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- Dec 5, 2013
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दोस्तों ये मेरी नई स्टोरी ह
ये स्टोरी इक ककोल्ड स्टोरी ह जिन लोंगो को ककोल्ड स्टोरी नहीं पसंद वो लोग ये स्टोरी न पड़े क्यू की इसमें घर की औरतों को गैर मर्दों से छुड़वाने का एंगल बहुत स्ट्रांग है
दोस्तों में असीम अपनी फॅमिली के रियल हिस्से पर ये स्टोरी लिख रहा हु
मेरे घर की औरतें आज तक किसी गैर मर्द के सामने मुँह भी नहीं दिखती
पर मेरी हवस ने सब बदल दिया है
तो सबसे पहले मेरी शरीफ फॅमिली के बारे में जान लेते ह
(1) अब्बू... असलम खान आगे 55 साल
बहुत स्ट्रिक्ट और गुस्से वाले हैं
गांव में कपड़ो की शॉप चलते हैं
घर की औरतों पे बहुत सख्ती करते हैं
कहीं आने जाने नहीं देते
पूरा दिन उनका गुस्सा और हुकुम hi चलता है
(2) अम्मी.... सोफ़िया खान आगे 48 साल
उफ्फ्फ दोस्तों अम्मी का फिगर लाजवाब है
सलवार सूट में उनके बड़े बड़े दूध इतने उभरे हुए होते हैं की ऊपर से hi देख कर लुंड खड़ा हो जाये
दूध इतने भरे हुए और गोल गोल हैं की सलवार के कपडे भी टाइट पद जाते हैं
गांड भी मोती मोती है जो चलते वक़्त हिलती है
घर में भी सिर्फ सलवार सूट hi पहनती हैं
चेहरा बहुत गोरा और होंठ गुलाबी
अम्मी को देख कर कोई भी पागल हो जाये पर अब्बू ने आज तक उनके फिगर का असली मज़ा नहीं लिया होगा शायद
(3) मेरी बड़ी आपि अनाम खान आगे 28
तलाक़शुदा है
उसका फिगर अम्मी से भी ज़्यादा बड़ा और मस्त है
सलवार सूट में उसके दूध इतने बड़े और भरे हुए हैं की कपडे फटने को होते हैं
गांड एकदम राउंड और टाइट
जब चलती है तो पूरी गांड हिलती है
शादी के बाद उसकी ज़िन्दगी ख़राब हो गयी थी इसलिए अब घर पे hi रहती है
बहुत काम बोलती है पर जब देखती है तो आँखों में आग सी लगती है
(4) मेरी दूसरी आपि ज़ैनब खान आगे 26
पढाई पूरी कर चुकी है
शादी की बात चल रही है
ऊके बड़े बड़े दूध सलवार सूट के ऊपर से hi बहार निकलने को होते हैं
दूध इतने तने हुए और भरे हुए हैं की ब्रा के बिना भी खड़े दीखते हैं
फिगर एकदम भरा हुआ
गांड भी बहुत मोती और लचकती है
पर्दा करती है पर जब घर में होती है तो सलवार सूट थोड़ा टाइट पहनती है जिससे दूध और गांड का शेप साफ़ दीखता है
(5) मेरी छोटी बहन नूर खान आगे 22
गांव के कॉलेज में जाती है
स्लिम फिगर है पर बहुत तेज़ जवानी चढ़ी हुई है
कुर्ती लेग्गिंग्स पहनती है जिसमे उसकी पतली कमर और उभरी हुई गांड बहुत मस्त दिखती है
दूध मध्यम साइज के हैं पर बहुत टाइट और गोल
जब कॉलेज से आती है तो लेग्गिंग्स में उसकी टैंगो की शेप और गांड का हिलना देख कर मेरा लुंड खड़ा हो जाता है
बहुत शरीफ है पर थोड़ी नटखट भी
(6) फिर में यानि असीम खान आगे 24
कॉलेज ख़तम करके सिर्फ 4 दिन पहले घर आया हूँ
अब्बू की सख्ती की वजह से पहले बहुत डाब के रहता था
अब जब घर आया हूँ तो अम्मी और आपियों के फिगर्स देख कर मेरा लुंड परेशां होने लगा है
पहले कॉलेज में भी कुछ नहीं किया था पर अब दिल में हवस जग रही है
(7) मेरा दोस्त अर्जुन आगे 25
मेरा कॉलेज का साथ hi था गांव का hi लड़का
उसका लुंड 8 इंच का मोटा है
बहुत साड़ी लड़कियों को छोड़ चूका है
वो hi मेरा सहारा है चुदाई के लिए
उसकी बातें सुन कर मेरा लुंड तन जाता है
अब वो hi मुझे मदद करेगा घर की औरतों को छोड़ने में
दोस्तों ये है मेरी शरीफ फॅमिली
घर की औरतें
अब्बू सख्त हैं
पर मेरी नज़र अब इनके बड़े बड़े दूध और मोती गांड पे अटक गयी है
पिछली रात की बात है…
मुझे बहुत प्यास लगी थी. कॉलेज के ऐनी के बाद घर आने की वजह से नींद भी ठीक से नहीं आ रही थी. 2ंद फ्लोर पे मेरा कमरा है. रात के 2 बजे के आसपास आँख खुल गयी. पानी पिने के लिए मैं सीधा निचे किचन की तरफ गया.
