- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
“कौन हैं अंदर …. कौन हैं …”
रौशनी अपनी आँखें खोल लेती हैं … वह सलीम को दलहन लगती हैं उसकी आँखों में अभी भी कामुकता झलकते हुए .. वह आँखों से इशारा करती हैं सलीम को की वह कुछ करे …लेकिन खुद को बिस्तर से न उठती हैं न अपने बदन को ढकती हैं .. इसे देख सलीम खुश हो जाता हैं की रौशनी अभी भी हवस में hi डूबी हुयी हैं ..


फिर वह दरवाज़े के पास जाता हैं ..”अरे में सलीम हूँ .. रौशनी जी की तबियत थोड़ी ख़राब हैं वह सोई हैं .. में बस उनके साथ हूँ .. चिंता की बात नहीं .. वह अब सो जाएगी और आप सुबह hi आना अब ..”
इस बात को सुन हु शख्स दरवाज़े के वहां से चला जाट अहइँ .. अब सलीम को पूरी रात मिलने वाली थी रौशनी के साथ मस्ती भरे पल बिताने के लिए .
वह फिर रौशनी के करीब मुस्कुराते हुए आता हैं … उसके सामने रौशनी पूरी नंग्न बीएड पर लेती थी .. उसके बदन पर तेल से सहमति हुयी सी … आज तोह वह पूरी रात रौशनी के साथ मस्ती करने वाला था ..
सलीम फिर रौशनी के पास आया तोह रौशनी बोली
“सलीम जी … आपका तेल मालिश हुआ .. अब में उठ जाती हूँ …
“अरे नहीं अभी तोह बाई हैं सलीम ने झूट का कहा .. चलिए अब आपकी अच्छी से मालिश जारी रखूँगा ..”

image uploader
और सलीम रौशनी के ऊपर चढ़ जाता हैं … अपने लोडे पर तेल लगता हैं …
“सलीम जी यह कैसी मालिश हैं उफ्फ्फ … “
“रौशनी जी यह ख़ास मालिश हैं … इससे आपके बदन में रोम रोम खिल उठेगा .. आपके चूचियों के लिए मस्त मस्सगे हैं यह …”
“सलीम जी लेकिन आपका लुंड मेरे चूचियों अपर .. ऐसी कौनसी मालिश हैं उफ़ ..
“अरे रौशनी जी आप चिंता न करिये मस्त मालिश होगी ..
रौशनी अभी भी हवस के जाल में फांसी हुयी यही ..
फिर सलीम अपने नग्न फड़फड़ाते तेल से लथपथ लोडे को रौशनी के चिचयों के बेच रख उन्हें ऊपर निचे करने लगता हैं .. .. उसकी चूचियों को पकड़ते हुए उन्हें अपने लोडे के चारों और दाल अब उसकी चूचियों की चुदाई करने लगता हैं .. दोनों के तेल से लथपथ .. रौशनी की चूचियां और सलीम का लोडे .. दोनों अब एक दूसरे से घिस रहे थे .. रौशनी इस एहसास से निचे लेती चटपटा रही थी .. ऊपर से सलीम मस्ती में अपने लोडे को रगड़ता हैं रौशनी की चूचियों पर ..
“ममम उफ़ सलीम जी मम मस्त मालिश है ऐसी पहली बार करि हूँ उफ़ मम और करिये …”
सलीम यह बातें सुन बड़े मस्ती से और अपने लोडे को चूचियों के बीच से रगड़ता हैं ..

“रौशनी जी अब आप अपनी चूचियों को पकड़ लीजिये और मालिश करवाइये .. इससे आपको और मज़्ज़ा मिलेगा ..
रौशनी हवस में डूबी हुई सलीम की हर बात मानने को तैयार थी .. और वह बुइ अपने चूचियों को पकड़ते हुए सलीम के मोठे काळा लोडे के इर्द गिर्द रगड़ने लगी …. सलीम की अब तेज़ी बढ़ गयी और वह साटदत अब रौशनी की चूचियों के बीच अपने लोडे को रगड़ने लगा … और जरवटेल डालकर और रगड़ने लगा … सलीम ने बस सपनो में सोचा था यह ऐसे रौशनी जी की कुछ की कुड़सी करेगा .. मस्ती से वह और रगड़ते हुए रौशनी और मममम उफ्फ्फ करती हुयी चटपटी हुयी दोनों की ऐसी मालिश जारी रही … कुछ और 10 मीन्स ऐसे करने के बाद सलीम अब रौशनी के ऊपर से उतर गया ..
“रौशनी अब पलट लीजिये .. पीछे से आपकी चूतड़ों की मालिश ऐसे hi करूँगा …”
रौशनी की अंदर बहुत गर्मी बढ़ रही थी … वह अब पलट कर लेती रही .. बहुत दिनों बाद किसी मर्द के ऐसे सेक्सुअल स्पर्श से उसकी गर्मी और उत्तेजित हो रही थी .. वह अब सलीम के मालिश का पूरा आनंद लेने लगी थी .. उसकी जितनी भी झिझक थी वह सब धीरे धीरे ख़त्म हो रही थी .
रौशनी अब पलट कर लेट गयी. उसकी चूतड़ अब सलीम के आँखों के सामने थी जैसे देख उसका लोढ़ा एक जोर का झटका मारने लगा .. वह फिर से रौशनी के ऊपर चढ़ अब अपने लोडे को उसकी चूतड़ों पर पटक दिया ..
“उफ़ सलीम जी यह क्या आकर रहे हो … अब यह कौनसी मालिश ..”
“रौशनी जी बस आपकी चूतड़ों की मालिश hi तोह कर रहा हूँ …”
बस और क्या सलीम अब होने लोडे को रोशनीकी चूतड़ों के बीच रख रगड़ने लगतभाईन जिससे रौशनी की छूट से ढेर सारा रास बहने लगता हैं और वह सिसकियाँ मारती रहती हैं .. अहह उफ्फ्फ मम सलीम आपका मोटा लुंड मेरी वहां उफ्फ्फ ममम हाँ क्या मालिश हैं सलीम .. मममम”
सलीम बस रौशनी को निचे दबोचते रख अपने लोडे को रौशनी की तेल से सनी चूतड़ों के बीच रगड़ता हैं .. उसके लुंड से भी पानी निकलने लगता है और निचे से रौशनी की छूट से भी रास टपकने लगता है. ..
अभी कहा गरम हैं सलीम .. मन में सलीम ऐसे कहते हए अब अपने मोठे लोडे को रौशनी की मुँह के पास ले जाता हैं .. रौशनी सलीम के लोडे को अपने करीब देखती हैं .. उसकी हवस अब बहुत hi बढ़ चुकी थी .. वह चाहती थी की सलीम के लोडे से वह पूरी मस्ती करे .. वह अपनी हफ़्तों की प्यास उसके तगड़े लुंड से बुझाने के लिए अब तैयार थी .. वह भूल जाना चाहती थी की वह शासी शुदा हैं .. बस अब सलीम के लुंड से चुदाई hi चाहिए उसे …
सलीम ने अपने मोठे लैंड को रौशनी के हांथो मैं दे दिया और रौशनी अब सलीम के मोठे लुंड .. अपने हांथों मैं आते hi रौशनी की छूट फड़कने लगी और वह रौशनी के ऊपर अपने शरीर का भर देकर उसके मोठे लुंड और उसकी badi-badi गोटियों को अपने दोनों हांथो मैं bhar-bhar कर दबाने लगी तब सलीम ने रौशनी की दोनों मोती झंघों को खूब फैला कर जब रौशनी की मस्त पहली हुई छूट को देखा तो पागलो की तरह वह रौशनी की छूट को चाटने लगा, रौशनी मस्ती से भरी हुई आह आह करती हुई सलीम के सामने अपनी झंघों को और फैला कर अपनी छूट utha-utha कर अब सलीम के मुँह से रगड़ने लगी.


