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असलम और सलीम रात की तैयारी में लग गए . उन्होंने दारु के बोतल और नमकीन टेबल पर रखे .. रौशनी उन्हें देख रहे थी .. दोनों ने पूरा प्लान बनाया था .. मस्त पिएंगे और उसके बदन के साथ रात भर कहलने का प्लान . उसकी बुर की नमी बढ़ने लगी.
रौशनी की गर्मी बढ़ रही थी .. वह उन्हें देख बोली .. “क्या आप दोनों कुहक टाइम बहार रहेंगे मुझे चेंज करना हैं.”
“अरे क्यों , हमारे सामने hi करिये रौशनी .. “
नहीं प्ल्ज़ मुझे आप दोनों के लिए सज कर तैयार होने दीजिये न “
“है है ाचा .. चलिए .. सज धजिये हमारे लिए .. वैसे भी बहुत टाइम नहीं रहेंगे आपके वस्त्र आपने बदन पर .. ः और दोनों आँख मारते हुए हसने लगे .. रौशनी के गाल ों पर बड़ी शर्म की लाली छायी.

अंदर रौशनी पहले नग्न हुयी .. बदन पर कुछ लोशन लगायी. तोवप लपेटे नहाने चली गयी .



उसने फिर अपना बैग खोला और उसमें 4 सरिस थी, उनमें से एक पीली और एक लाल रंग की साडी थी . और एक पीले रंग की डीप बैक ब्लाउज थे. अपना खुद का सारा मेकअप किट तैयार कर रौशनी एक शीशे के सामने बैठ गई. रौशनी ने अपने बालों को एक पोनीटेल हैरस्टीले में बाँध राखी. रौशनी ने काजल, ऑय लाइनर, लाल लिपस्टिक, काली गोल बिंदी लगाई.
रौशनी ने एक सजावटी चोकर नैक पीेछे पहनी जो उसने लायी थी रोनित के साथ पेहेन्ने लेकिन वह इन डॉन बुद्धों के लिए पहने वाली थी..
उसने एक गले में चैन पेन्नी थी जिसका पेंडंट रौशनी के बड़े चूचियों के ऊपर लटक रहा था रौशनी ने उसकी साडी के रंग से मेल खाने के लिए लाल प्लास्टिक चूड़ियाँ पहनी जो असलम और सलीम ने hi खरीद कर लायी थी . मैंने एक लम्बी लटकती हुई कानों में बालियान पहनी और फिर पैरों में पायल पहनी. यह सब चीज़ें असलम और सलीम लाये थे इसीलिए वह पहले hi बस स्टेशन के लिए निकल चुके थे ..
रौशनी ने अपने पैरों पर लाल नेल पोलिश लगायी. रौशनी कड़ी हो गई शीशे के सामने ये सब पहने हुए. रौशनी इतनी सेक्सी लग रही थी की कोई भी मर्द उसकी चुदाई करने के लिए तैयार हो जाएगा . उसके साथ दो दो ठरकी और बड़े मोठे लुंड वाले बुड्ढे थे जो उसकी रात भर चुदाई करने वाले थे … उफ्फ्फ सी सोच से रौशनी की बुर की नमी बढ़ती गयी.
अंदर रौशनी ने एक प्रदर्शि फूलों वाली पंतय पहनी थी. उसने ब्रा भी पहनी लास वाली और ब्लाउज फिर पहनी थी जो पीछे से बस 2-3 धागों से बंधी हुयी ब्लाउज थी. उसकी ब्लाउज मुश्किल से उसके बड़े गोल और नरम चूचियों को संभाल प् रहा था. उसने एक लाल चमकदार ऊँची हील वाली संदल पहन ली.
तोह यह था रौशनी का अपने हनीमून की पहली रात के लिए सेटअप. एक स्लीवलेस पीली ब्लाउज और लाल साडी जिसकी ब्लाउज अब तक की उसकी सबसे डीप बैक कट ब्लाउज थी और इस बार बड़ी डीप फ्रंट ट्रायंगल कट की भी ब्लाउज थी .. उसने कमर में एक चैन, हाथों पर पिंक नेल पोलिश और रेड लिपस्टिक.
रौशनी शीशे के सामने कड़ी हुई खुद को निहारने लगी. रौशनी की बड़ी चकियों के बीच की दारार .. उसकी दूध जैसा बदन ... उसकी गोरी मांसल बाहें ...


उसने सब तैयारी कर, फिर दोनों बुद्धों को बड़े प्यार से अंदर आने को पुकारी.
“उफ्फ्फ है मममम … क्या माल काग रही हो तुम रौशनी ,.., उफ्फ्फ क्या गदराई बदन वाली बेगम हैं हमारी .. हैं न असलम …”
“हाँ सलीम उफ्फफ्फ्फ़ मन करता हैं नाग्नि hi कर लूँ इसे …”…
रौशनी दोनों की बातें सुन शर्मा hi रही थी ..
सलीम फिर बोलै “ रौशनी तुम तोह इस हनीमून के ख़तम होने के बाद कहोगी .. हनीमून हो तोह ऐसा !!!”
अब तोह रौशनी को कोई फरक नहीं पड़ा की वह शादी शुदा हैं और उसका एक पति हैं रोनी. … उसके मन में बस बल्कि ख़ुशी hi थी की वह इन दो बुद्धों के साथ और गर्मी के पल बिता पाएगी बिना समय का सोचते हुयी न hi कुछ और .. वह तोह इन डॉन काळा बूढ़ों के साथ मस्ती में पूरी तरह से अपने हनीमून के मज़्ज़े लेने वाली थी ....
रौशनी असलम और सलीम को देख शर्मा रही थी. वह दोनों पास के दो कुर्सी पर पर बैठ गए. रौशनी दो दारु के बोतल और कुछ नमकीन लेकर फिर झुकार उन्हें टेबल पर राखी . दोनों सलीम और असलम लगातार रौशनी के तरफ देख रहे थे.
सलीम “ओह हो यार यहां तो बस दो hi कुर्सियां हैं .. . उफ़ हमारी बेगम रौशनी कहाँ बैठेगी?
असलम हाँ यार सही बात हैं तेरी.
सलीम: चलो कोई बात नहीं. रौशनी तुम रौशनी गॉड में बैठ जाओ. उसने अपनी बाईं जांघ पर थपकी दी और रौशनी को वहां आकर बैठने का इशारा करा. रौशनी और शर्मा गयी.
रौशनी शरमाते हुए बोली ठीक है.
अब बैठते समय रौशनी टेढ़ी होकर झुक गई इसीलिए ताकि असलम उसकी बड़े गोल सुडौल चूतड़ों को नज़दीकी से देख सके. सलीम ने रौशनी की कमर पकड़ कर उसे सके झंघ पर बिठा दिया.
रौशनी की जांघ उसके क्रॉत्च क्षेत्रक से टकरा रही थी और रौशनी महसूस करि की वहां पहले से hi उनके मोठे लुंड का उभार बना था.
असलम: क्या मस्त लम्बे घने बाल है न हमारी रौशनी के?
सलीम: बाल hi नहीं, रौशनी तुम्हारे गुब्बारे भी काफी गोल और मस्त है.
असलम: हाँ yaar...jara रौशनी खड़े होकर घूमोगी ताकि हम तुम्हारे इन कर्व्स को और ठीक से देख सकें? घूमोगी तुम?
रौशनी : (शर्माते हुए) “है ज़रूर घूमूंगी रौशनी मियां..
रौशनी सलीम के गॉड से उठ कर कड़ी हो गयी और पलट कर असलम को उसकी पीठ दिखा दी.


असलम: उफ्फ्फफ्फ्फ़ सलीम देखो इसके चूतड़ों ko…nangi बदन, पतली कमर, उसपर ये चैन और कितने बड़े मटकते हुए गोल बड़ी गांड.
सलीम: हाँ हमारी किस्मत hi हैं की हमें रौशनी जैसी एक गोल कड़क मस्त गदराई माल मिली हैं.”
अब असलम ने रौशनी हाथ पकडे और रौशनी को उनके गॉड में बैठा लिया. रौशनी उनकी साड़ी बातें सुनकर उत्तेजित हो रही थी और शर्मा रही थी. असलम ने रौशनी की कमर से पकड़ी और उसकी मुलायम मनो नग्न पीठ को चूमने और चाटने लगा.
रौशनी के शरीर के हर इंच से लेकर उसकी गीली बुर तक एक सिहरन दौड़ गई. सलीम अब उठे और रौशनी के चहरे के सामने आकर खड़े हो गए. उनहोंने उनका हाथ रौशनी के हाथों में डाला और फिर रौशनी के हाथों को अपनी जाँघों के बीच में रख उसके अर्ध से ज्यादा खड़े लुंड पर रगड़ना शुरू कर दिए. असलम भी वही खड़े हुए वही करवाए रौशनी को.
कुछ समय ऐसे करने के बाद और उनके औज़ार पुरे सख्त हो गए. असलम , रौशनी के सामने जो थे और उनके हाथ उसने रौशनी के गालों पर रख दिए. उसने रौशनी के गालों को स्ट्रोक करने लगे और रौशनी ने अपनी आँखें बंद कर ली. असलम ने अपने उनलगियों से रौशनी के मांसल निचले होंठ को पकड़कर उन पर अपनी उँगलियों को घुमाते हुए वाहन दबा दिया. रौशनी के निचले होंठ को पकड़कर उनहोंने उसे उसके ऊपरी होंठों से अलग कर रौशनी का मुंह खोला. असलम ने अपनी जीभ रौशनी के मुंह में दाल दी और उसे रौशनी की जीभ से अपने जीभ को घूमने लगे और उसे चूमने लगे .… वे बहुत देर तक रौशनी के होंठों को चूमते रहे. असलम रौशनी के होंठों को चूमने में व्यस्त थे रौशनी के लम्बे रेशमी बालों को पकड़े हुए.
रौशनी इतनी गर्म हो गई थी की वह बस नंगी होकर उन दोनों का लुंड चूसना चाहती थी और उनके मोठे लुंड को अपनी गीली छूट में लेना चाहती थी.



