Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 30 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

कंचन को देखते हुई नवाज़ ने अपना मुँह थोड़ा खोला… तम्बाकू आपने जीभ पे लेके कंचन आँखों में हवस भरी नज़रो से देखते हुई कहता है

हाँ कर सकते है ..हम तो आप के नौकर है

ऐसा बोल के नीचे तम्बाकू थूक देता है

कंचन उसको देख के मैं मई कहती है

गन्दा कही का .. भाभी को इस गंदे इंसान मई क्या दिखा जो इससे यहाँ लेके आयी

ये सोचते हुई कहते है

हमारे कहा ..तुम तो भाभी के प्यारे नौकर हो

आपने चाहा तो आप के भी हो जायेंगे

तुम नहीं लगता तुम जरा ज्यादा फ़ास्ट हो

नहीं

बहभी को पा लिया तो जरा बाइक फ़ास्ट तो नहीं कर ली न तुमने

नहीं

ठीक है चलो उप्पर

कहा

तुम्हारे मेमसाब ने बुलाया है उप्पर 3रद फ्लोर पर

अब मेमसाब ने कहा है तो जाना hi पड़ेगा ..

तब गर्दन पीछे करके कंचन कहती है..





तो फिर चले

हाँ चलिए मेमसाब

अब वो दोनों उप्पर आ गए थे तब उस कॉरिडोर मई आरती आपने फॅमिली से बात करने लगी थी .. तब उनसे थोड़ा दूर कंचन कड़ी रही ..और कंचन के बाजु नवाज़ खड़ा था ..

देखो तुम्हारे मेमसाब बिजी लग रही है

हाँ लग तो रही है ..

तब वो कंचन को देखते हुई कहता है

वैसे आप से एक बात पुछु

हाँ पूछ लो ..अब तुम को कैसे मन कर सकते है ..

मतलब मई आप के बात नहीं समजा

तुम भाभी के इतने क्लोज हो तो मई तुम्हारी बात कहा ताल सकती हु

वैसे वो कोण है ..

एक औरत को इशारा करते हुई नवाज़ कहता है

वो कोण है

क्यों ...

ऐसे hi ..बताइये न कोण है वो

नवाज़ के इशारे से वो औरत नवाज़ को देखने लगी ..





ऐसे हाट से इशारा मत करो ..वो इधर hi देख रही है..

नवाज़ का ऐसा इशारा करने से कंचन को थोड़ा अवकरद लगता है..

ठीक है .. बताओ न कोण है वो

मई भला क्यों बताऊ

अभी आपने कहा न मई तुम्हारे बात कैसे ताल सकती हु ..

तब थोड़ा विचार करके कंचन कहती है ...

नीलम भाभी ..

नीलम भाभी ???

हाँ तुम्हारे मेमसाब की भाभी ,..सगी भाभी ..

मतलब नमन भाई साहब की बीवी

हाँ ..स्मार्ट हो ..

उधर खड़े एक आदमी पर इशारा करते हुई कहती है ..

वो है नमन भाई साहब

वो दुबले पतले

हाँ वही है ..

वो दुबले पतले और उनकी वो वाइफ ..हॉट ..

मेल नहीं है न

नवाज़ ने जब मेल नहीं है कहा तब कंचन उसको देखने लगी ..





फिर वो नमन और बाद मई नीलम को देखकर मैं मई सोचती है ..

बात तो इसके सही है .. ये मैंने कभी नहीं सोचा . ..

ये सोचते हुई नवाज़ को देखकर कहती है

कंचन - मेल तो नहीं है

नवाज़ - पर कुछ भी हो उनके वजह से पॉसिबल हुआ

क - ये सही कहा तुमने .. नमन भाई साहब की वजह से तुम आपने पयरे मालकिन को अपनी बाइक बिठा कर यहाँ तक लेके आ पाए वर्ण तुम्हारे बर्थडे सेलिब्रेशन पर पानी फेर जाता

तब नवाज़ कहता है

थैंक यू नमन भाई ..

फिर कंचन की तरफ देखते हुई कहता है

आप का भी धन्यवाद मेमसाब जी

तब जरा अड्डा के साथ कंचन कहती है ..नवाज़ को देखते हुई





मेरा धनवाद भला क्यों जी ..मेरे प्यारे भाभी के प्यारे नौकर

ये कहते हुई कंचन बड़े सेक्सी तरीके से वो नवाज़ को देख रही थी..

सुना है आपने मेरा बर्थडे का कुछ ख़ास प्रबंध किया हुआ है

हाँ किया हुआ है ..वो मेरे बहभी के लिए

तब वो आरती की तरफ देखते है तब आरती इधर hi इन् दोनों की तरफ देख रही थी .. पीछे गर्दन कर के ..





देखो तुम्हारी प्यारी मेमसाब इधर hi देख रही है

हाँ

शयद सोच रही होगी ..कही उनका नौकर ..

इतना कह कर कंचन रुख जाती है

क्या सोच रही होगी

तब नवाज़ की आँखों मई देखते हुई कंचन कहती है..





तुम नहीं पता है क्या

नहीं

इतने भोले तो नहीं लगते

तो क्या लगता हु

इतनी मेरे प्यारी ब्यूटीफुल hi एडुकुटेड इतने बड़े घर की बहु को आपने बनाया है तो भोले जरूर नहीं होंगे

आप को किस ने कहा मैंने आप के भाभी को आपने बनाया है..
 
इतनी मेरे प्यारी ब्यूटीफुल hi एडुकुटेड इतने बड़े घर की बहु को आपने बनाया है तो भोले जरूर नहीं होंगे

आप को किस ने कहा मैंने आप के भाभी को आपने बनाया है

मई क्या बुद्धू हु क्या ..मुझे समजा नहीं आता है .. ी ऍम डॉक्टर ..

अच्छा तो आप डॉक्टर हो

तब उसकी और देखते हुई कहते है





तुम पता नहीं था क्या

नहीं तो

जूथ मत बोलो

मई जूथ क्यों बोलूंगा

तुम मेरे बारे मई भाभी ने अब तक कुछ नहीं बताया क्या

नहीं

मेरा जीकर भी कभी नहीं किया क्या

नहीं

अब उसका चेहरा उतर चूका था ..





वो सोचने लगी ..

ऐसा कैसे हो सकता है ..

कुछ सोचकर कहती है

नाम भी नहीं लिया

नहीं ..

फिर कुछ सोचने का नाटक करते हुई नवाज़ कहता है

हाँ एक दो बार नाम लिया था

के कह के नाम लिया था

कहा था मेरे ननद है ..शहर मई है

सिर्फ इतना

हाँ

नहीं ..और कुछ कहा होगा

अब नवाज़ कंचन के दीमक से खेलने लगा था

जाने दो आप जान कर क्या करोगे

बताओ तो सही

कह रही थी मेरे नांद है जो हमेशा मुझे बोर कराती रहती है

तब उसके छथि मई मरते है

नहीं बहभी ऐसा कभी नहीं कह सकती ..तुम जूथ बोल रहे हो

मई क्यों जूथ बोलूंगा और वो भी आपसे

मुझसे का क्या मतलब ..कही तुम मुज पर लाइन तो नहीं मार रहे हूँ न.. ी मैं तरय तो नहीं मर्डर रहे हो

मई क्यों लाइन मरने का तरय करूँगा

मई क्या लाइन मरने इतने ब्यूटीफुल नहीं हु क्या

हो न बहुत ब्यूटीफुल हो

तब शरमाते हुई आपने बाल पाई हाट घूमते हुई कहते है ..





अच्छा फिर ऐसा क्यों कहा

मई तरय नहीं मरता

डायरेक्ट पता hi लेते हो न

हसते हुई कहते है

हाँ सही कहा

ऐसा hi पता लिया क्या बहभी को

तुम

नवाज़ ने जब कंचन को तुम कहा तब उसे थोड़ा आचार्य हुआ .. इसलिए उसने फिर से कहा

तुम ??

सॉरी आपके भाभी ने बताया क्या आपको

नहीं

तो कैसे कह सकती हो आप

वो जाने दो .. वैसे ये कम्पेशन कितने दिनों मई जीता तुमने

कोनसा कम्पटीशन .. यहाँ कोई कम्पटीशन नहीं था

मतलब भाभी भी उतने hi इंटरस्टेड थी क्या

तब नवाज़ कुछ नहीं कहता ..सिर्फ उसे देखता रहता hai..tab उसकी और देखते हुई कंचन कहती है ..





वैसे कितना दिन लगा

किस को

हमारे यहाँ कितने दिनों से हो

1-1.5 मंथ

मतलब 1-1.5 मंथ लगा तुम

किस चीज़ के लिए लगा

बहभी क्या तुम मिलाने खेत मई आती थी

नहीं

फिर

फिर क्या

बातचीत सुरु कैसे हुई

वो शेठजी ने घर पाई काम के लिए बुलाया था

मतलब पापा ने खुद आपने पेअर पाई खुरदी खुद मरी थी

तब दोनों हँसाने लगे

ये कब की ब्बत है

1-2 हफ्ते पहले

तब वो मैं मई कहते है

मई तो सोच रही थी इसने बहभी को 1-1.5 मंथ मई पता लिया है ..और भाभी ने मुझे कुछ दिन पहले बताया ..पर इसने

तो 1-2 वीक मई hi भाभी को pataya..ye कैसे पॉसिबल है .. भाभी के फ्रेंड कह रहे थे उस दिन भाभी के पीछे कॉलेज मई कितने सरे लड़के 2-2 3-3 साल पड़े रहते थे तब भी भाभी उनसे पति नहीं फिर भी इस नौकर ने कैसे भाभी को पता लिया .. ऐसा क्या है इसमे ..

उसके बाद भाभी तुम मिलाने खेत मई आती थी क्या

नहीं
 
तो

मई घर मई hi था .. आप के बंगलो मई …

अच्छा ..सिलसिला यहाँ से सुरु हुआ क्या

हाँ

तब नवाज़ कहता है

मालकिन इधर hi देख रही है

तब कंचन आरती को देखती है और कहते है ..

वो सोच रही होगी ..

कंचन से इतना क्या बात कर रहा है ( मैं मई कहती होगी .. कही ये कंचन को भी पता न ले)

नवाज़ तब देखता है .. वह दूसरे एक औरत कड़ी है ..उस औरत को देख के नवाज़ कंचन को कहता है





ये दूसरा माल कोण है

तब कंचन आशर्य से कहती है

क्या ??? क्या कहा तुमने

( और मैं मई कहते है .. इसने माल कहा क्या )

बात बिगड़ते हुई देखकर नवाज़ कहता है

वो कोण है जो मेमसाब से बात कर रही है

बताती हु … पर तुम क्या भाभी को मालकिन या मेमसाब hi कहते हो क्या

तो क्या कहु

आरती

अभी तक नहीं

मतलब गाड़ी अभी तक ज्यादा आगे नहीं बड़ी

आप बताओ वो कोण है

वो भाभी की चचेरे भाभी है …

क्या नाम है उसका

तब कंचन सोचते है ..

