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- Dec 5, 2013
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अब दोनों हॉस्पिटल पहुँच चुके थे .. नवाज़ भी गाड़ी पार्क कर के आरती की दादी के रूम मई चला जाता है .. आरती अंदर अकेले hi थी .. उसके पीछे से जेक उसके गाल की पप्पी लेके कहता है

कैसे हो रानी
तब आरती उसको देख के कहती है
आ गए आप
हाँ रानी तेरे याद आ गयी तो आ गया ..
तब नखरा करते हुई कहते है

मतलब अब तक याद नहीं आ रही थी क्या ..
तब उसको समजने लगा ..
आ रही थी .. पर तुम डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था ..
फिर भी कहाँ थे इतने देर तक
तुम बताया न तुम्हारे दादी की फाइल और टेबलेट लेन थे न .. वो लेन गया था
ऐसा कह के वो बैग आरती को देता है
घर इतना दूर नहीं है .. जो इतना टाइम लगे
अब रानी लग गया टाइम .. अब मई क्या कर सकता हु
तब उसको उसके कंधे पैर एक बल दिखा
यह बल किसका है
कौन सा बल
तब आरती उसके कंधे पैर का बल निकल कर उसको दिखती है
यह वाला
तब नवाज़ है के कहता है
किसका होगा तुम्हारा hi होगा तुम्हारे सिवाय किसका हो सकता है मेरे कंधे पैर बल
मेरे को क्या बुद्धू समझ कर रखा है.. मैं अभी हूँ तुम्हारे पास यह बल मेरे से पहले से है तुम्हारे खंड पर ..
तब नवाज़ हास्के कहता है
एक का है
एक का मतलब किसका
एक पुराणी है मिली थी अभी उसी का है
इसीलिए उसके चक्कर में मुझे भूल गए
तुम्हें कैसे भूल सकता हूँ मेरी रानी
फिर मेरे पास क्यों नहीं आये
क्यूंकि मुझे लगा तुम पहले hi तुम्हारी दादी के चक्कर में परेशां होगी फिर मैं और तुम्हें परेशां क्यों करू
तब गुस्से से नवाज़ को देखने लगी ..

अच्छा जी अभी मेरे से hi बहाने बजी
तब नवाज़ हंसने लगा और उसके कमर पाई हाट रखता है

और अपने बाँहों में ले लेता है
नहीं वह बहुत दिनों के बाद मिली थी
फिर ऐसे बोलो न
हो गया मिलाना
हो गया ..
मजे किये होंगे
नहीं
क्यों
उसका पति साथ मई तह
फिर ये बाल कैसे आया तुम्हारे शोल्डर पर
वो उसका बच्चा ले रहा था तब
वो बच्चा तुम्हारा है या उसके पति का
उसके पति का
पक्का
पक्का रानी
ऐसा कह के उसको किश करता है
तभी रूम का दूर खुलने का आवाज़ आता है तब आरती झट से उससे दूर हो जाती है . और पलट कर आपने साड़ी और बाल ठीक करती है .. नवाज़ पिट दूर की तरफ करके खड़ा था इसलिए उसे पता नहीं था कोण आया है ..
उसकी स्वेआती भाभी अचानक आने से आरती बहुत शर्मा रही थी .. लेकिन स्माइल नहीं दे रही थी .. जब नवाज़ ने पलट के देखा तो आरती की छोटी भाभी उनके सामने कड़ी थी ..

नवाज़ को देखते hi आरती को उसकी भाभी कहते है
ये कोण है दीदी
मेरे साथ है भाभी
आप के साथ ..मतलब
पापा जी ने मेरे साथ भेजा है .. यही मुझे लेके आया है
फिर आप आयी तब से ये कहा था
तब आरती कुछ कहे उससे पहले आपने आदत नुसार नवाज़ कहता है
आप के घर गया था
मेरे घर
दादी की फाइल और टेबलेट लेन भैय्या और भाभी ने भेजा था
अच्छा
तब आरती की नज़र नवाज़ पाई गयी .. उसके शर्ट का उप्पर का बटन खुला हुआ था.. एक्चुअली आरती ने hi उसके शर्ट का बटन खोला था .. उसका खुला हुआ बटन देखके और अपनी भाभी की नज़र नवाज़ पाई hi है ये देख के वो नवाज़ को इशारा कर रही थी की शर्ट का बटन लगाओ पर नवाज़ आरती का इशारा समाज नहीं पा रहा ..वो इशारा समाज नहीं पा रहा है ये देख के आरती आपने माथे पर हाथ मार लेती है

और मैं मई कहते है
ये मेरा इशारा क्यों नहीं समाज पा रहे है
वो कभी आरती को देखता तो कभी आरती के भाबी को ..नवाज़ उसका इशारा समाज नहीं पा रहा है ये देख के वो नवाज़ को देखते हुई मुँह बना लेती है ...

