Incest Story EK MAA PART-2 - Page 4 - SexBaba
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Incest Story EK MAA PART-2

बहुत बहुत धन्यवाद आप सभी का,

ये स्टोरी कुछ खास पसंद नहीं आ रही ह मैं ये महसूस कर रही हु, दो स्टोरीज की तुलना नहीं की जा सकती, और ह्रदय को तुषार के जैसा नहीं बनाया जा सकता, अगर कहानी के लीड हीरो में कोई अंतर hi न हो तो कहानी कैसी, हर बार हीरो बस वही शामे काम करता हुआ नजर आये, हीरो को हीरो कैसे बनाया जाता ह मैं ये दिखने की कोशिश कर रही हु, एक 18-19 साल के लड़के में कितनी अकाल होती ह ये आप सब जानते हैं, वो दुनिया को किस नजर से देखता ह, मैं बस उसी आगे के लड़के को हीरो में बदलने की कोशिश कर रही हु,
 
अपडेट-22






ह्रदय ने नैना को कॉल किया, दिया ने सबके नंबर लेकर ह्रदय को भेज दिए थे,

नैना- hello

ह्रदय- नैना मैं ह्रदय बात कर रहा हु

ह्रदय की आवाज सुनकर नैना की धड़कन बढ़ गई,

ह्रदय- hello तुम सुन रही हो न

नैना- है है मैं सुन रही हु

ह्रदय- मुझे तुमसे मिलना ह

नैना- क्यों मेरा मतलब क्या हुआ कोई बात ह

ह्रदय- मुझे लगा हमे बात करनी चाहिए,

नैना- ok कहा आना ह

ह्रदय ने उसे जगह बता दी,

नैना के फेस पैर मिली जुली प्रतिक्रियाएं थी, कन्फूसिओं ख़ुशी टेंशन वो काफी देर पहने पकडे कड़ी रही,

नंदनी- नैना क्या हुआ कहा खोई हुई ह

नैना- वो मुझे बुला रहा ह

नैना एक दम बोल गई

नंदनी- क्या कोण बुला रहा ह

नैना- क्या कुछ नहीं मैंने क्या कहा

नंदनी- कोई बुला रहा ह कोण बुला रहा ह

नैना- कोई नहीं, आप भी माँ क्या क्या सुनती हो,

नंदनी- काम्य से तेरी बात हुई

नैना – नहीं माँ समझ नहीं आ रहा कैसे बात करू,

नंदनी- कुछ तो करना होगा, पता नहीं कैसे समझौ उसे, हमारे अलावा कोई उसे समझा भी नहीं सकता,

नैना के दिमाग में कुछ आईडिया आया,

नैना- माँ मैं कुछ तरय करती हु शायद बात बन जाये,

नैना तुरंत रूम में चली गई,

नैना- काम्य उठ हमे कही जाना ह

काम्य- मुझे नहीं जाना

नैना- उठ तो, मेरी बहन ह न तू प्यारी सी मेरे लिए प्लस

काम्य ने नैना को देखा, दोनों बहन कभी एक दूसरे की बात नहीं टालती थी,

दोनों तैयार होकर निकल गई,

ह्रदय पार्क में बैठा था, नैना काम्य को लेकर वही पहुंच गई थी,

ह्रदय को वह देख क्र काम्य चौंक गई,

काम्य- हम यहाँ क्यों आये हैं, और ये यहाँ कैसे, क्या चल रहा ह तुम दोनों के बिच

नैना- तेरी जानकरी के बिना मेरा कुछ नहीं चल सकता समझी, चुप चाप आ जा,

काम्य को देख क्र ह्रदय भी सरप्राइज हुआ,

नैना- यहाँ इस जगह क्यों बुलाया, हम कही और भी मिल सकते थे न,

ह्रदय- कुछ चीजे छुपाई जा रही हैं ताकि किसी को खतरा न हो,

नैना- क्या बात करनी थी आपको

ह्रदय- मैं यहाँ तुम्हे किसी रिश्तो का बंधन देने नहीं आया हु बस चाहता हु की हम सब एक रहे,

हम सबने अपनों को खोया ह और हमारे अपने लापता हैं, तो हमारी जिम्मेदारी ह उन्हें ढूंढ़ना, तो मैं चाहता हु तुम लोग मेरा साथ दो,