क्या नाम है इस भाभी का ..

फिर कुछ सोचकर कहती है

हाँ हाँ स्वेआती बोलते है उसे .. स्वेआती भाभी..

स्वीट से स्वेआती ..

नवाज़ के कहने से दोनों हँसाने लगे ..

वैसे वो भाभी प्रोफेसर hai..Neelam भाभी और ये स्वेआती भाभी घर मई रहती है .. घर संभालते है ..

अच्छा है ..

क्या सोच रहे हो

कुछ तो नहीं मेमसाब

पहचान करने का सोच रहे हो क्या

पहचान करके क्या करूँगा मैं

तब एक बेंच था वह कंचन बैठ जाती है और नवाज़ की और देखते हुई कहती है





फिर क्या डायरेक्ट बीएड पर ले जाने का सोच रहे हो क्या

आप तो बहुत hi फ़ास्ट फॉरवर्ड हो

फिर नहीं बनु क्या

नहीं नहीं ऐसा नहीं है

बोल के उसके बगल मई बैठ जाता है .. उनलोगो से दूर .. उनलोगो का इन् दोनों पर ध्यान नहीं तह .. नवाज़ उसके बगल मई बैठ जाने के बाद कंचन कहती है

मई पाचन करवा के दे सकती हु आगे तुम देख लो .. बातचीत करने है या बीएड पाई लेना है तुम देख लो

वो मई देख लूंगा आप पाचन करवा लो

पर इसमे मेरा क्या फायदा

क्या चाहिए आप को

सबकुछ

मतलब

भाभी और तुम्हारे बीच का सबकुछ जानना है

बता तो दिया

और आगे जो होगा वो भी देखना है और सुनना है

वो कैसे

मई बाटूंगी तुम आगे टाइम आने पर

ठीक है

तो ठीक है मई पाचन करके देते हु

ठीक है चलिए और पाचन करवा दो

करवा देती हु पर अभी नहीं .. अभी वह भैया लोग है .. बाद मई करवा दूंगी ..

फिर अब
 
भाभी और तुम्हारे बीच का सबकुछ जानना है

बता तो दिया

और आगे जो होगा वो भी देखना है और सुनना है

वो कैसे

मई बाटूंगी तुम आगे टाइम आने पर

ठीक है

तो ठीक है मई पाचन करके देते हु

ठीक है चलिए और पाचन करवा दो

करवा देती हु पर अभी नहीं .. अभी वह भैया लोग है .. बाद मई करवा दूंगी ..

फिर अब

कुछ सोच कर कहती है

अब तुम क्या करनेवाले हो यहाँ .. भाभी तो बिजी है

तो क्या प्लान है तुम्हारा .. सॉरी आप का

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई कंचन निचे देख के कहते है .. शर्माके ..





और फिर नवाज़ को देख के कहते है

कह सकते हो

क्या कह सकता हु मेमसाब

ऐसा कह के नवाज़ कंचन को

निचे से ऊपर तक गुर के देखने लगा .. और मैं मई सोचने लगा ..

साली कितनी सेक्सी लग रही है ये .. मेरा लुंड खड़ा कर दिया इसने .. क्या आरती के बहाने ये पैट जायेगे .. इधर कंचन सोचती है ..

नवाज़ ऐसा क्यों देख रहा है मुझे .. कही मई इसे ऐसा बात कर रही हु .. इसलिए कही इसने गलत तो मतलब नहीं निकला न .. मई तो भाभी के बारे मई जानना चाहा रही थी ..

तब नवाज़ कंचन की और देख के आपने एक हाथ कंचन के करीब ले जाने लगता है .. ये तिरछी आँखों से कंचन देखते है ..





जैसे जैसे उसका हाथ कंचन के करीब आने लगता है वैसे वैसे वो बाजु मई खिसक रही थी ..तब अचानक कंचन के हाथ को नवाज़ का हाथ का टच होता है .. जैसे hi उसके हाथ को नवाज़ के हाथ का टच होता है तब उसके टच से नवाज़ के लुंड मैं और hi जायदा एनर्जी आ गई ...और उसका लुंड टाइट हो गया .. तभी कंचन हलकी सी हिली ...और उठ के कड़ी हो गयी .. उसकी तरफ पिट कर के ..क्यों की अब उस साइड वो बेंच ख़तम हुई थी ..





क्यों की अब उस साइड वो बेंच ख़तम हुई थी .. उसकी गांड नवाज़ के सामने थी .. उसकी गांड देख कर नवाज़ कहता है.. मैं मई ..





अह्ह्ह डॉक्टर मैडम कितनी सेक्सी हो तुम .. तेरे गांड कितनी प्यारी है .. .. तेरे नंगी गांड कितनी प्यारी लगती होगी .. अह्ह्ह डॉक्टर मैडम काश आप मुझे मिल जाओ...

यह सब सोचते सोचते नवाज़ उसकी गांड घूरने लगा . ये सब सोचने के वजह से उसका लुंड

झटके मरने लगा था ..

जब नवाज़ कंचन को देख रहा था तब कंचन भी सोच मई डूबी थी ..वैसे तो कंचन ने नवाज़ को पहले कभी नहीं देखा था पर आपने भाभी से नवाज़ के बारे मई बात करके नवाज़ के बारे मई उसे अट्रैक्शन हुआ था ..उसको मिल ने से पहले उसको नवाज़ के बारे मई क्यूरोसिटी पैदा हुई थी ..वो कैसा होगा .. हाइट कितनी होगी .. बॉडी अच्छी होगी या उसके बॉयफ्रेंड जैसा दुबला पतला होगा .. वैसे वो उसका बॉयफ्रेंड नहीं कह सकते थे .. क्यों की वो कंचन को चाहता था उसपे लाइन मरता था .. हमेशा कंचन के आस पास रहना चाहता था पर ऐसे कोई फीलिंग कंचन के दिल मई उसको लेके नहीं थी ..वो घर वाले के चक्कर मई वो उससे बात करती थी ..उसके पापा को लगता था की कंचन की उससे शादी हो ..

उसको देखने के बाद एक अलग टाइप का अट्रैक्शन उसको नवाज़ को लेके हुआ tha..wo अट्रैक्शन उसके भाभी का प्रेमी बोल के हुआ था .. .. कंचन को नवाज़ से बात करके अच्छा लगा था पर अब नवाज़ की ये हरकत उसे पसंद नहीं आती है पर भी उसने ज्यादा गुस्सा नहीं करने का सोचा क्यों की उसे लगा अगर इस पर गुस्सा किया तो भाभी को उसपर गुस्सा आ जायेगा .. या भाभी बुरा मान जाएगी ..यही सोचता हुई वो गर्दन घुमा लेती है.. नवाज़ की तरफ ..





वो देख लेती है नवाज़ उसे hi देख रहा है ... नवाज़ उसके बैक को hi देख रहा है ये जान कर कंचन सोचने लगी ..

क्या ये मेरे बूम को देख रहा था क्या... हां पक्का मेरे बूम को hi देख रहा होगा . मई इतनी हॉट हु तो देखेगा hi..

फिर कुछ सोच के कहती है ..

पर सब लड़के मेरे फ्रंट साइड को देखते है फिर ये मेरे बैक साइड क्या देख रहा होगा .. मेरे बैक मई ऐसा क्या है .. जाने दो मुझे क्या करना है . मुझे तो ये पागल लगता है

फिर वो नवाज़ को कहती है

नवाज़ तेरा क्या चल रहा है

मेरा कुछ तो नहीं

फिर मेरे हाथ को क्यों टच किया तुमने ..

वो गलती से मेरा हाट लग गया होगा

अच्छा .. तुम क्या मई बुद्धू लगाती हु क्या

नहीं

मैंने अभी तक तुमसे जो बात की न वो सब भाभी के वजह से ..इसका गलत मतलब मत निकलना

मई क्यों गलत मतलब निकल लूंगा

वैसे तेरा कोई अब प्लान नहीं होगा तो

कंचन ने इतना कहा तभी उसे किसी के आने की आहात हुई मतलब फर्श पर शूज़ की आवाज़ आयी तब कंचन थोड़ा दूसरे साइड जाते है .. मतलब नवाज़ से दूर ..

तभी वह आरती का भाई नमन आ जाता है . कंचन को देख के कहता है

कंचन

हां भैया

यहाँ कोई लड़का है क्या

कोण लड़का भैय्या

तब वह नमन की बीवी नीलम आ जाती है

हां दीदी एक लड़का चाहिए.. घर भेजना है

ऐसा नीलम कंचन को कह के नवाज़ को देखने लगाती है





बड़ी अड्डा के साथ .. वह एक विंडो था वह सात के .. वह हाट की कोहनी रखते hui..neelam ने इस वक़्त स्लीवलेस ब्लाउज पहना था .. और साडी का पल्लू एक साइड मई उसने रखा था .. जिस वजह से उसके शोल्डर पुरे ओपन थे और उसके एक बूब्स पूरा आधे विज़िबल हो रहा था.. नीलम इस साडी मई एक डैम क्लासी लग रही थी .. जब नीलम उसे देखने लगी तब नवाज़ उसको देख केर स्माइल देता है..

तब नीलम कहते है

ये कोण है दीदी

तब कंचन नवाज़ को देखते हुई कहते है

ये हमारा नौकर है.. भाभी को यही लेके आया है

तब नमन कहता है

हां हां आरती ने कहा था .. क्या नाम है इसका ...

कह के सोचना लगा तब नवाज़ कहता है

नवाज़

हां नवाज़ ..

हां साहब

अच्छे से लाया न आरती को

हां साहब

तब नीलम आपने पति को देखते हुई कहते है

है न जी

तब नमन नीलम को देखने लगा

ये लड़का जा सकता है न जी

ऐसा बोल के नीलम नवाज़ को देखने लगी





तब नवाज़ नीलम को देखने लगा .. नीलम को क्या नीलम के बूब्स को देखने लगा ..

तब नमन कहरा है

हां इसको hi भेज देते है

कंचन कुछ समाज नहीं पायी इसलिए वो कहती है

कहा भैय्या

तब नीलम कहते है

दीदी .. हुआ ये के दादी को जल्दबाज़ी मई घर से लाये न तो उस जल्दबाज़ी के चक्कर मई दादी की टेबलेट.. गोलिया घर पाई भूल आये और पुराने फाइल भी .. वो घर से लाना है..

