Adultery Raj-- hero of the family - Page 4 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 11



रिकैप---

पिछले अपडेट मई अपने पढ़ा की कुलगुरु जी ने बड़े गुरूजी को बताया की राज के कैसे बहुत सरे दुश्मन ह और जगमाल सिंह क्या चाहते ह और जवाब मई बड़ेगुरू ने बी बताया की राज को 5 साल रखेंगे और उसे खुद तैयार करेंगे वंही राज इन सब बातो से बेखबर ह अपने दोस्त के साथ घूमने मई मस्त था

अब आगे----

मैं आराम से आश्रम घूम रहा था और आश्रम की सुंदरता ढक मेरा दिल और दिमाग दोनों शांत हो गए थे मैं बहुत खुस था फिर हम घूमते हुवे आश्रम के मई वह पंहुच गए जंहा 17 वर्ष की उम्र के बचे और 21 की उम्र के बिच के बचे ट्रेनिंग कर रहे थे मैं उन्हें डायन से ढक रहा था सुनील ने कहा भाई तुजे ाचा लगा ये सब मैंने कहा है ये आश्रम का माहौल और उसके अस्स पास की जगह यंहा का नेचर सब ाचा लगा फिर सामने की और ढक के मैंने कहा ये सब तोह बहुत जायदा मेहनत कर रहे ह तोह सुनील ने कहा यंहा दूर दूर से बड़े बड़े लोग ट्रेनिंग के लिए लड़के लड़किया लाते ह फिर ये लोग यंहा 5 साल हार्ड और स्मार्ट ट्रेनिंग करते ह सिर्फ 100 हे सेलेक्ट होते ह 1000रो मई और ट्रेनिंग के बाद मई ये सब कंही पर्सनल बॉडीगार्ड या किसी मिलिट्री या कंही बी अछि पोस्ट पे चले जाते ह कम्पटीशन देके या अपनी काबिलियत दिखा के और सबसे बड़ी बात इनका बैकग्राउंड बदगुरुजी खुद चेक करवाते ह ताकि कोई गलत इंसान न अजय यंहा .धीरे धीरे सब पता लग जायेगा तुम्हे आज हे सब जान लोगे क्या खैर इन्हे छोड़ो भोजन का समय हो गया ह चलो चलते ह भूक लग गयी मुझे तोह

मैं और सुनील दोनों चल दिए भोजन के लिए शाम के 7 बज रहे थे हमने भोजन किया भोजन बी सबके लिए अलग अलग था ट्रेनिंग और साथ हे पढ़ने वालो का अलग और जो सिर्फ ट्रेनिंग के लिए ए थे उनका अलग वेग और नॉनवेज दोनों हे प्रकार का था क्योकि दोनों हे जरुरी ह सरीर के liye....bhojan के बाद हम चल दिए सोने निचे चटाई बिछी हुवी थी और एक तरफ मटका रखा हुवा था पानी का पिने के लिए....

Main—sunil क्या तुमने वो ट्रेनिंग ली ह.

सुनील--- थोड़ी बहुत ली जायदा गुरूजी लेने नई देते ह कहते ह वक़्त ह ट्रेनिंग के लिए अभी.. मेरी तोह समाज से बहार ह sab....main तोह बस सुभे स्कूल 8 बजे जाता हु और 3 बजे वापस आजाता हु ...और आश्रम के काम करता हु ...

मैं--- स्कूल ...कौनसी स्कूल यंहा तोह कोई स्कूल नई ह ....

सुनील--- यंहा से 7 कम दूर ह और पैदल जाना और पैदल हे आना होता ह गुरूजी कहते इसे सरीर सही रहता ह और लेग मजबूत होते ह पर मुझे तोह कुछ बी नई लगा ऐसा...

मैं—7 कम दूर हे भगवन और आना बी ह मैं तोह मर जाऊंगा ...यार मुझसे नई होगा आना जाना...

सुनील--- राज और कोई रास्ता नई ह सभी ऐसे हे जाते ह जितने बी बचे यंहा ह और वो स्कूल बड़े गुरूजी ने हे बनवायी ह बहुत बड़ी ह गुरुविधाया इंटरनेशनल स्कूल नाम ह पुरे इंडिया मई नाम ह उसका बहुत बड़े बड़े आमिर लोगो के बचे एते ह और हॉस्टल मई हे रहते ह जायदातर bache....decipline इतना ह की गलती की तोह पहली बार सजा और दूसरी बार स्कूल से बहार सौर स्कूल की सिक्योरिटी आश्रम हे ढकता ह..

Main—tuje सब पता ह

Sunil—bhai 7साल से यही रह रहा हु तोह पता तोह होगा हे और गुरूजी का सारा काम छोटा मोटा मैं हे देखता हु इसलिए सुनता रहता हु तोह पता ह पर तू यंहा कैसे आगया तू तोह मेरे जितना हे ह और तू अनाथ बी नई लगता ह फिर कैसे यंहा आगया भाई..

मैंने फिर उसे साडी अपनी जिंदगी के पैन खोल के दिखा दिए उसकी आँखों मई आंसू थे और मुझे एक तक ढक रहा था जैसे कोई उसका अपना भाई मिल गया हो या ु कहे राजदार मिल गया हो जिसे वो अपनी ख़ुशी ढक सब बता कर बाँट सके .....