कमाया- मेरा कोई अपना नहीं बचा, मेरी माँ जो माँ खेलने के लायक नहीं थी, और पिता,

ह्रदय- कमाया जीवन में कभी माँ को गली मत देना, तुम्हारे पैदा होने से पहले उन्होंने क्या किया ये अलग चीज ह जवानी में बहुत लोग गलतिया करते हैं, अच्छा बुरा बहुत कुछ होता ह लेकिन तुम्हारे पैदा होने के बाद वो क्या थी ये मायने रखता ह, तुम्हारे भले के लिए उन्होंने खुद का पूरा जीवन की गुमनाम जगह बीता दिया, ताकि तुम पैर उनकी बुराई का साया न पद सके,

इससे ज्यादा और क्या करवाना चाहती हो उनसे,

अब तुम्हारी जिम्मेदारी नहीं ह क्या उन्हें ढूंढ़ना उनके हिस्से की ख़ुशी उन्हें देना, जब उन्हें ज्ञान नहीं था तो उन्होंने खुशियों की जगह केवल बुराई मिली, और जब उन्हें ज्ञान हुआ तो साडी खुशिया hi चीन गई, अब उनके हिस्से की ख़ुशी उन्हें मिलनी चाहिए,

काम्य बस ह्रदय को देखे जा रही थी, इतनी घेरि बात क्र गया था वो,

काम्य- हमारे परिवार में जो रिश्ते बने तुम्हे उनसे कोई ऐतराज नहीं ह

ह्रदय- मैं उस बारे में नहीं सोच रहा, उससे बड़ी बात ह की वो इंसान जो अच्छे की एक मिस्साल थी वो लापता हैं हमारे पिता लापता ह, पहेली जिम्मेदारी उन्हें ढूंढ़ना ह,

नैना- ह्रदय सही बोल रहे हैं काम्य, हमे पहले उन सबको खोजना होगा, उसके बाद ये सब देखा जायेगा,

काम्य ने घेरि साँस भरी- लेकिन सब मुझे निचे नजरो से देखेंगे,

ह्रदय- ये तुम्हारी गलफहमी ह, एक बार बाकि सब के बारे में सोचो,

क्या सीमा जी ने रिश्ता बनाया वो गलत नहीं था अपने hi भाई के साथ जबरदस्ती जैसी की हवस में अंधी हो गई थी, दीपा माँ वो भी सेक्स की खुमारी में अपने भाई के साथ hi रिश्ता बना गई, वो बात अलग ह की वो दोनों भाई बहन नहीं थे, लेकिन उन्हें तो नहीं पता था, और सबसे खास मेरी माँ अंजलि उन्हें क्या जरुरत थी रिश्ता बनाने की, उनकी सेक्स की जरुरत के अलावा तो कोई मज़बूरी नहीं थी, फिर भी हम उन्हें गलत नहीं बता रहे,

रिंकी और अनीता जी वो दोनों केवल अपने मजे और सुख के लिए पापा के पास आई थी, वर्षा जी उन्हें तो सब पता था फिर भी वो पापा से रिश्ता जोड़ बैठी, रूचि वो बहन होते हुए इतना घेरा प्यार कर बैठी, तुम्हारी माँ तो सेक्स अद्दिकित थी उनसे ये सब हो गया तो गलत क्या ह, बस नैना की माँ का रिश्ता मज़बूरी में बना, और अलका जी वो असल में सबसे सही थी, उन्हें कुछ नहीं पता था, वो असल प्यार कर बैठी थी,

लेकिन उन्हें वो प्यार ठीक से हासिल भी नहीं हुआ,

तो यहाँ सब ऐसे hi जन्मे हैं, किसी के रिश्ते सही नहीं थे, और उन रिश्ते बनाना वालो की कही न कही गलती रही ह,

ह्रदय की बात सुनकर काम्य और नैना दोनों सोच में दुब गई,

नैना- कमाया ह्रदय सही बोल रहे हैं, हमारे पैदा होने में सबने नियम तोड़े हैं, इसलिए खुद को गुन्हेगार मत समझो,

काम्य- तुम सच में बहुत दिमाग रखते हो, कमल का सेन्स ह तुम्हारा, बताओ हमे क्या करना ह हम तैयार हैं

नैना- ये हुई न बात

ह्रदय- हम टीम बना रहे हैं, हमे 4 जगह अलग अलग टारगेट करना ह तो उसके लिए सबको अलग अलग होना होगा,

