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फ़ोन रखने के बाद आरती बहार आती है .. और नीता को देखने लगती है.. उसे नीता कही नहीं दिखती.. तब वो परेशान होकर कहती है..

पहले तो दीदी ने नींद ख़राब कर दी और अब ये नीता नहीं मिल रही hai..Kaha गयी ये करमजली ..
और उसे ढूंढते हुई उसके सर्वात क्वार्टर तक पहुंच जाती है.. अब आरती ने निघ्त्य पहनी हुई थी…

जो सोते टाइम उसने पहने थी उसी पाई वो बहार आती है.. जो उसके अंगो के उभार को saaf-saaf दिखा रहे थे .... और साथ में उसके खुले हुए बाल … उसकी जवानी को और ज्यादा दिलकश बना रहे थे… जहा नीता और नवाज़ सोये हुई थे.. एक दूसरे के बहो मई.. वह आरती आती है ..
एई.. क्या कर रहे हो तुम दोनों ..
उसका आवाज़ सुनते hi नवाज़ न चाहते हुवे भी जल्दी से खड़ा होजाता है ..नंगा hi .. मतलब सिर्फ ुंदरपनत मई.. और झट से दरवाज़े के तरफ देखता है.... बहार की तरफ.. आरती अभी भी दरवाज़े के बहार कड़ी थी.. और गुस्से से अन्दर की तरफ देख रही थी..

उसको देखते हुई नवाज़ धीरे से नीता को कहता है..
अब ये इधर क्यों आये है....
वो भी धीरे से कहते है..
अब मुझे क्या पता??
थोड़े गुस्सा था उसके आवाज़ मई.. इनकी बातचीत आरती को सुनाये नहीं दी पर उसने देखा की दोनों कुछ बाते कर रहे है तब आरती नीता के तरफ देखती है तो अब नीता अपने कपडे पहनने लगती hai...aab वो पेटीकोट और ब्रा किसी तरह पहन चुकी थी और ब्लाउज पहन रही थी तभी आरती की नज़र नवाज़ पाई पड़ती है.. मतलब इतने देर तक उसने नवाज़ को नहीं देखा था अच्छे से..
एक्चुअली नवाज़ ने अभी तक आपने कपडे नहीं पहने थे वो अब भी सिर्फ ुंदरपनत मई खड़ा था.. अब आरती उसके सामने कड़ी थी और उसकी नज़र आरती पर hi थी..
आरती ने जो निघ्त्य पहनी थी वो नई डिज़ाइन की थी.. जो आगे से थोड़ी दिप थी और कपडा पतला था.. वो खास कर सोते टाइम आपने बैडरूम मैं पहनती थी.. पर आज सब गड़बड़ हो गया था.. पतले कपडे की वजह से उसके चूचिया का आकर बहार से क्लेअर्ल्य विज़िबल था और वो अब नवाज़ के सामने था .. पतले कपडे की वजह से उसके ब्रा की लाइन भी साफ नजर आ रही थी. ये दर्शया देखकर नवाज़
का लुंड खड़ा हो गया था .. और जब अब दोनों आमने सामने खड़े थे और नीता आरती के तरफ पीट करके आपने कपडे पहन रही थी तब आरती की नजर नवाज़ के खड़े लुंड पर पड़ी पर जब नवाज़ ने ये देखा की उसने दूसरी तरफ देखा ..और निचे गर्दन करके कड़ी हो गयी..

थोड़ी सी स्माइल थी उसके चहरे पर.. फिर वही कड़ी रही 1-2 मिनट और फिर कुछ सोच कर वो जल्दी में आगे बढ़ गयी . .. मतलब रूम के अंदर आ गयी.. और नीता से खहने लगी..
नीता मई तुमसे कुछ पूछ रही हु
नीता.. शर्माकर कहती है..
वो वो दीदी..
क्या वो वो लगा रखा है.. क्या गन्दा काम कर रहे थे यहाँ..
नीता कुछ नहीं बोलती
आरती अब दरवाज़े के पास आ गयी थी मतलब अन्दर के साइड और चोर छिपकर नवाज़ के लुंड देखने लगी. नीता से बात करते हुई.. वो बात तो नीता से कर रही थी पर ध्यान उसका नवाज़ के लुंड पाई था.. वो वह से जाना चाहती लेकिन नवाज़ के लुंड ने उसके पांव उसी रूम मई बंद के रखे थे.
अब एक और अपनी मालकिन के होते हुई और आपने यार के मौजूदगी मई नीता कपडे पहन रही थी और दूसरी और मालिकन आरती आपने माइड के यार से नज़र नहीं मिला पर रही thi...wo अपनी नज़रें झुकाये हुवे आपने निघ्त्य के साथ खेल रही थी..
आज जैसे किस्मत भी चाहती थी के आरती और नवाज़ का ये आँख मिचोली वाला खेल थोड़ा आगे बड़े.. मिलान होने के लिए वाला नेक्स्ट स्टेप.. इसलिए किस्मत ने ये चाल चली थी..
कुछ 2-3 मिनट वह शांति रही.. फिर आरती ने कहा..
तुम शर्म नहीं आती दूर ओपन रखकर ये सब करते हुई नीता .. तुम्हारा यार तो बेशरम है ..
ऐसा कह के नवाज़ को देखते है..

और फिर नीता को कहती है...
काम से काम तुम तो थोड़े शर्म रखो .. खुले मई ये सब कर रहे हो .. कही कोई आ जाता तो लेने के देने पद जाते ..
कोण आ जाता ..
पंत के बटन लगते हुई … और आरती की तरफ देखते हुई लौड़े पर से हाथ घूमते हुई ..नवाज़ बेशर्मी से बोलै ..
तब आरती कहते है..
कोण भी आ सकता है
कोण आ सकता है
ऐसा कह के उसके नज़दीक आने लगता है..
अग्रवाल फार्म मई कोण आ सकता है…
आरती का दिल ज़ोरों से धड़कने लगता hai…jaise जैसे वो करीब आ रहा था वैसे वैसे उसके दिल की धड़कने तेज़ होने लगी ..... आरती के बड़े चुके उस गाउन में ज़ोरज़ोर से साँस लेने की वजा से ऊपर निचे हो रहे थे.... कुछ पल बाद उसने खुद को नार्मल किया.. तब फिर से उसकी नज़र नवाज़ पर जाती है .. मतलब उसके लौड़े पर.. तब वो झट से आपने चेहरा वह से हटा लेते है......
फिर कुछ पल के बाद वो अपनी गर्दन पहले hi जगह पाई लती है और नवाज़ को देखने लगती है.. अपनी तिरछी नज़र से..

इधर नवाज़ बिना कोई एक्सप्रेशन दिए आरती की आँखों में देखते रहता hai..Aarti भी उसको hi देखे जा रही thi..Aab नवाज़ उसकी नज़र का पीछा करता है तो वो जान जाता है आरती कहा देख रही है... वो बड़ा खुश हो जाता है.. फिर अचानक वो अपने काळा गंदे लौड़े के तरफ देखता hai..aur अपने काळा लौड़े को एक झटका देता है जिसे आरती करीब 5 सेकंड तक डेक्टि है फिर गर्दन थोड़ी उप्पर उठा के नवाज़ की तरफ देखती है तो वो आपने लौड़े को देख रहा था.. ये देख के आरती बौखला जाती है..
तभी आरती की नज़र नवाज़ से मिलते है ...उसकी धड़कने फिर से तेज़ हो जाती है एकदम se...tab वो पीछे हैट कर वहां से भाग कर दूसरे कोने मई आजाती है और अपने सांसों पर काबू पाने की कोशिश करने लगती है .... और आरती अब आपने मोबाइल में देखते हुवे कुछ सोचने लगी....

जैसे उसने नवाज़ के लौड़े को देखा था वैसा आज तक उसने कभी नहीं किया था.. आपने पति के साथ भी .. ऐसा उसने कभी नहीं किया था अपनी पूरी ज़िन्दगी में .... और यहाँ तो उसने आपने नौकर के साथ किया या यु कहे आपने माइड के यार के साथ किया था.. आरती को इतना उनकंफर्टबले कभी फील नहीं हुवा था और न hi इतना ाषामेड वो भी खुद की हरकत पर.... वो सोचने लगी.. न hi वो आपने नानन्द कंचन से बात करती और न hi उसके बात सुनकर यहाँ आती और न hi नवाज़ के उसके तरफ उसकी नज़र जाती.. सहित मैंने ये क्या किया.. ...

ऐसा वो कहती है...
लेकिन अब जो सो huwa....nawaz की किस्मत कहें या आरती की बदकिस्मती .... पर ये हुआ था.. अब जब नवाज़ उसके करीब आने लगा अधनंगा तब वो खुद से कहने लगी.. आँखे बांध कर के..
मैंने ऐसा क्यों किया..