Sunil---Raj मेरा इस दुनिया मई कोई नई सिवाए गुरूजी के मैं गुरूजी को 4 सस्ल कीनुमार मई रोड के किनारे भूक से बेहोस मिला था तब से गुरूजी ने मुझे पला ह पर हमेसा एक कमी रहती थी जो तेरे आने से ऐसा लगता ह पूरी हो गयी ह. आज से तुजे अपना सच्चा दोस्त और भाई मंटा हु मैं जिंदगी भर तेरी दोस्ती निभाउंगा और तेरे साथ हर कदम पर खड़ा रहूँगा.......

हम दोनों हे एक दूसरे के गले मिले आखिर दोस्त काम भाई जो बन गए फिर हम सो गए मुझे नींद नई आयी थी मैं अपनी बहनो और दादा जी को याद कर रहा था तब सुनील बोलै सजा मुझे पता ह तुजे नींद नई आरही पर सजा कोई की गुरूजी को वो कतई पसंद नई ह जो समय की परवाह न करे ...

अब तोह सोना हे था तोह गिरते पड़ते नींद आ हे गयी

मॉर्निंग टाइम--- 4.ऍम

सुनील ने मुझे उठाया और हम चल दिए फ्रेश होने और नहाने

मैं और सुनील जंगल मई फ्रेश होकर नदी किनारे बैठे और मैंने पानी मई हाथ डाला तोह बहुत ठंडा था मेरी हालत ख़राब हो गयी ..

Sunil—dhekta रहेगा तोह ऐसे हे होगा आंख बंद कर और मेरी तरह कूद जा बानी मई और सुनील कूद गया

Raj—maine थोड़ी दिएर देखा और कहा बीटा राज नहाना तोह होगा हे और फिर राम राम राम बोलता हीमत करके कुढ़ गया ठन्डे पानी मई सब अकड़ गया हाथ पेअर दिमाग पर कुछ दिएर बाद मज़ा aya...aisa लगा जैसा बहुत वजन उतर गया दिमाग पे से...

और नाहा धोके पहुंच गये गुरूजी के पास मैंने और सुनील ने उनके पेअर चुकार परनाम किया

गुरूजी – औ पुत्र

आज आपका प्रथम दिन ह तोह मैं आपको कुछ बाटे बता दू आप यंहा रोज सुभे 5 बजे योग करोगो मेरे साथ 2 ऑवर फिर आप स्कूल जायेंगे स्कूल मई हे आपको भोजन मिलेंगे और 2 बजे आप स्कूल से आश्रम आएंगे पहले एक महीने आपके पास 1 ऑवर मिलेगा आने और 1 ऑवर मिलेगा जाने के लिए अगर लेट हुवे तोह आपको दंड स्वरुप 100 उठक बैठक निकालनी होगी 3 मिनट मई आप ...और उसके बाद 4 बजे आप मेरे पास से शास्त्रों का ज्ञान लेंगे यही सब आपके साथ एक महीने तक चलेगा और फिर इसमे बदलाव होंगे...

Main—ji guruji...jaisi आपकी आगया

क्योकि सुनील साथ मई था तोह गुरूजी को रिपोर्ट मिल हे जनि थी और मेरा पास घडी न थी पर सुनील के पास थी बताओ ये बी कोई बात हुवी बचे की लग गयी बिना कुछ किये हे......

और फिर गुरूजी ने कहा

Guruji—beta राज अब आप चौकड़ी मार कर बैठ जाये और आंखे बंद करले किसी बी विचार को अपने मन मई न आने दे और मन को शांत करे

Raj—main काफी दिएर कोसिस की पर मन शांत न हुवा गुरूजी की अभी की बाटे मेरे मन मई घंटे की तरह बज रही थी ये बी कोई बात हुवी बचे की लगने वाली ह और गुरूजी बोल रहे ह मुस्कराओ राज. जैसे बहुत बड़ा अवार्ड मिला हो मुझे हाफ ऑवर तक ऐसे हे कोसिस करता रहा पर हुवा कुछ नई मुझसे और होता बी कैसे...

गुरूजी – राज पहले दिन आसान नई होता ह पर होने लग जायेगा बस अपने मन को चिंताओं से मुक्त करो और खुद पे यकीं करो अब पुत्र योग के ये आसान जो मैं बता रहा हु ये सदैव याद रखना ह इन्हे और अचे से करना ह ये आपके सरीर की साडी जकड़न अकड़न खोलेंगे जो आपके सरीर के विकास मई बहुत उपयोगी होंगे

राज--- मैंने गुरूजी के देखा देखी कोसिस की कई बार तोह उल्टा गिरा तोह कबि टेढ़ गिरा फिर गुरूजी ने सुनील को कहा राज की मदद करो मैं खुस होगया...

पर सच कान्हू यही सबसे बड़ी भूल थी मेरी सुनील ने मेरे सरे सरीर यानि बॉडी पार्ट्स के धागे खोल दिए मुझे खुद नई पता कितने काटके निकले सरीर से पर जब योग ख़त्म हुवा मैं जमीं पे पड़ा हुवा था और सुनील को मन हे मन गालिया दे रहा था ......

गुरूजी - -- उठो पुत्र अभी तोह जीवन सुरु हुवा ह इतने से दर्द से गिर गए अभी तोह पूरी उड़ान बाकि ह अपने दादा जी को निरास करोगे...

राज--- गुरु जी की बात से एक पल मई हे मेरा जीवन घूम गया मेरी आँखों के सामने और मई झट से खड़ा हो गया..

