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सिमरन- बहोत दर्द हो रहा है… पलज़्ज़ज़.. मेरे बालो को छोड़ दो ना…
करीम- तू मुझे बता तू मुझे क्या कहके बुलाएगी…
सिमरन- आप hi बता दो…
करीम थोड़ा सोचता है और फिर बोलता है…
Karim—tu मुझे आगे से करिमजीए… बल्कि बुलाना..
सिमरन- हआ… करंजी कहके hi बुलाऊंगी… अभी तो मेरे बाल को छोड़ दो न..
करीम उसके बाल को छोड़ देता है..
करीम- मेरी बात मानेगी न..
करीम एक हाथ से सिमरन की गर्दन पकड़के दूसरे हाथ से उससे 3-4 झापड़ मरते बोलता है..
करीम- बात मानेगी मेरी..
अब डर के सिमरन ने करीम को देखके हाँ मई सर hilaya.Simran के आम चुस्की अब निप्पल्स से खेलते करीम बोलै…
करीम- चल निचे बैठ सिमरन रांड और मेरा लौड़ा चूस. खोल अपना गर्म मुँह और मेरा मोटा लुंड ले मुँह मई.
सिमरन निचे बैठके करीम का लुंड सहलाने लगती है. उसे अब करीम से दर लगता है की अब अगर उसने करीम की बात नहीं मणि तो करीम कुछ भी कर सकता है. वैसे भी वह तो उससे छुड़वाना चाहती थी इसलिए सिमरन ने करीम की बात मान ली. करीम सिमरन के बाल पकड़के लुंड उसके मुँह मई घुसते कहता है..
करीम- चल मुँह खोल रंडी और मेरा लौड़ा चूस. साली तेरी जैसे गर्म औरत कितने जल्दी हाथ आती हो… दो झापड़ क्या मरे लाइन पे आते हो. अब ठीक से लुंड चूस मेरा नहीं तो जीना हराम कर दूंगा तेरा साली रांड़ी.. सिमरन…
सिमरन मुँह खोलके करीम के मोठे लुंड को आपने गर्म मुँह मई डालते चूसने लगती है.

करीम की गलियों से उससे बहुत बुरा लगता है पैर करीम की लगाई आग को मिटने के लिए वह बेशरम होक उसका लुंड चूसने लगती है. ` सिमरन का मुँह लुंड से halke-halke छोड़ते करीम बोलता है…
करीम- आह्ह्ह्ह अच्छा लग रहा है टारे मुँह मई लुंड डालने se…raand. अब बोल मेरा लुंड चाहिए… छुड़ेगी मेरे लौड़े से या मेरा मार खायेगी..
ऐसा कहके करीम लुंड सिमरन के मुँह से निकलता है. ऐसा करने से सिमरन बेशरम होक करीम की नंगी कमर मई हाथ डालके उसका लुंड फिर चूसने लगती hai.Simran सिर्फ करीम की तरफ देखती है लेकिन कुछ नहीं बोलती.. करीम के लुंड का साइज देखके उससे अब छोड़ने का बहुत मान करता है.
करीम लुंड सिमरन के मुँह से निकल के बोलता है..
करीम- अब क्यों कुछ नहीं बोल रही hai..Aare तब तो मुझे जाने को बोल रही थी अब क्यों मेरा लुंड खुद पकड़के चूस रही हो मेरी रंडी द्क्प Simran…aab क्या छूट गर्म हुई तो करीम का लुंड चाहिए क्या तुझे… सिमरन रांड अब मई गया तो ाचा hi होगा न… तू सटी सावित्री बांके रहेगी रंडी … चल अब चूर मेरा लुंड मुझे अब तुझे नहीं छोड़ना.. चैनल रांड…
सिमरन आगे होक फिर से करीम का लुंड पकड़के चूसते है…
और बोलती है…
सिमरन- नहीं रुक जाओ न करीम..
करीम उसे 2 थप्पड़ मरता है..
करीम- क्या बोली रांड...
सिमरन- सॉरी सॉरी.. Karimjii...please मेरी प्यास को भी शांत करो जैसे आपने लता मैडम की थी. मुझे आपके लुंड की बड़ी ज़रुरत है अभी ..मुझे ऐसे बेहाल करके बिच मई मत जाओ.
इस बात पे करीम सिमरन के बाल पकड़के अपना लुंड उसके मुँह मई घुसके कहता है…
करीम- हरामी साली.. उसके लिए तेरी लता मैडम मेरी चैनल बानी, मेरी रखैल है वह. बोल हरामी सिमरन कौर क्या तू मेरी रंडी बनेगी… भीक मांग मुझसे रंडी नहीं तो तुझे नहीं छोडूंगा. साली तेरी जैसे गर्म औरत की nas-nas जनता हूँ, बहुत नाटक करती हो तुम रंडिया.
पूरी तरह बेशरम होक अब सिमरन बोली …
सिमरन- हाँ … मई कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ. आप इस द्क्प सिमरन कौर को रंडी या रखैल या चैनल कुछ भी बनाओ वह उसके लिए तैयार हु. मई आप को लता मैडम से ज्यादा माज़ा दूंगी.. आपकी यह द्क्प रांड सब कुछ करेगी आपके लिए.
सिमरन इतना बोलके फिरसे करीम का लुंड चूसने लगती है.

करीम खुश होक सिमरन से अपना लुंड चुसवाके लेने लगता है. उसके झुकके हुई आम को रगड़ते वह अब सिमरन का मुँह छोड़ रहा था. सिमरन भी बड़े मस्ती से बेशरम होक करीम का लुंड चूस रही थी.
फिर करीम सोचता है इसको थोड़ा और जलील करते है.. इसको इसकी औकात दिखते hai..aur वो सिमरन के बाल को पकड़ कर उप्पर आपने और खींचता है उसको..
करीम- पहले बोल तू मेरी चैनल रैंड है
सिमरन- मैंने मान तो लिया है.. अब बोलने से क्या होगा..
करीम उसे और जलील करना चाहता था..
करीम एक थपड सीधा सिमरन के गाल पर जड़ डेटा है
करीम- बोल हरामी..
सिमरन तिलमिला जाते है
सिमरन- ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
हाँ हरामी हूँ मई ...आपकी रांड हु ...
करीम- bol..aapse अपने छूट और गांड मरवाने वाली चैनल हु..
सिमरन- आआह्ह्ह.. आपसे अपने छूट और गांड मरवाने वाली चैनल हूँ maiiiiiiiiiiiiiiii बस अब्ब छोड़ दो न अपने रांड kooooooooooooooooo
करीम- बाउट आग लगी है रैंड की छूट में
और किश किश से चुदवाती है तू bolllllllllllll haramzadiiiiiiiiii..
सिमरन कुछ नहीं बोलती और करीम के लुंड को आपने हाथ मई पकड़ लेती है.. और फिर कहती है..
सिमरन- मई छोड़ने को बोल रही थी .. छोड़ने को नाही..
ऐसा कहके वो करीम की तरफ देख कर कातिल स्माइल देते है..

