Adultery Chor (A journey of a thief ) - Page 2 - SexBaba
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Adultery Chor (A journey of a thief )

Episode 6

थे जर्नी बेगिंस.


नए लगते ho..yahan सभी के लिए जगह hai...mujhe एक लड़की की कोयल सी आवाज सुनाई di..aur फिर अपने ऊपर ब्लैंकेट पड़ता महसूस hua....dil टूटने की वजह से मैंने अपने ऊपर ब्लैंकेट डालने वाली को देखा भी नहीं ब्लैंकेट से सर निकल कर....

नेक्स्ट कंटिन्यू...

सुबह उठा तो देखा सामने लोग खड़े है लाइन से जहाँ खड़े उस जगह को देखा वहां वाशरूम लिखा देखा...

मरता क्या न करता मई भी लाइन में लग गया...

2 घंटे बाद मई वाशरूम से फ्री हुआ और टंकी जहाँ लोग मुँह हाथ धो रहे थे वह से मुँह हाथ धोया..

मई : यहाँ कही काम के liye...sune भाई...

दूर हैट..

मई : 1 मिनट बात तो करो..

मैंने कई लोगो को पुकारा बात करने के लिए लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया...

फिर आकर एक पेड़ पर बने स्लिप पर बैठ गया...

मई : suniye..kuch देर बाद पेड़ के पास एक बिकलांग आदमी आकर बैठा और मैंने उसे पुकारा..

कहा से आये ho..usne पूछा.

मई : शिमला से..

आदमी : किस लिए...

मई : जॉब की तलाश में लेकिन तुम्हारी मुंबई के लोग तो सुनते hi नहीं..

आदमी : यहाँ के लोग बेहरे और अंधे है ये कुछ नहीं सुनते सिवाए पैसो की झंकार ke..ye मुंबई है मुंबई यहाँ ऊँची ऊँची इमारते है और इंसानो के दिल पत्थर के ..यहाँ बस एक hi चीज़ पूजी जाती है वो है पैसा ..

मई :हाँ ऐसा hi है ...क्या यहाँ रहने के लिए रूम मिल जायेगा..

चल हैट मेरे काम का समय हो gaya..wo अपने थैले में से कटोरा निकलता हुआ bola...aur आगे बढ़ गया..


मुझे ज़िन्दगी का सबक देकर.

GHirrrrrr...ek बचा मुँह से बाइक की आवाज निकले भाग रहा था की मैंने उसे पकड़ लिया...

मई : बचे यहाँ रूम मिल जायेगा..

बचा : अंकल छोड़ो मई पेन्सिल लेने जा रहा हों ...

मई : अरे चले जाना प्यारे बस बता दे यहाँ रूम खली है..

बचा : आकर बताऊंगा..

उसने जल्दबाजी में कहा और खुद को छुड़ा कर भाग गया...

कुछ देर बाद वो पेन्सिल लिए लौटा और मैंने फिर उसे पकड़ लिया...

मई : बचे बता दे मई तुम्हे चॉकलेट लेकर दूंगा...

बचा : आओ मेरे साथ..

और मई उसके साथ चल दिया..

बचा : पहले तुम्हे मेरी छुट्टी करनी होगी उसके बाद मई तुम्हे रूम दिलाने ले चलूँगा...

मई : वो किस तरह..

बचा : तुम बहार खड़े रहना उस सामने वाली खोली ke...jaise hi सिटी की आवाज ए तो जो खोली की स्टैर्स पर घंटी लगी है उसे बजा देना..

वो मुझे सामने एक घर को और उसके बहार स्टैर्स पर लगी घंटी दिखते हुए कहने लगा...

मई : ठीक hai...wo उसी घर से सटे एक बड़े से हॉल के रूम के घुस गया..

मई खड़ा उसका वेट करने लगा..5 मिनट हो गए लेकिन कोई आवाज नहीं आयी ये देख मई चलता हुआ स्टैर्स के पास आया..

तन तन tan...aur मैंने घंटी बजा दी...

हाउ डरे यू दो that..bloody विल्लगेर ांपर गवर..

मई पलटा hi था की मेरे सामने का दरवाजा खुला और उसमे से एक लड़की सुन ग्लासेज लगाए जिसके फेस से इनोसेंट झलक रही थी मुझ पर चिल्लाई...

लड़की : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई छुट्टी करने की.. बतमीज़ जाहिल ांपर.

मैंने पीछे मुद कर देखा सरे बचे उस घर से आत्ताच हॉल से निकल कर जा रहे थे खुस hokar..jise मैंने रोका था वो मुझे देख कर जीभ निकल रहा था...

मई : ांपर ..यही मेरी बदकिस्मती है मैडम अनपढ़ होता तो कही माली का काम मजदूरी कर रहा होता मगर क्या करूँ मई एडुकेटेड हों b.a pass..kha गयी न आप भी dhoka..agar आज मई बढ़िया सूट पहने शानदार गाड़ी में आता तो आप मुझे बतमीज़ी जाहिल ांपर न कहती....

मेरी बातों उस लड़की का सर शर्म से निचे हो गया..

लड़की : मेरा वो मतलब नहीं था आपने ये वेल क्यों बजे..

और मैंने बचे से हुई साडी बात बता दी...

लड़की : यहाँ के बचे बहुत तेज है.. तो आप रहने की जगह की तलाश में है ..

मई : सही समझी मैडम...

लड़की : रूम मिल जायेगा इसके लिए आपको शाम तक का वेट करना होगा..

मई: कर लूंगा जी...

लड़की : रुको मई बुलाने भेजती हों किसी ko...jhagan..suno...mujhse कहकर उसने किसी को आवाज दी...


लड़की: ारः hai..use भेजती hon..by थे वे I'm अदिति..

मई : रॉक...

है टीचर दीदी क्या बात है...

एक लड़के की आवाज पर मई palta..aur मेरा जुमला अधूरा रह गया...

अदिति : ये है रॉक अंकल से कहना किरायेदार है रूम के लिए आकर बात कर ले..

आदित्य के कहने पर लड़के ने मुझे देखा फिर उसका रिएक्शन बदल गया..

अदिति : कुछ देर में आएंगे तो बात कर लेना..

मई : ठीक है...

वो जिस रूम से आयी उसे से वापस चली गयी...


मई स्टैर्स पर बैठे hi वेट करने लगा..

तुम hi हो वो जो रूम की तलाश में आये हो..

कुछ देर बाद मुझे एक आदमी की आवाज aayi...aur मैंने सर उठा कर उसे dekha..wo कोई 60 साला बूढ़ा आदमी था जिसके सर पर काळा सफ़ेद बाल थे .काळा बस नाम के hi रह गए थे .साथ में उसके झगन था .

आगये आप uncle...yahi है वो .इतने में अदिति ने दूर खोल कर कहा..

मई : जी...

आदमी : कहा से हो...

और फिर मैंने उसे अपनी पूरी देतीअल दे दी.. आइडेंटिटी कार्ड की जगह डाक्यूमेंट्स दिखा दिए b.a के..

आदमी : कहा रखे इसे अदिति बेटी..

अदिति : जहाँ बचो को पद्धति हों उसके ऊपर वाला रूम दे दो...

आदमी : आओ मेरे साथ...

और मई उस आदमी के साथ चल दिया..

ये घर से आत्ताच एक बड़ा सा हॉल था..

जिसमे एक ब्लैक बोर्ड लगा tha...sath में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां थी...

आदमी : अब से 20 साल पहले ये गोदाम था मेरा काम ख़त्म हुआ फिर 2 साल पहले मेरी बेटी अदिति ने इसे खली करा कर बचो का स्कूल बना दिया जो गरीब बचो को मुफ्त में पड़ती है.

मई : ये तो बहुत ाचा काम है..

सुदीओ से हम ऊपर aaye...upar एक रूम बना था जिसके साथ आत्ताच वाशरूम और बड़ा सा छत का आंगन था...

इतने में मुझे अदिति अति दिखाई दी...

अदिति ने अपने अंकल को अकेले में बुलाया और बात करने लगी... जहां पीछे hi रुक गया और मई रूम देखने laga...jisme एक बीएड पड़ा था जो डबल बीएड tha...ek दो बाल्टिआन राखी थी बीएड पर गद्दे पड़े थे जो गंदे थे bahut..lekin कोई बेडशीट नहीं थी..

आदमी : सुनो ...यहाँ रात में चोर छक्के आते है तो तुम्हे साबधान रहना होगा ..रात को निचे जीने का दूर बंद रहेगा .है तो कुछ नहीं लेकिन सावधानी के लिए..

अदिति : इसके लिए तुम रात के 9 बजे के बाद बहार जाने की परमिशन नहीं होगी..

मई : ठीक है जी...

अदिति : अरे ये किसका hai...aditi को ग्रिल के साथ लगी दीवार पर एक पर्स दिखाई दिया...

जिसे वो खोलकर ओपन करने लगी..

अदिति : इसमें तो तुम्हारा आधार कार्ड है...

और मई चुका गौर से पर्स देखने लगा...

वो मेरा hi पर्स था...

अदिति : तुम्हारा पर्स यहाँ कैसे..

मई : शायद मैंने hi रख दिया हो अभी..

पर्स में सिर्फ मेरे डाक्यूमेंट्स थे एक भी रुपया nahi...maine दिमाग के घोड़े दौड़ाये और मेरा शक झगन पर gaya...jise मैंने कन्फर्म करना tha..ki वही चोर hai..maine पर्स चोरी होने वाली बात छुपा ली ये सोंचकर अगर कहता ये चोरी हुआ था तो अदिति और उसके अंकल का शक मुझ पर भी जाता....

मई : अंकल रूम ठीक है ...किराया भी बता दे..

अदिति : 10क ..

आदमी : वैसे इसके 20 हजार से ज्यादा लेते है लेकिन मेरी बेटी ने कह दिया तो इतने hi दे देना..

अदिति : जॉब लगते hi किराया बढ़ जायेगा..

किराया मुनासिब tha..shayad काम जो मेरे बेरोजगार अदिति को बताने की वजह से हुआ..

मई : ठीक है..

आदमी: पहले महीने का किराया एडवांस देना होगा..

मैंने हामी भरी और अपनी जेब में हाथ dala...aur पैसे निकल कर दिए..

मई : मेरे पास काफी पैसे है आप कहो तो 2 महीने का और एडवांस दे सकता हों..

मैंने झगन को दिखते हुए जेबो पर हाथ fere...mujhe ये. भी दर था की कही बुद्धा मांग न ले .

आदमी : मंथ तो मंथ देना..

मई : जैसा आप कहे.. फिर उन्हें दिखते हुए मैंने जेब से पैसे निकल कर रूम के एक स्लिप पर रख दिए..

मई : बहुत वजन होता है जेबो में isliye..mai अदिति को दिखते हुए bola..aur मई चोर नजरो से झगन को देख रहा tha...uski निगाहे पैसो पर hi थी..

मई : रूम की सफाई कर लेता हों...

वो हामी भरते हुए चले गए...

रूम की सफाई के लिए झाड़ू भी नहीं थी जो सोंच मई बैठ गया...

मैंने अपने पैसे उठाये और गिनने लगा..

साला तीन हजार में क्या आएगा गैस की चूल्हा की कपडे ..


और तुम कह रहे थे और 2 महीने का एडवांस देने के liye..by थे वे मई पूछने आयी थी खाना कहा khaoge..itne में अदिति आयी और मेरे रूम के बहार कड़ी होकर कहने लगी ..शायद उसने मेरा खुद से बोलना सुन लिया था.

उसकी बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया फिर कहा..

मई : पता नहीं खा कहूंगा..

अदिति: खाने का 5क देना होगा हर महीने तो हमारे साथ खा सकते हो.

मई : थैंक यू मैडम..

अदिति : ब्लैंकेट ले आना उठा कर ठण्ड लगेगी नहीं तो रात में .

मई : वो आप थी..

अदिति : क्या फर्क पड़ता hai..mai जाग रही थी तो तुम बिना ब्लैंकेट के सोते dikhe..ye साडी बस्ती अंकल की है जो पैसे रखते उन्हें रूम दे देती हों किराये पर जो वहां फुटपाथ पर सोते उन्हें ब्लैंकेट...

वो बोल रही थी और उसके लफ्ज मेरे कानो में घुल रहे they..kitni मीठी आवाज थी उसकी...

अदिति : मई hi बोलती जा रही हों ..ाचा मई तुम्हारे खाने के लिए कुछ लती हों..

मई : अभी बस मुझे झाड़ू चाहिए ...सफाई करने के liye..sari साफ़ सफाई के बाद खाऊंगा..

उसने हामी भरी .

अदिति : अभी बचे के हाथ भेजती हों..

और वो चली गयी...

कुछ देर बाद बचा aya..usne झाड़ू दी तो मैंने 10 रुपए का लालच देकर उसे भी अपने साथ लगा लिया और वो बुला लाया अपने दोस्तों को..

हम सबने मिलकर रूम की सफाई ki..room धोया..

कुछ पैसे देकर मैंने बचो से hi कुछ सामान मंगवा लिए ..ब्लैंकेट भी मेरा बचे hi निचे से ले आये थे .जिसे मैंने बीएड पर बिछा लिया था..

फिर सबको मैंने 10 ,10 रुपए देकर छुट्टी कर di....maine उन्हें ये भी दिया के झगन से कहना रॉकी अंकल के पास बहुत पैसे है... सबको 10 ,10 रुपए दिए..

फिर मई रूम से निकल कर मार्किट आया और मैंने फाड् से 1 जोड़ी कपडे liye...aur एक rajai...aur एक लॉक..

मई वापस आया और नहाया फिर मई रजाई ओढ़ कर लेट गया...

कुछ देर बाद झगन खाना लेकर आया...

जहां: अदिति दीदी ने खाना भेजा hai..aur कहा है रात का खाना खुद लेने आना .

मैंने उसे देखा और अंदर बुला लिया..

मई : ठीक है..

जहां : बर्तन खा कर स्टैर्स पर रख देना वह जाकर .

मई : जहां यार यहाँ लॉक की शॉप पता है लॉक नहीं है रूम me..chalo तुम जाओ अब कल hi लाऊंगा..

मई उसका रास्ता साफ़ करते हुए बोलै..

वो गर्दन हिलता हुआ चला गया..

खा कर मैंने बर्तन अदिति को दिए...

फिर अपने रूम में आकर लेट गया..

रात में अदिति खाना लेकर ayi..aur साथ में hi प्लेट लेकर चली gayi...mujhe सुना भी गयी की मई आया नहीं..

और फिर मई रूम खोल कर वेट करने लगा....

मुझे काफी देर हो गयी जागते hue..raat का 1 बज रहा tha...nind भी मुझे आ रही thi...aur मैंने ये सोंच कर आंखे बंद कर ली की वो नहीं आएगा...

मई हलकी नींद की वादीओ में था की मुझे अचानक से ठण्ड का अहसास हुआ...

मेरी सोंचे बचे कुछ पैसो के चूर्ण के ख्याल से मुझे नींद से बहार ले aayi..room किसी ने खोला था जिससे हवा अंदर आयी thi...koi मुझे मेरे सर पर खड़ा मुझे देखता महसूस हो रहा tha..maine वैसे hi आंखे बंद राखी .

वो चला तो मुझे अहसास hua..wo स्लिप पर जा रहा है पैसे लेने...

और मैंने अचानक से उठकर बाद से कूद कर लात और कोहनी उसके मारी..

आआअह्ह..

कराहते हुए वो गिरा और उसके ऊपर mai...fir जो मैंने मरना शुरू kiya...uski चीखे गूंजने लगी...

उसके रोने तड़पने की आवाज से मुझे अहसास हो गया ये झगन है...

झगन: भैया छोड़ दो... बहुत दर्द हो रहा है..

मैंने छोड़ा और लाइट जलाई... वो झगन hi tha..maine उसका मास्क खींच लिया था..

मई : भगा तो और मरूंगा चुप चाप baith...mere लाइट जलने पर वो भागने की कोशिश करने लगा लेकिन पीटने की वजह से स्लो हो गया tha...meri आवाज पर चुप चाप आकर बैठ गया...

मई : सेल मेरे स्टेशन पर पैसे तूने hi चुराए they....jhut बोलै छत से फेक दूंगा..

और मेरी आँखों के सामने वो लम्हा आया जब मई स्टेशन से निकल रहा था और इससे takraya...wo यही था..

झगन : मुझे तो किसी का चहेरा भी याद नहीं रहता लेकिन तुम्हरा पर्स पूरा hi मार लिया जिसमे तुम्हारे डाक्यूमेंट्स में फोटो दिख gayi..aur तुम याद rahe..pata नहीं था यहाँ ाजाओगे..

मई : ाचा चल मेरे पैसे दे...

झगन : मैंने खा liye...maa को दे दिए खर्चे के liye...aur उसने रोनी सूरत बना ली...

मई : पैसे तो तुझे देने होंगे कैसे भी करके... मेरे पास खर्चे के लिए कुछ भी नहीं है...


झगन : नहीं है भैया अभी चोरी करूँगा तब दे दूंगा...

मई : चोरी...

झगन : हाँ...

मई : कितने कमा लेता है महीने के..

झगन : घरो में एक रात में लाखो की हो jati..lekin 5 महीने पहले पकड़ा गया था तब 3 महीने जेल की हवा खाई और सालो ने मारा भी bhut...uske बाद स्टेशन पर गाओं से रिश्तेदार को लेने जा रहा था तब तुम हाथ लग gaye..tab से कोई चोरी नहीं की...

मई : कैसे चोरी करता है घरो में...

और वो मुझे डिटेल बताने लगा...

मई : अब से हम दोनों चोरी करेंगे..

झगन : kya...uski आंखे फ़ैल गयी..

मई : तूने सही suna...is दुनिया में सब कुछ पैसा है... पैसा है तो तुम्हारे पास अपने है प्यार है.

और मेरी आंखे बंद हुई और भीग गयी पल भर में..



Hmm-mm-mm, hmm-mm-mm

Aa-aa-aa, aa-aa-aa

हाय मर hi जॉन जो तुझको न पाऊं..

Hmmm-hmm-mmm-mm -हो हो -होओओओ


मई : हाँ प्यार bhi....kal से हम चोरी karenge...ab ये बता कौनसे सामान की ज़रूरत पड़ेगी मुझे..

झगन : घर में चढ़ने के लिए रस्सी और एक चाकू अगर पिस्तौल नहीं है और एक तार लॉक खोलने के liye...mooh छुपाने के लिए मास्क...

मई : चल ठीक है कल दोनों चलेंगे क्या कहता है...

और वो खुश होते हुए हाथ जोड़ने लगा...

कल दोपहर में हम दोनों मार्किट आये और ज़रूरत का सारा सामान लिया...

झगन के साथ मई घरो को देखने लगा और झगन ने एक बांग्ला सेलेक्ट Kiya...usne बताया ये काफी अमीर hai...aur हमारा रात का प्लान बन गया..

रात का खाना खा कर हम दोनों वेट करने लगे....

मई : तुझे कैसे जानती अदिति जी...

झगन: बिहार से 3 दिन का सफर करके जब मई यहाँ रहने के लिए आया तो किराये के लिए पैसे काम पद गए साथ में छोटे बहन भाई और माँ थी ..जब सेठ ने काम पैसो की वजह से रूम देने से इंकार कर दिया तब थकन और सर पर छत न देख मेरे आंसू निकल ए जो अदिति दीदी ने किराया लिए बिना रूम दे दी और कहा ये पैसे तुम अपने खर्चे के लिए रख lo..wo बहुत अच्छी है..

मई : इसका मतलब वो सबकी हेल्प करती है मई कोई स्पेशल नहीं hon..maine दिल में सोंचा...

मई : ये सेठ क्या मैडम का बाप hai..agar है तो अंकल क्यों कहती है..

झगन : शायद सेठ के भाई की बेटी हो कुछ लोग कहते है जो यहाँ के पुराने है 4 साल पहले सेठ उन्हें यहाँ लाये थे वही लोग बताते है सेठ ने उनका बहुत इलाज कराया है..

मई : अच्छा..

झगन : चले अब 1 बज गया है चलते चलते 2 बज जायेंगे..

मैंने हामी bhari...ham उठे और घर कमरे से निचे aaye...fir छुपते छुपाते सेठ की बस्ती से निकले...

सब तरफ अँधेरा फैला था बस्ती के अस्स पास की दुकाने बंद हो गयी थी रोड पर आकर देखा तो पुलिस जीप हॉर्न बजती जा रही hai...hamne वेट किया और उनके जाने के बाद हम रोड पर बानी दुकानों के पीछे से होते हुए चलने लगे...

आगे आगे झगन था पीछे मई..

1 घंटे तक छुपते छुपाते आखिर हम अपने चुने हुए घर के पास आकर रुके ये इलाका अमीर लोगो का था जिनकी गाड़ियां बहार hi कड़ी थी उनकी आड़ में छुपकर हम घर में घुसने का प्लान बनाने लगे...

मई : कैसे जायेगा अंदर...

झगन : गाड़ी पर चढ़कर दीवार पर दीवार से अंदर..

मई : सेल इनका अलार्म बज उठेगा...

झगन : तो ऐसा करो तुम मुझे अपनी पीठ पर बिठा कर दीवार पर चैदहव मई ऊपर आकर तुम्हे ऊपर चढ़ा लूंगा...

मई : तू घोडा बन मई चढ़ूंगा ...

और फिर वो घोडा बना उसकी पीठ पर चढ़कर मैंने दीवार पकड़ी तो मुझे नुकीले शीशे दिखे...

मैंने बैग में से टोर्च निकली और चढ़ने की जगह देखने लगा..

गेट के पास का रास्ता साफ़ था मगर वो ऊँचा tha..chadhne में भी और कूदने में भी...

मैंने झगन को वही घोडा बनाया और उसकी पीठ पर चढ़ मई उस गेट के पास की स्पेस पर aya...fir हाथ देकर झगन को भी ऊपर chadaya...fir धीरे धीरे हम निचे utre...samne hi दरवाजा और जीना था ऊपर के मेल पर जाने के लिए...

झगन: इसी रूम में...

वो सामने दूर को देख fusfusaya...jise मैंने धीरे मगर पावर से पुश किया तो पता चला लॉक्ड है अंदर से..

मई : लॉक्ड है...

मेरी बात सुन झगन ने मुझे पीछे किया और अपनी शर्ट के कालर से उसने एक टाट निकली लोहे की...

फिर मुझे वो टोर्च दरवाज़े पर डालने के लिए बोलै मेरे टोर्च की लाइट जलाते hi वो लॉक देखने laga...lock का सिस्टम बहार भी था अंदर बहार से लॉक होने wala...jise देख उसके फेस पर स्माइल आ gayi....usne तार डाला और दरवाजे से कान लगाए दूर लॉक की आवाज सुनने लगा तार घूमते हुए..

Khatt...ki आवाज़ से लॉक खुला मैंने थोड़ा सा पुश किया तो दूर खुल gaya..ham दोनों दबे पेअर अंदर आये और मद्धम रौशनी में रूम का जायजा लेने लगे...

ये हॉल था जहाँ सोफे मेज राखी हुई थी...

मेज पर hi बड़ी सिगरेट की डब्बी वो भी महंगी वाली जिसे उठा कर झगन ने जेब में रख ली...

हम आगे बढे तो टेबल पर चार्जर कैमरा और पद पड़ा था वो भी झगन ने रख लिया...

मई : मई आगे जाता हों...

उसने हामी भरी और मई आगे बढ़ gaya...aage के लिए किचन रूम थे जो गैलरी से होते हुए जा रहे थे...

मई एक रूम में घुस गया...

जहाँ एक लड़की लेती सो रही थी कोई दस साल के अस्स पास की...

बची को देख मई रूम से निकल गया...

मई आगे वाले रूम में जाने को हुआ की मुझे आवाजे आयी...

Aaaahhhh....aaj तो तुमने मजे दिला diye..kisi आदमी ने कहा..

और तुमने भी सारा निचोड़ liya..kisi औरत ने कहा....

दोनों चलते हुए दूर के पास hi आ रहे they...jise सुन मेरे दिल में धक् धक् होने lagi...aur मेरे कदम खुद पीछे के लिए पालते और मई उसी लड़की के रूम में आकर घुस gaya...room में आकर मई उसके बीएड के निचे आकर लेट गया...

जब साँस में सांस आयी तब मुझे झगन का ख्याल aaya...mujhe लग रहा था पहली hi चोरी में झगन अचे से मरवा देगा...


किसी ने दूर खोला और अंदर jhanka...fir मुझे पेअर दिखाई दिए जो लड़की के पास आये और फिर अगले hi लम्हे वापस हो गए..

मुझे बहार से औरत की आवाज आयी आने की जिससे मई समझ गया ये आदमी है रूम वाला..

रूम बंद करके वो चला गया...

उसके जाने के 5 मिनट तक मई वेट करने लगा झगन के पीटने की चीखो का लेकिन वो नहीं चीखा जिस पर मई बीएड से nikla...fir रूम se...bahar hi मई झगन से टकरा गया...

झगन : साहब जी माफ़ कर दो...


मई : सेल ये मई hon..aur फिर हम दोनों ने टोर्च की लाइट एक दूसरे पर मारी ..

मई : बंद कर और मेरे साथ आ...

झगन : वो आदमी और औरत कार से कही गए है वापस आएंगे..

मई : ाचा फिर जल्दी आ..

हम दोनों उसी रूम में आये जिससे आदमी औरत निकले थे ...

टोर्च की रौशनी में हाँ रूम का सामान देखने लगे वही झगन इक्विपमेंट उठाने लगा ऑफ करके...

मैंने अलमारी kholi...usme कपडे थे कपड़ो को हटा कर मई अलमारी देखने लगा और मुझे मिल भी गयी छोटी सी सेफ...

झगन : मिला kuch...wo मेरे पास आगया था..

मई: ये लॉक्ड है अगर गलत पासवर्ड डाला तो अलार्म बजेगा..

मेरी बात सुनकर झगन ने मुझे हटाया aur..apni पॉकेट में से उसने एक बड़ा मुट्ठी जितना शीशा निकला और टोर्च की रौशनी में कुछ देखते हुए बटन प्रेस करने laga...mai अलार्म के दर से इधर उधर देखने लगा...

खट्ट...

झगन : खुल gayi...are बाप रे...

सामने का नजारा देख उसकी आंखे बड़ी हो वैसे hi मेरी...

अगले hi पल मैंने अपना बैग निकला और सोना चंडी नगदी भरने लगा...

मई : तेरे बैग में आलरेडी दूसरा सामान है ये मई भर लेता hon...waha जाकर आधा कर lenge..maine उसे रोका लेकिन लालच में वो रुका नहीं साथ में वो भी भरने लगा...

आखिर में मैंने अपने बैग में दोनों हाथो से कॅश सोना चंडी दाल लिया...

झगन : तुमने ज्यादा भरा..

मई : sssshh..mai उसे छुपा दिया..

मई सोंचने लगा निशानी के तौर पर यहाँ कुछ रखूं...

मैंने ीदार उधर नजरे दौड़ाई और एक पेपर पैन मुझे आसानी से मिल गया...

जिस पर मैंने जोकर का मास्क बनाया और रख diya..pain मैंने अपने पास रख लिया..

खली तिजोरी में अब bas..mera मास्क पड़ा था...

मई : चल निकलते hai..wo किसी भी समय आ सकता है...

दबे पेअर हम दोनों चलने लगे ...

रस्ते में किचन पड़ा जिसे देख झगन उसमे घुस गया... उसकी हवस ख़त्म hi नहीं हो रही thi...wo साला बर्तन रखने लगा..


झगन : khaoge...wo मुझे कढ़ाई में रखे मटन को दिखते हुए बोलै...

मेरा पेट अदिति मैडम की 2 रोटी और थोड़े से चावलों से नहीं भरा था इसलिए मैंने भी हाथ साफ़ कर लिया..

मई : जल्दी chal...aur दांतो में नल्ली दबाये हम दोनों निकलने लगे...

हम दोनों उसी दीवार के पास ए जिससे अंदर घुसे थे की इतने में मैंने कसुआलय गेट पकड़ कर हिलाया तो वो खुल gaya...aur हम दोनों जल्दी से निकले...

Pii...pi...itne में हमें कार के हॉर्न की आवाज कुत्तो की आवाज और लाइट dikhi...sadak पर जो कार्स खड़ी थी मई झगन को लेकर उनके पीछे छुप गया..

कार हमसे आगे आकर कड़ी हो gayi...usme से एक आदमी निकला और उसी घर में घुस गया जिससे हम निकले थे...

मई : तेरे खाने की वजह से वो आदमी हमारी गांड मर रहा hota..agar एक मिनट और लेट होते...

झगन : सॉरी भैया...

मई : चल ab...aur फिर छुपते छुपाते हम लोग आगे बढ़ने लगे...

हमें मुड़ना था जैसे hi हम मुड़े की हमें सामने पुलिस दिखाई di...jo पेट्रोलिंग कर रही थी..

मई : और कोई रास्ता है..

झगन : पता nahi..haan ऊपर चाट se..rassi भी है हमारे पास.

मैंने छत को देखा जाया जा सकता था लेकिन अब हमारे पास सामान था जिस वजह से दिक्कत हो सकती thi...maine झगन को वापस लिया और कार के पीछे छुपना सही समझा..

5 मिनट बाद पुलिस वालो की कार का हॉर्न आना बंद हुआ तो मई उठा..

रास्ता साफ़ देख हम दोनों ने दौड़ लगा ली...

फिर छुपते छुपाते हम दोनों कमरे पर आये...

सामान निकल कर वो पद मोबाइल ेट्स. की सिम निकलने लगा..

सब कुछ लॉक था...2 मोबाइल 1 पद और बर्तन बहुत से वो अपने साथ लाया था..

मई : रख दे इसे यही बाद में ले जाना..

झगन : सरे सामान में से आधा आधा karo..ek मोबाइल तुम्हारा एक मेरा पद का आधा पैसा तुम्हारा आधा मेरा आधे बर्तन तुम्हारे आधे मेरे

मई : जब तुझे आधा आधा करना था तब तूने मुझे hi क्यों नहीं भरने दिया पैसा और sona...mai क्या मार लेता ...

झगन का मुँह लटक गया...

मई : रोनी सूरत बनाना बंद कर सुबह कर लेंगे आधा आधा...

और वो खुश हो गया..

झगन : अभी कर लेते है...

मैंने हामी भरी और हम पैसे गिनने लगे...

कॅश तीस लाख tha..jisme से आधे उसके आधे मेरे हुए..

सोना चंडी और सामान बेचकर आधे कल दिन में करने थे..

हमने चोरो वेक काळा कपडे उतरे और अंडरवियर में hi दोनों सो गए...

सुबह जब मेरी आँख खुली तब झगन मुझसे सत्ता सो रहा tha...jo देख मैंने उसके लैंड पर लात मरी...

आआआआह....

एक चीख के साथ वो उठा...

मैंने उठ कर मोबाइल में टाइम देखा तो सुबह के 12 बज रहे थे...

झगन : क्यों मारा...

मई : 12 बज रहे है...

उसने सुन कर अनसुना कर diya..maine सामान मास्क कपडे छुपाये फिर नहाने चल दिया... और मैंने गंदे कपडे hi अपने पहन लिए...

1 बजे झगन उठा और वो तैयार हुआ...

मई : सोना चंडी कहा बेचेगा..

झगन : अँधेरी में मेरा एक सर्राफा बनिया जानकर है वो खरीद लेगा..

मई : कब चले..

झगन : पहले जोड़ लून ये कितने का होगा..

और हम सोना चंडी का हिसाब करने लगे..

जो बैठा 25 लाख का सोना और 2 लाख की chandi..hamne अपने तरफ से सोने की आधी कीमत काम कर दी thi...ab देखना था ये कितने का बिकता है...

हम दोनों एक बैग में सोना चंडी भर कर रोड पर आये और हमने ऑटो लिया..

मई : मोबाइल मार्किट देख कर ऑटो रुकवा लेना कुछ सामान लेना है ..

झगन ने हामी भरी...

कुछ देर बाद हम मार्किट से गुजरे तो मैंने hi ऑटो रुकवाया..

मई : तू यही बैठ 15 मिनट तक मई आया..

और मई निकल गया...

एक मोबाइल शोरूम पर आकर मैंने 1 लॅक का महंगा फ़ोन लिया और एक नई सिम भी....

रेडी करके मई वापस ऑटो में आकर बैठ गया...

कुछ देर बाद हम अँधेरी में थे..

मैंने ऑटो वाले को किराया दिया और उसे चलता किया...

मई : कहा है शॉप.

झगन : सामने वाली..

वो मुझे ऊँगली से शॉप दिखते हुए बोलै..

मई : ठीक है तू जा मई यही वेट कर रहा hon...aur मैंने अपने फ़ोन का कैमरा ों करके उसकी ऊपर की जेब में रख दिया..

झगन : ये किस liye..bharosa नहीं है मुझ पर..

मई : अबे मई अपनी सिक्योरिटी के लिए कर रहा hon...agar हम फसे तो बनिया भी fasega...chal जा ab..wo मेरे दूरकरने पर चला गया..

वो सच कह रहा था मुझे उस पर बिलकुल भी भरोसा नहीं था....

आधे घंटे बाद वो आया...

उसके फेस पर मुस्कराहट थी मतलब साफ़ था वो बेच आया था...

मई : बिक gaya..mai अपना मोबाइल उसकी जेब से निकलते हुए bola..jisme वीडियो चल रही थी... जिसे मैंने सेव कर लिया...

उसने हामी भरी और ज्यादा बात किये बिना हमने ऑटो लिया वापसी के लिए..

हम घर आये तब उसने बताया माल 35 लाख का बिका है...

जिसमे से हमने वो भी आधे आधे कर लिए...

झगन : अब 6 महीने साल के लिए मई नीचु हो gaya...ek डैम टेंशन फ्री .

तो तुम उठ गए...

इतने में अदिति मैडम आगयी thi...red सूट शलवार में वो दुल्हन लग रही थी...

हाथो में उनके खाना था...

अदिति : तू यहाँ क्या कर रहा है..

झगन : कुछ नहीं दीदी वो मई भैया से पूछने आया था कुछ चाहिए तो बता देना वही..

कहते हुए उसने बैग उठाया और चलता बना..

अदिति: सुबह मैंने अपने स्टूडेंट को भेजा था तुम्हारे पास खाना देने उसने कहा तुमने दूर नहीं खोला तो मई आयी फिर भी नहीं खोला जानते हो कितनी आवाजे di..itni गहरी नींद के कौन सोता है...

मई : माफ़ करना मैडम गहरी नींद में था शायद..

अदिति : यहाँ रहना है तो जल्दी uthna.aur बर्तन धो कर लाना..

नाराज़गी में खाना रख कर पेअर पटकती हुई वो चली गयी और मई खाने लगा...


*********************************

अपनी माँ के बेहोश होने पर लावण्या चीखे मरते हुए उसके पास pahuchi..usne पानी डाला और जगाने की कोशिश की लेकिन besudd...halat बिगड़ते देख पड़ोसियों ने एम्बुलेंस बुलाई और लावण्या अपनी माँ को लेकर हॉस्पिटल पहुंची जहाँ उसकी माँ को भर्ती कर लिया गया था....

हॉस्पिटल में 6 घंटे गुजर गए थे लेकिन अभी तक लव की माँ को होश नहीं आया था...

की इतने में डॉक्टर दिखे उसे आते हुए उनसे पूछा..

डॉक्टर: पेशेंट गहरे सदमे में है होश आगया है लेकिन वो बार बार किसी रॉकी को पुकार रही है...

लावण्या: मई मिल सकती हों..

डॉक्टर: नर्स उन्हें दबाई खिला दे फिर मिल लेना...1 घंटे तक...


बेंच पर बैठ कर लावण्या कॉल लगा देती है..

लावण्या : ahana...aur लव सिसक सिसक कर रोने लगती hai..fir सिसकते हुए hi साड़ी बात बता देती है...

अहाना : मई कुछ देर में आती हों..

हाफ ऑवर बाद अहाना बॉडीगार्ड और अपनी माँ के साथ हॉस्पिटल में थी.

अहाना के आते hi लव उसके गले लग gayi..aur अहाना उसे सहनुभूति देने लगी...

कैसी हो बचा चलो चुप हो जाओ सब ठीक हो jayega..ahana की माँ लव की पीठ थप तपते हुए बोली...

अहाना : कब गया वो ..

लावण्या : होश में आते hi ..

अहाना : मई कल रात जाएगी thi...chale अंदर ौंटी से मिलने .

लावण्या : अभी नर्स है अंदर...

लव की बात सुनकर अहाना पास में hi बैठ गयी...

अहाना : मां आप चली जाओ बॉडीगार्ड है न ... प्लीज मां..

ठीक hai..tum इसे साथ लेकर aana..uski माँ बॉडीगार्ड से कहती हुई चली गयी..

अहाना : उसे कॉल लगा...

लावण्या : मई उसे जानती हों वो बात नहीं karega...maa की एक आह पर बेचैन होने वाला माँ की चीखो पर भी नहीं रुका...

मम ये बिल बना है ...काउंटर पर जमा कर do..itne में नर्स बिल लेकर दे गयी...

लव ने अपने बैग में से पैसे निकले तो 5 हजार निकले और बिल था 20 हजार का...

अहाना : मई पाय कर के आती हों फिर कॉल लगाना..


अहाना काउंटर पर आकर पाय करती है फिर

दोनों वार्ड के सामने बरी बरी से फ़ोन लगाती और रॉकी एक बार 1 सेकंड के लिए अहाना की कॉल उठता है फिर कट देता है दोबारा तरय करने पर नंबर ब्लॉक आता है..

अहाना : उसने ब्लॉक कर दिया...


उदासी से लव ने नजरे नीची कर ली...

इतने में वार्ड में से 2 नर्स nikli....jinhe देख अहाना ने उठते हुए उन्हें रोक लिया.

अहाना : क्या अब मई मिल सकती हों..

नर्सेज ने हामी भरी तो दोनों अंदर आयी...

लावण्या की माँ लेते आँखे बंद किये रो रही थी..

Maa...pass आकर लव ने अपनी माँ के हाथ अपनी आँखों पर रख लिए फिर खुद भी रोने लगी....

लावण्या : माँ आप रोना बंद करो वो आजायेगा शायद घर पर हो...

माँ : वो क्यों गया lavanya...mujhe बता मेरी bachi...wo क्या कह रहा था...


लावण्या : माँ तुम घर चलो फिर सब बता dungi...wo घर होगा बस तुम ठीक हो जाओ...

माँ : वो ऐसे नहीं जाता लव वो कभी नहीं gaya...use इतना गुस्सा क्यों आया....

जवाब देने की जगह लावण्या सिसकने लगी...

माँ : तुम बताओ बेटी रॉकी लावण्या और तुम्हारे बिच क्या hua...tum 2 दिन उस भूतिया बंगले में थे...

अहाना : उम् ऋचा आंटी रॉकी को विक्य के बारे में पता चल गया...

ऋचा : सिर्फ इस वजह se...usne मुझसे पूछना भी ठीक नहीं samjha...lavanya मुझे घर ले चल..

लावण्या : माँ आप ठीक नहीं हो अभी ..

ऋचा : मुझे ले चल मेरी बची मई अब ठीक हों.

लावण्या : अच्छा ठीक है हम डॉक्टर से बात करके आते है..

दोनों डॉक्टर के पास आयी और घर ले जाने के लिए बोली...

डॉक्टर ने दवाई दी और छुट्टी कर दी..

हॉस्पिटल से जब दोनों निकलने लगी तब किसी को देख अहाना रुक गयी..

अहाना : उफ़ माँ आप गयी नहीं...

मेरा बचा तुम अभी इतने बड़े हादसे से निकल कर आयी हो अकेला कैसे छोड़ देती...

ऋचा ने अहाना की माँ को देख हाथ जोड़ लिए..

फिर पांचो चल दिए...

लावण्या : तू जा मई ऑटो करके चली जाउंगी...

अहाना: नहीं छोड़ देती हों..

लावण्या: पक्का मई ले जाउंगी...

अहाना ने हामी भरी और वो अपनी माँ बॉडीगार्ड के साथ अपनी कार में बैठ गयी...

लावण्या रिक्शे पर अपनी माँ के साथ घर चल दी...

रस्ते भर ऋचा रॉकी के बारे में पूछते आ रही थी और लव उसे घर आगया होगा कहकर दिलसे दे रही थी..

घर आयी माँ बेटी तो घर सुना था...

ऋचा घर में इधर उधर देख कर बरामदे में बैठ इंतजार करने लगी..

लावण्या : माँ अंदर चलो कितनी सर्दी हो रही है...

ऋचा : नहीं मई उसका इंतजार karungi..aayega तो समझाउंगी की मैंने दोनों का प्यार देख शादी के लिए हाँ ki...ye भी समझाउंगी शादी का फैसला माँ लेती hai..itni सी बात पर कोई घर छोड़ कर जाता है..

लावण्या : माँ वो नहीं आएगा... समझती क्यों nahi...wo छोड़ गया हमें हमेशा के लिए...

ऋचा : क्या कह रही है तू...

लावण्या : तूने सुना न माँ उसने क्या कहा तू उसकी सगी माँ नहीं है मई उसकी सगी बहन नहीं हों...

और फिर ऋचा को सुबह के वो पल याद आये जब रॉकी ने उसे कहा वो उसकी सगी माँ नहीं...

ऋचा : मेरे लिए तो वो सागा hi tha..aur ऋचा फिर सिसकने लगी...

ऋचा : बेटी तूने क्यों बताया उसे उसकी सगी माँ के बारे में...

लावण्या कुछ नहीं boli...andar चली गयी ..कुछ देर बाद वो रजाई लेकर आयी उसने उसे ऋचा को ुधा दिया...

पास में उसने चूल्हा रख कर आग जला li...jis पर वो छाए बनाने लगी...

ऋचा : बचपन से इतना बड़ा किया उसे और वो अपनी माँ के बारे में जानते

Hi हमें छोड़ गया ..सरन आपका

खून गन्दा tha...mai उसे माफ़ नहीं करुँगी...

रॉकी के लिए ऋचा के शब्द सुन कर लावण्या का गिल्ट उसे अंदर hi अंदर कचोटे मरने लगा...

लावण्या : माँ चुप हो जा गन्दा खून वो नहीं मई hon...wo अपनी माँ के बारे में जानकर नहीं गया मेरे बारे में जानकर गया ..

ऋचा : क्या कह रही है तू...

लावण्या :अब मई ये बोझ अब और नहीं उठा सकती .. मई सब बताती हों ...12तह तक आते आते मेरा जिस्म मर्द की मांग करने लगा माँ..12 तक वो मुझे रोकता रहा फिर 10तह में उसने स्कूल ड्राप किया और मई भी ट्वेल्थ करके कॉलेज में agayi...mujh पर बहुत से लड़के आशिक़ हुए उन्हें तैसे करके मुझे बड़ा मज़ा अत अब मेरे साथ रॉकी नहीं था मुझे रोकने टोकने शायद मई उससे भी न रूकती इतनी आगे आगयी thi...jis कॉलेज में अहाना ने मेरा एडमिशन अपने साथ कराया वही मेरे साथ मेरे पीछे वो ट्वेल्थ वाले भी क्लासमेट आगये they..wo सब पावरफुल थे और उनसे दोस्ती करके मई भी वैसा hi फील करने lagi...unke साथ नशे की लत पद गयी और अपने साथ मई अहाना को भी के डूबी वो अकड़ू नकचढ़ी थी लेकिन उसे चरक्टेरलेस मैंने बनाया ...माँ मई जो तुझसे कहती थी रातो को स्टडी करुँगी अहाना के साथ वो सब झूट था मैंने कभी बुक भी नहीं खोली मई रातो में क्लब्स में जाती बॉयज के साथ और नशे में वो सब करती... कहते हुए लावण्या की जबान लड़खड़ा कर सिसकने लगी..

लावण्या : फिर मुझे सेक्स की लत लगी विक्य मुझे महंगे गिफ्ट देता और जैसा कहता मई करती अपनी मर्जी से ..जो रॉकी जान gaya...isi वजह से उसने हमसे रिश्ता तोड़ liya...tumne सामने से देखा मई रॉकी के साथ हों और तुमने हमें एक्सेप्ट कर जो मैंने रॉकी को bataya..to वो आप से भी नफरत करने लगा ..ये जाने बिना की आपने शादी के लिए हाँ की थी ना की मेरी इस तरह की आज़ादी ki...usne मुझे बताने hi नहीं दिया न कुछ suna...kehkar लव सिसकने लगी...

थोड़ी देर संभल कर जब लव ने ऋचा को देखा तो वो उसे hi देख रही थी ..

ऋचा : क्या तू hi मेरी औलाद hai...kash मई तेरे पैदा होते hi तेरा गाला घोट के मार deti...kulachni ..

ऋचा बड़ी नफरत से बोली...

लावण्या : माँ अब तुझसे वडा करती हों मई सब छोड़ दूंगी अब कभी कुछ ऐसा नहीं करुँगी जिससे तेरा मेरे भाई का सर झुके...

ऋचा : ख़बरदार जो तूने मुझे माँ bulaya...aaj से तू मेरे लिए मर gayi...aaj तेरा बाप ज़िंदा होता तो तुझे मर कर तेरे टुकड़े कर deta...tujh जैसी गन्दी औलाद मेरी नहीं हो sakti...aaj से तू मर गयी है मेरे लिए....

लावण्या मानती रही लेकिन ऋचा ने उसे कोई जवाब नहीं दिया...

आज 15 साल बाद वो रॉकी के बिना सो रही थी सोंच कर hi वो सिसक उठी...

न जाने कब वो रट रट वही सो गयी...

लव आग के पास hi बैठी रात भर जगती रही...

सुबह लावण्या ने ऋचा के उठने से पहले hi नाश्ता तैयार कर लिया था..

ऋचा उठी तो लावण्या उसके लिए नाश्ता निकल कर लायी...

ऋचा : तेरे हाथ का खून तो सरन और रॉकी का मॉस khaun...kehkar ऋचा उठी और घर से जाने लगी.

पास आकर लावण्या ने उसके पेअर पकड़ लिए...

लावण्या : क्या कह रही है maa...maa तुझे होश भी है...

ऋचा : मत बुला मुझे माँ कुलछ्नी तेरा मेरा रिश्ता ख़त्म हो गया मर गयी तू मेरे liye...aur मई तेरे liye...tune मुझसे मेरा बीटा चीन मई तुझे कभी माफ़ नहीं करुँगी...

लावण्या : माँ जो सजा दे दे लेकिन मुझे छोड़ कर ना jaa..mai तेरे बिना जी नहीं पाऊँगी...

ऋचा : अब तुझसे मेरा कोई रिश्ता नहीं तेरे सजा भी यही है ...तुझसे मुझे इतनी नफरत है तू मर भी गयी तो मेरा एक भी आंसू नहीं niklega...hramjadi ये बता मेरी परवरिश में क्या कमी thi...tune अपने बाप को देखा कितना सच्चा इंसान था wo...aur एक tu...hat मेरे पास se...ab से तेरा मेरा खाना अलग hoga...jab तक तू किसी के साथ मुँह कला करके नहीं चली जाती तब तक रह सकती है लेकिन ये भूल जा तेरा इस घर में कोई hai...chal छोड़ मुझे नहीं तो पडोसी भी जान जायेंगे की तू कितनी बड़ी हर्राफ़ा है...

ऋचा धक्का देकर आगे बढ़ गयी..

घर से निकल कर पास की बस्ती के अमीर घरो में जाकर वो घरो घरो काम मांगती उसकी रोनी सूरत देख किसी को उस पर तरस नहीं ata..dopahar तक उसने कई घरो का दरवाजा खटखटा लिया था ...एक घर वालो ने काम भी दिया तो 15 मिनट बाद ऋचा के हल्फने की वजह से उसे निकल भी दिया...

वो कल से भुकी थी हॉस्पिटल में hi उसने बस दरिया खाया था...

पेट की आग को दबाये वो रोड पर काम तलाश करके थक गयी तो एक खली बेंच पर बैठ कर सिसकने लगी...

ऋचा : तूने मुझसे मेरा बचा दूर किया है अब तुझसे मई हर रिश्ता तोड़ lungi...tu मर गयी मेरे लिए lavanya...kash मेरी ऐसी औलाद न होती काश तू मुझे अपने साथ ले गया होता...

