चूसने में की मेरी छूट पानी छोड़ने lagi....or मेरी पंतय मेरी छूट रस से पूरी तरह भीग गयी थी.......

मैंने हिम्मत करके ज़ैद के लुंड को धीरे धीरे करते हुए पूरी तरह हलक में घुसा liya....or फ़ौरन हे बहार निकाल दिया

...मई पूरी मस्ती में ज़ैद का लुंड हलक तक लेकर कर चूसने लगी........





आआआअह्ह्ह्हह साली कुटिया खला जान क्या मस्त लुंड चुस्ती है tu....apni बड़ी बहन को व् पीछे छोर दिया तूने लुंड चूसने me..........ekdam रंडी की तरह लुंड चूस रही है बहनचोद tu......lagta है भट सरे मर्दो का लुंड चुस्ती है तू वह दुबई me.....tabto इतना मस्त लुंड चूस रही है............

मई नशीली आँखों से ज़ैद को आँखों में देखते हुए ज़ैद के लुंड को ज़बान से घूमने lagi.......zaid मेरी इस अदा को देख कर पागल हे हो गया........





मैंने ज़ैद का लुंड मुँह से हटा कर हाथो में ले लिया और हाथ से हिलाते हुए ज़ैद की आँखों में देखते हुए बोली - गली क्यों देते हो .......कितने गंदे हो गए हो तुम अपनी हे खला को गली देने में तुम्हे शर्म नहीं ati......mai क्या रंडी हु......????





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh खला जान क्या बताऊँ रंडी व् आपके सामने फ़ैल है लुंड चूसने me......aap का लुंड चूसने का जो तरीका है वो किसी व् मर्द को मिंटो में खरवा देगा.......... आआआअह्ह्ह्हह haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy साली रांड खला जान क्या मस्त लुंड चूस रही है वहां छोड़ तू.......

अपनी तारीफ सुन कर मई और ज्यादा खुश हो गयी अंदर हे अंदर और ज़ैद के लुंड को दोबारा मुँह में भर कर चूसने lagi......lund चूसते हुए मई बिच बिच में ज़ैद की आँखों में देखने lagi.....is अदा से ज़ैद पूरी तरह पागल होकर आहें भरने laga....aisa लगा की ज़ैद का विरए निकलने वाला है...........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रांड अब बस कर कुटिया साली आज तू मेरा लुंड खा हे जाएगी बहन छोड़ sali......randiiiiiiii......

ज़ैद का लुंड मेरे मुँह में ऐसा लग रहा था जैसे कोई मोटा खीरा मेरे मुँह में जाकर अटक गया hai.......maine तिरछी नज़र से बगल वाले मिरर में देखा तो मई हैरान रह गयी ज़ैद का लुंड उसमे और ज्यादा मोटा दिख रहा था ......मेरे मुँह को चीरता हुआ ......





आआआचानक ज़ैद ने मेरे बालो को पकड़ कर मेरे मुँह में अपना लुंड ज़ोर ज़ोर से छोड़ने laga......mai इस हमले के लिए तैयार नहीं thi......mai छटपटा रही थी लेकिन ज़ैद की पकड़ काफी मजबूत thi...wo मुझे भट ज़ोरो से पकड़ा हुआ tha...or अपना लुंड 100 को स्पीड में मेरे मुँह में छोड़ रहा tha........mai गगगगग करने lagi....or ज़ैद के पेट में हाथो से मरने lagi...lekin ज़ैद को कोई असर नहीं हो रहा tha...wo जानवर बन चूका tha.....ab तो वो अपना पूरा लुंड मेरी हलक में घुसा कर छोड़ने laga...aisa लगा मेरी साँस हे रुक गयी ho....mere सामने अँधेरा छाने laga....mai बेहोश होने हे वाली थी की ज़ैद ने मेरे बालो को छोर दिया और मई फर्श पर गिर कर खाने lagi....kho खो खो kho....kho खो खो.....





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कामिनी हरामजादे मुझे मार हे डाला था तुमने .........ऐसी बेरहमी से कौन करता है bhala.....kho खो खो kho...........harami लगी ke....jao मई तुमसे बात नहीं करती.......

ज़ैद - अरे मेरी रंडी खला जान क्यों गुस्सा होती ho.....aisi चुदाई में ज्यादा मज़ा है.......

मई बनावटी गुस्सा दिखते हुए बोली - क्या ख़ाक मज़ा hai.....jisme मेरी जान हे चली jaye...........bolkar मई ज़ैद को कामुक नज़रो से देखने लगी......

ज़ैद ाचा सॉरी baba......ab नहीं hoga......aaf कर दो मुझे........

बोलकर ज़ैद ने अपना लुंड आगे बढ़ा दिया मैंने व् अपना ज़बान निकल कर उसके लुंड को छाती और थोड़ा सा मुँह में लेकर फिर से बहार कर दी और ज़ैद को देख कर हल्का मुस्कुराते हुए बोली - भट ज़ालिम हो तुम zaid..........but ी लिखे आईटी.......





मई मुस्कुराते हुए ज़ैद का लुंड फिर से पकड़ कर आराम से चूसने लगी.......











अअअअअअअ





कुछ देर लुंड चूसने के बाद ज़ैद ने मुझे कंधे से पकड़ कर कड़ी कर diya.....or मेरे पंतय में अपना लुंड हल्का हल्का रगड़ते हुए bola........uffff खला जान अपनी पंतय तो छूट रस से पूरी तरह भीग चुकी hai.........kitna पानी छोर रही है आपकी chut...........lund का इस तरह अपनी छूट पर रगड़ से मेरी तो जॉब हे निकलने lagi.......aisa लगा रहा था जैसे मेरी छूट अब जहर jaegi.........zaid ने मुझे उल्टा कर दिया और मेरी दोनों चुकी को मसलने laga...mai व् अपना एक हाथ पीछे. ले जाकर ज़ैद के लुंड को सहलाने लगी........





ज़ैद ने झट सा मुझे बिस्टेर पर लिटा दिया और अपना खड़ा लुंड मेरी पंतय के ऊपर से हे मेरी छूट में रगड़ने laga......mai तो कामुकता से पागल हो गयी.....

मई - आआआअह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ज़ैद घुसा दो न अपना मोटा लुंड मेरी कमसिन छूट में..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy

लेकिन ज़ैद उसी तरह अपने लुंड को मेरी छूट पर रगड़ रहा tha......mai तड़प कर ज़ैद का लुंड पकड़ ली और बोली - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरे राजा और कितना तड़पाओगे plssssssssssssss घुसाओ नाआआआ मुझसे रहा नहीं जा रहा है.... plssssssssssssss naaaaaaaaaaa ज़ैद घुसा दो न अपना मोटा lund......or मुझे अपनी रांड बना लो अम्मी की तरह.......





ज़ैद ने मुझे थोड़ा टेढ़ा कर दिया और अपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगा कर मेरी छूट के छेड़ पर भिड़ा दिया........

ज़ैद - घुसा दू मेरी रंडी खला जान ......

मई शरमाते हुए नशीली आँखों से ज़ैद को देख कर boli......ghusa दो न मेरे राजा मई कबसे इस मोठे लुंड के लिए तड़प रही हु......

ज़ैद ने मेरी पीठ को सहलाते हुए अचानक एक ज़ोरदार धक्का मारा ज़ैद का लुंड का सूपड़ा मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर चला gaya....uska लुंड का सूपड़ा इतना मोटा था की ऐसा लगा मेरी छूट फट गयी hai......mujhe एक तेज़ दर्द हुआ और मेरे मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल गयी.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ammmmmmmmmmmiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaarrrrrrr dalaaaaaaaaaaaaa इस ज़ालिम ने mujheeeeeeeeeeeeee........zaid ज़ैद प्लसससससससस बहार निकालो आआआअह्ह्ह्ह maaaaaaaaaaa marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मइईईई plssssssssssssss ज़ैद बहार निकालो भट दर्द हो रहा hai.....mai मर जाउंगी प्लसससससससस बहार निकल lo..........fatt gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मेरी छूट..........





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ammmmmmmmmmmiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii भट ज्यादा दर्द हो रहा hai.......mujhe नहीं करवाना tumse.......tumhara भट motaaaaaaaaaaa हैईईई ......मई जल बिन मछली की तरह तड़प रही thi....aisa लग रहा था जैसे किसी ने चाकू से मेरी छूट चीयर दिया ho........drd बरदास से बहार हो चूका था...........

ज़ैद हँसते हुए bola.....abhi कहा मेरी रंडी शहला .......अभी तो मेरे सिर्फ सूपड़ा अंदर गया hai......jab पूरा लुंड जाएगा तब तुझे पता चलेगा मोटा लुंड से छोड़ने में कितना मज़ा अत है.........

नहीं नहीं प्लस ज़ैद नहीं naaaaaaaaaaa रहम करो मुझपर .....मुझे जाने do....mujhe नहीं करवाना तुमसे..........

ज़ैद मेरी जांघो को सहलाते हुए बोलै - थोड़ा बरदास कर लो मेरी जान उसके बाद इतना मज़ा आएगा की तुम जन्नत की सैर करोगी..........

बोलकर ज़ैद मेरी एक जांघ को पकड़ कर अपना लुंड धीरे धीरे अंदर घुसाने लगा मई दर्द से तड़पने lagi......or ज़ैद की मिन्नतें करने lagi....pls छोरो मुझे प्लस जाने दो मुझे....... हाआआययययययययय बजी बचाओ मुझे इस सांड से...........

लेकिन ज़ैद मेरी कमसिन छूट को आज फाड़ कर हे दम्म लेने वाला tha.......zaid ने मेरी जांघ को दोनों हाथो से भट मजबूती से पकड़ liya.....or अचानक एक ज़ोरदार धक्का mara....zaid का पूरा लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस gaya.......meri छूट फट चुकी thi....chut से खून निकलने laga.............lekin ज़ैद मुझे नहीं छोरा और अब ताबड़तोड़ छोड़ने laga.........itni बेरहमी से ज़ैद मुझे छोड़ रहा था की आज मेरी जान हे निकाल dega............mai ज़ोर ज़ोर से रोने लगी.... हाआआययययययययय बजी बचाओ मुझे ये कमीना मुझे मार डालेगा आअज आआआअह्ह्ह्ह अम्मी ज़ोर ज़ोर से छोड़ने के वजह से ज़ैद का लुंड छूट से बहार निकल gaya..........mai अपने जिस्म को सांप के तरह इथलेटे हुए रोने lagi...mere बाल बिखरे हुए थे और मई ज़ैद को रट हुए देखने lagi......chut इतनी दर्द हो रही थी की मई दर्द बरदास नहीं कर पा रही thi.......apne पूरे बॉडी को मई इधर उधर करने लगी और अपने गांड को बीएड पर रगड़ने लगी ताकि मेरा दर्द काम हो जाये.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaaaaaaa marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr गयी maaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy फट गयी मेरी chut......mai रट हुए ज़ैद को देख कर हाफ रही thi.....mere खुले बाल मेरे चेहरे पर बिखरे हुए थे.....

ज़ैद ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर मेरे जांघों को फैलाया और धीरे धीरे छूट को सहलाने लगा.........



 
ज़ैद ने मेरी पीठ को सहलाते हुए अचानक एक ज़ोरदार धक्का मारा ज़ैद का लुंड का सूपड़ा मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर चला gaya....uska लुंड का सूपड़ा इतना मोटा था की ऐसा लगा मेरी छूट फट गयी hai......mujhe एक तेज़ दर्द हुआ और मेरे मुँह से एक ज़ोरदार चीख निकल गयी.......

