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- Dec 5, 2013
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मई तोह अभी भी हांफ रही थी और बीएड पे लेती हुई थी. असलम ने जब मुझे हाँफते हुए देखा तोह वह मेरे पास आया. फिर उसने मेरी दूध जैसी गोरी चूचियों को सहलाना, चूसना, काटना शुरू कर दिया.
"उफ्फ्फ्फ़, निकाह तोह हमने कर लिया है रौशनी , लेकिन अब मई सचाई में भी तुम्हारा शौहर बनना चाहता हूँ," असलम ने मुझसे कहा.
मैं मुस्कुरायी और उसके गालों को और होठों को चूमती हुयी पूछी, "क्यों असलम जी?"
फिर वह मेरी पूरी बॉडी को किश करने लगे और बोले, "मुझे तुम्हारा शौहर इसलिए बनना है, ताकि मई तुम्हे दिन और रात छोड़ सकू. मई तुझे और तरीकों से रगड़ रगड़ कर छोड़ता."
मुझे बहुत एक्ससिटेमेंट हो रही थी और मैं अपने दोनों हाथो से उसका सर पकड़ ली और उसको अपनी तरफ खींच कर ज़ोर ज़ोर से गहरी चुम्बन दी, मेरी जीभ उसके मुँह के अंदर हर जगह ढूंढ रही थी.
"उफ्फ्फफ्फ्फ़, तुम तोह कमाल की किसर हो रौशनी!"

दोनों के बीच एक लम्बी वाइल्ड किश के बाद मुझे पानी चाहिए था, लेकिन असलम तोह पुरे मूड में था, और उसने मुझे अपनी तरफ खेचा और कहा, "उफ़ रौशनी जल्दी पानी पि कर आना , मई चाहता हु की तुम मेरा लुंड चुसो, इससे पहले की मई तुम्हारी सबसे मस्त और ताबड़ तोड़ , पलांद तोड़ चुदाई करू."
मई शर्मा गयी और मैंने बस कुछ न बोली , और अपनी चूतड़ों को हिलाते किचन दौड़ गयी".
में वापस आयी तोग असलम ने बिना वक़्त जाया किये मुझे अपने और खींचा और मेरी गर्दन के पीछे से पकड़ा और अपना लुंड मेरे चेहरे के पास ले आये. मैंने उसके मोठे लुंड को चूसने के लिए अपना मुँह खोला. असलम बहुत खुश हुआ मुझे राज़ी देख कर, उसने धीरे धीरे अपना कला और मोटा लुंड मेरे मुँह में और अंदर तक डालने लगे. मुझे उसका बड़ा लुंड चूसना बहुत पसंद था.
जब मई उसको चूस रही थी तोह वह बोलै, "हैं उफ्फ्फ्फ़ मममम रौशनी, चूसो मुझे उफ्फफ्फ्फ़, तुझे तोह मेरे मलते लोडे की चूसै बहुत अचे से आती है."
मेरे हस्बैंड रोनित कभी भी बीएड में अडवेंचरउस नहीं थे. असलम ने एक्सपर्ट तरीके से मेरी मुँह के गहराई तक लुंड दाल कर मेरी मुँह की चुदाई कर रहे थे जिससे मुझे कठिनाई काम हो रही थी .. ऐसे कुछ चूसै के बाद उसने अपने लुंड को मेरे मुँह से बहार निकला और मेरे चेहरे पर अपना गीला लुंड रगड़ने लगे. मुझे उनकी बुड्ढे होकर भी मर्दानगी फील हो रही थी और उसके लुंड की ज़ोरदार धड़क फील कर रही थी.
"oooooooooooooo," मई सिसकियाँ मार रही थी .
मैं उनके लुंड के निचे लटके, बड़े अंगूरों के साथ खेलना शुरू कर दिया जब मई चूसती रही. "ओह्ह्ह आह्ह्ह्हह स्साली क्या छुस्सत्ती ह्हैई", असलम प्लेअसुरे में कराहने करने लगा.
इस बुड्ढे लेकिन मज़बूत मर्द को सिस्यते सुन मुझे एक्ससिटेमेंट हो रही थी, क्युकी मैं अब उसके बैलन से भरे अंगूरों को चूसना शुरू कर दिया था. वह अपने अंगूरों मो मेरे मुँह पर रगड़ने लगे .. मुझे उनका ऐसा मस्त दुमदार रूप बहुत turn-on कर रहा था.
उसने मेरे सर के पीछे पकड़ लिया और मेरे मुँह में फिर से अपने लुंड से चुदाई करना शुरू कर दिया, पहले स्लो लॉन्ग थ्रुस्तस से और फिर शार्ट फ़ास्ट झटकों से. जब उसके लुंड से उनके हलवे के ज्वाला फटा तोह उसने मेरे मुँह को अपने लुंड के गाढ़े माल से से भर दिया. में बस फिर से असलम के लुंड के टिप को बेतहशा चूमने लगी