सलीम ने अपने दोनों हांथो से अपनी माँ की छूट की लिप्स को फैला कर उसके गुलाबी छेड़ को खूब चूसने लगे और एक हाथ से रौशनी के दूध को भी मसलने लगा,
लगभग 15 मिनट तक सलीम , रौशनी की छूट को छत्ता रहा उसके बाद सलीम ने रौशनी को उठाकर उसे
घोड़ी की तरह झुका दिया और उसकी मोती गांड पर अपने जीभ को सेट कर फिर छूट तक अपनी जीभ निकल कर चाटने लगे .
रौशनी मो यह बात रही नहीं गयी और उसने एक डैम से सलीम के मोठे लुंड को अपने मुँह मैं भर कर पागलो की तरह चूसने लगी, रौशनी खूब kas-kas के सलीम का लुंड चूस रही थी और सलीम अपने हांथो से रौशनी की छूट को सेहला रहा था. फिर सलीम ने रौशनी की छूट मैं दो तीन उंगलिया दाल कर आगे पीछे कर्णशूरू कर दिया और रौशनी , सलीम के लुंड को दोनों हांथो से खूब daboch-daboch कर चाट रही थी,
रौशनी अब -हफ्ते हुए
“सलीम कितना मस्त लुंड है आपका .. ममम मैं मालिश की शुरुवात से आपके इस मोठे लुंड को चूसने के लिए तड़प रही थी आज मैं इसे रत भर चूसूंगी

सलीम अब रौशनी के रसीले होंठो को चूस कर
“रौशनी जी मैं भी तो तेरी इस रसीली छूट का रास पिने के लिए कब से तड़प रहा हु आज तू मेरा लुंड चूस और मैं तेरी पहली हुई छूट का रास चुस्त हु.”
फिर सलीम ने लेट कर रौशनी को उल्टा अपने ऊपर चढ़ा लिया और रौशनी ी मोती गदराई गांड को अपने मुँह की और खिंच कर उसके गुलाबी रास से भरी छूट को अपने मुँह से पिने लगा. उधर रौशनी , सलीम के ऊपर चढ़ी हुयी उसका मोटा लोढ़ा पिने लगी. अब दोनों पागलो की तरह एक दूसरे के छूट और लुंड को चूसने लगे और दोनों ने एक दूसरे के छूट और लुंड को चूस -चूस कर लाल कर दिया.

अब सलीम और रौशनी की चुदाई की बारी थी .. सलीम, रौशनी की दोनों जांघो को ऊपर उठा कर मोड़ देता है और फिर उसकी उठी हुई छूट मैं अपने लोडे को रखता हैं..
आज उसकी मुराद पूरी होने वाली थी .. सलीम आज आख़िरकार रौशनी की गुलाबी पहली हुयी जवान छूट की चुदाई करने जा रहा था …
वहां रौशनी भी आज स्कीम के लोडे को होने छूट में लेने के लिए तैयार थी … ाः वह एक असली मोरे लोडे को अपनी छूट में लेने वाली थी …
सलीम ने अपने लोडे को उसकी छूट पर रख अब धीरे से आगे धकेलने लगा…
उफ्फ्फ ममम सलीम जी धीरे से आपका लोढ़ा … मम आईटी ा मोटा .. उफ्फ्फ धीरे से अहह मममम”
सलीम के लोडे का बस सर hi रौशनी की छूट के होठों को फैला रहा था … सलीम का लोढ़ा पूरा औकात में जहटके मारते हुए रौशनी की छूट में घुस रहा था …
“ये ले रौशनी उफ्फ्फ मंमकब से तेरी छूट की चुदाई करना चाहता था .. ममम क्या गुलाबी छूट हैं उफ्फ्फ मममम ले मेरा लोढ़ा तेरी छूट में .. अह्ह्ह”
“ उफ़ रौशनी जी तेरे जैसे मस्त शादीशुदा माल की आज तक मई नहीं चुदाई की हैं पर आज तुझे जी भरके छोडूंगा. चल अपने प्रेमी का लुंड पकड़ कर अपनी छूट पे रख ताकि मई उसको तेरी छूट मई घुसके तुझे छोड़ सकू. "

