Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 7 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

ऐसा सोच के वो झट से पलट गयी ..और फिर थोड़ा आगे को हो गयी .. .. और काम करने लगी .. मतलब वह रैक मई कुछ बॉक्स थे वो उठा के देखने लगी .. .. उसके बाद ऐसे hi 5-10 मिनट चले गए.. आरती इधर नीचे गर्दन करके काम कर रही थी मतलब बॉक्स ओपन करके उसके अंदर क्या क्या है वो देख रही थी और नवाज़ लगातार उसे hi देखे जा रहा था .... तभी बहार बदल जोर जोर से गरजने लगे तब नवाज़ कहता है

लगता है बारिश आएंगे

तब भी आरती कुछ नहीं कहती है.. तब नवाज़ कहता है

मैडम जी ......सफाई कहाँ से शुरू करनी हैं......

तब बिना नवाज़ की और देखते हुई आरती बोल पड़ती हैं.........

जो समझ में आये ....जैसा समझ में आये .......... करो ......मुझे बस अपने कमरा साफ़ होने से बस मतलब हैं..

मैडम जी .....आप बोलो तो मैं ऊपर के मकड़ी के जले निकल दूँ.........

तब आरती को क्या सुजा की वो झट के पलट कर वो नवाज़ को देखते है और आपने बालो मई हाट घुमाके कहते है





निकल दो

तब नवाज़ रैक को एक हाट से पकड़ के चाट के जले निकलने लगा .. थोड़े देर ऐसे hi चाट के मकड़े के जले निकलने लगा.. आरती नवाज़ की तरफ पिट करके कड़ी थी ..और वो रैक मई का छोटा छोटा सामान निकलने लगी और उसे निचे रखने लगी ..नवाज़ का ध्यान उसके तरफ hi था .. सामान रखते टाइम झुकने की वजह से उसके साडी का पल्लू साइड से हैट जाता था .. इस वजह से उसका मां एक साइड से उसे क्लियर दिख रहा था …

तभ कुछ सामान लेने के लिए आरती पहले आपने हाथ थोड़ा पीछे करती है और उसे वो सामान नहीं मिला तो अपनी गर्दन घुमा लेती है तब वो देखती है की नवाज़ उसके तरफ hi देख रहा है.. तब वो स्माइल करते हुई इशारे से ... हाथो से इशारा करते हुई .. नवाज़ को पूछती है...





क्या???

इस वक़्त भी उसके साड़ी का पल्लू थोड़ा बाजु हुआ था इस वजह से नवाज़ की नज़र उसपर hi थी .. जब आरती इशारो से क्या है ये पूछती है तब नवाज़ समाज जाता है की आरती जान गए है की वो क्या देख रहा है.. इसलिए वो घूम जाता है .. और जले निकलने लगता है ..

इधर नवाज़ की हालत देख के आरती की लघबघ हसी छूट गयी थी पर उसने आपने चेरे पर हाथ रख दिया इस वजह से आवाज बहार नहीं aayi..aab वो आपने काम करते हुई.. नीचे गर्दन करके .. स्माइल करते हुई कहते है ....

कमीना साला

फिर वो दोनों आपने आपने काम करने लगे धीरे धीरे बिना बात किये हुई .. कुछ देर ऐसा hi चला ..

अब जो हाट नवाज़ ने रैक पर रखा था उसपर थोड़ा प्रेशर आया इस वजह से उसके हाट को रैक का पत्र लगा तब नवाज़ चीला उठा ..

अह्ह्ह ..या अल्लाह

तब आरती नवाज़ के तरफ पलट गयी और उसके हाथ के तरफ देखते हुई वो पैट से बोल पड़ी..

लगा क्या

और वो जल्दी से नवाज़ के पास आ जाती है...

नहीं

निचे उतरो

तब नवाज़ निचे उतरता है तब उसके हाट को आपने हाट मई ले लेते है और उसके और देखते हुई कहते है





क्या नहीं .. लगा तो है

थोड़ा सा लगा है

क्या थोड़ा सा लगा है नवाज़ .. यहाँ तो खून आ रहा है .. तुम रखो मई निचे से फरिस्त अिध बॉक्स लेके आती हु ..

कोई जरुरत नहीं है मैडम जी

कोई जरुरत कैसे नहीं है .. जरुरत है..

कैसे लेके आओगे ..बहार बारिश है ..आप भीग जाओगे

नहीं थोड़े hi बारिश है

ऐसा बोल के दरवाज़े से भागते हुई आरती निचे जाते है और फैट से फरिस्त अिध बॉक्स लेके उप्पर आते hai..uske हाट मई फरिस्त अिध बॉक्स था





फरिस्त अिध बॉक्स लेके वो नवाज़ के पास आ जाती है.. नवाज़ उसको hi देख रहा tha..tab वो कहती है

देखने दो कितना लगा है

ज्यादा नहीं है

क्या ज्यादा नहीं है

ऐसा बोल के जहा से खून आ रहा था वह फूख मरने लगी ..





फिर वो वह क्लीन क्लॉथ से साफ़ करने लगी .. और फिर वह एंटीबायोटिक डालके ड्रेसिंग करती है ..

मई डॉक्टर को कॉल करती हु

मैडम जी कोई जरुरत नहीं है

ये पत्र पुराण हुआ है .. गंज चढ़ा हुआ है .. तट का इंजेक्शन जरुरी है .. इसलिए निचे चलो

और ये काम

कल कर लेंगे

ऐसा बोल के उसका हाट पकड़ के वो नीचे ले जाने लगाती है .. नवाज़ भी बिना कुछ बोले उसके साथ नीचे चला जाता है..

नीचे जाने के बाद वो डॉक्टर को बुलाती है.. थोड़े देर बाद डॉक्टर आता है और उसे इंजेक्शन देके चला जाता है..

आज तुम कुछ काम मत करो .. आपने रूम मई जेक आराम करो

ठीक है मैडम जी कह के नवाज़ आपने रूम मई चला जाता है..
 
और ये काम

कल कर लेंगे

ऐसा बोल के उसका हाट पकड़ के वो नीचे ले जाने लगाती है .. नवाज़ भी बिना कुछ बोले उसके साथ नीचे चला जाता है..

नीचे जाने के बाद वो डॉक्टर को बुलाती है.. थोड़े देर बाद डॉक्टर आता है और उसे इंजेक्शन देके चला जाता है..

आज तुम कुछ काम मत करो .. आपने रूम मई जेक आराम करो

ठीक है मैडम जी कह के नवाज़ आपने रूम मई चला जाता है..

अब नवाज़ आपने बहार वाले छोटे से रूम मई चला गया था .. कुछ देर बाद नीता आरती के पास आते है

नवाज़ कहा है दीदी

तब आरती स्माइल करते हुई नीता के तरफ देखते हुई कहती है





तेरा आशिक़ है तुजे पता होगा मुझे कैसे पता होगा

उसके चेहरे पर स्माइल थी ..साथ मई हलकी सी शर्म भी थी .. शर्म किस वजह से उसे भी पता नहीं होगा ..

दीदी वो मेरा आशिक़ नहीं है.. हम सिर्फ अच्छे दोस्त है

अच्छा अच्छा

कहा है वो

आपने रूम मई आराम कर रहा है

आपने रूम मई मतलब

वो सर्वेंट क्वार्टर्स .. पापा जी ने उसे वही ठहराया है न .. पता नहीं है क्या तुजे

अच्छा अच्छा पता है दीदी

फिर कुछ सोच के नीता कहते है

उप्पर वाला रूम किया उसने

नहीं

आप दोनों गए थे न उप्पर

हां गए थे मेरी माँ पर उसके हाट को लगा इसलिए मैंने उसे आराम करने को कहा

हाट को लगा .. पर कैसे

तब नीता की और देखते हुई आरती कहती है





वो चाट की जलीय निकल रहा था .. वो रैक पाई हाट रख के तब उसे रैक का पत्र लगा .. ज्यादा नहीं लगा ..थोड़ा सा पत्र लगा ..मैंने मलम पट्टी की है उसे और डॉक्टर को बुला के तट का इंजेक्शन भी करवा लिया .. टेंशन मत ले

थैंक्स दीदी

थैंक्स की कोई जरुरत नहीं है वो हमारा नौकर है .. तो इतना तो मुझे करना पड़ेगा hi न और मेरे दोस्त का प्यार भी तो है

आप भी न दीदी

ऐसा कह के वो शरमाते हुई वह से चली जाने लगी .. दूर तक जाते hi आरती उसे आवाज़ देती है..

नीता

हां दीदी

कह के नीता पलट के आरती के तरफ देखने लगाती है तब आरती नज़र चुराते हुई नीता को कहती है..





शयद उसे भूक लगी होगी एक काम कर उसके लिए दूध और जूस लेके जा .. फ्रीज मई रखा हुआ है ..

हाँ दीदी .. मई तो भूल hi गयी थी .. अच्छा हुआ आपने याद किया .. बेचारे को भूक लगी होगी ..

