Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 4 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

आपने hi घर मई ये खेल देखने से उसे अब दर लग रहा था.. फिर वो खुद से कहते है..

आरती उस कमीने से देखने से पहले यहाँ से निकल नहीं तो ये कमीना कुछ न कुछ गन्दी हरकत करेगा.. हाँ निकलना पड़ेगा.. मई निकलती हु..

ऐसा सोचकर वो जाने को निकलती है.. और अंदर चली जाती है..

ये सब देखने के बाद आरती को बहुत अजीब लग रहा था .. वो घर मई आने के बाद डायरेक्ट आपने बैडरूम मई चली gayi..aur बीएड मई लेट गयी .. वो इस वक़्त साड़ी में थी… उसके नौकर नवाज़ ने एक लड़की के साथ उसके घर मई गन्दी हरकत करते हुई उसने देख लिया था और वो उसके नौकर को कुछ बोल भी नहीं पायी .. ये सब सोच के आरती का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था..

ये सब सोचते हुई उसकी आँख कब लग गयी उसे पता hi नहीं चला .. कुछ देर बाद दुर्बल बजती hai…tab सुबह के करीब 10:30 बजे होंगे … … आरती गहरी नींद मई थी इसलिए उसने 2-3 बार दुर्बल बजाये ..तब आँख मसलते हुई आरती उठ जाती hai..aarti अब बीएड से उतरती है और साड़ी का पल्लू ठीक करके बीएड पाई बैठ जाती है तब 2-3 बार दुर्बल बजती है ..

तब आरती कहती है ..

लगता है इतने लेट कामचोर आ गए है...

आ रही हु बा

ऐस कह के मैं दूर की तरफ चली जाती है .. और आरती मुस्कुराते हुई दरवाजा खोलती है और सामने नवाज़ को देखती है तो चौंक जाती है और वही नवाज़ जब आरती को देखता है तब उसकी आँखे फटी की फटी रह जाती है .. और वो उसे देखता रहता है ..आरती भी नवाज़ के आँखों मई देखती रहती hai.nawaz अब थोड़ा आगे आता है आरती के पास और आरती को अपने स्टाइल पे अदब कहता है .. नवाज़ के ये सब अचानक करने से आरती भी उसे अदब कहती है ..एक्चुअली उसे नहीं पता था दूर पाई नवाज़ होगा ..उसके सामने देखने से और उसके अदब करने से आरती चौंक गयी थी ..नवाज़ के अदब करने से क्या किया जय ये समाज मई उसके नहीं आया उसके लिए उसने हलकी सी स्माइल देखे उसको अदब कहा और साइड हो गए ..तब नवाज़ कहता है

अभी उठ रही हो क्या मैडम जी

आरती गुस्से वाली नज़रो से देखते हुई नवाज़ को घूरने lagi......aur कहती है

सुबह hi उठी हु ..पर अब आँख लगी थी

तब नवाज़ घर के अंदर आ गया .और आरती आपने बैडरूम मई जाने लगाती है ..

आरती अपनी कमर मटकते हुई आपने बैडरूम की तरफ चल रही थी और उसकी गोरी मखमली पीठ और सेक्सी मुलायम गांड नवाज़ देख रहा था ..नवाज़ आरती की नंगी पीठ और कमर देखता हे रह जाता है... उसका मन कर रहा था की जाके उसको पीछे से जहापात ले .. पर वो खुद को कण्ट्रोल कर देता है ..तभी नीता आ जाती है और किचन की तरफ जाने लगाती है ..नवाज़ भी उसके पीछे पीछे चला जाता है ..

फिर इधर आरती नाहा लेती है और रेडी होती hai......aur एक सेक्सी से साड़ी निकल के पहनती hai..Blouse उसका बहुत छोटा सा था और आरती के मुलायम गूरे बदन को साफ़ दर्शा रहा था … पीछे से ब्लाउज बैकलेस tha..aur साड़ी कमर के नीचे थी... जिससे उसके पतली गोरी कमर साफ़ साफ़ दिख रही थी ..... चेहरे पे वो हल्का सा make-up कर लेती है एंड हमेशा की तरह रेड ग्लॉसी लिपस्टिक लगा लेती है जो की उसके खूबसूरत चेहरे को और जयदा खूबसूरत बना रही थी.... शरीर पे खुसबूदार परफ्यूम छिड़क कर वो रेडी हो जाती hai.......aur बहार आ जाती है ..





आज आरती और भी जयदा सेक्सी लग रही थी .. किसी भी मर्द का कतल कर सकती थी आज आरती अपने कातिल लुक्स और अदाओ के साथ....

पर आरती ने ये सब किस के लिए किया था ..एक नौकर के लिए जो उसके माइड का आशिक़ है और जिसे आज उसने किसी और लड़की के साथ किश करते हुई देखा था उसके लिए ..जो उसके स्टैण्डर्ड के आस पास कही भी फिट नहीं बैठता .... जो की बेहद जयदा गन्दा और बदसूरत है.... क्या आरती ये सब एक नौकर को तैसे करने के लिए कर रही थी.... या नहीं..

आरती रेडी होकर किचन के तरफ जाने लगी तब अंदर का नज़ारा देख के वो वही रुख जाती है ..अंदर नवाज़ और नीता का किश चल रहा था





और आरती वो देखे जा रही थी ..





तभी उसके पति अरविन्द का कॉल अत hai...tab आरती झट से दूर से हटकर हाल की तरफ जाती है और इधर ये दोनों किश 💋 तोड़ देते है

Hello

अरविन्द बस कुछ दिन थोड़ा एडजस्ट कर लो प्लीज...

है अरविन्द जी कोई बात नहीं

है….
 
ठीक है मई रखता हु

ऐसा बोल के अरविन्द जैसे hi कॉल रखता है वैसे hi वह हॉल मई उसके ससुर आते है

बीटा वो नवाज़ से उप्पर के कमरे की साफ़ सफाई करवा लेना

है पापा जी अभी करवा लेती हु

ऐसा बोल के वो किचन में चली जाती hai.waha नीता इस वक़्त वाशबेसिन मई कुछ काम कर रही thi..aur नवाज़ नीता के पास खड़ा था.. आरती वह जाते hi आरती जरा नखरा करते हुई उसे देखते है.. जैसे की वो गुस्सा है ऐसा दिखते है..

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ारे तुम yaha..itane जल्दी तो तुम्हारी महारानी ने नाश्ता नहीं बनाया होगा .. बनाया है क्या तूने नीता नाश्ता

तब नीता कहती है

नहीं दीदी

मैंने बोलै था न नाश्ता अभी बनाया नहीं होगा ..

तब नवाज़ कहता है..

मई नाश्ते के लिए यहाँ नहीं आया हु

तो क्या नीता से दूर तुजसे रहा नहीं जा रहा है..

आरती के ऐसे कहने से नीता शर्मा जाते है..

देख तेरे ऐसे कहने से तेरे माशूका कैसे शर्मा रही है..

मेमसाब आप भी न..

मई भी क्या..

मई उस के यहाँ आने से नहीं शर्मा रही हु

तो

आप के ऐसे कहने से ..

ऐसा कह कर फिर से शर्मा जाती है..

मतलब तू भी चाहती है वो यहाँ आये.. आग दोनों की तरफ बराबर लगे है.. नीता तू चाहे तो मई किचन से चली जाऊ.. मई तुम्हारे बीच मई कबाब मई हड्डी क्यों बनु
 
मतलब तू भी चाहती है वो यहाँ आये.. आग दोनों की तरफ बराबर लगे है.. नीता तू चाहे तो मई किचन से चली जाऊ.. मई तुम्हारे बीच मई कबाब मई हड्डी क्यों बनु..

