Adultery छुटकी - होली दीदी की ससुराल में - Page 7 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery छुटकी - होली दीदी की ससुराल में

मेरी आने वाली कहानी

मज़े बनारस के,

कुछ और झलकियां

on last page ( page 33 ) please read and share your views
 
जोरू का गुलाम अपडेट पोस्टेड ,

Erotica - जोरू का गुलाम उर्फ़ जे के जी

संदीप जेठानी नगमा मैं समझ रही थी नगमा की फीलिंग, जेठानी जी तो समुआ, जुगनू, भगेलू सब का लंड घोंट चुकी थीं पर नगमा को पहली बार किसी सही मर्द से पाला पड़ा था तो उसका मर मिटना समझ में आता था. जेठानी जी ने बोला, क्योंकि दोनों परिवार बहुत क्लोज थे इसलिए खान साहेब को भी फरक नहीं पड़ता था की उनकी...

xforum.live
 
मजे बनारस के, कुछ और झलक

armpit-14-Sunny-Leone.jpg


और अगली आवाज में मेरे लिए इंस्ट्रक्शन था, माँ का

" अरे बोलने की जरूरत नहीं है मालूम है बनारस की कचौड़ी क स्वाद ले रहे हो, मुंह भरा है, खाओ खाओ,... लेकिन एक बात सुन लो, गुड्डो क मम्मी क कुल बात मानना, कुल बात मतलब कुल बात, और भले बड़े हो गए हो लेकिन हम दोनों के लिए बड़े नहीं हुए हो, तो मैं उनको बोल दे रही हूँ , अगर उनका मन करे तो एकाध हाथ लगावे के तो कस के लगाय भी देंगी, जउन सजा देना चाहेंगी, देंगी अगर तनिको ना नुकुर किया न,... "

sunny-leone-height.jpg


लेकिन गुड्डो की मम्मी ने बात दूसरी ओर मोड़ दिया,

" अरे होली में खूब लम्बी लम्बी, मोटी मोटी सफ़ेद रंग वाली पिचकारी घोंट रही हों न,... "

Teej-Cleav-sizzling-hot-indian-aunty-pic-in-pink-bra-and-saree.jpg


" अरे भौजाई का आसीर्बाद कहीं झूठ हो सकता है, अरे इसको तो बनारस का बना रस लेने के लिए पहले ही भेज दिया था

और गुड्डी भी, २१ दिन के लिए घर रखवाने अपने कोमल भौजी के यहाँ, उसका स्कूल भी बगल में और कम्मो वहां है ही,...

Top-511-G9-DRMcy-L-UL1024.jpg


अरे उसको तो रात में आठ बजे तक जाना था, हम धक्का लगाय के सांझी के ही भेज दिए,

बस अकेले, और अबीर गुलाल लगवाने के बहाने, चोली के अंदर, और हमरे चोली के खिलौना का असर, छोटकी पिचकारी भी लम्बी हो जाती है,

choli-ke-andar.jpg


बस चार चार पिचकारी कल पिचकायी हूँ और दो आज,... सबेरे से,... गुड्डी के होने के बाद ही आपरेशन करवा ली थी सफ़ेद रंग से कउनो डर नाहीं, जबतक रंग अंदर तक ना जाए तो होली का कौन मजा, ... "

उधर से खिलखिलाते हुए जवाब मिला।

अब बात का लेवल ऐसा हो गया था की मारे शरम के दोनों कान में ऊँगली ठेल लेता लेकिन गुड्डो से कौन पार पाता, उसने कस कस मेरे दोनों कान ऐसे पकड़ के फैला दिए की हर बात साफ़ सुनाई दे और मोबाइल का वॉल्यूम भी फुल.

" अरे यही दूसरी बात आपसे कहनी थी, अब गुड्डी भी नहीं है तो , ज़रा बनारस क पिचकारी क भी मौज लीजिये, और पेट फूलने का डर न तोहैं , न हमें, हम तो गुड्डो के बाद ही ऑपरेशन करवाय लिए थे,... लेकिन एक बात कह रही हूँ , बहुत पिचकारी अपने मयके में घोंटी होंगी कुंवारे में, और बहुत ससुरारी में घोंट रही है, लेकिन अइसन पिचकारी मोटी लम्बी आपके लिए,... " गुड्डो की मम्मी बोलीं, ... लेकिन उधर से बात काट दी गयी और जवाब पहले ही आ गया,

" अरे पिचकारी तो जितनी लम्बी मोटी हो उतना अच्छा,... देख लूंगी , बस ज़रा यहाँ जिसको जिसको बयाना बट्टा दे चुकी हूँ , उसको निबटा दूँ , रंगपंचमी तक तो वैसे ही , उसके अगले दिन ही,... "

Guddi-frnds-sunny-leone-strikes-a-pose-for-the-bugs.jpg


लेकिन उनके पतंग की डोर काट दीं गुड्डो की मम्मी ने और माँ से खुल के बोलने में गुड्डो की मम्मी २० नहीं २५ रही होंगीं,

गुड्डो ने कान तो मेरे खोल ही रखे थे , अब मेरे मूसलचंद को भी , जिससे वो भी समझ ले की उसके बारे में क्या प्रोग्राम बन रहा है, ...

