फिर रुख के कहती है!
ये गरम तेल की मालिश
तेरे.. आप की हर चीज़ मुझे पसंदटि है..
बहुत नॉटी बन रहे हो मेरे साथ
नहीं बनु क्या
बनो बनो.. भला तुम कोण रोक रहा है और..
फिर थोड़ा नखरा करते हुई कहती है
और किसी ने रोका तो भी तुम कहा किस से रुकने वाले हो..
उसकी आँखों मई देखते हुई कहती है

है न जी..
आज पहली बार आरती ने नवाज़ को है न जी कहा था.. जो औरते आपने बहुत क्लोज को कहते है.. पति या लवर के लिए कहती है..
हाँ जी
चलो अब तुम्हारे मालिश के बाद भी मुझे बहुत सरे काम है
कहा
कहा मतलब हमारे बैडरूम मई
हमारे??
ारे बाबा मतलब मेरे और तुम्हारे छोटे मालिक के बैडरूम मई
हाँ चलिए
तभी उसके ससुर का कॉल आता है
रुको पापा जी का कॉल आया है
स्पीकर पाई कर लो
तब वो नवाज़ की तरफ देखती है.. थोड़े आशर्य से

भला क्यों
करो तो सही
पर क्यों
मोबाइल की रिंग बज रही थी और मोबाइल आरती के हाट मई था..
मुझे बताओ क्यों करना है स्पीकर पाई
बाद मई बताता हु
पहले बताओ
तभी नवाज़ कॉल उठता है और स्पीकर पाई रखता है
hello बीटा
Hello पापा जी
हाँ आरती बीटा तुम कहा हो
मई तो घर मई .. किचन मई.
एक काम था तुमसे
हाँ पापा जी बोलिये न
वो कामचोर कहा है
वो तो आयी नहीं आज
अभी तक नहीं आयी ..
नहीं..
क्यों
बीमार है
अच्छा क्या हुआ उसे
बुखार है
सच बोल रही है वो या ऐसे hi आराम फरमाने के लिए कह रही है
तब हस्ते हुई आरती कहते है

नहीं नहीं सच मई बुखार है उसकी मम्मी ने कहा है
अच्छा फिर ठीक है
क्या काम था उसके पास पापा जी
उस कामचोर के पास मेरा क्या काम होगा..
फिर
एक्चुअली काम तो तुम्हारे पास था बीटा पर अब अकेले कैसे कर पेज ये सोच रहा हु
आप बोलिये तो सही..
नवाज़ की तरफ देखते हुई कहते है

मई कर लुंगी
नहीं तुम अकेले नहीं कर सकती
मई अकेले नहीं हु पापा जी
तो
आपका पसंदीदा नौकर है
कोण नवाज़
हाँ
वो क्या कर रहा है किचन मई
वो नास्ता करने के लिए आया था
तब आरती नवाज़ को देखते हुई बहुत धीरे से बोली

आज लाइफ में पहली बार मैंने पापा जी से झूट बोलै है और वो भी तुम्हारे लिए.. तुम्हारे वजह से
ये तो ट्रेलर है.. पिक्चर अभी बाकि है..
नहीं
हाँ रानी
No रानी समजे
आज पहली बार मेरे लिए जूथ बोलै आगे आगे देखो होता क्या है
मुझे क्या आपने जैसा जूठा बनाओगे क्या
बनाना तो चाहता हु पर आप बनोगे क्या… ये मटर है
कभी नहीं
वो दोनों बहुत क्लोज खड़े थे और बहुत धीरे धीरे बोल रहे थे.. पापा जी को कोई शक नहीं हुआ की आरती किसी से बात कर रही है..
आरती बीटा तुम हो न वह पाई
जी पापा जी
अच्छा उसको फ़ोन दो
हाँ देती हु
नवाज़
हाँ शेठ जी
ारे मुझे बता ये कोनसे टाइम का नास्ता है
तब आरती जीब चबाती है उसे लगा चोरे पकड़ी गयी..