ऐसा कहकर वो उन दोनों के पास चली जाती है .. और नवाज़ और नीता के बीच आरती जेक कड़ी हो जाती है..

आरती के ऐसे कहने से और उन्दोनो के बीच खड़े होने की वजह से नवाज़ उसकी तरफ ाआचर्य से देखता है और नीता नीचे गर्दन करके हाँ कहती है.. नीता का इशारा समजाज कर आरती कहती है..

क्या हाँ कह रही है नीता.. मई नहीं जा रही मेरे किचन मई से .. ( नखरा करते हुई कहते है) यहाँ बहुत सारा काम पड़ा है.. मेरे जाने के बाद वो कोण करेगा.. और वैसे भी मई काम नहीं होता तो भी नहीं जाती..

तब नाकज आरती की तरफ देखते हुई कहता है..

वो क्यों

तब आरती नाकज की तरफ देखते हुई कहते है

मेरे जाने के बाद अगर तुमने यहाँ ऐसे वैसे हरकत की और मेरा किचन ख़राब किया तो

तब झट से नीता कहते है..

हे भगवन!! Didi..mai क्या ऐसे वैसे औरत हु क्या दीदी.. आप ने कैसे ऐसे सोचा दीदी.. मई ऐसा वैसा काम किचन मई कैसे करूंगी.. मई तो सिर्फ उससे बाते करना चाहती थी दीदी..

तब जरा se..halki सी हसी आपने चहरे पर लेट हुई आरती कहती है..

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तेरा ठीक है.. तू ऐसे वैसे हरकत नहीं करेंगे इस किचन मई मुझे पता है.. पर इसका क्या???

नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है.. तब नवाज़ भी उसको देखते हुई कहता है..

मेरा क्या मेमसाब.. मई भी क्यों करूँगा ऐसे वैसे हरकत.. मई भी एक अच्छे घर से हु.. मुझे देख के आप को लगता है क्या मई ऐसे हरकत करनेवाला लड़का हु..

तब आरती शरमाते हुई नीचे गर्दन करते हुई कहते है..

मर्द लोगो को तो ऐसा चांस चाहिए होता है.. वह फिर सुरु हो जाते है.. इसलिए मैंने कहा..

मई वैसा मर्द नहीं हु मेमसाब..

तब उसके आँखों मई देखते है आरती .. उसके ऐसे देखने से लग रहा था वो उसको जैसे पूछ रही है.. फिर कैसे मर्द है.. आरती के ऐसे देखने से नवाज़ भी उसे देखने लगा.. तब आरती अपनी गर्दन घुमा के कहने लगे..

फिर यहाँ क्यों आये थे..

हाथ धुनें..

मैंने थो कहा था न तुम नाश्ता बना नहीं है और बनाने मई अब वक़्त है..

वो मुझे पता था.. और आपने कहा था ये मुझे याद भी था

तब गर्दन घुमाके आरती उसकी और देखते हुई कहती है..

फिर भी आये..

मेमसाब सुबह मैंने गर्दन मई थोड़ा काम किया था ..उस वजह से मेरे हाथ गंदे हुई थे .. मई सीधा वह से यही आया हु.. थो हाथ को मीठे और दूसरा कचरा लगा था. तो मैंने सोचा नाश्ते से पहले थोड़ा आपने हाथ ठीक से धोया जय..

तब आपने कातिल हसे के साथ थोड़ा नखरा करते हुई वो कहते है..

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इतना साफ़ सुतरे रहते हो क्या

मुझे देख के पता नहीं चलता क्या

हाँ हाँ पता चलता है..

नखरा करते हुई कहते है..

दिख रहा है कितना साफ़ सुतरे रहते हो.. शर्ट को देख के ऐसा लग रहा है.. महीनो से इसे धोया hi नहीं है..

और उलटी आ जाये ऐसा मू करती है..

अब क्या करे मेमसाब.. आपकी माइड मेरा कपडा धोती hi नहीं है..

तब नीता गुस्से से नवाज़ की तरफ देखते है.. नीता कुछ बोले उससे से पहले आरती नीता को कहते है..

क्यों ree..kyon नहीं ढुठी तेरे यार के कपडे.. इतना ाचा खासा तुजे आशिक़ मिला है.. उसके रोज कपडे धोयेंगे तो वो और स्मार्ट दिखेगा.. और अच्छा दिखेगा..

आरती के आपने बारे मई ऐसा कहने से नवाज़ बहुत कुश हो गया था..

हाँ मेमसाब अब से धो ढुङ्गे..

चाहे तो मशीन मई धो दे..

हाँ मेमसाब

तब नवाज़ कहता है

मेमसाब वो हाँ तो मुझे हरबार बोलते है पर धोती नहीं है..

तब नवाज़ की तरफ नीता थोड़े से गुस्से से देखते है..

कैसे नहीं धोयेंगे.. उसने नहीं धोये चामरे कपडे तो मई हु न..

नीता ने नहीं धोये मेरे कपडे तो क्या आप धो ढोगे..

नवाज़ ने एक पैसा फेक के देखा..

है ढैय्या.. मई क्यों ढोँगी..

ऐसा थोड़े नखरे से कहती है..

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तुम क्या मेरे आशिके हो क्या जो मई तुम्हारे कपडे दू.. मई तुम्हारे थोड़े हेल्प करना च रही थी तो तुम मेरे hi पीछे पद गए..

तब नीता हस्ते है..

ये ऐसा hi है दीदी

नहीं नहीं मेमसाब.. मेरे कहने का वो मतलब नहीं था..

तब नखरा करते हुई आरती कहते है..

तो तुम्हारे कहने का क्या मतलब था..

आरती का नखरा देखते हुई नवाज़ उसे बाटली मई उतरना च रहा था..

मई कैसा आपका आशिके बन सकता हु मेमसाब.. आप इतने hasin..aap इतने beautiful..aap इतने सुन्दर...

तब आरती आपने प्यारे से हसे के साथ कहती हाउ..

जरा ज्यादा hi तारीफ हो gaye..mere..nahi न नवाज..

नहीं न मेमसाब.. जो है वही बोल रहा हु.. मेमसाब.. आप इतने hasin..aap इतने beautiful..aap इतने सुन्दर... भला मई कैसा आप का आशिके बन सकता हु.. और आप मेरे माशूका... कैसे बन सकते हो..

आरती समाज गए की नाकज क्या कहना चाहता है.. कैसे उस पर लाइन मरने की कोशिश कर रहा है.. तब वो नीता की तरफ देखते हुई कहते है..

देख रही हो नीता.. तेरा ये प्यारा सा.. हसीं.. हैंडसम.. स्मार्ट आशिके.. मेरे से फ़्लर्ट कर रहा है.. वो भी तेरे सामने.. तेरे सामने वो ये सब कर रहा है तो तेरे पीछे क्या करता होगा..

ये कहते हुई नवाज़ की तरफ हस्ते हुई देखने लगे . आरती के ऐसे कहने से नीता गुस्से से नाकज की तरफ देखती है..

ये क्या है नवाज़.. तुम और दीदी के साथ फ्लेर्टिंग..

उन दोनों के बीच जगदा सुरु हुआ तो आरती कुश हो गए..

नहीं नहीं नीता

फ्लेर्टिंग नहीं तो क्या मेरे पाई लाइन मार रहे थे क्या...

