Incest Porn Kahani - EK MAA - Page 8 - SexBaba
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Incest Porn Kahani - EK MAA

बहुत बहुत धन्यवाद् जी

गुड मॉर्निंग

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अभी कहानी में एक मोत होने वाली ह और कोई जीवन भर के लिए लचर और तकलीफ उठाने वाला ह
 
अपडेट-45






सुरेश- कोण हो तुम और क्या जानते हो अंजलि के बारे में

आदमी- हम तो बहुत कुछ जानते हैं लेकिन आप उसकी मदद क्यों क्र रहे हैं

सुरेश- मदद मतलब हम उसकी मदद क्यों करेंगे

आदमी- आपके बोर्ड मेम्बर ने हमारी जमीन खरीदने के लिए उसे करोड़ो रुपये दिए हैं और आप बोल रहे हैं आप क्यों मदद करेंगे

जी है ये दोनों अजय और यश थे,

अजय की बात सुनकर सुरेश और सोनिया का मुँह खुला रह गया, ये वही दोनों थे जिन्हे सुरेश ढूंढ रहा था, ये खुद hi चल क्र उसके पास आ गए,

सुरेश- मुझे सब कुछ ठीक से बताओ क्या हुआ कैसे हुआ, मैंने अंजलि की मदद नहीं की किसने की उसका नाम जानते हो

अजय- जी है आपके बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर में ह वो सुमित महेता

सुमित महेता का नाम सुनते hi सोनिया का मुँह खुला रह गया, सुरेश थोड़ा चुका लेकिन जैसे उसे कुछ शक सा था सुमित पैर वो आज यकीन में बदल गया,

सोनिया- ये तुम क्या कह रहे हो वो ऐसा क्यों करेगा

सुरेश- मैं बोल रहा था न तेरे उस चमचे पैर शक हो रहा ह

अजय- हम तो सुमित को ढूंढ़ने आपके ऑफिस गए थे, फिर सोचा सुमित से नहीं आपसे बात करेंगे वह मुलाकात नहीं हो सकीय थी घर आ गए,

सुरेश- बहुत अच्छा किया तुमने तुम्हे तो इसका इनाम मिलना चाहिए, क्या जानते हो तुम अंजलि के बारे में मुझे सब बताओ

अजय- वो हमारे गाओं में रहती ह अपने पति और 6 बच्चो के साथ

सुरेश- 6 बच्चे

यश- जी है

सुरेश- और क्या क्या जानते हो

अजय- पहले आप ये बताइये की आप का या कनेक्शन ह उससे

सुरेश- पहले तुम बताओ तुम्हारी क्या दुश्मनी ह

अजय- बहुत घेरि दुश्मनी ह उसने हमे बर्बाद क्र दिया ह

सुरेश- बस तो वही मेरे साथ किया ह और मैं उसे 24 सल्लो से ढूंढ रहा हु

अजय- क्यों

सुरेश- पहले तुम बताओ वो कब से ह वह, और क्या क्या जानते हो सब बताओ

अजय ने सुरेश और सोनिया को अंजलि के गाओं में आने से लेकर जमीन खरीदने तक की पूरी कहानी सुना दी, जिसे सुनकर सोनिया और सुरेश भौचक्के से देख रहे थे,

सुरेश- तो उसके 6 बच्चे हैं और उनके बाप कोण हैं ये कोई नहीं जनता

अजय- उसके हिसाब से 2 का बाप तो मैं हु

सुरेश- लेकिन वो बच्चे रहते कहा हैं

अजय- कसबे से बहार एक घर खरीदा ह उसने वो सुमित की मदद से hi उसमे रहते हैं और सुना ह 2 लड़के लखनऊ में पढ़ रहे हैं,

सुरेश के फेस पैर एक खतरनाक स्माइल आ रही थी,

तभी सुरेश का फ़ोन बजने लगा,

सुरेश- माफ़ करना आप लोग कुछ चाय कॉफ़ी लीजिये मैं ये कॉल लेकर आता हु

सुरेश बहार चला गया

सुरेश फ़ोन पैर- कुछ खबर लगी

उधर से कुछ कहा गया

सुरेश- मैं कल वह आ रहा हु उसे अपने सफहाउसे पैर रखो, कुछ करना मत डरना मत उसे

फिर फ़ोन काट दिया.

सुरेश फिर अंदर गया- आपने कुछ लिया

अजय- जी सर

सुरेश- ये बता सकते हो की वो लोग अब कहा ह

अजय- वही कसबे में होंगे

सोनिया- वह नहीं हैं

अजय- फिर गाओं में हमारी हवेली में रह रहे होंगे

सुरेश- आपका बहुत बहुत धनयवाद अब आप कहा जायेंगे

अजय- हम तो बस ये hi पता करने आये थे की ऐसा क्यों किया आपने लेकिन यहाँ तो शायद आपके साथ hi धोखा हुआ ह, हम बस कल अपनी माँ से मिलकर वापस चले जायेंगे

सुरेश- मैं चाहता हु आप यही रुके और कल मेरे साथ hi आपके शहर चैलेंज, क्या आप लोग उस अनजलि से बदला लेना नहीं चाहते

अजय- बहुत चाहते हैं मैं उसे जान से मरना चाहता हु

सुरेश- मैं आप लोगो की मदद करूँगा

यश- लेकिन आप क्यों करेंगे

सुरेश- हम दोनों की दुश्मन एक hi ह इसलिए

दोनों मान गए

अगला दिन सबके लिए कुछ नया लेकर आने वाला था,

सुरेश चोपड़ा सोनिया अजय और यश चंडीगढ़ से निकल गए थे, कमल आज ऑफिस पंहुचा और सोनिया के वह न होने का फायदा उठा क्र सिटी में निकल गया, तुषार भी उसके पीछे निकल गया,

लेकिन कमल उसकी आँखों से ओझल हो गया था वो सड़क के बीचो बिच खड़ा देखता रहा कमल किधर गया होगा, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था लेकिन फिर उसे याद आया की कोमल ने कहा था कोई कच्ची काली लेन को, तो हो सकता ह कमल की स्कूल या कॉलेज की तरफ गया हो, तुषार ने सिटी के गर्ल्स कॉलेज की तरफ बाइक डोडा दी, तभी सामने से कमल की कार बड़ी तेजी से आती दिखाई दी, उसके पीछे एक स्कॉर्पियो भी थी,

तुषार ने धयान दिया तो देखा ये वही स्कार्पियो थी जिससे तुषार का झगड़ा हुआ था, तुषार ने उन्हें बहुत पिता था, तुषार को लगा कमल और इनकी दोस्ती हो चुकी ह, लेकिन माजरा कुछ और था जो जलदी तुषार को समझ आ गया था, वो लोग तो कमल का पीछा क्र रहे थे, तुषार ने बाइक घुमाई और उनके पीछे डोडा दी,

कमल ने कार एक जंगल की तरफ मोड़ दी थी, स्कार्पियो आगे निकल गई, तुषार भी आगे निकल गया लेकिन कुछ दूर बाद हाईवे पैर जब दूर तक कमल की कार नहीं दिखी तो तुषार को शक हो गया और उसने बाइक वापस मोड़ ली,

और वो ढूंढ़ते हुए वापस आया तो उसे किसी लड़की की आवाज आई, तुषार ने बाइक दूर hi रोक क्र पैदल hi चल दिया उस तरफ, उसने देखा कमल और कोमल दोनों खड़े हैं और एक *** साल की लड़की जो कॉलेज ड्रेस में थी उसे कार के बोनट पैर झुका रखा ह, लड़की की हालत ख़राब सी लग रही थी, वो बस सर हिला प् रही थी उसका शरीर नहीं हिल रहा था,

कमल और कोमल दोनों उसके पीछे खड़े थे,

कोमल- मजा आ गया कमल बहुत दिन बाद कोई कमसिन काली मिली ह इसकी सील तोडूंगी मैं

कमल- जल्दी करो जान फिर मैं भी करूँगा,

कोमल ने तुरंत अपना रबर का लुंड निकला और अपनी कमर पैर बांध लिया और लड़की की सलवार खोलने लगी, तभी तुषार अपने मुँह पैर कपडा बांध क्र वह आ गया, और कमल को एक जोर दर थपड मारा, जब तक कमल और कोमल कुछ समझ पते तुषार ने 10-12 थप्पड़ कमल को जड़ दिए वो जमीन पैर गिर पड़ा और बेसुध सा हो गया, कोमल उसकी तरफ भागी तो तुषार ने एक जोर दर थपड उसे जड़ दिया वो एक hi थपड में बेहोश हो गई,

तुषार ने उस लड़की को उठाया तो उससे उठा नहीं जा रहा था, तुषार ने उसके कपडे ठीक किये और कंधे पैर उठाया और जंगल से बहार ले आया और बाइक पैर बैठाया,

लड़की से बैठा नहीं जा रहा था, तुषार ने लड़की के दुप्पटे से लड़की को अपनी कमर से चिपका क्र बांध लिया और बाइक लेकर चल दिया, तभी समाने से स्कार्पियो वापस आती दिखी, तुषार ने बाइक रोक ली

लड़के कार से उतारते hi तुषार को मरने दौड़े

तुषार- रुक जाओ सालो पहले इसको सम्हालो

लड़को का लीडर- तूने मेरी बहन को हाथ कैसे लगाया

तुषार- बचने के लिए हाथ तो लगाना hi पड़ेगा न चोमू

लड़की लड़खड़ाती हुई अपने बही के पास पहुंची और उसके गले लग क्र रोने लगी,

तुषार- उसे पानी पिलाओ पहले पता नहीं उन्होंने इसे क्या दिया ह ये अपने शरीर को सम्हाल नहीं प् रही ह

फिर उन्होंने उसे पानी पिलाया

लड़की- भैया इन्होने इन्होए मुझे बचाया

लड़का- बस बस छोटी बस तू शांत हो जा चलो जल्दी हॉस्पिटल

लड़का तुषार से- भाई बहुत बहुत ठंकु आज तुमने मेरी बहन की जान बचा क्र मुझ पैर जो अहसान किया ह वो मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा, आज से ये आदेश और उसके दोस्त तुम्हारी गुलाम हो गए हैं, मेरी तुमसे दुश्मनी थी फिर भी तुमने मेरी बहन को बचाया

तुषार- भाई मैं तो दोस्ती करता हु गुलाम नहीं बनता और ये तुम्हारी बहन ह ये मुझे नहीं पता था ये कोई भी होती मैं इसे बचता hi

आदेश- जनता हु भाई तुम hi बचा सकते थे किसी और की बहन को भी हम लोग तो दुसरो को दर्द hi देते हैं तुम सबकी मदद करते हो, आज से कभी भी कही भी मेरी जरुरत हो तो बिना झिजक कहना,

तुषार- जरूर भाई

आदेश- वो लोग कहा ह मैं उन्हें जान से मर दूंगा

तुषार- वो तो अभी भाग गए लेकिन मैं उन्हें पकड़ लूंगा पकड़ क्र तुम्हे hi दूंगा

आदेश- ठंकु भाई

तुषार वह से वापस कमल के पास पंहुचा तो दोनों खुद को सम्हाल रहे थे, तुषार उनके नजदीक नहीं गया वह से निकल गया,

तुषार सीधा ऑफिस पंहुचा तो अलका वह बैठी हुई थी

अलका- कहा थे

तुसाहर- ऐसे hi काम से गया था कुछ हुआ ह क्या

अलका- हमेशा गायब रहते हो चलो मेरे साथ

तुषार- कहा जाना ह

अलका- किसी से मिलाना ह

तुषार- किस्से कही तुम मेरा किडनैप तो नहीं क्र रही

अलका- ओहो तुम सवाल बहुत पूछते हो चुप चाप चलो

तुषार अलका के साथ चल दिया, दोनों एक होटल में पहुंचे

तुषार- हे भगवान् ये कहा ले आई, ये ोयो का होटल तो नहीं ह क्या करना चाहती हो तुम मेरे साथ मुझे दर लग रहा ह

अलका- बकवास बंद करो और चुप चाप चलो

तुषार- कमल ह यहाँ मैं दर है हु और ये लड़की मुझे डाट रही ह

अलका ने रिसेप्शन पैर रूम 404 बोलै और तुषार को लेकर चल दी

तुषार- रूम भी बुक किया हुआ ह कोई बचाओ मुझे आज मेरी इजात गई मैं किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रहूँगा

अलका- हस्ते हुए तुम्हारी इजात जाएगी या मेरी

अलका जल्दबाजी में कुछ ज्यादा बोल गई और खुद hi शर्मा गई

तुषार- क्या क्या क्या कहा

अलका- कुछ नहीं चलो बस

दोनों रूम के बहार पहुंच गए अलका ने कनौक किया, कुछ देर बाद दूर खुला और सामने से एक लड़की ने दूर खोला, जैसे hi तुषार की नजर लड़की पैर गई तुषार नजर झपकना hi भूल गया, इतनी खूबसूरत लड़की जो उसकी माँ अंजलि और रुचे को बराबर की टक्क्र दे रही थी, तुसाहर ने कभी किसी की सुंदरता नहीं देखि थी न hi कभी धयान दिया, लेकिन आज पहेली बार तुषार किसी की सुंदरता को देख क्र सम्मोहित सा हो गया था,


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अलका- कहा खो गए मिस्टर ये हैं मेरी दीदी वर्षा

तुषार- स्नोव्हीटे

अलका- क्या

तुषार- कुछ नहीं कुछ नहीं hello मम

वर्षा- मुस्कुराते हुए hello और मेरा नाम वर्षा ह मम नहीं

तुषार- जी जी वो

अलका- ये जी जी बंद करो क्या हो गया ह तुम्हे

वर्षा- कोई नहीं बच्चा होता ह

अलका- लगता ह दीदी आपको देख क्र इसकी हवा निकल गई

वर्षा- आओ अंदर आओ क्या लोगे चाय कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक या हार्ड ड्रिंक

तुषार- मम मैं चाय या कॉफ़ी पिता हु न कोल्ड ड्रिंक न हार्ड ड्रिंक

वर्षा- वैरी बाद एंड वैरी गुड

अलका- दीदी ये क्या बात हुई

वर्षा- इसने मुझे मम बोलै इसलिए वैरी बाद एंड गन्दी हब्बित नहीं ह इसलिए वैरी गुड

अलका- दीदी आप घर क्यों नहीं आई

वर्षा- तू जानती ह न वह वो सब हैं और उन्हें देख क्र मेरा पारा चढ़ जाता ह

अलका- ok ok दीदी आपके बिना मन नहीं लगता

वर्षा- मैंने कहा थान ा मेरे पास आ जा

अलका- मुझे मॉडलिंग पसंद नहीं ह

वर्षा- अच्छा अपनी और मेरी छोड़ इनसे बात करते हैं न

अलका- श्री श्री तुषार मैं तो भूल hi गाइट hi

तुषार- कोई बात नहीं ये hi फॅमिली लव होता ह इससे अच्छा कुछ नहीं होता

वर्षा- बहुत मानते हो फॅमिली को

तुषार- जान से भी ज्यादा

वर्षा- कोण कोण ह तुम्हारी फॅमिली में

तुषार- काफी बड़ी फॅमिली ह हम 6 भाई बहन हैं

वर्षा- 6 इतने सरे कुछ ज्यादा नहीं हो गए

तुषार- हाहा मुझे तो काम hi लगते हैं

वर्षा- गाओं की जिंदगी में ऐसा hi होता ह वह बच्चे पैदा करते रहते हैं

तुषार- आप लोग भी 4 भाई बहन हैं और बहुत पढ़े लिखे लोग भी 4 बच्चे नहीं करते

तुषार की बात में एक गुस्सा था

वर्षा- तूने सही कहा था अलका ये किसी के सामने नहीं झुकता

अलका- दीदी आपको मेरी बात पैर यकीन नहीं इसलिए आपने तुषार का टेस्ट लिया

वर्षा- श्री तुषार मैंने तुम्हारी फॅमिली के लिए गलत बोलै मैं बस तुम्हारा टेस्ट ले रही थी

तुषार- वर्षा जी मैं गलत के सामने नहीं हुकता प्यार के सामने सर नहीं उठता

वर्षा- बहुत खूब

तभी अलका का फ़ोन बजा,

अलका- hello

उधर से कुछ कहा

अलका- अच्छा ऐसा करो निचे रुको मैं 1 मिनट में आती हु

अलका- दीदी आप लोग बैठो मैं जरा निचे होकर आई

वर्षा- क्या हुआ

अलका- दीदी एक पप्पेर सिग्न. करना ह अर्जेंट वो मैं स्टाफ को यही बुला लिया था आप बात करो मैं अभी आई

अलका निचे चली गई

वर्षा- है तो तुषार अब बताओ

तुषार- जी सब तो बता दिया

वर्षा- सब कहा बताया सब जानने hi तो आई हु मैं यहाँ

तुषार- मैं कुछ समझा नहीं

वर्षा- कोण हो तुम और इस ऑफिस में क्यों हो क्या मकसद ह तुम्हारा यहाँ आने का

तुषर- जी जी मैं तो जॉब के लिए आया हु

वर्षा- देखो तुषार मैं ऐसी जगह काम करती हु जहा इंडिया का बड़े से बड़ा आदमी भी आता ह उनसे मेरी अच्छी पहचान ह दूसरा मैं सुरेश चोपड़ा की बेटी हु, मेरे लिए किसी की जानकारी निकलना कोई बड़ी बात नहीं ह, तुम कंपनी में ग्रेजुएशन के बेस पैर आये हो, लेकिन यहाँ ऑफिस से निकल क्र 11तह के एग्जाम देने जाते हो, तुमने अपनी फॅमिली को बहार की बताया ह लेकिन तुम **** गाओं से हो,

तुम सोनिया चोपड़ा को अलका को बेवकूफ बना सकते हो मुझे नहीं, तुम अब तक इसलिए बचे हो क्योकि आज तक तुमने कोई गलत हरकत नहीं की ह, तुमने अलका को गुंडों से बचाया तुमने सोनिया चोपड़ा और अलका को दुबारा बचाया, लेकिन तुमने सोहन को एयरपोर्ट पैर खुद hi पिता क्यों,

वह एक कक्तव कमरा में तुम्हे मास्क लगते हुए देखा, कल भी तुमने कमल और कोमल उनके चंगुल से एक लड़की को बचाया, काम तो सरे अच्छे किये ह अब तक लेकिन झूट बोल क्र क्यों घुसे हो यहाँ,

वर्षा की बाते सुनकर तुषार के पैरो से जमीन निकल गई, वो काफी देर तक शोकेड सा बैठा था,

वर्षा- मैं बस सच जानना चाहती हु

तुषार- आपने मेरे बारे में बहुत hi खोज की ह लेकिन क्या आप अपनी फॅमिली के बारे में सब जानती हैं

वर्षा- यहाँ सवाल मेरा या मेरी फॅमिली का नहीं तुम्हारा और तुम्हारी फॅमिली का ह

तुषार- अगर आप अपनी फॅमिली के बारे में सब जानती होती तो मुझसे कुछ न पूछती

वर्षा- मैं सब जानती हु और इतना जानती हु जितना मेरी माँ भी नहीं जानती

तुषार- आप तो शायद अपनी माँ को hi नहीं जानती

वर्षा- जानती हु अच्छे से जानती हु आज कल उनका नया खिलौना तुम हो ह न तुम्हारे साथ वो ऑफिस ऑफिस खेल रही हैं

तुषार- बहुत कुछ जानती हो लेकिन शायद सब कुछ नहीं जानती

वर्षा- तुम सुमित महेता को कैसे जानते हो

तुषार थोड़ा चोकते हुए क्योकि अभी तक तुषार और सुमित ने ठीक से आमना सामना भी नहीं किया था फिर वर्षा को उसके साथ कनेक्शन का कैसे पता चला

वर्षा- उन्होंने hi तुम्हारे फर्जी पप्पेर्स का वेरिफिकेशन किया था, मैं उनसे भी पूछ सकती थी लेकिन ये सोच क्र चुप रह गई अगर उन्होंने किया ह तो कुछ सोच क्र hi किया होगा

तुषार- दूर रह क्र भी सबकी खबर रहती ह आपको

वर्षा- मैं इस फॅमिली की करतूतों की वजह से hi दूर गई हु लेकिन मेरी बहन यहाँ ह इसलिए मुझे सबकी खबर रखनी पड़ती ह,

तुषार- मैं भी आपकी फॅमिली की करतूतों की वजह से hi यहाँ हु

वर्षा- तुम्हारा क्या बिगाड़ा ह मेरे भाइयो ने कुछ किया या मेरे बाप ने

तुषार- मैं तो तब पैदा भी नहीं हुआ था तब से दुहन हु मैं उनका

वर्षा- क्या मजाक ह

तुषार- आप महेता जी के साथ कितनी ओपन हो

वर्षा- वही मेरे गॉड फादर हैं उन्ही की वजह से मैं अपने परिवार का सच जान पाई हु

तुषार- अगर आपको मेरा सच जानना ह तो मुझे यकीन दिलाना होगा की मैं आप पैर यकीन क्र सकता हु