3 बज गए थे उसे भूक की पुकार ने रोने से रोका..

थक कर रहा चलते लोगो के बिच ऋचा ने हाथ बढ़ा diya....aur उसके हाथ में किसी ने 10 रुपए रख दिए...

कुछ hi देर में उसके पास 50 रुपए हो गए थे...

ऋचा के जाने के बाद लावण्या फुट फुट कर रोने लगी...

लावण्या: तू मर जाये तो रॉकी आजायेगा और सब ठीक हो जायेगा...

लावण्या: तू बहुत बड़ी बुजदिल है लावण्या...

वो खुद से hi बातें कर रही थी...

इतने में उसे किसी के आने का अहसास हुआ और उसने सर उठा कर सामने देखा...

सामने पुलिस थी...

मई हों इंस्पेक्टर jagdis...madam आपको हमारे साथ पुलिस स्टेशन चलना होगा पूछताछ के लिए आपके मिसिंग दोस्तों के सिलसिले me...ham कई दिनों से आ रहे है पहले आप होश में नहीं थी कल आये तो पता चला आप हॉस्पिटल गयी है..

लावण्या : मई कुछ नहीं जानती प्लीज मुझे अकेला छोड़ दो...

इंस्पेक्टर: मैडम मामला c.m साहब के बेटे का है आपके सभी दोस्त ठाणे में है.....

न चाहते हुए भी लावण्या को जाना पड़ा...

ठाणे आयी तो उसे अहाना विक्य सृष्टि अवनीत रोनी सब hi मिले .और सबके पेरेंट्स भी साथ के थे सिवाए लव ke...jis तांत्रिक ने इन्हे बचाया था वो भी था...

इंस्पेक्टर: आप अपने दोस्तों के पास बैठे आपको क्कुह देर में बयां के लिए बुलाया जायेगा.

और लव के आने पर अहाना ने उसे अपने पास बुला लिया..

अहाना : ये बेलीवे नहीं कर रहे है जो हुआ सब वैसा hi बता दो ये तुमसे कहेंगे वहां चलने को तो कहना पहले अपने लोग भेजो अगर वो वापस आगये तो हम jayenge...darna नहीं मई hon...ham सबने यही स्टेटमेंट तैयार की है..

विक्की : लव मेरी डार्लिंग कैसी हो tum...tumhari आंखे कैसी लाल है..

लव ने कोई जवाब नहीं दिया बस अहाना की बात सुनकर सर हिला दिया...

बरी बरी से पुलिस वाले सब को बुलाकर उनका स्टेटमेंट लेने लेने lage...sabne hi शामे जवाब दिया...

थक कर स्पेक्टर अपने केबिन से सटे रूम में गया जहाँ c.m उदास बैठा tha...sabke बयां सुन उसे गुस्सा आ रहा था...

स्पेक्टर : अपने सब सुन लिया न ..

C.m : इन सबकी चाल है इन्होने मेरे बेटे को मारा hai...gusse में c.m रूम से निकला चलता हुआ वह आया जहाँ सभी मौजूद थे....

सेल मुझे बता कहा hai...mera बीटा...

C.m ने रोनी के बाल पकड़ लिए और उसके मुँह पर थप्पड़ मरने लगा..

वो सब c.m की वीडियो बनाने लगे...

इतने में पोलिसवाले आया जिसने c.m को किसी तरह रोका...

इंस्पेक्टर: ये अपने बेटे की वजह से परेशां है तो कोई भी वीडियो विरुल नहीं karna.....sir आप baithiye...kehte हुए inspector...ne c.m को कुर्सी पर बिठाया..

C.m : विक्य तू बता वह क्या हुआ था मेरे बेटे को किसने mara...tu तो उसका भाई उसका दोस्त है बता de...mai वडा करता हों तू जो कहेगा वो करूँगा..

विक्य : अंकल हमने सब सच बताया hai...mere सामने राम को मरकर वो लम्बे साये वाले खा gaye...wo घर हुन्तेद है ट्रस्ट नहीं तो अपने लोगो को भेजकर देख लो...

इंस्पेक्टर: आज मेरी टीम जाएगी अगर वो वापस आयी तो फिर मई तुमसे पूछूंगा अपने तरीके se...ab तुम जा सकते हो...

इंस्पेक्टर के कहने पर सब जाने लगे..

लव स्टेशन से निकल कर अलग को जाने लगी तो उसकी दोस्तों ने भाग कर उसे रोका...

अहाना : क्या हुआ tujhe...sab ठीक तो है...

लावण्या: हाँ घर जा रही हों माँ अकेली है...

अहाना : तैयार रहना इस मंडे को रिजल्ट आ रहा hai..sath लेने chalenge....fir साथ में hi एडमिशन...

लावण्या : मैंने स्टडी छोड़ दी है ..चल बाये.

अहाना : जानती हों रॉकी की वजह से परेशां hai..mai किसी टाइम घर आउंगी...

लव सर हिलती हुई आगे बढ़ी की विक्य ने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक दिया..

विक्य : कहा जा रही हो अभी हम मौत के मुँह से निकले और तुम बात भी नहीं कर रही हो..

लावण्या : हाथ छोड़ो mera...hamare बिच सब khatam...aaj के बाद मेरे अस्स पास भी नहीं दिखना...

लावण्या हाथ छुड़ाते हुए बोली...

विक्य : ये तुम क्या कह रही ho...mai तुमसे प्यार करता हों...

लावण्या : मुझे तोय की तरह दूसरे मर्दो के साथ सुला कर तुझे प्यार याद आ रहा है...

विक्य: वो मेरी फंतासी थी लेकिन अब ऐसा कभी नहीं hoga...mujhe तुम से शादी करनी है...

लावण्या : सब ख़तम समझ नहीं आया tujhe...chal जाने दे..

विक्य : शुरू मैंने किया है तो ख़तम भी मई करूँगा तुम किसी और की नहीं हो sakti...lavanya तुम सिर्फ मेरी ho...tumhare जिस्म पर सिर्फ मेरा हक़ है..

गुस्से में विक्य हाथ पकड़ कर लव को अपनी तरफ खींचने लगा...

लावण्या : इंस्पेक्टर साहब ये मुझे ह्रास कर रहा hai...lav छूटने की कोशिश कर रही थी की उसे इंस्पेक्टर dikha...aur उसने उसे आवाज दी...

इंस्पेक्टर: क्या कर रहे है विक्य साहब आपके बाप मला है तो इसका मतलब ये नहीं आप किसी को ह्रास करे 5 साल की सजा होगी अगर f.i.r हो gayi...chhodiye..

लावण्या: इसे मुझसे दूर रखे इंस्पेक्टर...

अहाना जो रोनी के साथ सब देख रही थी लव के इंस्पेक्टर को बुलाने पर पास आयी...

अहाना : क्या हुआ लव..

और लव ने बता दिया सब...

अहाना : विक्य जब तुझे ये छोड़ चुकी है तो क्यों पीछे पड़ा है शर्म नहीं तुझे...


लावण्या : अब दिखा तो इसे चप्पलो से marungi......mere साथ चलो rony...viky से कहकर लव ने रोनी को बुलाया जो अपने पेरेंट्स को छोड़ लव के पास आगया..

लावण्या : घर चलोगे मेरे...

रोनी : haan..lav ने रोनी का हाथ पकड़ा और अहाना से bye कहा और आगे बढ़ गयी...

रोड पर उसने हाथ देकर ऑटो रोका और दोनों बैठ कर चल दिए ..

विक्य मन में : साली तूने मुझे इसके लिए छोड़ा है मई तेरी जिंदगी नर्क बना दूंगा तू सिर्फ मेरी है lavanya....gusse में विक्य जल भून रहा था बदले की आग में दुत्कारे जाने पर...

वो घर जाने को हुआ की उसे तांत्रिक जाता दिखाई diya...aur वो कार में बैठा फिर अपनी कार जल्दी से उसके पास लाया...

विक्य : आईये मई छोड़ देता hon...guru देव aajaiye...viky के विनती करने पर


तांत्रिक बैठ गया.....

विक्य : गुरु देव आखिर वो क्या बाला thi...us घर में ..

तांत्रिक : उनके बारे में बात न करो yahan...abhi वो हमें सुन सकते hai..meri कुटिया पर चलकर करना..

विक्य : क्या आपकी विद्या से मई किसी लड़की को हासिल कर सकता हों गुरु जी..

तांत्रिक : क्या है जो हासिल नहीं हो सकता...

विक्य : मई सीखना चाहता हों प्लीज इंकार नहीं करना ..गुरु जी प्लीज..

विक्य तांत्रिक के पैरो पर हाथ रख कर विनती करने लगा..

तांत्रिक उसकी बात सुनकर उसे देखने लगा...

.तांत्रिक : ये तुम्हारे बस की बात नहीं है bacha..tum आज के ज़माने के लोग नहीं समझोगे...

विक्य: आप समझायेंगे तो समझूंगा ...मुझे सीखना है महाराज आप जो फीस कहोगे मई दूंगा..

तांत्रिक : इंसानी खून पि सकते हो इंसानी मूत्र पि paoge...ye काली विद्या है ..इतना आसान नहीं इन्हे प्राप्त करना .

विक्य : सब karunga..bas मुझे सीखा दो आप .

तांत्रिक : ठीक है सीखने के बाद मई तुमसे गुरु दक्षिणा मांगूगा...

और विक्य ने खुश होकर तांत्रिक के पेअर छू लिए ..

लव घर आयी तो उसकी माँ नहीं थी ..और वो रोनी के साथ बैठ गयी...

रोनी : क्या बात है लव तुम ठीक नहीं लग रही हो क्या उस घर के ट्रामा की वजह से ...

लावण्या : नहीं रॉकी घर छोड़ गया उसके माँ ने भी मुझसे बोलना बंद कर दिया तुम मेरे साथ चलो मुझे उन्हें ढूंढ़ना है..

रोनी : हाँ क्यों नहीं...

और लावण्या रोनी को लेकर अस्स पड़ोस में घर घर जाकर पूछने लगी ..

5 बजे वो थकी भुकी प्यासी घर आयी ..

लावण्या : पता नहीं वो कहा hai...tum जाओ रोनी...

रोनी : तुम्हे ऐसे छोड़ कर nahi...tum भुकी लग रही हो कुछ खा लो...

लावण्या : नहीं भूक नहीं है ..

रोनी : रुको मई देखता हों कुछ ...

रोनी अपने से किचन में खाने की चीज़े खगालने लगा...

रोनी : इसमें तो पूरी हलवा रखा है...

रोनी बर्तनो को खंगालता हुआ बोलै...

चल उठ गयी मेरी beti....kya हुआ था तुम दोनों ऐसी हालत में कहा से ए थे इतने बीमार दो दिन उठे भी नहीं..

माँ हम दोनों किसी भूतिया घर में फास गए थे उसके baad.................fir किसी तरह nikle...ab भी दर लग रहा है...

अब तुम कही नहीं जाओगी रात में पड़े के लिए भी nahi....ab जल्दी से मेरा हाथ बटवो पूरी छोले हलवा बनाने में तेरे भाई को बहुत पसंद है न...

रॉकी को पसंद है के ख्याल से वो उठी और किचन में bhagi...fir प्लेट निकल कर वो खाने लगी ..

वो रॉकी की याद में खा रही थी...

रोनी : ठीक से मई पानी लेकर आया.

लव ने पानी पिया तो उसकी जान में जान आयी...

लावण्या : रोनी तुम चले जाओ अब..

रोनी : तुम्हारी माँ...

और लव आगे कुछ न कह पायी...

इतने में दोनों को दरवाज़ा खुलता दिखा..

और अंदर ऋचा दाखिल हुई...

लावण्या भाग कर अपनी माँ के पास पहुंची...

लावण्या : माँ कहा गयी थी तू...

ऋचा : तू होती कौन है मुझसे ये पूछने wali...richa ने गुस्से भरे स्वर में कहा..

लावण्या : माँ मई सरे बुरे काम छोड़ dungi...subah से मई तुझे ढूंढ ढूंढ के पागल हो गयी...

ऋचा : मरी तो नहीं na..tu क्यों मुझे मरना चाहती hai...mujhe तेरी परछाई से भी नफरत है... वैश्य..

आखिरी शब्द लव के साइन में जैसे चुभ से gaye...wo वही घुटनो में मुँह डेल रोने लगी...

रोनी ने जाना ठीक समझा और वो बिना कुछ कहे चला गया...

.ऋचा थैले में से सामान निकलने lagi...uske थैले में कई तरह की सब्जियां thi...aanta चावल tha....jise वो मांग कर लायी thi...be दिली से वो खाना बनाने लगी...

लव ने अपनी माँ को सब्जियां काटते देखा तो भाग कर आयी ..

लावण्या : लाओ माँ मई कर देती हों..

ऋचा : तेरे गंदे हाथो से मई खाना अशुद्ध नहीं करना..

लावण्या : तुम ये सब कहा से लायी किसी ने दिया माँ..

ऋचा : भिक मांग कर लायी hon..ye भिक जिस्म बेचने से कही ज्यादा बेहतर hai....tu नहीं समझेगी क्योकि तू एक वैश्य hai...ab जा यहाँ से...

रट हुए लव अपने रूम में आकर लेट गयी...

दो हफ्ते हो गए थे ऋचा भिक मांग कर लती और खुद बना कर कहती ...

लव घर पर hi रहती ज्यादा समय ..उसकी सेविंग भी अब ख़त्म हो रही थी ..कुछ hi दिनों में लव डिप्रेशन की वजह से सुख गयी thi...na ज्यादा कहती थी न किसी से कोई बात करती थी ...घंटो रॉकी की तस्वीर के सामने बैठ कर रोटी रहती थी ..उसके कपड़ो को साइन से लगाए संगति थी..

एक दिन अहाना लव से मिलने agayi...jab लव ने कई दिनों से उससे बात नहीं की फ़ोन पर और उसके फ़ोन करने पर लव ने रिसीव नहीं किया...

अहाना : ये क्या हालत बना ली तूने apni...tu रिजल्ट देखने भी नहीं आयी...

लावण्या : बताई थी न अब स्टडी नहीं करुँगी तो क्या करुँगी रिजल्ट देख कर...

अहाना : ाचा ठीक है मुझे बता क्या बात है...

और लव उसके गले लग कर सिसकने लगी...

लावण्या : मैंने माँ को अपने बारे में सब सच बता दिया तब से वो बात नहीं कर रही...

अहाना : yar...mai क्या kahon..maa माफ़ कर देती है तू माफ़ी मांग..

लव ने कोई जवाब नहीं दिया ..वो भी जानती थी इसमें अहाना क्या कर सकती है...

लावण्या : इतने दिनों बाद आयी बता कुछ खायेगी...

अहाना : कुछ भी nahi..ye बता तुझे डरावने ड्रीम्स आते है..

लावण्या : नहीं ..

अहाना : मुझे आते है शिवांगी मुझे आवाज देती hai...aisa लगता है जैसे वो मेरे अस्स पास है...

लावण्या : सोंचा न कर उसके बारे me..nahi आएंगे...

अहाना : तुझे पता है मेरे कितने मार्क्स आये है...85%

लावण्या : कॉंग्रट्स..

अहाना : मैंने तेरा भी रिजल्ट चेक किया तेरे ए है 91% ...कामिनी तू तो बाजी ले गयी...


लावण्या : मैंने चीट किया tha...aur मुँह कला kiya...tere फॉर्म हाउस पर जाना भी इसी डील में शामिल था..

अहाना : ऐसा क्यों कह रही है...

लावण्या: यही मेरी सच्चाई है...

अहाना : शट उप yaar...sun आगे की स्टडीज के लिए मई मुंबई जा रही हों एक्चुअली माँ डैड भेज रहे वो कहते है यहाँ से दूर रहूंगी तो दर भी निकल jayega...lekin मई अकेली नहीं jaungi...mere रिश्तेदार है मुंबई में जिनके साथ हम रह सकते hai...to तैयार हो jao...kisi दिन मई आकर आंटी से बात करुँगी...

लव के कोई जवाब न देने पर अहाना bye बोलकर चली गयी...

दिन गुजरने लगे अब ऋचा लव की बात बिलकुल hi ख़त्म हो गयी thi....richa एक ब्लैंकेट ओढ़ कर घर से निकल जाती और 2 2 दिन तक गायब rehti...aati भी सिर्फ सोने के liye....wo भिक मांग कर रॉकी के लिए पैसे जमा कर रही थी की वो पैसे हो जाने पर अखबार में इस्तिहार देगी...

ऐसे hi महीना गुजर gaya...lav के पास पैसे भी ख़त्म हो गए they...acha ये हुआ अहाना उससे मिलने aati...aur कुछ न कुछ कहने का ले आती ..लव ने भी जॉब धुंडी लेकिन बदले में उसे हरस्मेंट मिला जो देख उसने जॉब नहीं ki...gharo में काम उससे हुआ नहीं एडुकेटेड होने की वजह se....aise hi महीना गुज़र गया ..उधर अहाना मुंबई जाने की तैयारी कर रही थी...

विक्य तांत्रिक से कला जादू सीख रहा था ....तांत्रिक उसे जैसा कहता वो वैसा hi करता tha...sirf लावण्या के लिए..

सृष्टि और अवनीत कभी कभी अहाना से बात कर लेती थी...

महीना गुजर गया था अहाना के बाद लव से कोई मिलने अत वो रोनी hi tha...lavanya सूख कर काटा हो गयी थी उसका हुस्न जैसे कही ढल सा gaya...richa एक घर में उसके साथ रहती लेकिन उसने कभी लावण्या की हालत पर गौर hi नहीं kiya...richa भी खामोश रहती आंसू बहती अपने बेटे के ग़म में ...एक दिन ऋचा भिक मांगने जा रही तो उसने हर दिन की तरह आग के पास लव को नहीं देखा....

इतने में उसे दरवाजा बजने की आवाज आयी...

ऋचा ने दरवाजा खोला सामने रॉकी का दोस्त अरसद खड़ा था....

हम दोनों के हिस्से में 32 लाख 50 हजार आये थे...

मैंने सोंचा यहाँ रहने के लिए घर का बंदोबस्त करूँ ..और मई बस्ती के अस्स पास घर देखने चला गया...

.एक जगह एक माकन पर टॉयलेट और नंबर लिखा था मैंने वो नंबर डायल किया और घर की कीमत पूछी...

और मैंने कॉल कट कर दी ..2 कमरों का घर 4 करोड़ का बताया था उसने...

शायद मैंने जल्दबाज़ी कर दी थी ..और मई वापस बस्ती के लिए चल दिया...

अंकल donation...itne में मेरे बस्ती में एंटर होते hi अदिति मैडम के पास पढ़ने वाले बचे डोनेशन बॉक्स लिए मेरे पास गए...

मई : चिंटू किस लिए डोनेशन...

चिंटू : अगले महीने की 12 तारिख को अदिति मैडम बस्ती में आयी थी जिनके आने की खुसी में हर साल पूरी बस्ती वाले मेला लगते है बस्ती को sajakar..jisme आपको खाना भी मिलेगा और नाच गाना भी...

मई : क्यों तेरी आदित्य मैडम इतनी खास क्यों है..

चिंटू: क्यों अंकल तुझे नहीं पता..

मैंने ना में सर हिलाया..

चिंटू : यहाँ आधे रहने वाले ऐसे है जिनसे अदिति मेडम पैसे भी नहीं लेती यहाँ हर अपने पराये के लिए जगह है तो सिर्फ अदिति मेडम की वजह se...ab जल्दी से पैसे डालो..

मैंने 500 का नोट डाला और आगे बढ़ गया...

रूम पर आकर मई अपना नई फ़ोन चलने laga..purane फ़ोन की स्क्रीन वगैरह सब टूटी हुई थी..

एक ख्याल से मई रिसर्च करने लगा..

1 घंटे बाद मई उठा बस्ती से बहार आकर मई मार्किट आया जहाँ सेकंड हैंड बाइक्स बिक रही थी...

मई 70 हज़ार लाया tha...aur मुझे 45 हजार में एक अछि बाइक मिल गयी एक साल पुराणी जिसकी कीमत 80 हजार थी...

बाइक लेकर मई एक चाबी वाले के पास aya...jo मुझे बाजार में hi बैठे दिख गए...

मई बाइक से उतारकर उसके पास आया..

मई : कैसे हो उस्ताद...

आदमी : चाबी बनवानी है...

मई : नहीं काम की तलाश में हों सीखना चाहता हों...

मेरी बात सुनकर वो सोंच में पद गया...

आदमी : जब तक सीख नहीं जाते पैसे नहीं मिलेंगे..

मैंने हामी भरी और कल से आने का कहकर मई आगे बढ़ गया..

मई लोगो का खुद पर शक नहीं होने दे सकता tha...isliye काम की बात करने agaya..mujhe सीखना भी था की कैसे लॉक क्रैक किये जा सकते है..

और मार्किट में घूमते हुए मई चोरी से रिलेटेड और सामान लेने laga...fir कुछ घर के लिए भी सामान लिया गैस चूल्हा बर्तन ेट्स...

रात 9 बजे मई सारा सामान लेकर बस्ती में aya...bike मैंने बचो को पड़ने वाले हॉल में कड़ी कर दी थी ..

सारा सामान लेकर मई रूम पर aya...ache से बिस्तर बिछा कर मई सामान सेट करने लगा...

अब बस कमी थी तो एक गन की जिसकी जुगाड़ झगन hi करा सकता था...

स्नैक्स कहते हुए मई अपनी hi छत पर टहलते हुए मोबाइल चला रहा था की मैंने अपने शिमला की खबर लेने का सोंच और अपने साथ पिज़्ज़ा बेचने वाले पुराने साथी अरसद को कॉल लगा दी..

मई : hello...arsu...call रिसीव होते hi मैंने कहा..

अरसद : रॉकी tu...kaha है tu...us आर्डर के बाद तू आया hi नहीं... तेरे घर आया तो पता चला बीमार है ..बोतल बगैरह लग रही थी तुझे क्या हुआ ..

मई : बस बीमार था तू बता कैसा चल रहा सब..

अरसद : वही आर्डर और delivery...tu कहा है यार तेरी माँ को मैंने देखा वो भिक मांग रही है...

मई : क्या मेरी माँ भीक मांग रही hai...jaise मेरे पेअर काँप से गए...

अरसद : हाँ मई 10 दिन पहले डिलीवरी लेकर जा रहा था और लाइट्स पर रुका था तब तेरी माँ को देखा वो भिक मांग रही thi...mujhe लगा था तू नहीं रहा शायद इसलिए उनकी ऐसी हालत हो गयी...

मई : मेरा एक काम करेगा...

अरसद : बोल...

मई :मई तुझे पैसे पेटम कर रहा हों मेरी माँ को कर Dena...apna स्कैनर व्हाट्सप्प कर..

अरसद : कर दूंगा लेकिन सुबह अभी मई कही आया हुआ हों...

मई : ठीक है मई तुझे करता हों..

कॉल कट होते hi मई रूम में आकर पैसे जेबो में भरने लगा...

इतने में मुझे व्हाट्सप्प पर स्कैनर भी आगया उसका..

मई जैसे hi जीने पर आया मुझे खाना रखा हुआ mila...koi आया था...

मैंने खाने की प्लेट उठाई और अंदर रूम में लेकर रख दी....

मई रूम से निकला की मुझे अदिति मैडम आते हुए दिखाई di...jinke हाथ पीछे थे...

अदिति : रॉक तुम्हे कोई काम मिला...

मैंने सर हिला कर हामी भर दी..

अदिति : ye...wo एक बैग हाथो के पीछे से निकल कर सामने करते हुए बोली...

मई : इसमें क्या है...

अदिति : कुछ पैसे तुम अपने घर भेज दो....

मई : m..mai..kaise...

अदिति : aise...madam ने मेरा हाथ पकड़ कर बैग मेरे हाथो में थमा दिया...

अदिति : मई खाना देने आयी तो तुम्हारे मुँह से सुना तुम्हारी माँ भिक मांगती hai...sorry चुप कर सुनने के लिए बूत ाचा hi हुआ जो सुन लिया तुम्हारी हेल्प भी हो जाएगी...

मई कुछ न कह सका...

और वो वापस चली गयी...

मैंने रूम में आकर पैसे गिने तो वो 20 हजार थे...

मैंने वो पैसे वैसे hi रख दिए ...

फिर मई अपने रूम से निकला और बस्ती के बहार आया ..जहाँ मैंने थोड़े थोड़े कई शॉप्स से 100, 2000 रुपए एक्स्ट्रा देकर 20,20, हजार करके 5 लाख के करीब पैसे अरसद को पेटम करा दिए...

रूम पर वापस आकर मैंने खाना खाया जो भाजी और पुरिया थी...

खा कर मैंने पैसे जेब में डेल और बाइक लेकर चल दिया...

कुछ देर बाद मई कोठे पर था...
 
Episode 6

रूम पर वापस आकर मैंने खाना खाया जो भाजी और पुरिया थी...

खा कर मैंने पैसे जेब में डेल और बाइक लेकर चल दिया...

कुछ देर बाद मई कोठे पर था...

नेक्स्ट.....

थे रॉंग टर्न...

डिटेक्टिव आद्या मुंबई की hi थी जो दसप अपनी म्हणत से बानी जो चाहती तो बगैर म्हणत के भी दसप से भी बड़ी पोस्ट हासिल कर सकती थी लेकिन उसने म्हणत करना गवारा kiya..kal जैसे hi दसप का ओहदा आद्या को मिला कमिश्स्नेर ने उसे मुंबई सिंडिकेट के केस से जोड़ दिया जिसमे उसके साथ और भी अफसर थे...

तैयार होकर वो सीडीओ से निचे aayi..jahan उसके पेरेंट्स बैठे ब्रेकफास्ट कर रहे थे...

आदमी : where's योर यूनिफार्म बचा...

अपने बाप की बात सुनकर आद्या मुस्कुरा दी...

आदमी : लगता है आज पहली पोस्टिंग में hi किसी की सहमत आने वाली है...

नाश्ता करके वो घर से बहार आयी तो उसके ड्राइवर ने जल्दी से कार का दूर खोला जिसमे बैठ कर वो चल दी...

कुछ दूर hi चली होगी के उसकी कार का टायर भट से बोलै...

ड्राइवर : लगता है मैडम टायर फैट gaya..driver कार को साइड में लगते हुए बोलै...

आद्या : तुम इसे ठीक करा कर स्टेशन ले आओ मई बस से निकल जाउंगी..

कहते हुए आद्या आगे बढ़ गयी...

एक बस को आता देख उसने हाथ दिया और बस आकर ruki...jisme वो चढ़ गयी...

टिकट लेकर वो कड़ी हो gayi..bas में जगह न होने की वजह से ...

10 मिनट बाद उसे आगे जैम दिखा...

सामने कार और बाइक वालो की चेकिंग हो रही थी जिस वजह से बस और ट्रक को वेट करना पद रहा था...

सेल न हमें जाने दे रहे न रास्ता खली कर रहे है..

बस में बैठे एक आदमी ने कहा..

कंडक्टर : आज बुध है यार याद होता तो इस रस्ते से न लता ये साला हमेसा ऐसे hi जाम में फसा देता है..

ड्राइवर : मेरे दिमाग से भी निकल gaya..ye साला अपने चार पैसे बनाने में हमें फसा देता है..

10 मिनट हो गए थे लेकिन बस आगे नहीं बड़ी...

ये देख आद्या उतर गयी..

कंडक्टर: कहा जा रही हो मैडम..

आद्या : जाम हटाने..

कंडक्टर : मैडम वो दरोगा बड़ा हरामी है न जाओ आपसे बतमीज़ी करेगा...

आद्या: देखते है...

और आद्या आगे बढ़ गयी...

सफ़ेद शर्ट और टाइट पेण्ट जिसमे उसके पीछे के दोनों उभर चलने पर ऊपर निचे हो रहे they...chahere पर तेज गलो पर लाली होंठो पर सुर्खी..

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जो भी देखता आद्या को आहें भर लेता...

आद्या : ये कैसी चेकिंग चल रही hai..ek हवलदार को कार की तलाशी लेता देख आद्या ने पूछा..

हवलदार : पुलिस को अपना काम करने दो ..

आद्या ने फिर सवाल दोहराया..

हवलदार : मैडम तुम पागल हो जो पूछना है साहब से पूछो .

आद्या ने सामने देखा तो कुर्सी पर एक पोलिसवाले बैठा था...

चलते हुए आद्या उसके पास आयी...

आद्या : दरोगा साहब ये चेकिंग किस लिए चल रही hai..mai आपसे hi पूछ रही हों दरोगा sahab...daroga के जवाब न देने पर आद्या ने फिर कहा और दरोगा ने उसे उठकर देखा..

दरोगा : ये मेडम कोण है जो हमारे काम में दखल दे रही है टिल्लू..

टिल्लू : ये बार बार जाम को लेकर पूछ रही है दरोगा साहब..

दरोगा : क्यों मैडम तुम्हे क्या परेशानी hai...nam पता है हमदा दरोगा ramu..kaha से आ रही हो कहा जाना है....

आद्या : मई तो बस पूछ रही ये जाम...

दरोगा: क्या जाम अब अपना काम मुझे तुमसे पूछ कर करना होगा...

दरोगा बिच ने बिच में तोक्ते हुए कहा..

आद्या : आप बस और ट्रक की गुजरने वाली रोड पर बैठे हो जिससे जाम लगा है और सवारिओ को दिक्कत हो रही है..

दरोगा : अब तू हमें सिखाएगी madam...shakal से तो गोरी चिट्ठी है क्या धंदा करने निकली है जो तुझे देर हो रही hai...oye टिल्लू तलाशी ले इसकी..

आद्या : कानून नहीं जानते औरत की तलाशी मर्द नहीं ले सकता...

दरोगा : ज्यादा कानून न सीखा...

आगे बढ़ कर टिल्लू और दरोगा दोनों ने आद्या की जांघो पर हाथ रखे की आद्या ने दोनों के बाल पकड़ कर फेस आपस में लाडवा दिए...

साली रंडी.. दरोगा नाक सँभालते हुए चिल्लाया..

दरोगा : हथकड़ी डालो इसे ..

कई हवलदार इतने में आगे agaye...aur आद्या को पकड़ कर हथकड़ी बांध देते है...

फिर दरोगा आद्या को अपनी जीप में बिठाता है और चल देता है पुलिस स्टेशन के लिए..

दरोगा : पुलिस स्टेशन चल फिर तेरी साड़ी गर्मी निकलता हों...

कुछ देर बाद अँधेरी पुलिस स्टेशन में आकर जीप रुकी...

आद्या को पकडे हवलदार रामु दरोगा के पीछे पीछे लेकर अंदर आये .

दरोगा : सरला तलाशी लो इसकी और लोकसुप में बंद कर दो...

सरला हवलदार आगे बढ़ी और उसने आद्या की बैक जेब में हाथ डाला...

पर्स जैसे hi सरला ने खोला उसे आद्या की फोटो दिखी और सलूट करने लगी ..

दरोगा रामु सब हैरत से देखने लगे..

सरला : दसप मैडम माफ़ कर दो अरे जल्दी खोलो मैडम को ..

रामु चाबी लेकर जल्दी से आया .

रामु : मैडम माफ़ कर दो मेरी अकाल मरी गयी जो मई जान नहीं पाया आप कौन ho...hathkadi खोल कर रामु आद्या के पैरो पर गिर गया..

आद्या ने बाल पकड़ कर खड़ा किया ..

Chatakkkkkk...agle hi पल उसका थपाद रामु के गले पर चाप गया...

आद्या : तेरी तो मई वही माँ छोड़ देती मई देख रही थी की तू कितना आगे बढ़ता है...

रामु : मैडम बहुत बड़ी मिस्टेक हो gayi..hame जो चाहे सजा दे लो..

आद्या : एक पेपर लेकर आओ जल्दी..

हवलदार ने जल्दी से पेपर लेकर दिया...

आद्या : खड़ा करो इसे... हवलदारों ने आद्या का पेअर छुड़वाया और रामु को खड़ा किया..

आद्या : ये ले पेपर और लिख कर ला मई तुझे क्यों डिसमिस न करूँ..

रामु : माफ़ कर दो मैडम..

आद्या : ..बहार फेक दो इसे.

हवलदार ने स्टार छूटा कर रामु को बहार फेक दिया...

सरला : मैडम आपका केबिन...

हाथ से इशारा करते हुए सरला एक तरफ चलते हुए बोली....

पीछे पीछे आद्या चलने लगी...

केबिन साफ़ सुथरा था..

सरला : मैडम ये फाइल कल रात आयी थी नई दसप को देने के लिए...

आद्या : तुम जाओ मई कुछ देर बाद तुम सब का इंट्रो लुंगी..

सरला के जाने के बाद आद्या फाइल खोल कर बैठ गयी..

मुंबई सिंडिकेट माफिया..

आद्या ने फाइल पड़ते हुए अपने आप से कहा....

सान्वी मैडम umm..asal में बाल काळा है अपने यूरोपियन बाप के प्यार में हेयर्स ब्लोंड कलर के रखती है.


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छोटी आगे में शादी ki...magar किस्से इस बारे में कुछ नहीं likha...let's कंटिन्यू..

आद्या फाइल पड़ते हुए अपने आप से बातें करती जा रही थी...

तीन बचे भी है 2 बेटियां और 1 बीटा...

आया


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उम् पिक्चर भी इसकी दूर से ली गयी..5.7 फ़ीट की है दिखने में अपनी माँ की तरह अट्रैक्टिव hai..london से ग्रेजुएट है स्मार्ट hai..apni माँ को सपोर्ट करती है बिसनेस me..ab तक 28 पुलिस वालो 25 c.b.i ऑफिसर्स को मर चुकी hai..spying करते हुए पकडे जाने पर..

आरवी..

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छोटी बीआहें ..आगे 21 साल दिखने में अपनी माँ की तरह सूंदर लंदन में स्टडी की अपनी बहन के साथ उसकी स्टडी होने पर मुंबई में आगे पड़े कर रही है... कॉलेज जाते समय 200 के करीब गुरदस आम कपड़ो में साथ rehte..hobby badminton..clubing..parties...saanvi के साम्राज्य की सबसे कमजोर कड़ी...

आद्या ने पढ़ते हुए आगे कहा..

3 बचे है तीसरी कहा hai..aadhya सोंच में पद गयी...

टिंग टिंग ting...itne में फ़ोन की रिंग बजने लगी...

आद्या ने कॉल पिक की..

आद्या : hello..kon۔۔

ैप दिलीप लौड़े स्पीकिंग۔۔۔

आद्या: यस सर..

दिलीप: तुम्हे फाइल मिली...

आद्या : यस sir...but इसमें मैडम सान्वी के हस्बैंड और तीसरी बेटी की बीटा है उसकी डिटेल नहीं है..

दिलीप: वो इसलिए ये डिटेल्स अभी साल 2 साल पहले निकली गयी है..

आद्या : बहुत से पॉइंट्स मिसिंग है उन्हें जोड़ना होगा...

दिलीप : एक्साक्ट्ली आद्या तुम d.i.g सर से बात करो शायद तुम्हारी हेल्प हो jaye...us समय वही मुंबई सिंडिकेट के केस पर काम कर रहे they...raat में कमिश्स्नेर ऑफिस आना केस से सम्बंधित मीटिंग राखी है..

आद्या : ठीक है sir..aur आद्या कॉल कट कर देती है..

फिर सरला को बुला कर अपना इंट्रो देती है और सबके नाम जानती है...

आद्या के अंडर 40 छोटे छोटे पुलिस स्टेशन थे...

आद्या सोंचो में गम थी की एक आदमी उसके केबिन में आया...

आदमी : madam...mai लूट गया मेरे घर चोरी हुई है..

आद्या : हवलदार f.i.r लिखो..

हवलदार को बुला कर आद्या ने आदमी को बैठने का इशारा किया..

आद्या : कोण है आप और कहा और कब हुई चोरी..

आदमी मई हरिवंश रॉय सब हरी नाम से जानते है मई यही अँधेरी में रहता हों कल रत मेरे घर चोरी हुई..

आद्या : कितने की हुई..

हरी:1 करोड़ की..

आद्या : कॅश था..

हरी : 30 लाख कॅश और 70 लाख की ज्वेल्लेरी जो मैंने अपनी बेटी के लिए राखी थी..

आद्या : चलो आपके घर चलते है .

और आद्या आदमी के साथ जीप में बैठी और ड्राइवर ने जीप आगे बढ़ा दी...

*******†**********************

तुम ...तुम तो रॉकी के दोस्त ho...arsad..richa अरसद को देखते हुए बोली.

अरसद : जी माँ जी...

ऋचा : अंदर आओ ..

ऋचा के रास्ता देने पर अरसद बैग के साथ अंदर दाखिल हुआ..

ऋचा ने अंदर अरसद को चटाई बिछा कर बिठा दिया..

ऋचा: रॉकी नहीं है बीटा यहाँ वो छोड़ गया मुझे अपनी माँ ko...jisne उसे पला posa...aur ऋचा ग़मगीन हो गयी..

अरसद : जनता हों माँ जी कल मेरी उससे बात hui..aur उसने ये पैसे आपको देने के लिए भेजे ...अरसद बैग ऋचा को देते हुए बोलै...

ऋचा ने जैसे hi सुना मनो उसे जैसे सुकून मिल गया हो ..

ऋचा : कैसा है मेरा बीटा और कहा है...

अरसद : मुंबई की लोकेशन शो हो थी उसके नंबर पर शायद वही hai..paise गईं लो माँ जी पुरे पांच लाख है ..

ऋचा ने बैग खोल कर देखा जैसे उसकी आँखों में चमक आगयी...

रॉकी ने कहा है सिर्फ आप खर्च kare..arsad ने आगे कहा .

ऋचा : सुन रही है देख मेरे बेटे ने कितने सरे पैसे भेजे वो भुला नहीं है mujhe...richa ने अंदर लेती लव को तना मारा लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आयी...

अरसद भी उठकर जाने लगा जो देख ऋचा ने पैसो का बैग उठाया और अंदर सामने रूम में घुस गयी जहाँ लव लेती थी...

ऋचा : देख मेरे बेटे ने पैसे भेजे इतने सरे...

ऋचा ने कहा लेकिन लव की तरफ से कोई जवाब नहीं aya...ye देख ऋचा ने न चाहते हुए भी लव का हाथ पकड़ उठाया..

Lavanyaaa...lav की हालत देख ऋचा की चीख निकल gayi...lav सुख कर कटा हो गयी थी उसके गुलाबी होंठ जैसे सफ़ेद पद गए थे...

कुछ सोंचकर ऋचा बैग छोड़ बहार को भागी...

Beta...ruko...rocky की bahan...ruko...

अरसद बाइक से दो कदम बढ़ा hi था की ऋचा की आवाज पर उसने ब्रेक लगा कर पीछे देखा..

बाइक कड़ी कर वो भागता हुआ ऋचा के पास आया..

अरसद: क्या हुआ माँ जी..

ऋचा ने सब बता दिया..

अगले hi पल अरसद ने एम्बुलेंस को कॉल लगा दी...

अरसद : 3 मिनट में एम्बुलेंस यहाँ अजयेगी..

ऋचा : तुम लव को उठा कर यहाँ के आओ जल्दी..

ऋचा ने आगे बढ़ते हुए कहा..

अरसद ने लव को उठाया और बहार आकर एम्बुलेंस का वेट करने लगा...

खुद ऋचा ने पैसो का थैला उठा लिया था..

2 मिनट बाद hi एम्बुलेंस agayi..jisme स्टेचर पर एम्बुलेंस वालो ने लावण्या को लिटाया...

अरसद: माँ जी आप एम्बुलेंस के साथ जाइये मई बाइक से आ रहा हों...

ऋचा ने हॉस्पिटल की वजह से पूरा झोला hi पैसो का साथ रख liya..aur वो उसे लेकर एम्बुलेंस में बैठ गयी..

बाइक से अरसद उसके पीछे हो लिया...

कुछ देर बाद एम्बुलेंस हॉस्पिटल में आकर रुकी..

और नर्स जल्दी से लव को एक वार्ड में ले गयी...

ऋचा अरसद बहार वेट करने लगे..

अंदर नर्स डॉक्टर इंजेक्शन और बॉटल्स चढाने लगे जो बहार से दोनों देख रहे थे...

आप वहां जाकर बैठ जाए..

नर्स ने दोनों से आकर कहा..

ऋचा : मेरी बेटी के कपड़ो में मोबाइल है लेकर दे दो..

नर्स ने हामी bhari...aur कुछ देर बाद मोबाइल लेकर दे दिया..

मोबाइल लेकर दोनों सामने hi बेंच पर बैठ गए...

ऋचा ने अहाना को कॉल करके बुला liya...aur फिर वेट करने लगी..

ऋचा सोंचो में गम थी एक तरफ वो रॉकी को सोंच रही थी वही लव के लिए भी परेशां थी..

ऋचा : बीटा मेरी बात करा दो रॉकी से..

अरसद ने हामी भरी और कॉल लगा दी..2 तीन बार तरय करने पर भी कॉल रिसीव नहीं हुई..

अरसद : आंटी उठाया नहीं...

ऋचा : बीटा अगर तुम्हारी बात हो उससे तो कहना की तेरी माँ को कुछ नहीं पता था वो लड़का विक्य तेरा दुश्मन है मुझे तो लावण्या ने ये बताया लड़का ाचा है उसे खुश रखेगा तो मैंने हाँ कर दी... लावण्या क्या करती थी उसके साथ मई कुछ नहीं janti...tum ये साडी बातें कहोगे न..

अरसद ने हामी भरी...

ऋचा : अपना नंबर भी सेव कर दो..

अरसद ने नंबर सेफ kiya...aur फिर इंतजार करने लगा...

आंटी क्या हुआ लव को..

20 मिनट बाद अहाना ने आकर पूछा...

ऋचा: पता नहीं बेटी बस मुझ पर बोझ बन गयी है.. पहले मुझसे मेरा बीटा चीन अब ड्रामे कर रही...

अहाना : एटलीस्ट बताये तो आंटी..

अरसद : अपने रूम में बहन बेहोश थी जिसे हम यहाँ लाये शायद कमजोरी की वजह से...

अहाना ने सुना और वो भी बेंच पर बैठ गयी...

अरसद: ठीक है माँ जी अब मई चलता hon...koi काम हो तो कॉल करना...

ऋचा : ठीक है बीटा तुम्हारा भी काम hai...jao tum...aur अरसद निकल गया....

अहाना ऋचा दोनों बैठे वेट करने लगे...

अहाना : आंटी कितनी बुरी बात है आप बग्गिंग करती है...

ऋचा : और क्या करूँ beti...mera तो घर उजाड़ दिया है इस कलमुही ne...rocky के पापा बड़े अचे इंसान थे कभी उन्होंने किसी औरत की तरफ भी नहीं देखा न मैंने किसी मर्द की तरफ और ये हम दोनों की परवरिश को खाक में मिला di...isi की वजह से मेरा बीटा छोड़ gaya...sab ख़त्म कर गयी ये...

अहाना : अब तो ऐसा कुछ नहीं कर रही तो माफ़ क्यों नहीं कर देती...

ऋचा : क्या मेरा बीटा इससे वापस आजायेगा...

और अहाना चुप हो गयी...

इतने में दोनों को वार्ड में से डॉक्टर निकलता दिखाई दिया..

अहाना : एक्सक्यूज़ में डॉक्टर कैसी है मेरी dost...kya हुआ उसे..

डॉक्टर : डिहाइड्रेशन वीकनेस और ट्रामा शायद इसी वजह से पेशेंट ने कई दिनों से कुछ नहीं खाया... समय पर न लेट तो हम बचा भी न पाते..

अहाना : ओह्ह क्या हम उसे कुछ खिला सकते है ..

डॉक्टर: अभी सिर्फ फ्रूट और जूस ...बी थे वे काउंटर पर जाकर बिल जमा कर do...aur डॉक्टर आगे बढ़ गया...

ऋचा अहाना डॉक्टर की बात सुनकर काउंटर की तरफ चल दी...

एक्सक्यूज़ में नर्स वार्ड नंबर 7 के पेशेंट का कितना बिल hai..ahana ने काउंटर पर आकर पूछा...

नर्स ने एक स्लिप निकल कर अहाना को थमा दी..

ऋचा : कितना बिल है बेटी...

अहाना : 15 हजार है मई कर दूंगी..

ऋचा : तुम आगयी इतना hi बहुत है वर्ण कोण किसी के काम आता है...

ऋचा ने थैले में हाथ डाला और एक गद्दी निकली...

ऋचा : बेटी इसमें से गईं लो...

पैसे देख अहाना हैरत में चली गयी..

दोनों ने बिल जमा किया...

अहाना : मई जूस और फ्रूट लेकर आयी...

ऋचा वापस चल दी और अहाना बहार चली गयी..

ऋचा ने अंदर जाना चाहा तो नर्स ने रोक दिया...

कुछ देर बाद अहाना जूस और फ्रूट्स लेकर aayi..jo आलरेडी कटाई किये हुए थे...

ऋचा : अभी सो रही है नर्स ने kaha...hosh आने पर अंदर जाने देंगे...

ऋचा की बात सुनकर अहाना भी बैठ गयी...

अहाना : आंटी मई मुंबई जा रही हों पढ़ने मेरे साथ भेज दो लव को सारा खर्चा मई उठाउंगी..

ऋचा ने कोई जवाब नहीं दिया..

अहाना : ाचा आंटी बग्गिंग में तो बड़ा स्कोप है आपने महीने से भी काम समय में इतने सरे पैसे जमा कर liye...job न मिली तो मई भी यही karungi..hihihi...

ऋचा: हाहाहा ये मुझे रॉकी ने भेजे है मुंबई से...

अहाना : ओह्ह उसने ये कैसे कर लिए paise..kya उसे जॉब मिल गयी वहां.. बूत महीने में इतने पैसे तो जॉब नहीं nahi..job मिलना इम्पॉसिबल है मुंबई जैसे शहर में...

अहाना के सवाल पर ऋचा परेशां हो गयी और उसका माजहि उसकी आँखों के सामने घूमने लगा...

ऋचा : कही मुंबई में वो अपनी माँ से तो नहीं मिल gaya...aisa नहीं होना चाहिए..

अहाना : आप तो कह रही थी उसकी माँ देन्गेरौस hai..kya वो रिच भी है..

ऋचा: सरन कहते थे उसकी माँ का एक कमरा सोने से भरा है...

अहाना : what...kya पुरे देश का सोना इसकी माँ के पास है...

ऋचा : वो अपनी माँ के पास नहीं रह सकता उसे मैंने पला है रॉकी को वापस आना hoga...richa अपने आप से hi धीमी आवाज में कह रही थी...

अहाना : आप क्या करेंगी अब..

आप मिल सकते है पेशेंट को होश आगया..

नर्स की आवाज पर अहाना सामान लेकर उठ गयी ऋचा वही बैठी सोंचो में गम thi....wo सोंच रही थी..

क्या हालत बना ली तूने यार apni...saman डेस्क पर रखते हुए अहाना लव के गले लग गयी..

अहाना : मई तुझसे बहुत नाराज hon..wo गुलाबी रंगत वो भूरी आँखों वाली मेरी बस्ती कहा चली गयी..

लावण्या : पता nahi...lav की लागर सी आवाज निकली..

अहाना : तू बोल मत बस sun...tune कॉल करके भी अपने बारे में बताना सही नहीं samjha...aaj मई ज़िंदा हों तो तेरे भाई और तेरी वजह se...aur जब तू इन हार्ड डेज को फेस कर रही तूने बताना भी ठीक नहीं समझा...

लावण्या: सब कुछ तो खो बैठी हों मई...

अहाना : चल तू ये खा ले.. please...ahana फ्रूट जइसे लव के पैरो पर रखते हुए बोली....

अहाना के फाॅर्स करने पर लव खाने लगी...

लावण्या : मुझे कोण लाया..

अहाना : आंटी और तेरे भाई का दोस्त...

लावण्या : माँ मिलने नहीं aayi..kyo आयी है मई इतनी बुरी जो हों...

अहाना : वो रॉकी के लिए परेशां है मुंबई में वो शायद अपनी माँ से मिल गया है उसी ने बहुत सरे पैसे भेजे है आंटी को...

लावण्या : व्हाट...

लव कहते कहते रुकी..

.

बड़ा होक मई बहार जाऊंगा और खूब सरे पैसे कमा कर लाऊंगा आप घर पर रहना पापा..

