Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 6 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

साला ये आज मुझे मार hi डालेंगे..

फिर भी खुद को कण्ट्रोल करते हुई नवाज़ बोलै..

हो गया क्या खाना तैयार

तब आरती कहती है..

हाँ हो गया..

आरती ने ऐसे कहते hi नवाज़ आरती के तरफ सीधा चल पड़ता हैं........

आरती जब ये समाज जाती है की नवाज़ उसके की तरफ आ रहा है तब आरती की नज़र नवाज़ के तरफ जाती हैं.. वो उसे देखने लगती है..

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और जब नवाज़ की नज़र आरती पर पड़ती हैं तब एक अजीब सा दुर्र आरती के जिस्म में दौड़ जाता है..

ये फिर क्यों आ रहा है मेरे पास ये सोचकर आरती के चेहरे पर हैरानी के बदल साफ़ नज़र आने लगे the.....uska कलेजा ज़ोरों से धड़क उठा tha...........aisa पहली बार हुआ था आरती के साथ........

आरती को ऐसा लग रहा था मनो नवाज़ अब उसकी जान hi लेगा .......... एक अजीब सा दुर्र उसकी आँखों में साफ़ नज़र आने लगा था........

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नवाज़ और आरती दोनों कुछ देर तक यु hi खामोश खड़े रहते हैं .. दोनों एक दूसरे की तरफ देखते हुई.. फिर कुछ सोचकर नवाज़ ख़ामोशी से आगे बढ़ने लगता hai…wahin आरती गहरी सांस लेते हुए एक तुक नवाज़ के चेहरे की तरफ देखे जा रही थी........





अब नवाज़ और आरती में केवल कुछ इंच की बस दूरी थी.........

तब डेरिंग करते हुई आरती कहते है. .

तुम क्यों मेरे पास आ रहे हो

नवाज़ हौले से मुस्कुराते हुए आरती के करीब जाता हैं और करीब जाकर उससे सत्कार खड़ा हो जाता हैं.......

आप को आईडिया बताने है न

नवाज़ के इस हरकत से आरती इस बार जैसे हड़बड़ा से जाती हैं .. और गुस्से से उसके तरफ देखते हुई कहते है ...

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कोनसी आईडिया

आरती को याद भी नहीं था की उनकी बात सुबह कहा पाई ख़तम हुई थी उसके ससुर और नीता के आने से

वो कॉक ठीक करने की

तब आरती को याद आता है की नवाज़ किस के बारे मई बात कर रहा है

हाँ वो क्या

हाँ मेमसाब लगता है आप भूल गए

आरती कुछ पल तक नवाज़ की बात को सुनकर खामोश रही ...... और फिर उसे देख कर कहती है..

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नहीं नहीं मई कैसे भूल सकते हु

अब फिर से दोनों शांत खड़े रहते है ..

नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ उससे सत्कार खड़ा होक उसके बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कह रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..
 
नहीं नहीं मई कैसे भूल सकते हु

अब फिर से दोनों शांत खड़े रहते है ..

नवाज़ कुछ नहीं कर रहा था …. या कुछ नहीं कह रहा था .. सिर्फ उससे सत्कार खड़ा होक उसके बूब्स को घर रहा था .. जैसे hi वो देखती है तब अपनी नज़र दूसरी और कर लेती है.. पर नवाज़ को कुछ नहीं कहती है.. पता नहीं क्यों अब नवाज़ के ऐसे आपने बूब्स को घूरने पर भी आरती को अब गुस्सा नहीं आ रहा tha…aarti कुछ नहीं कह रही है ये जानकर नवाज़ की हिम्मत बाद जाती है..

उसके मम्मी देखते हुई उसके बदन के बारे मई सोचते हुई नवाज़ का लुंड झटके मारने लगा था और उसमे उसे एक अलग hi मज़ा आ रहा था ... अपनी इस सेक्सी मेमसाब को छोड़ने का सोचकर hi उसका वो हाल हो जा रहा था की बस .. तब नवाज़ सोचने लगता है.. अगर मई मेमसाब को सच मई छोड़ू तो कितना मज़ा आएगा.. मई तो मानो उस दिन जन्नत मई पहुँच जाऊँगा.. मेरे लिए अब सिर्फ एक hi हुस्न की देवी रह गयी है जिसका हुस्न मई हर हाल मई लूटना चाहता हु .. और वो है मेरी ये सेक्सी मेमसाब ... मई जिस दिन भी इसको छोड़ूगा तो उसे इतना मज़ा दूंगा जितना उसे उसके हस्बैंड ने नहीं दिया हो ... ... लेकिन मेरा ये सपना शायद सपना hi न रह जाये.. इसके लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा..

ये सोच कर वो आगे बढ़ाने वाला था की तभी कुछ सामान लेने के लिए किचन में नीता आ जाती है और कहती है

ारे नवाज़ कुछ खाया की नहीं

तब आरती दर जाती है नीता के आवाज़ सुन के और झट से आरती पीछे हैट जाती है और खुद को सम्बल के कहती है

अब तू आये है तो तेरे यार को कुछ बना के खिला दे

मतलब अभी तक आपने कुछ बनाया नहीं मेमसाब

अब बनाने वाली hi थी

अब भी न मेमसाब ..

कह के गैस के पास पहुँच जाती है और कहती है

आप हटिये मई hi बनती हु

हां बना ले .. मई जा रही हु बहार

ऐसा कह के आरती किचन से बहार चली जाती है .. नवाज़ आरती को किचन से बहार जाते हुई देखता है .. आरती के बारे मई सोच कर पहले से hi उसका लुंड कड़क हो गया था ...और उसको शांत करना जरूरी हो गया tha....jiske लिए एक hi ऑप्शन tha....neeta ....... और नीता उसके पास आ गयी thi..aur उसको यही चाहिए था और इस वक़्त वह कोई था भी नहीं ..तब नवाज़ नीता के पास जाता है.. आरती किचन से बहार तो गयी थी पर आपने बैडरूम मई नहीं गयी थी वही किचन के दूर पाई खड़े होक इन् दोनों को देख रही थी

तब नीता कहने लगे..

कैसा है तू

नीता खुश होते हुए बोली..

उसने बहुत धीरे से बोलै था पर आरती का ध्यान इधर hi था इसलिए आरती ने सुना था ..

मई अच्छा हु.. अब और भी ज्यादा अच्छा लग रहा है... मुझे न तुम्हारी बहुत याद आ रही थी...

ये आरती सुन लेती है .. और मान मई कहते है .. ये तो सेल रोमांटिक हो रहे है .. मेरा शक सही है .. इन् दोनों का तो चक्कर है और नीता कह रही थी कुछ भी नहीं है .. ऐसा सोचकर वो उन दोनों को निहारने लगे .. तब उन दोनों का आरती की तरफ ध्यान नहीं था ..

नीता : मई तो तेरे आने से बहुत खुश हु..

