Adultery Raj-- hero of the family - Page 2 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

कल अपडेट नई दे पाउँगा इसलिए आज बड़ा अपडेट दिया ह एन्जॉय

रिकैप ....

पिछले अपडेट मई अपने देखा की कैसे राज ने अपने विचारो की नीव की पहल कर्ली ह

अब आगे....

दूर कंही भारत के एक स्टेट मई एक खूबसूरत जगह ह जनगढ़ जो पहाड़ो और नदी से गिरी हुवी ह धरती का स्वर्ग ह वंहा मौसम हर 12 महीने सुहाना रहता ह वंहा....

एक बहुत बड़ी हवेली ह जिसकी सुंदरता बहुत हे भावय हुवा करती थी जिसे पुरे स्टेट मई जाना जाता ह. अब वो स्त्री की सूनी मांग की तरह दिखती ह घर मई काफी लोग ह पर सब डरे हुवे रहते ह बस पल पल अपनी मौत की घडिया गिनते रहते ह... दूसरी तरफ पूरी सिटी और ये स्टेट शांत ह दर के साये मई और वंहा राज करते ह इंसान के रूप मई एक शैतान और उसका परिवार जिन्होंने पुरे स्टेट को गुलाम बना रखा ह और बंद कर रखा ह उस परिवार को घर के अंदर he..jinke मरने के कुछ साल हे बस बाकि ह

कहते ह यंहा 7 साल पहले सब तीख था फिर क्या हुवा पता नई पर आज सब बहुत ढक मई अत्याचार मई जी रहे ह या कहो की पल पल मर रहे ह ये सजा ह उनकी वफादारी की...


अब चलते ह राज की टाफ

सुभे को 5.30 पे उठना जलील होना ये नियम ह मेरा सुभे का वक़्त नास्ता करते वक़्त आराम से निकलना फिर हवेली मई काम करना पानी देना गार्डन मई पानी और साफ़ सफाई करना जो की मेरे लिए बहुत हे दुखदायी था पर हु ...केयर्स....

-ऐसे हे दोपहर हुवी पूरा दिन बड़ी और छोटी चची मुझसे घर की सफाई और घर के काम करवाती रही..

छोटी चची – जा फर्श पर पोछा मर्दे वंहा गन्दा हो गया ह

मैं साफ़ करने गया और निचे बैठ कर साफ़ कर रहा था की पीछे टेबल से पीठ टकरा गयी और वंहा पड़ा पॉट टूट गया और बस फिर क्या .. आप कुढ़ हे ढेकलो क्या होता ह मेरे साथ

छोटी चची – हरामखोर मनहूस कहिके पॉट तोड़ दिया तू खा जा सबको अपने माँ बाप को खा गया यंहा आके मेरे पति को खा गया रूक तुजे मैं बताती हु तड़क तड़क 5 थपड पड़े muje..badi चची और चाचा खुस हो रहे थे दादी ने देखा पर बोली कुछ नई ..

छोटी चची ---आज भूखा रहेगा तोह पता लगेगा और मुझे ग्रसित कर मेरे रूम मई ले गयी और बहार से बंद कर दिया

मैं – अंदर जा के गिरा फर्श पर गिरा और रोने लगा क्योकि मुझे पता ह की एक गलती मुझे मुझपर बहुत भरी पड़ती ह पर हु तोह मैं बी एक इंसान एक बचा हे हु जिस साई गलती हो हे जाती ह.. मैं गले मई पहने लॉकेट को ढक के मेर मु से सब्द आंसुओ के साथ निकले माँ ओह माँ अपने और पापा ने पहनाया था न ये locket..ap मुझे क्यों नई ले गयी साथ मई क्यों छोड़ गयी इस दुनिया मई देखो आपके बेटे के साथ क्या हो रहा ह और इसी तरह मैं लेता हुवा फरसे पर मापापा को याद कर रो रहा था. माँ मैं आपसे कबि बात नई करूँगा आप गन्दी हो अपने मुझे अपने साथ नई लेके गयी क्या आप मुझे प्यार नई करती थी और फिर... मैं लेट गया

थोड़ी ढेर बाद रूम का दरवाजा खुला और ममता आयी

Mamta—bhai.. भैया... जागो न देखो मैं लड्डू लायी हु आपके लिए अपने दोपहर को खाया नई न मैंने मम्मी को उल्लू बना के लायी हु आप खाओ न वो छोटी ह पर उसे बी पता ह लगने पे दर्द होता ह उसके छोटे हाथ जो पीछे छुपे हुवे थे उनमे से लड्डू निकालके मुझे दिए और गले लग गयी मेरे

Main—maine उसकी तरफ प्यार भरी नज़रो से देखा और गाल पे हाथ सहलाया और एक लड्डू लेके खा लिया और कहा किसी को पता लग गया तोह मंटू तुजे मुझसे दूर करेंगे तुजे बी मरेंगे वो जल्दी से अभी चली जाओ वो फिर चुपके से चली गयी.....