गुरूजी – शाबाश बीटा आज का सबक जब तक सरीर मई प्राण ह कभी हार मत manna.....aur सुनील राज का एडमिशन बी स्कूल मई हो गया ह ये तुम्हरे साथ हे 7तह क्लास मई जायेगा कल से आज इसे आश्रम से स्कूल की यूनिफार्म और जरुरत की साडी चीजे दिलवा दो...

आज के लिए इतना हे .......


साथ बने रहे
 
राज एक्सप्रेशन रास्ता ढक के





और साथ मई सुनील हँसते हुवे
 
अपडेट टाइमिंग 10.00 तो 10.30.पं
 
अपडेट. 12

रिकैप------

पिछले अपडेट मई अपने पढ़ा की सुनील ने राज को पूरा आश्रम घुमाया और ट्रेनिंग ग्राउंड दिखाया और सुभे राज ने योग किया साथ हे गुरूजी ने बी राज को नियम और रोज की कार्य करनी बतायी जिसे सुन राज की हालत ख़राब हो गयी....

अब आगे--------

मैं सुभे के योग से थक के हिलता डुलता चल रहा था

सुनील---- भाई बुरा मत मन्ना ऐसा चल रहा ह जैसे तेरे पीछे किसी कुत्ते ने काट लिया हो है है है

Raj---maine मु बिगड़ के उसकी और देखा और कहा कमीने ऐसे योग कराएगा न तोह जल्दी मर जाऊंगा मैं samja......meri बात सुनके सुनील जोर जोर से हंस रहा था

Sunil—ha है है है lol 😅😅😅 भाई सॉरी मैंने जान भुज के नई किया यार गुरूजी की बात तोह माननी हे पडेगीइ न....

Raj—Bada आया गुरूजी का चमचा आए माँ मेरा सरीर और मैं रूम मई जाते हे लेट गया और सुनील अभी बी जोर जोर से हंस रहा tha.....maine कहा हंस मत दन्त तोड़ दूंगा

Sunil----ok बीआरओ ok कूल रेस्ट करले फिर हम चलेंगे बुक ेट्स लेने

आफ्टर ओने ऑवर....

हम दोनों पहुंचे स्टोर रूम या बुक वितरण मुख्यला

और 6तह क्लास की बुक और ड्रेस ली मतलब सारा कुछ सिर्फ शूज नई थे मेरे पास शाम को गुरूजी ने मुझे बुलाया और कहा

गुरु जी –राज कल स्कूल मई आप अपना शूज का साइज दे देना स्कूल ख़त्म होने तक मिल जायेंगे और है ये बात अचे से धयान रखना आप वंहा किसी से बी किसी प्रकार का जगदा नई करेंगे और न कोई शिकायत मुझे मिलनी चाहिए ह ......

राज--- मैंने कहा जी गुरु जी नई मिलेगी ..मैंने मुस्कराकर कहा 😈

और मैं वापस रूम मई आगया और सुनील के साथ चल दिए आश्रम के पास घूमने सुनील मुझे आश्रम से दूर 4कम लेके आया आज रविवार था मतलब संडे तोह सबको रेस्ट मिलता था ......सिर्फ हार्ड ट्रेनिंग वालो को छोड़ के

Main---kanha ले जा रहा ह टंगे दर्द हो गयी ह मेरी ....रुकजा भाई सुभे कमर तोड़ दी थी मेरी अब ये और तोड़ दे अबे भाई ह की दुसमन मेरा

सुनील ---रो मत बस पहुंच गए वो देख उन पेड़ो के बाद हे ह और तेरी तोह कैसे टूटेगा सब आज मौज करले है है है

आफ्टर 15मिनट्स

मैं भाई गजब क्या हे जगा ह दिल खुस हो गया यार ..एक्चुअल मई वंहा का सीन हे ऐसा था 2तरफ पहाड़ थे और बिच मई एक बड़ी सी झील थी ये सब आश्रम की जमीन मतलब प्रॉपर्टी मई हे अत ह वंहा मेरा मन शांत और थकावट दूर हो गयी थी ....हम वंहा किनारे पे बैठ गए और सामने का नजारा ढकने लगे दूसरी तरफ वह कुछ सिटी की स्कूल गर्ल्स का एक ग्रुप बी घूमने आया हुवा था.....

वो हमारी तरफ ढक के पता नई क्या पागलपन के डोरे पड़े उन्हें उनमे से एक बोली ये बिखरी कान्हा से आगये यार मज़ा ख़राब कर दिया

हम दोनों को उनकी बाते बुरी लगी सुनील तोह चुप रहा क्योकि वो अनाथ था तोह उसे गरीबी पता थी पर मुझे पता था की मेरे दादा जी के पास बहुत पैसा ह और रेस्पेक्ट नाम का कीड़ा तोह लग हे गया था मुझे मैं कुछ बोलने वाला था हे की

Sunil---Rahne दे राज अमीर घर की बिगड़ी हुवी औलादे ह इन्हे इंसान की नहीं पैसे की कदर होती ह छोड़ भाई अपन दूसरी तरफ चलते ह

Main---man मई सायद सुनील मुझे नार्मल फॅमिली से समझता ह मुझे बी ऐसा हे रहना होगा इसके साथ ताकि ये मुझे उनकी तरह न समज ले मैं चल भाई फिर हम दोनों वंहा से खड़े होक थोड़ी दूर चले गए......

स्कूल गर्ल 1---देखा न कैसे भगाया लड़किया ढकते हे चले एते ह ये ladke.....aur कपडे ढक कैसे पसीने से भरे हुवे थे गंदे से....

