Adultery BUDHHA TAILOR - Page 7 - SexBaba
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Adultery BUDHHA TAILOR

माहि वो जाने के बाद दूर क्लोज करने वाली hi थी तब उसे ये आवाज आ जाते है.. वो फ़ौरन दूर बंद करते हुई एक नज़र बहार की तरफ दूर थोड़ा ओपन करके देखते है तब पूर्वी को करीम पकड़ रखा था और उसके गर्दन को किश कर रहा था..





साला रात भर मजे करने के बाद भी इसकी भूक अभी भी है क्या





उन्दोनो की तरफ देखते हुई माहि ऐसा मैं में कहती है

बहार भले hi इस वक़्त कोई नहीं था मगर पूर्वी के दिल में जैसे तूफ़ान सा उठा हुआ था....... उसकी सांसें ज़ोरों से चल रही थी जिससे उसके बूब्स तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहे थे ....... आज पूर्वी पूरी क़यामत बनकर करीम के सामने आयी thi......usne रेड रंग की साडी पहनी हुई था और ब्लैक कलर का ब्लाउज ..........बल उसके खुले हुए थे ........ चेहरे पर हल्का मेकउप भी tha.......kul मिला जुलकर वो आज करीम पर बिजली गिरा रही थी........

उसके दोनों हाथ पूर्वी के बालों पर घूम रहे they.......wo बहुत आहिस्ता से पूर्वी के बालों को सेहला रहा tha.....uski लातें संवर रहा tha.....wahin पूर्वी अपनी आँखें धीरे से बंद कर लेती हैं और जो कुछ अब होने वाला था वो शायद अब खुद को तैयार कर रही thi.......waqt मनो थम सा गया tha......dono के.. पूर्वी और माहि के.. दिल की धड़कनें पूरे उफान पर thi......sansein पल पल बेकाबू हो चले थे........

तुम आज बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो इन सर्जरी में ........आज क्या मुझपर बिजली गिराने का इरादा हैं........

माहि - हाउ रोमांटिक❤❤

करीम अपने होंठ पूर्वी के गार्डन पर हौले से रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से वहां चूमता हैं......






पूर्वी के मुँह से ज़ोरों की सिसकारी फुट पड़ती हैं.....

ahhhhhhhhhhhaaaaaaaa.. करीम ……. चोर दो……

लजात से उसकी दोनों आँखें एक बार बंद हो चुकी thi.......wahin दिल की रफ़्तार और ज़ोरों से बढ़ती जा रही थी....... और इधर बड़े आराम से माहि उन्दोनो का रोमांस देख रही थी..





और इस बार करीम अपने दोनों हाथ पूर्वी के कमर पर हौले से रख देता hain......magar अपने होंठों को पूर्वी के गार्डन पर से नहीं hatata........wahin पूर्वी बस खामोश कड़ी thi........dheere धीरे उसका साबरा का बांध टूटा जा रहा था..

wo..........assssssssssssss.....hhhhh.......bua जी अन्दर है .. वो किसी भी वक़्त बहार आ सकती है..

पूर्वी जवाब में धीरे से इतना hi बोल पति हैं ...... वहीँ करीम अपने दोनों हाथ हौले से ऊपर की तरफ सरकने लगता hain......purvi के दोनों बूब्स के taraf.......aur इससे पहले पूर्वी कुछ समझती वो कसकर पूर्वी के दोनों बूब्स को अपने कठोर हाथों में थम लेता हैं और ज़ोर से उसके दोनों बूब्स को मसल देता hain.....wahin पूर्वी के मुँह से ज़ोरों से सिसकारी फुट पड़ती hain.............wo फ़ौरन अपने दोनों हाथ करीम के हाथों पर रख देती हैं और उसके के हाथों को हटाने की कोशिश करती hain.......aur बड़े रोमांटिक अंदाज़ मई कहते है..





aaaaaaaaaaaaaahhhhh.........nahin करीम .........अभी नहीं......... यहाँ कोई आ जायेगा… घर में सब लोग है..

और पूर्वी अपने दोनों हाथों से करीम के हाथों को अपने बूब्स से हटा देती hain......wahin करीम कुछ नहीं कहता और यु hi पूर्वी से चिपका रहता hain.............kuch सोचकर वो धीरे से मुस्कुरा पड़ता हैं.........

बगल वाले रूम में चलते है

ऐसा कहके पूर्वी के हूंतो को आपने हूंतो के बच्च लेके चूसने लगता है..






पूर्वी भी उसका साथ देते है और उसके हूंतो को चूसने लगाती है.. थोड़ी देर चूसने के बाद पूर्वी उसे पीछे धक्का देते है..

अभी नहीं.. बाद में..

ऐसा कहके पूर्वी वह से निचे भाग जाती है.. ये देख के माहि दूर बंद कर के अन्दर आ जाती है..

कमीना कही का.. हमेशा इसे यही चाहिए…


करीम और पूर्वी के जाते hi माहि तुरंत अपने बैडरूम का दूर बंद करती हैं और अपने बिस्टेर पर जाकर दुबारा से सोचने लगती हैं…...





आज वो सुबह से hi बहुत बेचैन thi…..aaj ऐसा पहली बार उसके साथ ये सब कुछ हो रहा था……. एक तो उसे कल रात भरी पड़ी थी मगर अब तो ऐसा लग रहा था जैसे एक एक पल किसी सदी के बारबार गुजर रहा हो……

माहि एक बार फिर से अपने ख्यालों में गम थी...……





हाँ मैंने करीम का देखा था....... उसका वो पूरा खड़ा हो गया tha…….us दिन मैंने उसे दूर से देखा था.. इस से पहले दो बार देखा था .. लेकिन पास से तो उसका वो बहुत बड़ा hain…….baap re……kaise पेण्ट में किसी तम्बू की तरह तना हुआ tha…..aisa लग रहा था मनो अभी पेण्ट फाड् कर बहार निकल padega.....mujhe मालूम हैं की वो उस वक़्त वो मेरे hi तरफ देखकर खड़ा हुआ था .. वो कितने जोर से पूर्वी को कल फ़क कर रहा था ………काश ये नज़ारा मैं और नज़दीक से देखते और उनकी बाते सुन पति……...……

ये सब सोचकर माहि की छूट एक बार फिर से गीली होने लगती है ........एक तरफ वो अपने आप को समझा रही थी वहीँ दूसरी तरफ वो आपने आप को करीम के लिए तैयार भी कर रही thi..........kuch तो बात थी उसमें जो पल पल उसे अपनी ओरे खींच रही थी.....

इस वक़्त माहि की छूट पूरी तरह से गीली thi……use समझ में नहीं आ रहा था की वो अब क्या करे मगर इस तरह से बहकना ाची बात थोड़ी न thi…….wo सबसे पहले अपने साँसों को अपने बस में करने की कोशिश करती हैं ….. मगर आज शायद उसके बस में कुछ भी न tha……wo बड़े डियर तक बिस्टेर पर लेते हुए एक तुक चाट की ओरे देख रही थी.......





माहि -हे भगवान् ये मुझे क्या होता जा रहा hain…..main फिर से बहक रही hoon….kya मुझे ये सब शोभा dega……agar मैंने एक टेलर के साथ ये सब किया to…..nahin नहीं इसकी इज़ाज़त तो खुद मेरा ज़मीर भी मुझे नहीं dega…..chahe जो भी हो जाये मुझे अपनी लक्समन रेखा नहीं लांघनी हैं ……… मुझे अपने मर्यादा में hi रहना है .

माहि अपने आप से हर पल संघर्ष कर रही thi……kabhi वो अपने आप को समझा रही थी तो कभी करीम की बाँहों में अपने आप को महसूस कर रही थी……. कल रात के सपने की तरह ..

माहि बेचैन thi......usey समझ में नहीं आ रहा था की वो जो कुछ सोच रही हैं क्या वो सही हैं ....... मगर कहते हैं न अगर हवस सर पर चढ़कर तांडव करे तो उसके आगे दिमाग भी बेबस हो जाता hain......kya सही हैं और क्या गलत फिर कुछ फर्क नहीं पड़ता ....... कुछ ऐसा hi हाल इस वक़्त माहि का था ...... वो अब इस हवस की आग में पल पल जल रही thi........use किसी भी हाल में अपनी प्यास बुझानी थी चाहे वो एक टेलर hi क्यों न हो......

फिर वो सोचने लगाती है..





नहीं नहीं.. ये सब ठीक नहीं है ..अब कुछ भी हो जाये पानी सर से ऊपर हो गया है… मई अब उसके सामने hi नहीं jaunge..jo भी हो जय.. . फिर वो मनीष को फ़ोन लगाती है... उसने तै किया था की मनीष को बुलाके उसके साथ अभी चली जाती हु.. फिर जब तक ये गन्दा इंसान इस घर में है तब तक भैय्या के घर नहीं आती हु.. पर मनीष का फ़ोन नहीं लगता है.. फिर वो कहती है..

जब जरूरत होती है तब मनीष का फ़ोन कभी नहीं लगता है...

वो मनीष पे गुस्सा हो जाती है.. और थोड़े देर बाद आपने आप पर गुस्सा हो जाती है.. सुबह मनीष साथ चलने को बोल रहा था तब उसके साथ गयी होती तो ये नौबत hi नहीं होती..

माहि की टाँगे बुरी तरह से chip-chipa रही थी. उसने सोचा की नाहा लिया जाये वर्ण ये गन्दा एहसास मुझे पुरे दिन बार परेशां करता रहेगा.

नहाने को जाने के बजे वो सोचने लगी..

अब मनीष का फ़ोन नहीं लग रहा है. मई घर तो आपने कार से जा सकते hu…Par ……. कही वो निचे हुआ तो ? नहीं वो गया होगा… और बहार तो बहुत सरे लोग होंगे.. फिर भी … मई क्या करू.. नीचे जाऊ या नहीं… वो घर गया होगा की नहीं…

नहीं….. नहीं …वो भहर hi होगा…

माहि ने अपने आप hi सवाल किया और अपने आप hi उसका जवाब दे दिया. पर फिर भी एक बार कन्फर्म कर लेना ठीक रहेगा. वो बाहर है या नहीं … पर …कही उसने गन्दी हरकत मेरे साथ शुरू कर दी तो ?

काफी देर तक माहि खुद से सवाल जवाब करती रही.

तब कुछ सोच कर उसके चहरे पर स्माइल आ जाती है..





ये मनीषा भी न.. कहा मर गयी है.. फ़ोन भी नहीं लग रहा है..

एक का चलना न चलना एक बराबर था माहि के लिए अब. पर जब वीर्य के सुख जाने से उसकी चुभन माहि के जांघो पर तेज होने लगी तो माहि से रहा नहीं गया…. उसने जल्दी से अपने दूसरे कपडे अलमारी से निकल liye.aur वो पहन कर दूर ओपन करके बहार चली गयी .. और सीडिया उतर कर नीचे गयी तो उसे और एक जोर का धक्का लगा.. सामने का नज़ारा देख के..

करीम ने पूर्वी का हाथ पकड़ा था और पूर्वी उससे दूर जाने की कोशिश कर रही थी.. नहीं न करीम.. तुम संजो न.. बहार सब लोग है और हम यहाँ करेंगे तो सबको पता चलेगा..

नहीं पता चलेगा मेरे रानी.. बहुत धीरे से करूँगा मेरे रानी..

ऐसा कह के उसको अपनी बहो मई खिंच लेता है और उसके गाल को चूमता है..





तब माहि कहते है..

कमीना साला.. इससे बस सेक्स सेक्स और सेक्स चाहिए..

इधर पूर्वी स्माइल करते हुई पूर्वी कहती..

तुम और धीरे से..

हाँ रानी धीरे से करूँगा .. मैं जा न

नहीं बहार पापा और अरुण है. दोनों मई से एक को भी भन्न भी लगे तो वो दोनों हम दोनों को मार hi डालेंगे..

कुछ पता नहीं चलेगा उन्दोनो मादरचोदो को

तब माहि गुस्से मई कहते है..

पूर्वी ये कमीना भैय्या और अरुण को गली दे रहा है और तुम उसे कुछ नहीं कह रही हो

पूर्वी उसकी आँखों मई देखते हुई कहती है..

तुम क्यों रिस्क ले रहे हो..

रिस्क है तो इश्क़ है

इसपर पूर्वी स्माइल करती है..

मई वैसे भी तुम्हारी hi हु.. तुम्हारे बच्चे की अम्मी बनाने जा रही हु.. तुम जहा चाहे वह और जब चाहे तब मुझे प् सकते हो फिर ये सब क्यों..

मुझे तुम अब इस वक़्त पाना है.. तुम्हारे ससुर और पति के होते हुई..

पर क्यों

मेरे इच्छा

तब पूर्वी कुछ नहीं कहती है.. तब माहि इधर से कहती है..

पूर्वी अब क्या करोगे..

क - मेरे इच्छा के खातिर इतना नहीं करोगे पूर्वी .. मेरे प्यार के लिए.. मेरे लिए

तब पूर्वी बड़ी रोमांटिक अंदाज मई कहते है..

तुम्हारे लिए और तुम्हारे प्यार के लिए अपनी जान भी दे सकते हु.. ये क्या बड़ी चीज़ है..

ऐसा कह के पूर्वी करीम को किश 💋 करने लगते है..





इधर पूर्वी का किश देखते हुई माहि कहते है.. 😘

कमीने ने पूर्वी को रेडी कर hi लिया.. इस वक़्त भैया और अरुण के होते हुई.. मानना पड़ेगा सेल को.. इतने बड़े घर के बहु को.. मला साहब के बहु को आपने इशारे पाई नचा रहा है साला.. अब देखने मई मज़ा आएगा.. ये सेल कहा करेंगे.. हाल मई भैय्या और अरुण बैठे है.. किचन मई भाभी और माइड नास्ता बना रही है.. हाल और किचन मई के बीच की ये छोटी से जगह.. किसी रूम मई जायेंगे या या करेंगे..

सदी मत उतरो .. वैसे hi करो..

अच्छा रानी

वो बड़े हौले से आपने नरम होंठों से ुको चूसने लगती हैं.......





माहि (मन में)- ये क्या हो गया है पूर्वी को ...इस गंदे बूढ़ा ड्राइवर के साथ chiiii…kya कर रही है.. पूर्वी कैसे पागलों की तरह इस्सस गंदे आदमी को किश कर रही thi....chiii....

यही सब माहि के मन में आ रहा था… तभी पूर्वी ने किश थोड़ा और करीम के पेण्ट की ज़िप निचे कर दी और उसके ज़िप मई हाथ दाल के उसके लुंड को बहार निकला.. इस वक़्त पूर्वी के हाथ में करीम का लुंड tha.........wo किसी एक्सपर्ट की तरह आपने छूट छुड़वाने की तैयारी कर रही थी........

ये देख के माहि का मुँह पूरा खुल गया था..... वो वहीँ ज़ोरों से उछाल पड़ती हैं ....... उसका दिल बहुत तेज़ी से धड़क रहा था....... उधर करीम पूर्वी को इशारा करता हैं और अगले hi पल पूर्वी बिना वक़्त गंवाए अपनी साड़ी पेटीकोट के साथ उप्पर करती है खड़े खड़े hi और एक हाट से अपने पंतय निचे कर देती है.. और फिर करीम का लुंड आपने छूट पर रख देती है तभी करीम एक करारा ढाका मरता हैं जिससे उसका लुंड का सूपड़ा पूर्वी की छूट को चीरता हुआ अंदर घुस जाता hain.....agle hi पल वहीँ पूर्वी इस बार ज़ोरों से चिल्ला पड़ती hain......waar इतना ज़बरदस्त था की पहले hi ढ़ाके में करीम का लुंड करीब 4 इंच तक अंदर चला गया था......

पूर्वी के मुँह से इस बार ooooooooooo..............mmmmmmmmmmmmmmmm..........uuuuuuuuuu........mmmmm.......mmmmmmmmmmmmm......yyyyyyyyyyyyy...........ki आवाज़ फुट पड़ती हैं और वो वहीँ अपने दोनों हाथों से करीम के कमर को कसकर पकड़ कर मसलने लगती हैं......... करीम कुछ डियर तक यु hi रुका रहता हैं मगर पूर्वी की बेचैनी अब भी कम नहीं हो रही thi.....dard की वजह से उसके आँखों में आंसूओं आ गए थे....... माहि बड़े प्यार से उन्दोनो का ये खेल देख रही थी..

धीरे न मेरे राजा

धीरे तो कर रहा हु

माहि वहीँ चुप चाप ये सब देखकर मुस्कुरा रही thi......wo भी अब तक बहुत गरम हो चुकी थी.........

तब बड़े प्यार से पूर्वी एक चपपट करीम के गाल पर मरती है..

ये धीरे है क्या..

तब क्रीम इस बार और एक जोरदार धक्का मरता है.. पूर्वी इस बार अपनी सिसकारी नहीं रोक पति और वहीँ aaaaaaaaaaaaaa..........mmmmmm.uuuuuuuuuuuuu..mmmmmmm.........mmmmmmmmmmmm......yyyyyyyyyyyy........karte हुए हाफने लगती हैं.......

ऐसा धीरे चलेगा क्या..

तब इधर माहि कहते है..

कमीना

उधर पूर्वी कहते है

चलेगा.. ऐसे hi धीरे धीरे करो..

म - ये भी कोई काम नहीं है.. इससे शयद ऐसा hi पसंद है..

तब करीम उसके नवल को किश करता है...





और एक दो जोरदार धक्के पूर्वी को लगता है.. इस वक़्त पूर्वी के दोनों हाथ करीम के कमर को बड़ी hi बेदर्दी से मसल रहे थे ..........बिना पूर्वी की कोई परवाह किये करीम अपने धक्को की रफ़्तार बढ़ाने लगता है..

करीम उसे अपनी बहो मई उठा लेता है और वाल से उसे सटके तेज़ी से उसे छोड़ते हुई अपनी जीभ फेर रहा था उसके गर्दन पर.. पूर्वी भी अपनी गांड ऊपर नीचे हिलने लगती hain.......alge hi पल करीम अपनी एक ऊँगली हौले से पूर्वी की गांड में दाल देता हैं और अपना जीभ फिर से धीरे धीरे चलने लगता hain.......Karim अपनी ऊँगली ज़्यादा अंदर नहीं करता ............. वो अब हौले हौले से उसे छोड़ रहा था और साथ मई अपना हाथ चला रहा था .. वहीँ जीभ से उसके गर्दन को चाट भी रहा था .....ये सिलसिला भी ज़्यादा देर तक नहीं चलता क्यों की करीम उसके गांड मई एक साथ 2 उंगली जोर से डालता है ऊँगली अंदर जाते hi पूर्वी एक बार ज़ोरों से चीक पड़ती हैं....... पूर्वी चीखते हुए ठंडी पढ़ जाती hain.......aab उसके जिस्म में जान बिलकुल नहीं बची थी.....

करीम उसके बालों पर अपना हाथ फेर रहा था .......करीब 2 मिनट तक ऐसे hi चुप चाप पूर्वी करीम के ऊपर पड़ी रहती हैं ...... अब करीम कभी उसके बूब्स को चूसता तो कभी उसके होंठों को बड़े प्यार से चूम leta.......karim बार बार उसके सर पर बड़े प्यार से हाथ फेर रहा tha.......udher करीम कुछ पल तक यु hi अपना लुंड पूर्वी के छूट में रहने देता हैं और बरी बरी से कभी उसकी निप्पल्स को तो कभी उसके नरम होंठों को चूमने लगता हैं.............

ये देख के माहि कहते है..





हाउ रोमांटिक❤❤🌹.. कितना केयरिंग है ये बुद्धा.. सेल तो पता है औरत की कैसे केयर करनी चाहिए... और एक मेरे मनीषा.. कुछ भी पता नहीं है उसे.. न कामसूत्र पता है.. न औरत को कैसे कुश रखते है ये पता नहीं है..

फिर मायूस होते हुई कहती है.





मेरे मनीषा कब बनोगे तुम करीम जैसे.. पैसा hi सबकुछ नहीं होता.. प्यार.. सेक्स भी कुछ चीज़ होते है..

थोड़े डियर बाद पूर्वी का दर्द कुछ कम होता हैं......... तब वो करीम को फिर से किश करने लगती है.. अब करीम तुरंत अपना लुंड पूरा बहार निकलता हैं और इस बार बिना समय गंवाए वो तेज़ी से अपना लुंड एक hi बार में पूरा अंदर दाल देता hain......is बार पूर्वी वहीँ फिर से ज़ोरों से चिल्ला पड़ती है...............

ये देख के माहि कहते है..

इन् दोनों को लगता है भैय्या और अरुण का जरा सा भी डर नहीं है.. जोरो से इन् दोनों की चिल्लम चली चल रही है..

....दर्द से उसका बुरा हाल tha......wo अभी भी वहीँ तड़प रही thi.........purvi अभी भी वहीँ दर्द से सिसक रही थी.......

करीब 5 मिनट के बाद पूर्वी काफी नार्मल होती hain........aab उसका दर्द काफी हुड्ड तक कम हो चूका tha.........jab पूर्वी का दर्द काफी कम हो जाता हैं तो करीम धीरे धीरे कमर चलने लगता हैं........ पूर्वी भी कमर हिलने लगती है.. करीम को लगता है ये लाइन पाई आ गयी है ये जानकर अगले hi पल करीम बिना एक पल गंवाए अपने कमर को धीरे धीरे बहार की ओरे पुश करता हैं और फिर एक और करारा ढाका मरता हैं अगले hi पल पूर्वी फिर से वहीँ ज़ोरों से चीख पड़ती hain.......idher माहि चुप चाप बैठ हुई उनकी चुदाई देख रही थी........

अब धीरे धीरे करीम के धक्कों की रफ़्तार बढ़ने लगी thi.......karim अपना लुंड तेज़ी से चला रहा था........

अब पूर्वी एक अंदर की आग भी अब धीरे धीरे बढ़ने लगी thi.......aab कमरे में उन दोनों की आहें गूँज रही thi.........jaise जैसे करीम के ढाकों की रफ़्तार तेज़्ज़ होती जा रही थी वैसे वैसे पूर्वी की सिसकारी भी भड़ती जा रही थी...... करीम के हर ढाकों से उसका पूरा बदन दाहक उठता.. पूर्वी के साथ माहि का भी.. उसके हर धक्के के साथ उसका लुंड पूरा पूर्वी के छूट में समां जाता तो कभी बहार निकल padta.......Purvi अपने छूट के दानों को तेज़ी से उसके लुंड पर रगड़ रही थी और अपनी कमर को तेज़ी से आगे पीछे कर रही thi…ye सिसलिला ज़्यादा देर तक नहीं चलता और बस चाँद मिनटों में करीम ज़ोरों से aaaaaaaaaaaaaaa ...............ssssssssssssss....karte हुए झरने लगता हैं वहीँ पूर्वी भी ज़ोरों से चिल्ला पड़ती hain....uska भी हो गया था....

अब इस वक़्त कमरे में बिलकुल सनाटा tha.......koi किसी से बोल नहीं रहा tha....bus उनकी सांसें hi सुनाई दे रही thi..........kareeb 10 मिनट तक वो दोनों ऐसे hi शांत वह बैठे रहते है.. और कुछ समय बाद पूर्वी अपनी जगह से उठती हैं.. और अपनी साडी ठीक करती है.

क्यों मेरी जान ......ाची लगी न ये चुदाई........

हाँ मेरे राजा..

तेरे हस्बैंड और ससुर के घर मई होते हुई मेरे साथ चुदाई करते हुई मज़ा आया न

हाँ

दर लगा

नहीं

अब रोज करोगे ऐसे चुदाई

तब माहि इधर से कहते है..

अब तो तुम्हें लाइसेंस मिल hi गया है ......अब जब दिल करे करीम का लुंड अपने छूट में ले लेना पूर्वी ........ अब कहे का दार और कहे का टेंशन..

क - मेरे हर्र सुबह मुझे ऐसे hi चाहिए पूर्वी.. सुबह फ्रेश हो जायेंगे मेरे हर रोज..

पूर्वी का चेहरा शर्म से और भी लाल पढ़ गया था....... करीम के बात से..

इधर माहि कहते है..

सुबह क्या शीयम.. रात.. फ्रेश करो न.. पूर्वी जो तुम्हारे बाप का माल है..

अब तीनो कुछ देर ऐसे hi खामोशी से वह खड़े रहे ..

क - बोलो न करोगे न मेरे हर सुबह फ्रेश पूर्वी

तब पूर्वी शर्माकर फ़ौरन अपने जगह से तुरंत दूसरे कमरे में भागने लगती है.. तब करीम उसका हाथ पकड़ लेता है

करीम- रुक जा मेरीए नखरे waliii...ek किश तो देती जाए..

किश की बात से पूर्वी शर्मा जाती है....





प- प्लसस अब जानी दोऊ मुझी करिमम ...और तुम्हारा होगया है न .. तुम भी यहाँ से चले जाओ अब ....

करीम- चला jaunga...pehle अपने इस बुड्ढे आशिक़ को एक किश तो देदे…

पूर्वी शर्म से लाल होगयी थी यूँ बूढ़ा आशिक़ बोलने से...

पूर्वी - चोरोऊ न...

उतना बोलकर ओह करीम के हाथ से अपना हाथ चुरा कर भाग जाती है bahar...jati हैं ....... वैसे आज उसकी चाल में भी काफी बदलाव आ गया tha.........mahi उसे देखकर बस मुस्कुराती रहती हैं..





पूर्वी जाते hi करीम अपना लुंड मसलते हुए....

करीम- है मेरिइइइ जाएं मज़ा आज्ञा तेरे sath...ab तो तू सिर्फ मेरी hai...aur किसी की भी नहीं...

करीम फिर पलट कर जाने लगता है.. वो हॉल मई पहुँच जाता है.. वह उसे अरुण दिखता hai..wo सोफे पाई बैठ कर किसी से बात कर रहा था.. उसकी पिट करीम की तरफ थी..

करीम - साला नामर्द कही ka...meri पूर्वी रानी से दूर hi रहना तू....

और वह रुक कर अरुण की तरफ देखते हुई थूकता है.... अरुण बिजी था बात करने मई तो उसे कुछ पता नहीं chala...par माहि समाज जाते है..

वो गुस्से से उसकी तरफ देखते हुई कहते है..





कमीना इस के बीवी के साथ मज़ा कर रहा है और उसपर तुक रहा hai..Harami कही का..

फिर करीम चला जाता Hai...servent क्वार्टर्स में और सो जाता hai...idhr माहि फ्रेश होने के लिए आपने कमरे मई चली जाती hai..kamre मई आते hi वो

लेट जाती है बीएड पर...





ये भगवान् ये क्या था.. मैंने ये क्या देख लिया.. मैं हमेशा उससे दूर भागना चाहती हु उतनी hi उसके नज़दीक जाती हु.. मई क्या करू.. ये सब उस कामिनी के वजह से हुआ..

कोण कामिनी माहि..

कोण?? पूर्वी और कोण..

उसकी क्या गलती है..

गलती तो सब उसकी तो है..

ये सब वो बीएड पाई लेते लेते सवाल जवाब कर रही थी.. आँखे बंद कर कर ये बातचीत खुद से वो कर रही थी.





उसने उसके साथ वह ये सब नहीं किया होता तो मई देखने नहीं जाती और न hi ये मेरे हालत न होती..

तब वो खुद से कहते है..

बात तो तेरे सही है पर..

पर क्या..

तब हस्ते हुई कहते है..





उसकी चल ढल तो करीम ने बदल दी..

तुम क्या करना है माहि उससे..

क्यों?? मई उसकी बुआ हु.. मुझे उसकी फ़िक्र होंगे न.. ??

हां हाँ सही बात है..

तभी उसे एक बात याद आती है..

ओह्ह गॉड.. !! ये पूर्वी ने क्या कर दिया..

क्या हुआ..

जल्दबाजी मई वो आओ न पंतय पहना भूल गयी.. उसके पंतय वह hi है.. ये भगवान् किस ने उसकी पंतय वह देख ली और किस को पता चला करीम वह गया था तो पूर्वी की लाइफ बर्बाद होगी..

मई ऐसा नहीं होने दूंगी..

ऐसा कह के माहि वह जाने के लिए भागने लगते hai..aur उसी जगह पहुँच जाते है और पूर्वी की पंतय ढूंढने लगते hai..tab उसे पूर्वी की पंतय दिखते है.. वो उसे उतने के लिए जुखाते है तब उसे पंतय के बाजु मई उसे करीम के कुछ सफ़ेद झट और उसके बगल मई पूर्वी के छूट से निकला रास और करीम का वीर्य दिख जाता है..

ये सब देख के माहि खुद से कहते है..

अच्छा हुआ मई यहाँ आ गयी.. ये सब देख के पूर्वी का सम्बन्ध करीम से है ये किसी को पता चल जाता.. और फिर..

वो उसकी पंतय उठा लेती है और हॉल मई आकर एक गन्दा सा कपडा लेके अनडू का वीर्य साफ़ कर देते है.. ताकि किसी को कुछ पता न चले.. और बाथरूम मई जाकर वह पूर्वी की पंतय दाल देती है..

थोड़े डियर बाद जब वो वापस अपने कमरे में आता हैं तो उस वक़्त उसके चेहरे पर एक अलग hi चमक दिखाई दे रही थी.......





फिर वो आपने कपडे निकल लेती है और उन्हें ले कर बात रूम में चली गयी. एक कमरे से बहार निकलने के बाद तो गर्मी जैसे अपने चरम पर थी. बाथरूम के अंदर जाते hi माहि ने जल्दी से अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.

माहि ने शावर ों kiya..uske शरीर पर ठंडा ठंडा पानी गिरना शुरू हो गया ..





माहि अपनी टांगो को रगड़ रगड़ कर साफ़ करने लगी ..जहा जहा उसके छूट का रास बह बह कर उसकी जांघो पर जैम गया था. .. वह उसने साफ़ कर दिया..

जैसे जैसे पानी उसके जिस्म पर गिरता जा रहा था उसके दिल को कुछ रहत मिल रही थी. पर अगले hi पल फिर से वही एहसास माहि को अपने नितम्बो पर होने लगा. ...जैसा कल रात के सपने में उसने माहि को पकड़ लिया था तब हुआ था.

शरीर पर पानी गिरने के बाद माहि का पूरा जिस्म बुरी तरह से दाहक उठा. उस एहसास ने न जाने माहि पर क्या जादू सा कर दिया था. उसका हाथ अपने आप hi उसके नितम्बो पर आ गया. माहि ने अपने नितम्बो को छू कर देखा और सच में वो एक डैम रुई की जैसे मुलायम थे. तभी माहि को करीम के चुने की बात याद आने लगी तो उसके चेहरे पर अपने आप हंसी आ गयी. और वो गण गुनगुनाने लगती है..

मेरे पिया गए रंगून

किया है वह से टेलीफोन

तुम्हारी याद सताती है

जिया में आग लगाती है..

पर इससे माहि के बदन में एक अजीब किस्म की खुमारी, एक अजीब किस्म का नशा चढ़ता जा रहा था.

जाने क्या हो गया था माहि को की माहि खुद hi जरा जरा सी बात को सोच कर hi अपने आप बहकती जा रही थी और इसी कारन न चाहते हुए भी उसके छूट ने एक बार फिर से बहना शुरू कर दिया था.

अपनी छूट के रिसाव से माहि के चेहरे पर एक मुस्कान आ gayi..mahi कड़ी हुई थी पर उसके छूट ने रिसाव करना जैसे hi शुरू किया माहि के टांगो ने जवाब दे दिया. और वो नीचे फर्श पर hi बैठ गयी .. नीचे बैठ ते के साथ hi कब उसका हाथ उसके छूट पे चला गया माहि को समाज भी नहीं आया.. उसके हाथ और छूट में जंग कहु या दोस्ती, जो शुरू हुआ उसने तो माहि को रोमांच की नयी ऊंचाई पर ले जा कर खड़ा कर दिया.

जब रोमांच का वो दौर थमा तो माहि का हाथ उसके छूट रास में पूरा का पूरा दुब चूका था. माहि ने जल्दी से पानी से अपना हाथ और अपनी छूट को साफ़ करने लगी….

तभी बहार से आती हुई आवाज ने माहि को बुरी तरह से चौकने पर मजबूर कर दिया.. बहार से वही गण गुनगुनाने की आवाज आ रही थी..

मेरे पिया गए रंगून....

नहीं नहीं बाथरूम..

ठुमरी याद सताती है..

जिया में आग लगाती है..

और गुनगुनाने वाला वही था.. करीम..

सेल ने सब सुन लिया…

माहि बड़बड़ाये..

माहि की तो साँसे hi अटक गयी उसकी आवाज सुन कर. उसे समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या नहीं.. ये तो बहार hi खड़ा हुआ है और ये मुझे देख रहा है या सुन रहा है ... कुछ पता नहीं चल रहा है.. हे भगवान्.... क्या करू... माहि ने जल्दी से काढ़े हो कर अपने कपडे उठाये और उन्हें पहनना शुरू कर दिया...

और झट से बाथरूम में जो छोटी विंडो थी वह देखने लगी .. लेकिन बहार कोई नहीं था.. आवाज दूसरे तरफ से आ रहा थी..

अच्छा हुआ वो उस तरफ है.. उसने कुछ नहीं देखा सिर्फ ..सुना..

माहि को इससे थोड़ी रहत मिली..

जब तक आवाज स्टॉप नहीं हुई तब तक माहि बाटरूम मई रही.. आवाज स्टॉप हों ेके बाद माहि वैसे hi सोचते हुई झट से आपने बैडरूम में आयी ..बैडरूम में आके उसने सबसे पहले बैडरूम का दूर देखा .. उसे लगा शयद वो बैडरूम में आ गया है .. और वह से वो सुन रहा है.. पर वो न hi बैडरूम में था और न hi बैडरूम का दूर ओपन था.. फिर उसने सब विंडोज बंद कर दिए.. और सोचते सोचते hi सो गयी..





उसे रूम में खाना मंगाया उसने और रात देर में मनीष को बुलाकर उसके साथ आपने घर चली गयी.. उसने थम लिया था की वो अब करीम के सामने नहीं आएंगे.. इसलिए नेक्स्ट 4-5 दिन वो आपने भैय्या के घर आती नयी है..

कुछ 4-5 दिन बाद कंठीशत को कुछ कागज़ पे माहि के सिग्न करने थे और दूसरे दिन कुछ पूजा करने थी .. इस लिए माहि को कंठीशत ने बुला लिया था.. माहि मन नहीं कर पायी.. उसे लगा शयद अब करीम घर पे नहीं होगा… वैसे hi हुआ .. माहि जब आयी तब करीम घर पे नहीं था.. उसने 1 नौकर से पूछा तो उसने बता दिया की 2-3 दिन से चाचा नहीं आ रहे है.. माहि को बहुत रहत मिली.. जो फॉर्मेलिटी थी वो माहि ने पूरी कर दी … थोड़ा आराम करने के बाद दूसरे दिन जो पूजा थी उस पूजा के लिए उनकी जो पुराणी मुर्तिया थी वो देखने उस रूम में चली गयी.. वो मुर्तिया साफ़ थी .. पर माहि को वो क्लीनिंग पसंद नहीं आये.. इस वजह से वो क्लींनिंग करने लगी..

मूर्ति माहि क्लीन कर रही थी तब करीम आता है..

मुझे नहीं लग रहा था की माहि मैडम भी काम करती है..

तब मूर्ति हाथ मई पकड़ कर करीम को देखती है और स्माइल देने लगते है.. न कहते हुई hi..





उसे hi नहीं पता चला की करीम को देख के उसके फेस पर स्माइल कब आ गयी.. ..

है .. है.. पता है ज्यादा मस्का मत मारो..

काम क्या है वो बता दो..

काम कुछ नहीं है माहि मैडम .. सिर्फ हलचल पूछने आया हु..

माहि करीम की तरफ देखने लगाती है..





मतलब तुम ऐसे hi आये हो..

हां..

फिर वो दोनों एक दूसरे को देखने लगे

क्या मई आपको कुछ मदद करो..

नहीं कोई जरूरत नहीं है.. मई कर लुंगी..

वो तो पता है आप कर लोगी.. लेकिन हमारी हेल्प लोगी तो आपको hi आसानी hi होगी..

पता है..

ऐसा कह के वह रूम मई एक मिरर था वह जेक अपने कान के बलि ठीक करने लगी..





तब करीम उसे देखने लगा.. ये माहि ने जानबूझकर किया था या वो चाहती थी उसका ध्यान उसकी तरफ जाये ये वो खुद hi नहीं जानती थी..

पता है तो आप हमारी हेल्प क्यों नहीं लेते..

तो क्या हेल्प करोगे मेरे.

जो आप कहो...

माहि थोड़े देर सोचते है.. इससे में आपने पास आना नहीं देना चाहती.. पर वो बक्सा तो ये उतर सकता है..

फिर कहती है..

वो ऊपर वाले शेल्फ मई जो सामान है न वह तक हमारा हाथ नहीं पहुँच पा रहा है.. क्या तुम वो निकला लोगे..

है क्यों nahi...aise कहके वो माहि के सामने आके खड़ा हो जाता है..

हम यहाँ खड़े हो जय क्या..

हां..

आप को कोई दिक्कत नहीं है न..

माहि हास्के कहते है..





मुझे कोई दिक्कत नहीं है .. वैसे तुम आलरेडी मेरे पास आके खड़े हो चुके हो और अब पूछ रहे हो..

करीम माहि को देखने लगता है..

तो क्या पीछे जेक पहले आपकी परमिशन लेते है और फिर आपके पास आके खड़ा हो जाते है..

माहि उसके तरफ देख के हसती है और कहती है..

कोई जरूरत नहीं है.. तुम वो स्टूल लो और फिर उसपे चढ़ के वो सामान निचे उतर दो...

आप उस स्टूल को थोड़ा पकड़ो.. नहीं तो बैलेंस गड़बड़ हो जायेगा..

माहि है मई गर्दन हिलाते है.. सामान करीम निचे माहि के हाथ मई देता hai..aur जब माहि वो निचे रखने के लिए जुख जाते है तब करीम उसके तरफ देखता है .. 2-3 बार ऐसे hi होता है.. एक बार माहि देखते है..

आपने काम पे ध्यान दो.. इधर उधर देखो मत ..

काम पे तो ध्यान दे रहा हु..

काम वर्ड पे स्ट्रेस देता है.. इसपर माहि हसती है..

पता है तुम कोनसे काम पे ध्यान दे रहे हो...

क्या करे मैडम... मजबूरी hai...aap तो हमे अच्छे से जानते hi हो...

मई तो तुम अच्छे से जानते हु..

का करे मैडम.. एक औरत से हमारा कुछ होता नहीं है न... तो कभी कभी इधर उधर देखना पड़ता है..

माहि स्माइल देते हुई कहती है..

बक्वज मत करो ...

फिर से करीम माहि को देखने लगता है..

मुझे पता था.. इसलिए तो मई तुम्हारी हेल्प नहीं ले रही थी..

तो हेल्प लेने से आपका क्या बिगड़ जायेगा..

तुम जो ऐसे देख रहे हो न... इस वजह से बिगड़ जायेगा..

क्या बिगड़ जायेगा...

मुझे नहीं पता..

एक बात कहो

माहि झट से बोलती है

बोलो..

फिर माहि सोचते है.. मैंने जल्दबाजी में क्या कह दिया .. ये कुछ गन्दा बोल पड़ा तो

आज तो तू एक नंबर माल लग रही है...

मुजसे बात करनी है तो अच्छी लैंग्वेज मई बात करो.. ऐसे घटिया लैंग्वेज मई मत बात करो...

ठीक है डार्लिंग...

मई कोई तुम्हारी डार्लिंग नहीं हु...

नहीं इतना सज धज के.. तैयार हुई हो.. इसलिए कहा..

तो अच्छी तरीके से भी बोल सकते थे..

कहा जा रही हो इतना सज धज के

तुमसे मतलब...

अब मुजसे hi मतलब रखना पड़ेगा .... मनीष से... नहीं...

बंद करो.. तुम्हारी बक्वज..

सॉरी मनीष नहीं मनीषा से मतलब नहीं मुजसे hi रखना पड़ेगा...

चुप हो जाओ..

ऐसा गुस्सा दिखाके कहती है लेकिन हलकी सी स्माइल उसके चहरे पर आ जाती है





क्या यार मनीष कहो या मनीषा.. वैसे बीच वाले को क्या कहते है... जो किस काम का नहीं होता..

माहि चहरे पर थोड़ी स्माइल लती है..

माहि आपने आप को कहती है.. वो तो सपना था.. उसमे इसने मनीष को मनीषा कहा था.. फिर इसको कैसे पता लगा …

करीम उसके पास आटा है.. कमर पाई हाथ रखता है...

.... और आपने फेस माहि के गुलाभी हूंतो के पास ले जाता है.. ..और एक हाथ उसके आम पर धीरे से रखता है.. अब वो माहि को किश करने वाला hi था ककी माहि बोल पड़ती है...

नहीं.. ये ठीक नहीं है..

कुछ नहीं होगा..

ऐसा कहके उसके गाल को हाथ लगता है.. माहि के आँखे बंद हो जाती है..

नहीं होगा मेरी रानी.....

प्ल्ज़ समाज करो...

करीम उसके एक आम पे आपने एक हाथ धीरे से उप्पसार से घुमा रहा था...

एक किश धो न माहि...

नाहीइ... ये ठीक नहीं है...

एक किश और ज्यादा कुछ नाहीइ....

माहि हसती है... कातिल स्माइल के साथ ....





तभी बहार कान्तिशीथ ावजह देता है...

माहि तुम कहा हो ...

आयी भैय्या

इस भड़वे को अभी आना था क्या...

माहि हस्ती है...

माहि करीम को धक्का ढके वह से भाग जाती है..

दूसरे दिन फंक्शन होता है ..(वह करीम ने माहि को कैसा सडके किया ये आप पहले hi पद चुके हो..)

पार्टी से घर आने के बाद माहि ये सब याद करने लगाती है.. कैसे पार्टी में करीम ने उसको सडके किया.. कैसे सिमरन के वह विबरेटर रख कर सिमरन को तड़पाया और वो मुझे दिखाकर मुझे कैसे चिपक गया..

ये सब माहि बीएड पाई पिट के बल लेट कर सोचने लगाती है …





वो खुद को hi कहने लगाती है ये कैसे हो गया.. इतने बड़े गलती मुजसे कैसे हो गयी.. ये तो मई कभी भी नहीं चाहती थी.. फिर मेरे हाथ से ऐसा कैसा हो गया.. ये सोचते हुई माहि आपने आँखे बंद कर लेती है……

माहि की आँखें अब बंद थी पर दिमाग बेचैन!






माहि समझ नहीं पा रही थी की क्या करे. उसके अंदर की पतिव्रता नारी कह रही थी की ये सब ठीक नहीं है पर उसके अंदर की अतृप्त कामना की मूर्ती कह रही थी की थोड़ा सा मज़ा तू भी ले ले माहि. फिर शायद ऐसा मौका मिले न mile.aise सोचने की वजह से hi उसके दिल की धड़कने तेज़ हो गयी. उसकी साँसे तेज़ होने लगी. उसके निप्पल हार्ड हो रहे थे और ब्लाउज टाइट होने लगी. अपने जाँघों के बीच भी माहि को एक अजीब सेंसेशन हो रहा था. कुछ कुछ वैसा hi जैसा कुछ पल पहले पार्टी में करीम सी बूब्स दबाने के बाद हुआ था. पर मनीष के साथ सेक्स के वक़्त से अबकी बार वो सेंसेशन और तीव्र था. शायद इसलिए की वो घर परिवार, समाज के बंधन से मुक्त होना चाहती थी . माहि अपने जाँघों के बीच से ृस्टि गीलापन को मह्शूश कर सकती थी. वो अपने जांघ को फैला कर अपनी छूट को कुछ आज़ादी देना चाहती थी. पर वो तो बीएड पे पिट के बल लेते हुई थी.. कैसे करे .. वही वो सोच रही थी..

अब माहि के मैं में उथल पुथल हो रही थी. वो सोच रही थी वो मनीषा की अच्छी खासी बीवी बनके रहे या करीम की raand…mahi यही सोचने लगाती है.. कुछ पल पहले माहि के आँखों के सामने लास्ट 15 डेज का नज़ारा आ चूका था.. वो सब पल याद करके माहि को एक अजीब से सुकून मिला था.. वो अब याद करने लगी थी ..कैसे करीम ने सिमरन मैडम को गैलरी में सेक्स किया था.. फिर माइड पद्मा को और फिर पूर्वी को… और पार्टी से पहले मुझे उसने किश करने का तरय कैसे किया था… बाद में पार्टी में मुझे कैसे सडके किया.. मेरे बॉडी के हर हिस्से पर कैसे उसके हाथ चल रहे थे.. ये सब याद करके माहि के चहरे पर हलकी से स्माइल याद आ जाती है..

माहि आपने आप को कहती है.. आँखे बंद करते हुई..

कैसे देख रहा था मेरे बूब्स को वो पार्टी में.. और गर्दन में तो उसने हद hi कर दी.. मेरे बूब्स पर हाथ रख diye..aur उसको जोर से दबाने लगा.. मनीष ने ऐसा कभी भी नहीं किया था.. फिर वो मेरे गर्दन को किश करने लगा.. और फिर बाते करते हुई मुजसे लिपट गया.. बहुत चालू है करीम.. लिपट कर मेरे पुरे बक्सीडे पे हाथ घूमने लगा.. और मययययय.. गूदड़.. मेरे अस्स पर भी उसने हाथ रख दिया.. अच्छा हुआ मैंने उसे धक्का दे दिया..

फिर थोड़े देर बाद उसने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया और कंधे को सहलाने लगा .... और फिर उसने खंड से होते हुई आगे आपने हाट डालके मेरे ब्लाउज से ब्रा की स्ट्रिप्स को थोड़ा बहार निकल दिया .. ..

इस वक़्त उसकी उंगली मेरे ब्रा की स्ट्रिप्स पर थी.. उस वक़्त में उसके हाथो का स्पर्श फील कर रही थी...... मेरा दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha......shayad ज़िन्दगी में ऐसा पहला दफा अनुभव था मेरे लिए …मुझे कुछ नया रोमांच सा लग रहा था उस वक़्त.....

वो मुझे कह रहा था..

कितना मुलायम हैं मैडम जी आपका का jism.....kisi फूलों की तरह najuk........aisa लगता हैं जैसे मैं कोई हसीं सपना देख रहा हूँ......

उसके ऐसे कहने से मई शर्मा गयी थी ..

मेरे बदन के साथ खेल रहा था और मुझे कह रहा तह

तुम अच्छा नहीं लग रहा है क्या मैडम जी..

मैंने नाहीइ bola…to वो कहने लगा..

फिर मन क्यों नहीं कर रही हो..

सचमुच मैं मन क्यों नहीं कर रही थी उसे ..अगर मैंने मन भी किया होता तो क्या वो रुख jata..aur कितनी बेशर्मी से कह रहा था मुझे ..

मई किसी भी खुबसुआरत औरत की बात को मन नहीं करता.

और फिर बेशरम होक मेरे सामने hi .. गांड... छूट.. ऐसे वर्ड उसे करने लगा.. मैंने कुछ नहीं कहा ये जानकर वो मुझे कहने लगा..

मई तुम एक बार छोड़ना चाहता हु.. ..

ऐसा कह के मेरा एक हाथ आपने हातो मई थम लिया उसने .. उसके ऐसे करने से एक बार फिर से मेरे जिस्म में एक सिरहन सी दौड़ गयी ......और वो हाथ करीम झट से मेरे बूब्स पर ले गया और बड़े हलके हाथों से .. मेरे hi हातो से मेरे hi बूब्स पर फिरने लगा ..... और धीरे धीरे मेरे दोनों निप्पल्स को मेरे दोनों हाथों में लेकर उसे मसलना शुरू किया उसने ....... उसके इस हरकत से मेरे जिस्म उस वक़्त किसी आग के भत्ते की तरह तप रहा था .....

और फिर तो उसने हद hi कर दी.. मुझे इस की उम्मीद नहीं थी.. वो ये करेगा ये मैंने कभी सोचा hi नहीं tha..usne झट से अपने एक हाथ मई मेरा एक हाथ थम लिया और उसी हाथ को नीचे ले जेक मेरे छूट पर रखकर मेरे एक उंगली धीरे से अंदर दाल दे ...... सदी के उप्पर से … ( माहि वो उंगली अब आपने आँखि के सामने लती है )

उस वक़्त मेरे आँखे लज्जत से बंद हो गयी थी.. और मेरे मुँह से एक सिसकारी फुट पड़ी .....

ये कहते हुई माहि आपने एक हाथ आपने नाजुक से बूब्स पर रख देती है ..और धीरे से उसे दबा देती है… तब उसके मू से हलकी सी आवाज निकल पड़ती है..

aaaaaaaaahhhhhhaaaaaaaaaaaaaaa…

उस वक़्त उसका वो बड़ा सा हत्यार मेरे अस्स से पूरी तरह से सत्ता हुआ था......... इसलिए मई कुछ कर नहीं पा रही थी.. फिर उसने उसका मुँह मेरे गार्डन के एकदम करीब लाया ......और झट से अपने होंठ मेरे गार्डन पर रखकर बहुत धीरे से चूम लिया ......

( ऐसा कह के माहि ने आपने दूसरा हाथ आपने छूट के उप्पर रख दिया)

aaaaaaaaa..ssssssssssssssss......


मेरे शोल्डर को किश करने लगा और बड़ी बेशरमी से मुझे कहने लगा..
 
मैडम जी साहेब सच में बहुत खुसनसीब हैं जिसे आप जैसी बीवी मिली....... और मैं भी बहुत खुसनसीब हूँ जिसे आप जैसा माल मिला..

कमीना मुझे माल बोल रहा था .. और वो भी मेरे सामने hi..

अच्छा हुआ वो आगे बढ़ाने से पहले hi मुझे मनीषा का फ़ोन आया..

और खुद पाई hi हँसाने लगी..






कमीने की वजह से मई आपने इतने प्यारे हस्बे को अब मनीष की जगह मनीषा कह रही हु.. लगता है ये बुद्धा मुझे पागल बना देगा.. कमीना उस वक़्त मुझे फ़ोन भी नहीं उतने दे रहा था.. मेरे hi हस्बैंड का फ़ोन वो मुझे उतने नहीं दे रहा था.. और कह रहा था एक किश दे दो.. कमीना कही का.. मई आपने हस्बैंड का मोबाइल ुतौ या इससे किश दे दू… मैंने भी उसे कह दिया .. ये नाहीइ हो सकता ……..

मैंने उसे ऐसे कहा तो वो पीछे खड़े रहते hi मेरे शोल्डर को चुम रहा तह ……..

मैंने भी झट से पीछे मुड़कर अपने दोनों हाथों को उस के सीने पर रख दिया और उससे आपने से दूर किया …..

ये सब माहि आपने आप को कहती है.. फिर वो करीम के बारे में और सोचने लगाती है.. बीएड पाई पड़े पड़े hi..






कल वो मेरे सामने आएगा तो मैं उसके सामने कैसे जाऊ.. यही सब सोचते हुई hi माहि सो जाती है..

सुबह से फिर रात हुई........ माहि की बेचैनी पल पल बढ़ती जा रही थी........ वो चाहती तो थी करीम की याद न करे पर उसका दिल पल पल करीम को याद कर रहा था......... उधर करीम भी परेशां था ..मगर अब सिवा इंतज़ार के और कोई रास्ता भी नहीं था उसके पास.......... पार्टी के आने के बाद सुबह सुबह वो आ सकता था शेठ जी के घर पर वो जनता था शेठजी आज घर पे है तो वो कोई रिस्क नहीं लेना चाहता tha..is वक़्त घडी में रात के 9 बज रहे the......ghadi की टिक टिक करती सुई उन दोनों की बेचैनी को पल पल बढाती जा रही thi........ek तरफ माहि अपने सवाल जवाब को लेकर परेशां थी ...






वो बिस्टेर पर बैठे बैठे आपने विचार मई मग्न थी वहीँ दूसरी तरफ करीम अपना लुंड को बार बार सेहला रहा tha........mahi की चुदाई का ख्याल सोचकर उसका लुंड बार बार बेकाबू होता जा रहा था.....

वक़्त गुज़ारा और इस वक़्त घडी में रात के 10.30 बज रहे the.......karim खाना खाकर अपने बिस्टेर पर चुप चाप लेता हुआ था ....... नींद उसके आँखों से कोसों दूर thi.....baar बार नज़रें दरवाज़े पर जाकर ठहर जाती...... वो सोचता अब जाऊ क्या माहि के पास.. फिर वो सोचता माहि अब कहा होंगी.. आपने घर या शेठ जी के घर..

रह रहकर उसे गुस्सा भी आ रहा था...... की मैं क्यों माहि का नंबर क्यों नहीं liya..magar कहते हैं न की इंतज़ार का फल बहुत मीठा होता hain........kuch ऐसा hi मुहावरा अब करीम के साथ भी होने वाला था......

दूसरे दिन सुबह 9 बजे करीम शेठ जी के घर पहुंचा… इधर माहि आपने कमरे मई रेडी हो रही थी..






पर किस के लिए रेडी हो रही थी.. उसका हस्बैंड तो यहाँ आने वाला नहीं था.. वो तैयार होते हुई खुद से कहते है..

क्या वो सीधा मेरे कमरे मई आएगा .. . या पूर्वी के पास पहले जायेगा.. आखिर कर पूर्वी उसकी मॉर्निंग रिफ्रेशमेंट है.. फिर वो खुद से कहते है.. माहि तू भी तो उसकी मॉर्निंग रिफ्रेशमेंट बन सकते है न 🌞

और वो हँसाने लगी..

अब करीम सीधे माहि के कमरे की तरफ गया..


सामने माहि को देखते hi एक बार करीम के चहरे पर खुशियां झलक पड़ती हैं..... दरवाजे पे कोण है वो माहि देखने लगाती है.. करीम को देखते hi माहि के चहरे पर स्माइल आ जाती है..





करीम फ़ौरन अपनी जगह से रूम के अन्दर माहि के तरफ बिना वक़्त गंवाए चल पड़ता hain......jab माहि दरवाज़े से करीम को आते हुई देखती है तब वो वहीँ अपनी नज़रें झुकाये चुप चाप कड़ी रह जाती है ........





शर्म और हाय साफ़ उसके चेहरे से झलक रही थी..... करीम थोड़ा आगे आता है तब माहि घूम जाती है.. करीम माहि की ये हरकत देखकर हौले से मुस्कुरा पड़ता हैं … ....माहि एक नज़र करीम के तरफ देखती हैं और वो भी धीरे से मुस्कुरा देती हैं.......





करीम फ़ौरन एक नज़र बहार की तरफ देखता हैं जब उसे कोई नहीं दिखाई देता वो फौरन दरवाज़ा बंद कर देता hain.......bahar भले hi चरों तरफ शांति थी मगर दोनों के दिल में जैसे तूफ़ान सा उठा हुआ tha.......mahi की सांसें ज़ोरों से चल रही थी जिससे उसके बूब्स तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहे the.......aaj माहि पूरी क़यामत बनकर करीम के सामने कड़ी थी......






उसने ब्लैक रंग का सदी पहनी हुई थी और वाइट रंग का blose...........bal उसके खुले हुए the........chehre पर हल्का मेकउप भी tha.......kul मिला जुलकर वो आज करीम पर बिजली गिरा रही थी........

करीम माहि के पास जाता हैं... और उसके पीछे जेक खड़ा होता है.. उसकी गोर गोर पीट बिलकुल उसके सामने थी..






उसके पिट देख के करीम से अब साबरा नहीं हो रहा था.. वो और नज़दीक जाकर उसके ठीक पीछे खड़ा हो जाता hain......itne करीब की अब उसका जिस्म माहि के जिस्म से टकरा रहा tha......uska पेण्ट अब माहि के गांड पर रगड़ खा रहा था........

उसके दोनों हाथ माहि के बालों पर घूम रहे the.......wo बहुत आहिस्ता से माहि के बालों को सेहला रहा tha.....uski लातें संवर रहा tha.....wahin माहि अपनी आँखें धीरे से बंद कर लेती हैं और जो कुछ अब होने वाला था वो शायद अब खुद को तैयार कर रही थी.......






वक़्त मनो थम सा गया tha......dono के दिल की धड़कनें पूरे उफान पर thi......sansein पल पल बेकाबू हो चले थे........

उसके दोनों हाथ माहि के बालों पर घूम रहे the.......wo बहुत आहिस्ता से माहि के बालों को सेहला रहा tha.....uski लातें संवर रहा tha.....wahin माहि अपनी आँखें धीरे से बंद कर लेती हैं और जो कुछ अब होने वाला था वो शायद अब खुद को तैयार कर रही thi.......waqt मनो थम सा गया tha......dono के दिल की धड़कनें पूरे उफान पर thi......sansein पल पल बेकाबू हो चले थे........

तुम आज बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो इन साड़ी में ........आज क्या मुझपर बिजली गिराने का इरादा हैं क्या ........

तब माहि घूम जाती है.. और बड़ी अड्डा के साथ कहते है..






माहि – यही डायलाग सभी को खट्टे हो न..

नहीं..

पूर्वी को तो कहा था न .. पोर्च में..

तुमने सुना न..

माहि हाँ में गर्दन हिलती hai..smile करते हुई..






और घूम जाती है.. करीम अपना होंठ माहि के गार्डन पर हौले से रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से वहां चूमता हैं......





माहि के मुँह से ज़ोरों की सिसकारी फुट पड़ती hain.....lajaat से उसकी दोनों आँखें एक बार बंद हो चुकी thi.......wahin दिल की रफ़्तार और ज़ोरों से बढ़ती जा रही थी.......

बहुत इंतज़ार करवाया माहि तुमने मुझे.......

और इस बार करीम अपने दोनों हाथ माहि के कमर पर हौले से रख देता हैं......

मगर अपने होंठों को माहि के गार्डन पर से नहीं hatata........wahin माहि बस खामोश कड़ी थी ........धीरे धीरे उसका साबरा का बांध टूटा जा रहा tha.....magar अभी तो ये सब शुरुवात thi.....pata नहीं करीम आज उसके साथ कौन कौन सा खेल खेलने वाला tha.......magar जो भी था उसे भी इस खेल में मज़ा आने वाला था......

.ssssssssssssss.....hhhhh....... साआआब्रअअअअअ का फल मिटा होता haiiiiiiiiiii......






माहि जवाब में धीरे से इतना hi बोल पति hain......wahin करीम इस बार अपने दोनों हाथ हौले से ऊपर की तरफ सरकने लगता hain......mahi के दोनों बूब्स के taraf.......aur इससे पहले माहि कुछ समझती वो कसकर माहि के दोनों बूब्स को अपने कठोर हाथों में थम लेता हैं और ज़ोर से उसके दोनों बूब्स को मसल देता हैं.....

हाआनंनंन्न….. साबरा का फल सचमुच मीता है…

वहीँ माहि के मुँह से ज़ोरों से सिसकारी फुट पड़ती हैं.............

aaaaaahhhhhhhaaaaaaaaaaa……

kamineeeeeeeeeeeeeeeeee….. kahiiiiiiiiiiiiiiiii… kkk…..eeeeee….

और वो फ़ौरन अपने दोनों हाथ करीम के हाथों पर रख देती हैं और करीम के हाथों को हटाने की कोशिश करती हैं.......

aaaaaaaaaaaaaahhhhh.........nahin .........अभी नहीं........... इतने भी क्या जल्दी haiiiiiiiiiii…..

और माहि अपने दोनों हाथों से करीम के हाथों को अपने बूब्स से हटा देती hain......wahin करीम कुछ नहीं कहता और यु hi माहि से चिपका रहता hain......wo बहुत ाचे से जनता था की लेडीज नखरे बहुत करती hain.......magar उसे लेडीज लोंगो के नखरे पसंद the.......kuch सोचकर वो धीरे से मुस्कुरा पड़ता hain.........aur मैं में कहता है..

ये बड़े घर की रंडिया बहुत नखरे करती hai..aur माहि तो अभी तो खुल रही थी.. ..... वो तो और भी ज़्यादा नखरा करेगी.......

फिर वो माहि को कहता हैं..

मैं भी कितना पागल हूँ.. आते hi ये सब शुरू हो gaya......khair......main तुम्हारे लिए कुछ लाया हूँ.......

और करीम माहि से दूर हुत्त जाता हैं और वो आपने जेब से एक प्लास्टिक निकलता hain......wahin माहि बड़े गौर से करीम के तरफ देख रही thi.....saath में उस पैकेट के तरफ भी.......

उस पैकेट में एक कैडबरी चॉक्लेट राखी हुई thi....aur उसमें अंगूर भी रखा हुआ tha.......jo की करीम का फेवरेट फ्रूट था ..............वहीँ माहि बस ख़ामोशी से करीम के तरफ देख रही थी.....






करीम जनता था बड़े घर के औरतो को चॉकलेट कितने पसंद है..

करीम एक नज़र माहि के तरफ देखता हैं और हौले से मुस्कुरा पड़ता hain......uske चेहरे पर हवस की लखीरें साफ़ झलक रही thi.......wahin उसके पेण्ट में उसका लुंड बार बार अंगड़ाई ले रहा tha.....kaise वो अपने आपको संभाले हुए था ये करीम hi जनता tha....magar अब वो माहि के साथ खेल खेलना चाहता tha......nangepan का khel......jisse वो माहि के अंदर बची शर्म भी पूरी तरह से ख़तम कर सके.....

माहि एक नज़र करीम के तरफ देखती हैं और फिर वो चुप चाप बीएड पर आकर बैठ जाती हैं.....






दिल उसका ज़ोरों से धड़क रहा tha.....magar छूट में धीरे धीरे सेंसेशन भी हो रहा tha.......kuch गीलापन अब उसके छूट में भी होने लगा tha.........karim वो पैकेट को माहि के पास लेकर आता हैं और माहि के ठीक पीछे जाकर बैठ जाता hain......aur अपने दोनों पवन दोनों तरफ पूरा फैला देता hain.....beech में माहि खामोश बैठी हुई थी......

तुम चॉकलेट पसंद है न

माहि हाँ में गर्दन हिलती है..

और कैडबरी..

वो भी..

में जनता था तुम पसंद होंगे hi…magar इसे मैं आज खुद अपने हाथों से तुम्हें खिलाऊंगा ...... अपने तरीके se.......bolo खाओगी न......

माहि कुछ नहीं कहती और धीरे से अपनी गार्डन हाँ में हिला देती hain.....wahin करीम के चेहरे पर कुटिल मुस्कान और भी गहरी हो जाती हैं.......

देखो mahi.....main कोई गैर थोड़ी न हूँ....... …तुम मुझसे इतना शरमाओगी तो कैसे काम chalega.......hum तो तुम्हारे अपने hain.....aur अपनों से भला कैसी sharam......bolo साथ डौगी न मेरा........

माहि एक नज़र अपनी गार्डन पीछे की तरफ घूमती हैं और हाँ में अपनी गार्डन हिलाकर झट से अपनी दोनों आँखें बंद कर लेती hain........sharam साफ़ उसके चेहरे से झलक रही thi.....wahin करीम माहि के खूबसूरती को बस निहार रहा था.......

तुम सच में बहुत खूबसूरत हो माहि .......

आज से पहले पता नहीं था क्या..

पता था पर महसूस आज पहली बार कर रहा हु…

करीम के जेब में दो पॉकेट थे एक में चॉकलेट और अंगूर और दूसरे पॉकेट में गजरा था .. जो कभी वो कोठे पे जाता था तब वही के रंडियो को देता था.. वो उसी टाइप का गजरा था.. वो लाया था… वो गजरा करीम माहि के बालो में बांड देता है.. माहि पीछे हाट दाल के गजरे को आगे कर के देख लेती है…

और पीछे घूम के करीम को देखते है.. माहि के चहरे पर हलकी से स्माइल आ जाती है..






करीम माहि के तरफ देख कर गजरे को सुंघाने लगता है…

बड़े शौकीन मिज़ाज़ के लगत हो..

वो तो हूँ..

तुम पता है माहि जब से तुम देखा है तबसे मैं तुम्हें पाने की हर मुमकिन कोशिश की हैं.....

पता हैं… मैं ये जानती थी की तुम्हारी नज़र मुझपर बहुत दिनों से thi......jab भी तुम मौका मिलता था तुम मेरे बदन को गुरते रहते .......ये बात नहीं थी की मुझे नहीं पता hota.......magar मैं बस चुप चाप तुम मुझे गुरने dete........shayad तुम मुझे गुरने में मज़ा आता था......

हाँ मजा आता tha..aur देखो आज मेरे मेहनत रंग layi.....aaj तुम मेरी बाँहों में ho.........sach hi लोग कहते हैं की पाने की आस कभी नहीं छोड़नी chahiye........aab मुझे कुछ नहीं chahiye........bus तुम मिल गयी हो मुझे सब मिल गया.

और करीम इतना कहकर बिलकुल खामोश हो जाता hain........wahin माहि बस इतने देर ख़ामोशी से करीम की बातें सुन रही थी......





अब वो बोल पड़ी..

कितने झूट बोलते हो तुम करीम ........तुम्हारी चाहत मुझसे नहीं बल्कि मेरे जिस्म से हैं........

और माहि फिर से दुबारा खामोश हो जाती hain....wahin करीम का चेहरा कुछ सफ़ेद सा पढ़ जाता hain.......aab कहने को कुछ और बचा नहीं था......

और ये सर्रे डायलाग पहले पूर्वी को और द्क्प सिमरन को कहे होंगे

हाँ कहना पड़ता है… छूट पाने के लिए थोड़ा बहुत झूट बोलना पड़ता है..

शायद इस वजह से मैं तुम्हारे करीब नहीं आती thi......ye बात तुम भी बहुत ाचे से जानते थे .......मगर अब कहीं कोई ऐसी बात नहीं hain........main आज तुम रोकूंगी नहीं ........ तुमने मुझपे क्या जादू किया है मुझे पता नहीं… तुम्हारे बिना मई बेचैन रहती hu..jo तुम्हारा दिल करे वो सब कुछ मेरे साथ करो ....... मगर haan......pyaar से........