शाम को बड़ी चची ने दरवाजा खोला उनके साथ सुरेंद्र और बबिता सभी थे जो हंस रहे थे...

बड़ी चची--- याद रखना अगर मु खोला निचे दादा जी के पास तोह ज़हर देकर मार दूंगी समजा

मैं ---दर गया था क्योकि मुझे जीना ह . जीना ह अपने वजूद के लिए मैं चुप रहा और उनकी है मई है मिलता रहा जो उन्होंने कहा वो मैंने वैसा हे किया

शाम का खाना खाया और सो गया अपने कमरे मई आज मैं किसी के पास नई गया सवाल तोह बहुत ह मेरे पास जिनके जवाब बड़ा होक ढूंढ़ने ह मुझे इसीलिए इन सवालो को दफना के मैं नींद की गहराईयो मई चला गया...

सुभे का वक़्त था 5.30 पे उठाना और एक किक के साथ सुरुवात होनी मेरी वही जलील होने थपड खाना ेट्स..


आज दादा जी जल्दी आगये और रूम मई चले गए मैंने उन्हें देखा और उनके पास चला गया और गोदी मई सर रख कर सो गया

दादा जी ---बीटा निर्वाण क्या हुवा

मैं कुछ नई दादा जी बस आप जल्दी आगये तोह आपकी गोदी मई सोने का मन था तोह आगया

दादा जी –मन मई पुत्र मुझे पता ह की तू क्या सोचता ह और क्या होता ह तेरे साथ बस कुछ टाइम और ह अभी तुजे बहुत हिमतवाला बनना ह..

Dadaji—apka आज एडमिशन करवाना ह न आप तैयार हो जाईये ..

मैं--- जी दादा जी कहके ऊपर रूम मई चला गया और तैयार होने लगा मैंने डिंपल टी शर्ट और पंत पहनी थी और आगया निचे जेक मंदिर मई माँ भवानी का आश्रीवाद लिया और पहुंच गया दादा जी के पास.. ददद जी हम तैयार ह चले

दादा जी – ने ध्यान से मेरी तरफ देखा और मन मई बिलकुल सहदेव पे गया ह और समझदारी मई अपनी माँ पे गया ह खास वो दोनों जिन्दा होते तोह ढक पते की आज उनका बचा राजस्थान के सबसे बड़े स्कूल मई पढ़ने जा रहा ह जो बहु विद्या का सपना था

और बोलते ह बीटा राज आप नास्ता करे फिर हम चलेंगे

बबिता और सुरेंद्र तोह जलभुन गए थे और चाचा चची और छोटी चची बी जाल भून गयी थी मन हे मन सब बदुआए दे रहे थे.

मैं-- मन मई मुझे पता ह ये लोग क्या सोच रहे हमैने नास्ता किया और बहार आगये बहार एक रोल्स रोये टाइप की मॉडिफाइड कार कड़ी थी जिसपे आगे लिखा था चेतक जो दादा जी कबि कबि बड़े फंक्शन्स मई लेके जाते थे और ड्राइविंग सीट पे बैठे थे भीम चाचा.. हम बैठ के निकल गए स्कूल

स्कूल बहुत हे शानदार फ्रंट मई प्लेग्राउंड 2 मंजिला बिल्डिंग गजब का था स्कूल.. मुझे तोह पसंद आगया

इन प्रिंसिपल ऑफिस


प्रिंसिपल-- पसीने से भीगा हुवा था था.. कुर साब अप्प्प

दादा जी –आप आराम से बैठ जाईये इनसे मिले ये ह कुंवर राज सिंह निर्वाण सोन ऑफ़ सहदेव एंड विद्या सिंह निर्वाण

इतना इंट्रो सुनते हे प्रिंसिपल रुमाल निकाल के पसीने पूछने लगा उसको अपनी मौत दिखने लगी वो थार थार काँप रहा था जैसे उसने किसी ऐसे के नाम सुन लिए hi जो उसे नई सुनने थे...