नैना- कब

ह्रदय- अभी तक टीम में मैं दिया वन्य शनाया और बी तुम दोनों हो, बाकि सबको भी एक साथ लाना होगा,

काम्य- ठीक ह हम तुम्हारा साथ देंगे, हर कदम पैर देंगे,

ह्रदय- ठंकु

नैना- ठंकु बोल क्र पराया मत करो

ह्रदय- ok ok अब चले क्या,

नैना का मन तो नहीं था लेकिन जाना तो था hi,

तीनो वह से निकले और जैसे hi वो आगे बढे तो उन्हें टाइगर के दहाड़ने की आवाज आई, तीनो एक दम चौंक गए इस शहर में टाइगर कहा से आ गया, तीनो सतर्क हो गए और पलट क्र देखने लगे तभी उनके पास का बड़ा पेड उन पर गिर पड़ा,

टाइगर को देखने के चक्कर में तीनो सतर्क थे, तो पेड को गिरता देख लिया तो ह्रदय उन्हें लेकर कूद पड़ा,

और तीनो बच गए, वो हैरत से देखने लगे,

बड़ी विचित्र घटना थी ये, तीनो उठे और पेड को देखने लगी, तभी वह भीड़ आने लगी तो उन्होंने वह से निकलना hi सही समझा,

ह्रदय ने दिया को बता दिया की नैना और काम्य रेडी हैं,

शनाया और दिया ने आशना और रैना से बात करके उन्हें भी तैयार क्र लिया था,

ह्रदय पंहुचा तम्मना के पास,

तम्मना ह्रदय से लिपट गई और अपने हॉट उसके होतो से जोड़ दिए,

ह्रदय ने भी उसका साथ दिया,

तम्मना- चलो कही चलते हैं न,

ह्रदय- आप के अंदर सेक्स की खुमारी कुछ यदा hi नहीं बढ़ती जा रही ह,

तम्मना- जब से जवानी में कदम रखा ह खुद को कण्ट्रोल hi करती आई हु, अब जाकर आजादी मिली ह, तो खुल क्र जीना छाती हु, ऐसा लगता ह बस दिन रात तुम्हारे साथ सेक्स करती रहु,

ह्रदय- इतनी बेताबी, इतना पागलपन किसलिए,

तम्मना- मेरी छोड़ो तुम बताओ शनाया का कुछ किया या नहीं,

ह्रदय- उसमे बड़ा इंट्रेस्ट ह आपको,

तम्मना- नहीं मुझे बस ुचि चुदाई देखनी ह, मैंने कहा था न मुझे देखने में मजा आता ह,

ह्रदय- किसी और की दिखवा दू

तम्मना- नहीं मुझे शनाया की देखनी ह, या उन बहेनो में से किसी की भी,

ह्रदय- शनाया की hi क्यों, उनमे ऐसा क्या ह

तम्मना- नहीं कुछ नहीं बस ऐसे hi

ह्रदय- कुछ तो बात ह जो आप छुपा रही हैं,

तम्मना- बस मुझे उनके घमंड को तुम्हारे लुंड के सामने चीखते हुए देखना ह,

ह्रदय- अगर मैं कहु की शनाया के साथ तो हो गया

तम्मना- क्या सच में,

तम्मना के फेस पैर अलग hi ख़ुशी थी जो उसके छुपाये भी नहीं चुप रही थी,

ह्रदय- श्री वो सब इतनी जल्दी हुआ की मैं कुछ बता नहीं पाया

तम्मना- कोई बात नहीं दूसरी की दिखा देना

ह्रदय- दूसरी की मतलब

तम्मना- दिया आशना या रैना में से किसी की भी दिखा देना

ह्रदय- अब शनाया से प्यार का रिश्ता बना ह तो उनके साथ क्यों होगा ये सब

तम्मना- तुम पागल हो क्या प्यार का रिश्ता क्यों बनाना उनके साथ, मजे लो जिंदगी मजे लेने के लिए, वो चारो खुद तुम्हे पसंद करती हैं तो उनके मजे लो न,

ह्रदय- ये क्या सीखा रही हैं आप मुझे

तम्मना- इसमें गलत क्या ह मैं भी तो तुमसे चूड़ी, कल्पना भी तैयार थी, मैंने तुम्हे कहा क्या प्यार वयर के लिए, ये सब प्यार वयर झूट ह, लड़कियों को बस मजे चाहिए तुम उन्हें मजे दो वो तुम्हारे साथ रहेंगी,