सिमरन ने धीरे से करीम के लुंड को अपने हाथ मैं पकड़ा …. और उसके ऊपर अपने हाथ को ऊपर नीचे करने लगी. सिमरन सोचने लगी की मेरे हस्बैंड के लुंड के मुक़ाबले मैं करीम का लुंड इन्तेहाई बदसूरत , गन्दा और गलीज़ है. मेरे हस्बैंड का लुंड बिलकुल सफेद , मुलायम और साफ़ सुथरा है.. जब की इस करीम का लुंड बदबू दर , गलीज़ और इन्तेहाई काला था. लेकिन मुझे जो मज़ा करीम के लुंड को चुने से आ रहा है वो मज़ा आपने पति के लुंड को चुने से कभी नहीं आया था.. ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ… इस घटिया आदमी का लुंड कितना भी कला क्यों न हो लेकिन बहोत बड़ा और लम्बा है… इस वजह से ये सब तो नहीं हो रहा है न… ऐसा सिमरन सोचने लगाती है..
अब सिमरन ने करीम के लुंड को हाथ मई पकड़ के उसके सुपडे को किश किया..
करीम ने सिमरन के सर को पकड़ा और अपने लुंड और जांघ कई बीच मई सिमरन का मुंह दबा दिया … और बोलै..
करीम - मेरी रांड.. इधर से चाट ….
सिमरन ने कुछ नहीं बोलै … सिमरन ने अपना मुंह उसकी तइस और लुंड के बीच मैं रख दिया.. सिमरन ने खामोशी साई अपनी जीभ को बहार निकाला और फिर उसके उस लुंड और झांग के हिस्से को चाटने लगी… बाद मई उसके गुलिऊँ को चाटने लगी..
करीम- तेरे मुंह मैं ले इनको …. Mere..chinal रांड..
सिमरन ने अपना मुंह खुला और उसकी दोनों गुलिया को अपने मुंह मैं ले लिया. उसकी गुलिया इतनी बड़ी थी की सिमरन का मुंह पूरा फूल गया और उस ने इस गुलिया को अंदर hi अपनी जीभ से चाटना शुरू कर diya…baad मई आपने मू मई hi सिमरन उसको चूसने लगी.
अब सिमरन करीम की गुलिया बहार निकलते hai..aur उस के लुंड को सिमरन ने चाट कर साफ़ कर दिया … और फिर उस काळा और मोठे लुंड को अपने मुंह मैं ले लिया… मुँह मई लेकर चूसने लगी. … सिमरन करीम के लुंड को अपने मुंह मैं अंदर तक ले जा रही थी और उसके लुंड को चूसने मैं सिमरन को बहोत ाचा लग रहा था. शयद सिमरन जिंदगी मई पहली बार किसी का लुंड चूस रही थी.. इस लिए उसे और ज्यादा मजा आ रहा था..
करीम का मोटा लुंड सिमरन के मुंह मैं अंदर बहार हो रहा था. करीम ने सिमरन के सर पर दोनों हाथ रखे थे और फिर सिमरन के सर को नीचे अपने लुंड पर दबा दिया और नीचे तक ले गया. अब करीम का लुंड सिमरन के हलक़ से टकरा रहा था. सिमरन का दम घुटने लगा मगर करीम ने अपना हाथ नहीं हटाया. सिमरन के सर के ऊपर से सिमरन के सर को अपने लुंड पर दबाये रखा. सिमरन मछली की तरह तड़पने लगी और सिमरन के आंखों से पानी आने लगा. सिमरन ने करीम के हथून को अपने सर से हटाने के लिए ज़ोर लगया मगर उसकी ताक़त के आगे सिमरन की एक न चली और करीम का लुंड सिमरन को अपने हलक़ से भी नीचे अंदर को जाता हुआ महसूस होने लगा. सिमरन अपने हाथ पाऊं चालती हुई तरप रही थी और करीम सिमरन के सर को और भी दबाते हुई बोल रहा था…
करीम – हरामजादी…. मुजसे जबरदस्ती करेगी… मेरा हाथ मरोरोगी…. साली तुजे तो मई अपनी कुटिया बना के रखूँगा…
सिमरन न न मई गार्डन हिला रही थी…
करीम- चूस चूस आज मेरे इस मोठे और काळा लुंड को अछि तरह साई चूस…. मेरी.. सिमरन….. राआआआंदददद….
थोड़े सेकंड के बाद जैसे hi सिमरन की सांस रुकने लगी तो करीम ने सिमरन के सर को ऊपर उठा दिया और करीम का लुंड सिमरन के मुंह से निकल आया और जैसी दोबारा से सिमरन के जिस्म मैं जान आगे हो.
अब सिमरन के मू से थूक निकल रहा था और वो hi थूक करीम के लुंड पर भी लगा हुआ tha.Simran के आंखों से आंसू निकल रहे थे. सिमरन ने अपना सर करीम की गन्दी सी थिगह पर रख कर लम्बे लम्बे सांस लेती हुई अपना सांस बहाल कर रही thi.Karim वही चेयर पर बैठा था और सिमरन निचे बैठ कर करीम के थिगह पर आपने सर राखी हुई थी.. करीम ने सिमरन के सर के बालून को अपनी मुठी मैं पकड़ा और उनको खेंचते हुई उसके चेहर को ऊपर कर लिया और उसको किश करने लगा.. उसके गर्दन को चूमने लगा..

सिमरन भी उसके हूंतो को चूमने लगी..

किश तोड़ते हुई करीम बोलै…
करीम- क्यों फिर मज़ा आया मेरे लुंड को चूसने से.. मेरे द्क्प रांड…
सिमरन हांफ रही थी..
करीम- बोल आज से रोज़ करेगी न अपने इस लुंड महाराज की पूजा. बोलै न चैनल बोल.
सिमरन ने आंसू भरी हुई नज़रूँ से करीम की तरफ देख कर बोली…
सिमरन- मुझे क्या मार डालने का इरादा था क्या करीम..
करीम ने सिमरन के पेट मई जोरदार लाठ मरी और फिर उठ के बाल को एकबार जोरदार खिंचा और सिमरन के चहरे को एक हाथ से पकड़ा…
करीम- साली मुझे फिर नाम से पुकारती है रांड…. दुबारा मुझे नाम से पुकारा तो गांड मरुँगा teri.Harami,mai तेरे उम्र का हूँ kya,zara इज़्ज़त से नाम ले mera.Kya तेरी माँ बाप ने तुझे इतना भी नहीं सिखाया randi..acha लग रहा न मेरा लुंड चूसने mai..Simran मादरचोद अब तुझे मेरी रखेल बनके रखूँगा . रांड तो मेरे बहोत है लेकिन रखेल तू अकेली बनेगी..
फिर करीम सिमरन के निप्पल्स खींचता hai..iss दर्द और गलियों से सिमरन बेहाल हो रही थी पर उससे अब ऐसा लग रहा था जैसे की वो सचमुच मई करीम की रखेल बन गयी hai..use ऐसा लग रहा था की उसके बदन मई लाखो चीटिया हलचल मचा रही थी.
सिमरन- सॉरी… गलती हो गयी..
करीम- अब बता मेरा लुंड कैसा लगा..
सिमरन ने अपना सर है मई हिला दिया. करीम ने सिमरन के सर के बालून को थोड़ा सा खींचते हुई बोलै..
करीम- मू से बोल न…. रांड…
और उसका चेहरा जोरसे दबा दिया.. सिमरन फ़ौरन hi बोली..
सिमरन- ग अच्छा लगा..
करीम- रोज पूजा करेगी इसकी..
सिमरन- ग मेरे मालिक .. मई रोज़ अपने इस लुंड महाराज की पूजा करुँगी. अब मई आपकी दासी हु.. आप जैसा बोलोगे वैसा hi मई करुँगी..
करीम- चल अब जल्दी से अपना थूक मेरे लुंड पर से साफ़ कर दे.
सिमरन ने करीम की तरफ देखा और फिर उसके लुंड को चाट ते हुई उस पर से अपना थूक साफ़ करने लगी. जैसे hi सिमरन ने करीम के लुंड को साफ़ किया तो करीम ने सिमरन के बाज़ू को पाकर कर अपने ऊपर खींचा और अपनी गोदी मई बिठा दिया…
करीम- तू तो सुच मैं मेरी रांड है ..मेरी रखेल है..
और फिर करीम सिमरन के लबूं को चूमने लगा.

