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Episode 6
थे जर्नी बेगिंस.
नए लगते ho..yahan सभी के लिए जगह hai...mujhe एक लड़की की कोयल सी आवाज सुनाई di..aur फिर अपने ऊपर ब्लैंकेट पड़ता महसूस hua....dil टूटने की वजह से मैंने अपने ऊपर ब्लैंकेट डालने वाली को देखा भी नहीं ब्लैंकेट से सर निकल कर....
नेक्स्ट कंटिन्यू...
सुबह उठा तो देखा सामने लोग खड़े है लाइन से जहाँ खड़े उस जगह को देखा वहां वाशरूम लिखा देखा...
मरता क्या न करता मई भी लाइन में लग गया...
2 घंटे बाद मई वाशरूम से फ्री हुआ और टंकी जहाँ लोग मुँह हाथ धो रहे थे वह से मुँह हाथ धोया..
मई : यहाँ कही काम के liye...sune भाई...
दूर हैट..
मई : 1 मिनट बात तो करो..
मैंने कई लोगो को पुकारा बात करने के लिए लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया...
फिर आकर एक पेड़ पर बने स्लिप पर बैठ गया...
मई : suniye..kuch देर बाद पेड़ के पास एक बिकलांग आदमी आकर बैठा और मैंने उसे पुकारा..
कहा से आये ho..usne पूछा.
मई : शिमला से..
आदमी : किस लिए...
मई : जॉब की तलाश में लेकिन तुम्हारी मुंबई के लोग तो सुनते hi नहीं..
आदमी : यहाँ के लोग बेहरे और अंधे है ये कुछ नहीं सुनते सिवाए पैसो की झंकार ke..ye मुंबई है मुंबई यहाँ ऊँची ऊँची इमारते है और इंसानो के दिल पत्थर के ..यहाँ बस एक hi चीज़ पूजी जाती है वो है पैसा ..
मई :हाँ ऐसा hi है ...क्या यहाँ रहने के लिए रूम मिल जायेगा..
चल हैट मेरे काम का समय हो gaya..wo अपने थैले में से कटोरा निकलता हुआ bola...aur आगे बढ़ गया..
मुझे ज़िन्दगी का सबक देकर.
GHirrrrrr...ek बचा मुँह से बाइक की आवाज निकले भाग रहा था की मैंने उसे पकड़ लिया...
मई : बचे यहाँ रूम मिल जायेगा..
बचा : अंकल छोड़ो मई पेन्सिल लेने जा रहा हों ...
मई : अरे चले जाना प्यारे बस बता दे यहाँ रूम खली है..
बचा : आकर बताऊंगा..
उसने जल्दबाजी में कहा और खुद को छुड़ा कर भाग गया...
कुछ देर बाद वो पेन्सिल लिए लौटा और मैंने फिर उसे पकड़ लिया...
मई : बचे बता दे मई तुम्हे चॉकलेट लेकर दूंगा...
बचा : आओ मेरे साथ..
और मई उसके साथ चल दिया..
बचा : पहले तुम्हे मेरी छुट्टी करनी होगी उसके बाद मई तुम्हे रूम दिलाने ले चलूँगा...
मई : वो किस तरह..
बचा : तुम बहार खड़े रहना उस सामने वाली खोली ke...jaise hi सिटी की आवाज ए तो जो खोली की स्टैर्स पर घंटी लगी है उसे बजा देना..
वो मुझे सामने एक घर को और उसके बहार स्टैर्स पर लगी घंटी दिखते हुए कहने लगा...
मई : ठीक hai...wo उसी घर से सटे एक बड़े से हॉल के रूम के घुस गया..
मई खड़ा उसका वेट करने लगा..5 मिनट हो गए लेकिन कोई आवाज नहीं आयी ये देख मई चलता हुआ स्टैर्स के पास आया..
तन तन tan...aur मैंने घंटी बजा दी...
हाउ डरे यू दो that..bloody विल्लगेर ांपर गवर..
मई पलटा hi था की मेरे सामने का दरवाजा खुला और उसमे से एक लड़की सुन ग्लासेज लगाए जिसके फेस से इनोसेंट झलक रही थी मुझ पर चिल्लाई...
लड़की : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई छुट्टी करने की.. बतमीज़ जाहिल ांपर.
मैंने पीछे मुद कर देखा सरे बचे उस घर से आत्ताच हॉल से निकल कर जा रहे थे खुस hokar..jise मैंने रोका था वो मुझे देख कर जीभ निकल रहा था...
मई : ांपर ..यही मेरी बदकिस्मती है मैडम अनपढ़ होता तो कही माली का काम मजदूरी कर रहा होता मगर क्या करूँ मई एडुकेटेड हों b.a pass..kha गयी न आप भी dhoka..agar आज मई बढ़िया सूट पहने शानदार गाड़ी में आता तो आप मुझे बतमीज़ी जाहिल ांपर न कहती....
मेरी बातों उस लड़की का सर शर्म से निचे हो गया..
लड़की : मेरा वो मतलब नहीं था आपने ये वेल क्यों बजे..
और मैंने बचे से हुई साडी बात बता दी...
लड़की : यहाँ के बचे बहुत तेज है.. तो आप रहने की जगह की तलाश में है ..
मई : सही समझी मैडम...
लड़की : रूम मिल जायेगा इसके लिए आपको शाम तक का वेट करना होगा..
मई: कर लूंगा जी...
लड़की : रुको मई बुलाने भेजती हों किसी ko...jhagan..suno...mujhse कहकर उसने किसी को आवाज दी...
लड़की: ारः hai..use भेजती hon..by थे वे I'm अदिति..
मई : रॉक...
है टीचर दीदी क्या बात है...
एक लड़के की आवाज पर मई palta..aur मेरा जुमला अधूरा रह गया...
अदिति : ये है रॉक अंकल से कहना किरायेदार है रूम के लिए आकर बात कर ले..
आदित्य के कहने पर लड़के ने मुझे देखा फिर उसका रिएक्शन बदल गया..
अदिति : कुछ देर में आएंगे तो बात कर लेना..
मई : ठीक है...
वो जिस रूम से आयी उसे से वापस चली गयी...
मई स्टैर्स पर बैठे hi वेट करने लगा..
तुम hi हो वो जो रूम की तलाश में आये हो..
कुछ देर बाद मुझे एक आदमी की आवाज aayi...aur मैंने सर उठा कर उसे dekha..wo कोई 60 साला बूढ़ा आदमी था जिसके सर पर काळा सफ़ेद बाल थे .काळा बस नाम के hi रह गए थे .साथ में उसके झगन था .
आगये आप uncle...yahi है वो .इतने में अदिति ने दूर खोल कर कहा..
मई : जी...
आदमी : कहा से हो...
और फिर मैंने उसे अपनी पूरी देतीअल दे दी.. आइडेंटिटी कार्ड की जगह डाक्यूमेंट्स दिखा दिए b.a के..
आदमी : कहा रखे इसे अदिति बेटी..
अदिति : जहाँ बचो को पद्धति हों उसके ऊपर वाला रूम दे दो...
आदमी : आओ मेरे साथ...
और मई उस आदमी के साथ चल दिया..
ये घर से आत्ताच एक बड़ा सा हॉल था..
जिसमे एक ब्लैक बोर्ड लगा tha...sath में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां थी...
आदमी : अब से 20 साल पहले ये गोदाम था मेरा काम ख़त्म हुआ फिर 2 साल पहले मेरी बेटी अदिति ने इसे खली करा कर बचो का स्कूल बना दिया जो गरीब बचो को मुफ्त में पड़ती है.
मई : ये तो बहुत ाचा काम है..
सुदीओ से हम ऊपर aaye...upar एक रूम बना था जिसके साथ आत्ताच वाशरूम और बड़ा सा छत का आंगन था...
इतने में मुझे अदिति अति दिखाई दी...
अदिति ने अपने अंकल को अकेले में बुलाया और बात करने लगी... जहां पीछे hi रुक गया और मई रूम देखने laga...jisme एक बीएड पड़ा था जो डबल बीएड tha...ek दो बाल्टिआन राखी थी बीएड पर गद्दे पड़े थे जो गंदे थे bahut..lekin कोई बेडशीट नहीं थी..
आदमी : सुनो ...यहाँ रात में चोर छक्के आते है तो तुम्हे साबधान रहना होगा ..रात को निचे जीने का दूर बंद रहेगा .है तो कुछ नहीं लेकिन सावधानी के लिए..
अदिति : इसके लिए तुम रात के 9 बजे के बाद बहार जाने की परमिशन नहीं होगी..
मई : ठीक है जी...
अदिति : अरे ये किसका hai...aditi को ग्रिल के साथ लगी दीवार पर एक पर्स दिखाई दिया...
जिसे वो खोलकर ओपन करने लगी..
अदिति : इसमें तो तुम्हारा आधार कार्ड है...
और मई चुका गौर से पर्स देखने लगा...
वो मेरा hi पर्स था...
अदिति : तुम्हारा पर्स यहाँ कैसे..
मई : शायद मैंने hi रख दिया हो अभी..
पर्स में सिर्फ मेरे डाक्यूमेंट्स थे एक भी रुपया nahi...maine दिमाग के घोड़े दौड़ाये और मेरा शक झगन पर gaya...jise मैंने कन्फर्म करना tha..ki वही चोर hai..maine पर्स चोरी होने वाली बात छुपा ली ये सोंचकर अगर कहता ये चोरी हुआ था तो अदिति और उसके अंकल का शक मुझ पर भी जाता....
मई : अंकल रूम ठीक है ...किराया भी बता दे..
अदिति : 10क ..
आदमी : वैसे इसके 20 हजार से ज्यादा लेते है लेकिन मेरी बेटी ने कह दिया तो इतने hi दे देना..
अदिति : जॉब लगते hi किराया बढ़ जायेगा..
किराया मुनासिब tha..shayad काम जो मेरे बेरोजगार अदिति को बताने की वजह से हुआ..
मई : ठीक है..
आदमी: पहले महीने का किराया एडवांस देना होगा..
मैंने हामी भरी और अपनी जेब में हाथ dala...aur पैसे निकल कर दिए..
मई : मेरे पास काफी पैसे है आप कहो तो 2 महीने का और एडवांस दे सकता हों..
मैंने झगन को दिखते हुए जेबो पर हाथ fere...mujhe ये. भी दर था की कही बुद्धा मांग न ले .
आदमी : मंथ तो मंथ देना..
मई : जैसा आप कहे.. फिर उन्हें दिखते हुए मैंने जेब से पैसे निकल कर रूम के एक स्लिप पर रख दिए..
मई : बहुत वजन होता है जेबो में isliye..mai अदिति को दिखते हुए bola..aur मई चोर नजरो से झगन को देख रहा tha...uski निगाहे पैसो पर hi थी..
मई : रूम की सफाई कर लेता हों...
वो हामी भरते हुए चले गए...
रूम की सफाई के लिए झाड़ू भी नहीं थी जो सोंच मई बैठ गया...
मैंने अपने पैसे उठाये और गिनने लगा..
साला तीन हजार में क्या आएगा गैस की चूल्हा की कपडे ..
और तुम कह रहे थे और 2 महीने का एडवांस देने के liye..by थे वे मई पूछने आयी थी खाना कहा khaoge..itne में अदिति आयी और मेरे रूम के बहार कड़ी होकर कहने लगी ..शायद उसने मेरा खुद से बोलना सुन लिया था.
उसकी बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया फिर कहा..
मई : पता नहीं खा कहूंगा..
अदिति: खाने का 5क देना होगा हर महीने तो हमारे साथ खा सकते हो.
मई : थैंक यू मैडम..
अदिति : ब्लैंकेट ले आना उठा कर ठण्ड लगेगी नहीं तो रात में .
मई : वो आप थी..
अदिति : क्या फर्क पड़ता hai..mai जाग रही थी तो तुम बिना ब्लैंकेट के सोते dikhe..ye साडी बस्ती अंकल की है जो पैसे रखते उन्हें रूम दे देती हों किराये पर जो वहां फुटपाथ पर सोते उन्हें ब्लैंकेट...
वो बोल रही थी और उसके लफ्ज मेरे कानो में घुल रहे they..kitni मीठी आवाज थी उसकी...
अदिति : मई hi बोलती जा रही हों ..ाचा मई तुम्हारे खाने के लिए कुछ लती हों..
मई : अभी बस मुझे झाड़ू चाहिए ...सफाई करने के liye..sari साफ़ सफाई के बाद खाऊंगा..
उसने हामी भरी .
अदिति : अभी बचे के हाथ भेजती हों..
और वो चली गयी...
कुछ देर बाद बचा aya..usne झाड़ू दी तो मैंने 10 रुपए का लालच देकर उसे भी अपने साथ लगा लिया और वो बुला लाया अपने दोस्तों को..
हम सबने मिलकर रूम की सफाई ki..room धोया..
कुछ पैसे देकर मैंने बचो से hi कुछ सामान मंगवा लिए ..ब्लैंकेट भी मेरा बचे hi निचे से ले आये थे .जिसे मैंने बीएड पर बिछा लिया था..
फिर सबको मैंने 10 ,10 रुपए देकर छुट्टी कर di....maine उन्हें ये भी दिया के झगन से कहना रॉकी अंकल के पास बहुत पैसे है... सबको 10 ,10 रुपए दिए..
फिर मई रूम से निकल कर मार्किट आया और मैंने फाड् से 1 जोड़ी कपडे liye...aur एक rajai...aur एक लॉक..
मई वापस आया और नहाया फिर मई रजाई ओढ़ कर लेट गया...
कुछ देर बाद झगन खाना लेकर आया...
जहां: अदिति दीदी ने खाना भेजा hai..aur कहा है रात का खाना खुद लेने आना .
मैंने उसे देखा और अंदर बुला लिया..
मई : ठीक है..
जहां : बर्तन खा कर स्टैर्स पर रख देना वह जाकर .
मई : जहां यार यहाँ लॉक की शॉप पता है लॉक नहीं है रूम me..chalo तुम जाओ अब कल hi लाऊंगा..
मई उसका रास्ता साफ़ करते हुए बोलै..
वो गर्दन हिलता हुआ चला गया..
खा कर मैंने बर्तन अदिति को दिए...
फिर अपने रूम में आकर लेट गया..
रात में अदिति खाना लेकर ayi..aur साथ में hi प्लेट लेकर चली gayi...mujhe सुना भी गयी की मई आया नहीं..
और फिर मई रूम खोल कर वेट करने लगा....
मुझे काफी देर हो गयी जागते hue..raat का 1 बज रहा tha...nind भी मुझे आ रही thi...aur मैंने ये सोंच कर आंखे बंद कर ली की वो नहीं आएगा...
मई हलकी नींद की वादीओ में था की मुझे अचानक से ठण्ड का अहसास हुआ...
मेरी सोंचे बचे कुछ पैसो के चूर्ण के ख्याल से मुझे नींद से बहार ले aayi..room किसी ने खोला था जिससे हवा अंदर आयी thi...koi मुझे मेरे सर पर खड़ा मुझे देखता महसूस हो रहा tha..maine वैसे hi आंखे बंद राखी .
वो चला तो मुझे अहसास hua..wo स्लिप पर जा रहा है पैसे लेने...
और मैंने अचानक से उठकर बाद से कूद कर लात और कोहनी उसके मारी..
आआअह्ह..
कराहते हुए वो गिरा और उसके ऊपर mai...fir जो मैंने मरना शुरू kiya...uski चीखे गूंजने लगी...
उसके रोने तड़पने की आवाज से मुझे अहसास हो गया ये झगन है...
झगन: भैया छोड़ दो... बहुत दर्द हो रहा है..
मैंने छोड़ा और लाइट जलाई... वो झगन hi tha..maine उसका मास्क खींच लिया था..
मई : भगा तो और मरूंगा चुप चाप baith...mere लाइट जलने पर वो भागने की कोशिश करने लगा लेकिन पीटने की वजह से स्लो हो गया tha...meri आवाज पर चुप चाप आकर बैठ गया...
मई : सेल मेरे स्टेशन पर पैसे तूने hi चुराए they....jhut बोलै छत से फेक दूंगा..
और मेरी आँखों के सामने वो लम्हा आया जब मई स्टेशन से निकल रहा था और इससे takraya...wo यही था..
झगन : मुझे तो किसी का चहेरा भी याद नहीं रहता लेकिन तुम्हरा पर्स पूरा hi मार लिया जिसमे तुम्हारे डाक्यूमेंट्स में फोटो दिख gayi..aur तुम याद rahe..pata नहीं था यहाँ ाजाओगे..
मई : ाचा चल मेरे पैसे दे...
झगन : मैंने खा liye...maa को दे दिए खर्चे के liye...aur उसने रोनी सूरत बना ली...
मई : पैसे तो तुझे देने होंगे कैसे भी करके... मेरे पास खर्चे के लिए कुछ भी नहीं है...
झगन : नहीं है भैया अभी चोरी करूँगा तब दे दूंगा...
मई : चोरी...
झगन : हाँ...
मई : कितने कमा लेता है महीने के..
झगन : घरो में एक रात में लाखो की हो jati..lekin 5 महीने पहले पकड़ा गया था तब 3 महीने जेल की हवा खाई और सालो ने मारा भी bhut...uske बाद स्टेशन पर गाओं से रिश्तेदार को लेने जा रहा था तब तुम हाथ लग gaye..tab से कोई चोरी नहीं की...
मई : कैसे चोरी करता है घरो में...
और वो मुझे डिटेल बताने लगा...
मई : अब से हम दोनों चोरी करेंगे..
झगन : kya...uski आंखे फ़ैल गयी..
मई : तूने सही suna...is दुनिया में सब कुछ पैसा है... पैसा है तो तुम्हारे पास अपने है प्यार है.
और मेरी आंखे बंद हुई और भीग गयी पल भर में..
Hmm-mm-mm, hmm-mm-mm
Aa-aa-aa, aa-aa-aa
हाय मर hi जॉन जो तुझको न पाऊं..
Hmmm-hmm-mmm-mm -हो हो -होओओओ
मई : हाँ प्यार bhi....kal से हम चोरी karenge...ab ये बता कौनसे सामान की ज़रूरत पड़ेगी मुझे..
झगन : घर में चढ़ने के लिए रस्सी और एक चाकू अगर पिस्तौल नहीं है और एक तार लॉक खोलने के liye...mooh छुपाने के लिए मास्क...