हाँ .. जा जल्दी से लेके जा

हाँ दीदी

ऐसा बोल के नीता आरती के पास आके उसे गले लग जाती है

थैंक यू दीदी ..मेरे नवाज़ की इतने केयर करने के लिए

तब आरती कहती है

मेरे नवाज़ की का क्या मतलब

तब नीता शर्माने लगी ..

तब आरती कहती है

क्यों री..

क्या दीदी ..

आरती से अलग होते हुई नीता कहते है

मैंने थोड़े देर पहले तुजे कहा वो तेरा आशिक़ है तो तूने क्या कहा हम सिर्फ अच्छे दोस्त है और उस दिन भी तुजे पूछा था इसके साथ तेरा कोई चक्कर है क्या तब तूने क्या कहा था मुझे.. दीदी ... ऐसा कुछ नहीं है.. फिर थोड़े देर बाद मैंने बाते करते हुई इसे तेरा आशिक़ कहा तब कैसे नखरा करते हुई कह रही थी.. दीदी ये मेरा आशिक़ नहीं है...

अब दीदी मई कैसे कह सकते हु..

और नीचे गर्दन करके शर्माने लगे..

तब आरती कहते है.. गुस्से से..

मई कैसे क्या ..

मई कैसे कह सकते हु दीदी की ये मेरा आशिक़ है.. मुझे शर्म आते है..

तब आरती झट से उसका कान पकड़ के जोर से मरोड़ देते.. तब नीता छीलते है..

आह्ह्ह्हआ... दीदी... छोड़िये न.. कान दुःख रहा है..

शर्म की बच्ची.. मुझसे झूठ बोलते है..

सॉरी दीदी.. गलती हो गए.. अब से नहीं होंगे..

तब आरती उसका कान चोर देती है तब फिर से नीता आरती से चिपक जाती है

थैंक यू दीदी मेरे नवाज़ को इतने केयर करने के लिए

तब शरमाते हुई आरती कहती है





मई नहीं करुँगी उसकी केयर तो कोण करेगा

नीता कुछ समाज पाए इससे से पहले hi आरती कहती है

मतलब वो सिर्फ मेरा नौकर कहा है वो तो मेरे सहेली का आशिक़ जो है

हां दीदी .. और आपने उसके हाट को लगते hi आराम करने को कहा .. उसको काम भी नहीं करने दिया ...

तब शरमाते हुई आरती कहती है





वो कैसे मई करने देती पगली

उसके लिए भी धनवाद

ज्यादा इमोशनल मत हो और उसके पास जा .. जूस और मिल्क लेके

हां दीदी

ऐसा कह के नीता किचन मई गयी और नवाज़ के लिए दूध और जूस लेके उसके रूम मई गयी ..
 
वो कैसे मई करने देती पगली

उसके लिए भी धनवाद

ज्यादा इमोशनल मत हो और उसके पास जा .. जूस और मिल्क लेके

हां दीदी

ऐसा कह के नीता किचन मई गयी और नवाज़ के लिए दूध और जूस लेके उसके रूम मई गयी ..रूम मई जाते hi उसको देखते हुई नवाज़ कहता है ..

अच्छा हुआ तू आ गयी ..मई अभी तुजे hi कॉल करनेवाला hi था ..

तब शरमाते हुई कहते है ..





फिर क्यों नहीं किया

सोचा बिना बुलाये मेरे डार्लिंग मेरे पास आएंगे या नहीं वो देखते है

ऐसा कहते हुई नवाज़ ने फ़ौरन नीता को कसकर दबोच लिया आपने बहो मई और उसकी दोनों चूचियों को अपनी मुट्ठी में दबाता हुआ उसके गार्डन और गलों को बेहतसाहा चूमने लगता hain.......wahin नीता बहकाने लगाती है ...............

फिर क्या देखा .. तुम्हारे डार्लिंग बिना बुलाये तुम्हारे पास आयी या नहीं

नवाज़ नीता के गलों को चूमते हुई बोल पड़ता हैं

हां आ गयी न .. वो भी मुझे उतना hi प्यार करती है जितना मई उसे प्यार करता हु

वहीँ नीता जवाब में धीरे से मुस्कुरा पड़ती हैं.........

तब नवाज़ नीता के गांड मसलने लगा… नवाज़ का हाट उसके गांड पाई लगते hi नीता मचलने lagi...fir भी वो चुपचाप वही खड़ी रही .. खुद को कण्ट्रोल करते हुई … तब नवाज़ ने उसके गांड के फाके फैलाये सदी के उप्पर से hi और उसके गांड के छेद मई उंगली दाल दी .... वैसे hi नीता उछाल पड़ी ..

आह्ह्ह्हह्ह अम्मम्मीी

फिर नवाज़ ने 2 उंगलियों से नीता की गांड के छेद को खुरेदना सुरु कर diya....jisse नीता की मस्ती भी बढ़ने लगी ...

उँगलियों को गांड में डालते हुई नवाज़ कहता है

अब टेस्टिंग की bari....hiiii...

नीता उछाल कर कहती

उउउउउम्मम्मम....

ओह्ह... रिप्लाई भी मिल gaya...hahaha....

नीता स्माइल करते हुई कहते है

हहहआ....

यार नीता ...तेरी गांड ने तो मेरे लुंड में जैसे बारूद भर दिया हो ...अब इसे निकला नहीं तो बिस्फोट हो जायगा....

too...nikal दो न नवज़ज़्ज़ज़ ....ये तैयार है....

तो ठीक है अब निकालता हु ..

...पर अभी नहीं…

फिर कब

वो जूस और दूध पिने के बाद

पि लेंगे ..

दीदी ने तेरे लिए भेजा है

आरती का नाम सुनते hi नवाज़ का लुंड और कड़क हो गया ..

अब मैडम जी ने भेजा है तो पहले इससे पीना hi पड़ेगा नहीं तो मैडम जी नाराज़ हो जाएगी ..

हाँ पि लो

गिलास हाट मई लेके नवाज़ कहता है

कुछ भी कहो नीता तुम्हारी दीदी बहुत अच्छी है .. नहीं तो आज के दुनिया मई कोण मालिक नौकर के लिए इतना करता है .. मुझे थोड़ा सा लगा क्या आज का काम उनोने रुकवा दिया .. और मुझे रेस्ट करने को कहा ..साथ मई मलम पट्टी भी की मेरे हाट को और डॉक्टर को बुलाके तट का इंजेक्शन भी दिलाया ..हमारे बस्ती मई हाट टूट भी जय तो कोई नहीं करता

हां ये बात भी सही है .. दीदी बहुत अच्छी है

और ये दूध और जूस भी भिजवा दिया

हां नवाज़

तब नवाज़ दूध और जूस पि लेता है

इसलिए तो मुझे साड़ी वाली औरते पसंद है

मतलब

उतरने मई टाइम नहीं लगता

तब नीता हसते हुई उसको मरते है

बेशरम कही के

तब नवाज़ ने उसको बहो मई लेके उसके निप्पल को अपनी दो उंगलिओं के बीच मैं पाकर कर थोड़ा सा मसलते हुई बोलै

इसमे कोनसे बेशरमी रानी

तब उसने एक सिसकारी ली.

Ssssssssssssssssssssssssshhhhhh

तब नवाज़ उसके मम्मी को सहलाने लगा .. उसका दूसरा हाथ अब नीता के नंगे शोल्डर पर पोहंच गया और वो उसके नंगे शोल्डर पर हाथ फेरने लगा .. और फिर उसके साड़ी का पल्लू नीचे को गिरा दिया .. उसको अच्छे से पता था के ऐसे मौके का फ़ायदा कैसे उठाते हैं. नवाज़ के हाथो से नीता के जिस्म को छूने से नीता के बदन मैं कुछ हो रहा था .. उसके छूट मैं गेलापन होना शुरू हो गया tha..uske जिस्म मई मज़े की लहरे पैदा होने लगी थी..

तभी नवाज़ ने अपने पान से भीगे हुई होंठ नीता के शोल्डर पर रख दिए.

Ssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssshhhhhhhhhh की आह नीता के मू से निकलने के साथ hi नीता की आंखे बंद हो गयी और उसने नवाज़ के कमर को मज़बूती से पकड़ लिया . नवाज़ ने नीता के शोल्डर को किश किया और फिर एक के बाद एक किश करने लगा. फिर उसने अपनी पान से लाल जीभ बहार निकली और नीता के शोल्डर को एक लम्बा सा चूमा दिया.

mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmssssssssssssssssssssssssss हहह .. नाआआअआववववज़्ज़्ज़्ज़ naaaaaaaaaaaaaaaaa करूऊ ..

दरवाज़ा ओपन है

नीता अपनी बेकाबू सांसो पर कण्ट्रोल करने के नाकाम कोशिश करते हुई सिसकी. नवाज़ नीता के शोल्डर को किश करते हुई उसके शोल्डर के सामने के हिस्से पर हाथ फेरते हुई अपने हाथ को नीचे उसके ब्लाउज मैं कैद मम्मी की तरफ ले जाने लगा तब नीता ने आँखे खोली .. अब जनवाज़ ने नीता के राइट मम्मी पर ब्लाउज के उप्पर से आपने हाट रख दिया .. तब एक बार फिर नीता की आँखे बंद हो गए.

