लखन : (आस्चर्यसे देखते) हम मां बेटीने..? मतलब..? मे कुछ समजा नही.. क्या मुजे बता सकती हो..?
नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते) हां जीजु.. मे ओर मम्मी.. अब सीर्फ मां बेटी नही हे.. दोनो अेक पकी सहेली भी होगइ हे.. जो हर बात हम दोनो अेक दुसरेसे सेर करते हे.. मुजे आसंकाये तो थी.. लेकीन इस बात उसने मुजसे छीपाइ.. की वो आपसे प्यार करती हे.. जीजु.. प्लीज.. ये बात कीसीको कहीयेगा नही.. मम्मीको भी नही.. समज गयेनां..? मे आपको अभी कुछ नही बता सकती.. समय आनेपे आपको सबकुछ बता दुगी.. अभी मुजे सीर्फ इतना पता हे.. की मेने आपकी सर्त मानने मे कोइ गलती नही की..
लखन : (हसते) हंम.. थेन्क्स.. मतलब तुम मां बेटी सचमे सहेलीया हो गइ हो.. हें..हें..हें.. जो इस तराहकी सभी बाते सेर करती हो.. ठीक हे.. मे तुम दोनोका खयाल रखुगा.. क्या तेरी मम्मीको भी पता हे तेरा रीलेशन धिरेनके साथ हे..?
नीलम : (थोडा डरते जटसे) अरे नही नही.. जीजु.. प्लीज.. इनको इस बारेमे कुछ मत कहेना.. इस बारेमे मेने मम्मीको कुछ नही बताया.. उसे पता चला तो वो मेरी पढाइ रुकवा देगी.. ओर धिरेनसे सादी भी नही होगी.. जीजु.. स्कुल आ गया हे.. ये बात मे आपको बादमे बतादुगी.. प्ली..ज..
लखन : (मुस्कुराते) ठीक हे नीलु.. तु फीकर मत कर.. इस बातका तेरी मम्मीको कभी पता नही चलेगा.. आइ प्रोमीस..
नीलम : (सरमाते धीरेसे) जीजु.. थेन्क्स.. वो.. वो.. मम्मी केह रही थी.. मेरे कुछ कपडे लेने हे..
लखन : (मुस्कुराते) हां.. हम दो दिनमे घर जा रहे हे.. तो इनसे पहेले कपडे लेलेगे.. मुजे तेरी मम्मीके लीये भी सोपींग करनी हे.. तो हम तीनो कल लेने जायेगे.. तुजे जो भी लेना हो ले लेना..
नीलम : (मनमे खुस होते) जीजु.. थेन्क्स.. बस.. अैसे ही मेरा खयाल रखीयेगा..
फीर लखन नीलमको स्कुलपे ड्रोप करते उसे अेक हजार रुपीये हाथ खर्चीका देता हे.. जीसे नीलम बहुत खुस होगइ.. ओर हसते हुअे स्कुलमे चली गइ.. तभी लखनकी मोबाइलमे मेसेजका रींग टोन बजा.. तो लखन देखने लगा.. देखा तो पुनमका मेसेज था.. तो लखन विडीयो क्लीप देखने लगा.. फीर उसने धिरेन ओर पुनमके बीच हुअे जगडेकी क्लीप भी सुनी.. जीसे सुनकर लखन बहुत आग बबुला हो गया..
लखन : (पुनमको फोन लगाते) दीदी..
पुनम : (लखनका फोन देखते ही उठाकर रोते) लखन भैया.. मुजे माफ करदो.. मुजे माफ करो.. आइ अेम सोरी.. मुजसे बहुत बडी गलती होगइ..
लखन : (जोरसे) बस.. दीदी.. रोइअे मत.. आपको मेरी कसा.. अभी आपका भाइ जीन्दा हे.. आपको कुछ होने नही दुगा.. कहा हे वो कमीना.. कुता..?
पुनम : (आंसु पोछते) भाइ.. वो जगडा करके बेन्कपे चला गया हे.. वो मुजे ओर चंदा भाभीको ना जाने क्या क्या केह रहा था.. आपने सब सुनानां..?
लखन : (सांत लहेजेमे) हां दीदी.. मेने सब सुना.. ओर देखा भी.. बस.. इतना बता दीजीये उसने आपपे हाथ नही उठायानां..?