हाँ तू तो कुश hi होंगे अब.. मुझे सब पता है..

आरती ने धीरे से kaha..Neeche गर्दन करके .. स्माइल करते हुई....

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नवाज़ - मुझे भी तेरी बहुत याद आ रही थी..2 महीने से हम मिले नहीं थे .. ..

आरती - अच्छा तो इन् दोनों को मिल के 2 महीने हो गए है .. फिर तो ये आज कुछ न कुछ करेंगे hi …

फिर कुछ सोच के कहती है

ये तो कल hi मिला था नीता को और आज भी .. फिर 2 महीने कैसे ..अच्छा अच्छा यहाँ आने से पहले इनको मिलके 2 महीने हो गए hai..aisa कह रहा है ये ..

नीता - तेरे तो 2 महीने मई hi बॉडी पहले से काफी अच्छी हो गए है .. और तू पहले से ज्यादा हैंडसम भी हो गया है ....

नीता ने उसके गठीले शरीर को देखते हुए कहा..

आरती उन दोनों को देख कर सोचते है … और स्माइल करते हुई आपने आप से कहती है ..

क्या कोई 2 महीने मई आपने बॉडी बना सकता है क्या और हैंडसम भी हो सकता है क्या ??? .. मुझे तो नहीं लगता ..

है नीता काफी बड़ा भी हो गया है...

क्या कहा … तुमने ..

ऐसा कहते हुई नीता प्यार से उसके शोल्डर को मरती है .. और कहती है ..

तू नहीं सुदरेगा ..

इधर आरती धीरे से कहती है ..

कमीना साला .. डबल मीनिंग बात कर रहा है .. मेरे होते हुई इससे ऐसे गन्दी बात करते हुई शर्म भी नहीं आ रही है .. कमीना कही का ..

अब आरती के चहरे पर हल्का सा गुस्सा था ...

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नवाज़ को लगा किसी ने कुछ कहा .. इसलिए वो आरती की और मतलब किचन के दूर की और देखने के लिए अपनी गर्दन घूमने लगा तब आरती झट से दूर से दूर हैट गयी .. .. वो इतने फ़ास्ट दूर से हैट गयी थी इस वजह से नवाज़ देख नहीं पाया की दूर पाई कोई है या नहीं .. .. नवाज़ को शक हुआ की आरती उन देख रही है पर वो देख नहीं पाया .. .

इधर आरती का बुरा हाल था ..वो काफी डरे हुई थी .. उसे लग रहा था शयद नवाज़ ने उन्दोनो को उसे देखते हुई देख लिया है .. इस वजह से उसके धड़कन काफी तेजी से धड़कने लगी थी ..

तभी नीता कहते है..

वैसे नवाज़ तुम कुछ कह रहे थे..

तब फिर से नवाज़ ने अपनी गर्दन घुमा ली नीता की तरफ ...नवाज़ ने नीता के आँखों मई देखा.. उसके करीब आपने चेहरा ले जेक ..
 
इधर आरती का बुरा हाल था ..वो काफी डरे हुई थी .. उसे लग रहा था शयद नवाज़ ने उन्दोनो को उसे देखते हुई देख लिया है .. इस वजह से उसके धड़कन काफी तेजी से धड़कने लगी थी ..

तभी नीता कहते है..

वैसे नवाज़ तुम कुछ कह रहे थे..

तब फिर से नवाज़ ने अपनी गर्दन घुमा ली नीता की तरफ ... नवाज़ ने नीता के आँखों मई देखा.. उसके करीब आपने चेहरा ले जेक ..उसका चेहरा आपने दोनों हातो मई पकड़ लिया और उसकी आँखों मई देखते हुई कहा

कुछ नहीं

तब नीता को साबरा नहीं हुआ और उसने नवाज़ को गले से लगा liya..Nawaz नीता को मिल के बहुत दिन हुई थे और आरती ने उसे बहुत गरम किया था.. इस वजह से जब नीता उसके गले लग गए तब वो बहुत कुश हो गया .. और इधर ये देख के आरती का चेहरा पूरा उतर गया और वो धीरे से कहती है

हरामी साला

इधर नवाज़ फिर से उसका चेहरा आपने दोनों हाट मई लेके नीता के होंटो को आपने होंटो मई ले लेता है और उसे किश करने लगता है ..

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आरती किचन के दूर पाई खड़े होक देखने लगाती है ..तब नवाज़ को लगता है दूर पाई है इसलिए वो बिना गर्दन घूमते हुई आँख को थोड़ा घूमते हुई दूर की तरफ देखता है तब उसे बहुत बड़ा जतका लगता है .. उसी यकीं hi नहीं हुआ की आरती उसका और नीता का किश ऐसे खड़े होक देखेंगे और उन दोनों पे गुस्सा भी नहीं होंगे .. तब वो नीता को किश करते हुई सोचने लगा तब उसके दिमाख मई एक आईडिया आता है ..

वो फिर आपने एक हाट नीता के एक आम पर रखते हुई उसे जोर से दबाता है..

आह्ह्ह्हआआ…. धीरे धीरे दबाओ न .. दर्द होता है..

तब नवाज़ कहता है .. बिना आरती की और देखते हुई

नीता तेरी मेमसाब तो एक डैम मस्त माल है.. अरविन्द साहब तो जैम कर मजे लेते होंगे..?

नवाज़ के ऐसे कहने पर आरती एक दम चौंक जाती है पर गुस्सा नहीं होती उल्टा हलकी सी स्माइल उसके चेहरे पर आ जाती है





और ये स्माइल नवाज़ तिरछी आँखों से देख लेता है तब नीता कहती है

हाँ ये बात तो है.. मेमसाब बोहोत सूंदर है.. एक दो बार मैंने उनके कमरे की सफाई करते हुए जब उनके बीएड की चादर देखि तो समझ गयी थी की रात को साहब ने मेमसाब की जैम कर चुदाई की है.. पूरी की पूरी चादर पर लैंड छूट के पानी के निशाँ थे.. और कई बार तो सफाई करते हुए मुझे वो रबर के गुब्बारे क्या बोलते है उन्हें कंडोम भी मिले थे.. बड़ा gil-gila सा होता है..

तब आरती कहती है

कामिनी साली .. कुछ भी बोली जा रही है..

तब नवाज़ कहता है

तूने कभी देखा है उनको चुदाई करते हुए ?

नहीं ऐसा मौका कभी नहीं मिला.. हाँ पर जब साहब की छूती होती है तो साहिब मेमसाब को एक दूसरे से lipat’te हुए जरूर देखा है..

अच्छा तुझे क्या लगता है साहब मेमसाब की छूट hi मरते होंगे या गांड भी..?

तब आरती कहती है

हे भगवान् ये क्या हो रहा है.. ये लड़का मेरे बारे में ये सब गन्दा पूछता जा रहा है.. और ये हरामखोर नीता भी उसे मजे ले कर सब कुछ बताये जा रही है..
 