तो बीच में बात काट के गुड्डो की मम्मी बोलीं,

"एकदम, देखिये आज है सोमवार, बृहस्पति को है यहाँ रंगपंचमी तब तक तो यहाँ भी खूब हंगामा रहेगा, बस शुक्र को जाइये, फिर हम दोनों मिल के मजा लेंगे , अपने सामने उस मादरचोद को मादरचोद बनाउंगी, अरे हम सब के सामने मादरचोद अपनी माँ चोदे, जिस भोंसडे से निकला है उस भोंसडे में अपना लंड पेले , तभी तो असली मादरचोद बनेगा, दोनों लोग मिल के मजा लेंगे उस महतारी के यार का, "

( कुछ झलक पिछले पन्ने ( ३३ ) पर भी )
 
( भाग ७ )

रेल में धक्क्म पेल

Train-278235577-1315883882232201-2412461929297839863-n.jpg




फिर मैंने एक और तकिया उनके चूतड़ के नीचे लगाया ,

छुटकी चूसना छोड़ के देख रही थी मैं क्या कर रही हूँ ,

Girl-anuja-06ece40521a07d74aefc77bed18fb630.jpg


मैंने इनके दोनों नितम्ब फैला के छुटकी को इनके पिछवाड़े का छेद दिखाया , और उससे कहा इसे फैलाये रहे ,

बस अब मेरी जीभ ने शरारत शुरू कर दी , पहले जीभ गोलकुंडा का चक्कर काटती रही , फिर जीभ की टिप सीधे गोल छेद के अंदर , मैं रीमिंग कर रही थी , चपड़ चपड़ चाट रही थी ,

ass-licking-7-195.jpg


इनकी रीमिंग करवाने में हालत खराब हो जाती थी , और यही तो मैं चाहती थी ,...

और अब छुटकी भी अपने काम में लग गयी , पिछवाड़े का छेद बड़ी बहन के हिस्से में , और मोटा तन्नाया लंड छोटी बहन के हिस्से में ,...

दो चार मिनट में ही इनकी हालत खराब हो गयी , ...

ass-licking-G-tumblr-mj4a08-Ppx31rszotwo1-400.gif


तभी मैं चौंकी ,...

जो स्टेशन गुजरा था ,... कोई उसका नाम ले रहा था ,... वो हमारे गाँव के पहले का आखिरी बड़ा स्टेशन था यहाँ से एक घंटे पूरा लगता था यानी एक घंटे में हमें उतरना होगा , और तब तक ,...

शाम से इनका मन कर रहा था ,...

मैंने छुटकी को इशारा किया , वो बगल में हट गयी और मैं उनके ऊपर सवार ,

पहले तो मैं चार पांच मिनट उन्हें तड़पाती थी , अपनी चूत इनके सुपाड़े पर रगड़ रगड़ कर लेकिन आज उसका टाइम नहीं था ,...

WOT-G-tumblr-p6x008-CJmq1s1bhx2o1-540.gif


हाँ जो एक बार इनका सुपाड़ा मेरी चूत ने घोंट लिया तो मेरी शरारते शुरू हो गयीं ,

मैं कस कस के अपनी चूत से इनके सुपाड़े को दबा रही थी , निचोड़ रही थी ,... और मेरे लम्बे नाख़ून इनके निप्स को स्क्रैच कर रहे थे ,

उनके दोनों हाथों को अपने हाथों से कस के दबोच के , उनके ऊपर झुक के मैंने उन्हें चूम लिया और साथ में एक कस के धक्का मारा

क्या कस के धक्का सिर्फ मरद मार सकते हैं ,

एक बार में ही आधा खूंटा मेरे अंदर , और एक बार मैं फिर कस के उसे अपने अंदर भींचने लगी ,

WOT-huge-dick.gif


और साथ में छुटकी की ओर इशारा करते हुए उनके कान में फुसफुसा रही थी , इन्होने

उन्हें छोड़ते ही मैंने छुटकी को भी इशारा किया और छुटकी भी अपने जीजू पर , उसकी चूत इनके मुंह पर पर ,

Pussy-lick-wot.gif


चूत चटोरे तो ये बचपन से ,

अब हम दोनों बहने इनके ऊपर चढ़ीं , ... मैं लंड का मजा ले रही थी , मेरी छोटी बहन की चूत इनके होंठों का

बेचारी मारे दर्द के चुदवा नहीं सकती थी , और उसकी कच्ची कोरी कुँवारी बिनमारी गाँड़ इन्होने मेरे नन्दोई के नाम लिख दी थी , तो यही सही ,

