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रमा : (लखनके पास आकर बैठते लंडको थामते) लखनजी.. आपका पानी तो नीकल गया.. ये तो अब भी अैसे ही सख्त होके खडा हे.. आपने कुछ गोली बोली खाइ हे क्या..?
लखन : (रमाके बुब्स मसलते होठोको चुमते) नही भाभी.. मैने कोइ गोली नही खाइ.. ओर मुजे गोलीओकी जरुरत भी नही हे.. ये सब मुजे दि गइ जडी बुटीका कमाल हे.. अब मे कीतनी बार चोदकर पानी नीकालु.. मे थकता ही नही.. ओर ये भी अब अैसे ही खडा रहेगा.. भाभी.. ये तो मेरा शेर हे.. देखना आपकी गुभामे जाकर कैसे धहाड मारता हे.. अब आइअे आपको असली मजा देता हु..
रमा : (सर्मकार होते बेठपे आकर लेटते) क्या आप थकते भी नही..? ओ बापरे.. लगता हे आज तो पुरी रात मेरी खैर नही.. लखनजी.. प्लीज.. धीरे धीरे करना.. मुजे बहुत डर लग रहा हे..
लखन : (पासमे लेटते) अरे भाभी मे प्यारसे डालुगा.. आपको कुछ नही होगा.. यही समजलो आज हम दोनोकी सुहागरात हे.. हम दोनो पुरी रात जागेगे.. बस.. आपको पहेली बार करवाते दर्द हुआ था.. अैसा मामुली दर्द होगा ओर कुछ नही..
रमा : (सरमाते धीरेसे) पहेली बार कहा दर्द हुआ था.. मेरा पती तो साला नामर्द था.. आपके भाइने ही मेरी सील तोडी हे.. तब थोडासा दर्द हुआ था.. जब हम दोनो पहेली बार मीले थे..
लखन : (मुस्कुराते) हां तो बस अैसा ही दर्द होगा.. आप गभराइअे नही..
कहेते लखन रमा भाभीके उपर चडकर लेट गया.. ओर उनके बुब्सको थामते उनके होठोको चुमने लगा.. तो रमा भाभी लखनकी गरदनमे अेक हाथ डालकर उनको अपनी बाहोमे भरते लखनको अपने तनसे चीपका लेती हे.. ओर इखनके होठोको चुमते लखनका साथ देने लगती हे.. तब लखनका लंड रमाभाभीकी चुतमे ठोकरे मारते जटके देने लगा.. जो रमाभाभी अपनी चुतमे साफ महेसुस कर सकती थी..
वो फीरसे उतेजीत होते बहुत जोसमे आगइ.. ओर लखनको जोरोसे अपने तनसे चीपकाने लगी.. जैसे लखनके अंदर समा जाना चाहती हो.. रमा भाभीकी चुत लगातार पानी बहा रही थी.. तो उसने धीरेसे अेक हाथ नीचे लेजाकर लखनके लंडको अपनी मुठीमे पकडलीया.. ओर धीरेसे मसलते अपनी चुतपे घीसते लंडको गीला करने लगी.. जीसे लखन बहुत ही तावमे आ गया.. ओर जोरोसे बुब्सको चुमते काटने लगा..