और माहि हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं......






अब उसने करीम को ग्रीन सिग्नल दे दिया tha......wahin करीम कुछ देर तक खामोश रहता हैं और कुछ सोचकर वो अपने दोनों हाथ माहि के सामने जोड़ लेता हैं........

करीम के चेहरे पर शर्मिंदगी के भाव थे........

आज माहि तुम्हारी बातों ने मेरी सोच को बदल दिया hai......kitna गलत सोचता था मई .. हर औरत के बारे mein....magar अब मेरी सोच धीरे धीरे बदल रही hai.......aur इसकी शुरुवात हो चुकी है...... और ये सब तुम्हारे वजह से..

फिर वो आगे कहता है..

मुझे माफ़ कर दो mahi.......kitna गलत था मैं.......

और करीम अपनी नज़रें नीचे की तरफ झुका लेता हैं ........वहीँ माहि पीछे की तरफ अपना चेहरा घूमती हैं और बड़े प्यार से करीम के चेहरे की तरफ देखने लगती हैं.......






उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान thi...aaj न जाने क्यों उसे अपने पे गर्व हो रहा था........ वो सोच रही थी मैंने एक औरत के पीछे भागने वाले को बदल diya..wo कुछ सोचकर अपना लैब करीम के गलों पर ले जाती हैं और बहुत आहिस्ता से करीम के गलों को चूम लेती हैं......





वहीँ करीम ख़ामोशी से बस माहि के चेहरे को एक तुक देख रहा tha......aab कहने को उसके पास कुछ नहीं बचा था......

कुछ करना है ......या यु hi बैठने का इरादा हैं.......

माहि करीम के चेहरे की तरफ देखते हुए कहती हैं और फिर से हौले से मुस्कुरा पड़ती hain.....aab उसकी बाटिओं में शरारत साफ़ झलक रही thi.......karim कुछ नहीं कहता और वो माहि के हूंतो को बड़े प्यार से चूम लेता हैं......






ी लव यू mahi........tum जो चाहे समझो मगर सच तो ये हैं की मैं अब तुम्हारे बगैर और नहीं जी sakta........tum मेरी सबसे बड़ी कमज़ोरी हो.......

और करीम बड़े प्यार से माहि के हूंतो को चूम लेता हैं......






वहीँ माहि बस अपने करीम को साथ दे रही थी .......दोनों बस एक दूसरे को देख रहे the.......magar दिल था की दोनों का ज़ोरों से धड़क रहा tha.......aab कहने सुनने को कुछ नहीं बचा tha........ye ख़ामोशी सब कुछ बयां कर रही थी.....

ी लव यू तू karim........mujhe बस प्यार करो .....तुम मुझे इतना प्यार करो की मैं आज सब कुछ भूल jawun........mujhe कुछ भी होश न रहे.....

और माहि धीरे से अपना पीठ करीम के सीने पर टीकाकार लेट जाती hain.....aab उसका भी दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha.....wahin करीम के चेहरे पर अब मुस्कान फिर से लौट आयी thi........wo अब एक बार फिर से खुसी से झूम उठा tha.......jawab में वो बस अपनी गार्डन हाँ में धीरे से हिला देता हैं.....

वो अपने बगल में रखा पैकेट निकलता हैं और उसमें राखी कैडबरी को फाड़ता hain......aur अपने दोनों हाथों से माहि के खुले बालों को बांध देता hain.......fir वो उस सद्बुर को माहि के पीठ की तरफ ले जाता हैं और उसे उसके कंधे से लेकर पीठ तक मलने लगता hain......mahi की सांसें भरी होती जा रही thi.......wo अब जानती थी की करीम अब उसके साथ क्या करने वाले hain.....sharam एक बार फिर से उसके चेहरे पर साफ़ झलक रही thi.......wahin दिल भी पूरी तरह से बेकाबू होता जा रहा था.....

करीम आधी चॉकलेट को माहि के पीठ पर रगड़ता हैं और फिर वो अपनी जीभ हौले से माहि के कंधे पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से चेतना शुरू करता hain........jaise जैसे करीम के जीभ चल रहे थे वैसे वैसे माहि की आहें तेज़्ज़ होती जा रही thi.......lajaat से बार बार उसकी दोनों आँखें बंद हो रही thi......sanson पर धीरे धीरे कण्ट्रोल ख़तम होता जा रहा था......

करीम अपना जीभ से उस चॉकलेट का टास्ते लेता जा रहा tha.......wahin माहि की जवानी का भी स्वाद अपने जीभ से चख रहा tha......mahi बस किसी डॉल की तरह करीम को पूरी मनमानी करने दे रही thi........wo अपनी दोनों मुट्ठी कसकर बिस्टेर से मसल रही thi......aankhon सुर्ख लाल हो चुकी thi......un आँखों में लाल डोरे साफ़ दिखाई पड़ने लगे थे.......

करीम तब तक नहीं रुकता जब तक वो चॉकलेट पूरी तरह से साफ़ नहीं हो jati........mahi की पीठ करीम के थूक से पूरी तरह से गीली हो गयी thi......kuch सोचकर वो उस चॉकलेट को एक साइड में रख देता हैं और वहीँ पास में राखी कुछ अंगूर अपने हाथों में उठा लेता hain........uske चेहरे पर शरती मुस्कान thi........wo अपना एक हाथ माहि के गार्डन की तरफ ले जाता हैं और हौले से माहि की गार्डन अपने तरफ घूमता hain........nazarein एक बार फिर से दोनों की आपसे में टकरा गयी thi.....wahin माहि के चेहरे पर शर्म की लकीरें अब भी झलक रही थी......

करीम अपने हाथों में थमा एक अंगूर धीरे से माहि के गलों पर ले जाता हैं और उसे आहिस्ता आहिस्ता फेरने लगता hain.....aur जब उसका हाथ माहि के मुँह पर जाता हैं वो माहि के मुँह में उस अंगूर को हौले से दाल देता hain......mahi एक नज़र करीम के तरफ देखती हैं और वो उस अंगूर को हौले से अपने गले के नीचे उतर देती hain........karim फिर तीन चार अंगूर अपने हाथों में लेता हैं और उसे सरकते हुए माहि के गार्डन और पीठ की तरफ फेरने लगता hain......aur साथ hi साथ अपने जीभ से माहि के गार्डन को चाटने भी लगता हैं.....

माहि की छूट अब पूरी तरह से गीली हो चुकी thi.....sansein अब उसके बस में नहीं thi.......karim कुछ सोचकर तीन चार अंगूर धीरे से सरकते हुए माहि के सीने की तरफ ले जाता हैं और उन अंगूरों को माहि के दोनों बूब्स के अंदर धीरे से दाल देता hain.....aab वो अंगूर माहि के ब्रा में फंस गए the........wahin करीम के चेहरे पर शरती मुस्कान thi.....wo हौले से अपने दोनों हाथों को माहि के सीने पर ले जाता हैं और कपडे के ऊपर से hi माहि के बूब्स को अपनी मुट्ठी में लेकर ज़ोरों से दबाना शुरू करता हैं.....

वहीँ माहि ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं......

aaaaaaaaaaaaaaaaa.sssssssssssssss.........bbbb..... uuuu......dddd…… hhh…eee…. प्लीज .....ज़रा aahista.....se........dard होता हैं......

माहि अपनी सांसें सँभालते हुए कहती hain......is तरह दबाने से अंदर रखा अंगूर फुट जाता है और माहि की ब्रा धीरे धीरे गीली होने लगती hain....magar करीम कहाँ इतनी आसानी से मानाने वाला tha.....ye तो बस अभी खेल की शुरुवात thi......abhi तो वो माहि के सरे शर्म धीरे धीरे उतरने वाला था......

माहि के चेहरे पर पसीने की चाँद बूँदें साफ़ झलक रही thi.......uski दोनों आँखें हवस से पूरी लाल हो चुकी thi......wahin करीम के चेहरे पर शरती मुकसान और भी गहरी हो जाती हैं..... वो माहि के बाल बाजु में हटा देता है...

और उसके गर्दन हर अपनी उंगलिया चलने लगता hai...wo तीन चार और अंगूर अपने हाथों में लेता हैं और उसे फिर से माहि के ब्रा के अंदर दाल देता hain....aur फिर से उसके दोनों बूब्स को कसकर कपडे के ऊपर से hi मसलने लागत hain.....aur उसके गर्दन को चूमने लगता है..

माहि बस वहीँ ज़ोरों से सिसक रही थी.....

aaaaaaahhhhhhhhhhhaaaaaaaaa...... ..

ककककककाआआअमीनेईईईई... धेरेईईई नाआ .... मई क्या कही भागी जा रही हु....

इस बार करीम अपना एक हाथ माहि के ब्लाउज के अंदर ले जाता हैं और अंदर hi अंदर माहि के ब्रा को भी सरकने लगता hain........kuchh देर में माहि का एक बूब ब्रा के बहार tha.......wahin करीम अपने दो उँगलियों से माहि के निप्पल्स को मसलना शुरू करता hain.....aur तब तक मसलता रहता हैं जब तक माहि पूरी तरह से बेबस नहीं हो jati.....wo वहीँ ज़ोरों से हांफ रही thi......magar करीम को उसकी बेबसी पर बड़ा मज़ा आ रहा tha......wo भी तो तड़पा था उसके लिए न जाने कितने रातों se.....aaj उसकी बरी थी.....

करीम उसके शोल्डर को किश करता है...

अब करीम कभी माहि की गार्डन पर अपने जीभ फेर रहा था तो कभी उसकी गाल par......aakhirkar वो अपना होंठ माहि के होंठों पर रख देता हैं और उसके लबों को आहिस्ता आहिस्ता चूसने लगता hain.....uska एक हाथ अभी भी उसके निप्पल पर the.....wahin करीम अपना दूसरा हाथ इस बार माहि के कमर की तरफ ले जाता हैं और उसके आहिस्ता से सरकते हुए माहि के छूट पर हौले से रख देता hain....aaur फिर धीरे धीरे उसपर दबाव बनाने लगता hain......kuch देर में वो माहि की छूट अपनी मुठी में कर चूका था और ाहहिस्ता आहिस्ता अपने हाथों को उसपर फेर रहा था......

वहीँ माहि अब पूरी तरह से टूट चुकी thi.....aab वो पूरी तरह से गरम हो चुकी thi.....aab उसे लुंड चाहिए tha.....wo अब करीम से खुलकर छुड़वाना चाहती thi.....uska लुंड अपने छूट की गहराई में फील करना चाहती thi......magar वो कैसे कहती ......आखिर थी तो वो औरत hi.......sharam अब भी उसके चेहरे से साफ़ नज़र आ रही thi.....wahin करीम माहि की बेबसी का पूरा पूरा फायदा उठा रहा tha......uske दोनों हाथ माहि के प्राइवेट पार्ट्स पर तेज़ी से चल रहे थे......

aaaaaaaaa...............ssssssssssssss....bus करो न karim......aaab और nahin.......saha jata..........aaaaaaaaa..........hhhhhhhhhhhh.......

माहि अपने होंठ करीम से अलग करते हुए कहती hain.....wo अब ज़ोरों से हांफ रही thi.......aab उसका बुरा हाल होता जा रहा tha.......ye जवानी आज उसकी की दुश्मन बनती जा रही थी.......

क्या बस करूँ मेरी jaan......zara खुलकर तो kaho.........humse कैसी sharam....hum भी तो तुम्हारे अपने हैं......

और करीम तेज़ी से माहि के छूट पर अपने हाथों को रगड़ने लगता hain.....wahin माहि की साड़ी अब धीरे धीरे भीगती जा रही thi......jism मनो ऐसा लग रहा हो की आग उसमें से निकल रही ho......mahi की दोनों आँखें बंद थी मगर करीम द्वारा कहे गए बाटिओं को सुनकर वो झट से अपनी दोनों आँखें खोल लेती हैं और बड़े गौर से करीम के चेहरे की तरफ देखने लगती हैं......

aaaaaaaassssssssssss........ तुम बहुत गंदे हो....... तुम शर्म नहीं आती हमसे ये सब कहलवाना चाहते ho.......jaiye हम तुमसे बात नहीं करेंगे......

और माहि अपने दोनों हाथों से अपना चेहरा छुपा लेती hain.....wahin करीम बस मुस्कुराता रह जाता हैं......

ठीक हैं नहीं kehlawunga.......jaisi तुम्हारी marzi......magar मुझे तुम्हारा पूरा साथ chahiye......bolo डौगी न मेरा साथ

करीम एक नज़र माहि के चेहरे की तरफ देखता हैं और धीरे से मुस्कुरा पड़ता hain.......wahin माहि धीरे से बस हाँ में अपनी गार्डन हिला देती हैं.....

कर्म जल्दी से अपने शर्ट के बटन खोलता हैं फिर अपनी पेण्ट उतरता hain........aur लास्ट में अपनी banyaan......aab उसके जिस्म पर अंडरवियर बस मौजूद thi.......lund खड़ा होने से उसपर टेंट साफ़ बना hua......wahin माहि की सांसें पूरे उफान पर thi......uska दिल भी ज़ोरों से धड़क रहा tha.....excitement से उसकी छूट पूरी तरह से भीग गयी थी......

अपने कपडे उतरो न mahi.......main तुम्हें आज बिन कपड़ों के देखना चाहता hoon.......na जाने कब से मेरे अरमान थे की मैं तुम्हें उस हाल में dekhun.......utaro न प्लीज....

और करीम फिर से माहि के बूब्स को कसकर मसल देता hain......aur उसके छूट को भी ज़ोरों से दबाने लगता हैं...

sssssssss.....hhhhhhhhhhhhhh....... मुजसे ये नहीं होगा ...... तुम खुद hi उतर दो ........ मुझे शर्म आती हैं......

और माहि इतना करहकर फ़ौरन अपनी नज़रें नीचे की तरफ झुका लेती हैं........ करीम एक नज़र माहि के चेहरे की तरफ देखता हैं फिर वो माहि के दोनों हाथों को ऊपर की ओरे उठता हैं और अपने दोनों हाथों को उसकी पिट पर रखकर उसके ब्लाउज को उतरने लगता हैं.....

माहि का शर्म से बुरा हाल था..... कभी मनीष भी उसका ब्लाउज इस तरह उतरा नहीं tha..magar छूट के आगे किसका ज़ोर चला हैं जो उसका चलेगा.....

करीम हौले हौले माहि के ब्लाउज को उतरता जा रहा tha.....wahin उसकी नज़रें माहि के गोर बदन पर तिकी हुई thi.....uske मुँह में माहि की जवानी को देखकर पानी आ गया tha......wo लचायी नज़रों से माहि के बदन को बस घूर रहा tha.......thodi म्हणत के बाद वो माहि के टाइट ब्लाउज को निकलने में कामयाब हो जाता hain....aab माहि काळा ब्रा में करीम के सामने बैठी हुई thi.....sharam से उसका बुरा हाल था.......

वहीँ करीम अपनी जीभ फिर से माहि के गार्डन पर रख देता हैं और हौले हौले चट्टे हुए नीचे उसकी पीठ के तरफ आने लगता hain.......aab उसके दोनों हाथ फिर से माहि के बूब्स पर the......wo उन्हें फिर से ज़ोरों से मसल रहा tha.....wahin माहि अपनी आँखें बंद किये बस सिसकारी ले रही थी....... करीम पागलों की तरह अपनी जीभ माहि के गोर बदन पर चला रहा th......kuch ख्याल उसके खुरापाती दिमाग में फिर से आता हैं और वो वहीँ पास में रखा तीन चार अंगूर फिर से अपने हाथों में लेता हैं और इस बार अपने दोनों हाथों को सरकते हुए वो नीचे की तरफ ले जाता hain.....uske छूट के तरफ.....

वो झट से अपने दोनों हाथ इस बार माहि के सदी के अंदर ले जाता हैं और धीरे से उसकी पंतय को सरका देता hain......aab माहि की खुली छूट करीम के हाथों में thi......wo अपने दो उंगलिओं को बहुत आहिस्ता से उसकी छेद पर फेरता हैं वहीँ माहि इस बार ज़ोरों से सिसक पड़ती hain.....aur न चाहते हुए भी उसके मुँह से सिसकारी फुट पड़ती हैं......

aaaaaaaaa.sssssssssssssss..........tum ये क्या कर रहे हो करीम ......

माहि एक नज़र करीम के तरफ देखती हैं और अपने लबों को इस बार करीम के लबों पर रख देती हैं और कसकर उसके होंठों को काटने लगती hain......karim भी उसका पूरा पूरा साथ देता हैं और अपने हाथों से माहि की छूट को छेड़ने लगता hain.....uski दोनों उंगलियां पूरी तरह से गीली हो गयी thi......wo हौले से एक अंगूर को माहि के छूट के अंदर पुश करता हैं और फिर दूसरा अंगूर ko.....fir teesra......aur फिर chautha........wahin माहि लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi......uski छुटृस इस कदर बह रही थी की करीम की दोनों उंगलिआं भीग चुकी थी.......

करीम अपने हाथों को धीरे धीरे हरकत कर रहा tha......wahin वो बार बहार माहि के होनोटों को भी चूसता जा रहा tha.......thode देर बाद वो अपना जीभ फिर से माहि के पीठ की तरफ ले जाता हैं और अपना एक हाथ सरकेट हुए उसकी पीठ पर रख देता hain.......aur बहुत आहिस्ता से अपना जीभ पूरे पीठ और गार्डन पर फेरने लगता hain.......wahin माहि एक बार फिर से मचल उठी thi.......wo अपना एक हाथ माहि के ब्रा के हुक पर रखता हैं और अगले hi पल उसे झट से खोल देता हैं......

माहि फ़ौरन अपने दोनों हाथों को अपने सीने पर ले आती हैं और झट से अपने गिरते ब्रा को थम लेती hain........sharam से उसका बुरा हाल tha......wahin करीम ये सब देखकर हौले से मुस्कुरा पड़ता हैं........

मुझसे कैसी शर्म mahi....hum तो तुम्हारे अपने hain.......aur मुझसे इतना शरमाओगी तो कैसे काम चलेगा........

और करीम इतना कहकर फिर से हंस पड़ता हैं और इस बार वो अपना एक हाथ नीचे की तरफ ले जाता hain.......uski कमर के taraf....fir वो माहि की साडी के उप्पर से साडी के एन्ड तक आपने हाथ ले जाता है और धीरे धीरे साड़ी को उप्पर की तरफ सरकै लगता हैं..... पेटकोट के साथ.. माहि एक नज़र करीम के चेहरे की तरफ देखती हैं मगर कहती कुछ nahin.........aankhon hi आँखों में उसने करीम को सब चीज़ की इज़ाज़त दे दी thi.....to फिर ऐतराज़ कैसा......

करीम फिर अपने हाथों को हरकत करता हैं और वो माहि के साड़ी को उप्पर की तरफ सरकना शुरू करता hain......aur देखते hi देखते माहि की साड़ी उसके कमर तक आ जाती hain.....aab माहि खुली ब्रा पकड़े हुई अपने बूब्स को छुपा रही thi.....wahin उसके बदन पर काली पंतय बची थी.... जो उसकी जवानी को अब तक छुपाये हुई thi......saree और पेटीकोट भी थी पर वो न के बरारबर थी…

करीम फिर माहि को वहीँ बिस्टेर पर धीरे से सुला देता हैं और उसके उप्पर आ जाता है...

अपना हाथ इस बार धीरे से माहि के बूब्स पर रख देता hain.......aur बहुत आहिस्ता से उसके बूब्स पर राखी ब्रा को हटाने लगता hain......wahin माहि अपने दोनों हाथों से अपनी ब्रा थामे हुई thi....sharam से उसका बुरा हाल tha......magar जिस्म अब धीरे धीरे उसका साथ छोड़ता जा रहा tha......sansein एक बार फिर से पूरी तरह से बेकाबू हो चुके थे.......

करीम एक नज़र माहि के चेहरे की तरफ देखता हैं और अगले hi पल वो उसके ब्रा को उसके सीने से हटा देता hain.....aab माहि के दूँ बूब्स करीम के आँखों के सामने be-parda थे.......28 के बूब्स अब पूरी क़यामत धा रहे they.......wahin करीम अपनी आँखें फाड़े बस उन्हें निहारे जा रहा tha......lalchayi नज़रियों से वो उन्हें अब भी घूर रहा tha.....gora जिस्म पर दो गुलाबी रंग के छोटे छोटे निप्पल्स और भी क़यामत धा रहे the......karim अब उसके गोर पथ को चूमने लगता है..

करीम फ़ौरन अपना होंठ माहि के निप्पल्स पर रख देता हैं और दूसरे हाथों से वो उसके दूसरे बूब्स को बेरहमी से मसलने लगता hain....kabhi कभी वो उसे कसकर काट भी लेता वहीँ माहि ज़ोरों से सिसक पड़ती.....

आआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआआ…. मर गयी…

और कितना मुझे तडपाओगी mahi.......aab तो मेरी प्यास बुझा दो........

और करीम अपने दोनों हाथों को धीरे से सरकते हुए माहि के गांड पर रख देता हैं और उसे ज़ोरों से मसलने लगता hain......wahin माहि के मुँह से एक बार फिर से सिसकारी फुट पड़ती हैं.......

तुम किसने रोका हैं karim.........mahi पूरी की पूरी आपकी hain........aap जैसा चाहे वैसे kijiye..........aur haan.......pyase को अगर प्यास लगती हैं तो वो कुँए के पास चलकर जाता hain........na की कुआँ खुद चलकर प्यासे के पास आता hain........aayi बात समझ में.........

और माहि अपना एक ऊँगली धीरे से करीम के गलों पर रख देती हैं और बड़ी ऐडा से फेरने लगती hain.......wahin करीम कसकर माहि को अपने गले लगा लेता hain........wahin इस बार माहि के मुँह से सिसकारी फुट पड़ती hain......wahin करीम माहि को और भी कसकर अपने सीने से लगा लेता हैं.......

आप क्या आज मेरी साडी हड्डियां तोड़ेंगे kya.........chodiye मुझे.......

और माहि करीम को अपने से थोड़ी दूर धकेलती हैं मगर वो इसमें सफल नहीं हो pati........wahin करीम माहि को देखकर मुस्कुराता रहता हैं....

चोरनी के लिए थोड़ी न पदक हैं tumhein..........aaj तो तुम्हारे बदन की साडी नसें एक एक कर ढीली करूँगा.........

और करीम फिर से अपने हाथों पर दबाव बनता हैं वहीँ माहि के मुँह से फिर से सिसकारी फुट पड़ती हैं.......

अब माहि करीम के चेहरे की तरफ देखती हैं वहीँ करीम बस हौले से मुस्कुरा पड़ता hain.....wo फिर से बरी बरी से माहि की निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर चूस रहा था......

और कभी उन्हें अपने दोनों उँगलियों के बीच रखकर मसल भी deta...wahin माहि ज़ोरों से सिसक पड़ती.......

जब उसका मुन्न भर जाता हैं वो फिर अपने होनोटों को नीचे की तरफ ले जाने लगता hain....uske नैवेल की taraf.....fir वो वहां भी अपने जीभ को आहिस्ता आहिस्ता फेरने लगता हैं....

वहीँ माहि का बुरा हाल tha...lajaat से उसकी आँखें बार बार बंद हो रही thi....jism से उसका कण्ट्रोल हटाता जा रहा tha......sansein भी अब उसके बस में नहीं thi.........lagataar उसके मुँह से सिसकरी निकल रही थी.......

करीम फिर अपना होंठ और नीचे की तरफ ले जाता hain.....aur इस बार अपने हाथों को सरकते हुए उसकी पंतय पर रख देता hain....aur बहुत आहिस्ता से उसे नीचे की तरफ सरकना शुरू करता hain.....jaise जैसे पंतय नीचे की तरफ सरक रही थी वैसे वैसे उन दोनों की सांसें तेज़्ज़ होती जा रही thi.......karim का गाला बार बार सुख रहा tha.....jis चीज़ की उसे चाहत थी आज वो उसके सामने thi........uske धाधनों का बढ़ना लाजमी था......

करीम अपने हाथों को नहीं रोकता और न hi माहि कोई इंकार करती hain...aur कुछ पलों में उसकी पंतय भी उसके जिस्म से अलग हो जाती hain.....aab माहि सर से लेकर पवन तक पूरी नंगी थी..... कहने के लिए साड़ी और पेटीकोट था.. पर वो तो कमर पर लटका पड़ा था.. उसके होने या न होने से कुछ फरक नहीं पड़ता tha..wahin करीम की सांसें जैसे थम गयी ho....wo अपनी दोनों आँखें फाड़े बस माहि क छूट को निहार रहा tha.....mahi की छूट पर हल्के बल थे जो उसकी छूट को और भी खूबसूरत बना रहे थे.......

करीम हौले से अपना जीभ माहि के छूट पर रख देता हैं....

और बहुत आहिस्ता से वहां चूम लेता hain...wahin माहि इस बार ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं......

Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhaaa…… mumiiiiiiiiiiiiii…………

लजात से उसकी दोनों आँखें बंद हो चुकी thi.....baar बार घबराहट से उसका गाला सूखता जा रहा tha......magar अब उसके बस में कुछ नहीं था....... करीम अपनी जीभ आहिस्ता से माहि के छूट पर फेरना शुरू करता hain......aur अपने दोनों हाथों को वो माहि के छूट पर रख देता हैं और उसकी छूट के फांखों को अलग करता हैं.....

अंदर गुलाबी छेद अब दिखने लगा tha........jo की छूट रूस से पूरी तरह भीगा हुआ tha.....karim अपने हाथों से माहि की छूट को और फैलता हैं और अंदर उसे वो अंगूर दिखने लगा tha....jo अब छूट रूस में पूरी तरह से सं चूका था.. करीम अपनी नज़रें जमाये बस एक तुक माहि के छूट को घूर रहा tha.....fir वो अपना जीभ हौले से माहि के छूट के उस गुलाबी छेद पर रखता हैं और बहुत आहिस्ता से अपना जीभ फेरना शुरू करता हैं.....

करीम के उन हरकतों ने माहि के बदन में आग लगा दी thi......wo फ़ौरन ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं …

aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh……

कककककक….. अअअअअ…. रररररीीी…. मममम…

और फ़ौरन बिस्टेर से उठकर बैठ जाती हैं........

क्यों करीम तुम मेरी जान लेने पर तुले हुए ho.....kya तुम आज मुझे जान से मरना चाहते हो.......

और माहि एक नज़र करीम के चहरे की तरफ देखने लगती hain......wahin करीम अभी भी माहि के छूट को चाटते जा रहा tha....mahi के मुँह से ये सब बात सुकर वो भी अपनी नज़रें ऊपर की ओरे उठता हैं और उसे देखकर हौले से मुस्कुरा पड़ता hain....wahin माहि भी धीरे से मुस्कुरा पड़ती hain......uske हंसी में शरारत थी.....

नहीं मेरी jaan......aisa कैसे हो सकता hain.......main तो बस तुम्हें जनात का मज़ा देना चाहता hoon.....chalogi न मेरे साथ जनात के सफर पर…

और करीम फिर से अपनी जीभ माहि के छूट पर रख देता hain....aur बहुत आहिस्ता से उसके गुलाबी छेद को चाटने लगता hain.....wahin माहि कुछ नहीं बोल पति और अपना एक हाथ वो करीम के सर पर रख देती हैं और बहुत प्यार से उसके बालों को सहलाने लगती hain....jaise कोई बाचे को दुलार कर रहा हो.....

माहि की नज़रें अब भी करीम के तरफ thi...wo बड़े गौर से करीम को देख रही thi.......na जाने क्यों आअज उसे उसपर बहुत प्यार आ रहा tha.......kuch सोचकर वो हौले से मुस्कुरा देती हैं और फ़ौरन अपनी दोनों टांगें पूरे हवा में फैला देती हैं......

अब माहि की छूट पूरी खुल चुकी thi.....wahin करीम बड़े प्यार से उसके छूट को चाट रहा था और उसके छूट से बहते उन रसों का स्वाद वो अपने जीभ से ले रहा tha.....wahin माहि की आहें और भी तेज़्ज़ हो चली thi....uska अब साबरा पूरी तरह से खो चूका tha......aab उसके बस में कुछ नहीं था.....

करीम अपनी जीभ की रफ़्तार और तेज़्ज़ कर देता हैं और उसके गुलाबी छेद को ज़ोरों से चाटने लगता hain.....wahin माहि जो अब तक बिलकुल चुप चाप लेती हुई थी वो अब अपने कमर को आगे की तरफ सरकती हैं और अपने दोनों पवन पूरा फैलकर अपना छूट धीरे धीरे करीम के मुँह पर मरना शुरू करती hain....jaise वो करीम का मुँह न होकर उसका लुंड ho......wahin करीम अपनी एक ऊँगली से उसकी छूट के दानों को भी छेद रहा tha.......mahi अब पल पल अपने चरम की तरफ बढ़ रही थी.....

पुश mahi.......push........us अंगूर को अपने छूट से बहार आने दो......

और करीम फिर से माहि के छूट को चटनी लगता hain....wahin वो इस बार अपने दोनों उँगलियों से माहि की छूट को और फैला देता हैं और उधर माहि थोड़ा सा ज़ोर लगाती hain.......aur वो अंगूर अब धीरे धीरे बहार की ओरे आने लगता hain.......issey पहले की वो अंगूर बहार आता माहि का साबरा अब जवाब दे चूका tha....wo इस बार ज़ोरों से चीख पड़ती हैं और धाम से बिस्टेर पर किसी लाश की तरह बिलकुल ठंडी पढ़ जाती हैं.......

एक अंगूर जो उसकी छूट में था वो अब बहार आ चूका tha...magar अभी तो और भी दो अंगूर बचे they.....pehla अंगूर करीम के मुँह में जा चूका tha....aur वो उसे बड़े चाव से खा रहा tha...jaise वो अंगूर न होकर कोई पकवान ho........wahin माहि की दोनों आँखें बंद थी और वो लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi........wo अब बिलकुल ठंडी पढ़ चुकी thi......aaj उसे ज़िन्दगी का हसीं सुख मिल चूका tha....magar अभी तो खेल बाकि था..................

तभी दरवाजे पर दस्तक हुई ….

बुआ…. बुआए….

अब कोण आ गया भादवा …

करीम गुस्से में बोलता है..

शयद पूजा है..

वो क्यों आयी है माँ छुड़ाने के लिए.. यहाँ..

गालिया क्यों दे रहे हो…

इतना अच्छा खेल चल रहा था .. उसके वजह से बिगड़ जायेगा..

अब वो करीम से डरने लगाती है .. वो जानती थी करीम कुछ भी कर सकता है. शयद गुस्से मई करीम जोर से चिल्ला भी सकता hai..Waise भी वह तो करीम से छुड़वाना चाहती थी इसलिए वो करीम को शांत करने लगी ..

नहीं बिगड़ जायेगा.. मई देखते हु..

माहि निचे बैठके hi दूर की तरफ देखते हुई करीम के जिस्म पर आपने हाथ रखकर उसके जिस्म को सहलाने लगती है..

बुआ .. दूर ओपन करो न..

उसे अब दर लगाने लगता है की अब मई पूजा को कैसे समजौ.. की वो दूर के बहार से hi चली jai..aur अब अगर पूजा ने उसके बात नहीं मणि और वो अन्दर आने की जिद्द करने लगी तो सब आफत हो जायेंगे.. और वो अन्दर आयी तो मई कैसे उसे संजो की दूर लॉक करके वो करीम के साथ क्या कर रही हु.. फिर वो शांत रहते हुई कहती है..

क्या है पूजा..

एक अर्जेंट काम है..

क्या है.. बाद में मई तेरे रूम में आती हु..

नहीं बुआ .. अर्जेंट है और फिर मुझे कॉलेज भी जाना है..

अब मई ऐसे सिचुएशन मई हु की मई दूर ओपन नहीं कर सकती..

क्या … क्या कर रही हो आप..

समाज कर न .. पूजा..

अब तक माहि का हाथ करीम के बॉडी पर चल रहा था.. करीम माहि का वो हाथ आपने नंगे बॉडी से हटते हुई उसका जिस्म सहलाते हुई उसके छूट को ऊँगली से रगड़ते हलके से उसकी गिल्ली छूट मई उसकी hi ऊँगली घुसता है जिससे माहि उचकती है.

aaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaa…
 
aaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaa…

mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…..

Halke-halke छूट मई ऊँगली करते दूसरे हाथ से मां मसलता है..

ओह्हो…

पूजा कहती है..

और फिर खुद को hi कहती है ….

शयद मनीष अंकल है बुआ के साथ….

करीम से आपने छूट मई अपनी hi ऊँगली करवाने मई माहि को बड़ा अच्छा लगने लगा था … लेकिन फिर भी वह करीम को रोकने के लिए उसका हाथ पकड़ती है. उसे डर था कही उसकी आवाज दूर तक न पहुँच जय.. लेकिन वो आलरेडी दूर तक पहुँच चुकी थी.. करीम माहि का वही हाथ पकड़ के अपने लुंड पे रखता है. लुंड पकड़ने से माहि की छूट और गरम होक गिल्ली होती है. करीम का तगड़ा मोटा लुंड पकड़ने से उसके जिस्म मई करंट दौड़ता है. करीम फिर माहि का हाथ पकड़के अपना नंगा लुंड उसके हाथ में डाके बोलता है

माहि तू मरे लुंड की साइज देख .. रानी मई तेरी छूट की घेराइये नापता हूँ. मरे लुंड की लम्बाई देखके बता यह तेरी इस मस्त गिल्ली छूट मई फिट बैठेगा या नहीं. मेरी रानी की छूट मई मेरा लुंड ठीक से बैठना चाहिए न? माहि तेरा पति.. मनीषा… फिर हस्ता है.. हर रात उसका लुंड तेरी छूट मई घुसके मस्ती करता होगा न? इतना मस्त जिस्म है तो खूब माज़े करता होगा वह, है न? क्या पता तुजे छोड़ पता होगा या नहीं…

माहि कुश नहीं कहती

वैसे वो मुझे किसी एंजेल से मर्द लगता hi नहीं है..

माहि अब बिना शर्माए करीम का लुंड को फील करने लगती है. उसका लुंड फील करके माहि के दिल की धड़कने और तेज हो जाती है. करीम की बाटे सुनके वह सोचती है की इतना मोटा लुंड उसकी छूट मई जायेगा तो क्या हाल होगा उसकी छूट का पर कितना मजा भी आएगा. करीम का ऊँगली करने से वह मचलते मोअन करने लगती है. छूट मई से ऊँगली निकालके करीम वह ऊँगली चटके फिर माहि की छूट मई उंगली डालके वो बोलता है

माहि अच्छा लगता है न मेरा लुंड पकडक तुझे रानी? बोल रानी मेरा लौड़ा टारे पति से छोटा है या बड़ा?

ऐसा कहके करीम उंगली बहार निकल के अन्दर जोर से डालता है.. माहि आपने हाथ मू पाई दबती है..

Aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaa….

Dhireeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee… बहार आवाज जाएँगी… करिममममममम…

तभी दूसरी आवाज आती है..

ऐसा क्या कर रही हो आप अन्दर .. माहि मेमसाब.. ऐसे कैसे आवाज आ रही है..

ये आवाज माइड पद्मा की थी..

तू भी है क्या वह..

हाँ .. मेमसाब …

दोनों हाथो से मसल मेरा लौड़ा और देख कितना माज़ा आएगा. तेरी वह पूर्वी बहु को बहुत पसंद है मेरा लुंड, जी भरके सेहला अपने करीम का लौड़ा मेरी चूड़ाकड रानी…

करीम से पूर्वी की बात सुनके उससे बहुत गुस्सा आया… वह करीम का लुंड और मस्ती से मसलने लगी. और वो गुस्से मई बोलती है..

तू क्यों आये है…

रोमं क्लीन करनी है मेमसाब..

क्लीन hi है room..aahhhhhaaa….

करीम को छूट मई डाली ऊँगली छत्ते देख माहि की आग और भड़की और वह करीम से चिपक गए.

फिर भी मुझे रोज सभी रूम क्लीन करनी hi पड़ती है नहीं तो शेतजी गुस्सा करेंगे मुझपर…

Aaaahhhhhhhhhhaaa….Kuch नहीं होगा.. भैय्या को मेरा नाम बता de..eeeeee…

करीम का लौड़ा अब जोरसे हिलने लगी…

Aaaaaaahhhhaaaaaaaaaaaaaaaa….. ममममम…… eeeeee…rr ीीे…. रज्जजा…… kkkkkk…aaarriiimmmm…

ये थोड़ा धीरे से बोलती है..

क्या कहु साहब को में.. माहि मेमसाब अन्दर क्या कर रही थी इस वजह से उनोने दूर ओपन नहीं किया..

कामिनीईई… चुप कर .. बत्तमीज .. और यहाँ से दफा हो जा…

पूजा पद्मा को कहती है..

चल यहाँ से पदम्..

फिर वो दोनों वह से चले जाते है..

करीम अब उससे चुड़काड रानी बुला रहा था और उसके पति के बारे मई बात कर रहा था. और ये सब बहार पूजा और पद्मा होते हुई और माहि उसके साथ बात कर रही है ये जानते हुई कह रहा tha..karim ने उसको नंगी करके अब माज़े लूट रहा था. उसकी hi उंगली उसके छूट मई दाल रहा tha..karim की इस मर्दानगी पे माहि फ़िदा हुई पर अभी भी वह करीम की कोई भी बात का जवाब नहीं दे रही थी. अपनी छूट मई अपनी hi उंगली करीम से करवाते, उसका लुंड मसलते वह करीम से लिपट गए थी.

आखों में शर्म की लाली और चेहरे पर सुकून के भाव अब माहि के चेहरे से साफ़ झलक रहे थे.........





वो बड़े प्यार से करीम के चेहरे की तरफ एक तुक देख रही thi........wahin करीम भी प्यार भरी नज़रियों से माहि के चेहरे की तरफ देख रहा tha..........aaj दोनों की सोच एक दूसरे के प्रति बदल चुकी thi.......aab उनके बीच रिश्तों की अहमियत नहीं रह गयी thi.......unke बीच अब एक नया रिस्ता जुड़ गया tha...............jism से जिस्म का.

माहि को लगता है करीम कितना डेरिंग वाला है … मनीष के सामने मुझे फ़्लर्ट करता था .. यह आदमी तो हमेशा मान मानी कर था मेरे साथ…

करीम अब माहि के बाजु मई आपने दोनों पेअर डालके सामने बैठ जाता hai..aab माहि के मम्मो को करीम मसल रहा था.. अपने मम्मो को मसलते hi माहि के जिस्म मई एक माधोसी महसूस होती है. ऐसा नहीं था की माहि उसके पति से सटिस्फीएड नहीं थी. माहि मनीष की चुदाई से खुश थी. लेकिन करीम हर जवान औरत को सिर्फ हवस की नज़र से देखते उसको छोड़ना चाहता था. अब करीम माहि से बात करके चोर के माहि के मम्मी मसल रहा था. उसके दोनों मम्मी हाथो मई लेक हलके मसलने लगता है. माहि की गांड पे अपना गर्म लुंड लगते वह कहता है

तेरे यह दूध (मम्मी हल्केसे dabate)kitane उभरे- उभरे दिख रहे है और niche(gaand पे लुंड रगड़ते) और तेरे ये गांड कितनी मस्त है..

एक हाथ से माहि का सीना मसलते करीम अब दूसरे हाथ से आपने लुंड हाथ मई पकड़ के उसकी छूट पे मसल रहा था... मम्मो पे करीम का कड़क हाथ और छुटेर पे उसका सख्त लुंड पाके माहि मचलती है.

aaaaaaaaahhhhhhhhhhaaaaaa…

उसके जिस्म मई बेचैनी बढ़ने लगती है, उससे ऐसा लगता है जैसे कोई मोटा डंडा उसकी छुटेर मई पे रगड़ रहे हो. वह सोचती है की कितना मोटा और लम्बा लुंड है करीम का और कितना कड़क हो रहा है. उसके पति का लुंड भी अच्छा था लेकिन उससे कभी वह इतना सख्त, गर्म और मोटा नहीं लगा. करीम का लुंड कोई भी छूट की चटनी बना देगा. अनजाने मई आँखे बंद करके माहि अपनी चुतर करीम के लुंड पे दबती है. उसे लगता है की जैसे उसकी छूट मई चीटिया चल रही हो. अब उसकी छूट dhire-dhire रसीली भी हो रही है. वह अपना जिस्म करीम के हवाले करना चाहती थी लेकिन करीम के लुंड का ख्याल मान मई आती hi वह डर जाती है..

तुम ठीक हो न माहि ......

करीम अपना एक हाथ माहि के हाथों में रखकर धीरे से बोल पड़ता हैं........





वहीँ माहि एक नज़र करीम के चेहरे की तरफ देखती हैं और वो धीरे से मुस्कुरा पड़ती hain.....jawab में वो थोड़ी सी आगे बढ़ती हैं और करीम के लबों को बड़े प्यार से चूम लेती हैं ........





आज भले hi लैब खामोश थे मगर दिल ने सारा हाल बयां कर दिया tha........nazrein आज हर बात की गवाही दे रही थे........

मुझे क्या हुआ हैं .........मैं तो बिलकुल ठीक hoon........haan दिल में थोड़ी सी घबराहट ज़रूर हो रही hain.......magar अब कदम इतने आगे बढ़ चुके हैं तो फिर सोचना क्या ???????? तुम जीत गए karim.......aakhir तुमने मुझे हासिल कर hi लिया.........

और माहि इतना कहकर धीरे से मुस्कुरा पड़ती हैं वहीँ करीम के चेहरे पर भी हल्की हंसी thi........magar वो कुछ कहता nahin......shayad वो कुछ और सोच रहा था.......

एक हाथ उसकी कमर मई डालके उससे अपने बदन से सटके लुंड अब ज़रा जोरसे उसकी छूट पे रगड़ता है. करीम सोचता है साली जल्द hi मान गयी… साली खुद अपनी गांड मरे लुंड पे रगड़ रही है यह. इसको अब नंगी कर चूका हु … अब इसको मस्ती से छोडूंगा. माहि के निप्पल्स से खेलते करीम मैं मई बोलै

माहि अब करीम से अपने जिस्म को ऐसा मसलने और रगड़ने से मचलते बेशर्म होक अपना चूतर करीम के मोठे लुंड पैर baar-baar रगड़ती है. वह अपनी चूतर ऐसे पोजीशन मई रखती है की करीम का लुंड उसकी छूट पे हो. करीम की बातो और खेल से माहि और hi बैचैन होती है, उसकी छूट और भी तड़पने लगती है और वह चुदाई के लिए बेचीं होने लगती है. उसका पति उससे वह चाहे तब छोड़ता था पर मनीष की चुदाई मई वह मर्दानगी नहीं थी जो अब करीम उससे दिखा रहा था. माहि ऐसे मर्दानी चुदाई के लिए कबसे बेहाल थी पर इसके बाद भी उसने अपने कदम कभी गलत नहीं गिरने दिए. लेकिन जैसे जैसे वक़्त जा रहा था वैसे करीम के सामने माहि बेबस हो रही थी. और आज खुद hi करीम को सरेंडर कर दिया..

एक बात पूछूं mahi......tum बुरा तो नहीं मानोगी naa..........tumhein मेरी kasam......jo मैं तुमसे पूछूंगा क्या तुम मुझसे बिलकुल सच सच कहोगी ना....

और करीम गहरी साँस छोड़ते हुए बड़े गौर से माहि के चेहरे की तरफ एक तुक देखने लगता हैं.......

माहि के चेहरे पर सवालों के बदल फिर से नज़र आने लगे the.......wo बड़े गौर से करीम के चेहरे की तरफ फिर से देखने लगती हैं........ करीम फिर उसका चेहरा आपने हाथो मई लेके उसके हूंतो को चूमने लगा था…

ऐसी क्या बात हैं करीम जो तुम मुझे अपनी कसम दे रहे हो........ तुम ऐसा क्यों लगता हैं की मैं अब तुम से झूट bolungi.........jab सरे परदे उठ गए हैं तो फिर ये कसम की दीवार किस liye.........poocho जो तुम्हारे दिल में hain.........main सब कुछ सच सच कहूँगी.......

और माहि करीम की आँखों में आँखें डालकर धीरे से अपनी बात कहती हैं ........वहीँ करीम कुछ पल तक खामोश रहता हैं और फिर आगे अपनी बात कहना शुरू करता हैं........

तुमने मुझे सिमरन को छोड़ते हुई देखा

माहि हाँ मई गर्दन हिलती है..

और किस को देखा..

माहि शरमाते हुई कहती है..

पद्मा… पूर्वी…

तुम कैसे लगता था .. जब मई उन औरत को छोड़ता था..

मुझे कैसे लगेगा .. मतलब..

मतलब.. तुम जलन नहीं होती थी..

मुझे क्यों जलन होंगी

तुम ऐसा नहीं लगता था की उनकी जगह मई होनी चाहिए थी..

नहीं….

एक बात सच बताओ..

मतलब बात ये नहीं है क्या..

नहीं है..

अब तक तुम माँ नहीं बन पाई.. क्या तुम सचमुच मई माँ नहीं बनाना चाहती थी या मनीषा मई ये काबिलियत hi नहीं थी.. तुम माँ बनाने की..

मुझे नहीं पता..

Yaa..tum मेरे लिए अभी तक रुकी थी..

करीम के इस बात पर माहि शर्मा जाती है...





करीम के लफ्ज़ ने जैसे इस बार माहि को अंदर तक झँखोरकर रख दिए the.........wo अपनी आँखें फाड़े बड़े गौर से करीम के चेहरे की तरफ एक तुक देख रही thi........kuch पल तक तो उसे कुछ समझ नहीं आया की वो करीम के इस सवाल का क्या जवाब दें................. माहि वहीँ गुमसुम सी बैठी हुई अपनी गार्डन नीचे की तरफ झुका लेती हैं मगर कहती कुछ नहीं .........मगर उसे इस सवाल का जवाब तो देना hi था.......

तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो … इसका मतलब क्या है..

तुम माँ बनाना hi नहीं था इतने दिन तक या तुम इतने दिन तक इसलिए रुकी की तुम मेरे बच्चे की अम्मी बनाना चाहती थी..

ये क्या बक्वज कर रहे हो करीम ........क्या तुम मेरा चरित्र ठीक नहीं lagta......kya मैं भी दूसरे अवरोटो जैसी hoon.......ya फिर तुम मुझे भी ऐसी वैसी समझते हो.......

माहि के जवाब में शिकयात साफ़ नज़र आ रही थी.......

नहीं .......ऐसी कोई बात नहीं हैं माहि ........बस दिल में आया सो पूछ liya......agar तुम्हें हर्ट हुआ हैं तो ी ऍम सॉरी.......

और करीम अपना एक हाथ माहि के कमर में दाल देता हैं और फ़ौरन उसके लबों को बड़े प्यार से चूम लेता हैं........





वहीँ माहि अब फिर से करीम के बहू मई आ चुकी थी...... वो अब उसके सांसों को अपने सांसों में महसूस कर सकती thi......dono की नज़रें एक दूसरे को घूर रही thi.......jaise दिल के सरे राज़ उनकी आँखों से बयां हो रहे हो........

ऐसे क्या देख रहे हो karim........main तुम्हारी लवर पूर्वी थोड़ी न hoon........mahi हु .........तुम मुझे इस तरह से घूरा न बंद karo.......mujhe शर्म आती हैं.......

और माहि इतना कहकर धीरे से मुक्सुरा पड़ती hain.....wahin करीम अपना एक हाथ धीरे से बढ़ता हुआ फिर से माहि के बूब्स पर रख देता हैं और बड़े हौले हौले से उसके निप्पल्स के दोनों दानों को अपनी उँगलियों से छेड़ने लगता हैं..... उसके आम को दबाने लगता है.. और दूसरे हाथ से उसके छूट की मालिश करने लगता है..

एक बार फिर से माहि की सांसों की रफ़्तार तेज़्ज़ हो चुकी thi.........jo आग थोड़ी थोड़ी दिल में जल रही थी वो आग फिर से अब शोला का रूप लेने लगी थी..........

देख रहा हूँ की तुम्हें ऊपर वाले ने कितनी फुर्सत से बनाया hain........sab कुछ एकदम perfect........kaash तुम मेरी लवर होती तो मैं तो तुम्हें साडी रात यु hi प्यार karta........ghar पर तुम्हें कभी कपडे नहीं पेहेन्ने deta.......aur हमेशा ऐसे hi तुम्हें अपनी बाँहों में लेकर सोता.......

और करीम इतना कहकर फिर से अपनी ुंगियों की रफ़्तार को और तेज़्ज़ कर देता hain......wahin माहि इस बार ज़ोरों से सिसक पड़ती hain........uskee चेहरे पर भी हल्की स्माइल थी.......

तब तो ाचा हैं की मैं तुम्हारी लवर नहीं hoon.......mujhe कोई शौक नहीं हैं सारा दिन इस तरह बिन कपड़ों के rehna..........aur इस समय तो तुमने मुझे ऐसे hi रखा हुआ hain......uska क्या!!!! सच में तुम बहुत बेशरम हो.........

और माहि इतना कहकर अपने होंठ करीम के सीने पर रख देती है और बड़े प्यार से वहां चूम लेती hain.....wahin करीम अपना एक हाथ उसके सर पर बड़े प्यार से फेर रहा था..... माहि एक हाथ मई करीम का लुंड लेके उसको दबाने लगाती है.. तुमने मेरे सवालों का जवाब नहीं दिया mahi......batawo na....kya तुम सच में माँ नहीं बनाना चाहती या मेरे लिए रुकी हो..

तुम एक hi सवाल बार बार मुझसे क्यों पूछ रहे हो ........क्या इस सवाल का जवाब देना ज़रूरी हैं.........

और माहि इतना कहकर फिर से खामोश हो जाती हैं.......

मैंने पहले तो ऐसा नहीं सोचा tha..par तुमको देखने के बाद एक बार मैं मई ये विचार जरूर आया था की मेरे बच्चे भी तुम्हारे जैसे होने चाहिए … हाइट और बॉडी वाले..

और माहि इतना कहकर बिलकुल खामोश हो जाती हैं और बड़े गौर से करीम के चेहरे की तरफ देखने लगती हैं........





और माहि अपने होंठ बड़े प्यार से करीम के लबों पर रख देते hain......aur बड़े प्यार से उसके नीचले होंठों को चूसने लगाती हैं........





करीम के दोनों हाथ अब धीरे धीरे हरकत कर रहे they........ek हाथ उसके पीठ पर tha.....to दूसरा हाथ अब उसकी बूब्स से नीचे की तरफ सरक रहा tha..........wo माहि के जिस्म की कोमलता को पल पल महसूस कर रहा था........

करीम के मसलने से माहि बहुत ज्यादा गर्म होने लगती है. उसके दिमाग मई करीम का मोटा लुंड घूमने लगता है और वह चुदाई के ख्याल मई खू जाती है. करीम का लुंड अपनी छूट पे रगड़ते उससे बहुत माज़ा दे रहा था. उसे यकीन हुआ की करीम अब उससे चोदे बिना नहीं जायेगा यहाँ से .. करीम का खड़ा लुंड और उसका मोटापा देख माहि का दिल जोरसे धड़कने लगता है…

करीम माहि का नंगा जिस्म देखने लगता hai.mahi के 34 के मम्मी बड़े शान से निप्पल टांके बिना झुकाव के खड़े है. उसका पेट एकदम फ्लैट है, गोरी टांगो के बिच गिल्ले काले झटवाली छूट चमक रही थी. माहि के kase-kase गोल चूतर उसे नज़र आ रहे थे. माहि की गिल्ली छूट मसलते हलके से मसलते करीम कहता है..

वाह्ह्ह माहि रांड क्या मस्त जिस्म है तेरा. तेरे मम्मी कितने तने हुई है और चुतर भी कितने कैसे हुए दिख रहे है. Gori-gori टांगो मई गिल्ली छूट तो लाजवाब दिख रही है. तेरा पति तो हर रात बहुत ऐश करता होगा… तेरे जिस्म से ..

और फिर खुद hi हस्ता है..

मनीषा क्या तेरे छूट मारती होगी.. क्या माज़ा देता होगा तुझे वो ? मज़ा तो मई अब तुम दूंगा ..Kas-kaske पेलुँगा तेरी छूट को मेरा लुंड से ..

करीम के हातो नंगी होक, अपने नंगे जिस्म की तारीफ और आपने पति के बारे मई ीासे नेगेटिव बाते सुनके भी माहि बहुत शरमाते है ..उसका चेहरा लाल हो जाता है. अब उससे पूरा भरोसा हो गया था की करीम उससे बिना चोदे नहीं रहनेवाला था. वह भी अब करीम से छुड़वाने तैयार थी पर पूरी बेशरम नहीं हुई थी. एक हाथ छूट और दूसरा मम्मो पे रखते वह बोली

ऐसे तुम्हारे सामने नंगी रहने से बड़ी शर्म आ रही है मुझे.

शर्मा क्यों रही है रांड..

ऐसा कह के उसके दोनों मम्मो को जोर से दबाता है..

aaaaaahhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaa...

mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii....

माहि को बहुत अच्छा लगता है करीम जब उसके मम्मी मसलता है. अब उसकी छूट से हल्का पानी निकलते उसके छूट को गिल्ली करने लगता है. करीम जब उसकी गिल्ली छूट देखता है तो और मस्ती से वह मम्मी मसलने लगता है.

तुम नाराज़ तो नहीं हो न करीम ......... अब तक के मेरे बर्ताव से… मैंने बहुत गुस्सा किया है तुमपर.. तुम बहुत भला बुरा कहा hai..mujhe पता हैं तुम मेरा बर्ताव बुरा लग रहा था या मुझपर गुस्सा आ रहा था .......मगर अब मैं तुम निराश नहीं karungi.........mah अब बस तुम्हारी हु .......ये जिस्म भी तुम्हारा hain........tum जैसा चाहे इसे उसे कर सकते हो .........

और माहि हौले से करीम के होंठों को काट लेती hain........wahin करीम भी उसके होंठों को चूसने लगता हैं.........





साली चैनल .. बहुत तड़पाया है तूने मुझे.. बहुत मार भी खिलवाया है तूने चैनल… तेरे भाई के नाम पर बहुत मस्ती कर रही ठु तू चैनल.. अब दिखता हु तुजे.. तेरा भाई क्या करेगा.. ऐसा हाल करूँगा तेरा की तू मुझे कभी नहीं भूल पाएंगे..

माहि कुछ नहीं बोलती है और खामोश रहती है.. माहि की ख़ामोशी देखके करीम का ज़रा गुस्सा आता है. अपना नंगा लुंड माहि के हाथ मई डाके माहि के मम्मी ज़रा जोरसे मसलते उसने बोलै

क्यों मेरी रंडी माहि, पसंद आया आपने यार करीम का लुंड? यह लौड़ा चूसेगी या उससे छुडवाके लेगी? बहनचोद तू तो एकदम मस्त माल हो, पूर्वी से भी मस्त है तू रंडी . तुझे तो दिन रात छोड़ना चाहिए रानी. अब निचे बैठके लुंड मुँह मई लेती है या गांड मरू तेरी माहि चैनल?

करीम के जोरसे मसलने से माहि को दर्द होता है लेकिन उससे ज्यादा करीम की गालिया उससे हैरानी मई डालती है. यह अचानक करीम को क्या हुआ जो वह उससे गालिया डेन लगा यह माहि नहीं समझ पाए. फिर उसे याद आया की करीम ऐसा क्यों कर रहा है.. वो जानती थी अब तक उसने करीम पाई जो गुस्सा हुई थी उसका करीम बदला ले रहा है..

करीम सॉरी, मई अभी कभी तुम पे गुस्सा नहीं होंगी.. कभी मार भी नहीं खिलवाउंगी .. पर तुम मुझे गालिया मत दो.

मार खाने की याद आते hi करीम गुस्से मई एक जोरदार थप्पड़ माहि को मरता है..

साली रंडी.. तू मुझे मारेगी क्या..

ज़िन्दगी मई पहली बार किसी मर्द से गली सुनके और थप्पड़ खा के उससे बुरा भी लगा और गुस्सा भी आया. करीम के लुंड से हाथ हटते वह ज़रा गुस्से और दर्द से बोली

अह्ह्ह्ह उईईई माआआ तुम मुझे गली क्यों दे रहे हो और मर्डर क्यों रहे हो करीम? सॉरी तो बोलै न..

करीम एक और थप्पड़ लगा देता है..

चूरू मुझे और निकल जाओ मरे रूम से. मुझे कुछ नहीं करना है तुम्हारे साथ..

माहि नाटकी गुस्सा दिखते हुई कहती है.. उसे लगा शयद करीम डर जायेगा..

करीम इस बात पे ज़रा भी न डरते और जोर से माहि के मम्मी मसलते बोलता है

सुन मेरी प्यारी रंडी मुझे आर्डर नहीं देना कभी. मुझे मरे सामने की नंगी औरत को गुलाम बना के रखना ाचा लगता है. तूने ज्यादा नाटक किया तो तुझे टारे hi रूम से नंगी बहार निकल दूंगा यह याद रख. और तेरे भैय्या भाभी के सामने नंगा hi खड़ा करूँगा.. सब नौकरो के सामने .. मेरी रंडी तुझे छोड़के hi टारे रूम से जाऊंगा यह याद रख. चल मेरा लुंड सहलाती रह

करीम की आवाज़ से माहि डर्टी है. मम्मी दबाने से दर्द हो रहा था लेकिन मस्ती भी चा रही थी उसपे. करीम का गुस्से से भरा चेहरा देखके वह बोली

माहि के मम्मी चुस्की अब निप्पल्स से खेलते करीम बोलै

चल निचे बैठ माहि रानी और मेरा लौड़ा चूस. खोल अपना गर्म मुँह और मेरा मोटा लुंड ले मुँह मई.

करीम माहि के बाल पकड़के लुंड उसके मुँह के पास लेट हुई कहता है

चल मुँह खोल रंडी और मेरा लौड़ा चूस. साली तेरी जैसे गर्म औरत कितने जल्दी हाथ आती हो? 2 झापड़ क्या मरे लाइन पे आते हो. अब ठीक से लुंड चूस मेरा नहीं तो जीना हराम कर दूंगा तेरा माहि रानी.

माहि कुछ नहीं कहती और सिर्फ करीम के तरफ देखने लगाती है..

अब मुझसे और साबरा नहीं हो रहा रांड......... एक बार इसे अपने मुँह में लेकर चूसो न........

करीम के मुन्न में जो बात थी अब उसके जुबान पर आ चुकी thi.....wahin माहि एक नज़र करीम के चेहरे की तरफ देखती हैं और हौले से मुस्कुरा पड़ती hain.......wo फ़ौरन पास में रखा हुआ कैडबरी अपने हाथों में लेती हैं और उसे बहुत आहिस्ता से करीम के लुंड पर मलने लगती hain.......wahin करीम बड़े प्यार से माहि के तरफ देख रहा tha........aur उसके बालों को सेहला रहा था......

वहीँ माहि पहले उस कैडबरी को अपने जीभ से चाट कर ाचे से साफ़ करती हैं फिर वो उस लुंड को अपने मुँह की गहराई में उतरती चली जाती हैं........

माहि एक नज़र करीम के चेहरे की तरफ देखती हैं फिर वो अपना मुँह हौले से पूरा खोल देती हैं......





माहि मुँह खोलके करीम के मोठे लुंड को आपने गर्म मुँह मई डालते चूसने लगती है.

करीम की गलियों से उससे बहुत बुरा लगता है पैर करीम की लगाई आग को मिटने के लिए वह बेशरम होक उसका लुंड चूसने लगती है. `

इस तरह से माहि के मुँह का स्पर्श करीम के मुँह से सिसकारी निकलने के लिए काफी था ........लजात में उसकी दोनों आँखें बंद हो चुकी thi.......wo अपने हाथों को माहि के सर पर रखता हैं और उसे धीरे धीरे दबाना शुरू करता हैं......

मगर करीम भला कहाँ मानने वाला tha.......wo अपने हाथों से लगतार माहि के सर को दबा रहा tha.......wahin माहि अब आहिस्ता आहिस्ता उसके लुंड को अपने गले तक उतरती जा रही थी.......

माहि का मुँह लुंड से halke-halke छोड़ते करीम बोलता है

आह्ह्ह्ह अच्छा लग रहा है टारे मुँह मई लुंड डेल रांड. अब बोल मेरा लुंड चाहिए, छुड़ेगी मरे लौड़े से या जाऊ मई?

करीम लुंड माहि के मुँह से निकलता है. ऐसा करने से माहि बेशरम होक करीम की नंगी कमर मई हाथ डालके उसके लुंड फिर चूसने लगती है. करीम के लुंड का साइज देखके उससे अब छोड़ने का बहुत मान करता है. अब पूरा लौड़ा अच्छे से चूसते वह बोली

प्लीज, करीम अब तेरी माहि रांड को ऐसे प्यासी चूर के मत जाओ. मुझे अब तेरा लुंड चूसना है बहुत.

करीम लुंड माहि के मुँह से निकालके टर्न होक बोलता है

ारे तब तो मुझे जाने बोल रही थी अब क्यों मेरा लुंड खुद पकड़के चूस रही हो मेरी रंडी माहि..

माहि कुछ नहीं बोलती है..

छूट गर्म हुई तो करीम का लुंड चाहिए क्या तुझे? चल अब चूर मेरा लुंड, मुझे अब तुझे नहीं छोड़ना चैनल

माहि आगे होक फिर से करीम का लुंड पकड़के चूसते बोली

नहीं रुक जाओ न करीम, प्लीज मेरी प्यास को भी शांत करो जैसे तुमने पूर्वी की थी. मुझे टारे लुंड की बड़ी ज़रुरत है अभी राजा, मुझे ऐसे बेहाल करके बिच मई मत जाओ.

इस बात पे करीम माहि के बाल पकड़के अपना लुंड उसके मुँह मई घुसके कहता है

बहनचोद उसके लिए तेरी पूर्वी मेरी चैनल बानी, मेरी रखैल है वह. बोल मेरी हरामी माहि , क्या तू मेरी रंडी बनेगी? भीक मांग मुझसे रंडी नहीं तो तुझे नहीं छोडूंगा. साली तेरी जैसे गर्म औरत की nas-nas जनता हूँ, बहुत नाटक करती हो तुम रंडिया.

पूरी तरह बेशरम होक अब माहि बोली

हाँ करीम, मई कुछ भी करने को तैयार हूँ. तू तेरी इस माहि को तेरी रंडी या रखैल या चैनल कुछ भी बना वह उसके लिए तैयार है. मई तुझे पूर्वी से ज्यादा माज़ा दूंगी , तेरी यह रंडी सब कुछ करेगी टारे लिए. अब तुमने मुझे नंगा देखा, मुझसे आपने लुंड भी चुसवाया, अब मुझे अधूरा मात चोर, अपने इस तगड़े, सख्त, मोठे लुंड से अपनी छुडासी माहि की छूट छोड़ो करीम. मुझे इस आग मई जलते चूरके मत जाओ.

माहि इतना बोलके फिरसे करीम का लुंड चूसने लगती है. करीम खुश होक माहि से अपना लुंड चुसवाके लेने लगता है.

लुंड मोटा होने की वजह से अब उसका सास लेना मुश्किल होता जा रहा tha......mahi के मुँह से निकलता थूक अब उसके लुंड पर बहते हुए नीचे फर्श की तरफ तापक रहे the.......wahin अब माहि की दोनों आँखें बहार की तरफ आने लगी thi........aadhe से ज़्यादा वो करीम के लुंड को अपने मुँह में ले चुकी thi.....aab उसे भी तकलीफ हो रही थी मगर वो अब करीम को नाराज़ नहीं करना चाहती थी.......

कुछ सोचकर वो फ़ौरन अपना मुँह हटा लेती हैं और करीम का फनफनाता हुआ लुंड जो इस समय माहि के थूक से पूरी तरह सना हुआ था वो उसके आँखों के सामने झूलने लगता हैं...... करीम एक नज़र माहि के चेहरे की तरफ देखता हैं और फिर से उसे चूसने का इशारा करता hain........mahi इस बार वहीँ घुटनों के बल आकर बैठ जाती हैं और इस बार अपना मुँह जितना खोल सकती थी पूरा खोल देती हैं और करीम को धीरे धीरे आगे बढ़ने का इशारा करती हैं........ करीम अपने दोनों हाथों से माहि के सर को कसकर पदके हुए था और लगात वो उसके सर को दबाता जा रहा था......... माहि आधे से ज़्यादा लुंड अपने मुँह मरीन ले चुकी thi......magar करीम तो उसके हलक तक अपना लुंड उतरना चाहता था जैसे पूर्वी उसका लुंड चूसती थी......

इसे और अंदर तक उतरो न mahi........purvi तो इसे अपने हलाकत तक ले लेती hain.......thodi कोशिश करो तुम भी ले लोगी......

और इतना कहकर वो माहि के सर अपर थोड़ा और दबाव डालता हैं और माहि की तकलीफें बढ़ने लगती hain.........kuch सोचकर वो और कोशिश करती हैं और इस बार करीम उसके ऊपर आता हैं और उसके सर को कसकर अपने दोनों हाथों में थम लेता हैं और इस बार पूरे प्रेशर से अपने लुंड को बहार निकलकर एक hi झटके में पूरा अंदर तक उतर देता हैं...... करीम के इस हरकत से माहि मनो तड़प सी गयी thi........uski सांस रुकती हुई महसूस हो रही thi......aankhon से आंसूं चालक पड़े they......aur दोनों आँखें बहार की तरफ उबाल मर रहे थे.........

वो वहीँ कसकर करीम के पैरों को अपने से दूर धकेल रही thi....magar करीम तो अब हैवान बन चूका tha.......wo अब अपना लुंड माहि के हलक में उतरना चाहता था और वो इसमें बहुत हुड्ड तक कामयाब भी हो चूका tha.....wahin करीम का अब बुरा हाल tha.....uska सांस अब रुकता हुआ सा महसूस हो रहा tha.......jab करीम का लुंड माहि के हलक में पूरा उतर जाता हैं वो कुछ पल तक ऐसे hi अपने लुंड को ऐसे hi रखता हैं वहीँ माहि इस बार तड़प उठती hain.....wo कसकर अपने दोनों हाथों से माहि के पेअर को मरने लगती हैं.........