ऐसे कहते hi वो जान गए की वो जल्दबाज़ी मई क्या कह गए.. और मैंने ये क्या कह दिया ऐसा आपने निचले वाला होठ चबाते हुई सोचने लगे.. जैसे hi आरती ने ये कह दिया तो नवाज़ समाज गया की मेमसाब के दिल मई क्या है.. वो जान गया की आरती को लग रहा है की मई उसपे लाइन मार रहा हु.. तब वो झट से कहता है..

मेरे प्यारे नीता रानी मई कैसे आरती मेमसाब पाई लाइन मार सकता हु.. मैडम ने जैसे hi कहा की तुमने नहीं धोया तो मई हु न.. तो मुझे लगा की तूने नहीं धोया तो मेमसाब धो देंगे.. बस इतना hi..

अच्छा.. ऐसा क्या..

हाँ मेमसाब..

मेरे कहने का वो मतलब नहीं था.. मई तो बस इतना कहना चाहती थी की नीता ने अगर तुम्हारे कपडे अच्छे से नहीं धोये तो मई धोने को उसे बोलूंगी.. बस इतना hi..

ऐसा क्या,. मई तो कुछ और hi..

तुम तो कुछ और hi समजे न

हाँ मेमसाब..

मुझे लगा मेमसाब

बस बस अब ज्यादा बाते मत बनाओ.. और चुपचाप वह बेसिन मई जेक आपने हाथ धो दो.. कुछ hi समय मई नास्ता बन जायेगा.. नाश्ता बनाने के बाद नीता तुजे नाश्ता दे देंगे..

बहुत ाचा मेमसाब..

नवाज़ के ऐसे कहने के बाद आरती गम गए और फिर आरती नीचे गर्दन करके आपने काम करने लगे ..उसकी पीठ नवाज़ की तरफ थी.. नवाज़ वैसे hi खड़ा tha..aabhi तक वो वाश बेसिन की तरफ नहीं मुदा था.. उसके सामने आरती की पीट थी.. नवाज़ कुछ सोच रहा था तभी उसकी नज़र आरती के सेक्सी एंड ब्यूटीफुल पिट पर गए..





आज पहली बार उसने आरती की गोर पीठ इतने नज़दीक से देखि थी.. उसके गोर पिट से नवाज़ की नज़र हैट नहीं पा रही थी.. उसने बाल सामने किया हुई थे इस वजह से उसकी गर्दन बहुत hi सेक्सी लग रही थी..

उसकी गोर गोर पिट लागबहग नंगी hi थी.. ब्लाउज उसके आड़े से ज्यादा पिट को देख नहीं पाया tah..aab नवाज़ आरती के पीठ के साथ उसका पूरा अंग देखने लगा ..उसे काम करते हुए देख उसकी उठी हुयी गांड और उसके पिट को देखने लगा ..उसकी गोरी गोरी पीठ देख कर उसका कला सांप फनफना रहा tha...uske हाथ आरती की पिट की तरफ जाने लगते हैं तभी आरती पलट जाती है तब नवाज़ तुरंत अपना हाथ पीछे कर लेता है....
 
उसकी गोर गोर पिट लागबहग नंगी hi थी.. ब्लाउज उसके आड़े से ज्यादा पिट को देख नहीं पाया tah..aab नवाज़ आरती के पीठ के साथ उसका पूरा अंग देखने लगा ..उसे काम करते हुए देख उसकी उठी हुयी गांड और उसके पिट को देखने लगा ..उसकी गोरी गोरी पीठ देख कर उसका कला सांप फनफना रहा tha...uske हाथ आरती की पिट की तरफ जाने लगते हैं तभी आरती पलट जाती है तब नवाज़ तुरंत अपना हाथ पीछे कर लेता है....

उसके पलटने से नवाज़ एकदम से हडबबा जाता hai.....tab आरती अपनी सेक्सी अदा के साथ मुस्क़ुअते हुए नवाज़ के आखो मई देखती है...





जो की नवाज़ को दीवाना बनाने के लिए काफी था...

क्या देख रहे थे

कुछ नहीं ..

फिर आरती को देखते हुई कहता है

वैसे मैडम जी आप इस साडी मई बहुत खूबसूरत लग रही हो

तब नीता की और देखते हुई कहते है

बता दू क्या नीता को

उसको क्या बताने की क्या जरुरत है ..ये तो हम दोनों के बीच का मामला है

तब स्माइल करते हुई कहते है

अच्छा .. हमारे दोनों के बीच का मामला

हां मैडम जी

तब उसकी और जरा गुस्से से देखते हुई कहते है



शर्म नहीं आते क्या तुम .. आपने माशूका के होते हुई मुझे कह रहे हो आपने दोनों के बीच का मामला है

तभी बहार से हाल मई से शेठ जी कहते है

नीता जरा बहार आना

हाँ शेठ जी

कहते हुई नीता बहार चली जाती है

अब तो मेरे माशूका भी नहीं है यहाँ

ये बात नवाज़ आरती को ऊपर से निचे तक देखते हुई बोलता है ...तब गुस्से से आरती नवाज़ को देखते है





और उसे बिना कुछ बोले पलट के उप्पर के साइड एक कप्बोर्ड था उसमे से कुछ निकलने लगाती है वो कोशिश पूरी कर रही थी लेकिन उसका हाथ वह तक नहीं पोहंच रहा tha....wo नवाज़ देख रहा था ....उसके दिमाग में फ़ौरन कुछ अत है और वो जल्दी से आरती के पास पोहंच जाता है.... आरती ने अभी तक देखा नहीं था के नवाज़ उसके नज़दीक आ चूका हैं....

मैडम जी मैं निकल देता हूँ .... क्या निकलना है??

नवाज़ के आवाज़ से आरती पीछे घूमने की कोशिश करने का सोचती है लेकिन तभी उसे अहसास होता है के नवाज़ उसके एकदम पीछे खड़ा hain...aarti को थोड़ा अजीब लगता हैं लेकिन वो कुछ नहीं बोलती… क्यों नहीं बोलती उसे भी पता नहीं tha..aisa नहीं था के उसे बुरा लगा था लेकिन थोड़ा अजीब ज़रूर लगा था.... फिर वो गर्दन घुमा के नवाज़ को देखने लगाती है..





कोई जरुरत नहीं है

कैसे कोई जरुरत नहीं मैडम जी . हमारी मैडम परेशां है और हम कुछ न करे ऐसे कैसे हो सकता है

ऐसा बोल के धीरे से आरती के पीछे हल्का सा सात कर खड़ा होजाता है ...
 
थैंक्यू एवरीवन फॉर योर लवली सपोर्ट..
 
कैसे कोई जरुरत नहीं मैडम जी . हमारी मैडम परेशां है और हम कुछ न करे ऐसे कैसे हो सकता है

ऐसा बोल के धीरे से आरती के पीछे हल्का सा सात कर खड़ा होजाता है ..आरती अभी भी वैसे hi कड़ी हुई थी …नवाज़ के ऐसे कहने पर उसने कुछ नहीं कहा .. नवाज़ वैसे hi खड़े होक पीछे से आरती के जिस्म का शेप देख रहा था….





वो आरती के बदन से आने वाली महक को सूंघने लगता hai….aarti के इतने करीब खड़े होने पर नवाज़ से कण्ट्रोल नहीं हो रहा था…

इतनी जवान शादीशुदा ाव्रत को अपने इतने करीब पाकर कोई भी अपना आप खो देगा लेकिन नवाज़ जनता था एक गलती और पूरा काम बिगड़ जायेगा…

आरती बिना कुछ बोले आपने दोनों हाथ थोड़ा और उप्पर करती है ..