असलम अब पीछे से रौशनी के ब्लाउज को देख रहा था जो की सिर्फ एक डोरी से बंधी हुई थी जिसमें एक लम्बी लटकन भी थी. लटकन रौशनी के बड़े गोल चूतड़ों पर लटकी हुई थी और उस पर तिकी हुई थी. असलम और सलीम रौशनी की कमर के चारों और उसकी चैन देख रहे थे. वह उसके लम्बे काळा रंग के रेशमी बालों को भी देख सकते थे जो एक लाल हेयर बंद के साथ एक पोनीटेल में बंधे थे और रौशनी के सामने की तरफ थे हुए थे. असलम धीरे से रौशनी पीछे आए और रौशनी की लटकन को पकड़ लिया और धीरे से पीछे से रौशनी के ब्लाउज की गाँठ खोल दी. रौशनी की ब्लाउज की गाँठ आसानी से खुल गई और सामने से असलम और सलीम उसके दूधियों के बीच के दरार के क्लीवेज को देख रहे थे और अब रौशनी की सेक्सी और नेटेड लास ब्रा देख प् रहे थे.
सलीम ने सामने से धीरे से रौशनी के ब्लाउज को पकडे रौशनी के कंधे से सरकने लगे और रौशनी के शरीर से उसके ब्लाउज को उतार दिया जिससे रौशनी बस उस लास वाली नेटेड ब्रा में थी.


फिर पीछे से सलीम ने रौशनी की अर्ध पारदर्शी, फिगर हग्गिंग टाइट पेटीकोट की गाँठ खोली और उसे नीचे खींच दिया और वह फर्श पर गिर गया.
अब उनके सामने रौशनी इस प्रकार कड़ी थी.

रौशनी के लम्बे, काळा रंग के, रेशमी बाल जो एक पोनीटेल में बंधे थे. रौशनी ने एक चोकर नैक पीेछे पहनी थी, एक लम्बी लटकती हुई मंगलसूत्र जो रौशनी एक नेटेड ब्रा में कैद बड़े गोल चूचियों पर ठीके हुए थे.
रौशनी के कानों में लम्बे लटकते लाल झुमके, रौशनी के रसीले होंठों पर लिप ग्लॉस वाली लाल रंग की लिपस्टिक.

रौशनी की हाथों में लाल चूड़ियाँ और उसके उँगलियों पर लाल नेल पोलिश. कमर में एक सिल्वर बेल्ली चैन जो ठीक उसके नाभि के ऊपर थी. और भी निचे एक थोंग स्टाइल पंतय और उसके इर्द गिर्द उसकी गोरी सी मांसल और ठीक झांघें और टांगें… सबसे निचे रौशनी के पैरों की उँगलियों पर बड़ी ब्राइट वाली लाल नेल पोलिश भी थी.
बस उसकी थोंग स्टाइल पंतय और लास वाली नेटेड ब्रा में कड़ी रौशनी को देख असलम और सलीम के लोडे उनकी चड्डियों में झटकों पर जहटके मार रहे थे और काफी सारा प्रेकम भी उनके लोदों से उगल रहा था जो उनकी चड्डियों पर एक वेट स्पॉट बनाये था.
दोनों रौशनी के तरफ बढे .. रौशनी भी पीछे हटने की कोई कोशिश नहीं कर रही थी .. फिर दोनों ने रौशनी के चूचियों को पकड़ कर दबाने लगे .. असलम बायीं चुकी को रगड़ने लगे और सलीम दाईं .. फिर दोनों ने पोजीशन चेंज करि और सलीम बाएं चुकी को दबाने लगे और असलम दाएं चुकी को ..
इस पुरे दौरान. अब रौशनी बड़ी सी बड़ी सिसकियाँ माँ ररहै तिह “उफ्फ्फ रौशनी दोनों शौहर .. रौशनी मियां उफ्फ्फ मममम कितने उतावले हो अपनी बेगम के लिए उफ्फ्फ मममममम इस्सस मममम”
असलम ने रौशनी को अपने बाहों में ले लिया और वासना से रौशनी के आँखों में देखने लगे. सलीम ने फिर उसे खींच लिया अपने बाँहों में और अपने वासना से भरे निगहाओं से रौशनी के आक्न्हों में देखने लगे …
रौशनी कैसे तोह कर दोनों से खुद को चुरा ली. असलम और सलीम उसके तरफ आगे बढ़ रहे थे और रौशनी पीछे पीछे जाती रही और बिस्तर से टकराई और बिस्तर पर बैठ गयी दोनों के तरफ देखते हुए
उनके तरफ देख रौशनी ने शर्मिंदगी महसूस की.

ek-ek करके सलीम और असलम ने अपने पंत उतार दी और चड्डियाँ भी.
दोनों के मोठे काळा लोडे अब रौशनी के सामने थे और वे उसके खड़े थे. असलम ने रौशनी के रेशमी बाल पकड़े और वह दोनों अपने लोदों को रौशनी के चेहरे के पास लाए और उनके लोदों से रौशनी के गालों और बालों और गुलाबी होठों पर उन्हें थपथपाने लगे .. रौशनी की होठों अब दोनों के गधे प्रेकम से गीली हो चुके थे.
सलीम: क्या मदमस्त होठं हैं रौशनी के. लोगी हमारा लोढ़ा अपने मु में, रौशनी बेगम?
रौशनी की गर्मी बड़ी तेज़ हुयी थी और वह बे झिझक बोल पड़ी
रौशनी: है लुंगी ना ungggghhhhhhhhhh (रौशनी कराह उठी)
सलीम “ तुम हम दोनों की बेगम रौशनी हूँ ना उफ्फ्फ”
असलम: कितनी बेशरम बेगम हैं हमारी, सलीम दे इसके लम्बे बाल रौशनी हाथों में.”
सलीम ने रौशनी के बाल असलम के हाथों में दे दिए.
सलीम और असलम ने ने फिर अपने लोदों को रौशनी के होठों पर baaree-baari से थप्पड़ मारे. जब वह दोनों रौशनी के होंठों पर अपने लोदों को थपथपा रहे थे तब रौशनी की नाक से उनके लोडे टकराते रहे और रौशनी उन दोनों के लोदों की खुशबु सूंघ रही थी. दोनों ने उनके लुंड और थपथपाने के बाद बारी बारी रौशनी के मुँह को खोलने लगे और रौशनी की लाल गीले होंठ दोनों के लिए बारी बारी खुल गए और dheere-dheere दोनों के लुंड एक के बाद एक अल्टेरनाटेली रौशनी के गीले मुँह में अंदर बहार करने लगे.
कुछ टाइम ऐसे करने के बाद उन दोनों ने उनके लोडे रौशनी के जीभ पर रख दिए और उसके जीभ से रगड़ने लगे. सलीम ने dheere-dheere अपना लोढ़ा रौशनी के मुँह के अंदर डाला और रौशनी के मुँह में उनका लोढ़ा और अंदर गया और फिर रौशनी बड़ी मस्ती से उनका लुंड चूसने लगी.
… जैसे hi रौशनी ने उनका लोढ़ा चूसा, उसका सर aage-peechhe हो रहा था . सलीम और असलम दोनों के लोडे रौशनी ऐसे hi बारी बारी चूस रही थी. रौशनी ने अपने दोनों हाथों में उन दोनों का मोटा लोढ़ा पकड़ लिया था और असलम का लोढ़ा चूसते हुए वह सलीम का लोढ़ा अपने नाज़ुक हाथों से हिला रही थी. असलम ने कुछ देर तक रौशनी के मुंह को छोड़ा जोर फिर सलीम भी रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा .. दोनों के लोदों को रौशनी बारी बारी चूसना शुरू कर दिया.
रौशनी “ उफ्फ्फ्फ़ ये आप दोनों मिलकर उफ्फ्फ अपना लोढ़ा चुसवा रहे हो उफ्फ्फ्फ़ मममममम ममममममममम मैं मैं आपकी बेगम बन कर बड़ी खुश हूँ अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ मममम और दो अपने लोदों को चुसवाने अपनी बेगम को ाः उफ्फ्फ्फ़ ममममम एस मममम”
पुरे उस छोटे से घर में चुदाई का माहौल जैम चूका था ….
फिर असलम भी सलीम की तरह रौशनी की चूचियों के बीच होने मोठे सख्त लोडे को रख उसकी चूचियों की चुदाई करने लगा और बड़ी आह की आवाज़ें अब दोनों के मुँह से निकलने लगा था … कुछ 10 मं सलीम और असलम ने बारी बारी रौशनी की चूचियों के बच्च रख उसकी चूचियों की चुदाई करि ..


उसके बाद उन्होंने रौशनी को बिस्तर के किनारे लिटा दिया और उसकी टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. सलीम ने रौशनी की दोनों टांगें पकड़ लीं और उन्हें चौड़ी कर दी ताकि असलम आकर रौशनी की गीली छूट चाट सकें.
सलीम: चाट ले असलम अपनी घोड़ी की गीली छूट.”
असलम अपनी जीभ रौशनी की छूट पर ले आया और उन्हें चाटने लगा और अपने होंठों से उन्हें दबाना शुरू कर दिया. रौशनी बस मोरोन से सिसकियाँ मार रही थी .. असलम की छूट की चाटें के मज़्ज़े ले रही थी.

रौशनी जोर से कराह रही थी, इसलिए सलीम ने अपना लोढ़ा रौशनी के मुंह में दाल दिया और रौशनी की मुँह की चुदाई छोड़ना शुरू कर दी. असलम ने रौशनी की बुर और कुछ देर तक छाती और फिर असलम ने रौशनी की टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. सलीम इस बार रौशनी की झंघों के बीच अपने मुँह को लेजाकर रौशनी की बुर चाटने लग गया.
तीनो बहुत उत्तेजित हुए थे. दोनों बारी बारी रौशनी की टांगें पकड़ कर चौड़ी कर ली ताकि दोनों उसकी छूट बारी बारी लगातार चाट सके. रौशनी की बुर अब पूरी तरह से गीली, गर्म और उत्तेजित थी. रौशनी को पता था की वह उस रात इन दो मुश्टंडो और बुल्स के साथ छोड़ने वाली थी. वह इस सोच से काफी कामुक महसूस करने लगी थी. दोनों उसकी बुर रगड़ रगड़ कर चूस रहे थे और रौशनी बड़ी से बड़ी अहह उफ़ मम एस मियां ाऐसे hi चाटिये मेरी बुर उफ्फ्फ मम की आवाज़ें निकलते हुए सिसकियों पर सिसकियाँ मार रही थी. दोनों उसकी बुर रगड़ कर चूस रहे थे और रौशनी बस लम्बी से लम्बी सिसकियाँ मारती रही.
कुछ और देर बाद दोनों ने चूसना बंद किया .. रौशनी गर्मी की आग में जल रही थी उनके अचानक से उसकी बुर की चूसै बंद करने से ..
सलीम अब बिस्तर पर बैठ गया और रौशनी को अपनी गोदी में बिठा लिया … इस पोजीशन में अब रौशनी महसूस कर सकती थी की सलीम का लोढ़ा उसकी बड़ी गोल और मोती गांड को नीचे से दबा रहा था और वह ठीक से उनकी गॉड में बैठी थी. सलीम रौशनी की नंगी पीठ भी चूम रहे थे. और रौशनी बस कराहती रही.
“उफ्फ्फ मममम. ममममममम उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ मममम सलीम मिया न छोरो मुझे आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम ऐसे hi मेरी पीठ चाटिये ाः ममममममम....."


