Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION .... - Page 20 - SexBaba
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Adultery KAMINA CHUDDAKAD - NEW VERSION ....

जैसे hi वो स्टूल पाई बैठ गया वैसे hi आरती निचे जुख के पानी लेके उसके पिट पर डालती है.. और वह साबुन लगाने लगते है..

पहले हाथ से आराम से साबुन लगा रही थी तब नवाज़ उसे वह सहलाओ ऐसे बोल रहा था तब आरती उसे कहते है..

हाँ करुँगी पहले साबुन तो लगाने दो बोलती है और साबुन लगाने के बाद वह हाट से सहलाने lagi..tab वो उसका हाथ पकड़ के ऐसा सहलाओ बता रहा था वैसा आरती कर रही थी.. अब वो पानी लेने के लिए जब निचे जूक तब नवाज़ शावर ों करता है तब आरती कहते है..

ये क्या कर रहे हो

तब वो कहता है

पानी लेने को आपको बार बार जुकना पद रहा था तो सोचा आप को मेरे वजह से तकलीफ क्यों हो

अच्छा ये सोचा या मुझे भीगने का इरादा था

नहीं नहीं आप को भीगने का कोई इरादा नहीं था

मई तुम्हारे सब इरादे अच्छे से जानती हु

तब नवाज़ उतके घूम जाता hai..aur उसे देखने लगता है.. उसकी निघ्त्य पूरी तरीके से भीग कर उसके बदन से चिपक गयी थी …… आरती के नज़रें नवाज़ के भरी भरकम बॉडी पर अटकी हुई thee….aur नवाज़ की नज़र उसके आम par..uske निघ्त्य गीली होकर उसकी चुच्यों से चिपकी हुई थी… उस वजह से उसके निप्पल्स उसके निघ्त्य मैं से साफ़ दिखाई दी रहे थी….. ये नज़ारा देख नवाज़ के बदन मैं मनो जैसे आग लग गए हो …….वो जानती थी की, नवाज़ उसकी तरफ ही देख रहा है ….. शयद इस बात से आरती को कोई फरक नहीं पढ़ रहा tha…..wo जानती थी, की उसके आम के पूरे गोल्याई नवाज़ को दिखाई दी रही होंगे…

इधर नवाज़ का लुंड एक बार फिर से अपनी ाकुआत पर आ चूका था …….जब आरती की नज़र उसके लुंड के तरफ गयी तो उसका मुँह खुला का खुला रह gaya……uski गीली ुंदरपनत से उसके 8 इंच के लुंड के ऊपर चिपकी हुई है, जिससे देख कर आरती का कलेजा मुँह को आ गया tha…….aarti हरिअत भरी नज़रों से नवाज़ के विशाल

और मोठे लुंड को देख रही थी …….नवाज़ के मुंसल लुंड के एक झलक देखने के बाद आरती के छूट के फांकें फुदकें लगी …… उसके चहरे पर कामुक मुस्कान आ गयी .. जब नवाज़ को इस बात का अहसास हुआ तो वो खुश हो गया.. पर जब आरती को जब ये अहसास हुआ की नवाज़ जान गया है की वो क्या देख रही तो वो शर्मा गयी और वो पलट गयी..

अब आरती के पीठ नवाज़ के तरफ थी ……. आरती की पिंक निघ्त्य उसके चूतड़ों पर चिपकी हुई थी ….. पतले से निघ्त्य मैं से आरती के चूतड़ों का पूरा भूगोल दिखाई दी रहा था ……. यहाँ तक के उसके गांड के दरार भी नवाज़ के आँखों से छुपी नहीं the….itne ठाड़े पानी

मैं भी जैसे उसके उसके ुंदरपनत के अंदर आग लग गए ho….uska लुंड ुंदरपनत के अंदर

हलचल करने laga…….wo चाह कर भी आरती के चूतड़ों पर सी नज़र नहीं हटा पा रहा था….

तब अचानक से आरती पलट गयी और उसकी और देखते हुई कहने लगी..

हो गया क्या.. मई जाऊ क्या

नवाज़ को इस बात का बिकुल अंदाजा नहीं था की आरती अचानक ऐसा कुछ kahege..wo एक दम से झेंप गया……. उसने हड़बड़ाहट हुए बोलै.

क्या क्या… क्या कह रहे हो आप

मैं कह रहे हु तुम्हारा हो गया तो मई जाऊ क्या..

अब तक आपने साबुन पुरे शरीर को लगाया भी नहीं न मालकिन साहिबा..

तो ठीक से बैठो न

ऐसा उसे देखते हुई कहते है





पता नहीं उसके दिमाग मैं आज क्या चल रहा tha…kya सोच कर उसने ये कहा..

ठीक है करके नवाज़ स्टूल पाई बैठ जाता है..
 
पता नहीं उसके दिमाग मैं आज क्या चल रहा tha…kya सोच कर उसने ये कहा..

ठीक है करके नवाज़ स्टूल पाई बैठ जाता है..

स्टूल पाई बैठने के बाद नवाज़ के पिट को थोड़ी देर साबुन लगाने के बाद वह सहलाने के बाद आरती ने अपने हाथों को उसके कन्धों से सरका कर और नीचे कर diya…..abb उसके हाथ नवाज़ के अग्गे के तरफ खुले हिस्से को साबुन लगा रहे थे… उस वजह से उसे थोड़ा जुकना पद रहा था..

थोड़ा आगे जुख के अब वो उसके चाहती को सहलाने लगी थी.. उस के चाहती की गन्दगी निकल रही थी..

कितने गंदे रहते हो तुम

क्या करे मालकिन साहिबा आपकी माइड मेरा ख्याल रखती hi नहीं है..

तो तुम खुद रखते

मई खुद कैसे रख पता..

हम्म्म

अब मुझे चिंता नहीं है

क्यों जी

मेरे मालिकिन साहिबा जो है मेरा ख्याल रखने को

तब स्माइल करते हुई वो कहती है

ऐसा कुछ नहीं है.. और मई तुम्हारे नहीं हु

मैंने कब कहा आप मेरे हो

अभी तो कहा

कब

अब तो कहा मेरे मालकिन साहिबा

आप मेरे मालकिन नहीं हो क्या

धत्त… बेशर्म!!

मई कब तुम्हारी बन गयी…

आप भी न मालकिन साहिबा.. जैसे शेठ जी हमारे मालिक है.. जैसे आप के पति अरविन्द बाबू हमारे छोटे मालिक है वैसे hi आप हमारी मालकिन साहिबा हो..

अच्छा वैसा क्या??

हाँ अब समाज आये बात

हाँ..

अब आरती के हाथ नवाज़ के गले को सहलाने लगे..

कैसे लग रहा है नवाज़ मिया

आप जैसे मस्त मालकिन मुझे इतने अच्छे से सहलाने लगेंगे तो कैसे लगेगा..

ठीक से बताओ न

अरे मालकिन साहिबा आप को नहीं पता …. तुम्हारे हाथो मैं तो जादू hai…..ek बार किसी के बदन को छू लिया तो वहीँ वो हतयर दाल दे ……

आप पाई से तुम पाई आ गए..

नहीं वो गलती से मिस्टेक हो गए..

अच्छा..

मालकिन साहिबा अब टाइम ख़राब ना करो …. और अच्छे से मालिश करो न मेरे छथि की..

अच्छा मई टाइम ख़राब कर रही हु.. और टाइम का क्या है?? जैसे तुम कही के कलेक्टर hi हो .. कही तुम किसी मीटिंग को hi जानेका हो..

हम भी बिजी होते है मेरे मालकिन साहिबा!!

मेरे मालकिन साहिबा कहने के बाद अब की बार वो कुछ नहीं कहती … उल्टा स्माइल करती है..

तुम और बिजी?? दिन भर उस नीता के साथ टाइमपास करते रहते हो??

टाइमपास कहा वो तो हमारा प्यार है और नीता मेरे प्यारे से माशूका है… मालकिन साहिबा..

अच्छा!!

ऐसा कह के मैं मई कहते है साला कमीना मालिश मुज से करवा के ले रहा है और नीता को प्यारे माशूका बोल रहा है और उसके साथ के ऐयाशी को प्यार बोल रहा है..

