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अपडेट 134 – सरजू, हिज मदर एंड रोशन
तीनों सरजू के कमरे में पहुंचे और पायल ने मुस्कुराते हुए दोनों से कहा,
“तुम दोनों बैठो मैं टॉयलेट से होकर आती हूँ.”
सरजू ने तब रोशन से पूछा, “तुम ने उस दिन पहली बार किया था मां के साथ या पोएहले भी किया था कबि?”
रोशन ने जवाब दिया, “हम्म सच बलून या झूट?”
सरजू: “भाई तुम बड़े हो, और इस घर में तुमको पता hi होगा के हर कोई हर एक दूसरे की पत्नियों के साथ एन्जॉय करते रहते हैं तो तुमको भी पता होगा के मैं कोयल के साथ जा चूका हूँ, तुमको पता होगा के मां तेरे पापा के साथ और रमेश चाचा के साथ या दादा के साथ भी जाती है और कोयल भी दादा के साथ और तेरे पापा के साथ भी, यह हमारे घर का एक परंपरा जैसा है तो झूट क्यों कहना सच hi बता दे नाह यार!”
रोशन: “okay तो फिर सुन, जब मैं हॉस्पिटल में था नाह, और एक रात को तेरी मां आयी थी मेरे साथ रहने को, तो उस्सने मुझे और पायल को रेंज हाथ पाकर लिया था फिर उसी ने मेरे साथ करना चाहा, मतलब मुझको सडके किया तो मैं ने बी कर लिया यार किआ करता मैं?!”
सरजू: “okay कोई बात नहीं तुम तो परंपरा निभा रहे थे भाई हेहेहे, चाह यह बता तुझे मां किसी लगी?”
रोशन: “कौन कहेगा वो तेरी मां है यार, इतनी हॉट और सेक्सी है, इतनी जवान है वो तो तेरी बड़ी बेहेन दिखती है…. बहोत hi सेंसुअल है बीएड पर भाई, बहुत hi मज़ा आया उसस्के साथ…. कभी भी किसी वक़्त भी उसस्के साथ एन्जॉय कर सकता hoon…dekha उस दिन कोयल से करना था मगर तेरी मां के साथ चली गयी क्यूंकि हालां के कोयल ज़्यादा यंग है मैं ने तुम्हारी मां को प्रेफर किया!”
सरजू: “तो सुन आज, अभी मैं उस्सको पीछे लूंगा तुम आगे लेना okay?!”
रोशन: “पीछे भी लेती है वूव!”
सरजू: “तुझे अभी कुछ पता hi नहीं, मैं और दादा एक साथ उसस्के साथ कर चुके हैं, वो बहोत एन्जॉय करती है उस्सको बहोत मज़ा अत है जब दो एक साथ लेती है तो… तेरे पापा और रमेश चाचा भी उस्सको एक साथ ले चुके हैं पता है तुझे?!”
रोष: “वूऊऊ सुपर्ब यार बहोत मज़ा आएगा तब तो यार! हाँ कोयल ने कहा था के फार्महाउस में तू और दादा एक साथ थे उसस्के साथ!”
सरजू: “हम्म आने वाली है, सुन …जब उस्सको कम्प्लीटली ुंदरेस कर लेंगे और तैयार हो जाएगी लेने के लिए तो तू उसस्के निचे पीठ पर होना और उसस्के आगे डालना, तब मैं उसस्के पीठ पर चढूँगा okay?!”
रोशन: “okay जैसा तुम कहो, मगर एक बात बता सरजू, तू तो मुझसे छोटा है रे, तो तुमने कब स्टार्ट किया अपने मां के साथ, किआ उम्र था तेरा? मुझे बहोत hi एक्ससिटिंग लग रहा है तेरा यह रिलेशनशिप तेरी मम्मी के साथ!”
सरजू: “अरे मैं तो बचपन से उसस्के साथ लगा हुआ था, आखिर में मान गयी, मैं ने उस्सको दादा और तेरे पापा और चाचा के साथ करते हुए इतना देखा के देख देख कर खुद करने का इच्छा जगा मेरे अंदर बचपन से hi…samajh लो के उसी ने मुझको ट्रैन किया है…. वैसे रोशन तेरी मां भी कम नहीं है, और पद्मिनी चची भी कुछ कम नहीं, तू भी तरय मारना पद्मिनी चची के साथ या खुद अपने मां के साथ देखना मान जाएगी…. घर के सभी औरतों को पता है के इस घर के मर्दों को खुश करना है!!”