रौशनी भी पूरी कामुकता से सलीम का एक हाथ अपने मम्मो पे रखते हुए और सलीम का लुंड पकड़के अपने छूट पे रखते बोली,
"यह ले सलीम , तेरा लुंड मेरी छूट पे रखा है, अब तू लुंड घुसा और अपनी इस प्रेमिका को छोड़ छोड़ के पागल बना..
सलीम अब रौशनी से ऐसी बात सुनके, रौशनी के दुद्धियाँ मसलते उसके लुंड को जोरसे छूट मई दबाता है.

रौशनी निचे चटपटा रही थी … सलीम के लोडे ने उसकी छूट अभी से hi फुल कर दी थी … और अब तोह और उनका लोढ़ा अंदर जाना बाकी था ..
फिर करीब आधा लुंड छूट मई घुस जाता है. ऐसे मोठे लुंड की आदत न होने से रौशनी को हल्का सा दर्द होता है और वह चिल्लाते कहती है, "हैईईईई सलीम जी आरामसे दाल न मेरी छूट उफ्फ्फ्फ़… ? तूने मेरी छूट फैला दो तो मई अपने पति को बता भी नहीं सकती की इस छूट को तेरे जैसे मर्द ने फैला दी हैं .. "
सलीम को अब रहा नहीं गया और उसने एक जोर दर झटका मरता है की रौशनी के मुँह से आह की सिसकारी निकल जाती है और वह जोरों से कराहती हैं.
रौशनी एक तरफ लुढ़क कर हाफने लगती है तब
सलीम अब ताबड़ तोड़ तरीके से उसकी छूट की कुटाई करने लगता है, वह हर धक्का इतना जोर से मरता है की उसका लोढ़ा रौशनी की अब बच्चेदानी से टकराने लगती है,


रौशनी hay-hay करती हुई अपने भरी चूतड़ों को खूब उठाने लगती है और रौशनी की छूट मैं सलीम सटासट अपने लैंड को पेलने लगता है. beech-beech मैं सलीम जब अपनी माँ की पहली हुई छूट देखता है तो
अपने लुंड को बहार निकल कर रौशनी की छूट बुरी तरह चाटने लगता hai,karib 20 मं तक रौशनी अपनी माँ की छूट को कभी अपनी जीभ से छत्ता है कभी अपने लुंड से रौशनी के चुदाई करता हैं..
जब वह अपना पूरा लोढ़ा रौशनी की छूट के अंदर जाता है तो वह रौशनी की कमर पकड़के उसकी चुदाई करते हुए कहता है, "साली यह ले मेरा फौलादी लुंड. ारे अभी तो छूट फटेगी और बाद मई तेरी गांड भी छोडूंगा. तेरा पति कुछ बोले तो तू सीधे ंगो में आजा मेरे घर वहां छोडूंगा तेरी छूट. मैंने तेरी छूट मई इतने जोरसे लुंड इसलिए घुसाया क्योंकि तू आखिर कार इतने महीनो के बाद मिली. आज तोह तेरे जिस्म की ऐसे की तैसी कर दूंगा. यह ले मेरा फौलादी lund..Salim अब जोरसे रौशनी को छोड़ते उसके मम्मी बेरहमी से मसलने लगता है. रौशनी भी मस्ती कामुकता में सलीम के पीठ को कसके पकड़ते अपने छूट निचे से utha-uthake छुड़वाने लगती है. सलीम का पूरा लोढ़ा अपनी छूट मई घुसने से रौशनी को बहुत मज़ा आने लगता है. वह अब सलीम को पूरा सहयोग देते हुए अपनी छूट छुडवाके बोलती है, "हैई और छोड़ो राजा, और चुदाई करो मेरी छूट की..
“हैं बहुत गरम है आप भी .. रौशनी आगे बोलती हैं ..” ऐसा नहीं की रोनित की चुदाई से मई खुश नहीं थी लेकिन जिस हिम्मत और डिमांड से तूने मुझे नंगी करके मालिश करवा के मेरी चुदाई की में उस पर फ़िदा हूँ… . टारे जैसे मर्द के सामने झुकके उससे छुड़वाने मई अच्छा लगने लगा मुझे. अह्ह्ह्हह जी भरके छोड़ मुझे” अहह ममम उफ्फ्फ मममम करते हुए अब रौशनी सलीम का पूरा साथ देते हुए चुदती रही.
चुदाई का स्पीड और फ़ास्ट करते, बोलते हैं “ हाँ रौशनी तुझे जब चहु तब छोडूंगा अब .. . टारे पति को भी कुछ शक नहीं होगा. बड़ी गर्मी है न तेरी छूट मई तो यह ले छुडवाले मेरे लुंड से अपनी छूट. पहले कितने नाटक किये तूने, बड़ी सीधी साडी बन रही थी और अब देख uchal-uchal के चुद्वाराही है. तेरी जैसे गर्म महिला का एहि नाटक मुझे पसंद है रौशनी, इसीलिए अब तुमको छोड़ने और माज़ा आता है….
सलीम अब पास मैं रखा तेल उठा कर रौशनी की चूतड़ों के बीच उसकी गांड के छेड़ मैं ऊँगली dal-dal कर तेल लगाने लगता है और पहले एक फिर दो उंगलिया तेल मैं भीगी होने से सात से रौशनी की गदरायी गांड के छेड़
मैं घुसाने लगता है. फिर सलीम अपने मोठे लोडे पर ढेर सारा तेल लगा कर रौशनी की छूट मैं लोडे को दाल वहां पेलने लगता है.
उसका लुंड अब पूरी तरह से रौशनी की छूट में फंसा महसूस कर और भी सख्त होकर फूलने लगता है, सलीम का लोढ़ा cheer-cheer कर अपने मोठे लैंड को सटासट अंदर पेलने लगता है और रौशनी ओह अह्ह्ह्हह करते हुए सिसकियाँ मारती रहती है, और रौशनी भी मस्ती मैं सलीम जैसे काळा बुड्ढे के मोठे लुंड को अपनी बुर मैं भरे हुए खूब kas-kas कर मरवा रही थी.