अब उसे ऐसा लग रहा था जैसे आज उसकी जान निकल jayegi......uski इस तड़प पर करीम को उसपर ज़रा भी दया नहीं आ रही thi....kareeb 10 सेकंड बाद आखिर करीम का साबरा जवाब दसे देता हैं और वो उसी पोस्टिव में अपना पूरा छुम माहि के हलक में उतरता चला जाता hain........wahin माहि इस बार ज़ोरों से उसे ढाका देती हैं और इस बार वो वहीँ उसपर चीख पड़ती hain........aab करीम का लुंड बहार आ चूका tha......magar उसपर अभी भी छुम लगा हुआ tha.......ek लुम्बी लार थी जो उसके लुंड से अभी तक माहि के होंठों से जुडी हुई thi.....mahi वहीँ बीएड पर बैठी हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi........wahin उसका खासी से बुरा हाल tha...chehra पूरा लाल पाश चूका tha......aur आँखों में आंसूं लगातार बह रहे थे..............

कर लिया तुम ने जो करना था......... तुम ज़रा भी मुज पर दया नहीं आयी...... तुम पूरे जानवर ho.......aab मुझे तुमसे बात नहीं करनी. .......

और माहि फ़ौरन उठ जाती हैं और वहां राखी वो अपने ब्रा पंतय पहने लगती hain.....tabhi करीम झट से माहि के पास आता हैं और अकार उसके लबों को बड़े प्यार से चूम लेता hain.....uska एक हाथ उसके सर पर tha.....wo उसके बालों को बड़े प्यार से अपना हाथ फेर रहा था.....

ी ऍम सॉरी mahi........main बहक गया tha........tum मुझे इस हाल में छोड़कर मुट्ठ जाओ......

और करीम इतना कहकर बिलकुल शांत हो जाता हैं वहीँ माहि के बढ़ते कदम फिर से थम जाते hain.....wo पीछे की तरफ मुड़ती हैं और धीरे धीरे चलते हुए करीम के पास आती हैं और एक नज़र जी भरकर उसके चेहरे की तरफ देखने लगती hain........aur बड़े प्यार से उसके लबों को चूम लेती हैं.......

तुम मेरी चाहत हो mahi........ye किस किताब में लिखा हैं की एक गरीब आमिर ोारत से कभी प्यार नहीं कर sakta......dil hi तो hain.......na जाने कब किसपर आ jaye..i लव यू जान........

और करीम अपना होंठ माहि के हूंतो पर रखकर बड़े प्यार से चूम लेता हैं......

वहीँ माहि बस हौले से मुस्कुरा पड़ती hain........aab कहने सुनने को कुछ और नहीं बचा था........

फिर लार से भीगा हुआ लुंड करीम ने माहि की तरफ किया और बोलै

चल माहि रांड…. लेट जा बीएड पे.. आज करीम अच्छे से छोड़ेगा ..तेरी मुनिया को

फिर माहि किसी गुलाम की तरह बीएड पे जेक लेते और अपनी टाँगे दोनों तरफ फैला कर बोली

आजा मेरी जान.. मई भी कब से तरस रही हु इस पल के लिए..

और फिर उसके उप्पर करीम आके उसको आपने उप्पर खिंच लिया और उसे चूमने लगा..

फिर माहि को पलटा दिया और उसके जिस्म पर अपना होंठ फेरने लगता हैं......

ोुह्ह्ह्हहोऊ… मुमम्मम्म्म्मीईईई….. अह्ह्ह्हहआ….. मज़ा आ गया.. तेरे जीभ तो बड़ी मस्त लग रही है करीम..

करीम ने आपने लुंड को मसलते हुई कहा

जब मेरा मोटा लुंड आपने छूट मई लेगी तो असली मज़ा आएगा..

ऐसा कहके करीम ने माहि के हूंतो को काट दिया..

aaaaaahhhhhhhhhhhaaaaa..... उम्मम्मम.... काटता क्यों हीी .... reeeeeeeeeeeeeeee..

माहि की आहें एक बार उस कमरे में गूँज उठी thi.....ek बार फिर से वो इस सफर पर जाने को तैयार thi..........karim हौले हौले नीचे की तरफ बढ़ रहा tha.......uske लैब माहि की पल पल बेचैनी को बढ़ाये जा रहे the.........jab वो नीचे की तरफ आता हैं तो वो बड़े प्यार से माहि के छूट को देखें लगता hain.......wo फ़ौरन अपना एक हाथ उसके छूट पर रख देता हैं और उसके दोनों फांकों को अलग करता hain.........ander गुलाबी छेद साफ़ नज़र आ रहा था और उसमें रखा अंगूर भी........

करीम हौले से अपना जीभ अंदर की तरफ पुश करता हैं

और माहि की एक बार ज़ोरों से aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh........nikal जाती hain.........wo एक बार फिर से किसी जल बिन मछली की तरफ तड़प उठी thi......aab वो अपने जीभ से अंदर रखे उस अंगूर को टच कर रहा tha.......wahin माहि की सांसें उसका साथ छोड़ती जा रही thi........wo कसकर अपने दोनों मुट्ठी से बिस्टेर को मसल रही thi........magar करीम उसे और भी तड़पना चाहता tha......wo अपने होंठों को ऐसे hi फेरता रहता हैं.......

छूट से अंगूर बहार निकल माहि

करीम एक नज़र माहि के चेहरे की तरफ देखता हैं वहीँ माहि के चेहरे पर शरती मुस्कान तैर जाती hain......aab उसके अंदर किसी तरह की झिझक नहीं thi.......wo अब इस पल को खुलकर एन्जॉय करना चाहती thi......wo करीम को वो सब कुछ देना चाहती थी जो पूर्वी और सिमरन उसे कभी नहीं दे पायी thi.........mahi फ़ौरन बैठ जाती हैं.. करीम का लुंड आपने हाथ मई लेती है..

और फिर अपनी दोनों टांगें पूरी तरह से दोनों तरफ करके फैला देती hain.......aab उसके छूट के लिप्स पूरी तरह से खुल गए थे.......

वहीँ करीम उसके छूट को और भी फैला रहा tha..........aab उसमें रखा अंगूर साफ़ नज़र आने लगा tha.........jo की उसके छूट रूस में पूरी तरह से सना हुआ था........ माहि आपने छूट मई उंगली डालने लगाती है..

aaaaahhhhhhhhhhaaaaaaaaaa....

फिर माहि अपने दोनों हाथों को अपने गांड पर रख देती हैं और अपने गांड के छेद को भी थोड़ा सा एक्सपोज़ करती हैं ....... वहीँ करीम बड़े गौर से ये ख़ूबसूरत नज़ारा देख रहा tha.......mahi की गांड की गुलाबी छेद से उसकी नज़रें एक पल के लिए भी नहीं हुत्त रही thi.........wo फ़ौरन अपना जीभ माहि के गांड के छेद पर रख देता हैं और बड़े प्यार से वहां चेतना शुरू करता हैं.......

करीम की इस हरकत ने माहि की सांसों को कुछ पल के लिए रोक दिया tha......lajaat से उसकी दोनों आँखें कुछ पल के लिए मनो बंद हो गयी थी.....

aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaa.........

mummmiiiiiiiiii............... ये क्या कर रहे होओओओओओओ.....

kkkkk...aaaaarrriiimmmmm....

करीम को किसी बात की कोई जल्दी नहीं thi........mahi अब खुलकर उसका साथ दे रही thi.....usey इस बात की ख़ुशी thi......wo अब इस पल को यादगार बनाना चाहता tha......uske जीब से निकलता लार अब माहि के गांड को भी गीली करती जा रही thi.....wahin माहि की आहें उस कमरे में गूँज रही thi.........wo अपने हाथों से अपने गांड को और भी क्सपोसे करती जा रही thi........wahin करीम आदर्श बाचाय की तरह उसके गांड और छूट को चाट रहा tha........is वक़्त माहि की छूट इस कदर पानी छोड़ रही थी की उसका बुरा हाला tha........wo अब फिर से अपने चरम की तरफ बढ़ रही thi..........wahin करीम बार बार माहि के खूबसूरत चेहरे की तरफ देख रहा tha.......magar वो अपने जीभ को बीच बीच में हटा लेता जब माहि अपने चरम के बहुत करीब hoti........mahi बस तड़प कर रह जाती......

ऐसे क्या देख रहे हो .........क्यों आज मेरी जान लेने पर तुले हुई ho........itna तड़पना भी ठीक नहीं है .......

माहि मनो फर्याद करते हुए कहती हैं वहीँ करीम हौले से मुस्कुरा पड़ता hain........aur वहीँ पास में रखा कैडबरी चोचलाते अपने हाथों में लेता हैं और उसे अपने ऊँगली पर थोड़ा सा लगाकर उसे हौले से माहि के कुंवारी गांड के छेद पर रख देता hain......aur अपनी ऊँगली को हौले हौले अंदर की तरफ पुश करने लगता हैं......

वहीँ माहि इस बार दर्द से चीख पड़ती हैं.........

aaaaaaaahhhhhhhhhhaaaaaaa....... mmmmaaaaaaaaaarrrrrrrrrr........ daaaaaaaallllllaaaaaaaaa.............'kamiiiiiiiiineeeeeeee... neeeeeeeeeeeeeeeeeee..... haraaaaaaaaaaaamiii.... yeeeeeeeeeeee... kyaaaaaaaaaaaaa... karrrrrrrrrrr.... रहहहहहहहा.... haiiiiiiiiii... meeeeeerrrrrrrrrrr... saatthhhhhhhhhhhh...

मगर करीम भला कहाँ मानाने वाला tha......wo अपने उँगलियों पर ऐसे hi ज़ोर लगता रहता hain.....aur उसकी आधी ऊँगली माहि के गांड में समां जाती हैं............ वो धीरे धीरे अब अपनी उँगलियों को आगे पीछे करने लगता हैं......

एक बार फिर से माहि की आहें उस कमरे में गूँज उठी थी.......

aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaa........

kkkkkkkkkkkkkkkkkkkkk..... अअअअअ.... मममींनी..... dddhhhhhhhhhhhhrrrrreeeeeeee..... kaaaaaaaaaaarrrr..... nnnnnnnaaaaaaaaaaaaaaaaaa..... aaaaaaaaaapppnnnnnniiiiiiiiiiiiii...... mmmmannnnnnnnnmaaniiiiiiiiiii.....

मस्ती की लहर एक बार फिर से उसके जिस्म में दौड़ गयी thi.....karim फिर थोड़ी सी चॉकलेट अपने हाथों में लेता हैं और उसे फिर से माहि के गांड के चरों तरफ लगाने लगता hain.....aur अपनी उँगलियों को धीरे धीरे चलने लगता hain........saath hi साथ वो अब माहि को पुश करने का भी इशारा कर रहा tha........mahi थोड़ा सा ज़ोर लगाती हैं और उसके छूट में रखा अंगूर अब धीरे धीरे बहार आने लगता hain........saath hi साथ उसकी छूट रूस भी बहार की तरफ तेज़ी से बहने लगी थी.......

करीम कभी अपना जीभ छूट पर फेर रहा था तो कभी उसके छूट के लिप्स par......wahin उसकी ऊँगली धीरे धीरे माहि के गांड को कुरेद रही thi........thoda और ज़ोर लगाने पर आखिर उसमें रखा एक अंगूर बहार आ hi जाता हैं और इस बार माहि वहीँ ज़ोरों से चीखते हुए हाफने लगती hain......ek बार फिर से उसका छुम निकल चूका tha......ek बार फिर से वो वहीँ किसी लाश की तरह बिलकुल ठंडी पढ़ चुकी thi.......wahin करीम उस अंगूर को अपने मुँह में लेता हैं और फ़ौरन माहि के चेहरे की तरफ आ जाता hain........wahin माहि अपनी आँखें बंद किये बस ख़ामोशी से लेती हुई thi......kuch पल बाद वो अपनी दोनों आँखें खोलती हैं तो करीम को अपने तरफ देखते हुए पति हैं........

करीम अपना मुँह हौले से खोलता हैं और उसे अंदर रखा अंगूर दिखाई पड़ता hain.....mahi थोड़ा सा मुस्कुराती हैं और फिर आगे बढ़कर अपना लैब हौले से पूरा खोल लेती hain......wo अब करीम के इरादे को बहुत ाचे से समझ रही thi......karim अपने मुँह में रखा अंगूर धीरे से माहि के मुँह में दाल देता हैं और माहि करीम की आँखों में देखते हुए उस अंगूर को अपने हलक के निकाय उतर लेती hain........aaj उसे कुछ भी बुरा नहीं लग रहा था.....

करीम अपने दोनों हाथों को धीरे से सरकते हुए माहि के गांड पर रख देता हैं और उसे ज़ोरों से मसलने लगता hain......wahin माहि के मुँह से एक बार फिर से सिसकारी फुट पड़ती हैं.......

aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhaaaaaaaaaa…

mummiiiiiiiiiii…

और माहि अपनी एक ऊँगली धीरे से करीम के गलों पर रख देती हैं और बड़ी ऐडा से फेरने लगती hain.......wahin करीम कसकर माहि को अपने गले लगा लेता hain........wahin इस बार माहि के मुँह से सिसकारी फुट पड़ती hain......wahin करीम माहि को और भी कसकर अपने सीने से लगा लेता हैं.......

करीम आज क्या तुम मेरी साडी हड्डियां तोड़ेंगे kya.........choro मुझे.......

और माहि करीम को अपने से थोड़ी दूर धकेलती हैं मगर वो इसमें सफल नहीं हो pati........wahin करीम माहि को देखकर मुस्कुराता रहता हैं....

छोड़ने के लिए थोड़ी न पदक हैं tumhein..........chodane के लिए पकड़ा hai..aaj तो तुम्हारे बदन की साडी नसें एक एक कर ढीली करूँगा.........

और करीम फिर से अपने हाथों पर दबाव बनता हैं वहीँ माहि के मुँह से फिर से सिसकारी फुट पड़ती हैं.......

चुदाई शुरू करें janeman........ya यु hi बैठने का इरादा हैं.......

और करीम इतना बोलकर हंस पड़ता hain......wahin माहि के चेहरे पर शर्म की लखीरें और भी गहरी हो जाती hain......wo कुछ नहीं कहती और धीरे से हाँ में अपनी गार्डन हिला देती हैं........

अब करीम माहि के ऊपर आकर लेट जाता हैं......... और उसे किश करने लगता है...

माहि की सांसें फिर से ज़ोरों से चलने लगी thi.......karim का लुंड फिर से पूरी तरह खड़ा हो चूका tha........aab वो भी बहुत बेचैन था माहि की छूट छोड़ने को........

मेरा लुंड अपने हाथों से पकड़कर खुद अपनी छूट पर सेट करो न माहि .........देखो मेरा लुंड कितना मचल रहा हैं तुम्हारी चुत छोड़ने को........

करीम की बात सुनकर माहि के भी चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं और वो अगले hi पल करीम का लुंड अपने मुट्ठी में पकड़ती हैं और उसे अपने छूट पर सेट कर देती हैं......

वहीँ करीम अपने कमर को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगता hain.......magar वो अपने लुंड को अंदर नहीं dalta.......bus माहि के छूट पर hi अपना लुंड रगड़ने लगता हैं ....... वहीँ माहि इस बार फिर से तड़प उठती hain........wo भी अब बेचैन थी करीम का लुंड लेने ko.........magar करीम को किसी बात की कोई जल्दी नहीं thi........wo तो बस माहि के साथ मज़े कर रहा था........

दाल दूँ माहि........

करीम फिर से धीरे से मुस्कुरा पड़ता hain.......wahin माहि बड़े गौर से करीम के चेहरे की तरफ देखने लगती hain......uski छूट पूरी तरह से भीग चुकी thi.........aab उसका एक पल और बर्दास्त करना मुश्किल होता जा रहा हैं......

करीम ....... तुम क्यों मुझे ऐसे तड़पा रहे ho.........dal दो न पूरा एक hi बार में इसे ander.........aab और मुझसे बर्दास्त नहीं होता........

aaaaaahhhhhhhhaaaaaaaaaa…

और माहि फिर से सिसक पड़ती हैं........ उसके आवाज़ में फर्याद साफ़ नज़र आ रही thi........wahin करीम बस मज़े ले रहा था.......

क्या दाल दूँ mahi.........zara खुलकर तो kaho........main कुछ समझा नहीं.........

और करीम फिर से माहि को तड़पने लगता हैं........

wahin.....jo इस वक़्त मेरे हाथों में hain..........please karim........aur मुट्ठ मुझे सताओ........

और माहि फिर से बेचैन हो उठती hain......wahin करीम फिर से हंस पड़ता hain.....aab उसे माहि के साथ टीश करने में मज़ा आ रहा था.......

नहीं ......ऐसे नहीं......... रांड…. पूरी तरह से खुलकर kaho.......tabhi मैं इसे तुम्हारे अंदर dalunga......nahin तो तुम ऐसे hi तड़पती रहो.......

और करीम बड़े गौर से माहि के चेहरे की तरफ देखने लगता hain.......mahi भी जान चुकी थी की अब शर्माने से कोई फायदा नहीं hain.......jab खेल खेलना hi हैं तो क्यों न बेशर्मी के साथ hi खेला jaye.......kuch सोचकर उसके चेहरे पर मुस्कान और गहरी हो जाती हैं.......

अपना लौड़ा मेरी छूट में डालो न करीम jii........aur जी भरकर आज मेरी चुदाई karo.......aur तब तक आप मुझे छोड़ो जब तक मेरी छूट की साडी गर्मी शांत नहीं हो jati........yehi सुन्ना चाहते थे न तुम........

और माहि इतना कहकर अपना सर करीम के सीने में छुपा लेती hain.......wahin करीम को अब भी अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा tha.......uska लुंड और भी फड़क उठा tha..........mahi इतने जल्दी इतना कुछ बोल जाएगी उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था........

ठीक hain........to मैं अब तुम्हारी छूट की आग ाचे से शांत करता हूँ......

और करीम अगले hi पल अपने कमर को एक जगह रोकता हैं और उधर माहि करीम के लुंड को अपने छूट पर सेट करती हैं और उसे आकँड़ेर पुश करने का इशारा करती hain.........karim माहि के चेहरे की तरफ देखते हुए अपना लुंड हौले हौले अंदर पेलने लगता हैं ........

वहीँ माहि के चेहरे पर दर्द की लखीरें फिर से झलक पड़ती हैं........

aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaa….

mahi.......meri तरफ देखती रहो ........ मैं नहीं चाहता की तुम अपनी नज़रें मुझसे churawo.......main इस पल का खुलकर एन्जॉय करना चाहता हूँ........ और करीम बड़े गौर से माहि के चेहरे की तरफ देखते हुए अपना लुंड हौले हौले माहि की छूट में उतरने लगता hain........jaise hi उसका सूपड़ा अंदर जाता हैं माहि एक बार ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं.......

aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaa….. uuuuuummmmmmmmmmmmm…. Kaaaarimmmmmmmmmmm…. मममममआयररररर… dallllllllllla…. Reeeeeeeeeeeeeee
 
अब जो हाल माहि का हो रहा था वो शब्दों में बयां करना मुमकिन hi नहीं है..

आँखों में हवस की लखीरें साफ़ नज़र आ रही thi.........wahin सांसें पूरी तरह से बेकाबू हो चुके थे......... करीम नहीं रुकता और अपने लुंड पर धीरे धीरे दबाव डालता रहता हैं......

माहि की छूट बहुत हुड्ड तक टाइट थी जिससे उसे बहुत मज़ा आ रहा tha........uska भी लुंड बहुत मुश्किल से अंदर की तरफ सरक रहा tha......wahin माहि की सिसकारी अब बढ़ती hi जा रही थी.....

aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhaaa..

kaaaaaaaaaaaaaarimmmmm…

माज़आआआ आए गयाआ…..

आअह्ह्ह्हह्हआआ….

Kyaaaaaaaaaa… लुँड्ड़डडडडडड.. हैईईई… teraaaaaaaaaaaa…. Kamineeeeeeeeeeee….

असली mardddddddddddddddddddd….. walaaaaaaaaaaaa…. Lundddddddddddddddddd…

Ummmmmmmmmmmmmm…

मगर वो अब बीच करीम की आँखों में देख रही थी......

करीम थोड़ा सा रुकता हैं अब उसका आधा लुंड अंदर समां चूका tha.........wo एक नज़र माहि के खूबसूरत चेहरे की तरफ देखता हैं और फिर से उसके लबों को बड़े प्यार से चूम लेता hain......aur उसके होंठों को धीरे धीरे अपने डेंटन से काटने लगता hain........wahin माहि भी अब करीम का पूरा पूरा साथ दे रही thi....wo कसकर करीम को अपनी बाँहों में जकड लेती हैं और एक तुक करीम की तरफ देखती रहती hain.....agle hi पल करीम अपना लुंड बहार निकलता हैं…

माहि मायूस चहरे से कहती है …

आआब्बब्बब्बब.. क्या हुआ…

झुख के उसके एक मम्मो को रगड़ते हुई करीम अब उस का एक मां मुँह मई लेता है ..

और उसे काटता है…

आह्ह्ह्हह्हआआआ… मुंईईई….

प्यासी औरत जैसे माहि भी बड़े मस्ती से बेशरम होक करीम के लुंड से अब तक चुद रही thi.aur अब उससे आपने मम्मो को चुसवा रही थी...

उसे तडपके करीम ने उससे पूरी तरह अपने हाथ मई लिया था. अपना लुंड उसके प्यासी छूट से निकालके … करीम कहता है..

सुन मेरी नयी रांड… तू मेरी रंडी बनना चाहती है तो जैसे पूर्वी ने मेरी गांड छाती थी वैसे तू भी मेरी गांड चाट, तब मई तुझे मेरी रंडी मान lunga.tabhi मई तुजे चौंदूंगा.. अगर तूने मेरी गांड चाटने से इंकार किया तो तुझे बिना चोदे यहाँ से चला जायूँगा. बोल चाटेगी न मेरी गांड माहि रांड…

गांड चाटने की बात सुनके माहि को कैसा तो लगा लेकिन वह इतनी गर्म हुई थी की वह किसी भी बात के लिए तैयार थी. बिना कुछ बोले उसने हाँ मई अपना सर हिलाया. माहि की रज़ामंदी देखके करीम खुश हुआ… वैसे वो जनता था अब माहि उसके किसी भी बात का बुरा नहीं मानेगी..

उसने माहि को बीएड पे लेट जाने को kaha..usne आपने दोनों हाथो से अपनी गांड फैलाके बीएड पे सोये माहि के मुँह पे बैठा. पहली बार करीम की गांड देखके माहि ने आपने आँखे बंद कर दिए और आपने मू दूसरी तरफ घुमा दिया…

नखरा मत मेरी रांड

कितनी गन्दी …. है…

क्या गन्दी है रांड..

मुझे नहीं पता …

चल हो जा शुरू… चैनल..

गालिया क्यों दे रहे हो … करती हु न..

कर न जल्दी..

कर रही हु न .. इतना भी साबरा नहीं है क्या..

नहीं न.. तेरे लिए मेरे गांड तरस रही है.. चैनल..

साबरा का फल मीठा होता है..

फिर आंके बंद करते हुई hi अपने हाथ करीम की कमर मई डालके, उसकी गांड को पास लेट हुई अपनी झीब बहार निकली.

जैसे hi उसने आपने जीभ करीम के गांड को लगायी उसे अजीब से टास्ते लगने लगे..

चीटीई…. कितने गंदे टास्ते है…

माहि ने ना चाहते हुई भी उसके काले गन्दी गलीज़ गांड को अपने गुलाबी गुलाबी नरम हूंठ से किश कर लिया था.

माहि मैं मई सोचने लगी.. कितना कला है करीम.. और कितना गन्दा भी है.. मुझे लग रहा है इस गंदी गलीज़ इंसान के गंदे बॉडी का सुब से ज़्यादा गन्दा part उसकी ये अस्स hi होगी

मनीषा की टास्ते इससे अच्छी है क्या..

मैंने कभी उसकी यहाँ की टास्ते नहीं ली है..

कहा की चैनल..

माहि ने मस्ती मई करीम के गांड पे चप्प्पत मर्री..

यहाँ की… समजे…

अह्ह्ह्हह्हआआ… तो कहा कहा की टास्ते ली है मनीषा की तूने चैनल..

ऐसा कह के आपने एक हाट माहि के छूट के पास ले जेक उसमे अपनी एक उंगली दाल दी… aaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaa…

kkkkkkkkkkaaaaaaarrrriimmmm….

Plzzzzzzzzzzzzz…. जराआआआ….

Dhireeeeeeeeeeeeeeeeee……..naaaaaaa…

बता न चैनल .. मनीषा की कहा कहा की तूने टास्ते ली है…

ऐसा कहके एक उंगली बहार निकल के दो उंगली जोर से अन्दर दाल दी..

Aaaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaaaa…..

Kammmmineeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee….

बता नाहा.. चिनलल..

कही की नाहीईई…

माहि ने ऐसे कहते hi करीम आपने एक हाट पीछे दाल के उसके सर के निचे डालके उसका मू आपने गांड पे दबा diya..iss वजह से माहि की जीभ करीम के गांड के छेद मई घुस गयी..

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhh… raniiiiiiiiiiiiiii…. ऐसे hi…

माहि को अजीब से सालती टास्ते लगा.. जिंदगी मई पहली बार उसे ये टास्ते मिला था… और माहि के नाक मई भी करीम के गांड की बदबू घुस गयी थी.. सालती टास्ते और बदबू से उसे अब ोमीटिंग जैसा होने लगा था..

उसने जाट से झीब हटाई … और करीम के हाथ को आपने दोनों हाथो से पकड़ कर हटाया .. और आपने मू वह से बाजु को कर दिया..

कितने बदबू आ रहे है करीम यहाँ से..

कहा से मेरी रानन्द..

यहाँ से..

ऐसा कह के उसके गांड पर एक चपेट माहि ने लगाए..

कभी धोते हो या नहीं..

शयद आज जल्दबाजी मई अच्छी से धोयी नहीं मैंने gaand..aapne जीभ से अच्छे से साफ़ कर न रंडी..

पागल हो गए हो क्या… मई ये काम नहीं कर सकते .. जाओ बाथरूम मई जेक साफ़ करो पहले इससे..

तू नखरा बहुत करती है.. पूर्वी तो अच्छे से आपने जीभ से साफ़ करती है मेरी गांड..

पूर्वी का नाम सुनते hi माहि कुछ सोचने लगी..

टेंशन मत ले .. सुबह hi अच्छे से साफ़ की है..

फिर ये बदबू..

वो तो गांड से आएगी न..

लेकिन फिर दिल पे पत्थर रखके झीब गांड पे लगाई. 2-3 बार हलके से गांड चाट ली.. माहि अब धीरे धीरे उसके गांड को चूमने लगी. पसीने और मील की गन्दी स्मेल माहि के नाक मैं चह्रति जा रही थी.

माहि अब उसके गांड को चूमे जा रही थी और फिर आहिस्ता आहिस्ता उस के गांड को चूमने मैं उसकी जीभ भी शामिल हो गई और माहि ने अपनी जीभ से आहिस्ता आहिस्ता उसके गांड को चाटना भी शुरू कर दिया.

अब करीम थोड़ा पीछे हो गया… अब माहि के मू के सामने करीम का कला लुंड और उसकी गोटिया आ गयी..

माहि ने फिर करीम का लुंड पकड़ liya..aab माहि करीम के लुंड के ऊपर आपने हाथ रखकर उसको आगे पीछे कर रही थी.. .. .

रांड थोड़ा मेरे इन् गोटीऊन को भी तो प्यार कर.

फिर माहि ने उन बालून के घुचे मई लुप्त उसके गोटियोंको आपने हाथ से छुआ ..

माहि ने फिर आहिस्ता से अपना मुंह, नाक और लिप्स उस बालून के घुचे मैं धंसा दिया और फिर उनको चूमने लगी. माहि ने उन बालून को अपने लिप्स मैं लिया और उनको चूसते हुई अपने लिप्स को पीछे लाने लगी और फिर अपनी जीभ से करीम की गोटियों को चाटने लगी. करीम का तो मज़े से बुरा हाल हो रहा था. वो तो जैसे तरप रहा था और तेज़ी के साथ अपने लुंड को मसल रहा था आगे से पीछे को जैसे वो आपने पानी निकाल देना चाहता हो.. मगर माहि ऐसा उसे करने नहीं देना चाहती थी.

माहि ने उसके हाथ को हटाया और उसकी गोटयों को चाट ते हुई उसके लुंड को अपने हाथ मैं ले लिया और आहिस्ता आहिस्ता सहलाते हुई बोली

ऐसा मत करो … मेरे राजा.. अभी सब निकाल जायेगा तो बाद मैं मुझे छोड़ो गए कैसे.

डर मत चैनल … आज तेरे को माँ बनके hi दम लूंगा..

माहि मुस्कराई और दोबारा उसकी गोटियों को और लुंड को चाटने और चूमने लगी.

खुश दिएर के बाद करीम ने आपने टांगें थोड़ी ऊपर को उठा ली.. उसके गंदे काले गांड अब माहि के आँखों के सामने थी. उसके गांड और गोटियों की बीच की जगह पूरी की पूरी बालून से भरी होइ थी .

रांड यहाँ भी किश कर न.

माहि ने धीरे धीरे उसके गांड पर हाथ फेरते हुई उसके काले काले गांड को चूमा और फिर बिना उसे कुछ कहे hi उन को थोड़ा अपनी जीभ से चाट भी लिया.

Aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh

करीम तरप कर बोलै

रांड जरा इधर बीच वाले part को भी..

और गांड और लुंड के बीच वाले part पर हाथ रख दिया

माहि ने उसकी टाँगूं के बीच से एक बार उसके चहरे की तरफ देखा और फिर उसके मू से जीभ बहार निकली और करीम के गांड के बीच बालून से भरी हुई जगह को नीचे से ऊपर की तरफ चाट ने लगी..

जैसे hi माहि का मू उसकी गांड के बीच के पास गया तो उसे तो एक बार फिर से जैसे उलटी आने को हुई ..क्यों की वह से बुहत hi गन्दी स्मेल आ रही थी.. ( आप समाज hi गए होंगे).. अब उसके बारे मई मैं क्या कहु..

करीम ने अपने दोनों हाथ अपने गांड पर रख कर गांड को खुलने लगा. माहि ने अपना चेहरा थोड़ा सा पीछे को हटा लिया और उसको ये करते हुई देखने लगी. करीम ने अपने गांड को थोड़ा फैलाया तो माहि को उसकी गांड का काला सा सूराख नज़र आया जो की बालून मैं छुपा हुआ था.

गांड को खोल कर करीम बिना कुछ कहे माहि की तरफ देख रहा था. शायद ये बात माहि समाज गयी की करीम क्या कहना चाहता है .. उसका मैं क्या चाहता है ये समाज कर माहि ने बिना उसकी तरफ देखते हुई अपनी ऊँगली से उसकी गांड के सूराख को सहलाना शुरू कर दिया. अपनी ऊँगली का प्रेशर थोड़ा सा सूराख पर डाला तो माहि की ऊँगली के टाइट गांड के सूराख मैं चली गयी और करीम इससे उछाल पारा

aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhaaaa…..

cccccchinaaaaaaaaaaaaaalllllll… यह क्या कर रही है ….

माहि मुस्कुराके बोली..

वही कर रही हूँ जो खुश देर पहाये तुम कर रहे थे..

करीम भी माहि की बात समाज कर मुस्कुराते हुई बोलै

Raand..main ने तो वह पर छठा भी था ..

माहि बोली..

नहीं नहीं बहुत hi गन्दी है तुम्हारी यह जगा. पता नहीं क्या क्या गंदे काम करवा रहे हो तुम मुझ से. मैं कोई जानवर नहीं हूँ तुम्हारी तरह जो ऐसे गंदे काम करूँ .

करीम बोलै..

चैनल नखरा मत कररररररर… थोड़ा चाट न जीभ से .. प्यार से.. बहुत मज़ा आ रहा है..

माहि ने एक बार उसकी तरफ देखा और दुबारा उसकी गांड के तरफ देखा माहि ने धीरे से अपना मू उसकी गांड के सुराख़ के पास किया और अपनी जीभ की नौक से धीरे से उसको छु व तो करीम मज़े से उछाल पड़ा.

Aaaaaaaaahhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaa….

Chinnnnnnnnnnnaaaaaaaaall….. बहुत्तट्ट्ट्ट…… masttttttttttt…

माहि मुस्कुरायी और ढर्रे ढर्रे उसकी गांड के सूराख पर अपनी जीभ फेरने लगी. उसकी गन्दी सी गांड के सुराख़ पर माहि की जीभ धीरे धीरे हरकत करने लगी और थोड़े देर के बाद माहि ने उसकी गांड के सुराख़ को चाट न शुरू कर दिया.

करीम का गन्दा काला हाथ माहि के नंगी गोरी गोरी मुलयम कमर पर था और वो धीरे धीरे उसकी कमर को सहला रहा था. करीम का हाथ माहि के कमर पर मूव करते हुई नीचे को माहि के छूट पर आ गया..

थोड़ा आगे होकर नीचे जुक्क कर करीम ने माहि के छूट को सहलाते हुई माहि के छूट के अंदर अपनी ऊँगली को दाल कर अंदर बहार कर रहा था. माहि भी उप्पेर नीचे होने लगी. करीम की उंगली माहि के गीली छूट मैं अंदर बहार हो रहा था और महीन भी मज़े ले लेकर उस के उंगली से छुड़वा रही थी.

करीम ने उंगली बहार निकली और वो हाथ माहि के गांड पर रख दिया .. और फिर उसके गांड को सहलाना शुरू कर दिया और फिर उसकी उंगलिया माहि के गांड के दरार मैं दाखिल हो गई और उसने माहि के गांड के सूराख को धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया. करीम ने अपनी वही ऊँगली ऊपर ला कर माहि के मू मैं डाली और माहि ने भी उसकी ऊँगली को चूसना शुरू कर दिया. करीम की ऊँगली माहि के थूक से जब अछि तरह गीली हो गई तो वो उसको वापिस माहि के गांड के सुराख़ पर ले गया और धीरे धीरे अपनी ऊँगली को माहि की गांड के अंदर पुश करने लगा. माहि ने कोई विरोध नहीं किया और उसकी ऊँगली माहि के गांड के अंदर दाखिल हो गयी ..जस्ट उसकी टिप.

माहि थोड़ी सी उछली और बोली

करीम ये क्या कर रहे ho..plz इसको बहार निकालो.

करीम बोलै खुश नहीं होता रांड… अभी तेरे को अच्छा लगेगा ..

करीम ने अपनी ऊँगली माहि के गांड के अंदर hi रखे रखे hi अपने दूसरे हाथ की उंगली माहि के छूट मई दाल दी.. अब वो छूट वाली उंगली अन्दर बहार करने लगा.. . साथ hi मैं करीम ने अपनी गांड वाली ऊँगली भी माहि के गांड के अंदर बहार करना शुरू कर दिया और माहि की गांड के सूराख के अंदर से माहि को सहलाने लगा. माहि को भी मज़ा आने लगा और माहि ने दोबारा से धीरे धीरे उसके गगांद को चाटने लगी..

माहि को अपनी गांड फैलाके चाटने के बाद करीम एक हाथ से उसके मम्मो से खेलने लगा. माहि jaise-jaise अचे और जोरसे गांड पे झीब घूमने लगी तो करीम ने अपना लुंड माहि के हाथ मई डेट झुकके उसकी छूट मई ऊँगली करते कहा

अह्ह्ह्ह साएलीई क्या मस्त चाट रही है मेरी गांड. और चाट दाल अपनी जबान मेरी गांड मई, अपनी जबान से मेरी गांड मार सालिई ऊऊफफफफफफ. मरे लुंड को और जोरसे हिला मेरी रंडी ..

अपनी गांड माहि से चटवाके करीम झुका और अपना मुँह माहि की गिल्ली गर्म छूट चाटने लगते ऊँगली से उसकी गांड रगड़ने लगा. छूट मई करीम की झीब और गांड पे ऊँगली पके माहि और सिहर उठी. उसने अपनी कमर उप्पर करते करीम के मुँह पे अपनी छूट रगड़ते कहा

उफ्फ्फफ्फ्फ़ ककककाआरीईईंममममम और चट्ट्ट्ट मेरी छूट, बहुत दिनों से प्यासी है राजा तेरी माहि रांड की छूट, मनीषा कभी भी तेरी माहि रांड की छूट चाटती नहीं है. करीम जी भरके चाट मेरी छूट मेरे rajaaaaaaaaaaaaaaa…

हैईईई उउउउइइइइइइ माआआआआ.

माहि की छूट झीब से छोड़ते, उसकी गांड मई ऊँगली डालते करीम बोलै

यह छूट मनीषा की बीवी की नहीं तो मेरी रंडी की छूट है.

haannnnnnnnnn…. मेरे राजा…

मेरी रंडी का मस्त कमसिन बदन है यह. मई तेरा यार हूँ और तू मेरी रखैल है समझी मेरी चैनल रानी..

हांण… मेरे राजा ..

करीम की गांड चटके गिल्ली करके माहि पूरा लुफ्त उठा रही थी. उसे अब गांड चाटने मई ज़रा भी ख़राब नहीं लग रहा था. किसी मर्द से ऐसा माज़ा उससे आज पहले बार मिल रहा था. करीम की गांड और गोटिया चटके, उसके लुंड को मसलते वह बोली

हाँ मेरे राजा … लेकिन… लेकिन प्लीज अब मुझे छोड़ डालो मेरे राजा .

इतने भी क्या जल्दी है चैनल..

क्यों आपने चैनल रांड को तरसा रहे ho..Dekho न तुमरे रंडी की छूट कैसे तरस गयी है तेरे लुंडसे छुड़वाने के लिए, प्लीज करीम अब छोड़ डालो मुझे, अपनी इस चैनल रांड को और मत तरसाओ.

माहि की छूट मई दो उंगलिया डालके माहि बोलै

हाँ .. रंडी .. आज तो तुझे जी भरके छोड़ना hi पड़ेगा... तेरे छूट बहुत hi मस्त है..

पूर्वी से भी मस्त है क्या..

हाँ चैनल ..

सिमरन से..

हाँ उससे भी..

और लता भाभी से ..

वो तो बुद्धि है…

माहि हस्ती है..

पद्मा के बारे मई नहीं पूछा..

वो तो माइड है..

तो क्या हुआ..

एक माइड के साथ मेरे कपरिसिओं कैसे कर सकते हो..

छूट आखिर छूट होती है.. मालकिन की हो या माइड की..

कमीने कही के..

आज तो मई तुजे मनीषा से भी अच्छा छोडूंगा, जो मज़ा मनीषा ने कभी तुजे नहीं दिया वो मज़ा आज मई तुम दूंगा..

हां मेरे राजा..

मनीषा छोड़ते वक़्त टारे साथ नहीं करता वह सब मस्ती मई करके तुझे छोडूंगा.

पूर्वी बता रही थी की तुमने बच्चे की प्लानिंग की है न?

माहि हाँ मई गर्दन हिलती है

आज मई मेरी रंडी माहि को छोड़के तुझे मेरा बच्चा दूंगा .

माहि जोश मई आके ज़ोरो से करीम के लुंड को मुठ मरते है...

और बोलती है

ओह्हो karimmmmmmmmmmmm राजाआआ तुझे जो करना है कर लेकिन मुझे जी भरके छोड़ राजा. मई ज़रूर टारे बच्चे की माँ बनूँगी. आओ राजा अब छोड़ डालो अपनी माहि रांड को.

करीम उठ के माहि की टाँगे खोलके उसमे बैठता है. उसके दोनों टंगे उप्पर करके उसके छूट के उप्पर अपनी उंगली घूमने लगता है

आआह्ह्ह्हह्हआआ..... ऐसा मत मुझे तरसाओ न राजा

क्या मस्त छूट है... कितनी मुलायम है..

आआह्ह्हआ ..plzzzzzzzzzz .. करिममममममममम

माहि की छूट फैल्के करीम बोलता है

चल मेरी चैनल अब तुझे छोड़ दालु. बहुत छोड़ने को बोल रही hai..Mare बदन के निचे तेरा मस्त बदन सुलाके मेरा लुंड तेरी छूट मई डालके और उसको छोड़ छोड़के तुझे शांत करू. टारे जैसे मस्त रांड आज तक मई नहीं छोड़ सका पर आज तुझे जी भरके छोडूंगा.

झूठ क्यों बोल रहे हो… पूर्वी तो मुजसे अच्छी है न..

नहीं तेरे सामने वो कुछ भी नहीं है..

अब ज्यादा टाइम खोटी मत कर.. चल अपने यार का लुंड पकड़के अपनी छूट पे रख ताकि मई उसको तेरी छूट मई घुसके तुझे छोड़ सकू.

करीम का एक हाथ अपने मम्मो पे रखते माहि करीम का लुंड पकड़के अपने छूट पे रखते बोली

यह ले करीम.. तेरी चैनल रांड माहि ने तेरा लुंड उसकी छूट पे रखा है, अब तू लुंड घुसा और अपनी इस माहि रंडी को छोड़के आपने बच्चे की अम्मी बना .

और माहि के ऐसे कहते hi करीम बहुत ज़ोरों से ढाका मरता हैं जिस से उसका पूरा लुंड एक hi बार में सरसराता हुआ माहि की छूट की गहराईयों में उतरता चला जाता हैं.......

आआआआह्ह्हह्ह्ह्हह्हआआआ….

माहि इस से पहले और जोर से चीखती करीम अपने होंठों से माहि के होंठों को चूस रहा tha.....uski चीख उसके अंदर hi घुटकर रह जाती hain..........aab करीम का पूरा लुंड अंदर समां चूका था और उसे ऐसा लग रहा तथा जैसे वो इस वक़्त जनात में hain........kuch पल तक वो ऐसे hi माहि के ऊपर बेटा रहता हैं फिर वो धीरे धीरे ढकी मरना शुरू करता हैं.........

वहीँ माहि के मुँह से सिसकारी धीरे धीरे फुट रही थी.....

आह्ह्ह्हआआआ..

हर ढके से वो वहीँ उछाल पड़ती......

माहि के अंदर बेचैनी और बेकरारी साफ़ नज़र आ रही thi....wo पागलों की तरह करीम के गलों और होंठों को कान्त रही thi....wahin कभी कभी अपने नाखूनों से उसके पीठ पर भी गदा देती ....... करीम दार्द से रादप उठता...

aaaaaaaaaa.sssssssssssssss..........hhhhhhhhhhhhhh....... saliiiiiiiiiiii…

aaaaaaaaahhhhhhhhhaaaaa…aur कसकर ढ़ाके मारो न ......... मेरे राजा … फाड़ दो आज मेरी इस छूट को.........

और माहि फिर से सिसक पड़ती हैं ...

वहीँ करीम फिर से माहि के होंठों को चूसने लगता hain.........kamare में जैसे तूफ़ान सा उठा हुआ था....... कभी faaaaaaaaaaacch.....faaccccccccchhhhhhhhhhh.....to कभी माहि की आहें ......... aaaaaaaaaaaaaaaaassssssshhhhhhhhhhh........ जैसी आवाज़ें उस माहोल को और भी गर्माती जा रही thi......dono पसीने से बुरी तरह भीग गए the....magar उन्हें कहीं कोई होश नहीं tha.......hosh था तो बस इतना की दोनों अपनी प्यास बुझाना चाहते थे........

करीम को करीब 15 मिनट हो चुके थे माहि की छूट छोड़ते hue........wahin माहि की भी सांसें फूलने लगी थी ....... उसकी छूट से बेहटा पानी अब उस बिस्टेर को भी गिला करता जा रहा tha.....magar अभी भी दोनों प्यासे the........tan की आग अभी बुझी कहा thi.......wahin करीम अब थक गया tha......wo हफ्ते हुए वहीँ बिस्टेर पर दूसरी तरफ आकर लेट जाता हैं और लुम्बी लुम्बी सांसें लेने लगता हैं ........ माहि एक नज़र करीम के कतरफ़ देखती हैं और उसके होंठों को चूम लेती हैं.......

क्या हुआ मेरे राजा .......इतने जल्दी थक गए क्या??????... ऐसे मुझे आपने बच्चे की अम्मी बनाओगे क्या..

और माहि करीम के चहरे की तरफ देखने लगती hain.......wahin करीम जवाब में धीरे से हाँ में अपनी गार्डन हिला देता हैं...... माहि फिर अपने बिस्टेर से उठती हैं और धीरे से करीम के ऊपर आती हैं ...

और उसका लुंड फिर से अपने छूट पर सेट करती हैं और अपने कमर पर धीरे धीरे दबाव डालने लगती हैं.......

अगले hi पल ppppppuuuchhhhhh.......ki आवाज़ करता हुआ करीम का लौड़ा माहि की छूट में पूरा समां जाता हैं ....... माहि करीम के दोनों हाथों को अपने दूध पर रखती हैं और करीम के हाथों पर दबाव डालने लगती हैं.......

करीम कसकर ज़ोरों से माहि के दोनों दूध को दबाने लगता हैं और माहि करीम के लुंड पर कूदना शुरू करती hain.........ek बार फिर से दोनों के मुँह से सिसकारी फुट पड़ती hain........ek बार फिर से चुदाई पूरे शबाब पर थी.......

aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhs.ssssssssssssss.ki आवाज़ें बस उस कमरे से सुनाई दे रही thi...........kareeb 10 मिनट बाद माहि थोड़ी ठंडी पड़ती हैं और करीम फिर से उसे बिस्टेर पर सुला देता हैं और फ़ौरन उसके ऊपर आता हैं और फिर से उसकी छूट छोड़ने लगता हैं........

ले साली…. मेरे बच्चे की अम्मी बनाना है न तुजे…. चैनल ले…

अब वो अपने चरम के बहुत करीब था..... करीम अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार अपना लुंड धीरे से माहि के गांड पर सेट करता हैं.......

वहीँ माहि इस बार ज़ोरों से उछाल पड़ती हैं....

nooooooooooooooooo…

माहि जोर से चिलायी…

वहाआआ

nahiiiiiiiiiii

कुछ नहीं होगा रांड….

नहीं.. नही.. वह हर्गिज़ज़्ज़ज़ नहीं..

कुछ नहीं होगा…

तुम्हारे उंगली से तकलीफ हुई थी मुझे .. तो इस काळा सैंड से तो बहुत तकलीफ होगी…

डर मत अच्छे से डालूंगा

तुम क्या पागल हुई हो क्या.. इतना बड़ा वह कैसे जायेगा…

जायेगा जायेगा रानी..

जायेगा जायेगा kya…tumare लिए क्या जायेगा hi न.. तकलीफ मुझे होगी… तुम क्या आपने सैंड को मेरे में डालोगे और मज़े लोंगे… मेरे तो जान hi निकल जायेंगे न..

डर मत चैनल

नहीं मई वह नहीं डालने दंगे..

करीम को बाउट मज़ा आ रहा था और माहि के ऐसे नखरा करने से उसे बहुत गुस्सा आ जाता है.. गुस्से मई वो माहि को एक जोरदार थप्पड़ लगता है… माहि अब रोने लगाती है..

साली चैनल नखरा बहुत करती है..

माहि रट रट कहती है ..

मैंने कभी वह नहीं किया है..

करीम फिर उसको किश करता है..

मनीषा ने कभी नहीं किया है..

माहि रोया सा मू करके न मई गर्दन हिलती है..

इसलिए तो मई मन कर रही थी.. अगर पहले मनीषा के साथ वह किया होता तो तुम मन थोड़ी न करती..

फिर तो मुझे बहुत मज़ा आएगा..

मतलब..

मुझे कुंवारी गांड मिलेंगे..

बत्ततमीज़ कही के..

डर मत धीरे से डालूंगा

पक्का न..

हाँ..

ऐसा कहके करीम उसके गांड पाई आपने लुंड सेट करता है

ऐसे hi डालोगे क्या .........तुम तो मेरी ाचे से फाड़ने पर तुले हुए ho.......kum से कम मेरी गांड को थोड़ी तो गिला करो न ......

माहि का मज़े से बुरा हाल था वो ाचे से जानती थी की गांड मरवाने में कितना दर्द होता hain.........aur वैसे भी उसकी गांड अब तक कभी भी मरी नहीं गयी थी.....................

करीम अपनी दो ऊँगली माहि के छूट में दाल देता हैं और उसके छूट को अपनी उँगलियों से छोड़ने लगता hain....wahin माहि इस बार ज़ोरों से चीख पड़ती हैं........

aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaa…

kkkkkkkaaaaaaarrrrrimmmmmmmmmmmm……………

इस हरकत ने माहि की छूट की साडी बांड को तोड़ दिया tha.....wo कसकर बिस्टेर को मसल रही थी और ज़ोरों से आहें भर रही thi.....kareeb 2 मिनट बाद hi माहि ज़ोरों से चीख पड़ती हैं

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhaaaaa

mereeeeeeeeeeeee रज्ज्ज्ज्जाआआआआ….

और बिलकुल किसी लाश की तरह एक दम ठंडी हो जाती hain........uska दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा tha......wahin करीम अपने दोनों उँगलियों को बहार निकलता हैं और इस बार वो अपनी उन उँगलियों को माहि के गांड में दाल देता हैं............

आआआह्ह्ह्हह्हआआआआ..

kamineeeeeeeeeeeeee….. धीरे नाहा…

क्या गांड है तेरे चिनलल… तेरे गांड मरने मई तो बहुत मज़ा आएगा..

कमीने कही के… खुद के मज़े के खातिर मोजज़े सजा दे रहे हो..

तुजे भी मज़ा आएगा रांड

थोड़ी म्हणत के बाद उसकी दोनों उंगलियां माहि की गांड में पूरी तरह समां जाती हैं.......

माहि फिर करीम के ऊपर आती हैं और अपना लुंड इस बार फिर से वो माहि के हाथों में पकड़ा देता हैं..... माहि करीम के लुंड को अपने हाथों में लेती हैं और उसे इस बार अपनी गांड पर सेट केटी हैं........

करीम फिर से दबाव बनाना शुरू करता hain....aur थोड़ी मेहनत के बाद उसके लुंड का सूपड़ा माहि की गांड में उतर जाता hain....wahin माहि इस बार दर्द से चीख पड़ती हैं........

aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhaaaaaaa…. कककक,,,,, aaaa…iiiii…nnnnneeee… ज़रा आहिस्ता दाल nnnnnaaaaaaaaaaaa…

तभी करीम थोड़ा और जोर लगता है

kamineeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee…

buddheeeeeeeeeeeeeeeee….

Darindeeeeeeeeeeeeeeeee…

Dhereeeeeeeeeeeeeeeeee.. से दाल बोलै न..

…. बहुत दर्द हो रहा है..

ऐसा कहके माहि करीम के पिट पे एक चपपट जोर से लगाती है..

माहि इस बार फर्याद करते हुए कहती हैं मगर करीम कहाँ सुननी वाला tha......wo थोड़ी देर अपने लुंड को वैसे hi रोकता हैं और इस बार पूरी ताक़त से अपना लुंड पर ढाका मरता hain......uska पूरा लुंड एक hi बार में माहि की गांड की गहराई में उतरता चला जाता hain....wahin माहि इस बार ज़ोरों से चीक पड़ती है ..

aaaaaaaaaaahhhhhhhhaaaaaaaa… maaarrrrrrrrrrrrr gayiiiiiiiiiiiiiiiiii

reeeeeeeeeeeeeeeeeeeee…..

maarrrrrrrrrrr dalaaaaaaaaaa इस्सस हरामी neeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee

इससे पहले माहि और छीलते करीम अपना हाथ माहि के मुँह पर रखकर उसके चीखों को दबा देता hain......dard की तेज़्ज़ लहर उसके अंदर दौड़ गयी थी......... माहि की आँखों से आंसूं चालक पड़ते hain......magar करीम इस बार नहीं रुकता और तेज़ी से अपना लुंड आगे पीछे करनी लगता हैं....

माहि की गांड बहुत ज़्यादा टाइट thi.......badi मुश्किल से उसका लुंड आगे पीछे सरक रहा tha......wahin माहि के मुँह से दर्द भरी सिसकारी फुट रही thi........aankhon में अब भी आंसूं the.......aab उसके मुँह से आहें भी निकल रही thi.........aab उसे भी अपनी गांड मरवाने में मज़ा आ रहा tha.......kareeb 10 मिनट की गांड चुदाई के बाद आखिर करीम का साबरा जवाब दे देता हैं और वो इस बार कसकर माहि को अपनी बाँहों में जकड लेता हैं और माहि के गांड से आपने लुंड बहार निकल कर अपना सारा छुम वो माहि की छूट की गहराई में उतरता चला जाता hain......aur जब उसके लुंड की आंखरी बूँद माहि के छूट में नहीं उतर जाती वो अपने लुंड को ऐसे hi दबाव बनाये रहता हैं......

आज माहि को चुदाई का वो सुख मिला था जो आज तक उसे मनीष से नहीं मिला था..... माहि वहीँ लेती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi........uske छूट से करीम का छुम बेहटा हुआ अब उस बिस्टेर पर बह रहा tha......dono इस वक़्त पूरी तरह से खामोश the.......aur लुम्बी लुम्बी सांसें ले रहे थे.........

माहि ने अब करीम के कंधे पर सर रख दिया था..

थोड़े देर बाद करीम बोलै

माहि… बहुत मज़ा आया आज तुजे छोड़कर .

उसकी यह बात सुनकर माहि का चेहरा शर्म से लाल हो गया. करीम बीएड के सामने लगाए हुई फोटो फ्रेम को देखने laga.Us फ्रेम मैं माहि और मनीष की शादी की तस्वीर थी जिस मैं माहि दुल्हन के ड्रेस मई थी और गुलाभी कलर के शादी के जोरेमें माहि बहुत hi खूबसूरत लग रही थी. करीम माहि की फोटो को देखता रहा और बोलै

माहि .. तू शादी के जोड़े मैं बहुत प्यारी लग रही हो…

हम्म्म्म

कुछ देर करीम रुका और बोलै

काश मैं शादी पर तुजे इस जोड़े मैं देख सकता तो मज़ा hi आ जाता.

उसकी ये बात सुन कर माहि शर्मा गई और बोली

तो क्या अब मैं इस हालत मैं तुम अछि नहीं लग रही हु .

करीम माहि के गाल को चूम कर बोलै

नंगी तो सभी औरते मुझे पसंद है.. खास कर उनके बैडरूम मैं उनके hi बीएड पर

माहि हस्ती है

पागल … कही के..

माहि करीम को किश करके कहती है

मैं नंगी नहीं कपडे पहनकर पंच रही हु

अच्छी हो तो अच्छी hi लगोगे न

ाचा तो क्या करते मुझे दुल्हन के रूप मैं देख कर.

करीम माहि के गुलाभी लाबू को चूस कर बोलै

शादी के पंडाल मई hi तेरे को छोड़ता और अपनी रखेल बनता..

माहि हसकर कहती है

वैसे अभी भी वही तो कर रहे हो... और मुझे अपनी रखेल बना चुके हो..

लेकिन तेरे hi शादी मैं तेरे को छोड़ना … बहुत मज़ा आता..

इतने लोंगो के सामने

हाँ..

मेरे पति के होते हुई

मनीषा क्या करती … उसको क्यों दारू मैं..

तो तुम मनीषा से नहीं डरते

नहीं… तुजे उसके सामने छोड़ के दिखा दू क्या

नहीं बाबा..

माहि ने शर्मा कर करीम के गंदे सीने पर अपना चेहरा रखा और उसके सीने को चूम कर बोली

नहीं कोई ज़रुरत नहीं है ऐसा करने की

करीम माहि की बात सुन कर हँसाने लगा और अपना बाज़ू से माहि के बॉडी को कास कर अपने बॉडी से सत्ता लिया .. और माहि के गाळून को चूमने लगा.

माहि की नज़र सामने के वाल क्लॉक पर पड़ी तो शाम के 5 बजने वाले थे और वो झट से उठ के बैठ गयी.. वो सोचने लगी अब पद्मा या पूर्वी आएगी .. चाय पे बुलाने के liye....wo सोचने लगी करीम के साथ चुदाई मैं कब इतना टाइम हो गया इस का मुझे पता hi नहीं चला.

माहि ने करीम को उठाया और बोली

चलो अब ज़्यादा बाते न करो और जाओ यहां से .. नहीं तो तुम्हारे दूसरे रखैल आ जायेंगे..

करीम ने माहि को आपने उप्पर खिंचा और बोलै

तो अच्छा है दोनों को एक साथ hi चौंदूंगा…

नहीं बाबा .. मुझे थ्रीसम पसंद नहीं है …

बहुत मज़ा आएगा … दोनों को एक साथ छोड़ते हुई..

पागल .. देर मत कर नहीं तो सच में पूर्वी आ जायेंगे..

तभी दूर से आवाज आयी..

बुआ … बुआ…

हे भगवन…. अब मई क्या करू..

देखो आ गया मेरा फटका आइटम..

पागल.. ये पूर्वी नहीं है… पूजा है..

मान मई कहता है..

साली इसको छोड़ना बाकि है… देखते है .. आज इसका नंबर आएगा क्या..

बुआ .. बुआ …

आयी .. आयी.. एक मिनट रुको..

चलो जल्दी से कपडे पहन लो ..

करीम कपडे पहन लेता है.. माहि भी एक नाईट गाउन जल्दी मैं पहन लेती है … सदी पहन ने का टाइम hi नहीं था..

2 मिनट बाद माहि दूर ओपन करती है.. पूजा रूम मई आ जाती है…

तब तक बीएड भी माहि ने ठीक किया था..

करीम को देखते hi पूजा सोचने लगाती है .. ये कैसे यहाँ.. बुआ तो इसको गालिया देते है..

माहि- तुम सब लोग बोल रहे थे ये अच्छा टेलर है इसलिए इससे ब्लाउज सिल्वा रही हु.. तुम दूर पे आवाज दे रही थी तब ये मेरा मेज़रमेंट ले रहा था..

माहि करीम की तरफ देख कर कहती है..

मेज़रमेंट ले लिया न.. अब जाओ यहाँ से .. जल्द hi मुझे ब्लाउज दे देना..

फिर पूजा को कहती है..

कुछ काम था

चाय पे निचे बुलाया है आपको ..

ठीक है मई आती हु… बाथरूम से फ्रेश होक ..

माहि बाथरूम मैं चली जाती है .. वैसे hi करीम पूजा को आपने बहो मैं लेता है..





बुआ के साथ कुछ ऐसा वैसा तो नहीं किया न

वो कुछ करने देगी तो करूँगा न.. वो कितने तीखी मिर्ची है तुम जानते हो न

तब वो गर्दन घुमाके उसके गाल को चूमने लगाती है





हाँ वो तो है..

फिर पोज्जा को घुमाके उसके आम दबाता है





यहाँ नहीं रूम मई चलो.. बुआ कभी भी बहार आ सकती है..

जैसे मेरे रानी की मर्ज़ी..

इतने दिन रानी की याद नहीं आये..

याद तो आयी.. पर क्या करू काम मैं बिजी था

ऐसा कहके आपने बहो मैं पूजा को उठा लेता है और उसके गर्दन को 💋 करने लगा





मैं जानते हु.. तुम किस तरह के काम करते हो

जानती हो तो पंच क्यों रही हो..

और अब वो पूजा के रूम मई जाने लगे... चलते चलते वो उसके गांड पाई हाट रखकर उसके गांड को मसलने लगा..





वो अब पूजा के कमरे मई पहुँच गए

सामने करीम खड़ा पूजा के तरफ वासना भरी नज़रों से देख रहा था…





वो अपने सरे कपड़े उतर कर सिर्फ अंडरवियर मैं खड़ा tha…aur उसका लुंड उसके अंडरवियर मैं बड़ा सा तम्बू बांये हुए था……

अब तक पूजा को करीम का डर नहीं लगा था पर उसके इस तरह से वासना भरी नज़रो से अपनी तरफ देखकर पूजा एक दम घबरा गए, और उसकी तरफ पीठ करके कड़ी हो gaye…..phir पूजा को पीछे से उसकी कदमो के आहात नजदीक अत्ति हुई सुनाई दी, उसका दिल जोरो से धड़कन laga….pooja अध् नंगी हालत मैं उसके सामने कड़ी thee….phir कुछ देर ख़ामशी के बाद उसने पूजा को पीछे से अपनी बाँहों मैं जकड laya…..uske दोनों हाथ उसके चुच्यों पर thee….aur उसने पूजा के चुच्यों को बेहरमी से मसलना शुरू कर दया…





आआआआअह्ह्ह्हह्हआआआआ

करिमममममममम धीरीईई..

करीम: अहह साली काया मुम्मे है tere….aaj तो इनको निचोड़ दूंगा……

प्ल्ज़…. करीम …मई मन तो नहीं कर रही हु.. पर जरा धीरे से.. ये मेरा पहली बार है..

चुप साली रांड अब्ब जायदा नखरे करेंगे तो, तेरे को तेरी बुआ के सामने चौंदूंगा..…… पहली बार है.. तेरे बॉयफ्रेंड कितने बार तेरे मम्मी दबाये होंगे..

ऐसे बेरहमी से तुम्हारे सिवाय कोई कर hi नहीं सकता.. और मई करने भी नहीं दूंगी..

ये कहते हुए उसने पूजा का हाथ पकड़ा और खेंचते हुए उसने उसे बीएड पर दाखिल दिया….. और उसके उप्पर वो आ गया..

पूजा अपने अप्प को करीम के सामने इस हालत मैं पाकर अपने नज़रे नहीं उठ पा रही thee…usne कमीनी मुस्कान के साथ पूजा की तरफ देखा रहा था….

पूजा अब्ब बीएड पर अध् लेती हुई thee……usne उसके तरफ देखते हुए, अपने लुंड को एक बार अपने अंडरवियर के ऊपर से masla….uska 9 इंच का लुंड पूजा के आँखों के सामने झटके खा रहा था….. अंडरवियर main..pooja ने एक पल के लये ही उसके लुंड के तरफ देखा और फिर अपने नज़रे घुमा ली..

करीम - (बीएड पर चढ़ते हुए) क्यों साली पसंद आया अपने बुढ्हे यार का louda…dekh इससे इसी के ऊपर तेरी भाभी चढ़ चढ़ कर चुदती है….

क्या…

पूजा के दिल के धड़कन अब्ब और तेज चलने लगी थी…..

हाँ मेरी रानी..

मुझे लगा hi था… इतने दिन से मई पूछ रही थी तब बताया नहीं ..

वो बीएड पर धीरे-2 पूजा के पास आ रहा tha….phir अचानक hi उसने पूजा के टांगों को पकड़ कर अपनी तरफ जोर से खेंच daya….pooja बीएड पर घिसते हुए लेत गए….

अह्ह्ह्ह करीम

उसका सर बिस्तर से जा टकराया…..

धीरे न… मई रेडी हु .. फिर भी तुम मुजसे जबरदस्ती क्यों कर रहे हो..

पर उस पर तो जैसे कोई शैतान सवार हो गया था अब ….

चुप साली रांड मुझे जयादा समझने के कोशिश ना कर

ऐसा कहके उसका एक मां आपने मू मई लेता है.. कपडे के उप्पर से..

उसने ॉव देख ना ताव, और पूजा के टांगों को घुटनो से पकड़ कर पहला daya…pooja ने जो व् शेप पंतय पहनी thee…wo मुश्किल से उसके छूट के फांकों को धक् पा रही thee….uske टांगों के फैलाने के कारन उसकी छूट के फाँखें पंतय के साइड से बहार आ गए…..

पूजा के दोनों निप्पल एक दूँ तन कर टाइट हो चुके थी…… पूजा को अपने निप्पल्स मैं सरसराहट होती साफ़ महसूस हो रही thee…poooja ने शर्म और हाय से अपनी ऑंखें बंद कर ली…

फिर करीम ने अपने होंटो को पूजा के होंटो के तरफ बढ़ाना शुरू कर दिया…..





अब्ब पूजा अपने होशहवास पूरी तरह खो चुकी thee…..usne अपनी ऑंखें फिर से बंद कर lee….aur वो भूखे जानवर के तरह पूजा के होंटो को सूचक करने लगा…





वो कभी उसके नीचे वाले होंठ को चुस्त, तो कभी ऊपर वाले होंठ को..





कभी वो अपने डेंटन को उसके होंटो मैं गधा deta……tab पूजा को दर्द का अहसास होता… उसका पूरा बदन मस्ती के कारन कनाप रहा था…..

करीम तुम्हे में कैसी लगती हूँ
 
करीम के दिमाग से अब तक माहि की चुदाई उतरी नन्ही थी.. करीम ने उसको खींच कर अपने से सत्ता लिया और उसके होंटो को चूम कर बोलै..





सेक्सी!

फिर मेरे साथ ऐसा बर्ताव क्यों कर रहे हो.. थोड़ा प्यार से करो न..

करीम को रह रह कर माहि याद आ रही थी. जैसे वो माहि को चुम रहा हो..

ठीक है..

मैं मजाक नहीं कर रही; i'm किते सीरियस. बोलो न! मई कैसे लगाती हु तुम..

करीम ने पूजा को बाँहों में उठा लिया और साइड वाले वाल से सत्ता liya.pooja कातिल निगाहों से उसको देखने लगी. . .





फिर करीम उसको किश करने लगा..





थोड़े देर किश करने के बाद करीम कुछ सोचकर कहता है

मेरा तुम्हारे साथ नहाने की बड़ी इच्छा hai...Chalein!

वो तो करीम की दीवानी थी; कैसे मन करती

एक शर्त है?

बोलो!

तुम मुझे नहलाओगे!

उसकी शर्त में करीम का भी भला था.

चलो! यहीं से शुरुआत कर देता हूँ

अब तुम आँखे बंद कर लो, देखो आँखे नहीं खोलना.

ठीक है!...