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ज़ैद हँसते हुए bola.....abhi कहा मेरी रंडी शहला .......अभी तो मेरे सिर्फ सूपड़ा अंदर गया hai......jab पूरा लुंड जाएगा तब तुझे पता चलेगा मोटा लुंड से छोड़ने में कितना मज़ा अत है.........

नहीं नहीं प्लस ज़ैद नहीं naaaaaaaaaaa रहम करो मुझपर .....मुझे जाने do....mujhe नहीं करवाना तुमसे..........

ज़ैद मेरी जांघो को सहलाते हुए बोलै - थोड़ा बरदास कर लो मेरी जान उसके बाद इतना मज़ा आएगा की तुम जन्नत की सैर करोगी..........

बोलकर ज़ैद मेरी एक जांघ को पकड़ कर अपना लुंड धीरे धीरे अंदर घुसाने लगा मई दर्द से तड़पने lagi......or ज़ैद की मिन्नतें करने lagi....pls छोरो मुझे प्लस जाने दो मुझे....... हाआआययययययययय बजी बचाओ मुझे इस सांड से...........

लेकिन ज़ैद मेरी कमसिन छूट को आज फाड़ कर हे दम्म लेने वाला tha.......zaid ने मेरी जांघ को दोनों हाथो से भट मजबूती से पकड़ liya.....or अचानक एक ज़ोरदार धक्का mara....zaid का पूरा लुंड मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस gaya.......meri छूट फट चुकी thi....chut से खून निकलने laga.............lekin ज़ैद मुझे नहीं छोरा और अब ताबड़तोड़ छोड़ने laga.........itni बेरहमी से ज़ैद मुझे छोड़ रहा था की आज मेरी जान हे निकाल dega............mai ज़ोर ज़ोर से रोने लगी.... हाआआययययययययय बजी बचाओ मुझे ये कमीना मुझे मार डालेगा आअज आआआअह्ह्ह्ह अम्मी ज़ोर ज़ोर से छोड़ने के वजह से ज़ैद का लुंड छूट से बहार निकल gaya..........mai अपने जिस्म को सांप के तरह इथलेटे हुए रोने lagi...mere बाल बिखरे हुए थे और मई ज़ैद को रट हुए देखने lagi......chut इतनी दर्द हो रही थी की मई दर्द बरदास नहीं कर पा रही thi.......apne पूरे बॉडी को मई इधर उधर करने लगी और अपने गांड को बीएड पर रगड़ने लगी ताकि मेरा दर्द काम हो जाये.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa maaaaaaaaaaa marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr गयी maaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy फट गयी मेरी chut......mai रट हुए ज़ैद को देख कर हाफ रही thi.....mere खुले बाल मेरे चेहरे पर बिखरे हुए थे.....

ज़ैद ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर मेरे जांघों को फैलाया और धीरे धीरे छूट को सहलाने लगा.........





मई दर्द से तड़प रही थी और ज़ैद मेरी जांघो को हल्का हल्का इस तरह सहला रहा था की मुझे दर्द के साथ साथ रहत व् मिल रही थी......

कुछ देर ऐसे हे मेरी जांघो को सहलाते हुए ज़ैद अपनी ऊँगली से मेरी छूट हल्का हल्का सहलाने laga.........mera दर्द अब धीरे धीरे कम् होने laga.......meri दर्द भरी सिसकारी अब कामुक सिसकियाँ बन गयी...... उम्मम्मम्मम्म प्लसससससससस उम्मम्मम्मम्म आआआअह्ह्ह्ह ummmmmmmmmmmmm ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy zaiddddddddddddddddddd ufffffffffffffffffffgfggffffffffff.........mai अब दोबारा मस्ती में आ चुकी thi.......mere जिस्म में चुदाई की आग इस बार और तेज़ से भड़क uthi............zaid मेरी छूट को अपने हाथो से मसल रहा था रगड़ रहा tha.....or मई तड़प कर उठ कर बैठ गयी और ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में दबोच कर चूसने lagi.........maine दोनों हाथो से ज़ैद के गर्दन पर हार बना कर लपेट लिया और उसके होंठो को चूसते हुए अपनी छूट को ज़ैद के हांथो में रगड़ने लगी............. आआआअह्ह्ह्ह ज़ैद ु र अमेज़िंग बॉय ...... उफ्फ्फफ्फ्फ़ कितना मज़ा देते हो तुम yar.......tabhi तो तुम्हारी अपनी अम्मी तुमसे खूब चुदवाती है.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे व् अपनी अम्मी को तरह खूब chodo........faad दो मेरी कमसिन छूट को अपने बड़े लुंड se..............Bokte हुए मई ज़ैद के हाथो को पकड़ कर और तेज़ रगड़ने लगी अपनी छूट को.............





ज़ैद - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ खला जान कितनी गरम औरत हो tum.........kya मस्त छूट है apki.......ekdam माखन के जैसी.......

मई - तो खा जाओ न अपनी खा की छूट को मेरे raja.......kisne रोका है........

ज़ैद ने मुझे धक्का देकर बिस्टेर पर पटक दिया और मेरी आँखों में देखते हुए मेरी छूट के पास अपना मुँह ले गया......

मई ज़ैद को देख कर कामुकता भरी मुस्कान दी..........

ज़ैद ने धीरे से अपना मुँह मेरी छूट में रख diya......mai तड़प कर अपने जिस्म को ऊपर उठा दी....... हाआआययययययययय ज़ैद का मुँह लगते हे मेरी छूट की खुजली इतनी बढ़ गयी की मैंने ज़ैद के बालो को पकड़ कर अपने छूट में उसका मुँह दबाने लगी.......

Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद खान जाओ आज मेरी छूट उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ज़बान घुसा कर चुसो मेरी छूट ko......sara रस निकाल लो मेरी छूट का....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माआआआ कितना ज़ालिम लड़का है ............ haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy ज़ैद कहा थे तुम अब तक.....

ज़ैद मेरी छूट को धीरे धीरे चूसने laga.....mai लज़्ज़त से पागल हो gayi....or अपना हाथ सर के पास ले जाकर बिस्टेर को ज़ोर से पकड़ li.......kamukta भरी सिसकियाँ लेने की वजह से मेरा मुँह खुल गया tha.......meri आंखें बंद हो चुकी thi....or ज़ैद मेरी छूट को इतना ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था की ऐसा लग रहा था की मेरे पेट की साड़ी चीज़ें बहार निकल जाएगी........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh ज़ैद मेरे राजा क्या चूसते हो तुम...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ काश तुमसे मेरी शादी hoti......tumhare खलु तो बास सीधा सीधा सेक्स करना जानते hai.......tumhari तरह रगड़ कर चुदाई करना उनको सीखना होगा tumse...........mai कामुकता की वजह से पता नहीं क्या क्या बाके जा रही thi....or बिच बिच में सर उठा कर ज़ैद को अपना छूट चूसते देख कर और व् ज्यादा गरम हो रही thi........mai हल्का हल्का ज़ैद के बालो को सहला व् थी......





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद प्लसससससससस अब छोरो वर्ण मई जहर जाउंगी...... प्लसससससससस zaiddddddddddddddddddd अब अपना मोटा लुंड घुसाई मेरी छूट में....... आआआअह्ह्ह्ह अम्मी jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ufffffffff.........karte हुए मेरे जिस्म एक बार फिर से अकड़ने laga.....zaid का गरम गरम मुँह और उसकी आग के जैसी ज़बान को मेरी छूट भट ज्यादा देर बरदास नहीं कर payi......mai एक सांप की तरह अपने जिस्म को वाइब्रेशन करने lagi......zaid समझ गया की मई झरने वाली hu....wo मुझे भट हे टाइट जकड लिया दोनों हाथो se......mai चाह कर व् उससे छूट नहीं सकती thi.......achanak मेरे जिस्म से जान बहार आने lagi.......mai पागलो की तरह अपने सर को बिस्टेर में इधर उधर करने लगी और अपने गांड को ऊपर उठा कर अपने छूट को ज़ैद के मुँह में घुसा इ lagi......mere पेअर थरथरा रहे the......poori बॉडी शाकिंग हो रही thi.......mai अपनी छूट को ज़ैद के मुँह पर मारने lagi......or एक बार फिर से मेरा ओर्गास्म शुरू हो gaya...............kuchh सेकंड ऑर्गन्स होने के बाद मेरा जिस्म ठंडा पद Gaya..........maine बी फाॅर्स ज़ैद के सर को अपनी छूट से दूर धकेल diya........mujhe आज से पहले इतना मज़ा कभी नहीं आया था.........





ज़ैद समझ गया की मई जहर चुकी hu......wo मुस्कुराते हुए मेरे बगल में लेट Gaya....or मेरे जिस्म को हल्का हल्का सहलाते हुए bola.......kaisa लगा मेरी खला जान को.......

मई ज़ैद को आँखों में देखते हुए बोली - भट मज़ा आया मेरे raja......bolkar खला जान ने मेरे होंठो को चूस लिया.......

मई - अब मेरी बारी है तुम्हे फारिग करने ki.........bolkar मई एक कातिल मुस्कान दी और धीरे धीरे निचे होते हुए ज़ैद के लुंड को अपने हाथो से पकड़ कर सहलाने लगी......

और फिर अपने नाजुक होंठो से उसका लुंड अपने मुब में भर कर हल्का हल्का चूसने lagi......mere खुले बाल एक घटा की तरह ज़ैद के लुंड के पास बिखरी हुयी थी और मई उसके लुंड को दोनों हाथो से पकड़ कर चूस रही थी

....





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh खला जान ऐसे हे चुसो मेरी रांड खला..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना गरम मुँह है तुम्हारा उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ पूरा अंदर तक लो मेरा लुंड........

खला जान मेरे लुंड को हाथो से पकड़ कर हल्का हल्का इतनी सेक्सी अंदाज़ में चूस रही thi......ki मई जोश में पागल होने लगा........

अब खला जान चूसते हुए मेरी आँखों में देखने लगी......

ज़ैद - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy मेरी छुडासी खला कितनी सेक्सी लग रही हो तुम मेरा लुंड चूसते हुए.......





ज़ैद का लुंड चूसते चूसते मई फिरसे गरम हो gayi....meri छूट गीली होने lagi......mai मैं में सोचने लगी - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh कितनी बेरहमी से छोड़ता है ये गबरू jawan.......Mann कर रहा फिर से एक बार रगड़ कर छुड़वा लू इसके मोठे लुंड से......

मई लुंड चूसना छोर कर धीरे धीरे ज़ैद के जिस्म को चूमते चाट तय हुए ऊपर बढ़ने लगी और ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में लेकर बेतहाशा चूसने लगी......





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh खला जान कितनी गरम माल हो tum......ekdam अम्मी के jaisi......dono बहन बहार से कितनी शरीफ हो लेकिन अंदर से एक नंबर की रंडी हो dono.....dono की छूट में इतनी आग है की दिन रात व् तुम दोनों की चुदाई होगी तो व् तुंहारी छूट प्यासी हे rahegi......dekho तो फिर से तुम्हारी छूट गीली हो गयी hai........bolkar ज़ैद ने मेरी छूट को अपने हाथो से दबोच liya......mai तड़प कर बोली - आआआअह्ह्ह्ह ज़ैद plssssssssssssss अब नहीं naaaaaaaaaaa.......or कितना karoge.......ab बास कर दो मेरे राजा....... plssssssssssssss वह से हाथ हटाओ naaaaaaaaaa............

ज़ैद मेरी आँखों में देखते हुए बोलै - मेरी जान अभी कहा बास होने वाला hai.......abhi तो मेरा लुंड फुल टाइट hai....jabtak मेरे लुंड का पानी नहीं निकलेगा मई तुम्हे इसी तरह छोड़ता रहूँगा मेरी रांड खला........

