अपडेट 263
‘ अरे यार लो इसे , शर्मा क्यों रहे हो? कुछ नहीं होता एक आध से , वैसे भी आज मौका भी है दस्तूर भी. एक एडवाइस देता हूँ, 2 हलके हलके लगा लो. बाद में इसका फायदा hi मिलेगा लव मेकिंग में ‘ मैं निकलेगा क साथ जब बार काउंटर की तरफ गया तो नीलेश ने खुद hi आर्डर देकर 2 पेग बनवा लिए और एक मेरी तरफ बढ़ा कर आँख दबा कर मुझे लगाने को कह रहा था. साफ़ ज़ाहिर था क वो किस बारे में बात कर रहा है. मैं शराब को पसंद नहीं करता था इस लिए उसे साफ़ मन कर रहा था मगर वो तो उल्टा ऐसे ज्ञान झाड़ रहा था जैसे बहुत बड़ा एक्सपर्ट हो.
अमित : सॉरी भाई पर मैंने न कभी पि है और न कभी पियूँगा. वैसे भी आप जिस फायदे की बात कर रहे हैं उसके लिए ये सब ज़रूरी नहीं. बल्कि उल्टा नुकसान hi होता है .
नीलेश : बात तो ऐसे कर रहे हो जैसे बहुत बड़े खिलाडी हो तुम इसमें . कितनी पटायी हैं आज तक ? वैसे ये मैं इस लिए भी कह रहा हूँ क निधि जैसी खूबसूरत लड़की क आगे तो बाँदा कण्ट्रोल खो hi देगा चाहे कोई भी हो. एक बार वो बिना कपड़ों क सामने आ गयी तो साडी मर्दानगी हवा हो जाएगी .
निधि दीदी क बारे में ऐसी बात सुन कर मेरे जांदे भींच गए . मैं गुस्से में उसका कलर पकड़ने hi वाला था क उधर से निधि दीदी और साक्षी दोनों आ गयी .
साक्षी : तो यहाँ बैठ कर एन्जॉय कर रहे हो तुम दोनों . क्या नीलेश , तुम अकेले hi लगा रहे हो . अमित को क्यों नहीं दिया ?
नीलेश : अरे यार मैं तो कब से कह रहा हूँ. पर ये मन hi नहीं रहा . तुम hi कह कर देख लो या शायद निधि क कहने पर hi मने ये .
निधि : अमित ये सब नहीं करता और न hi मैं उसे इसके लिए फाॅर्स करने वाली हूँ.
साक्षी : थोड़ा सा तो ले सकता है न कंपनी क लिए. वैसे भी आज हम कितनी देर बाद मिले हैं और पता नहीं दोबारा कब मिलना होगा . तो काम से काम आज की शाम क नाम एक छोटा सा तो बनता hi है .
अमित : किसी पल को यादगार बनाने क लिए ये सब ज़रूरी तो नहीं ? और भी कई तरीके हैं जिससे हम किसी खास पल को यादगार बना सकते हैं.
साक्षी : ाचा !! जैसे की??
अमित : ये तो देपेंद करता है क आप किसके साथ हैं और सिचुएशन क्या है
साक्षी : अब यहाँ हम सब दोस्त hi तो हैं. नीलेश मेरा बर्फ है और तुम निधि क. और हम जिस जगह हैं वहां हर तरफ यही सब तो चल रहा है. वैसे भी हर काम जब पहली बार किया जाता है तो वो यद् रहता hi है. इससे अछि और क्या सिचुएशन होगी लाइफ में पहली बार ड्रिंक करने क लिए . एक ख़ुशी भरा पल . कौन सा मैं दोबारा करने को कह रही हूँ. आज की शाम क नाम , प्यार क नाम. क्यों निधि , तुम तो मेरा साथ डौगी न ?
निधि दीदी असमंजस भरी नज़रों से मुझे देखने लगी. अब भला मैं क्या कहता. दीदी मुझसे बड़ी थी और ाचा भला अचे से जानती थी.
साक्षी : अरे यार अब उसकी तरफ क्या देख रही हो? क्यों अमित तुम्हे कोई ऐतराज़ है क्या अगर निधि अपनी दोस्त क साथ एक टकीला शॉट ले ले तो ?
नीलेश : कॉमन यार एक एक तो लगा hi सकते हो तुम दोनों. यहाँ हर कोई ये कर रहा है . और तुम हो क ऐसे कर रहे हो जैसे भाई बर्फ गफ नहीं भाई बहिन हो
नीलेश की बात सुन कर निधि दीदी और मैंने एक दूसरे को देखा.
निधि : ठीक है बस एक , अमित को फाॅर्स मत करो , मैं एक लगा लुंगी .