ह्रदय- लेकिन ये गलत होगा शनाया के साथ धोका होगा

तम्मना- अगर तुम उनके पास जाओगे तो धोका होगा वो खुद आये तो कोई धोका नहीं होगा,

ह्रदय ने सोचने की एक्टिंग की,

तम्मना- ज्यादा मत सोचो तुमने शनाया का घमंड अपने निचे रूंध दिया वही काफी ह मेरे लिए, आओ इसी ख़ुशी में तुम्हे जानत दिखती हु, चले कही पार्टी करने ,

ह्रदय- फिर कभी अभी मुझे काम से जाना ह कल मिलता हु,

तम्मना ने बिना किसी ऐतराज के ok बोल दिया,

ह्रदय वह से निकल गया,

ह्रदय के जाते hi तम्मना ने अपनी माँ को कॉल लगाया,

तम्मना- माँ उसने शनाया का शिकार क्र लिया ह, मैंने उससे उसी की बहन को छुड़वा दिया ह,

तम्मना की माँ- शाबाश बेटी शाबाश तूने अपना काम कर दिया ह, दीपा और सीमा एक दूसरे की बहन ह तो उनके बच्चे भाई बहन हुए न,

तम्मना- और क्या करना ह माँ

टी माँ- कुछ नहीं बस कोशिश क्र वो एक या दो को और छोड़ दे, फिर मैं करुँगी,

इधर ह्रदय ने निकलते hi, सचिन को कॉल मिलाया,

सचिन- ह्रदय बच्चे क्या बात ह

ह्रदय- अंकल आपकी कंपनी में जिस आदमी को जॉब के लिए मैंने कहा था, वो कैसा काम कर रहा ह

सचिन- बीटा ये कैसी बात की तूने आपकी कंपनी, ये तेरी कंपनी ह,

ह्रदय- अंकल अभी मैं बहार का आदमी हु तो उसी हिसाब से बात करूँगा,

सचिन- वो ठीक काम कर रहा ह, पढ़ा लिखा ह तो मैंने उसे अपने ऑफिस में hi लगा दिया,

ह्रदय- उसने बोलै ऑफिस में लगने के लिए या आपने,

सचिन- मैंने उससे पूछा था वो क्या काम कर सकता ह तो उसने ऑफिस का वर्क करने के लिए बोलै,

क्या बात ह सब ठीक ह न

ह्रदय- वो जासूस भी हो सकता ह, तो थोड़ा नजर रखना उस पैर, और उसके बारे में छोटी से छोटी डिटेल्स निकलवाइये, घर परिवार सबकुछ

सचिन- ठीक ह बीटा मैं करता हु,

इधर दिया रश्मि के पास बैठी थी,

दिया- ममी अब ममी कहु या चची समझ नहीं आ रहा,

रश्मि- कुछ भी बोल ले बीटा जवाब तो मेरा hi होगा,

रश्मि की ये बात दिया के दिल को छू गई, वो रश्मि को देखती रह गई,

तभी वह दीपा और अंजलि भी वही आ गए थे,

रश्मि- क्या देख रही ह मैंने कुछ गलत कहा क्या,

दिया- नहीं आपकी एक बात ने पूरा दिमाग क्लियर क्र दिया, ऐसा लगा जैसे मुझे मेरे सरे सवालो का जवाब मिल गया हो,

दीपा- कोनसे सवाल

दिया- इन रिश्तो को लेकर जितना भी कन्फूसिओं था सब क्लियर हो गया

अंजलि- ऐसा क्या बोल दिया, जो तू एक hi शब्द में समझ गई

दिया- रिश्ता कोई भी उसका कुछ भी नाम हो, हम किसी को किसी भी नाम या रिश्ते से पुकार ले लेकिन उधर से जवाब देने वाला इंसान होता ह, जिसे हम प्यार करते हैं, क्या फरक पड़ता ह किसी बच्चे को छोटू कहो बाबू बोलेगा तो वो बच्चा hi,

ऐसे hi इस घर के रिश्ते हैं, क्या फरक पड़ता ह कोण माँ ह कोण मौसी या बुआ, सब अपने hi तो हैं

अंजलि- शाबाश बेटी शाबाश, तुझे देख क्र अब मेरी चिंता ख़तम हो गई, जब तेरे जैसी बेटी इस घर में ह तो ये परिवार कभी नहीं बिखर सकता,