आरती शांत हो गए है ये जान कर नवाज़ गर्दन पीछे कर के उसको देखता है तब वो कुछ सोच रही थी.. और कुछ सोचने के बाद जब वो पानी लेने को निचे जुख जाते है तब नवाज़ फिर से शावर ों करता है.. इस बार शावर का पानी आरती के सीधा सर के उप्पर गिरता है..





उसके पुरे बाल भीग जाते है.. तब वो आँख बंद करके कहते है..

अरे नवाज़ मत करो ये सब..





मैंने पहले बात किया है और फिर भी एक बार तुमने भीगा दिया है.. और दूसरी बार भीगा रहे हो.. मई बीमार पद जाउंगी ऐसे ठन्डे पानी से..

मालकिन साहिबा ठन्डे पानी मई नहाने का कुछ अलग hi मज़ा है..

तब उसकी और घूरते हुई कहते है..





मुझे मज़ा नहीं लेना है.. बंद करो ये शावर..

पर नवाज़ शावर बंद नहीं करता.. तब वो शावर बंद करने के लिए हाथ आगे बढ़ती है तब नवाज़ उसका हाथ पकड़ लेता है.. और कहता है..

मज़ा ले लो न मालकिन साहिबा..





मेरे लिए ये मज़ा नहीं सजा है.. तुम्हारे मालकिन साहिबा को सर्दी जुकाम हो जायेगा इस ठंडी पानी से...

वो कैसे

तब उसकी और देखते हुई कहते है...





बुद्धू.. मुझे तुम्हारे जैसे ठन्डे पानी से नहाने की ाददात नहीं है.. और सर पर तो बिलकुल भी नहीं है.. मेरे गीले बाल की वजह सर दर्द karega..jukam और सर्दी अलग से..

मई आपके बाल टॉवल से सुख दूंगा..

तब नखरा करते हुई कहते है..

उसकी कोई जरूरत नहीं है.. मेरे पास हेयर ड्रायर है..

फिर क्यों डर रहे हो आप

डर नहीं रही हु.. पर तुम बताने का कुछ फायदा नहीं है.. तुम अपनी मनमानी करते रहते हो..

पता है तो बता क्यों रहे हो आप

नवाज़ कुछ देर वैसे hi शावर ों रखता है.. जब नवाज़ शावर बंद करता है तब आरती आपने भीगे बाल दोनों हाथो से पीछे करती है .. और उसकी और देखते हुई कहते है..





तुमने तो मुझे पूरी तरह से भिगो दिया..
 
जब नवाज़ शावर बंद करता है तब आरती आपने भीगे बाल दोनों हाथो से पीछे करती है .. और उसकी और देखते हुई कहते है..

तुमने तो मुझे पूरी तरह से भिगो दिया..

फिर दोनों ने एक दूसरे के तरफ देखा …….फिर आरती ने अपने सर को झुका लिया….

थोड़ा बचा है ..

जैसे ही नवाज़ ने ये बात कही ….. आरती के मान मैं एक बार फिर से डर पैदा हो गया.. वो सोचने लगी .. अब क्या बचा hai..…uska दिल जोरों से धड़कन लगा….

वो अभी भी निचे गर्दन करके कड़ी हुई थी ….. उसने गर्दन उप्पर उतके नवाज़ के तरफ देखते हुई कहते है…

सब तो हो गया.. अब क्या बचा है..

सर के बाल

ठीक है वो भी कर देते हु .. तुम स्टूल पाई बैठ जाओ.. मई तुम्हारे सर मई साबुन लगाती हु और जाती हु.. मुझे किचन मई बहुत सारा काम है..

ठीक है..

नवाज़ के स्टूल पाई बैठने के बाद उसने नवाज़ के बालो को साबुन लगाना सुरु किया है.. और फिर उसने अपने दोनों हाथों से नवाज़ के सर को सहलाने लगी …… फिर उसने शावर ों किया और वो साबुन धो दिया.. फिर उसने अपनी शैम्पू की बोत्त्टल ली.. जो एक साइड मई राखी थी.. नवाज़ के सर मई ढेर सारा शैम्पू दाल के नवाज़ के सर के बालू को मसलने लगी.. कभी वो अपने हाथ को गोल गोल घूमते हुए उसके सर के मालिश करने लगाती ……. तो कभी जोर जोर से सर को घिसने लगती.. इसमे आरती को अजीब सा माजा आ रहा था….. जोर जोर से सर को घिसने के वजह से ..

नवाज़ थोड़ा हिलने लगा…….

क्या हुआ ठीक से बैठो न जी … हिल क्यों रहे हो ……

आप इतने जोर से साबुन लगा रही हो तो गर्दन ऑटोमेटिकली हिल रहे है न जी .. मेरे प्यारे मालकिन साहिबा जी..

तब धीरे से मतलब प्यार से उसके सर को मरती है..

तो क्या धीरे से लगाओ क्या

हाँ जी

अच्छा जी.. जैसा आप का हुकुम..

मुझे क्यों मारा जी

तुम पता है क्यों मारा जी

तो क्या नहीं कह सकता

नहीं जी.. सिर्फ अरविन्द जी कह सकते है ..

बहुत नसीब वाले है हमारे छोटे मालिक..

तब नखरा करते हुई कहते है

मुझे लगता है तुम hi छोटे मालिक से ज्यादा नसीब वाले हो

वो भला क्यों

तब आरती कुछ नहीं कहते

बोलो न जी..

तुम मई जो अब नहला रही हु ऐसे तो मैंने तुम्हारे छोटे मालिक को भी कभी नहीं नहलाया..

इस कारन मई ज्यादा नसीबवाला हु

नहीं

तो

ये भी एक कारन है और दूसरा भी है

वो भला कोनसा

वो मई सच है या झूठ ये नहीं जानती.. सिर्फ सुना है तुम्हारे बारे मई..

नीता के मू से..

हम्म्म

वो चैनल कुछ भी बोलते है..

आज पहली बार आरती के सामने गन्दी गली दे थी नवाज़ ने.. आरती को ऐसे गालिया या यौन कहे ऐसे गंदे वर्ड सुनाने की आदत नहीं थी..

की.. कितना गन्दा बोलते हो तुम..

अब आरती के हाथ नवाज़ के सर पर थोड़े धीरे धीरे चल रहे थे .. पर फिर भी उसके गर्दन हिल रही थी.. तब आरती नवाज़ के पीछे से खिसक कर आगे आकर कड़ी हो गयी.. मतलब सात के कड़ी हो गयी और उसके सर की मालिश करने लगी.. अब नवाज़ का बदन आरती के मालिश के कारन गरम होने लगा था….

अब वो चैनल है तो उसमे मई क्या कर सकता हु..

क्या कुछ भी बोले जा रहे हो.. अभी थोड़े देर पहले कह रहे थे वो मेरा प्यार है.. वो मेरे माशूका है.. अब उसे गन्दा बोल रहे हो..

क्या कहा था उसने मेरे बारे मई

तब निचे गर्दन करके शरमाते हुई कहते है..





यही की तुम्हारा उसके अलावा और लेडीज लोंगो के साथ चक्कर है..

आरती के इस बात पर नवाज़ शांत रहता है.. इसे क्या बोलू वो ये सोच रहा था..
 
तब आरती कुछ नहीं कहते

बोलो न जी..

तुम मई जो अब नहला रही हु ऐसे तो मैंने तुम्हारे छोटे मालिक को भी कभी नहीं नहलाया..

अड्डा के साथ कहती है..

इस कारन मई ज्यादा नसीबवाला हु

नहीं

तो

ये भी एक कारन है और दूसरा भी है

वो भला कोनसा

वो मई सच है या झूठ ये नहीं जानती.. सिर्फ सुना है तुम्हारे बारे मई..

नीता के मू से..

हम्म्म

वो चैनल कुछ भी बोलते है..

आज पहली बार आरती के सामने गन्दी गली दे थी नवाज़ ने.. आरती को ऐसे गालिया या यौन कहे ऐसे गंदे वर्ड सुनाने की आदत नहीं थी..

की.. कितना गन्दा बोलते हो तुम..

