रौशनी अब काम पर लग गयी .. उसके 3 इम्पोर्टेन्ट मीटिंग थे अज्ज और वह सब ख़तम करके दुपहर के 2 बजे थे ..
रौशनी आज खाने का डब्बा लाना भूल गयी थी … उसे बहुत hi भूक लगी थी … वह ऑफिस के बहार निकल कर सोची की वह पास के किसी होटल में कुछ खाकर आएगी वापस .. लेकिन पास कोई अच्छी रेस्टोरेंट hi नहीं थी, बस ढाबे थे और ठेले थे खान ेके .. रौशनी लाभ ऐसी जगहों पर खाना खाइये नहीं थी इसलिए वह वहां जाने से झिझक रही थी …
फिर उसे एक अव्वाज़ सुनाई दी , वह आवाज़ सलीम जी की थी .. रौशनी मुद कर उन्हें देख स्माइल झलकाई ..



सलीम दूर से अपने दिल पर हाथ रख स्माइल देने लगा .. रौशनी उनके ऐसे करने से मुस्कुरायी … बुड्ढे होकर बिल्लुल जवानों जैसी हरकत किट hi उन्होंने .. फिर सलीम उनके पास आया
मैडम जी आज बहार कैसे , लगता हैं घर से खाना लाना भूल गयी हो आप . चलो मेरे साथ इस ढाबे पर बैठते हैं , मेरी भी लंच हुयी माहि हैं चलिए ..
रोहणी झिझक रही थी .. सलीम को उसकी झिझक का एहसास हुआ और बोलै
रौशनी जी आइये कभी ढाबे का टास्ते भी लीजिये , बहुत स्वादिष्ट खाना बनता हैं यहाँ … आप मेरे साथ आइये अच्छे डिशेस बताऊंगा आपके लिए
सलीम रौशनी के चेहरे को देख रहा था , उसकी नज़र रौशनी के गुलाबी होठों पर गयी .. “मैडम बहुत रसेले जइसेस भी मिलते हैं यहाँ .. आइये ..” सलीम की नज़र अब रौशनी की कमर पर गयी .. पसीने से वह चमक रही थी … उसकी खुसबूदार सुंगंध भी आ रही थी उसे ..
रौशनी को भूक लगी थी और फिर सलीम के साथ गयी उस ढाबे पर.
“रोशन मियां आज हुनरी नयी मैडम आयी हैं आपके ढाबे पर , आपका ढाबा अब 5 स्टार हो गया हैं …”
रौशनी इस बात पर मुस्कुरायी ..
ढाबे के सब मर्द अपना खाना चोर रौशनी को hi देखे जा रहे थे .. ऐसी कामुक और गोरी महिला मनो पहली बार देख रहे हो ..
रौशनी उनके नज़र से थोड़ा अजीब फील करि ..
“सलीम जी कही. और जाते हैं न ..”
“नहीं मैडम जी आप यहाँ का लहना टास्ते अक्रिये , किसी भी 5 स्टार से अच्छा बढ़िया खाना मिलेगा यहाँ प् र..”
सलीम जी वैसे बात नहीं हैं बस यह सब घूरे जा रहे हैं , थोड़ी उनकंफर्टबले फील कर रही हूँ” रौशनी धीमे स्वर में बोली .
सलीम का दिमाग तेज़ था … वह सोचा की अभी मौका हैं ढाबे के किसी ऐसे एरिया में बैठे जहाँ बस दोनों होंगे .. वह फिर बोले
“रौशनी जी ठीक हैं चलो वहां बैठेंगे , थोड़ा कार्नर में हैं लेकिन इन सब की नज़र से दूर रहोगी और आपको अच्छा लगेगा ..
रौशनी ने सर हां में हिलाया और फिर सलीम और रौशनी कार्नर की सीट में बैठ गए …
सलीम ने रौशनी के लिए एक वेग थाली और खुद के लिए एक चिकन थाली आर्डर करि.
अब ढाबे पर ऐसा था की वहां के बैठने के कुर्सियां थोड़े ऊँचे थे और खान एक टेबल थोड़ा निचे , इसीलिए थोड़ा झुक कर खाना खा सकते थे ..
थाली बस 5 मं में आयी और दोनों खाना खाने लगे ..