और उसने आँखें बंद कर ली. .. और उसके गालों की पप्पी ले li...karim ने पूजा के पीछे जाकर उसकी दोनों मदभरी चूचियां पकड़ ली.. और हलके से दबा diya..karim ने ऐसे करते hi पूजा के दिल में एक लहर सी उठी थी.. और पूजा उछाल पड़ी…

Aaaaaaaaahhhhhhaaaaaaaaaa….

उसको बहुत मजा आ रहा था; उसका चेहरा धीरे धीरे लाल होने लगा था.. करीम उसकी छातियों को मसलता रहा.

उसकी आँखें बंद सी होने लगी. उसके सरे शरीर में हलचल शुरू हो गयी; जांघों के बीच भी हलचल सी हो रही थी. उसको गरम होते देख करीम आगे आ गया. उसके होंठ चूसने लगा..





और उसके कमीज में अपना हाथ घुसा दिया.

अब उसकी चूचियों और करीम के हाथों के बीच कोई पर्दा न था.

पूजा पर जवानी का नशा हावी होता जा रहा था. .. उसके मुंह से अजीब से ाँहें निकल रही थी. उसको आज पता चल रहा था की सेक्स में दुनिया भर का मजा है.

ककररममम!!!!

"क्या?"

करीम उसका शर्ट उठाकर उसकी चूचियों को दबा रहा था..

बहुत मजा आ रहा है करीम ! आह्ह्ह्ह.... kkk..aaariimmm…. इसलिए तो भैय्या को चोर कर भाभी आप के पीछे पागल है…

और उसको चूमने लगी..





करीम ने उसका अधमरा सा करके छोर diya...aur फिर वो उससे अलग हो गया!

और करो न प्लस, थोड़ी देर और…..

मनो पूजा उससे भीख मांग रही थी!

करीम जनता था; पूजा ुनछुयी काली है, उसका एक बॉयफ्रेंड है.. माहि का बरोथेर इन लॉ… पर बातो hi बातो मई करीम ने पहले hi पता किया था की उन दोनों के बीच अब तक ऐसा कुछ हुआ hi नहीं है…

करीम ने दिवार के साथ एक कुर्सी सतायी और उस पर पूजा को बिठा दिया..

अब पूजा करीम को हवस भरी नज़रो से देखने लगी..





करीम ने पूजा को चेयर पाई इस तरह बैठा दिया जिससे उसके चूतड़ कुर्सी से थोड़ा बहार निकले . उसके पैरो को उसने कुर्सी के हाथो के ऊपर से ले जाकर बहार की और बांध दिए. इस पोजीशन में वो तंग हो गयी.

पैरो को आगे hi एक साथ करके नहीं बांध सकते क्या?

नहीं, उससे तेरे छूट खुलेगी नहीं..

गंदे कही के..

पूजा अपनी गांड को हिलाकर एडजस्ट करने की कोशिश करती हुयी बोली

जल्दी करो फिर.. मेरे को दर्द हो रहा है..

करीम मैं hi मैं मुस्कुराया, सोचा ये इसी को दर्द कह रही है तो आगे क्या होगा. उसने पूजा के मुंह पर कपडा बाँध दिया. अब वो बोल नहीं सकती थी; ज्यादा हिल नहीं सकती थी...

अब करीम ने देर नहीं की. उसने पपोजजा की स्कर्ट ऊपर की.. पूजा ने कुछ बोलने की कोशिश करि, उसको शर्म आ रही thi....usne पनतय को थोड़ा साइड किया और छूट पर आपने उंगली रख दी..

आहहहआ.... मर गयी...

पूजा कसमसा रही थी; करीम के सामने उसकी नंगी छूट थी.... पर वो तो हिल भी न सकती थी, बोल भी न सकती थी, उसने ज्यादा कोशिश भी नहीं की, उसने शर्म से आँखे बंद कर ली.





करीम नीचे बैठा और उसकी गांड को जितना आगे कर सकता था कर दिया.

रांड.. एक बात मानेगे क्या ...

करीम ने कहा...

क्याआ?

पूजा सिसकते हुए बोली.. उसने एक बार फिर से आँखे खोलते हुई पूछा ...

एक बार इसको अपने होंठों से चाट लून क्या?

करीम ने अपनी मंशा जाहिर की....

पूजा ने इस बार अपनी गांड अपने आप hi ऊपर उठा दी.... अब तक शायद पूजा की जवान हसरतें भी शायद बेकाबू हो चुकी थी..

इससे पहले मुझे पूछ कर छठा था क्या…

पूजा के ऐसे कहने पर करीम ने उसके कूल्हों को पकड़ कर थोड़ा आगे आपने और खिंच लिया...

इससे पहले मैंने तेरे छूट को छठा था क्या..

कमीने… बूढ़े… कहा कहा और किस किसके साथ जक मरते हो.. पता भी भी रहता है क्या किसके साथ सेक्स किया है और किसके साथ नहीं..

ारे तभी तो सिर्फ किसिंग hi की थी न..

मुझे नहीं पता .. कमीने..

तब उसके चीन को उप्पर उतके कहा..





गुस्सा क्यों करती हो रानी.. बुद्धा हो गया हु तो कभी कभी भूल जाता हु..

तब स्माइल करते हुई पूजा कहते है..

कमीने.. बूढ़े..

आपने मू करीम थोड़ा आगे करने लगा.. उसकी गरम गरम साँसे अब पूजा के जाँघों के बीच से जाकर उसकी छूट की फांकों को फड़फड़ाने को विवश कर रही थी....

उसने अपने होंठ उसकी छूट से सत्ता दिए.

पूजा सकपका गयी. उसकी आँखें उत्तेजना के मरे बंद हो गयी.





असीम आनंद का अनुभव हो रहा था उसे.

उसने सोचा… प्रिय की भाभी सही कह रही थी. बुद्धा सेक्स मई बहुत मस्त है.. इसके साथ एक बबर सेक्स करो तो आप दुनिया को भूल jaounge..matlab इसमें और भी मजा आएगा.. लेकिन पेअर बांधने की क्या जरुरत थी!

कुछ देर बाद उसने अपना एक हाथ पूजा के गांड के निचे रखकर उसको उप्पर की और उठाया.. …पूजा उसका इशारा समझ गयी और बैठे बैठे hi उप्पर की और थोड़ी उठ गयी ..और अपनी कोहनियां चेयर के हैंड पर टिका ली.. ऐसा करने से पूजा की गांड थोड़ी उप्पर उठ गयी ..

इसके साथ hi पूजा की छूट और ऊपर उठ गयी और उसकी दरार ने भी हल्का सा मुंह खोल दिया.. साथ में उसके गोल मटोल नितम्बों की कसावट भी देखते hi बन रही थी... करीम उसके छूट की फांकों पर अपनी उंगली फेरने लगा...

पूजा सच में मई समाज नहीं पा रहा हु.. इतने नाज़ुक , कोमल गुलाभी छूट.. मुझे तो लग रहा है तेरे इस गुलाभी छूट मई उंगली भी जाना मुश्किल है तो ये मेरा कला बड़ा सा लुंड कैसे जायेगा.. तेरे बॉयफ्रेंड ने तुजे छोड़ा है या नहीं अभीतक

फिर पूजा के आँखों मई देखता है.. वो शर्मा जाती है ..





करीम फिर से पूछता है.. तब पूजा शर्माकर अपनी आँखे बंद कर लेते है और न मई गार्डन हिलता है..





इसलिए तो तेरे छूट का मू अभी तक खुला नहीं है

उसने नीचे की और देखा, पूजा का स्कर्ट उसके घुटनों तक था. करीम ने उसको ऊपर उठा दिया .. वो उसकी जाँघों तक अभी था .. उसने पूजा के गले में हाथ दाल दिया. पूजा के होंठ उसकी गलों को छू रहे थे. करीम ने पूजा के स्कर्ट को अब निकल दिया ... पूजा की चिकनी सफ़ेद जांघ और गोल कैसे हुए चूतड़ देख कर करीम ढाण्या हो गया. उसके चूतड़ों के बीच की दरार इतनी सफाई से तराशी गयी थी की उसमें कमी ढूंढना भगवन को गली देने के सामान था. करीम कुछ पल के लिए तो सबकुछ भूल सा गया था . एकटक उसके चूतड़ों की बनावट और रंगत को देखता रहा. फिर उसने उनपर हाथ रख दिया; एकदम ठंडे और लाजवाब! वह धीरे धीरे उनपर हाथ फिरने लगा. करीम ने उसके चूतड़ों की दरार में उंगली फिराई; कही कोई रुकावट नहीं. करीम का लुंड अब तक अपना फन उठा चूका था; डसने के लिए. उसने पूजा के चेहरे की और देखा, उसने शर्म से आपने आँखे पहले hi बंद की हुई थी.. शर्म से उसका चेहरा गुलाभी हो रहा था..





करीम ने उसके पेअर थोड़ा फैला दिए.. अब उसकी टांगें फैली हुयी थी; अब उसकी जंघे नानाजी हो चुकी थी .. वो उसकी पूरी छूट देखना चाहता था..

तेरे पंतय निकालो क्या..

कैसे निकलोगे.. मेरे पेअर तो बन्दे हुई है..

तभी झट से करीम पंतय खींचता है और उसकी पंतय फाड़ देता hai..pooja हस्ती है..

पागल कही के..

जब उसने पूजा के छूट के उप्पर हाथ रखना चाहा तो उसके हाथ कपङे लगे थे ..आज से पहले ऐसा शानदार अनुभव उसका कभी नहीं रहा...... वो या तो रंडिया को छोड़ता था या शादीशुदा ोारत को.. आज पहली बार वो किसी कुंवारी ुंचवि छूट को छोड़ने जा रहा था.. ऐसा सोच कर hi उसके बदन में आ लग चुकी थी.. ......

पूजा के छूट के ऊपर हट रखते hi करीम के लुंड को जैसे 440 वाल्ट का झटका लगा. करीम का दिमाग ठरक गया, ऐसी लाजवाब छु... नहीं! उसको छूट कहना गलत होगा. वो तो एक बंद कमल की पंखुड़ियां थी; नहीं नहीं! वो तो एक बंद सीप थी, जिसका मोती उसके अंदर hi सोया हुआ था. करीम का दिल उसकी छाती से बहार आने hi वाला था.

करीम ने उसकी जांघों के बीच भंवर को देखते hi उसको छोड़ने की ठान ली.... और वो भी आज hi....aaj नहीं; अभी. उसने पूजा की सीप पर हाथ रख दिया. पूरा! जैसे उस खजाने को दुनिया से छुपाना चाहता हो. उसको खुद की किस्मत और इस किस्मत से मिलने वाली अमानत पर यकीन नहीं हो रहा था.

उसने बड़े प्यार से, बड़ी नाजुकता से पूजा की सीप की दरार में उंगली चलाई, पूजा कसमसा उठी!

आआआह्ह्ह्हह्हआआआआ…

करीम ने अपना हाथ तुरंत हटा लिया.

इस तरह उसने फिर कोशिश ki....pooja का मोती ढूंढने की, उसकी दरार में ऊँगली चलते हुए उसको वो स्थान मिल गया जहाँ उसको अपना कहहूंता गड़ना था. ये तो बिलकुल टाइट था, इसमें तो पेंसिल भी शायद न आ सके! करीम को पता था आने पर तो इसमें से बच्चा भी निकल जाता है.

बदहवास हो चुके करीम ने अपनी छोटी उंगली का दबाव उसके छेड़ पर हल्का सा बढ़ाया; पर उस हलके से दबाव ने hi पूजा के मू से जोरदार चिक निकली..

Mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…

पूजा जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी.

वो फिर करीम की बाँहों में आने के लिए उठाने की कोशिश की तो करीम ने उसके पेअर खोल दिए और उसको अपनी बाँहों में उठा लिया.

और प्यार से बोलै, मैडम जी, अब ये शर्ट को भी निकल दो

पूजा ने प्यार से उसकी छाती पर घूँसा जमाया और उसके गलों पर किश किया.

मैंने कब मन किया है आपको…

एक एक करके उसके शर्ट के बटन करीम खोलने लगा. अब पूजा के बदन पर एक पंतय और ब्रा के अलावा कुछ नहीं था. करीम झुक कर उसकी नाभि को चूमने लगा.

अब बहो मई उठा के करीम उसको सोफे पाई लेके बैठ गया और किश करने लगा..





थोड़े देर किश करने के बाद उसने अब पूजा को बीएड पाई दाल दिया था.. और उसको चूमने लगा..

उसने पूजा के छूट पर झुकाते हुए एक ही पल मैं उसके छूट पर मुँह लगा daya….aaj तक कभी पूजा की छूट को उसके बॉयफ्रेंड ने भी सूचक नहीं काया tha…..isse पहले करीम ने hi सूचक किया था उसके छूट ko..aisa अहसास उसको ये दूसरी बार होने वाला tha…..jaise ही उसका मुँह पूजा के छूट पर laga…..wo तड़पते हुए एक दम से सिसकत उठी…..

अह्हह्ह्ह्ह करीम एई यी काया कर रहे हो ओह्ह करीम मैं पागल अह्ह्ह अहह ओह्ह्ह्हह्ह..

उसके पूरे बदन मैं सरसराहट दौड़ गए….. उसके मुँह से सिसकार्यं निकलने lagee…..…wo आपने आप को कह रही थी .. मैं mai..iske बारे मैं सिर्फ सुना tha….aur सच बता रही hun…iss वजह से बदन को रोमांच सा भर गया है…..

वो अपनी जीभ निकल कर पागलों के तरहं पूजा के छूट के फांकों और छूट के छेद पर रगड़ रहा tha…..pooja मज्जे से तिलमिलाए जा रही thee…..use ऐसा लग रहा था की, अपने होशोहवाश खो bethungi…..aur सच मैं हो भी ऐसे ही रहा था…..

फिर करीम ने उसके छूट के फांकों को अपने हाथों से पूरा पहला दया, जिससे पूजा की छूट का क्लीट जो की उस समय फूल कर आधे इंच का हो चूका tha…use अपने मुँह मैं भर कर जोर-2 से चूसना शुरू कर दया……

अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह करीम बुद्धि पलासी चोरर दो अह्ह्ह्हह सीईईईई ुंहःहःहः अह्ह्ह्हह उन्घ्ठ्ठ ओह्ह्ह्ह करीम ……

भादवीईईए…. पहले क्यों नहीं kiyaaaaaaaaaaaaa… ये … मई कितने पागल.. हुऊ.. तुम चोर कर उस लल्लू बॉयफ्रेंड के साथ क्या कर रही हु..

पूजा को अब्ब सांस लेने मैं भी तकलीफ होने लगी thee….use ऐसा लगाने लगा था की, अब्ब वो पहली बार झड़ने के करीब पहुंच चुकी hun….par अचानक करीम ने अपना मुँह उसके छूट से हटा liya…aur पूजा के तरफ देखते हुए कहा…..

क्यों रांड मजा आ रहा था naa……abb देख तेरी छूट कैसे फाड़ता hun….aaj तेरे छूट मैं लुंड thok-thok कर सुजा दूंगा…..

ऐसा कहके पूजा के छूट को फिर से चाटने laga..Wah जीभ निकल कर छूट की फांकों और उनके बीच की पतली सी दरार को चाट चाट कर पूजा को पागल करता जा रहा था.. करीम उसकी छूट पर टूट पड़ा.. अपनी जीभ बहार निकल कर उसने छूट के निचले हिस्से पर राखी और उसको लहराता हुआ ऊपर तक समेत लिया..

Aaaaaaaaaaaahhhhhaaaaaaaaa…

Karimmmmmmmmmm….

Budheeeeeeeeeeee….

Saleeeeeeeeeeeeeee…

क्या सूचक करता है….

सेल … पोर्न मूवीज मई भी इतना अच्छा सूचक नहीं करते… कहा से सीखा है तूने..

फिर पूजा ने अपनी सिसकियाँ बहुत धीरे धीरे कर दी....

करीम ने अपनी एक उंगली पूजा की छूट की फांकों के पास रख दी और उसकी दोनों 'पपोटियाँ' अपने होंठों में दबाकर चूसने लगा...

aaaaaaaahhhhhhhhaaaaaaaaaaa…

kamineeeeeeeeeeee… मेरे छूट को कटेगा क्या…

अब करीम जैसे उसकी छूट को चूस नहीं खा रहा था, कभी ऊपर, कभी नीचे, कभी ये फांक, कभी वो फांक; कभी दाना तो कभी छेड़. पूजा बुरी तरह छटपटा रही थी.

हाय, कितना मजा दे दिया…. करीम तूने…

उसकी चूचियों में कसमसाहट सी हो रही थी.

इनको क्यों खली छोड़ रखा है करीम ..

उसका दिल कर रहा था की वह करीम को अपने ऊपर खींच ले. अचानक उसको मिलने वाला मजा बंद हो गया था. उसने आँखे खोली, करीम अपनी ुंदरपनत उतर रहा था.

करीम ने अपनी अंडरवियर उतार कर जमीन पर फांक दी, पूजा की आँखें फटी की फटी रह गयी. वो सोचने lagi..Iska इतना लुम्बा कैसे है!

किसको खली चोर दिया … चैनल…

सच मई प्रिय की भाभी सही hi कह रही थी..

क्या कह रही थी वो रांड..

तुम्हारा पेनिस बहुत बड़ा है…

क्या

पेनिस..

चैनल इसको लुंड कहते है..

हाँ .. वही.. वही..

हाँ वही वहीइ.. नहीं रांड .. इसको लुंड बोल..

गन्दा वर्ड है वो..

छूट मई लुंड चाहिए और बोलने मई गन्दा वर्ड..

ऐसा कह के करीम उसके बालो को पकड़ के उसके मू को आपने लुंड के पास लता है..

बोल चैनल…

lllll…uuu….nnnnn..dddd….

तुजे उस काजल रांड ने क्या बताया और मेरे बारे मई ..

मई काजल भाभी से कभी मिली hi नहीं..

फिर तुजे पता कैसे चला

प्रिय पटेल ने बताया..

woo..ohhooo.. उस चैनल ने बताया..

प्रिय का ननम सुनते hi चहरे का रंग ुद्ध गया तुम्हारा..

ऐसे कोई बात नहीं है..

हाँ .. ऐसे hi बात है … उसकी भाभी तो तुम्हारे हाथ मई आ गयी लेकिन प्रिय नहीं आयी..

हाँ.. तुजे पता है तो जले पाई नमक की छिड़क रही है.. कुछ करना फिर उसके साथ सेटिंग..

मई क्या अच्छी नहीं हु.. उससे खूबसूरत हु.. जो उसके पीछे पड़े हो..

वो तो तू है hi..

वैसे प्रिय अब तेरे हाथ मई नहीं आएंगे..

क्यों..

नेक्स्ट वीक उसकी शादी है और उसके बाद वो उसके हस्बैंड के साथ अमेरिका जानेवाली है..

तो मुझे ये क्यों बता रही हो..

प्रिय के मामले मई तुम फ़ैल हो गए हो..

ऐसा कह के वो जोर जोर से हँसाने लगी..

मई फ़ैल नहीं हूँगा.. एक बार उसके शादी मई लेके जा ..फिर मई दिखता हूँ..

वो तो तुम कहते हो तो मई लेके जाउंगी.. लेकिन वो तुम आपने पास आने भी नहीं देंगी.. लेकिन तुम्हारी ओल्ड रांड मिल सकती है वह..

कोण..

काजल भाभी..

हाँ .. उससे काम चला लूंगा… उसको भी चोदे हुई बहुत दिन हो गए..( वो पूजा को जूथ बोलता है.. पूर्वी और शालिनी के साथ शादी मई जाने के बाद उसने काजल को लगातार 4-5 दिन छोड़ चूका था पर इस बारे मई सिर्फ पूर्वी को पता था.. उसने किसी को नहीं बताया था.. इसलिए पूजा को पता नहीं था)

क्या पता वो भी तुम आपने पास नहीं आने दे..

वो क्यों.. नहीं आने देंगे..

इतना खुद पे कन्फैन्डेन्स ..

हाँ.. उसके कोक मई मेरा ांश जो उसने रखा हुआ था…

मतलब प्रिय सही hi बोली थी.. काजल भ्भी की बेटी तुम्हारी hi है न..

हाँ..

और पूर्वी भाभी जो प्रेगनत है वो..

वो भी मेरी वजह से है..

ओह्ह माय गॉड..

प्रिय की शादी उसके बॉयफ्रेंड से hi हो रही है न

हाँ..

तुम क्यों पूछ रहे हो..

ऐसे hi ..

कब से उनका ये चक्कर है..

तुम से मिलाने से पहले..

फिर तो कही बार उसने प्रिय को छोड़ा होगा..

नहीं .. बाबा.. तुम तो हमेशा सेक्स की hi पड़ी रहती है..

तो किस की पड़ेगे मुझे..

पागल…

तो उसने अभी तक प्रिय को छोड़ा hi नहीं है ..

नहीं.. वो हमारे कॉलेज की सबसे बेस्ट कपल है .. उनका ट्रू लव है.. उनोने डीडे किया है शादी के बाद hi सेक्स करेंगे..

अच्छा है..

क्या अच्छा है… मुझे कुछ शक हो रहा है.. तुम हसे क्यों..

मई उस लल्लू के जगह होता तो प्रिय को 100 बार छोड़ चूका होता..

हाँ पता है.. तुम्हारे दिमाग मई कुछ प्लान आया ऐसा लगता है..

हाँ.. मई उस लालू के जगह प्रिय के साथ सुहागरात मानना चाहता हु..

पूजा हस्ती है…

पागल हो गए हो क्या.. इतस इम्पॉसिबल..

तुम्हारा साथ रहेगा तो इस इम्पॉसिबले को पॉसिबल कराया जा सकता है..

देखो करीम .. तुमने अब तक बहुत ायनशिया की है… मेरे पूर्वी भाभी.. प्रिय की काजल bhabhi..aab मई और और दूसरे और बहुत साड़ी लेडीज… फिर भी तुम्हारा मैं नहीं भरा..

वैसे बात नहीं है ..चैनल..

एक तो तुम्हारे सामने इतने खूबसूरत लड़की आपने सबकुछ देना चाहती है और तुम उसके फ्रेंड के पीछे पड़े हो.. और वो भी उसके सुहागरात के दिन..

तुम तो मेरे hi हो…

मतलब मई कुछ भी इम्पोर्टेन्ट नहीं हु..

वैसे बात नहीं है.. अगर तुम्हारी दूसरी कोई फ्रेंड होती तो मई ऐसे बात hi नहीं करता.. पर इस प्रिय के वजह से मई पहले बहुत बदनाम हो चूका हूँ..

क्या बदनाम… तुमने उसके साथ और काजल भाभी के साथ जो कुछ किया था वही उसने बताया था..

मैंने उसके साथ कुछ भी नहीं किया था.. जो उसने तुजे और पूर्वी को बताया..

पूर्वी भाभी को उसने बताया नहीं मैंने बताया..

ठीक है.. मेरा और काजल की जिंदगी अच्छी चल रही थी.. वही बीच मई आ गयी.. उसने काजल के हस्बैंड को बताया और उसके माँ बाप को.. प्रिय के वजह से काजल रस्ते पाई आ गए..

करीम पूजा को थोड़ा इमोशनल कर रहा था..

नहीं प्रिय ने तो ऐसे नहीं बताया था..

वो उसकी गलती तुम कैसे बताएंगी.. और वैसे भी 1 दिन की तो बात है .. बाद मई वो उस को जाने वाली है..

मई आपने दोस्त को धोका नहीं दे सकती.. और वो मानाने वाली भी नहीं है…

वो मुज पे चोर दो.. तुम सिर्फ उसके हस्बैंड को सम्भालो..

सम्भालो मतलब…

तुम इतनी खूबसूरत …

Karimmmmmmmmmm…

पूजा जोर से छीलते है..

तुमने क्या मुझे कोई थर्ड क्लास रांड समाज रखा है क्या.. जो मई प्रिय के हस्बैंड के साथ..

ारे मेरी रानी तुम गलत समाज रही हो.. मई तुमको उसके साथ सोने को नहीं बोल रहा हूँ.. तुम मेरी रांड हो इसका मतलब साड़ी दुनिया की रांड थोड़ी hi हो..

फिर मुझे क्या करना होगा..

तुम वैसे भी स्मार्ट हो .. तुम सिर्फ उसके हस्बैंड से अच्छी सी बात करने है .. और एक रूम मई ले जेक बेहोश करना है..

बेहोश और मई.. अकेले..

तुम अकेले कहा हो.. काजल है न..

मतलब काजल भाभी से पहले तुम्हारी बात हो चुकी है

नहीं.. मुझे तो प्रिय के शादी का तुमसे पता चला है..

फिर काजल भाभी हमें कैसे हेल्प करेंगे.. वो तो तुम नफ़रत करती है..

वो तुम मुज पर चोर दो ..वो हेल्प करेंगे..

नहीं करेंगी..

उसको एक बार छोड़ा न वो साब नफ़रत भूल जायेंगे..

कमीने कही के..

फिर भी दोस्त को धोका देना मुझे अच्छा नहीं लग रहा है..

मई क्या तेरे दोस्त का रपे थोड़ा hi कर रहा हूँ…

फिर

उसके रजामंदी से होगा… जैसे तेरे पूर्वी रांड ने रजामंदी से आपने छूट दिए..

एक नंबर के कमीने हो करीम तुम ..

वो तो हूँ..

तो हेल्प करेंगे ..मेरे ..

करना hi पड़ेगी न .. मेरे राजा की हेल्प.. कुछ ऑप्शन है क्या मेरे पास..

थैंक्स .. मेरी रांड...

ऐसा कहके पूजा को किश करता है..

लेकिन इसमे अगर कोई गड़बड़ हो गयी तो मुझे इसमे इन्वॉल्व मत करो.. मेरा नाम किसी को मत बताना..

नहीं बताऊंगा.. और गड़बड़ कुछ नहीं होंगी... मेरे दो दो रांड मेरे लिए नयी रांड का जो बंदोबस्त कर रही है..

वो नयी कहा है.. तुम्हारे पुराने माशूका है..

माशूका... मतलब.. मई समाज नहीं..

ऐसा है.. इस घर मई तुम लेन को वो मन कर रही थी.. तुम उसने बहुत भला बुरा कहा.. लेकिन तुम्हारे अछए की भी उसने तारीफ की.. तुम कितने अच्छे टेलर हो बोल के.. और ये भी बताया की काजल भाभी पकड़ी गयी लेकिन तुम्हारा नाम नहीं बताया और प्रिय को पता था काजल भाभी के साथ तुम्हारा चक्कर है लेकिन उसने किसी को नहीं बताया.. तो हुई न प्रिय तुम्हारी माशूका..

हाँ ..

चलो प्रिय को कॉल लगते है..

लगाओ .. लगाओ..

पूजा प्रिय को कॉल लगाती है..

hi प्रिय.. क्या चल रहा है..

कुछ नहीं .. शादी की तयारी..

काया बोल रहे है हमारे जीजू..

कुछ नहीं... नार्मल है.. लेकिन शादी को 3 दिन पहले तुजे आना होगा..

मई तो आ जाउंगी.. लेकिन एक और बाँदा है जो तेरे शादी को आना चाहता है..

प्रिय कुछ सोचकर फिर से कहती है..

कोण है वो..

तुम्हारा पुराण आशिक़..

कोण.... वो बुद्धा टेलर..

करीम हँसाने लगता है..

क्या वो वह है..

पूजा करीम को शांत रहने को कहती है..

नहीं hai..lekin मुझे लग रहा था अब तक करीम hi तेरे पीछे पड़ा था लेकिन अब..

लेकिन अब क्या..

तू भी उसको चाहती है शयद..

चल पागल ..कुछ भी मत बोल..

फिर मैंने सिर्फ इतना कहा था तेरा पुराण आशिक़ तो तूने नाम hi ले लिया..

मेरा दूसरा कोई आशिक़ hi नहीं है ..इसलिए ..बोलै..

अच्छा जी... तू तो अब करीम के प्यार मई इतनी पागल हो गयी है की जीजू कको भूल गयी.. वो क्या तुम्हारे आशिक़ नहीं है क्या..

वो तो अब मेरे हस्बैंड बन रहे है.. और वो थोड़ा hi पुराण आशिक़ है..

एक ब्बत बता प्रिय... तुम क्या लगता है.. करीम कैसा है..

कमीना है.. एक नंबर का लोँडिबाज़ है..

पूजा हस्ती है..

वो तो मई जानती हु..

लेकिन तू इतना करीम करीम क्यों कह रही है.. तुजे उससे प्यार तो नहीं हु न..

नहीं रे मई तो ऐसे hi पूछ रही हु..

ok..

एक ब्बत बता प्रिय.. अगर तेरे भाभी के साथ उसका अफेयर नहीं होता.. तो उसके बारे मई सोच सकती थी क्या

मतलब..

मजा करने के लिए बोल रही हु..

मई कैसे बता सकती हु..

मतलब इतनी नफ़रत नहीं करती..

शयद..

मतलब प्यार भी कर सकती थी..

बता नहीं सकती..

बता न.. शर्मा क्यों रही हो..

मय्बे..

यस .. ी गोत आईटी..

कुछ ज्यादा मत सोच.. ऐसा मई कुछ नहीं करती.. मेरा बॉयफ्रेंड hi काफी है मेरे लिए..

पता है... तो कई तेरे आशिक़ को साथ मई ले औ क्या..

तुजे उसने ऐसा कहा..

हाँ..

क्या कहा..

उसने तो बहुत कुछ कहा...

बता न क्या क्या कहा उसने..

बहुत ुट्टुसुक हो रही है आपने आशिक़ की अपनी बारे मई क्या कहा वो जानने के लिए...

मज़ाक मत कर... और तुजे वो कहा मिला..

मुझे वो... मॉल मई मिला था .. तब कहा..

क्या कहा..

यही की प्रिय की शादी है न..

मैंने कहा हाँ

उसने कहा मुझे आना है शादी मई...

तो तूने क्या कहा

मैंने कहा आ जाओ..

पागल हो गयी हो क्या... उसे क्यों आने को कहा..

मैंने कब आने को कहा.. उसकी इच्छा थी तो मैंने सोचा बड़े आदमी की इच्छा है तो पूरी कर लेंगे..

बुद्धा और वो..

तो क्या जवान है क्या..

नहीं तो क्या... मेरे बॉयफ्रेंड को 10 बार मात देगा..

वो तो है प्रिय..

फिर भी उसको नहीं आना चाहिए..

ठीक है मई उसको कह देती हु... प्रिय ने आने के लिए मन किया है..

नहीं नहीं.. ऐसा मत करना..

क्यों .. आपने आशिक़ को खुद के शादी मई बुलाना चाहती हो..

नहीं nahi...maine ऐसा कब कहा..

तो

तुम अब उसको कहा ढूँढोगी.. और तुम को वो कहा मिलेगा..

वो मेरा प्रॉब्लम है ...

दोनों कुछ देर शांत रहती है..

फिर बुला लू क्या तुम्हारे मर्द जवान आशिक़ को..

मुझे नहीं पता..

उसने और क्या कहा..

मैंने जब उसको पूछा .. तुम आके क्या करोगे.. प्रिय तो तुमसे बात नहीं करती .. तुमसे नफरत करती है..

मई कब उसके साथ नफरत करती हु..

तुमने तो कहा था न की मई उसका मू भी नहीं देखना चाहती हु..

हाँ कहा था.. पर तब भाभी की वजह से गुस्सा था..

बता न उसने क्या कहा..

प्रिय तुम यकीं नहीं करोगे.. उसने क्या कहा..

क्या कहा उसने..

उसने कहा मई प्रिय के साथ सुहागरात मानना चाहता हूँ..

क्या?????????????? उसकी ये हिम्मत ...

हाँ प्रिय... इसलिए मैंने भी उसको आने के लिए मन कर दिया..

अच्छा किया..

फिर मैंने कहा ..ये तो पॉसिबल hi नहीं है..

तो वो बोलै .. एटलीस्ट मेरे डार्लिंग काजल तो मिलेंगे.. प्रिय hi नहीं सही काजल से काम चला लूंगा..

क्या

हाँ प्रिय..

कमीना कही का..

हाँ प्रिय .. बहुत कमीना इंसान है.. तुम नहीं तो काजल सही ऐसा बोल रहा था..

फिर दोनों कुछ देर शांत रही..

प्रिय क्या करू में ... उसको बुला लू या नहीं..

प्रिय गुस्से में बोली...

मुझे नहीं पता..

ऐसा कहके गुस्से मई फ़ोन काट लिया..

वैसे hi पूजा और करीम हँसाने लगे..

पूजा अपने बीएड पर अधलेटे अवस्था में बैठे हुई थी , उसका चेहरा करीम के तरफ hi था... करीम उसको hi देख रहा था.. फिर करीम पूजा के सामने लेत गया और उसे किश करने laga..aur फिर उसने अपने हाथ पूजा के छूट की तरफ सरका diya..use एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे उसने तपते हुई भाटी पर हाथ रख दिया hai...aab इस वक़्त को वो पुरे तरह से एन्जॉय करना चाहता था . पूजा के साथ ..

उसने जब अपनी उँगलियों को पूजा के पहले हुई छूट के ऊपर रख कर उसे कुछ देर तक मसाला...

वो किसी paav-roti जैसी सूजे हुई thi...usane जब अपनी बीच वाली उंगली को अंदर उतरना शुरू किया तो पूजा के मुंह से सिसकारियां फूट पड़ी..

ssssssssssssssass उम्मम्मम्म अहःअहः..

पूजा फुसफुसाई …

कितना परेशां करते हो.. करीम… ओह्हू.. रातो में.. पता है कल रात सो नहीं पायी.. मई..

इतना कहते हुई उसने करीम के होंठों पर अपने होंठ रख दिए... और उन्हें चूसने lagi...karim भी उसके शहद से भेज होठों को आँखे बंद करके चूसने लगा...

करीम ने जैसे hi उसके फैले हुई चूतड़ पर हाथ रखा तो आपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर पाया और उसने पूजा को पलट दिया और वो अपना खड़ा हुआ लैंड लेकर उसके और करीब आया और उसको चिपक गया और उसके टाँगे उतके ज़ोर से सत्ता दिया अपना लैंड उसके दरार में ..

वो आँखे बंद करके कसमसाये





sassssssssssssssssssssssass अहह...... ओह्ह्ह्हो करीम .....

ये उसने इतने नशीले तरीके से बोलै था के करीम को थोड़े देर पहले की माहि के साथ की चुदाई याद आये .. और माहि की सिसकारी याद आ गयी ....

ये पहले बार था करीम के लिए की एक लड़की के साथ होते हुई वो दूसरे औरत के बारे मई सोच रहा था.. ये इसलिए हो रहा था क्यों की उसके दिमाग में ऐसा कुछ चल रहा था के न चाहते हुई भी माहि की चुदाई उस इयाद आयी..

एक्चुअली माहि उसके जहाँ में इतना बस चुकी थी की बिना याद किये वो याद आ रही थी..

फिर उसने सोचा ये सब भूल जाते है और सिर्फ अब पूजा के बारे मई hi सोचते है..

करीम ने अपने हाथ ऊपर करके उसके ब्रा के ऊपर से हे उसके आम को पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया....

ोहू...... पूजा.......... क्या आम है तेरे...... उम्म्म्ममममममममम....

उसने करीम का हाथ पकड़ कर अपनी गांड के ऊपर रख कर बोली

और इसके बारे में क्या ख़याल है....

करीम ने उसे पकड़ कर बुरी तरह से मसल दिया... और उसके कान में बोलै

इनका तो जवाब hi नहीं है... ऐसे hi थोड़े न तुम्हे कॉलोनी में सब शकीरा बुलाते है.... वो क्या कहते है..

पूजा- हिप्स डोंट ले ...

करीम हस्ता है

सही कहा तुमने

इतना कहकर उसने पूजा का चहरे अपनी तरफ थोड़ा उठाकर उसे किश कर लिया...

पूजा की सांसे तेज हो गयी और उसने अपना हाथ नीचे करके करीम का लैंड पकड़ लिया...

और बेसब्री से भरे आवाज़ में बोली..

करीम … क्या लुंड है तुम्हारा.. जब पहली बार देखा था तब से पागल हु मई इस के लिए.. मेरा मैं कर रहा है इसको चूसने के liye...plz इसे चुसू क्या .......प्ल्ज़ करीम....

उसने इतना ललचही भरी आवाज़ में ये कहा की करीम मन hi नहीं कर पाया... और वैसे भी करीम कभी किस को मन करता है क्या..

अपना हाथ आगे करके पूजा ने उसके नवल को आपने हाथ मई दबोच liya.....garam गरम कड़क लुंड हाथ में आते ही उसके आँखों की चमक 100 गुना बढ़ गयी... ये उसके लिए पहला लुंड था, जिसे वो हाथ में पकड़ कर देख रही थी...

वो नीचे बैठ गयी और अब वो ठीक उसके आँखों के सामने था... वो उसे ghuma-phira कर , ऊपर नीचे से, दबा कर, सहला कर पूरा परख रहे थी...

करीम गहरे सांसे लेते हुई उसे ये सब करते देख रहा tha....pooja ने ऊपर dekha...dono की आँखे एक दूसरे से मिली ...और पूजा ने धीरे धीरे करीम के लुंड को अपने मुंह में ले लिया..





पहले उसने जीभ से उसे तूच करके देखा...

उसे होंठों से चूमा

शायद पूजा टेस्ट करके देख रही थी ...

फिर अपने गुलाबी होंठ खोलकर उसने उसे अंदर ले liya...aur जैसे hi उसका स्वाद गले से नीचे उतरा, उसने उसे बुरी तरह से चूसना शुरू कर दिया...

इतने ज़ोर से पूजा चूस रही थी की करीम को उसके सर को बड़ी मुश्किल से पकड़ना पड़ा .. और उसको पीछे दिखलाना pada..nahi तो वो गिर जाता..

aaaaaaaaaaahah पूजा............... साली रांड ........... खा जाओगे क्या.....

उसने लुंड को बहार निकाला और बोली -

मेरे लाइफ के पहली सकिंग hai...itana तो हक़ बनता है बॉस....





और एक बार फिर से अपने मुंह में लेकर वो उसे चूसने लगी.... उसे देखकर साफ़ पता चल रहा था की वो इस लुंड चुसाई को कितना एन्जॉय कर रहे है..

तभी करीम बोलै

अब मेरे बरी..

मुझे तेरे आम खाने है .. छूट चाटने है..

उसका शरीर तीरकमान की तरह हवा में उठ gaya....aur वो जोर से चिल्लाई

तो चातास्स्सस्स न...... रोका किसने है करीम...... सूचक माय पुससीय.......... भेनचोदासस्सस्स… खा जाओ मेरे आम को.. इसमें से दूध निकल दो..

एक हाथ से अपने कहते को दबाते हुई उसने दो उँगलियों से अपने छूट की मालिश तेज़ी से करने शुरू कर दी ….

करीम ने जब ब्रा उतरा तो उसके आम और निप्पल्स को देखकर वो पालक झपकना hi भूल गया...

करीम के ऐसे देखने से वो तड़प उठी, उसने करीम के बालों को पकड़ कर और जोर से उसे अपने और खींच लिया .. तो करीम के मू मई उसका एक आम आ गया..

आआआह्ह्ह्हह्हआआआआ…..

Uffffffffffffffffffffffffffffffffffff….

मर्डर गयीईईए .......

तभी पूजा बोली

क्यों.... कैसे लगे.... मेरे आम..

करीम अपने लुंड को मसलता हुआ बोलै

हॉट एंड सेक्सी .....

और एकदम से झपटकर उसके आम को दबोच लिया.... और एक बार फिर से उसके आम को चूसने लगा..

ाहाः करिमममम....... उम्म्म्ममममममममम सुक्ककक मी..... चूस ले मेरे आम … अब ये तेरे hi है… प्रिय के बारे मई ज्यादा न सोच.. तू मुझे कुश करेगा तो गिफ्ट मई मई तुजे वो भेंट दूंगी… उसके सुहागरात के दिन… जैसे तूने कहा वैसे hi मई करुँगी..

हाँ.. ये हुई न बात..

करीम ने उसका आम आपने मू से निकलते हुई कहा.. और फिर उसके छाती को अपने हाथों से मसाला... उसके निप्पल्स को अपनी उँगलियों से कचोटा... और उन्हें बहार के तरफ खिंच दिया.

पूजा चिल्ला पडी

ाहाः ....धीरे..... मेरे राजा.... धीरे...... करो इन्हे..... मुंह से खेंचो.... काटो...... बड़ा कर दो..... प्ल्ज़...... प्रिय इतने बड़े कर दो..

जलन हो रही है क्या…

मुझे प्रिय से कभी जलन नहीं होंगे पर उसके आम से हमेशा जलन होती है.. उसके आम लाजवाब है.. उसके आम देख कर hi तुम उसके दीवाने हो गए होंगे..

हाँ..

करीम ने मुस्कुराते हुए कहा और उसके निप्पल्स को मुंह में लिया और ek-ek करके उन्हें चूसने लगा..

वो बड़े आराम से उसके आम को मुंह में लेता और अपनी जीभ से चूसकर उसे पूरा गीला करता और फिर ऊपर करते हुए छोर देता.... पूजा को ऐसा फील हो रहा था जैसे वो उसके आम के प्यार मई पागल हो गया है और उसे बड़े पैर से चूस रहा है ..ये करवाते हुई उसे बड़ी गुदगुदी सी हो रही थी .... और मज़ा भी आ रहा tha...kuchh hi देर में करीम के हाथ उसके छूट पर भी आ pahunche...aur फिर dheere-dheere करीम ने उसके बॉडी को ऊपर से नीचे तक चूमना शुरू किया..

करीम का आपने बॉडी पर चूमना उसके जल रहे शरीर में और आग लगा रहा tha..uske हर किश को अपने बॉडी पर महसूस करके उसके शरीर से करंट डोंडना शुरू हो गया था ...वो अपने आम से लेकर गांड तक को हवा में लहराकर अपने बेचैनी प्रकट करने लगे..

जब पूजा के आम और पेट को चूसने के बाद वो उसके छूट तक पहुंचा… छूट को देखकर करीम से साबरा नहीं हुआ और उसने नीचे झुख कर उसे चूम लिया... तो पूजा चिल्ला उठी..

aaaaaaaaaaaaahhhaaaaa .......

uuuuuuuuuuuuuufffffffffffffffffff…

suuuuuuuuuuckkkkkkkkk..iitttt…

करीम… बुढ़ेईईईई…

उउउउउम्मम्मम्माएमममम…

पूजा ने उसके सर को पकड़कर वहीं दबाए रखा और अपने टांगो से उसने उसके शरीर को भी जकड लिया...

करीम ने अपने जीभ निकले और उसके ऊपर चलने शुरू कर दी.... पर अंदर डालने के ज़रा भी कोशिश नहीं की ...वो सोचने लगा के इसमें तो मेरे जीभ तक नहीं जा प् रही hai....mera लुंड कैसे जायेगा.

पर तभी पूजा ने उसका काम आसान कर दिया... उसने करीम को बीएड पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर आ गयी....

और कुछ देर तक उसे चूमने के बाद वो धीरे -धीरे करके अपने छूट को ऊपर लेन lagee...aur अंत में आकर उसने अपनी छूट को उसके मुंह पर लेकर रख दिया...

करीम ने उसके लटके हुई छूट में अपनी जीभ को किसी अकड़े हुए लुंड की तरह घुसा दी....

aaaaaaaaaahhhhaaaaaaaaa..

करिमममममममम

हलकी सिसकारी के साथ पूजा ने अपनी उंगली के आलावा बहरे दुनिया के कोई चीज़ पहले बार महसूस की.. आपने छूट के अन्दर ..वो कुलबुला उठी... और मचलते हुई उसने अपना पूरा भार उसके चहरे पर चोर दिया...

करीम के गेली जीभ उसके छूट के जितना अंदर जा सकते थी उतनी चले gayi...uske छूट के चिकनयाने और करीम के मुंह से निकल रही ठोक और गीलापन ने काम आसान कर दिया... और उसके छूट के अन्दर करीम की जीभ चली गयी..

तभी पूजा चीख पड़ी..

aaaaaaahhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaa

mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…

अब वो आराम से उसके जीभ पर अपनी छूट को zor-zor से मार कर उस से छुड़वा रही thi...aur मज़े ले रही थी.

ाअहह सेल .... पूर्वी भाभी की चूसता है क्या ऐसे hi ..वो मजा देते है क्या ऐसे तुजे… .... अहह मेरे.... मेरी.... कौन चूसेगा..... छूट… मेरा यार है तू.. मेरे वजहस से hi तुजे प्रिय मिलाने वाली है ..... प्रिय के खातिर तो मेरे छूट चूस रे कमीने.. .....मेरा ...हक़ है.... पहले..... पहले..... मेरी choos.....bbad मई प्रिय की छूट चूस.. उसके लाजवाब आम को मसल… उसके आम को बहुत जोर से मसल.. उसे आपने आम पर बहुत गर्व है.. उसे फिर छोड़ दे.... उसके hi सुहागरात मई .. उसके लल्लू हस्बैंड के जगह ..पार इससे पहले मेरे छूट में जीभ daal....ahah .. ..... पहले मेरी चूस .. बाद मई प्रिय........

तभी करीम ने आपने मू उसके छूट से हटा दिया ..

.... क्यों हटा दिया आपने मु तूने..

करीम भी अब जोश मई आ गया .. और उसको बीएड पे लेता दिया ..उसने आपने एक हाथ से उसके एक टांग को पकड़ कर पूजा को अपनी और खिंचा और अपने दूसरे हाथ से लुंड को हिला रहा था .. उसके लुंड का रोक पूजा के तरफ hi था और वो पूजा की तरफ देखने laga…….pooja भी अपनी ऑंखें खोल कर उसकी तरफ देख रही थी , तो वो उसके तरफ देखते हुए मुस्करा रहा था…..

फिर करीम ने अपने होंटो को पूजा के होंटो के तरफ बढ़ाना शुरू कर diya…..abb पूजा अपने होशहवास पूरी तरह खो चुकी thee…..usne अपनी ऑंखें फिर से बंद कर lee….aur वो भूखे जानवर के तरह पूजा के होंटो को सूचक करने laga…wo कभी उसके नीचे वाले होंठ को चुस्त, तो कभी ऊपर वाले होंठ को कभी वो अपने डेंटन को उसके होंटो मैं गधा deta……tab पूजा को दर्द का अहसास होता… उसका पूरा बदन मस्ती के कारन कनाप रहा था…..

वो 5 मिनट तक पूजा के होंटो को निचोड़त raha….aur जब उसका मान भर गया तो, वो पूजा के ऊपर से उठ gaya…..aur उसके छूट के पास बैत गया और उसके छूट के द्वार पर उसका तना हुआ लुंड रख दिया ..

मस्ती मई पूजा ने अपनी आँखे बंद की ... करीम वैसे hi कुछ देर आपने लुंड रखता hai..Pooja ने बड़ी मुश्किल से अपनी ऑंखें खोल कर उसकी तरफ dekha,uska लुंड पूजा के छूट के द्वार पर दस्तक दे रहा था ..

दाल दू क्या …

पूजा हाँ मई गर्दन हिलती है..

पर जरा धीरे से… ये मेरे पहली चुदाई है…

वा.. फिर तो मज़ा आ जायेगा… मतलब कंठीशत महरा के बहन की सील तोड़ने का सौभाग्य मुझे मिलेगा…
 
चुप कर …

मला कंठीशत महरा के बहन की सील आज मेरे हाथ से टूटेंगे.. ये सोचकर hi कुछ तो हो रहा है मुझे..

मुझे ज़लील कर रहा है कमीने.. फिर मई तुजे दूसरे सील तोड़ने का मौका नहीं दूंगी..

मतलब.. दूसरी कोनसी सील..

प्रिय का सील …

नहीं नहीं ऐसा मत कर..

फिर मुझे ज़लील मत कर और सीधे तरीके से शुरू हो जा..

जैसे आपकी मर्ज़ी.. मौतर्मा..

ऐसा कहके धीरे से उसके सुपडे को थोड़ा उसके छूट मई अन्दर किया ..





तो पूजा चिल्ला उठी..

आआह्ह्ह्हह्हआआआआ…. कामिनीईईए…

dhireeeeeeeeeeeeeee…. नहीं तो घर के सारे लोग रूम के बहार आ जायेंगे..

चिल्ला मत न फिर..

करीम ने थोड़ा और परेसुरे दिया..

aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhaaaaaa…

mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…..

pppppppprrriiiiyyyaaaaaaaaaaaaaa…

तू ekdammmmmmmmmmmm सही कहतिइइइइइइइइ haiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii….

Issssssssssssss haramiiiiiiiiiiiiiii काआआ

Loudaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..

Bahuttttttttttttttttttttttt…

Badaaaaaaaaaaaaaaaaa haiiiiiiiiii….. ये तो मेरे छूट फाड़ hi देगा..

प्रिय को कैसे पता ..मेरा लौड़ा बड़ा है..

Tereee….Kajalllllllllllll… ranandddddddddd.. ने बोलै थाआ…

करीम उसका लुंड थोड़ा बहार निकल था और जोर से अन्दर डालता है…





Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhaaa

माहाअररररररररर.. gayiiiiiiiiiiiiii…

कमीनेईईईई ने marrrrrrrrrrrrr.. दल्लाहा…. पूर्वीइइइइइ… bhabhiiiiiiiiiiii.. आपने कैसे सहन kiyaaaaaaaaaaaaaaaa..

चिल्ला मत…

इतने जोर से कोण डालता है क्या..

धीरे से hi डाला है..

ये धीरे से है तो जोरसे कैसे होता है..

बता दू क्या

नहीं … नहीं..

करीम अब वह hi आपने लुंड को आगे पीछे कर रहा था..

काजल भाभी .. सचमुच आप सही हो… मई सहन नहीं कर पाउंगी.. करीम ..प्ल्ज़ इससे बहार निकालो…

पर करीम को भला उसके सिसकारियां इस वक़्त कैसे सुनाये dete...par करीम के इस आनंद पर जल्द hi ब्रेक लगाने वाला था...

तभी करीम का फ़ोन बज उठा ..

उदार प्रिय बेचैन थी.. पूजा से बात करने के बाद.. वो सोच रही थी… अब मई क्या करू.. क्या सचमुच मई वो कमीना मेरे शादी मई आना चाहता है या पूजा ने मेरे साथ मजाक किया है.. यही सोचकर वो विंडो से बहार देखने लगाती है. .





नहीं नहीं पूजा ऐसा मजाक मेरे साथ नहीं कर सकती… आइयेगा तो आएगा.. शादी मई वैसे बहोत सरे लोग आते है.. लेकिन आने के बाद मेरे साथ सुहागरात… ओह्ह माय गॉड… सोच के hi मुझे डर लग रहा है....





लेकिन इतने दिन तक उसने न मुझे फ़ोन किया न hi मेरा पीछा किया .. और अब डायरेक्ट मेरे शादी मई आना चाहता है और मेरे साथ सुहागरात मानना चाहता है… क्या इतने दिन तक वो इस वजह से hi शांत था .. ताकि मेरे साथ सुहागरात मन सके …

मेरे hi मैट मरी गयी थी.. न hi मई पूजा को उसका नाम बताती और न hi उसका मोबाइल नंबर देते.. न hi उसका कंटक पूजा के घर वालो से नहीं होता .. तो ये नौबत hi नहीं aatii..aab मई क्या करू.. अब मई कभी भी पूजा के घर नहीं जाउंगी..

उससे क्या होगा.. अब 4 दिन पर मेरे शादी है .. और वो मेरे शादी मई उस पूजा के साथ आ गया थो .. मई क्या करू.. और उसने मेरे साथ सुहागरात करने की थान ली तो.. फिर मेरा क्या होगा.. मेरे हस्बैंड का क्या होगा.. मुझे हर मुंकिन कोशिश करने पड़ेगे.. मई क्या करू.. क्या मई काजल भाभी से बात कर लू.. उससे क्या होगा.. वो उसके पीछे पड़ेगा फिर से.. फिर से नयी मुसीबत .. क्या करू..

बीएड पर लेते लेते वो सोचने लगी..





पूजा को बोलू क्या वो उसको यहाँ मत ला.. इस से क्या होगा.. फिर वो मेरा मजाक उड़ायेंगे.. पूजा को कुछ बताना बेकार है.. फिर क्या.. मई उसको कॉल करू.. उसका नंबर … हाँ है.. डायरी मई होगा.. पर फिर तो वो मेरा पीछा hi नहीं छोड़ेगा.. उसको लगेगा .. मई hi उसके पीछे पद गयी हु… कॉल नहीं.. उसका वो कमीना गलत मतलब निकल लेगा.. फिर क्या करू… कुछ नहीं कर सकती प्रिय तू.. अब एक hi ऑप्शन है.. उसको कॉल कर … उसको रिक्वेस्ट कर .. उसकी माफ़ी मांग.. किस चीज़ की माफ़ी.. तूने जो उसका और काजल भाभी का प्यार तुड़वाया.. उसकी.. वो क्या प्यार था क्या.. वो तो हवस थी.. जो भी था उसकी माफ़ी मांग.. तभी कुछ बात बन सकती है

..

प्रिय कुछ देर तक सोचती है ..





और करीम को कॉल करने की थान लेती है.. और उसका नंबर सर्च करके उसको कॉल करू या न करू ये सोचने लगती है....

थोड़े देर के बाद प्रिय करीम को कॉल करती है… तब करीम और पूजा का रोमांस चल रहा था…. तब करीम का मोबाइल बज उठा… दोनों hi मोबाइल की तरफ देख रहे थे.. त्रुइकॉलेर पाई नाम देखते hi पूजा बोल uti..thoda स्माइल करते हुई..





आ गया तुम्हारे माशूका का कॉल..

करीम हस्ता है..

कामिनी साली… मेरा फ़ोन काट दिया और तुम कॉल लगा लिया… अब तो मई तुम्हारी उसके साथ सुहागरात कर के रहूंगी..

करीम पूजा को चूमता है.





करीम कॉल उठता hai..pooja करीम को इशारा करती है… फ़ोन स्पीकर पर रखने के लिए.. करीम वैसे hi करता है..

बोल रांड ..

Hello करीम..

हाँ बोल रांड

तुमने ऐसा क्यों कहा..

कोण … कोण बोल रहा है…

मई बोल रही हु.. प्रिय…

कोण चैनल रांड है … प्रिय … साला चुदाई मई डिसट्रब किया..

प्रिय पटेल बोल रही हु..

कोण प्रिय पटेल..

क्या तुम मुझे पहचानते नही..

पूजा हँसाने लगाती है..





प्रिय को हँसाने की आवाज आती है..

मई किसी प्रिय पटेल को नहीं जनता… क्या काम है जल्दी बता.. इतने दिनों के बाद नयी कोरी छूट मिले है… उसमे तूने कॉल करके डिसट्रब किया है… मज़ा किरकिरा मत कर … चैनल..

पूजा पिलो मई आपने मू डालके हँसाने लगती है.. ताकि उसका आवाज प्रिय तक न पहुँच सके ..और वो उसे पहचान न सके..

तुम मुझे नहीं जानते…

हाँ नहीं जनता.. चैनल..

प्रिय गुस्से मई बोलती है

मई कोई चैनल नहीं हूँ… तो प्रिय पटेल हो… जो तुम मेरे साथ सुहागरात मानाने के सपने देख रहा tha…mere साथ सुहागरात के सपने देखते हो और मुझे पहचानते नहीं हो..

ओह्ह्हू… मेरी छम्मक चलो.. तू है…

पहचाना … मुझे लगा पहचानो गए नहीं …

( पूजा धीरे से कहती है.. कैसे बात कर रही है..





जैसे आपने आशिक़ को बात कर रही हो )

ारे मई आपने छम्मक चलो को कैसे बुल सकता हु

अब कैसे आया पुराण वर्ड .. जो मेरे लिए हमेशा उसे करता था…

पूजा- क्या तुम प्रिय को छम्मक चलो बुलाते थे… हाउ रोमांटिक..

हाँ …चैनल..

प्रिय को कहता है..

बतमीज़ज़ी… नहीं… कोई वल्गर वर्ड नहीं..

करीम - ओनली .. छम्मक चलो…. न..

पूजा- क्या ये वल्गर वर्ड नहीं है

धीरे से कहती है

प्रिय - हाँ… वो तू पहले से उसे करता था मेरे लिए.. उसके लिए मन कैसे कर सकते हु..

बात करते हुई करीम ने पूजा के आम पर हाथ रखे और हाथ के अंगूठे से उसके आनर के दानो को कुरेदने लगा.. वो तो पहले hi आपने पुरे आकर मई आ चुके थे पर करीम के इस सेंसुअल टच से वो और ज्यादा निखार कर बहार आ गए

कैसे याद किया मुझे..

पूजा उसके कलाकारी को देखकर कसमसाने के सिवाय कुछ और कर hi नहीं पाए.





aaaahhhhhhhhaaaaaaaaaa…… uuuuiiiiiiiiiiiiiii…maaaaaaaaaaaaaaa….

Marrrrrrrrrrrr… gayiiiiiiiiiiiii..reeeeeee..

प्रिय – तुम कुछ देर के लिए ये बंद नहीं कर सकते क्या

करीम- क्या..

प्रिय- वो जो तुम कर रहे है वो

करीम- क्या कर रहा हु मई

प्रिय- सेक्स

करीम- मई तो सेक्स नहीं कर रहा हु..

प्रिय- तो ये आवाजे किस चीज़ की है

ये तो चुदाई के आवाज़े है..

वही तो बंद करने को बोल रही हु

मई क्या तेरे बाप का नौकर हु.. जो तेरे बात मनु..

पूजा हँसाने लगाती है

मई रिक्वेस्ट कर रही हूँ..

नहीं बंद हो सकती चुदाई.. अगर तुजे बात करनी है तो ऐसे hi कर..

ठीक है..

तुमने पूजा को क्या कहा

क्या कहा.. कुछ तो नहीं

तुमने नहीं कहा .. तुम मेरे साथ सुहागरात मानना चाहते हो…

हाँ ..वो तो कहा..

क्योंन कहा..

फिर करीम ने अपने पंजों को पूजा के नरम मुलायम छातियों पर दबाया और उन्हें zor-zor से दबाने laga....aisa लग रहा था जैसे पानी से भरे रबर के गुब्बारे को दबा रहा है wo...karim जितने ज़ोर से उन्हें दबाता पूजा को उतना hi मज़ा मिलता...

और वो उतने hi ज़ोर से चिल्लाती...

aaaahhhhhhhhaaaaaaaaaa…… uuuuiiiiiiiiiiiiiii…maaaaaaaaaaaaaaa….

Aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhaaaaaaaa… khaaaaaaaaaaaa… जउओ… ईससेई… करिमममममम….. काटो… मेरे ..ाअम्म्म को….

तुम्हे गुस्सा किस बात का है.. सुहागरात का या पूजा को कहा इस बात का..

पूजा हँसाने लगती है ..

दोनों बात का …

मतलब..

एक तो मेरे साथ सेक्स करने का तुम्हारा सपना कभी पूरा नहीं होगा.. और मेरे साथ सुहागरात मानाने का सपना तो हाइली इम्पॉसिबल है… वो कभी होगा hi नहीं और मई वो होने hi नहीं दूंगी.. दूसरी बात ऐसी उटपटांग बाते मेरे बारे मई तुम पूजा से नहीं करेंगे..

प्रिय के ऐसे कहने से तो करीम टूट hi पड़ा अपने दांत लेकर पूजा पर .... अपने दांतो के नीचे जब उसने उसके निप्पल्स को दबोचा तो वो अपने पंजों पर खड़ी होकर उसके मुंह से उन्हें निकलने के कोशिश करने लगे...

aaaaaaaaaahhhhaaaaaaaaa… चोर दो मुजेईईईई… दर्द हो रहा है मुझे…

पर करीम पर तो जैसे उन अंगूर के दानो का नशा चढ़ चूका tha..unhe डेंटन से दबाने के बाद उसे ऐसा अहसास हुआ जैसे शराब के बूंदे निकल कर उसके मुंह में आ गए है... बस फिर तो पूजा के लाख कोशिशों के बाद भी उन्हें छोड़ने पर राज़ी नहीं हुआ वो..

और आखिर में जब उन्हें छोरा तो उसकी सांसे फूल चुके the...shayad चूसने के चक्कर में सांस लेना भी भूल गया था karim.pooja ने उसके चहरे को ऊपर किया और उसके होंठों पर होंठ लगा दिए ..





मानो करीम को ऑक्सीजन देने लगी थी पूजा ...

दोनों एक दूसरे के होंठों को बुरे तरह से चूस रहे थे.... पूजा के आम से भी सॉफ्ट थे उसके होंठ... और एकदम स्ट्रॉबरे जैसे मेथे... वो काफी देर तक उन्हें चूसता रहा और अपने हाथों से उसके कड़क और मोठे गांड को भी दबा रहा था करीम...

तभी फ़ोन से आवाज आयी…

करीम कहा हो तुम … मई तुमसे बात कर रही हूँ..

हाँ बोलो … रांड…

बोलै न कोई वल्गर वर्ड उसे मत करो..

हाँ बोल..

मोबाइल रख के कहा चले गए थे..

छूट के चक्कर मई कब किसी को किसी दूसरे चीज़ की याद रहती है क्या..

कमीने.. तुम नहीं सुदरोगे..

क्या कह रही थी तुम..

मई ये कह रही थी की एक तो मेरे साथ सेक्स करने का तुम्हारा सपना कभी पूरा नहीं होगा.. और मेरे साथ सुहागरात मानाने का सपना तो हाइली इम्पॉसिबल है… वो कभी होगा hi नहीं और मई वो होने hi नहीं दूंगी.. दूसरी बात ऐसी उटपटांग बाते मेरे बारे मई तुम पूजा से नहीं करेंगे..

क्यों..

वो मेरे सबसे अच्छी फ्रेंड है.. और मेरे बहाने से तुम उसके करीब आने की कोशिश नहीं करेंगे.. वैसे वो तुम आपने करीब कभी भी नहीं आने देंगे..

करीम हस्ता है.. हसते हुई करीम पूजा की गांड को बुरी तरह से मसलने में लगा था...

है क्यों रहे हो..

पूजा- धीरे से कहती hai..Mere रानी .. तुम्हारी पूजा तो उसके करीब आ चुकी है और अब वो उसके निचे है..

करीम फिर से हस्ता है..

तुम है क्यों रहे हो.. तुमने पूजा के साथ कुछ गलत तो नहीं किया न…

तुम क्या लगता है..

मई जितना तुम्हारे बारे मई जानती हु उससे मई ये कह सकती हु की तुम उसको आसानी से नहीं चोरोंगे..

पूजा- क्या ट्रस्ट है आपने आशिक़ पर प्रिय .. इतना ट्रस्ट आपने बॉयफ्रेंड पाई कभी रखा होता तो मान जाती..

प्रिय - पर.. दूसरी तरफ मैं कहता है पूजा ऐसे कभी नहीं करेगी.. वो एक अच्छे घर की लड़की है .. तुम्हारे जैसे कमीने.. नीच ..झूठे इंसान के हाथ मई कभी नहीं आएँगी..

करीम जोर से हँसाने लगता है..

क्या हुआ ..अब क्यों है रहे हो..

तुम्हारी पूजा अब इस वक़्त मेरे निचे है और मई उसको छोड़ रहा हु..

कमीने .. झूठे… मई तुम्हारी बातो मई अब नहीं आउंगी.. तुम एक नंबर के झूठे हो..

आपने फ्रेंड से पूछ ले..

मैंने अभी थोड़े देर पहले उससे बात की है तब उसने कहा था तू उसके साथ नहीं है..

झूठ बोलै होगा उसने तुम ..

वो क्यों झूट बोलेगे मुझे… वो कभी झूठ नहीं बोलेगे मुझे..

लेकिन मई तो उसको अब छोड़ रहा हूँ..

एक बात बता …पूर्वी भाभी के साथ तो कुछ गलत नहीं कर रहे हो न..

हाहा… वो तो अब मेरे बच्चे की अम्मी बनाने वाली है…

नहीं.. ऐसा नहीं हो सकता .. पूर्वी भाभी ऐसा नहीं कर सकती..

तेरे काजल भाभी के जैसे…

मतलब पिऊ तुम्हारे hi बेटी है न ..

हाँ..

पूजा के साथ तो कुछ किया नहीं न..

कर रहा हूँ.. उसको अब छोड़ रहा हु.. आवाज नहीं आ रही है क्या..

आ रही है.. पर वो पूजा नहीं है..

तभी पूजा ने उसे बीएड पर hi धक्का मार्के पीछे धकेल दिया और खुद कर उसके ऊपर चढ़ gayee...aur सीधा आकर वो उसके मुंह पर बैठ gaye....aur अपनी छूट के नरम होंठों को उसके काळा होंठों पर रगड़ते हुए बोले

चुसो मुझे… मेरे छूट को.. आहहहा ...........चाटो ......ज़ोर se....aahah....

करीम तो इस कला में पूरी तरह से पहले hi पारंगत tha...isliye एक और नए छूट को मुंह में लेकर जब उसने उसे चाटना शुरू किया तो वो ऐसे मचलने लगे जैसे उसके छूट में करीम ने लुंड hi दाल दिया हो..

उसके मचल रहे जिस्म और मुंह से निकलते आवाज़ों को सुनकर साफ़ पता चल रहा था के उसके अंदर उसके लाइफ के बड़े ऑर्गनॉम का निर्माण हो रहा है....

aaaaaaaaaaaahah उउउउउउ suck.....aaaaaaahah sasssssssssssssass...... यू अरे सो गुड्ड़स्सस्स्स्स ..... करीम....... ज़ोर से चाटो ...इसे..... प्रिय ने सही hi कहा था … तुम्हारे लिप्स में जादू hai.....ahah...... ऐसे ही सूचक karo.....mujhe.....ahah... ज़ोर से...........

और इतना कहते hi अचानक उसका पूरा शरीर कंपनी सा laga...jaise उसके अंदर कोई सुनामी सी आ गए ho...aur वो सुनामी उसके छूट के रस्ते बहार निकल आयी.

aaaaaaaaaaaahah करीम ......................ी ामम किंग ...ी ऍम किंग...

