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आप इतनी खूबसूरत हो भाभी.. आप अगर आप की खूबसूरती का जलवा उसे दिखाओगे तो आप के कायल ऐड के सामने वो क्या उसका बाप मान जायेगा
होप सो
हां तरय करो .. . और मुझे कॉल करो ...तब तक मई कुछ और सोचती हु
Ok
बोलके आरती ने कॉल कट कर दिया
आरती का बंगलो 2 फ्लोर्स का था ....वो ज्यादा तर तो ग्राउंड फ्लोर hi रहते थे .. ग्राउंड फ्लोर पर सबके कमरे थे और फर्स्ट फ्लोर पर सिर्फ 3 कमरे थे .. उसमे एक बड़ा वाला बैडरूम था .. फरिस्त फ्लोर पर जाने वाले स्टेप्स पर hi आरती इस वक़्त बैठी हुई थी .. अब कंचन का कॉल कट हो चूका था ..
अब वो वह बैठ के सोचने लगती है ..ki कैसे नवाज़ के पास जेक माफ़ी मांगे .. अगर उसने माफ़ नहीं किया तो .. तो क्या कंचन ने कहा वैसे संज संवर कर उसके सामने जाऊ क्या .. पर सिर्फ माफ़ी मांगने के लिए इतना सारा करना पड़ेगा क्या.. नहीं नहीं मुझे ये सब नहीं करना chahiye..ye सब गलत है.. पर नवाज़ को कन्विंस करने के लिए क्या करना चाहिए मुझे .. यही सब बाते अब आरती के दिमाग में आने लगी थी..
ओह्ह्ह गॉड अब मई क्या करू

ऐसा वो आँख बंद करते हुई खुद से कहने लगी .. अब इतना कुछ सोचने के कारन और टेंशन के कारन उसके सर में अब दर्द होने लगा था.. अब वो खोई खोई सी thi..use कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या kare...aab तो उसके दिमाग ने काम करना भी बंद कर दिया था…
तब वो कहती है
क्या कंचन दीदी सही कह रही थी क्या ..क्या ऐसा मई कर सकती हु क्या ..नहीं नहीं ये गलत होगा.. माइए अपने पति के अलावा किसी और के लिए मेक उप ... नहीं नहीं ये नहीं हो सकता ...
पर अरविन्द जी भी तो यही कहते है की में तोड़ा मेकअप किया करो ...पर ये एक नौकर के लिए करना सही होगा क्या … पर एक बार तरय करने में क्या जाता है... इतना सोच कर वो आपने मोबाइल ओपन कर के देखती hai...what's ों करके नवाज़ का स्टेटस देखने लगी
..
तब अरविन्द वह आके कहता है
ारे आरती तुम यहाँ क्या कर रही हो
वो मायूस थी .. और कुछ सोच रही थी

आपने पति का आना न आना उसे कुछ फरक नहीं पड़ा .. और उसने कुछ जवाब नहीं दिया .. तब अरविन्द फिर से पूछता है तब कहती है
कुछ नहीं
जरा लौ वौइस् मई बोलती है
तब अरविन्द उसके पास आके बैठ
गया
कुछ नहीं
थोड़ी मायूस लग रही हो ..
आरती कुछ नहीं बोलती ..और नीचे देखने लगती है..
मायके जाना है क्या
तब जरा गुस्से से आपने पति को देखती है

तब अरविन्द कहता है..
मुझे लगा ..
वो आगे कुछ कहता है तभी वह नवाज़ आ जाता है..
मालिक हो गया
नवाज़ का आवाज़ सुनकर आरती उसे देखने लगी ...

पर नवाज़ उसको नहीं देख रहा था .. वो दूसरे और देख रहा तह ..
उसके साड़ी का पल्लू बाजु हैट गया था ..और उस वजह से उसकी शोल्डर नंगी हो गयी थी फिर भी उसपर उसकी नज़र नहीं गयी थी
फिर से ख़राब तो नहीं होगा न
नहीं होगा मालिक
अब दोनों मई बातचीत चल रही थी और आरती लगातार नवाज़ को देख रही थी पर नवाज़ ने उसके तरफ एक बार भी नहीं देखा .. वो दूसरे और देख के आपने मालिक से बात कर रहा था..
अब वो आपने बाल बांधने का नाटक करते हुई उसे देखने लगी