साक्षी : that’s ग्रेट , don’t वोर्री , अमित क लिए सॉफ्ट ड्रिंक ले लेते हैं. तुम दोनों वहां चल कर बैठो मैं नीलेश क साथ ड्रिंक ले कर अति हूँ.
अमित : आप जाइये मैं ले अत हूँ न नीलेश भाई क साथ .
साक्षी : it’s ok , वे अरे होस्ट , तुम अपनी गफ क साथ बैठो. कहीं अकेली देख कर कोई और न लाइन मरने लग जाये . वैसे भी आज इतनी हॉट बन कर आयी है क सब इसे hi देख रहे हैं. साक्षी की बात पर निधि दीदी शर्मा गयी . मैं निधि दीदी क साथ उस तरफ चल दिया जहाँ हम पहले बैठे थे .
अमित : ये क्या दीदी , आप को क्या ज़रूरत थी हाँ करने की. अगर कुछ हो गया तो?
निधि : कुछ नहीं होगा , साक्षी ने मुझे बहुत बार बताया है. वोडका क एक छोटे से पेग से कुछ नहीं होता. वैसे भी नैना कई बार पि चुकी है अपनी सहेलियों क साथ. मैंने कभी तरय नहीं किया और वो दोनों इतना कह रहे हैं तो मन कर क मैं उन्हें नाराज़ नहीं करना चाहती . वैसे भी तुम हो न मेरे साथ अगर कुछ हो भी जाये तो.
अमित : आप न आज मुझे शॉक पे शॉक दे रही हो. पहले ये ड्रेस और अब ये ,, और पता नहीं क्या क्या सरप्राइज डौगी.
निधि : ाचा नहीं लग रहा क्या तुम्हे ?? बस एक और सरप्राइज देना है ,, ी होप क तुम्हे पसंद आये .
अमित : कौन सा सरप्राइज ?
इतने में साक्षी और नीलेश ड्रिंक्स और कुछ स्नैक्स ले आये अपने साथ .
साक्षी : तंन्त्र तेनाआ ,,,, ये लो तुम्हारे और मेरे लिए वोडका और ये अमित क लिए एनर्जी ड्रिंक .
नीलेश : और ये खाने में चीज़ चिल्ली क साथ रोस्टेड चिकन.
साक्षी ने निधि दीदी और मेरे सामने ड्रिंक रखते हुए कहा . दीदी क सामने रखे ड्रिंक में बर्फ क टुकड़े और पानी जैसी ड्रिंक थी जिसे वोडका कह रही थी वो . जबकि मेरे सामने जो ड्रिंक रखा था उसका रंग गहरा था . नीलेश क लिए भी गहरे रंग का पेग था जो व्हिस्की का था शायद . साक्षी और नीलेश ने अपना अपना पेग उठाया और हम दोनों को भी पेग उठाने को कहा . दीदी ने एक बार मुझे देखा और फिर अपना पेग उठा लिया.
साक्षी : कॉमन अमित इतना सोच क्या रहे हो? ये सिर्फ एनर्जी ड्रिंक है अब हमारी कंपनी क लिए इतना तो कर हो सकते हो न ?
नीलेश : अब उठा भी ले यार देख तेरी गफ ने भी उठा लिया है अब तो.
उन दोनों की बात मानते हुए मैंने भी अपना गिलास उठा लिया .
नीलेश : तो फ्रेंड्स एक जैम आज की शाम और आने वाले नए कल क नाम. मई वे आल हैवे हैप्पी लव लाइफ अहेड . Let’s बॉटम्स उप. चिरस्सस्स्स्स
साक्षी और नीलेश ने अपने अपने गिलास मुँह को लगाए और अंदर जातक लिए . निधि दीदी ने भी ऐसे मुँह बनाया जैसे दवा पि रही हो और एक hi घूँट में पूरा गिलास खली कर दिया . मैंने भी उन्हें देखते हुए ठीक वैसा hi किया . मुझे ड्रिंक का स्वाद कुछ कड़वा और मीठा लगा पर गिलास मैंने भी खली कर दिया . असल में मैंने कभी एनर्जी ड्रिंक नहीं पिया था इस लिए जनता नहीं था क टास्ते कैसा होता है.
अमित : ये कड़वा सा क्यों लग रहा है ?
नीलेश : ो कॉमन यार , पहली बार पि रहे हो क्या ? थोड़ा सा होता hi है .
साक्षी : वो निधि , ग्रेट , तुमने भी एक hi बार में खली कर दिया
निधि : जल्दी कुछ दो मेरा गला,,,,, बहुत जलन हो रही है .
साक्षी : रिलैक्स यार , ले इसे खा ले अभी सब ठीक हो जायेगा .