मई : चल ठीक है कल दोनों चलेंगे क्या कहता है...
और वो खुश होते हुए हाथ जोड़ने लगा...
कल दोपहर में हम दोनों मार्किट आये और ज़रूरत का सारा सामान लिया...
झगन के साथ मई घरो को देखने लगा और झगन ने एक बांग्ला सेलेक्ट Kiya...usne बताया ये काफी अमीर hai...aur हमारा रात का प्लान बन गया..
रात का खाना खा कर हम दोनों वेट करने लगे....
मई : तुझे कैसे जानती अदिति जी...
झगन: बिहार से 3 दिन का सफर करके जब मई यहाँ रहने के लिए आया तो किराये के लिए पैसे काम पद गए साथ में छोटे बहन भाई और माँ थी ..जब सेठ ने काम पैसो की वजह से रूम देने से इंकार कर दिया तब थकन और सर पर छत न देख मेरे आंसू निकल ए जो अदिति दीदी ने किराया लिए बिना रूम दे दी और कहा ये पैसे तुम अपने खर्चे के लिए रख lo..wo बहुत अच्छी है..
मई : इसका मतलब वो सबकी हेल्प करती है मई कोई स्पेशल नहीं hon..maine दिल में सोंचा...
मई : ये सेठ क्या मैडम का बाप hai..agar है तो अंकल क्यों कहती है..
झगन : शायद सेठ के भाई की बेटी हो कुछ लोग कहते है जो यहाँ के पुराने है 4 साल पहले सेठ उन्हें यहाँ लाये थे वही लोग बताते है सेठ ने उनका बहुत इलाज कराया है..
मई : अच्छा..
झगन : चले अब 1 बज गया है चलते चलते 2 बज जायेंगे..
मैंने हामी bhari...ham उठे और घर कमरे से निचे aaye...fir छुपते छुपाते सेठ की बस्ती से निकले...
सब तरफ अँधेरा फैला था बस्ती के अस्स पास की दुकाने बंद हो गयी थी रोड पर आकर देखा तो पुलिस जीप हॉर्न बजती जा रही hai...hamne वेट किया और उनके जाने के बाद हम रोड पर बानी दुकानों के पीछे से होते हुए चलने लगे...
आगे आगे झगन था पीछे मई..
1 घंटे तक छुपते छुपाते आखिर हम अपने चुने हुए घर के पास आकर रुके ये इलाका अमीर लोगो का था जिनकी गाड़ियां बहार hi कड़ी थी उनकी आड़ में छुपकर हम घर में घुसने का प्लान बनाने लगे...
मई : कैसे जायेगा अंदर...
झगन : गाड़ी पर चढ़कर दीवार पर दीवार से अंदर..
मई : सेल इनका अलार्म बज उठेगा...
झगन : तो ऐसा करो तुम मुझे अपनी पीठ पर बिठा कर दीवार पर चैदहव मई ऊपर आकर तुम्हे ऊपर चढ़ा लूंगा...
मई : तू घोडा बन मई चढ़ूंगा ...
और फिर वो घोडा बना उसकी पीठ पर चढ़कर मैंने दीवार पकड़ी तो मुझे नुकीले शीशे दिखे...
मैंने बैग में से टोर्च निकली और चढ़ने की जगह देखने लगा..
गेट के पास का रास्ता साफ़ था मगर वो ऊँचा tha..chadhne में भी और कूदने में भी...
मैंने झगन को वही घोडा बनाया और उसकी पीठ पर चढ़ मई उस गेट के पास की स्पेस पर aya...fir हाथ देकर झगन को भी ऊपर chadaya...fir धीरे धीरे हम निचे utre...samne hi दरवाजा और जीना था ऊपर के मेल पर जाने के लिए...
झगन: इसी रूम में...
वो सामने दूर को देख fusfusaya...jise मैंने धीरे मगर पावर से पुश किया तो पता चला लॉक्ड है अंदर से..
मई : लॉक्ड है...
मेरी बात सुन झगन ने मुझे पीछे किया और अपनी शर्ट के कालर से उसने एक टाट निकली लोहे की...
फिर मुझे वो टोर्च दरवाज़े पर डालने के लिए बोलै मेरे टोर्च की लाइट जलाते hi वो लॉक देखने laga...lock का सिस्टम बहार भी था अंदर बहार से लॉक होने wala...jise देख उसके फेस पर स्माइल आ gayi....usne तार डाला और दरवाजे से कान लगाए दूर लॉक की आवाज सुनने लगा तार घूमते हुए..
Khatt...ki आवाज़ से लॉक खुला मैंने थोड़ा सा पुश किया तो दूर खुल gaya..ham दोनों दबे पेअर अंदर आये और मद्धम रौशनी में रूम का जायजा लेने लगे...
ये हॉल था जहाँ सोफे मेज राखी हुई थी...
मेज पर hi बड़ी सिगरेट की डब्बी वो भी महंगी वाली जिसे उठा कर झगन ने जेब में रख ली...
हम आगे बढे तो टेबल पर चार्जर कैमरा और पद पड़ा था वो भी झगन ने रख लिया...
मई : मई आगे जाता हों...
उसने हामी भरी और मई आगे बढ़ gaya...aage के लिए किचन रूम थे जो गैलरी से होते हुए जा रहे थे...
मई एक रूम में घुस गया...
जहाँ एक लड़की लेती सो रही थी कोई दस साल के अस्स पास की...
बची को देख मई रूम से निकल गया...
मई आगे वाले रूम में जाने को हुआ की मुझे आवाजे आयी...
Aaaahhhh....aaj तो तुमने मजे दिला diye..kisi आदमी ने कहा..
और तुमने भी सारा निचोड़ liya..kisi औरत ने कहा....
दोनों चलते हुए दूर के पास hi आ रहे they...jise सुन मेरे दिल में धक् धक् होने lagi...aur मेरे कदम खुद पीछे के लिए पालते और मई उसी लड़की के रूम में आकर घुस gaya...room में आकर मई उसके बीएड के निचे आकर लेट गया...
जब साँस में सांस आयी तब मुझे झगन का ख्याल aaya...mujhe लग रहा था पहली hi चोरी में झगन अचे से मरवा देगा...
किसी ने दूर खोला और अंदर jhanka...fir मुझे पेअर दिखाई दिए जो लड़की के पास आये और फिर अगले hi लम्हे वापस हो गए..
मुझे बहार से औरत की आवाज आयी आने की जिससे मई समझ गया ये आदमी है रूम वाला..
रूम बंद करके वो चला गया...
उसके जाने के 5 मिनट तक मई वेट करने लगा झगन के पीटने की चीखो का लेकिन वो नहीं चीखा जिस पर मई बीएड से nikla...fir रूम se...bahar hi मई झगन से टकरा गया...
झगन : साहब जी माफ़ कर दो...
मई : सेल ये मई hon..aur फिर हम दोनों ने टोर्च की लाइट एक दूसरे पर मारी ..
मई : बंद कर और मेरे साथ आ...
झगन : वो आदमी और औरत कार से कही गए है वापस आएंगे..
मई : ाचा फिर जल्दी आ..
हम दोनों उसी रूम में आये जिससे आदमी औरत निकले थे ...
टोर्च की रौशनी में हाँ रूम का सामान देखने लगे वही झगन इक्विपमेंट उठाने लगा ऑफ करके...
मैंने अलमारी kholi...usme कपडे थे कपड़ो को हटा कर मई अलमारी देखने लगा और मुझे मिल भी गयी छोटी सी सेफ...
झगन : मिला kuch...wo मेरे पास आगया था..
मई: ये लॉक्ड है अगर गलत पासवर्ड डाला तो अलार्म बजेगा..
मेरी बात सुनकर झगन ने मुझे हटाया aur..apni पॉकेट में से उसने एक बड़ा मुट्ठी जितना शीशा निकला और टोर्च की रौशनी में कुछ देखते हुए बटन प्रेस करने laga...mai अलार्म के दर से इधर उधर देखने लगा...
खट्ट...
झगन : खुल gayi...are बाप रे...
सामने का नजारा देख उसकी आंखे बड़ी हो वैसे hi मेरी...
अगले hi पल मैंने अपना बैग निकला और सोना चंडी नगदी भरने लगा...
मई : तेरे बैग में आलरेडी दूसरा सामान है ये मई भर लेता hon...waha जाकर आधा कर lenge..maine उसे रोका लेकिन लालच में वो रुका नहीं साथ में वो भी भरने लगा...
आखिर में मैंने अपने बैग में दोनों हाथो से कॅश सोना चंडी दाल लिया...
झगन : तुमने ज्यादा भरा..
मई : sssshh..mai उसे छुपा दिया..
मई सोंचने लगा निशानी के तौर पर यहाँ कुछ रखूं...
मैंने ीदार उधर नजरे दौड़ाई और एक पेपर पैन मुझे आसानी से मिल गया...
जिस पर मैंने जोकर का मास्क बनाया और रख diya..pain मैंने अपने पास रख लिया..
खली तिजोरी में अब bas..mera मास्क पड़ा था...
मई : चल निकलते hai..wo किसी भी समय आ सकता है...
दबे पेअर हम दोनों चलने लगे ...
रस्ते में किचन पड़ा जिसे देख झगन उसमे घुस गया... उसकी हवस ख़त्म hi नहीं हो रही thi...wo साला बर्तन रखने लगा..
झगन : khaoge...wo मुझे कढ़ाई में रखे मटन को दिखते हुए बोलै...
मेरा पेट अदिति मैडम की 2 रोटी और थोड़े से चावलों से नहीं भरा था इसलिए मैंने भी हाथ साफ़ कर लिया..
मई : जल्दी chal...aur दांतो में नल्ली दबाये हम दोनों निकलने लगे...
हम दोनों उसी दीवार के पास ए जिससे अंदर घुसे थे की इतने में मैंने कसुआलय गेट पकड़ कर हिलाया तो वो खुल gaya...aur हम दोनों जल्दी से निकले...
Pii...pi...itne में हमें कार के हॉर्न की आवाज कुत्तो की आवाज और लाइट dikhi...sadak पर जो कार्स खड़ी थी मई झगन को लेकर उनके पीछे छुप गया..
कार हमसे आगे आकर कड़ी हो gayi...usme से एक आदमी निकला और उसी घर में घुस गया जिससे हम निकले थे...
मई : तेरे खाने की वजह से वो आदमी हमारी गांड मर रहा hota..agar एक मिनट और लेट होते...
झगन : सॉरी भैया...
मई : चल ab...aur फिर छुपते छुपाते हम लोग आगे बढ़ने लगे...
हमें मुड़ना था जैसे hi हम मुड़े की हमें सामने पुलिस दिखाई di...jo पेट्रोलिंग कर रही थी..
मई : और कोई रास्ता है..
झगन : पता nahi..haan ऊपर चाट se..rassi भी है हमारे पास.
मैंने छत को देखा जाया जा सकता था लेकिन अब हमारे पास सामान था जिस वजह से दिक्कत हो सकती thi...maine झगन को वापस लिया और कार के पीछे छुपना सही समझा..
5 मिनट बाद पुलिस वालो की कार का हॉर्न आना बंद हुआ तो मई उठा..
रास्ता साफ़ देख हम दोनों ने दौड़ लगा ली...
फिर छुपते छुपाते हम दोनों कमरे पर आये...
सामान निकल कर वो पद मोबाइल ेट्स. की सिम निकलने लगा..
सब कुछ लॉक था...2 मोबाइल 1 पद और बर्तन बहुत से वो अपने साथ लाया था..
मई : रख दे इसे यही बाद में ले जाना..
झगन : सरे सामान में से आधा आधा karo..ek मोबाइल तुम्हारा एक मेरा पद का आधा पैसा तुम्हारा आधा मेरा आधे बर्तन तुम्हारे आधे मेरे
मई : जब तुझे आधा आधा करना था तब तूने मुझे hi क्यों नहीं भरने दिया पैसा और sona...mai क्या मार लेता ...
झगन का मुँह लटक गया...
मई : रोनी सूरत बनाना बंद कर सुबह कर लेंगे आधा आधा...
और वो खुश हो गया..
झगन : अभी कर लेते है...
मैंने हामी भरी और हम पैसे गिनने लगे...
कॅश तीस लाख tha..jisme से आधे उसके आधे मेरे हुए..
सोना चंडी और सामान बेचकर आधे कल दिन में करने थे..
हमने चोरो वेक काळा कपडे उतरे और अंडरवियर में hi दोनों सो गए...
सुबह जब मेरी आँख खुली तब झगन मुझसे सत्ता सो रहा tha...jo देख मैंने उसके लैंड पर लात मरी...
आआआआह....
एक चीख के साथ वो उठा...
मैंने उठ कर मोबाइल में टाइम देखा तो सुबह के 12 बज रहे थे...
झगन : क्यों मारा...
मई : 12 बज रहे है...
उसने सुन कर अनसुना कर diya..maine सामान मास्क कपडे छुपाये फिर नहाने चल दिया... और मैंने गंदे कपडे hi अपने पहन लिए...
1 बजे झगन उठा और वो तैयार हुआ...
मई : सोना चंडी कहा बेचेगा..
झगन : अँधेरी में मेरा एक सर्राफा बनिया जानकर है वो खरीद लेगा..
मई : कब चले..
झगन : पहले जोड़ लून ये कितने का होगा..
और हम सोना चंडी का हिसाब करने लगे..
जो बैठा 25 लाख का सोना और 2 लाख की chandi..hamne अपने तरफ से सोने की आधी कीमत काम कर दी thi...ab देखना था ये कितने का बिकता है...
हम दोनों एक बैग में सोना चंडी भर कर रोड पर आये और हमने ऑटो लिया..
मई : मोबाइल मार्किट देख कर ऑटो रुकवा लेना कुछ सामान लेना है ..
झगन ने हामी भरी...
कुछ देर बाद हम मार्किट से गुजरे तो मैंने hi ऑटो रुकवाया..
मई : तू यही बैठ 15 मिनट तक मई आया..
और मई निकल गया...
एक मोबाइल शोरूम पर आकर मैंने 1 लॅक का महंगा फ़ोन लिया और एक नई सिम भी....
रेडी करके मई वापस ऑटो में आकर बैठ गया...
कुछ देर बाद हम अँधेरी में थे..
मैंने ऑटो वाले को किराया दिया और उसे चलता किया...
मई : कहा है शॉप.
झगन : सामने वाली..
वो मुझे ऊँगली से शॉप दिखते हुए बोलै..
मई : ठीक है तू जा मई यही वेट कर रहा hon...aur मैंने अपने फ़ोन का कैमरा ों करके उसकी ऊपर की जेब में रख दिया..
झगन : ये किस liye..bharosa नहीं है मुझ पर..
मई : अबे मई अपनी सिक्योरिटी के लिए कर रहा hon...agar हम फसे तो बनिया भी fasega...chal जा ab..wo मेरे दूरकरने पर चला गया..
वो सच कह रहा था मुझे उस पर बिलकुल भी भरोसा नहीं था....
आधे घंटे बाद वो आया...
उसके फेस पर मुस्कराहट थी मतलब साफ़ था वो बेच आया था...
मई : बिक gaya..mai अपना मोबाइल उसकी जेब से निकलते हुए bola..jisme वीडियो चल रही थी... जिसे मैंने सेव कर लिया...
उसने हामी भरी और ज्यादा बात किये बिना हमने ऑटो लिया वापसी के लिए..
हम घर आये तब उसने बताया माल 35 लाख का बिका है...
जिसमे से हमने वो भी आधे आधे कर लिए...
झगन : अब 6 महीने साल के लिए मई नीचु हो gaya...ek डैम टेंशन फ्री .
तो तुम उठ गए...
इतने में अदिति मैडम आगयी thi...red सूट शलवार में वो दुल्हन लग रही थी...
हाथो में उनके खाना था...
अदिति : तू यहाँ क्या कर रहा है..
झगन : कुछ नहीं दीदी वो मई भैया से पूछने आया था कुछ चाहिए तो बता देना वही..
कहते हुए उसने बैग उठाया और चलता बना..
अदिति: सुबह मैंने अपने स्टूडेंट को भेजा था तुम्हारे पास खाना देने उसने कहा तुमने दूर नहीं खोला तो मई आयी फिर भी नहीं खोला जानते हो कितनी आवाजे di..itni गहरी नींद के कौन सोता है...
मई : माफ़ करना मैडम गहरी नींद में था शायद..
अदिति : यहाँ रहना है तो जल्दी uthna.aur बर्तन धो कर लाना..
नाराज़गी में खाना रख कर पेअर पटकती हुई वो चली गयी और मई खाने लगा...
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अपनी माँ के बेहोश होने पर लावण्या चीखे मरते हुए उसके पास pahuchi..usne पानी डाला और जगाने की कोशिश की लेकिन besudd...halat बिगड़ते देख पड़ोसियों ने एम्बुलेंस बुलाई और लावण्या अपनी माँ को लेकर हॉस्पिटल पहुंची जहाँ उसकी माँ को भर्ती कर लिया गया था....
हॉस्पिटल में 6 घंटे गुजर गए थे लेकिन अभी तक लव की माँ को होश नहीं आया था...
की इतने में डॉक्टर दिखे उसे आते हुए उनसे पूछा..
डॉक्टर: पेशेंट गहरे सदमे में है होश आगया है लेकिन वो बार बार किसी रॉकी को पुकार रही है...
लावण्या: मई मिल सकती हों..
डॉक्टर: नर्स उन्हें दबाई खिला दे फिर मिल लेना...1 घंटे तक...
बेंच पर बैठ कर लावण्या कॉल लगा देती है..
लावण्या : ahana...aur लव सिसक सिसक कर रोने लगती hai..fir सिसकते हुए hi साड़ी बात बता देती है...
अहाना : मई कुछ देर में आती हों..
हाफ ऑवर बाद अहाना बॉडीगार्ड और अपनी माँ के साथ हॉस्पिटल में थी.
अहाना के आते hi लव उसके गले लग gayi..aur अहाना उसे सहनुभूति देने लगी...
कैसी हो बचा चलो चुप हो जाओ सब ठीक हो jayega..ahana की माँ लव की पीठ थप तपते हुए बोली...
अहाना : कब गया वो ..
लावण्या : होश में आते hi ..
अहाना : मई कल रात जाएगी thi...chale अंदर ौंटी से मिलने .
लावण्या : अभी नर्स है अंदर...
लव की बात सुनकर अहाना पास में hi बैठ गयी...