अब आरती के हाथ नवाज़ के सर पर थोड़े धीरे धीरे चल रहे थे .. पर फिर भी उसके गर्दन हिल रही थी.. तब आरती नवाज़ के पीछे से खिसक कर आगे आकर कड़ी हो गयी.. मतलब सात के कड़ी हो गयी और उसके सर की मालिश करने लगी.. अब नवाज़ का बदन आरती के मालिश के कारन गरम होने लगा था….

अब वो चैनल है तो उसमे मई क्या कर सकता हु..

क्या कुछ भी बोले जा रहे हो.. अभी थोड़े देर पहले कह रहे थे वो मेरा प्यार है.. वो मेरे माशूका है.. अब उसे गन्दा बोल रहे हो..

क्या कहा था उसने मेरे बारे मई

यही की तुम्हारा उसके अलावा और लेडीज लोंगो के साथ चक्कर है..

आरती के इस बात पर नवाज़ शांत रहता है.. इसे क्या बोलू वो ये सोच रहा tha..aarti के बात पर उसे समझ नहीं आ रहा था के वो कैसे रियेक्ट करे.. क्या कहे आरती ko..nawaz अब फँस चूका था.. कुछ तोह बोलना था उसे.. इसलिए वो बोल पड़ा….

वो कमीने कुछ भी बोलती है..

नवाज़ के इस बात पर आरती हस्ती है.. आरती कुछ कहते उससे पहले hi नवाज़ कहता है..

आज ऐसा लग रहा है जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूँ..

आरती स्माइल करती है..





आरती जान गयी की इसने बात बदल दी..

सपना जैसा लग रहा है मुझे सबकुछ

उसकी बात समाज के आरती कहते है

“क्यों पहले कभी किसी लड़की ने नहलाया नहीं क्या तुम ?”

थोड़े शरमाते हुई निचे गर्दन करते हुई कहती है..





“ हाँ… नहलाया है लेकिन वो आप के जैसी सुन्दर लड़की नहीं थी ”

आरती उसकी बातों से बोहोत हैरान हो जाती है .. ( डायरेक्टली उसके साथ फ्लेर्टिंग कर रहा था उस वजह से) और उसके चहरे पर थोड़े स्माइल भी आ जाती है .. अज्ज आरती न जाने कोनसी मस्ती में थी..

वो थोड़े स्माइल करते हुई कहते है..





" ooo..to कितनी लड़कियों को ये कहा है?

किसी को नहीं

एक नंबर के लरकीबाज़ हो तुम नवाज़ .

उसमे क्या गलत है.. लर्किए मुझे पसंद है.. उसमे क्या खराबी है..

आरती हसने लग्गी…

“बता दो अगर कोई लड़का भी पसंद है तो '

“ क्या मैं आप को गए…, रहने दो चोरो”

नवाज़ के मुँह से गांडू निकलते निकलते रह गया.

आरती भी समझ गयी के वो क्या कहना चाहता है, वो हसने लग्गी.. आरती ने उसके कंधे पे मज़ाक में मारा...

“अरे मैं मज़ाक कर रही हूँ"

“पता है मुझे…

फिर वो गर्दन घुमाके उसकी आँखों में देखने लगा.





तब आरती भी उसकी आँखों मई देख के कहते है...

तो नीता के बात मई कितने सचाई है..

कुछ सचाई नहीं है ..

उसके आँखों मई झांकते हुई वो कहता है..

तो इतना अच्छा किश करना कहाँ से सीखा ? झूट मत बोलना....

आरती को शर्म भी आ रही थी अपने नौकर से ये बात पूछते हुई पर न जाने उसे आज क्या होगता जो वो इतने खुल गयी thi..Itana कहने तक उसने हिम्मत की और फिर शर्मा गयी..





झूट नहीं बोलूंगा मालकिन.. आपने hi गाओं की लड़की थी जोह उम्र में बड़ी थी ..उसके साथ किश किया था..... अब तुम .. सॉरी.. आप बुरा नहीं मानोगी मैंने सच बता दिया है…

दोनों ऐसे hi खड़े होक एक दूसरे को देखने लगे.. नवाज़ का मैं था के अभी उससे चूम ले, लेकिन उसने अपने आप पर काबू रखा.

बहुत बेशरम हो तुम .....

वह उसकी आँखों में देखि और गर्दन नीचे जुका के बोली





बस एक hi थी या दूसरी, तीसरी भी होगी..... सच बोलना मैं कुछ नहीं बोलूंगी..... कुछ और भी किया था क्या उसके साथ ?

एक और थी, सिर्फ दो..... अब कुछ मत पूछना मुझे झूट बोलना ाचा नहीं लगता, समय आने पे बता दूंगा.

आरती उसकी गर्दन आगे की तरफ घूमते है.. और शरमाते हुई कहते है..





नीता ने जब बताया तब मुझे लगा उसने ऐसे hi बोलै होगा.. मैंने उसके बात का विश्वास नहीं किया पर वो तो सच कह रही थी.. मैं तोह तुमको बहुत शरीफ समझ रही थी.....

वह झूठा गुस्सा देखने लगी ..... और जुटे गुस्से मई वो नवाज़ के सर को जोर से सोप लगाने लगे.. उसे होश मई वो जुख के सोप लगाने लगी.. जुख के सोप लगाने से उसका बॉल उसके पिट को टच होता है तब नवाज़ ाहः करता है.. एक बार आरती को समाज नहीं आता पर दूसरी बार ऐसा होता है तब उसे समाज आता है..

वो उसे मरती है..

धत्त बेशर्म कह के शर्मा के बहार भाग जाती है.. बाथरूम से बहार की तरफ जाते हुए, आरती अपने चूतड़ों को कुछ जदया ही मटका कर चल रही थी …
 
वो उसे मरती है..

धत्त बेशर्म कह के शर्मा के बहार भाग जाती है.. बाथरूम से बहार की तरफ जाते हुए, आरती अपने चूतड़ों को कुछ जदया ही मटका कर चल रही थी …

वो वह से उप्पर वाले रूम में जाती हैं और बिस्टेर पर जाकर लेट जाती हैं ....... और आरती झट से अपने सरे कपडे एक एक कर के निकलती हैं और पूरी नंगी हालत में वो वहीँ जो बाथरूम था उस में जाती हैं और फिर अपनी छूट में उंगली दाल कर अपनी प्यास को शांत करती हैं......

कुछ hi पल में वो फिराग हो जाती हैं और वहीँ किसी लाश की तरह पड़ी रहती hain.......is वक़्त भी उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha......fir वो झट से नहाती हैं और बहुत डियर तक अपने बदन के आग को पानी से ठंडा करती hain........magar ये आग तो आज ठंडी होने का नाम hi नहीं ले रही थी ......काफी डियर तक बाथ लेने के बाद वो कुछ अपने आप को हल्का महसूस करती हैं और फिर वो किचन में जाती हैं और फिर खाना बनाने लगती हैं......

बार बार अभी भी उसका ध्यान नवाज़ के हरकतों पर जा रहा tha......usko याद करके वो खुद hi खुद स्माइल करने लगी..

वो अपना हाथ नवाज़ के बदन पर पल पल महसूस कर रही thi......aaj उसे एक अलग सा रोमांच मिला tha......sab कुछ एक नया सा लग रहा tha......halanki अरविन्द भी उसके साथ अच्छी तरह का सेक्स करता था मगर उसमें वो बात नहीं थी जो नवाज़ के टच में थी......

थोड़े देर बाद नवाज़ किचन मई आता है.. अब भी नीता उप्पर वाले रूम मई थी ..अब तक नीता नहीं आयी थी..

हो गया क्या खाना तैयार

ऐसा कहते हुई उसके पास आकर नवाज़ बड़े प्यार से उसके सर पर अपना एक हाथ रख देता है.. तब आरती अपनी गर्दन घुमा के नवाज़ के तरफ देखने लगती है ...

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पर कहती कुछ नहीं है.. तब नवाज़ धीरे धीरे आपने हाट उसके सर पर फेरने लगता हैं......... अब जब वो आपने हाट उसके नरम गलों पर रखता है .........तब आरती उसकी आँखों मई देखने लगती है..