असलम ने फिर एक उंगली रौशनी के मुंह में डाली और रौशनी बिना बोले असलम के उँगलियों को चूसने लगी मनो उसके लोडे को hi चूस रही हो ..
असलम ने रौशनी के हाथों को उसकी जाँघों पर रख उसके लोडे पर रखा और उसे सहलाने के लिए बोलै.
“उफ्फफ्फ्फ़ ये आप दोनों मिलकर क्या क्या कर रहे हो मेरे साथ, ममममममममम उफ्फ्फ्फ़ एस एस्सस मैं मैं तुम्हारी hi बेगम हूँ रौशनी मियांनननननन.” रौशनी सिसकियों के बीच कराहते बोली.
“रौशनी हाँ तुम हमारी सेक्सी बेगम और डार्लिंग हो .. और तुम हमारे पास आज रात हमें पूरी मस्ती देने वाली हो अह्ह्ह मममम.”
यह कहते हुए सलीम ने पीछे से रौशनी की गर्दन को चूमने लगा और उसकी कमा के चारों और अपनी पकड़ मज़बूत कर ली.
सलीम यह सब कर रहे थे और असलम उठा कर एक टेबल के पास गए और एक बैग से कुछ निकल लिया ..
रौशनी देखि की उन्होंने एक चॉक्लेट सिरप खरीद ली थी और वह रौशनी पास ला रहे थे.
असलम ने रौशनी के होठों पर चॉकलेट सिरप दाल दिया और रौशनी के गुलाबी होठं अब चॉकलेट सिरप से भीग चुके थे.
असलम रौशनी के पास आया और उसके गालों पर हाथ रखते हुए बोले “रौशनी बेगम क्या हम तुम्हारे इन होंठों को चाटकर साफ़ करे? तुम्हारे होंठों और मुंह में बहुत ज़्यादा चॉकलेट सिरप है.”
रौशनी बस शर्मा गई और कुछ न बोली .. फिर असलम ने धीरे से रौशनी के कमर के चारों और से उसे पकड़ लिया और असलम ने उसे कास कर पकड़ लिया और उसके बड़े और मुलायम चूचियां असलम के सेने से डाब गए. असलम ने धीरे से रौशनी को चूमा और धीरे से अपनी जीभ बाहर निकाली और रौशनी के होंठ जो आसानी से खुल गए थे, असलम की जीभ को आसानी से अंदर आने दी.
असलम ने रौशनी को कुछ देर तक चूमा और चसूलते सिरप लीक करने लगे .. और फिर सलीम भी आए और उनहोंने भी रौशनी के होंठों को छाता और बचा हुआ चॉकलेट सिरप चाट चाट कर साफ़ कर दिया .. और फिर रौशनी के गुलाबी होठों पर एक हॉट स्मूच देने लगे.

फिर असलम पीछे से आए, और उसने रौशनी की पीठ और बड़ी गोल मोती गांड में दिलचस्पी दिखाई. उसने अपने लोडे से रौशनी की गांड को दबाने लगे और उसे पीछे से कास कर पकड़ लिया. असलम के हाथ dheere-dheere से पीछे से रौशनी के स्तनों पर गए और उसकी चकचियों को एक अच्छा मोहक प्रेस दिया. रौशनी एक चेहरे को पीछे की और झुका कर असलम उसे पीछे से चूमने लगे. उसके होठों को चूमा और छाता और पूरी तरह से रौशनी के होंठों को चूस चूस कर निचोड़ दिए.
आएगी से सलीम भी रौशनी को एक बड़ी सो बड़ी स्मूच देने लगे और उसके बाद उसने रौशनी के होंठों को छोड़ दिए लेकिन अभी भी रौशनी के चूचियों को पकड़े हुए थे.
असलम: रौशनी मेरी बेगम , मेरी डार्लिंग उफ्फ्फ मम क्या मेढक खुशबु हैं तेरी अहह उफ्फ्फ मममम लोढ़ा तोह पूरा टाइट कर दिया तूने अह्ह्ह्हह्हह.. ीुफ्फ हमें और चाहिए .. तुमसे और बहुत कुछ चाहिए अह्ह्ह्ह.

राशि बोली : “ उफ्फ्फ्फ़ और क्या चाहते है आप दोनों .. इतना कुछ पहले से hi कर तोह लिया हैं आपने?
सलीम: “ ओह मेरी बेगम ,….. हम तोह तुम्हारे होठों को चूमना, चाटना, फिर से चूसना और ेफिर तोह तुम्हारी ये पाकी हुयी मस्त बुर को छोड़ना भी तोह चाहते हैं ….क्या आप अपना बदन पूरी तरह से हमारे हाथों आज रात सोप डौगी ीी मेरी बेगममममममम !!!!”
चुदाई का शब्द सुन रौशनी बस शर्मा गई और नीचे देखने लगी . इससे असलम ने रौशनी के चूचियों को और जोर से दबाया और निचोड़ने लगा. और जब रौशनी जोरों से कराह उठी तो असलम ने निचे से एक जोरदार धक्का दे दिया जिससे रौशनी की मोती गांड पर पीछे से असलम के सख्त लोडे का प्रहार होने लगा.
असलम: रौशनी बेगम , अपनी नीचे वाली होठों को हमसे बड़ी मस्ती से छुड़वाओ आज रात उफ्फ्फ मेरी बेगम , मेरी डार्लिंग. मेरी बेगम इतनी बड़ी मस्त गदराई हुयी और बड़ी गांड वाली माल है उफ्फ्फ्फ़ ममममम . चलो इसे अब नंगी करते हैं सलीम ….
असलम: क्या तुम नंगी होना चाहती हो हमारे सामने रोषनीईई?
रौशनी बस शर्मा गई , वह तोह उनके साथ नग्न होना चाहती Hi थी.

पीछे से असलम , जो अभी भी रौशनी को पकड़े हुए थे, और सलीम भी उसके पीछे चले गए. वह रौशनी की अर्ध नंगी पीठ देख सकते थे और उसकी ब्रा की थीं स्ट्राप भी. उन्होंने रौशनी के पोनीटेल में बंधे बालों को खोल दिए और फिर रौशनी के लम्बे काळा रंग के रेशमी बाल , रौशनी की बड़ी गोल छकटड़ों के लगभग 3/4 भाग को धक् रहे थे. एकदम से असलम ने रौशनी की ब्रा की हुक निकल दी और रौशनी कुछ समझने और उसे पकड़ने से पहले hi उसकी नेटेड लास ब्रा निचे फर्श पर गिर पड़ी.
अब रौशनी तोह उनके साथ लगभग नग्न कड़ी थी. रौशनी ने झट से अपने बड़े गोल चूचियों को अपने हाथों से छिपाने की कोषसिंह करि.
सलीम: “उफ्फ्फ्फ़ पीछे से तुम्हर नज़ारा एकदम मस्त है डार्लिंग.

असलम: “अरे आगे से भी अपनी बेगम मुझे पागल कर रही है. उफ्फ्फ्फ़ हमारी बेगम की शर्मीली आँखें, प्यास से भरी लाल होंठ, उसकी पतली कमर और उसपर ये सिल्वर बेल्ली चैन उफ्फ्फ्फ़.
सलीम: “है यार अपनी बेगम एकदम रापचिक और गदराई माल hai.iske बदन का िकार ंच इंच मुझे तोह पागल बना रहा है और उसका पूरा बदन इतना मलाईदार हैं बिलकुल पूरी तरह से चाटने वाला बदन. तू तोह एकदम एक कामुक और मादक माल हो रोषनीई बेगम..”
मैंने मासूमियत दिखाने का सोचा और पूछा,
मैं: आपको पागल बना रहे हैं मतलब क्या है मियां . [abhi bhi uske haathon se uske chuchiyon ko chhipane ki koshish karti huyi ]
असलम: रौशनी, "मादक" मतलब एक सेक्सी माल जो किसी भी मर्द का लोढ़ा खड़ा कर सकती है. और उसके लोडे से तेरी पागलों की तरह चुदाई करना चाहता हैं …
रौशनी शर्म से नीचे देख रही थी और अपने हाथों से उसके स्तनों को ढकने की कोशिश कर रही थी. रौशनी सलीम के बातों से शर्मा गई और फिर सलीम पीछे से आए और रौशनी की कमर फिर से पकड़ ली और उसके आधे उभरे हुए चूचियों को पीछे से दबोचा दिया. असलम रौशनी के सामने से रौशनी के दोनों हाथों को पकड़ लिया और उन्हें रौशनी के बड़े गोल स्तनों से हटा दिया और जब रौशनी हाथ आगे से मुक्त हुए तो रौशनी के बड़ी मुलायम चूचियां oopar-neeche उछलने लगे. रौशनी के निप्पल खड़े और सख्त हो गए थे.


असलम: देख सलीम अपनी रौशनी के दोनों तरबूज़े कितने बड़े और मुलायम हैं. इसके निप्पल भी सीधे खड़े और टाइट हैं.
सलीम “ असलम देख न अपनी नंगी रौशनी एकदम मस्त रांड दिख रही हैं न?”