बोलकर ज़ैद मुझे घुमा कर चुकी के बॉल बिस्टेर में पटक diya......or भट हे तेज़ी से मेरी छूट को अपने हाथो में भींच कर रगड़ने लगा...........

मई पूरी ताकत से ज़ैद को धक्का देने lagi.....lekin मई कहा नाजुक काली और वो कहा सैंड जैसा ladka.....mai उसे टास से मास्स नहीं कर payi.....bas ऐसे हे बिस्टेर पर तड़पती rahi......or ना ना करती रही.......





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh खला जान कितना पानी छोर रहा आपका chut......dekho to....bolkar ज़ैद फ़ौरन अपना मुँह मेरी छूट में लगा diya........zaid का गरम गरम मुँह मेरी छूट में पड़ते he......mai सिहर uthi......mere मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल गयी........ aaaaaaaahhhhhhhhhhh zaiddddddddddddddddddd plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh खला जान क्या गरम छूट है आपका....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कितना रस टपक रहा है आपकी छूट se.........apki छूट को कितना व् छोड़ो ये दोबारा छोड़ने के लिए रेडी हो जाती hai..........lagta है सालो की प्यासी है आपकी chut.......khalu आपकी छूट को ठीक से नहीं छोड़ पाते है क्या.....??????

मई आहें भरते हुए बोली - plssssssssssssss naaaaaaaaaa zaiddddddddddddddddddd ऐसी गन्दी बातें मत करो naaaaaaaaaaa.......... उम्मम्मम्मम्म........... aaaaaaaahhhhhhhhhhh plssssssssssssss धीरीईईए naaaaaaaaaa....... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy...........

ज़ैद - आपकी छूट तो बेतहाशा पानी छोर रही है खला jaan........ghusa दू क्या अपना मोटा लुंड......????

मई अब बेचैन हो चुकी थी लुंड छूट में लेने क लिए.......

मई नखरा दिखते हुए बोली - मुझसे क्या पूछते ho.....nhi बोलूंगी तो क्या नहीं घुसोगे......?

ज़ैद हँसते हुए बोलै - आप ना बोल हे नहीं सकती ho....apki छूट लुंड लेने क लिए बेचैन हो रही hai....dekho तो कितना पानी छोर रही hai.....bolkar ज़ैद मेरी छूट में चटाक करके एक थप्पड़ मार देता है.........

मई तड़प उठती हु - आआआअह्ह्ह्ह ज़ैद क्या कर रहे हो........ प्लसससससससस और मत तड़पाओ mujhe.....jo करना है करो न......

ज़ैद फिर से मेरी छूट में दो चार थप्पड़ मर देता है.......

मई - हर थप्पड़ में ाः ाः ाः ाः करते हुए बोली - प्लसससससससस naaaaaaaaaa ज़ैद कितना तड़पाओगे घुसाई न अपना मोटा lund.......yahi सुन्ना चाहते थे na.....bolkar मई शर्मा गयी.......

ज़ैद ने मुझे कमर से पकड़ कर घोड़ी बना diya.......or अपने लुंड को मेरी छूट में रख कर रगड़ने laga......mai अपनी गांड को पीछे धकेलने लगी ......लुंड की खुमारी इस कदर मेरे छूट में समा गयी थी की मेरी छूट लुंड लेने के लिए पागल सी हो चुकी थी..........

अचानक ज़ैद ने मेरी छूट में ढेर सारा थूक लगाया और अपने लुंड में v......or अपने मोठे लुंड को मेरी छूट की छेड़ में भिड़ा कर एक ज़ोरदार धक्का मारा .....ज़ैद का लुंड पहले हे मेरी छूट में अपनी जगह बना चूका tha....isliye सरसराता हुआ मेरी छूट को फाड़ कर उसका लुंड अंदर चला gaya........mai एक शदीद दर्द से तड़प uthi.....or मेरे मुँह से इतनी ज़ोर से चीख निकली की शायद बजी ने आराम से सुन लिया hoga..........lekin मुझे क्या पता की बजी कबसे हम दोनों की चुदाई छुप कर देख रही थी..........

ज़ैद ने मेरा कन्धा पकड़ कर दो तीन ज़ोरदार धक्का मारा मेरी छूट me......meri तो जान हे निकल gayi....aisa लगा मेरी छूट फिर से एक बार फट गयी है.......

मई रट हुए बिस्टेर में गिर गयी और अपनी छूट को हाथो से सहलाते हुए रोने लगी...........

मई - aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माआआआ कितना दर्द हो रहा है....... हाआआययययययययय इस कामिनी ने आज मेरी छूट की जो गलत की है वोटो सुहाग रात वाले दिन व् नहीं हुयी thi.........mai तड़पते हुए अपनी छूट को हाथो से सहलाने lagi.........or रोने लगी........... आआआअह्ह्ह्ह इस ज़ालिम ने मार डाला मुझे........





मई अभी रो हे रही थी की ज़ैद ने मुझे दोबारा दबोच लिया और बिस्टेर में लेते लेते हे मेरी छूट में अपना लुंड भिड़ा कर दोबारा एक धक्का मारा .......मई न न करती रह गयी लेकिन ज़ैद मेरी एक न सुना और अपना मोटा लुंड एक हे झटके में मेरी छूट में घुसा कर धक्का मरने laga....zaid में अब जानवर सवार हो चूका tha......wo आज मुझे छोड़ छोड़ कर शायद बेहोश कर देना चाहता tha..........zaid मेरी गर्दन पकड़ कर मुझे छोड़ने laga.......mai हिल व् नहीं पा रही thi......mai बस ज़ैद से मिन्नतें करने लगी..... plssssssssssssss ज़ैद छोरो मुझे मई तुंहरे हाथ जोड़ती हु..... plssssssssssssss तुम्हे तुम्हारी अम्मी का वास्ता ज़ैद मई मर जाउंगी प्लसससससससस छोरो मुझे.........

लेकिन वो कहा सुनने वाला था वो मुझे दबोचा हुआ अपना लुंड मेरी छूट में छोड़ रहा था.........

रो रो कर मेरा बुरा हाल हो गया.......









आआआह ाः ाः ाः ाः अम्मी जी आआह आआह प्लसससससससस धीरीईईए plssssssssssssss धीरीईईए ज़ैद आराम से naaaaaaaaaa plssssssssssssssaaaa ज़ैद haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट मोटा है teraaaaaaaaaaa.........

उसने मुझे हल्का टेढ़ा कर लिया और मेरा एक पेअर पकड़ कर छोड़ने laga......mai अभी व् दर्द से तड़प रही thi......mai दर्द कम् करने के लिए अपने एक हाथ से छूट के क्लीट को रगड़ने lagi........mujhe भट रहत मिल रही थी........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh साली रंडी खला जान क्या मस्त टाइट छूट है तेरी बहनचोद छिनाल साली कुटिया........





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी jiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii marrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii maiiiiii......chhor मुझे सेल हरामी kaminey..........bolte हुए मई किसी तरह उठ कर बैठ गयी और घूमने की कोशिश करने lagi.....lekin ज़ैद की पकड़ मजबूत थी....





आआ

वो मेरी दोनों चुकी को दोनों हाथो में जकड लिया और मुझे उसी तरह छोड़ने laga.........zaid मुझे ऐसी ऐसी पोज़ में छोड़ रहा था की मई सपने में व् वोसब पोज़ कभी सोची नहीं thi............meri मुँह से दर्द भरी चीखें निकल रही थी और मई ज़ैद के हाथो को पकड़ कर हटाने की कोशिश कर रही थी.......

थप थप धप धप फ़क फ़क की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी............





इतनी ताबड़तोड़ चुदाई से मेरी छूट पूरी तरह फ़ैल चुकी thi....ab मुझे व् धीरे धीरे मज़ा आने लगा tha......zaid व् अब आराम आराम से छोड़ रहा था मेरी दोनों मदमस्त चूचियों को हल्का हल्का मसलते huye......mai अपना एक हाथ ले जाकर ज़ैद के हाथो को पुश करने लगी जैसे मई कह रही हु की इतना हल्का क्यों मसल रहे हो निचोड़ कर रख दो मेरी चुकी ko.......zaod का इस तरह मेरी चुकी मसलते हुए मुझे कुटिया बना कर छोड़ना मुझे इतना लज़्ज़त दे रहा था की मेरी छूट में खुजली होने लगी........





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद ऐसे हे छोड़ो मुझे aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh अम्मी जी कितना मज़ा दे रहा ज़ैद का मोटा लुंड...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माआआआ और छोड़ो अपनी रंडी खला को ......छोड़ छोड़ कर आज मार हे डालो अपनी छिनाल खला को.........

Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद और तेज़ छोड़ो मेरे राजा और तेज़ ....मेरी बड़ी बड़ी चूचिया लटक कर हिल रही हुए और मेरे खुले हुए घने बाल बिस्टेर से टकरा दही थे......





ज़ैद मेरी गर्दन पकड़ कर मुझे छोड़ने laga.......mai आंख बंद करके चुदाई का मज़ा लेने lagi......or खुद व् अपने गांड को ज़ैद के लुंड में मारने लगी.......





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद प्लसससससससस फाड़ दो मेरी छूट ज़ैद मेरे raja.......kya मर्द हो तुम सेल हरामी .........





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh करते करते कुटिया पोज़ में चूसते हुए मई थक चुकी thi......mai धड़ाम सा निचे गिर गयी ज़ैद ने मुझे टेढ़ा घुमा दिया और फोर्स अपना मोटा लुंड मेरी छूट में घुसा कर छोड़ने laga....zaid की ताकत देख कर मई हैरान thi.........mai मन में सोच रही थी की ज़ैद ज़रूर सेक्स कैप्सूल खाया hai...warna कोई मर्द इतनी देर तक कर हे नहीं सकता hai........mai ज़ैद की आँखों में देखते हुए बोली ........कब झारोगे मेरे raja......mai फिर से झरने वाली hu........aaj तो तुमने मेरा अंग अंग तोड़ कर रख दिया hai...........zaid अपनी एक ऊँगली मेरे मुँह में घुसा कर मेरे थूक को अपनी ऊँगली में लगाने laga...........maine जान बुझ कर उसके ऊँगली को दांतो में पकड़ लिया और फिर छोर दिया..... ......लेकिन मैंने देखा ज़ैद को कोई फर्क नहीं मेरी दांतो टेल उसकी ऊँगली काटने से......





मई - ज़ैद मेरा गाला सूख रहा है प्लसससससससस मुझे पानी पिने दो.....

ज़ैद अपना लुंड भर निकल कर बोलै

Ok पि लो मेरी जान उसके बाद तेरी छूट फाड़ता हु.....

मई हँसते हुए बोली - और कितना फाड़ोगे मेरे राजा .......तुम्हारे मोठे लुंड ने मेरी छूट फाड़ कर रख दी है पहले से.......

मई उठ कर पानी पिने लगी जो दूर टेबल पर रखा tha...jaise हे मई पानी पि रही थी मेरी नज़र बजी पर पद गयी ....मेरा दिल तो धक् सा रह gaya........ya खुदा बजी हमें कब से देख रही होगी....... फिर अचानक मेरे चेहरे पर एक कातिल मुस्कान तैर gayi........baji को दिखा दिखा कर छुड़वाने में और ज्यादा मज़ा aega........pahle मई तुम्हारी चुदाई देख रही थी अब तुम मेरी चुदाई देखो baji.........kaise मई तुम्हारे बेटे का लुंड अपनी छूट में आराम से ले रही hu........soch कर हे मेरा रोंगटा खड़ा हो गया.......