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उसकी आँखों मैं एक नशा था ..अब आरती को भी नवाज़ का इस तरह हाथ फेरना ाचा लग रहा था...... इस वजह वो नवाज़ को कुछ नहीं कहती.. नवाज़ एक तुक आरती को बस देखे जा रहा tha......aur जब आरती उसे कुछ नहीं कहती तब वो आपने हाथ का कमल उसके गाल पर दिखने लगता है .. तब आरती अपनी नज़रें नीचे की तरफ झुका लेती हैं........

आरती की नज़रें अब नीचे की तरफ झुकी हुई thi.....wo अपना एक हाथ आरती के चीन पर ले जाता हैं और बहुत आहिस्ता से उसके सर को ऊपर की तरफ उठता हैं वहीँ आरती दुबारा से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेती हैं.......

" क्या हुआ मेमसाब ......... क्यों आप मुझसे नज़रें ऐसे फेर रही ho.......idher देखो मेरी taraf......meri इन आँखों में......."

नवाज़ के ऐसे कहने से आरती की तो जैसे जान hi निकल गयी thi......durr से उसका कलेजा ज़ोरों से धड़क रहा tha........aisa लग रहा था जैसे जिस्म से किसी ने पूरा खून निचोड़ लिया ho.........durr से मनो हाथ पवन फूल गए the.......wo वहीँ फ़ौरन अपनी आँखें बंद कर लेती हैं और न मई अपनी गर्दन हिलती है...

तब नवाज़ कहता है..

देखियेना इधर मेरे सेक्सी और ब्यूटीफुल मेमसाब..

तब आरती अपना एक हाथ उसके हाथों पर हौले से रख देती hain......jahan पर इस वक़्त नवाज़ का एक हाथ tha........yani की उसकी गाल पर … और नवाज़ का हाथ सबसे पहले अपने गाल पर से हटतति हैं ......... फिर वो अपना चेहरा उसकी तरफ करके एक तुक उसके चेहरे को बड़े गौर से देखने लगती हैं....... बड़े अड्डा के साथ. .

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मनो वो ये जानना चाहती हो की आपने गाल पर से हाट हटाने के बाद नवाज़ की क्या रिएक्शन है..

वो एक तुक नवाज़ की आँखों में देखने लगती हैं .. आरती कुछ नहीं बोल प् रही थी और बस नवाज़ के तरफ दुर्र से देखने लगती हैं ... डर साफ़ उसके चेहरे पर झलक रहा था ........

वहीँ नवाज़ एक पल के लिए भी अपनी आँखें उसके चहरे से नहीं हटाता ......... दो तीन मिनट तक आरती नवाज़ के चेहरे को ऐसी hi घूरती रहती हैं .. थोड़े देर बाद आरती हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं. .

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और फिर अपनी आँखें बंद करके आपने चेहरा घुमा लेती हैं ............ नवाज़ आगे कुछ कहता उससे पहले वह उसका ससुर आ जाता है..

तब झट से नवाज़ पीछे हैट जाता है
 
किचन मई शेतजी आते hi वो कहते है..

शेतजी - क्या चाहिए तुम नवाज

तब नवाज़ की और देखते हुई आरती कहती है





आरती - पप्पा जी इस नवाज को कुछ चाहिए .. वो कुछ मांग रहा है...

नवाज अब डर जाता hai..Aarti के इस रूप को देख कर नवाज हबक्का हो जाता है .वो सोचने लगता है की एक्पाल मई आरती अचानक इतने कैसे चेंज हो gai..par बात को सम्बल कर वो कहता है

नवाज - कुछ नहीं चाहिए ,मई पूछने आया था की आज क्या काम करना है..

शेतजी -चलो ाहो मई बताता हूँ

तब वो गुस्से से आरती को देखने लगा .. गुस्से मई वो शेतजी के पीछे चला जाता है .

नवाज बहोत गुस्से में था. पहली बार कोई माल उसके हटो से छूटा था. वो ये समाज hi नहीं प् रहा था की इतना अच्छा चल रहा गेम अचानक बीचमे रूक गया... इस बूढ़े की वजह से .. उसने आरती को इतने काम समय में इतना अच्छे तरीके से सडके किया था सिर्फ उसको छोड़ना hi बच्चा था.. पर सब कुछ बिगड़ गया ..

दूसरी तरफ आरती बहुत hi ज्यादा कुढ़ पर गुस्से मई थी .उसको ये सोच सोच कर गुस्सा आ रहा था की वो नवाज की हर बात इतने जल्दी कैसे मान रही थी. वो एक नौकर था उनका और वो उसके हाट से सडके हो रही थी. उसने अभी सोच लिया था की अब किसी बी हालत में नवाज को वो अपने पास आने नहीं देगी..

इधर शेतजी उससे दिन बार अलग अलग काम करावा लेट है. उसको इतना ज्यादा काम करने की आदत नहीं थी .उसका काम मतलब अदा काम अदा टाइम पास. दिनभर काम करने से वो बहोत ज्यादा गुस्सा हो गई था आरती पर ...

फिर रात को उसका हस्बैंड आ जाता hai..phir वो , उसके हस्बैंड और ससुर खाना कहते है .. कुछ बातचीत होती है.. फिर वो और उसका हस्बैंड सो जाते है..

रात को करीब 12.30 बजे थे.. आरती की आँख खुल गयी.. अरविन्द उसके बगल में hi सो रहा था और जोर जोर से खर्राटे ले रहा था.. उसे बोहोत जोर से प्रेशर लगा हुआ था.. उसने अपने कपडे पहने और बैडरूम से बहार आ कर टॉयलेट की तरफ चल कर टॉयलेट में आ गयी..

जब वो टॉयलेट से बहार निकली तो उसके होश hi उड़द गए.. टॉयलेट के दरवाजे पर वो नवाज़ का बच्चा खड़ा हुआ था.. उसे वह दरवाजे पर खड़ा देख कर आरती बुरी तरह हड़बड़ा गयी

..

तुमममम……. तुम यहाँ क्या कर रहे हो ??

आरती ने उसको देख कर गुस्से से कहा..

माफ़ करना मैडम जी.. मुझे बोहोत जोर से पेशाब लगी हुई थी..

उसने अपना एक हाथ अपने लिंग पर लगा रखा था.. उसने नाड़े वाला अंडरवियर पहन रखा था उसके अंडरवियर में उसका लिंग तन कर टेंट बना रहा था.. उसके चेहरे पर मुस्कराहट बानी हुई थी और उसका एक हाथ बराबर उसके लिंग के ऊपर चल रहा था..

उसकी इस हरकत से वो बुरी तरह से तिलमिला गयी और naak-munh सिकोड़ कर वह से अपने कमरे के लिए चल दी..

aaaahhhh….aaaahhhh.. धीरे से चूब रहा है… आआअह्ह्ह्हह्हआआअस............

धीरे से.... ऐसे hi......... Maaaaaaaaaaaa

Heeeeeeeeeeeeeee bhagwannnnnnnnnn

मुझे yyyyyyyyyyeeeeeeee क्या हो राहाआआ.. है............. Mujeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee

बचालो….

ऐसे कहते हुई नवाज़ उसके पास जाता है.. और आपने दोनों हाथो मई उसका चेहरा पकड़ लेता है.. अब नवाज़ उसके चेहरा पकड़ के खड़ा था... पर नवाज़ कुछ नहीं कर रहा है…. सिर्फ उसके सामने खड़ा होक उसके गुलाभी हूंतो को देखे जा रहा है..

इधर आरती भी रेडी हो गए किश के लिए.. वो भी आपने माइड के यार से किश.. यही एक्ससिटेमेंट उसमे पैदा हुई थी जिस वजह से वो नवाज़ को अब तक ज्यादा ओपपोसे नहीं कर पा रही थी..

अब वो उसे किश करने वाला होता है... इस लिए उसने आपने हूंठ उसके हूंतो के बहुत करीब लाये ... अब नवाज़ क्या करने वाला है ये जान कर आरती ने मदहोशी मई आपने आँखे बंद कर दिए..