जैसे hi मैं सीढ़ी के लास्ट स्टेप पे पहुंचा, मुझे किचन से हलकी सी आवाज़ आने लगी…
अह्ह्ह… उफ्फ्फ्फ़… हाय्यय…
पहले तो लगा कोई सपना देख रहा हूँ. फिर से आवाज़ आयी…
अह्ह्ह… और अंदर… …
मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धक् धक् करने लगा. मैं चुपके से किचन के दरवाज़े के पास गया और थोड़ा सा झाँक कर अंदर देखा…
उफ्फ्फ्फ़ दोस्तों… जो नज़ारा दिखा उसने मेरा लुंड एक सेकंड में खड़ा कर दिया.
अंदर मेरी बड़ी आपि अनाम कड़ी नहीं थी… बल्कि किचन के रक् पे बैठी थी.
उसकी सलवार पूरी तरह घुटनो तक उतर राखी थी. टाँगे फैला राखी थी. एक हाथ से अपनी छूट को मसल रही थी और दूसरे हाथ से अपने बड़े बड़े दूध को दबा रही थी.
उसकी छूट… उफ्फ्फ्फ़ बिलकुल गुलाबी और भरी हुई थी.
2-3 उँगलियाँ अंदर बहार कर रही थी और हर बार जब ऊँगली अंदर जाती थी तो एक “पूछ पूछ” की आवाज़ आ रही थी. छूट इतनी गीली हो चुकी थी की उँगलियाँ चमक रही थी.
आपि की सांस तेज़ तेज़ चल रही थी.
आँखें बंद, होंठ खुले, और मुँह से सिर्फ सिसकियाँ निकल रही थी…
“अह्ह्ह… हाय्यय… और ज़ोर से… अह्ह्ह… मेरी छूट तड़प रही है… उफ्फ्फ्फ़…”
उनके बड़े बड़े दूध सलवार के ऊपर से hi बहार निकलने को हो रहे थे.
सलवार का दुपट्टा एक तरफ गिरा हुआ था. दूध इतने उभरे हुए और भरे हुए थे की ब्रा के ऊपर से भी शेप साफ़ दिखाई दे रहा था. वह अपने दूध को ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी, निप्पल को ऊँगली से घूमती हुई…
गांड रक् पे डाब रही थी और जब जब ऊँगली अंदर जाती थी तो गांड भी हिलती थी.
पूरी बॉडी पसीने से चमक रही थी.
मैं वही दरवाज़े पे खड़ा था, अपना लुंड पायजामा के ऊपर से पकड़ लिया था.
ज़िन्दगी में पहली बार मैंने किसी औरत की छूट देखि थी… और वो भी मेरी सगी बड़ी आपि की.
उसकी गुलाबी छूट, उँगलियों के अंदर बहार होने का नज़ारा, दूध का हिलना, सिसकियाँ… सब देख कर मेरा लुंड पायजामा फाड़ने को हो रहा था.
आपि और तेज़ तेज़ ऊँगली करने लगी…
“अह्ह्ह… हाय्यय… और अंदर… पूरा अंदर… अह्ह्ह… कोई तो मेरी छूट छोड़ दे… उफ्फ्फ्फ़… इतने दिन से तड़प रही हूँ…”
उनकी टाँगे और फ़ैल गयी. अब उनकी पूरी छूट साफ़ दिखाई दे रही थी.
छूट के ऊपर हलके हलके बाल थे, और अंदर वाला गुलाबी हिस्सा चमक रहा था. हर ऊँगली के साथ पानी निकल रहा था और रक् पे गिर रहा था.
मैंने अपना पायजामा नीचे कर दिया और अपना खड़ा लुंड बहार निकाल लिया.