अरे मेरे जिगर के tukde...tum तो बड़े समझदार हो रहे हो ाचा कहा जाओगे...

मुंबई...

चटकककक...

Aaaaa....aaaa...maa...papa मार रहे...

पापा क्यों मार रहे हो बाबू ko...babu चलो चुप जाओ..

लव दूर हटो isse..maine कहा न दूर hato...aur तुम तुमने मुंबई शब्द कहा seekha...jawab दो मुझे रॉकी...

सरे हीरो हीरोइन मुंबई में जाकर तो hi पैसे कमाते है पापा...


आज के बाद तुम फिल्म नहीं dekhoge...na मुंबई का नाम कभी अपनी जबान पर laoge...rocky जवाब दो वर्ण और मरूंगा...

बस करे पापा ...वो नहीं jayega...rocky नहीं जाओगे न मुंबई न कभी नाम लोगे इस शहर का...

लव मई राहों न राहों तुम वडा करो रक्षिण को कभी भी मुंबई नहीं जाने dogi...aur कभी ये अपनी सगी माँ से नहीं मिलेगा तुम बचाओगी उससे अपने भाई ko...wada करो लव..

वडा papa...ye अपनी माँ से कभी नहीं मिलेगा...

अपने अतीत में झांक कर लव फुट कर रोने लगी...

लावण्या : पापा मई आपसे किया वडा भी नहीं निभा paayi...meri जैसी रंडी जिसे सेक्स के सिवा कुछ नजर नहीं आया उसे जीने का कोई अधिकार नहीं ...

लव अपनी सिरिंगस निकलने लगी की अहाना ने गले लगा कर रोक लिया....

अहाना : बस कर से यार क्या कर रही hai..chal रोना बंद कर तू मेरा ाचा बचा है न ...सष्ठ...

लावण्या : अगर मई अपने आप को उस दिन बचने के लिए उसे न बताती तो की माँ उसकी सगी माँ नहीं तो वो कभी न जाता..

अहाना : सष तूने वही किया जो उस समय सही tha..chal अब चुप हो जा...

सब तेरी वजह से... बचपन से तेरे पापा तुझे सिखाते रहे उसे मुंबई नहीं जाने dena...unke जाने के बाद जैसे तू सब भूल gayi..kaisi नीच लड़की है tu...richa इतने में अंदर आते हुए बोली..

लावण्या: माफ़ कर दो माँ..

ऋचा: मेरा बीटा तेरी वजह से गया है न तू hi उसे वापस layegi...kaise भी karke...tu अहाना के साथ मुंबई जाएगी पड़े करना न करना तेरी मर्जी है लेकिन मुझे मेरा बीटा वापस चाहिए...

लावण्या : माँ मई तुम्हे छोर कर नहीं जाउंगी..


ऋचा: तुझे जाना होगा मई अपने बेटे के बिना नहीं जी sakti...vaise भी मई तेरी सूरत अब और नहीं देखना चाहती.. तूने मेरा दिल दुखाया है बहुत...

लावण्या : मई जाउंगी माँ ...और वापस लाऊंगी रॉकी ko.papa से किया वडा तो नहीं निभा पायी लेकिन तुझसे किया वडा निभाऊंगी...

अहाना : इसके लिए तेरा ठीक होना ज़रूरी hai...chal अब खा और रोना नहीं बिलकुल bhi...aunty माफ़ कर दो प्लीज...

ऋचा : ये अपने भाई को ले आयी तो कर दूंगी माफ़...

1 दिन लव हॉस्पिटल में रही अगले दिन लव घर आयी...

अहाना : अब कैसा फील कर रही हो...

लावण्या : थोड़ी वीकनेस है..

ऋचा: क्या खायेगी तू बता मई वही बना दू...

कुछ कहे बिना लव ने पास जाकर अपनी माँ को गले से लगा लिया...

लावण्या : माँ मई तुझसे बहुत प्यार करती हों... रॉकी से भी jyada..wo दिल है तो तू jaan...mai उसे वापस लाऊंगी...

ऋचा ने कुछ नहीं kha...aur अलग होकर घर से निकल गयी सब्जी सामान लेने...

अहाना : रुक मई तेरा ऑनलाइन एडमिशन का फॉर्म फइलल करवा देती हों माँ कहकर ....डिटेल्स दे अपनी...

अंदर आकर लव ने अपने डाक्यूमेंट्स दिए और अहाना उनकी पिछ लेकर अपनी माँ को भेजने लगी....

दिन गुजरने lage...ahana लव की तैयारी करा रही थी....

लव ने बात करने के लिए अपना फ़ोन ऋचा को दे दिया अपने लिए ऋचा के दिए पैसो से नया फ़ोन ले लिया...

एक हफ्ते के अंदर लव की सुर्खी उसके फेस पर लौट आयी थी...

अब समय आगया tha...ahana के साथ उसके जाने का...

ऋचा ने 3 लाख रुपए उसे थमा दिए..

ऋचा : ये तू रख ले तेरे काम आएंगे...

लव ने हामी भरी...

लावण्या : मई तुझे रोज कॉल करुँगी माँ..

ऋचा: अपने भाई को कैसे भी ले आना...

लव ने सर हिलाया..

अहाना बीटा फ्लाइट के लिए लेट हो रही ho...bahar से अहाना की माँ ने आवाज दी..

अहाना: बस माँ आ रही हों..

ऋचा: ाचा तू जा अब...

लावण्या: अपना ख्याल रखना maa..maine 3 महीने की दवा राखी हुई है tumhari..khatm हो जाये तो अरसद भाई को कॉल करके बता देना मैंने उन्हें सब समझा दिया है...

ऋचा: हाँ चल तू jaa...aur मेरे बेटे को लेकर आना..

लव ने गले लग्न चाहा तो ऋचा पलट गयी...

ऋचा : जब अपनी गलती सुधर लेगी..

नाम आँखों से लव भी जाने के लिए आगे बढ़ गयी...

बहार hi अहाना के माँ बाप कार में बैठे थे अहाना और लव दोनों उसी कार में पीछे बैठ गए..

रस्ते भर अहाना अपने पेरेंट्स से बातें करती रही लव चुप hi रही...

एयरपोर्ट पर आकर दोनों ने फ्लाइट पकड़ी...

4 घंटे बाद दोनों मुंबई में उत्तरी..

*********************************

आगया फिर से आगयी न अकाल...

मुझे देख हरी दन्त दिखा कर तने मरता हुआ बोलै...

मई : हाँ लेकिन रंडी के लिए...

मेरे जवाब से उसकी हसी ख़त्म हो गयी और मई अंदर आया....

गायत्री : तो उतर गया प्यार का nasha...chalo अब काम पर लग जाओ...

मई : मई यहाँ रंडी के लिए आया हों...

गायत्री : हाहाहाहा औकात देखि अपनी...

और मैंने 2 नोटों की गड्डियां गायत्री की तरफ फेक di...jo 50,50 हजार की thi...noto को देख उसकी आंखे फ़ैल गयी....

गायत्री : बचे पैसे उठा और बहार जा तू इस सब में मत पद...

मई : आप न सही मई आपकी बॉस के पास जाऊंगा और उनसे रंडी की मांग करूँगा...

गायत्री : गीता बुलाओ सबको...

कुछ देर बाद मेरे सामने कई रंडिया आगयी...

मई : मुझे ये नहीं दीप्ती चाहिए...

गीता: 1 शॉट का 50 हजार 1 रत का 1 लाख..

मई : गईं लो 1 लाख है..

गायत्री : ले जाओ इसे उसके पास ..

और मुझे गीता ने अपने पीछे आने का इशारा kiya...aur मई उसके साथ हो लिया..

गीता : गायत्री तुझे अपने बेटे की तरह समझती है मत कर ये...

मई : धंदे वाली मेरी माँ नहीं हो sakti...mujhe तो नफरत है इन सरे रिश्ते नाटो से...

गीता आगे आगे चल रही थी मई पीछे पीछे वो कोई 35 साल की औरत thi...wo यहाँ धंदा नहीं करती थी उसका काम था रंडियो की देखभाल...

मुझमे इतनी हवस थी की मई गीता को hi छोड़ देता...

उठ जा महारानी तेरा कस्टमर आया hai..geeta ने रूम में आते hi कहा...

मई नहीं करने abhi...bolo 2 घंटे wait....aur फिर दीप्ती की नजर मुझ पर पड़ी...

तुम आगये मेरी jaan...wo भाग कर आकर मेरे गले लग गयी...

मैंने गीता को इशारा किया वो चली गयी...

अलग होकर मैंने दरवाजा बंद किया...

Ummmm...ummmm...wo मेरे गलो को चूमने लगी..

दीप्ती : क्या तुमने पाय किया मेरी जान...

मैंने उसे अलग किया और गुस्से में उसे देखने लगा...

मई : जा मेरी साड़ी पहन कर aa..agar है..

दीप्ती: तुम्हारी साड़ी को मई कैसे फेक सकती हों मैंने संभल कर राखी है...

वो चहकते हुए चली gayi...aur 5 मिनट बाद मेरी साड़ी में आयी...

बालो माँ गजरा लगाए बहुत प्यारी लग रही थी...

दीप्ती : मई समझी थी तुम नहीं आओगे...

चटकककक...

और मैं उसके गुलाबी गाल को लाल कर दिया ..वो धड़ाम से बीएड पर जा गिरी...

दीप्ती : I'm सॉरी उस दिन के लिए मई क्या करती...

मई : तूने कहा था तू वर्जिन है और मेरे प्यार के इज़हार के इज़हार के बाद 2 ,2 मर्दो का लुंड चूस रही थी साली रंडी....

Dhammmmm...dhammmm...aur मैंने 2 जोरदार लटें उसकी पीठ और जांघ पर रसीद कर दी...

वो बचो की तरह रोने लगी ..

मई : मेरी बहन भी तेरी तरह hai...usne मुझे पला पोसा इसलिए वो बच गयी लेकिन अब मई तुझे नर्क दिखाऊंगा तुझे अपनी पिग सलूट banakar..sath में उस रंडी लावण्या का बदला भी तुझसे लूंगा...

दीप्ती : तुम मुझे अपने साथ ले चलो जणू...

वो चुटिया लड़की अब भी समझ रही थी की मुझे उससे प्यार है...

मई : रंडी है तू और मैंने तेरी आज रात कीमत दी है रैंड साली kutiya...tujhe अब भी लग रहा है मई यहाँ तेरे लिए आया तुझे ले jaane...chal लैंड चूस मेरा...

और मई अपनी पंत उतरने लगा...

रॉकी मत कर ye...kute का झूठा खा ले लेकिन आदमी का झूठा नहीं...

सामने उस खूबसूरत बाला को देख मेरी इनर सोल की आवाज जैसे कही डाब gayi...aur मैंने अपनी पंत अंडरवियर उतर feki...mera अध् खड़ा लैंड उसके सामने था...

दीप्ती : तो तुम अब मुझसे प्यार नहीं करते क्या...

मई : तेरी और तेरे प्यार की माँ की chut...pass जाकर मैंने उसकी थोड़ी दबाई और लैंड उसके मुँह में दाल दिया....

25 दिन यहाँ रहकर मैंने बहुत कुछ देखा tha....aur न जाने कब वैसा बन गया पता hi नहीं chala...soncha था शादी के बाद ये सब करूँगा लेकिन मेरी ज़िन्दगी में अछि लड़की कहा थी...

मई उसके सर को पकड़ कर उसकी मुँह हिला रहा tha...uske लम्स से मेरा लैंड पूरा खड़ा हो गया जो सिक्स इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था...

Ummmm...ummmm...aur वो लैंड निकलने में कामयाब हो गयी...

मई : बहन की लोदी तेरी कीमत दी है चुप चाप चूस..

दीप्ती: तुमने मुझे मारा kyo...tum ऐसी बातें क्यों कर रहे हो..

मई : तू सच में चुटिया hai...tune मेरा दिल तोडा है samji..jyada बातें न कर चूस ise...nhi तो मई फाॅर्स करूँगा और मरूंगा bhi..sali उस दिन 2 लैंड चूस रही थी अब नाटक कर रही है..

चुप चाप वो चूसने लगी....

मई हाथ आगे बढ़ा कर कपड़ो के ऊपर से hi उसके बूब्स मसलने लगा....

उसके बूब्स बड़े थे और एक डैम टाइट...

मई : ाः ऐसे hi चूस रंडी...

हैप्प हप्प कमरे में उसके चूसने की आवाजे आने लगी...

Chrrrr...gusse और हवस में मैंने उसके ब्लाउज को पकड़ कर खींच liya...jo फैट कर अलग हो गया....

दीप्ती: आअह्ह्ह

धक्का देकर मैंने उसे बाद पर गिराया..

फिर खुद उसके ऊपर आगया...

उसके होंठो पर किश करते हुए मई उसकी ब्रा के ऊपर से बूब्स मसलने लगा वैरी रोगलय...

दीप्ती : आआह्ह्ह dhire..aise nahi...nooo...

वो जितना रोकती मई उतना hi उसके बूब को मसल रहा था.....

कुछ देर चूमने चाटने के बाद मैंने साड़ी अलग की और उसकी ब्रा खींच कर फाड़ दी ..फिर पेटीकोट फाड़ दिया...

अंदर उसकी बस पंतय रह गयी थी...

थपप्पपपपप...

दीप्ती : आआआहहह...

मैंने कसकर थप्पड़ मारा उसकी छूट par...aur उसकी आह निकल गयी....

दीप्ती : मर क्यों रहे हो...

ठप्प ठप्प ठप्प

उसके टोकने पर मैंने उसकी छूट पर थप्पड़ो की बारिश कर di...aur वो रोने लगी न जाने क्यों मुझे उसका रोना ाचा लग रहा था...

देखते hi देखते मैंने उसकी पंतय भी खींच कर फाड़ दी अब वो नंगी थी मेरे सामने....

और फिर मई उस पर कूद गया...

उसके बूब्स को मुँह में भर कर मैंने दन्त गदा दिए दूसरे वाले को बिलकुल hi मसल दिया...

दीप्ती : आआह्ह्ह रॉकी बहुत दर्द हो रहा hai...aaaahhhhh nahi....rukoo....aaaaaaaaa...

जब मुझे उसके बूब से कुछ गिला महसूस हुआ तब मैंने उसके बूब्स छोड़े..

मई : ये औकात है तेरी raamd...aur तूने मुझे धोका diya....maine उसका बूब देखा उसमे से खून निकल रहा था...

Chatakkkkk...mooh पर थप्पड़ मर कर मैंने उसके दूसरे बूब पर दन्त गदा दिए....


दीप्ती : aaaahhhhhh....mummyyyy....mujhe दर्द हो रहा hai...aaaahhhhhh...chodo मुझे....

उसकी दर्द भरी चीखे मुझे सेटिसफी कर रही थी जिससे मई और उसे दर्द दे रहा था...

खूब बूब मसल लेने के बाद मई उठा और उसके रट हुए मुँह पर बैठ कर मैंने लैंड उसके मुँह में दाल दिया....

और खूब तेज धक्के मरने लगा...

चटक chatakkk...uski आवाज न निकलने पर मैंने कई थप्पड़ उसके गालो पर जड़ दिए...

5 मिनट बाद मई मुँह पर से उठा और मई उसके ऊपर लेट गया..

फिर मैंने लैंड सेट किया और उसकी छूट पर टिका दिया...

और पहले hi धक्के में लैंड उसकी छूट में घुस गया...

दीप्ती : आअह्ह्ह...

मई: आअह्ह्ह...

और फिर मई वैसे hi धक्के मरने लगा...

5 मिनट तक धक्के मरने पर मुझे उसका ओर्गास्म फील हुआ..

मई : चल कुटिया बन जा...

वो डोगग्य स्टाइल के पोस्ट में आयी और मई खड़ा हो गया...

मैंने लैंड छूट में घुस्य एक हाथ से उसकी कमर पकड़ी दूसरे से मैंने उसकी गांड में ऊँगली कर दी...

चटकककक चटकककक चटककक..

फिर उसी हाथ से थप्पड़ मरने लगा...

दीप्ती : ाः मार क्यों रहे हो कर रही हों na...aaaaaaahhh..

गांड लाल करने के बाद मई उसे छोड़ने लगा...

दीप्ती : aaaaahhhh...aaaahhhh...aahhh...

5 मिनट छोड़ने के बाद मई उसकी छूट में hi झाड़ गया...

फिर थक कर मई उसके बराबर में लेट गया...

धम्म ...

उसे लेता देख मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा...

मई : तू क्यों लेती चल लैंड चूस मेरा..

और वो फिर चूसने लगी....

रात भर मई उसकी चुदाई करता रहा...

4 बजे थक कर मई उसी के पास सो गया...

रॉकी के सोने पर दीप्ती उठी और रोने lagi...fir शावर लेकर उसने एक पर्चे पर कुछ लिखा और उसे रॉकी की जेब में दाल दिया...

फिर उसके बराबर में आकर लेट गयी....

*******************************

एक बड़े से हॉल में बहुत से लोग जमा थे देखने में सब के सब बॉडी बिल्डर लग रहे they...sab के फेस पर सुब ग्लासेज और बॉडी पर महँगा कोर्ट था...

इतने में बहुत सी कार्स उसी हॉल में एंटर hui...sabhi की सभी कार्स बड़ी महंगी thi...hall में आकर वो सब रुक गयी ..

जब पीछे वाली गाड़िओ से गार्ड्स जिनके हाथो में गन्स थी निकल आये तब 2 गार्ड्स भागते हुए आगे वाली कार्स की तरफ बढे और जल्दी से दूर खोल कर खड़े हो गए...


गेट खुलने पर एक निहायती सुन्दर औरत कार से बहार nikli...jiske चहेरे पर अमीरी का रोअब साफ़ झलक रहा था 38 की होने पर भी वो देखने में 25 की लग रही थी...

सुन ग्लासेज उतर कर एक नजर उसने सबको देखा...

फिर आगे बढ़ गयी....

इतने में जमाई लेती एक लड़की उसी कार से nikli....jiske सर पर हैडफ़ोन था आँखों पर ब्लैक ग्लासेस उसने एक टॉप पहना था उसके ऊपर फ़लुफ़्फ़ी कोर्ट उसकी दूध सी गोरी टंगे जाहिर हो रही थी जिन्हे देख कर हर कोई आहें भर रहा tha...music सुनते हुए वो आगे वाली औरत को फॉलो करने लगी....

सामने hi 2 सोफे बिछे थे जिन पर आकर दोनों बैठ गयी...

इतने में औरत के पास एक आदमी आया..

आदमी : सान्वी मैडम जैक्सन सर का लत्तेर..

आदमी ने एक लत्तेर जो बॉक्स में बंद था सान्वी के आगे कर दिया...

सान्वी ने लत्तेर लेकर उसे खोला और पढ़ने लगी...

सान्वी मेरी बची मुंबई तुम पर तंग की जा रही है तुम्हारे बहुत से दुश्मन पैदा हो गए है गवर्नमेंट भी फण्ड मांग रही है ी क्नोव जो तुम नहीं डौगी इसलिए मई जल्द आ रहा हों और इस बार मुझे रोकना nahi...mujhe कुछ इनफार्मेशन मिली है कमिश्नर विक्रम की जो तुम पर कभी राइड कर सकता है इससे पहले उसे ख़त्म करना होगा..

सान्वी : ने एक पेपर पेन लिया और जवाब लिखने लगी...

फिर पैक करके उसी बॉक्स में रख diya...jise आदमी लेकर चला गया..

टिंग टिंग ting....itne में सान्वी का फ़ोन बजने लगा...

Mommmyyyy....phone पिछ करते hi सान्वी के कान में एक चीख गूंज गयी...

सान्वी : उफ़ ये लड़की भी na...wo फ़ोन कानो से हटते हुए बोली...

अगले hi पल उसने फ़ोन कानो पर लगा लिया...

माँ घर ाजाओ नहीं तो मई आपकी मां को कच्चा चवा jaungi...udhar से फिर चीखने की आवाज आयी...

सान्वी : आरवी क्या हुआ है पहले तो कलम होक कहो जो भी कहना है.

आरवी : मुझे पार्टी में जाना है ग्रैनी मुझे जाने नहीं दे रही..

सान्वी : हाँ तो मां की बात मनो...

आरवी: whatttt...never...mai जा रही हों..

सान्वी : okay बोडीगार्ड्स के साथ जाओ..

आरवी : इतने सरे बॉडीगार्ड इतने लोग तो पार्टी में भी nahi...mamma..

सान्वी : okay फिर पार्टी कैंसिल..

आरवी : मई जा रही हों ..

सान्वी : वेट I'm किंग..

कहते हुए सान्वी ने कॉल कट कर दी..

सान्वी : हे आया ..कॉल कट करते hi सान्वी ने बराबर वाली लड़की को pukara...anya कहा सुनने वाली थी वो आंखे बंद किये म्यूजिक में मस्त थी..

सान्वी के इशारे पर एक गार्ड ने आया के हेडफोन्स उतर दिए ..

और आया ने आँखे खोली...

Dhaye....ek गोली चली और जिसने हेडफोन्स निकली उसके माथे में जा लगी ..गिरते हुए आया ने हेडफोन्स उससे चीन ली...

सब शॉकेड में आया को देखने लगे क्योकि गोली उसी ने चलायी थी...

सान्वी : ये क्या किया...

आया : ी गेस he's सपयिन्ग ों उस...

सान्वी : गेस अरे यू माध...

आया : किडिंग माँ I'm sure...I हैवे एविडेंस...

सान्वी : इसकी बॉडी को ले jao...aur इसकी फॅमिली को 2 करोड़ दे देना...

Ok madam..ek गार्ड ने कहा और दूसरे गॉर्डस को इशारा किया बॉडी ले जाने का..

सान्वी : मई घर जा रही हों सब देख कर अजना...

जाते हुए सान्वी ने हैडफ़ोन चीन ली..

आया : ये मेरी hai..fuck you...akhiri बात आया ने धीमे से kahi...aur सामने देखते हुए उसने अपने गुरदस को आँखों से hi बोलने का इशारा किया..

आया हमारी 2 शिप जो दुबई से आ रही थी उन्हें मुंबई पोर्ट पर नेवी ऑफिसर्स ने कब्जे में ले liya...sath में रघु भाई भी पकडे गए...

2 हजार गार्ड्स की भीड़ में से एक आदमी की गरजदार आवाज गुंजी...

सोफे से कूदकर आया ने जम्प मारी और उस गार्ड ने पास आकर कड़ी हो गयी...

आया : aanya...aanya दांतो को भींच कर उस गार्ड को देखने लगी ..

आया madam....guard पीछे हट्टे हुए धीमे से बोलै...

आया : साउंड्स गुड ..वो लोग जानते है रघु के बारे में जॉन..

जॉन : यस आया madam...lekin उनके पास रघु की फोटो नहीं है उन्होंने बस नाम सुना है वो आपके लिए कितना खास है ये जानते है लेकिन उन्होंने उसे देखा नहीं कभी...

आया : उस नेवी अफसर को घुस do...nahi मने तो उसकी फॅमिली को उठा lo...mujhe मेरा गोल्ड हर हाल में वापस चाहिए...

जॉन : और रघु का क्या...

आया: उसे ज़िंदा रखो गोल्ड के साथ मुझे वो chahiye....na मने तो लोकल गुंडों का सहारा लेना.. माँ का आर्डर है अभी खुद से कुछ नहीं करना..

जॉन : okay मैडम...

आया : और किसी को कुछ कहना है...

मैडम आया पुलिस के खबरि ने न्यूज़ दी है जल्द hi आपके अगेंस्ट अरेस्ट वारंट निकलने वाला है...


आया: hahahahha...aur कोई....

मीटिंग end...kisi और की आवाज न आने पर आया चल देती hai...apni कार की तरफ...

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सुबह 12 बजे मेरी आँख khuli...dipti मेरे बराबर में नहीं थी...

मैंने कपडे pehne...aur बहार aya...fir...apni बस्ती में बहार बाइक कड़ी करके मई अंदर जाने लगा बच्चे पद रहे थे ..

डी डा dog...samne अदिति मैडम पड़ा रही थी..

कहा से आ rahe...ho..mai चुप चाप निकलने को हुआ की मुझे अदिति मैडम ने रोक लिया...

मई : बहार काम पर...

काम से मुझे याद आया मुझे कीस वाले के पास जाना है...

अदिति : यहाँ आकर मुर्गा बन जाओ झूट बोलने के लिए...

मई : क्या...

अदिति : सुबह मई रूम पर आयी रूम लॉक था 6 baje...ab जल्दी से मुर्गा बनो...

उसका अंदाज़ ऐसा था की मई मन नहीं कर पाया...

करता भी तो वो मुझे निकल deti...na फिर मुझे घर का खाना मिलता न इतनी अछि जगह...

मई चुप चाप जाकर मुर्गा बन गया...

अदिति : बचो जानते हो मैंने इन्हे क्यों पुनीश किया...

बच्चे: नहीं टीचर...

अदिति : इन्होने झूट बोलै ..इससे क्या सीखे झूट बोलना बुरी बात है...

मई : अरे अदिति मैडम झूट थोड़ी बोलै मेरी नाईट शिफ्ट थी... सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी में .

अदिति : ाचा पहले क्यों नहीं बताया.

मई: अपने बोलने hi कहा दिया ..

अदिति : ओह्ह मई भी न ..अब आप उठ जाये..

मई : आह्हः ..मई उठा और अंगड़ाई लेने लगा जैसे थक गया हों मुर्गा बन कर...

अदिति : आप कितने भोले है रॉक जी बता भी नहीं सके जॉब कर रहे थे...

मई : आपसे दर लगता है jee...aap नाराज हो गयी तो न रहने को छत है न खाने को खाना...

अदिति : हाँ ये भी बात hai..acha आप जाओ मई ब्रेकफास्ट भेजती हों...

मई : थैंक यू अदिति जी बहुत भूक लगी है...

और मई चल दिया सीडीओ से ऊपर आया ..और कपडे उतर कर नहाने लगा...

नाहा कर हटा की बचा खाना लेकर agaya...towel में hi मैंने जल्दी से खाया और उसी बचे से प्लेट धुक्वा कर भेज दी...

फिर तैयार होकर मैंने फ़ोन चेक Kiya...aur अरसद की कॉल देख बैक कॉल लगा दी...

उसने कॉल पिक की और मैंने कहा.

मई : क्यों कॉल ki...paise आगये न..

अरसद: आगये है वो आंटी तुझसे बात करना चाहती थी...

मई ; अब बात करने के लिए कुछ कहे तो कह देना उन पर तरस खा कर पैसे भेजे है वैसे भी उन लोगो ने मुझे पला था....

अरसद: क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रहा है...

मई :ये छोड़ अब बस पैसो के लिए कॉल करना..

और मैंने कॉल कट कर दी...

रूम लॉक करके मई निकल gaya...keys वाले के पास...

रत 10 बजे मई शॉप से फ्री hua...aur घर आया...

घर आकर मैंने पैसे गिने पैसे बहुत जल्दी ख़त्म हो रहे थे और मुझे और पैसो की जरुरत थी...

अगले दिन मई दिन में 2 घंटे अमीर सोसाइटी में घर देखने लगा...

एक घर लॉक करके मई फिर कीस की शॉप पर बैठ गया...

शाम 5 बजे तक काम करने के बाद मई कोठे आया और रात की कीमत मैंने गायत्री को दी ..

मई: अब ये किसी और के पास न jaye..mai कल फिर aaunga...itne hi पैसो के साथ ..

गीता: कहा जा रहे उसके पास नहीं जाओगे...

मई: कल आऊंगा...

गायत्री : जाने दे ये दीवाना है.

और मई चल diya...ghar

घर आकर मई मोबाइल पर लॉक खोलने से रिलेटेड वीडियोस देखने laga...kareeb 9 बजे अदिति मैडम खाना लेकर आयी ..

खाना खा कर मैंने बर्तन घर में रखे और फिर अपनी तैयारी करने लगा ..

12 बजे मैंने ड्रेस बदली और घर से निकल gaya...aaj मैंने बाइक बस्ती में कड़ी की थी जहाँ लोग सोते थे ..

ख़ामोशी से मैंने बाइक निकली और बस्ती से निकल गया...

आधे घंटे बाद मई उसी सोसाइटी से 5 मिनट की दूरी पर बानी दुकाने जो बंद थी वहां बाइक पार्क की और लॉक कर di...fir अपने कपडे उतरे और चोर वाले कपड़ो में आगया जो मैंने अंदर पहने थे....

फिर छुपते हुए मई उस सोसाइटी की तरफ चल दिया...

मेरे रस्ते में बहार लगी लाइट्स आ रही thi...jis वजह से मुझे छुप कर जाना पद रहा था...

5 मिनट का सफर 20 मिनट्स में तये करके मई उस घर के पास पंहुचा...

घर की डिज़ाइन पिछले घर जैसी thi...lekin इसमें शीशे की जगह तारे थी खड़े खड़े जिन्हे मैंने अपने प्लस से कटा फिर दीवार पर चढ़ कर मई अंदर घुस गया...

घर में आते hi मुझे एक नेगेटिव विबे aayi...man हुआ वापस लौट जॉन लेकिन मेरे सर पर सवार था अगर वापस लौटा तो बहुत पैसो का नुकसान होगा डिप्टी के पास भी नहीं जा पाउँगा...

अंदर घुसते hi आंगन था उससे लगा दूर जिसके जरिये अंदर जाया जा सकता tha....andar से hi दूसरी मेल पर जाने का रास्ता tha...jise देख मुझे आज की चोरी डिफिकल्ट लग रही थी..

मैंने मैगनेट निकला और उससे दूर को खोलने laga...jab नहीं खुला तब मैंने तार dala...aur खत की आवाज आयी...

मैंने दूर अंदर किया तो वो खुल गया...

ख़ामोशी से मई अंदर घुस गया...

अंदर बड़ा सा हॉल था...

इतने में मुझे किसी के चलने की आवाज आयी ...और मेरी धड़कने जैसे रुकने वाली ho...hath पेअर मेरे कल्पने लगे..

मैंने सिम्त का जायजा लिया जहाँ से आवाजे और चलने की अहाते आ रही thi...uski मुखालिफ सिम्त में मई bhaga...jo सामने एक बहुत बड़ा रूम था...

मई रूम में घुसा तो मुझे बाद पर कोई सोता नजर aya...andhere में..

अब मई बहार भी नहीं जा सकता tha...bahar से आने वाली आवाजे इसी रूम की तरफ आ रही थी...

मैंने इधर उधर dekha...almirah देख मई जल्दी से उसमे चुप गया...

इतने में एक आदमी अंदर दाखिल hua...aur उसने लाइट जला दी...

लाइट जलने पर मुझे उसके हाथो में गन दिखी जिसे कड़ाके की ठण्ड में भी मई पसीना पसीना हो gaya....mujhe अब अपना अंत नजर आ रहा tha...mai समझ गया था उस आदमी को मेरे बारे में पता चल गया...

की इतने के उसने पानी का मग उठा कर बीएड पर लेते हुए का ब्लैंकेट खींचा ...

और जग का पानी उस पर दाल दिया..

वो 30 साल की बेहद सुन्दर औरत थी पानी डालते hi वो नींद से जाग गयी...

उसने कुछ kaha..aurat ने की इतने में आदमी ने गन उसके मुँह पर तान di..aur वो कुछ कहने लगा..

औरत गुस्से में उसे देखने लगी...

जहाँ मुझे रहत मिली की वो आदमी मेरे लिए नहीं aya...wahi अब मई बेचैन हो गया था की ये आदमी इस सुन्दर औरत को मार देगा...

मेरा मन मुझे झंझोड़ रहा था..

औरत ने होंठ हिलाये की आदमी ने उसकी गर्दन पर लात मरी और चुप रहने का इशारा किया..

फिर आदमी औरत पर गन ताने पीछे हटने लगा...

पीछे हट्टे हुए वो आदमी मेरे hi पास आ रहा tha...yani जिस ालमिरह के अंदर मई छुपा था....

मेरा दिल अंदर से कह रहा था मई इसे बचा lon...mai सोंच रहा था अगर मैंने इस औरत को बचा लिया तो शायद वो मुझे जाने दे...

रॉकी तू बुरा इंसान है लेकिन इतना भी नहीं किसी को मरता देख बचाये भी na....rocky बचा ले इस भोली भली औरत को देख ये कितनी सुन्दर है ..तुझे शायद जान बचने के भी पैसे दे .

आदमी : चल मरने के लिए तैयार हो jaa...is बार पास होने की वजह से मुझे उसकी आवाज आयी...

Aaaahhhhh....aur ालमिरह से निकल कर मई उस आदमी पर kuda....jisse वो आगे को गिरा....

ढाये....

अगले hi पल फुर्ती से उस औरत ने उस आदमी को शूट कर diya...uska सर फैट गया tha...sab तरफ खून की चीते पड़ी थी...

हैरान परेशां मैंने उस औरत को देखा ....अब उसकी गन का निशाना मेरा सर था..
 
बिजी होने की वजह से लेट हो गया episode आज रत 9 पं
 
Episode 7

ढाये....

अगले hi पल फुर्ती से उस औरत ने उस आदमी को शूट कर diya...uska सर फैट गया tha...sab तरफ खून की चीते पड़ी थी...

हैरान परेशां मैंने उस औरत को देखा ....अब उसकी गन का निशाना मेरा सर था....

थे ट्रैप..

अपने हस्बैंड के गिरते hi उसने उसकी गन से उसे शूट कर दिया अगले hi पल गन मुझ पर तान दी ..

डरकर मैंने हाथ ऊपर कर liye...uski आँखों में एक अजीब सी चमक थी जो डरावनी थी...

औरत : कोण है tu..yahan क्या करने आया...

मई : aaa...marna मत ...मैंने आपको बचाया इस आदमी से...

औरत : अपना मास्क उतर...

मैंने देर किये बिना चहेरा उसे दिखा दिया...

औरत : कोण है तू..

मई : मैडम यहाँ चोरी करने आया था... प्लीज जाने दो मैंने अभी कुछ नहीं चुराया... उसके सामने मैंने गिड़गिड़ाते हुए कहा...

औरत : चल मेरे साथ आ..

उसने मुझे आगे आने का इशारा kiya...khud अपना फ़ोन उसने उठा लिया...

मई आगे बढ़ने लगा वो कमरों की लाइट जलने लगी...

घर में घूमते हुए वो मुझे एक रूम के पास लायी...

मई : यहाँ क्यों लायी हो मैडम प्लीज मुझे जाने दो...

औरत : ससष्ठ...

उसने मुझे चुप रहने का इशारा किया और खुद डेस्क के निचे राखी चाबी निकलने लगी...

चाबी निकल कर उसने कीस मुझे दी...

औरत : खोल इसे...

मैंने दूर खोला आगे बढ़ा तो पीछे से औरत ने लाइट जला di...room पूरा सामान से भरा हुआ था..

औरत : इसमें से खोदने वाला सामान निकल....

मैंने इधर उधर नजर डाली और फरवा उठा लिया....

जिसे लेकर मई उस औरत के पास aya...aate समय मेरे मन में ख्याल आया यही फरवा इस औरत के मार डॉन हाथ पर और भाग जॉन लेकिन उसकी निर्दयी आँखों को देख मेरी हिम्मत न हुई...

औरत : मेरे साथ आ...

उसके पीछे पीछे मई चलता हुआ गर्दन में आया...

औरत : इसे यही rakh...aur उसने फिर अपने साथ आने का कहा...

वापस वो मुझे उसी कमरे में लायी जिसमे वो आदमी पड़ा था...

औरत ; इसे उठा..

मई : ma..mai कैसे .मैडम मैंने आज तक किसी मुर्दे को देखा भी नहीं...

औरत : नहीं उठाया तो इसके साथ तू भी पड़ा hoga...uski धमकी सुन मैंने उठाने के लिए पेअर पकड़ liya...aur आंखे बंद कर ली...

मई : मैडम इस पर कोई बेडशीट दाल डॉन...

औरत : बीएड से उठा ले..

मई : नयी दे दो मैडम मरने वाले के लिए थोड़ी रेस्पेक्ट...

औरत : ालमिरह में से निकल...

मैंने नयी बेडशीट निकली और उस आदमी पर दाल दी....

और बेडशीट के ऊपर से hi पेअर पकड़ लिया...

मुझे रोना आ रहा था लेकिन मई रो नहीं पा रहा था दर से मेरी हालत पतली हो गयी थी मगर उस औरत को मुझ पर दया नहीं आ रही थी...

खचेडे हुए मई लाश उसी गर्दन में लाया जो 20 कदम की दूरी जितना बड़ा था...

औरत : चल अब इसके लिए गद्दा खोद ..

और मेरी आंखे चालक padi...mai उससे पूछना चाहता था इसे दफना कर मुझे जाने degi...lekin मेरी हिमंत नहीं हुई..

1 घंटे तक लगातार खोदने के बाद मैंने आदमी को दफ़न किया और उस औरत को dekha...wo मेरे अस्स पास नहीं थी...

औरत : मट्टी को बर्बर करके उसी रूम में अजा...

उसने 2सरे माले से आवाज दी ....

मेरा मन हुआ भाग जॉन लेकिन मई हिम्मत न कर saka...jahan ये दर था वो ऊपर से hi शूट कर देगी वही एक अंजना दर और मेरे ऊपर हावी था...

मई चुप चाप उसी रूम में aya...jahan वो औरत पहले से मौजूद थी...

औरत : साफ़ कर ब्लड ko...usne हाथ से बाल्टी और पोछे की तरफ ऊँगली की...

न चाहते हुए भी मुझे पोछा उठाना पड़ा....

औरत : अगर एक भी ब्लड का निशान रहा तो तू फसेगा...

उसकी आवाज पर मेरा मन हुआ पुछु kaise...maine तो नहीं mara...lekin मैंने उसके गुस्से को देख चुप रहने में hi भलाई समझी..

आधे घंटे तक रगड़ रगड़ के मैंने कमरा साफ़ किया....

औरत : चल मेरे पीछे आ ..

और मई चल दिया... सेकंड मार्ले के एक रूम में वो मुझे लेकर आयी ..

औरत : कपडे उतर अपने....

मई : सामने कैसे उतरूं...

औरत : मेरे पास तेरी न सुनने का समय नहीं अब बस तू बचा है जो इसकी डेथ का साबुत है.

मेरी जगह कोई भी होता उस बाला से दर jata...jaise उसने कहा लग रहा था वो फायर कर देगी...

न चाहते हुए भी मुझे कपडे उतरने pade...ab मई पूरा नंगा था उसके सामने..

चटककक...

औरत : जा जाकर नाहा ले तुझ पर ब्लड की छींटे है ..

वो मेरे पीछे मरते हुए बोली....

उसके हाथ ने आनंद तो दिया लेकिन अभी मेरे अंदर से दर नहीं निकला था...

मई शावर लेने लगा उसने मेरे कपडे उठाये और पता नहीं कहा ले गयी...

कुछ देर बाद वो आयी उसके हाथ में टॉवल थी...

औरत : इससे जिस्म पॉच...

मैंने टॉवल से जिस्म पोछा और उसी को बांध लिया...

मई : मेरे कपडे...

औरत : वो डिस्पोसे हो gaye..mere साथ आ नई देती हों...

वो चलती हुई ालमिरह के पास ayi...aur उसने एक जोड़ी जीन्स और शर्ट कोर्ट अंडरवियर निकल कर दिया...

औरत : ये मेरे हस्बैंड के है..

मई : kyaa....madam वो आदमी अभी mara..mujhe उसके कपडे न do..mai कैसे pehnuga...meri रुलाई छूट गयी और मैंने हाथ जोड़ लिए...

औरत : अब इंकार किया तो तुझे उसी गद्दे में दाल dungi...wo कपडे उठा कर वापस रखते हुए बोली..

जब वो ालमिरह से हटी तो उसके हाथ में जीन्स थी बनियान और अंडरवियर...

मई : ये किसके है मैडम...

औरत : ये मेरे hai...chal पहन...

उसने मुझे अंडरवियर दिया जो उसकी पंतय थी...

मई : मई ये कैसे...

औरत : चुप चाप पहन...

मैंने न चाहते हुए भी उसे पहन लिया...

मैंने बनियान उठाई तो देखा वो टॉप है और फिर मैंने औरत को देखा..

औरत : रुक...

मुझे बनियान पहनने से रोक कर वो वापस ालमिरह के पास गयी....

वापस आयी तो उसके हाथ में ब्रा थी...

औरत : चल पहन...

मई: ये तो लेडीज पहनती है ..

औरत : मैंने कहा न मुझे न सुन्ना पसंद नहीं...

और मैंने उसे हिल्गा लिया...

औरत : रुक अपने पेनिस पर हाथ रख दूसरा पीछे रख...

मई : लेकिन मैडम...

औरत : सुना नहीं मैंने क्या कहा..

मई : ji..aur मैंने वैसा hi किया..

अगले hi पल देखता हों वो मेरी फोटो ले रही है...

मई: मैडम ये अनयाये क्यों कर रही हो... प्लीज डिलीट कर दो...

औरत : अब कपडे पहन.

मैंने कपडे Dale...aur वेट करने लगा ये मुझे कब जाने देगी...

औरत : चल मेरे साथ आ...

अपने साथ वो मुझे एक दूसरे रूम में लायी...

खुद जाकर वो मोठे से प्लंकेट में बीएड से तक लगाए बैठ गयी ..मई खड़ा ठण्ड से ठिठुर रहा था...

औरत : क्या नाम है तेरा...

मई : rock..ab आप क्या करेगी मेरे साथ मुझे जाने दो मैडम...

औरत : रॉकी.. तुम्हारे पास दो रस्ते है पहला मेरे स्लेव बन jao...aur दूसरा तुम्हारे इंकार के बाद डीडे hoga..mere गलत नाम बताने को वो सही करते हुए बोली..

मई : मुझे जाने दो प्लीज मैंने तुम्हारी जान बचाई...

औरत ने कुछ कहे बिना मेरे आगे फ़ोन कर diya...jisme मई उसके हस्बैंड को दफ़न कर रहा था.

औरत : तुम मेरे हस्बैंड को दफ़न कर रहे ho...ye वीडियो मैंने पब्लिक कर दी तो पुलिस से कुछ भी कह सकती हों मुझे तुमने बांध दिया था ेट्स .मुझे मारा था मई बेहोश हो गयी मुझे होश आया तब तुम मेरे हस्बैंड को बुरिएड कर रहे they..aur तुम लाइफ टाइम के लिए अंदर थोड़े से पैसे दिए तो 302..मेरे पास और भी रस्ते है तुम्हे अपना स्लेव बनाने के लेकिन मई इस बार लॉयल स्लेव चाहती हों जिस पर ट्रस्ट कर सकूँ...

मई : क्या पहले भी स्लेव बनाये...

औरत : बहुत sare...unhone मेरी बात मैंने से इंकार किया तो मर diya..tumne किया तो तुम भी मरे जाओगे उसके बाद मई तुम्हारी ब्रा पंतय में पिछ लीक कर दूंगी और लोग तुम्हे गटर में दाल denge..tumhe कोई यद् करने वाला नहीं होगा...


मई : मुझे क्या करना होगा...

मेरे सवाल को सुन वो मुस्कुराई...

औरत : अपने बारे में बताओ कोण हो कहा से ho..don't लिए...

मई : हिमाचल से हों मैडम और अनाथ अपना कोई नहीं hai...yahan काम की तलाश में आया काम नहीं मिला तो चोर बन गया...

औरत : मैंने कहा न झूट nahi...tumhari बहन एक अय्यासग लड़की है जिससे तुम खफा होकर शिमला से यहाँ ए हो..

हैरत से मई आंखे बड़ी करके उसे देखने लगा वो मुस्कुरा रही थी...

मई : मुझे जानती हो...

औरत : ऐसा hi समझ lo...to अब आज के बाद झूट नहीं...

मैंने सर हिलाया..

औरत : चलो अब मई तुम्हे अपने बारे में बताती hon..mai हों सुभ्लक्मी जिसे मैंने मारा वो मेरा हस्बैंड था उसकी एक कंपनी है एडवांस बाइसिकल बनाने की मई क्या करती हों जल्द जान जाओगे...

मई : अपने अपने हस्बैंड को क्यों...

सुभ्लक्मी : इससे तुम्हारा लेना देना nahi...chalo यहाँ आओ ..घुटनो पर .सुना नहीं...

मेरे न आने पर उसने मुझे फिर आवाज di..aur मैंने वैसा hi किया...

लक्समी ने मेरे आगे अपना पेअर कर diya..aur इशारा किया चाटने का..

लक्समी : रॉकी तुम एक बार में सुनते नहीं हो तुम्हे आर्डर फॉलो करना सीखना hoga...chalo ये दर्ज खोलो...

मैंने एक बार में hi दर्ज खोली जो उसके बीएड से आत्ताच थी...

अंदर प्लास्टिक और रुबेर के लैंड बेल्ट पड़ी थी...

लक्समी : बेल्ट वाला स्ट्रॉपपोन निकालो साथ डिलडो भी...

मैंने बेल्ट में फसा लैंड और एक लम्बी सी मशीन di..utha कर..

लक्समी: ये डिलडो नहीं hai...samne वाला..

वो रुबेर के लैंड की तरफ ऊँगली करती हुए बोली...

मैंने निकल कर उसकी तरफ बढ़ा दिया...

लक्समी: इसे मुँह में ले लो...

मई : मैडम मई उस टाइप का नहीं हों..

लक्समी : फिर तुमने हुक्म मैंने में देर ki..bhul गए तुम एक रंडी के भाई हो जिसने न जाने कितने लैंड अपनी छूट में लिए honge...ab अगर मुँह में नहीं लिया तो ये तुम्हारी गांड में जायेगा...


मई : अपने कुछ देर पहले अपने हस्बैंड को मारा मैंने आपकी जान बचाई उसका ये सिला दे रही ho...mai किसी से कुछ नहीं कहूंगा मुझे जाने do..maine उसके सामने जोड़ दिए...

लक्समी : मुझे रोने धोने वाले लोग नहीं पसंद न वो जो एक बार में मेरी बात नहीं मानते अब मैं तुम्हारी गांड में ये स्ट्रॉपपोन और डिलडो दोनों साथ dalungi...aur वो अपनी साड़ी पर बांधने lagi....belt वाला लैंड...

मुझे भागना था बस एक लम्हा काफी था...

और इसलिए मैंने.... लैंप को देखा जो मेरे hi पास रखा था..

Aaahh...wo हलके से दर्द में कसमसाई

मैंने डिलडो उसके मारा..

लक्समी : aah.sarasss

..जो उसके मुँह पर laga...aur वो चीखी...

अगले hi पल मैंने लैंप उठा कर उसकी तरफ फेका...

फिर जो मैंने देखा मुझे उस पर यक़ीन नहीं आ रहा tha...maine अपनी आंखे मसली और दर से मई पीछे हुआ....

लैंप हवा में रुका हुआ था जैसे किसी ने पकड़ा हो...

वही लक्समी मुझे खौफनाक नजरो से देखने लगी...

मई : लक्समी madam...aaaaa...chama कर do...mujhse भूल हो gayi...mai बस जाना चाहता tha...maine भाग कर उसके पेअर पकड़ लिए...

लक्समी : सससस चुप चाप खड़ा हो जा..

और मई बीएड से उतर कर खड़ा हो gaya...dar से मेरे पेअर काल्प रहे थे..

लक्समी साधारण औरत नहीं थी..

वो मेरे पास aayi...aur उसका सतरप्पों मुझे अपने पीछे घुसता महसूस हुआ

...

लक्समी : मैंने तुमसे क्या माँगा था बस एक लॉयल स्लेव न और तुम मुझे मरने lage...chalo इसे मुँह में lo...wo डिलडो मेरे होंठो पर लगा कर boli...jise पकड़ कर मई मुँह में लेकर चूसने laga...aur मेरे आंसू बहकर गिरने लगे...

लक्समी : तुम्हे क्या सजा देनी chahiye..sonch रही हों तुम्हे मर दू और तुम्हारी ब्रा पंतय वाली पिछ तुम्हारी बहन को सेंड करके कहु तू रंडी है तेरा भाई गांडू hai...kar दू बोलो.

..अचे से चुसो... उसने आगे कहा

और मई प्रोफेशनल की तरह चूसने लगा....

लक्समी : ऐसे hi हुक्म मानोगे तो छोड़ सकती हों...