नीलेश : तो , आज रत का क्या प्लान है तुम दोनों का ? भाई मैं और साक्षी तो नई ईयर चढ़ते hi यहाँ से सीधा होटल में जायेंगे . वहां अचे से सेलिब्रेट करेंगे. तुम दोनों कहाँ जाने वाले हो ?
नीलेश की इस बात पर मैं नज़रें hi चुराने लगा क अब निधि दीदी क सामने मैं ऐसी बात का जवाब क्या दूँ भला . अगर कुछ उल्टा सीधा कहा तो साक्षी की इंसल्ट हो जाएगी और ये निधि दीदी को ाचा नहीं लगेगा .
निधि : हमें होटल जाने की ज़रूरत नहीं है , ये हमारा अपना शहर है .
साक्षी : वो निधि , तुम तो बहुत कूल हो गयी हो यार , मतलब अब सीधा घर पर hi ले जाओगी इसे या रुक इसके घर जाओगी
निधि दीदी ने तो बात का तरीके से जवाब दे दिया था पर साक्षी ने अब ज्यादा hi लपेट लिया उन्हें.
निधि : पागल हो गयी हो क्या जो मैं अपने घर जाउंगी ? हम तो अपने अपने घर जायेंगे .
नीलेश : हद्द है यार , ये तो तुम ज़ुल्म कर रही हो अमित पर. इतना ाचा मौका है काम से काम आज तो बेचारे पर थोड़ा तरस खाओ . बेचारे ने पता नहीं दिल में क्या क्या अरमान सजाये होंगे .
अमित : ऐसा कुछ नहीं है .
नीलेश : अब छोडो भी यार , इतनी हसीं गफ जब ऐसे हॉट बन कर सामने बैठी हो तू किस्से कण्ट्रोल होता है.
साक्षी : बातें बहुत हो गयी , चलो अब चल कर थोड़ा डांस करते हैं यार .
साक्षी की बात सुन कर नीलेश तुरंत खड़ा हुआ और साक्षी का हाथ थम कर हमारी तरफ देख कर हमें भी आने को कहा और डांस फ्लोर की तरफ चल दिया . निधि दीदी भी कड़ी हुई और मैं भी उनके साथ चल दिया . डांस फ्लोर पर बहुत सरे कपल्स डांस कर रहे थे. यहाँ लाइट्स नहीं थी बस कुछ लेज़र लाइट्स hi चल रही थी म्यूजिक क साथ बदलती हुई. डांस कर रहे सब कपल्स बड़े hi रोमांटिक वे में डांस कर रहे थे . एक दूसरे क साथ चिपके एक दूसरे को सहलाते हुए . नीलेश भी साक्षी की कमर में हाथ डेल डांस करने लगा . मैंने निधि दीदी की तरफ देखा क क्या करना है. निधि दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे पास सरक कर धीरे धीरे थिरकने लगी. मैं भी धीरे धीरे उनकी तरह Hi डांस करने लगा. फिर दीदी ने खुद hi मेरे हाथ अपनी कमर पर रखे और मेरे कन्धों पर हाथ रख डांस करने लगी. दीदी क चेहरे पर मुस्कान थी और वो सिर्फ मुझे hi देख रही थी. मैंने उनकी आँखों में देखा तो एक कशिश सी नज़र आयी . मैं आसपास का सब भूल कर बस दीदी की आँखों में देखता उनके साथ hi थिरकने लगा . माहौल कुछ ज्यादा hi उत्तेजक था हर तरफ पर हम दोनों सब क बीच अपनी hi दुनिया में थे . तभी नीलेश और साक्षी ने हमारा ध्यान अपनी तरफ खींचा .
असल में साक्षी क मुँह से एक सिसकी निकली जो कुछ तेज़ थी. वो दोनों हमारे बगल में hi थे तो ध्यान उधर जाना लाज़मी hi था. मैंने और दीदी ने का साथ जब उन दोनों को देखा तो नीलेश क हाथ साक्षी की गांड पर कैसे थे जिसे वो दबा रहा था और उसके होंठों को किश करने की कोशिश कर रहा था . साक्षी क हाथ भी नीलेश की T-shirt को मुठी में भींचे थे . दोनों खुले में ऐसे सबके बीच इस तरह उत्तेजित थे. उन्हें देख कर तो मुझे भी गर्मी महसूस होने लगी. जब मैंने निधि दीदी की तरफ देखा तो वो भी उन दोनों को hi देख रही थी . निधि दीदी का चेहरा लाल होने लगा था . तभी उन्होंने मेरी तरफ देखा और हमारी नज़रें मिली. मुझे दीदी की ऑंखें लाल होती दिखी. इस माहौल में मुझे समझ नहीं आ रहा था क मैं क्या रियेक्ट करूँ. निधि दीदी बिलकुल भी ऐसी नहीं थी जैसा माहौल इस वक़्त वो देख रही थी और शायद वो भी समझ नहीं प् रही थी क वो क्या करे.