मैंने जोर से छुटकी से बोला

" अरे तेरे जीजू ने बचपन से अपनी भोंसड़ी वाली माँ का भोंसड़ा चूस चूस के प्रैक्टिस की है और मेरी ननद की भी , चुसवा ले कस के "

" एकदम दीदी , अरे बहुत माँ बहन का मजा ले लिया इन्होने अब साली का नंबर है "

और वो भी हम लोगों को देख देख के , उनके मुंह में अपनी कच्ची चूत रगड़ने लगी , ... ये अपने दोनों हाथों से उसकी छोटी छोटी चूँचियों को दबा रहे मसल रहे थे

face-sitting-14203623.gif


गाडी अपनी रफ़्तार से चली जा रही थी , बाहर अब अँधेरा थोड़ा कम होने लगा था , अमराई , खेत गाँव अब सुबह के झुटपुटे में हलके हलके दिखने लगे थे

मैंने दो चार धक्के और मारे , और अब लंड एकदम मेरी बच्चेदानी से चिपका , ... मैं हलके से अपने को ऊपर खींचती और फिर जब खाली सुपाड़ा मेरे अंदर रहा जाता तो जैसे सरकते हुए कोई घोंटे , मैं हलके से पुश करते ,

और साथ में रुक रुक के निचोड़ती कस कस के दबोचती भी , ...

बाहर की हलकी फगुनाहट वाली बयार भी आ रही थी , चांदनी हलकी पड़ने लगी थी , आसमान में ललछौंही रौशनी की एकाध रेखा आ रही थी

हम तीनो में सबसे ज्यादा हालत खराब थी छुटकी थी पर मुझे उनकी प्लानिंग का पूरा ध्यान था , छुटकी को एकदम मस्त करना था लेकिन झड़ने नहीं देना था जिससे जब हम गाँव पहुंचे तो वो एकदम मस्तायी गर्मायी रहे ,...
 
रेल में मस्ती

Train-278212160-10228100163553108-8284641893641225430-n.jpg


बाहर की हलकी फगुनाहट वाली बयार भी आ रही थी , चांदनी हलकी पड़ने लगी थी , आसमान में ललछौंही रौशनी की एकाध रेखा आ रही थी

हम तीनो में सबसे ज्यादा हालत खराब थी छुटकी थी पर मुझे उनकी प्लानिंग का पूरा ध्यान था , छुटकी को एकदम मस्त करना था लेकिन झड़ने नहीं देना था जिससे जब हम गाँव पहुंचे तो वो एकदम मस्तायी गर्मायी रहे ,...

मैंने आगे बढ़ के छुटकी के कान में कुछ कहा , पहले तो वह झिझकी थोड़ा शरमाई , लेकिन मेरे एक दो बार कहने पर , जोर जबरदस्ती करने पर वो मान गयी , उसने अपने को थोड़ा उठाया

और वो अबकी जो बैठी तो उसके पिछवाड़े का मुंह सीधे इनके मुंह पर , और मैंने उन्हें उकसाया छुटकी से बोल के

" अरे छुटकी मेरी उस भोंसड़ी वाली सास , छिनार रंडी ननद की गाँड़ बहुत बचपन में चाटा है इन्होने , दोनों किसी से मरवाने जाती थी तो इन्ही से चटवा के जाती थी , तेल का खर्चा बचाती थीं , छिनार ,... तो मेरी बहन की क्यों नहीं चाटेंगे ,... एकदम जीभ अंदर तक घुसवा के चटवाओ ,... "

face-sitting-8663722.gif


" एकदम दी , " और फिर उनसे बोली

" हाँ चाटो न जीजू , चाटो न ,... "

मुंह तो उनका बंद था साली के पिछवाड़े से लेकिन आँख तो खुली थी , जो उन्होंने तरेर कर देखा तो खिलखिलाते हुए इनकी साली बोली

" अरे जीजू जो अपनी माँ बहन की चाटते थे , गाँड़ , हां ऐसे ही , एकदम कस जीजू मेरी गाँड़ , मजा आ रहा है न साली की गाँड़ चाटने में ,... "

Girl-2d815fe30a74514542400630dbfeb865.jpg


वो सच में कस कस के चाट रहे थे और मैं उन्हें हचक के चोद रही थी , छुटकी को नहीं मालूम था इनके गाँव में पहुंच के क्या होने वाला था

इस कच्ची की कली की गाँड़ मारने के लिए उसकी गाँड़ चाटना क्या, कुछ भी कर सकते थे

पर उसका असर बड़ा खतरनाक पड़ा , दो चार मिनट में ही मारे जोश के ,

गाड़ी नाव पर थी , बाजी पलट गयी थी ,

मैं बर्थ पर लेटी , मेरी दोनों टांगे इनके कंधे पर मेरी जाँघे इनके कंधे पर और ये ,... एकदम तूफ़ान मेल

fucking-J-tumblr-o3hzbg-Ns-Pm1v63qa1o1-500.gif


जैसे धुनिया रुई धुनें , ... मैं चीख रही थी सिसक रही थी , लग रहा था अब बिना झड़े ये नहीं रुकने वाले ,

fucking-ruff-15135570.gif


मैं दो बार झड़ी , लेकिन इनकी रफ़्तार ज़रा भी धीमी नहीं पड़ी , पर जब मुझे लगा की ये भी , ... इनकी देख काँप रही थी ,