फिर वो खुद को कहती शयद कुरसिटी की वजह से.. तब वो खुद से hi सवाल पूछती है.. कैसे कुरसिटी aarti..tab वो खुद को कहती है.. शयद उसका वो.. वो.. देखने का.. तब वो जाहत से कहती है खुद को..
No.. No..
तब नवाज़ नज़दीक आके कहता है..
क्या no no मेमसाब..
ऐसा कह के वो उसके नज़दीक पहुँच गया था.. उसको आपने नज़दीक पहुंचते hi आरती चौंक जाती है..

और बड़े आचार्य से उसको देखने लगती है.. तब नवाज़ कहता है..
क्या no no मेमसाब
कुछ नहीं
वैसे कोण आ जाता.. अग्रवाल फार्म मई.. दीपक अग्रवाल के घर मई.. किसकी हिम्मत के बिना पूछे घर मई घुसाने की..
तब बड़ी अड्डा के साथ नवाज़ को देखते हुई आरती कहती है..
किस की नहीं पर दीपक अग्रवाल की तो है hi न..
आज उसने किसी नौकर के सामने आपने ससुर का नाम लिया था .. उसने जिस तरह से अड्डा के साथ ये कहा था उस वजह से नवाज़ उसे बड़े प्यार से देखने लगा.. उप्पर से निचे.. बहुत नज़दीक से..

और वो देखने दे रही थी.. या यु कहे वो दिखा रही थी.. उसके ऐसे देखने के बाद भी बड़ी अड्डा के साथ नवाज़ को फिर से कहते है..
है न नवाज़.. दीपक अग्रवाल की हिम्मत है न.. वो तो आ सकते है न..
तब नवाज़ कहता है
हाँ.. ये हो सकता था.. मैंने ये सोचा hi नहीं..
तब आपने बालो को झटका देखे उसको संवारते हुई कहते है..

ये मैंने सोचा hi नहीं
वो आगे कुछ और बोलते उससे पहले hi नीता कहते है..
हाँ पापा आ जाते तो बड़ी दिख्हत हो जाती..
नीता ने ऐसे कहते hi नवाज़ पीछे हैट जाता है और आपने शर्ट पहन लेता है और इधर आरती नीता की और देखते हुई कहते है..
ये आपने आशिक़ को समजा.. कह रहा था कोण आ सकता है..
तब नवाज़ कहता है
सॉरी मेमसाब गलती हो गयी..
तब नवाज़ की तरफ देख कर आरती स्माइल करती है..

बड़ी अदा थी उसकी स्माइल मई.. नवाज़ उसकी अदा को hi आज देख रहा था.. वो मैं मई कहता है..
क्या हो गया है मेमसाब को आज.. बड़ी अदा दिखा रही है..
दीदी ये एक बात पूछ सकते हु क्या ..
नीता के ऐसे कहने से बड़ा सा मायूस चेहरा बनाकर आरती कहते है ..

पूछो
आप.. इस वक़्त सर्वेंट क्वार्टर्स मई..
तब नखरा करते हुई कहते है..
मुझे कोई शॉक नहीं है तुम लोंगो का नंगा शो देखने का.. कुछ काम था इसलिए आना पड़ा..
तब नीता घूम जाती है..
बोलिये क्या काम था..
हो गया साड़ी पहनना
हां दीदी.. क्या काम था
काम तुम्हारे पास नहीं है.. तो तुम्हारे आशिक़ के पास है..
ऐसा नवाज़ की और देखते हुई कहती है..

तब नवाज़ आरती को देखते हुई कहता है..
मेरे तरफ
हाँ
क्या
शहर जाना है..
तब नीता बड़े आशर्य से कहते है
इस वक़्त
हाँ .. बड़ा जरूरी काम है
इस वक़्त ऐसा कोनसा बड़ा जरूरी काम आ गया
तुजे बताना जरूरी है
हाँ
क्यों तू मेरे मालकिन है क्या??
नहीं नहीं.. ऐसे नहीं.. मैंने ऐसे hi पूछा..
डर मत तेरे आशिक़ को भगा के ले नहीं जाउंगी..
तब नवाज़ हँसाने लगा और नीता का चेहरा उतर गया
मुझे पता है दीदी आप ऐसे नहीं करोगे पर बता दीजिये न ..
तब नवाज़ की और देखते हुई नीता से पुकाहते है..

तेरे आशिक़ को ड्राइविंग आती है न
हाँ मेमसाब.. मई बहुत अच्छे से ड्राइविंग करता हु..
तब नवाज़ की और देखते हुई नीता कहते है
पापाजी को डॉक्टर के पास ले जाना है
ाचा ऐसा क्या..
तब कुछ सोच कर नीता कहती है..
मई भी आ जाऊ क्या..
तब पलट कर आरती कहती है

NO... वैयय्य..
प्ल्ज़.. दीदी आने दो न..
तब पलट कर देखते हुई नीता को कहते है
क्यों आना है तुजे
मुझे न.. मुझे न..
ऐसा कह के शरमाते हुई नवाज़ की और देखते है..
तब आरती कहते है..
तू शर्मायेंगे या मई जाऊ
नहीं नहीं बताती हु
आपने आशिक़ की और देखना बंद करेंगे तब hi बता पाएंगे न
इस पर नवाज़ हस्ता है तब नीता नवाज़ की और गुस्से से देखते है..
गुस्सा बाद मई दिखा उसे पहले मुझे बता.. मुझे तैयार होना है अभी और पापा जी की फाइल भी धुडनदे है..
एक्चुअली मुझे न शॉपिंग करने है दीदी
अच्छा
हाँ दीदी
हाँ दीदी की बच्ची.. टाइम देखा है क्या तूने घडी मई.. कितने बजे
तब आपने वाच मई नीता देखते है
हाँ
अब हम निकालेंगे कब.. तुजे शॉपिंग कब करौ और पापजी के पास कब पहंचु और उनको डॉक्टर के पास कब लेके जाऊ..
आप नहीं नवाज़ मुझे शॉपिंग करनेवाला है आज
तब थोड़ा चिढ़कर आरती कहती है
मेरे maa..nawaz मेरे साथ hi जा रहा है न.. ी मैं एक hi कार मई जा रहे है न.. नवाज़ तुजे शॉपिंग करवाएगा मतलब उतने देर तक मुझे रुकना पड़ेगा.. तब तक डॉक्टर का टाइम ख़तम हो जायेगा..
नहीं होगा दीदी.. मई जल्दी से ख़तम कर लुंगी..
नहीं नहीं
प्ल्ज़ दीदी
तुम लैला मजनू के शॉपिंग के वजह से मुझे पापाजी की दन्त नहीं कहानी है ..
नहीं हम पूरा अच्छी तरीके से ख्याल रखेंगे.. आप को पापाजी की दांत न खाने पड़े..
तभी कंचन का आरती को कॉल आता है..
तब उसका कॉल नीता को आरती दिखते है..
देख दीदी जी अब पूछेंगे.. निकले क्या नहीं.. अब क्या बोलू मई उन.. तुम दोनों की वजह से मेरा कितना टाइम पास हुआ.. अब ये मुझे मार hi देंगे..
तब नीता डरते हुई कहते है..
बोल दो उन हम निकल गए..
हम??
ऐसा बोल के वो नवाज़ की तरफ देखने लगी.. पलट के..

यानि आप और नवाज़.. बहुत गुस्सैल है वो.. मुझे नहीं आना..
कंचन के नाम से नीता दर गयी ये जानकर आरती स्माइल करती है..
डर गयी क्या दीदी से
दारू नहीं तो क्या करू.. लास्ट टाइम एक छोटी से चीज़ के लिए मुझे कितना डांटा था और अगर उन अब पता चला मेरे वजह से शेठ जी को डॉक्टर के पास लेने मई देरी हो गयी तो पक्का दीदी जी मेरा मुर्दार कर देंगे..
तब आरती जोर से हँसाने लगी..
तू डर मत.. और तू बता तुजे क्या लाना है.. मई लेके आउंगी.. ी मैं मई और तेरा नवाज़ लेके आएंगे विथ योर aashiq's चॉइस
क्या
तेरे आशिक़ के पसंद की चीज़ लेके आउंगी
अच्छा बताती हु.. आप पहले उनसे बात करो..
तब आरती कंचन का कॉल उठाती है..
hello दीदी

hello भाभी.. आप निकले या नहीं अभी तक..
हाँ निकल रहे है ..
ऐसा बोल के पलट कर के नवाज़ को कहती है.. स्माइल करते हुई..