उन दोनों की बाते सुन कर आरती को गुस्सा आ रहा tha....wo सोचने लगे.. क्या मई देखु .. या यही से चली जाऊ .. यहाँ रुकना रिस्की होगा क्या .. इस कमीने ने मुझे देख लिया तो लेने के देने पद जायेंगे.. वो कुछ गलत hi मतलब hi निकलेगा ..

फिर वो खुद को कहते है..

एक काम करती हु.. अरविन्द को दिखने के लिए की ये लड़का कितना गन्दा है और हमारे बारे में कितनी गन्दी गन्दी बाते कर रहा है.. मोब में इसकी वीडियो बना लेती हु और मंस बना कर अरविन्द को सेंड कर देती हु.. तब पता चलेगा इसको.. लेकिन उस से पहले मुझे ये ध्यान रखना होगा की इसको इसका कुछ पता नहीं चलना चाहिए..

यही सोच कर आरती इधर उधर देखने लगी ताकि वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुई कोई उसे देख न ले .. .. इधर उधर देखते हुई वो आपने मोबाइल निकल लेते hai..tab नीता ने नवाज़ की बात का जवाब देते हुए कहा..

पता नहीं पर मेमसाब अपनी गांड में शायद hi साहब का लैंड लेती होगी ..

तब आरती कहती है

ये दोनों एक डैम पागल हो गए है.. अनल सेक्स भी कोई करने की चीज है क्या ..और ये दोनों उसके बारे में बात कर रहे hai..ye लड़का पागल है Hi पर नीता को क्या हो गया है.. वो कुछ भी बोल रही है..

ऐसा बोल के मोबाइल मई उन दोनों को रिकॉर्ड करने लगी ..

तब नवाज़ नीता के मम्मी को जोर से दबाता है..

आअह्ह्ह……. नवाज़ … मार डालोगे क्या.. आराम से करो.. दीदी कही इधर न आ जाये…

अरे तेरे दीदी उधर उसके बैडरूम मई होगी .. कुछ कर रही होंगे .. उसके चक्कर में तू अपने मजे क्यों ख़राब कर रही है.. .

अब नवाज़ उसके उरोज को छोड़ कर थोड़ा सा नीचे को जुख गया और उसको उतके नीता को लेके एक चेयर मई बैठ गया .. और उसकी दोनों टांगो को आपने थेइ के दोनों साइड रख कर बिठा दिया ..

आरती इस बात का पूरा ध्यान रख रही थी की कही वो उसे देख न ले.. पर अब आरती को नवाज़ आगे नीता के साथ क्या क्या करेगा वो देखने का बड़ा मन कर रहा था.. तभी नीता कहती है

चूब रहा है

तब आरती स्माइल करते हुई कहते है

कामिनी साली

तब नवाज़ कहता है

क्या

तब नीता कहते है

तुम नहीं पता है क्या

नहीं पता है इसलिए तो कह रहा हु

ऐसा कह के उसको किश करने लगा..





तब नीता किश तोड़ते हुई कहते है शरमाते हुई

तुम्हारा बड़ा लुंड

तब आरती कहती है

बेशरम लड़की .. कुछ भी बोली जा रही है

तब नवाज़ कहता है

निकलू क्या

तब नीता शरमाते हुई हां मई गर्दन हिलाते है .. इधर आरती झट से न मई गर्दन हिलाते है .. उधर नवाज़ कहता है

तुम पसंद है क्या

हाँ

क्या स्पेशल है उसमे

बोहोत बड़ा है

उन्दोनो की बातचीत सुनकर आरती को बड़ा मज़ा आ रहा tha..Kyon की उसके हस्बैंड के साथ सेक्स करते हुई ऐसे वर्ड वो लोग कभी उसे नहीं करते थे..

तो निकलू क्या

तब नीता कुछ बोले उससे पहले hi आरती कहती है

नूवो...

पर इधर उसका मैं कह रहा था .. एक बार देखने मई क्या हर्ज़ है.. क्युकी नीता ने जब से कहा था तुम्हारा लुंड बहुत बड़ा है तब से वो देखना चाहती थी की उसका लैंड कितना बड़ा है.. लैंड शब्द उसके दिमाग मई नीता की बात सुन सुन कर आया था..

अब नवाज़ आपने लुंड बहार निकलने वाले थे तभी बहार से आवाज़ आता है..

नीता नवाज़ तुम दोनों कहा हो

ये आवाज़ सुनते hi नवाज़ इधर दूर के तरफ देखता है तब उसकी नज़र आरती पर पड़ती है .. आरती भी नवाज़ को देखते है..





1-2 सेकंड के लिए.. तभी आरती डरते हुई झट से पीछे हैट जाती है ..तभी उसका ससुर कहता है ..

बीटा वो दोनों कहा है

तब आरती शरमाते हुई नीचे देखने लगाती है..





बीटा मई तुम कुछ पूछ रहा हु

तब आरती कुछ कहते तब तक नीता भाग के वह आ जाती है किचन से ..

शेठजी मई यही हु

कहा थी

किचन में

तेरा नवाज़ कहा है

तब आरती की हसी छूट जाती है

तब नीता आरती की और देखते है
 
बीटा मई तुम कुछ पूछ रहा हु

तब आरती कुछ कहते तब तक नीता भाग के वह आ जाती है किचन से ..

शेठजी मई यही हु

कहा थी

किचन में

तेरा नवाज़ कहा है

तब आरती की हसी छूट जाती है

तब नीता आरती की और देखते है और फिर शेठ जी और देखते हुई कहते है

शेठ जी वो मेरा

वो आगे कुछ कह पति उससे पहले शेठजी कहते है

तुम उसके साथ रहते हो इसलिए कहा मैंने

पर उसका और मेरा कुछ नहीं है शेठजी

तब आरती बड़ी अड्डा के साथ नीता की और देखते हुई कहते है





अच्छा !!

तब डरते हुई नीता कहते है

हम सिर्फ अच्छे दोस्त है

तब आरती कहती है

सिर्फ अच्छे दोस्त न ..

हां दीदी

तब शेठजी कहते है

हां हां ठीक है

तब किचन से नवाज़ बहार आता है तब शेठजी कहते है

तुम दोनों किचन में क्या कर रहे थे

शेठजी ने ये कहते hi आरती पलट के नवाज़ की और देखते है





न - कुछ नहीं

स - कुछ नहीं कर रहे थे

शेठ जी ने ये कहते है नवाज़ कहता है

मतलब मई आपने काम कर रहा था और नीता आपने काम कर रही थी.. चाहे तो आप अपनी प्यारी सी बहु को पूछ लो ..

प्यारी सी बहु नवाज़ ने आरती को देखते हुई कहा पर शयद इस शब्द पर शेठ जी का ज्यादा ध्यान नहीं गया पर आरती का गया . तब आरती गुस्से से नवाज़ को देखते है ..





