Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 31 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

अब दोनों हॉस्पिटल पहुँच चुके थे .. नवाज़ भी गाड़ी पार्क कर के आरती की दादी के रूम मई चला जाता है .. आरती अंदर अकेले hi थी .. उसके पीछे से जेक उसके गाल की पप्पी लेके कहता है





कैसे हो रानी

तब आरती उसको देख के कहती है

आ गए आप

हाँ रानी तेरे याद आ गयी तो आ गया ..

तब नखरा करते हुई कहते है





मतलब अब तक याद नहीं आ रही थी क्या ..

तब उसको समजने लगा ..

आ रही थी .. पर तुम डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था ..

फिर भी कहाँ थे इतने देर तक

तुम बताया न तुम्हारे दादी की फाइल और टेबलेट लेन थे न .. वो लेन गया था

ऐसा कह के वो बैग आरती को देता है

घर इतना दूर नहीं है .. जो इतना टाइम लगे

अब रानी लग गया टाइम .. अब मई क्या कर सकता हु

तब उसको उसके कंधे पैर एक बल दिखा

यह बल किसका है

कौन सा बल

तब आरती उसके कंधे पैर का बल निकल कर उसको दिखती है

यह वाला

तब नवाज़ है के कहता है

किसका होगा तुम्हारा hi होगा तुम्हारे सिवाय किसका हो सकता है मेरे कंधे पैर बल

मेरे को क्या बुद्धू समझ कर रखा है.. मैं अभी हूँ तुम्हारे पास यह बल मेरे से पहले से है तुम्हारे खंड पर ..

तब नवाज़ हास्के कहता है

एक का है

एक का मतलब किसका

एक पुराणी है मिली थी अभी उसी का है

इसीलिए उसके चक्कर में मुझे भूल गए

तुम्हें कैसे भूल सकता हूँ मेरी रानी

फिर मेरे पास क्यों नहीं आये

क्यूंकि मुझे लगा तुम पहले hi तुम्हारी दादी के चक्कर में परेशां होगी फिर मैं और तुम्हें परेशां क्यों करू

तब गुस्से से नवाज़ को देखने लगी ..





अच्छा जी अभी मेरे से hi बहाने बजी

तब नवाज़ हंसने लगा और उसके कमर पाई हाट रखता है





और अपने बाँहों में ले लेता है

नहीं वह बहुत दिनों के बाद मिली थी

फिर ऐसे बोलो न

हो गया मिलाना

हो गया ..

मजे किये होंगे

नहीं

क्यों

उसका पति साथ मई तह

फिर ये बाल कैसे आया तुम्हारे शोल्डर पर

वो उसका बच्चा ले रहा था तब

वो बच्चा तुम्हारा है या उसके पति का

उसके पति का

पक्का

पक्का रानी

ऐसा कह के उसको किश करता है

तभी रूम का दूर खुलने का आवाज़ आता है तब आरती झट से उससे दूर हो जाती है . और पलट कर आपने साड़ी और बाल ठीक करती है .. नवाज़ पिट दूर की तरफ करके खड़ा था इसलिए उसे पता नहीं था कोण आया है ..

उसकी स्वेआती भाभी अचानक आने से आरती बहुत शर्मा रही थी .. लेकिन स्माइल नहीं दे रही थी .. जब नवाज़ ने पलट के देखा तो आरती की छोटी भाभी उनके सामने कड़ी थी ..





नवाज़ को देखते hi आरती को उसकी भाभी कहते है

ये कोण है दीदी

मेरे साथ है भाभी

आप के साथ ..मतलब

पापा जी ने मेरे साथ भेजा है .. यही मुझे लेके आया है

फिर आप आयी तब से ये कहा था

तब आरती कुछ कहे उससे पहले आपने आदत नुसार नवाज़ कहता है

आप के घर गया था

मेरे घर

दादी की फाइल और टेबलेट लेन भैय्या और भाभी ने भेजा था

अच्छा

तब आरती की नज़र नवाज़ पाई गयी .. उसके शर्ट का उप्पर का बटन खुला हुआ था.. एक्चुअली आरती ने hi उसके शर्ट का बटन खोला था .. उसका खुला हुआ बटन देखके और अपनी भाभी की नज़र नवाज़ पाई hi है ये देख के वो नवाज़ को इशारा कर रही थी की शर्ट का बटन लगाओ पर नवाज़ आरती का इशारा समाज नहीं पा रहा ..वो इशारा समाज नहीं पा रहा है ये देख के आरती आपने माथे पर हाथ मार लेती है





और मैं मई कहते है

ये मेरा इशारा क्यों नहीं समाज पा रहे है

वो कभी आरती को देखता तो कभी आरती के भाबी को ..नवाज़ उसका इशारा समाज नहीं पा रहा है ये देख के वो नवाज़ को देखते हुई मुँह बना लेती है ...





उसको नवाज़ पाई बहुत गुस्सा आ रहा था पर वो दिखा नहीं सकती थी .. फिर इधर उधर देखने लगी ..क्या करू क्या नहीं यही उसे समाज नहीं आ रहा था क्यों की उसे डर लग रहा था कही उसके भाभी ने नवाज़ के शर्ट का खुला बटन देखा तो कुछ ऐसा वैसा न समाज जाये ..डर की वजह से उसके बोब्ब्स उप्पेर निचे हो रहे थे.

तब उसे एक आईडिया आती है और वो नवाज़ को इशारा करती hai..aapne ब्लाउज के वह हाट लेके शर्ट का बटन लगाने की एक्टिंग करती है तब नवाज़ को समाज आता है और वो आपने बटन को देखता है और फिर आरती की तरफ देखते है वो गुस्से से कहती है

लगाओ उसे

नवाज़ इशारो से कहता है

रहने दो न ..कुछ नहीं होगा

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती नाराज़ होती hai..uski नाराज़गी उसके चहरे पर साफ़ दिख रही थी..





वो गुस्से से उसपर चिल्ला भी नहीं सकती थी .. तब आरती कहती है वह मैंने किश 💋 किया था ..मेरे लिपस्टिक होगी वह वो देख लगे

तब नवाज़ वो बटन लगता है तब आरती का चेहरा खिल उठता है





एक्चुअली हुआ ये था की जब आरती ने नवाज़ को पूछा वो बच्चा तुम्हारा तो नहीं न तब नवाज़ कहता है नहीं तब आरती नवाज़ को देख के सीरियस हो के बोली…

नवाज़ आप को मेरी कसम है .. सच सच बताओ आप

तब उसका चेहरा आपने हाट मई लेके नवाज़ कहता है

क्या हो गया है तुमको .. आरती ?? .मेरा जो भी है और जिस के साथ भी है वो तुजे सब पता है.. और मई तुजसे झूट बोलता हु क्या ..और मैंने तुजे प्रॉमिस किया है न रानी की अब मई तेरे अलावा किसी के साथ नहीं सोऊंगा .. फिर भी ये सवाल ..मुज पाई विश्वास नहीं है क्या

तब आरती उसके बहो मई खुद को समर्पित करते हुई आपने सर नवाज़ के खंड पर रखते है

राजा मई आप पर शक नहीं कर रही हु ..पर डर लगता है न ..मई आप को खो न दू ..मई आप से बहुत प्यार करती हु ..किसी भी किम्मत पर आप को खोना नहीं चाहती ..कुछ भी हो जाये मई आप से दूर होना नहीं चाहती

हमें कोई दूर नहीं कर सकता आरती

ी ऍम सॉरी राजा ..वो आप के खंड पर औरत का बाल देखा और आपने कहा आप की कोई पुराणी वाली मिली इस वजह से इमोशनल हो के मैंने ये सब पूछा ..

और सर उप्पर करके उसका चेहरा हाट मई लेके आरती प्यार से बोली...

ी ऍम सॉरी 😔 😔 राजा ..मुझे माफ़ कर दो ..

नवाज़ कुछ नहीं कहता ..बस उसे देखता रहता है ..

प्ल्ज़ मुझे माफ़ कर दो न जी .. मैंने ख़म का आप पाई शक किया ..

तुजे माफ़ी चाहिए

हाँ जी ..इस बार माफ़ी दो ..आगे से कभी भी आप पाई शक नहीं करुँगी.. भगवन कसम ..

आपने गले को हाट लगा के सौंगध कहती है

माफ़ी मिलेंगे तुजे ..

तब आरती का चेहरा खिल उठता है..





जी दीजियेगा माफ़ी अपनी रानी को इस बार .. आगे से ऐसे गलती कभी नहीं करुँगी

अगर की तो

करूंगी hi नहीं ..

की तो

करूंगी hi नहीं ..आप की सौंगध ..

फिर झूठ हुआ तो मेरे मौत

मरे आप के दुश्मन.. मेरे होते हुई मई कैसे मरने दूंगी आपको ..आप मेरे स्वामी हो ..

अच्छा .. मतलब तू आगे से ऐसा नहीं करेंगे

कभी नहीं ..करके मुझे आप को खोना नहीं है

फिर भी किया तो

मई भगवन की कसम खाके कहती हु ऐसा कभी नहीं करुँगी .. शक नहीं करुँगी आपने स्वामी पर

और किसी ने कुछ कहा तो मेरे बारे मई

कभी भी भरोसा नहीं करुँगी उसपर मेरे राजा
 
अब आरती पलट कर देखती है

भाभी आप लोग कहा गए थे

भाभी - वो बहार थे ..

अच्छा

आपने खाना नहीं खाया होगा न दीदी

तब आरती नवाज़ को देख के इशारे से पूछती है





आप ने खाया न

तब उसकी भाभी कहते है

उसने भी नहीं खाया होगा दीदी .. आप दोनों खा लो

तब तक दूसरी भाभी वह आ जाते है ..वो कहते है

इसको होटल पता है क्या नहीं तो आप के भैया को पूछ लो

तब आरती झट से कहती है

इसको सब पता है

कह के नवाज़ को देखने लगाती है





और आरती नवाज़ को कहते है

चलो खाना कहते है

तभी आरती अपने दादी के पास जाती है और उसके गाल की पप्पी लेते हैं और कहती है

मैं आती हूँ दादी

तब दादी आँख खोल कर आरती को देखती है

जा रहे हो क्या अपने घर

नहीं दादी खाना खाने जा रही हु

तो दादी वहां खड़े आपने दोनों बहु को देखती है और कहती है .. धीरे आवाज़ में

तुम लोंगो ने खाया क्या

तब उसकी एक बहु कहती है

हमने खाया दादी

तभी दादी कहते है

मेरी बेटी को छोड़कर

तब आरती अपने भैया भाभी को देखते हैं और डायलॉग मरती है

अब भैया को बहन से ज्यादा बीवी की फ़िक्र है

तब उसकी एक भाभी कहती है

दीदी हमें लगा आपने खा लिया है इस वजह से हम लोग खाके आये

तब आरती कहते है

कोई बात नहीं भाभी हम खा लेंगे

तब उसकी दादी कहते है

होटल्स यहाँ कहा है तुम्हें पता है क्या

तब आरती नवाज़ की तरफ इशारा करके दादी को कहती है

इसको पता है दादी

ददई पूछती है

यह कौन है

तब आरती कहती है

पापा जी ने भेजा है मेरे साथ हमारे यहाँ काम करते हैं

सब के सामने आरती ने नवाज़ को रेस्पेक्ट देखे बात की थी ..वो भी पहली बार ..

अच्छा अच्छा तू इसी के साथ आये है

हाँ दादी

अच्छे से लाया न मेरे बेटे को

दादी ऐसा नवाज़ को देखकर कहते हैं

हाँ दादी ..आप के पोते को पूछो ..थोड़े hi तकलीफ होने नहीं दी

तब दादी आरती को देखते है तब आरती कहती है

हाँ दादी

इतना कहकर आरती नवाज़ को देखते हुई शर्मा जाती है





तब दादी कहते है

जाओ तुम दोनों खाना खाके आओ

जी दादी

कहकर नवाज़ आरती को देख कर इशारे से चलने को कहता है वैसे hi आरती दूर की तरफ जाती है नवाज़ के पीछे ..

तभी उसका भाई आरती को आवाज़ देता है

जी भैया

तब उसका भाई आरती के पास आता है और उसको पैसे की गद्दी देता है .. नवाज़ आरती के पास hi खड़ा था

पैसे है भैया मेरे पास

रहने दे

तब नवाज़ उसके दोनों भाभी को देखने laga..dono भाभी आरती और उसके भाई को hi देख रही थी





नहीं भैया है मेरे पास

पापा ने बोलै है देने को

ठीक है बोल के आरती नोट की गद्दी लेके आपने पार्स मई रख देती है

और नवाज़ को चलने को बोलती है और आगे चलने लगाती है .. थोड़ा आगे जाने के बाद आरती कहते है

लगता है आप आपने फ्रेंड्स से मिलके नहीं आये

तब नवाज़ आरती के पास आके उसके कमर के पीछे से हाट दाल के उसको कहता है

कोण फ्रेंड

आप की फ्रेंड डॉक्टर सरिता

नहीं ..