तुम जल्दी आ जाना.. नहीं तो आपने माशूका से गप्पे मरते मत बैठ जाना.. तब नवाज़ कहता है..
हाँ आता हु..
आ जाना
उतना बोलकर आरती जाने लगती hai...Aab आरती थोड़े आगे हो गए the..aur अन्दर जा रही थी.. तब नवाज़ की नज़र आरती के हिलती हुवी गांड पर जाती hai....jo चलने की वजह से हिल रही थी..
ये तो मुझे मार देगी आज ..
ऐसा बोलकर नवाज़ अपना लौड़ा पंत के ऊपर से मसलता hai....shyad ये ऐसा बोलना नीता ने सुना पर पूरी तरीके से नहीं .. इसलिए वो नवाज़ को देखकर कहती है..
क्या??
तब नवाज़ बात पलट देता है..
ये लड़की कोण थी..
कोण लड़की..
मेमसाब के मोबाइल पाई जिसका फ़ोन आया था और तुम दोनों जिसके बारे मई बात कर रहे थे..
तब उसके सर को नीता मरती है..
बुद्धू!!!! तुजे नहीं पता है क्या
नहीं.. कोण है ये
कंचन दीदी.. शेठ जी की छोटी बेटी
अच्छा.. कोनसे सिटी मई बेहये है..
बुद्धू.. शहर मई कॉलेज मई पड़ती है.. डॉक्टर की पढाये कर रही है..
अच्छा
नीता से बाते करते हुई नवाज़ की नज़र आरती के गांड पर hi थी.. वो अभी भी आपने ननद से फ़ोन पाई बाते कर रहे थी.. दरवाज़े पाई खड़े होकर.. उसे शयद ध्यान hi नहीं था की नवाज़ उसे पीछे से देख सकता है.. उसके हिलती हुई गांड को देखकर वो बार आपने लौड़े के मसल रहा था और साथ मई नीता से बात कर रहा था.. ऐसे hi कुछ 5-10 मिनट बाद नवाज़ नीता को कहता है..
ऐसे क्या बात कर रही है मेमसाब उस लड़की से
तब नीता कहते है
तुम क्या करना है.. नानन्द भाभी है.. बाते तो करेंगे hi न.. और वैसे भी ये नानन्द भाभी काम फ्रेंड ज्यादा है तो उन्दोनो के बीच हसी मज़ाक चलता है..
अच्छा ऐसा क्या
हाँ मेरे भोलू राजा
एक्चुअली जब आरती ने कंचन से फ़ोन पाई बात करते हुई नवाज़ को तुम जल्दी आ जाना.. नहीं तो आपने माशूका से गप्पे मरते मत बैठ jana..aisa कहा था तब वो बात कंचन ने सुन्नी थी.. तभी उसने आपने भाभी से पूछा था..
भाभी आप किस से बात कर रही हो..
आरती जानती थी कंचन की टांग खींचने की आदत है.. अगर वो नवाज़ का नाम लेगी तो वो उसकी टांग खींचेगे . इसलिए उसने कहा..
किसी से नहीं आप से hi बात कर रही हु
झूठ मत बोलो भाभी
मई भला क्यों झूठ बोलूंगी और वो भी आप से..
तो बताइये आप किस से बात कर रही थी
किसी से नहीं
फिर से झूठ
तब आरती हँसाने लगी
फिर किस को जल्दी आने को कह रही थी
सुना शयद आप ने
ऐसा कह के पीछे गर्दन घुमाके देखती है नवाज़ की तरफ..

हाँ मई सुन सकती हु .. बहरी नहीं हु भाभी..
तब जरा शरमाते हुई आरती कहते है..

नवाज़ से.
आप का नवाज़..
इसलिए तो मई आप को उसका नाम बता नहीं रही थी..
वो आप का नौकर नहीं है क्या
आप का भी है
पर मई वह नहीं रहती न .. इसलिए अब वो आप का नौकर
तो आ जाओ यहाँ रहने को.. फिर वो आपका भी हो जायेगा..
आप का भी.. मतलब और कितनो का है
पता नहीं
मतलब भाभी
अभी कोई कहता 2 का है और कोई कहता है 4 का है.. उसका खुदा hi जाने की वो कितनो का है..
ऐसा कह के नवाज़ की और देखने लगी.. आपने नाख़ून चबाते हुई..

इतना स्मार्ट है क्या
तब झट से आरती कहती है
हाँ
और फिर मैंने ये क्या कह दिया ये सोचकर आपने होंठ चबाने लगी..
अब आप कह रहे हो स्मार्ट है तो मुझे देखना पड़ेगा कितना स्मार्ट है..
देख लो..
सिर्फ स्मार्ट hi है या हॉट भी है
अब आप देख के पता लगाओ स्मार्ट के साथ हॉट है या नहीं
अगर होगा तो
तो आप डीडे करो मुझे क्या..
हम्म्म..
अगर होगा तो से आप का मतलब दीदी जी
मतलब मुझे पसंद आ गया तो
तो पता लो
क्या भाभी आपने नानन्द को गलत रास्ता बता रही हो
मई क्यों बताउंगी गलत रास्ता .. अगर मेरे नानन्द रानी hi एक नौकर के साथ मू कला करना चाहा रही है तो
मई क्यों चाहूंगी भला मू कला करना आप के नवाज़ के साथ..
वैसे नानन्द रानी वो मेरा नहीं है.. आपने माशूका का है..
हां हाँ.. आपने ऐसा hi कुछ कहा था.. माशूका से गप्पे मत लड़ाओ.. ऐसा कहा था..
हम्म्म
वैसे कोण है उसकी माशूका
तब नीता की और आरती देखती है..

पर कहती कुछ नहीं है.. तब कंचन फिर से कहती है..
आपने ऐसा कहा मतलब उसके माशूका को आप जानती हो..
तब आरती कहते है..
कोनसी माशूका..
तब कंचन हसने लगती है..
हआ
हआ.. आप ने कहा था 4-5 माशूका है..
हम्म्म
उसमे किसी एक को जानते हो आप शयद.. और इस वक़्त आपने बंगला मई है वो लेडी..
काफी स्मार्ट है मेरे नानन्द रानी तो
थैंक यू ❤ मेरी प्यारी भाभी जान..
जब उसे आपने भाभी पर ज्यादा प्यार आता था तब वो आरती को ऐसा कह के बुलाती थी..
तो बता दीजिये न
क्या
आप के नवाज़ के माशूका का नाम
तब आरती शर्मा जाती है..

पर कहती कुछ नहीं है.. तब कंचन कहती है..
कही नवाज़ के 4-5 माशूका मई आप का नाम तो नहीं.. इस वजह से शर्माकर आप आपने नाम बता नहीं रही हो..

तब आपने हाथ आपने सर पाई मार कर आरती कहने लगे..
ये भगवान्!!! इस लड़की का मई क्या करू..
ये कंचन ने सुना तो वो हँसाने लगी. ..
अब तक बात करते करते आरती मैं दूर के पास आ गयी थी.. वह खड़े रहकर वो बाते करने लगी थी..
मुझे विश्वास है ऐसा कुछ मेरे प्यारे भाभी नहीं करेंगे
फिर कहा क्यों
ऐसे hi
ऐसे hi.. आप नाम नहीं बता रही थी तो आप को चिढ़ाने के लिए... आप को ग़ुस्सा दिलाने के लिए कहा..
अच्छा ऐसा क्या
हाँ भाभी
ok..
आप को क्या लगा मई आप पाई शक कर रही हु..
तब आरती कहते है
वो मुझे पता नहीं पर मैंने कहा था उसे तुम आपने माशूका से गप्पे मत लड़ाओ.. जल्दी आ जाओ.. इसका मतलब मई उसकी माशूका नहीं हु.. कोई और है.. और ये मेरी स्मार्ट एंड प्यारी नानन्द रानी को अच्छे से पता है..
तब कंचन हस्ते हुई कहते है..
वैरी स्मार्ट हाँ भाभी
हाँ नहीं तो क्या.. आपने प्यारे भाभी जान को क्या बेवक़ूफ़ समजा क्या आपने..
मेरे प्यारे भाभी बेवक़ूफ़ नहीं तो चालू है..
अब ये नया क्या है.. चालू और मई..
चालू मतलब स्मार्ट.. स्मार्ट को हिंदी मई चालू तो बोलते है..
नहीं नहीं.. कुछ तो चल रहा था मेरे प्यारी नानन्द रानी के दिमाख मई..
कुछ तो नहीं भाभी
तब हस्ते हुई आरती कहते है..