करीम- मेरे लुंड की पूजा कर के तू ने तो मेरा दिल hi जीत लिया है सिमरन रांड.
सिमरन ने मुस्कुरा कर करीम के लबूं को चूमा ..
Simran-aaj से आप मेरे मालिक हो.. अपने मालिक को खुश रखना हर एक अछि दासी का फ़र्ज़ है न करीम गई.
करीम सिमरन को चूम कर बोलै..
करीम- इतनी सेवा तो मेरी बेगम भी नहीं करती मुझ से.. जो तेरे पैरूं की जूती के जैसी भी नहीं है. और तू इतनी सुन्दर और खूबसूरत हो कर मेरे बेगम से अच्छी सेवा कर रही है..
यहाँ करीम जानबूझकर आपने काली मोती पत्नी की कपरिसिओं सिमरन से कर रहा था.. उसको जलील करने के liye..Simran ने करीम के मुंह के अंदर अपनी जीभ को डालते हुई कहा..
सिमरन- करीम जी जब आप ने मुझे अपनी रखेल, रांड , दासी बना hi लिया है और जब मैं ने इस लुंड देवता को दिल से अपना मालिक मान कर उसके आगे अपना माथा टैक दिया तो अब तो सुब खुश आप का hi हो गया न. अब बस मैं आपकी रांड और दासी और आप मेरे मालिक और महाराज.
करीम ने खुश हो कर सिमरन की जीभ को चूसना शुरू कर दिया. इन् दोनों का हूंठ चूमना ऐसे hi चलता रहा.. थोड़े देर बाद करीम सिमरन को निचे उतर देता है..
करीम- चलो फिर अपना ये ब्रा झट से उतरो...... मुझे अब तेरा दूध पीना हैं......
और करीम ये कहकर धीरे से मुस्कुरा देता हैं ..... सिमरन कास कर उसके सीने पर मुक्का मरती हैं......
सिमरन - सच में आप बहुत गंदे हो.....
करीम- अब क्या हुआ..
सिमरन- मई कोई दूध देनेवाली भैस नहीं हु…
सिमरन की सांसें फिर से ज़ोरों से चल रही thi......wo फिर से करीम के हरकतों से गरम होने लगी थी....
करीम- भैंस का तो मैंने बहुत दूध पिया hain....aaj से तो मैं रोज़ अपनी द्क्प रांड का दूध पियूँगा..... सॉरी रखेल का..
और ऐसा कहते हुई उसका आम दबाता है… करीम की बाटिओं को सुनकर सिमरन का चेहरा शर्म से लाल पद जाता हैं और वो झट से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेती हैं......
करीम- तू मेरे रांड है… द्क्प है तो मुझे उसे कुछ लेने देना नहीं है.. जो मई बोलू तुजे वो करना पड़ेगा…
सिमरन- लेकिन मई कैसे आपने दूध पीला सकती हु आपको…
करीम- क्यों चैनल.. तुजमे क्या दूध नहीं है क्या…
ऐसा कहके उसका चेहरा आपने हाथ से जोरसे दबाता है.. वो उसको जलील करना चाहता था..
सिमरन- समाज करो आप… जिस औरत के बच्चे छोटे है वही औरत को दूध आता है…
करीम- तेरे बच्चे बड़े हो गए है..
सिमरन है मई गार्डन हिलती है..
करीम तुरंत अपना एक हाथ उसके कंधे पर ले जाता हैं और उसके ब्रा के स्ट्रिप्स को उसके कंधे से सरकने लगता hain......aur थोड़ी डियर बाद उसके ब्रा के स्ट्रिप्स उसके दोनों कंधे से सरक कर नीचे हो जाते हैं ...... सिमरन चाह कर भी कोई विरोध नहीं कर pati.....aur शर्म से अपनी दोनों हाथों को अपने सीने पर रख लेती हैं.... सिमरन के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं..... करीम इस बार अपने दोनों हाथों को धीरे धीरे फेरते हुए उसकी पीठ पर ले जाता हैं और धीरे से सिमरन के ब्रा का स्ट्रिप्स को खोल देता हैं...... थोड़ी डियर में उसका ब्रा झट से खुल जाता हैं और उसके सीने से नीचे की ओरे सरकने लगता hain......magar सिमरन तुरंत अपने दोनों हाथों से अपने गिरते ब्रा को थाम लेती हैं.... ये देख कर करीम मुस्कुरा पड़ता हैं......
फिर करीम अपना हाथ आगे ले जाकर उसकी पंत पर रख देता हैं और धीरे से उसकी पंत का बेल्ट खोल देता है… सिमरन ने आपने दोनों हाथो से ब्रा पकड़ी हुई थी इस वजह से वो कुछ नहीं कर प् रही थी… अब करीम उसके पंत के बटन भी खोल देता hai..aab सिमरन की पंत खुल गयी थी....... पंत जैसे hi खुलती हैं सिमरन अपना एक हाथ नीचे लेजाकर उसे झट से थाम लेती hain.....is वक़्त सिमरन एक हाथ से अपने ब्रा को साम्भै हुई थी और दूसरे हाथ से अपने पंत को पकड़े हुई thi.....tabhi करीम उसे आपने तरफ घुमा लेता है.. सिमरन किसी बूथ की तरह घूम जाती hain.........magar इस वक़्त भी उसके दोनों हाथ अपने ब्रा और पंत पर थे ...... सिमरन श्रम से अपनी आँखे बंद कर लेती है… जैसे hi करीम सिमरन के एक खुले हुई आम पर आपने हूंठ रखता है वैसे hi सिमरन घूम जाती है..
अब सिमरन की पिट करीम के सामने थी.. करीम अब उसकी नंगी पीठ पर अपना होंठ धीरे धीरे फेरने लगता hain.......uski गार्डन से लेकर कमर tak......is बार सिमरन फिर से तड़प उठती हैं...... इस वक़्त सिमरन करीब करीब नंगी हालत में थी बस उसके प्राइवेट पार्ट्स अभी तक छुपे हुए थे.. मगर उसका गोरा जिस्म करीम के आँखों के सामने be-parda था ...... सिमरन का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था ..... वो चुप चाप अपनी आंखें बंद की हुई करीम के हरकतों को चुप चाप बर्दास्त कर रही थी.... उसे भी अब इन सब चीज़ों में मज़ा आने लगा था .......
करीम फिर से अपनी जीभ उसकी कानों के पास ले जाता हैं और धीरे धीरे उसके कानों से लेकर उसकी गार्डन से होते हुए उसकी कमर तक चाटने लगता हैं ..... करीम के इस हरकत से सिमरन के जिस्म में मनो एक आग सी लग जाती हैं .... फिर करीम अपना एक हाथ सिमरन के ब्रा की ओरे ले जाता हैं और सिमरन का ब्रा अपने हाथों में थम लेता हैं और उसे झट से खींच कर उसके बदन से जुड़ा कर देता हैं ......... कुछ hi पलों में सिमरन की ब्रा उसके हाथों में थी ..... करीम बड़े गौर से सिमरन के ब्रा को देख रहा tha.....fir वो ब्रा के कप में अपना मुँह रख देता हैं और उसे चूम लेता hain.....Simran ाचे से समझ रही थी की करीम क्या कर रहा हैं मगर शर्म की वजह से वो करीम को उसके किसी भी हरकत को मन नहीं कर प् रही थी......
थोड़ी डियर तक ब्रा को चूमने और चाटने के बाद करीम वो ब्रा को एक तरफ फेक देता हैं ..... इस वक़्त सिमरन अपने एक हाथों से अपने बूब्स पर राखी हुई थी ...... सिमरन को पीट करीम की तरफ थी इस वजह से करीम उसके बूब्स को नहीं देख सकता था ..... मगर अगला hi पल वो अपना हाथ आगे की ओरे सरकता हैं .. कमर की ओरे और उसके जिस्म पर की पंत जो सिमरन ने अपने एक हाथ मई पकड़ी थी उसको सिमरन के हाथों से झटका देखे आपने हाथो में लेकर उसे तुरंत निचे गिरा देता है .. ...... अपना एक हाथ पंत पर और दूसरा हाथ बूब्स पर रख रहने की वजह से सिमरन अपना हाथ नहीं निकल पति और न hi करीम को रोक पति हैं.... कुछ hi डियर में उसकी पंत निचे गिरे हुई थी.. अब सिमरन आपने एक हाथ आम पर और दूसरा हाथ उसके छूट के उप्पर उसके पंतय के उप्पर से रख देती है.. अब करीम आपने दोनों हाथो से सिमरन के कमर को पकड़ के उप्पर उठा लेता है और आपने पावो से उसकी पंत निकल देता है.. सिमरन कुछ भी कर नहीं पति ..सिमरन की पंत उसके बदन से अलग हुई थी.. ...... अब सिमरन की नंगा बदन करीम के आँखों के सामने be-parda था ..... सिर्फ पंतय उसके बदन पर थी… वो बड़े गौर से सिमरन के बदन के हर हिस्से को देख रहा था.....
सिमरन शर्म से पानी पानी हो रही थी...... करीम अब सिमरन को अपनी और घुमा लेता है.. जैसे hi करीम उसको आपने और घुमा लेता है वैसे hi सिमरन झट से आपने दोनों हाथ बूब्स पर रख देती है… करीम आँखे फाडे उसके बदन को देख रहा था.. सिमरन शर्म से आँखे बंद कर लेती है.. सिमरन के गले मई महंगा लॉकेट था वो करीम झट से थोड़ देता है.. सिमरन सिर्फ करीम की तरफ देखती है लेकिन कुछ नहीं बोलती.. लॉकेट क्यों थोड़ा ये पूछने की हिम्मत भी अब सिमरन मई नहीं thi..aab करीम वो लॉकेट आपने लुंड पर राउंड कर के रख देता है.. करीम ने सिमरन का लॉकेट जिस तरह से आपने लुंड पर रखा था वो देख कर सिमरन है पड़ती है…
सिमरन- बहोत बदमाश हो आप..
अब करीम निचे बैठ जाता है और एक हाथ उसके पंतय पर रख देता है.. उसको निकलने के लिए.. वैसे hi सिमरन एक हाथ निचे ले जाती है पंतय के ऊपर उसको रोकने को..
सिमरन- पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़…….. नाहीईई… करीम..
जब सिमरन का एक हाथ निचे आता है तब करीम उसके एक नंगे आम को जोरदार दबाता है…
सिमरन- आआअह्ह्ह्हह्हआआ…
वैसे hi सिमरन पंतय पर का हाथ उप्पर आपने आम को छुपाने को ले जाती है वैसे hi करीम झट से आपने दोनों हाथो से सिमरन की पंतय निकल देता है… वैसे hi सिमरन जोर से चिलाती है…
सिमरन- noooooooooooo…… हे भगवाणणणणणणण……….. करीम.. आपने ये क्या कर दिया….
ऐसा कहके सिमरन एक हाथ उसके छूट पर रख देती है…
सिमरन- तू तो ऐसी चीला रही है जैसे जिंदगी मई पहली बार नंगी हो रही है…
सिमरन करीम की तरफ आँखे फाडे गुस्से से देख रही थी..