वर्षा- लेकिन मैं तुम पैर यकीन कैसे करू तुम यहाँ फर्जी तरीके से घुसे हो

तुषार- उसके लिए आपके पास बहुत से रीज़न हैं,

पहला मैंने आज तक यहाँ कुछ गलत नहीं किया अलका की हेल्प hi की ह

वर्षा- वो तो तुम अच्छा बनने के लिए भी क्र सकते हो

तुसाहर- मैंने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया ये भी आपने पता लगा लिया होगा

वर्षा- ये अलग मटर ह किसी के साथ गलत नहीं किया इसका मतलब ये नहीं तुम हमारे साथ गलत नहीं करोगे

तुषार- आपके गॉड फादर मुझ पैर ट्रस्ट करते हैं उन्हों मुझे यहाँ लगाया तो ये काफी नहीं ह ट्रस्ट करने के लिए

वर्षा चुप हो गई और कुछ सोचने लगी

वर्षा- ठीक ह मानती हु अब यही टाइम नहीं ह ये सब बात करने का अलका आने वाली होगी, हमे आज रात hi मिलना होगा रात को हम मिलेंगे मैं तुम्हे कॉल करुँगी एड्रेस भेज दूंगी वही पहुंच जाना,

तुषार- no तो ले लो

वर्षा- सब ह मेरे पास तुम्हारा no भी और एड्रेस भी

चलो कॉफ़ी आ गई ह कॉफ़ी पि लो

तभी अलका भी आ गई

अलका- श्री श्री वो देर हो गई

वर्षा- कोई नहीं आजा कॉफ़ी भी अभी आई ह

अलका- हो गई आप लोगो की बात

वर्षा- है हो गई

तुषार- अब मैं चालू क्या मुझे ऑफिस भी जाना ह

अलका- चले जाना क्या जल्दी ह

तुषार- ये आप दोनों बहेनो का टाइम ह बहार वालो के साथ वैस्ट मत करो

अलका- किसने कहा तुम्हे बहार वाला तुम मेरे दोस्त हो और दीदी के बाद तुम hi मेरे अपने हो

अलका को ऐसा बोलते देख तुषार और वर्षा दोनों hi चिंतित हो गए थे, दोनों ने एक दूसरे को देखा और दोनों को एक दूसरे की चिंता का भी अहसास हो गया था,

तुषार- मेरा वो मतलब नहीं था वर्षा जी बहुत दिनों बाद तुमसे मिल रही ह तो उनके साथ टाइम बिताओ हम तो रोज hi मिलते हैं कल बात क्र लेंगे,

वर्षा- ये भी सही ह आज मेरी बहन मेरे साथ पूरा टाइम बिताएगी,

तुषार वह से निकल गया लेकिन उसके दिमाग में हलचल हो रही थी,

वो ऑफिस नहीं गया सीधे अपने रूम पैर पंहुचा, उसने अंजलि को कॉल लगाया लेकिन फ़ोन नहीं लगा, वो लेट गया और वर्षा के बारे में सोचने लगा,

ये तो बहुत खतरनाक लड़की ह और कितनी खूबसूरत ह सूरत और दिमाग दोनों hi लाजवाब ह और उसपर से कातिलाना फिगर, एक दम परफेक्ट लड़की ह, केवल माँ के सामने hi 1 no. काम ह, अगर सीमा दी दिमाग से भी इतनी तेज होती तो दोनों एक दूसरे की परफेक्ट मैचिंग होती, है रूचि पूरी टक्कर देती ह

तभी तुषार का फ़ोन बजा तो देखा अनीता की कॉल थी,

तुषार- hello डिअर

अनीता- कहा हो कब से फ़ोन मिला रही थी

तुषार- क्या हुआ

अनीता- जल्दी से घर आ जाओ

तुषार- क्यों क्या हुआ

अनीता- आओ तो सही

तुषार ने बाइक ली और चल दिया अनीता के घर, कुछ hi देर में वो पहुंच गया, दूर बेल्ल बजे, अनीता ने जल्दी से दूर खोला

तुषार- क्या हुआ

अनीता- तुम्हे किसी से मिलाना ह

अनीता तुषार को अंदर ले गई वो सीधे रिंकी के रूम में पहुंची तो रिंकी बीएड पैर बैठी थी और उसके साथ थी अलीशा

अलीशा को देख क्र तुषार की आँखों में चमक आ गई,


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रिंकी- आओ आओ तुषार कहा हो कल से फ़ोन मिला रही थी तुम्हार ाफोने hi नहीं मिल रहा

तुषार- है आज कल नेटवर्क प्रॉब्लम चल रही ह

रिंकी- आंटी ये ह तुषार जिसके बारे में मैंने बताया था

अलीशा ने बड़ी घेरि नजर से तुषार को देखा और कड़ी होकर तुषार के गले लग गई, अलीशा की कड़क चूचिया तुषार की चेस्ट में डाब गई, अलीशा ने तुषार के गाल पैर किश किया


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अलीशा- hello हैंडसम

रिंकी- तुषार अमेरिका में सब ऐसे hi मिलते हैं

तुषार ने भी स्माइल किया और ालिश ाको दुबारा गले लगाया और गाल पैर किस किया

तुषार- ी ऍम फाइन मम

अनीता दूर कड़ी जल रही थी, जलन तो रिंकी को भी हो रही थी, अनीता ने खुद को रोक रखा था वो तो चाहती थी तुषार अलीशा को चोदे और अपना बदला ले ले,

तुषार- आप कब आई

अनीता- कल आई थी

तुषार- अकेली आई हैं

अनीता- नहीं अजय और यश भी आये हैं वो किसी काम से चंडीगढ़ गए हैं,

चंडीगढ़ का नाम सुनते hi तुषार का माथा खटक गया,

तुषार- चंडीगढ़ क्यों

अलीशा- सम बिज़नेस मीटिंग्स

तुषार बहार आ गया अलीशा और रिंकी अंदर hi रह गए

अनीता- क्या हुआ कोई प्रॉब्लम ह क्या

तुषार- अजय और यश का ऐसे इंडिया आना और सीधे चंडीगढ़ जाना कोई इत्तेफाक नहीं हो सकता

अनीता- कोण ह चंडीगढ़ में

तुषार- मेरी माँ का सबसे बड़ा दुश्मन, और मुझे लगता ह वो लोग उसी से मिलने गए हैं मुझे माँ से बात करनी होगी,

अनीता- रिंकी ने अलीशा को तुम्हारे उस खास अंग के बारे में काफी तारीफे की ह और जितना मुझे पता ह वो तुम्हारे साथ कुछ पल जरूर बिताना चाहेगी, अगर तुम्हे ठीक लगे तो मौका अच्छा ह अजय से बदला लेने का

तुषार- चाहता तो हु मैं लेकिन अभी टाइम नहीं ह कुछ और चीजे हैं जो पहले समेटनी हैं मैं उनके यहाँ आने का वेट नहीं क्र सकता

अनीता- मेरे पास दूसरा तरीका ह

तुषार- क्या

अनीता ने बोलना शुरू किया

तुषार- नहीं ये नहीं हो सकता मैं ये नहीं क्र सकता इससे आप लोगो को खतरा हो सकता ह कुछ गड़बड़ हुई तो जिंदगी बर्बाद हो जाएगी

अनीता- कुछ नहीं होगा मैं तैयार हु

तुषार- आप तैयार ह क्योकि आप सब जानती ह लेकिन रिंकी वो बेचारी तो विश्वास कर्क ेजुड़ी ह मेरे साथ उसके साथ गलत नहीं क्र सकता ये धोका होगा

अनीता- मैं उससे बात करुँगी

तुषार- नहीं आप मत करना ये और भी गलत होगा उसके दिल में अभी आपके लिए रेस्पेक्ट जगी ह अगर उसे जरा भी अहसास हुआ की आपने मुझे उसके साथ वो सब करने को कहा ह तो शायद वो पूरी तरह टूट जाये और फिर शायद hi किसी के साथ रिश्ता रख पाए

अनीता- लेकिन तुम्हे उसे बात तो करनी पड़ेगी

तुषार- वो बाद में देखेंगे लेकिन अभी मुझे माँ से बात करना जरुरी ह,

तुषार वह से निकल क्र रूम पैर आया, और उसने फिर अंजलि को कॉल लगया, इस बार कॉल मिल गया,

अंजलि- hello टुशु मैं कही बिजी हु बाद में बात करुँगी

तुषार- माँ बहुत जरुरी बात ह अभी करनी ह

अंजलि- मैं कही जरुरी काम से हु निकल क्र बात करती हु

तुषार- बस इतना सुन लो की अजय और यहस चंडीगढ़ में हैं बाकि टाइम मिले तो बात करना

फिर तुषार ने आदेश को कॉल किया और उसे कुछ समझाया, फिर उसने कमल और कोमल की बनाई हुई वीडियो नंदनी को भेज दी जिसमे कोमल ननदनी को बर्बाद करने की बात कर रही थी, इतना करने के बाद वो इंतजार करने लगा, और जल्दी hi उसका बिछाया जाल असर दिखने लगा, कमल के घर पैर पुलिस पहुंच चुकी थी और कमल और कोमल दोनों को अरेस्ट क्र लिया, ये खबर सुरेश चोपड़ा तक पहुंची, तो सोनिया तुरंत पुलिस स्टेशन भागी, उसने मंत्री को कॉल की लेकिन नंदनी ने मंत्री जी को इस मसले में पड़ने से मन क्र दिया था, नंदनी कोमल को सबक सीखना चाहती थी, अब कमल और कोमल फास चुके थे क्योकि उन दोनों ने यहाँ के मला की बेटी को उठाया था,

सोनिया ने सुरेश को कॉल किया- यहाँ सब गड़बड़ हो गया ह इन दोनों ने सब बिगड़ दिया ह

सुरेश- मंत्री जी क्या बोल रहे हैं

सोनिया- मंत्री जी इस मसले में नहीं आ रहे उनका कहना ह ये दूसरा स्टेट ह और यहाँ के कम बहुत खतरनाक ह क्रिमिनल्स के लिए, अगर वो बिच में आये तो मामला हाईलाइट हो जायेगा और कम का रोले आ गया तो आपका बीटा सीधे एनकाउंटर में मारा जाये

सुरेश- कमिसनीयर से बात हुई

सोनिया- वो भी परेशां ह यहाँ की पुलिस किसी के दबाव में नहीं आ रही

सुरेश- मैं कुछ करता हु लेकिन तू वही रह

सोनिया- लेकिन हमारे पास टाइम काम ह वो भी करना ह

सुरेश- उसके लिए दूसरे लोग जुड़ चुके हैं तू वही रह और कमल को सम्हाल मैं उसे बहार निकलवाता हु

सोनिया परेशां थी इस सब में रात हो चुकी थी और रात में तो जमानत भी नहीं हो सकती थी,



अब कुछ रहत थी तुषार को, उसने सोनिया और सुरेश को अलग क्र दिया था, तुषार को अंजलि ने कुछ समझाया हुआ था तुषार उसी हिसाब से चल रहा था, उसमे कमल ने तुषार का फायदा hi क्र दिया था, अब तुषार के सामने प्रॉब्लम थी वर्षा तुषार को समझ नहीं आ रहा था वर्षा से कैसे बात करेगा, उसके दिल में वर्षा के लिए एक घबराहट थी, क्योकि वो अब अपनी माँ के अलावा जिससे भी मिला वर्षा उन सबमे सबसे ज्यादा खतरनाक लग रही थी, बस सबसे अच्छी बात ये थी की वो अच्छी इंसान थी, अगर वो दुश्मन होती तो शायद इससे खतरनाक कोई नहीं हो सकता था,
 
बहुत बहुत धन्यवाद् जी

वर्षा इसलिए जानती ह क्योकि तुषार अलका के करीब आया और वर्षा की एक hi कोशिश ह अलका को सेफ रखना, इसलिए वो सीधे तुषार के पीछे गई, बाकि सब अंजलि के पीछे हैं तुषार के पीछे कोई गया hi नहीं अब तक, अंजलि जानती थी सब लोग अंजलि को ढूंढेंगे उसी के जरिये बाकि सब की जानकारी निकलनेगे इसलिए उसने तुषार को दूर भेजा
 
अपडेट-46






वर्षा की कॉल आई तुषार के पास, वर्षा ने उसे सिटी के बहार एक रेस्ट्रोरेंट में बुलाया, तुषार पहुंच गया बाइक लेकर वो अंदर पंहुचा तो वर्षा को देख क्र वो एक बार फिर मंत्रमुग्ध हो गया, बस उसे hi देखता रहा, इस बार वर्षा के फेस पैर एक स्माइल थी,


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वर्षा- आओ बैठो

तुषार बैठ गया

वर्षा- अलका तो खेती ह की तुम किसी को कभी नजर उठा क्र भी नहीं देखते लेकिन यहाँ तो तुम्हारा अलग hi रूप दिख रहा ह

तुषार- श्री श्री मम वो पता नहीं क्यों पैर ी ऍम रॉय श्री

वर्षा- कोई नहीं अक्सर ऐसा हो जाता ह, बताओ क्या लोगे

तुषार- आप बताइये आप क्या जानना चाहती ह और क्या जानती हैं

वर्षा- तुम क्या करना चाहते हो और तुम्हारी दुश्मनी की वजह क्या ह

तुषार- अगर आप सच में अपने बाप और माँ की करतूतों को जानती हैं तो आप मेरी माँ को भी अच्छे जानती होंगी

वर्षा- मुझे नहीं पता मैं तुम पैर कितना विश्वास करू लेकिन जो तुम पैर विश्वास करते हैं वही हम दोनों को बताएंगे की हमे एक दूसरे पैर भरोसा करना चाहिए या नहीं

तुषार- मैं समझा नहीं

तभी पीछे से आवाज आई कैसी हो वर्षा बीटा, तुषार ने पलट क्र देखा तो सुमित महेता खड़े थे, जिन्हे देख क्र तुषार खड़ा हो गया, दोनों एक दूसरे को देख क्र सरप्राइज थे

सुमित- तुषार तुम यहाँ

वर्षा- मैंने बुलाया ह,

सुमित- क्यों

वर्षा- हमारे ऑफिस में कोई फेक ईद फेक डाक्यूमेंट्स से घुसेगा और वो भी अलका के करीब रहेगा तो मेरी नजर तो पड़नी hi थी लेकिन आपने इसकी एंट्री कराइ ये थोड़ा शॉकिंग था

सुमित- तो तुम्हे मुझसे पूछ लेना चाहिए था

वर्षा- मुझे लगा आप खुद बता देंगे लेकिन आपने कुछ बताया भी नहीं तो मैं खुद यहाँ आ गई,

सुमित- ये तुमने ठीक नहीं किया बीटा तुम्हे यहाँ नहीं ाँ चाहिए था यहाँ बहुत बड़ा खेल चल रहा ह मैं तुम्हे दूर रखना चाहता था यहाँ से

वर्षा- लेकिन अलका यहाँ ह अंकल, और उसे मैं अकेले कैसे छोड़ सकती हु

सुमित- मैं उसे भी तुम्हारे पास भिजवाने वाला था

वर्षा- लेकिन हो क्या रहा ह यहाँ और ये ह कोण जिसके लिए आप ये सब क्र रहे हैं

सुमित- वो लोट आई ह

वर्षा- कोण लोट हैं

फिर वर्षा की आँखे बड़ी होती चली गई, क्या क्या आप सच बोल रहे हैं वो लोट आई हैं, वो ठीक हैं कहा ह वो, कैसी हैं वो,

सुमित- यही इसी शहर में हैं और ये जो तुम्हारे सामने खड़ा ह उसी का बीटा ह

वर्षा ने एक दम तुषार की तरफ देखा उसकी आँखों में आंसू थे, वो बस एक तक तुषार को देखे जार hi थी,

वर्षा- रट हुए ये अंजलि दीदी का बीटा ह ये मेरी बहन का बीटा ह अंकल आप सच बोल रहे हैं

सुमित- इसकी आँखे ऐसी hi थी तूने तो फोटो देखि ह उसकी शर्मा जी के पास

वर्षा- है है मैंने धयान क्यों नहीं दिया माफ़ क्र दो तुषार माफ़ क्र दो मुझे, तुम अंजलि दीदी के बेटे हो तुम तो जान हो मेरी

वर्षा ने तुषार को गले लगा लिया, तुषार की तो साँस hi अटक गई, वो शॉट अहसास होते hi वो मचल उठा, ऐसी साद सिचुएशन में भी उसका दिल जोर से धड़क उठा,

तुषार इसलिए भी हैरत में था की चोपड़ा के घर में पहेली बार कोई ऐसा दिखा जो अंजलि के लिए इतनी फ़िक्र करता था,

सुमित- तुषार परेशां न हो वर्षा सब जानती ह मैंने उसे बचपन से hi तुम्हारी माँ के बारे में सब बताया हुआ था,

सुमित- तुम दोनों बात करो मुझे अभी निकला ह सुरेश यहाँ आ चुक्का ह और उसने मुझे बुलाया ह अर्जेंट में, और है तुम दोनों ख्याल रखना अगर सुरेश इस शहर में आया ह तो कुछ बड़ा होने वाला ह क्योकि पूरा परिवार यहाँ आ चुक्का ह,

तुसाहर- आप फ़िक्र न करे अंकल अब माँ अकेली नहीं ह उसके साथ अब पूरा परिवार खड़ा ह,

सुमित वह से निकल गया, वर्षा और तुषार आमने सामने बैठ गए, वर्षा बस तुषार को देखे जा रही थी

तुषार- मैंने सुना था आप किसी को देखती भी नहीं हो लेकिन आप कुछ बदली सी लग रही हो

वर्षा है पड़ी मेरी लाइन मुझि पैर मर रहे हो, पैर मेरा दिल क्र रहा ह मैं तुम्हे ऐसे hi देखती रहु बस,

तुषार- ये तो आपका अधिकार ह मौसी जी

मौसी जी सुनकर वर्षा एक दम चौक गई- ख़बरदार जो मुझे मौसी कहा

तुषार- रिश्ता तो वही ह

वर्षा- दुखी सा मन बना क्र रिश्ता मेरे बाप ने कोई रिश्ता रहने कहा दिया, सब रिश्तो को अपनी पैसो की आग में जला दिया, जिस रिश्ते से वो मेरी बहन ह ऐसे hi एक रिश्ते से वो मेरी माँ भी लगती हैं,

तुषार- उस इंसान की वजह से आज कोई रिश्ता ह hi नहीं, खैर आप बताइये आप परिवार से दूर क्यों हैं

वर्षा- पहले ये बताओ दीदी कहा ह मुझे उनसे मिलना ह

तुषार- उनसे भी मिल लेंगे, पहले हम तो बात क्र ले

वर्षा- क्या बताऊ तुम्हे कहा से बताऊ और क्या क्या बताऊ तुम भीतर जानते हो मुझसे भी क्योकि तुमने तो झेला ह इस परिवार का दिया दर्द लेकिन सच में इस परिवार में सब जानवर हैं,

बचपन से hi सोनिया चोपड़ा को देखा उस औरत के अंदर औरत जैसी कोई बात hi नहीं थीं ा शर्म न hi किसी की इजात न किसी की परवाह, थोड़ी बड़ी हुई तो सुरेश चोपड़ा के साथ ऑफिस की स्टाफ लड़कियों को देखा बहुत बार तो बहुत hi गन्दा देखा, ितं ाकि मैं बोल भी नहीं सकती, तभी से मुझे सुरेश चोपड़ा से नफरत होने लगी, फिर सोनिया चोपड़ा को भी स्टाफ बॉयज के सतह देखा, तो ऐसा लगा जैसे अपना कोई ह hi नहीं, बस सुमित अंकल थे जो मुझे समझते रहते थे, मैंने उन्हें सोनिया और सुरेश के बारे में बताया तो उन्होंने मुझे पूरा सच बताया, अंजलि दीदी के बारे में बताया,

मैंने सोचा मैं भाग जाऊ वह से लेकिन अलका थी उसे कैसे छोड़ क्र जाती, फिर एक दिन सुरेश ने मेरे साथ गलत हरकत की उसने मुझे गलत जगह छुआ, मैं गुस्से में चली गई तो सोनिया चोपड़ा मुझे समझने आई की तुम्हारे पापा ऐसे hi ह उनका बुरा मत मनो परिवार में तो ये सब हो जाता ह, उस दिन मेरी हिम्मत टूट गई, मैंने दोनों से दुरी बना ली, फिर कमल की शादी कोमल से हुई मैं रोकना चाहती थी क्योकि वो मेरे hi कॉलेज में थी, और मैं जानती थी वो कितनी बुरी ह, कॉलेज की शायद hi कोई लड़की होगी जिसके साथ उसने गलत हरकत न की हो लेकिन सोनिया चोपड़ा ने शादी करवा दी,