चोरी पकड़ी गए है नानन्द रानी जी
चोरी भरी कुछ नहीं है मैंने ऐसे hi बोलै था
नहीं नहीं आपने ऐसा वैसा कुछ नहीं कहा था सब सोच समाज के कहा था
आप को कैसे पता
पकड़ी गयी न चोरे..
तब सर को हाथ मार्के कंचन कहती है
ओह्ह्ह गॉड!!! ये क्या हो गया मुझसे..
बताओ बताओ आप सब मुझे सही से और विस्तार से..
भाभी आप को लेट हो रहा है न पापा को हॉस्पिटल मई लेके जाने को..
कुछ लेट नहीं हो रहा है.. और पापा जी को मई सही से और टाइम पाई हॉस्पिटल मई लेके जाउंगी.. सब्जेक्ट को डाइवर्ट मत करो आप
भाभी लोग कहते रहते है उनके बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए ऐसा hi मुझे आप कहते रहते हो न
हां.. पर आप से कोण लोग मिले और क्या कहा मेरे बारे मई..
कुछ ख़ास नहीं भाभी
बताओ न.. डरो मत मई कुछ नहीं कहूँगी आप से..
ऐसा कुछ ख़ास नहीं
फिर भी
मुझे पता है मेरे भाभी स्मार्ट है.. और मेरे भोले भले भाई को कभी देखा नहीं दे सकती..
फिर मेरे बारे मई क्या कहा और कोण था वो
मेरे रूममेट का कजिन भाई और भाभी आये थे.. वो आप के कॉलेज से पड़े है.. मैंने ऐसे hi बोलै मेरे भाभी भी आप के कॉलेज से पड़ी है तब उसने नाम पूछा मैंने जब आप का नाम बताया तो उसने कहा वो तो हमारे कॉलेज का हॉट माल था!!
हॉट माल और मैं
हाँ उसने कहा बहुत सरे लड़के आप के पीछे पागल थे.. पर आप बहुत चालू थी इसलिए आपने किसी को आपने पास आने नहीं दिया
तब आरती हँसाने लगी
ऐसा कहा उसने इसलिए मैंने आप को चालू कहा.. बुरा लगा होगा तो ी ऍम सॉरी भाभी. .
मतलब मेरे जासूसी किये जा रही है
नहीं भाभी मई भला आप की क्यों जासूसी करूंगी.. करने होंगे थो भैया करेंगे..
भैया कुछ ऐसा नहीं करेंगे
मई भी नहीं करुँगी .. वो तो ऐसे hi बातो बातो मई बात निकल गए
वो मुझे पता है
ऐसे hi उन्दोनो के बातचीत करीब 15 मिनट चलती रही .. 15 मिनट बाद नीता नवाज़ के पास से चली गयी मुझे काम है बोल के तब नवाज़ वह से निकल गया और आरती के पास जेक खड़ा हो gaya.....nawaz मैं दूर के करीब खड़ा tha....bahar से और अंदर कड़ी थी.. आरती.. उसके तरफ पिट करके और कंचन से बात कर रही थी.. जब आरती को लगा कोई आया है और उसके पीछे खड़ा है तब वो गर्दन घुमा के पीछे देखते है..

उसकी और देखते हुई कहते है.. इशारे से और धीरे से ताकि कंचन सुन न ले..
क्या है..
तब नवाज़ कुछ नहीं कहता.. और आरती भी आपने नानन्द से बाते करने लगी. कुछ 4-5 मिनट के बाद उसे लगा नवाज़ वही खड़ा है अभी तक नहीं गया है.. तब वो पलट कर गुस्से से कहते है..
क्या है.. क्यों खड़े हो यहाँ..
तब कंचन उधर से कहते है
कोण है भाभी
कंचन की बात की तरफ ध्यान न देते हुई आरती कहती है.. अभी जरा गुस्से से.. उसकी और उंगली करते हुई..
क्यों खड़े हो .. हमारी बात सुन रहे हो क्या..

आरती को लग रहा था उसकी बात सुनाने के लिए नवाज़ वह खड़ा है.. पर नवाज़ का ध्यान उसके बात पाई नहीं था बल्कि उसके गांड पर था .. तभी कंचन उधर से कहती है..
कोण है भाभी.. कोण बात सुन रहा है हमारी..
अब इस बार आरती का कण्ट्रोल नहीं रहा आपने आप पर और वो गुस्से मई बोली..
नवाज़..
वो क्या भाभी.. आप का नवाज़..
कंचन के इस बात पर आरती को समाज नहीं आ रहा था की वो स्माइल करे या नवाज़ को आपने गुस्सा दिखाए.. अच्छी बात ये थी की फ़ोन स्पीकर मोड पाई नहीं था.. वो सोचने लगी अगर ये बात नवाज़ ने सुनी होती तो ये यही मुझे दबोच लेता.. अब आरती कुछ कहती उससे पहले hi कंचन कहती है
अब क्या चाहिए आप के नवाज़ को आप से.. सबकुछ तो किया होगा न थोड़े देर पहले.. आप के नवाज़ ने आप के साथ..
तब आरती स्माइल करती है . . और थोड़ा शर्मा जाती है और खुद से कहते है..

क्या कहु इस लड़की को अब ..
और फिर उसका ध्यान नवाज़ की तरफ जाता है.. वो उसे देखकर मैं मई कहती है..
ये लड़की ने मुझे पागल किया है आप का नवाज़ बोल बोल के और इधर ये नवाज़ का बच्चा कब से मुझे घूरे जा रहा है जैसे की खड़े खड़े hi खा जाये..
ऐसा खुद को कहते हुई बड़े अड्डा के साथ खड़े रहकर उसे कहते है..

अब क्यों खड़े हो यहाँ .. जाओ न यहाँ से.
मेमसाब आप ने जल्दी आने को कहा न
इतने जल्दी
हाँ मेमसाब
तब कंचन कहते है
बड़ा बेसब्र है ये तो आपने मेमसाब के साथ शहर जाने के लिए.. डेट पाई..
तब स्माइल करते हुई आरती कहते है..
अभी मई रेडी नहीं हु.. 25 मिनट बाद आना.. जेक देख लो नीता क्या कर रहे है..
तब उधर से कंचन कहती है..
कबाब मई हड्डी.. क्यों बुला रही हो उसको भाभी..
कंचन के ऐसे कहने से आरती शर्मा जाती है..

और नज़र चुरा के उसे देखने लगी..
तब नवाज़ कहता है..
वो देख लूंगा मेमसाब.. मुझे प्यास लगी है..
आरती कुछ कहे उससे पहले hi कंचन कहती है
प्यास बजाओ मेमसाब उसकी
तब नखरा करते हुई आरती कहती है ..

किचन मई जेक पानी पि लो
तब नवाज़ कहता है
पानी की प्यास नहीं
तब कंचन कहती है
अब इसको किस चीज़ की प्यास लगी है
तब नवाज़ कहता है
मिल्कशेक
तब कंचन कहती है
प्यार का मिल्कशेक..
अब हमें शहर जाना है.. अब मई मिल्कशेक कब और कैसे बनाऊ तुम्हारे लिए.. उसके लिए टाइम लगता है.. वो मेरे पास नहीं है..
टाइम नहीं है बोल रही हो और कब से लगे हुई हो मोबाइल पाई
तब कंचन कहता है
हे भगवान्!! भाभी ये अब आप पाई रॉब ज़माने लगा..
तब आरती उसे कहती है..
वैसे बात नहीं है
तो कैसे बात है भाभी आप के नवाज़ की.. कभी भैया ने भी मुझे आप से बात करने को रोका नहीं होगा और ये नौकर होकर रोक रहा है
नवाज़ ने कब रोका दीदी आप को..
कह तो रहा है न कब से लगे हो मोबाइल पाई
वो तो ऐसे hi कहा उसने
ऐसे hi
हाँ दीदी
नवाज़ देख रहा था पर उसे कुछ समाज नहीं आ रहा था इन् दोनों के बीच क्या चल रहा है.. वो थोड़े दूर खड़े नवाज़ se..Matlab आरती दूर के अंदर थी और नवाज़ बहार खड़ा था.. और आरती धीरे आवाज़ से आपने नानन्द से बाते कर रही थी..
भाभी मुझे आप एक बात बताओ
हाँ पूछो आप
ऐसे बात इसने आप से की वैसे कभी भैया ने की आप से
नहीं तो.. आप जानते हो न आप के भैय्या कितने पोलाइट है..
वही मई कह रही हु
क्या
अब आप के क्या का क्या जवाब दू भाभी आप को.. ये कितना अर्रोगंट है और आप से कितना रूडली बेहवे कर रहा है
नहीं नहीं आप की कोई गलतफहमी हुई है.. नवाज़ ऐसा नहीं है..
अच्छा मेरे hi गलतफहमी हुई है.. राइट भाभी..
हो सकता है
ये ऐसे hi आप से बेहवे करता है क्या भाभी..
नहीं नहीं..
ऐसे hi आप को आर्डर देता है क्या..
नहीं तो कभी नहीं..
फिर अब क्यों कर रहा है..
बेचारे को शयद भूख लगी हो
बेचारा
हाँ
लगता है भाभी आप नवाज़ से बहुत पॉलिटेली बेहवे करती हो.. इसलिए वो इसका गलत फायदा उठा रहा है..
नहीं बात वैसे नहीं है
तो कैसे
एक्चुअली उसे मेरा मिल्कशेक बहुत पसंद है..
वैसे आप का और क्या क्या पसंद है नवाज़ को
तब आरती शर्मा जाती है..