कप्बोर्ड की तरफ ..पर उसका हाट नहीं पहुँच पा रहा था ..

मैडम जी आप क्यों कर रही हो हमें बता दीजिये .. हम काम बिलकुल अछि तरह से करेंगे .. शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगा… आप फ़िक्र मत कीजिए

आरती इतने देर बाद पहली बार गर्दन घुमा के नवाज़ की और देखते है और वो भी स्माइल करती हुई ...





उसके स्माइल से नवाज़ का हौसला बाद गया .. वो आगे कुछ और बोलता उससे पहले hi आरती कहती है

ठीक है.. जेक नीता hi हेल्प कर लेना

उसकी भी कर लूंगा पर पहले आपने मालकिन मैडम जी के हेल्प करने पड़ेगे न

तब जरा नखरे से कहती है

कोई जरुरत नहीं है

ऐसा कह के आपने गर्दन आगे की और घुमा लेते है और आपने हाट थोड़े और उप्पर करती है .. उसने स्लीवलेस ब्लाउज पहना था इस वजह से उसके नंगे बहे वो देखने लगा .. बहो के साथ उसके ारम्पित पर उसकी नज़र गए ..वह हलके हलके बाल थे .. वो देख के नवाज़ खुश हो गया ..

आरती ने पेअर उप्पर किये फिर भी हाट नहीं पहुँच रहे थे ये जानकर उसे आपने पेअर थोड़े उप्पर करने पड़े .. मतलब वो तोए पाई कड़ी होती है ..

बता भी दीजिये मैडम जी .. क्या निकलना है

तब जरा गुस्से से आरती कहते है जरा जोर से.. उसकी और देखते हुई..





ऊपर एक डिब्बा है…

वो निकलना है क्या

तब वो थोड़ा धीरे से बोलती है….

हाँ

ठीक है मई निकल लेता हु

ऐसा बोल के नवाज़ अपना हाथ ऊपर करता है … कप्बोर्ड की तरफ .. हालाँकि वो आसानी से कप्बोर्ड से वो डिब्बा निकल सकता था लेकिन वो जानबूझ कर जल्दी वो डिब्बा नहीं निकलना छठा तह .. ताकि आरती से थोड़ा चिपकने का टाइम mile....isliye वो देरी कर रहा था .. इधर उसने हाट उसके हाट के बाजु से hi उप्पर किया था इसवजह से आरती शर्माकर नीचे देखने लगी

अब उसका हाट कप्बोर्ड तक पहुंचा तब उसने कहा

ये डिब्बा क्या मैडम जी

तब आरती आपने गर्दन थोड़ी उप्पर करती है तब उसको नवाज़ के आर्मपिट्स के बदबू आती है इसलिए वो एक हाट आपने नाम को लगाके नाक बंद करने की कोशिश करते है ताकि वो बदबू न आये .. वो गर्दन निचे करते हुई कहते है

नहीं

तब नवाज़ आपने पेअर थोड़ा उप्पर करता है ..इस वजह से वो पीछे से आरती को थोड़ा टच होकर खड़ा हो जाता है .... अब पहली बार नवाज़ आरती से टच हुआ था .. उसने जैसे hi आरती को टच किया तब उसे बहुत बड़ा झटका लगा.. आरती के शरीर में बिजली सी गुज़रती है …… वो वैसे hi थोड़े आगे होते है .. थोड़ी देर वैसे hi कड़ी रहती है…

तब नवाज़ कहता है

ये क्या मैडम जी

बिना उप्पर देखे आरती कहती है

नहीं

तब कप्बोर्ड मई अंदर हाट डालने का बहाना बनता है .. इसलिए वो आपने पैरो के तोए पाई खड़ा होता है और कहता है

मैडम उप्पर देखिये न ये है क्या डिब्बा

उप्पर देखने के लिए वो जैसे hi आपने गर्दन उप्पर करती है तब उसे कुछ नहीं दिखता तब आरती कहती है

कोनसा डिब्बा .. मुझे कुछ नहीं दिख रहा है

तब नवाज़ कहता है

वह से कैसे दिखेगा मैडम जी जरा तोए पाई खड़े हो जायेगे तब दिखेगा

तब आरती वैसे hi करती है .. जैसे hi वो तोए पाई कड़ी होते है वैसे hi उसके गांड थोड़ा पीछे को हो जाती है वैसे hi नवाज़ के पंत मई बने हुई लौड़े के तम्बू से आरती की गांड टच होती है वैसे hi वो नवाज़ को पीछे धकेल देती है और बाजु हो जाती है

क्या हुआ मैडम जी

तब आरती नवाज़ को देखने लगाती है





पर कहते कुछ नहीं है.. वो थोड़ी देर वैसे hi कड़ी रहती hai…aur नवाज़ को देखते हुई मन में कहती है

मेरे पीछे कुछ तो लगा .... मुझे अजीब सा अहसास क्यों हुआ ....क्या उसका वो था .. क्या इसने जांभोज कर. .. ये तो मेरे मदद कर रहा था.. ये कितनी हेल्पिंग नेचर वाला है ..और मैं भी क्या सोचे जा रही hun….muje कुछ भी समझ नहीं आ रहा है…

इधर नवाज़ आरती को देखते हुई मन में कहता है

सससससस साला क्या गांड है िस्किई ..... क्या मज़ा आया मेरे लौड़े को इसकी गांड छू karrrr....kuch तोह करना होगा इस मुर्गी को अपने निचे लेन के लिए …

यही सब सोचते हुई नवाज़ कहता है

आप क्यों हैट गयी मैडम जी .. कितना अच्छा

वो कुछ बोलता उससे पहले hi आरती कहती है

क्या

नवाज़ को आरती के इतने नज़दीक खड़े होने से बहोत अच्छा महसूस हो रहा था और उतेजिना भी बढ़ रहे थे uski….wahi वो बोलने वाला था की आरती ने उसे रोक दिया ..
 
यही सब सोचते हुई नवाज़ कहता है

आप क्यों हैट गयी मैडम जी .. कितना अच्छा

वो कुछ बोलता उससे पहले hi आरती कहती है

क्या

नवाज़ को आरती के इतने नज़दीक खड़े होने से बहोत अच्छा महसूस हो रहा था और उतेजिना भी बढ़ रहे थे uski….wahi वो बोलने वाला था की आरती ने उसे रोक दिया ..

तब उसे वार्निंग देते हुई आरती कहती है





ज्यादा होशियारी मत करना नवाज़ . ..नहीं तो

आरती के इस रूप को देख के नवाज़ के सर से सेक्स का नशा उतर चूका था . तब उसको पता चला की उसने क्या किया है ..आपने से जल्दबाज़ी हुई है .. ये लाइन पाई अभी तक नहीं आयी है ये नवाज़ जान गया ...फिर उसने मन मई कहा -

ये मेने क्या कर दिया.. मैंने इस माल के साथ क्या कर दिया .. इसने अगर शेठ जी को या छोटे मालिक को बोल दिया तो मेरा क्या होगा . मार मिलेंगे .. नौकरी चली जाएगी और साथ मई इतना अच्छा माल छोड़ने को मिल सकता था वो भी चला जायेगा .. नवाज़ सोच कुछ नहीं तो मामला बिगड़ जायेगा ..

आरती अभी भी उसको गुस्से से देख रही थी..





ये देखकर नवाज़ तोड़ी हिम्मत जूता कर बोलै

मैडम जी वो मैं... वो....

वो..