उस ने अपने राइट हैंड से नीता के मम्मी को सहलाते हुई नीता के शोल्डर को चूमते हुई अपने लेफ्ट हैंड से नीता के कमर के नंगे हिस्से पर फैरना शुरू कर दिया. उसका लेफ्ट हैंड नीता के ब्लाउज के हुक्स के साथ खेल रहा था .. उसके होंठ नीता के शोल्डर को किश करते हुई नीता के नैक की तरफ बाद रहे थे. एक बार उसने नीता के शोल्डर पर अपने ग दांत दबे और आहिस्ता से ज़ोर बढ़ाता हुआ शोल्डर को काटने लगा. साथ hi उसकी ग्रिफ्ट नीता के मम्मी पर सख्त हो गयी तब नीता ने भी एक तेज़ सिसकारी लेते हुई उसके कमर को इस क़दर ज़ोर से अपनी मुट्ठी मैं दबाया के नीता के नाखून उसकी कमर मैं चुभ गए .उसके लेफ्ट हैंड ने नीता की साडी खोल दी और राइट हैंड ब्लाउज के अंदर घुसता चला गया.

और फिर नीता को आपने बहो मई उठा के वो बीएड पर बैठ गया और नीता को अपनी गॉड में बैठा दिया.. नीता के बूब्स दबाते हुई कहने लगा

दुनिया में जो मिले उसे दबोच lo...chhod कर किसी का फायदा नहीं होता …

तब नीता नवाज़ के मुँह को अपने सीने पर दबाते हुई कहते है

तो इन्हे भी दबोचो na...ye भी फड़फड़ा रहे है...

तब नवाज़ उसके मम्मी को किस कर के कहता है

आज़ाद करो इस जिश्म को कपड़ो से....

फिर क्या था नीता ने जल्दी से आपने ब्लाउज निकल फेका .. साथ मई ब्रा भी निकल फेकि .. और आपने मम्मी नवाज़ के सामने नंगे कर दिए..
 
वैसे hi नवाज़ ने नीता का मां आपने मू में ले लिया .. नीता तो पहले से hi काफी गरम थी ऊपर से नवाज़ का ये वार उसे एक दम से हिला गया और वो सिसक उठी

आआह्ह्ह्ह … उउउउउफफ्फ्फ … मेरे राजा तू ोुह्ह्ह्ह चूस अपनी रानी के मम्मी को .. ऐसे hi .. उउउ कितना मज़ा आ रहा हैई आअह्हह्ह्ह्ह

हां रानी ऊऊफफफ तुम्हारे मम्मी कितने मस्त है आअह्ह्हूँउउम्माह्ह्हह्ह.. इन्हे गर्मी की जरुरत है

ऊऊह्ह्ह अभी तो सबसे जायदा मेरी छूट को तेरे लुंड की जरुरत है .. पहले उसकी गर्मी शांत कर मेरे भोले बालम ऊऊफफफ सुबह से बेचैन हु में अब और देर मत कर बस अंदर डाल के चुदाई चालू कर टाइम काम है .. आज ऊऊफफफफफफफफफ . .. दीदी ने बुलाया तो जाना पड़ेगा

तेरे दीदी की माँ की चुद

गली मत दे दीदी को .. वो हमारी मालकिन है .. और उनोने आज तेरे कितने केयर की है..

तो जेक धनवाद देके औ क्या

नहीं पहले मेरे गर्मी दूर कर

हम्म्म करता हु रानी पर पहले मेरे लुंड महाराजा की थोड़ी सेवा तो कर नैतिक है बोल के नीता नवाज़ के गॉड से उठ कर नवाज़ के पंत के बटन खोल दिए .. फिर पंत उसके बदन से निकल दी .. और फिर उसके अंडरवियर से लुंड को आज़ाद किया और फिर अपनी जीभ फिरते हुए लुंड गीला करने लगी...

sssrrrruuuuuuppppp.....aaahhh...mere sartaj....kitna बेचैन करता है ये मुझे ...सस्सररररूपपपपप.....

अरे मेरी jaan...teri बेचैनी मिटने के लिए ये हमेशा तैयार रहता hai...bas तू इसे थोड़ा प्यार कर फिर देख ये तेरे हर अंग की बेचैनी मिटा देगा....

aahh...ha मेरे राजा … मेरे मालिक .. मेरा हर अंग इसकी मार खा कर इसका सुक्रिया ऐडा करता hai...aur हमेशा करेगा … sssrrrruuuuupppppppp....sssrrruuupppp...

haayyy...tu ऐसे hi प्यार कर ise...fir देख इसका जलवा....

sssrrruuupppp....ha मेरे malik....uuuummmmmmmhhhhh.....

लुंड जैसे hi टनटनाया तो वैसे hi नीता ने बड़े प्यार से लुंड को पूरा मुँह में धूस लिया....

uuuffffff...teri ऐसी hi अदाए तो मुझे पागल कर जाती hai....aaahhh....bahut खूब....

uuuuummmmmm......uuuummmmmmm....uuuummmmmmmmm.....uuuummmmmm....

शाबास मेरी randi...ab जगा अपने अंदर की रंडी को .... दिखा… आपने जलवा

नीता तेजी से लुंड चूसते हुई

uummm....uuummm....uuummm....uuuummmmm.....uuummmmm...

aahh....bahut खूब मेरी raand....aur tej.....dikha दे की तू रंडी की भी अम्मा है ...chhoossss....aaaahhhh....

नीता ने फिर लुंड को मुँह से निकला और तेजी से पूरा गले में उतार liya...aisa करते हुए वो लुंड बराबर चूसे जा रही थी...

uuuuuuuuu..aahhh...uuummmmmm....aaahhhh...uuummmmmm...

आ ha....karti रह ...जोर से....

नीता (तेजी से)-

gggllluuuuppppp...ggggllluuuppppp....gggllluuuppppp....gggllluuuupppp....

yeess....aaahh....bas...ruk....meri randi......ab तेरे बाकि बचे छेदों की बारी है....

इतना बोलते hi नीता ने लुंड को बाहर निकाल दिया और नवाज़ ने अपने पंत को पैरों से निकाल कर दूर फेक दिया...

आजा मेरी रांड ..अब तेरी धज्जियाँ उडाता हु...

मेरे राजा ..नीता आपकी hai....chahe तो पूरी धज्जियाँ उदा दो......

फिर आजा...

फिर नवाज़ ने नीता को उस छोटे से बीएड पर लिटाया और उसकी जाँघे फैला कर लुंड को उसकी छूट में पेल diya...aadha लुंड उसकी छूट को चीयर कर घुस गया....

मेरे राजा ....आअह्ह्ह्ह...

नवाज़ ने बिना रुके दूसरा धक्का मारा और लुंड को छूट की जड़ में दास दिया....

आआआहहहहहहह......

चीख क्यों रही है कुटिया.... अब मज़े hi मज़े है ....

aaahhh...kutiya चीखेगी तभी तो मालिक खुश होगा na...maaro मालिक ...कुटिया की छूट ...एआइइइइइइइइइ.....

नीता की बात ख़त्म नहीं हो पाई थी और नवाज़ ने उसकी गांड पर जोरदार तमाचा जड़ दिया....

hahaha...aaj तो कुटिया की rula-rula कर लगा....

aaahh...aaahhh....jaise मेरा राजा kahe...kutiya हाज़िर hai...aaaiiiiiii...mmaarroooo...

नवाज़ ने एक के बाद एक थप्पड़ जड़ना सुरु कर दिया...

नीता की छूट में लुंड धसा हुआ था और उसकी गांड पर थप्पड़ बरस रहे the...neeta तो दर्द से तड़फड़ा रही thi...par नवाज़ रुकने वाला नहीं था....

आज तो तुझे उधेड़ दुगा kutiya...ye ले...

और नवाज़ ने लुंड को पूरा निकल कर एक साथ छूट में दास दिया...

आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह....

नवाज़ ने नीता की जाँघे आपस में जितना हो सकीय चिपका दी और टाइट हो चुकी छूट में धक्के मारने लगा...

aaaiiiii...aaaahhh....mmmaaa....ooohhh....aaaahhhhhhh....

नवाज़ ऐसे hi नीता को छोड़ता रहा जब तक की उसकी छूट बाह नहीं गई...

नीता के झड़ते hi नवाज़ ने लुंड निकला और नीता को कुटिया बना कर उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी गांड में एक साथ पूरा लुंड पेल दिया....

aaaaaiiiiiiii.......aaaahh....aaaahhhhhhh....

क्यों kutiya...gaand फटी न....

aaaaahhhh.....mere राजा .....haaa...mmaaarrrooo....

....तेरी गांड का भरता बनता hu....kya कासी हुई है saali...ye ले...

aahhh....ha मेरे राजा ....फाड़ do...uuuummmmm....aaaahhhhhhh......

है kutiya...ye le...ye le....yyyeeeeeeee....