नवाज़ कुछ बोलता इससे पहले hi पापा जी कहते है
सुबह hi नास्ता किया था न तुमने मई जब था तब
नहीं न शेठ जी.. मालकिन जल्दी नास्ता hi नहीं देती.. दस बार मांगना पड़ता है
तब आरती आँखे बड़े करके कहते है

कुछ भी हाँ
अच्छा
हाँ नहीं तो क्या
तब उसके शोल्डर को आरती मरती है

पापा जी को कुछ भी मत बोलो उनको सच hi लगेगा . . तुम्हारा उनको सच hi लगता है..
आरती ने ये कहा तब पापा जी को ठीक से सुनाये नहीं दिया पर आरती का आवाज़ सुनाई दिया.. तब पापा जी कहते है
मई कहता हु आरती बीटा को तुम फ़िक्र मत करो तुम टाइम पाई नास्ता और खाना मिलेगा
तब आरती नवाज़ की और देखते हुई कहते है . . बुरा सा मू बनके..

देखो हुआ न उनका तुम्हारे बात पर भरोसा
तब नवाज़ हँसाने लगा
तब नवाज़ को वो मरने लगी .. उसके छथि मई.. बहुत धीरे से प्यार से..
शेठ जी मुझपर बहोत भरोसा करते है..
हाँ पता है
नवाज़ आरती को फ़ोन दे दो
जी
आरती बीटा
जी पापा जी
नवाज़ को टाइम पाई खाना और नास्ता दिया करो
जी पापा जी
आगे से लेत मत होने दो
जी पापा जी.. मेरे वजह से नहीं वो नीता की वजह से आज लेत हुआ..
वो कामचोर का जाने दो.. आगे से तुम खुद नवाज़ पाई ध्यान दो… काम का बाँदा है..
तब नवाज़ की और देखते हुई कहती है..

काम का बाँदा..
और आँखे उड़ने लगी.. उसके चहरे पर स्माइल थी..
हाँ बीटा ऐसे लोग ढूंढने से भी नहीं मिलते
हाँ पापा जी ऐसे लोग ध्यडने से भी नहीं मिलते
नवाज़ को इशारा करते हुई कहती है..

तो बीटा तुम आगे से खुद नवाज़ पाई ध्यान दो
हाँ पापा जी आज से hi ध्यान दूंगी आप के चहिते नवाज़ पाई
और नवाज़ को देखने लगी
अब नवाज़ को कॉल दो
जी
नवाज़ वो उप्पर के रूम मई एक बॉक्स है.. उसमे कुछ पेस्टीसिड्स है वो आरती के साथ मिलकर वो 4-5 बॉक्स निकल दो.. और मई हरिया को भेज दूंगा उसके पास दे दो
जी शेठ जी
अब आरती को दे दो
जी
आरती बीटा ऊपर के रूम मई कुछ बॉक्स है वो लेन्टाइन पाई है.. तुम दोनों मिलकर वो निकल दो और मैं हरिया को भेज दूंगा.. निकालने के बाद मुझे कॉल करो फिर मई हरिया को भेज दूंगा
जी पापा जी
अरविन्द का कॉल आया था
हाँ
ठीक है.. आपने ध्यान रखो और टाइम पाई खाना खाओ और नवाज़ को भी खिला दो
जी पापा जी
अब रखता हु..
जी
कहते hi पापा जी ने कॉल रख दिया . . कॉल रखते hi आरती कहती है..
पापा जी तो तुम पाई फ़िदा है .. तुम तो बहुत काम की चीज़ निकले