वो वो क्या लगा रखा है.. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई

वो मैडम जी मैंने जानभूझकर नहीं किया वो गलती से हो गया . वो डिब्बा थोड़ा अंदर था इस वजह से हुआ

तब गुस्से से आरती कहते है

भाड़ मई जाओ तुम

ऐसा कह के आरती वह से चली जाती है .. और आरती अपने बैडरूम जाकर धड़ाम से बीएड पर गिर जाती है





और अपनी सांसों को नियंत्रण करने लगती hai....apni ऑंखें बंद किये हुई ..

ahhhhhh.....yeee मुजीब क्या होरहा ही अह्हह्ह्ह्ह….

एक खूबसूरत जवान ाव्रत एक बदसूरत काळा नौकर के टच से गरम हो रही थी.. आरती मन में कहते है

मुझे क्या हो रहा है ye....ye मैं क्या कर रही हु …पहले कभी ऐसा नहीं किया मैंने .. पर आरती पहले किसीने भी तुम्हारे साथ ऐसा नहीं किया .. इतना चिपक के कोई खड़ा भी नहीं हुआ .. ...और उसका wo....he भगवन ये मैं क्या सोच रही हु !!!! लेकिननं ...

तभी उसके संस्कार उसे वो सब सोचने से रोकते हैं ….फिर भी उसके दीमक मई नवाज़ आ hi रहा था ..उसे खुद पर शर्म आ रही थी के आखिर वो ऐसा कैसे कर सकती है .. वो भी एक नौकर के साथ .. वो आपने पति से बोहत प्यार करती थी ….

इधर आरती के जाते hi नवाज़ डरने लगा .. उसे दर लगाने लगा की कही वो उसके पति को कॉल करके सब बता न दे या आपने ससुर को बोल न दे .. इसी दर से वो भी किचन से बहार निकला .. और हाल मैं पहुंच कर देखने लगा की आरती कहा गई... पर उसे आरती नहीं दिखी .. तो वो बहार जाता है गर्दन मई .. तब उसे वो वह भी नहीं दिखी ..

फिर वो वह से अंदर आने hi वाला था की उसे मैं गेट से आरती का ससुर घर आता हुआ dikha...wo अंदर जाने वाला था तब नवाज़ को शेठजी आवाज़ लगते है .. तब नवाज़ दर जाता है ..

इधर बीएड पर पड़ी हुई आरती अब तड़प रही thi....jaise मछली बिन जल के तड़पती है ठीक उसी तरह से .... आरती आपने बीएड पाई पड़ी थी





उसके चहरे पर स्माइल 😊 थी .. पता नहीं क्यों थी पर थी .. उसकी साडी उसके घुटने तक आयी थी और उसके छाती पर का साडी का पल्लू हैट चूका था और उसने आपने एक पेअर ऊपर उतके रखा था इस वजह से अगर कोई इस वक़्त दूर पाई खड़ा होता तो उसके झांग उसे दिखाए देते उसके पेअर उप्पर करने से और हुआ भी वैसे hi

इस वक़्त दूर पाई नवाज़ खड़ा था और अंदर का सेक्सी नज़ारा देख रहा था.. उसके पेअर उप्पर करने से आरती की सेक्सी थेइ नवाज़ को दिख जाती है.. आरती को अब तक ये पता नहीं था .. जलबाद बाज़ी मई कहे या नवाज़ के विचार मई से कहिये आरती आज आपने बैडरूम का दूर बंद करना भूल गयी थी और इसका फायदा नवाज़ को मिल रहा था.. तब दूर पाई खड़े होक नवाज़ कहता है

मैडम जीईई....

उसके आवाज़ से आरती होश में आकर उठ के बैठ जाती है..





नवाज़ देख रहा है देख के शर्मा के निचे देखने लगाती है.. वो थोड़ा हैरान होती है के नवाज़ इस वक़्त बैडरूम के बहार क्या कर रहा हैं... आरती जल्दी से खुद को ठीक करती है और दूर के तरफ देखने लगाती है.. गुस्से से और बोलती है नवाज़ को ..

लाज शर्म नहीं है क्या कुछ भी.. जाओ यहाँ से

तभी नवाज़ कहता है

मैडम जी शेठजी आपको बहार बुला रहे है ..उनको कोई फाइल नहीं मिल रहे है .. एक्चुअली मैडम जी छोटे मालिक के काम की एक फाइल उन नहीं मिल रही है .. छोटे मालिक ने आप को भी कॉल कर रहे थे पर आप का मोबाइल किचन मई hi आप भूल आ गयी थी

ऐसा कह के नवाज़ बैडरूम मई आकर आरती के नज़दीक आके खड़ा हो जाता है.. वो अभी भी बैडरूम मई आपने बीएड पर बैठी थी और नवाज़ उसके पास जेक खड़ा हो जाता hai….tab आरती नवाज़ के तरफ देखती है....





उसके आँखों मई एक तड़प थी .. एक नशा था .. वो नवाज़ को पागल करने के लिए काफी था . नवाज़ के तरफ आरती के ऐसे देखने के बाद नवाज़ आरती के तरफ मोबाइल आगे करते हुई कहता है

मैडम जी ये मोबाइल किचन मई hi आप भूल गयी थी....

ओह्ह jii…dedo मुझे

आरती ने पहले बार नवाज़ को जी कहा था .. तब नवाज़ आरती के तरफ मोबाइल आगे बढ़ाता है तब मोबाइल लेने के लिए आरती हाथ आगे बढाती है तो गलती से इसबार उसकी उँगलियाँ नवाज़ की बड़ी उँगलियों से टच होती है .. इस से आरती को झटका सा लगता है....

वो अब मोबाइल ले लेती है और कहती है ....

शुक्रिया

कहके बिना कुछ बोले आरती बीएड से निचे उतर जाती है .. गर्दन घुमा के नवाज़ को देखते है





उसका सेक्सी लुक देख के नवाज़ उसे कहता है

जी मैडम

तब आरती कहती है

कुछ नहीं

तब नवाज़ पलट जाता है और बहार चला जाता hai…aur आरती वाशरूम मई चली जाती है….

वाशरूम मई जाते hi अदा के साथ आरती कहते है





ओह्ह्ह्हह गुड्ड़ ये क्या हो रहा है मुझे .. मई ऐसे क्यों पेश आ रही हु नवाज़ के साथ.. उसके नज़दीक आते hi पता नहीं मुझे क्या हो जाता है.. उसपे का गुस्सा पता नहीं कहा चला जाता है.. मई क्यों खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पा रही हु .. ऐसा हुआ तो मेरा क्या होगा

ये कहते हुई आरती सोच में दुब जाती है....

नवाज़ कब से आया होगा बैडरूम के दूर पर .. मेरे बदन पर से साडी हैट गयी थी.. पल्लू भी नहीं था मेरे चेस्ट पर.. साडी भी उप्पर हुई थी घुटने तक .. क्या उसने ये सब कुछ देखा होगा क्या.. नहीं नहीं वो अभी अभी आया होगा .

फिर वो कहती है

जाने दो . फ्रेश होक जल्दी जाना होगा वर्ण पापा जी या मेरे प्यारे पतिराज गुस्सा होंगे

ऐसा कह के चहरे पर फेसवाश लगाने लगती है .. फिर पानी से वाश करने लगाती है .. अब वो बहार आ चुकी थी और मिरर के सामने कड़ी होक टॉवल से पानी पॉंच रही थी..