ओह गॉड जब रौशनी ने सलीम को उसे रांड बुलाते सुनी तोह स्तब्ध रह गयी और फिर शर्मीली और कामुक भी हो गयी .. (उफ्फ्फ क्या बेगम बनने पर सलीम ऐसी गन्दी शब्सदों का उपयोग करेंगे उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ .. उफ्फफ्फ्फ़ ममम किसी ने मुझे रांड कभी नहीं बुलाया हैं उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़….)
असलम ृष्णि को और सोचने का न मौका देते हुए अपने होंठ रौशनी के सख्त निप्पल्स पर रखे और उन्हें जोर से चूसने लगे तो रौशनी कराह उठी. अब असलम ने उसकी दायी चुकी और फिर बायीं चुकी पकड़ ली और दोनों निप्पल्स को बारी बारी चूसने लगे. रौशनी बस जोरों से कराह रही थी और dheere-dheere असलम की उंगलियां निचे की तरफ उसकी थोंग के अंदर जाते हुए उसकी गीली छूट पर गयी और उसे मसलने लगे.
सलीम रौशनी के लम्बे भूरे रेशमी बालों को साइड में कर उसकी बड़ी गोल मोती गांड पर थप्पड़ मारने लगा और फिर निचे घुटनो के बल जाकर उसकी चूतड़ों को चाटने और चूमने लगे.
सलीम: “अपनी रौशनी बेगम सच में एक चुड़क्कड़ माल है. इसकी बड़ी मोती मटकती हुयी गोल छुटाओं को तो देखो. एक छोटे से थप्पड़ से hi ऊपर नीचे उछाल रही है इसकी मुलायम और बड़ी गांड.
असलम ने रौशनी के होंठों को चूमना और चाटना शुरू कर दिया. उसने अपनी मजबूत जीभ रौशनी के मुंह में फिर से दाल दी और रौशनी के जीभ पर घुमानी शुरू कर दी. सलीम ने अब रौशनी की थोंग को नीचे गिरा दी. सलीम जो घुटनों के बल बैठे थे , उसने अपनी कठोर मज़बूत ऊँगली रौशनी की गीली छूट में दाल दी थी और उसकी बुर अपने उँगलियों से छोड़ना शुरू कर दिया था.
आगे से उसकी बुर से खेल रहे थे सलीम और पीछे से वह रौशनी की मोती मांसल गांड को मसल रहा था और दबा रहा था. असलम रौशनी को सामने से बहुत बुरी तरह से चूम रहे थे और साथ hi रौशनी निप्पल्स को मसल रहे थे और निप्पल्स की चुटकी काट रहे थे. रौशनी के हाथ अब असलम के सर पर थे और वह ख़ुशी से उनके बाल खींच रही थी.
निचे सलीम रौशनी की बुर को उँगलियों से छोड़ रहे थे और उसकी छूट के दाने को अब चाटने और चूसने लगे . ऐसी फीलिंग थी रौशनी के मन में जैसे की 2 माली एक फूल को दबोच कर रहे हो. असलम ने रौशनी के होठों को तोह चूमना बंद कर दिया लेकिन अब वह रौशनी के शरीर के सभी हिस्सों को मसलने, चूसने और चाटने में मग्न हो गए.
असलम: उफ्फ्फ्फ़. अपनी बेगम रौशनी ककी बुर तोह बड़ी चुड़क्कड़ बुर है. मममम तुझे मैं एक थप्पड़ मारु मेरी रांड रौशनी?
(रौशनी शर्माते हुए और अपने निचले होंठों को काट ली और अपनी उस बात पर कामुकता व्यक्त की.] ममम रौशनी भी हवस में पागल हो रही थी और वह बोली
“हाँ असलम मियां, में आपकी बेगम हूँ , आप की हर बात मानूंगी .. मममम एस्सस उफ्फ्फ्फ़”


रौशनी की गीली छूट सलीम चाट hi रहे थे और रौशनी की मांसल बड़ी गोल भरी गांड भी मसलते hi जा रहा था.
जब सलीम ने रौशनी के गोल गुब्बारों पर एक चमाट मारा तो रौशनी एक बड़ी सी कराह छोड़ी.
असलम और सलीम , दोनों ने रौशनी को अपने बाँहों में उठाये. सलीम सर के साइड से और असलम पैरों के साइड से. जब दोनों ने रौशनी को अपने बाहों में ले लिया था दो दोनों रौशनी को वासना से उसकी आँखों में आँखें दाल देख रहे थे.
रौशनी उन्हें देख रही थी और अपने चेहरे पर एक शर्मिंदगी महाउस की और उसने अपने चेहरे को अपने हटेलियों से बंद कर लिया. कुछ मं ऐसे hi उनके बाँहों में रौशनी थी और फिर उन दोनों ने रौशनी मुझे बिस्तर पर रख दिया. दोनों बिस्तर के ऊपर उठ गए और खड़े हो गए. दोनों ek-ek करके अपनी चड्डी उतार दी और अब दोनों के मोठे काळा लोडे रौशनी के आँखों के सामने झूल रहे थे , झटके मार रहे थे ..


रौशनी अब घुटनों के बल बैठीथी. सलीम ने रौशनी बाल पकड़े और वे सभी
अपने लिंग रौशनी चहरे के पास लाए और अपने लिंग से रौशनी चहरे और बालों पर थप्पड़ मारने लगे.
असलम: क्या मस्त है मेरी बेगम रौशनी उफ्फ्फ्फ़ मम तुम लोगी हमारा लोढ़ा अपनी मु में, मममम?”
रौशनी: “है लूंगी ना ungggghhhhhhhhhh (रौशनी कराह उठी) आखिर में , तुम दोनों की बेगम रौशनी हूँ ना mainnnann….uffffff"
सलीम और असलम रौशनी के इर्द गिर्द खड़े रहे .. सलीम ने रौशनी के बाल असलम के हाथों में दे दिए और असलम फिर रौशनी के बालों को पकड़ कर ीउसके मुँह की चुदाई करने लगा अपने मोठे लोडे से … सलीम ने फॉर वही किया और इस बार वह रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा अपने मोठे लोडे से .. रौशनी बस सिसकियाँ मारती रही और बिना रुकावट बारी बारी दोनों के मोठे लोडे से अपनी मुँह की चुदाई करवाती रही …
रौशनी बिस्तर पर घुटनों के बल बैठी थी. सलीम और असलम आए और ek-ek करके रौशनी के गुलाबी होठों पर baaree-baarise अपने लोदों से उनपर थप्पड़ maare.jab वे रौशनी की होंठों पर अपने लोडे से थप्पड़ मारतेउसकी नाक से दोनों के लोडे टकराते और रौशनी उन के लोदों की खुस्भु सूंघ लेती और उसकी हवस और भी बढ़ जाती …
असलम और सलीम ने कुछ और बार अपने लोदों को रौशनी के गुलाबी होठों पर थपथपाने के बाद अपने लोदों से रौशनी का मुंह में डालने वाले थे और रौशनी के उनके प्रेकम से गीले होठं खुल गए और रौशनी ने अपने गीली जीभ बाहर निकल दोनों के लोदों से प्रेकम को चाटने लगी … फिर उनहोंने दोनों के लोदों को रौशनी की जीभ पर रख दिए और उसकी जीभ पर अपने लोदों को रगड़ने लगे.
फिर असलम ने dheere-dheere अपना लोढ़ा रौशनी के मुहके एंट्रेंस पे रखे तोह रौशनी के होंठ उसके लोडे की नोक को अपने होठों पर महसूस करने लगी. रौशनी अब धीरे धीरे से असलम के लोडे के सर को चाटने लगी और फिर उसके लोडे के शाफ़्ट पर अपनी जीभ फिरती हुयी उसे भी चाटने लगी .. ऐसे करते करते रौशनी ने असलम के पूरे लोडे को चाट ली.


वही बात रौशनी ने सलीम के लोडे की भी करि … फिर आखिर में दोनों के लोदों को रौशनी फिर से मस्ती में सिसकियाँ मारती हुयी चूसने लगी.
जिसे रौशनी उनके लोदों को चूसी तब उसे सर उनके लोदों पर aage-peechhe हो रहा था और उसने सलीम और असलम का लोदों को अपने दोनों हाथों में पकड़ दोनों के लोदों को चूसते हुए उन्हें अपने नाज़ुक लाल नेल पोलिश वाली हाथों से उनके लोडे हिला रही थी. ऐसे सब कुछ 10 मं चला और रौशनी उम् आह उफ़ मम की सिसकियाँ मारित हुयी दोनों लके लोदों को चूस चूस कर साफ़ करि…
फिर दोनों ने रौशनी को बिस्तर के किनारे लिटा दिया और उसकी टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. सलीम और असलम ने रौशनी की दोनों टांगें पकड़ लीं थे और उन्हें चौड़ा कर दिया ताकि असलम आकर पहले उसकी गीली छूट चाट सकें. \
सलीम अब असलम को उत्साह से बोलते रहे - “चाट असलम अपनी घोड़ी की अपनी बेगम की गीली छूट. इसे पूरा गीली करके चाट.”
असलम अपनी जीभ रौशनी की छूट के होठों पर ले आया और उसके गट के दाने को भी चाटने लगा और अपने होंठों से उसे दबाना शुरू कर दिया. रौशनी इस हरकत से जोरों से कराह रही थी उफ्फ्फ मम आठ असलम मियां उफ़ मम ऐसे hi चूसिये मेरी बुर उफ्फफ्फ्फ़ ममममम”

रौशनी बड़ी गर्मी में बड़ी जोरों से सिस्क्यान पार रही थी की सलीम ने अपना लोढ़ा रौशनी के मुंह में दाल दिया और उसकी मुँह को पकड़कर उसके मुँह की चुदाई शुरू कर दी. निचे असलम उसकी बुर चाट रहा था और ऊपर से सलीम उसकी मुँह की कुटाई कर रहा था ,, माहौल बहुत hi गरम हो चूका था …
असलम ने रौशनी की बुर और कुछ देर तक छाती और फिर असलम आए और असलम ने रौशनी की टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. तब सलीम रौशनी की बुर चाटने आए. रौशनी की बुर तोह पूरी तरह से गीली, गर्म और उत्तेजित थी. इतनी गर्मी और हवसी बन गयी थी रौशनी की वह रात भर इन दोनों बुद्धों के साथ रास लीला का खेल, खेलने बिलकुल तैयार थी और दोनों के साथ रात भार छोड़ना चाहती थी… बड़ी कामुक बना दिया था रौशनी को इन दो बुद्धों ने … उसके मियां ने , आखिर रौशनी उनकी बेगम इसीलिए तोह बन गयी hi थी .......