पहली बार अपनी बड़ी आपि को ऐसे देख कर मैं पागल हो गया था.
मैंने अपना लुंड हिलना शुरू कर दिया…
आपि अब ज़ोर ज़ोर से सिसक रही थी…
“अह्ह्ह… हाय्यय… मेरी छूट पहाड़ दो कोई… अह्ह्ह… बड़ा मोटा लुंड… अह्ह्ह… अंदर दाल दो…”
उनकी उँगलियाँ अब 3 की जगह 4 हो गयी थी. पूरी टाँगे काँप रही थी.
दूध को इतना ज़ोर से दबा रही थी की उनके दूध लाल पद गए थे.
मैं भी तेज़ तेज़ मुठ मरने लगा…
दिमाग में सिर्फ एक hi बात थी – अगर मेरी आपि की जगह कोई और होता लुंड इस गुलाबी छूट में घुसेड़ देता… और आपि चीखती हुई मज़े ले रही होती.
अचानक आपि ने ज़ोर से एक चीख मारी…
“अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह… आ गयी… आ गयी… उफ्फ्फ्फ़…”
उनकी छूट से पानी की एक बड़ी सी धार निकल गयी. पूरा रक् गीला हो गया.
उनकी बॉडी काँप रही थी, आँखें बंद, मुँह खुला… बिलकुल थक कर प्लेटफार्म पे लेट गयी.
मैं भी उसी वक़्त झाड़ गया… मेरा सारा माल दरवाज़े के पास hi गिर गया.
झट से मैंने पायजामा ऊपर किया और चुपके से सीढ़ियों की तरफ भाग गया.
मेरी साँसे तेज़ तेज़ चलने लगी.
ऊपर जाकर मैं बिस्तर पे लेट गया पर नींद नहीं आ रही थी.
बार बार आँखों के सामने आती थी मेरी बड़ी आपि अनाम… सलवार उतरे हुए, टाँगे फैलाये, छूट मसलते हुए, और चीखती हुई…
दोस्तों अब से मेरी नज़र सिर्फ उनके बड़े बड़े दूध और उस गुलाबी छूट पे hi अटकती है.
सुबह 8 बजे हॉल में नाश्ता चल रहा था.
मैं टेबल पे बैठा था, पर मेरा दिमाग पूरा रात वाले किचन के सन पे अटका हुआ था. अम्मी ने गरम गरम पराठे और चाय बना राखी थी. अब्बू सबसे पहले आये, उनका गुस्सा वाला चेहरा देख कर मैंने नज़र झुका ली. फिर छोटी बहन नूर आयी, उसकी टाइट कुर्ती में दूध थोड़े से उभरे हुए थे, पर मेरा मैं तो सिर्फ बड़ी आपि पे था.
और फिर… दरवाज़े से मेरी बड़ी आपि अनाम अंदर आयी.
उफ्फ्फ्फ़ दोस्तों… उसको देख कर मेरा लुंड पायजामा के अंदर hi एक झटका मार बैठा.
आपि आज भी अपने नार्मल सलवार सूट में थी. ऊपर वाला कुरता थोड़ा टाइट था, इसलिए दोनों बड़े बड़े दूध बिलकुल उभरे हुए और हलके हलके हिलते हुए दीखते थे. हर कदम के साथ दूध इतना ज़ोर से हिल रहे थे की ब्रा के शेप भी साफ़ दिख रहा था. गांड पे सलवार इतनी चुस्ती से चिपकी हुई थी की दोनों मोती गांड के हिस्से alag-alag दीखते थे और चलते वक़्त एकदम lachak-lachak कर हिल रहे थे.
मैं नाश्ता करते हुए उनको गन्दी नज़रो से घर रहा था.
जब आपि मेरे सामने बैठने के लिए झुकी तो कुरता आगे को लटक गया और दूध का गहरा गहरा क्लीवेज साफ़ दिख गया. रात वाला नज़ारा आँखों के सामने आ गया – एहि दूध लटकते हुए थे जब आपि अपनी छूट मसल रही थी. मैं सोच रहा था – रात में ये दूध कितने ज़ोर से दबा रही थी… निप्पल कितने टाइट हो गए होंगे…
आपि ने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए बोली,
“असीम बीटा, पराठा ठंडा हो रहा है, गरम गरम खा लो न.”
