Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 9 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 77रोहन एक कोने में खड़े होकर रजत की रिकॉर्डिंग कर लेता है. उसे सब कुछ सुनाई दे रहा था और जो जो वो सुन रहा था उसे रिकॉर्ड भी कर रहा था. वो रजत को देख सकता था पर रजत उसे नहीं. उसके पास अनु को दिखने सुनाने के लिए बहुत सारा मटेरियल इकठ्ठा हो गया था. रोहन ख़ुशी ख़ुशी अपनी बहनो के पास वापिस चला जाता है. उसे वो मिल hi गया था जो उसने चाहा था.

वापिस आता है तो नेहा hi रोहन से पूछती hai….kya बात है रोहन बड़े चहक रहे हो वापिस आने के बाद. कोई खजाना मिल गया है क्या तुम्हे?

Rohan…muskurakar…bas दीदी पूछिए मत कुछ. पर सॉरी मैं आपको बता नहीं पाउँगा.

Neha…aisi भी क्या बात है यार जो तुम शेयर नहीं कर सकते. गर्ल फ्रेंड वाला मटर है क्या?

मेहुल, रूही और सोनिआ एक मितली की और इशारा करते हुए साथ बोली… अरे दीदी भाई की गर्ल फ्रेंड तो ये रही. और हंसने लगती हैं.

Neha…mitali की और dekhkar…girl फ्रेंड तुम्हारी एकदम टॉप क्लास है रोहन. बहुत सूंदर है.

Mitali…sharmakar….thank यू दी.

Neha…aur समझदार भी लग रही है..

Rohan…ji हाँ दीदी बहुत समझदार है. रोहन को ख़ुशी थी के नेहा अब वो बात भूल चुकी थी जो पूछने की कोशिश कर रही थी.

आइस क्रीम के बाद रोहन सबको पास hi की मार्किट में बने एक फ़ूड कोर्ट में ले जाता है जहाँ पर कितने hi तरह के फ़ास्ट फ़ूड थे. लड़कियों का दिल ये देख के ललचाने लगता है.

सबको अपनी अपनी पसंद का कुछ न कुछ चाहिए था. लड़कियां दो तीन ठेलों पर धावा बोल देती हैं और एक साथ आर्डर देकर ओपन में पड़ी कुर्सियों पर बैठ जाती हैं.

अपने इर्द गिर्द रंग बिरंगी तितलियाँ देखकर रोहन का मन खुश हो रहा था. उसे ख़ुशी थी के उसके साथ इतनी जावा लड़कियां हैं. लोग देख के जल रहे होंगे के लड़के के साथ कितनी खूबसूरत लड़कियां हैं.

रोहन के एक और मितली और दूसरी और उसकी प्यारी मेहुल दीदी बैठी थी. रूही और नेहा सामने थे और एक साइड में शानू बैठी थी. शानू तो हर वक्त अपनी रील बनाने में hi बिजी रहती थी. आज नेहा इन लोगों के साथ काफी कम्फर्टेबले थी नहीं तो उसे अपने ऐटिटूड से hi फुर्सत नहीं मिलती.

नेहा को डोसा, मेहुल को स्प्रिंग रोल्स, रूही को हक्का नूडल्स, रोहन को टिक्की चाट और शानू को मोमोस तो नेहा को चीज़े टिक्का पसंद था. इस तरह सबने अपनी अपनी पसंद का खाना मंगवाया और किसी किसी ने तो रिपीट भी किया.

इन्होने मम्मियों को भी बोल दिया था के खाना नहीं बनाये क्यूंकि इधर hi इतना कुछ हो गया था के किसी की भी खाने की इच्छा नहीं रही थी. रोहन के मन में लड्डू फुट रहे थे. वो अपनी प्यारी अनु बुआ सॉरी सॉरी दीदी को आज अपने साथ सुलाने वाला था. और उसने काफी कुछ सोच लिया था इसके बदले में.

वो पूरा टाइम मुस्कुराता hi रहा और नेहा इस बात को नोटिस कर रही थी. चाहे उसने उसके बाद रोहन से कुछ पूछा नहीं था पर उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था. उसे वो गंध भी समझ में आ गयी थी के सेक्स के बाद कामर्स की है. वैसे उसे अब ये लग रहा था के शायद रोहन ने मितली के साथ कुछ किया होगा.

खा पीकर सब लोग घर पर बाकि लोगों के लिए पैकिंग करवा के घर वापिस आ गए. पैकिंग रोहन के हाथ में थी और बी चांस अनु रसोई में अकेली थी. रोहन उसे वो पैकेट देते हुए bola….didi मेरे पास आपको दिखने और सुनाने के लिए बहुत कुछ है पर उसकी कोई कीमत hai…shaitani मुस्कान के साथ रोहन बोलै.

अनु अपनी ऑंखें सिकोड़ कर boli…kya कीमत है और है क्या ऐसा.

रोहन मुस्कुराकर बोलै. ये तो नहीं बताऊंगा के क्या है हाँ रजत जीजू से रिलेटेड है कुछ.

Anu…gambhir होकर… कीमत बताओ.

रोहन… बुआ काम से काम कपड़ों में आना है आपको और पूरी रात चिपक कर सोना है मेरे साथ. बोलो मंजूर है?

Anu…serious चेहरे के साथ… रजत का राज़ किसी भी कीमत पर.

रोहन मुस्कुराकर आंख मरकर वहां से चला जाता है.

वो देखता है के उसके पापा और चाचा रजत के साथ अभी भी ड्रिंक करने में मशगूल हैं. उसकी मम्मी मसि और ममी ने भी उनको ज्वाइन कर लिया था अब तो अनु को भी जोश आ गया था और उसने भी उन्हें ज्वाइन करके एक दो पेग मार लिए थे तो रोहन को कुछ उम्मीद सी हो गयी थी के कुछ न कुछ तो होगा hi.

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11 बजे का बोलै था अनु ने के उसके रूम में आएगी. रोहन खुश हो गया. पहले उसके रूम में मितली आती है फिर मेहुल और फिर रूही. अंत में shanu…rohan बोलता है 11 बजे तक जिसने बैठना है बैठ जाओ पर उसके बाद जाना पड़ेगा.

मेहुल रोहन से पूछती hai..aur वो क्यों?

रोहन थोड़ा शर्मा कर बोलता hai…kyunki फिर अनु दीदी आ जाएँगी और मेरे साथ hi सोने वाली है वो आज.

साडी लड़कियां ोोू बोलने लगती हैं. मितली boli…lagta है अनु दी की चुदाई होने वाली है आज तो.

Rohan…itni ज्यादा उम्मीद तो नहीं रखता मैं. पर हाँ कुछ न कुछ तो होगा.

Shanu…haan यार लिप किश तो वो आपके साथ आम hi कर लेती है. देखते हैं आगे क्या प्लानिंग हैं उनकी. लेकिन भाई वीडियो बना लेना उनकी. मेरी बरी उन्होंने बहुत हंगामा किया था.

साडी लड़कियां हंसने लगती हैं और बोलती हैं. शानू सही बोल रही है रोहन. रोहन मुस्कुरा कर कहता hai…koi अपनी मर्जी से चाहे वीडियो बनवा ले पर मैं कभी किसी का वीडियो नहीं बनाऊंगा. पता है कई बार मोबाइल हैक हो जाये और वीडियो वायरल हो जाये तो?

मितली बहुत खुश होती है अपने रोहन के दिमाग के बारे में सोचकर. ऐसे hi जब तक 11 नहीं बजते सभी लड़कियां रोहन के साथ बातें करती रहती हैं. फिर सभी अपने आप hi उठ कर चली जाती हैं. क्यूंकि अनु के आने का टाइम हो गया था.

पता नहीं कितनी उत्सुकता रही होगी अनु को जो वो ठीक 11 बजे रोहन के रूम में थी और जब रोहन ने उठ कर दरवाजा खोला तो देखा के रोहन सिर्फ अंडरवियर में था. और अनु को इमेजिन करके hi रोहन का थोड़ा तो खड़ा हो गया था. क्यूंकि अंडरवियर के अंदर पूरा उभार था.

अनु boli…tune तो कुछ पहना hi नहीं hai..uske अंडरवियर की और देखकर बोली. उसने बोलै तो था पर लग नहीं रहा था के उसको कोई ऑब्जेक्शन होगी रोहन के ऐसे होने से.

Rohan…muskurakar…aur आपने सब कुछ पहना है. जबकि वडा किया tha…ruk जाता है इतना बोलकर. अनु ने टीशर्ट और जीन्स पहनी थी.

Anu…ruko न. बहार से hi थोड़े नंगी होकर आउंगी. कुछ तो शर्म है मेरे अंदर. तुम्हारी तरह बेशर्म नहीं हूँ. कहते हुए उसने एक झटके में जीन्स और दूसरे झटके में अपनी टीशर्ट उतर दी. टीशर्ट उतरने की तो उसने उम्मीद भी नहीं की थी.

अब अनु के शरीर पर एक स्लिप थी जो आदमियों की बनियान जैसी लेडीज बनियान होती है और निचे सिर्फ पंतय. रोहन ने उसे काम से काम कपड़ों में बोलै था पर उसे उम्मीद नहीं थी के उसको प्यारी दीदी अनु कपड़ों से बहार hi जाएगी. पर उसके लिए तो ये फायदे वाली बात hi थी.

रोहन खड़े खड़े hi अनु को हुग करके पहले उसकी गाल पर किश करता है फिर उसके होंठों पर एक हलकी सी किश करता है तो अनु कहती hai…kiss जितनी मर्जी कर लेना रोहन. पहले दिखने वाली चीज तो दिखा दो. फिर hi मेरा मन भी होगा किश के लिए.

रोहन भी सोचता है बात तो सही है. वो लेट जाता है और अपनी एक बाजु पर अनु को लेटने को बोल देता है. अनु लेट जाती hai.rohan अपना फ़ोन खोलकर उसमे से एक वीडियो निकल कर उसे प्ले करने को बोलता है.

अनु सीधी लेती थी. रोहन उसकी और करवट लेकर लेट जाता है और उसकी दोनों टैंगो पर अपनी तंग रख के उसकी गाल से गाल जोड़कर बोटा hai…..chalao वीडियो दी.

अनु वीडियो ों कर देती है. रजत किसी के साथ वीडियो कॉल पर था और वीडियो कॉल की एक खासियत है के इस पर बात करते हुए स्पीकर ों hi रहता है और दुसरे बन्दे को भी सामने वाले की आवाज़ सुनाई देती है. अनु को समझते एक पल भी नहीं लगा के दूसरी और उसकी ननद विधि थी.

विधि बोल रही thi…bhai सॉरी मुझे याद hi नहीं था के मैं अपनी पंतय आपके तकिये के निचे hi भूल गयी थी.

Rajat…pagal लड़की तुम्हे पता है न तुम्हारी भाभी जग्गा जासूस से काम नहीं है. उसे शक हो गया है. और जिस बात पर उसे शक हो जाये. उसके पीछे hi पद गयी है. उसने मुझे बोल तो दिया है ok क्यूंकि मैंने उसे कहानी सुनाई के तुम्हे मेरे रूम में सोना था और मैं दुसरे रूम में सोया था. पर मुझे नहीं लगता उसे ये कहानी हजम हुई होगी. वो अपने हिसाब से पता जरूर लगाएगी.

रजत की बातें सुनकर अनु की ऑंखें सिकुड़ जाती हैं और इधर अपना हीरो रोहन उसके चेहरे के भाव देख रहा था.

Vidhi….sorry भाई. आगे से ध्यान रखूंगी. फिर बड़े hi प्यार से बोलती hai…waise भाई आपके साथ मज़ा बहुत आया था आपके साथ चुदाई में.

अब तो अनु के चेहरे पर गुस्से वाले भाव आ गए थे पर रोहन बाबू के चेहरे पर स्माइल आ गयी थी. वो जानबूझकर अपने मुँह पर हाथ रखकर बोलता hai….haaa दी, इन दोनों ने सेक्स किया?

अनु हाँ में सर हिलाते हुए बोलती hai…haan तुम्हारे सामने hi तो कह रही है. रुको अभी मुझे देखने दो. बाद में बात करते हैं. रोहन अपनी तंग की अनु की टांगों पर रगड़ रहा था उसे मज़ा आ रहा था ऐसा करते हुए.

उधर रजत बोलता hai…dhire बोल. मुझे दर है कोई सुन न ले. पर हाँ यार मज़ा तो मुझे भी आया था. देखो न तुम कैसे पोर्न स्टार की तरह सकिंग कर रही थी. तुम्हारी भाभी तो कभी मुँह भी लेकर नहीं गयी होगी मेरे लुंड के पास.

अनु का चेहरा तमतमा रहा था. रोहन को पता नहीं क्या सुझा उसने अपना हाथ अनु की स्लिप में डालकर उसके पेट पर फेरना शुरू कर दिया.

विधि बोलती hai..kyun नहीं करती सकिंग भाई. आपने मेरी छूट को किस शिद्दत से छठा था. और कैसे उसे सख्त करके आपने अंदर तक डाला और अगर भाभी आपका लुंड मुँह में नहीं लेती तो आपके जीजा कौन सा मेरी छूट को छत्ते हैं. खुद का लुंड तो चुसवा लेंगे.

अनु हैरान हो रही थी. उधर रोहन का हाथ ऊपर से निचे तक चल रहा था. अनु वीडियो देखने में मग्न थी और रोहन हाथ फेरने में. ऊपर उसका हाथ अनु के एक तरबूज को भी टच हो गया. उसका अंगूठा बाएं उभर में एकदम धस गया. पर अनु ने रोहन को मन नहीं किया. इसलिए कितनी hi देर रोहन वहां अपना अंगूठा रगड़ता रहा.

रजत बोलता hai…do दिन तुमने मुझे स्वर्ग के नज़ारे दिखाए हैं. अच्छा एक बात का ख्याल रखना हमने कंडोम उसे नहीं किया था. कहीं बचा न ठहर जाये तुम्हारे.

अनु हैरान होकर बोलती hai…pagal है क्या ये बाँदा. भला ऐसे भी कोई उन्सफे सेक्स करता है. अब अगर विधि के बचा ठहर गया तो ये रजत को बाप कहेगा के मां?

रोहन मुस्कुराकर bola…di आपको गुस्सा नहीं आ रहा के इन दोनों ने दो दिन जोरदार चुदाई की है?

Anu…chehre को स्पॉट रखते hue…ab जो गुल इन दोनों ने खिला दिए उसका कुछ हो तो सकता नहीं. अब क्या करूँ बताओ. अपने पति को सजा करवा दूँ? जेल पहुंचा दू क्या उसे?

रोहन bola…nahi दी ऐसा तो नहीं कहा मैंने. मतलब आपने एक्सेप्ट कर लिया इन दोनों की चुदाई को. रोहन जानबूझकर अनु को उकसा रहा था. और उसको उत्तेजित करने की भी कोशिश कर रहा था. उसका हाथ अब सैर करता करता बिलकुल निचे पहुँच गया था. रोहन ने उसकी अपने हाथ को अब पंतय के बिलकुल ऊपरी हिस्से में इलास्टिक के अंदर दाल दिया था. और उसके ऊपर वाले प्यूबिक हेयर्स में हाथ को हिलने लगा.

Anu…accept तो करना hi होगा न. पर ये किया तो गलत है इन दोनों ने. उसने वीडियो बंद करके फ़ोन साइड में रख दिया. उसे पता चल रहा था के रोहन का हाथ उसकी छूट के बिलकुल ऊपर है.

Rohan…di बुरा न मनो तो एक बात kahun…uski छूट के फुले हुए हिस्से में अपनी इंडेक्स फिंगर (तर्जनी ऊँगली) से दबाते हुए बोलै.