एक जोरदार आवाज़ के साथ उसकी छूट से ढेर सारा रस निकल कर करीम के चहरे को भिगो गया....

और वो थार थार कंपते हुई सी साइड में गिराकर गहरे सांसे लेने लगे..

प्रिय – उसने प्रिय कहा था न

कर्म- हाँ…

मतलब..

मैंने पहले hi कहा न मई पूजा को छोड़ रहा हूँ..

पॉसिबल hi नहीं है..

क्यों तूने सुना नहीं..

कोई दूसरी प्रिय होंगे… और मुझे कैसे पता तुम कैसे सूचक करते हो.. जो वो बोल रही थी.. जो उसको किसी प्रिय ने बताया था..

तो तेरे छूट सूचक करके बताता हु..

कभी नहीं.. ये सपना देखना चोर दो..

पूजा इधर हँसाने लगी..

करीम- पूजा ..क्यों… पॉसिबल नहीं है..

वो मुजसे झूट नहीं बोल सकते …

उसको कॉल करके पूछ न फिर.. उसने तुजे झूठ क्यों बोलै…

वह पूजा है तो उसको फ़ोन दो न.. मई उससे बात करना चाहती हु..

मई क्या तेरे बाप का नौकर हूँ.. चैनल.. जो तू कहेगी वैसे करू… एक तो अच्छी से पूजा को छोड़ रहा था तो बीच मई टपक पड़ी.. तुजे क्या रांड बच्च मई टपक पड़ने की आदत है क्या.. पहले मेरे और काजल के बीच मई आयी और पूजा और मेरे बच्च मई..

गालिया मत दे..

तो क्या तेरे आरती उतारू क्या.. चैनल..

मुझे एक बार पूजा से बात करने है..

जा कर न बात मेरा दिमाग क्यों खा रही है.. मादरचोद कही की..

प्रिय भी गुस्से मई कहती है..

हाँ ..कर लुंगी बात..

ऐसा कह के उसने फ़ोन काट दिया और पुजा को कॉल लगा लिया..

ारे इसने तो मुझे कॉल किया है.. अब वो पूछेंगे तो मई क्या बोलू..

बोल न करीम से चुद रही हूँ..

नहीं बोल सकती ..फिर तो वो मुजसे भी बात नहीं करेंगे.. और आपने शादी को आने मई मन करेंगे.. फिर तेरा सुहागरात का सपना सपना hi रहेगा..

हाँ तू सही कह रही है…

तो मई अब क्या बोलू..

घुमा न बात को…

पूजा कॉल उठाती है..

कहा है तू

आपने बैडरूम मई..

क्या कर रहे है…

भजन सुन रही है..

भजन..

आवाजे नहीं आ रही है क्या..

आ रही है लेकिन भजन के नहीं है..

पोर्न मूवी की है… अच्छा सेक्स सन चल रहा hai..laptop पाई देख रही हु..

मुझे लगा..

क्या लगा…

कुछ नहीं.. ये बता करीम तुम लास्ट कभी मिला था..

ोोूहु… अब बता चला… तुजे लगा की मई करीम से चुद रही हु न..

नहीं नहीं पूजा तुम गलत समाज रही हो..

हाँ.. करीम ऐसे hi … और जोर से छोड़ मुझे..

नहीं पूजा मेरे कहने का मतलब वो नहीं था… मुझे लगा …

तेरे पूजा को उसने फांस लिया.. और जो आवाजे तू सुन रही थी वो उसके और मेरे बीच की है..

नहीं पूजा मेरा तुम मई पूरा भरोसा है पर उस कमीने पाई नहीं है..

ारे पूजा ऐसे किसी के हाथ मई नहीं आती..

हाँ पता है.. चल तू एन्जॉय कर .. मई रखती हु..

फिर वो करीम को कॉल करने के लिए डायल करने hi वाली hi थी की वो सोचने लगाती… अभी नहीं… अब उसका सेक्स चल रहा होगा उस लड़की के साथ .. मुझे फिर परेशां करेगा … वैसे hi वो आवाजे सुन के मेरे हालत ख़राब हो जाएगी.. और वो लोँडिबाज़ उसका फायदा उठाएगा.. इसलिए no कॉल .. और फिर से वो आवाजे… no..I चैंट कण्ट्रोल… अब मई कॉल नहीं करुँगी.. 10 मिनट के बाद करुँगी.. 10 मिनट मई उसका होगा क्या.. ठीक है हाफ ान ऑवर के बाद कॉल करती हु… फिर पूछूँगी उससे उसने मुजसे झूठ क्यों बोलै.. और फिर कहूँगी.. मेरे शादी में न आने को..

10-15 मिनट ऐसे hi चले जाते है…

इधर करीम के दीमक में एक नया प्लान आता है.. और ये प्लान वो पूजा को नहीं बताता.. वो अब दोनों फ्रेंड के साथ गेम खेलने की सोचता है… यही सोचकर वो पूजा को किश करने लगता है और दूसरी तरफ धीरे से प्रिय को कॉल करता है .. पूजा से मोबाइल छुपा ke..priya को फ़ोन लगता है पर प्रिय फ़ोन नहीं उठाती – 4-5 टाइम्स करीम कॉल करता है … तब परेशां हो कर प्रिय कॉल उठाती hai..aur गुस्से मई बोलती है..

क्या है…

पर करीम तो बात hi नहीं करना चाहता था.. वही इसका प्लान था..

बोलै न फ़ोन क्यों लगाया..

पर करीम के तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आता ..प्रिय 2-3 टाइम्स hello hello करती है.. अब प्रिय परेशां हो जाती है.. वो भी अब बात नहीं कर रही थी… वो चुपचाप thi.phir प्रिय को लगता है गलती से कॉल तो नहीं लगा न .. वो थोड़े देर बाद hello hello करती है पर करीम कुछ नहीं बोलता .. करीम का ये प्लान था की प्रिय को लगे की गलती से कॉल लगा है ऐसे लगे.. इस कॉल की बात पूजा को भी पता नहीं थी.. थोड़े देर hello hello करने के बाद वो कॉल कटाने hi वाली थी की आवाज आती है..( अब मोबाइल स्पीकर पर किया था करीम ने)

तुम्हारी फ्रेंड की वजह से पहले मज़ा किरकिरा हुआ है.. अब ढंग से चुदाई करने दे…

प्रिय कॉल कटाने वाली थी की आवाज सुनकर उसे पहले लगा की करीम उसे कुछ कहा है पर जब पूरा सेनेटेन्स उसने सुना थो उसे यकीं हो गया की करीम से कॉल गलती से लगा है.. वो जानना चाहती थी की ाअब वह क्या क्या हो रहा है..

नहीं नहीं.. तुम्हारा बहुत बड़ा है.. मुझे बहुत दर्द हुआ था .. अभी भी दर्द हो रहा है..

नखरा मत कर..

दर्द हो रहा है.. इसमे नखरा क्या

पूजा तुम तो तुम्हारी फ्रेंड प्रिय के जैसा नखरा कर रही हो..

( प्रिय सोचने लगाती है .. ोूह माय गॉड… ये तो सचमुच मई पूजा है.. मतलब मुजसे झूठ बोलै पूजा ने.. मुझे देखना पड़ेगा आगे और क्या क्या होता है )

पूजा हँसाने लगाती है..

पहले hi उसने दिमाग खाया है.. अब तुम और मत तड़पाओ..

वो वैसे hi है..

पूजा के मैं की बात भला करीम कैसे सुनाता .. अगर पूजा के बात सुनाता तो प्रिय को कैसे आपने जाल मई फांस पता ..

फिर करीम ने आपने हाथ पूजा के छूट पर रखा और उसे जोर से दबा दिया.. तभी पूजा के मू से जोर से सिसकारी निकल पड़ी..

आअह्ह्ह्हह्हआआ..

करीम ने उसके छूट के उप्पर हाथ रखकर उसे मसलने लगा .. और फिर अपनी एक उंगली उसके छूट के अन्दर दाल दी..

आआह्ह्ह्हह्हह्हआआआ….

क्या कर रहे हो

कुछ नहीं.. बस हल्की सी उंगली घुसाई है...

करीम मुस्कुराता हुआ बोलै...

नहीं.. बहुत दर्द होगा.. प्लस अंदर मत करना..

ऐसा कहते हुई करीम का हाथ पूजा आपने छूट से हटती है..

फिर करीम मुस्कुराता हुआ बोलै

थोड़े देर पहले तो लुंड डाला था तब तो कुछ नहीं बोली..

पूजा कसमसा कर बोली....

उसका थो अभी तक दर्द हो रहा है… तुमने पूरा लुंड थोड़ा hi अन्दर डाला था.. सिर्फ सूपड़ा hi डाला था..

इधर प्रिय आपने आप को कहने लगी… पूजा कितनी गन्दी लैंग्वेज उसे कर रही है..

उंगली तो सुपडे से छोटी hi है न..

नहीं .. मुझे कुछ नहीं पता.. उसे अन्दर मत डालो…

पलज़्ज़ज़.. डालने दे न..

डालना है तो पूर्वी भाभी के पास जाकर उसके छूट मई डालो..

प्रिय मैं मई- सूरे.. अब तो पका यकीं हो गया है ये पूजा hi है..

उसके तो छूट और गांड मई दाल चूका हु पहले..

करीम …………प्ललज़ज़्ज़ज़्ज़ज़… नाहीईई..

उंगली फिर से पूजा के छूट को टच करता है करीम

क्या तेरे बॉयफ्रेंड छुम होने वाले हस्बैंड ने अब तक तेरे छूट में उंगली नहीं डाली क्या

उसको कहा तुम्हारे जैसा मज़ा देने आता है..

फिर डालने दे न.. मज़े के लिए..

नहीं.. तुम अपनी उंगली अंदर मत डालना प्लस...

कुछ नहीं होगा रांड..

मैं मर जाउंगी बूढ़े.. प्लस.. ऐसा ....मत कर.. प्लस.. ऐसा मैंने पहले कभी नहीं किया है..

क्यों .. तेरे बॉयफ्रेंड कुछ भी नहीं किया है क्या..

हमारा असली प्यार है..

और आपने असली प्यार को धोका दे रही हो

प्रिय मैं mai—pooja आपने प्यार को धोका मत दो.. महेश तुम बहुत प्यार करता है..

क्या करू तुम्हारे खातिर इतना करना hi पड़ेगा..

तो उंगली डालने दे न..

नहीं nahi..tumari उंगली बड़ी है ..दर्द होगा मुझे

मैं तोह बस छू कर तेरे ये कोमल छूट देख रहा हूँ... तूने तोह मुझे पागल सा कर दिया है...

मैंने क्या मेरे छूट ने..

प्रिय कहती है.. ये तो बहोत बिगड़ गयी है..

तब करीम बोलै तेरे छूट ने पागल कर दिया है …

ऐसा कहते hi करीम ने आपने उंगली सीधे पूजा के छूट में जोर से दाल दी …

तभी अचानक पूजा उछाल पड़ी.. उसके छूट के छेड़ में झटके के साथ उसकी आधी उंगली घुस गयी...

आआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआ…. मर गयीईइ…. कमीने..

पूजा हाँफते हुए कह पड़ी ....

इधर प्रिय की हालत ख़राब होते जा रही थी… वो आपने आप से कहने लगी..

ोुहहू… अब क्या किया इस बूढ़े ने पूजा के साथ… उसके पुष्य मई उंगली डाली या पुसी सकिंग कर रहा है… कमीना साला… मेरे फूल जैसे फ्रेंड की क्या हालत की है इस लोँडिबाज़ ने…

और फिर सोचने लगाती है.. ये मुझे क्या हो रहा है.. मई उन दोनों के बारे मई hi क्यों सोच रही हु.. मुझे कॉल कट करनी चाहिए .. नहीं तो मई बहक jaunge..lekin मैंने कॉल कट की तो मेरे सुहागरात का करीम का क्या प्लान है मुझे कैसे पता चलेगा.. फिर आपने आप को कहती है.. करीम वैसे भी इतना चालू है की फ़ोन पाई से मुझे उसके प्लान के बारे मई कुछ पता नहीं चलने देगा... वो बहुत शातिर है.. मई क्या करू अब..

फिर करीम ने पूजा के छूट के अन्दर उंगली को अन्दर बहार करना शुरू कर दिया… वैसे वासी पूजा को मज़ा आने लगा.. पूजा को दर्द हो रहा था पर उस को अचानक मिले इस दर्द के मुकाबले मिला आनंद अतुलनीय था..

ahhhhaaaaaaaaaa…..

ओहूऊओ…..

sssssssssssssssssss

ये सिसकारी इस बात का संकेत था की पूजा को अपनी छूट मई करीम की उंगली का अहसास बहुत अच्छा लगा रहा था .. बस फिर क्या था करीम जोर जोर से अपनी उंगली अन्दर बहार करने लगा.. वैसे hi पूजा जोर से सिसकने लगी.. वैसे hi उधर प्रिय भी चिढ़ाने लगी..

मुझे हमेशा इसी तरह प्यार करोगे न जान!

पूजा ने करीम को कहा उस से नजरें मिलते हुई.... पूजा की ये बात सुन कर प्रिय उछाल padi….aur गऊसे मई कहने लगी..





कामिनी… मुझे लग रहा था इस को दर्द हो रहा है.. मई कितने परेशां थी इस की वजह से.. और ये उस लोँडिब्बाज़ को जान कह रही है.. और उसको हमेशा प्यार करने को कह रही है… कामिनी साली.. अगर ये बुद्धा जान है तो महेश कोण है.. तेरे होने वाले हस्बैंड को क्या कहेगी.. पूजा तुमसे मुझे ये उम्मीद नहीं थी.. मैंने तुम आगा किया था.. इस लोँडिबाज़ से.. तुमने क्या कहा था.. हम तो सिर्फ ब्लाउज उसको दे देंगे .. फिर वो हमें छू भी नहीं सकेगा.. चुना तो दूर पूजा ये तुम्हारे इनर part मई उंगली दाल चूका है और पूर्वी भाभी को माँ बना चूका है .. और पूर्वी भाभी उसके बच्चे की ामी बनाने वाली है..

पूजा मई तुमसे कही गुना बेहतर हूँ.. मई उसे आपने पास आने नहीं दिया.. एक बार उसने मेरे बॉडी को टच किया था और मुझे किश करने की कोशिश की थी तो मई ने उसे चाहता मारा था .. और उसका एंड काजल भाभी की जो ायनशि थी वो साडी दुनिया को बता कर काजल भाभी के साथ वो जो मज़े करता था वो बंद कर दी थी.. ी ऍम प्रोडे ऑफ़ माइसेल्फ… पूजा मई तुम्हारे जैसी गिरी नहीं.. बदचलन नहीं हुई मई.. तुम्हारे जैसे… शेम ों यू पूजा.. ी हेट यू..

ऐसा प्रिय गुस्से मई कहने लगी..

करीम अब तेजी से उंगली चलने लगा.. कुछ देर अंदर हलचल मचने के बाद जब उसकी उंगली बहार आयी तोह पूजा के छूट से रास टपक टपक कर पूजा के जाँघों पर फ़ैल रहा था.... पर अब तक पूजा की भूख शांत नहीं हुयी....

पर करीम अभी पूजा को और तड़पने के मूड में था.... साथ मई प्रिय को.. वो एक बार मोबाइल की तरफ देखता है कॉल चालू है या प्रिय ने बंद किया .. कॉल चालू देख के वो खुश हो जाता है..

कैसा लग रहा है priya..raand

करीम ने पूछा...

पूजा गुस्से से कहती है

मई पूजा हु… प्रिय नहीं..

ीदार प्रिय सोचने लगाती है .. साला इस लोँडिबाज़ ने देलीब्रीटेली तो मुझे कॉल नहीं किया न.. या ये इसका कोई प्लान है.. फिर भी मई देखती हु.. मेरे बारे मई इसके क्या क्या प्लान है..

क्या फरक पड़ता है.. पूजा हो या प्रिय.. नाम मई क्या रखा है.. सबकुछ तो छूट मई hi है..

पड़ता है फरक.. वो तो तुम्हारे हाथ से चली गयी न.. उसकी छूट तो तुम नहीं मिली न..

प्रिय- पूजा तुम ये क्या अनब शनाब बोल रही हो..

उसकी नहीं तो तेरे मिली न..... तुम कैसे लग रहा है.. तुम मज़ा आ रहा है क्या नहीं..

तुम कर लो..!

पूजा ने सिसकते हुए इतना hi कहा...

बता न.. कैसा लग रहा है..

करीम ने फिर पूछा...

आहे.. कह तोह रही हूँ.. कर लो.. अब और कैसे बताऊँ.. बहुत अच्छा लग रहा है.. बस!

पूजा ने कहा और शर्मा कर अपने हाथों से अपना चेहरा धक् liya...Khush होकर ..

करीम बोल पड़ा

Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhaaaaa….

Saliiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii….. क्यों बेकार मई नाटक कर रही थी.. ummmmmmmmmm…….. जब पता है इतना मज़ा मिलता है तुजे भी … तो क्यों ……….आआआअह्हह्ह्ह…. उंगली नहीं डालने को कह रही थी..

पूजा बोली

आआह्ह्ह्हह्हआआआ.. जैसे मज़ा सिर्फ मुझे hi मिलता … तुजे नहीं..

इतना कहकर पूजा ने करीम का एक हाथ पकड़ कर बरी बरी से आपने दोनों आम पर रखा और वह दबाने लगी…

दबाओ न इससे… जोर से… ऐसा संजो की ये प्रिय के hi आम है..

पूजा के ये बात सुनकर प्रिय उछाल पड़ी.. उस कमरे मई गूंज रही सिसकारियां प्रिय को बेचैन कर रही थी.. अब प्रिय के गुस्से की जगह वो भी गरम होने lagi..iss वजह से उसकी हालत ख़राब हो चुके थी.. और उप्पर से पूजा के ये बाते .. वो आपने आप से कहने लगी..

पूजा .. मुझे क्यों बीच मई ले रही हो.. तू मज़े कर न..

ऐसा कह ते उसका एक हाथ आपने छूट पर खिसका ..पंत के उपपरर se..aur दूसरे हाथ से एक पिलो को आपने छाती से दबा दिया .. तड़पकर , सिसकारी मरने के अलावा प्रिय इस वक़्त कुछ कर hi नहीं सकती थी.. आखिर मज़ा भी उसे मिल रहा था…

राआजीवव्वव्वव्वव्व….. कहा हो तुम… इस वक़्त मुझे तुम्हारी बहुत जरूरत है…

( राजीव उसका होने वाला हस्बैंड)

करीम ने थोड़ा सा और नीचे झुकाते हुए उसके दोनों टाँगे हवा मई उतके पूजा के छूट के फैंको पर अपना मुँह लगा daya….aur अपनी जीभ को छूट के फैंको के बीच से लेजाते हुए पूजा के छूट के छेद को रगड़ने laga….jaise ही पूजा को अपने छूट के छेद पर करीम के गरम और खुरदरी जीभ का अहसास हुआ, पूजा का पूरा बदन एक दम से ऐंठ gaya……aur पूजा उछाल पड़ी…

आअह्ह्ह... कामिनीईईए..

इधर प्रिय – अब क्या किया करीम भड़वे तूने प्पोजा के साथ .. पूरी उंगली तो अन्दर नहीं डाली न..

अब उसकी उंगली का स्थान उसकी जीभ ने ले लिया था ... दांतों से रह रह कर वो पूजा के छूट को हल्के हल्के काट रहा था.... जैसे hi काटता पूजा चीला उठाती thi..Par करीम तोह जैसे पूजा के छूट को ही खा जाना चाहता था…..

आज तो पूजा की जवानी आपने पुरे शबाब पर थी .अपनी कुत्ते जैसे जीभ निकल कर उसने पूजा के कोमल सी गुलाभी छूट पर एक बार फिर से रख दी और उसे जोर से चाटने लगा..

Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhaaaa…

mmmm…aaarrr… गगयीईइई…

ढीरीईईए….. काअररर्र …. णाआ … पगायआलल्ल……… आआअह्हह्हा..

वो घुटने बीएड पर टिका कर उसकी छूट चाट रहा था.. अब उसके छूट के जीभ घुसाने के लिए करीम ने उसकी टांग उठाकर आपने कंडे पर ले ली.. वैसे hi पूजा पीछे थोड़े हुई और आपने दोनों हाथ से बीएड को निचे से पकड़ liya..taki वो निचे न गिर jaye..aab अपनी जीभ कड़क करके उसकी छूट के उप्पर घूमने लगा करीम .. उससे पूजा तड़प उठी…

आआआह्ह्ह्हह्हह्हआआआआ…..

uuuuuuffffffffffffffffffff ………

कककककककाआरिमममममममम….

Mereeeeeeeeeeeeeeeeee…

Raaajjjjaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…

Meerrrrreeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee…

Dillllllllllbarrrrrrrrrrrrrrrrrrr….

Badiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…. Jalannnnnnnnnn…..

Hooooooooooooooo….

Raahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…….

हैईईईई.. रईईई… छूट मई..

काट न इससे… चूस … ना.. इसी..

घुसा दो न अपनी जीभ मेरे छूट मई…

अब इधर प्रिय की हालत बहुत ख़राब हो रही थी.. वो बीएड पर सोते हुई एक हाथ से वो आपने आम दबा रही थी और दूसरे हाथ से आपने छूट दबा रही थी..

उसकी साँसे बहुत तेज हो चुकी थी..

प्रिय कहने लगी…. मेरे दिलबर … कहा हो तुम… मेरे छूट से पानी निकलने लगा है..

हमेशा पुसी बोलने वाली प्रिय अब बेशर्मी पे उतर आयी थी .. वो अब छूट कहने लगी थी… और छूट कहने से आपने बॉडी में जो उत्तेजना hui..wo उत्तेजना प्रिय ने अच्छे से आज महसूस की..

जब पूजा के टंगे जवाब देने लगी तोह, तो कांपते हुए उसने आपने टाँगे नीचे कर ली ….. करीम ने पूजा के छूट में 2 उंगलिया डालकर उसे फैलाया और अपनी कड़क जीभ को उसके अन्दर दाल दिया..

aaaahhhhhhhhhhaaaaaaa…. दाल दो उंगलिया….

अब वो अपनी जीभ और उँगलियों से उसके छूट की मस्सगे कर रहा था..

कैसा लग रहा है प्रिय … मेरी चमक चलो…

पूजा – कमीने .. मज़ा मेरे साथ कर रहा है और उसका नाम क्यों ले रहा है..

उधर प्रिय कहती है ... साला … मेरा नाम ले कर पूजा के साथ मज़े ले रहा है… साला लौंडी बाज़ कही का..

पंत के उप्पेर से आपने छूट की मालिश कर के आपने जिस्म की आग शांत करने की असफल कोशिश प्रिय कर रही thi..par इसमे हो सफल नहीं हो पायी तो उसने पंत की ज़िप खोल दी और पंतय के अन्दर से एक उंगली आपने छूट मई डालने की कोशिश की तो वो उछाल पड़ी..





uuuuuuuuuuuiiiiiiiiiiiii…..

maaaaaaaaaaaaaaa….

मेरे छोटी सी एक hi उंगली नहीं जा रही है तो उस भड़वे ने पूजा के छूट मई आपने दो काली बड़ी सी उंगली कैसे डाली… सोच कर hi डर लगाने लगा है..

उधर एक साथ hi 2 चीज़ो से मज़ा मिलाने से पूजा का सारा बदन आकद सा गया.. आपने ऑर्गैनिस्म के करीब पहुंचते hi पूजा के चहरे के भाव 100 गुना बदल गए..

तभी करीम ने उंगली और जीभ बहार निकल दी..

पूजा ने आंखे खोल कर करीम के तरफ देखा तोह, वो उसके तरफ देखा कर मुस्कराते हुए अपने लुंड को हिला रहा tha….…uska लुंड हिलनी की स्टाइल देख के पूजा के छूट मई पॉप म्यूजिक बजने लगा था….

छूट मई लुंड लेने के लये तरस रही पूजा को देख कर करीम मान ही मान मुस्करा रहा tha…pooja ने अपनी गांड को थोड़ा सा आगे करीम के तरफ सरका दिया ..….

और अचनाक करीम का फनफनाता हुआ लुंड पूजा की छूट से जा टकराया ..और एक पल के लिए जैसे पूरी दुनिया रुख सी गयी .. पूजा के liye…aur लड़खड़ाती आवाज में वो बोली..

Aaaaahhhhhhhhhhaaaaaa…

कररमममममम…….

Ummmmmmmmmmmmmmm…

व्हाट आआआ… feelingggggggggg

आआआह्ह्हह्ह्ह्हह्हआआ

Ummmmmmmmmm..

ये शब्द तेर की तरह प्रिय के मैं पे चल रहे the..Aab आलम ये था की करीम का आकड़ा हुआ लुंड पूजा के संगमरवरी टैंगो के बीच फंसा हुआ था पर चल रहा था प्रिय के छूट मई.. इतने दूर होते हुई भी करीम का कला मोटा लुंड प्रिय के चिकनी गुलाभी छूट से गले मिल रहा था.. प्रिय की तो आवाज hi निकल नहीं रही थी..

इधर पूजा के छूट से निकल रही आग से करीम का लुंड मनो झुलस सा रहा था.. पर उसके छूट के मखमली स्पर्श उसे एक नए आनंद की अनुभूति करवा रहा था.. पूजा सोचने लगी की सिर्फ लुंड के टच से उसके छूट का ये हाल है अगर वो छूट मई घुस गया तो कैसा फील होगा.. क्या थोड़े देर पहले जैसा hi दर्द होगा या मज़ा आएगा..

करीम ने बिना हाथ से पकड़े हुई, अपने लुंड को धीरे-2 कमर आगे लेट हुए पूजा के छूट के ऊपर सेट कर daya….pahali बार पूरे तरह तने हुए लुंड के गरम सुपड को अपनी छूट के छेद पर महसूस करते ही पूजा एक दम से मचल uthi…..usne करीम को अपनी बाहों मई कस्ते हुए पागलो के तरह उसके होंटो को चूसना शुरू कर daya….badale मई करीम ने भी पूजा के जीभ को अपने मुँह मई लेकर चूसने के कोशिश शुरू कर दी….

और मस्ती के नशे मई चूर पूजा ने बिना कोई देर कए, अपनी जीभ को करीम के होंटो मई दी daya….jaise ही करीम ने पूजा के जीभ को अपनी होंटो मई दबा कर चूसा. पूजा ने मस्ती मई आकर अपनी गांड को ऊपर के और उठाना शुरू कर daya….karim के लुंड के सुपड का दबाव पूजा के छूट के पहली हुई फांके नहीं सेह paye…aur छूट के फैंको ने लुंड के सुपड के अग्गे हथियार डालते हुए, उससे छूट के छेद तक रास्ता दिखा दया…..

पूजा ने अपने होंटो को करीम के होंटो से हटाया और अपने गले का थूक जातक कर लम्बी सांस ली, और फिर जोश मई आके पूजा बोल पड़ी..

चल आजा मेरे शेर.. आज आपने लुंड का कमल दिखा.. दाल तेरे इस अजगर को मेरे अन्दर.. और तोड़ दे सील मेरे.. तुजे इससे अच्छा मोखा नहीं मिलेगा.. एक 22 साल के काली को फूल बनाने का.. मला कंठीशत महरा के बहन की सील थोड़ दे.. और उसके छूट पे अपनी मोहर जमा दे.. और दिखा दे तूने कैसे काजल भाभी और पूर्वी भाभी को कैसे आपने बच्चे की अम्मी बनाये है..

अपने लुंड के लये पूजा को इस तरह गिड़गिड़ाते हुए देख कर करीम मुस्करा utha…Karim भी फिर जोश मई आ गया .. एक लड़की उसके सामने छुड़ाने को रेडी थी और दूसरी उसके नाम की लाइव मुट्ठ मार रही थी..

ले मेरे रांड.. तुजे चाहिए न इस बूढ़े टेलर का लौड़ा ले फिर… तेरे कोमल छूट की मई आज वात hi लगा देता हु..

पूजा के होंटो पर पर्सन हो जाने वाले मुस्कान फेल गए…. उसको अपनी छूट के नशों मई म्यूजिक बजने जैसे महसूस होने laga…….pooja के छूट का छेद उसके लुंड के मोठे सुपड को अपने ऊपर सत्ता हुआ महसूस करते हुए, dhere-dhere पहलने laga….jaise उससे अपने अंदर समां लेना छठा हो…

ये सब सुनकर प्रिय के दिमाग ने तो काम करना hi बंद कर दिया .. वो छह कर भी कुछ बोल नहीं पा रही थी… उसके दिमाग मई कुछ चल रहा था ..उसने आपने झंगो को थोड़ा ढीला चोर diya..aur अपनी कासी हुई छूट की फैंको पर आपने उंगली रगड़ने lagi..uppar से निचे तक.. आपने उंगली से अपनी छूट की मालिश करने lagi..aur कुछ hi देर मई जगह बनाते हुई उसके उंगली के टोक ने उसके छूट का अंदरूनी रास्ता ढूंढ लिया.. थोड़ी hi छूट के अन्दर उंगली जाते hi वो उछाल पड़ी..

Aaaaaaahhhhhhhaaaaaaaaaa…

Rajivvvvvvvvvvvvvv…… कहा हो तुम…

इस कमीने ने तुम्हारी होने वाली बीवी को पागल बना दिया है..

प्रिय के लिए ये ऐसी फीलिंग थी जिसका कोई और मुकाबला नहीं था.. कुछ hi देर मई उसकी उंगली उसके छूट के अन्दर तक घुस चुकी thi..aapne छूट के अन्दर उंगली महसूस करते hi उसके अन्दर एक नए ऑर्गैनिस्म का निर्माण हो गया tha..aur वो दोगुनी तेजी के साथ अपनी उंगली आपने hi छूट मई चला रही थी..

Aahhhhhhhaaaa….Bhadve … हरामी… आअह्हह्ह्हह्हआआ..

Karimmmmmmmmmmmmmm….

सल्ल्ल्लीीीी…

ये क्या कर दिया तूने….

Karimmmmmmmmmmmmmmm…..

मोबाइल चालू hi था तो शयद करीम ने ये सुना था.. अब पहली बार राजीव के जगह करीम का नाम आया था प्रिय के मू से .. आज प्रिय की समजदारी कही तेल लेने गयी थी..

अपने लुंड के सुपड को पूजा के छूट के छेद पर दबाने laga….choot का छेद रबर के तरह फैलता हुआ करीम के लुंड के मोठे सुपड को अपने अंदर लेने लगा…..

फिर करीम थोड़ा उप्पर उठा … आपने लुंड पर ढेर सारा थूक लगायी .. और पूजा के छूट के छेद पर आपने कला लुंड रख देता है और जोर से उसने धक्का मारा … तब पूजा से जोर से छीलते है..

Aaaaaaaaaaahhhhhhhhaaaaaaa….. mmaaaaaarrrrrrrrrrrr….

Gayiiiiiiiiiii… रईईई..

मममममारर दललला रे िस्सणी..

आआअह्ह्ह्हह्हआआ..

उम्मम्मम्मम

मेरे शेर … धीरीई न… मेरे पुसी बहुत टाइट है..

प्रिय- ओह्ह्ह… माय गॉड… इतने जोर से … वो मर जाएगी बेचारी.. करीम थोड़ा धीरे से करो न .. तुम चुदाई करने मई कोण मन कर रहा है.. थोड़ा धीरे से करो न.. काजल भाभी कहती थी तुम जानवर के जैसे चुदाई करते हो.. पर इतना जंगली न बनो न करीम…

करीम- चैनल … पुसी नहीं छूट बोल

प्रिय – पूजा पुसी नहीं छूट बोलो नहीं तो ये कमीना तुजे मार hi डालेगा..

Pooja—mere छूट बहुत टाइट है.. थोड़ा धीरे करो न..

फिर करीम धीरे धीरे आपने लुंड आगे पीछे करने laga..karim का लुंड इंच इंच पूजा के छूट मई उतरने लगा और उधर प्रिय के छूट मई उसकी उंगली.. दोनों hi सिसकने लगी.. हर इंच के साथ पूजा के और उधर प्रिय की हालत पतली होती जा रही थी.. पूजा आपने छूट मई पहली बार लुंड ले रही थी और प्रिय आपने छूट मई उंगली..

पूजा- उउउउउउउम्मम्मम्मम….

ओहूऊऊऊ… मेरी रज्ज्ज्जा.. क्या लुंड है तेरा… कितना बड़ा है … और कितना मजा दे रहा है मुझे … ोुहहू….. aaaaaahhhhaaaaaa..Pura दाल दो मेरे छूट के अन्दर … आह्ह्हआआ… ोूःहहू गॉड…. कितना अच्छा लग रहा है..

पूजा ने ऐसे कहते hi करीम ने आपने अदा लुंड जो पूजा के छूट मई गया था वो बहार निकल लिया और जोर से पूजा के छूट मई दाल दिया.. पूरा के पूरा… पूजा के छूट को फाड़ते हुई वो अन्दर गया.. वैसे hi पूजा चिल्ला उठी…

Kamineeeeeeeeeee………. इतने जोर से डालने को बोलै था क्या.. मेरे छूट तूने फाड़ दी… देख खून निकला आया… हरामी कही का…

इस पर प्रिय हँसाने लगी..

करीम- रांड.. तेरे सील टूट गयी…

अब पूजा रोने लगी थी.. करीम थोड़े देर रुकता है.. और पूजा को किश करने लगता है … पूजा का दर्द काम होने के बाद करीम फिर लुंड को आगे पीछे करने लगता है..

इधर प्रिय पागल हो गयी थी … और जोर जोर से अपनी छूट मई उंगली अन्दर बहार करने लगी थी..

अह्ह्ह्ह ुंहःहः.. बुसस किसी से कहना nahi….haan रोज दूंगी मई tujee…..jab तेरा दिल kare…ahhh हाँ शाबाश और जोर से थोक .. भड़वे .. पूजा को… बहुत कमीने है… बहुत चालू है.. मुझे झूठ बोलते है.. इतने सालो की दोस्ती एक लौड़े के वास्ते तोड़ रही है .. मार अह्ह्ह्हह अह्ह्ह दिखा दी अपनी रांड को तेरे लुंड का जोर….

अब पूजा के छूट अंदर ही अंदर करीम के लुंड का मर्दन कर रही थी…. अब पूजा खुद hi अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी.. उसने पूजा के टैंगो को फैला कर अपने लुंड को धीरे-2 अंदर बहार करने laga….aab पूजा के टंगे ने करीम के कमर को जकड लिया था…

करीम का लुंड आपने छूट के अन्दर डालने के फीलिंग पूजा को बहुत अच्छे लग रही thi..isliye उसने करीम के गांड को आपने दोनों हाथो मई पकड़ा और अपनी गगांद पूरी तरह से ऊपर उठायी ताकि उसका पूरा लुंड आपने छूट मई घुस jai..aur फिर आपने गांड जोर जोर से पेलने लगी..

ओहूऊओ आआअह्ह्ह्हहआ

Yyaaaaaaaaaaaa…. वैरी गूदड़… कारिमममम.. यू अरे सो गुड करीम… ी लव आईटी… ऐसे फीलिंग… आज तक नहीं हुई ..

इसपर उधर प्रिय कहती है..

वो तो बेस्ट है hi न.. इसलिए तो काजल और पूर्वी भाभी आपने हस्बैंड को चोर कर उसके पीछे पागल है.. और इस फीलिंग के चक्कर मई वो माँ बानी … और काजल भाभी की जिंदगी बर्बाद हो गयी..

जिंदगी बर्बाद हो गयी ये शब्द निकलते hi प्रिय ने आपने छूट से उंगली बहार निकल दी..

पूजा अपनी गांड उठाते हुए, करीम के लुंड से अपनी छूट मरवाने lagee…karim भी अपना लुंड सुपड तक बहार निकल-2 कर पूजा के छूट मई पेलने लगा…..

करीम ने अपना लुंड पूजा के छूट से बहार निकला और उसके बगल मई लेटते हुए छोड़ने लगा...

फिर उसको आपने ऊपर ऐनी के लये कहा… पूजा बिना देर कए, करीम के कमर के दोनों तरफ अपने घुटनो को टिका कर बेथ gaye…ek हाथ से उसने करीम के लुंड को पकड़ कर अपनी छूट के छेद पर सेट काया, और दूसरा हाथ करीम के चेस्ट पर रख daya…jaise ही छूट के छेद पर लुंड सेट हुआ, पूजा dhere-dhere अपना वजन डालते हुए, नीचे बेथ गए….

एक बार फिर से करीम का लुंड पूजा के छूट के गेहरों मई समां चूका tha….pooja धीरे-2 अपनी कमर को उप्पर नीचे हिलने lagee….lund आधे से जदया बहार आकर फिर से पूजा के छूट मई घुस jata…khud को ड्राइविंग सीट पर पहली बार पाकर पूजा और जायदा उत्तेजित हो gaye….unhone घुटनो के बजने पैरो के बल बैठते हुए अपनी गांड को तेजी से ऊपर नीचे करना शुरू कर daya…jab पूजा के मोठे पहले हुए चूतड़ आकर करीम के झंगो से टकराते तोह thap-thap के आवाज़ पूरे रूम मई गूंज जाती,….

करीम ने लेते- लेते पूजा के चुच्यों को पकड़ कर मसलना शुरू कर daya…kabhi उनके निप्पल्स को अपने उंगलयों मई लेकर मसलता तोह कभी उनके bade-bade मम्मो को हाथों मई लेकर jor-jor से dabata…..pooja पूरी तरह मदहोश हो चुकी thee….aur तेजी से अपनी गांड को uchal-uchal कर अपनी छूट को करीम के लुंड पर पटक रही थी……

पूजा- सीईई हैए karim….ohhhh मई तोह आठ अह्ह्ह है मेरे पुसी तोह पानी छोड़ने वाले है….

करीम- अह्ह्ह रांड…. पुसी नहीं छूट बोल…

उधर प्रिय कहने लगाती है..

करीम .. तुम सही जा रहे ho..ye अंग्रेश की औलाद… पुसी नहीं उसे छूट बोलते है..

पूजा- हाँ… मेरे छूट पानी चोर रही है ..

चोर दे ना…. Chinal..lehala दे आपने यार के लुंड को आज अपनी छूट के पानी से….

पूजा -- हाँ हाँ ली बूढ़े ली, नहला दी अपने लुंड को मेरे आह्ह्ह्हह अह्ह्ह है भोसड़ी की पानी se…..unghhhh ुंहःहःहः अह्ह्ह्ह है……

अब करीम भी जड़ने वाला था …

पूजा – बहार मत निकल लेना .. अन्दर hi nikalo..mere पहले फूकिंग है.. मई एन्जॉय करना चाहती हु..

इसपर प्रिय कहने लगाती है..

पूजा पागल हो गयी हो क्या.. प्रेजेंट हो जाओगे…

आआअह्ह्हह्हआआ…. ऊऊह्ह्ह… माय.. गूदड़…. ोोूहः माय गुड्ड़… इतस माय फरिस्त फूकिंग… यू अरे सो गुड करीम … ायःहा .. व्हाट आआ फूकिंग..

और उधर प्रिय ने भी अपनी पंत ठीक की.. और सोचन लगी … ोुहहू … माय गॉड.. ये मैंने क्या कर दिया..

जैसे ही पूजा के छूट ने पानी छोड़ना शुरू kaya….idhar करीम के लुंड ने भी पूजा के छूट के गेहरों मई अपना लावा वगलना शुरू कर दया….. दोनों झाड़ कर हांफने लगी thee….paseene से भीगे हुए वो एक दूसरे से चिपके कुछ देर ऐसे ही लेते रहे….

एक hi राउंड से करीम कहा शांत होने वाला था.. उसने मोबाइल की तरफ देखा तो कॉल बंद हो चुकी थी..

अब थोड़े देर के बाद करीम ने पूजा को आपने पेट पर टांगो की तरफ मुंह करके बैठने को कहा.. उसने ऐसे hi किया.. करीम ने उसको आगे आपने लुंड की तरफ जुका दिया.. जिससे पूजा की छूट और गांड करीम के मुंह के पास आ गयी.. एकदम तना हुआ करीम का लुंड पूजा के आँखों के सामने सलामी दे रहा था.. करीम ने जब आपने होंठ पूजा के छूट की फैंको पर टिकाये तो वह सितार कर उठी.. इतना अधिक आनंद उससे सहन नहीं हो रहा था ..उसने आपने होंठ लुंड के सुपडे पर जमा दिए..





करीम उसके छूट को निचे से उप्पर की ओरे चाट रहा tha.uski एक उंगली पूजा की गांड के छेद को हलके से कुरेद रही थी. इससे पूजा का मजा दोगुना हो रहा tha.ab वो जोर जोर से लुंड पर आपने हूंतो और जीभ का जादू दिखने lagi..lekin ज्यादा देर तक वो इतना आनंद सहना न कर पायी आउट उसकी छूट ने पानी चोर दिया जो करीम के मांसल छाती पे टपकने laga..pooja ने करीम के टांगो को जकड लिया और हाफने लगी..

करीम का शेर फिर से हमले को तैयार tha.lekin पूजा तैयार नहीं थी पर करीम कहा सुनाने वाला था.. वैसे भी हो जनता था अब प्रिय के शादी मई और सुहागरात मई इतना बिजी हो जायेगा की पूजा के लिए वो उतना टाइम नहीं दे पायेगा..

उसने ज्यादा देर न करते हुए पिलो की सीट बना कर बीएड पर रखा और पूजा को ुसस्पर उल्टा लिटा दिया. पूजा की गांड अब ऊपर की और उठी हुयी थी. और चूचियां बीएड से टकरा रही थी. करीम ने अपना लुंड उसकी छूट के द्वार पर रखा और पेल दिया. चुतरस की वजह से छूट गीली होने से 9 इंची लुंड 'पूछ' की आवाज के साथ पूरा उसमें उतर गया. पूजा की तो जान hi निकल गयी. इतना मीठा दर्द! उसको लगा लुंड उसकी आँतड़ियों से जा टकराया है.

करीम ने पूजा की गांड को एक हाथ से पकड़ कर ढक्के लगाने सुरु कर दिए. पहले इतना दर्द पूजा को अब नहीं हो रहा था.. एक एक धक्के के साथ जैसे पूजा जन्नत तक जाकर आ रही थी. जब उसको बहुत मजे आने लगे तोह उसने अपनी गांड को थोड़ा और छोड़ा करके पीछे की और कर लिया. करीम के टेस्ट्स उसकी छूट के पास जैसे थप्पड़ से मर रहे थे.

करीम की नज़र पूजा की गांड के छेड़ पर पड़ी. कितना सुन्दर छेड़ था. उसने उस छेड़ पर थूक गिराया और उंगली से उसको कुरेदने लगा. पूजा आननद से कराती जा रही थी. करीम धीरे धीरे अपनी उंगली को पूजा की गांड में घुसाने लगा.

उठ… hh...kkk…kya....kkar... रहे हो.. J..jjan

पुजा कसमसा उठी.

देखती रहो!

और करीम ने पूरी उंगली धक्के लगते लगते उसकी गांड में उतर di.pooja पागल सी हो गयी थी. वह नीचे की और मुंह करके अपनी छूट में जाते लुंड को देखने की कोशिश कर रही थी.





पर पिलो की वजह से ऐसा नहीं हो पाया. करीम को जब लगा की पूजा का काम अब होने hi वाला है तो उसने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी. सीधे गर्भाशय धक्कों को पूजा सहन न कर सकीय और ढेर हो गयी.

करीम ने तुरंत उसको सीधा लिटाया और वापस अपना लुंड छूट में पेल दिया. पूजा अब बिलकुल थक चुकी थी और उसका हर अंग दुःख रहा था.. पर वो सहन करने की कोशिश करती है.. पूजा ने झुक कर उसके होंठों को अपने होंठों से चिपका दिया और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी..

धीरे धीरे एक बार फिर पूजा को मजा आने लगा और वो भी सहयोग करने लगी.. अब करीम ने उसकी चूचियों को मौलाना सुरु कर दिया था.. पूजा फिर से मंजिल के करीब थी.. उसने जब करीम की बाँहों पर अपने दांत गाड़ने शुरू कर दिए तो करीम भी और ज्यादा स्पीड से ढक्के लगाने लगा..

पूजा के छूट का पानी छोड़ते hi उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और पूजा के मुंह में दे दिया. पूजा

के छूट रास से सना होने की वजह से एक बार तो पूजा ने मन करने की सोची पर कुछ न कहकर उसको बैठकर मुंह में ले hi लिया. करीम ने पूजा का सर पीछे से पकड़ लिया और मुंह में वीर्य की बौछार सी कर दी. पूजा goo...gooo करके रह गयी पर क्या कर सकती थी..

करीम ने तुरंत उसको सीधा लिटाया और वापस अपना लुंड छूट में पेल दिया. पूजा अब बिलकुल थक चुकी थी और उसका हर अंग दुःख रहा था, पर वो सहन करने की कोशिश करती रही. पूजा ने झुक कर उसके होंठों को अपने होंठों से चिपका दिया और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी. धीरे धीरे एक बार फिर पूजा को मजा आने लगा और वो भी सहयोग करने लगी. अब करीम ने उसकी चूचियों को मसलना सुरु कर दिया था. पूजा फिर से मंजिल के करीब थी. उसने जब करीम की बाँहों पर अपने दांत गाड़ने शुरू कर दिए तो करीम भी और ज्यादा स्पीड से ढक्के लगाने लगा. पूजा की छूट के पानी छोड़ते hi उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और पूजा के मुंह में दे दिया. पूजा के छूट रास से सना होने की वजह से एक बार तो पूजा ने मन करने की सोची पर कुछ न कहकर उसको बैठकर मुंह में ले hi लिया. करीम ने पूजा का सर पीछे से पकड़ लिया और मुंह में वीर्य की बौछार सी कर दी. पूजा goo...gooo करके रह गयी पर क्या कर सकती थी. करीब 8-10 बौछारे वीर्य ने उसके मुंह को पूरा भर दिया. करीम ने उसको तभी छोड़ा जब वो सारा वीर्य जातक गयी.
 
उधर प्रिय की हाल ख़राब थी..





उसका दिल धक् धक् करने लगा , वो थोड़ा दर गयी थी. पर क्योंकि उसको शादी ककी तयारी करनी थी इशलिये वो सब भूल कर शादी की तयारी करने लगी… पता नहीं क्या बात थी करीम में की रह रह कर वो प्रिय के नज़रो में घूम रहा था.

प्रिय ने पसीने पांच कर पानी पिया hi था की अचानक दूर बेल्ल बज उठी और वो होश में आयी की उसका होनेवाला हस्बैंड राजीव आने वाला हैं. राजीव आया .. प्रिय ने किचन में जाकर पानी लाया और राजीव को दे दिया ... चहरे पर कोई टेंशन वाले भाव दिखते हुई..





राजीव करीब 2 हॉर्स प्रिय के घर मई था .. राजीव और प्रिय के मम्मी कुछ बाते करने लगे … उस तरफ प्रिय का कुछ भी ध्यान नहीं था .. मम्मी ने राजीव को खाने के लिए कुछ नास्ता दिया.. बीच बीच मई राजीव ने 2-3 टाइम्स प्रिय को कुछ कहा पर प्रिय ने कुछ जवाब नहीं दिया ..नास्ता खा कर वो चला गया. जाते टाइम उसको प्रिय के मम्मी ने दूर तक छोरा .. उसने मूमी को पूछा .. प्रिय के तिब्बत ठीक नहीं है क्या.. तब मम्मी ने कहा हाँ थोड़ी से ख़राब है.. एक्चुअली प्रिय की मम्मी भी नहीं जानती थी की प्रिय को क्या हुआ है..

वापस आकर माँ ने प्रिय को पूछा .. क्या हुआ इतना गुमसुम क्यों हो गयी हो.. माँ को भी प्रिय ने कुछ नहीं बोलै और बैडरूम मई जाकर वो लेट गयी.

पर उसे नींद नहीं आयी. वो सोच रही थी की आखिर ये मेरे साथ ऐसा कैसे हो गया और ये गलत बात है ये जानकार भी मेरे आँखों के सामने से करीम क्यों नहीं जाता है ..आज का ये फ़ोन साल ये कोई इत्तेफाक था या फिर वो ये जानबूझ कर करीम ने किया है ... और दूसरी बात वो पूजा hi थी क्या या मेरा वहां था… पूजा नाम वाली दूसरी कोई लड़की थी… नहीं नहीं पूजा hi थी.. उसने पूर्वी भाभी का नाम लिया था.. पूर्वी hi लिया था क्या .. या मुजसे सुनाने मई गलती हो गयी… क्यों की मैंने क्लियर नहीं सुना था .. पूर्वी भाभी का नाम..


फिर उसने फैसला किया की मैं रात को करीम से बात करुँगी. पर रात को तो वो दारू के नशे मई रहता है.. पहले से वो इतना कमीना है और दारू के नशे उसने कुछ मुझे उलटा सुलाता बोल दिया तो … नहीं नहीं मुझे अभी बात करने होगी.. लेकिन अभी तो पूजा होगी न उसके साथ … ठीक है मई उसको कॉल hi है करुँगी..

उधर पूजा अब ठीक हो गयी थी.. वो करीम को किश करते हुई कहती है





प्रिय से मिलाना है क्या

हाँ

कल हम लोग इनऑर्बिट माल मई जा रहे है शॉपिंग करने

तो आता हु

कितने उतावले हो रहे हो… उसके लिए..

करीम पूजा को आपने बहो मई लेता है और उसको किश करता है..

उसके छूट के लिए और बड़े बड़े आम दबाने के लिए..

ऐसा कहके करीम पूजा के आम को जोर से दबाता है..

आह्ह्ह्हआआ

कमीने.. उसके आम के चक्कर मई मेरे आम को क्यों निचोड़ रहे हो…

और फिर पूजा को किश करके उसके रूम से चला गया..

करीम कान्तिशीथ के बंगलो से बहार आते hi उसने प्रिय को कॉल लगाया.. वो सोच रही थी की मुझे उसको साफ़ साफ़ बताना है की तुम शादी मई नहीं आओगे.. नहीं तो मुजसे बुरा कोई नहीं होगा..

करीम का कॉल आते hi उसने कॉल उठा लिया..

फ़ोन क्यों लगाया मुझे जल्दी बता दो .. मुझे काम है बहुत सारे ..

प्रिय नाकारा दिखाते हुई कहती है..

पता है अभी थोड़े देर पहले मैंने पूजा की छूट मारी, बहुत मजा आया, पर उसकी छूट मारते हुवे मुझे तेरा hi ख्याल आ रहा था, माँ कसम क्या बॉडी है तेरी, मुझे ऐसा लग रहा था की मई तेरी hi छूट मार रहा हूँ.

प्रिय ने शर्म से अपनी नजरे झुका ली. उसने सोचा आखिर ये आदमी मुजसे ऐसी गन्दी बाते क्यों कर रहा है.. फिर वो आपने आप को कहने लगी … पर ये सच है की ये सब सुन कर मेरी योनि गीली हो गयी है. पहली बार मैंने ऐसी बाते सुनी है. राजीव ने भी कभी मुझे ऐसी गंदे लैंग्वेज मई बात नहीं की है..

करीम बोलै..

तुझे पता है तेरी फिगर कितनी मस्त है.. तू जब भी मुझे मिलाने मेरे शॉप पाई आती थी तब मई तेरे फिगर को देखता रहता था..

पता है ..बी थे वे मई तुमसे मिलाने नहीं आती ..काजल भाभी मुझे लेके आती थी ..जबरदस्ती ..उन तुमसे डर लगता था..

और तू काजल रांड की बॉडी गार्ड बांके आती थी…

मंद योर लैंग्वेज ..बूढ़े…

उसको मुजसे क्या डर था.. डर था तो मुजसे छुड़वा क्यों लेते thi..roj रोज मुझे आपने घर बुलाती थी और मुजसे आपने छूट और गांड मरवा लेती थी.. फिर वो मेरी रांड hi हुई न.. अब वो मेरे रांड थी.. तो.. रांड को रांड hi बुलाऊंगा न…

तुम्हारा भाभी के सात कैसा रिश्ता था .. वो मुझे नहीं पता …

तुजे नहीं पता मतलब.. तुजे तो सबसे ज्यादा पता था… तूने तो पुरे दुनिया मई ढिंढोरा पिता था हमारे बारे मई .. और बोल रही है चैनल.. मुझे नहीं पता..

मंद योर लांगुआग्गे.. करीम.. ऐसे गंदे वर्ड मेरे साथ नहीं चलेंगे.. नहीं तो मुजसे बुरा कोई नहीं होगा …

क्या कर लोगे तुम..

मई.. मई… फ़ोन कट कर लुंगी…

मुझे ये बता तूने हमारा रिश्ता तोडा या नहीं …

जो रिश्ता hi जायज़ hi न हो उसके बारे मई ज्यादा बात नहीं करना चाहती..

थोड़ा या नहीं वो बता

तोडा … पर ये सब गलत था…

तूने मुजसे काजल की छूट चीन ली अब तू मुझे अपनी छूट दे दे..

ये सुनके प्रिय हैरान रह गयी..

कमीने … तू क्या बोल रहा है तुजे तो पता है क्या…

मुझे पता है… काजल तूने मुजसे चीन ली.. तेरे वजह से उसकी बद्नम्मी हुई..

मेरे वजह से …

हाँ .. तेरे वजह से..

तुम कुछ भी गलत कर लो वो कुछ नहीं है.. मैंने तुम्हारा गन्दा रिश्ता बुआ को क्या बताया तुमने मुज पर hi सब जिमेदारी दाल दी… तुम दोनों को पहले पता नहीं था क्या तुम जो भी कर रहे हो उससे तुम लोगो की बदनामी हो सकती है ..

नहीं होती तू अगर किसी को नहीं बताती..

मई क्यों न बताती..

तेरे क्या वो बहन थी..

बहन नहीं भाभी थी..

सगी तो नहीं थी न..

बुआ मुझे बेटी मानती थी… और तुम बहुत फ़िक्र हो रही है अब काजल भाभी की .. जो बोल रहे हो मेने उनने बदनाम किया..

मुझे नहीं है उस की फ़िक्र.. पर मेरे हाथ से एक छूट चली गयी ..इस वजह से बोल रहा हु..

हाँ हां.. एक छूट चली गयी… बाकि दूसरे इतने सरे छूट मेरे वजह से मिल गयी उसका काया..

प्रिय गुस्से मई बोल पड़ी…

तेरे वजह से कोनसी छूट मुझे मिली …

मुझे नहीं पता ….

प्रिय ने गुस्से मई कहा और अब उसपर सोचने लगी ...अब बात ज्यादा बिगड़ जायेंगे… उसने कुछ नहीं कहा और फ़ोन काट दिया..

करीम ने फिर से कॉल लगाया.. प्रिय ने काट दिया .. 2-3 बार लगाने के बाद प्रिय ने कॉल उठा लिया..

क्या है.. मुझे क्यों परेशां कर रहे हो..

बता न .. तेरे वजह से कोनसी छूट मिली..

बोलै न मुझे नहीं पता..

बता न मेरे छम्मक चलो..

मुझे नहीं पता .. मुझे बक्श दो करीम …. मई हाट जोड़ती हु.. मई अब अपनी नयी जिंदगी सुरु करने वाली हु.. जो भी कुछ हुआ उस वजह से ी ऍम सूर्र्य… मुझे माफ़ कर दो…

ऐसे कैसे माफ़ कर दू… काजल के बदले मुझे तेरे छूट चाहिए..

वो काजल और तुम जक मार लो .. मुझे कुछ नहीं करना है…

मतलब तू कह रही है मई काजल को फिर से छोड़ना शुरू कर दू..

हाँ..

लेकिन वो तो मुजसे गुस्सा है..

तो मन लो उसको … उसमे क्या बड़ी बात है.. तुम वो आसानी से कर सकते हो ..

मेरे पास तो उसका नंबर भी नहीं है..

मई दे दूंगी…

फिर तूने हमारा तोडा है तो तू hi जुड़वाँ दे..

मेरे पीछे क्यों पड़े हो करीम..

क्या करू तू चीज़ hi ऐसे है..

उष्ण आगे कहा..

तू जब चलती है तो तेरी गांड क्या छलकती है.. सच तुझे मटक मटक कर चलते देख कर मेरा लुंड खड़ा हो जाता है और मन करता है तेरी गांड को दोनों हातो से पकड़ कर लुंड घुसा दूँ और तेरी खूब गांड मरू.

प्रिय शर्म से पानी पानी हो गयी.. पहली बार किसी ने उसके मू पर उसके बारे में ऐसी गन्दी बात कही थी. वो आपने आप को कहती ..

पता नहीं मई आखिर क्यों ये बकवास शुन रही हूँ.. ..

उसको अब लगाने लगा था की उसके शरीर में एक अजीब सी हलचल हो रही थी ये सब सुनकर.

वो आगे बोलै


तेरी चूचिया तो िश सहर में सबसे बड़ी है शायद hi किसी की इतनी रसीली चूचिया होंगी प्लीज एक बार दिखा न.

प्रिय ने गुस्से मई गर्दन हिला कर साफ़ मन कर दिया और बोल पड़ी


मई ऐसा कुछ नहीं करुँगी.

करीम बोलै …

तेरे को मई अब वीडियो कॉल करता हु … फ़ोन उठा ..

क्यों वीडियो कॉल ..

मुझे तेरे चुकी देखने है..

कोई जरुरत नहीं है वीडियो कॉल की ..

ऐसे hi दिखाएंगे तो मई देख नहीं पाउँगा न..

मई कुछ भी नहीं दिखाउंगी.. समजे..

करीम ने गिड़गिड़ाते हुवे बोलै


प्लीज एक बार अपनी चुकी दिखा do..mai भी तुम्हे अपना लुंड दिखा दूंगा .

मई राजीव के अलावा किसी और को अपने प्राइवेट पार्ट्स नहीं दिखा सकती..

ारे मैंने कपडे के ऊपर से बोलै .. तू क्या मुझे नंगी तेरे चुचुईया दिखने का सोचा क्या.. वैसे मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर तू नंगी हो जय मेरे सामने तो..

ऐसा कहके करीम हँसाने लगा..

इस बात पर प्रिय खामोश रही.

वो समझ गया की प्रिय इतने जल्दी अपने उभर नहीं धीखाएंगी. इससे और बातो मई लेना पड़ेगा..

फिर करीम ने बात बदल दी और बोल पड़ा

आज मौसम कितना मस्त है न.

प्रिय ने पूछा क्यों.

वो बोलै

अरे बहार बालकनी मई आकर तो देख..

प्रिय आपने रूम से बहार बालकनी मई आ गयी.

आयी क्या बहार

हाँ

ऊपर देखो बादल छाए हुवे है. तुझे भी ऐसा मौसम अच्छा लगता होगा न.

प्रिय समझ गयी की ये क्या sun-na चाहता है और वो चुप रही और कुछ नहीं बोली.

थोड़ी देर बाद प्रिय ने कहा ..

मुझे अब फ़ोन रखना पड़ेगा … माँ बुला रहे है..

करीम ने जैसे कुछ नहीं सुना और बोलै..

मेरा तो मन ऐसे मौसम में तेरे जैसी मस्त आइटम की छूट मारने का करता है.

प्रिय ये सुन कर दांग रह गयी और गुस्से मई बोली . ..

फिर पूजा या पूर्वी भाभी के पास चले जाओ न..

बात मू से निकलते hi प्रिय को आपने आप पर गुस्सा आने लगा.. और वो सोचने लगे…


ये मैंने क्या कह diya..use ऐसा लग रहा था की उसने ये बात कर के उसने जिन्दगी की सबसे बड़ी भूल कर ली है…

प्रिय ने ऐसा कहने के बाद करीम थोड़े देर chup-chap रहा और खामोसी से प्रिय आगे क्या कहेगे उसका इंतज़ार करने लगा… पर इधर आपने बात पर प्रिय डरने लगी … वो भी अब शांत रही .

वो सोचने लगी.. न जाने मुझे क्या हो गया है.. मई क्यों ऐसे लगबघ करीब 2 मिनट तक अपनी जगह खड़े हु… मई क्यों इस बायत पर उसका जवाब सुनना चाहती हु .. मुझे लग रहा ये मेरी भूल है क्योंकि मैं जाने अनजाने उसे एक मौका दे रही थी. मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा है .. क्या मई किसी आग से खेल रही हूँ…

ऐसे सोचते हुई प्रिय घबरा गयी… उसका दिल jor-jor से धड़कने लगा. वो वह से बालकनी से हैट जाना चाहती थी और कॉल बांध करना चाहती थी पर पता नहीं उसे क्या हुवा की वो बालकनी से हैट कर रूम मई चली आयी पर कॉल बांध नहीं किया ..

थोड़े देर बाद करीम बोल पड़ा..

चैनल… तू है क्या उधर..

हाँ .. बोलो..

इस बार प्रिय ने चैनल बोलने के बाद कुछ ज्यादा नहीं बोलै..

क्या बोलै था तूने..

कुछ नहीं

बोलै था न..

नहीं.. मुझे नहीं पता..

तूने कहा था .. पूजा या पूर्वी के पास जाऊ…

प्रिय कुछ नहीं बोली..

तूने कहा न पूजा या पूर्वी के पास चला जाऊ..

हम्म्म..

क्या करू … रांड …

( रांड कहने के बाद भी प्रिय कुछ नहीं कहती )..

तुजे तो पता hi होगा.. पूर्वी अब प्रेगनत है.. उसे तो मैंने लास्ट 15-20 दिन मई इतना छोड़ा है की उसके छूट का बोसडा हो गया है.. अब उसके छूट मई अब वो मज़ा नहीं रहा है…

करीम थोड़े देर शांत रहा .. प्रिय वो आगे क्या कहेगा वो वेट करने लगी .. उधर करीम प्रिय के रिएक्शन का इंतजार करने लगा. थोड़े देर ऐसे hi दोनों मई शांति रहर..

फिर प्रिय ने कहा …

और पूजा..

पूजा के बारे मई क्या कहु… क्या मस्त माल है.. साला उसको छोडके जिगरा खुश हो गया…

हम्म्म…

साला.. क्या छूट थी उसकी… एकदम कासी हुई छूट… साला उसके छूट की सील मैंने hi थोड़े…

करीम … प्ल्ज़ गंदे वर्ड उसे मत करो..

लेकिन करीम ने उसके तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया..

उसके छूट छोड़ते वक़्त बहुत मज़ा आया… थोड़ा रोने लगी स्टार्ट मई लेकिन बाद मई उसे भी बहुत मज़ा आया..

तभी प्रिय ने कॉल कट किया..

करीम ने फिरसे कॉल किया तो प्रिय ने कॉल उठा लिया..

क्यों कॉल कट किया..

मुझे नहीं सुननी तुम्हारी गन्दी भाषा..

अब इस में गन्दी भाषा क्या है.. उसकी छूट मारे वही तो तुजे बता रहा हु..

क्यों मेरे हस्ती खेलते जिंदगी बर्बाद करने पे तुले हुई हो..


वो कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थी. उसे अब लग रहा था की ये करीम कुछ ज्यादा hi बोल रहा है और साड़ी शीमाये लांघ रहा है. पर वो खुद hi खुदको कहने लगी ..

मई कर भी क्या सकती हु और फिर आपने आप को कहने लगी ..कही न कही मेरी वजह से hi उसकी इतनी हिम्मत बढ़ी है. मुझे शायद इससे बात hi नहीं करनी चाहिए थी…

ऐसा सोचते हुई उसने कॉल कट लिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया.. करीम तरय करता रहा .. 4-5 टाइम्स पर कॉल नहीं लगा… फिर आपने आप hi हँसाने laga..kahane लगा..

आज तो मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया .. पर कल क्या करोगी… मॉल मई तो तेरे हालत ख़राब कर दूंगा…

अब दूसरे दिन माल मई ...

करीम मॉल मई काजल को देखते hi बाजु मई कड़ी पूजा को कहता है..






साली ये काजल इस तरह सजधज कर आयी है जैसे प्रिय के नहीं उसकी शादी है और उसके शादी की शॉपिंग करने वो आयी है ....

पूजा हँसाने लगाती है

मई मजाक नहीं कर रहा हूँ ... सचमुच मुझे अब लग रहा प्रिय के पीछे न पड़ते हुई इसके hi पीछे पदु .. और इसको जमकर छोड़ू..

पूजा- उसके लिए तुम उसके पीछे पड़ने की क्या जरोर्रत है.. कही बार तो तुम काजल भाभी को छोड़ चुके हो..

करीम – लेकिन अब बहुत दिन हो गए है.. और उस हादसे के बाद इस चैनल को मिला hi नहीं हु.. और तुम कह रही हो ये मुजपे बहुत ज्यादा गुस्सा है..

पूजा- तो क्या हुआ.. तुमसे चूड़ी हुई औरत कितने दिन तुमसे दूर रह पाएंगे..

करीम- वो तो है..

तभी काजल के पीछे से प्रिय आते हुई देख जाती है..

पूजा करीम को कहती है..

आ गयी तुम्हारी छम्मक चलो..

करीम हँसाने लगता है..

फिर पूजा प्रिय के पास जाने लगाती है.. और दोनों बात करने लगते है..

थोड़े देर बात करने के बाद मई प्रिय देखती है.. करीम और पूर्वी भाभी है है के बाते कर रहे है..






तो

देख पूजा वो कमीना पूर्वी भाभी से कैसे है हास्के बाते कर रहा है..

तो क्या अब उसके हँसाने पाई और बाते करने पाई पाबन्दी लगाएंगी..

वैसे नहीं… वो कितना कमीना इंसान है.. और तूने भाभी को बताया नहीं क्या उस के बारे में ..

बताया था

फिर भाभी उस के साथ इतने ओपन तरीके से बाते कर रही है..

मई क्या जणू…

वो भी माल मई..

ओह माय गॉड…

क्या हुआ प्रिय

देख भाभी उसका हाथ आपने पथ पे घुमा रही है..

तो..

उसका मतलब..

क्या मतलब..


 घ

क्या भाभी .. प्रेजेंट है..

हआ..

ओह्ह्ह माय गॉड… मतलब करीम से..