रोशन: “तू ने पद्मिनी चची या मेरी माँ के साथ किया है किआ?”
सरजू: “नहीं रे मगर इरादा है और करूँगा ज़रूर! हेहेहे!”
रोशन: “तो एक काम करते हैं, हम दोनों किसी दिन पद्मिनी चची को एक साथ सडके करते हैं क्यों कैसा रहेगा बोल?!”
सरजू: “आईडिया बुरा नहीं है, मगर सब घर पर hn=onge यार मुश्किल है!”
रोशन: “तो कौन सा तुरंत करना है, सडके करेंगे और देखेंगे उस्सकी रिस्पांस किआ होगी नाह?!”
सरजू: “हाँ यह ठीक है, okay साथ मिलकर सडके करेंगे पद्मिनी चची को फिलहाल मां को तो संभाल लें!”
और जब दोनों ने पायल की क़दमों की आहात सुनी तो अचे बच्चों की तरह बीएड पर बैठ कर उस्का वेट करने लगे.
पद्मिनी उनके कारण गयी और मुस्कुराते हुए कहा,
“क्यों किआ बक बक कर रहे थे तुम दोनों भाई हम्म? मेरे बारे में बात कर रहे थे नाह दोनों?!”
रोशन ने सरजू को देखा और सरजू ने रोशन को और दोनों एक दूसरे से मुस्कुराने लगे, तो सरजू ने अपनी माँ को रिप्लाई काटते हुए कहा,
“मां तुम जैसे हॉट सेक्स बम जब हमारे बीच हो तो और किश की बात करेंगे हम बोलो?!”
तब रोशन ने कंटिन्यू किया,
“चची कौन कहेगा के आप सरजू की माँ हो, आप तो जैसे एक यंग कॉलेज गर्ल दिख रही हो अभी, अगर आप को कोयाक की कॉलेज की यूनिफार्म पहना दूँ तो आप बिल्कुल एक कॉलेज गियरल दिखोगी!”
यह सुनकर सरजू के दिमाग़ में आईडिया आया और कहा,
“अरे यार हाँ, जा तू अपने कमरे से कोयल की एक यूनिफार्म लेकर आ न हम मां को आज एक कॉलेज गर्ल बनाते हैं और जैसे उस्सको लेकर एक डेट पर गए फिर इस कमरे में लाये क्यों आईडिया कैसा है?!”
पायल ने रोशन को मन किया यह कहते, “अगर तू अभी अपने कमरे में जाएगा फिर वापस आएगा तो किसी नाह किसी को पता चल जाएगा, और मैं नहीं चाहती के तेरे पापा या दादा को पता चले के तुम दोनों यहाँ हो मेरे saath…aur फिर कोयल की ब्लाउज मुझ पर टाइट होगी मुझे पता है, स्कर्ट ठीक होगी मगर ब्लाउज ज़्यादा टाइट होगी, फिर कभी वो सब करना अभी के लिए किआ तुम दोनों को मैं साडी में पसंद नहीं किआ?!”
तो यूनिफार्म वाले आईडिया को ड्राप किया गया और सरजू ने कहा,
“मां तुम तो ऐसे साडी में hi बम लगती हो क्यों रोशन बाई?!”
रोशन: “और नहीं तो किआ, ऐसे hi बेस्ट है तेरी मम्मी यार!”
पायल ने बलखाते हुए चल कर आईने के पास कड़ी होकर खुद को देखने लगी और अपने बाल को खोला उन् दोनों को बीएड पर आईने में देखते हुए….
तब सरजू चल कर उसस्के पीछे गया और पायल को जकरा पीछे से hi उस्सकी पल्लू को निचे करते हुए और उस्सकी ब्लाउज के ऊपर से hi उसी बूब्स को दबाने लगा जबकि बीएड पर बैठे रोष दोनों को देख रहा था…. और पायल भी आईने में से रोशन को hi देख रही थी और सरजू से धीरे से कहा, “देख वो देख रहा है किआ कर रहा है तू हट यहाँ से बदमाश कहीं का!”