रश्मि- तू कुछ पूछने आई थी,

दिया- श्री भूल गई, मैं आपकी माँ याने कामिनी जी के बारे जानकारी लेने आई थी,

कामिनी का नाम सुनकर सब चौंक गए,

रश्मि- उनके बारे में क्यों,

दिया- ह्रदय की शक की सुई वह अटकी हुई ह, उसे कुछ खटक रहा ह,

अंजलि- कामिनी तो सब समझ क्र गई थी, लेकिन दुबारा कभी वापस नहीं आई, न कभी अपनी बेटियों से मिलने न hi अपने भाई से मिलने, मैंने भी उन्हें उनके हाल पैर छोड़ दिया,

रश्मि- नहीं माँ वो बिच बिच में फ़ोन करती रही हैं, हमारी राजी ख़ुशी के बारे में जानकरी लेती रही हैं,

दिया- किस तरह की जानकारी,

रश्मि- यही की हम कैसे हैं, बच्चे कैसे हैं,

दिया- मुझे उनके बारे में सब कुछ जानना ह, छोटी से छोटी बात जननी ह,

अंजलि- रश्मि तूने उन्हें हमारे किसी रिश्ते के बारे में तो नहीं बताया, लड़कियों के बारे में तो नहीं बताया,

रश्मि- नहीं बस वो आपके और दीपा के बारे में पूछती थी, और किसी के बारे में तो उन्हें पता hi नहीं ह, उन्हें नहीं पता तुषार के किस किस के साथ रिश्ते थे, उन्हें तो ये भी नहीं पता की सीमा और दीपा दीदी के बच्चो के बाप तुषार हैं, बस उन्हें इतना पता ह तुषार और रूचि लापता हैं,

इसलिए वो अंजलि माँ और दीपा के बारे में पूछती थी, तो मैंने बस दीपा दीदी के बारे में यही बताया की वो हिमाचल में हैं,

रश्मि की बात सुनते hi अंजलि ने सर पकड़ लिया,

अंजलि- ये तूने सही नहीं किया बेटी, हमे बस दीपा को hi छुपाना था, क्योकि उसके पास ह्रदय था,

रश्मि- माँ वो कुछ गलत तोडना करेंगी,

दिया- ममी आज जो हालत ह उस हिसाब से हम किसी पैर ट्रस्ट नहीं क्र सकते, खेर आप मुझे उनके बारे में सब जानकरी दो,

रश्मि ने दिया को साडी जानकरी दी,

इधर ह्रदय तम्मना के पास से सीधा वर्षा के घर पंहुचा,

ह्रदय को अपने घर देख क्र वर्षा ख़ुशी से फूली नहीं समां रही थी, वर्षा ने ह्रदय को अंदर बुलाया,

किसी के आने की आवाज सुनकर ाव्य बहार आ गई, ह्रदय को देख क्र उसका दिल जोर से धक् धक् करने लगा था,

वर्षा- कैसे हो बीटा

ह्रदय- अच्छा हु मौसी

वर्षा- मौसी

ह्रदय- मैं तो माँ की बहन आप hi तो हो जिसे मैं मौसी बोल सकता हु,

वर्षा ने ह्रदय को गले से लगा लिया, ाव्य दूर कड़ी देख रही थी,

वर्षा- क्या खायेगा

ह्रदय- मैंने कभी किसी के घर खुश नहीं खाया कभी, वैसे भी मैं बस मिलने आया था, आप बैठिये तकलीफ मत कीजिये,

ह्रदय ने वर्षा का हाथ पकड़ क्र बैठा लिया,

ह्रदय- आप एक लोटी ऐसी थी जिसे पापा के बारे में सब जानकारी थी, फिर भी आप उनके प्यार में पद गई,

वर्षा- वो ऐसे hi थे, जब मैं उनसे मिली तो थी अलका के लिए लेकिन खुद को रोक नहीं पाई, मैंने सोचा था की कभी अपने रिश्ते को किसी के समाने आने नहीं दूंगी लेकिन वो कुछ भी छुपा क्र नहीं करते थे,

ह्रदय- अलका मौसी कैसी थी

वर्षा- अलका वो मेरी जान थी, मैं उसके लिए पूरी दुनिया से लड़ सकती थी, उसे तकलीफ न हो इसलिए उसे सुरेश चोपड़ा से बचा क्र रखा, लेकिन मैं अपनी बहन को आज तक ढूंढ नहीं पाई,