क्या बक रही है प्रिय तू… भाभी ऐसा कुछ नहीं कर सकती.. और तू इतने यकीं से कैसे कह सकती है..

पूजा जानना चाहती थी प्रिय ने करीम को कॉल किया था और उसने पूर्वी भ्भी के बारे में जो कुछ कहा था क्या वो सच में बताएगी ..

जिस तरह से वो भाभी के पेट पे वो हाट घुमा रहा है… उससे..

पूजा मैं मई कहती है.. कामिनी.. बता न करीम ने तुजे फ़ोन पे बताया है…

देख वो भाभी को कार्नर मई लगाया.. और अब उनके शोल्डर पर आपने बहे दल रखा है..

जाने दे.. वो मुझे मत दिखा… चल शॉपिंग करते है..

प्रिय भी कुछ सोच कर कहती है..

हाँ चल… भाड़ मई जाये वो कमीना और उसकी लोँडिबाजी…

हाँ…. ये तूने ठीक कहा.. प्रिय


ऐसा कह के दोनों अब शॉपिंग करने लगते है..

जब वो दोनों शॉपिंग कर रही थी तब करीम उन दोनों के पास आता है ...

नमस्ते प्रिय मेमसाब ...

तब प्रिय उसको गुस्से से देखने लगाती है..





बुलाओगे नहीं अपनी शादी मई

प्रिय कुछ नहीं बोलती

पूजा मेमसाब आप तो बुला लो आपने सहेली की शादी मई

पूजा करीम के तरफ देखते हुई कहती hai..bade अड्डा क साथ..





जिस की शादी है उसको hi पूछ लो..

करीम प्रिय की तरफ देखते हुई कहता है

हम आना चाहे तो मन तो नहीं करुँगी..

प्रिय उसकी आँखों मई देखते हुई कहती है





नहीं

पहले से ज्यादा खूबसूरत लग रही हो

थैंक्स..

तेरा हस्बैंड वही लल्लू है न

प्रिय कहती है


राजीव

मजा आएगा तेरे शादी मई..

आजा न शादी मई

फिर करीम वह से चला जाता है..

प्रिय तू करीम से क्यों बात कर रही थी .

क्यों … तेरे बूब्स दबा दिए है क्या उसने.. है है..

और प्रिय हँसाने लगाती है..

तू तो कहती थी न वो कमीना इंसान है

पूजा … फिर जब मई आयी थी तब तू उसके साथ क्या बात कर रही थी..

कुछ नहीं ..

तो फिर जरूर तेरे बूब्स दबा रहा होगा पूजा वो कमीना उस वक़्त

मेरे नहीं प्रिय बूत तेरे जरूर दबाये होंगे तभी इतने बहार निकल आये है.

प्रिय अपनी चूचिये से बहुत परेशान रह थी थी क्यों की वो जानती थी की उसके उम्र के हिसाब से वो जयादा बड़े है. इसलिए जब कोई उसकी चुकी के बात छेरता है तो उससे गुस्सा आ जाती था .

हरामी साली तेरी तरह चैनल नहीं हूँ मैं

प्रिय गुस्से मई कहती है..

क्या मतलब है तेरा प्रिय मई चैनल हु..

मुझे क्या पता..

फिर तूने ऐसा क्यों कहा..

कल रात उसने मुझे कॉल किया था और वो बता रहा था उसने कल तेरे साथ सेक्स किया और तेरे सील थोड़ी..

कल कितने बजे ..

आफ्टर 7

पूजा थोड़ा देर सोचकर कहती है..

ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है.. उस कमीने पर तू कबसे ट्रस्ट करने लगी हो..

मई उसपर कभी भी ट्रस्ट नहीं करुँगी… पर..

पर क्या प्रिय..

इस कॉल से पहले उसका एक कॉल आया था..

इससे पहले .. मतलब कितने बजे..

5- 5:30

ओह्ह्होऊ..

प्रिय मन मई कह टी है हमने तो 3 पं को कॉल किया था..

क्या हुआ पूजा …

कुछ नहीं.. तू बोल क्या कहा उस कॉल मई उस कमीने ने..

एक्चुअली वो कॉल उसने किया नहीं गलती से लगा होगा ..

ऐसे तू कैसे कह सकती है..

एक्चुअली उस कॉल मई उधर से कोई बोल नहीं रहा था …

मतलब पहले कॉल मई आवाज नहीं आ रही थी..

नहीं पूजा .. अब बात समाज .. पहले उसने 2- 2:30 बजे कॉल किया … उसमे अनब शनाब बाते कर रहा था.. दूसरा कॉल कोई बात नहीं कर रहा था और तीसरा कॉल 7 पं का …

पूजा मैं मई कहती है .. इसने तो मेरे सामने एक hi कॉल किया था..

पूजा कहती है… इस दूसरे कॉल मई ऐसे क्या बात हुई जो तू मुजपे भरोसा नहीं कर रही है..

दूसरे कॉल मई सेक्स की आवाजे थी..

क्या..

हाँ .. वो पूजा पूजा कह रहा था..

इस लिए तुजे लग रहा है की वो मई थी

तुम्हारे मू से … मतलब उस लड़की के मू से पूर्वी भाभी का भी जिक्र था..

पूजा मैं मई कहती है… सेल ने सेक्स के दौरान प्रिय को कॉल किया था .. और सडके करने की कोशिश की थी… हरामी मादरचोद भादवा sala..Pooja मैं मई कहती है… कमीना साला डबल क्रॉस कर रहा है… दिखती हु इससे… मेरे साथ गेम .. मैंने इससे हेल्प करने का प्रॉमिस किया फिर भी ये साला मेरे साथ गेम खेल रहा है..

देख प्रिय .. तू उसपर भरोसा मत कर.. वो बहुत कमीना है तू भी जानती है.. वो तुजे पाने के लिए कुछ भी कर सकता है.. मेरा नाम लेके .. कॉल करके तुजे सडके कर सकता है..

हम्म्म

देख.. तू गरम हो गयी थी सेक्स सन सुन कर..

हैं.. थोड़ा ..

यही उसका मकसद है.. साला बहुत कमीना है.. तुम्हारे साथ सुहागरात मानाने के लिए ये साला कुछ भी करेगा .. जरा संभलके रह..

तू सही कह रही है.. मुझे उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए..

हाँ.. तू आपने दीमक मई ये बात पक्की कर ले उस के हाथ तू आएगी hi नहीं.. मई भी देखती हु अब वो तेरे साथ सुहागरात कैसे मन सकता है..

एक बात बता पूजा जब मई करीम से बाटे कर रही थी तब मई देख रही थी तुम्हारे होंटो पे मुश्कान थी???? क्यों???


पूजा शांत रहती है..

मई जान सकती हु… क्या पूजा..

अभी मई है भी नहीं सकती क्या..

सच बता न .. क्या वजह है..

यार तो मैं कोण सी इस बात से एतराज़ कर रही हूँ की वो कमीना है .. देख तू जानती है वो कितना चालू है और अगर मैंने उससे जायदा भाव नहीं दिया तो वो अपनी बजती समझेगा और तब सायद मुझे वो जयादा नुकसान पहुंचाएगा. मैं केवल मतलब भर का हे बोलती हूँ उससे. ऐसे जो मर्द होते है

मर्द??? ाहहए..

मर्द हो तो कहेगा न उससे .. जो इतने लेडीज के साथ अफेयर रखता है..

हम्म्म

ऐसे जो मर्द होते है न वो कुत्ते होते है, जो किसी के साथ भी सोने को तैयार होते है. मैं नहीं चाहती करीम कोई बात दिल पे ले ले और मुझे फिर परेशान करे.

हम्म्म..

मुझे लगता है प्रिय वो तुझे बहुत ज्यादा पसंद करता है… काजल भाभी से ज्यादा..

अभी तो कह रही थी मई उसके सुहागरात का सपना कभी पूरा नहीं होने दंगे.. और अब ऐसा कह रही थी..

मई तो पूरा नहीं होने दंगे … लेकिन तू साथ दे दो तो..

मई तो साथ दूंगी hi न …मुझे कहा उसके साथ सुहागरात करने है..

फिर उसको बात क्यों कर रही थी.. और शादी का इनविटेशन क्यों दिया तूने उससे..

अरे पागल ऐसा कुछ नहीं है. तेरे साथ खड़ा था … तू उससे बात कर रही थी इसलिए मैंने भी उससे बात की और शादी का इनविटेशन मैंने कब दिया उससे उसने hi आने की इच्छा जटाहि तब मई क्या कह सकती थी.. मन तो कर नहीं सकती न..

प्रिय ये बात उसके सर पे टिप लगते हुए कहती है.

तूने पहले तो मन किया था अब क्यों बुलाया

सोचा ..उसकी इच्छा पूरी कर दू..

इच्छा .. सुहागरात वाली..

पागल है क्या तू.. शादी वाली बोल रही हु..

उसकी इच्छा बढ़ती जयति है..

पता है..

लेकिन मई एक hi इच्छा पूरी करूंगी..

और दूसरी कोण करेंगे..

मुझे क्या पता..

काजल भ्बहि..

उसने तो कई सुहागरात की है भाही के साथ तो अब कहा की सुहागरात ..

फिर कोण कर्जा उसकी इच्छा पूरी ..

क्या पता..

एक बात बताओ प्रिय ..

हाँ बता ..

तू जिस तरह से उससे बाते कर रही थी उस वजह से मुझे हसी आ रही थी..

मतलब..

2 दिन बाद तेरे शादी है और तू उसके साथ रोमांटिक हो रही हो..

मई रोमांटिक हो रही हो…

हाँ

मुझे तो लगा तुम hi रोमांटिक हो चुकी हो उसके साथ ..

पागल हो गयी हो क्या प्रिय..

ऐसे बाते करते हुई वो दोनों शौप्पोइंग करने लगे ..तब वह उन्दोनो के पास काजल आती है.

क्या बाते कर रहे हो आप दोनों

प्रिय - कुछ नहीं भाभी..

ठीक है मई जरा ड्रेस देखते हु

अच्छा भाभी

दोनों कहती है..


तब काजल ड्रेस चेक करने लगी … उसने एक ड्रेस सेलेक्ट की और उसको वो ड्रेस आता है की नहीं वो चेक करना चाहती थी..

प्रिय दीदी.. मई ड्रेस चेक करके आती हु..

हाँ.. भाभी..

ऐसा कहके प्रिय आपने लिए ड्रेस देखने लगी.. इस वक़्त पूजा पूर्वी के साथ दूसरे शॉप मई थी..

काजल चेक करने के लिए वो चेंजिंग रूम मई जाने लगी.. जैसे hi वो चेंजिंग रूम मई जा रही थी वैसे hi उसके पीछे से करीम घुसता है.. और अंधेर से लॉक करने लगता है..

कमीने तू यहाँ क्या कर रहा है.. चल बहार हो जा…

तभी करीम दूर लॉक करता है .. और पीछे से काजल को पकड़ता है और उसके दोनों आम दबाता hai..aur उसको घुमाके उसको किश 💋 करने लगता है..





आहहहआ… चोर न मुझे…

पहले तो मजे ले रही थी … अब क्या हुआ..

उस मज़े की मई सजा भोग चुकी हूँ.. अब मेरे जिंदगी से दूर हो जा तू..

नहीं जाऊंगा.. क्या करेंगे तू..

मई चिलौंगी..

तो चिल्ला न ..

करीम को लगा वो नहीं चिलयेंगी..

भैय्या… बहार से दूर लॉक हुआ है.. कोई तो निकालो..

उसने शॉप के किसी नौकर को आवाज दी थी..

तभी एक नौकर की आवाज आती है…

जी मेमसाब.. बहार से लॉक नहीं है..

नौकर आते hi करीम थोड़ा डर गया और उसने काजल के बॉडी से आपने हाट हटा लिए .. तभी काजल ने दूर लॉक ओपन किया .. करीम बाजु मई चिप गया.. काजल बहार आ गयी… और प्रिय के पास जेक कड़ी हो गयी..

क्या हुआ भाभी.. ड्रेस आ गयी क्या फिट..

नहीं..

जाने दो भाभी … अब मूवी का टाइम हो गया है.. मूवी चलते है… पूजा और पूर्वी भाभी वह वेट कर रहे है..

हाँ चलो…

करीम को तो पहले hi पता था इनका ये प्लान जो पूजा ने बताया था.. इसलिए उसने भी उसी मूवी का टिकट निकला हुई थी.. अब वो 4 लोग मूवी हाल मई पहुँच चुके थे… उनके पीछे पीछे करीम भी उसी हाल मई पहुँच चूका था.. लेकिन सीट बहुत दूर मिली थी.. इन् 4 लोगो को एक कार्नर मई सीट मिली थी… पीछे से 2ंद रौ..

मूवी शुरू हो चुकी थी… करीम ने कुछ जुगाड़ करके उनके एक्साक्ट्ली पिछले वाली सीट ले ली .. और वो वह बैठ gaya…aab मूवी शुरू हो गयी थी… वो पूर्वी के एक्साक्ट्ली पीछे बैठा था .. हाल मई उसने पूर्वी के शोल्डर पर हाथ रख दिया.. उसने पीछे मुद के देखा और बोल पड़ी …

तुम

पूर्वी लास्ट मई बैठी थी.. वाल के साइड .. उसके बगल मई काजल … फिर प्रिय और लास्ट मई पूजा..

पूर्वी के आवाज के साथ hi काजल उसके तरफ देख के कहती है ..

क्या हुआ पूर्वी मैडम ..

कुछ नहीं भाभी …

पूर्वी से काजल बड़ी थी इस वजह से वो काजल को भाभी कहती थी..

ऐसा कह के करीम का हाथ पूर्वी आपने शोल्डर पर से हटा देते hai..tabhi काजल की नज़र पूर्वी के शोल्डर पाई जाती है … वह से अभी किसी ने हाथ हटा दिया था .. काजल चोरी चुप के .. पूर्वी को पता न लगे ऐसा पीछे देखते है तो उसे करीम दिख जाता है..





वो करीम को देख के गुस्सा करती है… और मैं मई सोचन इ लगाती है..

ओह्ह्ह.. माय गॉड … इसने पूर्वी मैडम को भी पता लिया .. लेकिन कब और कैसे..

काजल ये सब सोच hi रही थी की करीम उसके शोल्डर पर हाथ रकता है.. काजल जातक से आपने वो हाथ हटा लेती है.. और इशारे से कहती है.. उस पूर्वी के शोल्डर पर हाथ रखो ..





और आगे देखने लगाती है.. थोड़े देर बाद करीम पूर्वी के शोल्डर पर हाथ रखता है.. पूर्वी काजल के तरफ देखते है .. वो मूवी देख रही थी ..ये देख के राइट साइड पीछे देख के धीरे से कहती है..

no करीम काजल भ्भी है यहाँ .. वो देख लेगी..

वो मूवी देख रही है..

ऐसा कह के एक हाट से पूर्वी के गर्दन मई दाल के उसको थोड़ा पीछे को खींचता है और आपने बहो में उसे भर लेता है .. पीछे से .. अब पूर्वी के पीछे करीम था.. वो थोड़ा आगे के और हो जाता है.. काजल की और.. अब काजल के गर्दन और उसके मू के बीच थोड़ा hi फैसला था.. हाथ से पूर्वी के गर्दन को पकड़े हुई था… और आपने गर्दन आगे कर के करीम काजल के शोल्डर को किश करता ही.. शर्मा कर पूर्वी ने अपनी आँखे पहले hi बंद कर ले थी और जैसे hi करीम काजल को किश करता है वो गुस्से से पीछे मूड के आपने दोनों हाथ से उसका चेहरा पीछे धकेल देते है… और आगे देखने लगते है.

और इधर करीम पूर्वी के गर्दन वाला हाथ थोड़ा आगे करके उसके एक आम को धीरे से दबा देता है.. वैसे hi पूर्वी आपने हाथ मू पाई लेके दबा देते है .. उसकी आवाज बहार न आये इस वजह se..phir पूर्वी अपनी गार्डन घुमा कर बहोत धीरे से करीम के कानो मई कहती है..

काजल भाभी के होते हुई ये मत करो न …


शयद काजल ये बात सुन लेते है.. इस वजह उसके चहरे पर हलकी सी हसी आ जाते है..





उसकी हसी देख के करीम को लगता है काजल भी अब लीन ेपाइ आ jayenge..aab पूर्वी के शोल्डर को किश करते हुई काजल को देखते हुई करीम आपने हातो मई पूर्वी के दोनों बूब्स पकड़ लेता है.. पूर्वी की आँखे बंद थी.. जैसे hi उसके आम को करीम दाबत है तब उसके मू से हलकी सी आवाज निकल पड़ती है ..





तब काजल पीछे घूम कर करीम के आँखों मैं देखते है और फिर पूर्वी के बूब्स की तरफ देखती है.. अभी भी पूर्वी के आंखे बंद थी.. वो अब पूर्वी के आम पर से एक हाथ निकल लेता है और काजल के आम पर रख देता है ..अब एक हाथ पूर्वी के आम पर था और दूसरा हाथ काजल के आम पर.. पूर्वी की आँखे बंद थी और काजल खुले आँखों से ये नजारा देख रही थी..

अब वो आपने जो हाथ काजल के आम पर था वो वह सिर्फ रखता है पर कुछ करता नहीं है.. पर पूर्वी के आम वाला हाथ वो धीरे धीरे दबा रहा था .. इस वजह से पूर्वी के मू से धीरे धीरे आवाजे आ रही thi..purvi अब फिर से अपनी गर्दन थोड़ी पीछे कर के करीम के कानो मई आपने आँखे बंद करते हुई कहती है..

धीरे से करो .. नहीं तो काजल भाभी मेरे आहे सुन लेगी..

पूर्वी ने ये कहा तब काजल करीम के तरफ देख कर एक बार फिर से स्माइल करती है...






सुनाने दो..

ऐसा कह के धीरे से काजल का एक आम उसके सदी और ब्लाउज के उप्पर से दबा देता है ..तब काजल घूम के … साइड से घूम के बैठी थी ..और शर्म के मरे आँखे बंद करके निचे देखने लगती है..





अब काजल के भी आँखे बंद हो जाती है ..लेकिन वो झट से आपने आँखे खोल देते है .. और वो आपने आम पर का करीम का हाथ निकल देते है .. गुस्से se..aur धीरे से करीम की तरफ देखते हुई कहती है..

मेरे बॉडी को टच मत करो..

उधर पूर्वी धीरे से बोल पड़ती है..

उसने सुना तो आफत आ जायेंगे..

करीम काजल का एक हाथ की उंगलिया आपने हाथ मई लेता है .. और वो उंगली पूर्वी के हूंतो पर रख देता है .. आपने हाथ से पकड़ते हुई..

उसको भी मज़ा देंगे.. तेरे जैसा ..

धत्त्त.. कुछ भी बोलते हो ..

काजल अब आगे घूम जाती है .. पर उसकी एक उंगली पूर्वी के हूंतो पर घूम रही thi..karim फिर हाथ हटा देता है फिर भी उसके हूंतो पर काजल अपनी उंगली घुमा रही थी.. जब उसको पता चला करीम ने आपने हाथ हटा दिया है तब काजल ने वो हाथ वह से हटा दिया..

तब करीम काजल के कण के पास जाकर कहता है..

काजल .. मज़ा लेने है क्या..

काजल कुछ नहीं बोलती तब करीम फिर से पूछता है .. तब काजल न मई गार्डन हिलती hai..fir से करीम काजल को पूछता है.. अब काजल कहती है..

नाहीई…

जब काजल ऐसे कहते है तब करीम पूर्वी का एक बूब्स जोर से दबाता है.. तब पूर्वी आँख बंद कर के hi जोरदार सिसका उठाती है

aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhha… uuuuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiii……… maaaaaaaaaaaaaa..

अपनी आवाज शयद जोर से आयी है ये जानकर पूर्वी अपनी आँखे खोल लेती है.. और काजल की तरफ देखने लगाती है.. तब करीम काजल से थोड़ा पीछे हैट जाता है और काजल मूवी देखने का नाटक करने लगाती है..

करीम फिर से पूर्वी के आम दबा देता है तब पूर्वी की आँखे फिर से बंद हो जाती hai..Aur दूसरे तरफ जैसे hi पूर्वी के बूब्स करीम जोर से दबाता है तब दर या क्वारिसिटी कहिये काजल की आँख आटोमेटिक बंद हो जाती है ... उसकी आवाज सुन kar..aur उसके मू से हल की सी सिसक उठाती है..

आआआअह्ह्ह्हह..

करीम फिर से एक बार पूर्वी के बूब्स जोर से दबाता है.. तब पूर्वी जोर से सिसक पड़ती है..

Aahhhhhhhhhhhhha.. मर गयी..

अभी काजल की आँखे बंद थी और पूर्वी की भी.. अब करीम एक हाथ काजल के गाल पे ले जाता है और उसका दूसरा हाथ पूर्वी के लेफ्ट आम पर था साथ मई पूर्वी के शोल्डर पर किश कर रहा था.. अब उसने काजल की हेयर पिन निकल दे थी.. इस वजह से उसके बाल खुल गए थे.. वो हाथ फिर से काजल के गाल पे ले जाता है वह अब वो रब कर रहा था ..

अब वो एक बार पूर्वी के नैक को किश करके शोल्डर तक चाट रहा था .. फिर तभी काजल के शोल्डर को किश कर के उसके नैक तक चाट रहा था .. इस वजह से दोनों धीरे धीरे बरी बरी सिसक रही थी..

काजल के गाल को रब करते हुई वो हाथ काजल के लिप्स पर ले जाता है और अपनी उंगली से वह घूमता है .. अब वो लिप्स पर का हाथ काजल के चीन से होते हुई निचे ले जाता है .. उसके गले तक और फिर और थोड़ा निचे .. उसके बूब्स के थोड़ा उप्पर.. अब काजल जान चुकी थी की अब करीम का हाथ कहा जाना वाला है .. इसलिए वो करीम का हाथ वही उसके आम के थोड़ा ऊपर पकड़ती है .. करीम वैसे hi काजल का हाथ पकड़ते हुई उसके दोनों बूब्स के बीच ले जाता है और वह उसकी हेयरपिन दाल देता है..

अब करीम का एक हाथ पूर्वी के लेफ्ट बूब्स पर था और दूसरा हाथ काजल के दोनों बूब्स के बीच वाले हिस्से पर था .... काजल और पूर्वी की आँखे अभी भी बंद थी.. मस्ती और ुटुसकता के वजह से .. अब करीम काजल के राइट बूब्स पर आपने हाथ रख देता है ..दोनों के दो आम को करीम एक के बाद दूसरा जोर से दबात है तब दोनों hi सिसक पड़ती है ..पहले पूर्वी..

aaaahhhhhhhhhhhhhha… करीम……… जज्जरआआआ.. धीरे..

पूर्वी के सिसकने के बाद काजल के बबबस को दबाता है .. काजल सिसकने hi वाली थी तभी करीम आपने दुसार हाथ जो पूर्वी के बूब्स पर था वो झट से काजल के मू पर लगता है .. ताकि उसकी सिसक बहार न आये.. फिर भी काजल धीरे से सिसक पड़ती है..

आअह्हह्हआआ.. mumiiiiiiiiiiiiiiiii..


करीम फिर से आपने काजल के मू वाला हाथ पूर्वी के ा ऍम पर रखता है..

काजल के साडी का पल्लू साइड पिन से बाँदा था.. वह करीम आपने हाथ ले जाता है और वह की सेफ्टी पिन निकलने लगता है पर एक हाथ से वो निकल नहीं रही थी.. तब काजल आँखे खोलती है और देखती है करीम क्या कर रहा है.. फिर एक बार पूर्वी के तरफ देखते हुई वो सेफ्टी पिन निकलती है .. जैसे hi वो पिन निकलती है करीम काजल का पालू नीच गिरा देता है.. अब काजल के बबबस बिना साडी के करीम देख सकता था ..

पूर्वी की आँखे अभी भी बंद थे..





वो आँखे न खोल दे इस वजह से करीम धीरे धीरे उस के ा ऍम को दबा रहा था … बीच मई उसके शोल्डर को किश करता था.. काजल का ब्लाउज बैक लेस्स था.. अब करीम काजल की ब्लाउज खोलने के लिए आपने हाथ काजल के पीछे ले जा रहा तह .. और उसे निकलने लगा था .. पर एक हाथ से वो निकल नहीं रहा tha..isliye करीम काजल को ब्लाउज खोलने को कहता है.. काजल नहीं मई गर्दन हिलती है .. काजल करीम को आँखों से इशारा करती है.. वो आँखे खोलेगी .. लेकिन करीम कहता है नहीं खोलेंगे.. काजल नहीं सुन रही है ये जान कर करीम काजल को कहता है किश दे दो .. काजल न मई गार्डन हिलती है..2-3 बार करीम कहता है लेकिन काजल सुनती नहीं है

करीम फिर से काजल को किश के लिए कहता है तब फिर काजल न मई गार्डन हिलती है तब गुस्से मई आकर करीम आपने दोनों हाथ से झट से काजल के चहरे को पकड़ता है .. उसके गार्डन को आपने और घूमता है और काजल को अपनी तरफ जोर से खिंच कर आपने हूंतो को उसके होंठो पर रख देता है..





जैसे hi दोनों के हूंतो का मिलान होता है वैसे hi प्रिय की आवाज आती है..

भाभी.. पिने के लिए कोल्ड्रिंक्स लेन है क्या..

प्रिय का आवाज सुनते hi करीम आपने हाथ चोर देता है.. और काजल झट से आपने गर्दन घुमा लेती है .. आपने बाल और सदी ठीक करती है.. आपने आम के अन्दर की हेयर पिन निकल के बालो मई लगा लेते है… उधर पूर्वी भी ठीक हो जाती है..

हाँ .. लाओ न.. बहुत प्यास लगी है..

काजल बोल पड़ती है..

थोड़े hi देर मई प्रिय बहार से कोल्ड्रिंक्स लेकर देते है.. सब लोग पिने लगते है.. पूर्वी की कोल्डड्रिंक्स वो बीच बीच मई करीम को पिने को देते है.. अब सब लोग फिर से मूवी देखने मई बिजी हो गए थे..

थोड़े देर बाद करीम ने पूर्वी के आम पर हाथ रखा तो पूर्वी ने उसका हाथ पकड़ liya..aur वह से हटा दिया और पीछे देख के कहने लगी ..

अभी नहीं..

करीम ने पूर्वी का हाथ पकड़ा और खेंचते हुए उसके hi ब्लाउज के उप्पर दोनों बाजु से रख दिया .. काजल को पता था करीम क्या कर रहा है पूर्वी के साथ.. लेकिन उसने जान बुज कर ध्यान नहीं दिया या ऐसे दिखा रही थी की वो मूवी देखने मई बिजी है..

करीम के इस हरकत से पूर्वी ने एक बार काजल की तरफ देखा वो इस तरफ नहीं देख रही है ये जान कर उसे थोड़ी रहत मिली… करीम ने जैसे hi उसके दोनों हाथपर से आपने हाथ को उसके आम पर दबाया तो वो करहा उठी.. वो आवाज भी नहीं निकल सकती .. इसलिए उसने अपनी सिसक आपने मू मई hi दबा दी और आपने आँखे बंद किये..

पूर्वी अपने अप्प को करीम के सामने इस हालत मैं पाकर अपने नज़रे नहीं उठ पा रही thee…phir भी पूर्वी ने आँखे खोल कर पीछे देखा और न करने का इशारा किया .. लेकिन करीम अपनी कमीनी मुस्कान के साथ पूर्वी की तरफ देखा रहा tha….wo इस कदर घबराई हुई थी, की उसके सोचने समजने के शक्ति भी ख़तम हो गए थी….

उसने पूर्वी की तरफ देखते हुए, अपने हाथ को एक बार फिर से पूर्वी के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से मसला, और फिर एक ही झटके मैं अपने दोनों हाथ को थोड़ा उप्पर करके ब्लाउज के अन्दर दाल दिया ..

पूर्वी के दिल के धड़कन अब और तेज चलने लगी thee…..wo अपने आप को उसके सामने इस क़दर महसूस कर रही थी की, वो कुछ बोल भी नहीं पा रही thee….wo धीरे-2 अब पूर्वी के बूब्स को आपने हाथ मई लेके दबा रहा था .. मसल रहा था.. अब उसके हाथ ब्रा के अन्दर थे… करीम जो कर रहा था वो सिर्फ काजल जानती थी.. काजल के बाजु मई बैठी प्रिय कुछ जानती नहीं थी.. और मूवी के बड़े आवाज के सामने कुछ सुना भी नहीं जा रहा था..

फिर अचानक उसने पूर्वी के दोनों निप्पल आपने उंगलियों मई ले लिए और उसको दबा दिए .. और उसे पकड़ कर उप्पर की तरफ जोर से खेंच daya….waise hi पूर्वी के मू से इस बार आवाज बहार आयी..

अह्ह्ह्ह करिमममममम

उसका सर चेयर के पीछे जा टकराया….. वैसे hi काजल ने उसके तरफ देख लिया.. अब साबरा करना उसके बस मई नहीं था..

और बोल पड़ी..

पूर्वी …

वैसे hi काजल ने आपने गर्दन मूवी के तरफ घुमा ली … काजल का आवाज आते hi पूर्वी ने आँखे खोल के करीम का हाथ वह से हटा दिया .. ब्लाउज और साडी का पल्लू ठीक कर दिया.. और गुस्से से करीम को आँखे दिखाए..

हैं… काजल भाभी…

मूवी कितने अच्छे है..

हाँ .. बहुत अच्छे मूवी है..

करीम भी अब पीछे होक सीधा बबैत gaya..tabhi काजल को कॉल आता है … उसके पति का .. वो बगल मई बैठे प्रिय को कहती है..

तुम्हारे भैय्या का कॉल है.. मई बात करके आती हूँ…

प्रिय हाँ कहती है ..

काजल जैसे hi उठ के जाती है उसके 3-4 मिनट के बाद करीम भी उठ के काजल जिस दूर से बहार गयी थी उसी दूर से बहार जाता है… प्रिय ये देख लेती है… उसे कुछ शक होता है.. वो बाथरूम का बहाना करके करीम के पीछे जाती है..

तब प्रिय देखते है काजल मोबाइल पे बात कर रही थी .. और उसके थोड़ा पीछे करीम खड़ा रह के उसको देख रहा है..

वो करीम काजल बहभी को कैसे घर रहा है वो पीछे खड़े रह कर प्रिय देखने लगाती है..

काजल को जब लगता है की पीछे कोण तो है तो वो फ़ोन पे बात करते हुई पीछे मुद के देखते है..






और करीम को स्माइल देते है.. प्रिय को ये देख के आश्रय होता है.. भ्भी केस इस को स्माइल दे सकते है..


कॉल ख़तम होने के बाद काजल बाथरूम के तरफ जाने लगाती है… उसके पीछे पीछे करीम फ़ास्ट जाता है .. अब तक वो दोनों लेडीज टॉयलेट मई पहुँच चुके थे… उनके पीछे प्रिय थी..

और काजल तक पहुँच कर करीम ने अपना हाथ काजल की कमर में दाल दिया ..





तब काजल ने एकदम से उसका हाथ झटक दिया और बोली… गुस्से से ..

kajal-ye क्या बतमीज़ी है.

karim-kya हुआ जणू मज़ा नहीं आया क्या… अन्दर तो बहुत मज़े ले रही थी..

शट उप … इडियट.

करीम ने अपना लेफ्ट हाथ उठाया और काजल के लेफ्ट चूतड़ पे रख कर उसे मसल दिया. काजल कराह उठी और उसने अपना हाथ करीम को मरने के लिए उठाया मगर करीम ने उसे अपने दूसरे हाथ में पकड़ लिया और कमर मई हाथ दाल के आपने और घूमते हुई बोलै






साली मुझ पे हाथ उठाएगी.

प्लस चोर दो मेरा हाथ. आअह्ह्ह.

साली याद रख अगर ज्यादा नखरा दिखने की कोशिश करेगी तो ऐसी जगह से तुम्हे उठवाऊंगा की किसी को पता तक नहीं चलेगा और उसके बाद तुम्हारी इस गुलाबी छूट का ऐसा हाल करूँगा की याद रखेगी.

और उसने काजल का हाथ चोर दिया … और काजल की तरफ देखने लगा..

वैसे काजल बहुत सूंदर थी ...

उसकी हाइट 5'8'' थी और खूब भरा भरा जिस्म था .. Kale,ghane,lambe बालो से घिरा काजल का खूबसूरत चेहरा ऐसा लग रहा था जैसे काली रात को रोशन करता पूनम का chand.gori-chitti काजल का चेहरा बड़ा मासूमियत भरा tha,par उसके चेहरे में जो चीज़ सबसे पहले मर्दो का धायण अपनी और खींचती thi,vo थी उसके honth.anar के दानो के रंग ke,santre की फांको जैसे उसके रसीले होंठ ऐसे लगते थे मनो चूमने का बुलावा दे रहे हो.

काजल का जिस्म जहाँ जहाँ से भी भरा हुआ होना चाहिए था वही से भरा हुआ था. उसका फिगर 34-28-36 थी और उसके चूतड़ तो कुछ ज्यादा hi बहार को निकले हुए थे. जो भी कोई काजल को देखता था वो उसके मटकते चूतड़ों को देखकर अपने लुंड मसलने लगता . लेकिन काजल एकदम शरीफ लड़की थी वो कभी किसी की तरफ आँख तक नहीं उठा कर देखती थी. उसका जिस्म जैसे जैसे कातिलाना होता जा रहा था वैसे hi उसके दीवानो की लिस्ट भी बढ़ती जा रही थी. बेफोर मर्रिज और आफ्टर मैरिज पति के अलावा उसने किसी को नहीं चाहा था … करीम को छोड़ कर .. वैसे अब वो करीम को बुरा सपना समझकर भूल चुकी थी.. लेकिन वही बुरा सपना फिर से उसके सामने आया हुआ था ..

करीम के तरफ अपनी नशीले आँखों से देख कर काजल कहती है..






तुम आपने आप को क्या समजते हो.. एक बबर मेरे जिंदगी बर्बाद कर चुके हो .. मैंने कैसे तो अपनी जिंदगी लाइन पे लायी है और अब फिर से तुम मेरे जिंदगी बद्नान करना चाहते हो..

अरे इतनी हसीं और जवान हो क्या जवानी बेकार में hi बर्बाद कर देगी क्या.

फिर से मुझे बहला फुसलाने की कोशिश मत karo..aur में ये सभ फिर से करना नहीं चाहती hu..tume मज़े लेने है तो किसी और के साथ मज़े ले लो… पूर्वी के साथ मज़े तो ले hi रहे हो.. मुझे चोर दो.. मुझे जाना है..

मैं तो लूंगा hi लेकिन अभी मुझे मज़ा नहीं देना चाहती तो शायद अब कोई और मिला है क्या तुजे जो मुझे मन कर रही है

अपनी बकवास बंद karo..mai आपने पति से खुश हु..

कबसे ..

जब से तुम मेरे जिंदगी से ..

फिर वो शांत हो जाती है..

तो तूने उसको छोड़ना सिखाया क्या..

ऐसा कह के वो हँसाने लगता है..

वो पहले से अच्छे है.. तुमने hi मुझे बहकाया था..

वो इतना अच्छा था इसलिए आपने पेट मई मेरे औलाद लेके 9 महीने घूम रही थी..

अब चोरो मुझे .. ये सब बातें मुझे नहीं करने है तुमसे ..

आपने आबू को नाम नहीं बताएगी … मतलब मेरे बच्ची के आबू को …

पिऊ…

ऐसा कैसा नाम..

सोनम नाम है .. हम प्यार से पिऊ बुलाते है..

फोटो नहीं दिखाएगी मेरे बच्ची का ..

काजल मोबाइल से उसका फोटो करीम को दिखने लगते है..


और वैसे hi झट से करीम काजल को बाँहों में भर लेता है ..





चोरो मुझे.

ऐसा कह के उसको पीछे धक्का देती है.. वैसे hi क्रीम उसके होंठ चूसने लगता है.





काजल घबरा जाती है ..करीम अपने हाथ उसकी बड़ी गांड पे फिरने लगता है. कुछ hi देर में काजल उस से अलग हो जाती है और बोलती है.

करीम प्लस … मुजसे दूर raho..aab मुझे जाने दो .. मुझे देरी हो रही है.

तब फिर से उसके होंटो को चूसते हुई कहता है..






आआह्ह्हह्हआआआ…. क्या हूंठ है तेरे… बहुत hi मीठा स्वाद है..
 
तब काजल को करीम के साथ गुजरे हुई दिन याद आने लगे ..उसके डरे हुई चेहरे पे हलकी सी मुस्कान खिल gayi.use लगा करीम के जाने के बाद मेरे जिंदगी मई ये पल है hi नहीं .. उसे लगा मनो पूनम के चाँद पे जो उदासी की बदल छ गयी thi,use 1 खुशनुमा हवा के झोंके ने उदा दिया था. लेकिन फिर उसने आपने आप को सम्बल और थोड़े स्माइल करते हुई बोल पड़ी..





चुप करो ..

जब से तुम्हारे गुलाबी होंठों को चूसा है बीएस पूछो मत दिल बार बार तुम्हे चूसने का मैं कर रहा था.

क्या तब से कोई नहीं मिली क्या..


कुछ सोच कर आपने बाल बंदने का नाटक करते हुई उसकी तरफ देखकर कहते है..





मई भूल hi गयी .. पूर्वी तो है तुम्हारे पास .. काफी मज़े लिए है तूने उसके साथ..

हैं.. वो मिली लेकिन तुम्हारी जैसे नहीं है वो ..

इधर प्रिय ये देख के कहती है..

कमीना कही का.. किस की बात कर रहा है.. सुनाइए नहीं दे रहा है ठीक से..

काजल बड़ी मादक अदा उसको दिखते हुई कहती है






चुप बदमाश कहीं के.

करीम उसका हाथ पकड़ता है और उसे एक छोटे से बाथरूम वाले रूम मई लेजाने लगता hai.tabhi काजल उसको पीछे धकेल दे देते है .. करीम कार्नर मई जेक गिर जाता है ..


करीम उसे पकड़ने को उठा तो काजल भाग के उस बाथरूम से बहार आ gayi.karim भी भाग कर उसकी तरफ आया और हाथ बढ़ा कर उसके कंधे को पकड़ा पर काजल उसकी पकड़ से निकली और खिलखिलाती हुई बाथरूम के दूसरे कार्नर मई हो गयी... और करीम की और देखते हुई अपनी बाये उप्पर करने लगी..





अब काजल आपने रंग मई आने लगी थी.. जो थोड़े देर पहले करीम ने उसको गरम किया था उसका असर था..

उसको ऐसा करते हुई देखकर प्रिय को लगाने लगा था की क्या भाभी करीम को आपने बदन दिखा रही है..

अब काजल के peechhe-peechhe करीम हो गया तो काजल ने वाशबेसिन का नल चला कर उसे अपनी उंगलियों से दबा पानी की 1 तेज़ धार उसके ऊपर छोड़ दी.


करीम की कमीज़ पूरी गीली हो गयी तो उसने पानी का 1 भरा जग लेकर काजल के हाथो को पकड़ कर पूरा का पूरा जग उसके ऊपर खली कर diya.kajal ने झुक कर बचने की नाकाम कोशिश की .. उसने जो रेड सदी और ब्लाउज पहनी थी उसकी ब्लाउज पूरी गीली हो गयी और उसके गोर बदन से चिपक gayi.kajal सीढ़ी कड़ी हुई और अपनी सदी के पालू का पानी निचोड़ने लगी..





प्रिय उसको ये करते हुई देखते है तो कहती है

भाभी ये आप क्या कर रहे हो.. उस कमीने के सामने


जब काजल ने देखा की करीम अपनी भीगी हुई शर्ट उतर रहा है... और उसे hi देख रहा है तो वो अपनी सदी ठीक कर लेती है.. और करीम की और देखने लगती है..





करीम 6 फट का गठीले बदन का इंसान था और जब ुसंवे अपनी शर्ट निकल ली तो उसके बालो मई भरे गीले सीने को नंगा देख काजल को शर्म आ gayi.usne अपनी नज़रे नीची कर ली और झुक कर अपने गीले सदी के पल्लू के कोने को पकड़ कर उसे निचोड़ने lagi.nichodte हुए उसने हौले से अपनी नज़रे ऊपर की तो देखा की केवल पंत में खड़ा करीम उसे घर रहा है.






झुके होने के कारन उसकी छतियो का बड़ा सा hissa,jispe पानी की बूंदे मोतियों सी चमक रही थी, ब्लाउज के गले में से झलक रहा था... और करीम वो देख रहा था ..

काजल फ़ौरन सीढ़ी कड़ी हो गयी तो करीम की नज़रे उसके सीने से नीचे उसके गीले ब्लाउज से नुमाया हो रहे उसके gol,sapat पेट पे आ jami.sharm से काजल के गुलाबी गाल और लाल हो गए और घूम कर उसने करीम की और अपनी पीठ कर li.ye सब नज़ारा पूर्वी देख रही थी..

करीम ने आगे बढ़ उसके कंधो को थम उसे अपनी और घुमाया और उसे अपने सीने से लगा लिया.






उसकी अचानक की गयी इस हरकत से काजल लड़खड़ा गयी और उसने सहारे के लिए अपने पुराने प्रेमी को थम liya.karim के नंगी पीठ पे हाथ रखते hi काजल के बदन में झुरझुरी सी दौड़ गयी.

यु तो वो कई बार करीम के गले लगी थी और उसके नंगे सीने को छुआ tha,chuma था पर ये बहुत दिनों बाद पहली बार था की वो उसके नंगे ऊपरी बदन को छू रही thi-chhu क्या रही thi,us से चिपकी हुई थी.






करीम ने नीचे झुक कर उसके रसीले होठो को अपने होठो की गिरफ्त में ले लिया और दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.... चूसने लगे...





इधर प्रिय कहने लगी

ओह्ह्ह माय गॉड… िस्सने फिर से भाभी को अपनी काबू मई कर लिया..


थोड़ी देर में करीम ने उसके होठो को खोल कर अपनी जीभ से उसकी ज़ुबान को छुआ तो जवाब में काजल ने गर्मजोशी से अपनी जीभ उसकी जीभ से लड़ा दी.

ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़पपपपप...

अब ये दोनों बताशा एक दूसरे को चुम रहे थे … चूस रहे the..ek दूसरे को चूमते हुई दोनों के चहरे पर एक प्यार भरी मुस्कान thi..kajal जैसे नींद से jagi,karim ने उसके सदी के अन्दर से हाट दाल के उसकी गांड पे फेर रहा था.

नहीं!

किश तोड़ वो कसमसाने लगी.

क्यों?

please,karim नहीं करो.

उधर प्रिय कहने लगी..

बेकाबू होते जा रहा है साला.. कभी भैय्या ने भी भाभी के साथ ऐसा प्यार नहीं किया होगा.. तू भी क्या सोच रही है प्रिय.. भैय्या ऐसा प्यार भाभी के साथ करते तो भाभी इस बडवे के पास क्यों जाती.. कुछ भी कहो बुद्धा प्यार मई मस्त है..

"अच्छा baba!"karim ने वापस उसके गायन डी से आपने हाथ वापिस खिंच लिया ..

अब खुश?

काजल मुस्कुरायी ...



और दोनों फिर एक दूसरे को चूमने lage.is बार करीम ने एक हाथ से उसका पालू निचे गिरा दिया और उसकी कमर को सहलाने लगा.

उम्म्म..

काजल फिर कसमसाई.

अब क्या hua?yaha कोई पहली बार थोड़े hi छू रहा हु!

करीम ने कहा

उसपर प्रिय कहाँ ेलगे

हाँ … काजल भाभी तुम्हारे बाप का hi माल है

ठीक hi कहा था प्रिय ने .. काजल उसके बाप का hi माल था ..कमर पर , गांड पर तो वो रोज़ hi हाथ फेरता था और जब कभी काजल साडी पहनती तब तो उसकी सहमत hi ा jati.karim के हाथ तो उसके पेट या कमर को छोड़ने का नाम hi नहीं लेते थे!

करीम उसके होठो को छोड़ नीचे काजल की लम्बी गर्दन पे ा गया था और चुम रहा था.





काजल मस्त हो उसके बालो में उंगलिया फिर रही थी की तभी करीम उसकी गर्दन से चूमते हुए ऊपर आया और उसके कान के पीछे चूमने लगा.

उधर प्रिय ये देखते हुई कहते है..





साला ये मुझे पागल कर देगा....

ये जगह काजल की कमज़ोर नस thi,karim के वह अपने होंठ लगते hi काजल की आँखे बंद हो गयी और होठ खुल गए .. वो जैसे बेहोश सी हो gayi.uski उंगलिया और शिद्दत से उसके आशिक़ के बालो में घूमने lagi.karim ने मौके का फायदा उठाते हुए उसके सदी का क्नॉट खोल दिया .. और उसकी साडी काजल के बदन से हैट के करीम के हटो मई आ गयी थी..





करीम उसके हर आंग को दबा दबा कर उसके शरीर का नाप लेने मई लगा था.. काजल भी बिफरी हुई बकरी की तरह उसके हर हमले से काँप रही थी और उससे और बुरी तरह से लिपट कर चूमने लगाती..

उधर प्रिय ये देख के कहने लगे..

ोुह्ह्ह माय गॉड इसने अब तो सदी निकल दी.. कोई आएगा तो… और भाभी उसको कुछ भी नहीं बोली..

करीम अब उसकी पीठ सहलाने laga.ab उसके हाथ काजल की कमर और पीठ को पूरी तरह से से मसल रहे थे.

जोश में डूबी काजल की टाँगे जवाब देने लगी और वो गिरने hi वाली थी की करीम ने उसे थम लिया और अपनी बाहे उसकी मस्त गांड के नीचे लपेट उसे उठा लिया.

काजल झुक कर उसके चेहरे को चूमने lagi,karim उसे उठा कर वाशबेसिन के वह ले आया और वह जो बड़े से जगा थी वह उसे बिठा दिया और फिर उसके सामने खड़ा रह कर उसे बहो में भर कर चूमने लगा.

उसकी गर्दन पाई चूमने लगा..



 फिर उसके उसके गर्दन और छतियो के बीच के हिस्से को चूमने laga.aaj से पहले दोनों ने इस तरह का प्यार बहुत बार किया था… प् बहुत दिनों बाद ये पहली बार था ..

बाथरूम का माहौल धीरे-2 और गरम हो रहा tha.kajal बेचैनी से अपनी जंघे रगड़ने लगी thi.karim उसके कंधो को बरी-2 से चुम रहा tha.blouse को नीचे से उप्पर कर के वो उसकी आम के निचले part को चूमने laga..uske हाथ उसकी पतली कमर को मसल रहे the.achanak करीम ने काजल को वह पे लिटा दिया और उसके पेट को चूमने लगा.

ohhh...karim.....pl...ease...nahi ka.....ro..aahhhhhhhhh...!

करीम ने उसकी बाते अनसुनी करते हुए उसके पेट को चूमते हुए अपनी जीभ उसकी gehri,gol नाभि में उतर दी थी और पागलो की तरह फिरने लगा tha.kajal उसके सर को थम बेबसी से आहे भर्ती हुई छटपटा रही thi.karim काफी देर तक उसकी नाभि से खेलता रहा और फिर थोड़ा और नीचे आकर उसकी नाभि और पेटीकोट के बीच के हिस्से को चूमने laga.kajal का बुरा हाल tha,uski छूट पूरी गीली हो चुकी थी और उसके दिल में ghabrahat,maze और मस्ती के mile-jule एहसास उमड़ रहे थे.

नहीं..!

करीम ने जैसे hi अपने हाथ में ले उसकी पेटीकोट की डोर खींचनी chahi.vo उठ बैठी और उसका हाथ पकड़ liya.karim ने उसके हाथ में अपने हाथ की उंगलिया फंसा दी और उसके हाथो को अपने होठो तक ला चूमने laga,kajal की आँखे फिर मस्ती से बंद हो गयी.

उधर प्रिय को लगा अब भाभी बेकाबू हो गयी है.. अब मुझे hi कुछ करना पड़ेगा … इसलिए उसने कॉल किया..

रुको करीम… किश का कॉल आया है.. मुझे देखने दो..

वो कॉल देखती है तो प्रिय का कॉल है ..

किस का है

प्रिय..

इस साली चैनल को एक बार छोड़ना hi पड़ेगा ..

ऐसा कहके गुस्से से करीम ने वो मोबाइल आपने हाथ मई ले लिया और जो से फेंक दिया .. मोबाइल टूट गया..

ये तुमने क्या कर दिया.. लास्ट मंथ मई hi मेरे बर्थडे पर मेरे हस्बैंड ने मुझे गिफ्ट दिया था ..

तो क्या हुआ.. फिर से मांग लेना..

और प्रिय..

जाने दो उसको..

फिर करीम ने उसके हाथो को चुम उसकी कलाई से होता हुआ उसकी बांह को चूमने laga,aur ऊपर जाने पर उसके होठ ब्लाउज तक पहुंचे तो करीम ने पीछे हाथ दाल के उसका ब्लाउज निकल दिया.. और उसने उसे खिंच कर काजल की बांह से अलग कर diya.kajal बस कमज़ोर सी आवाज़ में नहीं-2 करती रही और उसने दूसरी बांह को भी उतर diya.ab ब्लाउज उसकी कमर के गिर्द पड़ा हुआ था और सफ़ेद ब्रा में qaid,bhari साँसों से upar-neeche होते hui,uski बड़ी-2 छतिया करीम की नज़रो के सामने थी.

ये सारा नज़ारा बहार कड़ी प्रिय बड़े छांव से देख रही थी..





उसका आपने खुद का हाथ आपने छथि पर tha..aur अपनी बड़ी बड़ी चूचियों को वो ये गरम नज़ारा देखते हुए दबा रही thi..masal रही थी.. मसल कर वो उनकी रासलीला देख रही थी..

वो सब देखते हुई उसे कल की बात याद आने लगी.. पूजा और करीम की.. जो उसने फ़ोन पे सुनी thi..wo पल याद आते hi उसके तन बदन मई एक कसक सी उठी , जो एक सिसकारी के रूप मई बहार निकल आयी..

aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaa….

कमीने … तेरे साथ कुछ न करते हुई भी तूने दो बार मुझे पागल कर दिया है..

और न जाने पल पल उसके आँखों के सामने कभी पूजा दिख जाती… कब पूर्वी दिख जाती और कब काजल दिख जाती.. और इन् तीनो को करीम बार बियर छोड़ रहा है.. इअसा नाज़ा उसके आँखों के सामने आ जाता..

वो बाजु मई होक आपने आप को कहने लगी..

इस कमीने ने मुझे क्या कर दिया है.. अन्दर काजल भाभी है मुझे पता है लेकिन मुझे ऐसा क्यों लग रहा है की वो बार बार पूजा , पूर्वी बहभी और काजल भाभी के साथ सेक्स कर रहा है..

मई पागल हो जाउंगी…

मुझे यहाँ अभी नहीं रुकना चाहिए..

ऐसा कहके वो वह से जाने लगती है...

करीम ने बिना कुछ बोले काजल को अपनी तरफ खींचा और अपने होंठ उसके होंठो पे टिका दिए.





कोई 5 मिनट तक वो एकदूसरे में खोये रहे. फिर करीम के हाथ हरकत करने लगे और काजल के नितम्बों को पेटीकोट के ऊपर से hi मसलने लगे.

काजल एकदम से अपने होंठ छुड़ाती हुई बोली.

kajal-na न न न … हम टॉयलेट मई है … कोई आ जायेगा .. या वो लोग ढूंढते हुई यहाँ आ जायेंगे.. मुझे जाने दो ..अब..

करीम ने फिरसे उसे खींचा और कहा.

karim-ab नखरा छोड़ भी दो रांड.

और फिरसे उसके होंठ चूसने लगा. करीम ने अपने हाथ पीछे से उसकी नंगी पीठ पे फिरने लगा. नंगी पीठ पे हाथ लगते hi काजल सिसक उठी.

उधर प्रिय थोड़ी दूर गयी थी.. पर काजल की सिसक की आवाज से वो आपने जगह पाई रूख गयी.. और सोचने लगी.. और कुछ देर सोचने के बाद कहने लगी..

मुझे जाकर देखना चाहिए क्या .. आगे वो दोनों क्या क्या करते है..

ऐसा सोचकर वो पीछे घूम गए..

करीम ने काजल को मज़बूती से पकड़ रखा था इसलिए वो कुछ नहीं कर pai.wo मन में सोचने लगी की आज साला ये मुझे छोड़ेगा नहीं..

काजल के गोर गोर 32डी के बूब्स एकदम नुकीले होकर ब्रा में फनफना रहे थे. करीम की नज़र वह पर hi थी..

कहा है ये जानकर काजल ने अपने दोनों हाथों से उन्हें धक् लिया और शर्माने लगी. करीम ने उसके दोनों हाथ पकडे और अपनी बाहों में उसे जकड लिया और अपने होंठ काजल के होंठों पे सत्ता दिए और अपने हाथों से उसके दोनों उभार मसलने लगा. काजल बहुत गरम होने लगी थी. और जोर जोर से करीम के होंठ चूसने लगी थी. अब करीम ने अपना होंठ काजल के होंठों पर से हटाकर उसके गोर गोर उभारों पे रख दिए और उन्हें चूसने लगा.





वैसे hi काजल ने उसका चेहरा वह से हटा दिया ..

करीम के हाथ काजल की नंगी पीठ पे घूम रहे थे. काजल भी गरम होने लगी थी. करीम ने अपना हाथ ऊपर की तरफ बढ़ाना शुरू किया और उसके हाथ काजल की ब्रा से टकराने लगे. और करीम ने ब्रा के हुक खोलने लगा तभी काजल ने झटके से करीम के हाथो को पीछे से हटा दिया और उसे मारने लगी.

kajal-ye क्या कर रहे हो.

karim-are रांड .. एक बार अपना मम्मी दिखा तो दो .

उधर प्रिय कहती है आपने आप को

क्या आदमी है … भाभी को रांड बोल रहा है..

काजल -कुछ देखने को नहीं मिलेगा समझे और चलो अब जल्दी से यहाँ से. नहीं तो प्रिय ढूंढते हुई यहाँ आएगी.. तुमने मेरा मोबाइल तो तोड़ दिया है.. अब वो बेचारे कॉल भी नहीं कर सकती..

वो कहा की बेचारी hai..usko तो मुझे एकबार छोड़ना hi पड़ेगा..

जब जी चाहे उसे छोड़ लेना .. लेकिन अब यहाँ से चलो.. बहुत देर हो गयी.. और तुमने मेरी पूरी साडी भिगो दे है.. अब मई कैसे बहार जाऊ..

प्रिय – भाही आप ये क्या कह रहे हो

जाने दूंगा लेकिन पहले आपने ननद को मेरे लिए रेडी कर लो ..

वो क्या मशीन है.. जो मई बोलूंगी और वो रेडी हो जायेंगे..

करीम उदास होते हुए कहता है .

क्या रांड मैं तुमसे इतना प्यार करता हूँ .. क्या तुम मेरी लिए इतना भी नहीं कर सकती .

साला भाभी को इमोशनल ब्लैकमेल कर रहा है..

प्रिय कहती है

काजल - मेरे राजा मई आपके लिए कुछ भी कर सकती हूँ..

प्रिय – भाभी आपने ये क्या कह दिया..

करीम – मुझे लगता है तू मुजसे प्यार hi नहीं करती .. और तू मेरे लिए कुछ भी नहीं कर सकती ..

काजल करीम को बाहों में भर्ती है . इधर प्रिय कहती है ..

भाभी आप उसको कुछ भी प्रॉमिस मत करो.. वो बहुत कमीना इंसान है ..

kajal-are तुम नाराज़ बहुत जल्दी होते हो. बोलो मई तुम्हारे लिए क्या करू

करीम उसके ब्रा के ऊपर से hi उसके उभारों को पकड़ कर मसलता हुए कहता है .

करीम- मुझे उसके साथ सुहागरात माननी है..

काजल – क्या ???

हाँ रांड..

प्रिय- हाँ . भाभी वो मेरे पीछे hi पड़ा है .. क्या करू मई .. और आप ऐसा वैसा कुछ नहीं करना या उसे प्रॉमिस मत करना जिससे मेरे राजीव की जगह वो ले ले..

काजल- लेकिन ये कैसे पॉसिबल है..

काजल ने आहे भरते हुए फिर से करीम को रोक दिया ब्रा निकलने के लिए मगर करीम नहीं मन.. करीम उसका ब्रा पकड़कर जोर से खींचता है .. तो उसकी ब्रा के बटन टूट जाते है..

इधर प्रिय कहती है

प्रिय- सेल ने भाभी का ब्रा फाड् दिया ..

काजल करीम के गाल पे धीरे से मरती है..

काजल- क्या मुझे यहाँ बाथरूम से नंगा बाहर निकलने का इरादा है क्या .. तुम्हारा..

नहीं रांड.. तुजे नंगा तो सिर्फ मई hi देख सकता हु..

प्रिय- और भैय्या

करीम ने उसके नंगे मम्मी को जोर से दबा दिए ..

काजल –aaaaaaaaaaaahhhhaa…

हांण.. मुझे पता है .. सिर्फ तुम hi मुझे नंगा देख सकते हो.. ये अधिकार मैंने सिर्फ तुम hi दिया है..

काजल की आँखों की चमक देख कर hi करीम समाज गया था की अब ये कुछ अनहि बोलनेवाली .. ये सिर्फ नखरा कर रही है ..इसलिए उसने आपने दोनों हाथो मई काजल के दोनों मम्मी पकड़ liye..aur फिर उसपर आपने हूंठ रख कर उसे जोर से चूसने लगा..

काजल न न करती रही मगर अब करीम उसकी सुन ने के मूड में नहीं था. पहले वो धीरे धीरे उसके निप्पल चूस रहा था मगर अब जोर जोर से चूसने लगा था काजल के ऊपर भी अब सेक्स की खुमारी भरी होने लगी थी. वो भी करीम के सर को पकड़ कर अपनी छातियों में घुसेड़ रही थी. करीम के हाथ अब काजल की कमर तक पांच चुके थे और उसने अपना एक हाथ धीरे से पेटीकोट के ऊपर से hi काजल की छूट पे रख दिया और मसलने लगा. छूट पे हाथ लगते hi काजल मचल उठी

आआआह्ह्ह्हह्हह्हआआआ…

कामिनीईईई…

और करीम को दूर करती हुई बोली.

kajal-pls करीम बस इस से आगे नहीं.. ये जगह ठीक नहीं है..

karim-raand मैं मारा जा रहा हूँ … तुम नंगा देखा ने के लिए..

तुम तो ऐसे बोल रहे हो जैसे तुम पहली बार मुझे नंगा देख रहे हो

प्रिय- कितनी बेशरम है भाभी

करीम – बहुत दिन हो गए तुम नंगा देखे हुई .. अब बहुत दिनों बबाद मौका आया है तुम नंगा देखने का .. एक बार पूरी नंगी हो जा न रांड .

काजल शरमाते हुए कहती है .

क्या बहुत दिन हुई है.. उस दिन शादी मई तो तुमने नंगा किया था..

तब प्रिय कहते है..

भाभी मतलब आपने मुझसे झूट कहा..

रानी उसको भी तो अब बहुत दिन हु न

kajal-badmaash कही के .. उसको बहुत दिन कहा हुई और मैं पूरी नंगी नहीं हूँगी.

karim-pls रांड बस एक बार तुम्हे नंगी करूँगा.. उस से आगे कुछ नहीं.

प्रिय – भाभी .. इस कमीने की बात मत सुनना..

kajal-promise. उसके आगे गए तो मैं तुमसे कभी बात नहीं करुँगी.

karim-ok प्रॉमिस.

करीम ने जल्दी से अपना हाथ काजल के पेटीकोट के तरफ बढ़ाया और उसके आँखों मई देखते हुई कहने लगा

फाड़ दू क्या..

nooo..nooo.. मई यहाँ से कैसे बहार जाउंगी..

ये तो सदी के अन्दर hi थो होता है.. बाहर से थोड़ा hi दिखत है..

नहीं नहीं.. बिना पेटीकोट के सदी.. उनकंफर्टबले होगी.. बाहर से मेरे बॉडी पूरी दिख जायेंगे..

काजल इतना बोलते hi करीम ने उसके पेटीकोट की निचे से पकड़ा और फाड़ते हुई उप्पर तक लेके गया..

काजल न न कहने लगी..

प्रिय – ोूहू माय गॉड… व्हिटहोत ब्रा और पेटीकोट भाभी बहार कैसे आएंगे..

काजल- करीम तुमने ये क्या कर दिया

नीचे काजल ने एक पिंक कलर की पंतय पहन राखी थी जो के उसकी छूट के पानी से गीली हो चुकी थी. करीम ने अपना चेहरा उसकी छूट के नज़दीक किया और एक किश पंतय के ऊपर से hi उसकी छूट पे की और फिर उसे चाटने लगा.

काजल मस्त होकर आहें भरने लगी. करीम तभी पीछे हटा और उस की दोनों टांगें पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींच लिया. काजल की पीठ अब पीछे की तरफ हो गई थी और उसका सर अब उसकी पीछे वाली विंडो के शीशे से लगा हुआ था.





करीम ने उसकी टांगों को ऊपर उठाया . काजल ने अपने चेहरे को अपने हाथों से धक् रखा था और वो मंद मंद मुस्कुरा रही थी. करीम ने उसकी पंतय को पकड़ा और नीचे करने लगा. काजल ने अपने हाथ से पंतय को पकड़ कर उसे रोकना चाहा मगर करीम नहीं रुका और देखते hi देखते उसकी पंतय उसके जिस्म से अलग हो गई. अब वो बिलकुल नंगी अपने बूढ़े प्रेमी के सामने थी.

करीम की नज़र काजल की टाइट और गुलाबी छूट पर से नहीं हैट रही थी. काजल अपने चेहरे पे हाथ रखकर मुस्कुरा रही थी. आज बहुद दिनों के बाद पहली दफा वो किसी मर्द के सामने बिलकुल नंगी हुई थी. लेकिन वो खुश थी किउंकि जिसके सामने वो नंगी हुई थी वो कोई और नहीं बल्कि उसका वही बुद्धा प्रेमी था… जो उसे हमेशा ऐसा नंगा करके hi छोड़ता था.. जो कभी उसके हस्बैंड ने उसके साथ किया नहीं था.. ऐसा नंगा करके छोड़ना काजल को पसंद था..

जैसे hi करीम ने काजल के छूट पर हाथ लगाया वैसे hi काजल काँप सी गयी.... और उसके होंठ काँप से गए ये बोलते हुए

budheeeeeeeeee….. ये क्या कर रहा है..

उसपर करीम बोलता है

डर मत chinal..main हूँ न , मैं तुम्हारे हर दर्द को मिटा दूंगा आज ...चूस लूँगा use...apane इन काळा मोठे होंठों से....

उधर प्रिय करीम के बात पर कहती है..

प्रिय – कमीना साला .. आपने बातो मई भाभी को फंसा रहा है..

करीम ने इतना कहने के देर थी की उसने काजल को पागलों की तरह अपने तरफ खींच लिया और करीम ने अपने होंठ उसकी छूट के पास किये और जैसे hi उसके होंठ काजल की छूट के होंठो से टकराये. काजल मचल उठी और एकदम से ऊपर को उठ गई और बोली.

काजल -पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ बूढ़े दूर रहो.

जब भी काजल सेक्स के दरम्यान उत्तेजित होती थी वो हनेशा करीम को ऐसे hi बोलती थी..

जैसे hi करीम ने उसके छूट को चूमा वैसे hi आपने यार यानी करीम की पुराणी यादे काजल के मैं मई ताज़ा हो गयी..

करीम – रांड.. एक बार मुझे इन्हे चूसने दो.

और ऐसा कहकर करीम ने फिर से उस की टांगें पकड़ी और उसे अपनी तरफ खींच लिया. और अपने होंठ उसकी छूट पे टिका दिए और उन्हें चाटने लगा. काजल का सारा शरीर कंपनी लगा और वो ाआहें भरने लगी.

aaaaaahhhhhhhaaaaaaaaaaaa….

Budheeeeeeeeeeeeeee….

मेरे साथ फिर से तुम गेम खेलने लगे हो..

मज़े की बात ये थी की इस वक़्त उत्तेजना के मारे काजल के होंठ .. छूट के हूंठ हलवे की तरह नरम हो चुके थे, उनमे से मीठा पानी भी निकल रहा था... जो अक्सर उत्तेजना के शिखर पर पहुँचाने के बाद लेडीज के छूट के होंठों से निकालता hai.uttejana मई काजल ने खुद hi अपने चूचियोंको आगे कर के उसके सर को पकड़ कर ऊपर उठाया और बोल

तो ये ले राजा .... मिटा दे सारा dard.....aahahassssssss

उसके बात पुरे होने से पहले hi करीम ने उसके निप्पल्स और बूब्स को चबाना और चुभलाना शुरू कर दिया

पहले एक को और फिर दूसरे को...

हालाँकि इस वक़्त काजल को इस बात का दर भी था की वो बाथरूम मई है एक मुलठीप्लेक्स के ..एक रोमांच भी था एक मल्टीफ्लेक्स का बाथरूम में एक दूसरे के साथ इस तरह प्यार करने का दर भी tha..isliye काजल अपना थान उसके मुंह में फँसके खुद को थोड़ा घसीटकर एक कोने में ले गयी जहां से उन्हें कोई और देख ही नहीं सकता था...

एक के बाद दूसरा आम और फिर से पहला आम चूसकर करीम ने उसके छाती के दर्द को काफी हद तक काम कर diya...aur अब बारे थी असली दर्द मिटने ki...yani छूट का dard...dard से ज़्यादा उसे खुजली कहना सही होगा क्योंकि छूट की खुजली hi वो दर्द होता है जो औरतो से ऐसा काम करवाती hai...aur वही खुजली इस वक़्त काजल पर हुकुम चलकर उसे पब्लिक टॉयलेट मई एक बुड्ढे से छूट चुसवाने पर मजबूर कर रही थी .

