- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 33,447
अपडेट 47
सुनील: सोनल बोर्ड्स ऑफ़ मेंबर की आज मीटिंग hai..tum ऑफिस आ जाना....
सुनील ने ब्रेकफास्ट के दौरान सोनल की और देखकर kaha...sabhi फॅमिली मेंबर्स डाइनिंग टेबल पर मौजूद थे...
सोनल: डैड आपकी जानकारी के लिए बता du...mene अपने साड़ी शेयर्स अवि के नाम ट्रांसफर कर दिए है इसलिए अब म आपकी कंपनी की बोर्ड मेंबर नहीं हु..
सोनल ने नास्ता करते हुए बड़े hi इत्मीनान से जवाब diya..jabki ये सुनकर काफी लोगो के मुँह खुल गए the...ye सुनकर सुनील ठगा सा रह गया...
सुनील: है तुमने बताया था मुझे hi याद नहीं आया....
सुनील ने जैसे जबर्ज़स्ती जवाब diya...m चुपचाप अपना नास्ता करने पर लगा था क्योंकि मुझे पता था की सोनल खुद इनको जवाब दे सकती है...
रवि: क्यों भाई तुमने अपने शेयर्स अवि के नाम क्यों kiye...ham तुम्हारे फ्यूचर हस्बैंड को क्या जवाब देंगे..
अंकल ने सोनल दी की और दखकर कहा...
सोनल: क्योंकि अंकल मेरे पास अपनी एजेंसी का hi बहुत लोड hai..mujhse टाइम मैनेज नहीं हो प् रहा tha...aur रही बात फ्यूचर हस्बैंड की तो अवि मेरी लाइफ मई सबसे पहले आता है...
दी ने बिना कोई झिजक के मेरी और देखा और उनसे बोलै...
निधि: वह भाई बड़ा प्यार है तुम दोनों भाई बहिन मई to..aur एक ये है हर वक़्त बस लड़ने मरने को तैयार रहते है..
आंटी ने शीतल और अभय की और इशारा करते हुए कहा...
सुनील: है भाई प्यार तो कुछ ज्यादा hi है...
डैड ने दी की और देखते हुए शायद टोंट maara...phir हम सब नास्ता करने लगे...
शीतल: सोनल... म भी आज तेरे साथ तेरे ऑफिस चालू... म अकेली यहाँ बोर हो जाती हु यर..
शीतल सोनल के रूम मई आकर उससे कहती है...
सोनल: ok जैसी तेरी मर्ज़ी है...
सोनल ने अपना बेग उठाते हुए कहा....
अवि: कहा yr...m भी तो चल रहा हु न...
मेने अंदर आते हुए दी को जाते देख कहा...
सोनल: तुझे आज माँ के साथ मार्किट जाना है...
दी ने मुझे देखते हुए कहा....
अवि: ो यर म तो भूल hi गया tha..mujhe माँ के साथ घर का सामान लेने जाना hai...ok म बाद मई आ जाऊंगा...
मेने दी को हुग करते हुए कहा...
सोनल: ok मेरी जान...
दी ने मुझे गाल पर किश करते हुए कहा...
शीतल: यर म भी तो तेरी बहिन हु मुझे भी तो गले से laga..m भी तो सोनल के साथ जा रही हु...
शीतल दी ने बांहे फैलाते हुए कहा...
अवि: ओह्ह मेरी बहिन...
मेने भी शीतल को हुग करते हुए kaha...dii ये देख मुस्कुराते हुए बहार जाने लगी..
अवि: आह्हःइसशहहह...
मेरे मुँह से एक सिसकारी nikli..kyonki शीतल दी ने मेरा लुंड जीन्स के ऊपर से hi पकड़कर दबा डाला tha...aur इससे पहले म कुछ और समझता वो मुझ से अलग हुयी और अपने दांतो को दांतो से काटा और मेरी और आँख मारकर बहार चली गयी.....
अवि: ो बस ये क्या tha...sheetal दी ने ऐसा क्यों kiya...ab इसे भी मेरा लुंड चाहिए kya..ha क्यों nahi...wo भी तो अपने hi सेज भाई से चुद रही hai...agar सोनल को पता चल गया न तो इसे जान से मार देंगी...
म बीएड पर बैठते हुए खुद सोचे जा रहा था..