अच्छा

कंचन ने इतना कहते hi नमन कहता है

नवाज़ एक काम करो तुम घर पाई जेक दादी की फाइल और टेबलेट लेके आओ

तब नवाज़ को नमन पाई बहुत गुस्सा आया .. वो मैं मई कहता है

साला मई यहाँ तेरे बहन के साथ बर्थडे सेलिब्रेट करने को आया हु .. और साथ मई तेरे बनहन के ननद को पटाने का तरय कर रहा हु ( ऐसा वो कंचन को देखते हुई कहता है ) और तू मुझे दूर भेज रहा है

फिर गुस्सा कण्ट्रोल करते हुई कहता है

पर साहब मुझे न आप का घर पता है न आप के दादी की फाइल और गोलिया .. और न hi आप के घर मई कोई पाचनता भी नहीं है

तो क्या हुआ हम बता देंगे

तब नीलम कहते है

हैं जी ये सही कह रहा है .. हमने बताया तो भी दादी की बहुत साड़ी फाइल है और पुराने भी बहुत साडी गोलिया है.. ये कंफ्यूज हो जायेगा और घर मई जो माइड है वो भी ज्यादा स्मार्ट है

फिर अब

तब नीलम कंचन को देखते हुई कहते है

दीदी अगर आप बुरा न मने तो आप को एक बार कहु .. ी मैं रिक्वेस्ट

हां भाभी

कंचन को कुछ समाज नहीं आया फिर भी उसका और भैया का मैं रखने के लिए कहती है

िफ़ यू don't मंद कैन यू ...

फिर रुख के कहती है

प्ल्ज़ रिक्वेस्ट

अब कंचन को बात समाज आयी

पर भाभी

तब नमन कहता है

हां कंचन.. प्ल्ज़ तुम जाओ

पर मई और नवाज़ के साथ

नवाज़ को कुछ समाज नहीं आ रहा था वो बॉस उस तीनो को देखता है

प्ल्ज़ कंचन दीदी .. आप डॉक्टर हो तो आप फाइल भी समाज लोगी और टेबलेट भी

पर भाभी दूसरा कोई नहीं है क्या

नहीं है इसलिए तो कह रही हु

कंचन सोचने लगी तब नीलम कहती है

जा रही हो न आप दीदी

तब कंचन नवाज़ को देखते हुई कहते है

मेरे साथ तू आना चाहता है क्या

कहा

भाभी के घर

तब नीलम कहते है

वो आ जायेगा

तब नमन कहता है

तुम चले जाओ

तब नवाज़ कहता है

पर शेठ जी ने कहा है आरती मेमसाब को अकेला चोर के कही मत जाओ .. उनकी रिस्पांसिबिलिटी मुझे दी है

नवाज़ के ऐसे कहने से कंचन उसको देख के स्माइल करने लगती है





कितना अच्छा लड़का है ये .. पापा की बात कितना मनाता है

तब नमन कहता है

तुम्हारे मेमसाब की फ़िक्र मत करो .. मई हु यहाँ तेरे मेमसाब के साथ .. मई उसका सागा भाई हु

वो तो ठीक है साहब पर शेठ जी ने पूछा तो मई क्या बोलू

तब कंचन सेक्सी लुक देते हुई मैं मई कहते है





सच मई इसको भाभी की फ़िक्र है या भाभी से ये दूर नहीं जाना चेतना है ..

तब नीलम कहते है

पापा जी का तुम टेंशन न लो.. हम उन बता देंगे

आप बता डोज पर वो मान जायेगे क्या

तब नमन कहता है

मान जायेंगे

और मेमसाब

तब बड़ी अड्डा के साथ कंचन नवाज़ को देखने लगी





अब तो मुझे पक्का यकीं हो गया है.. भाभी का और इसका कुछ न कुछ है

तब नीलम कहते है

और मेमसाब.. मतलब

मेमसाब बुरा मान गयी तो

तब कंचन नवाज़ को देखते हुई स्माइल करने लगी





इसको कितने फ़िक्र है.. भाभी बुरा न मान जाये

तब नमन कहता है

नहीं मानेगे .. मई बता दूंगा उसे

तब नीलम कंचन को देखते हुई कहते है

आप बताओ न दीदी इसे

तब कंचन कहते है

ये आप के ननद जी की बात बहुत मनाता है

मानाने hi पड़ेगे न मेमसाब नहीं तो काम बिगड़ सकता है

कोई काम नहीं बिगड़ेगा

ऐसा नमन ने कहा तब नीलम कहते है

क्या दीदी को बुलाना पड़ेगा क्या फिर

तब कंचन कहते है

नहीं

और नवाज़ को देखते हुई कहते है

चलो

पर

पर वॉर कुछ नहीं तुम चलो .. भाभी और पापा को मई बता दूंगा

ठीक है फिर चलो

फिर वो दोनों बहार चले जाते है..

थोड़ा बहार आने के बाद नवाज़ कहता है

वैसे ये नमन भैय्या आने से पहले आप क्या कह रही थी

तब कंचन थोड़ा याद करते हुई कहती है

कुछ नहीं .. आइसक्रीम खाकर आते हैं ऐसा मैंने सोचा था . बहुत दिन हो गए हैं मैं बहार आइसक्रीम खाने नहीं गए हु ..

आइस क्रीम ??

ऐसा कह के कंचन को देखने लगा

क्यों पसंद नहीं है क्या

वैसे बात नहीं है पर मुझे भूख लगी है

भूख तो मुझे भी लगी है पर मैंने सोचा यहाँ क्या मिलेगा खाने को इसलिए आइसक्रीम का सोचा वैसे तुम क्या खाना पसंद करोगे

तब अपनी होंठ पर जीभ घुमाके कंचन को देखकर कहता है

खाना तो बहुत कुछ चाहता हु

तब कंचन गुस्से से उसे देखने लगी ..गुस्से के साथ नखरा भी था उसके चहरे पर





ये सब तुम्हारे इशारे मई अच्छे से समाज सकती हु .. ज्यादा स्मार्ट मत बनो .. नहीं तो भाभी को बता दूंगी .. सीधा सीधा बताओ

खाना तो बिरयानी चाहता हु

की गंदे मई नॉन वेग नहीं कहती

वो तो मुझे पता है ..पर सुना तह यहाँ एक हैदरबादादि बिरयानी का बहुत अच्छा होटल है

तब स्माइल करते हुई कहते है..





No वे ..

तब कुछ सोच कर कहती है

क्या भाभी तुम नॉन वेग बनके खाना खिलाती है क्या

नहीं

उन पता है क्या तुम नॉन वेग पसंद है

शयद पता होगा

वैसे मेमसाब एक बात करनी थी

हाँ करो

क्या मई आप को डॉक्टर मैडम कह के बुलाऊ

हाँ बुलाओ

फिर नवाज़ को देखते हुई कहते है

एक बात पूछो तो सच सच बताओगे क्या

हाँ कोशिश करूँगा

तब कंचन उसके सामने खड़े होक उसको देखते हुई कहते है

क्या तुमने भाभी को किश किया है क्या

तब नवाज़ झट से उसके पास आता है ..तब कंचन को लगता है .. क्यों मैंने ये सब पूछा इस को

वो उसके करीब जाकर कहता है

करना तो चाहता हु पर उसने अभी तक करने नहीं दिया

तब कंचन शर्माके निचे देखने लगी





कुछ देर दोनों ऐसे hi खड़े रहे .. और फिर कंचन झट से उससे दूर हो जाती है और कहते है

फिर क्या प्लान है

कुछ खाने को मिला तो

ठीक है बहार चल के देखते है कोई होटल होगा तो

इतना कह के वो आगे चली जाती है..
 
थोड़ा आगे आने के बाद नवाज़ बाइक के पास खड़ा हो जाता है

कैसे जाना है

तब आपने बाइक की और इशारा करते हुई कहता है

कैसे क्या .. मेरे बुलेट रानी पर ..

हाँ पर गाड़ी मई चलाऊंगी

गाड़ी आती है आप को

ये बुद्धि.. मई गाँव की लड़की नहीं हु शहर की हु ..बाइक भी आती है और कार भी

नहीं आती होगी पर मेरे बाइक जरा पुराणी है

हां. पता hai..dekh के hi समाज गयी ..पर तू टेंशन न ले ..मई मैनेज कर लुंगी

गिरना मत ..

नहीं गिरूँगी ..अब चाभी दे

ले लल पर साड़ी पाई कैसे चलाओगी आप

तब उसकी और देखते हुई कहते है





वो तेरा नहीं मेरा प्रॉब्लम है

अच्छा डॉक्टर साहिबा

कह के नवाज़ उसको आपने बाइक की चाभी देता है और देते टाइम उसके हाट को टच करता है

तब उसके और देखते हुई कंचन कहती है





तू चांस मरने के फ़िराक मई रहता है हमेशा

तब नवाज़ हसते हुई कहता है

आदत से मजबूर हु क्या करू

देख ले कही ये आदत तुज पर भरी न पड़े

नहीं पड़ेगी मई मैनेज कर लूंगा

अच्छा

ऐसा कह के बाइक के पास जाती है और आपने बाल बंदने लगी .. बाल बंदने के लिए आपने दोनों हाथ उसने उप्पर किये हुई थे ..उसने उस वक़्त स्लीवलेस ब्लाउज पहना था ..उसने हाथ उप्पर करने से उसके नंगी और क्लीन आर्मपिट नवाज़ को दिख जाती है





तब नवाज़ उसको कहता है

यहाँ के बाल हमेशा निकलती हो क्या आप

तब उसके छथि मई कंचन गुस्सा मरती है

मई तुम्हारी आरती नहीं हु

वो तो मई जनता हु hi की आप आरती नहीं हो

फिर फ्लेर्टिंग क्यों कर रहा है

कब की

तो ये सब क्या है

क्या क्या है

अच्छा जी ..मुझसे चालाकी

मई भला एक नौकर डॉक्टर साहिबा से कैसे छलखि कर सकता हु ..और वो भी शेठ जी .. थे ग्रेट अग्रवाल शेठ जी की बेटी कंचन जी डॉक्टर साहिबा से छलखि कैसे कर सकता हु

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई कहते है ..





चल बैठ पीछे अब

नवाज़ पीछे बैठ जाता है

चिपक के मत बैठना

हां डॉक्टर साहिबा .. सुरशकित ान्तर रखूँगा

फिर कंचन बाइक को किक मर के आरती के घर के तरफ बाइक को डोडा देते है ..थोड़ा आगे जाने के बाद कंचन नवाज़ को कहती है..

