Adultery Raj-- hero of the family - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

hotaks

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Dec 5, 2013
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अपडेट 268 "बेटी को लेजाने से पहले बाप को पूछा क्या. पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
स्टोरी एक ऐसे लड़के की जिसके माँ बाप को धोखे से मार दिया और उसके पुरे परिवार को टुकड़ो मई बाँट दिया गया और छोड़ दिया गया बचपन मई हे उसे प्यार के लिए तरस ने को उसके अपने हे परिवार के लोगो ने उसे mara,dard दिया और रुलाया ..तब उसके दादाजी ने उसकी ऊँगली thami.Apne दर्द को छुपा कर उसे लायक बनाने के लिए अपने से सालो दूर कर दिया जंहा मिला उसे उसका प्यार और उसने बी उसे गरीबी की वजह से धोखा दे diya..ab उसका मकसद सिर्फ बदला लेना था अपने माँ बाप का और जब वो लौटा तोह निर्वाण बांके टुटा अपने दुश्मनो पर जो तड़पता था तड़पता था दुश्मन की रूह ko....aur इस सफर मई उसे जान से जायदा प्यार करने वाली मिली पर प्यार के नाम से हे अब उसे नफरत हो गयी थी तोह... क्या ले पायेगा वो बदला अपने माँ बाप के खून का आखिर किसने मारा था उसके माँ बाप ko,koun ह वो dhushman,kya उसे मिलेगा वो प्यार जिसके लिए वो तड़पा tha...pyar इमोशन और एक्शन से भरपूर safar....Raj -- हीरो ऑफ़ थे family...update पढ़ने के बाद बस रिक्वेस्ट ह लाइक्स जरूर deve...kyoki यही रिवॉर्ड मिलता ह मुझे आप सबकी तरफ से





अपडेट 1

मंडावा—

एक छोटी सिटी हरी भरी सिटी जंहा पे रहता ह हीरो का परिवार

Pariwar—Nirwaan परिवार

चचा -शैतान सिंह

Chachi-indra देवी

छोटे चाचा- पर्वत सिंह जो अब इस दुनिया मई नई ह

छोटी chachi—supriya

बड़े चाचा के एक लड़का और एक लड़की ह

नाम----- सुरेंद्र सिंह

गमंडी ह हीरो को बिलकुल पसंद नई करते ह वजह ह दादा दादी उनको इंट्रो बाद मई आएगा

चाचा की ladki-Babita सिंह

खड़ूस हीरो की केयर करती थी पर माँ के भड़काने पर वो बी अब नफरत करती ह और कारन है दादा दादी कुछ हद तक.

छोटे चाचा ----के 3 बीटा बेतिया ह

बड़ी बेटी--


ममता सिंह -----हीरो से 1 साल छोटी ह और हीरो को प्यार करती ह भाई बहन वाला चुपके चुपके उसको ख्याल बी रखती ह जब उसे खाना नई मिलता h...khub पैट टी ह दोनों मई

कविता सिंह------ ये हीरो से 2 साल छोटी ह और हीरो की सबसे प्यारी एक दूसरे के साथ हमेसा रहते ह हर पल साथ निभाते ह और हीरो अपना सबकुछ इसे हे मंटा ह बहुत हे सुन्दर ह और उसके लिए उसका भाई राज हे सबकुछ ह

हीरो नाम ---- राज सिंह निर्वाण

अकेला ह बचपन से हे माँ बाप का प्यार न मिला और न उसे पता ह की वो कान्हा ह उसे सिर्फ इतना बताया जाता ह की वो मर गए ह एक्सीडेंट मई

हीरो जब 3साल की उम्र का था तब उसे गाँव लाया गया था और उसके दादा उसे लेके ए थे और राज के दादा की वजह से हे उसकी दादी बी उसे थोड़ा लगाव रखती ह

अब इंट्रो ---हीरो के परिवार का

राज का परिवार रजवाड़ो का परिवार ह

राज के दादा--- ठाकुर जगमाल सिंह निर्वाण


जिनके नाम से डाकू तक तक कांम्पट थे 2 नाली बन्दुक और चेतक घोड़े पे सवार गाँव की सैर पे निकलते ह अकेले. किसी की आंक न उठ पति उनकी और ढकने की इज्जत से जीते ह और सभी की इज्जत करते ह राज को सबसे जायदा प्यार करते ह और राज को प्यार से निर्वाण कहके बुलाते ह इनके पास जमीं ह 500 बीघा दूर दूर तक बस इन्ही के खेत ह और बाकि सीक्रेट ह

अब एते ह इनकी हवेली का इंट्रो

शानदार 2 मंजिला हवेली ह ठाकुरो की शान दूर दूर तक बस हवेली की सुंदरता और इसके इतिहास के चर्चे ह हवेली के बहार हर सुभे साधु संतो को भोजन करवाया जाता ह.. हवेली के चारो तरफ गुलाब के फूल लगे ह जिनकी खुसबू हवेली मई हमेसा रहती ह..

और शाम को हखाड़े मई पहलवानी के दांव पेच सिखाये जाते ह... जो की हवेली के पीछे बना हुवा ह

दादी ---सुमित्रा देवी


पूरी ठकुरिने ह रॉब इनके व्यक्तित्वा मई बसा हुवा ह अपने पति से डर्टी ह और इज़्ज़त करती ह.. आज बी तिजोरी की चाबी इन्ही के पास मई रहती ह..