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पर नवाज़ आगे नहीं बाद रहा था इस वजह से वो खुद आपने फेस आगे थोडासा करती है ....

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नवाज़- तुजे मजा तो आ रहा है न आरती..

उसने फिर से बेशर्मी से अपनी बत्तीसी फाड़ते हुए कहा.

हहै हहै… उसने हस्ते हुए कहा और टॉयलेट के अंदर घुस गया..

तभी आरती की आँख खुली…



 
वो आपने आप को कहने लगी .. हे भगवान्… आरती का मुंह खुला का खुला रहा गया.. मतलब ये मेरा सपना था.. .. ये लड़का मेरा पीछा सपने मई भी नहीं चोर रहा है.. कुछ न कुछ करना पड़ेगा इस लडके का.. लेकिन सपने मई तो अरविन्द होना चाहिए था .. फिर नवाज़ कैसे.. क्या मेरे दिलो दिमाग मई अब क्या अरविन्द के जगह नवाज़ ने ले है.. ऐसे कैसे हो सकता है.. उसे तो मई सिर्फ 1 वीक से जानती हु.. वो कैसा है… अच्छा है या बुरा है.. वो तो बस एक नौकर है.. आरती तुम क्या हो रहा है.. तुम क्यों इतना उसके बारे मई सोच रही हो..

वैसे देखने से तो अच्छा नहीं लग रहा tha..us दिन नीता कह रही थी न.. की उसने 12 के साथ अब तक किया है… नहीं नहीं कोई इतने काम उम्र मई इतनी लडकिया या औरत के साथ ऐसा कर सकता है क्या..

मान लो वो सब माइड या खेत मई मज़दूरी करनेवाली औरते हो ..फिर भी कैसे पॉसिबल है.. या नीता फेक रही थी.. पर मुझे झूट क्यों बोलेगी .. क्या उसने नीता को कहा और नीता मुझे कह रही थी .. मुझे पाने के liye..nahi नहीं नीता भला ऐसा क्यों करेगी .. वो तो उसका प्यार है .. फिर वो क्यों चाहेगी की उससे मई पैट जाऊ .. शयद वो सच hi कह रही थी.. नीता को किश करते हुई और उसके वह दबाते हुई मैंने hi देखा था न.. और वंदना के साथ भी .. और कल रात भी .. देखा था .. सॉरी सुना तह

देखने से तो वो लोफर लग रहा था .. नहीं तो कोई आते hi मुझे ऐसे घर सकता है क्या.. वो भी इतने बड़े घर की मालकिन को .. जहा वो नौकरी कर रहा था.. क्या उसे थोड़ा भी डर नहीं था.. नौकरी जाने का या मार खाने का.. क्या वो अरविन्द या पापा से थोड़ा भी नहीं डरता..

वो तो ऐसे hi है … मैंने तो देखा था न.. कैसे वो नीता को किश कर रहा था.. मैंने सब देखा था फिर भी मई इतने काम समय मई उसके साथ ये सब करने को रेडी हो गयी.. काम समय क्या ऐसे लोफर के साथ कभी भी मेरे जैसे घरेलु लेडी ने रेडी होना hi नहीं चाहिए.. घरेलु क्या कोई भी लेडी ने रेडी नहीं होना chahiye..kamina कही का.. मुझे क्या अनब शनाब बोले जा रहा था .. क्या कह रहा था.. नीता को .. … मुजसे तो बोले भी नहीं जा रहा है.. कितने गंदे वर्ड है.. उसकी हिम्मत कैसे हुई .. मेरे सामने ऐसे गंदे वर्ड उसे करने की .. मैंने मन करने के बाद hi उसने ये वर्ड उसे किया… तो गलती उसकी हुई या मेरी..

मेरे अरविन्द ने तो कभी ऐसा गन्दा वर्ड मेरे सामने नहीं कहा था.. वो कैसे ऐसे कहेंगे.. वो तो कितने एडुकेटेड है… हैंडसम है.. वैसे नवाज़ भी हैंडसम है.. दिखने मई अच्छा है.. लेकिन उसका बेहेवियर अच्छा नहीं है.. अरविन्द कितने प्यार से मेरे साथ पेश आते है .. और ये.. पागल कही का.. इसको पता भी नहीं है की लेडीज के साथ कैसे पेश आते है और नीता कह रही थी 12 के साथ है उसका.. कुछ भी बाके जा रहा था.. और मई भी क्या सोच रही हु.. अरविन्द के साथ इसका कपरिसिओं कर रही हु.. वो कैसे पॉसिबल है… उसकी औकात भी नहीं है मेरे अरविन्द के साथ कपरिसिओं करने की…

लेकिन उसने जो भी मुझसे करवाया और मुझे कह रहा था उस समय मैं शर्म से पानी पानी हो गयी .. अभी भी उसके बारे मई सोचकर मुझे शर्म आ रही है.. ऐसे कैसे हो सकता है.. उसकी बेशर्मी तो देखो मेरे सामने hi इतना गन्दा बोल रहा था.. इस वजह से तो मई उसके पास से भाग आयी.. वरना.. आज क्या हो jata…soch कर भी डर लग रहा hai....aab मेरे दिमाग में उसके लिए नफरत और ज्यादा भाड़ गयी है.. .. अब बहोत ज्यादा हो गया है .. अब मई कभी भी उसके बारे मई नहीं सोचूंगी.. अगर वो कल मेरे पास फिर से आया थो.. फिर क्या करू मई .. नहीं नहीं.. ऐसे मई नौबत hi आने नहीं दंगे.. कल hi उसको यहाँ से निकलने का कुछ सोचना पड़ेगा.. पापा ने तो कहा है वो 2-3 वीक रहेगा.. एक वीक मई उसने मेरे साथ इतना कुछ किया और बच्चे दिनों मई और क्या क्या करेगा.. नहीं नहीं इसको यहाँ मई रहने नहीं दूंगी.. अरविन्द से कह कर उसको यहाँ से निकल दूंगी.. जल्द से जल्द.. नहीं नहीं कल hi कल ... मुझे अब इस बारे में अरविन्द से बात करनी hogi..agar वो कल फिर से मेरे पास आया थो.. वो नहीं आएगा आरती.. .. ..

अगर फिर भी आ गया थो .. मई आपने पास उसने आने hi नहीं दूंगी.. आरती तुम ऐसा क्यों सोच रही हो.. कल तो तुम उसे यहाँ से निकलने वाली हु न.. फिर वो तुम्हारे पास कैसे आएगा.. हाँ.. हाँ.. ऐसा hi होगा..

आरती ने मन hi मन नवाज़ के बारे इतना कुछ सोचा और अपने पति अरविन्द के बगल में लेट गयी.. उसको नींद कब आ गयी उसको पता hi नहीं चला.

अगली सुबह आरती थोड़ी लेट उठ गयी.. और वो फ्रेश हो गयी… अभी तक उसके माइड नीता नहीं आयी थी.. वो नीता को इधर उधर घर मई ढूडने लगी.. फिर उसके ससुर याने पापा जी ने उसे कहा की आज नीता लेत आने वाली है.. उसका फ़ोन आया था.. शयद तुम उस वक़्त सो रही थी.. फिर वो आपने आप से कहने लगी ..

हे भगवन.. ये नीता भी न.. कभी आपने काम टाइम पाई नहीं करेंगे.. अब लेत आएंगे ऐसे बोलै है तो कब तक आएंगे ये भी नहीं बताया.. अब सुबह की चाय – नाश्ता मुझे बनाना पड़ेगा और शयद दोपहर का खाना भी… ये कम्भक्त कब आएगी कुछ पता नहीं.. इस नीता के चक्कर मई अरविन्द को नवाज के बारे मई बात करना भूल hi गयी.. अरविन्द से hi बात करती हु पापा से नहीं..

फिर आरती अरविन्द के लिए और आपने लिए चाय बनाने के लिए किचन के तरफ चली gayi..chai बनके वो अरविन्द के तरफ चली गयी.. पास जाकर उसने आपने पति को किश किया.. तब अरविन्द कुछ ऑफिस के डॉक्यूमेंट चेक कर रहा तह.. वो कुछ जल्दबाज़ी मई था.. आरती बहोत प्यार से उसे कहने लगी..

