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- Dec 5, 2013
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ममी नाहा के डेसिंग टेबल के सामने पोहंची. और एक लोशन निकल पर अपने बदन पर लगाने लगी.
ममी पहले कभी कभी hi खुद का ख्याल रखा करती थी. पर राज से मिलने के बाद आटोमेटिक hi खुद की केयर करने लगी थी.
रूम लॉक था. ममी नुदे hi मिरर के सामने कड़ी हुई थी.. ममी को आदत थी अक्सर बंद कमरे में ऐसे hi नुदे हो जाया करती थी..
अब भी वह मस्त मूड में अपने जिस्म को लोशन से चमका रही थी. मोबाइल के घंटी बजी तो ममी ने बीएड की और देखा.. बडबडी.. इस समय किसकी कॉल आ गई..
ममी अपनी गदराई गांड मटकते हुए बीएड की और जाने लगी. बड़े 38 के चुके ठालठालने लगे. ममी बीएड के पास पोह्ची.. झुक कर मोबाइल को देखने लगी. अनजान नंबर से कॉल आ रही थी..
ममी झुकी तो पीछे से बड़ी कमल के दिखने लगी थी. कोई होता तो खुद पर काबू न रख पता. ममी के गांड एकदुम्म बंद थी. ममी के गांड शुरू में कुछ बार मां ने खोली थी. उसके बाद मां ने ममी की गांड नहीं मरी थी. जिस कारन ममी की गांड का छेड़ टाइट था.. पर ज़यादा तर घोड़ी बन के छोड़ने के कारन ममी की गांड की शेप बड़ी कमल की हो गई थी..
ममी ने मोबाइल उठा कर कान से लगाया.. एक पेअर उठा कर बीएड पर रखा और दूसरे हाथ से पेअर पर लगा लोशन मलने लगी.
ममी-- hello.
दूसरी और राज था--- अरे जाने मैं.. कैसे हाँ आप..
राज की आवाज़ सुनते hi--- तुममममम.. मेरे नंबर कहाँ से लिए तुमने.. फिर जैसे ममी को यद् आया.. निशा से तुमने मेरा नंबर भी ले लिए. ममी हैरान हो गई थी..
राज-- अरे आप को भूल hi पाया में तो.. नंबर लिए बिना कैसे चैन आता मुझे. आज मिलने का मैं होने लगा था. तोह कॉल कर दी.. वैसे आप ऐसी पोजीशन में बहुत कमल की दिख रही हाँ.. मैं वहां होता तो उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ मा कसम मज़ा hi आ जाता..
ममी के हाथ से फोन छूटते छूटते बचा.. ममी लड़खड़ा गई. बीएड से पेअर हटा कर रूम में चरों और देखने लगी..
ममी हकला कर boli--tt..tummm...tum कहाँ से देख रहे हो मुझे..
राज-- हाहाहा.. मतलब आप कुछ खास कर रही हाँ क्या..
ममी की सांस में सांस आई.. थोड़ी नाराज़गी से बोली-- तुमने तो मेरी जान hi निकल दी थी.. में समझी तुम..
राज-- में आप के कमरे में हों.
ममी-- तुम्हे कैसे पता में अपने रूम में हों
राज-- आपकी घबराहट से अंदाज़ा लगाया मेने.
वैसे राज ने निशा से जान लिए था.. ममी कहाँ हाँ.. निशा से ममी की कुछ रूटीन भी जान ली थी राज ने
ममी-- बड़े आये मेरी घबराहट से मुझे जानने वाले.. फोन कैसे किया तुमने
राज-- मिलने के लिए..
ममी शोखी से-- मिलने को. में तुम्हारी गफ हों क्या.. मई नहीं मिलने वाली तुमसे..
राज-- पक्का नहीं मिलना छाती आप मुझसे..
ममी-- हाँ पक्का. और क्यों मीलों में तुमसे.. तुम मेरे हो भी कोण.
राज-- नहीं हों तोह बन जाऊँगा..
ममी-- क्या मतलब
राज-- मतलब का क्या है सुधा जी..
ममी-- सुधा जी....???? कुछ तो शर्म करो. मुझे नाम से बुला रहे हो
राज-- क्यों मिरर में देख के आपको नहीं लगा. आप आज भी जवान हाँ. हसीं हाँ. निशा से कुछ hi बड़ी दिखती हाँ..