कमल भी ऐसा hi था ड्रग्स लेता था, उसने बहुत सी लड़कियों को रपे किया और उन्हें मार दिया, सोहन वो तो कुत्तो की तरह लार टपकता रहता था, दोनों भाई मुझे हमेशा हवस की नजरो से देखते थे, मैंने वह से निकला hi सही समझा, लेकिन अलका को कुछ बता नहीं सकती थी, सुरेश ने एक बार उसके साथ भी वैसा hi किया, लेकिन सोनिया उसकी अच्छी बानी रही, मैं अलका को दर्द नहीं देना चाहती थी इसलिए सोनिया की सच्चाई नहीं बताई, फिर कोमल ने अलका के साथ वही करना चाहा, और कमल ने उसका साथ दिया तो अलका घर से भाग गई तब मैंने एक्शन लिया और पुलिस में जाने की धमकी दी और अलका को वापस ले इस शरत पैर की कोई भी हम दोनों बहेनो के साथ नहीं रहेगा न hi हम कोई वास्ता रखेंगे, सोनिया ने प्रॉमिस किया तब जाकर मैं मुंबई चली गई, और अपनी पूरी नजर यहाँ बनाये राखी, ताकि अलका के साथ कुछ गलत न हो जाये,

वर्षा की बात सुनकर तुषार ने उसके हाथ अपने हाथो में ले लिए और उसे दिलासा दिया,

वर्षा- ये ह हमारा परिवार जहा बस जानवर बेस हुए हैं

तुषार- उन जानवरो को उनकी करनी की सजा मिलेगी जरूर मिलेगी,

वर्षा- मिलनी भी चाहिए, अंजलि दीदी के साथ जो कुछ सुरेश ने किया उसके बाद तो उस इंसान को जीने का कोई हक़ hi नहीं एक बाप बेटी का रक्षक होता ह और जब रक्षक hi भक्षक बन जाये तब उसे मर देना चाहिए,

वर्षा के शब्दों में एक गुस्सा था,

तुषार- उनकी करनी की सजा तो उन्हें मिलेगी लेकिन आप कहा कड़ी रहोगी उस टाइम ये आपको फैसला करना ह क्योकि जब सजा दी जाएगी तो आग चारो तरफ लगेगी, उस आग में कोण किधर जाता ह उसी से पता चलेगा भविष्य कैसा होगा

वर्षा- मैं कही भी होंगी लेकिन सुरेश की साथ नहीं होंगी, मेरी पहेली जिम्मेदारी मेरी बहन ह अलका, बस उसके साथ गलत न हो मैं उसे किसी भी कीमत पैर सेफ रखना चाहती हु

तुषार- और अगर मैं ये कहु की वो इस आग में बिच में कड़ी हैं इस युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान उन्ही को होने वाला ह

वर्षा- ये hi चिंता मुझे खाये जा रही ह, वो तुमसे बहुत प्यार करती बहुत hi ज्यादा मैंने उसकी आँखों में तुम्हारे लिए पागलपन देखा ह, और तुम्हारी आँखों में उसके लिए चिंता देखि ह, तुम भी उसकी बहुत फ़िक्र करते हो

तुषार- वो बहुत hi मासूम हैं, उनको अगर तकलीफ हुई तो मेरा बदला मेरे लिए hi सजा बन जायेगा

वर्षा- तुम hi कुछ क्र सकते हो अगर अलका का दिल टुटा तो वो खुद को सम्हाल नहीं पायेगी, उसके दिल में किसी रिश्ते को लेकर कोई प्यार नहीं ह, वो सोनिया को इसलिए सम्मान देती ह की वो उसकी माँ ह वर्ण प्यार नहीं, या तो वो मुझे मानती ह या फिर तुम हो जिसके लिए उसमे पागलपन दीखता ह

तुषार- मैंने भी वो सब महसूस किया ह लेकिन जब मैं सुरेश सोनिया कमल कोमल सोहन को सजा दूंगा तब उनके दिल में मेरे लिया क्या रहेगा मैं नहीं जनता, मैं उन्हें सच बता भी नहीं सकता शायद वो बर्दास्त hi न क्र पाए,

वर्षा- तुम्हे hi कुछ करना होगा

तुषार- माँ क्र सकती हैं वही क्र सकती हैं वो सब सम्हाल लेती हैं वो सब कर देंगी

वर्षा- दीदी है वो सब कर सकती हैं, मेरी प्रेरणा हैं वो, लेकिन वो ह कहा

तुषार- सेफ जगह हैं

वर्षा- आज सुरेश चोपड़ा यहाँ आया ह, कमल और कोमल जेल में हैं सोनिया उनके पास गई ह, पूरा परिवार यहाँ ह कुछ तो बड़ा होने वाला ह

तुषार- कमल और कोमल को मैंने hi भिजवाया ह उन्होंने मेरी इंसल्ट की थी,

वर्षा- ये तुमने ठीक नहीं किया इसमें तुम्हारा नाम आ सकता ह

तुषार- नहीं आएगा

वर्षा- लेकिन सुरेश क्यों आया ह, एक मिनट कल क्या डेट ह

दोनों एक साथ बोले- 17 मार्च ह

तुषार- तो

वर्षा- तो तुम्हे नहीं पता 17 मार्च को क्या ह

तुषार- नहीं

वर्षा- कैसे बेटे हो तुम इतना भी नहीं पता 17 मार्च को अंजलि दीदी का बर्थडे ह, कल वो 40 साल की हो जाएँगी,

तुषार को दीपा की बात याद आ गई जब दीपा ने उसे तना मारा था और मंदिर आने को कहा था,

तुषार- ोुह्ह्ह्हह्ह मुझे नहीं पता था माँ ने कभी अपना बर्थडे मनाया hi नहीं कबि, तो मुझे कैसे पता होगा, उनके बर्थडे से सुरेश का क्या सम्बन्ध

वर्षा- उनकी वसीहत में लिखा ह वो 40 की आगे के बाद अपनी प्रोपेरेटी किसी के भी नाम क्र सकती हैं और सुरेश किसी तरह उनसे प्रॉपर्टी अपने नाम करवाना चाहेगा

तुषार- क्या ू सहित ू सहित अब समझ आया ये सब क्यों हो रहा था

वर्षा- क्या हो रहा था

तुषार- माँ और सीमा दी पैर नजर राखी जा रही थी, क्यों बस नजर hi राखी जा रही थी, कल के दिन के लिए, लेकिन उन्हें बस माँ और सीमा दी के बारे में पता ह, बाकि फॅमिली का नहीं और माँ अब सेफ जगह ह,

वर्षा- अगर वो सेफ जगह होती तो सुरेश यहाँ नहीं आता कुछ तो जानकरी मिली ह उसे

तुषार- अजय और यश ो no इसका मतलब वो सुरेश से मिलने hi गए थे लेकिन उन्हें कैसे पता चला होगा सुरेश का,

वर्षा- ये वक़्त ये सोचने का नहीं ह जल्दी से दीदी को इन्फ्रोम करो

तुषार ने तुरंत कॉल मिलाया लेकिन फ़ोन नहीं मिला, उसने फिर मिलाया लेकिन कोई फायदा नहीं, उसने दीपा को कॉल की लेकिन बेल्ल बजती रही किसी ने नहीं उठाया, फिर रूचि और सीमा को भी कॉल किया किसी का कॉल नहीं लगा, तुषार परेशान हो उठा,

तुसाहर- कुछ गड़बड़ ह

तुषार ने राजेश को कॉल लगाया

राजेश ने फ़ोन उठा लिया- है तुषार

तुषार- पापा घर में किसी का फ़ोन नहीं मिल रहा कहा ह सब

राजेश- बीटा मैं अभी बहार हु तेरी माँ ने भेजा था थोड़ी देर में पहुँचता हु घर,

तुषार- सब काम छोड़िये जल्दी से घर पहुँचिये

तभी तुसाहर के फ़ोन पैर सोनिया की कॉल आई

सोनिया- तुषार कहा हो तुम

तुषार- मम मैं तो खाना खाने आया हु

सोनिया- जल्दी से मुझे कमल के घर आकर मिलो और याद रहे सीधे वही आना अलका के घर मत जाना

वर्षा- ये क्यों बुला रही ह

तुषार- पता नहीं कुछ गड़बड़ ह

वर्षा- क्या वो तुम्हे पहचान गई ह

तुषार- पता नहीं हो भी सकता ह और नहीं भी, हो सकता ह फेस से न पहचानती हो लेकिन नाम जरूर पता चल गया होगा,

वर्षा- वो जरूर खोज बीन करेगी,

तुसाहर- मुझे माँ के पास पहुंचना होगा किसी भी कीमत पैर,

वर्षा- इससे तो उसे और शक हो जायेगा

तुसाहर- आप मेरा एक काम करेंगी क्या

वर्षा- बस बोल क्र देखो

तुषार ने वर्षा को कुछ समझाया और बाइक लेकर निकल गया सोनिया के पास, रस्ते में राजेश की साल आई

राजेश- तुषार घर में कोई नहीं ह सामान भी बिखरा पड़ा ह,

तुसाहर- पापा मैं जो बोल रहा हु वैसा कीजिये, आप पूरी तैयारी कर लीजिये युद्ध की और निकलने को तैयार रहना अगर कोई मजबूत साथी मिल जाये तो ले लो मैं 10 मिनट में कॉल करता हु

तुषार ने अगला कॉल आदेश को किया

आदेश- है भाई कैसे हो

तुषार- दोस्त तुम्हारी सहायता की जरुरत ाँ पड़ी ह

आदेश- भाई होकुम करो

तुषार- मैं कुछ नंबर्स सेंड क्र रहा हु इनकी लोकेशन चेक करो अगर लाइव न मिले तो देखो लास्ट कहा ों थे,

आदेश- ठीक ह भाई

आदेश मला का बीटा था ये उसके लिए आसान काम था किसी की लोकेशन निकलवाना,

कुछ देर रुक क्र लोकेशन मिलते hi तुषार ने राजेश को लोकेशन भेजी और वह पहुंच क्र उसकी इंस्ट्रक्शन का वेट करने को कहा

तुषार पंहुचा सोनिया के पास,

सोनिया- तुषार तुम आ गए मैं यहाँ अकेली पद गई थी

तुषार- क्या हुआ जान सब ठीक तो ह न तुषार ने सोनिया को बहो में भर लिया और जोर से भींच लिया

सोनिया उसकी बहो से खुद को छुड़ाते हुए क्या क्र रहे हो यहाँ वो

तभी कमल और कोमल बहार आ गए, तुषार को नहीं पता था उन्हें बैल मिल चुकी ह,

कमल- ये क्या हो रहा ह

तुषार ने सोनिया को तुरंत छोड़ दिया,

सोनिया- तुषार कमल और कोमल को किसी ने जेल भिजवा दिया था बड़ी मुश्किल से बैल मिली ह,

सोनिया ने माहौल को बदलते हुए बोलै,

तुषार- लेकिन क्यों मम

कमल- किसी ने झूठा केस बनाया था

तुषार- अब क्या करना ह

सोनिया- तुम्हे मेरे लिए एक काम करना होगा

तुसाहर- बोलिये

सोनिया- तुम्हे कमल और कोमल को लेकर यहाँ से निकला होगा अभी और इन्हे किसी सेफ जगह पैर रखना होगा अगले 4 दिन तक

तुषार- क्यों ऐसा क्या हुआ

सोनिया- चोपड़ा जी कही बहुत बिजी हैं और मुझे भी वह पहुंचना ह, और यहाँ के मला ने इन दोनों को फसाया ह तो वो इनकी जान के पीछे पड़ा ह, मैंने किसी तरह बैल तो दिलवा दी लेकिन, अभी मैं इसे सेफ नहीं रख पाऊँगी, जब तक मैं और चोपड़ा जी फ्री नहीं हो जाते तुम्हे इनकी सुरक्षा करनी पड़ेगी

कमल- ये क्या कर पायेगा माँ

सोनिया- ये hi ह जिसने दो बार उस मला के गुंडों से हमे अकेले ने hi बचाया था समझे, ये hi ह जो तुम्हे सेफ रख सकता ह

कमल ने मुँह बनाया,

तुषार- मम मैं अभी निकलता हु इन्हे लेकर, आप एक मिनी बस का अरेंजमेंट कीजिये, जिसमे सब घर जैसा हो

सोनिया- वो क्यों

तुषार- मैं इन्हे लेकर दूर निकलूंगा तो ये लोग रस्ते में कार में कहा तक सफर करेंगे, उसमे आराम से रेस्ट करते हुए जायेंगे, बाकि मैं देख लूंगा

सोनिया ने तुरंत कॉल क्र करके एक मिनी बस मंगवा ली जिसमे अंदर पूरा घर था, बीएड किचन टॉयलेट शराब सब कुछ था,

कोमल- इसके पास दिमाग तो ह सही हुआ इसमें पिकनिक भी हो जायेगा

तुषार ने उन दोनों को बैठाया और लेकर चल दिया, सोनिया वह से निकल गई,

रस्ते में तुषार ने वर्षा को कॉल की- वर्षा जी मैंने जो कहा था उसकी जरुरत आ पड़ी ह जल्दी से उसे सर्किल रोड पैर भेजिए,

वही एक जगह जुगल का इलाका जहा एक फार्महाउस टाइप का बना हुआ था दूर दूर तक बस अँधेरा hi अँधेरा, फार्महाउस की भी बहार की लाइट बंद थी, जैसे उसे छुपाया गया हो, अंदर की लाइट जल रही थी, जो नजदीक आने पैर hi पता चलती थी दूर से सिर्फ अँधेरा hi दीखता था,

एक बड़ा सा हॉल जहा कुछ लोग चेयर पैर बंधे हुए थे, जिसमे अंजलि, सीमा दीपा रूचि, कपिल सचिन और दो अनजान लड़किया भी थी,

सचिन कपिल और उन लड़कियों को कुछ समझ नहीं आ रहा था, सीमा घबराई हुई थी, दीपा के फेस पैर चिंता थी लेकिन दो लोग बिलकुल बेखौफ बैठे थे, एक थी अंजलि और दूसरी रूचि दोनों बस शांत बैठे सब देख रहे थे,

तभी दो लोग अंदर आये, दोनों के फेस पैर कामिनी मुस्कान थी, ये थे अजय और यश

अजय- क्यों जानेमन आज आई ह तू असली चंगुल में और तेरे ये सरे पिल्लै भी

सचिन- हरामजादे तमीज से बात क्र

यश- हाहाहा उछाल ले उछाल ले कुछ देर में सबका उछलना बंद हो जायेगा

कपिल- एक बार मेरे हाथ खोल दे हरमजादे फिर देख कोण उछलता ह

तभी एक भरी भकाम आवाज आई शाबाश शाबाश ये hi उम्मीद थी, अंजलि की औलाद में इतना दम तो होना hi चाहिए था,

आवाज को सुनते hi अंजलि की धड़कन बढ़ गई, लेकिन वो दरी नहीं वही रूचि के अलावा सबके दिल में दर सा बैठ गया, तभी सुरेश चोपड़ा सामने आया, उसके फेस पैर एक कुमिनी मुस्कान थी,

सुरेश- कैसी ह बेटी

दीपा- ो छछूंदर की औलाद सम्हाल जा और दुबारा मेरी माँ का नाम अपनी जबान पैर मत लाना

तभी सोहन की घबराई हुई सी आवाज आई – तुममममम

सोहन घबराया हुआ सा अंजलि को देख रहा था

उसकी घबराहट देख अजय और यश भी थोड़े से घबरा गए, सुरेश चोपड़ा ने भी सोहन पैर धयान दिया

सुरेश- तू जनता ह इसे

अंजलि- पहचान लिया तूने

सुरेश- तू कैसे जनता ह

सोहन चुप रहा

सुरेश- बोल कैसे जनता ह

अंजलि- ये क्या बताएगा उस दिन अगर मेरा दिल न पसीजा होता तो इसकी गार्डन तेरे पैरो में पड़ी होती , खैर इसका दर देख क्र समझ गया होगा की इसके साथ क्या हुआ था, इसने बस एक गलती की थी, मेरी एक बेटी को हाथ लगया ह, तूने तो बहुत बड़ी गलती क्र दी ह, मेरे पुरे परिवार को हाथ लगा दिया ह, सोच तेरा क्या होगा,

सुरेश- तू यहाँ बंधी पड़ी ह और ये सब बंधे पड़े हैं क्या क्र लेगी तू, अरे है तुझे किसी से मिलवाता हु

सुरेश ने ताली बजे एक आदमी एक चेयर खींचता हुआ लाया जेस्पर सुमित महेता बंधा हुआ था, उसकी बहुत बुरी हालत की हुई थी,

सुरेश- ये hi ह न तेरा साथी इसी ने तुझे आज तक बचाया हुआ था न, आज इसे कोण बचाएगा, बहुत साप सीधी का खेल खेल लिया मेरे साथ, लेकिन ये भूल गया की मैं वो साप हु जो मजिल से बस एक कदम पीछे बैठ क्र दस्ता हु, जहा से इंसान सीधा वह आकर गिरता ह की उसके उठने की हिम्मत hi टूट जाती ह,

सुमित- हाहाहा तू क्या ह मैं जनता हु चोपड़ा लेकिन तू नहीं जनता तूने क्या किया ह

सुमित के रॉब दर आवाज में बोलै



तुझे अभी पता नहीं ह तू किस्से भीड़ चुक्का ह,

साप सीधी के खेल में नेवला उतर चुक्का ह,


रूचि- हाहाहाहा जब तेरे बेटे ने मुझे चुवा था तो उसने उसकी वो हालत की थी की वो आज तक दहशत में ह, तूने उसके परिवार को छू लिया ह तेरी तो वो बारात निकलेगा,

तभी आवाज आई वो कहा ह तुमने उसे नहीं पकड़ा आवाज सुनकर अंजलि का पूरा परिवार चौंक गया क्योकि ये आवाज रजनी की थी,

दीपा- तुम यहाँ

सुरेश- अरे है इससे मिलाना तो भूल hi गया ये तुम लोगो के घर के आस पास घूम रही थी हाथ में रिवाल्वर लिए, मेरे आदमियों को मिल गई, वो इसे यहाँ ले आये, तब पता चला की ये तो इस दीपा को और वो क्या नाम ह उसका

रजनी- तुषार

सुरेश- है उसे मरने के लिए ढूंढ रही थी,

सोहन- कोण किसे

रजनी- तुसाहर

सोहन तुरंत बहार को भगा

अजय- इसे क्या हुआ

रजनी- इसे छोड़ो ये बताओ वो कहा ह वो यहाँ क्यों नहीं ह

सुरेश- तूने 6 बताये थे यहाँ 7 हैं

रजनी- तुम आज तक इसलिए इसे नहीं हरा पाए क्योकि तुम पूरा काम ठीक से करते hi नहीं हो, इसका बीटा तुषार और वो नामर्द पति राजेश दोनों यहाँ होने चाहिए थे, अंजलि इन सबका दिमाग ह और राजेश इन की जान और वो तुषार इनकी ताकत ह, तुमने जान और ताकत दोनों को आजाद किया हुआ ह,

सुरेश- वो यहाँ तक पहुंच hi नहीं पाएंगे वैसे भी मेरा काम कुछ hi देर में ख़तम हो जायेगा बस 3 मिनट्स और, अरे वो केक लेकर आओ आज मेरी बेटी 40 साल की होने वाली ह केक तो काटना hi चाहिए,

अजय- तुमने इन्हे केक काटने के लिए पकड़ा ह

तभी एक आदमी केक और कुछ पप्पेर्स लेकर आ गया,

सुरेश- अंजलि ये ह केक और ये ह पप्पेर, अब जल्दी से केक काट और फिर जल्दी से इन पप्पेर्स पैर सिग्न. करके ये साडी प्रॉपर्टी मेरे नाम क्र दे

अंजलि- तू आज तक नहीं सुधरा तुझे लगता ह मैं ऐसा करुँगी

सुरेश- करना तो पड़ेगा वर्ण ये तेरे पिल्लै इन्हे मैं मर दुगा,

ोुह्ह्ह्हह्ह तुझे नहीं बीटा तू तो मुझे सबसे ज्याद प्यारी ह

सुरेश ने सीमा के गल्लो को सहलाते हुए कहा

रूचि- हरामजादे हाथ हटा मेरी दीदी से वर्ण इन हाथो को काट क्र फेंक दूंगी

सुरेश- उउउउउफफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ बहुत गर्मी ह सभी में, सबकी गर्मी मैं hi शांत करूँगा