रौशनी की गर्मी बढ़ रही थी .. वह उन्हें देख बोली .. “क्या आप दोनों कुहक टाइम बहार रहेंगे मुझे चेंज करना हैं.”
“अरे क्यों , हमारे सामने hi करिये रौशनी .. “
नहीं प्ल्ज़ मुझे आप दोनों के लिए सज कर तैयार होने दीजिये न “
“है है ाचा .. चलिए .. सज धजिये हमारे लिए .. वैसे भी बहुत टाइम नहीं रहेंगे आपके वस्त्र आपने बदन पर .. ः और दोनों आँख मारते हुए हसने लगे .. रौशनी के गाल ों पर बड़ी शर्म की लाली छायी.

अंदर रौशनी पहले नग्न हुयी .. बदन पर कुछ लोशन लगायी. तोवप लपेटे नहाने चली गयी .



उसने फिर अपना बैग खोला और उसमें 4 सरिस थी, उनमें से एक पीली और एक लाल रंग की साडी थी . और एक पीले रंग की डीप बैक ब्लाउज थे. अपना खुद का सारा मेकअप किट तैयार कर रौशनी एक शीशे के सामने बैठ गई. रौशनी ने अपने बालों को एक पोनीटेल हैरस्टीले में बाँध राखी. रौशनी ने काजल, ऑय लाइनर, लाल लिपस्टिक, काली गोल बिंदी लगाई.
रौशनी ने एक सजावटी चोकर नैक पीेछे पहनी जो उसने लायी थी रोनित के साथ पेहेन्ने लेकिन वह इन डॉन बुद्धों के लिए पहने वाली थी..
उसने एक गले में चैन पेन्नी थी जिसका पेंडंट रौशनी के बड़े चूचियों के ऊपर लटक रहा था रौशनी ने उसकी साडी के रंग से मेल खाने के लिए लाल प्लास्टिक चूड़ियाँ पहनी जो असलम और सलीम ने hi खरीद कर लायी थी . मैंने एक लम्बी लटकती हुई कानों में बालियान पहनी और फिर पैरों में पायल पहनी. यह सब चीज़ें असलम और सलीम लाये थे इसीलिए वह पहले hi बस स्टेशन के लिए निकल चुके थे ..
रौशनी ने अपने पैरों पर लाल नेल पोलिश लगायी. रौशनी कड़ी हो गई शीशे के सामने ये सब पहने हुए. रौशनी इतनी सेक्सी लग रही थी की कोई भी मर्द उसकी चुदाई करने के लिए तैयार हो जाएगा . उसके साथ दो दो ठरकी और बड़े मोठे लुंड वाले बुड्ढे थे जो उसकी रात भर चुदाई करने वाले थे … उफ्फ्फ सी सोच से रौशनी की बुर की नमी बढ़ती गयी.
अंदर रौशनी ने एक प्रदर्शि फूलों वाली पंतय पहनी थी. उसने ब्रा भी पहनी लास वाली और ब्लाउज फिर पहनी थी जो पीछे से बस 2-3 धागों से बंधी हुयी ब्लाउज थी. उसकी ब्लाउज मुश्किल से उसके बड़े गोल और नरम चूचियों को संभाल प् रहा था. उसने एक लाल चमकदार ऊँची हील वाली संदल पहन ली.
तोह यह था रौशनी का अपने हनीमून की पहली रात के लिए सेटअप. एक स्लीवलेस पीली ब्लाउज और लाल साडी जिसकी ब्लाउज अब तक की उसकी सबसे डीप बैक कट ब्लाउज थी और इस बार बड़ी डीप फ्रंट ट्रायंगल कट की भी ब्लाउज थी .. उसने कमर में एक चैन, हाथों पर पिंक नेल पोलिश और रेड लिपस्टिक.
रौशनी शीशे के सामने कड़ी हुई खुद को निहारने लगी. रौशनी की बड़ी चकियों के बीच की दारार .. उसकी दूध जैसा बदन ... उसकी गोरी मांसल बाहें ...


उसने सब तैयारी कर, फिर दोनों बुद्धों को बड़े प्यार से अंदर आने को पुकारी.
“उफ्फ्फ है मममम … क्या माल काग रही हो तुम रौशनी ,.., उफ्फ्फ क्या गदराई बदन वाली बेगम हैं हमारी .. हैं न असलम …”
“हाँ सलीम उफ्फफ्फ्फ़ मन करता हैं नाग्नि hi कर लूँ इसे …”…
रौशनी दोनों की बातें सुन शर्मा hi रही थी ..
सलीम फिर बोलै “ रौशनी तुम तोह इस हनीमून के ख़तम होने के बाद कहोगी .. हनीमून हो तोह ऐसा !!!”
अब तोह रौशनी को कोई फरक नहीं पड़ा की वह शादी शुदा हैं और उसका एक पति हैं रोनी. … उसके मन में बस बल्कि ख़ुशी hi थी की वह इन दो बुद्धों के साथ और गर्मी के पल बिता पाएगी बिना समय का सोचते हुयी न hi कुछ और .. वह तोह इन डॉन काळा बूढ़ों के साथ मस्ती में पूरी तरह से अपने हनीमून के मज़्ज़े लेने वाली थी ....
रौशनी असलम और सलीम को देख शर्मा रही थी. वह दोनों पास के दो कुर्सी पर पर बैठ गए. रौशनी दो दारु के बोतल और कुछ नमकीन लेकर फिर झुकार उन्हें टेबल पर राखी . दोनों सलीम और असलम लगातार रौशनी के तरफ देख रहे थे.
सलीम “ओह हो यार यहां तो बस दो hi कुर्सियां हैं .. . उफ़ हमारी बेगम रौशनी कहाँ बैठेगी?
असलम हाँ यार सही बात हैं तेरी.
सलीम: चलो कोई बात नहीं. रौशनी तुम रौशनी गॉड में बैठ जाओ. उसने अपनी बाईं जांघ पर थपकी दी और रौशनी को वहां आकर बैठने का इशारा करा. रौशनी और शर्मा गयी.
रौशनी शरमाते हुए बोली ठीक है.
अब बैठते समय रौशनी टेढ़ी होकर झुक गई इसीलिए ताकि असलम उसकी बड़े गोल सुडौल चूतड़ों को नज़दीकी से देख सके. सलीम ने रौशनी की कमर पकड़ कर उसे सके झंघ पर बिठा दिया.
रौशनी की जांघ उसके क्रॉत्च क्षेत्रक से टकरा रही थी और रौशनी महसूस करि की वहां पहले से hi उनके मोठे लुंड का उभार बना था.
असलम: क्या मस्त लम्बे घने बाल है न हमारी रौशनी के?
सलीम: बाल hi नहीं, रौशनी तुम्हारे गुब्बारे भी काफी गोल और मस्त है.
असलम: हाँ yaar...jara रौशनी खड़े होकर घूमोगी ताकि हम तुम्हारे इन कर्व्स को और ठीक से देख सकें? घूमोगी तुम?
रौशनी : (शर्माते हुए) “है ज़रूर घूमूंगी रौशनी मियां..
रौशनी सलीम के गॉड से उठ कर कड़ी हो गयी और पलट कर असलम को उसकी पीठ दिखा दी.


असलम: उफ्फ्फफ्फ्फ़ सलीम देखो इसके चूतड़ों ko…nangi बदन, पतली कमर, उसपर ये चैन और कितने बड़े मटकते हुए गोल बड़ी गांड.
सलीम: हाँ हमारी किस्मत hi हैं की हमें रौशनी जैसी एक गोल कड़क मस्त गदराई माल मिली हैं.”
अब असलम ने रौशनी हाथ पकडे और रौशनी को उनके गॉड में बैठा लिया. रौशनी उनकी साड़ी बातें सुनकर उत्तेजित हो रही थी और शर्मा रही थी. असलम ने रौशनी की कमर से पकड़ी और उसकी मुलायम मनो नग्न पीठ को चूमने और चाटने लगा.
रौशनी के शरीर के हर इंच से लेकर उसकी गीली बुर तक एक सिहरन दौड़ गई. सलीम अब उठे और रौशनी के चहरे के सामने आकर खड़े हो गए. उनहोंने उनका हाथ रौशनी के हाथों में डाला और फिर रौशनी के हाथों को अपनी जाँघों के बीच में रख उसके अर्ध से ज्यादा खड़े लुंड पर रगड़ना शुरू कर दिए. असलम भी वही खड़े हुए वही करवाए रौशनी को.
कुछ समय ऐसे करने के बाद और उनके औज़ार पुरे सख्त हो गए. असलम , रौशनी के सामने जो थे और उनके हाथ उसने रौशनी के गालों पर रख दिए. उसने रौशनी के गालों को स्ट्रोक करने लगे और रौशनी ने अपनी आँखें बंद कर ली. असलम ने अपने उनलगियों से रौशनी के मांसल निचले होंठ को पकड़कर उन पर अपनी उँगलियों को घुमाते हुए वाहन दबा दिया. रौशनी के निचले होंठ को पकड़कर उनहोंने उसे उसके ऊपरी होंठों से अलग कर रौशनी का मुंह खोला. असलम ने अपनी जीभ रौशनी के मुंह में दाल दी और उसे रौशनी की जीभ से अपने जीभ को घूमने लगे और उसे चूमने लगे .… वे बहुत देर तक रौशनी के होंठों को चूमते रहे. असलम रौशनी के होंठों को चूमने में व्यस्त थे रौशनी के लम्बे रेशमी बालों को पकड़े हुए.
रौशनी इतनी गर्म हो गई थी की वह बस नंगी होकर उन दोनों का लुंड चूसना चाहती थी और उनके मोठे लुंड को अपनी गीली छूट में लेना चाहती थी.