और नवाज़ को इशारा से कहती है..

बत्तमीज़ी नहीं पापा जी के सामने

तब शेठजी कहते है

उसको कैसे पता होगा तुम दोनों क्या कर रहे ho..wo तो बहार थी

बहार तो थी शेठजी पर वो बहार से हमें देख रही थी ..

तब आरती नवाज़ को घूरने लगती है ..और गुस्से से देखने भी लगती है..





और मैं मई कहते है

कमीना .. ये पापा जी और नीता के सामने क्यों कह रहा है..

फिर आरती को देखते हुई नवाज़ कहता है

आप देख रही थी न मैडम जी

नवाज़ के इस बात पर आरती सकपका जाती है .. और उसे घूरने लगती है..





उसके देखने मई एक अड्डा थी .. उसका आपने को ऐसा देखना नवाज़ को बेहद पसंद आ रहा था .. और आपने ससुर के सामने आपुन को आरती ऐसे घर के बिना डरे देख रही है ये जान कर नवाज़ का हौसला बढ़ते जा रहा था ..

अब तक तो नीता को कुछ समाज नहीं आ रहा तह .. शेठजी का तो कुछ पता hi नहीं था ..पर जब नवाज़ ने आरती को कहा आप देख रही थी न तब अचानक नीता के दिमाग मई आया की कही दीदी ने देखा तो नहीं . तब वो आरती के पास चली गयी और धीरे से कहा

दीदी आप देख रही थी क्या हम दोनों को

तब आरती पहले तो नवाज़ को देखते है.. फिर गुस्से से बूत धीरे से नीता को कहती है

पागल है क्या .. भला मई क्यों देखूंगी तुम दोनों को

तब नीता मैं मई कहते है

भला दीदी क्यों देखेगी . फिर खुद को कहते है पर नवाज़ क्यों कह रहा है फिर .. फिर कुछ सोच के कहती है

मेरे कहने के मतलब है की हम जो काम कर रहे थे वो . .. तब आरती कुछ कहते नहीं पर उसे घूरने लगती है तब नीता कहते है

वैसे आप थी कहा

यहाँ

यहाँ मतलब दीदी

यहाँ मतलब यही सोपे पाई मेरे माँ

तब नीता ने रहत की सांस ली

तब शेठ जी कहते है

वो जाने दो पहले ये बताओ अब तक कोनसे कोनसे रूम की साफ़ सफाई की है तुम लोंगो ने

तब नवाज़ आरती के और देखते हुई कहता है

बहुत कुछ

तब आरती स्माइल करते है





स - बहुत कुछ मतलब

न - मतलब शेठ जी उप्पर की रूम हुई है

स - और नीचे की

तब नवाज़ आरती की और देखते हुई कहता है

नीचे की भी हुई है

तब आरती आपने चेहरा दूसरी और घूमती है और मंद मंद हँसाने लगाती है और मैं मई कहते है

कमीना साला
 
स - और नीचे की

तब नवाज़ आरती की और देखते हुई कहता है

नीचे की भी हुई है

तब आरती आपने चेहरा दूसरी और घूमती है और मंद मंद हँसाने लगाती है





और मैं मई कहते है

कमीना साला.. बेशरम कही का.. डबल मीनिंग बाते कर रहा है पापा जी के सामने

तब नवाज़ कहता है

शेठजी कही आप स्टोर रूम की तो बात नहीं कर रहे हो न

हां उसी की hi बात कर रहा हु

फाइल देखते हुई शेठजी कहते है

एक्चुअली हॉल मई एक कप्बोर्ड था इन् लोंगो की बातचीत चल रही थी तब उस कप्बोर्ड के पास जाकर शेठ जी उस मई से एक फाइल निकल लेते है और उसमे का कुछ पड़ते हुई नवाज़ को कहते है

वो अभी नहीं हुआ है

ठीक है ..

फिर कुछ समय रुक के कहते है

नीता तुम जरा इधर आना

जी शेठजी

कहते हुई वो उनके पास जाती है

इस कप्बोर्ड पाई कितनी धूल मिटटी है .. कभी साफ़ किया है या नहीं इसको

तब नीता उस को साफ़ करने लगाती है

तब नवाज़ कहता है

शेठ जी फिर क्या आज स्टोर रूम साफ़ करना है क्या

ऐसा बोल के वो आरती के पास चला जाता है.. वो जान गया था शेठ जी फाइल मई बिजी है और नीता कप्बोर्ड साफ़ करने मई .. तो इन् दोनों का इधर ध्यान नहीं होगा ..

जैसे hi आरती के बाजु मई जेक नवाज़ खड़ा हो जाता है वैसे hi आरती गर्दन घुमा के उसको देखने लगती है





उसका सेक्सी लुक देख के नवाज़ खुश हो जाता है और धीरे से कहता है

ऐसे अपनी कातिल ऐड न दिखो हमें मैडम जी

तब आरती स्माइल करते है तब वो कहता है

आपके कातिल अड्डों से कही हमारा मर्डर न हो जय

तब आरती सिर्फ स्माइल करते है पर कहती कुछ नहीं है

तब इधर शेठ जी कहते है

उसको बाद में कर लेना पहले मेरे साथ आओ तुम दोनों .. वह उस रूम मई से कबाड़ निकलना है ..

हाट उप्पर की और करते हुई कहते है.. उनके हाथ का मतलब नवाज़ तो नहीं समजा पर आरती समाज गयी की पापा जी उप्पर वाले रूम की बात कर रहे है

न - कोनसी रूम मालिक

ऐसा आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

मई दिखता हु या आरती बीटा तुम दिखा देगी

आरती ....

कुछ देर रुक के कहता है

आरती की और देखते हुई.. उसने पहले बार शेठजी के सामने और आरती के सामने आरती कहा था ..पर आरती इस पर गुस्सा नहीं हुई बल्कि नवाज़ को स्माइल देते हुई देखने लगी .. तब नवाज़ कहता है..

मैडम जी दिखा देगी तो बहुत अच्छा होगा

ऐसा आरती की और देखते हुई कहता है तब आरती उसके और देखते हुई स्माइल करते है





और उसे कहते है

ज्यादा स्मार्ट मत बनो

हम कहा स्मार्ट है मैडम जी

तब चहरे पर स्माइल लेट हुई वो कहते है

नहीं हो पर बनाने की कोशिश जो कर रहे हो

आप कहते हो तो नहीं बनुगा और न बनाने की कोशिश करूँगा

ठीक है

तो फिर चलिए

तब आरती नीता और शेठजी की और देखते है

वो नहीं आएंगे .. हम दोनों hi रहेंगे

तब आरती शर्मा जाती है





और नीचे देखने लगाती है.. और फिर नवाज़ की और गर्दन उप्पर करके देखती है तब नवाज़ उसको hi देख रहा था तब लज्जा से वो फिर से नीचे देखने लगाती है तब नवाज़ कहता है

चलेंगे क्या

जब से नवाज़ ने आरती को नीता के साथ जो वो मज़ा कर रहा था वो देखते हुई देखा था तब से उसका कन्फेन्डन्स बहुत बाद गया तह .. इसलिए तो उसने चलेंगे क्या कहा तह

पहले तो आरती कुछ नहीं कहते पर नवाज़ फिर से जब उसे कहता है तब वो शरमाते हुई और नीचे देखते हुई hi कहती है

उसे लेके जा

तब नवाज़ कहता है

उसे तो कही बार लेके गया हु .. अब तुजे ..

