सलीम और असलम दोनों स्तब्ध रहे .. वह एक दूसरे को देखने लगे फिर रौशनी को देखे .. क्या उन्होंने सुना था वही सच था .. रौशनी उन दोनों की बेगम बनने के लिए तैयार थी .. वह इतने स्तब्ध थे की आगे कुछ न बोल पाए.
कुछ पलों बाद रौशनी hi बोल पड़ी.
“देखिये असलम और सलीम मियां , में आप दोनों में से एक को तोह नहीं चुन सकती. मुझे आप दोनों से उतना hi लगाव हैं और प्यार हैं .. आप की बेगम बनूँगी तोह दोनों की साथ में .. यही मेरा फैसला हैं. और मेरे कुछ शर्त भी हैं . अगर वह मानोगे तोह में बनूँगी आप की बेगम.
दोनों असलम और सलीम साइड में गए और बात करने लगे .. कुछ मं की बातों के बाद वह फिर से रौशनी के सामने आ खड़े हुए ..
“ओह हम्म .. अच्छा रौशनी हमें मंज़ूर हैं लेकिन आपके ये शर्त क्या हैं.
(रौशनी को लगा नहीं था की इतने जल्दी वह मानेंगे की वह दोनों की बेगम बनने को तैयार थी .. वह कुछ टाइम और सोचके बोली)
“Ok शर्तें बताउंगी.
- बेगम बनने के बाद में आप दोनों के साथ नहीं रह पाऊँगी .. में शादी शुदा भी हूँ इसीलिए रहूंगी तो मेरे पति के साथ hi.
- अआप अपना पूरा हक़ नहीं जाता सकते मुझ पर , आप जो चाहिए मुझे बता सकते हो , जो भी रूल्स होते हैं लेकिन उन्हें न कहने में मुझे ऑप्शन पहला मिलगा , यदि में माज़ूर करती हूँ या नहीं.
- हाँ अब बेगम बन hi गयी हूँ तोह हफ्ते में 1 रात आप दोनों के घर बिता पाऊँगी लेकिन बिस्तर पर जो भी करना हैं अलग अलग करोगे .. एक बार असलम मियां के साथ और दूसरा सलीम मियां के साथ.
- हाँ आपके घर रहूंगी तोह साडी पहनूंगी , में बुर्का नहीं पहनूंगी , आपकी बेगम हूँ लेकिन में वह नहीं पहनूंगी.
- वह दो दिन जब आपके साथ रहूंगी तोह घर के सारे काम में करुँगी , खाना ,कपडे धोना , साफ़ सफाई करना .. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं क्यूंकि में आप दोनों की बेगम हूँ और आपका घर मेरा भी घर हैं और उसकी देखभाल करना मेरा फ़र्ज़ हैं.
असलम और सलीम फिर से ापास में जरा दूर जाकर बातें करने लाए .. और कुछ मिंटो बाद वापस रौशनी के पास आ गए.
“देखिये रौशनी , जब आप हमारी बेगम बनती हो तोह जो आपके हम शौहर कहेंगे आपको दरअसल वही करना होता hain.lekin हम आपसे बेहत प्यार करते हैं और आपक हमारी बेगम स्वीकार करते हैं लेकिन हमारे भी थोड़े शर्त हैं.
रौशनी कुछ न बोली बस सर हाँ में हिलने लगी.

अच्छा तोह शर्त ऐसे हैं
- पहेली बात हैं की हमें आप से निकाह करना होगा .. ये ओफ्फिकल होगा तभी हम आगे बढ़ेंगे . हम वापस अपने शहर जाएंगे तोह वहां पर कुछ कम दूर एक हैं जगह जहाँ हम तीनो निकाह कर पाएंगे .. हम सब अर्रंगे कर लेंगे .. काफी दूर हैं जगह इसीलिए ंगो के कोई लोगों को भनक नहीं होगी न hi आपके पति को.
- हम तोह चाहते हैं आप हमारे सतह hi हमारे वहां रहे लेकिन हम समझ सकते हैं वह ंगो के वहां हैं तोह लोग शक करेंगे ये क्या हो रहा हैं . लेकिन आप को एक रात नहीं बल्कि दो दिन और रात जो आप बिताओगी हम दूँ के साथ एक साथ. रात भी एक साथ आप हम दोनों की बिस्तर गरम करोगी… आपको हम दोनों की बेगम बननी हैं तोह ऐसे hi करना होगा .
(रौशनी यह बात सुन कर की वह दोनों के साथ बिस्तर गरम करेगी .. इससे काफी शर्माने लग जाती हैं .. उसके गाल लाल और बुर में नमी शुरू हो जाती हैं वह सुन. )
3. निकाह होते hi दो पुरे दिन और रात हमारे साथ बिताओगी मनो हनीमून जैसे .. वह कहाँ और कब जाएंगे वह आपको बाद में हम बताएंगे ..
(इस बात से भी रौशनी की बुर में नमी और बढ़ती हैं , उसके निप्पल्स सकत और उजागर होते हैं और उसकी शर्म का ठिकाना नहीं रहता .. उसे पता हैं की दोनों हनीमून के नाम मर उसके साथ पूरी मस्ती करेंगे और सोने न देंगे रात भर उफ्फ्फ्फ़ मम दोनों के तगड़े मोठे लुंड तोह उसके बदन से भटकेंगे hi नहीं वह दो दिन और रात उफ्फ्फ.)
उसके बाद उन्होंने और कुछ रूल्स बताये जिससे सुन रौशनी सिहर उठी .. एक अलग सी झुनझुनी उसके बदन में दौड़ने लगी .. (वह सब बातें बाद में पता चलेगी )
लेकिन उसे बस एक बात ठेके नहीं लगी तोह वह बोल पड़ी.
“देखिये मेरे मियां … में निकाह तोह नहीं करुँगी .. में पहले से hi शादी शुदा हूँ .. आपसे कह तोह नहीं करुँगी..
आपकी बेगम बनूँगी मतलब आपके साथ जब भी रहूंगी आप दोनों की सेवा करुँगी , घर के कामों में हो या फिर रात में बिस्तर पर .. लेकिन यह ऑफिसियल निकाह मत करवाइये मुझसे में आप दोनों से बिनती करती हूँ…
असलम और सलीम दोनों कुछ सोचते हैं (उनकले रीतिरिवाज़ों के मैंने रखते हुए उन्हें पता था की वह किसी भी महिला को निकाह करने से फाॅर्स नहीं कर सकते .. दोनों महिला और मर्द की ुन्दरस्तादनिंग शामे हो तोह hi निकाह हो सकता हैं .. इसीलिए वह निकाह की ज़िद्द छोर देते हैं - अभी के लिए, और वीएस भी दोनों अभी भी रौशनी से निकाह अकेले अकेले में करना चाहते थे न की एक साथ, अभी के लिए तोह बस एक साथ रौशनी के बदन के मज़्ज़े तोह वह ज़रूर लेने वाले थे)
अच्छा रौशनी जी निकाह नहीं करेंगे लेकिन आपको यह बाकी के हमारे शर्त ठीक लगते हैं तोह बताइये .. फिर हमें आपको बेगम बनाने में कोई आपत्ति नहीं. रौशनी भी सर हाँ में हिलायी और कामुक स्वर में बोली .. “हाँ मंज़ूर हैं मियां … आपकी बेगम बनना चाहती हूँ और आपके शर्त सब मंज़ूर हैं.. इस बार रौशनी के दिमाग से ज्यादा उसके भावनाएं और गर्मी बात कर रही थी , वह चीज़ों के वजह से वह सब शर्त उनके मानी थी.