अचानक इन्होने मेरी बुर से लंड निकाल लिया और बगल में मेरे साथ लेटी मेरी छोटी बहन

उसने सोचा भी नहीं था , इन्होने उसकी दोनों टाँगे फैलायीं ,.. मैंने जाँघे कस

गचाक ,
 
छुटकी ने खायी

रबड़ी मलाई

cum-on-face-tumblr-nw3sgwc-Mni1uyqhczo1-1280.jpg


अचानक इन्होने मेरी बुर से लंड निकाल लिया और बगल में मेरे साथ लेटी मेरी छोटी बहन

उसने सोचा भी नहीं था , इन्होने उसकी दोनों टाँगे फैलायीं ,.. मैंने जाँघे कस

गचाक ,

Fucking-CU-16938903.png


पूरी ताकत से कमर पकड़ के उन्होंने पेल दिया लेकिन अभी भी बहुत कसी थी उसकी ,

pussy-teen-9156731.jpg


जैसे भोंथरे चाक़ू से कोई किसी नन्हे मेमने की गरदन हलाल करे , ...

दरेरते , रगड़ते , फैलाते

चार पांच धक्के के बाद उनका मोटा सुपाड़ा मेरी छोटी बहन की चूत में धंस गया था ,

अंड़स गया था

fucking-cu-tumblr-p4oy02y5sz1w49qypo1-400.gif


मैं समझ रही थी , वो बस झड़ने वाले थे और वो चाहते थे की छुटकी की चूत में ही उनकी मलाई ,...

छुटकी चीख रही थी चिल्ला रही थी चूतड़ कस कस के पटक रही थी ,

इनका सुपाड़ा घुसा हुआ था और उसके आगे इन्होने पेलना बंद कर दिया था , तभी गाडी एक स्टेशन से बिना रुके गुजरी और मेरी निगाह उस स्टेशन पर पड़ी ,

बस मैं चीखी नहीं , अगला स्टेशन हमारा था बस मुश्किल से दस पंद्रह मिनट

मुझे मम्मी की सिखाई एक ट्रिक याद आ गयी अभी कल रात जब ये अपनी सास को चोद रहे थे तो मैंने इस्तेमाल भी की थी ,

मैं इनके पिछवाड़े और

मेरी दो उँगलियाँ एक साथ इनके पिछवाड़े के अंदर ,... पूरी ताकत से , आखिरी पोर तक और मैंने ढूंढ लिया जो मैं ढूंढ रही थी , ये झड़ने के एकदम करीब थे ,....अखरोट के साइज की प्रोस्ट्रेट ग्लैंड, ब्लैडर के ठीक नीचे होती है। और लिंग के जड़ के एकदम पास। वीर्य का स्त्रोत होने के साथ, यह पुरुष के लिए ‘महा आनंद’ का स्रोत भी होती है। जैसे महिलाओं की योनि के अंदर जी प्वाइंट होता है।

Prostrate-massage-14287128.gif


उसी तरह प्रोस्ट्रेट के पीछे, पी प्वाइंट होता है, चरम सुख का श्रोत। झड़ते समय जो मजा आता है, उससे भी सौ गुना ज्यादा, और देर तक जैसे रुक-रुक कर बार-बार बादल बरसें बस, वैसे ही। और उस पी प्वाइंट को छूने का, प्रोस्ट्रेट मसाज का सिर्फ एक ही रास्ता है, गुदा के अंदर से।

सिर्फ एक पतली सी त्वचा की झिल्ली, बीच में होती है। हाँ लोकेशन का सही अंदाज रहना जरूरी है, और ये आनंद दे पाने वाली महिलाएं बहुत कम होती हैं पर मैं इनके सास की बेटी , मम्मी ने मुझे अच्छी तरह ट्रेन किया था और अबकी ये होली में जो अपने सास के साथ , बल्कि हम तीनो की काम क्रीड़ा हुयी तो मैं पक्की हो गयी , प्रोस्ट्रेट के लोब्स बहुत संवेदनशील होते हैं।

और, जो महिला ये ' जादू ' जानती है वो , उसे गुदा की दीवाल से छूकर, सहलाकर, दबाकर, रगड़कर तरह-तरहकर आनंद तरंगों की लहर पैदा कर सकती है।

इसके साथ ही गुदा की दीवालों पर भी असंख्य नर्व एंडिंग्स होती है जो मजे का संचार करती है। और साथ में लिंग की जड़ भी वहीं होती है।