सलीम बोले “रोशन मियां तुम्हे पता हैं न लेग पीेछे पसंद हैं मुझे , आपने ज्यादा ब्रैस्ट पीेछे hi दिए , अब ब्रैस्ट पीेछे पसंद तोह हैं लेकिन लेग पीेछे के बराबरी में कुछ नहीं .. “
“अच्छा सलीम जी इतना क्यों पसंद हैं आपको लेग पीेछे “
“मैडम जी बहुत hi रसीले होते हैं लेग पीेछे , मुझे तोह बहुत पसंद हैं … उफ्फ्फ मस्त होता हैं लेग पीेछे … वैसे ब्रैस्ट पीेछे भी अच्छा hi होता हैं … और सलीम रौशनी के चूचियों के तरफ देखने लगा ..
रौशनी अपनी प्लेट पर झुक कर खाना खाने लगी तोह उसका पल्लू बाज़ू में सरक गया , अब सलीम उसकी चूचियों के दरार की झलक देख पाया …
“ममम बहुत hi टेस्टी हैं मममम मज़्ज़ा आ गया इतना मलाईदार हैं मममम ..”
रौशनी को एकदम से पता चला उसकी पल्लू सरक गया हैं और उसे एडजस्ट करते,, वह थोड़ा सेहम गयी सोची क्या सलीम वहां देख ऐसे बोल रहा था ?-
मैडम जी ये चिकन बहुत hi टेस्टी हैं मज़्ज़ा आगया … देखो कितना मलाईदार हैं , ढाबे वाला चिकन को दूध में रखता हैं और फिर उसे पकता हैं ..
रौशनी यह सुन मुस्कुरायी मन मेजन सोचने लगी (धत रौशनी टब hi कुछ भी सोचती हैं , सलीम जी तोह चिकन के बारे में बोल रहे थे )
रौशनी फिर से खाना खाने लगी … अब क्यूंकि वह झूल कर खा रही थी तोह पल्लू थोड़ा साइड में सरक hi रहा था लेकिन इस बार उतना नहीं इसलिए उसका ध्यान वहां नहीं गया.. लेकिन सलीम तोग बस उसे hi देखे जा रहा था ..
उसका लुंड अब पंत में उभरने लगा था , लेग आईएस कहते कहते वह रौशनी की हलकी सी दिखाई देने वाली चूचियों के दरार को hi देखे जा रहा था ..
दोनों का खाना ख़तम कर दोनों हाथ धो कर वहां से निकल गए ..
रौशनी आगे चलती रही और सलीम पीछे से चलता रहा .. वह रौशनी की मटकती चूतड़ों पर hi नज़ारे टिकाये हुए था ( उफ़ क्या कमर हैं ममम और उसकी हिलती चूतड़ उसे दबोचने का मन कर रहा हैं सलीम को , ऐसी पतली कमर वाली और बड़े चूतड़ों वाली औरतें काम hi होती हैं और अब हु उसकी चूतड़ों और कमर का दीवाना हुआ था )



रौशनी पीछे मुड़ी सैमी जी चलिए न जल्दी जाना होगा मुझे टाइम हो गया मेरे ब्रेक का ..
मैडम जी ऐसे खूबसूरत नज़ारा हैं … थोड़ा लुफ्त उठाने दो इसका .. बार बार नहीं दीखता ऐसे नज़ारे …
रौशनी को फिर से लगा की सलीम उसके बारे में बात कर रहा होगा , पहले की वह कुछ बोलती सलीम बोले
“मैडम जी देखो न मौसम इतना सुहाना हैं , सब हरियाली hi हरियाली हैं , ऐसे नज़ारे हर बार नहीं दीखते न ..
रौशनी मुस्कुरायी .. सलीम जी आप बस वही देखो मुझे तोह जल्दी जाना है. ..
सलीम फिर दौड़ते हुए रौशनी के बगल मेजन जाता है. … अचानक से बिजली कड़कने से रौशनी डर जाती हैं और सलीम को पकड़ती हैं ..
सलीम अब मौके का फायदा उठाते हुए अपने हाथों को रौशनी के मुलायम दूधिया जैसे पीठ पर फेरता हैं ,, ऐसे टच से उसका लुंड उसी पंत में झटके मारने लगतभाईन .. पुरे बैक पर वह अपने कठोर हाथों को फेरता हैं
फिर रौशनी उससे जुड़ा होती हैं “सलीम जी सॉरी मुझे बिजली से बहुत दर लगता हैं ..”