मैं सिर्फ हाँ में सर हिला दिया, पर नज़र उनके दूध पे hi टिक गयी थी. चाय पीते हुए भी बार बार उनकी गांड की तरफ देख रहा था. जब आपि उठ कर किचन से पराठा लेने गयी तो उनकी गांड इतनी ज़ोर से हिल रही थी की मेरा लुंड पायजामा के अंदर पूरा खड़ा हो गया. मैं नीचे हाथ दाल कर चुपके से लुंड को दबाने लगा.
अब्बू कुछ बोल रहे थे शॉप के बारे में, नूर कॉलेज की बात कर रही थी, पर मेरा दिमाग तो सिर्फ आपि की छूट पे था – वही गुलाबी छूट जो रात में उँगलियों से गीली हो रही थी और पानी छोड़ रही थी. नाश्ता ख़तम होते होते मैं और ज़्यादा परेशां हो गया था.
नाश्ता ख़तम होते hi मैं झट से उठा.
अम्मी ने पुछा, “बीटा कहाँ जा रहे हो इतनी जल्दी?”
मैं बोलै, “अर्जुन के यहाँ… कॉलेज के कुछ काम की बातें करनी हैं.”
सीधा अर्जुन के घर पहुँच गया. 10 मिनट की दूरी थी पर मुझे 10 घंटे लग गए लग रहे थे. अर्जुन ने दरवाज़ा खोला और हंस के अंदर बिठा लिया. बिस्तर पे लेट गए हम दोनों.
अर्जुन ने पहले hi अपना मोबाइल निकला और एक नंगी लड़की की फोटो दिखते हुए बोलै,
“यार असीम, कल रात एक नयी माल मिली थी… 28 साल की shaadi-shuda औरत… उसका पति बहार गया हुआ था. मैं उसको अपने बाइक पे बैठा कर घर ले आया. उसकी छूट देखि तो पूरी गीली थी पहले से. मैंने उसको सीधा घोड़ी बनाया… पीछे से उसकी मोती गांड पकड़ी और अपना 8 इंच का मोटा लुंड धीरे धीरे अंदर पेलने लगा. वो पहले तो ‘अर्जुन धीरे… बहुत मोटा है…’ बोल रही थी, पर 5-6 धक्के के बाद खुद hi गांड पीछे करने लगी. पूरी रात उसकी छूट में 3 बार माल भरा… जब जा रहा था तो वो खुद बोल रही थी ‘कल फिर आ जाना……’”
अर्जुन हंस रहा था और अपना लुंड पायजामा के ऊपर से हलके हलके सहलाने लगा.
“यार तुझे पता है… बहुत सी औरतें अपने पति के छोटे लुंड से परेशां रहती हैं. एक बार मैंने एक 30 साल की भाभी को छोड़ा था… उसके दूध इतने बड़े थे की मैंने उसको चित लिटाया और दोनों दूध को मुँह में लेकर धीरे धीरे चूसा… निप्पल को हलके से काटा… वो पागलो की तरह सिसकती रही. फिर उसकी गांड में भी धीरे से दाल दिया था… पूरी गांड लाल हो गयी थी थप्पड़ों से, पर वो खुद बोल रही थी ‘और मारो… और ज़ोर से…’”
मेरा दिमाग तो पूरा आपि पे था.
अर्जुन की हर बात सुनते hi रात वाला सन रीप्ले हो रहा था – आपि रक् पे बैठी, टाँगे फैलाये, ऊँगली अंदर बहार… “अह्ह्ह… मेरी छूट तड़प रही है… और अंदर…”
मैं बहार से सर हिला रहा था पर अंदर से सोच रहा था – अगर कोई ऐसी hi औरत मेरी आपि जैसी हो… उसके बड़े बड़े दूध… मोती गांड… गुलाबी छूट…
अर्जुन ने मुझे ठोकर मारी और बोलै,
“यार असीम, तेरा चेहरा इतना लाल क्यों है? बोल न… तुझे भी कोई नया माल मिला क्या? या अभी तक सिर्फ मुठ hi मार रहा है? देख मेरा लुंड… इतना मोटा है की लड़कियां पहले तो दर जाती हैं, फिर खुद बोलती हैं ‘और ज़ोर से पेलो… पूरा अंदर दाल दो…’”
मैं मुस्कुराया और बोलै,
“है यार… अब तो मेरा लुंड भी बहुत परेशां होने लगा है…”
पर सच ये था की मेरा लुंड सिर्फ मेरी बड़ी आपि अनाम की उस गुलाबी छूट और बड़े बड़े दूध के लिए तड़प रहा था. अर्जुन की बातें सुन कर मेरा दिमाग और गरम हो गया था, पर मैं अभी कुछ नहीं बोलै.