सरजू ने अपनी माँ की गर्दन के पीछे जीब फरते हुए कहा, “आरी मां वो भी तो एहि करेगा नाह अभी, थेर बुलाता हूँ उस्सको यहीं….”
पायल रोशन को आईने में देखते हुए मुस्कुराने लगी जब सरजू ने उस्सको बुलाया अपने पास…. रोशन गया उन् दोनों के पास, और सरजू ने इशारा किया रोशन को भी अपनी माँ को जकरने को मगर उसस्के आगे जाकर…..
फिर पायल दोनों के बीच पायी गयी खड़े हुए पोजीशन में hi एक लड़के ने उस्सको आगे से जकरा हुआ था और एक ने उसस्के पीछे से… दोनों लड़कों के लुंड पायल के जिस्म पर डब्ब रहे थे और रागढ बी रहे थे, एक उसस्के नितम्बों पर और एक उस्सकी पथ के निचे आगे के taraf…paayal दो नौजवानों के बीच में कैद थी….
सरजू पीछे था तो उस्का लुंड उसस्के शार्ट के अंदर से hi उस्सकी माँ की नितम्बों पर रागढ रहा था और रोशन आगे उस्सकी पथ के निचे अपने लुंड दबा रहा था उसस्के गाल को चूमते हुए जबकि सारू का जीब पीछे पायल की गर्दन पर फेरर रहा था….
पीछे से सरजू का हाथ पायल की बूब्स दबा रहे थे, और रोशन ने पायल का मुंह अपने मुंह में ले लिया था किश करते हुए…. उसी दौरान सरजू ने अपनी माँ की साड़ी निकालना शुरू किया, धीरे धीरे उस्सकी साड़ी निचे ज़मीन पर पायी गयी और पायल अपनी ब्लाउज और पेट्टी कोट में कड़ी थी उन् दोनों के बीच…
कुछ देर बाद तीनों बीएड पर पाए गए बिस्तर को रौंदते हुए. पायल की ब्लाउज के सभी बटन्स खुले हुए थे उस्सकी क्लीवेज बिल्कुल बाहर थे और सरजू का मुंग वहां फेरर रहे थे जबकि रोशन ने पायल के तंग के तरफ उस्सकी पेट्टी कोट को बिल्कुल ऊपर उठाये हुए उस्सकी जांघों पर अपने जीब फेरर रहा tha…paayal बेहाल होती जा रही थी गहरी सांसें लेते हुए बीएड पर अपने जिस्म को इधर से उधर करती हुई….. सरजू ने पायल की ब्रा को उन्हुक किया और ब्रा निकल फेंका, जिस से पायल को बेहद खूबसूरत मुलायम चूचियां सामने आये गोआल गोआल, उभरे हुए न ज़्यादा बड़ा नाह hi छोटा, ठीक साइज की जिस्सको सरजू ने मसलते हुए अपने मुंह में लिया और चुस्सने laga…tab तक रोशन ने पायल की पेट्टी कोट को खोला और निचे पैरों के तरफ से खिंच कर बाहर निकला और उस्सकी पंतय तक पहुंचा और अपना मुंह उस्सकी जांगजों के बीच पंतय पर करके उस्सकी छूट पर पंतय के ऊपर hi जीब चलाने लगा जिस से पायल की तड़पती आवाज़ निकली, “ह्म्म्मम्म आआआअह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्शह्ह्हश्शश्श”
सरजू ने एक नज़र करके निचे के तरफ देखा जब उस्सकी माँ तदपि तो, देखा के रोष उस्सकी मां की छूट चाट रहा था. रोशन ने उस्सकी पंतय को कस्सके ऊपर के तरफ कुछ इस तरह से खिंचा के पंतय की पतली हिस्सा पायल की चुत की पंखुरियों के बीच में हुए जिस से पंखुरियों को ज़्यादा फुल्ला हुआ पाया गया और उस पर रोशन ने अपना जीब चलना शुरू किया और पायल और ज़्यादा तड़पने लगी जिस्म को ऐंठते हुए….