वर्षा की आँखों में आंसू थे, और ह्रदय की नजर दूर कड़ी ाव्य पैर थी, जिसकी आँखों में आंसू थे, ह्रदय वही चाहता था, ाव्य दौड़ती हुई वर्षा के गले लग गई,

ाव्य- आप दुखी मत होये माँ मैं ढूंढ क्र लाऊंगी उन्हें, मेरे लिए आप मेरी माँ हो लेकिन वो आपकी जान ह तो आपकी जान को मैं लाऊंगी,

वर्षा ाव्य से लिपट गई, ह्रदय के फै पैर मुस्कान आ गई,

ह्रदय- आप अकेले ले आओगी

ाव्य – है ले आउंगी जरूर ले आउंगी, तुम्हे मैं कमजोर लगती हु क्या

ह्रदय- बिलकुल नहीं, लेकिन हम तुम्हारे बिना उन्हें नहीं ढूंढ पाएंगे,

ाव्य ने सुर्प्रीस्ली ह्रदय को देखा,

ह्रदय- सही कहे रहा हु, मुझे तुम सबकी जरुरत ह, मैंने साडी जिंदगी दीपा माँ के साथ अकेले जीवन जिया ह, मेरा पूरा बचपन अकेले बिता ह, तुम सबके पास बचपन बाटने वाला कोई था लेकिन मैं अकेला था, लेकिन अब मैं अकेला नहीं रहना चाहता, मुझे तुम सभी का साथ चाहिए,

वर्षा ह्रदय को देख मुस्कुरा रही थी, वो समझ गई थी ह्रदय क्या कर रहा ह,

ाव्य- मेरा कोई नहीं ह, मैं किसी की नहीं हु

ह्रदय- दो लड़किया जिन्हे अपने बाप के प्यार की जगह उसकी हवस भरी नजरे देखनी पड़ी हो, भाई की जगह शैतान मिले हो, माँ जिनकी नीलामी करने को तैयार हो, उन्होंने कैसे खुद को बचा क्र रखा, और फिर जीवन में एक साथी मिला तो दोनों ने सही गलत भूल क्र उसे hi अपना सब कुछ मान लिया, लेकिन किस्मत ने उनसे वो भी चीन लिया, क्या उन्हें जीवन में कोई सुख पाने का अधिकार नहीं ह, और आज उनकी औलादे ये फैसला नहीं कर प् रही की हम सब एक साथ होकर उनके लिए लड़ सके,

धिकार ह हम पैर,

ह्रदय की बात सुनकर ाव्य वह से उठी और अंदर भाग गई,

वर्षा- ाव्य बेटी सुन तो

ह्रदय- रहने दीजिये मौसी, शायद अभी उसे समझ नहीं आएगा लेकिन मैं वडा करता हु पुरे परिवार को एक करूँगा,

वर्षा- मैं जानती हु तू कर सकता ह, तू अंजलि दीदी का बीटा ह, उन्होंने इस परिवार को ऐसे सम्हाला ह, जैसे माली फुल्लो के बगीचे को संझो क्र रखता ह,

ह्रदय- कमल ह न मौसी उन्होंने किसी और के बच्चो को भी अपना बना क्र पला और हम अपने होकर भी उनके लिए कुछ नहीं क्र प् रहे हैं,

ाव्य- किसने कहा उनके लिए कुछ नहीं कर पाएंगे, हम करेंगे सब मिल क्र करेंगे, लेकिन एक शर्त पैर

वर्षा- शरत कैसी शरत

ाव्य- इन्होने कहा ये कही का कुछ नहीं कहते, इन्हे यहाँ का भोजन करना पड़ेगा, ये हमे अपना कहा मानते हैं, अपनों के हाथ के खाने को कोण मन करता ह, प्रयो के हाथ के खाने को मन करते ह लोग

वर्षा की आँखों में आंसू और ह्रदय के फेस पैर मुस्कान थी,

ह्रदय- मैंने बस भूक की वजह से मन किया था, आप सबके लिए मेरे कोई नियम मायने नहीं रखते, और आप मेरे कितने अपने ह ये मेरा दिल चिर क्र देख लो