और बालो मई हाट डालके कहता है

ारे माँ की छूट .. ये तो वही हॉस्पिटल है न आरती जहा हमने शेठजी को लाया था

हाँ ..आप का ध्यान किधर है

तुम्हारे भाभी की तरफ

लगा hi था

तुम्हारी जैसे hi हॉट है

मेरे अकेले से जी नहीं भरता क्या





नवाज़ की तरफ देख के बाल संवारते हुई कहते है

बहरता है ..पर तुजे जब तेरा भाई पैसे दे रहा था न वो दोनों तेरे को और तेरे भाई को घर के देख रही थी..

वो दोनों वैसे hi है ..आप उनपर ध्यान न दो ..उनका नहीं लगता भाई ने मुझे कभी पैसे देने चाहिए और इस वजह से दादी हमेशा उनपर गुस्सा करती है ..

दादी को ये पता है

हाँ दादी को सब पता है

ऐसे hi वो दोनों चलते हुई निचे फरिस्त फ्लोर पाई आये तब सीढ़ियों पाई कुछ लोग आरती को दिखे तब आरती ने आपने कमर पाई का नवाज़ का हाट निकल के थोड़ा बाजु हुई तब उनमे से एक आदमी ने आरती को आवाज़ दी तब आरती उनलोगो के पास गयी और बाते करने लगी तभी नवाज़ को आवाज़ आता है कोई dr.sarita को आवाज़ दे रहा tha..tab नवाज़ की नज़र डॉ .सरिता पाई पड़े ..तब फिर से उसके सीनियर ने आवाज़ दिया ..

डॉ. सरिता इधर आओ

आये सर

ऐसे बोल के वो अंदर एक रूम मई जाने लगी तब नवाज़ झट से उस दूर के पास गया .. और जरा जोर से कहता है ..

कैसे हो डॉक्टर मैडम आप ..

तब उसको चुप करते हुई सरिता कहते है ..होंठ पाई उंगली रख कर ..





धीरे जरा .. अंदर मेरे सीनियर है ..

अच्छा sorry..gaanv की आदत है न जरा जोर से बोलने की

ये शहर है और सबसे बड़ी बात ये हॉस्पिटल है

सॉरी sorry..waise कहा जा रही हो आप इतने जल्दी जल्दी मई

तब सरिता स्माइल करते हुई कहते है





बोलै न मेरे सीनियर अंदर है उनोने मुझे बुलाया है

कोण है सीनियर

तुम क्या करना है उससे

मतलब मेल है या फीमेल

तब स्माइल करते है

उससे क्या होगा

इतनी खूबसूरत डॉक्टर को कोई अकेले आपने केबिन मई बुलाई और कुछ कर दे तो ..

धत बेशरम ये हॉस्पिटल है वैसा कुछ नहीं होता

अच्छा ..जी ..

हाँ जी

वैसे सरिता मैडम आप इस डॉक्टर के ड्रेस मई बहुत अच्छी लग रही हो

तब शरमाते हुई सरिता कहते है

थैंक यू

और आपने एप्रन निकल के हाट मई लेते है

जाना जरुरी है क्या

क्यों न जाऊ क्या

हाँ

और वो भला क्यों

मई कह रहा हु इसलिए

तुम्हारे लिए मई आपने सीनियर की बात न मनु

वैसे नहीं

फिर कैसे

रोज hi आप आपने सीनियर की बात मानती हो आज मेरे बात मनो

वो क्या बात है

अंदर न जाने के

और यहाँ क्या करू जी

ये hi

ये hi बाते ..

किस्से

मेरे से और किश से

अच्छा तरीका है तुम्हारा

कोनसा तरीका

वैसे मुझे बताओ तुम आज यहाँ कैसे

मैडम के साथ आया हु

कोण मैडम

आरती मैडम

हाँ वो तो बहुत देर पहले आयी है .. मतलब तुम भी उनके साथ

हाँ

अब जो बात करना चाहते हो वो तब नहीं करनी थी क्या

हाँ करनी थी पर

पर क्या

मुझे लगा

क्या लगा

आप यहाँ नहीं हो

तू कहा होंगी मई ..मई दिनभर यही रहती हु ..कभी तो रात रात भर ..

रात रात भर

हाँ नवाज़ ..कभी कभी नाईट ड्यूटी लगी तो रात रात भर यहाँ रहना पड़ता है

फिर सोते कहा हो

यही पर

यही पर मतलब उप्पर कमरा आल्लोट है मुझे

और ड्यूटी नहीं होती तब भी यहाँ

हां

फिर कुछ सोचकर नवाज़ को देखते है ..घर के ..





और कहते है

इनफार्मेशन निकल रहे हो मेरे क्या

मई कहा इनफार्मेशन निकल रहा हु आपने hi पूरी इनफार्मेशन दे दी .. अब मान करे तो कभी भी आप से मिलाने आ सकता हु ..

अभी भी सरिता उसको घर के देख रही थी..

आ सकता हु न

वो कुछ नहीं बोली ..

वैसे आप यही जॉब करती है या कही और

वो कुछ नहीं बोली

बोलिये न

यही करते हो या और कहा

यही पाई करते हु और कही नहीं

मतलब दिन रात यही पड़ी रहते हो

तब नखरे से कहते है

पड़ी नहीं रहते काम करते हु

हाँ अच्छा काम है

वैसे एक बात पुछु

यहाँ होटल कोनसा अच्छा है

क्यों

ये क्यों हर बार पूछना जरुरी है

हाँ जरुरी है

मई थोड़ा hi तुम्हारा पेशेंट हु जो तुम मुझे इतने सरे सवाल पूछ रही हो

अब वो आप पाई से तू पाई आ गया तह ..

पेशेंट नहीं हो पर आंसर देने से पहले पूरा तो पता होना चाहिए

क्या जरुरत है ..मुझे खाना जाना है .. इसलिए पूछा

खाना जाना है

क्या लगा

मुझे लगा स्टे करना है

स्टे अब होटल पाई क्यों करूँगा

फिर कहा करोगे

तुम्हारा जो रूम है न स्टे करने को ..

तब सरिता कुछ नहीं बोली और उसको देखने लगी ..

रहने डौगी न

तब सरिता शर्मा गयी

तब जरा उसके करीब नवाज़ आता है तब सरिता गर्दन उप्पर करके कहते है

अकेले जा रहे हो

नहीं

फिर

सात तो तुजे लेके जाना चाहता था पर फिर सोचा तुम कहोगे मेरे ड्यूटी है ..मई बिजी हु

तब सरिता स्माइल करते हुई कहते है

सब पता है तुम मई कब क्या कहूँगी

हां

फिर किस को लेके जा रहे हो

आरती मैडम

को

तब नखरे से कहती है

हमेशा वो आरती मैडम तुम्हारे साथ रहते है ..चिपक के ..कभी वो तुम अकेला नहीं चोरटी क्या

चोरटी है न

उसका पति कुछ कहता नहीं क्या

अब उसको पूछा पड़ेगा

पूछो न फिर एक बार

पूछ लूंगा पर तुम होटल का नाम बताओ

मुझे नहीं पता

कह के अंदर गयी और थोड़ा आगे जेक पलट गयी ..





और स्माइल करते हुई कहते है

Rahul restaurant

अच्छा है क्या

हां अच्छा है कपल के लिए.. जेक आपने मालकिन के साथ कैंडल लाइट डिनर करके आओ

कैंडल लाइट डिनर और इस वक़्त ..

हां

दोपहर मई

हां ..अब सब मई hi बतहु क्या ..वह जाओ सब समाज आ जायेगा ..

ठीक है जाता hu..tu कह रहे है तो..

तब बड़ी अड्डा के साथ कहते hai..usko अपनी सेक्सी बदन दिखा के ..उसने पहले hi आपने एप्रन निकल लिया था ..





ऐसे बोल रहे हो जैसे मई कहूंगी तो तुम नहीं जाओगे आपने मैडम के साथ

तब नवाज़ स्माइल करता है ..वो भी नवाज़ को देख के स्माइल करते हुई कहते है

बेस्ट ऑफ़ लक

और पलट के जाते hai..nawaz उसको जाते हुई उसकी गांड और कमर को देखता hai..wo अंदर जाने के बाद नवाज़ उसके पास से आरती के तरफ जाता है..
 
फिर आरती जहा खड़े होक आपने रिलेटिव से बाते कर रही थी वह जेक दूर खड़ा हो गया और आरती को देखने लगा ..





आरती आपने रिलेटिव से बाते करते हुई नवाज़ को देखते है .. आरती को देखते हुई मैं मई कहता है ..

क्या मस्त लग रही है आरती इस साडी मई ..इसको आज अगर छोड़ने को मिला तो मज़ा hi आ जायेगा .. ये लगभग पैट तो चुकी है सिर्फ निचे लेना बाकि है .नवाज़ अब तेरा नसीब सातवे आसमान पर है .. ..अग्रवाल शेठ की बहु के साथ तुजे आज मज़े करने को मिले .. अब अग्रवाल शेठ की बहु और अरविन्द अग्रवाल की बीवी तेरे निचे आज आ गयी तोई .. तेरे ये बर्थडे यादगार बन जायेगा ..

तब आरती नवाज़ की और देखते है तब नवाज़ उसको चलने का इशारा किया तब आरती उनलोगो को मई आती हु ऐसा कह के नवाज़ के पास आती है ..तब नवाज़ आरती को गुस्सा दिखता है ..

कितना टाइम लेगी तू .. कोण थे वो लोग जो तुम्हारे लिए इतने इम्पोर्टेन्ट थे

आरती आगे चल रही थी और नवाज़ उसके पीछे था तब उसको पलट के देख के आरती कहते है..





मेरे लिए राजा आप के शिवाय कोई इम्पोर्टेन्ट नहीं है

अब वो हॉस्पिटल के बहार पोर्च मई आये थे

फिर इतना टाइम क्यों लिया

ऐसा कह के उसको आपने बहो मई लिया

नहीं जी वो मेरे मायके के लोग है ..बुआ और उनके हस्बैंड.. बहुत दिनों बाद मिले न इसलिए थोड़ी बातचीत की उनलोगो ने .. सॉरी मेरे वजह से आप को वेट करना पड़ा ..

आरती एक बात आपने दिमाग मई दाल लो

जी

मुझे न वेट कभी पसंद नहीं है

सॉरी आगे से ऐसे गलती नहीं होंगे

उसके कमर मई हाट डालके उसे आपने बाइक की तरफ ले जाने laga..bike के पास जाने के बाद

नवाज़ आपने बाइक पाई बैठ जाता है और आरती के हाट को पकड़ के उसको अपनी और खिंच के घुमा लेता है ..





और फिर उसके कमर को दोनों हातो से पकड़ के उसको उठा के बाइक पाई बिताने लगा ..आपने सामने ..पेट्रोल टैंक के पास ..

तब आरती हसते हुई कहते है

No no ..लोग है यहाँ ..कोई देख लेगा ..

कोई नहीं देखेगा .. दर मत नवाज़ के होते हुई ..

पर नवाज़

दर मत

तभी उन्दोनो को कंचन देख लेती है.. कंचन को ये देख के बड़ा आशर्य हुआ ..शॉक भी लगा ..





पब्लिक प्लेस पाई भाभी ऐसा कैसा कर सकते है ये सोच कर

वो उन्दोनो के पास आयी

भाभी सरे आम

तब आरती को शॉक लगा और वो कंचन को देखने लगी ..वो कुछ कहती ुसस्स पहले hi कंचन कहती है

भाभी आप क्या आपने नौकर के प्यार मई पूरी पागल हो गए हो क्या ..जो सरे आम ये सब कर रहे हो ..किसी ने देख लिया तो

नवाज़ को कंचन के इस बात का बहुत गुस्सा आया था पर उसने कुछ कहा नहीं तभी आरती कहते है

देखो न कंचन मई कितना मन कर रही हु पर ये सुन hi नहीं रहे है ..मेरे मायके के लोग है सब यहाँ पर नवाज़ जी सुन hi नहीं रहे है

जी.. नवाज़ जी..

ऐसा कंचन ने कहा .. कंचन को पता था आरती नवाज़ को रेस्पेक्ट देखे बात करती है पर फिर भी उसने उसको चिढ़ाने के लिए कहा

मई तो उनको नवाज़ जी hi कहती हु kanchan..aur ऐसे hi कहूँगी

हां कहो ..अब आप का दिल आपके नवाज़ जी पर आया है तो मई क्या कर सकते हु ..वैसे कहा जा रहा है ये लोवेबिरद कपल

तब आरती शर्मा के कहती है

खाना खाने ..तुम भी चलो

मई …

कह के कंचन नवाज़ को देखते है फिर आपने भाभी को





हाँ kanchan..chalo साथ मई

तब अड्डा के साथ कंचन कहती है

मई क्यों बनु तुम दोनों मई कबाब मई हड्डी

आरती - ारे ऐसे कोई बात नहीं है कंचन..