ममी फिरसे रूम में देखने लगी..
ममी-- तुम बाद में कॉल करना.. अभी में बिजी हो
राज-- दिल तोड़ने का इरादा है क्या आपका सुधा जी
ममी हस्ती हुई-- दिल का तोह पता नहीं. तुम मिले तोह मोह ज़रूर रोड दूँ में तुम्हारा.. मुझसे फ़्लर्ट करने लगे हो अब तुम.
राज-- आप फ़्लर्ट करने की चीज नहीं हाँ सुधा जी.. आप तो प्यार करने की चीज हाँ
ममी का मोह खुल गया-- प्याआआरर... क्या मतलब है तुम्हारा.
राज-- जब मिलोगी तो बताऊंगा मैं आपको
राज ने कॉल कर कर दी..
ममी.. hello.hello hi करती रही.. पहले तो फोन को हैरानगी से देखती रही. फिर धीरे से हसने लगी.. पागल लड़का.. मुझे भी पागल कर देगा.. इस उम्र में मुझे क्या बना रहा है..
____________________________
सिमरन-- तुम सिवाए मज़े मारने के कुछ और भी करते हो क्या..
राज ने सिमरन को कॉल मिलायी तोह सिमरन पहात से बोल पड़ी
राज-- मज़े मरने की उम्र है तोह मज़ा hi करूँगा न..
सिमरन-- धयान रखना. कहीं मज़े के चक्रों में अपने असली मकसद को न भूल जाना.
राज-- हायईए.. कितनी बेचैनी है तुम्हे मेरी सफलता को लेके
सिमरन-- हाहाहा.. तुम्हारी सफलता.. हाहाहा.. मुझे तो तुम्हे हराना है.. तुम्हे खुद से जीतता हुआ तो मैं नहीं देख सकती..
राज-- पक्का ऐसे hi विचार हाँ तुम्हारे..
सिमरन-- पक्का क्या.? जैसी मैं हों मेरे विचार भी वैसे hi होंगे
राज-- लड़कियों झूट बहुत बोलती है सिमरन.. तुम भी झूट बोल रही हो
सिमरन-- मैं क्यों झूट बोलने लगी. झूट बोल के मुझे क्या हासिल हो जायेगा..
राज-- दिल की बार किसी को बता कर एक तरह से हारना hi होता है सिमरन.. वर्ण तो तुम भी दिल से मेरी सक्सेस के लिए दुआ मांग रही हो.. तुम्हे दर है, कहीं में हार गया तोह तुम्हारी ज़िन्दगी से आउट हो जाऊँगा
सिमरन--- क्याआ.. हाहाहा.. बड़े ऊंचे ख्वाब देखने लगे हो तू राज.. ऐसे खवाब मत देखो.. जिसके अधूरा रह जाने पर तुम्हे दुःख मिले.
राज-- न बोलो. पर तुम्हारे दिल की बार मुझे फोन पर भी सुनाई दे रही है. जब से तुम्हारे दिल में मेरे लिए फीलिंग्स आने लगी हाँ.. तब से तुम्हारा दिल मेरी सफलता को लेके चिंतित भी है और प्रार्थना भी कर रहा है
सिमरन-- हाहाहा.. राज तुम जोके अच्छा सुना लेते हो.. btw तुम मेरे अगले वॉर के लिए तैयार रहो. जल्द hi तुम्हे एक बड़ी चोट मिलने वाली है.. ये मई तुम्हे पहले से बता रही हों
राज-- हाय तेरी इस ऐडा पे मैं मर न जाओं कहीं ऐ सनम.. मुझे वार्निंग दे के मुझे चोट देने की बात करती हो
राज मेह्बुबना अंदाज़ में बोलै तोह सिमरन और भी खुल कर हसने लगी.
सिमरन-- तुम ऐसे hi मज़े करते रहो.. इस बार सच में तुम्हे वह मज़ा चखाऊँगी. तुम मेरे साथ लास्ट टाइम जो कर गुज़रे थे. उसे सोच सोच के अपने लुंड को थप्पड़ लगते फिरोगे.. उसी के कारण तुम्हारा खुद पर काबू नहीं रहता न.. देखना तुम्हरा और मैं तुम्हारा उसका क्या हाल करती हो
राज-- हाहाहा.. सिमरन मज़ा आता है तुमसे ऐसे बातें करके.. तुम सच में मुझे मेरी टक्कर की मिली हो
सिमरन- बच्चू अब बच के रहना.. मेरे पहले के वॉर काम खतरनाक थे. पर इस बार के वॉर मैं तुम्हारे दिल पर करुँगी. न रहेगा तुम्हारे पास दिल और न करोगे तुम मुझसे दिल वाली बातें..