Anu…haan बोलो अब बुरा मैंने जैसी क्या बात है भला. तुम्हे इतना कुछ पता चल गया. तुमने मेरे साथ मेरे पति और उसकी बहिन की वीडियो देख ली है और मैं तुम्हारे साथ किस हालत में हूँ और तुम लगभग नंगे मेरे साथ लेते हो. बोल दो जो भी बोलना है अब.
 
Part 78रोहन को पता नहीं क्या होता है. वो अपनी दी के बाएं उभर पर अपना हाथ रखते हुए बोलता है. दी आपके उभर इतने जबरदस्त हैं, इनकी बनवत, इनका साइज, और अभी भी कितने सख्त हैं और दबा कर देखता है उतने hi स्पंजी भी. इंसान को इन्हे देखते hi उत्तेजना हो जाये. और दूसरी baat….thoda गैप देकर बोलता hai…please बुरा न मन्ना.

अनु जो आराम से अपने भतीजे की बात सुन रही थी boli…ab बोल दो जो भी बात है.

Rohan…niche आपकी पुसी की शेप अभी मैंने पंतय में hi देखि है और थोड़ा सा टच करके देखा है. वो एक बार फिर से वहीँ हाथ डालकर फिर से हल्का सा दबाता hai…insaan का अंडरवियर में hi पानी छोड़ दे आपकी छूट ऐसी है दी.

अनु अब उसे झूठा गुस्सा दिखते हुए बोलती hai..chup करो रोहन क्या बोल रहे हो.

Rohan…main तो बस इतना बोल रहा था दी के आपकी इतनी परफेक्ट बॉडी होते हुए भी रजत जीजू अपनी उस पतली सी बहिन विधि के चक्कर में कैसे फंस gaye…kehte हुए रोहन अपने हाथ को हलके हलके अनु की छूट के बिलकुल ऊपर फेरने लगा था.

अनु boli…un दोनों ने डिसकस किया न. रजत को चुसवाना पसंद है और विधि को चटवाने शायद इसलिए. अनु अब उसके साथ बातों में इंटरेस्ट ले रही थी और उसकी किसी भी हरकत का बुरा नहीं मान रही थी.

रोहन उसकी छूट को दबाते हुए bola…ye बात तो सही है आपकी दी पर एक बात और भी होती है. अनु ऑंखें सिकोड़ कर बोली.

Anu…aur वो क्या?

Rohan…admi न कुत्ता होता है दी. उसे जगह जगह मुँह मरने की आदत होती है.

Anu…thoda गंभीर होता hai..haan ये बात तो तेरी सही है. कुत्ते की तरह अपनी माँ बहिन को भी नहीं छोड़ता आदमी. है न.

Rohan…hanste hue…bilkul सही कहा दी आपने. अच्छा कभी जीजू ने आपकी छूट छाती है.

अनु ने उदासी भरे स्वर में न में गर्दन हिलाते हुए kaha…kabhi नहीं.

Rohan…to क्या अब वीडियो देखने के बाद लगता है के आपकी छूट भी छाती जनि चाहिए?

अनु… हाँ अब तो लगता है rohan..wo उसकी और करवट ले लेती है. रोहन का लुंड खड़ा था. अनु अपनी तंग उसकी तंग के ऊपर रख देती है.

रोहन अपनी दी के होंठों पर अपने होंठ रखकर उन्हें चूसने लगता है. वो पीछे से अनु की पंतय में हाथ डालकर उसकी गांड की दरार में ऊँगली दाल कर उसे कुरेदने लगता है. दोनों की किश बड़ी जबरदस्त चल रही थी. रोहन अपनी जीभ अनु को देता है तो अनु उसकी जीभ चूसने लगती है. कुछ देर चूसने के बाद वो जब वो थक जाती है तो उसके मुँह से अपना मुँह अलग करके साँस लेने लगती है. पर रोहन को उसके चेहरे की लाली और उखड़ी हुई सांसे देखकर समझ आ जाती है के अब अनु उत्तेजना से भर चुकी है और वो कुछ चाहती है. वो गांड से हाथ बढाकर उसकी छूट पर लेजाकर पीछे से hi उसकी छूट को अपनी ऊँगली से रगड़ते हुए बोलता hai…ise चटवाने पसंद करोगी दी.

Anu…na में गर्दन हिलाते hue…nahi ये गलत है रोहन. असल में हम बुआ भतीजा है. मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ.

रोहन हँसते हुए bola…agar कभी मुझे मौका मिला न दी, और अगर माँ की इच्छा हुई तो उनकी भी छूट को चाट दूंगा. कहते हुए रोहन निचे हुआ, अनु को सीधा किया और एक झटके में उसकी पंतय उसके शरीर से अलग करते हुए निचे झुक कर उसकी टंगे खोलकर उसकी छूट को निहारने लगा.

अनु जो के उसकी किसी भी गतिविधि का विरोध नहीं कर रही थी boli..ye क्या करने जा रहे हो रोहन, अनर्थ हो जायेगा.

रोहन bola…ab तो अनर्थ तब होगा यदि मैंने इसका कुछ नहीं किया. कहते हुए रोहन ने छूट के बीचो बीच अंगूठा सटाकर उसे रगड़ना शुरू किया तो अनु सिसकारियां भरने लगी. रोहन ने तुरंत अपना मुँह उस पर सत्ता दिया और उस पर न जाने कितनी hi किस्सेस कर डाली. अनु ाःह आठ करने लगी. रोहन ने अपनी जीभ को सख्त करके उसके छेड़ में दाल दिया. अनु boli…aahhh रोहन मुझे नहीं पता था इससे इतना आनंद आएगा.

रोहन bola…abhi तो आपको पूरा आनंद देना है दी. कहते हुए वो उसके डेन पर अपनी जीभ रगड़ने लगा. काफी देर रगड़ता रहा और उसकी ऑंखें अनु की आँखों से मिली रही इस दौरान. अनु की ऑंखें लाल हो चुकी थी और देखते hi महसूस हो रहा था के वो कितना आनंद उठा रही है रोहन के ऐसा करने से.

रोहन के हाथ ऊपर पहुँच चुके थे और उन्होंने अनु के दोनों उभारों को दबाकर मसलना शुरू कर दिया था.

अनु को अब डबल मज़ा आ रहा था. रोहन काफी देर उसको वो मज़ा देता रहा फिर ऊपर होकर उसकी स्लिप को ऊपर करते हुए बोलै. दी थोड़ा uthna…ab तो अनु पूरी तरह से रोहन के कण्ट्रोल में थी उसे असली मज़ा चाहिए था. वो ऊपर उठ गयी और रोहन ने उसकी स्लिप निकल दी. अब दोनों कबूतर पूरी तरह से आज़ाद थे. अनु बड़े ध्यान से रोहन को ऐसा करते हुए देख रही थी और इंतज़ार में थी रोहन के अगले कदम के.

रोहन के होंठों का स्पर्श पाते hi अनु सिसकार उठी. आह्हः ओह्ह्ह की मधुर धुन कमरे में गूंज उठी. बहुत hi प्यारी आवाज़ थी अनु की और ये प्यारी सी सिसकारियां रोहन को और भी उत्तेजित कर रही थी और वो दुगुने उत्साह के साथ अनु के निप्पल्स को चूसने लगता. निचे से रोहन अपने अंडरवियर में कैद लुंड को अपनी प्यारी बुआ उर्फ़ दीदी की नंगी छूट पर रगड़ रहा था. अब अनु के हाथों के नाख़ून रोहन की पीठ पर चुभ रहे थे और रोहन को उसका ये करना सातवें आसमान पर पहुंचा रहा था.

रोहन को अचानक पता नहीं क्या सुझा के उसने निप्पल सकिंग छोड़कर अनु से पूछा.

Rohan….di एक बात तो बताओ. रजत जीजू के इलावा आपने किसी और के साथ भी चुदाई की है क्या?

अनु जिसकी आँखों में लाल डोरे बता रहे थे के वो अभी उत्तेजना के शिखर पर पहुँच चुकी है boli…abhi जो कर रहा है न रोहन. वो जारी रख इसके बाद हम इस बात पर चर्चा करेंगे. अभी रुक मत प्लीज.

रोहन को समझ आ गयी थी के बुआ को अब चुदाई की दरकार है. उसने अनु की आँखों के सामने अपना अंडरवियर उतरा तो उसका तना हुआ लुंड किसी स्प्रिंग की तरह उछलकर बहार आया और अनु की नज़र जैसे hi उस पर पड़ी तो उसके मुँह हैरानी से खुला का खुला रह गया और उसके मुँह से बस इतना hi nikla…itna बड़ा?

रोहन अपने लुंड को अनु के मुँह के पास ले जाकर बोलता है. इसे हाथ में लो दी और इसे सूंघो. अनु उसकी आज्ञा का पालन करते हुए रोहन के लुंड को हाथ में पकड़ लेती है. उसकी मोटाई इतनी थी के वो अनु की मुठी में समां नहीं प् रहा था. अनु उसे अपने मुँह के पास करती है और सूंघती है. सूंघते hi जैसे मदहोश हो जाती है. उसकी ऑंखें बंद सी हो जाती हैं. जैसे कोई नशा हो गया हो.

वो ऑंखें बंद किये हुए hi लुंड के टोपे पर एक किश जड़ देती है. रोहन के लुंड को झटका लगता है अनु की इस प्यारी सी किश से. रोहन bola…aapko पाना मेरा सपना था दी.

Anu…sach कहूँगी. तुम्हे देखकर मुझे भी कुछ कुछ हो जाता था रोहन. कहते हुए उसने रोहन के लुंड के सुपडे को अपने मुँह में डालकर चूसना शुरू कर दिया. रोहन घुटो के बल अपनी दीदी के मुँह के पास था.

उसने मुँह को अनु की छूट मानकर एक धक्का सा दिया. अनु की खांसी छूट गयी क्यूंकि लुंड सीधे गले पर जाकर लगा. अनु उसे मुँह से निकलकर boli..aise मत करो रोहन. धीरे से करो मेरी जान. मैं तुम्हे पूरा मज़ा दूंगी तुम भी मुझे पूरा मज़ा दो न.

रोहन मुस्कुरा कर हाँ में सर हिला देता है और अनु के मुँह में अपने लुंड को धीरे धीरे आगे पीछे करता है, जिससे दोनों को hi मज़ा आ रहा था.

कुछ देर की माउथ फूकिंग के बाद अनु रोहन के लुंड को अपने मुँह से बहार निकलकर बोलती hai…..ab नहीं रहा जा रहा रोहन. मेरी छूट में अपना लुंड डालकर मेरी इच्छा को पूरा कर दो न.

रोहन को कोई लड़की रिक्वेस्ट करे और रोहन उसे पूरा न करे ऐसा भला कभी हो सकता था? रोहन तुरंत अपना टारगेट सेट कर लेता है और अनु की छूट पर अपना लुंड रखकर. एक जबरदस्त धक्का मरता hai..anu की तो चीख hi निकल जाती hai…boli..kamine क्या करता है. धीरे कर न. रोहन bola…ab धीरे नहीं होगा दी.

कहते हुए रोहन जोरदार चुदाई करनी शुरू कर देता है. उसके निचे उसकी ड्रीम गर्ल जो पड़ी थी. उसके हिलते हुए बूब्स रोहन को लुभा रहे थे. उसके मुँह में पानी आ रहा था. जब चुदाई अपनी रफ़्तार से चलने लगी तो रोहन ने उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों में भर लिया और लगा एक एक करके दोनों निप्पल्स चूसने और bola…di आपके इतने बड़े बड़े तरबूज कैसे बन गए.

अनु मुस्कुरा कर उसे मरते हुए boli…hat पगले. ये तो माँ से hi डीएनए में गिफ्ट में मिलते हैं. तुम्हारी दादी के भी इतने hi बड़े थे.

रोहन मुस्कुरा कर. फिर तो दादू को खूब मज़ा आता होगा उन्हें छोड़ने में.

अनु हँसते hue…unhe छोड़ने में मज़ा आता था तभी तो मैं उन दोनों के 50 साल की उम्र में पैदा हुई. देखो न भाइयों से कितनी छोटी हूँ मैं.

Rohan…haan दी वही मैं सोचता हूँ कई बार. आप और दीदी में सिर्फ 5 साल का फर्क है. यानि पापा आपके लिए पिता सामान हैं.

Anu…muskura kar…haan रोहन. और पता है वो भी मुझ पर फ़िदा हैं. और मेरा सपना है मैं तुम दोनों के साथ थ्रीसम करूँ.

Rohan…really दी? वो आप पर फ़िदा हैं? और थ्रीसम. मुझे नहीं लगता वो इस बात के लिए मानेंगे कभी.

Anu…muskura कर. तुम अपने बाप को अभी जानते नहीं हो.

Rohan…koi नई आपसे जान लूंगा. हँसते हँसते अचानक एक जोर का धक्का मरता है जोश जोश में तो अनु को दर्द हुआ और वो boli…kya कहते हो रोहन जो इतनी जोरदार चुदाई करते हो. तुम चौथे मर्द हो जिससे मैं चुद रही हूँ और सही मायने में तुम्ही असली मर्द हो रोहन.



रोहन का सीना फूल जाता है. हर आदमी का फूलेगा जिसकी चुदाई की तारीफ लड़की अपने मुँह से करे.
 
Part 79एक जोरदार चुदाई के बाद अनु रोहन के सीने पर लेती हुई थी और उसकी तंग रोहन की दोनों टैंगो पर थी. वो कभी कभी अपनी तंग से उसके ढीले पड़े लुंड को छू लेती तो वो ढीला पड़ा हुआ भी झटका मार देता.

कभी कभी अनु रोहन की गाल पर किश कर देती. उसके बालों से खेलती. उसके मुम्मे रोहन की छाती के ठीक निचे धसे पड़े थे रोहन के शरीर पर. चुदाई के बाद भी दोनों को ऐसे hi आनंद आ रहा था मनो चुदाई hi हो रही हो.

अनु रोहन को किश करते हुए boli…us दिन तुमने कितनी अच्छी तो मुझे सजा सुनाई थी. किश वाली. मैं देने को भी तैयार थी. फिर भी नहीं ली. क्यों रोहन?

Rohan…muskura kar….aap एक जासूस बानी हुई थी दी. मेरे और शानू के बारे में बात कर रही थी. और मुझे लगा मैं आपसे किश सजा के तौर पर ले रहा हूँ. इसमें आपकी मर्जी मौजूद नहीं है. तो जब किसी बात में लड़की की मर्जी न हो तो मैं वो काम नहीं करता दी.

अनु उसके होंठों पर एक जोरदार किश करके boli….tum बहुत अच्छे हो रोहन. पता नहीं मैं कैसे तुमसे अत्त्रक्ट हो गयी. अगर उस दिन तुम किश कर लेते तो शायद मैं तुमसे उसी दिन चुद जाती.

रोहन हैरान रह गया क्यूंकि उस दिन वो अनु का जैसा रूप सोच रहा था उस हिसाब से तो अंदाज़ा hi नहीं लगाया जा सकता था के अनु इस हद तक सोच सकती है. सही है किसी ने सच hi कहा है के हम किसी के बारे में बिना सोचे समझे रे बना लेते हैं.

रोहन फिर बोलता hai…achha दीदी, मेरे और रजत जीजाजी के इलावा और किन दो के साथ आपने चुदाई की है?

अनु मुस्कुराकर बोलती hai…pehle तुम सच सच बताओ मुझे. क्यूंकि उस दिन तुम मुझे उलझा गए पर मेरा जासूसी दिमाग कहता है के तुमने शानू के साथ चुदाई की थी. उसी दिन नहीं उसके बाद भी की थी.