सलीम तोह अब पूरी मस्ती में रौशनी मि ऐसी सिसकियाँ सुनकर रौशनी को घोड़ी बनाकर उसके ऊपर
chadh-chadh कर उसे छोड़ना शुरू कर दिया और इतना jor-jor से रौशनी की बुर को ठोंकने लगा की पुरे कमरे मैं उसके द्वारा रौशनी की ठुकाई की आवाज गूंजने लगी. ऐसी कुछ 10 मं ठुकाई के बाद अब
रौशनी एक डैम से उठ कर और सलीम को लिटा कर को अपने हांथो से सलीम के सलथ मोठे लोडे को पकड़ कर उस पर अपनी छूट रख कर बैठ गई और सलीम बुड्ढे के मोठे लोडे पर कूदने लगी .


सलीम ने रौशनी को फिर से निचे बीएड पर लिटा कर उसके पैरों को चौरा करने लगा ... अपने लोडे को फिर से रौशनी की छूट पर रख , वहां सहलाने लगा ...
फिर झट से सलीम अपने लोडे को रौशनी की छूट में उतरने लगा .....
Karib-karib आधा लुंड रौशनी की छूट मई घुस जाता है. ऐसे मोठे लुंड की आदत न होने से रौशनी को हल्का सा दर्द होता है और वह चिल्लाते कहती है, "हैईईईई सलीम जी आरामसे डालो न…”
सलीम रौशनी के मम्मी मसलते और 2-3 ज़ोरके धक्के मरता है. जब उसका पूरा लुंड अंदर जाता है तो वह रौशनी की कमर पकड़के उससे छोड़ते कहता है,
" मैंने आपकी छूट मई इतने जोरसे अपने लोडे को डाला हूँ क्योंकि तू इतने महीनो के बाद मिली हैं मेरे लोडे के निचे.”
सलीम अब जोरसे रौशनी को छोड़ते उसके मम्मी बेरहमी से मसलने लगता है. रौशनी सलीम को कसके पकड़ते अपने छूट निचे से utha-uthake छुड़वाने लगती है. सलीम का पूरा लुंड छूट मई घुसने से उससे बहुत मज़ा आने लगता है. वह सलीम को पूरा सहयोग देके अपनी छूट छुडवाके बोलती है, "हैई और छोड़ो राजा, मेरी छूट की चुदाई करीईई.”
तूने मुझे नंगी करके झुकाया उससे मई तुझपे मार गयी. तेरे जैसे मर्द के सामने छुड़वाने मई अच्छा लगने लगा हैं मुझे. जी भरके छोड़िये मुझे सलीम जी. " चुदाई का स्पीड और फ़ास्ट करते, रौशनी के दूध अच्छे से चुस्की सलीम बोलता हैं, "रौशनी तू मेरी आइटम हैं आज से … अब जब चहु तुम्हारी चुदाई करुँगाअ”. टी
पहले कितने नाटक किये तूने, बड़ी सीधी साडी बन रही थी और अब देख uchal-uchal के छुडवाके ले रही है मज़्ज़े. तेरी जैसे गर्म औरत का एहि नाटक मुझे पसंद है रौशनी, फिर hi तुमको छोड़ने और माज़ा आता है मुझे. "
फिर सलीम के मुँह पर अपने निप्पल पे दबाते रौशनी बोली, "उफ़ मेरे सलीम राजा, ारे शर्माना, नाटक करना यह तो औरत का हक्क हैं …. अगर मई सीधे से टारे हाथ आती तो इतना माज़ा कहाँ मिलता जो अब मिल रहा है. अह्ह्ह उफ्फ्फ ममम बहुत मस्त चुदाई कर रहे हो आप …. मैंने नखरे किये इसलिए तो तू अब मुझे ऐसे छोड़ रहा है.”
“देख तेरा पूरा जिस्म कैसे मुझसे छुड़वाते वक़्त उछाल रहा है.”
वहां रौशनी भी चुदाई के डरुअन ..”आज कितने दिन के बाद पहली बार मेरी छूट में दामदार लुंड मिला है अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ ओह गॉड मममम और जोरसे छोड़िये मुझेईई”.
सलीम अब और जोरसे बेरहमी से रौशनी की छूट छोड़ते हुए उसकी चकहियों को बेहरहमी से मसलता रहता हैं ….., "उफ़ आज बहुत दिनों बाद तेरे जैसी सहादशुदा लेडीज की चुदाई कर रहा हूँ … मममम ये ले रौशनी जी .. मेरा मोटा कला लोढ़ा तेरी मस्त गुलाबी छूट में ….”
अब सलीम लेते हुए आराम से रौशनी की दूधियों को चूसने लगा, करीब 10 मिनट तक ऐसी hi उनकी चुदाई जारी राखी..
सलीम जैसे बुड्ढे से इस तरह की चुदाई से pani-pani होलार रौशनी की छूट ढेर सारा रास छोर देती है.. सलीम से भी अब रहा नहीं गया और उसने अपने लोडे को निकल कर रौशनी के मुँह पर अपने लुंड से निकले माल के फावड़ों को उसके चेहरे पर और मुँह पर चोर्ने लगा ..