उसने अपना लुंड मेरे मुँह से निकला तब मेरे सेक्सी चेहरे, बालों, और शोल्डर्स पर आ गए थे.
हूँ ऐसे hi कुछ टाइम लेते . असलम जाकर दारु की कुछ पेग मार 15-20 मं बाद वापस आये
वह मेरे करीब ए और अपना लुंड अपने हाथ में लेकर मेरे चेहरे के करीब ले आये. मैंने अपना मुँह खोली यह एक्सपेक्ट करते हुए की वह अपने मोठे लुंड को मुँह के अंदर डालेगा लेकिन उसने मुझे तैसे कर अपने लुंड को मेरे मुँह पर रगड़ने लगे.
उसका लुंड फिर से सलामी देने लगा था ….


"aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa फिर से डालो इसको मेरे मुँह में," मई सिसकियाँ मार रही थी.. मुझे सिस्यते हुए सुनकर वह मेरी उत्साह पर हसने लगा.
अब उसने मुझे उठाया और बिस्तर पे फ़ेंक दिया. असलम ने मुझे एक राग डॉल की तरह खेचा और मुझे अपनी गोद में बिठा लिया. वह मुझे किश करने लगे और मेरे सेक्सी फेस और हैवी बूब्स को काटने में बिजी हो गए.
"uuuuuuuuuuuuuuuu hahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaaaa अस्स्सलामममम," मई मोअन कर रही थी.
असलम ने मुझे बताया की "मेरे सेक्सी फेस को ओर्गास्म के थ्रोएस में देखना बहुत सेक्सी है. रौशनी तुम बहुत ब्यूटीफुल हो और तुम दम्म सेक्सी लगती हो जब तुम गेटिंग फुकेद." उसने मुझे तिघ्टलय हुग किया और मेरे लिप्स को काटा क्युकी मई मोअन कर रही थी. वह मुझे किश करता रहा और मेरी गर्दन और पूरी बॉडी को पैशन से लीक कर रहा था. मैंने इस तरह का प्यार या एक्ससिटेमेंट किसी से पहले कभी फील नहीं किया था और मई इससे रियली एन्जॉय कर रही थी.
मई चुदाई से अभी भी एक्ससिटेड फील कर रही थी और मुझे पता था की मुझे इस बूढ़े आदमी से साडी रात यह सब मिलने वाला है.
"रौशनी इधर आओ और मेरी गोद में बैठो" असलम ने मुझे कहा. असलम ने मुझे अपने ऊपर खेच लिया, उसने मेरी लेग्स को अलग किया और अपने लुंड को मेरी ओपन लेग्स के थ्रू मेरी बुर के होठों पर मस्सगे करने लगे. मैंने उसके लुंड के मोठे पहाड़ी ालो जैसे टोपे को चाटने लगी. उनका लुंड तोह करीबन 8 तो 9 इनचेस का था.