आरती- अरविन्द… आप से एक बात कहने है..

अरविन्द- है कहो..

आरती- वो नौकर है न..

अरविन्द फाइल मई hi बिजी था..

अरविन्द- कोण..

आरती- वो नवाज़ है न ...

अरविन्द- उसका क्या .. पापा ने उसदिन बोलै न 2-3 वीक रहेगा .. वैसे उसको घर बुलाते टाइम मुझे बताया भी नहीं था पापा ने .. उसके बारे मई कुछ तुम कम्प्लेन करनी है तो पापा को करो .. मुझे नहीं ..

आरती कुछ बोल पति उससे पहले hi अरविन्द आपने पापा को बुलाने लगा..

अरविन्द- पापा .. पापा..

आरती- ारे आपने पापा को क्यों बुलाया .. मई बता रही हु न..

अरविन्द- ऐसा kya..pappa को मैंने ऑफिस के काम से बुलाया था..

अब आरती को थोड़ा अच्छा लगा.. अरविन्द के पापा वह उसे रूम मई आ गए .. अनडू ने कुछ बिज़नेस की बात की.. आरती इतने देर तक वही चुप चाप कड़ी रही .. अब पापा जाने लगे तो अरविन्द को याद आया की आरती कुछ नवाज़ के बारे मई बोल रही थी..

अरविन्द- आरती .. तुम कुछ नवाज़ के बारे मई बता रही थी..

नवाज़ का जिक्र होते hi पापा वह hi रुख गए..

आरती- कुछ ख़ास बात नहीं है…

और आरती शांत खड़े रह कर निचे देखने लगी.. अरविन्द अभी भी फाइल मई बिजी था.. आरती कुछ नहीं कह रही है ये सोचकर शेठजी कहने लगे..

पापा- बेटी.. तुम्हारे साथ कोई बत्तमीज़ी की क्या उसने..

पापा की बात सुनकर वो क्या कहे यही सोच रही थी.. पापा की बात सुनकर अरविन्द आरती और पापा की तरफ देखने लग गया..

अरविन्द- क्या कुछ किया या कहा क्या आरती तुम उसने ..

आरती मैं hi मैं मई कहने लगी.. इतना कुछ करने की कोशिश की अरविन्द तुम्हारे बीवी के साथ की मई बता भी नहीं सकते.. अगर वो बाँदा एक- दो दिन और यहाँ रहा तो तुम्हारी बीवी तुम्हारी बीवी नहीं रहेंगी.. बल्कि उस कमीने की रांड या रखेल बनेगी.. फिर वो अपनी जीभ खुद hi कटती है .. और आपने आप को कहती hai..aarti तू क्या बाके जा रही है..
 
अरविन्द- क्या कुछ किया या कहा क्या आरती तुम उसने ..

आरती मैं hi मैं मई कहने लगी.. इतना कुछ करने की कोशिश की अरविन्द तुम्हारे बीवी के साथ की मई बता भी नहीं सकते.. अगर वो बाँदा एक- दो दिन और यहाँ रहा तो तुम्हारी बीवी तुम्हारी बीवी नहीं रहेंगी.. बल्कि उस कमीने की रांड या रखेल बनेगी.. फिर वो अपनी जीभ खुद hi कटती है .. और आपने आप को कहती hai..aarti तू क्या बाके जा रही है...

पापा- बीटा ..डरो मैट.. बता दो..

पापा के बात से आरती सोच से बहार आ गयी.. पर फिर से सोचने लगी ....

इसने अभी तक तो कुछ किया तो नहीं पर मुझे लग रहा है ये कुछ न कुछ करेगा मेरे साथ .. कुछ क्या आरती पक्का तुजे अपनी माशूका बना लेगा .. नीता, वंदना और तन्वी जैसे ..

ये सब सोचते हुई कहने लगी..

आरती- वैसे उसने कुछ किया नहीं है या कहा भी नहीं है.. पर..

अरविन्द- पर क्या..

आरती- पर मुझे लगता है वो अच्छा बाँदा नहीं है..

अब उन्दोनो को लगाने लगा की बात ज्यादा कुछ नहीं है..

पापा- मतलब…

आरती- पापा.. मुझे लगता है…

फिर वो सोचने लगी.. क्या बोलू.. ताकि वो उसको यहाँ से निकल दे.. हुआ तो कुछ नहीं .. और जो कुछ हुआ वो बता नहीं सकती.. उसको मैंने नहलाया ये भी तो बता नहीं सकती .. फिर कुछ नया hi ड्रामा करना पड़ेगा..

पापा- बोलो.. बोलो..

आरती- उसकी लैंग्वेज बहोत गन्दी है.. वो फ़ोन पे किसी को गन्दी गन्दी गालिया दे रहा था..

पापा- bête डरो मत.. उनलोगो की लैंग्वेज की ऐसे होते है.. वो थोड़ा hi तुमसे ऐसे लैंग्वेज उसे करेगा..

आरती- लेकिन papa..mai और नीता सब छोटा मोटा काम करेंगे.. उसको यहाँ रखने की क्या जरूरत है.. उसको खेत मई भेज दो..

अरविन्द- ारे.. नौकर होते हुई तुम काम करने की क्या जरूरत है..

आरती- नीता से करवा लुंगी .. अरविंद.. उसको यहाँ मत रखो.. उसे दूसरे किसी जगह पे भिजवा दो..

तभी आरती की नज़र रूम के खिडके से बहार खड़े नवाज पे जाती है..





उसको देख के वो थोड़ा सा डर गयी .. नवाज खिड़की के पास खड़े रहकर उनको देख रहा था और सुन रहा था

अरविन्द- उस नीता का नाम मत लो.. वो कभी टाइम पे आती है क्या..

पापा- आज भी लेत आने वाली है..

अरविन्द- देख लो.. तुम्हारी नीता..

पापा- डरो मत.. वो कुछ नहीं करेगा.. मई यहाँ घर पर hi रहता हु न …

आरती मैं मई सोकहने लगी.. आआप के होते हुई आज तक उसने इतना कुछ कर लिया .. और आप कह रहे है वो कुछ नहीं करेगा.. लगता है उसे मुझे hi झेलना पड़ेगा.. मई hi जानती हु आज तक मैंने क्या क्या सहा hai..aab अगर उसने हमारी बात सुन ली होगी तो साला सब गुस्सा मेरे hi पे निकलेगा.. अब वो मेरे साथ क्या क्या करेगा वो भगवन को hi पता होगा.. भगवन को कैसे पता होगा .. वो तो इतना कमीना है के भगवन को hi पता नहीं चलने देगा..

अरविन्द- पापा आप उस को एक बार बता दो.. आरती से अचे से पेश आने को और आरती को परेशां न करने को .. आपने काम से काम रखने को …

papa-haan.. बताता हु..

आरती सोचती है.. अरविन्द अब मुझे तो लग रहा है की वो तुम्हारे बीवी को बहोत परेशां करेगा.. वो हमेशा काम से काम hi रखता है.. उसके काम का मतलब शयद अरविन्द आपको पता नहीं है..

फिर आरती सोचते है एक बार और तरय करते है..

आरती- लेकिन .. अरविन्द.. उसको इस घर मई रखने की क्या जरूरत है.. हम कोई दूसरे नौकर से भी तो वो काम करवा सकते है..

अरविन्द- तुम क्या लगता है .. बाकि के नौकर ऐसे नहीं होंगे.. उनकी भी लैंग्वेज इतनी hi गन्दी होंगे..

पापा- haan..beti.. सब नौकर ऐसे hi होते है..

तभी पापा को विंडो से बहार नवाज दिख जाता है.. वो गार्डन मई खड़ा था.. विंडो के पास नहीं खड़ा था . थोड़ा दूर था…

पापा- नवाज़.. इधर रूम मई आओ..

नवाज़ रूम मई आता है.. गार्डन निचे कर के खड़ा रहता है..

नवाज़- जी मालिक..
 
पापा- देखो यहाँ जितने दिन हो उतने दिन अचे से रहो.. मालकिन को परेशां मत करो.. यहाँ गालिया नहीं देना है.. फ़ोन पाई भी.. मुझे कोई शिकायत नहीं चाहिए..