सलीम बोले “मैडम जी ठीक हैं कोई प्रॉब्लम नहीं , मुझे तोह कोई प्रॉब्लम नहीं हैं , आप जब चाहे मुझे पकड़ सालते हो .. बिजली फिर से दिखी आपको तोह ..”
रौशनी ने सलीम के हाथों को अपने नाज़ुक पीठ पर महसूस करि थी लेकिन वह सोची की वही सलीम से जाकर पकड़ी थी ..
सलीम का लुंड ान तोह उस स्पर्श से तबा हुआ था … पंत में से उसके लुंड का उभर दिख सकता था अगर रौशनी की नज़र वहां जाती तब ..
सलीम जी वैसे आज असलम जी नहीं दिखाई दिए ..
असलम कुछ काम के सिलसिले कहाँ गया हैं .. आज शाम को hi लौट आएगा.
अच्छा सलीम जी में चलती हूँ देर हुयी हैं …
ठीक हैं मैडम जी चलो में भी जाता हिन् . वैसे आप 4.30 बजे आ सकती हो मेरे घर पर , एक छोटा सा फंक्शन रखा हैं .. प्लीज आइये ..
ठीक हैं सलीम जी काम से फुर्सत मिली तोह जरूर आउंगी ..
रौशनी जाते वक़्त उसे एक लड़की की आवाज़ दुनि दी .. वह दिल्ली तोह वह लड़की अच्छे घर की युवा महिला थी ..: गोरा बदन, स्लिम बदन , शार्ट बाल जो बस उसके कन्धों तक आते थे .. लगभग 20 की उम्र की होगी ..
उसने देखा की वह सलीम से बातें कर रही थी ..



थोड़े सेकंड बाद रौशनी देखि की वह लड़की कुछ ज्यादा hi करीब कड़ी थी सलीम जी के साथ … और दोनों हसी मज़ाक कर रहे थे … फिर सलीम ने कुछ ऐसे किया जिसे देख रौशनी दांग रह गयी .. उसने उस लड़की को कमर से पकड़ लिया और उसके गालों पर एक चुम्मी दी … सलीम की पकड़ किसी दोस्त इवकी पकड़ नहीं थी बल्कि ऐसी जिससे लगे की दोनों दोस्त से ज्यादा कुछ और hi है .. (रौशनी मन में सोची की यह बस उसकी वेहम होगी .. सलीम रहे काळा बुड्ढे और वह गोरी कमान लड़की .. नहीं ऐसे कुछ नहीं होगा उनके बीच ..) और रौशनी ऑफिस में चली गयी ..
कुछ देर बाद वही लड़की रौशनी को मिल इ आयी ..
“Hello दीदी , कैसी हो आप में हूँ मीनल .. आपको इस नयी जॉब की बधाई ..”
शुक्रिया मीनल , वैसे में हूँ रौशनी ..”
“हाँ रौशनी जी सलीम मियां ने आपके बारे में सब बताया मुझे , वह तोह आपसे काफी इम्प्रेस हैं .. आपकी तारीफ कर रहे थे”
रौशनी मुस्कुरायी .. “हु सलीम जी अच्छे हैं , ऐसे hi तारीफ करते रहते हैं ..”
मीनल मन में (अच्छा तोह सलीम ने इस पर भी अपने अच्छे पैन का नाटक किया हैं .. साल बुद्धा हैं hi महा कमीना )
मीनल बोली “हाँ हैं तोह काफी अच्छे सिम मियां , थोड़े पागल हैं ः लेकिन अच्छे हैं ..”
रौशनी मुस्कुराई “ैक्सः फिर तुम यहाँ कैसे , तुम्हे कैसे पता है. सलीम जी”
मीनल बोली “रौशनी जी में यहाँ मेरी एक इंटर्नशिप करती थी कुछ 6 महीने पहले .. में सोशल वर्क में मास्टर्स कर रही हूँ.”
मुझे यहाँ मौका मिला था एक छोटी सी इंटर्नशिप करने की इसलिए आयी थी. सलीम जी को अच्छी तरह से जानती हूँ.
रौशनी मुस्कुराई “और असलम जी उनको ?
मीनल “उनसे इतना नहीं लेकिन हाँ दोस्ती हुयी थी ..”
रौशनी बोलती हैं “अच्छा तोह तुम्हे पता हैं असलम जी की बीमारी के बारे में ..