अहाना : मां आप चली जाओ बॉडीगार्ड है न ... प्लीज मां..
ठीक hai..tum इसे साथ लेकर aana..uski माँ बॉडीगार्ड से कहती हुई चली गयी..
अहाना : उसे कॉल लगा...
लावण्या : मई उसे जानती हों वो बात नहीं karega...maa की एक आह पर बेचैन होने वाला माँ की चीखो पर भी नहीं रुका...
मम ये बिल बना है ...काउंटर पर जमा कर do..itne में नर्स बिल लेकर दे गयी...
लव ने अपने बैग में से पैसे निकले तो 5 हजार निकले और बिल था 20 हजार का...
अहाना : मई पाय कर के आती हों फिर कॉल लगाना..
अहाना काउंटर पर आकर पाय करती है फिर
दोनों वार्ड के सामने बरी बरी से फ़ोन लगाती और रॉकी एक बार 1 सेकंड के लिए अहाना की कॉल उठता है फिर कट देता है दोबारा तरय करने पर नंबर ब्लॉक आता है..
अहाना : उसने ब्लॉक कर दिया...
उदासी से लव ने नजरे नीची कर ली...
इतने में वार्ड में से 2 नर्स nikli....jinhe देख अहाना ने उठते हुए उन्हें रोक लिया.
अहाना : क्या अब मई मिल सकती हों..
नर्सेज ने हामी भरी तो दोनों अंदर आयी...
लावण्या की माँ लेते आँखे बंद किये रो रही थी..
Maa...pass आकर लव ने अपनी माँ के हाथ अपनी आँखों पर रख लिए फिर खुद भी रोने लगी....
लावण्या : माँ आप रोना बंद करो वो आजायेगा शायद घर पर हो...
माँ : वो क्यों गया lavanya...mujhe बता मेरी bachi...wo क्या कह रहा था...
लावण्या : माँ तुम घर चलो फिर सब बता dungi...wo घर होगा बस तुम ठीक हो जाओ...
माँ : वो ऐसे नहीं जाता लव वो कभी नहीं gaya...use इतना गुस्सा क्यों आया....
जवाब देने की जगह लावण्या सिसकने लगी...
माँ : तुम बताओ बेटी रॉकी लावण्या और तुम्हारे बिच क्या hua...tum 2 दिन उस भूतिया बंगले में थे...
अहाना : उम् ऋचा आंटी रॉकी को विक्य के बारे में पता चल गया...
ऋचा : सिर्फ इस वजह se...usne मुझसे पूछना भी ठीक नहीं samjha...lavanya मुझे घर ले चल..
लावण्या : माँ आप ठीक नहीं हो अभी ..
ऋचा : मुझे ले चल मेरी बची मई अब ठीक हों.
लावण्या : अच्छा ठीक है हम डॉक्टर से बात करके आते है..
दोनों डॉक्टर के पास आयी और घर ले जाने के लिए बोली...
डॉक्टर ने दवाई दी और छुट्टी कर दी..
हॉस्पिटल से जब दोनों निकलने लगी तब किसी को देख अहाना रुक गयी..
अहाना : उफ़ माँ आप गयी नहीं...
मेरा बचा तुम अभी इतने बड़े हादसे से निकल कर आयी हो अकेला कैसे छोड़ देती...
ऋचा ने अहाना की माँ को देख हाथ जोड़ लिए..
फिर पांचो चल दिए...
लावण्या : तू जा मई ऑटो करके चली जाउंगी...
अहाना: नहीं छोड़ देती हों..
लावण्या: पक्का मई ले जाउंगी...
अहाना ने हामी भरी और वो अपनी माँ बॉडीगार्ड के साथ अपनी कार में बैठ गयी...
लावण्या रिक्शे पर अपनी माँ के साथ घर चल दी...
रस्ते भर ऋचा रॉकी के बारे में पूछते आ रही थी और लव उसे घर आगया होगा कहकर दिलसे दे रही थी..
घर आयी माँ बेटी तो घर सुना था...
ऋचा घर में इधर उधर देख कर बरामदे में बैठ इंतजार करने लगी..
लावण्या : माँ अंदर चलो कितनी सर्दी हो रही है...
ऋचा : नहीं मई उसका इंतजार karungi..aayega तो समझाउंगी की मैंने दोनों का प्यार देख शादी के लिए हाँ ki...ye भी समझाउंगी शादी का फैसला माँ लेती hai..itni सी बात पर कोई घर छोड़ कर जाता है..
लावण्या : माँ वो नहीं आएगा... समझती क्यों nahi...wo छोड़ गया हमें हमेशा के लिए...
ऋचा : क्या कह रही है तू...
लावण्या : तूने सुना न माँ उसने क्या कहा तू उसकी सगी माँ नहीं है मई उसकी सगी बहन नहीं हों...
और फिर ऋचा को सुबह के वो पल याद आये जब रॉकी ने उसे कहा वो उसकी सगी माँ नहीं...
ऋचा : मेरे लिए तो वो सागा hi tha..aur ऋचा फिर सिसकने लगी...
ऋचा : बेटी तूने क्यों बताया उसे उसकी सगी माँ के बारे में...
लावण्या कुछ नहीं boli...andar चली गयी ..कुछ देर बाद वो रजाई लेकर आयी उसने उसे ऋचा को ुधा दिया...
पास में उसने चूल्हा रख कर आग जला li...jis पर वो छाए बनाने लगी...
ऋचा : बचपन से इतना बड़ा किया उसे और वो अपनी माँ के बारे में जानते
Hi हमें छोड़ गया ..सरन आपका
खून गन्दा tha...mai उसे माफ़ नहीं करुँगी...
रॉकी के लिए ऋचा के शब्द सुन कर लावण्या का गिल्ट उसे अंदर hi अंदर कचोटे मरने लगा...
लावण्या : माँ चुप हो जा गन्दा खून वो नहीं मई hon...wo अपनी माँ के बारे में जानकर नहीं गया मेरे बारे में जानकर गया ..
ऋचा : क्या कह रही है तू...
लावण्या :अब मई ये बोझ अब और नहीं उठा सकती .. मई सब बताती हों ...12तह तक आते आते मेरा जिस्म मर्द की मांग करने लगा माँ..12 तक वो मुझे रोकता रहा फिर 10तह में उसने स्कूल ड्राप किया और मई भी ट्वेल्थ करके कॉलेज में agayi...mujh पर बहुत से लड़के आशिक़ हुए उन्हें तैसे करके मुझे बड़ा मज़ा अत अब मेरे साथ रॉकी नहीं था मुझे रोकने टोकने शायद मई उससे भी न रूकती इतनी आगे आगयी thi...jis कॉलेज में अहाना ने मेरा एडमिशन अपने साथ कराया वही मेरे साथ मेरे पीछे वो ट्वेल्थ वाले भी क्लासमेट आगये they..wo सब पावरफुल थे और उनसे दोस्ती करके मई भी वैसा hi फील करने lagi...unke साथ नशे की लत पद गयी और अपने साथ मई अहाना को भी के डूबी वो अकड़ू नकचढ़ी थी लेकिन उसे चरक्टेरलेस मैंने बनाया ...माँ मई जो तुझसे कहती थी रातो को स्टडी करुँगी अहाना के साथ वो सब झूट था मैंने कभी बुक भी नहीं खोली मई रातो में क्लब्स में जाती बॉयज के साथ और नशे में वो सब करती... कहते हुए लावण्या की जबान लड़खड़ा कर सिसकने लगी..
लावण्या : फिर मुझे सेक्स की लत लगी विक्य मुझे महंगे गिफ्ट देता और जैसा कहता मई करती अपनी मर्जी से ..जो रॉकी जान gaya...isi वजह से उसने हमसे रिश्ता तोड़ liya...tumne सामने से देखा मई रॉकी के साथ हों और तुमने हमें एक्सेप्ट कर जो मैंने रॉकी को bataya..to वो आप से भी नफरत करने लगा ..ये जाने बिना की आपने शादी के लिए हाँ की थी ना की मेरी इस तरह की आज़ादी ki...usne मुझे बताने hi नहीं दिया न कुछ suna...kehkar लव सिसकने लगी...
थोड़ी देर संभल कर जब लव ने ऋचा को देखा तो वो उसे hi देख रही थी ..
ऋचा : क्या तू hi मेरी औलाद hai...kash मई तेरे पैदा होते hi तेरा गाला घोट के मार deti...kulachni ..
ऋचा बड़ी नफरत से बोली...
लावण्या : माँ अब तुझसे वडा करती हों मई सब छोड़ दूंगी अब कभी कुछ ऐसा नहीं करुँगी जिससे तेरा मेरे भाई का सर झुके...
ऋचा : ख़बरदार जो तूने मुझे माँ bulaya...aaj से तू मेरे लिए मर gayi...aaj तेरा बाप ज़िंदा होता तो तुझे मर कर तेरे टुकड़े कर deta...tujh जैसी गन्दी औलाद मेरी नहीं हो sakti...aaj से तू मर गयी है मेरे लिए....
लावण्या मानती रही लेकिन ऋचा ने उसे कोई जवाब नहीं दिया...
आज 15 साल बाद वो रॉकी के बिना सो रही थी सोंच कर hi वो सिसक उठी...
न जाने कब वो रट रट वही सो गयी...
लव आग के पास hi बैठी रात भर जगती रही...
सुबह लावण्या ने ऋचा के उठने से पहले hi नाश्ता तैयार कर लिया था..
ऋचा उठी तो लावण्या उसके लिए नाश्ता निकल कर लायी...
ऋचा : तेरे हाथ का खून तो सरन और रॉकी का मॉस khaun...kehkar ऋचा उठी और घर से जाने लगी.
पास आकर लावण्या ने उसके पेअर पकड़ लिए...
लावण्या : क्या कह रही है maa...maa तुझे होश भी है...
ऋचा : मत बुला मुझे माँ कुलछ्नी तेरा मेरा रिश्ता ख़त्म हो गया मर गयी तू मेरे liye...aur मई तेरे liye...tune मुझसे मेरा बीटा चीन मई तुझे कभी माफ़ नहीं करुँगी...
लावण्या : माँ जो सजा दे दे लेकिन मुझे छोड़ कर ना jaa..mai तेरे बिना जी नहीं पाऊँगी...
ऋचा : अब तुझसे मेरा कोई रिश्ता नहीं तेरे सजा भी यही है ...तुझसे मुझे इतनी नफरत है तू मर भी गयी तो मेरा एक भी आंसू नहीं niklega...hramjadi ये बता मेरी परवरिश में क्या कमी thi...tune अपने बाप को देखा कितना सच्चा इंसान था wo...aur एक tu...hat मेरे पास se...ab से तेरा मेरा खाना अलग hoga...jab तक तू किसी के साथ मुँह कला करके नहीं चली जाती तब तक रह सकती है लेकिन ये भूल जा तेरा इस घर में कोई hai...chal छोड़ मुझे नहीं तो पडोसी भी जान जायेंगे की तू कितनी बड़ी हर्राफ़ा है...
ऋचा धक्का देकर आगे बढ़ गयी..
घर से निकल कर पास की बस्ती के अमीर घरो में जाकर वो घरो घरो काम मांगती उसकी रोनी सूरत देख किसी को उस पर तरस नहीं ata..dopahar तक उसने कई घरो का दरवाजा खटखटा लिया था ...एक घर वालो ने काम भी दिया तो 15 मिनट बाद ऋचा के हल्फने की वजह से उसे निकल भी दिया...
वो कल से भुकी थी हॉस्पिटल में hi उसने बस दरिया खाया था...
पेट की आग को दबाये वो रोड पर काम तलाश करके थक गयी तो एक खली बेंच पर बैठ कर सिसकने लगी...
ऋचा : तूने मुझसे मेरा बचा दूर किया है अब तुझसे मई हर रिश्ता तोड़ lungi...tu मर गयी मेरे लिए lavanya...kash मेरी ऐसी औलाद न होती काश तू मुझे अपने साथ ले गया होता...
3 बज गए थे उसे भूक की पुकार ने रोने से रोका..
थक कर रहा चलते लोगो के बिच ऋचा ने हाथ बढ़ा diya....aur उसके हाथ में किसी ने 10 रुपए रख दिए...
कुछ hi देर में उसके पास 50 रुपए हो गए थे...
ऋचा के जाने के बाद लावण्या फुट फुट कर रोने लगी...
लावण्या: तू मर जाये तो रॉकी आजायेगा और सब ठीक हो जायेगा...
लावण्या: तू बहुत बड़ी बुजदिल है लावण्या...
वो खुद से hi बातें कर रही थी...
इतने में उसे किसी के आने का अहसास हुआ और उसने सर उठा कर सामने देखा...
सामने पुलिस थी...
मई हों इंस्पेक्टर jagdis...madam आपको हमारे साथ पुलिस स्टेशन चलना होगा पूछताछ के लिए आपके मिसिंग दोस्तों के सिलसिले me...ham कई दिनों से आ रहे है पहले आप होश में नहीं थी कल आये तो पता चला आप हॉस्पिटल गयी है..
लावण्या : मई कुछ नहीं जानती प्लीज मुझे अकेला छोड़ दो...
इंस्पेक्टर: मैडम मामला c.m साहब के बेटे का है आपके सभी दोस्त ठाणे में है.....
न चाहते हुए भी लावण्या को जाना पड़ा...
ठाणे आयी तो उसे अहाना विक्य सृष्टि अवनीत रोनी सब hi मिले .और सबके पेरेंट्स भी साथ के थे सिवाए लव ke...jis तांत्रिक ने इन्हे बचाया था वो भी था...
इंस्पेक्टर: आप अपने दोस्तों के पास बैठे आपको क्कुह देर में बयां के लिए बुलाया जायेगा.
और लव के आने पर अहाना ने उसे अपने पास बुला लिया..
अहाना : ये बेलीवे नहीं कर रहे है जो हुआ सब वैसा hi बता दो ये तुमसे कहेंगे वहां चलने को तो कहना पहले अपने लोग भेजो अगर वो वापस आगये तो हम jayenge...darna नहीं मई hon...ham सबने यही स्टेटमेंट तैयार की है..
विक्की : लव मेरी डार्लिंग कैसी हो tum...tumhari आंखे कैसी लाल है..
लव ने कोई जवाब नहीं दिया बस अहाना की बात सुनकर सर हिला दिया...
बरी बरी से पुलिस वाले सब को बुलाकर उनका स्टेटमेंट लेने लेने lage...sabne hi शामे जवाब दिया...
थक कर स्पेक्टर अपने केबिन से सटे रूम में गया जहाँ c.m उदास बैठा tha...sabke बयां सुन उसे गुस्सा आ रहा था...
स्पेक्टर : अपने सब सुन लिया न ..
C.m : इन सबकी चाल है इन्होने मेरे बेटे को मारा hai...gusse में c.m रूम से निकला चलता हुआ वह आया जहाँ सभी मौजूद थे....
सेल मुझे बता कहा hai...mera बीटा...
C.m ने रोनी के बाल पकड़ लिए और उसके मुँह पर थप्पड़ मरने लगा..
वो सब c.m की वीडियो बनाने लगे...
इतने में पोलिसवाले आया जिसने c.m को किसी तरह रोका...
इंस्पेक्टर: ये अपने बेटे की वजह से परेशां है तो कोई भी वीडियो विरुल नहीं karna.....sir आप baithiye...kehte हुए inspector...ne c.m को कुर्सी पर बिठाया..
C.m : विक्य तू बता वह क्या हुआ था मेरे बेटे को किसने mara...tu तो उसका भाई उसका दोस्त है बता de...mai वडा करता हों तू जो कहेगा वो करूँगा..
विक्य : अंकल हमने सब सच बताया hai...mere सामने राम को मरकर वो लम्बे साये वाले खा gaye...wo घर हुन्तेद है ट्रस्ट नहीं तो अपने लोगो को भेजकर देख लो...
इंस्पेक्टर: आज मेरी टीम जाएगी अगर वो वापस आयी तो फिर मई तुमसे पूछूंगा अपने तरीके se...ab तुम जा सकते हो...
इंस्पेक्टर के कहने पर सब जाने लगे..
लव स्टेशन से निकल कर अलग को जाने लगी तो उसकी दोस्तों ने भाग कर उसे रोका...
अहाना : क्या हुआ tujhe...sab ठीक तो है...
लावण्या: हाँ घर जा रही हों माँ अकेली है...
अहाना : तैयार रहना इस मंडे को रिजल्ट आ रहा hai..sath लेने chalenge....fir साथ में hi एडमिशन...
लावण्या : मैंने स्टडी छोड़ दी है ..चल बाये.
अहाना : जानती हों रॉकी की वजह से परेशां hai..mai किसी टाइम घर आउंगी...
लव सर हिलती हुई आगे बढ़ी की विक्य ने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक दिया..
विक्य : कहा जा रही हो अभी हम मौत के मुँह से निकले और तुम बात भी नहीं कर रही हो..
लावण्या : हाथ छोड़ो mera...hamare बिच सब khatam...aaj के बाद मेरे अस्स पास भी नहीं दिखना...
लावण्या हाथ छुड़ाते हुए बोली...
विक्य : ये तुम क्या कह रही ho...mai तुमसे प्यार करता हों...
लावण्या : मुझे तोय की तरह दूसरे मर्दो के साथ सुला कर तुझे प्यार याद आ रहा है...
विक्य: वो मेरी फंतासी थी लेकिन अब ऐसा कभी नहीं hoga...mujhe तुम से शादी करनी है...
लावण्या : सब ख़तम समझ नहीं आया tujhe...chal जाने दे..
विक्य : शुरू मैंने किया है तो ख़तम भी मई करूँगा तुम किसी और की नहीं हो sakti...lavanya तुम सिर्फ मेरी ho...tumhare जिस्म पर सिर्फ मेरा हक़ है..
गुस्से में विक्य हाथ पकड़ कर लव को अपनी तरफ खींचने लगा...
लावण्या : इंस्पेक्टर साहब ये मुझे ह्रास कर रहा hai...lav छूटने की कोशिश कर रही थी की उसे इंस्पेक्टर dikha...aur उसने उसे आवाज दी...
इंस्पेक्टर: क्या कर रहे है विक्य साहब आपके बाप मला है तो इसका मतलब ये नहीं आप किसी को ह्रास करे 5 साल की सजा होगी अगर f.i.r हो gayi...chhodiye..
लावण्या: इसे मुझसे दूर रखे इंस्पेक्टर...