असलम अब पीछे से रौशनी के ब्लाउज को देख रहा था जो की सिर्फ एक डोरी से बंधी हुई थी जिसमें एक लम्बी लटकन भी थी. लटकन रौशनी के बड़े गोल चूतड़ों पर लटकी हुई थी और उस पर तिकी हुई थी. असलम और सलीम रौशनी की कमर के चारों और उसकी चैन देख रहे थे. वह उसके लम्बे काळा रंग के रेशमी बालों को भी देख सकते थे जो एक लाल हेयर बंद के साथ एक पोनीटेल में बंधे थे और रौशनी के सामने की तरफ थे हुए थे. असलम धीरे से रौशनी पीछे आए और रौशनी की लटकन को पकड़ लिया और धीरे से पीछे से रौशनी के ब्लाउज की गाँठ खोल दी. रौशनी की ब्लाउज की गाँठ आसानी से खुल गई और सामने से असलम और सलीम उसके दूधियों के बीच के दरार के क्लीवेज को देख रहे थे और अब रौशनी की सेक्सी और नेटेड लास ब्रा देख प् रहे थे.
सलीम ने सामने से धीरे से रौशनी के ब्लाउज को पकडे रौशनी के कंधे से सरकने लगे और रौशनी के शरीर से उसके ब्लाउज को उतार दिया जिससे रौशनी बस उस लास वाली नेटेड ब्रा में थी.


फिर पीछे से सलीम ने रौशनी की अर्ध पारदर्शी, फिगर हग्गिंग टाइट पेटीकोट की गाँठ खोली और उसे नीचे खींच दिया और वह फर्श पर गिर गया.
अब उनके सामने रौशनी इस प्रकार कड़ी थी.

रौशनी के लम्बे, काळा रंग के, रेशमी बाल जो एक पोनीटेल में बंधे थे. रौशनी ने एक चोकर नैक पीेछे पहनी थी, एक लम्बी लटकती हुई मंगलसूत्र जो रौशनी एक नेटेड ब्रा में कैद बड़े गोल चूचियों पर ठीके हुए थे.
रौशनी के कानों में लम्बे लटकते लाल झुमके, रौशनी के रसीले होंठों पर लिप ग्लॉस वाली लाल रंग की लिपस्टिक.

रौशनी की हाथों में लाल चूड़ियाँ और उसके उँगलियों पर लाल नेल पोलिश. कमर में एक सिल्वर बेल्ली चैन जो ठीक उसके नाभि के ऊपर थी. और भी निचे एक थोंग स्टाइल पंतय और उसके इर्द गिर्द उसकी गोरी सी मांसल और ठीक झांघें और टांगें… सबसे निचे रौशनी के पैरों की उँगलियों पर बड़ी ब्राइट वाली लाल नेल पोलिश भी थी.
बस उसकी थोंग स्टाइल पंतय और लास वाली नेटेड ब्रा में कड़ी रौशनी को देख असलम और सलीम के लोडे उनकी चड्डियों में झटकों पर जहटके मार रहे थे और काफी सारा प्रेकम भी उनके लोदों से उगल रहा था जो उनकी चड्डियों पर एक वेट स्पॉट बनाये था.
दोनों रौशनी के तरफ बढे .. रौशनी भी पीछे हटने की कोई कोशिश नहीं कर रही थी .. फिर दोनों ने रौशनी के चूचियों को पकड़ कर दबाने लगे .. असलम बायीं चुकी को रगड़ने लगे और सलीम दाईं .. फिर दोनों ने पोजीशन चेंज करि और सलीम बाएं चुकी को दबाने लगे और असलम दाएं चुकी को ..
इस पुरे दौरान. अब रौशनी बड़ी सी बड़ी सिसकियाँ माँ ररहै तिह “उफ्फ्फ रौशनी दोनों शौहर .. रौशनी मियां उफ्फ्फ मममम कितने उतावले हो अपनी बेगम के लिए उफ्फ्फ मममममम इस्सस मममम”
असलम ने रौशनी को अपने बाहों में ले लिया और वासना से रौशनी के आँखों में देखने लगे. सलीम ने फिर उसे खींच लिया अपने बाँहों में और अपने वासना से भरे निगहाओं से रौशनी के आक्न्हों में देखने लगे …
रौशनी कैसे तोह कर दोनों से खुद को चुरा ली. असलम और सलीम उसके तरफ आगे बढ़ रहे थे और रौशनी पीछे पीछे जाती रही और बिस्तर से टकराई और बिस्तर पर बैठ गयी दोनों के तरफ देखते हुए
उनके तरफ देख रौशनी ने शर्मिंदगी महसूस की.

ek-ek करके सलीम और असलम ने अपने पंत उतार दी और चड्डियाँ भी.
दोनों के मोठे काळा लोडे अब रौशनी के सामने थे और वे उसके खड़े थे. असलम ने रौशनी के रेशमी बाल पकड़े और वह दोनों अपने लोदों को रौशनी के चेहरे के पास लाए और उनके लोदों से रौशनी के गालों और बालों और गुलाबी होठों पर उन्हें थपथपाने लगे .. रौशनी की होठों अब दोनों के गधे प्रेकम से गीली हो चुके थे.
सलीम: क्या मदमस्त होठं हैं रौशनी के. लोगी हमारा लोढ़ा अपने मु में, रौशनी बेगम?
रौशनी की गर्मी बड़ी तेज़ हुयी थी और वह बे झिझक बोल पड़ी
रौशनी: है लुंगी ना ungggghhhhhhhhhh (रौशनी कराह उठी)
सलीम “ तुम हम दोनों की बेगम रौशनी हूँ ना उफ्फ्फ”
असलम: कितनी बेशरम बेगम हैं हमारी, सलीम दे इसके लम्बे बाल रौशनी हाथों में.”
सलीम ने रौशनी के बाल असलम के हाथों में दे दिए.
सलीम और असलम ने ने फिर अपने लोदों को रौशनी के होठों पर baaree-baari से थप्पड़ मारे. जब वह दोनों रौशनी के होंठों पर अपने लोदों को थपथपा रहे थे तब रौशनी की नाक से उनके लोडे टकराते रहे और रौशनी उन दोनों के लोदों की खुशबु सूंघ रही थी. दोनों ने उनके लुंड और थपथपाने के बाद बारी बारी रौशनी के मुँह को खोलने लगे और रौशनी की लाल गीले होंठ दोनों के लिए बारी बारी खुल गए और dheere-dheere दोनों के लुंड एक के बाद एक अल्टेरनाटेली रौशनी के गीले मुँह में अंदर बहार करने लगे.
कुछ टाइम ऐसे करने के बाद उन दोनों ने उनके लोडे रौशनी के जीभ पर रख दिए और उसके जीभ से रगड़ने लगे. सलीम ने dheere-dheere अपना लोढ़ा रौशनी के मुँह के अंदर डाला और रौशनी के मुँह में उनका लोढ़ा और अंदर गया और फिर रौशनी बड़ी मस्ती से उनका लुंड चूसने लगी.
… जैसे hi रौशनी ने उनका लोढ़ा चूसा, उसका सर aage-peechhe हो रहा था . सलीम और असलम दोनों के लोडे रौशनी ऐसे hi बारी बारी चूस रही थी. रौशनी ने अपने दोनों हाथों में उन दोनों का मोटा लोढ़ा पकड़ लिया था और असलम का लोढ़ा चूसते हुए वह सलीम का लोढ़ा अपने नाज़ुक हाथों से हिला रही थी. असलम ने कुछ देर तक रौशनी के मुंह को छोड़ा जोर फिर सलीम भी रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा .. दोनों के लोदों को रौशनी बारी बारी चूसना शुरू कर दिया.
रौशनी “ उफ्फ्फ्फ़ ये आप दोनों मिलकर उफ्फ्फ अपना लोढ़ा चुसवा रहे हो उफ्फ्फ्फ़ मममममम ममममममममम मैं मैं आपकी बेगम बन कर बड़ी खुश हूँ अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ मममम और दो अपने लोदों को चुसवाने अपनी बेगम को ाः उफ्फ्फ्फ़ ममममम एस मममम”
पुरे उस छोटे से घर में चुदाई का माहौल जैम चूका था ….
फिर असलम भी सलीम की तरह रौशनी की चूचियों के बीच होने मोठे सख्त लोडे को रख उसकी चूचियों की चुदाई करने लगा और बड़ी आह की आवाज़ें अब दोनों के मुँह से निकलने लगा था … कुछ 10 मं सलीम और असलम ने बारी बारी रौशनी की चूचियों के बच्च रख उसकी चूचियों की चुदाई करि ..


उसके बाद उन्होंने रौशनी को बिस्तर के किनारे लिटा दिया और उसकी टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. सलीम ने रौशनी की दोनों टांगें पकड़ लीं और उन्हें चौड़ी कर दी ताकि असलम आकर रौशनी की गीली छूट चाट सकें.
सलीम: चाट ले असलम अपनी घोड़ी की गीली छूट.”
असलम अपनी जीभ रौशनी की छूट पर ले आया और उन्हें चाटने लगा और अपने होंठों से उन्हें दबाना शुरू कर दिया. रौशनी बस मोरोन से सिसकियाँ मार रही थी .. असलम की छूट की चाटें के मज़्ज़े ले रही थी.

रौशनी जोर से कराह रही थी, इसलिए सलीम ने अपना लोढ़ा रौशनी के मुंह में दाल दिया और रौशनी की मुँह की चुदाई छोड़ना शुरू कर दी. असलम ने रौशनी की बुर और कुछ देर तक छाती और फिर असलम ने रौशनी की टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. सलीम इस बार रौशनी की झंघों के बीच अपने मुँह को लेजाकर रौशनी की बुर चाटने लग गया.
तीनो बहुत उत्तेजित हुए थे. दोनों बारी बारी रौशनी की टांगें पकड़ कर चौड़ी कर ली ताकि दोनों उसकी छूट बारी बारी लगातार चाट सके. रौशनी की बुर अब पूरी तरह से गीली, गर्म और उत्तेजित थी. रौशनी को पता था की वह उस रात इन दो मुश्टंडो और बुल्स के साथ छोड़ने वाली थी. वह इस सोच से काफी कामुक महसूस करने लगी थी. दोनों उसकी बुर रगड़ रगड़ कर चूस रहे थे और रौशनी बड़ी से बड़ी अहह उफ़ मम एस मियां ाऐसे hi चाटिये मेरी बुर उफ्फ्फ मम की आवाज़ें निकलते हुए सिसकियों पर सिसकियाँ मार रही थी. दोनों उसकी बुर रगड़ कर चूस रहे थे और रौशनी बस लम्बी से लम्बी सिसकियाँ मारती रही.
कुछ और देर बाद दोनों ने चूसना बंद किया .. रौशनी गर्मी की आग में जल रही थी उनके अचानक से उसकी बुर की चूसै बंद करने से ..
सलीम अब बिस्तर पर बैठ गया और रौशनी को अपनी गोदी में बिठा लिया … इस पोजीशन में अब रौशनी महसूस कर सकती थी की सलीम का लोढ़ा उसकी बड़ी गोल और मोती गांड को नीचे से दबा रहा था और वह ठीक से उनकी गॉड में बैठी थी. सलीम रौशनी की नंगी पीठ भी चूम रहे थे. और रौशनी बस कराहती रही.
“उफ्फ्फ मममम. ममममममम उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ मममम सलीम मिया न छोरो मुझे आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम ऐसे hi मेरी पीठ चाटिये ाः ममममममम....."