नवाज़ ताबड़तोड़ तरीके से नीता की गांड मरे जा रहा था और नीता भी चिल्लाते हुई अपनी गांड उचका रही thi...room में बस thap-thap की आवाज़े सुनाई दे रही थी....

aashhh...aashhh...aaa...aaahhh...mmarooo....teeejjjj.....

है ये le.........ye le.....ye ले....

- मेरी choot...aaahhhh....fir se....aaahhh....gai ...आआह्ह्ह्हह्ह....

नीता की छूट इस जोरदार गांड चुदाई से फिर से झड़ने lagi....aur झड़ते hi उसका सर बीएड पर झुक गया....

थक गई कुटिया..

नहीं ...कुटिया की दिन भर bhi...aaahhh...bajao तो भी nhi...aahh...thakegi....

नवाज़ ने फिर अपने लुंड को बाहर निकाल लिया और नीता को पलटा कर उसके कंधो के दोनों तरफ पेअर रख कर उसके मुँह में लुंड पेल दिया....

अब इस छेद को भी जी भर कर छोड़ lu....le kutiya...ab तेरे मुँह की धज्जियाँ उड़ेगी...

kkhhuuummm....kkkhhhuuuummmm....ssssssrrrrrrllllppppp....ssssrrrllllppppp.....kkkhhhhhmmmm.....

आ ha...tera मुँह है na...kisi छूट से काम nhi...aaahhhh....ise छोड़ने से दिल नहीं bharta...bas मारे jao...jao...

ggghhhhuuuuppppp....ggghhhuuuupppp...ggghhhuuuupppppp....ggghhhuuupppppp...

नीता के मुँह में सटासट लुंड जा रहा था और उसके गले में ठोकरे मार रहा tha...neeta की साँसे तो लुंड की वजह से गले में hi डाब गई थी....

kkhhhuuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...

नीता कस मुँह दर्द देने लगा पर नवाज़ dana-dan धक्के पेलता raha...aur फिर मुँह में झड़ने लगा...

...ये ले kutiya...tere राजा का पानी पि ...aaaahhh...aahhh...aaahhh....

और नवाज़ ने जोरदार पिचकारियां मर कर पूरा लुन्द्रास नीता के गले में उतार दिया और रुक गया....

नवाज़ के रुकते hi नीता ने अच्छी रखेल की तरह उसके लुंड चूस कर साफ़ कर दिया ....

अब दोनों वैसे hi बीएड पर लेते रहे … इधर नीता थक गयी थी और उधर नवाज़ आरती के साथ हुई दिन भर की मुलाक़ात को सोचते हुई सोने laga....par आरती का चेहरा उसके आँखों के सामने था .. नवाज़ आरती के सोच मई था इस वजह से उसे नींद नहीं आ रही थी और उसका लुंड आरती की याद में बड़ा हो रहा था…

लुंड टाइट होने की वजह से उसको फिर से नीता को छोड़ने की इच्छा हुई पर यहाँ नीता थक के सो गयी थी .. उसने उसको उतने की कोशिश की पर वो तो सो गयी थी.. इसलिए उसने बाजु मई पड़ी दारू की बोतल उठाये और दारू पिने लगा .. पर कितने भी दारू पि तो भी आरती का नशा उसके दीमक मई से जा नहीं रहा था ..

इसलिए उसने नीता को फिर से उठाया और फिर से उसकी ताबड़तोड़ चुदाई सुरु की .. नीता ने भी उसका भरपूर साथ दिया .. फिर दोनों झाड़ कर एक दूसरे से चिपके रहे ..नीता खुद को नार्मल करते हुई नवाज़ को आँखे फाड़े देखने लगी ..

आज क्या हुआ है तुम

कुछ तो नहीं

कमरे आया तूफ़ान थम चूका था .. दोनों अपनी मंज़िल पाकर खुश थे.. नीता तो खुश थी पर नवाज़ .. उसको भी पता नहीं था … अभी भी उसके दिलो दिमाख मई आरती hi थी ..पर अब नवाज़ थक गया तह .. 2 बार की चुदाई से .. उसने अपने जिस्म की आग को शांत किया था .. नीता के एक प्यारी सी किश के साथ दोनों आराम से नींद की आगोश में खो गए..
 
अब रूम मई नीता और नवाज़ सो रहे थे और उधर घर मई आरती सो रही थी ..





कुछ 7 बजे के करीब नीता उठ के आपने कपडे पहन लेती है.. और नवाज़ को उतने का सोचती है और उसको उतने का तरय भी करते है पर वो तो घोड़े बेच के सो रहा था .. कुछ देर तरय करके वो आपने घर चली जाती है.. उधर आरती भी उठ जाती है.. वो फ्रेश हो के थोड़ा देर टीवी देखते है .. फिर आपने मम्मी से बात करती है..

रात को कुछ 8 बजे उसे याद आता है की नवाज़ रूम मई होगा .. तब वो सोचने लगाती है .. उसने खाना खाया होगा या नहीं .. ये नीता भी नहीं आयी .. उसे पूछ तो लेती .. उसको तो पक्का पता होता न नवाज़ रूम मई होगा या उसके घर गया है .. हां उसको तो पक्का पता होता .. आखिर उसका आशिक़ है वो .. इतना तो पक्का पता होता की उसने खाना खाया है या नहीं .. अगर खाना नहीं खाया होगा उसने तो मई नीता के हाट नवाज़ के लिए खाना भेजवा तो देते न .. ये कहा मर गयी .. एक बार मैंने क्या उसको नवाज़ के पास भेजा वो वापिस आयी hi नहीं ..

तब आरती खाना लेके नवाज़ के रूम मई जाने का सोचते है फिर खुद को कहते है मेरा जाना ठीक रहेगा क्या उसके रूम मई फिर वो सोचते है.. नहीं नहीं मई नहीं जा सकते.. उसके रूम मई .. अनजान आदमी के रूम मई और वो भी भला इस वक़्त .. न न जी मई नहीं जा सकते..

फिर वो खुद से hi कहते है

वो कहा अनजान है

तो क्या तेरा यार है क्या

तब वो शर्मा के कहते है





नहीं नहीं मेरा यार नहीं .. मेरे फ्रेंड का यार है

फिर कुछ देर सोचने के बाद वो कहती है

मई उसे hi पूछ लेती हु

ऐसा कह के नीता को कॉल लगाती है
 
नीता के मोबाइल पर आरती का कॉल आते hi नीता कहते है

हां दीदी बोलिये न

कहा है तू

घर पाई

और तेरा आशिक़

वो होगा आपने घर मई या आप के घर मई

मतलब तेरे साथ नहीं है

पागल हो गयी है क्या आप दीदी .. अब इस वक़्त मई उसके साथ कैसे रह सकती हु .. मेरे घर वाले मुझे मार न देंगे

ये प्यार करने से पहले सोचना चाहिए था न

वो कहा सोचने देता है

कोण

आप का नवाज़

आप का नवाज़ कहते hi आरती शर्मा जाती है





पगली कुछ भी मत बोल . वो मेरा कहा है वो तो तेरा है .. तेरा प्यार तेरा सबकुछ

मतलब आप का नौकर

ऐसा बोल न फिर .. किसी ने सुन लिया तो वो क्या सोचेगा .. और बड़ी आफत आ जाएगी

गलती से मिस्टेक हो गयी दीदी

तब दोनों हँसाने लगी

वैसे दीदी इस वक़्त आपने उसके बारे मई क्यों पूछा ..कुछ काम था क्या

काम कोई नहीं था पर मैंने सोचा अगर तू यहाँ होती तो उसको खाना लेके देती या तुम्हारे बस्ती मई वो होता तो वो खाना खता आपने घर मई .. आपने अम्मी के हटो का

हां दीदी उसकी अम्मी बहुत अच्छा खाना बनती है.. आप एक बार उनके हातो का खाना खाओगे तो आप पागल हो जाओगे

फिर स्माइल करते हुई कहते है





अब तू बोल रही है तो एक बार तरय करूंगी .. इतने बार तूने बोलै मतलब कुछ तो अच्छा hi बनती होगी नवाज़ की अम्मी

हां दीदी बहुत अच्छा खाना बनती है

वैसे तू क्या कहके बुलाती है उन

चची.. बस्ती मई उन चची कह के hi बुलाती है

तो चची के हातो का खाना जरूर खाउंगी पर ओनली पुरे वेग ..

हाँ दीदी . मई बोलूंगी उन तो वो आप के लिए पुरे वेग hi खाना बनायेगे

ठीक है ठीक है अब बता तेरे नवाज़ के खाने का क्या करना है

अब अगर वो आप के घर मई है तो आप उसके रूम मई खाना देखे आओ

तब नीता के ऐसे कहने पर आरती सोचने लगाती है





मई भला कैसे जा सकती हु उसके कमरे मई .. ये नीता कुछ भी बोलती रहती है.. ऐसा सोच कर वो नीता को कहती है

मई और उसके रूम मई .. कैसे ..