वैसे तुमने कहा था तुम भाभी को आरती कह के नहीं बुलाते

नहीं बुलाता

फिर अब क्यों बुलाया

वो आप के सामने बुलाया है.. आरती के सामने थोड़ा hi आरती को आरती कह के मैं बुलाता हु

बात को घूमना अच्छे से जानते हो

वैसे कितना दूर है मेमसाब का घर

1 घंटा लगेगा

दूर है फिर

हां .. पहले घर जाना है या होटल

होटल hi चलते है पहले

तब कंचन को रस्ते मई एक होटल दिखा तब उसे याद आया की भैया ने कहा था इस होटल मई खाना बहुत अच्छा मिलता है.. स्पेशलय वेग बिरयानी.. तब वो नवाज़ को कहते है गाड़ी को रुकके उसके और देखते हुई





इस होटल मई खाना खाये क्या

हां अच्छा है क्या ..

हाँ है.. मेरे पसंद का खाना खाओगे क्या

हाँ क्यों नहीं.. आरती के पसंद का खाया है तो उसकी नानन्द कंचन के पसंद का खाने मई क्या प्रॉब्लम है

तब कंचन नखरे से कहते है

देख लो आरती की चॉइस अच्छी है या कंचन की

देखते है पर आप क्या खिलोगे हमें

तुम बिरयानी खिलाऊंगी

बिरयानी और आप

वेग बिरयानी बुद्धू

वही मई सोचु कंचन अग्रवाल और बिरयानी

चलो होटल मई जेक कहते है और फिर भाभी के घर जायेंगे ..भैय्या ने कहा है यहाँ होटल मई बिरयानी बहुत अच्छे मिलते है

आप के उस …

कह के रुख जाता है ..

और मैं मई कहता है

उस लल्लू को क्या पता अच्छी बिरयानी किसे कहते है

क्या सोच रहे हो

कुछ नहीं चलो आप के भाई ने कहा है तो एकबार चल के देखते है

ठीक है

कहके कंचन बाइक को ु टर्न कर के होटल के सामने बाइक रुखा कर होटल के अंदर दोनों घुस जाते है ..लोग इनने hi देख रहे थे . ..

कंचन एक आलीशान साड़ी मई ..एकदम महंगे साड़ी मई ...हाथ मई महंगे पर्स और ी फ़ोन का लेटेस्ट फ़ोन हाट मई ..दिखने मई इतने khubsurat..aur उसके साथ मई एक कला सावला लड़का ..ड्रेस अरविन्द के पहनने की वजह से थोड़ा अच्छा दिख रहा था पर इन् दोनों के कलर कॉम्बिनेशन और चालढाल की वजह से सब लोग उन hi देख रहे थे ..ये सब नवाज़ ने देखते hi उसने कंचन को

कहा

लोग हमें hi देख रहे है

नवाज़ के ऐसे कहने से वो नवाज़ को देखने लगी ..तब नवाज़ ने कंचन को देखते हुई कहा

लोंगो को शयद लग रहा होगा है हम कपल है ..

तब कंचन शर्मा जाती है





कही लोग सच मई मुझे आप का बॉयफ्रेंड तो नहीं समज रहे है न

तब कंचन नवाज़ को देखते हुई कहते है

अपनी औकात देखो .. पहले .. मई ये सब भाभी और भाभी के भैय्या भाभी की वजह से कर रही हु.. तुम्हारी हैसियत नहीं है डॉ. कंचन अग्रवाल का बॉयफ्रेंड बनाए की

आप तो बुरा मान गयी डॉक्टर साहिबा

तब कंचन कुछ नहीं कहती

अब वो दोनों एक जगह जेक बैठ जाते है तब कंचन उसे कहते है

मई फ्रेश होक आती हु

ऐसा कह के वो फ्रेश होने चली जाती hai..udhar वो वाशरूम मई जेक फ्रेश होने लगाती है और मिरर मई देख के सोचने लगी ..

ये तो जरा भी नहीं डरता .. डायरेक्टली बोल देता है .. मैंने भी डाट लिया .. मुझे क्या भाभी समाज रहा था क्या

ये सोचते हुई उसके चहरे पर हलकी सी लाली आ जाती है..





अब उसने आपने बाल खुले किये हुई थे और आपने कान के बलि ठीक करके वो बहार आके नवाज़ के सामने बैठ जाती है
 
अब उसने आपने बाल खुले किये हुई थे और आपने कान के बलि ठीक करके वो बहार आके नवाज़ के सामने बैठ जाती है

डॉक्टर साहिबा आप तो बहुत प्यारी लग रही हो अब ..





कंचन फिर मुस्कुरा दी

थैंक यू .. वैसे पहले नहीं लगती थी क्या ….

कंचन के मुस्कुराते की वजह से नवाज़ को नजरें उस पर अटक सी गई…

नहीं नहीं ऐसा नहीं है आप तो पहले hi अच्छी लगती थी लेकिन अब शयद मेकअप की वजह से और आज ाची लग रही हो....

तब उसके गाल पर धीरे से मरते है

मैंने कोई मेकअप नहीं किया है

तो शयद खुले बालो की वजह से

तुम क्या खुले बाल पसंद है क्या

तभी उसको किसी का कॉल आता है तो वो कॉल उतके साइड मई जेक बाते करने लगी ..

तभी वह एक वेटर आता है

अरे कहा है भाई आज कल तू दीखता भी नहीं

अरे कहा जाऊंगा शेठ जी के घर पैर या खेत पैर hi रहता हु तू सुना

अपना सब मस्त है बाकि तेरा तो बहुत मस्त होगा

क्यों बे

आबे अग्रवाल शेठ के घर है तो मज़े hi होंगे

कहे के मजे भाई काम करना पड़ता है

वो तो करना hi पड़ेगा

वैसे तू आज बहुत खुश लग रहा है

ऐसा कुछ नहीं है भाई

साले बचपन से जानता हु अब बताता है या दू तुझे खुराक

ये बात कंचन ने फ़ोन करते हुई सुना था

ाचा बताता हु पहले कसम खा की किसी को नहीं बताएगा

अरे तू बोल न नहीं बताता किसी को तेरी कसम

यार मैंने न एक लड़की को पटाया है

वाह्ह ये तो बड़ी अच्छी बात है

अब कंचन फ़ोन पाई बात कर रही थी पर उसका पूरा ध्यान इधर hi था





सिर्फ पटाया या नंगा भी किया उसको

आबे मेरा शुद्ध प्यार है … मुझे क्या आपने जैसा समजा है क्या

आबे सेल शुद्ध विध कुछ नहीं होता .. प्यार आख़िरकार छूट और लुंड तक आके hi रखता है ..

ये सुनकर कंचन मैं मई कहती है ..

ये तो एक नंबर का चालू लग रहा है …

तब वो लड़का कहता है

तू बता मुझे नवाज़ तुजे आज तक कभी सच्चा वाला प्यार हुआ है या नहीं

हाँ हुआ है न

तब कंचन बहुत धायण से सुनाने लगी ..उसे क्यूरोसिटी होती है की क्या ये भाभी का नाम लेगा क्या

किश से

छूट से ..

ये सुन कंचन कहती है ..

कमीना कही का

तब उसे फोनवाला कहता है ..

क्या कंचन ..क्या कहा तूने

कुछ नहीं ..तुम बोलो

ऐसे hi कंचन 2-3 मिनट उस फ़ोन वाले से बात करके फ़ोन कट करके उसके पास आने वाली थी तब उस वेटर को कोई बुलाता है तब वो नवाज़ के पास से चला जाता है और कंचन नवाज़ के सामने आके बैठ जाती है ...

वो बैठाते hi नवाज़ कहता है

हो गयी क्या बात

हाँ हो गयी..

फिर कुछ सोचकर कहती है

तुमने आर्डर दिया

नहीं

क्यों

मुझे क्या पता कोनसे आर्डर देने है

ठीक है मई देते हु

ऐसा कह के वो खाने की आर्डर देते है ..

तब कंचन को देखते हुई नवाज़ कहता है

आप ने कभी किश 💋 💋.. मतलब किसी को किश किया है क्या

तुम ऐसे बाते मुझसे नहीं कर सकते

आप कर सकते हो क्या

मैंने कब की

अभी थोड़े देर पहले तो आप ने पूछा न भाभी को किश किया क्या बोल के

तब कंचन चुपचाप हो गए..

और छोटा सा मू करके कहते है

सॉरी ..

सॉरी की कोई जरुरत नहीं है ....

तब कंचन टेंशन मई आके आपने अंगूठे से खेलने लगी ...





तब नवाज़ कहता है

आप की शादी फिक्स हुई है क्या

कंचन को आशर्य होता है ..नवाज़ के ऐसे कहने पर

नहीं तो

हम्म्म

पर तुमने पूछा क्यों

वो अंगूठे

ये रिंग तो ऐसे hi है ..पापा ने दे है

अच्छा

ऐसे hi रिंग पहन नहीं सकते क्या

हाँ हाँ पहन सकते है न ..क्यों नहीं पहन सकते ..और आप बड़े लोग तो पहनतेहि हो न ..
 
तभी वह सामने काउंटर पर एक लेडी कड़ी थी.. नवाज़ के सामने पर कंचन के पीछे . नवाज़ उसको hi देखने लगा ..





उसको देखके नवाज़ मैं मई कहने लगा ..

याररर कितनी सूंदर लग रही है .. कितनी प्यारी लग रही थी..

नवाज़ उस औरत को देखे जा रहा था और कंचन नवाज़ को आवाज़ दे रही थी लेकिन उसको कुछ सुनाई नहीं दे रहा था .. नवाज़ उस औरत मैं खो सा गया था ....उसे वो लेडी hi दिखाई दे रही थी... तभी कंचन ने उसके शोल्डर को हलके से मारा ....

ोये कहा खो गया है...

तब नवाज़ को होश आता है और वो हड़बड़ाई मैं बोलने लगा ..

कही नहीं कही नहीं ... ...खाना आया क्या ..

तब गुस्से से उसको देखते हुई कहते है ..





कब का आ चूका है .. तुम्हारा ध्यान कहा है ..

तुम पाई

तब कंचन थोड़ा स्माइल करते हुई देखने लगी





सॉरी .. आप पाई

तुम कह सकते हो

ऐसा उसको देखते हुई पानी पिटे हुई कहती है





कह सकता हु

हां

और क्या कह सकता हु

कुछ नहीं

और शर्माने लगी





थोड़े खूबसूरती की तारीफ

निचे गर्दन करके शरमाते हुई कहते है





बिलकुल नहीं

तभी भी नवाज़ कंचन को देखते हुई कहने लगा

क्या बताऊ डॉक्टर मैडम तुम्हारे खूबसूरती के बारे मैं ... तेरे हुस्न से लेकर तेरे चेहरे से जो नूर दिखाई दे रहा है वो सीधे मेरे डिल पर वार कर रहा है ...तुम्हारे इस खूबसूरत बदन ने मेरे dil-aur - दिमाग को ख़राब कर रखा है ..मुझे अब मेरे आस पास कुछ नहीं देखे दे रहा है शिवाय तुम्हारे डॉक्टर मैडम





तब हसते हुई कहते है

मुझे बोतल मई उतरने की कोशिश मत करो

तो क्या करू

कुछ मत करो नहीं तो मुझे भाभी को बोलना पड़ेगा की आप का आशिक़ मुझे पटाने की कोशिश कर रहा है

फिर तो बड़ा प्रॉब्लम हो जायेगा ..