फिर अचानक से असलम मेरी आर्मपिट्स को चूसना शुरू कर दिए. उसे और वह मेरी आर्मपिट्स को पूरी तरह से चाटने लगे.
फिर वह मुझे पागलों की तरह होठों पर चूमने लगे और में भी उसे जकड कर चूमने लगी और मैं उसके बदन से लिपट कर बेतहाशा उसे चूमने लगी.
"oooooooooooooooo अआप बहुत वाइल्ड हो असलम जी"
"रौशनी तुम भी तोह एक बढ़िया सी मस्त माल हो जो मेरे बड़े लुंड के लिए भूखी हो," असलम रेतुर्न में बोले.
उसके वर्ड्स से मेरी बॉडी में एक एक्ससिटेमेंट आ गयी
उसने मुझे टर्न किया तोह मई अब उसके ड्रेसिंग टेबल के मिरर को फेस कर रही थी. वह मेरे नैक को चूमने लगे और एक हाथ मेरे बूब और इतर दूसरा मेरी कमर और फिर बुर को एक्स्प्लोर कर रहे थे और इससे मैं सिसकियाँ मारने शुरू कर दी "उफ्फ्फ्फ़ ममम असलममम मई अब और नहीं ले सकती मुझे छोड़ो प्लीज."
इससे उसे ेन्सॉरगेमेन्ट मिला और वह बोलै, " और एक राउंड की चुदाई के लिए तैयार हो जाओ रौशनी".
में मुस्कुरायी , शर्मायी .. “उफ्फ्फ्फ़ क्या मस्त है तेरी छूट रोषनीईई", असलम बोले
में हफ्ते हुए “असलम कितना मस्त लुंड है आपका मई कई दिनों से आपके इस मोठे डंडे से छोड़ने के लिए तड़प रही थी आज मई इससे रत भर छोडूंगी.”
मेरी उठी हुई छूट मई असलम अपने लुंड का एक जोर दर झटका मरता है की मेरे मुँह से आह की सिसकारी निकल जाती है, अह्ह्ह ुआठ छोड़ सेल बुड्ढे मिटा दे आज मेरी छूट की पियास अहह छोड़ छोड़ अपनी बेगम को अह्ह्ह अह्ह्ह है है है ऐसे hi छोड़िये आआआअह्ह्ह असलमममम ले अपनी बेगम को आज रात भर अह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्हह्ह.”

असलम अब ताबड़ तोड़ तरीके से मेरी छूट कूटने लगता है, उसके लुंड के हर धक्का इतना जोर से मरता है की उसका लुंड उसकी मेरी
बच्चेदानी से टकराने लगता है, में बस hay-hay करती हुई अपने भरी चूतड़ों को खूब उठाने लगती हूँ और असलम मेरी बुर में सटासट अपने लुंड को पेलने लगता है, . beech-beech मई असलम जब मेरी पहली हुई छूट देखता है तोह अपने लुंड को बहार निकल कर मेरी छूट बुरी तरह चाटने लगता है.
करीब आधे घंटे तक असलम मेरी छूट को कभी अपनी जीभ से छत्ता है कभी अपने लुंड से छोड़ता है,
असलम बोलते है “रौशनी तुझे छोड़ने मई मुझे सबसे ज्यादा मजा आ रहा है तेरी मस्तानी गांड और छूट दुनिया मई सबसे मस्त है. मन करता हैं तुम्हे अब मई दिन रत नंगी करके छोडूंगा और दिन रत तेरी मस्त गांड को मरता राहु अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ और तेरी पहली हुई छूट को दिनभर चूसूंगा तू बहुत मस्त छोड़ने लायक माल है रोशनी.

असलम मेरी छूट से अपने लुंड को बहार निकल कर उसे मेरे मुँह मई दे देता है और में असलम का लुंड फिर से पिने लगती हूँ,
असलम पास मई रखे तेल उठा कर मेरी गांड मई ऊँगली dal-dal कर तेल लगाने लगता है और अपने होंठो से मेरी
छूट भी चूसने लगता है, असलम की पहले एक फिर दो उंगलिया तेल मई भीगी होने से सात से उसकी माँ की मोती गांड के छेड़ मई घुसने लगती है, अब असलम अपने लुंड पर ढेर सारा तेल लगा कर अपने लुंड को धीरे से मेरी गुदा से लगा का dhire-dhire मेरी गांड मई पेलने लगता है,
में बस आह आह करती हुई रहती हिम और मेरी गांड नाचने लगती है जिससे असलम dhire-dhire
अपना आधा लुंड मेरी मोती गांड मई और फंसा देता है
अह्ह्ह उफ्फ्फ बहुत खुजला रही थी न तेरी ये गोल मटोल गांड …”
में बस आह आह की सिसकियाँ hi मारती रही..
असलम थोड़ा लुंड बहार खींच कर उस पर और तेल लगा
कर एक जोर दर धक्का जब मेरी मोती गांड मई मरता है तो उसका पूरा लुंड मेरी गदराई गांड मई पूरा का पूरा घुस जाता है और में बस आह मर गई रे आह करते हुए सीसीएनए लगती हूँ.
उफ्फ्फ्फ़ असलम का लुंड मेरी गांड मई फसा हुआ
और भी सख्त होकर फूलने लगता है और असलम मेरी गांड को cheer-cheer कर अपने मोठे लुंड को सटासट अंदर पेलने लगता है
में तोह बस अह्ह्ह ममम उफ्फ्फ अह्ह्ह्ह करते हुए सीसियति रहती हूँ और असलम dhire-dhire मेरी गांड जितना हो सकता था अपने हाथो से phaila-phaila कर छोड़ रहा था,
उसे तोह बहुत मज़ा आ रहा था और में भी मस्ती मई इस बुड्ढे असलम के मोठे लुंड को अपनी मस्तानी गांड मई भरे हुए खूब kas-kas कर मरवा रही थी.