ये स्टोरी इक ककोल्ड स्टोरी ह जिन लोंगो को ककोल्ड स्टोरी नहीं पसंद वो लोग ये स्टोरी न पड़े क्यू की इसमें घर की औरतों को गैर मर्दों से छुड़वाने का एंगल बहुत स्ट्रांग है
दोस्तों में असीम अपनी फॅमिली के रियल हिस्से पर ये स्टोरी लिख रहा हु
मेरे घर की औरतें आज तक किसी गैर मर्द के सामने मुँह भी नहीं दिखती
पर मेरी हवस ने सब बदल दिया है
तो सबसे पहले मेरी शरीफ फॅमिली के बारे में जान लेते ह
(1) अब्बू... असलम खान आगे 55 साल
बहुत स्ट्रिक्ट और गुस्से वाले हैं
गांव में कपड़ो की शॉप चलते हैं
घर की औरतों पे बहुत सख्ती करते हैं
कहीं आने जाने नहीं देते
पूरा दिन उनका गुस्सा और हुकुम hi चलता है
(2) अम्मी.... सोफ़िया खान आगे 48 साल
उफ्फ्फ दोस्तों अम्मी का फिगर लाजवाब है
सलवार सूट में उनके बड़े बड़े दूध इतने उभरे हुए होते हैं की ऊपर से hi देख कर लुंड खड़ा हो जाये
दूध इतने भरे हुए और गोल गोल हैं की सलवार के कपडे भी टाइट पद जाते हैं
गांड भी मोती मोती है जो चलते वक़्त हिलती है
घर में भी सिर्फ सलवार सूट hi पहनती हैं
चेहरा बहुत गोरा और होंठ गुलाबी
अम्मी को देख कर कोई भी पागल हो जाये पर अब्बू ने आज तक उनके फिगर का असली मज़ा नहीं लिया होगा शायद
(3) मेरी बड़ी आपि अनाम खान आगे 28
तलाक़शुदा है
उसका फिगर अम्मी से भी ज़्यादा बड़ा और मस्त है
सलवार सूट में उसके दूध इतने बड़े और भरे हुए हैं की कपडे फटने को होते हैं
गांड एकदम राउंड और टाइट
जब चलती है तो पूरी गांड हिलती है
शादी के बाद उसकी ज़िन्दगी ख़राब हो गयी थी इसलिए अब घर पे hi रहती है
बहुत काम बोलती है पर जब देखती है तो आँखों में आग सी लगती है
(4) मेरी दूसरी आपि ज़ैनब खान आगे 26
पढाई पूरी कर चुकी है
शादी की बात चल रही है
ऊके बड़े बड़े दूध सलवार सूट के ऊपर से hi बहार निकलने को होते हैं
दूध इतने तने हुए और भरे हुए हैं की ब्रा के बिना भी खड़े दीखते हैं
फिगर एकदम भरा हुआ
गांड भी बहुत मोती और लचकती है
पर्दा करती है पर जब घर में होती है तो सलवार सूट थोड़ा टाइट पहनती है जिससे दूध और गांड का शेप साफ़ दीखता है
(5) मेरी छोटी बहन नूर खान आगे 22
गांव के कॉलेज में जाती है
स्लिम फिगर है पर बहुत तेज़ जवानी चढ़ी हुई है
कुर्ती लेग्गिंग्स पहनती है जिसमे उसकी पतली कमर और उभरी हुई गांड बहुत मस्त दिखती है
दूध मध्यम साइज के हैं पर बहुत टाइट और गोल
जब कॉलेज से आती है तो लेग्गिंग्स में उसकी टैंगो की शेप और गांड का हिलना देख कर मेरा लुंड खड़ा हो जाता है
बहुत शरीफ है पर थोड़ी नटखट भी
(6) फिर में यानि असीम खान आगे 24
कॉलेज ख़तम करके सिर्फ 4 दिन पहले घर आया हूँ
अब्बू की सख्ती की वजह से पहले बहुत डाब के रहता था
अब जब घर आया हूँ तो अम्मी और आपियों के फिगर्स देख कर मेरा लुंड परेशां होने लगा है
पहले कॉलेज में भी कुछ नहीं किया था पर अब दिल में हवस जग रही है
(7) मेरा दोस्त अर्जुन आगे 25
मेरा कॉलेज का साथ hi था गांव का hi लड़का
उसका लुंड 8 इंच का मोटा है
बहुत साड़ी लड़कियों को छोड़ चूका है
वो hi मेरा सहारा है चुदाई के लिए
उसकी बातें सुन कर मेरा लुंड तन जाता है
अब वो hi मुझे मदद करेगा घर की औरतों को छोड़ने में
दोस्तों ये है मेरी शरीफ फॅमिली
घर की औरतें
अब्बू सख्त हैं
पर मेरी नज़र अब इनके बड़े बड़े दूध और मोती गांड पे अटक गयी है
पिछली रात की बात है…
मुझे बहुत प्यास लगी थी. कॉलेज के ऐनी के बाद घर आने की वजह से नींद भी ठीक से नहीं आ रही थी. 2ंद फ्लोर पे मेरा कमरा है. रात के 2 बजे के आसपास आँख खुल गयी. पानी पिने के लिए मैं सीधा निचे किचन की तरफ गया.