अवि: हो सकता है उन्हिओंने मजाक मई ये हरकत की hai..wo बोल भी तो रही थी की वो मेरी साली लगती है सोनल के रिश्ते se..mujhe लगता ही म कुछ ज्यादा hi सोच रहा हु..
कुछ देर बाद म नीचे आने laga...dad,uncle और रिया भी निकल चुके थे... म माँ के रूम की और जाने लगा तो मेने देखा की निधि आंटी माँ के दुर के बहार कड़ी हुयी थी और उनका एक हाथ अपनी साड़ी के अंदर tha...wo शायद अपनी छूट मई उंगलिया चला रही थी...
म कुछ समझ नहीं पा रहा tha...m वापस मुड़ने hi वाला hi था..
अवि: माँ के रूम मई ऐसा क्या हो रहा है जिसे देख अनूठी का ये हाल हो रहा hai...wese यार आंटी का जिस्म भी माँ की तरह काफी मस्त hai...gaand भी काफी बड़ी hai....Avi....kya सोच रहा है...
मेने अपने खयालो को झटका और माँ के रूम की और बढ़ने laga..mera लुंड अपना सर उठाकर खड़ा हो गया tha...tabhi आंटी ने मुझे देखा और एक पल के लिए वो jhijki...wo अपना हाथ अपनी साड़ी से बहार निकलने hi वाली थी कुछ सोच कर वापस अंदर दाल लिया और मेरी और देखकर उंगलिया चलने लगी...
निधि: आह्ह्ह्हींहह्ह्ह्ह.....
वो सिसकारी भी भर रही thi..tab मेने उन्हें इग्नोर करते हुए अंदर dekha...andar अंकित भैय्या माँ को घोड़ी बनाकर छोड़ रहे the...mom की सिसकियों की आवाज बहार तक आ रही thi..ye देख मेरा लुंड मानो आग उगलने लगा...
मेने आंटी की और देखा तो वो मेरे लुंड के उभार को hi देख रही thi...ek पल दिमाग मई आया की आंटी को यही खड़े खड़े छोड़ दू... लेकिन फिर मेने अपने आपको sambhala...waha अनादर भी वो दोनों झड़ने लगे थे....
माँ: आह रात तो पता नहीं तू कहा गायब tha..ab सुबह hi सुबह तू मेरे ऊपर चढ़ गया...
माँ ने अपनी साड़ी उठाते हुए kaha..ab मुझसे और बर्दास्त नहीं हुआ और म अंदर रूम मई चला गया... मेने जाते hi माँ को पकड़ा और उन्हें जोरो से चूमने लगा... म उनके बूब्स जोरो से दबाने लगा..
माँ: ाःह ाराममम सीए बीत्तत्ता...
माँ ने सिसकारी भरते हुए kaha..mene उनके बूब्स पर अपना मुँह टिका दिया और उन्हें चॉसने लगा.. अंकित भैया सोफे पर बैठकर हमें देखने लगे और अपने मुरझाये हुए लुंड को खड़ा करने लगे... तब मेने माँ को बीएड पर झुकाया और अपने लुंड को उनकी गांड के चिढ़ पर लगाया...
माँ: अह्ह्ह अवि आराम सीई daaalllllllllllnaaaaaaaaaaa.......ahhhhhhhhhhh
और इससे पहले माँ और कुछ कहती मेने अपना लुंड उनकी गांड मई उतार diya..mera अभी तक आधा लुंड hi माँ की टाइट गांड के अंदर hi गया था...
माँ: aahhhhhhhhhhh ाववववीईई....
माँ को मजे और पैन का मिलाजुला सा आनंद mila...mene माँ की कमर को पकड़ा और एक और करारा ढाका maara..iske साथ hi मेरा पूरा लुंड माँ की गांड की दीवारों को चीरता हुआ अंदर घुस चूका tha...mom दर्द से अपना सर बीएड पर टिका लेती है.... मेने पीछे मुड़कर देखा तो आंटी बड़ी बड़ी आँखे किये हुए हमें hi देख रही थी...
मेने माँ को कमर से पकड़ा और दमदार धक्के लगाने laga..ye देख अब अंकित का लुंड भी फिरसे तन गया....
माँ: आहहहहह ढहिएरीईए....