तीनों का मिलाजुला आनंद अद्भुत होता है।

शब्दातीत।

और मुझ से बढ़कर मजे देने वाली कौन हो सकती थी।

दो ऊँगली मेरी , उनकी गांड में धंसी थी ठीक प्रोस्ट्रेट के ऊपर , पहले हलके हलके दबाती रही , फिर मैंने अपने नाख़ून से उसे खरोच दिया ,

ज्वालामुखी फूट पड़ा , मेरी छोटी बहन की चूत में , मैं नहीं चाहती थी ये गाढ़ी रबड़ी मलाई की एक भी बूँद उसकी चूत से बाहर जाए , अपने दूसरे हाथ से मैंने उसकी उठी टांगों को कस के पकड़ लिया और उससे बोली

" छुटकी , सब भींच ले , समेट ले अपने जीजू की माल मलाई , ... "

fucking-cum-G-tumblr-oprs0p-KWB91sih2smo4-400.gif


और उसने खुद कस के अपनी चूत को सिकोड़ लिया , टाँगे कस के ऊपर कर ली ,

और अब एक बार फिर से मैंने जोर से उस प्रोस्ट्रेट पर जोर लगाया , कस कस के रगड़ने खुरचने लगी , दोनों उंगलियों को मरोड़ कर चम्मच ऐसा बना कर करोच करोच कर ,

वो एक बार फिर से झड़ने लगे , उनकी देह आपे में नहीं थी , जोर जोर से वो काँप रहे थे , तूफ़ान के पत्ते की तरह , और अपनी साली की कसी बुर में धीरे धीरे कटोरी भर मलाई उन्होंने फिर उगल दी।

मेरी निगाह खिड़की से बाहर पड़ी ,... अरे ये जगह तो मैं पहचानती थी , हमारे गाँव के पास की बाजार ,... इसका मतलब बस अब हम पहुँचने वाले हैं , बस दो चार मिनट और ,... उनके पिछवाड़े से ऊँगली निकाले बिना , दूसरे हाथ से मैंने ऊपर के बर्थ से अपने कपडे खींचे , मेरी साडी , पेटीकोट , छुटकी की फ्राक ,

गाडी अब थोड़ा धीमी होनी शुरू हो गयी थी , ...

उन्होंने अपना मोटा लिंग अपनी साली की बुर से बाहर निकाला लेकिन अभी भी आलमोस्ट कड़ा ही था , ...

लेकिन छुटकी ने मेरी सलाह मान के पहले तो अपनी चूत कस के भींच ली , फिर जाँघे भी जोर से समेट ली , और सीट पर बैठ गयी , उसे भी अंदाज लग गया था हम पहंचने वाले है ,

मुझे एक शैतानी सूझी , मेरी दोनों ऊँगली इनकी गांड में धंसी थीं ही ,

मैंने एक बार फिर प्रोस्ट्रेट को कस के दबा दिया , और नतीजा तुरंत हुआ ,

उनकी पिचकारी का सफेद रंग सारा का सारा छुटकी के चेहरे पर ,...

cum-on-face-tumblr-mw95s6-Dy-L31s7ornno1-250.gif


छुटकी को उन्होंने मुंह साफ़ भी नहीं करने दिया, बस खींच के अपनी गोद में बैठा के, जीजा साली दोनों खिड़की के पास बैठे , और जीजा कभी उसे अपने गाँव की आसपास की चीजें दिखाते कभी कुछ,
 
भाई बहिन





छुटकी को उन्होंने मुंह साफ़ भी नहीं करने दिया, बस खींच के अपनी गोद में बैठा के, जीजा साली दोनों खिड़की के पास बैठे , और जीजा कभी उसे अपने गाँव की आसपास की चीजें दिखाते कभी कुछ,

हलकी हलकी सुबह हो रही थी, खेत में औरतें, लड़कियां, ... रात में जो बाग़ बगीचे बँसवाड़ी सिर्फ परछाई की तरह दिख रहे थे अब साफ़ साफ़ नजर आ रहे थे,...

ट्रेन चली जा रही थी, इन्हे देखकर मुझे अपनी दोनों ननदों की याद आ रही थी और इनकी एक पड़ोस की भाभी, मेरी जेठानी की, मुझसे उम्र में दो चार साल ही बड़ी होंगी,





pacman emoticons

उन्होंने मजेदार किस्सा सुनाया की उन्होंने अपने मरद को बहनचोद कैसे बनाया, कजरी नाम था उनका लेकिन थी एकदम गोरी चिट्ठी, एकदम खुल के बोलती थीं, कहने लगीं,

अरे मैंने थोड़े ही कुछ किया,... तेरे जेठ हैं ही बहनचोद, इस गाँव के सारे मरद,...

मैंने कितनी बार देखा था अपने मर्द को कैसे मेरी ननद की बस आ रही चूँची को कैसे ललचा ललचा के देख रहे हैं, और असल में उस उमर की लड़कियों को देख के सब मरदों का टनटनाने लगता है तो उन्ही को क्यों दोस दूँ,





pacman emoticons

ननद मेरी कच्ची उमर की लेकिन वैसे बड़ी हो गयी थी, जब कभी बैठती और फ्राक उसकी जाँघों के बीच में फ्राक दब जाती तो बस उसकी निगाह वहीँ चिपक जाती,... और मैं तो अपनी ननद के सामने ही उनके ऊपर चढ़ गयी,...