करीम- ऐसे क्या देख रही है मुझे… रोज तो आपने पति के सामने नंगी होती होगी…
सिमरन- मई ऐसे आज तक किसी के सामने नंगी हुई नहीं हु..
करीम- kya…tuje क्या वो बिना नंगा करके hi छोड़ता है…
सिमरन- हां… सिर्फ निघ्त्य उप्पर करके…
करीम हँसाने लगता है..
करीम- मतलब.. मेरी द्क्प रांड.. आज पहली बार मेरे सामने नंगी हुई है…
सिमरन आँखे बंद करती है और हां मई गार्डन हिलती है…
करीम- अब तो तुजे छोड़ने और hi मज़ा आएगा…
करीम उसको जिस तरीके से देख रहा था इस वजह से सिमरन घूम जाती है और टेबल के पीछे कड़ी हो जाती hai..iss वक़्त सिमरन के बदन पर कपडे का एक टुकड़ा नहीं tha......wo पूरी नंगी हालत में करीम के सामने कड़ी थी.. करीम उसके बदन को लालची नज़र से घर रहा था इस वजह से सिमरन निचे बैठ जाती है.. अब वो आपने दोनों हाथो से अपनी छूट को छुपाने की कोशिश करती है..
करीम - आला कसम से रांड… तू एक नशा हे ....... क्या कमल की खूबसूरत हे तू ..... जो तुजे इस हाल में देख ले वो सच में पागल हो जायेगा ..... और खड़े खड़े hi तुजे छोड़ डाले...
सिमरन - प्लीज करीम … जीईईई… मुझे बहुत शर्म आ रही हैं.... इस बालकनी मई… मेरे कपडे दे दो .......प्लीज.....
करीम - नहीं मेरी रांड अब तो मैं तेरे इस बदन को ाचे से दीदार kArunga.....bus अब तू आपने हाथ हटा ले और ज़रा मुझे ाचे से देखने दे .......
सिमरन झट से ना में अपनी गार्डन हिलती हैं…
सिमरन - नहीं करीम jiiii..mujhse ये नहीं hoga......please मेरे कपडे मुझे लौटा दो....... मुझे यहाँ बहोत शर्म आ रही है…
करीम- तो क्या अन्दर छुड़ेगी..
सिमरन हां मई गार्डन हिलती है..
करीम- चैनल अब तो मई तुजे यहाँ इस बालकनी मई hi चौडूँगा.. समाजी मेरी सिमरन.. रांदड़…
सिमरन- मई मेरा सबकुछ तो दे रही हु आप को .. फिर भी आप मेरे पर जबरदस्ती कर रहे हो… मई तो सिर्फ इतना कह रही हु की यहाँ ओपन स्पेस मई नहीं करते है.. अन्दर किसी रूम मई करते है.. यहाँ कोई अगर आ गया और हम दोनों को किसीने ऐसा देख लिया तो मेरे सब िज़ात चली जाएगी… मई तो सिर्फ इतना कह रही हु…
करीम- छू कर चैनल… तू मेरे रखेल है.. मई जैसा बोलूंगा वैसे hi होगा… तू ज्यादा शाहनपट्टी मत कर… तू अगर मुजसे छुड़ेगी तो तेरे इज़्ज़त नहीं जाएगी.. लेकिन तुजे ऐसा किसी ने देख लिया तो तेरे इज़्ज़त चली जाएगी… मादरचोद मुझे मत सीखा क्या करना है… मुझे सब पता है…
सिमरन- मई तो सब इतना कह रही….
सिमरन ितं बोलते hi करीम गुस्से से बड़ी आवाज मई बोलता है…
करीम- हरामजादी.. तुजे बोलै न चुप कर… साली रोज कितनो से छुड़ाते होगी… और मेरे साथ यहाँ नौटंकी कर रही है..
सिमरन आपने आँखों मई आंसू आ गए थे…
सिमरन- मई आपने बच्चे की कसम खाके कहती हु.. मेरे पति के अलावा मैंने आपने जिंदगी मई किसी से फिजिकल रिलेशन नहीं थे… मेरे पति के अलावा आप पहले आदमी हो जो मई आप से ये रिलेशन रख रही हु…
करीम झट से गुस्से मई सिमरन के पास जाता है और उसके बालो को पकड़ के पीछे से निचे खींचता है…
करीम- साली कामिनी… मुझे ये बता .. ये जो तेरे बच्चे hai….kitane है…
सिमरन को पूछता है…
सिमरन – ahhhhhhhhhhhaaaaaaaaa….
दो है….. दर्द हो रहा है करंजी…. पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़.. मेरे बालो को छोड़ दो ना..
करीम दूसरे हाथ से उसके छूट को दबोच लेता है…
करीम- इतने जल्दी गयी क्या पुलिस की हेकड़ी…
सिमरन कुछ नहीं बोलती…
करीम- ये जो तेरे बच्चे है.. इसका बाप तेरा पति hi है या कोई दूसरा भादवा है..
सिमरन- मई किसी की भी कसम खाने को रेडी हु.. करंजी..... ये मेरे पति के hi बच्चे है…
करीम उसके बालो को छोड़ता है.. सिमरन अपनी आँखि पंच लेती है..
करीम- मतलब तू सही कह रही है की .. तुजे तेरे पति के अलावा किसी ने अब तक नहीं छोड़ा है..
सिमरन- हां..
करीम की तरफ देख कर कहती hai..Karim उसको पकड़ता है और उसे अपनी भावो मई लेता है ....... सिमरन झट से उसके भावो से निकल कर पीछे हैट जाती है.. करीम सिमरन की तरफ hi देख रहा था.. करीम के इस हरकत से सिमरन झट से अपने दोनों हाथों को अपने चहरे पर रख लेती हैं और अपने मुँह छुपा लेती हैं ..... करीम बड़े गौर से सिमरन के 32 साइज के बूब्स को देख रहा था ....... सिमरन के बूब्स पूरे गोल आकर में बेहद टाइट थे .... और हलके भूरे रंग के निप्पल्स उसकी खूबसूरती को और चार चाँद लगा रहे थे ....... और नीचे उसकी छूट पूरी तरह बिना बालों की एक दम साफ़ चमक रही थी .......
सिमरन के नंगे बदन को देखकर करीम मनो पागल सा हो गया था ...... आज तक न जाने वो कितनी रंडियों के साथ सो चूका था मगर ऐसा बदन उसने कभी नहीं देखा था......
करीम- साली तू बहोत कड़क माल है.. आज तक मैंने कितने सारे रंडिया को छोड़ा है लेकिन तेरे जैसे रंडी मुझे आज तक मिली नहीं… बहनचोद तू सचमुच अगर धंदे पर बैठ जाएगी तो बहोत पैसा कमाएगी…
सिमरन चहरे से हाथ हटा के बोलती है..
सिमरन- मई तो सबकुछ आप को दे रही हु न.. फिर भी आप मुझे जलील क्यों कर रहे हो..
करीम- सचमुच रांड… तू अगर सच की बाज़ारू रंडी बन जाएगी तो बहोत पैसा कमाएगी… तू एक काम कर..
सिमरन करीम की तरफ देख कर कहती है..
सिमरन- क्या..
करीम- तू पुलिस की नौकरी छोड़ दे और बाज़ारू रंडी बन जय… कस्टमर की लाइन लग जाएगी… तुजे देख कर कोई नहीं कहेगा की तू दो बच्चो की माँ है..
करीम के ऐसे कहने पर सिमरन कुछ नहीं बोलती है.. सिमरन को समाज मई नहीं आ रहा था की ये आदमी मुझे जलील कर रहा है या मेरे टैरिफ कर रहा है.. दो बच्चे होने पर भी मई क्या इतने सुन्दर दिखते हु… मेरे हस्बैंड ने तो कभी नहीं कहा.. शादी के बाद बच्चे होने के पहले हस्बैंड मेरे टैरिफ करते थे लेकिन बच्चे होने के बाद मेरे हस्बैंड मेरे टैरिफ कभी नहीं की..… दूसरी और ये आदमी मुझे बाज़ारू रंडी बनाना को कह रहा है… मुझे कुछ समाज मई नहीं आ रहा है की मई कैसे रियेक्ट करू.. सिमरन की आज तक ऐसे गन्दी टैरिफ किसी ने नहीं की थी..
सिमरन सोच रही थी की अभी थोड़ी देर पहले लता को नंगा किया और उसके साथ सेक्स किया करीम जी ने और अब मेरे साथ ये साब कर रहे है. . वह सोचती है की मुझे ये सब पता है फिर भी मई इनको करने दे रही हु... क्या मई सच में एक रंडी hu..aur अगर ऐसी बात है तो वह और अच्छे से रांड़ी बनेगी. . इतना गन्दा आदमी मेरे ब्यूटी की तारीफ कर रहा है.. मई अब सजूंगी.. सवारूंगी... मेरे मालिक के लिए... उस खड़ूस हस्बैंड के लिए nahi..duty और घर के चक्कर में मई यह सब भूल गयी थी मई. .इस में कितना मज़ा है. .करीम जैसे बदसूरत और दरजी से यह सब करना और उसकी दासी जैसा बनना और कुटिया जैसा बनना सिमरन को बहुत अच्छा लगता है .. अब वो हॉर्नी फील करती है..
अब करीम सिमरन के पास आ जाता hai..Karim उसे बाजु में रखे आईने ालमिरह से लगा हुआ था जो उस के सामने ले जाता और उसे उसकी नंगी बॉडी दिखता है और वह शर्मा जाती है. ..और आपने चहरे को दोनों हातो से धक् लेते है..

करीम अपने दोनों हाथों को सिमरन के चहरे की ओरे ले जाता हैं और उसके दोनों हाथों को हटाने लगता हैं .... सिमरन बहुत ज़ोर लगाती हैं मगर करीम के आगे वो टिक नहीं पाती ...... उसे शर्म आ रही थी इस वजह से वो अपनी पूरी ताकत लगा नहीं पति… करीम अपने दोनों हाथों से सिमरन के हाथों को कसकर पकडे हुआ था..... और झट से वो नीचे झुक कर सिमरन के लबों पर अपना होंठ रख देता हैं और बड़े प्यार से उसे चूसने लगता हैं ....