मई : जो कहोगी मई मानुगा मालकिन...

लक्समी : गुड बॉय बूत सजा तो मिलेगी तुम्हे....

और उसने मेरी बनयान जो उसका hi टॉप था उसमे हाथ दाल दिया और ब्रा के ऊपर से मेरे निप्पल मसलने लगी ..

मई : आअह्ह्ह्ह....

लक्समी : मस्त गांड है tumhari...kal दिन में मई तुम्हे अपने साथ ले चलूंगी फिर तुम और रापचिक lagoge..wo मेरी जीन्स का बटन खोलते हुए बोली...

जीन्स निचे गिरी और वो पंतय की डोर पकड़ कर खींच कर छोड़ने लगी जिससे छप्प की आवाज आती...

मई : aaah.usnd पंतय में हाथ दाल कर मेरा लैंड पकड़ लिया...

लक्समी: बहुत छोटा hai...fir उसने मेरी पंतय खींच li...aur मुझे झुका दिया...

आआआअह्हह्ह्ह्ह....

एक घंटे तक वो मेरा रपे करती रही....

जब उसका मन भर गया तब उसने मुझे छोड़ा..

लक्समी : क्या मैंने तुम पर कोई जुल्म किया..

मई : नहीं मालकिन मैंने गलती की थी...

लक्समी : गुड बॉय...

मई : मालकिन मुझे ठण्ड लग रही है घर नहीं जा सकता तो मुझे कुछ ओढ़ने के लिए दे दो...

लक्समी : मेरे पैरो के पास सो जाओ..

मई उसके पैरो के पास लेता तो उसने अपने पेअर मेरे सीने पर रख liye...jinhe ऊपर उठ उठ कर मैंने पेट पर कर लिया...

थका हरा न जाने कब मई सो गया...

******************************

मैडम यही रूम है इसी में चोरी हुई और ये safe...harivansh रूम की सेफ खोल कर दिखते हुए बोलै...

आद्या : ये तो पासवर्ड वाली सेफ है..

हरी : पता नहीं कैसे खोल ली madam...salo ने बर्तन तक नहीं छोड़े वो भी चुरा लिए...

आद्या : क्या बर्तन...

हरी : जी किचन में खाना भी खाया चोर ने गरम करके..

आद्या : ठीक है सप राजीव फॉरेंसिक टीम को बुलाओ कुछ मिले तो मुझे बताना..

राजीव : ठीक है मैडम...

आद्या : अस्स पास के कक्तव कामर्स की रिकॉर्डिंग भी मुझे कल तक चाहिए...

राजीव ने हामी भरी..

आद्या : ठीक है मई चलती hon..krayawahi होती रहेगी जल्द hi चोर पकडे जायेंगे..

हरी ने हामी भरी और आद्या घर से निकलने के लिए आगे बढ़ gayi...bahar आकर वो जीप में बैठी और ड्राइवर ने कार आगे बढ़ा दी..

आद्या : कमिश्नर ऑफिस चलो...

कुछ देर बाद आद्या कमिश्नर ऑफिस में थी...

चलते हुए वो ऑडोटोरियम में aayi..jahan कई उसके साथ वाले अफसर बैठे थे...

दिलीप लौड़े : लो आद्या भी आगयी ..let's स्टार्ट..

दिलीप के कहने पर एक अफसर ने स्क्रीन ों कर दी जिस पर एक अफसर की फोटो चलने लगी..

दिलीप : ये है आकाश हमारा होनहार अफसर जिसे आज मैडम सान्वी ने मार डाला...

आद्या : कैसे सर...

दिलीप: ये ख़ुफ़िया जासूस बन कर ड्यूटी कर रहा था किसी तरह मैडम संवी की माफिआ गैंग का हिस्सा बना और फिर किसी हमारे अपने ने खबर कर दी मैडम संवी को और मारा gaya..afsos ये हमारा आखिरी जासूस था c.b.i के जासूस है लेकिन वो कॉर्पोरेट नहीं करते हमारे साथ पुलिस डिपार्टमेंट का ये आखिरी hai...bahar खबर लीक न हो इसलिए मैंने बस उन्ही ऑफिसर्स को बुलाया है जो इस केस से जुड़े hai...ab हमें नए जासूस भेजने hoge..jinki इनफार्मेशन सिर्फ हमारे पास होगी...

गाईतोंडे : क्यों न मई जॉन जासूस बन कर दिखने से भी गुंडा hi लगता हों..

दिलीप ; तुम्हारा रिकॉर्ड है मतलब तुम उनकी नजर में ho...kisi नए को भेजो अपने से कोशिश करनी है तो देख lo..aur सब होनहार अफसर ढूंढे और इस माफिया गैंग में शामिल करके पता करे वो फाइल कहा है जिसका नाम है रेड फाइल...

आद्या : सर मई इस बारे में आपसे परसनली बात करुँगी..

दिलीप ने आँखों से हामी भरी...

मीटिंग एन्ड होने के बाद आद्या घर को चल दी....

आद्या : d.i.g सर है की चले gaye...office से निकलते हुए आद्या ने हवलदार से पूछा...

हवलदार : वो तो चले गए मैडम...

और आद्या आये बढ़ गयी....

***************************

Ting....ahana ने दूर बेल्ल बजे और कुछ देर बाद दूर खुला..

Ahana.....samne दरवाजे पर अहाना को देख औरत जल्दी से अहाना के गले लग गयी....

औरत : कैसी हो babe..sorry मई एयरपोर्ट न आ saki..tumhare अंकल दुबई गए है और मई यहाँ बिजी थी तुम्हारे लिए खाना बनाने में...

अहाना : दिक्कत तो बहुत हुई आउंट नैंसी बूत डैड से बार बार पूछ कर आ hi gayi...aur सब कैसा चल रहा hai...kaisi है आप..

नैंसी : ठीक हों beta....chalo अंदर आओ...

अहाना : ये मेरी दोस्त है लव ..

नैंसी: प्यारी हो babe...wo हैंडशेक के लिए हाथ बढ़ाते हुए बोली..

अहाना : ये मेरे साथ hi रहेगी...

नैंसी : अंदर आओ बचो..

अहाना लव देखती घर तो अच्छा है...

नैंसी : तुम्हे ऊपर रहना होगा तुम दोनों बीएड शेयर कर logi...wo क्या है न मई निचे रहती हों..

लव अहाना को देखने lagi...ek रूम शेयर करने की बात पर..

दोनों सामान लेकर सीडीओ से ऊपर जाने लगी..

नैंसी : don't वोर्री रूम बढ़ा है तर्रीस है आंगन hai..angan पर भी चाट है तुम्हे पसंद आएगा..

अहाना ने फिर कोई जवाब नहीं दिया...

लव साथ चलते हुए आशय महसूस कर रही thi...bahut सी सोंचे उसके दिमाग में चल रही thi....jaise की वो यहाँ नहीं rahegi...kiryae के माकन में कही रहेगी...

लो agaya...nancy रूम का दूर खोलते हुए बोली...

रूम में एक डबल बर्ड पड़ा tha...room था भी बहुत bada..aur khubsurat...sath में आत्ताच वाशरूम.

अहाना : नीस आउंट ...

लव : मई कल कही और रूम देख लुंगी मेरी वजह से तुम उनकंफर्टबले नहीं hogi..lav अहाना के कान में फुसफुसाई..

अहाना ने घूम कर उसे देखा..

अहाना : हम दोनों के लिए भी ये रूम बड़ा है आउंट मई अकेले वैसे भी नहीं सोती उस हादसे के बाद माँ के पास सोती हों अब मेरे पास मेरी दोस्त hai....aur इसे मई कही नहीं जाने दूंगी इवन िफ़ शी वांट तो जो..

नैंसी : great..by थे वे किस हादसे की बात कर रही हो..

अहाना : फिर कभी बताउंगी.

नैंसी : चलो निचे aao..pehle कुछ खा लो फिर रेस्ट करना..

अहाना : आप चलो हम फ्रेश होकर आते है..

नैंसी : ठीक है मई निकल रही हूँ जल्दी ana..aur नैंसी चली गयी...

अहाना : तुम ये क्या कह रही थी अभी ..

अहाना पलके ऊपर उठा पूछते हुए बोली..

लावण्या : तुमने अपनी आउंट का जवाब नहीं दिया तो मुझे लगा तुम बाद शेयर नहीं करना चाहती...

अहाना : यार मई सोंच रही थी अगर कम्फर्टेबले रूम नहीं हुआ तो कही और रहेंगे ham..but ये ाचा nikla..chal अजा फ्रेश ho...aur अहाना लव अपने अपने कपडे उतरने लगी...

अहाना : कितने बड़े है तेरे yaar..ahana लव के ब्रा में कैद बूब पर हाथ रखते हुए बोली...

लावण्या बड़ा मुँह करके उसे देखने लगी..

अहाना : ज्यादा डाब बाये न tune..ek डैम माखन है तू पूरी...

लावण्या : तुमने नहीं डाब बाये राम से..

अहाना : अबे उस चूतिये का नाम न ले..

लावण्या : उससे प्यार नहीं..

अहाना : मेरा एक आंसू भी उसकी मौत पर नहीं निकला तो सोंच ले ... चल अजा फ्रेश हो..

और दोनों ब्रा पंतय में hi मुँह हाथ धोने लगी....

फेस वाश करके दोनों ने कपडे पहने और निचे आयी...

निचे नैंसी खाना लिए बेंच पर बैठी थी..

नैंसी : come...aur दोनों बैठ कर खाने लगी...

नैंसी : तुम्हारे एडमिशन के लिए कल chalenge...aur तुम लावण्या शायद तुम्हे स्कालरशिप मिल jaye...lagta है तुम अहाना से काफी ज्यादा होशियार ho..tabhi तो इतने ज्यादा गरदेस ए..


अपनी आउंट की बात सुनकर अहाना मंद मंद मुस्कुराने lagi..wahi लव चुप चाप कहती रही...

अहाना : आउंट 6 साल पहले मई आयी थी आपकी शादी में अभी तक बेबी नहीं हुआ..

नैंसी : तुम्हारे अंकल का वो बहुत छोटा hai...errect hi नहीं hota...hahaha..aakhir में नैंसी मुस्कुरा दी .

नैंसी एक 30 साल की औरत थी जो देखने में अटरेक्टिव थी भरे हुए जिस्म की gori...jiske फेस पर अमीरी की झलक साफ़ jhalakti...koi भी देखे तो नजरे न हटा पाए..

वही दोनों नैंसी का फेस देखने लगे .

लव को तो फर्क नहीं पड़ा था लेकिन अहाना के फेस पर गुस्सा आगया था..

नैंसी : तुम्हारे अंकल ने चेकउप नहीं कराया क्योकि वो जानते है उनमे प्रॉब्लम है..

अहाना : तो अडॉप्ट कर लो..

नैंसी : अडॉप्टेड बचो से वो लगाव नहीं होता जो अपने खून से होता है ..तुम बताओ कोई बर्फ है .

अहाना : सिंगल लाइफ इस बेस्ट लाइफ..

नैंसी : और तुम्हारा..

लावण्या: ब्रेकअप ..

नैंसी : दोनों hi सिंगल हो...

अहाना : हाँ आउंट.. वेल मेरा हो गया थैंक्स फॉर थिस...

नैंसी: ये तुम्हारा घर है स्वीटहार्ट थैंक्स किस लिए...

नैंसी : मई रख दूंगी .लव जब बर्तन उठाने लगी तब नैंसी ने रोका..

लावण्या : नहीं बताये किचन कहा है..

नैंसी : ये सामने बस सिंक में दाल दो .माइड आती होगी धो देगी..

किचन में आकर लव बर्तन धोने लगी...

अहाना : लव क्या कर रही हो हुर्री उप..

नैंसी : रहने दो lav..mai कर दूंगी..

और लावण्या भी agayi..bartan धो कर..

उसने बस अपने और लव के बर्तन धोये they..aur दोनों रूम में आकर रेस्ट करने लगी..


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अगले दिन दोनों नैंसी के साथ यूनिवर्सिटी ऑफ़ मुंबई में आये...

ये मुंबई की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी थी जहाँ पॉलिटिशियन बिसनेस मन और हीरो हेरोइन के बचे पड़ते थे .

कॉलेज का हर मर्द जीन्स टॉप में अहाना और लव को आंखे फाड़ कर देख रहे थे...

कल का दिन दोनों का एडमिशन में चला गया...

लव के गरदेस अच्छे थे इसलिए उसकी 80% फीस माफ़ हो गयी 20% फीस आधी लव ने दी और आधी अहाना ने जो 6 लाख थी मंथली फीस लगा कर...

अहाना : आउंट एडमिशन तो हो गया आओ कॉलेज देखते है.

नैंसी : स्वीटहार्ट मई यही पड़ी हों मैंने बहुत बार देखा है तुम जाकर देख लो मई यही तुम्हारा वेट कर रही हों...

लव अहाना आगे बढ़ गयी...

लावण्या: इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी में क्यों एडमिशन लिया yaar...choti में भी ले सकते they..next मंथ की 5 लाख फीस कैसे दूंगी...

अहाना : तुझे तो खुश होना चाहिए यार तू 20 परसेंट hi एडमिशन फीस पाय कर रही है मेरी तो 55 लाच की पर गयी..

लावण्या : मुझे जॉब करनी होगी कही .

अहाना : फिर का फिर सोंचे गए चल पहले अपना साइंस डिपार्टमेंट देखते है..

हे hello कहा जा रही हो..

इतने में एक लड़का दोनों का रास्ता रोक्क्ति हुए bola...jo देखने में कभी ाचा था..

राघव तुम्हारा सीनियर चलो इंट्रोडक्शन दो अपना..

अहाना : एक्सक्यूज़ में टीचर he's बोथेरिंग उस...

इतने में अहाना को एक मेल टीचर जाते dikha..jise अहाना ने आवाज देकर बुला liya...ahana की आवाज पर वो पलटा और उसी तरफ आने लगा..

राघव : मुझसे पन्गा तुम दोनों को बहुत महंगा पड़ेगा कल मिल tu...raghav जाते हुए बोलै..

अहाना : गेट लॉस्ट..

और दोनों आगे बढ़ गयी...

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सुबह मेरी आँख लक्समी की आवाज पर khuli...aur उठ कर मई आंखे मसलने लगा...

लक्समी : तुमने ब्लैंकेट सारा खींच लिया सोने भी नहीं diya...ab से तुम निचे सोना...

मई : नींद में पता hi नहीं चला .

लक्समी : से सॉरी मालकिन...

और मैंने वैसा hi कहा..

लक्समी : जाओ जाकर कपडे pehno..samne वाशरूम है..

मुँह हाथ धो कर मैंने कपडे देखे तो वो उसी लक्समी के थे...

मैंने जीन्स पहनी और टॉप उसके अंदर दाल liya...jo देखने से लग रहा था बनयान है...

मई: मई जॉन मालकिन...

लक्समी : 6 बजे यहाँ अजना...

उसकी बात सुनकर मैंने अपनी कीस उठाई और घर से निकलने के लिए दौड़ लगा दी...

बहार आकर जैसे मुझे रहत मिली...

मई : इस साली को जान से मार दूंगा mai...ate जाते सब लोग मुझे hi देख रहे they...shayad कपड़ो की वजह से..

मई वहां आया जहाँ मैंने बाइक कड़ी की thi...ah वहां दुकान थी...

मई बाइक पर बैठ कर स्टार्ट करने लगा की दुकानदार मुझे खरी खोटी सुनाने लगा..

उसकी गली खा कर मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

बस्ती में आकर मई देखने लगा अपने रूम को बहार se..jiske निचे वाले पोरशन में अदिति मैडम बचो को पड़ा रही thi...mai बाइक पर बैठ कर उनके निकलने का वेट करने लगा...

आधे घंटे बाद वो nikli...aur मई अपने रूम में आया...

रूम में आकर मैंने अपने सरे कपडे उतरे और अपने जिस्म को देखने लगा..

जगह जगह उसने नोचा था मुझे...

ठप्प thapp...aur मिरर के सामने खड़ा होकर मई अपने मुँह पर थप्पड़ मरने लगा...

मैंने आंखे बंद की और नंगा hi बीएड पर लेट गया...

साली dayan...sab पता चल गया मुझे तेरे बारे में..

तू maregi...tu जादूगरनी है...

स्सश्ह मुँह से कुछ बोली तो तेरे मुँह में गोली दाल dunga...jeeb बहार निकल मंतर पड़ी तो मर दूंगा...


ज्यादा सोंचने पर मुझे लक्समी के हस्बैंड के हिलते होंठो के शब्द सुनाई देने lage....jaise कोड को मैंने अनलॉक कर लिया हो ..

कैसे मारु उस रैंड को ...आआआआआ....

धम्म्म्म dhammmm..aur मैंने अपना सर बीएड से दे मारा ..

रॉकी तू सेल कीड़ा है गन्दी नाली का और उसी से जा mila...tujhe जन्म देने वाली माँ ने ठुकराया तुझे पला किसी ने तेरी सौतेली बहन तेरे दुश्मनो के साथ सोती है और तू बन गया गांडू...

Aaaaaaaaaa...aur मई खुद को मरते मरते रुका....

रॉकी तू मर भी नहीं सकता इतना बुजदिल है तू...

KHat...khat...apni सोंचो से hi मई लड़ रहा था की मुझे दरवाज़ा बजने की आवाज आयी..

मई : कोण..

रॉक भैया हो क्या अंदर टीचर ने pucha..mujhe किसी बचे की आवाज आयी बहार से..

मई : हाँ मई हों कह दो...


उसके जाने की आवाज सुन कर मई उठ गया..

मई नहाया और अपने कपडे पहने ..उसके कपडे मैंने कचरे में दाल दिए..

मई नाहा कर हटा और ब्लैंकेट में लेट गया...

कहा गए थे तुम मई सुबह खाना देने आयी thi..itne में अदिति मैडम आगयी...

मई : जी मैडम वो मई सुबह hi चला गया था काम पर .

अदिति : अभी फ्री हो .

मई : जी बताये .

अदिति : निचे जाओ गरीबो के लिए खाना बन रहा है जो यहाँ रहते वीक में उन सब की एक बार काम करने की ड्यूटी होती hai...jao खाना बनवाने में हेल्प करो .

सर हिलता हुआ मई उठ गया...

फिर मैडम के साथ hi चल दिया ...

.मैडम मुझे एक ग्राउंड में लायी जहाँ खाना बन रहा था कई लोग बड़े बड़े भगोने आग पर चढ़ा रहे थे .

अदिति : अंकल इसे भी कोई काम दे दो ..वो एक अधेड़ आगे के व्यक्ति से बोली..

आदमी : अजा बच्चे ..चल ये बर्तन धो कर ला..

मैंने बड़े बड़े कई बर्तन उठाये और सामने टंकी के पास चल दिया ....

भैया तुम bhi...tanki के पास hi मुझे झगन मिल गया..

मई : आज कोई त्यौहार है क्या..

झगन : नहीं भैया रोज hi बनता है खाना गरीबो के लिए बस आज ड्यूटी तुम्हारी hai...yani हमारी .....

मई : तो इन गरीबो से क्यों नहीं बनवाती मैडम खाना जो भूके यहाँ आते...

झगन : बात तो सही है भैया..

मई : मैडम अजीब है यार किराया नहीं देते क्या हम उसका अब ऐसे भी टार्चर करेगी ..

ोये इज्जत से नाम ले कुल देवी है वो hamari...tum जानते भी हो जब कई दिनों का सफर करे और सर पर चाट न हो पेट में कुछ न हो तब जिसने हमारे सर पर छत दी खाने को खाना दिया वो है अदिति देवी ..एक बूढ़े आदमी ने कहा जो हमारे पास hi प्लेट धो रहा था.

कुछ कह रहा था ये मैडम के बारे me..dusre ने काम छोड़ मुझे देखते हुए पूछा.

झगन : अरे साहिल भाई कुछ रहे भैया वो तो बस पूछ रहे की आज कोई परोगराम hai..naye है न .झगन बात सँभालते हुए बोलै ...

झगन : क्या कर रहे हो भैया मैडम को ये सब पूजते है...

काम में लगे लगे मुझे 4 बज गए और फ्री होकर मई घर जाने लगा..

Suno...maine पीछे मुद के देखा अदिति मैडम थी ..

मई : जी मैडम ..

अदिति : आज मैंने खाना नहीं बनाया तो तुम यही खा लो...

मई मैडम के पीछे पीछे चल दिया.

वो सबके साथ खाना बाँट रही थी..

मई भी प्लेट लेकर बैठ गया .

खाना कर मई अपने रूम पर आगया..

मुझे इस बस्ती से अब निकलना tha..aur मई सोंचने लगा आगे क्या करूँ..

अपना घर hi सही था किराये के माकन में प्रॉब्लम होती...

मुझे और पैसे चाहिए थे .

मैंने अपने पैसे उठाये और गिनने लगा..

जो बस 6 लाच बचे थे...

Chori...mujhe चोरी करनी थी..

कल के हादसे से अकाल नहीं आयी .मेरे दिमाग के एक हिस्से ने कहा...

सब जगह लक्समी थोड़ी होगी..

और मई अपनी सोंचो में hi खो गया..

6 बजने में अब बस 2 मिनट्स रह गए थे...

कुछ देर बाद मैंने घडी देखि 6 :5 हो गए थे...

मुझे नहीं जाना था उस रंडी के पास और मई नींद पूरी करने लगा...

Ghrrrr...ghrrr...itne में मुझे अपने रूम में किसी की गुर्राहट आवाज सुनाई दी ..ज्यादा तेज नहीं बस धीमी सी..

बिस्तर से उठ कर मई इधर उधर देखने लगा...

रूम लॉक था...

इतने में किसी चीज़ के फर्श पर पेअर घिसने की आवाज aayi...aur मैंने बीएड से निचे देखा ..

कोई कुत्ता बीएड के निचे से निकल रहा था...

मई : ये कैसे घुसा ..घुस गया होगा कैसे bhi...mai अपने आप से बातें करते हुए बोलै..

मई : hatt...uthkar मई दूर खोलने जाने लगा निकलने के लिए...


Khatt...darwaja खोल कर मई palta...aur मेरे कदम वही जैम गए....

वो कुत्ता आम कुत्तो से दो गुना ऊँचा था वो मुझे hi देख रहा था...

उसे देख जैसे मेरी सांसे थम सी गयी कदम जैम गए हाथ कल्पने lage..mai चीखना चाहता था लेकिन मेरी आवाज नहीं निकल रही थी....

ऐसा लग रहा था जैसे वो मुस्कुरा रहा हो और मुस्कुराते हुए वो मेरी और बढ़ने लगा...

मई भागना चाहता था लेकिन मेरे कदम हिल भी नहीं रहे they...mujhe अब अपना अंत दिख रहा था...

Bhaiya....bhaiya...ki इतने में मुझे झगन की आवाज aayi...jo यही आ रहा था...

फिर जैसे मई किसी के वश में से nikla..aur मई बहार को भगा...

धम्मं...

Aaaahhhh...samne hi मई झगन से टकरा गया...

झगन : ाः क्या कर रहे हो रॉक bhaiya...bahanchod सर फोड़ दिया..

मई : kutta...kutta...

झगन : कोण कुत्ता भैया ..कही मुझे तो नहीं कह रहे कुत्ता..

मई : अंदर रूम me...kutta...meri गिगी बंधी हुई थी ..

झगन अंदर बढ़ गया..

झगन : कहा है kutta...yahan तो कुछ भी नहीं है...

मई : ठीक से देख देख बड़ा सा kutta.meri कल्प्ति सी आवाज निकली...

कुछ भी नहीं hai..usne फिर देखते हुए कहा..

फिर मेरे पास आकर वो बाइक की कीस मांगने लगा..

मई : अंदर पड़ी है...

उसने कीस li...aur चला गया..

मई बहार खड़ा देखने laga..lekin कुछ नहीं हुआ मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी अंदर जाने की...

मैंने रूम लॉक किया और निचे आया..

चलते हुए सीधा मई मैडम अदिति के घर आया और बेल्ल बजे...

कुछ देर बाद एक छोटी लड़की ने दूर khola...jo 17 ,18 साल की होगी..

किस्से मिलना है..

मई : अदिति मैडम से..

लड़की : दीदी देखो कोई आया है..

और गेट बंद करके वो फिर चली गयी...

कुछ देर बाद गेट खुला..

अदिति : कैसे आना हुआ..

मई : वो रूम हुन्तेद है मुझे वहां नहीं रहना..

और मैंने उसे साडी बात बता दी..

अदिति : और कोई रूम खली भी नहीं बस्ती में ये आखिरी था...

मई : आपके इस घर में कोई रूम ऊपर का नहीं तो यहाँ पर निचे सो jaunga..aur दिन में उधर अपने रूम पर..

मई मैडम के घर पर लगे लकड़ी की बालकनी की तरफ हाथ करते हुए बोलै .

अदिति : सामने सो जाओ उन लोगो में..

मैंने बेबसी से उसे dekha..wo मुझे उसी हॉल में सोने के लिए कह रही थी जहाँ मई पहली रात सोया था...

मई : ाचा मैडम आप मेरे साथ चलो मुझे वहां से बिस्तर निकलना है..

अदिति : चलो...

और हम दोनों चल दिए...

अदिति : तो रॉक तुम्हारी सल्लरी कितनी है..

मई : 15 हजार.

अदिति : तुम्हे कब से लगता है ये रूम हुन्तेद है..

मई : अभी से..

अदिति : मैंने तो ऐसा कभी कुछ फील नहीं किया... एक्चुअली ी don't बिलीव ों सुपरनैचरल पावर्स.

मई : मई भी नहीं करता था फिर शिमला में मेरे साथ एक हादसा hua...aur यकीं हो गया...

अदिति : क्या हादसा हुआ..

मई : लम्बी कहानी है मैडम...

और मई रूम में घुस कर ब्लैंकेट गद्दा उठा कर सर पर रख लिया ..रूम लॉक करके मई मुदा की मुझे सामने अदिति मैडम भौंए उचकाए दिखी...

मई : अब क्या..

अदिति : बताओ मुझे कैसा हादसा .

मई : मेरा एक दोस्त रोनी था जो पिज़्ज़ा डिलीवरी करता tha...use पिज़्ज़ा का आर्डर आया और वो पिज़्ज़ा लेकर रात में 1:30 पर हिल स्टेशन वाले घर पर gaya.............meri दोस्ती कुछ लड़को से थी जो अमीर थे वो मुझे ले गए..

अदिति : 5 लड़के 5 ladkiyan...aur वो पिज़्ज़ा बॉय जहाँ उसने अपनी बहन को dekha...fir क्या हुआ..

मई: उसे पता hi नहीं था उसकी बहन अल्कोहलिक है और गलत काम करती है वो एक रूम से आवाज आने पर रूम में गया जहाँ उसे एक लम्बा साया dikha...aur उस साये ने कहा..

मुझे अंदर आने दो apne..rony के इंकार पर उस साये ने उसे mara..lekin उसकी बहन ने बचा लिया ..फिर वो लड़के ए फिर एक आदमी अपनी वाइफ और बहन के साथ आया जिसके साथ एक आदमी अपने बेटे और एक्सीडेंट हुई वाइफ के साथ आया ...........उसके बाद तांत्रिक ने हमें बचाया....

अदिति : तुमने अभी अभी ये कहानी बनायीं है na...tum रोनी नहीं हो न फिर तुम उसकी बहन को बुरा भला क्यों कह रहे...

मैंने अपनी जगह पर रोनी को कर दिया था और लव को बहुत बुरा भला कहा..

मई : तो आपको क्या लगता है वो लड़की सही थी...

अदिति : हाँ उसने अपने भाई को तो बचाया...

और मैंने अदिति को गुस्से में देखा कुछ कहे बिना आगे बढ़ गया...

अदिति : अरे सुनो to...tum तो ऐसे भड़क गए जैसे रोनी की नहीं तुम्हारी बहन हो...

मैंने कोई जवाब नहीं दिया...

मई मजदूरों में आकर एक खली जगह पर बिस्तर बिछा कर लेट गया...

मैडम वापस लौट गयी थी...

मजदूरों के पास बहुत बुरी बदबू आ रही थी वो शोर मचा रहे they...jisse मेरी नींद में रुकावट आ रही थी...

वहां से भी बिस्तर समेत कर मई पेड़ के निचे आकर लेट गया.....

******************************

टिंग टिंग ...आया का फ़ोन बजा नंबर पर उसकी नजर गयी तो देखा माँ लिखा है और स्क्रीन पर उसकी माँ की पिक्चर है..

आया : यस माँ..

सान्वी :मई मीटिंग में जा रही हों तो तुम अपनी बहन के पास जाओ और दूर से उसे प्रोटेक्ट करो..

आया : क्या माँ बोडीगार्ड्स नहीं है उसके साथ...

Ting...aanya ने फ़ोन देखा तो कॉल कट गयी थी..

आया : माँ आप भी न...

वो देख वाइट शर्ट वाला कितना मस्त hai..kyo आरवी पसंद aya..aarvi की एक दोस्त ने कहा.

आरवी ने मिडिल फिंगर दिखा दी..

नैना वो तेरे लिए मस्त है हमारी आरव के लिए कोई 6फट टालल ब्लूज आईज वाला होना chahiye...hai न क्यों आरवी...

आरवी क्लब के बार काउंटर पर बैठी अपनी दोस्तों के साथ पि रही थी की उसका फ़ोन बजा...

आरवी : गीज़ स्टॉप दीदी का फ़ोन है..

आरवी : क्यों कॉल की...

आया : कहा पर है लोकेशन भेज अपनी...

आरवी : क्यों आना है...

आया : तू बहार है और मुझे तुझे प्रोटेक्शन देनी hai....nahi दी तो मां मुझे मर degi..samjhi...aanya ने इर्रिटेट होक कहा..

आरवी : ठीक है दूर hi रहना mujhse...mai अपनी फ्रेंड्स के साथ हों..

आया : दूर hi तो है हम चल लोकेशन भेज...

आरवी : okay करती हों..

और आरवी ने फ़ोन कट कर दिया..

आरवी : 6फट वाला टालल नहीं मुझे कोई ऐसा चाहिए जो मुझे अपने आप से ज्यादा प्यार kare...jo ाचा इंसान हो जिसका करैक्टर स्ट्रांग हो ाल्चोल न पीटा हो..

नैना : जिया इसकी देख...

जिया : स्वीटहार्ट बार काउंटर पर बैठ कर स्ट्रांग करैक्टर के लेक्चर दे रही है.

और तीनो खिल खिला कर हसने लगी ..

नैना : ऐसा कोई चाहिए जिसका लैंड बड़ा ho...rich तो हम तीनो है hi...

आरवी : तूने कितना बड़ा लिया अभी तक..

नैना: लंदन में 1 ब्लैक का ली थी 11 इंच था pura...kasam से उसने रुला दिया था...

जिया : तू भी तो बहार hi रही कोई ब्लैक और ब्लू आईज वाला वाइट पसंद नहीं आया..

आरवी : पसंद तो बहुत ए लेकिन बोडीगार्ड्स मेरे साथ स्टडी करते they....tu बता तेरा कोई करंट अफेयर है की nahi...or इसकी तरह सिर्फ ओने नाईट स्टैंड..

जिया : लास्ट वीक थ्रीसम की थी बहुत फन kiya..but किसी से अफेयर नहीं...

आरवी : तू भी इसकी तरह निकली बस..

नैना: तू भी मज़े कर ले आज तो तेरी बिसनेस मन माँ ने बोडीगार्ड्स भी नहीं भेजे...

आरवी : बात तो सही कह रही है चल aa..dance करते हुए फन करेंगे...

तीनो उठ कर चलते हुए क्लब में aayi...aur दज के पास आकर अपना पसंदीदा सांग लगा कर वही पर कमर हिलने लगी...

नैना निचे उतर कर लोगो की भीड़ में आकर एक ब्लैक आदमी के साथ डांस करने lagi...black आदमी ने कमर पकड़ी और पीछे से नैना की गांड पर अपना लैंड रगड़ने लगा..

जिया: उस रंडी की dekh....jiya आरवी को रोक कर उसे नैना की तरफ इशारा करते हुए बोली...

जिया : उस नीग्रो की पंत का उभर देख 10+ hoga...chal आ तुझे भी मज़ा दिलों...

आरवी : मैंने पहले कभी नहीं kiya...aarvi ने जिया के कान में कहा..

जिया : मई हों न....

और दोनों निचे aayi...aur उस नीग्रो के साथ डांस करने लगी...

जिया ने अपनी बैक नीग्रो के लैंड पर लगायी और आरवी को भी वैसे hi इशारा किया....

आजा आयी बहार दिल है बेक़रार..

ओह मेरे राजकुमार तेरे बिन रहा न जाये..

आरवी सांग पर थिरकते हुए नीग्रो के पास hi आ रही होती है की इतने में दज वाला सांग चेंज कर देता hai...jo की पुराण गण था...

क्लब की पूरी भीड़ दज वाले को देखने लगती है...

दज वाला हैट कर अलग हो जाता है...

और सबको कुर्सी पर एक लड़की ब्लैक गूगल लगाए दज की बेंच पर बैठी दिखाई देती है...

आरवी सामने देख गुस्से में चलते हुए बेंच के पास अति...

आरवी : सांग क्यों चेंज किया मई डांस कर रही thi...this इस नॉट फेयर दी...

ये आया थी जिसने आते hi दज को साइड कर खुद अपना सांग लगा दिया था...

आया : यार मेरा मूड है साद सांग सुनने का...

आरवी : तो फ़ोन में सुन लो न...

आया : हेडफोन्स मोमय ले गयी...

आरवी : सांग लगाओ न मुझे डांस करना है...

आया : चूतड़ हिलने को तू डांस कह रही है...

आरवी: तो फिर कैसे करते है..

आया : let's हैवे डांस..

और आया ने माइक पकड़ा..

आरवी : व्हाई नॉट दी...

आया : लेडीज एंड जेंटलमेन बिच का फ्लोर खली कर दो अब यहाँ डांस कम्पटीशन होगा महँ आया वस इस फिजूल लड़की के साथ...

आरवी : मुझे फिजूल कहा you...aur आरवी गुस्से में दन्त मसोस के रह गयी..

आया : mr.dj प्ले ा ओपेरा सांग...

आया हटी और आरवी के पास आकर उसका हाथ पकड़ कर फ्लोर पर aayi...wahi दज ने सांग लगा दिया...

फिर म्यूजिक की धुन पर जो आया आरवी ने डांस करना शुरू kiya...club में ए हर मर्द औरत आहें भर रहे थे...

आया का एक हाथ आरवी का हाथ पकड़ा था वही दूसरा उसकी कमर में था..

आया ने म्यूजिक की धुन par...apni तंग हवा में लहराई और स्कर्ट में लोगो को उसकी वाइट ढूढे जैसा तंग दिखी और मर्द बेकाबू होने लगे..

वही आरवी घूम कर आया से अलग हुई और डांस मूव करने लगी...

इतने में गर्ल्स एंड बॉयज बेकाबू होकर दोनों की तरफ बढ़ने लगे..

आया के गार्ड्स बॉयज को आगे बढ़ने से रोक रहे they...ki क्लब में हलचल मच गयी और क्लब में आये लड़के गार्ड्स से भीड़ गए...

लड़ाई बढ़ता देख दज वाले ने सांग रोक दिया....

सुनो madam...I लव you...I कैन दिए फॉर यू...

भीड़ में एक लड़का चिल्लाते हुए आया आरवी को पुकारने लगा ..

जान से मार दूंगा तुझे ये मेरी है..

नहीं ये मेरी है...

आरवी : दीदी यहाँ से निकलना होगा...

और दोनों बहनो ने निकलने के लिए दौड़ लगा दी....

भीड़ गार्ड्स को ढाका देते हुए उनके पीछे भागने लगी...

दोनों क्लब से निकल जल्दी से कार में बैठी...

आरवी : रुको ड्राइवर मेरी दोस्त आ रही है...

आरवी ने दूर खोला और जिया नैना अंदर आयी...

उनके आते hi कार चल दी...

नैना: ये क्या tha...tune तो आग लगा दी...

जिया : अबे लोग होश खो बैठे यही हल हमारा भी tha...man कर रहा तुझे खा जॉन...

आरवी : खा लो मई तो तुम्हारी hi हों...

आया : तुम्हे ज़िंदा ले जाना मेरी ड्यूटी है...

आरबी से सिमट कर बैठ रही जिया आया की आवाज पर ruki...aur होश में आयी...

आरवी : okay दो योर job...by थे वे तुमने आग lagayi....log कैसे एक दूसरे से लार रहे थे...

आया : हु केयर वेल घर पर गेस्ट आया hai...tumhara वेट कर रहा है...

नैना : रियली यू बोथ लुक गॉर्जियस..

आरवी : हु...

आया : सरप्राइज....

आरवी : बताओ न..

आया : नूवो...

आरवी : चलो गाइस तुम्हे घर ड्राप कर देती हों ..

बरी बरी से दोनों फ्रेंड को ड्राप करके आया आरवी आगे बढ़ गयी...

आया : लुक ारु यू हैवे तवो चोइसस ा पर्सन हु लव्स यू उनकंडिशनली एंड ा फ़क boy..choice इस योर अनकंडीशनल लवर को पुरे लड़की चाहिए ओने नाईट स्टैंड के लिए तुम्हे हर रत नई पर्सन मिल जयेगा..

आरवी : तो तुम ये सब मुझे क्यों समजा रही ho...mai इतनी भी छोटी नहीं हूँ .

आया : मई न आती तो तू उस नीग्रो के ऊपर कूद रही hoti...aayi बरी समझदार..

आरवी : शट up...mai किसी के लिए कुछ फील नहीं करती didi...bas लुस्टि थोड़ी सी..

इतने में कार एक बड़े से घर में रुकी जो किसी महल से काम नहीं था खूबसूरत इतना की बस आंखे न हेट पूरा बिला बोडीगार्ड्स से भरा हुआ..

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और दोनों बहने बहार निकल कर अंदर जाने लगी..

आरवी : हमें इस बारे में बात करनी होगी...

आया : हो गयी baat...the टॉपिक इस ओवर..

आरवी : स्टॉप शेविंग ऐटिटूड तो योर ओन सिस्टर.

जवाब में आया मिडिल फिंगर दिखा देती है..

आरवी कुछ कहने वाली होती है की सामने किसी को देख कर खुश होते हुए अपनी सांसे सँभालने लगती है...

आगयी तुम dono.....usne kaha...jise देख आरवी मुस्कुरा रही थी...

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सुबह मेरी आँख वाशरूम जाने वालो की आवाजों से खुली..

मेरे साथ मुझे किसी के लेते होने का अहसास hua...maine उठ कर देखा तो आवारा कुत्ता था जो न जाने कब मेरे साथ ब्लैंकेट में लेट गया tha...ye वो नहीं था जो मुझे अपने रूम में दिखा ये आम सा कुत्ता था ठण्ड का सताया हुआ..

मई : कैसा है dost...mujhe उठता देख वो भी उठ gaya...aur अपनी पूछ हिलने लगा...

मई : कितनी अजीब बात है तू भी अकेला है मई भी अकेला hon...tu भी बे नाम है मई भी बे नाम hon...tu भी बेघर है मेरा भी कोई घर भर nahi..tu भी सताया हुआ है मई भी सताया हुआ hon...chal क्यों न हम दोस्त बन जाये ..

मैंने हाथ दिया और उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया..

मई : बता क्या खायेगा दूध piyega..maine उठते हुए कहा..

तुम ऊपर के रूम में सो सकते ho..maine सर उठा कर देखा सामने अदिति मैडम thi...jo बच्चो को पदःने के लिए बुलाने आयी थी...

मई जवाब दिए बिना अपना बिस्तर समेटने लगा...

मई: मई यही ठीक हों मेरे बहाने इसे भी सोने के लिए रजाई मिल जाएगी...

अदिति : तुम्हारा कोई दोस्त नहीं है वो पांच दोस्त जो शिमला में थे...

मई : वो पिज़्ज़ा वाला मई tha....aur मई दोगी को लिए आगे बढ़ गया...


मैंने उसके लिए दूध का पैकेट लिया और एक बर्तन में जो पेड़ के पास पड़ा था दाल diya...aditi मैडम मुझे गौर से देख रही थी...

अदिति : रॉक जी आपका दिल बहुत साफ़ है...

मई : नहीं अदिति madam...yahan किसी का दिल साफ़ है तो वो आप है जो हर किसी की जाती रिलिजन अमीर गरीब देखे बिना आसरा देती है और खाना...

बिस्तर उठा कर मई आगे बढ़ गया...

रूम पर आकर मई नहाया कपडे पहन कर हटा hi tha...ki मुझे ऊपर आती हुई एक लड़की dikhi..jiske हाथ में खाने की प्लेट्स थी...

दीदी ने भेजा hai..usne आकर कहा..

मई : थैंक यू madam...aap अदिति मैडम की बहन है ..

लड़की : कह सकते ho..listen दीदी तुम पर ट्रस्ट करती है तोरणा mat...tum पहले ऐसे पर्सन हो जिसे दीदी ने खाना मुझे भेजा...

और वो जाने के लिए मुद गयी..

मैंने ब्रेकफास्ट Kiya...aur फिर रूम लॉक करके निचे आया...

झगन मुझे बहार hi मिल गया जिससे बाइक लेकर मई आगे बढ़ गया..

कुछ देर बाद मई लॉक वाले की शॉप पर था...

जहाँ पूरी म्हणत से मई काम सीख रहा था....

उस्ताद : तुम्हे मास्टर के के बारे में पता है...

मई : नहीं...

उस्ताद : मास्टर के ऐसी के होती है जिससे हर ताला खुल jayega...aur वो मुझे बना कर सीखने लगे..

4 बजे छुट्टी लेकर मई बाइक से घूमने लगा....

कई सोसाइटी में घूम मैंने एक पॉलिटिशियन का घर सेलेक्ट किया...

फिर चलते हुए मई रोड पर hi मूंगफली बेच रहे आदमी के पास आया...

मैंने 10 रुपए की मूंगफली ली और वही बैठ कर चबाने लगा...

मई : नेता जी कैसे है इन्ही को वोट दिया था तुमने...

मूंगफली वाला : बहुत बढ़िया आदमी hai...ham वोट भी इन्ही को देते है इन्ही का घर है कुछ दुरी पर वही हम किराये पर रहते

मई : अच्छा ...बड़े अफ़सोस की बात है एक आदमी ने कहा नेता जी के परिवार...

और मई रुका..

मूंगफली वाला : क्या हुआ उनके परिवार को..

मई : तुम्हे सब पता है भाई हमसे क्या पूछ रहे नहीं पता तो बताओ उनके घर में कितने लोग है...

मूंगफली वाला : 12 लोग जिसमे उनके बचे और उनकी बहु सब विदेश ने रहते है..

मई : वही तो मई कह रहा hon..ki बाप के साथ अपने देश में रहना चाहिए...

मूंगफली वाला : सही बात है...

और उससे मैंने काफी इनफार्मेशन निकली नेता की...

वो हर बात में नेता की तारीफ कर रहा था...


ये सब मैंने शिमला में भी देखा था नेता अपने जानने वालो की गांड मर लेते लेकिन फटी इतनी होती थी की नेता की बुराई भी नहीं कर पते they...shimla में भी ऐसा hi नेता था जो मेरे घर अत था और मुझसे अपने काम करवाता tha...sirf डाक्यूमेंट्स पर सिग्न के लिए कई बार मुझसे पिज़्ज़ा मंगवाया लेकिन पैसे नहीं दिए न चाहते हुए भी मुझे उसकी हर किसी से तारीफ करनी पड़ती थी...

मूंगफली ख़त्म कर मई चल दिया..

एक ढाबे पर आकर मैंने बिरयानी खायी फिर आगे बढ़ गया..

बस्ती में आकर मई झगन को देखने लगा....

नहीं मिला तो मैंने एक बच्चे से उसे बुलवाया उसके रूम पर से...

कुछ देर बाद वो मेरे सामने था...

झगन : हाँ भैया क्या बात hai...wo मेरे पास आकर रुकते हुए बोलै..

मई उसे अपने साथ एकांत में ले गया फिर कहा...

मई : मुझे एक गन चाहिए...

झगन : गन...

मई : haan....kitne तक की मिल जाएगी बिना लिसेंसेस वाली...

झगन : 20 हजार के अस्स पास कट्टा मिलेगा जो कभी कभी उल्टा चल जाता है...

मई : मुझे पिस्तौल चाहिए अच्छी वाली..

झगन : एक लाख लगेगा...

मई : चल मेरे साथ आ..

उसे मई अपने रूम पर laya...fir मैंने उसे एक लाख दिए...

मई : कब तक दे जायेगा...

झगन : पता करके आता हों...

और वो पैसे लेकर चला गया...

मई उसका लेते वेट करने लगा...

Pi...pi...pi...

इतने में बस्ती में एक बंव कार हॉर्न देती हुई दाखिल हुई...

अदिति उस समय अपनी बस्ती के लोगो को काम समझा रही थी जो ग़रीबो के लिए खाना बना रहे थे...

अदिति देवी जी बस्ती में एक कार आयी hai...kisi ने उससे कहा..

और वो चलती हुई कार के पास आयी...

उस समय कार का शीशा निचे था और बस्ती का hi एक आदमी कमर झुकाये कार के अंदर बैठे किसी से बात कर रहा था..

अदिति को देख कर वो सीधा हुआ..

आदमी : देवी जी ये किसी रॉकी को पूछ रही है...

अदिति : रॉक तो काम पर गए...

कब तक आएगा wo...aur लक्समी ने कार से झांक कर आदित्य को dekha...wahi मिर्रोर निचे होने पर अदिति ने लक्समी को देखा जो एक लॉन्ग स्कर्ट में थी जिसकी आधी नाग्नि झांग दिख रही थी....

अदिति : आपके यहाँ काम करता है wo...kaise जानती use...rock जी तो कई सरे काम करते है आपके यहाँ कोण सा काम करते है...

लक्समी : माय सर्वेंट...

और लक्समी मिरर ऊपर कर लेती है..

इतने में अदिति घूम कर पीछे देखती है...

अदिति : सुने मिस रॉक जी आगये....

मिरर निचा होने की वजह से आवाज hi नहीं gayi...aur लक्समी आगे बढ़ गयी...

****************************

आद्या कमिश्नर ऑफिस से सीधा अपने घर आयी...

मम्मी डैड आगये है..

औरत : हाँ मुँह हाथ धो ले मई खाना लगाती हों...

आद्या : आती हों मम्मी...

और आद्या अपने डैड के रूम में घुस गयी...

कैसा रहा पहला din...are सलूट वो भी घर पर...

आद्या : d.i.g mr.keshav अक माय डैड साड़ी बातें बाद में मई आपसे अभी केस में सिलसिले में बात करने आयी हों...

केशव : हाँ पूछो...

आद्या : मैडम सान्वी के तीन बचे है उसका हस्बैंड कोण है और उसका तीसरा बीटा की बेटी कहा है.... असिस्टेंट कमिश्नर दिलीप सर बता रहे थे 15 साल पहले इस केस पर आप काम कर रहे थे...

अपनी बेटी की बात सुनकर d.i.g एक डैम सीरियस हो जाता है...

D.i.g केशव: मैंने वडा किया था उसके हस्बैंड से की मई उसके बारे में कभी किसी को नहीं बताऊंगा...

आद्या : मई काम कर रही हों इस पर डैड..

केशव : जनता हों बेटी मुंबई सिंडिकट माफिया का आतंक बढ़ गया है तो तुम्हारा जानना भी ज़रूरी है मैडम सान्वी और उससे जुड़े लोगो के बारे में ....लेकिन एक बात याद रखना मैडम सान्वी का हस्बैंड और बीटा दोनों निर्दोष है...

आद्या : कोण थे वो डैड....

केशव ; मैडम सान्वी के हस्बैंड का नाम सरन tha....madam सान्वी की उससे शादी कैसे हुई वो कैसे मिले ये तो नहीं पता लेकिन वो मुझे स्टेशन पर मिला था और उसकी गोदी में एक बचा tha...shayad उसका नाम tha...rakshin..

और कमिश्नर अपनी यादो में चला गया..

रक्षिण बीटा चुप जाओ अभी डैडी तुम्हे सुलायेंगे...

प्लीज तट मेरा बीटा बस 5 साल का है कोई सीट खली है तो दिला दो...