हां और चुपचाप खाना खाओ ..मैंने तुम्हारे लिए तुम्हारी पसंद की बिरयानी मंगाई है ..

ये बिरयानी थोड़े hi मेरे पसंद है ..मुझे तो चिकेन बिरयानी पसंद है ..

तब बुरा सा मू करके कहते है





कहते टाइम गंदे चीज़ का जीकर न करो ..नहीं तो मुझे उलटे हो जायेगे ..

कहा की गन्दी चीज़ डॉक्टर madam..mai तो रोज खता हु ..

पर मई नहीं कहती न

पर

आगे कुछ मत बोलो और चुपचाप खाना खाओ और मुझे भी खाने दो ..बहुत जोर की भूख लगी है मुझे ..

ठीक है डॉक्टर मैडम

बोल के नवाज़ खाना खाने लगा ..

खाना कहते कहते वो बीच बीच मई उस औरत को देखता था .. पहले तो कंचन को पता नहीं था पर जब नवाज़ बार बार उस औरत को देखने लगा तब कंचन को लगा कोई तो वह है जिससे नवाज़ बार बार देख रहा है ..तब वो गर्दन पीछे करके देखती है तो वह उसे एक खूबसूरत सी औरत दिखाई देती है और तब हलकी सी स्माइल उसके चहरे पर आ जाती है..





और वो नवाज़ को देख के मैं मई कहते है ..

तो ये बात है .. कब से देखे जा रहा है उस लेडी को .. तब वो अब एक बार नवाज़ को देखते और फिर उस लेडी को देखती .. अब उसे पता चला की वो लेडी बीच बीच मई नवाज़ को देखे जा रहे थी .. उसे पता नहीं था की नवाज़ पहले से उस लेडी को जनता है या नहीं .. यही बात वो नवाज़ को पूछने का सोचते है

क्या चल रहा है नवाज़

कुछ तो नहीं

ये नैनो से नैन मिलाने का कब से चल रहा है

मतलब तुजे पता चला

नहीं मई तो बुद्धू hi हु .. मुझे कैसे पता चलेगा ..





नखरा करते हुई उसको देखते हुई वो कहते है

तब हस्ते हुई नवाज़ कहता है

अभी थोड़े देर पहले

पहले से जानते हो उसे

नहीं तो

तब पलट कर उसे कंचन देखती है

लगता है उसका पति है उसके साथ

होगा

कुछ फरक नहीं पड़ता तुम उससे क्या

मुझे क्या करना है उसके पति से

अच्छा ..ये बात भी तुम्हारे सही है ..

ऐसा बोल के उसको देखने लगी ..

ज्यादा पलट के मत देखो

क्यों

उससे खुश अलग लगेगा..

वो भी सही है

वो कैसे है दिखने मई

मुझे क्या पता होगा ...मैंने कहा उसे अच्छे से देखा है

तो जेक देखो

तब झटके से कहती है





अभी तो कह रहे थे पलट के मत देखो

हां कह रहा था पर अब कह रहा हु .. उसके सामने जेक देख लो .. और मुझे बताओ वो कैसे है दिखने मई ..

तब कंचन हसते है





मई भला क्यों करू ..

ऐसे hi

ऐसे hi भला मई क्यों करू ..किसी के लिए . ..मत भूलो तुम हमारे नौकर हो ..मई तुम्हारी नौकर नहीं..

नौकर मालिक की बात यहाँ कहा से आयी

नहीं आये पर तुमने मुझे ऐसे तरीके से कहा जैसे तुमने आपने नौकर समाज रखा है मुझे

नहीं

तब वो नखरे से कहती है





मई नहीं करने वाली

अपनी भाभी के यार के लिए भी

तब अपनी अड्डा दिखते हुई नवाज़ को देखने लगी





क्या भाभी आप के लिए क्या क्या करना पद रहा है

तो जेक कर लो

कराती हु बाबा .. बिरयानी तो ख़तम होने दो

पहले जेक देख लो .. बिरयानी कही भागे नहीं जा रहे है

फिर क्या वो भागे जायेगे ...

ऐसा वो नखरे से कहती है और नाराज़गी दिखते हुई उसे देखने लगी ..





गयी तो

जाती हु

ऐसा वो गुस्से से देखते हुई उठ के उस लेडी के पास जाती है ..





उस लेडी को अच्छे से देखते है .. उसके पास जो बाँदा बैठा था उसको देख के वो डर जाती है क्यों की वो पुलिस अफसर था ..उसे वो अच्छे से जानती थी.. इसलिए वो उसने देखने से पहले भाग के चली आ जाती hai...aur आपने जगह पाई बैठ जाती है ..

उसके बैठते hi नवाज़ कहता है

अच्छी है न

है ..

मुझे मालूम था वो अच्छी hi होगी ..

अब मई उसके साथ बात कैसे आगे बड़ौ

उसके पीछे मत जाओ

क्यों

उसका हस्बैंड पुलिस अफसर है और वो बहुत खतरनाक है

तुम कैसे पता

मई जानती हु उसे

फिर नवाज़ कुछ सोच के कहता है

ये तो अच्छा hi है

तब कंचन नवाज़ को देखने लगी तब नवाज़ झट से बोलता है

पटके डोज क्या

तब कंचन गुस्से से उसे देखते हुई उसे कहते hai..ungali दिखा के ..





ये ज्यादा हो रहा है

क्या ज्यादा हो रहा है

यही की मई तुम उससे दूर रहने को कह रहे हु वो तुम मुझे कह रहे हो उसे पटके दो .. ी ऍम नॉट तहत टाइप ऑफ़ गर्ल..

क्या ?? क्या??

तब कंचन कहती है

कुछ नहीं ..

तब वो लेडी उठ के आपने पति के साथ जाने लगी तब नवाज़ कंचन को कहता है

चलो ..

कहा

देख नहीं रहे हो वो जा रहे है

तो

वो कहा जा रहे है वो देखना है

क्या करोगे देख के

पतङ्गा

मैंने बोलै न उसका पीछा चोरो .. बहुत बुरे तरीके से फसोगे ..

भाषण मत दो

भाषा नहीं सच बता रही हु .. बहुत खतरनाक है वो पुलिस अफसर

लगता है तुजे भी शेठजी जैसे हमेशा नसीहत देने की आदत है

बात ये नहीं है नवाज़

तो

वो कुछ सोचने लगी ..

जल्दी चलो वो जा रहे है

ऐसा बोल के उसका हाट पकड़ के कंचन को उतने लगा

ारे आती हु बाबा . खाना तो ख़तम होने दे ..

बाद मई कर लेना

बोलके उसको जबरदस्ती उठता है ..

बिल देके जल्दी बहार आ जाना

ठीक है

जल्दी

हाँ आती हु बाबा





ऐसा बोल के उसको देखने लगी ..

मुझे क्या देख रहे ho..jake बिल देदो जल्दी

मुझे ऐसा लग रहा है मई नौकर हु और तुम मालिक

लगाने दो पर जल्दी बहार आओ ..बाइक के पास ..वो कहा जा रहे है मई जेक देखता हु

ऐसा बोल के नवाज़ वह से चला जाता है.. अब नवाज़ बहार वेट कर रहा था क्यों की अब तक वो लेडी आपने पति से बात कर रहे थी पर अब जब वो लोग निकलने लगी तब नवाज़ को लगा ये डॉक्टर क्यों नहीं आयी .. तब वो भाग के अंदर होटल मई काउंटर के पास गया ..

जल्दी चलो

आ रही हु

तब नवाज़ उसके पास जेक उसका हाथ पकड़ के लगभग खींचते हुई आपने बाइक के पास ले गया ..और कंचन सिर्फ उसे देखती रही ..





वो उसे कहते कुछ नहीं है..

पीछे जल्दी बैठो ..

वैसे वो कंचन उसके पीछे बैठ गयी और नवाज़ बाइक स्टार्ट करता है और सामने देखता है तो वो कार वह नहीं थी..

देखो कहा चले गए ये लोग

जाने दो

क्या जाने दो

नवाज़ हमें भाभी के घर जाना है .. फिर फाइल ढूडने है फिर टेबलेट और रेतुर्न आना है .. तुम्हारा बर्थडे का भी प्लान .. मूवी जाना है और तुम दोनों को रेतुर्न गाँव भी तो जाना है .. रात होने से पहले .. बहुत टाइम जायेगा इन् सब मई

हां

फिर कुछ सोच के कहता है

बाद मई मिलोगे इनसे

मई कैसे

तुम तो जानती हो न

हां

क्या मिलोगे पक्का न

हां बाबा .. पहले बिरयानी ख़तम करते है .. मुझे खाने भी नहीं दिया तुमने

ये अच्छी नहीं है आगे कही कहते है
 
बाइक स्टार्ट करके नवाज़ निकल जाता है .. इस बार कंचन पीछे बैठी थी.. उसने नहीं कहा मई चलती हु .. वो चुपचाप बैठ गयी .. एक साइड होक ..

कुछ आधा घंटा हुआ होगा .. तब नवाज़ का मोबाइल बज उठा .. अब तक दोनों ने कुछ बात नहीं की थी .. दोनों चुपचाप थे ..

वो दोनों बाइक पाई थे तो पहली बार तो दोनों को आवाज़ नहीं आये .. पर फ़ोन फिर से बजने लगा .. पहले तो कंचन को लगा उसका फ़ोन है क्यों की रिंगटोन शामे hi थी इसलिए वो पर्स ओपन करके देखते है पर उसका फ़ोन नहीं था ..तब उसकी नज़र नवाज़ के लेफ्ट पंत के जेब पाई गयी .. आवाज़ वह से आ रहा था .. तब वो नवाज़ को देखने लगी पर नवाज़ को कुछ पता नहीं था वो चुपचाप बाइक चला रहा था तब कंचन उसको आवाज़ देते है

तुम्हारा फ़ोन बज रहा है

पर नवाज़ का ध्यान नहीं था तब कंचन उसके शोल्डर पर हाट रखती है तब नवाज़ गर्दन घुमा के कंचन को देखता है .. कांकह्ण उसे hi देख रही थी..





तुम्हारा फ़ोन बज रहा है .. तब नवाज़ बाइक चलते हुई आपने लेफ्ट हाट जेब मई डालने की कोशिश करता है और मोबाइल निकलने की कोशिश करता है पर बाइक पाई बैठने की वजह से पंत टाइट हो गयी थी इस वजह से उसका हाट पंत के जेब के अंदर नहीं जा रहा था ...और मोबाइल लगातार बज रहा था ..और उसके आवाज़ से कंचन इर्रिटेट हो रही थी..