कैसे क्या सीधा चला जाने का

मुझे क्या आपने जैसा समाज रखा है क्या तूने .. मई कैसे उसके रूम मई सीधा चला जा सकती हु .. ये अच्छा दिखेगा क्या

वह कोण है देखने वाला नवाज़ और आपके अलावा दीदी

वो सब ठीक है पर फिर भी

फिर आप उसको आवाज़ दो .. आप का आवाज़ सुनके वो आप की तरफ भगा चला आएगा

नीता के ऐसे कहने से पहले तो आरती के चहरे पर स्माइल आ जाती है.. बाद मई वो शर्मा जाती है





मेरे तरफ क्यों वो भगा चला आएगा

क्यों की आप उसकी मालकिन हो .. मालकिन आवाज़ देगी तो उसको आप की तरफ भगा चला आना पड़ेगा जैसा मई आती हु

ऐसा क्या .. मई सामजी

आप क्या सामजी

कुछ नहीं

नहीं तो मई उसको कॉल करती हु

हां वो कर

ठीक है मई कॉल करके आप को बता दूंगी

ठीक है बोल के आरती कॉल कट करती है

कुछ 5 मिनट तक नीता नवाज़ को कॉल करती है पर नवाज़ कॉल नहीं उठता है तब आरती को नीता कॉल लगाती है

Hello

दीदी वो कॉल नहीं उठा रहा है

फिर

शयद पाइक पड़ा होगा रूम मई

क्या बोल रही है तू वो पीटा है क्या

नहीं तो क्या

मुझे नहीं लगता

आप के और मेरे लगाने से क्या होने वाला है दीदी .. वो वैसे hi है .. बिनफिकिर .. दुनिया से दूर .. दुनिया की वो चिंता नहीं करता ..कोण उसके बारे मई क्या सोच रहा है उसको न उसकी चिंता होती है और न भी वो उसके बारे मई सोचता है

अच्छा .. अब बता क्या करना है

अब कुछ नहीं कर सकते दीदी .. या तो आप उसको आवाज़ दो या उसके रूम मई चली जाओ

मई भला कैसे जा सकती हु उसके रूम मई

वो भी तो आपका hi घर है .. आप तो ऐसा डर रही हो जैसे आप किसी दूसरे के घर मई जा रही हो

फिर भी वो अब उसका रूम है और रूम मई वो कैसा होगा ..किस हाल मई होगा मुझे कैसे पता होगा .. और मुझे इस वजह से थोड़े घभरात भी हो रही है

डरो मत दीदी आप .. वैसे आप जो कह रही है वो सच भी है और घभराने वाली बात भी है ..पर उतनी भी घबराने वाली बात भी नहीं hai..waise मेरे मने तो वो सोया हुआ होगा .. तो उसके हालत की आप को चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है ..
 
डरो मत दीदी आप .. वैसे आप जो कह रही है वो सच भी है और घभराने वाली बात भी है ..पर उतनी भी घबराने वाली बात भी नहीं hai..waise मेरे मने तो वो सोया हुआ होगा .. तो उसके हालत की आप को चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है

तब आरती धीरे से कहती है

ठीक है

फिर कुछ सोच कर कहते है

जाना hi पड़ेगा क्या

हाँ दीदी

तब आरती कंफ्यूज हो गयी .. कन्फूसिओं मई वो आँखे बंद करके कहते है..





नीता तूने मुझे कोनसे प्रॉब्लम मई दाल दिया

आप नहीं जाओगे तो वो भूका hi सो जायेगा .. अगर वो अभी सोया हुआ होगा तो

तेरे बात तो सच है

तो आप जाने वाले हो न दीदी

अब तूने क्या रास्ता रखा है मेरे लिए .. तेरे यार को खाना खिलाना hi पड़ेगा न

तो आप क्या बनाने वाले हो उसके लिए

तब आरती चिढ़ाते हुई कहते है

तुजे क्या करना है उससे .. कुछ तो बना लुंगी . तू अपना काम कर न.

नहीं दीदी उसने सुबह से कुछ खाया नहीं है न अगर आप कोई अच्छा सा बना डौगी तो वो थोड़ा ज्यादा खायेगा .. उसका पेट भर जायेगा

अच्छा अच्छा … कुछ अच्छा सा बना लेती हु तेरे यार के लिए

ऐसा कह के फ़ोन कट करती है

फिर आरती घर के बहार आयी और नवाज़ के रूम की तरफ मतलब सर्वेंट क्वार्टर्स के तरफ देखने लगी..





फिर वो खुद को कहती है

जाऊ या न जाऊ

फिर वो मैं मान में कहते है

ये नीता के बच्ची ने मुझे कहा फसा दिया .. जाऊ तो प्रॉब्लम न जाऊ तो भी प्रॉब्लम.. मैंने नीता को बहोत समजने की कोशिस की मई नहीं जा सकती पर वो नहीं मणि .. नीता कह रही थी की जाना hi पड़ेगा .. पापा जी भी घर पाई नहीं है वो घर पाई होते तो उनको hi भेज देते .. उनके आवाज़ से वो उठ भी जाता .. पापा जी का फ़ोन भी नहीं लग रहा है उन से बात हो जाये तो मुझे जाने का सवाल hi पैदा नहीं होता ..

फिर वो सोचने लगी

नीता की भी उसमे गलती नहीं

है.. वो तो सच hi कह रही है .. अगर मई नहीं जाउंगी तो वो भूका hi सो जायेगा .. अगर मई नहीं गयी तो फिर वो महारानी मुज पाई गुस्सा हो जायेगे .. .. जाऊ तो और बड़ी प्रॉब्लम.. वो किस हालत मई होगा .. सोया होगा या जग रहा होगा .. कपडे पहन के होगा या बिन कपडे के .. बैठा होगा या बीएड पाई लेता होगा .. हे भगवन ये लड़का और नीता मेरे दिमाख की वाट लगाके रहेंगे ..

तब अचानक उसके दिमाग मई आया .. सुबह वो दोनों उप्पर के कमरे मई थे तब वो उसे कैसे देख रहा tha..jaise की वो उसे खा hi जायेगा.. पर उसके ऐसे देखने से मुज को गुस्सा क्यों नहीं आया था उसपर बल्कि उसको अच्छा लग रहा था दूसरा कोई होता तो कितना गुस्सा आता उसको उसपर .. तब उसे याद आया की उसके हाट को लगा था .. तो क्या उस वजह से वो सो रहा होगा क्या .. उसका हलचल भी मैंने बाद मई नहीं पूछा .. कैसे हु मई और मन में खुद को कोशने लगी.. ऐसे कैसे हो गया मुज से .. मुझे उसके पास आके उसका हलचल पूछना चाहिए था.. मई भी बेवक़ूफ़ सो गयी .. मुझे याद hi नहीं रहा .. क्या उसको तकलीफ हुई होगी क्या .. ज्यादा दर्द हुआ होगा क्या .. भले hi उसका दिल जनता था की उसे ज्यादा लगा नहीं है पर फिर भी वो ऐसा सोचने लगी ...
 
तब अचानक उसके दिमाग मई आया .. सुबह वो दोनों उप्पर के कमरे मई थे तब वो उसे कैसे देख रहा tha..jaise की वो उसे खा hi जायेगा.. पर उसके ऐसे देखने से मुज को गुस्सा क्यों नहीं आया था उसपर .. बल्कि उसको अच्छा लग रहा था दूसरा कोई होता तो कितना गुस्सा आता उसको उसपर .. तब उसे याद आया की उसके हाट को लगा था .. तो क्या उस वजह से वो सो रहा होगा क्या .. उसका हलचल भी मैंने बाद मई नहीं पूछा .. कैसे हु मई और मन में खुद को कोशने लगी.. ऐसे कैसे हो गया मुज से .. मुझे उसके पास आके उसका हलचल पूछना चाहिए था.. मई भी बेवक़ूफ़ सो गयी .. मुझे याद hi नहीं रहा .. क्या उसको तकलीफ हुई होगी क्या .. ज्यादा दर्द हुआ होगा क्या .. भले hi उसका दिल जनता था की उसे ज्यादा लगा नहीं है पर फिर भी वो ऐसा सोचने लगी ..

फिर वो खुद को कहती है

पता नहीं वह किस नज़र से देख रहा होगा मेरे बॉडी को. न जाने क्या क्या कल्पना कर ली होगी उसने.

अब वो सोचते हुई और खुद से बाते करते हुई वो नवाज़ के कमरे तक आयी .. वो कैसे आयी कब आयी उसे पता hi नहीं चला .. जैसे hi उसे पता चला वैसे hi वो डर गयी .. फिर खुद को संभालते हुई वो दूर से hi अंदर झांकने लगी ..नवाज़ ने दूर ओपन hi रखा था..





अंदर नवाज़ को देखते hi उसके चहरे पर स्माइल आ गयी.. उसके अंदर का दर कब का गायब हो गया था ..

वो अब अंदर कमरे में देखने लगी .. तब उसे अजीब सी स्मेल आयी ..

ये किस चीज़ के स्मेल है ..