कमिश्नर सर यही है वो जिसे हमने मैडम सान्वी के साथ देखा था...

उस दिन मुझे मेरे दसप ने कॉल करके बताया था की उसने जिस आदमी को कई बार मैडम सान्वी के साथ देखा वो अकेला कही जा रहा है...

मेरा अफसर उसका पीछा करते स्टेशन पर आया और फाॅर्स के साथ मई...


हमें देख कर वो पीछे हटने laga...dar से...

मेरे अफसर ने उसे पकड़ा और मरने लगे....

मैंने उससे पूछा कोण है तब उसने अपने बारे में बताया...

सरन : सर मई सब बता चूका हों आपको ...मुझे जाने दीजिये बेटियों को तो मई नहीं बचा पाया लेकिन अपने बेटे को ले आया yahan...agar ये उसके पास रहा था ये भी उसके जैसा बन जायेगा..

केशव : चल sale...randi रोना कही और कर...

सरन : सर मई उससे एक लत्तेर में कहकर आया हों मई अपने बेटे को लेकर जा रहा hon..agar आपने मुझे अरेस्ट किया तो उसे पता चल जायेगा मई तो मरूंगा hi लेकिन उसके बेटे को अरेस्ट करने के लिए वो आपके घर के छोटे बच्चो को भी नहीं chhoregi...mai आपको डरा नहीं रहा सर बस बता रहा हों... कमिश्नर सर मैंने कोई जुर्म नहीं किया ...मई बस अपने बेटे को अच्छा जीवन देना चाहता हों मुझे जाने दीजिये...

केशव : अगर फिर कभी मुंबई में दिखे तो जान से मर दूंगा.

केशव: तुम्हारा सोंच कर मैंने उसे जाने दिया...

आद्या : कहा गए है पता है आपको...

टिंग ting...itne में आद्या का फ़ोन बजने लगा...

केशव: nahi...lekin वो शिमला जाने वाली ट्रैन में बैठे थे...

अध्य : hello दिलीप sir....dsp अध्य स्पीकिंग..

दिलीप : आद्या स्टेशन आओ तुम्हे कुछ दिखाना है...

अध्य : ठीक है सर मई पहुँचती हों...

अध्य : ाचा डैड मई चलती हों और कुछ याद ए तो बताना...

और आद्या घर से निकल गयी...

हाफ ऑवर बाद वो पुलिस स्टेशन में थी...

जहाँ अध्य की टीम के सभी अफसर बैठे they...adhya के आने पर दिलीप ने एक अफसर को इशारा किया और उसने स्क्रीन पर इमेज चला दी...

दिलीप : ये है है मैडम सान्वी का beta...ye तस्वीरें c.b.i अफसर ने दी है हमें...

दिलीप स्क्रीन पर चल रही फोटो दिखते हुए बोलै....
 
अब बात करे स्टोरी के प्रीफिक्स की तो सिम्पथी पर 10 लाइक्स आते थे हर इतने बड़े episode पर फिर उसमे एक episode अडुल्टेरी पर बेस्ड आया और लिखी ए 20 और कमैंट्स 15 से ज्यादा

वील मई इसलिए अडुल्टेरी नहीं डालता लाइक्स कमेंट की वजह से 1 हीरो और बहुत सी हेरोइनेस यहाँ हर दूसरी स्टोरी में मिल जाएगी

ऐसी कहानी दिल में घर करने में असफल रहती है ऐसी रियलिटी से बिलकुल डिफरेंट

मेरी स्टोरी ऐसी नहीं होती

हर रीडर कहता है की स्टोरी में लॉजिक नहीं ढूढ़ना लेकिन मई कहता हों तुम लॉजिक ढूंढो..
और स्टोरी इन्सेस्ट होगी की नहीं ये किरदारों पर निर्भर है
 
Episode 8

थे coincidence..and थे मिस्टीरियस फ्रूट


अध्य के आने पर दिलीप ने एक अफसर को इशारा किया और उसने स्क्रीन पर इमेज चला दी...

दिलीप : ये है है मैडम सान्वी का beta...ye तस्वीरें c.b.i अफसर ने दी है हमें...

दिलीप स्क्रीन पर चल रही फोटो दिखते हुए बोलै.....

नेक्स्ट कंटिन्यू....

दिलीप : अब तुम सब उस फाइल को कैसे हासिल किया जा सकता है इस पर काम karo...the मीटिंग इस ओवर...

और सब अपने अपने घर चल दिए..

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रात के 8 बज गए थे लेकिन झगन नहीं आया था....

मई लेते लेते मोबाइल चला रहा था...

ऑनलाइन यू तुबे पर मई एडवांस सेफ खोलने की वीडियोस देख रहा था...

करीब 1 घंटे बाद झगन आया..

झगन : भैया मिल जाएगी गन लेकिन kal..wo पास बैठते हुए बोलै की मुझे उसके मुँह से अल्कोहल की बुरी सी बदबू आयी...

मई : क्या कह रहा है मुझे आज अभी चाहिए मई जा रहा हों..

झगन : चोरी करने..

मैंने सर हिलाया..

मई : अबे नहीं आज जाऊंगा कल शायद इस बस्ती से भी चला jaun...abhi लेकर आ..

झगन : अभी रामपुरी है लेकर आऊं..

मई : क्या..

उसने रुकने का इशारा किया और चला गया..


10 मिनट्स बाद वो फिर आया और उसने अपनी कमर में से एक बड़ा सा नाइफ निकला..

नाइफ शार्प tha...aur खतरनाक bhi...jo मैंने रख लिया...

झगन : कल वापस कर dena...wo जाते हुए बोलै

मई : भूल जा इसे ab...maine धीमे से कहा....

1 बजे मई घर से निकला फिर बस्ती से..

बस्ती के बहार hi मैंने बाइक कड़ी की हुई थी...

बाइक लेकर मई चल दिया नेता के घर की तरफ...

नेता के घर से कुछ दूर मैंने बाइक कड़ी की...

और पैदल hi उसके घर की तरफ चल दिया...

मिआओ ..मिआओ..

साईरन बजाते हुए पुलिस जीप निकली और फुर्ती से मई एक गली में घुस gaya...aur दीवार की ओट में चुप गया..

मेरा दिल जोरो से धड़क रहा था...

मैंने वही खड़े खड़े 10 मिनट्स वेट Kiya...jab जीप नहीं आयी तो मई गली से बहार aaya..aur नेता के घर को देखने लगा..

2 गार्ड्स बन्दूक लिए बहार बैठे they...samne से घुसना इम्पॉसिबल tha...maine दिन में छत से सत्ता जीना देखा था जिसके जरिये अंदर घुसा जा सकता tha...iske लिए मुझे ऊपर जाना था..

ऐसा पास के घरो की छत से होकर hi जाया जा सकता था...

मैंने पास का एक घर चुना और उसकी तरफ बढ़ने लगा...

उसकी दीवार पर चढ़ कर मई उसके पहले मार्ले पर आया...

फिर खिड़की से चढ़ कर दूसरे मेल के टॉप पर ..टॉप पर आकर मैंने 2 मिनट वेट किया और नेता के घर को देखने laga...jiski छत पर मुझे चढ़ना tha...jis पर मई था ये 2 मार्ले की थी और नेता की छत तीन मार्ले ki...jis पर पत्थर लगा हुआ था चढ़ने के लिए कोई सपोर्ट भी नहीं थी...

मैंने बैग से रस्सी nikali...aur नेता की छत पर लगे एंगल पर फेकि...

फास जाने पर मैंने उसे खींचा और फिर मई ऊपर चढ़ने लगा...

कुछ देर बाद मई नेता की छत पर था...


सिडिया देख मई उस तरफ hi चल दिया...

सिडिया उतर कर मई दूसरे मार्ले पर आया..

उतारते hi मुझे अपने पास में रूम दिखा...

धीरे धीरे आवाज किये बिना मई चलता हुआ उस रूम के पास आया...

मैंने गेट खोला तो वो खुल gaya...shyad गेट लगा नहीं था..

मैंने धीमी सी रौशनी जलाई टोर्च की हाथ रख कर तो वहां कई मर्द एक औरत को लिए लेते थे...

ये शायद नेता के लोग थे...

मई दबे पाओ बहार निकला और मैंने निकलते hi दूर बहार से लॉक कर दिया...

और भी 5 कमरे थे सटे हुए मैंने उन्हें देखना ठीक नहीं समझा वजह थी यहाँ सोये गुंडे थे मतलब मेरे काम की चीज़ ऊपर नहीं निचे थी.

मई सीडीओ से सबसे निचे aya...niche भी 5 रूम के करीब थे...

मैंने पहला रूम चेक किया...

ये बैठक थी जहाँ सोफे रखे थे..

मैंने दूसरा रूम चेक किया...

वहां 2 औरतो के बिच एक आदमी लेता था...

इसकी फोटो मैंने बहार सड़क पर और घर पर बैनर में लगी देखि थी ये नेता था..

हाथ रख कर मैंने टोर्च जलाई..

मुझे नेता और औरते नंगी लेती दिखाई दी...

मैंने इधर उधर टोर्च मरी तो मुझे ालमिरह दिखी लोहे की...

मई आवाज किये बिना ालमिरह के पास aya...aur मैंने ालमिरह खोलनी चाही तो वो नहीं खुली...

नाकाम होने पर मेरा दिल और घबराने लगा...

कुछ सोंच कर मई घुटनो पर चलता हुआ नेता के पास आया...

नेता बिच में लेता tha...maine उसी की पिलो धीमे से hatayi...aur मुझे चबीओ का गुच्छ उसकी पिलो के निचे रखा मिला..

मैंने धीमे से कीस उठायी और चलता हुआ मई ालमिरह के पास आया...

मैंने ालमिरह खोली और उसमे सेफ देखने लगा टोर्च की रौशनी में..

सेफ न होने पर मई बुरी तरह झुंझुलाहट की शिकार हो gaya...nirash होकर मई नेता को मन hi मन गालियां देने लगा..

मई चलता हुआ नेता के बीएड के पास आया..

बीएड से आत्ताच टेबल पर अंघूटी और कानो की बालियान राखी थी जिन्हे मैंने उठा लिया...

दूसरी साइड में दूसरी औरत का नेकलेस और रिंग जेबरी थी जिसे मैंने उठा लिया...

फिर मई चलता हुआ ख़ामोशी से रूम से निकल गया ...आगे बढ़ा तो मुझे पास hi एक और रूम दिखाई दिया ..और मैंने उसे खोला लेकिन वो लॉक था ...इसका टाला भी अलग टाइप का था मतलब दूसरी साइड में कुछ ऐसा नहीं था जिससे खोला जा सकता tha..sara सिस्टम अंदर hi था..

मैंने अपने बेग में से मैगनेट nikali...aur उससे कुण्डी खोलने लगा 2 मिनट की म्हणत के बाद खट्ट से कुण्डी खुली...

मैंने धीरे से दरवाज़ा khola...aur मैंने अंदर झांक कर देखा..

अंदर रौशनी thi...aur उस रौशनी में एक औरत मोबाइल उसे कर रही थी जिसके कानो पर ईरफ़ोन लगी थी.. उसका हाथ अपनी अधखुली साड़ी के अंदर था...

मई दूर बंद करने जा रहा था की उसने ईरफ़ोन कानो से निकलते हुए वो उठी और सबसे पहले उसकी नजर दरवाजे पर मुझ पर पड़ी...

मेरे पास एक लम्हा था सोंचने का की मुझे क्या करना है वो चीखती तब भी मारा जाता रिस्क लेता तब भी और मैंने रिस्क लेना सही समझा...

फुर्ती से मई अंदर के लिए bhaga...wo अपनी साड़ी संभल रही थी उसका एक बूब बहार था जिसे शायद उसने मसला था...

भाग के आकर उसके मुँह पर हाथ रखते हुए मैंने उसे बीएड पर गिराया फिर अपनी कमर में से चाकू निकल लिया बड़ा वाला...

मई भरी आवाज़ में : अगर तूने चीखने चिल्लाने की कोशिश की तो तेरे साइन में घुसा दूंगा

...समझ गयी...

नहीं समझी तो बता दाल दूँ...

वो सर हिलने लगी...

मई : नेता के पैसे कहा hai...bata बहन की lodi...nahi बताएगी तो तेरी सांसे रुक jayengi...mai बस पैसे लेकर चला जाऊंगा..

उसने मुँह की तरफ इशारा किया...

मैंने हाथ हटाया ..

औरत : यहाँ नहीं hai...kitchen में है... प्लीज मुझे मरना मत..

मई : चल किचन में...

और उसकी पड़ी हुई साड़ी मैंने उसके हाथो पर बांध दी..

पीछे चाकू लिए मई और वो दोनों चलने लगे...

वो मुझे सबसे निचे लायी...

निचे किचन था...

मई : कहा है paise..jhut बोली तो जान से..

मई आगे कुछ कहता वो सिलेंडर हिलने लगी...

मैंने सिलेंडर हिलाया तो उसके ऊपर का ढक्कन हैट गया अंदर नोटों की गड्डिआं पड़ी थी..

मई : चुप चाप बैठ जा..

चाकू मुँह में लिए उसे देखते हुए मई नोटों की गड्डियां भरने लगा...

एक सिलेंडर ख़त्म हुआ मैंने दूसरा चेक Kiya...wo खुला तो उसमे भी पैसे they...teesra खोला तो नहीं khula...teen hi सेकेंडर थे...

मई : और कहा है...

औरत : बस इतने hi...

मई : आखिरी sawal...ye कीस किस सेफ की hai..nahi बताई तो साडी कीस तेरे मुँह में दाल दूंगा...

औरत : प्लीज मुझे मत मारो...

मई : बता fir...nahi तो तुझे यही मार कर मई चला..

औरत : मेरे कमरे में सेफ है..

मई : bahanchod...itni देर से पागल बना रही thi..mai मरने को हुआ लेकिन मैंने मारा नहीं...

औरत : तुमने कीस का नहीं पूछा था..

मई : चल अब...

और वो उठी की इतने में एक आदमी हमें अपनी और चलता अत दिखाई diya...jo यंग लड़का था...

औरत को लिए मई दीवार से लग गया...

मई : नहीं चाहती ये मरे तो रोक ise..idhar आने से रोक इसे..

औरत : अभी क्या चाहिए बीटा..

लड़का : माँ प्यास लगी थी पानी पिने आया..

औरत: तुम चलो मई तुम्हारे रूम में ला रही हों...

Ok mom..kehta हुआ वो पलट गया..

2 मिनट हम रुके और फिर चल दिए...

छुपते छुपाते हम दूसरे फ्लोर के उसी रूम में ए जहाँ ये औरत थी...

अपने रूम में लेकर उसने मुझे सेफ दिखाई..

सेफ एक लोहे के गेट में लॉक थी ...

मैंने कीस लगा कर वो गेट खोला...

अंदर मुझे बड़ी सी सेफ दिखी लेकिन वो बहुत एडवांस थी इसका लॉक खोलने के लिए मैंने वही टेक्निक अपने जो झगन ने अपने थी लेकिन नंबर शो नहीं हुए...

मई : बता पॉसवर्ड क्या hai...nahi बताया मार दूंगा...

मई उसकी नैक पर नाइफ रखता हुआ बोलै...

दर से कल्प्ति हुई वो पास आयी और उसने अपना अंगूठा रख दिया..

लॉक ओपन हुआ...

और अंदर मुझे बहुत सरे पैसे गहने दिखे..

मैंने बैग खोला और जल्दी जल्दी भरने लगा...

पैसे सोना भरने में मई इतना मस्त हो गया की मैंने औरत को देखा तो वो रूम में नहीं thi...maine फुर्ती से पीछे देखा ...वो निकल रही थी...

चोर चोर chor...wo चीखी...

मैंने बैग uthaya...aur मई रूम से निकला वो औरत चीखते हुए निचे जा रही थी मई ऊपर के लिए भागने लगा...

सेफ में बहुत पैसे रह गए थे...

क्या hua...ek आदमी अपने रूम से आंख मसलता हुआ निकला...

और उसकी नजर मुझ पर पड़ी...

मैंने भागते हुए उसे धक्का दिया...

चोर chor...hariya कालू shiva...kaha मर गए सब...

गिरते हो वो चीख उठा मई टॉप फ्लोर पर आकर जीना चढ़ने laga..piche मेरे आवाजे बढ़ रही थी...

मई टॉप पर आया तो वो लोग जीने पर चढ़ रहे थे...

मुझे उसी छत से जाना था जिससे मई आया था लेकिन अब रस्सी से उतरने का समय नहीं था...

मैंने जम्प मरी...

.धम्म्मम्म्म्म...

Aaaahhh...aur मेरा घुटना सीधे दूसरी छत से जा लगा...

वो निचे kuda.....bahar से घेरो...

आवाजों को सुन मई अपने दर्द को भूल कर उसी छत वाले घर की दीवार पर kuda...agle hi पल निचे...

और लंगड़ाते हुए मई भागने लगा...

मैंने पीछे मुद के देखा वो सब घर से निकल रहे they...jo देख मेरी स्पीड और तेज हो गयी....

अगले 2 मिनट में मई अपनी बाइक पर था...

उसके पास बाइक है...

मैंने बाइक आगे बधाई...


Shunnnnn...aur एक बुलेट बिलकुल मेरे पास से निकल gayi....jo देख मैंने बाइक की स्पीड और बढ़ा di...aur मई हवा हो लिया...

110 की स्पीड से मई बाइक भगा रहा था....

बस्ती का 50 मिनट का सफर मैंने 15 मिनट में तये कर लिया था...

.पास आकर मैंने बाइक हलकी ki...aur अपने रूम के पिछले हिस्से में आया..

फिर पीछे से hi सपोर्ट पकड़ कर छत पर aya...aur लम्बी लम्बी सांसे लेने लगा...

जल्दी से मैंने अपना रूम खोला और अंदर बीएड पर फैल गया...

मुझे दर था अगर उन्होंने मेरा पीछा किया तो उन्हें यहाँ पहुंचने में देर नहीं लगेगी...

आधे घंटे तक मई वेट करता रहा किसी के न आने पर मैंने बैग खोला..

और मेरे होंठो पर मुस्कराहट फ़ैल गयी...

काफी देर तक मई बैठे पैसे गिनता रहा जो 52 लाख थे...

3 किलो से ज्यादा सोना चंडी tha...pichli बार सोना चंडी के ज्यादा पैसे मिले थे इसलिए इस बार मैंने सोना चंडी पर ज्यादा फोकस किया...

सब मैंने अचे से छुपा दिए और फिर मई लेट गया....

*****************************

खुश होते हुए अहाना और लावण्या तैयार हुई और कॉलेज चल दी..

नैंसी : डिअर मेरी कार ले jao...ye लो कीस..

अहाना ने हामी भरी और कीस ले ली...

दोनों बहार आयी और कार लेकर चल दी...

कॉलेज आकर अहाना ने कार पार्क की और पार्किंग से बहार निकलने लगी....

स्टॉप स्टॉप स्टॉप...

एक लड़का दोनों के सामने आकर खड़ा हो गया था...

अहाना : क्या है तकले...

तकला : तुम्हारा सीनियर हों तो तमीज से ..

लावण्या : तो हमें क्यों रोक रहे..

तकला : मैंने नहीं usne...mrs आरवी बॉस ऑफ़ थे university...bole तो यहाँ की करता dharta.black गॉगल्स wali..takla लड़का हाथ से बेंच पर बैठी लड़कीओ की तरफ इशारा करते हुए बोलै..

दोनों ने सामने देखा और बेहद सुन्दर लड़की देखने में अपने सबसे अलग अपने ग्रुप में बैठी thi...sath में कुछ लड़के भी खड़े थे ..

तकला : चलो उसके पास नहीं तो कोंसेकुएंसेस होंगे जो तुम फेस नहीं कर पाओगी...

अहाना : जा बोल दे..

लव ने उसका हाथ पकड़ा...

लावण्या : पहला दिन है ...चल आ देखते है..

और दोनों तकले के पीछे पीछे चल दी...

कहा था न तुमसे हमारी मुलाकात फिर hogi...usi लड़के ने कहा जो दोनों को पहले दिन मिला था...

हे गिर्ल्ज़ introduction..aarvi के बराबर वाली ने कहा. जो जिया थी

लावण्या : I'm लावण्या फ्रॉम शिमला..

जिया : अबे ये क्या है यूनिवर्सिटी में पढ़ रही इंट्रो देना नहीं अत .

लावण्या : I'm लव फ्रॉम शिमला ी चामे हेरे फॉर स्टडी ी हैवे ताकें एडमिशन इन मब्ब्स हेरे एंड I'm 23 ईयर ओल्ड बस..

आरवी : नीस girl...I'm आरवी ी रुलेद हेरे इवन इन व्होले मुंबई नेवर मेक में एंग्री..


लावण्या : अब हम जाये...

जिया: अबे ये तो रहती hi है..

अहाना : मई क्यों दू तुझे introduction...tu होती कोण है..

नैना : ये तो पूरी वायलेंट hai..jiya तेरी तो बैठत लगा दी इसने..

और सब जिया पर हसने लगे...

जिया : शट उप guys..iski अकड़ अभी इसकी गांड में डालती hun...jiya कड़ी हुई और चलते हुए अहाना के पास आयी...

जिया : साली तुझे बताया न यहाँ हम रूल करते है...

अहाना: सो व्हाट...

लावण्या; क्या कर रही है..

आरवी : जिया पीछे hat...aur आरवी अहाना के सामने आकर कड़ी हो गयी..

आरवी : क्या नाम है तेरा...

अहाना : ahana...chalo लव...

आरवी : ऐसे nahi...apni सीनियर की रेस्पेक्ट करना sikho...aarvi अहाना के कंधो पर हाथ रखते हुए बोली जिस पर अहाना रुक गयी...

अहाना : तुम्हे ये कमानी होगी...

आरवी : ी ीर्ण बस तुम नयी ho...now listen...so गाइस क्या करना है इससे..

नैना : ये वाइट चिक तो मेरी हुई इससे तुम देख लो..

जिया : आरवी इससे वाच उठवाते है .

आरवी : गर्ल तुम्हे मेरी वाच लानी होगी..

लड़का : बॉयज हॉस्टल में सामने रूम नंबर 5 को क्रॉस करके तुम्हे वाशरूम दिखे गए वहां मिरर के पास राखी है...

अहाना : तुम ये कैसे कह सकती हो एक लड़की hokar..man वाशरूम में जाने के लिए...

नैना : तुझे उनसे छोड़ने के लिए नहीं कहा वाच लेन को कहा है...

लावण्या : जाओ अहाना हम बाद में देखे ge..lav फुसफुसाई और अहाना आगे बढ़ गयी...

आरवी: हो तो प्यारी tum...aarvi लव के चीक्स पर हाथ फेरते हुए बोली..

जिया : फिगर क्या है तेरा..

लव ने एक नजर उसे देखा फिर अपने पैरो को देखा.

लावण्या : 6 नंबर शू आती है..

आरवी और उसके वाकई दोस्त लव के जवाब पर हसने लगे...

नैना : मेरी जान तेरी अस्स और बूब्स का साइज पूछ रही हों..

लावण्या: प्लीज don't दो थिस...

नैना : ऐसा कर अपने बूब्स दिखा de...yahi है न वो आकाश जिसकी तुम बात कर रहे थे..

आकाश : नहीं जिसे वाशरूम भेजा wo..vaise ये उससे भी ज्यादा माल है ..

आरवी : कोकीन है कोकीन...

और सब फ्रेंड्स हसने लगी..

लावण्या : बैक साइज 38 एंड ब्रैस्ट साइज 36...वेस्ट साइज 34

नैना : मस्त हो तुम sweetheart...now मई तुम्हे अपने ग्रुप का इंट्रोडक्शन देती hon..mai हों नैना ...ये जिया ...ये आकाश ...और ये है हमारी aarrvi..aur वो सरे हमारे बॉडीगार्ड्स...

लव नैना की ऊँगली की दिशा में देखती है तो पार्किंग में बहुत से ब्लैक कोर्ट में गन लिए लोग होते है...

लव को मन hi मन अंदाज़ा हो गया था ये लोग बहुत अमीर घरो से है...

लावण्या : अब मई जॉन..

आरवी : देर कर दी sweetheart....tumhe एक बार में फिगर बताना था...

अहाना बॉयज होटल में आयी तो उसे सामने hi रूम नंबर फाइव और उसके बराबर में मन वाशरूम दिखा...

सब लड़के उसी को देख रहे थे....

एक्सक्यूज़ में वाशरूम में कोई hai..ahana ने जाते हुए एक स्टूडेंट्स से पूछा..

Women's यहाँ अल्लोवेद नहीं hai..kehta हुआ वो आगे बढ़ गया..

और अहाना वाशरूम की तरफ...

अहाना वाशरूम के पास आयी तो उसे बहुत से लड़को की अंदर से आवाजे aayi...usne दूर खोला तो उसे लड़के कपड़ो के साथ दिखे हाथ धोते हुए..

कैसी हो जानेमन आओ यही पर रंडी बाज़ी करे...

अहाना चुप चाप अंदर बढ़ गयी...

गाइस माल agaya...jo 2 लड़के हाथ धो रहे they..unhone अहाना को पकड़ liya...aur बुरी तरह उसे ह्रास करने लगे..

इतने में वाशरूम से कई लड़के बहार aaye..aur वो भी गलत तरह से अहाना को छूने लगे...

अहाना : पास ए तो जान से मार dungi..mai शिकायत करुँगी tumhari..ahana छूट कर पीछे हट्टे हुए चीखी..

स्टूडेंट 1 : जानेमन मन वाशरूम में तुम आयी शिकायत क्या करोगी हम तुम्हारे पास गए थे हाहाहाहा...

और अहाना को उन सब का प्लान समझ आ gaya..wo फास गयी थी...

आज आकाश बॉस ने 1 नंबर माल भेजा है इसे तो छोड़ कर रहेंगे ..दूसरे स्टूडेंट ने कहा...

जब अहाना यहाँ आने लगी तब आकाश ने इन्हे मैसेज कर दिया था... ये सब अहाना का hi वेट कर रहे थे..

अहाना डरते हुए दीवार से लग रही थी और वो लड़के हवस के भरे उसकी तरफ बढ़ रहे थे...

इतने में एक लड़का वाशरूम में दाखिल हुआ...

तुम मन वाशरूम में क्या कर रही ho..usne अहाना को देखते hi कहा..

अहाना: मई वो ye..ahana वाच की तरफ ऊँगली दिखते हुए इशारा करने लगी...

स्टूडेंट 1: सहम ये हमारा माल तू दूर होजा इससे...

सहम : ये मेरी बहन है हिम्मत है तो छू कर देख लो...

स्टूडेंट 2: सेल तू पागल हो गया है स्नेहा के जाने के बाद अब हर रंडी को बहन बना रहा hai..bhad में जाये डील अब ये मेटर आकाश बॉस के पास जायेगा.. स्टूडेंट 2 की बात सुनकर सहम की आंखे बंद हुई और जैसे उसके सामने उसकी पूरी ज़िन्दगी घूम गयी हो.

स्टूडेंट्स : कैसी डील श्याम..

सहम : तुम्हे अपनी गन्दी जबान से मेरी बहन का नाम नहीं लेना चाहिए था ..जो इस श्याम के साथ है वो आगे अजय और वाकई सब चले जाये...

कोई भी नहीं गया ये देख सहम उन पर kuda....shyam को पकड़ कर उसने उसका सर मिरर पर मारा ..और दूसरे स्टूडेंट्स के वो अपनी कोहनी मरने लगा...

अहाना ने जल्दी से वाच uthayi..aur वो बचते हुए बहार को भागी... वाशरूम से निकलते हुए उसने एक नजर सहम को देखा जो सबको बुरी तरह से मर रहा tha...ahana आगे बढ़ गयी...

लावण्या आरवी की बात सुनकर दया की नजरो से उसे देखने लगी...

आकाश : ये तो सही सलामत आगयी..

जिया : हाँ यार..

ये लो वाच ..इतने में अहाना आकर वाच आरवी के आगे करते हुए बोली...

आकाश : तू कैसे बची...

अहाना ने गुस्से में उसे देखा...

अहाना : स्टूडेंट के नाम पर तुम लोग जानबर हो..

नैना : रिलैक्स डार्लिंग it's जस्ट प्रैंक..

अहाना : चलो लव...

जिया : अबे खा जा रही.. जिया दोनों के आगे कड़ी होते हुए बोली..

आरवी : क्या मैंने परमिशन दी जाने की..

अहाना : मई शिकायत करुँगी.

आरवी : कर dena...who केयर..

नैना : ग्रे आईज तूने यार अपने बूब्स तो दिखाए hi नहीं...

आरवी : ये नहीं ये dikhayegi..aarvi अहाना की तरफ ऊँगली दिखते हुए बोली..

लावण्या; इसे रहने दो मई दिखती हों..

नैना: चल टॉप ऊपर कर अपना..

अहाना दोनों की बातों से गुस्से में उन्हें देखने लगती है..

इतने में जिया आकर अहाना का टॉप खींच लेती है...

अहाना : aaah..agle hi पल अहाना की ब्रा खींच जाती है...

लव जल्दी से अहाना को गले लगा लेती है...

ब्रा जिया के खींचने पर उसके हाथ में आगयी थी वही अहाना के आंसू निकल ए थे...

जिया : ले पकड़..

और जिया अहाना की ब्रा आकाश की तरफ फेंकफि है जो सूंग kar..apne पास रख लेता है..

आकाश : स्माल इस सो सेक्सी ...

लावण्या : प्लीज वापस करो...

आरवी : तू मुझे अछि lagi...hey वापस कर..

न चाहते हुए भी आकाश को ब्रा देनी पड़ती hai...jo मन में सोंच रहा था इस पर मुठ मरेगा..

ब्रा लेकर लव अपनी आड़ में पहना देती है और टॉप भी ठीक कर देती hai...fir अहाना के आंसू पोछने लगती है...

Boss...boss...itne में श्याम टुटा फूटा मार खाया हुआ सबके पास पहुँचता है..

आकाश : अबे तेरी ये हालत किसने की..

श्याम : उस सेल सहम ने...

आकाश : आरवी देख रही हो तुम..

आरवी : I'm गोइंग guys...aur तुम दोनों कल मुझे यही मिलना..

और आरवी आगे बढ़ जाती है...

आकाश : इसे क्या हुआ..

नैना : वो सहम के मेटर में नहीं padti...uski दीदी ने मन किया है...

लव अहाना को लिए आगे बढ़ जाती है..

दोनों सीधे h.o.d के पास अति है..

और सारा इंसिडेंट उसे बता देती है...

H.o.d : आरवी एक बहुद बड़ी बिसनेस वीमेन की बेटी hai...is यूनिवर्सिटी में 80% डोनेशन उसी की माँ से अत है.. लावण्या तुम्हे स्कालरशिप मिली है तो इसी डोनेशन की वजह se..uske दोस्त भी ऐसे hi बड़े बिसनेस मन के बेटे hai..meri सलाह है तुम दोनों उनसे दूर रहो ...अगर वो तुम्हारी रैगिंग करे तो चुप चाप बर्दास्त कर लो...

अहाना : ये आप क्या कह रहे है sir...aap कोई एक्शन नहीं लेंगे..

H.o.d: मई मजबूर hon..tumse पहले एक लड़की ने जिया की पुलिस कंप्लेंट की थी उसके बाद से वो लापता hai..ye बड़े लोग hai...inse दूर रहने में hi भलाई hai...mai और क्या कहां बेटी...

अहाना: चल यहाँ se...lav को पकड़ कर अहाना चल देती है .

लावण्या: तू क्लास में जा मई घर जा रही hon...meri तबियत कुछ ठीक नहीं..

अहाना : एक दो क्लास अटेंड करके चलते है...

लव ने हामी भरी और दोनों क्लास में चल दी....

******************************

मैडम सान्वी एक 50 मंजिला टावर के बड़े से हॉल में बैठी होती hai...jiske दये बाये कई लोग बैठे होते hai..jo सब सिंडिकेट के लोग थे...

सान्वी : मई देख रही हों मई अपनी फॅमिली लाइफ में क्या बिजी हुई तुम लोगो के पर निकल ए है..

उज्जवल ठाकरे : ऐसी कोई बात नहीं है मैडम saanvi...hamare रस्ते में बस शेट्टी था स्नेहा की मौत के बाद वो भी पीछे हैट गया है..

सान्वी : मुझे बहार वालो से नहीं अंदर अपने अस्स वालो की नियतो में खोट दिखाई दे रहा है...

उज्जवल : अगर आपका शक मुझ पर है तो ये मेरा सर hai...pass आकर उज्जवल अपनी गर्दन सान्वी के आगे कर देता है..

उज्जवल : मई बस चाहता था 20% से मेरा शेयर बड़े लेकिन आपसे गद्दारी का नहीं सोंचा कभी...

सान्वी : खड़े हो जाओ उज्जवल... सोचोगे तो तुम ये कहने के लिए ज़िंदा नहीं रहोगे...

उज्जवल : जी मैडम...

सान्वी : सिर्फ तुम नहीं यहाँ और भी hai...saanvi दीपक थे दद को देखने लगी.

दीपक : अप्पन नहीं है मैडम saanvi...appun लॉयल है तुम्हारे साथ..

सान्वी : हिंकले ये मीटिंग क्यों राखी गयी...

सान्वी ने अपने मैनेजर जूनियर हिंकले को आवाज दी .

J.hinkle अमेरिकन था जिसकी सान्वी ने हेल्प की और तब से हिंकले सान्वी के लिए काम करने लगा सान्वी मैडम का सबसे खास आदमी अब सान्वी मैडम के सरे काम यही देखता hai...saanvi का सबसे वफादार आदमी है .आगे 43..

जूनियर : दद पेश karo...kya दिखाना चाहते थे तुम...

दीपक अपनी चेयर से उठा और उसने गार्ड को इशारा किया .

कुछ देर बाद गार्ड एक चिनेसे की चिनेसे की तरह दिखने वाले आदमी के साथ आया जिस के हाथो में एक बैग था...

दद : शो हेर..

चिनेसे आदमी ने अपना बेग खोला और उसमे से फल की तरह दिखने वाला कुछ निकला...

सान्वी : तुमने ये मीटिंग फ्रूट दिखने के लिए रखवाई...

दद : ये कोई आम फ्रूट नहीं है madam...ye है अमृत fal...ise मैंने ये नाम दिया hai...iske कारनामे आप देखेगी तो हैरान हो जाएगी ...शो हेर...

दीपक ने आखिर में उस चिनेसे आदमी को इशारा किया ..

चिनेसे आदमी पीछे हुआ और उसने अपने बैग में से पेट्रोल निकला और एक खली चेयर पर डाला और लाइटर से आग लगा दी ..फिर खुद उस जलती हुई चेयर पर बैठ गया ...

सान्वी और सिंडिकेट के सभी लोग हैरत से उस चिनेसे आदमी को देखने लगे...

2 मिनट बाद वो उठा उसके कपडे जल गए थे लेकिन उसका एक बाल भी नहीं जला था...

उसने अपने उसी बैग से एक कपडा निकला और उसे पहन लिया...

सान्वी : इसने अपनी बॉडी में कुछ लगाया होगा...

दद : नहीं madam...maine चेक किया hai...ye दो दिन से मेरी निगरानी में है और मैंने इन पर 2 दिन नजर राखी hai...aisa कुछ भी नहीं...

सान्वी : कोण है ये और ये कैसे पॉसिबल है......


दद : ये है जिन व जापान से ...ye..fal..

इतने में जपनेसे जिन व ने दीपक को रोक दिया..


जिन: मेरा नाम जिन वो है और ये है म्युटेंट fruit...kuch लोग इसे .मैजिकल फ्रूट भी कहते hai..ise खाने के बाद अलग अलग तरह की शक्तियां आ जाती hai..maine भी इसे खाया है अब आग से मेरा कुछ नहीं होता ...जिन ने फ्रूट दिखते हुए इंग्लिश में कहा..

फ्रूट लेने के लिए सान्वी ने हाथ बढ़ाया तो जिन ने दे दिया .

सान्वी : ये तो आम फुरित जैसा लग रहा hai..only डिज़ाइन इस लिटिल बिट डिफरेंट..

जिन : नहीं ी टोल्ड यू मैडम it's नॉट common....ab मई आपको इसकी और क्वालिटी के बारे में बता रहा हों ये सब एक से नहीं होते हर फ्रूट में डिफरेंट डिफरेंट म्युटेंट पावर होती hai...jo आपके हाथो में है ये है आगे को रोकने वाला फ्रूट....

सान्वी : होनेस्त्ली ी don't बिलीव you...aaj साइंस इतनी एडवांस हो गयी है आग से बचना इम्पॉसिबल तो नहीं रहा..

सान्वी की बात सुन जिन व उसे गुस्से में देखने लगा...

जिन : के here...and शूट में...

जिन ने गन थामे एक गार्ड को आवाज दी...

सब लोग जिन को हैरत से देखने लगे..

सान्वी : इसकी जरुरत नहीं है मई तुम्हारा चेकउप डॉक्टर से करौंगी कही तुमने कोई सीरम न इंजेक्ट किया हो अपनी बॉडी me...agar उसकी रिपोर्ट में क्लीयरेंस हुई तुम्हारी तब हम इस बारे में बात करेंगे..

जिन : मैडम मेरे पास इतना समय नहीं hai...shoot में इडियट...

जिन ने फिर गार्ड से कहा गार्ड सान्वी को देखने laga...saanvi ने आँखों से हामी भरी और पैरो की तरफ इशारा किया .

Dhaye.....guard ने जिन के पेअर पर फायर किया..

फिर जो सबने देखा वो नामुमकिन था...

खंननं...

बुलेट जिन के पेअर से लग कर जलते हुए फर्श पर गिर गयी....

1 मिनट तक सब को चुप्पी लग गयी thi..jo वो सब देख रहे थे उस पर उन्हें भरोसा नहीं हो रहा था .

उज्जवल : तुम भी म्युटेंट ho...ise खाने के baad...is एक फ्रूट का असर कब तक रहेगा.

जिन : मैंने 4 साल पहले खाया tha...isi फ्रूट की तलाश में दूसरा मेरे हाथ ये laga...iska असर लाइफटाइम रहता hai...bas जब तक कोई इसकी पावर तुमसे छीन न ली जाये...

सान्वी : ये कहाँ पाए जाते ी मैं कैसे ....कैसे तुमने हासिल किये...

जिन : जापान में एक टापू है जहाँ गवर्नमेंट भी नहीं jati.kongasaki jazira...jiske चारो तरफ गहरा समुन्दर है 10 k.m का एक छोटा सा टापू..

वहां इस फ्रूट की रक्षा करने वाले म्युटेंट hai..wo किसी को ये फ्रूट लेने नहीं देते...

सान्वी : मुझसे क्या चाहते हो...

जिन : partnership...is सहर की सबसे बड़ी गोल्ड स्मगलर आप ho..aapke पास पैसा है पावर hai...kya हो जब आपकी पावर मुझसे मिल jaye..aap मुझे लोग और पैसे दो मई आपको म्युटेंट फ्रूट लेकर दूंगा...

सान्वी ने अपना मैनेजर जूनियर को देखा जिसने आँखों से हामी भरी...

सान्वी : ठीक है बूत पहले मई कुछ बातें क्लियर करना चाहती hon...sabse पहले ये बताओ मई कैसे ट्रस्ट करू तुम मुझे धोका नहीं डोज ...तुम पावरफुल हो ैसिलय धोका दे सकते हो मेरे पैसे मेरे लोग मेरे खिलाफ भी उसे कर सकते हो..

जिन : म्युटेंट फ्रूट को ऑक्शन में आप hi सेल्ल करेगी मई लेकर आपको hi दूंगा मई नहीं कर सकता क्योकि मई दुश्मन नहीं chahata...dusri बात ये जिन अपनी जबान का पक्का है अगर आप 50 परसेंट मुझे देगी तो कोई चांस hi नहीं चीटिंग का...

सान्वी : तुम्हे ये कैसे पता था जिस फ्रूट को तुम खा रहे हो ये तुम्हे फायर पावर देगा और दूसरा जो तुम्हारे पास है इसे खाने से यंग हो जायेंगे....

जिन: जब मैंने म्युटेंट फ्रूट खाया तब मुझे नहीं पता था इसमें फायर पावर hai...ye तो मुझे बाद में पता चला...

सान्वी : फिर तुम्हे कैसे पता इसे खाने से आगे रुक जाती और लाइफ टाइम के लिए यंग हो जाते है...

जिन : उसी टापू पर एक म्युटेंट लड़का है उसी ने मुझे बताया उसने जो फ्रूट खाया उसमे दूसरे म्युटेंट फ्रूट की क्वालिटीज़ जानने की पावर hai...wo छोटा बच्चा है जिसे मई साथ लाऊंगा..

सान्वी : ठीक hai...abse तुम्हे जिस चीज़ की ज़रूरत होगी मेरे मैनेजर जूनियर तुम्हे देंगे...

सान्वी चेयर से उठते हुए boli...aur उसने हैंडशेक के लिए हाथ आगे कर diya...jise खुश होकर जिन ने थम लिया...

जिन : थैंक यू मैडम ये मेरी तरफ से आपके liye...aur उसने अपना फ्रूट मैडम सान्वी के आगे कर दिया...

सान्वी ने ख़ुशी खुसी ले लिया...

सान्वी : क्या मई इसे बचो के साथ शेयर कर सकती हों अपने...

जिन : एक फ्रूट को एक hi इंसान खा सकता है ये सिर्फ आपके लिए है madam...mere सामने खाइये जिससे आपका विश्वाश बड़े..

जूनियर : प्लेट और नाइफ लेकर आओ..

जूनियर ने गार्ड्स से कहा जो जल्दी से भागे प्लेट लेने के लिए...

जिन : ऐसे hi मुँह से लगाए....

सान्वी ने हामी भरते हुए बाईट मरी ..

और फिर वो बिना रुके खाने लगी ..

Aaaaaahhhhhhhhhhhh.....

फ्रूट ख़त्म होते hi सान्वी अपना पेट और गाला पकड़ कर बैठ गयी...

जूनियर: madam...junior भाग कर सान्वी को थम लेता है...

जूनियर : पकड़ लो इसे..

उज्जवल : मैडम आप ठीक hai...deepak तू लाया था ise....iske साथ दीपक को भी पकड़ लो...

जिन : कलम डाउन शुरू में ऐसा होता hai..jab गार्ड्स जिन को पकड़ने लगे उसने खुद hi सरेंडर कर दिया...

दीपक: ठाकरे ये तू क्या बकवास कर रहा hai...door हटो mujhse...itne में गॉर्डस दीपक के पास भी आगये...

5 मिनट hi गुजरे थे की सान्वी हाथो से रुकने का इशारा करते हुए कड़ी होने लगी...

जिन मुस्कुरा रहा था वही जूनियर हैरत से सान्वी को देखने लगा....

सान्वी चलते हुए विंडो में लगे मिरर के पास आयी... और मिरर में खुद को निहारने लगी..

LmpwZw


उसके ब्लोंड हेयर ब्लैक हो गए थे देखने में वो कोई 20 साल की लड़की लग रही थी...

जूनियर : मैडम आप तो बिलकुल जवान हो गयी है...

सान्वी : आना मुझे देखे गई तो क्या kahegi....use क्या जवाब दूंगी मई...

जूनियर : मैडम ये भी कोई प्रॉब्लम है hahaha...aanya बची को आप बता देना फ्रूट के बारे में..

सान्वी : मुझे अभी स्पा जाना है हेयर फिर से पहले जैसे करने के liye...junior सर आप देख lena..ek टीम जिन के साथ भेजे ...दीपक तुम फ्रूट की सेल्लिंग के लिए सभी एलीट्स को इनविटेशन भेजो और ऑक्शन की तैयारी करो...

दद : मुझ पर शक किया isne...mai आपको मरना चाहता था..

उज्जवल: मुझे लगा मैडम को कुछ हो न जाये...

सान्वी: वो मेरी परवाह कर रहा था दद .. और सान्वी जाने के लिए आगे बढ़ गयी....

***************"**************

कब तक आएगी ye...aanya कार में बैठी कॉलेज के बहार आरवी का वेट कर रही थी..

मैडम ajayegi...time हो गया है छुट्टी ka..ek भरी सी आवाज आया को सुनाई di..jo उसके आगे बैठे उसके करीबी गार्ड की थी...

आया ने सर उठा कर देखा एक 6फट का सुन्दर गार्ड बैठा था...

आया : तुम्हे पता है मई कितनी बिजी हों arsu...mum ने मुझे इस चुटिया लड़की का गार्ड बना कर रख दिया है..

ारसु : मैडम मई अभी भी लोगो को आप पर नजर रखते हुए देख पा रहा हों...

आया: acha...mujhe तो नहीं दिख रहा कोई....

Tadan..hi bodyguard...itne में आरवी कार का गेट खोल आया को चिढ़ाते हुए अंदर बैठते हुए बोली..

आया : let's जो...

और ारसु के कहने पर कार्स का लम्बा काफिला आगे बढ़ गया...

आरवी : आज मैंने 2 नई कमरे की रैगिंग ki...ek को मेरी दोस्त ने हाफ नुदे कर diya..hahaha..

आया : बे मातुरे यार..

आरवी : मज़ा अत है दीदी..

आया : तुझे पता है यहाँ से 70.कम दूर एक आइलैंड है जहाँ इलीट हमारे जैसे लोग आम लोगो को किडनैप करके लेट है फिर उन्हें शूट करते हुए उन पर बोली लगते hai...tu चलेगी मेरे sath...jyada मज़े के लिए...

आरवी : क्या कह रही हो दीदी मैंने कभी किसी को नहीं मारा..

आया : तो लोरू तू जो कर रही ये सही है....

आरवी : लोरा तो आपके पास है भी nahi...aarvi आया की टैंगो में हाथ डालते हुए बोली ...जिसे विगिना से टच होने से पहले hi आया ने रोक लिया...

आया : माँ से कहूँगी इसकी शादी करा दो नहीं तो ये बहार मुँह मर legi..mard के लिए उतावली हो रही है..

आरवी : आप ऐसा कुछ नहीं kahegi..mafia की लड़कीओ से शादी कोण करता है..

आया : चल तुझे कल मिलती hon...arsu कार रोको...

आरवी से कहकर आया ने ारसु को आवाज दी...

ारसु: क्या हुआ मैडम...

आया : तुम इसे गार्ड्स के साथ ले jao...mai कही जा रही हों...

आरवी : मई भी चलूंगी...

आया : no...Chalo उतरो ..ारसु..

आरवी : you're सो स्टोनहेयरटेड didi..aur आरवी के साथ ारसु भी उतर गया..

आया : तुम्हे इनविटेशन देना hoga...aanya उतारते हुए बोली..

जिस पर ड्राइवर भी उतर गया...

आगे आकर आया ड्राइविंग सीट पर बैठी..

आया : ारसु मई कुछ समय अकेला रहना चाहती hon..tum इसे घर लेकर जाओ मई आजाऊंगी..

और काफिले से उसकी कार अलग हो गयी...

रोड पर एक फ्लावर शॉप देख आया ने अपनी कार रोकी...

आया : एक ाचा सा रोज bouquet..thora सा बारे देना..

और कुछ देर बाद फ्लावर वाला बुके बना कर लाया...

कार के आगे से पैसे उठा कर आया ने आगे किये जिसे फ्लावर वाले ने ले लिए और बुके सीट पर रखते hi आया ने कार आगे बढ़ा दी...

मम ये ज्यादा hai...flower वाले ने पीछे से आवाज di...aanya ने सुनकर भी अनसुना कर दिया...

15 मिनट की ड्राइविंग के बाद आया की कार एक बड़े से ग्रेवयार्ड में दाखिल हुई...

कार कड़ी कर वो उत्तरी और बुके लिए ग्रेव्स देखते हुए नाम पर्ने लगी...

2 मिनट बाद उसे एक छोटे से गार्डन में एक ग्रेव दिखाई दी...

जिस पर लिखा था : स्नेहा बोर्न इन 2000 डीएड इन 2018...

कैसी हो janeman..mai तुम्हारे लिए फ्लावर्स लायी हों तुम्हे पसंद है न रोज...

और बुके आया ग्रेव पर रख देती है...