अब कंचन थोड़ा गुस्से मई कहते है ..

निकालो उसे

तब नवाज़ कंचन को देखते हुई कहता है

दिख नहीं रहा है क्या निकल रहा हु पर निकल नहीं रहा है

फिर अब

तुम निकालो

तब कंचन उसके जेब मई हाट डालने की कोशिश कर रही थी.. एक्चुअली वो बैठी थी राइट साइड थोड़ा पीछे होक .. और ये मोबाइल था लेफ्ट साइड .. इस वजह से वो सही से हाट नहीं दाल पा रही थी..

निकालो न

निकल रही हु ..रुको

अब जरा जुख के मोबाइल निकलने लगी.. झुकने की वजह से उसका पल्लू थोड़ा साइड हुआ और उसके मम्मी आगे नवाज़ के पिट पर डाब गए ..वैसे hi नवाज़ आह्हः करता है .. उसका सॉफ्ट सॉफ्ट मम्मी का अहसास नवाज़ को बहुत अच्छा लगा पर इधर कंचन शर्मा गयी ..





वो जान गयी नवाज़ ने ऐसा क्यों किया और वो पीछे हैट गयी और नवाज़ के जेब से उसने हाट भी निकल लिया .. तब नवाज़ कहता है

निकालो न .. हो सकता है तुम्हारे भाभी का हो

नहीं निकलूंगी अगर तुम फिर से ऐसा करोगे तो

जरा नखरे से कहती है

नहीं करूँगा बाबा .. ी ऍम सॉरी.. डॉक्टर सहीभा

तब मोबाइल फिर से बजने लगा

इस भाभी को तो जरा भी साबरा नहीं है

ऐसा बोल के निचे जुख गए और नवाज़ वही देख रहा था तब एक हाट से आपने मम्मी पाई साड़ी का पल्लू रख के नवाज़ का मोबाइल उसके पंत के जेब से निकलने लगी पर नवाज़ उसके मम्मी देख रहा है ये जान कर भी उसे उसने कुछ नहीं कहा और न hi उसे गुस्से से देखा .. काफी मशकत के बाद उसने उसके जेब से मोबाइल निकला और मोबाइल देखने लगी ..तब ी नवाज़ ने उसे पूछा ..

किस का है

तब नखरे से कहते है..





किस का हो सकता है . तुम्हारे प्यारे मेमसाब के अलावा..

तब नवाज़ कहता है

बात कर लो

तब कंचन कहती है

मई क्या बात करू

तुम्हारी भाभी है

तुम्हारी माशूका है

ये बात उनकी इशारो मई होती है तब आरती उसको मैसेज भेजते है

फ़ोन क्यों नहीं उठा रहे हो मेरा राजा

वो मैसेज कंचन पद लेती है





कंचन कुछ बोल नहीं रही है ये जान कर नवाज़ कहता है

क्या हुआ

तुम्हारे प्यारे मेमसाब ने तुम्हारे लिए मैसेज भेजा है

पद के बताओ तो जरा

तब नवाज़ की और देखते हुई कंचन कहते है





तुम दोनों का प्राइवेट मामला मई क्यों पदु

क्यों की वो तुम्हारे भाभी है

है पर नहीं पद सकती.. ये तुमरे और भाभी के बीच का मामला है ..

ऐसा बोल के वो मैसेज

नवाज़ को दिखते है पर जरा दूर से.. पर कंचन थोड़े दूर थी तो नवाज़ को ठीक से नहीं दिखा रहा था तब नवाज़ उसको आपने नज़दीक आने को कहता है तब डरते हुई कंचन उसके पास आके उसको आरती का मैसेज दिखते है ..और धीरे से कहती है ..

तुम क्या भाभी राजा कहके बुलाती है

हां

और तुम रानी

हां

उधर हॉस्पिटल मई आरती जब से आयी थी तब से आपने रिलेटिव से बाते कर रही थी .. पहले कुछ देर उसे अच्छा लगा पर अब उसे नवाज़ की याद आने लगी .. वो बाते तो कर रही थी आपने रिलेटिव के साथ पर उसका पूरा ध्यान नवाज़ पाई था .. उसने नवाज़ को कॉल किया तो उसने कॉल नहीं उठाया तब वो सोचने लगी

नवाज़ मेरा कॉल क्यों नहीं उठाया

वो यही सोच रही थी ..





वो अब नवाज़ के लिए तड़प रही थी ..और खुद को तसल्ली दे रही थी कुछ काम मई होगा .. नहीं तो नवाज़ जी आपने बेगम का कॉल नहीं उठाएंगे ऐसा कैसे हो सकता है..

फिर खुद hi कहते है ..

पर उनको यहाँ क्या काम ..

उसके मैं मई अब अजीब से ख्याल आ रहे थे ..कही कंचन के साथ बहार तो नहीं गया न ..कंचन भी मुझसे बहुत बार नवाज़ के बारे मई बहुत साड़ी बाते पूछती थी ..वो तो नवाज़ को अच्छे से जानती भी नहीं थी फिर भी उसके बारे मई इतने सवाल पूछती थी ..अब तो नवाज़ के साथ है तो नवाज़ को उलटा सीधा सवाल कर के परेशां न कर दे ..ये लड़की भी न हमेशा सवाल पूछते रहती है .. कही नवाज़ ने कुछ ऐसा वैसा कह दिया तो मेरे शादी टूट न जाये ..हे भगवन अब मई क्या करू ..मई नवाज़ को कॉल लगाती हु ..

ऐसा सोच के वो नवाज़ को कॉल करने लगी ..





नवाज़ का मोबाइल कंचन के पास था ..आपने भाभी का कॉल नवाज़ के मोबाइल पाई आया ये देख के कंचन स्माइल करते है और कहती है ..





मैं मई

इस भाभी को साबरा hi नहीं है ..आपने यार के पीछे पड़ी है और यहाँ यार उसके नानन्द को लेके उसके घर ले जा रहा है..

ऐसा बोल के स्माइल करने लगी..

तब कॉल कट जाता है..

अच्छा हुआ कॉल कट गया

उसका hi था क्या

हां

तुम बात करनी है आपने प्यारे मेमसाब के साथ

नहीं

तभी आरती फिर से कॉल करती है

कर लो बात

नहीं बाद मई कर लूंगा

बाद मई क्यों अभी क्यों नहीं

अभी तुम जो हो बात करने को

तुम्हारी रानी तुम्हारे बगैर बेचैन हो रही है

होने दो

और तुम मुझसे बात करना चाहते हो

हां ..

ऐसा कहते हुई नवाज़ उसको उंगली से अपनी और आने को कहता है..

तब कंचन नवाज़ की और आती है जुख के और नखरे से कहती है





और कितना है

तब पीछे जेक कहती है

थोड़ा है

फिर खाना खाये

हां

तब आरती फिर से एक बार कॉल करती है

भाभी आप न गलत लड़के के पीछे पड़ी हो .. ये आप के काबिल नहीं है ..इससे अच्छे तो भैय्या है ..एटलीस्ट मेरे भैय्या आप को धोका तो नहीं देते पर आप का यार तो दूसरी औरत के पीछे पड़ता है ..

उसको एक औरत होटल मई पसंद आयी न तब उसके पीछे पड़ा .. और मुझे खाना खाने भी नहीं दिया .. उसके पीछे भगाया .. और अब मुझे भूका hi रखा है

तब नवाज़ हँसाने लगा

और जब से वो लेडी उसने देखि है उसने तब से आपका जिक्र नहीं किया है ..एक बार भी .. सच मई भाभी आप की चॉइस गलत है ..

ज्यादा नौटंकी मत कर .. होटल पाई रुकता हु

इधर आरती कॉल लगा रही है ये देखकर उसकी भाभी कहती है

दीदी क्या जीजाजी को कॉल लगा रही हो

तब आरती हाँ मई गर्दन हिलती है ..पर उधर से कॉल नहीं उतने से आरती परेशां हो गयी थी ..





उसके चहरे पर मायूसी देख के आरती की दूसरी भाभी जो उसके सामने बैठी थी ..वो कहती है ..

शयद जीजाजी बिजी है ..इसलिए कॉल नहीं उठा रहे है

तब आरती कहती है

हाँ हो सकता है

तब आगे देखते हुई आरती सोचते है ..

क्यों नहीं उठा रहा है मेरा ये कॉल ..कही किसी दूसरे के पास तो चला नहीं गया न ..पर किस के पास ..यहाँ कोण होगी .. तब अचानक उसके चहरे पर स्माइल आ जाती है ..





ओह्ह्ह्ह गोड्ढ मई ये कैसे भूल गयी ..इसी हॉस्पिटल मई है नवाज़ की आइटम ..और मई समाज रही थी की वो कंचन के साथ होगा या बाइक पाई होगा इसलिए मेरा कॉल नहीं उठा रहा था .. अब मुझे पक्का यकीं है ये उप्पर मई उसके आइटम के पास होगा इसलिए मेरा कॉल नहीं उठा रहा है..

कमीना साला ..

ऐसा कह के उठ के कड़ी होक आपने दोनों भाभी को कहती है ..

बहभी मई आती हु

दीदी आप कहा जा रही हो

डॉक्टर से मिल के आती हु

अच्छा ठीक है

फिर आरती चली सेकंड फ्लोर की और ..
 
इधर वो एक रस्ते मई एक अच्छा सा होटल देख के उसमे घुस जाते है.. दोपहर का टाइम था तो वह वेटर के शिवाय कोई नहीं था .. होटल तक आने तक आरती ने नवाज़ को और मैसेज भेजे थे . जो कंचन ने नवाज़ को नहीं बताये थे ..

अब वो होटल मई एक जगह बैठ गए और उनोने आर्डर दे दी थी .. तब कंचन उसे कहती है

वैसे ये डॉक्टर सरिता कोण है

क्यों क्या हो गया उसका

बहभी कह रही थी उसके पास हो क्या

उसी हॉस्पिटल मई है ..वो शेठजी की हेल्थ चेकउप करते है

हाँ याद आया मैंने एक बार उनसे फ़ोन पाई बात की थी ..पर उसका क्या

कुछ नहीं

मतलब उसको भी पता लिया क्या

नहीं नहीं कैसे पटटा एक बार तो मिला हु

अच्छा .. वो मैनेजर को बोलो जल्दी खाना दो .. तुम्हारी रानी के पास जाना भी है ..उनकी दादी बीमार है पर उनका पूरा ध्यान तुम्हारे पाई है .. ज्यादा लेत हुआ तो प्रॉब्लम हो जायेगा

हां

ऐसा कह के उस मैनेजर को जोर से बोलता है

जल्दी ला बे

तुम ऐसे hi बोलते हो क्या छिलके .. रॉब दिखते हुई..