हाँ होंगे hi न मई काम की चीज़ हु न फिर .
हाँ
मान गए न मुझे फिर
बिलकुल वैसे पापा जी ैसिलय किसो पाई भरोसा नहीं करते पर तुम पाई करते है
मई चीज़ hi ऐसे हु मेमसाब
पता है
पता है आप को मई कैसे चीज़ हु
तब शरमाते हुई कहते है
पहले पता नहीं था पर अब पता लग गया है
फिर तो इस काम की चीज़ को कुछ बाकिश मिलेंगे क्या
ज्यादा ऊधो मत और ऊपर चलो और वो बॉक्स कैसे निकले उस के बारे मई सोचो..
ऐसा कह के जाने लगी दूर की तरफ पर नवाज़ वही खड़ा रहा.. तब पलट कर कहती है..
चलो न लेत हो जायेगा फिर
पूरा दिन पड़ा है
क्या शहर नहीं जाना है क्या मूवी देखने
हाँ तू आ रही है क्या
अब नवाज़ तू hi कह रहा tha..aab तुम वर्ड नवाज़ के मू मई आरती के लिए आ नहीं रहा था
तब नखरा करते हुई कहती है
आना तो पड़ेगा hi न.. मेरे प्यारे फ्रेंड के आशिक़ और मेरे ससुर जी के प्यारे नौकर की बात मई कैसे ताल सकती हु..
बहुत बढ़िया मेमसाब
चलो ाअब .. पापा जी के चहेते.. पापा जी इतना भरोसा किया है तो उनका भरोसा मत थोड़ो
मई किसी का भरोसा नहीं तोड़ता मेमसाब
फिर चलो
चलता पर बहुत भूख लगी है कुछ हो जाये
ये अच्छा है मालिश मई करू और भूख तुम लगी है
ऐसा कह के फ्रीज के पास आती है..
अभी वो बॉक्स मुझे hi उतने पड़ेगे न
तो क्या मई ुतौ क्या फिर
नहीं मेरे होते हुई तुम क्यों ुटाओगे
हां .. मालिश भी मई करू.. बॉक्स भी मई hi ुतौ.. ये कैसे चलेगा
नहीं चलेगा न
ऐसा कह के उसके पास जाता है.. तब तक आरती फ्रीज मई से मिल्कशेक का जंबो गिलास निकल के नवाज़ को देती है
वैसे hi नवाज़ मू को लगा लेता है.. एक घूंट लेने के बाद कहता है
तुम नहीं पिओगे क्या
नहीं
क्यों
एक hi गिलास था मिल्कशेक
तो ये आधा आधा पिटे है
तब शर्माकर कहते है

नहीं
एक और सिप लेता है..
दोनों बहुत करीब खड़े थे
देखो सोच लो.. भूक लगेंगे तुम.. मेरे मालिश भी करनी है और बॉक्स भी उतने है..
तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है ..
क्यों बॉक्स तो तुम उठानेवाले हो न जी
जी नहीं
क्या ..
फिर कोण उठाएगा
तुम
नवाज़ के ऐसे कहने से आरती दर गयी..