रमा : (उतेजनाके नशेमे) उइ..मां.. लखनजी.. प्लीज.. काटीये मत.. प्यारसे चुसीयेनां.. बहुत मजा आ रहा हे.. अब धीरेसे डालना सुरु कीजीये.. मुजसे रहा नही जाता..
लखन : (बुब्स चुसते) अरे भाभी.. अैसे कैसे अभी थोडा मजा तो लेने दीजीये.. हम आरामसे करते हेनां..
रमा : (र्सासार होते सरको सहेलाते) लखनजी.. प्लीज डालीयेनां.. हमारे पास पुरी रात पडी हे.. फीर आपको जीतना प्यार करना हो करते रहीयेगा.. अभी मुजसे बरदास्त नही हो रहा.. प्लीज.. डालीयेनां.. क्यु अपनी भाभीको तडपा रहे हो..
इधर दोनो अेक दुसरेमे समाजानेकी जल्दीमे थे.. तो बहारकी ओर सृती ओर लता भी दोनोकी बाते सुनकर बहुत गरम होगइ थी.. तब लताने सृतीको पीछेसे अपनी बाहोमे पकडे रखाथा.. ओर अपना सर सृतीके कंधेपे रखते दोनो अंदरका नजारा देखते.. कामुक बातोको सुन रही थी.. तब लताने धीरेसे सृतीके दोनो बुब्सको अपने हाथोमे थाम लीया ओर धीरेसे मसलते दबाने लगी.. तो सृती भी तावमे आगइ..
सृती : (धीरेसे कामुक आवाजमे) कमीनी क्या कर रही हे..? छोड मुजे.. वरना हम दोनोको अभी अंदर भागना पडेगा.. अभी तो इस कमीनीकी चीखे सुननी हे..
लता : (पीछेसे गालको चुमते कानमे) भाभी.. मे हुनां.. फीकर मत करो.. कहोतो कल लखनको आपके पास भेजदु..? हंम.. फीर देखो.. वो कैसे आपकी भी चीखे नीकलवाते हे.. हें..हें..हें..
सृती : (सरमसे पानी पानी होते धीरेसे) लता प्लीज.. अभी मजाक नही.. अंदर देखने देनां.. देख दोनोने पोजीसन लेली हे.. अब कुछ ही देरमे रमाभाभीका काम तमाम.. देख वो कैसे चीलाती हे..
रमाने लखनके लंडको अपनी चुतपे धीसते जैसेही लंड गीला हो गया.. उसने धीरेसे अपनी चुतके लव होलमे थोडासा फसालीया.. ओर लखनके लंडको अपनी चुतका रास्ता दीखा दीया.. तो लखनने रमाके दोनो हाथ पंजोसे पकडकर पोजीसन लेली.. ओर रमाके होठोको चुमते उसने लीपलोक करलीया.. ताकी रमाकी चीख उनके कुहमे ही दब जाये.. रमा अब होने वाले हमलेसे पुरी तराह सतर्क थी..
वो लखनकी आंखोमे आंखे बडी करते देखती रही.. लखनको रमाकी आंखोमे वासना साफ दीखाइ दे रही थी.. उसने लीपलोक करते रमाकी ओर देखा.. तो रमाने हां मे गरदन हीलाइ.. ओर लखनने अपनी कमरको पुस करते अेक जटका मारा.. लखनका आधा लंड रमाकी चुतको चीरता हुआ अंदर खुस गया.. ओर रमाकी आंख बडी होगइ.. वो लखनसे अपने दोनो हाथ ओर मुह छुडानेके लीये छटपटाने लगी..

जैसे तैसे करते उसने लखनसे मुह छुडालीया.. ओर जोरोसे चीखते अपने दोनो पैर बेडपे पटकने लगी.. उनकी आंखोसे आंसु बहेने लगे.. रमाकी चुतसे हल्कासा खुन भी नीकल गया.. वो इतना जोरसे चीलाइ.. की बाजुके रुममे उनकी बेटी नीलम सोइ हुइ थी.. जो रमाकी चीख उनको भी सुनाइ दी.. तो वोभी अपने बेडपे बैठ गइ.. ओर आजु बाजु देखने लगी.. की क्या हुआ..? वो अभी कुछ सोच रही थी.. तभी उसे फीरसे रमाकी चीख सुनाइ दी..
क्युकी लखनने देर ना करते अेक जटका ओर मारा था.. तो लखनका पुरा लंड रमाकी चुतको फाडके अंदर घुस गया.. तो रमा फीरसे चीखकर बेहोस होगइ.. तब लखनने देर ना करते हाथके बल उचा होगया.. ओर रमाको जोरोसे कमर हीलाते चोदने लगा.. लखनको अपने लंडपे बहुत ही गरमाहट महेसुस हो रही थी.. लेकीन उसने उनपे ध्यान नही दिया ओर रमाकी ताबडतोब चुदाइ करने लगा..

रमा बेहोसीमे भी मुह बीगाडते अैसे ही आंसु बहाते लेटी रही.. लखनके हर धके के साथ उनके दोनो बुब्स तालमेलमे उछल रहे थे.. रमाकी चीखे सुनकर लता ओर सृती बहुत खुस हुइ.. फीर दोनो लखन रमाकी चुदाइ देखते लगी.. ओर अैसा कामुक द्नष्य देखते सृती ओर लता भी उतेजीत होकर बहुत ही गरम होगइ.. सृती फौरन लताकी ओर घुम गइ.. ओर लताकी कमरमे हाथ डालते उसने लतासे अपने होठोको सटालीये..