राज हस्ता रहा सिमरन बढ़ चढ़ कर बोलने लगी.. कुछ देर और ऐसे hi दोनों में नोक झोक होती रही..
राज एक रोड किनारे बाइक पर बैठा हुआ सिरमन से फोन पर बात कर रहा था..
एक गाडी दूर से राज को लहराती हुई दिखाई दी.. जैसे ड्राइवर नशे में हो.. या फिर उसके साथ कुछ और मटर हुआ हो..
राज ने सिमरन से कुछ भी बात किये बिना कॉल कट कर दी और गाड़ी को देखने लगा.. इस साइड रोड पर ज़यादा ट्रैफिक नहीं थी..
राज बाइक से उतरा और गाड़ी को धयान से देखने लगा.. गाडी कुछ और लहराने के बाद साइड फुटपाथ पर चढ़ दौड़ी.. अब तक राज को ड्राइविंग सीट पर एक लड़की दिखाई दे गयी थी.
गाडी फुटपाथ पर चढ़ कर रुक गई थी.. लड़की का सर स्टेरिंग पर आया.. हॉर्न रेगुलर बजने लगा..
राज भाग कर गाडी के पास जा पोहंचा. दूर खोल कर लड़की को देखा. तो उसका पूरा चेहरा पसीने से भीगा हुआ था. जैसे उसके साथ कोई गड़बड़ हो..
राज ने फ़ौरन सीटबेल्ट खोल क्र लड़की को पीछे सीट पर लिटाया.. अपनी बाइक को वहीँ छोड़ कर लकड़ी की गाड़ी को खुद से ड्राइव करता हुआ स्पीड के साथ करीबी हॉस्पिटल की और बढ़ने लगा.
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ममी नाहा के डेसिंग टेबल के सामने पोहंची. और एक लोशन निकल पर अपने बदन पर लगाने लगी.
ममी पहले कभी कभी hi खुद का ख्याल रखा करती थी. पर राज से मिलने के बाद आटोमेटिक hi खुद की केयर करने लगी थी.
रूम लॉक था. ममी नुदे hi मिरर के सामने कड़ी हुई थी.. ममी को आदत थी अक्सर बंद कमरे में ऐसे hi नुदे हो जाया करती थी..
अब भी वह मस्त मूड में अपने जिस्म को लोशन से चमका रही थी. मोबाइल के घंटी बजी तो ममी ने बीएड की और देखा.. बडबडी.. इस समय किसकी कॉल आ गई..
ममी अपनी गदराई गांड मटकते हुए बीएड की और जाने लगी. बड़े 38 के चुके ठालठालने लगे. ममी बीएड के पास पोह्ची.. झुक कर मोबाइल को देखने लगी. अनजान नंबर से कॉल आ रही थी..
ममी झुकी तो पीछे से बड़ी कमल के दिखने लगी थी. कोई होता तो खुद पर काबू न रख पता. ममी के गांड एकदुम्म बंद थी. ममी के गांड शुरू में कुछ बार मां ने खोली थी. उसके बाद मां ने ममी की गांड नहीं मरी थी. जिस कारन ममी की गांड का छेड़ टाइट था.. पर ज़यादा तर घोड़ी बन के छोड़ने के कारन ममी की गांड की शेप बड़ी कमल की हो गई थी..
ममी ने मोबाइल उठा कर कान से लगाया.. एक पेअर उठा कर बीएड पर रखा और दूसरे हाथ से पेअर पर लगा लोशन मलने लगी.
ममी-- hello.
दूसरी और राज था--- अरे जाने मैं.. कैसे हाँ आप..
राज की आवाज़ सुनते hi--- तुममममम.. मेरे नंबर कहाँ से लिए तुमने.. फिर जैसे ममी को यद् आया.. निशा से तुमने मेरा नंबर भी ले लिए. ममी हैरान हो गई थी..