मीनल कुछ सोचती हैं , कौनसी बिमारी हैं असलम को , फिर सोचती हैं कुछ तोह दाल में कला हैं .. उनको तोह कोई ऐसी बिमारी नहीं .. “रौशनी जी में 6 महीने पहले hi यहाँ से गयी हूँ , तब से बस सैमी मोयन से कभी कबर मिलने आ जाती हूँ..”
रौशनी को याद आया की सलीम और असलम ने कहा था की असलम जी की बिमारी बस कुछ hi 3 महीने पहले से शुरू हुयीभाईन .. “खैर रहने दो , वैसे it’s ा प्लेअसुरे मीटिंग ु .. मिलते रहना ..
मीनल मन में ( हाँ मिलना तोह होगा hi , सलीम मियां से छोड़ने जो आती रहती हूँ , साला ठरकी मुझे से मन भर गया तोह अब रौशनी जैसी महिला की चुदाई के प्लान्स बना रहा होगा..)
“यस रौशनी जी हम मिलते रहेंगे .. (आखिर तू मेरी कम्पटीशन बनने वाली हैं डिअर )
अब रोहणी को याद आया की 4.30 को सलीम ने उसे किसी फंक्शन के लिए बुलाया था.
व हास पास दिल्ली तोह ऑफिस में और कोई नहीं था . रौशनी को अजीब लाहा की ऑफिस में कोई माहि था .
अब रौशनी सलीम के घर गयी . पहले तोह पूरा अँधेरा था … इसकिये रौशनी को समझ नहीं आया ऐसे क्यों हैं .. जैसे hi वह और अंदर चली गयी एकदम से लाइट ों हो गयी और रौशनी ने पाया की सब ऑफिस स्टाफ और ंगो के रहने वाले आगे खड़े थे और उनके सामने एक केक था और पीछे एक बैनर जिस पर लिखा था - वेलकम रौशनी मां आवर नई ंगो मैनेजर-
रौशनी यह देख बहुत इमोशनल हो गयी … वहां सलीम और असलम दोनों भी थे ..
रौशनी को पता चला की सब प्लानिंग सलीम और असलम ने करि थी. इसी काम के लिए hi असलम बहार गए थे आज .
रौशनी दोनों को शुक्रिया kari”thank यू सलीम और असलम , आपने यह सब मेरे लिए किया हैं .. शुक्रिया.”
“चलो रौशनी जी केक कट करिये … चलिए ..
अब रौशनी केक कट करने के लिए टेबल के वहां गयी. पीछे एक तरफ असलम खड़ा था और दूसरी तरफ सलीम और बाकी के काफी लोग बुइ खड़े थे ..
दोनों रौशनी के कमर को, नंगी पीठ को देख रहे थे और उसके ितंव करीब होते हुए उनका लुंड भी उभरने लगा ..
अब रौशनी निचे झुकी केक कट करने तोह उसकी चूतड़ पीछे एकदम सलीम के उभरते लुंड के करीब थी .. सलीम अब एक कदम आगे बढ़ा . उसके आगे आते hi हलके से रौशनी के चूतड़ जा कर सलीम के उभरते लुंड को टच करि … पीछे के लोगों का फायदा उठा कर सलीम ने अपने हिप्स को थोड़ा आगे धकेल दिया जिससे उसका उभरता लुंड अब रौशनी की चूतड़ों पर हलके से दबने लगा ..
रौशनी को अपने चूतड़ों पर थोड़ी सी चुंबन महसूस हुई .. सलीम ने एक धीरे से धक्का दिया और उसका लुंड अब रौशनी के चूतड़ों पर और दबने लगा .. इससे रौशनी के मुँह से हलकी सी आह निकली ..
असलम यह सब देख रहा था … वह भी सलीम जैसे hi एक दो कदम आगे बढ़ा और रौशनी की दायी चूतड़ अब असलम के लुंड पर भी दबने लगी .. दोनों इसका आनद ले रहे थे .. रौशनी भी अपनी दो चूतड़ों पर चुंबन महसूस करि ..
जल्दी कर करिये रौशनी जी” सलीम बोले ..
हाँ रौशनी जी जल्दी कट करिये ..
दोनों पीछे खड़े अपने लुंड उसकी चूतड़ों पर और दबाने लगे .. रौशनी के मुँह से हलकी सी आह निकली ..
अब केक कट कर सब लोग केक खाने लगे … रौशनी अब असलम और सलीम के साथ एक कार्नर में कड़ी थी ..