असलम के तोह और ताबड़ तोड़ विचार थे .. उसने कुछ देर बाद मेरी गांड पर chadh-chadh कर उसे छोड़ना शुरू कर दिया और इतना jor-jor से मेरी गांड की ठुकाई करने लगा की पुरे कमरे मई उनके
द्वारा की गई मेरी गांड की ठुकाई की आवाज गूंजने लगी,
असलम इतनी तगड़े स्ट्रोक्स मेरी गांड और छूट
पर कभी नहीं दी थी जितना तबियत से आज असलम मेरी गांड को छोड़ रहा था.
असलम तोह अब झरने की कगार पर थे .. में तोह पहले से hi 3 बार जहर चुकी थी .. लेकिन असलम पहली बहार झरने वाले थे .. एक बड़ी सी अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ ममम मेरे मोठे लोडे का तभी असलम के लुंड का पानी रुक्मणि की
गांड मई गहराई तक भर गया और रुक्मणि निढाल होकर पेट के बल लेट गई और असलम भी मेरी गांड मई अपना लुंड
phasaye-phasaye hi उसकी गांड पर लेट गया, करीब 5 मिनट तक असलम वैसे hi पड़ा रहा फिर असलम उठ कर एक तरफ लेट गया
और में चुदाई के नशे और मस्ती मई , हाफति हुई लेती रही.
हम दोनों फिर एक दूसरे के बाँहों में बाहें दाल गहरी नींद में सो गए .
"उफ्फ्फ्फ़, निकाह तोह हमने कर लिया है रौशनी , लेकिन अब मई सचाई में भी तुम्हारा शौहर बनना चाहता हूँ," असलम ने मुझसे कहा.
मैं मुस्कुरायी और उसके गालों को और होठों को चूमती हुयी पूछी, "क्यों असलम जी?"
फिर वह मेरी पूरी बॉडी को किश करने लगे और बोले, "मुझे तुम्हारा शौहर इसलिए बनना है, ताकि मई तुम्हे दिन और रात छोड़ सकू. मई तुझे और तरीकों से रगड़ रगड़ कर छोड़ता."
मुझे बहुत एक्ससिटेमेंट हो रही थी और मैं अपने दोनों हाथो से उसका सर पकड़ ली और उसको अपनी तरफ खींच कर ज़ोर ज़ोर से गहरी चुम्बन दी, मेरी जीभ उसके मुँह के अंदर हर जगह ढूंढ रही थी.
"उफ्फ्फफ्फ्फ़, तुम तोह कमाल की किसर हो रौशनी!"