तब नवाज़ कहता है

हम थोड़े hi हनीमून मानाने जा रहे है

वो मैं देख रही हु

नवाज़ को घर के देखते हुई कंचन कहती है





आप दोनों को देख के पता लग रहा है आप दोनों कितने उतावले हो रहे हो आपने हनीमून मानाने को ..कैसे चिपक के खड़े हो ..

ऐसे कहते hi उसी वक़्त आरती जो नवाज़ के आगे आयल टैंक पाई बैठी थी वो निचे उतरने लगी .. कंचन के बोलने के बाद ..आरती शर्मा के बाजु कड़ी हो गयी..

ऐसे अब निचे उतरा के बाजु खड़े होने से क्या होने वाला है भाभी .. सरेआम आप लोग चिपक कर बैठे थे ..

अब क्या करे कंचन उनको सबर hi नहीं हो रहा है और वो मेरे बात मान hi नहीं रहे है

आप को हो रहा है

हाँ

अब इसमे आपके नवाज़ जी की गलती भी नहीं है.. इतने पास इतनी खूबसूरत हॉट मॉल हो तो उसको कैसे साबरा होगा और कैसे आपके वो आपकी बात सुनेगे

तब आरती और hi ज्यादा शर्मा जाती है





भाभी बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए कुछ शॉपिंग का आपका कुछ प्लान है क्या

हाँ प्लान तो है पैर पहले खाना कहते हैं

ठीक है आप खाना खा लो

तुम नहीं आओगे

नहीं भाभी.. यहाँ रवि आया है और उसके मम्मी पापा भी

हाँ पापा जी का फ़ोन आया था

तब नवाज कहता है

कौन रवि

तब आरती कहती है

कंचन का होने वाला मंगेतर

नहीं नहीं भाभी .. आप जानते हो न मई उससे शादी नहीं करने वाली हु

मुझे पता है जाकर मिल लो .. हम तब तक खाना खाकर आते हैं फिर बर्थडे सेलिब्रेशन करेंगे थोड़ी सी शॉपिंग करने के बाद

ठीक है भाभी

कहकर कंचन फिर वह से चली जाती है

और वो जाने के बाद आरती नवाज़ को कहते है

ये कंचन ओपनली कैसे बोली

क्या पता उसे तो सब पता है न

नहीं थोड़ा बहुत पता है उसे .. मैंने ज्यादा कुछ नहीं बताया था .. आपने कुछ कहा

नहीं

उस वक़्त आप से क्या बात कर रही थी वो

कुछ नहीं कह रही थी.. मेरे और तेरे मई का सब कुछ पता है उसे

पता कुछ नहीं था उसे .. बहुत स्मार्ट है इसलिए उसने गेस किया होगा और आपने यहाँ जब मुझे उतके बाइक पाई बिठाया तो उसने ओपनली बात की

हाँ हो सकता है

चलिए अब

हाँ

भैया ने एक होटल का नाम बोलै है .. उसी मई चले क्या

नहीं

फिर

आगे एक होटल है वह चलते है

अच्छा है क्या

अच्छा है

ओनली वेग

हां

फिर दोनों बाइक पाई बैठ के चला जाता है.. रस्ते मई आरती को कहता है मोबाइल मैं राहुल रेस्टोरेंट देखो .. आरती देखते hai..aab वो दोनों उस होटल मई पहुँच गए ..होटल में दोनों हाथ में हाथ दाल के आये थे .. किसी हस्बैंड वाइफ जैसे .. किसी को पता नहीं चल सकता था ये हस्बैंड वाइफ नहीं बल्कि मालकिन नौकर है ..

तब एक वेट्रेस उनको पूछती है

मैडम लंच करना या स्पेशल वाला लंच

तब आरती कहती है

स्पेशल वाला क्या है

मैडम ये कैंडल लाइट डिनर जैसा है

दिन मई कैंडल लाइट

हां

हाँ मैडम हमने स्पेशल अरेंजमेंट वैसे किया है हमारी स्पेशल गेस्ट के लिए

तब नवाज़ ककहता है

तो हम आप के स्पेशल गेस्ट है

हां सर ..पूरा नाईट जैसा फील होगा पर थोड़ा चार्ज ज्यादा है

वो कितना है

5000

चलेगा

आरती कहते है..

पर पक्का कैंडल लाइट जैसा माहौल होगा न .. नहीं तो पैसे लेके कैंडल सामने रखोगे

नवाज़ के ऐसे कहने के बाद आरती और वो वेट्रेस हँसाने लगी .

नहीं सर ऐसा कुछ नहीं होगा ..

आप चलिए मई आप दोनों को अरेंजमेंट दिखती हु ..

चलिए कह के वो दोनों वेट्रेस के पीछे आये .. ारंगमेंट देख के दोनों खुश हो गए ..

और इधर हॉस्पिटल मई सरिता आपने सीनियर से थोड़े देर बातचीत करके उप्पर आपने कमरे मई आराम करने आयी थी .. वो आते hi फ्रेश होक बीएड पाई लेट गयी और नवाज़ के बारे मई सोचने लगी ..





फिर नवाज़ उस वेट्रेस के पीछे आरती का हाथ मई हाट पकड़ के अंदर उसे ले जाने laga..jaise की आरती उसकी बीवी हो .. ये सब आरती को एक अलग hi फीलिंग दे रहस्य tha..uska कॉलेज लाइफ मई कोई बॉयफ्रेंड नहीं था तो उसको ये सब का एक्सपीरियंस नहीं था और उसके हस्बैंड ने भी ये सब उसके साथ कभी नहीं किया tha.aarti बहोत खुश थी. .

कहते चलते आरती दबी आवाज़ मैं बोली मुस्कुरा के.

काफी अच्छा होटल है ये जी ..

फिर नवाज़ को चिपक के कहती है

थैंक यू जी मुझे यहाँ लेन के लिए

इधर सरिता बीएड से उठ के विंडो के पास कड़ी हो जाती है और बहार निचे देखने लगाती है ..सामने हॉस्पिटल का मैं गेट था …गेट की और देखने लगाती ..जैसे की वो नवाज़ की रह देख रही हो ..फिर वो अंदर आकर रूम मई एक खम्बा था उसको पकड़ के आँख बंद करके निचे देखते हुई कुछ सोचती है.





फिर अपनी आँखे खोलती है और उप्पर चाट को देख कर बोलती है.

नवाज़ ये क्या किया तुमने मेरे साथ और वो भी सिर्फ दूसरे hi मुलाक़ात मई ..दूसरे hi मुलाक़ात मई तुम आप से तुम पाई आ गए .. और इस लिए मैंने नवाज़ को कुछ नहीं बोलै . ..बोलती भी कैसे ..वो कितने हक़ से मुझसे बात कर रहा था जैसे की मई उसकी hi हु ..कितना हक़ जाता रहा था मुझपर ..

फिर स्माइल करते हुई आपने ड्रेस के साथ खेलते हुई कहते है





इतना हक़ जाता रहा था की मुझे सर को मिलाने को जाने भी नहीं दे रहा था और मुझे भी ऐसा लग रहा था उस वक़्त सर को मिलाने को न जाऊ ..सिर्फ उससे बाते करते राहु ..सिर्फ बाते करते राहु .. कुछ न karu..aisa भला मई क्यों सोच रही थी.. मुझे उस वक़्त क्या हो गया था .. मुझे ऐसा क्यों फील हो रहा tha..kya पता उस वक़्त मुज पाई नवाज़ ने क्या जादू किया था ..

मई कितनी अकेली होगयी हु मेरे जिंदगी मई . ब्रेक उप के बाद ..कहने को तोह सबकोई है मेरे पास. दादी …मम्मी .. पापा.. दीदी.. भाई . पर फिर भी अकेले होगयी hu.par जब नवाज़ साथ मई था तब ये अकेलेपन कहा गायब हो गया पता hi नहीं चला ..ऐसा क्यों हो रहा था मेरे साथ..

तभी इधर आरती के कंधे में कोई हाथ रखता है. वह पीछे घूम के देखती है तोह वह सामने उसकी मैडम नंदिनी कड़ी थी.





उसको देखते hi आरती कहते है

मैडम आप … यहाँ ..

ारे ये तो मैंने तुजे पूछना चाहिए आरती.. ये मेरे हस्बैंड का होटल है ..

ओह्ह्ह 😲 😲 ी सी मैडम …काफी अच्छा होटल है …

थैंक you..thank यू ..

फिर आरती नवाज़ की और देख कर कहने वाली थी ..

न…..

और रुख गयी ..अभी भी दोनों के हाट एक दूसरे के हाट मई थे ..

ये हमारे मैडम है …

तब नंदिनी कहते है ..नवाज़ को देख के ..





ये तुम्हारे वो है ..

तब आरती हां मई गर्दन हिलाते है .. आरती ने आपने मैडम को नवाज़ को हस्बैंड बोल के इंट्रोडस किया था ..ये सुन के नवाज़ बहुत खुस हुआ ..दूसरी बार .. पहली बार तन्वी दीदी के सामने और अब नंदिनी मैडम के सामने

लगा hi था मुझे …आप दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी है ..ऐसा लग रहा है दोनों एकदूसरे के लिए hi बने हुई हो ..

फिर नवाज़ को देख के कहते है

वैसे मई आप को बता दू .. आरती मेरे सबसे फवौरीते स्टूडेंट थी और है .. मतलब इसके जैसे स्टूडेंट्स इसके बाद मुझे मिली hi नहीं ..इतने बड़े घर की पर कभी इसने गर्व नहीं किया ..

तब नवाज़ कहता है

ऐसे hi है मेरे आरती

आपने को आपने मैडम के सामने मेरी आरती कहने पर आरती शर्मा जाती है





नवाज़ ने ऐसे कहते hi नंदिनी ने कहा

हां बिलकुल सादगी से रहती थी ..कोई बड़ापन नहीं .. बिलकुल सिंपल ..इतने सरे लड़के इसके पीछे पागल थे पर इसने कभी किसी को भाव नहीं दिया

क्या मैडम आप भी

बताने दो aarti..unko hi तो पता चले वो कितनी लकी है ..

फिर नवाज़ के आँखों मई देखते हुई नंदिनी कहते है





ऐसे लड़की उनको मिली है जो हज़ारो मई एक है ..

वो तो है madam..mai बहुत लकी मनाता हु जो आरती जैसे बीवी मुझे मिली ..

ऐसा बोल के आरती को खुद से चिपका देता है ..

मई भी बहुत प्यार करता हु आरती को

नंदिनी दोनों को देख के स्माइल करते है और स्टाइल से वाल से सात के खड़े हो जाती है..





अड्डा के साथ कहते है

लगता है आरती तुम जैसा पति चाहिए था वैसे पति तुम मिल गया है

तब आरती नवाज़ को देखते हुई कहते है

जी मैडम वैसा hi जैसा मई चाहती थी

तू हमेशा कहते थी न मुझे प्यार करने वाला पति चाहिए .. जाहे उसके पास ज्यादा पैसा हो न हो ...मुझे तेरे पति को देख के लगता है ये तुजे बहुत प्यार करता है और तुजे खुश भी रखेगा ये

तब नवाज़ कहता है

मैडम इससे बहुत खुश रखना चाहता हु मई और इसी लिए आप के होटल मई लेके आया हु ..

तब नंदिनी आरती और नवाज़ को देखते हुई कहते है





मोस्ट वेलकम हमारे होटल मई .. आप दोनों का ..और ये कैंडल लाइट डिनर मेरे तरफ से गिफ्ट तुम दोनों के लिए

नहीं मैडम

नहीं भी कुछ नहीं कॉलेज मई भी मई तुम बहुत कुछ देने की कोशिश करती थी पर तुम लेती नहीं थी हमेशा ये न न का पड़ा लगा रहती थी

तब आरती हँसाने लगी

नवाज़ - हैं सही कहा आपने

तब आरती नवाज़ की और देखते है

पर मई अब कुछ नहीं सुनूंगी ..ये मेरे तरफ से hi होगा

और वो वेट्रेस को सब इंस्ट्रक्शन देती है और कहती है पूरी टाइम जब तब ये दोनों यहाँ है तुम इनका ध्यान रखोगे

जी मैडम

फिर आरती को कहते है

मई चाहती तुम हमेशा खुश रहो और अब देखो कितने खुश हो ..ऐसे hi खुश रहो

और आरती के गले लग जाती है.