फिर असलम बोलता हैं .. “ निकाह मत करिये लेकिन अब तुम हमारी बेगम हो इसीलिए हम तीनो हनीमून पर भी जाएंगे .. और असलम आँख मारी रौशनी को देख. रौशनी शर्मा गयी , उसकी बुर में काफी नमी थी ..
सलीम और असलम फिर से कुछ बातों में लग गए और फिर सलीम बोलै “रौशनी अब तैर हो गया हैं हम कल hi जाएंगे हमारे हनीमून पर. हम तीनो…
“ओह , लेकिन कल तोह हमें वापस जाना हैं और परसो से फिर से काम पर जाना हैं मुझे ..”
“हाँ पता हैं .. हमने उस पर भी सोचा हैं. कल आप सब को .. कहोगी की आपकी सहेली हैं जो इस शहर में हैं उसने आपको 2 दिन बुलाया हैं उसके कुछ फॅमिली फंक्शन के लिए .. फिर वह सब बस से शेरे वापस लौटेंगे और हम तीनो एक अलग बस पकड़ कर हमारे होनेमूद पर जाएंगे .. और रही बात परसो की काम की तोह आपको छूती लेनी पड़ेगी . हमें 2 दिन और रातें तोह आपके सतह बिताने hi हैं हनीमून पर .. सलीम रौशनी को आँख मारी .. रौशनी मन hi मन शरमाई और चेहरे पर मुस्कराहट छायी उसकी.
“हम्म ठीक हैं लेकिन बस दो दिन क्यूंकि इस महीने की एक hi छूती बची हैं मेरी.”
“हाँ हाँ दो दिन काफी हैं तुम्हारे साथ मस्ती करने के लिए हनीमून पर …”
रौशनी उनके बार बार हनी मून कहने पर शर्मा रही थी . अभी तक तोह उसकी एक hi हनीमून हुयी थी .. और अब ये दोनों मोठे लुंड वाले बुड्ढे भी उसके साथ हनीमून मानाने वाले हैं .. रबनित ने hi उसे इतना तंग किया था हनीमून पर , और ये दोनों बुड्ढे तोह और भी ठरकी और मोठे लुंड वाले कमीने हैं .. यह तोह मेरी ऐसी चुद…. उफ्फ्फ्फ़ रौशनी यह क्या कह रही हैं उफ्फ्फ …. ओह गॉड हे भगवान् में कहाँ इन दोनों के साथ फँस गयी उफ्फफ्फ्फ़.
असलम बोल पड़ता हैं “अच्छा तोह तैर हैं , हम एक ऐसी मस्त पहाड़ियों के इलाके में जाएंगे जो काफी मशहूर नहीं हैं लेकिन बड़ी अच्छी और सुन्दर जगह हैं .. में अपनी रुकसाना बेगम को वही लेकर गया था .. उफ्फ्फ अब मेरी नयी बेगम को वहां ले जाऊंगा और सब यादें ताज़ाअ करूँगा .. और कही तोह मुझे लगता हैं की यह हनीमून तोह उस हनी मून के मुक़ाबले और भी मस्त होगी .. मेरी नयी बेगम तोह और भी मस्त और गदराई हैं …”

वह बस इन दोनों मोठे तगड़े लुंड वाले बुद्धों के साथ अपनी दूसरी हनीमून की रातों की मस्तियों और चुदाई के बारे में रौशनी सोचने लगी.. दोनों तोह उसके बदन को निचोड़ निचोड़ कर मसल देंगे होनेय्यमुन पर उफ्फ्फ … और मेरी बुर की कास कर चुदाई करने वाले हैं.