माँ सिसकारी भरते हुए बोल रही thi...har धक्के से उनके चूतड़ लहरा जाते थे... अब अंकित उठा और बीएड पर आ gaya..usne माँ का सर बालो से पकड़ा और अपना 7 इंच लुंड माँ के मुँह मई उतार दिया और ढ़ाके लगाने लगा..
अब माँ के दोनों छेड़ो मई हम दोनों भाइयो का लुंड धूम मचा रहा था.. कुछ देर तक ऐसे hi माँ को छोड़ने के बाद मुझे लगा की माँ थकने लगी है.. मेने उनकी गांड से अपना लुंड निकला और अंकित को ईशर kiya..Ankit ने माँ के मुँह से लुंड निकला और बीएड पर पीठ के बल लेत गया.. माँ समझ गयी की म क्या करना चाहता हु..
माँ: तू किसी दिन अपनी माँ की जान hi लेकर रहेगा...
माँ ने मुज्झे देखते हुए कहा और बीएड पर छोड़कर अंकित के लुंड पर बैठने लगी...
अंकित: आअह्ह्ह्ह ममममममम......
माँ: aahhhhhhhhhhh......
अब मेने माँ को अंकित के शरीर से चिपकाया जिससे माँ ककी गांड मुझे सही से नजर आने लगी.. मेने फिर से अपना लुंड माँ की गांड के छेड़ पर टिकाया और उन्हें कंढे से पकड़ कर एक ढककर maara.....mera आधे से ज्यादा लुंड माँ की गांड के अंदर tha..ek और धक्के के साथ मेरा पूरा लुंड माँ की गांड के अंदर घुस चूका था...
माँ: aahhhhhhhhhh maaaaaaaaaaa
माँ ने मजे से सिसकारी भरते हुए kaha...ab हम दोनों भाइयो ने माँ को छोड़ना शुरू कर दिया... मेने धक्के मरते हुए अनूठी को मुड़कर देखा तो उनका मुँह उत्तेजना से लाल हो रहा था... मेने उन्हें देखते हुए धक्के मरने शुरू किये....
अंकित: आह्हः मॉम आप कितनी गरममम ho...apka मुक़ाबला कोईई नाहीइ कररर सकता...
अंकित नीचे दे धक्के मारते हुए बोलै...
माँ: आह्हः गरम तो हूँगी naaa...tabhi तो मेरे दोनों छेदु मई आह्हः मेरे बेटो के लुंड घुसे हुए है...
माँ ने सिसकरी भरते हुए kaha...mom इस बीच एक बार झाड़ चुकी थी...
अंकित: आह्हः माँ मेरा निकलने वाला हीी....
और अंकित ये बोलकर अंदर hi झड़ने लगता है.. झड़ने के बाद मेने माँ को उठाया और उन्हें बीएड पर लेता लिया... मेने अपना लुंड माँ की छूट पर रखा और एक hi धक्के मई पूरा उतार डाला...
माँ: आह्ह्ह्हह ावववीईई....
अब मेने माँ को बांहो मई भरा और उनके होंठ चूसता हुआ उनकी छूट छोड़ने laga...mom ने अपनी दोनों टाँगे मेरी कमर पर लपेट राखी थी... और बहुत देर बाद हम दोनों साथ hi झड़ने लगे थे...
अंकित: वह भाई अवि आज तो मज़ा hi आ गया....
अंकित हम दोनों को लिपटे देखकर कहता है...
अवि: अब जिसकी माँ इतनी कमाल की ho...maza तो आना hi hai..kyu मॉम...
मेने उनके तित को मुँह मई लेकर काट ते हुए कहा...
माँ: है मजा तो आएगा hi न तुम दोनों को.. जब अपनी माँ को किसी सलूट की तरह छोड़ते ho...aur ये तो दिनन बी दिन और बड़ा होता जाता है...
माँ ने मेरे लुंड को पकड़ते हुए कहा.. मेने पीछे देखा तो आंटी जा चुकी थी...
फिर हम फिरसे फ्रेश हुए.. इस बीच आंटी अपने कमरे मई hi थी...
अवि: आज आप ऑफिस नहीं गए क्या..
मेने निचे आकर अंकित की और देखकर कहा...