तब आरती नवाज़ की और देखते है

तब नवाज़ कहता है

अब आप को लेके जाना चाहता हु

उसने डायरेक्टली आरती को पहले तो तुजे कहा था पर जब उसने नवाज़ को देखा तब नवाज़ दर गया और आरती को आप कहने लगा ..

तब आरती नवाज़ की और देखते हुई स्माइल करती है और आपने बालो मई हाट घुमाके सेक्सी स्माइल के साथ कहते है..





नहीं .. मुझे नहीं आना ..

आरती ने नहीं मुझे नहीं आना कहा तो था पर नवाज़ अच्छे से जान गया था की ये सफ़ेद झूठ है .. क्यों की उसके ऐसे कहने का असली मकसद ये था की नवाज़ तुम थोड़ा तरय करोगे तो तुम्हारे साथ मई अकेले आ सकती हु रूम साफ़ करने के लिए

और नवाज़ ये अच्छे से जान गया था ..और उसके सेक्सी स्माइल पर तो वो फ़िदा hi हो गया तह

तब शेठजी कहते है

जायेगा न तू फिर नवाज़

तब नवाज़ झट से कहता है

हां जाऊंगा न मालिक .. मैडम जी चलिए फिर

नवाज़ आपने को अकेले को चली बोल रहा है ये जानकार आरती शर्मा जाती है





तब नवाज़ कहता है

मैडम जी आप शर्माती बहुत हो .. और आप को पता है क्या शर्माने के बाद

तब आरती झट से कहती है

शर्माने के बाद क्या

शर्माने के बाद आप और hi हसीं दिखती हो

धत्त बेशरम!! तू कुछ भी बोलता है

ऐसा कहते है..

नवाज़ ने चलिए जो कहा तह ये नीता को सुनाये दिया तब नीता कहते है

क्या चलिए ... सुबह से खाना खाया है क्या तुमने

कप्बोर्ड साफ़ करते हुई कहते है.. नीचे देखते हुई

तब नवाज़ आरती के थोड़ा करीब जाता है और धीरे से कहता है आरती की और देखते हुई

ये है असली प्यार

तब आरती उसकी और देखते है





और जरा नखरे से कहती है

हां पता है कैसा प्यार है

कैसा प्यार

मुझे नहीं मालूम

नखरे से कहते है

ये दोनों बहुत धीरे धीरे बाते कर रहे थे इसलिए नीता और शेठ जी का इधर ध्यान नहीं था

ये असली प्यार नहीं है क्या

बिलकुल नहीं

तो कैसा होता है असली प्यार

मुझे नहीं पता

बताओ न

मुझे क्यों पूछ रहे हो ..अपनी माशूका को पूछो

उसे तो पूछ hi लूंगा ..अगर आप बता देती तो

आरती कुछ नहीं बोलती तब नवाज़ आरती के मम्मी को देखते हुई कहता है





मई तो इसे hi असली प्यार समाज रहा था

आरती के साडी का पल्लू उसके मम्मी पाई से थोड़ा हैट गया तह नवाज़ के साइड का .. और नवाज़ उसके नज़दीक खड़ा था इसलिए वो अच्छे से उसका मां देख सकता tha..patle से ब्लाउज के वजह से उसको ब्रा की लकीर भी दिख जाती hai..iss से उसका लुंड खड़ा होने लगा था

तब शेठजी कहते है

नवाज़ तुमने खाना नहीं खाया क्या सुबह से

नहीं शेठजी

क्या नीता कैसे फ्रेंड है तू .. आपने फ्रेंड को दिनभर भूका रखा तूने

ये आप के और दीदी के वजह से हुआ है मालिक

नीता शेठजी की तरफ देखते हुई कहती है

हम दोनों की वजह से ..वो कैसे

खाने के टाइम आप ने नवाज़ को फैक्ट्री भेजा .. और उस फैक्ट्री वालो ने इसे बहुत काम लगाया तो इससे आने मई देरी हुई .. और वो जब आने वाला था तब मैं उसके लिए खाना बनाने वाली थी तब दीदी ने मुझे दूसरा काम करने को कहा इसलिए मई उसके लिए खाना नहीं बना पायी

ऐसा वो आरती के तरफ गुस्से से देखते हुई कहते है और फिर से कप्बोर्ड साफ़ करने लगी ..निचे देखते हुई

स - अच्छा

तब आरती कहती है

इसमे मेरे कुछ गलती नहीं है नीता .. मेरे तरफ गुस्से से ऐसे मत देख .. नवाज़ को पापा जी ने भेजा था मैंने नहीं

पर नवाज़ के आने पर उसके लिए खाना बनाने का प्रॉमिस आपने मुझसे तो किया था न

निचे देखते हुई hi नीता थोड़ा गुस्से से कहती है

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

सच्ची मैडम जी
 
तब आरती कहती है

इसमे मेरे कुछ गलती नहीं है नीता .. मेरे तरफ गुस्से से ऐसे मत देख .. नवाज़ को पापा जी ने भेजा था मैंने नहीं

पर नवाज़ के आने पर उसके लिए खाना बनाने का प्रॉमिस आपने मुझसे तो किया था न

निचे देखते हुई hi नीता थोड़ा गुस्से से कहती है

तब आरती की और देखते हुई नवाज़ कहता है

सच्ची मैडम जी

तब आरती कहती है धीरे से ताकि उसके ससुर न सुन ले

ज्यादा दिमाख चलने की कोई जरुरत नहीं है.. किचन मई बहुत सरे बर्तन पड़े थे तो मैंने नीता को कहा तू बर्तन धु ले मई नवाज़ के लिए खाना बना लुंगी ..थॉट्स आईटी ..

आरती ने जिस तरीके से that's आईटी कहा तह वैसे hi एक्टिंग करते हुई नवाज़ भी that's आईटी करता है तब आरती उसकी और गुस्से से देखते है





और फिर हसते हुई आरती उसके शोल्डर को मरते है और कहते है

मेरे एक्टिंग करने का तरय मत करो तुम

तब नवाज़ कहता है

मई तो समजा यही ..