उफ्फफ्फ्फ़….. रौशनी मन hi मन बड़ी शर्मायी …>
असलम और सलीम ने रौशनी के हाथों को पकड़ खड़ा कर लिया और दोनों ने बारी बारी रौशनी को गहरी चुम्बन देने लगे .. असलम उसकी लेफ्ट चुकी दबाने लगे और सलीम उसकी राइट .. रौशनी भी गर्म हुयी थी और अपनी निचली होठों को काट कर वह दोनों के लुंड मसलने लगी….
उफ्फ्फ मम रौशनी जी …. उफ्फफ्फ्फ़ सबर करिये रौशनी … हमें पता हैं आप आपने मियां के लुंड से बड़ा प्यार करना चाहती हो … लेकिन हनीमून तक रुको फिर तोह दो दिन और रात आपके साथ hi रहेंगे और सोने नहीं देंगे .. इसलिए अब आज रात आप आराम करिये …”
रौशनी की शर्माहट का ठिकाना hi नहीं रहा … उफ्फ्फ्फ़ उसे तोह मन कर रहा था अभी इसी वक़्त उनके लोदो को निकल कर ढेर सारा प्यार करे .. उफ्फ्फ उसे यह अलग hi आग और मस्ती च गयी थी .. सब इन दो बूढ़ों की खैरियत के वजह से था उफ्फफ्फ्फ़.


फिर दोनों अपने अपने कमरे में चले गए अउ रौशनी भी निघ्त्य बदल कर सोने चली गयी.. रात भर बस दोनों के लोदों की सोचती रौशनी और बुर से खेलती और एक दो बार बुर से रास भी निकल दी थी …
फिर अगले दिन रौशनी ने
रौशनी ने सुबह अपना सामान पैक कर लिया. अपना मेकअप किट और कपडे सब पैकिंग की. दोनों असलम और सलीम पहले hi पहुँच चुके थे लेकिन रौशनी को उसके बारे में पता hi नहीं था और .. इसीलिए रौशनी अकेले से रिक्शा से बस स्टेशन निकल पड़ी. स्टेशन पर काफी सरे मर्द थे जो उसे घर रहे थे. उसने एक स्लीवलेस ब्लाउज वाली साडी पहनी हुई थी, जिसे उसकी गहरी कट वाली ब्लाउज पहनी थी और पीछे तीन डोरियन थी जो उसके पीठ के और लपेटे हुए थे और. रौशनी ने अपने लम्बी रेशमी बालों को उसने खुला छोर नहीं राखी थी क्यूंकि वह उसके बड़े गोल उछलते चूतड़ों तक आते और सब मर्दों की नज़र फिर वही पर पड़ती इसिलए स्ने अपने बालों को अपने सर से एक हेयर क्लिप से बाँध रखा था. लेकिन बात यही हुयी की क्लिप लूसे हो रही थी और उसके बाल ओपन हो रहे थे और वह चलते समय उसके गोल भारी छटड़ों से टकरा रहे थे.
अपने बाँहों को ऊपर करती तोह उसकी आर्मपिट्स की सुगंध से भी वहां के मर्द उसके लिए पागल बनते

उसने अपनी साडी को अपनी नाभि के नीचे पहनी थी, और उसकी नाभि साफ़ साफ़ मर्दों को दिखाई दे रही thi.use एक सीट मिली स्टेशन पर और वह वहां बैठ गई. उसने ऊपर देखा तोह देखा की वहां बहुत से मर्द hi थे और काफी काम महिलाऐं थी, और उस के जैसी बड़े शहर की महिला तोह बिलकुल नहीं थी. रौशनी वहां आधे घंटे तक बैठी रही. उसे पुरे दौरान बहुत से मर्द उसे सर से पेअर तक घर रहे थे. रौशनी समझ गयी की ये सब मर्द मन hi मन लालसा रहे थे उसके बड़े से चूचियों और गदराई से गोर बदन को देख.

रौशनी बैठी थी और उसकी डीप फ्रंट कट ब्लाउज के सामने से पल्ली सरक गया और उसकी चूचियों की बड़ी वाल्लेस सब मर्दों को दिल्ही दे रही थी.. और उन सब के लोदों में जान भी पूरी आयी होगी और अपनी औकात में पूरी सख्त हुयी होगी

वह वहां वेट कर बोर हो रही थी की उसे मैसेज आया की वह कहा हैं?
रौशनी ने रिप्लाई दी की वह उनका hi वेट कर रहे हैं. फिर सलीम ने रिप्लाई दी की वह दोनों तोह बस में पहले से hi बैठे थे , बस की सबसे पिछली सीट पर.
रौशनी फिर बस की और गयी तोह देखि की बस में चढ़ने के लिए बड़ी लाइन लगी थी. उसके पीछे वाला मर्द dheere-dheere उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था. रौशनी को खुद पर आश्चर्य था की उसे , उस मर्द के ऐसे करने से कोई आपत्ति hi नहीं थी. वह मन hi मन तसली करि खुद को की बड़ी भीड़ थी इसीलिए हुआ होगा उस मर्द से ऐसे.