तोह ये था परिवार का स्माल इंट्रो

बाकि चैरेक्टर स्टोरी के साथ जुड़ते रहेंगे मतलब मां ममी नाना नानी बुआ ेट्स

अब शुरू करते ह स्टोरी को

बड़े चाचा -इंद्रा मैं खेतो मई जा रहा हु और जाने लगते ह डाइनिंग टेबल के पास एके अरे ये क्या बाबूजी का नास्ता नई लगा 7बज गए ह बाबूजी एते हे होंगे

इंद्रा चची – आप और आपके बाबूजी हर चीज बस कहदो और चरण तैयार चाहिए चची मु बिगड़ के नौकरानी रखलो इतनी हे जल्दीह तोह इनके खेतो मई तोह कितने लोग काम करे पर घर मई सारा काम बस बहुये हे करे .

बड़े चाचा – अरे बस बी करो भाग्यवान कितना सुनाओगी और जाते जाते तना मरते ह पता नई बाबूजी ने क्या ढक लिया था इसमे और इतना कह कर घर से भाग जाते 😃😃

बड़ी चची -बड़े चाचा की बात सुनके 😡😡गुसा हो जाती ह और कहने वाली हे होती ह की ढकती ह. चाचा चले गए तोह मन मई कहती आना तो शाम को घर पे हे ह और कहती ह वो कलंक का टिक्का हरमखोर राज कान्हा ह आया नई अभी तक आने दो फिर बताती हु

राज – चची मैं आगया

बड़ी स -एक थपड राज को मरती ह कान्हा मर गया था जा जल्दी सुरेंद्र और बबिता को जगदे और फिर मन मई कहती पता नई ये क्यों नई मर गया एक्सीडेंट मई मनहूस कंही का..

राज- ये सुनकर मैं रोने लगता हु और रट रट दोनों को जगाने जाता हु उपरवाले रूम मई भैया उठो चची बुला रही

सुरेंद्र -लेते लेते हे एक किक करता हरमखोर सुभे सुभे नींद ख़राब कर दी माँ बी इस हरमखोर को भेज देती ह रोज सुभे सुभे उठाने. और उठकर बाथरूम चल जाता ह

राज- मैं पीछे गिरता हु और कोहनी मई चोट लग जाती ह और मैं दर्द से कराह उठ ता हु अह्ह्ह.... मा... पर कोई हो तोह सुने मेरा दर्द.. दर्द जो इस 6 साल की उम्र मई ढक रहा हु मैं सहन कर रह हु मैं पर कोई नई ह फिर मैं उठकर बबिता के कमरे मई जाता हु वंहा बी यही होता ह

बबिता – हरमखोर आजाता ह सुभे नींद ख़राब करने मेरी पता नई कब ये मानसियत यंहा से जाएगी

राज रोटा हुवा निचे अत ह और खुद को चुप करता ह ताकि और कोई उसे कुछ न कहे और दादा दादी उसे रोटा न ढक ले और वो निचे अत ह और छोटी चची के कमरे मई चची के लड़के अजय को पलने मई झूला झूलने लगता ह जो अभी 1 साल का ह और अजय हाथ पेअर हिलने लगता ह.. राज मन मई क्या मैंने बी पालने मई कभी झूला झूला ह मेरी माँ ने मुझे .गोद मई उठाया .....पापा ने ....मुझे कभी घुमाया था क्या अपने कंधे पे ...और मेरे आंसू नीर की तरह झरने लगता ह मुझसे ढक हो रहा था अपनी किस्मत पे की दादा जी के अलावा मुझे कोई क्यों नई चाहता क्या मेरे माँ बाप से सब नफरत करते ह क्या वो बुरे थे जो उनकी फोटो तक नई ह मुझे तोह सकल बी याद नई ह मुंय पापा की न मेरे पास कोई फोटो ह मैं ऊपर चला जाता हु हवेली के . और कौन मई बैठ के काफी दिएर तक रोटा रहता हु ये मेरा रोज का था क्यों पिछले एक साल से यही हो रहा था दादी खाने का पूछ लेती थी और थोड़ा प्यार देती थी पर मैं उनका चाहता न था सायद दादा जी के दर प्यार करना पड़ता था उन्हें मुझसे...

है मज़बूरी सब्द सही रहेगा

बड़े चाचा और चची को मतलब न था छोटी चची न नफरत न प्यार करती थी बस यही दुनिया थी मेरी रोज की.

पर राज को नई पता था की इतने ढक मई उसके कुछ पल खुसी के बी आने थे जल्दी हे.......

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस ठोकने का अब ढकते ह क्या होता ह अगले अपडेट मई. ...बने रहिये साथ मई
 
फॅमिली इंट्रोडक्शन

ठाकुर जगमाल सिंह निर्वाण राज के दादा जी और सहदेव सिंह के फादर...

सुमित्रा देवी (दादी जी)

इनके तीन बेटे और 2 बेटी है

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1) शैतान Singh(Bade chacha)aur वाइफ

इंद्रा देवी (बड़ी चची)

एक बीटा एक बेटी

बीटा: सुरेंदर

बेटी : बबिता

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2)लेट सहदेव सिंह निर्वाण Hero's फादर

विद्या सिंह निर्वाण हीरो मदर


फादर मदर की डेथ कैसे हुवी क्लियर नहीं ह

सहदेव और विद्या का बीटा

राज ( सेकंड पर्सनालिटी निर्वाण)

______________________

3)लेट पर्वत सिंह निर्वाण (छोटे चाचा)

सुप्रिया (छोटी चची) केयरिंग नेचर...

