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- Dec 5, 2013
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ऐसा सोच के वो झट से पलट गयी ..और फिर थोड़ा आगे को हो गयी .. .. और काम करने लगी .. मतलब वह रैक मई कुछ बॉक्स थे वो उठा के देखने लगी .. .. उसके बाद ऐसे hi 5-10 मिनट चले गए.. आरती इधर नीचे गर्दन करके काम कर रही थी मतलब बॉक्स ओपन करके उसके अंदर क्या क्या है वो देख रही थी और नवाज़ लगातार उसे hi देखे जा रहा था .... तभी बहार बदल जोर जोर से गरजने लगे तब नवाज़ कहता है
लगता है बारिश आएंगे
तब भी आरती कुछ नहीं कहती है.. तब नवाज़ कहता है
मैडम जी ......सफाई कहाँ से शुरू करनी हैं......
तब बिना नवाज़ की और देखते हुई आरती बोल पड़ती हैं.........
जो समझ में आये ....जैसा समझ में आये .......... करो ......मुझे बस अपने कमरा साफ़ होने से बस मतलब हैं..
मैडम जी .....आप बोलो तो मैं ऊपर के मकड़ी के जले निकल दूँ.........
तब आरती को क्या सुजा की वो झट के पलट कर वो नवाज़ को देखते है और आपने बालो मई हाट घुमाके कहते है

निकल दो
तब नवाज़ रैक को एक हाट से पकड़ के चाट के जले निकलने लगा .. थोड़े देर ऐसे hi चाट के मकड़े के जले निकलने लगा.. आरती नवाज़ की तरफ पिट करके कड़ी थी ..और वो रैक मई का छोटा छोटा सामान निकलने लगी और उसे निचे रखने लगी ..नवाज़ का ध्यान उसके तरफ hi था .. सामान रखते टाइम झुकने की वजह से उसके साडी का पल्लू साइड से हैट जाता था .. इस वजह से उसका मां एक साइड से उसे क्लियर दिख रहा था …
तभ कुछ सामान लेने के लिए आरती पहले आपने हाथ थोड़ा पीछे करती है और उसे वो सामान नहीं मिला तो अपनी गर्दन घुमा लेती है तब वो देखती है की नवाज़ उसके तरफ hi देख रहा है.. तब वो स्माइल करते हुई इशारे से ... हाथो से इशारा करते हुई .. नवाज़ को पूछती है...

क्या???
इस वक़्त भी उसके साड़ी का पल्लू थोड़ा बाजु हुआ था इस वजह से नवाज़ की नज़र उसपर hi थी .. जब आरती इशारो से क्या है ये पूछती है तब नवाज़ समाज जाता है की आरती जान गए है की वो क्या देख रहा है.. इसलिए वो घूम जाता है .. और जले निकलने लगता है ..
इधर नवाज़ की हालत देख के आरती की लघबघ हसी छूट गयी थी पर उसने आपने चेरे पर हाथ रख दिया इस वजह से आवाज बहार नहीं aayi..aab वो आपने काम करते हुई.. नीचे गर्दन करके .. स्माइल करते हुई कहते है ....
कमीना साला
फिर वो दोनों आपने आपने काम करने लगे धीरे धीरे बिना बात किये हुई .. कुछ देर ऐसा hi चला ..
अब जो हाट नवाज़ ने रैक पर रखा था उसपर थोड़ा प्रेशर आया इस वजह से उसके हाट को रैक का पत्र लगा तब नवाज़ चीला उठा ..
अह्ह्ह ..या अल्लाह
तब आरती नवाज़ के तरफ पलट गयी और उसके हाथ के तरफ देखते हुई वो पैट से बोल पड़ी..
लगा क्या
और वो जल्दी से नवाज़ के पास आ जाती है...
नहीं
निचे उतरो
तब नवाज़ निचे उतरता है तब उसके हाट को आपने हाट मई ले लेते है और उसके और देखते हुई कहते है

क्या नहीं .. लगा तो है
थोड़ा सा लगा है
क्या थोड़ा सा लगा है नवाज़ .. यहाँ तो खून आ रहा है .. तुम रखो मई निचे से फरिस्त अिध बॉक्स लेके आती हु ..
कोई जरुरत नहीं है मैडम जी
कोई जरुरत कैसे नहीं है .. जरुरत है..
कैसे लेके आओगे ..बहार बारिश है ..आप भीग जाओगे
नहीं थोड़े hi बारिश है
ऐसा बोल के दरवाज़े से भागते हुई आरती निचे जाते है और फैट से फरिस्त अिध बॉक्स लेके उप्पर आते hai..uske हाट मई फरिस्त अिध बॉक्स था

फरिस्त अिध बॉक्स लेके वो नवाज़ के पास आ जाती है.. नवाज़ उसको hi देख रहा tha..tab वो कहती है
देखने दो कितना लगा है
ज्यादा नहीं है
क्या ज्यादा नहीं है
ऐसा बोल के जहा से खून आ रहा था वह फूख मरने लगी ..