ाव्य- दिल को सम्हाल क्र रखो इसमें जो बेस हैं उन्हें बहार मत निकलने दो,

ाव्य खाना लेकर ह्रदय के सामने बैठ गई, ह्रदय ने तुरनत खाना खाना शुरू क्र दिया

ाव्य- है तो क्या जरुरत ह अपुन की, माँ कसम बंद बजा दूंगी सबकी

सबकी हसी छूट गई,

ह्रदय ने ाव्य और वर्षा को सब समझा दिया,

वर्षा- थोड़ा धयान से जो लोग तुषार को गायब कर सकते हैं, मतलब बहुत hi चालक हैं, क्योकि तुषार और रूचि जब साथ हो तो कोई भी कमजोर नहीं क्र सकता,

ह्रदय- जब अपने खतरे में हो तो कोई भी कमजोर पद जाता ह, न जाने उनके सामने कैसी परिश्थिति आ गई हो,

ाव्य- कब करना ह

ह्रदय- बस अन्य और रम्य से और बात क्र लू एक बार फिर अलग अलग टीम बनाते हैं,

तभी ह्रदय का फ़ोन बजा,

ह्रदय- hello

फ़ोन पैर दिया थी,

दिया- मैंने कामिनी के बारे में पता किया ह, और *******

दिया ने ह्रदय को रश्मि द्वारा बताया सब बता दिया,

ह्रदय के फेस पैर मुस्कान आ गई,

ह्रदय- बहुत बहदिया दिया, पहेली सफलता तो मिल गई

दिया- कैसी सफलता

ह्रदय- मिलकर बताता हु, ऐसा करो सचिन अंकल से कोई ऐसी जगह पता करो जहा हम सब मिल सकते हो, और हमारी सभी मुलाकाते वही होनी चाहिए, जगह थोड़ा सेफ रहे,

फ़ोन काटने के बाद,

वर्षा- क्या सफलता मिली कुछ पता चला,

ह्रदय- अभी नहीं मौसी बस कुछ लोगो के राज खुले हैं, अब उनके द्वारा आगे की जानकरी मिलेगी,

वर्षा- शाबाश बेटे

ाव्य- मतलब मुझसे पहले hi काम शुरू क्र दिया

ह्रदय- नहीं बस जानकारी निकली जा रही ह, जो जहा से जानकरी इकठा कर सकता ह कर रहा ह,

ह्रदय- अब मैं चलता हु मौसी, कल सब एक साथ मिलेंगे और वही सब तय होगा कोण क्या करेगा,

ह्रदय वह से निकल गया, ाव्य बैठी उसे hi देख रही थी,

ह्रदय फार्महाउस की तरफ जा hi रहा था की अननोन नंबर से फ़ोन आया,

ह्रदय- hello

उधर से एक लड़की- hello मर. ह्रदय

ह्रदय- hello है जी बोल रहा हु आप कोण

लड़की- आपकी एक कदरदान

ह्रदय- हाहाहाहा बिना नाम की कदरदान

लड़की- नाम बता दूंगी लेकिन प्रॉमिस करो आप किसी को बताओगे नहीं

ह्रदय- मैं तो आपको जनता भी नहीं नाम कैसे बताऊंगा

लड़की- अच्छा मुझे मिलना ह आपसे, वही नाम भी बता दूंगी और आप देख भी लेना

ह्रदय- लेकिन मैं आप पैर ट्रस्ट क्यों करू, मैं आपको जनता तक नहीं हु,

लड़की- इतना बहादुर लड़का एक लड़की से दर गया, मैं सोचती थी आप किसी से नहीं डरते

ह्रदय- हहहहह दर अच्छा ठीक ह बताइये कहा मिलना ह,

लड़की ने तुरंत ह्रदय को एड्रेस बता दिया, ह्रदय ने फ़ोन कटा और खुद से बोलै- नित्य

फ़ोन पैर नित्य थी जिसे ह्रदय पहेली आवाज में hi पहचान गया था,

ह्रदय ने गाड़ी उस एड्रेस की तरफ मोड़ दी, ये एक साफé टाइप था, कुछ देर में नित्य भी वह आ गई, ह्रदय ऐसे शो कर रहा था जैसे उसे कुछ भी नहीं पता

ह्रदय जहा खड़ा था नित्य भी उसके पास आ गई,

नित्य- hi

ह्रदय- hi तुम यहाँ

नित्य- आप यहाँ

ह्रदय- है किसी से मिलने आया था, और तुम

नित्य- जिससे आप मिलने आये हो वही हु मैं

ह्रदय- तुम, तुमने कॉल की थी मुझे,

नित्य- है जी, कोई प्रॉब्लम तो नहीं

ह्रदय- नहीं मुझे क्या प्रॉब्लम होगी, वैसे जान सकता हु क्यों मिलना छाती थी आप

नित्य- बस ऐसे hi लेकिन माँ को मत बताना

ह्रदय- नहीं बताऊंगा,

नित्य- आपने कहा था मेरे दोस्त अच्छे नहीं हैं, तो मैंने वो दोस्त छोड़ दिए, अब नए दोस्त ढूंढ रही हु, क्या आप बनेंगे मेरे दोस्त,

