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पूर्वी- कहा उठ रही है…
पद्मा – करीम का लुंड चूसने के लिए
पूर्वी- उसकी कोई जरूरत नहीं है… मई कर लुंगी….
करीम इस पर हसता hai..aur करीम बिना डियर किया पूर्वी के ऊपर चढ़ कर उसके बदन को फिर से चेतना शुरू करता हैं...... पूर्वी और भी कुछ कहना चाहती थी मगर करीम अब पूर्वी को कोई भी मौका नहीं देना चाहता tha......aur इतना ाचा मौका उसके हाथ आया था वो भला कैसे उसे अपने हाथ से जाने दे सकता था....... पूर्वी को जलील करने का.. उसे बड़े घर की औरतो को जलील करके छोड़ने मई बड़ा मजा आता था.... करीम के इस तरह से चाटने से पूर्वी फिर से गरम होने लगती हैं ........ फिर से उसकी छूट में गीलापन बढ़ गया था ....... फिर करीम झट से पूर्वी का सर बीएड के नीचे झुका देता हैं और फिर वो झट से पूर्वी के मुँह के पास जाकर खड़ा हो जाता हैं अपने दोनों टांगों को फैलाये .........
करीम फिर पूर्वी के सर को अपनी मज़बूत हाथों में कसकर पकड़ता हैं और फिर अपना लुंड पूर्वी के मुँह के पास ले जाता हैं और धीरे धीरे अपने लुंड को उसके मुँह में उतरता चला जाता हैं ........

पूर्वी इस समय खुद करीम के रहमो करम पर थी ........ अब जैसा चाहे वैसा करीम उसे इस्तेमाल कर सकता था ....... वो भी धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव बनाना शुरू करता हैं ........... पूर्वी उसके लुंड के टोपे को बड़े मुश्किल से चूस पा रही थी ........ मगर करीम का लुंड काफी लुम्बा और मोटा था ..... पूर्वी आने वाले तकलीफ से अनजान नहीं थी ........
करीम आपने लुंड बहार निकालता है और फिर से अपने लुंड को पूर्वी के मुँह में डालता हैं और फिर से दबाव डालना शुरू करता हैं ....... जैसे जैसे उसका लुंड पूर्वी के मुँह में समता जा रहा था वैसे वैसे पूर्वी की तकलीफ बढ़ती जा रही थी ........ करीब 4 इंच तक करीम का लुंड पूर्वी के मुँह में उतर जाता हैं ....... पूर्वी इस वक़्त पूरी तरह से अपने आप को बेबस महसूस कर रही थी ......... करीम फिर से अपना लुंड तेज़ी से बहार निकालता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से अंदर की ओरे पूरा उतरता चला जाता हैं ....... जैसे जैसे पूर्वी के हलक में करीम का लुंड जा रहा था पूर्वी की सांसें अटकती जा रही थी ........ उसकी आंखें अब बहार की ओरे आने लगी थी ......... इस से पहले करीम के लुंड को पूर्वी ने चूसा था लेकिन इस तरह नहीं…
करीम बिना रुके अपने लुंड को ऐसे hi अंदर की ओरे लगातार पुश कर रहा था ......... फिर से वो अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से पूरा अंदर की ओरे उतर देता हैं .......
पूर्वी के मुँह से ga.a...p...aa.a.p... ..g.a.a...l...a....p की आवें गूंज रही thi.......aab तक उसका लुंड करीब 7 इंच तक समां गया tha......fir से वो पूरी तेज़ी से अपना लुंड एक hi झटके में पूर्वी के गले में उतर देता हैं ......... करीम का लुंड का सूपड़ा पूर्वी के गले में फंस चूका था ...... अब उसकी आँखों से एक बार फिर से आंसूं निकल पड़ते हैं ....... उसका दम फिर से घुटने लगता हैं .........
इधर करीम के सर पर भी जूनून सा चाय हुआ था ...... वो पूरी कोशिश में लगा था की उसका 10 इंच का लुंड पूरा पूर्वी के गले के अंदर तक उतर जाये ....... पूर्वी hi जानती थी की इस वक़्त उसकी क्या हालत हो रही थी ....... एक बार फिर से करीम अपना पूरा लुंड बहार निकालता हैं और इस बार बहुत ज़ोर के झटके के साथ अपना पूरा लुंड पूर्वी के गले के नीचे तक पहुँचाने में सफल हो जाता हैं .........

पूर्वी को ऐसा लग रहा था की अब उसकी मौत पक्की हैं ...... उसका सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा था वहीँ उसकी आँखों से आंसूं बहते hi जा रहे थे ....... कुछ सेकण्ड्स तक करीम अपने लुंड को पूर्वी के गले के नीचे तक रखे रहता हैं … पूर्वी अपने दोनों हाथों को करीम के पवन के पास ले जाती हैं और उसे ज़ोरो से उसके पवन पर मरने लगती हैं....... इन् दोनों का ये खेल पद्मा देख रही थी.. बीच बीच मई वो पूर्वी के बूब्स को आपने मू मई लेके चूस रही थी…
करीम तो अपनी मस्ती में खोया हुआ था ..... भला करीम की छटपटाहट से उसका क्या बिगड़ने वाला था ....... तभी वो एक hi झटके से अपना लुंड पूरा बहार खींच लेता हैं और पूर्वी वहीँ ज़ोरों से हाफने लगती हैं ........ करीम का लुंड बहार निकलने से उसकी जान में जान आती हैं........ फिर कुछ डियर रुकने के बाद करीम इस बार तेज़ी से अपना लुंड पूर्वी के गले के नीचे उतरता चला जाता हैं और इस बार तब तक अपना लुंड बहार नहीं निकालता जब तक उसका सारा छुम पूर्वी के गले के नीचे नहीं उतर जाता ........
एक बार फिर से पूर्वी की हालत ख़राब हो गयी थी ........ मगर इस बार जो मज़ा करीम को मिला था वो मज़ा उसे आज तक नहीं मिला था ...... वो भी ज़ोरों से aaaaaaaaaaaaaaaaa ........... ह hhhhhhhhhh करते हुए झरने लगता हैं ....... पूर्वी का चेहरा पूरा लाल पढ़ गया था ....... वो वहीँ ज़ोरों से ख़ास रही थी ...... करीम का कुछ छुम उसके मुँह के साइड से बेहटा हुआ बहार की ओरे टपक रहा था........
करीब 15 मिनट तक पूर्वी ऐसे hi लेती रहती हैं ......

इस वक़्त भी उसकी सांसें ज़ोरों से चल रही थी ...... पता नहीं क्यों पर अब उसे इस तरह की सेक्स में मज़ा बहुत आ रहा था ..... एक भी बार उसने करीम को रोकने की कोई कोशिश नहीं की थी .......... थोड़ी डियर बाद करीम झट से पूर्वी के पास आता हैं .. और उसके उप्पर जुख जाता है..

और उसके लबों को बड़े प्यार से चूसने लगता हैं .......

पूर्वी उसे घूर रही थी ...... मगर कुछ भी नहीं कहती ........

पद्मा – मेमसाब … आप तो इंग्लिश पिक्चर मई जैसा लुंड चूसते है वैसे hi चूस रही थी… सचमुच मेमसाब आप एक नंबर की रंडी हो…
पूर्वी उसे आपने से दूर करती है…
पूर्वी- दूर हैट मुजसे…
करीम फिर अपनी जीभ पूर्वी के छूट पर ले जाता हैं और इस बार वो अपनी जीभ पूर्वी के छूट से सरकते हुए नीचे उसकी गांड की ओरे अपना जीभ फेरता हैं ...... एक बार फिर से पूर्वी उसकी ये हरकत से उछाल पड़ती हैं ......... करीम अपनी जीभ के पॉइंट को पूर्वी के गांड पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से अपनी जीभ फेरने लगता हैं ...... पूर्वी की हालत फिर से ख़राब होने लगती हैं ....... इधर करीम अपनी जीभ तेज़ी से पूर्वी के गांड के चीड़ पर फेरने लगता हैं…..
पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaaaa ......................... hhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.ssssssssssssssssssss.......iiiiiiiiiiiiiii
इस ववजह से पूर्वी की मू से ऐसे आवाज़ें निकलने लगती हैं ........ कुछ डियर के बाद वो वहीँ चीख पड़ती हैं वो भी किसी लाश की तरह फिर से बिलकुल ठंडी पढ़ जाती हैं ......... एक बार फिर से उसका रास निकल गया था ........वो काफी डियर तक ऐसे hi बिस्टेर पर पड़ी रहती हैं ......... अब वो वक़्त आ गया था जिस पल को करीम को न जाने कब से इंतज़ार था ..........................................
पूर्वी किसी लाश की तरह बिलकुल ठंडी पड़ी थी ........ मगर करीम अभी भी अपनी जीभ उसके गांड पर फेर रहा था ........ तभी वो झट से अपनी एक उंगली पूर्वी की गांड की छेद पर ले जाता हैं और वहां बहुत आहिस्ता से अपनी उंगली को धीरे धीरे हरकत करने लगता हैं ....... पूर्वी को उसकी उंगली से गुदगुदी सी हो रही थी ........ एक बार फिर से वो सिसक पड़ती हैं ....... थोड़ी डियर बाद फिर से वो दुबारा गरम होने लगती हैं ....... थोड़े डियर तक करीम अपने उंगली को ऐसे hi आहिस्ता से फेरता रहता हैं फिर वो अपनी उंगली को पूर्वी के गांड में धीरे धीरे अंदर की ओरे पुश करना शुरू करता हैं ....... पूर्वी की गांड बहुत टाइट थी जिस्सके वजह से उसकी उंगली अंदर नहीं घुस पा रही थी .......
फिर करीम पद्मा को आपने पास बुला लेता है.. उसकी साड़ी और पेटीकोट उतर देता है.. और उसे पूर्वी के बगल मई पूर्वी के पोजीशन मई सोने को बोलता है… अब माइड और मालकिन उसके सामने नंगे पड़े थे… अब करीम वही उंगली जो पूर्वी के गांड मई डालने की कोशिश कर रहा था वही उंगली पद्मा के गांड मई डालता है.. पद्मा की उसने पहले से मारी थी इस वजह से वो उंगली आसानी से अन्दर जाते है.. करीम वही उंगली बहार निकालता है और पूर्वी के गांड मई डालने की कोशिश करता है.. 4-5 बार वो ऐसे hi करता है .. कुछ 4-5 तरय करने के बाद उसकी एक उंगली पूर्वी की गांड में अंदर घुस जाती हैं........
उधर पूर्वी न चाहते हुए भी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ........ करीम के उस हरकत से पूर्वी के गांड में दर्द होना शुरू हो जाता हैं मगर अगले hi पल वो फिर से अपना जीभ वहां पर फेरने लगता हैं और अपनी उंगली को वहीँ कुछ डियर तक ऐसे hi रोके रहता हैं ........ पूर्वी कुछ डियर में पूरी तरह से नार्मल हो जाती हैं ........
अब करीम कब पद्मा की गांड चाहता तो कभी पूर्वी की गांड … कभी पूर्वी की छूट चाटता तो कभी पद्मा की … करीम कभी पूर्वी के छूट को अपने मुँह में लेकर चाटता ......तो कभी उसकी गांड पर अपना जीभ firata.......aab धीरे धीरे वो अपनी उंगली को भी हरकत कर रहा tha.........jab पूर्वी की गांड उसकी एक उंगली को पूरा एडजस्ट कर लेती हैं फिर वो आहिस्ता से अपनी दूसरी उंगली भी उसकी गांड में अंदर डालने लगता हैं ..
एक बार फिर से पूर्वी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ......... जैसे जैसे उसकी उंगली अंदर जा रही थी वैसे वैसे पूर्वी की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी ........ उसे बहुत दर्द हो रहा था मगर यहाँ पर करीम को अब किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी ...... वह इस खेल का मन्ज़हा हुआ खिलाडी था ........ थोड़ डियर बाद जब उसकी दोनों उंगली पूरी पूर्वी की गांड में उतर जाती हैं तब वो अपनी उंगली को कुछ डियर तक ऐसे hi रोके रहता हैं ....... थोड़े डियर बाद पूर्वी फिर से कुछ नार्मल हो जाती हैं ....... तभी करीम धीरे धीरे अपनी उंगली को हरकत करने लगता हैं ........ और उधर पूर्वी के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं......
पूर्वी – aaaaaaaaaaaaa……..
haaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…….
पद्मा उठ कड़ी हो जाती है.. और पूर्वी के पास बैठ जाती है…
पद्मा – इतना आसान नहीं है करीम की रांड बनाना….
करीम फिर से उंगली उसके गांड मई डालता है…
पूर्वी - Mmmmmmmmmmuuuuuuuu….
miiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii………..
पद्मा – मैंने कहा न अम्मी नहीं करीम … करीम … बोलो..
पूर्वी हस्ती है…

पूर्वी- aaaaaaaaaahhhhhaaa….
Kkarrrrrrrrrrrrrrr………….. ीीी…..
mmmmmmmm….mmmmm….
इस पर दोनों हँसाने लगाती है.. पद्मा उसका एक आम आपने मू मई लेके चूस रही थी aab…aisa पहली बार था जब वो कुछ अपनी गांड में ले रही थी ....... अब उसे भी धीरे धीरे ाचा लग रहा था मगर अभी भी उसके अंदर दुर्र था की जब करीम का लुंड उसके गांड में जायेगा तब उसका क्या हाल होगा ........
पूर्वी पद्मा को आपने करीब बुलाती है..
पूर्वी- जब उसका का वो जायेगा मेरे गांड मई तो बहोत दर्द होगा क्या… सच बता न तुजे तेरे बच्चे की कसम..
पद्मा- काया जायेगा..
पूर्वी- करीम का बड़ा लुंड..
पद्मा- नहीं मेरे मालकिन रांड… ज्यादा नहीं तोडा दर्द होगा…
पूर्वी- तू बहोत ज्यादा बोल रही है…
जब पूर्वी को पद्मा ने मालकिन रांड बोलै था इस बात पर पूर्वी को गुस्सा आया था...
इस पर पद्मा हँसाने लगाती है….
करीम फिर से अपनी जीभ पूर्वी की गांड पर ले जाता हैं और फिर से उसके छूट से लेकर गांड तक चेतना शुरू करता हैं और साथ hi साथ अपने दोनों उँगलियों को भी हरकत करने लगता हैं ..... उसके इस हरकत से पूर्वी बहुत तेज़ी से अपने चरम पर पहुँच जाती हैं ......... करीब 5 मिनट के अंदर hi पूर्वी फिर से चीखते हुए दुबारा से ठंडी पढ़ जाती हैं ....... वो अब दूसरी बार झाड़ चुकी थी ........ फिर से वो वहीँ बीएड पर शांत पढ़ी रहती हैं ....... अब भी उसका जिस्म काँप रहा था........
फिर करीम वहां से उठता हैं और पास में रखा तेल अपने हाथों में लेता हैं और अपने लुंड पर ाचे से मलने लगता हैं ...... फिर वो अपनी दो उंगली को पुरे तेल में भिगोता हैं और फिर से उसे पूर्वी की गांड के अंदर दाल देता हैं ........ तेल की वजह से चिकनाहट बढ़ जाती हैं और करीम का हाथ तेज़ी से पूर्वी के गांड में मूव होता हैं ....... पूर्वी फिर से अब गरम होने लगी थी.....
पूर्वी खुद हैरान थी की उसे आज क्या हो गया हैं ..... सुबह से वो 3 बार चुद चुकी है.. और वो भी इस मुसल लुंड से और अब अपनी गांड मरवाने के लिए रेडी हो गयी है. वो कभी भी आपने हस्बैंड से एक से ज्यादा बार चूड़ी नहीं थी एक दिन मई…. अब उसके जिस्म से उसका कण्ट्रोल पूरी तरह से ख़तम हो गया था ........ वो बस करीम को पूरी मनमानी करने दे रही थी ........ जब उसकी गांड थोड़ी सी लूसे हो जाती हैं फिर वो पूर्वी को वहीँ बीएड पर सोने का इशारा करता हैं ...... पूर्वी का दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha......kahin न कहीं फिर से उसके दिल में दुर्र जनम लेने लगता हैं.......
करीम – मेरे रांड तू यहाँ पर पेट के बल लेट जा ....... अब मैं आज तुजे पूरी औरत बनाने जा रहा हूँ ....... अब तक तू अधूरी thi........aaj के बाद तू पूरी औरत बन जाएँगी ........
पूर्वी एक नज़र करीम के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं...... थोड़ी गर्दन थेड़े करके..