नवाज़ निचे गार्डन कर के खड़ा था.. आरती मैं मई कहती है.. उसे देखते हुई .. गर्दन घुमा के .. वो बीएड पाई बैठी थी ..





कितना कमीना है.. गार्डन भी ऊपर नहीं कर रहा है.. पापा और अरविन्द को ऐसे दिखा रहा है की वो कितना अच्छा है.. लेकिन मई hi जानती हु की ये बाँदा कितना घटिया hai..aarti उसके तरफ hi देख रहा थी..

अरविन्द- देखो.. जो भी नाम है तुम्हारा .. मुझे तुम्हारी कोई यहाँ बत्तमीज़ी नहीं चलेगी.. समजे .. नहीं तो मुजसे कोई बुरा नहीं होगा..

नवाज़- जी छोटे मालिक..

नवाज़ अपनी गार्डन उप्पर भी नहीं करता है..

पापा- चलो जाओ और आपने काम करो..

नवाज़- जी…

अब नवाज़ घूम गया था.. और आरती , अरविन्द और पापा भी घूम गए थे.. इन तीनो की पीठ नवाज़ के पीठ की तरफ thi..wo नवाज़ एक बार घूम के आरती को देखता है.. दोनों मालिक की नज़र आपने तरफ नहीं है ये जानते हुई.

अब वो पलट के रूम से बहार गया तब आरती पलट कर उसे देखते और स्माइल करते हुई कहते है





कमीना कही का .. बहुत शातिर है

अरविन्द को हलकी सी आवाज आते है वो इस वजह से वो घूम जाता है .. और आरती की तरफ देखने लगता है..

अरविन्द- कुछ कहा क्या तुमने..

आरती- कुछ नहीं.. चलो मई आप दोनों के लिए नास्ता बनती हु..

अरविन्द- जल्दी करो मुझे ऑफिस को जाने के लिए लेत हो रहा है.. मई तब तक बात कर लेता हु..

पापा- मई जरा तहलके आता हु.. बहु मेरे लिए अभी नाश्ता मत बनाओ .. बात मई फुर्सत से बना लेना.. शयद तब तक नीता भी आ जय....

जी पापाजी

कहते हुई आरती किचन मई चली जाती है..

अब सुबह के 8:30 हो गए the..aab पापा याने शेतजी बहार गए थे घूमने .. अरविन्द बाथरूम गया था.. आरती पहले आपने बैडरूम मई जाते है.. उसने एक निघ्त्य पहनी थी .. वो निघ्त्य ठीक कर लेती है और थोड़ा मेकअप करती ..आपने बाल अचे से बंदति है …आरती मेकअप करते हुई सोचती है .. इसको मई यहाँ से निकल तो नहीं पायी पर अब इसे जितना hi दूर रहा जाये उतना hi अच्छा है ..

तब वो आपने आप से कहती है

आरती तूने ये क्या कर दिया .. आज उसका बर्थडे है और तू उसको उसके बर्थडे के दिन दांत दिलवा दी ..

किसने डांटा उसे .. किसी ने तो नहीं .. न पापा ने और न अरविन्द ने .. पर तू तो दांत दिलवाना चाहा रही थी न

तब स्माइल करते हुई कहते है

हां मई ये करना चाहा रही थी ..

पर बर्थडे के दिन

ओह्ह्ह गॉड ये तो मई भूल hi गयी .. आज उसका बर्थडे है ..

पर तूने ऐसा क्यों किया

पर उसने कल ऐसा करना नहीं था न .. मेरे पास भी आना है तो अरविन्द जी मुझे पूछ के आते है .. और ये मुझे बिना पूछे चुने लगा .

यही करना था आरती

यही था .. दूसरा कोनसा हो सकता यही

सपना

हां सपना भी रीज़न हो सकता है पर ये सॉलिड रीज़न था

फिर कुछ सोच के कहती है

पर मुझे सुबह सुबह क्या हुआ पता नहीं .. बहुत गुस्सा आया उसपे .. वैसे भी मुझे इसकी हरकत जरा भी पसंद नहीं है.. हर समय मुझे hi घूरता रहता है.. और िनी हरकतों की वजह से अब ये मेरे सपने मई भी आने लगा है.. अचे बात ये है की सपने मई वो कोई ऐसे वैसे हरकत नहीं करता है .. पर वो मुझे सपनो मई भी मुझे चिढ़ा रहा है.. ये सब सोच कर hi मेरा पूरा दिमाग ख़राब हो गया है..

फिर आपने आप से कहते हैं

क्या ऐसे वैसे हरकत आरती.. उसने तेरा किश लेने का तरय किया और तू कह रही उसने कोई ऐसे वैसे हरकत की नहीं

इधर नवाज़ सोचता है .. इसने मेरे कम्प्लेन अभी तक किसी को नहीं की थी और अब अचानक दोनों बाप बेटे को कर दी .. और वो भी एक साथ .. पर क्यों .. कल तो अच्छे से मुझे नहलाया और आज सुबह सुबह क्या हो गया . किसी ने मेरे बारे मई कुछ कहा तो नहीं .. वैसे तो उसे सब पता है .. फिर ..

तब उसे याद आता है की इसको उसने नहलाने के बाद वो जब किचन मई गया था तब वो अचानक उसके क्लोज आ गया था .. उसके गाल को भी चुवा .. बिना कोई बात करते हुई या हु कहे उसके बिना इज़ाज़त के ..

ये याद आते hi वो कहता है

उसको इस बात का गुस्सा आया है की बिना इज़ाज़त के उसको चुवा .. ये तो बड़ी गलती है नवाज़ .. और उसका ससुर भी वह आया था .. फिर क्या ससुर को दिखने के लिए उसने कम्प्लेन की ताकि उसका ससुर उसपे शक न करे .. लोमड़ी बहुत शातिर है

घर पर अभी तक माइड नीता आयी नहीं थी.. नवाज़ देखता है की बड़े मालिक बहार गए है .. नीता अब तक नहीं आये है .. वो उसको फ़ोन करके पूछता है उसको कितना टाइम लगेगा तो वो कहती है 2-3 हॉर्स लगेंगे.. फिर नवाज़ आरती कहा है देखता है.. उसको वो उसके बैडरूम मई खुद को संज सवार रही थी ....वो दिख जाती है.. फिर वो छोटे मालिक अरविन्द कहा है वो देखता है तो वो जान जाता है की वो अभी अभी बाथरूम मई चले गए है .. फिर वो वाटर टैंक के पास जाता है .. और पानी की स्पीड थोड़े काम करता है .. वो जनता था की बड़े लोग बाथ टब मई hi नहाएंगे.. तो बाथ टब फुल होने मई और बाद मई नहाने मई टाइम लगे इसलिए वो पानी की स्पीड काम करता है .. ये सब करने के बाद नवाज़ किचन मई जाता है..

किचन मई अब नवाज़ आरती के पीछे hi कुछ दूरी पर खड़े हो कर उसे देख रहा था..





कोई आया है ये देख कर आरती पीछे पलट जाती hai..use देख कर आरती को गुस्सा आया था पर थोड़े देर इतना नहीं .. वो उसकी और देखते हुई कहती है ..

आरती- क्यों आये हो यहाँ.. जाओ यहाँ से.

नवाज़- खाने..

आरती- क्या

नवाज़- सुबह का नास्ता..

आरती- बना नहीं है.. नीता आने के बाद खा लेना..

आरती सोचती है इससे ज्यादा बात नहीं की जय उतना hi अच्छा है नहीं तो उसको उतना hi मुजसे बात करने का फायदा मिलेगा.. यही सोचकर आरती फिर पलट कर काम करने lagi..par नवाज़ वही खड़ा होक आरती को घर रहा था.. उसके गांड को वो देख रहा था.. कुछ देर तक आरती ऐसे hi काम करती रही.. वो गया की नहीं वो देखने के लिए आरती जब घूमती है तो नवाज़ वही खड़ा रह के उसे घर रहा था

आरती – तुम अब तक गए नहीं..