पर नवाज़ उसको अब भाव नहीं देना चाहा रहा था .. बह्व क्या अभी तक उसने आरती को एक बार भी नहीं देखा था ..
ये देख के आरती को गुस्सा आ रहा तह ..
कमीना मुझे देख भी नहीं रहा है ... इतना भी क्या भाव खाना .. अब गलती हो गयी है तो हो गयी ..अब उसकी माफ़ी मांगना चाहा रही हो तो ये साहब जेड मुझे देख भी नहीं रहे है
आरती का what's अप्प ों था वो कंचन ने देखा और उसे मैसेज भेजा
Hi भाभी
Hi दीदी
बात हुई
मेरे सामने hi खड़ा है
मतलब बात बन रही है
कहा दीदी वो देख भी नहीं रहा है
सामने खड़ा है तो आप बात करो न
वो देखे तो बात करू न
फिर वो क्या कर रहा है
आप के भैय्या से बात कर रहा है ..दूसरे और देख के ..
थोड़ा जलवा दिखाओ उसे फिर
उनके होते हुई
हां
आप क्या पागल हो गयी हो क्या दीदी
फिर भैय्या को भगा दो वह
कैसे
हां वो भी है ..आप भैय्या को कैसे जाओ बोल सकते है.. एक काम करो
बोलिये
साड़ी का पल्लू छथि से थोड़ा साइड करो
No वे दीदी
तब आरती को कुछ सुजाता है ..वो आपने बाल खोल देते hai..aur अड्डा के साथ बाल खोल कर बैठ जाती है..

पर इसका असर नवाज़ पाई कुछ भी नहीं होता .. वो बिना देखे अरविन्द को कहता है..
चलता हु साहब
तब आरती कंचन को मैसेज करती है
जा रहा है
No भाभी.. उसे रोको ..
कैसे
तब अरविन्द कहता है
नास्ता करके जाओ .. आरती ने अभी गरमा गरम बनाया होगा ..
तब अरविन्द आरती की और देखते हुई कहता है
बनाया है ..
अरविन्द - खाके जाओ
भूख नहीं है
ऐसा कह के पलट जाता है
तब आरती स्माइल करते हुई उसे देखते हुई कहते है..

नवाज़ गरमा गरम नास्ता है .. खाके जाओ ..
तब बिना पालते बिना कुछ कहे चला गया
तब आरती मैसेज करती है
चला गया
वो no
तुम्हारे भैय्या ने नास्ते के लिए बोलै पर भूख नहीं यही बोल के चला गया .. मैंने भी कहा
बात हुई मतलब
ऐसे बात का क्या फायदा दीदी .. न देखा न जवाब दिया .. पलट के देखा भी नहीं ..
ओह्ह्ह सो साद भाभी
होप सो
हां तरय करो .. . और मुझे कॉल करो ...तब तक मई कुछ और सोचती हु
Ok
बोलके आरती ने कॉल कट कर दिया
आरती का बंगलो 2 फ्लोर्स का था ....वो ज्यादा तर तो ग्राउंड फ्लोर hi रहते थे .. ग्राउंड फ्लोर पर सबके कमरे थे और फर्स्ट फ्लोर पर सिर्फ 3 कमरे थे .. उसमे एक बड़ा वाला बैडरूम था .. फरिस्त फ्लोर पर जाने वाले स्टेप्स पर hi आरती इस वक़्त बैठी हुई थी .. अब कंचन का कॉल कट हो चूका था ..
अब वो वह बैठ के सोचने लगती है ..ki कैसे नवाज़ के पास जेक माफ़ी मांगे .. अगर उसने माफ़ नहीं किया तो .. तो क्या कंचन ने कहा वैसे संज संवर कर उसके सामने जाऊ क्या .. पर सिर्फ माफ़ी मांगने के लिए इतना सारा करना पड़ेगा क्या.. नहीं नहीं मुझे ये सब नहीं करना chahiye..ye सब गलत है.. पर नवाज़ को कन्विंस करने के लिए क्या करना चाहिए मुझे .. यही सब बाते अब आरती के दिमाग में आने लगी थी..
ओह्ह्ह गॉड अब मई क्या करू

ऐसा वो आँख बंद करते हुई खुद से कहने लगी .. अब इतना कुछ सोचने के कारन और टेंशन के कारन उसके सर में अब दर्द होने लगा था.. अब वो खोई खोई सी thi..use कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या kare...aab तो उसके दिमाग ने काम करना भी बंद कर दिया था…
तब वो कहती है
क्या कंचन दीदी सही कह रही थी क्या ..क्या ऐसा मई कर सकती हु क्या ..नहीं नहीं ये गलत होगा.. माइए अपने पति के अलावा किसी और के लिए मेक उप ... नहीं नहीं ये नहीं हो सकता ...
पर अरविन्द जी भी तो यही कहते है की में तोड़ा मेकअप किया करो ...पर ये एक नौकर के लिए करना सही होगा क्या … पर एक बार तरय करने में क्या जाता है... इतना सोच कर वो आपने मोबाइल ओपन कर के देखती hai...what's ों करके नवाज़ का स्टेटस देखने लगी
..
तब अरविन्द वह आके कहता है
ारे आरती तुम यहाँ क्या कर रही हो
वो मायूस थी .. और कुछ सोच रही थी