अंदर नवाज़ सो रहा था .. उलटा .. मतलब पेट पाई .. पिट उप्पर की तरफ थी .. उसके बदन पाई सिर्फ अंडरवियर hi थी..

उसे ऐसे सिर्फ अंडरवियर मई सोते हुई देखकर कहते है

की गन्दा कही का .. ऐसे नंगा कोई सोता है क्या .. और वो भी दूर ओपन रख के ..

फिर वो सोचने लगी...

उफ्फफ्फ्फ़.......... नीता ने भी न कहा फसा दिया मुझे .. इस नीता के बच्ची ने मुझे ऐसे सिचुएशन में फसा दिया है की मई क्या करू कुछ समाज नहीं आ रहा है.. रूम के अंदर जाऊ भी या नहीं .. वो थोड़ा दर रही थी .. अंदर जाते हुई किसी ने देख लिया तो .. फिर काफी देर तक वो खुद से सवाल जवाब करती rahi.kya करू जाऊ अंदर या नहीं ..फिर उसने

इधर उधर देखा.. जब उसने चारो तरफ देख लिया और उसे विश्वास हो गया की कोई भी नहीं है आसपास तब आरती ने बोहोत hi धीरे से hi थोड़ा सा दरवाजा खोला .. मतलब अंदर पुश किया और सर निकल कर अंदर देखने लगी .. अंदर नवाज़ अभी तक सो रहा था .. नवाज़ को सोते हुई देखकर उसने बहुत धीरे से कहा .. मतलब आवाज़ लगाए ..

नवाज़ नवाज़

उसकी इतनी कोमल आवाज सुन कर कोण उठता .. वैसे hi हुआ .. नवाज़ नहीं उठा .. फिर उसने 2-3 बार आवाज़ लगायी पर भी वो नहीं उठा .. तब चिढ़ते हुई जरा जोर से कहती है

नवाज़ नवाज़ .. उठो खाना नहीं खाना है क्या

एक बार सिर्फ नवाज़ ने उउउउउउ कहा पर वो उठा नहीं.. तब वो कहती है

अब मई इससे नींद से जगाने ने के लिए क्या करू ..

फिर से वो बहार की तरफ देखने लगी .. एक बार फिर से तसली करना चाहा रही थी की कोई है आसपास या नहीं .. जब उसे तसली हुई की कोई नहीं है आसपास तब उससे रहा नहीं गया और उसने पूरा दरवाजा खोल दिया और कमरे के अंदर धकिल हुई ..

अंदर आते hi उसे फिर से वो अजीब सी स्मेल आयी ..

ये किस चीज़ के स्मेल है .. कही मुझे ोमिटिंग न हो जय ..जाने दो ..

कह के उसने उस स्मेल को इग्नोर किया और नवाज़ की तरफ देखने लगी ...रूम मई एक विंडो था वह पाई हाट रख के …बड़ी अड्डा के साथ वो नवाज़ को देखने लगी..





उसको देख के कहते है

ऐसा क्या है इसमे जो नीता और वो लड़की इसके पीछे पागल है .. क्या नाम है उस लड़की का .. वंदना ..

ऐसा कह के वो नवाज़ को फिर से देखने लगी .. नवाज़ अभी भी वैसे hi सो रहा था .. उलटा ..





थोड़ी देर वो नवाज़ को देखते रहती है .. और फिर कहती है

कितना गन्दा है ये लड़का .. कला सा है .. हिघ्त ठीक थक है .. पर थोड़ा सा मोटा है ... इसमे मुझे ऐसा कुछ खास नहीं लगता ..फिर क्यों नीता इसके पीछे पागल है .. और वंदना भी .. और कितनी साड़ी है क्या पता ..

ऐसा स्माइल करते हुई कहते है..

जब वो ये कह रही थी तब उसकी नज़र सामने पड़ी एक चीज़ पाई गयी .. वो चीज़ थी बीड़ी का पैकेट ..

उस चीज़ को देखते हुई आरती कहती है..

क्या है ये

अब वो नवाज़ के पास चली जाती है.... और बीड़ी का पैकेट उठाने लग जाती है लेकिन तभी उसकी नज़र नवाज़ के बड़ी गांड पर जाती है .. बिड्डी के पैकेट जो बीएड पाई था उसको हाट मई पकड़ के बिना उठाये आरती नवाज़ के काली गांड को घूरने लगाती है .. अंडरवियर के उप्पर से और घूरते हुई कहते है

छी कितनी काली अस्स है इसके

और उस बीड़ी के बंडल को उठाती है.. पर उसके दिमाख मई उसके काली गांड hi थी .. इसलिए वो फिर से एक बार उसकी काली गांड को देखने लगाती है .. तिरछी नज़र कर के ..





उसकी नज़र उसके काली गांड से हैट नहीं रही थी .. उसके आँखों मई नशा चढ़ाने लगा था .. तभी उसे कुछ सुजाता hai....usi सोच मई वो अपना हाथ निचे करने लगाती है…. उसका हाट जैसे hi उसके गांड तक पहुँच जाता है तब वो रुख जाती है..

कही ये उठ न जाये .. नहीं नहीं ये नहीं उठेगा .. ये तो मज़े से सो रहा है.. शयद इसने पि राखी है .. पीई है या नहीं ये मई एकबार चेक करती हु .. नहीं तो लेने के देने न पद जय ..

ऐसा कह के आपने मू उसके मू के पास ले जाती है.. जैसे hi दारू की स्मेल आती है वो झट से आपने मू उप्पर कर लेती है..

छी ड्रंकर कही का .. इसने तो बेवाड़ा मारा है .. बहुत गन्दी बॉस है .. रूम मई आते hi मुझे जो बॉस आयी थी वो यही थी .. और मई सोच रही थी की किस चीज़ की बॉस है इतनी गन्दी बॉस .. वैसे नीता ने कहा था ये दारू पिता है पर मेरे दिमाख मई आया hi नहीं .. पर ऐसे गन्दी बॉस कैसे .. दारू की बॉस तो ऐसे नहीं आती है .. मई जानती हु.. पापा के दारू की बोतल तो मई hi तो रखती हु .. उनकी तो ऐसे बॉस नहीं आती ..

तब कुछ सोच के कहती है

ओह्ह्ह .. ये सस्ते वाले दारू है इसलिए ऐसे बॉस आती है.. मंहगे इसको कहा अफोर्डेबल होगी ..

ऐसा कह के वो फिर से उसके काली गांड को देखने लगी .. उसकी गांड को देखते हुई आरती आपने हाथ उसकी गांड की और बढाती है तो गलती से उसकी उँगलियाँ नवाज़ के पिट से टच होती है तब आरती को झटका सा लगता hai....aur नवाज़ आह्ह्ह्हह करता है

वो सेहम से जाती है.. उसे समाज मई नहीं आ रहा था की नवाज़ के बॉडी को .. नंगे बॉडी को टच करने से उसे झटका क्यों लगा ..

वो खुद से कहती है..

सिर्फ नवाज़ के बॉडी को टच करने से ऐसा कैसे हो गया ..

आरती को खुद के जिस्म के रिएक्शन पर यकीन नहीं होरहा था.... इसलिए वो नवाज़ के बॉडी को अवॉयड करने के लिए रूम मई देखने लगी ..रूम का हाल देखते हुई वो कहते है

कितनी गन्दी रूम है ये .. कपडे सभी जगह पाई पड़े है ..

ऐसा कह के रूम को चारो और देखने लगी .. तो रूम मई चारो और गन्दगी hi गन्दगी दिखाए दी .. पान की पिचकारी वाल पाई और कार्नर पाई थी . ये देख के आरती कहती है

कितना गन्दा लड़का है ये .. रूम भी ठीक से रख नहीं सकता ..

फिर कुछ सोच के कहती है

ये तो लड़का है .. आदमी है .. ये तो चीज़े साफ़सूतरे नहीं रखते पर नीता को क्या हुआ रूम साफ़ करने को .. ये क्या इसका साथ सोने को hi आती है क्या यहाँ

ऐसा बोल के वो घूम जाती है और घूमने की वजह से गलती से वो आपने हाट नवाज़ के गांड पर रख देती है .. और हाट से उसकी गांड डाब जाती है तब नवाज़ चिल्ला उठता है ..

वंदना रंडी ...सोने दे न

तब आरती झट से आपने हाट हटा देती है और कहती है

सॉरी गलती से हो गया ..

फिर नवाज़ की और देखते हुई कहते है

कमीना साला .. नींद मई भी गली दे रहा है ..और मू मई उस वंदना का hi नाम है

तभी उसकी नज़र हाट मई के बीड़ी के बंडल पाई गयी

क्या है ये.. बीड़ी लग रही है.. ये पिता है क्या .. हां पिता होगा .. सिगरेट कहा अफ़्फोर्ड होगी इसे .

फिर निचे देखते है .. फर्श की तरफ .. कहा पिने के बाद की बची हुई बीड़ी नवाज़ ने फेकि हुई थी .. उसको देख के कहती है..

हां .. ये पिता है .. ये है न उसे किये हुई .

फिर कहते है ..

लाइटर कहा है phir..yahi कही होना चाहिए..