अजय- ये चोट वाली मुझे चाहिए

यश- और ये बिच वाली मुझे

सुरेश- अरे वह सबने अपनी अपनी चुन राखी हैं, और ये दोनों छमिया कोण ह, इन्हे क्यों पकड़ लाये सालो

एक आदमी- सर ये दोनों इन लकड़ो के साथ hi रहती थी हम जब से इन पैर नजर रखे हुए थे ये हमेशा एक साथ hi रहते थे, हमे सबको उठा लिया

सुरेश- बड़े समझदार हो गए हो,

दीपा- आरी ो कुटिया तुझे शर्म नहीं आ रही एक बाप अपनी बेटी के साथ बलात्कार करने की बात क्र रहा ह तू कड़ी देख रही ह

अजय- ये क्या कहेगी मैं नहीं मंटा ये लड़की मेरी बेटी ह

दीपा- ू नाले तेरी बात नहीं क्र रही मैं तू तो ह hi हिजड़ा मैं इस यश की बात क्र रही हु,

यश- मेरी मेरी क्यों मेरी बेटी यहाँ कहा ह

दीपा- हहहहहहा तू सच में रंडी ह रजनी तूने इसे भी नहीं बताया की मैं तेरी और इसकी बेटी हु,

यश- क्या क्या कहा नहीं ये नहीं हो सकता ये क्या कह रही ह रजनी

रजनी- ये सच कह रही ह

यश- क्या सबूत ह ये मेरी बेटी ह और तेरे पति सुनील की नहीं

रजनी- इसके साथ मजे करने के बाद इसे मर क्र डीएनए करवा लेना

यश- मेरी बेटी नहीं नहीं मेरी बेटी तो घर ह

दीपा- और तेरी बेटी और बीवी मेरे भाई के साथ मजे मर रही हैं

यश- दीपा ख़बरदार जो बकवास की

दीपा- हहहहह तू मेरे साथ क्र ले जो करना ह, मेरे लिए मेरी जिंदगी का आखरी दिन होगा लेकिन मेरा भाई तुम्हारे साथ क्या करेगा, तुम सोच भी नहीं सकते,

तभी सोहन आया और दीपा के बाल पकड़ क्र खींच लिए- कहा ह वो जल्दी बताओ कहा ह वो

अंजलि- छोड़ दे उसे कमीने

सचिन- अगर मर्द ह तो मेरे हाथ खोल दे एक बार

सोहन- पापा आज मुझे ये लड़की चाहिए इसकी वजह से इस औरत और इसके बेटे ने मुझ पैर हाथ उठाया था,

सोहन ने रूचि की तरफ इशारा किया,

रूचि- हाथ तो लगा एक बार फिर देखना क्या होता ह

सोहन- क्या क्र लेगी

रूचि- हाथ तो लगा

सोहन रूचि की तरफ बढ़ा और जैसे hi उसने रूचि के बाल पड़के,

रूचि- ahhhhhhhhhh tushuuuuuuuuuu



तभी बहार से एक जोर दर आवाज आई और एक आदमी दरवाजे के साथ उड़ता हुआ बीचो बिच आकर गिरा,
 
अपडेट- 47


सोहन ने रुचे की तरफ इशारा किया,

रूचि- हाथ तो लगा एक बार फिर देखना क्या होता ह

सोहन- क्या क्र लेगी

रूचि- हाथ तो लगा

सोहन रूचि की तरफ बढ़ा और जैसे hi उसने रूचि के बाल पड़के,

रूचि- ahhhhhhhhhh tushauuuuuuuuuu

तभी बहार से एक जोर दर आवाज आई और एक आदमी दरवाजे के साथ उड़ता हुआ बीचो बिच आकर गिरा,

सोहन का हाथ तुरंत पीछे हाथ गया

रूचि- देख वो आ गया

तभी एक आंधी की तरह तुषार अंदर घुसा और सीधे सोहन के पास पंहुचा और उसे गार्डन पकड़ क्र उठा लिया और सीधे दीवार में दे मारा,


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तभी सुरेश के आदमी तुषार की तारा दौड़े तो पीछे से राजेश और उसके साथ 5 लोग और थे जो उन पैर टूट पड़े,

तुषार पूरी तरह कवर होकर आया था, शायद hi उसे कोई पहचान सकता था, उसने अगला वॉर अजय पैर किया और उछाल क्र लत सीधे अजय की छाती में मरी, अजय सीधे एक टेबल पैर जाकर गिरा, तभी दो आदमी तुषार की तरफ आये तुषार ने घूम क्र लात मरी दोनों एक साथ जमीन चने लगे,


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राजेश ने सचिन और कपिल को खोल दिया, सुरेश चोपड़ा ने रिवाल्वर निकल ली, और जैसे hi वो फायर करने वाला था तुषार ने उसके हाथ पैर लत मरी और एक मुक्का सीधे उसके मुँह पैर जड़ दिया, मुक्का लगते hi सुरेश बेहोश होकर गिर पड़ा,

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सोहन तुसाहर की तरफ आया तो तुषार ने उसका हाथ पकड़ा और एक जोर दर झटका मारा जिससे उसक ाकांडः उतर गया, और वो जोर जोर से चीखने लगा, यश एक कोने में बैठा था अपने आप को छुपाये हुए, कपिल ने जल्दी से सभी लेडीज को खोल दिया, दीपा और रूचि जल्दी से रजनी के पास पहुंची और उसकी धुलाई करनी शुरू क्र दी,

कुछ hi देर में पूरा पैसा पलट चुक्का था, राजेश और उसके साथियो ने सुरेश के आदमियों को सम्हाल लिया था, सोहन एक कोने में पड़ा चीखे जा रहा था, वही तुषार ने अजय की गार्डन पकड़ी और उसके मुँह पैर लगातर घुसे मरता रहा,


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वो मरते हुए भूल hi गया था की किसी इंसाने को मर रहा ह, फिर उसने उसे निचे गिराया और उसके लुंड पैर जोर दर 4-5 लत जड़ दी, अजय अगले hi पल बेहोश हो गया था, तभी बहार एक आदमी आया राजेश कोई आ रहा ह दूर से गाड़िया आती दिख रही हैं

तुषार- निकलो यहाँ से जल्दी

सभी ने जल्दी से वह निकलने लगे, यश अभी भी एक कोने बैठा था, दीपा उसके पास पहुंची और उसके मुँह पैर थपेड़ो की बरसात क्र दी

यश- मुझे माफ़ कर दे बेटी मैं इतना गिरा हुआ नहीं हु की अपनी hi बेटी के साथ ऐसा करूँगा, मुझे नहीं पता था की तू मेरी बेटी ह,

दीपा ने कुछ नहीं कहा बस चल दी वह से

तभी रजनी छिलाई- हरामजादी तुझे मैं जिन्दा नहीं छोडूंगी

रजनी के हाथ में रिवाल्वर थी जो उसने दीपा की तरफ तन राखी थी, दीपा के फेस पैर कोई दर नहीं था वो मुस्कुरा रही थी,


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दीपा- मैं तो खुद चाहती हु मुझे इस जिंदगी से छुटकारा मिल जाये जिसमे तू मेरी माँ ह

रजनी- खामोश और उसने गोली चला दी


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सबकी के मुँह से चीख निकल गई, लेकिन दीपा सेफ थी क्योकि गोली और दीपा के बिच अंजलि आ कड़ी हुई थी, गोली अंजलि के कंधे पैर लगी,

सरे बच्चे एक साथ चीखे maaaaaaaaaaaaaaaa

दीपा और तुषार रजनी की तरफ दौड़े, तुषार ने रजनी के हाथ में झटका मारा और रिवाल्वर गिर गई, दीपा ने तुरंत वो उठा ली,

दीपा- तू किसी की माँ बनने लायक नहीं ह, मैं कोष्टी हु अपनी किस्मत को जो तेरी कोक से जनम लिया, भगवान् अगर मई ने कभी भी आपको पूजा ह तो मुझे अंजलि माँ की कोक से पैदा करना,

इतना बल क्र दीपा ने गोली चला दी और गोली सीधे रजनी के साइन में उतर दी, सभी के मुँह खुले रह गए, ये क्या हुआ

ये दीपा ने क्या क्र दिया,

तभी राजेश बोलै जल्दी चलो यहाँ से गोली की आवाज दूर तक गई होगी गाड़िया तेजी से आ रही ह पता नहीं उनमे कितने लोग हैं,

सभी वह से निकल गए और जंगल के रस्ते वह से निकल गए, कुछ देर बाद वह गाड़िया पहुंची और गाड़ी से उत्तरी थी सोनिया, वो जैसे hi अंदर पहुंची तो वह का नजारा देख क्र उसकी हालत ख़राब हो गई, सुरेश चोपड़ा बेहोश पड़ा था, सोहन दर्द से चीख रहा था, रजनी मरी पड़ी थी, अजय न जीने में था न मरने में, यश बस एक तरफ खड़ा रोये जा रहा था,

सोनिया ने भाग क्र सुरेश को देखा, फिर उसे सोहन की आवाज आई तो वो वह पहुंची,

सोनिया- क्या हुआ बीटा क्या हुआ यहाँ

सोहन- aahhhhhhhhhh माँ मैंने बताया था न वो तुषार ह वही आया था

सोनिया- लेकिन वो तो कमल के साथ ह वो यहाँ कैसे आ सकता ह

सोहन- वही था अंजलि का छठा बीटा तुषार नाम ह उसका रजनी ने बताया

सोनिया- ये कोई और भी तो हो सकता ह, मैं कन्फर्म करती हु

सोनिया ने आदमियों को इशारा किया जल्दी से सबको हॉस्पिटल लेकर चलो, आदमी सबको गाड़ियों में डालने लगे,

एक आदमी- मैडम इस लाश का क्या करे

सोनिया- हमारे किसी काम की नहीं ह यही जला क्र ख़तम क्र दो बस तुम सुरेश जी और सोहन को लेकर चलो और अपने आदमियों को

और यश अपने भाई को उठाओ और लेकर जाओ यहाँ से बहार गाड़ी कड़ी ह ले जाओ यहाँ से

यश ने तुरंत अजय को अपने कंधे पर उठाया और जल्दी से भगा,

सोनिया ने तुरंत कमल को फ़ोन मिलाया

सोनिया- कहा हो तुम लोग

कमल- माँ हम हाईवे पैर चल रहे हैं

सोनिया- तुषार कहा ह

कमल- वो गाड़ी चला रहा ह

सोनिया मन में ये कसिए हो सकता ह

सोनिया- उससे बात करवाओ जरा

कमल- अभी उसका म्यूजिक तेज चल रहा ह मैं कुछ देर में करवाता हु

सोनिया- जल्दी करवाओ ऐसा करो अपना फ़ोन वही दे दो

कमल ने ड्राइवर के पास बानी विंडो से आवाज लगा क्र फ़ोन अंदर दे दिया,

Hello

सोनिया- तुषार तुम कहा हो इस टाइम और मेरा फ़ोन क्यों नहीं उठा रहे

तुषार- मम हम हाईवे पैर हैं, म्यूजिक तेज था तो आवाज नहीं आई, कुछ काम था क्या

सोनिया- नहीं नहीं बस हल चल पूछना था

तुषार- ok पहुंच क्र कॉल करता हु

सोनिया- ठीक ह

सोनिया मन में- ये तो कमल के साथ ह फिर वो कोण था दोनों अलग अलग होंगे, लेकिन ऐसा इत्तेफाक होना मुश्किल ह पता करना पड़ेगा,

अंजलि और उसका परिवार अंजलि को लेकर कसबे के हॉस्पिटल पहुंचे, सब बहुत घबराये हुए थे, सुमित महेता की हालत ख़राब थी, दीपा के हाथ काँप रहे थे, वो अभी किसी की जान लेकर आई थी, किसी की क्या अपनी hi माँ की जान लेकर आई थी, रूचि सबके लिए पानी लेकर आई,

डॉ. ने अंजलि की पट्टी करवा दी थी गोली उसके कंधे को छू क्र निकल गई थी , पुलिस को खबर न लगे इसलिए डॉ. को पैसे दे दिए थे, सुमित का भी ट्रीटमेंट किया गया और कुछ hi देर में सभी गाओं के लिए निकल गए, ज्यादा देर वह रुकना ठीक नहीं था, अभी खतरा टाला नहीं था, अंजलि ने खुद को सम्हाल लिया था गोली लगने के बाद भी उसने कुछ भी बिगड़ने नहीं दिया था,

राजेश- अंजलि अब क्या, उन्हें जिन्दा नहीं छोड़ना चाहिए था

अंजलि- उनकी मोत ऐसे नहीं होगी वो रोज मरेंगे टिल टिल करके मरेंगे, आप बस मँगाओ हम सब चंडीगढ़ जायेंगे अभी

राजेश- इस टाइम वो तो दोपहर में जाना था न बच्चे बोल रहे थे कही मंदिर जायेंगे

अंजलि- अब कही नहीं सीधे चंडीगढ़ जायेंगे, मुझे उम्मीद थी ऐसा कुछ होगा लेकिन इतना बड़ा ये नहीं सोचा था, आज मेरे बच्चो को खतरा हो सकता था,

सचिन- माँ ये थे कोण और ये सब क्यात है

अंजलि- सब समझ दूंगी,

राजेश- हमारी वजह से ये बेचारी अनजान बछिया भी फास गई,

अंजलि- ये अनजान नहीं हैं

राजेश- कोण ह ये दोनों

अंजलि- चंडीगढ़ जाकर बात करेंगे पहले खुद को सम्हालो सब, रूचि और सीमा सबके लिए चाय बनाओ, राजेश जी आप सुमित जी को देखिये, सचिन कपिल तुम इन बच्चियों को सम्हालो,

दीपा तू मेरे साथ आ,

दीपा- माँ मैंने उसे मर दिया मैंने उसे मर दिया

अंजलि- शांत हो जा शांत हो जा

दीपा- माँ मैंने इन्ही हाथो से उसे मर दिया

अंजलि- बीटा मैं समझती हु अपनी माँ को खोने का दर्द तू शांत हो जा

दीपा- वो मेरी माँ नहीं ह आज के बाद ऐसा मत बोलना मेरी माँ आप हो बस आप, मेरा कोई रिश्ता नहीं ह उससे, मुझे उसके मरने का दुःख नहीं ह, मुझे ख़ुशी ह की वो मर गई और मेरे hi हाथो मरी लेकिन मैंने आज किसी की जान ली ह, ये मुझे बहुत तकलीफ दे रहा ह

अंजलि- बस बीटा बस तेरी नजर में वो इंसान कैसे हो गई, अगर तू उसे इंसान hi नहीं मानती तो फिर तूने किसी इंसान की जान नहीं ली बस एक बोझ काम दिया ह धरती से

दीपा- माँ क्या मुझे अब जेल हो जाएगी मैं आप सबसे दूर हो जाउंगी

अंजलि- कोई तुझे हाथ नहीं लगा सकता कोई तुझे हमसे अलग नहीं क्र सकता, तू बेटी ह मेरी समझी तेरे अंदर हिम्मत कभी काम नहीं होनी चाहिए

दीपा- नहीं होगी माँ नहीं होगी

अंजलि ने दीपा को गले लगा लिया, कुछ देर बाद रूचि ने बुलाया माँ चाय बन गई आ जाओ, सभी एक साथ बैठे थे,

सीमा- माँ टुशु कहा गया

अंजलि- वो वापस गया ह उसका वह पहुंचना जरुरी ह, अभी उसका सामने आने का टाइम नहीं हुआ ह, अभी सोनिया और चोपड़ा को और दर्द झेलना ह

राजेश- लेकिन अब वो तुषार नाम को जानते हैं उसे खतरा हो सकता ह

अंजलि- ये सब वो सम्हाल लेगा वैसे भी ज्यादा दिन की बात नहीं ह

राजेश- लेकिन उसने ये सब किया कैसे उसे तो सोनिया ने किसी काम पैर लगाया हुआ था,

अंजलि- मुझे उम्मीद थी की कुछ ऐसा हो सकता ह और टुशु के अलावा ये सब पूरी तरह हैंडल नहीं क्र पायेगा, तो हमने पहले hi तैयारी क्र ली थी, इस टाइम सोनिया ने तुषार को जहा भेजा हुआ ह वह उसका बॉडी डबल ह, बस फेस अलग ह बॉडी स्ट्रक्चर एक जैसा सा hi लगता ह जिसे दूर से देखने में दोनों एक जैसे hi लगेंगे,

रूचि- माँ आप दोनों कितना आगे का सोचते हैं,

अंजलि- बीटा जब दुश्मन इतना खतरनाक हो तब ऐसा सोचना पड़ता ह

सुमित- अंजलि सोनिया तुषार का नाम सुनकर जरूर उसे कॉल करेगी या कमल से बात करने की कोशिश करेग, हो सकता ह वो कमल के फ़ोन से बात कर, अभी वो दुश्मन और खतरनाक हो गया ह अंजलि, उसकी पहुंच अंडरवर्ल्ड तक ह, वो बहुत से काम अंडरवर्ल्ड के साथ मिलकर करता ह अब वो यहाँ से बर्बाद हो चुक्का ह तो अब वो वह जायेगा

अंजलि- तुसाहर ने ये सब सोच क्र प्लान किया ह, जो आदमी इस टाइम उसकी जगह ह वो लगातार तुषार के साथ फ़ोन पैर जुड़ा हुआ ह, अगर सोनिया कमल से बात करती ह और उसके फ़ोन से तुषार से बात करना चाहेगी तो स्पीकर ों करके तुषार उससे ऐसे बात करेगा जिअसे वो वही हो, और अंडरवर्ल्ड तक के लिए मैं उसे टाइम hi नहीं दूंगी, और कल से हम ये नहीं रहेंगे, कल से हमे हाथ लगाने के लिए अंडरवर्ल्ड को भी सोचना होगा,

तभी बस आ गई,

अंजलि- सभी बस अपने कपडे उठाओ और बैठो पहुंचने में सुबह हो जाएगी बस में hi रेस्ट क्र लेना

सभी ने जल्दी से अपना अपना छोटा सा बेग लिया और बस में बैठ गए, गाओं की जिम्मेदारी राजेश ने पहले hi दे राखी थी,

अगला दिन बहुत कुछ बदलने वाला था, ये रात बहुत भरी थी,

सुरेश चोपड़ा को होश आ चुक्का था उसके 4 डाट टूट चुके थे, वही सोहन को प्लास्टर चढ़ चुक्का था, दूसरी तरफ अजय को अब तक होश नहीं आया था, डॉ. ने उसकी हालत बहुत गंभीर बताई, अजय का पूरा जबड़ा टूट चुक्का था, दो पसलिया भी टूट गई थी, और सबसे जरुरी उसके ाँद फुट चुके थे, डॉ. ने कहा अब वो कभी सेक्स नहीं क्र पायेगा, यश बस रोये जा रहा था ये क्या हो गया, ये सब मेरी गलती ह मेरा भाई मेरी वजह से वह ह, अब मैं क्या करू अगर किसी को बताया तो हम कही के नहीं रहेंगे,

यश ने घर पैर बता दिया की अजय का एक्सीडेंट हो गया ह, उसका परिवार वह पहुंच गया था, अजय की हालत देख क्र सभी दुखी थे, सबसे ज्यादा चंद्रो देवी दुखी थी, बीटा कितना भी बुरा क्यों न हो माँ को तकलीफ होती hi ह, अलीशा रो रही थी, यश बस बेसुध सा बेंच पैर बैठा था,

अनीता यश के पास आई

अनीता- आप ठीक हैं ये कैसे हुआ आप तो दोनों साथ थे

यश ने अनीता की तरफ देखा उसकी आँखों में आंसू थे

यश- ये हमारी करनी की सजा ह अजय को मिल गई मेरी बाकि ह मेरी बाकि ह

अनीता- क्या बोल रहे हो क्या हुआ ह

यश- आज मैं वो अपराध करने जा रहा था जिसके लिए शायद मैं भी खुद को माफ़ न क्र सकू

अनीता- ये क्या क्या बोले जा रहे हो, रिंकी देख जरा अपने पापा को ये क्या भेकी भेकी बात क्र रहे हैं

रिंकी यश के पास आई

रिंकी- पापा क्या हुआ

यश ने रिंकी को देखा आज पहेली बार रिंकी को पुरे कपड़ो में देखा रिंकी के फेस पैर मासूमियत देखि,

यश- मेरी बेटी कितनी प्यारी ह मेरी बेटी यश को रिंकी में दीपा दिख रही थी, मुझे माफ़ क्र दे बेटी मैंने तुझे पहचाना नहीं था मुझे माफ़ क्र दे

अनीता भाग क्र डॉ. को बुला क्र लाइ.