अंकित: nahi...darasal मुझे तुझसे कुछ बात करनी थी...
अवि: ok इतना माँ तैयार होकर आती है आप कहिये...
मेने बैठते हुए कहा...
अंकित: तू सच मई सोनल के लिए सीरियस है...
अंकित ने मुझे देखते हुए कहा...
अवि: भैय्या मेने आपसे कहा था की सोनल के बारे मई सोचना छोड़ dijiye..wo मेरी जिंदगी है...
मेने अंकित की और रौदे होते हुए कहा...
अंकित: म तो बस पूछ रहा था yr...ok जब तू उसके लिए सीरियस है तो ठीक है लेकिन तुझे मेरी एक काम मई हेल्प करनी पड़ेगी..
उसने मेरी और देखते हुए कहा..
अवि: क्या काम ही...
मेने उन्हें देखते हुए कहा..
अंकित: मुझे आंटी या शीतल को छोड़ना है..
भैय्या ने मुझे देख कहा.. म उनकी और सपाट चेहरे से देखने लगा..
अंकित: क्या हुआ...
वो मुझे ऐसे देख कहना lage..tabhi मेरी हसी छोट पड़ी...
अवि: सही है भाई जब ऐसे हॉट आइटम घर मई है तो फिर किसी और के बारे मई क्या sochna..theek है म देखता हु क्या हो सकता hai..agar वो मान गयी तो ठीक है.. लेकिन उनकी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं hoga..aur हां प्ल्ज़्ज़ अगर आप चाहते है की हम दोनों भाइयो के बीच मई कोई दरार न आये तो आप सोनल के बारे मई कभी भी गलत मत सोचना...
मेने एक तरह से वारं करते हुए कहा...
अंकित: ok मेरे bhai..wese एक और बात बतानी है tujhe...dad और अंकल मिलकर कल रात आंटी की चुदाई कर रहे थे...
अंकित ने मुझे देखते हुए कहा...
अवि: अच्छा चल तब तो बात बन जाएगी....
मेने अनजान बनते हुए कहा...
माँ: अवि चले....
माँ ने बहार आते हुए kaha...mom को देखकर हम दोनों के मुँह खुल gaye..unhone शार्ट ड्रेस पहनी हुयी thi..jisme उनकी गांड अऊ बूब्स उभर कर सामने आ रहे थे.. मेरा लुंड तो फिर से सर उठाने लगा था...
अवि: उफ्फ्फ्फ़ मममममम.....
मेने अपने लुंड को मसलते हुए कहा...
अंकित: मॉम्म अप्प्प कितनी हॉट लग रही हो...
माँ: मुझे तुम दोनों की नियत सही नहीं लग रही है.. म नहीं चाहती की तुम फिरसे मेरा बंद bajao..isliye म बहार जा रही हु...
माँ ने कहा और गांड मटकती हुयी चली गयी...
अंकित: यर हमारी माँ कितनी हॉट hai...jab ये सामने होती है तो और सब औरत फीकी लगती है इनके samne...chal न एक और राउंड करते है...
अंकित ने अपना लुंड मसलते हुए कहा..
अवि: नहीं भैय्या मुझे माँ को मार्किट लेकर जाना है और फिर सोनल के ऑफिस भी जाना है...
मेने खड़े होते हुए कहा..
अंकित: चल फिर किसी और दिन sahi..mujhe भी ऑफिस जाना hai..achha एक बात बता तू सोनल को नाम से क्यों बुलाने लगा है...
उन्होंने मुझे देखते हुए कहा..
अवि: क्योंकि हम एक दूसरे से प्यार करते है..
मेने अपना चस्मा लगाया और बहार आ gaya..mom कार मई बैठी हुयी थी..
अवि: माँ एक राउंड और हो जाए..
मेने माँ की नंगी जांघ सहलाते हुए कहा...
माँ: तू तो घोडा है लेकिन म इंसान हु.. पूरी रात बेचारी सोनल को छोड़ता होगा और फिर दिन मई मुझे हर वक़्त अपने नीचे रखने की सोचता है...
माँ ने मेरा हाथ हटाकर kaha...phir हम दोनों चल दिया.. मार्किट मई सबकी नजर माँ की गांड से हैट hi नहीं रही thi..m भी मौका देखकर माँ की गांड और बूब्स सेहला देता था...