फिर नवाज़ को कहती hai..usko देखते हुई..





थैंक यू वैरी मच..

और नवाज़ का हाट आपने हाट मई लेके कहते है..

थैंक यू वैरी much..aarti को इतना कुश रखने के लिए और यहाँ लेन के liye..iss वजह से मेरे मुलाक़ात आरती से हुई ..

तब आरती कहती है

मैडम आज में भी बहोत्त खुश हु. बहोत बहोत खुश. ..

ऐसा क्या हुआ आज ..किस वजह से भला आरती.. ी थिंक शादी को तुम्हारे एक साल हुआ है शयद

नहीं हुआ मैडम अभी तक पर इनके साथ रह कर.. और आज इनका बर्थडे है

ऐसा कह के नवाज़ से चिपक जाती है

अरे हैप्पी बर्थडे दामाद जी

बोल के हैंडशेक नंदिनी करती है

इनके साथ रह कर तो ऐसा लग रहा है मैडम मेरे इनसे मुलाक़ात कल hi हुई है

तब नंदिनी मैडम हँसाने लगी

और आज आप मिली ..मेरे बेस्ट mentor..guide गुरु .. ..आप मिली और ये कैंडल लाइट डिनर की वजह से

अच्छा

तब नवाज़ कहता है

आप बहुत अच्छी हो मैडम और आप का होटल भी बहुत अच्छा है

तब नंदिनी कहते है

थैंक यू जी ..दामाद जी .. आरती का साथ देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद् और खुश रखने के liye..have ा ग्रेट डिनर

कह कर नंदिनी वह से चली gayi..Phir वो दोनों उस वेट्रेस के पीछे गए ..वह सच मई होटल वालो ने दिन मई कैंडल लाइट डिनर वाला माहौल बनाया था .. मंद मंद प्रकाश .. उप्पर देखा थो ऐसा लग रहा था उप्पर कुछ नहीं .. सिर्फ खुला आसमा दिख रहा है और उसमे चांदनी hi चांदनी है..

अब नवाज़ और आरती वह एक दूसरे के सामने बैठ जाते है
 
कह कर नंदिनी वह से चली gayi..Phir वो दोनों उस वेट्रेस के पीछे गए ..वह सच मई होटल वालो ने दिन मई कैंडल लाइट डिनर वाला माहौल बनाया था .. मंद मंद प्रकाश .. उप्पर देखा थो ऐसा लग रहा था उप्पर कुछ नहीं .. सिर्फ खुला आसमा दिख रहा है और उसमे चांदनी hi चांदनी थी..

अब नवाज़ और आरती वह एक दूसरे के सामने बैठ जाते hai..Nawaz अब सामने बैठ के आरती को देखता रहता है.





आरती भी उसको देखने लगी थी .. नवाज़ अब एक तक आरती को देखे जा रहा था अपनी पलके तक झपकना भूल जाता hai.aarti नवाज़ को ऐसे घूरते देख शर्माने लगती है





स्माइल करते हुई धीरे से बोलती है.

ऐसे मत देखिये मुझे शर्म आरही है.

आज तोह चाँद खुद ज़मीन पे उतर आया है. और ऐसा नज़ारा बार बार देखने को नहीं मिलता . और तुम कह रहे हो मत देखो मुझे

ऐसे आप बोल रहे हो जैसे मुझे पहली बार देख रहे हो ..

पहली बार देखु या हज़ार बार देखु .. तुम मुझे उतनी hi सुन्दर दिखती हो .. सच में आज तुम बहोत ख़ूबसूरत लग रही हो. स्वर्ग की अप्सरा भी तुम्हारे सामने अपना सर झुकले इतनी प्यारी और ख़ूबसूरत लग रही हो.

आरती शर्मा के कहते है.

थैंक यू... जीई

वह का माहौल होटल वालो ने रोमांटिक सा बनाया हुआ था. बैकग्राउंड में एक स्लो रोमांटिक म्यूजिक बज रहा था और एक अलग hi फ़रगनेन्स भी फैली हुई थी चारो तरफ.

हम खाने के लिए जाने वाले थे फिर अचानक से यह कैंडल लाइट डिनर किसलिए और यहाँ के बारे मई आप को किसी ने कहा था या यहाँ आने के बाद आप को पता चला

कपल के लिए ये बेस्ट होटल है ऐसा एक मेरे जाननेवाले ने बताया था मुझे

अच्छा जी .. फिर कैंडल लाइट का प्लान आपने यहाँ आने के बाद बनाया

हाँ

इस कैंडल लाइट डिनर का प्लान बनके आज का दिन आपने मेरे लिए खाश बना दिया

तुम जब से मेरी लाइफ में आयी हो तब से हरदिन hi मेरे लिए खाश है.

सच्ची या ऐसे hi बोल रहे हो आप

जान मई ऐसे कभी कोई चीज़ बोलता हु क्या तुम..

सॉरी जीई

क्या सॉरी यार ..ऐसे बात करके तुमने मेरा दिल दुख दिया..

अच्छा अच्छा सॉरी. नहीं करते ऐसे बाते ..

नवाज़ कुछ नहीं बोलता ..दूसरे और देखने लगा ..

सॉरी बोलै न जी …माफ़ कर दो न

तब नवाज़ ना में अपनी गर्दन हिला देता है.

अब मुझे क्या करना होगा आप के नाराजगी दूर करने के लिए..

तब नवाज़ आरती को देखते हुई कहता है

मैं जो बोलूंगा वह करोगी.

जी बोलिये.

नवाज़ ने एक शरारती मुस्कान के साथ आरती को देखा और इशारे से अपने होंठ आगे करदेता है और उसपे अपनी उँगलियों से किश करने का इशारा करता है.

आरती नवाज़ के इस मांग पर पहले तोह बहोत शर्मा जाती है और फिर हँसाने लगती है ..





नहिई बिल्कुल्ल नहिई. आप बहोत बदमाश और बेशर्म है. मैं ऐसा कुछ नहीं करुँगी.

क्यों

बहार वो वेट्रेस कड़ी है और आप जानते हो उसने मैंने आप से कुछ ऐसा वैसा किया और उसने मैडम को बोल दिया तो

उसमे क्या hai..patni आपने पति को किश नहीं कर सकती क्या .. तुम्हारे मैडम भी उसके पति को किश करती होंगी hi न

बेशरम!! मैडम के बारे मई ऐसा वैसा कुछ मत bolo..she इस माय आइडल ..

तब नवाज़ उसके पास आके बैठ जाता है

ये बता तेरे मैडम के बच्चे है

हाँ है ..2 है

तो क्या वो बच्चे उनके पति से hi हुई है न

तब आरती गुस्से से कहती है

आप भी न

ये बात बहार खड़े वो वेटर सुनकर धीरे से हस्ती है

ठीक है बाबा उनके पति से hi हुई है.. पर ये बच्चे क्या उन बिना चोदे hi हुई है क्या

आरती इस बात से शर्मा जाती hai..aur शर्म से निचे देखने लगाती है..





तब बहार की वेटर जोर से हस्ती है

देखो वो लड़की भी आप की बातो से है रही है

किश देती तो मई ये बात नहीं करता और नहीं वो हस्ती

थोड़े देर पहले hi किश 💋 लिए थी न आपने

फिर से दो न एकबार

नहीं दूंगी

सोच लो… फिर मई नाराज़ hi रहूँगा.

तोह रहिये. पर मैं ऐसा कुछ नहीं करने वाली. आप सच में बहोत बेशर्म होगये है. पहले ऐसे बिलकुल भी नहीं थे.

ठिक्क है फिर अब जब तक तुम मुझे किश नहीं देती तब तक मैं तुमसे कोई बात नहीं करूँगा.

यह बोल के नवाज़ अपना मुँह घुमा के बैठ जाता है.

नवाज़ के ऐसा करने से आरती को हसी तोह आरही थी पर वह हस्ती नहीं और नवाज़ को देखती रहती hai.Kuch देर तक नवाज़ दूसरी तरफ मुँह घुमाये बैठा रहता है तोह आरती को भी तरस आजाता है पर उससे शर्म भी आरही थी.

नवाज़ समझिये ना. मैं वह नहीं कर सकती. मुझे शर्म आ रही है.

क्यों.. पहले बार कर रही है क्या

वैसे नहीं ..वो आ गए तो

तो मई उसे बुलाता हु ..और उसे कहता हु मई अब मेरे बीवी मुझे अब किश करनेवाली है तो तुम हमें डिस्टर्ब करने बीच मई मत आना

तब आरती नवाज़ की तरफ देख के मू फुगाये बैठ जाती है

मतलब मुझे पहले से बदनाम करोगे आप

पति पत्नी मई कैसे लाज .कैसे शर्म और कैसे बदनामी

पलासी नवाज़ .. समझिये naa…wo आ गयी और उसने देख लिया तो

जल्दी से कर लेना

तब नवाज़ की और देख कर कहती है





पर आप मानोगे नहीं न

तब नवाज़ न मई गर्दन हिलता है

तब नखरे से कहते है

बिना उसके तोह आप छोड़ेंगे नहीं न . अपनी तरह मुझे भी बेशर्म बना दीजिये अब .

तब नवाज़ हसने लगता है.

वो एक छोटा सा कम्पार्टमेंट था ..वो दोनों अंदर थे और वो वेट्रेस बहार कड़ी थी ..उसे समाज नहीं आ रहा था अंदर जेक सर और मैडम से कुछ पूछे ..आर्डर के बारे मई या नहीं ..वो क्या कर रहे होंगे अंदर ऐसे वो वेट्रेस सोच रही थी और अंदर नवाज़ ने आरती का हाट पकड़ liya..aur आरती को देखने लगा .. नवाज़ के ऐसे हाट पकड़ने से आरती घबरा गयी और नवाज़ के हाट से आपने हाट चुराने लगी .. शर्मा से..

तब नवाज़ कहता है ..

आरती तुम कमल की लग रही हो ..

तब आरती स्माइल करते हुई कहते है





कुछ भी मत बोलिये आप

कुछ भी नहीं सच बोल रहा हु

नवाज़ उसे हवस की नजर से देख रहा था .. नवाज़ की आँखों में अपने लिए एक अलग सी बेचैनी ..और हवस आरती देख रही thi..aarti उसकी आँखों में खो गयी. कुछ बोल नहीं पा रही थी. तब नवाज़ हलके से उसके फेस को अपनी तरफ करता है तब आरती नवाज़ को देखते है और शर्मा के आपने चेहरा मोड़ लेती है ..





नवाज़ फिर से उसका चेहरा आपने और कर के उसके चेहरे को देख के कहता है

वाह आज तक ऐसी अप्सरा कही और नहीं देखि. आरती अल्लाह ने बनाई 2 hi चीजे इस दुनिआ में अनमोल है. एक मैं और दूसरी तुम. आओ आज हम एक हो जाये आरती.

ऐसा कह के उसके होंटो को चुम लेता है.





वो बहुत धीरे से उसके होंटो को चूसने लगता है .. स्लो पैशनेट किसिंग स्टार्ट करते हुई वो फिर वाइल्ड किसिंग करने लगता है. किसिंग करते हुए वो आरती के मम्मी साडी के उपरसे hi दबा रहा था.

तभी बहार से आवाज़ आता है

अक्षरा कस्टमर से पूछो उनकी रेक्विरेमेंट

जी सर

कहते हुई अक्षरा मतलब वो वेट्रेस अंदर आते hi आरती किश तोड़ते है ..
 
तभी वह वेट्रेस आती है

सॉरी सर / मैडम

तब नवाज़ कहता है

सॉरी क्यों

तब आरती स्माइल करते हुई नवाज़ के थिगह पाई मरती है और वो वेट्रेस इन् दोनों को देखते है ..





और डरते हुई कहते है ..

आप लोंगो को डिस्टर्ब किया इस लिए

तुम पता था हम लोग क्या कर रहे थे

तब वो वेट्रेस शरमाते निचे देख के हाँ मई गर्दन हिलाते है

तब आरती एक बार नवाज़ को देखते एक बार उस वेट्रेस को

तुम पता है हम किस के गेस्ट है

वो डरते हुई कहते है

पता है जी सर

फिर भी डिस्टर्ब किया

तब आरती नवाज़ को आँखों से इशारा करती है

क्यों डरा रहे हो उसे

मई नहीं करना चाहती थी पर सर ने कहा इसलिए अंदर आना पड़ा

कोण सर

मेरे मैनेजर

उनको नहीं पता हम किस के गेस्ट है

शयद उनको पता नहीं

शयद मतलब तुम पक्का पता नहीं

मई सूरे नहीं हु सर

एक काम करो

जी सर

उप्पर देखो

तब वो वेट्रेस उप्पर सर कर के देखते है

तुम्हारे मैनेजर को बुलाके लाओ

जी सर

कहके वो जाने लगी तब आरती कहती है

रुको

जी मैडम

रहने दो

नहीं नहीं क्यों रहने दो

जाने दो न जी बिचारि अपनी ड्यूटी कर रही थी

जी मैडम मई भी सर को यही कह रही थी

आरती इस की तुम साइड क्यों ले रही हो

साइड के बात नहीं है जी

तब नवाज़ उस वेट्रेस की तरफ देखता है

सर ी ऍम सॉरी..