फिर वो वह क्लीन क्लॉथ से साफ़ करने लगी .. और फिर वह एंटीबायोटिक डालके ड्रेसिंग करती है ..
मई डॉक्टर को कॉल करती हु
मैडम जी कोई जरुरत नहीं है
ये पत्र पुराण हुआ है .. गंज चढ़ा हुआ है .. तट का इंजेक्शन जरुरी है .. इसलिए निचे चलो
और ये काम
कल कर लेंगे
ऐसा बोल के उसका हाट पकड़ के वो नीचे ले जाने लगाती है .. नवाज़ भी बिना कुछ बोले उसके साथ नीचे चला जाता है..
नीचे जाने के बाद वो डॉक्टर को बुलाती है.. थोड़े देर बाद डॉक्टर आता है और उसे इंजेक्शन देके चला जाता है..
आज तुम कुछ काम मत करो .. आपने रूम मई जेक आराम करो
ठीक है मैडम जी कह के नवाज़ आपने रूम मई चला जाता है..
लगता है बारिश आएंगे
तब भी आरती कुछ नहीं कहती है.. तब नवाज़ कहता है
मैडम जी ......सफाई कहाँ से शुरू करनी हैं......
तब बिना नवाज़ की और देखते हुई आरती बोल पड़ती हैं.........
जो समझ में आये ....जैसा समझ में आये .......... करो ......मुझे बस अपने कमरा साफ़ होने से बस मतलब हैं..
मैडम जी .....आप बोलो तो मैं ऊपर के मकड़ी के जले निकल दूँ.........
तब आरती को क्या सुजा की वो झट के पलट कर वो नवाज़ को देखते है और आपने बालो मई हाट घुमाके कहते है

निकल दो
तब नवाज़ रैक को एक हाट से पकड़ के चाट के जले निकलने लगा .. थोड़े देर ऐसे hi चाट के मकड़े के जले निकलने लगा.. आरती नवाज़ की तरफ पिट करके कड़ी थी ..और वो रैक मई का छोटा छोटा सामान निकलने लगी और उसे निचे रखने लगी ..नवाज़ का ध्यान उसके तरफ hi था .. सामान रखते टाइम झुकने की वजह से उसके साडी का पल्लू साइड से हैट जाता था .. इस वजह से उसका मां एक साइड से उसे क्लियर दिख रहा था …
तभ कुछ सामान लेने के लिए आरती पहले आपने हाथ थोड़ा पीछे करती है और उसे वो सामान नहीं मिला तो अपनी गर्दन घुमा लेती है तब वो देखती है की नवाज़ उसके तरफ hi देख रहा है.. तब वो स्माइल करते हुई इशारे से ... हाथो से इशारा करते हुई .. नवाज़ को पूछती है...

क्या???
इस वक़्त भी उसके साड़ी का पल्लू थोड़ा बाजु हुआ था इस वजह से नवाज़ की नज़र उसपर hi थी .. जब आरती इशारो से क्या है ये पूछती है तब नवाज़ समाज जाता है की आरती जान गए है की वो क्या देख रहा है.. इसलिए वो घूम जाता है .. और जले निकलने लगता है ..
इधर नवाज़ की हालत देख के आरती की लघबघ हसी छूट गयी थी पर उसने आपने चेरे पर हाथ रख दिया इस वजह से आवाज बहार नहीं aayi..aab वो आपने काम करते हुई.. नीचे गर्दन करके .. स्माइल करते हुई कहते है ....
कमीना साला
फिर वो दोनों आपने आपने काम करने लगे धीरे धीरे बिना बात किये हुई .. कुछ देर ऐसा hi चला ..
अब जो हाट नवाज़ ने रैक पर रखा था उसपर थोड़ा प्रेशर आया इस वजह से उसके हाट को रैक का पत्र लगा तब नवाज़ चीला उठा ..
अह्ह्ह ..या अल्लाह
तब आरती नवाज़ के तरफ पलट गयी और उसके हाथ के तरफ देखते हुई वो पैट से बोल पड़ी..
लगा क्या
और वो जल्दी से नवाज़ के पास आ जाती है...
नहीं
निचे उतरो
तब नवाज़ निचे उतरता है तब उसके हाट को आपने हाट मई ले लेते है और उसके और देखते हुई कहते है

क्या नहीं .. लगा तो है
थोड़ा सा लगा है
क्या थोड़ा सा लगा है नवाज़ .. यहाँ तो खून आ रहा है .. तुम रखो मई निचे से फरिस्त अिध बॉक्स लेके आती हु ..
कोई जरुरत नहीं है मैडम जी
कोई जरुरत कैसे नहीं है .. जरुरत है..
कैसे लेके आओगे ..बहार बारिश है ..आप भीग जाओगे
नहीं थोड़े hi बारिश है
ऐसा बोल के दरवाज़े से भागते हुई आरती निचे जाते है और फैट से फरिस्त अिध बॉक्स लेके उप्पर आते hai..uske हाट मई फरिस्त अिध बॉक्स था

फरिस्त अिध बॉक्स लेके वो नवाज़ के पास आ जाती है.. नवाज़ उसको hi देख रहा tha..tab वो कहती है
देखने दो कितना लगा है
ज्यादा नहीं है
क्या ज्यादा नहीं है
ऐसा बोल के जहा से खून आ रहा था वह फूख मरने लगी ..

फिर वो वह क्लीन क्लॉथ से साफ़ करने लगी .. और फिर वह एंटीबायोटिक डालके ड्रेसिंग करती है ..
मई डॉक्टर को कॉल करती हु
मैडम जी कोई जरुरत नहीं है
ये पत्र पुराण हुआ है .. गंज चढ़ा हुआ है .. तट का इंजेक्शन जरुरी है .. इसलिए निचे चलो
और ये काम
कल कर लेंगे
ऐसा बोल के उसका हाट पकड़ के वो नीचे ले जाने लगाती है .. नवाज़ भी बिना कुछ बोले उसके साथ नीचे चला जाता है..
नीचे जाने के बाद वो डॉक्टर को बुलाती है.. थोड़े देर बाद डॉक्टर आता है और उसे इंजेक्शन देके चला जाता है..
आज तुम कुछ काम मत करो .. आपने रूम मई जेक आराम करो
ठीक है मैडम जी कह के नवाज़ आपने रूम मई चला जाता है..




