3 बीटा बेतिया

बड़ी बेटी : ममता सिंह

छोटी बेटी: कविता सिंह

बीटा: अजय सिंह

ठाकुर जगमाल सिंह की बड़ी बेटी अंजू निर्वाण मिसिंग है लास्ट टाइम देहरादून विद्या के साथ थी

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छोटी बेटी : दिव्या सिंह निर्वाण

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भीमा चाचा ( ये एक अनाथ थे बूत ठाकुर साब इनको अपना बीटा मानते है जब ये छोटे थे तब hi उनको जगमाल सिंह अपने साथ हवेली ले केर आये थे )

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सुनील सिंघानिया: राज का दोस्त / भाई सेकंड पर्सनालिटी वैलेंटाइन राइडर बचपन से हे राज के साथ ह स्कूलिंग एक जगह से हुवी ह

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श्वेता सिंह : राज और सुनील की मुँह बोली बहन दोनों के सबसे जायदा क्लोज ह स्कूल से हे अटैचमेंट ह नौगहत्य नेचर ह दोनों भाईयो को सेज भाइयो से जायदा प्यार करती ह

जोगिन्दर सिंह: श्वेता फादर ( दिल्ली कमिश्नर)

Chief:Delhi चीफ ह सीक्रेट इनफार्मेशन और सपोर्ट करते ह निर्वाण और वैलेंटाइन राइडर को

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दीपिका सिंघणीअ: राज और सुनील की दूसरी मुँह बोली बहन सिंघानिया ग्रुप की वरिष्ठ...

कप्तान सिंघणीअ: ( सिंघणीअ ग्रुप्स ऑफ़

कंपनी के malik)Depika के पापा और सुनील के मुँह बोले पापा इन्होने सुनील को गॉड लिया हुआ है और सहदेव सिंह के पुराने परिचित ह

दीप्ति सिंघणीअ: दीपिका मदर (हाउस वाइफ सिंपल नेचर)

अंजना...-- दीपिका फ्रेंड एंड राज फर्स्ट सेक्स पार्टनर

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अनिरुद्ध गोश्वामी

बेटी: ऋचा गोस्वामी हीरो का फर्स्ट क्रश विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की ओनर

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मनीषा: राज के स्कूल की दोस्त ..राज की स्टूडेंट भी ह मोस्ट इम्पैक्टफुल करैक्टर इन स्टोरी

मनीषा माँ: कलेक्टर इन मुंबई

मनीषा फादर: रंजन शर्मा

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पूनम( हीरोइन) : मनीषा की सोल्लगे दोस्त और राज को अपना पति मान चुकी ह केयरिंग nature...simple पर्सनालिटी ह...

(ये अपने चाचा चची के साथ रहती है इसके माँ बाप रविंदर सिंह और ऋतू बचपन में hi मर गए)

पूनम चाचा: रणवीर सिंह (गाँव के सरपंच)

पूनम Chachi:house वाइफ

कृति: राज की स्कूल क्लास मात वो राज को लव करती ह बूत खुदको उसके लायक नहीं समझती ह

ननिहाल. : ठाकुर उमेद सिंह इनके 2 बेटे और 3बेतिया ह जिसमे विद्या सबसे छोटी ह

बता: मनोहर सिंह स्टेट का बिज़नेस ह

वाइफ - हाउस वाइफ ह

बेटी: अनु सिंह मुंबई मई पढ़ती ह

बेटी -: सीमा सिंह ये अन्सिएंट ान्तिक की नॉलेज रखती ह और सहदेव सिंह के साथ काम करती थी जो एक्सीडेंट मई मर गयी

परिवार मई तीन बेतिया ह सिम्मी डिम्पी और नित्ती

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अज्जू और श्रुति ( कंप्यूटर एक्सपर्ट, हैकर)

अब्बे: अज्जू और श्रुति का दोस्त इसे सब हल्क कहते ह

ये तीनो फॅमिली की तरह रहते ह और सेक्रेटली पुलिस मैं अंडर कवर अफसर की तरह वर्क करते ह

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सोनाली: सुपरिन्टेन्डेन्ट ऑफ़ पुलिस. ( राज को प्यार करती है और राज भी बहुत मंटा ह इन्हे मोस्ट डेंजरस एंड डेडली लेडी पुलिस अफसर ह जिस साई बड़े बड़े क्रिमिनल कांपते है और राज के आगे नयी दुल्हन की तरह बेहवे करती ह🤪😀)

शिवानी: ैप सोनाली की मू बोली छोटी बहन ह

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राजीव सिंह: इंस्पेक्टर ह मोस्ट ट्रस्टबल पर्सन

बेटी: रिंकी सिंह( राज की कॉलेज दोस्त

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मधु : राज के पड़ोस की भाभी (देहरादून नर्सरी स्कूल की टीचर ह राज पर क्रश ह इन्हे )

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आग और सभी: राज और सुनील के गुरु साथ हे सहदेव सिंह के पुराने दोस्त , स्पेशलिटी एक क्लोज कॉम्बैट मई एक्सपर्ट ह तोह दूसरा वेपन एक्सपर्ट ह

सहदेव सिंह फ्रेंड्स...

रविंदर सिंह : कॉलेज फ्रेंड विद्या का लाडला देवर जिसके लिए विद्या उसकी भाभी माँ सामान h...aur एक इशारे पर कुछ भी कर सकता ह अभी स्टेटस अननोन ह

नरपत सिंह : फ्रेंड ..स्टेटस अननोन ...

एनिमी

डेथ हेलो : मार्टिकल आर्ट एक्सपर्ट फाइटर

मां : आइडेंटिटी सीक्रेट लिव्स इन मुंबई


स्कोर्पियन ट्राइब: ये कान्हा से किसी को नहीं पता ह पर पास्ट से

इनका रिलेशन ह इनका फाइटिंग लेवल क्या ह अभी क्लियर नहीं

प्रेपरेड़ बी ेलिपेररय बीआरओ...

फॅमिली ऑफ़ राज (हीरो)

राज सिंह निर्वाण /


निर्वाण - मैं प्रोटागोनिस्ट ऑफ़ स्टोरी.