फिर वो लाइटर ढूंढने लगी ..

नहीं नहीं लाइटर उसे नहीं करता होगा .. मतचबॉक्स उसे करता होगा .. इसको कहा लाइटर अफोर्डेबल होगा ..

फिर फर्श पर उसे हर जगह बीड़ी के छोटे छोटे टुकड़े दिखे ..

कितनी साड़ी बीडीया इसने पिए हुई है . .. ये तो चैन स्मोकर लग रहा है.. फिर तो पक्का माचिस hi उसे करता होगा ..

तब उसको एक मतचबॉक्स दिखा जो उसने उठायी ..

ये इतनी साडी बीडीया पिता है .. नीता ने तो सिर्फ दारू की बात की थी. .पर मैंने उसे कहा था वो ऐसा नहीं है पर उसने बीड़ी की तो बात नहीं की थी .. और रूम मई आते hi मुझे एक अजीब से स्मेल आयी थी .. शयद वो दारू की hi होगी.. पर पप्पा के दारू की तो स्मेल आती hi नहीं है.. आती भी है तो थोडीसी .. पर ऐसे नहीं .. इस स्मेल से तो मुझे ोमिटिंग आ जय .. भला ये स्मेल किस चीज़ की है .. जाने दो मुझे क्या करना है ..

ऐसा कह के आरती वो बीड़ी का पैकेट आपने नाक के पास ले गयी ..

की इसकी तो तंबाकू की बू आ रही है..

ऐसा कह के वो बीड़ी का पैकेट फेक देती है..

पर इसकी बदबू तो सिगरेट से अलग है ..

तब उसकी नज़र कार्नर मई रखे दारू की खली बोतल पाई गयी ..

तो यहाँ है ये दारू... देखु तो सही ये कोनसे दारू पिता है ..

ऐसा बोल के वो झुख के दारू की बोतल उतने लगी ..

.





तभी नवाज़ की आँख खुली ..वो आरती को झुकाते हुई देखने लगा .. उसी कंडीशन मई ..

ये रांड यहाँ क्या कर रही है इस वक़्त .. देखु तो सही क्या क्या करती है ..

झुकने से उसके मम्मी नवाज़ को दिखने लगे ..वो देख के नवाज़, मैं मई कहता है

साली ये मम्मी दिखाके मेरा लौड़ा टाइट करेगी .. छोड़ने तो देगी नहीं पर लुंड जरूर खड़ा करेगी .. हरामी साली .. फिर मुझे वंदना के पास जाना पड़ेगा या नीता के पास ..
 
तभी नवाज़ की आँख खुली ..वो आरती को झुकाते हुई देखने लगा .. उसी कंडीशन मई ..लेते हुई .. उसको देखते हुई वो मैं मई कहता है..

ये रांड यहाँ क्या कर रही है इस वक़्त .. देखु तो सही क्या क्या करती है ..

झुकने से उसके मम्मी नवाज़ को दिखने लगे ..वो देख के नवाज़, मैं मई कहता है

साली ये मम्मी दिखाके मेरा लौड़ा टाइट करेगी .. छोड़ने तो देगी नहीं पर लुंड जरूर खड़ा करेगी .. हरामी साली .. फिर मुझे वंदना के पास जाना पड़ेगा या नीता के पास

जैसे hi उसके हातो मई नवाज़ के दारू की बोतल आती है वो उठ के खड़े होते है और दारू की बोतल को देखते हुई कहते है

ये बोतल थोड़ी अलग hi लग रही है..

ऐसा बोल के उस बोतल को आपने नाक के पास लेते है

तब नवाज़ कहता है मैं मई

ये क्या कर रहे है उस दारू के बोतल को लेके

जैसे hi बोतल आपने नाक के पास लती है उसे उस बोतल की बदबू आती है

की कितनी गन्दी बॉस आ रही है .. नवाज़ ऐसा दारू कैसे पिता है.. इसको दारू पिने hi थी तो मुझे बोलना था मई इसको अच्छी वाली दारू पिलाती .. ये गन्दी दारू क्यों पिता है नवाज़

आरती के मू से ये शब्द सुन के नवाज़ खुश हो जाता है..

लगता है मेरे दारू का प्रबंध हो जायेगा .. साला रोज रोज जाने वाला मेरा पैसा भी बच जायेगा और अच्छी वाली दारू भी पिने को मिल जायेगे ..साथ मई इस रांड के और पास जाने का मौका भी मिलेगा .. और उसको पटाने का चांस भी मिलेगा .. साली पैट जय तो इसको छोड़ने का बहुत मज़ा आएगा ..साली को इसी रूम मई छोडूंगा … नहीं नहीं इस गंदे रूम मई कहा .. उसके hi आलीशान बैडरूम मई छोडूंगा .. वैसे भी छोटे मालिक घर मई रहते नहीं है . हमेशा घूमता रहता है और बड़े मालिक को थोड़ी ज्यादा दारू पिलाये तो वो बेहोश होक रात भर सोता रहेगा

तभी आरती नवाज़ की तरफ देखने लगाती है.. गर्दन घुमा के..





तब नवाज़ झट से अपनी आँखे बंद कर देता है

साला अभी भी सो रहा है क्या ..या जग रहा है क्या .. मुझे ऐसे क्यों लगा ये जग रहा है..

फिर कुछ सोच के कहती है

नहीं नहीं सो hi रहा है.. इस को छड़ी हुई है..

फिर स्माइल करते हुई कहते है





जरा ज्यादा हुई होगी

तब नवाज़, अधखुली आँखों से आरती को देखते हुई मैं मई कहता है

ये तो स्माइल कर रही hai..matlab धीरे धीरे लाइन पाई आ रही है .. तभी आरती कहते है

जरा थोड़ी काम पिने थी न

ऐसा बोल के नवाज़ के बीएड के पास आते है तब नवाज़ मैं मई कहता है

अब ये मेरे पास क्यों आ रही है

तब आरती वो बोतल उसने जहा से उठायी थी वह पाई वो बोतल रख देती है और कहती है

भगवन hi जाने ऐसे गंदे दारू पाइक नवाज़ को क्या मज़ा आता है.. काम से काम आपने सेहत का तो नवाज़ ने ध्यान रखना चाहिए

ऐसा बोल के बीएड की और देखने लगी ..वह नवाज़ के शर्ट और पंत पड़े हुई थे .. उसके पास आके वो दूसरी और देखते हुई आपने बॉल बंदने लगी ..





तब बॉल बंदने के लिए हाट उप्पर करती है इस वजह से उसके कमर और नवल नवाज़ को दिखने लगी

तब नवाज़ कहता है

साली आपने बॉडी दिखा दिखा के मेरे लौड़े का ये रांड बुरा हाल करेगी .. और लौड़ा एक बार टाइट हो गया तो इसे यकीं हो जायेगा की मई सोया नहीं हु जाग रहा हु

इधर बॉल बंदने के बाद आरती नवाज़ की पंत हाट मई उठाते हुई कहते है

ये लड़का भी न .. रूम मई हेंगर होते हुई कपडे यहाँ डालने का क्या मतलब

तब नवाज़ आपने आधी आँख खोल के देखता है आरती क्या कर रही है.. वो देखते हुई कहता है

ये क्या कर रही है मेरे पंत के साथ

तब उसकी पंत देख के कहते है

कितने गन्दी है इसके पंत .. लगता है इसे कभी किसी ने धोया hi नहीं है … कोण धोएगा .. ये तो लड़का है ये कैसे धोएगा.. इसको तो नीता ने धोना चाहिए पर लग रहा है नीट ने कभी इसके कपडे धोये hi नहीं है

तब नवाज़ कहता है

हां रानी नीता ने कभी मेरे कपडे धोये hi नहीं .. तू hi धो दे

तब आरती कहती है.. स्माइल करते हुई.. नवाज़ की और देखते हुई





लगता है मुझे hi धोने पड़ेंगे

तब नवाज़ कहता है .. आँख बंद करते हुई

हां हां तू hi धो दे रानी ..

लग रहा है ये अब लाइन पाई आ रही है

हां मई hi धो ढुङ्गे

ऐसा कहते हुई नवाज़ की तरफ देखते हुई आरती शर्मा जाती है…





उसको शर्माके देखते हुई नवाज़ कहता है

वह वह अब तो मज़ा आएगा

तब आरती उसका शर्ट उठा लेती है… तब शर्ट के पॉकेट्स से उसका मोबाइल गिरता है तब वो मोबाइल उठा लेती है.. और मोबाइल देख के कहते है

इसके तो बैटरी डाउन है .. मुझे मोबाइल चार्जिंग पाई लगाना होगा .. पर चार्जर कहा है.. ऐसा कह के चार्जर ढूंढ लेते है .. फिर मोबाइल चार्जिंग पाई लगाके शर्ट और पंत हेंगर पर लगा देते hai…phir इधर उधर पड़े टॉवल और बाकि के कपडे हेंगर पर लगाती है .. फिर हाट मई झाड़ू लेती है..