लड़की 2---नई यार किसी पे ऐसे कमेंट करना गलत ह जब तक वो कोई गलत हरकत न करे और उन्होने करि बी नहीं कोई ऐसी वैसी हरकत तूने यु हे सुना दिया....

गर्ल 1—ज्ञान मत दे यार इनके साथ ऐसा हे करना चाहिए

बाकि गर्ल्स बी है सही किया ऋचा तूने और वो लड़किया वापस चली gayii..toh मैडम का नाम ऋचा ह...

इधर हम दोनों मस्त झील मई नहाये और वापस आगये आश्रम मई और खा पाइक सो गए कल स्कूल जो जाना था

नेक्स्ट मॉर्निंग

मैं और सुनील उठे गुरजी के पास पहुंचे और वापस गुरूजी के आदेश पर योग के नाम पर तोड़ मरोड़कर सरे सरीर के अस्थि पंजर ढीले कर दिए हम वापस ए और मेरी चल ढक के सुनील पुरे रस्ते जोरजोर से हँसता रहाऔर मेरी सुलगती रही ......हम तैयार हुवे और आश्रम से बहार निकल गए स्कूल के लिए

Sunil---bhai दायी तरफ से चलना ह ......

Main----kya कहा दायी तरफ मतलब तू कह रहा ह राइट साइड से अबे मेन्टल ह क्या उस तरफ तोह पहाड़ ह ....सेल कूद के मरना ह क्या

सुनील ----😂😂😂😂हे हे हे भाई तभी ओने ऑवर मिला था वो बड़े बचे ह्ण उन्हें तोह हालफौर हे मिलता ह अब सोचले टाइम सुरु होने वाला ह 8बजे स्कूल लगेगी 7.55हो गए चल और भाई सामने से भाई 15कम ह अब तू बता क्या करना ह और लगा वो हसने जोर जोर से ....

Main---mere एक्सप्रेशन तोह gif पहले भेज हे दिया था खड़े खड़े चाकर आरहे थे मतलब पाँव उठने का नाम हे नई ले रहे थे ....मेरे मतलब कोई बिना कहे किसी की लेनी हो तोह ऐसे ली जाती ह

Sunil---chal भाई ...

उसने मेरा हाथ पकड़ा और चलकर चल दिया मुझे पैदल मैं मन मई हे उपरवाले को याद करा रहा था ऐसा नई ह की हम हे थे जब हमने 4कम का सफर पहाड़ो मई पूरा कर लिया तब बड़े बचे ए भागते हुवे और भगतेहुवे हे हमें क्रॉस कर गए और कमेंट मारतेहुवे गए दम नई ह तोह एते क्यों हो यंहा टाइम और पैसा ख़राब करने एते हो घर पर मुंय पापा की गोदी मई रहा करो ....

मेरी तोह टेम्परा लेवल हाई हो गया गुसा फूटने वाला था पर सुनील ने रोक लिया और कहा की भाई इनका रोजका ह तू एक वीक चलेगा फिर तेरे लिए सब नार्मल हो जायेगा .. मैं थका हरा 1ऑवर और 15मिनट मई पंहुचा 🏫 स्कूल...

पैसिने पसीने हो रखा था मैंने मु धोया और रुमाल से मु पहुंच के क्लास रूम दोनों पहुंच गए

मैं सुनील के साथ बैठा और जब क्लास की और नजर उठाकर देखा तोह जायदा लड़किया हे थी मतलब 40 की स्ट्रेंथ मई 22 गर्ल्स और 17 बॉयज थे जब ये ध्यान दे हे रहा था तोह एक लड़की की एंट्री हुवी और उसे ढक के मैं दांग रह गया मेरे मु से निकला इसे बी यही इसी क्लास मई आना था...

टीचर आयी और सबका इंट्रो लिया

उसकी बरी आयी तोह उसने कहा

माय सेल्फ ऋचा गोस्वामी D/O अनिरुद्ध गोस्वामी प्लेस ऑफ़ belonging-Delhi Hobbies-listning music..and माय परसेंटेज इन 5तह क्लास 97परसेंट

अब मेरी बरी थी और अपना आपको पता ह सिंपल इंट्रो मैं बोलै माय सेल्फ राज सिंह एंड माय परसेंटेज इन 5तह क्लास इस 99 percent...lol ऋचा की तोह जल गयी है है है

टीचर ने बी बाकि कुछ नई पूछा है ये बताना भूल गया की मैं की ऋचा मुझे गुसाई से ढक रही थी

ऐसे हे क्लास चली फिर मैंने बाद मई शूज का नाप बी दे दिया इंटरवल मई जब हम दोनों लंच कर रहे थे तोह हमरी टेबल टोकन वाली थी मतलब जो स्कॉलर या टेस्ट पास करके या आश्रम वाले हो उनकी थी और हमरे पीछे ऋचा अपनी सिस्टर या फ्रेंड जो बी थी उसके गैंग के साथ बैठी थी उसने हेनरी तरफ देखा और कहा स्कूलर शिप का पेपर पास करके आजाते ह भिखारी कंही के न औकात न standard’s

मेरी आंखे गुसाई से लाल हो गयी क्योकि बात औकात की थी...

आज के लिए इतना हे

कल मिलते ह इसी समय पे ..दोस्तों ....कोई गलती हो तोह अवोइडकारे


साथ बने रहे सपोर्ट करते रहे
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आएगा

साथ बने रहे
 
अपडेट 13

रिकैप------ पिछले अपडेट मई आप सभी ने देखा की राज का स्कूल तक पैदल जाना और झील किनारे मैडम ऋचा का कमेंट मरना और फाइनल लंच के वक़्त कमेंट पास करना

अब आगे.....