काजल ने उसके कन्धों पर ज़ोर डालकर उसे नीचे धक्का देना शुरू कर diya...karim ने बड़ी मुश्किल से उसके निप्पल को मुंह से निकला और अपनी गेली जीभ से उसके सपाट पेट को चाटते हुई उसे अपने दांतों से काटकर अपने मुंह में लेने की असफल कोशिश करता हुई नीचे आने लगा.... और जैसे हे ुएक सके हूंठ उसके छूट तक आ रुके तब चिरपरिचित सी महक उसके नथुनों से आ टकराये... पर आज इस महक में खुशबू से ज़्यादा नशा था.. वो नशा .. जिसे चटाने के लिए करीम मारा सा जा रहा था....

करीम उसके थोड़ा करीब खिसक आया और आपने हाथ की उंगली को उसके जांघ पर घूमना शुरू कर दिया .. फिर वो धीरे धीरे उस उंगली को उप्पर ले जाने लगा .. उसके कमर से होते हुई उसके सपाट पेट तक पहुँच गया .. वह आपने उंगली को कुछ देर तक घुमाया..

ये सब देखकर प्रिय की आँखे फैलाती चली गयी.. उसकी साँसे तेज होने लगी .. ऐसे फीलिंग उसे आज तक नहीं हुई थी.. उसके बदन मई एक सुरसुराहट से होने लगी थी .. अजीब सा नशा चढ़ रहा था उसपर.. पर वो कुछ कर नहीं पा रही थी.. उसका हाथ आटोमेटिक उसके बूब्स पर पहुँच गया..

और इधर जैसे hi करीम ने आपने उंगली थोड़े नीचे लेकर काजल के छूट के द्वार पर राखी वैसे hi काजल की साँसे तेज चलने लगे .. साथ मई बहार प्रिय के साँसे भी..

काजल – आआआआअह्ह्ह्हह्हआआ… बुद्धि क्या कर रहा है..

करीम – तेरे छूट की मालिश

ऐसा कह के उसके छूट के द्वार पर अपनी उंगली उप्पर निचे करने लगा..

काजल- आआआआह्ह्ह्हआआआ….

Nnnnnnaaaa…hhhhhiiiiiii….

करीम- क्या मालिश नहीं करनी है क्या…

ऐसा कह के छूट के फांको पर अपनी उंगली रखता है..

काजल – उसे अंदर डालो …

काजल ने ऐसे कहते hi डर के मरे बहार प्रिय ने अपनी आँखे बंद कर दी…

करीम- मुझे नहीं डालना है..

प्रिय- क्यों

करीम- मुझे तेरे ननद के साथ सुहागरात माननी है..

करीम के ऐसे कहते hi बहार बेचारे प्रिय अपनी आधी आँख खोल कर कभी अन्दर करीम और काजल को और कभी आपने हाथ जो आपने चूचियोंओ पर था उसे देखने लगी … और फुटफुटाने लगी..

प्रिय – कमीना ..मज़े भाभी के साथ ले रहा है और बात मेरे सुहागरात की कर रहा है..

आपने हाथ मई आपने बूब्स आते hi उसे ऐसा लग रहा था की उसके हाथ मई कोई पानी का बड़ा सा घबरा आ गया है.. आज तक आपने खुद के बूब्स को उसने कभी ऐसा मह्सूस नहीं किया था … इसलिए आज का स्पर्श उसे किसी लडके का स्पर्श लग रहा था.. उसके बॉयफ्रेंड ने एक दो बार उसके बूब्स को दबाया था पर उसे वो मज़ा उस वक़्त नहीं आया था जो अब आ रहा था.. एकदम उत्तेजक …अनुभव था प्रिय के लिए … वो चाहकर भी आपने हाथ को वापिस खींच नहीं पा रही थी..

अब तक काजल समाज चुकी थी की करीम उससे क्या चाहता है

काजल- कर लेना..

करीम ने आव देखा न ताव और काजल के पालक झपकने से पहले hi अपने एक उंगली जो से उसके छूट अन्दर दाल दी..

aaaaahhhhhhhhhhhaaaaaaaa… बुधीइ… dhireee..naaaa

प्रिय तो उसके तेज़ी देखकर तो हैरान hi रह गए....

फिर उंगली अन्दर बहार करते हुई करीम आपने हूंतो से उसके छूट को चूसने लगा..

aaaaaaaaaaaahah....choos ले इसे...... उम्म्म्ममममम.... yasasssssssssssass... काट इन्हे.... ज़ोर से.... दांतो से....... ummmmmmmmmmmmmm…

आहहहआ..... मीठा दर्द होता hai....ismen.... मिटा दे .......ज़राआआ... धीरे..

इधर बहार प्रिय के शरीर में भी हज़ारों चींटियां रेंगने लगी थे... उसके निप्पल भी कड़क हो चुके थी...

उन्हें भी अब मालिश चाहिए थी.. इसलिए उसने आपने टी शर्ट के बितर से आपने एक हाथ दाल दिया..

इधर करीम अपने जीभ थोड़ी अन्दर के तरफ दबा कर, अंदर की तरफ हूंतो से चूसते हुए काजल के छूट को अपनी होंठों की नरम मसाज दिया ..फिर करीम ने काजल के बालों को खोल दिया, और उसके घने बालों में उंगलियां फेरते हुए उसके छूट को चूसने लगा..

uuuuuummmmmmmmmmm….

Budhheeeeeeeeeeee…. मेरे … जांणण.. क्या मज़ा आ रहा है ..uffffffffffffffff… बता नहीं सकती… उस भड़वे .. मेरे हस्बैंड को कुछ नहीं आता.. तू तो अब पहले से ज्यादा मज़ा दे रहा है..

ककया भाभी है .. इस भड़वे हरामी ... लोँडिबाज़ .. कमीने ... बुद्धि.. करीम के वजह से मेरे इतने अच्छे भाई को गालिया दो रही हो भाभी..

प्रिय बड़बड़ाये..

फिर करीम ने काजल के छूट मई दांत चुभा दिए..

काजल – दर्द मत दे मेरी जान …

ऐसा कहते हुई उसके सर को उप्पर उठा लिया और उसके हूंतो को चुम लिया .. और एक बार फिर वो दोनों गहरी किसिंग मई डूभ गए..

प्रिय का गाला सूख रहा था.. वो आपने खुद के उँगलियों से hi अपनी बूब्स को ब्रा के उप्पर से मसलने लगी.. अब उसका एक मैं कर रहा था अन्दर जेक इस कमीने बूढ़े से अपनी छूट को चुसवावो पर दूसरा मैं कह रहा था ये सब गलत है और वो इस वक़्त वो उन दोनों के रंग में भांग नहीं डालना चाहती thi..isliye वो आपने आम दबाते हुई उन दोनों को देखती रहती है..

अब दोनों एक दूसरे को बेतहाशा चूमने lage...chusane लगे... एक दूसरे को चूमते हुए दोनोके चहरे पर एक प्यार भरी मुस्कान थी

करीम उसके हर आंग को दबा दबा कर उसके शरीर का नाप लेने में लगा था...

काजल भी बिफरी हुई बकरे की तरह उसके हर हमले से काँप सी जाती और उससे और बुरी तरह से लिपट कर चूमने लगाती...

फिर करीम उसके छूट पे आ गया और उसने अपनी जीभ को अंदर तक घूमने लगा. काजक के हाथ अब करीम के सर पे पांच गए थे और वो उसे अपनी छूट की और धकेल रही थी. काजल की आँखें बंद थी और वो धीरे धीरे सिसक रही थी. करीम ने अपने होंठ उसकी छूट पर से हटाए और अपनी शर्ट खोल कर फेंक दी. उसने अपनी एक उंगली को थूक लगाया और काजल की छूट की पंखड़ियों पे टिका दी और धीरे धीरे उसे अंदर सरका दिया. उंगली अंदर जाते hi काजल बेचैन हो उठी और एकदम से करीम को मरने लगी. और बोली.

काजल- budheeeee..baaaaaassss … कर नाआआ…. अब आगे मैं कुछ भी नहीं करवानगी. तुम बहुत बदमाशी कर रहे हो.

करीम ने उसकी टांगें खोली और फिर से एक उंगली जबरदस्ती अंदर दाल दी और तेज़ तेज़ अंदर बहार करने लगा. काजल ने कुछ देर विरोध किया और जब उसपे सेक्स भरी होने लगा तो अपनी टांगें फैला कर विंडो को पीठ लगाकर आराम से मज़ा लेने लगी.

करीम ने एक हाथ से अपनी पंत की ज़िप खोली और अपना फनफनाता हुआ लुंड बहार निकल लिया. उसका लुंड एकदम कला था और पुरे उफान पर था उसकी लम्बाई काम से काम 8इंच होगी और मोटाई 3 इंच थी. करीम एक हाथ से धीरे धीरे अपना लुंड मसलने लगा. दूसरे हाथ से उसने उंगली अंदर बहार करना जारी रखा. अब काजल ने अपनी आंखें खोली और करीम को प्यार से देख के मुस्कुराने लगी. मगर करीम की नज़र उसकी छूट पर थी और एक हाथ उसकी छूट में था और दूसरा उसके लुंड पे. काजल की नज़र जैसे hi करीम के लुंड पर पड़ी तो वो बीएस उसे देखती hi रह गई. उसने आज बहुत दिनों बाद आपने यार का लुंड देखा था..

करीम ने जब काजल को अपने लुंड की तरफ देखते हुए पाया तो उसने काजल का हाथ पकड़ा और अपने लुंड पे रख दिया. काजल ने एकदम से हाथ हटा लिया और अपना चेहरा अपने हाथों से धक् लिया.

करीम – रांड इसे पकड़ न.. ये तुजे तो बहुत पसंद है ना…

काजल कुछ नहीं बोली और उसने ना में सर हिला दिया. करीम को अब रुकना बहुत मुश्किल हो रहा था. उसने काजल को अपनी तरफ खींचा और अपना लुंड उसकी छूट पे टिका दिया. छूट पे लुंड का स्पर्श पते hi काजल चौंक गई और बोली.

काजल -प्लस बूढ़े तुमने प्रॉमिस किया था.

ठीक है .. नहीं छोड़ता तुजे .. चल तू अब मेरा लुंड चूस ..

ऐसा कहके वो खुद बेसिन पाई बैठ गया.. इतने देर तक प्रिय के तरफ करीम की पीठ थी.. लेकिन अब करीम का लुंड प्रिय के आँखों के सामने था..

काजल ने करीम के लुंड को आपने हाथ मई लिया था .. और उसपर गेली गेली पप्पियाँ देने में लगी थी ....

उसे वो अपने चहरे पर किसी डंडे की तरह मरने लगी ....

अब वो लुंड दोनों के आँखों के सामने था , काजल के saath-saath प्रिय के मुंह में भी पानी भर आया.... उसने अब तक सिर्फ करीम के लुंड के बारे मई सुना था वो भी आपने काजल भाभी के मू से .. और इस वक़्त वही भाभी के हाथ मई करीम का लुंड था.. इस लुंड को न तो अब तक प्रिय ने देखा था और न ही उसे चूमा या चूसा था... अब उसे सच में अपनी भाभी से ईर्ष्या सी हो रही थी .... और न जाने क्यों, इस वक़्त काजल से ज्यादा प्रिय का ध्यान करीम के लुंड पर था... प्रिय ने आज तक किसी के साथ भी ऐसा कुछ नहीं किया था.. जो काजल अभी कर रही थी.. आपने बॉय फ्रेंड के साथ भी .. एक अधूरी सी प्यास जो रह गयी थी , वो उसके मन में अभी तक अटकी सी पड़ी थी .

बहार कड़ी प्रिय करीम के लुंड को देख रही थी .. उसे तो बस इस वक़्त यही इंतजार था की कब काजल भाभी आपने मू मई इससे ले ले और चूसना शुरू कर de..kisi भी कीमत पर करीम का लुंड चूसना उसे देखना tha...jisake लिए वो न जाने कब से तड़प रही थी ...

पर जैसे hi काजल ने अपना मुंह बड़ा करके उसे अंदर लेना चाहा, तभी जोरसे आवाज आयी..

ये तुम क्या कर रहे हो … पब्लिक प्लेस मई … तुम ये करते हुई शर्म नहीं आती क्या …. .जल्दी बंद करो ये ..बेशरम औरत..

आवाज सुनते hi करीम और काजल के तो होश hi उड़द गए...

दोनों ने aanan-phanan में अपने कपडे ठीक किये और घूम गए वो दोनों… तब तक प्रिय वहाँ से निकल कर थोड़ी पीछे होकर चुप गयी .

काजल ने अभी शुरू hi किया था और बीच मई ये आवाज सुनाई दे तो उसे बहुत निराशा हुई. फिर दूसरा आवाज बातमीज़ औरत ये बात सुनी तो उसे बहुत गुस्सा आया .. मुझे ऐसा कोण कह सकती है ये देखने के लिए वो घूमी तो सामने पूर्वी थी..





तुम शर्म नहीं आती इतने बड़े घर की बहु होक एक पब्लिक टॉयलेट मई एक कमीने टेलर से रंगरँलिया मानाने मई..

ऐसा कह के पूर्वी करीम के पास जाती है.

पूर्वी ने करीम के पास जाकर अपने सदी का पल्लू निकाल कर नीचे गिरा दिया... और अपनी भरी हुई छातियाँ निकाल कर पूर्वी खुद hi उन दबाने लगी...

ऐसा गर्म सीन देखने के बाद भला करीम को कैसे साबरा होता...

और फिर करीम की तरफ देखकर कहने लगी ..

साले ..... कमीने..... बूढ़े.. मेरे होते आपने इतना मस्त कला लुंड इस तुम्हारी पुराने रांड से क्यों चुसवा रहा था …और तू भी कितनी चैनल है काजल भाभी.. मेरे यार पर ढोले दाल रही है.. तुजे शर्म नहीं आती .. मेरे करीम को आपने जाल मई फांस रही ho..mere प्यारे लुंड को क्यों चूस रही थी तू ....

और कैसे चूस रही थी ..तुजे तो लुंड चूसना भी नहीं aata..aur करीम तू भी कैसे माल के पीछे पड़ा है ..ये देख.... ये है असली माल..... इन्हे चूस सेल ..... इन्हे चूस...

ऐसा कहके आपने आम करीम के मू मई दाल देती है ब्लाउज के उप्पर से hi .. वैसे hi करीम ने वह जोरसे काटता है ..

ीीीह... आह.. कामिनी….


पूर्वी ने जैसे आवाज़ निकली, वैसे hi काजल की चहरे पर हसी आ गयी..





देखो .. करीम… तुम्हारी रांड … कैसे है रही है…

मई रांड हु.. तो तू कोण है … पूर्वी…

में कोण हूँ वो अभी दिखाती हूँ..

ऐसा कह के करीम के कानो के पास आपने चेहरा पूर्वी ले गयी … और उसके कानो को चाटने लगी .. वैसे hi जोश मई आके करीम ने फ़ौरन उसके हूंतो के पास अपना चेरा ले गया...

और उसके हूंतो को अपने होंठों में दबा liya...aab उन दोनों के बदन एक दूसरे से जुड़ चुके थे. फिर करीम उसे चूमता हुआ निचे तक आ गया , उसकी गर्दन पर किश करते हुए निचे तक झुका

जितना झुक सकता था फिर उसकी गांड वाले हिस्से को पकड़ कर अपनी पकड़ उसपर बनाई और अपनी कमर पीछे करके एक ज़ोर से झटका दिए, इस बार भी शामे वही हुआ, झटका देते hi काजल के चेहरे पर हंसी उभर आयी …

तेरे रांड को बहुत मज़ा आ रहा है शयद… करीम…

आने दे न…


फिर करीम खड़ा हुआ और किश करते हुए करीम ने पूर्वी को घुमाया और पीछे की तरफ ले गया और तब तक ले गया जब तक वो बेसिन से न टकरा गयी.

फिर तभी करीम ने पूर्वी के सदी को निकल दिया..






उसके पेटीकोट के नदी को पकड़ कर खेंचा … उसके पेटीकोट के नदी के गांठ खुल चुकी thee….aur उसका पेटीकोट कमर पर ढीली हो गए thee….purvi ने नाकारा दिखाते हुए अपने हाथो को करीम के चेस्ट पर मरना शुरू कर दया….

करीम एक बार पीछे के तरफ हुआ और पूर्वी के टैंगो को पकड़ liya….aur ऊपर उतके बेसिन पे उसे बिठा दिया ..और फिर उसके घुटनो को मोड़ते हुए उसके टैंगो को ऊपर उठा दया… अब्ब उसके दोनों घुटने उसके मुम्मो पर दबाए हुए thee…aur करीम उसके झंगो के सामने खड़ा था… इतने देर तक जोश मई जो पूर्वी थी अब शर्मा रही थी.. वो करीम के सामने तो बहुत बार नंगी हो चुकी थी पर वह दूसरी औरत होते हुई करीम उसे पहली बार नंगा कर रहा था .. इस वजह से उसकी हालत अब ख़राब हो रही थी …….

और अगले ही पल करीम ने पूर्वी के पेंटी के इलास्टिक मई अपनी उंगलयों को फंसते हुए उससे नीचे के तरफ पूरे जोर से खेंचा .. तब पूर्वी ने अपनी गांड ऊपर उठाये ..तब करीम ने उसके पंतय उसके झांगू से निकल फेक दी..

उधर ये सब नज़ारा प्रिय और काजल देख रही थी.. पूर्वी एक दम से रोने जैसे अपनी सूरत बनाने lagi..l….

प्लीज करीम मुझे चोर दो….

क्यों

मुजसे ये नहीं होगा..

क्यों रांड .. पहली बार कर रही है

प्रिय की चहरे पर हसी आ जाती है..

लेकिन कोई दूसरे आदमी के सामने पहली बार है

पूर्वी ने सुबकते हुए काजल की तरफ देखते हुई करीम से कहा….

और फिर करीम ने पूर्वी के टैंगो को घुटनो से पकड़ कर मोड़ते हुए ऊपर उठा कर पहला दया….

नहीं ओह्ह्ह्ह करीम…..

पूर्वी ने सुबकते हुए अपनी आंखे बंद कर ली….

पूर्वी के छूट का गुलाबी छेद करीम के आँखों के सामने tha…aur काजल और प्रिय के भी… करीम आगे क्या करेगा ये सोच कर ही प्रिय का दिल जोरो से धड़क रहा tha….aur काजल का शर्म के मरे अब्ब अपनी आँखे भी उप्पर नहीं कर पा रही thee…tabhi करीम के उंगलयां पूर्वी अपनी छूट के फैंको के बीच मई चलती हुई महसूस हुई तोह उसके जिस्म ने ऐसे झटका खाया की, मनो बिजली के नंगी तारो को छू लाया हो…. वैसा hi हाल इधर प्रिय और काजल का था..

अह्ह्ह्ह देख काजल .. साली पूर्वी के छूट कैसे पानी चोर रही है….

करीम ने पूर्वी के छूट के छेद पर अपनी उंगलयों को घूमते हुए कहा….

आआआआह्ह्ह्हह्हह्हआआआ… कामिनीईईई… उस रांड … को क्यों दिखा रहा है..

पूर्वी ने फिर से सुबकते हुए कहा….


फिर करीम थोड़ा ऊपर आया और थिंग्स को चूमा , पूर्वी के छूट के वोह बहोत करीब था , पूर्वी की हालत काया थी मालूम नहीं पर काजल और बहार प्रिय पूरी तरह उत्तेजित हो गयी थी…

जैसे hi करीम ने पूर्वी की छूट को चूमा तब काजल की नजर पूर्वी के फेस के ऊपर hi थी , पूर्वी के होंठ कुछ पल के लिए खुले .

करीम फिर पूर्वी के उप्पर आ गया … दोनों के फेस बिलकुल आमने - सामने थे , करीम ने जुख कर पूर्वी की गर्दन को चूमा और फिर कण की बूत को ..करीम ने फिर उसका ब्लाउज और ब्रा निकल दिया .. और उस के पिंक लिप्स को अपने काळा भद्दे होंठो से चूमा और फिर सलौली सलौली चूसने लगा..

करीम जल्दी से निचे आया और पूर्वी की छूट में दो ऊँगली डाली और फिर वो छूट को चाटने लगा ...

कुछ hi पल में पूर्वी के लिप्स खुले और थरथरने लगे ..वो बिच बिच में रुक रुक कर पूर्वी की छूट को चाट रहा था जिस से पूर्वी की तड़प बढ़ रही थी . और इधर काजल और प्रिय तड़प रही थी..

करीम ने पूर्वी की छूट को ब्रॉड किया और बड़े आराम से होल होल काजल की छूट के अंदर टंग दाल के चाटने लगा..

Aaaahhhhhhhhhhaaaaaaa..

पूर्वी के लिप्स थोड़े से खुले , एक हलकी सी सिसकी निकली और फिर बांध हो गए .. धीरे धीरे काजल का सारा बदन थरथरने लगा , लिप्स कपङे लगे , सिसकारी की आवाज बढ़ने लगी … सिसकारियोंकी वजह से और सामने जो दर्शया चल रहा था वो देख के काजल और प्रिय पागल हो जा रही थी… दोनों के हाथ आपने बदन पर चलने लगे थे..

करीम ये सब जो पूर्वी के साथ कर रहा था ये देखकर काजल बहुत सेक्सी फील कर रही थी. उत्तेजना से उसके निप्पल तन गए थे और छूट रास बहने से गीली हो गयी थी. प्रिय ने अपनी भाभी में आये बदलाव को महसूस किया. वो आपने आप को कहने lagi..bhabhi फिरसे कामुक हो गयी ऐसा लग रहा है… भाभी की खुजली इस बुड्ढे को आज शांत करने hi पड़ेगी..

अब आपने चुदाई न हो पाने से और उसके सामने पूर्वी करीम के साथ मज़े कर रही है और वो कुछ नहीं कर पा रही है इस के फ़्रस्ट्रेशन से काजल चिड़चिड़ी और ेदज्ञ टाइप की हो गयी थी .

दूसरी तरफ ऐसी हालत में प्रिय फिर से दूसरी बार ऐसे गलत काम में जा फंसेवाली थी जो वर्ण वो कभी नहीं करती . पहली बार काजल का लाइव सन उसे देखना था जो पूर्वी ने बिगड़ दिया और दूसरी बार अब करीम जयादा आगे नहीं बाद रहा tha..Uski सेक्सुअली उनसटिस्फीएड होने के वजह से वो जल्द hi उत्तेजित हो गयी थी ..

करीम फिर से ऊपर आ गया और पूर्वी के लिप्स को चूमा , उसने इस बार अपनी टंग निकल के लिप्स को छठा , करीम ने टंग से पूर्वी के लिप्स पर पुश किया , उसने धीरे से अपने लिप्स खोले और करीम ने अपनी टंग पूर्वी के मुँह के अंदर सरका दी …

अब करीम ने पूर्वी को उल्टा कर दिया और फिर पूर्वी की गोरी गांड को अपने काळा हाथो से सहलाके दोनों हिप्स को पकड़ के गांड के छेद को ब्रॉड किया और फिर उसमे ढेर सारा थूक थूका , करीम ने अपनी टंग का कमल शुरू कर दिया , वो टंग को पूर्वी की गांड के अंदर जितना ले जा सके था उतना अंदर करके चाटने लगा फिर से पूर्वी पागल होने लगी , उसका खुद पर से कण्ट्रोल छूट गया , वोह फिर से धीमी धीमी मादक सिसकारियां लेने लगी साथ में बिच बिच में चीखने भी लगी

करीम ने पूर्वी को सीधा किया और उसके सामने आ गया और पूर्वी की छूट पर लुंड से सहलाके हुवे पूर्वी की नैक पर तो कभी कान को चूमने लगा ...

फिर पूर्वी ने अपनी टैंगो से करीम की कमर को पकड़ लिया और हाथो को उसके पीठ को दबा दिया और आँखे खोलकर करीम को देखा और धीरे से बोली

दाल भी दो .

करीम – क्यों

अब सहन नहीं हो रहा , दाल दो प्लस .

पहला नंबर तो काजल का है … बाद मई तेरा ..

ऐसे कहते hi पूर्वी का चेहरा गिर गया और काजल का चेहरा खुल गया.. साथ मई… प्रिय का भी..

पूर्वी भी अब पूरी तरह से बेशरम हो चुके थी

मेरे करीम raja,kya तुम आपने पूर्वी रांड पर जरा भी तरस नहीं आता

करीम उससे दूर जेक काजल के पास खड़ा हो गया था .. करीम के दूर जाने से पूर्वी पहले से ज्यादा तड़प उठी . वह अब बहुत गर्म और छुडासी हो गए थी .उसकी छूट मई बड़ी खुजली हो रही thi.Ab वह बिना लुंड के नहीं रहा सकती thi.Woh खुद करीम के पास जेक बेशरम होक उसका लुंड धीरे से पकड़के रब करने लगी..

इस लिए करीम अब ज़रा सख्त होते हुई काजल के ब्लाउज के उप्पर से उसके मम्मी ज़रा ज्यादा बेरहमी से मसलते हुई काजल को किश करने लगा…

और बोल पड़ा ..

क्या आम है काजल तेरे..

कमीने मई तेरा लुंड दबा रही हु, उसके साथ खेल रही हूँ… और तू साला कमीना ..उसके जिस्म की तारीफ कर रहा है

इस पर करीम जोरसे हस्ते हुई काजल के आम और जोरसे से मसलता है और उसे किश करने लगता है...

अब सिचुएशन ऐसे थी की काजल के पीछे करीम खड़ा था और उसके आम दबा रहा था और

उसके पीछे पूर्वी कड़ी होक आगे हाथ डालकर उसका लुंड दबा रही थी ..

करीम - वह काजल तू तो करीना कपूर जैसे लगती hai.Wohi टाइट गोरा jism,waisa hi तना हुआ sina,waise hi गोरी taange.Tu भी करीना जैसे मस्त माल है काजल .कसम से तेरा यह मस्त जिस्म देखके कोई भी मर्द तुझे छोड़ना चाहेगा.

इसपर पूर्वी और ज्यादा गुस्सा हो जाती है..

कमीने … मुझे क्यों तड़पा रहा है..

बहनचोद क्या मैंने तुजे छोड़ने को मन किया …

लेकिन .. छोड़ भी नहीं रहे हो न..

साली बोलै na..Pahale काजल को छोडूंगा बाद मई तेरी बरी..

लेकिन मुजसे साबरा नहीं हो रहा है

तो मई क्या करू रांड.. तुजे क्या काजल के साथ छुड़वाने की इच्छा हुई है क्या raand?Teri माँ की chut,sachi bol,tera इरादा क्या है? थ्रीसम करने का इरादा है क्या

नहीं नहीं…

मादरचोद मेरा लुंड क्यों पकड़ा है tune?Tu क्या चाहती है चैनल?

जो हाथ से पूर्वी ने करीम का लुंड पकड़ा हुआ था उसपे करीम एक फटका मरता है पैर उसके बाद भी पूर्वी करीम का मोटा लुंड नहीं chorti,balki लुंड को zor-zorse ऊपर निचे करती है ..

अह्ह्ह्हह कितनी गालिया दे रहे हो मुझे raja.Kyon मुझे तड़पा रहे हो? छोड़ो न मुझे..

करीम के मुँह से गालिया सुनके पूर्वी बहुत शर्मिंदा फील कराती है. करीम पहली बार उसे गालिया नहीं दे रहा था पर काजल के सामने उसे गालिया दे रहा था, जलील कर रहा था इस वजह से उसे शर्मिंदा होना पद रहा था … काजल के सामने करीम जो उसे ट्रीट कर रहा था उस वजह से जिंदगी मई पहली बार उसे एक रंडी जैसे फील हो रहा था … उसे लग रहा था की करीम उसकी कितनी इंसल्ट कर रहा है पैर छूट छोड़ने के बहुत तड़प थी उससे इसलिए वो बेशर्म होक करीम की गालिया भी सुन रही थी .

काजल इधर पूर्वी के हाल के बारे मई सोच रही थी साथ में करीम की हाथो से अपना जिस्म मसलते ले रही thi.Waise अब उससे कोई फरक नहीं पड़ने वाला था की करीम पूर्वी को चोदे या उससे जलील करे क्योंकि अब उससे अपनी छूट की पड़ी thi.karim का एक हाथ अपने आम पे दबाते हुई उसे बहुत मज़ा आ रहा था..

इतना कुछ होने के बाद भी पूर्वी फिर भी दोनों हाथ से करीम का लुंड मसलते बोली

अह्ह्ह्हह कितनी गालिया दे रहे हो मुझे raja.Kyon मुझे तड़पा रहे हो? छोड़ो न मुझे..

ठीक है तुजे पहले छोडूंगा .. लेकिन पहले तू काजल की छूट चाटेगी..

क्या???

पूर्वी चिल्ला उठी..

काजल करीम के तरफ देखने लगी..

नहीं नहीं.. मई ये करने नहीं दूंगी..

काजल ने कहा..

पूर्वी बोली..

मई ये नहीं करुँगी …

तो काजल के चुदाई होने तक वेट कर … नहीं तो उसके छूट चाट..

लेकिन वो रेडी नहीं है..

पूर्वी की बात सुनकर प्रिय चौंक पड़ी..

क्या चैनल है पूर्वी भाभी .. इतनी जल्दी रेडी हो गयी ..

प्रिय ने कहा ..

करीम- तू उसे रेडी कर फिर …ये तेरे रिस्पांसिबिलिटी..


उस बाथरूम मई चारो और सांता था… सिर्फ पानी गिराने की आवाज आ रही थी.. पूर्वी ने एक बार करीम की तरफ देखा .. फिर काजल की तरफ देखा.. वो शर्माकर नीचे देख रही थी ..

प्रिय अन्दर का दर्शया देख कर सोचने लगी और खुद से सवाल करने लगी … क्या पूर्वी भाभी सच मई बूढ़े ने कहा वैसा hi कुछ करेगी.. और खुद hi जवाब दिया… नहीं नहीं.. पूर्वी भाभी ऐसा नहीं कर सकती.. वो इतना निचे नहीं गिर सकती..

अब पूर्वी थोड़ा आगे आयी.. काजल की तरफ.. पूर्वी आगे आ रही है ये जानकर काजल बोल पड़ी..

नहीं पूर्वी… ये ठीक नहीं है..

पूर्वी जान चुकी थी की काजल पूरी तरह से गरम हो चुकी है पर नखरा कर रही .. आखिर एक औरत को दूसरी औरत के सिवाय कोण अच्छे से जान सकता है.. वो जानती थी की अभी नहीं तो कभी नहीं .. और वो ये भी जानती थी की गरम औरत को आपने जाल मई फ़साना काफी आसान होता है..

काजल bhabhi…aab नहीं रहा जाता… आज मुझे किसी भी हालत मई करीम से छुड़ाना है.. उससे छुड़ाने के लिए मुझे आपकी प्यारी छूट चाटने पड़ेगी..

लेकिन पूर्वी ये ठीक नहीं है..

ऐसा काजल ने कहा लेकिन तब तक पूर्वी ने काजल का एक आम हलके से दबा दिया ...

ये क्या बदतमीजी है पूर्वी.. तुम ये मेरे साथ नहीं कर सकते..

पता है भाभी… ये ठीक नहीं है.. पता है आप को इससे क्या कहते है

काजल न मई गर्दन हिलाते है

लेस्बियन सेक्स..

काजल अब शर्माकर निचे देख रही थी..

एक बार काजल भाभी.. मुझे तुम्हारी प्यासी छूट चाटने दो न.. सिर्फ एक बार..

ये क्या बकवास है .. पूर्वी.. मई.. मैई.. भला .. क्यों.. तुम ..ये सब करने दूंगी.. मेरे साट्ठह्ह… मई ऐसा कुछ भी नहीं करने दूंगी..

इधर बहार कड़ी प्रिय कहती है..

भाभी.. अब हड़बड़ाए क्यों हो.. और पूर्वी भाभी को क्यों कह रही हो.. उस बूढ़े को कहो.. क्लेअर्ल्य.. डरो.. मत… उसने hi पूर्वी भाभी को तुम्हारे साथ ये करने को कहा है..

लेकिन इसपर पूर्वी ने कुछ नहीं कहा .. थोड़ी देर शांत रही.. बहार कड़ी प्रिय को लगा पूर्वी भाभी अब कुछ नहीं करेंगे.. वो खुद को रिलीफ करने लगी.. तभी अचानक… पूर्वी ने काजल के बूब्स को जोर से दबा दिया...

आआह्ह्ह्हआआ… पूर्वी… ये क्या कर रही हो..

अपनी hi सोच मई डूबी प्रिय को ये अहसास भी नहीं रहा की पूर्वी और काजल के बारे मई सोचते हुई कब आपने हाथ उसके छथि पे कब चला gaya..aur आपने उरोज को उसने कब दबोच लिया .. और उसकी आँखे कब बंद हो गयी.. अपनी आँखे बंद किये हुई खड़े खड़े hi अपनी छूट मसल रही प्रिय को जैसे hi काजल की आवाज सुनाई दी तो झट से उसने आपने आँखे खोल दी..

काजल की आवाज ने उसकी आँखे खुल गयी और हाथ भी उसने झट से निचे कर दिया..

भाभी … मुझे पता है आप को ये पसंद नहीं है.. पर मई क्या करू.. मुझे भी ये पसंद नहीं है.. लेकिन मेरे छूट से ज्यादा करीम को आपकी छूट पसंद है.. मेरे छूट की प्यास बजाने से पहले वो आपकी छूट की प्यास बजाना चाहता है.. मेरी छूट की प्यास बजाने के बदले मई उसने ये शर्ट राखी है की मई आपकी छूट चतु.. आपने सुना hi होगा न .. अब भाभी .. बोलिये मई क्या करू..

प्रिय पूर्वी की ये बात सुनकर पागल हो गयी..





उसे कभी नहीं लगा था की पूर्वी भाभी इतना गन्दा बोल भी सकते है.. और इधर काजल को भी नहीं लगा था की पूर्वी इतना गन्दा बोल सकती है.. ये सब सुनकर प्रिय कहने लगी..

प्रिय- कितने गन्दी है पूर्वी भाभी… क्या अनब शनाब बोल रही है.. कोई हाइली एडुकेटेड लेडी भी इतना गन्दा बोल सकती है क्या..

प्रिय के दीमक मई जो था वो वही काजल के दीमक मई था .. वो बोलती है..

पूर्वी… कितना गन्दा बोल रही हो.. तुम शर्म नहीं आते मुझे ये सब बोलते हुई..

क्या करू बहभी .. शर्म तो आती है.. लेकिन छूट के आगे बेबस हु.. और गन्दा… ये सब आपके यार ने hi सिखाया है मुझे.. और ऐसा मुझे आपके यार ने hi बनाया है..

बहार कड़ी होकर प्रिय कहती है..

करीम काजल भाभी का यार है तो तुम्हारा कोण है.. पूर्वी भाभी..

पूर्वी की बात सुनकर काजल हल्का सा मुस्कुराती है ..

वो जानती थी की जब वो करीम के साथ थी तब वो भी करीम के साथ ऐसा hi गन्दी भाषा मई बात करती थी और करीम उसकी हालत ऐसे hi बेबस करता था..

देखो पूर्वी … तुम आपने आप पर कण्ट्रोल करना सीखो…

मुएज लेक्चर मत दो भाभी.. आप ने किया क्या आपने आप पाई कण्ट्रोल..

काजल भाभी पूर्वी की बात सुन कर गुस्से मई कहती है..

हाँ किया है मैंने आपने आप पर कण्ट्रोल.. इसका और मेरे अफेयर को टुटके 1 ईयर हो चुके है.. तबसे अब तक मैंने कुछ भी नहीं किया है इसके साथ

तो भाभी तुम्हारी इच्छा नहीं होती थी..

होती थी

फिर क्या .. कोई और..

चुप कर पूर्वी .. कुछ भी मत बोल.. चामरे साथ जैसा हो रहा है वैसे मेरे साथ भी कई बार होता है .. मई कितने बार चाहती थी की करीम के पास औ और उसका मुसल लुंड आपने छूट मई ले लू..

काजल की बात सुनकर बहार कड़ी प्रिय आपने मू पर हाथ रख लेते hai..aur आचार्य से कहती है..

भाभी आप भी… गन्दी भाषा..

पर चाहा कर भी मई ऐसा नहीं कर सकती थी..

क्यों

मुझे आपने आप पर कण्ट्रोल करना था.. और ये सब गलत था ..

Ok बाबा.. आप का प्रवचन सुना.. पसंद भी आया .. अब काम की बात करे..

पूर्वी की इस बात से प्रिय है पड़ी और काजल के चहरे पर हलकी सी स्माइल आयी..

भाभी आपको पता है

क्या

हमारे दोनों के दर्द की एक hi दवा है..

क्या

करीम का मुसल लैंड..

काजल हसती है ..

पता है … लेकिन … तुम जो कह रही हो और तुम जो मेरे साथ करना चाहती हो वो पॉसिबल नहीं है

क्यों ..

आज तो मौका भी है. दस्तूर भी है… और तुम्हारे छूट चाटते hi करीम हम दोनों को छोड़ेगा भी.. हाँ न करीम

करीम के तरफ देखते हुई पूर्वी कहती है..

करीम हाँ कहता है..

लेकिन ये शर्त क्यों करीम

काजल करीम की तरफ देख कर कहती है ..

मई आज देखना चाहता हु मेरी एक रांड दूसरे रांड की छूट कैसे चाटती है.. और बात ये भी है की मेहरा खंडन की बहु मेहता खंडन के बहु की छूट कैसे चाटती है.. ये भी मुझे देखना है..

और हँसाने लगता है..

इधर बहार कड़ी प्रिय गुस्से मई कहते है..

कमीने.. मेरे दो बहभी को जलील कर रहा है तू..

फिर पूर्वी काजल के छूट पाई हाथ रखकर उससे जोर से रगड़ देते है..

आआआह्ह्ह्हह्हआआआआ…. Purviiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…

काजल जोर से चिलाती है..

भाभी … आपकी छूट चाटूँगी तभी तो मेरा नंबर आएगा..

ऐसा कह कर पूर्वी काजल के हूंतो पर आपने हूंठ रख देते है ...

और साथ मई पूर्वी ने कसमस्ती हुई काजल के आम को और जोर से दबा दिया…

आआह्ह्हह्हह्हआआआ…. धीरी… नाआ..

जैसे hi काजल के आम को पूर्वी ने दबाया तब काजल पूर्वी का चेहरा आपने हूंतो से दूर करते हुई सिसक उठी..

जैसे hi पूर्वी काजल के हूंतो पर आपने हूंठ रख देती है वैसे hi प्रिय आपने जगह पर उछाल पड़ती है..

उसे यकीं नहीं हो रहा था की पूर्वी भाभी काजल भाभी के साथ ऐसा कुछ कर सकती है .. इधर पूर्वी काजल का एक आम फिर से दबा देती है..

आहहहआ.. ऐसा hi दबाता है न तू .. करीम..

ऐसा कह कर पूर्वी करीम की तरफ देखने लगी..

इतने धीरे से मई नहीं दबाता .. चैनल..

ये सुन कर प्रिय कहती है..

कमीनो मेरे भाभी पर रहम करो..

करीम ने ऐसे कहते hi गुस्से मई पूर्वी ने काजल के दोनों खड़े हुई निप्पल को एक साथ hi बहार की तरफ खिंच लिया..

ूओहूऊओ… पुरवीईई…. ये क्या कर रही हो… आआअह्हआ… दर्द हो रहा है….. मम्म्मूजजी….. uuuuffffffffff…

पर काजल की आहे पूर्वी को मजे दे रही थी..

उदार पूर्वी के दिमाग मई काजल और करीम को सताने का एक आईडिया जनम ले चूका था.. उसने काजल के हूंतो पर फिर से आपने हूंठ रख दिए..

इसबार काजल ने ज्यादा विरोध नहीं किया.. थोड़ी देर उसके हूंतो को चूसने के बाद पूर्वी ने काजल के मम्मी को दबाना शुरू किया.. अब काजल पूर्वी के हूंतो और हाथ की वजह से मस्तियोंको के सागर मई डुबकिया लगा रही थी.. जब पूर्वी ने आपने उँगलियों से उसके एक निप्पल को चुवा तो पागलों की तरह वो पूर्वी के बदन से चिपक गयी और उसे बुरी तरह से चूमने लगी ..

जैसे hi फिर से पूर्वी ने काजल के हूंतो पर आपने हूंठ रख दिए और उसके आम को दबाने लगी वैसे hi काजल का पूरा शरीर लहराने लगा.. जैसे समुन्दर मई लहरे उठाती है वैसे hi लहरे काजल के शरीर मई उतने लगी.. एक पल के लिए उसे लगा की उसकी तबियत ख़राब हो रही है पर ऐसा कुछ नहीं था.. अब काजल के शरीर मई से अजीब सी आवाजे निकल रही थी..

प्रिय तो अपनी बहभी की ये अदा देखकर हैरान रह गयी ..प्रिय आँखे फाड़कर आपने दोनों भाभी का लेस्बियन किश देख रही थी....

ऊह्ह्हह्ह… माय गॉडडडडड… ये क्या… इस्सस कमीने तो मेरे दोनों भाभी को लेस्बियन बना डाला .. कमीना कही का..

वो सोचने लगती है .. सेल ने तो यहाँ पोर्न मूवी स्टार्ट कर दी.. उसने आपने आप को कहा ..

ऐसा तो मैंने सपने मई भी नहीं सोचा था.. की पूर्वी भाभी और काजल भाभी ऐसा कर सकती है..

ये सब देखकर करीम का गाला पूरा सुख गया था .. पूर्वी पूरी नंगी होकर काजल को चूस रही थी.. पूर्वी की चूचिया तन कर खड़े हो गए थी.. पूर्वी एक हाथ से काजल के छूट को रगड़ रही थी और दूसरे हाथ से उसके निप्पल को भींच रही थी..

अब पूर्वी ने काजल की सदी उतर दी .. फिर पेटीकोट .. फिर ब्लाउज … ब्रा.. एंड पंतय.. कुछ hi देर मई काजल भी पूर्वी जैसे नंगी हो गयी..

जैसे hi काजल को अहसास हुआ की आपने नंगे होने की वजह से करीम उसको hi देख रहा है वैसे hi वो शर्मा कर पीछे घूम गयी..

अब पूर्वी उसके सामने जाकर कड़ी हो गयी और फिर से उसे चूमने लगी.. काजल भी सब भूलकर उसका साथ देने लगी..

अब काजल उसके हूंतो को चूसते हुई पूर्वी के नंगे बूब्स को मसलने लगी.. उसने आपने सर थोड़ा निचे किया और पूर्वी के मम्मी आपने मू मई लेकर जोर से चूस डाला..

इसपर पूर्वी जोर से चिलए..

आआआआअह्ह्हह्हआआआ….

बबबबबहहहआ….. bhhhhiiiiiiiiiii…..

Uuuuuuufffffffffffff……………..

Aaaaaaissssseeeeeeeeeee……… हीईई..

जाहाराआआ… धीयड़ीये…

अपनी जीभ को काजल पूर्वी के निप्पल पर फेरकर उसके मम्मो को चूस रही थी.. तभी जोश मई आकर पूर्वी ने आपने एक उंगली काजल के छूट मई दाल दी… तभी काजल उछाल पड़ी……

Aaaaahhhhhhhhhaaaaaaaaaaaa….

Purviiiiiiiiiiiiiiiii… wahhhhhhhaaa..nahiiiii..

काजल के छूट मई पूर्वी ने उंगली डालते hi जोर से कंपन हुआ

क्यों ………… ummmmmmmmmmmmmm……..

बहुत्तत्त…. डरडडडडडड.. होता है..

भाभीयी.. मेरे छोटी से उंगली से दर्द होता है तो करीम का बड़ा लुंड कैसे लोगी आप

ऐसा कह के वो उंगली आगे पीछे करने लगी..

Aaaaaaaahhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaa…

Uuuuuuuuuuuuffffffffffffffff…..

Puuurviiiiiiiiiiiiiiiiiiii… धीरीईईईई.. karoooooooooooooo… naaaaaaaaaaaa… ले lungiiiiiiiiiiiiiii… maiiiiiiiiiiiiiiii…. उसकीयी…. तुममममम… fikarrrrrrrrrrrr… तुममम.. मत्तट.. करूओ.. पूर्वीइइइइइ…

पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़… सलौलियी……….

पूर्वी- मई तो भूल hi गयी .. तुमने तो पहले कई बार अपनी इस प्यारे छूट मई करीम का मुसल लुंड लिया है..

हहआआआआन्त्र… लीलललल… लिय्याअ.. हैई… कईईई… बारररर.. तुमसे … पहले…. श्यादद्ध… तुमको .. पता नहीं था …

मुझे पता था..

फिर भी तुम करीम से चुद गयी…

क्या करू जिस लुंड की आप दीवानी थी उस मुसल लुंड की मई भी दीवानी हु..

मई दीवानी नहीं थी.. तो अब भी दीवानी होऊ.. समाजी… पूर्वी..

ये बोलते हुई काजल ने आपने कांपते हुई हूंठ पूर्वी के हूंतो पर रख दिए और उनने जोर से चूसने लगी.. पूर्वी भी जवाब देने lagi..wo उसके गोरी गोरी मोती गांड को हवा के घुबरी जैसे दबाने lagi..saath मई काजल के कानो को भी चाट रही थी, चूस रही थी ..

ये सब देखते हुई बहार प्रिय का बुरा हाल हो चूका था.. वो खड़े खड़े hi आपने टॉप उप्पर करके आपने बूब्स दबा रही थी.. और छूट मई उंगली दाल के उसे रब कर रही थी..

थोड़े देर बाद उसे याद आ जाता है की वो कहा कड़ी है.. वो सोचती है … कोई आ जाइये तो.. यही सोचकर अब प्रिय निचे बैठ जाती है.. और सामने का नज़ारा देखने लगाती है..

सामने क्या नज़ारा था.. काजल और पूर्वी की कस्सिंग देखकर करीम आपने मुसल लुंड आपने हाथ मई लेके हिला रहा था.. वो देखते hi प्रिय ने आँखे निचे कर दी..

तभी उसकी नज़र आपने आप आपने कमर के निचे की तरफ चली गयी.. निचे का नज़ारा देखकर उसे बहुत आचर्य हुआ . . वो निचे से पूरी नंगी हो चुकी थी..

उसने कब अपनी पंत निकली और कब आपने पंतय निचे सरका दी उसे खुद को भी पता नहीं चला..

फिर उसने आँखे बंद की थो उसके आँखों के सामने एक अजीब सा नज़ारा सामने आने लगा.. क्या था वो नज़ारा.. वो नज़ारा था वो एक स्कर्ट मई बैठी है .. और करीम उसके स्कर्ट के अन्दर हाथ दाल के उसके पंतय के उप्पर से उसके छूट की मालिश कर रहा है…

कुछ देर ऐसा hi नज़ारा raha..thode देर बाद उसके मू से एक तेज सिसकारी निकली

Sssssssssssshhhhhhhhhhh….. आआ….. ह्ह्हआआआ….. ममममममीीी…..

आँखे बंद करते हुई आपने मू से ये अजीब सी सिसकारी आपने कानो पाई पड़ते hi वो समाज गयी की उसके साथ क्या हो रहा है .. वो मस्टरबूते कर रही थी.. यानि प्रिय आपने दोनों भाभी का लेस्बियन सेक्स देख कर एक फाइव स्टार मॉल के बाथरूम के दूर पर बैठ कर आपने छूट मई उंगलिये दाल कर मुट्ठ मार रही थी.. प्रिय के धड़कने जोर से चलने लगी.. प्रिया ने आपने आँखे बंद की थी पर काजल की जोर की सिसकी ने उसकी आँखे खोलने पर उसे मजबूर कर दिया.. आगे का नज़ारा देख कर प्रिय फिर से अपनी छूट को मसल रही थी..
 
अब पूर्वी उसके कान से होते हुई उसके गर्दन, फिर निचे आते हुई उसके पेट को चूमने lagi..aaj वो काजल के बदन के हर हिस्से को चुम रही thi..chat रही थी.. फिर वो थोड़ी उप्पर गयी .. उसका एक आम आपने मू मई लेके उसको चूसने लगी .. उसके आम को अच्छे तरह से चूसने के बाद पूर्वी ने उसके नवल को चूसा और उसके अन्दर अपनी जीभ अन्दर दाल दी..

Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhaaaaaaa…

Purviiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…

जोश मई आकर काजल थोड़ी आगे जुख कर आपने एक हाथ पूर्वी के पिट से उसके गांड के दरार मई धीरे से दाल देती है .. वैसे hi पूर्वी चिल्ला उठाती है..

Aaaaaaaaahhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaa…

Bhaaaaaabbhhiiiiiiiiiiiiiiiiiii….

अब पूर्वी काजल की सपाट पेट को चूसते हुई उसके छूट तक जा रही थी.. तब उन् दोनों की साँसे तेज से चलने लगी थी.. अब पूर्वी सर उतके काजल की तरफ देखने लगी थी .. काजल की आँखे बंद थी..

पूर्वी ने अपनी जीब जैसे hi काजल के छूट पाई राखी वैसे hi काजल उछाल पड़ी..

Aaahhhhhhhhhhhaaaaaaa… पूर्वीय…

अब काजल के छूट के उप्पर पूर्वी ने अपनी जीभ घुमानी शुरू कर दी..

आआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआआ… पूर्वियी…

ुपप्पाआआररररर.. nahiiiiiiiiiiiii… अन्दर .. डालूओ..

जैसे hi उसने आपने थोड़ी जीभ काजल के छूट मई डाली वैसे hi काजल बोल पड़ी..

Aaaaahhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaa….

Uuuuuuuuuuuufffffffffffffffffffff……

Marrrrrrrrrrr… गैय्यिययियीईइई…

आआअह्हह्ह्ह… बड़ी जलन हो रही है अन्दर … पूर्वीइइइइइ… घुसा दो अन्दर अपनी जीभ….

बेशर्मी पे उतर आयी पूर्वी अपनी जीभ बहार निकल कर कहती है..

भाभी .. आप का तो आपने आप पाई बहुत कण्ट्रोल है न… फिर मुझे आपने जीभ आपके छूट के अन्दर डालने को क्यों बोल रही हो..

पूर्वी के सर पे चपत लगा कर काजल कहती है..

कमीने.. इतना मुझे गरम किया है .. और अब मेरे साथ नौंटकी कर रही है..

फिर पूर्वी ने हस्ते हुई काजल के छूट को दोनों हाथो से पकड़ कर उसके छूट को फैलाया और फिर अपनी जीभ उसके छूट के अन्दर दाल दी..

Aaaahhhhhhhhhhaaaaaaaaaaa….

Bahutttttttttttt… mastttttttttt..

Purviiiiiiiiiii…

अब पूर्वी आपने जीभ से उसके छूट की मस्सगे कर रही थी.. इस वजह से काजल का पूरा बदन अकड़ सा गया था.

आआअह्ह्हह्हआआआ…. पूर्वीइइइइइ… करटीई.. राहूऊ.. बहुत अच्छा लग रहा है..

Uuummmmmmmmmmm…

अब काजल बहाने वाली thi..wo अब जड़ने वाली थी.. अब वो उसके करीब थी..

Yessssssssssssss.. पुरवीईई… अब मेरा होने वाला hai..aahhhhhhhhhhhhaaaa…

ऐसे कहते हुई वो जड़ने लगी..

इधर करीम का बुरा हाल था .. वो कभी पूर्वी को देखता तो कभी काजल के नशीले गांड को .. अब करीम के लुंड ने फिर से बग़ावत करना शुरू कर दिया था.. उसने बिना कुछ सोचे समजे उन दोनों की तरफ जाने लगा.. काजल ने वो देख लिया और पूर्वी की कानो मई धीरे से कहा

करीम आ रहा है..

तब तक करीम उन्दोनो के पास आ चूका था.. वो पहले पूर्वी के बदन पर और बाद मई काजल के बदन पाई अपनी भूखी नजर डालता है..

उसको गुस्से दे देखते हुई पूर्वी कहती है

अब क्यों आया ..

काजल उसका मज़ा लेते हुई कहती है

उसकी नज़र हमेशा नए माल पाई होती है

तुम कहा का नया माल हो.. भाभी.. तुम तो इसका पुराण माल hi हो ..

पूर्वी उसकी नज़र मुझपर नहीं है

तो किसपर

मेरे ननद.. प्रिय पर..

क्या..

प्रिय कहती है..

सेल ने भाभी को भी बता दिया क्या..

प्रिय कहती है..

हाँ .. और पता है तुजे ये उसके साथ क्या करना चाहता है

क्या

सुहागरात..

क्या ??? ये कैसे पॉसिबल है..

इधर ये बात सुनकर प्रिय गुस्से से आगबबूला हो जाती है..

सेल ने ये बात तो क्या पुरे सिटी को बताई है क्या..

जब सब देखना hi था तो हमारे पास hi क्यों आये .. सब वही बैठ कर देखते hi रहते न..

प्रिय ने आचार्य से काजल भाभी की तरफ देखा जो सीना चौदह करके करीम से बाते कर रही थी.. प्रिय ने ये नोट भी किया की करीम की नज़र पूर्वी के मम्मो पाई काम और काजल भाभी के कड़क मुम्मो पाई ज्यादा है.. सबसे ज्यादा उसके गुलाभी निप्पल पाई उसके नज़र थी..

जोश मई आकर करीम बोलै

साली तुम डॉन रंडिया.. यहाँ नंगी कड़ी हो.. और मई ऐसा hi देखता राहु क्या..

तो क्या करोगे..

तुम दोनों को छोड़ना है मुझे

हमें क्यों छोड़ोगे.. अब तुम्हारी नज़र हम पाई काम और तुम्हारे नए माल पर ज्यादा जो है..

कोण प्रिय पर..

और वो दोनों हँसाने लगी..

वो तो है पर इसका मतलब ये नहीं है की प्रिय के खातिर मई सोने के ांडे देने वाली तुम दो मुर्गी को चोर दूंगा..

ऐसा कह के उन्दोनो को आपने बहो मई खिंच लेता है करीम

फिर मेरे सामने जीकर क्यों किया .. प्रिय का..

काजल ने कहा..

ताकि तुम्हारे मदद से उसको पता सकू..

क्यों पटना है उसको.. हम दोनों क्या कही से काम है क्या..

पूर्वी ने कहा

काम की बात नहीं है रानी..

तो बात क्या है

काजल ने कहा

करीम का लुंड अब कुटुंब मीनार बन चूका था..

लगता है प्रिय का नाम सुनकर तुम दोनों नाराज हो गयी हो

नाराज की ब्बत नहीं है करीम … एक औरत के सामने तुम दूसरे औरत के साथ सेक्स करने की उसको पटाने की बात करोगे तो बुरा लगेगा hi न..

पूर्वी ने कहा..

और मेरे मदद से तुम उसे पटना चाहते हो..

काजल ने कहा

उसपर पूर्वी बोल पड़ी

ये गलत है करीम

काजल फिर बोल पड़ी

मई हरगिज मदद नहीं करुँगी.. तुम आपने ननद पटाने मई..

उसपर प्रिय कहती है..

ये हुई न बात .. बहभी..

करीम कहता है.. ठीक है.. मई नहीं लूंगा तुम्हारी मदद और तुम फाॅर्स भी नहीं करूँगा.. मदद करने के लिए..

और आगे से हमारे सामने प्रिय का जीकर भी नहीं करना

पूर्वी बोल पड़ती है..

ठीक है.. जैसे तुम दोनों की मर्जी..

इस पर पूर्वी बोल पड़ी ..



काजल भाभी तो तुम प्रिय पटाने मई मदद नहीं कर सकती.. क्यों की आखिर वो उन् की सिस्टर इन लॉ है.. पर अगर तुम मेरे साथ सिर्फ मेरे hi बनकर रहोगे और मेरे साथ प्यार करोगे तो शायद मई तुम्हारी प्रिय के साथ सेटिंग करने मई कुछ हेल्प करुँगी..

ये बात सुन कर प्रिय आग बबूला हो जाती है..

कामिनी साली.. पूर्वी… तू चैनल hi है .. और करीम की चैनल hi बनके रहेंगे.. आगे से मई कभी भी तुजे बात नहीं करोगे… मादरचोद…

ये सब सुनकर करीम बहुत कुश हो gaya..aur कुश होकर वो कहने लगा..

और तुम मेरे हेल्प कैसे करोगे… प्रिय के साथ सुहागरात मानाने मई..

इतनी जल्दी भी क्या है करीम जी .. वो तो बाद की बात है.. वो बाद मई आप को पता चल hi जायेगा.. अब तो आप सिर्फ इस दो मलाई के मज़े ले lo..baad मई वो खीर भी आप को मिल जायेंगे.. वो कहा भागनेवाले है..

पूर्वी की ये बात सुनकर प्रिय का चेहरा देखने लायक होता है..

साली पूर्वी भाभी अब क्या करनेवाली है.. साली बहुत कमीने है.. आपने यार के खातिर कुछ भी करेंगे.. और मुझे दावत समाज कर उसके बिस्टेर पर दाल देंगे.. आगे से मई पूर्वी भाभी की कुछ भी बात नहीं सुनूंगी.. सुनूंगी क्या उसके पास जाउंगी भी nahi..aur उससे बात भी नहीं करूंगी.. मुझे आगे से पूर्वी भाभी पाई ध्यान देना पड़ेगा.. नहीं तो मेरे लिए वो खतरनाक साबित हो सकती है..

अब पूर्वी उसका लुंड नीचे से ऊपर तक अपनी जुबां से चाटने lagi.aur फिर उसने करीम के लुंड का सूपड़ा आपने मू मई ले लिया और उसे चूसने लगी..

एक तरफ पूर्वी उसके लुंड को चाट रही थी और दूसरे तरफ काजल की नज़रें करीम की नज़रूँ से hi मिली हुई थी. अब काजल का मुंह नीचे करीम के लुंड की बेस पर गया ..अब पूर्वी उसके लुंड को चाट रही थी ..बड़े प्यार से ..लुंड के ऊपर के बारे बारे काले गंदे बाल पूर्वी के नाक मैं घुसने लगे थे.

उधर प्रिय का बुरा हाल था .. वो अपनी उँगलियों को थूक से गीला करके अपने निप्पल को दबोच रही थी .... जैसे उसका यार अपनी लार से उन्हें भिगो रहा हो... उससे किश कर रहा हो और उसके छूट मई अपनी उंगली दाल रहा हो..

पूर्वी जो कुछ कर रही थी ये देखकर प्रिय ने अपने पंत के उप्पर से पहले आपने छूट को मसाला और फिर अपनी पैंटी में हाथ डालकर अपनी छूट मसलने लगी..

इधर काजल का भी बुरा हाल था.. वो करीम के सामने नंगी कड़ी थी.. वो करीम का लुंड देखकर आपने बूब्स दबाये जा रही थी.. और मैं मई कहने लगी …

ाहः साले .... उसकी चूस रहा है.... अहह मेरी.... मेरी.... कौन चूसेगा..... यार है तू मेरा..... तुझपर .....मेरा ...हक़ है.... पहला..... पहले..... मेरी चूस..... उसकी छोर दे.... मेरे में जीभ daal....ahah वो गलत है..... पहले मेरे चूसने थे...... वो गलत है....

पूर्वी ने काजल का व्यव्हार देखा तो औरत होने के नाते वो समझ गयी की काजल कितनी गरम हो गयी है और थोड़े देर पहले उसने जो करीम और काजल के बीच के खेल को रुकैया था इस वजह से काजल कितने परेशां हैं वो जानती थी.

करीम अब बेसिन पर अपनी टांगें फैला कर बेथ जाता है और पूर्वी नीचे बैठ जाती है. करीम ने अपनी टांगें और भी फैलायीं.. और करीम ने पूर्वी के सर को वहीँ पर दबाते हुई बोलै

रांड थोड़ा यहाँ पर भी अपनी जुबां से प्यार कर न.

पूर्वी ने उसके ांडो को अपने होंतून मैं लिया और जैसे उनको चूसते हुई उनको गीला करने लगी.

फिर खामोशी से पूर्वी ने आपने जीभ निकली और उस की तइस और लुंड के बीच की जगा को चाटने लगी. पूर्वी ने पीछे से आगे तक वह जीभ फैरनी शुरू कर दी और वह की साड़ी गंदगी और पसीने को चाटने लगी. प्रिय को यक़ीन नहीं आ रहा था के पूर्वी भाभी इस क़दर गन्दी कैसे हो सकती है और इस क़दर गिर सकती है की एक गंदे टेलर के जिस्म की इतनी गन्दी जगा को वो चाट सकते है .

और फिर काजल की तरफ देखते हुई करीम कहने लगा..

तू क्यों इतने दूर कड़ी है… आजा न मेरे पास..

करीम के कहने की देर थी की काजल उसके पास आ गयी..

करीम तो काजल की आँखों की चमक देख कर hi समाज गया था की काजल की क्या हालत हो गयी है इस वक़्त.. उसके पास आते hi करीम उसके कबूतरों पर टूट पड़ा… आपने दोनों हाथो मई उसके मम्मी ले कर उसे निचोड़ने लगा..

वैसे hi काजल चीख उठी..

आआह्ह्ह्हह्हआआ… बूढी… जरा ..धीरे.. ना… मई क्या भागे जा रही हु..

बहुत दिनों बाद हाथ मई आयी है तू..

काजल शर्मा जाती है..

aaaaaahhhhhhhhhhhaaaaa….

फिर इसको जोर से दबा.. करीम ..

पूर्वी आपने मू उसके लुंड पर से हटते हुई बोलती है..

तू ऐसा कहती है तो वैसे सही

ऐसा कहकर करीम उसके एक निप्पल को आपने हाथ मई लेके उसे निचोड़ने लगता है..

आआअह्हह्ह्हह्हआआआ…. कमीने.. उसकी बात क्यों सुन रहा है… आआह्ह्ह्हआआ..

क्यूँनं..

धीरी न.. दर्द हो रहा है..

तो ठीक है ऐसे कहते हुई एक हाथ काजल के छूट पाई रख देता है.. जैसे hi आपने नंगी छूट पर करीम का हाथ रखता है वैसे hi काजल काँप जाती है.. उसके हूंठ काँप से जाते है ये बोलते हुई की..

wwww..aa…aaaa..hhhhhhh…..aaaa…. nnnnnn…hhhhh…iiiiiii…. पप्पलललज़्ज़्ज़्ज़… kkkkkk..rriii… ममममम….

इतने कहने की देर थी की करीम खड़ा हो जाता है और झट से काजल को अपनी तरफ खिंच लेता है .. आपने बहो mai...aapni पुराणी रांड को एक बार लेता है ..





और उसके नाज़ुक से हूंतो पर आपने हूंठ रख देता है …





और उसके हूंतो को जोरो से चूसने लगता है..

काजल जानती थी की जब करीम जोश मई आता है तब ऐसे hi हरकत करता है.. पर अब बहुद दिन हो गए थे उसे करीम के साथ सेक्स किये हुई ..तो शयद इस वजह से वो बिलकुल तैयार नहीं थी इस चीज़ के लिए.. और वो थोड़ी गड़बड़ा जाती hai..iss वजह से उसका बदन करीम के बॉडी पर गिर जाता है.. करीम उसका खूबी से फायदा उठता है.

करीम उसके हर एक आंग को दबा दबा दबा कर उसके शरीर का नाप लेने मई लगा था.. काजल किसी बिफरी हुई बकरी की तरह उसके हर एक हमले से काँप से जाती और उससे और बुरी तरह से लिपट जाती.. और फिर करीम उससे लिपट कर उससे चूमने लगता …

अब ये दोनों एक दूसरे को बताशा चुम रहे थे.. चूस रहे थे.. एक दूसरे को चूमते हुई दोनों के चहरे पर एक प्यार भरी मुस्कान थी..

ये सारा नज़ारा बहार कड़ी प्रिय बड़े तांव से देख रही थी.. अब उसका हाथ आपने बूब्स पर था.. वो आपने मम्मी मसल मसल कर अपनी दो बहभी और करीम की रासलीला देख रही थी.. अब वो आपने मम्मी बहार निकल कर आपने निप्पल्स के साथ खेल रही थी..

वो सब देखते हुई उसे कल की बात याद आ जाती hai..jab करीम और पूजा का सेक्स चल रहा था और वो ये सब मोबाइल पे सुन रही थी.. वो पल याद आते hi उसके तन बदन मई एक कसक सी उठी.., जो एक सिसकारी के रूप मई बहार निकल आयी..

aaaaaaaaahhhhhhhhhhhaaaaaaaaaa...

जैसे hi उसके मू से आवाज बहार आयी उसने तुरंत hi आपने मू पाई हाथ रख दिया ताकि आवाज दूर तक न जाये और वो तुरंत दूर से हटकर बाजु मई चुप गयी.. ताकि आवाज सुनकर अगर तीनो मई से किसी ने आवाज सुना तो वो दूर को देखे तो वह खुद को ना पाए.. और फिर वो चुप के से देखने लगी की सच मई किसी ने सुना या कोई पीछे देख रहा है क्या कोई... लेकिन वो तीनो अपनी रासलीला मई इतने बिजी थे की उनका प्रिय की और ध्यान hi नहीं था..

अब अपनी तरफ तीनो का ध्यान नहीं है ये जानकार प्रिय फिर से दूर पाई आ गयी.. पर न जाने क्यों अब प्रिय का धायण आपने दोनों बहभी से ज्यादा करीम पर था.. शयद फ़ोन पाई सुना हुआ उसका और पूजा का सेक्स उसे अब याद आ रहा था ..

प्रिय ये सब बहार से देखकर उसे अपने ऊपर होता हुआ महसूस कर रही थी ...वो अपने निप्पल्स को zor-zor से दबा रही थी... जैसे उसके भाबी का यार उसकी भाभी का नहीं उसके निप्पल्स को निचोड़ रहा हो...

इधर दूसरी तरफ इस वक़्त उत्तेजना के मरे काजल के हूंठ हलवे की तरह नरम हो चुके थे.. उनमे से मीठा शहद भी निकल रहा था..