अनीता- डॉ. देखिये ये क्या क्या बोले जा रहे हैं इनके सर पैर चोट तो नहीं लगी

डॉ. ने यश का चकूप किया उसे अंदर ले गए कुछ देर बाद आकर बताया की यश को घेरा सदमा लगा ह शायद भाई की ये हालत देख क्र दिमाग पैर असर हुआ ह उन्हें नींद का इंजेक्शन दे दिया ह,

वही हाइवे पैर कमल की बस रुक गई

कमल- क्या हुआ बस क्यों रोक दी

अंदर से कोई जवाब नहीं आया

कमल- तुषार जवाब क्यों नहीं दे रहे बस क्यों रोक दी

कोमल- कही कुछ गड़बड़ तो नहीं ह

कमल- मैं देखता हु

कमल उतर क्र निचे आया और बस का दूर खोला तो वह कोई नहीं था, कमल ने चारो तरफ देखा उसे तुषार कही नहीं दिखा तो उसने सोनिया को कॉल लगाया,

सोनिया- क्या हुआ कमल

कमल- माँ तुषार कही नहीं दिख रहा

तभी पीछे से आवाज आई क्या हुआ सर

कमल ने पलट क्र देखा तो तुषार था

तुषार- अरे सर किसी को टॉयलेट भी क्र लेने दो यार आपके पास अंदर सब सुविधा हैं मुझे तो सड़क पैर hi करना ह

सोनिया- मेरी बात कराओ

तुषार- hello

सोनिया- तुषार क्या हो रहा ह वह, कहा चले गए थे तुम

तुषार- मम टॉयलेट करने गया था बहुत जोर से लगी थी

सोनिया- अब से तुम बहार नहीं जाओगे कमल और कोमल को अकेला नहीं छोड़ोगे, अंदर hi करोगे टॉयलेट और अपने केबिन वाला दूर ओपन रखो उसे बंद नहीं करोगे, जो भी करना ह खाना ह सब अंदर hi होगा

तुषार- ये बात कमल सर को बता दो

तुषार ने फ़ोन कमल को दे दिया

सोनिया ने कमल को बता दिया

कमल- लेकिन माँ ये सब क्यों

सोनिया- अभी जितना बोल रही हु उतना करो बस

फिर तुषार बस चलने लगा, सुबह के 4 बज रहे थे, तुषार बहुत थका हुआ था, फाइट जो करके आया था उसे भूक भी लग रही थी,

तुषार- कमल सर मैं बहुत थक गया हु कब से गाड़ी चला रहा हु यार कुछ चाय कॉफ़ी तो पिलवा सकते हो या नहीं,

कमल- यहाँ कहा कॉफ़ी मिलेगी

तुषार- इसमें सब बन जाता ह

कमल- मुझसे नहीं आती बनानी

तुषार- मैडम बना लेंगी

कोमल- मुझे नहीं आती मैं नहीं बनाउंगी

तुषार- सर जी आप बस चलाओ मैं बनता हु आकर

कमल- मैं बस चलाऊंगा क्या

तुषार- कोई एक काम तो करना hi पड़ेगा यार मैं थक चुक्का हु अगर ऐसे hi चलता रह ऑटो एक्सीडेंट हो जायेगा, और बस यहाँ रोक नहीं सकते बड़ा खतरनाक एरिया ह

कमल- ठीक ह ठीक ह मैं चलता हु,

कमल बस चलने लगा और तुषार अंदर चला गया, अंदर जाते हुए उसने एक नजर कोमल पैर डाली जो एक सिघले बीएड पैर कोर्ट एंड एक शर्ट में लेती हुई तुषार को देख रही थी, उसकी आँखों में नींद और आलस दिख रहा था


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तुषार- मैडम आप भी पियेंगी क्या कॉफ़ी मैं अच्छी बनता हु मेरी कॉफ़ी बड़ी किस्मत से मिलती ह

कोमल- है पियूँगी तुम्हारी वजह से मेरी नींद ख़राब हो गई ह अब तुम hi कॉफ़ी पीला क्र मेरा मूड ठीक करोगे

तुषार ने कॉफ़ी बनाना शुरू की कोमल उसे hi देखती रही लेती हुई

कोमल- तुमसे कुछ पूछना ह

तुषार- जरूर पूछिए

कोमल- तुम्हारा और सोनिया चोपड़ा के बिच क्या ह

तुषार- मुस्कुराया, वो बॉस ह मेरी

कोमल- मैं वो पूछ रही हु जो बॉस से अलग ह, मेरी नजरे अच्छे से परख सकती ह बच्ची नहीं हु मैं

तुषार- आपने बड़ो वाले अब तक कोई काम किये hi कहा ह मैडम

कोमल- क्या मतलब

तुषार- कुछ नहीं आपको ऐसा क्यों लगा हमारे बिच कुछ ह

कोमल- ज्यादा बाते मत बनाओ ये बताओ कब से चल रहा ह और ऐसा क्या देख लिया उन्होंने तुम में, और तुम्हे एक एज्ड औरत में क्या पसंद आया

तुषार- आपको सब पता चल गया तो क्या छुपाऊ,

काफी टाइम हो गया ह और उन्हें मेरा सब कुछ पसंद आया, जो मैं बहार से दिख रहा हु और जो अंदर से हु और जो मेरे पास ह वो तो बहुत hi पसंद आया, और मुझे क्या पसंद आया ये तो सवाल hi ठीक नहीं, वो मेरी बॉस हैं वो मुझे जो आर्डर देंगी वो मुझे करना hi पड़ेगा, जैसे आप कोई आर्डर दे वो मुझे मन्ना hi पड़ेगा

कोमल- औरतो को तुम मर्दो में ऐसा क्या पसंद आ जाता ह मुझे समझ नहीं आता

तुषार- आपने कभी मर्दो का वो ठीक से नहीं देखा होगा इसलिए आपको कोई पसंद नहीं आया

कोमल- हूहहह क्या ह मर्दो के पास उससे ज्यादा खूबसूरत और बड़ा तो मेरे पास डिलडो ह तुमने तो देखा ह न, वो पूर्ति क्र देता ह

तुषार- आपने कभी रियल नहीं लिया न शायद और बड़ा तो आपने अभी देखा hi कहा ह, एक रबर का खिलौना क्या बराबरी करेगा,

कोमल- बड़ा गुरुर ह तुम्हे

तुषार- जिसके पास होता ह उसे उस पैर गुरुर करना hi चाहिए, आपके पास इतनी सुंदरता ह क्या आपको अपनी सुंदरता, हॉटनेस पैर गुरुर नहीं ह क्या

तुषार ने इंदिरेक्ट कोमल की तारीफ क्र दी थी, और सब जानते हैं की जब औरत की तारीफ होती ह तो कितनी भी खड़ूस औरत हो वो भी पिघल जाती ह, अपनी तारीफ सुनकर कोमल के फेस पैर स्माइल आ गई,

तुषार- ये लीजिये कॉफ़ी

कोमल ने एक अंगड़ाई लेते हुए कॉफ़ी का कप पकड़ लिया तुषार उसके सामने hi बैठ गया, कोमल की शर्ट के बटन खुले हुए थे जिसमे से उसकी आधी चूचिया बहार झक रही थी, उसने उन्हें छुपाने की कोई कोशिश भी नहीं किट hi,


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कोमल- औरतो को मर्दो में ऐस ाक्य पसंद आता ह

तुषार- औरत हो या मर्द सबको सटिस्फैक्शन चाहिए आदमी को औरत के साथ मिलता ह औरत को आदमी के साथ आपको खिलोनो के साथ मिलता ह

कोमल- मुझे लड़किया पसंद ह नाजुक शरीर से शरीर को रगड़ने में बड़ा मजा आता ह

तुसाहर- आपने कभी किसी मजबूत मर्द के साथ खुद को रगड़ा ह या किसी मर्द के मजबूत हाथो को अपने शरीर पैर फील किया, जब तक आप दूसरा स्वाद नहीं चखेंगी तो आपको कैसे पता वो अच्छा ह या बुआ

कोमल सोचने लगी, कुछ hi देर में कोमल तुषार के सामने अपनी सेक्स लाइफ और िछाये बताने लगी थी,

कोमल- जो काम मर्द करता ह वो मेरे खिलोने भी क्र देते हैं

तुषार- आपने हमेशा खिलोने इस्तेमाल किये हैं वो खिलोने अंदर जाकर बस आपके हाथ से हिलते हैं, लेकिन मर्द आपके शरीर को चूमता ह मसलता ह निचोड़ता ह, और मर्द का खिलौना अंदर जाककर झटके मरता ह आपके हाथ को दर्द नहीं देता, और स्किन से स्किन जब रगड़ती ह तब जी सेक्स का असली मजा आता ह खोलना तो रबड़ का ह वो कहा स्किन की रगड़ें का मजा दे सकता ह,

कोमल बड़े गौर से तुषार की बात सुन रही थी,

तभी कमल की आवाज आई अरे पि नहीं क्या कॉफ़ी मैं थक गया हु,

तुषार- ये लो कमल सर तो जरा सी देर गाड़ी चलने में hi थक गए ये क्या रगड़ें देंगे आपको, आपके लिए तो खिलोने hi ठीक ह, बड़ा खिलौना सोनिया जी को hi मजे लेने दो, आप की कॉफ़ी ठंडी हो गई, तुषार मुस्कुराता हुआ उठा और ड्राइविंग सीट पैर चला गया,

कमल- क्या बात क्र रही थी उससे

कोमल- अब तुम्हे मैं ये भी बताउंगी किस्से क्या बात क्र रही थी, थोड़ी सी देर गाड़ी तक तो चलाई नहीं गई तुमसे,

कमल- अरे जान मई न तो बस ऐसे hi पूछ रहा था

कोमल- सोने दो मुझे,

कोमल ने चादर अपने उप्पेर डाली और सो गई, सो रही थी या सोच रही थी ये तो कोमल hi जाने,

दिन के 11 बजे हुए थे पूरी मीडिया में हंगामा हो रखा था, J.S.S कंपनी की रियल ओनर वापस आ गई ह, कोण हैं ये ओनर और बी तक कहा थी सुरेश चोपड़ा के पास कंपनी क्यों थी बहुत से सवाल मीडिया में घूम रहे थे, सुमित और निल शर्मा ने पूरी कंपनी की मीटिंग बुलाई थी जहा जहा ब्रांचेस थी कंपनी की वह से हेड चंडीगढ़ आ गए थे,

इनमे अलका भी थी जो बही कफसे थी ये हो क्या रहा ह, उसने वर्षा से बात की,

अलका- दीदी ये सब क्या ह रात में मेल आया ह की कल चंडीगढ़ जाना ह, ये सब समझ नहीं आ रहा, हमारी पूरी फॅमिली तो यहाँ ह फिर चंडीगढ़ में क्यों बुलाया ह,

वर्षा- जाना होगा अलका और मैं भी तेरे साथ चलूंगी

अलका- दीदी मैं डैड के सामने नहीं जाना चाहती

वर्षा- वह डैड नहीं ह कंपनी की रियल ओनर हैं

अलका- रियल ओनर मतलब मैं समझी नहीं

वर्षा- कल वही देख लेना और सब समझ लेना मैं तेरे साथ रहूंगी,

सुरेश चोपड़ा हॉस्पिटल में न्यूज़ देख रहा था,

ब्रेकिंग न्यूज़ अंजलि चोपड़ा वापस आ गई हैं, 24 साल से लापता अंजलि वापस आ गई हैं J.S.S कंपनी की रियल ओनर वापस आ गई हैं,

सुरेश गुस्से में हाथ पटक रहा था,

सोनिया- शांत हो जाइये

सुरेश- सब बर्बाद हो गया

सोनिया- आप शांत हो जाइये बस

सुरेश- कैसे शांत हो जाऊ इतने सालो की कोशिश महेनत सब बर्बाद हो चुकी ह सब हाथ से निकल गया

सोनिया- अगर प्रॉपर्टी हमारी नहीं हो सकीय तो मैं उसकी भी नहीं होने दूंगी, सबको मर दूंगी किसी को नहीं छोडूंगी,

सुरेश- मैंने पहले hi कहा था मर देते हैं उसे

सोनिया- मैंने सोचा था सब सही होगा लेकिन जब अपने साथी hi धोके बज हो जाये तो क्या करे

सुरेश- मेरा फ़ोन लाओ मैं अभी शकील को सुपारी देता हु

सोनिया- आपको हो क्या गया ह आप अपना दिमाग क्यों नहीं लगते हो, आज hi उस अंजलि ने कंपनी अपने कब्जे में ली ह आज hi आप उसकी सुपारी दे डोज, सारा इल्जाम हम पैर hi आएगा, उन्ह ीक एक करके मरेंगे, और सबसे लास्ट में वो अंजलि मारेगी अपने सरे बच्चो को मरता हुआ देख क्र

सुरेश- सबसे पहले वो तुषार मरेगा,

सोनिया- वो पता तो चले ह कोण उसकी कोई जानकारी नहीं ह अब तक

तभी सोहन वह आ गया

सोहन- मैं बोल रहा हु ये वही तुषार ह जो हमारे ऑफिस में ह

सोनिया- ये नहीं हो सकता

सोहन- क्यों नहीं हो सकता, इस तुषार को किसी ने देखा नहीं उस रजनी ने देखा तो वो मर चुकी अजय की हालत ऐसी ह लगता नहीं नहीं वो महीनो से पहले होश में आएगा,

सोनिया- वो यश तो ह न

सोहन- आप कैसे कह सकती ह की ये वो तुषार नहीं ह

सोनिया- क्योकि जब ये सब हुआ तो तुषार कमल के साथ था वो भी यहाँ से लगभग 70 कम दूर, कमल ने खुद मेरी बात तुषार से करवाई, तुषार नाम सुनकर मेरा दिमाग भी ऐसे hi घुमा था इसलिए मैंने चेक किया, वो उस टाइम बस चला रहा था, कमल को लेकर जा रहा था देहरादून,

सोहन- ऐसा कैसे हो सकता ह

सुरेश- तेरी माँ बोल रही ह तो होगा फिर भी उस पैर नजर रखो, कुछ भी शक होने पैर मर दो उसे, उसकी कोई फोटो ह तो मँगाओ, यश से उसके बारे में जानकरी निकालो.

सोनिया- ठीक ह



एक बहुत बड़े हॉल में मीटिंग चल रही थी, कुछ मीडिया वाले भी वही थे, बाकि J.S.S कंपनी के बहार मीडिया की भीड़ लगी हुई थी,
 
अपडेट-48






अनिल शर्मा मीटिंग को कमांड क्र रहे थे, अनिल शर्मा ने बोलना शुरू किया

अनिल शर्मा- आप सब टीम के हेड यहाँ ह, ये कंपनी आल इंडिया में फैली हुई ह, कुछ इंटरनेशनल लेवल पैर भी ये कंपनी ह, अब तक आपने अंजलि नाम सुना जरूर होगा, इस कंपनी के 55 % शेयर अंजलि नाम से फ्रीज़ थे, और 20 % जो सुरेश चोपड़ा के नाम थे वो भी अंजलि के hi हैं जिन्हे सुरेश ने गलत तरीके से अपने कब्जे में लिया हुआ था, लेकिन अब वो अंजलि लोट आई ह और कंपनी के 75 % शेयर की अकेली मालकिन हैं,

सभी बड़ी गौर से सुब सुन रहे थे, अलका बड़ी हैरत से सुन रही थी और वर्षा की तरफ देख रही थी, वर्षा के फेस पैर एक स्माइल थी,

अनिल शर्मा- अब से पूरी कंपनी अंजलि खुद सम्हालेंगी

और तालियों से स्वागत कीजिए मैडम अंजलि का,

तभी दूर खुला और एक बहुत hi खूबसूरत साड़ी पहने बाला की खूबसूरत दिखती हुई, एक कमांडिंग लेडी की तरह चलती हु अंजलि हॉल में एंटर हुई, जिसे देख क्र सभी खड़े हो गए, अंजलि सेण्टर चेयर के सामने आकर कड़ी हो गई, दोनों हाथ जोड़ क्र सबका अभिवादन करते हुए


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अंजलि- प्लस सीट डाउन,

आप सब इस कंपनी के जो पुराने स्टाफ ह शायद वो मुझे जानते होंगे या उन्होंने मेरे बारे में जरूर सुना होगा, जो नए ह उन्होंने भी अंजलि नाम जरूर सुना होगा, आज मैं आप सबके सामने हु, रिश्ते में तो सुरेश चोपड़ा मेरे पिता हैं लेकिन ये कंपनी मेरे नाना जी ने मेरी माँ यानि संजना शर्मा के नाम की थी उनके बाद ये मेरे नाम होनी थी, अब मैं आपको ये सब स्टोरी तो नहीं सुनाऊँगी की कैसे क्यों क्या हुआ था आप सब बस इतना जान लीजिये अब से इस कंपनी को मैं चलाऊंगी, बस आप सबका मुझे ऐसे hi साथ चाहिए, आज तक इस कंपनी को बहुत लूज़ दिखाया गया ह जबकि ये कंपनी हमेशा प्रॉफिट में रही ह, बहुत सालो से किसी की साल्लेर्य नहीं बढ़ी ह न hi बोनस मिला ह, तो मैं अभी पहला फैसला ये ले रही हु की आज से hi सभी स्टाफ की 10% साल्लेर्य इनक्रीस की जा रही ह, और 5 दिन बाद होली ह तो सभी स्टाफ को डबल और लबोर को ट्रिपल बोनोस दिया जायेगा,

पूरी टीम ने टेबल पैर ताली बजा क्र अंजलि के फैसले का स्वागत किया,

अंजलि- यहाँ कुछ लोग होंगे जो सुरेश चोपड़ा के खास होंगे, उनसे बस एक hi बात कहूँगी, अगर उन्हें लगता ह सुरेश चोपड़ा का साथ देना चाहिए तो आज hi अपना इस्तीफा दे दे, अगर कंपनी का भला चाहते ह तो मन लगा क्र काम करे.

तभी एक स्टाफ खड़ा हुआ, मैडम यहाँ सुरेश चोपड़ा की बेटी बैठी हुई ह उनका इस ऑफिस में क्या काम, क्या मैं उन्हें बहार निकल दू,

अपने लिए ऐसा सुनते hi अलका की आँखों में आंसू आ गए, वर्षा ने गुस्से में उसे देखा, वर्षा और अलका कड़ी हो गई,

अंजलि- क्या नाम ह तुम्हारा

स्टाफ- मम राहुल

ये वही राहुल था जिसने सीमा को ब्लैकमेल किया था, सुरेश ने कहा था उसे निकल दिया बल्कि उसे चंडीगढ़ बुला लिया था,

अंजलि- शर्मा अंकल ये स्टाफ बहुत म्हणती लग रहा ह, इसको ये भी पता ह की किसे ऑफिस में होना चाहिए और किसे नहीं,

राहुल बड़ा खुश हुआ, लेकिन अगले hi पल उसकी साडी ख़ुशी गायब हो गई

अंजलि- अंकल इसे तुरंत hi टर्मिनेट कीजिये आज के बाद ये इस कंपनी के आस पास भी न दिख जाये, ये फैसला मेरा होगा कोण रहेगा या नहीं, और तू वही न जो सुरेश चोपड़ा के साथ मिल क्र ऑफिस की लड़कियों के साथ गलत हरकत करता ह और उन्हें ब्लैकमेल करता ह, और तू जिसके बारे में बात क्र रहा ह वो मेरी बहन लगती हैं समझा,

राहुल- श्री मम मेरा वो मतलब नहीं थी

अंजलि- आउट, गेट आउट फ्रॉम हेरे

वो चुप काहप चला गया,

अंजलि वर्षा और अलका के पास गई, अलका बड़ी कंफ्यूज सी थी जबकि वर्षा की आँखों में आंसू थे वो बहुत खुश थी और ख़ुशी के आंसू निकल रहे थे,

अंजलि- तुम मुझसे मिलना चाहती थी न

वर्षा- है है

और वर्षा अंजलि के गले लग गई, अलका अभी भी भौचक्की सी कड़ी थी,

अंजलि- शर्मा अंकल बाकि आप समझा दीजिये सबको, मैं जरा अपनी बहेनो से मिल लू,

अंजलि वर्षा और अलका का हाथ पकड़ क्र बहार आ गई और एक ऑफिस में ले गई,

अंजलि- बैठो

अलका और वर्षा बैठ गई, ये जगह कभी उनकी हुआ करती थी आज अलका खुद को वह अजनबी सा महसूस क्र रही थी,

अंजलि- अलका मैं तुम्हारी बड़ी बहन हु सबसे बड़ी

अलका- मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा, वर्षा दीदी ये सब क्या हो रहा ह माँ कहा ह हमारी फॅमिली कहा ह

वर्षा- अलका मैं तुझे सब समझा दूंगी ये बहुत बड़ा खेल था, जो आज हटा ह अंजलि दीदी सुरेश चोपड़ा की पहेली बेटी ह उनकी पहेली पत्नी से, और ये सब प्रॉपर्टी अंजलि दीदी की माँ की थी जिसे सुरेश चोपड़ा ने धोके से अपने कब्जे में क्र लिया था, आज अंजलि दीदी 40 की हो गई ह तो आज सुरेश चोपड़ा ने इन्हे मार क्र पूरी प्रॉपर्टी अपने कब्जे में करने का प्लान बनाया था जो फ़ैल हो गया ह, और ये देख वसीहत के पप्पेर, बाकि मैं तुझे घर समझा दूंगी