Rohan…muskura कर अपनी अनु दी के लिप्स पर किश करते हुए बोलता hai….meri इतनी इंटेलीजेंट दी जो शहर की सबसे फेमस क्रिमिनल लॉयर है कभी गलत हो सकती है भला?

Anu…muskura kar…dekha मैं सही थी. तो फिर तो मेरी सजा भी नहीं बनती थी. सजा तो तुम्हे मिलनी चाहिए.

Rohan…hanskar…aap जो मर्जी सजा दे दो दी. चाहो तो मेरी गांड मार लो.

Anu…hanste hue…uske लिए तो मेरे पास हथ्यार नहीं है रोहन पर तुमसे अपनी गांड चटवाउंगी मैं. तुम्हारी यही सजा है.

Rohan…manjoor है दी. अच्छा अब तो सुना दो अपनी स्टोरीज.

Anu…muskura kar….sunati हूँ. बेसब्र क्यों हो रहा है.

अनु बोलना शुरू करती hai….tumhe तो पता hi है. मैं सिटी की बेस्ट क्रिमिनल लॉयर हूँ और मेरा सक्सेस रेट 100% रहा है अभी तक.

Rohan…isme तो कोई शक नहीं. बचा बचा आपको और इस बात को जनता है.

Anu…ek बार एक केस आया. जिसमे एक लड़की ने लड़के पर उसे लूटने और जिस्मानी तौर पर इस्तेमाल करने का िलज़म लगाया. जबकि लड़के का दावा था के उल्टा लड़की ने उसे लूटा है और दोनों में जो भी हुआ वो दोनों की hi मर्जी से हुआ.

Rohan…hairani की बात है. ऐसा भी होता है क्या? आपके पास कौन आया था लड़का या लड़की.

Anu…ladka…first इंस्टैंस में मुझे जो सही लगता है मैं उसी का केस लेती हूँ रोहन.

दरअसल वो दोनों लिवइन में रहते थे. शुरू में उन दोनों का कोई सेक्सुअल रिलेशन नहीं था. इन लोगों ने बचत के लिहाज से एक hi फ्लैट ले लिया था शेयरिंग में जो 2 भक था. लड़के का नाम रमन और लड़की काजल थी. रमन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और काजल एक यूनिट में क्लर्क की जॉब करती थी.

हालाँकि काजल रमन के मुकाबले बहुत काम कमेटी थी. तो इन दोनों में इस बात के लिए ये समझौता हुआ के खाना और सफाई का काम भी काजल hi करेगी, काजल ओने थर्ड (⅓) रेंट देगी और रमन तवो थर्ड (⅔) हिस्सा रेंट देगा. दोनों खुश थे. काजल के पास टाइम भी बहुत होता था इस सब के लिए तो दोनों को कोई प्रॉब्लम नहीं होती थी.

अक्सर सैटरडे को रमन का ऑफ होता. तो काजल उसके लिए दोपहर का खाना बना के फ्रिज में रख जाती. वो काफी काइंड थी रमन के लिए. तो जल्द hi दोनों में दोस्ती हो गयी. दोनों को एक साथ टाइम स्पेंड करना अच्छा लगने लगा.

एक दिन काजल जब काजल देर तक नहीं उठी तो रमन ने उसका दूर नॉक किया. दरअसल उसे ब्रेकफास्ट चाहिए था. उससे भी बढ़कर रमन को उसकी फ़िक्र थी. वैसे आज उसे ब्रेकफास्ट की उतनी जल्दी भी नहीं थी क्यूंकि आज सैटरडे था.

काजल ने दरवाजा खोला तो वो लगभग गिरते गिरते बची. रमन ने उसे संभल लिया और उसे उसके बीएड तक पहुँचाया. वो बुखार से तप रही थी. रोहन ने डॉक्टर से कंसल्ट करके उसे एक गोली दी जिससे उसका बुखार काम हुआ तो उसके बाद वो काजल को डॉक्टर के पास ले गया.

अगले दिन संडे था. दोनों की छुट्टी थी. दोपहर तक काजल एकदम ठीक थी. पिछली रात रमन उसके साथ hi लेता था उसकी देखभाल के लिए. काजल को उसका अटेंटिव और केयरिंग नेचर काफी अच्छा लगा और वो उसकी और अत्त्रक्ट हो गयी.

दोनों काफी क्लोज आ गए थे तो दोनों ने एक दुसरे से अपनी साडी पर्सनल बातें शेयर कर डाली. काजल को ये जान कर बड़ी हैरानी हुई के उतना तो वो एक साल में नहीं कमा पाती जितना रमन एक महीने में कमा लेता है. उसकी ऑंखें फटी की फटी रह गयी.

और सबसे बड़ी बात ऐसा लड़का जो इतना कमा रहा था उसकी और अत्त्रक्ट हो रहा था. पर वो लड़का बहुत hi शालीन था. वो उसे मन hi मन चाहने लगा था उसके शरीर को नहीं. पर इधर काजल की चाहत तो कुछ और hi थी.

चाहे इन दोनों में से किसी ने भी एक दुसरे को प्रोपोज़ नहीं किया था पर फिर भी कोई भी इनके व्यवहार से कह सकता था के ये दोनों कपल्स हैं. क्यूंकि किश होना इन दोनों में आम बात हो गयी थी और हमेशा hi काजल इसकी पहल करती थी.

हैरानी तो तब हुई जब एक दिन काजल इन ट्रांसपेरेंट निघ्त्य डालकर उसने रमन के साथ सोने की इच्छा जाहिर की. रमन पिघल गया. हुग करना इनके लिए आम बात थी. काजल ने उसे टीशर्ट लोअर में लेते देखा तो उसे boli…kya लड़के ऐसे सोते हैं. मैंने तो सुना है लड़के सिर्फ अंडरवियर में सोते hain….aur फिर आंख मार कर बोलती है. और कुछ तो बिना उसके भी.

रमन जोश में आ गया. दोनों के ऊपर चद्दर थी. रमन ने अपना एक एक कपडा निकल के चादर में से बहार फेंकना शुरू कर दिया. काजल को हैरानी तो तब हुई जब रमन ने अपना अंडरवियर भी उतर कर चादर से बहार फेंक दिया. फिर रमन बोलै ये चीटिंग है है. उसने काजल की निघ्त्य और पंतय भी उतर दी और फिर अंत में दोनों के ऊपर से चादर भी. काजल ने अपनी ऑंखें छुपा ली पर रमन ने उसके हाथ हटाकर उसके होंठों को चूसने के बाद सरे शरीर को चूसा. और ऐसा hi काजल से करवाया. फिर उसके बाद हुआ दोनों का फर्स्ट सेक्स. काजल ने तो यही बताया था के उसका फर्स्ट सेक्स है.

इसके बाद शुरू हुआ काजल का पैसे ऐंठने का सिलसिला. उसने सबसे पहले अपनी हायर स्टडीज के नाम से रमन से 2 लाख का लोन बोलकर कॅश लिया. फिर उसने अपने पापा के इलाज के लिए 1 लाख. फिर उसके बाद घर की छत टूटने वाली है बोलकर 3.5 लाख. हर बार जब भी वो उससे पैसे मांगती एक अलग hi स्टाइल से रमन को संतुष्टि देती. इस तरह उसने रमन से 10 लाख रूपये लूट लिए.

वो हर बार यही बोलती के पैसे लौटाएगी. पर 25000/- की मामूली रकम वो घर खर्च और अपने लिए खर्च करती या फिर रमन से लिए लोन को चुकती. खैर रमन ने भी सोच लिया था के दोनों इकट्ठे हैं शादी भी कर hi लेंगे तो क्या उसके क्या मेरे पैसे. इसलिए उसने ज्यादा फाॅर्स नहीं किया काजल को पैसे के लिए.

पर एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिससे रमन को बहुत गुस्सा आया. वो कुछ जल्दी आ गया था ऑफिस से. बॉडी पैन था और थोड़ा बुखार भी लग रहा था. सोचा था काजल से मस्सगे करवा लेगा बॉडी की पर उसकी हैरानी की कोई सीमा नहीं रही जब उसने काजल को उनसे दो फ्लैट छोड़कर रहने वाले लड़के सौरभ के साथ किश करते हुए देखा. रमन के तो पैरों के नीचे से जमीन hi निकल गयी. उसने उनकी वीडियो भी बना ली.

जब काजल फ्लैट में आयी तो वो रमन को आया देख उसके पास आकर बोलती hai…baby तुम आज जल्दी आ गए.

रमन उसे गुस्से से देखता है और बोलता है. सौरभ के साथ क्या कर रही थी तुम. काजल के पैरों टेल से जमीन hi खिसक गयी. उसको अपना सब कुछ लुटता नज़र आ गया. उसने झूठ बोलने की कोशिश की पर रमन ने उसे उसका पैक किया हुआ सामान दिखा दिया और उसे तुरंत वहां से जाने को बोलै. काजल ने बहुत कोशिश की त्रिया चरित्र दिखने की पर रमन नहीं मन. उसने उसे वो वीडियो नहीं दिखाई थी जो उसने पार्किंग में उसकी और सौरभ की बनाई थी.

उसे सौरभ के यहाँ भी ठिकाना नहीं मिला तो किसी तरह से वो अपनी किसी सहेली के यहाँ शिफ्ट हो गयी. उसने रमन को फ़ोन करके और पैसे मांगे बोली नहीं तो रपे का केस दाल दूंगी. रमन बोलै के जो करना है कर लो.

इस लड़की ने केस दाल दिया. उसने अपने गहने और इज़्ज़त लूटने की दुहाई दी. हालाँकि ज्यादातर सुबूत काजल के खिलाफ थे पर जज हरामी था और एक लड़की की इज़्ज़त का हवाला देकर अपना झुकाव लड़की की और बनाये हुए था.

उसके मेरे अगेंस्ट होने के और भी दो कारन थे. कहते हुए अनु थोड़ी देर के लिए चुप कर जाती है.

Rohan…aur वो क्या didi…rohan के हाथ में अनु की चुकी थी और अनु के हाथ में रोहन का लुंड. जो खड़ा होने जा रहा था. अनु ने उसे थोड़ा सा हिलाया तो लुंड एकदम से खड़ा हो गया.

अनु boli…yaar रोहन तेरा लुंड वाकई कमल का है.

रोहन हँसते हुए bola…didi मुझे बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी के आप इन सब शब्दों का इस्तेमाल करती होंगी. ये दारू का असर है या कुछ और.

Anu…aisa नहीं के बोलती नहीं पर हमेशा नहीं. दरअसल ये तेरी जवानी का असर है रोहन जो देखो न कैसे उभर कर सामने आ रही है. कहते हुए अनु ने रोहन के लुंड को अपने में लिया और चूसने का आनंद लेने के बाद उसने bola…tumhe अभी मेरा पता नहीं है रोहन के मैं किस हद तक मज़ा दे सकती हूँ. कहते हुए अनु उसके लुंड पर बैठकर उठक बैठक करने लगी और वाकई ये इतना लाजवाब था रोहन के लिए उसे तो लग रहा था अभी तक वो चुदाई के नाम पर मज़ाक hi कर रहा था.

अनु ने उछाल उछाल कर रोहन को खूब मज़ा दिया. रोहन का लुंड आज धन्य हो गया था इस जबरदस्त चुदाई से. वो तो माल निकलने का नाम hi नहीं ले रहा था. रोहन के मुँह से आखिर निकल hi gaya…behan छोड़ क्या कहूं दी आज तो आपने ऐसा मज़ा दिया है के शायद hi कभी लाइफ में मिले.

अनु भी उस पर ढेर हो गयी थी और अपने लिए अपने भतीजे के मुँह से कॉम्पलिमेंट सुनकर उसने रोहन के मुँह पर एक जबरदस्त किश जड़ दी.



वो दोनों अभी ढंग से रिलैक्स भी नहीं हुए थे के किसी ने जोरदार ढंग से दरवाजा खटखटाया. रोहन और अनु दोनों बुरी तरह से चौंक गए और उनके मुँह इकट्ठे hi nikla…is वक्त कौन होगा?
 
Part 80वो दोनों अभी ढंग से रिलैक्स भी नहीं हुए थे के किसी ने जोरदार ढंग से दरवाजा खटखटाया. रोहन और अनु दोनों बुरी तरह से चौंक गए और उनके मुँह इकट्ठे hi nikla…is वक्त कौन होगा?

किसी तरह फटाफट दोनों ने कपडे पहने और रोहन ने जब दरवाजा खोला तो देखा ये उसका फूफा उर्फ़ जीजा रजत था जो बुरी तरह से लड़खड़ा रहा था.

वो रोहन के कहने से पहले hi अंदर घुस गया और लड़खड़ाती हुई आवाज़ में bola…yahan मेरी प्यारी पत्नी अनु आयी है क्या रोहन?

रोहन क्या bolta…hanji जीजा. अनु दीदी यहीं लेती हुई हैं मेरे साथ. पर उसने झूठ बोलते हुए kaha…lekin वो तो सो गयी हैं.

Rajat…to मुझे भी यहीं सोना है. अनु को उसकी बात सुनकर गुस्सा आ रहा था पर वो कर भी क्या सकती थी.

रजत आकर लेट गया और लेटते hi बेसुध सा हो गया. उसके मुँह से शराब की काफी ज्यादा बदबू आ रही थी. अनु बोली रोहन इसको देखो कैसे बेवड़ा बना हुआ है इस वक्त. ऐसा करो दूसरी और करवट दिला दो. रोहन ऐसा hi करता है पर बड़ी मुश्किल से. अनु भी उसकी मदद करती है ऐसा करने में.

उसके बाद रोहन अनु को बोलता hai….di आप दोनों यहाँ सो जाओ. मैं कहीं और देखता हूँ.

अनु उसे बोलती hai…rohan अभी भी इधर काफी जगह है. ऐसा करो तुम भी लेट जाओ. वैसे भी तुमसे पूरी रात लेटने का वडा किया है मैंने. अगर पूरी रात नहीं रही तो फिर से कहोगे एक और रात के लिए.

रोहन …नहीं दी आपको दिक्कत होगी. फिर आंख मरते hue….Aur हाँ अब तो हम दोनों पता नहीं एक दुसरे की कितनी रातें रंगीन करेंगे. अनु हंसने लगती है रोहन की बात पर और फिर उसके बाद बोलती है.

Anu…muskura kar….arey आ जाओ बहुत जगह है. ये नहीं उठने वाला आज मैं जानती हूँ इसकी नेचर को. तुम चाहो तो एक और बार चुदाई कर लेना इसको पता भी नहीं चलेगा और अब तो इस साले को पता भी चल जाये तो हमारे पास वो वीडियो है न. मैं तो सोचती हूँ एक बार सेल के सामने जगती हालत में भी करुँगी.

रोहन हँसते हुए अनु के साथ लेट जाता है. अनु रोहन और रजत दोनों के बीच थी. रोहन हँसते हुए कहता hai…waise अगर रजत जीजू जाग रहे होते तो हम थ्रीसम कर लेते.

Anu…utsahit होते hue…kasam से मज़ा आ जाता. मैं तो इमेजिन भी करने लगी हूँ rohan….Aage से रजत का लुंड चूस रही हूँ और पीछे से तुम डोगग्य स्टाइल में मुझे छोड़ रहे हो. कसम से इस डबल मज़े से कमल hi हो जायेगा. खूब मज़ा आएगा. वैसे मेरी फंतासी भी है थ्रीसम की.

Rohan…hairan होते hue…bhain छोड़ तुम चीज क्या हो दी. लगता है तुम्हे समझने में तो मुझे सात जन्म लग जायेंगे.

Anu…hanste hue…rohan मुझे क्या किसी भी औरत को जानने के लिए सात नहीं सौ जनम भी काम हैं. दोनों कितनी hi देर हँसते रहे फिर रोहन ने जब अनु के निचे हाथ लगाया तो देखा के उसकी छूट नंगी थी.