मेरे गुसाई के लेवल बहुत बढ़ गया था हाथ मई जो कांच का गिलास था उसे बी तोड़ दिया था दबा के और जब उसकी बाटे सहन न हुवी तोह मैंने पलट के पीछे देखा ऋचा की पीठ थी मेरी तरफ और वो बोले जा रही थी जिसे सून सून के मेरा सरीर कैंप रहा था मैं अपने मन पे बहुत कण्ट्रोल कर रहा थामें खड़ा हो गया और मन मई कोसिस कर रहा था की शांत राहु और जब गुसा फूटने हे वाला था तब सुनील ने जल्दी से हाथ पकड़ लिया मेरा और बोलै

Sunil---Raj प्लीज शांत हो जा भाई गुसा मत कर

मैं -हाथ छोड़ मेरा आज मई इसे सबक सीखा के रहूँगा

Sunil—bhai 2मिंट बात सुनले बैठ के फिर जो चाहे वो कर लेना

मैं उसकी बात सुनके बैठ गया और बोलै बोल.....

सुनील ---भाई गुसाई मई एके जो कदम उठता ह वो रक्षास होता ह या पाशुऊ होता ह क्योकि वो दोनों हे इसके परिणाम नई सोचते ह की उसे क्या होगा और क्या नई एक बार सोचो क्या ये तुम हे हो क्या तुजे कोई प्रोवे करे और तू हो जायेगा क्या राज हे जो इतनी दूर गुरूजी से सिखने आया ह. फिर आगे उसने कहा की उस लड़की ने एक बात कही तुजे और तेरी बूढी ख़राब हो गयी सरे वेड तोड़ चल दिया सबक सिखने उसे जबकि तुजे यंहा 5 साल यंहा रहना ह और आगे कितने हे बड़े काम करने h....pahle सोच फिर कदम उठा...

Raj—mere दिल मई सुनील की कही बाते किस सुई की तरह घुस गयी जिसने दर्द के साथ सोचने पे मजबूर कर दिया पर दिमाग अभी बी गरम था मैंने अस्स पास देखा तोह सिर्फ 18 से निचे आगे वाले हे बचे थे फिर मैंने एक devil😈smile ली और खड़ा हो गया और पहुंच गया मैडम की टेबल के सामने...

और जोर से बोलै गुडमॉर्निंग एवरीवन प्लीज यंहा धयान दे ....कोई ये बता सकता ह की ये जो 3 रौस अलग से ह खाने के लिए इनपे जो स्टूडेंट बैठे ह इन्क्लूडिंग में ये सीट्स किनके लिए ..h.main फिर ऋचा की तरफ ढक के ओह hello मैडम इन्क्लूडिंग ु आपसे बी पूछ रहा हु भोंक बाद मई लेना पहले सुनलो और जवाब दे do..ha तोह कोईई बताएगा बॉयज एंड ग्रिल्स

ऋचा –तुम्हारी हीमत कैसे हुवी मुझे ऐसे बोलने की

Main----tikhi मिर्ची वही बता रहा हु सून तोह ले....

है तोह कोई बताएगा

10तह क्लास का एक लड़का ये सीट या तोह एक स्कॉलर को या फिर जो जीनियस पेपर पास करके एते ह या फिर उन्हें मिलती ह जो मोस्ट पॉवरफुल बैकग्राउंड से होते ह

सभी बचो के शामे रिप्लाई था फिर मुदा मैं ऋचा की और ढके कहा.

Main---Toh मिस ऋचा फॉर योर काइंड इनफार्मेशन ये 3 वजह जिसमे से एक वजह से मैं यंहा बैठा हु

1—मैं स्कॉलर हो सकता हु

2—मैं जीनियस टेस्ट पास करके आया हु

3—ी म थे पर्सन हु हैवे ा स्ट्रांग background......means मोस्ट पॉवरफुल बैकग्राउंड..

फिर उसके सामने उसकी आँखों मई ढक के पहले 2 बैकग्राउंड अगर मेरे हुवे तोह आप मेरा जरूर कुछ उखाड़ने की सोच सकती हो बेकौसे ु र बेलोंगिंग रिच फॅमिली ोथेरविसे मेरा 3रद बैकग्राउंड हुवा तोह ु क्नोव वैरी वेल की मैं आपका क्या उखड लूंगा उसका आपको अंदाज़ा बी नई सो नेक्स्ट टाइम कुछ कहने से पहले उसके रिजल्ट्स बी सोच लेने

बुऊमममम

चारो तरफ शांति थी और मैं बस ऋचा की आँखों मई ढक रहा था ..फिर मैं बोलै ु र बेऔतीफुल्ल गर्ल विथाउट brain...hamesa याद रखना मिस ऋचा “हर फादर का एक गॉड फादर होता ह “ फिर मैं बैठ गया लंच करने

Sunil---bhai तू ह क्या गुसाई मई अलग था और अब अलग ढक सबको कैसे ढक रहे ह तुजे भाई तू ह क्या मुलती पर्सनालिटी ह क्या