अआखिरकर वह बस में चढ़ गयी और अपनी सीट पर पहुंची. वहां दोनों असलम और सलीम पहले से hi बैठे हुए थे. उन्हने फिर से उसकी सीट उनके बीच में वाली hi रकहि थी.. रौशनी अपनी बैग ऊपर रखने लगी . निचे वह देखि की असलम उसकी नाभि को घूर रहा था. असलम ने उसे उसकी नाभि को घूरते हुए देख लिया और असलम मुस्कुराया. रौशनी भी मुस्कुरा दी. फिर असलम और नज़दीक आकर उसकी नाभि की गोलाई में जीभ दाल एक चुम्मा दिया .. उफ्फ्फ्फ़ उसकी ऐसी पब्लिक में हरकत देख रौशनी शेर उठी .. उफ्फ्फ कितने नॉटी हैं असलम मियां उफ्फफ्फ्फ़ … रौशनी ने फिर झूट मूत की एक तपली दी असलम के सर पर .. फिर उसने रौशनी को अंदर जाने के लिए थोड़ी सी hi जगह दी. अब ऐसे हुआ की आगे से सलीम ने भी असलम जैसे उसकी नाभि की गोलाई को चूमा .. और पीछे से रौशनी अपने बड़े और गोल चूतड़ों को असलम के चेहरे पर महसूस करने लगी .. इस हरकत से रौशनी की बुर में नमी होने hi लगी.
असलम के हाथों ने रौशनी की चूतड़ों को दबाया .. और आगे से सलीम उसके बड़े गोल और सॉफ्ट चूचियों को हलके से मसलने लगे . … रौशनी की बुर की नमी और हुयी..
रौशनी फिर असलम के और सलीम के बीच बैठ गयी .. सलीम उसके कानों में फुसफुसाने लगे
“अरे आपके शौहर तोह भाग्यशाली होंगे की उसे तुम्हारे जैसे गदराई और खूबसूरत बेगम मिली हैं . उफ्फफ्फ्फ़ रौशनी सोची .. यह सलीम भी न ऐसे कर रहे हैं जैसे वह मुझे अपनी बेगम बना कर अभी हनीमून नहीं ले जा रहे हैं उफ्फ्फफ्फ्फ़… रौशनी चेहरा पर बस एक शर्माहट hi ला सकीय.

]
ख़राब सड़कों के वजह से रौशनी को में थोड़ा झटके लग रहे थे और झटकों के कारण रौशनी उछाल रही थी, इसलिए उसने असलम और सलीम दोनों के हाथ पकड़ लिए. दोनों ने उसके हाथों को कसकर पकड़ रखे उसकी गोरी और मुलायम उँगलियों में अपने काळा और भद्दे उँगलियों को फंसाये हुए. . कुछ देर बाद झटके बंद हो गए लेकिन रौशनी ने उनके हाथों को नहीं छोड़ी.
असलम उसके तरह मुद कर बोलै "तुम बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो रौशनी." रौशनी बस शर्मा गई और बोली “शुक्रिया असलम मियां.”
फिर असलम ने अपने हाथ उसकी झंघों पर रखे और उसकी साडी के ऊपर से उसकी झंघों को रगड़ना शुरू कर दिया. Dheere-dheere असलम के हाथ उसके पल्लू के बीच से होते हुए उसकी नाभि की और बढे और फिर वह रौशनी की ब्लाउज पर से उसके चूचियों को सहलाते रहा. असलम ने फिर रौशनी के हाथों को ऊपर करते हुए उसे चूमा. रौशनी भी बस हलकी सी कराह भरी. असलम ने फिर उसकी साड़ी उंगलियां चूसी और रौशनी को ऐसा लग रहा था जैसे वह उसकी उँगलियों को नहीं बल्कि उसकी निप्पल्स चूस रहे थे. असलम ने उन्हें छाता और चूसने लगा. फिर असलम ने रौशनी के हाथ लिए और उसकी पंत के ऊपर से hi उसके लोडे के उभर पर रख दिया. सलीम यह सब हरकतें देख गरम हो रहा था और उसने भी वही किया जो असलम ने अभी किया था. अब रौशनी के मुलायम हतः दोनों के लुंड के उभर पर थे और उनके लोडे अब आधे सख्त हुए थे. फिर दोनों ने रौशनी को उनके लोदों के उभर को रगड़ने के लिए कानों में फुसफुसाए. वहां लास्ट की सीट और उनकी आगे की सीट पर भी कोई नहीं था इसीलिए कोई उन तीनो की धीमी स्वर की बातें नहीं सुन सकता था
रौशनी ने उनके पंत के ऊपर से उनके लोदों के उभर को रगड़ना शुरू करि. उनका लोढ़ा अब सख्त हो गए. उन्होंने रौशनी को उनके पंत की ज़िप खोलने के लिए बोले. सलीम ने एक कम्बल उनकी झांघों पर रखा और रौशनी ने अपने हाथों को उनके ज़िप खोलकर उनके पंत के अंदर अपने हाथों को दाल दिए. अब रौशनी तोह बोल्ड हो गयी थी , उसने तोह सीधे अंदर उनके चड्डियों में अपने हाथों को दाल दोनों के लोदों बाहर निकाल लिया और रौशनी उन्हें अपने हाथों में पकड़ उनके लोदों को jor-jor से रगड़ने लगी. रौशनी अब जोर से उनके लोदों को सहलाने लगी. कुछ टाइम ऐसे कर फिर रौशनी ने अपने हाथ कम्बल से बाहर निकाले और दोनों को देख उसकी उँगलियों पर लगे उनके गधे प्रेकम को चाटने लगी … जिसे देख दोनों असलम और सलीम स्तब्ध रहे .. रौशनी के हाथ उनके गर्म गाढ़े प्रेकम से गीले थे. रौशनी अपने उँगलियों को चाटने लगी और उसके हाथ पर लगे प्रेकम पूरी तरह से साफ करि. सलीम इधर उधर देखे और फिर उसने रौशनी के होंठों को चूमा और दोनों एक गहरे चुम्बन में लगे कुछ पल. रौशनी सब शर्म हाय भूल गयी थी और चूमि सलीम को , असलम ने भी फिर वही करा.
सलीम ने अब कम्बल और ऊपर रखा और कवर के अंदर अपने हाथ रौशनी की नाभि के ठीक नीचे से साडी के अंदर hi दाल दिया. सलीम की उँगलियाँ रौशनी की बुर के क्षेत्र तक पहुँच कर उसके पंतय के ऊपर से hi उसके बुर को रगड़ने लगे. असलम ने भी वही करा .. और अब दोनों रौशनी की बुर को पंतय के ऊपर से बहुत जोर से और तेज़ी से रगड़ने लगे. रौशनी बस अपने निचले होंठों को काट ली और हलके से कराह रही थी.