एक्चुअली उसका कहना है मई उसके अम्मी के जैसा मिल्कशेक बनती हो
अच्छा
हम्म्म
तो बनके पिलाओ आपने नवाज़ को उसका मनपसंद मिल्कशेक
ठीक है
मई क्यों बनु आप दोनों के बीच मई कबाब की हदी.. चलने दो आप दोनों का.. और नवाज़ के चक्कर मई पापा जी को मत भूल जाना भाभी.. रखते हु.. गुड bye
bye भाभी
गुड bye
दीदी

पहले तो दीदी ने नींद ख़राब कर दी और अब ये नीता नहीं मिल रही hai..Kaha गयी ये करमजली ..
और उसे ढूंढते हुई उसके सर्वात क्वार्टर तक पहुंच जाती है.. अब आरती ने निघ्त्य पहनी हुई थी…

जो सोते टाइम उसने पहने थी उसी पाई वो बहार आती है.. जो उसके अंगो के उभार को saaf-saaf दिखा रहे थे .... और साथ में उसके खुले हुए बाल … उसकी जवानी को और ज्यादा दिलकश बना रहे थे… जहा नीता और नवाज़ सोये हुई थे.. एक दूसरे के बहो मई.. वह आरती आती है ..
एई.. क्या कर रहे हो तुम दोनों ..
उसका आवाज़ सुनते hi नवाज़ न चाहते हुवे भी जल्दी से खड़ा होजाता है ..नंगा hi .. मतलब सिर्फ ुंदरपनत मई.. और झट से दरवाज़े के तरफ देखता है.... बहार की तरफ.. आरती अभी भी दरवाज़े के बहार कड़ी थी.. और गुस्से से अन्दर की तरफ देख रही थी..

उसको देखते हुई नवाज़ धीरे से नीता को कहता है..
अब ये इधर क्यों आये है....
वो भी धीरे से कहते है..
अब मुझे क्या पता??
थोड़े गुस्सा था उसके आवाज़ मई.. इनकी बातचीत आरती को सुनाये नहीं दी पर उसने देखा की दोनों कुछ बाते कर रहे है तब आरती नीता के तरफ देखती है तो अब नीता अपने कपडे पहनने लगती hai...aab वो पेटीकोट और ब्रा किसी तरह पहन चुकी थी और ब्लाउज पहन रही थी तभी आरती की नज़र नवाज़ पाई पड़ती है.. मतलब इतने देर तक उसने नवाज़ को नहीं देखा था अच्छे से..
एक्चुअली नवाज़ ने अभी तक आपने कपडे नहीं पहने थे वो अब भी सिर्फ ुंदरपनत मई खड़ा था.. अब आरती उसके सामने कड़ी थी और उसकी नज़र आरती पर hi थी..
आरती ने जो निघ्त्य पहनी थी वो नई डिज़ाइन की थी.. जो आगे से थोड़ी दिप थी और कपडा पतला था.. वो खास कर सोते टाइम आपने बैडरूम मैं पहनती थी.. पर आज सब गड़बड़ हो गया था.. पतले कपडे की वजह से उसके चूचिया का आकर बहार से क्लेअर्ल्य विज़िबल था और वो अब नवाज़ के सामने था .. पतले कपडे की वजह से उसके ब्रा की लाइन भी साफ नजर आ रही थी. ये दर्शया देखकर नवाज़
का लुंड खड़ा हो गया था .. और जब अब दोनों आमने सामने खड़े थे और नीता आरती के तरफ पीट करके आपने कपडे पहन रही थी तब आरती की नजर नवाज़ के खड़े लुंड पर पड़ी पर जब नवाज़ ने ये देखा की उसने दूसरी तरफ देखा ..और निचे गर्दन करके कड़ी हो गयी..

थोड़ी सी स्माइल थी उसके चहरे पर.. फिर वही कड़ी रही 1-2 मिनट और फिर कुछ सोच कर वो जल्दी में आगे बढ़ गयी . .. मतलब रूम के अंदर आ गयी.. और नीता से खहने लगी..
नीता मई तुमसे कुछ पूछ रही हु
नीता.. शर्माकर कहती है..
वो वो दीदी..
क्या वो वो लगा रखा है.. क्या गन्दा काम कर रहे थे यहाँ..
नीता कुछ नहीं बोलती
आरती अब दरवाज़े के पास आ गयी थी मतलब अन्दर के साइड और चोर छिपकर नवाज़ के लुंड देखने लगी. नीता से बात करते हुई.. वो बात तो नीता से कर रही थी पर ध्यान उसका नवाज़ के लुंड पाई था.. वो वह से जाना चाहती लेकिन नवाज़ के लुंड ने उसके पांव उसी रूम मई बंद के रखे थे.
अब एक और अपनी मालकिन के होते हुई और आपने यार के मौजूदगी मई नीता कपडे पहन रही थी और दूसरी और मालिकन आरती आपने माइड के यार से नज़र नहीं मिला पर रही thi...wo अपनी नज़रें झुकाये हुवे आपने निघ्त्य के साथ खेल रही थी..
आज जैसे किस्मत भी चाहती थी के आरती और नवाज़ का ये आँख मिचोली वाला खेल थोड़ा आगे बड़े.. मिलान होने के लिए वाला नेक्स्ट स्टेप.. इसलिए किस्मत ने ये चाल चली थी..
कुछ 2-3 मिनट वह शांति रही.. फिर आरती ने कहा..
तुम शर्म नहीं आती दूर ओपन रखकर ये सब करते हुई नीता .. तुम्हारा यार तो बेशरम है ..
ऐसा कह के नवाज़ को देखते है..

और फिर नीता को कहती है...
काम से काम तुम तो थोड़े शर्म रखो .. खुले मई ये सब कर रहे हो .. कही कोई आ जाता तो लेने के देने पद जाते ..
कोण आ जाता ..
पंत के बटन लगते हुई … और आरती की तरफ देखते हुई लौड़े पर से हाथ घूमते हुई ..नवाज़ बेशर्मी से बोलै ..
तब आरती कहते है..
कोण भी आ सकता है
कोण आ सकता है
ऐसा कह के उसके नज़दीक आने लगता है..
अग्रवाल फार्म मई कोण आ सकता है…
आरती का दिल ज़ोरों से धड़कने लगता hai…jaise जैसे वो करीब आ रहा था वैसे वैसे उसके दिल की धड़कने तेज़ होने लगी ..... आरती के बड़े चुके उस गाउन में ज़ोरज़ोर से साँस लेने की वजा से ऊपर निचे हो रहे थे.... कुछ पल बाद उसने खुद को नार्मल किया.. तब फिर से उसकी नज़र नवाज़ पर जाती है .. मतलब उसके लौड़े पर.. तब वो झट से आपने चेहरा वह से हटा लेते है......
फिर कुछ पल के बाद वो अपनी गर्दन पहले hi जगह पाई लती है और नवाज़ को देखने लगती है.. अपनी तिरछी नज़र से..

इधर नवाज़ बिना कोई एक्सप्रेशन दिए आरती की आँखों में देखते रहता hai..Aarti भी उसको hi देखे जा रही thi..Aab नवाज़ उसकी नज़र का पीछा करता है तो वो जान जाता है आरती कहा देख रही है... वो बड़ा खुश हो जाता है.. फिर अचानक वो अपने काळा गंदे लौड़े के तरफ देखता hai..aur अपने काळा लौड़े को एक झटका देता है जिसे आरती करीब 5 सेकंड तक डेक्टि है फिर गर्दन थोड़ी उप्पर उठा के नवाज़ की तरफ देखती है तो वो आपने लौड़े को देख रहा था.. ये देख के आरती बौखला जाती है..
तभी आरती की नज़र नवाज़ से मिलते है ...उसकी धड़कने फिर से तेज़ हो जाती है एकदम se...tab वो पीछे हैट कर वहां से भाग कर दूसरे कोने मई आजाती है और अपने सांसों पर काबू पाने की कोशिश करने लगती है .... और आरती अब आपने मोबाइल में देखते हुवे कुछ सोचने लगी....

जैसे उसने नवाज़ के लौड़े को देखा था वैसा आज तक उसने कभी नहीं किया था.. आपने पति के साथ भी .. ऐसा उसने कभी नहीं किया था अपनी पूरी ज़िन्दगी में .... और यहाँ तो उसने आपने नौकर के साथ किया या यु कहे आपने माइड के यार के साथ किया था.. आरती को इतना उनकंफर्टबले कभी फील नहीं हुवा था और न hi इतना ाषामेड वो भी खुद की हरकत पर.... वो सोचने लगी.. न hi वो आपने नानन्द कंचन से बात करती और न hi उसके बात सुनकर यहाँ आती और न hi नवाज़ के उसके तरफ उसकी नज़र जाती.. सहित मैंने ये क्या किया.. ...

ऐसा वो कहती है...
लेकिन अब जो सो huwa....nawaz की किस्मत कहें या आरती की बदकिस्मती .... पर ये हुआ था.. अब जब नवाज़ उसके करीब आने लगा अधनंगा तब वो खुद से कहने लगी.. आँखे बांध कर के..
मैंने ऐसा क्यों किया..