रौशनी अपनी आँखें खोल लेती हैं … वह सलीम को दलहन लगती हैं उसकी आँखों में अभी भी कामुकता झलकते हुए .. वह आँखों से इशारा करती हैं सलीम को की वह कुछ करे …लेकिन खुद को बिस्तर से न उठती हैं न अपने बदन को ढकती हैं .. इसे देख सलीम खुश हो जाता हैं की रौशनी अभी भी हवस में hi डूबी हुयी हैं ..


फिर वह दरवाज़े के पास जाता हैं ..”अरे में सलीम हूँ .. रौशनी जी की तबियत थोड़ी ख़राब हैं वह सोई हैं .. में बस उनके साथ हूँ .. चिंता की बात नहीं .. वह अब सो जाएगी और आप सुबह hi आना अब ..”
इस बात को सुन हु शख्स दरवाज़े के वहां से चला जाट अहइँ .. अब सलीम को पूरी रात मिलने वाली थी रौशनी के साथ मस्ती भरे पल बिताने के लिए .
वह फिर रौशनी के करीब मुस्कुराते हुए आता हैं … उसके सामने रौशनी पूरी नंग्न बीएड पर लेती थी .. उसके बदन पर तेल से सहमति हुयी सी … आज तोह वह पूरी रात रौशनी के साथ मस्ती करने वाला था ..
सलीम फिर रौशनी के पास आया तोह रौशनी बोली
“सलीम जी … आपका तेल मालिश हुआ .. अब में उठ जाती हूँ …
“अरे नहीं अभी तोह बाई हैं सलीम ने झूट का कहा .. चलिए अब आपकी अच्छी से मालिश जारी रखूँगा ..”

image uploader
और सलीम रौशनी के ऊपर चढ़ जाता हैं … अपने लोडे पर तेल लगता हैं …
“सलीम जी यह कैसी मालिश हैं उफ्फ्फ … “
“रौशनी जी यह ख़ास मालिश हैं … इससे आपके बदन में रोम रोम खिल उठेगा .. आपके चूचियों के लिए मस्त मस्सगे हैं यह …”
“सलीम जी लेकिन आपका लुंड मेरे चूचियों अपर .. ऐसी कौनसी मालिश हैं उफ़ ..
“अरे रौशनी जी आप चिंता न करिये मस्त मालिश होगी ..
रौशनी अभी भी हवस के जाल में फांसी हुयी यही ..
फिर सलीम अपने नग्न फड़फड़ाते तेल से लथपथ लोडे को रौशनी के चिचयों के बेच रख उन्हें ऊपर निचे करने लगता हैं .. .. उसकी चूचियों को पकड़ते हुए उन्हें अपने लोडे के चारों और दाल अब उसकी चूचियों की चुदाई करने लगता हैं .. दोनों के तेल से लथपथ .. रौशनी की चूचियां और सलीम का लोडे .. दोनों अब एक दूसरे से घिस रहे थे .. रौशनी इस एहसास से निचे लेती चटपटा रही थी .. ऊपर से सलीम मस्ती में अपने लोडे को रगड़ता हैं रौशनी की चूचियों पर ..
“ममम उफ़ सलीम जी मम मस्त मालिश है ऐसी पहली बार करि हूँ उफ़ मम और करिये …”
सलीम यह बातें सुन बड़े मस्ती से और अपने लोडे को चूचियों के बीच से रगड़ता हैं ..

“रौशनी जी अब आप अपनी चूचियों को पकड़ लीजिये और मालिश करवाइये .. इससे आपको और मज़्ज़ा मिलेगा ..
रौशनी हवस में डूबी हुई सलीम की हर बात मानने को तैयार थी .. और वह बुइ अपने चूचियों को पकड़ते हुए सलीम के मोठे काळा लोडे के इर्द गिर्द रगड़ने लगी …. सलीम की अब तेज़ी बढ़ गयी और वह साटदत अब रौशनी की चूचियों के बीच अपने लोडे को रगड़ने लगा … और जरवटेल डालकर और रगड़ने लगा … सलीम ने बस सपनो में सोचा था यह ऐसे रौशनी जी की कुछ की कुड़सी करेगा .. मस्ती से वह और रगड़ते हुए रौशनी और मममम उफ्फ्फ करती हुयी चटपटी हुयी दोनों की ऐसी मालिश जारी रही … कुछ और 10 मीन्स ऐसे करने के बाद सलीम अब रौशनी के ऊपर से उतर गया ..
“रौशनी अब पलट लीजिये .. पीछे से आपकी चूतड़ों की मालिश ऐसे hi करूँगा …”
रौशनी की अंदर बहुत गर्मी बढ़ रही थी … वह अब पलट कर लेती रही .. बहुत दिनों बाद किसी मर्द के ऐसे सेक्सुअल स्पर्श से उसकी गर्मी और उत्तेजित हो रही थी .. वह अब सलीम के मालिश का पूरा आनंद लेने लगी थी .. उसकी जितनी भी झिझक थी वह सब धीरे धीरे ख़त्म हो रही थी .
रौशनी अब पलट कर लेट गयी. उसकी चूतड़ अब सलीम के आँखों के सामने थी जैसे देख उसका लोढ़ा एक जोर का झटका मारने लगा .. वह फिर से रौशनी के ऊपर चढ़ अब अपने लोडे को उसकी चूतड़ों पर पटक दिया ..
“उफ़ सलीम जी यह क्या आकर रहे हो … अब यह कौनसी मालिश ..”
“रौशनी जी बस आपकी चूतड़ों की मालिश hi तोह कर रहा हूँ …”
बस और क्या सलीम अब होने लोडे को रोशनीकी चूतड़ों के बीच रख रगड़ने लगतभाईन जिससे रौशनी की छूट से ढेर सारा रास बहने लगता हैं और वह सिसकियाँ मारती रहती हैं .. अहह उफ्फ्फ मम सलीम आपका मोटा लुंड मेरी वहां उफ्फ्फ ममम हाँ क्या मालिश हैं सलीम .. मममम”
सलीम बस रौशनी को निचे दबोचते रख अपने लोडे को रौशनी की तेल से सनी चूतड़ों के बीच रगड़ता हैं .. उसके लुंड से भी पानी निकलने लगता है और निचे से रौशनी की छूट से भी रास टपकने लगता है. ..
अभी कहा गरम हैं सलीम .. मन में सलीम ऐसे कहते हए अब अपने मोठे लोडे को रौशनी की मुँह के पास ले जाता हैं .. रौशनी सलीम के लोडे को अपने करीब देखती हैं .. उसकी हवस अब बहुत hi बढ़ चुकी थी .. वह चाहती थी की सलीम के लोडे से वह पूरी मस्ती करे .. वह अपनी हफ़्तों की प्यास उसके तगड़े लुंड से बुझाने के लिए अब तैयार थी .. वह भूल जाना चाहती थी की वह शासी शुदा हैं .. बस अब सलीम के लुंड से चुदाई hi चाहिए उसे …
सलीम ने अपने मोठे लैंड को रौशनी के हांथो मैं दे दिया और रौशनी अब सलीम के मोठे लुंड .. अपने हांथों मैं आते hi रौशनी की छूट फड़कने लगी और वह रौशनी के ऊपर अपने शरीर का भर देकर उसके मोठे लुंड और उसकी badi-badi गोटियों को अपने दोनों हांथो मैं bhar-bhar कर दबाने लगी तब सलीम ने रौशनी की दोनों मोती झंघों को खूब फैला कर जब रौशनी की मस्त पहली हुई छूट को देखा तो पागलो की तरह वह रौशनी की छूट को चाटने लगा, रौशनी मस्ती से भरी हुई आह आह करती हुई सलीम के सामने अपनी झंघों को और फैला कर अपनी छूट utha-utha कर अब सलीम के मुँह से रगड़ने लगी.