और आहिस्ते आहिस्ते दोनों लड़कों ने अपने अपने कपडे उतार डाले, बिल्कुल नंगे हो गए, अउ रोशन ने पायल की पंतय भी निकाल फेंका और सरजू ने रोशन को इशारा किया बीएड पर अपने पीठ पर लेटने को….. सो वो लेट गया और सरजू ने अपनी माँ को रोशन के ऊपर जाने को कहा, तो पायल चढ़ गयी रोशन के ऊपर टांगों को दोनों तरफ करते हुए, और खुद पायल ने अपने हाथ से रोशन के लुंड पाकर के अपने गीली छूट पर थोड़ा सा रगड़ा फिर अपनी फिसलती छूट के अंदर ले लिया पायल ने अपने होंठों को दांतों में दबाते हुए
जैसे hi रोशन का लुंड पायल के अंदर गुस्सा पायल ने अपने सर को ऊपर उठाकर छत्त देखते हुए एक पतली आवाज़ में “उउउउइइइइइइ स्स्स्सस्स्स्शशशशशशशश” करते हुए खुद अपनी कमर हिलाने लगी उठक बैठक करते हुए…. रोशन का लुंड एकदम मस्त कड़क खड़ा हुआ था और जमके पायल की छूट के अंदर बाहर होने लगे..
सरजू ने कुछ देर वहीँ बीएड पर बैठे अपने खड़े लुंड को हाथ में लिए देखता रहा, तब अपने दोनों टांगों के अपनी माँ की पीठ के ऊपर से होकर अपने लुंड को थूक से भिगोया, और पायल की गांड के चढ़ पर भी थूक लगाया और अपने लुंड को उस्सकी गांड के चढ़ पर दबाते हुए थुश दिया अंदर….. पायल की आवाज़ कुछ ज़ोर से निकली जब सरजू का लुंड उस्सकी गांड में ग़ुस्सा और वो हांफते हुए, रोशन पर डाब गयी और उस्सकी चूचियां रोशन के छाती पर कुचल गए जबकि सरजू उसस्के पीठ पर होते हुए अपने लुंड को गांड के अंदर बाहर करने लगा ढाका देते हुए और निचे से रोशन अपने लुंड को अंदर बाहर कर रहा था उस्सकी छूट में….
पायल ने अपने दोनों चढ़ में एक एक लुंड लिए हुए थे और दोनों ढके देते जा रहे थे…… पायल तड़पती, कहांर्टी हुई हांफते हुए दोनों नौजवानों के लुंड अपने अंदर महसूस करते हुए लुत्फ़ उठा रही थी….. उसस्के जिस्म में एक ज़बरदस्त आग भड़की हुई थी, उस आग को बुझने में ज़्यादा देर नहीं लगने वाला था क्यूंकि दोनों कैद हेक आईटी तेज़ होता गया के पायल की पानी बहने lage…aur उस्सने रोशन के जीब चुस्सना शुरू किया, और कभी मूढ़ कर अपने बेटे का जीब चुस्ती, और कभी अपने चूचियों को रोशन के जीब से रगड़ती, और खुद भी अपने कमर हिलती… सरजू अपनी माँ की काँधे पर दांत काटते हुए, चूस्ते हुए कह्नाणे लगा जब उसस्के लुंड ने अपना सारा पानी चोर्रा उसस्के गांड के अंदर, और हांफते हुए सरजू ने रोशन से कहा, “तू तो पानी मत चोरर देना मेरी माँ के अंदर झड़ने से पहले लुंड बाहर निकालना भाई……”
पायल दो बार झाड़ चुकी थी इस एक एनकाउंटर के बीच मगर कुछ कहा नहीं उस्सने, उस्सको इतना मज़ा ारः था के खामोश एन्जॉय करती रही, दो बार झड़ने की वजह से उस्सकी छूट एकदम गीली हो गयी थी सुर काफी ढीला लगने लगा था रोशन को इस लिए वो कुछ देर से झाड़ा…..
और झट से उसस्के अपने लुंड ो बाहल निकाला अपने पानी को चोररटे हुए, तो पायल ने उसे लुंड को अपने हाथ में लेकर सहलाते हुए उसस्के सारे पानी को निकाला और आखिर में अपने मुंह में ले लिया चूस्ते हुए जबकि रोष तड़पता गया पुरे जिस्म में एक थरथराहट लिए हुए……
सरजू सब देखते हुए बहोत खुश हो रहा था, अपन कजिन के लुंड को अपनी माँ के मुंह में देख कर सरजू को एक सुकून जैसे फील हुआ और वो लेती गया अपनी माँ की चूचियों को चूस्ते हुए…..