काजल आपने को संभालते हुई थोड़ा पीछे हाट जाती है .. और करीम की और मादक अदा के साथ देखने लगती है.. थोड़ी देर बाद ऐसे hi देखने के बाद काजल जोश मई आके आपने मम्मी पाई करीम का सर पकड़कर दबा देती है.. और कहती है..

करीम.. मीठा दे ये दर्द… बहुत दिनों से तड़प रही हूँ.. आआआह्ह्हह्ह्ह्ह…

काजल की बात जैसे hi ख़तम होती है वैसे hi करीम उसके कबूतर पे टूट पड़ा.. वो उसके मम्मी को चभा रहा tha..chus रहा था.. पहले एक ..और फिर दूसरे .. को..

इस बीच पूर्वी ने करीम के लुंड को पाकर कर जोर से मसाला .. और गुस्से मई बोली..

बस हो गया अब… छोड़ दो मुझे… मई कबसे चुदाई के लिए मरी जा रही हूँ..

उसे इस बात का कोई फरक नहीं पड़ता था की वह काजल hai..use अब किसी भी कीमत पैट करीम से छुड़वा के लेना था.. इस के लिए वो न जाने कब से तड़प रही थी..

फिर करीम ने अपने लुंड को अपने हाथ मैं पकड़ा और पूर्वी के गाळून पर मरने लगा और फिर उसके होंतून पर. काजल करीम को यह सुब करते हुई देख रही थी. जब करीम ने आपने लुंड को पूर्वी के हूंतो पर मारा तब उसने अपनी जीभ बहार निकाल दी तब करीम अपने लुंड को पूर्वी के जीभ पर मरने लगा. तब फिर एक बार दोबारा पूर्वी ने उसके लुंड के टोपी को अपने मुंह मैं लिया और उसे चूसने lagi.thodi देर चूसने के बाद पूर्वी ने खड़े रहते hi करीम का लुंड हाथ मई लेते हुई आपने छूट के द्वार पर टिका दिया..

करीम पूर्वी के साथ ये करते हुई काजल के पंतय के ऊपर से hi उसकी की छूट को चाटने लगता है छूट के होठो को चूसने लगता है … करीम बहुत दिनों बाद काजल की छूट चाट रहा था जिस वजह से उसको उसके छूट के रास का सवाद अलग लगता है पर उसकी महक की वजह से वो बहुत उत्तेजित हो जाता है अब उसको छोट की गरमी बर्दास्त नहीं होती.. करीम काजल की पेंटी अपने दातो मई पादकता है और निचे किचन लगता है .. काजल की ससे तेज होती जाती है .. करीम जैसे जैसे पंतय निचे कर रहा था काजल की हार्टबीट तेज चल रही थी जल्द hi करीम के सामने काजल की छूट आ जाती है..

करीम- waahhhh…...ohhh क्या छूट है एक डैम chikni...balo का नमो नीसाण नहीं है ..

करीम काजल की पंतय जगहों तक निचे करता है और जल्दी hi अपने हाथो से काजल का जिस्म दूर कर देता है.. काजल को बहुत शर्म आ रही thi....aaj उसका पुराण यार उसकी प्यारी छूट के साथ जो कर रहा था … हलकी काजल पहले कई बार करीम से चुद चुकी थी पर उसकी छूट देख कर ऐसा नहीं लग रहा था की काजल कई बार चूड़ी हुयी है.. उसकी गोरी गोरी छूट के दोनों होंठ हलके से खुले थे करीम तोह काजल की खूबसूरती मई hi खो गया था...... ी मैं तो से… छूट की khubsurati..wo बस घूरे जा रहा था … ये सब देख कर काजल को शर्म आ रही थी

काजल -करीम मात देख न ऐसे

करीम :-तू बहुत खूबसूरत है

kajal:-chup कर तू और जल्दी से अपना काम कर मुझे शर्म आ रही है

karim:-(kajal की छूट को छूटे हुए) क्या रांड.. हमेशा की तरह आज भी कह रही है .. जल्दी karo....hye कितनी प्यारी है तेरे छूट … इससे तोह फुरसत से बांया है ऊपर वाले ने इससे जल्दी से नहीं बल्कि आराम से प्यार करना चाहिए

kajal:-mujhe शर्म आ रही है करीम ... तुझे जैसे करना है कर पर जल्दी कर मुझे और बर्दास्त नहीं होता

करीम –राण तूने तोह मेरे मान की बात कह दी बर्दास्त तोह अब मुझ से नहीं हो रहा.....

उधर गुस्से मई पूर्वी कहती है

Purvi:-aab तुम लोग जल्दी करो न … मेरा नंबर कब आएगा .. जब तुम दोनों ऐसा स्लो करोगे तो

करीम दोनों की तरफ देख के हस्ता है और अपने गरम होठ काजल की चोट के गरम होठो मई रख देता है

काजल -aaaaaaaahhhhhhhhhhh करिमममममम…..

ऐसा कह के काजल करीम का सर अपनी छूट मई दबा देती है

करीम ने काजल की छूट को हलके से चूमा और फिर किसी रसगुल्ले की तरह अपने मुँह में भर लिया .. करीम ने ऐसे करते hi काजल का बदन सुलगने लगा . उस के हाथ करीम के सर पर आ गए और वो मीठी मीठी आहे भरते हुए उसके सर को अपनी छूट पर दबाबने लगी. उसकी की छूट से जो हल्का सा नमकीन गधा रास निकल रहा था वो करीम की जीभ को भा गया और वो सब कुछ भूल कर उसकी की छूट को चूमने लगा, चाटने लगा.

ोूहु! करीम ये तूने क्या कर दिया रे, मैं तो आज मरी hi मरी आअह्हह्ह्ह्हह aaahhhhhhhhhh , उफ्फ्फ्फ़ कितना मजा आ रहा हैं , उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ uffffffffffffffffff.

काजल की ये मदमस्त आहे करीम को और प्रेरित कर रही थी की वो उसकी छूट के रास की एक एक बूँद पी जाये और प्रिय और पूर्वी को और गरम कर रही थी..

जब जब उसकी जीभ काजल की छूट के डेन को छूती वो अपनी गांड को जोर जोर से पटकती, करीम समझ सकता था की किस हद तक वो मस्ती के सागर की गहराई में उतर चुकी है. मुश्किल से 4-5 मिनट hi उसने छूट को चूसा होगा की काजल उसके मुँह में ढेर सारा रास छोड़ कर स्खलित हो गयी और निचे जमीं पर पड़ी पड़ी गहरी सांसे लेने लगी.

उसके झड़ते hi करीम ने अपना मुँह वह से हटा लिया और वह पड़ी एक सदी से अपने चेहरे पर लगे उनके रास को साफ़ किया और वो भी वही पड़ा रहा ..

कुछ देर बाद पूर्वी करीम के सीने पर चढ़ गयी ...





और उसके लुंड को आपने गालो पर रगड़ने लगे, फिर धीरे धीरे आपने गुलाबी होंठो पर और फिर मुँह खोल कर उसने करीम के लुंड के सुपडे को अपने मुँह में ले लिया.

पूर्वी के नरम होंठो के अहसास ने करीम को इतना मजा दिया की मैं क्या बताऊ, अपने होंठो में उसके सुपडे को दबाये वो जीभ को गोल गोल घूमते हुए करीम के बदन में आग लगा रही थी. बाहर प्रिय और अंदर दो दहकते जिस्म .. नहीं तीन … आज कुछ तूफानी तो जरूर होने जा रहा था .धीरे धीरे उसने लगभग आधा लुंड आपने मुँह में ले लिया था.

कुछ मिनट बाद वो घूम गयी और करीम के मू की तरफफ आपने गांड करके बैठ गयी … और फिर वो झुक गयी और फिर से उसके लुंड को चूसने लगी.. करीम तो बस उसके सुडौल चूतड़ों पर हाथ फेरता रहा .. उसकी छूट से छेड़खानी करता रहा. अब उसका लुंड जड़ तक उस के मुँह में फसा हुआ था और उसके थूक उसके अंडकोषों पर टपक रहा था .

पर करीम अब उसको छोड़ना चाहता तहत है.. तो उसने पूर्वी को वह से हटा दिया और उसको निचे जमीं पर लिटा ते हुए उसके कूल्हों के निचे दोनों सादिया और पेटीकोट का तकिया बनके लगा दिया और फिर अपने लुंड को छूट के अंदर धकेलते हुए झटका मारा. तो पूर्वी का पूरा बदन हिल गया और पहले hi झटके में उसका आधा लुंड छूट के अंदर पहुंच गया था. बाकि की कसार do-teen धक्को ने पूरी कर दी .

पूर्वी ने धीरे से उसके गाल पर चूमा और वो अपने लुंड को छूट में aage-piche करते हुए पूरी तरह पूर्वी पर चढ़ चूका tha.purvi ने अपनी बाहे उसकी पीठ पर कास दी और अपनी टैंगो को पूरी तरह खोल कर उसे मनचाहे तरीके से चुदाई करने की पूरी आज़ादी दी.

प्रेग्नेंट होने के बावजूद भी उसकी छुड़ाने की बहुत इच्छा थी और सबसे बड़ी बात ये थी की वो इस वक़्त बिलकुल शर्मा नहीं रही थी बल्कि एक तरह से एन्जॉय कर रही थी... उनके होंठ एक बार फिर से आपस में जुड़ चुके थे जिसकी वजह से हर एक आह अंदर hi घुट कर रह गयी थी.

लगभग आधी दूर आने के बाद उस ने पूर्वी को घोड़ी बनाया और कसम से उनकी मदमस्त करती हिलती गांड को देख कर उसका लहू नसों से बाहर छहललकने को हो गया. उसके के बड़े बड़े गोल मटोल चूतड़ , गांड का छोटा सा भूरा छेद और एक बार फिर से लुंड अंदर लेने को लैप लापति छूट. वो खुद को रोक नहीं पाया और उनके चूतड़ों को चूमने लगा. धीरे धीरे काटने लगा और बेसब्र होकर उस की गांड के छेद को चुम लिया तो वो बस अपनी गांड हिला के रह गयी पर उन्हें जो असीम सुख उस पल मिल रहा था उसके कहने hi क्या थे.

उस ने अपना सुपाड़ा छूट पर रखते हुए एक बार फिर से उसे अंदर को तेल दिया और उस के चूतड़ों को पकडे हुए उसकी चुदाई फिर से शुरू कर दी , जब वो कुछ पल रुक जाता तो पूर्वी अपनी गांड को आगे पीछे करती..

ये नज़ारा देखकर प्रिय ढंग रह गयी .. उस ने ऐसी चुदाई पहले कभी नहीं देखी थी , और सच में उसके लिए ये जैसे बिलकुल नया अनुभव था. जैसे जैसे पूर्वी झड़ने के करीब आती जा रही थी उसके के चूतड़ बुरी तरह हिलने लगे थे.

और फिर कुछ मिनट बाद जब वो झड़ने लगी तो वो जमीं पर औंधी गिर गयी उसकी छूट ने करीम के लुंड को जकड लिया और उसे अपने गर्म रास से भिगो दिया, एक के बाद एक पूर्वी का जिस्म झटके खाने लगा. और उसके झड़ने की गति इतनी तेज थी की करीम को भी अपने साथ ले चली, उसके लुंड से निकलती वीर्य की पिचकारियों ने जब तक साँस नहीं ली जब तक की पूर्वी की छूट को अपने वीर्य से भर नहीं दिया.

करीम उसी हालत में पूर्वी के ऊपर लेट गया पर उसने उसको बाजु मई धकेल दिया और बैठ कर साई को अपनी ऊँगली पे लपेट के अपनी छूट से रिश्ते उन दोनों के पानी को साफ़ करने लगी , उसके बाद उसने अपने कपडे उठाये और कमरे से बाहर जाने लगी तो करीम ने उसका हाथ पकड़ लिया .

पूर्वी - जाने दे, हाथ मुँह धोके आती हु

करीम - क्या जरुरत है

और उसने पूर्वी को अपनी गॉड में बिठा लिया .. पूर्वी के चूतड़ों के स्पर्श से करीम के लुंड ने एक बार फिर से सुरसुराहट सी ली.

पूर्वी - मन नहीं भरा क्या

करीम - कैसे भर सकता है जब सामने ऐसे दो कमसिन बदन हो तो

पूर्वी – ठीक है .. मुझे जाने दे..

करीम काजल की गांड की तरफ देखने लगा था..

क्या देख रहा है

क्या कमल की गांड है

इरादा क्या है

मरने है

तो मार ले न..





तभी इनकी बात सुनकर काजल उनके तरफ पलट गयी

क्या

करीम- तुम्हारी गांड मरने है

काजल टेंशन मई आते हुई कहती है

नहीं… करीम… यहाँ नहीं

यहाँ hi मरने है करीम को.. मरने दे न..





पूर्वी कहती है

काजल- तू चुप कर

करीम- सही कह रही है पूर्वी

काजल रिक्वेस्ट करती हुई कहती है

काजल – प्ल्ज़.. यहाँ नहीं .. बहुत दर्द होता है..

करीम- तू तो ऐसा कह रही है .. जैसे पहली बार मार रही है

काजल – पहली भी तू मार चुक्का है.. पर अब बहुत दिनों से मारी नहीं हु .. इस लिए कह रही हु …

इधर इन् लोगो की बात सुन कर प्रिय आपने आप को कहने लगती है

प्रिय – ओह्हू.. माय गॉड… ासस्स… कैसे पॉसिबल है… उसका कितना मोटा है.. भाभी के अस्स मई कैसे जायेगा..

फिर करीम उठता है … नंगा hi .. और काजल के पास आकर उसे उठता है..

इससे पहले के काजल कुछ बोल पति करीम उसको उतके बेसिन पर रख देता है …

काजल- करीम स्टॉप थिस नॉनसेंस

करीम आपने चेहरा उसके चहरे के पास लता है .. काजल ने अपना फेस दूसरी तरफ घुमा लिया .

करीम : साली खुद कई बार मेरा ये मोटा कला लुंड आपने छूट मई और गांड मई ले चुकी है … और अब मेरा मैं कर रहा है तेरे ये कटतिल गांड मरने का .. तो साली नखरा कर रही है..

काजल – वैसे बात नहीं है करीम… यहाँ बाथरूम मई मुजसे नहीं होगा

करीम- तो कहा होगा

काजल – घर चलते है ..

करीम काजल की तरफ देख कर कुछ सोचने लगता है .. उधर पूर्वी को लगता है साला कही ये इस के बात मई आ नहीं जाये.. ऐसा हुआ तो मई काजल की गांड करीम कैसे मरता है वो देखने का मौका हाथ से चला जायेगा.. यही सोच कर वो कहते है

पूर्वी- नहीं नहीं .. करीम .. इसकी गांड यही मार लो.. मुझे देखना है.. तुम दोनों का सन..

काजल गुस्से मई बोलती है.. काजल एक दम से परेशां हो गयी थी..

काजल- चुप कर.. तू बीच मई मत पद.. हम दोनों हमारा आपस मई देख लेंगे..

करीम- सच तो कह रही है purvi—tere गांड मैंने तेरे बैडरूम मई पहले तो मरी है ..मेरा मैं यहाँ बाटरूम मई मरने का हो रहा है ..

काजल- नहीं करीम.. प्ल्ज़… इतनी सुन लो मेरे बात..

करीम उसका चेहरा आपने हाथ मई लेके उसको किश करते हुई कहता है

करीम- तेरा क्या इरादा है .. मेरा मज़ा ख़राब करने के चक्कर मई है क्या तू…..

काजल न मई गार्डन हिलती है

करीम- तुन बोल तुन रह लेगी मेरे लुंड के बिना…

करीम की और देख कर सेहमी से आवाज़ मई बोलती है

काजल - नहीं करीम …..

करीम : बोल फिर अभी मेरा लुंड लेगी इसके सामने अपनी गांड मई….

काजल- नहीं … गांड मई नहीं …

तो कहा लगे ..मेरे सावत…

पूर्वी बोल पड़ी

पूर्वी की तरफ गुस्से से देखते हुई काजल कहती है

अभी छूट मार लो… घर जाने के बाद गांड मार लेना..

इधर प्रिय के दिल इतनी जोरो से धड़क रहा था की, वो अपने दिल के धड़कने भी साफ़ सुन पा रही thee…uska दिल बैठा जा रहा tha….….use लगा की, आज तोह काजल भाभी मर्डर ही जायेगे… और बची कुछ कसार पूर्वी भाभी पूरी कर रही है.. न जाने पूर्वी भाभी को काजल भाभी की अस्स मरवाने मई क्या मज़ा आ रहा है .. पता नहीं..

एक बार फिर से करीम की नज़र काजल के गांड पर thi........ek बार तो उसके जी में आया की वो काजल की गांड नहीं मरे तो उसकी छूट मारे ......फिर उसने सोचा छूट तो वो कभी भी देगी .. आज गांड hi मार देते है ..

काजल - प्लीज मेरी हालत पर तरस खावो ....... क्यों मुझे परेशां कर रहे हो..

मई कहा तुम परेशां कर रहा हु..

तो ये क्या है.. जो तुम मेरे साथ कर रहे हो..

मई क्या कर रहा हु

जबरदति

जबरदस्ती तो की hi नहीं मैंने अब तक

मई छूट दे रही हु न .. मेरे गांड के पीछे क्यों पड़े हो

रोटी हुई सूरत बनाकर काजल कहती है तब पूर्वी है पड़ती है .. काजल उसको गुस्से से देखती है..

ऐसा मत कह रानी ......अब मेरा साबरा टूट रहा hain......agar मुझे तुम्हारी गांड नहीं मिली तो मैं सच में तुमपे जबरदस्ती करूँगा ..

........

पूर्वी करीम की बात सुनकर जोर से चिल्ला पड़ती है ..

जबरदस्ती .. मज़ा आएगा करीम … मैंने कभी भी ऐसे कोई जबरदस्ती वाला सेक्स देखा नहीं है.. मुझे देखना है .. करीम..

काजल गुस्से से कहती है..

करीम .. इस चैनल के साथ hi तू जबरस्ती कर.. ये बहुत उछाल रही है.. मई कब से देख रही हु..

प्रिय इन् दोनों की बाटिओं को सुनकर धीरे से मुस्कुरा पड़ती हैं......

वहीँ इस बार करीम अपने दोनों हाटों को काजल के दोनों बूब्स पर रख देता हैं और इस बार पूरी ताक़त से उसके दोनों बूब्स को मसल देता हैं ..........

अगले hi पल काजल वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती hain........wahin उसकी छूट भी पूरी तरह से गीली हो चुकी thi........karim बिना एक पल के डियर किये अब भी अपने दोनों हाथों से काजल के नरम बूब्स को मसल रहा था.................

काजल - sssssssssssss............... aaaaaaaaaaaaaa............ बस कर बूढ़े .........थोड़ा तो धीरे से दबा न ........
 
फिर करीम ने काजल के रसीले होठों को चूमना शुरू कर दिया और उसके होठों के बीच जीभ डालकर मुंह के अंदर घूमने लगा.





करीम की कामुकता से वो भी अपने ऊपर काबू नहीं रख सकीय और उसका पूरा साथ देने लगी.

अब करीम काजल के कान , उसके गालो और गले में चूमने और दन्त से हलके हलके काटने लगा. काजल के बदन में मनो आग सी लग गयी. पूर्वी उन दोनों की इस कामलीला को देख कर वो भी बहुत उत्तेजित हो गयी थी . वो फटाफट करीम के पास गयी और उसके मोठे लुंड को हाथ में पकड़कर हिलने लगी. फिर उन दोनों के बीच में घुसकर उन दोनों को अलग कर दिया.

करीम का नंगा गठीला जिस्म और मोठे लुंड को देखकर काजल घबरा गयी. उसके दिमाग ने कहा “ करीम मुझे छोड़ो , पर मेरी गांड मत मारो….”

लेकिन वो कुछ बोले इस से पहले पूर्वी के मुंह से निकला

“ OMG, करीम तुम्हारा कितना बड़ा है ….”

इस बात पर करीम हस्ता है

“काजल डार्लिंग, डरो मत . ये तुम डरा रही है ..इसे अपने हाथ में पकड़ो ये तुम्हें कटेगा नहीं.”

फिर उसने काजल का हाथ पकड़कर अपने लुंड पर रख दिया.

काजल ने फडकता हुआ लुंड पकड़ा और उसकी छूट से रास बहने लगा. उसका गाला सुख गया. काजल को घबराया हुआ देखकर पूर्वी ने करीम के लुंड को अपने होठों में ले लिया . पर करीम आज काजल की गांड मरना छह रहा था , उसने पूर्वी को हटा दिया ..

फिर करीम ने काजल की पीछे से गार्डन पकड़ ली और उसके मुंह के पास लुंड लगा दिया. काजल का न चाहते हुए भी मुंह खुल गया. उसने धीरे धीरे काजल के मुंह में लुंड घुसा दिया.

करीम उस के मुंह में लुंड अंदर बहार करता रहा . काजल को भी अब मज़ा आ रहा था वो मन लगाकर लुंड चूसने लगी.

उधर प्रिय काजल भाभी के सेक्सी चेहरे में करीम का लुंड देखकर उत्तेजना से उसको अपने को सम्हालना मूसिल हो रहा था, उसको लग रहा था ओर्गास्म आने hi वाला है.

काजल ने करीम के नितम्बों को अपने दोनों हाथों से पकड़ रखा था और वो लुंड के साथ साथ उसकी गोलियों को भी चूस रही थी. करीम को लगा की वो अब झड़ने hi वाला है , उसने काजल को रोक दिया और उससे पूछा की उसे लुंड चूसने में मज़ा आ रहा है ? काजल मुंह में लुंड होने की वजह से कुछ नहीं बोल पायी, बस हाँ में सर हिला दिया.

काजल की कामुकता देखकर करीम अब और देर बर्दास्त न कर सका. उसने देखा काजल की छूट के होठ उत्तेजना से फूल गए हैं और क्लाइटोरिस बिलकुल तन चुक्का है. काजल की छूट के ऊपर काळा बाल छोटे छोटे थे, सायद उसने कुछ दिन पहले hi साफ़ किये होंगे. उस की गोरो गोरी मक्खन जैसी झंघे और पहले हुई छूट के गुलाबी होठ देखकर करीम उत्तेजना से पागल हो गया. वो समझ गया था की काजल भी छुड़ाने को बिलकुल रेडी है.

उसने काजल को पेट के बल लिटा दिया और उसकी टंगे पकड़कर थोड़े आगे करके मोड़ दिया . और काजल की गांड के छेद पर करीम अपनी जीभ फेरने लगा तो काजल की उत्तेजना और बढ़ गयी.

काजल - क्या आअह्ह्ह्ह, क्या कर रहे हो करीयम्ममम्मम्म्म्म… .

करीम - तेरे गांड का मजा जो लेना है .. सोचा थोड़ी सेवा कर लू उसकी …

कुछ देर वो ऐसे hi उसकी गांड चट्ठा रहा .. फिर उसने पूर्वी को उसके पार्स मई कोई क्रीम है क्या पूछा.. तब पूर्वी ने एक क्रीम उसे दे दे.. और फिर करीम ने काजल को औंधे लिटा ते हुए काजल की गांड के छेद को चिकना करना शुरू किया, काजल भी जानती थी की आज करीम की इच्छा क्या है, उसने भी करीम को रोका नहीं बल्कि पूरी आज़ादी दी की वो जैसे चाहे उसके जिस्म से खेल सके. करीम ने जैसे hi अपनी ऊँगली उस की गांड के अंदर घुसाने की कोशिश की तो काजल का बदन अकड़ गया शायद वो रेडी नहीं थी.

करीम- क्या हुआ रांड.. तैयार नहीं है क्या…

काजल - नहीं मैं रेडी हु पर क्या हैं बहुत दिनों बाद है न तो थोड़ा घबरा रही हु.

करीम – काजल गांड मरवाना तो तू जानती hi है न

ऐसे कहते हुई एक बार फिर से कोशिश करते हुए इस बार अपनी करीब एक इंच ऊँगली घुसा दी …

करीम – दर्द हो रहा है क्या.

काजल- थोड़ा बहुत तो होगा hi.

फिर धीरे धीरे करके अपनी पूरी ऊँगली गांड के सुराख़ में सरका दी. और अंदर बहार करने लगा.





अपने लुंड को भी क्रीम लगाकर करीम ने काजल के चूतड़ों पर लगा दिया.

काजल- आराम से डालना ,ज्यादा जोर से झटका न लगाना.

करीम - फ़िक्र मत करो.

करीम ने अब लुंड का दवाब गांड के छेद पर डालना शुरू किया और काजल के चेहरे पर दर्द की अनगिनत रेखाएं खींचना शुरू हो गयी. और जैसे hi उसका फुला हुआ सूपड़ा चूतड़ों में धंसा काजल अपनी चीख पर काबू न रख पायी.

aaiiiiiiiiiiiiii aaaiiiiiiiiiiiiii करीम रुक jaaaaaaaaaaaaa.

पर करीम को रुकना थोड़ा hi था , वो अपना हाथ निचे ले गया और उस की चूचियों को दबाने लगा और साथ hi उनके पैरो पर कैंची लगा ली ताकि वो आगे न जाए.

करीम - बस काजल हो गया.

काजल - ख़ाक हो गया, मैं तो मरी रे,

करीम - जब तो कह रही थी की कर ले.

काजल - दर्द बहुत हो रहा है.

करीम - बस थोड़ा एडजस्ट कर लो ना.

उसने अपने हाहतो से काजल की चूचियों को कास कास के दबाना शुरू किया ताकि उस के बदन में कुछ उत्तेजना भरे और साथ hi लुंड को अंदर सरकना भी जारी रखा, उसका मन तो बहुत था की एक झटका मार्के काम निपटा दू पर वो काजल को और ज्यादा तकलीफ भी तो नहीं देना चाहता था..

उसकी गांड बहुत hi ज्यादा टाइट थी उसका दबाव करीम के लुंड की नसों पर पद रहा था घस्से लगाने में भी उसे परेशानी हो रही थी ..

फिर उसने अपने लुंड को काजल की गांड से बहार निकला और उसके गांड के छेद पर लगाया और सुपडे को अंदर धकेल दिया. काजल ने इससे पहले भी करीम से गांड मरवा ली थी पर अब बहुत दिन बाद करीम से गांड मरवा रही थी..

अभी करीम के लुंड का सिर्फ सूपड़ा hi अंदर गया था .. .तभी काजल दर्द से चिल्लाई …

आह …प्लीज कररररररररीईएममममम.. बहार निकालो में इतना मोटा नहीं ले सकती…

उसके माथे पर पसीना आकर उसके चेहरे पर बहने लगा. काजल बहुत घबरा गयी .

करीम – पहले तो कई बार ले चुकी है न..

वो चिल्लाई , “ ोयी ma…aaaaa…tum मेरी गांड फाड़ रहे हो ……….uiiiiiii……..maaaaaaa…. पहले से ज्यादा मोटा हुआ है..

वैसे तो काजल की गांड करीम ने कई बार मारी थी पर आज काजल को बहुत तकलीफ हो रही थी.. शयद बहुत दिनी को के बाद मरने की वजह से ये हो रहा था शयद..

वो करीम के हाथ जोड़ने लगी प्लीज मुझे चोर दो. करीम को ऐसा लग रहा था जैसी वो किसी लड़की की कुंवारी टाइट गांड को छोड़ रहा हो . इससे उसकी उत्तेजना और भी बाद गयी और जोश दुगना हो गया.

काजल ने पूर्वी से प्रार्थना करि की वो करीम को रोके.

करीम ने अपने लुंड का सूपड़ा बहार निकल लिया . उसमे थोड़ा थूक लगाया और फिर से काजल की गांड में दाल दिया.

थोड़ी देर तक वो ऐसा hi करते रहा. सिर्फ सूपड़ा घुसता फिर निकल leta.thodi देर बाद काजल को सुपडे से दर्द होना बंद हो गया. अब करीम ने धीरे धीरे लुंड को और अंदर डालना शुरू किया. जब आधा अंदर घुस गया तो फिर उतने को hi धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा. कुछ पल बाद काजल भी उत्तेजना से अपने नितम्बों को ऊपर को उछलने लगी . .

पूर्वी ने उससे पूछा , “काजल भाभी , आप को कैसा लग रहा है ? ”

काजल सिसकारियों के बीच बोली

उह ..aaahh…he इस फूकिंग में सो निकलय, आईटी फीलस सो गुड….

अब करीम ने तेजी से स्ट्रोक लगाने शुरू कर दिए. उसकी गोलियां काजल की उठी हुई गांड से टकराने लगी. थप थप थप की आवाज़ पुरे बाथरूम में गूंजने लगी. दोनों के बदन पसीने से लथपथ हो गए. काजल की सिसकारियां पुरे रूम में गूंजने लगी.

काजल उसके जबरदस्त स्ट्रोक्स से रोमांचित हो गयी ..करीम ढके लगाए जा रहा था और काजल को ओर्गास्म आने hi वाला था , ये देखकर करीम ने उसे तड़पने के लिए अचानक धक्के लगाना बंद कर दिया.

काजल चिल्लाई

यू बास्टर्ड.. धक्के बंद क्यों कर दिया. प्लीज धक्के लगाओ , ी ऍम क्युम्मिंग्गग्ग ….फ़क में …….गांड मारो मेरे …कमीने तुम शुरू से मेरे गांड मरना चाहते थे.. अब क्या हुआ …अब रुक क्यों gaye…….oiiiiiii..ahhh……oiiii…maaaaa…

करीम ने मुस्कुराते हुए फिर जोरदार धक्के लगाने चालू kiye…kuch पलों बाद काजल को ओर्गास्म आ गया ….

oiiii….maaaaaa…ahhhhhhhhhh….ohhhhhhhhhh….maaaaaa….

अब करीम भी ज्यादा देर रुक नहीं पाया और उसने काजल की गांड को अपने वीर्य से भर दिया. फिर वो काजल के बगल में गिर पड़ा.

ये देखकर प्रिय के चहरे पर हलकी सी स्माइल आ जाती है.. और कहती है..





साला.. अब जल्दी झाड़ गया.. शयद इतने सेक्स के बाद थक गया होगा.. कमीना ..

उधर पूर्वी का काम लगाने वाला कोई नहीं था बेचारी खुद hi अपनी क्लाइटोरिस को रगड़कर ओर्गास्म लेन की कोशिश कर रही थी. करीम और काजल की चुदाई ख़तम होते hi वो झट से काजल के पहले हुए छूट के होठों पर मुंह लगाकर चुतरस पिने लगी. छूट के अंदर जीभ डालकर उसने चुतरस के साथ साथ करीम का वीर्य भी चाट लिए. फिर वो काजल की क्लाइटोरिस को जीभ से तैसे करने लगी जिससे काजल की सिसकारियां निकल गयी.

काजल उत्तेजना से अपने नितम्बों को पूर्वी के मुंह पर उछलने लगी. उधर पूर्वी को भी मज़ा चाहिए था उसने काजल के मुंह पर अपनी छूट रख दी और 69 की पोज़ में आ गयी. काजल समझदार थी जल्दी hi 69 का मज़ा भी शेख गयी और कुछ hi देर में दोनों औरतों को जबरदस्त ओर्गास्म आया.

दोनों सेक्सी औरतों की कामुकता देखकर करीम का लुंड फिर से खड़ा हो गया. उसने काजल को पूर्वी से अलग कर दिया . फिर पास में पड़ी कुर्सी में बैठ गया और काजल से अपनी गॉड में बैठने को कहा.

काजल ने उसके लुंड को अपनी छूट पर लगाया और धीरे धीरे निचे को बैठ गयी.





जब लुंड पूरा अंदर घुस गया उसके बाद करीम काजल की गोरी गोरी चूचियों को चूमने , चूसने और उन पर हल्का दन्त से काटने लगा.





“काजल अच्छा लग रहा है ? ” करीम ने पूछा.

हालाँकि करीम हलके हलके से धक्के लगा रहा था लेकिन काजल एक और ओर्गास्म के करीब थी . उसके मुंह से निकला , “ahhhhhh…..tum …….ummm..…tumne….ohhhhh…..tumhare लुंड ने मेरी छूट को पूरा भर दिया है …….ूमममममम……” और उसको जल्दी hi ओर्गास्म आ गया.

फिर करीम ने पूर्वी को पीछे से काजल के कंधे पकड़ने को कहा और खुद उसने काजल के नितम्ब पकड़ लिए . अब वो खड़ा हो गया , लुंड अभी भी काजल की छूट में hi था.

अब काजल हवा में लटकी हुई थी. कंधे पूर्वी ने पकडे हुए थे और नितम्बों से करीम ने पकड़ा हुआ था. करीम ने धीरे धीरे छूट में धक्के लगाने शुरू किये. काजल को हवा में लटके हुए hi झटके लगने लगे.

करीम ने धक्कों की रफ़्तार बड़ा दी , उसके साथ hi काजल की सिसकारियां भी बढ़ती चली गयी ……..ahhhh…………annnn……….…uggggggg…..kuch देर बाद उसको एक जबरदस्त ओर्गास्म आया और पूरा कमरा उसकी चीखों से गुजने लगा. तभी करीम ने अपने लुंड को उसकी छूट से बहार निकल लिया और पूर्वी की सहायता से काजल को निचे जमीं पर लिटा दिया. काजल अभी भी सिसकारियां लेने में थी. उसकी ऐसी जबरदस्त चुदाई शयद पहले कभी नहीं हुई थी.

अब करीम ने काजल और पूर्वी को पास पास लिटा दिया और उनकी गांड के निचे एक एक सदी लगाकर छूट को थोड़ा उठा दिया. काजल की बायीं और पूर्वी की दाहिनी तंग हवा में ऊपर उठा दी. फिर उसने काजल की छूट में लुंड घुसकर तगड़े स्ट्रोक्स लगाने शुरू किये.





काजल की छूट से लुंड निकलकर बगल में लेती पूर्वी की छूट में लुंड घुसेड़ दिया. करीम बरी बरी से दोनों को छोड़ते रहा.

काजल और पूर्वी को दुगना मज़ा आ रहा था क्योंकि अगल बगल लेते होने से जब एक चुद रही थी तो दूसरी को भी उसी ले में धक्के लग रहे थे. दोनों सिसकारियां लेने लगी और करीम उन्हें छोड़ते रहा. जल्दी hi दोनों औरतों को एक और ओर्गास्म आया . जब करीम को लगा की अब वो झड़ने वाला है तो उसने उनकी टंगे निचे कर दी और अपना लुंड छूट से बहार निकल लिया.

फिर वो काजल की चूचियों के ऊपर बैठ गया और उसके मुंह में लुंड घुसा दिया. कुछ देर बाद उसने काजल के मुंह में अपना वीर्य भर दिया और इस बार अपना लुंड मुंह से बहार नहीं निकला . काजल का डैम घुटने लगा पर करीम वीर्य की धार उसके मुंह में चोरते रहा. कुछ पलों के बाद उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और लुंड को उसके सेक्सी चेहरे और बालो पर रगड़ने लगा .फिर उसके लुंड को दोनी चूमने लगी..





फिर उन दोनों के साथ वो भी जमीं पर hi लेट गया लेकिन उन दोनों के बदन को चूमते और दांतो से kat-te रहा.

थोड़ी देर बाद काजल उठ गयी और पेशाब करने के लिए टॉयलेट चली गयी. उसकी छूट से अभी भी वीर्य टपक रहा था. उसने टॉयलेट के मिरर में देखा की उसके बालो , चेहरे और बदन में काफी जगह पर वीर्य लगा हुआ है . उसने अपना मुंह धोया और सर के बालो से वीर्य निकलने की कोशिश की पर जहाँ तहा चिपका होने से अच्छी तरह से साफ़ नहीं हो पाया और बाल सब उलझ गए.

अब में इस हालत में बहार कैसे जाउंगी , इस बास्टर्ड ने बुरी गाठ बना दी है , काजल ये सब सोचने लगी. अपने बालो का वो बहुत ख्याल रखती थी और दिन में बहुत वक़्त उनकी देखभाल में लगा देती थी अब उनकी ये हालत देखकर वो रुआंसी हो गयी. उसकी गार्डन , गालों , चूचियों और बदन में कई जगह पर चूसने, काटने से लाल रंग के निशाँ पद गए थे और होठ भी सूज गए थे. ("ऊपर - नीचे" दोनों जगह के

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)

काजल ने सोचा , जब तक ये निशान मिट नहीं जाते मुझे कोई बहाना बनाकर हस्बैंड से दूर hi रहना पड़ेगा. जब उसने घडी में देखा तो शाम के 5 बज चुके थे. वो लोग लगभग पिछले 1 घंटे से चुदाई कर रहे थे. इतना टाइम कब बीत गया उनको पता hi नहीं चला.

फिर काजल ने पूर्वी को कहा

1 ऑवर हो गया है .. मूवी ख़तम हो सकते है थोड़े hi देर मई.. प्रिय और पूजा हमें ढूंढते हुई यहाँ आ सकते है..

हाँ..

बोलकर वो उठ गयी.. दोनों ने कपडे पहन लिए और फिर बाथरूम से बहार जाने लगी.. प्रिय ने उन दोनों को बहार आते हुई देखकर वह एक कार्नर मई चुप गयी.. वो दोनों मूवी हाल मई चले जाने के बाद करीम बहार आ गया .. बहार आने के बाद पोर्च मई उसे प्रिय मिल गयी..





क्या कर रहे थे बाथरूम मैं

तेरे भाभी को छोड़ रहा था..

फिर से तुम दोनों का शुरू हो गया..

हाँ.. तुजे कोई प्रॉब्लम है..

नहीं.. अच्छा हुआ …

क्या मतलब..

तुमन मुझे जोड़ने को कहा था .. आटोमेटिक तुम लोग एक हो गए.. तो मुझे कुछ करने की जरूरत hi नहीं पड़ेगे..

किसने कहा..

अब मेरा काम ख़तम हो गया..

नहीं मई कैसे तुजे इतने आसानी से जाने कैसे दे सकता हु..

क्यों..

तेरा टाइट गोरा जिस्म, तना हुआ सीना, गोरी गोरी taange.Tu करीना जैसे मस्त माल है प्रिय .कसम से तेरा यह मस्त जिस्म देखके कोई भी मर्द तुझे छोड़ना चाहेगा… और फिर मई इतने आसानी से कैसे चोर सकता हु..

तब नखरा करते हुई कहते है..





काम से काम डायलाग तो बदला कर.. यही डायलोगे भाभी को मारा होगा अब मुझे मार रहे हो

ठीक है डायलाग बदल देता हु

Karim-Tera यह kasi-hui gaand(haath लगता है गांड पे.. वो हाट जातक से प्रिय हटा देते है )मस्त कड़क mamme(nipples को छूटा है .. गुस्से से वो हाथ हटा देते है )और यह गिल्ली गरम chut(ungli उसके छूट पर रखता है .. गुस्स्से से प्रिय उसे पीछे धकेल देते है ).तेरा जिस्म एक फिल्म हीरोइन जैसा है तेरा.

करीम मेरे बदन के साथ तुम वही कर रहे हो जो तुम काजल और पूर्वी भाभी के साथ करते हो ….

हाँ .. मेरी रानी …

मई कोई तुम्हारी रानी नहीं हु..

करीम फिर से उसके मम्मी पे हाथ रखने वाला था तभी प्रिय वह से उसका हाथ हटा देती है..…

और नखरे से कहती है..





कमीने ..झूठे…

क्या हुआ..

मुझे लगा सच मई तूने पूजा को आपने जाल मई फांस लिया…

हहहा.. मई क्या झूठ बोल रहा हु क्या ..

हाँ.. झूठ बोल रहे हो..

नहीं..

मई ने पूजा को पूछा है..

वो क्या कहेगी की मुझे करीम ने छोड़ा है..

जाओ मुझे तुमसे कुछ बात नहीं करने है.

मत करो बात … सिर्फ एक किश दे दो

क्या सच मच जब तुम मुजसे बात कर रहे थे तब तुम पूजा के साथ सेक्स कर रहे थे..

हाँ .. मई क्यों झूठ बोलू… आपने चमक चलो से..

मई कोई तुम्हारी छम्मक चलो नहीं हु

करीम उसका हाथ पकड़ता है

तभी उसके हाथ को जतका देखे प्रिय झट से वह से भाग जाती है.. मूवी हाल मई .. और पूजा के पास जेक बैठ जाती है..

अन्दर सिनेमा हाल मई आके बैठ जाने के बाद पूजा पूछती है कहा थी इतनी देर

कॉल आया था

राजीव का

हाँ

उसको इतने भी साबरा नहीं है क्या

सीरियसली… तुम एक बात बता सकती हो पूजा … फॉर गॉड सके …

हाँ पूछो न .. मई तुम्हे नहीं बताउंगी तो किस को बताउंगी..

झूठ मत बोलो

प्रिय मई तुमसे झूठ क्यों बोलूंगी …

हाँ यार, तुम क्यों झूठ बोलूंगी मुजसे .. तुम फ्रेंड जो हो मेरे ..

हाँ मई भी तो वही बोल रही हु

यार सीरियसली बता न ..

क्या

क्या करीम ने तुम्हारा काम किया है क्या

पूजा मैं मई कहती है

हरामी साला... इस ने प्रिय को कुछ कहा है क्या .. ये साला सुधरेगा नहीं कभी भी.. ये मेरा भन्दा फोड़ने से पहले मुझे प्रिय को बताना पड़ेगा…

प्रिय व्हाट हैपन ? तुम फिर से वही सवाल क्यों पूछ रही हो …. मुझे बहुत अजीब लग रहा है.. ऐसे सवाल का जवाब देना… तुम कुछ हुआ है क्या..

no ी ऍम गुड, एक्चुअली में काफी दिन से पूछना चाहती थी तुम

पहले तो तुमने पूछा था न

कौसल्ल्य पूछा था ..

और अब

सेरियसली

एक बात बोलू प्रिय

बोल…

ी थिंग .. िफ़ तुम करीम पसंद नहीं है तो अवॉयड आईटी ...

पूजा ने बड़े सिंपल लहज़े में कह दिया.

मई तो अवॉयड कर दूंगी.. पर उसने करना चाहिए न .. मुझे अवॉयड..

वो तो है

वो तो हाथ धोके मेरे पीछे पड़ा है

प्रिय .. उसको तो बहुत साड़ी लड़किया और लेडीज पसंद आती है ... तुम अगर उसको अवॉयड करती रहोगी तो वो तुम्हारे पीछे से जल्दी हट जायेगा ..

मतलब ?

मतलब .. उसे बाते मत करो.. उस से दूर रहो ..आगरा वो तुम्हारे पास आता भी है तो तुम उस से उलझो मत… अगर उसके साथ ुलजोगी तो वो तुम नहीं छोड़ेगा .. और फिर राजीव की जगह वही तुम्हारे साथ सुहागरात बनाएगा..

पूजा ये कहते हुई स्माइल करती है ..

पूजा की बात प्रिय को अजीब लगी पर उसे इग्नोर करना बेहतर समझा. … पर इग्नोर नहीं कर पायी…

वैसे पूजा मुझे लग रहा है तुम जबसे उसके साथ कांटेक्ट में आयी हो बहुत बदल गयी हो, वो पूजा जिसे में जानती थी वो नहीं रही तुम.. करीम ने बहुत बदल दिए तुम्हे ... साला है hi एक नंबर का चालू... हरामी..

हे... ऐसे कोई बात नहीं है ....

पूजा को बुरा लगा पर वो उसे दिखाना नहीं चाहती थी..

तो बात क्या है..

मई तो तुम्हारी भलए के लिए कह रही थी..

सही में ? क्या बात है… बड़ी hi बदल गयी है तू पूजा , मुझे तो कुछ और hi लग रहा है …

तुम क्या कहना चाहते हो

बस यही की तू बहुत बदल गयी हो ...

क्यों तुम्हे ऐसा क्यों लगता है मई बदल गयी हूँ ?

लगने की क्या जरुरत है, हरामी है एक नंबर का वो … ... न जाने कितनी hi लड़कियूं या लेडीज की बजे है इस हरामी ने ..

गुस्से में प्रिय ये भूल गयी की उसे किस तरह बात करनी चाहिए. …

लकी बास्टर्ड ने न तुम्हारे भाभी को छोरा न मेरे भाभी को…

प्रिय कुछ पल चुप रही सोचती रही उसके बाद उसने कहा ..

इस बास्टर्ड ने अभी दोनों भाभी को टॉयलेट मई छोड़ा

क्या

और तुम कहा थी

बहार कड़ी थी..

और उन्दोनो के साथ सेक्स करने के बाद मेरे तारफा वासना से देख रहा था.. बहार आने के बाद..

ोूहःहोऊ… माय गॉड…

और अब मुझे लग रहा है उसने तुम भी नहीं छोरा होगा … एक से एक बढ़कर लड़कियां और भाभियाँ उसके पास hi जाती है, साला लकी हरामी कहीं का ..

प्रिय ने ये कहा तब पूजा ने उसकी तरफ देखे बगैर निचे आपने गार्डन जुखा ली ..

पूजा .. पूजा .. क्या .. क्या हुआ ?

पूजा का चेहरा पूरी तरह से टुटा हुआ था … वो कुछ नहीं बोली और अपने गार्डन निचे जुख़ी राखी ..

प्रिय को एक पल भी समझ नहीं आ रहा था या की ये हो क्या रहा है ? तभी उसके दिमाग मई आया की .. क्या पूजा भी उसके चंगुल मई आ गयी है ?

फिर वो पूजा के शोल्डर को पकड़ती है ..

क्या है पूजा .. मई कुछ पूछ रही हु तुम ..

पूजा का चेहरा पड़ा हुआ था..

सॉरी ..

व्हाट दो यू मैं बी सूर्य .. पूजा..

मुझे माफ़ कर दो .. प्रिय… मई भूल गए थे ...

पूजा ने हाथ जोड़ते हुए कहा

मतलब …

मुझे भी .. उसने …

क्या .. मैंने तो उसके बारे मई तुम बताया था .. फिर भी..

सॉरी .. प्रिय..

क्या उसने तुम किश किया .. या..

पूजा – सब कुछ …

प्रिय – ओह्ह.. माय गूदड़… बस्तरड साला ..

फिर दोनों शांनत रहे मूवी ख़तम होने तक..

मूवी ख़तम होने के बाद चारो बहार आयी ..

पूजा - प्रिय प्लीज टेक केयर ..

ी विल, मई कल सुबह काम ख़तम करके तुम्हारे घर आती हु … शॉपिंग क लिए जाना है..

हम्म ok bye … कल मिलते है..

उस दिन हुई जमकर चुदाई से माहि की लाइफ की सब फ़्रस्ट्रेशन दूर हो गयी थी. अब वो खुश थी और उसका मूड भी अच्छा रहता था. वो अब करीम की एक्स्ट्रा केयर करने लगी थी. करीम ने उसको बाद मई एक दो बार छोड़ा भी था .. पर उसके बाद 10 -15 दिन वो गायब hi हो गया था ..( एक्चुअली वो उस टाइम प्रिय के पीछे था) माहि को लगा की वो बिजी होगा .. इस लिए उसने आपने आप पे कण्ट्रोल किया ..

पर कितने दिन … वो कण्ट्रोल करती .. उसके बाद तो करीम उसके पास आया hi नहीं … वो हमेशा कुछ न कुछ बहाना बना देता था ..पिछले कुछ दिनों से चुदाई न हो पाने के फ़्रस्ट्रेशन से माहि चिड़चिड़ी और ेदज्ञ टाइप की हो गयी थी . अब उसका एक एक पल अकेले काटना मुश्किल होता जा रहा था……… दिन से फिर रात हो जा रही थी ........ और उधर माहि की तड़प पल पल बढ़ती जा रही थी ........ उसे किसी भी कीमत पर करीम को फिर से हासिल करना था .. माहि अपने सवाल जवाब को लेकर परेशां थी की करीम को कैसे पाया जय फिर से .. ........ करीम से फिर से छुड़ाने का ख्याल दिल मई आते hi वो बार बार बेकाबू होती जा रही थी.....

(ऐसी हालत में वो फिर से दूसरी बार ऐसे गलत काम में जा फंसे वाली थी जो वर्ण वो कभी नहीं करती . पहली बार करीम ने उसके सेक्सुअली उनसटिस्फीएड होने का फायदा उठाया था , अबकी बार फिर वो उसका फायदा उठा ने वाला था ).

मॉल मई जो कुछ हुआ उसके दूसरे दिन करीम कंठीशत के घर आता है .. माहि भी वही थी…

एक्चुअली मनीष के साथ उसे किसी फंक्शन मई जाना था और उसका एक दिल यही भी कह रहा था शयद करीम भैय्या के घर पाई है .. इसलिए वो सज धज के आयी थी आज.. करीम को रिझाने के लिए..

करीम को देखते हुई hi माहि उसके पास चली गयी और गुस्से से बोली ..

मुझे तुम क्यों अवॉयड कर रहे हो

मई कहा अवॉयड कर रहा हु

तुम क्या चाहिए .. बताओ न करीम

मुझे कुछ नहीं चाहिए ..

पैसे चाहिए क्या .. बोलो कितने चाहिए .. बोलो मई दूंगी .. तुम पैसे..

नहीं चाहिए मुझे पैसे.. चल हट दुर्र .. रनडीई.. साली … मुझे दूसरे काम है ..

एक्चुअली करीम पूजा के पास जाना चाहता था .. पूजा के सहारे उसे प्रिय के साथ जो सुहागरात माननी थी… कल जब प्रिय उस के चंगुल से भाग गयी थी तब से वो गुस्से मई था … वो वही कुछ पूजा के साथ बैठ कर प्लान करने वाला था .. पूजा और प्रिय के बीच जो कल मूवी थिएटर मई बात हुई थी वो करीम नहीं जनता था.. प्रिय भाग जाने के बाद वो आपने घर चला गया था..

प्ल्ज़ करीम .. अपनी रंडी को अवॉयड मत करो.. तुम्हारी माहि रंडी तुम्हारे बिना मर जायेंगे

तुम मेरे रंडी हो

हाँ .. हु..

तुम कोई शक है क्या ..

तो मेरे साथ रंडियो की तरह पेश आओ जरा..

हाँ.. आउंगी.. मेरे राजा …

तो हो जा शुरू..

यहाँ .. इस हाल मई.. वह मेरा हस्बैंड खड़ा है

तो मई क्या करू

प्ल्ज़ करीम..

रंडियों का कोई हस्बैंड नहीं होता है..

अब क्या करे भैय्या ने उस से शादी की है तो निभानी पड़ेगे न

तो निभा न.. मेरे पास क्यों आ रही है.. उसकी नुनी.. आपने छूट मई दाल ले और अपनी आग शांत कर ले ..

प्ल्ज़ करीम मेरे मज़बूरी समाजो..

चल हट … यहाँ से ..

ऐसा कह के करीम वह से चला जाता है…

उधर दूसरी तरफ प्रिय पूजा के घर जाने के लिए आपने घर से तैयार होक निकलने लगाती है .. .. आपने शादी की शॉपिंग करने के लिए …

और इधर तीसरी तरफ उप्पर आपने रूम मई पूजा भी रेडी थी आपने बेस्ट फ्रेंड के शादी के शॉपिंग के लिए…

वो एक्ससिटेड थी आपने बेस्ट फ्रेंड के शादी को लेके या आपने बूढ़े यार से आपने बेस्ट फ्रेंड के सुहागरात को लेके …

ये मई नहीं जनता .. अआप अचे से जानते है .. पूजा क्यों एक्ससिटेड है…. ????

उधर करीम पूजा को ढूढते हुई पूजा के रूम मई चला जाता है … पर वह तो कंठीशत और पूजा बाते कर रहे थे … कंठीशत को पूजा से बाते करते हुई देख के करीम को गुस्सा आ जाता है .. वो गुस्से गालिया देते हुई नीचे हाल मई आ जाता है .. वह अभी भी माहि कड़ी थी.. करीम को वो देखते hi उसे आपने तरफ इशारे से बुला लेती है ..

पहले तो करीम का कोई इरादा नहीं था पर बाद मई सोचता है साला इसको आज कुश कर hi देता हु.. और थोड़ा पैसा भी ात लेता हु इससे.. साली खुद hi बोल रही थी पैसे मुझे देने के बारे मई .. फिर करीम उसके पास जाता है..

माहि -- चलो

कहा

पीछे चलते है .. वह हमें कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा..

तुजे क्या बोलै है ..

हाँ न बाबा .. मई तुम्हारी रंडी हु .. और रंडी जैसे hi पेश आउंगी..

तो पेश आ न ..

तुम मेरे साथ सेक्स करते समय मुझे रंडी hi समझ कर के छोड़ो

तो पहली पेश तो आ ..

वो अब दोनों दरवाजे पाई खड़े थे .. और माहि का हस्बैंड हाल से होते हुई आपने रूम मई चला गया था..

अब माहि हॉल मई आ जाती है.. . और आपने ड्रेसिंग टेबल के सामने कड़ी हो जाती है ..एक दो मिनट के अन्दर उसने आपने ड्रेस को रंडियों की ड्रेस जैसे बना dala..aur वह से करीम को आपने जलवा दिखने लगाती है ..





ये जलवा देख के करीम बहुत कुश हो जाता है..

फिर माहि मुंह पर खूब मेकअप कर देते है और होठों पर खूब लाल लिपस्टिक लगा देते है. उसने पुरे बदन में परफ्यूम डाला हुआ था और 6 इंच की हील वाली सांडले पहनी हुई थी.

अब करीम दरवाजे से गार्डन की तरफ आता है ..और दरवाजे पर माहि रंडी की तरह बैंकर कड़ी हो जाती है.

अब करीम उसके पास आता है .. करीम को माहि आपने रंडी वाला रूप दिखने लगती है..

अब माहि बोलती है..

ब्लोजॉब का ओने थाउजेंड, अंदर डालने का 5 थाउजेंड , पीछे का 10 थाउजेंड और अगर मुझे सारा दिन चाहते हो तो ट्वेंटी थाउजेंड.

करीम उसके मुंह से ऐसे बातें सुनकर कुश हो गया ..

माहि फिर बोली

आज पूरे दिन मेरा कोई बिज़नेस नहीं हुआ है, बताओ तुम्हारा क्या जवाब है , नहीं तो में दूसरी जगह तरय करती हूँ.

मुझे इंग्लिश समाज नहीं आता .. हिंदी मई बोल ..रंडी…

क्या नाम है तेरा …

माहि .. रंडी..

अब बोल .. क्या बोल रही थी..

मुंह में लुंड लेने का एक हज़ार, छूट में डालने का 5 हज़ार , गांड में घुसाने का 10 हज़ार और रात भर छोड़ने का 20 हज़ार , क्या बोलता तू, तेरेको क्या मांगता ?

इतनी उप्पेर क्लास पड़ी लिखी औरत के मुंह से रंडी की जैसी भाषा सुनकर करीम का लुंड खड़ा हो गया.

उसने माहि को पकड़कर किश करना चाहा.

नहीं नहीं , मेरा चुम्मा नहीं लेना, में ऐसा चुम्मा नहीं देती… बगैर पैसे लिए हुई..

ऐसा कहकर माहि ने अपने को करीम से छुड़ा लिया और फिर बोली

पहले पैसे दो , फिर मज़ा लूटो..

और तुजे जिंदगीभर अपनी स्पेशल रांड बनाकर रखने का कितना

मई किसी एक hi नहीं बन सकती.. मेरे हजारो ग्राहक है.. एक की होक बाकि पर मई अन्यान्य नहीं कर सकती ..

फिर करीम ने 100 रुपए निकले और उस के मुंह पर फेंकते हुआ बोलै

रंडी ये ले तेरा दाम, अब तू दिन भर के लिए मेरी है साली …

सिर्फ इतने hi… इतने मई मई नहीं बैठती किस के साथ …

चल नखरा मत कर .. अब जल्दी से चल.. तेरे औकात इतनी की hi है…

और फिर करीम माहि को लेके बहार गार्डन मई ले जाता है .. वह से वो घर के पिछले साइड जाने लगते है…

अब जब वो दोनों घर के पिछले साइड जा रहे थे तब प्रिय आपने घर का काम ख़तम कर सज धज के पूजा के घर मई धकिल होती है .. .. आते hi उसको माहि करीम के साथ घर के पिछले बाजु जाते हुई दिख जातजाता है .. पहले तो वो सोचती है सेल ने आंटी को भी पता लिया … फिर कुछ सोचने लगती है .. पीछे एक खाण्डेर जैसा घर है .. वह तो ये लोग जा तो नहीं रहे है … पूजा तो कहती थी वह भूत है …फिर वो खुद को कहती है मुझे क्या करना है ..ऐसा सोच के घर के अन्दर धकेल हो जाती है ..

घर में आने के बाद वो पूजा के रूम मई आ जाती है … लेकिन वह पूजा नहीं थी..

कंठीशत के घर के पीछे एक ओपन प्लेस थी.. फारेस्ट वालो की जमीं .. वह एक पुराण टुटा फूटा घर था.. जो अब कोई उसे नहीं करता था .. वो अब खाण्डेर बना हुआ था .. सब लोग वह भूत है ये समजते थे.. इस लिए वह कोई नहीं जाता था.. पूजा ने भी पहले कई बार प्रिय को बताया था की हमारे घर के पीछे एक खाण्डेर है वह भूत है …

अब करीम और माहि वह उस खाण्डेर की तरफ जा रहे थे ..

अन्दर एक रूम मई जाते hi माहि ने करीम के पंत की ज़िप खोली और उसका मुसल लुंड बहार निकल लिया. करीम के कुछ सोचने समझने से पहले hi माहि ने झटसे मुंह खोलकर अपनी छूट के यार को अपने गरम होंठों में कैद किया .

और उसे चूसने लगी , साथ hi साथ उसकी गोलियों को भी हाथ से सहलाने लगी.

कमरे का टेम्प्रेचर बढ़ता जा रहा था. रह रह कर माहि के मुंह से जब उसका लुंड बहार लिकलता तो 'पंप' की आवाज होती. कुछ hi दिनों में hi वह ओरल सेक्स में परफेक्ट हो चुकी थी.

माहि ने चूस चूस कर करीम के लुंड को एकदम चिकना कर दिया था; अपनी कासी छूट के लिए तैयार!

करीम ने माहि के 40" की गांड को मसलने लगा. तो माहि की सिसकी नक़ल gayi.Usne करीम का सर अपनी चूचियों पर दबा diya.karim उस पल बाकि सबकुछ भूल गया. करीम उस पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा, और जिस्म को नोचने लगा, वह सच में hi बहुत सेक्सी थी.

फिर उसने माहि को पलटा दिया और वह पड़ा एक फटा हुई तकिये को उसके निचे सेट कर दिया. माहि की गांड ऊपर उठ gayi.....uski दरार और खुल सी gayi.mahi को जल्द hi समझ आ गया की आज करीम का इरादा खतरनाक है; वह गांड के टाइट छेड़ पर अपना थूक लगा रहा था....

प्लस यहाँ नहीं!

माहि को डर लग रहा था...

फिर कभी कर लेना...!"

अभी नहीं तो कभी नहीं वाले अंदाज में करीम ने अपनी उंगली उसकी गांड में फंसा दी, ऐसा तो वो पहले भी उसको छोड़ते हुए कर चूका था! पर आज तो उसका इरादा असली औजार वहां उसे करने का लग रहा था.

माहि को उंगली अंदर बहार लेने में परेशानी हो रही थी. उसने अपनी गांड को और चौड़ा दिया ताकि कुछ रहत मिल सके. कुछ देर ऐसे hi करने के बाद करीम ने माहि के पार्स से कोल्ड क्रीम निकल ली

इससे आसान हो जायेगा..

जैसे hi कोल्ड क्रीम लगी हुयी उसकी उंगली माहि की गांड की दरारों से गुजारी, माहि को चिकनाई और ठंडक का अहसास हुआ, ये अपेक्षाकृत अधिक सुखदायी था. करीब 2 मिनट तक करीम उंगली से hi उसके 'दूसरे छेड़' में ड्रिलिंग करता रहा, अब माहि को मजा आने लगा था. उसने अपनी गांड को थोड़ा और ऊँचा उठा लिया और रास्ते और आसान होते गए; फिर थोड़ा aur....fir थोड़ा और..... थोड़ी देर बाद वह कुटिया बन गयी.....!

इस पोजीशन में उसकी गांड की आँख सीधे छत को देख रही थी, ऊँगली निकलने पर भी वह थोड़ी देर खुली रहती थी. करीम ने ड्रिलर का साइज बढ़ा दिया; अब अंगूठा अपने काम पर लगा था.

करीम झुका और माहि की छूट का दाना अपने होंठों में दबा लिया, वह तो 'हिये मर गयी' कह baithi.Mari तो वह नहीं थी लेकिन करीम को पता था वह मरने hi वाली है.

करीम घुटने मोड़ कर उसकी गांड पर झुक गया, टारगेट सेट किया और 'फायर!'.....

माहि चिहुंक पड़ी, पहले hi वार में निशाना शतीक बैठा था..... लुंड आधा इधर.... आधा उधर.... माहि मुंह के बल गिर पड़ी, लुंड अब भी फंसा हुआ था.... करीब 3 इंच

बुस्स्सस्स.... प्लस.... रुक... जाओ! और नहीं

माहि का ये कहना यूँही नहीं था... उसकी गांड फ़ैल कर 4 इंच खुल चुकी थी...... 4 इंच!

करीम ने सैयाम से काम लिया; उसकी छातियां दबाने लगा..... कमर पर किस करने लगा.... वगैरा वगैरा!

माहि कुछ शांत हुयी, पर वह बार बार कह रही थी

हिलना mat....hilana मत!

करीम ने उसको ढीरे ऊपर उठाया.... धीरे.... धीरे और उसको वापस चार पैरों वाली बना diya......KUTIYA!

करीम ने अपना लुंड थोड़ा सा बहार खींचा.... उसकी गांड के अंदरूनी हिस्से को थोड़ी रहत बक्शी और फिर जुलम ध दिया... पूरा जुलम उसकी गांड में hi धा दिया.

माहि को काटो तो खून नहीं.... बदहवास सही होकर कुछ कुछ बोलने लगी, शायद बताना जरुरी नहीं!

करीम ने काम चालू कर दिया.... कमरे का वातावरण अजीबो गरीब हो गया था. माहि कभी कुछ बोलती.... कभी कुछ. कभी करीम को कुत्ता कहती.... कभी कमीना कहती.... और फिर उसी को kahti.....i लव यू जान.... जैसे मजा देने वाला कोई और हो और सजा देने वाला कोई और.

आख़िरकार माहि ने रहत की सांस ली.... उसका दर्द लगभग बंद हो गया.... अब तो लुंड उसकी गांड में स्टॉक से जा रहा था और फाटक से आ रहा था....

फिर तो दोनों जैसे दूध में नाहा रहे हो.... सारा वातावरण असभ्य हो गया था.... .... आज तो उन्होंने मजे लेने की हद तक मजा लिया..... मजे देने की हद तक मजा दिया.... और आखिर आते आते दोनों टूट चुके थे......

और फिर जब बूढ़े ने आखरी धमाका किया तो माहि के मू से आवाज निकली ..

है राम!

और फिर दोनों वह लुढ़क गए ..

इधर प्रिय पूजा को धुनती रही लेकिन उसको पूजा नहीं मिली.. उसने कही नौकरो से पूछा.. पूजा कहा है.. तो कोई कहता पूजा दीदी इधर गयी .. कोई कहता पूजा उधर गयी है.. उसका मोबाइल भी नॉट कवरेज दिखा रहा था .. परेशां हो कर प्रिय बहार गार्डन मई आ जाती है… तब उसको याद आता है की माहि आंटी करीम के साथ घर के पीछे खाण्डेर की तरफ गयी है… फिर वो सोचती है … नहीं नहीं .. उसका पीछा नहीं करते है… थोड़े देर वो वह hi कड़ी रही .. अब पूजा को ढूंढना वो भूल गयी थी.. प्रिय सोच सोच कर परेशां हो गयी थी ..वो कुछ सोच कर आपने आप को कहती है..

साला .. ये बुद्धा मेरा पीछा नहीं छोड़ने वाला है..

ऐसा कहके वो भी खाण्डेर की तरफ जाने लगी.. …. अब वो और उस खाण्डेर की तरफ बढ़ने lagee….jiss तरफ माहि गए थी…

जब प्रिय को वो जंगल दिख गया तब उसे पूजा की वो बात याद आ गए.. यहाँ इस जंगल मई एक खाण्डेर है.. और वह भूत है.. वो खुद को समजते हुई आगे बढ़ाने लगी..

चारो तरफ एक दम सुनसान tha….naa कोई इंसान नज़र आ रहा tha….aur ना ही कोई ghar….kareeb 5 मिनट चलने के baad….priya को एक टूटा सा हुआ घर दिखाई दया. दूर से ही पता चल रहा tha…wo घर अब्ब खण्डार बन चूका है… प्रिय तेजी से उस तरफ badhi…jaise-2 वो उस घर के करीब पहुंच रही thee….dar के मरे उस के हाथ पेअर कंपनी शुरू हो गए thee…..uss घर के बहार लकड़ी का एक टूटा हुआ दूर tha…thoda सा झुक कर उसके अंदर जाया जा सकता था… उसने अंदर झांकने के कोशिश की तो अंदर भोत अँधेरा था…

फिर भी प्रिय ने दूर ओपन कर के अन्दर गयी … अन्दर जाने के बाद उसे और एक दूर दिखा जो पीछे की तरफ खुलता tha..usne वो दूर खोला तोह सामने एक छोटा सा अनजान tha….jiske ऊपर छत नहीं थी. सूरज के रोशनी देख कर उसे थोड़ी रहत महसूस hui…par अनजान के चारो और कई रूम्स thee…wo सोचने लगी .. अब्ब माहि आंटी किश रूम मई hai…wo दबे पौन अग्गे badhi…toh उसे फिर से कुछ आहत सुनाई dee….wo उस तरफ badhi…jiss रूम से आवाज़ आ रही thee…usne देखा के उस रूम का दूर भी खुला हुआ tha…wo जैसे ही उस रूम के दूर पर पहुंची. किसी ने उसे पीछे से देखा देकर रूम के अंदर गिरा दया….
 
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