अहाना जो रोनी के साथ सब देख रही थी लव के इंस्पेक्टर को बुलाने पर पास आयी...
अहाना : क्या हुआ लव..
और लव ने बता दिया सब...
अहाना : विक्य जब तुझे ये छोड़ चुकी है तो क्यों पीछे पड़ा है शर्म नहीं तुझे...
लावण्या : अब दिखा तो इसे चप्पलो से marungi......mere साथ चलो rony...viky से कहकर लव ने रोनी को बुलाया जो अपने पेरेंट्स को छोड़ लव के पास आगया..
लावण्या : घर चलोगे मेरे...
रोनी : haan..lav ने रोनी का हाथ पकड़ा और अहाना से bye कहा और आगे बढ़ गयी...
रोड पर उसने हाथ देकर ऑटो रोका और दोनों बैठ कर चल दिए ..
विक्य मन में : साली तूने मुझे इसके लिए छोड़ा है मई तेरी जिंदगी नर्क बना दूंगा तू सिर्फ मेरी है lavanya....gusse में विक्य जल भून रहा था बदले की आग में दुत्कारे जाने पर...
वो घर जाने को हुआ की उसे तांत्रिक जाता दिखाई diya...aur वो कार में बैठा फिर अपनी कार जल्दी से उसके पास लाया...
विक्य : आईये मई छोड़ देता hon...guru देव aajaiye...viky के विनती करने पर
तांत्रिक बैठ गया.....
विक्य : गुरु देव आखिर वो क्या बाला thi...us घर में ..
तांत्रिक : उनके बारे में बात न करो yahan...abhi वो हमें सुन सकते hai..meri कुटिया पर चलकर करना..
विक्य : क्या आपकी विद्या से मई किसी लड़की को हासिल कर सकता हों गुरु जी..
तांत्रिक : क्या है जो हासिल नहीं हो सकता...
विक्य : मई सीखना चाहता हों प्लीज इंकार नहीं करना ..गुरु जी प्लीज..
विक्य तांत्रिक के पैरो पर हाथ रख कर विनती करने लगा..
तांत्रिक उसकी बात सुनकर उसे देखने लगा...
.तांत्रिक : ये तुम्हारे बस की बात नहीं है bacha..tum आज के ज़माने के लोग नहीं समझोगे...
विक्य: आप समझायेंगे तो समझूंगा ...मुझे सीखना है महाराज आप जो फीस कहोगे मई दूंगा..
तांत्रिक : इंसानी खून पि सकते हो इंसानी मूत्र पि paoge...ye काली विद्या है ..इतना आसान नहीं इन्हे प्राप्त करना .
विक्य : सब karunga..bas मुझे सीखा दो आप .
तांत्रिक : ठीक है सीखने के बाद मई तुमसे गुरु दक्षिणा मांगूगा...
और विक्य ने खुश होकर तांत्रिक के पेअर छू लिए ..
लव घर आयी तो उसकी माँ नहीं थी ..और वो रोनी के साथ बैठ गयी...
रोनी : क्या बात है लव तुम ठीक नहीं लग रही हो क्या उस घर के ट्रामा की वजह से ...
लावण्या : नहीं रॉकी घर छोड़ गया उसके माँ ने भी मुझसे बोलना बंद कर दिया तुम मेरे साथ चलो मुझे उन्हें ढूंढ़ना है..
रोनी : हाँ क्यों नहीं...
और लावण्या रोनी को लेकर अस्स पड़ोस में घर घर जाकर पूछने लगी ..
5 बजे वो थकी भुकी प्यासी घर आयी ..
लावण्या : पता नहीं वो कहा hai...tum जाओ रोनी...
रोनी : तुम्हे ऐसे छोड़ कर nahi...tum भुकी लग रही हो कुछ खा लो...
लावण्या : नहीं भूक नहीं है ..
रोनी : रुको मई देखता हों कुछ ...
रोनी अपने से किचन में खाने की चीज़े खगालने लगा...
रोनी : इसमें तो पूरी हलवा रखा है...
रोनी बर्तनो को खंगालता हुआ बोलै...
चल उठ गयी मेरी beti....kya हुआ था तुम दोनों ऐसी हालत में कहा से ए थे इतने बीमार दो दिन उठे भी नहीं..
माँ हम दोनों किसी भूतिया घर में फास गए थे उसके baad.................fir किसी तरह nikle...ab भी दर लग रहा है...
अब तुम कही नहीं जाओगी रात में पड़े के लिए भी nahi....ab जल्दी से मेरा हाथ बटवो पूरी छोले हलवा बनाने में तेरे भाई को बहुत पसंद है न...
रॉकी को पसंद है के ख्याल से वो उठी और किचन में bhagi...fir प्लेट निकल कर वो खाने लगी ..
वो रॉकी की याद में खा रही थी...
रोनी : ठीक से मई पानी लेकर आया.
लव ने पानी पिया तो उसकी जान में जान आयी...
लावण्या : रोनी तुम चले जाओ अब..
रोनी : तुम्हारी माँ...
और लव आगे कुछ न कह पायी...
इतने में दोनों को दरवाज़ा खुलता दिखा..
और अंदर ऋचा दाखिल हुई...
लावण्या भाग कर अपनी माँ के पास पहुंची...
लावण्या : माँ कहा गयी थी तू...
ऋचा : तू होती कौन है मुझसे ये पूछने wali...richa ने गुस्से भरे स्वर में कहा..
लावण्या : माँ मई सरे बुरे काम छोड़ dungi...subah से मई तुझे ढूंढ ढूंढ के पागल हो गयी...
ऋचा : मरी तो नहीं na..tu क्यों मुझे मरना चाहती hai...mujhe तेरी परछाई से भी नफरत है... वैश्य..
आखिरी शब्द लव के साइन में जैसे चुभ से gaye...wo वही घुटनो में मुँह डेल रोने लगी...
रोनी ने जाना ठीक समझा और वो बिना कुछ कहे चला गया...
.ऋचा थैले में से सामान निकलने lagi...uske थैले में कई तरह की सब्जियां thi...aanta चावल tha....jise वो मांग कर लायी thi...be दिली से वो खाना बनाने लगी...
लव ने अपनी माँ को सब्जियां काटते देखा तो भाग कर आयी ..
लावण्या : लाओ माँ मई कर देती हों..
ऋचा : तेरे गंदे हाथो से मई खाना अशुद्ध नहीं करना..
लावण्या : तुम ये सब कहा से लायी किसी ने दिया माँ..
ऋचा : भिक मांग कर लायी hon..ye भिक जिस्म बेचने से कही ज्यादा बेहतर hai....tu नहीं समझेगी क्योकि तू एक वैश्य hai...ab जा यहाँ से...
रट हुए लव अपने रूम में आकर लेट गयी...
दो हफ्ते हो गए थे ऋचा भिक मांग कर लती और खुद बना कर कहती ...
लव घर पर hi रहती ज्यादा समय ..उसकी सेविंग भी अब ख़त्म हो रही थी ..कुछ hi दिनों में लव डिप्रेशन की वजह से सुख गयी thi...na ज्यादा कहती थी न किसी से कोई बात करती थी ...घंटो रॉकी की तस्वीर के सामने बैठ कर रोटी रहती थी ..उसके कपड़ो को साइन से लगाए संगति थी..
एक दिन अहाना लव से मिलने agayi...jab लव ने कई दिनों से उससे बात नहीं की फ़ोन पर और उसके फ़ोन करने पर लव ने रिसीव नहीं किया...
अहाना : ये क्या हालत बना ली तूने apni...tu रिजल्ट देखने भी नहीं आयी...
लावण्या : बताई थी न अब स्टडी नहीं करुँगी तो क्या करुँगी रिजल्ट देख कर...
अहाना : ाचा ठीक है मुझे बता क्या बात है...
और लव उसके गले लग कर सिसकने लगी...
लावण्या : मैंने माँ को अपने बारे में सब सच बता दिया तब से वो बात नहीं कर रही...
अहाना : yar...mai क्या kahon..maa माफ़ कर देती है तू माफ़ी मांग..
लव ने कोई जवाब नहीं दिया ..वो भी जानती थी इसमें अहाना क्या कर सकती है...
लावण्या : इतने दिनों बाद आयी बता कुछ खायेगी...
अहाना : कुछ भी nahi..ye बता तुझे डरावने ड्रीम्स आते है..
लावण्या : नहीं ..
अहाना : मुझे आते है शिवांगी मुझे आवाज देती hai...aisa लगता है जैसे वो मेरे अस्स पास है...
लावण्या : सोंचा न कर उसके बारे me..nahi आएंगे...
अहाना : तुझे पता है मेरे कितने मार्क्स आये है...85%
लावण्या : कॉंग्रट्स..
अहाना : मैंने तेरा भी रिजल्ट चेक किया तेरे ए है 91% ...कामिनी तू तो बाजी ले गयी...
लावण्या : मैंने चीट किया tha...aur मुँह कला kiya...tere फॉर्म हाउस पर जाना भी इसी डील में शामिल था..
अहाना : ऐसा क्यों कह रही है...
लावण्या: यही मेरी सच्चाई है...
अहाना : शट उप yaar...sun आगे की स्टडीज के लिए मई मुंबई जा रही हों एक्चुअली माँ डैड भेज रहे वो कहते है यहाँ से दूर रहूंगी तो दर भी निकल jayega...lekin मई अकेली नहीं jaungi...mere रिश्तेदार है मुंबई में जिनके साथ हम रह सकते hai...to तैयार हो jao...kisi दिन मई आकर आंटी से बात करुँगी...
लव के कोई जवाब न देने पर अहाना bye बोलकर चली गयी...
दिन गुजरने लगे अब ऋचा लव की बात बिलकुल hi ख़त्म हो गयी thi....richa एक ब्लैंकेट ओढ़ कर घर से निकल जाती और 2 2 दिन तक गायब rehti...aati भी सिर्फ सोने के liye....wo भिक मांग कर रॉकी के लिए पैसे जमा कर रही थी की वो पैसे हो जाने पर अखबार में इस्तिहार देगी...
ऐसे hi महीना गुजर gaya...lav के पास पैसे भी ख़त्म हो गए they...acha ये हुआ अहाना उससे मिलने aati...aur कुछ न कुछ कहने का ले आती ..लव ने भी जॉब धुंडी लेकिन बदले में उसे हरस्मेंट मिला जो देख उसने जॉब नहीं ki...gharo में काम उससे हुआ नहीं एडुकेटेड होने की वजह se....aise hi महीना गुज़र गया ..उधर अहाना मुंबई जाने की तैयारी कर रही थी...
विक्य तांत्रिक से कला जादू सीख रहा था ....तांत्रिक उसे जैसा कहता वो वैसा hi करता tha...sirf लावण्या के लिए..
सृष्टि और अवनीत कभी कभी अहाना से बात कर लेती थी...
महीना गुजर गया था अहाना के बाद लव से कोई मिलने अत वो रोनी hi tha...lavanya सूख कर काटा हो गयी थी उसका हुस्न जैसे कही ढल सा gaya...richa एक घर में उसके साथ रहती लेकिन उसने कभी लावण्या की हालत पर गौर hi नहीं kiya...richa भी खामोश रहती आंसू बहती अपने बेटे के ग़म में ...एक दिन ऋचा भिक मांगने जा रही तो उसने हर दिन की तरह आग के पास लव को नहीं देखा....
इतने में उसे दरवाजा बजने की आवाज आयी...
ऋचा ने दरवाजा खोला सामने रॉकी का दोस्त अरसद खड़ा था....
हम दोनों के हिस्से में 32 लाख 50 हजार आये थे...
मैंने सोंचा यहाँ रहने के लिए घर का बंदोबस्त करूँ ..और मई बस्ती के अस्स पास घर देखने चला गया...
.एक जगह एक माकन पर टॉयलेट और नंबर लिखा था मैंने वो नंबर डायल किया और घर की कीमत पूछी...
और मैंने कॉल कट कर दी ..2 कमरों का घर 4 करोड़ का बताया था उसने...
शायद मैंने जल्दबाज़ी कर दी थी ..और मई वापस बस्ती के लिए चल दिया...
अंकल donation...itne में मेरे बस्ती में एंटर होते hi अदिति मैडम के पास पढ़ने वाले बचे डोनेशन बॉक्स लिए मेरे पास गए...
मई : चिंटू किस लिए डोनेशन...
चिंटू : अगले महीने की 12 तारिख को अदिति मैडम बस्ती में आयी थी जिनके आने की खुसी में हर साल पूरी बस्ती वाले मेला लगते है बस्ती को sajakar..jisme आपको खाना भी मिलेगा और नाच गाना भी...
मई : क्यों तेरी आदित्य मैडम इतनी खास क्यों है..
चिंटू: क्यों अंकल तुझे नहीं पता..
मैंने ना में सर हिलाया..
चिंटू : यहाँ आधे रहने वाले ऐसे है जिनसे अदिति मेडम पैसे भी नहीं लेती यहाँ हर अपने पराये के लिए जगह है तो सिर्फ अदिति मेडम की वजह se...ab जल्दी से पैसे डालो..
मैंने 500 का नोट डाला और आगे बढ़ गया...
रूम पर आकर मई अपना नई फ़ोन चलने laga..purane फ़ोन की स्क्रीन वगैरह सब टूटी हुई थी..
एक ख्याल से मई रिसर्च करने लगा..
1 घंटे बाद मई उठा बस्ती से बहार आकर मई मार्किट आया जहाँ सेकंड हैंड बाइक्स बिक रही थी...
मई 70 हज़ार लाया tha...aur मुझे 45 हजार में एक अछि बाइक मिल गयी एक साल पुराणी जिसकी कीमत 80 हजार थी...
बाइक लेकर मई एक चाबी वाले के पास aya...jo मुझे बाजार में hi बैठे दिख गए...
मई बाइक से उतारकर उसके पास आया..
मई : कैसे हो उस्ताद...
आदमी : चाबी बनवानी है...
मई : नहीं काम की तलाश में हों सीखना चाहता हों...
मेरी बात सुनकर वो सोंच में पद गया...
आदमी : जब तक सीख नहीं जाते पैसे नहीं मिलेंगे..
मैंने हामी भरी और कल से आने का कहकर मई आगे बढ़ गया..
मई लोगो का खुद पर शक नहीं होने दे सकता tha...isliye काम की बात करने agaya..mujhe सीखना भी था की कैसे लॉक क्रैक किये जा सकते है..
और मार्किट में घूमते हुए मई चोरी से रिलेटेड और सामान लेने laga...fir कुछ घर के लिए भी सामान लिया गैस चूल्हा बर्तन ेट्स...
रात 9 बजे मई सारा सामान लेकर बस्ती में aya...bike मैंने बचो को पड़ने वाले हॉल में कड़ी कर दी थी ..
सारा सामान लेकर मई रूम पर aya...ache से बिस्तर बिछा कर मई सामान सेट करने लगा...
अब बस कमी थी तो एक गन की जिसकी जुगाड़ झगन hi करा सकता था...
स्नैक्स कहते हुए मई अपनी hi छत पर टहलते हुए मोबाइल चला रहा था की मैंने अपने शिमला की खबर लेने का सोंच और अपने साथ पिज़्ज़ा बेचने वाले पुराने साथी अरसद को कॉल लगा दी..
मई : hello...arsu...call रिसीव होते hi मैंने कहा..
अरसद : रॉकी tu...kaha है tu...us आर्डर के बाद तू आया hi नहीं... तेरे घर आया तो पता चला बीमार है ..बोतल बगैरह लग रही थी तुझे क्या हुआ ..
मई : बस बीमार था तू बता कैसा चल रहा सब..
अरसद : वही आर्डर और delivery...tu कहा है यार तेरी माँ को मैंने देखा वो भिक मांग रही है...
मई : क्या मेरी माँ भीक मांग रही hai...jaise मेरे पेअर काँप से गए...
अरसद : हाँ मई 10 दिन पहले डिलीवरी लेकर जा रहा था और लाइट्स पर रुका था तब तेरी माँ को देखा वो भिक मांग रही thi...mujhe लगा था तू नहीं रहा शायद इसलिए उनकी ऐसी हालत हो गयी...
मई : मेरा एक काम करेगा...
अरसद : बोल...
मई :मई तुझे पैसे पेटम कर रहा हों मेरी माँ को कर Dena...apna स्कैनर व्हाट्सप्प कर..
अरसद : कर दूंगा लेकिन सुबह अभी मई कही आया हुआ हों...
मई : ठीक है मई तुझे करता हों..
कॉल कट होते hi मई रूम में आकर पैसे जेबो में भरने लगा...
इतने में मुझे व्हाट्सप्प पर स्कैनर भी आगया उसका..
मई जैसे hi जीने पर आया मुझे खाना रखा हुआ mila...koi आया था...
मैंने खाने की प्लेट उठाई और अंदर रूम में लेकर रख दी....
मई रूम से निकला की मुझे अदिति मैडम आते हुए दिखाई di...jinke हाथ पीछे थे...
अदिति : रॉक तुम्हे कोई काम मिला...
मैंने सर हिला कर हामी भर दी..
अदिति : ye...wo एक बैग हाथो के पीछे से निकल कर सामने करते हुए बोली...
मई : इसमें क्या है...
अदिति : कुछ पैसे तुम अपने घर भेज दो....
मई : m..mai..kaise...
अदिति : aise...madam ने मेरा हाथ पकड़ कर बैग मेरे हाथो में थमा दिया...
अदिति : मई खाना देने आयी तो तुम्हारे मुँह से सुना तुम्हारी माँ भिक मांगती hai...sorry चुप कर सुनने के लिए बूत ाचा hi हुआ जो सुन लिया तुम्हारी हेल्प भी हो जाएगी...
मई कुछ न कह सका...
और वो वापस चली गयी...
मैंने रूम में आकर पैसे गिने तो वो 20 हजार थे...
मैंने वो पैसे वैसे hi रख दिए ...
फिर मई अपने रूम से निकला और बस्ती के बहार आया ..जहाँ मैंने थोड़े थोड़े कई शॉप्स से 100, 2000 रुपए एक्स्ट्रा देकर 20,20, हजार करके 5 लाख के करीब पैसे अरसद को पेटम करा दिए...
रूम पर वापस आकर मैंने खाना खाया जो भाजी और पुरिया थी...
खा कर मैंने पैसे जेब में डेल और बाइक लेकर चल दिया...
कुछ देर बाद मई कोठे पर था...