मैं – इन्हे क्या हुवा दादा जी ये कैंप क्यों रहे ह

दादाजी –कुछ नई हुवा इन्हे प्रिंसिपल की डरफ ढक के प्रिंसिपल से कहा ये अब आपकी स्कूल मई पढ़ेंगे

प्रिंसिपल--- हैरानी से जी जी जी

दादा जी – भीमा कुंवर राज को बहार स्कूल दिखाओ

और राज के जाने के बाद

दादा जी – हम आपसे जो कह रहे ह एक बार कहेंगे आप धयान से सुनियेगा हमारे पोते के बारे मई कोई बी जान करि इस स्कूल के बहार गयी तोह तुम्हे पहचानने वाला इस धरती पे नई मिलेगा तुम्हरे सरीर को चील और कुत्तो के लिए छोड़ दूंगा मैं ये बात धयान रखना ये आम बचो की तरह पढ़ेगा कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नई

और है ऑलवेज रेमेम्बेर माय वर्ड्स...... ... ठाकुर जगमाल सिंह वर्ड्स...

प्रिंसिपल जो कैम्प रहा था वो और दर गया और इतना हे बोलै जी जी जी... ठाकुर... साब.. याद राखु.. ंगा.. किसी को नई पता लगेगा

अब दादा जी क्यों नई चाहते की किसी को पता लगे मैं कौन हु मेरे माँ बाप कौन ह ये राज का राज ह

नेक्स्ट मॉर्निंग 🌞🌞

दादा जी...

5.30 ऍम निर्वाण....

मैं – मैं निचे एते हुवे जी जी दादा जी

दादा जी हमरे साथ औ

मैं -जी दादा जी और मैं उनके साथ चल दिया बहार साधु संत भूखे गरीब सब बैठे थे मैं पहली बार हे आया था आज क्यों की दादा जी ने बचो को मन कर रखा था वंहा आने से जब मैं वंहा पंहुचा तोह सा भोजन कर रहे थे सुभे हमारा रोज का था साधु सन्यासी जल्दी भोजन करते ह िडिलये सुभे जल्दी हे भोजन शुरू हो जाता था जो 9 बजे तक चलता था मैं दादा जी के साथ से आगे चला गया मुझे खुद हे कुछ खिंचाव खींचे जा रहा था मैंने फॉलो की छोटी टोकरी उठायी और साधु संतो के पास जेक उनके थैले मई रखने लगा जो सबके लिए ॉश्चारिये की बात थी

एक साधु को ग्रुप धयान से मुझे ढक रहा था उन्होंने मुझे बुलाया और मेरे सीट पर हाथ रख कुछ पल चुप रहा और फिर उसकी आंखे चमकने lagi...wo बड़े ध्यान से मस्तिष्क की रेखा पढ़ने लगे उन्हें जैसे कुछ मिल गया हो और उनके चेहरे पे मुस्कराहट आगयीईइ...

Sadhu—putra क्या नाम ह आपका

मैं – राज नाम ह बाबा

Sadhu—jor...se राज के ह कई Raj.....putra कभी डरना नई ुअरवाला खुद तेरी तक़दीर बदलेगा .......और जब वो बदलेगा ....तब तू बदलेगा... और बदलेगी तेरी किस्मत .. जो तेरे ह वो तरस रहे ह तेरे इंतज़ार मई... उनके दुखो.. तू उनका मुक्तिधरक बनेगा......

और सरे साधु खड़े हो गए और मुझे आश्रीवाद देने लगे

आज के लिए इतना हे


साथ बने रहिये और अपनी प्रतिक्रियाये देते रहिये
 
सभी भाइयो को रेविएवस के लिए तहे दिल से बहुत बहुत दन्यवाद कोसिस ह हर अपडेट ाओको बेहतरीन देने की.....

आप सभी का ......👍👍👍👍👍👍
 
[QUOTE="A.A.G., post: 4583416, member: 97006"

bhai aaj update aanewala hai ya nahi..!!

[/QUOTE]

जी भाई जरूर आएगा अपडेट
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आएगा

साथ बने रहे....
 
अपडेट 5

रिकैप----

पिछले अपडेट मई अपने देखा की भीमा चाचा की कसम और जिमि दरी जो दादा जी ने दी ह

अब आगे.......

मॉर्निंग टाइम....