जगमाल सिंह निर्वाण - राज के दादाजी, मांडवा मई रहते ह और 56 गाओं के जमींदार ठाकुर.

सुमित्रा देवी - राज की दादी.

सहदेव सिंह (डेड) - राज के फादर, इनकी मौत अभी तक एक मिस्ट्री है.

विद्या सिंह - राज की माँ, अभी ज़िंदा है या मृत्यु हो गयी कह नहीं सकते...

शैतान सिंह - जगमाल सिंह का बड़ा बीटा और राज का ताऊ.

इंद्रा सिंह - शैतान की पत्नी, राज की तै.

परबत सिंह (डेड) - राज के चाचा

सुप्रिया - परबत की पत्नी राज की चची.

ममता और कविता - परबत सिंह की बेतिया, राज की बहिन और उसकी जान.

अजय - परबत सिंह का बीटा, राज का छोटा भाई.

भीमा - जगमाल सिंह का गौड़ लिया बीटा, राज के लिए चाचा सामान.

दिव्या - राज की छोटी बुआ

जहान्वी - दिव्या की बेटी, राज की छोटी बेहेन

इतर इम्पोर्टेन्ट करैक्टर

सुनील सिंघणीअ - राज का दोस्त और उसकी जान. साथ में स्कूल में और आश्रम में शिक्षा ली

दीपिका - राज की मुँहबोली बहिन, कप्तान सिंघणीअ की बेटी.

कप्तान सिंघणीअ - हिमाचल के बड़े बिजनेसमैन, दीपिका के पिता और सुनील को लीगली अपना बीटा बनाया है.

गुरूजी - राज के आश्रम के गुरूजी ह

ऋचा गोस्वामी - राज का पहला प्यार, अनिरुद्ध गोस्वामी की बेटी.

श्वेता - राज इसे अपनी सगी बहिन मंटा है, राज की जान है. स्कूल में राज के साथ पढ़ी है नॉटी नेचर ह

स्कूल के बाकि दोस्त...

सुचित्रा - स्कूल ग्रुप की एक लड़की

कृति - राज की दोस्त उसके साथ पढ़ती थी, उसकी पहली सेक्स पार्टनर

कोमल - स्कूल ग्रुप की एक लड़की

सुनीता - स्कूल ग्रुप की एक लड़की

रवि- स्कूल में पढ़ने वाले राज के दुश्मन

जावेद - शामे स्कूल का दुश्मन

सोनाली वर्मा - पुलिस सप, राज से बेइंतेहा प्यार करती है क्रिमिनल नाम से थार थार कांपते ह

सभी - राज के फाइटिंग ट्रेनर

आग - राज के फाइटिंग ट्रेनर

जग्गू भाई (डेड) - मनाली का लोकल गुंडा, फर्स्ट मैं विलन

विथल - दिल्ली का गुंडा और आर्म्स डीलर, जर. विक्टर के लिए काम करता था.

राजीव - पुलिस इंस्पेक्टर इन उत्तराखंड, फादर ऑफ़ रिंकी

रिंकी - राज की दोस्त इन दूँ स्कूल

मधु - टीचर इन दूँ स्कूल Dehradhun...raj की निगहबॉर

चीफ - दिल्ली स्पेशल ब्रांच इंचार्ज, Sonali's बॉस

अंजना - दीपिका की बेस्टफ्रेंड, राज की दोस्त और सेक्स पार्टनर

रखा - देहरादून का गुंडा, विथल का सबोर्डिनेट

सुल्तान (गुंडा)- रखा का राइट हैंड

अन्थोनी - देहरादून का गुंडा, रखा के राइवल गैंग का लीडर

जॉन - अन्थोनी का आदमी, दूँ स्कूल में अटैक में शामिल था.

आदित्य - अन्थोनी का भाई, दूँ स्कूल में उसका जासूस था ड्रग्स सप्लाई मई इन्वॉल्व

पशुपति - मला, सेकंड मैं विलन दिव्या पर अटैक मई शामिल था

अंजलि - पशुपति की बेटी

जीशान - पशुपति का वफादार

मनीषा - राज की दोस्त इन दूँ स्कूल और सुनील की होने वाली वाइफ राज इन्हे बहुत मंटा ह

रजनी : राज की स्कूल टीचर

सुमन - मधु मम की बहिन, राज ने सुल्तान से बचाया था इसे

शिवानी - सप इन पुलिस, सोनाली की बहिन जैसी, राज की अछि दोस्त जो हर वक़्त उस साई मज़ाक करती रहती ह

अज्जू, अभय, श्रुति - एजेंट्स इन स्पेशल पुलिस फाॅर्स, राज के दोस्त और उसकी अटैक टीम के साथी.

चंदेरी - डेथ halo's बरोथेर, सुनील एंड टीम ने मार दिया था मिलके.

मंत्री शिवम् शिंदे - कैबिनेट मिनिस्टर, इसने चंदेरी को भेजा था कप्तान सिंघणीअ को धमकी देने के लिए.

जैसें -(डेड) डेथ हेलो का राइट हैंड.

मनोहर सिंह अक सर. विक्टर - राज का मां और मुम्बई अंडरवर्ल्ड डॉन

शक्ति सिंह अक जर. विक्टर - मनोहर का बीटा

अनु सिंह - मनोहर की बेटी, राज की बेहेन

राहुल - दीपिका का बॉयफ्रेंड

रजनी - राज की मुंबई कॉलेज की टीचर, इसे राज ने बचाया था और राज से प्यार करती ह

सिमरन - मॉडल, राज की स्पाई इन अंडरवर्ल्ड

रविंदर सिंह - सहदेव सिंह के छोटे भाई जैसा

पूनम - रविंदर की बेटी

, राज से सच्चा प्यार करती है.