अंजलि- तुम बहुत अच्छी हो अलका सच में बहुत मासूम हो

अलका- आप मुझे कैसे जानती हो

अंजलि- मैं नहीं जानती लेकिन कोई और जनता ह

अलका- कोण

अंजलि ने कॉल मिलाया और किसी को वह बुलाया, तो कुछ देर में सीमा आई

अलका- सीमा तुम यहाँ

अंजलि- सीमा मेरी बेटी ह

अलका- क्या ये सब क्या खेल ह

वर्षा- बहुत पुराण खेल ह मैं समझा दूंगी

अंजलि- मैं चाहती हु तुम इस कंपनी को ऐसे hi आगे बढ़ाओ

वर्षा- लेकिन हम ऐसे क्यों

अंजलि- मेरी लड़ाई गलत के साथ ह अपनों के साथ नहीं और तुम मेरी भेने हो तो तुम मुझसे अलग कहा हो सकती हो,

वर्षा- जैसा आपको ठीक लगे, मैं आपके साथ हु, वो कैसा ह कल से उससे बात नहीं हुई ह

अंजलि- वो ठीक ह और अभी उसको एक काम और करना ह फिर वो आएगा जल्दी hi आएगा,

फिर अंजलि वह से निकल क्र हवेली आ गई, हवेली क्या पूरा महल था वो, अंजलि के नाना के पिता जी ने बनवाया था, उस टाइम संजना और उनके पिता के मरने के बाद सुरेश चोपड़ा उस घर में नहीं रह सकता था उसे बस अंजलि hi खोल सकती थी, घर की पूरा देख रेख अनिल शर्मा के पास थी,

पूरा परिवार हॉल में बैठा था, सचिन कपिल शांत थे बस थोड़े कंफ्यूज थे की ये सब ह क्या और यहाँ हो काया रहा ह, और जो दोनों लड़किया थी वो बड़ी घबराई हुई थी,

अंजलि – बच्चो आज से ये घर हमारा ह जिसको जो कमरा चुनना ह चुन लो

रूचि- माँ ये दोनों कोण ह जो हमारी वजह से यहाँ फास गई हैं

अंजलि- ये दोनों तुम्हारी भाभियाँ ह

तीनो भेने एक साथ क्या ये ये कैसे हम कुछ समझे नहीं

अंजलि- ये दोनों रश्मि और आशिमा हैं ये सचिन और कपिल से प्यार करती ह ये लोग वह शादी क्र चुके हैं,

रूचि- ऐसे कैसे शादी क्र ली बिना आपकी मर्जी के हमे किसी को कुछ पता hi नहीं

अंजलि- मैंने परमिशन दे दी थी, और अब इनकी शादी हम यहाँ पुरे रीती रिवाज से करवाएंगे, अगले वीक एक ग्रैंड पार्टी होगी मेरे सरे बच्चे होंगे वही इन लोगो के फेरे करवाएंगे इनके माँ बाप भी वही आ जायेंगे, इन्होने अपनी फॅमिली के अगेंस्ट शादी की ह, ये दोनों भेने हैं.

अंजलि- सचिन और कपिल जब तक तुम्हारे फेरे नहीं होते दोनों लड़किया अगल रूम में रहेंगी, वह तुम्हारे बिच क्या हुआ उसे भूल जाओ अब से जब तक फेरे नहीं होते अलग अलग रहना ह, और यहाँ क्या हुआ ये तुम्हारे पापा समझा देंगे इसलिए घबराना नहीं ह, और बीटा तुम दोनों ये अब तुम्हारा भी घर ह, मैं तुम्हे बड़े धूम धाम से लाना चाहती थी लेकिन हालत ख़राब हो गए, इससे तुम लोगो का एग्जाम भी छूट गया ह, कोई नहीं मैं ारेंगे करवा दूंगी,

रश्मि- हमने आपकी बहुत तारीफ सुनी ह इन लोगो से आज देख भी लिया आप बहुत बहादुर और बहुत खूबसूरत हो,

अंजलि- मैं अब से तुम्हारी माँ हु समझी,

अब तुम लोग पूरा घर देखो और अपनी पसंद से अपने रूम चुन लो इस घर में 20 कमरे हैं,

दीपा- माँ टुशु कहा ह

अंजलि- बीटा उसका काम अभी पूरा नहीं हुआ ह

दीपा- माँ वो अकेला क्यों लड़ रहा ह सबसे, हम सब उसके साथ क्यों नहीं ह, ये पूरी लड़ाई क्या उसी अकेले की ह, आप दोनों ने मिल क्र ये लड़ाई लड़ी ह और उस बेचारे ने तो पूरी लड़ाई सामने से लड़ी ह, अगर वो न होता तो क्या होता हम सबका,

अंजलि मुस्कुराई- बीटा मैंने उसके बचपन में hi उसका भविष्य लिख दिया था, मैंने उस वक्त गलती की थी लेकिन उसने मेरी गलती को अपने लिए आशीर्वाद मन लिया था, और उसी आशीर्वाद को लेकर वो हमारे लिए लड़ रहा ह, जीवन में कुछ भी हो जाये तुममे से कोई भी उसे तकलीफ मत देना, उसे इतना प्यार देना की वो बस हम सबका रहे,

रूचि- उसके लिए कुछ भी क्र जायेंगे माँ आप चिंता मत करो

अंजलि- जाओ अपने कमरे सेलेक्ट करो और यहाँ के हिसाब से अपने कपडे खरीद लो अब से हम यही रहेंगे

राजेश- लेकिन जमीन उसका क्या होगा

अंजलि- आपने अपने दोस्त को बताई पैर दे दी ह न, वह घर में भी उसको जगह दे दो उसका परिवार अच्छी जगह रह लेगा, बस कुछ हिस्सा अलग रखना घर का, जब हमारा दिल करे वह घूम आएंगे, और उससे हिस्सा भी मत लेना, वो जो कमा रहा ह उसी के पास रहने देना

राजेश- ठीक ह लेकिन मैं यहाँ क्या करूँगा, अब तुम्हे तुम्हरा सब कुछ मिल गया ह अब मैं वापस चला जाता हु,

सरे बच्चे एक साथ- पापा दुबारा ऐसा मत बोलना आपके बिना यहाँ तो क्या हम राजमहल में भी नहीं रहेंगे

राजेश- अच्छा ाचा ठीक ह नहीं जाऊंगा,

अंजलि- सब अपना रूम ले लो और सो लो कुछ देर शाम को मिलेंगे,

सरे बहन भाई अपना अपना रूम देखने लगे,

वही तुषार देहरादून की पहाडिओ में बस की ड्राइविंग सीट पैर बैठा हुआ सो रहा था, बस एक पहाड़ी की साइड में कड़ी की हुई थी, उसके पास hi एक छोटा सा ढाबा था, जहा बस रूकती थी, तुषार को ये hi जगह सबसे अच्छी लगी,

कमल और कोमल भी सो रहे थे, गाड़ियों की आवाज से तुषार की आँख खुली, वो निचे उतरा और ढाबे पैर जाकर चाय पि, वही फ्रेश हुआ, फिर आकर उसने कमल और कोमल को उठाया,

तुषार- आप लोग फ्रेश हो जाओ और सामने के ढाबे पैर ब्रेकफास्ट क्र लो

दोनों उठे फ्रेश हुए और नाहा धो क्र ढाबे पैर चल दिए,

तुषार- आप लोग नाश्ता कीजिये मैं तब तक नाहा लेता हु

कमल- अब तू इसमें नहायेगा भी

तुषार- सोनिया मम ने कहा था सब यही करना ह कही दूर नहीं जाना

कमल- ok ok नाहा ले आओ कोमल

दोनों चले गए, तुषार नहाने घुस गया,

कोमल- यार यहाँ बैठ क्र नाश्ता करुँगी क्या मैं इतनी गन्दी सी जगह ह देखो कितनी भीड़ ह

कमल- अरे यार पिकनिक का ये hi मजा ह ले लो

कोमल- अच्छा मैं अपना रुमाल लेकर आती हु और ये स्कर्ट बदल क्र आती हु यहाँ का लेवल नहीं ह ऐसे कपडे पहनने का


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कोमल बस की तरफ आ रही थी, जैसे hi वो अंदर घुसी उसी टाइम तुषार वाशरूम का दूर खोल क्र बहार आया बिलकुल नंगा, उसका गधे जैसा लुंड झूल रहा था, कोमल किन अजर जैसे hi उस पैर पड़ी, उसकी साँस सी hi अटक गई, उसके मुँह से एक दम एक चिक सी निकली ुउउइइइइइइइइ मम्मी

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तुषार ने कोमल को देखा तो जल्दी से एक कपडा उठा क्र अपने लुंड को कवर किया,

तुषार- आप यहाँ क्या क्र रही हैं

कोमल- शरमाते हुए वो मैं जीन्स पहनने आई थी, लेकिन तुम यहाँ ऐसे

तुषार- नाहा क्र निकला था

कोमल- ये तुम्हारे हाथ में वो वो

तुषार ने निचे देखा तो जल्द बजी में कोमल की सिल्क की शर्ट उसके हाथ में थी जिससे उसने अपने लुंड को कवर किया हुआ था,

तुषार ने जल्दी से वो शर्ट बीएड पैर फेक दी, वो फिर नंगा हो गया, कोमल ने फिर लुंड को देखा, और है पड़ी, तुषार ने निचे देखा ोोूहः सहित, उसने फिर हाथ से कवर किया लेकिन इतना बड़ा लुंड हाथ के पीछे कहा छुपता,

तुषार- प्लस आप बहार जाइये न प्लस

कोमल- मैं क्यों जाऊ बहार ये मेरी बस ह तुम जाओ

तुषार- मैं कैसे जा सकता हु नंगा हु

कोमल- तो मैं क्या करू

तुसाहर- आपको शर्म नहीं आ रही मैं आपके सामने नंगा हु

कोमल- मुझे क्यों शर्म आएगी

कोमल झूट बोल रही थी उसका मुँह लाल हो चुक्का था शर्म से, लेकिन वो वह से हटना नहीं छह रही थी, या उसका दिल hi नहीं क्र रहा था हटने का

तुषार- फिर मेरी गलती मत बताना

कोमल- कैसी गलती

तुषार ने तुरंत अपना हाथ हटा किया, और उसका लुंड जो अभी तक मुरझाया हुआ था वो अपनी औकात पैर आने लगा था, कोमल एक तक उसके लुंड को देखे जा रही थी, तुषार ने आगे बढ़ के अपना अंडरवियर उठाया और पहन लिया, अब तक लुंड पूरा खड़ा हो चुक्का था जो उसके अंडरवियर को फाड् क्र बहार आने को तैयार था, कोमल कड़ी हुई अपनी आंखे बड़ी करके उसे देखे जा रही थी, तुषार ने एक अंगड़ाई ली तो तुषार की बॉडी के एक एक कट और अंडरवियर में खड़ा लुंड अलग hi दिखने लगा,


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कोमल की हालत ख़राब हो चुकी थी, तुषार ने बड़ी अदा में अपनी जीन्स उठाया ुर पहन ली फिर अपनी टी- शर्ट फेनी,

तुषार- शो ख़तम हो गया मैडम जी

कोमल एक दम से झेप गई – क्या क्या कहा

तुषार- मैंने कपडे पहन लिए हैं कब तक घुरोगी

कोमल- मैं क्यों घूरती तुम्हे

तुषार- वैसे कैसा लगा

कोमल- क्या कैसा लगा

तुषार- अरे वो ढाबा कैसा लगा

कोमल- ढाबा तो बिलकुल बेकार ह

तुषार- अच्छा कोई नहीं अब तक आपने अच्छी चीज देखि नहीं थी न इसलिए सब बेकार लगेगा अब देखोगी तो सब अच्छा लगेगा

कोमल- तुम बहार जाओ बस मुझे वाशरूम जाना ह

तुषार- क्या हुआ खिलोनो से खेलने का मन हो गया क्या

कोमल- तुमसे मतलब मैं कुछ भी करू

कोमल आज पहेली बार तुषार से शर्मा रही थी,

तुषार- खेल लो खेल लो मैं जाता हु नाश्ता करने वही आ जाना

कोमल बाथरूम में घुस गई, कुछ देर बाद वो बहार निकली और कमल के पास जाकर बैठ गई

कमल- तुम तो ये स्कर्ट बदलने गई थी फिर उसी में वापस आ गई,

कोमल को ख्याल आया उसने तो कपडे बदले hi नहीं,

कोमल- बस ऐसे hi सोचा अब बदल क्र क्या करुँगी

तुषार- वैसे बदलनी क्यों आप तो इसमें काफी खूबसूरत लग रही हो

कोमल- वो लोग देखते हैं न

आज कोमल ने पहेली बार तुषार को इतने प्यार से जवाब दिया था, जो कमल के लिए बड़ा अजीब था,

तुषार- आप अच्छी लग रही ह इसमें कुछ नुमाइश नहीं हो रही जो आपको बुरा लगे वैसे भी आप तो लेडी डॉन हो आप क्यों दर रही हैं

कोमल को अहसास हुआ वो कल रात तक कैसी थी और अब कैसा रियेक्ट क्र रही ह, वो शर्मा क्यों रही ह,

कोमल- सही कहा इन गरीबो के सामने मैं क्यों शर्मो

तुषार- नाश्ता कीजिये और कोई तोय वगेरा चाहिए तो बता देना

कोमल- तोय मुझे क्यों तोय चाहियेंगे

तुषार- ऐसे hi पूछ रहा हु मैंने सोचा यहाँ आई हो तो तोय से खेलने का शोक हो तो खरीद लो

कोमल- मैं बच्ची तोडना हु

तुषार- आज कल बड़े भी टॉयज से खेलते हैं जिन्हे रियल लाइफ का मजा नहीं पता वो लोग टॉयज से खेलते हैं

कोमल समझ गई थी तुषार क्या बोल रहा ह

तुषार- वैसे आपको क्या पसंद आया तोय या यहाँ की रियल्टी

कोमल- तोय हमारे कण्ट्रोल में होते हैं जैसे चाहो इस्तेमाल करो लेकिन रियल्टी हमे कण्ट्रोल करती ह

तुषार- अगर रियल्टी वो ख़ुशी दे दे जिसके लिए तुम पैदा हुए हो तो टॉयज की जरुरत hi नहीं पड़ती,

कमल- ये क्या बकवास शुरू क्र दिया तोय रियल्टी, नाश्ता करो चुप चाप कोमल की रियल्टी मैं हु क्यों कोमल

कोमल की हसी छूट गई है हहह

है तुम hi हो मेरी रियल्टी इसलिए तो ज्यादा टॉयज से खेलना पड़ता ह

कोमल ने तुषार की तरफ घेरि नजरो में देख क्र कहा

तुषार- कभी तरय करो शायद टॉयज की जरुरत न पड़े,

कमल- तू कुछ ज्यादा hi हवा में उड़ रहा ह आज कल, तुझे हमारे साथ सिक्योरिटी के लिए भेजा ह या गप्पे लड़ने के लिए.

तुषार- मैं तो आप लोगो का टाइम पास क्र रहा हु यहाँ तुम लोग बोर न हो जाओ

तुषार ने दूसरी तरफ मुँह किया और नाश्ता करने लगा,

कमल- कोमल देखो उस लड़की को कितनी कमसिन ह उसके तो निम्बू भी कितने कड़क लग रहे हैं, इसके साथ मजा आएगा

तुषार को आवाज आ गई उसने उस तरफ देखा तो एक छोटी सी बच्ची थी जिसके बारे में कमल बात क्र रहा था, तुषार का गुस्सा चढ़ गया, उसका मन किया इसे अभी यही जान से मर दे लेकिन कोमल की बात सुनकर उसका दिमाग और ख़राब हो गया,

कोमल- ह तो मस्त माल लेकिन तुम दुबारा मजे लेने लायक छोड़ते hi नहीं हो, इसके साथ तो कई दिन तक मजे किये जा सकते हैं

तुषार वह से उठा और बस में आ गया,

कुछ देर में कमल और कोमल भी आ गए, तुषार ड्राइविंग सीट पैर बैठा था, कमल और कोमल बीएड पैर लेट क्र मस्ती करने लगे, तुषार गुस्से में जल भून रहा था,

कमल- तुषार इधर तो आ

तुषार अंदर चला गया, तो देखा कोमल कमल की बहो में चिपकी लेती हुई ह, कोमल की नंगी जंगे पूरी दिख रही थी, उसने अपना पेअर खोला तो जांघ के साथ उसकी पंतय भी दिखने लगी, उसने जरा भी छुपाने की कोशिश नहीं की, तुसाहर की नजर कोमल की पंतय पैर गई तो कोमल ने बस मुस्कुरा क्र तुषार की तरफ देखा,

कमल- अब क्या प्लान ह कहा चलना ह

तुषार- आप बताओ आपका कोई प्लान ह क्या

कमल- यहाँ से आगे चलो और मसूरी में कोई गेस्ट हाउस बुक क्र लो 3 दिन के लिए हम वही रुकेंगे और देखना गेस्ट हाउस सिटी से बहार हो जहा कोई डिस्टर्ब न क्र सके,

तुषार- ठीक ह सर

कोमल- हमारा पार्सल वही आएगा क्या

कमल- है मेरी जान पार्सल पिक करने वाले पहुंच चुके हैं पार्सल पुराने शहर में ह इस टाइम, तो थोड़ा टाइम लगेगा कल सुबह तक पहुंच जायेगा,

कोमल- अह्ह्ह्ह मुझसे सबर नहीं हो रहा, और दूसरा वाला वो कहा ह

कमल- वो बाद में पहले उसे तो चेक क्र लो

कोमल- ठीक ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़

तुषार- आपने कुछ मंगवाया ह क्या आपने एड्रेस क्यों दे दिया किसी को, आपको पता ह हम यहाँ छुपे हुए ह अगर पुलिस को पता चला तो गड़बड़ हो जाएगी,

कमल- चिल ये मेरे आदमी ह इनके बारे में किसी को पता नहीं चलेगा, ये तो मैं डैड की वजह से चुप हु वर्ण उस मला और उसके बेटे को तो मैं कबका ठिकाने लगवा देता,

तुषार की समझ में आ गया ये जितना दिख रहा ह उससे ज्यादा खतरनाक ह, इसके लिए कुछ बड़ी तैयारी करनी होगी,

तुषार बस लेकर चुपचाप चल दिया देहरादून से आगे, रस्ते में उसे एक घर दिखाई दिया, बड़ी शांति थी, तुषार ने बस रोकी और घर में पूछने गया, तो पता चला इस घर को लोग हनीमून के लिए बुक करते हैं, अभी होलास्टक लगे हुए ह तो शादिया नहीं हो रही हैं इसलिए खली ह,

तुषार ने कमल से पूछ क्र घर को 4 दिन के लिए बुक क्र लिया, और वह के इंचार्ज को बोल दिया 4 दिन कोई डिस्टर्ब न करे, खाने के लिए वो खुद क्र लेंगे, उस घर में साडी सुविधाएं थी, एक कार भी थी मार्किट जाने या घूमें के लिए, पैसो की कमी थी नहीं तो ये सबसे अच्छा ऑप्शन लगा तीनो को hi, तीनो के दिमाग में अपने अपने आइडियाज थे,

घर में बस 2 hi रूम थे एक हॉल किचन और पीछे से झरना दीखता था, बहुत सूंदर नजारा था, कोमल घर की चाट पैर कड़ी नजारा देख रही थी, तुषार कार लेकर मार्किट चला गया, खाने का इंतजाम करने,

इधर चंडीगढ़ में हवेली में वर्षा और अलका बैठे हुए थे साथ में सुमित महेता और अनिल शर्मा भी थे, सामने अंजलि और सरे बच्चे बैठे हुए थे,

अंजलि- वर्षा ये ह तुम्हारी फॅमिली अब इन्हे अपने भांजी भांजे कहो या भाई बहन

वर्षा- रिश्ता तो आपसे बहन का hi ह लेकिन सीमा और मैं एक hi साथ पैदा हुए हैं मेरे हिसाब से 10-15 दिन का अंतर होगा, तो वो मेरी बहन hi हुई और वैसे भी बहन hi ह, वो आपको माँ खेती ह तो मेरे लिए भी आप माँ hi हो,