जैसे hi मैं सीढ़ी के लास्ट स्टेप पे पहुंचा, मुझे किचन से हलकी सी आवाज़ आने लगी…
अह्ह्ह… उफ्फ्फ्फ़… हाय्यय…
पहले तो लगा कोई सपना देख रहा हूँ. फिर से आवाज़ आयी…
अह्ह्ह… और अंदर… …
मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धक् धक् करने लगा. मैं चुपके से किचन के दरवाज़े के पास गया और थोड़ा सा झाँक कर अंदर देखा…
उफ्फ्फ्फ़ दोस्तों… जो नज़ारा दिखा उसने मेरा लुंड एक सेकंड में खड़ा कर दिया.
अंदर मेरी बड़ी आपि अनाम कड़ी नहीं थी… बल्कि किचन के रक् पे बैठी थी.
उसकी सलवार पूरी तरह घुटनो तक उतर राखी थी. टाँगे फैला राखी थी. एक हाथ से अपनी छूट को मसल रही थी और दूसरे हाथ से अपने बड़े बड़े दूध को दबा रही थी.
उसकी छूट… उफ्फ्फ्फ़ बिलकुल गुलाबी और भरी हुई थी.
2-3 उँगलियाँ अंदर बहार कर रही थी और हर बार जब ऊँगली अंदर जाती थी तो एक “पूछ पूछ” की आवाज़ आ रही थी. छूट इतनी गीली हो चुकी थी की उँगलियाँ चमक रही थी.
आपि की सांस तेज़ तेज़ चल रही थी.
आँखें बंद, होंठ खुले, और मुँह से सिर्फ सिसकियाँ निकल रही थी…
“अह्ह्ह… हाय्यय… और ज़ोर से… अह्ह्ह… मेरी छूट तड़प रही है… उफ्फ्फ्फ़…”
उनके बड़े बड़े दूध सलवार के ऊपर से hi बहार निकलने को हो रहे थे.
सलवार का दुपट्टा एक तरफ गिरा हुआ था. दूध इतने उभरे हुए और भरे हुए थे की ब्रा के ऊपर से भी शेप साफ़ दिखाई दे रहा था. वह अपने दूध को ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी, निप्पल को ऊँगली से घूमती हुई…
गांड रक् पे डाब रही थी और जब जब ऊँगली अंदर जाती थी तो गांड भी हिलती थी.
पूरी बॉडी पसीने से चमक रही थी.
मैं वही दरवाज़े पे खड़ा था, अपना लुंड पायजामा के ऊपर से पकड़ लिया था.
ज़िन्दगी में पहली बार मैंने किसी औरत की छूट देखि थी… और वो भी मेरी सगी बड़ी आपि की.
उसकी गुलाबी छूट, उँगलियों के अंदर बहार होने का नज़ारा, दूध का हिलना, सिसकियाँ… सब देख कर मेरा लुंड पायजामा फाड़ने को हो रहा था.
आपि और तेज़ तेज़ ऊँगली करने लगी…
“अह्ह्ह… हाय्यय… और अंदर… पूरा अंदर… अह्ह्ह… कोई तो मेरी छूट छोड़ दे… उफ्फ्फ्फ़… इतने दिन से तड़प रही हूँ…”
उनकी टाँगे और फ़ैल गयी. अब उनकी पूरी छूट साफ़ दिखाई दे रही थी.
छूट के ऊपर हलके हलके बाल थे, और अंदर वाला गुलाबी हिस्सा चमक रहा था. हर ऊँगली के साथ पानी निकल रहा था और रक् पे गिर रहा था.
मैंने अपना पायजामा नीचे कर दिया और अपना खड़ा लुंड बहार निकाल लिया.