फिर वो दूसरे नज़र पद्मा की ओरे देखते है… पूर्वी करीम के बातों को सुनकर शर्मा जाती हैं ......

एक बार फिर से उसका चेहरा पूरा लाल पढ़ गया tha....wo बिना कुछ कहें चुप चाप वहीँ बिस्टेर पर पेट के बल लेट जाती हैं और फिर करीम झट से उसके ऊपर आता हैं और फिर से अपना जीभ उसके गलों पर फेरने लगता हैं और उसे धीरे धीरे फेरते हुए उसके कान तक ले जाता हैं..... पूर्वी के जिस्म के रोएं एक बार फिर से पूरी तरह से खड़े हो जाते हैं........
करीम फिर पूर्वी के दोनों हाथ पूर्वी की गांड पर रखने को कहता हैं और उसके गांड को पूरा फ़ैलाने को कहता हैं ....... पूर्वी बिना किसी सवाल के अपने दोनों हाथ अपने गांड पर ले जाती हैं और अपने चुतरों को पूरा फैला देती hain......aab उसकी गांड का चीड़ साफ़ दिखाई दे रहा था ...... करीम बड़े गौर से एक तुक देख रहा था ...... अब उसका भी लुंड पुरे एक्ससिटेमेंट से खड़ा हो गया था ...... अब उसका भी साबरा टूट चूका था ....... फिर वो झट से अपना लुंड पूर्वी की गांड के छेद पर रक्त हैं और वहीँ पूर्वी के ऊपर आराम से लेट जाता हैं .............
पूर्वी - प्लीज करीम ज़रा आराम से करना..... मैं दर्द बर्दास्त नहीं कर सकुंगी ...... प्लीज ....... मेरे खातिर......
पद्मा- मेरे मालकिन रांड…. आप चिंता मत करो… करीम बहोत धीरे से करेगा…
पूर्वी गुस्से मई बोलती है…
पूर्वी – तू चुप कर चैनल… और मुझे मालकिन रांड मत बोल… मुझे रांड सिर्फ करीम hi कह सकता है… समाजी… बाजारु.. औरत..
इस पर पद्मा बहोत धीरे से बोलती है..
पद्मा – खुद आपने पति को छोड़ के एक गैर मर्द के निचे नंगी पड़ी है और मुझे बाजारू कह रही है..
पूर्वी ने इस मई का आधा hi सुना था…
पूर्वी- क्या बोली तू…
पद्मा- कुछ नन्ही मेमसाब…
पूर्वी का दिल ज़ोरों से घबराए रहा था ......... वो अंदर hi अंदर काँप रही थी ...... अब वो भी आने वाले दर्द को बर्दास्त करने की पूरी कोशिश कर रही थी ........ बार बार वो करीम के मूसल को अपने गांड में उतरता सा महसूस कर रही थी ...... जिसके वजह से उसका गाला बार बार सुख रहा था.....
करीम - तू चितना मुट्ठ कर....... जब तुजे दर्द होगा तो मैं रुक जवांगा ......... देखना तुजे भी इसमें मज़ा आएगा ........
करीम फिर झट से अपने दोनों हाथ पूर्वी के बूब्स पर ले जाता हैं और उसे कसकर अपनी दोनों मुट्ठी में भींच लेता हैं ....... फिर वो धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव डालना शुरू करता हैं ........ पूर्वी का जिस्म अभी भी दुर्र से काँप रहा था .......... तभी करीम ज़ोर से दबाव डालता हैं और उसका सूपड़ा पूर्वी की गांड को चीरता हुआ उसकी गांड में पूरा समां जाता हैं........ पूर्वी अपनी चीख नहीं रोक पाती और ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं ...

पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaa ..... iiiiiiiiiiiiiiiii ....... hhhhhhhhhhhhhh .... ओह ....... माय ......... गॉड .......... प्लीज स्टॉप आईटी ............ करीम ............. मैं ..... मुरर ...... जावांगी ......... मैं नहीं ले पाओंगी तुम्हारा ......... प्लीज इससे अभी बहार निकालो ........
और ऐसे कहते हुई पूर्वी अपने सर को इधर उधर घूमने लगती हैं ........ करीम कुछ डियर तक वहीँ रुक जाता हैं और अपने लुंड को पूर्वी की गांड में फंसाये रखता हैं ......... ...... कुछ डियर बाद पूर्वी थोड़ी नार्मल होती हैं फिर करीम झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार एक hi झटके में अपना पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतरता चला जाता हैं ......

ढाका इस बार इतना ज़बरदस्त था की पूर्वी कुछ डियर तक वैसे hi चुप चाप पड़ी रहती हैं ........ उसके जिस्म में कोई हरकत नहीं हो रही थी .......
थोड़ी डियर बाद पूर्वी बहुत ज़ोरों से चीख पड़ती हैं ...... और इस बार उसके आँखों से आंसूं की धरा निकल पड़ती हैं ....... वो झट से अपने दोनों हाथ बिस्टेर पर ले जाती हैं और कसकर अपने दोनों मुट्ठी से बिस्टेर को पूरी ताकक से मसलने लगती हैं....... करीम के इस झटके से पूर्वी के गांड मई आग होने लगाती है….
पूर्वी अभी भी पेट के बल वहीँ बिस्टेर पर लेती हुई thi........aab वो हांफ रही thi.......wo अब कैसे भी करीम के लुंड को बहार करना चाहती thi..........Karim करीब 6 इंच तक अपना लुंड पूर्वी की गांड में पेल चूका tha......Purvi अभी भी सिसक रही थी........
पूर्वी - please......Karim.....main तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ प्लीज इसे बहार nikalo.......main मुरर जावांगी ....... तुम्हारा बहुत बड़ा hain....ye नहीं जायेगा मेरे ander........please......
पद्मा – मेमसाब .. आप हिलिए मत नहीं तो आपको बहुत तकलीफ होगी..
पूर्वी – तू चुप कर…..
करीम कुछ डियर तक वैसे hi पूर्वी के ऊपर शांत पड़ा रहता हैं…..
करीम - बस पूर्वी ......थोड़ा सा और दर्द बर्दास्त कर le.......fir तुजे भी ाचा लगेगा.........
कुछ डियर बाद पूर्वी फिर से कुछ नार्मल होती हैं ...... इधर करीम बड़ी बेरहमी से उसके दोनों बूब्स को मसल रहा था ..... और बरी बारी से उसके गलों को भी चाट रहा था ....... फिर वो झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार एक hi झटके में अपना लुंड पूरी ताकक से पूर्वी की गांड में पूरा उतरता चला जाता हैं ......

इस बार पूर्वी अपने चीखों को नहीं रोक पाती और ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं........
पूर्वी –aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ............. hhhhhhhhhhhhhhhhh नाहिंन ......... प्लीज ...... करीम ...............
उसकी आँखों से आंसूंओं के सैलाब फिर से उमड़ पड़ता हैं......... पूर्वी hi जानती थी की इस वक़्त उसकी क्या दशा हो रही है .......... अब करीम का पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतर चूका था ......... वो भी वहीँ रुक जाता हैं और फिर से पूर्वी के बूब्स को मसलने लगता हैं और अपनी जीभ पूर्वी के गलों पर भी फेरता हैं ......... पूर्वी के मुँह से दर्द भरी सिसकरी निकल रही thi......wo दर्द से इस वक़्त बहुत तड़प रही thi........Karim की तो कोई मज़े की सीमा नहीं थी ....... इसी गांड के लिए तो वो सुआबाह से तड़प रह रहा था ......... वो भला कैसे पूर्वी को इतनी आसानी से जाने देता ....... पूर्वी की गांड पूरी तरह से टाइट थी जिस से उसका लुंड पूरा फंसा हुआ था ........ करीब 5 मिनट तक करीम ऐसे hi अपने लुंड को पूर्वी के गांड में वैसे hi रहने देता हैं.........
अब पूर्वी पहले से काफी बेहतर महसूस कर रही thi......aab उसका दर्द बहुत हुड्ड तक कम हो गया tha.......fir से करीम धीरे धीरे अपनी कमर को हिलना शुरू करता हैं और उधर पूर्वी फिर से सिसक पड़ती हैं ........... अब उसका दर्द मज़े में धीरे धीरे बदल रहा था ......... इधर करीम भी अपनी रफ़्तार धीरे धीरे तेज़्ज़ करता जाता हैं और उधर पूर्वी के मुँह से सिसकारी भी तेज़्ज़ होती चली जाती हैं...........

फिर करीम एक झटके में अपना पूरा लुंड बहार निकलता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से अपना पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतरता चला जाता हैं .......... फिर वो ज़ोरों से पूर्वी की गांड मरना शुरू करता हैं ...... पूर्वी बस सिसक रही थी और अपने दोनों हाथों से बिस्टेर को ज़ोरों से मसल रही थी ....... करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उधर करीम ज़ोरों से हाफने लगता हैं ....... वो भी अब अपने चरम पर पहुँच गया tha.........wo अपना सारा छुम पूर्वी की गांड में पूरा निकल देता हैं ...... पूर्वी एक बार फिर से चीख पड़ती हैं और वो फिर से aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa........hhhhhhhhhhh.........ssssssssssss करते हुए ज़ोरों से झरने लगती hain.......aur उधर करीम भी तुरंत ठंडा पढ़ जाता हैं और वहीँ पूर्वी के ऊपर लेते रहता हैं.........
दोनों की सांसें एक बार फिर से बहुत ज़ोरों से चल रही थी ......... इस वक़्त दोनों के जिस्म पसीने से पूरी तरह से भीगे हुए थे ......... पूर्वी झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं और वहीँ बिस्टेर पर शांत पड़ी रहती hain.....kareeb 15 मिनट तक दोनों ऐसे hi बेसुध होकर वहीँ बिस्टेर पर पड़े रहते हैं ......... थोड़ी डियर बाद करीम अपना लुंड पूर्वी की गांड से बहार निकलता हैं .......इस वक़्त उसके लुंड पर खून लगा हुआ था जो पूर्वी की गांड से धीरे धीरे बहार की ओरे बह रहा था .........
पद्मा – मेमसाब आज तो आपकी डबल सुहागरात हो गयी…
करीम उसके तरफ देखता है..
पद्मा – सुबह छूट की सुहागरात और अब गांड की सुहागरात…
पूर्वी- कुछ भी बाके जा रही है तू….
पूर्वी की गांड से कुछ करीम का छुम और कुछ खून का मिला जुला रूस अब धीरे धीरे बहार की ओरे निकल रहा था ......... पद्मा एक कपडा करीम को लेक देते है.. उस कपडे से वो अपना लुंड को ाचे से साफ़ करता हैं .... फिर पूर्वी के गांड और छूट को ाचे से साफ़ करता हैं .......
जब पूर्वी उतने की कोशिश करती है और चलने की कोशिश करती है तब उसकी चल में लड़खड़ाहट thi........wo सही से चल भी नहीं पा रही थी .......... करीम झट से अपने कपडे पहन लेता हैं और पूर्वी भी थोड़े डियर बाद अपने कपडे पहनने लगती हैं .....
करीम अभी भी पूर्वी के चेहरे को एक तुक देख रहा था......

पूर्वी - अब ऐसे क्या देख रहे ho......kar ली न तुमने अपनी मनमानी ....... तुम्हें तो ये भी होश नहीं रहा की मुझे आज कितनी तकलीफ हुई हैं ....... मुझे ठीक से चला भी नहीं जा रहा.....
करीम – तुजे कुछ ज्यादा तकलीफ हुई क्या…
पूर्वी एक नज़र करीम की ओरे घूर कर देखती हैं …..

पूर्वी- तुम सच में पूरे जानवर हो ...... जानते हो ऐसा लगा की जैसे आज मेरी मौत पक्की hain..........tumhein थोड़ी भी मुझपर दया नहीं आयी ......भला कोई इस तरह से सेक्स करता हैं kya........tumne तो मेरे दोनों छेद को पूरा फैला दिया हैं ....... अब अरुण को मैं क्या जवाब दूँगी ...... बोलो........
करीम फिर आगे बढ़कर पूर्वी के लैब चूम लेता हैं …
करीम – तू भी न पूर्वी .......सब ठीक हो जायेगा.......
पूर्वी बड़े प्यार से करीम को एक तुक देख रही थी..........

कहते हैं न अगर जिस्मानी सम्बन्ध एक बार बन जाये तो उस इंसान से एक लगाव सा हो जाता hain.....aaj पूर्वी को भी करीम से एक लगाव सा हो गया tha.......shayad वो अब करीम को अपना मानाने लगी थी ........
पूर्वी – अब मुजसे चला भी नहीं जार अहा है.. मुझे हाल तक छोड़ो न …
पद्मा- मई छोड़ दूंगी न मेमसाब आपको..
पूर्वी- तू क्या मुझे अपनी बहू मई लेके जाएगी क्या..
फिर करीम उसको आपने बहू मई उठा लेता है… और उसे उसके बैडरूम तक लेके जाता है.. वो बोल रही थी की बैडरूम मई हस्बैंड है तुम मत आओ पर करीम उसके बैडरूम मई उसको लेके गया.. अरुण वह सोया हुआ था.. दूसरे तरफ मू करके … पूर्वी ने उसको जल्दी जाने को कहा.. करीम ने उसको किश किया और वह से चला गया.. इधर पूर्वी अपने बीएड पर जैसे hi लेटती हैं वो तुरंत सो जाती hain..........wo आज बहुत थक गयी thi......aur उसे थोड़ी कमज़ोरी सी भी लग रही thi........aaj पूर्वी के चेहरे पर एक सुकून भी tha.....wo करीम के साथ सेक्स करने के बाद वो आज पूरी तरह से संतुस्ट थी........
करीम चला गया… बहार नहीं उप्पर शालिनी के रूम मई.. शालिनी उप्पर सोई थी.. एक रूम मई..