मैं तू दिमाग मत लगा चल क्लास मई चलते ह और हम चल दिए क्लास मई

हमारे जाने के बाद ऋचा को बहुत इन्सुलटेड फील हो रहा था साथ हे फटी हुवी बी थी उसकी क्योकि उसे स्कूल का अगड़ा पिछड़ा सब पता था उसे ये पता था की मैंने जो बात कही वो फुल्ली करेक्ट ह ...ऋचा की फ्रेंड मैंने कहा था न कल बी तुजे किसी को बी प्रोवोके मत किया कर पर आज बी वही किया और क्या मिला सिवाए खुद की बेज़्ज़ती के उसकी बात सही थी ढक वो ाचा लड़का ह इसलिए उसने कल नई कहा कुछ पर आज फिर तूने उसे उल्टा कहा तोह कहेगा हे वो यंहा पढ़ रहा ह मतलब वो स्पेशल ह ऋचा

ऋचा –तोह क्या मैं नई हु श्वेता स्पेशल

श्वेता –मैंने ऐसा कब कहा तू यार जायदा सोच मत बस उलझ मत किसी से हम यंहा पढ़ने ए ह

ऋचा –उलझ तोह चुकी हु और उसे भुगतना बी पड़ेगा ढक लेना ....

इधर हम 2 बजे तक स्कूल अटेंड की और भाग खड़े हुवे आश्रम के लिए सुनील जल्दी जल्दी चल रहा था

मैं – रुकजा कमीने तुजे कुत्ते काटे सेल दुश्मन ह तू मेरा दुश्मन

Sunil—jab लेट पहुंचेगा न तोह निकलना उठक बैठक और फिर सोचना दुश्मन हु की दोस्त हु है है है है है

मैं तू हंस तेरे दन्त तोडूंगा मई आज .....और हम दोनों भागने लगे कभी रुकते तोह कभी भागते मैं फिर से 15 मिनट लेट हो गया गेट पर गुरु जी तैयार थे

गुरूजी -----औ राज तुम15 मिनट लेट हो उठक बैठक लगाओ और सुनील तुम बी लेट हो तुम 300 उठक बैठक लगाओ

और फिर क्या सुरु हो गए हम उठक बैठक लगाने मेरी जब तक 100 होती सुनील 200 लगा चूका था और फिर 300 बी लगा ली उसने और उसके चेहरे पे थकन बी नई थी फिर गुरूजी ने कहा जाओ खाना खाओ और शाम को 5 बजे अकेले राज तुम आना और सुनील तुम अपनी क्लास लेने आश्रम मई जाना ...ाक्टुअलय सुनील पुराण ह तोह उसकी क्लास अलग हे चलती ह

सुनील और मैं एक साथ जी गुरूजी बोले

और हम चल दिए मैंने पीछे मुड़के देखा तोह गुरूजी मुस्करा रहे थे मेरी तोह समाज से बहार था फिर मैंने सुनील की तरफ देखा और कहा आए मा सेल तेरा पिछवाड़ा बी आज कुत्ते ने काट लिया हो ऐसा हो रखा

सुनील-- बोलै भाई 5 मिनट मई 300 उठक बैठक आसान नई होती ह यार इसलिए ऐसा हो गस्या पर तुजसे रात को बात करूँगा मैं और जोर से हसने लगा

Main—raat को मैं समजा नई

Sunil—samaj जायेगा चल खाना खाके आराम करते ह

हमने खाना खाने गए तोह वंहा सभी बचे खाना खा रहे थे और उनमे वो बचे बी थे जिन्होंने सुभे कमेंट मारा था मतलब 10 क्लास का बचा गौरव जिसने कमेंट मारा tha.usne फिर कमेंट मारा आज तोह उठक बैठक बी लगायी ह बचे ने दूध पिलाओ कोई इसे है है है

Sunil—bhai रहने दे कुत्तो का काम हे होता ह भोंकना .

Main—chal तीख ह पर एक दिन मौका मिलने पे जरूर इसको इसका जवाब दूंगा जिसे ये जिंदगी भर नई bhulega...aur फिर हम आगये अपने रूम और रेस्ट करने लगे......

टाइम 4.45 पं

Main—uuuuuyiiii मा पेअर दर्द हुवा रे अरे यार अब दर्द हो रहा ह पूरा सरीर

सुनील ---15 मिनट ह तेरे पास गुरूजी के पास पहुंचने के लिए सोचले तुजे अंदाज़ा बी नई होगा जो पनिशमेंट मिलेगी सब दर्द होगा फिर समजा भाग जल्दी से ...

मैं---- तैयार हुवा और पहुंच गया गुरु जी के पास ......

इधर हवेली मई

सुरेंद्र--- ढक कविता मैं तेरा बड़ा भाई हु तीख से बोलै कर

कविता --- पहले खुद बोलना सिख लो फिर मुझे बोलना राज के साथ कैसे बोलते हो आप आपको पता हे h.......toh मुझे सीखने की जरुरत नई ह

सुरेंद्र और बबिता--- तू जायदा बोलने लगी रुक अभी तेरी शिकायत चची से करते ह

कविता – जिसे बोलना ह बोल दो मुझे दर नई ह और चली जाती ह राज के रूम मई क्योंकि वो और ममता वंही सोते ह

आज के लिए इतना हे


साथ बने रहे ..........
 
आज का अपडेट मेगा अपडेट होगा गाइस स्टोरी फ़ास्ट फॉरवर्ड हुवी ह

साथ बने रहे सपोर्ट करते रहे
 
अपडेट 10.00 तो 10.30.पं तक आएगा
 
अपडेट 14

रिकैप----

पिछले अपडेट मई अपने पढ़ा की राज ने किस प्रकार ऋचा को करारा जवाब दिया और किस प्रकार सुनील ने उसे samjaya....aur हवेली मई कविता और सुरेंद्र की नोख झोंक.....