सुनील: सोनल बोर्ड्स ऑफ़ मेंबर की आज मीटिंग hai..tum ऑफिस आ जाना....
सुनील ने ब्रेकफास्ट के दौरान सोनल की और देखकर kaha...sabhi फॅमिली मेंबर्स डाइनिंग टेबल पर मौजूद थे...
सोनल: डैड आपकी जानकारी के लिए बता du...mene अपने साड़ी शेयर्स अवि के नाम ट्रांसफर कर दिए है इसलिए अब म आपकी कंपनी की बोर्ड मेंबर नहीं हु..
सोनल ने नास्ता करते हुए बड़े hi इत्मीनान से जवाब diya..jabki ये सुनकर काफी लोगो के मुँह खुल गए the...ye सुनकर सुनील ठगा सा रह गया...
सुनील: है तुमने बताया था मुझे hi याद नहीं आया....
सुनील ने जैसे जबर्ज़स्ती जवाब diya...m चुपचाप अपना नास्ता करने पर लगा था क्योंकि मुझे पता था की सोनल खुद इनको जवाब दे सकती है...
रवि: क्यों भाई तुमने अपने शेयर्स अवि के नाम क्यों kiye...ham तुम्हारे फ्यूचर हस्बैंड को क्या जवाब देंगे..
अंकल ने सोनल दी की और दखकर कहा...
सोनल: क्योंकि अंकल मेरे पास अपनी एजेंसी का hi बहुत लोड hai..mujhse टाइम मैनेज नहीं हो प् रहा tha...aur रही बात फ्यूचर हस्बैंड की तो अवि मेरी लाइफ मई सबसे पहले आता है...
दी ने बिना कोई झिजक के मेरी और देखा और उनसे बोलै...
निधि: वह भाई बड़ा प्यार है तुम दोनों भाई बहिन मई to..aur एक ये है हर वक़्त बस लड़ने मरने को तैयार रहते है..
आंटी ने शीतल और अभय की और इशारा करते हुए कहा...
सुनील: है भाई प्यार तो कुछ ज्यादा hi है...
डैड ने दी की और देखते हुए शायद टोंट maara...phir हम सब नास्ता करने लगे...
शीतल: सोनल... म भी आज तेरे साथ तेरे ऑफिस चालू... म अकेली यहाँ बोर हो जाती हु यर..
शीतल सोनल के रूम मई आकर उससे कहती है...
सोनल: ok जैसी तेरी मर्ज़ी है...
सोनल ने अपना बेग उठाते हुए कहा....
अवि: कहा yr...m भी तो चल रहा हु न...
मेने अंदर आते हुए दी को जाते देख कहा...
सोनल: तुझे आज माँ के साथ मार्किट जाना है...
दी ने मुझे देखते हुए कहा....
अवि: ो यर म तो भूल hi गया tha..mujhe माँ के साथ घर का सामान लेने जाना hai...ok म बाद मई आ जाऊंगा...
मेने दी को हुग करते हुए कहा...
सोनल: ok मेरी जान...
दी ने मुझे गाल पर किश करते हुए कहा...
शीतल: यर म भी तो तेरी बहिन हु मुझे भी तो गले से laga..m भी तो सोनल के साथ जा रही हु...
शीतल दी ने बांहे फैलाते हुए कहा...
अवि: ओह्ह मेरी बहिन...
मेने भी शीतल को हुग करते हुए kaha...dii ये देख मुस्कुराते हुए बहार जाने लगी..
अवि: आह्हःइसशहहह...
मेरे मुँह से एक सिसकारी nikli..kyonki शीतल दी ने मेरा लुंड जीन्स के ऊपर से hi पकड़कर दबा डाला tha...aur इससे पहले म कुछ और समझता वो मुझ से अलग हुयी और अपने दांतो को दांतो से काटा और मेरी और आँख मारकर बहार चली गयी.....
अवि: ो बस ये क्या tha...sheetal दी ने ऐसा क्यों kiya...ab इसे भी मेरा लुंड चाहिए kya..ha क्यों nahi...wo भी तो अपने hi सेज भाई से चुद रही hai...agar सोनल को पता चल गया न तो इसे जान से मार देंगी...
म बीएड पर बैठते हुए खुद सोचे जा रहा था..