Main—Aj मेरा अब तक की सबसे अछि सुभे ह मैं 5.30 पे उठा हु और किसी को जगाने नई गया हु बस फ्रेश हुवा और पहुंच गया साधु बाबाओ का फल देने मैं जैसे हे पंहुचा वंहा सभी भोजन कर रहे थे ...

दादा जी – औ निर्वाण..

नोट ---दोस्तों दादा जी निर्वाण नाम हे क्यों लेते ह राज का ये आप एक बार निर्वाण या निर्वाण का मीनिंग गूगल करना समाज आ जायेगा क्योकि ये नाम राज के फ्यूचर डायलाग मई शामिल होगा...

राज --- मैंने जेक दादा जी के पेअर चुवे फिर भीमा चाचा के पेअर चुने लगा तोह उन्होंने सीधे गले लगा लिया और बोले ..

भीमा --आप हमारे मेरे दिल मई हो जैसे हम आपके पापा के दिल मई थे

दादा जी --- भीमा...

भीमा --- समाज गया की गलती कर दी ह तोह वो बोले ाचा राज बीटा तैयार हो जाईये पहले फल बाँट दीजिये और फिर हम स्कूल चलेंगे...

Main—ji भीमा चाचा जी और मैं चला गया मैंने स्कूल ड्रेस पहनी और सांग गाते हुवे निचे आगया मैं

स्कूल चले हम oh..ho...ho

बदल सा गरजे हम बिजली सा चमके हम

स्कूल चले हम ओह हो हो

बड़ी चची---- शैतानचचा से लो चल दिया स्कूल कुछ करना ह या नई या लोढ़ा हिलाते रहना अपना खैर छोड़ो वो बी आपकी तरह हे ह नाकारा....

बी chacha—indra तुम्हारा जायदा हो रहा ह. बस अब करता हु प्लान कुछ देर सोचने लगे और फिर हसने लगे है है है मरेगा अब मरेगा...

बड़ी chachi—muskaan का मतलब जानती थी की सोच लिया ह इस निकम्मी ने कुछ न कुछ...

और छोटी चची वो सिर्फ शतरंज का मोहरा थी इन दोनों का या ये दोनों बी मोहरे थे किसी और की शतरंज के ...????


दादा जी मुझे छोड़ने नई गए क्योकि स्कूल सकस पास की सिटी मई ह जो अप्प्रोक्स 20 कम दूर ह और दादा जी नई ताकि दूसरी सिटी मई राजस्थान के बहार का कोई आदमी मुझे और दादा जी को साथ ढक न ले इसलिए भीमा चाचा गए थे स्कूल बस तक छोड़ने ...

राज – स्कूल की मिनी बस आयी और मैं बैठ गया .स्कूल बस मई . इस बस मई 10 बचे जाते ह स्कूल इस सिटी से.. राजस्थान का टॉप स्कूल ह तोह बचे बी टॉप एते ह पुरे स्टेट से इसलिए मेरी वन मई 10 हे बचे जाते ह ..

राज बहुत खुस था स्कूल जाने से क्योकि उसके ढक कुछ तोह काम हुवे थे और दिल से वो दादा जी को और उपरवाले को थैंक यू थैंक यू बोल रहा था हाफ ऑवर बाद बस स्कूल पहुंच गयी

Raj—main बस से निचे उतरा और धीरे से बोलै वो इतने सरे bache.ye होता ह स्कूल वो राज आज से तू यंहा पढ़ेगा ये तोह सच मई बहुत अछि लग रही ह achool...aur फिर स्कूल इंचार्ज जो छोटे बचो का धयान रखते ह उसने कहा बचे इधर चलना ह और मैं हो लिया उनके पीछे

इन क्लासरूम 50 की स्ट्रेंथ ह क्लास की जो हाउस फुल थी सब आमिर घर के. लग रहे थे कुछ सिफारिश से ए थे और कुछ टेस्ट पास करके ए ह कुछ देर मई क्लास टीचर आयी और वो बोली

टीचर-- मेरा नाम प्रीति शर्मा ह अब आप सब बचे अपना नाम बताये और फिर पापा का.

फिर सबने नाम बताये बला बला bla.....jab मेरी बरी आयी मैं खड़ा हो गया बोलना तोह मतलब मैनर्स बोले तोह सिस्टचार वो तोह कूट कूट के बारे ह दादा जी ने ..मैंने हाथ जोड़ टीचर को नमस्कार किया और कहा गुड मॉर्निंग एवरीवन माय सेल्फ राज सिंह निर्वाण एंड माय फादर्स नाम..