अब आगे--------

सुरेंद्र और बबिता जब छोटी चची के पास पहुंचे शिकायत लेकर तोह छोटी चची का पारा चढ़ गया था बूत सो साद वो छह कर बी पुनीश नई कर सकती थी दोनों को क्योकि दोनों हे दादा जी को शिकायत कर देती इसलिए चची चुप हे रही ....

इन आश्रम...

गुरूजी –राज बीटा इंसान अलग अलग 100 योनियों मई जनम लेने के बाद मनुस्य योनि मई जनम लेता ह ह ...और इंसानी रूप मई जनम लेने के बाद उसके पास ये अवसर होता ह की वो अचे करम कर दुबारा मनुस्य योनि मई जन्म प् सके इसी लिए सदैव सचाई के रस्ते पे चलो अचे करम करो.......

Main---guruji कुछ परशान ह पूछ सकता हु...

गुरूजी ---पूछो पुत्र

Main----Guruji अचे और बुरे करम क्या होते ह कैसा पता चलता ह की ये ाचा ह या बुरा करम ह

Guruji—Raj जिस कार्य से किसी दूसरे पशु या प्राणी का ाहित न हो और उस कार्य से दुसरो का भला हो वो कार्य अचे करम कहे जाते ह और जिस कार्य मई स्वार्थ सिद्ध हो और दूसरे जीव जन्तुओ का ाहित हो अर्थात बुरा हो वो कार्य बुरे करम मई एते ह..

मैं – समाज गया गुरूजी

गुरूजी ---पुत्र इंसान मई आचायी बी निवास करती ह और बुराई बी ये हम पर निर्भर करता ह की हम किसे चुनते ह जो आचायी के रस्ते पर चलता ह उसके सामने चुनोतियो का पहाड़ होता ह परन्तु उसकी रक्षा सदैव प्रभु करते ह और जो बुराई के रस्ते पर चलते ह उसके करम बी बुरे और उम्र बी काम हे होती ह ...

मैं गुरूजी का उपदेश 2 ऑवर से लगातार सुन रहा था आज का दिन सिर्फ और सिर्फ आचायी बुराई और जीवन के उदेस्य पर था जिसे मई काफी हद तक समाज गया था..

गुरूजी--- पुत्र अब मैं तुम जो जड़ी बूटी से बानी हुवी गोलिडे रहा हु ये रात को सोते टाइम ल एक गोली लेना और किसी को बी इसके बारे मई मत बताना न आज न कल समजे ये तुम्हारी दिन की थकावट दूर रखेगी और ताकत लाएगी....

मैं जी गुरु देव कहके उनको नमन किया और आगया रूम मई सुनील आया नई था तोह मैंने गुरु जी से मिली बुक गीता खोल ली और उसे पढ़ने लगा पढ़ के जैसे मेरे विचार साफ़ होते जा रहे थे मुझे शांत मिल रही थी मैंने कुछ हे पेज पढ़े थे इतने मई सुनील बी आगया

सुनील –भाई मैं मु हाथ धोके आया फिर चलते ह खाना खाने

आफ्टर डिनर हम दोनों हे लेट गए सोने के लिए मैंने गुरूजी ने जो गोली दी थी वो ली और सो गया

नेक्स्ट मॉर्निंग –इन फ्रंट ऑफ़ गुरूजी

गुरूजी –सुनील राज को योग पूरा तुम कराओगे 30 दिन तक बिना कोई ढिलाई के अन्यथा तुम जानते हो झूट का परिणाम क्या होता ह

सुनील जी गुरु जी

और लग गया करवाने मेरे सरीर की थकन दूर हो गयी थी गोली की वजह से और योग करने से जो सरीर कल की मेहनत से अकड़ गया था वो खुल गया और फिर भागे हम तैयार होने स्कूल के लिए

मैं जल्दी से स्कूल ड्रेस पहन तैयार हुवा और सुनील को बुलाया

Main—aja बे जल्दी

Sunil—aya भाई ... ले आगया चले अब

Main—chal भाई और सुरु करि हमने कभी भागना तोह रुकना ऐसे करते करते हम स्कूल आज 1.13मिनट मई पहुंचे

सुनील - --नॉट बाद बीआरओ 2 मिनट का इम्प्रूव मेन्ट ह और हंस दिया जोर से

मैं –सेल बकरे की जान चली गयी और कसाई को मज़ा बी नई आया ..... चल कोई नई और कोसिस करूँगा

इन क्लास......

मैथ्स टीचर जो क्वेश्चन पूछूँगी बचो उसका आंसर बोर्ड पे आकर लिखेगा वो जीतेगा ....ok

सब बचे यस मम

और क्वेश्चन पूछा एंड गेस व्हाट हैंड रेज किया ऋचा मैडम ने और जाके लिख दिया और एके बैठ गयी मेरे आगे और बोली धीरे से जीनियस माय foot...jo मुझे सुनाई दे गयी

Main—hansa और धीरे से बोलै बचा जीत गया ये लो टॉफी गुसा नई होते और मुस्कराया .....उसकी जाली पर उस वक़्त बोली कुछ नई ....