नीलेश : तुम दोनों ऐसे क्या देख रहे हो ? भाई तुम भी कुछ करलो या देखने hi आये हो बस ?
साक्षी : कॉमन निधि लेटस हैवे फन यार , लव योर लव . उम्मम्मम
साक्षी एक बार फिर से नीलेश को किश करने लगी और इधर निधि दीदी और मैं समझ नहीं प् रहे थे क्या करें .
अमित : चलो हम वहां बैठते हैं .
निधि : हम्म्म
निधि दीदी कुछ बोली नहीं बस मेरे साथ वहां से वापिस उसी जगह आ गयी जहाँ हम पहले बैठे थे . हम दोनों में एक ख़ामोशी सी छ गयी थी. न मैं कुछ बोल रहा था न निधि दीदी . बस नज़रें hi चुरा रहे थे एक दूसरे से. कुछ देर में साक्षी और नीलेश फिर से वापिस आ गए हमारे पास
नीलेश : ये क्या यार तुम दोनों कुछ कर hi नहीं रहे . अजीब लोग हो , देखो सब लव बर्ड्स कैसे एन्जॉय कर रहे हैं और तुम दोनों ऐसे बैठे हो.
साक्षी : निधि अरे यू ok ? कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न ?
निधि : हाँ सब ठीक है , ज़रा मेरे साथ चलोगी ?
साक्षी : हाँ चलो .
फिर दोनों उठ कर चली गयी. मुझे लगा शायद उन्हें वाशरूम जाना होगा . दोनों क जाते hi नीलेश फिर से शुरू हो गया .
नीलेश : क्या यार कैसे लड़के हो तुम. इतनी ज़बरदस्त पटाखा लड़की तुम्हारे साथ है और तुम कुछ कर hi नहीं रहे . पहले कभी कुछ किया नहीं है क्या ?
अमित : नहीं वो ,, निधि ऐसी लड़की नहीं है . मैं उसके साथ ऐसा वैसा कुछ नहीं कर सकता .
नीलेश : सब ऐसी hi होती हैं दोस्त , ऊपर ऊपर से मन करती हैं पर अंदर से दिल सबका करता है . तुझे क्या लगता है निधि का दिल नहीं कर रहा ? ज़रा उसकी ऑंखें तो देखा, वो जिस तरह हमें देख रही थी उसे देख कर लग रहा था क वो भी ये सब करना चाहती है. मेरी मन तो दर मत सीधा उसके होंठों को किश करदे.
अमित : नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकता .
नीलेश : क्यों ? कोई प्रॉब्लम है क्या ? देखने में तो इतना हत्ता कट्टा है फिर भी ???
नीलेश ने सवाल मेरी मर्दानगी पर hi उठा दिया था अब उसे क्या कहता क वो जिस क साथ मुझे वो सब करने को कह रहा है वो मेरी बड़ी दीदी है .
उधर निधि साक्षी का हाथ थम कर उसे कार्नर में ले गयी
साक्षी : अब बता भी क्या बात है ?
निधि : यार मुझसे हिम्मत नहीं हो रही .
साक्षी : तू भी न ,,, देख ज़रा खुद को , क्या लग रही है तू. यहाँ किसी को भी ज़रा सा इशारा कर देगी न तो तेरे पीछे लार टपकता भगा चला आएगा. मुझे तो लगता है ये तेरा बर्फ hi फत्तू है. इतने गरम माहौल में भी उसने कुछ नहीं किया. उसको उकसाने क लिए hi तो मैं और नीलेश वो सब कर रहे थे . पता नहीं किस मिटटी का बना है . कहीं उसमे कोई फिजिकल प्रॉब्लम तो नहीं है न ? बाद में पता चले तूने अपनी ज़िन्दगी ख़राब कर ली.
निधि : चुप ,, उसमे कोई कमी नहीं है समझी.
साक्षी : तुझे बड़ा पता है , जो आइए माहौल में भी तुझे किश तक नहीं कर सका वो कैसा होगा .
निधि : वो ऐसा hi है थोड़ा शर्मीला है , इस लिए तो मेरी भी हिम्मत नहीं हो रही यार . अब क्या करूँ?
साक्षी : लगता है एक पेग से तेरे पर असर नहीं हुआ . चल एक और लगा लेते हैं. वैसे भी डांस करने क बाद तो ज़रूरत महसूस होने लगी है .
साक्षी निधि को लेकर बार काउंटर पर गयी और वहां अपने और निधि क लिए वोडका आर्डर करने क साथ नीलेश क लिए व्हिस्की का पेग और अमित क लिए अलग से आर्डर किया .