उसको इन सब चीज़ो को 10 -15 मिनट्स लगता है.. मू पोचन्ते हुई वो सोचने लगी

क्या पेअर उप्पर करने से मेरे theigh…ohh माय गॉड .. अगर उसने देखा होगा तो .. आरती तुम न एक नंबर की मुर्ख हो .. दूर क्यों बंद नहीं किया .. ये सब उस नवाज़ के वजह से हुआ है .. अगर किचन में वो मुझसे चिपक नहीं गया होता तो मई उसके सोचविचार मई से बैडरूम का दूर ओपन hi नहीं रखते और और ये सब होता hi नहीं .. ये सब इस कमीने के वजह से हुआ है .. क्या उसने जांभोज कर किया होगा क्या .. पक्का जांभोज कर किया होगा ..मई अच्छे से जानती हु इसने ये जानभूझकर hi किया होगा और पक्का वो बहुत समय से मुझे देख रहा होगा .. अब से आगे से करेफुल्ली इससे हैंडल करना होगा .. सकती से इसके साथ पेश आना होगा .

फिर चहरे पर स्माइल लेट हुई कहती है





नहीं तो ये भी मुझे आपने नीता और वंदना के जगह पाई ले जा सकता है

फिर चहरे पर स्माइल करते हुई कहती है

नहीं मई ऐसा नहीं होने दूंगी

तब फिर से नवाज़ बैडरूम के दूर पाई आ जाता है. इस वक़्त आरती मिरर के सामने खड़े

होक आपने मेक उप कर रही थी





और नवाज़ उसे देखे जा रहा था .. आरती के मोठे मोठे चुत्तड़ो को और उसकी नंगी और गोर गोर कमर और पिट को देख रहा था …
 
और नवाज़ उसे देखे जा रहा था .. आरती के मोठे मोठे चुत्तड़ो को और उसकी नंगी और गोर गोर कमर और पिट को देख रहा था …कुछ देर ऐसे hi देखने के बाद अचनाक से उसने बोलै

मैडम जीई....

हहह…

कहते हुई आरती गर्दन गुमा के नवाज़ के तरफ देखती है….





और गुस्से से कहते है

क्या है

मैडम जी हुआ क्या मेकअप

तब उसके चहरे पर आटोमेटिक स्माइल आ जाती है





उसकी गर्दन आलरेडी गर्दन घूमी हुई थी .. वो स्माइल करते हुई उसे कहते है

हो गया

तब उसके बैडरूम मई नवाज़ आ जाता है और उसके नज़दीक आते हुई कहता है

तो चले

कहा

कहा क्या आपके ससुराल मई

तब नखरे से कहती है

फिर ये क्या है

ऐसा तो नहीं लगता की आप ससुराल मई हो

लगाने के लिए क्या करना होगा

थोड़ा दुखी होना पड़ेगा

अच्छा जी तो तुम्हारा कहना है ये मेरा ससुराल नहीं है

हांजी मैडम

तो तुम्हारे हिसाब से ये मेरा ससुराल लगाने के लिए मुझे दुखी रहना पड़ेगा

हाँ जी मैडम पर मुझे नहीं लगता आप दुखी रहोगी

क्यों जी नहीं रहूंगी दुखी

आप को देख कर hi लग रहा है की आप khate-pite घर की हो,

वो नवाज़ की बात सुन के एक पल के लिए शर्मायी और फिर खिलक के हंस पड़ी.





उसका वो गुस्सा जो एक पल पहले उसकी आँखों में था बिलकुल गायब लग रहा tha.uska gora-chitta बदन रूम के डिम लाइट में और भी निखरा हुआ लग रहा था. लेकिन नवाज़ को मालूम था की यह खेल संभल के खेलना पड़ेगा. अगर ज़्यादा जल्दी की तोह गड़बड़ होने के चांस ज़्यादा है और एक गलती हुई तोह घर से सीधा हॉस्पिटल या पुलिस स्टेशन पोहचने का खतरा है.…

इसलिए उसने डीडे किया की पहले baat-cheet से उसका मूड बनाया जाये. इस वजह से उसने धीरे से अपना आवाज़ सॉफ्ट करते हुई कहा..

मैडम जी वैसे आपका हमारे गाओं के बारे में क्या ख्याल है? कैसा गाँव है हमारा और लोग कैसे है..

आरती ने नवाज़ की तरफ एक अजीब सी नज़र से देखा





भला मुझे कैसे पता होगा तुम्हारा गाँव कैसा है ..जब से आयी हु तबसे तुम्हारे साहब ने कभी गाँव नहीं घुमाया ..तब मुझे कैसे पता होगा की गाँव कैसा है और गाँव के लोग कैसे है

साहब ने नहीं घुमाया तो कोई बात नहीं है हम घुमा देंगे आपने गाँव

तब आरती ने नवाज़ की तरफ देखा ..





जैसे कहने की कोशिश कर रही हो की तुम क्या कहने की कोशिश कर रहे हो . फिर आरती ने हल्का सा मुस्कुराके बोलै

घर के काम से फुर्सत मिल जाये तोह जायेंगे तुम्हारे साथ..

ठीक है..

तो फिर चलते है आप के बड़े मालिक के पास

आज पहली बार आरती ने नवाज़ को आप कहा था और नवाज़ ने ये नोटिस भी किया था

हाँ तो चलो फिर
 
जैसे कहने की कोशिश कर रही हो की तुम क्या कहने की कोशिश कर रहे हो . फिर आरती ने हल्का सा मुस्कुराके बोलै

घर के काम से फुर्सत मिल जाये तोह जायेंगे तुम्हारे साथ..

ठीक है..

तो फिर चलते है आप के बड़े मालिक के पास

आज पहली बार आरती ने नवाज़ को आप कहा था और नवाज़ ने ये नोटिस भी किया था

हाँ तो चलो फिर

ऐसा कह के आरती निकली आगे आगे और नवाज़ उसके पीछे पीछे चलने लगा .. आरती आगे चल रही थी और नवाज़ उसके पीछे .. तब नवाज़ कहता है..

है है क्या ऐडा hai….is साड़ी में तो आप किसी अप्सरा से काम नहीं दिख रही हो .…

अपनी tàarif सुनकर आरती गर्दन घुमा कर के उसकी और देकते हुए बोली





मई नीता नहीं हु ..

आरती के इस बात पर नवाज़ बिना कुछ बोले hi आरती को देखने लगा.. आरती ने मई नीता नहीं हु ऐसा कहा था पर उसके चेहरे पे कही न कही एक हसी थी .. जो वो नवाज़ से छुपाना छह रही थी… पर नवाज़ ने वो हसी अछि तरह नोटिस कर ली थी.. उसके पीछे का वो मतलब निकलने लगा.. उसकी हसी देखकर नवाज़ को लगा की वो मंज़िल के बहुत करीब है .. वो आपने आप से कहने लगा.. बस उसे अब सिर्फ ऐसा बेहवे करना चाहिए जैसे वो सच में hi आरती से प्यार करता hai…aur इसी प्यार के चलते hi वो उससे जिस्मानी रिश्ता जोड़ना चाहता है … उसके अन्दर कोई हवस नहीं है..

नवाज़ उसको hi देख के कुछ सोच रहा है ये जानकर आरती मैं मई कहते है

ये क्या देख रहा है और क्या सोच रहा है

यही आरती सोचने लगी तब नवाज़ कहता है

क्या हुआ क्या सोच रहे हो आप..

तब आरती आपने सोच से बहार आ जाती है.. और शर्मा जाती है

..





और उसकी और देखते हुए कहती है..

कुछ नहीं ...

अब नवाज़ आगे कुछ बोले इस से पहले सामने से आवाज आता है..