रणवीर सिंह - पूनम के चाचा


मैच और माइक फ़िनलैंड के त्रिनेड फिघ्टर्स राज के साथ काम करते ह ..इनकी एक सिस्टर ह ालिता उर्फ़ जेनिफर

हरिया चौधरी - जगमाल सिंह का दुश्मन, इसके हाथ पेअर काट दिए थे. (अपडेट 6)

सुनील सेठी - (डेड) राज का टीचर इन 7तह क्लास, दुश्मनो का जासूस (अपडेट 7, 8)

उम्मीद (कुलगुरु) - जगमाल सिंह के परिवार के गुरु

हरी सिंह - दुर्गापुर का ठाकुर, जैन सुनील सेठी को राज के बारे में पता करने स्कूल भेजा था.

हरेंद्र - हरी सिंह का बीटा.

कल्लू - राज से स्कूल कम्पटीशन हिमाचल रेसलिंग में हरने वाला (अपडेट 24)

रघु - जावेद ने पैसे दिए थे इसे, कल्लू से राज को पिटवाने के. (अपडेट 24)

विक्की (डेड) - मनाली ट्रिप पर राज के हाथो मारा गया अपडेट 51-52

पठान - हरिद्वार अटैक में अफ़ग़ान की पार्टी

डेंजर - जयपुर में रड़क्स का सप्लायर

सप्पू - बीकानेर में रड़क्स सप्लायर

मध्यप्रदेश (जूनागढ़ चरक्टेर्स)

प्रीती -प्रिंसिपल

Nisha-English एंड डांस टीचर... नारकोटिक्स ैप

Jasmin-martial आर्ट स्टूडेंट और असलम खान की बेटी....

नेहा -स्टूडेंट और ैप की बेटी ह..

शालिनी - बॉक्सर

जब्र- लोकल गुंडा...


फुस्पेंद्र- मार्टिकल स्टूडेंट कॉलेज मई

असलम खान- पुलिस इंस्पेक्टर और जैस्मिन के पापा

ैप भार्गव -नेहा के फादर और क्रिमिनल

रॉय इंडस्ट्रीज..

कमल रॉय -- रॉय इंडस्ट्रीज के चेयर पर्सन का बीटा और युवराज

नैना रॉय - छोटी मेमसाब


प्रेपरेड़ बी समर सिंह

थैंक यू

एटर्निटी -- राज का कंप्यूटर एक्सपर्ट फ्रेंड ह जो उसे फ्रांस के मिशन पर मिला था ...फ्रांस वाले मिशन का जिक्र नहीं हुवा ह.. और एटर्निटी रूस मई रहता ह अपडेट 257 मई जिक्र हुवा ह

ट्रिनिटी- एटर्निटी की छोटी बहन श्वेता को जानती h...aur कविता ममता की लन्दन स्कूल मई जूनियर रही ह

रसोलावा -- ट्रिनिटी का कंप्यूटर एक्सपर्ट फ्रेंड जिसकी फ्रांस मिशन मई डेथ हो गयी ह

जिनशि - क्वीन ग्रुप्स मई सर मैनेजर ह दिमाग से तेज़ सुनील को डीपली लिखे करती ह और उसकी हर तरह से फ़िनलैंड मई हेल्प कर रही ह
 
इस स्टोरी का एक लुक पहले तित्तल नाम से अपडेट दिया ह मेरे थ्रेड्स मई जेक पढ़ सकते ह
 
अपडेट 2

रिकैप---

पिछले अपडेट मई अपने पढ़ा राज की फॅमिली का इंट्रो और कुछ पल राज के की उसका पूरा दिन किस प्रकार काट ता ह

अब आगे.....

खाने की टेबल पे

दादा जगमाल सिंह-- नास्ता करते वक़्त सबको धयान से ढकते हुवे

नोट--

नास्ते के वक़्त परिवार का हर शख्स मौजूद होता ह जो उस वक़्त हवेली मई मौजूद हो सिर्फ घर की बहु हे नई बैठ सकती ह

दादा जी---- सुमित्रा सब मौजूद ह मेरा पोता निर्वाण कान्हा ह

दादा जी के मु से ये सब्द सुनते हे दादी की हालत ख़राब हो गयी और वो तिरछी निगो से सुप्रिया और इंद्रा को ढकने लगी

दादा ji---maine कुछ पूछा ह

दादी--- वो यही ह वो यही ह बुलवाती हु मई... इंद्रा जेक बुलाओ राज को अभी के अभी और अपनी आँख दिखती ह इंद्रा और सुप्रिया को... जिसे ढक के दोनों की हालत पतली हो गयी और वो फ़ौरन राज को ढूंढ़ने जाती ह

बड़ी c—pata नई कान्हा मर जाता ह मनहूस और ये बूढ़ा और बुढ़िया खा जाते ह मुझे और बड़बड़ाती हुवी छतपर पहुंच जाती ह और राज को कोने मई बैठा ढकती ह तोह कहती ह देखो तोह महाराज को सबका जीना हराम कर रखा ह और खुद यंहा बैठा आराम फार्मा रहा ह और छीकते हुवे कहती चल निचे

Raj—muje पता था की मुझे नीचे क्या कहना ह क्योकि ये मेरा रोज का था अगर मैंने गलत कह दिया तोह मुझे और तौरतूरे सहना पड़ेगा इसलिए मैं चुप चाप अपना हुलिया तीख करके दादा जी के पास बैठ जाता हु नास्ते के लिए

दादा जी ------ बीटा कान्हा थे आपको पता ह न हम आपके साथ हे नस्ट करते ह

Raj—maafi दादा जी मैं ऊपर छठ पे था और समय का पता हे नई लगा

अब ये बता दू की राज इंटेलीजेंट ह और अकेले सब सहने से और इस माहौल मई तौरतूरे सहन करके समझदार हो गया ह इस उम्र मई क्योकि उसकी एक गलती बहुत भरी पड़ती ह... उसे खुद पे.....