दोनों के बीच एक लम्बी वाइल्ड किश के बाद मुझे पानी चाहिए था, लेकिन असलम तोह पुरे मूड में था, और उसने मुझे अपनी तरफ खेचा और कहा, "उफ़ रौशनी जल्दी पानी पि कर आना , मई चाहता हु की तुम मेरा लुंड चुसो, इससे पहले की मई तुम्हारी सबसे मस्त और ताबड़ तोड़ , पलांद तोड़ चुदाई करू."
मई शर्मा गयी और मैंने बस कुछ न बोली , और अपनी चूतड़ों को हिलाते किचन दौड़ गयी".
में वापस आयी तोग असलम ने बिना वक़्त जाया किये मुझे अपने और खींचा और मेरी गर्दन के पीछे से पकड़ा और अपना लुंड मेरे चेहरे के पास ले आये. मैंने उसके मोठे लुंड को चूसने के लिए अपना मुँह खोला. असलम बहुत खुश हुआ मुझे राज़ी देख कर, उसने धीरे धीरे अपना कला और मोटा लुंड मेरे मुँह में और अंदर तक डालने लगे. मुझे उसका बड़ा लुंड चूसना बहुत पसंद था.
जब मई उसको चूस रही थी तोह वह बोलै, "हैं उफ्फ्फ्फ़ मममम रौशनी, चूसो मुझे उफ्फफ्फ्फ़, तुझे तोह मेरे मलते लोडे की चूसै बहुत अचे से आती है."
मेरे हस्बैंड रोनित कभी भी बीएड में अडवेंचरउस नहीं थे. असलम ने एक्सपर्ट तरीके से मेरी मुँह के गहराई तक लुंड दाल कर मेरी मुँह की चुदाई कर रहे थे जिससे मुझे कठिनाई काम हो रही थी .. ऐसे कुछ चूसै के बाद उसने अपने लुंड को मेरे मुँह से बहार निकला और मेरे चेहरे पर अपना गीला लुंड रगड़ने लगे. मुझे उनकी बुड्ढे होकर भी मर्दानगी फील हो रही थी और उसके लुंड की ज़ोरदार धड़क फील कर रही थी.
"oooooooooooooo," मई सिसकियाँ मार रही थी .
मैं उनके लुंड के निचे लटके, बड़े अंगूरों के साथ खेलना शुरू कर दिया जब मई चूसती रही. "ओह्ह्ह आह्ह्ह्हह स्साली क्या छुस्सत्ती ह्हैई", असलम प्लेअसुरे में कराहने करने लगा.
इस बुड्ढे लेकिन मज़बूत मर्द को सिस्यते सुन मुझे एक्ससिटेमेंट हो रही थी, क्युकी मैं अब उसके बैलन से भरे अंगूरों को चूसना शुरू कर दिया था. वह अपने अंगूरों मो मेरे मुँह पर रगड़ने लगे .. मुझे उनका ऐसा मस्त दुमदार रूप बहुत turn-on कर रहा था.
उसने मेरे सर के पीछे पकड़ लिया और मेरे मुँह में फिर से अपने लुंड से चुदाई करना शुरू कर दिया, पहले स्लो लॉन्ग थ्रुस्तस से और फिर शार्ट फ़ास्ट झटकों से. जब उसके लुंड से उनके हलवे के ज्वाला फटा तोह उसने मेरे मुँह को अपने लुंड के गाढ़े माल से से भर दिया. में बस फिर से असलम के लुंड के टिप को बेतहशा चूमने लगी


उसने अपना लुंड मेरे मुँह से निकला तब मेरे सेक्सी चेहरे, बालों, और शोल्डर्स पर आ गए थे.
हूँ ऐसे hi कुछ टाइम लेते . असलम जाकर दारु की कुछ पेग मार 15-20 मं बाद वापस आये
वह मेरे करीब ए और अपना लुंड अपने हाथ में लेकर मेरे चेहरे के करीब ले आये. मैंने अपना मुँह खोली यह एक्सपेक्ट करते हुए की वह अपने मोठे लुंड को मुँह के अंदर डालेगा लेकिन उसने मुझे तैसे कर अपने लुंड को मेरे मुँह पर रगड़ने लगे.
उसका लुंड फिर से सलामी देने लगा था ….


"aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa फिर से डालो इसको मेरे मुँह में," मई सिसकियाँ मार रही थी.. मुझे सिस्यते हुए सुनकर वह मेरी उत्साह पर हसने लगा.
अब उसने मुझे उठाया और बिस्तर पे फ़ेंक दिया. असलम ने मुझे एक राग डॉल की तरह खेचा और मुझे अपनी गोद में बिठा लिया. वह मुझे किश करने लगे और मेरे सेक्सी फेस और हैवी बूब्स को काटने में बिजी हो गए.
"uuuuuuuuuuuuuuuu hahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaaaa अस्स्सलामममम," मई मोअन कर रही थी.
असलम ने मुझे बताया की "मेरे सेक्सी फेस को ओर्गास्म के थ्रोएस में देखना बहुत सेक्सी है. रौशनी तुम बहुत ब्यूटीफुल हो और तुम दम्म सेक्सी लगती हो जब तुम गेटिंग फुकेद." उसने मुझे तिघ्टलय हुग किया और मेरे लिप्स को काटा क्युकी मई मोअन कर रही थी. वह मुझे किश करता रहा और मेरी गर्दन और पूरी बॉडी को पैशन से लीक कर रहा था. मैंने इस तरह का प्यार या एक्ससिटेमेंट किसी से पहले कभी फील नहीं किया था और मई इससे रियली एन्जॉय कर रही थी.
मई चुदाई से अभी भी एक्ससिटेड फील कर रही थी और मुझे पता था की मुझे इस बूढ़े आदमी से साडी रात यह सब मिलने वाला है.
"रौशनी इधर आओ और मेरी गोद में बैठो" असलम ने मुझे कहा. असलम ने मुझे अपने ऊपर खेच लिया, उसने मेरी लेग्स को अलग किया और अपने लुंड को मेरी ओपन लेग्स के थ्रू मेरी बुर के होठों पर मस्सगे करने लगे. मैंने उसके लुंड के मोठे पहाड़ी ालो जैसे टोपे को चाटने लगी. उनका लुंड तोह करीबन 8 तो 9 इनचेस का था.

फिर अचानक से असलम मेरी आर्मपिट्स को चूसना शुरू कर दिए. उसे और वह मेरी आर्मपिट्स को पूरी तरह से चाटने लगे.
फिर वह मुझे पागलों की तरह होठों पर चूमने लगे और में भी उसे जकड कर चूमने लगी और मैं उसके बदन से लिपट कर बेतहाशा उसे चूमने लगी.
"oooooooooooooooo अआप बहुत वाइल्ड हो असलम जी"
"रौशनी तुम भी तोह एक बढ़िया सी मस्त माल हो जो मेरे बड़े लुंड के लिए भूखी हो," असलम रेतुर्न में बोले.
उसके वर्ड्स से मेरी बॉडी में एक एक्ससिटेमेंट आ गयी
उसने मुझे टर्न किया तोह मई अब उसके ड्रेसिंग टेबल के मिरर को फेस कर रही थी. वह मेरे नैक को चूमने लगे और एक हाथ मेरे बूब और इतर दूसरा मेरी कमर और फिर बुर को एक्स्प्लोर कर रहे थे और इससे मैं सिसकियाँ मारने शुरू कर दी "उफ्फ्फ्फ़ ममम असलममम मई अब और नहीं ले सकती मुझे छोड़ो प्लीज."
इससे उसे ेन्सॉरगेमेन्ट मिला और वह बोलै, " और एक राउंड की चुदाई के लिए तैयार हो जाओ रौशनी".
में मुस्कुरायी , शर्मायी .. “उफ्फ्फ्फ़ क्या मस्त है तेरी छूट रोषनीईई", असलम बोले
में हफ्ते हुए “असलम कितना मस्त लुंड है आपका मई कई दिनों से आपके इस मोठे डंडे से छोड़ने के लिए तड़प रही थी आज मई इससे रत भर छोडूंगी.”
मेरी उठी हुई छूट मई असलम अपने लुंड का एक जोर दर झटका मरता है की मेरे मुँह से आह की सिसकारी निकल जाती है, अह्ह्ह ुआठ छोड़ सेल बुड्ढे मिटा दे आज मेरी छूट की पियास अहह छोड़ छोड़ अपनी बेगम को अह्ह्ह अह्ह्ह है है है ऐसे hi छोड़िये आआआअह्ह्ह असलमममम ले अपनी बेगम को आज रात भर अह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्हह्ह.”

असलम अब ताबड़ तोड़ तरीके से मेरी छूट कूटने लगता है, उसके लुंड के हर धक्का इतना जोर से मरता है की उसका लुंड उसकी मेरी
बच्चेदानी से टकराने लगता है, में बस hay-hay करती हुई अपने भरी चूतड़ों को खूब उठाने लगती हूँ और असलम मेरी बुर में सटासट अपने लुंड को पेलने लगता है, . beech-beech मई असलम जब मेरी पहली हुई छूट देखता है तोह अपने लुंड को बहार निकल कर मेरी छूट बुरी तरह चाटने लगता है.
करीब आधे घंटे तक असलम मेरी छूट को कभी अपनी जीभ से छत्ता है कभी अपने लुंड से छोड़ता है,
असलम बोलते है “रौशनी तुझे छोड़ने मई मुझे सबसे ज्यादा मजा आ रहा है तेरी मस्तानी गांड और छूट दुनिया मई सबसे मस्त है. मन करता हैं तुम्हे अब मई दिन रत नंगी करके छोडूंगा और दिन रत तेरी मस्त गांड को मरता राहु अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ और तेरी पहली हुई छूट को दिनभर चूसूंगा तू बहुत मस्त छोड़ने लायक माल है रोशनी.