तो बे कॉन्टिनोएड………… (2250 वर्ड्स)
तीनों सरजू के कमरे में पहुंचे और पायल ने मुस्कुराते हुए दोनों से कहा,
“तुम दोनों बैठो मैं टॉयलेट से होकर आती हूँ.”
सरजू ने तब रोशन से पूछा, “तुम ने उस दिन पहली बार किया था मां के साथ या पोएहले भी किया था कबि?”
रोशन ने जवाब दिया, “हम्म सच बलून या झूट?”
सरजू: “भाई तुम बड़े हो, और इस घर में तुमको पता hi होगा के हर कोई हर एक दूसरे की पत्नियों के साथ एन्जॉय करते रहते हैं तो तुमको भी पता होगा के मैं कोयल के साथ जा चूका हूँ, तुमको पता होगा के मां तेरे पापा के साथ और रमेश चाचा के साथ या दादा के साथ भी जाती है और कोयल भी दादा के साथ और तेरे पापा के साथ भी, यह हमारे घर का एक परंपरा जैसा है तो झूट क्यों कहना सच hi बता दे नाह यार!”
रोशन: “okay तो फिर सुन, जब मैं हॉस्पिटल में था नाह, और एक रात को तेरी मां आयी थी मेरे साथ रहने को, तो उस्सने मुझे और पायल को रेंज हाथ पाकर लिया था फिर उसी ने मेरे साथ करना चाहा, मतलब मुझको सडके किया तो मैं ने बी कर लिया यार किआ करता मैं?!”
सरजू: “okay कोई बात नहीं तुम तो परंपरा निभा रहे थे भाई हेहेहे, चाह यह बता तुझे मां किसी लगी?”
रोशन: “कौन कहेगा वो तेरी मां है यार, इतनी हॉट और सेक्सी है, इतनी जवान है वो तो तेरी बड़ी बेहेन दिखती है…. बहोत hi सेंसुअल है बीएड पर भाई, बहुत hi मज़ा आया उसस्के साथ…. कभी भी किसी वक़्त भी उसस्के साथ एन्जॉय कर सकता hoon…dekha उस दिन कोयल से करना था मगर तेरी मां के साथ चली गयी क्यूंकि हालां के कोयल ज़्यादा यंग है मैं ने तुम्हारी मां को प्रेफर किया!”
सरजू: “तो सुन आज, अभी मैं उस्सको पीछे लूंगा तुम आगे लेना okay?!”
रोशन: “पीछे भी लेती है वूव!”
सरजू: “तुझे अभी कुछ पता hi नहीं, मैं और दादा एक साथ उसस्के साथ कर चुके हैं, वो बहोत एन्जॉय करती है उस्सको बहोत मज़ा अत है जब दो एक साथ लेती है तो… तेरे पापा और रमेश चाचा भी उस्सको एक साथ ले चुके हैं पता है तुझे?!”
रोष: “वूऊऊ सुपर्ब यार बहोत मज़ा आएगा तब तो यार! हाँ कोयल ने कहा था के फार्महाउस में तू और दादा एक साथ थे उसस्के साथ!”
सरजू: “हम्म आने वाली है, सुन …जब उस्सको कम्प्लीटली ुंदरेस कर लेंगे और तैयार हो जाएगी लेने के लिए तो तू उसस्के निचे पीठ पर होना और उसस्के आगे डालना, तब मैं उसस्के पीठ पर चढूँगा okay?!”
रोशन: “okay जैसा तुम कहो, मगर एक बात बता सरजू, तू तो मुझसे छोटा है रे, तो तुमने कब स्टार्ट किया अपने मां के साथ, किआ उम्र था तेरा? मुझे बहोत hi एक्ससिटिंग लग रहा है तेरा यह रिलेशनशिप तेरी मम्मी के साथ!”
सरजू: “अरे मैं तो बचपन से उसस्के साथ लगा हुआ था, आखिर में मान गयी, मैं ने उस्सको दादा और तेरे पापा और चाचा के साथ करते हुए इतना देखा के देख देख कर खुद करने का इच्छा जगा मेरे अंदर बचपन से hi…samajh लो के उसी ने मुझको ट्रैन किया है…. वैसे रोशन तेरी मां भी कम नहीं है, और पद्मिनी चची भी कुछ कम नहीं, तू भी तरय मारना पद्मिनी चची के साथ या खुद अपने मां के साथ देखना मान जाएगी…. घर के सभी औरतों को पता है के इस घर के मर्दों को खुश करना है!!”