क्यों तुम पसंद नहीं

नहीं नहीं ऐसे कोई बात नहीं

फिर नवाज़ का मोबाइल देखने लगाती है

ओह्ह्ह्ह 25 कॉल

क्या

तुम्हारी रानी ने तो तुम बहुत सरे मैसेज और कॉल किये है .. 25 मिस कॉल दिख रहे है

क्या कह रही थी

पड़के सुनती हु ..

इधर हॉस्पिटल मई आरती आपने दोनों भाभी के पास से उठ कर उप्पर डॉ .सरिता के पास चली गयी .. ये सोच कर की नवाज़ उसके पास होगा ..वो उसके केबिन के बहार पाउच गयी तो सोचने लगी .. मई इस डॉक्टर के पास जाओ या न जाओ.. फिर भी वो डेरिंग करते हुए कैसे तो अंदर गयी केबिन में और फिर डॉक्टर से बाटे करने लगी .. पहले अपने दादी के बारे मई उसने पूछा .. फिर इधर उधर की बातें करने लगी . फिर अपने ससुर के बारे में बताया फिर डॉक्टर ने भी पूछा सर जी की मतलब सेठ जी की तबियत कैसी है आरती ने कहा अच्छी है ..

आरती का मन तो हो रहा था की नवाज़ यहाँ आया है या नहीं आया है उसको पूछ ले पैर दर रही थी डायरेक्ट कैसे पूछे .. फिर वो जाने लगी तब वो पूछती है

उस दिन वाला लड़का यहाँ आया था क्या डॉक्टर

डॉक्टर कहती है

कौन लड़का

वही जो उस दिन मेरे साथ आया था

डॉक्टर कहती है झट से





नवाज़ क्या

तब आरती को अच्चर्य होता है इसको नवाज का नाम भी याद है.. इतने सी छोटी मुलत मई भी .. तब आरती स्माइल करते हुए करती है

हाँ हाँ वही

तब शरमाते हुई आपने बाल से खेलते हुई डॉक्टर सरिता निचे देख के कहते है





वो भी आया है क्या आपके साथ

तब आरती उसको देख के मैं मई कहते है..

नवाज़ का नाम सुन के ये शर्मा क्यों रही है .. क्या नवाज़ इसके पास आया तह के ..पर ये तो नवाज़ का नाम सुन के आशर्य चकित हुई मतलब नवाज़ आया हुआ है इसको ये बात पता नहीं है ..

तब आरती कहती है

हाँ मेरे साथ hi आया है

तब डॉक्टर सरिता सोचती है मुझे तो यह निचे अकेले दिखी थी अगर वो आया है तो अब तक ऊपर क्यों नहीं आया मेरे पास या उस दिन मैंने उसे नेग्लेक्ट किया इसलिए गुस्सा होकर मेरे पास नहीं आया..

फिर सरिता आरती को देखकर कहती है

नहीं आया वो यहाँ

तब आरती वह से निचे चली जाती Hai..aur अंदर रूम मई जेक आपने दादी के पास बैठ जाती है और नवाज़ को कॉल लगाने लगती है





पर नवाज़ का मोबाइल कंचन के पार्स मई था और वो दोनों बाइक पाई थे इस वजह से उन्दोनो को फ़ोन की बेल्ल सुनाई नहीं दी ..फ़ोन नहीं उतने की वजह आरती मायूस हुई थी..





और ये देख कर आरती की दोनों भाभी आपस मई खुसुर फुसुर करने लगी ..

शायद दीदी का कॉल जीजै अभी भी नहीं उठा रहे है इसलिए वो नर्वस है

और उधर सरिता टेबल पाई सर रख के नवाज़ के बारे मई सोचने लगी





उसदिन तो बहुत चिपक गया तह मुझसे .. पहले hi दिन न जनन न पाचन पर मुझसे चिपक क्या रहा था ..बाते क्या कर रहा था और आज क्या हुआ इसको .. आरती आके तो 2-3 घंटे हुई है ..अगर आरती के साथ आया हुआ है तो 2-3 घंटे हुई है उसको यहाँ आके ..मतलब इतने समय मई एक बार भी मेरा पास नहीं आया ..नहीं बहार केबिन के पास आके मुझे देखा नहीं ..शायद सरिता मई भी केबिन के बहार आके तुजे देख के चला गया होगा ..मुझे अगर उसने बहार से देखा तो अंदर क्यों नहीं आया तुज से मिलाने .. हां उसने मिलाने को आना चाहिए था ..

फिर कुछ सोचकर कहती है





शयद उसदिन तुमने ज्यादा hi रौदे बेहवे किया था उसके साथ. मई बे ..पर पहले hi दिन ..मुझसे चिपकना ..ी don't एक्सपेक्ट फ्रॉम हिम ..हे इस नीस गाए ..फिर वो ऐसे कैसे कर सकता है .. और उसके जाने के बाद न उसने कॉल किया और न hi what's अप्प किया ..पर सरिता वो कैसे करता .. उसके पास तेरा नंबर भी नहीं होगा .. आरती के पास तो है न वो उससे ले सकता है .. पर क्या कह के लेता ..क्या बोलता आरती को ..कोई भी बहाना बना सकता था वैसे बाते बनाने मई उस्ताद है ..मैंने देखा था उस दिन ..

वैसे आज मिले तो मई उसे आपने उसदिन के रौदे बेहवे की माफ़ी मांग लुंगी .. शयद वो मुझे माफ़ कर देगा ..पर वो अभी तक आया क्यों नहीं ..पर मई बे आया होगा तूने देखा नहीं होगा .. मई बे मई देखु क्या कक्तव मई ..

नहीं नहीं ..भाड़ मई जाये वो उसे जरुरत होगी तो वो मुझसे मिलाने आएगा यहाँ.. वैसे मैंने उतना जाता भी रौदे बेहवे नहीं किया था ..इतना तो चलता है hi ..लड़किया इतना नाकारा करती है hi .. हे शुड क्नोव ..
 
इधर जब कंचन कहते है पड़के सुनती हु ..तब उनका खाना आ गया था .. तब नवाज़ कहता है..

पड़के क्यों सुनाओगे .. कॉल hi लगता हु ..

किसको

किस को क्या आरती को

आ गयी क्या आपने रानी की याद

हाँ देदे न मोबाइल

दे रही हु पहले खाना तो खाओ

नहीं खाना कहते हुई hi लगता हु

बड़े बुजुर्ग कहते है

खाना कहते हुई दूसरा कोई काम नहीं करना चाहिए

वो कह के चले गए ..बेवड़ा मरते हुई कहा होगा .. ुस्तिमे आदमी एक से ज्यादा काम करने के हालत मई नहीं होता था

तब कंचन हस्ते हुई कहती हैं

उसका भी एक्सपीरियंस लग रहा है तुम

मोबाइल

तब कंचन उसको आपने पार्स मई से मोबाइल निकल के देने लगी तब नवाज़ उसके हाट से मोबाइल लेने के लिए आपने हाट आगे बढ़ाने लगा तब कंचन कहती है

no ..तुम्हारा हाट मेरे हाट को मत लगाओ

ऐसा कह के उसका मोबाइल टेबल पाई रख देती है तब नवाज़ वो मोबाइल वही रख के आरती को कॉल लगता है ..

उधर आरती हॉस्पिटल मई आपने मोबाइल दादी के बीएड पाई रख के विंडो से बहार देख रही थी ..जैसे की नवाज़ की रह देख रही थी .. की तभी आरती के मोबाइल की बेल्ल बजी तो आरती उसको hi देखती है ..विंडो के वह कड़ी होक





नवाज़ का नाम देख के उसके चहरे पर स्माइल आ चुकी थी ... उसका खिलता हुआ चेहरा देख के उसके दोनों भाभी ने जान लिया की जीजै का कॉल है .. कॉल बज रहा था पर आरती कॉल नहीं उठा रही थी ..वो मैं मई कहती है ..

मेरा कॉल नहीं उठाया न अब मई भी आसानी से आप का कॉल नहीं उठाउंगी ..

तभी उसके एक भाभी कहती है

जीजाजी का कॉल है क्या

तब मोबाइल की तरफ देखते हुई शरमाते हुई आरती कहती है





हाँ

तब उसकी बड़ी बहभी कहती है

दीदी तो ऐसे शर्मा रही है जैसे की उनकी नयी नयी शादी हुई हो

तब छोटे भाभी कहती है

दीदी ये शर्म तो रहती hi है न ..जब तक पहला बच्चा न हो तबतक बीवी आपने पति से शर्मा थी तो है hi

ये बात तूने सही कही चौथी

तब आरती आपने दोनों भाभी की तरफ देखने लगी ..उसके चहरे पर की लाली दोनों भाभी क्लियर देख रही थी

इधर अब नवाज़ परेशां हो गया था आरती कॉल क्यों नहीं उठा रही है ये देख के ..उसने अब तक दो बार कॉल लगाया था .. तब वो कंचन को देखता है और कहता है

ये आरती फ़ोन क्यों नहीं उठा रही है

अब मुझे क्या पता

तुजे तो पता होना चाहिए ..तेरे भाभी है

खाना कहते हुई कहता है

तब अपनी साड़ी का पल्लू ठीक करते हुई नवाज़ को देखते हुई कंचन कहती है





वैसे तो मुझसे ज्यादा तुम पता होना चाहिए ..मेरे भाभी है पर तुम्हारे तो रानी है

ऐसा क्या

हाँ

फिर एक बार और लगता हु

अब तुम जानो और तुम्हारे रानी ..मई कोण होती हु तुम दोनों के बीच बोलने वाली

तब नवाज़ फिर से कॉल लगता है ..उधर आरती के मोबाइल के बेल्ल बज रही थी पर वो उठा नहीं रही थी तब उसके छोटे भाभी कहती है

दीदी आप जीजै का कॉल क्यों नहीं उठा रहे हो

क्यों

मई कब से देख रही थी आप जीजाजी को कब से कॉल लगा रही थी और वो उठा नहीं रहे थे ..अब खुद होक जीजाजी आप को कॉल लगा रहे है तो आप उठा नहीं रही हो

इसलिए

तब बड़े भाभी कहती है

मतलब ..हम दोनों को समाज नहीं आया

अब तक मई कॉल लगा रही थी तो आप के जीजाजी कॉल नहीं उठा रहे थे

बड़ी भाभी -मई बे वो बिजी हो सकते है

चौथी भाभी - पर वो अब आप को कॉल कर रहे है

मुझे इतना परेशां किया अब मई क्या इतने आसानी से उनका कॉल ुतौ

तब वो दोनों कहती है

ये बात है

हां भाभी जी

तो आप सही हो

अब लगातार नवाज़ कॉल कर रहा था और इधर आरती कॉल नहीं उठा रही थी .. उसने 5-6 बार कॉल किया था अब तक तब बड़ी बहभी कहती है