आया : हैप्पी डेथ एनिवर्सरी स्वीटहार्ट अगर आज तुम ज़िंदा होती तो मई तुम्हे मार देती... प्लीज वापस आओ न मैंने तुम्हे मरना है... प्लीज....

देविलिश हसी हस्ते हुए आया स्नेहा का मज़ाक बना रही थी..

आया : मुझे प्रे करना अत तो मई तुम्हारी सोल के लिए ज़रूर प्रे करती ...but...mai नहीं janti...mai नाराज़ हों तुमसे स्नेहा तुम्हे मरना hi था तो मेरे हाथो से मरना चाहिए था न ..थिस इस नॉट फेयर sneha...tum मेरी सबसे क्यूट एनिमी में से thi...mujhe किसी ने लाइफ में फ्रुस्ताते किया वो तुम thi..tum में करेज था मुझसे दुश्मनी का और तुमने की भी बूत तुम मरी गयी जिसने भी तुम्हे अपुन से पहले टपकाया अपुन उसे छोरे गई नहीं...

छप्प chapp....itne में आया को पीछे बहुत से कदमो की आहत सुनाई di....usne गौर नहीं kiya...apne आप में hi मगन रही...

आया : बेब तुम अकेली हो तुम्हे अपनों का साथ चाहिए होगा na...mai जल्द तुम्हारी फॅमिली को तुम्हारे पास भेजू..

तुम क्या कर रही हो यहाँ पर ...सहम की आवाज़ पर आया palti..aur बोलते बोलते वो रुकी..

आया: ओह्ह तुम्हारी फॅमिली तो अभी hi आ gayi...what ा timing...aanya कड़ी होते हुए बोली...

कामिनी तुझे सुकून नहीं मिला मेरी बेटी के जाने के बाद bhi...tu यहाँ भी आगयी उसे परेशां करने...

सहम के पास खड़े सूट बीत में एक आदमी ने कहा...

आदमी : मई तेरी जान ले लूंगा...

आया : इसी कोशिश में आपकी बेटी भी मरी गयी डिसोजा uncle...aapko तो बहुत जल्दी है बेटी के पास जाने की ...

सहम : डैड मुझे बात करने digiye...tum यहाँ क्यों आयी हो तुम चाहती हो डील ब्रोके karna...agar ऐसा है मुंबई की सड़के फिर खून से लाल होगी...

आया : खून hi तो मुझे पसंद है..

डिसोजा : फिर आज खून बहेगा...

कहते हुए डिसोजा ने अपने गार्ड्स को इशारा किया..

जो आगे आकर गन आया पर पॉइंट करने लगते है...

देसूजा के साथ करीब 50 लोग थे साथ में घर की औरते भी थी...

आया ने अपने ऊपर गार्ड्स को गन तानते हुए देखा तो वो पीछे हट्टे हुए स्नेहा की ग्रेव के पास आकर छुप गयी...

आया : डिसोजा अंकल कोंगरेट्स आज आप स्नेहा से मिलने वाले है...

ढाये ढाये dhaye...guards ने गोलियन चलायी और साडी गोलियन ग्रेव पर बानी सीमेंट की छोटी सी दीवार में घुस गयी...

देसूजा: सबको कार में ले jao...aur तुम राकेट लेकर आओ...

ढाये ढाये ढाये....

इतने में आया ने तीन फायर किये हाथ निकल के और देसूजा के तीन गार्ड्स का भेजा उड़ गया....

आया : डिसूज़ा अंकल अपनी बेटी की तरह भागना नहीं प्लीज...

देसूजा : बहार अजा लड़की नहीं तो तुझे बहुत बुरी मौत मरूंगा...

ढाये.....

कहते हुए हुए देसूजा ने आसमान में फायर किया दूर के लिए....

आया ने देखा ये राकेट है...

देसूजा : अगला निशाना तुझ पर होगा ladki...isliye बहार aaja...kehkar देसूजा दूसरा राकेट गन में डालने लगा...

आया : आप अपनी बेटी की ग्रेव तो नहीं उड़ने वाले अंकल...

ढाये ढाये dhaye...kehte हुए आया ने तीन फायर और kiye...jo तीन गार्ड्स के सरो पर लगे सीधे...

Khaccch....usne चौथा फायर किया तो गोली नहीं चली...

आया : दमन आईटी ...

देसूजा : चलो मरने के लिए तैयार हो जाओ...

आया: wait...kyo अपनी बेटी की ग्रेव ख़राब करना चाहते हो आ रही हों न मई...

आया हाथ ऊपर किये कड़ी हुई.....

भागकर गार्ड्स ने उसे पकड़ liya...aur खचेडे हुए उसे डिसूज़ा के पास लाये..

चटककककक...

देसूजा : साली बीच ...थप्पड़ मरते हुए डिसोजा ने आया को गाली दी ..

आया : अगर मई ज़िंदा रही तो ये डबल वापस करुँगी...

Chatakkkk..chatakkk....

डिसूज़ा: गलत फेहमी है तेरी... गार्ड्स गद्दा khodo...jaldi..koi कॉफिन लेकर ए ...आज इस बीच को मई ज़िंदा दफ़न करूँगा..

डिसूज़ा की बात सुन गार्ड्स पास में hi जल्दी से गद्दा खोदने लगे ...

आया : माँ तुम लोगो को से में से भी ढूंढ कर निकल लेंगी...

डैड इसे जाने दो ..सांप का फन तभी कुचलना चाहिए जब नागिन को मार do...iski माँ आएगी हमारे पीछे....

आया : सही कह रहा है ये ...

चटकककक...

डिसूज़ा : चुप बीच...

और फिर डिसूज़ा लात घुसो से आया को मरने लगा....

डिसूज़ा : मई लक्समी नमी औरत से मिला हों जल्द hi वो इसकी माँ को मार देगी...

सहम : वो विच ब्लैक मैजिक वाली...

डिसूज़ा : हाँ...

सहम : क्या आपको इसकी माँ के हेयर मिल गए...

डिसूज़ा: आज गार्ड ने दिए इसकी पूरी फॅमिली के हेयर...

आया: समझौते के बाद तुम ये सब कर रहे they...tum तो सेल कवर्ड्स nikle...tujhse ज्यादा डैम तो तेरी बेटी स्नेहा में tha..wo साली थी तो अपनी ज़ुबान की pakki....dushmani सामने से निभाती थी...

डिसूज़ा : मेरी बेटी को मरकर तू हमसे किस बात की उम्मीद रखती है...

आया : अपुन ने नहीं मारा लाइफ में बस इसी बात का रिग्रेट है...

चटककककककक...

सहम : बस करे डैड...

इतने में सहम गार्ड से गन लेकर आया पर तानते हुए बोलै..

डिसूज़ा : गन निचे करो bete...ise तड़पा तड़पा के मरना है मैंने...

बॉस गद्दा खोद दिया...

इतने में गर्दा कपडे झड़ते हुए पास आकर बोले...

डिसूज़ा : ले चलो इसे...

इतने में एक कार ग्रेवयार्ड में एंटर हुई....

ये डिसूज़ा के hi आदमी थे जो लकड़ी का कॉफिन लेकर आये they...jise कार से निकल कर वो चलते हुए डिसूज़ा के पास ए ..

डिसूज़ा : डालो इसे इसमें...

डिसूज़ा के कहते hi गार्ड्स आया को अंदर डालने लगे..

आया : सीधे शूट कर ये कैको कर रहा है...

डिसूज़ा: फीयरलेस आया दर गयी...

सर दबाते हुए डिसूज़ा ने आया को अंदर लिटा diya...agle hi पल गर्दा ने कॉफिन का धक्का लगा दिया...

फिर वो उस पर किले गढ़ कर उसे कसने लगे....

हो जाने पर गार्ड्स ने कॉफिन अंदर डाला और मिटटी डालने लगे....

दाल जाने पर डिसूज़ा अपनी बेटी की ग्रेव पर आया... और रोने लगा...

सहम ग्रेव ठीक करने लगा...

डिसूज़ा : काश तुम ज़िंदा होती मेरी bachi....tum देखती तुम्हारे बाप ने कैसे आया को maara...meri गुड़िया तुम्हारी बहुत याद आती है...

सहम : दीदी तेरे बिना जीने का मन hi नहीं होता है...

दोनों कुछ देर बात करके अपने गार्ड्स के साथ वापस लौट गए....

Khatttt...khatttt...khatttt...

अंदर लेती आया कॉफिन खोलने की नाकाम कोशिश कर रही थी....

आया : कोई hai....hello...mai अंदर हों...

काफी देर तक कोशिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो आया ने हार मान ली....

रात के 12 बज गए थे...

आया : आया तेरा एन्ड ऐसे होगा सोंचा नहीं था....


अब आया को साँस लेने में भी प्रॉब्लम हो रही थी....

उसकी आवाज भी नहीं निकल रही thi...na उसमे ताकत बची थी कॉफिन के ढक्कन को हटाने ki...haar मान कर उसने आंखे बंद कर ली....

*****************************

सुबह मई उठा किसी के दूर पीटने पर...

मैंने दूर जाकर खोला सामने सेठ tha...makan मालिक आदित्य जी का अंकल..

उसके हाथ में नाश्ता था...

मैंने दूर खोला तो वो अंदर hi agaya...nashta लिए...

उसने ब्रेकफास्ट पास राखी टेबल पर रखा खुद वो बीएड पर बैठ गया...

सेठ : सुनो लड़के मेरे पास इतना पैसा है की मुझे किसी को अपने घर खाना खिला कर पैसे कमाने की जरुरत nahi...ye पूरी बस्ती मेरी है और इसकी कीमत 90 करोड़ से ज्यादा की है..

मई: जी सर...

सेठ : आदित्य बहुत साफ़ दिल की है अनजान लोगो का भी दुःख दर्द उसे वो अपना लगता है वो किसी को तकलीफ में नहीं देख सकती ऐसी hi है wo...jante हो उसने तुमसे खाने के लिए पैसो के लिए नहीं कहा उसने देखा तुम परेशां हो खाना बनाओगे अपने लिए की कमाओगे जिस काम से तुम गाँव से यहाँ आये मतलब कमाने ...मुझे बुरा न लगे इसलिए उसने तुमसे 3 हजार रुपया महीना कहा खाने के लिए...

मई : जी..

सेठ : अब से तुम मेरी बेटी से कहना की तुम अब खुद अपने से अपना खाना banoge...ye पता न चले की मैंने कहा है तुम्हे ऐसा करने ke..tumhare पास रसन गैस चूल्हे के पैसे नहीं है तो जो खाना गरीबो के लिए बनेगा बही वह खाओ लेकिन मेरी बेटी से नहीं कहना खाने के liye...abhi ये खाना खाओ और जो कहा है करो...

उठाकर सेठ चले गए...

मैंने रूखे मन से ब्रेकफास्ट Kiya...fir नाहा धोकर मैंने बैग में सोना चंडी bhara...aur लेकर चल दिया...

ऑटो लेकर मई अँधेरी aaya...aur वह से उसी सर्राफे वाले की शॉप पर आया जिसके पास सोना चंडी बेचने झगन आया था...

कैसे ए हो भय कुछ बेचने ए की खरीदने ...सेठ ने पूछा इसे मैंने अपनी वीडियो में देखा था जो मैंने झगन से बनवाई थी...

मई : झगन ने भेजा hai...wo जिसने 35 लाख का सोना बेचा tha..meri बात सुनकर उसने बैग की तरफ dekha...jo बड़ा और भरी था...

उसने कस्टमर की तरफ इशारा करके रुकने के लिए kaha...aur मई वही बैठ कर वेट करने लगा..

10 मिनट बाद वो खली हुआ...

सेठ : क्या लाये हो...

मैंने अपना बैग उसके आगे कर दिया...

सोना चंडी बहार निकल वो दोनों को अलग अलग रख कर तौलने लगा...

सोना 2 k.g 400 g.m था चंडी 1.कग से कुछ काम थी...


मई : कितने डोज seth...sona 1 करोड़ से ज्यादा रुपए किलो है...

सेठ : सब के 2 दूंगा...

मई : करोड़..

मेरे पूछने पर सेठ ने गर्दन हिलायी....

मई : कुछ ज्यादा कर लो काम है ये..

सेठ : मुझे भी तो कामना है नहीं पसंद तो कही और बेच ले ..

मई : ाचा कॅश दो ..फिर ..

सेठ : 2 घंटे रुक कर ले जाना..

मई: ठीक है मई यही हों...

और सेठ अपने लड़को से कहने लगा बैंक जाने के लिए....

2 घंटे बाद मेरे हाथो में पैसे आये ...और मैंने अपना अगला शिकार भी देख Liya...jo होने वाला था यही सेठ..

पैसे लेकर मई घर aya...fir पैसे संभल के रख कर मैंने बस्ती में से झगन को बुलाया...

मई : सेल नंबर दे apna...tujhe बार बार बुलाना पड़ता है निचे जाकर .

उसने नंबर बताया मैंने सेव किया...

झगन: भैया रात में मिलेगी गन..

मई ; सुन मुझे अपना अकाउंट खुलवाना है और गूगल पाय अपने फ़ोन में बनवाना है..

और फिर दोपहर 2 बजे तक मई और वो इसी काम पर लग gaye....pehle हमने अकाउंट khulwaya...fir अचे कपडे पहन कर मैंने 15 लाख अपने अकाउंट में dala...aur वाकई पैसे मैंने अपने रूम पर hi रख diye...fir एक गूगल पाय ऑफिस में मैंने अपना गूगल पाय अकाउंट बनवाया....

और फिर होटल से खाना खा कर हम दोनों मेरे रूम पर ए..

मेरे रूम पर आते hi कुछ देर बाद खाना लिए अदिति मैडम आ गयी ..जिन्हे देख झगन चला गया...


खाना देकर वो जाने लगी तब मैंने रोका...

मई: अदिति madam..abse आप खाना नहीं लाया करे...

आदित्य : क्यों क्या हुआ रॉक ji...uske मुँह से रॉक जी सुन कर मुझे ऐसा लगता जैसे ज़िन्दगी में जितनी बेइज़्ज़ती अपमान मेरा गरीबी से हुआ उसकी भरपाई मैडम ने एक बार में रॉक जी कहकर कर दी हो...

मई : मुझे पसंद नहीं आपके हाथ का khana...mai अपना banaunga...nahi तो किसी को ले आऊंगा बनाने के लिए...

अदिति : acha...usne इतना hi कहा और अदिति मैडम की आंखे चालक पड़ी...

कुछ कहे बिना वो आगे बढ़ गयी...

एक तीस उठी साइन में मैडम की आंखे चलती देख लेकिन मई भी क्या karta...seth ने hi मन किया था....

उनके जाने के बाद मैंने कॉल लगा दी...

2 रिंग के बाद अरसद ने कॉल उठायी...

मई : कैसा है...

अरसद : ठीक हों तेरी माँ मेरी बहुत मिन्नतें कर रही थी तुझसे बात करने के liye...tujhe कॉल भी की तूने उठाया nahi...wo उस दिन की बात कर रहा था जब मई कोठे पर था....

मई : वो मेरी माँ नहीं है...

अरसद : अबे तेरी बहन बीमार हो गयी थी bahut...bhuk प्यास से...

मई : मरी नहीं वो..

अरसद : कैसी बातें कर रहा है यार tu..jab तू दिहाड़ी की वजह से खाना खाने घर नहीं जाता था तो वो देने आ जाती thi..aur मेरे सामने तुझे अपने हाथो से खिलाती थी...

तू आज फिर खाना खाने नहीं आया...

क्या दीदी तू रोज़ रोज़ इधर आ जाती है तुझे पता है इधर अच्छे लोग नहीं aate...kha माँ खा परीक्षण करती है आ कर..

तू भी तो मुझे परेशां hi करता hai..har दिन दोपहर में भूका rehkar...kuch पैसे काम कमायेगा तो क्या हो जायेगा... लेकिन तुझे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा.. सोंचा है tune..aur क्या तेरे बिना मई खा लुंगी...

तो इसमें रोने वाली क्या बात hai...tu जानती है न तेरा आंसू मेरा 1 किलो खून काम कर देता hai...chal आ बैठ..

रॉकी तू सुन रहा hai...arsad की आवाज पर मई अपनी यादो से निकला..

मई : हाँ मेरी कोई बहन नहीं है न कोई maa..bas तुझे 5 लाख भेज रहा hon..wo दे देना...

और मैंने कॉल कट कर दी...

फिर मैंने अरसद के स्कैनर पर 5 लाख ट्रांसफर कर दिए....

कुछ देर गम शूम बैठ मई उठा और रूम लॉक करके निचे आया....

बाइक पर बैठ कर मई चल दिया....

कुछ देर बाद मई कोठे पर था और मेरे सामने गायत्री...

मई : उसे हमेशा के लिए खरीदना hai...dipty को...

गायत्री : वो बिकाऊ नहीं है काम से काम 5 साल तक तो नहीं...

मई : कीमत बताओ न...

गायत्री : चल 5 करोड़ दे वो तेरी हुई...

मई : 1 करोड़ दू...

गायत्री: 5 साल बाद इतने में ले जाना..

मई : एक महीने के लिए उसे किराये पर ले जाना है अपने घर..

गततरी : ला 10 लाख de...nagad..

मैंने जेब में से 2 लाख निकले और 8 लाख गूगल पाय कर दिए...

चलता हुआ मई डिप्टी के रूम पर आया..

अंदर वो लेती हुई थी मुझे देख उठ बैठी...

आज उसके चहेरे पर पहले जैसी रौनक नहीं थी....

मई : चल आ मेरे साथ...

डिप्टी : मई नहीं जाउंगी...

मई : बहुत मरूंगा तुझे अगर मन की तो कीमत दी है तेरी वो भी एक महीने ki...aur वो मेरे साथ आने के लिए तैयार हो गयी...

मई : चल अपने एक महीने के कपड़े बैग में दाल ले..

जब वो कपड़े बैग में डालने लगी तब मैंने उसके कपडे देखे...

मई : चल अजा मई तुझे नए दिला दूंगा...

कपड़े छोर वो मेरे साथ चल दी...

कोठे से हम बहार आये और डिप्टी पीछे मेरी बाइक पर बैठ gayi...uske बैठते hi मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

रस्ते में मैंने एक कपड़ो की शॉप देख बाइक रोकी...

मई : अपने लिए अच्छे कपडे पसंद कर ले डेन्ट...

फिर वो पसंद करने लगी और मैं पैक करता रहा...

5 हजार के कपडे दिला कर उसे लिए मई बहार आया ..

डिप्टी : चले...

मई : कहा लेकर जॉन तुझे ..और मई सोंचने लगा...

10 मिनट मुझे रोड पर खड़े सोंचते हुए हो गए थे...

मई : कोई पूछे तो कहना तू मेरी कजिन है शिमला से आयी है..

डिप्टी : मई नहीं कहने वाली...

मई : क्यों...

डिप्टी : मई झूट नहीं bolti...tum मुझे मरते हो...

मई : साली चल तू तुझे और मरूंगा...

डिप्टी : दिखा दी न mardangi....aur क्या कर सकते हो tum...pehle मुझे अफ़सोस हो रहा था की मैंने तुम्हे मजबूरी में hi सही चीट किया अब बिलकुल भी नहीं हो रहा है ...

मई : चल baith...maine उसकी जहर भरी बातों का कोई जवाब नहीं दिया बाइक पर बैठते हुए उसे भी बैठने का कहा...

वो बैठी तो मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

मई : मई एक डैम सही हों औरत जाट के बारे me..tumhari नस नस में hi कमीनापन छुपा होता hai..tu मेरी बहन से अलग थोड़ी hai...ek डैम शामे तो शामे रंडी...

और रस्ते भर मई बोलता रहा वो सुनती रही....

मई उसे लेकर बस्ती में आया...

मई : देख जो कहा है चुप चाप करना नहीं तो तुझे रहने की जगह नहीं मिलेगी...

और उसे लेकर मई चल दिया आदित्य जी के घर...

Rock...ye लड़की कोण है..

रस्ते में hi मुझे सेठ मिल गया जो घर से बहार hi आ रहा था...

मई : सेठ जी ये मेरी शिमला की कजिन सिस्टर hai...ye यहाँ काम करने आयी जब तक इसे कोई काम नहीं मिल जाता तब तक मेरे साथ रहेगी अगर आप परमिशन den..ye अंदर सोयेगी मई बहार...

सेठ : क्या काम करने आयी tum...sorry मई तुम्हारा नाम पूछना भूल गया..

मई : ये डिप्टी है...

डिप्टी : कुछ भी कर लुंगी 12तह किया है मैंने..

सेठ : ठीक है अपनी बहन को लेकर कल आना मेरे pass...ise कोई काम दे दूंगा..

और सेठ आगे बढ़ gaya...uske जाने पर रहत तो मिली लेकिन वो कल बुला गया tha..kal का कल देखूंगा सोंच कर मैंने जाने दिया...

डिप्टी को लिए मई अपने रूम पर आया और मैंने दूर बंद कर लिया ....

मई : खाना बनाना अत है तुझे...

उसने कोई जवाब नहीं दिया..

मई : चल मई गैस चूल्हा लेकर आया साथ में राशन सब्जी भी...

और उसे छोर मई चल दिया...

मार्किट आकर मैंने सारा सामान लिया और उसे लेकर मई रूम पर आया...

मई : सब्जी में ये साग hi मिला hai...bana लेगी न...

डिप्टी : 10 लाख देकर मुझे इसलिए लाये हो...

मई : तुझे मेरे लैंड पर कूदने की कितनी जल्दी हो रही है खाना बना बहन की lodi....aur चुप चाप वो साग काटने बैठ गयी...

मई उसे अकेला छोर बस्ती में निचे आ गया...


तुमने क्या कहा दीदी से तुम्हारे रूम से जब से आयी है अपसेट hai..itne में अदिति मैडम की बहन मेरे पास आकर मुझ पर गरजते हुए बोली...

मई : मैडम कुछ भी तो नहीं कहा..

झूट मत बोलो मुझसे मई दीदी की तरह सीधी सधी नहीं hon...to बिलकुल भी किसी ग़लतफहमी में मत रहना...

मई : सुबह सेठ जी ए they...aur मैंने सब बता diya..madam ये सब सेठ जी से मत कहना उन्होंने मन किया है बताने को..

ऐड हो कोई और एक्सक्यूज़ नहीं दे सकते थे...

मई : किसी और एक्सक्यूज़ से क्या वो manti..jaisi वो है उनमे कोई कमी कैसे निकल सकता है..

रिशु क्या कह रही हो तुम रॉक जी se...itne में अदिति मैडम आगयी...

रिशु : इसकी क्लास ले रही हों दीदी आपको इसने कैसे हर्ट किया..

अदिति : मुझे अब तुम हर्ट कर रही हो...

रिशु : दीदी कब समझोगी ये गरीब लोग इनके साथ भलाई करे तो ये बदले में हमारे hi साथ बुराई करते hai...inki जगह सड़क पर है इन्हे वही रखना chahiye...kitni hi बार आपको धोका मिला लेकिन आप नहीं सुधरती..

मई : सही कहा madam...ham लोग इंसान थोड़ी होते है...

चटककककक...

अदिति : सॉरी कहो rishu.itne में अदिति मैडम ने थप्पड़ मरते हुए कहा...

रिशु ; sorry...aur वो चुप चाप चली गयी...

अदिति : I'm सॉरी ये बस ओवर प्रोटेक्टिव hai...hai बहुत achhi...bas मुझे उदास देख कर गुस्सा हो जाती..

मई : I'm सॉरी अदिति जी मुझे सुबह आपसे ऐसा नहीं कहना चाहिए tha...aapke हाथो का खाना ऐसा है जैसे मई माँ के हाथ का खाना खा रहा hon..agar आप प्यार से जहर भी खिलाये गई खुसी से वो भी खा लूंगा...

अदिति : मई आपको जहर क्यों खिलाऊंगी रॉक ji...wo कनअँखिओं से मुझे देखने लगी...

मई : कहावत है जिसका मतलब है आपके हाथो का खाना इतना hi पसंद hai..meri कजिन शिमला से आगयी है अब वो खाना बनाएगी सोंचा आपको क्यों परेशां करूँ..

आदित्य : आपकी कजिन...

मई : हाँ...

अदिति: उसे ऊपर रखा रूम में..

मई : हाँ...

अदिति : ठीक है अबसे आप वहां soyenge...wo मुझे ऊँगली से उसी खली जगह की तरफ इशारा करते हुए बोली जहाँ मजदूर और नए ए हुए लोग सोते जो किराया देने में असमर्थ थे...

मई बेबसी से मैडम को देखने लगा..

Pi...pi...pi...

इतने में एक बंव हॉर्न देती हुई हमारे पास ruki..aur हम दोनों hi उस कार को देखने लगे....

उसका मिरर निचे हुआ और अंदर देख जैसे मेरी साँस अटक गयी....

लक्समी : के in...wo लक्समी thi...uske बुलाने पर मई घूम कर आया और दूर खोल कर अंदर बैठ गया...

लक्समी : तुमने मुझे नाराज किया है रॉकी ...क्या सजा डॉन tumhe..tumhare बदले उसे मार देती हों...

उसके शब्द सुनते हुए मैंने उसकी नजरो का पीछा kiya...jo अदिति मैडम पर thi..aur जैसे मेरा दिल हलक में आगया हो...

मालकिन मुझे माफ़ कर दो ..आप जो कहोगी मई karunga...unhe तो मई जनता भी nahi...wo सबकी सहायता करती hai...aur मई लक्समी के पैरो पर गिर कर गिड़गिड़ाने लगा...

मई : मालकिन जो सजा देनी है मुझे दे do...unka कोई कसूर नहीं...

लक्समी : घर चल कर डीडे करुँगी क्या करना hai..aur उसने कार आगे बढ़ा दी....

मई भी सीधा होकर बैठ गया...

हाफ ऑवर बाद मई उसके घर पर था..

अब दिन ढल चूका था...

वो आगे आगे चल रही थी मई पीछे पीछे...

चलते हुए मेरी नजर गार्डन पर gayi...aur मुझे वो सब याद आगया...

उसने आर्टिफीसियल ग्रेस लगवा दी थी वहां पर..

गार्डन देखते हुए मई अंदर बढ़ गया..

लक्समी: वहां फ्रिज है उसमे एक गिलास रखा है ढाका hua...use लेकर आओ .वो सोफे पर बैठते हुए हाथो से इशारा करते हुए बोली..

मई किचन में आया जब फ्रिज खोला तो मुझे एक शीशे का गिलास ढाका हुआ dikha...jisme ब्लैक कलर का कोई लिक्विड था..

मई उसे लेकर लक्समी के पास आया...

लक्समी : पि जाओ इसे...

मई : ये क्या है...

लक्समी : सवाल तुम नहीं सिर्फ मई karungi...tum मेरे होने वाले पति हो तो बता देती hon..ye काढ़ा है लेकिन आम काढ़ा nahi...ise मैंने बनाया hai..tumhare 2 इंच लिंग को बारे करने का..

मई : pati...kya matlab...malkin..maine रुकते हुए कहा..

लक्समी: तुम खूबसूरत हो और मई जवान hon...kya हम शादी नहीं कर सकते...

मई : अपने पहले पति को..

लक्समी : वो मेरी सच्चाई नहीं जनता था तुम जानते हो तुम्हे मरने का सवाल hi पैदा नहीं होता लेकिन अगर तुमने मुझे धोका दिया मुझसे भागे तो मई तुम्हारे हर करीबी को मार dungi...chalo अब पियो आज तुम्हे बहुत सरे काम करने है..

सवाल किये बिना में गिलास मुँह से लगाया और आंखे बंद करके एक hi साँस में गिलास ख़त्म कर दिया...

मई : मई इसे रख aaun...mere पूछने पर उसने मुझे घुरा जो देख मैंने गिलास टेबल पर hi रख दिया..

लक्समी : सोफे पर लेट जाओ अगर पैन हो रहा है तो..

मई : नहीं हो रहा मई ठीक हों...

लक्समी : तुम्हे क्या सजा दूँ तुम्हारी डिसओबेडिएंस की...

मई : मेरे पास खर्चे के लिए पैसे नहीं they...aur मैंने उसे चोरी के बारे में बता दिया..

मई : aahhhhh....malkin ये क्या हो रहा है...

अचानक से मेरे कमर के निचे बर्दास्त के बहार दर्द उठा....

लक्समी : सोफे पर लेट जाओ ...

सोफे पर लेटने की मेरी हिम्मत न हुई और मई जमीन पर hi ढेर होकर चीखने laga...dono हाथो से मई पकड़ा था अपना लिंग...

मई : आह्हः क्या पीला दिया bahanchod..gusse में मई लक्समी को गली देने लगा...

5 मिनट तक मई फर्श पर इधर से उधर बिलबिलाते हुए लक्समी को गन्दी गालियां देता रहा...

कुछ दर्द काम हुआ तो मैंने लक्समी को देखा जो गुस्से में मुझे hi घुर्र रही थी....

जल्दी से मैंने उसके पेअर पकड़ लिए..

मई : मई दर्द में समझ में नहीं आ रहा था क्या बोलू...

लक्समी : पेअर छोरो मेरे और अपनी पंत उतरो...

पीछे होकर मैंने पंत का हुक खोला और वो निचे गिर गयी...

लक्समी : अंडरवियर भी...

मैंने एक नजर उसे देखा और अंडरवियर निचे कर diya...wo साली मानती तो नहीं....

वो आगे खिसकते हुए मेरे लैंड को पकड़ लेती है...

मैंने निचे देखा तो मुझे अहसास हुआ मेरा लिंग पहले से बढ़ गया है पहले इतना बड़ा खड़े होने पर होता था...

मई सोंच hi रहा था की मुझे अपना लैंड पर किसी के मुँह की गर्माहट का अहसास hua...laxmi ने लैंड मुँह में ले लिया tha...jise वो चूस रही थी....

न जाने कब मेरा हाथ उसके सर पर चला gaya...aur मई लैंड आगे पीछे करने लगा...

मुझे मजा आ रहा था बहुत और धीरे धीरे मेरा लैंड पूरा ेररेक्ट हो गया...

लैंड पूरा खड़ा हुआ तो लक्समी ने मुँह से निकल दिया..

लक्समी : मई अभी आयी मेज़रमेंट लेकर ..वो उठते हुए बोली और दर्ज में से कुछ निकलने लगी .

कुछ देर बाद वो मेज़रमेंट लेकर aayi...aur मेरा लिंग का साइज लेने लगी...

लक्समी : 11 inch...ab भी छोटा है...


पहले से मेरा लिंग डबल हो गया था जो उसे छोटा लग रहा था...

मेरा मन हो रहा था लक्समी को पटक कर छोड़ने ka..lekin उसके दर के कारन हिम्मत नहीं हो रही थी...

मई न जाने कैसे अपने आप के इतनी हवस फील कर रहा था...

मई : दर्द हो रहा है isme...kuch करो न मालकिन... मुझसे रहा नहीं गया तब मैंने कहा...

लक्समी : कर दूंगी लेकिन तुम्हे भी मेरा एक काम करना hai...aur निचे बैठते हुए उसने लैंड फिर मुँह में ले लिया...

लक्समी देखने में बड़ी सेक्सी मातुरे thi...bade बड़े हिप्स एक डैम गोरी लम्बे बाल 5 फ़ीट से ज्यादा हिघ्त एक डैम कमल की जो भी देखे उसे पानी की इच्छा करे...

वो मेरा लैंड चूस रही thi...aur मई उसके सर को पकड़ कमर हिला रहा था...

मई : aaahhh...laxmi..uff aaahh..aise hi chuso...aaahhh...

आधे घंटे तक लगातार वो चुस्ती रही और फिर मई उसके मुँह में hi झाड़ gaya...mera इतना ज्यादा माल निकला की उसका मुँह भर गया...

पहले उसने निगला फिर अपने होंठों के पास फैले छुम को जीभ फीते हुए लक्समी चाटने लगी...

लक्समी : मई ब्रश करके आयी फिर तुमसे जरुरी बात करुँगी..

मई : मई नहाऊंगा...

लक्समी : वाशरूम में चले jao...mai नंगा hi वाशरूम में घुस गया...

नाहा कर मैंने लक्समी को आवाज दी जिसने टॉवल दिया ..

लक्समी : अच्छे लग रहे ho...wo मेरे बालो में हाथ फेरते हुए बोली..

मई : कोई दूसरे कपडे मिलेंगे ये गंदे हो गए hai..in पर छुम गिरा था ..

लक्समी: मई अपने लेकर आती हों..

मई : ऐसे लाना जो लार्को की तरह हो .

मैंने उसे पीछे से आवाज दी...

कुछ देर बाद वो एक शर्ट और पंतय जीन्स और जैकेट लेकर आयी ..

लक्समी : मई हमेशा तुम्हारे लिए ये कर सकती हों मुझे धोका नहीं dena...wo मुझे कपडे देते हुए बोली..

जिन्हे लेकर मैंने पहन लिया...

लक्समी : सरस डिनर रेडी karo...usne किसी से कहा...

मई समजा कोई नौकर hoga...aur मैंने ध्यान नहीं दिया...

मई : मालकिन आप इतने बड़े घर में अकेले रहती है...

लक्समी : दिन में माइड आती hai....ab तुम भी तो रहोगे मेरे साथ...

मेरा हाथ पकड़ वो मुझे अपने साथ ले जाने लगी...

चलते हुए हम लोग दिन्निग पर ए टेबल पर कई तरह के बहुत से खाने रखे थे जिनकी सुगंध मुझे दूर से आ रही थी...

मुझे बैठने का इशारा करते हुए वो खुद भी बैठ गयी...

लक्समी : निकालो और खाओ...


और मई निकल निकल कर खाने laga...khana टोटली नॉनवेज tha...aur इतनी तरह का मेरा मन हो रहा था सब खा जॉन...

लक्समी; तुम्हे कुछ देर बाद ग्रेवयार्ड जाना होगा...

खो kho...uski बात सुनकर मेरा फंदा लग gaya..jo देख उसने पानी भर कर गिलास मेरे आगे कर दिया..

लक्समी : ग्रेवयार्ड जाकर जो सबसे नयी ग्रेव हो उसकी ताज़ी मिटटी और मुर्दे की ग्रेव खोल कर उसका थोड़ा ब्लड लेकर आना होगा..

उसकी बात सुनकर मैंने खाना छोर दिया...

और मुझे उबकाई आने लगी..

मई : मई कैसे ...मुझे दर लगता है...

लक्समी : देखो तुम मेरे ऑर्डर्स फॉलो करना सीखो नहीं तो बहुत नुकसान उठाओगे...

मई : कैसे लाऊंगा ये sab...gorgan तो नहीं लेने देगा

लक्समी : कोई खली ग्रेवयार्ड देखना जहाँ गोरगन न ho..Aur वो मुझे समझने लगी...

खाना ख़त्म हुआ उसका तो वो उठी...

अपने साथ वो मुझे बीएड रूम में लायी और उसने टीवी पर एक हॉरर मूवी लगा दी लेटकर वो देखने लगी...

लक्समी : रॉकी मई बहुत थक गयी हों तुम्हे समझते हुए चलो पेअर दबाओ...

चुप चाप मई उसके पेअर दबाने लगा...

लक्समी : कमर तक...

मेरे घुटनो तक दबाने पर उसने कहा..

और फिर मई उसकी मोती झंगे गांड सब दबाने laga...jiske अहसास से मेरा लैंड फिर खड़ा हो gaya....jise मई मसल भी रहा था...

लक्समी : दोनों हाथो se...aur मैंने लैंड को मसलना छोड़ दिया...

मई ; कब लाना है मिटटी और ब्लड...


लक्समी: लेट नाईट जाना...

उसका जवाब सुन मुझे खुद पर रोना आने laga..ek तो ग्रेवयार्ड ऊपर से वो लेट नाईट भेज रही thi...mera सुपरनैचरल फाॅर्स से पहले भी सामना हो चूका tha...jis वजह से मुझे और दर लग रहा था...

मूवी ख़त्म हुई तब मैंने उससे पूछा..


मई : अब जॉन...

लक्समी : हाँ जाओ...

मई : कोई प्रॉब्लम तो नहीं hogi..mera पहले सामना हुआ है भूतो से..

लक्समी; कुछ नहीं होगा...

फिर वो मुझे साथ ले जाने वाला सामान जैसे ब्लड के लिए शीशी कहा रखा बताने लगी...

किचन में से नाइफ ले lena..mere हस्बैंड की बाइक गेराज में है उसे ले jana..laxmi ने लास्ट में कहा...

आखिर में मैंने किचन में से नाइफ ली बड़ी सी और उसे कमर में दाल लिया...

चलता हुआ मई गेराज में aya...bike में कीस लगी थी जिसे लेकर मई निकल गया...

आधे घंटे तक मई रोड पर ग्रेवयार्ड देखता हुआ बाइक भगा रहा था अब ठण्ड से मेरी कंपकपी बांध गयी थी...

20 मिनट और बाइक चलने के बाद मैंने सोंच लिया था अगर अब ग्रेवयार्ड मिला तो ठीक है नहीं मिला तो वापस लौट जाऊंगा...

मैंने नजरे दौड़ाई आगे तो वहां घर दिखे बने जो देख मैंने बाइक वापसी के लिए मोड़ ली...

मुझे दर भी था अगर मैंने उसका काम नहीं किया तो वो मुझे सजा degi..aditi madam..us कामिनी की नजर उन पर पढ़ गयी थी...

ग्रेवयार्ड ऑफ़ मलाड...

एक लाइट की रौशनी में मुझे बोर्ड नजर aya...jiska बड़ा सा दूर खुला था...

चौकीदार था नहीं गेट पर जो देख मैंने बाइक अंदर बढ़ा दी...

ग्रेवयार्ड एक डैम अँधेरे में नहाया हुआ tha...jo देख मैंने बाइक से उतारते hi अपने साथ लायी टोर्च जला ली...

ग्रेवयार्ड देख लग रहा था ये अमीर लोगो का ग्रेवयार्ड hai...ek से बढ़कर एक एक ग्रेव सजी हुई थी...

ग्रेवयार्ड में चलते हुए मुझे सब तरफ से साईं साईं की आवाजे आ रही थी...

मई बार बार सब तरफ देख रहा था...

नई ग्रेव की मिटटी और मुर्दे का ब्लड लाना है...

उसकी बात याद करते हुए मई ग्रेव देख रहा था यहाँ मोस्टली नई और साफ़ सुथरी ग्रेव थी..

एक जगह मुझे बिलकुल तजि नई ग्रेव dikhi...jise बनाया नहीं गया था....

मैंने मिटटी पर हाथ रखा जो नरम थी जिसे मैंने शीशी में दाल लिया...

अब मुझे डेड बॉडी से ब्लड भी चाहिए tha..maine एक नजर ग्रेव को देखा फिर अपने चारो तरफ लाइट मरी...

यह सबसे मुश्किल प्रोसेस था जिसे सोंचकर hi मेरे रुए खड़े हो गए they...marta क्या न करता...

और मैंने एक खोदने वाला छोटा औजार निकला जिससे मई ग्रेव खोदने लगा....

1 ऑवर की म्हणत के बाद मिटटी हटी और अंदर मुझे एक ताबूत दिखाई दिया...

मैंने ढक्कन हटाना चाहा तो वो मुझे किलो से थूका मिला...

मई : क्या मुसीबत hai...maine ढक्कन पर लाते मरी तो लगा ये धारदार किसी चीज़ से खुल jayega...upar आकर मैंने शीशी उठाई और knife...jise लेकर मई ग्रेव में उतर गया...

नाइफ से मैंने कुछ hi देर में ढक्कन फाड़ diya...aur फिर उसे उछल कर मैंने मुर्दे पर टोर्च मरी...

वो किसी लड़की की ग्रेव थी...

मैंने पेअर उठाया और उसमे हल्का सा नाइफ mara...aur शीशी में ब्लड भरने के लिए जैसे hi मैंने शीशी लगायी पेअर के पास की मेरे हाथ से शीशी छूट कर निचे गिर गयी...

आआआआ....

डेड बॉडी में से एक बेहद darawani..cheekh निकली...

दर से मई पीछे हुआ...

मई : आआह्ह्ह... माफ़ कर do...maaf कर do...us लक्समी बे bheja....maine कुछ नहीं किया... प्लीज मुझे मत मरना...

डेडबॉडी बचा हुआ कॉफिन का ढक्कन तोड़ कर बहार आने की कोशिश कर रही thi...jab उससे नहीं टुटा तो वो कमर आगे करके आगे के लिए खिसकने लगी...

दर से मई भाग भी नहीं पा रहा था...

वो बॉडी कॉफिन से निकली और कड़ी होने लगी....

रॉकी: अगर आज नहीं भगा तो कभी नहीं भाग payega...mere मन से आवाज आयी.

मई फुर्ती से utha...aur ग्रेव से निकल कर भागने लगा..

रुकोऊ...

Aaahhhh.water...

धम्मं...

मैंने भागते हुए आवाज सुन पीछे देखा तो वो लड़की की बॉडी ग्रेव के बहार गिर पड़ी थी...


भागता हुआ मई बाइक तक aya...kya वो सच में डेड बॉडी थी.. बाइक पर बैठते हुए मुझे ख्याल आया..

जीन्स me...usne पानी माँगा..

और मेरे दिमाग में झमका हुआ...

वो ज़िंदा लड़की thi...sonchte hi मई बाइक से उतरा और पीछे के लिए भगा...

भागते हुए मई लड़की के पास aya..wo वैसी hi बेसुद्ध पड़ी थी...

मैंने ग्रेव में घुस कर अपनी टोर्च और शीशी नाइफ उठाया और बहार आया..

बहार आकर मैंने लड़की के पेअर को दबाया तो उसमे से ब्लड निकलने laga..jise मई अपनी शीशी में भरने लगा..10 बुँदे भरने तक लड़की ने जब कोई हरकत नहीं की तब मेरा शक यकीन में बदल गया tha...ki ये लड़की कुछ देर पहले तक ज़िंदा थी...

मैंने कसुआलय उसका हाथ पकड़ा उसकी सांसे चल रही thi...maine नक् के पास हाथ किया तब भी मुझे हवा महसूस हुई...

मई जाने के लिए खड़ा हो gaya..ye सोंचते हुए की एम्बुलेंस को बुला दूंगा...

रॉकी क्या कर रहा है इसे ऐसे hi छोड़ कर jayega..sonch ये ज़िंदा दफ़न थी इतनी देर तक घूमने के बाद तुझे यही ग्रेवयार्ड मिला ...शायद तेरा यहाँ आना इसे hi बचाना है...

और मैंने लड़की को उठा liya...ek हाथ से मैंने पकड़ कर उसे पीछे बिठाया और फिर खुद मई बाइक पर बैठ gaya...piche मई उसे कसकर पकड़ा हुआ tha...dekha वो गिर रही hai..to मैंने अपनी जैकेट से उसे और अपने आप को बांध diya...fir मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ...

हॉस्पिटल नजदीक hi tha...aate समय मुझे दिखा था...

हॉस्पिटल की दूरी 15 मिनट की थी मेरी यहाँ एते समय की स्पीड की लेकिन मैंने लड़की की हालत देख 5 मिनट में दूरी तये कर ली...

हॉस्पिटल आते hi मई उसे गोदी में उठाये अंदर के लिए भगा ..

मई : इमरजेंसी... इमरजेंसी...

जल्दी से वार्डबॉय स्ट्रेचर लिए aaye..aur उन्होंने लड़की को उठा कर स्टेचर पर लिटाया....

वार्डबॉय : डॉक्टर साहब पतिकेंट सीरियस है.. वार्ड बॉय ने डॉक्टर को जाते देख कहा...

डॉक्टर; पहले फॉर्म भरो फिर ट्रीटमेंट शुरू होगा...

मई : काट डालूंगा डॉक्टर अगर तूने इलाज नहीं किया...

चाकू निकल कर मैंने डॉक्टर की गर्दन पर रख दिया tha...aur मेरी नजरो के सामने उस लड़की का खूबसूरत चहेरा था...

क्या नहीं था उसके चहेरे में... खूबसूरती इनोसेंट रोअब..

न जाने कैसे मुझे गुस्सा आगया और नाइफ निकल कर मैंने डॉक्टर की गार्डन पर रख दिया था...

मई ; जितने पैसे मांगेगा उतने dunga...agar तेरा फॉर्म भरने की वजह से इसे कुछ हो गया तो तुझे जान से मार दूंगा...

डॉक्टर: लीव में मुझे देखने दो पतिकेंट ko...aur मैंने डॉक्टर को छोर दिया....

जल्दी से डॉक्टर उसे अपने साथ एक वार्ड में ले गया...

जिसके पीछे पीछे नर्स भी चली गयी थी...

मई थका हरा वार्ड के सामने की चेयर पर बैठ गया....

2 घंटे तक नर्स डॉक्टर बार बार अंदर बहार जा रहे थे ...

जब आखिरी नर्स निकली तब मैंने उसे रोका...

मई : नर्स वो लड़की ठीक है अब...

नर्स : हाँ अभी उसके बोतल चढ़ रही hai...nind का इंजेक्शन दिया है सो रही hai...kuch देर में जाग जाएगी..

मई : नर्स फीस कितनी हुई...

नर्स : सुबह दे देना..

मई : मुझे जाना है अभी नर्स...

नर्स : रुकिए मई डॉक्टर से पूछकर बिल बना कर लती हों...

वो चली गयी और मई वेट करने लगा..

कुछ देर बाद वो आयी ..

मई : कितना बिल hua...maine बिना बिल देखे पूछा..

नर्स : 1 लाच 20 हजार...

मई : ऑनलाइन..

नर्स : बहार काउंटर पर चलकर पाय कर दे...

नर्स के साथ मई काउंटर पर आया और पैसे पाय किये...

मेरे अकाउंट में 2 लाच थे अब 80 हजार बचे थे...

चोरी का पैसा अब जाकर सही जगह लगा tha...mujhe किसी अनजान की हेल्प करके बहुत खुसी मिल रही थी...

ऐसी खुसी बार बार पाने के लिए मैंने सोंच लिया tha...badi चोरियां करूँगा और चोरी का आधा माल गरीबो में बाटूंगा...

पाय करके मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया ..बहार मेरी जैकेट निचे पड़ी थी ..जो जल्दी में मैंने फेक दी थी ..

बाइक पर बैठ मई चल दिया लक्समी के घर....
 
गैस episode इस पोस्टेड...

मेगा episode hai....itne दिनों से episode नहीं दिया उम्मीद है जिसकी भरपाई हो जाएगी...

गैस लिखने का मन तभी होता है जब कोई बताने वाला हो की स्टोरी कैसी जा रही है लेकिन साद तो से कोई बता hi नहीं रहा की स्टोरी पसंद आ रही की nahi...agar ऐसा hi चला तो episode लेट आएंगे..

मेरी पिछली स्टोरी को कम्पलीट करने में किसी का हाथ था तो वो देव बीआरओ थे उनकी सिंगल कमेंट सब की कमेंट पर भरी होती थी वरो बताता था की स्टोरी में क्या सही क्या गलत hai...kya हो रहा hai..lekin अब देव वरो शायद फोरम छोड़ गए है...

तो गाइस पसंद ए तो जरूर बताना
 
Episode 9

तेरे नाम


चोरी का पैसा अब जाकर सही जगह लगा tha...mujhe किसी अनजान की हेल्प करके बहुत खुसी मिल रही थी...

ऐसी खुसी बार बार पाने के लिए मैंने सोंच लिया tha...badi चोरियां करूँगा और चोरी का आधा माल गरीबो में बाटूंगा...

पाय करके मई हॉस्पिटल से निकल कर बहार आया ..बहार मेरी जैकेट निचे पड़ी थी ..जो जल्दी में मैंने फेक दी थी ..

बाइक पर बैठ मई चल दिया लक्समी के घर....

नेक्स्ट कंटिन्यू....

मई लक्समी के घर आया तब गेट अपने आप खुल गया...

मैंने इधर उधर देखा कोई नहीं था...

मई : कैसा हॉरर बांग्ला hai...apne आप से बातें करता हुआ मई अंदर aya...fir चलते हुए लक्समी के रूम में .

वो अंदर लेती सो रही थी...

मई : malkin...mai आगया...

मेरी आवाज पर वो कसमसाई फिर आंखे मसलने लगी..

मई पूछना चाहता था जिन्दा इंसान का ब्लड दे दिया तो कोई प्रॉब्लम तो नहीं hogi..lekin मैंने पूछा नहीं वजह थी मुझे फिर इतनी सर्दी में किसी नयी ग्रेव को खोलना hoga...ab जो था मुझे वही देना था...

