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आरती अब पूरी तरह नवाज़ के रंग में रंग चुकी थी. डर का naam-o-nishan मिट चूका था और उसकी जगह एक जूनून ने ले ली थी. जब उसने खुद नवाज़ का हाथ पकड़ कर अपनी छाती पर रखा और ज़ोर से दबाया, तोह नवाज़ की सांसें अटक गयीं. उसका नरम और गुदाज़ बदन नवाज़ की हथेलियों के नीचे किसी मखमली एहसास जैसा था.
नवाज़ ने मौका पाते hi उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों के बीच भींच दिया. आरती ने अपनी पीठ मोड़ दी और उसके मुंह से एक गहरी सिष्कारी निकली. वह नवाज़ के इतने करीब आ गयी थी की दोनों की धरकने एक दूसरे को महसूस हो रही थीं. नवाज़ ने उसकी गर्दन पर अपने होंठ रख दिए और धीरे से काटा, जिससे आरती का पूरा जिस्म काँप उठा.
"आरती... तुमने तोह मुझे पागल कर दिया है,"
नवाज़ ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा. आरती ने उसके बालों में अपनी उँगलियाँ फंसा ली और उसे और ज़ोर से अपनी तरफ खिंचा... और बड़े नखरे से कहा ..
नीता ने पागल नहीं किया था क्या
अपनी बात पूरी होने से पहले आरती नवाज़ के करीब आये और नवाज़ से लिपट gaye..aur अपनी चठिया उससे रगड़ने लगे ..उनमे हो रही खुजली को वो जोर जोर से रगड़ कर काम कर रही थी .. तब उसके कमर पाई नवाज़ हाथ रखता है ..
आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
आरती के नखरे और उसकी जलन ने नवाज़ के जोश को दुगना कर दिया था. जब उसने नीता का नाम लिया, तोह नवाज़ ने शरारत से उसे और कास के पकड़ लिया. पर आरती अब रुकने वाली नहीं थी; वह पूरी तरह बेकाबू हो चुकी थी.
उसने अपनी छातियां नवाज़ के सीने से इतनी ज़ोर से रागादि की नवाज़ की सांसें फूलने लगी. उस नरम और गरम एहसास ने नवाज़ के अंदर जैसे आग लगा दी हो.
आरती को जो "खुजली" यानी बेचैनी हो रही थी, वह हर रगड़ के साथ और गहरा रही थी.
जैसे hi नवाज़ ने उसकी कमर पर अपने मज़बूत हाथ रखे और उसे अपनी तरफ खींचा, आरती के मुंह से एक लम्बी और dard-bhari "आआअह्हह्ह्ह्ह" निकल गयी.
उसका जिस्म धनुष की तरह मुद गया था.
नवाज़ ने उसके कान के पास जाकर धीरे से कहा,
"नीता को भूल जाओ आरती... अभी जो मेरे पास है, वो दुनिया की सबसे हसीं चीज़ है
आरती ने नवाज़ की पकड़ और मज़बूत कर दी.
तब नवाज़ कहता है
मई किसी पाई लाइन मरूंगा तो तुम कुछ भी बुरा नहीं लगता क्या..
तब नखरा करते हुई आरती कहती है
बुरा लग के क्या फायदा.. तुम तोड़े hi सुदराने वाले हो..
आरती की इस बात ने नवाज़ को थोड़ा हैरान कर दिया, पर उसकी आँखों की शरारत सब बयान कर रही थी. वह नखरे दिखा रही थी, पर उसकी बॉडी लैंग्वेज कुछ और hi कह रही थी.
फिर कहने लगते है..
और वैसे भी मैंने तुम दो औरतो के साथ सेक्स करते हुई देखा है.. तो मुझे पहले से तुम्हारे बारे मई सब कुछ पता है ..
.नवाज़ ने आरती की कमर पर अपनी पकड़ और मज़बूत की और उसके चेहरे के एकदम करीब आकर बोलै,
" पता है तो ठीक है पर वैसे भी सुधरने का तोह इरादा वैसे भी नहीं है... पर जब तुम इतनी हसीं हो, तोह किसी और की तरफ देखने की ज़रुरत hi किसे है?"
आरती ने हल्का सा मुस्कुरा कर अपनी छातियां उसके सीने से और ज़ोर से रगड़ी, जैसे वह उसे जाता रही हो की वह सिर्फ उसकी है. उसने नवाज़ के बालों को खींचते हुए कहा,
"बातें तोह बड़ी मीठी कर लेते हो... पर देखते है कब तक आपने वादा निभाते हो."