रोहन bola…di आपने पंतय नहीं पहनी थी.

Anu…muskura kar…nahi क्यूंकि मुझे इस बेवड़े का पता था के इसे बिलकुल भी होश नहीं होगी.

रोहन अनु को हुग करते हुए बोलता है. दी वो स्टोरी तो पूरी करो. उस लड़का लड़की वाली. बताओ न जज के आपके अगेंस्ट होने के क्या कारन थे.

Anu…ek तो वो साला भी तुम्हारी तरह मेरा दीवाना था. वो मुझे निचे लेना चाहता था.

Rohan…muskura कर हैरानी se…sach बोल रहे हो दी?

Anu…haan और क्या मैं झूठ बोलूंगी.

Rohan…nahi di…aap तो किसी अप्सरा से काम नहीं हो. कोई भी आपका दीवाना हो जाये.

Anu..thank यू बीआरओ. कहकर उसकी गाल पर एक गीली पूछी कर देती है. रोहन उसे जोर से जकड कर बोलता है.

रोहन… और दूसरा कारन.

Anu…doosra कारन अजीब है rohan..mere अपोजिट जो लॉयर था वो जज का सागा भतीजा था.

Rohan…hairani se…wakai?

अनु हाँ में सर हिलाते हुए boli…haan. तो मेरे लिए बहुत मुश्किल थी केस जितने में. वैसे भी इंडियन कोंस्टीटूटे लड़की के सेक्सुअल केस में हमेशा लड़की की hi फवौर लेता है लेकिन फिर भी जज के हाथ में काफी कुछ होता है. हालत और सुबूतों के मद्देनज़र बेनिफिट लड़के को भी मिल सकता है.

लेकिन जज तो ऐडा हुआ था मुझे हारने में. पिछले दो साल से साला मेरे पीछे पड़ा था. लेकिन मैं उसके हाथ में नहीं आ रही थी. अब इस केस में उसे अपनी मनमानी करने का मौका मिल गया था.

हम लोग कभी कभी केसेस के सिलसिले में जजस को पर्सनली मिल लेते हैं अपना पक्ष समझने के लिए. मैं भी मिली तब जाकर मुझे उसकी इंटेंशन पता चली. क्यूंकि जब मैंने उसे अपना पक्ष समझने की कोशिश की तो वो bola…main तो समझ जॉन मरस. शर्मा पर आप हमारा ख्याल hi नहीं रखती हो.

मुझे पता तो था के ये साला मेरी छूट hi चाहता है पर मैंने अनजान बनते हुए bola…sir मैं समझी नहीं. कैसे ख्याल रखूं आपका बोलिये?

जज थोड़ा सख्त लहजे में bola…na तो आप बची हो मरस शर्मा और न hi मैं. आप इस शहर की सबसे बड़ी क्रिमिनल लॉयर हो. मुझे पता है जब भी आपके किसी केस का फैसला होना होता है तो आपकी क्लीवेज कुछ परसेंट एक्स्ट्रा नज़र आती है मुझे.

कह कर जज थोड़ा चुप हो गया. शायद मेरी प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहा था. आखिर जज जो था.

मैं boli…sir सॉरी अगर आपको मेरी किसी भी बात से परेशानी हुई हो तो. अच्छा सर हम उस बारे में बाद में बात करेंगे जो आप चाहते हो. पहले आपको कुछ दिखाना चाहती हूँ देखेंगे आप?

Judge…gambhirta poorvak…dikhaiye मरस शर्मा.

मैं समझ रही थी के वो क्या चाहता है तो मैं उसके वाले सोफे पर hi उसके साथ जाकर बैठ गयी. वो तो मुझे उसकी इंटेंशन पता थी नहीं तो किसी की हिम्मत नहीं हो सकती के जज के बगल में जाकर बैठ जाये.

मैंने अपना फ़ोन निकला और उसमे से वीडियो वाला फोल्डर निकला. जज देख रहा था के मैं क्या कर रही हूँ. वो bola…kya दिखाना है. जल्दी दिखाओ.

मैं मुस्कुराते हुए boli…dikhane के लिए hi तो आयी hun…darasal मैं भी उस दिन सोच कर गयी थी के ये केस जितना है मुझे. और मुझे पता था के मेरा क्लाइंट गलत नहीं था. बिलकुल सही था अपनी जगह. पता है इन वीडियोस में क्या था रोहन.

Rohan…utsukta पूर्वक बोलता hai…kya था उन वीडियोस में दी?

Anu…rajat और काजल ने अपनी मर्जी से दोनों की सेक्स करते हुए वीडियो बनाई थी. ये वही थी.

मैं जज के एकदम बगल में बैठ गयी थी. मैंने वीडियो निकली पर उससे पहले पूछा.

Anu…sir, मैं वीडियो ों करने से पहले मैं आपको बता देना चाहती हूँ के इन वीडियोस में उन दोनों के इंटिमेट सीन्स हैं. आपकी इजाज़त हो तो ों करूँ.

उस सेल को और क्या चाहिए था मेरे बगल में बैठ कर वो वीडियोस देखता भला इससे बढ़िया वकसे लिए क्या बात हो सकती थी. बल्कि कमीना और पास आ गया. पहली वीडियो 7-8 मिनट की थी.

सीधे सेक्स वाला सन hi था. काजल बड़ी खुश नज़र आ रही थी. जज जान बूझकर बोलै. इसमें लड़के का चेहरा तो दिखाई hi नहीं दे रहा.

अनु… सर आगे नज़र आएगी 4.10 पर. वहीँ से चलौं क्या अभी.

Judge…nahi चलने दो.

कमीना मज़े ले रहा था उनकी चुदाई के और पता hi नहीं चला के उसने कब मेरे कंधे पर अपना हाथ रख दिया. मैंने जस्ट उनके हाथ की और देखा पर ऐतराज़ नहीं किया.

फिर 4.10 भी आया जब लड़के का चेहरा दिखा दिया तो मैंने bola..ye रहा सर लड़का. दरअसल उस वक्त रमन काजल की छूट चाट रहा था. वैसे मुझे शर्म भी आयी उस वक्त. मैंने कहा सर अब बंद कर दूँ क्या?

जज को तो पूरा मज़ा आ रहा था, bola…nahi रहने दो, सभी वीडियोस देखकर hi कुछ निर्णय ले सकूंगा.

Anu…waise सर आपकी पहचान है सही जजमेंट देने में. आपको देना hi पड़ेगा. कहते हुए अनु ने उसकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया. उसके हाथ लगते hi जज को झटका सा लगा. वीडियो चलती रही. उस वीडियो में सकिंग और पुसी लिकिंग hi था. उसके बाद जज bola…doosri वीडियो चलाओ.

दूसरी वीडियो में रमन ऊपर था और काजल निचे और चुदाई चल रही थी. कहीं से भी नहीं लग रहा था के रमन उसके साथ जबरदस्ती कर रहा है. अनु boli…sir, क्या आपको लगता है के लड़की के साथ कुछ गलत हो रहा है. देखो कैसे एन्जॉय कर रही है लड़की.

जज उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा कर bola…haan लग तो ऐसा hi रहा hai…par फिर गंभीर होकर bola…lekin मैं साडी वीडियोस देखकर hi कोई निर्णय ले पाउँगा.

अनु जानबूझकर उसे चिढ़ाने के लहजे से boli…thik है सर मैं ये वीडियोस आपको सेंड कर देती हूँ आप बाद में देख के मुझे बता देना.

जुस्तज गुस्से में bola…fir तो गया तुम्हारे फवौर में फैसला. मैं कोई आपका नौकर नहीं मरस शर्मा. आपको साथ बैठकर दिखाना होगा. नहीं तो मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है देखने में. मेरा जजमेंट लगभग रेडी है इस केस में.

अनु की मजबूरी बन गयी थी जज की बात मन्ना और फिर वो सोचकर भी तो आयी थी के जो भी हो वो हार नहीं मांगेगी.

जज ने चुदाई वाली वीडियो के टाइम अनु के कंधे पर हाथ जा दबाव बना दिया और उसकी उँगलियों के अगले हिस्से अनु के बूब्स पर hi थे.

अब कहानी अनु की जुबानी ➖

सेल ने मेरे बूब्स पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था. वीडियो में जबरदस्त सन आ रहे थे. मैंने भी उसकी जांघ पर दबाव बना दिया था.

एक सन आया जिसमे काजल रमन के ऊपर बैठकर उसे छोड़ रही थी. जज एकदम से उत्साहित होकर bola…mujhe ये स्टाइल बहुत पसंद है.

मैंने घूरकर देखा और kaha…aur ये आप मुझे क्यों बता रहे हो.

जज थोड़ा झेंप सा गया पर मुझे लगा के कहीं जज बिदक न जाये तो उसे सहज करने के लिए मुस्कुरा कर bola…waise हर मर्द को ये पसंद होता है सर.

जज को तो शह मिल गयी. Bola…aapke पति को भी पसंद है क्या ऐसा मरस शर्मा. कमल का बाँदा था शरेआम फ़्लर्ट कर रहा था. फ़्लर्ट क्या तर्क निकल रहा था साला. मैंने बस हंस दिया और bola…wo क्या और मर्दों से अलग है क्या?

जज भी कमीनगी भरी मुस्कान के साथ मुस्कुराया. अब उसे वीडियो देखने में काम इंटरेस्ट था मेरे साथ बातों में ज्यादा. Bola…aapko भी मज़ा आता है इसमें. एक बार को तो मैं शर्म से पानी पानी हो गयी. के कैसा सवाल कर रहा है. कुछ भी हो यार. ये सवाल तो नहीं करना चाहिए.

मुझे उलझन में देख जज bola….aapko बुरा तो नहीं लगा मरस sharma…normally अगर वो ऐसा बोलता तो मैं उसका सर फोड़ देती पर मुझे पता था के आज इसकी हवस पूरी करनी hi पड़ेगी. मुझे बोलना pada…nahi तो सर.

मुझे bola…aap ड्रिंक करती हो मरस शर्मा.

मैं boli…kabhi कभी sir….khush होकर bola….is वीडियो को देखकर तो मेरा पिने का मूड बन गया फिर किसी लड़की को आवाज़ लगता hai….malti ज़रा वो रेड वाइन और दो गिलास लेकर आओ.

लड़की कोई 21-22 साल की बाला की खूबसूरत थी और उसके चेहरे पर मुस्कान थी. जज ने उसके आने के बाद भी मेरे कंधे से हाथ नहीं हटाया के कहीं दुबारा रखना न मुश्किल हो जाये. वो दोनों के लिए एक एक पेग डालकर चली गयी. उसको देखकर hi लग रहा था के इस ठरकी जज ने उसे भी छोड़ा नहीं होगा.

मैंने मन hi मन तो kaha…haan बच्चू महंगी शराब पिलाकर छोड़ने का इरादा है न तेरा. पर बोल नहीं पायी उसे. बस मुस्कुराती रही. अब उसके हाथ आगे बढ़ रहे थे मेरे एक बूब पर. अब बेचारे मर्द भी क्या करें बहुत ज्यादा अत्त्रक्ट होते हैं इनकी शेप पर.

हमने वीडियो देखते हुए दो दो पेग मारे तो मेरा हाथ उसकी जांघ से हैट गया तो वो मुझे bola…hath यहाँ से मत हटाओ मरस शर्मा. वाइन पिने में दिक्कत हो रही है तो मैं अपने हाथों से पीला देता हूँ. कहते हुए उसने खुद hi मेरा हाथ पकड़कर अपनी जांघ पर रख दिया और साला इस बार ऐसी चालाकी कर गया के उसने मेरा हाथ और आगे थोड़ा सा लुंड के ऊपर रख दिया जो के थोड़ा सा खड़ा लग रहा था.

एक वीडियो में स्मूच का सन था. मैं देख रही थी जज के होंठ फड़क रहे थे. हम तीसरा पेग मार रहे थे. जज ने देखा मेरे निचले होंठ के पास नमकीन का टुकड़ा लगा है. उसने अपने हाथ से वो टुकड़ा हटाया और बाकायदा निचले होंठ को छुआ उस ऊँगली से.



मैं सिहर उठी उसकी इस हरकत से. अब मुझे लग रहा था के इसे सुरूर होने लगा है. अब इसे काबू में रखना मुश्किल होगा. तो मैं मन hi मन अपने को तैयार करने लगी छोड़ने के लिए.
 
Part 81मैं सिहर उठी उसकी इस हरकत से. अब मुझे लग रहा था के इसे सुरूर होने लगा है. अब इसे काबू में रखना मुश्किल होगा. तो मैं मन hi मन अपने को तैयार करने लगी छोड़ने के लिए.

जज ने एक और पेग तैयार करके मेरे होंठों पर लगते हुए kaha….mrs शर्मा, अब बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है मुझसे, आपको अपने हिसाब से जजमेंट चाहिए न तो एक काम करना होगा.

मैं उसके चेहरे की और देखने लगी के क्या कहना चाहते हैं जज साहिब. पर बोली कुछ नहीं.

Judge…..uski आँखों में लाल डोरे तैर रहे थे. मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए bole…ham दोनों अलिफ़ नंगे होंगे तुम मेरी गॉड में बैठकर मेरे लैपटॉप पर खुद hi जजमेंट जो टाइप की हुई है उसे एडिट कर दो. फिर मेरी गाल पर किश करते hue…bolo मंजूर है.

मैंने भी सोचा साला बहुत हुआ. मैं उठी और एक झटके में अपनी टॉप उतरी दूसरे में निचे वाला माला भी खली कर दिया और जज साहिब को boli….aap भी खड़े हो जाओ आपके कपडे उतरूं. जज पूरे जोश में था. उठ कर खड़ा हो गया. और जब उसके कपडे उतरे तो देखा के उसका भी खड़ा था.

मैंने उसे चेयर पर बैठने को बोलै. वो बहुत hi गन्दी नज़रों से मेरे नंगे शरीर को निहार रहा था. मैंने उसे चेयर पर बैठने को बोलै तो वो तुरंत बैठ गया. मैं उसकी गॉड में उसके खड़े हुए लुंड पर बैठ गयी. अब तो मुझसे भी बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था. पर फैसला लेना भी जरूरत था. उसने अपने दोनों हाथों से पीछे से मेरे दोनों बूब्स पकड़ लिए और bola…ab इसमें जैसे चाहो बदलाव कर दो. चाहो तो लड़की को फांसी की सजा लिख दो. हँसते हुए जज बोलै.

मैं थोड़ा रुआब से boli…wo तो आपको भी पता है और मुझे भी के नहीं लिख सकते. पर हाँ उसको जो सजा बनती है वो तो लिखूंगी.

जज पीछे से कंधे पर किश करते हुए bola….jaldi से ड्राफ्ट फाइनल कर दो हनी. मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा

फिर मल्टी को आवाज़ लगाकर bola….malti ज़रा पेग तो लाना. मैंने उसे हैरानी से bola…yaar उसको क्यों बुला रहे हो हम लोग नंगे बैठे हैं.

जज हँसते हुए bola…tum तो ऐसे कह रही हो जैसे उसने मुझे नंगा नहीं देखा. हम दोनों अब फ्रेंडली हो चुके थे. मैं boli…tumhe देखा होगा मुह्जे तो नहीं.

इतने में तो मल्टी आ गयी थी. उसके चेहरे पर गहरी मुस्कान थी. मुझसे boli…koi बात नहीं didi…aap शर्माओ मत मुझसे. मेरे चाचा जी बड़े हरामी हैं. इनको कोई लड़की नंगी करनी हो तो ये भी नहीं देखते के इनकी सगी भतीजी है. जज के चेहरे पर गन्दी वाली मुस्कान थी और मैं हैरान रह गयी उस लड़की की और देखते हुए जिसके मुम्मे पर जज ने किश की जब वो पेग दाल रही थी.