फिर वो खुद को कहती शयद कुरसिटी की वजह से.. तब वो खुद से hi सवाल पूछती है.. कैसे कुरसिटी aarti..tab वो खुद को कहती है.. शयद उसका वो.. वो.. देखने का.. तब वो जाहत से कहती है खुद को..
No.. No..
तब नवाज़ नज़दीक आके कहता है..
क्या no no मेमसाब..
ऐसा कह के वो उसके नज़दीक पहुँच गया था.. उसको आपने नज़दीक पहुंचते hi आरती चौंक जाती है..

और बड़े आचार्य से उसको देखने लगती है.. तब नवाज़ कहता है..
क्या no no मेमसाब
कुछ नहीं
वैसे कोण आ जाता.. अग्रवाल फार्म मई.. दीपक अग्रवाल के घर मई.. किसकी हिम्मत के बिना पूछे घर मई घुसाने की..
तब बड़ी अड्डा के साथ नवाज़ को देखते हुई आरती कहती है..
किस की नहीं पर दीपक अग्रवाल की तो है hi न..
आज उसने किसी नौकर के सामने आपने ससुर का नाम लिया था .. उसने जिस तरह से अड्डा के साथ ये कहा था उस वजह से नवाज़ उसे बड़े प्यार से देखने लगा.. उप्पर से निचे.. बहुत नज़दीक से..

और वो देखने दे रही थी.. या यु कहे वो दिखा रही थी.. उसके ऐसे देखने के बाद भी बड़ी अड्डा के साथ नवाज़ को फिर से कहते है..
है न नवाज़.. दीपक अग्रवाल की हिम्मत है न.. वो तो आ सकते है न..
तब नवाज़ कहता है
हाँ.. ये हो सकता था.. मैंने ये सोचा hi नहीं..
तब आपने बालो को झटका देखे उसको संवारते हुई कहते है..

ये मैंने सोचा hi नहीं
वो आगे कुछ और बोलते उससे पहले hi नीता कहते है..
हाँ पापा आ जाते तो बड़ी दिख्हत हो जाती..
नीता ने ऐसे कहते hi नवाज़ पीछे हैट जाता है और आपने शर्ट पहन लेता है और इधर आरती नीता की और देखते हुई कहते है..
ये आपने आशिक़ को समजा.. कह रहा था कोण आ सकता है..
तब नवाज़ कहता है
सॉरी मेमसाब गलती हो गयी..
तब नवाज़ की तरफ देख कर आरती स्माइल करती है..

बड़ी अदा थी उसकी स्माइल मई.. नवाज़ उसकी अदा को hi आज देख रहा था.. वो मैं मई कहता है..
क्या हो गया है मेमसाब को आज.. बड़ी अदा दिखा रही है..
दीदी ये एक बात पूछ सकते हु क्या ..
नीता के ऐसे कहने से बड़ा सा मायूस चेहरा बनाकर आरती कहते है ..

पूछो
आप.. इस वक़्त सर्वेंट क्वार्टर्स मई..
तब नखरा करते हुई कहते है..
मुझे कोई शॉक नहीं है तुम लोंगो का नंगा शो देखने का.. कुछ काम था इसलिए आना पड़ा..
तब नीता घूम जाती है..
बोलिये क्या काम था..
हो गया साड़ी पहनना
हां दीदी.. क्या काम था
काम तुम्हारे पास नहीं है.. तो तुम्हारे आशिक़ के पास है..
ऐसा नवाज़ की और देखते हुई कहती है..

तब नवाज़ आरती को देखते हुई कहता है..
मेरे तरफ
हाँ
क्या
शहर जाना है..
तब नीता बड़े आशर्य से कहते है
इस वक़्त
हाँ .. बड़ा जरूरी काम है
इस वक़्त ऐसा कोनसा बड़ा जरूरी काम आ गया
तुजे बताना जरूरी है
हाँ
क्यों तू मेरे मालकिन है क्या??
नहीं नहीं.. ऐसे नहीं.. मैंने ऐसे hi पूछा..
डर मत तेरे आशिक़ को भगा के ले नहीं जाउंगी..
तब नवाज़ हँसाने लगा और नीता का चेहरा उतर गया
मुझे पता है दीदी आप ऐसे नहीं करोगे पर बता दीजिये न ..
तब नवाज़ की और देखते हुई नीता से पुकाहते है..

तेरे आशिक़ को ड्राइविंग आती है न
हाँ मेमसाब.. मई बहुत अच्छे से ड्राइविंग करता हु..
तब नवाज़ की और देखते हुई नीता कहते है
पापाजी को डॉक्टर के पास ले जाना है
ाचा ऐसा क्या..
तब कुछ सोच कर नीता कहती है..
मई भी आ जाऊ क्या..
तब पलट कर आरती कहती है

NO... वैयय्य..
प्ल्ज़.. दीदी आने दो न..
तब पलट कर देखते हुई नीता को कहते है
क्यों आना है तुजे
मुझे न.. मुझे न..
ऐसा कह के शरमाते हुई नवाज़ की और देखते है..
तब आरती कहते है..
तू शर्मायेंगे या मई जाऊ
नहीं नहीं बताती हु
आपने आशिक़ की और देखना बंद करेंगे तब hi बता पाएंगे न
इस पर नवाज़ हस्ता है तब नीता नवाज़ की और गुस्से से देखते है..
गुस्सा बाद मई दिखा उसे पहले मुझे बता.. मुझे तैयार होना है अभी और पापा जी की फाइल भी धुडनदे है..
एक्चुअली मुझे न शॉपिंग करने है दीदी
अच्छा
हाँ दीदी
हाँ दीदी की बच्ची.. टाइम देखा है क्या तूने घडी मई.. कितने बजे
तब आपने वाच मई नीता देखते है
हाँ
अब हम निकालेंगे कब.. तुजे शॉपिंग कब करौ और पापजी के पास कब पहंचु और उनको डॉक्टर के पास कब लेके जाऊ..
आप नहीं नवाज़ मुझे शॉपिंग करनेवाला है आज
तब थोड़ा चिढ़कर आरती कहती है
मेरे maa..nawaz मेरे साथ hi जा रहा है न.. ी मैं एक hi कार मई जा रहे है न.. नवाज़ तुजे शॉपिंग करवाएगा मतलब उतने देर तक मुझे रुकना पड़ेगा.. तब तक डॉक्टर का टाइम ख़तम हो जायेगा..
नहीं होगा दीदी.. मई जल्दी से ख़तम कर लुंगी..
नहीं नहीं
प्ल्ज़ दीदी
तुम लैला मजनू के शॉपिंग के वजह से मुझे पापाजी की दन्त नहीं कहानी है ..
नहीं हम पूरा अच्छी तरीके से ख्याल रखेंगे.. आप को पापाजी की दांत न खाने पड़े..
तभी कंचन का आरती को कॉल आता है..
तब उसका कॉल नीता को आरती दिखते है..
देख दीदी जी अब पूछेंगे.. निकले क्या नहीं.. अब क्या बोलू मई उन.. तुम दोनों की वजह से मेरा कितना टाइम पास हुआ.. अब ये मुझे मार hi देंगे..
तब नीता डरते हुई कहते है..
बोल दो उन हम निकल गए..
हम??
ऐसा बोल के वो नवाज़ की तरफ देखने लगी.. पलट के..

यानि आप और नवाज़.. बहुत गुस्सैल है वो.. मुझे नहीं आना..
कंचन के नाम से नीता दर गयी ये जानकर आरती स्माइल करती है..
डर गयी क्या दीदी से
दारू नहीं तो क्या करू.. लास्ट टाइम एक छोटी से चीज़ के लिए मुझे कितना डांटा था और अगर उन अब पता चला मेरे वजह से शेठ जी को डॉक्टर के पास लेने मई देरी हो गयी तो पक्का दीदी जी मेरा मुर्दार कर देंगे..
तब आरती जोर से हँसाने लगी..
तू डर मत.. और तू बता तुजे क्या लाना है.. मई लेके आउंगी.. ी मैं मई और तेरा नवाज़ लेके आएंगे विथ योर aashiq's चॉइस
क्या
तेरे आशिक़ के पसंद की चीज़ लेके आउंगी
अच्छा बताती हु.. आप पहले उनसे बात करो..
तब आरती कंचन का कॉल उठाती है..
hello दीदी

hello भाभी.. आप निकले या नहीं अभी तक..
हाँ निकल रहे है ..
ऐसा बोल के पलट कर के नवाज़ को कहती है.. स्माइल करते हुई..