सलीम ने अपने दोनों हांथो से अपनी माँ की छूट की लिप्स को फैला कर उसके गुलाबी छेड़ को खूब चूसने लगे और एक हाथ से रौशनी के दूध को भी मसलने लगा,
लगभग 15 मिनट तक सलीम , रौशनी की छूट को छत्ता रहा उसके बाद सलीम ने रौशनी को उठाकर उसे
घोड़ी की तरह झुका दिया और उसकी मोती गांड पर अपने जीभ को सेट कर फिर छूट तक अपनी जीभ निकल कर चाटने लगे .
रौशनी मो यह बात रही नहीं गयी और उसने एक डैम से सलीम के मोठे लुंड को अपने मुँह मैं भर कर पागलो की तरह चूसने लगी, रौशनी खूब kas-kas के सलीम का लुंड चूस रही थी और सलीम अपने हांथो से रौशनी की छूट को सेहला रहा था. फिर सलीम ने रौशनी की छूट मैं दो तीन उंगलिया दाल कर आगे पीछे कर्णशूरू कर दिया और रौशनी , सलीम के लुंड को दोनों हांथो से खूब daboch-daboch कर चाट रही थी,
रौशनी अब -हफ्ते हुए
“सलीम कितना मस्त लुंड है आपका .. ममम मैं मालिश की शुरुवात से आपके इस मोठे लुंड को चूसने के लिए तड़प रही थी आज मैं इसे रत भर चूसूंगी

सलीम अब रौशनी के रसीले होंठो को चूस कर
“रौशनी जी मैं भी तो तेरी इस रसीली छूट का रास पिने के लिए कब से तड़प रहा हु आज तू मेरा लुंड चूस और मैं तेरी पहली हुई छूट का रास चुस्त हु.”
फिर सलीम ने लेट कर रौशनी को उल्टा अपने ऊपर चढ़ा लिया और रौशनी ी मोती गदराई गांड को अपने मुँह की और खिंच कर उसके गुलाबी रास से भरी छूट को अपने मुँह से पिने लगा. उधर रौशनी , सलीम के ऊपर चढ़ी हुयी उसका मोटा लोढ़ा पिने लगी. अब दोनों पागलो की तरह एक दूसरे के छूट और लुंड को चूसने लगे और दोनों ने एक दूसरे के छूट और लुंड को चूस -चूस कर लाल कर दिया.

अब सलीम और रौशनी की चुदाई की बारी थी .. सलीम, रौशनी की दोनों जांघो को ऊपर उठा कर मोड़ देता है और फिर उसकी उठी हुई छूट मैं अपने लोडे को रखता हैं..
आज उसकी मुराद पूरी होने वाली थी .. सलीम आज आख़िरकार रौशनी की गुलाबी पहली हुयी जवान छूट की चुदाई करने जा रहा था …
वहां रौशनी भी आज स्कीम के लोडे को होने छूट में लेने के लिए तैयार थी … ाः वह एक असली मोरे लोडे को अपनी छूट में लेने वाली थी …
सलीम ने अपने लोडे को उसकी छूट पर रख अब धीरे से आगे धकेलने लगा…
उफ्फ्फ ममम सलीम जी धीरे से आपका लोढ़ा … मम आईटी ा मोटा .. उफ्फ्फ धीरे से अहह मममम”
सलीम के लोडे का बस सर hi रौशनी की छूट के होठों को फैला रहा था … सलीम का लोढ़ा पूरा औकात में जहटके मारते हुए रौशनी की छूट में घुस रहा था …
“ये ले रौशनी उफ्फ्फ मंमकब से तेरी छूट की चुदाई करना चाहता था .. ममम क्या गुलाबी छूट हैं उफ्फ्फ मममम ले मेरा लोढ़ा तेरी छूट में .. अह्ह्ह”
“ उफ़ रौशनी जी तेरे जैसे मस्त शादीशुदा माल की आज तक मई नहीं चुदाई की हैं पर आज तुझे जी भरके छोडूंगा. चल अपने प्रेमी का लुंड पकड़ कर अपनी छूट पे रख ताकि मई उसको तेरी छूट मई घुसके तुझे छोड़ सकू. "