असलम ने फिर एक उंगली रौशनी के मुंह में डाली और रौशनी बिना बोले असलम के उँगलियों को चूसने लगी मनो उसके लोडे को hi चूस रही हो ..
असलम ने रौशनी के हाथों को उसकी जाँघों पर रख उसके लोडे पर रखा और उसे सहलाने के लिए बोलै.
“उफ्फफ्फ्फ़ ये आप दोनों मिलकर क्या क्या कर रहे हो मेरे साथ, ममममममममम उफ्फ्फ्फ़ एस एस्सस मैं मैं तुम्हारी hi बेगम हूँ रौशनी मियांनननननन.” रौशनी सिसकियों के बीच कराहते बोली.
“रौशनी हाँ तुम हमारी सेक्सी बेगम और डार्लिंग हो .. और तुम हमारे पास आज रात हमें पूरी मस्ती देने वाली हो अह्ह्ह मममम.”
यह कहते हुए सलीम ने पीछे से रौशनी की गर्दन को चूमने लगा और उसकी कमा के चारों और अपनी पकड़ मज़बूत कर ली.
सलीम यह सब कर रहे थे और असलम उठा कर एक टेबल के पास गए और एक बैग से कुछ निकल लिया ..
रौशनी देखि की उन्होंने एक चॉक्लेट सिरप खरीद ली थी और वह रौशनी पास ला रहे थे.
असलम ने रौशनी के होठों पर चॉकलेट सिरप दाल दिया और रौशनी के गुलाबी होठं अब चॉकलेट सिरप से भीग चुके थे.
असलम रौशनी के पास आया और उसके गालों पर हाथ रखते हुए बोले “रौशनी बेगम क्या हम तुम्हारे इन होंठों को चाटकर साफ़ करे? तुम्हारे होंठों और मुंह में बहुत ज़्यादा चॉकलेट सिरप है.”
रौशनी बस शर्मा गई और कुछ न बोली .. फिर असलम ने धीरे से रौशनी के कमर के चारों और से उसे पकड़ लिया और असलम ने उसे कास कर पकड़ लिया और उसके बड़े और मुलायम चूचियां असलम के सेने से डाब गए. असलम ने धीरे से रौशनी को चूमा और धीरे से अपनी जीभ बाहर निकाली और रौशनी के होंठ जो आसानी से खुल गए थे, असलम की जीभ को आसानी से अंदर आने दी.
असलम ने रौशनी को कुछ देर तक चूमा और चसूलते सिरप लीक करने लगे .. और फिर सलीम भी आए और उनहोंने भी रौशनी के होंठों को छाता और बचा हुआ चॉकलेट सिरप चाट चाट कर साफ़ कर दिया .. और फिर रौशनी के गुलाबी होठों पर एक हॉट स्मूच देने लगे.

फिर असलम पीछे से आए, और उसने रौशनी की पीठ और बड़ी गोल मोती गांड में दिलचस्पी दिखाई. उसने अपने लोडे से रौशनी की गांड को दबाने लगे और उसे पीछे से कास कर पकड़ लिया. असलम के हाथ dheere-dheere से पीछे से रौशनी के स्तनों पर गए और उसकी चकचियों को एक अच्छा मोहक प्रेस दिया. रौशनी एक चेहरे को पीछे की और झुका कर असलम उसे पीछे से चूमने लगे. उसके होठों को चूमा और छाता और पूरी तरह से रौशनी के होंठों को चूस चूस कर निचोड़ दिए.
आएगी से सलीम भी रौशनी को एक बड़ी सो बड़ी स्मूच देने लगे और उसके बाद उसने रौशनी के होंठों को छोड़ दिए लेकिन अभी भी रौशनी के चूचियों को पकड़े हुए थे.
असलम: रौशनी मेरी बेगम , मेरी डार्लिंग उफ्फ्फ मम क्या मेढक खुशबु हैं तेरी अहह उफ्फ्फ मममम लोढ़ा तोह पूरा टाइट कर दिया तूने अह्ह्ह्हह्हह.. ीुफ्फ हमें और चाहिए .. तुमसे और बहुत कुछ चाहिए अह्ह्ह्ह.

राशि बोली : “ उफ्फ्फ्फ़ और क्या चाहते है आप दोनों .. इतना कुछ पहले से hi कर तोह लिया हैं आपने?
सलीम: “ ओह मेरी बेगम ,….. हम तोह तुम्हारे होठों को चूमना, चाटना, फिर से चूसना और ेफिर तोह तुम्हारी ये पाकी हुयी मस्त बुर को छोड़ना भी तोह चाहते हैं ….क्या आप अपना बदन पूरी तरह से हमारे हाथों आज रात सोप डौगी ीी मेरी बेगममममममम !!!!”
चुदाई का शब्द सुन रौशनी बस शर्मा गई और नीचे देखने लगी . इससे असलम ने रौशनी के चूचियों को और जोर से दबाया और निचोड़ने लगा. और जब रौशनी जोरों से कराह उठी तो असलम ने निचे से एक जोरदार धक्का दे दिया जिससे रौशनी की मोती गांड पर पीछे से असलम के सख्त लोडे का प्रहार होने लगा.
असलम: रौशनी बेगम , अपनी नीचे वाली होठों को हमसे बड़ी मस्ती से छुड़वाओ आज रात उफ्फ्फ मेरी बेगम , मेरी डार्लिंग. मेरी बेगम इतनी बड़ी मस्त गदराई हुयी और बड़ी गांड वाली माल है उफ्फ्फ्फ़ ममममम . चलो इसे अब नंगी करते हैं सलीम ….
असलम: क्या तुम नंगी होना चाहती हो हमारे सामने रोषनीईई?
रौशनी बस शर्मा गई , वह तोह उनके साथ नग्न होना चाहती Hi थी.

पीछे से असलम , जो अभी भी रौशनी को पकड़े हुए थे, और सलीम भी उसके पीछे चले गए. वह रौशनी की अर्ध नंगी पीठ देख सकते थे और उसकी ब्रा की थीं स्ट्राप भी. उन्होंने रौशनी के पोनीटेल में बंधे बालों को खोल दिए और फिर रौशनी के लम्बे काळा रंग के रेशमी बाल , रौशनी की बड़ी गोल छकटड़ों के लगभग 3/4 भाग को धक् रहे थे. एकदम से असलम ने रौशनी की ब्रा की हुक निकल दी और रौशनी कुछ समझने और उसे पकड़ने से पहले hi उसकी नेटेड लास ब्रा निचे फर्श पर गिर पड़ी.
अब रौशनी तोह उनके साथ लगभग नग्न कड़ी थी. रौशनी ने झट से अपने बड़े गोल चूचियों को अपने हाथों से छिपाने की कोषसिंह करि.
सलीम: “उफ्फ्फ्फ़ पीछे से तुम्हर नज़ारा एकदम मस्त है डार्लिंग.

असलम: “अरे आगे से भी अपनी बेगम मुझे पागल कर रही है. उफ्फ्फ्फ़ हमारी बेगम की शर्मीली आँखें, प्यास से भरी लाल होंठ, उसकी पतली कमर और उसपर ये सिल्वर बेल्ली चैन उफ्फ्फ्फ़.
सलीम: “है यार अपनी बेगम एकदम रापचिक और गदराई माल hai.iske बदन का िकार ंच इंच मुझे तोह पागल बना रहा है और उसका पूरा बदन इतना मलाईदार हैं बिलकुल पूरी तरह से चाटने वाला बदन. तू तोह एकदम एक कामुक और मादक माल हो रोषनीई बेगम..”
मैंने मासूमियत दिखाने का सोचा और पूछा,
मैं: आपको पागल बना रहे हैं मतलब क्या है मियां . [abhi bhi uske haathon se uske chuchiyon ko chhipane ki koshish karti huyi ]
असलम: रौशनी, "मादक" मतलब एक सेक्सी माल जो किसी भी मर्द का लोढ़ा खड़ा कर सकती है. और उसके लोडे से तेरी पागलों की तरह चुदाई करना चाहता हैं …
रौशनी शर्म से नीचे देख रही थी और अपने हाथों से उसके स्तनों को ढकने की कोशिश कर रही थी. रौशनी सलीम के बातों से शर्मा गई और फिर सलीम पीछे से आए और रौशनी की कमर फिर से पकड़ ली और उसके आधे उभरे हुए चूचियों को पीछे से दबोचा दिया. असलम रौशनी के सामने से रौशनी के दोनों हाथों को पकड़ लिया और उन्हें रौशनी के बड़े गोल स्तनों से हटा दिया और जब रौशनी हाथ आगे से मुक्त हुए तो रौशनी के बड़ी मुलायम चूचियां oopar-neeche उछलने लगे. रौशनी के निप्पल खड़े और सख्त हो गए थे.


असलम: देख सलीम अपनी रौशनी के दोनों तरबूज़े कितने बड़े और मुलायम हैं. इसके निप्पल भी सीधे खड़े और टाइट हैं.
सलीम “ असलम देख न अपनी नंगी रौशनी एकदम मस्त रांड दिख रही हैं न?”