image uploader
बस रुकी एक स्टॉप पर… रौशनी उनके उसकी छूट से खेलने के वजह से और सुबह रश में बाथरूम न जाने के वजह से वह अब मूतना चाहती थी, रौशनी ने असलम और सलीम को रुकने बोली और अपनी साडी ठीक कर बहार वाशरूम जाने के लिए उठी. सीट से बाहर आते समय रौशनी के बड़े गोल चूतड़ असलम के चेहरे की और थी. असलम ने उन्हें पकड़ लिया और उसके चूतड़ों पर एक चुम्बन दी. अब रौशनी आगे की और थी और असलम पीछे इसीलिए उसकी यह हरकत हिडन थी .. रौशनी एक हलके से कराह के साथ निकली और असलम ने उसके चूतड़ों को और एक बार कसकर दबोचते उसे छोड़ दिया. रौशनी बहार स्टॉप पर के एक वाशरूम गई . बाथरूमंमें वह मूतने बैठी तोह उसे एहसास हुआ की उसकी बुर पूरी तरह से गीली थी. उफ़ यह दोनों यह बस में फिर से शुरू हुए उफ्फफ्फ्फ़ …
मूतने के बाद रौशनी ने अपनी साडी ठीक से पहनी और बस चढ़ा कर सीट पर वापस आ गयी. अब अंदर बैठने के लिए आगे बढ़ी तोह सलीम उसके आगे थे और वह रौशनी के चूचियों को सहलाने लगा … और तोह और रौशनी की सख्त निप्पलों की चुटकी निकली जिसे रौशनी ज़रा सा बड़ी आह निकली .. उफ्फफ्फ्फ़ उसकी गाल इतने शर्म से लाल हुए .. सोची की क्या किसी ने बस में उसकी कराह सुनी थी उफ्फ्फफ्फ्फ़ …. यह सफर तोह अभी से hi इन्होने गरम बना दी हैं उफ्फ्फ.. रौशनी बैठे यही सोची.

अब बात हुयी की उस स्टॉप पर बहुत लोग बस में चढ़े और अब उन तीनो के सामने की सीट पर लोग थे और बगल में भी .. इसीलिए और कुछ मस्ती का मौका न मिला तीनो को.
लकिन पूरी सफर में रौशनी कभी सर असलम के कन्धों पर रखती और कभी सलीम के .. बस के सभी मर्द रौशनी जैसी बड़ी शहर की सुन्दर और सुशील शादी शुदा महिला को असलम और सलीम जैसे काळा बुद्धों से इतनी चिपकी हुयी बैठे और इतने रोमांटिक पलों को बिताते देख शताब थे ..
लेकिन सलीम , असलम और रौशनी को कोई फरक नहीं पद रहा था और तीनो ऐसे hi करीबी से चिपके हुए बैठे सफर काट ली और आख़िरकार वह पहाड़ी हिल स्टेशन पर पहुँच hi गए .
जैसे असलम ने कहा था वह पहाड़ी इलाका काफी काम तौरीसत्य था.
अब श्याम हुयी थी और .. असलम बोलै
“देखिओ हमें यहाँ पर hi डिनर करनी होगी .. जहाँ हम जा रहे हैं वहां खाने की कोई बंदोबस्त नहीं हैं ..”
सलीम और रौशनी सर हाँ में हिलाये और तीनो दीनने रकरने के रेस्टोरेंट में बैठे .. डिनर ख़तम होते hi वहां पास के एक शॉप में गए .. वहां पर असलम ने कुछ पानी के बोतल और कुछ नमकीन स्नैक्स लिए . सलीम ने पास की वाइन शॉप से दारु की बोत्तलें ली ..
रौशनी रेस्टोरेंट में hi बैठी थी. असलम और सलीम फिर उसे बहार से इशारा करे उनके साथ चलने के लिए और रौशनी निकल पड़ी.
फिर तीनो वहां एक रिक्शा में बैठे उस छोटे से टाउन के भी ऑउटस्कर्ट्स तक गए.
रिक्शा वाला बायकी सबा मर्दों जैसे तीनो को देख दांग hi था. एक जगह पहुँच वह बोलै .. अच्छा अब आगे का रास्ता आपको पैदल तैर करना हैं , रिक्शा वहां नहीं जाएगी.
रिक्शा वाला एक आखरी बार तीनो को देखा फिर वहां से चला गया. फिर तीनो आगे चल पड़े.
“असलम जी यह कहाँ हैं .. हम उस छोटे से टाउन के भी बहार आये हैं …
“यही हैं और 10 मं की दुरी पर..”
आखिर वह पहुँच hi गए .. आगे जो देखा रौशनी वह देखती hi रही .. उफ्फ्फ कितनी सुन्दर जगह थी , पहाड़ियां hi पहाड़ियां .. ट्रीज hi ट्रीज नेचर hi नेचर ..उफ्फ्फ्फ़ क्या जगह थी .. फिर वह असलम और सलीम को देखि ..
वहां एक छोटा सा घर जैसे कुछ था ….
“असलम जी यहाँ तोह कोई नहीं हैं…
“रौशनी जी यह मेरे दोस्त ने बनाया था . वह आता हैं यहाँ अपनी बेगम के साथ कभी कबर .. उसने हमें रहने की इज़ाज़त दी हैं .. अब चलिए .”
रौशनी वहां उफ़ वह दो दिन और रात उनके साथ उसे चीते से जगह पर बिताएगी .. बस वह तीनो .. वहां आस पास कोई नहीं उनकी रंगरलियों को रोकने टोकने … ऐसी जगह पर तोह दोनों उसकी बहुत बजने वाले हैं बंद .. रौशनी उन तीनो के साथ चल दी . असलम ुर सलीम उसके कमर में अपने हाथों को फसाये उसे करीब रखते हुए अंदर उस छोटे से माकन में चले गए.
वहां कुछ टाइम रेस्ट के बाद असलम और सलीम रात की तैयारी में लग गए . उन्होंने दारु के बोतल और नमकीन टेबल पर रखे .. रौशनी उन्हें देख रहे थी .. दोनों ने पूरा प्लान बनाया था .. मस्त पिएंगे और उसके बदन के साथ रात भर कहलने का प्लान . उसकी बुर की नमी बढ़ने लगी.
रौशनी की गर्मी बढ़ रही थी .. वह उन्हें देख बोली .. “क्या आप दोनों कुहक टाइम बहार रहेंगे मुझे चेंज करना हैं.”
“अरे क्यों , हमारे सामने hi करिये रौशनी .. “
नहीं प्ल्ज़ मुझे आप दोनों के लिए सज कर तैयार होने दीजिये न “
“है है ाचा .. चलिए .. सज धजिये हमारे लिए .. वैसे भी बहुत टाइम नहीं रहेंगे आपके वस्त्र आपने बदन पर .. ः और दोनों आँख मारते हुए हसने लगे .. रौशनी के गाल ों पर बड़ी शर्म की लाली छायी. दोनों बहार गए .
अंदर रौशनी पहले नग्न हुयी .. बदन पर कुछ लोशन लगायी
उसने फिर अपना बैग खोला और उसमें 4 सरिस थी, उनमें से एक पीली और एक लाल रंग की साडी थी . और एक पीले रंग की डीप बैक ब्लाउज थे. अपना खुद का सारा मेकअप किट तैयार कर रौशनी एक शीशे के सामने बैठ गई. रौशनी ने अपने बालों को एक पोनीटेल हैरस्टीले में बाँध राखी. रौशनी ने काजल, ऑय लाइनर, लाल लिपस्टिक, काली गोल बिंदी लगाई.
रौशनी ने एक सजावटी चोकर नैक पीेछे पहनी जो उसने लायी थी रोनित के साथ पेहेन्ने लेकिन वह इन डॉन बुद्धों के लिए पहने वाली थी.. उसने एक लम्बा मंगलसूत्र भी पहनी जो असलम और सलीम ने साथ मिलकर लायी थी …
वह उसे बेगम बना चाहते थे लेकिन वह चाहते थे की रौशनी के खुद के रीती रिवाज का एक ऑर्नामेंटल लिहाज़ा भी वह रखे और वह था एक मंगलसूत्र.