बहु.. तुम कहा थी . मई कब से तुम ढूंढ रहा था ..

ये आवाज़ सुनते hi दोनों सामने की तरफ देखते है.. सामने आपने ससुर को देख कर आरती अपनी साडी ठीक करती है और कहती है..

बैडरूम मई थी पापाजी

अच्छा

तब वो नवाज़ की और देखने लगी..





और नवाज़ आरती की और..

मई तुम hi ढूंढ रहा था

तब आरती बोली

हाँ नवाज़ ने बताया

तब शेठजी कहते है

बहु तुम चलो मेरे साथ.. कुछ फाइल्स चाहिए मुझे.. अरविन्द का कॉल आया था..

ठीक है पापाजी चलिए..

ऐसा कह के फिर वो आपने ससुर के साथ जाने लगती है .. आरती अपनी गांड मटकते हुए जाने लगी जिस पैर नवाज़ की नज़र पद hi गयी और उसे देखने लगा.. और मैं मई कहने लगा..

क्या गांड है साली की ..

जल्दी चलो और मुझे फाइल निकल के दे दो .. नवाज़ को ऑफिस भेजना है .. नवाज़ के हाथ फाइल भेजने है ..

ऐसा कह के शेठजी नवाज़ की तरफ देखते हुई नवाज़ को कहते है

नवाज़ तुम भी आओ

तब आरती अचानक पीछे गर्दन घुमा के नवाज़ की तरफ देखते है..





और कहते है ..

आ रहे हो न

तब नवाज़ कहता है..

आप चलिए में आता हु 2 मं में. .

नवाज़ की बात सुन ने के बाद आरती आपने ससुर के साथ उस रूम के अंदर जाने लगती hai..wo आरती को जाते हुए बस उसे देखता hi रहता है ..और अपने आगे की प्लान के बारे में सोचने लगा तो वही आरती चलते चलते सोचने लगी..





आज मैंने नवाज़ से कुछ ज्यादा hi बात कर्ली… और फिर कूद को कहने लगी.. जो मुझे करनी नहीं चाहिए थी…

पर उसे अब समाज मई नहीं आरहा था की नवाज़ की बाते सुन के वो बिना जवाब दिए क्यों नहीं रह पाती .. और यही सोच उसके दिमाग को चुबती रही जब तक वो उस रूम मई नहीं पहुंची ..फिर वो डीडे करती है अब मई नवाज़ के बात का जवाब नहीं दूंगी..

अन्दर आने के बाद आरती ने आपने ससुर को जो फाइल चाहिए थी वो वार्डरॉब से निकल के देदे.. तब शेठ जी ने वो फाइल नवाज़ को दे दे और आपने बेटे को कॉल किया

हां अरविन्द फाइल मिल गयी .. बहु ने वो फाइल ढूंढ के दे दी अब मई वो फाइल नवाज़ के पास से ऑफिस भेजवा देता हु

जी पापा जी

ऐसे hi बाते करते हुई शेठ जी बहार हाल मई जेक बैठ गए ... और आपने बेटे से बात करने लगे ..अब नवाज़ वही hi खड़ा था और आरती वार्डरॉब ठीक करने lagi..thoda जुख के .. नवाज़ वह खड़ा होक उसे hi देखने लगा .. झुकने की वजह से उसके साडी का पल्लू साइड से हैट गया था .. इस वजह से उसका मां एक साइड से उसे क्लियर दिख रहा था …कुछ देर तक वो आरती के चूचियों को hi घूरता रहता hain.......mano वो उसकी गोलाई नाप रहा ho.........fir उसकी नज़र जैसे जैसे नीचे की तरफ जाती हैं उसके लुंड में प्रेशर धीरे धीरे बढ़ने लगता hain........kuch देर तक वो उसकी नैवेल को घूरता हैं फिर नीचे की तरफ.......

तभी आरती गर्दन घुमा के नवाज़ को देख लेती hai..baithe बैठे hi वो उसी को hi देख रहा था.. अब आरती की नज़रें नवाज़ के नज़र से मिल गयी थी ...... ऐसा पहली बार था जब नवाज़ ने उसे ऐसी नज़र से इतने देर टेक देखा था ........और आरती ने वो देखा था .. जब दोनों की नज़र मिली तो आरती के चेहरे पर शर्म की लखरें साफ़ नज़र आने लगी ..तब वो शरमाते हुई निचे देखने लगी ..





आरती के मैं मई आया.. नवाज़ को कहु

" नवाज़ .......!!!!! तुम ऐसे क्या देख रहे हो......."

अगर मैंने उसे कुछ कह दिया और उसने कुछ गन्दा बोल दिया तो मतलब वो कहा देख रहा था वो बोल दिया तो.. तब उसे एहसास होता हैं की शायद ये बहुत बड़ी गलती हो जाती .......... वहीँ नवाज़ धीरे धीरे आरती के तरफ देखते हुए मुस्कुरा रहा था ....... आरती यही सोच रही थी मई उसको कहु या न कहु तभी उसके कान मई आवाज़ पड़ती है...

क्या हुआ मेमसाब

तब अगले hi पल आरती का कलेजा ज़ोरों से धड़क उठता हैं....... डर के मरे.. अगले hi पल वो सोचने लगती है ...

अब क्या कहु इससे

कुछ सोच कर कहते है

कुछ नहीं ...

आरती ने थोड़े देर पहले जो सोचा था की वो तुरंत जवाब नहीं देगी उसपर ब्रेक लग गया

क्या हुआ कुछ सोच रहे हो क्या आप..

तब आरती आपने सोच से बहार आ जाती है.. और उसकी और देखते हुए कहती है..

कुछ नहीं ...

अब नवाज़ आगे कुछ बोले इस से पहले hi आरती गर्दन घुमा के पलट कर उसके सामने जेक आपने कमर पर हाथ रखकर खड़े होती है और उसकी और देखते हुई कहते है..





क्या है

कुछ नहीं

तुम गए नहीं

नहीं ..

क्यों

आप आओगे क्या

तब स्माइल करते हुई कहते है

मई .. और वो भला क्यों

वो आपके फैक्ट्री है

पता है

मतलब आपके पति की फैक्ट्री है तो आपकी की भी हुई न

हाँ

तो आपने देखने चाहिए आपकी फैक्ट्री

देख चुकी हु

साहब ने अच्छी से फैक्ट्री आपको दिखाई नहीं होंगी

दिखाई है

अगर दिखाए नहीं तो मई दिखता हु

कोई जरुरत नहीं

आप की फैक्ट्री है तो कभी कभी आपको वह जाना चाहिए

घ्यान देने के लिए धन्यवाद.. अब चुपचाप फैक्ट्री चले जाओ और पापाजी ने जो काम दिया है वो पूरा करो

जी मेमसाब

कह के वो चला गया ..इस बार नवाज़ का दांव खली चला गया .. नवाज़ के जाते hi आरती भी आपने बैडरूम मई चली गयी और बैडरूम अन्दर से लॉक किया और अपनी साडी निकल फेकि और निघ्त्य पहन कर फ्रेश हुई..
 
आप की फैक्ट्री है तो कभी कभी आपको वह जाना चाहिए

घ्यान देने के लिए धन्यवाद .. अब चुपचाप फैक्ट्री चले जाओ और पापाजी ने जो काम दिया है वो पूरा करो

जी मेमसाब

कह के वो चला गया ..इस बार नवाज़ का दांव खली चला गया .. नवाज़ के जाते hi आरती भी आपने बैडरूम मई चली गयी और बैडरूम अन्दर से लॉक किया और बीएड पाई बैठ gayi...aur आँखे बंद करके हाट बीएड पाई रख के कहने लगी ..