मई वापस मुड़ी और ज़ैद को सेक्सी नज़रो से देखते हुए उसके पास जाकर बोली - मेरे राजा क्या चुदाई करते हो tum.....dus मर्दो का पावर तुम्हारे अंदर है..... हाआआययययययययय क्या लुंड है तुम्हारा बोलकर मैंने ज़ैद का लुंड पकड़ लिया और सहलाते हुए अपने दोनों जांघो के बिच घुसा diya.......fir उसके गले में बहो का हार दाल कर अपने गांड को आगे पीछे करते हुए उसके मोठे लुंड से अपने छूट को रगड़ने लगी........

Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद घुसा दो अपना मोटा लुंड खड़े खड़े हे मेरी छूट में..........





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद घुसाओ न मेरे राजा ........मेरी छूट और वेट नहीं कर सकती फाड़ दो मेरी छूट फिर se.....bolkar मैंने ज़ैद के होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसने lagi......zaid व् मेरे होंठो को चूसते हुए अपने लुंड को मेरी जांघो के बिच घिसने लगा........





और फिर मेरे एक पेअर को अपने हाथो में पकड़ कर अपने लुंड को मेरी छूट में भिड़ा कर एक ज़ोरदार धक्का मारा ...उसका पूरा लुंड एक हे बार में मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस gaya.....is बार दर्द के साथ साथ मुझे मज़ा व् भट aya......mere मुँह से कामुकता भरी सिसकारी निकल गयी...... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh zaiddddddddddddddddddd.......chodo अपनी खला ko.......apni अम्मी समझ कर छोड़ो mujhe.......faad दो अपनी अम्मी की छूट मेरे राजा .......मई जान बुझ कर बजी का नाम लेने लगी ...ताकि बजी सुन कर गरम हो जाये .......

ज़ैद अब आराम आराम से लुंड मेरी छूट में छोड़ने laga.......zaid का लुंड मेरी छूट में पिस्टन की तरह अंदर बहार हो रहा था........





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद हाआआययययययययय ज़ैद छोड़ो अपनी अम्मी को फाड़ दो मेरे raja.......ammi की अपने बेटे के लुंड से चुद कर निढाल हो चुकी है...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ betaaaaaaaaaaaaaaaaa छोड़ो रुकसाना ko.........ruksana आज से तेरी रंडी है betaaaaaaaaaaaaaaaaa......

अम्मी के नाम से ज़ैद का जोश बढ़ गया वो मुझे गॉड में उठा कर छोड़ने laga.......zaid अब पागलों की तरह मेरी छूट छोड़ रहा tha........mujhe इतना मज़ा आने लगा की मई पागल सी हो गयी......

Aaaaaaaahhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa उफ्फ्फ्फ़ aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh उम्मम्मम्मम्म ufffffffffffffffffffgfggffffffffff haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy





अअअअअअअ





ज़ैद - ये ले साली छिनाल अम्मी आज तेरी छूट सुका दूंगा छोड़ छोड़ कर बहनचोद साली कुटिया..........





ज़ैद मुझे गॉड में उठा कर छोड़ते हुए थक गया तो मुझे बिस्टेर पर लिटा कर छोड़ने laga...........mai अब तीसरी बार झरने के करीब thi.....mera ओर्गास्म होने वाला था............





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ज़ैद हाआआययययययययय मई गयी मई गयी बोलते हुए मेरे शरीर में एक तेज़ वाइब्रेशन हुआ और मेरा ओर्गास्म होने लगा......

इतनी दर्दनाक चुदाई से मेरी मूट निकलने लगी......





मेरी पूरी बॉडी अकड़ gayi.....mai दोनों पोर को ज़ैद के कंधे पर रख कर पेअर के बल लड़ते हुए दूसरे साइड जाकर फॉर gayi.......or अपनी छूट को ऊँगली से रगड़ते हुए झरने lagi........mai बिस्टेर में गिर कर तड़प रही थी .............









ज़ैद व् अब झरने हे वाला tha.....zaid अपना लुंड सहलाते हुए बोलै......

ज़ैद - चल साली रांड खला इसे हिला कर पानी निकल bahanchod......sali छिनाल........

मई किसी तरह हिम्मत करके ज़ैद का लुंड एक हाथ से पकड़ कर हिलने lagi......kuchh हे देर में ज़ैद का लुंड से एक तेज़ पिचकारी nikli......or डायरेक्ट मेरे मुँह पर आकर giri......maine आज से पहले इतना गधा विरए कभी नहीं देखा tha.......itan गधा विरए मेरे मुँह ओर पड़ते हे मई अकबका कर उसका लुंड छोर दी........





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh साली छोर क्यों दिया मादरचोद randi.......bokar ज़ैद खुद से अपना लुंड चलते हुए अपना विरए मेरे मुँह में गिराने laga.....virye का टेस्ट इतना मज़ेदार लग रहा था की मैंने खुद बा खुद अपना मुँह खोल दिया और ज़ैद का विरए अपने मुँह में लेने लगी......





ज़ैद की आँखों में सेक्सी नज़र से देखते हुए मई ज़ैद का सारा विरए पिने लगी......



 
रुकसाना अपनी बहन को अपने हे बेटे से चुड़ते देख कर फिर से एक बार गरम हो चुकी thi..........uska मन तो कर रहा था की ज़ैद के पास जाकर उसका लुंड अपने हाथो में पकड़ कर मुँह में भर ले और खूब chuse..........lekin वो शहला के सामने ज़ैद से छोड़ना नहीं चाहती thi................kyu की रुकसाना शहला की नज़रो में एक शरीफ औरत thi.......lekin रुकसाना को ये नहीं पता था की उसकी छोटी बहन शहला ने उसे अपने हे बेटे से एक रंडी की तरह चुड़ते हुए देख लिया है...............

रुकसाना के जिस्म की गर्मी भट ज्यादा बढ़ चुकी thi......wo भागते हुए अपने रूम में चली gayi....or अपने बीएड में सो कर लम्बी लम्बी सांसे लेने lagi.........ruksana का जिस्म कामुकता की वजह से एकदम गरम हो चूका tha..........ruksana का हाथ खुद बा खुद उसकी छूट में चला gaya...or वो अपनी छूट को कपड़ो के ऊपर से हे हल्का हल्का रब करने lagi.........lekin रब करने से रुकसाना की गर्मी और ज्यादा बढ़ने lagi...uski बेचैनी और ज्यादा बढ़ने लगी.............

उसे अचानक यद् aya.......gujjar का वो फौलादी कला lund...........ruksana का मन मचल उठा गुज्जर का लुंड देखने ko........ruksana ने कंपते हाथो से गुज्जर को मश्ग कर diya.........msg करते हुए रुकसाना का दिल ज़ोरो से धड़कने laga........ruksana मन में सोचने lagi.....pata नहीं क्या सोचेगा वो बुद्धा khusat.......sochega मेरी छूट बेचैन है उसके फौलादी काले लुंड से छुड़वाने के liye............mai कहा एक बड़े घर की बहु hu....or वो कहा एक लौ क्लास worker...........uska तो किस्मत हे खुल गया मेरे जैसी खूबसूरत और बड़े घर की बहु से बात karke...........zindagi में पहली बार उसने किसी बड़े घर की औरत से इतना फ्रेंडली बात किया hoga............kamina कही ka.....kaise घूरता है मुझे जैसे मुझे वही पटक कर छोड़ डालेगा.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ उसकी खूंखार नज़र जब मेरी बॉडी को देखती है तो पता नहीं मुझे इतना होर्नेय फील क्यों होने लगता है...............

यही सब सोचते हुए मई अपने छूट को हल्का हल्का रब कर रही thi.........ki तभी गुज्जर का वीडियो कॉल आने लगा.........

गुज्जर का वीडियो कॉल देख कर तो मेरी साँस हे अटक gayi.....mujhe समझ नहीं आ रहा था की कॉल रकव करू या न karu.........yahi सब उधेड़ बन में कॉल डिसकनेक्ट हो gaya........lekin गुज्जर फिर वीडियो कॉल करने laga............maine धड़कते दिल से कॉल रकव kiya.....or कैमरा को जान बुझ कर अपनी चुकी पर फोकस करते हुए गुज्जर को अपनी बड़ी बड़ी सुडोल चूचियां दिखते हुए बड़ी मासूमियत से पूछा - hello chacha.........wo मई पूछ रही थी आपको पैसा कब चाहिए था..........

मेरी चूचियां कपड़ो में और व् ज्यादा आकर्षक लग रही thi......aisa लग रहा था जैसे कपडा फाड़ कर बहार आ जाएगी......





गुज्जर मेरी कातिल जिस्म को देख कर घूरते हुए बोलै - hello मेमसाब आप कैसी हो......

मई - मई बिलकुल ठीक हु चाचा .... आप कैसे हो......

गुज्जर - आपको देख लिया अब मई ठीक hu.....bolkar गुज्जर मुस्कुरा दिया......

मई शरमाते हुए बोली - ाचा जी मुझे देख कर क्यों ....मई क्या आपके मर्ज़ की दवा हु.......

गुज्जर - आप तो संजीवनी बूटी हो memsab......apko देखने के बाद ऐसा लगता है की मैंने दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज़ देख ली है......







मई शर्मा कर बोली - आप व् तो भट अचे हो chacha.......kitna अचे से बात करते हो.......

गुज्जर - मई सिर्फ बात हे ाचा नहीं करता .....और व् भट कुछ ाचा करता hu.......bolkar गुज्जर मेरी चुकी को देखने लगा.......

मई मुस्कुराते हुए बोली - ाचा जी और क्या क्या ाचा कर लेते हो आप.......

गुज्जर - मई मालिश व् भट ाचा करता hu.....or आपके जैसी गदरायी जिस्म की मालकिन का तो मई और व् भट अचे से मालिश करता hu......poore जिस्म की गर्मी निकाल देता hu.......kabhi एक बार मुझे मौका देकर देखिये .........आपका जिस्म तो भट गदराया हुआ भरा बदन hai......apki मई ऐसी मालिश कर दूंगा की आपके जिस्म की साडी गर्मी निकाल दूंगा.........

गुज्जर की डबल मीनिंग बात से मई शर्मा गयी.....

मई - ाचा ji.........lekin मुझे ठंडा करना किसी के बास की बात nhi.........mujhe व् डबल मीनिंग बात करने में मज़ा आने लगा.........

गुज्जर - वोटो आपको देखने से हे लगता hai.....ki आप ज्वालामुखी ho........lekin मेरे पास इतना बड़ा हथ्यार है की जब ये हथ्यार ज्वालामुखी को चीरता हुआ अंदर घुसेगा तो ज्वालामुखी खुद बा खुद फट padega.....or उसके अंदर की साड़ी गर्मी बहार आ जाएगी.........

इतने में मेरी बिल्ली मेरे गॉड में आकर बैठ gayi.......mai बिल्ली को सहलाते हुए बोली - ये है मेरी pussy..........bolkar मई बिल्ली पर हाथ फेरते हुए गुज्जर को देखने लगी.....





गुज्जर - आपकी पुसी तो ब्राउन hai......mujhe लगा था आपकी पुसी पिंक होगी.........

मई गुज्जर की बात से गरम होने लगी - पिंक वाली पुसी अभी छुपी हुयी है......

गुज्जर - तो दिखा दो न मेमसाब अपनी पिंक पुसी ........

मई पहले से हे इतनी होर्नेय थी ज़ैद और शहला की चुदाई देख कर की मेरी छूट पहले से हे भट गीली thi.......isliye मई खुद गुज्जर से गन्दी बातें करना छह रही थी...........

मई शरमाते हुए बोली - वो पिंक पुसी जब मेरे शोहर घर आते है तब बहार णिअकलती है.........

गुज्जर - देखिये कही आपका सारा दूध न पि जाये ये बिल्ली.......

मई इतराते हुए बोली - मेरा दूध पिने के लिए बिल्ला चाहिए बिल्ली नहीं.......

बोलकर मई अपने चुकी को हाथो से थोड़ा ऊपर कर दी........