थे जर्नी बेगिंस.
नए लगते ho..yahan सभी के लिए जगह hai...mujhe एक लड़की की कोयल सी आवाज सुनाई di..aur फिर अपने ऊपर ब्लैंकेट पड़ता महसूस hua....dil टूटने की वजह से मैंने अपने ऊपर ब्लैंकेट डालने वाली को देखा भी नहीं ब्लैंकेट से सर निकल कर....
नेक्स्ट कंटिन्यू...
सुबह उठा तो देखा सामने लोग खड़े है लाइन से जहाँ खड़े उस जगह को देखा वहां वाशरूम लिखा देखा...
मरता क्या न करता मई भी लाइन में लग गया...
2 घंटे बाद मई वाशरूम से फ्री हुआ और टंकी जहाँ लोग मुँह हाथ धो रहे थे वह से मुँह हाथ धोया..
मई : यहाँ कही काम के liye...sune भाई...
दूर हैट..
मई : 1 मिनट बात तो करो..
मैंने कई लोगो को पुकारा बात करने के लिए लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया...
फिर आकर एक पेड़ पर बने स्लिप पर बैठ गया...
मई : suniye..kuch देर बाद पेड़ के पास एक बिकलांग आदमी आकर बैठा और मैंने उसे पुकारा..
कहा से आये ho..usne पूछा.
मई : शिमला से..
आदमी : किस लिए...
मई : जॉब की तलाश में लेकिन तुम्हारी मुंबई के लोग तो सुनते hi नहीं..
आदमी : यहाँ के लोग बेहरे और अंधे है ये कुछ नहीं सुनते सिवाए पैसो की झंकार ke..ye मुंबई है मुंबई यहाँ ऊँची ऊँची इमारते है और इंसानो के दिल पत्थर के ..यहाँ बस एक hi चीज़ पूजी जाती है वो है पैसा ..
मई :हाँ ऐसा hi है ...क्या यहाँ रहने के लिए रूम मिल जायेगा..
चल हैट मेरे काम का समय हो gaya..wo अपने थैले में से कटोरा निकलता हुआ bola...aur आगे बढ़ गया..
मुझे ज़िन्दगी का सबक देकर.
GHirrrrrr...ek बचा मुँह से बाइक की आवाज निकले भाग रहा था की मैंने उसे पकड़ लिया...
मई : बचे यहाँ रूम मिल जायेगा..
बचा : अंकल छोड़ो मई पेन्सिल लेने जा रहा हों ...
मई : अरे चले जाना प्यारे बस बता दे यहाँ रूम खली है..
बचा : आकर बताऊंगा..
उसने जल्दबाजी में कहा और खुद को छुड़ा कर भाग गया...
कुछ देर बाद वो पेन्सिल लिए लौटा और मैंने फिर उसे पकड़ लिया...
मई : बचे बता दे मई तुम्हे चॉकलेट लेकर दूंगा...
बचा : आओ मेरे साथ..
और मई उसके साथ चल दिया..
बचा : पहले तुम्हे मेरी छुट्टी करनी होगी उसके बाद मई तुम्हे रूम दिलाने ले चलूँगा...
मई : वो किस तरह..
बचा : तुम बहार खड़े रहना उस सामने वाली खोली ke...jaise hi सिटी की आवाज ए तो जो खोली की स्टैर्स पर घंटी लगी है उसे बजा देना..
वो मुझे सामने एक घर को और उसके बहार स्टैर्स पर लगी घंटी दिखते हुए कहने लगा...
मई : ठीक hai...wo उसी घर से सटे एक बड़े से हॉल के रूम के घुस गया..
मई खड़ा उसका वेट करने लगा..5 मिनट हो गए लेकिन कोई आवाज नहीं आयी ये देख मई चलता हुआ स्टैर्स के पास आया..
तन तन tan...aur मैंने घंटी बजा दी...
हाउ डरे यू दो that..bloody विल्लगेर ांपर गवर..
मई पलटा hi था की मेरे सामने का दरवाजा खुला और उसमे से एक लड़की सुन ग्लासेज लगाए जिसके फेस से इनोसेंट झलक रही थी मुझ पर चिल्लाई...
लड़की : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई छुट्टी करने की.. बतमीज़ जाहिल ांपर.
मैंने पीछे मुद कर देखा सरे बचे उस घर से आत्ताच हॉल से निकल कर जा रहे थे खुस hokar..jise मैंने रोका था वो मुझे देख कर जीभ निकल रहा था...
मई : ांपर ..यही मेरी बदकिस्मती है मैडम अनपढ़ होता तो कही माली का काम मजदूरी कर रहा होता मगर क्या करूँ मई एडुकेटेड हों b.a pass..kha गयी न आप भी dhoka..agar आज मई बढ़िया सूट पहने शानदार गाड़ी में आता तो आप मुझे बतमीज़ी जाहिल ांपर न कहती....
मेरी बातों उस लड़की का सर शर्म से निचे हो गया..
लड़की : मेरा वो मतलब नहीं था आपने ये वेल क्यों बजे..
और मैंने बचे से हुई साडी बात बता दी...
लड़की : यहाँ के बचे बहुत तेज है.. तो आप रहने की जगह की तलाश में है ..
मई : सही समझी मैडम...
लड़की : रूम मिल जायेगा इसके लिए आपको शाम तक का वेट करना होगा..
मई: कर लूंगा जी...
लड़की : रुको मई बुलाने भेजती हों किसी ko...jhagan..suno...mujhse कहकर उसने किसी को आवाज दी...
लड़की: ारः hai..use भेजती hon..by थे वे I'm अदिति..
मई : रॉक...
है टीचर दीदी क्या बात है...
एक लड़के की आवाज पर मई palta..aur मेरा जुमला अधूरा रह गया...
अदिति : ये है रॉक अंकल से कहना किरायेदार है रूम के लिए आकर बात कर ले..
आदित्य के कहने पर लड़के ने मुझे देखा फिर उसका रिएक्शन बदल गया..
अदिति : कुछ देर में आएंगे तो बात कर लेना..
मई : ठीक है...
वो जिस रूम से आयी उसे से वापस चली गयी...
मई स्टैर्स पर बैठे hi वेट करने लगा..
तुम hi हो वो जो रूम की तलाश में आये हो..
कुछ देर बाद मुझे एक आदमी की आवाज aayi...aur मैंने सर उठा कर उसे dekha..wo कोई 60 साला बूढ़ा आदमी था जिसके सर पर काळा सफ़ेद बाल थे .काळा बस नाम के hi रह गए थे .साथ में उसके झगन था .
आगये आप uncle...yahi है वो .इतने में अदिति ने दूर खोल कर कहा..
मई : जी...
आदमी : कहा से हो...
और फिर मैंने उसे अपनी पूरी देतीअल दे दी.. आइडेंटिटी कार्ड की जगह डाक्यूमेंट्स दिखा दिए b.a के..
आदमी : कहा रखे इसे अदिति बेटी..
अदिति : जहाँ बचो को पद्धति हों उसके ऊपर वाला रूम दे दो...
आदमी : आओ मेरे साथ...
और मई उस आदमी के साथ चल दिया..
ये घर से आत्ताच एक बड़ा सा हॉल था..
जिसमे एक ब्लैक बोर्ड लगा tha...sath में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां थी...
आदमी : अब से 20 साल पहले ये गोदाम था मेरा काम ख़त्म हुआ फिर 2 साल पहले मेरी बेटी अदिति ने इसे खली करा कर बचो का स्कूल बना दिया जो गरीब बचो को मुफ्त में पड़ती है.
मई : ये तो बहुत ाचा काम है..
सुदीओ से हम ऊपर aaye...upar एक रूम बना था जिसके साथ आत्ताच वाशरूम और बड़ा सा छत का आंगन था...
इतने में मुझे अदिति अति दिखाई दी...
अदिति ने अपने अंकल को अकेले में बुलाया और बात करने लगी... जहां पीछे hi रुक गया और मई रूम देखने laga...jisme एक बीएड पड़ा था जो डबल बीएड tha...ek दो बाल्टिआन राखी थी बीएड पर गद्दे पड़े थे जो गंदे थे bahut..lekin कोई बेडशीट नहीं थी..
आदमी : सुनो ...यहाँ रात में चोर छक्के आते है तो तुम्हे साबधान रहना होगा ..रात को निचे जीने का दूर बंद रहेगा .है तो कुछ नहीं लेकिन सावधानी के लिए..
अदिति : इसके लिए तुम रात के 9 बजे के बाद बहार जाने की परमिशन नहीं होगी..
मई : ठीक है जी...
अदिति : अरे ये किसका hai...aditi को ग्रिल के साथ लगी दीवार पर एक पर्स दिखाई दिया...
जिसे वो खोलकर ओपन करने लगी..
अदिति : इसमें तो तुम्हारा आधार कार्ड है...
और मई चुका गौर से पर्स देखने लगा...
वो मेरा hi पर्स था...
अदिति : तुम्हारा पर्स यहाँ कैसे..
मई : शायद मैंने hi रख दिया हो अभी..
पर्स में सिर्फ मेरे डाक्यूमेंट्स थे एक भी रुपया nahi...maine दिमाग के घोड़े दौड़ाये और मेरा शक झगन पर gaya...jise मैंने कन्फर्म करना tha..ki वही चोर hai..maine पर्स चोरी होने वाली बात छुपा ली ये सोंचकर अगर कहता ये चोरी हुआ था तो अदिति और उसके अंकल का शक मुझ पर भी जाता....
मई : अंकल रूम ठीक है ...किराया भी बता दे..
अदिति : 10क ..
आदमी : वैसे इसके 20 हजार से ज्यादा लेते है लेकिन मेरी बेटी ने कह दिया तो इतने hi दे देना..
अदिति : जॉब लगते hi किराया बढ़ जायेगा..
किराया मुनासिब tha..shayad काम जो मेरे बेरोजगार अदिति को बताने की वजह से हुआ..
मई : ठीक है..
आदमी: पहले महीने का किराया एडवांस देना होगा..
मैंने हामी भरी और अपनी जेब में हाथ dala...aur पैसे निकल कर दिए..
मई : मेरे पास काफी पैसे है आप कहो तो 2 महीने का और एडवांस दे सकता हों..
मैंने झगन को दिखते हुए जेबो पर हाथ fere...mujhe ये. भी दर था की कही बुद्धा मांग न ले .
आदमी : मंथ तो मंथ देना..
मई : जैसा आप कहे.. फिर उन्हें दिखते हुए मैंने जेब से पैसे निकल कर रूम के एक स्लिप पर रख दिए..
मई : बहुत वजन होता है जेबो में isliye..mai अदिति को दिखते हुए bola..aur मई चोर नजरो से झगन को देख रहा tha...uski निगाहे पैसो पर hi थी..
मई : रूम की सफाई कर लेता हों...
वो हामी भरते हुए चले गए...
रूम की सफाई के लिए झाड़ू भी नहीं थी जो सोंच मई बैठ गया...
मैंने अपने पैसे उठाये और गिनने लगा..
साला तीन हजार में क्या आएगा गैस की चूल्हा की कपडे ..
और तुम कह रहे थे और 2 महीने का एडवांस देने के liye..by थे वे मई पूछने आयी थी खाना कहा khaoge..itne में अदिति आयी और मेरे रूम के बहार कड़ी होकर कहने लगी ..शायद उसने मेरा खुद से बोलना सुन लिया था.
उसकी बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया फिर कहा..
मई : पता नहीं खा कहूंगा..
अदिति: खाने का 5क देना होगा हर महीने तो हमारे साथ खा सकते हो.
मई : थैंक यू मैडम..
अदिति : ब्लैंकेट ले आना उठा कर ठण्ड लगेगी नहीं तो रात में .
मई : वो आप थी..
अदिति : क्या फर्क पड़ता hai..mai जाग रही थी तो तुम बिना ब्लैंकेट के सोते dikhe..ye साडी बस्ती अंकल की है जो पैसे रखते उन्हें रूम दे देती हों किराये पर जो वहां फुटपाथ पर सोते उन्हें ब्लैंकेट...
वो बोल रही थी और उसके लफ्ज मेरे कानो में घुल रहे they..kitni मीठी आवाज थी उसकी...
अदिति : मई hi बोलती जा रही हों ..ाचा मई तुम्हारे खाने के लिए कुछ लती हों..
मई : अभी बस मुझे झाड़ू चाहिए ...सफाई करने के liye..sari साफ़ सफाई के बाद खाऊंगा..
उसने हामी भरी .
अदिति : अभी बचे के हाथ भेजती हों..
और वो चली गयी...
कुछ देर बाद बचा aya..usne झाड़ू दी तो मैंने 10 रुपए का लालच देकर उसे भी अपने साथ लगा लिया और वो बुला लाया अपने दोस्तों को..
हम सबने मिलकर रूम की सफाई ki..room धोया..
कुछ पैसे देकर मैंने बचो से hi कुछ सामान मंगवा लिए ..ब्लैंकेट भी मेरा बचे hi निचे से ले आये थे .जिसे मैंने बीएड पर बिछा लिया था..
फिर सबको मैंने 10 ,10 रुपए देकर छुट्टी कर di....maine उन्हें ये भी दिया के झगन से कहना रॉकी अंकल के पास बहुत पैसे है... सबको 10 ,10 रुपए दिए..
फिर मई रूम से निकल कर मार्किट आया और मैंने फाड् से 1 जोड़ी कपडे liye...aur एक rajai...aur एक लॉक..
मई वापस आया और नहाया फिर मई रजाई ओढ़ कर लेट गया...
कुछ देर बाद झगन खाना लेकर आया...
जहां: अदिति दीदी ने खाना भेजा hai..aur कहा है रात का खाना खुद लेने आना .
मैंने उसे देखा और अंदर बुला लिया..
मई : ठीक है..
जहां : बर्तन खा कर स्टैर्स पर रख देना वह जाकर .
मई : जहां यार यहाँ लॉक की शॉप पता है लॉक नहीं है रूम me..chalo तुम जाओ अब कल hi लाऊंगा..
मई उसका रास्ता साफ़ करते हुए बोलै..
वो गर्दन हिलता हुआ चला गया..
खा कर मैंने बर्तन अदिति को दिए...
फिर अपने रूम में आकर लेट गया..
रात में अदिति खाना लेकर ayi..aur साथ में hi प्लेट लेकर चली gayi...mujhe सुना भी गयी की मई आया नहीं..
और फिर मई रूम खोल कर वेट करने लगा....
मुझे काफी देर हो गयी जागते hue..raat का 1 बज रहा tha...nind भी मुझे आ रही thi...aur मैंने ये सोंच कर आंखे बंद कर ली की वो नहीं आएगा...
मई हलकी नींद की वादीओ में था की मुझे अचानक से ठण्ड का अहसास हुआ...
मेरी सोंचे बचे कुछ पैसो के चूर्ण के ख्याल से मुझे नींद से बहार ले aayi..room किसी ने खोला था जिससे हवा अंदर आयी thi...koi मुझे मेरे सर पर खड़ा मुझे देखता महसूस हो रहा tha..maine वैसे hi आंखे बंद राखी .
वो चला तो मुझे अहसास hua..wo स्लिप पर जा रहा है पैसे लेने...
और मैंने अचानक से उठकर बाद से कूद कर लात और कोहनी उसके मारी..
आआअह्ह..
कराहते हुए वो गिरा और उसके ऊपर mai...fir जो मैंने मरना शुरू kiya...uski चीखे गूंजने लगी...
उसके रोने तड़पने की आवाज से मुझे अहसास हो गया ये झगन है...
झगन: भैया छोड़ दो... बहुत दर्द हो रहा है..
मैंने छोड़ा और लाइट जलाई... वो झगन hi tha..maine उसका मास्क खींच लिया था..
मई : भगा तो और मरूंगा चुप चाप baith...mere लाइट जलने पर वो भागने की कोशिश करने लगा लेकिन पीटने की वजह से स्लो हो गया tha...meri आवाज पर चुप चाप आकर बैठ गया...
मई : सेल मेरे स्टेशन पर पैसे तूने hi चुराए they....jhut बोलै छत से फेक दूंगा..
और मेरी आँखों के सामने वो लम्हा आया जब मई स्टेशन से निकल रहा था और इससे takraya...wo यही था..
झगन : मुझे तो किसी का चहेरा भी याद नहीं रहता लेकिन तुम्हरा पर्स पूरा hi मार लिया जिसमे तुम्हारे डाक्यूमेंट्स में फोटो दिख gayi..aur तुम याद rahe..pata नहीं था यहाँ ाजाओगे..
मई : ाचा चल मेरे पैसे दे...
झगन : मैंने खा liye...maa को दे दिए खर्चे के liye...aur उसने रोनी सूरत बना ली...
मई : पैसे तो तुझे देने होंगे कैसे भी करके... मेरे पास खर्चे के लिए कुछ भी नहीं है...
झगन : नहीं है भैया अभी चोरी करूँगा तब दे दूंगा...
मई : चोरी...
झगन : हाँ...
मई : कितने कमा लेता है महीने के..
झगन : घरो में एक रात में लाखो की हो jati..lekin 5 महीने पहले पकड़ा गया था तब 3 महीने जेल की हवा खाई और सालो ने मारा भी bhut...uske बाद स्टेशन पर गाओं से रिश्तेदार को लेने जा रहा था तब तुम हाथ लग gaye..tab से कोई चोरी नहीं की...
मई : कैसे चोरी करता है घरो में...
और वो मुझे डिटेल बताने लगा...
मई : अब से हम दोनों चोरी करेंगे..
झगन : kya...uski आंखे फ़ैल गयी..
मई : तूने सही suna...is दुनिया में सब कुछ पैसा है... पैसा है तो तुम्हारे पास अपने है प्यार है.
और मेरी आंखे बंद हुई और भीग गयी पल भर में..
Hmm-mm-mm, hmm-mm-mm
Aa-aa-aa, aa-aa-aa
हाय मर hi जॉन जो तुझको न पाऊं..
Hmmm-hmm-mmm-mm -हो हो -होओओओ
मई : हाँ प्यार bhi....kal से हम चोरी karenge...ab ये बता कौनसे सामान की ज़रूरत पड़ेगी मुझे..
झगन : घर में चढ़ने के लिए रस्सी और एक चाकू अगर पिस्तौल नहीं है और एक तार लॉक खोलने के liye...mooh छुपाने के लिए मास्क...