दीदी अब कॉल उठा hi लो ..अब आपने आपने पूरा बदला ले लिया है

फिर ुतौ क्या कॉल

तब दोनों कहती ही

हाँ दीदी

तब आरती ने कॉल पिक किया ..वैसे hi नवाज़ ने कॉल स्पीकर पाई दल दिया

बोलिये जी

ये सुन के कंचन को बहुत बड़ा झटका लगा ..उसे उम्मीद नहीं थी की उसकी प्यारी भाभी आपने नौकर को इतना रेस्पेक्ट देखे बात करती होगी ...उसे लगा जैसे बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड एक दूसरे से बात करते है तू तू कहके वैसे भाभी नवाज़ से बात करती होगी ..उसे क्या पता था आरती नवाज़ को कितना रेस्पेक्ट देने लगी है

कॉल क्यों नहीं उठा रही थी

आपने उतय था क्या जब मैंने किया था तब

कब

मतलब आप को अब तक पता hi नहीं है मैंने आप को कॉल किया एंड मैसेज किया वो

नहीं

पता नहीं है तो कॉल क्यों किया

अपनी रानी की याद आयी इसलिए कॉल किया

अब इतने देर बाद अपनी रानी की याद कैसे आयी

जोश जोश मई ये भूल गयी की उसके सामने उसकी दो भाभी बैठे है ..रानी कहते hi वो अपनी जीभ दबा के उन्दोनो को देख के शर्मा गयी .. और निचे देखने लगी ..





तब एक भाभी कहती है raniiii..aur दूसरे कहते है

अच्छा रोमांस है हस्बैंड वाइफ मई

इधर अपनी भाभी के सामने बैठ कर आपने यार से रोमांटिक बाते करते हुई आरती को मज़ा आ रहा था

याद तो तबसे आ रही है जबसे तुमसे दूर गया

फिर दूर क्यों गए

क्या करता तुम आपने रिलेटिव मई बिजी थी मई वह क्या करता

वो भी है

और तुम्हारी भाई और भाभी ने काम पाई जो भेजा है

कहा पाई

तुम्हारे घर

क्यों जी

तुम्हारे दादी की फाइल और टेबलेट लेन को

ाचा .. ये मुझे पता नहीं था जी

रानी तुम्मरि बहुत याद आ रही है

तब नवाज़ की तरफ कंचन देख के... बड़े सेक्सी अदा के साथ कहती है ..





धोकेबाज़ ...झूठे ... फरेबी ..ुनफेथफुल ..

ये सुनकर आरती कहती है

कोण है वह

कोई तो नहीं ..

और कंचन को हाट जोड़ के शांत रहने का इशारा करता है

रानी तुम्हारे बगैर थोड़ा भी चैन नहीं है मेरे दिल को ..बहुत बेचैन है मेरा दिल

फिर आ जाओ

तब उसकी बहभी इशारो से कहती है

जीजै यहाँ आ रहे है क्या

तब आरती कहती है ..

यहाँ नहीं गाँव मई

ok ..अच्छा

ये सुन कर कंचन कहती है

अब और जूथ बोलै मेरे प्यारी बहभी से तो मई सबकुछ सच बता दूंगी भाभी को

तब आरती कहती है

कोण है वह किस का तो आवाज़ आ रहा है

तब नवाज़ कंचन को हाट जोड़ता है ..

तू चुप हो जा न मेरे maa..kyon बीच बीच मई बोल के मेरे जान ले रही हो ..वो तुम्हारी बहभी खेमका शक करेगी मुझपर ...

ये बहुत धीरे से नवाज़ ने कहा था तब उसको देख के कंचन स्माइल लेट है .. अपनी सेक्सी अड्डा के साथ नवाज़ को देखती है ..





नहीं बोलूंगी पर झूट मत बोलना बहभी से

नहीं बोलूंगा मेरे माँ

कोण है वह जी

तब कंचन अपने सर को मार के लेते है

बहभी तो पागल हो गयी है इस लोफर के प्यार मई

कोण हो सकता है वेटर के अलावा

तब कंचन इशारो से कहती है

मई और वेटर

तब नवाज़ स्माइल करता है

वेटर ??

होटल मई वेटर hi होंगे

अच्छा जी

खाना खा रहा हु

क्या खा रहे हो

बिरयानी

जी गंदे

तब कंचन स्माइल देते है

सच मई आप को पता नहीं था मैंने कॉल और मसाज किया वो

नहीं

मोबाइल नहीं देखा क्या

नहीं

मोबाइल देखा करो

हाँ आगे से देखा करूँगा

तब आरती धीरे से कहती है ताकि आपने भाभी सुन न पाए

पैसे है न

तब कंचन कहती है

हाउ केयरिंग ??

और मैं मई कहती है

बहभी कितने बदल गयी है

है

नहीं है तो मई भेज दू क्या

भेज देगी

मैं है तो भेज दो

उपि इससे नंबर पाई है न

हाँ

भेजती हु.. आप आराम से खाना खाओ

और धीरे से कहती है

और जल्दी यहाँ चले आओ

मई रखती हु

ऐसा बोल के आरती कॉल कट करती है .. कॉल कट होने के बाद कंचन नवाज़ को देखती है ..





तुम दोनों का तो रोमांस उफान पर है

है न

हम्म्म

कैसे लगी बातचीत

तभी 5000 रूपीस अकाउंट मई आये वो मैसेज नवाज़ के मोबाइल मई आया ..वो देख के कंचन कहती है

तुमने तो बुरी तरीके से फांस लिया है बहभी को

फांस लिया है ?? हमारा ट्रू लव है ..

ट्रू लव

फिर बाकि के पीछे क्यों पड़ते हो .. उनके साथ क्या है फिर

सेक्स लव

तब दोनों हँसाने लगे ..

भाभी फुल मूड मई लग रही है .. फुल एन्जॉय करना बहभी के साथ

तब नवाज़ झट से बोलता है

पर करे कहा

तब कंचन शर्मा गयी .. वो कुछ नहीं बोली

तुम कुछ लो

क्या

ी मैं लसी ..चाज़.. बहुत अच्छा मिलता है ..

तब आपने बाल बन्दते हुई कंचन कहती है





नॉन वेग वाले होटल मई पहली बार खा रही हु.. नहीं तो हमेशा पुरे वेग होटल मई खाना कहती हु

वो जब बाल बंद रही थी तब नवाज़ उसे hi देख रहा था .. बाल बंदने की लिए उसने दोनों हाट उप्पर किये थे इस वजह से उसके दोनों मम्मी आगे आये थे और उसके पेट पर की साडी थोड़े बाजु को हो गयी थी ..उसको देख के hi नवाज़ कहता है

बहुत कुछ पहली बार होता है

अब तुम्हारे साथ मई हु तो ये हो भी सकता है

ऐसा उसको देख के कहती है

मँगाओ मेरे लिए कुछ ..स्ट्रिक्टली वेजेटेरियन

भरोसा करो मुज पर कोई नॉन वेग नहीं होगा

इतना देखने के बाद भी तुम पर भरोसा

कर के देखो

ठीक है

फिर नवाज़ कुछ अच्छा से कंचन के लिए मांगता है ..कंचन वो अच्छे से कहती है ..

एक बात मुझे बताओ

हाँ पूछो

बहभी के अल्वा और किस के साथ तुम्हारा चकार है

किसी के साथ नहीं

जूथ मत बोलो

जूथ नहीं सच है

फिर वो हमारी माइड .नीता

वो मुझपे मरती है मई घास नहीं डालता ..

हाँ क्यों तुम घास डालोगे माइड को जब की मालकिन को तुमने पता लिया हो तब

मेरे उसके साथ कुछ नहीं है

हां सामजी मई

मेरा एक्चुअली किसी के साथ कुछ नहीं है आरती के अल्वा

अच्छा .. फिर सुहासिनी ??

कोण सुहासिनी

जिस के वजह से मुझे खाना खाने नहीं दिया

उसे तो आज hi पहली बार देखा

जूथ मत बोलो .. फिर वो तुम क्यों देख रही थी

पता नहीं .. उसे तो आज hi देखा ..उसे तो मई जनता भी नहीं था

सच कह रहे हो

बिलकुल ..आप की कसम

तब कंचन हसते हुई कहती है

मेरे क्यों कसम खा रहे हो

दोनों मई ऐसे hi बातछित हुई ..फिर वो आपने भाभी के मैसेज उसको पड़के सुनती hai..tab कंचन के लिए नवाज़ चाज़ मांगता है और कंचन चाज़ पिने लगी ..तब चाज़ की मलाई उसके होंटो को लगाती hai..Wo आपने हटो से नवाज़ निकालता है.. तब झट से उसका हाट कंचन हटती है

तुम्हारा नॉन वेग वाला हाट मेरे होंटो को मत लगाओ

अच्छा.. आज कब खाया नॉन वेग

पहले तो खाया होगा न

अब दोनों का खाना ख़तम हो गया था

बिल दो अब

मई दू

हाँ तो क्या बर्थडे बॉय से दिलाओगे क्या

तब कंचन कहती है

हाँ ये गलत है .. बर्थडे बॉय से बिल देना ..पर बिल तो तुम्हारी रानी से लेना चाहिए न तुमने

पर वो कहा है यहाँ

पर उसने पैसे तो तुम दिए है न

पर अब वो मेरे अकाउंट मई आये मतलब मेरे है और बर्थडे बॉय से बिल देना गलत है

बहुत स्मार्ट हो ..मुझे hi देना पड़ेगा बिल अब

और आपने हाट आगे करके उसके साथ हैंडशेक करते हुई कहती है

हैप्पी बर्थडे

और उठ कड़ी हो गयी और बिल के काउंटर पर बिल देने जाने लगी ..

अभी हदी का हाट चलता है क्या तुम

तब पीछे मुद के नवाज़ को देख के कहती है





नहीं तुम्हारे हाट अब क्लीन है

मैंने कहा वाश किये है

तुमने किये है ..मैंने देखा था न बाउल मई वाश किया था तुमने

ऐसा बोल के बिल देने लगी कॅश काउंटर पर ..नवाज़ उसके पास hi खड़ा था और उस कॅश काउंटर वाले से कुछ बात कर रहा था .. फिर बात होने के बाद दोनों बहार आके बाइक पाई बैठ गए और आरती के घर की और जाने लगे ....

घर मई उनोने ज्यादा टाइम नहीं लगाया.. फाइल और टेबलेट लेके वो तुरंत हॉस्पिटल की और चल दिए ..
 
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