उसने पता किया था पद्मा से…
______________________________
अब करीम उप्पर चला गया था… उसको सिर्फ इतना पता था की कार्नर वाली रूम शालिनी की है… लेकिन कोनसे कार्नर वाली … लेफ्ट या राइट… उसमे वो कंफ्यूज हो गया था… कुछ सोचने के बाद वो एक रूम मई जाने का सोचता है .. वो रूम का दूर थोड़ा पुश करता है… सामने पूजा उसे दिखाए देते है..

थोड़े देर मई पूजा सो जाती hai...Pooja को देख के करीम ख्यालों में गम हो जाता हैं ....... वाह!!!! कुंवारी छूट लगाती hain.....tab तो और भी मज़ा आएगा …. इस कच्ची काली को फूल बनाने mein.......kasam से बहुत मज़ा आएगा जब वो एक बार मेरे नीचे आएगी .............. अब पूर्वी तो मेरे नीचे आ hi चुकी हैं तो उसकी ननद भी बहुत जल्द आएगी ....... देख लेना मेरी जान एक दिन तुम दोनों को इसी बिस्टेर पर छोडूंगा ...... बस मुझे उस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार रहेगा....
तभी पीछे से उसके शोल्डर पर किसी ने हाट रख दिया…
शालिनी – तुम इस वक़्त यहाँ क्या कर रहे हो…
करीम पीछे घूम जाता है.. सामने शालिनी को देख के उसके दिल मई ठंडक पड़ती है…

करीम – मेरे रानी .. तुमको ढूंढते हुई hi यहाँ आया हु..
शालिनी – फिर मेरे रूम मई आना था न.. इस पूजा के रूम के बहार क्या कर रहे हो…
करीम उसके कमर के पीछे से दोनों हाथ दाल के उसे उठा लेता है…

करीम- मुझे क्या पता तुम्हारा कोनसा रूम है..
शालिनी – घर नहीं गय्ये क्या…
करीम – मेरे रानी… तुम्हारी छूट की याद आयी तो घर से भाग के तुम्हारे पास चला आया
शालिनी- आफ्टरनून मई जो कुछ मेरे साथ किया उस से जी नहीं भरा क्या….
करीम- तुम्हारे जैसे फटका आइटम हो तो इतनी जल्दी जी कैसे भर सकता है मेरी जान..
तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है..

शालिनी- अब घर जाओ … कोई तुम यहाँ देख लेगा… कल मिलते है..
करीम- नहीं रानी… एक बार छूट दे दो….
शालिनी- तुम जब से गए हो न तबसे अभी तक मई चल भी नहीं सकते थी… अब चल पा रहे हो.. और तुम फिर उसके पीछे पड़े हो… कल मुझे रसम मई जाना है.. अगर ह्यूमेन अभी और कुछ किया तो मई कल उठ भी नहीं पा सकूंगी…
करीम- मुझे कुछ पता नहीं… मुझे तुम्हारी एक बार छूट चाहिए..
शालिनी- प्ल्ज़… समाज करो…
करीम उसे बहू मई उठा के उसके रूम मई लेके आता है ..
शालिनी- मई कही भागी नहीं जा रही हु.. यही हु… आज नहीं.. प्ल्ज़… बहोत दर्द हो रहा है… मेरे छूट का तुमने बहोत बुरा हाल किया है… शादी के इतने सालो के बाद आज मुझे पहली बार इतनी तकलीफ हो रही है… आज के बाद कभी भी अपनी खाविश पूरी कर लेना..
करीम- तो ठीक है… छूट नहीं बोल रही हु तो गांड दे दो…
शालिनी – क्या????
शालिनी उछाल पड़ती है…
करीम – है
शालिनी- क्या … पागल हो गए हो क्या.. वो तो तुम हरगिज नहीं मिल सकती..
करीम- क्यों
शालिनी- तुम्हारा वो हत्यार कितना बड़ा है..
करीम – उस से क्या होता है.. तुम्हारे छूट ने तो ले hi लिया न..
शालिनी – मई पागल नहीं हु… मेरे हस्बैंड ने इतने दिनों से मेरे छूट मारी थी इस वजह से मुझे तुम्हारा ये हत्यार अपनी छूट मई लेने को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई… और अगर मई आपने गांड मई ये लुंगी तो कितने दिनों तक मई चल भी नहीं पाऊँगी..
करीम- मुझे कुछ पता नहीं.. तुम मुझे छूट या गांड दोनों मई से एक तो देने पड़ेगी
शालिनी- ज्यादा पागल मत बनो.. और यहाँ से चले जाओ…
करीम थोड़े देर शांत रहता है..
करीम- सुबह से कुछ मैंने खाना नहीं खाया है.. मुझे भूख लगी है…
शालिनी- तो ठीक है .. मुझे भी भूख लगी है.. मई निचे किचेन से कुछ लेके आते हु..
निचे जाकर शालिनी करीम के लिए कुछ लेके आये , साथ मई फ्रूट और मिल्क भी लेके आयी… साथ मई बैठकर दोनों ने खाना ख्य.
खाना खाने के बाद शालिनी ने करीम से कहा तुम अब जाओ, मुझे नींद आ रही है और मेरा बदन भी बहुत दर्द कर रहा है…
करीम- मई मालिश करवा देता हु… बहुत अच्छी मालिश करता हु मई..
तब उसकी और देखते हुई शालिनी कहती है..

शालिनी- मई जानती हु … तुम मालिश के बहाने मेरे फिर से बजाओगे… तुम्हारे सब चल मई समजती हु..
करीम – अरे बाबा.. मई कुछ नहीं करूँगा .. सिर्फ मालिश hi करूँगा.. ट्रस्ट करो ..
शालिनी – सिर्फ मालिश.. दूसरा कुछ भी नहीं… समजे..
करीम – है
अब करीम दूर बंद करता है … बीएड पे शालिनी बैठ जाती है … उसके पीछे करीम बैठा था.. उसके दोनों साइड से पेअर कर के.. सिचुएशन ऐसे थी की अगर करीम का लुंड अभी खड़ा होता तो वो शालिनी के गांड को सूरे चूब रहा होता… अभी खड़ा नहीं था लेकिन आगे चल के वो खड़ा होने वाला hi था.. करीम अब शालिनी के शोल्डर की मालिश करने लग गया था…

शालिनी के बाल पहले से hi खुले थे इस वजह से करीम वो बाल आगे करता है.. बाल आगे करने की वजह से उसकी शोल्डर अब ओपन हुई थी.. उसको करीम सुंग रहा था.. करीम ने अभी तक उसके नैक या शोल्डर को किश नहीं किया था.. लेकिन शालिनी के खुशबू की वजह से करीम के लुंड ने हरकत करना शुरू कर दी थी… वो अब शालिनी को समाज मई आ रहा था..
शालिनी- सिर्फ .. मालिश hi करना .. दूसरा कुछ मत करना..
करीम- मई तो सिर्फ मालिश hi कर रहा हु
शालिनी- लेकिन तुम्हारा ये छोटू तो कुछ और hi कह रहा है..
करीम- क्या ..कह रहा है…
शालिनी – अपनी औकात मई आ रहा है..
करीम – इतनी खूबसूरत औरत जब इतने नज़दीक बैठे हो तो वो छोटू तो कुछ न कुछ करेगा hi न शालिनी मैडम
ऐसे कहते हुई करीम आपने एक हाथ थोड़ा आगे उसके कमर के उप्पर तक लेके जाता है..

उस हाट को शालिनी चपत लगाती है..
शालिनी- ऐसे चालबाज़ी मेरे साथ नहीं चलेंगे.. आपने हाथ पीछे ले लो
करीम – मेरे नहीं तो आपने प्यारे छोटू की तो बात सुन लो
शालिनी- छोटू को बोलो … आज कुछ नहीं मिलेगा…
करीम- एक बार से शालिनी क्या होगा… थोड़ा रेहम खाओ
शालिनी- चुप चाप मालिश करो नही तो यहाँ से चले जाओ..
करीम- ठीक है…
थोड़े दे रेज hi मालिश करने के बाद करीम शालिनी से बोलै ..
करीम- शालिनी तुम अब पेट के बल सो जाओ.. मई तुम्हारे पिट की मालिश करता हु…
उस समय शालिनी ने पिंक निघ्त्य पहनी हुई thi..wo आपने पेट के बल सो गयी..
करीम – इस निघ्त्य के ऊपर से hi मालिश करनी है क्या ..
शालिनी – हां…
करीम अब उसके पिट की मालिश करने लग गया…

5 मिनट मई hi शालिनी को अच्छा लगाने लगा था … उसका दर्द अब दूर जाने लगा था.. करीम अब उसके कमर पर बैठ गया और उसके पिट को जोरसे से दबाने लग गया.. ऐसे hi थोड़े देर करने के बाद करीम ने उसकी निघ्त्य थोड़े निचे से उप्पर उठा ली.. उसके गांड तक.. शालिनी ने कुछ नहीं कहा.. उसे बहोत मज़ा आ रहा था करीम के मालिश से..
अब करीम शालिनी के बैक , गार्डन और उसके सर की मालिश कर रहा था.. शालिनी अब सिसक रही थी… करीम का बड़ा लुंड अब उसके गांड को चूब रहा था लेकिन वो कुछ नहीं बोल रही थी… ये देख के करीम ने उसके निघ्त्य और थोड़ी उप्पर उठाई … उसके कमर के उप्पर.. और मालिश करने लग गया…
करीम - कैसा लगा रहा है.. शालिनी मैडम.. ठीक है अभी.. या और जोरसे करू?".
शालिनी - ठीक है बस इतना hi प्रेशर सही है.. अच्छा लग रहा है…
करीम – और कहा करना है…
शालिनी - कमर से थोड़ा नीचे बी karo..waha भी दर्द है.
फिर करीम शालिनी के कमर से मालिश करते हुई उसके गांड पर भी मालिश करने लग गया..
करीम - शालिनी तुम्हारे पुरे बदन की मालिश करू क्या…
शालिनी कुछ नहीं बोलती और सिर्फ सिसक रही थी… अब करीम शालिनी के टांगों के बीच में बैठ कर पीठ पर दबाव डालने laga.waise करते करते वो थोड़ा आगे बाद गया.. अब शालिनी की निघ्त्य उसके आड़े बदन को hi धक् रही थी.. करीम उसको निकलने लगा.. उसने शालिनी के पेट से हाट डालके उसको निकलना चाहा तो वो सोई थी इस वजह वो निकल नहीं रहा था. शालिनी ने अपनी चेस्ट थोड़ी उठाकर उसे निकलने मई मदद की..
करीम अब मालिश करते हुई उसके हाथ शालिनी के चूचिओं के आस पास जाने लगे… ऐसे करने से वो उत्तेजित हो जाती. थोड़ी देर वैसे hi करीम मस्सगे करता रहा.. अब शालिनी से रहा नहीं जा रहा था... वो चाहती थी की वह उसके चूचिओं के साथ खेले …
शालिनी – बस सिर्फ पीट पर hi मालिश करते रहोगे या आगे बी करोगे.
करीम - तू घूम जा.. आगे भी कर देता हु.
शालिनी के घूमते hi वह फिरसे से उसके ऊपर चढ़ गया .
शालिनी - ठीक से मालिश करना जैसे अपनी बीवी की करते हो...
करीम – बीवी मालिश के बाद छोड़ने देते है.. तू तो दे नहीं रहे है…
शालिनी हसती है…

करीम- कभी कभी तो गांड भी देती है…
शालिनी – तो अपनी बीवी के पास जाओ.. यहाँ क्या कर रहे हो…
करीम- उसकी छूट और गांड रोज hi मरता हु.. अब वो बुद्धि भी वो गयी है.. सोच रहा हु तेरा जैसा नया माल रोज छोड़ने को मिलेगा तो मज़ा आ जायेगा…
शालिनी हसती है.. अब करीम उसके पेट पाई बैठ गया…
करीम- बोल न.. शालिनी रानी… तू मुझे छोड़ने को देगी क्या रोज…
शालिनी- आज का कोटा ख़तम हुआ.. आज सुब्बह hi दिया था न …
करीम – और एक बार ..
अब करीम शालिनी के दोनों हातो पकड़ के एक दूसरे को दूर करके पकड़ के रखता .. उसके सर से परेल्लल लाइन mai…aur आपने फेस शालिनी के चहरे के पास ले जाता है.. शालिनी वैसे hi आपने चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेती है… वैसे hi करीम उसके कान को किश करता है..
शालिनी- तुम देख के ऐसा नहीं लगता की मई अकेली हु .. तुम्हारा ऑप्शन..
करीम- हां..
शालिनी – और कोण है..
करीम- बता दू…
शालिनी- हां
करीम- पूर्वी
शालिनी – क्या… ऐसा नहीं हो सकता .. पूर्वी ऐसे नहीं है..
करीम- मेरे खाविश है की पूर्वी और तुजे एक साथ hi छोड़ दू .. एक hi बीएड पर..
शालिनी – सचमुच .. तुम्हारा और पूर्वी का है क्या..
करीम- अभी तक तो नहीं … लेकिन तुम पटके डौगी तो हो जायेगा..
शालिनी – वो वैसे नहीं है..
करीम- फिर भी कोशिश करो
शालिनी – कोशिश करती हु…
करीम – मज़ा आ जायेगा तुम दोनों को एक साथ छोड़ने मई..
शालिनी हसती है..