मई : चल ठीक है कल दोनों चलेंगे क्या कहता है...
और वो खुश होते हुए हाथ जोड़ने लगा...
कल दोपहर में हम दोनों मार्किट आये और ज़रूरत का सारा सामान लिया...
झगन के साथ मई घरो को देखने लगा और झगन ने एक बांग्ला सेलेक्ट Kiya...usne बताया ये काफी अमीर hai...aur हमारा रात का प्लान बन गया..
रात का खाना खा कर हम दोनों वेट करने लगे....
मई : तुझे कैसे जानती अदिति जी...
झगन: बिहार से 3 दिन का सफर करके जब मई यहाँ रहने के लिए आया तो किराये के लिए पैसे काम पद गए साथ में छोटे बहन भाई और माँ थी ..जब सेठ ने काम पैसो की वजह से रूम देने से इंकार कर दिया तब थकन और सर पर छत न देख मेरे आंसू निकल ए जो अदिति दीदी ने किराया लिए बिना रूम दे दी और कहा ये पैसे तुम अपने खर्चे के लिए रख lo..wo बहुत अच्छी है..
मई : इसका मतलब वो सबकी हेल्प करती है मई कोई स्पेशल नहीं hon..maine दिल में सोंचा...
मई : ये सेठ क्या मैडम का बाप hai..agar है तो अंकल क्यों कहती है..
झगन : शायद सेठ के भाई की बेटी हो कुछ लोग कहते है जो यहाँ के पुराने है 4 साल पहले सेठ उन्हें यहाँ लाये थे वही लोग बताते है सेठ ने उनका बहुत इलाज कराया है..
मई : अच्छा..
झगन : चले अब 1 बज गया है चलते चलते 2 बज जायेंगे..
मैंने हामी bhari...ham उठे और घर कमरे से निचे aaye...fir छुपते छुपाते सेठ की बस्ती से निकले...
सब तरफ अँधेरा फैला था बस्ती के अस्स पास की दुकाने बंद हो गयी थी रोड पर आकर देखा तो पुलिस जीप हॉर्न बजती जा रही hai...hamne वेट किया और उनके जाने के बाद हम रोड पर बानी दुकानों के पीछे से होते हुए चलने लगे...
आगे आगे झगन था पीछे मई..
1 घंटे तक छुपते छुपाते आखिर हम अपने चुने हुए घर के पास आकर रुके ये इलाका अमीर लोगो का था जिनकी गाड़ियां बहार hi कड़ी थी उनकी आड़ में छुपकर हम घर में घुसने का प्लान बनाने लगे...
मई : कैसे जायेगा अंदर...
झगन : गाड़ी पर चढ़कर दीवार पर दीवार से अंदर..
मई : सेल इनका अलार्म बज उठेगा...
झगन : तो ऐसा करो तुम मुझे अपनी पीठ पर बिठा कर दीवार पर चैदहव मई ऊपर आकर तुम्हे ऊपर चढ़ा लूंगा...
मई : तू घोडा बन मई चढ़ूंगा ...
और फिर वो घोडा बना उसकी पीठ पर चढ़कर मैंने दीवार पकड़ी तो मुझे नुकीले शीशे दिखे...
मैंने बैग में से टोर्च निकली और चढ़ने की जगह देखने लगा..
गेट के पास का रास्ता साफ़ था मगर वो ऊँचा tha..chadhne में भी और कूदने में भी...
मैंने झगन को वही घोडा बनाया और उसकी पीठ पर चढ़ मई उस गेट के पास की स्पेस पर aya...fir हाथ देकर झगन को भी ऊपर chadaya...fir धीरे धीरे हम निचे utre...samne hi दरवाजा और जीना था ऊपर के मेल पर जाने के लिए...
झगन: इसी रूम में...
वो सामने दूर को देख fusfusaya...jise मैंने धीरे मगर पावर से पुश किया तो पता चला लॉक्ड है अंदर से..
मई : लॉक्ड है...
मेरी बात सुन झगन ने मुझे पीछे किया और अपनी शर्ट के कालर से उसने एक टाट निकली लोहे की...
फिर मुझे वो टोर्च दरवाज़े पर डालने के लिए बोलै मेरे टोर्च की लाइट जलाते hi वो लॉक देखने laga...lock का सिस्टम बहार भी था अंदर बहार से लॉक होने wala...jise देख उसके फेस पर स्माइल आ gayi....usne तार डाला और दरवाजे से कान लगाए दूर लॉक की आवाज सुनने लगा तार घूमते हुए..
Khatt...ki आवाज़ से लॉक खुला मैंने थोड़ा सा पुश किया तो दूर खुल gaya..ham दोनों दबे पेअर अंदर आये और मद्धम रौशनी में रूम का जायजा लेने लगे...
ये हॉल था जहाँ सोफे मेज राखी हुई थी...
मेज पर hi बड़ी सिगरेट की डब्बी वो भी महंगी वाली जिसे उठा कर झगन ने जेब में रख ली...
हम आगे बढे तो टेबल पर चार्जर कैमरा और पद पड़ा था वो भी झगन ने रख लिया...
मई : मई आगे जाता हों...
उसने हामी भरी और मई आगे बढ़ gaya...aage के लिए किचन रूम थे जो गैलरी से होते हुए जा रहे थे...
मई एक रूम में घुस गया...
जहाँ एक लड़की लेती सो रही थी कोई दस साल के अस्स पास की...
बची को देख मई रूम से निकल गया...
मई आगे वाले रूम में जाने को हुआ की मुझे आवाजे आयी...
Aaaahhhh....aaj तो तुमने मजे दिला diye..kisi आदमी ने कहा..
और तुमने भी सारा निचोड़ liya..kisi औरत ने कहा....
दोनों चलते हुए दूर के पास hi आ रहे they...jise सुन मेरे दिल में धक् धक् होने lagi...aur मेरे कदम खुद पीछे के लिए पालते और मई उसी लड़की के रूम में आकर घुस gaya...room में आकर मई उसके बीएड के निचे आकर लेट गया...
जब साँस में सांस आयी तब मुझे झगन का ख्याल aaya...mujhe लग रहा था पहली hi चोरी में झगन अचे से मरवा देगा...
किसी ने दूर खोला और अंदर jhanka...fir मुझे पेअर दिखाई दिए जो लड़की के पास आये और फिर अगले hi लम्हे वापस हो गए..
मुझे बहार से औरत की आवाज आयी आने की जिससे मई समझ गया ये आदमी है रूम वाला..
रूम बंद करके वो चला गया...
उसके जाने के 5 मिनट तक मई वेट करने लगा झगन के पीटने की चीखो का लेकिन वो नहीं चीखा जिस पर मई बीएड से nikla...fir रूम se...bahar hi मई झगन से टकरा गया...
झगन : साहब जी माफ़ कर दो...
मई : सेल ये मई hon..aur फिर हम दोनों ने टोर्च की लाइट एक दूसरे पर मारी ..
मई : बंद कर और मेरे साथ आ...
झगन : वो आदमी और औरत कार से कही गए है वापस आएंगे..
मई : ाचा फिर जल्दी आ..
हम दोनों उसी रूम में आये जिससे आदमी औरत निकले थे ...
टोर्च की रौशनी में हाँ रूम का सामान देखने लगे वही झगन इक्विपमेंट उठाने लगा ऑफ करके...
मैंने अलमारी kholi...usme कपडे थे कपड़ो को हटा कर मई अलमारी देखने लगा और मुझे मिल भी गयी छोटी सी सेफ...
झगन : मिला kuch...wo मेरे पास आगया था..
मई: ये लॉक्ड है अगर गलत पासवर्ड डाला तो अलार्म बजेगा..
मेरी बात सुनकर झगन ने मुझे हटाया aur..apni पॉकेट में से उसने एक बड़ा मुट्ठी जितना शीशा निकला और टोर्च की रौशनी में कुछ देखते हुए बटन प्रेस करने laga...mai अलार्म के दर से इधर उधर देखने लगा...
खट्ट...
झगन : खुल gayi...are बाप रे...
सामने का नजारा देख उसकी आंखे बड़ी हो वैसे hi मेरी...
अगले hi पल मैंने अपना बैग निकला और सोना चंडी नगदी भरने लगा...
मई : तेरे बैग में आलरेडी दूसरा सामान है ये मई भर लेता hon...waha जाकर आधा कर lenge..maine उसे रोका लेकिन लालच में वो रुका नहीं साथ में वो भी भरने लगा...
आखिर में मैंने अपने बैग में दोनों हाथो से कॅश सोना चंडी दाल लिया...
झगन : तुमने ज्यादा भरा..
मई : sssshh..mai उसे छुपा दिया..
मई सोंचने लगा निशानी के तौर पर यहाँ कुछ रखूं...
मैंने ीदार उधर नजरे दौड़ाई और एक पेपर पैन मुझे आसानी से मिल गया...
जिस पर मैंने जोकर का मास्क बनाया और रख diya..pain मैंने अपने पास रख लिया..
खली तिजोरी में अब bas..mera मास्क पड़ा था...
मई : चल निकलते hai..wo किसी भी समय आ सकता है...
दबे पेअर हम दोनों चलने लगे ...
रस्ते में किचन पड़ा जिसे देख झगन उसमे घुस गया... उसकी हवस ख़त्म hi नहीं हो रही thi...wo साला बर्तन रखने लगा..
झगन : khaoge...wo मुझे कढ़ाई में रखे मटन को दिखते हुए बोलै...
मेरा पेट अदिति मैडम की 2 रोटी और थोड़े से चावलों से नहीं भरा था इसलिए मैंने भी हाथ साफ़ कर लिया..
मई : जल्दी chal...aur दांतो में नल्ली दबाये हम दोनों निकलने लगे...
हम दोनों उसी दीवार के पास ए जिससे अंदर घुसे थे की इतने में मैंने कसुआलय गेट पकड़ कर हिलाया तो वो खुल gaya...aur हम दोनों जल्दी से निकले...
Pii...pi...itne में हमें कार के हॉर्न की आवाज कुत्तो की आवाज और लाइट dikhi...sadak पर जो कार्स खड़ी थी मई झगन को लेकर उनके पीछे छुप गया..
कार हमसे आगे आकर कड़ी हो gayi...usme से एक आदमी निकला और उसी घर में घुस गया जिससे हम निकले थे...
मई : तेरे खाने की वजह से वो आदमी हमारी गांड मर रहा hota..agar एक मिनट और लेट होते...
झगन : सॉरी भैया...
मई : चल ab...aur फिर छुपते छुपाते हम लोग आगे बढ़ने लगे...
हमें मुड़ना था जैसे hi हम मुड़े की हमें सामने पुलिस दिखाई di...jo पेट्रोलिंग कर रही थी..
मई : और कोई रास्ता है..
झगन : पता nahi..haan ऊपर चाट se..rassi भी है हमारे पास.
मैंने छत को देखा जाया जा सकता था लेकिन अब हमारे पास सामान था जिस वजह से दिक्कत हो सकती thi...maine झगन को वापस लिया और कार के पीछे छुपना सही समझा..
5 मिनट बाद पुलिस वालो की कार का हॉर्न आना बंद हुआ तो मई उठा..
रास्ता साफ़ देख हम दोनों ने दौड़ लगा ली...
फिर छुपते छुपाते हम दोनों कमरे पर आये...
सामान निकल कर वो पद मोबाइल ेट्स. की सिम निकलने लगा..
सब कुछ लॉक था...2 मोबाइल 1 पद और बर्तन बहुत से वो अपने साथ लाया था..
मई : रख दे इसे यही बाद में ले जाना..
झगन : सरे सामान में से आधा आधा karo..ek मोबाइल तुम्हारा एक मेरा पद का आधा पैसा तुम्हारा आधा मेरा आधे बर्तन तुम्हारे आधे मेरे
मई : जब तुझे आधा आधा करना था तब तूने मुझे hi क्यों नहीं भरने दिया पैसा और sona...mai क्या मार लेता ...
झगन का मुँह लटक गया...
मई : रोनी सूरत बनाना बंद कर सुबह कर लेंगे आधा आधा...
और वो खुश हो गया..
झगन : अभी कर लेते है...
मैंने हामी भरी और हम पैसे गिनने लगे...
कॅश तीस लाख tha..jisme से आधे उसके आधे मेरे हुए..
सोना चंडी और सामान बेचकर आधे कल दिन में करने थे..
हमने चोरो वेक काळा कपडे उतरे और अंडरवियर में hi दोनों सो गए...
सुबह जब मेरी आँख खुली तब झगन मुझसे सत्ता सो रहा tha...jo देख मैंने उसके लैंड पर लात मरी...
आआआआह....
एक चीख के साथ वो उठा...
मैंने उठ कर मोबाइल में टाइम देखा तो सुबह के 12 बज रहे थे...
झगन : क्यों मारा...
मई : 12 बज रहे है...
उसने सुन कर अनसुना कर diya..maine सामान मास्क कपडे छुपाये फिर नहाने चल दिया... और मैंने गंदे कपडे hi अपने पहन लिए...
1 बजे झगन उठा और वो तैयार हुआ...
मई : सोना चंडी कहा बेचेगा..
झगन : अँधेरी में मेरा एक सर्राफा बनिया जानकर है वो खरीद लेगा..
मई : कब चले..
झगन : पहले जोड़ लून ये कितने का होगा..
और हम सोना चंडी का हिसाब करने लगे..
जो बैठा 25 लाख का सोना और 2 लाख की chandi..hamne अपने तरफ से सोने की आधी कीमत काम कर दी thi...ab देखना था ये कितने का बिकता है...
हम दोनों एक बैग में सोना चंडी भर कर रोड पर आये और हमने ऑटो लिया..
मई : मोबाइल मार्किट देख कर ऑटो रुकवा लेना कुछ सामान लेना है ..
झगन ने हामी भरी...
कुछ देर बाद हम मार्किट से गुजरे तो मैंने hi ऑटो रुकवाया..
मई : तू यही बैठ 15 मिनट तक मई आया..
और मई निकल गया...
एक मोबाइल शोरूम पर आकर मैंने 1 लॅक का महंगा फ़ोन लिया और एक नई सिम भी....
रेडी करके मई वापस ऑटो में आकर बैठ गया...
कुछ देर बाद हम अँधेरी में थे..
मैंने ऑटो वाले को किराया दिया और उसे चलता किया...
मई : कहा है शॉप.
झगन : सामने वाली..
वो मुझे ऊँगली से शॉप दिखते हुए बोलै..
मई : ठीक है तू जा मई यही वेट कर रहा hon...aur मैंने अपने फ़ोन का कैमरा ों करके उसकी ऊपर की जेब में रख दिया..
झगन : ये किस liye..bharosa नहीं है मुझ पर..
मई : अबे मई अपनी सिक्योरिटी के लिए कर रहा hon...agar हम फसे तो बनिया भी fasega...chal जा ab..wo मेरे दूरकरने पर चला गया..
वो सच कह रहा था मुझे उस पर बिलकुल भी भरोसा नहीं था....
आधे घंटे बाद वो आया...
उसके फेस पर मुस्कराहट थी मतलब साफ़ था वो बेच आया था...
मई : बिक gaya..mai अपना मोबाइल उसकी जेब से निकलते हुए bola..jisme वीडियो चल रही थी... जिसे मैंने सेव कर लिया...
उसने हामी भरी और ज्यादा बात किये बिना हमने ऑटो लिया वापसी के लिए..
हम घर आये तब उसने बताया माल 35 लाख का बिका है...
जिसमे से हमने वो भी आधे आधे कर लिए...
झगन : अब 6 महीने साल के लिए मई नीचु हो gaya...ek डैम टेंशन फ्री .
तो तुम उठ गए...
इतने में अदिति मैडम आगयी thi...red सूट शलवार में वो दुल्हन लग रही थी...
हाथो में उनके खाना था...
अदिति : तू यहाँ क्या कर रहा है..
झगन : कुछ नहीं दीदी वो मई भैया से पूछने आया था कुछ चाहिए तो बता देना वही..
कहते हुए उसने बैग उठाया और चलता बना..
अदिति: सुबह मैंने अपने स्टूडेंट को भेजा था तुम्हारे पास खाना देने उसने कहा तुमने दूर नहीं खोला तो मई आयी फिर भी नहीं खोला जानते हो कितनी आवाजे di..itni गहरी नींद के कौन सोता है...
मई : माफ़ करना मैडम गहरी नींद में था शायद..
अदिति : यहाँ रहना है तो जल्दी uthna.aur बर्तन धो कर लाना..
नाराज़गी में खाना रख कर पेअर पटकती हुई वो चली गयी और मई खाने लगा...
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अपनी माँ के बेहोश होने पर लावण्या चीखे मरते हुए उसके पास pahuchi..usne पानी डाला और जगाने की कोशिश की लेकिन besudd...halat बिगड़ते देख पड़ोसियों ने एम्बुलेंस बुलाई और लावण्या अपनी माँ को लेकर हॉस्पिटल पहुंची जहाँ उसकी माँ को भर्ती कर लिया गया था....
हॉस्पिटल में 6 घंटे गुजर गए थे लेकिन अभी तक लव की माँ को होश नहीं आया था...
की इतने में डॉक्टर दिखे उसे आते हुए उनसे पूछा..
डॉक्टर: पेशेंट गहरे सदमे में है होश आगया है लेकिन वो बार बार किसी रॉकी को पुकार रही है...
लावण्या: मई मिल सकती हों..
डॉक्टर: नर्स उन्हें दबाई खिला दे फिर मिल लेना...1 घंटे तक...
बेंच पर बैठ कर लावण्या कॉल लगा देती है..
लावण्या : ahana...aur लव सिसक सिसक कर रोने लगती hai..fir सिसकते हुए hi साड़ी बात बता देती है...
अहाना : मई कुछ देर में आती हों..
हाफ ऑवर बाद अहाना बॉडीगार्ड और अपनी माँ के साथ हॉस्पिटल में थी.
अहाना के आते hi लव उसके गले लग gayi..aur अहाना उसे सहनुभूति देने लगी...
कैसी हो बचा चलो चुप हो जाओ सब ठीक हो jayega..ahana की माँ लव की पीठ थप तपते हुए बोली...
अहाना : कब गया वो ..
लावण्या : होश में आते hi ..
अहाना : मई कल रात जाएगी thi...chale अंदर ौंटी से मिलने .
लावण्या : अभी नर्स है अंदर...
लव की बात सुनकर अहाना पास में hi बैठ गयी...