रोशन: “तू ने पद्मिनी चची या मेरी माँ के साथ किया है किआ?”
सरजू: “नहीं रे मगर इरादा है और करूँगा ज़रूर! हेहेहे!”
रोशन: “तो एक काम करते हैं, हम दोनों किसी दिन पद्मिनी चची को एक साथ सडके करते हैं क्यों कैसा रहेगा बोल?!”
सरजू: “आईडिया बुरा नहीं है, मगर सब घर पर hn=onge यार मुश्किल है!”
रोशन: “तो कौन सा तुरंत करना है, सडके करेंगे और देखेंगे उस्सकी रिस्पांस किआ होगी नाह?!”
सरजू: “हाँ यह ठीक है, okay साथ मिलकर सडके करेंगे पद्मिनी चची को फिलहाल मां को तो संभाल लें!”
और जब दोनों ने पायल की क़दमों की आहात सुनी तो अचे बच्चों की तरह बीएड पर बैठ कर उस्का वेट करने लगे.
पद्मिनी उनके कारण गयी और मुस्कुराते हुए कहा,
“क्यों किआ बक बक कर रहे थे तुम दोनों भाई हम्म? मेरे बारे में बात कर रहे थे नाह दोनों?!”
रोशन ने सरजू को देखा और सरजू ने रोशन को और दोनों एक दूसरे से मुस्कुराने लगे, तो सरजू ने अपनी माँ को रिप्लाई काटते हुए कहा,
“मां तुम जैसे हॉट सेक्स बम जब हमारे बीच हो तो और किश की बात करेंगे हम बोलो?!”
तब रोशन ने कंटिन्यू किया,
“चची कौन कहेगा के आप सरजू की माँ हो, आप तो जैसे एक यंग कॉलेज गर्ल दिख रही हो अभी, अगर आप को कोयाक की कॉलेज की यूनिफार्म पहना दूँ तो आप बिल्कुल एक कॉलेज गियरल दिखोगी!”
यह सुनकर सरजू के दिमाग़ में आईडिया आया और कहा,
“अरे यार हाँ, जा तू अपने कमरे से कोयल की एक यूनिफार्म लेकर आ न हम मां को आज एक कॉलेज गर्ल बनाते हैं और जैसे उस्सको लेकर एक डेट पर गए फिर इस कमरे में लाये क्यों आईडिया कैसा है?!”
पायल ने रोशन को मन किया यह कहते, “अगर तू अभी अपने कमरे में जाएगा फिर वापस आएगा तो किसी नाह किसी को पता चल जाएगा, और मैं नहीं चाहती के तेरे पापा या दादा को पता चले के तुम दोनों यहाँ हो मेरे saath…aur फिर कोयल की ब्लाउज मुझ पर टाइट होगी मुझे पता है, स्कर्ट ठीक होगी मगर ब्लाउज ज़्यादा टाइट होगी, फिर कभी वो सब करना अभी के लिए किआ तुम दोनों को मैं साडी में पसंद नहीं किआ?!”
तो यूनिफार्म वाले आईडिया को ड्राप किया गया और सरजू ने कहा,
“मां तुम तो ऐसे साडी में hi बम लगती हो क्यों रोशन बाई?!”
रोशन: “और नहीं तो किआ, ऐसे hi बेस्ट है तेरी मम्मी यार!”
पायल ने बलखाते हुए चल कर आईने के पास कड़ी होकर खुद को देखने लगी और अपने बाल को खोला उन् दोनों को बीएड पर आईने में देखते हुए….
तब सरजू चल कर उसस्के पीछे गया और पायल को जकरा पीछे से hi उस्सकी पल्लू को निचे करते हुए और उस्सकी ब्लाउज के ऊपर से hi उसी बूब्स को दबाने लगा जबकि बीएड पर बैठे रोष दोनों को देख रहा था…. और पायल भी आईने में से रोशन को hi देख रही थी और सरजू से धीरे से कहा, “देख वो देख रहा है किआ कर रहा है तू हट यहाँ से बदमाश कहीं का!”
सरजू ने अपनी माँ की गर्दन के पीछे जीब फरते हुए कहा, “आरी मां वो भी तो एहि करेगा नाह अभी, थेर बुलाता हूँ उस्सको यहीं….”