राज-- अरे आप को भूल hi पाया में तो.. नंबर लिए बिना कैसे चैन आता मुझे. आज मिलने का मैं होने लगा था. तोह कॉल कर दी.. वैसे आप ऐसी पोजीशन में बहुत कमल की दिख रही हाँ.. मैं वहां होता तो उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ मा कसम मज़ा hi आ जाता..
ममी के हाथ से फोन छूटते छूटते बचा.. ममी लड़खड़ा गई. बीएड से पेअर हटा कर रूम में चरों और देखने लगी..
ममी हकला कर boli--tt..tummm...tum कहाँ से देख रहे हो मुझे..
राज-- हाहाहा.. मतलब आप कुछ खास कर रही हाँ क्या..
ममी की सांस में सांस आई.. थोड़ी नाराज़गी से बोली-- तुमने तो मेरी जान hi निकल दी थी.. में समझी तुम..
राज-- में आप के कमरे में हों.
ममी-- तुम्हे कैसे पता में अपने रूम में हों
राज-- आपकी घबराहट से अंदाज़ा लगाया मेने.
वैसे राज ने निशा से जान लिए था.. ममी कहाँ हाँ.. निशा से ममी की कुछ रूटीन भी जान ली थी राज ने
ममी-- बड़े आये मेरी घबराहट से मुझे जानने वाले.. फोन कैसे किया तुमने
राज-- मिलने के लिए..
ममी शोखी से-- मिलने को. में तुम्हारी गफ हों क्या.. मई नहीं मिलने वाली तुमसे..
राज-- पक्का नहीं मिलना छाती आप मुझसे..
ममी-- हाँ पक्का. और क्यों मीलों में तुमसे.. तुम मेरे हो भी कोण.
राज-- नहीं हों तोह बन जाऊँगा..
ममी-- क्या मतलब
राज-- मतलब का क्या है सुधा जी..
ममी-- सुधा जी....???? कुछ तो शर्म करो. मुझे नाम से बुला रहे हो
राज-- क्यों मिरर में देख के आपको नहीं लगा. आप आज भी जवान हाँ. हसीं हाँ. निशा से कुछ hi बड़ी दिखती हाँ..
ममी फिरसे रूम में देखने लगी..
ममी-- तुम बाद में कॉल करना.. अभी में बिजी हो
राज-- दिल तोड़ने का इरादा है क्या आपका सुधा जी
ममी हस्ती हुई-- दिल का तोह पता नहीं. तुम मिले तोह मोह ज़रूर रोड दूँ में तुम्हारा.. मुझसे फ़्लर्ट करने लगे हो अब तुम.
राज-- आप फ़्लर्ट करने की चीज नहीं हाँ सुधा जी.. आप तो प्यार करने की चीज हाँ
ममी का मोह खुल गया-- प्याआआरर... क्या मतलब है तुम्हारा.
राज-- जब मिलोगी तो बताऊंगा मैं आपको
राज ने कॉल कर कर दी..
ममी.. hello.hello hi करती रही.. पहले तो फोन को हैरानगी से देखती रही. फिर धीरे से हसने लगी.. पागल लड़का.. मुझे भी पागल कर देगा.. इस उम्र में मुझे क्या बना रहा है..
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सिमरन-- तुम सिवाए मज़े मारने के कुछ और भी करते हो क्या..
राज ने सिमरन को कॉल मिलायी तोह सिमरन पहात से बोल पड़ी
राज-- मज़े मरने की उम्र है तोह मज़ा hi करूँगा न..
सिमरन-- धयान रखना. कहीं मज़े के चक्रों में अपने असली मकसद को न भूल जाना.
राज-- हायईए.. कितनी बेचैनी है तुम्हे मेरी सफलता को लेके
सिमरन-- हाहाहा.. तुम्हारी सफलता.. हाहाहा.. मुझे तो तुम्हे हराना है.. तुम्हे खुद से जीतता हुआ तो मैं नहीं देख सकती..
राज-- पक्का ऐसे hi विचार हाँ तुम्हारे..
सिमरन-- पक्का क्या.? जैसी मैं हों मेरे विचार भी वैसे hi होंगे
राज-- लड़कियों झूट बहुत बोलती है सिमरन.. तुम भी झूट बोल रही हो
सिमरन-- मैं क्यों झूट बोलने लगी. झूट बोल के मुझे क्या हासिल हो जायेगा..