इतने मई टीचर बोली इतस ok इतस ok राज डोंट तेल्ल योर फादर्स नाम ी क्नोव थे नाम ऑफ़ योर फादर प्लीज सीट डाउन..

ाक्टुअलय दादा जी ने मन किया ह किसी को बी कुछ भी बताना नई ह न पापा का नाम और न दादा का नाम कोई कुछ पूछे या दांते जबरदस्ती करे सुन लेना और बाद मई मुझे बताना ok पर अपनी डिटेल मत dena.kyoki प्रिंसिपल को शाक्त इंस्ट्रक्शंस मिले हुवे ह टीचर्स को बता दे की राज से परसनल डिटेल कोई नई लेगा न वो देगा.

तोह आज मैंने खूब पढ़ाई की ह मैं खूब खेला हु नए दोस्त बनाये ये था राज का फर्स्ट डे.

उधर बड़े चाचा छोटी चची बड़ी चची प्लानिंग कर रहे ह मुझसे छुटकारा पाने की

बड़े चाचा – ढक इंद्रा मैंने उप की गैंग से बात करि ह 1कर लेगा एक्सीडेंट दिखा के मार देगा और किसी को शक नई होगा की हमने किया ह पर वो बोल रहा ह अभी उसका बाँदा जो एक्सपर्ट ह वो विदेश ह 2 साल चाहिए

छोटी चची – भाईसाब फंस न जाये कंही

बड़ी चची – कुछ नई होगा आप दोने करो बाकि मैं संभल lungi....aur 2 साल क्यों लेगा वो चलो कोई नई इतना झेला ह तोह 2 साल और सही...

बड़े chacha—man मई तुजे फँसाऊँगा मेरी जान इस एक्सीडेंट मई और फिर इसकी यानि छोटी चची की छूट के मजे मैं लूंगा घर मई इसे अपनी रांड बना के ....

और इनकी प्लानिंग चलती रही...

पर किस्मत मई किसकी क्या लिखा ह किसी पता ह कब कुछ हो जाये..


राज का रूटीन फिक्स हो गया tha..roj उठना तैयार होना और स्कूल जाना ....बुरा दिन बी ह जो आगया ह

डे--- संडे

मैं---- उठा टाइम से और गया दोनों को उठाने और मिली एक किक मुझे और मैं गिरा जोर से बहुत तेज लगी थी मुझे मैं दर्द से कराहता खड़ा हुवा और फिर गया बबिता को उठाने पर वो बी तैयार थी

Sound—ttadak तड़क तड़क तड़क 4 थपड पड़े मुझे

बबिता हरामखोर आज संडे ह तेरी हीमत कैसे हुवी मुझे उठाने की

मैं- वो दीदी आज मंदिर जाना ह न पूजा ह न तोह दादी ने बोलै था...

बबिता--- भाग कुत्ते यंहा से

Main—agaya अपने रूम मई बाथरूम मई गया और मु धोया गाल लाल गए थे और चेस्ट दर्द कर रही थी सुरेंद्र की लात से ये आज इनदोनो ने जायदा हे किया था जान भुज के ....मैं बस गुसाई से अपनी आंख माल्टा रहा आंसू पूछता रहा जो गिरे मेरे आंख से ...और फिर नहाके रेडी होक आगया मंदिर के लिए.

कालू तेरी खबर पाकी ह न की ठाकुर आज मंदिर आएगा अपने परिवार के साथ क्योकि अकेला तोह वो डरने से रहा बस गलत खर हुवी न तोह बस तेरी गान के अंदर बन्दुक का संदूक खोल दूंगा समाज गया न..

कालू है आएगा उस्ताद आएगा आज काम तमाम कर देंगे उसका और दोनों हसने लगे 50 आदमी जो थे साथ मई पर उन्हें क्या पता ह की कल किसने देखा ह और शेर का सीकर ऐसे नई किया जाता जिसमे आज उनके साथ आज चीता बी होगा मतलब भीमा आने वाला ह..

दादा जी --- भीमा तू बी चल मंदिर

भीमा- नई बाबूजी मेरी भगवन से इतनी बी नई जमती ह बस मंटा हु क्योकि उन्होंने अनाथ होना पे आपका साया मुज पर दाल दिया वर्ण तोह सब चीन हे लिया था न उपरवाले ने मुझसे मेरा सब कुछ

दादा जी – बीटा भीमा भूल जा जो गया उसे लाया नई जा सकता ह और वैसे भी राज बी जायेगा मंदिर अब बी नई चलेगा मंदिर

Bheema—chalunga बाबूजी मैं अत हु अभी

और भीमा अंदर गया और गाड़ी निकल के लाया दादा जी की चेतक को......