साक्षी : ओने एनर्जी ड्रिंक मिक्स विथ वोडका
निधि : ये तू किसके लिए आर्डर कर रही है ?
साक्षी : तेरे फत्तू क लिए , शायद कुछ गर्मी आ जाये उसने और वो खुद hi कुछ कर ले . दिया तो पहले भी ऐसे hi था पर लगता है असर नहीं हुआ .
निधि : क्या ?? पर वो ड्रिंक नहीं करता . कहीं उसके ऊपर इसका गलत असर हो गया तो ?
साक्षी : रिलैक्स मेरी जान , ये सब तेरे लिए hi कर रही हूँ . मुझे पता है तुझसे हिम्मत नहीं हो रही पर अगर वो खुद से hi कुछ कर ले तो तुझे भी आसानी होगी. इसे पीकर उसका खून गरम होगा और शायद वो हिम्मत कर hi ले अगर तुझसे न हुई तो.
निधि : पर उसे पता चल गया तो?
साक्षी : तू तो ऐसे दर रही है जैसे कोई क्राइम कर रहे हैं हम. चल , बन गए ड्रिंक , अब चुप चाप उसे पीला और थोड़ा हिम्मत दिखा अब .
मैं और नीलेश बात कर hi रहे थे क साक्षी और निधि दीदी दोनों आ गयी और साक्षी क हाथ में फिर से ड्रिंक्स थी.
साक्षी : लो नीलेश ये तुम्हारे लिए और अमित ये तुम्हारे लिए एनर्जी ड्रिंक .
साक्षी ने एक पेग निधि दीदी को भी थमाया पहले की तरह.
अमित : नहीं मुझे नहीं चाहिए .
नीलेश : ले ले भाई , तुझे एनर्जी की ज्यादा ज़रूरत है .
साक्षी : सिर्फ एनर्जी ड्रिंक hi तो है , निधि तो वोडका का दूसरा ले रही है और तुम एनर्जी ड्रिंक से परहेज़ कर रहे हो.
निधि दीदी ने एक बार मेरी तरफ देखा और चुप चाप अपना ड्रिंक उठा कर एक hi बार में जातक लिया और ऐसे एक्सप्रेशंस बनाने लगी जैसे कड़वी दवा ले ली हो. मैंने भी अपना ड्रिंक उठा लिया और उसे पिने लगा . इस बार मैं आराम से थोड़ा थोड़ा पि रहा था और मुझे फिर से टास्ते अलग सा लग रहा था . पर फिर भी मैंने ख़तम कर लिया जबकि नीलेश और साक्षी ने तो एक hi बार में खली कर दिया था . ड्रिंक क बाद एक बार दिर साक्षी और नीलेश दोनों डांस करने क लिए उठ खड़े हुए और हमें भी चलने को कहा . मैं तो मन करना चाहता था और दीदी की तरफ देखा तो उन्होंने हाँ कर दी . अब भला मैं क्या करता इस लिए चुप चाप उनके साथ हो लिया. दीदी क चेहरे की रंगत अब लाल गुलाबी होने लगी थी . शायद उन पर अब असर होने लगा था और वो नाचते वक़्त भी कुछ ज्यादा hi थिरक रही थी और उनकी ऑंखें भी बोझिल सी होने लगी थी. वो मेरे साथ पूरी तरह चिपक गयी और उनके ठोस स्तन मेरे साइन से लग रहे थे. उधर साक्षी और नीलेश पहले की तरह hi मस्ती में एक दूसरे का मज़ा ले रहे थे .
निधि : उम्म्म्म ,,,, जानते हो ,,,,,,, मैं पहली बार नाईट क्लब में आयी हूँ ,,,,,,, और आज पहली बार hi वो पि है ,,,,,, ये कपडे भी मैंने पहली बार पहने है ,,,,,, और पता है क्या कुछ किया है ??,,,,, सब पहली बार ,,,, तुम मुझसे नाराज़ तो नहीं हो न ?,,,,, सोररीयय ,,,, आप नाराज़ तो नहीं हो न ???
दीदी पर अब असर होने लगा था वोडका का , इस लिए वो मदहोशी भरी आवाज़ में रुक रुक कर बोल रही थी . साथ hi वो मेरे साथ पूरी तरह चिपकती कभी मेरे कंधे पर सर रखती कभी मेरे चेहरे क साथ सत्ता देती कभी दूसरे कंधे पर सर रख देती. अब डांस की जगह वो सिर्फ मुझसे चिपक कर हिल hi रही थी.
अमित : शायद आपको वोडका का असर हो गया है. हमें चलना चाहिए .