रौशनी भी पूरी कामुकता से सलीम का एक हाथ अपने मम्मो पे रखते हुए और सलीम का लुंड पकड़के अपने छूट पे रखते बोली,
"यह ले सलीम , तेरा लुंड मेरी छूट पे रखा है, अब तू लुंड घुसा और अपनी इस प्रेमिका को छोड़ छोड़ के पागल बना..
सलीम अब रौशनी से ऐसी बात सुनके, रौशनी के दुद्धियाँ मसलते उसके लुंड को जोरसे छूट मई दबाता है.

रौशनी निचे चटपटा रही थी … सलीम के लोडे ने उसकी छूट अभी से hi फुल कर दी थी … और अब तोह और उनका लोढ़ा अंदर जाना बाकी था ..
फिर करीब आधा लुंड छूट मई घुस जाता है. ऐसे मोठे लुंड की आदत न होने से रौशनी को हल्का सा दर्द होता है और वह चिल्लाते कहती है, "हैईईईई सलीम जी आरामसे दाल न मेरी छूट उफ्फ्फ्फ़… ? तूने मेरी छूट फैला दो तो मई अपने पति को बता भी नहीं सकती की इस छूट को तेरे जैसे मर्द ने फैला दी हैं .. "
सलीम को अब रहा नहीं गया और उसने एक जोर दर झटका मरता है की रौशनी के मुँह से आह की सिसकारी निकल जाती है और वह जोरों से कराहती हैं.
रौशनी एक तरफ लुढ़क कर हाफने लगती है तब
सलीम अब ताबड़ तोड़ तरीके से उसकी छूट की कुटाई करने लगता है, वह हर धक्का इतना जोर से मरता है की उसका लोढ़ा रौशनी की अब बच्चेदानी से टकराने लगती है,


रौशनी hay-hay करती हुई अपने भरी चूतड़ों को खूब उठाने लगती है और रौशनी की छूट मैं सलीम सटासट अपने लैंड को पेलने लगता है. beech-beech मैं सलीम जब अपनी माँ की पहली हुई छूट देखता है तो
अपने लुंड को बहार निकल कर रौशनी की छूट बुरी तरह चाटने लगता hai,karib 20 मं तक रौशनी अपनी माँ की छूट को कभी अपनी जीभ से छत्ता है कभी अपने लुंड से रौशनी के चुदाई करता हैं..
जब वह अपना पूरा लोढ़ा रौशनी की छूट के अंदर जाता है तो वह रौशनी की कमर पकड़के उसकी चुदाई करते हुए कहता है, "साली यह ले मेरा फौलादी लुंड. ारे अभी तो छूट फटेगी और बाद मई तेरी गांड भी छोडूंगा. तेरा पति कुछ बोले तो तू सीधे ंगो में आजा मेरे घर वहां छोडूंगा तेरी छूट. मैंने तेरी छूट मई इतने जोरसे लुंड इसलिए घुसाया क्योंकि तू आखिर कार इतने महीनो के बाद मिली. आज तोह तेरे जिस्म की ऐसे की तैसी कर दूंगा. यह ले मेरा फौलादी lund..Salim अब जोरसे रौशनी को छोड़ते उसके मम्मी बेरहमी से मसलने लगता है. रौशनी भी मस्ती कामुकता में सलीम के पीठ को कसके पकड़ते अपने छूट निचे से utha-uthake छुड़वाने लगती है. सलीम का पूरा लोढ़ा अपनी छूट मई घुसने से रौशनी को बहुत मज़ा आने लगता है. वह अब सलीम को पूरा सहयोग देते हुए अपनी छूट छुडवाके बोलती है, "हैई और छोड़ो राजा, और चुदाई करो मेरी छूट की..
“हैं बहुत गरम है आप भी .. रौशनी आगे बोलती हैं ..” ऐसा नहीं की रोनित की चुदाई से मई खुश नहीं थी लेकिन जिस हिम्मत और डिमांड से तूने मुझे नंगी करके मालिश करवा के मेरी चुदाई की में उस पर फ़िदा हूँ… . टारे जैसे मर्द के सामने झुकके उससे छुड़वाने मई अच्छा लगने लगा मुझे. अह्ह्ह्हह जी भरके छोड़ मुझे” अहह ममम उफ्फ्फ मममम करते हुए अब रौशनी सलीम का पूरा साथ देते हुए चुदती रही.
चुदाई का स्पीड और फ़ास्ट करते, बोलते हैं “ हाँ रौशनी तुझे जब चहु तब छोडूंगा अब .. . टारे पति को भी कुछ शक नहीं होगा. बड़ी गर्मी है न तेरी छूट मई तो यह ले छुडवाले मेरे लुंड से अपनी छूट. पहले कितने नाटक किये तूने, बड़ी सीधी साडी बन रही थी और अब देख uchal-uchal के चुद्वाराही है. तेरी जैसे गर्म महिला का एहि नाटक मुझे पसंद है रौशनी, इसीलिए अब तुमको छोड़ने और माज़ा आता है….
सलीम अब पास मैं रखा तेल उठा कर रौशनी की चूतड़ों के बीच उसकी गांड के छेड़ मैं ऊँगली dal-dal कर तेल लगाने लगता है और पहले एक फिर दो उंगलिया तेल मैं भीगी होने से सात से रौशनी की गदरायी गांड के छेड़
मैं घुसाने लगता है. फिर सलीम अपने मोठे लोडे पर ढेर सारा तेल लगा कर रौशनी की छूट मैं लोडे को दाल वहां पेलने लगता है.
उसका लुंड अब पूरी तरह से रौशनी की छूट में फंसा महसूस कर और भी सख्त होकर फूलने लगता है, सलीम का लोढ़ा cheer-cheer कर अपने मोठे लैंड को सटासट अंदर पेलने लगता है और रौशनी ओह अह्ह्ह्हह करते हुए सिसकियाँ मारती रहती है, और रौशनी भी मस्ती मैं सलीम जैसे काळा बुड्ढे के मोठे लुंड को अपनी बुर मैं भरे हुए खूब kas-kas कर मरवा रही थी.