आज के लिए इतना हे


नेक्स्ट अपडेट मई दादा जी. और भीमा का दबंग एक्शन और गाँव वाला का क्रोध.....
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आएगा

साथ बने रहे
 
अपडेट 6

बंग बंग

रिकैप----

पिछले अपडेट मई अपने देखा राज का स्कूल जाना और बड़े चाचा की प्लानिंग .. और मंदिर के रास्त मई हमले की साजिश....

अब आगे......

हम सभी 2 गाड़ियों मई बैठ गए और चल दिए मंदिर की और जंहा के खतरे से अनजान सब मस्ती मई जा रहे थे ये मंदिर माँ भवानी का ह ये मंदिर दो पहाड़ी के बिच मई ह यंहा कैसा बी अशांत मन हो शांत हो जाता ह....

रस्ते मई.....

दादा जी – बीटा निर्वाण भगवन से आप जो चाहते ह उसका निवेदन करना मतलब जो आप चाहे वो मांगना माँ भवानी आपकी जरूर सुनेगी....

राज--- जी दादा जी मुझे बहुत कुछ मांगना ह भगवन से मैं जरूर मांगूंगा

भीमा ---- बाबूजी आगे पेड़ कटा हुवा ह रस्ते मई कुछ गड़बड़ ह ...

दादा जी ---- कुत्ते आगये लगता ह चलते रहो और राज बीटा कुछ बी हो जाये बिलकुल बी बहार मत निकलना समजे..

राज--- जी दादा जी

कालू---- उस्ताद वो आरहे ह तैयार हो जाईये ..आज काम तमाम करना हे वर्ण हम नई बचेंगे अगर ठाकुर बच गया तोह .ठाकुर के साथ उसका ड्राइवर और उसका परिवार हे होगा

Ustad—Are कालू मैं तोह पिछले 2 साल से मौका दंड रहा हु पर आज मिला ह और जोर से तैयार हो जाओ सब मुझे बर्बाद किया था na.Aj तू नई बचेगा ठाकुर

कालू – उस्ताद 2 गाड़िया आरही ह हर साल तोह एक हे अति ह कुछ गड़बड़ ह रहने देते ह उस्ताद कंही लेने के देने न पद जाये

वो कहते ह न दिन मई एक बार मु से सरवती बोलती ह मतलब सच निकलता हे ह और आज वही हुवा था कालू के साथ

Ustad---nii कालू आज तोह मैं या वो एक हे जिन्दा बचेगा फिर एक साल और इंतज़ार नई होता ह पिछले साल बी कुछ नई किया था .गाड़िया आरही ह तैयार हो जाओ घेर लो सबको.

गाड़िया पेड़ के पास आकर रुकी और गाड़ी से निचे उतरे दादा जी ..

दादा जी – सामने ढक के बोले छुपने से क्या मुझे पता नई ह की लकड़ बग्गी शेर का सीकर करने ए ह ाजाओ बहार और देखो की शेर के पास सिर्फ मौत ह देने को उसकी जान तुम्हारे बस की नई h.....aur अपनी मुचो पे ताव देते हुवे बोले आज पहली बार किसी को जिन्दा छोडूंगा पर उसे ढक के कोई नई कहेगा की वो जिन्दा ह लोग कहेंगे की “जिन्दा मुर्दा पहली बार देखा ह “ जो बोलता नई ह

उसके बाद झाड़ियों से सरे गुंडे बहार आने लगे किसी के हाथ मई तलवार तोह किसी के पास लेथ तोह किसी के पास रोड सरिये थे...

उस्ताद---- ठाकुर आज तक का पता नई पर आज लकड़भागै जरूर करेंगे सीकर “ तेरी मौत होगी और हमारी आज दावत होगी” तेरा कलेजा खाऊंगा मैं आज रात पर अफसोस तू नई होगा ढकने के लिए

दादा ji------Hariya चौधरी तेरा बाप पता ह बहुत नेक इंसान ह उसकी हे वजह से पिछली बार स्त्री के साथ जबरदस्ती करने की कोसिस की वजह से सिर्फ दंड देके छोड़ दिया था पर आज आज आज ..एक सबक होगा सबके लिए शैतान फ़ोन लगा इसके बाब को डॉ लेन को बोल दे...