तब नवाज़ कहता है

लग रहा है ये रूम साफ़ कर रही है.. ये रूम तो कभी नीता ने साफ़ नहीं किया और ये साफ़ कर रहे है..

कितनी गन्दी रूम है ये .. नीता को क्या हो गया साफ़ करने को .. नीता ने नहीं तो उस वंदना ने तो साफ़ करना चाहिए था न

तब नवाज़ कहता है

इसको वंदना के बारे मई कैसे पता चला.. उसदिन इसने कुछ देख तो नहीं लिया न

तब आरती कहती है शर्मा के.. नीचे देखते हुई





लगता है ये दोनों यहाँ इसके साथ सोने को hi आती है.. अब आरती तुजे hi ये गन्दा कमरा साफ़ करना पड़ेगा

ऐसा बोल के रूम वो साफ़ करने लगी .. और उसको साफ़ करते हुई नवाज़ उसे देख रहा था .. अब रूम अच्छे से साफ़ करने के बाद वो कचरा एक पेपर मई एकता करके बहार फेंक के आती है..

तब नवाज़ कहता है

इसने तो मेरी रूम चकाचक कर दी .. वो भी 10 -15 मिनट मई hi .. अगर ये ऐसे hi रोज आके रूम चकाचक कर दे तो मज़ा आ जायेगा .. अगर नहीं आएंगे तो मई इसे लेके आऊंगा .. कुछ न कुछ जुगाड़ कर के ..
 
लगता है ये दोनों यहाँ इसके साथ सोने को hi आती है.. अब आरती तुजे hi ये गन्दा कमरा साफ़ करना पड़ेगा

ऐसा बोल के रूम वो साफ़ करने लगी .. और उसको साफ़ करते हुई नवाज़ उसे देख रहा था .. अब रूम अच्छे से साफ़ करने के बाद वो कचरा एक पेपर मई एकता करके बहार फेंक के आती है..

तब नवाज़ कहता है

इसने तो मेरी रूम चकाचक कर दी .. वो भी 10 -15 मिनट मई hi .. अगर ये ऐसे hi रोज आके रूम चकाचक कर दे तो मज़ा आ जायेगा .. अगर नहीं आएंगे तो मई इसे लेके आऊंगा .. कुछ न कुछ जुगाड़ कर के ..

अब रात के 9 बज गए थे .. पूरा बंगलो सुनसान था .. मतलब बंगलो मई सिर्फ आरती और नवाज़ hi थे .. नवाज़ बीएड पे लेते हुई सोने का नाटक कर रहा था और इधर आरती ने नवाज़ की रूम साफ़ कर दी थी नवाज़ सोया हुआ है ये समाज कर .. जैसे hi आरती रूम साफ़ करके कचरा बहार दाल के फिर से रूम मई आती है तब वो थोड़ी थक गयी थी .. उसको थोड़ी थकान सी आ गयी थी .. उसने थोड़े जल्दी जल्दी रूम साफ़ की थी इस वजह से .. अब वो थक गयी थी इस वजह से वो चाहा रही थी की वो थोड़ा कही बैठ जाये पर बैठने के लिए वह जगह hi नहीं थी सिवाय बीएड के ..

बिदपई नवाज़ बैठा था इस वजह से वो थोड़ा हिक्खीचा रही थी वह बैठने को पर उसका पास कोई ऑप्शन नहीं था इसलिए वो थोड़े डरते हुई वही बीएड पाई बैठ गयी जरा डरते हुई .. एक कार्नर मई..





और कुछ सोचने लगती hai..aur वैसे hi वो वह कुछ देर बैठ जाती है… नवाज़ ने पहले hi आँख बंद की हुई थी जब वो उसके पास आयी थी तब . .. तब से उसने अपनी आँख नहीं खोली थी .. उसे डर लग रहा था इतने नज़दीक है ये कही जान न पाए की मई सोया नहीं हु ..उसे समझ तो आ चूका था की आरती उसके बगल मई बैठ गयी थी पर उसने आँख नहीं खोली..

आरती वैसे hi बोहत देर तक बैठी रहती है .. फिर अचानक उसे क्या हुआ की वो नवाज़ की तरफ देखने लगाती है





अब आरती नवाज़ के चेहरे की तरफ देखने लगता हैं.. उसको सोये हुई देखते हुई कहते है..

अब कैसे शांति से सोया हुआ है .. नहीं तो दिनभर मस्ती करता फिरता है .. कभी वंदना तो कभी नीता ..

फिर स्माइल करते हुई कहते है





बहुत मस्तीखोर हो तुम नवाज़

और उसके नंगे बदन को देखने लगाती है .. आरती नवाज़ का बदन देखते हुए हौले हौले से मुस्कुरा रही thi.....itane नज़दीक से नवाज़ के बदन को देखने की वजह से उसे नवाज़ के बदन से अट्रैक्शन हो रहा था..

आरती के ऐसे कहने से नवाज़ खुश हो जाता है .. वो उसके कहे हुई बातों का मतलब ाचे से समझ रहा था ......... इसलिए उसके दिमाख मई कुछ आता है ..और वो पलट जाता है और सीधा सो जाता है मतलब अब पिट पाई सो जाता है .. जैसे hi वो पलट गया वैसे hi आरती दर गयी झट से उठ गयी ..पर जैसे hi उसे पता चला की वो पलट के सो रहा है तब उसका दर चला gaya..aur फिर से वो नवाज़ के बाजु मई बैठ गयी .. अब की बार वो उसके चहरे के बाजु मई बैठ गयी .. और उसके चेहरे की और देखने लगी .. देखते हुई कहते है

खाना नहीं खाना है क्या नवाज़ .. कब तक सोने का इरादा है ..9 बज गए है .. उठ जाओ बाबा

तब नवाज़ सोने की एक्टिंग करते हुई कहता है

ह्म्म्मम्म

सिर्फ इतना hi कहता है ..

ुत जाओ न यार

नवाज़ को उसने पहली बार यार कहा था .. ये सुन कर तो नवाज़ और hi ज्यादा खुश हो गया था..

अब तुम उतने के लिए मई और क्या करू नवाज़ .. तुम hi बोलू

सो जा मेरे साथ रांड

ऐसा नवाज़ मैं में कहता है

अब क्यों सो रहे हो .. नींद हो गए न पूरी तुम्हारी अब .. बोलो नाह

नवाज़ फिर से ह्म्म्मम्म करता है

क्या हम्म्म लगाके रखा है ..

तब नवाज़ मैं मई हँसाने लगा

बोलो न मुझसे . जब से यहाँ आये हो खेत से तब से मेरे पीछे पड़े हो .. मई सब जानती हु .. हर बार मेरे बदन को घूरते रहते हो .. तुम्हारी दो दो माशूका है फिर भी मेरे पीछे पड़े हो .. तुम उनसे वो सब नहीं मिलता क्या जो मुझसे चाहते हो ..

तब नवाज़ मैं मई कहता है

हां रांड वो सब वंदना और नीता नहीं देती .. मुझे तेरे छूट चाहिए

वंदना का तो मुझे पता नहीं पर नीता कितना प्यार करती है तुम ..फिर भी मेरे पीछे पड़े हो .. हर बार मेरे से बात करने का तरय करते हो .. और अब जब मई तुमसे बात करना चाहा रही हु तो तुम बात नहीं कर रहे हो ..सिर्फ हम्म्म्म कर रहे हो

आरती की ये बात सुन के नवाज़ मैं मई बहुत खुश हो जाता है.. और कहता है

और बात बता न रांड तेरे मैं मई की

तब आरती को नवाज़ के मू से पानी और टोबैको आता हुआ दिखता है .. सूखा हुआ था .. होंठ के नीचे .. तब आपने साड़ी का पल्लू लेके उसके चेहरे पर का सूखा हुआ पानी और टोबैको साफ़ करती है

कितने टोबैको कहते हो नवाज़ .. नींद मई भी तुम्हारे मू से टोबैको बहार आ रही है

तभी नवाज़ आरती की और करवट लेता है और उसके पेट से होते हुई कमर पर हाट दाल देता है और कहता है

आह्ह्ह्हह ाजाआ वन्दनंनआ रांदड़

नवाज़ ने जैसे hi उसके कमर मई हाट डाला वैसे hi आरती के तन बदन में एक अजीब सा रोमांच उठने लगता हैं जिससे उसकी दिल की धड़कने बढ़ने लगती hain.........uske तनबदन मई आग लगते है और ऑटोमेटिकली उसकी आँखे बांध हो जाती है .. और वो सिसक उठाती है..





अह्ह्ह्हह नवज़ज़ज़ क्या कर रहे हो

आह्ह्ह्हह वंदना रांड कहा मर गयी थी .. इतने दिनों से .. मिलाने क्यों नहीं आती .. तेरे को छोड़ने का बहुत मैं है

तब आरती कहती है

मई तुम्हारी वंदना नहीं हु

तुहि है मेरे वंदना .. मुझे पता है .. ज्यादा नखरे मत कर ..

ऐसा बोल के उसके कमर को अपनी बाँहों में जकड लेता हैं..
 
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