वह मंगलसूत्र लम्बा था और वह रौशनी के बड़े चूचियों के ऊपर लटक रहा था रौशनी ने उसकी साडी के रंग से मेल खाने के लिए लाल प्लास्टिक चूड़ियाँ पहनी जो असलम और सलीम ने hi खरीद कर लायी थी . मैंने एक लम्बी लटकती हुई कानों में बालियान पहनी और फिर पैरों में पायल पहनी. यह सब चीज़ें असलम और सलीम लाये थे इसीलिए वह पहले hi बस स्टेशन के लिए निकल चुके थे ..
रौशनी ने अपने पैरों पर लाल नेल पोलिश लगायी. रौशनी कड़ी हो गई शीशे के सामने ये सब पहने हुए. रौशनी इतनी सेक्सी लग रही थी की कोई भी मर्द उसकी चुदाई करने के लिए तैयार हो जाएगा . उसके साथ दो दो ठरकी और बड़े मोठे लुंड वाले बुड्ढे थे जो उसकी रात भर चुदाई करने वाले थे … उफ्फ्फ सी सोच से रौशनी की बुर की नमी बढ़ती गयी.
अंदर रौशनी ने एक प्रदर्शि फूलों वाली पंतय पहनी थी. उसने ब्रा भी पहनी लास वाली और ब्लाउज फिर पहनी थी जो पीछे से बस 2-3 धागों से बंधी हुयी ब्लाउज थी. उसकी ब्लाउज मुश्किल से उसके बड़े गोल और नरम चूचियों को संभाल प् रहा था. उसने एक लाल चमकदार ऊँची हील वाली संदल पहन ली.

तोह यह था रौशनी का अपने हनीमून की पहली रात के लिए सेटअप. एक स्लीवलेस पीली ब्लाउज और लाल साडी जिसकी ब्लाउज अब तक की उसकी सबसे डीप बैक कट ब्लाउज थी और इस बार बड़ी डीप फ्रंट ट्रायंगल कट की भी ब्लाउज थी .. उसने कमर में एक चैन, हाथों पर पिंक नेल पोलिश और रेड लिपस्टिक.
रौशनी शीशे के सामने कड़ी हुई खुद को निहारने लगी. वह एक सेक्सी लेकिन आदर्श विवाहित महिला के तरह लग रही थी.
उसने सब तैयारी कर, फिर दोनों बुद्धों को बड़े प्यार से अंदर आने को पुकारी.