गुज्जर - बिल्ला तो कबसे तक ताकि लगा कर देख रहा अपनी मालकिन के बड़े बड़े दूध ko......lekin मालकिन बिल्ला को भूखा रखना चाहती है तो बेचारा बिल्ला व् क्या करे......

मई एरा फ़ोन लगा कर मोबाइल को सामने टेबल पर रख दी जिससे मेरा पूरा जिस्म अब गुज्जर को दिखने लगा.......

मई कैमरा के सामने इतराते हुए बोली - मालकिन खुद चाहती है की बिल्ला सारा दूध पी jaye.......lekin बिल्ला बेवकूफ hai....wo पीटा हे नहीं.........

कैमरा में मेरे बड़े बड़े पहाड़ जैसे दूध देख गुज्जर का लुंड हल्का हल्का खड़ा होने लगा.........





गुज्जर - बिल्ला को अभी तक उसकी मालकिन ने मौका कहा दिया .....एक बार मौका देकर देख ले उसकी मालकिन .........सारा दूध निचोड़ कर बिल्ला न पि जाये तो कहना........

मई कैमरा के एकदम करीब आकर अपनी बड़ी बड़ी चुकी गुज्जर को दिखते हुए बोली - लगता है बिल्ला भट ज्यादा भूखा hai......doodh को ऐसे घर रहा जैसे पियेगा भी खा हे जाएगा.......

गुज्जर मेरी बड़ी बड़ी चुकी देख कर बेकाबू हो चूका tha.......ab वो डबल मीनिंग के जगह डायरेक्ट गन्दी बातो में उतर गया........





गुज्जर - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy रुकसाना मेमसाब .....आपकी चुकी कितनी बड़ी बड़ी और टाइट hai.....aisa लगता है की 18 साल की कमसिन लड़की का व् चुहकि अले जैसी टाइट नहीं hogi........aisa लग रहा जैसे कोई बड़ा सा नारयल पानी hai.......ekdam badaaaaaaaaaaaaaaaaaa और एकदम rasilaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.......

मई अपनी चुकी पर हाथ फेरते हुए बोली - भट बेशर्म हो चाचा आप ......अपनी बेटी की उम्र की लड़की की चुकी घूरते हुए आपको शर्म नहीं aati.......us दिन व् आप होटल में कितनी गन्दी नज़रो से मेरी चुकी घर रहे थे.........

गुज्जर - अब क्या करू रुकसाना जी आपकी चुकी इतनी हॉट न सेक्सी है की मैं करता है मुँह लगा कर चूस लू इन्हे.........

मई भट ज्यादा गरम हो चुकी थी गुज्जर की गन्दी बताओ से ....एक तो मई पहले से हे भट गरम थी ज़ैद और शहला की चुदाई देख kar......ab ये बुद्धा मुझे और ज्यादा गरम कर रहा है.....

मई अपनी चुकी पर दोनों हाथ रख कर गुज्जर को दिखते हुए बोली - इन्हे चूसना इतना आसान नहीं chacha......iske लिए आपको भट म्हणत करनी padegi.......or फिर मैंने जान बुझ कर अपनी मोती गांड व् गुज्जर के तरफ कर diya.....taki गुज्जर और व् ज्यादा जोश में आ जाये मेरी गांड और चुकी देख कर......





गुज्जर - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ रुकसाना जी आपकी चुकी के साथ साथ आपकी गांड कितनी मोती और बहार की तरफ निकली हुयी hai.......apka शोहर का छोटा सा लुंड इतनी बड़ी गांड में घुसता कैसे होगा...........

मई - चहहीइ चाचा गांड में कौन लुंड घुसाया hai......or गांड की छेड़ तो भट छोटी रहती hai...usme इतना मोटा लुंड घुसेगा kaise......aurat मर नहीं jaegi.......kitna दर्द होगा... बाआआआप्पपपपपप reeeeeeeeeee........

गुज्जर - आपके शोहर का छोटा सा लुंड से आप इतना डर रही हो अपने गांड में घुसवाने se.....to सोचो जब मेरा गधा जैसा मोटा तगड़ा लुंड आपकी गांड को फाड़ता हुआ अंदर जाएगा तो आप क्या करोगी........

मई गुज्जर की गांड मरने वाली बात से एकदम से पागल हो gayi....or इमेजिन करने लगी की गुज्जर का बड़ा लुंड मेरी गांड में घुस रहा और मई दर्द से तड़प रही हु.......

aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh...........





गुज्जर कर मोटा लुंड अपनी गांड में इमेजिन करके मेरी तो छूट भट ज्यादा पानी छोड़ने लगी........

मई गुज्जर को अपनी चुकी दिखते हुए boli........inhe आप जैसे बुड्ढे के हाथो में देकर कोई फ़ायदा nhi.......aap से कुछ नहीं होने wala......samjhe chacha.......aap की आगे निकल चुकी hai....sirf लुंड बड़ा और मोटा होने से कुछ नहीं hota......mard में बैल 🐂 के जैसी ताकत व् होनी चाहिए तब जाकर मुझ जैसी गरम औरत को ठंडा कर पाओगे aap.........apka खड़ा व् होगा की नहीं मालूम नहीं....





गुज्जर - मेरी जान रुकसाना मेमसाब एक बार मेरे लुंड के निचे आकर तो dekho.....chut का भोसड़ा न बना दिया छोड़ छोड़ कर तो kahna..........itna छोडूंगा की आप खुद मुझसे पनाह manogi....ki प्लसससससससस मुझे छोरो मुझे जाने दो..... Aaaaaaaahhhhhhhhhhh maaaaaaaa....plssss.......

मई हँसते हुए अपनी चुकी के पास कपडा एडजस्ट करते हुए बोली - हहहहहहए वोटो वक़्त हे बताएगा chacha......or वैसे व् दिन में सपने देखना छोर दो aap.......mai कहा और आप kaha........mujhe छोड़ना तो दूर की बात है मुझे छूना व् आपके जैसे लौ क्लास बुड्ढे के लिए नामुमकिन hai.....hehehehehe





गुज्जर भट एक्सपीरियंस वाला बुद्धा tha.....apke जैसी बड़े घर की औरतें खुद चल कर आती है मुझ जैसे लौ क्लास वर्कर से chudwane........kyu की बड़े घर के मर्द भट कमजोर होते है शरीर se.......sirf दिखने में खूबसूरत होते hai..........or बड़े घर की औरतों की छूट की प्यास बुझाना उनके बास की बात नहीं......

मई - ाचा जी जैसे आप की बास की बात है..........

गुज्जर अपने लुंड के तरफ कैमरा करते हुए बोलै .....देखो कैसे उछाल रहा है मेरा लुंड आपकी चुकी को देख कर.....

बोलकर गुज्जर अपना लुंड धोती से बहार निकल कर हिलने लगा.......





गुज्जर का काला मोटा और बड़ा लुंड देख कर मेरी प्यास इतना बढ़ गयी की मेरा एक हाथ खुद बा खुद मेरी छूट पर चला गया और कपडा के ऊपर से हे छूट को मैंने हाथ में भींच लिया.....

जिसके वजह से मेरे मुँह से एक लम्बी सिसकारी निकल gayi.....a.aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

गुज्जर समझ गया की मई अपनी को भींच ली hu...tabhi मेरे मुँह से ये Aaaaaaaahhhhhhhhhhh निकली है....

गुज्जर - रुकसाना जी इतनी मस्त चुकी को कैद में रख कर ऊपर भट ज़ुल्म कर रही ho.......thoda बहार का हवा खाने दो उन्हें.......

मई हँसते हुए अपने टॉप को थोड़ा ऊपर करके चुकी के निचे का एक झलक गुज्जर को दिखते हुए बोली - ज्यादा चालक मत बनिए chacha.....direct बोलिये न मुझे आपकी चुकी देखनी hai.........bolkar मई हल्का हल्का अपनी चुकी को झलक गुज्जर चाचा को दिखने लगी.......





मई अब ज़रा व् बरदास नहीं कर प् रही thi......mujhe अब गुज्जर का मोटा लुंड अपनी छूट में चाहिए tha...kisi व् हाल में......

मई - चाचा भट हो गया रोमांटिक batein.......apko पैसा कब चाहिए वो batao.......mai खुद लेकर आउंगी आपके घर............

गुज्जर की तो जैसे लाटरी लग गयी.......

गुज्जर - मेमसाब आज हे चाहिए .....

मई - ाचा अपना अड्रेस सेंड Karo...mai अति hu.....kuchh देर में........

बोलकर मैंने कॉल कट कर दिया...........

अब मई तैयार होने लगी गुज्जर के घर जाने क लिए ......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी छूट इतनी गीली हो रही थी की मई सहन नहीं कर पा रही thi.....mujhe बास गुज्जर चाचा का मोटा लुंड घूम रहा था दिमाग me.....maine खुद को एक दुल्हन की तरह sajaya......hontho पर रेड लिपस्टिक लगा कर बाल खुले छोर diye........andar से एक भट हे सेक्सी ब्रा एंड पंथ पहन लिया Maine.......uske ऊपर एक सेक्सी ड्रेस पहन कर खुद को जब ेने में देखा तो मई खुद शर्मा gayi......ek लौ क्लास बुड्ढे के लिए मई खुद को इतना तैयार कर रही thi..........jaise आज मेरी सुहाग रात हो.......



 
Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh इन होंठो को एक बुद्धा चूसेगा......... हाआआययययययययय मई तो पागल हे हो जाउंगी...........





मैंने अपने होंठो पर भट अच्छे से लिपस्टिक लगा रही thi.......or सोच रही थी...... Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ाः ताका मैंने अपने शोहर के लिए इतना तैयार कभी नहीं हुयी hu........ek गैर मर्द से मिलने का रही hu.....or मई खुद को इतना सवार रही हु जैसे मई नयी दुल्हन हु........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इन होंठो से कब मई गुज्जर का मोटा लुंड चूसूंगी तो कीटनाआए मज़ाआआ आएगा.....





यही सब सोचते हुए मई खुद को तैयार कर रही थी..... Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff बुड्ढे का लुंड कितना motaaaaaaaaaaa hai..........meri छूट में घुसेगा तो मई तो मर्डर हे jaungi.......lekin मज़ा व् तो भट aega........jab उसका motaaaaaaaaaaa लुंड मेरी छूट को फाड़ता हुआ मेरी बच्चेदानी से टकराएगा...........

मैंने एक लाल रंग का भट हे सेक्सी ड्रेस पहना tha...jisse मेरी आधी चुकी बहार झांक रही थी.........





मैंने खुद को ऊपर से निचे तक ेने में देखा....... Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff मेरा ये सेक्सी जिस्म देखकर कही बुद्धा मर्डर न जाये.....

ये सोच कर मेरे चेहरे पर कातिल मुस्कान तैर गयी....











मई इस कदर की सेक्सी दिख रही थी उस लाल ड्रेस में की कोई व् मर्द मुझे देख लेता तो उसका लुंड पानी छोर देता............

मई अब अपने जिस्म को ढकने के लिए ऊपर से नकाब दाल liya.....or चेहरे को स्क्रफ से धक् liya....ab सिर्फ मेरी आंख हे नज़र आ रही thi.....lekin मेरे बड़े बड़े दूध और मेरी बड़ी मोती गांड इतना ढकने के बाद व् भट सेक्सी लग रहे the......aisa लग रहा था जैसे कपडा को ज़बरदस्ती मेरे जिस्म में पहनाया गया hai......mere जिस्म का हर एक भाग साफ़ साफ़ पता चल रहा था की कितना सेक्सी जिस्म है मेरा.......