मैं मल्टी से boli…tum इनकी सगी भतीजी हो?

मल्टी हाँ में सर हिलाते हुए boli…hanji दीदी. वैसे एक बात कहूं. सेक्स इनका पैशन जरूर है पर जो जुबान इन्होने कर दी न उसे पूरा करके रहते हैं. ये हुस्न के दीवाने हैं.

फिर उसने कुछ ऐसा कहा के मेरे चेहरे पर स्माइल बहुत गहरी हो गयी.

वो boli..aap रूप का खजाना हो दी. आपको देखकर तो मुर्दा इंसान का लुंड भी खड़ा हो जाये. चाचा जी तो फिर जीते जागते इंसान हैं. आप छोडो ये आपके हिसाब से hi लिखेंगे सब कुछ. आप दोनों तो अब एन्जॉय करो.

वैसे मेरा ड्राफ्ट लगभग पूरा हो गया था. मैंने वो छोड़ा और मुँह जज की और करके उसके होंठो पर होंठ रख दिए. मैं बहुत खुश थी के अब सब कुछ मेरे हिसाब से होगा.

जज भी खुश था. उसने अपने होंठ मेरे निप्पल्स पर रख दिए. और लगे चूसने मेरे सवा सवा इंच के निप्पल्स को. मुझे भी मस्ती चढ़ रही थी. निचे जज साहिब का लुंड फर्राटे मार रहा था. मैंने जज साहिब के होंठ अपने होंठों में लेकर बड़े hi प्यार से चूसने शुरू किये तो जज साहिब का जोश और बढ़ गया और उन्होंने मुझे अपने शरीर के साथ भींच लिया.

मुझे पता था उनसे और ज्यादा बर्दाश्त होना मुश्किल है इसलिए मैं उन्हें बीएड पर ले गयी. उन्होंने मुझे धक्का दिया और लेटते hi सबसे पहले छूट में लैंड डालकर एक जोरदार धक्का दिया. वाकई बहुत जान थी उसमे. या शायद मुझे पाने का जोश के जोरदार धक्के मरने शुरू कर दिए.

मज़ा तो मुझे भी बहुत आ रहा था उसके रफ़ सेक्स से पर दर्द भी हो रहा था. इंसानी फितरत है के जब कोई चीज मुश्किल से मिले तो इंसान बेसब्री से लग जाता है उसे भोगने. जैसे किसी भूखे को बहुत दिनों बाद खाना मिला हो तो फटाफट उठा के बेसब्रों की तरह खाने लगता है ऐसा hi जज साहिब के साथ हो रहा था.

मेरे बूब्स पर तो वो टूट hi पड़े थे. मुझे हँसते हुए बोलना hi pada….dekhna कहीं काट कर अलग hi न कर देना इन्हे. पर जज को मेरी बातों सुनाई कहाँ दे रही थी. उसने बड़ी hi जोरदार चुदाई की और पूरे चार बार चुदाई की उसने उस रात में. मैं केस जीत गयी. लड़के को भी पता था के वो ये केस कभी नहीं जीत सकता था. उसे तो मैंने उसका पैसा भी इंटरेस्ट के साथ वापिस दिलवाया. उस पैसे को तो लड़का वैसे भी भूल चूका था.

उसने मुझे 8 लाख फीस दी इस केस के लिए. और उसके बाद वैसे भी मेरी फीस बढ़ गयी थी.

अनु की बातें सुनते सुनते रोहन लुंड फिर से खड़ा हो गया था. वाकई अनु के शरीर की बनवार इतनी परफेक्ट थी के उसे देखते hi इंसान के लहू में जोश आ जाये. रोहन एकदम वैसे hi अनु के ऊपर आ गया जैसे जज आया होगा.

रोहन ने फिर से एक बार अपनी प्यारी दी के साथ जबरदस्त चुदाई की. चुदाई के बाद रोहन bola….di उसके बाद नहीं कभी कहा जज चुदाई के लिए नहीं बोलै.

अरे उसके बाद दो साल तक यहाँ रहा और ना जाने कितनी बार मुझे बुलाया. हाँ मेहरबान भी खुद रहा. पर हाँ मुझे जरुरत hi नहीं पड़ती किसी की मेहरबानी की क्यूंकि मेरे अंदर खुद बहुत टैलेंट है. वो तो केस hi अलग तरह का था जो मुझे जज को खुश करना पड़ा. लेकिन चलो कोई बात नहीं किसी के दिल की हसरत तो पूरी हुई. हँसते हुए अनु बोली मनो उसके लिए किसी के साथ सेक्स करना नार्मल बात है.

रोहन bola…to दी चौथा इंसान कौन था जिसने आपके साथ सेक्स किया.

Anu…abhi सुबह होने वाली है बचे. वो बात फिर कभी करेंगे. अभी सोते हैं न. तूने छोड़ छोड़ के थका दिया है mujhe…rohan और अनु हंसने लगे. फिर दोनों को तुरंत नींद आ गयी.

सुबह रजत की आंख खुली तो देखा के अनु और रोहन दोनों hi अलिफ़ नंगे सोये हुए थे. उसे माजरा समझते देर नहीं लगी के दोनों में चुदाई हुई है. उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती यही. रजत एक सुलझा हुआ इंसान था और जो बात उस पर लागु होती थी वो दुसरो पर भी लागु कर देता था. यानि के उसने खुद अपनी बहिन के साथ सेक्स किया था तो उसकी वाइफ ने अगर अपने भतीजे के साथ सेक्स कर भी लिया तो उसने उसे बिलकुल नोर्मल्ली लिया.

वो बाथरूम जाता है और फ्रेश होकर शावर लेने लगता है. शावर की आवाज़ सुनकर अनु की आंख खुल जाती है और दोनों को नंगा देखती है. वो हड़बड़ाकर एकदम से उठकर कपडे पहनती है और रोहन को भी कपडे पहनने को बोलती है. वो थोड़ी घबराई हुई थी क्यूंकि उसे पता था के रजत ने उन दोनों को नंगे देख लिया होगा.

पर अब किया भी क्या जा सकता था. इतने में तो रजत बहार आ जाता है उसके कमर पर टॉवल लगा हुआ था. वो अनु की और देखकर मुस्कुराते हुए बोलता hai…kya हुआ तुम ऐसे टेंशन में क्यों हो. मैंने तुम्हे कुछ कहा क्या?

अनु बोलती hai…tumhe गुस्सा नहीं आया रजत?

रजत हँसते हुए bola…agar इस जबरदस्त शरीर को सिर्फ मैं भोगना चाहूंगा तो मैं तो स्वार्थी बन गया न. तुम्हारा भतीजा है यार इसे भी हक़ है. रोहन जब भी तुम्हारा दिल करे. एन्जॉय करो अपनी बुआ के sath…ohh तुम तो दीदी बोलते हो न इसे. दीदी की छूट मारो जब भी दिल करे. और हंसने लगता है.

रोहन की भी हंसी छूट जाती है और अनु की भी. रोहन बोलता hai…aap भी तो अपनी बहिन के साथ एन्जॉय करते हो जीजा जी.

Rajat…tumhe क्या लगा मुझे पता नहीं था तुम वीडियो बना रहे थे. तुम्हे मैंने बनाने दी तभी तो तुम बना पाए. मत भूलो मैं भी एक वकील हूँ बचे. और हंसने लगता है. रोहन शर्मिंदा हो जाता है. और अनु उसे गले लगाकर बोलती है. कभी आपके और रोहन के साथ थ्रीसम की इच्छा है.

Rajat…ye तेरी इच्छा जल्द hi पूरी कर दूंगा. अभी हमें आज के लिए तयारी करनी है. आज फंक्शन है न.

Anu…haan सही कहा तुमने. चलो रोहन जल्दी से तैयार हो जाओ. तैयारियां भी करनी है.

Rohan….di जीजू साडी तैयारियां हुई पड़ी हैं. आप लोग फ़िक्र न करो.



फिर सब लोग लग जाते हैं अपने अपने काम के लिए. दोस्तों अब अगले episode में सीधे फंशन में मिलेंगे क्यूंकि बहुत टाइम बीत गया इन्ही सब बातों में. तो मिलते हैं फंशन में.
 
Part 82जैसे बच्चों की शादी में माँ बाप चाचा चची और बाकि बड़े गेट पर खड़े होकर मेहमानो का स्वागत कर रहे होते हैं वैसे hi आज ये बचे ….मेहुल, रोहन, रूही, मितली, और इनके बाकि के कौसिन्स गेट पर खड़े मेहमानो का स्वागत कर रहे थे. सबके चेहरे की रौनक बता रही थी के ये लोग कितने खुश हैं.

चरों बड़े जॉब में थे तो इनके साथी कर्मचारी, मेहमान और दोस्त, पडोसी सब आ रहे थे. बच्चों ने कुछ सहपाठी भी बुलाये थे प्रोग्राम में.

सब लोग ऐसे सजे हुए थे जैसे कोई शादी हो. ये सिल्वर जुबली काम रोहित और निधि की शादी ज्यादा लग रही थी. रोहित के लिए जबरदस्त सूट और निधि के लिए रेंट पर लेहंगा लाया था बच्चों ने. पंडित जी ने मंत्रोचारण के साथ दोनों के गले में हार डलवाया था.

दोनों को स्टेज पर बिठाया गया था. हालाँकि गाथेरिंग कोई ज्यादा नहीं थी फिर भी 450-500 लोग तो थे. कहाँ ये लोग सोच रहे थे के 100-150 लोगों का प्रोग्राम hi रखेंगे पर अभी जब लिस्ट बनने लगी तो समझ नहीं आ रहा था के किसे बुलाएँ और किसे छोड़ें.

मितली की फॅमिली तो विशेष रूप से आमंत्रित थी. मोनाली तो अपने जीजा के इर्द गिर्द hi मंडरा रही थी. हालाँकि मितली का उससे चिपका होना स्वाभाविक था पर बीच बीच में मोनाली रोहन को कहीं न कहीं ले hi जाती बहाने से.

वैसे तो आज न रोहन के पास टाइम था और ना hi मेहुल के पास क्यूंकि दोनों hi मुख्या रूप से इस प्रोग्राम का अरेंजमेंट देख रहे थे. खैर मितली ने रोहन का काफी हाथ बनतया था आज. पर फिर भी एक जिम्मेदार इंसान की चिंता कभी ख़त्म नहीं होती.

आज इन लोगों ने एक डांस स्टेज बनाई थी और एक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप को बुला रखा था जिसमे 4 लड़के और 5 लड़कियां थी. लड़कियां कभी इंडियन तो कभी वेस्टर्न डांस दिखती. लड़कों और मर्दों के लुंड खड़े करने वाले डांस भी चल रहे थे.

अनु जितनी सेक्सी थी उतना hi उसका डांस भी सेक्सी था. कितने hi युवा लड़के आ आकर उसके साथ डांस करना छह रहे थे. हालाँकि वो ऐसे hi किसी को घास नहीं डालती थी पर कोई भी लड़का उस पर अपना सब कुछ हार सकता था अनु का थोड़ा सा स्पर्श लेने के लिए भी. रोहन दूर खड़ा ये सब देख रहा था के जिस अनु की एक झलक पाने को लड़के बेताब हैं, उसी अनु को उसने पिछली रात दबाकर छोड़ा था. कितना खुशकिस्मत था wo….nahi नहीं उसका लुंड.

ऐसे hi प्रोग्राम अर्रंगे करने वाली एजेंसी की ओनर थी रुपाली. उसकी आगे 25 साल रही होगी और रोहन की कोई 21 साल थी. वो हैरान थी के इतनी काम उम्र का लड़का इतना इंटेलीजेंट है और इतना सब कुछ कितनी आसानी से और कितने बेहतरीन ढंग से मैनेज कर रहा है. एक एक मेहमान को वो पर्सनली पूछ रहा था. कितनी नेगोटिएशन की थी उसने रुपाली के साथ.

बहुत hi काम प्रॉफिट दिया था उसने रुपाली को हालाँकि उसने बोलै था के उसने काम भी रुपाली से hi करवाना है क्यूंकि खुद रुपाली ने भी बहुत काम समय में फंक्शन प्लानर के रूप में अपनी पहचान बना ली थी. दोनों में काफी मुलकर हुई थी तो दोस्ती होना स्वाभाविक है.

इन दोनों में दोस्ती ऐसी हो गयी थी के बीच में जब प्रोग्राम को चलते एक डेढ़ घंटा हो गया था तो खुद रुपाली रोहन के पास ड्रिंक लेकर आयी और boli…ek ले लो रोहन बहुत थक गए लगते हो.

रोहन ने उसे आंख मार कर बोलै tha…thaka तो नहीं हूँ रुपाली, कहो तो रूम में लेजाकर प्रोवे कर सकता हूँ. रुपाली हँसते हुए बोली thi…yaar रोहन तुम इंसान बढ़िया हो पर तुममे ठरक बहुत है. ये ठरक तुम्हारी आँखों में hi पढ़ी जा सकती है. दोनों खूब हांसे थे इस बात पर. खैर ये महज मज़ाक hi था. उस वक्त रोहन की कोई गलत इंटेंशन नहीं थी ऐसा बोलने में.

अनु तो अभी अपने हस्बैंड रजत के साथ hi डांस कर रही थी. लड़के उसके पास आ आकर बहाने से उससे जुड़कर डांस करने की कोशिश कर रहे थे. कोई कोई तो उससे टच कर जाता. किसी का हाथ अनु की गांड से टकरा जाता तो उसे लगता के वो स्वर्ग में पहुँच गया है. वैसे अनु उसे ऑंखें दिखती लेकिन मन hi मन उसे बड़ा सुकून मिल रहा था के भगवन ने उसे कितना जबर्दश्त शरीर दिया है.

मेहुल भी अपनी बहनो के साथ डांस का लुत्फ़ उठा रही थी. उसके वर्जिन शरीर की आभा ऐसी फैली थी के कोई भी उसे देखकर पागल हो जाये. अभी उसकी दुविधा तो दूर हुई थी अपने भाई के लिए लेकिन क्या वो अब इस प्रोग्राम के बाद तैयार थी अपने आप को अपने प्यारे भाई रोहन को सौंपने को ये बहुत बड़ा सवाल था उसके लिए आज.

रूही का तो क्या कहना आज उसे भी खूब बधाइयाँ मिल रही थी. उसने एकदम पारी जैसी वाइट ड्रेस पहनी हुई थी जिस पर पंख भी लगे हुए थे. उसके प्यारे भाई रोहन ने खास अपनी प्यारी गुड़िया के 18वे जन्मदिन के लिए ये ड्रेस लायी थी. रूही आज इसी ड्रेस में अपने भाई रोहन के साथ बिस्तर पर लेटकर इस सफ़ेद ड्रेस को लाल बनाना चाहती थी. यानि इसी ड्रेस में अपनी विर्जिनिटी वो अपने प्यारे भाई रोहन को देना चाहती थी.

एक और शख्स था जो आज रोहन को अपनी विर्जिनिटी देना चाहता था. उसने अपनी बहिन को इस बारे में बोलै भी था. उसकी बहिन ने बोल दिया था के उसे कोई ऐतराज़ नहीं है इस बात के लिए बशर्ते के रोहन तैयार हो. जी हाँ वो लड़की कोई और नहीं मोनाली थी. उसे आज अपने जीजा रोहन पर बड़ा प्यार आ रहा था और वो इस रात को जाने नहीं देना चाहती थी वो अपनी छूट में जो पहला लुंड लेना चाहती थी वो रोहन का था. इसीलिए वो आज रोहन के इर्द गिर्द मंडरा रही थी.