अंजलि- मुस्कुराई कितना अंतर ह तुम में और तुम्हारे भाइयो में

वर्षा- परवरिश का अंतर ह मेरे गॉड फादर सुमित अंकल हैं और उनके आइडियल सुरेश चोपड़ा

अंजलि- सुमित जी आपने बहुत अच्छे संस्कार दिए हैं,

सुमित- मेरा कर्त्तव्य इस परिवार की सुरक्षा करना ह वो चाहे जैसे भी हो लड़को को तो कुछ नहीं सीखा पाया लेकिन लड़कियों को सिख दिया इसी से मेरा कर्त्तव्य पूरा हो गया,

अंजलि- अलका तुम बहुत शांत हो

अलका- मैं बहुत कंफ्यूज हु और बहुत नाराज भी, आज तक मुझसे ये सचाई छुपाई गई, दीदी ने भी मुझे कुछ नहीं बताया सीमा मेरे साथ थी उसने कुछ नहीं बताया

अंजलि- बीटा तू बहुत मासूम ह और तेरे दिल में नफरत भरना कोई नहीं छठा था वर्षा ने तुझे उस गन्दगी से दूर रखने की कोईशिष की बस, हम सब तेरा परिवार hi तो हैं

अनिल- अंजलि अब सुरेश चोपड़ा शांत नहीं होगा अब खतरा और बढ़ गया ह, अब उसे पता ह उसके हाथ कुछ नहीं आने वाला अब वो सीधा वॉर करेगा, उसका कनेक्शन अंडरवर्ल्ड से ह

अंजलि- मैं जानती हु अंकल उसके लिए वो लगा हुआ ह, वो सब क्र देगा वो गया हुआ ह सुरेश चोपड़ा की साडी डालियो को कटेगा पहले, यहाँ मैं उसकी जड़ काटूंगी जिनकी वजह से वो खड़ा हुआ ह, उसे अकेला करके hi सबसे लास्ट में सजा दी जाएगी, वैसे उसकी सजा शुरू हो चुकी है,

अंजलि- वर्षा ये शहर इस बच्चो के लिए अनजान ह क्या तुम इन्हे यहाँ के तोर तरीके फासिओं सीखा डौगी यहाँ के हिसाब से कपडे वगैरह दिलवा डौगी

वर्षा- बड़ी ख़ुशी से माँ

अंजलि ने वर्षा को गले से लगा लिया

अलका- वो कोण ह जिसकी आप लोग बात क्र रहे हो

अंजलि और वर्षा मुस्कुराई,

अंजलि- टाइम आने पैर वो आ जायेगा सामने

सीमा- वो इस परिवार की ताकत ह,

दीपा- वो इस परिवार की धड़कन ह

रूचि- माँ के अलावा वो इस परिवार का केंद्र ह जिसकी वजह से ये परिवार एक ह

अलका इतनी तारीफ सुनकर शोकेड थी उसके अंदर बेचैनी हो रही थी उसे देखने की, इधर उसे तुषार की याद आ रही थी,

अलका- दीदी मैं अभी आई, उसका कॉल नहीं आया उससे बात नहीं हुई ह एक बार पूछ लू कहा ह उससे बिना मिले आ गई थी,

अलका उठी और बहार चली गई,

वर्षा और अंजलि ने एक दूसरे की तरफ देखा

वर्षा- कैसे सम्हालेंगे

अंजलि- सब हो जायेगा वो सब क्र लेगा

रात हो चुकी थी तुषार ने खाने का अरेंजमेंट क्र दिया था,

कमल- जान मैं अभी आता हु

कोमल- तुम फिर चल दिए यहाँ तो रुक जाओ

कमल- मैं जल्दी में अपना सामान नहीं लाया था तुम्हे तो पता ह उसके बिना मैं रह नहीं सकता, वैसे भी कल उसकी बहुत जरुरत होगी मुझे

कोमल- कब तक आओगे

कमल- जल्दी hi आ जाऊंगा

कमल कार लेकर निकल गया

तुषार- ये कहा चले गए अकेले

कोमल- वो अकेला hi जाता ह किसी से नहीं रुकता

तुषार- कब तक आएंगे

कोमल- कुछ नहीं पता हो सकता ह पूरी रात hi न आये,

तुषार- आप खाना खा लो

कोमल- अभी नहीं खाना, मैं नाहा क्र फ्रेश हो लू पहले पूरा शरीर टूट रहा ह

तुषार- मैं मस्सगे क्र दू क्या मैं बहुत अच्छी मसाज करता हु

कोमल- अच्छा जी किस किस मस्सगे की ह

तुषार- बहुत सरियो की की ह, मेरी मस्सगे के बाद वो किसी और के पास नहीं जाती, चाहे तो अपनी सासु सोनिया जी से पूछ लेना

सोनिया का नाम सुनते hi कोमल को तुषार और सोनिया का रिश्ता याद आ गया, ो मुस्कुरा पड़ी

कोमल- बड़ा कॉन्फिडेंस ह तुम्हे

तुषार- उसका कारन तो आप देख hi चुकी हैं

कोमल ने कुछ देर तुषार को देखा वो तुषार की आँखों में देखे hi जार hi थी, फिर बड़ी ऐडा से पलटी और अपनी गांड को मटकती हुई चलने लगी, अपने रूम के दूर पैर पहुंच क्र पलटी और बोली 10 मिनट्स में आना फिर दिखाना कितनी अच्छी मस्सगे करते हो, और पलट क्र अंदर चली गई



तुषार के फेस पैर एक मुस्कान आ गई,
 
अपडेट-49






सुरेश चोपड़ा और सोनिया एक घर में बैठे हुए थे सामने सोहन बैठा था, तभी बालक सूट पहने हुए 3 आदमी अंदर आये

सुरेश- आओ आओ राजन भाई

तीनो सामने सोफे पैर बैठ गए, उनमे से एक बोलै जिसका नाम राजन था

राजन- ये क्या हो गया ह सुरेश जी आपने हमे इन्फॉर्म क्यों नहीं किया

सुरेश- मैं इस मेटर में आपको घुसना नहीं चाहता था, लेकिन अब मज़बूरी हो गई ह

राजन- आप बस बताओ किसको टपकना ह

सुरेश- अभी नहीं टपकना अभी बस उन पैर नजर रखना ह, अगर अभी उन्हें कुछ हुआ तो सीधा शक मुझ पैर जायेगा और मेरा पूरा बुसनेस्स तबाह हो जायेगा

राजन- जैसा तुम कहो

सुरेश- अभी बस उस अंजलि के परिवार के हर आदमी पैर नजर रखनी ह, और उस तुषार को ढूंढ़ना ह वो किसी भूत की तरह छुपा हुआ ह,

राजन- चिंता मत करो मेरी पूरी टीम यहाँ पहुंच चुकी ह, आज से hi उनके पीछे लग जाएगी, तुम्हारे आर्डर का इंतजार रहेगा सबको एक साथ उदा देंगे

सुरेश- नहीं नहीं एक साथ नहीं मुझे सबसे पहले वो तुषार चाहिए, उसके बाद एक एक करके मरूंगा सबको और सबसे लास्ट में उस अंजलि को,

सबकी मोत हमारे हाथो होगी लेकिन सब एक एक्सीडेंट लग्न चाहिए हम पैर कोई शक न आये, जैसे उसकी माँ और नाना को मारा था, अब प्रॉपर्टी तो वैसे भी गई अब तो बस बदला चाहिए,

वही देहरादून में.....

10 मिनट्स बाद तुषार कोमल के रूम में पंहुचा तो कोमल एक चादर ओढ़े बीएड पैर लेती थी, तुषार उसके नजदीक पंहुचा,


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कोमल- दिखाओ अपना जादू, मैं इससे पहले भी मस्सगे करवाई ह मैं देखना चाहती हूत ुम क्या अलग करते हो

तुषार- मेरी मस्सगे आपको वो सुख देखि जिसे आपने कभी महसूस hi नहीं किया,

कोमल- तो खड़े क्यों हो शुरू हो जाओ

तुषार- कार्ड उतर दू

कोमल- पहले कमर के उप्पेर से उतरना

तुषार ने चादर खिसकनी शुरू क्र दी, कोमल की नंगी कमर बहार आने लगी, जब चादर कोमल की गांड तक आई तो तुषार रुक गया,


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तुषार ने बड़े प्यार से कोमल की कमर पैर हाथ घुमाया, फिर उसकी गार्डन के पास हलके हलके उंगलिया फिरने लगा, फिर तेल लिया और कमर पैर डाला, और हलकी हलकी मालिश करने लगा, कोमल आँखे बंद करके मालिसज का मजा ले रही थी,

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तुषार ने कोमल के कंधो की मालिश स्टार्ट की जिससे कोमल को बहुत रेलसे मिल रहा था, और सबसे ज्यादा मजा आ तुषार के मजबूत हाथो से,

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कोमल को तुषार की कही बात का अहसास हो रहा था, उसे कहा था जब मजबूत हाथ शरीर पैर पड़ते हैं तो असली मजा उसी से आता ह,

तुषार ने कोमल को लेते लेते hi घुमा दिया और उसका सर बीएड से निचे लटका दिया, और तुषार दोनों पैरो को कोमल के सर के दोनों तरफ करके खड़ा हो गया और अपना हाथ उसकी कमर को मालिश करता हुआ गांड के उभर तक ले जाने लगा था, तुषार चेक क्र रहा था कोमल ने पंतय फेनी ह या नहीं, जल्दी hi उसे अहसास हो गया था की वो बिलकुल नंगी ह,

कुछ देर अच्छे से मालिश करने के बाद तुषार घूम क्र कोमल के पैरो की तरफ आ गया, और चादर को उसकी जांघो तक उठा दिया, और तेल को हाथो में लगा क्र उसकी जांघो की मालिश कर ेलगा, तुषार जांघो से लेकर निचे पैरो तक मालिश क्र रहा था, काफी देर मालिश करने के बाद ,


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तुषार- हो गया मजा आया

कोमल- बस इतना hi करोगे

तुषार- इससे आगे के लिए आपको खुद आगे बढ़ना होगा

कोमल ने तुरंत hi एक झटके में चादर खींच दी, कोमल की नागि गांड तुषार के सामने थी,


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कोमल- और कुछ

तुषार- मैं सब अपने स्टाइल से करू या कोई रूल ह

कोमल- अब तुम्हारे हाथ में हु तो रूल भी तुम्हारे हैं

तुषार ने तुरंत कोमल की गांड पैर हाथ रखा और जोर से दबा दी,


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Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh कोण के मुँह से सिसकी निकल गई,

तुषार ने तेल लिया और पूरी गांड पैर अच्छे से मलने लगा, तुषार कोमल की गांड को अच्छे से निचोड़ रहा था, तुषा रकि उंगलिया कोमल की गांड तक जाकर लग रही थी,


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तुषार जांघो के बिच में हाथ दाल क्र मालिश क्र रहा था, जिससे उसका हाथ कोमल की छूट को भी छू जाता था,

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कोमल के मुँह से ahhhhhhhhhhhh निकल जाती उसे बहुत मजा आ रहा था, कोमल की गांड की अच्छे से मालिश करने के बाद तुषार ने उसे पलट दिया, कोमल ने आँखे बंद क्र ली थी, उसने अपना एक साथ अपनी चूचियों पैर और दूसरा अपनी छूट पैर रख लिया, तुसाहर ने बड़े प्यार से कोमल का हाथ उसकी चूचियों से हटाया, कोमल ने कोई विरोध नहीं किया,

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तुषार ने तेल कोमल की नाभि पैर डाला और अपनी हथेली उस पैर घूमने लगा, कोमल बैचेन हो रही थी वो अपने पैरो को भींच रही थी, तुषार को पता था उसकी छूट गीली हो चुकी ह, तुषार धीरे धीरे हाथ उप्पेर ले जाने लगा, और दोनों हाथ एक सतह कोमल की 34 की साइज की कड़क चूचियों पैर रख दिए, कोमल ने तुरंत पाने हाथ तुसाहर के हाथो पैर रकः दिए, तुषार ने कुछ नहीं किया कोमल खुद अपने हाथो से तुषार के हाथो को दबाने लगी, जिससे उसकी चूचिया दबने लगी,

तुषार ने कोमल की चूचियों को मुठी में भर लिया,


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Ahhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh कोमल अपना सर पटकने लगी,

तुषार ने बड़े प्यार से उसकी चूचियों की मालिश की फिर उसकी टैंगो की मालिश की अब उसने दोनों पेअर खोले तो कोमल की फूली हुई छूट खुल क्र सामने आ गई, तुषार ने अपना हाथ उस पैर रख दिया, और हलके हलके रगड़ने लगा, थोड़ी hi देर में कोमल की छूट ने पानी छोड़ दिया,

कोमल को बड़ी शर्म आ रही थी, लेकिन तुषार रुका नहीं वो कोमल के छूट रास को ऐसे hi मसलने लगा, कॉल से अब बर्दास्त नहीं हो रहा था, उसने तुषार का हाथ पकड़ा और अपनी छूट पैर जोर से रगड़ने लगी, कोमल की आँखे लाल हो चुकी थी,


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तुषार ने अपना हाथ हटा लिया और खड़ा हो गया,

तुषार- उप्पेर की मालिश तो हो गई कोमल जी

कोमल ने आँखे खोली और नशीली आँखों से तुषार को देखा जैसे कह रही हो हैट क्यों गए, करते रो,

तुषार खड़ा रहा,

कोमल हलकी सी उठी और तुषार का कलर पकड़ा और अपने उप्पेर खींच लिया, और उसके होतो पैर अपने हॉट रख दिए, और वाइल्ड तरीके से उसके हॉट चूसने लगी, तुषार भी पीछे नहीं हटा उसने भी कोमल का साथ देना शुरू क्र दिया,

कोमल- उप्पेर की तो हो गई अंदर की कोण करेगा

तुषार- मैं तो आपके आदेश का इंतजार क्र रहा था,

तुषार ने जल्दी से अपने कपडे उतरे और एक अंडर वियर में कोमल के समाने खड़ा हो गया, कोमल बीएड पैर लेती हुई थी, कोमल ने लेते लेते hi तुषार के लुंड को अंडरवियर में से hi शलया और अंडरवियर में से लुंड को बहार निकलने लगी,


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तुषार का लुंड पुरे जोश में खड़ा था, कोमल ने तुषा रके लुंड को चूमना शुरू क्र दिया, तुषार ने कोमल का सर पकड़ और लुंड उसके मुँह में आगे पीछे करने लगा,

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कुछ देर लुंड चूसने के बाद तुषार कोमल के पैरो के बिच आ गया और अपने हॉट उसकी छूट पैर रख दिए

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कोमल- aahhhhhhhhhhhhhhhhhh uuufffffffffffffffffffff आज पहेली बार किसी मर्द का लुंड मैंने चूसा ह ये सुख तो मैंने कभी कमल को भी नहीं दिया,

तुषार ने कोमल की छूट को अपने हाथो से फैलाया और जइब हैदर तक दाल दी

कोमल- aahhhhhhhhhhhhhhhh मजा आ रहा ह इतना अंदर तक आज तक कोई नहीं गया

कुछ देर छूट चूसने के बाद

कोमल- aahhhhhhhhhhh बस आ जाओ अब घुसा दो अपना ये खिलौना मेरी बील्ली में

तुषार- खिलोने तो अब तक लिए ह आपकी बील्ली ने आज तो ये असली मुर्गा लेगी

कोमल- आज तक किसी का लुंड नहीं गया मेरी छूट में आज से पहले, मैंने कभी किसी मर्द को हाथ तक नहीं लगाया

तुषार- कमल ने भी नहीं

कोमल- वो साला नल्ला क्या हाथ लगाएगा मुझे, उसका तो खड़ा भी नहीं होता, इसीलिए उससे शादी की थी ताकि किसी मर्द का हाथ न लगे मुझ पैर, लेकिन तुमने मुझे दीवाना बना दिया ह

तुषार- अभी कहा बनाया अभी तो मुर्गा ले लो अंदर फिर देखना

कोमल- तो दाल दो न अपना मुर्गा, मैंने बहुत लड़कियों की छूट फड़ी ह अपने खिलोनो से आज अपनी फड़वाने जार hi हु

तुषार- कैसे फड़वाने पसंद करोगी प्यार से या जोर से

कोमल- प्यार से तो खिलोनो से खुलवा चुकी हु आज तो जबरदस्ती फाड् दो

तुषार ने तुरंत पोजीशन ली और लुंड छूट में लगा क्र एक जोर दर धक्का लगा दिया, कोमल ने पहले काफी मोठे मोठे डिलडो ले रखे थे इसलिए आधा लुंड एक बार में hi अंदर घुस गया,


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कोमल- aahhhhhhhhhhhhhhhhhhh भेनचोद aahhhhhhhhhhh फैट गई aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaa

तुषार ने लुंड बहार खींचा और फिर एक जोर दर धक्का मारा इस बार पूरा लुंड कोमल की छूट को फाड़ता हु अन्दर घुस गया,

कोमल की साँस hi अटक गई, उसका मुँह बस खुला रह गया उसके मुहस से कोई शब्द नहीं निकले, कुछ सेकण्ड्स तक वो बस अपनी साँस को कण्ट्रोल करती रही, उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे,

तुषार रुका नहीं उसने फिर लुंड बहार खींचा और फिर ढाका लगा दिया, कोमल की साँस वापस आई

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh मर गई aahhhhhhhhhhh रुक जाओ रुक जाओ ahahhhhhhhhhhhh मैं aahhhhhhhhhhh फैट गई बहियत दर्द हो रहा ह aahhhhhhhhhhhhhhhhh


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लेकिन उसकी सुनता कोण तुषार नहीं रुका वो पूरी ताकत से लुंड बहार खींचता और अंदर घुसा देता, कोमल की हालत ख़राब हो चुकी थी, तुषार कोमल की चूचियों को नोचोद रहा था, 10 मिनट्स छोड़ने के बाद कोमल की छूट ने पानी छोड़ना शुरू क्र दिया, लुंड अब आराम से अंदर बहार हो रहा था, कोमल का दर्द काम होने लगा था, अब उसे मजा आने लगा था, लेकिन जैसे hi उसे मजा आया उसकी छूट ने फवारा छोड़ दिया और वो झड़ने लगी,

कोमल अपनी छूट उछलने लगी, ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh फाड् दो फाड् दो इसे फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क में फ़क में फ़क में अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ी ऍम फूकिंग बीच, ahhhhhhhhhhhhh फ़क में,


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तुषार पूरी ताकत से धक्के लगाए जार है था, कोमल झाड़ क्र शांत होती चली गई लेकिन तुषार रुका नहीं, कोमल ने कभी इतना जबरदस्त क्लीमेक्स फइलल नहीं किया था, क्योकि हमेषा हाथ से hi करती तो हाथ थक जाता तो वो रुक जाती इससे उसकी छूट पूरी तरह कभी शांत hi नहीं पति थी, और हमेशा एक बार करके hi रुक जाती थी,

आज तो उसका एक बार हो चुक्का था और तुषार अभी भी धक्के लगा रहा था, तुषार ने कोमल के दोनों पेअर उप्पेर को मोड और उसके उप्पेर आकर धक्के लगाने लगा इससे पूरा लुंड छूट की घेरे तक घुस रहा था, कोमल को दर्द भी हो रहा था, और मजा भी आ रहा था,

तुषार फिर बीएड पैर लेट गया और कोमल को अपने उप्पेर बैठा लिया, और निचे से अपना लुंड उसकी छूट में दाल दिया, कुछ देर ऐसे hi वो उस अपने लुंड पैर उछलता रहा फिर तुषार ने दोनों हाथो से कोमल की गांड को पकड़ लिया और हवा में रोक लिया और निचे से पूरी रफ़्तार से कमा हिलने लगा, तुषार का लुंड किसी पिस्टन की तरह कोमल की छूट में अंदर बहार हो रहा था,


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Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh तुषार ी ऍम इन हेवेन तुषार hahaahhhhhhhhhhhhh बहुत मजा आ रहा ह aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh तुषार तुम कहा थे अब तक uuufffffffffffffffffffffffffffffff तुषार uuuffffffffffffffffffffffffffffffffffffff

कोमल फिर झड़ने लगी, तुसाहर ने अपने हाथ हटा लिए, कोमल खुद लुंड पैर कूदने लगी, ahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh छोड़ो छोड़ो छोड़ो और तेज छोड़ो aahhhhhhhhhhhhhhhhh फाड् दो मेरी छूट hahahhahhhhhhhhhhhhhhhhhh ी ऍम योर बिस्तह ी ऍम योर बीच ahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


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कोमल फिर शांत पड़ने lagi,lekin तुसाहर को तसल्ली नहीं थी, उसने कोमल को निचे लिटाया और उसके उप्पेर आकर धक्के लगाने लगा, धक्के इतने तेज थे की कोमल बीएड में दबी जा रही थी, कोमल की छूट की हालत ख़राब हो चुकी थी,

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कोमल को चुड़ते हुए 50 मिनट्स से ज्यादा हो चुके थे, अब उससे बर्दास्त नहीं हो रहा था, इससे पहले वो कभी इतना नहीं चूड़ी थी, चूड़ी तो कैर वो कभी थीं hi नहीं अपने हाथ से बस 10 मिनट्स का hi मजा ले पति थी , आज तो उसकी हालत ख़राब हो चुकी थी, तुसाहर भी अब झड़ने की कगार पर था, कोमल एक बार फिर झाड़ गई,

कोमल- aahhhhhhhhhhhhhhhhhhh माँ आज मर जाउंगी मैं ahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बहुत मजा आ रहा ह तुषार मेरी जान बहुत मजा आ रहा ह, मैं तो कब से प्यासी थी आज सकूं मिला ह आज पता चला औरत होने में कितने मजा ह ahhhhhhhhhhhhhhh hahhhhhhhhhhhh छोड़ो छोड़ो अपनी कुटिया को aahhhhhhhhhhhhhhhh रंडी बना लो ahahhhhhhhhhhhhhhhh मुझे आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

चाहर- ahhhhhhhhhhhh जान मैंने कहा थान ा ऐसा मजा दूंगा फिर कभी कही नहीं जाएगी

कोमल- कही नहीं जाउंगी रंडी बन क्र रहूंगी तुम्हारी

तुषार- क्या बनेगी मेरी

कोमल- रंडी बनूँगी तुम्हारी aahhhhhhhhhhhhh आज से मैं रंडी हु तुम्हारी रखैल हु ahahhhhhhhhhhhh

तुषार- तो ले मेरी रंडी अपने मालिक का रास अपनी छूट में ले aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

कोमल- ahahhhhhhhhhhhhh भर दो अपना रास मेरी छूट में अपनी रंडी की छूट में ahhahhhhhhhhhhhhhhhh

तुसाहर ने पूरा रास कोमल की छूट में भर दिया, और उसके उप्पेर hi लेट गया, कोमल ने तुषा रको अपने से चिपका लिया और उसे कास क्र बहो में भर लिया, दोनों काफी देर तक ऐसे hi पड़े रहे,

आधे घंटे तक दोनों ऐसे hi पड़े रहे, लुंड अभी भी कोमल की छूट में hi था, कोमल की हिम्मत hi नहीं हो रही थी उठने की वो इतनी थक चुकी थी, जैसे उसके अंदर अब जान hi न हो, उसे मजा hi इतना आ रहा था की उठने का मन hi नहीं हो रहा था,

कुछ देर बाद..