अब आगे

Dadi---beta राज नास्ता करो

राज – जी दादी और नास्ता करने लग जाता ह और मन मई सोचता बस पुरे दिन का यही एक पल शांति से गुजरता ह या कविता के साथ खेलते हुवे क्योकि दादा जी घर होते ह तभी मैं कविता के साथ खेल पता हु पर ये बात छोटी चची को पसंद नई ह पर वो दादा जी के कारन मुझे कुछ कह नई पति ह

दादा जी ---- बीटा राज आज हम आपको आज चेतक पे गाँव की सैर करेएंगे आप चलोगे न हमारे साथ

राज---- जी दादा जी जरूर चलूँगा आपके साथ हमें बी गाँव ढकना ह और नास्ता ख़त्म करके मैं तैयार होने चला जाता हु मैं नाहा धोके तैयार होक मैं कविता के पास जाता हु .वो अभी 4 साल की ह उसको खिलता हु लाड करता और उसके गाल पे किश करता हु और वो बी मेरी देखा ढक एक किश गाल पे करती ह बहुत प्यारी ह और स्वीट ह उसे प्यार से मैं काबू बुलाता हु

ये सब 2 आंखे ढक रही थी जी है ये छोटी चची हे थी जो गुसाई से ढक रही थी मुझे नफरत तोह नई थी पर मुझसे प्यार बी नई ह उन्हें लगता ह मेरी मानसियत उनकी बीटा बिटिया को बी लग जाएगी

अब क्यों उन्हें ऐसा लगता ह ये तोह मुझे बी नई पता ह पर आगे पता लग जायेगा पर इसमे बी बड़ी चची का हाथ ह इतना मुझे फील होता था क्योकि छोटी चची बड़ी चची की बहन जो ह

मैं नीचे एके चले दादाजी

दादाजी---- है निर्वाण चलो और हम उनकी घोड़ी चेतक पे स्वर हो जाते ह और निकल जाते ह सैर पर मैं पहली बार दादाजी के साथ जा रहा था उनके सर पर केसरिया रंग की पगड़ी थी और पीठ पे 2नाली तंगी थी जो उनके लुक को हे अलग बना रही थी...

ऐसा नई ह की कार नई ह 3कार और बाइक सब ह पर दादा जी तोह ठहरे राजपूत जिनका मन्ना था की भाई ये सब बचो की सवारी ह राजपूत या तोह गोदी पे या शेर पे सवारी करते ह. शेर तो मुझे बैठने से रहा तोह घोड़ी हे तीख ह... 😄😄😄

राज- दादाजी हम कान्हा जा रहे ह

दादा जी ---बीटा पंचायत ह हम वंहा जा रहे ह. हम आपको इसलिए साथ लाये ह ताकि आप बी सीखे की असली क्षत्रिय का धरम क्या होता ह और वो अन्याय के विरुद्ध कैसे खड़ा होता ह.. राज बीटा हमेसा एक बात धयान रखना अन्याय होते मत ढकना... बड़ो को सम्मान देना और नारी जाती की सदैव रक्षा करना.... कबि किसी बेकसूर पर जुल्म मत करना.. ऐसे हे कई बाटे राज को बताते ह ..

राज –दादाजी अन्याय क्या होता ह और उसे क्यों क्रोना चाहिए. और ये क्षत्रिय क्या होते ह...

दादा जी --- बीटा निर्वाण क्षत्रिय वो होते ह जो किसी का बुरा न होने दे अपनी आँखों के सामने.. किसी भूखे को भूखा न रहने दे हमेसा धरम की रक्षा करे.. बुरे कर्मो का नाश करे... आपको अभी बहुत सीखना ह आप हे तोह इस वंश के पुरखो की इज़्ज़त भड़ोगे उनका मान भड़ोगे... ये कह कर दादा जी सोच मई पढ़ जाते ह

नोट राज हमेसा हवेली मई जो बैठक होती ह वंहा मौजूद रहता ह तोह उसे कुछ कुछ पता ह बैठक के बारे मई..

मैं – मन मई बोलता जा रहा था अन्याय का विरोध करना और नारी का सामान... धरम की रक्षा करना ये बाते मेरे दिमाग मई भूचाल ला रही थी मेरी चमक रही थी जैसे जैसे मई सोच रहा था..

राज पर उसके दादा जी की बातो का बहुत गहरा असर हो रहा था

ऐसे हे दोनों बाटे करते करते पहुंच गए वाहिदपुरा की पंचायत मई जो उनकी सिटी से 10 कम की दुरी पर थी घोड़ी की आवाज एते हे सबके सब खड़े हो गए सरपंच बी क्यों की सबको पता था की कौन आया ह खोफ्फ़ जो ठठाकर जगमाल सिंह निर्वाण का

राज----- तभी मैंने देखा एक औरत भगति हुवी आयी और दादा जी के पेअर मई घिर गयी और दादाजी ने पेअर पीछे किये और कहा utho....stri जाती पैरो मई गिरने के लिए नई होती ह त्रि जाती माँ शेरावाली और माँ भवानी का रूप होती ह ....

औरत रोटी हुवी बोलती ह ठाकुर साब मेरी बेटी लूट गयी ये ठाकुर दुर्जन सिंह के यंहा मेरे बीमार होने की वजह से आम करने गयी थी और इसकी इज़त इसके बेटे दुर्ग सिंह ने लूट ली अब मैं क्या karuu..garib के पास इज़्ज़त हे होती ह वो बी अब न रही ह.