अहाना : मां आप चली जाओ बॉडीगार्ड है न ... प्लीज मां..
ठीक hai..tum इसे साथ लेकर aana..uski माँ बॉडीगार्ड से कहती हुई चली गयी..
अहाना : उसे कॉल लगा...
लावण्या : मई उसे जानती हों वो बात नहीं karega...maa की एक आह पर बेचैन होने वाला माँ की चीखो पर भी नहीं रुका...
मम ये बिल बना है ...काउंटर पर जमा कर do..itne में नर्स बिल लेकर दे गयी...
लव ने अपने बैग में से पैसे निकले तो 5 हजार निकले और बिल था 20 हजार का...
अहाना : मई पाय कर के आती हों फिर कॉल लगाना..
अहाना काउंटर पर आकर पाय करती है फिर
दोनों वार्ड के सामने बरी बरी से फ़ोन लगाती और रॉकी एक बार 1 सेकंड के लिए अहाना की कॉल उठता है फिर कट देता है दोबारा तरय करने पर नंबर ब्लॉक आता है..
अहाना : उसने ब्लॉक कर दिया...
उदासी से लव ने नजरे नीची कर ली...
इतने में वार्ड में से 2 नर्स nikli....jinhe देख अहाना ने उठते हुए उन्हें रोक लिया.
अहाना : क्या अब मई मिल सकती हों..
नर्सेज ने हामी भरी तो दोनों अंदर आयी...
लावण्या की माँ लेते आँखे बंद किये रो रही थी..
Maa...pass आकर लव ने अपनी माँ के हाथ अपनी आँखों पर रख लिए फिर खुद भी रोने लगी....
लावण्या : माँ आप रोना बंद करो वो आजायेगा शायद घर पर हो...
माँ : वो क्यों गया lavanya...mujhe बता मेरी bachi...wo क्या कह रहा था...
लावण्या : माँ तुम घर चलो फिर सब बता dungi...wo घर होगा बस तुम ठीक हो जाओ...
माँ : वो ऐसे नहीं जाता लव वो कभी नहीं gaya...use इतना गुस्सा क्यों आया....
जवाब देने की जगह लावण्या सिसकने लगी...
माँ : तुम बताओ बेटी रॉकी लावण्या और तुम्हारे बिच क्या hua...tum 2 दिन उस भूतिया बंगले में थे...
अहाना : उम् ऋचा आंटी रॉकी को विक्य के बारे में पता चल गया...
ऋचा : सिर्फ इस वजह se...usne मुझसे पूछना भी ठीक नहीं samjha...lavanya मुझे घर ले चल..
लावण्या : माँ आप ठीक नहीं हो अभी ..
ऋचा : मुझे ले चल मेरी बची मई अब ठीक हों.
लावण्या : अच्छा ठीक है हम डॉक्टर से बात करके आते है..
दोनों डॉक्टर के पास आयी और घर ले जाने के लिए बोली...
डॉक्टर ने दवाई दी और छुट्टी कर दी..
हॉस्पिटल से जब दोनों निकलने लगी तब किसी को देख अहाना रुक गयी..
अहाना : उफ़ माँ आप गयी नहीं...
मेरा बचा तुम अभी इतने बड़े हादसे से निकल कर आयी हो अकेला कैसे छोड़ देती...
ऋचा ने अहाना की माँ को देख हाथ जोड़ लिए..
फिर पांचो चल दिए...
लावण्या : तू जा मई ऑटो करके चली जाउंगी...
अहाना: नहीं छोड़ देती हों..
लावण्या: पक्का मई ले जाउंगी...
अहाना ने हामी भरी और वो अपनी माँ बॉडीगार्ड के साथ अपनी कार में बैठ गयी...
लावण्या रिक्शे पर अपनी माँ के साथ घर चल दी...
रस्ते भर ऋचा रॉकी के बारे में पूछते आ रही थी और लव उसे घर आगया होगा कहकर दिलसे दे रही थी..
घर आयी माँ बेटी तो घर सुना था...
ऋचा घर में इधर उधर देख कर बरामदे में बैठ इंतजार करने लगी..
लावण्या : माँ अंदर चलो कितनी सर्दी हो रही है...
ऋचा : नहीं मई उसका इंतजार karungi..aayega तो समझाउंगी की मैंने दोनों का प्यार देख शादी के लिए हाँ ki...ye भी समझाउंगी शादी का फैसला माँ लेती hai..itni सी बात पर कोई घर छोड़ कर जाता है..
लावण्या : माँ वो नहीं आएगा... समझती क्यों nahi...wo छोड़ गया हमें हमेशा के लिए...
ऋचा : क्या कह रही है तू...
लावण्या : तूने सुना न माँ उसने क्या कहा तू उसकी सगी माँ नहीं है मई उसकी सगी बहन नहीं हों...
और फिर ऋचा को सुबह के वो पल याद आये जब रॉकी ने उसे कहा वो उसकी सगी माँ नहीं...
ऋचा : मेरे लिए तो वो सागा hi tha..aur ऋचा फिर सिसकने लगी...
ऋचा : बेटी तूने क्यों बताया उसे उसकी सगी माँ के बारे में...
लावण्या कुछ नहीं boli...andar चली गयी ..कुछ देर बाद वो रजाई लेकर आयी उसने उसे ऋचा को ुधा दिया...
पास में उसने चूल्हा रख कर आग जला li...jis पर वो छाए बनाने लगी...
ऋचा : बचपन से इतना बड़ा किया उसे और वो अपनी माँ के बारे में जानते
Hi हमें छोड़ गया ..सरन आपका
खून गन्दा tha...mai उसे माफ़ नहीं करुँगी...
रॉकी के लिए ऋचा के शब्द सुन कर लावण्या का गिल्ट उसे अंदर hi अंदर कचोटे मरने लगा...
लावण्या : माँ चुप हो जा गन्दा खून वो नहीं मई hon...wo अपनी माँ के बारे में जानकर नहीं गया मेरे बारे में जानकर गया ..
ऋचा : क्या कह रही है तू...
लावण्या :अब मई ये बोझ अब और नहीं उठा सकती .. मई सब बताती हों ...12तह तक आते आते मेरा जिस्म मर्द की मांग करने लगा माँ..12 तक वो मुझे रोकता रहा फिर 10तह में उसने स्कूल ड्राप किया और मई भी ट्वेल्थ करके कॉलेज में agayi...mujh पर बहुत से लड़के आशिक़ हुए उन्हें तैसे करके मुझे बड़ा मज़ा अत अब मेरे साथ रॉकी नहीं था मुझे रोकने टोकने शायद मई उससे भी न रूकती इतनी आगे आगयी thi...jis कॉलेज में अहाना ने मेरा एडमिशन अपने साथ कराया वही मेरे साथ मेरे पीछे वो ट्वेल्थ वाले भी क्लासमेट आगये they..wo सब पावरफुल थे और उनसे दोस्ती करके मई भी वैसा hi फील करने lagi...unke साथ नशे की लत पद गयी और अपने साथ मई अहाना को भी के डूबी वो अकड़ू नकचढ़ी थी लेकिन उसे चरक्टेरलेस मैंने बनाया ...माँ मई जो तुझसे कहती थी रातो को स्टडी करुँगी अहाना के साथ वो सब झूट था मैंने कभी बुक भी नहीं खोली मई रातो में क्लब्स में जाती बॉयज के साथ और नशे में वो सब करती... कहते हुए लावण्या की जबान लड़खड़ा कर सिसकने लगी..
लावण्या : फिर मुझे सेक्स की लत लगी विक्य मुझे महंगे गिफ्ट देता और जैसा कहता मई करती अपनी मर्जी से ..जो रॉकी जान gaya...isi वजह से उसने हमसे रिश्ता तोड़ liya...tumne सामने से देखा मई रॉकी के साथ हों और तुमने हमें एक्सेप्ट कर जो मैंने रॉकी को bataya..to वो आप से भी नफरत करने लगा ..ये जाने बिना की आपने शादी के लिए हाँ की थी ना की मेरी इस तरह की आज़ादी ki...usne मुझे बताने hi नहीं दिया न कुछ suna...kehkar लव सिसकने लगी...
थोड़ी देर संभल कर जब लव ने ऋचा को देखा तो वो उसे hi देख रही थी ..
ऋचा : क्या तू hi मेरी औलाद hai...kash मई तेरे पैदा होते hi तेरा गाला घोट के मार deti...kulachni ..
ऋचा बड़ी नफरत से बोली...
लावण्या : माँ अब तुझसे वडा करती हों मई सब छोड़ दूंगी अब कभी कुछ ऐसा नहीं करुँगी जिससे तेरा मेरे भाई का सर झुके...
ऋचा : ख़बरदार जो तूने मुझे माँ bulaya...aaj से तू मेरे लिए मर gayi...aaj तेरा बाप ज़िंदा होता तो तुझे मर कर तेरे टुकड़े कर deta...tujh जैसी गन्दी औलाद मेरी नहीं हो sakti...aaj से तू मर गयी है मेरे लिए....
लावण्या मानती रही लेकिन ऋचा ने उसे कोई जवाब नहीं दिया...
आज 15 साल बाद वो रॉकी के बिना सो रही थी सोंच कर hi वो सिसक उठी...
न जाने कब वो रट रट वही सो गयी...
लव आग के पास hi बैठी रात भर जगती रही...
सुबह लावण्या ने ऋचा के उठने से पहले hi नाश्ता तैयार कर लिया था..
ऋचा उठी तो लावण्या उसके लिए नाश्ता निकल कर लायी...
ऋचा : तेरे हाथ का खून तो सरन और रॉकी का मॉस khaun...kehkar ऋचा उठी और घर से जाने लगी.
पास आकर लावण्या ने उसके पेअर पकड़ लिए...
लावण्या : क्या कह रही है maa...maa तुझे होश भी है...
ऋचा : मत बुला मुझे माँ कुलछ्नी तेरा मेरा रिश्ता ख़त्म हो गया मर गयी तू मेरे liye...aur मई तेरे liye...tune मुझसे मेरा बीटा चीन मई तुझे कभी माफ़ नहीं करुँगी...
लावण्या : माँ जो सजा दे दे लेकिन मुझे छोड़ कर ना jaa..mai तेरे बिना जी नहीं पाऊँगी...
ऋचा : अब तुझसे मेरा कोई रिश्ता नहीं तेरे सजा भी यही है ...तुझसे मुझे इतनी नफरत है तू मर भी गयी तो मेरा एक भी आंसू नहीं niklega...hramjadi ये बता मेरी परवरिश में क्या कमी thi...tune अपने बाप को देखा कितना सच्चा इंसान था wo...aur एक tu...hat मेरे पास se...ab से तेरा मेरा खाना अलग hoga...jab तक तू किसी के साथ मुँह कला करके नहीं चली जाती तब तक रह सकती है लेकिन ये भूल जा तेरा इस घर में कोई hai...chal छोड़ मुझे नहीं तो पडोसी भी जान जायेंगे की तू कितनी बड़ी हर्राफ़ा है...
ऋचा धक्का देकर आगे बढ़ गयी..
घर से निकल कर पास की बस्ती के अमीर घरो में जाकर वो घरो घरो काम मांगती उसकी रोनी सूरत देख किसी को उस पर तरस नहीं ata..dopahar तक उसने कई घरो का दरवाजा खटखटा लिया था ...एक घर वालो ने काम भी दिया तो 15 मिनट बाद ऋचा के हल्फने की वजह से उसे निकल भी दिया...
वो कल से भुकी थी हॉस्पिटल में hi उसने बस दरिया खाया था...
पेट की आग को दबाये वो रोड पर काम तलाश करके थक गयी तो एक खली बेंच पर बैठ कर सिसकने लगी...
ऋचा : तूने मुझसे मेरा बचा दूर किया है अब तुझसे मई हर रिश्ता तोड़ lungi...tu मर गयी मेरे लिए lavanya...kash मेरी ऐसी औलाद न होती काश तू मुझे अपने साथ ले गया होता...
3 बज गए थे उसे भूक की पुकार ने रोने से रोका..
थक कर रहा चलते लोगो के बिच ऋचा ने हाथ बढ़ा diya....aur उसके हाथ में किसी ने 10 रुपए रख दिए...
कुछ hi देर में उसके पास 50 रुपए हो गए थे...
ऋचा के जाने के बाद लावण्या फुट फुट कर रोने लगी...
लावण्या: तू मर जाये तो रॉकी आजायेगा और सब ठीक हो जायेगा...
लावण्या: तू बहुत बड़ी बुजदिल है लावण्या...
वो खुद से hi बातें कर रही थी...
इतने में उसे किसी के आने का अहसास हुआ और उसने सर उठा कर सामने देखा...
सामने पुलिस थी...
मई हों इंस्पेक्टर jagdis...madam आपको हमारे साथ पुलिस स्टेशन चलना होगा पूछताछ के लिए आपके मिसिंग दोस्तों के सिलसिले me...ham कई दिनों से आ रहे है पहले आप होश में नहीं थी कल आये तो पता चला आप हॉस्पिटल गयी है..
लावण्या : मई कुछ नहीं जानती प्लीज मुझे अकेला छोड़ दो...
इंस्पेक्टर: मैडम मामला c.m साहब के बेटे का है आपके सभी दोस्त ठाणे में है.....
न चाहते हुए भी लावण्या को जाना पड़ा...
ठाणे आयी तो उसे अहाना विक्य सृष्टि अवनीत रोनी सब hi मिले .और सबके पेरेंट्स भी साथ के थे सिवाए लव ke...jis तांत्रिक ने इन्हे बचाया था वो भी था...
इंस्पेक्टर: आप अपने दोस्तों के पास बैठे आपको क्कुह देर में बयां के लिए बुलाया जायेगा.
और लव के आने पर अहाना ने उसे अपने पास बुला लिया..
अहाना : ये बेलीवे नहीं कर रहे है जो हुआ सब वैसा hi बता दो ये तुमसे कहेंगे वहां चलने को तो कहना पहले अपने लोग भेजो अगर वो वापस आगये तो हम jayenge...darna नहीं मई hon...ham सबने यही स्टेटमेंट तैयार की है..
विक्की : लव मेरी डार्लिंग कैसी हो tum...tumhari आंखे कैसी लाल है..
लव ने कोई जवाब नहीं दिया बस अहाना की बात सुनकर सर हिला दिया...
बरी बरी से पुलिस वाले सब को बुलाकर उनका स्टेटमेंट लेने लेने lage...sabne hi शामे जवाब दिया...
थक कर स्पेक्टर अपने केबिन से सटे रूम में गया जहाँ c.m उदास बैठा tha...sabke बयां सुन उसे गुस्सा आ रहा था...
स्पेक्टर : अपने सब सुन लिया न ..
C.m : इन सबकी चाल है इन्होने मेरे बेटे को मारा hai...gusse में c.m रूम से निकला चलता हुआ वह आया जहाँ सभी मौजूद थे....
सेल मुझे बता कहा hai...mera बीटा...
C.m ने रोनी के बाल पकड़ लिए और उसके मुँह पर थप्पड़ मरने लगा..
वो सब c.m की वीडियो बनाने लगे...
इतने में पोलिसवाले आया जिसने c.m को किसी तरह रोका...
इंस्पेक्टर: ये अपने बेटे की वजह से परेशां है तो कोई भी वीडियो विरुल नहीं karna.....sir आप baithiye...kehte हुए inspector...ne c.m को कुर्सी पर बिठाया..
C.m : विक्य तू बता वह क्या हुआ था मेरे बेटे को किसने mara...tu तो उसका भाई उसका दोस्त है बता de...mai वडा करता हों तू जो कहेगा वो करूँगा..
विक्य : अंकल हमने सब सच बताया hai...mere सामने राम को मरकर वो लम्बे साये वाले खा gaye...wo घर हुन्तेद है ट्रस्ट नहीं तो अपने लोगो को भेजकर देख लो...
इंस्पेक्टर: आज मेरी टीम जाएगी अगर वो वापस आयी तो फिर मई तुमसे पूछूंगा अपने तरीके se...ab तुम जा सकते हो...
इंस्पेक्टर के कहने पर सब जाने लगे..
लव स्टेशन से निकल कर अलग को जाने लगी तो उसकी दोस्तों ने भाग कर उसे रोका...
अहाना : क्या हुआ tujhe...sab ठीक तो है...
लावण्या: हाँ घर जा रही हों माँ अकेली है...
अहाना : तैयार रहना इस मंडे को रिजल्ट आ रहा hai..sath लेने chalenge....fir साथ में hi एडमिशन...
लावण्या : मैंने स्टडी छोड़ दी है ..चल बाये.
अहाना : जानती हों रॉकी की वजह से परेशां hai..mai किसी टाइम घर आउंगी...
लव सर हिलती हुई आगे बढ़ी की विक्य ने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक दिया..
विक्य : कहा जा रही हो अभी हम मौत के मुँह से निकले और तुम बात भी नहीं कर रही हो..
लावण्या : हाथ छोड़ो mera...hamare बिच सब khatam...aaj के बाद मेरे अस्स पास भी नहीं दिखना...
लावण्या हाथ छुड़ाते हुए बोली...
विक्य : ये तुम क्या कह रही ho...mai तुमसे प्यार करता हों...
लावण्या : मुझे तोय की तरह दूसरे मर्दो के साथ सुला कर तुझे प्यार याद आ रहा है...
विक्य: वो मेरी फंतासी थी लेकिन अब ऐसा कभी नहीं hoga...mujhe तुम से शादी करनी है...
लावण्या : सब ख़तम समझ नहीं आया tujhe...chal जाने दे..
विक्य : शुरू मैंने किया है तो ख़तम भी मई करूँगा तुम किसी और की नहीं हो sakti...lavanya तुम सिर्फ मेरी ho...tumhare जिस्म पर सिर्फ मेरा हक़ है..
गुस्से में विक्य हाथ पकड़ कर लव को अपनी तरफ खींचने लगा...
लावण्या : इंस्पेक्टर साहब ये मुझे ह्रास कर रहा hai...lav छूटने की कोशिश कर रही थी की उसे इंस्पेक्टर dikha...aur उसने उसे आवाज दी...
इंस्पेक्टर: क्या कर रहे है विक्य साहब आपके बाप मला है तो इसका मतलब ये नहीं आप किसी को ह्रास करे 5 साल की सजा होगी अगर f.i.r हो gayi...chhodiye..
लावण्या: इसे मुझसे दूर रखे इंस्पेक्टर...