आपने पति का आना न आना उसे कुछ फरक नहीं पड़ा .. और उसने कुछ जवाब नहीं दिया .. तब अरविन्द फिर से पूछता है तब कहती है
कुछ नहीं
जरा लौ वौइस् मई बोलती है
तब अरविन्द उसके पास आके बैठ
गया
कुछ नहीं
थोड़ी मायूस लग रही हो ..
आरती कुछ नहीं बोलती ..और नीचे देखने लगती है..
मायके जाना है क्या
तब जरा गुस्से से आपने पति को देखती है

तब अरविन्द कहता है..
मुझे लगा ..
वो आगे कुछ कहता है तभी वह नवाज़ आ जाता है..
मालिक हो गया
नवाज़ का आवाज़ सुनकर आरती उसे देखने लगी ...

पर नवाज़ उसको नहीं देख रहा था .. वो दूसरे और देख रहा तह ..
उसके साड़ी का पल्लू बाजु हैट गया था ..और उस वजह से उसकी शोल्डर नंगी हो गयी थी फिर भी उसपर उसकी नज़र नहीं गयी थी
फिर से ख़राब तो नहीं होगा न
नहीं होगा मालिक
अब दोनों मई बातचीत चल रही थी और आरती लगातार नवाज़ को देख रही थी पर नवाज़ ने उसके तरफ एक बार भी नहीं देखा .. वो दूसरे और देख के आपने मालिक से बात कर रहा था..
अब वो आपने बाल बांधने का नाटक करते हुई उसे देखने लगी

पर नवाज़ उसको अब भाव नहीं देना चाहा रहा था .. बह्व क्या अभी तक उसने आरती को एक बार भी नहीं देखा था ..
ये देख के आरती को गुस्सा आ रहा तह ..
कमीना मुझे देख भी नहीं रहा है ... इतना भी क्या भाव खाना .. अब गलती हो गयी है तो हो गयी ..अब उसकी माफ़ी मांगना चाहा रही हो तो ये साहब जेड मुझे देख भी नहीं रहे है
आरती का what's अप्प ों था वो कंचन ने देखा और उसे मैसेज भेजा
Hi भाभी
Hi दीदी
बात हुई
मेरे सामने hi खड़ा है
मतलब बात बन रही है
कहा दीदी वो देख भी नहीं रहा है
सामने खड़ा है तो आप बात करो न
वो देखे तो बात करू न
फिर वो क्या कर रहा है
आप के भैय्या से बात कर रहा है ..दूसरे और देख के ..
थोड़ा जलवा दिखाओ उसे फिर
उनके होते हुई
हां
आप क्या पागल हो गयी हो क्या दीदी
फिर भैय्या को भगा दो वह
कैसे
हां वो भी है ..आप भैय्या को कैसे जाओ बोल सकते है.. एक काम करो
बोलिये
साड़ी का पल्लू छथि से थोड़ा साइड करो
No वे दीदी
तब आरती को कुछ सुजाता है ..वो आपने बाल खोल देते hai..aur अड्डा के साथ बाल खोल कर बैठ जाती है..

पर इसका असर नवाज़ पाई कुछ भी नहीं होता .. वो बिना देखे अरविन्द को कहता है..
चलता हु साहब
तब आरती कंचन को मैसेज करती है
जा रहा है
No भाभी.. उसे रोको ..
कैसे
तब अरविन्द कहता है
नास्ता करके जाओ .. आरती ने अभी गरमा गरम बनाया होगा ..
तब अरविन्द आरती की और देखते हुई कहता है
बनाया है ..
अरविन्द - खाके जाओ
भूख नहीं है
ऐसा कह के पलट जाता है
तब आरती स्माइल करते हुई उसे देखते हुई कहते है..

नवाज़ गरमा गरम नास्ता है .. खाके जाओ ..
तब बिना पालते बिना कुछ कहे चला गया
तब आरती मैसेज करती है
चला गया
वो no
तुम्हारे भैय्या ने नास्ते के लिए बोलै पर भूख नहीं यही बोल के चला गया .. मैंने भी कहा
बात हुई मतलब
ऐसे बात का क्या फायदा दीदी .. न देखा न जवाब दिया .. पलट के देखा भी नहीं ..
ओह्ह्ह सो साद भाभी