राज--- मैंने देखा दादाजी की आंखे गुसाई से लाल हो रही थी और उनके हाथ की मुठिया कास रही थी तभी दादाजी गरजे दुर्जन singh........unki गर्जन शेर जैसी थी मैंने देखा सरपंच और सब कमंप रहे थे उन्हें पता था की ठाकुर साब नारी जाती पे अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकते ह.

दादाजी- दुर्जन सिंह और दुर्ग सिंह तुमने घोर पाप किया ह तुम दोनों को दंड मिलेगा तुम इस पंचायत के 56 गाँव से बहार निकला जाता ह और दुर्ग सिंह तुम इनकी पुत्री से विवाह करोगे और अगर मुझे पता लगा की इसे कुछ बी हुवा या धोखा या ढक दिया तोह दुर्जन सिंह तुम्हारे खंडन का नाम मिट जायेगा धरती से ये मेरा वचन ह माँ भवानी की सौगंध ह मुझे.... ....

दादा जी के सब्द और इन सब्दो का अर्थ सब जानते थे क्योकि उनकी कथनी और करनी मई कोई फर्क नई था उन्होंने पहले माँ भवानी की सौगंध खाके इन 56 गाँव के डाकुओ को गाजर मूली की तरह काट दिया उस समय खून की नदिया बाह गयी थी पुलिस 👮 बी उनके गाँवों मई डर्टी ह कुछ गलत होने से क्यों की अगर वो निकले तोह खून की नदिया बहनी ह

मैं ----दादा जी बहुत गुसा

हो रहे ह .क्या ऐसे हे धरम की रक्षा होती.. मैं मन मई यही सब सोचता हुवा वापस दादाजी के साथ हवेली निकल गया था क्योकि आज पहली बार दादा जी को मैंने ऐसा देखा था समय बिट गया और हम घर पहुंच गए . आज के दिन ने मेरे दिल मई एक जगह एक लावा दफ़न कर दिया था अब कब बहार निकलेगा पता नई पर मेरी शुरुवात विचारो की हो गयी थी........ शाम के 5 बज गए थे जब घर पहुंचे

दादा जी – सभी को हॉल मई बुलाते और कहते ह जल्द हे राज का एडमिशन बी सकस स्कूल मई करा दिया जायेगा वो बी अब सुरेंद्र और बबिता के संग जायेगा स्कूल ..पहली क्लास गांव से पास की अब आगे सकस मई पढ़ेगा . ..

सुरेंद्र और बबिता ---मन मई बस यही कसार रह गयी थी गाँव मई पढ़ लेता हरामी कभी का

इंद्रा और शैतान singh—bus यही देखना रह गया था हरमखोर हमारे पैसो पे फाड़ेगा दादाजी इसे अनाथालय फेंक क्यों नई देते.... या मर क्यों नई जाता गिर के

Supriya---chalo ाचा ह मेरी बेटियों से दूर रहेगा वर्ण इसकी मानूसियत न लग जाती मेरी बेटियों को

दादी –अब तीख ह रोज की खींच खींच कुछ तोह मिटिगी दोपहर तक तोह घर से दूर रहेगा . ..

Raj—muje पता ह दादा जी को छोड़ के सब खुस ह की उनसे आधा दिन तोह दूर रहूँगा मैं ताकि उन्हें सकल न ढिकने को मेरी... और मैं रात का खाना खाके सोने चला गया अपने रूम मई मेरा रूम खूब बड़ा ह डुब्बले बीएड साडी फैसिलिटी मौजूद ह और मैं सो गया.. मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स हर अपडेट पर जरूर ठोकना का इतना तोह बनता ह ....

तोह मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का


अब देखते ह अगला दिन क्या लता राज की जिंदगी मई......
 




राज जो खुसी की तलाश कर रहा लालटेन लेके अँधेरी रात मई
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आएगा
 
रिकैप...

पिछले अपडेट मई अपने देखा की राज के मन पर दादाजी की बातो का गहरा असर हुवा ह और जल्द हे वो पास की सिटी के बड़े स्कूल सकस एडमिशन करने जायेगा..

अब आगे...

राज – मैं सो रहा था और अलार्म बज गया मुझे रोज 5.30 बजे उठना होता ह और भाई और दीदी को उठाना होता ह जो मुझे अपना मानते हे नई ह मैं चला गया दोनों को उठाने और मेरी शुरवात तोह वही पहले लात खाने से और फिर थपड खाने से हे होती ह आज बी वही हुवा और मुझे मिले दर्द , नफरत और आंसू जो मेरी तकदीर बन गए ह पिछले एक साल से. सिर्फ संडे छोड़ के रोज यही होता ह मेरे साथ. मेरे पास सिवाए आंसू के और कुछ नई ह बहार निकलने के लिए. यही ढक ह एक 8 साल के बचे का जो किसी को वो न दिखा सकता ह और न जाता सकता ह.


ये सब कुछ दादा जी को नई पता ह क्योकि वो सुभे 5 बजे हे घर से चले जाते ह सैर पर और मैंने उन्हें कबि बताया नई डरके की कभी और बुरा न हो मेरे साथ.

सुरेंद्र और बबिता निचे आरहे थे

बड़ी चची--- आगया मेरे लाल आओ बैठो आज तुम दोनों के पसंद के आलू के पराठे बने ह बस बाबू जी अजय

Surendra—maa इस मनहूस को क्यों भेजती हो उठाने को पूरा दिन बेकार चला जाता ह इसे ाचा तोह नौकर रखलो और इसे घर से भर निकालो पता नई इसे क्यों रख रखा ह न बाप का पता ह न माँ का न इसके माबाप की कोई फोटो ह घर मई ..