“रौशनी जी केक कैसे लगा , आपके लिए चॉकलेट केक लाया था … आपको चॉकलेट पसंद हैं न”
हाँ सलीम जी बहुत hi पसंद हैं , मुझे तोह डार्क चॉकलेट बहुत पसंद हैं ..”
असलम मुस्कुराया “रौशनी मैडम हमारे पास दो दो बड़े डार्क चॉकलेट्स हैं … उन्हें आपको खिलने में हमें बहुत मज़्ज़ा आएगा ..”
“अच्छा असलम जी कहाँ हैं हु डार्क चॉकलेट .. मुझे ज़रूर एक दिन दे दो आपके पास जो डार्क चॉकलेट हैं उसे.”
सलीम बोले “ज़रूर वक़्त आने पर आपको हमारे पास वाले डार्क चॉकलेट्स खिलाएंगे”
अब सलीम का गन्दा दिमाग चलने लगा .. वह बोलै “रौशनी जी दो मं मुझे असलम से कीच बात करनी हैं ..”
सलीम और असलम रौशनी से थोड़ा दूर जाकर कुछ बाते करने लगे ..
सलीम की बात सुनकर असलम मुस्कुराने लगा .
दोनों ने अपने पंत में अपने हाथों से अपने लुंड को रगड़ने लगे , … फिर रौशनी के पास दोनों आ गयेह.
रौशनी जी हमें आपको केक खिलाना हैं , मन मत करिये ..”
रौशनी उन्हें देख मुस्कुरायी , ठीक हैं . आप ने यह सब अर्रंगे किया हैं तोह आप मुझे केक खिला सकते हो”
फिर रौशनी ने केक कट करि … उसने एक पीेछे निकला और उसे सलीम को दिया और फिर असलम को.
फॉर सलीम ने एक केक पीेछे कट कर रौशनी को खिलने लगा .. उसने जान बुझ कर स्माल पीेछे खिलाया ताकि रौशनी उस पैसा को अपने मुँह में लेते हुए अपने होठों से सलीम के उँगलियों को भी अपने मुँह में लेना पड़ा … उसके होठं हलके से सलीम के उँगलियों पर बंद हुए .. यह दृश्य देख सलीम का लुंड जोरों से झटके मारने लगा ..रौशनी एक तोह केक खा रही थी और दूसरी बात उसने उसके वही हाथ से केक खाया था जिससे उसने अपने लुंड पर रगड़ कर आया था .
फिर असलम केक खिलने लगा , उसने एक बड़ा पीेछे लिया और वह खिलते समय केक का क्रीम रौशनी के होठों पर हलके से रगड़ने लगा …
रौशनी केक के बाद मुस्कुरायी असलम जी आप ने मेरे लिपस्टिक को ख़राब किया हैं उफ्फ्फ इतना बड़ा पीेछे दिया आपने और क्रीम सब लिप्स पर लगायी आपने उफ्फ्फ .. आप भी न ..
असलम मुस्कुराया “मैडम जी केक hi तोह खिला रहा हूँ ; मुझे तोह बड़े पीेछे hi खिलने में मज़्ज़ा आता हैं …” आपको हमेशा बड़े पीेछे hi खिलाऊंगा ..”
रौशनी मुस्कुरायी , “अच्छा असलम जी कोई प्रॉब्लम नहीं …
रौशनी को नहीं पता था की उसने केक तोह खाया था लेकिन उसने केक उनके ुसिन्हाथ से खायी थी जो अभी कुछ समय पहले उनके लुन्डों पर थे ..
असलम और सलीम को वह बात पता थी और मन hi मन खुश थे ..
रौशनी जी आप हमारी दोस्त बन गयी हो … आप को रोज़ हमसे मिलना चाहिए .. डील !!
“हाँ सलीम जी , असलम जी जरूर , आप दोनों इतने वेलकमिंग हो जब से में आयी हूँ .. हाँ हम तीनो दोस्त हैं ..”
डॉन ओने अपने हाथों को आगे बढ़ाया और रौशनी दोनों के हाथों को शेक करि ..
रौशनी के मुलायम हाथों को अपने हाथों में पाकर दोनों के लुंड बुरी तरह से उनके पंत में झटके मार रहे थे ..
अब सब होने के बाद रौशनी वहां से चली गयी … उसे फिर से घर जाना था और रमेश उसके लिए रेडी था उसे घर ड्राप करने..