उसने चमकीली सी ड्रेस पहनी हुई थी ऐसी ड्रेस जिसके लोअर में उसकी छूट की शेप साफ़ नज़र आ रही थी. मोनाली की नेचर hi ऐसी थी उसे शो ऑफ करने का बहुत शौक था. खूब बन थान कर रहती थी वो. आँखों पर मस्कारा और कितने hi कलर के बाल बनवा लेना किसी पॉप स्टार से काम नहीं लगती थी. पतली सी कमर रोहन के एक झटके से hi चकनाचूर हो सकती थी.

मितली मोनाली और रोहन खड़े थे तो मितली ने बोल भी दिया था रोहन ko….rohan इतनी लड़कियों का भला किया है तूने, बीच में टाइम निकल कर थोड़ा भला इसका भी कर दो आज. उसने आंख मारी तो रोहन हैरान रह गया के ये पहली लड़की होगी दुनिया की जो खुद की hi बहिन को अपने बॉय फ्रेंड के नीचे दाल रही है. रोहन ने उस वक्त हंस कर बात को ताल दिया. ऐसा नहीं के वो उस स्वीट सी प्यारी सी लड़की को छोड़ना नहीं चाहता था पर अभी टाइम कहाँ था उसके पास.

सभी डांस कर रहे थे. अब तो मेहुल के साथ रोहन भी आ गया था डांस करने. जब रोहन आया डांस फ्लोर पर तो सभी उधर hi पहुँच गए. वैसे तो वो खूब थका हुआ था. पर उसने खुद का एन्जॉय भी तो करना था. इसलिए उसने सोचा थोड़ा डांस कर लिया जाये.

पर मैं बन्दे के लिए एन्जॉय करना इतना आसान कहाँ होता है. रुपाली को कुछ पैसों की जरुरत पद गयी. उसने रोहन को साइड में बुलाया. रोहन न चाहते हुए भी गया उस और जिधर रुपाली ने बुलाया था.

वो boli….yaar रोहन तुम्हे बुरा तो लगेगा पर अर्जेंट 25000/- चाहिए थे. मेरे पास काम पद गए नहीं तो नहीं मांगती.

रोहन मुस्कुरा कर bola…yaar मैंने तो तुम्हारे देने hi हैं बाद में क्या अभी भी देने हैं. लेकिन पॉकेट में नहीं हैं. रूम में चलोगी?

Rupali…haan यार चलो रूम में चलकर दे दो. वो जो वेटर्स वाला लेबर कांट्रेक्टर है उसे चाहिए इम्मेडिएटली.

रोहन bola…chalo. हॉल से दो मंजिल ऊपर एक गलियारा पार करके दो रूम्स थे जिनको हॉल के साथ बुक किया था रोहन ने. एक तो लेडीज ने तैयार होना था, दूसरा इनमे कीमती सामान और गिफ्ट्स भी तो रखने थे.

रुपाली ने कांट्रेक्टर राम खिलावन को अपने साथ hi ले लिया था. रोहन ने रूम में जाकर बैग में से पैसे निकलकर रुपाली को दिए जो रुपाली ने बहार जाकर कांट्रेक्टर को दे दिए. रोहन ने फिर से रुपाली को आवाज़ लगाकर बोलै.

Rohan….rupali मैं तो कह रहा हूँ तुम अपना फुल एंड फाइनल पेमेंट ले hi लो.

Rupali…muskura kar…arey इतनी भी क्या जल्दी है यार. बाद में कर देना बाकि पेमेंट. अभी कितनी बची होगी मुश्किल से बीस हजार.

Rohan…yaar मुझे तो देने hi हैं. मेरे सर से भी टेंशन ख़त्म होगी.

रुपाली मुस्कुरा कर boli….tum हिसाब किताब के बड़े पक्के हो रोहन. अच्छा लगा तुम्हारे साथ काम करके.

Rohan…mujhe भी बहुत अच्छा लगा तुम्हारे साथ काम करके रुपाली. मेरी बहिन मेहुल की शादी में मैं तुम्हे hi बुक करुणा. रोहन थका हुआ था वो वहां पड़े बीएड पर सिरहाने पर सर रखकर लेट सा गया.

रुपाली boli…thank यू यार. मुझे ख़ुशी होगी, मेहुल तो क्या तुम्हारी शादी भी मुझे hi बुक करनी है और हँसते हुए boli…tum तो ऐसे थक कर लेट गए हो जैसे लड़की की शादी में लड़की का बाप लेता होता है. कह कर वो भी साथ में बीएड पर बैठ गयी.

रोहन लेते लेते hi उसका हाथ पकड़ कर कहता hai….arey मुझे भी ख़ुशी होगी रुपाली. वैसे तुम्हारा बर्फ है क्या? अचानक रोहन ने रुपाली पर सवाल दाग दिया.

Rupali…hanste hue….rehne दो रोहन. बहुत ठरकी हो यार तुम तो सच में.

Rohan…yaar ऐसे hi पूछ रहा हूँ. तुम्हे तो पता है मितली मेरी गफ है तो ठरक क्यों करूँगा तुम्हारे साथ.

Rupali…haan है. पर मैंने उसे हाथ भी नहीं लगाने दिया. क्यूंकि मेरा मन्ना है एक बार अगर बर्फ के निचे पद गयी तो फिर उसका मुझमे इंटरेस्ट नहीं रहेगा.

Rohan…to इसका मतलब किसी और के नीचे.

रुपाली ने दुसरे हाथ से रोहन के कंधे पर मरते हुए kaha…dekha कहा है न के तुम बड़े थरके हो. अच्छा तुमने किया मितली के साथ?

Rohan….abhi मैंने बोलै नहीं उसे. अगर कहूंगा तो मन नहीं करेगी.

Rupali….thik है मैं भी बता देती हूँ. ना hi मैंने अपने बर्फ के साथ किया है और ना hi किसी और के साथ.

उसकी बात सुनकर रोहन के मुँह में पानी आ जाता है. मतलब लड़की वर्जिन है. रोहन bola…to फिर क्या इरादा है. आंख मार देता है. रुपाली हँसते हुए उठ कर कड़ी हो जाती है और कहती है. अगर मैं थोड़ी देर और कड़ी रही यहाँ तो कहीं तुम मेरी सील hi न तोड़ दो रोहन.



रोहन को हैरानी थी के वो लड़की अभी तक वर्जिन है पर बातों से तो पूरी खेली हुई लग रही है.
 
Part 83जैसे hi रुपाली जाने लगी तो एक बार रोहन की और देखकर boli…tum यार सच में बहुत हरामी हो रोहन. रोहन लुंड को हाथ में लेकर उसे मसलते हुए bola…jo मर्जी बोल लो. एक बार कर लो यार. थकन मिट जाएगी अपनी.

रुपाली हँसते हुए boli…agar वर्जिन न होती तो जरूर सोच लेती पर अभी नहीं. अभी एक काम करो मितली को बुलाओ और अपनी थकान दूर कर लो. हाहाहा करके हंसती हुई रुपाली वहां से भाग गयी. रोहन को अब इच्छा सी होने लगी. उसने तुरंत मितली को फ़ोन लगाया.

बस 5 मिनट बाद उसके रूम की बेल्ल बजी. रोहन ने जैसे hi दरवाजा खोला सामने जिसे बुलाया था वो कड़ी थी. जी हाँ अपने उसी चमकदार अवतार में मोनाली कड़ी थी. जो मोनाली खुद को रोहन से चिपकाये जा रही थी वो अभी शर्मा रही थी. जी हाँ रोहन ने मितली को फ़ोन करके मोनाली को भेजने के लिए बोलै था. क्यूंकि आज मोनाली की छूट बड़ी उछाल रही थी रोहन का लुंड लेने को.

रोहन ने उसके आते hi उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर उन्हें चूसना शुरू किया और थोड़ी देर चूसने के बाद bola…taiyar है न मोनाली तुम्हारी छूट मेरा लुंड लेने के लिए.

हालाँकि मोनाली काफी फ्रैंक थी पर फिर भी उसने डायरेक्ट कभी इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था. इसलिए वो शर्मा सी गयी. वो शर्म के मारे सिमटी जा रही थी. रहन ने थोड़ी देर और उसके होंठो से अपने होंठों को भिड़ाये रखा और उनको ऐसे चूस रहा था मनो उनमे से कोई रास निकल रहा हो. वैसे उसे महसूस भी हो रहा था जैसे कोई रास निकल रहा है.

फिर वो उसकी ड्रेस चेक करने लगा के ये खुलती कहाँ से है. आजकल की ड्रेस को तो खोलना भी मुश्किल है यार. मोनाली उसकी मदद करती है. तीन चार स्टेप्स में कहीं जाकर उसकी ड्रेस खुली तो उसकी चमकीली ड्रेस जैसा hi चमकता और विभिन्न खुशबुओं से महकता उसका बदन सामने आया. और उसे देखते hi रोहन के मुँह में पानी आ गया.

ब्रा और पंतय अभी बाकि थे पर उसे लगभग अंदाज़ा हो गया था मोनाली की फिगर का जो के किसी मॉडल से काम नहीं थी. इसकी तो गांड भी ऐसी फूली हुई थी जैसे दो गुब्बारे लगे हों. बूब्स का साइज जबरदस्त था पर मजाल है जो कमर हो.

ऐसी टीमेग्लास जैसी फिगर को देखकर किसका जी न ललचाएगा भला. रोहन के मन में एक बात आयी. वो मोनाली से bola….yaar मुझे एक बार मितली से बात कर लेनी चाहिए. कहीं उसे कोई ऑब्जेक्शन तो नहीं होगी.

मोनाली रोहन की शर्ट उतारते हुए boli…ab मुझे नंगा करके आपको याद आ रहा है जीजू आपको के दीदी से पूछना है. उसने hi छोड़ने के लिए भेजा है मुझे.

रोहन की बात सुनकर अब मोनाली को भी महसूस होने लगा के बेशर्म बनकर गंदे गंदे शब्द बोलने hi पड़ेंगे अगर ये काम करना है.

रोहन ने अब अब देखा ना ताव उसने उसकी ब्रा निकल कर उसके प्यारे प्यारे दो बड़े बड़े उभारों पर अपना मुँह ले जाकर उन्हें प्यार करना शुरू कर दिया. दोनों हाथों में लेकर देखता है कितने प्यारे थे साख भी थे और स्पॉय भी. उसने उसके निप्पल्स को एक एक करके चूसना शुरू कर दिया. मोनाली पूरी तरह से तैयार थी अपने जीजू से छोड़ने के लिए.

वो उसकी छाती पर हाथ फेरे जा रही थी और रोहन बड़े hi प्यार से उसके बूब्स को चूस रहा था. मोनाली के शरीर को आज कोई पहली बार भोग रहा था तो उसकी छूट ने अभी से बगावत कर दी थी. उसने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था.

दोनों लबालब हो चुके थे अंदर से क्यूंकि रोहन के लुंड ने भी प्रेकम छोड़ दिया था. अब दोनों hi इतने गर्म हो चुके थे के चुदाई की बहुत ज्यादा जरुरत महसूस हो रही थी दोनों को.

जल्द hi दोनों बिस्टेर पर लेते थे. मोनाली ऊपर थी और रोहन निचे. जो लड़की थोड़ी देर पहले शर्मा रही थी वो अब जंगली बिल्ली की तरह रोहन के शरीर को अपने दांतो से नोंच रही थी.

रोहन खुश था उसके इस जंगलीपन को देखकर और महसूस करते हुए. रोहन के दोनों हाथ मुक्त थे जबकि मोनाली के हाथ मुँह दोनों चल रहे थे. वो उसकी छाती पर उसके निप्पल्स को चूस और काट रही थी और उसकी गलों को बड़े hi प्यार से पलोस रही थी.

धीरे धीरे वो निचे की और सरकती है और उसके पेट पर जीभ फेरने लगती है जैसे चपटी कुल्फी पर फेरते हैं. जैसे उस पर शहद गिरा हो और वो उसे चाटने की कोशिश कर रही हो.

उसके ऐसा करने से रोहन के लुंड ने ऐसी सख्ती पकड़ी के वो किसी लोहे के रोड की मानिंद हो गया. शायद उस पर हथोड़ा भी मारो तो न टूटे क्या थी ये लड़की और कितना जोश भरा था इसमें.

नयी उम्र की लड़की थी या फिर सेक्स की चाहत का जोश था ये पर इसने रोहन को अच्छा खासा मज़ा दिला दिया था. रोहन उछाल रहा था और मोनाली अपनी दोनों टैंगो के बीच अपने पेट पर रोहन के सख्त लुंड को महसूस कर रही थी.

अब और इंतज़ार करना मोनाली के लिए भी मुश्किल हो रहा था और उसकी सख्ती को महसूस करके मोनाली की जीभ लार छोड़ने लगी थी.

तो वो देर न करते हुए निचे पहुँचती है रोहन के लुंड के ठीक ऊपर जो के पूरी तरह से बालों से रहित था और उसकी परफेक्ट शेप देखकर मोनाली का लालच और बढ़ गया और उसने उस पर किस्सेस करनी शुरू कर दी थी.

दनादन उसकी किस्सेस से रोहन ला लुंड मोनाली के थूक से भर गया था. रोहन से भी अब रहा नहीं जा रहा था और उसने मोनाली को रिक्वेस्ट करते हुए कहा.

रोहन... यार मोनाली, इसे अब चुसो और दबाकर चुसो.

मोनाली भी एक अलग hi अंदाज़ में बोली... जो आज्ञा मेरे मालिक और उसके सुपडे को जीभ से कुरेदते हुए उसने ऊपर का हिस्सा जैसे hi मुँह में लेकर चूसना शुरू किया तो रोहन को मज़ा आ गया.

इधर मोनाली को भी खूब मज़ा आ रहा था और वो पूरी रफ़्तार से अपने मुँह को ऊपर निचे करने लगती है रोहन के लुंड को चूसने के लिए.

रोहन हँसते हुए... आह्हः मोनाली, लगता है एक्सपर्ट हो इस काम में.

मोनाली लुंड को मुँह से निकलकर कहती है.... मम्मी की कसम जीजू जो आपके सिवाय किसी मर्द को छुआ भी हो. वो तो भला हो पोर्न वीडियोस का जिन्होंने मुझे ये ट्रेनिंग दी. वर्ण तो मैं अभी वर्जिन हूँ.

रोहन बोलै... मैं मज़ाक कर रहा था शोना. तुम इसे मुँह से मत निकालो चुस्ती रहो. बहुत अच्छे से चूस रही हो.

मोनाली ने मुस्कुरा कर उसे चूसना शुरू कर दिया. रोहन को असीम आनंद मिल रहा था और वो यही आनंद अब मोनाली को भी देना चाहता था क्यूनि अगर दोनों को बराबर मज़ा न आये तो चुदाई का फायदा hi क्या.

उसने मोनाली को निचे लेटने को बोलै और खुद उसके बूब्स को एक बार फिर से चूसते हुए निचे की और जाने लगा और उसकी छूट की फैंको पर hi जाकर रुका. उसको सूंघते हुए उसकी क्लीन शवेद छूट को चाटने लगा. उसके ऊपर इर्द गिर्द न जाने कितनी hi किस्सेस की. अब उसकी रसभरी छूट में वो अपनी जीभ दाल देता है और अपनी जीभ को सख्त करके वो उसे उसके डेन पर रगड़ने लगता है.

मोनाली... आअह्ह्ह रोहन बहुत अच्छा लग रहा है. मज़े में सराबोर मोनाली इस बार जीजू ना बोलकर रोहन hi बोलती है और इसका और ज्यादा लुत्फ़ उठाने के लिए वो अपनी ऑंखें बंद कर लेती है.