शालिनी – तुम पागल हो… ऐसा कैसे हो सकता है..
करीम- मेरी जान हो सकता है..
ये कहते हुई वो शालिनी की ब्रा के उप्पर से मालिश करता है…
करीम – इस को निकल दो..
शालिनी – इस के उप्पर से hi मालिश करो
शालिनी ने ऐसे कहते hi करीम उसके ब्रा को पकड़ता है और जोरसे उसको खींचता है… उस वजह से ब्रा थॉट जाता है..
शालिनी – थोड़ दी .. कल hi मेरे हस्बैंड ने लायी थी…
करीम- तुमने hi कहा न की बीवी के जैसे मालिश करो..
शालिनी हस्ती है…
शालिनी – तुम अपनी बीवी की मालिश ऐसे hi करते हो क्या..
करीम- हां.. ऐसे hi करता हु.. आज के रात तुम मेरे बीवी हो….
शालिनी फिर से हँसाने लगाती है…
करीम- आज रात के लिए बनोगी न मेरी बेगम…
शालिनी – मई तो शदीशुद्दा हु .. आलरेडी…
करीम- तो क्या हुआ .. एक रात के लिए मेरी बेगम बन जाओ…
शालिनी – न.. बाबा
करीम- क्या हुआ बेगम
शालिनी – मई अभी तक तुम्हारी बेगम नहीं बानी हु
करीम- तो बन जाओ
शालिनी के दोनों आम को आपने दोनों हातो मई लेके करीम जोरदार दबाता है..
शालिनी- आआआआह्ह्हह्हआआ…
Hhhhhhhhaaaaaaaaaaa….
Nahiiiiiiiiiii… बनाना है मुझे तुम्हारी बेगम ….
करीम- क्यों
ऐसे कहते हुई वो आपने हूंठ शालिनी के होंटो के पास लता है.. शालिनी आपने दोनों हाथो से करीम का चेहरा उप्पर करती है..
शालिनी – तुम बहोत बेहराम हो…
करीम- क्या बेरहमी की मैंने आपने बेगम के साथ..
शालिनी – मेरा कितना बुरा हाल किया तुमने सुबह.. अभी तक बदन दर्द कर रहा है.. अभी तक मई तुम्हारी बेगम नहीं बानी तो मेरा ये हाल है.. अगर मई तुम्हारी परमानेंट बेगम बानी तो तुम मुझे घूमने और चलने के काबिल बे नहीं छोड़ोगे…
करीम- ऐसे बात है तो आगे से मई अपनी बेगम का ख्याल अचे से रखूँगा… उसे ज्यादा तकलीफ नहीं दूंगा…
शालिनी – मई ने कहा न मई आपकी बेगम अभी तक नहीं बानी..
करीम उसका एक आम आपने मू मेल ेके उसे चूसने लगता है…
शालिनी – aaaaaaaaaaaaaaaahaaa….
Aaaaaaaaaaaahhhhaaaaa…..
करीम आपने दातो मई लेके उसे थोड़ा काटता है..
शालिनी – haaaaaaaaaaaaa…… कटु… ……… maaaaaaaaaaaattttttt…..
करीम- जैसे मेरे बेगम की विश
शालिनी – मई जानती हु .. तुम झूट बोल रहे हो..
करीम – कोनसा झूट
शालिनी – यही की तुम मेरे साथ बेरहमी नहीं दिखाओगे…
करीम – अरे… रीई… मैंने तो आपने बेगम की बात की तरफ ध्यान hi नहीं दिया
शालिनी – कोनसी बात
करीम – यही की मई तो आपको एक रात की बेगम बनाना चाहता था.. और हमारी नयी बेगम तो हमारी परमानेंट बेगम बनाना चाहती है….
इस बात पर शालिनी शर्माकर आपने दोनों हाथो से आपने चेहरा छुपा लेते है…
करीम- ारे शर्माओ मत मेरे बेगम…
करीम उसका हाथ उसके चहरे से हटा देता है….
करीम- क्या तुम हमारी परमानेंट बेगम बनाना चाहती हो
शालिनी कुछ नहीं बोलती
करीम – बोलो न बेगम
शालिनी – गलती से मुँह से निकल गया
करीम- एक बार क्या तुजे छोड़ा तो तुजे मेरा लुंड इतना पसंद आ गया क्या..
शालिनी कुछ नहीं बोलती…
करीम- क्या तुम हमारी बेगम बनाना पसंद करोगे.. आज रात के लिए..
शालिनी है मई गार्डन हिलती है..
करीम- तो तुम आज रात के लिए मेरे बेगम हो..
शालिनी – मुझे क्या करना होगा आपने शोहर के लिए आज रात भर…
करीम- क्या करोगे आपने शोहर के लिए
जो तुम कहो
ंगे
करीम – पहले तो आपने शौहर को तुम रेस्पेक्ट देखे बात करने होगी… मुझे तुम नहीं आप कहना पड़ेगा..
शालिनी – जीई… जैसे आपकी इच्छा
करीम- क्या करागि
शालिनी – मई अपनी जिंदगीभर आपको रेस्पेक्ट dungi...mai आपको आप कहके hi बुलाऊंगी...
करीम – दूसरी बात आपने नाम बदलना पड़ेगा..
शालिनी – जी चेंज कर दो… आप hi कोई अच्छा सा नाम दे दो…
करीम थोड़े देर सोचता है…
करीम – उज्मा… ये नाम ठीक रहेगा..
अब करीम आपने शर्ट निकल देता है.. और शालिनी की बरी बरी चूचिओं को मसलने लगा. उसके मुँह से सिसकारी निकलने लगी. उसने आँखें बांड कर ली.
अब करीम खड़ा हुआ और अपनी पंत और ुंदरपनत निकल के उसने उतर दी… उसका तना हुआ लुंड शालिनी के सामने था.. वो शर्माकर अपनी आँखे बंद करती है.. और चुप चुप के उसे देखते है…
करीम- मेरी उज़्मा बेगम…. शर्मा मत इससे खुल के देख…
शालिनी अपनी आँखे खोलती है..
शालिनी – सुबह तो आपके इस पर बाल ते .. अब कहा गए…
करीम – तुम्हारे लिए निकल के आया हु..
शालिनी – आप को पता था क्या.. की आपको यहाँ सब कुछ मिलेगा..
करीम – हां..
शालिनी - आगे से मई आपकी सेवा करुँगी... आप खुद मत निकालो इससे..
करीम आपने तना हुआ लुंड हाट मेल ेके हिलने लग गया
करीम- तुजे ये पसंद है..
शालिनी – आपने शोहर की हर चीज़ मुझे पसंद है..
करीम- पहले या दूसरे शोहर की..
शालिनी – आप मेरे अकेले शोहर हो.. वो मेरा हस्बैंड है.. मई आपने शोहर के लिए कुछ भी करुँगी…
करीमी – बहोत खूब… उज़्मा… बेगम…
खूब अच्छी तरह चूचिओं को मसलने के बाद करीम ने उसके टांगों पर मालिश करने लगा. उसके पंतय टांगों में फांसी हुई थी, जिसके आस पास वह खूब अच्छे से मालिश कर रहा था. अब उसके सामने शालिनी के विशाल चुतर थे. शालिनी ने छोटी सी जालीदार नायलॉन की पारदर्शी पिंक पंतय पहन राखी थी जो कुछ भी छुपा पाने में असमर्थ थी. ऊपर से शालिनी के चुतरों की आधी दरार कच्ची के बहार थी. फैले हुए मोठे चुतर करीब पूरे hi बहार थे. उसने उन मोठे मोठे चुतरों की जी भर के मालिश की जिससे कच्ची शूटरों से सिमट कर बीच की दरार में फँस गयी. अब तो पूरे चूतर hi नंगे थे.
मालिश करते करते करीम शालिनी के छूट के अस्स पास हाथ फेरने लगा और फिर फूली हुई छूट को मुठी में भर लिया. शालिनी की पंतय बिलकुल गीली हो गयी थी ..
शालिनी - इस्सस…. आआ…. क्या कर रहे हो आप . पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़….. छोर दो उसे, मैं मर जाउंगी.
करीम- मज़ा आया न उज़्मा…
अब शालिनी पलट gayi…Karim उसके टांगों के बीच में थोड़ा आगे खिसक गया और उसके पीठ पर मालिश करने लगा. ऐसा करने से उसका तना हुआ लावड़ा शालिनी के छूट से जा तक्र्य. अब उसके तने हुए लुंड और शालिनी की छूट के बीच छोटी सी पंतय थी. उसकी छूट का रास जालीदार पंतय से निकल कर उसके लुंड के सुपर को गीला कर रहा था. वह शालिनी के चूचिओं को दबाने लगा और अपने लुंड से उसके छूट पर ज़ोर डालने लगा. लुंड के दबाव के कारन पंतय छूट में घुसने लगी. बारे बारे नितम्बों से सिमट कर अब वो बेचारी पंतय उनके बीच की दरार में धंस गयी थी.
उसकी लुंड का सुपर शालिनी की जालीदार कच्ची को फरता हुआ उसके छूट में समां गया.
शालिनी - aaaaaah…….ooooh….ui मा. ोोूफ.. यह क्या कर रहे हो आप … मेरे शोहर.. मालिश के नाम पर आपने बेगम के साथ.. aaaaaaahhaaa…Mujhe नहीं मालिश करवानी.
करीम ने थोड़ा सा दबाव दाल कर आधा इंच लुंड और शालिनी की छूट में सरका दिया.
शालिनी - ाः …ोूह… िस्स्सस्स…. Chotuuuuuuuuuuuuuuuu… ने तो मेरी पंतय फर hi दी…….. ाआब मेरी छूट का क्या होगा…..
करीम - उज़्मा बेगम….. तू तो कुंवारी नहीं हैं. तुजे तो लुंड की आदत है…
शालिनी - ाः… मुझे मेरे हस्बैंड के छोटे लुंड की आदत है… शोहर के घोड़े जैसे बड़े लुंड की नहीं.
लेकिन शालिनी को दर्द के साथ मज़ा आ रहा था. उसने अपने चूतड़ों को हल्का सा उचकाया तो करीम का लुंड आधा इंच और शालिनी की छूट में सरक गया. अब करीम ने उज़्मा की कमर पाकर के एक और धक्का लगाया. करीम का लुंड कच्ची के छेड़ में से उज़्मा की छूट को दो भागों में चीरता होता हुआ 5 इंच अंडर घुस गया.
उज़्मा - आआआआआह… ahh….ahh. मर गयी ! छोर dijiye….meeree.. शोहर… मेरी पहात जाएगी. Oooh…Dheere राजा. अभी और कितना बाकी है? निकल लो इससे….
अपनी hi बेगम को कोई इतनी बेरहमी से छोड़ता है क्या.
करीम उज़्मा की चूचिओं को मसलते हुए बोलै …
करीम - अभी तो आधा hi गया है उज़्मा बेगम एक बार पूरा डालने दो फिर निकलूंगा.
उज़्मा- आप का क्या घोड़े का है क्या.. मेरी छूट आपके मूसल के लिए बहुत छोटी है
करीम ने धीरे धीरे दबाव दाल कर तीन इंच और अंडर पेल दिया.
करीम – मेरी जान.. उज़्मा बेगम … थोड़े से चूतर और ऊँचे करो न.
उज़्मा ने अपने भरी नितम्ब और ऊँचे कर दिए. अब उनकी छाती बीएड पर तिकी हुई थी. इस मुद्रा में उज़्मा की छूट करीम का लुंड पूरा निगलने के लिए तैयार थी. अब करीम ने उज़्मा के शूटरों को पाकर के बहुत ज़बरदस्त धक्का लगाया. पूरा 10 ऊंच का लावड़ा उज़्मा की छूट में जार तक समां गया.
उज़्मा - aaaaaaaaaaaaah……….
मार डाला ……. ोोूह .… ाः ….. अघ …. ुइ …si….aah… ाः….. ोीी….. maaaa……kitne जालिम हो आप ..ah….aise छोड़ा जाता है क्या अपनी बेगम को क्या.. पूरा 10 इंच का मूसल घुसेड़ दिया.
उज़्मा की छूट में से थोड़ा सा खून भी निकल आया. अब करीम धीरे धीरे लुंड को थोड़ा सा अंडर बहार करने लगा. उज़्मा का दर्द काम हो गया था और वो भी चुतरों को पीछे की और उचका कर लुंडको अंडर ले रही थी. अब करीम भी लुंड को सुपर तक बहार निकल कर जार तक अंडर पेलना शुरू कर दिया. उज़्मा की छूट इतनी गीली थी की उसमे से पहच पहच की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.
उज़्मा - आप तो सांड की तरह चढ़ कर छोड़ रहे हो अपनी फूल जैसे कोमल बेगम को. ज़िन्दगी में पहली बार किसी ने ऐसे छोड़ा है. Aaah…..aa..aaa.h…..ooooh..oh.
अब करीम ने लुंड को बिना बहार निकाले उज़्मा की फटी हुई पंतय को पूरी तरह फर कर उनके जिस्म से अलग कर दिया. उज़्मा अब बिलकुल नंगी थी. चूतर उठाई उनके चौरे नितम्ब और बीच में से मुंह खोले निमंत्रण देती, काली लुम्बी झाटों से भरी छूट बहुत hi सूंदर लगा रही थी.
भारी भारी शूटरों के बीच गुलाबी गांड के छेड़ को देख कर तो करीम ने निश्चय कर लिया की अब मेरे बेगम की गांड ज़रूर मारनी पड़ेगी. बिलकुल नंगी करने के बाद करीम ने फिर अपना 10 इंच का लावड़ा उज़्मा की छूट में जार तक पेलना शुरू कर दिया. उज़्मा की छूट के रास करीम क्र लुंड को लगा हुआ था. उसने छूट के रास में ऊँगली गीली करके उज़्मा की गांड में सरका दी.
उज़्मा - ुइ माँ…… आह …क्या कर रहे हो आप ..
करीम - कुछ नहीं बेगम तेरा ये वाला छेड़ दुखी था की उसकी ओरे कोई ध्यान नहीं दे रहा. मैंने सोचा इसकी भी सेवा कर दूँ.
ये कह कर करीम ने अपनी पूरी ऊँगली उज़्मा की गांड में घुसा दी.
उज़्मा - aaaaah…oooh…agh… धीरे राजा, एक छेड़ से आप का दिल नहीं भरा जो दुसरे के पीछे परे हो आप…
उज़्मा को गांड में ऊँगली डलवाने में मज़ा आ रहा था. करीम ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मरने शुरू कर दिए. उज़्मा शायद दो तीन बार जहर चुकी थी क्योंकि उनकी छूट का रास बाह कर करीम अमरूदों को भी गीला कर रहा था. 15- 20 धक्कों के बाद करीम भी जहर गया और ढेर सारा वीर्य उज़्मा की छूट में उंडेल दिया. उज़्मा भी इस भयंकर चुदाई के बाद पसीने से तर हो गयी थी. वीर्य उसके छूट में से बहार निकल कर टांगों पर बहाने लगा. उज़्मा निढाल हो कर बीएड पर लेत गयी.
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फिर दोनों थके हुई थे तो नंगे hi सो गए … करीम भी वही सो गया.. सुबह जब शालिनी का फ़ोन बजा तो दोनों नींद से जग गए … रात को लेट सोने की और थकावट की वजह से दोनों को उतने मई थोड़ा टाइम लगा…. उठाते hi करीम फिर से शुरू हो गया .. उसने शालिनी को आपने बहू मई ले लिया…
करीम - कैसा लगा बेगम …. आपने शोहर से छुड़वाना…. अब रोज छुड़वाना चाहोगी क्या आपने इस शोहर से या नहीं..
शालिनी - मैं कब मन कर रही हूँ? अब आपकी बेगम बानी हुई हु अब क्या शर्माना. इतना मोटा लुम्बा लुंड तो बहुत hi किस्मत से नसीब होता है. अच्छा अब मुझे जाने दे मेरे मिया आपने तो मेरी छूट का बंद बजा दिया है.
अब करीम उसके गांड के पीछे पड़ता है.. लेकिन वो नहीं बोलती है ..
शालिनी - लेट हुआ है.. मई निचे जा रही हु..
पद्मा – करीम का लुंड चूसने के लिए
पूर्वी- उसकी कोई जरूरत नहीं है… मई कर लुंगी….
करीम इस पर हसता hai..aur करीम बिना डियर किया पूर्वी के ऊपर चढ़ कर उसके बदन को फिर से चेतना शुरू करता हैं...... पूर्वी और भी कुछ कहना चाहती थी मगर करीम अब पूर्वी को कोई भी मौका नहीं देना चाहता tha......aur इतना ाचा मौका उसके हाथ आया था वो भला कैसे उसे अपने हाथ से जाने दे सकता था....... पूर्वी को जलील करने का.. उसे बड़े घर की औरतो को जलील करके छोड़ने मई बड़ा मजा आता था.... करीम के इस तरह से चाटने से पूर्वी फिर से गरम होने लगती हैं ........ फिर से उसकी छूट में गीलापन बढ़ गया था ....... फिर करीम झट से पूर्वी का सर बीएड के नीचे झुका देता हैं और फिर वो झट से पूर्वी के मुँह के पास जाकर खड़ा हो जाता हैं अपने दोनों टांगों को फैलाये .........
करीम फिर पूर्वी के सर को अपनी मज़बूत हाथों में कसकर पकड़ता हैं और फिर अपना लुंड पूर्वी के मुँह के पास ले जाता हैं और धीरे धीरे अपने लुंड को उसके मुँह में उतरता चला जाता हैं ........