इंटरवल हुवा ऋचा पलट कर बोली तेरी टॉफ़ी ये ले खले हार कर मु कड़वा हुवा होगा न ये ले और फिर चली गयी मैं मुस्करा कर चल दिया लंच करने

स्कूल ऑफ गया था अगेन रेस सुरु हो गयी थी मेरे लिए मैंने और सुनील ने लगाया जोर और कोसिस करते कार्टर बी 1ऑवर और 12मिनट लगे

गुरूजी ने शामे पनिशमेंट दी फिर से हमने रेस्ट किया शाम को मैं 5 बजे गुरूजी के पास पंहुचा

गुरूजी --- राज हमेसा याद रखना कोसिस कोसिस जो परिश्रम मन लगा के किया जाता ह सफलता उसमे हे मिलती जबरदस्त की गयी या बिना मन के किये गए कार्य कभी पूर्ण नहीं होते ह इसलिए सदैव मन लगा के कार्य कर अपना 100प्रतिशत दो ...और बी बहुत कुछ ज्ञान दिया उन्होंने मैं वापस रूम मई आगया और बुक पढ़ी maine....jo गुरूजी ने दी ह मुझे...

शामे रूटीन 30डेज तक चला आफ्टर 30डेज

टाइम मॉर्निंग 5ऍम

इन फ्रंट ऑफ़ गुरूजी

गुरूजी--- राज अब से ये नए तरीके अपनाने ह आपको जो पिछले 30 दिनों मैं सीखा था सुभे सुभे उसे आपको रोज 15 मिनट मई बिना सहायता के दोहराना ह बिना समय लगाए ......और आज से आपको रोज स्कूल 50 मिनट मई पहुंचना ह ..समाज गए ये आपके साथ 6 महीने चलेगा .....बाकि हम शाम को बताएँगे आपको अब आप जाइये

मैं जी गुरूजी और हम दोनों हे चले गए

Main—abe बड़ी मुश्किल से तोह 1 ऑवर 8 मिनट मई पहुँचता हु और गुरूजी ने 1ऑवर मई से 10 मिनट और काम करदिये बचे की जान लेंगे क्या हे भगवन बचे पे दया कर ........फिर दोनों तैयार हुवे और चल दिए स्कूल

शामे रूट था शामे बचे थे बस आज हुवा ये की मैं स्कूल 1 ऑवर 5 मिनट मई पहुंच गया मैं तोह सोच कर हिरन था की ये पहले क्यों न कर पाया..

सुनील –बीटा गले मई होती ह न तोह सब हो जाता ह चल अब

मैं क्लास मई बैठा हे था आयी ऋचा मैडम पोनीटेल करके मैंने उसकी तरफ स्माइल की और वी गुसाई से ढक रही थी

एक महीने मई इतना इररेतते जो कर दिया था ...

ऋचा –श्वेता मन करता ह मु तोड़ दू इसका सदी सकल का.

Shweta—usne स्माइल हे तोह पास की ह यार स्वीट लगता ह मुझे ..और एक तू ह जो लड़ती रहती h....pata नई तुजे क्यों नफरत ह उसे ी लिखे हिम यार कितना सव्वित ह

ऋचा--- स्वीट और ये इसे ाचा तोह मेरा कुत्ता ह कमीना कंही का..

दोनों ु हे बतयति रही जब तक टीचर न आगया

अगेन नेक्स्ट 3 मोनथस बी निकल गए फिर

1 साल बी निकल गया

2 साल बी निकल गए

3 साल निकल गए....

मॉर्निंग टाइम

इन फ्रंट ऑफ़ गुरूजी.......

गुरूजी --- तुम्हरा सरीरक विकास बी किसी 21 वर्ष के आयु के बचे से काम नई ह अब टाइम ह तुम्हरी युद्ध कलाओ का सिखने का कठोर परिश्रम करने का अब शुरुवात करनी ह तुम वो जिसके लिए तुम यंहा लाये गए थे पिछले 3 सालो मई हमने तुम्हारा शारीरिक और मानसिक विकास और साथ मई तुम्हे चुस्तीला और फुर्तीला हर युद्ध निति मई निपूर्ण कर दिया ह ..पुत्र कभी मत सोचना की ये युद्ध निति ज्ञान नए ज़माने मई लागु नई होता ह पुत्र ज्ञान का उपयोग करने वाला चाहिए प्लानिंग हर जगह चाहिए होती ह .....अभी जाओ और 10तह क्लास की बुक्स ले लो ..कल से वही समय योग karna..aur शाम 4 बजे मेरे पास

मॉर्निंग मई मैं सुनहे खड़ा हुवा और योग किया उसके बाद सामने पेड़ था उसके ऊपर से रस्सी लटक रही थी उसको पकड़ कर 3 बार ऊपर निचे चढ़ा फिर 100 पुशअप्स मरे और 4 फ़ीट गधा खोदा ये रोज का था मॉर्निंग मई ये सिर्फ मेरा वार्म उप ह

फिर मैं रूम मई गया और तैयार हुवा टाइम हुवा था 7.30 ऍम मेरे पसद बैग नई था वो सुनील लेके अत ह मैंने लगायी रनिंग और बड़े बचो के साथ करेक्ट 8 a.m पहुंच गया जिसमे लास्ट 1कम स्पीड फुल थी 3 साल मई आदत हो गयी थी ...

गाइस यंहा बता दू की राज ने यंहा एडमिशन 7तह मई लिया था जो गलती से पिछले उपदटेस मई 6 तह क्लास लिख दिया था

आज के लिए इतना हे स्टोरी अभी जल्दी आगे भदायी ह क्यों की बचे के रूप मई 14 उपदटेस बहुत ह. नेक्स्ट उपदटेस मई राज का एक्शन ढकने को मिलेंगे .....और ऋचा के साथ मस्ती


साथ बने रहे....
 
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