उसको नवाज़ पाई बहुत गुस्सा आ रहा था पर वो दिखा नहीं सकती थी .. फिर इधर उधर देखने लगी ..क्या करू क्या नहीं यही उसे समाज नहीं आ रहा था क्यों की उसे डर लग रहा था कही उसके भाभी ने नवाज़ के शर्ट का खुला बटन देखा तो कुछ ऐसा वैसा न समाज जाये ..डर की वजह से उसके बोब्ब्स उप्पेर निचे हो रहे थे.
तब उसे एक आईडिया आती है और वो नवाज़ को इशारा करती hai..aapne ब्लाउज के वह हाट लेके शर्ट का बटन लगाने की एक्टिंग करती है तब नवाज़ को समाज आता है और वो आपने बटन को देखता है और फिर आरती की तरफ देखते है वो गुस्से से कहती है
लगाओ उसे
नवाज़ इशारो से कहता है
रहने दो न ..कुछ नहीं होगा
नवाज़ के ऐसे कहने से आरती नाराज़ होती hai..uski नाराज़गी उसके चहरे पर साफ़ दिख रही थी..

वो गुस्से से उसपर चिल्ला भी नहीं सकती थी .. तब आरती कहती है वह मैंने किश
किया था ..मेरे लिपस्टिक होगी वह वो देख लगे
तब नवाज़ वो बटन लगता है तब आरती का चेहरा खिल उठता है

एक्चुअली हुआ ये था की जब आरती ने नवाज़ को पूछा वो बच्चा तुम्हारा तो नहीं न तब नवाज़ कहता है नहीं तब आरती नवाज़ को देख के सीरियस हो के बोली…
नवाज़ आप को मेरी कसम है .. सच सच बताओ आप
तब उसका चेहरा आपने हाट मई लेके नवाज़ कहता है
क्या हो गया है तुमको .. आरती ?? .मेरा जो भी है और जिस के साथ भी है वो तुजे सब पता है.. और मई तुजसे झूट बोलता हु क्या ..और मैंने तुजे प्रॉमिस किया है न रानी की अब मई तेरे अलावा किसी के साथ नहीं सोऊंगा .. फिर भी ये सवाल ..मुज पाई विश्वास नहीं है क्या
तब आरती उसके बहो मई खुद को समर्पित करते हुई आपने सर नवाज़ के खंड पर रखते है
राजा मई आप पर शक नहीं कर रही हु ..पर डर लगता है न ..मई आप को खो न दू ..मई आप से बहुत प्यार करती हु ..किसी भी किम्मत पर आप को खोना नहीं चाहती ..कुछ भी हो जाये मई आप से दूर होना नहीं चाहती
हमें कोई दूर नहीं कर सकता आरती
ी ऍम सॉरी राजा ..वो आप के खंड पर औरत का बाल देखा और आपने कहा आप की कोई पुराणी वाली मिली इस वजह से इमोशनल हो के मैंने ये सब पूछा ..
और सर उप्पर करके उसका चेहरा हाट मई लेके आरती प्यार से बोली...
ी ऍम सॉरी
राजा ..मुझे माफ़ कर दो ..
नवाज़ कुछ नहीं कहता ..बस उसे देखता रहता है ..
प्ल्ज़ मुझे माफ़ कर दो न जी .. मैंने ख़म का आप पाई शक किया ..
तुजे माफ़ी चाहिए
हाँ जी ..इस बार माफ़ी दो ..आगे से कभी भी आप पाई शक नहीं करुँगी.. भगवन कसम ..
आपने गले को हाट लगा के सौंगध कहती है
माफ़ी मिलेंगे तुजे ..
तब आरती का चेहरा खिल उठता है..

जी दीजियेगा माफ़ी अपनी रानी को इस बार .. आगे से ऐसे गलती कभी नहीं करुँगी
अगर की तो
करूंगी hi नहीं ..
की तो
करूंगी hi नहीं ..आप की सौंगध ..
फिर झूठ हुआ तो मेरे मौत
मरे आप के दुश्मन.. मेरे होते हुई मई कैसे मरने दूंगी आपको ..आप मेरे स्वामी हो ..
अच्छा .. मतलब तू आगे से ऐसा नहीं करेंगे
कभी नहीं ..करके मुझे आप को खोना नहीं है
फिर भी किया तो
मई भगवन की कसम खाके कहती हु ऐसा कभी नहीं करुँगी .. शक नहीं करुँगी आपने स्वामी पर
और किसी ने कुछ कहा तो मेरे बारे मई
कभी भी भरोसा नहीं करुँगी उसपर मेरे राजा