डरते हुई कहती है
मई कैसे जी.. वो कितने हैवी होंगे. .मई कैसे उठा पाउंगी..
मई हु न
मतलब
मई तुम उठा लूंगा और तुम बॉक्स को उठा लेना
की.. ये नहीं पॉसिबल
तब नवाज़ हँसाने लगा
कितना दर गयी तुम मेरे मज़ाक से
आरती अभी भी नहीं समाज पायी
वो बस उसे देखते रही और वो मिल्कशेक पिता रहा
ारे बॉक्स मई hi उठाऊंगा पर मुझे हेल्प तो करोगे न
तब हाँ ऐसा कर सकती हु
हाँ ऐसा hi करो न फिर.. दर क्यों रही हो
मुझे लगा तुम मुझे वो बॉक्स उतने को कहोगे
मेरे होते हुई मई मेरे महारानी को ऐसा काम कैसे करने दूंगा
तब नखरे दिखते हुई कहती है
फिर पहले क्यों कहा
मज़ाक तथा
तब उसके छथि को मरने लगी
पर मालिश के लिए और बॉक्स को हेल्प के लिए बॉडी मई जान तो चाहिए
हाँ
तो उसके लिए मिल्कशेक पिऊ
नहीं
पर नवाज़ नहीं सुनाता और मिल्कशेक का गिलास उसके मू को लगता है
अब थोड़े देर पहले कुछ 15 मिनट पहले नवाज़ ने उसका पिया हुआ पानी पिने को कहा तब आरती ने मन किया तह और अब 15 मिनट बाद नवाज़ ने थोड़ा फाॅर्स क्या किया उसका पिया हुआ मिल्कशेक आरती बड़े प्यार से पिया.. 2-3 सिप पिए.. ये सब 15 मिनट मई चेंज हुआ..
अब चलो उप्पर
हाँ चलो कह कर आरती चलने लगी और नवाज़ उसके पीछे चलने लगा..
वैसे मेमसाब मैंने एक बात नोटिस की है
कोनसे बात
पहले मेरे मू से गलती से भी आप को तू निकालता था तो आप गुस्सा हो जाती थी पर अभी मैंने 2-3 बार आप को तू कहा तो आप गुस्सा नहीं हुई और मुझे कुछ कहा भी नहीं
कहने से क्या होता.. तुम थोड़े hi सुंदरनेवाले हो.. वो कहते है न कुत्ते के धूम सीधी नहीं होते टेडी hi रहती है
और हँसाने लगी
बात तो सही कही तूने मेमसाब पर क्या करे इस कुत्ते की मालिश कुटिया सही से नहीं कर रही है
अच्छा जी.. मई मालिश ठीक से नहीं कर रही हु.. देखो अब ये कुटिया तुम्हारे मालिश कैसे करते है
फिर दिखाओ.. कुटिया कुत्ते की मालिश कैसे करती है..
हाँ दिखा दूंगी पर पहले ये पापा जी दिया हुआ काम करते है..
हाँ करते है
अब वो दोनों ऊपर के एक रूम के दूर तक पहुँच गयी थे.. ये वही रूम थी जिस रूम से आरती ने नवाज़ और वंदना का खेल देखा था.. दूर तक पहुँचाने के बाद आरती रूम को देखने लगती है और वही कड़ी रहकर बॉक्स कहा है ये देखने लगी और उसे कैसे उतरे इस सोच मई पद गयी..

रूम के अंदर चलो न
ऐसे पीछे से आके नवाज़ कहता है
वो सोच रही थी इतने सरे बॉक्स है
रहने दे न फिर
उतरने भी है न
उतर लेंगे उसका क्यों इतना टेंशन ले रहे है
तब जरा गुस्से से नवाज़ की और देखती है

तुम क्या पागल हो क्या
मतलब
उसके सर को दिमाख जहा होता है वह कान के पास हाट लगा के कहती है
यहाँ क्या भूसा भरा है क्या
तब नवाज़ स्माइल करते हुई कहता है
भूसा भरा होता तो नीता और वंदना मेरे पीछे पागल नहीं होते

तब उसके चहरे पर स्माइल आती है
हाँ वो तो है
और आरती पटेल जो इतनी खूबसूरत है..
पटेल नहीं अग्रवाल
हाँ जान तुम अग्रवाल हो
तब नखरे से कहते है
ये आरती पटेल कोण है
जान कहने पाई उसने कुछ नहीं कहा था..
थी एक
तब स्माइल करते हुई कहती है
तुम्हारे लिस्ट मई तो नाम इनक्रीस होते जा रहे है
डिलीट कर दो
क्यों अभी नहीं है क्या
नहीं है
अच्छा
तो मई क्या कह रहा था
तब उसके आँखों मई देखते हुई कहते है .. उसकी आँखों मई एक नशा था..