पुनम : (थोडी सांत होते) नही भाइ.. क्या आपके होते हुअे उनमे इतनी हिंमत हे.. जो आपकी दीदीपे हाथ उठाये..? भाइ.. मे धिरेनके साथ नही रहेना चाहती.. कल मे घर चली जाउगी.. भाइ.. आपने मुजे माफ तो करदीयानां..?
लखन : (मुस्कुराते) दीदी.. मे आपसे नाराज ही कब था..? बस.. आपको अपनी गलतीका अहेसास करवाना चाहता था.. ओर गलती मेरी भी थी.. जो मे अपनी मर्यादा भुल गया था..
पुनम : नही भाइ.. आपने कोइ मर्यादा नही लांधी.. वो हम मीलेगे तब आपको बताउगी..
लखन : दीदी.. आप फीकर मत करो.. हम दोनो बहुत जल्द मीलेगे.. अभी तो भाभीके पास उनकी दोस्तकी क्लीनीकपे जा रहा हु.. फीर आपसे बात करुगा.. ओके.. बाय..? अपना खयाल रखना..
पुनम : (मुस्कुराते) जी भाइ.. बाय..

लखन गुस्सेपे कंट्रोल करते वापस क्लीनीककी ओर चला गया.. तो वहा क्लीनीकपे लखनके जाते ही सृती अंदर चली गइ थी.. तो वहाकी रीसेपनीस्ट उसे पहचान गइ.. ओर सृतीको लेकर अंदर चली गइ.. तब उनकी फ्रेन्ड अेक पेसन्टको देख रही थी.. तो सृतीको देखते ही उनके गले लग गइ.. फीर सृती सामनेकी चेरपे बैठ गइ.. उनकी दोस्तने वो पेसन्टका काम नीपटा दीया.. ओर सृतीके सामने मुस्कुराते बैठ गइ..
आइअे अेक ओर केरेक्टरका परीचय करवादु.. ये वोही सृतीकी फ्रेन्ड हे जो सृतीकी मम्मी ओर नीर्मला इसे दिखाने आइ थी.. जो सृतीकी क्लासमेट थी.. नाम हे भावीका बहुत ही सेक्सी.. ओर चुदवानेकी सौकीन.. कोलेजमे कइ लंडोका स्वाद ले चुकी हे.. इनमे प्रोफेसर भी बाकात नही हे.. डलक्टर बननेके बाद अेक डोक्टरसे सादी करली.. लेकीन दुर्भाग्यसे वो साला गांडु नीकला..
तो भावीकाने उसे डीवोर्स देदीया.. ओर खुदकी क्लीनीक सुरु करदी.. ओर सबसे छुपकर इलीगल अेबोर्सनका काम करने लगी.. तब अेक दिन मंत्रीका लडका अपनी गर्लफ्रेन्डको लेकर अेबोर्सन करवाने आया.. ओर उनका दिल भाभीकाके उपर आ गया.. ओर भावीकाके साथ लाइन मारने लगा.. तो भावीकाको भी पता चलाकी इनका बाप बहुत बडा मंत्री हे.. तो भावीका भी उनको लाइन देने लगी..
क्युकी उसने ये सोचाकी इलीगल काममे वो कभी भी फस सकती हे.. अगर मंत्री उनका ससुर होगा तो वो ये धंधा बीन्दास्त कर सकती हे.. भावीका ओर मंत्रीका बेटा पहेली बार डुटपे कोफी पीने गये.. ओर दुसरी बार अेक बडी होटेलमे डीनरके लीये गये.. तब मंत्रीके बेटेने होटेलमे अेक रुम रखा था.. इस बातका भावीकाको भी पता था.. ओर दुसरी मुलाकातमे ही भावीकाने मंत्रीके बेटेको अपने उपर चडा दीया..

वहा दोनोने जमकर चुदाइ की.. तो भावीकाको मंत्रीके बेटेका लंड भी पसंद आ गया.. फीर दोनोने डीनर करलीया तब मंत्रीके बेटेने उनसे सादीकी करनेकी इच्छा जाहीर की.. ओर अेक ही महीनेमे दोनो सादीके बंधनमे बंध गये.. फीर क्या..? भावीका अब बीन्दास्त अवैध रीस्तोका अेबोर्सन करती.. ओर रातमे जमकर अपने पतीका बीस्तर गरम करती.. तो ये हे सृतीकी बेस्ट फ्रेन्ड डो. भाजीका..