शैतान सिंह के बहार निकल ने से हरिया बी सोच मई पढ़ गया की ठाकुर अकेला नई ह पर उसे दर न लगा उसने सोचा दोनों को हे मर देंगे आज क्योकि उसके पास इतने आदमी जो थे साथ आज.

दादा ji—phir बोले मेरा खून या मांस पचना तेरे बस की बात नई ह बब्बर शेर का सीकर करने आया ह पहले किसी और से होकर गुजरना होगा

और दादा जी चिल्लाये भीएमअआआअ.....

कार का फाटक खुला और एक नुकीली झुटिया (शूज टाइप) पहने भीमा निकला गाड़ी से जिसे ढक के 20 गुंडों की हालत ख़राब हो गयी थी वो अचे से जानते थे की भीमा जो मौत देता ह वो कैसी होती h.......baki जो गुंडे थे वो नए थे भीमा अभी लड़ाई काम करता था तोह वो उसे सकल से इतना नई जानते थे .....पर भीमा के कारनामे जिसने देखे ह उसे उस रात नींद नई आयी ह ......

हरिया---- ओह तोह ठाकुर का कुत्ता बी ह साथ आज सबको मार दूंगा और छिलके बोलै अगर इनको मार दिया तोह 1 कर नई 5 कर तुम सबके और पीछे जो बैठी ह दोनों वो बी तुम्हारी ...

हरिया की बाते सुन जो गुंडे दर रहे थे पैसो का नाम सुनके खुस हो गए और हमला कर दिया पहले दस गुंडे दादा जी की तरफ ए दादाजी ने एक हाथ कार मई डाला और कार मई से अपनी तलवार निकली जिसका वजन हे 10 से 15 कग के बीच था और उसे दोनों हाथो से बरी बरी घूमने लगे चारो तरफ और बोलो बहुत दिन हो गए कसरत करे भीमा इंतज़ार करियो ढेकु जरा कितना दम ह इनमे..

Bheema—babuji आपको बहाना चाहिए लड़ने का आप आराम करिये मैं और छोटे मालिक निपट लेंगे इनसे ..

दादा जी ---चुप कर लड़ने दे मुझे ाचा तीख ह हरिया और 10मेरे बाकि तुम दोनों के ...

अब आगे स्टोरी

राज के नजरिये से...

और आगये दस गुंडे दादाजी के पास पहले ने लेथ घुमाके सर पर मरना चाहा दादा जी ने झुक कर उसके पेअर हे काट दिए ये देकर पीछे वाले एक बार रुक गए पर हीमत कर फिर आगे भाड़े 2 एक साथ ए दोनों के हाथ मई रोड थी जो सीधी कर मरी सर पर दादा जी ने आगे तलवार करके रोक ली और पीछे ढाका दे कर तलवार घुमाई अब तलवार हे इतनी भरी थी सीधी गले पे लगी और गर्दन धड़ से अलग हो gayi..dono ki...udhar शैतान चाचा ने बी लेथ निकल लेथ से पुरे लठैत बन कर गुंडों पे टूट पड़े और सर पर मार कर फोड़ने लगे सर जैसे कोई मटकी फोड़ रहे ह पर उधर भीमा चाचा तोह अलग हे. कुल्हाड़ी वो बी दो तरफ वाली लेके चले थे गुंडों की तरफ पहला जैसे हे आया तेजी से मारा सर के बीचो बिच ये क्या.... एक वार नई 2 नई 5 वार कर फाड़ दिया बिच मई से पीछे वालो की तोह गांड हे फैट गयी की ये बस ह क्या गुंडे एक दूसरे की तरफ ढक बोल रहे थे राख्षस ह ये तोह..

उधर दादा जी 7 लोगो को मार दिया था बाकि के तीनो के एक हाथ और एक लेग काट दिए .....और चल दिए हरिया के पास हरिया बी तलवार पकडे तैयार था ुर भीड़ी तलवारे आपसमे हरिया बी तौलवार बाज़ था तलवार टकराने से दिन मई बी चिंगारिया दिख रही थी.. पर दादाजी भरी पड़े हरिया पे..