" क्यों सोच रहे हो जाँघे इतनी गोरी हैं तो सोन चिरैया कैसी होगी, अरे बोलो न अभी खोल के दिखा देगी,... क्यों बिन्नो , दिखा दो न तेरे भैया इतना ललचा रहे हैं,... " और दोनों झेंप जाते।

रात में किसी दिन भी नागा नहीं जाता था , तीन चार बार,... लेकिन तीसरे चौथे बार अगर थोड़ा थके या ढीला पड़े तो बस मैं अपनी ननद का नाम ले के,.. और लोहे का खम्भा हो जाता, समझ तो मैं भी रही थी बेचारे का बहुत मन कर रहा है , तड़प रहा है अपनी बहन को चोदने के लिए बस एक तो झिझक रहा है, दूसरे गाँव में सास भी और लोग भी तो मौका नहीं मिल रहा है , और ननद भी नखड़े जितना करे, थोड़ा बहुत मन तो उसका भी कर रहा था

बस मैं अपनी छोटी ननद को अपने साथ ले आयी, सास को बोल के की यहाँ कहाँ गाँव के स्कूल में , वहां शहर में पढाई भी अच्छी होगी,... मैं इतना तो जानती ही थी हर मरद अपनी बहन को देख के सोच के जरूर मुट्ठ मारता है , मन उसका खूब करता है पटक के पेलने का बस मौका और हिम्मत की बात है

तो मौका इनको दिलाने के लिए मैं उसे अपने साथ ले आयी , शहर में तो बस ये और मैं और वो ,

और शहर पहुँच के ये और मौका देख के, कई बार मैंने पकड़ा इनको, लेकिन टोकती नहीं थी, कभी छोटे छोटे टिकोरे





कभी चिकनी जाँघे, और पता तो उसको भी चलता होगा,... लेकिन तांका झांकी से तो उनका मन भरने वाला नहीं था जब तक पटक के उसकी फाड़ते नहीं,... उनका क्या हर मरद चाहता यही है ,

राखी बंधवाते भी निगाह छोटी छोटी चूँचियों पर रहती है,...





तो मैंने उनको हड़का लिया , और साफ़ साफ बोल दिया,...

" सुन साफ़ बोल चोदना है तुझे अपनी बहिनिया को की नहीं, देख , कुछ दिन के बाद जब मेरा पेट फूल जाएगा, ... तो डाक्टरनी मना कर देगी,... पास भी नहीं आने देगी , तीन महीने तो ये लमका झुनझुना झुलाते रहना, फिर हर महीना पांच दिन क छुट्टी, मुंह लटकाये रहते हो,... एक बार इसको चोद दोगे तो एक माल हरदम तेरे पास, मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता तू साफ़ बोल, क्या मन करता है तेरा,... "





" मन तो करता है,... " उनकी निगाह अपनी बहन की अमीया पे अटकी थी, वो बरामदे में बैठी टीवी देख रही थी,...

" साफ साफ़ बोल,.. " मैंने हड़काया तो उन्होंने कबूल दिया,

" उसे चोदने का, अपनी बहिनिया को चोदने का बहुत मन करता है,... " खूंटा उनका तना था। बस उसको पकड़ के मसलते हुए मैं बोली,

" तो चोदता क्यों नहीं, लायी काहें हूँ उसको, चल आज से ठीक दस दिन बाद संडे को फाड़ना उसकी लेकिन दो शर्ते हैं मेरी , पहली अभी से उसको एकदम माल की तरह , जब मन करे उसकी चूँची मीज दो, गाल रगड़ दो, चूतड़ सहला दी, और जब उसे देखो तो सोचो चोदने में कितना मजा देगी,... दूसरे जब फाड़ना उसकी तो खूब दर्द दे दे के, खूब रोये चीखे, और पानी हर बार उसकी चूत में,... "





बस उस दिन रात से मैंने उसे अपने इनके बीच में सुलाना शुरू कर दिया , उसके कमरे की बत्ती का तार बिगाड़ दिया, और नाइट लैप तो जलता ही था, बस खुद में उनका लंड खोल के पहले खूब चूसती, फिर ये हचक के मुझे चोदते, सेकेण्ड राउंड में हर बार मैं ही उपर चढ़ के, ...एक दो दिन के बाद तो अगर वो सोने के बहाना करती तो चिकोटी काट काट के , और कई बार उसका हाथ पकड़ के इनके खड़े लंड पे और इनका हाथ उसकी चूँची पे,... कुछ दिन तो वो सहला के फिर वो भी कस कस के मसलने लगे चोदते मुझे थे और चूँची उसकी मसलते थे,...