असलम मेरी छूट से अपने लुंड को बहार निकल कर उसे मेरे मुँह मई दे देता है और में असलम का लुंड फिर से पिने लगती हूँ,
असलम पास मई रखे तेल उठा कर मेरी गांड मई ऊँगली dal-dal कर तेल लगाने लगता है और अपने होंठो से मेरी
छूट भी चूसने लगता है, असलम की पहले एक फिर दो उंगलिया तेल मई भीगी होने से सात से उसकी माँ की मोती गांड के छेड़ मई घुसने लगती है, अब असलम अपने लुंड पर ढेर सारा तेल लगा कर अपने लुंड को धीरे से मेरी गुदा से लगा का dhire-dhire मेरी गांड मई पेलने लगता है,
में बस आह आह करती हुई रहती हिम और मेरी गांड नाचने लगती है जिससे असलम dhire-dhire
अपना आधा लुंड मेरी मोती गांड मई और फंसा देता है
अह्ह्ह उफ्फ्फ बहुत खुजला रही थी न तेरी ये गोल मटोल गांड …”
में बस आह आह की सिसकियाँ hi मारती रही..
असलम थोड़ा लुंड बहार खींच कर उस पर और तेल लगा
कर एक जोर दर धक्का जब मेरी मोती गांड मई मरता है तो उसका पूरा लुंड मेरी गदराई गांड मई पूरा का पूरा घुस जाता है और में बस आह मर गई रे आह करते हुए सीसीएनए लगती हूँ.
उफ्फ्फ्फ़ असलम का लुंड मेरी गांड मई फसा हुआ
और भी सख्त होकर फूलने लगता है और असलम मेरी गांड को cheer-cheer कर अपने मोठे लुंड को सटासट अंदर पेलने लगता है
में तोह बस अह्ह्ह ममम उफ्फ्फ अह्ह्ह्ह करते हुए सीसियति रहती हूँ और असलम dhire-dhire मेरी गांड जितना हो सकता था अपने हाथो से phaila-phaila कर छोड़ रहा था,
उसे तोह बहुत मज़ा आ रहा था और में भी मस्ती मई इस बुड्ढे असलम के मोठे लुंड को अपनी मस्तानी गांड मई भरे हुए खूब kas-kas कर मरवा रही थी.

असलम के तोह और ताबड़ तोड़ विचार थे .. उसने कुछ देर बाद मेरी गांड पर chadh-chadh कर उसे छोड़ना शुरू कर दिया और इतना jor-jor से मेरी गांड की ठुकाई करने लगा की पुरे कमरे मई उनके
द्वारा की गई मेरी गांड की ठुकाई की आवाज गूंजने लगी,
असलम इतनी तगड़े स्ट्रोक्स मेरी गांड और छूट
पर कभी नहीं दी थी जितना तबियत से आज असलम मेरी गांड को छोड़ रहा था.
असलम तोह अब झरने की कगार पर थे .. में तोह पहले से hi 3 बार जहर चुकी थी .. लेकिन असलम पहली बहार झरने वाले थे .. एक बड़ी सी अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ ममम मेरे मोठे लोडे का तभी असलम के लुंड का पानी रुक्मणि की
गांड मई गहराई तक भर गया और रुक्मणि निढाल होकर पेट के बल लेट गई और असलम भी मेरी गांड मई अपना लुंड
phasaye-phasaye hi उसकी गांड पर लेट गया, करीब 5 मिनट तक असलम वैसे hi पड़ा रहा फिर असलम उठ कर एक तरफ लेट गया
और में चुदाई के नशे और मस्ती मई , हाफति हुई लेती रही.
हम दोनों फिर एक दूसरे के बाँहों में बाहें दाल गहरी नींद में सो गए .



















































