निधि : नाहीइ ,,, हम कहीं नहीं जा रहे ,,,, और आप भी कहीं नहीं जायेंगे जब तक ,,,, जब तक मैं अपनी बात न कर लूँ ,,,,, आज आपको मेरी बात सुन्नी hi होगी,,,,, मैं और ज्यादा नहीं सेह सकती …
दीदी क्या कहना छह रही थी मुझे समझ नहीं आ रहा था. पर शायद कोई ज़रूरी बात वो करना चाहती थी. मगर उनके ऊपर वोडका का असर था इस लिए मुझे लगा क उन्हें अब घर ले जाना चाहिए
अमित : हम घर चल कर बात करेंगे न,, अभी आप होश में नहीं हो.
निधि : किसने कहा मैं होश में नहीं हूँ ?? मैं पूरी होश में हूँ ? ,,,, आज आपको मेरी बात सुन्नी हो होगी .
अमित : ाचा ठीक है कहिये क्या बात है और ये आप मुझे बार बार आप क्यों कह रही हैं?
निधि : क्यूंकि आप मेरे ,,,,, ,,,,,,, एक मिनट यहीं रुकिए मैं अभी आयी
दीदी अपनी बात कहते कहते रुक गयी जैसे वो कुछ सोच रही हो. और फिर मुझे रुकने क कह कर बार की तरफ चली गयी. मैं उन्हें वहीँ से देख रहा था . दीदी ने जा कर एक ड्रिंक आर्डर किया और वहीँ उसे एक सांस में जातक लिया . मैं तो ये देख कर hi हैरान हो गया . दीदी फिर से मेरी तरफ वापिस आयी और आते hi मेरे सीने से लग गयी. दीदी ने मुझे पूरी तरह आलिंगन में ले लिया था. और मैंने भी उन्हें अपनी बाँहों में भर लिया .
निधि : ी लव यू ,,,, ी लव यू अमित ,,, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ ,,,,,
अमित : ी लव यू तू दी ,,,, अब क्या हम घर चलें ?
मुझे लगा दीदी कुछ इमोशनल हो रही हैं और वोडका भी असर है इस लिए अपने भाई पर कुछ ज्यादा hi प्यार जाता रही हैं.
निधि : don’t कॉल में दी ,,,,,, आप मुझे ऐसा कैसे कह सकते हैं ,,,,,, आप तो ,,,,, आप तो मेरे पति हैं ..
दीदी की ये बात सुन कर मेरे कान गरम हो गए . मनो कानो से धुआं निकलने लगा हो . दीदी पूरी तरह नशे में चली गयी थी शायद .
अमित : ये आप क्या कह रही हैं. आपको नशा हो गया है , हमे अब चलना चाहिए .
निधि : न्यू ,,, आपको आज सुन्ना होगा ,,,, यू हैवे तो लिसेन एंड अंडरस्टैंड तहत ,,,,,, ी ऍम योर वाइफ एंड यू अरे माय हस्बैंड,,,,,, पता है? ,,,, भगवन भी यही चाहता है ,,,,,,, इसी लिए तो उसने खुद हमें आशीर्वाद दिया है ,,, हहहह ,,
दीदी की बात सुन कर मैं तो दांग था . वो मेरे साथ चिपकी अपनी बात कह रही थी . बिना मेरी तरफ देखे . और अब उन्हें जब हिचकी आयी तो मुझे लगा अब हमें जाना चाहिए दीदी ओवर हो रही है .
अमित : ये आप क्या कह रही हैं ,, आप होश में नहीं हैं , चलिए हम घर चलते हैं .
निधि : न्यू ,,,,, माय लवली हुब्बी ,,, तुम बहुत hi भोले हो ,,,,, उम्मम्मम्म ,,,,, मैं कब से कहना छह रही थी पर हिम्मत hi नहीं हुई ,,,, इस लिए मैं आज आपको अपने साथ यहाँ लेकर आयी हूँ,,,,, तो अरे सो स्वीट ,,,,, ी ऍम सो लकी ,,, मुझे आप जैसा पति मिला ,,,, पर आप हैं क कुछ समझते hi नहीं ,,,,, अपनी बीवी को थोड़ा सा भी पति वाला प्यार नहीं देते ,,,, ये कोई अछि बात है क्या ???? चलिए मैं खुद hi ले लेती हूँ आज ,, उम्मम्मम्मम्म
दीदी ने बात करते करते एक पौसे लिया और अपना चेहरा उठा कर सीधा मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए . मैं तो एक पल क लिए प्रहार hi हो गया . मुझे समझ hi नहीं आया क मैं क्या करूँ. सब क बीच दीदी ऐसे मेरे होंठ चुम रही थी . उनकी फ्रेंड बगल में hi थी और दीदी बिना किसी दर या परवाह क मुझे किश कर रही थी. दीदी की ऑंखें बंद थी और वो बस मुझे किश किये जा रही थी. पता नहीं क्यों पर मेरे अंदर भी गर्मी बढ़ चली थी और मेरे हाथ दीदी की कमर पर चले गए और अमिन दीदी क फूलों से मुलायम होंठों को अपने होंठों में भर कर चूमने लगा .