सिमरन की आंखें इस वक़्त बंद थी ....... उसके ज़ोर ज़ोर से सांस लेने की वजह से उसके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे the.......Karim बड़े प्यार से उसके होंठों को चूसै जा रहा था ..... सिमरन अब फिर से बहुत गरम हो चुकी थी ..... करीम उसके गरम साँसों को महसूस कर रहा था ...... कुछ डियर तक सिमरन कुछ नहीं करते हैं … वैसे hi खड़ी रहती है.. अब करीम उसके कमर को पकड़ के उठता है और टेबल पर उसको बिठा देता है.. किश करते करते hi.. कुछ डियर बाद वो अपने दोनों हाथों को करीम के सर पर ले जाती हैं और बड़े प्यार से उसके सर पर फिरने लगती हैं ....
करीम- तू मुझे बता तू मुझे क्या कहके बुलाएगी…
सिमरन- आप hi बता दो…
करीम थोड़ा सोचता है और फिर बोलता है…
Karim—tu मुझे आगे से करिमजीए… बल्कि बुलाना..
सिमरन- हआ… करंजी कहके hi बुलाऊंगी… अभी तो मेरे बाल को छोड़ दो न..
करीम उसके बाल को छोड़ देता है..
करीम- मेरी बात मानेगी न..
करीम एक हाथ से सिमरन की गर्दन पकड़के दूसरे हाथ से उससे 3-4 झापड़ मरते बोलता है..
करीम- बात मानेगी मेरी..
अब डर के सिमरन ने करीम को देखके हाँ मई सर hilaya.Simran के आम चुस्की अब निप्पल्स से खेलते करीम बोलै…
करीम- चल निचे बैठ सिमरन रांड और मेरा लौड़ा चूस. खोल अपना गर्म मुँह और मेरा मोटा लुंड ले मुँह मई.
सिमरन निचे बैठके करीम का लुंड सहलाने लगती है. उसे अब करीम से दर लगता है की अब अगर उसने करीम की बात नहीं मणि तो करीम कुछ भी कर सकता है. वैसे भी वह तो उससे छुड़वाना चाहती थी इसलिए सिमरन ने करीम की बात मान ली. करीम सिमरन के बाल पकड़के लुंड उसके मुँह मई घुसते कहता है..
करीम- चल मुँह खोल रंडी और मेरा लौड़ा चूस. साली तेरी जैसे गर्म औरत कितने जल्दी हाथ आती हो… दो झापड़ क्या मरे लाइन पे आते हो. अब ठीक से लुंड चूस मेरा नहीं तो जीना हराम कर दूंगा तेरा साली रांड़ी.. सिमरन…
सिमरन मुँह खोलके करीम के मोठे लुंड को आपने गर्म मुँह मई डालते चूसने लगती है.

करीम की गलियों से उससे बहुत बुरा लगता है पैर करीम की लगाई आग को मिटने के लिए वह बेशरम होक उसका लुंड चूसने लगती है. ` सिमरन का मुँह लुंड से halke-halke छोड़ते करीम बोलता है…
करीम- आह्ह्ह्ह अच्छा लग रहा है टारे मुँह मई लुंड डालने se…raand. अब बोल मेरा लुंड चाहिए… छुड़ेगी मेरे लौड़े से या मेरा मार खायेगी..
ऐसा कहके करीम लुंड सिमरन के मुँह से निकलता है. ऐसा करने से सिमरन बेशरम होक करीम की नंगी कमर मई हाथ डालके उसका लुंड फिर चूसने लगती hai.Simran सिर्फ करीम की तरफ देखती है लेकिन कुछ नहीं बोलती.. करीम के लुंड का साइज देखके उससे अब छोड़ने का बहुत मान करता है.
करीम लुंड सिमरन के मुँह से निकल के बोलता है..
करीम- अब क्यों कुछ नहीं बोल रही hai..Aare तब तो मुझे जाने को बोल रही थी अब क्यों मेरा लुंड खुद पकड़के चूस रही हो मेरी रंडी द्क्प Simran…aab क्या छूट गर्म हुई तो करीम का लुंड चाहिए क्या तुझे… सिमरन रांड अब मई गया तो ाचा hi होगा न… तू सटी सावित्री बांके रहेगी रंडी … चल अब चूर मेरा लुंड मुझे अब तुझे नहीं छोड़ना.. चैनल रांड…
सिमरन आगे होक फिर से करीम का लुंड पकड़के चूसते है…
और बोलती है…
सिमरन- नहीं रुक जाओ न करीम..
करीम उसे 2 थप्पड़ मरता है..
करीम- क्या बोली रांड...
सिमरन- सॉरी सॉरी.. Karimjii...please मेरी प्यास को भी शांत करो जैसे आपने लता मैडम की थी. मुझे आपके लुंड की बड़ी ज़रुरत है अभी ..मुझे ऐसे बेहाल करके बिच मई मत जाओ.
इस बात पे करीम सिमरन के बाल पकड़के अपना लुंड उसके मुँह मई घुसके कहता है…
करीम- हरामी साली.. उसके लिए तेरी लता मैडम मेरी चैनल बानी, मेरी रखैल है वह. बोल हरामी सिमरन कौर क्या तू मेरी रंडी बनेगी… भीक मांग मुझसे रंडी नहीं तो तुझे नहीं छोडूंगा. साली तेरी जैसे गर्म औरत की nas-nas जनता हूँ, बहुत नाटक करती हो तुम रंडिया.
पूरी तरह बेशरम होक अब सिमरन बोली …
सिमरन- हाँ … मई कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ. आप इस द्क्प सिमरन कौर को रंडी या रखैल या चैनल कुछ भी बनाओ वह उसके लिए तैयार हु. मई आप को लता मैडम से ज्यादा माज़ा दूंगी.. आपकी यह द्क्प रांड सब कुछ करेगी आपके लिए.
सिमरन इतना बोलके फिरसे करीम का लुंड चूसने लगती है.

करीम खुश होक सिमरन से अपना लुंड चुसवाके लेने लगता है. उसके झुकके हुई आम को रगड़ते वह अब सिमरन का मुँह छोड़ रहा था. सिमरन भी बड़े मस्ती से बेशरम होक करीम का लुंड चूस रही थी.
फिर करीम सोचता है इसको थोड़ा और जलील करते है.. इसको इसकी औकात दिखते hai..aur वो सिमरन के बाल को पकड़ कर उप्पर आपने और खींचता है उसको..
करीम- पहले बोल तू मेरी चैनल रैंड है
सिमरन- मैंने मान तो लिया है.. अब बोलने से क्या होगा..
करीम उसे और जलील करना चाहता था..
करीम एक थपड सीधा सिमरन के गाल पर जड़ डेटा है
करीम- बोल हरामी..
सिमरन तिलमिला जाते है
सिमरन- ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
हाँ हरामी हूँ मई ...आपकी रांड हु ...
करीम- bol..aapse अपने छूट और गांड मरवाने वाली चैनल हु..
सिमरन- आआह्ह्ह.. आपसे अपने छूट और गांड मरवाने वाली चैनल हूँ maiiiiiiiiiiiiiiii बस अब्ब छोड़ दो न अपने रांड kooooooooooooooooo
करीम- बाउट आग लगी है रैंड की छूट में
और किश किश से चुदवाती है तू bolllllllllllll haramzadiiiiiiiiii..
सिमरन कुछ नहीं बोलती और करीम के लुंड को आपने हाथ मई पकड़ लेती है.. और फिर कहती है..
सिमरन- मई छोड़ने को बोल रही थी .. छोड़ने को नाही..
ऐसा कहके वो करीम की तरफ देख कर कातिल स्माइल देते है..