पूर्वी इस समय खुद करीम के रहमो करम पर थी ........ अब जैसा चाहे वैसा करीम उसे इस्तेमाल कर सकता था ....... वो भी धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव बनाना शुरू करता हैं ........... पूर्वी उसके लुंड के टोपे को बड़े मुश्किल से चूस पा रही थी ........ मगर करीम का लुंड काफी लुम्बा और मोटा था ..... पूर्वी आने वाले तकलीफ से अनजान नहीं थी ........
करीम आपने लुंड बहार निकालता है और फिर से अपने लुंड को पूर्वी के मुँह में डालता हैं और फिर से दबाव डालना शुरू करता हैं ....... जैसे जैसे उसका लुंड पूर्वी के मुँह में समता जा रहा था वैसे वैसे पूर्वी की तकलीफ बढ़ती जा रही थी ........ करीब 4 इंच तक करीम का लुंड पूर्वी के मुँह में उतर जाता हैं ....... पूर्वी इस वक़्त पूरी तरह से अपने आप को बेबस महसूस कर रही थी ......... करीम फिर से अपना लुंड तेज़ी से बहार निकालता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से अंदर की ओरे पूरा उतरता चला जाता हैं ....... जैसे जैसे पूर्वी के हलक में करीम का लुंड जा रहा था पूर्वी की सांसें अटकती जा रही थी ........ उसकी आंखें अब बहार की ओरे आने लगी थी ......... इस से पहले करीम के लुंड को पूर्वी ने चूसा था लेकिन इस तरह नहीं…
करीम बिना रुके अपने लुंड को ऐसे hi अंदर की ओरे लगातार पुश कर रहा था ......... फिर से वो अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से पूरा अंदर की ओरे उतर देता हैं .......
पूर्वी के मुँह से ga.a...p...aa.a.p... ..g.a.a...l...a....p की आवें गूंज रही thi.......aab तक उसका लुंड करीब 7 इंच तक समां गया tha......fir से वो पूरी तेज़ी से अपना लुंड एक hi झटके में पूर्वी के गले में उतर देता हैं ......... करीम का लुंड का सूपड़ा पूर्वी के गले में फंस चूका था ...... अब उसकी आँखों से एक बार फिर से आंसूं निकल पड़ते हैं ....... उसका दम फिर से घुटने लगता हैं .........
इधर करीम के सर पर भी जूनून सा चाय हुआ था ...... वो पूरी कोशिश में लगा था की उसका 10 इंच का लुंड पूरा पूर्वी के गले के अंदर तक उतर जाये ....... पूर्वी hi जानती थी की इस वक़्त उसकी क्या हालत हो रही थी ....... एक बार फिर से करीम अपना पूरा लुंड बहार निकालता हैं और इस बार बहुत ज़ोर के झटके के साथ अपना पूरा लुंड पूर्वी के गले के नीचे तक पहुँचाने में सफल हो जाता हैं .........

पूर्वी को ऐसा लग रहा था की अब उसकी मौत पक्की हैं ...... उसका सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा था वहीँ उसकी आँखों से आंसूं बहते hi जा रहे थे ....... कुछ सेकण्ड्स तक करीम अपने लुंड को पूर्वी के गले के नीचे तक रखे रहता हैं … पूर्वी अपने दोनों हाथों को करीम के पवन के पास ले जाती हैं और उसे ज़ोरो से उसके पवन पर मरने लगती हैं....... इन् दोनों का ये खेल पद्मा देख रही थी.. बीच बीच मई वो पूर्वी के बूब्स को आपने मू मई लेके चूस रही थी…
करीम तो अपनी मस्ती में खोया हुआ था ..... भला करीम की छटपटाहट से उसका क्या बिगड़ने वाला था ....... तभी वो एक hi झटके से अपना लुंड पूरा बहार खींच लेता हैं और पूर्वी वहीँ ज़ोरों से हाफने लगती हैं ........ करीम का लुंड बहार निकलने से उसकी जान में जान आती हैं........ फिर कुछ डियर रुकने के बाद करीम इस बार तेज़ी से अपना लुंड पूर्वी के गले के नीचे उतरता चला जाता हैं और इस बार तब तक अपना लुंड बहार नहीं निकालता जब तक उसका सारा छुम पूर्वी के गले के नीचे नहीं उतर जाता ........
एक बार फिर से पूर्वी की हालत ख़राब हो गयी थी ........ मगर इस बार जो मज़ा करीम को मिला था वो मज़ा उसे आज तक नहीं मिला था ...... वो भी ज़ोरों से aaaaaaaaaaaaaaaaa ........... ह hhhhhhhhhh करते हुए झरने लगता हैं ....... पूर्वी का चेहरा पूरा लाल पढ़ गया था ....... वो वहीँ ज़ोरों से ख़ास रही थी ...... करीम का कुछ छुम उसके मुँह के साइड से बेहटा हुआ बहार की ओरे टपक रहा था........
करीब 15 मिनट तक पूर्वी ऐसे hi लेती रहती हैं ......

इस वक़्त भी उसकी सांसें ज़ोरों से चल रही थी ...... पता नहीं क्यों पर अब उसे इस तरह की सेक्स में मज़ा बहुत आ रहा था ..... एक भी बार उसने करीम को रोकने की कोई कोशिश नहीं की थी .......... थोड़ी डियर बाद करीम झट से पूर्वी के पास आता हैं .. और उसके उप्पर जुख जाता है..

और उसके लबों को बड़े प्यार से चूसने लगता हैं .......

पूर्वी उसे घूर रही थी ...... मगर कुछ भी नहीं कहती ........

पद्मा – मेमसाब … आप तो इंग्लिश पिक्चर मई जैसा लुंड चूसते है वैसे hi चूस रही थी… सचमुच मेमसाब आप एक नंबर की रंडी हो…
पूर्वी उसे आपने से दूर करती है…
पूर्वी- दूर हैट मुजसे…
करीम फिर अपनी जीभ पूर्वी के छूट पर ले जाता हैं और इस बार वो अपनी जीभ पूर्वी के छूट से सरकते हुए नीचे उसकी गांड की ओरे अपना जीभ फेरता हैं ...... एक बार फिर से पूर्वी उसकी ये हरकत से उछाल पड़ती हैं ......... करीम अपनी जीभ के पॉइंट को पूर्वी के गांड पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से अपनी जीभ फेरने लगता हैं ...... पूर्वी की हालत फिर से ख़राब होने लगती हैं ....... इधर करीम अपनी जीभ तेज़ी से पूर्वी के गांड के चीड़ पर फेरने लगता हैं…..
पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaaaa ......................... hhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.ssssssssssssssssssss.......iiiiiiiiiiiiiii
इस ववजह से पूर्वी की मू से ऐसे आवाज़ें निकलने लगती हैं ........ कुछ डियर के बाद वो वहीँ चीख पड़ती हैं वो भी किसी लाश की तरह फिर से बिलकुल ठंडी पढ़ जाती हैं ......... एक बार फिर से उसका रास निकल गया था ........वो काफी डियर तक ऐसे hi बिस्टेर पर पड़ी रहती हैं ......... अब वो वक़्त आ गया था जिस पल को करीम को न जाने कब से इंतज़ार था ..........................................
पूर्वी किसी लाश की तरह बिलकुल ठंडी पड़ी थी ........ मगर करीम अभी भी अपनी जीभ उसके गांड पर फेर रहा था ........ तभी वो झट से अपनी एक उंगली पूर्वी की गांड की छेद पर ले जाता हैं और वहां बहुत आहिस्ता से अपनी उंगली को धीरे धीरे हरकत करने लगता हैं ....... पूर्वी को उसकी उंगली से गुदगुदी सी हो रही थी ........ एक बार फिर से वो सिसक पड़ती हैं ....... थोड़ी डियर बाद फिर से वो दुबारा गरम होने लगती हैं ....... थोड़े डियर तक करीम अपने उंगली को ऐसे hi आहिस्ता से फेरता रहता हैं फिर वो अपनी उंगली को पूर्वी के गांड में धीरे धीरे अंदर की ओरे पुश करना शुरू करता हैं ....... पूर्वी की गांड बहुत टाइट थी जिस्सके वजह से उसकी उंगली अंदर नहीं घुस पा रही थी .......
फिर करीम पद्मा को आपने पास बुला लेता है.. उसकी साड़ी और पेटीकोट उतर देता है.. और उसे पूर्वी के बगल मई पूर्वी के पोजीशन मई सोने को बोलता है… अब माइड और मालकिन उसके सामने नंगे पड़े थे… अब करीम वही उंगली जो पूर्वी के गांड मई डालने की कोशिश कर रहा था वही उंगली पद्मा के गांड मई डालता है.. पद्मा की उसने पहले से मारी थी इस वजह से वो उंगली आसानी से अन्दर जाते है.. करीम वही उंगली बहार निकालता है और पूर्वी के गांड मई डालने की कोशिश करता है.. 4-5 बार वो ऐसे hi करता है .. कुछ 4-5 तरय करने के बाद उसकी एक उंगली पूर्वी की गांड में अंदर घुस जाती हैं........
उधर पूर्वी न चाहते हुए भी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ........ करीम के उस हरकत से पूर्वी के गांड में दर्द होना शुरू हो जाता हैं मगर अगले hi पल वो फिर से अपना जीभ वहां पर फेरने लगता हैं और अपनी उंगली को वहीँ कुछ डियर तक ऐसे hi रोके रहता हैं ........ पूर्वी कुछ डियर में पूरी तरह से नार्मल हो जाती हैं ........
अब करीम कब पद्मा की गांड चाहता तो कभी पूर्वी की गांड … कभी पूर्वी की छूट चाटता तो कभी पद्मा की … करीम कभी पूर्वी के छूट को अपने मुँह में लेकर चाटता ......तो कभी उसकी गांड पर अपना जीभ firata.......aab धीरे धीरे वो अपनी उंगली को भी हरकत कर रहा tha.........jab पूर्वी की गांड उसकी एक उंगली को पूरा एडजस्ट कर लेती हैं फिर वो आहिस्ता से अपनी दूसरी उंगली भी उसकी गांड में अंदर डालने लगता हैं ..
एक बार फिर से पूर्वी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ......... जैसे जैसे उसकी उंगली अंदर जा रही थी वैसे वैसे पूर्वी की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी ........ उसे बहुत दर्द हो रहा था मगर यहाँ पर करीम को अब किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी ...... वह इस खेल का मन्ज़हा हुआ खिलाडी था ........ थोड़ डियर बाद जब उसकी दोनों उंगली पूरी पूर्वी की गांड में उतर जाती हैं तब वो अपनी उंगली को कुछ डियर तक ऐसे hi रोके रहता हैं ....... थोड़े डियर बाद पूर्वी फिर से कुछ नार्मल हो जाती हैं ....... तभी करीम धीरे धीरे अपनी उंगली को हरकत करने लगता हैं ........ और उधर पूर्वी के मुँह से फिर से सिसकारी निकल पड़ती हैं......
पूर्वी – aaaaaaaaaaaaa……..
haaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…….
पद्मा उठ कड़ी हो जाती है.. और पूर्वी के पास बैठ जाती है…
पद्मा – इतना आसान नहीं है करीम की रांड बनाना….
करीम फिर से उंगली उसके गांड मई डालता है…
पूर्वी - Mmmmmmmmmmuuuuuuuu….
miiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii………..
पद्मा – मैंने कहा न अम्मी नहीं करीम … करीम … बोलो..
पूर्वी हस्ती है…

पूर्वी- aaaaaaaaaahhhhhaaa….
Kkarrrrrrrrrrrrrrr………….. ीीी…..
mmmmmmmm….mmmmm….
इस पर दोनों हँसाने लगाती है.. पद्मा उसका एक आम आपने मू मई लेके चूस रही थी aab…aisa पहली बार था जब वो कुछ अपनी गांड में ले रही थी ....... अब उसे भी धीरे धीरे ाचा लग रहा था मगर अभी भी उसके अंदर दुर्र था की जब करीम का लुंड उसके गांड में जायेगा तब उसका क्या हाल होगा ........
पूर्वी पद्मा को आपने करीब बुलाती है..
पूर्वी- जब उसका का वो जायेगा मेरे गांड मई तो बहोत दर्द होगा क्या… सच बता न तुजे तेरे बच्चे की कसम..
पद्मा- काया जायेगा..
पूर्वी- करीम का बड़ा लुंड..
पद्मा- नहीं मेरे मालकिन रांड… ज्यादा नहीं तोडा दर्द होगा…
पूर्वी- तू बहोत ज्यादा बोल रही है…
जब पूर्वी को पद्मा ने मालकिन रांड बोलै था इस बात पर पूर्वी को गुस्सा आया था...
इस पर पद्मा हँसाने लगाती है….
करीम फिर से अपनी जीभ पूर्वी की गांड पर ले जाता हैं और फिर से उसके छूट से लेकर गांड तक चेतना शुरू करता हैं और साथ hi साथ अपने दोनों उँगलियों को भी हरकत करने लगता हैं ..... उसके इस हरकत से पूर्वी बहुत तेज़ी से अपने चरम पर पहुँच जाती हैं ......... करीब 5 मिनट के अंदर hi पूर्वी फिर से चीखते हुए दुबारा से ठंडी पढ़ जाती हैं ....... वो अब दूसरी बार झाड़ चुकी थी ........ फिर से वो वहीँ बीएड पर शांत पढ़ी रहती हैं ....... अब भी उसका जिस्म काँप रहा था........
फिर करीम वहां से उठता हैं और पास में रखा तेल अपने हाथों में लेता हैं और अपने लुंड पर ाचे से मलने लगता हैं ...... फिर वो अपनी दो उंगली को पुरे तेल में भिगोता हैं और फिर से उसे पूर्वी की गांड के अंदर दाल देता हैं ........ तेल की वजह से चिकनाहट बढ़ जाती हैं और करीम का हाथ तेज़ी से पूर्वी के गांड में मूव होता हैं ....... पूर्वी फिर से अब गरम होने लगी थी.....
पूर्वी खुद हैरान थी की उसे आज क्या हो गया हैं ..... सुबह से वो 3 बार चुद चुकी है.. और वो भी इस मुसल लुंड से और अब अपनी गांड मरवाने के लिए रेडी हो गयी है. वो कभी भी आपने हस्बैंड से एक से ज्यादा बार चूड़ी नहीं थी एक दिन मई…. अब उसके जिस्म से उसका कण्ट्रोल पूरी तरह से ख़तम हो गया था ........ वो बस करीम को पूरी मनमानी करने दे रही थी ........ जब उसकी गांड थोड़ी सी लूसे हो जाती हैं फिर वो पूर्वी को वहीँ बीएड पर सोने का इशारा करता हैं ...... पूर्वी का दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha......kahin न कहीं फिर से उसके दिल में दुर्र जनम लेने लगता हैं.......
करीम – मेरे रांड तू यहाँ पर पेट के बल लेट जा ....... अब मैं आज तुजे पूरी औरत बनाने जा रहा हूँ ....... अब तक तू अधूरी thi........aaj के बाद तू पूरी औरत बन जाएँगी ........
पूर्वी एक नज़र करीम के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं...... थोड़ी गर्दन थेड़े करके..