‘ वह वह वह ,,, ग्रेट ,, तो आखिर भीगी बिल्ली शेरनी बन hi गयी ,,, ‘
हम दोनों एक दूसरे को किश किये जा रहे थे और पता नहीं कितनी देर मैंने निधि दीदी क रास भरे मुलायम होंठों को चूमा. दीदी भी ऐसे चुम रही थी जैसे वो अलग होना hi न चाहती हो. पर साक्षी की आवाज़ सुन कर हम दोनों की किश टूटी .
नीलेश : वह दोस्त , तुम दोनों तो किसिंग में मास्टर हो. इतना पैशनेट किश तो साक्षी अउ मैं भी नहीं कर पाए . तुम दोनों तो जैसे कई और hi दुनिया में थे .
दोनों की बातें सुन कर मैं तो शर्मिंदा सा होने लगा था . ये भी भूल गया क उन्हें क्या पता हम भाई बहिन नहीं हैं.
निधि : ये म्यूजिक क्यों बंद कर दिया ????
दीदी की बात पर मेरा ध्यान भी म्यूजिक क बंद होने पर गया
साक्षी : तुम दोनों को तो होश hi नहीं था तो पता कैसे चलता . बस अपने में hi लगे कैसे चोंच लड़ा रहे थे . वो देखे काउंटिंग हो रही है . नया साल चढ़ने वाला है
क्लब में एक तरफ बड़ी से स्क्रीन लगी थी जिस पर उलटी गिनती चल रही थी और अब सब ज़ोर शोर से उसके साथ hi काउंटिंग करने लगे .
8 ,,,,, 7 ,,,,, 6 ……….1
‘ हैप्पी नई ईयर ‘
सब तरफ हैप्पी नई ईयर का शोर मच गया और फिर से म्यूजिक बजने लगा . साक्षी और नीलेश ने एक दूसरे को बाँहों में भरा और किश करने लगे . इधर निधि दीदी ने भी फिर से मेरे गले में बहन डाली और मुझे किश करने लगी . मैं उन्हें रोकना तो चाहता था पर बजाये इसके मैं खुद hi उनके होंठ चूमने लगा . निधि दीदी क होंठ चूमते हुए मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. बहुत hi मुलायम और नाज़ुक होंठ थे माखन की तरह. जिनमे से शहद रिस रहा था . मैं दीदी को अपनी बाँहों में कस लिया और उन्हें ऊपर उठा लिया . दीदी क पाऊँ ज़मीन से उठ गए और वो मुझे बस चूमे जा रही थी मेरे साथ चिपकी हुई. दीदी का रुई सा बदन अपनी बाँहों में भींच कर मुझे मज़ा आ रहा था . उनके स्तन रुई क गोलों की तरह मेरे सीने में धंस रहे थे . हम एक दूसरे क होंठ चूम रहे थे कभी ऊपर वाला तो कभी नीचे वाला . हम सब से बेखबर बस एक दूसरे में खोये थे. मेरे दिमाग की नसें भी ऐसे ढीली पद चुकी थी क जैसे वो साइलेंट मोड पर जा कर आराम कर रही हो और जिस्म में आग जलने लगी थी. पता नहीं कितनी देर हमने एक दूसरे को चूमा और फिर एक बार साक्षी ने हमें टोका .
साक्षी : अरे बस भी करो क सारा प्रोग्राम यहीं सबके सामने करना है ? चलो न निधि एक साथ hi चलते हैं. हम दोनों तो होटल में जा रहे हैं , तुम भी साथ चलो . वैसे भी इस हालत में घर तो नहीं जाओगी तुम .
निधि : चलो ,,,,, आज मैं आज़ाद हूँ ,,,,, चलिए न ,,, हम भी साथ चलते हैं.
दीदी ने मेरा हाथ खींचते हुए उन दोनों क साथ चलने को कहा . मैं हो थोड़ी देर पहले किसी सम्मोहन में फंस गया था फॉर से होश में आया .
अमित : नहीं ,, हमें घर चलना चाहिए .
साक्षी : क्या ये सही होगा ? निधि ऐसी हालत में …
अमित : निधि मेरे साथ जाएगी .
नीलेश : शाबाश ,,, ये हुई न बात ,, बेस्ट ऑफ़ लक दोस्त . हैवे ा लवली एंड स्वीट नाईट .
निधि दीदी मेरे सीने में मुँह छिपाने लगी नीलेश की इस बात पर . मैंने नीलेश को कोई जवाब देने से बेहतर एक स्माइल पास की और दीदी की कमर में हाथ डेल बहार को चल दिया .