सलीम तोह अब पूरी मस्ती में रौशनी मि ऐसी सिसकियाँ सुनकर रौशनी को घोड़ी बनाकर उसके ऊपर
chadh-chadh कर उसे छोड़ना शुरू कर दिया और इतना jor-jor से रौशनी की बुर को ठोंकने लगा की पुरे कमरे मैं उसके द्वारा रौशनी की ठुकाई की आवाज गूंजने लगी. ऐसी कुछ 10 मं ठुकाई के बाद अब
रौशनी एक डैम से उठ कर और सलीम को लिटा कर को अपने हांथो से सलीम के सलथ मोठे लोडे को पकड़ कर उस पर अपनी छूट रख कर बैठ गई और सलीम बुड्ढे के मोठे लोडे पर कूदने लगी .


सलीम ने रौशनी को फिर से निचे बीएड पर लिटा कर उसके पैरों को चौरा करने लगा ... अपने लोडे को फिर से रौशनी की छूट पर रख , वहां सहलाने लगा ...
फिर झट से सलीम अपने लोडे को रौशनी की छूट में उतरने लगा .....
Karib-karib आधा लुंड रौशनी की छूट मई घुस जाता है. ऐसे मोठे लुंड की आदत न होने से रौशनी को हल्का सा दर्द होता है और वह चिल्लाते कहती है, "हैईईईई सलीम जी आरामसे डालो न…”
सलीम रौशनी के मम्मी मसलते और 2-3 ज़ोरके धक्के मरता है. जब उसका पूरा लुंड अंदर जाता है तो वह रौशनी की कमर पकड़के उससे छोड़ते कहता है,
" मैंने आपकी छूट मई इतने जोरसे अपने लोडे को डाला हूँ क्योंकि तू इतने महीनो के बाद मिली हैं मेरे लोडे के निचे.”
सलीम अब जोरसे रौशनी को छोड़ते उसके मम्मी बेरहमी से मसलने लगता है. रौशनी सलीम को कसके पकड़ते अपने छूट निचे से utha-uthake छुड़वाने लगती है. सलीम का पूरा लुंड छूट मई घुसने से उससे बहुत मज़ा आने लगता है. वह सलीम को पूरा सहयोग देके अपनी छूट छुडवाके बोलती है, "हैई और छोड़ो राजा, मेरी छूट की चुदाई करीईई.”
तूने मुझे नंगी करके झुकाया उससे मई तुझपे मार गयी. तेरे जैसे मर्द के सामने छुड़वाने मई अच्छा लगने लगा हैं मुझे. जी भरके छोड़िये मुझे सलीम जी. " चुदाई का स्पीड और फ़ास्ट करते, रौशनी के दूध अच्छे से चुस्की सलीम बोलता हैं, "रौशनी तू मेरी आइटम हैं आज से … अब जब चहु तुम्हारी चुदाई करुँगाअ”. टी
पहले कितने नाटक किये तूने, बड़ी सीधी साडी बन रही थी और अब देख uchal-uchal के छुडवाके ले रही है मज़्ज़े. तेरी जैसे गर्म औरत का एहि नाटक मुझे पसंद है रौशनी, फिर hi तुमको छोड़ने और माज़ा आता है मुझे. "
फिर सलीम के मुँह पर अपने निप्पल पे दबाते रौशनी बोली, "उफ़ मेरे सलीम राजा, ारे शर्माना, नाटक करना यह तो औरत का हक्क हैं …. अगर मई सीधे से टारे हाथ आती तो इतना माज़ा कहाँ मिलता जो अब मिल रहा है. अह्ह्ह उफ्फ्फ ममम बहुत मस्त चुदाई कर रहे हो आप …. मैंने नखरे किये इसलिए तो तू अब मुझे ऐसे छोड़ रहा है.”
“देख तेरा पूरा जिस्म कैसे मुझसे छुड़वाते वक़्त उछाल रहा है.”
वहां रौशनी भी चुदाई के डरुअन ..”आज कितने दिन के बाद पहली बार मेरी छूट में दामदार लुंड मिला है अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ ओह गॉड मममम और जोरसे छोड़िये मुझेईई”.
सलीम अब और जोरसे बेरहमी से रौशनी की छूट छोड़ते हुए उसकी चकहियों को बेहरहमी से मसलता रहता हैं ….., "उफ़ आज बहुत दिनों बाद तेरे जैसी सहादशुदा लेडीज की चुदाई कर रहा हूँ … मममम ये ले रौशनी जी .. मेरा मोटा कला लोढ़ा तेरी मस्त गुलाबी छूट में ….”
अब सलीम लेते हुए आराम से रौशनी की दूधियों को चूसने लगा, करीब 10 मिनट तक ऐसी hi उनकी चुदाई जारी राखी..
सलीम जैसे बुड्ढे से इस तरह की चुदाई से pani-pani होलार रौशनी की छूट ढेर सारा रास छोर देती है.. सलीम से भी अब रहा नहीं गया और उसने अपने लोडे को निकल कर रौशनी के मुँह पर अपने लुंड से निकले माल के फावड़ों को उसके चेहरे पर और मुँह पर चोर्ने लगा ..













