फिर वो दूसरे नज़र पद्मा की ओरे देखते है… पूर्वी करीम के बातों को सुनकर शर्मा जाती हैं ......

एक बार फिर से उसका चेहरा पूरा लाल पढ़ गया tha....wo बिना कुछ कहें चुप चाप वहीँ बिस्टेर पर पेट के बल लेट जाती हैं और फिर करीम झट से उसके ऊपर आता हैं और फिर से अपना जीभ उसके गलों पर फेरने लगता हैं और उसे धीरे धीरे फेरते हुए उसके कान तक ले जाता हैं..... पूर्वी के जिस्म के रोएं एक बार फिर से पूरी तरह से खड़े हो जाते हैं........
करीम फिर पूर्वी के दोनों हाथ पूर्वी की गांड पर रखने को कहता हैं और उसके गांड को पूरा फ़ैलाने को कहता हैं ....... पूर्वी बिना किसी सवाल के अपने दोनों हाथ अपने गांड पर ले जाती हैं और अपने चुतरों को पूरा फैला देती hain......aab उसकी गांड का चीड़ साफ़ दिखाई दे रहा था ...... करीम बड़े गौर से एक तुक देख रहा था ...... अब उसका भी लुंड पुरे एक्ससिटेमेंट से खड़ा हो गया था ...... अब उसका भी साबरा टूट चूका था ....... फिर वो झट से अपना लुंड पूर्वी की गांड के छेद पर रक्त हैं और वहीँ पूर्वी के ऊपर आराम से लेट जाता हैं .............
पूर्वी - प्लीज करीम ज़रा आराम से करना..... मैं दर्द बर्दास्त नहीं कर सकुंगी ...... प्लीज ....... मेरे खातिर......
पद्मा- मेरे मालकिन रांड…. आप चिंता मत करो… करीम बहोत धीरे से करेगा…
पूर्वी गुस्से मई बोलती है…
पूर्वी – तू चुप कर चैनल… और मुझे मालकिन रांड मत बोल… मुझे रांड सिर्फ करीम hi कह सकता है… समाजी… बाजारु.. औरत..
इस पर पद्मा बहोत धीरे से बोलती है..
पद्मा – खुद आपने पति को छोड़ के एक गैर मर्द के निचे नंगी पड़ी है और मुझे बाजारू कह रही है..
पूर्वी ने इस मई का आधा hi सुना था…
पूर्वी- क्या बोली तू…
पद्मा- कुछ नन्ही मेमसाब…
पूर्वी का दिल ज़ोरों से घबराए रहा था ......... वो अंदर hi अंदर काँप रही थी ...... अब वो भी आने वाले दर्द को बर्दास्त करने की पूरी कोशिश कर रही थी ........ बार बार वो करीम के मूसल को अपने गांड में उतरता सा महसूस कर रही थी ...... जिसके वजह से उसका गाला बार बार सुख रहा था.....
करीम - तू चितना मुट्ठ कर....... जब तुजे दर्द होगा तो मैं रुक जवांगा ......... देखना तुजे भी इसमें मज़ा आएगा ........
करीम फिर झट से अपने दोनों हाथ पूर्वी के बूब्स पर ले जाता हैं और उसे कसकर अपनी दोनों मुट्ठी में भींच लेता हैं ....... फिर वो धीरे धीरे अपने लुंड पर दबाव डालना शुरू करता हैं ........ पूर्वी का जिस्म अभी भी दुर्र से काँप रहा था .......... तभी करीम ज़ोर से दबाव डालता हैं और उसका सूपड़ा पूर्वी की गांड को चीरता हुआ उसकी गांड में पूरा समां जाता हैं........ पूर्वी अपनी चीख नहीं रोक पाती और ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं ...

पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaa ..... iiiiiiiiiiiiiiiii ....... hhhhhhhhhhhhhh .... ओह ....... माय ......... गॉड .......... प्लीज स्टॉप आईटी ............ करीम ............. मैं ..... मुरर ...... जावांगी ......... मैं नहीं ले पाओंगी तुम्हारा ......... प्लीज इससे अभी बहार निकालो ........
और ऐसे कहते हुई पूर्वी अपने सर को इधर उधर घूमने लगती हैं ........ करीम कुछ डियर तक वहीँ रुक जाता हैं और अपने लुंड को पूर्वी की गांड में फंसाये रखता हैं ......... ...... कुछ डियर बाद पूर्वी थोड़ी नार्मल होती हैं फिर करीम झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार एक hi झटके में अपना पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतरता चला जाता हैं ......

ढाका इस बार इतना ज़बरदस्त था की पूर्वी कुछ डियर तक वैसे hi चुप चाप पड़ी रहती हैं ........ उसके जिस्म में कोई हरकत नहीं हो रही थी .......
थोड़ी डियर बाद पूर्वी बहुत ज़ोरों से चीख पड़ती हैं ...... और इस बार उसके आँखों से आंसूं की धरा निकल पड़ती हैं ....... वो झट से अपने दोनों हाथ बिस्टेर पर ले जाती हैं और कसकर अपने दोनों मुट्ठी से बिस्टेर को पूरी ताकक से मसलने लगती हैं....... करीम के इस झटके से पूर्वी के गांड मई आग होने लगाती है….
पूर्वी अभी भी पेट के बल वहीँ बिस्टेर पर लेती हुई thi........aab वो हांफ रही thi.......wo अब कैसे भी करीम के लुंड को बहार करना चाहती thi..........Karim करीब 6 इंच तक अपना लुंड पूर्वी की गांड में पेल चूका tha......Purvi अभी भी सिसक रही थी........
पूर्वी - please......Karim.....main तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ प्लीज इसे बहार nikalo.......main मुरर जावांगी ....... तुम्हारा बहुत बड़ा hain....ye नहीं जायेगा मेरे ander........please......
पद्मा – मेमसाब .. आप हिलिए मत नहीं तो आपको बहुत तकलीफ होगी..
पूर्वी – तू चुप कर…..
करीम कुछ डियर तक वैसे hi पूर्वी के ऊपर शांत पड़ा रहता हैं…..
करीम - बस पूर्वी ......थोड़ा सा और दर्द बर्दास्त कर le.......fir तुजे भी ाचा लगेगा.........
कुछ डियर बाद पूर्वी फिर से कुछ नार्मल होती हैं ...... इधर करीम बड़ी बेरहमी से उसके दोनों बूब्स को मसल रहा था ..... और बरी बारी से उसके गलों को भी चाट रहा था ....... फिर वो झट से अपना लुंड बहार निकलता हैं और इस बार एक hi झटके में अपना लुंड पूरी ताकक से पूर्वी की गांड में पूरा उतरता चला जाता हैं ......

इस बार पूर्वी अपने चीखों को नहीं रोक पाती और ज़ोरों से चिल्ला पड़ती हैं........
पूर्वी –aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ............. hhhhhhhhhhhhhhhhh नाहिंन ......... प्लीज ...... करीम ...............
उसकी आँखों से आंसूंओं के सैलाब फिर से उमड़ पड़ता हैं......... पूर्वी hi जानती थी की इस वक़्त उसकी क्या दशा हो रही है .......... अब करीम का पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतर चूका था ......... वो भी वहीँ रुक जाता हैं और फिर से पूर्वी के बूब्स को मसलने लगता हैं और अपनी जीभ पूर्वी के गलों पर भी फेरता हैं ......... पूर्वी के मुँह से दर्द भरी सिसकरी निकल रही thi......wo दर्द से इस वक़्त बहुत तड़प रही thi........Karim की तो कोई मज़े की सीमा नहीं थी ....... इसी गांड के लिए तो वो सुआबाह से तड़प रह रहा था ......... वो भला कैसे पूर्वी को इतनी आसानी से जाने देता ....... पूर्वी की गांड पूरी तरह से टाइट थी जिस से उसका लुंड पूरा फंसा हुआ था ........ करीब 5 मिनट तक करीम ऐसे hi अपने लुंड को पूर्वी के गांड में वैसे hi रहने देता हैं.........
अब पूर्वी पहले से काफी बेहतर महसूस कर रही thi......aab उसका दर्द बहुत हुड्ड तक कम हो गया tha.......fir से करीम धीरे धीरे अपनी कमर को हिलना शुरू करता हैं और उधर पूर्वी फिर से सिसक पड़ती हैं ........... अब उसका दर्द मज़े में धीरे धीरे बदल रहा था ......... इधर करीम भी अपनी रफ़्तार धीरे धीरे तेज़्ज़ करता जाता हैं और उधर पूर्वी के मुँह से सिसकारी भी तेज़्ज़ होती चली जाती हैं...........

फिर करीम एक झटके में अपना पूरा लुंड बहार निकलता हैं और इस बार उतनी hi तेज़ी से अपना पूरा लुंड पूर्वी की गांड में उतरता चला जाता हैं .......... फिर वो ज़ोरों से पूर्वी की गांड मरना शुरू करता हैं ...... पूर्वी बस सिसक रही थी और अपने दोनों हाथों से बिस्टेर को ज़ोरों से मसल रही थी ....... करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उधर करीम ज़ोरों से हाफने लगता हैं ....... वो भी अब अपने चरम पर पहुँच गया tha.........wo अपना सारा छुम पूर्वी की गांड में पूरा निकल देता हैं ...... पूर्वी एक बार फिर से चीख पड़ती हैं और वो फिर से aaaaaaaaaaaaaaaaaaaa........hhhhhhhhhhh.........ssssssssssss करते हुए ज़ोरों से झरने लगती hain.......aur उधर करीम भी तुरंत ठंडा पढ़ जाता हैं और वहीँ पूर्वी के ऊपर लेते रहता हैं.........
दोनों की सांसें एक बार फिर से बहुत ज़ोरों से चल रही थी ......... इस वक़्त दोनों के जिस्म पसीने से पूरी तरह से भीगे हुए थे ......... पूर्वी झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं और वहीँ बिस्टेर पर शांत पड़ी रहती hain.....kareeb 15 मिनट तक दोनों ऐसे hi बेसुध होकर वहीँ बिस्टेर पर पड़े रहते हैं ......... थोड़ी डियर बाद करीम अपना लुंड पूर्वी की गांड से बहार निकलता हैं .......इस वक़्त उसके लुंड पर खून लगा हुआ था जो पूर्वी की गांड से धीरे धीरे बहार की ओरे बह रहा था .........
पद्मा – मेमसाब आज तो आपकी डबल सुहागरात हो गयी…
करीम उसके तरफ देखता है..
पद्मा – सुबह छूट की सुहागरात और अब गांड की सुहागरात…
पूर्वी- कुछ भी बाके जा रही है तू….
पूर्वी की गांड से कुछ करीम का छुम और कुछ खून का मिला जुला रूस अब धीरे धीरे बहार की ओरे निकल रहा था ......... पद्मा एक कपडा करीम को लेक देते है.. उस कपडे से वो अपना लुंड को ाचे से साफ़ करता हैं .... फिर पूर्वी के गांड और छूट को ाचे से साफ़ करता हैं .......
जब पूर्वी उतने की कोशिश करती है और चलने की कोशिश करती है तब उसकी चल में लड़खड़ाहट thi........wo सही से चल भी नहीं पा रही थी .......... करीम झट से अपने कपडे पहन लेता हैं और पूर्वी भी थोड़े डियर बाद अपने कपडे पहनने लगती हैं .....
करीम अभी भी पूर्वी के चेहरे को एक तुक देख रहा था......

पूर्वी - अब ऐसे क्या देख रहे ho......kar ली न तुमने अपनी मनमानी ....... तुम्हें तो ये भी होश नहीं रहा की मुझे आज कितनी तकलीफ हुई हैं ....... मुझे ठीक से चला भी नहीं जा रहा.....
करीम – तुजे कुछ ज्यादा तकलीफ हुई क्या…
पूर्वी एक नज़र करीम की ओरे घूर कर देखती हैं …..

पूर्वी- तुम सच में पूरे जानवर हो ...... जानते हो ऐसा लगा की जैसे आज मेरी मौत पक्की hain..........tumhein थोड़ी भी मुझपर दया नहीं आयी ......भला कोई इस तरह से सेक्स करता हैं kya........tumne तो मेरे दोनों छेद को पूरा फैला दिया हैं ....... अब अरुण को मैं क्या जवाब दूँगी ...... बोलो........
करीम फिर आगे बढ़कर पूर्वी के लैब चूम लेता हैं …
करीम – तू भी न पूर्वी .......सब ठीक हो जायेगा.......
पूर्वी बड़े प्यार से करीम को एक तुक देख रही थी..........

कहते हैं न अगर जिस्मानी सम्बन्ध एक बार बन जाये तो उस इंसान से एक लगाव सा हो जाता hain.....aaj पूर्वी को भी करीम से एक लगाव सा हो गया tha.......shayad वो अब करीम को अपना मानाने लगी थी ........
पूर्वी – अब मुजसे चला भी नहीं जार अहा है.. मुझे हाल तक छोड़ो न …
पद्मा- मई छोड़ दूंगी न मेमसाब आपको..
पूर्वी- तू क्या मुझे अपनी बहू मई लेके जाएगी क्या..
फिर करीम उसको आपने बहू मई उठा लेता है… और उसे उसके बैडरूम तक लेके जाता है.. वो बोल रही थी की बैडरूम मई हस्बैंड है तुम मत आओ पर करीम उसके बैडरूम मई उसको लेके गया.. अरुण वह सोया हुआ था.. दूसरे तरफ मू करके … पूर्वी ने उसको जल्दी जाने को कहा.. करीम ने उसको किश किया और वह से चला गया.. इधर पूर्वी अपने बीएड पर जैसे hi लेटती हैं वो तुरंत सो जाती hain..........wo आज बहुत थक गयी thi......aur उसे थोड़ी कमज़ोरी सी भी लग रही thi........aaj पूर्वी के चेहरे पर एक सुकून भी tha.....wo करीम के साथ सेक्स करने के बाद वो आज पूरी तरह से संतुस्ट थी........
करीम चला गया… बहार नहीं उप्पर शालिनी के रूम मई.. शालिनी उप्पर सोई थी.. एक रूम मई..