मई जाकर गाड़ी निकली और गुज्जर के घर के तरफ चल padi....gujjar के घर के पास पहुँच कर मैंने उन्हें धड़कते डिल से कॉल kiya....Mera डिल ज़ोरो से धक्का धक्का कर रहा tha...........mai एक शरीफ बीवी एक बड़े घर की Bahu...ek बड़े घर की बेटी होकर एक लौ क्लास वर्कर से छोड़ने के लिए इतना बेचैन थी.........





उसने मुझे रास्ता बताया मई उसी तरफ चली gayi.....or फाइनली जैसे हे मई गुज्जर के घर के पास पहुंची मेरा डिल और ज़ोर से धड़कने laga.....meri आंखें शर्म से लाल हो चुकी thi........mai छह कर व् गद्दी से उतर नहीं पा रही थी......

इतने में गुज्जर का कॉल आया......

क्या हुआ मेमसाब घर मिला की नहीं...

मई झिझक कर बोली - ह्म्म्मम्म मिल गया.......





गुज्जर का घर एक झोपडी tha.....or दूर दूर तक कोई दूसरा घर नहीं tha.....poora सुनसान इलाका tha............mujhe भट दर लग रहा tha......lekin मेरी छूट की प्यास इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी की डर के आगे मेरी छूट की प्यास ज्यादा भारी पद रही थी........

मई गद्दी से उतर कर धीरे धीरे झोपडी के अंदर जाने लगी..........
 
मेरा दिल ज़ोरो से धड़कने लगा ........मेरे पेअर काँप रहे थे आगे बढ़ते huye....achanak मेरे सामने गुज्जर आकर खड़ा हो gaya......mai एकदम से सहम गयी.........

गुज्जर - रुकसाना मेमसाब मुझे तो यकीं हे नहीं हो रहा की आप मेरे घर आयी हो......

दुनिया की सबसे हसीं औरत मुझ जैसे गरीब के घर आयी ये मेरी किस्मत hai.......jabse मैंने आपको ोयो में देखा है तबसे यही सोच रहा हु की फिर कब आपके गदराये जिस्म को देखने का मौका milega........bolkar गुज्जर मेरी बड़ी बड़ी चुकी को देखने लगा........

इस तरह अपनी चुकी को घूरता देख कर मई शर्म से पानी पानी हो गयी और अपने हे कपडे को अपने हाथो से पकड़ कर धीरे धीरे मरोड़ने lagi.....ek अदा के sath.......mujhe इतना मज़ा आ रहा था एक गैर मर्द मेरी चुकी को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था.......





मई जान बुझ कर अपने कपडे को कमर के अस पकड़ कर समेत li.....jiski वजह से मेरी बड़ी बड़ी चुकी और ज्यादा उभर कर सामने आ गयी....

मेरा मैं भट घबरा रहा tha.........samne एक काला कलूटा लम्बा चौड़ा बुद्धा खड़ा था ......मेरा मैं कर रहा था मई अभी वह से भाग जॉन.........





मई हड़बड़ाते हुए बोली - चाचा ये लीजिये paise.....ab मई चलती हु.......

बोलकर मैंने अपने पर्स से पैसे निकल कर गुज्जर को देने लगी......

गुज्जर - आप पहली बार मेरे गरीब खाने आयी ho....mujhe आपकी खातिरदारी का मुछ तो मौका दीजिये.......

मई - नहीं नहीं मुझे जाना होगा चाचा घर पर मई किसी को बोल कर नहीं आयी हु.....

गुज्जर हरामी मुस्कान देते हुए बोलै - येसब काम के लिए किसी को बोलकर नहीं आया जाता है......

गुज्जर ने डबल मीनिंग में मुझसे बोलै...

मई शरमाते हुए बोली - मई कोई गलत काम करने थोड़ी आयी हु चाचा मई तो आपकी हेल्प करने आयी हु.......

गुज्जर - मैंने कब कहा आप मुझसे छोड़ने आयी ho.........bolkar गुज्जर हंस पड़ा..........

मई एकदम से सहम गयी गुज्जर तो डायरेक्ट छोड़ने में उतर आया था......





मई - आप गलत समझ रहे हो चाचा ........कॉल पर एक दूसरे से थोड़ा मस्ती करना और बात hai.......real में येसब गुनाह है.........

मई अब चलती hu......bolkar जैसे हे मई पलटी गुज्जर मेरा हाथ पकड़ liya.........mujhe जरा व् गुमान नहीं था की चाचा ऐसी हरकत karenge.......gujjar चाचा का शख्त हाथ जैसे हे मेरे हाथ को pakda....mere जिस्म में एक करंट सी दौड़ gayi...........kisi गैर मर्द हाथ के छुवन से हे मेरे जिस्म में झुरझुरी होने lagi............mera डिल ज़ोरो से धड़कने लगा........

मई अपनी कलाई छुड़ाने की कोशिश करते हुए बोली - प्लसससससससस चाचा छोड़िये मेरा hath...........mujhe जाना होगा........

गुज्जर इमोशनल ब्लैकमेल करते हुए बोलै - आप मेरी बेटी जैसी हो मेमसाब इसलिए मैंने आपका हाथ पकड़ कर अंदर आने को kaha..........agar आपको बुरा लगा हो तो उसके लिए माफ़ी चाहता हु........

मई - ऐसी कोई बात नहीं है chacha.......acha लेकिन मई 5 मिनट से ज्यादा नहीं बैठूंगी अंदर.........

गुज्जर - जी जैसी आपकी मर्ज़ी........

मई गुज्जर के साथ अंदर चली gayi....andar एक चारपाई पर मई बैठ gayi............gujjar ने जान बुझ कर सिर्फ एक पतला सा गमछा लपेटा हुआ tha......or अंदर से अंडरवियर व् नहीं पहना था usne.....jiski वजह से उसका गधा जैसा लुंड गमछा के साथ हिल रहा था..........

मई चारपाई पर बैठी थी और गुज्जर ठीक मेरे सामने खड़ा tha.......isliye मेरा चेहरा उसके लुंड के पैरेलल में tha.......uska गधा जैसा लुंड पतला गमछा से साफ़ झलक रहा tha.......itna करीब से उसका इतना badaaaaaaaaaaaaaaaaaa लुंड देख कर मेरी साँस फूलने lagi.........mere जिस्म की गर्मी बढ़ने lagi.....or मेरी छूट पानी पानी होने लगी.............

गुज्जर जानबूझ कर ऐसा कपडा पहना था जिससे उसका लुंड मई आराम से देख saku...........bar बार उसके लुंड को मई नज़र चुरा कर देख रही थी

......मेरी कामुकता बढ़ती जा रही थी गुज्जर चाचा का लुंड गमछा के अंदर हिलता हुआ देख कर...........

गुज्जर - क्या लोगी मेमसाब मई तो गरीब आदमी हु घर में कुछ रहता नहीं hai........sirf एक लम्बा मोटा केला है.........

मई - नहीं नहीं चाचा आप रहने दो मुझे कुछ नहीं चाहिए .....बस एक गिलास पानी चाहिए..........

गुज्जर - मई व् तो यही छह रहा हु आपको अपना पानी पिलाने........

मई हड़बड़ाते हुए बोली - क्या कहा चाचा अपने......

गुज्जर गमछा के ऊपर से अपना लुंड पकड़ लिया और सहलाते हुए बोलै - मेरा मतलब है आप भट प्यासी ho......isliye मैंने सोचा मई अपना नल से आपको पानी पीला du........mere नल का पानी भट टेस्टी होता hai.......jo औरत एक बार पि लेती है वो ज़िन्दगी भर नहीं भूलती hai..........bolkar गुज्जर अपना लुंड गमछा के ऊपर से मसलने laga...........uska इस तरह लुंड मसलना मुझे और व् ज्यादा होर्नेय बना रहा था.....

गुज्जर चाचा पानी लेकर मुझे दिए और जान बुझ कर गमछा को अपने लुंड से थोड़ा साइड कर diye....jisse उसका गधा जैसा लुंड गमछा से बहार झाँकने लगा........

पानी लेते हुए मेरी नज़र जैसे हे चाचा के लुंड पर पड़ी मेरे मुँह से निकल गया OMG इतना badaaaaaaaaaaaaaaaaaa

....

चाचा का झूलता हुआ लुंड व् मेरे शोहर के खड़े लुंड से दोगुना बड़ा और 3 गुना मोटा लग रहा tha........meri तो साँस हे रुक gayi.........meri छूट में हलचल होम lagi....itna बड़ा लुंड इतनी नज़दीक से देख kar.....abhi तक तो मैंने सिर्फ मोबाइल पर देखा tha.......abhi सामने से इतना बड़ा लुंड देख कर मेरी छूट फड़फड़ाने लगी........





चाचा मुझे अपना लुंड घूरता देख कर एक कातिल मुस्कान diye.....or मुझे बोले - कैसा लगा मेरा.........

मई हड़बड़ाते हुए बोली - क्या क्या कैसा लगा चाचा......

चाचा - मेरा पानी और kya........apne क्या सोचा ........

मई शरमाते हुए बोली - माँ मई क्या सोचूंगी............

गुज्जर हँसते हुए बोलै - आपकी नज़र कही और थी इसलिए मैंने सोचा आप उसकी बात कर रही हो.........

मई - न नहीं मई आपकी बात समझी नहीं thi.....isliye बोल दिया क्या कैसा लगा......

गुज्जर अब समझ चूका था की मई अब भट होर्नेय हो चुकी हु उसका मोटा लुंड देख कर.........

गुज्जर - आप सच में हुस्न की मल्लिका हो memsab........apse ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी औरत मैंने आज तक नहीं देखि hai.......apke शोहर भट किस्मत वाले है जो आप जैसी बीवी mili...........aap हंसती हो तो ऐसा लगता है कोई फूल खिला है..........

अपनी तारीफ सुन कर मई अंदर हे अंदर भट खुश हो रही thi....ek औरत को उसकी तारीफ से बढ़ कर दुनिया में और कुछः नहीं लगता है............

मई शरमाते हुए बोली - आप तो बेवजह मेरी तारीफ करते रहते हो चाचा ......मई इतनी व् खूबसूरत नहीं हु जितना आप बोल रहे हो..............

गुज्जर - अब मई क्या बताऊँ apko........apki ये बड़ी बड़ी सुडोल चुकी इस नकाब में ढाका होने के बाद व् इतनी सेक्सी लगती hai.......to अगर कोई मर्द इनको ब्रा में देख ले तो पागल हे हो जाये...........

मई चाचा की गन्दी बातों से गरम होने lagi.....uspar उनका गमछा से झांकता हुआ मोटा लुंड मुझे और ज्यादा गरम करने laga.....meri नज़र बार बार चाचा के लुंड पर हे चली जा रही thi..........meri आँखों में नशा चढ़ने लगा था चाचा का झूलता हुआ गधा जैसा लुंड देख देख kar.....upar से चाचा की गन्दी बातें मुझे और ज्यादा गरम कर रही थी.........

मई अब चाचा से फ्रैंकली बात करने का मन बना लो thi..........mujhe व् मज़ा आने लगा था चाचा के साथ गन्दी बातें करने में........

मई चाचा को सेक्सी अदा से देखते हुए बोली - ाचा ji.......lekin आप तो पागल नहीं हुए .....बोलकर मई हंस पड़ी........

चाचा - मैंने अभी तक आपको ब्रा में देखा कहा है........

मई इठलाते हुए बोली - और कैसे देखा जाता है .....अपने तो मुझे बिना ब्रा में व् देख लिया है........

चाचा - वोटो मैंने मोबाइल पर देखा है न रुकसाना ji........real में कहा देखा है.........

मई - ाचा जी जनाब को रियल में देखना hai..........bade बदमाश हो aap........real में मई नहीं दिखने wali.....samjhe न.......

चाचा सिर्फ एक बार दिखा दो न रुकसाना memsaab...........mera जीवन सफल हो जाएगा..........