सिमरन ने धीरे से करीम के लुंड को अपने हाथ मैं पकड़ा …. और उसके ऊपर अपने हाथ को ऊपर नीचे करने लगी. सिमरन सोचने लगी की मेरे हस्बैंड के लुंड के मुक़ाबले मैं करीम का लुंड इन्तेहाई बदसूरत , गन्दा और गलीज़ है. मेरे हस्बैंड का लुंड बिलकुल सफेद , मुलायम और साफ़ सुथरा है.. जब की इस करीम का लुंड बदबू दर , गलीज़ और इन्तेहाई काला था. लेकिन मुझे जो मज़ा करीम के लुंड को चुने से आ रहा है वो मज़ा आपने पति के लुंड को चुने से कभी नहीं आया था.. ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ… इस घटिया आदमी का लुंड कितना भी कला क्यों न हो लेकिन बहोत बड़ा और लम्बा है… इस वजह से ये सब तो नहीं हो रहा है न… ऐसा सिमरन सोचने लगाती है..
अब सिमरन ने करीम के लुंड को हाथ मई पकड़ के उसके सुपडे को किश किया..
करीम ने सिमरन के सर को पकड़ा और अपने लुंड और जांघ कई बीच मई सिमरन का मुंह दबा दिया … और बोलै..
करीम - मेरी रांड.. इधर से चाट ….
सिमरन ने कुछ नहीं बोलै … सिमरन ने अपना मुंह उसकी तइस और लुंड के बीच मैं रख दिया.. सिमरन ने खामोशी साई अपनी जीभ को बहार निकाला और फिर उसके उस लुंड और झांग के हिस्से को चाटने लगी… बाद मई उसके गुलिऊँ को चाटने लगी..
करीम- तेरे मुंह मैं ले इनको …. Mere..chinal रांड..
सिमरन ने अपना मुंह खुला और उसकी दोनों गुलिया को अपने मुंह मैं ले लिया. उसकी गुलिया इतनी बड़ी थी की सिमरन का मुंह पूरा फूल गया और उस ने इस गुलिया को अंदर hi अपनी जीभ से चाटना शुरू कर diya…baad मई आपने मू मई hi सिमरन उसको चूसने लगी.
अब सिमरन करीम की गुलिया बहार निकलते hai..aur उस के लुंड को सिमरन ने चाट कर साफ़ कर दिया … और फिर उस काळा और मोठे लुंड को अपने मुंह मैं ले लिया… मुँह मई लेकर चूसने लगी. … सिमरन करीम के लुंड को अपने मुंह मैं अंदर तक ले जा रही थी और उसके लुंड को चूसने मैं सिमरन को बहोत ाचा लग रहा था. शयद सिमरन जिंदगी मई पहली बार किसी का लुंड चूस रही थी.. इस लिए उसे और ज्यादा मजा आ रहा था..
करीम का मोटा लुंड सिमरन के मुंह मैं अंदर बहार हो रहा था. करीम ने सिमरन के सर पर दोनों हाथ रखे थे और फिर सिमरन के सर को नीचे अपने लुंड पर दबा दिया और नीचे तक ले गया. अब करीम का लुंड सिमरन के हलक़ से टकरा रहा था. सिमरन का दम घुटने लगा मगर करीम ने अपना हाथ नहीं हटाया. सिमरन के सर के ऊपर से सिमरन के सर को अपने लुंड पर दबाये रखा. सिमरन मछली की तरह तड़पने लगी और सिमरन के आंखों से पानी आने लगा. सिमरन ने करीम के हथून को अपने सर से हटाने के लिए ज़ोर लगया मगर उसकी ताक़त के आगे सिमरन की एक न चली और करीम का लुंड सिमरन को अपने हलक़ से भी नीचे अंदर को जाता हुआ महसूस होने लगा. सिमरन अपने हाथ पाऊं चालती हुई तरप रही थी और करीम सिमरन के सर को और भी दबाते हुई बोल रहा था…
करीम – हरामजादी…. मुजसे जबरदस्ती करेगी… मेरा हाथ मरोरोगी…. साली तुजे तो मई अपनी कुटिया बना के रखूँगा…
सिमरन न न मई गार्डन हिला रही थी…
करीम- चूस चूस आज मेरे इस मोठे और काळा लुंड को अछि तरह साई चूस…. मेरी.. सिमरन….. राआआआंदददद….
थोड़े सेकंड के बाद जैसे hi सिमरन की सांस रुकने लगी तो करीम ने सिमरन के सर को ऊपर उठा दिया और करीम का लुंड सिमरन के मुंह से निकल आया और जैसी दोबारा से सिमरन के जिस्म मैं जान आगे हो.
अब सिमरन के मू से थूक निकल रहा था और वो hi थूक करीम के लुंड पर भी लगा हुआ tha.Simran के आंखों से आंसू निकल रहे थे. सिमरन ने अपना सर करीम की गन्दी सी थिगह पर रख कर लम्बे लम्बे सांस लेती हुई अपना सांस बहाल कर रही thi.Karim वही चेयर पर बैठा था और सिमरन निचे बैठ कर करीम के थिगह पर आपने सर राखी हुई थी.. करीम ने सिमरन के सर के बालून को अपनी मुठी मैं पकड़ा और उनको खेंचते हुई उसके चेहर को ऊपर कर लिया और उसको किश करने लगा.. उसके गर्दन को चूमने लगा..

सिमरन भी उसके हूंतो को चूमने लगी..

किश तोड़ते हुई करीम बोलै…
करीम- क्यों फिर मज़ा आया मेरे लुंड को चूसने से.. मेरे द्क्प रांड…
सिमरन हांफ रही थी..
करीम- बोल आज से रोज़ करेगी न अपने इस लुंड महाराज की पूजा. बोलै न चैनल बोल.
सिमरन ने आंसू भरी हुई नज़रूँ से करीम की तरफ देख कर बोली…
सिमरन- मुझे क्या मार डालने का इरादा था क्या करीम..
करीम ने सिमरन के पेट मई जोरदार लाठ मरी और फिर उठ के बाल को एकबार जोरदार खिंचा और सिमरन के चहरे को एक हाथ से पकड़ा…
करीम- साली मुझे फिर नाम से पुकारती है रांड…. दुबारा मुझे नाम से पुकारा तो गांड मरुँगा teri.Harami,mai तेरे उम्र का हूँ kya,zara इज़्ज़त से नाम ले mera.Kya तेरी माँ बाप ने तुझे इतना भी नहीं सिखाया randi..acha लग रहा न मेरा लुंड चूसने mai..Simran मादरचोद अब तुझे मेरी रखेल बनके रखूँगा . रांड तो मेरे बहोत है लेकिन रखेल तू अकेली बनेगी..
फिर करीम सिमरन के निप्पल्स खींचता hai..iss दर्द और गलियों से सिमरन बेहाल हो रही थी पर उससे अब ऐसा लग रहा था जैसे की वो सचमुच मई करीम की रखेल बन गयी hai..use ऐसा लग रहा था की उसके बदन मई लाखो चीटिया हलचल मचा रही थी.
सिमरन- सॉरी… गलती हो गयी..
करीम- अब बता मेरा लुंड कैसा लगा..
सिमरन ने अपना सर है मई हिला दिया. करीम ने सिमरन के सर के बालून को थोड़ा सा खींचते हुई बोलै..
करीम- मू से बोल न…. रांड…
और उसका चेहरा जोरसे दबा दिया.. सिमरन फ़ौरन hi बोली..
सिमरन- ग अच्छा लगा..
करीम- रोज पूजा करेगी इसकी..
सिमरन- ग मेरे मालिक .. मई रोज़ अपने इस लुंड महाराज की पूजा करुँगी. अब मई आपकी दासी हु.. आप जैसा बोलोगे वैसा hi मई करुँगी..
करीम- चल अब जल्दी से अपना थूक मेरे लुंड पर से साफ़ कर दे.
सिमरन ने करीम की तरफ देखा और फिर उसके लुंड को चाट ते हुई उस पर से अपना थूक साफ़ करने लगी. जैसे hi सिमरन ने करीम के लुंड को साफ़ किया तो करीम ने सिमरन के बाज़ू को पाकर कर अपने ऊपर खींचा और अपनी गोदी मई बिठा दिया…
करीम- तू तो सुच मैं मेरी रांड है ..मेरी रखेल है..
और फिर करीम सिमरन के लबूं को चूमने लगा.