निधि : थैंक यू माय हुब्बी ,,,, ी लव यू ,,, थैंक्स फॉर एव्री थिंग ,,, उम्मम्मम्मम
दीदी बहार आते हुए भी मदहोशी में मेरे साथ चिपकती पता नहीं क्या क्या बोले जा रही थी . वो बार बार मुझे अपना पति क्यों कह रही थी मेरी समझ से बहार था . और सड़क में पर फिर एक बार उनहोंने मुझे किश करना शुरू कर दिया. मैंने उनको अलग किया और उन्हें गाडी की तरफ ले गया. दीदी तो होश में थी नहीं , कार की चाबी पहले hi उन्होंने मुझे दे दी थी. सो मैं उन्हें गाड़ी में बिठाया और दूसरी तरफ से कार में बैठने लगा तो नीलेश फिर एक बार आ गया .
नीलेश : बेस्ट ऑफ़ लक दोस्त ,, आज की रात तो काफी रंगीन होने वाली है तुम्हारी. ी होप आज की रत न तुम खुद सोगे न निधि को सोने डोज .
नीलेश की गाड़ी भी पास में hi थी और साक्षी दूसरी तरफ कड़ी थी . मैंने उससे पीछा छुड़ाने क लिए बस हाँ हूँ कहा और उसे bye बोल कर गाड़ी में बैठा और गाड़ी ले के चल दिया वापिस .
दीदी की ऑंखें बंद हो चली थी पर बीच बीच में वो ऑंखें थोड़ी सी खोल मुझे देखती और मेरी तरफ खिसक कर मेरे कंधे पर सर रख मुझे कभी किश करने की कोशिश करती तो कभी मेरे सीने पर हाथ चलती . दीदी ज्यादा hi ओवर हो गयी थी. 12 से ऊपर टाइम हो चला था और सड़के खली थी. मैं गाडी तेज़ रफ़्तार में दौड़ता मोहित के घर की तरफ बढ़ चला. एक हाथ से मैं दीदी को सँभालने की कोशिश कर रहा था और दूसरे से ड्राइव . कुछ देर में हूँ घर पहुँच गए . गार्ड में गेट खोला और मैं गाड़ी अंदर ले आया . दीदी को मैंने सहर देकर गाड़ी से निकला और अंदर चल दिया. दरवाज़ा पर पहुँचते hi दरवाज़ा अपने आप खुल गया और सामने करिश्मा दीदी कड़ी थी निधि दीदी तो अब जैसे होश में थी hi नहीं बस सहारे से थोड़ा बहुत चल रही थी .
करिश्मा : ये दीदी को क्या हुआ ??? ड्रिंक की है इन्होने??? मेरे कमरे में ले चलो .
निधि दीदी की हालत का अंदाज़ा लगा कर करिश्मा दीदी ने खुद hi दूसरी तरफ से उन्हें सहर दिया और हूँ करिश्मा दीदी क कमरे की तरफ चल दिए . घर की ज्यादा तर लाइट्स बंद थी. शायद सब सो चुके थे .
अमित : वो पार्टी में गलती से इन्होने पि ली ,, सब सो गए क्या ?
करिश्मा : हाँ , , यहाँ लेता दो इन्हे. लगता है दीदी ने पहली बार hi ऐसा कुछ किया है. और ये ऐसे कपडे ??? एनीवे ,, मैं कर लुंगी .
करिश्मा दीदी ने निधि को अचे से बीएड पर लिटाया और उन पर चादर ओढ़ा दी. मैं कमरे से निकल कर ऊपर अपने कमरे की तरफ चल दिया . पहले मोहित क कमरे में झाँका तो देखा वो आराम से सोया पड़ा था. फिर मैं अपने कमरे में आ कर अपने कपडे खोलने लगा . मेरे बदन में गर्मी कुछ ज्यादा hi महसूस हो रही थी और लैंड महाराज भी सर उठाये थे . शायद निधि दीदी क साथ किश ने मुझे अंदर से ज्यादा hi गरम कर दिया था. इस वक़्त दिमाग कुछ सोचने समझने की हालत में नहीं थी . आंटी को मैंने रत को मिलने का कहा था तो सोचा अब अपने लैंड की गरमी उन्ही पर उतरता हूँ. पर वो तो सो गयी थी , इस लिए मैंने उनके कमरे में खुद जाने का सोचा . मैंने कपडे बदल कर लोअर और T-shirt पहना और लाइट बंद कर क बहार निकलने hi वाला था क दरवाज़ा खुला और आंटी अँधेरे में hi सामने कड़ी थी. मेरे दिल की मुराद पूरी हो गयी और मैंने बिना देर किये उनका हाथ पकड़ उन्हें अंदर खिंचा और उनके होंठों को चूमने लग गया .