राज-- दिल की बार किसी को बता कर एक तरह से हारना hi होता है सिमरन.. वर्ण तो तुम भी दिल से मेरी सक्सेस के लिए दुआ मांग रही हो.. तुम्हे दर है, कहीं में हार गया तोह तुम्हारी ज़िन्दगी से आउट हो जाऊँगा
सिमरन--- क्याआ.. हाहाहा.. बड़े ऊंचे ख्वाब देखने लगे हो तू राज.. ऐसे खवाब मत देखो.. जिसके अधूरा रह जाने पर तुम्हे दुःख मिले.
राज-- न बोलो. पर तुम्हारे दिल की बार मुझे फोन पर भी सुनाई दे रही है. जब से तुम्हारे दिल में मेरे लिए फीलिंग्स आने लगी हाँ.. तब से तुम्हारा दिल मेरी सफलता को लेके चिंतित भी है और प्रार्थना भी कर रहा है
सिमरन-- हाहाहा.. राज तुम जोके अच्छा सुना लेते हो.. btw तुम मेरे अगले वॉर के लिए तैयार रहो. जल्द hi तुम्हे एक बड़ी चोट मिलने वाली है.. ये मई तुम्हे पहले से बता रही हों
राज-- हाय तेरी इस ऐडा पे मैं मर न जाओं कहीं ऐ सनम.. मुझे वार्निंग दे के मुझे चोट देने की बात करती हो
राज मेह्बुबना अंदाज़ में बोलै तोह सिमरन और भी खुल कर हसने लगी.
सिमरन-- तुम ऐसे hi मज़े करते रहो.. इस बार सच में तुम्हे वह मज़ा चखाऊँगी. तुम मेरे साथ लास्ट टाइम जो कर गुज़रे थे. उसे सोच सोच के अपने लुंड को थप्पड़ लगते फिरोगे.. उसी के कारण तुम्हारा खुद पर काबू नहीं रहता न.. देखना तुम्हरा और मैं तुम्हारा उसका क्या हाल करती हो
राज-- हाहाहा.. सिमरन मज़ा आता है तुमसे ऐसे बातें करके.. तुम सच में मुझे मेरी टक्कर की मिली हो
सिमरन- बच्चू अब बच के रहना.. मेरे पहले के वॉर काम खतरनाक थे. पर इस बार के वॉर मैं तुम्हारे दिल पर करुँगी. न रहेगा तुम्हारे पास दिल और न करोगे तुम मुझसे दिल वाली बातें..
राज हस्ता रहा सिमरन बढ़ चढ़ कर बोलने लगी.. कुछ देर और ऐसे hi दोनों में नोक झोक होती रही..
राज एक रोड किनारे बाइक पर बैठा हुआ सिरमन से फोन पर बात कर रहा था..
एक गाडी दूर से राज को लहराती हुई दिखाई दी.. जैसे ड्राइवर नशे में हो.. या फिर उसके साथ कुछ और मटर हुआ हो..
राज ने सिमरन से कुछ भी बात किये बिना कॉल कट कर दी और गाड़ी को देखने लगा.. इस साइड रोड पर ज़यादा ट्रैफिक नहीं थी..
राज बाइक से उतरा और गाड़ी को धयान से देखने लगा.. गाडी कुछ और लहराने के बाद साइड फुटपाथ पर चढ़ दौड़ी.. अब तक राज को ड्राइविंग सीट पर एक लड़की दिखाई दे गयी थी.
गाडी फुटपाथ पर चढ़ कर रुक गई थी.. लड़की का सर स्टेरिंग पर आया.. हॉर्न रेगुलर बजने लगा..
राज भाग कर गाडी के पास जा पोहंचा. दूर खोल कर लड़की को देखा. तो उसका पूरा चेहरा पसीने से भीगा हुआ था. जैसे उसके साथ कोई गड़बड़ हो..
राज ने फ़ौरन सीटबेल्ट खोल क्र लड़की को पीछे सीट पर लिटाया.. अपनी बाइक को वहीँ छोड़ कर लकड़ी की गाड़ी को खुद से ड्राइव करता हुआ स्पीड के साथ करीबी हॉस्पिटल की और बढ़ने लगा.