“उफ्फ्फ है मममम … क्या माल काग रही हो तुम रौशनी ,.., उफ्फ्फ क्या गदराई बदन वाली बेगम हैं हमारी .. हैं न असलम …”
“हाँ सलीम उफ्फफ्फ्फ़ मन करता हैं नाग्नि hi कर लूँ इसे …”…
रौशनी दोनों की बातें सुन शर्मा hi रही थी ..
सलीम फिर बोलै “ रौशनी तुम तोह इस हनीमून के ख़तम होने के बाद कहोगी .. हनीमून हो तोह ऐसा !!!”
अब तोह रौशनी को कोई फरक नहीं पड़ा की वह शादी शुदा हैं और उसका एक पति हैं रोनी. … उसके मन में बस बल्कि ख़ुशी hi थी की वह इन दो बुद्धों के साथ और गर्मी के पल बिता पाएगी बिना समय का सोचते हुयी न hi कुछ और .. वह तोह इन डॉन काळा बूढ़ों के साथ मस्ती में पूरी तरह से अपने हनीमून के मज़्ज़े लेने वाली थी ....
रौशनी असलम और सलीम को देख शर्मा रही थी. वह दोनों पास के दो कुर्सी पर पर बैठ गए. रौशनी दो दारु के बोतल और कुछ नमकीन लेकर फिर झुकार उन्हें टेबल पर राखी . दोनों सलीम और असलम लगातार रौशनी के तरफ देख रहे थे.
सलीम “ओह हो यार यहां तो बस दो hi कुर्सियां हैं .. . उफ़ हमारी बेगम रौशनी कहाँ बैठेगी?
असलम हाँ यार सही बात हैं तेरी.
सलीम: चलो कोई बात नहीं. रौशनी तुम मेरे गॉड में बैठ जाओ. उसने अपनी बाईं जांघ पर थपकी दी और रौशनी को वहां आकर बैठने का इशारा करा. रौशनी और शर्मा गयी.
रौशनी शरमाते हुए बोली ठीक है.
अब बैठते समय रौशनी टेढ़ी होकर झुक गई इसीलिए ताकि असलम उसकी बड़े गोल सुडौल चूतड़ों को नज़दीकी से देख सके. सलीम ने रौशनी की कमर पकड़ कर उसे सके झंघ पर बिठा दिया.
रौशनी की जांघ उसके क्रॉत्च क्षेत्रक से टकरा रही थी और रौशनी महसूस करि की वहां पहले से hi उनके मोठे लुंड का उभार बना था.
असलम: क्या मस्त लम्बे घने बाल है न हमारी रौशनी के?
सलीम: बाल hi नहीं, रौशनी तुम्हारे गुब्बारे भी काफी गोल और मस्त है.

असलम: हाँ yaar...jara रौशनी खड़े होकर घूमोगी ताकि हम तुम्हारे इन कर्व्स को और ठीक से देख सकें? घूमोगी तुम?
रौशनी : (शर्माते हुए) “है ज़रूर घुमुनि मेरे मियां..
रौशनी सलीम के गॉड से उठ कर कड़ी हो गयी और पलट कर असलम को उसकी पीठ दिखा दी.
असलम: उफ्फ्फफ्फ्फ़ सलीम देखो इसके चूतड़ों ko…nangi बदन, पतली कमर, उसपर ये चैन और कितने बड़े मटकते हुए गोल बड़ी गांड.


सलीम: हाँ हमारी किस्मत hi हैं की हमें रौशनी जैसी एक गोल कड़क मस्त गदराई माल मिली हैं.”
अब असलम ने मेरे हाथ पकडे और रौशनी को उनके गॉड में बैठा लिया. रौशनी उनकी साड़ी बातें सुनकर उत्तेजित हो रही थी और शर्मा रही थी. असलम ने रौशनी की कमर से पकड़ी और उसकी मुलायम मनो नग्न पीठ को चूमने और चाटने लगा.
रौशनी के शरीर के हर इंच से लेकर उसकी गीली बुर तक एक सिहरन दौड़ गई. सलीम अब उठे और रौशनी के चहरे के सामने आकर खड़े हो गए. उनहोंने उनका हाथ रौशनी के हाथों में डाला और फिर रौशनी के हाथों को अपनी जाँघों के बीच में रख उसके अर्ध से ज्यादा खड़े लुंड पर रगड़ना शुरू कर दिया.

कुछ समय ऐसे करने के बाद और उनके औज़ार पुरे सख्त हो गए. असलम , रौशनी के सामने जो थे और उनके हाथ उसने रौशनी के गालों पर रख दिए. उसने रौशनी के गालों को स्ट्रोक करने लगे और रौशनी ने अपनी आँखें बंद कर ली. असलम ने अपने उनलगियों से रौशनी के मांसल निचले होंठ को पकड़कर उन पर अपनी उँगलियों को घुमाते हुए वाहन दबा दिया. रौशनी के निचले होंठ को पकड़कर उनहोंने उसे उसके ऊपरी होंठों से अलग कर रौशनी का मुंह खोला. असलम ने अपनी जीभ रौशनी के मुंह में दाल दी और उसे मेरी जीभ से अपने जीभ को घूमने लगे और उसे चूमने लगे .… वे बहुत देर तक रौशनी के होंठों को चूमते रहे. असलम रौशनी के होंठों को चूमने में व्यस्त थे रौशनी के लम्बे रेशमी बालों को पकड़े हुए.
रौशनी इतनी गर्म हो गई थी की वह बस नंगी होकर उन दोनों का लुंड चूसना चाहती थी और उनके मोठे लुंड को अपनी गीली छूट में लेना चाहती थी.
सलीम भी रौशनी चूमने लगे … और फिर दोनों ने रौशनी के सारिका पल्लू गिरा दिया और उन दोनों ने रौशनी के चूचियों को पकड़ कर दबाने लगे .. असलम बायीं चुकी को रगड़ने लगे और सलीम दाईं .. फिर दोनों ने पोजीशन चेंज करि और सलीम बाएं चुकी को दबाने लगे और असलम दाएं चुकी को ..
इस पुरे दौरान. अब रौशनी बड़ी सी बड़ी सिसकियाँ माँ ररहै तिह “उफ्फ्फ मेरे दोनों शौहर .. मेरे मियां उफ्फ्फ मममम कितने उतावले हो अपनी बेगम के लिए उफ्फ्फ मममममम इस्सस मममम”
सलीम ने रौशनी पल्लू गिरा दिया और रौशनी कामुक अंदाज़ में सलीम को देखने लगी.