कैसे हो रानी
तब आरती उसको देख के कहती है
आ गए आप
हाँ रानी तेरे याद आ गयी तो आ गया ..
तब नखरा करते हुई कहते है

मतलब अब तक याद नहीं आ रही थी क्या ..
तब उसको समजने लगा ..
आ रही थी .. पर तुम डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था ..
फिर भी कहाँ थे इतने देर तक
तुम बताया न तुम्हारे दादी की फाइल और टेबलेट लेन थे न .. वो लेन गया था
ऐसा कह के वो बैग आरती को देता है
घर इतना दूर नहीं है .. जो इतना टाइम लगे
अब रानी लग गया टाइम .. अब मई क्या कर सकता हु
तब उसको उसके कंधे पैर एक बल दिखा
यह बल किसका है
कौन सा बल
तब आरती उसके कंधे पैर का बल निकल कर उसको दिखती है
यह वाला
तब नवाज़ है के कहता है
किसका होगा तुम्हारा hi होगा तुम्हारे सिवाय किसका हो सकता है मेरे कंधे पैर बल
मेरे को क्या बुद्धू समझ कर रखा है.. मैं अभी हूँ तुम्हारे पास यह बल मेरे से पहले से है तुम्हारे खंड पर ..
तब नवाज़ हास्के कहता है
एक का है
एक का मतलब किसका
एक पुराणी है मिली थी अभी उसी का है
इसीलिए उसके चक्कर में मुझे भूल गए
तुम्हें कैसे भूल सकता हूँ मेरी रानी
फिर मेरे पास क्यों नहीं आये
क्यूंकि मुझे लगा तुम पहले hi तुम्हारी दादी के चक्कर में परेशां होगी फिर मैं और तुम्हें परेशां क्यों करू
तब गुस्से से नवाज़ को देखने लगी ..

अच्छा जी अभी मेरे से hi बहाने बजी
तब नवाज़ हंसने लगा और उसके कमर पाई हाट रखता है

और अपने बाँहों में ले लेता है
नहीं वह बहुत दिनों के बाद मिली थी
फिर ऐसे बोलो न
हो गया मिलाना
हो गया ..
मजे किये होंगे
नहीं
क्यों
उसका पति साथ मई तह
फिर ये बाल कैसे आया तुम्हारे शोल्डर पर
वो उसका बच्चा ले रहा था तब
वो बच्चा तुम्हारा है या उसके पति का
उसके पति का
पक्का
पक्का रानी
ऐसा कह के उसको किश करता है
तभी रूम का दूर खुलने का आवाज़ आता है तब आरती झट से उससे दूर हो जाती है . और पलट कर आपने साड़ी और बाल ठीक करती है .. नवाज़ पिट दूर की तरफ करके खड़ा था इसलिए उसे पता नहीं था कोण आया है ..
उसकी स्वेआती भाभी अचानक आने से आरती बहुत शर्मा रही थी .. लेकिन स्माइल नहीं दे रही थी .. जब नवाज़ ने पलट के देखा तो आरती की छोटी भाभी उनके सामने कड़ी थी ..

नवाज़ को देखते hi आरती को उसकी भाभी कहते है
ये कोण है दीदी
मेरे साथ है भाभी
आप के साथ ..मतलब
पापा जी ने मेरे साथ भेजा है .. यही मुझे लेके आया है
फिर आप आयी तब से ये कहा था
तब आरती कुछ कहे उससे पहले आपने आदत नुसार नवाज़ कहता है
आप के घर गया था
मेरे घर
दादी की फाइल और टेबलेट लेन भैय्या और भाभी ने भेजा था
अच्छा
तब आरती की नज़र नवाज़ पाई गयी .. उसके शर्ट का उप्पर का बटन खुला हुआ था.. एक्चुअली आरती ने hi उसके शर्ट का बटन खोला था .. उसका खुला हुआ बटन देखके और अपनी भाभी की नज़र नवाज़ पाई hi है ये देख के वो नवाज़ को इशारा कर रही थी की शर्ट का बटन लगाओ पर नवाज़ आरती का इशारा समाज नहीं पा रहा ..वो इशारा समाज नहीं पा रहा है ये देख के आरती आपने माथे पर हाथ मार लेती है

और मैं मई कहते है
ये मेरा इशारा क्यों नहीं समाज पा रहे है
वो कभी आरती को देखता तो कभी आरती के भाबी को ..नवाज़ उसका इशारा समाज नहीं पा रहा है ये देख के वो नवाज़ को देखते हुई मुँह बना लेती है ...