करीम- मेरे लुंड की पूजा कर के तू ने तो मेरा दिल hi जीत लिया है सिमरन रांड.
सिमरन ने मुस्कुरा कर करीम के लबूं को चूमा ..
Simran-aaj से आप मेरे मालिक हो.. अपने मालिक को खुश रखना हर एक अछि दासी का फ़र्ज़ है न करीम गई.
करीम सिमरन को चूम कर बोलै..
करीम- इतनी सेवा तो मेरी बेगम भी नहीं करती मुझ से.. जो तेरे पैरूं की जूती के जैसी भी नहीं है. और तू इतनी सुन्दर और खूबसूरत हो कर मेरे बेगम से अच्छी सेवा कर रही है..
यहाँ करीम जानबूझकर आपने काली मोती पत्नी की कपरिसिओं सिमरन से कर रहा था.. उसको जलील करने के liye..Simran ने करीम के मुंह के अंदर अपनी जीभ को डालते हुई कहा..
सिमरन- करीम जी जब आप ने मुझे अपनी रखेल, रांड , दासी बना hi लिया है और जब मैं ने इस लुंड देवता को दिल से अपना मालिक मान कर उसके आगे अपना माथा टैक दिया तो अब तो सुब खुश आप का hi हो गया न. अब बस मैं आपकी रांड और दासी और आप मेरे मालिक और महाराज.
करीम ने खुश हो कर सिमरन की जीभ को चूसना शुरू कर दिया. इन् दोनों का हूंठ चूमना ऐसे hi चलता रहा.. थोड़े देर बाद करीम सिमरन को निचे उतर देता है..
करीम- चलो फिर अपना ये ब्रा झट से उतरो...... मुझे अब तेरा दूध पीना हैं......
और करीम ये कहकर धीरे से मुस्कुरा देता हैं ..... सिमरन कास कर उसके सीने पर मुक्का मरती हैं......
सिमरन - सच में आप बहुत गंदे हो.....
करीम- अब क्या हुआ..
सिमरन- मई कोई दूध देनेवाली भैस नहीं हु…
सिमरन की सांसें फिर से ज़ोरों से चल रही thi......wo फिर से करीम के हरकतों से गरम होने लगी थी....
करीम- भैंस का तो मैंने बहुत दूध पिया hain....aaj से तो मैं रोज़ अपनी द्क्प रांड का दूध पियूँगा..... सॉरी रखेल का..
और ऐसा कहते हुई उसका आम दबाता है… करीम की बाटिओं को सुनकर सिमरन का चेहरा शर्म से लाल पद जाता हैं और वो झट से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेती हैं......
करीम- तू मेरे रांड है… द्क्प है तो मुझे उसे कुछ लेने देना नहीं है.. जो मई बोलू तुजे वो करना पड़ेगा…
सिमरन- लेकिन मई कैसे आपने दूध पीला सकती हु आपको…
करीम- क्यों चैनल.. तुजमे क्या दूध नहीं है क्या…
ऐसा कहके उसका चेहरा आपने हाथ से जोरसे दबाता है.. वो उसको जलील करना चाहता था..
सिमरन- समाज करो आप… जिस औरत के बच्चे छोटे है वही औरत को दूध आता है…
करीम- तेरे बच्चे बड़े हो गए है..
सिमरन है मई गार्डन हिलती है..
करीम तुरंत अपना एक हाथ उसके कंधे पर ले जाता हैं और उसके ब्रा के स्ट्रिप्स को उसके कंधे से सरकने लगता hain......aur थोड़ी डियर बाद उसके ब्रा के स्ट्रिप्स उसके दोनों कंधे से सरक कर नीचे हो जाते हैं ...... सिमरन चाह कर भी कोई विरोध नहीं कर pati.....aur शर्म से अपनी दोनों हाथों को अपने सीने पर रख लेती हैं.... सिमरन के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं..... करीम इस बार अपने दोनों हाथों को धीरे धीरे फेरते हुए उसकी पीठ पर ले जाता हैं और धीरे से सिमरन के ब्रा का स्ट्रिप्स को खोल देता हैं...... थोड़ी डियर में उसका ब्रा झट से खुल जाता हैं और उसके सीने से नीचे की ओरे सरकने लगता hain......magar सिमरन तुरंत अपने दोनों हाथों से अपने गिरते ब्रा को थाम लेती हैं.... ये देख कर करीम मुस्कुरा पड़ता हैं......
फिर करीम अपना हाथ आगे ले जाकर उसकी पंत पर रख देता हैं और धीरे से उसकी पंत का बेल्ट खोल देता है… सिमरन ने आपने दोनों हाथो से ब्रा पकड़ी हुई थी इस वजह से वो कुछ नहीं कर प् रही थी… अब करीम उसके पंत के बटन भी खोल देता hai..aab सिमरन की पंत खुल गयी थी....... पंत जैसे hi खुलती हैं सिमरन अपना एक हाथ नीचे लेजाकर उसे झट से थाम लेती hain.....is वक़्त सिमरन एक हाथ से अपने ब्रा को साम्भै हुई थी और दूसरे हाथ से अपने पंत को पकड़े हुई thi.....tabhi करीम उसे आपने तरफ घुमा लेता है.. सिमरन किसी बूथ की तरह घूम जाती hain.........magar इस वक़्त भी उसके दोनों हाथ अपने ब्रा और पंत पर थे ...... सिमरन श्रम से अपनी आँखे बंद कर लेती है… जैसे hi करीम सिमरन के एक खुले हुई आम पर आपने हूंठ रखता है वैसे hi सिमरन घूम जाती है..
अब सिमरन की पिट करीम के सामने थी.. करीम अब उसकी नंगी पीठ पर अपना होंठ धीरे धीरे फेरने लगता hain.......uski गार्डन से लेकर कमर tak......is बार सिमरन फिर से तड़प उठती हैं...... इस वक़्त सिमरन करीब करीब नंगी हालत में थी बस उसके प्राइवेट पार्ट्स अभी तक छुपे हुए थे.. मगर उसका गोरा जिस्म करीम के आँखों के सामने be-parda था ...... सिमरन का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था ..... वो चुप चाप अपनी आंखें बंद की हुई करीम के हरकतों को चुप चाप बर्दास्त कर रही थी.... उसे भी अब इन सब चीज़ों में मज़ा आने लगा था .......
करीम फिर से अपनी जीभ उसकी कानों के पास ले जाता हैं और धीरे धीरे उसके कानों से लेकर उसकी गार्डन से होते हुए उसकी कमर तक चाटने लगता हैं ..... करीम के इस हरकत से सिमरन के जिस्म में मनो एक आग सी लग जाती हैं .... फिर करीम अपना एक हाथ सिमरन के ब्रा की ओरे ले जाता हैं और सिमरन का ब्रा अपने हाथों में थम लेता हैं और उसे झट से खींच कर उसके बदन से जुड़ा कर देता हैं ......... कुछ hi पलों में सिमरन की ब्रा उसके हाथों में थी ..... करीम बड़े गौर से सिमरन के ब्रा को देख रहा tha.....fir वो ब्रा के कप में अपना मुँह रख देता हैं और उसे चूम लेता hain.....Simran ाचे से समझ रही थी की करीम क्या कर रहा हैं मगर शर्म की वजह से वो करीम को उसके किसी भी हरकत को मन नहीं कर प् रही थी......
थोड़ी डियर तक ब्रा को चूमने और चाटने के बाद करीम वो ब्रा को एक तरफ फेक देता हैं ..... इस वक़्त सिमरन अपने एक हाथों से अपने बूब्स पर राखी हुई थी ...... सिमरन को पीट करीम की तरफ थी इस वजह से करीम उसके बूब्स को नहीं देख सकता था ..... मगर अगला hi पल वो अपना हाथ आगे की ओरे सरकता हैं .. कमर की ओरे और उसके जिस्म पर की पंत जो सिमरन ने अपने एक हाथ मई पकड़ी थी उसको सिमरन के हाथों से झटका देखे आपने हाथो में लेकर उसे तुरंत निचे गिरा देता है .. ...... अपना एक हाथ पंत पर और दूसरा हाथ बूब्स पर रख रहने की वजह से सिमरन अपना हाथ नहीं निकल पति और न hi करीम को रोक पति हैं.... कुछ hi डियर में उसकी पंत निचे गिरे हुई थी.. अब सिमरन आपने एक हाथ आम पर और दूसरा हाथ उसके छूट के उप्पर उसके पंतय के उप्पर से रख देती है.. अब करीम आपने दोनों हाथो से सिमरन के कमर को पकड़ के उप्पर उठा लेता है और आपने पावो से उसकी पंत निकल देता है.. सिमरन कुछ भी कर नहीं पति ..सिमरन की पंत उसके बदन से अलग हुई थी.. ...... अब सिमरन की नंगा बदन करीम के आँखों के सामने be-parda था ..... सिर्फ पंतय उसके बदन पर थी… वो बड़े गौर से सिमरन के बदन के हर हिस्से को देख रहा था.....
सिमरन शर्म से पानी पानी हो रही थी...... करीम अब सिमरन को अपनी और घुमा लेता है.. जैसे hi करीम उसको आपने और घुमा लेता है वैसे hi सिमरन झट से आपने दोनों हाथ बूब्स पर रख देती है… करीम आँखे फाडे उसके बदन को देख रहा था.. सिमरन शर्म से आँखे बंद कर लेती है.. सिमरन के गले मई महंगा लॉकेट था वो करीम झट से थोड़ देता है.. सिमरन सिर्फ करीम की तरफ देखती है लेकिन कुछ नहीं बोलती.. लॉकेट क्यों थोड़ा ये पूछने की हिम्मत भी अब सिमरन मई नहीं thi..aab करीम वो लॉकेट आपने लुंड पर राउंड कर के रख देता है.. करीम ने सिमरन का लॉकेट जिस तरह से आपने लुंड पर रखा था वो देख कर सिमरन है पड़ती है…
सिमरन- बहोत बदमाश हो आप..
अब करीम निचे बैठ जाता है और एक हाथ उसके पंतय पर रख देता है.. उसको निकलने के लिए.. वैसे hi सिमरन एक हाथ निचे ले जाती है पंतय के ऊपर उसको रोकने को..
सिमरन- पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़…….. नाहीईई… करीम..
जब सिमरन का एक हाथ निचे आता है तब करीम उसके एक नंगे आम को जोरदार दबाता है…
सिमरन- आआअह्ह्ह्हह्हआआ…
वैसे hi सिमरन पंतय पर का हाथ उप्पर आपने आम को छुपाने को ले जाती है वैसे hi करीम झट से आपने दोनों हाथो से सिमरन की पंतय निकल देता है… वैसे hi सिमरन जोर से चिलाती है…
सिमरन- noooooooooooo…… हे भगवाणणणणणणण……….. करीम.. आपने ये क्या कर दिया….
ऐसा कहके सिमरन एक हाथ उसके छूट पर रख देती है…
सिमरन- तू तो ऐसी चीला रही है जैसे जिंदगी मई पहली बार नंगी हो रही है…
सिमरन करीम की तरफ आँखे फाडे गुस्से से देख रही थी..