दोनों के बीच की गर्मी अब हद्द पार कर रही थी. नवाज़ ने आरती को उठा कर बीएड की तरफ ले जाने का इशारा किया
नवाज़ ने मौका पाते hi उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों के बीच भींच दिया. आरती ने अपनी पीठ मोड़ दी और उसके मुंह से एक गहरी सिष्कारी निकली. वह नवाज़ के इतने करीब आ गयी थी की दोनों की धरकने एक दूसरे को महसूस हो रही थीं. नवाज़ ने उसकी गर्दन पर अपने होंठ रख दिए और धीरे से काटा, जिससे आरती का पूरा जिस्म काँप उठा.
"आरती... तुमने तोह मुझे पागल कर दिया है,"
नवाज़ ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा. आरती ने उसके बालों में अपनी उँगलियाँ फंसा ली और उसे और ज़ोर से अपनी तरफ खिंचा... और बड़े नखरे से कहा ..
नीता ने पागल नहीं किया था क्या
अपनी बात पूरी होने से पहले आरती नवाज़ के करीब आये और नवाज़ से लिपट gaye..aur अपनी चठिया उससे रगड़ने लगे ..उनमे हो रही खुजली को वो जोर जोर से रगड़ कर काम कर रही थी .. तब उसके कमर पाई नवाज़ हाथ रखता है ..
आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
आरती के नखरे और उसकी जलन ने नवाज़ के जोश को दुगना कर दिया था. जब उसने नीता का नाम लिया, तोह नवाज़ ने शरारत से उसे और कास के पकड़ लिया. पर आरती अब रुकने वाली नहीं थी; वह पूरी तरह बेकाबू हो चुकी थी.
उसने अपनी छातियां नवाज़ के सीने से इतनी ज़ोर से रागादि की नवाज़ की सांसें फूलने लगी. उस नरम और गरम एहसास ने नवाज़ के अंदर जैसे आग लगा दी हो.
आरती को जो "खुजली" यानी बेचैनी हो रही थी, वह हर रगड़ के साथ और गहरा रही थी.
जैसे hi नवाज़ ने उसकी कमर पर अपने मज़बूत हाथ रखे और उसे अपनी तरफ खींचा, आरती के मुंह से एक लम्बी और dard-bhari "आआअह्हह्ह्ह्ह" निकल गयी.
उसका जिस्म धनुष की तरह मुद गया था.
नवाज़ ने उसके कान के पास जाकर धीरे से कहा,
"नीता को भूल जाओ आरती... अभी जो मेरे पास है, वो दुनिया की सबसे हसीं चीज़ है
आरती ने नवाज़ की पकड़ और मज़बूत कर दी.
तब नवाज़ कहता है
मई किसी पाई लाइन मरूंगा तो तुम कुछ भी बुरा नहीं लगता क्या..
तब नखरा करते हुई आरती कहती है
बुरा लग के क्या फायदा.. तुम तोड़े hi सुदराने वाले हो..
आरती की इस बात ने नवाज़ को थोड़ा हैरान कर दिया, पर उसकी आँखों की शरारत सब बयान कर रही थी. वह नखरे दिखा रही थी, पर उसकी बॉडी लैंग्वेज कुछ और hi कह रही थी.
फिर कहने लगते है..
और वैसे भी मैंने तुम दो औरतो के साथ सेक्स करते हुई देखा है.. तो मुझे पहले से तुम्हारे बारे मई सब कुछ पता है ..
.नवाज़ ने आरती की कमर पर अपनी पकड़ और मज़बूत की और उसके चेहरे के एकदम करीब आकर बोलै,
" पता है तो ठीक है पर वैसे भी सुधरने का तोह इरादा वैसे भी नहीं है... पर जब तुम इतनी हसीं हो, तोह किसी और की तरफ देखने की ज़रुरत hi किसे है?"
आरती ने हल्का सा मुस्कुरा कर अपनी छातियां उसके सीने से और ज़ोर से रगड़ी, जैसे वह उसे जाता रही हो की वह सिर्फ उसकी है. उसने नवाज़ के बालों को खींचते हुए कहा,
"बातें तोह बड़ी मीठी कर लेते हो... पर देखते है कब तक आपने वादा निभाते हो."
दोनों के बीच की गर्मी अब हद्द पार कर रही थी. नवाज़ ने आरती को उठा कर बीएड की तरफ ले जाने का इशारा किया