कह के रुख गया .. वो कहने वाला था मई तो समजा यही प्यार है पर रुख गया पर आरती समाज गयी .. वो नखरा करते हुई कहती है

बिलकुल नहीं

क्या बिलकुल नहीं

कुछ नहीं

तब शेठजी है

नीता तू टेंशन न आरती बीटा तुम्हारे नवाज़ के लिए खाना बना देगी .. तू आपने काम कर

ऐसा कहते हुई वो आरती को कहते है

बीटा नवाज़ सुबह से भूका है .. उसके लिए जल्दी से कुछ अच्छा सा खाने के लिए बना

तब आरती झट से कहते है जी

जी पापा जी अभी बना देती हु

ऐसा बोल के किचन की और जाने लगी तब नवाज़ कहता है

क्या आप मेरे लिए खाना बनोगे

तब पलट कर उसकी और स्माइल करते हुई कहते है..





अब मेरे ससुर जी ने कहा है तो उनके प्यारे नौकर के लिए तो मुझे खाना बनाना पड़ेगे hi न

तब नवाज़ आदाब करते हुई कहता है ( जुख के सलाम करते है वैसे .. )

शुक्रिया मैडम जी .. शुक्रिया मैडम जी

तब आरती भी वैसे hi उसे अदब करते है और पलट के स्माइल करते हुई मैं मई कहते है

नौटंकी साला

तब उसका ससुर उसे कहता है

बीटा किचन मई जाने से पहले नवाज़ को वो कमरा भी दिखा दो और क्या क्या चीज़े वह से हटाने है वो भी बता दो

तब नवाज़ आरती के पास जेक कहता है

चलिए मैडम जी अब बता भी दो आप

तब नवाज़ की और अपनी कातिल ऐडा नवाज़ को दिखते हुई नखरे से कहती है





नवाज़ तुम और तुम्हारे मालिक मुझे ढंग से कोई काम करने डोज या नहीं .. और दूसरे तरफ तुम्हारी माशूका मुज पर गुस्सा है .. सोचा तुम खाना बना दू तो ये रूम का लफड़ा

खाना बाद मई बना लेना मैडम जी पहले हमारे साथ चलो रूम मई

तब आरती थोड़ा जोर से बोलते है

क्या ?? तुम्हारे साथ रूम मई .. कोनसे रूम मई

तब नवाज़ उसके बॉडी को मतलब उसके मम्मी को घर के देखते हुई कहता है





अगर आप के साथ रूम मई जाने का सोभाग्य

तब आरती उसके गाल को मरती है

बेशरम

और अपनी साड़ी आपने बूब्स पर लेके ठीक करती है.. शयद उसने देखा तब नवाज़ कहा देख रहा है पर न उसने उसे कुछ कहा और न hi पीछे हटी या साइड हुई .. वैसे hi खड़े रही .. गनियत इस बात की थी की उसके ससुर ने अब तक इन् दोनों को नहीं देखा था ..

तब शेठ जी कहते है

बीटा उसके साथ जाओ और बता दो

हाँ पापा जी

तो चलिए

तब आरती आपने ससुर को देखते हुई कहते है

पापा जी कोनसा रूम ...उप्पर वाला क्या

उप्पर वाला ..निचे वाला सब रूम साफ़ कर देंगे अगर आप का साथ है तो मैडम जी

चुप करो बदमाश

कह के उसके शोल्डर को मरते है

जरा सी शर्म थी उसके चहरे पर ये सब करते हुई

हां बीटा उप्पर वाली hi रूम

ठीक है पापा जी

तो चलो अब आप के पापा जी ने भी बता तो दिया है

रुको तो सही चलते हु .. इतने भी क्या जल्दी है जी

आरती ने नवाज़ को पहले बार जी कहा था .. तब जोश मई आके नवाज़ कहता है

क्या बात कर रही हो आप मैडम जी.. आप के जैसे इतनी खूबसूरत .. हसीं लेडी के साथ मई रूम साफ़ करने का मौका मिला रहा हो और नवाज़ जल्दी न करे ऐसे कैसे हो सकता है

हां पता है

क्या पता है

कुछ नहीं

ऐसा कह के बैडरूम की तरफ जाने लगी

अभी आप किधर चले मैडम जी

आ रही हु .. रुको यही पाई

जल्दी आ जाना

तब कहते है .. शरमाते हुई ..





तुम को तो सबर hi नहीं है

सामने इतने बाला सी सुन्दर लेडी हो तो किसी चुटिया को hi साबरा होगा और नवाज़ चुटिया नहीं है

नवाज़ ने आरती के सामने hi चुटिया कहा मतलब गली दी पर फिर भी आरती ने उसपर उसे कुछ नहीं कहा .. बस यही बोली

तुम रुको मई अभी आयी

और शर्मा के पलट के आपने बैडरूम मई जाने लगाती है .. उसकी अड्डा देख के अब नवाज़ को साबरा नहीं हो रहा तह पर कैसे तो वो खुद को कण्ट्रोल कर रहा था .. जब आरती अंदर जा रही थी तब वो आरती की मटकती गांड देखता है और अपने लुंड को मसल देता है ..और मैं मई कहता है ..

या अल्लाह ये कब मेरे लुंड के नीचे आएंगे

आरती ने जल्दबाज़ी मई जोर से दूर पीछे किया पर वो लॉक नहीं हुआ मतलब पूरा बंद नहीं हुआ .. थोड़ा खुला रहा तो बहार खड़ा होक नवाज़ अंदर देखने लगा .. आरती मिरर के सामने खड़े होक आपने मेकअप करने लगी .. नवाज़ बहार खड़े होक आरती की बक्सीडे देख रहा था.. पिछवाड़ा और बस पीट देखे जा रहा था ....उसको देख के नवाज़ के अंदर की हवस बढ़ती जा रही थी.. उसे देख के नवाज़ आरती के साथ सेक्स के बारे मई सोचने लगा...

तब कुछ देर बाद आरती आपने मेकअप करके अपनी साड़ी मिरर मई देखते है तब उसे दिख जाता है की नवाज़ उसे हाफ ओपन दूर से देख रहा है





इसलिए वो पलट गयी तो उसको सामने नवाज़ दिखा उसको देखते हुई ...तब वो बहार आयी दूर के पास और पूरा दूर ओपन करते हुई जरा जुख के दूर पाई सात के खड़े होक वो कहते है





क्या है

कुछ नहीं

कुछ नहीं तो क्या देख रहे थे अंदर

कुछ नहीं देख रहा था

कुछ देख नहीं रहे तेह क्या अंदर

यही देख रहा इतना इम्पोर्टेन्ट काम चोर के मैडम जी अंदर क्या कर रहे है ये देख रहा था

कोनसा इम्पोर्टेन्ट काम

रूम मई जाना

वो तुम्हारे लिए इम्पोर्टेन्ट होगा मेरे लिए नहीं

आपके ससुर जी ने कहा था

तब कहती है

चलो

कहा

रूम मई

तब नवाज़ कहता है

आप कह रहे है तो चलता हु

ऐसा नवाज़ ने कहा तो आरती उसको देखते है





और बालो मई हाट घूमने लगी ..और कहती है

आना है या जाऊ मई किचन में

हां हां चलो चलो

नटुनकी साला कह के आरती और नवाज़ उप्पर वाले कमरे की तरफ जाते है..
 