बस पांच दिन इसी तरह, और उसकी पांच दिन की छुट्टी शुरू हुयी तो मैंने उसको बोला, ... अपने भैया से बोल पैड के लिए

और उन्होंने भी उससे सब पूछ लिया , पीरियड कब शरू होंगे , कब ख़तम होंगे,... कित्ते साल हुए शुरू हुए,...

और उन पांच दिनों में तो उन्होंने मुझे इतना चोदा रात में भी दिन में भी , और दिन में भी जब वो अक्सर आस आपस रहती थी,...





जिस दिन उसकी छुट्टी ख़तम हो गयी उसकी चूत में आग लगी थी,... बस मैंने ही उसे चिढ़ाना शुरू किया ,

" हे अपने भैया का नाम ले ले कर ऊँगली कर रही है , लेना है तो असल लंड ले ना,... "

और ये तो पागल हो रहे थे अपनी बहन चोदने को, बस मैंने दोनों हाथ कस इनकी बहन के पकडे और दिन दहाड़े इन्होने उसकी मेरे सामने फाड़ दी ,... खूब रोई चूतड़ पटके, ... खूब खून खच्चर,...





आधे एक घंटे बाद दुबारा , और शाम को फिर, ...





उसके बाद से तो रोज बिना बहन चोदे,... सच में कहती हूँ , किसी भी मर्द के मन में झाँक के देखो न, पक्का उसका मन अपनी बहन को चोदने का करता है और अगर एक बार बहन चोदने को मिल जाए तो ज्यादा इधर उधर मुंह नहीं मारेगा

बात मेरी जेठानी की सोलहो आना सही थी और उसी समय मैंने तय कर लिया,

इनके मायके पहुँचते ही इन्हे अपनी ननद के ऊपर जरूर चढ़ाउंगी, वो जो मेरी शादी शुदा ननद है , अरे नन्दोई ने मेरी ली , तो इनका नन्दोई की बीबी को लेने की तो बनती है , लेकिन असली बात है मेरे सामने खुल के , और एक दो बार मेरे सामने अपनी उस शादीशुदा बहन को चोद दिया न , फिर तो इनकी भी झिझक

ख़तम और मेरी ननद की भी , फिर तो भाई बहन मेरे सामने भी खुल के पेलगाडी चलाएंगे,...

गाडी धीमे हो रही थी लेकिन मेरी आँख के सामने इनकी वही तस्वीर, ये अपनी बहना पे चढ़े





सोच सोच कर मुझे इतना मज़ा आ रहा था, इनकी छुटकी बहिनिया ( वही जो मेरी छुटकी की समौरिया है ) की झिल्ली तो दो दिन पहले ऐन होली को मेरे ममेरे भाई ने फाड़ दी, वरना वो भी इन्ही से,

लेकिन और भी तो हैं कच्ची कलियाँ इनके घर में, इनके बुआ की लड़की, एकदम गोरी चिट्ठी, इनकी साली से भी छोटी, टिकोरे आने शुरू हो गएँ हैं, झांटे भी हैं बस नयी नयी छोटी छोटी,...





छह सात कच्ची कलियों को तो मैं जानती ही हूँ, ऐन राखी के दिन , इनसे फड़वाउंगी अपने सामने,...

सच्च में भाई बहन से बढ़ कोई चुदाई नहीं,

मेरे कोई सगा भाई तो है नहीं , लेकिन इसी ट्रेन में आते हुए मेरे ममेरे भाई ने इन के सामने मुझे चोदा,... और इन्होने भी और उकसा के, और उसी दिन होली में अपने भाई को क्या बोलूं , मैंने तो खुद अपनी ननद, जेठानी के सामने उसे चढ़ कर चोदा था, जबरदस्ती, क्या मजा आया था , और ये छुटकी की सहेली जो इनके साथ होली खेलने आयी थी, जिसकी इन्होने छुटकी के सामने गाँड़ मारी थी,... वो कब से अपने भैया से,... किसी दिन उसके मम्मी पापा कही रिश्तेदारी में गए थे और उसी दिन उसके भाई ने पकड़ के पेल दिया,...

सच में, भाई बहन की चुदाई, असली चुदाई,...

कुंवारे में ही मर्द औरत का कुल मजा आ जाता है, और शादी के बाद तो और , मायके में आने पर भी ससुराल वाले मजे में कोई कमी नहीं होती,...

गाडी अब एकदम धीमे हो रही थी , हम लोगो के गाँव की बगल की नदी के ऊपर से ट्रेन पर हो रही थी , ... बस अब कभी भी , ,,,

मैंने पेटीकोट पहना





साडी बस किसी तरह लपेट ली और ब्लाउज भी टांग लिया।

गाडी अब बस रुक रही थी , और छुटकी अभी भी ,...