उसने पता किया था पद्मा से…
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अब करीम उप्पर चला गया था… उसको सिर्फ इतना पता था की कार्नर वाली रूम शालिनी की है… लेकिन कोनसे कार्नर वाली … लेफ्ट या राइट… उसमे वो कंफ्यूज हो गया था… कुछ सोचने के बाद वो एक रूम मई जाने का सोचता है .. वो रूम का दूर थोड़ा पुश करता है… सामने पूजा उसे दिखाए देते है..

थोड़े देर मई पूजा सो जाती hai...Pooja को देख के करीम ख्यालों में गम हो जाता हैं ....... वाह!!!! कुंवारी छूट लगाती hain.....tab तो और भी मज़ा आएगा …. इस कच्ची काली को फूल बनाने mein.......kasam से बहुत मज़ा आएगा जब वो एक बार मेरे नीचे आएगी .............. अब पूर्वी तो मेरे नीचे आ hi चुकी हैं तो उसकी ननद भी बहुत जल्द आएगी ....... देख लेना मेरी जान एक दिन तुम दोनों को इसी बिस्टेर पर छोडूंगा ...... बस मुझे उस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार रहेगा....
तभी पीछे से उसके शोल्डर पर किसी ने हाट रख दिया…
शालिनी – तुम इस वक़्त यहाँ क्या कर रहे हो…
करीम पीछे घूम जाता है.. सामने शालिनी को देख के उसके दिल मई ठंडक पड़ती है…

करीम – मेरे रानी .. तुमको ढूंढते हुई hi यहाँ आया हु..
शालिनी – फिर मेरे रूम मई आना था न.. इस पूजा के रूम के बहार क्या कर रहे हो…
करीम उसके कमर के पीछे से दोनों हाथ दाल के उसे उठा लेता है…

करीम- मुझे क्या पता तुम्हारा कोनसा रूम है..
शालिनी – घर नहीं गय्ये क्या…
करीम – मेरे रानी… तुम्हारी छूट की याद आयी तो घर से भाग के तुम्हारे पास चला आया
शालिनी- आफ्टरनून मई जो कुछ मेरे साथ किया उस से जी नहीं भरा क्या….
करीम- तुम्हारे जैसे फटका आइटम हो तो इतनी जल्दी जी कैसे भर सकता है मेरी जान..
तब उसकी आँखों मई देखते हुई कहते है..

शालिनी- अब घर जाओ … कोई तुम यहाँ देख लेगा… कल मिलते है..
करीम- नहीं रानी… एक बार छूट दे दो….
शालिनी- तुम जब से गए हो न तबसे अभी तक मई चल भी नहीं सकते थी… अब चल पा रहे हो.. और तुम फिर उसके पीछे पड़े हो… कल मुझे रसम मई जाना है.. अगर ह्यूमेन अभी और कुछ किया तो मई कल उठ भी नहीं पा सकूंगी…
करीम- मुझे कुछ पता नहीं… मुझे तुम्हारी एक बार छूट चाहिए..
शालिनी- प्ल्ज़… समाज करो…
करीम उसे बहू मई उठा के उसके रूम मई लेके आता है ..
शालिनी- मई कही भागी नहीं जा रही हु.. यही हु… आज नहीं.. प्ल्ज़… बहोत दर्द हो रहा है… मेरे छूट का तुमने बहोत बुरा हाल किया है… शादी के इतने सालो के बाद आज मुझे पहली बार इतनी तकलीफ हो रही है… आज के बाद कभी भी अपनी खाविश पूरी कर लेना..
करीम- तो ठीक है… छूट नहीं बोल रही हु तो गांड दे दो…
शालिनी – क्या????
शालिनी उछाल पड़ती है…
करीम – है
शालिनी- क्या … पागल हो गए हो क्या.. वो तो तुम हरगिज नहीं मिल सकती..
करीम- क्यों
शालिनी- तुम्हारा वो हत्यार कितना बड़ा है..
करीम – उस से क्या होता है.. तुम्हारे छूट ने तो ले hi लिया न..
शालिनी – मई पागल नहीं हु… मेरे हस्बैंड ने इतने दिनों से मेरे छूट मारी थी इस वजह से मुझे तुम्हारा ये हत्यार अपनी छूट मई लेने को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई… और अगर मई आपने गांड मई ये लुंगी तो कितने दिनों तक मई चल भी नहीं पाऊँगी..
करीम- मुझे कुछ पता नहीं.. तुम मुझे छूट या गांड दोनों मई से एक तो देने पड़ेगी
शालिनी- ज्यादा पागल मत बनो.. और यहाँ से चले जाओ…
करीम थोड़े देर शांत रहता है..
करीम- सुबह से कुछ मैंने खाना नहीं खाया है.. मुझे भूख लगी है…
शालिनी- तो ठीक है .. मुझे भी भूख लगी है.. मई निचे किचेन से कुछ लेके आते हु..
निचे जाकर शालिनी करीम के लिए कुछ लेके आये , साथ मई फ्रूट और मिल्क भी लेके आयी… साथ मई बैठकर दोनों ने खाना ख्य.
खाना खाने के बाद शालिनी ने करीम से कहा तुम अब जाओ, मुझे नींद आ रही है और मेरा बदन भी बहुत दर्द कर रहा है…
करीम- मई मालिश करवा देता हु… बहुत अच्छी मालिश करता हु मई..
तब उसकी और देखते हुई शालिनी कहती है..

शालिनी- मई जानती हु … तुम मालिश के बहाने मेरे फिर से बजाओगे… तुम्हारे सब चल मई समजती हु..
करीम – अरे बाबा.. मई कुछ नहीं करूँगा .. सिर्फ मालिश hi करूँगा.. ट्रस्ट करो ..
शालिनी – सिर्फ मालिश.. दूसरा कुछ भी नहीं… समजे..
करीम – है
अब करीम दूर बंद करता है … बीएड पे शालिनी बैठ जाती है … उसके पीछे करीम बैठा था.. उसके दोनों साइड से पेअर कर के.. सिचुएशन ऐसे थी की अगर करीम का लुंड अभी खड़ा होता तो वो शालिनी के गांड को सूरे चूब रहा होता… अभी खड़ा नहीं था लेकिन आगे चल के वो खड़ा होने वाला hi था.. करीम अब शालिनी के शोल्डर की मालिश करने लग गया था…

शालिनी के बाल पहले से hi खुले थे इस वजह से करीम वो बाल आगे करता है.. बाल आगे करने की वजह से उसकी शोल्डर अब ओपन हुई थी.. उसको करीम सुंग रहा था.. करीम ने अभी तक उसके नैक या शोल्डर को किश नहीं किया था.. लेकिन शालिनी के खुशबू की वजह से करीम के लुंड ने हरकत करना शुरू कर दी थी… वो अब शालिनी को समाज मई आ रहा था..
शालिनी- सिर्फ .. मालिश hi करना .. दूसरा कुछ मत करना..
करीम- मई तो सिर्फ मालिश hi कर रहा हु
शालिनी- लेकिन तुम्हारा ये छोटू तो कुछ और hi कह रहा है..
करीम- क्या ..कह रहा है…
शालिनी – अपनी औकात मई आ रहा है..
करीम – इतनी खूबसूरत औरत जब इतने नज़दीक बैठे हो तो वो छोटू तो कुछ न कुछ करेगा hi न शालिनी मैडम
ऐसे कहते हुई करीम आपने एक हाथ थोड़ा आगे उसके कमर के उप्पर तक लेके जाता है..

उस हाट को शालिनी चपत लगाती है..
शालिनी- ऐसे चालबाज़ी मेरे साथ नहीं चलेंगे.. आपने हाथ पीछे ले लो
करीम – मेरे नहीं तो आपने प्यारे छोटू की तो बात सुन लो
शालिनी- छोटू को बोलो … आज कुछ नहीं मिलेगा…
करीम- एक बार से शालिनी क्या होगा… थोड़ा रेहम खाओ
शालिनी- चुप चाप मालिश करो नही तो यहाँ से चले जाओ..
करीम- ठीक है…
थोड़े दे रेज hi मालिश करने के बाद करीम शालिनी से बोलै ..
करीम- शालिनी तुम अब पेट के बल सो जाओ.. मई तुम्हारे पिट की मालिश करता हु…
उस समय शालिनी ने पिंक निघ्त्य पहनी हुई thi..wo आपने पेट के बल सो गयी..
करीम – इस निघ्त्य के ऊपर से hi मालिश करनी है क्या ..
शालिनी – हां…
करीम अब उसके पिट की मालिश करने लग गया…

5 मिनट मई hi शालिनी को अच्छा लगाने लगा था … उसका दर्द अब दूर जाने लगा था.. करीम अब उसके कमर पर बैठ गया और उसके पिट को जोरसे से दबाने लग गया.. ऐसे hi थोड़े देर करने के बाद करीम ने उसकी निघ्त्य थोड़े निचे से उप्पर उठा ली.. उसके गांड तक.. शालिनी ने कुछ नहीं कहा.. उसे बहोत मज़ा आ रहा था करीम के मालिश से..
अब करीम शालिनी के बैक , गार्डन और उसके सर की मालिश कर रहा था.. शालिनी अब सिसक रही थी… करीम का बड़ा लुंड अब उसके गांड को चूब रहा था लेकिन वो कुछ नहीं बोल रही थी… ये देख के करीम ने उसके निघ्त्य और थोड़ी उप्पर उठाई … उसके कमर के उप्पर.. और मालिश करने लग गया…
करीम - कैसा लगा रहा है.. शालिनी मैडम.. ठीक है अभी.. या और जोरसे करू?".
शालिनी - ठीक है बस इतना hi प्रेशर सही है.. अच्छा लग रहा है…
करीम – और कहा करना है…
शालिनी - कमर से थोड़ा नीचे बी karo..waha भी दर्द है.
फिर करीम शालिनी के कमर से मालिश करते हुई उसके गांड पर भी मालिश करने लग गया..
करीम - शालिनी तुम्हारे पुरे बदन की मालिश करू क्या…
शालिनी कुछ नहीं बोलती और सिर्फ सिसक रही थी… अब करीम शालिनी के टांगों के बीच में बैठ कर पीठ पर दबाव डालने laga.waise करते करते वो थोड़ा आगे बाद गया.. अब शालिनी की निघ्त्य उसके आड़े बदन को hi धक् रही थी.. करीम उसको निकलने लगा.. उसने शालिनी के पेट से हाट डालके उसको निकलना चाहा तो वो सोई थी इस वजह वो निकल नहीं रहा था. शालिनी ने अपनी चेस्ट थोड़ी उठाकर उसे निकलने मई मदद की..
करीम अब मालिश करते हुई उसके हाथ शालिनी के चूचिओं के आस पास जाने लगे… ऐसे करने से वो उत्तेजित हो जाती. थोड़ी देर वैसे hi करीम मस्सगे करता रहा.. अब शालिनी से रहा नहीं जा रहा था... वो चाहती थी की वह उसके चूचिओं के साथ खेले …
शालिनी – बस सिर्फ पीट पर hi मालिश करते रहोगे या आगे बी करोगे.
करीम - तू घूम जा.. आगे भी कर देता हु.
शालिनी के घूमते hi वह फिरसे से उसके ऊपर चढ़ गया .
शालिनी - ठीक से मालिश करना जैसे अपनी बीवी की करते हो...
करीम – बीवी मालिश के बाद छोड़ने देते है.. तू तो दे नहीं रहे है…
शालिनी हसती है…

करीम- कभी कभी तो गांड भी देती है…
शालिनी – तो अपनी बीवी के पास जाओ.. यहाँ क्या कर रहे हो…
करीम- उसकी छूट और गांड रोज hi मरता हु.. अब वो बुद्धि भी वो गयी है.. सोच रहा हु तेरा जैसा नया माल रोज छोड़ने को मिलेगा तो मज़ा आ जायेगा…
शालिनी हसती है.. अब करीम उसके पेट पाई बैठ गया…
करीम- बोल न.. शालिनी रानी… तू मुझे छोड़ने को देगी क्या रोज…
शालिनी- आज का कोटा ख़तम हुआ.. आज सुब्बह hi दिया था न …
करीम – और एक बार ..
अब करीम शालिनी के दोनों हातो पकड़ के एक दूसरे को दूर करके पकड़ के रखता .. उसके सर से परेल्लल लाइन mai…aur आपने फेस शालिनी के चहरे के पास ले जाता है.. शालिनी वैसे hi आपने चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेती है… वैसे hi करीम उसके कान को किश करता है..
शालिनी- तुम देख के ऐसा नहीं लगता की मई अकेली हु .. तुम्हारा ऑप्शन..
करीम- हां..
शालिनी – और कोण है..
करीम- बता दू…
शालिनी- हां
करीम- पूर्वी
शालिनी – क्या… ऐसा नहीं हो सकता .. पूर्वी ऐसे नहीं है..
करीम- मेरे खाविश है की पूर्वी और तुजे एक साथ hi छोड़ दू .. एक hi बीएड पर..
शालिनी – सचमुच .. तुम्हारा और पूर्वी का है क्या..
करीम- अभी तक तो नहीं … लेकिन तुम पटके डौगी तो हो जायेगा..
शालिनी – वो वैसे नहीं है..
करीम- फिर भी कोशिश करो
शालिनी – कोशिश करती हु…
करीम – मज़ा आ जायेगा तुम दोनों को एक साथ छोड़ने मई..
शालिनी हसती है..