अवि: हो सकता है उन्हिओंने मजाक मई ये हरकत की hai..wo बोल भी तो रही थी की वो मेरी साली लगती है सोनल के रिश्ते se..mujhe लगता ही म कुछ ज्यादा hi सोच रहा हु..
कुछ देर बाद म नीचे आने laga...dad,uncle और रिया भी निकल चुके थे... म माँ के रूम की और जाने लगा तो मेने देखा की निधि आंटी माँ के दुर के बहार कड़ी हुयी थी और उनका एक हाथ अपनी साड़ी के अंदर tha...wo शायद अपनी छूट मई उंगलिया चला रही थी...
म कुछ समझ नहीं पा रहा tha...m वापस मुड़ने hi वाला hi था..
अवि: माँ के रूम मई ऐसा क्या हो रहा है जिसे देख अनूठी का ये हाल हो रहा hai...wese यार आंटी का जिस्म भी माँ की तरह काफी मस्त hai...gaand भी काफी बड़ी hai....Avi....kya सोच रहा है...
मेने अपने खयालो को झटका और माँ के रूम की और बढ़ने laga..mera लुंड अपना सर उठाकर खड़ा हो गया tha...tabhi आंटी ने मुझे देखा और एक पल के लिए वो jhijki...wo अपना हाथ अपनी साड़ी से बहार निकलने hi वाली थी कुछ सोच कर वापस अंदर दाल लिया और मेरी और देखकर उंगलिया चलने लगी...
निधि: आह्ह्ह्हींहह्ह्ह्ह.....
वो सिसकारी भी भर रही thi..tab मेने उन्हें इग्नोर करते हुए अंदर dekha...andar अंकित भैय्या माँ को घोड़ी बनाकर छोड़ रहे the...mom की सिसकियों की आवाज बहार तक आ रही thi..ye देख मेरा लुंड मानो आग उगलने लगा...
मेने आंटी की और देखा तो वो मेरे लुंड के उभार को hi देख रही thi...ek पल दिमाग मई आया की आंटी को यही खड़े खड़े छोड़ दू... लेकिन फिर मेने अपने आपको sambhala...waha अनादर भी वो दोनों झड़ने लगे थे....
माँ: आह रात तो पता नहीं तू कहा गायब tha..ab सुबह hi सुबह तू मेरे ऊपर चढ़ गया...
माँ ने अपनी साड़ी उठाते हुए kaha..ab मुझसे और बर्दास्त नहीं हुआ और म अंदर रूम मई चला गया... मेने जाते hi माँ को पकड़ा और उन्हें जोरो से चूमने लगा... म उनके बूब्स जोरो से दबाने लगा..
माँ: ाःह ाराममम सीए बीत्तत्ता...
माँ ने सिसकारी भरते हुए kaha..mene उनके बूब्स पर अपना मुँह टिका दिया और उन्हें चॉसने लगा.. अंकित भैया सोफे पर बैठकर हमें देखने लगे और अपने मुरझाये हुए लुंड को खड़ा करने लगे... तब मेने माँ को बीएड पर झुकाया और अपने लुंड को उनकी गांड के चिढ़ पर लगाया...
माँ: अह्ह्ह अवि आराम सीई daaalllllllllllnaaaaaaaaaaa.......ahhhhhhhhhhh
और इससे पहले माँ और कुछ कहती मेने अपना लुंड उनकी गांड मई उतार diya..mera अभी तक आधा लुंड hi माँ की टाइट गांड के अंदर hi गया था...
माँ: aahhhhhhhhhhh ाववववीईई....
माँ को मजे और पैन का मिलाजुला सा आनंद mila...mene माँ की कमर को पकड़ा और एक और करारा ढाका maara..iske साथ hi मेरा पूरा लुंड माँ की गांड की दीवारों को चीरता हुआ अंदर घुस चूका tha...mom दर्द से अपना सर बीएड पर टिका लेती है.... मेने पीछे मुड़कर देखा तो आंटी बड़ी बड़ी आँखे किये हुए हमें hi देख रही थी...
मेने माँ को कमर से पकड़ा और दमदार धक्के लगाने laga..ye देख अब अंकित का लुंड भी फिरसे तन गया....
माँ: आहहहहह ढहिएरीईए....