तुम जल्दी आ जाना.. नहीं तो आपने माशूका से गप्पे मरते मत बैठ जाना.. तब नवाज़ कहता है..
हाँ आता हु..
आ जाना
उतना बोलकर आरती जाने लगती hai...Aab आरती थोड़े आगे हो गए the..aur अन्दर जा रही थी.. तब नवाज़ की नज़र आरती के हिलती हुवी गांड पर जाती hai....jo चलने की वजह से हिल रही थी..
ये तो मुझे मार देगी आज ..
ऐसा बोलकर नवाज़ अपना लौड़ा पंत के ऊपर से मसलता hai....shyad ये ऐसा बोलना नीता ने सुना पर पूरी तरीके से नहीं .. इसलिए वो नवाज़ को देखकर कहती है..
क्या??
तब नवाज़ बात पलट देता है..
ये लड़की कोण थी..
कोण लड़की..
मेमसाब के मोबाइल पाई जिसका फ़ोन आया था और तुम दोनों जिसके बारे मई बात कर रहे थे..
तब उसके सर को नीता मरती है..
बुद्धू!!!! तुजे नहीं पता है क्या
नहीं.. कोण है ये
कंचन दीदी.. शेठ जी की छोटी बेटी
अच्छा.. कोनसे सिटी मई बेहये है..
बुद्धू.. शहर मई कॉलेज मई पड़ती है.. डॉक्टर की पढाये कर रही है..
अच्छा
नीता से बाते करते हुई नवाज़ की नज़र आरती के गांड पर hi थी.. वो अभी भी आपने ननद से फ़ोन पाई बाते कर रहे थी.. दरवाज़े पाई खड़े होकर.. उसे शयद ध्यान hi नहीं था की नवाज़ उसे पीछे से देख सकता है.. उसके हिलती हुई गांड को देखकर वो बार आपने लौड़े के मसल रहा था और साथ मई नीता से बात कर रहा था.. ऐसे hi कुछ 5-10 मिनट बाद नवाज़ नीता को कहता है..
ऐसे क्या बात कर रही है मेमसाब उस लड़की से
तब नीता कहते है
तुम क्या करना है.. नानन्द भाभी है.. बाते तो करेंगे hi न.. और वैसे भी ये नानन्द भाभी काम फ्रेंड ज्यादा है तो उन्दोनो के बीच हसी मज़ाक चलता है..
अच्छा ऐसा क्या
हाँ मेरे भोलू राजा
एक्चुअली जब आरती ने कंचन से फ़ोन पाई बात करते हुई नवाज़ को तुम जल्दी आ जाना.. नहीं तो आपने माशूका से गप्पे मरते मत बैठ jana..aisa कहा था तब वो बात कंचन ने सुन्नी थी.. तभी उसने आपने भाभी से पूछा था..
भाभी आप किस से बात कर रही हो..
आरती जानती थी कंचन की टांग खींचने की आदत है.. अगर वो नवाज़ का नाम लेगी तो वो उसकी टांग खींचेगे . इसलिए उसने कहा..
किसी से नहीं आप से hi बात कर रही हु
झूठ मत बोलो भाभी
मई भला क्यों झूठ बोलूंगी और वो भी आप से..
तो बताइये आप किस से बात कर रही थी
किसी से नहीं
फिर से झूठ
तब आरती हँसाने लगी
फिर किस को जल्दी आने को कह रही थी
सुना शयद आप ने
ऐसा कह के पीछे गर्दन घुमाके देखती है नवाज़ की तरफ..

हाँ मई सुन सकती हु .. बहरी नहीं हु भाभी..
तब जरा शरमाते हुई आरती कहते है..

नवाज़ से.
आप का नवाज़..
इसलिए तो मई आप को उसका नाम बता नहीं रही थी..
वो आप का नौकर नहीं है क्या
आप का भी है
पर मई वह नहीं रहती न .. इसलिए अब वो आप का नौकर
तो आ जाओ यहाँ रहने को.. फिर वो आपका भी हो जायेगा..
आप का भी.. मतलब और कितनो का है
पता नहीं
मतलब भाभी
अभी कोई कहता 2 का है और कोई कहता है 4 का है.. उसका खुदा hi जाने की वो कितनो का है..
ऐसा कह के नवाज़ की और देखने लगी.. आपने नाख़ून चबाते हुई..

इतना स्मार्ट है क्या
तब झट से आरती कहती है
हाँ
और फिर मैंने ये क्या कह दिया ये सोचकर आपने होंठ चबाने लगी..
अब आप कह रहे हो स्मार्ट है तो मुझे देखना पड़ेगा कितना स्मार्ट है..
देख लो..
सिर्फ स्मार्ट hi है या हॉट भी है
अब आप देख के पता लगाओ स्मार्ट के साथ हॉट है या नहीं
अगर होगा तो
तो आप डीडे करो मुझे क्या..
हम्म्म..
अगर होगा तो से आप का मतलब दीदी जी
मतलब मुझे पसंद आ गया तो
तो पता लो
क्या भाभी आपने नानन्द को गलत रास्ता बता रही हो
मई क्यों बताउंगी गलत रास्ता .. अगर मेरे नानन्द रानी hi एक नौकर के साथ मू कला करना चाहा रही है तो
मई क्यों चाहूंगी भला मू कला करना आप के नवाज़ के साथ..
वैसे नानन्द रानी वो मेरा नहीं है.. आपने माशूका का है..
हां हाँ.. आपने ऐसा hi कुछ कहा था.. माशूका से गप्पे मत लड़ाओ.. ऐसा कहा था..
हम्म्म
वैसे कोण है उसकी माशूका
तब नीता की और आरती देखती है..

पर कहती कुछ नहीं है.. तब कंचन फिर से कहती है..
आपने ऐसा कहा मतलब उसके माशूका को आप जानती हो..
तब आरती कहते है..
कोनसी माशूका..
तब कंचन हसने लगती है..
हआ
हम्म्म
उसमे किसी एक को जानते हो आप शयद.. और इस वक़्त आपने बंगला मई है वो लेडी..
काफी स्मार्ट है मेरे नानन्द रानी तो
थैंक यू ❤ मेरी प्यारी भाभी जान..
जब उसे आपने भाभी पर ज्यादा प्यार आता था तब वो आरती को ऐसा कह के बुलाती थी..
तो बता दीजिये न
क्या
आप के नवाज़ के माशूका का नाम
तब आरती शर्मा जाती है..

पर कहती कुछ नहीं है.. तब कंचन कहती है..
कही नवाज़ के 4-5 माशूका मई आप का नाम तो नहीं.. इस वजह से शर्माकर आप आपने नाम बता नहीं रही हो..

तब आपने हाथ आपने सर पाई मार कर आरती कहने लगे..
ये भगवान्!!! इस लड़की का मई क्या करू..
ये कंचन ने सुना तो वो हँसाने लगी. ..
अब तक बात करते करते आरती मैं दूर के पास आ गयी थी.. वह खड़े रहकर वो बाते करने लगी थी..
मुझे विश्वास है ऐसा कुछ मेरे प्यारे भाभी नहीं करेंगे
फिर कहा क्यों
ऐसे hi
ऐसे hi.. आप नाम नहीं बता रही थी तो आप को चिढ़ाने के लिए... आप को ग़ुस्सा दिलाने के लिए कहा..
अच्छा ऐसा क्या
हाँ भाभी
ok..
आप को क्या लगा मई आप पाई शक कर रही हु..
तब आरती कहते है
वो मुझे पता नहीं पर मैंने कहा था उसे तुम आपने माशूका से गप्पे मत लड़ाओ.. जल्दी आ जाओ.. इसका मतलब मई उसकी माशूका नहीं हु.. कोई और है.. और ये मेरी स्मार्ट एंड प्यारी नानन्द रानी को अच्छे से पता है..
तब कंचन हस्ते हुई कहते है..
वैरी स्मार्ट हाँ भाभी
हाँ नहीं तो क्या.. आपने प्यारे भाभी जान को क्या बेवक़ूफ़ समजा क्या आपने..
मेरे प्यारे भाभी बेवक़ूफ़ नहीं तो चालू है..
अब ये नया क्या है.. चालू और मई..
चालू मतलब स्मार्ट.. स्मार्ट को हिंदी मई चालू तो बोलते है..
नहीं नहीं.. कुछ तो चल रहा था मेरे प्यारी नानन्द रानी के दिमाख मई..
कुछ तो नहीं भाभी
तब हस्ते हुई आरती कहते है..