अहाना जो रोनी के साथ सब देख रही थी लव के इंस्पेक्टर को बुलाने पर पास आयी...
अहाना : क्या हुआ लव..
और लव ने बता दिया सब...
अहाना : विक्य जब तुझे ये छोड़ चुकी है तो क्यों पीछे पड़ा है शर्म नहीं तुझे...
लावण्या : अब दिखा तो इसे चप्पलो से marungi......mere साथ चलो rony...viky से कहकर लव ने रोनी को बुलाया जो अपने पेरेंट्स को छोड़ लव के पास आगया..
लावण्या : घर चलोगे मेरे...
रोनी : haan..lav ने रोनी का हाथ पकड़ा और अहाना से bye कहा और आगे बढ़ गयी...
रोड पर उसने हाथ देकर ऑटो रोका और दोनों बैठ कर चल दिए ..
विक्य मन में : साली तूने मुझे इसके लिए छोड़ा है मई तेरी जिंदगी नर्क बना दूंगा तू सिर्फ मेरी है lavanya....gusse में विक्य जल भून रहा था बदले की आग में दुत्कारे जाने पर...
वो घर जाने को हुआ की उसे तांत्रिक जाता दिखाई diya...aur वो कार में बैठा फिर अपनी कार जल्दी से उसके पास लाया...
विक्य : आईये मई छोड़ देता hon...guru देव aajaiye...viky के विनती करने पर
तांत्रिक बैठ गया.....
विक्य : गुरु देव आखिर वो क्या बाला thi...us घर में ..
तांत्रिक : उनके बारे में बात न करो yahan...abhi वो हमें सुन सकते hai..meri कुटिया पर चलकर करना..
विक्य : क्या आपकी विद्या से मई किसी लड़की को हासिल कर सकता हों गुरु जी..
तांत्रिक : क्या है जो हासिल नहीं हो सकता...
विक्य : मई सीखना चाहता हों प्लीज इंकार नहीं करना ..गुरु जी प्लीज..
विक्य तांत्रिक के पैरो पर हाथ रख कर विनती करने लगा..
तांत्रिक उसकी बात सुनकर उसे देखने लगा...
.तांत्रिक : ये तुम्हारे बस की बात नहीं है bacha..tum आज के ज़माने के लोग नहीं समझोगे...
विक्य: आप समझायेंगे तो समझूंगा ...मुझे सीखना है महाराज आप जो फीस कहोगे मई दूंगा..
तांत्रिक : इंसानी खून पि सकते हो इंसानी मूत्र पि paoge...ye काली विद्या है ..इतना आसान नहीं इन्हे प्राप्त करना .
विक्य : सब karunga..bas मुझे सीखा दो आप .
तांत्रिक : ठीक है सीखने के बाद मई तुमसे गुरु दक्षिणा मांगूगा...
और विक्य ने खुश होकर तांत्रिक के पेअर छू लिए ..
लव घर आयी तो उसकी माँ नहीं थी ..और वो रोनी के साथ बैठ गयी...
रोनी : क्या बात है लव तुम ठीक नहीं लग रही हो क्या उस घर के ट्रामा की वजह से ...
लावण्या : नहीं रॉकी घर छोड़ गया उसके माँ ने भी मुझसे बोलना बंद कर दिया तुम मेरे साथ चलो मुझे उन्हें ढूंढ़ना है..
रोनी : हाँ क्यों नहीं...
और लावण्या रोनी को लेकर अस्स पड़ोस में घर घर जाकर पूछने लगी ..
5 बजे वो थकी भुकी प्यासी घर आयी ..
लावण्या : पता नहीं वो कहा hai...tum जाओ रोनी...
रोनी : तुम्हे ऐसे छोड़ कर nahi...tum भुकी लग रही हो कुछ खा लो...
लावण्या : नहीं भूक नहीं है ..
रोनी : रुको मई देखता हों कुछ ...
रोनी अपने से किचन में खाने की चीज़े खगालने लगा...
रोनी : इसमें तो पूरी हलवा रखा है...
रोनी बर्तनो को खंगालता हुआ बोलै...
चल उठ गयी मेरी beti....kya हुआ था तुम दोनों ऐसी हालत में कहा से ए थे इतने बीमार दो दिन उठे भी नहीं..
माँ हम दोनों किसी भूतिया घर में फास गए थे उसके baad.................fir किसी तरह nikle...ab भी दर लग रहा है...
अब तुम कही नहीं जाओगी रात में पड़े के लिए भी nahi....ab जल्दी से मेरा हाथ बटवो पूरी छोले हलवा बनाने में तेरे भाई को बहुत पसंद है न...
रॉकी को पसंद है के ख्याल से वो उठी और किचन में bhagi...fir प्लेट निकल कर वो खाने लगी ..
वो रॉकी की याद में खा रही थी...
रोनी : ठीक से मई पानी लेकर आया.
लव ने पानी पिया तो उसकी जान में जान आयी...
लावण्या : रोनी तुम चले जाओ अब..
रोनी : तुम्हारी माँ...
और लव आगे कुछ न कह पायी...
इतने में दोनों को दरवाज़ा खुलता दिखा..
और अंदर ऋचा दाखिल हुई...
लावण्या भाग कर अपनी माँ के पास पहुंची...
लावण्या : माँ कहा गयी थी तू...
ऋचा : तू होती कौन है मुझसे ये पूछने wali...richa ने गुस्से भरे स्वर में कहा..
लावण्या : माँ मई सरे बुरे काम छोड़ dungi...subah से मई तुझे ढूंढ ढूंढ के पागल हो गयी...
ऋचा : मरी तो नहीं na..tu क्यों मुझे मरना चाहती hai...mujhe तेरी परछाई से भी नफरत है... वैश्य..
आखिरी शब्द लव के साइन में जैसे चुभ से gaye...wo वही घुटनो में मुँह डेल रोने लगी...
रोनी ने जाना ठीक समझा और वो बिना कुछ कहे चला गया...
.ऋचा थैले में से सामान निकलने lagi...uske थैले में कई तरह की सब्जियां thi...aanta चावल tha....jise वो मांग कर लायी thi...be दिली से वो खाना बनाने लगी...
लव ने अपनी माँ को सब्जियां काटते देखा तो भाग कर आयी ..
लावण्या : लाओ माँ मई कर देती हों..
ऋचा : तेरे गंदे हाथो से मई खाना अशुद्ध नहीं करना..
लावण्या : तुम ये सब कहा से लायी किसी ने दिया माँ..
ऋचा : भिक मांग कर लायी hon..ye भिक जिस्म बेचने से कही ज्यादा बेहतर hai....tu नहीं समझेगी क्योकि तू एक वैश्य hai...ab जा यहाँ से...
रट हुए लव अपने रूम में आकर लेट गयी...
दो हफ्ते हो गए थे ऋचा भिक मांग कर लती और खुद बना कर कहती ...
लव घर पर hi रहती ज्यादा समय ..उसकी सेविंग भी अब ख़त्म हो रही थी ..कुछ hi दिनों में लव डिप्रेशन की वजह से सुख गयी thi...na ज्यादा कहती थी न किसी से कोई बात करती थी ...घंटो रॉकी की तस्वीर के सामने बैठ कर रोटी रहती थी ..उसके कपड़ो को साइन से लगाए संगति थी..
एक दिन अहाना लव से मिलने agayi...jab लव ने कई दिनों से उससे बात नहीं की फ़ोन पर और उसके फ़ोन करने पर लव ने रिसीव नहीं किया...
अहाना : ये क्या हालत बना ली तूने apni...tu रिजल्ट देखने भी नहीं आयी...
लावण्या : बताई थी न अब स्टडी नहीं करुँगी तो क्या करुँगी रिजल्ट देख कर...
अहाना : ाचा ठीक है मुझे बता क्या बात है...
और लव उसके गले लग कर सिसकने लगी...
लावण्या : मैंने माँ को अपने बारे में सब सच बता दिया तब से वो बात नहीं कर रही...
अहाना : yar...mai क्या kahon..maa माफ़ कर देती है तू माफ़ी मांग..
लव ने कोई जवाब नहीं दिया ..वो भी जानती थी इसमें अहाना क्या कर सकती है...
लावण्या : इतने दिनों बाद आयी बता कुछ खायेगी...
अहाना : कुछ भी nahi..ye बता तुझे डरावने ड्रीम्स आते है..
लावण्या : नहीं ..
अहाना : मुझे आते है शिवांगी मुझे आवाज देती hai...aisa लगता है जैसे वो मेरे अस्स पास है...
लावण्या : सोंचा न कर उसके बारे me..nahi आएंगे...
अहाना : तुझे पता है मेरे कितने मार्क्स आये है...85%
लावण्या : कॉंग्रट्स..
अहाना : मैंने तेरा भी रिजल्ट चेक किया तेरे ए है 91% ...कामिनी तू तो बाजी ले गयी...
लावण्या : मैंने चीट किया tha...aur मुँह कला kiya...tere फॉर्म हाउस पर जाना भी इसी डील में शामिल था..
अहाना : ऐसा क्यों कह रही है...
लावण्या: यही मेरी सच्चाई है...
अहाना : शट उप yaar...sun आगे की स्टडीज के लिए मई मुंबई जा रही हों एक्चुअली माँ डैड भेज रहे वो कहते है यहाँ से दूर रहूंगी तो दर भी निकल jayega...lekin मई अकेली नहीं jaungi...mere रिश्तेदार है मुंबई में जिनके साथ हम रह सकते hai...to तैयार हो jao...kisi दिन मई आकर आंटी से बात करुँगी...
लव के कोई जवाब न देने पर अहाना bye बोलकर चली गयी...
दिन गुजरने लगे अब ऋचा लव की बात बिलकुल hi ख़त्म हो गयी thi....richa एक ब्लैंकेट ओढ़ कर घर से निकल जाती और 2 2 दिन तक गायब rehti...aati भी सिर्फ सोने के liye....wo भिक मांग कर रॉकी के लिए पैसे जमा कर रही थी की वो पैसे हो जाने पर अखबार में इस्तिहार देगी...
ऐसे hi महीना गुजर gaya...lav के पास पैसे भी ख़त्म हो गए they...acha ये हुआ अहाना उससे मिलने aati...aur कुछ न कुछ कहने का ले आती ..लव ने भी जॉब धुंडी लेकिन बदले में उसे हरस्मेंट मिला जो देख उसने जॉब नहीं ki...gharo में काम उससे हुआ नहीं एडुकेटेड होने की वजह se....aise hi महीना गुज़र गया ..उधर अहाना मुंबई जाने की तैयारी कर रही थी...
विक्य तांत्रिक से कला जादू सीख रहा था ....तांत्रिक उसे जैसा कहता वो वैसा hi करता tha...sirf लावण्या के लिए..
सृष्टि और अवनीत कभी कभी अहाना से बात कर लेती थी...
महीना गुजर गया था अहाना के बाद लव से कोई मिलने अत वो रोनी hi tha...lavanya सूख कर काटा हो गयी थी उसका हुस्न जैसे कही ढल सा gaya...richa एक घर में उसके साथ रहती लेकिन उसने कभी लावण्या की हालत पर गौर hi नहीं kiya...richa भी खामोश रहती आंसू बहती अपने बेटे के ग़म में ...एक दिन ऋचा भिक मांगने जा रही तो उसने हर दिन की तरह आग के पास लव को नहीं देखा....
इतने में उसे दरवाजा बजने की आवाज आयी...
ऋचा ने दरवाजा खोला सामने रॉकी का दोस्त अरसद खड़ा था....
हम दोनों के हिस्से में 32 लाख 50 हजार आये थे...
मैंने सोंचा यहाँ रहने के लिए घर का बंदोबस्त करूँ ..और मई बस्ती के अस्स पास घर देखने चला गया...
.एक जगह एक माकन पर टॉयलेट और नंबर लिखा था मैंने वो नंबर डायल किया और घर की कीमत पूछी...
और मैंने कॉल कट कर दी ..2 कमरों का घर 4 करोड़ का बताया था उसने...
शायद मैंने जल्दबाज़ी कर दी थी ..और मई वापस बस्ती के लिए चल दिया...
अंकल donation...itne में मेरे बस्ती में एंटर होते hi अदिति मैडम के पास पढ़ने वाले बचे डोनेशन बॉक्स लिए मेरे पास गए...
मई : चिंटू किस लिए डोनेशन...
चिंटू : अगले महीने की 12 तारिख को अदिति मैडम बस्ती में आयी थी जिनके आने की खुसी में हर साल पूरी बस्ती वाले मेला लगते है बस्ती को sajakar..jisme आपको खाना भी मिलेगा और नाच गाना भी...
मई : क्यों तेरी आदित्य मैडम इतनी खास क्यों है..
चिंटू: क्यों अंकल तुझे नहीं पता..
मैंने ना में सर हिलाया..
चिंटू : यहाँ आधे रहने वाले ऐसे है जिनसे अदिति मेडम पैसे भी नहीं लेती यहाँ हर अपने पराये के लिए जगह है तो सिर्फ अदिति मेडम की वजह se...ab जल्दी से पैसे डालो..
मैंने 500 का नोट डाला और आगे बढ़ गया...
रूम पर आकर मई अपना नई फ़ोन चलने laga..purane फ़ोन की स्क्रीन वगैरह सब टूटी हुई थी..
एक ख्याल से मई रिसर्च करने लगा..
1 घंटे बाद मई उठा बस्ती से बहार आकर मई मार्किट आया जहाँ सेकंड हैंड बाइक्स बिक रही थी...
मई 70 हज़ार लाया tha...aur मुझे 45 हजार में एक अछि बाइक मिल गयी एक साल पुराणी जिसकी कीमत 80 हजार थी...
बाइक लेकर मई एक चाबी वाले के पास aya...jo मुझे बाजार में hi बैठे दिख गए...
मई बाइक से उतारकर उसके पास आया..
मई : कैसे हो उस्ताद...
आदमी : चाबी बनवानी है...
मई : नहीं काम की तलाश में हों सीखना चाहता हों...
मेरी बात सुनकर वो सोंच में पद गया...
आदमी : जब तक सीख नहीं जाते पैसे नहीं मिलेंगे..
मैंने हामी भरी और कल से आने का कहकर मई आगे बढ़ गया..
मई लोगो का खुद पर शक नहीं होने दे सकता tha...isliye काम की बात करने agaya..mujhe सीखना भी था की कैसे लॉक क्रैक किये जा सकते है..
और मार्किट में घूमते हुए मई चोरी से रिलेटेड और सामान लेने laga...fir कुछ घर के लिए भी सामान लिया गैस चूल्हा बर्तन ेट्स...
रात 9 बजे मई सारा सामान लेकर बस्ती में aya...bike मैंने बचो को पड़ने वाले हॉल में कड़ी कर दी थी ..
सारा सामान लेकर मई रूम पर aya...ache से बिस्तर बिछा कर मई सामान सेट करने लगा...
अब बस कमी थी तो एक गन की जिसकी जुगाड़ झगन hi करा सकता था...
स्नैक्स कहते हुए मई अपनी hi छत पर टहलते हुए मोबाइल चला रहा था की मैंने अपने शिमला की खबर लेने का सोंच और अपने साथ पिज़्ज़ा बेचने वाले पुराने साथी अरसद को कॉल लगा दी..
मई : hello...arsu...call रिसीव होते hi मैंने कहा..
अरसद : रॉकी tu...kaha है tu...us आर्डर के बाद तू आया hi नहीं... तेरे घर आया तो पता चला बीमार है ..बोतल बगैरह लग रही थी तुझे क्या हुआ ..
मई : बस बीमार था तू बता कैसा चल रहा सब..
अरसद : वही आर्डर और delivery...tu कहा है यार तेरी माँ को मैंने देखा वो भिक मांग रही है...
मई : क्या मेरी माँ भीक मांग रही hai...jaise मेरे पेअर काँप से गए...
अरसद : हाँ मई 10 दिन पहले डिलीवरी लेकर जा रहा था और लाइट्स पर रुका था तब तेरी माँ को देखा वो भिक मांग रही thi...mujhe लगा था तू नहीं रहा शायद इसलिए उनकी ऐसी हालत हो गयी...
मई : मेरा एक काम करेगा...
अरसद : बोल...
मई :मई तुझे पैसे पेटम कर रहा हों मेरी माँ को कर Dena...apna स्कैनर व्हाट्सप्प कर..
अरसद : कर दूंगा लेकिन सुबह अभी मई कही आया हुआ हों...
मई : ठीक है मई तुझे करता हों..
कॉल कट होते hi मई रूम में आकर पैसे जेबो में भरने लगा...
इतने में मुझे व्हाट्सप्प पर स्कैनर भी आगया उसका..
मई जैसे hi जीने पर आया मुझे खाना रखा हुआ mila...koi आया था...
मैंने खाने की प्लेट उठाई और अंदर रूम में लेकर रख दी....
मई रूम से निकला की मुझे अदिति मैडम आते हुए दिखाई di...jinke हाथ पीछे थे...
अदिति : रॉक तुम्हे कोई काम मिला...
मैंने सर हिला कर हामी भर दी..
अदिति : ye...wo एक बैग हाथो के पीछे से निकल कर सामने करते हुए बोली...
मई : इसमें क्या है...
अदिति : कुछ पैसे तुम अपने घर भेज दो....
मई : m..mai..kaise...
अदिति : aise...madam ने मेरा हाथ पकड़ कर बैग मेरे हाथो में थमा दिया...
अदिति : मई खाना देने आयी तो तुम्हारे मुँह से सुना तुम्हारी माँ भिक मांगती hai...sorry चुप कर सुनने के लिए बूत ाचा hi हुआ जो सुन लिया तुम्हारी हेल्प भी हो जाएगी...
मई कुछ न कह सका...
और वो वापस चली गयी...
मैंने रूम में आकर पैसे गिने तो वो 20 हजार थे...
मैंने वो पैसे वैसे hi रख दिए ...
फिर मई अपने रूम से निकला और बस्ती के बहार आया ..जहाँ मैंने थोड़े थोड़े कई शॉप्स से 100, 2000 रुपए एक्स्ट्रा देकर 20,20, हजार करके 5 लाख के करीब पैसे अरसद को पेटम करा दिए...
रूम पर वापस आकर मैंने खाना खाया जो भाजी और पुरिया थी...
खा कर मैंने पैसे जेब में डेल और बाइक लेकर चल दिया...
कुछ देर बाद मई कोठे पर था...