" अरे यार तुझे तो अभी खाली फ्राक के अंदर घुसना है , कौन सा ब्रा चड्ढी पहनना है , बस घुस जाना " ये उसे चिढ़ाते और अपनी शर्ट पहनते बोले , और छुटकी की फ्राक उसे पकड़ा दी ,

( हाँ उसी के साथ एक बटन भी उन्होंने तोड़ दी ऊपर वाली जिससे उसकी छोटी छोटी गोलाइयाँ साफ़ साफ़ दिखतीं )

जब तक छुटकी फ्राक पहनती , ट्रेन खड़ी हो गयी थी , ...
 
पहुँच गयी ट्रेन





pacman emoticons

जब तक छुटकी फ्राक पहनती , ट्रेन खड़ी हो गयी थी , ...

लेकिन निकलने के पहले छुटकी ने अपने चेहरे पर लगे उनके वीर्य को देखा और जोर से चिल्ला पड़ी ,

" दी ,... "

थक्के के थक्के उसके गालों पर , पूरे चेहरे पर ,...





pacman emoticons

गाडी बस दो मिनट रुकती है , बाहर से कोई आवाज लगा रहा था

मैंने सारी मलाई उसके चेहरे पर फैला के मल दी , और बोली

चल यार जीजू के घर ही चल रही हो , चलेगा मैंने फैला दी है , लगेगा क्रीम है

( सबको पता चल जाना था ये मरद वाली क्रीम है )

हम लोगों का गाँव स्टेशन से पास ही था , मुश्किल से दस मिनट , खड़ंजे वाली सड़क गाँव तक जाती थी , और जहाँ इनका मायका था , घर तक कच्ची सड़क ,

पंद्रह मिनट में हम लोग घर पहुँच गए।

सबसे ज्यादा हालत छुटकी की खराब थी, उसे खुद भी अंदाज था और ऊपर से मैंने भी बोल दिया था ,

" छोटी , एकदम कस के भींच के रखना , रास्ते में या घर पहुँच के किसी के सामने , ... अगर तेरे जीजू का निकल के टांग वांग पर आ गया न तो बहुत ,... "





pacman emoticons

समझ तो वो भी रही थी , कस के अपनी जाँघों को भींचे , चुनमुनिया को कस के सिकोड़े ,...

और उसके जीजू ने भी तो कस के कम से काम दो कटोरी , बड़ी मलाई अपनी साली की गुलाबो को खिलाई थी , ...





pacman emoticons

और जितना वो अपनी बुलबुल को सिकोड़ती , उतना ही उसका ध्यान इनकी साली का भी अपनी चुनमुनिया की ओर ही रहता ,... उपर से चड्ढी भी नहीं , ...

छुटकी से ज्यादा किसी की हालत थी तो देखने वालों की खराब थी , कच्ची कली ( अभी २४ घण्टे भी तो नहीं हुए थे उसकी फटे ) ,

जिस तरह वो जाँघों को जाँघों से रगड़ते भींचते चल रही थी , ... और उस का खतरनाक असर उसके ब्वाइश लौंडा मार्का चूतड़ों पर भी पड़ रहा था , लेफ्ट राइट ,लेफ्ट राइट , ... फ्राक उसकी घुटनो से ढाई बित्ते कम से कम ऊपर , और जहां से जाँघे चौड़ी होनी शुरू होती हैं वो साफ़ साफ़ दिख रहा था ,

उसकी पतली कमर जैसे मुट्ठी में समा जाए ,

और उसके ऊपर जैसे सोने के दो लड्डू ,... टाइट फ्राक को छेदती दोनों बरछियाँ ,... देखने वालों के सीने में छेद कर रही थीं ,...





pacman emoticons

फिर ये भी न जो फ्राक की ऊपर की बटन उन्होंने तोड़ दी थी , उन गुदाज गोलाइयों की घाटी भी साफ़ साफ़ नजर आ रही थी ,...

छुटकी वैसे भी लम्बी ५'४ की , एकदम छरहरी ( सिवाय उभारों और पिछवाड़े को छोड़ कर ) , खूब गोरी, शार्प फीचर्स ,...

और देखने वाले , तड़पने वाले थे कौन मेरे गांव के ही बहनचोद , देवर नन्दोई ,... और उन्हें तड़पाने के लिए और मैं कभी जिस तरह से छोटी के कंधे पर हाथ रख देती थी ,

सब को अंदाज लग गया , नयकी भौजी की छुटकी बहिन है ,...

और रास्ते में जो औरतें लड़कियां मिली , मेरी जेठानी ननदें लगती गांव के रिश्ते में , सब को मैंने साफ साफ बता भी दिया ,

इनकी छोटी साली है ,...





pacman emoticons
 
पूर्वाभास - पृष्ठ १ और २

भाग १ -पृष्ठ ५

भाग २ पृष्ठ ८

भाग ३ पृष्ठ १३

भाग ४, पृष्ठ १९

भाग ५ - पृष्ठ २२



भाग ६ --पृष्ठ २९ -३०



भाग ७ पृष्ठ ३५

Last update is on Page 35
 
Back
Top