मई शरमाते हुए बोली - जी नहीं एक बार क्या आधा बार व् nhi........or वैसे व् आपकी उम्र निकल चुकी है .........देख कर व् क्या karoge...........bolkar मई खिलखिला कर हंस पड़ी...........

चाचा - वोटो आपको तब पता चलेगा जब मई आपको रगड़ कर छोडूंगा मेरी जान रुकसाना मेमसाब..........

मई - मई आपकी कोई काम वान नहीं हु समझे न बुद्धा khusat........bade ए मुझे अपना जान बनाने wale.......apni शकल ेने में देखि hai..........ekdam लंगूर जैसे दीखते ho........hehehehehehe..........

चाचा हँसते हुए बोले - इसलिए तो कहावत बानी hai....langoor के हाथो में angoor.........or आप एकदम अंगूर ho.......upar से निचे तक अंगूरी बदन है apka.......jaha व् मुँह लगाओ बास रस हे निकलेगा...............

मई - ाचा जी जनाब को रस पीना hai.......lekin मई कोई रसभरी थोड़ी हु.....

चाचा - आपकी चुकी तो पूरी रस से भरी हुयी मेमसाब........... उफ्फ्फफ्फ्फ़ मन तो करता है आपकी चुकी को निचोड़ कर पी जॉन.......

बोलकर चाचा मेरे करीब आ गए और बोले - haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy क्या कातिल जवानी है आपकी रुकसाना memsaab........man तो कर रहा आपको दुल्हन बना कर आपके साथ सुहाग रात मन लू............

मई चाचा को इतना करीब आया हुआ देख कर पिघलने lagi..........mera दिमाग काम नहीं कर रहा था .....की अब मई क्या karu......mai उठ कर कड़ी हो gayi.....bass चाचा को झूट का तड़पाने के liye.........jaane का नाटक करते हुए बोली - चाचा बस बहुत हो गया बात चीत अब मई चलती हु........

जैसे हे मई मुद कर जाने की कोशिश करने lagi.......chacha मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी चुकी को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.......

मई पूरी ताकत से छूटने के लिए अपना पूरा दम्म लगाने लगी.....

प्लसससससससस चाचा छोड़िये mujhe.......mai यहाँ येसब करने नहीं आयी हु.......... प्लसससससससस चाचा ऐसा मत karo.........mai बर्बाद हो jaungi.........mai एक शरीफ घर की शरीफ इज़्ज़तदार औरत हु...........

मई मन से तो कुछ और बोल रही थी लेकिन मेरा जिस्म चाचा से अलग होना नहीं छह रहा tha........chacha के शख्त हाथ मेरी चुकी को इस कदर मसल रहा था की मेरी सिसकियाँ निकल रही थी..... Aaaaaaaahhhhhhhhhhh चचाआआआआ Aaaaaaaahhhhhhhhhhh ummmmmmmmmmmmm ufffffffffffffffffffgfggffffffffff plssssssssssssss shiiiiiiiiiiii nhiiiiiiiiiiii Aaaaaaaahhhhhhhhhhh मुझे छोड़िये चाचा ये सही नहीं है........

मई पहले से हे भट ज्यादा गरम थी चाचा के छूने से और चुकी दबाने से मई और व् ज्यादा गरम होने लगी.........

गुज्जर - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ रुकसाना मेमसाब क्या मस्त चुकी है आपकी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मन तो कर रहा आपको पूरी तरह नंगी करके आपकी दोनों चुकी को पकड़ कर चूस चूस कर सारा रस पि jaun..........bolte हुए गुज्जर मेरी चुकी को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.......

मई - plssssssssssssss चाचा छोड़िये नाआआ Aaaaaaaahhhhhhhhhhh haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy भट ज़ोर से दबाते हो आप....... aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa उफ्फ्फफ्फ्फ़ प्लसससससससस छोरो मुझे ......भट बेरहमी से दबा रहे हो aap.......ekdam जानवर हो चाचा आप....... Aaaaaaaahhhhhhhhhhh माआआआ plssssssssssssss धीरीईईए माआआआ Aaaaaaaahhhhhhhhhhh

चाचा मेरी चुकी को मसलते हुए बोले - आज आपकी ऐसी चुदाई करूँगा की आपको छूट सुयजा दूंगा छोड़ छोड़ kar....jab से आपकी गदरायी जवानी मैंने देखि है मेरा लुंड बैठ हे नहीं Raha......jab तक मेरा लुंड आपकी मस्तानी छूट में घुसेगा नहीं ये शांत नहीं होने wala.......bokar चाचा मेरी उभरी हुयी गांड में अपना खड़ा लुंड रगड़ने लगा........

मेरी धड़कन एकदम तेज़ हो गयी चाचा का मोटा तगड़ा लुंड मेरी उभरी हुयी गांड में घुसने को बेचैन हो रहा tha.....upar से चाचा मेरी सुडोल चुकी को बेरहमी से मसल रहे थे........

मेरी छूट गीली होने lagi.......mai इतना ज्यादा होर्नेय हो चुकी थी की मई न न करते हुए हे पलट कर चाचा के गले में अपना बहो का हार दाल कर उसके आँखों में देखते हुए बोली - Aaaaaaaahhhhhhhhhhh चाचा अआप भट बदमाश ho......yaha मई आपकी हेल्प करने आयी हु और आप मेरे साथ ऐसी गन्दी हरकत कर रहे ho...........bokkar मैंने अपना होंठ चाचा के होंठो के तरफ बढ़ा diya...........mai चाचा के काले होंठो को चूसने के लिए बेचैन thi.......lekin मई खुद पहल नहीं करना चाहती thi...........isliye मई बास उनके गार्डा. को सहलाते हुए अपना होंठ उनके होंठो के पास ले जाकर उनकी आँखों में लुस्टि नज़र से देख रही thi...............meri बड़ी बड़ी चुकी चाचा के छाती से रगड़ खा कर और ज्यादा टाइट हो रहे थे.......





मई समझ चुकी थी की चाचा बिना चोदे मुझे छोड़ने वाले नहीं hai......or यहाँ दूर दूर तक गेम देखने वाला व् कोई नहीं hai.......lekin मुझे क्या मालूम की चाचा ने पहले हे ज़ैद को कॉल करके बता दिया था की मई उसके घर का रही hu....zaid छुप कर देख रहा था.........

मई अपने होंठो को चाचा के होंठो के एकदम करीब ले gayi.....chacha ने जैसे हे अपना होंठ मेरे होंठ में रखना चाचा मैंने अपना होंठ पीछे कर liya......chacha तड़प uthe........fir से मैंने वही kiya....or फिर अपना होंठ हटा liya.........chacha को मई इतना तड़पा रही थी की चाचा मेरे सर को पकड़ कर अपने होंठो से मेरे होंठो को पकड़ कर बेतहाशा चूसने lage.........mai व् मदहोश होते हुए उनके होंठो को हल्का हल्का चूसने लगी.......... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ एक काले बुड्ढे का गन्दा होठ चूसते हुए मेरी छूट और ज्यादा गीली होने lagin.........chacha मेरी गांड को हल्का हल्का रब करने लगे मेरी होंठो को चूसते हुए.......





मैंने अपनी चुकी से दुपट्टा हटा दिया और ऊपर का कपडा सामने से हटा दिया जिससे मेरी चुकी उभर कर सामने आ gayi.....maine अंदर से जो कपडा पहना था उससे मेरी चुकी आधा से ज्यादा बहार निकली हुयी थी....

मैंने अपनी दोनों चुकी को दोनों हाथो से सहलाते हुए बोली - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ चाचा दबाओ न मेरी निगोड़ी चूचियों को..... हाआआययययययययय आपका हाथ कितना शख्त hai.........aaj इन्हे दबा दबा कर पूरा रस निचोड़ लो chacha.....bht तड़पाया है अपने वीडियो कॉल में अपना मोटा बड़ा लुंड दिखा दिखा kar.........aaj अपने मोठे लुंड से अपनी रुकसाना मेमसाब को इतना छोड़ो की बास मई निढाल हो जॉन.......

मई अब खुल कर रान्दीपना में आ चुकी thi.........kyu की मई पहले हे ज़ैद और उसके डॉट अजय से छुड़वा चुकी thi....isliye अब मई धीरे धीरे बेशरम बनने लगी thi.........mujhe तो बास अपनी छूट की प्यास बुझानी थी एक कोटे लुंड से......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेरी रानी रुकसाना इन कपड़ो को व् हटाओ न अपनी चुकी से......

मैंने अपने हे हाथो से अपने कपडे को चुकी से निचे कर diya.....ab मई सिर्फ ब्रा में चाचा के समाने कड़ी थी......





आआआआ आआआअह्ह्ह्ह मेमसाब क्या मस्त चुकी है apki......bolkar गुज्जर चाचा मेरी चुकी पर अपना मुँह रख diye.........mai तो जैसे तड़प हे uthi........mere मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी निकल गयी ....... Aaaaaaaahhhhhhhhhhh चचाआआआआ plssssssssssssss nhiiiiiiiiiiii Aaaaaaaahhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaa haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy..........

मई आज खुल कर मज़ा लेने आयी थी पहले से हे प्लानिंग karke......isliye आज चाचा को इतना तड़पना चाहती थी की वो मुझे जानवरो की तरह रगड़ कर chode...zara व् रहम न करे mujhpar........mai चाचा को धक्का देकर दूर कर di....or वही बगल में एक और रूम था वह भाग कर चली gayi.....Maine जैसे हे उस रूम को देखा मई दांग रह gayi....jhopdi के अंदर चाचा ने एक आलीशान रूम बना रखा tha.......samajhte हुए देर नहीं लगी की चाचा इसी रूम में सबको लेकर छोड़ते honge...........mai उस रोकने में जाकर एक पलंग पर बैठ के ज़ोर ज़ोर से साँस लेने lagi...........chacha व् मेरे पीछे पीछे रूम में aagaye.........or मेरे सामने एक सोफे पर बैठ gaye.........mai शमी हुयी बीएड पर बैठी लम्बी लम्बी साँस ले रही थी............





मई चाचा को देखते हुए एक अदा के साथ उस बीएड से उठ कर सोफे के तरफ बढ़ gayi......chacha मुझे अपनी तरफ अत देख कर एक हरामी मुस्कान देकर मुझे घूरने lage...........mai चाचा के थीं बगल में जाकर सोफे पर अपनी गांड ऊँची करके कुटिया के पोज़ में बैठ gayi....jaise मई खुद चाचा को छोड़ने का आमंत्रण दे रही हु........





आआआआ आआआअह्ह्ह्ह मेमसाब क्या कातिल अदा है आपकी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये गदराया हुआ गांड नकाब में और व् ज्यादा सेक्सी दिख रहा है........

मई सोफे पर एक छुडासी पोज़ में लेट गयी गांड ऊपर karke.....or गुज्जर चाचा को होर्नेय नज़रो से देखने lagi.......maine अपने चेहरे को नकाब से धक् लिया था..........





अअअअअअअ





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मई चाचा को देखते हुए एक अदा के साथ उस बीएड से उठ कर सोफे के तरफ बढ़ gayi......chacha मुझे अपनी तरफ अत देख कर एक हरामी मुस्कान देकर मुझे घूरने lage...........mai चाचा के थीं बगल में जाकर सोफे पर अपनी गांड ऊँची करके कुटिया के पोज़ में बैठ gayi....jaise मई खुद चाचा को छोड़ने का आमंत्रण दे रही हु........





आआआआ आआआअह्ह्ह्ह मेमसाब क्या कातिल अदा है आपकी..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ये गदराया हुआ गांड नकाब में और व् ज्यादा सेक्सी दिख रहा है........