दूसरी तरफ शैतान चाचा जंहा लाठियों से सर फोड़ रहे थे वंही भीमा चाचा गुंडों को चीयर फाड़ रहे थे 20 गुंडों को फाड़ दिया था बिच मई से और भीमा चाचा गुसाई मई चिल्लाये बाबूजी पर आंख उठायी ह तुम लोगो ने आज कोई जिन्दा नई बचेगा सबको खोल दूंगा और ऐसा खोलूंगा की डॉ बी जोड़ नई पायेगा ..तुम्हारी आत्मा बी दुबारा नई जुड़ेगी haramzado..aur इतना कहते हे टूट पड़े फिर से ..5 की शैतान चाचा ने मटकी मतलब सर फाड़ दिए थे...

वंही चची ने पास के गाँव के सरपंच के पास मुनीम जी से फ़ोन करवा दिया था हज़ारो की भीड़ भागी आरही थी लेथ फावड़ा क़तर लेके

गुंडे जो बचे हुवे थे उन्होंने भीमा का कहर और दादा जी तलवार से गर्दन काट टी हुवी देखी तोह वो भाग खड़े हुवे....

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चारो तरफ खून हे खून था 15 गुंडे बच के भाग गए वो बी घायल थे ...ऐसा लगा जैसे लाल रंग की होली खेली हो अभी यंहा....

दादा जी----- भीमा रूक जाओ जाने दो उन्हें बस बहुत हुवा शांत हो जाओ क्यों की उन्हें पता था की उसका गुसा बहुत बुरा h...aur उन्होंने कहा शैतान लोगो को बुलाओ रास्ता साफ़ करने के लिए

शैतान चाचा --- जरुरत नई ह वो देखिये बाबूजी चारो तरफ से लोग आरहे ट्रेक्टर और गाड़िया और भाग कर...

गाँव वालो 15 मिनट मई पहुंचे उन्होंने 10 लोगो को ट्रेक्टर की टोली मई से निकल के फेक दिया और बोले ठकुरसाब ये लोग हमें भागते हुवे दिखे हम पकड़ के ले ए और बाकि 3 को लोग घसीट कर दूसरी तरफ से ला रहे थे और 2 को दूसरी तरफ से

दादा जी ---हम्म्म इन्हे वापस डाल्दो गाड़ियों मई

गाँव वाले एक साथ चिल्लाने लगे बलि बलि बलि चाहिए ठाकुर साब इन्होने हमरे भगवन पे हमला किया इन्हे हम जिन्दा नई छोड़ेंगे और भीमा बी बोलै बाबूजी बलि दीजिये इनकी या हम चीरफाड़ करेंगे इनका...

दादाजी--- कुछ पल सोचके ठीक ह पर इस हरिया को जिन्दा छोड़ेंगे चलो मंदिर माँ भवानी के मंदिर मई चढ़ेगी बलि इनकी

मंदिर के साथ मई बलि का स्थान ह जंहा बकरो की बलि दी जाती ह ....

दादा जी हे माँ भवानी रक्षा करना हमारी और हमें शक्ति देना ताकि इन जैसे पापियों की बलि देके धरती पाप मुक्त करता राहु.

ठाकुर साब पे हमले की खबर से अस्स पास के गाँवो से हज़ारो लोग दौड़े ए थे मंदिर तक .मंदिर मई जोर जोर से नारे लग रहे थे जय माँ भवानी जय माँ bhawani....aur

सब गुंडों की एक एक कर बलि दी गयी... बलि ढक के हरिया मूट चूका था 2 बार. और मरे हुवे गुंडों के मांस को छोड़ दिया कुत्ते और चील कौवो के लिए

हरिया के 2 no हाथ पेअर की उंगलिया और जीब काट दी गयी सबके सामने ताकि सबको ये याद rahe....ki अंजाम क्या होता ठाकुर जगमाल पे हमला करने pe....hariya जिन्दा तोह ह पर मुर्दा सामन मतलब

वो जिन्दा...... मुर्दा जो ....बोलता ह पर... मरे हुवे से बी बत्तर हालत मई....

आज के लिए इतना हे साथ बने रहिये मिलते ह अगले

आगे अब राज को 4साल बड़ा हो कर 10 साल का हो जायेगा
 
2 अपडेट को मिला के एक अपडेट दिया ह

अपने कीमती रेविएवस दीजिये ताकि कहनी को और रोचक बनाया जा सके

जैसे राज का कॉलेज part कैसा दिखाया जाये स्कूल की लाइफ कैसी दिखाई जाये गफ कितनी हो. ेट्स ेट्स फ...
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आजायेगा

साथ बने रहे
 
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