शालिनी – तुम पागल हो… ऐसा कैसे हो सकता है..
करीम- मेरी जान हो सकता है..
ये कहते हुई वो शालिनी की ब्रा के उप्पर से मालिश करता है…
करीम – इस को निकल दो..
शालिनी – इस के उप्पर से hi मालिश करो
शालिनी ने ऐसे कहते hi करीम उसके ब्रा को पकड़ता है और जोरसे उसको खींचता है… उस वजह से ब्रा थॉट जाता है..
शालिनी – थोड़ दी .. कल hi मेरे हस्बैंड ने लायी थी…
करीम- तुमने hi कहा न की बीवी के जैसे मालिश करो..
शालिनी हस्ती है…
शालिनी – तुम अपनी बीवी की मालिश ऐसे hi करते हो क्या..
करीम- हां.. ऐसे hi करता हु.. आज के रात तुम मेरे बीवी हो….
शालिनी फिर से हँसाने लगाती है…
करीम- आज रात के लिए बनोगी न मेरी बेगम…
शालिनी – मई तो शदीशुद्दा हु .. आलरेडी…
करीम- तो क्या हुआ .. एक रात के लिए मेरी बेगम बन जाओ…
शालिनी – न.. बाबा
करीम- क्या हुआ बेगम
शालिनी – मई अभी तक तुम्हारी बेगम नहीं बानी हु
करीम- तो बन जाओ
शालिनी के दोनों आम को आपने दोनों हातो मई लेके करीम जोरदार दबाता है..
शालिनी- आआआआह्ह्हह्हआआ…
Hhhhhhhhaaaaaaaaaaa….
Nahiiiiiiiiiii… बनाना है मुझे तुम्हारी बेगम ….
करीम- क्यों
ऐसे कहते हुई वो आपने हूंठ शालिनी के होंटो के पास लता है.. शालिनी आपने दोनों हाथो से करीम का चेहरा उप्पर करती है..
शालिनी – तुम बहोत बेहराम हो…
करीम- क्या बेरहमी की मैंने आपने बेगम के साथ..
शालिनी – मेरा कितना बुरा हाल किया तुमने सुबह.. अभी तक बदन दर्द कर रहा है.. अभी तक मई तुम्हारी बेगम नहीं बानी तो मेरा ये हाल है.. अगर मई तुम्हारी परमानेंट बेगम बानी तो तुम मुझे घूमने और चलने के काबिल बे नहीं छोड़ोगे…
करीम- ऐसे बात है तो आगे से मई अपनी बेगम का ख्याल अचे से रखूँगा… उसे ज्यादा तकलीफ नहीं दूंगा…
शालिनी – मई ने कहा न मई आपकी बेगम अभी तक नहीं बानी..
करीम उसका एक आम आपने मू मेल ेके उसे चूसने लगता है…
शालिनी – aaaaaaaaaaaaaaaahaaa….
Aaaaaaaaaaaahhhhaaaaa…..
करीम आपने दातो मई लेके उसे थोड़ा काटता है..
शालिनी – haaaaaaaaaaaaa…… कटु… ……… maaaaaaaaaaaattttttt…..
करीम- जैसे मेरे बेगम की विश
शालिनी – मई जानती हु .. तुम झूट बोल रहे हो..
करीम – कोनसा झूट
शालिनी – यही की तुम मेरे साथ बेरहमी नहीं दिखाओगे…
करीम – अरे… रीई… मैंने तो आपने बेगम की बात की तरफ ध्यान hi नहीं दिया
शालिनी – कोनसी बात
करीम – यही की मई तो आपको एक रात की बेगम बनाना चाहता था.. और हमारी नयी बेगम तो हमारी परमानेंट बेगम बनाना चाहती है….
इस बात पर शालिनी शर्माकर आपने दोनों हाथो से आपने चेहरा छुपा लेते है…
करीम- ारे शर्माओ मत मेरे बेगम…
करीम उसका हाथ उसके चहरे से हटा देता है….
करीम- क्या तुम हमारी परमानेंट बेगम बनाना चाहती हो
शालिनी कुछ नहीं बोलती
करीम – बोलो न बेगम
शालिनी – गलती से मुँह से निकल गया
करीम- एक बार क्या तुजे छोड़ा तो तुजे मेरा लुंड इतना पसंद आ गया क्या..
शालिनी कुछ नहीं बोलती…
करीम- क्या तुम हमारी बेगम बनाना पसंद करोगे.. आज रात के लिए..
शालिनी है मई गार्डन हिलती है..
करीम- तो तुम आज रात के लिए मेरे बेगम हो..
शालिनी – मुझे क्या करना होगा आपने शोहर के लिए आज रात भर…
करीम- क्या करोगे आपने शोहर के लिए
जो तुम कहो
ंगे
करीम – पहले तो आपने शौहर को तुम रेस्पेक्ट देखे बात करने होगी… मुझे तुम नहीं आप कहना पड़ेगा..
शालिनी – जीई… जैसे आपकी इच्छा
करीम- क्या करागि
शालिनी – मई अपनी जिंदगीभर आपको रेस्पेक्ट dungi...mai आपको आप कहके hi बुलाऊंगी...
करीम – दूसरी बात आपने नाम बदलना पड़ेगा..
शालिनी – जी चेंज कर दो… आप hi कोई अच्छा सा नाम दे दो…
करीम थोड़े देर सोचता है…
करीम – उज्मा… ये नाम ठीक रहेगा..
अब करीम आपने शर्ट निकल देता है.. और शालिनी की बरी बरी चूचिओं को मसलने लगा. उसके मुँह से सिसकारी निकलने लगी. उसने आँखें बांड कर ली.
अब करीम खड़ा हुआ और अपनी पंत और ुंदरपनत निकल के उसने उतर दी… उसका तना हुआ लुंड शालिनी के सामने था.. वो शर्माकर अपनी आँखे बंद करती है.. और चुप चुप के उसे देखते है…
करीम- मेरी उज़्मा बेगम…. शर्मा मत इससे खुल के देख…
शालिनी अपनी आँखे खोलती है..
शालिनी – सुबह तो आपके इस पर बाल ते .. अब कहा गए…
करीम – तुम्हारे लिए निकल के आया हु..
शालिनी – आप को पता था क्या.. की आपको यहाँ सब कुछ मिलेगा..
करीम – हां..
शालिनी - आगे से मई आपकी सेवा करुँगी... आप खुद मत निकालो इससे..
करीम आपने तना हुआ लुंड हाट मेल ेके हिलने लग गया
करीम- तुजे ये पसंद है..
शालिनी – आपने शोहर की हर चीज़ मुझे पसंद है..
करीम- पहले या दूसरे शोहर की..
शालिनी – आप मेरे अकेले शोहर हो.. वो मेरा हस्बैंड है.. मई आपने शोहर के लिए कुछ भी करुँगी…
करीमी – बहोत खूब… उज़्मा… बेगम…
खूब अच्छी तरह चूचिओं को मसलने के बाद करीम ने उसके टांगों पर मालिश करने लगा. उसके पंतय टांगों में फांसी हुई थी, जिसके आस पास वह खूब अच्छे से मालिश कर रहा था. अब उसके सामने शालिनी के विशाल चुतर थे. शालिनी ने छोटी सी जालीदार नायलॉन की पारदर्शी पिंक पंतय पहन राखी थी जो कुछ भी छुपा पाने में असमर्थ थी. ऊपर से शालिनी के चुतरों की आधी दरार कच्ची के बहार थी. फैले हुए मोठे चुतर करीब पूरे hi बहार थे. उसने उन मोठे मोठे चुतरों की जी भर के मालिश की जिससे कच्ची शूटरों से सिमट कर बीच की दरार में फँस गयी. अब तो पूरे चूतर hi नंगे थे.
मालिश करते करते करीम शालिनी के छूट के अस्स पास हाथ फेरने लगा और फिर फूली हुई छूट को मुठी में भर लिया. शालिनी की पंतय बिलकुल गीली हो गयी थी ..
शालिनी - इस्सस…. आआ…. क्या कर रहे हो आप . पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़….. छोर दो उसे, मैं मर जाउंगी.
करीम- मज़ा आया न उज़्मा…
अब शालिनी पलट gayi…Karim उसके टांगों के बीच में थोड़ा आगे खिसक गया और उसके पीठ पर मालिश करने लगा. ऐसा करने से उसका तना हुआ लावड़ा शालिनी के छूट से जा तक्र्य. अब उसके तने हुए लुंड और शालिनी की छूट के बीच छोटी सी पंतय थी. उसकी छूट का रास जालीदार पंतय से निकल कर उसके लुंड के सुपर को गीला कर रहा था. वह शालिनी के चूचिओं को दबाने लगा और अपने लुंड से उसके छूट पर ज़ोर डालने लगा. लुंड के दबाव के कारन पंतय छूट में घुसने लगी. बारे बारे नितम्बों से सिमट कर अब वो बेचारी पंतय उनके बीच की दरार में धंस गयी थी.
उसकी लुंड का सुपर शालिनी की जालीदार कच्ची को फरता हुआ उसके छूट में समां गया.
शालिनी - aaaaaah…….ooooh….ui मा. ोोूफ.. यह क्या कर रहे हो आप … मेरे शोहर.. मालिश के नाम पर आपने बेगम के साथ.. aaaaaaahhaaa…Mujhe नहीं मालिश करवानी.
करीम ने थोड़ा सा दबाव दाल कर आधा इंच लुंड और शालिनी की छूट में सरका दिया.
शालिनी - ाः …ोूह… िस्स्सस्स…. Chotuuuuuuuuuuuuuuuu… ने तो मेरी पंतय फर hi दी…….. ाआब मेरी छूट का क्या होगा…..
करीम - उज़्मा बेगम….. तू तो कुंवारी नहीं हैं. तुजे तो लुंड की आदत है…
शालिनी - ाः… मुझे मेरे हस्बैंड के छोटे लुंड की आदत है… शोहर के घोड़े जैसे बड़े लुंड की नहीं.
लेकिन शालिनी को दर्द के साथ मज़ा आ रहा था. उसने अपने चूतड़ों को हल्का सा उचकाया तो करीम का लुंड आधा इंच और शालिनी की छूट में सरक गया. अब करीम ने उज़्मा की कमर पाकर के एक और धक्का लगाया. करीम का लुंड कच्ची के छेड़ में से उज़्मा की छूट को दो भागों में चीरता होता हुआ 5 इंच अंडर घुस गया.
उज़्मा - आआआआआह… ahh….ahh. मर गयी ! छोर dijiye….meeree.. शोहर… मेरी पहात जाएगी. Oooh…Dheere राजा. अभी और कितना बाकी है? निकल लो इससे….
अपनी hi बेगम को कोई इतनी बेरहमी से छोड़ता है क्या.
करीम उज़्मा की चूचिओं को मसलते हुए बोलै …
करीम - अभी तो आधा hi गया है उज़्मा बेगम एक बार पूरा डालने दो फिर निकलूंगा.
उज़्मा- आप का क्या घोड़े का है क्या.. मेरी छूट आपके मूसल के लिए बहुत छोटी है
करीम ने धीरे धीरे दबाव दाल कर तीन इंच और अंडर पेल दिया.
करीम – मेरी जान.. उज़्मा बेगम … थोड़े से चूतर और ऊँचे करो न.
उज़्मा ने अपने भरी नितम्ब और ऊँचे कर दिए. अब उनकी छाती बीएड पर तिकी हुई थी. इस मुद्रा में उज़्मा की छूट करीम का लुंड पूरा निगलने के लिए तैयार थी. अब करीम ने उज़्मा के शूटरों को पाकर के बहुत ज़बरदस्त धक्का लगाया. पूरा 10 ऊंच का लावड़ा उज़्मा की छूट में जार तक समां गया.
उज़्मा - aaaaaaaaaaaaah……….
मार डाला ……. ोोूह .… ाः ….. अघ …. ुइ …si….aah… ाः….. ोीी….. maaaa……kitne जालिम हो आप ..ah….aise छोड़ा जाता है क्या अपनी बेगम को क्या.. पूरा 10 इंच का मूसल घुसेड़ दिया.
उज़्मा की छूट में से थोड़ा सा खून भी निकल आया. अब करीम धीरे धीरे लुंड को थोड़ा सा अंडर बहार करने लगा. उज़्मा का दर्द काम हो गया था और वो भी चुतरों को पीछे की और उचका कर लुंडको अंडर ले रही थी. अब करीम भी लुंड को सुपर तक बहार निकल कर जार तक अंडर पेलना शुरू कर दिया. उज़्मा की छूट इतनी गीली थी की उसमे से पहच पहच की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.
उज़्मा - आप तो सांड की तरह चढ़ कर छोड़ रहे हो अपनी फूल जैसे कोमल बेगम को. ज़िन्दगी में पहली बार किसी ने ऐसे छोड़ा है. Aaah…..aa..aaa.h…..ooooh..oh.
अब करीम ने लुंड को बिना बहार निकाले उज़्मा की फटी हुई पंतय को पूरी तरह फर कर उनके जिस्म से अलग कर दिया. उज़्मा अब बिलकुल नंगी थी. चूतर उठाई उनके चौरे नितम्ब और बीच में से मुंह खोले निमंत्रण देती, काली लुम्बी झाटों से भरी छूट बहुत hi सूंदर लगा रही थी.
भारी भारी शूटरों के बीच गुलाबी गांड के छेड़ को देख कर तो करीम ने निश्चय कर लिया की अब मेरे बेगम की गांड ज़रूर मारनी पड़ेगी. बिलकुल नंगी करने के बाद करीम ने फिर अपना 10 इंच का लावड़ा उज़्मा की छूट में जार तक पेलना शुरू कर दिया. उज़्मा की छूट के रास करीम क्र लुंड को लगा हुआ था. उसने छूट के रास में ऊँगली गीली करके उज़्मा की गांड में सरका दी.
उज़्मा - ुइ माँ…… आह …क्या कर रहे हो आप ..
करीम - कुछ नहीं बेगम तेरा ये वाला छेड़ दुखी था की उसकी ओरे कोई ध्यान नहीं दे रहा. मैंने सोचा इसकी भी सेवा कर दूँ.
ये कह कर करीम ने अपनी पूरी ऊँगली उज़्मा की गांड में घुसा दी.
उज़्मा - aaaaah…oooh…agh… धीरे राजा, एक छेड़ से आप का दिल नहीं भरा जो दुसरे के पीछे परे हो आप…
उज़्मा को गांड में ऊँगली डलवाने में मज़ा आ रहा था. करीम ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मरने शुरू कर दिए. उज़्मा शायद दो तीन बार जहर चुकी थी क्योंकि उनकी छूट का रास बाह कर करीम अमरूदों को भी गीला कर रहा था. 15- 20 धक्कों के बाद करीम भी जहर गया और ढेर सारा वीर्य उज़्मा की छूट में उंडेल दिया. उज़्मा भी इस भयंकर चुदाई के बाद पसीने से तर हो गयी थी. वीर्य उसके छूट में से बहार निकल कर टांगों पर बहाने लगा. उज़्मा निढाल हो कर बीएड पर लेत गयी.
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फिर दोनों थके हुई थे तो नंगे hi सो गए … करीम भी वही सो गया.. सुबह जब शालिनी का फ़ोन बजा तो दोनों नींद से जग गए … रात को लेट सोने की और थकावट की वजह से दोनों को उतने मई थोड़ा टाइम लगा…. उठाते hi करीम फिर से शुरू हो गया .. उसने शालिनी को आपने बहू मई ले लिया…
करीम - कैसा लगा बेगम …. आपने शोहर से छुड़वाना…. अब रोज छुड़वाना चाहोगी क्या आपने इस शोहर से या नहीं..
शालिनी - मैं कब मन कर रही हूँ? अब आपकी बेगम बानी हुई हु अब क्या शर्माना. इतना मोटा लुम्बा लुंड तो बहुत hi किस्मत से नसीब होता है. अच्छा अब मुझे जाने दे मेरे मिया आपने तो मेरी छूट का बंद बजा दिया है.
अब करीम उसके गांड के पीछे पड़ता है.. लेकिन वो नहीं बोलती है ..
शालिनी - लेट हुआ है.. मई निचे जा रही हु..
































































































