उसको नवाज़ पाई बहुत गुस्सा आ रहा था पर वो दिखा नहीं सकती थी .. फिर इधर उधर देखने लगी ..क्या करू क्या नहीं यही उसे समाज नहीं आ रहा था क्यों की उसे डर लग रहा था कही उसके भाभी ने नवाज़ के शर्ट का खुला बटन देखा तो कुछ ऐसा वैसा न समाज जाये ..डर की वजह से उसके बोब्ब्स उप्पेर निचे हो रहे थे.
तब उसे एक आईडिया आती है और वो नवाज़ को इशारा करती hai..aapne ब्लाउज के वह हाट लेके शर्ट का बटन लगाने की एक्टिंग करती है तब नवाज़ को समाज आता है और वो आपने बटन को देखता है और फिर आरती की तरफ देखते है वो गुस्से से कहती है
लगाओ उसे
नवाज़ इशारो से कहता है
रहने दो न ..कुछ नहीं होगा
नवाज़ के ऐसे कहने से आरती नाराज़ होती hai..uski नाराज़गी उसके चहरे पर साफ़ दिख रही थी..

वो गुस्से से उसपर चिल्ला भी नहीं सकती थी .. तब आरती कहती है वह मैंने किश
तब नवाज़ वो बटन लगता है तब आरती का चेहरा खिल उठता है

एक्चुअली हुआ ये था की जब आरती ने नवाज़ को पूछा वो बच्चा तुम्हारा तो नहीं न तब नवाज़ कहता है नहीं तब आरती नवाज़ को देख के सीरियस हो के बोली…
नवाज़ आप को मेरी कसम है .. सच सच बताओ आप
तब उसका चेहरा आपने हाट मई लेके नवाज़ कहता है
क्या हो गया है तुमको .. आरती ?? .मेरा जो भी है और जिस के साथ भी है वो तुजे सब पता है.. और मई तुजसे झूट बोलता हु क्या ..और मैंने तुजे प्रॉमिस किया है न रानी की अब मई तेरे अलावा किसी के साथ नहीं सोऊंगा .. फिर भी ये सवाल ..मुज पाई विश्वास नहीं है क्या
तब आरती उसके बहो मई खुद को समर्पित करते हुई आपने सर नवाज़ के खंड पर रखते है
राजा मई आप पर शक नहीं कर रही हु ..पर डर लगता है न ..मई आप को खो न दू ..मई आप से बहुत प्यार करती हु ..किसी भी किम्मत पर आप को खोना नहीं चाहती ..कुछ भी हो जाये मई आप से दूर होना नहीं चाहती
हमें कोई दूर नहीं कर सकता आरती
ी ऍम सॉरी राजा ..वो आप के खंड पर औरत का बाल देखा और आपने कहा आप की कोई पुराणी वाली मिली इस वजह से इमोशनल हो के मैंने ये सब पूछा ..
और सर उप्पर करके उसका चेहरा हाट मई लेके आरती प्यार से बोली...
ी ऍम सॉरी
नवाज़ कुछ नहीं कहता ..बस उसे देखता रहता है ..
प्ल्ज़ मुझे माफ़ कर दो न जी .. मैंने ख़म का आप पाई शक किया ..
तुजे माफ़ी चाहिए
हाँ जी ..इस बार माफ़ी दो ..आगे से कभी भी आप पाई शक नहीं करुँगी.. भगवन कसम ..
आपने गले को हाट लगा के सौंगध कहती है
माफ़ी मिलेंगे तुजे ..
तब आरती का चेहरा खिल उठता है..

जी दीजियेगा माफ़ी अपनी रानी को इस बार .. आगे से ऐसे गलती कभी नहीं करुँगी
अगर की तो
करूंगी hi नहीं ..
की तो
करूंगी hi नहीं ..आप की सौंगध ..
फिर झूठ हुआ तो मेरे मौत
मरे आप के दुश्मन.. मेरे होते हुई मई कैसे मरने दूंगी आपको ..आप मेरे स्वामी हो ..
अच्छा .. मतलब तू आगे से ऐसा नहीं करेंगे
कभी नहीं ..करके मुझे आप को खोना नहीं है
फिर भी किया तो
मई भगवन की कसम खाके कहती हु ऐसा कभी नहीं करुँगी .. शक नहीं करुँगी आपने स्वामी पर
और किसी ने कुछ कहा तो मेरे बारे मई
कभी भी भरोसा नहीं करुँगी उसपर मेरे राजा









































