पायल रोशन को आईने में देखते हुए मुस्कुराने लगी जब सरजू ने उस्सको बुलाया अपने पास…. रोशन गया उन् दोनों के पास, और सरजू ने इशारा किया रोशन को भी अपनी माँ को जकरने को मगर उसस्के आगे जाकर…..
फिर पायल दोनों के बीच पायी गयी खड़े हुए पोजीशन में hi एक लड़के ने उस्सको आगे से जकरा हुआ था और एक ने उसस्के पीछे से… दोनों लड़कों के लुंड पायल के जिस्म पर डब्ब रहे थे और रागढ बी रहे थे, एक उसस्के नितम्बों पर और एक उस्सकी पथ के निचे आगे के taraf…paayal दो नौजवानों के बीच में कैद थी….
सरजू पीछे था तो उस्का लुंड उसस्के शार्ट के अंदर से hi उस्सकी माँ की नितम्बों पर रागढ रहा था और रोशन आगे उस्सकी पथ के निचे अपने लुंड दबा रहा था उसस्के गाल को चूमते हुए जबकि सारू का जीब पीछे पायल की गर्दन पर फेरर रहा था….
पीछे से सरजू का हाथ पायल की बूब्स दबा रहे थे, और रोशन ने पायल का मुंह अपने मुंह में ले लिया था किश करते हुए…. उसी दौरान सरजू ने अपनी माँ की साड़ी निकालना शुरू किया, धीरे धीरे उस्सकी साड़ी निचे ज़मीन पर पायी गयी और पायल अपनी ब्लाउज और पेट्टी कोट में कड़ी थी उन् दोनों के बीच…
कुछ देर बाद तीनों बीएड पर पाए गए बिस्तर को रौंदते हुए. पायल की ब्लाउज के सभी बटन्स खुले हुए थे उस्सकी क्लीवेज बिल्कुल बाहर थे और सरजू का मुंग वहां फेरर रहे थे जबकि रोशन ने पायल के तंग के तरफ उस्सकी पेट्टी कोट को बिल्कुल ऊपर उठाये हुए उस्सकी जांघों पर अपने जीब फेरर रहा tha…paayal बेहाल होती जा रही थी गहरी सांसें लेते हुए बीएड पर अपने जिस्म को इधर से उधर करती हुई….. सरजू ने पायल की ब्रा को उन्हुक किया और ब्रा निकल फेंका, जिस से पायल को बेहद खूबसूरत मुलायम चूचियां सामने आये गोआल गोआल, उभरे हुए न ज़्यादा बड़ा नाह hi छोटा, ठीक साइज की जिस्सको सरजू ने मसलते हुए अपने मुंह में लिया और चुस्सने laga…tab तक रोशन ने पायल की पेट्टी कोट को खोला और निचे पैरों के तरफ से खिंच कर बाहर निकला और उस्सकी पंतय तक पहुंचा और अपना मुंह उस्सकी जांगजों के बीच पंतय पर करके उस्सकी छूट पर पंतय के ऊपर hi जीब चलाने लगा जिस से पायल की तड़पती आवाज़ निकली, “ह्म्म्मम्म आआआअह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्शह्ह्हश्शश्श”
सरजू ने एक नज़र करके निचे के तरफ देखा जब उस्सकी माँ तदपि तो, देखा के रोष उस्सकी मां की छूट चाट रहा था. रोशन ने उस्सकी पंतय को कस्सके ऊपर के तरफ कुछ इस तरह से खिंचा के पंतय की पतली हिस्सा पायल की चुत की पंखुरियों के बीच में हुए जिस से पंखुरियों को ज़्यादा फुल्ला हुआ पाया गया और उस पर रोशन ने अपना जीब चलना शुरू किया और पायल और ज़्यादा तड़पने लगी जिस्म को ऐंठते हुए….