ह्रदय- मैं लेकिन मैं क्यों

नित्य- आपने कहा था न आप सही दोस्त चुनते हैं तो हो सकता ह आपके साथ मैं भी सही हो जाऊ,

ह्रदय- तुम मुझे ठीक से जानती भी नहीं हो

नित्य- जान्ने के लिए hi तो दोस्ती क्र रही हु,

ह्रदय- मैंने तुम्हारा फायदा उठा लिया तो,

नित्य- मुझे ख़ुशी होगी

ह्रदय- क्या

नित्य- मेरा मतलब ह, तुम आज कल कोई किसी का फायदा नहीं उठा सकता जो होता अपनी मर्जी से होता ह,

ह्रदय- तुम्हारी माँ को अगर पसंद नहीं आया मेरे साथ होना

नित्य- उन्हें खुद मर्दो के साथ रहना पसंद ह लेकिन मुझे किसी दोस्त के साथ भी नहीं रहने देती, अब मैं जवान हो चुकी हु बालिग हो चुकी हु, अब मेरी मर्जी ह जो चाहे वो करू, दुनिया में इतना कुछ ह करने के लिए, और मैं बस वही दादा जी और माँ के चक्कर में फांसी रह गई, और वो हनी जिंदगी के मजे ले रहा ह

ह्रदय- है वो तो मजे ले रहा ह मैंने भी देखा ह उसे एक बार एक नंगी लड़की के साथ

नित्य- क्या सच में

ह्रदय- है स्पोर्ट्स में देखा था

नित्य- वो ऐसा hi ह कभी भी घर में लड़किया लता ह न जाने क्या क्या करता ह उसे कोई नहीं रोकता मेरे पीछे पड़े रहते हैं,

ह्रदय- शायद तुम्हारे भले के लिए

नित्य- मुझे ऐसा भला नहीं चाहिए, मुझे खुल क्र जीना ह,

ह्रदय- ok समझ गया, ठीक ह मुझे तुम्हारी दोस्ती मंजूर ह,

निथा तुरंत ह्रदय के गले लग गई- ठंकु ठंकु ठंकु

ह्रदय- इतनी ख़ुशी,

नित्य- जब हमे हमारा मन चाहा कुछ मिलता ह तो ख़ुशी कण्ट्रोल नहीं होती,

ह्रदय मन में- कितनी मासूम ह ये, क्या मैं सही क्र रहा हु, इसके साथ नहीं नहीं लेकिन निधि को तो सबक सीखना होगा,

ह्रदय- तुम्हारी माँ करती क्या ह, तुम्हारे पापा क्या करते हैं

नित्य- पापा तो बहार hi रहते हैं, मैंने तो पिछले 5 साल से नहीं देखा उन्हें, और माँ वो कभी घर में रहती hi नहीं ह, जब भी मिलती हैं उनके साथ कोई न कोई आदमी या क्लाइंट hi होता ह, मुझे तो बात किये hi महीनो हो जाते हैं,



वैसे मुझसे ज्यादा तो आपको पता होगा उनकी कार आप hi लेकर घूम रहे हो आज कल, बड़े क्लोज फ्रेंड के बेटे हो शायद आप, वर्ण माँ इस कार को कभी किसी को हाथ नहीं लगाने देती,
 
दोस्तों मैं अभी सबके रिप्लाई नहीं दे पाऊँगी, कहानी लिखने के चक्क्र में मेरी खुद की कहानी बन गई ह. मेरे कहानी के हीरो ने बहुतो की गाड़ी ह लेकिन अब मेरी फटी पड़ी ह, सभी से माफ़ी मांगती हु, कुछ दिन और वेट क्र लीजिये प्लस,

मैं थोड़ा माहौल ठीक क्र लू,

फ़िलहाल मेरे पास फ़ोन भी नहीं ह, ये भी एक रिलेटिव के फ़ोन से संस क्र रही हु, जल्दी hi आप सबके बिच वापस आती हु
 
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