आरती के ऐसे कहने पर वो कुछ कहता नहीं hai..wo सामने दिंनिंग टेबल के बाजु मई खड़ा था और आरती को hi देखे जा रहा था.. वो जिस तरह से आरती को घूर रहा था उस वजह से आरती के अंदर एक आग लग जा रही थी.. वो उसे कुछ कह भी नहीं सकती थी.. क्यों की वो जानती थी कह के कुछ फायदा नहीं है .. सिर्फ बात से बात बाद सकती थी.. इसलिए उसने आपने काम करना बेहतर समाज..
 
आरती – तुम अब तक गए नहीं..

आरती के ऐसे कहने पर वो कुछ कहता नहीं hai..wo सामने दिंनिंग टेबल के बाजु मई खड़ा था और आरती को hi देखे जा रहा था.. वो जिस तरह से आरती को घूर रहा था उस वजह से आरती के अंदर एक आग लग जा रही थी.. वो उसे कुछ कह भी नहीं सकती थी.. क्यों की वो जानती थी कह के कुछ फायदा नहीं है .. सिर्फ बात से बात बाद सकती थी.. इसलिए उसने आपने काम करना बेहतर समाज.. तभी किचन के अंदर नवाज़ एंटर होता है तभी बहार से आवाज़ आता है ..

ारे पानी कैसे चला गया

तभी इस आवाज़ की वजह से आरती पलट के देखती है

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ये आवाज़ उसके पति अरविन्द की थी ...वो नहाने बाथरूम मई गया था ...

नवाज़ हो क्या तुम यहाँ घर मई

हां साहब देखता हु ..

जरा जल्दी .. बॉडी को साबुन लगाया है

तब आरती पीछे घूम के स्माइल करती है

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पर जब नवाज़ आरती को देखता है तब आरती मू पाई हाट रख के स्माइल करती hai..par नवाज़ कोई रिएक्शन नहीं देता है और घूम जाता है ... तब मैं मई आरती कहती है..

गुस्सा है ..

फिर आरती खुद को hi आंसर देते है

अब तूने काम hi ऐसा किया है तो तुझपर गुस्सा होगा hi न .. और मजे की बात उसकी कुछ गलती है hi नहीं ..

तभी उसका मोबाइल बज उठता है ..

कॉल उसकी नानन्द कंचन का था.. जैसे hi आरती ने कॉल उठाया उधर से कंचन कहते है

Hello भाभी

Hi

क्या कर रही हो भाभी

कुछ नहीं

क्या हो गया आवाज लौ आ रही थी

कुछ ख़ास नहीं

आगे क्या हुआ

कुछ नहीं हुआ

मतलब

बर्थडे बॉय की कम्प्लेन कर दी

किसने .. आप ने

हां

क्यों

पता नहीं

पता नहीं मतलब

गुस्सा आया था

कुछ किया था क्या उसने आप के साथ

कुछ नहीं किया था मेरी माँ

फिर गुस्सा

आरती कुछ नहीं कहती

Ok जाने दो .. किसको की .. भाई को या पापा को

दोनों को

वैरी गुड .. सब प्लान पाई पानी फेर दिया ..

क्या करू कंचन वो याद hi नहीं रहा

क्या याद नहीं रहा … बर्थडे है ये

हां

ओह्ह गोड़ भाभी आप ग्रेट हो.. रियली यू अरे तो मच भाभी.. मैंने कितना अच्छा प्लान बनाया

अब दोनों शांत रही कुछ देर .. तब कुछ समय बाद आरती कहती है

अब

अब क्या बताऊ भाभी आप को

फिर दोनों कुछ देर शांत रहते है

भाभी भैय्या तो 3 दिन के लिए गए थे फिर वापिस आ गए

वो ट्रिप कैंसिल हो गयी .. एक्चुअली वो लोग फैक्ट्री देखने आने वाले है

भाभी मई वीडियो कॉल लगाती हु

आरती कुछ नहीं बोली .. कंचन ने तुरंत वीडियो कॉल लगाया .. आरती ने कॉल उठाया ..

आप किचन मई हो

हां

और वो

बहार है

और नीता

वो आयी नहीं अब तक

बहार कहा

आप के भैय्या ने उसे अभी बुलाया था तो उधर गया है

बड़ी मायूसी से आरती कहती है





बड़ी मायूस लग रही हो आप

हम्म्म

काम भी तो वैसे किया है

तब गुस्से से कंचन को देखते है

गुस्से से मत देखो आप मुझे .. इस गुस्से की वजह से तो हुआ है ये

तने मत मारो आप .. अब गलती हो गयी है तो इसका सलूशन दो

अब मई hi हैंग हो गयी हु .. मेरा दिमाख काम नहीं कर रहा है .. आप के इस गलती का सलूशन नहीं है मेरे पास

अब मई क्या करू कंचन दीदी..





ऐसा कहते हुई आँख बंद करके खड़ी रही ..

भाभी तो आज दिन भर बिजी होंगे न ..वो लोग आ रहे है तो ..

हाँ .. अभी जाने वाले है

फिर पापा

वो रहेंगे इधर उधर

अभी आप के पास एक hi ऑप्शन है

क्या

बहुत जल्दी कहते हैं

उसे माफ़ी मानगो

क्या

बड़े आशर्य से कहती है

क्यों नहीं मांग सकती हो क्या

नहीं वो बात नहीं है

फिर भाभी

वो माफ़ करेगा क्या .. मेरे नादानी को

करेगा करेगा

भाभी एक बात पुछु

हां पूछो

क्या वो आप को पसंद करता है

आरती झट से हां कहते हैं पर फिर खुद को संभालते हुई कहती हैं

नहीं नहीं

और वीडियो कॉल से आपने चेहरा दूसरी और कर लेती है

पर कंचन समाज गयी ..वो स्माइल करते हुई कहते हैं

और उसको आप

पता नहीं

फिर कहती है..

मई भला क्यों उसको पसंद करुँगी

वो भी बात है .. क्या आप को लगता है क्या वो आप को माफ़ नहीं करेगा

क्यों

तब बहार आके उप्पर जाने वाले सीढ़ियों पर बैठ जाती है और आँख बंद करके कहते हैं

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वो अभी भी मुझसे नाराज़ है

नाराज़ करने वाली बात आपने की है पर आपने ऐसा क्यों कहा

अभी थोड़े देर पहले वो किचन मई आया .. वो अंदर आने वाला था तभी आप के भैय्या ने उसे बुलाया

बहीय्या ने क्यों बुलाया.. अगर आप उससे बात करते तो माहौल थोड़ा ठंडा हो जाता

मई बे .. भैया बाथरूम मई थे पानी चला गया.. उसको उनोने बुलाया .. कहने लगी .. साबुन लगाया है बॉडी को .. जल्दी आ जाओ .. मई हसी उसको देखते हुई ..पर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी

मतलब वो आप से बहुत नाराज़ है ..

हम्म्म्म

अगर आपने खुद होक आगे से स्माइल दी फिर भी वो नाराज़ है मतलब आप को उसको मानाने के लिए बहुत तरय करवाना होगा .. बहुत दिमाग लगाना होगा ..

अब मई क्या दिमाख लागू जब की दिमाख काम नहीं कर रहा hai..aur वो मानाने के लिए रेडी नहीं है

पहले तो शांत दिमाख से सोचो आप क्या कर सकते हो .. अगर फिर भी दिमाख काम नहीं कर रहा है तो डायरेक्ट जेक माफ़ी मानगो

फिर भी उसने मुझे माफ़ नहीं किया तो

तब मई कुछ और सोचती हु तब तक .. पर मुझे लगता है वो आप को माफ़ कर देगा

मुझे नहीं लगता

आप को नहीं लगता तो आप आपने झलवा दिखा दो

झलवा मतलब

आप इतनी खूबसूरत हो भाभी.. आप अगर आप की खूबसूरती का जलवा उसे दिखाओगे तो आप के कायल ऐड के सामने वो क्या उसका बाप मान जायेगा

होप सो

हां तरय करो .. . और मुझे कॉल करो ...तब तक मई कुछ और सोचती हु

Ok

बोलके आरती ने कॉल कट कर दिया
 
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