और आहिस्ते आहिस्ते दोनों लड़कों ने अपने अपने कपडे उतार डाले, बिल्कुल नंगे हो गए, अउ रोशन ने पायल की पंतय भी निकाल फेंका और सरजू ने रोशन को इशारा किया बीएड पर अपने पीठ पर लेटने को….. सो वो लेट गया और सरजू ने अपनी माँ को रोशन के ऊपर जाने को कहा, तो पायल चढ़ गयी रोशन के ऊपर टांगों को दोनों तरफ करते हुए, और खुद पायल ने अपने हाथ से रोशन के लुंड पाकर के अपने गीली छूट पर थोड़ा सा रगड़ा फिर अपनी फिसलती छूट के अंदर ले लिया पायल ने अपने होंठों को दांतों में दबाते हुए
जैसे hi रोशन का लुंड पायल के अंदर गुस्सा पायल ने अपने सर को ऊपर उठाकर छत्त देखते हुए एक पतली आवाज़ में “उउउउइइइइइइ स्स्स्सस्स्स्शशशशशशशश” करते हुए खुद अपनी कमर हिलाने लगी उठक बैठक करते हुए…. रोशन का लुंड एकदम मस्त कड़क खड़ा हुआ था और जमके पायल की छूट के अंदर बाहर होने लगे..
सरजू ने कुछ देर वहीँ बीएड पर बैठे अपने खड़े लुंड को हाथ में लिए देखता रहा, तब अपने दोनों टांगों के अपनी माँ की पीठ के ऊपर से होकर अपने लुंड को थूक से भिगोया, और पायल की गांड के चढ़ पर भी थूक लगाया और अपने लुंड को उस्सकी गांड के चढ़ पर दबाते हुए थुश दिया अंदर….. पायल की आवाज़ कुछ ज़ोर से निकली जब सरजू का लुंड उस्सकी गांड में ग़ुस्सा और वो हांफते हुए, रोशन पर डाब गयी और उस्सकी चूचियां रोशन के छाती पर कुचल गए जबकि सरजू उसस्के पीठ पर होते हुए अपने लुंड को गांड के अंदर बाहर करने लगा ढाका देते हुए और निचे से रोशन अपने लुंड को अंदर बाहर कर रहा था उस्सकी छूट में….
पायल ने अपने दोनों चढ़ में एक एक लुंड लिए हुए थे और दोनों ढके देते जा रहे थे…… पायल तड़पती, कहांर्टी हुई हांफते हुए दोनों नौजवानों के लुंड अपने अंदर महसूस करते हुए लुत्फ़ उठा रही थी….. उसस्के जिस्म में एक ज़बरदस्त आग भड़की हुई थी, उस आग को बुझने में ज़्यादा देर नहीं लगने वाला था क्यूंकि दोनों कैद हेक आईटी तेज़ होता गया के पायल की पानी बहने lage…aur उस्सने रोशन के जीब चुस्सना शुरू किया, और कभी मूढ़ कर अपने बेटे का जीब चुस्ती, और कभी अपने चूचियों को रोशन के जीब से रगड़ती, और खुद भी अपने कमर हिलती… सरजू अपनी माँ की काँधे पर दांत काटते हुए, चूस्ते हुए कह्नाणे लगा जब उसस्के लुंड ने अपना सारा पानी चोर्रा उसस्के गांड के अंदर, और हांफते हुए सरजू ने रोशन से कहा, “तू तो पानी मत चोरर देना मेरी माँ के अंदर झड़ने से पहले लुंड बाहर निकालना भाई……”
पायल दो बार झाड़ चुकी थी इस एक एनकाउंटर के बीच मगर कुछ कहा नहीं उस्सने, उस्सको इतना मज़ा ारः था के खामोश एन्जॉय करती रही, दो बार झड़ने की वजह से उस्सकी छूट एकदम गीली हो गयी थी सुर काफी ढीला लगने लगा था रोशन को इस लिए वो कुछ देर से झाड़ा…..
और झट से उसस्के अपने लुंड ो बाहल निकाला अपने पानी को चोररटे हुए, तो पायल ने उसे लुंड को अपने हाथ में लेकर सहलाते हुए उसस्के सारे पानी को निकाला और आखिर में अपने मुंह में ले लिया चूस्ते हुए जबकि रोष तड़पता गया पुरे जिस्म में एक थरथराहट लिए हुए……
सरजू सब देखते हुए बहोत खुश हो रहा था, अपन कजिन के लुंड को अपनी माँ के मुंह में देख कर सरजू को एक सुकून जैसे फील हुआ और वो लेती गया अपनी माँ की चूचियों को चूस्ते हुए…..
तो बे कॉन्टिनोएड………… (2250 वर्ड्स)