करीम- ऐसे क्या देख रही है मुझे… रोज तो आपने पति के सामने नंगी होती होगी…
सिमरन- मई ऐसे आज तक किसी के सामने नंगी हुई नहीं हु..
करीम- kya…tuje क्या वो बिना नंगा करके hi छोड़ता है…
सिमरन- हां… सिर्फ निघ्त्य उप्पर करके…
करीम हँसाने लगता है..
करीम- मतलब.. मेरी द्क्प रांड.. आज पहली बार मेरे सामने नंगी हुई है…
सिमरन आँखे बंद करती है और हां मई गार्डन हिलती है…
करीम- अब तो तुजे छोड़ने और hi मज़ा आएगा…
करीम उसको जिस तरीके से देख रहा था इस वजह से सिमरन घूम जाती है और टेबल के पीछे कड़ी हो जाती hai..iss वक़्त सिमरन के बदन पर कपडे का एक टुकड़ा नहीं tha......wo पूरी नंगी हालत में करीम के सामने कड़ी थी.. करीम उसके बदन को लालची नज़र से घर रहा था इस वजह से सिमरन निचे बैठ जाती है.. अब वो आपने दोनों हाथो से अपनी छूट को छुपाने की कोशिश करती है..
करीम - आला कसम से रांड… तू एक नशा हे ....... क्या कमल की खूबसूरत हे तू ..... जो तुजे इस हाल में देख ले वो सच में पागल हो जायेगा ..... और खड़े खड़े hi तुजे छोड़ डाले...
सिमरन - प्लीज करीम … जीईईई… मुझे बहुत शर्म आ रही हैं.... इस बालकनी मई… मेरे कपडे दे दो .......प्लीज.....
करीम - नहीं मेरी रांड अब तो मैं तेरे इस बदन को ाचे से दीदार kArunga.....bus अब तू आपने हाथ हटा ले और ज़रा मुझे ाचे से देखने दे .......
सिमरन झट से ना में अपनी गार्डन हिलती हैं…
सिमरन - नहीं करीम jiiii..mujhse ये नहीं hoga......please मेरे कपडे मुझे लौटा दो....... मुझे यहाँ बहोत शर्म आ रही है…
करीम- तो क्या अन्दर छुड़ेगी..
सिमरन हां मई गार्डन हिलती है..
करीम- चैनल अब तो मई तुजे यहाँ इस बालकनी मई hi चौडूँगा.. समाजी मेरी सिमरन.. रांदड़…
सिमरन- मई मेरा सबकुछ तो दे रही हु आप को .. फिर भी आप मेरे पर जबरदस्ती कर रहे हो… मई तो सिर्फ इतना कह रही हु की यहाँ ओपन स्पेस मई नहीं करते है.. अन्दर किसी रूम मई करते है.. यहाँ कोई अगर आ गया और हम दोनों को किसीने ऐसा देख लिया तो मेरे सब िज़ात चली जाएगी… मई तो सिर्फ इतना कह रही हु…
करीम- छू कर चैनल… तू मेरे रखेल है.. मई जैसा बोलूंगा वैसे hi होगा… तू ज्यादा शाहनपट्टी मत कर… तू अगर मुजसे छुड़ेगी तो तेरे इज़्ज़त नहीं जाएगी.. लेकिन तुजे ऐसा किसी ने देख लिया तो तेरे इज़्ज़त चली जाएगी… मादरचोद मुझे मत सीखा क्या करना है… मुझे सब पता है…
सिमरन- मई तो सब इतना कह रही….
सिमरन ितं बोलते hi करीम गुस्से से बड़ी आवाज मई बोलता है…
करीम- हरामजादी.. तुजे बोलै न चुप कर… साली रोज कितनो से छुड़ाते होगी… और मेरे साथ यहाँ नौटंकी कर रही है..
सिमरन आपने आँखों मई आंसू आ गए थे…
सिमरन- मई आपने बच्चे की कसम खाके कहती हु.. मेरे पति के अलावा मैंने आपने जिंदगी मई किसी से फिजिकल रिलेशन नहीं थे… मेरे पति के अलावा आप पहले आदमी हो जो मई आप से ये रिलेशन रख रही हु…
करीम झट से गुस्से मई सिमरन के पास जाता है और उसके बालो को पकड़ के पीछे से निचे खींचता है…
करीम- साली कामिनी… मुझे ये बता .. ये जो तेरे बच्चे hai….kitane है…
सिमरन को पूछता है…
सिमरन – ahhhhhhhhhhhaaaaaaaaa….
दो है….. दर्द हो रहा है करंजी…. पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़.. मेरे बालो को छोड़ दो ना..
करीम दूसरे हाथ से उसके छूट को दबोच लेता है…
करीम- इतने जल्दी गयी क्या पुलिस की हेकड़ी…
सिमरन कुछ नहीं बोलती…
करीम- ये जो तेरे बच्चे है.. इसका बाप तेरा पति hi है या कोई दूसरा भादवा है..
सिमरन- मई किसी की भी कसम खाने को रेडी हु.. करंजी..... ये मेरे पति के hi बच्चे है…
करीम उसके बालो को छोड़ता है.. सिमरन अपनी आँखि पंच लेती है..
करीम- मतलब तू सही कह रही है की .. तुजे तेरे पति के अलावा किसी ने अब तक नहीं छोड़ा है..
सिमरन- हां..
करीम की तरफ देख कर कहती hai..Karim उसको पकड़ता है और उसे अपनी भावो मई लेता है ....... सिमरन झट से उसके भावो से निकल कर पीछे हैट जाती है.. करीम सिमरन की तरफ hi देख रहा था.. करीम के इस हरकत से सिमरन झट से अपने दोनों हाथों को अपने चहरे पर रख लेती हैं और अपने मुँह छुपा लेती हैं ..... करीम बड़े गौर से सिमरन के 32 साइज के बूब्स को देख रहा था ....... सिमरन के बूब्स पूरे गोल आकर में बेहद टाइट थे .... और हलके भूरे रंग के निप्पल्स उसकी खूबसूरती को और चार चाँद लगा रहे थे ....... और नीचे उसकी छूट पूरी तरह बिना बालों की एक दम साफ़ चमक रही थी .......
सिमरन के नंगे बदन को देखकर करीम मनो पागल सा हो गया था ...... आज तक न जाने वो कितनी रंडियों के साथ सो चूका था मगर ऐसा बदन उसने कभी नहीं देखा था......
करीम- साली तू बहोत कड़क माल है.. आज तक मैंने कितने सारे रंडिया को छोड़ा है लेकिन तेरे जैसे रंडी मुझे आज तक मिली नहीं… बहनचोद तू सचमुच अगर धंदे पर बैठ जाएगी तो बहोत पैसा कमाएगी…
सिमरन चहरे से हाथ हटा के बोलती है..
सिमरन- मई तो सबकुछ आप को दे रही हु न.. फिर भी आप मुझे जलील क्यों कर रहे हो..
करीम- सचमुच रांड… तू अगर सच की बाज़ारू रंडी बन जाएगी तो बहोत पैसा कमाएगी… तू एक काम कर..
सिमरन करीम की तरफ देख कर कहती है..
सिमरन- क्या..
करीम- तू पुलिस की नौकरी छोड़ दे और बाज़ारू रंडी बन जय… कस्टमर की लाइन लग जाएगी… तुजे देख कर कोई नहीं कहेगा की तू दो बच्चो की माँ है..
करीम के ऐसे कहने पर सिमरन कुछ नहीं बोलती है.. सिमरन को समाज मई नहीं आ रहा था की ये आदमी मुझे जलील कर रहा है या मेरे टैरिफ कर रहा है.. दो बच्चे होने पर भी मई क्या इतने सुन्दर दिखते हु… मेरे हस्बैंड ने तो कभी नहीं कहा.. शादी के बाद बच्चे होने के पहले हस्बैंड मेरे टैरिफ करते थे लेकिन बच्चे होने के बाद मेरे हस्बैंड मेरे टैरिफ कभी नहीं की..… दूसरी और ये आदमी मुझे बाज़ारू रंडी बनाना को कह रहा है… मुझे कुछ समाज मई नहीं आ रहा है की मई कैसे रियेक्ट करू.. सिमरन की आज तक ऐसे गन्दी टैरिफ किसी ने नहीं की थी..
सिमरन सोच रही थी की अभी थोड़ी देर पहले लता को नंगा किया और उसके साथ सेक्स किया करीम जी ने और अब मेरे साथ ये साब कर रहे है. . वह सोचती है की मुझे ये सब पता है फिर भी मई इनको करने दे रही हु... क्या मई सच में एक रंडी hu..aur अगर ऐसी बात है तो वह और अच्छे से रांड़ी बनेगी. . इतना गन्दा आदमी मेरे ब्यूटी की तारीफ कर रहा है.. मई अब सजूंगी.. सवारूंगी... मेरे मालिक के लिए... उस खड़ूस हस्बैंड के लिए nahi..duty और घर के चक्कर में मई यह सब भूल गयी थी मई. .इस में कितना मज़ा है. .करीम जैसे बदसूरत और दरजी से यह सब करना और उसकी दासी जैसा बनना और कुटिया जैसा बनना सिमरन को बहुत अच्छा लगता है .. अब वो हॉर्नी फील करती है..
अब करीम सिमरन के पास आ जाता hai..Karim उसे बाजु में रखे आईने ालमिरह से लगा हुआ था जो उस के सामने ले जाता और उसे उसकी नंगी बॉडी दिखता है और वह शर्मा जाती है. ..और आपने चहरे को दोनों हातो से धक् लेते है..

करीम अपने दोनों हाथों को सिमरन के चहरे की ओरे ले जाता हैं और उसके दोनों हाथों को हटाने लगता हैं .... सिमरन बहुत ज़ोर लगाती हैं मगर करीम के आगे वो टिक नहीं पाती ...... उसे शर्म आ रही थी इस वजह से वो अपनी पूरी ताकत लगा नहीं पति… करीम अपने दोनों हाथों से सिमरन के हाथों को कसकर पकडे हुआ था..... और झट से वो नीचे झुक कर सिमरन के लबों पर अपना होंठ रख देता हैं और बड़े प्यार से उसे चूसने लगता हैं ....

सिमरन की आंखें इस वक़्त बंद थी ....... उसके ज़ोर ज़ोर से सांस लेने की वजह से उसके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे the.......Karim बड़े प्यार से उसके होंठों को चूसै जा रहा था ..... सिमरन अब फिर से बहुत गरम हो चुकी थी ..... करीम उसके गरम साँसों को महसूस कर रहा था ...... कुछ डियर तक सिमरन कुछ नहीं करते हैं … वैसे hi खड़ी रहती है.. अब करीम उसके कमर को पकड़ के उठता है और टेबल पर उसको बिठा देता है.. किश करते करते hi.. कुछ डियर बाद वो अपने दोनों हाथों को करीम के सर पर ले जाती हैं और बड़े प्यार से उसके सर पर फिरने लगती हैं ....











