और बालो मई हाट घूमने लगी ..और कहती है

आना है या जाऊ मई किचन में

हां हां चलो चलो

नटुनकी साला

कह के आरती उप्पर वाले कमरे की तरफ जाते hai..nawaz भी उसके पीछे पीछे चलने लगता है .. वो आरती की पिट को .. पतली कमर को देख के उसके पीछे पीछे चल रहा था .. उसको देख के नवाज़ के अंदर की हवस पूरी तरह से जग चुकी थी ..

वो अब उप्पर पहुँच चुके थे .. उस रूम के सामने एक छोटी से बालकनी थी .. आरती उस बालकनी मई खड़े होक नवाज़ की तरफ गर्दन घूमते हुई कहती है .. बड़ी अड्डा के साथ..





अब जाओ अंदर और काम करो

तब नवाज़ कहता है

आप नहीं आओगे क्या

तब नखरे से आरती कहते है

मई भला क्यों आउंगी .. मई क्या नौकर हु क्या

पता है मुझे आप मालकिन हो .. हमारी मैडम जी हो ..

पता है तो मुझे क्यों कहा आप नहीं आओगे क्या

वो हेल्प के लिए कहा .. मुझे लगा आप मेरे हेल्प के लिए आओगे ... इसी लिए आप उप्पर आये हो ऐसे मुझे लगा ..

तब नखरे से आरती कहते है

फॉर योर काइंड इनफार्मेशन मई तुम्हारे लिए उप्पर नहीं आये हु .. इस गलतफैमी मई मत रहो .. वो मेरे ससुर जी ने कहा की तुम रूम दिखा दू इसलिए कहा

शेठजी ने तो ये भी कहा था की क्या काम करना है वो भी बता दो

हां

वो दिखने के लिए रूम के अंदर तो आना पड़ेगा न आपको

हां पता है..

तो आओगे नहीं आप

आओगे न

तो आओ

पहले तुम रूम के अंदर तो जाओ .. मई आती हु तुम्हारे पीछे पीछे

ठीक है

कहके नवाज़ वो दूर ओपन करता है और उस रूम के अंदर जाता है और आरती भी उसके पीछे पीछे उस रूम के अंदर चली जाती है ..
 
पहले तुम रूम के अंदर तो जाओ .. मई आती हु तुम्हारे पीछे पीछे

ठीक है

कहके नवाज़ वो दूर ओपन करता है और उस रूम के अंदर जाता है और आरती भी उसके पीछे पीछे उस रूम के अंदर चली जाती है और एक कार्नर में जेक कड़ी हो जाती hai..aur कुछ सोच विचार करने लगी …आरती के चेहरे पर हलकी सी स्माइल थी .. जैसे की वो आज बहुत खुस हो .. पर इस खुसी का क्या कारन था.. सायद वो खुद भी पूरी नहीं जानती थी.. शयद नवाज़ के साथ आये ये कारन था पर जो भी था.. भविष्य मैं इसका पता तोह चल hi जायेगा..

आरती अभी भी उन ख्यालों मैं खोयी थी और कितनी दिएर यही खोयी रहती.. पर उससे पहले hi नवाज़ की आवाज़ उसके कानो मैं पड़ती है...

"क्या हुआ.. मैडम जी... सब ठीक है न..."

आरती नवाज़ की आवाज़ सुनकर वर्तमान मैं लौट आती है...

वो नवाज़ को देखते हुई कहते है

कुछ तो नहीं

फिर क्या सोच रही थी

कुछ नहीं सोच रही थी

फिर नवाज़ आरती की और देखते हुई कहता है





आज आप बहुत खुश लग रही हो

तब आरती कहती है

मई रोज hi खुश रहते हु

नवाज़ उसको hi देख रहा था .. उस वजह से आरती के साँसे तेज़ होने लगी थी.. उसकी तेज़ हो चुकी साँसों की वजह से ऊपर निचे होती उसकी गोल और सुडोल चूचियों का उतर चढ़ाव नवाज़ की नज़रों से छुपा न रह सका..

एक तोह आरती जैसा Maal..uspe भी इतने नज़दीक और एक hi कमरे मई और उप्पर आस पास और कोई नहीं था ..इस वजह से नवाज़ के अंदर भी आग भड़क सी गयी thi..nawaz न च के भी मतलब डरते हुई आरती को ऊपर से निचे तक ऐसे देखता है... मानो कामुकता क्या होती है.. उसने आज hi जाना हो..

नवाज़ ने पहले भी कई बार आरती को देखा था .. पर न जाने आज क्यों उसे आरती कुछ ज्यादा hi खूबसूरत और कामुक लग रही थी .. दूध से भरी हुई आरती की बड़ी बड़ी चूचिया.. ऊपर निचे होती ऐसे प्रतीत हो रही thi...maano नवाज़ को आमंत्रण दे रही ho..nawaz का औजार पूरी सिद्दत से अकड़ रहा था.. उसके पंत मई .. शयद उसके उस बड़े से औजार को अब कुछ चाहिए था... जिसपे वो प्रहार कर सके...

अब आरती रूम मई एक साइड एक छोटी सी चेयर थी वह बैठ जाती hai..aur नवाज़ को देखने लगाती hai..badi अड्डा के साथ..





आरती जिस तरीके से नवाज़ को देख रही थी उसको देख के ऐसा लग रहा था मानो चुदाई की कोई पियासी अप्सरा हो..
 
अब आरती रूम मई एक साइड एक छोटी सी चेयर थी वह बैठ जाती hai..aur नवाज़ को देखने लगाती hai..badi अड्डा के साथ..

आरती जिस तरीके से नवाज़ को देख रही थी उसको देख के ऐसा लग रहा था मानो चुदाई की कोई प्यासी अप्सरा हो ..

अब आरती का फेस सामने था .. इस वजह से दोनों एक दूसरे को देख सकते थे .. और हुआ भी वैसे hi .. दोनों एक दूसरे को देख रहे थे .. आरती बड़े अड्डा के साथ नवाज़ को देख रही थी..





आरती बड़ी सेक्सी तरीके के से नवाज़ को देखने की वजह से नवाज़ खुश को गया और उसके करीब आके खड़ा हो गया .. नवाज़ आरती के करीब आते hi आरती आँखे फाड़ के नवाज़ को देखने लगी .. आरती के ऐसे देखने से नवाज़ भी आरती को देखने लगा आँखे फाड़ के .. अब आरती की निगाहों से उसकी निगाहें मिल गई .... नवाज़ के ऐसे देखने से आरती नजरे झुका कर शर्मा गई..