पहली बार अपनी बड़ी आपि को ऐसे देख कर मैं पागल हो गया था.
मैंने अपना लुंड हिलना शुरू कर दिया…
आपि अब ज़ोर ज़ोर से सिसक रही थी…
“अह्ह्ह… हाय्यय… मेरी छूट पहाड़ दो कोई… अह्ह्ह… बड़ा मोटा लुंड… अह्ह्ह… अंदर दाल दो…”
उनकी उँगलियाँ अब 3 की जगह 4 हो गयी थी. पूरी टाँगे काँप रही थी.
दूध को इतना ज़ोर से दबा रही थी की उनके दूध लाल पद गए थे.
मैं भी तेज़ तेज़ मुठ मरने लगा…
दिमाग में सिर्फ एक hi बात थी – अगर मेरी आपि की जगह कोई और होता लुंड इस गुलाबी छूट में घुसेड़ देता… और आपि चीखती हुई मज़े ले रही होती.
अचानक आपि ने ज़ोर से एक चीख मारी…
“अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह… आ गयी… आ गयी… उफ्फ्फ्फ़…”
उनकी छूट से पानी की एक बड़ी सी धार निकल गयी. पूरा रक् गीला हो गया.
उनकी बॉडी काँप रही थी, आँखें बंद, मुँह खुला… बिलकुल थक कर प्लेटफार्म पे लेट गयी.
मैं भी उसी वक़्त झाड़ गया… मेरा सारा माल दरवाज़े के पास hi गिर गया.
झट से मैंने पायजामा ऊपर किया और चुपके से सीढ़ियों की तरफ भाग गया.
मेरी साँसे तेज़ तेज़ चलने लगी.
ऊपर जाकर मैं बिस्तर पे लेट गया पर नींद नहीं आ रही थी.
बार बार आँखों के सामने आती थी मेरी बड़ी आपि अनाम… सलवार उतरे हुए, टाँगे फैलाये, छूट मसलते हुए, और चीखती हुई…
दोस्तों अब से मेरी नज़र सिर्फ उनके बड़े बड़े दूध और उस गुलाबी छूट पे hi अटकती है.
सुबह 8 बजे हॉल में नाश्ता चल रहा था.
मैं टेबल पे बैठा था, पर मेरा दिमाग पूरा रात वाले किचन के सन पे अटका हुआ था. अम्मी ने गरम गरम पराठे और चाय बना राखी थी. अब्बू सबसे पहले आये, उनका गुस्सा वाला चेहरा देख कर मैंने नज़र झुका ली. फिर छोटी बहन नूर आयी, उसकी टाइट कुर्ती में दूध थोड़े से उभरे हुए थे, पर मेरा मैं तो सिर्फ बड़ी आपि पे था.
और फिर… दरवाज़े से मेरी बड़ी आपि अनाम अंदर आयी.
उफ्फ्फ्फ़ दोस्तों… उसको देख कर मेरा लुंड पायजामा के अंदर hi एक झटका मार बैठा.
आपि आज भी अपने नार्मल सलवार सूट में थी. ऊपर वाला कुरता थोड़ा टाइट था, इसलिए दोनों बड़े बड़े दूध बिलकुल उभरे हुए और हलके हलके हिलते हुए दीखते थे. हर कदम के साथ दूध इतना ज़ोर से हिल रहे थे की ब्रा के शेप भी साफ़ दिख रहा था. गांड पे सलवार इतनी चुस्ती से चिपकी हुई थी की दोनों मोती गांड के हिस्से alag-alag दीखते थे और चलते वक़्त एकदम lachak-lachak कर हिल रहे थे.
मैं नाश्ता करते हुए उनको गन्दी नज़रो से घर रहा था.
जब आपि मेरे सामने बैठने के लिए झुकी तो कुरता आगे को लटक गया और दूध का गहरा गहरा क्लीवेज साफ़ दिख गया. रात वाला नज़ारा आँखों के सामने आ गया – एहि दूध लटकते हुए थे जब आपि अपनी छूट मसल रही थी. मैं सोच रहा था – रात में ये दूध कितने ज़ोर से दबा रही थी… निप्पल कितने टाइट हो गए होंगे…
आपि ने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए बोली,
“असीम बीटा, पराठा ठंडा हो रहा है, गरम गरम खा लो न.”