तुम सॉरी क्यों बोल रही हो .. गलती तो तुम्हारे सर की है ..

हाँ सर पर सर मुज पाई hi चिलंगे

तुम पाई क्यों चिलायेंगा

वो कहेंगे मैंने क्यों नहीं बताया की आप मैडम के गेस्ट हो

हाँ उसकी बात भी सही है

तब आरती कहती है

आप दोनों साइड से बोल रहे हो और बिचारे को और डरा रहे हो

क्यों न डारौ ..इसके वजह से मूड की माँ बहन हो गए

उसमे उस बेचारे की क्या गलती है..

हमारा इतना अच्छा किश चल रहा था .. ये बीच मई आ गए ..

आ गए न बीच मई तुम

नवाज़ उस वेट्रेस को देखते हुई कहता है

जी सर

मतलब तुमने सब देख लिया

जी सर

तब दोनों एक साथ hi छीलते है

क्या

आरती अब गुस्से से उसको देखते है.. उस वेट्रेस को

मतलब तुमने देखा सबकुछ

ी मैं मैडम मई आये और आपने किश तोडा ..मैंने इसके सिवाय कुछ नहीं देखा

पक्का न

नवाज़ कहता है

जी सर

अब क्या फिर से तू मुझे किश देने वाली है क्या

तब आरती शर्मा जाती है और वो लड़की स्माइल करते है

तब आरती उसको कहते है

तुम जाओ यहाँ से

ारे अरे क्यों जा रही हो ..रुको यहाँ

तब आरती कहती है

उसे क्यों आप रुका रहे हो

चलो बताओ क्या खाओगी.

कुछ भी माँगा लीजिये.

ारी ऐसे कैसे .. कुछ भी कैसे मंगाएंगे .. तुम हमारी बेगम हो ..तुम्हे जो पसंद हकी वह बोलो.

मुझे न

हां तुम

मुझे वही पसंद है जो मेरे शोहर को

तब नवाज़ कहता है वेट्रेस को

तुम्हारे यहाँ पे अभी स्टाटर्स के लिए सबसे बेस्ट क्या है.

वेटर फिर 3-4 डिश के नाम बोलती है.

तब नवाज़ आरती को कहता है

इसमे से कुछ पसंद है तब आरती सामने रखे मेनू कार्ड को देखती है और 3-4 डिशेस पसंद करती है. नवाज़ तब वेट्रेस को कहता है .

एक काम करो ..हमारे बेगम ने जो अब कहा है वो लाओ .

सूरे सर

तब आरती कहते है

मेरे एक इच्छा है

बोलो मई पूरी कर देता हु

हम अब अपनी जिंदगी सूरे कर रहे है तो मई चाहती हु यहाँ एक मंदिर है .. सिद्धिविनायक का वह चलते है ..वह भगवन जी का आशीर्वाद लेके हमारे नए लाइफ का स्टार्ट करते है

खाने से पहले या बाद

जैसा आप चाहो

कितना दूर है

पास मई hi है

फिर ठीक है ये अच्छे से अरेंजमेंट करेंगे तब तक हम जेक आते है

हाँ

तब नवाज़ आरती के पर्स मई से 2000 की नोट निकल देता है और वेट्रेस को देने के लिए हाट आगे बढ़ाता है

क्या नाम है तुम्हारा

जी …. अकासाहड़ा सर

उसे 2000 नोट देता है

नहीं सर

ले लो

नहीं सर मैडम गुस्सा करेगी

तब आरती कहती है

ले लो मई कुछ नहीं कहूँगी ..मई उनको समजा दूंगी

तब वो 2000 का नोट लेते है

तब नवाज़ कहता है

ये हमारा पहला कैंडल लाइट डिनर है अच्छे से होना चाहिए arrangement..hum मंदिर से आते हैं तब तक

जी सर .. पर आप का आर्डर

आरती कहती है

बाद में

जी मैडम …

कह के उठ के बहार जाती है तब नवाज़ कहता है अक्षरा से

तुम सच में बहोत अच्छी हो.

अक्षरा बस स्माइल करदेती है. और नवाज़ को देखते हुई कहते है

सर आप ऐसे hi जाने वाले हो क्या मंदिर

हाँ क्यों कुछ प्रॉब्लम है क्या

तब वो शरमाते हुए कहते है

आप के होंटो पाई लिपस्टिक लगी है

मैडम की होगी

हां सर पर

कह के नवाज़ की आँखों में देखने लगी तब नवाज़ कहता है

पर क्या ??

और वो भी उसकी आँखों में देखने लगा ..अखसरा कुछ नहीं कहते सिर्फ नवाज़ को देखते रहते है तब नवाज़ कहता है

पूछोगे क्या

तब शरमाते हुई न मई गर्दन हिलाते है तब नवाज़ फिर से कहता है

पूछो न

बहुत hi रोमांटिक तरीके से कहता है

तब वो पलट के बहार देखते है तब नवाज़ कहता है

वो चली गयी

तब डरते हुई आपने ड्रेस मई से नैपकिन निकल के नवाज़ के होंटो की लिपस्टिक पूछने लगती है तब नवाज़ उसके होंटो को देखते हुई कहता है

तुमने नहीं लगायी क्या लिपस्टिक

तब वो शरमाते हुए न मई गर्दन हिलाते है

तुम्हारे होंठ बहुत मस्त है

ऐसा कह के उसके होंटो पर आपने उंगली रखता है तब शरमाते हुई अक्षरा बहार भाग जाती है

थोड़ी देर बाद दोनों मंदिर पहुँच जाते hai.mandir मई ज्यादा भीड़ नहीं thi..aarti नवाज़ को कहती है

आप आओगे

जी बिलकुल

थोड़ी देर बाद दोनों मंदिर से बहार आते है. ..बहार आने के बाद आरती नवाज़ को hi देख रही थी ..तब नवाज़ उसको पूछता है

क्या हुआ तोह वह कुछ नहीं बोली..

तब नवाज़ कहता है

खुशः.

बहोत्तत्त.

चले.

जीई.

फिर वो दोनों फिर से वही होटल मई पहुँच जाते है ..उनका कैंडल लाइट डिनर ाखशरा ने बहुत अच्छे से सजाया था
 
होटल मई जाने के बाद आरती उनका टेबल था वह चली गयी और नवाज़ थोड़ा पीछे रह गया .. एक्चुअली उसे बाइक पार्क करने मई टाइम लगा ..वो जैसे hi आपने टेबल पाई जाने लगा तब उसे नंदिनी ने पीछे से आवाज़ दिया ..

अग्रवाल सर

पर नवाज़ ने ध्यान नहीं दिया तब नंदिनी ने फिर से 2-3 बार आवाज़ दिया तब नवाज़ रुका और पलट कर देखा तो नंदिनी उसके और आ रही थी





तब नवाज़ को समाज आया नंदिनी उसको hi अग्रवाल कह रही है

हो गया खाना

नहीं इतने जल्दी कहा

फिर

मंदिर गए थे

अच्छा

खाना नहीं हुआ तो पहले डांस फ्लोर चले

आप के साथ

िष्ठ्हह!! मेरे साथ नहीं आपके अपनी आरती के साथ

तो बुलाओ आपके स्टूडेंट को

.अच्छा बुलाके लेट हु

पर पहले हमें तो डांस फ्लोर दिखा दो

हाँ चलिए

कह के नवाज़ को डांस फ्लोर पर ले जाने लगी

मैडम

हाँ बोलिये

आप इस सूट मई बहुत खूबसूरत लग रही हो

तब वो नवाज़ की और देखने लगी ..





थैंक यू

और इस उम्र मई भी

तब वो नवाज़ की और पलट के देखते है और बड़ी अड्डा के साथ कहते है





व्हाट यू मैं बी इस उम्र मई ? मई क्या आप को बुड्ढी लगाती हु

नहीं

फिर आपने क्यों कहा

अब आरती की आप मैडम हो तो लगा मुझे

उतने भी ज्यादा उम्र नहीं है

सॉरी 😔 😔 मैडम

No no सॉरी की कोई जरुरत नहीं है

फिर वो नवाज़ को डांस फ्लोर पाई चोर के आरती को बुलाके लेट है..

फिर आरती को हाट पकड़ के नंदिनी लेट है और उसका हाट नवाज़ के हातो मई देते है तब नवाज़ नंदिनी को कहता है

थैंक यू मैडम

It's माय प्लेअसुरे

कह के नंदिनी पीछे हो जाते है .. अब नवाज़ आरती का हाथ पकड़ के डांस के लिए बीच में आजाता hai.aarti को ऐसा सब लोगो के बीच नवाज़ के साथ डांस करने मई शर्म आ रही थी





रहने देते है नवाज़ जी ..सब देख रहे है ..

देखने दे ..वैसे भी एक तो हम डांस फ्लोर पाई आके डांस करे ये तेरे मैडम की इच्छा थी और दूसरी बात पति पत्नी को साथ मई डांस करने मई कैसे शर्म

ह्म्मम्म्म्म

तू मानती है न मुझे आपने पति

मानती हु न इसलिए तो मैडम को आपने पति बोल के इंट्रोडस किया था आप को

अच्छा .. पति या शोहर

जो आप को सही लगे

शरमाते हुई कहते है

फिर दोनों एकदूसरे की बाहों में बाहें दाल के डांस करने लगते है. मतलब नवाज़ ने उसके कमर पाई दोनों साइड हाट रखा था और आरती ने उसके शोल्डर पाई हाट रखे थे .. उनको ऐसे डांस करता देख बाकी के कपल भी डांस करने लगते hai.Thodi देर डांस करने के बाद बैकग्राउंड म्यूजिक का वॉल्यूम बढ़ जाता है ..और रोमांटिक सांग चल रहा tha..tab नवाज़ उसे किश करने के लिए आपने मू आगे बढ़ाता है .. उसके ऐसे करने से आरती को बहुत शर्म आ रही ..आजु बाजु के कपल उनको hi देख रहे थे .. तब वो शरमाते हुई कहते है

सब देख रहे है ...

अछ्हा. ..

मैडम भी देख रही है ..

नंदिनी का उन्दोनो पर hi ध्यान था ..वो कब से इधर hi देख रही थी..





देखने दे ..किस बात का डर शोहर हु तेरा और तेरे मैडम को ये पता है

पता है फिर भी सबके सामने

मतलब अगर हम अकेले होते तब तुजे कोई प्रॉब्लम नहीं होती .. और सब लोंगो मई प्रॉब्लम होती है .. rightt...na ..

ऐसा कह के उसके सर के पीछे नवाज़ हाट रखता है और उसके होंटो के करीब आपने होंठ ले जाता है ..तब आरती कहती है

मैंने ऐसा तोह नहीं कहा...

फिर मुझे किश करने दे ..सबके सामने

आप कबसे इतने बेशर्म बन गए. पहले तोह ऐसे नहीं थी.

सामने इतनी ख़ूबसूरत लड़की कड़ी हो तोह थोड़ी बेशर्मी हो जाती है. तोह बोलो करू .

तब नखरे से कहते है

बी थे वे मई लड़की नहीं हु

तो क्या बहुत है

तब हसते हुई कहते है

औरत हु

मेरे लिए तो लड़की hi है

ऐसे बोल के उसके होंटो पर आपने होंठ रखता है

तब सब लोग वोओओओ करके छीलते है और नंदिनी इनके किश को बड़ी hi प्यार से देखने लगे ..





अब नवाज़ आरती को बेटाःसा चूमने लगा.. आरती भी अब खुद को नहीं रोक पायी … वो भी नवाज़ के सर के पीछे एक हाट डालके उसको जोर जोर से चूमने लगी और दूसरे हाट से उसके पीठ को सहलाने लगी. जैसे hi नवाज़ ने उसका निचला होंठ आपने दोनों होंटो के बीच लेके जोर से चूसा वैसे hi आरती ने गहरी सी सिसकियाँ मरी..

ummmmmmmmmmmmmm…ssisisiisissiissisisisisiisisisisisissisiisisisisisisisisisisis…

नवाज़ के किस्स्स अब वाइल्ड होने lage..kiss स्मूच मैं बदलने lagi..sab लोंगो ने डांस बंद करके इनका किश hi देखने लगे ..उस रूम मई बस अब तेज़ कामुक चुम्बन की आवाज़ आने लगी..

Ummmmmmmmmm…mmmmmmm..chaappppp…chappppppppp…ummmmmmmmm ….