बड़ी chachi—pata नई बीटा तेरे दादा और दादी जाने. कहते ह एक दिन हमरा वंश की नीव बनेगा.. ma'am रोशन करेगा

बड़े चचा ---- बड़े चाचा सुरेंद्र से दादा जी कहते ह मेरे छोटे भाई सहदेव और विद्या का बीटा ह पर मैंने तोह भाई के अलावा किसी को देखा बी नई ह कब उसने शादी की और कौन लड़की थी पता नई ह वो तोह घर से 18 साल की उम्र मई चला गया था तब तोह कुंवारा था..

राज -मन मई ये चाचा क्या कह रहे दादा जी तोह कहते ह की तेरे पापा मम्मी तुजे हॉस्पिटल लेके गए थे तब एक्सीडेंट हुवा था... पर ये चाचा और चची क्या बोल रहे ह..

क्योकि ये सब राज ने दादाजी के माय से अपने दोस्त से बात करते वक़्त थोड़ा सुना था अपने मुंय पापा के बारे मई..

छोटी चची – कान्हा घूम हो गया ह रे तू जा बैठ जा चेयर पे नास्ते के लिए नई तोह पिताजी हमें सुनाएंगे .

बस ऐसे हे तने एते रहे कोई हरामी कहता तोह कोई हरामखोर तोह कोई मनहूस तोह कोई कलंक का टिक्का ेट्स etc.main बस सुनता रहता था और ऊपर वाले से नाराजगी दिखता था पर ऊपर वाले ने बी आँख बंद राखी थी मेरी किस्मत पे

दादी ji—bahar से अरे हूजे गुड मॉर्निंग निर्वाण बीटा

मैं – गुड मॉर्निंग दादाजी और अपनी सोच से बहार आया थोड़ा सुकून मिलता ह जब दादा जी को ढकता हु वो पास होते ह मेरे यू सं टेंशन भूल हैट्स hi. एक बचे का सहरा माँ और बाप होते ह तोह वो तोह ह नई इसीलिए दादाजी ह मेरे सब कुछ ह मेरी माँ बी और बाप बी .

दादाजी – बीटा आज आपका एडमिशन होगा स्कूल मई आप सुरेंद्र और बबिता के साथ अबसे कार मई जायेंगे और शैतान भीमा को बोल्दो एक गाड़ी हमेसा इनकी कार के साथ रहेगी स्कूल से वापस आने तक

बड़े चाचा, छोटी चची, और बड़ी चची और मुनीमजी जो मौजूद थे आज सबकी आंखे बड़ी होगयी थी भीमा के नाम से

भीमा

Intro-Bheem सिंह एक अनाथ ह जिसे दादा जी 15 साल की उम्र से अपने साथ मई लाये थे दादा जी का खास ह वफादारी की मिसाल ह दादा जी की तरफ उठने वाली उंगुली या गोली पहले इसे होक जाती ह ये बोलता नई ह सिर्फ खोलता ह और जिसको खोलता ह वो दुबारा नई बोलता ह

सब हैरानी से दादा जी को ढक रहे थे क्योकि आज तक सुरेंद्र और बबिता के साथ सिक्योरिटी के हिसाब से कोई नई गया था तोह इस मनहूस निकम्मी अनाथ के साथ क्यों क्यों क्यों......

मैं – मेरे बोलने से सब सोच से बहार ए मैंने कहा दादा जी मैं कुछ मांग सकता हु आपसे

दादा जी – बीटा आपको कबसे मांगने की जरुरत पढ़ गयी सब आपका हे तोह ह और ध्यान से राज को ढकने लगे.... और सीरियस होक कहा मानगो..

मैं – दादाजी मैं नार्मल स्टूडेंट बांके जाऊंगा जैसे एक आम स्टूडेंट स्कूल जाता ह कोई खास सहूलियत नहीं चाहिए न गाडी न कुछ बस एक स्कूल बस मई... एक साधारण स्टूडेंट बांके.

दादी sumitra—ye कैसी बात कर रहे हो राज आपको पता ह आप ठाकुर जगमाल सिंह के पोते ह लोग क्या कहेंगे की 56 गाँव पे राज करने वाले इंसान का पोता ऐसे ारः ह स्कूल. इज़्ज़त गिर जाएगी हमारी..

बड़े चाचा और बड़ी चची . छोटी चची सभी ने सुनाया मतलब गायन दिया इज़्ज़त स्टेटस बला बला बला

दादा जी – दादा जी कबसे सबकी सुन रहे थर वो बोलो खामोश....😡.... हो जाओ सभी . कुंवर राज सिंह निर्वाण सिर्फ राज बांके क्यों जाना चाहते ह आप बताएँगे मुझे... अगर आपका जवाब सही दिया हुवा तोह जरूर जैसा आप कहेंगे वैसा होगा वर्ण नई.. और गौर से निर्वाण को ढकने लगे

मैं – कुछ सोच रहा था और दादा जी के पूछने पे मैंने इतना हे कहा


"रेस्पेक्ट"

दादा जी--- मुस्कराये और उन्होंने है कह दिया

किसी को बी ये बात समाज न आयी पर दादा जी समाज गए थे की रेस्पेक्ट

खंडन से मिले वो आपकी नई ह. “रेस्पेक्ट” वो ह जो अपने कमाई उसी से आपकी पहचान बनती ह वही आपको सम्मान दिलाती ह दुनिया के बिच आपका नाम बनती ह और वो बनती ह या मिलती ह आपके कर्मो से...

और यही से सुरवात हुवी

"RAJ—HERO ऑफ़ थे फॅमिली"


आज के लिए इतना हे
 
10.00 तो 10.30 पं

आजायेगा
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आएगा

साथ बने रहिये

आज का अपडेट बड़ा दे रहा हु हो सकता ह कल बहार जाने की वजह से अपडेट न दे पाव...
 
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