माँ सिसकारी भरते हुए बोल रही thi...har धक्के से उनके चूतड़ लहरा जाते थे... अब अंकित उठा और बीएड पर आ gaya..usne माँ का सर बालो से पकड़ा और अपना 7 इंच लुंड माँ के मुँह मई उतार दिया और ढ़ाके लगाने लगा..
अब माँ के दोनों छेड़ो मई हम दोनों भाइयो का लुंड धूम मचा रहा था.. कुछ देर तक ऐसे hi माँ को छोड़ने के बाद मुझे लगा की माँ थकने लगी है.. मेने उनकी गांड से अपना लुंड निकला और अंकित को ईशर kiya..Ankit ने माँ के मुँह से लुंड निकला और बीएड पर पीठ के बल लेत गया.. माँ समझ गयी की म क्या करना चाहता हु..
माँ: तू किसी दिन अपनी माँ की जान hi लेकर रहेगा...
माँ ने मुज्झे देखते हुए कहा और बीएड पर छोड़कर अंकित के लुंड पर बैठने लगी...
अंकित: आअह्ह्ह्ह ममममममम......
माँ: aahhhhhhhhhhh......
अब मेने माँ को अंकित के शरीर से चिपकाया जिससे माँ ककी गांड मुझे सही से नजर आने लगी.. मेने फिर से अपना लुंड माँ की गांड के छेड़ पर टिकाया और उन्हें कंढे से पकड़ कर एक ढककर maara.....mera आधे से ज्यादा लुंड माँ की गांड के अंदर tha..ek और धक्के के साथ मेरा पूरा लुंड माँ की गांड के अंदर घुस चूका था...
माँ: aahhhhhhhhhh maaaaaaaaaaa
माँ ने मजे से सिसकारी भरते हुए kaha...ab हम दोनों भाइयो ने माँ को छोड़ना शुरू कर दिया... मेने धक्के मरते हुए अनूठी को मुड़कर देखा तो उनका मुँह उत्तेजना से लाल हो रहा था... मेने उन्हें देखते हुए धक्के मरने शुरू किये....
अंकित: आह्हः मॉम आप कितनी गरममम ho...apka मुक़ाबला कोईई नाहीइ कररर सकता...
अंकित नीचे दे धक्के मारते हुए बोलै...
माँ: आह्हः गरम तो हूँगी naaa...tabhi तो मेरे दोनों छेदु मई आह्हः मेरे बेटो के लुंड घुसे हुए है...
माँ ने सिसकरी भरते हुए kaha...mom इस बीच एक बार झाड़ चुकी थी...
अंकित: आह्हः माँ मेरा निकलने वाला हीी....
और अंकित ये बोलकर अंदर hi झड़ने लगता है.. झड़ने के बाद मेने माँ को उठाया और उन्हें बीएड पर लेता लिया... मेने अपना लुंड माँ की छूट पर रखा और एक hi धक्के मई पूरा उतार डाला...
माँ: आह्ह्ह्हह ावववीईई....
अब मेने माँ को बांहो मई भरा और उनके होंठ चूसता हुआ उनकी छूट छोड़ने laga...mom ने अपनी दोनों टाँगे मेरी कमर पर लपेट राखी थी... और बहुत देर बाद हम दोनों साथ hi झड़ने लगे थे...
अंकित: वह भाई अवि आज तो मज़ा hi आ गया....
अंकित हम दोनों को लिपटे देखकर कहता है...
अवि: अब जिसकी माँ इतनी कमाल की ho...maza तो आना hi hai..kyu मॉम...
मेने उनके तित को मुँह मई लेकर काट ते हुए कहा...
माँ: है मजा तो आएगा hi न तुम दोनों को.. जब अपनी माँ को किसी सलूट की तरह छोड़ते ho...aur ये तो दिनन बी दिन और बड़ा होता जाता है...
माँ ने मेरे लुंड को पकड़ते हुए कहा.. मेने पीछे देखा तो आंटी जा चुकी थी...
फिर हम फिरसे फ्रेश हुए.. इस बीच आंटी अपने कमरे मई hi थी...
अवि: आज आप ऑफिस नहीं गए क्या..
मेने निचे आकर अंकित की और देखकर कहा...
अंकित: nahi...darasal मुझे तुझसे कुछ बात करनी थी...