ले ए ब्लड और mitti..laxmi ने आंखे मसलते हुए पूछा...

मई : हां मालकिन...

लक्समी : सामने रख दो...

मई : ठीक है मई जा रहा hon...mai डेस्क पर दोनों सीसियां रखते हुए बोलै...

लक्समी : कहा जाओगे इतनी रात में मेरे पास hi सो जाओ..

मई : मुझे काम hai...maine देखद ऑटो चल रहे है..

लक्समी : सुबह 10 बजे यहाँ मिलना fir...agar नहीं आये तो इस बार माफ़ नहीं करुँगी...

मई : मई आजाऊंगा मालकिन...

लक्समी : ठीक है...

उसका जबाब सुन कर मई आगे बढ़ गया...

रोड पर आकर मई ऑटो देखने लगा..

20 मिनट्स के इंतजार के बाद मुझे ऑटो मिला...

मई : अँधेरी बस्ती के पास .

ऑटो वाला : 400 रुपए लगेंगे...

मई : अबे दिन में तो 50 लेते हो...

ऑटो वाला : जाना है की nahi...puri अँधेरी घूम कर जाना पड़ता है बस्ती me...bilkul एन्ड में है बस्ती..

मई: चल bhai...tu भी कमा ले... मैंने ऑटो में बैठते हुए कहा..

30 मिनट्स बाद मई बस्ती के बहार था..

ऑटो से उतर कर मैंने पैसे पाय किये और चलता हुआ बस्ती में आया...

अपने रूम पर जाने लगा की मई रुक गया...

ठीक है तुम अबसे वहां सोगे सबके साथ ऊपर नहीं...

और मैंने अपने कदम मोड़ लिए...

चलता हुआ मई बड़े वाले हॉल में आया जहाँ मजदूर लोग सो रहे थे...

मैंने ओढ़ने के लिए ब्लैंकेट देखा तो कोई ब्लैंकेट नहीं tha...jinke पास था वो भी ठण्ड से कल्प रहे थे...

चुप चाप निकल कर मई पेड़ के निचे बने स्लिप पर बैठ गया..

ठण्ड से मेरा बुरा हाल हो रहा tha...mere दन्त बुरी तरह बज रहे they...man हो रहा था ऊपर जाने का लेकिन न जाने क्यों मेरे कदम ऊपर की तरफ नहीं बढ़ रहे थे...

खुद को समेत कर मैंने आंखे बंद कर li...nind की वजह se...lekin ऐसे नींद भी नहीं आ रही थी...

शॉप्स साडी बंद हो गयी थी आग जलने के लिए माचिस भी नहीं थी...

मई : aaahh...k..ky...kya करूँ आआअह्ह्ह... ufff...aaahhh माआआआ...

जब ठण्ड बर्दास्त के बहार हो गयी तब मई उठा और सो रहे मजदूरों के पास आया...

मई : ोये भाई माचिस है क्या..

जब जबाब नहीं मिला मई खुद उनके सिरहाने ढूंढ़ने लगा...

एक जगह मुझे बीड़ी dikhi...aur मैंने आदमी को साइड में क्या..


अरे भाई सोने दे na...usne नींद में बुदबुदाते हुए कहा..

मई : कुछ नहीं चाचा बस माचिस लेनी है...

उसने जेब में हाथ डाला और माचिस पीछे कर दी...

मई : माचिस भी कितनी संभल कर रखते है...

माचिस लेकर मई रसोई में आया जहाँ मुझे लकड़ियां और तेल मिल gaya...jise लेकर मई चलता हुआ उसी पेड़ के पास आया और मैंने आग लगा di...jo तेल की वजह से आसानी से लग गयी...

आग ने जैसे मेरी जान में जान दाल di...kuch देर तपने के बाद मई पास में hi सीमेंट के चबूतरे से तक लगा कर लेट gaya...na जाने कब मेरी आँख लग गयी...

*****************************

पुलिस स्टेशन अँधेरी.

एक नेता की कार कई गाड़िओ के साथ पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई..

वो कार से उतरा और उसके साथ और लोग जिन्हे देख कर हवलदार सलूट करने लगे...

जैसे जैसे वो अंदर बढ़ रहा था हवलदार उसे देख कर सलूट करते जाते...

कैसे है विधायक sir...itne में एक सप ने उसे देख पूछा...

विधायक : दसप साब कहा है..


सप: दसप साब नहीं दसप साहिबा... अंदर hai..samne वाले केबिन me..thodi कड़क है तो संभल कर..

सप की बात सुनता हुआ नेता अपने लोगो के साथ चलता हुआ आद्या के केबिन में आया..

आद्या कंप्यूटर पर कुछ देख रही चेयर पर बैठे...

नेता जाते hi आद्या के सामने चेयर पर बैठ गया .

आद्या ने माउस का बटन दबाया और नेता को देखने लगी..

आद्या : कैसे आना hua..aur कोण हो आप.

ये बलराम विधायक है यहाँ ke..itne में नेता का एक आदमी आगे अत हुआ बोलै

आद्या : कहिये किस लिए आना हुआ

विधायक : कल रत मेरे घर पर चोरी हुई वो भी 10 करोड़ की...

आद्या : चोरी इतनी बड़ी ..पूरी डिटेल दें..

मई हूँ रुक्मणि इनकी धरम patni..rukmani नेता की तरफ इशारा करते हुए boli....usne mujhe...aur रुक्मणि ने सब बता दिया .

आद्या : तुम्हे और कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाया..

रुक्मणि : nahi...mai भाग निकली thi...wo कमीना मेरी इज्जत लूटना चाहता था..

आद्या : उसका चहेरा देखा .

रुक्मणि : nahi...lekin उसकी आवाज सुनी है काम आगे का लड़का hai..mithi सी आवाज है उसकी पहले उसने भरी आवाज निकली बाद में अपने असली आवाज में बोलै...

आद्या : हिघ्त वगैरा..

रुकमणी : 6f.t से ज्यादा लंबूकड़ा था..

अध्य : मेरे पास आईये...

रुक्मणि चलते हुए अध्य के पास आयी तो अध्य ने वीडियो शुरू से प्ले कर दी .

आद्या : क्या वो ऐसा दीखता है .ड्रेस मास्क देख कर बताये..

रुक्मणि : हां हां उसने यही कपडे पहने थे शरीर की बनावट भी ऐसी hi thi...lekin वो अकेला tha..rukmani ने आखिर में कहा..

इतने में नेता उठा और वीडियो देखने लगा..

आद्या : अपनी जगह पर बैठो..

नेता: शुरू से दिखाओ..

आद्या : अपनी जगह पर baitho..mai बताती हूँ.

आद्या : ये गेट नंबर 8 के पास की कॉलोनी की कक्तव फुटेज है जो मुझे कुछ देर पहले mili...isi घर में चोरी की gayi...lekin इसमें 2 चोर है आप बता रही हो आपके घर जो आया वो अकेला था..

रुक्मणि : दूसरे वाले का मास्क शामे था..

आद्या : दोनों ने एक से मास्क पहने hai...acha ये बताये चोर ने हाथो में ग्लव्स पहने थे...

रुक्मणि : हां एक हाथ में था एक में नहीं .

आद्या : ठीक है मई फॉरेंसिक टीम को आपके घर भेजती हूँ देखते है कुछ मिल जाये..

बलराम : क्या तुम पकड़ लोगी उसे..

आद्या : हां हम उसे जल्द पकड़ लेंगे...

नेता : वो वीडियो मुझे व्हाट्सप्प कर दो ..ऐ तू वीडियो लेकर aa.neta ने अपने आदमी से कहा और खुद जाने के लिए मुद गया...

आद्या : बैठो करती हूँ व्हाट्सप्प..

कहकर आद्या कक्तव फुटेज बार बार स्लो मोशन में देखने लगी..

कुछ न मिलने पर इर्रिटेट होकर कॉल मिला देती है..

आद्या : सप खान मेरे केबिन में आओ..

कहकर आद्या ने फ़ोन रख दिया..

मैडम कक्तव फुटेज व्हाट्सप्प कर दो.

नेता के आदमी ने कहा.


आद्या : क्या ढूंढेगा चोर को..

आद्या के पूछने पर गुंडे ने सर हिला दिया..

आद्या : अगर हमसे पहले ढूंढ लिया तो तू मुझे बताएगा चोर के बारे में अगर नहीं बताया उसकी बॉडी मिली तो इलज़ाम तुझ पर दाल दूंगी और तू फांसी के फंदे पर चल अपना व्हाट्सप्प बोल..

नंबर बोलने आद्या ने उसे कक्तव फुटेज फॉरवर्ड कर दी.

जी मैडम bulaya..itne में सप ने आकर पूछा...

आद्या : इसके साथ जाओ फॉरेंसिक टीम को लेकर घर में देखो कही कोई फिंगरप्रिंट मिल जाये चोर का .f.i.r हवलदार से लेकर पढ़ लेना...

ठीक है मैडम .कहता हुआ सप चला gaya..neta के आदमी के साथ..

********************************

कल का दिन...

ये तू कहा जा रही आते समय तो ये रास्ता नहीं था घर का.. कॉलेज से क्लासेज ख़त्म होने के बाद लावण्या और अहाना रोड पर कार से कही जा रही thi...ahana के रॉंग टर्न लेने पर लावण्या ने पूछा..

अहाना : पुलिस स्टेशन..

लावण्या : वो किस लिए...

अहाना: क्या मतलब किस liye...subah हमारी रैगिंग की आरवी और उसकी फ्रेंड्स ने..

लावण्या : तू पागल हो गयी hai...car rok..I साइड स्टॉप प्लीज..

लव के फाॅर्स करने पर अहाना ने कार रोकी वो भी पुलिस स्टेशन के सामने..

अहाना : चल आ मेरे साथ गवाही dene..ahana कार से निकलते हुए बोली..

लावण्या: listen...tujhe लगता है कम्प्लेन से कुछ होगा.. कॉलेज की प्रोब्लेम्स कॉलेज में hi सोल्वे करनी होगी ...तूने सुना नहीं हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट ने क्या कहा आरवी की मदर 80 परसेंट डोनेशन देती है..

अहाना : तू तो ऐसा कहेगी hi तुझे स्कालरशिप जो मिली है.. हरसिंग मेरे साथ की उन लोगो ने..

लावण्या: बात स्कालरशिप की नहीं है वो अमीर घरो से hai..tune देखा आरवी के बोडीगार्ड्स को बहार अभी वो कितनी साडी कार्स thi..tujhe लगता है कोई पोलिसवाले उनके अगेंस्ट कोई एक्शन लेगा..

अहाना : एटलीस्ट तरय तो करना चाहिए...

क्या हुआ गर्ल्स क्यों परेशां ho....itne में कार में बैठी पिज़्ज़ा खा रही एक लड़की ने दोनों से पूछा..

अहाना : मम.. ham..wo पुलिस स्टेशन कंप्लेंट करने hi जा रहे थे .कार पर पुलिस लिखा देख अहाना हिचकिचाती हुई boli..lekin अंदर बैठी लड़की सिविल ड्रेस में थी..

मई भी पुलिस वाली hi hon..dsp Aadhya..chalo aao..aadhya कार से निकल बहार आते हुए बोली..

अहाना : क्या आप एक्शन लेंगी..

आद्या : ये भी कोई पूछने की बात hai...let's के ...

दोनों को लिए आद्या कमिश्नर ऑफिस आयी ये उसका पुलिस स्टेशन नहीं tha..wo यहाँ किसी काम से आयी थी..

दोनों को लिए आद्या अंदर आयी जहाँ बहुत से पोलिसवाले उसे देख सलूट कर रहे थे..

आद्या : हवलदार f.i.r की कॉपी लेकर मेरे पीछे पीछे आओ ..

चलते हुए आद्या दोनों के साथ एक रूम में आयी जहाँ सोफे पड़े थे..

आद्या : बैठो गर्ल्स..

दोनों एक दूसरे से चिपट कर बैठ गयी ...तब आद्या ने पूछा..

आद्या: अब बताओ क्या बात है ..

अहाना: हम दोनों शिमला से यहाँ एजुकेशन के लिए आये लेकिन पहले hi दिन कॉलेज me.....fir अहाना बताने लगी ...

अहाना : वो ऑलमोस्ट मेरा रपे कर चुके hote...phir उनोहने मुझे कॉलेज की पार्किंग में हाफ नुदे किया मेरे कपडे फाड़ दिए..

कहते हुए अहाना ने लव का दिया कोर्ट उतर diya...fir अपने पर्स में से टूटे हुक की ब्रा दिखने लगी..

आद्या : ी प्रॉमिस I'll पुनीश थम ..तुम बताओ तुम्हारे साथ क्या hua..girl नाउ यू कैन वियर योर cort..lav से पूछते हुए आद्या ने अहाना से कहा..

अहाना : नाउ I'm फाइन..

इतने में आद्या ने हवलदार की तरफ इशारा किया जो अहाना का नंगा पेट hi देख रहा था...

अहाना: ओह्ह सहित मुझे तो इसका ख्याल hi नहीं tha...aur वो जल्दी से कोर्ट पहन लेती है...

आद्या : अपनी जगह किसी लेडीज हवलदार को भेजो..

आद्या के कहने पर हवलदार चला जाता है...

आद्या : कुछ लोगी गर्ल्स..

अहाना : no थैंक्स मम ... स्टेटमेंट दो na..aadhya से कहकर अहाना लव के कोहनी मरते हुए बोली.

इतने में हवलदार आयी आद्या ने ऊँगली से उसे f.i.r लिखने का इशारा किया..

लावण्या ने एक नजर अहाना को देखा फिर स्टेटमेंट दे दी अपनी...

लावण्या: वो आपस में बातें कर रही थी ये मेरी हुई ये वाली मेरी जैसे हम कोई तोय हो उनके लिए..

आद्या : मई जिस कॉलेज में पार्टी थी वहां रैगिंग अल्लोवेद नहीं thi..well तुम नाम बताओ उन स्टूडेंट्स के..

अहाना : नैना जिया आकाश और आरवी जो उनकी लीडर भी है...

आद्या : आरवी पूरा नाम बताओ..

अहाना : पूरा नाम नहीं pata...bas इतना पता है ये काफी रिच hai...aarvi के बोडीगार्ड्स बहुत ज्यादा थे ..

आरवी ...चौंकते हुए आद्या दोनों को देखने लगी..

आद्या : गर्ल्स आप दोनों मेरा यही वेट करो मई बस अभी आयी...

रूम से निकल कर आद्या चलते हुए ऑडोटोरियम में आयी जहाँ अँधेरे में किसी ख़ुफ़िया केस से रिलेटेड बात चल रही थी...

इतनी लेट आद्या sit...dilip आद्या को देखते hi बोलै..

आद्या : सर मुझे पर्सनली बात करनी है aapse...abhi...

दिलीप : बोलो...

आद्या: अकेले में...

दिलीप : कह दो यहाँ सब हमारी hi टीम के लोग है..

आद्या ने एक गहरी साँस ली फिर कहना शुरू किया: सर 2 कॉलेज स्टूडेंट्स आयी है मैडम सान्वी की सबसे छोटी बेटी आरवी के खिलाफ रैगिंग की रिपोर्ट लिखवाने ...

मैडम अपने कन्फर्म किया है वो आरवी वही है सान्वी की beti..gaitonde अपनी चेयर से उठकर पूछते हुए बोलै..

आद्या : नहीं बूत I'm सूरे वो दोनों उसी आरवी की बात कर रही है..

दिलीप : आद्या पहले तो तुम्हे कन्फर्म करना चाहिए था ...दूसरी बात ये की अगर वो लड़कियां आरवी के खिलाफ कम्प्लेन करेगी तो तुम्हे लगता है कोई एक्शन ले payega...le भी लिया तो 10 मिनट्स में वो छूट जाएगी उसके बाद पता है क्या hoga...uske लोग पहले उसकी बेटी को अरेस्ट करने वाले को मरेंगे फिर कमिश्नर ऑफिस को आग लगा देंगे....

आद्या : फिर हम इतनी म्हणत क्यों कर रहे है सान्वी पर sir...kya पुलिस डिपार्टमेंट की कोई वैल्यू नहीं...

दिलीप : बात साबुत की है आद्या और सामने दुश्मन है पावरफुल ऐसे hi उस पर हाथ डाला तो होने वाले परिणाम के बारे में सोंचना होगा ...प्रूफ हुए तो गोवेर्मेंट भी हमारा साथ देगी...

गाईतोंडे : हाहाहा मैडम आपके बस की बात नहीं पुलिस डिपार्टमेंट में काम करना आप कोई और जॉब ढूंढे ..आपने जो हमारी मीटिंग पहले तो अटेंड नहीं की और अब आयी हो तो बिना सूरे हुए माफिया की बात करने मतलब अभी आपको पता नहीं वो लड़किया उसी आरवी की बात कर रही की किसी और की ..

.गाईतोंडे को आद्या ने घुर्र कर देखा उसे अपना मजाक उडाता दिख रहा था गाईतोंडे लेकिन आद्या ने उसे कुछ कहा नहीं ...

आद्या : मई जाकर कन्फर्म करती हों अगर माफिया आरवी की बात करती हुई तो मई खुद अपने आप से काम करुँगी .

दिलीप ने आँखों से हामी भरी तो आद्या जाने के लिए मुद गयी ..

चलते हुए आद्या ऑफिस में आयी..

आद्या : खान मुझे रेड फाइल लेकर दो लाकर रूम में hogi...hurry उप...

.आद्या के कहने पर दरोगा जल्दी से उठा और लाकर रूम की तरफ भगा...

फाइल निकल कर वो आद्या के पास लेकर आया ..

आद्या : पकड़ कर खोले इसे .जब दरोगा फाइल देने लगा तब आद्या ने कहा..

आद्या : पेज पलटो....

और दरोगा पेज पलटने लगा .

आद्या : बस ..और आद्या फ़ोन निकल कर फाइल में दिख रही लड़की की फोटो लेने लगती hai...jise लेकर वो चलते हुए उसी रूम में आती है जहाँ दोनों लड़कियां बैठी उसका इंतज़ार कर रही थी...

आद्या : रमन तीन छाए लेकर आओ जल्दी...

और आद्या दोनों सामने आकर बैठ गयी...

आद्या : इस बार सर्दी कुछ ज्यादा hi hai..sorry फॉर वेट ..

दोनों ने हामी भरली..

अहाना : it's okay mam...bas आप उनके अगेंस्ट एक्शन ले लेना..

आद्या : इस फोटो को देखो क्या यही आरवी है ..आद्या फ़ोन दोनों की तरफ करते हुए बोली...


images


अहाना : हाँ मैडम यही है .

आद्या : ओह्ह yeah...gaitonde की बातो को याद करके आद्या को अपनी जीत का अहसास हुआ ..

लावण्या : क्या हुआ मैडम ..

आद्या : कुछ nahi...now करेफुल्ली लिसेन girls..ye बहुत पावरफुल है इसे ऐसे hi अरेस्ट नहीं कर sakte..tum चाहती हो इसे अरेस्ट करना तो मुझे प्रूफ चाहिए...

अहाना: कैसे प्रूफ..

आद्या : ये इसकी फॅमिली वाले क्या करते है उनका रियल बिसनेस क्या है ेट्स. कुछ खबरे मैंने सुनी है इनकी ये लड़की इसकी फैमिली के लोग गैर क़ानूनी काम करते hai..iske साबुत मिलेंगे तब जाकर इसके अगेंस्ट एक्शन ले पाऊँगी..

आद्या की बात सुनकर दोनों एक दूसरे का मुँह देखने लगी..

लावण्या : हमें अब चलना चाहिए अहाना..

अहाना : सही कह रही हो..

आद्या : I'm सॉरी सिर्फ रैगिंग के केस पर मई कोई एक्शन नहीं ले sakti...tum मेरी हेल्प करोगी तभी मई तुम्हारी कर पाऊँगी

लावण्या : आप हमें आरवी की सपयिन्ग करने के लिए कह रही है..

आद्या : हम्म्म ऐसा कुछ ...तुम्हे 2 और 4 साल उन्ही के साथ रहना hai...wo किसी भी हद तक जा सकती है.

अहाना : हम सोंच कर बतायेगे ...

आद्या : ठीक है तुम दोनों अपना नंबर दे do.aur मेरा सेव कर लो..

आद्या के कहने पर दोनों बारी बारी से नंबर देने lagi...wahi आद्या ने दोनों को मिसकॉल कर दी...

नंबर देते hi दोनों रूम से निकल gayi....room के पास खड़ा गाईतोंडे दोनों को जाता देख रहा था...

पुलिस स्टेशन से दोनों सीधा घर आयी...

नैंसी : स्वीटहार्ट यू बोथ अरे लेट ..वेल समझ सकती हों फर्स्ट डे hai...koi गाए पसंद आया..

अहाना : ऐसी कोई बात नहीं है आंटी बस ट्रैफिक में फास गए थे..

नैंसी : नथिंग रॉंग हनी यू कैन दो व्हाटएवर यू want...chalo फ्रेश हो लो मई खाना लगवाती हों...

दोनों ने हामी भरी और ऊपर फ्रेश होने चल दी...

वही नैंसी ने माइड को आवाज देकर खाना लगवाने लगी..

दोनों मुँह हाथ धो कर निचे आयी और खाने बैठ गयी..

लावण्या : आप नहीं खायेगी हमारे साथ..

नैंसी : नहीं बचा मैंने दोपहर में hi खा लिया tha...ahana बताओ डिनर में क्या खाओगी ...माइड बना कर चली जाएगी..

अहाना : कुछ भी बनवा लो...

नैंसी : फिर आज मुंबई की फवौरीते डिश बनवाती हों भाजी ..एंड नॉनवेज नूडल्स..

अहाना : मुझे पसंद है..

खा कर दोनों ऊपर आयी आते hi बीएड पर लेट gayi...lav को पीछे से अहाना ने हुग कर लिया...

अहाना : यार थक गयी हों पेअर दबा दे..

टिंग ting...itne में लव का फ़ोन बजने laga....jise उसने बैग से निकल रिसीव करते हुए कानो से लगा लिया..

लावण्या : hello अरसद ..

ये मई hon...udhar से लव को अपनी माँ की आवाज आयी...

लावण्या : मा कैसी हो तुम ..

ऋचा : तूने रॉकी को ढूंढा ..

लावण्या : माँ रहने का बंदोबस्त कर रही थी... अहाना के साथ शिफ्ट हो गयी hon...ab ढूंढूंगी...

ऋचा : उसमे बहुत गुस्सा है अरसद बीटा ने उसे बहुत कहा अपनी माँ से बात करने के लिए लेकिन उसने नहीं की...


लावण्या : सब मेरी वजह से माँ ...मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी maa...aisa लगता है जैसे वो भूल गया है हमें...

ऋचा : नहीं उसने आज 5 लाच फिर भेजे .

लावण्या : क्या माँ इतनी जल्दी इतना पैसा आ कहा से रहा उसके पास ..

ऋचा : वो भुला नहीं बस नाराज है...

लावण्या : माँ मुझसे ये बोझ और नहीं उठाया जाता माफ़ कर दे न... प्लीज maa...mai तो तेरी सगी बेटी हों...

ऋचा : बस कर लावण्या तुझे क्या लगता है मैंने रॉकी को सौतेला समझ कर pala...maine तो कभी फर्क hi नहीं kiya...jab वो आया था 5 साल 6 महीने का tha..itna pyara...wo रो रहा था अपनी माँ
के पास जाने के लिए और फिर मेरी बाँहों में सो gaya...aur जब तुझसे मिला तो सब भूल gaya...tune अपने आप को बचने के लिए मुझसे मेरा बीटा चीन लिया..

लावण्या : हां माँ मई क्या करूँ...

ऋचा : मेरी गलती थी कितने hi लोग आये तेरे लिए रिश्ता लेकर और तेरी पड़े की ज़िद्द के आगे मई तेरे हाथ पिले न कर saki...agar कर देती तो आज ये दिन न देखना hota...aur लव को उधर से सुबकने की आवाज आयी ..

लावण्या : माँ सब मैंने किया है सही भी मई hi करुँगी बस तू माफ़ कर दे ऐसे मई कुछ नहीं कर paungi...maa..kar दे प्लीज...

ऋचा : पहली गलती तो सभी माफ़ कर देते hai..dekh मेरी बची आगे से ऐसा कुछ मत करना..

लावण्या : तूने माफ़ किया माँ..

ऋचा : और मई भी क्या करुँगी कब तक ऐसे rahungi...acha बता तेरे पास पैसे है..

लावण्या : हां माँ मई कर लुंगी .

ऋचा : तू ये करने वाली बातें क्यों करती है बता क्या बात है...

लावण्या : सरे पैसे माँ एडमिशन में लग गए...

ऋचा : चल मुझे तू अपना पेटम कर मई तुझे पैसे भिजवा देती हों अरसद बेटे se...wo अभी पास में hi hai...aur इन पैसो को खर्च कर अपने भाई को ढूंढ..

लावण्या : ठीक है माँ मई भेजती हों अहाना का पेटम ..ठीक है माँ अपना ख्याल रखना..

कॉल कट करके लव अहाना का स्कैनर भेज देती hai...jo उसके फ़ोन में सेव था..

कुछ देर बाद अहाना के फ़ोन पर मैसेज आता है...

अहाना : ये माँ भी न इतने सरे पैसे भेज दिए जबकि 40 लैस अभी भी मेरे अकाउंट me...ahana ने एक आँख खोल कर मैसेज पड़ते हुए कहा की लव बिच में बोल पड़ी..

लावण्या: ये माँ ने भेजे..

अहाना : ohh...itne पैसे कैसे..

लावण्या : रॉकी ने भेजे...

अहाना : यार इसके पास इतने पैसे कहा से आ रहे है...

लावण्या : उसे ढूंढूंगी तब पता chalega..samajh नहीं आ रही कैसे कहा इतने बड़े शहर में ढूढूँगी..

अहाना : न्यूज़ पेपर ने ऐड दे..

लावण्या : वो भाग जायेगा यहाँ से bhi..nahi तो कुछ उल्टा सीधा कर baithega...tu नहीं जानती उसे..

अहाना : जानती hon..usne कहा tha...kutte का झूठा खा लूंगा इंसान का nahi...uski बातें मेरे दिमाग में चलती है..

लावण्या : तू कही पसंद तो नहीं करने लगी .

अहाना : नौपे अब तो भूल गयी हों ..

लावण्या : good..acha बता तू वाशरूम से निकली कैसे ...जब वो तुझे ह्रास कर रहे थे...

अहाना : वो तो मैंने तुझे बताया hi नहीं ..वहां एक स्टूडेंट आगया था saham...ek डैम डैशिंग और उसने मुझे bachaya..yaar उसे थैंक्स भी न कह सकीय..

लावण्या : अच्छा कल कह dena..vaise तू क्या करेगी अब..

अहाना : मतलब..

लावण्या : आरवी एंड उसके ग्रुप की सपयिन्ग...

अहाना : मई नहीं हम करेंगे आद्या मम ने सही कहा था हमें यहाँ 4 साल रहना hai..imagine अगर ऐसे hi वो रैगिंग करती रही तो हमारे पास सुसाइड के सिवा कोई रास्ता नहीं rahega..google करके देख रैगिंग से तंग आकर कितने hi स्टूडेंट ने सुसाइड किया..

लावण्या : no मई इस सब में नहीं पर्ने wali..wo पावरफुल लोग है उनसे दूर hi रहूंगी परेशां करेंगे तो माफ़ी मांग lungi...pair पर्ने पड़े तो पर lungi..lekin ये नहीं...

अहाना : क्या कह रही है यार तेरे बिना मई कैसे करुँगी...

लावण्या : तो मत कर ना..

अहाना : रॉकी की बहन होकर तू ये सब बर्दास्त करेगी..

लावण्या : शट up...mai तैश में नहीं आने wali..vaise भी वो अब मुझे बहन नहीं समझता..

अहाना : तो मत ढूंढ उसे..

लावण्या : क्या कह रही है यार .

अहाना : जब तेरा भाई नहीं है तो मत ढूंढ उसे...

लावण्या : अब ऐसा भी नहीं hai..wo न समझे लेकिन मई तो समझती हों..

अहाना : चल डील करते है ..मई तेरी हेल्प करुँगी रॉकी को तलाश करने में और अगर उन्होंने कल फिर रैगिंग की तब हम प्लान बना कर उनकी सपयिन्ग karenge..done..

लावण्या: done..agar कल उन्होंने कुछ नहीं किया तो भूल जाना...

अहाना : that's माय गर्ल ..और अहाना लव को पकड़ कर अपने पास लिटा लेती है जो बैठी हुई थी...

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Hey..rock ji...suno...utho ये सोने की जगह नहीं है...

किसी की कानो में रास घोलने वाली आवाज से मेरी आंखे खुली और आंखे मसलते हुए मई utha...uthte hi सर्दी के अहसास से मेरी कपकपी बांध गयी...

बस्ती के कई लोग मेरे सामने खड़े मुझ पर है रहे they..jis कुटिया को मैंने दूध पिलाया था वो मेरे पास लेती थी उसका सर मेरे पेट पर था...

दीदी आप यहाँ आ गयी देखो न पापा रात से नहीं आये ..इतने में मुझे रिशु की आवाज aayi...jo चलते हुए यहाँ आकर अदिति जी पर गुस्सा कर रही थी...

अदिति : यहाँ भीड़ लगी देखि तो मई आ गयी देखने और रॉक जी यही सो रहे थे..

रिशु: इससे हमारा क्या लेना देना..

अदिति : तुम चलो मई आ रही hon..aditi जी की बात सुनकर वो वापस जाने के लिए मुद gayi..gussa उसके मुँह पर साफ़ देखा जा सकता था...

मई : अदिति जी.

अदिति : तुम यहाँ इतनी सर्दी में क्यों सो रहे हो..

मई : अपने hi तो कहा था ऊपर नहीं सोना...

अदिति : मैंने वहां सोने के लिए कहा था यहाँ nahi..wo उस हॉल की तरफ ऊँगली दिखते हुए बोली जहाँ अब भी एक दो मजदूर सो रहे थे..

मई : मुझे स्मेल आती है...


सोने के लिए इस फटीचर के पास कुछ नहीं खाने के लाले पड़े है और बातें देखो इसकी जैसे किसी रिच फॅमिली से हो जो इसे गरीबो के पास सोने से बदबू आती hai...itne में रिशु फिर आ गयी..

रिशु: वो डैडी का मैसेज आया वो 5 मिनट्स में आ रहे hai..yahi बताने आयी thi...aditi जी के गुस्से में देखने पर उसने आगे कहा और फिर पेअर पटकती हुई जाने लगी...

अदिति : आप सब भी जाओ...

जी देवी ji...aur सभी लोग उसकी एक hi आवाज में मेरे सामने से गायब हो गए..

मई : तुम भी उठ जाओ प्यारी .कुटिया को उठाते हुए मई खुद भी खड़ा हो गया..

अदिति : तुम्हे स्मेल से प्रॉब्लम है तो सो जाना अपने रूम पर .

मई : जी अदिति जी...

और मई कुछ आगे कहे बिना आगे बढ़ गया...

पास की शॉप से मैंने 2 पैकेट दूध लिए फिर कुछ नमकीन बिस्कुट लेकर मई चल दिया..

मई रूम पर आया तो मुझे मेरे रूम का गेट बंद करते हुए सेठ दिखा....

मई आगे बढ़ा जाने के लिए तो कुछ कहे बिना वो मेरी साइड से निकल गया...

मई अंदर आया और गेट की आवाज सुन डिप्टी ने आंखे खोली...

मई : अभी तक सो रही ho...vaise ये सेठ क्यों आया था...

डिप्टी : बस ऐसे hi....

मई : छाए बना जल्दी se..mai दूध टेबल पर रखता हुआ बोलै..

वो उठी तब मैंने देखा उसे वो नंगी थी puri...uske बूब्स पर दांतो के ताजे निशान थे...

पल भर में मेरा दिल बैठ गया...

मैंने बिस्तर को देखा वहां कई सिमटे पड़े थे..

डिप्टी : तुम ऐसे तो मेरे हाथो की छाए पियोगे nahi...ruko नाहा लेती हों...

उसने एक कपडा बंधा और उसे लेकर रूम के साथ आत्ताच वाशरूम में घुस गयी...

कुछ देर बाद वो नाहा कर aayi...usne छाए बनानी राखी और खुद कपडे पहनने लगी...

डिप्टी : क्या हुआ इतने चुप क्यों हो...

मैंने बोलना चाहा लेकिन मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं था ...मई बस उसे घुर्र रहा था..

मई : मई ..mai...paise देकर तुझे यहाँ laya..tu मेरे hi बिस्तर पर ...tu..tune ऐसा क्यों किया...

डिप्टी : अच्छा वो सेठ. मेरा पहले का कस्टमर tha...free में लेकर चला गया kanjoos...vaise तू इतना उदास क्यों हो रहा है मई तेरी लगती कोण हों...

मई : मैंने तुम्हारे साथ जीने के ख्वाब देखे थे रॉकी लेकिन तुमने मुझे अंदर से hi मार दिया..

डिप्टी : तो तूने वो नोट पारा था...

मई : समझ hi नहीं आता औरत को आखिर चाहिए क्या...

मेरी झुँझलात देख वो मंद मंद मुस्कुराने लगी...


डिप्टी : तुझे पता है मई कोठे पर कैसे aayi...wo मेरा बर्थडे का दिन था मई 12तह पास आउट हुई थी 80 परसेंट मार्क्स से.. बर्थडे वाले दिन से पहले मई मार्किट से 10 इंच बड़ा डिलडो लायी थी और मॉर्निंग में मई उससे अपनी छूट सेहला रही थी उसे अंदर लेने वाली थी की मेरी फॅमिली आ गयी बर्थडे सांग गाते hue...unhone ब्लैंकेट हटाया मुझे सरप्राइज देने के लिए लेकिन सरप्राइज उन्हें hi मिल gaya...mere भाई डैड सब थे.. उन्होंने मुझे मरना चाहा लेकिन वो मर नहीं paye..thak कर उन्होंने मेरा बैग कुछ पैसे मुझे दे diye...ye कहकर की मई उनके लिए मर गयी hon...unhone मुझे घर से निकल diya..aur घूमते घूमते मई गायत्री से mili...uske बाद तुमसे...

मई : मुझे तेरी बकवास कहानी नहीं सुन नई..

डिप्टी : तुम समझते क्यों नहीं यही मेरी ज़िन्दगी है जिसे मैंने chuna...mai अगर तुमसे शादी भी कर लेती तब भी मई अपनी प्यास बुझाने के लिए नए मर्दो के पास jati..mai मजबूर हों अपनी आदतों से

..वो तो तुमने मेरा सच जान लिया और मुझे छोर diya...shayad तुम्हारा प्यार मुझे बदल भी देता लेकिन तुमने फिर मुझे अपना असल चहेरा दिखा दिया...

मई : वह रंडी लोग तेरे साथ सोये तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं लेकिन जो तुझ से प्यार करे वो सोये तब तुझे प्रॉब्लम है...

डिप्टी : किसी ने मुझे मारा नहीं सिवाए तुम्हारे...

मई : साली किस मिटटी की बानी है tu...mera मरना भी प्यार hi tha...kash तू samajhti...tujhe मरने के बाद भी तुझसे दूर गया था मई ..बता ..तेरा प्यार तो न जाने कब का ख़त्म हो गया मेरे दिल se...shayad कभी था hi nahi..tujhme मुझे मेरी बहन दिखती थी बस वही लगाव हो गया था ...जानती है मेरा मन क्या कर रहा है बस्ती के मजदूरों के साथ तेरी लोन लेकिन nahi...ab ऐसा नहीं hoga..mai तुझे हाथ नहीं लगाने वाला...

डिप्टी : तुम्हारे 10 लाख चले jayenge...vaise तुम्हे पैसो के जाने का ग़म नहीं होगा 1 चोरी करोगे और फिर पैसा hi पैसा...

उसकी बात सुन मई उसे घूरने laga...muskurate हुए वो उठी और उसने बीएड के निचे से पैसो का बैग निकल कर मुझे दिखाया...

मई : मई चोर नहीं हों ये मेरे बिसनेस का पैसा है..

हर चोर पकड़ने जाने के बाद चोरी से इंकार करता है वैसे hi मई कर रहा tha...wahi मेरी बात सुनकर वो फिर मुस्कुराने लगी...

डिप्टी :घबराओ मत किसी से नहीं kahungi...chalo मुँह हाथ धो लो तुम्हे छाए देती हों ..

मैंने मुँह धोया और टॉवल से पोछने अंदर आया ..

और कीस लेकर मई जाने लगा...

डिप्टी : कहा जा रहे हो छाए नहीं पिओगे...

मई : nahi...akar तुम्हारा देखता हों क्या करना है...

और मई चल diya....sidio से निचे आया तो मुझे बचो की आवाजे आ रही thi...niche के हॉल में...

मम 9×76 कितने hue...mujhe किसी बचे की आवाज आयी...

मई निचे हॉल से जाने के लिए हुआ की मुझे अदिति मैडम दिखी बचो को पदहते हुए...

9×76 कितने hue...kitne hue...wo आंखे बंद किये गहरी सोंच में बचे का क्वेश्चन दोहरा रही थी...

मम अगर 20 टोफ्फिएस 100 रुपए की है तो 1 टॉफ़ी का प्राइस कितना होगा... दूसरे बचे ने पूछा...

अदिति : पहले एक क्वेश्चन का जवाब देने do..ruko पूछती हों...

अदिति : hello रिशु 9× 76 कितने hue..wo कॉल पर अपनी बहन से पूछ रही थी जो मेरे लिए थोड़ा अजीब था..

तुम्हारा जवाब है 684..और बची तुम्हारा जवाब है फाइव रूपीस पैर टॉफ़ी..

अदिति : अपने सही जवाब दिए रॉक जी..

मई : आपको इतने सिंपल...

अदिति : अभी मई पारा रही हों आपसे बात नहीं कर sakti..rishu भी नाराज होती hai...nahi कर रही हों baba...mai आगे कुछ कहता की अदिति ने मुझे बिच में hi रोक diya..fir फ़ोन पर hi रिशु को जवाब देने लगी..

सर हिलता हुआ मई आगे बढ़ गया...

बहार आकर मैंने बाइक स्टार्ट की और चल दिया...

कुछ देर चलने के बाद मई लक्समी के घर tha...aaj पार्किंग में कई गाड़ियां कड़ी थी कुछ घर के बहार भी थी ...

चलता हुआ मई अंदर आया..

अंदर बैठक में कई अमीर लोग बैठे वेट कर रहे थे...

माइड सबको बैठने का कह रही थी...

मई : लक्समी कहा hai..maine सीधा माइड से पूछा...

माइड : वेट करो वो abhi...wo सामने के रूम में इशारा करते हुए बोलने लगी की मई कुछ कहे बिना अंदर घुस गया..

अंदर लक्समी क्लाइंट के साथ बैठी थी...

बहार वेट करो लड़के ..मुझे बहार भेजने वाला क्लाइंट था शायद uska..uske कंधे पर गन थी इसलिए मैंने जाने के लिए कदम मोड़ लिए.

Ruko...jaise तुम mr.desouza के लिए खास हो वैसे hi ये मेरे लिए hai...laxmi की आवाज पर मई रुक गया..

लक्समी : 2 दिन में आपका काम हो जायेगा आप जा सकते हो..

वो दोनों आदमी उठे और मेरे बराबर से निकल गए मुझे घूरते हुए...

लक्समी: आज तुम सही टाइम पर आये हो...

मई : हां बिना ब्रेकफास्ट किये hi आगया..

मम दूसरे क्लिंट को भेजूं..

इतने में माइड ने गेट खोल कर पूछा..

लक्समी : पहले हम दोनों के लिए ब्रेकफास्ट लेकर aao...aao baitho..maid से कहकर उसने मुझसे कहा...

मई जाकर उसके सामने बैठ गया...

मई : ये लोग मतलब...

लक्समी : ये सब मुझसे काम करवाने ए पहले ये छुपकर करती थी लक्समन की मौत के बाद अब ओपनली करती hon..laxman मेरा एक्स husband...mujhe क्वेश्चन भरी आँखों से देखता हुआ उसने आगे कहा..

उसके हस्बैंड का नाम लक्समन था..

इतने में माइड खाने की ट्राली लिए अंदर aayi...fir टेबल पर hi नाश्ता रखने लगी..

मुझे लगी थी भूक इसलिए मई टूट पड़ा..

लक्समी : तुम्हे मेरा 1 काम और करना है..

मई : बोलो न..

लक्समी : तुम्हे काली बिल्ली के बाल और किसी वर्जिन लड़की के पीरियड का ब्लड लाना है क्वांटिटी डेड जितनी...

खो kho...uski बात सुनकर मुझे फंदा लग गया और मई खाने से रुक गया..

मई : जब भी खता हों तुम ऐसी hi डरावनी बातें करती हो..

लक्समी: hahaha...meri झुंझलाहट देख वो मुस्कुराने लगी ..

लक्समी : जाओ लेकर आओ मई भी तुम्हारे हथियार के लिए काढ़ा बनती हों..

मई : और कितना बड़ा करना है हथियार को۔۔

लक्समी : मेरे लिए छोटा है۔۔

मई : मई कहा से लाऊंगा ये सब चीज़े...

लक्समी : काळा बिल्ली के बाल तुम्हे पेट शॉप पर भी मिल जायेंगे... वर्जिन लड़की का ब्लड या उसका पद जिस पर ब्लड लगा हो वो तुम्हे किसी स्कूल गर्ल नहीं तो तुम्हे तुम्हारे नेइबोर्स में मिल जाएगी ....ऐसा करना किसी स्कूल गर्ल को किडनैप करके यही ले aana...usne सोंचते हुए कहा..

मुझे करना तो था hi न करने का सवाल hi नहीं था ...

लक्समी : तुम्हारे साथ सरस रहेगा तो तुम किसी भी बात की चिंता मत karna..usne पीछे से आवाज दी..

मई : कोण सरस कहा hai..maine पलटते हुए पूछा

लक्समी : कोई सवाल नहीं जाओ..

मई आगे बढ़ गया ..

मई घर से निकला और अपनी बाइक पर आया..

मुझे भूक लगी थी इसलिए बाइक से सीधा मई एक ढाबे पर आया ..जहाँ मैंने नॉन वेग पराठे लगवाए ..

पेट में कुछ गया तब मई लक्समी को गलियन देने लगा..

मई : बहन की लोदी क्या बाला है अब ये सरस कोण है... रंडी के लिए कहा से लाऊंगा पीरियड blood..mujhe उसकी बातें याद आयी और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी..

पूछता हुआ पेट शॉप की दुकान में एक पेट शॉप की दुकान में आया..

कैसे aaye..mujhe जानवरो को देख शॉप वाले ने पूछा..

मई : बिल्ली कहा है..

शॉपकीपर: आओ मेरे साथ...

और मई उसके पीछे हो लिया..

उसके साथ मई अंदर आया तब मुझे पिंजरों में कैद कई बिल्लियां दिखी..

मई : काली बिल्ली नहीं है..

मेरी बात सुनकर शॉप कीपर ने पीछे से एक बिल्ली उठायी जो पूरी काली थी देखने में बेहद डरावनी...

शॉपकीपर: इस रंग की बिल्ली कोई खरीदता नहीं है न इसलिए इसे पीछे hi रखते hai..dusri बिल्लिओ की सोभा काम करती है..

मई : निकलना इसे ...

उसने निकल कर मेरे हाथ में पकड़ा दी...

मई : कितनी प्यारी हो तुम..

म्याऊ...

.खिलते हुए मैंने उसके बाल नोचे की वो कटखनी काटने लगी मुझे..

मई : ये पसंद नहीं आयी ..

शॉपकीपर: हमारे पास और भी है..

आदमी को बिल्ली पकड़ते हुए मैंने जल्दी से बाल जेब में रख लिए..

शॉपकीपर : आपने इसके बाल तोड़े मतलब टोना टोटका के लिए...

मई : नहीं तो ..

शॉपकीपर : अभी अपने अपनी जेब में रखे ..

मई : अच्छा दे बिल्ली... बता कितने की है...

शॉपकीपर: 6 हजार ..

और मैंने पैसे पाय kiye..sath में मई पिंजरे में कैद बिल्ली को लेकर बहार आया..

मई: तू तो साली मेरे गले पर गयी..

म्याऊ ..

मई : कटती है अभी रुक तू ..तुझे पका कर न खाया तो मेरा नाम भी रॉकी नहीं ..

बाइक पर बैठ कर मैंने बिल्ली को लटकाया और मई बाइक पर बैठे बैठे सोंचने laga...blood कहा से लॉन..

किसी लड़की को किडनैप कर लेना.

लक्समी का सुजाहव मेरे दिमाग में घूम रहा था..

रॉकी : आखिर में वो उसे मार देगी ..मैंने अपने दिल में kaha...aur मेरे रोंगटे खड़े हो गए..

मई चोर था खुनी नहीं ..किसी इनोसेंट की ज़िन्दगी लेने का अधिकार मुझे नहीं था....

बस्ती में hi किसी को ढूंढ़ना tha....lekin उससे पहले मुझे कोठे पर देख लेना चाहिए था एक बार ...

सोंचता हुआ मैंने कोठे की तरफ बाइक बढ़ा दी ..

आधे घंटे बाद मई कोठे पर था...

गेट पर hi मुझे हरी मिल गया था..

मई : मई कैसे हो हरी अंकल . .

हरी : कैसे हो rocky...dipty मजे दे रही है की नहीं...

मई : एक डैम मस्त है..

हरी : इत्ते पैसे कहा से मार लिए क्या करते हो बीटा...

मई : बता दूंगा uncle..abhi मई यहाँ काम से आया हों..

हरी : बताओ किस काम से आये कोई नयी रंडी चाहिए ..

मई: नहीं पर्सनल है थोड़ा .

हरी : खोपचे में aao...wo अपने साथ मुझे कोने में ले आया..

हरी : अब बताओ क्या बात है .

मई : कोई वर्जिन लड़की है कोठे पर .

हरी : यहाँ नहीं है दूसरे कोठे पर hai...jo गायत्री मैडम की बहन चलती है...

मई : मुझे खून चाहिए पीरियड का वो भी वर्जिन लड़की का ...

हरी मेरी बात सुनकर मुझे चौंक कर देखने लगा ..

हरी : किस लिए...

मई : मुझे दबाई बनवानी है ..

न जाने कैसे मेरे दिमाग में दबाई का बहाना आज्ञा..

हरी : कैसी दबाई .

मई : फिर बताऊंगा अभी ब्लड दिलवाडो...

हरी : 10 हजार लगेंगे...

मई : 2 बूँद खून के 10 हजार..

मुझे कचरे में पड़ा पड़े दिख रहे थे मन हो रहा था उन्ही को उठा lon..lekin मेरे साथ न दिखने वाला कोई था...

हरी : फिर रहने दो.

मई : अंकल देख वर्जिन लड़की का देना..

हरी : एक डैम वर्जिन लड़की का होगा ..

मई : चल ला फिर पैसे देता हों..

हरी : यहाँ नहीं दूसरे कोठे पर .

मैंने उसे बाइक पर बिठाया और चल दिया....

1 घंटे बाद मई लोनावला में था...

लोनावला में घर एक से बढ़कर एक they...galiyo में घूमते हुए मई अपने लिए घर भी ढूंढ रहा था ..और एक घर मैंने लॉक कर liya...aaj रात खली रहा तो इधर hi आऊंगा...

मई : चलो आओ जूस पिलाता हों तुम्हे...

मैंने अपने लॉक किये घर के सामने वाले जूस वाली रेहड़ी के सामने बाइक रोक्त्ते हुए कहा..

हरी: मई अनार का पियूँगा...

मई : 2 कर दे भाई ..

जूस वाला : जी साहब..

मई : वो घर किसका है बड़ा सुन्दर है...

जूस वाला : नैंसी मेमसाब का है हमारे hi पास से फ्रूट लेती हम hi सुबह उन्हें जूस देने जाते...

मई : अच्छा ऐसी hi डिज़ाइन अपने घर की बनवाऊंगा वैसे तुमसे जूस ले जाती है नैंसी मेमसाब...

जूस वाला : जी साहब ..