दोनो ही अेक दुसरेके होठोका रसपान करने लगी.. तब अंदरकी ओर रमाकी दुसरी चीख सुनकर नीलम भी गभराते बहार नीकल गइ.. ओर अपने मम्मीके कमरेके पास जाकर दरवाजेको हल्केसे धका मारने लगी.. लेकीन रमाके रुमका दरवाजा अंदरसे लोक था.. तो उसे अपनी मम्मीपे कुछ आसंकाये होने लगी.. क्युकी वो कइ बार रमा ओर लखनके बीच चल रही आंख मीचोली देख चुकी थी..
लखन : (रमाके बुब्स मसलते होठोको चुमते) नही भाभी.. मैने कोइ गोली नही खाइ.. ओर मुजे गोलीओकी जरुरत भी नही हे.. ये सब मुजे दि गइ जडी बुटीका कमाल हे.. अब मे कीतनी बार चोदकर पानी नीकालु.. मे थकता ही नही.. ओर ये भी अब अैसे ही खडा रहेगा.. भाभी.. ये तो मेरा शेर हे.. देखना आपकी गुभामे जाकर कैसे धहाड मारता हे.. अब आइअे आपको असली मजा देता हु..
रमा : (सर्मकार होते बेठपे आकर लेटते) क्या आप थकते भी नही..? ओ बापरे.. लगता हे आज तो पुरी रात मेरी खैर नही.. लखनजी.. प्लीज.. धीरे धीरे करना.. मुजे बहुत डर लग रहा हे..
लखन : (पासमे लेटते) अरे भाभी मे प्यारसे डालुगा.. आपको कुछ नही होगा.. यही समजलो आज हम दोनोकी सुहागरात हे.. हम दोनो पुरी रात जागेगे.. बस.. आपको पहेली बार करवाते दर्द हुआ था.. अैसा मामुली दर्द होगा ओर कुछ नही..
रमा : (सरमाते धीरेसे) पहेली बार कहा दर्द हुआ था.. मेरा पती तो साला नामर्द था.. आपके भाइने ही मेरी सील तोडी हे.. तब थोडासा दर्द हुआ था.. जब हम दोनो पहेली बार मीले थे..
लखन : (मुस्कुराते) हां तो बस अैसा ही दर्द होगा.. आप गभराइअे नही..
कहेते लखन रमा भाभीके उपर चडकर लेट गया.. ओर उनके बुब्सको थामते उनके होठोको चुमने लगा.. तो रमा भाभी लखनकी गरदनमे अेक हाथ डालकर उनको अपनी बाहोमे भरते लखनको अपने तनसे चीपका लेती हे.. ओर इखनके होठोको चुमते लखनका साथ देने लगती हे.. तब लखनका लंड रमाभाभीकी चुतमे ठोकरे मारते जटके देने लगा.. जो रमाभाभी अपनी चुतमे साफ महेसुस कर सकती थी..
वो फीरसे उतेजीत होते बहुत जोसमे आगइ.. ओर लखनको जोरोसे अपने तनसे चीपकाने लगी.. जैसे लखनके अंदर समा जाना चाहती हो.. रमा भाभीकी चुत लगातार पानी बहा रही थी.. तो उसने धीरेसे अेक हाथ नीचे लेजाकर लखनके लंडको अपनी मुठीमे पकडलीया.. ओर धीरेसे मसलते अपनी चुतपे घीसते लंडको गीला करने लगी.. जीसे लखन बहुत ही तावमे आ गया.. ओर जोरोसे बुब्सको चुमते काटने लगा..