मोनाली की छूट को रास से लबालब भरा देख रोहन महसूस करता है के अब वक्त आ गया है चुदाई का. वो उठता है और अपने लुंड को छूट के द्वार पर रखकर धीरे से धक्का मरता है तो मोनाली की आह निकल जाती है. पर उसे मज़ा भी अत है और उसे ये मज़ा ज़िन्दगी में पहली दफा आया था.

धीरे धीरे रोहन अपने लुंड को आगे बढ़ा रहा था क्यूंकि उसे पता था के ये मोनाली की पहली चुदाई है और उसे इसके बाद पार्टी में भी जाना है और अगर इसकी चाल बदल गयी तो ये मज़ाक का पात्र बन जाएगी.

इसलिए रोहन धीरे धीरे आगे पीछे करके अपने लुंड को टाइट छूट के मज़े दिलवा रहा था. पर आखिर तो उसे एक दिवार को पार करना hi पड़ना था क्यूंकि लुंड अब बार बार उस दिवार से टकरा रहा था और वो छह रहा था के वो उस दिवार के पार भी जाये.

रोहन उसे बड़े प्यार से bola…shona बचा, अब समय आ गया है तुम्हारी दिवार तोड़ने का. थोड़ा दर्द होगा उसे सहने के लिए तैयार रहो.

मोनाली अजीब सा मुँह बनाकर कहती है. मुझे डरा रहे हो जीजू अब आपका ये अंदर ले लिया है तो उसे पूरा लेना चाहूंगी ना. आप चिंता मर करो. आप जो करने जा रहे हो करो. मैं कितनी खुशकिस्मत हूँ एक अपनी सील अपनी बहिन से पहले खुलवा रही हूँ और वो भी अपने जीजू से hi. और बोलती hai…..tod डालो इस सील को जीजू.

रोहन को और क्या चाहिए था भला, वो दो चार जोर के धक्के मरता है और उसका लुंड उस महीन सी मांस की दिवार को तोड़कर आगे बढ़ जाता है. अब मांस की दिवार टूटेगी तो लहू तो बहेगा hi ना. पर अब क्या परवाह करनी उस लहू की.

लेकिन रोहन को देखकर महसूस हो रहा था के मोनाली को असीम दुःख हुआ है. उसकी थोड़ी चीखें भी निकली. पर क्या करे उसे अपने जीजू से मज़ा भी तो लेना था. उसे पता था के ये दर्द थोड़ी देर का hi है. उसने सेक्स तो नहीं किया था पर उसकी सहेलियों ने उसे खूब त्रिनेड कर दिया था. इसलिए वो मज़े लेने लग जाती है दर्द को नज़रअंदाज़ करके.

रोहन चुदाई के साथ साथ उसके बूब्स को भी चूसने लगता है. दोनों हाथों में दबा कर एक एक करके दोनों निप्पल्स को चूस रहा था और कभी तो वो उसके होंठों को चूसने लगता. ऐसे hi कोई बीस पचीस मिनट की चुदाई के बाद रोहन ने अपना सारा माल गलती से मोनाली की छूट में hi निकल दिया.

रोहन ने सॉरी बोलै तो मोनाली boli…dont वोर्री जीजू बहुत साडी पिल्स आती हैं. पर मुझे लगता है अब आपको फंक्शन में चलना चाहिए. क्यूंकि आज मेजबान आप हो और मेहमान आपको hi धुंध रहे होंगे.

रोहन उसकी समझदारी देखकर बहुत खुश हुआ और bola…tum बिलकुल अपनी दीदी की तरह hi समझदार हो.

मोनाली boli…waise एक सुग्गेस्टिव देना चाहती हूँ. आप दीदी की सील शादी के बाद hi खोलना. इस दौरान आपको कभी सेक्स की चाहत हो तो मुझे याद कर लेना. उसके होंठों पर एक जोरदार किश जड़ते हुए मोनाली बोली.

रोहन मन hi मन सोच रहा था. भला मुझे छूट की कमी थोड़ी है पर फिर भी कितनी स्वीट गर्ल है ये bola…waise सही कह रही हो तुम मोनाली. पर देखते हैं अगर तुम्हारी दीदी का hi मन हो गया तो.

मोनाली boli…haan भाई. उसका तो पूरा राइट है आपके लुंड पर. हँसते हुए वो वहां से चली जाती है. रोहन भी हंसने लगता है और ना में गर्दन हिलता है और कहता है. पागल लड़की.

फिर वो वापिस हॉल में आता है तो उसे ये देखकर हैरानी होती है के रूही उसका इंतज़ार कर रही थी आंसुओं से भरी हुई आँखों के साथ.



तो दोस्तों आप लोग गेस कर सकते हो के रूही रो क्यों रही है. मुझे ख़ुशी होगी अगर आप लोग गेस कर पाए.
 
Part 84फिर वो वापिस हॉल में आता है तो उसे ये देखकर हैरानी होती है के रूही उसका इंतज़ार कर रही थी आंसुओं से भरी हुई आँखों के साथ.

रोहन उसे इस हाल में देखकर घबरा जाता है और उसकी दोनों गलों को अपने हाथ में लेकर कहता hai…kya हुआ बचे तू रो क्यों रही है.

Ruhi…rote hue…bhai आज आज के दिन के लिए मैंने आपके साथ कितने सपने देखे थे पर सब चकनाचूर हो गए.

Rohan…arey ऐसा क्या हो गया गुडिअ.

Ruhi…wo भाई मुझे पीरियड्स आ गए.

Rohan…oh तो मेरी गुडिअ को मुझसे छोड़ना था क्या? रोहन को पता तो सब था पर रूही ने अभी तक उसे कुछ भी क्लियर नहीं किया था. इसलिए वो रूही से ये सवाल कर रहा था.

रूही हाँ में गर्दन हिलाती हुई कहती hai…haan भाई. और मेरे जन्मदिन के दिन hi. पर इन पीरियड्स को भी आज hi आना था.

Rohan…uski गाल पर किश करते hue…koi बात नहीं बचे इन सब चीजों पर किसी का बस थोड़े चलता है. तीन चार दिन की बात है. फिर जैसे कहोगी हम वैसे अपनी सुहागरात मनाएंगे. सब कुछ तुम्हारे हिसाब से होगा बचे.

रूही अभी बह उदास थी और उसकी आँखों से आंसू बह रहे थे. रोहन उसे एक रूम में ले जाकर उसके होंठों को अपने होंठों की ग्रिफ्ट में ले लेता है. और उन्हें चूसने लगता है उन्हें अच्छे से चूसने के बाद वो अपनी पंत को निचे सरका के उसे लुंड चूसने को बोलता है तो रूही बड़े hi प्यार से अपने भाई के लुंड को हाथ में पकड़ कर उसे चूसने लगती है. उसने देखा था और लड़कियों को अपने भाई के लुंड को चूसते हुए सो वो वैसे hi उसे चूसने लगती है.

रोहन उसका सर पकड़ कर उसे जोर जोर से चूसने को बोलता है क्यूंकि उन दोनों का जल्दी होना जरुरी था. उधर प्रोग्राम निकला जा रहा था और रोहन इधर इस सब में लगा हुआ था.

रोहन को आनंद भी बहुत आ रहा था. उसने भी आज के दिन के लिए बहुत कुछ सोच रखा था रूही के लिए. पर अब जब उसको डेट आ गयी थी तो कर भी क्या सकते थे. खैर थोड़ी देर में रोहन का लुंड छूट जाता है और वो अपने माल को एक साइड में गिरा कर रूही को थोड़ा ऊपर से प्यार करके जैसे hi रूम से बहार आने लगता है तो नेहा इन दोनों को देख लेती है और सवालिया नज़रों से रोहन को देखती है.

रोहन जान बूझकर उसकी नज़रों से बचता हुआ हॉल में चला जाता है और सब मेहमानो को मिलता है. वो अपनी सभी बहनो और अनु बुआ के साथ डांस करता है. डांस करते करते जब वो मेहुल के साथ कपल डांस कर रहा होता है तो उसे डांस करते करते वो बताता hai….didi पता है आपको रूही आज अपने जन्मदिन के दिन मुझसे छुड़वाना चाहती थी पर बेचारी को पीरियड्स आ गए.

मेहुल को भी इस बात का बड़ा अफ़सोस होता hai…oh बेचारी. उसके तो सरे अरमान hi ख़त्म हो गए.

Rohan…par हाँ थोड़ा तो कर के आया हूँ उसके साथ. सकिंग करवा दी और उसके बूब्स चूस कर उसे भी थोड़ा मज़ा दे दिया.

मेहुल मुस्कुरा कर boli…ye तुमने बढ़िया किया भ. फिर उसके माथे पर किश करके बोलती hai…mere भाई को अपनी बहनो का ख्याल तो बहुत है.

रोहन मुस्कुरा देता है और दोनों का डांस सबसे लम्बा और सबसे बढ़िया चलता है. फिर कितनी hi देर बाद जब वो दोनों डांस करके अलग होते हैं तो तालियों की गड़गड़ाहट उनको चौंका देती है और तब जाकर इन दोनों को पता चलता है के सब लोग इन्हे hi देख रहे थे. ये दोनों तो अपने डांस में इतने खोये हुए थे के इन्हे दीं दुनिया का पता hi नहीं था.

एक कपल की तरह इन्होने खूब बढ़िया डांस किया. मेहुल को जहाँ इस बात का दुःख था के रूही का सपना पूरा नहीं हो सका तो वहीँ उसे इस बात का भी दुःख था के रोहन को आज एक कुंवारी छूट मिलनी थी. उसका भाई सील पैक छूट का मज़ा नहीं ले पाया था. इसलिए उसने मन hi मन कुछ सोचा था पर उसने सोचा वो प्रोग्राम ख़त्म होने के बाद hi रोहन से बोलेगी वो.

उधर नेहा बार बार रोहन के पास आती और उसे कुछ कहने को होती पर रोहन उससे बचता फिर रहा था. नेहा भी इस बात को समझ रही थी के उसका भाई उससे ताल रहा है.

तभी उसे सिल्वर कलर की ड्रेस में जलवे बिखेरती श्रुति भाभी नज़र आती है. वो उसकी तरफ लपकता है और उसे अपनी बाँहों में लेकर बोलता है. भाभी कसम से केहर ध रही हो आप. दिल कर रहा है तुम्हारी इस ड्रेस को निकलकर अभी छोड़ डालूं आपको.

श्रुति पहले तो अपनी तारीफ के लिए रोहन को थैंक्स बोलती है फिर कहती है. ये तुम्हे भी पता है और मुझे भी पता है के यहाँ हॉल में ये सब नहीं हो सकता.

Rohan…to फिर रूम में चलते हैं. दे दो न दीदी. हालाँकि रोहन का दो बार हो चूका था पर उसका मन नहीं भरा था. इसलिए वो ये बोलता है.

Shruti…nahi आज नहीं. देखो तुम्हारे भाई मुझ पर नज़र रखे हुए हैं. अगर मेरी छूट लेनी है तो तुम्हे घर आना पड़ेगा. पता भी है कितने साल हो गए तुम्हे आये हुए.

वो अभी बोल hi रही थी के उसकी ननद यानि नेहा आ जाती है और बोलती hai…bhabhi से तो चिपके हुए खड़े हो. मुझसे दूर भाग रहे हो.

Rohan….nahi दीदी ऐसी तो कोई बात नहीं है. बोलिये क्या बात करनी थी aapko…shruti अब चली गयी थी उसके पति ने उसे बुला लिया था इधर रोहन नेहा के पास फंस गया था.

Neha…tera कोई चक्कर है क्या रोहन.

Rohan…samajh तो गया था के ये क्या बोल रही है और ये समझ भी चुकी है पर वो फिर भी अनजान बनते हुए कहता hai…chakkar मतलब?

Neha…dekh मुझे पता है तुझे पता है के मैं क्या पूछ रही हूँ. तुम्हे जब भी देखो किसी लड़की से चिपके रहते हो. रूही के साथ रूम से निकले. उस दिन भी रूम से कुछ अजीब गंध आ रही थी और मुझे पता है वो किस चीज की थी. मेहुल से कैसे चिपक कर डांस कर रहे थे जैसे वो तुम्हारी गफ हो. सच सच बताओ चल क्या रहा है. मुझे तो लगता है….

Rohan…ab जो आपको लगता है वो भी बता दीजिये. फिर मैं आपको जवाब दूंगा.

Neha…mujhe तो लगता है के तुम्हारे अंदर इन्सेस्ट फीलिंग्स हैं. और मुझे तो ये भी लगता है.

Rohan…ab वो भी बता दो जो आपको लगता है.

नेहा… के तुम्हारे शानू के साथ रिलेशन हैं.

रोहन को समझ आ गयी थी के इसे बहुत कुछ पता है पर फिर उसे इस बात का भी पता था के ये बेवकूफ किस्म की लड़की है और थोड़ी अलग hi किस्म की सनकी है तो इससे ज्यादा खुलने का कोई फायदा नहीं है. वो बात को एकदम से पलटते हुए उसी पर दोष लगते हुए बोलै.

Rohan…wah दीदी मुझे तो बड़ी हैरानी हो रही है आपकी सोच पर. मुझे मेरी एक एक बहिन के साथ जोड़ दिया. मतलब एक भाई का बहनो को प्यार करना गुनाह हो गया आपकी नज़रों में. क्या एक भाई अपनी बहनो से चिपक नहीं सकता. आजकल तो ये कितना नार्मल है. पर मैंने देखा है के आपकी तो सोच hi अलग है, आपको अपनी कमाई का घमंड है इसलिए आप अपने मन से hi दूसरों के लिए ख्यालात बना लेती हो और सोचती हो के आप सही हो. आप हवा में बहुत उड़ती हो दीदी प्लीज धरती पर उतरो और निचे आकर देखो के प्यार क्या होता है. वह दीदी आपने मेरी बहनो के साथ मेरे प्यार को वासना का रूप देकर बहुत बढ़िया काम किया है. रोहन तालियां मरते हुए वहां से चला गया बिना नेहा का रिएक्शन जाने. नेहा सोचती hi रह गयी के उसने शायद बहुत गलत काम कर दिया है.

उधर प्रोग्राम भी ख़त्म होने के कगार पर था. मेहमान भी तक़रीबन जा चुके थे. नेहा तो कभी की जा चुकी थी. अब रोहन ने कितना hi समय मितली के साथ स्पेंड किया. वो बीच बीच में भी उससे मिल रहा था. पर उसे आज वो ज्यादा टाइम नहीं दे पाया था. लेकिन मितली बड़ी कूल लड़की थी उसने कभी भी रोहन को अपने रिश्ते की आड़ में परेशान नहीं किया था. उसकी फॅमिली भी रोहन से बहुत खुश थी के इतनी काम उम्र में उसने ऐसा बढ़िया अरेंजमेंट किया था. और हाँ रोहन ने मितली को आज की एक एक बात बताई थी, मोनाली का तो उसे पता hi था, उसने रूही के साथ जो हुआ वो बताया और श्रुति की बातें और जो नेहा को उसने बेवकूफ बनाया वो भी बता दिया.

मितली तो हंस हंस कर पागल हो गयी के कैसे उसने नेहा जैसी जबरदस्त दिमाग वाली लड़की को बेवकूफ बना दिया. दोनों बातें कर hi रहे थे के मितली के मम्मी पापा उसे चलने के लिए बोलते हैं क्यूंकि रात के 1 बज रहे थे और ज्यादातर मेहमान जा चुके थे. इसलिए मितली उससे विदा होकर चली जाती है.