तब जैसे hi आरती ने देखा आजु के लोंगो ने डांस बंद करके इनको hi देख रहे है तब शरमाते हुई उसने किश तोड़के आपने टेबल की और भाग गयी .. तब सब लोग तालिया बजने लगे .. तब नवाज़ ने हाट उप्पर करके सब को धनवाद किया और वो आपने टेबल के पास जाने लगा ..जाते हुई उसने एक बार नंदिनी को देखा वो उसको hi देख रही थी..





अब दोनों वापस से आपने टेबल में आके बैठ चुके थे ..
 
वह वो बैठते hi अक्षरा जो आर्डर पहले इन् दोनों ने दी थी वो लेक इन् दोनों के टेबल पाई रखती है ..तब नवाज़ आपने जगह से उठ के आरती के पास आकर बैठ जाता है ..बाजु मई .. तब आरती उसको मुस्कुराते हुई देखते है





तब नवाज़ आरती का चेहरा आपने दोनों हाथो मई लेट है .. तब अक्षरा उन्दोनो को देखने लगी .. सेक्सी लुक्स के साथ..





तब आरती अक्षरा को देखते है और जरा गुस्से से उसे कहते है

यही रखेंगे क्या

तब वो कुछ नहीं कहते पर उन्दोनो को देखने lagi..aaarti आगे कुछ कहते इस से पहले नवाज़ उसको गर्दन से जाने को इशारा करता है तब वो शरमाते हुई वह से चली जाती है..





तब वो शरमाते हुई बहार चली जाती है .. तब स्माइल करते हुई आरती नवाज़ को कहते है ..

ये तो पहले फिनिश कर लो

टोमेटो सूप की और देखते हुई कहती है

वही तो करने आया हु

ऐसा बोल स्पून लेके आरती को एक स्पून टोमेटो सूप पिलाता है..

आरती मुस्कुराते हुई उसके और देखते हुई उसके हाट से टोमेटो सूप पीती है ..





और फिर आरती दूसरा स्पून लेके उसको टोमेटो सूप पिलाती है ..फिर एक स्पून टोमेटो सूप पिलाता हुई उसके होंटो पर जो सूप था वो जीभ से चाटने लगा .. आरती भी उसके साथ वैसे hi करते hai..tab नवाज़ कहता है

एक बार फिर करते है





आरती हंस के थोड़ा आगे आये ..और एक हाथ से उसको टोमेटो सूप पिलाती है और दूसरे हाट से उसका चेहरा पकड़ते हुई मुस्कुराते हुई शर्मा ke..uske होंटो को जीभ से चाटने लगी . ..नवाज़ ने भी वैसे hi किया .. फिर आरती टेबल की और देखते हुई कहती है

इस टोमेटो सूप के चक्कर मई बाकि के आइटम सुख रहे है

उसका भी मज़ा लेंगे ..पहले टोमेटो सूप तो फिनिश कर ले ..

ऐसा बोल के उसका हाट पकड़ लेता है

आगे आ जा

वैसे hi आरती नवाज़ की और देखते हुई आगे आती है





तब उसका चेहरा एक हाट मई पकड़ के थोड़ा उप्पर करता है और टोमेटो सूप का बाउल उप्पर ले जाता hai..uske चेहरे के uppar..uske आँखे अब कभी उस टोमेटो सूप पर जाती तो कभी नवाज़ पर ..वो सोच रही थी अब नवाज़ क्या करेगा .. उसके क्यूरोसिटी बढ़ती जा रहे थी .. तब नवाज़ बाउल मई से एक स्पून डूबा के स्पून टेड़ा करने लगा ..तब उधर hi आरती देखने लगी..





जैसे hi और थोड़ा स्पून थेड़ा करता है तब स्पून के एक्साक्ट्ली नीचे वो आके गर्दन थेड़े करते हुई आपने जीभ बहार निकलने लगी तब वो टोमेटो सूप थोड़ा उसके होंटो पर ..थोड़ा उसके जीभ पर ..थोड़ा उसके गर्दन पर गिरता है.. नवाज़ फिर दूसरे स्पून को भी टोमेटो सूप मई डूबा कर वैसे hi करता है और फिर उसके गर्दन पाई जीभ रख कर जहा सूप गिरा है वह चाटने लगा ..तब आरती ने गहरी सी सिसकियाँ मरी..

ummmmmmmmmmmmmm…ssisisiisissiissisisisisiisisisisisissisiisisisisisisisisisisis…

अब टोमेटो सूप मस्त लग रहा है

तब आरती स्माइल करते है

अच्छा लग रहा है न

हाँ बहुत अच्छा.. बहुत hi मस्त ..

उसके गाल और गले को चूमते हुई कहता है.. फिर वो वेटर कह के आवाज़ देता है और उसके गले को चूमने लगा ..तब अखसरा अंदर आयी तब आरती की आँखे बंद थी और नवाज़ उसके गर्दन से लेके गाल को चाट रहा था पर वो अक्षरा को देखता नहीं .. अक्षरा ये देख रही थी.. कुछ एक दो मिनट के बाद अक्षरा कहते है

जी सर

तब वो अक्षरा को देखते हुई आरती के एक मम्मी को जोर से दबाता है ..

Ummmmmmmmmm…mmmmmmm..…ummmmmmmmm….

आरती मदहोशी मई थी ..उसके आँखे बंद थी और उसको पता नहीं था की अखसरा वह आयी hai..par इधर अक्षरा शर्मा जाती है और नीचे देखने लगी तब आरती को गहरा चुम्बन लेते हुए बोलै…

आइस क्रीम लेके आओ

तब अखसरा गर्दन उप्पर करके कहते है

अभी

तब आरती आँखे ओपन करके अक्षरा को देखने लगी ..उसे कुछ पता नहीं tha..tab नवाज़ कहता है

हाँ

अक्षरा कहते है

पर वो तो डेजर्ट में होता hai..khane के बाद

तब नवाज़ कहता है

अब तू मुझे सिखाएंगे कब क्या खाना है

नहीं सर

मेरे बीवी को अभी खाना है

ऐसा बोलै तब अक्षरा आरती को देखते है और आरती गुस्से से अक्षरा को देखें लगी तब अक्षरा कहते है

जी सर लेके आती हु

कह कर बहार जाती hai..aakshara के जाते hi आरती ने आँख बंद कर दी तब नवाज़ आरती की चुकी देखने लगा.

एक बात बता

जी

तू पहले जानबूझकर अपनी चूचिया मुज दिखती थी न . ..

नवाज़ के ऐसे कहने पर नवाज़ की और गुस्से से देखते है..





इसमे गुस्सा काम और अड्डा ज्यादा थी ..

ताकि मई तेरे और अट्रैक्ट हो जाऊ

तब नवाज़ के हाथ आपने चहरे पर से हटते हुई कहते है .....

जरा नखरे से ..

मई क्यों करने लगी ऐसे ..

ऐसा कह के नवाज़ को देखने लगी ..





नवाज़ को आरती के अदायी दीवाना बना रही थी.... वो आरती के सुन्दर चेहरे को देख कर कहता है

ताकि मई तुजसे प्यार करने लागु

आरती कुछ कहते तभी वेटर आइसक्रीम लेके आती है

सर आइसक्रीम

धन्यवाद् वेटर ..

फिर उस वेटर को देखते हुई कहता है…

क्या नाम है तुम्हारा

अक्षरा

फिर नवाज़ उसके हाट से आइसक्रीम लेके आइसक्रीम मई उंगली डालके आरती के होंठो आइसक्रीम लगता है और उसके होंटो को चूसने लगा ..





फिर अक्षरा को देखते हुई किश तोड़ते है

अक्षरा बहुत स्वादिष्ट आइसक्रीम है तुम्हारे होटल का .. दिल खुश हो गया..

अक्षरा मुस्कुराती हुई

थैंक यू सर …

कहते है और इधर आरती शर्मा जाती है तब नवाज़ ने फिर से आरती के होठो को अपने होठो से बंद कर दिया और उस की गोरी चुकी को हाथ में लेकर मसलने लगा .. आरती ऐसे दोहरे हमले से मदहोश होने लगी .. और नवाज़ को साथ देने लगी .. उसके बालो मई हाट घूमने लगी .. आरती का रिस्पांस देख के नवाज़ खुश हो गया .. आज उसे वो छूट मिलने वाली थी जिसका इंतज़ार वो सपनो मई भी करता था इसलिए वो जोश मई आके चूमते हुई आरती के ब्लाउज के अंदर हाट डालने लगा ..

तब किश 💋 तोड़ती हुई आरती कहते है अक्षरा को देख के..

तू यहाँ क्या कर रही है.. जा यहाँ से..

तब अक्षरा जी मैडम कहते हुई बहार चली जाती hai..aur ये दोनों एकदूसरे को देखने लगे ..





अब ये दोनों भी पूरी गरम हो चुकी थे और दोनों अब आने वाले पल के लिए बिलकुल तैयार थे.. नवाज़ अब देर नहीं करना चाहता था .. इसलिए अक्षरा जाते hi वो आरती को खिंच के आपने पास लता है .. जैसे hi नवाज़ ने आरती को खिंचा वो उससे चिपक गयी .. और वैसे hi नवाज़ अपने होठो को उसकी गर्दन पैर लगा के चूमने लगा..





आरती तो पहले से hi काफी गरम थी ऊपर से नवाज़ के इस वार ने एक दम से हिल गयी

आआह्ह्ह्ह

आजा मेरी जान मेरे बहूओ मई

अह्ह्ह्ह आ गयी राजा आप ोुह्ह्ह्ह चुम लो अपनी रानी को ऐसे hi उउउउउफफ्फ्फ देखो मौसम भी कितना सुहाना हैई आअह्हह्ह्ह्ह

तब उसके होंटो पाई उंगली घूमते हुई कहता है

रणीय तुम्हारे होठ कितनी ठन्डे हो गयी है

आअह्ह्हूँउउम्माह्ह्हह्ह

इन्हे गर्मी की जरुरत है

अब इसको तो गरम करूँगा पर अभी तो सबसे जायदा मेरी लुंड को तेरे छूट की जरुरत है .. पहले उसकी गर्मी शांत कर देता हु .. सुबह से बेचैन है वो .. अब और देर हो गए तो प्रॉब्लम होगी.

हां मेरे राजा ..अब मई सिर्फ आपकी हु .. जो करना है कर लो ..

तब झट से आरती को अपनी बहो मई उतके आपने गॉड मई बिठा देता है और आरती की साड़ी उप्पर करके आपने लुंड को आरती की छूट पैर रगड़ते हुए जांघो में घिसने लगा..

आअह्ह्ह राजा ऐसे तो बेचैनी और बढ़ जाएगी ोुह्ह्ह्ह क्यों तड़पा रहे हो .. थोड़ा तो रेहम करो मुझ पैर अगर कोई आ जायेगा तो तेरी रानी तड़पती रह जाएगी रईईए ोुह्ह्हह्ह

फिर वो पंतय पर अपना लुंड रगड़ कर आगे पीछे कर रहा था ....... अब एक बार फिर से आरती की सांसें तेज़्ज़ हो चुकी थी ..

आरती को जायदा तड़पना ठीक नहीं लगा नवाज़ को इसलिए पंतय को थोड़ा साइड करके नवाज़ ने आपने लुंड को आरती के छूट के छेद से टच करवाया ..

वैसे hi आरती सिसकने लगी..

आआह्ह्ह्हह मायआ

तब लुंड को थोड़ा अंदर घुसाने लगा

ऊऊह्ह्ह्हह्ह आअह्ह्ह्हह आआह्ह्हह्ह्ह्ह ीीीेस्सस्सस्स्स्स माआआ कितना ाचा लग रहा है उउउउउफफ्फ

तब नवाज़ थोड़ा प्रेशर देता है

आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरे लाआल जोर से आह्ह्ह्हह.. मत्तट करिये

क्योंनं

आआह्ह्ह्ह आपका लुंड मोटटटटट हैई आअह्ह्ह ोुह्ह्ह्होऊ

तेरे छूट भहुत टाइट है.. मेरे लुंड को पूरा जकड के रखा है.. जैसे की तेरे पति ने तुजे सही से छोड़ा hi नहीं है ..

तो आप लो मेरे पति की जगह मेरे लाल ..

तब नवाज़ आरती की चूचियों को दबाते हुए एक धक्का लगता है जरा जोर जोर से

आह्ह्ह्ह माआ मेइइइइइइइ मारररर गायियीईई uuuuuuffffffffff माआआआ ...मत्तत्त करूऊ ैसाआ झुलुम मुज्ज्ज्ज्ज परररर

इतना बोलते hi नवाज़ एक जोर्का धक्का लगता है....

आआआआहहहहहहह...