ओह्ह्ह्ह गूदड़ ये कैसे देख रहा था मुझे ..जैसे की मुझे खा hi जायेगा .. मुझे यकीं करना मुश्किल हो रहा है की मेरे साथ मेरे hi घर मई नवाज़ ने मेरे साथ ये सब कुछ किया .. और वो भी इतना ओपनली .. बिना डरे हुई .. इसको मेरा थोड़ा सा भी डर नहीं है .. और तो और मैंने भी उसके हरकत पर ऑब्जेक्शन नहीं लिया .. और फिर निचे देखते हुई कहने लगी





ओह्ह्ह्ह गॉड ये मैंने क्यों किया .. मैंने क्यों इसे डाटा नहीं ..मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा है .. मैंने ऐसा क्यों किया ..वो ओपनली मेरे बूब्स को देख रहा था ..अब पानी सर से ऊपर से चला गया है.. अब कुछ भी हो मुझे अरविन्द जी को सब कुछ साफ़ साफ़ बताना होगा.

ऐसा कह के आरती आपने हस्बैंड को कॉल लगाने लगी .. पर अरविन्द का no नॉट रचाबळे आ रहा था. तब गुस्से मई वो कहती है

ये अरविन्द जी भी न जब भी इन्हे किसी जरूरी काम से फ़ोन करती हु हमेशा इनका no. नॉट रचाबळे आता है या फ़ोन उठाते hi नहीं है.

आरती के बदन मई गर्मी बढ़ाने लगी थी .. तब आरती ने सोचा की नाहा लिया जाये वर्ण ये गर्मी पुरे दिन उसे परेशां करेगी .. यही सब सोच के उसने अपनी साडी निकल फेकि और बाथरूम चली गयी .. फिर कुछ सोच कर कहने लगी

अब सिर्फ फ्रेश होती हु ..बाद मई नाहा लुंगी

ये कह कर वो फ्रेश हो जाती है और बाहर आकर निघ्त्य पहन लेती है .. और कुछ देर रेस्ट करने के बाद वो जैसे hi बहार आये वैसे hi नीता उसके सामने आयी

दीदी आपने नवाज़ को देखा क्या ... वो कही दिख नहीं रहा है

तब आरती जरा नखरे से कहती है

क्या दिन भर नवाज़ नवाज़ करती रहती है .. दिनभर उसके पीछे पीछे रहती है.. कभी तो उस बेचारे को अकेला चोर लिया कर

नवाज़ के साथ हमेशा नीता रहती है इसका गुस्सा था या नवाज़ कहा है ये पूछा इसका गुस्सा था ये शयद आरती को भी पता नहीं था ..

नहीं दीदी वो दिख नहीं रहा था इसलिए पूछा

तब गुस्से से नीता को देखते हुई आरती कहती है





दिख नहीं रहा होगा तो इसका मतलब है वो कही काम से बहार गया होगा .. दिनभर उसे क्या आपने पल्लू से बंद के रखेंगे क्या

मई कैसे उसे आपने पल्लू से बंदके रखूंगी .. वो कहा मेरा सुनाता है .. वो तो घूमता रहता है

घूमता है तो घूमने देना उस बेचारे को ..

घूमने देते हु न दीदी

तब आरती नीता को घर के देखते हुई कहते है..





कहा घूमने देते है .. दिनभर तो चिपक के रहती है

मई कहा चिपक के रहती हु दीदी ..आप भी न कुछ भी बोलती हो

मई कुछ भी बोलती हु

हाँ दीदी

तब गुस्से से आरती कहते है

मई कुछ भी बोलती हु और तू उसके साथ जो करती है वो ..

मैंने क्या किया दीदी .. मैंने तो कुछ भी तो नहीं किया

अच्छा.. तुजे क्या मई उल्लू लगाती हु क्या .. तूने उसके साथ किचन मई क्या क्या किआ सब जानते हु

नहीं नहीं दीदी उसने hi किया

अब तू आपने बदन दिखाएंगे तो वो बेचारा कुछ न कुछ करेगा hi न

नहीं दीदी मैंने कुछ नहीं दिखाया था दीदी .. बदन भी नहीं दीदी .. वो वैसा hi है दीदी

शर्म कर .. उस बेचारे को तू बोल रही है वो वैसा है और तू क्या सटी सावित्री है क्या

दीदी आप नहीं जानती उसको .. वो बेचारा बिचारा है नहीं .. वो बहुत चालू है .. आप नहीं जानती उसके बारे मई

नवाज़ को जब नीता ने चालू कहा तब आरती को बहुत बुरा भी लगा और उसको गुस्सा भी आया . . वो उसको देखते हुई कहते है..





अच्छा वो चालू है

हाँ

ज्यादा हुशारी मत कर नहीं तो पापाजी को सब बता दूंगी

नहीं नहीं दीदी शेठ जी को नहीं .. वो बहुत गालिया देंगे और नौकरी से निकल देंगे

तब स्माइल करते हुई आरती कहती है

फिर चुपचाप रह और आपने काम कर

ठीक है दीदी

बोल के किचन मई जाने लगी तब पलट के कहती है

वो कहा गया है क्या

तब उसकी और देखते हुई स्माइल करते हुई बड़ी अड्डा के साथ कहते है





चैन नहीं मिलता क्या उसके सिवाय तुजे

नहीं दीदी .. उसने खाना नहीं खाया होगा .. उसको भूक लगी होगी न इसलिए पूछा

तब आपने गुस्सा काम करते हुई आरती कहती है

तू चिंता मत कर .. तेरे नवाज़ को पापा जी ने फैक्ट्री भेजा है .. आ जायेगा थोड़े देर मई .. आने के बाद मई खाना बनके खिला दूंगी तेरे नवाज़ को .. भूका नहीं रखूंगी

आप और नवाज़ को खाना खिलाओगे

नहीं तो क्या .. यही कहा न मैंने .. कुछ अलग तो नहीं कहा न .. और तुजे आश्रय करने को क्या हुआ

नहीं आपने कहा न की आप खाना बनके नवाज़ को खिला दूंगी

हाँ

वो उस दिन आप कह रहे थी न छोटे साहब को की मई उस गंवार उनपद को खाना बनके नहीं खिला सकती ..मई किसी नौकर के लिए यहाँ किचन में आपने पसीना फ्री मई नहीं बहा सकती

तब आरती सकपका गयी ..

तूने सुना क्या

हाँ दीदी मई तो वही थी न

हम्म्म

तो फिर अब अचानक चेंज

तब नखरे से कहती है

कोई चेंज भंगे नहीं है ..समजे ..और तू ज्यादा स्मार्ट मत बन .. और उसको पापा जी ने काम से भेजा है तो मैंने सोचा अगर उसको भूक लगी होगी तो मई खाना बनके खिला दूंगी . ... बाकि कुछ नहीं ..

अच्छा .. मुझे लगा

तुजे क्या लगा कामचोर

मुझे लगा नवाज़ के बारे मई का आपकी सोच बदल गयी है

ऐसे कोई बात नहीं है .. मेरे उसके बारे मई की कोई सोच बदली नहीं है लेकिन मैंने पहले बार जब उसको देखा था तब जितान बुरा मुझे लगा था अब सोच रही हु वो उतना बुरा नहीं है

मतलब आप की सोच बदली है

तब आरती जरा शरमाते हुई कहते है





ऐसे कोई बात नहीं है

पक्का

हाँ
 
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