मई : कितने गिलास जूस देते हो...


जूस वाला : 1 bottle..do तीन दिन से हम थे नहीं तो पता नहीं किस से लिया hoga...kal hi उप से लौटे है..

मई : अच्छा एक बोतल मतलब बहुत लोग पिने वाले होंगे उनके घर...

जूस वाला : नहीं अकेली रहती है अपने हस्बैंड के साथ ज्यादातर तो वो बहार hi रहते hai..lo आपका जूस ..

हम दोनों ने जूस पिया और पैसे देकर आगे बढ़ गए ...

मई : और कितनी दूर है .

हरी : बस सामने...

वो एक गली की तरफ ऊँगली करते हुए बोलै...

मई बाइक लेकर गली में आया ..और उसने बाइक रुकवाई एक बड़े से घर के पास जो देखने में बड़ा सुन्दर था ..गली भी एक डैम सुनसान थी.

हरी : अब तुम यही वेट करो ...वो उतर कर बोलै ..

मई : जो कहा है वो लेकर आना और देर नहीं लगाना ..

हरी : रंडियो से मिलना तो ाजाओ यहाँ एक से बढ़कर एक मिलेगी ..

मई : नहीं अंकल तुम जाओ...

वो अंदर घुस गया मई खड़ा वेट करने लगा...

कोई 10 मिनट बाद मॉडर्न कपड़ो में गले में मंगलसूत्र ठीक करते हुए लड़की घर से निकली... मुझे देख वो रुक गयी ..

फिर वापस पलट गयी अंदर के लिए...

5 मिनट बाद वो घर से निकली और मुझे देखते हुए बराबर से निकल गयी...

आपको अंदर बुलाया hai...itne में एक लड़की जो देखने में बिलकुल भी प्रोस्टिटूइटे नहीं लग रही थी उसने मध्यान और मीठी आवाज में कहा...

मैंने ऊँगली से इशारा किया उसने हां में गर्दन हिलायी...

और मई उसके पीछे चल दिया...

उसके पीछे पीछे मई एक रूम में आया जहाँ कई लड़कियां थी और हसी मजाक कर रही थी ..कुछ लड़कियां कॉलेज की ड्रेस में thi...unhi में एक औरत बैठी थी उसके बराबर में हरी और 2 मर्द खड़े थे...

कोण है तू और बहार क्या कर रहा था..

मई : वो ji...maine हरी को देखा वो मुझे आंखे दिखा रहा था..

मई : mai..mai..yahan...

मई मई क्या कर रहा hai...kahi पुलिस वाला तो नहीं hai...iski तलाशी ले के देख...

रॉकी तू ...और जैसे मेरी साँस ने साँस आयी ..ये अम्बिका थी ...

अम्बिका: सावित्री मैडम ये कोई पुलिस का आदमी नहीं रॉकी दूसरे कोठे से आया है...

सावित्री : अच्छा वो है जिसे गायत्री अपना बीटा समझ ली थी कमीने तेरी वजह से उसका दिल टूट गया...

मई : मुझे खुद अपनी फॅमिली नहीं pasand...maine धीमे से कहा जो शायद उसने सुना नहीं...

अम्बिका : इधर कैसे आया rocky..kya सुन रही हों तूने 1 महीने के लिए डिप्टी को खरीद liya...itna पैसा कहा से मारा बे..

सावित्री : अच्छा सुन तेरे लिए एक काम है एक मैडम को तू पसंद आ गया एस्कॉर्ट बॉय बनेगा...2 लाख मिलेंगे 1 नाईट के..

मई : mai..mai...nahi...

सावित्री : चल जा फिर जो देखा है भूल जा..

अम्बिका : भरोसे का है ..इसकी चिंता मत करो .

हरी : मुझे भी कोठे ले chalo...usne पीछे से आवाज दी ..और लम्बे लम्बे कदम बढ़ता हुआ मेरे पास आगया..

हम दोनों बहार आये और मैंने उससे पूछा..

मई : ब्लड मिला...

मेरे पूछने पर उसने जेब में हाथ dala..aur एक लिफाफा nikala..jisme पद पड़ा था...

हरी : पहले पैसे...

मई : पेटम है...

कहा जा रहा है मुझे भी छोड़ dena..itne में अम्बिका आ गयी...

हरी : मेरे पास साधा मोबाइल भी नहीं...

मई : छोड़ दूंगा लेकिन मुझे 10 हजार रुपए चाहिए मई तुम्हे पेटम कर दूंगा..

अम्बिका : ruko...abhi लायी..

और वो अंदर चली गयी...

मई : अब तो दे दे..

हरी ने लिफाफा मुझे दे दिया जिसे मैंने रख लिया...

कुछ देर बाद अम्बिका aayi...jisne कॅश मुझे दिया और मैंने उसके फ़ोन पर पैसे दाल दिए..

मई : अंकल अब तुम ऑटो से आना...

अम्बिका को बिठा कर मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

हरी पीछे से मुझे सुनाता रह गया..

रस्ते भर मई अम्बिका से बात करता आया..

उसे कोठे छोड़ मई सीधा लक्समी के घर आया...

बड़ी जल्दी आ gaye...mujhe तो लगा 2 तीन दिन में आओगे..

मैंने उसे सामान दिया जिसे उसने डेस्क पर रख दिया...

लक्समी : तुम्हारा काढ़ा रेडी हो गया है बस रत भर मुझे जाप करना रहता है..

मई : मई जॉन...

लक्समी : इतनी भी क्या जल्दी है बताओ कुछ खाओगे..

ओह्ह बिल्ली mausi...billi को याद कर मई वापस जाने के लिए मुदा...

मई : मेरी कैट बहार hi hai...mai लेकर आया उसे दूध पीला देना ...

लक्समी : जल्दी आओ फिर हमें चलना है...

मई गेट के पास आया जहाँ मेरी बाइक कड़ी थी मैंने बिल्ली उठायी..

और उसे लेकर अंदर चल दिया..

अंदर आते समय बिल्ली केज में इधर से उधर होने लगी...

बार बार वो आवाजे निकल कर मुझ पर घुर्र रही थी..

लक्समी : दूध किचन में है निकल कर दे दो..

मई बिल्ली को निचे रख किचन में aaya...dudh बर्तन में निकल कर वापस बिल्ली के पास आने लगा तब मैंने देखा बिल्ली लक्समी को देख घुर्र रही थी...

वो दरी हुई लग रही थी...

मैंने केज खोला और दूध उसके आगे कर diya..wo डरकर और पीछे हो गयी .

मई : काली dudh..are पि ले na...wo मुझे घुर्र रही थी लेकिन दूध नहीं पि रही थी...

मैंने दूध अंदर रख कर केज बंद कर दिया...

लक्समी : हम पार्लर चल रहे है..

मई : मेरे 16 हजार रुपए खर्च हुए..

लक्समी : जो मेरा है वो तुम्हारा hai....aur जो तुम्हारा वो मेरा..

चलो aao..wo उठते हुए बोली..

मैंने बिल्ली को देखा उसने दूध नहीं पिया था..

ये देख मैंने प्याला निकल कर रख दिया ...और बिल्ली उठा कर उसके पीछे चल दिया .

हम कार में आये सामने लक्समी को देख वो और चिल्लाने लगी..

मई : क्या कर रही है ..

लक्समी : फेक दो इसे..

मई : इसका कोई नहीं मेरे सिवा इसके काळा रंग को देख इसे कोई पसंद भी नहीं karta..mai इसे घर छोड़ आता हूँ..

लक्समी : पीछे दाल दो...

उसकी बात मानते हुए मैंने बिल्ली को केज के साथ पीछे रख diya...itna काफी था उसने फेकने को दुबारा नहीं कहा..

कुछ देर बाद हम एक पार्लर में आये..

जो बहुत बड़ा यूनिसेक्स सैलून था...

देखने से लग रहा था यहाँ सिर्फ अमीर लोग hi आते होंगे..

Priya..iska लुक चेंज कर दो अच्छे से..

लक्समी की आवाज सुन एक हिजड़े की चाल चलता आदमी मुस्कुराते हुए मेरी तरफ बढ़ने laga..jiska मेकअप भी लड़कीओ का था निचे स्कर्ट भी लड़कीओ की..

पहले वो खूब अच्छे से लक्समी से मिला फिर वो मुझे अपने साथ अंदर ले गया अंदर जाने के लिए मुझे लक्समी ने फाॅर्स किया tha....andar और लड़किया थी जो लड़को को नंगा करके उन्हें मस्सगे दे रही thi..kuch उनके जिस्म के बाल साफ़ कर रही थी ..

मई : ये क्या है..

चलो कपडे उतरो प्रिंस .

मई : इनके सामने तो nahi...na तुझसे कुछ karwana..mere बाल मर्द काटेंगे नहीं लड़कियां..

उसने मुझे गुस्से में घुरा...

तेरे जैसे लार्को पर मई हाथ भी नहीं रखती ये तो लक्समी मैडम के साथ आया है तू...

गर्ल्स इसे प्राइवेट सेक्शन में ले jaao..mujhse कहकर उसने लड़कीओ को आवाज di..jo मुझे अपने साथ ले आयी..

लड़कीओ ने मुझे एक प्राइवेट रूम में चेयर पर बिठाया..

लड़की : चाहे तो आप कपडे उतर से बालो से ख़राब हो जायेंगे..

मैंने सिर्फ शर्ट उतर दी...

लड़की : आपकी पूरी बॉडी पर वैक्स होगी तब उतरने होंगे..

मई : तब का तब देखे गए...

फिर वो मेरे बालो को काट कर क्रीम लगाने lagi...phir मशीन..

बहुत देर तक उन्होंने मेरे हेयर सात किये उन्हें स्टेट किया फिर मेरी शेव की...

फिर मुझे नंगा करने के लिए kaha..maine पंत उतर दी... अंडरवियर पहना रहा..

लड़की: सर पूरी बॉडी ी मैं यहाँ भी वैक्स hogi..usne हथियार की तरफ इशारा किया..

मई : तुम मजबूरी में तो नहीं कर रही ये सब..

लड़की : नहीं ये मेरा काम है मुझे पसंद है..

मई जो सोंच रहा था इसके सामने ऐसा वैसा कुछ न करूँगा बेचारी मजबूरी में ये सब कर रही होगी उसका जवाब सुन मैंने अंडरवियर उतर दिया..

इसके लिए कपडे लायी है लक्समी मैडम इसे पहना देना..

इतने में वो हिजरा फिर आगया. और मैंने अपने मैं part पर हाथ रख liye..mujhe देख वो मुस्कुराने लगा .वही लड़की ने कपडे लेकर रख दिए .

वो गया तब मैंने हाथ हटाया...

फिर काफी देर तक लड़की मुझे वैक्स लगाती रही और मई दर्द में चीखता रहा .

मन हो रहा था लक्समी को मरने का लेकिन मई मजबूर था सिर्फ बर्दास्त hi कर सकता था...

कई घंटो बाद उसने मुझे फ्री किया..

लक्समी के कपडे पहन कर मई बहार आया...

लुकिंग सो gorgeous...laxmi पास आयी और उसने मेरे लिप्स पर किश करके कहा..

मैंने खुद को मिरर में देखा तो देखता hi रह गया...

मई खुद को पहचान नहीं पा रहा था....

लक्समी बिल पाय करने लगी ..

1 लाख 20 thousand..paytm बॉक्स की आवाज सुन मई चौंक गया इतने paise..khair मैंने भी किये थे उस पर खर्च..

लक्समी : let's जो....

और हम दोनों चल दिए...

हम कार में आये और लक्समी ने कार आगे बढ़ा दी..

10 मिनट्स बाद डिनर करने के लिए लक्समी ने कार एक फाइव स्टार होटल में रोकी..

लक्समी : मन कर रहा तुम्हे खा जॉन इतने क्यूट लग रहे हो..

मैंने फेक मुस्कराहट होंठो पर सजा ली...

हम कार से निकले और एक दूसरे का हाथ पकड़ कर हम फाइव स्टार होटल में चल दिए...

हमें देख मैनेजर ने एक खली टेबल पर हमें बिठाया..

लक्समी : आर्डर करो जो तुम्हे पसंद है .

वो मेरी तरफ मनु कार्ड करती हुई बोली..

फिर मैंने कई तरह की डिशेस आर्डर ki...mutton टिक्का मटन tandoori..mutton से निचे मैंने हाथ hi नहीं रखा था...

लक्समी : तमीज से khana..wo मुझे किसी बचे की तरह समझते हुए बोली..


मई : मेरी इंग्लिश मैडम ने इंग्लिश में इंग्लिश लोगो की तरह खाना खाना सिखाया था टेंथ me..pehle रुमाल यहाँ बांधना..

लक्समी : बस बस...

उसे बोआर करने के बाद हम खाने लगे..

आधे घंटे तक मई रुक रुक कर बार बार मुँह साफ़ करते खता रहा वर्ण मई 10 मिनट्स में hi खा लेता..

आखिर में लक्समी ने वेटर को आवाज दी..

लक्समी : दो कैपेचीनो..

मई : एक्सक्यूज़ में ये थोड़ा खाना बच गया है इसे पैक करके ले aao...waiter ने मुझे घुरा और मज़ाक उड़ने वाली हसी हसने लगा..

मई : चुप चाप ले आना सेल...

वेटर : जी सर..

वो प्लेट्स उठा कर ले gaya..maine लक्समी को देखा वो गुस्से में घुर्र रही थी...

लक्समी : ये किस liye...pet नहीं भरा तुम्हारा..

मई : काली बिल्ली के लिए...

मेरी बात सुनकर वो खामोश हो गयी..

कुछ देर बाद 2 वेटर आये एक के हाथ में कॉफ़ी थी दूसरे के हाथ में मटन माँ डब्बा था जिसे मैंने कराया tha...jise लेकर मैंने कुर्सी से अटका दिया tha...waiter पैक भी बहुत अच्छे से करके लाया था..

लक्समी : शादी कब karoge..next वीक मुहरत सुबह है क्या कहते हो .

मैंने कुछ नहीं कहा कॉफ़ी पिटे हुए सर हिलने लगा..

कॉफ़ी पि कर हम बहार आये...

कार में बैठ कर मैंने केज में से बिल्ली को निकला और उसे गोदी में बिठा लिया वही लक्समी ने कार आगे बढ़ा दी .

मैंने पैक कराया हुआ मटन निकला और उसे ओपन करके पीसेज मैंने काली बिल्ली के आगे कर diye...jise वो खाने लगी...

मई : लगता है हम दोस्त बन gaye...mai हों रॉकी उर्फ़ रक्षिण तुम बताओ काली तुम कोण हो ..

Meow...mere पैसा उठाने पर उसने आवाज निकली..

मई : अबे मरती क्यों है मई hi तो लेकर आया खाने दे न..

और मैंने मुँह में रख लिया...

मई: ऐसा खाना मैंने पहली बार khaya...maja आ गया .

लक्समी : मेरे साथ रहोगे तो हमेशा खाओगे...

बातें करते हुए हम एक अँधेरी सी लेकिन बड़ी पार्किंग में एंटर हुए...

कार कड़ी करके लक्समी ने मुझे उतरने का इशारा kiya..maine बिल्ली को केज में डाला और उतर gaya...sonchte हुए अब कहा ले आयी ये औरत मुझे...

चलते हुए हम दोनों एक दरवाजे पर ए जहाँ कई गार्ड्स खड़े थे...

हमें देख उन्होंने दरवाजा खोला और हम दोनों अंदर आये..

gaming-night-scene-stockcake.jpg


अंदर आते hi शोर रंग बिरंगी लाइट्स से हमारा सामना हुआ...

ये कैसिनो tha...jahan बहुत से अमीर लोग जुवा खेल रहे थे और खूबसूरत लड़कियां उन्हें सर्वे कर रही थी...

लक्समी के पीछे पीछे चलता हुआ मई बार काउंटर पर आया..


रेड wine...waiter ने लक्समी को देख pucha..wo शायद लक्समी को पहले से जनता था...

लक्समी ने सर hilaya...aur ऊँगली से दो का इशारा किया...

लक्समी: गैंबलिंग करे ..

मई : तुम मुझे बिगाड़ डौगी ..

लक्समी : तो बिगड़ जाओ na..usne मेरे सीने पर हाथ रखा फिर मेरे सीने को मसल दिया...

इतने में 2 वाइन आ gayi..laxmi ने लेकर मेरी तरफ इशारा किया .

लक्समी : पीओ..

मई : नहीं मई नहीं पीटा...

लक्समी: कुछ नहीं होता...

मई : मैंने कभी नहीं पि... प्लीज मेरे रोकने पर उसने गिलास रख दिया ..

लक्समी: जूस ..

मैंने हामी भरी...

थोड़ी देर बाद वेटर ने जूस का गिलास मुझे diya..aur दूसरा जिसे मेरे लिए लिया वाइन का गिलास वो उसने खुद उठा लिया..

लक्समी : आओ चले..

जूस पिटे हुए हम दोनों चलने लगे.

मुझे लेकर वो एक दूसरे काउंटर पर आयी...

वहां उसने 1 लॅक की करेंसी चेंज की जो थी गैंबलिंग वाले साइंस जो उसे थोड़े से hi मिले..

लक्समी : तुम तरय करोगे...

मई : मेरे पास पेटम है..

हम ऑनलाइन भी पेमेंट लेते है..

मेरे फ़ोन में 44 हजार पड़े थे और मैंने सबके साइंस ले लिए...

जिन्हे लेकर हम दोनों खेल रहे लोगो के बिच आये...

एक टेबल वाली मशीन जिस पर नंबर और कार्ड्स की पिक्टुरेस बानी थी एक कैसिनो का वेटर घुमा रहा था और लोग उस पर पैसे लगा रहे थे..

लक्समी : किस पर लगाओगे..

मई : 4 नंबर..4 नंबर पर क्वीन बानी थी...

मई : कितने लगाऊं...

लक्समी: जितने तुम chaho...yahan 1 के चार मिलेंगे..

उसकी बात सुन मैंने 4 नंबर पर hi लगा दिए अपने सब साइंस..

देविओ और सज्जनो अब अपनी किस्मत बदलने के लिए तैयार हो जाये..

वेटर ने कहा और मशीन घुमा दी...

एक 6 नंबर का पैसा घूमने लगा...

काफी देर चलने के बाद पैसा धीरे धीरे रुकते हुए 4 नंबर के पास aya..aur 4 नंबर के एन्ड पर आते आते आगे जाने लगा की वो आगे को गिरने के लिए झुका अगले hi पल वो 4 नंबर पर पीछे के लिए गिरा...

और मेरी खुसी की जैसे इन्तहा न हो..

मई : हम जीत gaye...khusi में मैंने लक्समी को गले लगा कर उठा दिया...

उसने जब अपने होंठो को मेरे होंठो पर रखा तब मई होश में आया...

अगले hi पल मैंने उसे निचे उतर दिया..

वेटर : और खेलना चाहेंगे सर की कॅश कराएँगे..

लक्समी : और खेलेंगे...

मुझे मजा आया और मैंने भी हामी भरी...

लक्समी : सरे लगा do...mera मन नहीं था लेकिन लक्समी के कहने पर मैंने सरे लगा दिए ..

लक्समी ने अपने साइंस भी मेरे आगे कर दिए...

मेरे जीत हुए साइंस और लक्समी के फिर वेटर ने बिच में रख दिए...

उसने मशीन चला कर पाशा फेका...

और फिर मई जीतता गया जीतता गया...

2 घंटे तक हम दोनों वही गेम खेलते रहे एक बार भी मई नहीं हरा था...

मैनेजर : सर अब आप कोई और गेम खेल le..apka जीता हुआ hi हम बहुत मुश्किल से कॅश कर payenge...aap चाहे तो उन लोगो के साथ खेल सकते hai...tash..

मेरे लगातार जितने पर मैनेजर ने आकर कहा...

मई : ठीक है फिर सारा कॅश करा कर दो..

मेरे साइंस गईं कर वो ले गया...

लक्समी : 1 बाज़ी खेल लो 1 ऑवर बाद हम जायेंगे...

मई : पता नहीं उसमे जीता की नहीं ..आओ पैसे लेते है...

लक्समी ने हामी भरी और हम दोनों काउंटर पर आये जहाँ पैसे मशीन से गईं रही थी लड़कियां..

मैंने दिल में सोंच लिया था अब अपने लिए घर खरीदूंगा...

लक्समी : पैसे 2 बैग्स में आधे आधे कर देना..

उसकी बात सुनकर जैसे मेरे तन बदन में आग लग गयी ho...mai चाहता तो कह देता की तुमने hi कहा था जो तुम्हारा वो मेरा है फिर आधे आधे kyo..badle में वो सब हड़प लेती इसलिए मैंने कुछ नहीं कहा..

कुछ देर बाद मैनेजर आया मेरे पास...

मैनेजर : इन दोनों बैग्स में एक एक करोड़ है...50,50 लैस मई आप दोनों को ऑनलाइन कर देता हों..

और हमने अपने अपने स्कैनर दिए..

पैसे आने पर हम दोनों कैसिनो से बहार aaye....phir चलते हुए अपनी कार में..

लक्समी : अब घर चलते है...

और उसने कार आगे बढ़ा दी..

लक्समी : खुश हो तुम अब तुम्हे चोरी करने की जरुरत नहीं..

मई : हाँ हों bahut..ek बात पूछूं..

लक्समी : हाँ...

मई : कुछ नहीं...

लक्समी : पूछो भी..

मई : फिर कभी...

1 घंटे बाद हम दोनों लक्समी के घर आये बिल्ली को लिए मई कार से निकला...

लक्समी : मई तुम्हारे काढ़े के लिए जाप करने जा रही हों सुबह आकर पि लेना..

मई : लेट आऊंगा तुम्हारे क्लाइंट्स होते है...

लक्समी : ठीक है लेकिन आना जरूर..

मैंने हामी भरी हुए बिल्ली को बाइक के आगे रख liya...fir बाइक मैंने भगा दी...

कोई हाफ ऑवर बाद मई बस्ती में था..

11:30 पर मई चला था लक्समी के घर से अब रात के 12 बज रहे थे..

बाइक पार्क करके मई जाने लगा की मेरा ध्यान अदिति जी के घर की तरफ gaya...jahan कई लोग बैठे थे बहार की रौशनी जल रही thi...jo इस टाइम बंद हो जाती थी...

मैंने कदम वापस मोड़ लिए...

ये है वो लोग दीदी जिनके लिए तुमने मेरे डैड का बिसनेस ख़त्म कर diya...aapne इन्हे रहने के लिए जगह दी घर दिया और आज इनमे से किसी में इतनी हिम्मत नहीं हुई जो ये मेरे डैड को बचा sakte...ye गन्दी नाली के कीड़े है इनके साथ अच्छे करना कोई फायदा नहीं देगा...

चलता हुआ मई भीड़ के पास aaya..aur मुझे रिशु की रुआंसी मगर गुस्से में डूबी आवाजे आयी जो शायद बस्ती वालो पर गरज रही थी...

रिशु : मेरे डैड को पुलिस ले गयी और तुम में से कोई एक भी उन्हें बचने के लिए आगे नहीं आया निकल जाओ मेरी बस्ती से...

बस्ती के लोग रो रहे they...unki आंखे नाम थी...

मई आगे आया सबसे तब मुझे अदिति जी सर झुकाये सीडीओ पर गुमसुम बैठी dikhi..wahi रिशु खड़े होकर बस्ती वालो पर चिल्ला रही थी. .

मई : क्या हुआ अदिति जी...

मेरे पूछने पर अदिति जी ने मुझे एक नजर देखा फिर नजरे निचे कर ली...

रिशु : तू भी अजा और देख ले हमारा tamasha...subah तू भी रूम खली करके दफा ho...yahan अब मॉल बनेगा तुम जैसे बुजदिलो के लिए इस बस्ती में कोई जगह नहीं...

मई : ठीक है चला jaunga...aaditi जी बताये क्या hua...bharosa रखे ..

अदिति : वो पुलिस आयी अंकल को झूठे रपे केस में ले गयी ...मेरे अंकल ऐसे नहीं hai...uski रुआंसी सी आवाज आयी ..

न जाने क्यों लेकिन मुझे उसका रोना बर्दास्त नहीं हो रहा था...

मई : कोण सा पुलिस station...aditi जी..

रिशु : तू क्या करेगा जान कर हमारा मजाक बना कर हसेगा ..पूछ तो ऐसे रहा है जैसे उन्हें ले आएगा .

मई : कोशिश तो कर सकता हों न..

मुझे पता hai..itne में एक बस्ती वाला मेरे पीछे से बोलै .

अँधेरी पुलिस स्टेशन...

मई घुमा तब उसने आगे आकर कहा..

मई : अदिति जी आप उदास न हो मई वडा करता हों सेठ को लेकर aaunga..aur न जाने कब मैंने अपना हाथ अदिति के हाथ पर रख दिया...

अगले hi पल मेरे दिल की धड़कने बढ़ गयी मेरा हाथ फिर कंपनी लगा..

मई : सशः शट उप ..इतने तजुर्बे काफी है अब और nahi...man hi मन मई अपने दिल को समझने लगा..


मई : आप रिशु को लेकर अंदर jao...subah तक सेठ आपके साथ honge...chalo भाई लोगो उनकी बहन लोगो सब जाकर अपने बिस्तर में सो जाओ...

मई तुम्हारे साथ चलूँगा पुलिस station....mai उस समय दिहाड़ी पर था यहाँ होता तो सेठ के लिए ladta..ek आदमी ने भीड़ में से कहा..

हम अपनी देवी की आँखों में आंसू नहीं देख sakte..ham भी चलेंगे...

एक एक करके पूरी भीड़ मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गयी...

मई : भाई लोग तुम्हारी जरुरत होगी मई ले जाऊंगा अभी मुझे जाने दो ...भरोसा रखो मई लाऊंगा कैसे भी करके अगर सेठ निर्दोष हुए...

कहकर मई मुदा..

मई : इसे आप rakho..is बैग को खोलना nahi...maine बैग और काली को अदिति के पास रख diya...mai सीधा हुआ तब मेरी निगाहे रिशु से takrayi..wo हैरत से मुझे देख रही थी...

मई आगे बढ़ gaya...aur अपनी बाइक पर आया...

बाइक स्टार्ट कर मैंने भगा दी ..

मैंने कह तो दिया था मई सेठ को ले आऊंगा लेकिन अब मुझे अहसास हो रहा था मई ये सब कैसे karunga...seth पर रपे का इल्जाम tha..bell etc..me भी महीनो लग jate...jo मुश्किल से मिलती...

पहले सेठ से मिलता हों फिर आगे का प्लान banauga...sonchte हुए मैंने बाइक अँधेरी पुलिस स्टेशन के सामने रोकी..

बाइक से उतर कर जब मई पुलिस स्टेशन जाने लगा मेरी आहत पर नींद ने पहरा से रहा हवलदार जाग गया...

हवलदार : कहा जा रहा है अंदर..

मई : सेठ से मिलने आया हों...

हवलदार : अबे सेल ये कोई टाइम है मिलने का...

मई : बड़े अफसर को बुलाओ...

अबे सुखीराम ये कोण है..

एक अफसर हमारी आवाजों पर मुँह पर से कैप हटाता हुआ बोलै...

मई : मई सेठ से मिलने आया हों...

अफसर : अबे इतना मरूंगा न गांड लाल हो jayegi...sale तुझे पता है कैदिओ से दिन में मिला जाता है...

मई : मई कीमत दूंगा मिलने ki..jitni तुम chaho...policiye बस एक hi जबान समझते है वो पैसे की और मैंने उसी में उन्हें समझने की सोंची...

अफसर: 50 हजार देगा...

मई : हाँ दूंगा...

अफसर : कोण है तेरा सेठ...

मई : उसका नाम नहीं पता बस सुना है उस पर रपे केस हुआ है और सुन्दर बस्ती का मालिक है...

अफसर : तुझे पता है वो कितना हाई प्रोफाइल केस है ..चल निकल इधर से..

मई : सिर्फ मिलना hi तो है .

अफसर : न न निकल वर्ण तुझे भी अंदर दाल दूंगा..

मई: 1 लाच बस मिलने के..

अफसर : बस 5 minute...dsp साहिबा किसी भी समय यहाँ आ सकती है गस्त पर गयी है..

मैंने हामी भरी...

अफसर : चल निकल जल्दी...

मई : online..scanner दो..

उसने स्कैनर दिया मैंने पाय किये..

और फिर वो मुझे एक सेल में लाया...

जहाँ सेठ बनयान और पंत में tha..jiska शरीर सुझा हुआ tha...jahir था उसे मर पड़ी है...

लॉकअप खुला और मई अंदर गया..

मुझे हैरानी और सवाल भरी नजरो से सेठ देखने लगा...

सेठ : तुम यहाँ कैसे ..किस जुर्म में आये..

मई : सेठ मई तुमसे मिलने आया hon....ab मुझे बताओ असल में क्या हुआ ...तुम पर लगे रपे के इल्जाम सही है ...वैसे सेठ तुम कोई अच्छे इंसान नहीं हो सुबह hi मैंने देखा मेरी बहन के साथ मेरे बिस्तर पर hi..

सेठ : ये झूठा इल्जाम hai...mujhe फसाया गया hai...mai बुरा इंसान नहीं hon...tumhari बहन ने मुझे दावत दी और मई खुद को रोक नहीं पाया ...तुम्हारी बहन धंदे वाली है मई उससे पहले भी मिल चूका था...

मई : फिर भी सेठ वो रिशु की आगे की है ..इवन उससे छोटी ..छोडो अब बताओ अगर झूठा इल्जाम है तो किसने और क्यों lagaya...mere पास बस 5 मिनट्स है...

सेठ: दीपक शहए नाम का एक बिसनेस मन hai...jo इंडस्ट्री बनाने के लिए मेरी बस्ती चाहता था उसने पहले कीमत लगायी मैंने इंकार किया तब उसने एक चल चली और एक सुन्दर लड़की कल्पना को मेरे पीछे lagaya..mere उससे सम्बन्ध बने फिर उसने उसे रपे बना कर रिपोर्ट कर di...kuch देर पहले दीपक आया था उसने इन ठूलो से पहले पिटवाया था फिर वार्निंग दी की अगर मैंने कल तक बस्ती की जमीन उसके नाम नहीं की तो वो मेरी बेटियों को नुकसान pahuchayega....mujhe अपनी परवाह नहीं अपनी बेटी की hai..tum उन दोनों का ख्याल rakhna...mai जल्द आजाद हो जाऊंगा ...ये ठुल्ले वो दीपक दोनों नहीं जानते मई किसके लिए काम करता हों...

मई : किसके लिए...

सेठ : मई नहीं बता सकता तुम्हे ..

मई : मैंने वडा किया है ...अदिति जी से मई तुम्हे लेकर जाऊंगा उनके पास ..अब मुझे बताओ ये दीपक और वो लड़की कहा रहते है..

सेठ : तुम्हे मार देंगे wo..mai निकल आऊंगा अपने आप से .

मई : बताओ भी सेठ...

चल आजा जल्दी ..इतने में अफसर मेरी और अत हुआ गरजा..

सेठ: पैन पेपर है ..ऐसे तुम भूल जाओगे..

मैंने जल्दी से मोबाइल ओपन करके मैसेज का फोल्डर ों करके सेठ को diya...aur सेठ टाइप करने लगा..

अबे चल जल्दी सेल मोबाइल चला रहा है....

मई : बस अफसर कॉल नहीं वो एड्रेस दे रहे hai..mai अभी चला जाऊंगा..


अफसर : तेरे एक लाख पुरे हो गए निकल...

अफसर मोबाइल छीनने को हुआ की मैंने पकड़ लिया...

इतने में सेठ ने कहा हो गया...

मैंने अफसर को छोरा और मोबाइल ले लिया...

मई : बस साहब हो गया..

मुझे लेकर वो बहार आया..

मई : अफसर अगर साबित हो गया सेठ पर इल्जाम झूठा है तो इन्हे अपने साथ ले जा सकता हों...

अफसर : उसके लिए भी कोर्ट की कार्यवाही lagegi...to अभी ले जाना तेरा नामुमकिन है सिर्फ एक रास्ता है लड़की खुद आकर अपना बयां वापस le...aur वो ऐसा करेगी nahi...aisa की तो झूठे केस में उसे भी सजा होगी महीने की...

मई : ठीक है अफसर मई आता हों उसे लेकर..

कहता हुआ मई स्टेशन से निकला और बाइक पर आया...

अब मुझे जाना था लक्समी के पास..

10 मिनट के सफर के बाद मई लक्समी के घर के बहार था...

मैंने कई बार बेल्ल बजायी लेकिन किसी ने गेट नहीं khola...jo देख मई दीवार फंड के अंदर आया...

घर लॉक देख मई गर्दन से सपोर्ट पकड़ कर चढ़ते हुए खिड़की के जरिये घर के अंदर aaya..fir मई लक्समी को देखने लगा ...

मुझे वही वाइब्स आ रही थी अब जो उस दिन चोरी करने आया था...

मुझे बार बार ऐसा लग रहा था जैसे कोई है मेरे पीछे....

दर से मेरे रोंगटे खड़े हो गए they..dil.dhak धक् कर रहा था...

मुझे आहत सुनाई दे रही थी अपने हर कदम के साथ....

बैडरूम में आया तो देखा खली था..

मुझे पता था लक्समी कहा hogi...aur मई वही आया...

जिस रूम में वो अपने क्लाइंट से मिलती वो वही एक दायरे में बैठी कुछ पढ़ रही थी पूरी नंगी होकर ....

मई : लक्समी ....लक्समी ..मेरी आवाज पर उसने आंखे kholi...aur मुझे dekha...fir गुस्से में घूरने लगी ..

मई: मुझे तुम्हारी जरुरत है प्लीज बहार आओ ...मेरे कई बार गिड़गिड़ाने पर उसने हाथो से दायरे में कई बार लकीरे खींची...

फिर दायरे से वो बहार आयी ..

लक्समी : इस समय क्यों आये हो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरा नाम लेने की...

मई : सॉरी मालकिन मुझे लगा हम शादी... और कहते कहते मई रुका..

लक्समी : अच्छा बोलो क्या हुआ...

मई : मई जिस बस्ती में रहता हों वहां के माकन मालकिन बहुत अच्छे लोग है कुछ लोग उनकी बस्ती पर कब्ज़ा करना चाहते है ..उन्होंने सेठ के पास एक लड़की bheji....aur मैंने सब बता diya...ye भी की पुलिस वाले तभी छोड़ेंगे जब लड़की अपना स्टेटमेंट वापस लेगी.

लक्समी : तुम्हारे इस तूच से संकट की वजह से मुझे अपना जाप छोड़ना pada...mai तुम्हे पुनीश करुँगी ...वो गुस्से में गरजते हुए बोली..

मई : मई मालकिन तुम पर भरोसे की वजह से जबान दे आया की तुम मेरी हेल्प करोगी...

लक्समी : अच्छा ठीक hai..udas मत हो मुझे रोने वाले लोग नहीं pasand...ab से याद रखना आईन्दा कभी मई जाप करती हुई दिखूं तो मेरे अस्स पास भी मत hona...nahi तो तुम भी मरोगे और मई bhi...acchi बात ये है ये कोई बड़ा जाप नहीं था और ज्यादा देर भी नहीं हुई थी शुरू किये ..अब जाओ उस लड़की के पास वो अपनी रिपोर्ट वापस ले लेगी...

मई : थैंक यू... थैंक यू सो मच...

मई जाते हुए बोलै....

जाओ इसके साथ...

रूम से निकलते समय मुझे उसकी आवाज आयी पीछे से...

मई घर के बहार दरवाजे से आया...

और अपनी बाइक पर बैठ मैंने लड़की का एड्रेस देखा और मोबाइल पर उस एड्रेस का मैप लगा दिया...

फिर बाइक मैंने हवा में उदा दी...

35 मिनट बाद मई लड़की के घर पर tha...maine दूर बेल्ल bajayi...kayi बार बजने पर एक आदमी ने दूर खोला..

आदमी : कोण हो तुम...

मई : कल्पना यही रहती है ..

आदमी : हां मेरी बेटी है लेकिन तुम कोण ho...wo अभी सदमे में है बताओ क्या बात है...

मई : बहुत जरुरी बात करनी है ...उसे पैसे देने है maine...agar अभी नहीं दिए तो मई मुंबई छोड़ कर चला जाऊंगा...

आदमी : उसके पैसे तुम्हारे pass..kitne है तुम्हे क्या उसने दिए थे.

मई: haan...meri फ्लाइट है दिल्ली के लिए हाफ ऑवर में अभी नहीं दिए तो फिर नहीं दे paunga...pure 40 लाच है .

आदमी: पैसे तो नहीं है तुम्हारे पास

मई: paytm...maine फ़ोन में अपना बैलेंस दिखा दिया .

पैसे में बड़ी ताकत होती है ये बस सुना था लेकिन आज देख रहा tha..raat के 2 बजे उसने अपनी बेटी को एक अनजान से मिलाने के लिए अंदर बुला लिया था..

वो आदमी मुझे अपने घर में लाया... फिर मुझे लेकर एक रूम के सामने आकर दूर पीटने लगा..

आदमी : kalpana...kalpana...

डैड : क्या हुआ ..

आदमी : दरवाजा खोलो...

कुछ देर बाद दूर khula...aur एक लड़की जो नाईट ड्रेस में थी वो बहार आयी...

कल्पना : चलो चले स्टेटमेंट देने..

आदमी : क्या matlab...kaisa स्टेटमेंट...

कल्पना : चुप दल्ले आती हों मई कुछ देर me...uski भरी सी आवाज आयी...

कैसे पॉसिबल हुआ ये मई नहीं जनता था मई उस आदमी से थोड़ी काम हैरत में था लेकिन मेरे लिए बहुत.. मुझे बस सेठ को बचाना tha...kaise भी करके..

वो मेरे पीछे पीछे चल दी ..आदमी रोक्त्ता तो वो गाली देती ..

मई बाइक पर बैठा तो वो मेरे पीछे बैठ गयी ..

और मैंने बाइक आगे बढ़ा दी...

कुछ देर बाद मई पुलिस स्टेशन में उसी अफसर के सामने था ..

वो हैरत से मुझे देख रहा था...

कल्पना: मैंने सेठ प्रकाश को झूठे इल्जाम में फसाया मुझे ऐसा करने के लिए दीपक शये ने पैसे दिए थे ताकि सेठ मजबूर होकर अपनी बस्ती उसे बेच sake...mai अपनी f.i.r वापस लेने आयी हों...

अफसर : व्हाट ..इस केस को तो मीडिया ने भी कवर किया hai...ek मिनट...

और वो कॉल करने लगा...

अफसर : hello आद्या mam..aur उसने फ़ोन पर साडी बातें बता दी ..

अफसर: हाँ मम लड़की कह रही उसने फसाया hai...thik है ..नहीं आप घर जाये मई देख loonga...haan कर लूंगा... रिकॉर्ड... okay...

उसने न जाने बड़ी अफसर से क्या बात ki...phir कल्पना की वीडियो रिकॉर्डिंग की उसके स्टेटमेंट के sath..kalpana से बार बार उसने कन्फर्म किया की मई दरकार तो बयां नहीं बदलवा रहा हों लेकिन कल्पना मुजर gayi...aur फिर उसने सेठ को निकलने के लिए हवलदारों से कहा...

उसके आखिरी शब्द सुन जैसे मेरी जान में जान आयी...

Officer:ladki को अरेस्ट कर लो..

मई : मई जॉन..

अफसर : यहाँ सिग्न कर दो ..

मैंने और सेठ ने सिग्न किये ..

अफसर: प्रकश सेठ सुबह आ जाना मैडम से मिलने..

सेठ ने हामी भरी...

और हम पुलिस स्टेशन से बहार आये ..

पीछे सेठ को बिठा कर मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ..

सेठ : थैंक यू बीटा ..

मई: बस मेरी बहन से दूर रहना...

सेठ : तुम्हारी बहन एक डैम गुलाब है बहुत प्यारी गुड़िया...

मई : seth...bata दूँ आदित्य मैडम को .

सेठ : अरे भाई वो इतनी सुन्दर है उसकी तारीफ कर रहा था ..वैसे वो धंदे में कैसे आ गयी...

मई : वो शुरू से hi रंडी थी पढ़ाई के नाम पर कॉलेज में कभी स्टूडेंट कभी टीचर से चुदवाती थी... फिर वो यहाँ आ गयी ..और मई उसे ढूंढ़ने आ gaya...asal में मई डिप्टी की आड़ ने लव को एब्यूज कर रहा था .

सेठ: समझ सकता हों तुम्हारे दिल पर क्या बीत रही hogi...beti बहन पत्नी रंडी निकल जाये तो ज़िन्दगी झंड हो जाती है सिवाए सुसाइड के कोई रास्ता नहीं बचता..

मई : मई नहीं मरने वाला सेठ किसी रंडी के liye...lo घर भी आ गया...

बस्ती वालो ने मुझे सेठ के साथ देखा वो सब भाग कर मेरे पास आने लगे..

मई : अबे उतरने तो दो ..

वो मुझे उठाकर भैया सेठ जी को ले ए बार बार रिपीट कर रहे थे...

शोर सुन सेठ जी के घर का दूर खुला और दोनों बहने बहार आयी ..सेठ को देखते hi वो दोनों उससे लिपट गयी ..

मई : उतरो भइओ देखो मैडम आ गयी ..

मई निचे उतरा और बाप बेटिओ को मिलता देखने लगा...

सेठ से अलग होकर दोनों मुझे देखने लगी....

अदिति : थैंक you...uske मीठे bol...jaise मेरे कानो में घुल गए और अजीब सा सुकून मुझे महसूस हुआ किसी की हेल्प करके...

थैंक यू सो मच chikne...rishu आयी और मेरे गले लग गयी...

और उसने मेरे गलो को चुम लिया...

खो kho...seth के खस्ने पर वो अलग हुई..

परसो के दिन हमारी कुल देवी इस बस्ती में आयी परसो पिछली बार से भी बड़ा उत्सव होगा utsav...ek बस्ती वाला जोश में चीखा...


सेठ : हाँ jarur...is साल हमारी बेटी के आने की खुसी में मेला लगेगा वो भी बड़ा सा सब तरह के पकवान बनवाये jayenge...khub नाच गण होगा...

बस्ती वाले खुश हो गए थे सेठ के जवाब से...

सेठ : चलो अब सब जाकर सो jao....tum भी.. आखिर में सेठ ने मुझसे कहा..

मई : अदिति जी मेरा सामान..


रिशु : अंदर aao..aao न...

सेठ : चलो अंदर चलते है...

सबके साथ मई अंदर आया..

अदिति जी ने कैट उठायी और रिशु ने बैग उठाया ..

रिशु : कैसे आजाद कराया डैडी आपको...

अदिति : बहुत प्यारी है ..क्या नाम है इसका ..

मई: कोई नहीं आज hi खरीदी ..आप hi रख दो ...

अदिति : lucy...kaisa नाम है..

मई: बहुत प्यारा...

मई : ठीक सेठ चलता hon...maine बिल्ली li..aur बैग उठा कर बहार आया...

फिर चलता हुआ अपने रूम में..

मेरे दूर पीटने पर डिप्टी ने खोला ..

डिप्टी रात के 4 बजे आ रहे हो ..

मई : haan...mai अंदर आया मैंने बैग निचे रखा और लूसी को अपने पास लिटा लिया बीएड पर..

Aaah...dipty मेरे पास लेटने लगी की मैंने लात मरी उसके..

मई : लेट मत कुटिया मेरे पेअर दबा बहुत थक गया हों मई...

और वो चुप चाप मेरे पेअर दबाने lagi...lette Hi मुझे नींद आ गयी....

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मॉर्निंग...9 a.m

मई yahan...mai यहाँ कैसे aayi...nind से जागते hi आना अपने आप से बातें करते हुए बोली...

मई : मुझे तो देसूजा ने ग्रेव me...mujhe लक्समी ने भेजा है प्लीज मरना mat....water..water...

और आना को पिछली रात की साडी बातें याद आ गयी...

एक्सक्यूज़ में कोई है yahan...is सड़ेले हॉस्पिटल में अपुन को कोण laya.....ana की चीख पर नर्स भहगति हुई आयी...

हतेली ये जगह उस ग्रेव से तो ाची है बे thankful...usne दिल में सोंचा.

नर्स: लेती रहो mam...apke बोतल चढ़ रही है...

नर्स की बात सुनकर आना लेट गयी...

आया : मुझे कोण लाया यहाँ...

नर्स : वो चले गए आपका बिल पाय करके...

आया : अच्छा मेरा फ़ोन उस देसूजा ने तोड़ दिया अपना फ़ोन डौगी मुझे अपनी फॅमिली से बात करनी hai...phir उस देसूजा की गांड तोडूंगी...

नर्स ने फ़ोन diya...aur वो नंबर डायल करने लगी...

माँ देसूजा के परिवार में किसी को नहीं chhoregi...unhe कॉल मत कर ana.revenge अपने आप लेना ताकि माँ को तुझ पर प्राउड फील ho..number डायल करते हुए आना को अपने दिल की आवाज आयी...

और वो डायल किये नंबर को मिटा कर दूसरा नंबर डायल कर देती है..

कुछ देर बाद उधर से कॉल पिक होती है...

Hello who...arsu कॉल पिक करके बोलै..

आया : हु के बच्चे it's में आना...

ारसु : कहा हो madam...mother कितना वोर्री है आपके लिए फ़ोन भी ऑफ आ रहा है आपका....

आया : ssshh...itne सरे question...tum सिर्फ सुनो...

ारसु : जी सुन रहा हों..

आया : मई हॉस्पिटल में हों जल्दी से यहाँ आओ...

ारसु: कोण से हॉस्पिटल..

आया : मुझे नहीं पता मई यहाँ बेहोशी में आयी हों लो नर्स से बात करो...

कहते हुए आया ने फ़ोन नर्स को पकड़ा दिया जो एड्रेस बताने लगी...

नर्स : वो कह रहे है आधे घंटे तक पहुंच रहे है...

आया : इसे थोड़ा तेज karo...hurry उप .

नर्स ने पास आकर बोतल की स्पीड बढ़ा दी...

और आना लेते लेते वेट करने लगी...

आधे घंटे बाद ारसु बहुत से बॉडीगार्ड के साथ आना के सामने था..

ारसु: मम आप ठीक तो है क्या हुआ आपको..

आया : इन सबको बहार भेज ..

ारसु के इशारे पर सभी बोडीगार्ड्स रूम से निकल गए...

ारसु: क्या हुआ मैडम...

आया: अपुन उस हतेली स्नेहा की ग्रेव पर गयी थी .....और स्नेहा सब बता देती है...

ारसु: आप बची कैसे ..

आया: हाँ बता रही हों... मई हिम्मत हार चुकी थी फिर ...आया फिर सब बता देती hai...usne भी किसी लक्समी का नाम लिया...

ारसु: देसूजा जिस लक्समी की बात कर रहा था और वो जिसने आपको बचाया जिस लक्समी की बात कर रहा था दोनों शामे लक्समी की तो बात नहीं कर रहे...

आया : तुझे लगता है ब्लैक मैजिक होता है..

ारसु: ओफ़्कौर्से ये होता hai....aap घर चले मदर आपके लिए बहुत परेशां है ..आप उन्हें देखेगी तो पहचान नहीं payegi...desouza लक्समी का फैसला भी वही करेगी .

आया : वो नहीं मई करुँगी देसूजा से बदला भी मई hi लुंगी तुम माँ को कुछ नहीं बताओगे... बूत सबसे पहले पता करो मुझे बचाया किसने जिससे हम लक्समी तक pahuche...hey नर्स तुम्हारे हॉस्पिटल में कक्तव है...

नर्स ने सर हिलाते हुए हामी भर दी...
 
गीज़ तुम लोगो के जवाब पढ़ लिए मैंने और स्टोरी उसी हिसाब से आगे बढ़ रही है ...राइटर को कुछ भी कहकर स्टोरी क्लोज न करना.. इन्सेस्ट प्रेफिक्से में स्टोरी है इसका बिलकुल मतलब नहीं स्टोरी इन्सेस्ट है स्टोरी हॉरर एडवेंचर पर बेस्ड है और ज्यादा मई कुछ कहूंगा नहीं जिसे पसंद है साथ रहे जिसे नहीं उसकी अपनी मर्जी बूत don't से एनीथिंग तो थे राइटर
 
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