आरती को ऐसा लगा नवाज़ का लुंड उसके छूट के आरपार चला गया हो पर ऐसा कुछ नहीं था .. अभी तो सिर्फ उसका आगे का part hi थोड़ा गुस्सा था ..

तब नवाज़ उसके रसीले गोर चुके जोरसे मसलता है...

आआआहहहहह....

तब फिरसे नवाज़ ाआरति के रसीले गोर चुके जोरसे मसलता hai....aur दूसरे हाट से उसके ब्लाउज के बटन निकलने लगता है और फिर एक हाथ आगे से उसके ब्लाउज के अंदर घुसता है ..

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह नही ू.... कोई आ जायेगा ...

अब ऐसे बैठे हुई आपने लुंड को उसके छूट के और अंदर डालना नवाज़ के तकलीफ वाला काम हो रहा tha..kyon की वह टेबल की वजह से वो ठीक से बैठ नहीं पा रहे थे .. इसलिए वो आरती को एक साइड जुका देता है और ब्लाउज और ब्रा के बहार उसका एक मां निकल लेता है..





फिर नवाज़ जुख के उसका मां आपने मू मई लेता है

ससससस अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्हह नाव्वाज़्ज़्ज़्ज़ जीई .....

उसका मां आपने मू मई लेते hi मदहोशी मई उसकी ऑंखें बंद हो जाती है और उसके मन से सिसकारी निकल जाती है

....

आआअह्ह क्या टास्ते है आर्ट रानी की तेरे इस गोर गोर मम्मी की… मई बोहत खुशनसीब हु जो आज मुझे तेरे इस गोर गोर मम्मी को चूसने को मिल रहा है ..

तभी आरती का कॉल बजा ..वो टन से जान गयी अरविन्द का कॉल है..

रुको .. अरविन्द का कॉल है

ऐसा बोल के कॉल उठा लेती है..

जी बोलिये

कहा हो तुम

Hospital..aap को तो पता है

हॉस्पिटल मई तो तू है नहीं .. मई कब से तेरे को ढूंढ रहा हु

अरविन्द यहाँ आ गया है ये जान कर वो चौक जाती है और नवाज़ के गॉड से उठ कर बाजु हो जाती है

अब कब आये

पहले बता तू कहा है

यही बहार हु खाना खाने आयी थी ..

जल्दी आ जा

आती हु

बोल के कॉल कट कर देते है

चलिए जल्दी ..आप के छोटे मालिक आये है

क्या ?? वो क्यों आया

मुझे क्या पता

इस कमीने को भी अभी आना तह

ये बोल के पंत पहनने लगा और तब तक आरती काउंटर पर जेक बिल पाय करते है और फिर दोनों बाइक पाई बैठ के हॉस्पिटल पहुँच जाते है ..
 
चलिए जल्दी ..आप के छोटे मालिक आये है

क्या ?? वो क्यों आया

मुझे क्या पता

इस कमीने को भी अभी आना तह

ये बोल के पंत पहनने लगा और तब तक आरती काउंटर पर जेक बिल पाय करते है और फिर दोनों बाइक पाई बैठ के हॉस्पिटल पहुँच जाते है ..

रस्ते मई नवाज़ बहुत नाराज़ हो गया था.. आरती को छोड़ने का पहला मौका उसके हाट से चला गया था .. वो बाइक चलते हुई अरविन्द को गालिया दे रहा था..

कमीने को भी अभी आना था ..बाद मई आ नहीं सकता था..

तब नवाज़ को शांत करते हुई आरती कहते है

नाराज़ मत हो राजा ..

ऐसा कह के उसके गाल को किश करने लगी ..





चलते हुई गाड़ी मई ..

नाराज़ क्यों न हु

मुझे पता है अरविन्द ने आके आप को बहुत नाराज़ किया है

किया है न ..

हां

फिर यही करते है

नहीं न नवाज़ जी घर मई जेक अच्छे से करेंगे

घर मई तेरा वो बुद्धा ससुर होगा न

पापा जी तो दूसरे रूम मई होंगे

तेरा पति आया तो

तब उसको किश 💋 करते हुई कहते है





वो मई मैनेज कर लुंगी

करने दे न यहाँ

मई मन कहा कर रहे हु .. पर यहाँ नहीं

ठीक है पर थोड़ा सा तो करने दे न

डरते हुई आरती कहते है

थोड़ा सा मतलब

तेरे छूट चाटूँगा

फिर आप रुकोगे नहीं पता है मुझे

रुकूंगा मई

नहीं न नवाज़ जी ..इतनी बार मेरे बात मान लो

तब गुस्से मई वो गाड़ी फ़ास्ट दूदाता है .. अब वो पहुँच जाते है .. वो जैसे hi दादी के रूम मई जाने वाली थे वैसे hi कंचन कहती है





हो गयी क्या डेट भाभी

तब नवाज़ कंचन को देखने लगा.. और आरती रूम के अंदर एंट्री करते हुई नाराज़गी दिखते हुई कहते है





कहा kanchan..aade से hi भाग के आ गए ..

क्यों भाभी

वह अब इन् तीनो के अलावा कोई नहीं था ..मतलब दादी थी और वो सो रही thi..waise भी उसे काम hi सुनाये देता था .. उसको बात करने के लिए जोर से बोलना पड़ता था …उसके नज़दीक जेक

वो जाने दो ..तुम्हारे भैया कहा है

पति तुम्हारे है भाभी वो और पूछ मुझे रही हो ..

फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते है





लगता है भाभी तुम यार के चक्कर मई पति को भूल गए हो ..

तब नवाज़ कहता है

आरती तुम नहीं लगता तुम्हारी नानन्द ज्यादा बोल रही है

इस वक़्त आरती के पिट इन् दोनों की तरफ थी और वो अपनी दादी का ऑक्सीजन लेवल एंड सलाइने चेक कर रहे थी इसलिए उसका इन् दोनों की तरफ ध्यान नहीं था.. पर नवाज़ के ऐसे कहने के बाद आरती उसको कहती है

नवाज़ जी आप मेरे नानन्द पर ज्यादा ध्यान न दो ..वो अगर कुछ ज्यादा या काम बोल रही होगी तो मई देख लुंगी

तब नवाज़ उसे कहता है

तू चिंता मत कर मई तेरे नानन्द के साथ कुछ नहीं करूँगा

तब आरती नवाज़ को एक सेक्सी लुक देके मुस्कुरायी और बोली





आप के होते हुई मई क्यों चिंता करू नवाज़ जी ..

तभी वह एक सिस्टर आती है और कहती यहाँ डॉ . कंचन कोण है

मई हु

कंचन कहते है

आप चलिए हमारे साथ

क्यों

सर ने बुलाया है

तब कंचन उस सिस्टर के साथ बहार जाती है.. उनके जाते hi नवाज़ आरती को बहो मई लेता है और आरती को किश करने लगता है





किश करने के बाद नवाज़ कहता है ..

हैं न मुझपर पूरा भरोसा जी

जी

तब कंचन आते hi वो दोनों अलग होते है

भाभी एक बात पुछु आप को

हाँ पूछो

फिर कुछ सोच के कंचन कहते है

जाने दो

अब आरती बिना कुछ बोले बेडशीट दादी के नीचे से निकलने की कोशिश करने lagi…par दादी उसपे सोये थी इस वजह से वो निकल नहीं प् रही थी तब वो कंचन को कहते है

कंचन इधर आओगी

जी भाभी

कह के कंचन आरती के पास चली जाती है

एक बार नवाज़ को देखते हुई

आरती अब बिना नवाज़ और कंचन की तरफ देख के अपनी दादी के नीचे का बेडशीट निकलने की कोशिश कर रही थी पर निकल नहीं पा रही थी तब वो कहती है

कंचन ये बेडशीट दादी के नीचे से निकलने मई मेरे हेल्प करो न

जी भाभी

कह के एक साइड से बेडशीट निकलने लगी .. आगे की तरफ आरती थी और वो नीचे देख के बेडशीट निकल रही थी और उसके पीछे कड़ी होक बेडशीट के एक कार्नर को कंचन ने पकड़ के बेडशीट को खिंच रही thi..dono जोर से बेडशीट खिंच रही थी पर उप्पर दादी सोये हुई थी उस वजह से बेडशीट निकल नहीं रही थी ..और कंचन झुक के बेडशीट को खिंच रही थी ...

अब कंचन और आरती बेडशीट खिंच रही थी. उन दोनों की पिट नवाज़ के तरफ थी... नवाज़ वही उन दोनों के पीछे खड़े होक उन दोनों को देखने लगा ..कभी वो कंचन को देखता कभी आरती को .. .. कंचन उसके आगे जुख के बेडशीट खिंच रही थी तब नवाज़ की नज़र उसके गांड पर गयी .. झुकने की वजह से उसके गांड का उबार बहार की तरफ आ गया tha..nawaz बिना कुछ बोले उसके गांड को देखने लगा ...उसकी गांड और पतली कमर देख के कंचन के लिए उसका प्यार और पागलपन और बढ़ गया …. … .. ये सब देख के और सोचते हुई उसका लुंड फिर से खड़ा होने laga…tab आरती पीछे घूम के देखते हुई कहते है

आप पीछे खड़े होक क्या कर रहे हो जी

कुछ नहीं पर मई कब से देख रहा हु तुम दोनों कब से दादी के नीचे से बेडशीट निकलने की कोशिश कर रही हो पर निकल नहीं रही है

हां न नवाज़ जी

तो मई सोच रहा था की मई दादी को उठा लेता हु फिर आप बेडशीट निकल लो

हां ये सही आईडिया है नवाज़ जी पर क्या आप दादी को कुछ समय के लिए उठा पाओगे क्या जी

तभी वो सिस्टर फिर से आती है तब बिना कुछ बोले कंचन उस सिस्टर के साथ चली जाती है

मेरे ताकत पर शक है क्या

नहीं नहीं ऐसे बात नहीं है जी पर थोड़ा टाइम होल्ड करना पड़ेगा

नवाज़ आरती के पास जेक उसके गांड के नीचे एक हाट डालता है और दूसरा हाट उसके कमर के पीछे दाल के आरती को उठा लेता है

अगर मई दादी के इतनी हटती कटी पोते को उठा सकता हु तो दादी को उतना कोनसे बड़ी बात है

तब आरती शर्मा के कहती है

हां हां आप दादी को उठा लोगे पर पहले मुझे तो निचे उतर लो

एक किश 💋 दो फिर उतर देता हु

आप भी न नवाज़ जी

ऐसा कह के श्रम जाती है

दे न

ठीक है

कह के आरती नवाज़ को देखती है और आरती नवाज़ की बालो मई हाट दाल के उसके होंटो पाई आपने होंठ रख के उसको किश करने लगी ..





नवाज़ भी अब आरती को किश करने लगा .. अब दोनों की किश वाइल्ड होने लगी ......रूम मैं तेज़ कामुक चुम्बन की आवाज़ आने लगी..

Ummmmmmmmmm…mmmmmmm..chaappppp…chappppppppp…ummmmmmmmm….

तब रूम के बहार कुछ लोंगो की बात करने की आवाज़ आने लगी तब आरती किश तोड़ती है .. और आरती कहती है ...

बहार लोंगो की आवाज़ आ रही है ..कही अन्दर न आ जाये ..

किश तोड़ने के बाद आरती को नवाज़ निचे उतर देता है .. तब नवाज़ आरती को कहता है

तू तो किसी परमसतर जैसा किश करती है

आपने hi सिखाया है

छोड़ना भी सीखा दूंगा किसी परमसतर जैसे

नहीं

तब नवाज़ उसको पकड़ने लगा

तब हस्ते हुई कहती है

नाहीइ

और उससे दूर भाग के हँसाने लगी ..तभी आरती का भाई और भाभी वह आ जाते है ..भाभी कहती है ..

लगता है किसी ने जोक किया है

ा- नहीं भाभी ऐसे hi था

भैया - आरती वो डॉक्टर को मिल के आते है

हाँ भैय्या पर पहले बेडशीट चनगे करते है

वो सिस्टर को बुलाते है वो चेंज कर लेगी

भ्बहि - वो कब आएंगे ..दीदी बोल रही है वैसे हम पहले बेडशीट चेंज करेंगे

भैय्या - पर कैसे

ा- ये उठा लेंगे दादी को और मई चेंज कर लुंगी

भाभी - हां ये ठीक रहेगा

फिर नवाज़ दादी को उठा लेता है और आरती और उसकी भाभी बेडशीट चेंज कर लेती है ..और वो तीनो उप्पर डॉक्टर के पास जाने लगते है तभी कंचन वह आ जाती है

बहीय्या कंचन और नवाज़ को कहते है ..

आप दोनों यही रुको ..हम बड़े डॉक्टर को मिल के आते है ..

तब दोनों जी कहते है और ये तीनो उप्पर चली जाते है ...
 