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आप शरमाते हो तो और hi खूबसूरत दिखते हो मैडम जी

तब आरती झट से आपने गर्दन उप्पर करती है.. और नवाज़ को देखने लगाती hai..aur शरमाते हुई कहती है

कुछ भी हाँ

कुछ भी नहीं ..सच बोल रहा हु मैडम जी

तब नखरे से कहती है

अच्छा अच्छा !!

वैसे मैडम जी एक बात पुछु आप से

तब उसके और देखते हुई आरती कहती है





हाँ पूछो

उसने कह तो दिया पर उसके अंदर एक प्रकार का डर था .. उसकी और देखते हुई आरती मैं मई कहते है

अब क्या पूछने वाला है .. पक्का कुछ उलटी सुलाती बात hi पूछेगा

तब नवाज़ कहता है

मैडम जी आप जब कॉलेज मई थी ..शहर मई

हम्म्म

ऐसा उसको देखते हुई आरती कहते है

आप का कोई बॉयफ्रेंड था क्या

जैसे hi नवाज़ ऐसा कहता है वैसे आरती उसको देखने लगती है.. आपने सेक्सी लुक के साथ ..

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और फिर आरती कहती है

लगा hi था .. तुम कुछ उलटा सुलाता hi पूछोगे

उलटा सुलाता कहा सीधा तो पूछा आपसे .. कॉलेज मई जब आप थी तब आप का कोई बॉयफ्रेंड था क्या या आप किस की गर्लफ्रेंड थी क्या

तब आरती जरा गुस्से से कहती है

क्या मतलब है तेरे कहने का.. मई क्या ऐसे वैसे हु क्या

नहीं ..

फिर

तब आरती की आँखों मई देखते हुई नवाज़ कहता है..





आप इतने खूबसूरत हो तो मैंने सोचा पक्का कॉलेज मई आप का कोई न कोई बॉयफ्रेंड होगा

ऐसा कह के उसके मम्मी को नवाज़ घूरने लगा .. नवाज़ की तारीफ सुनकर आरती शर्म से लाल हो जाती hai..aaj उसी का एक नौकर उसके गोल गोल मम्मी को देखते हुए उसके हुस्न की तारीफ कर रहा tha..iss वजह से आरती अंदर तक गंगना जाती है.. तब आरती की तरफ देखते हुई नवाज़ कहता है ..

बताहीहे न मैडम जी

तब आरती ने शरमाते हुई पर शरारती अंदाज़ मैं कहा..

मालकिन हु तुम्हारी समझे.

उससे क्या होता है

तब नखरा करते हुई नवाज़ के सर पर हलके से मारती है.. और अपनी जीभ दातो मई दबाते हुई कहते है..





नहीं

तब आरती की आँखों मई आँखे डालते हुई नवाज़ कहता है..

मुझे नहीं लगता

आज पहली बार इतने करीब से नवाज़ ने आरती को देखा था और आरती ने नवाज़ को.. और ये दोनों एक दूसरे की आँखों मई देख रहे थे..

क्या मतलब है तुम्हारा

ऐसा बाल बन्दते हुई आरती कहती है





बाल बंदने की वजह से उसके मम्मी सामने की और आ गए थे .. उस वजह से वो वो और hi सुन्दर और हसीं लग रही थी

मैडम जी आप बहुत सुन्दर हो ..कसम से मैडम जी... गाओं मैं हर कोई आपकी सुंदरता की बातें करता है.. आपकी सुंदरता किसी का भी मन मोह सकती है....

आरती शर्म से लाल हो चुकी थी.. उसकी साँसे तेज़ हो गयी थी.. बड़ी बड़ी दोनों गोल गोल चूचिया उछाल मरने लगी थी.. पैरो के बिच एक अलग बारिश सुरु हो चुकी थी.. कुलमिला के आरती कामुकता की आग मैं जलने लगी थी....

आरती शरमाते हुई कहती है

बस करो ... मैं मालकिन हु तुम्हारी.. अपनी मालकिन से ऐसी बातें नहीं करते...

इस मैं मेरी कोई गलती नहीं मैडम जी.. आप है hi इतनी खूबसूरत..

अच्छा

तब उसके पुरे बॉडी को निहारते हुई कहता है

तब तो मैडम जी आपके पति बड़े किस्मत वाले है..

तब स्माइल करते हुई कहते है





वो कैसे

आप कह रही हो की आप का कोई बॉयफ्रेंड नहीं है

हाँ कोई बॉयफ्रेंड नहीं था

नहीं था या नहीं है

तब स्माइल करते हुई कहते है

न नहीं था और न नहीं है .. मेरे पतिदेव याने की तुम्हारे छोटे मालिक hi मेरे बॉयफ्रेंड है

इसलिए तो कहा न.. छोटे मालिक बहुत किस्मत वाले है ..

तब आरती सवाल भरी नज़रों से नवाज़ को देखते हुई कहते है

वो कैसे ?

एक पल के लिए आरती को ऊपर से निचे तक देखते हुई कहता है

आप जो है उनके पास.. इतनी खूबसूरत.. इतनी प्यारी.. इतनी रास से भरी hui..bilkul किसी रसीले रसगुल्ले जैसी....

तब आपने नौकर की बात पे आरती मुस्कुरा उठती है...





और झूठा ग़ुस्सा दिखती हुई कहते है

पिटेगा मेरे हाथों से ... बदमाश कही का.... अपनी मालकिन से भला ऐसी बातें करते है कही...

तब नवाज़ कहता है

पता है गाँव के लड़के क्या कहते है आपको... ?

आरती- (तुरंत बोल पड़ती है) क्या .... ?

नवाज़ - (विजेता जैसी मुस्कान क साथ) माल... सब आपको माल कहते है.. मैडम जी....

आरती अंदर तक गंगना जाती है.. पर हैरानी का नाटक करती हुई कहते है ...

"क्या.... ???... क्या.. बड़े बदमाश है गाँव के लड़के .. सब के सब... काम धाम या पड़े लिखे करते है या बस यही सब करते है.....

नवाज़ जब देखता है की माल कहने पर भी उसकी मैडम जी ग़ुस्सा नहीं हुई.. तोह उसका मनोभाल बाद जाता है … वो थोड़ा हिम्मत करके कहता है..

वैसे इसमें उन लोंगो की गलती भी नहीं है न मैडम जी ..

तब आरती सोचने लगी

ये मैं क्या कर रही हु ... मैं एक बड़े घर की बहु हु... और अपने नौकर क साथ.. ये सब.. उफ्फ्फ्फ़.. मैं किस रस्ते पे जा रही हु... क्या मुझे फिर से सोचने की जरुरत है.. कही मैं कुछ गलत तोह नहीं कर रही हु न .. कही जिसे मैं हलक मई ले रही हु .. वो मेरी बर्बादी का रास्ता न बन jaye...nahi नहीं ये सब सही नहीं है

ऐसा सोच के वो झट से पलट गयी ..
 
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