मैं सिर्फ हाँ में सर हिला दिया, पर नज़र उनके दूध पे hi टिक गयी थी. चाय पीते हुए भी बार बार उनकी गांड की तरफ देख रहा था. जब आपि उठ कर किचन से पराठा लेने गयी तो उनकी गांड इतनी ज़ोर से हिल रही थी की मेरा लुंड पायजामा के अंदर पूरा खड़ा हो गया. मैं नीचे हाथ दाल कर चुपके से लुंड को दबाने लगा.
अब्बू कुछ बोल रहे थे शॉप के बारे में, नूर कॉलेज की बात कर रही थी, पर मेरा दिमाग तो सिर्फ आपि की छूट पे था – वही गुलाबी छूट जो रात में उँगलियों से गीली हो रही थी और पानी छोड़ रही थी. नाश्ता ख़तम होते होते मैं और ज़्यादा परेशां हो गया था.
नाश्ता ख़तम होते hi मैं झट से उठा.
अम्मी ने पुछा, “बीटा कहाँ जा रहे हो इतनी जल्दी?”
मैं बोलै, “अर्जुन के यहाँ… कॉलेज के कुछ काम की बातें करनी हैं.”
सीधा अर्जुन के घर पहुँच गया. 10 मिनट की दूरी थी पर मुझे 10 घंटे लग गए लग रहे थे. अर्जुन ने दरवाज़ा खोला और हंस के अंदर बिठा लिया. बिस्तर पे लेट गए हम दोनों.
अर्जुन ने पहले hi अपना मोबाइल निकला और एक नंगी लड़की की फोटो दिखते हुए बोलै,
“यार असीम, कल रात एक नयी माल मिली थी… 28 साल की shaadi-shuda औरत… उसका पति बहार गया हुआ था. मैं उसको अपने बाइक पे बैठा कर घर ले आया. उसकी छूट देखि तो पूरी गीली थी पहले से. मैंने उसको सीधा घोड़ी बनाया… पीछे से उसकी मोती गांड पकड़ी और अपना 8 इंच का मोटा लुंड धीरे धीरे अंदर पेलने लगा. वो पहले तो ‘अर्जुन धीरे… बहुत मोटा है…’ बोल रही थी, पर 5-6 धक्के के बाद खुद hi गांड पीछे करने लगी. पूरी रात उसकी छूट में 3 बार माल भरा… जब जा रहा था तो वो खुद बोल रही थी ‘कल फिर आ जाना……’”
अर्जुन हंस रहा था और अपना लुंड पायजामा के ऊपर से हलके हलके सहलाने लगा.
“यार तुझे पता है… बहुत सी औरतें अपने पति के छोटे लुंड से परेशां रहती हैं. एक बार मैंने एक 30 साल की भाभी को छोड़ा था… उसके दूध इतने बड़े थे की मैंने उसको चित लिटाया और दोनों दूध को मुँह में लेकर धीरे धीरे चूसा… निप्पल को हलके से काटा… वो पागलो की तरह सिसकती रही. फिर उसकी गांड में भी धीरे से दाल दिया था… पूरी गांड लाल हो गयी थी थप्पड़ों से, पर वो खुद बोल रही थी ‘और मारो… और ज़ोर से…’”
मेरा दिमाग तो पूरा आपि पे था.
अर्जुन की हर बात सुनते hi रात वाला सन रीप्ले हो रहा था – आपि रक् पे बैठी, टाँगे फैलाये, ऊँगली अंदर बहार… “अह्ह्ह… मेरी छूट तड़प रही है… और अंदर…”
मैं बहार से सर हिला रहा था पर अंदर से सोच रहा था – अगर कोई ऐसी hi औरत मेरी आपि जैसी हो… उसके बड़े बड़े दूध… मोती गांड… गुलाबी छूट…
अर्जुन ने मुझे ठोकर मारी और बोलै,
“यार असीम, तेरा चेहरा इतना लाल क्यों है? बोल न… तुझे भी कोई नया माल मिला क्या? या अभी तक सिर्फ मुठ hi मार रहा है? देख मेरा लुंड… इतना मोटा है की लड़कियां पहले तो दर जाती हैं, फिर खुद बोलती हैं ‘और ज़ोर से पेलो… पूरा अंदर दाल दो…’”
मैं मुस्कुराया और बोलै,
“है यार… अब तो मेरा लुंड भी बहुत परेशां होने लगा है…”
पर सच ये था की मेरा लुंड सिर्फ मेरी बड़ी आपि अनाम की उस गुलाबी छूट और बड़े बड़े दूध के लिए तड़प रहा था. अर्जुन की बातें सुन कर मेरा दिमाग और गरम हो गया था, पर मैं अभी कुछ नहीं बोलै.