रोहन को अफ़सोस भी था के उसने नेहा को इस तरह बेवकूफ बनाया है पर वो कर भी क्या सकता था. वो लड़की तो ऐसी है के अगर उसके जरिये सभी रिश्तेदारों तक उसकी और उसकी बहनो की बातें पहुँच जाती तो कितना गलत होता.

अब घर जाने वाले मेहमान भी जाने लगे थे और अंत में सिर्फ घर वाले hi रह गए थे. तो रोहन के पापा मेहुल और रोहन को भी साथ चलने को बोलते हैं. रोहन बोलता है के हम लोग आ रहे हैं.

मेहुल boli…papa आप लोग जाओ. हमें अभी अर्रंगेमेन्ट्स देखने हैं. कुछ हिसाब भी करने हैं. हम लोग शायद यहीं रुक जाएँ. रोहन हैरानी से मेहुल की और देखता है क्यूंकि रुकने वाली बात उसे भी नहीं पता थी.



तो दोस्तों अगले episode में आप लोगों को कुछ सरप्राइज मिलने जा रहा है. कोई गेस कर सकता है के क्या सरप्राइज होगा. बल्कि दो दो सरप्राइज होंगे.
 
दोस्तों एक दुखदाई घटना मैं अपने भाइयों और बहने के साथ शेयर करना चाहता हूँ. मैंने अपनी उस दादी को खो दिया जिन्होंने मुह्जे अपने हाटों से पाला और जिन को मैं दुनिया में सभसे ज्यादा प्यार कर्त था . मुझे पता है दुनिया में रिश्ते आते जाते हैं पर अभी मैं लिख hi नहीं प् रहा और कसम से मैंने किसी भी कहानी पर कोई अपडेट नहीं दिया औरजब मैं ऐसी कहानियन लिखने लगता हूँ तो मुझे पता नहीं क्या हो जनता है. मुझसे लिखा hi नहीं जा रहा दोस्तों. क्या करूँ कुछ समझ hi नहीं आ रहा. मुझे कुछ दिन और दीजिये जी. चित्त सही हो जाये फेर लिखना शुरू कर दूंगा मैं. तब तक्क मैं कुछ कहानियन पढूंगा शायद उस से hi लिखने का मन कर जाये. थैंक्स ा लोट दोस्तों मेरी कहानी को इतना पसंद करने के लिए . एक और बार जब भी लिखना शुरू करूँगा पहले मैं सफर वाली कहानी शुरू करूँगा फिर दीदी की चिंता. पर सभी कहानियां ख़त्म करूँगा उसके बाद hi कोई नयी कहानी शुरू करूँगा दोस्तों.
 
Part 85सब हिसाब किताब करने के बाद रात के दो बज गए थे और अब यहाँ हॉल में सिर्फ रोहन और मेहुल hi बचे थे. देखने से hi लग रहा था के दोनों को खूब नींद आ रही थी.

रोहन मेहुल से बोलता hai…didi आपने पापा को बोलै के हमारा सोने का यहीं अरेंजमेंट है तो क्या आपने हम दोनों के लिए कोई रूम बुक किया है? अगर किया है तो जल्दी बता दो मुझे बहुत नींद आ रही है.

मेहुल मुस्कुराते हुए उसकी गाल पर एक किश करते हुए boli…bas अभी से थक गए मेरे प्यारे भाई. अभी तो तुमने कुछ किया hi नहीं है. वो उसे आंख मारकर बोलती है.

रोहन कन्फ्यूज्ड सा उसके बोल्ड रूप को देखकर बोलता hai….kya? आखिर करना क्या चाहती हो तुम दीदी?

Mehul…intzar करो भाई. इंतज़ार का फल बहुत मीठा होता है. अभी से सोने की बात कर रहे हो भाई? हो सकता है मैं तुम्हे पूरी रात न सोने दूँ. उसके गाल पर अपनी एक ऊँगली फेरती हुई मेहुल बहुत hi कामुक अंदाज़ में बोली तो अब रोहन को थोड़ा अंदाज़ा हुआ के अब शायद कुछ अच्छा होने वाला है. वैसे उसने दो बार सेक्स कर रखा था पर अभी भी उसमे इतना डैम था के अपनी इस हॉट सेक्सी और काम की देवी की पूरी रात बजा सकता था.

मेहुल ने उसे चुप रहने का इशारा किया और अपने पीछे पीछे आने को बोलै. रोहन एक आवारा कुत्ते की तरह मेहुल के पीछे पीछे हो लिया जैसे वो आवारा कुत्ता अपनी कुटिया के पीछे पीछे चलता है.

रुपाली जो के अभी कुछ हिसाब किताब लगाती दूसरी और से निकली थी उसकी नज़र इन दोनों भाई बहिन पर पड़ती है और जिस तरह से रोहन अपनी बहिन के पीछे पीछे जा रहा था उसके चेहरे पर अपने आप hi मुस्कान आ जाती है.

वो मेहुल को रोक कर उसके कान में धीरे से बोलती hai…dekho मुझे नहीं पता के तुम अपने भाई के साथ कहाँ ले जा रही हो. पर मेरा यकीं karo…chahe तुम्हारा भाई बहुत अच्छा है पर सेक्स के मामले में ये बहुत कमीना है. देखना कहीं तुम्हे….

मेहुल उसकी बात को काटकर मुस्कुराते हुए boli…just शट उप रुपाली एंड गुड नाईट.

रुपाली भी ऐसे hi…mere भाइयाँ बन गए सैयां गुनगुनाती हुई वहां से निकल जाती है. वैसे तो रोहन को नहीं पता था के इन दोनों में क्या बात हुई है पर उसे इस बात का अंदाजा तो लग गया था के रुपाली ने उसके बारे में अच्छा तो नहीं कहा होगा क्यूंकि जाते हुए वो उस पर अजीब सी नज़रों से देखती हुई मुस्कुरा रही थी और उसे आंख मार कर जाती है.

रोहन मन hi मन सोचता hai….agar मौका मिला न रुपाली तो तेरी सील तो मैं hi तोडूंगा. वैसे एक बात तो थी के रुपाली देखने में बहुत hi युम्मी सी लगती थी रोहन को और उसका मन था रुपाली की छूट लेने का. खैर अभी तो उसे ये देखना था के उसकी प्यारी बहिन मेहुल उसे कहाँ ले जा रही है.

वो उसके पीछे चलते चलते दो तीन कॉरिडोर को पार करते हुए एक रूम के बहार पहुंचे उसके दूर हैंडल के पास दो गुलाब के फूल लगे हुए थे. मुस्कुराते हुए मेहुल ने उस रूम का लॉक खोला. जहाँ तक रोहन को पता था के ये रूम उन्होंने पहले हिरे नहीं किया था. इसका मतलब इसे मेहुल ने उसके बिना रेंट पर लिया था पर क्यों? आखिर क्या चाहती है मेहुल क्या आज फिर से वो उससे अँधेरे में वो सब करेगी. पर उसका मन नहीं था आज अँधेरे में कुछ भी करने का.

वो मन hi मन सोच रहा था के अगर दीदी ने आज अँधेरे में कुछ करने को बोलै तो वो उसे साफ़ साफ़ मन कर देगा. क्यूंकि उसे उस तरह बिलकुल भी मज़ा नहीं आना था. इस तरह वो मेहुल के पीछे पीछे रूम में एंटर हुआ. मेहुल ने थोड़ा आगे जाकर बीएड से अँधेरे में hi एक ड्रेस उठाई और रोहन को देते हुए boli…bathroom से ये ड्रेस पहन कर आना और हाँ मुझे पूछ लेना के मैं रेडी हूँ या नहीं.

रोहन खीझकर bola…didi फिर से अँधेरा?

मेहुल जो के रोहन को नज़र नहीं आ रही थी मुस्कुरा रही थी boli….tum जाओ तो सही भाई जब मैं तुम्हे रूम में आने को बोलूं तो बाथरूम के बहार लगे स्विच को ों कर देना रूम की साड़ी लाइट्स ों हो जाएँगी. फिर तो कोई प्रॉब्लम नहीं है न.

रोहन मुस्कुरा कर bola…fir भला मुझे क्या दिक्कत होगी. उसने ज्यादा बहस नहीं की और ड्रेस बदलने के लिए. उसने अपने कपडे उतरे और उस ड्रेस को देखा. ये एक नाईट रॉब था फॉर में. मतलब साफ़ था के उसे ये लम्बा सा चोला पहनना है जिसके बीचो बीच तानिया लगी हुई थी और निचे कुछ भी नहीं पहनना है.

उसने देर ना करते हुए फटाफट उस ड्रेस को पहन लिया क्यूंकि उसका लुंड फिर से रेडी हो चूका था चुदाई के लिए हालाँकि वो दो बार चुदाई कर चूका था पहले से. वो एकदम से अंदर आने लगा पर उसे याद आया के उसे तो मेहुल से पूछना था. फिर वो रुक गया.

वो समझ गया था के मेहुल खुद भी कोई अच्छी सी ड्रेस पहन रही होगी. ये सोचकर उसके चेहरे पर स्माइल आ जाती है. वो आवाज़ लगता hai…didi आ जॉन क्या?

मेहुल ऊँची आवाज़ में बोलती hai…bas दो मिनट है. फिर एक मिनट के लिए सन्नाटा छ जाता है. पर एक मिनट बाद hi मेहुल की आवाज़ उसे सुनाई देती hai….aa जाओ भाई और लाइट ों कर सकते हो अब तुम.

रोहन तो कब से इंतज़ार कर रहा था इन पलों का. वो बहार आया और लाइट ों की. पर ये क्या? वो एकदम से हैरान रह गया रूम का नज़ारा देखकर. पहले तो उसे पिंक कलर के बीएड के बीचो बीच पिंक कलर की लॉन्ग निघ्त्य पहने अपनी दीदी नज़र आयी. वो आज शर्मा रही थी, हो के पहले कभी नहीं शरमाई थी उससे.

फिर इधर उधर नज़र दौड़ाई तो देखा के चरों और हार्ट शेप के बैलून्स लगे हुए थे रंग बिरंगे पर ज्यादातर रेड और गुलाबी.

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रोहन का मुँह खुला का खुला रह गया.

कमरा बिलकुल सुहागरात वाला था… laal-gulabi लाइट्स, फूलों की पट्टी बीएड पे बिखेरी हुई, दो शैम्पेन ग्लासेज साइड टेबल पे, और बीच में मेहुल… पिंक सिल्क निघ्त्य में, बिलकुल नयी दुल्हन सी… मांग में छोटा सा टीका, हाथों में लाल चूड़ा, और आँखों में शर्माती हुई वह प्यास जो रोहन ने पहले सिर्फ अँधेरे में महसूस की थी.

मेहुल ने धीरे से हाथ आगे बढ़ाया और रोहन का हाथ पकड़ कर खुद के पास खींच लिया.

“वेलकम तो आवर सुहागरात, मेरे पति…”

उसने इतनी प्यारी आवाज़ में कहा की रोहन का दिल धड़क गया.

रोहन ने उसकी कमर में हाथ दाल कर उसको अपनी तरफ खिंच लिया और सीधा उसके होठों पे अटैक कर दिया. लम्बी, गीली, वाइल्ड किश… दोनों के मुँह में एक दुसरे की साँसें घूम रही थी. मेहुल के हाथ रोहन के रोबे की डोरी पे गए और एक झटके में खोल दी… रोबे नीचे गिर गया. रोहन बिलकुल नंगा था अंदर.

मेहुल ने उसका लुंड हाथ में लिया और धीरे से से सहलाया और कान में गुंजडी,

“आज यह मेरी सुहाग की छूट में पूरा रात रहेगा… नहीं निकलेगा बहार.”

रोहन ने उसको गॉड में उठा लिया और बीएड पे लेता दिया. फूलों की पत्तियों के बीच मेहुल लेती थी जैसे कोई अप्सरा. उसने निघ्त्य के स्ट्रैप्स नीचे किये… दोनों bade-bade मुम्मे बहार आ गए… गुलाबी निप्पल्स आलरेडी टाइट.

रोहन ने पहले उनको मुँह में भर लिया… zor-zor से चूसा, काटा… मेहुल की “आअह्ह्ह… रोहण…” वाली आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी.

फिर वह नीचे आया… निघ्त्य पूरी ऊपर उठा दी… मेहुल ने अंदर कुछ नहीं पहना था. उसकी छूट बिलकुल साफ़, गीली और चमक रही थी. रोहन ने अपना मुँह लगा दिया… जीभ अंदर तक दाल कर चाटने लगा. मेहुल की कमर ऊपर उठ गयी…

“आआह भाई… आज मेरा पति बन गया… चुसस्स… पूरा अंदर डालल… हाय मर गयी!”

दस मिनट तक रोहन ने उसकी छूट को ऐसे चूसा जैसे पहली और आखरी बार मिल रही हो. मेहुल दो बार झाड़ गयी… पूरी टांग कांप रही थी.

अब मेहुल ने रोहन को पीठ के बल लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गयी. उसने लुंड को हाथ से पकड़ा, अपनी छूट पे रगड़ा और धीरे से बैठ गयी.

“ससससस… आआह्ह्ह… कितना मोटा है तेरा…”

पूरा लुंड अंदर तक चला गया. मेहुल ने आँखें बंद कर ली और upar-neeche होने लगी… dheere-dheere… फिर तेज़ी से… उसके मुम्मे zor-zor से उछाल रहे थे.

रोहन ने नीचे से कमर पकड़ कर ज़ोर के धक्के मरने शुरू कर दिए.

“छोड़ अपनी बीवी को… आज से मैं तेरी पत्नी हूँ… फाड् दे मेरी सुहाग छूट… आज पूरी रात bhar-bhar के छोड़ना मुझे!”

रोहन ने उसको पलटा… अब डोगग्य स्टाइल… मेहुल की कमर झुका दी और पीछे से पूरा लुंड एक झटके में दाल दिया.

Thap-thap-thap-thap… आवाज़ इतनी ज़ोर की थी की शायद बहार तक जा रही होगी.

मेहुल चिल्लाई, “हाँ… ऐसे hi… ज़ोर से… आज मेरी सील टूट चुकी है… अब रोज़ छोड़ना मुझे… आआह्ह्ह… झाड़ रही हूँ मैं… आआह्ह्ह्हह!”

रोहन ने उसने रोहन को नीचे लिटाया और रिवर्स काउगर्ल में बैठ गयी… अपनी गांड रोहन के मुँह की तरफ करके… तेज़ी से upar-neeche होने लगी. रोहन ने उसकी गांड के छेद पे ऊँगली रगड़ने लगा… मेहुल पागल हो गयी.

तीसरा राउंड side-position में… दोनों एक दुसरे को किश करते हुए… रोहन का लुंड andar-bahar… मेहुल की टांग उसके कंधे पे…

चारता राउंड… रोहन ने मेहुल को खड़ा किया, मिरर के सामने खड़ा कर दिया और पीछे से छोड़ने लगा… दोनों अपने आप को मिरर में देख रहे थे.

पूरा तीन घंटे… चार बार झड़े दोनों… हर बार अंदर hi… बीएड गीला हो चूका था, फूल सब बिखर गए थे.

आखिर में दोनों थक कर एक दुसरे में लिपट कर लेट गए.

मेहुल ने रोहन के सीने पे सर रख कर गुंजडी,

“आज से तू मेरा पति… मैं तेरी पत्नी… हर महीने एक सुहागरात मनाएंगे हम… प्रॉमिस?”

रोहन ने उसको किश किया और बोलै,

“हर हफ्ते… हर हफ्ते मनाएंगे… तेरी यह सुहाग छूट सिर्फ मेरी है अब.”


दोनों मुस्कुराये और एक लम्बी किश में डूब गए… बहार सुबह होने वाली थी, पर इनके लिए सुहागरात अभी ख़तम नहीं हुई थी.
 
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