फिर असलम ने ब्लाउज के ऊपर से रौशनी के चूचियों को पकड़ लिए. असलम ने रौशनी को अपने बाहों में ले लिया और वासना से रौशनी के आँखों में देखने लगे. सलीम ने फिर उसे खींच लिया अपने बाँहों में और अपने वासना से भरे निगहाओं से रौशनी के आक्न्हों में देखने लगे …
रौशनी की ब्लाउज अब असलम उतरने लगा … वहां सलीम घुटनो के बल जाकर उसकी पेटीकोट का नाडा लूसे कर उसे निउकलने लगा .. निकलते हुए वह उसकी नग्न झंघों को और पैरों को चूमने लगा चाटने लगा … ऊपर असलम उसकी ब्रा में से hi उसकी चूचियों को बहार निकल उसकी निप्पल्स को चाटने लगा और फिर उसकी चूचियों को बारी बारी चूमें और चूसने लग गया और रौशनी उम् अह्ह्ह की सिसक मारती रही
रौशनी कैसे तोह कर दोनों से खुद को चुरा ली. असलम और सलीम उसके तरफ आगे बढ़ रहे थे और रौशनी पीछे पीछे जाती रही और बिस्तर से टकराई और बिस्तर पर बैठ गयी दोनों के तरफ देखते हुए
उनके तरफ देख रौशनी ने शर्मिंदगी महसूस की.
ek-ek करके सलीम और असलम ने अपने पंत उतार दी और चड्डियाँ भी.
दोनों के मोठे काळा लोडे अब रौशनी के सामने थे और वे उसके खड़े थे. असलम ने रौशनी के रेशमी बाल पकड़े और वह दोनों अपने लोदों को रौशनी के चेहरे के पास लाए और उनके लोदों से रौशनी के गालों और बालों और गुलाबी होठों पर उन्हें थपथपाने लगे .. रौशनी की होठों अब दोनों के गधे प्रेकम से गीली हो चुके थे.
सलीम: क्या मदमस्त होठं हैं रौशनी के. लोगी हमारा लोढ़ा अपने मु में, रौशनी बेगम?
रौशनी की गर्मी बड़ी तेज़ हुयी थी और वह बे झिझक बोल पड़ी
रौशनी: है लुंगी ना

सलीम “ तुम हम दोनों की बेगम रौशनी हूँ ना उफ्फ्फ”
असलम: कितनी बेशरम बेगम हैं हमारी, सलीम दे इसके लम्बे बाल मेरे हाथों में.”
सलीम ने रौशनी के बाल असलम के हाथों में दे दिए.
सलीम और असलम ने ने फिर अपने लोदों को रौशनी के होठों पर baaree-baaree से थप्पड़ मारे. जब वह दोनों रौशनी के होंठों पर अपने लोदों को थपथपा रहे थे तब रौशनी की नाक से उनके लोडे टकराते रहे और रौशनी उन दोनों के लोदों की खुशबु सूंघ रही थी. दोनों ने उनके लुंड और थपथपाने के बाद बारी बारी रौशनी के मुँह को खोलने लगे और रौशनी की लाल गीले होंठ दोनों के लिए बारी बारी खुल गए और dheere-dheere दोनों के लुंड एक के बाद एक अल्टेरनाटेली रौशनी के गीले मुँह में अंदर बहार करने लगे.


कुछ टाइम ऐसे करने के बाद उन दोनों ने उनके लोडे रौशनी के जीभ पर रख दिए और उसके जीभ से रगड़ने लगे. सलीम ने dheere-dheere अपना लोढ़ा रौशनी के मुँह के अंदर डाला और रौशनी के मुँह में उनका लोढ़ा और अंदर गया और फिर रौशनी बड़ी मस्ती से उनका लुंड चूसने लगी.
… जैसे ही रौशनी ने उनका लोढ़ा चूसा, उसका सर aage-peechhe हो रहा था . सलीम और असलम दोनों के लोडे रौशनी ऐसे hi बारी बारी चूस रही थी. रौशनी ने अपने दोनों हाथों में उन दोनों का मोटा लोढ़ा पकड़ लिया था और असलम का लोढ़ा चूसते हुए वह सलीम का लोढ़ा अपने नाज़ुक हाथों से हिला रही थी. असलम ने कुछ देर तक रौशनी के मुंह को छोड़ा जोर फिर सलीम भी रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा .. दोनों के लोदों को रौशनी बारी बारी चूसना शुरू कर दिया.
रौशनी “ उफ्फ्फ्फ़ ये आप दोनों मिलकर उफ्फ्फ अपना लोढ़ा चुसवा रहे हो उफ्फ्फ्फ़ मममममम ममममममममम मैं मैं आपकी बेगम बन कर बड़ी खुश हूँ अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ मममम और दो अपने लोदों को चुसवाने अपनी बेगम को ाः उफ्फ्फ्फ़ ममममम एस मममम”

पुरे उस छोटे से घर में चुदाई का माहौल जैम चूका था ….
एक बेगम और उसके दो मियां …