आरती अग्रवाल जो इतने खूबसूरत है
हाँ हां.. जो आरती पटेल..
तब गुस्सा हो जाती है
फिर से पटेल
ये आज अग्रवाल की जगह पटेल क्यों आ रहा है
मुझे क्या मालूम.. शयद मुज से ज्यादा खूबसूरत होगी वो
नहीं नहीं तुम्हारे आगे पानी काम चाय है
क्या क्या ??? क्या कहा तुमने..

पानी काम चाय
मतलब
तुम्हारे सामने कुछ भी नहीं
फिर ठीक है
मई कह रहा था आरती अग्रवाल जो इतने बड़े रियासत के मालकिन है जिसके पीछे न जाने कितने लड़के पागल है वो हमारी मालिश न करते अगर हमारे मई डैम न होता
तब उसकी आँखों मई देखती हुई कहते है

ज्यादा खुद की तारीफ किया न करो
क्यों न करू
इतना hi दिमाख है तो अब क्यों नहीं चलाया
अब क्या हुआ
क्या हुआ के बच्चे.. इतना नहीं सोचा तुमने की इतने सरे बॉक्स है .. अलग अलग साइज के .. उसमे से 4 -5 बॉक्स हमें उतरने है निचे .. अब डीडे कैसे करे कोनसे बॉक्स निचे उतरने है
दिमाख है तुम .. मुझे लगा सिर्फ खूबसूरत हो .. दिमाख कुछ है hi नहीं
तब उसका कान पकड़ के कहती है
बच्चू मई स्कूल मई और सोल्लगे मई ऑलवेज टॉप करती थी ..
ब्यूटी विथ ब्रेन
हां ब्यूटी विथ ब्रेन
तब वो नवाज़ को देखते हुई कहते है
तुम ऐसे hi आये
मतलब
कपडे नहीं पहने
अब हम दोनों के बीच कपड़ो का क्या काम..
तब आरती शर्मा गयी

धत्त बेशरम
वैसे तूने ये क्यों कहा
तुमने बेशरमी की इस वजह से
वो नहीं कपडे वाली बात
वो क्या
हां रानी
इस बार रानी कहने से आरती स्माइल करते है

और उसको देखते हुई बड़ी अड्डा के साथ कहते है
तुम सुदरोगे नहीं न
तुम सुदराने डोज तो
अच्छा मई नहीं सुदराने दे रही हु क्या
हां ..और कोण
जेक कपडे पहन के आओ
क्यों
क्यों के बच्चे.. इतना नहीं सोचा तुमने की हरिया आने वाला है .. .. और अब तुम ुंदरपनत मई हो और वो भी मेरे साथ.. अगर वो आ गया और हमें ऐसे देखा तो क्या सोचेगा
क्या सोचेगा.. यही सोचेगा की नवाज़ ने मेमसाब को पता लिया
तब उसके गाल पाई हलके हातो से मरती है . . और उसको देखते हुई कहते है

कुछ भी बोलते हो kya..kuch सोकहते नहीं हो क्या बोलने से पहले
नवाज़ ने ये एक तरय मारा था और उसे देखना था की आरती की प्रतिक्रिया क्या है.. और उसके उम्मीद के मुताबिक़ आरती थोड़ा नाराज़ हुई पर उसने ज्यादा गुस्सा नहीं किया.. ये पहले वाली आरती होते तो वो यहाँ बहुत बड़ा बवाल करती पर अब वो आरती नहीं थी.. ये बदली हुई आरती थी..
नवाज़ यही सोच रहा था तब आरती कहते है..
अभी यहाँ hi खड़ा रहना है क्या .. चलो अंदर
बहुत इच्छा है क्या मुझे लेके रूम के अंदर जाने की
बेशरम
चलो
तुमने तो कहा न कपडे बदल के आओ
पहले अंदर जेक देखते है बाद मई चेंज कर लेना
जैसे आप की आद्न्या महारानी ..