अवि: ok इतना माँ तैयार होकर आती है आप कहिये...
मेने बैठते हुए कहा...
अंकित: तू सच मई सोनल के लिए सीरियस है...
अंकित ने मुझे देखते हुए कहा...
अवि: भैय्या मेने आपसे कहा था की सोनल के बारे मई सोचना छोड़ dijiye..wo मेरी जिंदगी है...
मेने अंकित की और रौदे होते हुए कहा...
अंकित: म तो बस पूछ रहा था yr...ok जब तू उसके लिए सीरियस है तो ठीक है लेकिन तुझे मेरी एक काम मई हेल्प करनी पड़ेगी..
उसने मेरी और देखते हुए कहा..
अवि: क्या काम ही...
मेने उन्हें देखते हुए कहा..
अंकित: मुझे आंटी या शीतल को छोड़ना है..
भैय्या ने मुझे देख कहा.. म उनकी और सपाट चेहरे से देखने लगा..
अंकित: क्या हुआ...
वो मुझे ऐसे देख कहना lage..tabhi मेरी हसी छोट पड़ी...
अवि: सही है भाई जब ऐसे हॉट आइटम घर मई है तो फिर किसी और के बारे मई क्या sochna..theek है म देखता हु क्या हो सकता hai..agar वो मान गयी तो ठीक है.. लेकिन उनकी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं hoga..aur हां प्ल्ज़्ज़ अगर आप चाहते है की हम दोनों भाइयो के बीच मई कोई दरार न आये तो आप सोनल के बारे मई कभी भी गलत मत सोचना...
मेने एक तरह से वारं करते हुए कहा...
अंकित: ok मेरे bhai..wese एक और बात बतानी है tujhe...dad और अंकल मिलकर कल रात आंटी की चुदाई कर रहे थे...
अंकित ने मुझे देखते हुए कहा...
अवि: अच्छा चल तब तो बात बन जाएगी....
मेने अनजान बनते हुए कहा...
माँ: अवि चले....
माँ ने बहार आते हुए kaha...mom को देखकर हम दोनों के मुँह खुल gaye..unhone शार्ट ड्रेस पहनी हुयी thi..jisme उनकी गांड अऊ बूब्स उभर कर सामने आ रहे थे.. मेरा लुंड तो फिर से सर उठाने लगा था...
अवि: उफ्फ्फ्फ़ मममममम.....
मेने अपने लुंड को मसलते हुए कहा...
अंकित: मॉम्म अप्प्प कितनी हॉट लग रही हो...
माँ: मुझे तुम दोनों की नियत सही नहीं लग रही है.. म नहीं चाहती की तुम फिरसे मेरा बंद bajao..isliye म बहार जा रही हु...
माँ ने कहा और गांड मटकती हुयी चली गयी...
अंकित: यर हमारी माँ कितनी हॉट hai...jab ये सामने होती है तो और सब औरत फीकी लगती है इनके samne...chal न एक और राउंड करते है...
अंकित ने अपना लुंड मसलते हुए कहा..
अवि: नहीं भैय्या मुझे माँ को मार्किट लेकर जाना है और फिर सोनल के ऑफिस भी जाना है...
मेने खड़े होते हुए कहा..
अंकित: चल फिर किसी और दिन sahi..mujhe भी ऑफिस जाना hai..achha एक बात बता तू सोनल को नाम से क्यों बुलाने लगा है...
उन्होंने मुझे देखते हुए कहा..
अवि: क्योंकि हम एक दूसरे से प्यार करते है..
मेने अपना चस्मा लगाया और बहार आ gaya..mom कार मई बैठी हुयी थी..
अवि: माँ एक राउंड और हो जाए..
मेने माँ की नंगी जांघ सहलाते हुए कहा...
माँ: तू तो घोडा है लेकिन म इंसान हु.. पूरी रात बेचारी सोनल को छोड़ता होगा और फिर दिन मई मुझे हर वक़्त अपने नीचे रखने की सोचता है...
माँ ने मेरा हाथ हटाकर kaha...phir हम दोनों चल दिया.. मार्किट मई सबकी नजर माँ की गांड से हैट hi नहीं रही thi..m भी मौका देखकर माँ की गांड और बूब्स सेहला देता था...