चोरी पकड़ी गए है नानन्द रानी जी
चोरी भरी कुछ नहीं है मैंने ऐसे hi बोलै था
नहीं नहीं आपने ऐसा वैसा कुछ नहीं कहा था सब सोच समाज के कहा था
आप को कैसे पता
पकड़ी गयी न चोरे..
तब सर को हाथ मार्के कंचन कहती है
ओह्ह्ह गॉड!!! ये क्या हो गया मुझसे..
बताओ बताओ आप सब मुझे सही से और विस्तार से..
भाभी आप को लेट हो रहा है न पापा को हॉस्पिटल मई लेके जाने को..
कुछ लेट नहीं हो रहा है.. और पापा जी को मई सही से और टाइम पाई हॉस्पिटल मई लेके जाउंगी.. सब्जेक्ट को डाइवर्ट मत करो आप
भाभी लोग कहते रहते है उनके बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए ऐसा hi मुझे आप कहते रहते हो न
हां.. पर आप से कोण लोग मिले और क्या कहा मेरे बारे मई..
कुछ ख़ास नहीं भाभी
बताओ न.. डरो मत मई कुछ नहीं कहूँगी आप से..
ऐसा कुछ ख़ास नहीं
फिर भी
मुझे पता है मेरे भाभी स्मार्ट है.. और मेरे भोले भले भाई को कभी देखा नहीं दे सकती..
फिर मेरे बारे मई क्या कहा और कोण था वो
मेरे रूममेट का कजिन भाई और भाभी आये थे.. वो आप के कॉलेज से पड़े है.. मैंने ऐसे hi बोलै मेरे भाभी भी आप के कॉलेज से पड़ी है तब उसने नाम पूछा मैंने जब आप का नाम बताया तो उसने कहा वो तो हमारे कॉलेज का हॉट माल था!!
हॉट माल और मैं
हाँ उसने कहा बहुत सरे लड़के आप के पीछे पागल थे.. पर आप बहुत चालू थी इसलिए आपने किसी को आपने पास आने नहीं दिया
तब आरती हँसाने लगी
ऐसा कहा उसने इसलिए मैंने आप को चालू कहा.. बुरा लगा होगा तो ी ऍम सॉरी भाभी. .
मतलब मेरे जासूसी किये जा रही है
नहीं भाभी मई भला आप की क्यों जासूसी करूंगी.. करने होंगे थो भैया करेंगे..
भैया कुछ ऐसा नहीं करेंगे
मई भी नहीं करुँगी .. वो तो ऐसे hi बातो बातो मई बात निकल गए
वो मुझे पता है
ऐसे hi उन्दोनो के बातचीत करीब 15 मिनट चलती रही .. 15 मिनट बाद नीता नवाज़ के पास से चली गयी मुझे काम है बोल के तब नवाज़ वह से निकल गया और आरती के पास जेक खड़ा हो gaya.....nawaz मैं दूर के करीब खड़ा tha....bahar से और अंदर कड़ी थी.. आरती.. उसके तरफ पिट करके और कंचन से बात कर रही थी.. जब आरती को लगा कोई आया है और उसके पीछे खड़ा है तब वो गर्दन घुमा के पीछे देखते है..

उसकी और देखते हुई कहते है.. इशारे से और धीरे से ताकि कंचन सुन न ले..
क्या है..
तब नवाज़ कुछ नहीं कहता.. और आरती भी आपने नानन्द से बाते करने लगी. कुछ 4-5 मिनट के बाद उसे लगा नवाज़ वही खड़ा है अभी तक नहीं गया है.. तब वो पलट कर गुस्से से कहते है..
क्या है.. क्यों खड़े हो यहाँ..
तब कंचन उधर से कहते है
कोण है भाभी
कंचन की बात की तरफ ध्यान न देते हुई आरती कहती है.. अभी जरा गुस्से से.. उसकी और उंगली करते हुई..
क्यों खड़े हो .. हमारी बात सुन रहे हो क्या..

आरती को लग रहा था उसकी बात सुनाने के लिए नवाज़ वह खड़ा है.. पर नवाज़ का ध्यान उसके बात पाई नहीं था बल्कि उसके गांड पर था .. तभी कंचन उधर से कहती है..
कोण है भाभी.. कोण बात सुन रहा है हमारी..
अब इस बार आरती का कण्ट्रोल नहीं रहा आपने आप पर और वो गुस्से मई बोली..
नवाज़..
वो क्या भाभी.. आप का नवाज़..
कंचन के इस बात पर आरती को समाज नहीं आ रहा था की वो स्माइल करे या नवाज़ को आपने गुस्सा दिखाए.. अच्छी बात ये थी की फ़ोन स्पीकर मोड पाई नहीं था.. वो सोचने लगी अगर ये बात नवाज़ ने सुनी होती तो ये यही मुझे दबोच लेता.. अब आरती कुछ कहती उससे पहले hi कंचन कहती है
अब क्या चाहिए आप के नवाज़ को आप से.. सबकुछ तो किया होगा न थोड़े देर पहले.. आप के नवाज़ ने आप के साथ..
तब आरती स्माइल करती है . . और थोड़ा शर्मा जाती है और खुद से कहते है..

क्या कहु इस लड़की को अब ..
और फिर उसका ध्यान नवाज़ की तरफ जाता है.. वो उसे देखकर मैं मई कहती है..
ये लड़की ने मुझे पागल किया है आप का नवाज़ बोल बोल के और इधर ये नवाज़ का बच्चा कब से मुझे घूरे जा रहा है जैसे की खड़े खड़े hi खा जाये..
ऐसा खुद को कहते हुई बड़े अड्डा के साथ खड़े रहकर उसे कहते है..

अब क्यों खड़े हो यहाँ .. जाओ न यहाँ से.
मेमसाब आप ने जल्दी आने को कहा न
इतने जल्दी
हाँ मेमसाब
तब कंचन कहते है
बड़ा बेसब्र है ये तो आपने मेमसाब के साथ शहर जाने के लिए.. डेट पाई..
तब स्माइल करते हुई आरती कहते है..
अभी मई रेडी नहीं हु.. 25 मिनट बाद आना.. जेक देख लो नीता क्या कर रहे है..
तब उधर से कंचन कहती है..
कबाब मई हड्डी.. क्यों बुला रही हो उसको भाभी..
कंचन के ऐसे कहने से आरती शर्मा जाती है..

और नज़र चुरा के उसे देखने लगी..
तब नवाज़ कहता है..
वो देख लूंगा मेमसाब.. मुझे प्यास लगी है..
आरती कुछ कहे उससे पहले hi कंचन कहती है
प्यास बजाओ मेमसाब उसकी
तब नखरा करते हुई आरती कहती है ..

किचन मई जेक पानी पि लो
तब नवाज़ कहता है
पानी की प्यास नहीं
तब कंचन कहती है
अब इसको किस चीज़ की प्यास लगी है
तब नवाज़ कहता है
मिल्कशेक
तब कंचन कहती है
प्यार का मिल्कशेक..
अब हमें शहर जाना है.. अब मई मिल्कशेक कब और कैसे बनाऊ तुम्हारे लिए.. उसके लिए टाइम लगता है.. वो मेरे पास नहीं है..
टाइम नहीं है बोल रही हो और कब से लगे हुई हो मोबाइल पाई
तब कंचन कहता है
हे भगवान्!! भाभी ये अब आप पाई रॉब ज़माने लगा..
तब आरती उसे कहती है..
वैसे बात नहीं है
तो कैसे बात है भाभी आप के नवाज़ की.. कभी भैया ने भी मुझे आप से बात करने को रोका नहीं होगा और ये नौकर होकर रोक रहा है
नवाज़ ने कब रोका दीदी आप को..
कह तो रहा है न कब से लगे हो मोबाइल पाई
वो तो ऐसे hi कहा उसने
ऐसे hi
हाँ दीदी
नवाज़ देख रहा था पर उसे कुछ समाज नहीं आ रहा था इन् दोनों के बीच क्या चल रहा है.. वो थोड़े दूर खड़े नवाज़ se..Matlab आरती दूर के अंदर थी और नवाज़ बहार खड़ा था.. और आरती धीरे आवाज़ से आपने नानन्द से बाते कर रही थी..
भाभी मुझे आप एक बात बताओ
हाँ पूछो आप
ऐसे बात इसने आप से की वैसे कभी भैया ने की आप से
नहीं तो.. आप जानते हो न आप के भैय्या कितने पोलाइट है..
वही मई कह रही हु
क्या
अब आप के क्या का क्या जवाब दू भाभी आप को.. ये कितना अर्रोगंट है और आप से कितना रूडली बेहवे कर रहा है
नहीं नहीं आप की कोई गलतफहमी हुई है.. नवाज़ ऐसा नहीं है..
अच्छा मेरे hi गलतफहमी हुई है.. राइट भाभी..
हो सकता है
ये ऐसे hi आप से बेहवे करता है क्या भाभी..
नहीं नहीं..
ऐसे hi आप को आर्डर देता है क्या..
नहीं तो कभी नहीं..
फिर अब क्यों कर रहा है..
बेचारे को शयद भूख लगी हो
बेचारा
हाँ
लगता है भाभी आप नवाज़ से बहुत पॉलिटेली बेहवे करती हो.. इसलिए वो इसका गलत फायदा उठा रहा है..
नहीं बात वैसे नहीं है
तो कैसे
एक्चुअली उसे मेरा मिल्कशेक बहुत पसंद है..
वैसे आप का और क्या क्या पसंद है नवाज़ को
तब आरती शर्मा जाती है..

एक्चुअली उसका कहना है मई उसके अम्मी के जैसा मिल्कशेक बनती हो
अच्छा
हम्म्म
तो बनके पिलाओ आपने नवाज़ को उसका मनपसंद मिल्कशेक
ठीक है
मई क्यों बनु आप दोनों के बीच मई कबाब की हदी.. चलने दो आप दोनों का.. और नवाज़ के चक्कर मई पापा जी को मत भूल जाना भाभी.. रखते हु.. गुड bye
गुड bye




















