रमा : (उतेजनाके नशेमे) उइ..मां.. लखनजी.. प्लीज.. काटीये मत.. प्यारसे चुसीयेनां.. बहुत मजा आ रहा हे.. अब धीरेसे डालना सुरु कीजीये.. मुजसे रहा नही जाता..
लखन : (बुब्स चुसते) अरे भाभी.. अैसे कैसे अभी थोडा मजा तो लेने दीजीये.. हम आरामसे करते हेनां..
रमा : (र्सासार होते सरको सहेलाते) लखनजी.. प्लीज डालीयेनां.. हमारे पास पुरी रात पडी हे.. फीर आपको जीतना प्यार करना हो करते रहीयेगा.. अभी मुजसे बरदास्त नही हो रहा.. प्लीज.. डालीयेनां.. क्यु अपनी भाभीको तडपा रहे हो..
इधर दोनो अेक दुसरेमे समाजानेकी जल्दीमे थे.. तो बहारकी ओर सृती ओर लता भी दोनोकी बाते सुनकर बहुत गरम होगइ थी.. तब लताने सृतीको पीछेसे अपनी बाहोमे पकडे रखाथा.. ओर अपना सर सृतीके कंधेपे रखते दोनो अंदरका नजारा देखते.. कामुक बातोको सुन रही थी.. तब लताने धीरेसे सृतीके दोनो बुब्सको अपने हाथोमे थाम लीया ओर धीरेसे मसलते दबाने लगी.. तो सृती भी तावमे आगइ..
सृती : (धीरेसे कामुक आवाजमे) कमीनी क्या कर रही हे..? छोड मुजे.. वरना हम दोनोको अभी अंदर भागना पडेगा.. अभी तो इस कमीनीकी चीखे सुननी हे..
लता : (पीछेसे गालको चुमते कानमे) भाभी.. मे हुनां.. फीकर मत करो.. कहोतो कल लखनको आपके पास भेजदु..? हंम.. फीर देखो.. वो कैसे आपकी भी चीखे नीकलवाते हे.. हें..हें..हें..
सृती : (सरमसे पानी पानी होते धीरेसे) लता प्लीज.. अभी मजाक नही.. अंदर देखने देनां.. देख दोनोने पोजीसन लेली हे.. अब कुछ ही देरमे रमाभाभीका काम तमाम.. देख वो कैसे चीलाती हे..
रमाने लखनके लंडको अपनी चुतपे धीसते जैसेही लंड गीला हो गया.. उसने धीरेसे अपनी चुतके लव होलमे थोडासा फसालीया.. ओर लखनके लंडको अपनी चुतका रास्ता दीखा दीया.. तो लखनने रमाके दोनो हाथ पंजोसे पकडकर पोजीसन लेली.. ओर रमाके होठोको चुमते उसने लीपलोक करलीया.. ताकी रमाकी चीख उनके कुहमे ही दब जाये.. रमा अब होने वाले हमलेसे पुरी तराह सतर्क थी..
वो लखनकी आंखोमे आंखे बडी करते देखती रही.. लखनको रमाकी आंखोमे वासना साफ दीखाइ दे रही थी.. उसने लीपलोक करते रमाकी ओर देखा.. तो रमाने हां मे गरदन हीलाइ.. ओर लखनने अपनी कमरको पुस करते अेक जटका मारा.. लखनका आधा लंड रमाकी चुतको चीरता हुआ अंदर खुस गया.. ओर रमाकी आंख बडी होगइ.. वो लखनसे अपने दोनो हाथ ओर मुह छुडानेके लीये छटपटाने लगी..

जैसे तैसे करते उसने लखनसे मुह छुडालीया.. ओर जोरोसे चीखते अपने दोनो पैर बेडपे पटकने लगी.. उनकी आंखोसे आंसु बहेने लगे.. रमाकी चुतसे हल्कासा खुन भी नीकल गया.. वो इतना जोरसे चीलाइ.. की बाजुके रुममे उनकी बेटी नीलम सोइ हुइ थी.. जो रमाकी चीख उनको भी सुनाइ दी.. तो वोभी अपने बेडपे बैठ गइ.. ओर आजु बाजु देखने लगी.. की क्या हुआ..? वो अभी कुछ सोच रही थी.. तभी उसे फीरसे रमाकी चीख सुनाइ दी..
क्युकी लखनने देर ना करते अेक जटका ओर मारा था.. तो लखनका पुरा लंड रमाकी चुतको फाडके अंदर घुस गया.. तो रमा फीरसे चीखकर बेहोस होगइ.. तब लखनने देर ना करते हाथके बल उचा होगया.. ओर रमाको जोरोसे कमर हीलाते चोदने लगा.. लखनको अपने लंडपे बहुत ही गरमाहट महेसुस हो रही थी.. लेकीन उसने उनपे ध्यान नही दिया ओर रमाकी ताबडतोब चुदाइ करने लगा..

रमा बेहोसीमे भी मुह बीगाडते अैसे ही आंसु बहाते लेटी रही.. लखनके हर धके के साथ उनके दोनो बुब्स तालमेलमे उछल रहे थे.. रमाकी चीखे सुनकर लता ओर सृती बहुत खुस हुइ.. फीर दोनो लखन रमाकी चुदाइ देखते लगी.. ओर अैसा कामुक द्नष्य देखते सृती ओर लता भी उतेजीत होकर बहुत ही गरम होगइ.. सृती फौरन लताकी ओर घुम गइ.. ओर लताकी कमरमे हाथ डालते उसने लतासे अपने होठोको सटालीये..

दोनो ही अेक दुसरेके होठोका रसपान करने लगी.. तब अंदरकी ओर रमाकी दुसरी चीख सुनकर नीलम भी गभराते बहार नीकल गइ.. ओर अपने मम्मीके कमरेके पास जाकर दरवाजेको हल्केसे धका मारने लगी.. लेकीन रमाके रुमका दरवाजा अंदरसे लोक था.. तो उसे अपनी मम्मीपे कुछ आसंकाये होने लगी.. क्युकी वो कइ बार रमा ओर लखनके बीच चल रही आंख मीचोली देख चुकी थी..