जैसे hi वो तीनो उप्पर जाते है तब नवाज़ सोचता है कंचन से थोड़ी बात करते है इसलिए वो कंचन के पास जाने लगा की तभी दूर पाई किसी की आवाज़ आयी ..

एक्चुअली दूर पाई आरती की भाभी थी और रूम के तरफ उसकी पिट थी और वो फ़ोन पाई किसी से बात कर रही थी ..

फिर आरती की भाभी रूम मई आयी तब तक कंचन नवाज़ जो उसके पास आ रहा था उससे दूर हो गयी .. और ठीक से खड़े हो गए the.bhabhi उन्दोनो को देख रही थी और सोच रही थी की दोनों इतनी शांत क्यों खड़े है और इतने क्लोज .





सामने कड़ी थी आरती की भाभी स्वेआती भाभी ..

उद्धार उप्पर चीफ डॉक्टर के केबिन मई नवाज़ के पास से उप्पर आने के बाद आरती , उसका भाई नमन और उसकी बीवी दादी के हेल्थ के बारे मई डिसकस कर रहे थे.. तब चीफ डॉक्टर ने डॉ. सरिता को बुलाया .. सरिता के आने के बाद उसने आरती को hello किया और उसके भाई को भी .. फिर सब लोग और कुछ बाते करने लगे .. तब चीफ डॉक्टर ने पूछा ..

निचे दादी के पास कोई है क्या .. वैसे सिस्टर रहती है फिर भी आप के घर का कोई है क्या

तब नमन ने कहा

हाँ है न .. मेरे भाभी स्वेआती है दादी के साथ

तब आरती ने कहा

मेरे नानन्द कंचन भी है और हमारा नौकर नवाज़ भी है

नवाज़ का नाम सुनते hi डॉक्टर सरिता शर्मा गयी ..





ये आरती ने देखा तब आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है





और वो उसे hi देखने लगी और वो मैं मई कहती है

ये तो नवाज़ का नाम सुनते hi शर्मा रही है..

अब नमन ने कहा

एक बार अब दादी का चेकउप करो सर

तब चीफ डॉक्टर ने कहा

हाँ क्यों नहीं

फिर वो सरिता को कहता है

सरिता तुम एक बार दादी का चेक उप करो

जी सर

कह के वो उठ गए .. और कुछ सोच कर आपने केबिन मई चली गए .. और सरिता कुछ देर वही आपने केबिन मई टहलती रही .. और वो सोचने लगी .. दादी के पास निचे नवाज़ है तो मई निचे जाऊ दादी का चेक उप करने को या नहीं . मुझे पता है मेरे नीचे जाते hi नवाज़ मेरे पास आएगा .

अब नीचे स्वेआती और कंचन बाते कर रहा था और नवाज़ चुप चाप वही खड़ा होक स्वेआती को देख रहा था … और कभी कंचन को ...उप्पर सरिता कुछ सोचकर रेडी हो जाते hai...aur नीचे चली जाती है दादी का चेकउप करने को
 
दरवाजा थोड़ा आगे की और किया हुआ था .. डॉ. सरिता दरवाजा खोल के जैसे hi अंदर रूम मई आते है तब झट से स्वेआती दरवाज़े की और देखती है और कहती है

गुड आफ्टरनून डॉक्टर

गुड आफ्टरनून मम

ये आवाज़ आते hi नवाज़ दरवाज़े की और देखने लगता है.. तब डॉ. सरिता भी नवाज़ को देखते है





तब नवाज़ कहता है

कैसे हो डॉक्टर मैडम

तब स्माइल करते हुई सरिता कहते है





अच्छी हु ..और तुम

मई भी आप की दुआ से अच्छा हु

दोनों की ऐसे बातचीत से स्वेआती को लगता है दोनों एकदूसरे को पहले से जानते है

फिर डॉ सरिता दादी के पास जेक कड़ी हो जाती है और दादी का हाथ हाथ मई लेके उन चेक करने लगाती है .. कंचन सरिता आने से पहले hi रूम से जा चुखी थी .. और इधर नवाज़ सरिता की तरफ देखने लगता है ..उसके सामने स्वेआती कड़ी थी .. पर उसपर उसका ध्यान नहीं था ..

सरिता को देख कर नवाज़ की आखे फटी की फटी रह जाती hai...wo सरिता को पागलो के तरह घूर रहा था जैसे खा हे जाएंगे... आज पहली बार नवाज़ ने सरिता को ऐसे मेक उप मई देखा था .. उसके पंत मई हलचल होने लगती है... इधर सरिता भी अच्छे से जानती थी नवाज़ उसे hi देख रहा है.. एक बार वो तिरजी नज़र से नवाज़ को देख चुखी थी..





स्वेआती नवाज़ को hi देख रही थी और उसको पता था की नवाज़ के नजरे इस वक्त कहा है..... स्वेआती के हसीं चहरे पे हसी आ जाती hai..wo मैं मई कहती है ..

ये तो बहुत चालू नौकर लग रहा है

तभी नवाज़ कहता है

कुछ कम्प्लीकेशन तो नहीं होंगे न दादी को .. इस दवाई से

ये नवाज़ सरिता की तरफ देखते हुई बोलता है.. और स्माइल कर देता है...

नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा .. अगर कुछ हुआ तो मई हु न देखने और संभालने को

ऐसा नवाज़ की और देखते हुई सरिता कहती है





तब नवाज़ सरिता की और जाने लगा .. वैसे hi सरिता डरने लगी और मैं मई कहने लगी ..

ये मेरे और क्यों आ रहा है

बहुत बहुत शुक्रिया आपका मैडम ..... आप बहुत अच्छी है और आप का दिल भी बहुत बड़ा है...

ये बात अपने गंदे डाट निकलता हुई सरिता को देखते हुआ कहता है....

सरिता भी उसको देखते हुई मुस्कुरा देती है





नवाज़ की बात सुनके स्वेआती मैं मई कहते है

नौकर है पर बाते अच्छा कर लेता है

इसमे कोई बड़ी बात नहीं है नवाज़ .. ये मेरे ड्यूटी है …इतना तो करना पड़ता है...

नवाज़ की आखो मई देखती हुई कहती है... शायद ये कोई संकेत थे नवाज़ के liye..nawaz बहुत जयदा खुश होता hai…aur उसके और करीब जाता है तब सरिता उसको डरते हुई देखने लगती है





सरिता शर्माती हुए नवाज़ को अपनी आखे दिखती hai...aur इशारे से कहती है

वो है .. क्यों मेरे नज़दीक आ रहे हो

तब नवाज़ स्वेआती की और देखने लगता hai..ab स्वेआती दर के निचे देखने लगती है कुछ दिन पहले नवाज़ को नीता जैसे कामवाली और दूसरे गंदे औरत से काम चलना पद रहा था … उसके दिखने के वजह से और उसके दारू और पान खाने की वजह से और पैसे न होने के वजह से कोई गन्दी काली औरत hi उसके पास जाती थी ..पर अब उसने आरती जैसा माल पटाया था और अब वो सरिता जैसले सुन्दर माल के पास जा रहा था .. और वो उसके पास आने को मन नहीं कर रही थी बल्कि इतना कह रही थी वो लेडी है यहाँ ..वो देख लेगी ..

तभी स्वेआती का फ़ोन बजता है .. उसके हस्बैंड का कॉल आता है इसलिए वो बहार जाते hai..waise hi वो सरिता के और करीब जाता hai..Wo अपने एक हाथ से सरिता के सामने हे अपने लौड़े को पंत के उप्पर से एडजस्ट करता है.... और सरिता की आखो मई देखते हुई अपने काले गंदे डाट दिखते हुई मुस्कुरा देता है..... ..

और फिर वो सरिता के पीके जाकर उससे पूरी तरह से सत्कार खड़ा हो जाता hai........iss वजह से इस वक़्त उसका लुंड सरिता के गांड से पूरी तरह से सत्ता हुआ tha........wahin वो सरिता के बदन की कोमलता को अपने जिस्म मई ाचे से महसूस कर रहा था........... नवाज़ के ऐसे करने से सरिता के बदन मई आग लग चुखी थी ..

सरिता ओपपोसे नहीं कर रही है ये जान कर वो आगे बढ़कर सरिता के हाथों में अपना हाथ हौले से रख देता है ......तब वो झट से आपने हाट चुरा लेती है.. इस वक़्त उसका मुँह सरिता के गार्डन के एकदम करीब tha......jisse वो उसके बदन की खुसबू ाचे से महसूस कर सकता था..............

सरिता नवाज़ को अपने इतना करीब खड़ा पाकर मनो चिहुँक सी जाती हैं और वो फ़ौरन अपनी गार्डन पीछे की तरफ घुमाकर नवाज़ की ओरे देखने लगती हैं........





थोड़ी घबराई हुई si..........sehmi si........wo नवाज़ की तरफ देख रही थी वहीँ नाकज उसे hi देख रहा tha...........uski आँखों में............

" ye.....ye...... तुम क्या कर रहे हो नवाज़......."

और सरिता घबराती हुई आहिस्ता से नवाज़ की तरफ देखती हुई बोल पड़ती hain...........wahin नवाज़ जवाब में बस धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं.........

" डॉक्टर मैडम ........आप सच में बेहद खूबसूरत हैं ....... मुझे आपकी खुसबू अपने अंदर समेटने दो na.......mujhe बहुत खुसी होगी........"

और नवाज़ थोड़ी हिम्मत करते हुई सरिता की आँखों में आँखें डालकर धीरे से बोल पड़ता हैं वहीँ सरिता टकटकी लगाए बस सरिता की ओरे देखती रहती hain..........uska कलेजा अब ज़ोरों से धड़कने लगा था.........

सरिता एक नज़र नवाज़ की ओरे देखती हैं मगर वो कुछ नहीं कहती ....... तभी आरती वह आ जाती hai...tab सरिता तुरंत उससे दूर होक दादी को चेक करने लगी ..

कैसे है दादी की तबियत

तब पलट कर सरिता अच्छी है

ऐसा कह के तुरंत वह से चली जाती है .. एक्चुअली आरती जब रूम मई आयी थी तब वो मोबाइल चेक करते हुई आयी थी .. तब उसकी नज़र इन् दोनों लेत पड़ी तबतक दोनों एक दूसरे से दूर हो गए थे ..

जैसे hi सरिता चली गयी वैसे hi नवाज़ आरती को बहो मई लेता है ताकि वो सरिता के बारे न पूछे और कहता है

चलना नहीं है क्या

कहा

कहा क्या मेरे बर्थडे को

आप के बर्थडे को..

हाँ

ऐसे चलोगे बर्थडे को

मुझे क्या हुआ है मई तो अच्छे से तैयारी हुआ हु

और खुद को देखने लगा .. थोड़ा पीछे होक

किसी भी एंगल से बर्थडे बॉय नहीं लगते

तब थोड़ा आगे आके उसके नज़दीक आके उसको बहो मई लेके उसको किश करने लगता है

दादी है

ये बूढ़े लोग मेरा पीछा नहीं छोड़ते .. घर पाई तुम्हारे पापा जी और यहाँ तुम्हारे दादी

तब आरती हँसाने लगी .. बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे पर पहले शॉपिंग करेंगे .. फिर मूवी और फिर केक काटेंगे ..

अच्छा

हां जी ..वो जाने दो वैसे आप को क्या पसंद है

तुम

तब स्माइल करते हुई कहते है

वो पता है मई आइसक्रीम की बात कर रही हु ..

पर मुझे आइस क्रीम नहीं तो कुछ और hi पसंद है

उसके कमर के पीछे हाट दाल के उसको अपनी और खिंच लेता है

आउच ..

आइस क्रीम नहीं पसंद

तब आरती उसके आँखों मई देखते हुई कहते है

फिर क्या पसंद है क्या

तब आरती के होंटो को उंगली से टच करते हुई कहता है

तुम्हारे ये गुलाभी हूंठ और उनसे टपकता शहद

आप भी न.. उनमे कहा शहद है.. मुझे तो कभी नहीं दिखा..

मुझे तो हमेशा दिखता है.. दिखाऊ क्या

दिखाओ

तब उसके होंटो पाई आपने होंठ रखता है..

तभी बहार से आवाज़ आता है

आरती भाभी ..

ये तुम्हारी नानन्द हमेशा बीच मई आती है.. ऐसा बोल के पीछे हैट जाता hai..aur आरती हँसाने लगाती है..

तब कंचन अंदर आके कहती है..

क्यों है रही हो भाभी

तब आरती कहती है

हम लोगो के लिए आइस क्रीम लाओगे क्या

हम लोग

तब नवाज़ कहता है ..

हम तीनो ..और कोण है

लगता है भाभी आप दोनों मिल के मुझे नौकर बना के रहोगे
 
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