मई सोफे पर एक छुडासी पोज़ में लेट गयी गांड ऊपर karke.....or गुज्जर चाचा को होर्नेय नज़रो से देखने lagi.......maine अपने चेहरे को नकाब से धक् लिया था.......... ट्रांसपेरेंट नकाब से मेरी गांड और व् ज्यादा छुडासी नज़र आ रही thi.......chacha मेरी गांड को घूरते हुए बोले.........

चाचा - रुकसाना मेमसाब आपकी गांड इतनी सेक्सी है की इस गांड को मेरे जैसा गधा का लुंड हे संतुस्ट कर पाएगा...........





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh मेमसाब मन तो कर रहा आपकी गांड को मई खा हे जॉन......

मई थोड़ा उठ कर इस तरह बैठ गयी की मेरी गांड का साइड व्यू चाचा को और ज्यादा गरम करने लगा.......

मई शरमाते हुए बोली - ये व् कोई खाने वाली चीज़ है चाचा.......

चाचा - यही तो एक खाने वाली चीज़ है memsaab......baki सब तो बेकार hai......iske सामने दुनिया की कोई व् चीज़ मज़ेदार कहा लगती hai........isme जब अपना गरम गरम थूक गिराऊंगा तब आपको पता चलेगा की ये खाने वाली चीज़ है की नहीं......

चाचा मेरी गांड को घूरते हुए अपने ज़बान को बहार निकल कर अपने थूक को टपकने laga....jise देख कर मई एकदम से होर्नेय होने लगी.......





Aaaaaaaahhhhhhhhhhh मेमसाब आपकी ये मस्तानी गांड देख कर मेरा लुंड पागल हो चूका hai.......ek बार अपने हाथ में लेकर इसे प्यार करो न plssssssssssssss......bolkar चाचा अपने लुंड को हाथ में पकड़ कर हिलने lage........chacha के हाथ में उसका हल्लावी लुंड को हिलता देख कर मेरी साँस फूलने lagi..........mai बिना पालक झपकाए उसके हल्लावी लुंड को हिलता हुआ देख कर पागल हुए जा रही थी ...मन तो कर रहा था की उनके लुंड को पकड़ कर अपने मुँह में भर lu....or बेतहाशा चूसने lagu.....mai अपने एक पेअर के ऊपर दूसरा पेअर चढ़ कर बैठ गयी और चाचा के लुंड को खा जाने वाली नज़रो से घूरने लगी........





चाचा मुझे इस तरह घूरता देख कर हरामी मुस्कान के साथ बोले .....कैसा लगा मेरी मेमसाब को मेरा हल्लावी lund......apke शोहर से 3 गुना बड़ा और 3 गुना मोटा है नाआआ.......

मई उनके लुंड को घूरने में इस कदर खो चुकी थी की मेरे मुँह से निकल गया ......ह्म्मम्म्म्म

जैसे हे मेरे मुँह से हम्म्म निकला मई सकपका कर बोली माँ मुझे नहीं मालूम.............

चाचा हरामी मुस्कान देते हुए बोले - एक बार आने कोमल हाथो से उसे पकड़ कर देखो आना मेमसाब......

मई शरमाते हुए ना में सर हिला दी.......

लेकिन मेरी नज़र तो चाचा के लुंड पर हे तिकी हुयी thi......chacha सामने अपना लुंड अपने हाथो में पकड़ कर हल्का हल्का सहलाते जा रहे थे और मेरी छूट पागल होती जा रही थी चाचा का लुंड देख kar.....na चाहते हुए व् मेरे पेअर आपस में रगड़ मारने लगे.......





मई बैठे बैठे हे बेचैन हो रही thi.....mere दिमाग में हवस ऐसा घर कर गया था की मेरी बेचैनी बढ़ती जा रही thi......mai अपने जगह पर हे बैठे बैठे बेचैनी में अपने पैरो को कभी इधर कभी उधर कर रही thi.......maine अपने नकाब को धीरे धीरे घुटनो तक उठा दिया tha...jisse मेरी गोरी गोरी पेअर भट ज्यादा सेक्सी नज़र आने लगे.......





लेकिन मेरे अंदर इतना ज्यादा आग भर चूका था की मई बेचैन थी अपने छूट को गर्मी को ठंडा करने के liye........chahe आज इस गधा जैसा लुंड से मेरी छूट फट हे क्यों न jaye....lekin मई आज इस हल्लावी लुंड को अपने गरम छूट में पूरा अंदर तक लेके rahungi....chahe जितना व् दर्द क्यों न हो....... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ सोच कर हे मेरी छूट कितनी गीली हो रही है..........





मई इतनी होर्नेय हो चुकी थी की मेरा जिस्म कामुकता की आग में जलने लगा tha.......mai अब धीरे धीरे खुद से हे अपना नकाब अपने पैरो से ऊपर करने lagi...........or कामुकता की वजह से अपने नकाब को थोड़ा ऊपर करके अपने नंगी जांघो को हल्का हल्का सहलाने लगी........





मेरी छूट इतना पानी छोर रही थी की मुझे बैठना मुश्किल होने laga.......meri पंतय चाप चाप कर रही thi......mai अपने छूट को खुजली सहन नहीं कर पा रही thi...or वही बैठे बैठे अपने गांड को इधर उधर करने लगी.......





Aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaahhhh मेमसाब थोड़ा और ऊपर करो न अपना नकाब...... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या चिकनी जांघें है apki....aisa लग रहा माखन है..........

मई चाचा की बात से और व् ज्यादा होर्नेय हो गयी और अपने नकाब को धीरे धीरे और ऊपर करते हुए अपनी चुकी पर हाथ ले जाकर हल्का हल्का अपनी चुकी को सहलाने लगी.......









मई अब बेकाबू को चुकी thi.....mai किसी व् तरह चाचा का लुंड छूना चाहती thi......maine अपनी नंगी पेअर को धीरे धीरे ऊपर करते हुए चाचा के लुंड के तरफ बढ़ा दिया........





लेकिन मेरा पेअर चकहा के लुंड तक नहीं पहुँच पा रही thi......chacha ने अपना हाथ बढ़ा कर जैसे हे मेरे नन्हे पेअर के तलवे को चुवा मेरे मुँह से एक लम्बी Aaaaaaaahhhhhhhhhhh निकल gayi.....aisa लगा जैसे चाचा ने मेरी छूट पर हाथ रख दिया हो......





मेरी बेचैनी और व् ज्यादा बढ़ gayi....mai अपने जंगजू को हल्का हल्का सहलाने लगी....

और फिर मेरा हाथ खुद बा खुद मेरी चुकी पर चले gaye.....maine अपने नकाब के सामने का बटन धीरे धीरे खोल diya.....ab मेरी ब्रा में कैद मेरी चुकी चाचा के सामने थी........







मैंने दोनों हाथो से अपनी चुकी को मसलते हुए चाचा को कामुकता भरी आँखों से देखने lagi....pr सिसकियाँ लेने लगी

...

आआआआ आआआअह्ह्ह्ह चाचा उफ्फ्फफ्फ्फ़ ये अपने क्या कर दिया है चाचा मेरे अंदर..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मेरे जिस्म की गर्मी बढाती जा रही है..... plssssssssssssssaaaa कुछ करो चचाआआआआ Aaaaaaaahhhhhhhhhhh वर्ण मई पागल हो जाउंगी..........







चाचा - मेरी जान रुकसाना डार्लिंग छूट को जितना तडपाओगी इतना हे ज्यादा छुड़वाने में मज़ा आएगा........

अपनी छूट को अपने हाथो से रब करो पंतय के ऊपर से......

मई चाचा को बात एक गुलाम की तरह फॉलो करने lagi.......maine बिलकुल वैसा हे Kiya.......maine अपने नकाब को पूरा कमर तक उठा लिया अब मेरी ब्लैक पंतय चाचा के आँखों के सामने थी.......





मई पंतय के ऊपर से हे अपनी छूट हल्का हल्का रब करते हुए अपने पेअर को चाचा के तरफ बढ़ा दी....

चाचा अब मेरे पेअर को अपने हाथो से सहलाने लगे.......

Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff एक बुड्ढे के सामने मई खुद से अपनी छूट सहला रही थी किसी रंडी की tarah.......lekin मेरे छूट की गर्मी इतनी बढ़ चुकी थी की मई सब कुछ भूल चुकी थी की मई एक बड़े घर की शरीफ औरत हु.......





इधर ज़ैद मेरी और चाचा की मंस बना रहा tha......or छोटे छोटे शार्ट वीडियो बना कर अपने हे अब्बू को फेसबुक पर भेज रहा tha......kyu की मेरा चेहरा ढाका हुआ था इसलिए शायद मेरे शोहर को पता नहीं चलेगा की वीडियो में कौन है......





इधर मेरे शोहर को इतना नोटिफिकेशन मिल रहा था की उसने अपना फेसबुक खोल कर जैसे हे चेक Kiya.......uska लुंड फनफनाने laga......zaid एक फेक ईद से मेरे शोहर मतलब अपने अब्बू को अपनी हे अम्मी का मंस भेज रहा tha.......zaid के दिमाग में क्या चल रहा था ये तो सिर्फ वही जनता tha.....or आगे आपलोग व् काम जाओगे......

मेरे शोहर ने मुझे एक बुड्ढे के साथ येसब करता देख कर पागल हो gaye.....unka लुंड पंत फाड़ कर बहार आने लगा........

मेरे शोहर मन में - उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ साली क्या माल है बहनचोद ......क्या गदराया जिस्म है इस रंडी का.......... उफ्फ्फफ्फ्फ़ इसका जिस्म मेरी बीवी रुकसाना के जैसी भरी हुयी है...... उफ्फ्फफ्फ्फ़ क्या गदराया गांड है iska......ye बुद्धा अपना गधा जैसा लुंड जब उसकी छूट में डालेगा तो ये रंडी मर्रे हे जाएगी.............

इधर मई जोश में अपनी छूट को बेतहाशा रब किये जा रही थी........ उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ इतना मज़ा आ रहा था एक बुड्ढे के सामने बैठ कर अपनी छूट को मसाने में..... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy इतना ज्यादा मज़ा तो मुझे आज तक छोड़ने में व् कभी नहीं आया था........





मई बार बार अपना पेअर उसके लुंड के तरफ बढ़ा रही थी......

चाचा व् अब बेकाबू होने lage.....usne मुझे इशारे से अपने तरफ बुलाया......





मई कबसे इस घडी का इंतज़ार कर रही thi.....maine फाटक सा अपने जगह से मूव किया और चाचा के लुंड के पास जाकर बैठ गयी......





और उसके लुंड को देखते हुए मई बेकाबू होने लगी..... ufffffffffffffffffffgfggffffffffff क्या मस्त लुंड है चाचा ka.....man में सोचते हुए मैंने अपना नकाब अपने चेहरे से ऊपर कर दिया और अपना मुँह हल्का सा उसके लुंड पर रख कर आना ज़बान बहार निकल कर उसके लुंड को चाटने लगी.....





मई चाचा को आँखों में मुस्कुरा कर देखते हुए उसके लुंड को हल्का हल्का चूसने लगी...





मई पागल हो चुकी थी मैंने उनके लुंड को बेतहाशा चूसने लगी.....







Ufffffffffffffffffffgfggffffffffff चाचा क्या मस्त लुंड है आपका... haaaaaaaaaaaaayyyyyyyyy कितना मोटा है आपका लुंड..... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हाआआययययययययय करते हुए मई उनका लुंड पूछ पूछ करके चूसने लगी.......

ज़ैद ने ये व् शार्ट वीडियो बना कर अपने अब्बू को भेज दिया लेकिन मेरे चहेरे को ब्लर कर diya....jisse मेरा चेहरा उनको दिखे नहीं.......



 
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