ओह गॉड जब रौशनी ने सलीम को उसे रांड बुलाते सुनी तोह स्तब्ध रह गयी और फिर शर्मीली और कामुक भी हो गयी .. (उफ्फ्फ क्या बेगम बनने पर सलीम ऐसी गन्दी शब्सदों का उपयोग करेंगे उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ .. उफ्फफ्फ्फ़ ममम किसी ने मुझे रांड कभी नहीं बुलाया हैं उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़….)
असलम ृष्णि को और सोचने का न मौका देते हुए अपने होंठ रौशनी के सख्त निप्पल्स पर रखे और उन्हें जोर से चूसने लगे तो रौशनी कराह उठी. अब असलम ने उसकी दायी चुकी और फिर बायीं चुकी पकड़ ली और दोनों निप्पल्स को बारी बारी चूसने लगे. रौशनी बस जोरों से कराह रही थी और dheere-dheere असलम की उंगलियां निचे की तरफ उसकी थोंग के अंदर जाते हुए उसकी गीली छूट पर गयी और उसे मसलने लगे.
सलीम रौशनी के लम्बे भूरे रेशमी बालों को साइड में कर उसकी बड़ी गोल मोती गांड पर थप्पड़ मारने लगा और फिर निचे घुटनो के बल जाकर उसकी चूतड़ों को चाटने और चूमने लगे.
सलीम: “अपनी रौशनी बेगम सच में एक चुड़क्कड़ माल है. इसकी बड़ी मोती मटकती हुयी गोल छुटाओं को तो देखो. एक छोटे से थप्पड़ से hi ऊपर नीचे उछाल रही है इसकी मुलायम और बड़ी गांड.
असलम ने रौशनी के होंठों को चूमना और चाटना शुरू कर दिया. उसने अपनी मजबूत जीभ रौशनी के मुंह में फिर से दाल दी और रौशनी के जीभ पर घुमानी शुरू कर दी. सलीम ने अब रौशनी की थोंग को नीचे गिरा दी. सलीम जो घुटनों के बल बैठे थे , उसने अपनी कठोर मज़बूत ऊँगली रौशनी की गीली छूट में दाल दी थी और उसकी बुर अपने उँगलियों से छोड़ना शुरू कर दिया था.
आगे से उसकी बुर से खेल रहे थे सलीम और पीछे से वह रौशनी की मोती मांसल गांड को मसल रहा था और दबा रहा था. असलम रौशनी को सामने से बहुत बुरी तरह से चूम रहे थे और साथ hi रौशनी निप्पल्स को मसल रहे थे और निप्पल्स की चुटकी काट रहे थे. रौशनी के हाथ अब असलम के सर पर थे और वह ख़ुशी से उनके बाल खींच रही थी.
निचे सलीम रौशनी की बुर को उँगलियों से छोड़ रहे थे और उसकी छूट के दाने को अब चाटने और चूसने लगे . ऐसी फीलिंग थी रौशनी के मन में जैसे की 2 माली एक फूल को दबोच कर रहे हो. असलम ने रौशनी के होठों को तोह चूमना बंद कर दिया लेकिन अब वह रौशनी के शरीर के सभी हिस्सों को मसलने, चूसने और चाटने में मग्न हो गए.
असलम: उफ्फ्फ्फ़. अपनी बेगम रौशनी ककी बुर तोह बड़ी चुड़क्कड़ बुर है. मममम तुझे मैं एक थप्पड़ मारु मेरी रांड रौशनी?
(रौशनी शर्माते हुए और अपने निचले होंठों को काट ली और अपनी उस बात पर कामुकता व्यक्त की.] ममम रौशनी भी हवस में पागल हो रही थी और वह बोली
“हाँ असलम मियां, में आपकी बेगम हूँ , आप की हर बात मानूंगी .. मममम एस्सस उफ्फ्फ्फ़”


रौशनी की गीली छूट सलीम चाट hi रहे थे और रौशनी की मांसल बड़ी गोल भरी गांड भी मसलते hi जा रहा था.
जब सलीम ने रौशनी के गोल गुब्बारों पर एक चमाट मारा तो रौशनी एक बड़ी सी कराह छोड़ी.
असलम और सलीम , दोनों ने रौशनी को अपने बाँहों में उठाये. सलीम सर के साइड से और असलम पैरों के साइड से. जब दोनों ने रौशनी को अपने बाहों में ले लिया था दो दोनों रौशनी को वासना से उसकी आँखों में आँखें दाल देख रहे थे.
रौशनी उन्हें देख रही थी और अपने चेहरे पर एक शर्मिंदगी महाउस की और उसने अपने चेहरे को अपने हटेलियों से बंद कर लिया. कुछ मं ऐसे hi उनके बाँहों में रौशनी थी और फिर उन दोनों ने रौशनी मुझे बिस्तर पर रख दिया. दोनों बिस्तर के ऊपर उठ गए और खड़े हो गए. दोनों ek-ek करके अपनी चड्डी उतार दी और अब दोनों के मोठे काळा लोडे रौशनी के आँखों के सामने झूल रहे थे , झटके मार रहे थे ..


रौशनी अब घुटनों के बल बैठीथी. सलीम ने रौशनी बाल पकड़े और वे सभी
अपने लिंग रौशनी चहरे के पास लाए और अपने लिंग से रौशनी चहरे और बालों पर थप्पड़ मारने लगे.
असलम: क्या मस्त है मेरी बेगम रौशनी उफ्फ्फ्फ़ मम तुम लोगी हमारा लोढ़ा अपनी मु में, मममम?”
रौशनी: “है लूंगी ना ungggghhhhhhhhhh (रौशनी कराह उठी) आखिर में , तुम दोनों की बेगम रौशनी हूँ ना mainnnann….uffffff"
सलीम और असलम रौशनी के इर्द गिर्द खड़े रहे .. सलीम ने रौशनी के बाल असलम के हाथों में दे दिए और असलम फिर रौशनी के बालों को पकड़ कर ीउसके मुँह की चुदाई करने लगा अपने मोठे लोडे से … सलीम ने फॉर वही किया और इस बार वह रौशनी के मुँह की चुदाई करने लगा अपने मोठे लोडे से .. रौशनी बस सिसकियाँ मारती रही और बिना रुकावट बारी बारी दोनों के मोठे लोडे से अपनी मुँह की चुदाई करवाती रही …
रौशनी बिस्तर पर घुटनों के बल बैठी थी. सलीम और असलम आए और ek-ek करके रौशनी के गुलाबी होठों पर baaree-baarise अपने लोदों से उनपर थप्पड़ maare.jab वे रौशनी की होंठों पर अपने लोडे से थप्पड़ मारतेउसकी नाक से दोनों के लोडे टकराते और रौशनी उन के लोदों की खुस्भु सूंघ लेती और उसकी हवस और भी बढ़ जाती …
असलम और सलीम ने कुछ और बार अपने लोदों को रौशनी के गुलाबी होठों पर थपथपाने के बाद अपने लोदों से रौशनी का मुंह में डालने वाले थे और रौशनी के उनके प्रेकम से गीले होठं खुल गए और रौशनी ने अपने गीली जीभ बाहर निकल दोनों के लोदों से प्रेकम को चाटने लगी … फिर उनहोंने दोनों के लोदों को रौशनी की जीभ पर रख दिए और उसकी जीभ पर अपने लोदों को रगड़ने लगे.
फिर असलम ने dheere-dheere अपना लोढ़ा रौशनी के मुहके एंट्रेंस पे रखे तोह रौशनी के होंठ उसके लोडे की नोक को अपने होठों पर महसूस करने लगी. रौशनी अब धीरे धीरे से असलम के लोडे के सर को चाटने लगी और फिर उसके लोडे के शाफ़्ट पर अपनी जीभ फिरती हुयी उसे भी चाटने लगी .. ऐसे करते करते रौशनी ने असलम के पूरे लोडे को चाट ली.


वही बात रौशनी ने सलीम के लोडे की भी करि … फिर आखिर में दोनों के लोदों को रौशनी फिर से मस्ती में सिसकियाँ मारती हुयी चूसने लगी.
जिसे रौशनी उनके लोदों को चूसी तब उसे सर उनके लोदों पर aage-peechhe हो रहा था और उसने सलीम और असलम का लोदों को अपने दोनों हाथों में पकड़ दोनों के लोदों को चूसते हुए उन्हें अपने नाज़ुक लाल नेल पोलिश वाली हाथों से उनके लोडे हिला रही थी. ऐसे सब कुछ 10 मं चला और रौशनी उम् आह उफ़ मम की सिसकियाँ मारित हुयी दोनों लके लोदों को चूस चूस कर साफ़ करि…
फिर दोनों ने रौशनी को बिस्तर के किनारे लिटा दिया और उसकी टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. सलीम और असलम ने रौशनी की दोनों टांगें पकड़ लीं थे और उन्हें चौड़ा कर दिया ताकि असलम आकर पहले उसकी गीली छूट चाट सकें. \
सलीम अब असलम को उत्साह से बोलते रहे - “चाट असलम अपनी घोड़ी की अपनी बेगम की गीली छूट. इसे पूरा गीली करके चाट.”
असलम अपनी जीभ रौशनी की छूट के होठों पर ले आया और उसके गट के दाने को भी चाटने लगा और अपने होंठों से उसे दबाना शुरू कर दिया. रौशनी इस हरकत से जोरों से कराह रही थी उफ्फ्फ मम आठ असलम मियां उफ़ मम ऐसे hi चूसिये मेरी बुर उफ्फफ्फ्फ़ ममममम”

रौशनी बड़ी गर्मी में बड़ी जोरों से सिस्क्यान पार रही थी की सलीम ने अपना लोढ़ा रौशनी के मुंह में दाल दिया और उसकी मुँह को पकड़कर उसके मुँह की चुदाई शुरू कर दी. निचे असलम उसकी बुर चाट रहा था और ऊपर से सलीम उसकी मुँह की कुटाई कर रहा था ,, माहौल बहुत hi गरम हो चूका था …
असलम ने रौशनी की बुर और कुछ देर तक छाती और फिर असलम आए और असलम ने रौशनी की टांगें चौड़ी करके पकड़ लीं. तब सलीम रौशनी की बुर चाटने आए. रौशनी की बुर तोह पूरी तरह से गीली, गर्म और उत्तेजित थी. इतनी गर्मी और हवसी बन गयी थी रौशनी की वह रात भर इन दोनों बुद्धों के साथ रास लीला का खेल, खेलने बिलकुल तैयार थी और दोनों के साथ रात भार छोड़ना चाहती थी… बड़ी कामुक बना दिया था रौशनी को इन दो बुद्धों ने … उसके मियां ने , आखिर रौशनी उनकी बेगम इसीलिए तोह बन गयी hi थी .......








































































