तुषार- उठना नहीं ह क्या

कोमल- मन नहीं क्र रहा

तुषार- भूक लग रही ह

कोमल- मेरी भूक तो तुमने मिटा दी

तुषार- लेकिन मेरी नहीं मिटी मुझे तो खाना खाना ह

कोमल- तुम रेस्ट करो मैं लेकर आती हु

कोमल उठी और लड़खड़ा गई, लेकिन बड़ी हिम्मत वाली थी वो , इतनी तगड़ी चुदाई के बाद भी वो लड़खड़ाती हुई किचन तक चली hi गई, नंगी ने hi खाना गरम किया और तुषार के लिए बीएड पैर hi लेकर आई, आज शायद पहेली बार कोमल ने कोई काम किया होगा, जब तक कोमल खाना ले तुषार ने खुद को साफ़ क्र लिया था,

तुषार- तुम खुद को साफ़ क्र लो फिर साथ में कहते हैं

कोमल बाथरूम में गई खुद को साफ़ किया फिर बहार आ गई, तुषार ने उसे अपनी गोद में बैठा लिया और खाना खाने लगा, कोमल अपने हाथ से तुषार को खाना खिला रही थी, निचे से तुषार के लुंड में हलचल होने लगी थी, कोमल की नाजुक गांड तुषार के लुंड पैर रगड़ रही थी,

कोमल- ये फिर खड़ा होने लगा ह

तुषार- मेरी रखैल की गांड का स्पर्श पाकर खड़ा हो रहा ह

कोमल- लेकिन इसने मेरी हालत ख़राब क्र दी ह

तुषार- ये बताओ मजा आया या नहीं

कोमल- आज मुझे अहसास हुआ ह की मजा क्या होता ह, मैंने आज तक न जाने कितनी लड़कियों को छोड़ा था, मुझे नहीं पता था छोड़ने में इतना मजा आता ह,

तुषार- पता होता तो कमल से शाद करती

कोमल- कभी नहीं अगर मैंने पहले चुदाई का मजा लिया होता तो इस नाले से कभी शादी न करती साला चरसी ह, होता इससे कुछ ह नहीं इसलिए लड़कियों से नफरत करता ह और उनके साथ रपे करता ह, उनकी छूट में लुंड तो दाल नहीं पता बहार hi झाड़ जाता ह तो गुस्से में उन्हें मार देता ह,

तुसाहर- तुम भी तो उसका साथ देती हो

कोमल- उसकी वजह से मुझे भी लड़किया मिल जाती ह मुझे लड़कियों को छोड़ने में बड़ा मजा आता ह उनकी चीखे सुनने में बड़ा मजा आता ह

तुषार के अंदर गुस्सा उठने लगा था,

तुषार- अब तक कितनी लड़कियों के साथ किया होगा

कोमल- किसी को बता तो नहीं डोज

तुषार- अरे तुम तो जान हो मेरी मैं क्यों बताऊंगा

कोमल- मैंने कॉलेज में हॉस्टल की लागबहग 20 लड़किया तो छोड़ी होंगी उन्हें भी मजा आता था, मेरे साथ रहती और मजे करती लेकिन वह से बहार आकर लड़किया मिलनी बंद हो गई तो मैं परेशां रहने लगी फिर शादी की बात आई तो इत्तेफाक से इस कमल का नाम सामने आ गया मैंने है कर दी, इसके नाम आलरेडी कई रपे और मर्डर थे, मुझे लगा इसके सहारे मुझे लड़किया मिल जाएँगी,

शादी के बाद कमल और मैंने अब तक 17 लड़कियों का रपे किया ह उसमे से 15 को कमल ने मर दिया,

तुषार के अंदर गुस्से का ज्वालामुखी उठने लगा लेकिन उसने खुद को कण्ट्रोल क्र लिया

तुषार- अब भी जरुरत ह तुम्हे

कोमल- वैसे इस मजे के सामने वो मजा कुछ नहीं ह लेकिन मुझे लड़कियों की चीखे सुनने में मजा आता ह, तुम कहोगे तो छोड़ दूंगी सब लेकिन कुछ शिकार करने के बाद,

तुषार शांत हो गया,

तुषार- वो पार्सल क्या आ रहा ह

कोमल- जब आ जायेगा पता चल जायेगा

तुषार ने उस टाइम कोमल से ज्यादा कुछ पूछना ठीक नहीं समझा कही वो हाथ से न निकल जाये,

खाना खा क्र दोनों लेट गए, तुषार का लुंड कोमल की गांड में अभी भी चुभ रहा था, कोमल भी अपनी गांड उसके लुंड से चिपका क्र लेट गई और दोनों को ऐसे hi लेते रहे दोनों को नींद आ गई,

तुषार की आँख खुली तो कोमल उसका लुंड से खेल रही थी, तुसाहर ने मुस्कुरा क्र उसे देखा, कोमल ने तुषार को देखा और मुस्कुरा क्र उसकी तरफ आई,


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तुषार- मन नहीं भरा क्या

कोमल- इतने सालो की प्यास ह मन कैसे भर जायेगा मेरा तो मन कर रहा ह बस इस लुंड को हमेशा अपनी छूट में डेल राहु,

तुषार ने कोमल की चूचिया निचोड़नी शुरू क्र दी थी, कुछ hi देर में दोनों के हॉट आपस में मिल गए, जल्दी hi दोनों 69 पोजीशन में आ चुके थे,


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कुछ देर चूसा चूसै करने के बाद तुषार ने कोमल को कुटिया बनाया और लुंड पीछे से एक बार में hi घुसा दिया, और धक्के लगाने लगा,

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कोमल को कुछ देर दर्द हुआ लेकिन वो फिर मजे लेने लगी, एक बार उसी पोजीशन में कोमल को ठंडा करने के बाद तुषार ने कोमल को खड़ा किया और दीवार से कोमल की कमर लगा क्र हवा में hi छोड़ने लगा,

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जब कोमल थक गई तो वही उसे जुका क्र पीछे से छोड़ने लगा, कोमल की पूरी बेंड बजा दी थी तुषार ने,

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अब तक कोमल 2 बार झाड़ चुकी थी, फिर तुसाहर ने खड़े खड़े hi कोमल को छोड़ा, जब कोमल थक गई तो तुषार ने कोमल को फिर बीएड पैर कुटिया बना दिया और उसके पीछे से छोड़ने लगा,

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Ahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh कितनी ताकत ह तुम्हारे अंदर aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मैंने कभी किसी को इतनी देर तक छोड़ते न देखा ह न सुना ह, ahhhhhhhhhhhh छोड़ो छोड़ो छोड़ो

तभी दूर खुला और सामने कमल लड़खड़ाता हुआ अंदर आया, कमला को देख क्र तुषार एक बार के लिए थोड़ा घबरा सा गया लेकिन कोमल पैर कोई फरक नहीं पड़ा, वो खुद पानी गांड हिला हिला क्र लुंड ले रही थी, उसने मुस्कुरा क्र कमल को देखा


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कोमल- ahhhhhhhhhhhh कमल बहुत मजा आ रहा ह aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ऐसा मजा कभी नहीं मिला

कमल- ये क्या हो रहा ह तू इससे चुद रही ह ये सब क्या ह

कोमल- कमल चुप बैठ जाओ और देखो मुझे कितना मजा आ रहा ह

कमल- तेरी हिम्मत कैसी हुई मेरी वाइफ को छोड़ने की

कोमल- कमल चुप, ड्रामा मत करो, मेरे सामने तुम इतनी लड़कियों को छोड़ चुके हो मैंने कुछ कहा क्या, आज मैं चुद रही हु तो क्या प्रॉब्लम ह तुम्हे, तुम अपने मजे के लिए रपे करो मर्डर करो ड्रग्स लो, मैं चुडु भी नहीं,

कमल- तुम्हे तो मर्द पसंद नहीं थे, इसलिए तुमने मुझे कभी हाथ तक नहीं लगाने दिया

कोमल- मुझे नहीं पता था मर्द इतना मजा दे सकता ह, और तुम मुझे हाथ लगा भी लेते तो क्र क्या लेते, जाओ सो जाओ या यही देखो चुदाई कैसे होती ह,

कमल कुछ देर वही खड़ा रहा वोट क खतरनाक लुक देख बहार चला गया,

कोमल- aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh तुषार मैं फिर आ रही हु aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh उस नाले के सामने छोड़ने में तो और भी मजा आ गया ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh, कोमल झड़ने लगी

तभी तुषार ने भी भी धक्के तेज कर दिए, जब तुषार झड़ने को हुआ तो उसने अपना लुंड बहार निकल लिया और कोमल के मुँह में दे दिया, और अपना रास उसके मुँह में खली करने लगा,


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कोमल के लिए ये पहेली बार था, लेकिन वो तुषार के रास को बड़ी खुसी से पि गई, फिर वो बाथरूम में चली गई, तुसाहर बीएड पैर लेट गया, जब कोमल बाथरूम से बहार आई तो, तुषार ने उंगली से कोमल को अपने पास आने का इशारा किया, कोमल बड़ी अदा से उसके पास आई,

तुषार ने कोमल के सामान में से hi एक कुटिया के गले में डालने वाली चैन उठाई और कोमल के गले में बांध दी,

कोमल के फेस पैर स्माइल आ गई

कोमल- तुम्हे पता था मैं तुम्हारी रंडी बन जाउंगी

तुषार- ये लुंड ऐसे hi नहीं ह इसके सामने तो बनना hi था,

तुसाहर ने कोमल को अपनी तरफ खींचा


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और कोमल तुषार से चिपक क्र लेट गई, तुषार को नींद आ गई,

कुछ देर बाद कोमल उठी और कमल के पास गई, जो सोफे बैठा सिगरेट पि रहा था, कोमल ने एक ट्रांसपेरेंट गाउन पहन लिया था,


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कोमल- तुम सोये नहीं सुबह के 5 बज रहे हैं

कमल- तुम भी तो नहीं सोई

कोमल- ोुह्ह्ह्हह्ह कमल आज मेरी सच में तसली हो गई आज पता लगा मैं कितनी प्यासी थी, तुषार ने मेरी साडी प्यास बुझा दी

कमल- अपनी प्यास के लिए तुमने मुझे धोका दे दिया

कोमल- धोका नहीं दिया ह जान बस जैसे तुम्हारी ड्रग्स और लड़किया मज़बूरी ह उसके लिए मैंने कभी रोका ऐसे hi आज मुझे पता चला की मेरी क्या जरुरत ह, और उस जरुरत को तुम पूरा नहीं क्र सकते

कमल- तुमने मेरी जरुरत जनि कभी तुमने मुझे हाथ hi लगाने नहीं दिया, आज तुम इस दो कोड़ी के लड़के के लिए बदल गई अब मैं अकेला हो गया हु

कोमल- कमल तुम मुझे कण्ट्रोल करना कहते हो तुम जानते हो न मैं क्या हु मैं सब अपनी मर्जी से करती हु समझे न,

कमल- तुम्हे तो डोमिनाते करना पसदं थान ा फिर उससे चुद क्र से रंडी का पत्ता गले में दाल क्र आई हो

कोमल- मुझे आज भी डोमिनेशन पसंद ह लेकिन उसके साथ मजा आया, अब तुम ये बकवास बंद करो और बताओ वो यहाँ कब पचने वाले हैं

कमल- बस 2 हरष बाद

कोमल- ठीक ह मैं अब सोऊंगी नहीं पूरी तैयारी क्र लेती हु, उस अंदर वाले रूम में सामान लगा देती हु,

कमल- इसका क्या करोगी ये जो अंदर सोया पड़ा ह मेरे hi बैडरूम में मेरे hi बीएड पैर मेरी hi बीवी को छोड़ क्र,

कोमल- हहहहहहह सच में ये तो मस्त सीन हो गया,

तुम्हारा रूम तुम्हारा बीएड और तुम्हारी hi बीवी मजे वो ले रहा था,

कमल- अब ज्यादा हो रहा ह,

कोमल- अच्छा ठीक ह नहीं करती , वो सो रहा ह पूरी रात महेनत की ह उसने अभी नहीं उठेगा

कमल- जब यहाँ शोर मचेगा तब तो उठेगा न

कोमल- तो क्या करू

कमल- ये लो नींद की गोलिया ह उसे दूध के साथ दे दो अभी, वो आराम से पूरा दिन सोयेगा फिर तुम जो चाहे करना, उसकी आँख नहीं खुलेगी

कोमल- ये सही ह मैं अभी दे क्र आती हु, लेकिन ये 4 गोलिया ज्यादा नहीं हो जाएँगी

कमल- उसका शरीर देखा ह तुम्हे लगता ह 1 या 2 से उसे इतनी घेरि नींद आ पायेगी,

कोमल- ठीक ह

फिर कोमल तुषार के लिए दूध बना क्र ले गई और गोलिया पीस क्र उसमे दाल दी, उसने बड़े प्यार से तुषार को उठाया

कोमल- जान ये लो दूध पि लो थक गए होंगे

तुषार- इतनी आसानी से थकने वाला नहीं हु, लेकिन तुम लाइ हो तो जरूर पियूँगा,

तुषार ने वो गिलास पकड़ा और एक hi झटके में खली क्र दिया,

कोमल- अब तुम सो जाओ

तुषार- तुम भी आ जाओ

कोमल- मैं कमल के पास हु उसने ज्यादा ड्रग्स ले ली ह उसे देखती हु

कोमल वह से बहार आ गई, कुछ hi देर में तुषार को नींद आ गई, और कोमल लग गई अपनी तैयारी करने में, कमल सोफे पैर बैठा था और बस देख रहा था, उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था उस टाइम,
 
अपडेट-50






वही सुरेश चोपड़ा सोनिया और सोहन अगल hi प्लानिंग में लगे थे, सोनिया यश से बात करने की कोशिश कर रही थी, इसी लिए जब तुषार कमल और कोमल के साथ देरादून पंहुचा तभी सोनिया पहुंची यश से मिलने, यश को नींद की दवाई देकर सुलाया जा रहा था, अजय की हालत अभी भी नाजुक थी,

सोनिया अम्मा और अनीता को दिलासा देने लगी,

अम्मा बहुत दुखी थी लेकिन अनीता के फेस पैर ज्यादा दुःख नहीं था न hi रिंकी के फेस पैर अलीशा जरूर चिंता में थी,

अनीता- आप कैसे जानते हो इन्हे

सोनिया- बस बुसनेस्स के वजह से, अभी दो दिन पहले चंडीगढ़ में मुलाकात हुई थी, आज पता चला की कोई हादसा हुआ ह

अनीता का दिमाग खटक गया, क्योकि अनीता ने जब तुषार को बताया था की अजय और यश चंडीगढ़ में ह तो उसने कहा था वह उसकी माँ का सबसे बड़ा दुश्मन ह, अनीता की शक की सुई अटक गई सोनिया पैर

कुछ देर बात करने के बाद सोनिया ने फ़ोन निकला और अम्मा और अनीता को दिखते हुए पूछा आप लोग इसे जानती हैं,

अम्मा के मुँह से एक दम निकल गया ये तो तुषार ह, सोनिया की बोहे चढ़ गई, वही अनीता की घंटी भी बज गई,

सोनिया- आप लोग कैसे जानते हैं इसे

अम्मा कुछ बोलने वाली थी तभी अनीता ने अम्मा का हाथ धीरे से दबा दिया,

अनीता- ये मेरी बेटी का दोस्त ह दोनों का एक बार एक्सीडेंट हुआ था और दोनों दोस्त बन गए, तो आता रहता ह मिलने बड़ा अच्छा बच्चा ह ये,

सोनिया- इसके पेरेंट्स को जानते हो क्या आप

अनीता- नहीं पेरेंट्स को तो नहीं जानते ये तो यहाँ जॉब के लिए रहता ह शायद

सोनिया- ाचा ाचा

अनीता- लेकिन आप क्यों पूछ रही हैं आप कैसे जयंती है इसे

सोनिया- ये मेरी कंपनी में जॉब करता ह इसके पेरेंट्स से नहीं मिली कभी ये मिलवाता भी नहीं ह इसलिए सोचा किसी को पता हो

अनीता- आपको कैसे लगा हमे पता होगा

सोनिया- अरे आपके गाओं में एक अंजलि रहती ह न उसके बेटे का नाम भी तुषार ह तो सोचा आप लोग जानते होंगे

अनीता- अंजलि ये वही हमारी जमीन खरीदने वाली अनजालि तो नहीं

सोनिया- है है वही आपके पति ने बताया था आपकी जमीन खरीद ली ह उसने

अनीता- है उसका भी तुषार नाम का बीटा ह बड़ा बत्तमीज ह वो जल्लाद ह एक नंबर का,

सोनिया- आपने देखा ह उसे

अनीता- देखा ह अरे उसने मेरे सामने hi मेरे देवर को पिता था, एक दम सैंड जैसा ह

सोनिया- अच्छा दोनों अलग अलग हैं

अनीता- अरे ये तुषार कहा और वो कहा ये तो बड़ा मासूम बच्चा ह

सोनिया के फेस पैर एक तस्सली के भाव थे, वही अम्मा के फेस पैर चिंता के और अनीता के फेस पैर विजय के, रिंकी भी साइड में hi कड़ी थी, उसके फेस पैर कन्फूसिओं के भाव थे, सोनिया कुछ देर बैठी और चली गई, उसके जाते hi,

अम्मा- अनीता ये क्या था, कोण थी ये और तुषार के बारे में इतना सब क्यों पूछ रही थी,

अनीता- अम्मा पक्का तो मुझे नहीं पता लेकिन जब तुषार यहाँ आया था तब मैंने उसे बताया की अजय और यश चंडीगढ़ गए ह तो वो टेंशन में आ गया था, उसने बताय की वह उसकी माँ का सबसे बड़ा दुश्मन रहता ह

अम्मा- हो सकता ह अंजलि इन्ही लोगो से बचने के लिए यहाँ आई होगी, अब उन्हें उसकी जानकारी लग गई होगी

अनीता- और वो जेकरि आपके hi बेटो ने दी ह अम्मा

अम्मा- भगवान् क्या अपराध किया था मैंने जो ऐसी औलाद दे दी मुझे, इससे तो मैं बाँझ hi रहती तो अच्छा था

रिंकी- ये सब चल क्या रहा ह कोण थी ये और तुषार के बारे में क्यों पूछ रही थी और आपने झूट क्यों बोलै

अम्मा- बीटा तुषार का जीवन इतना सरल नहीं ह जितना दीखता ह बहुत तकलीफ ह उसके जीवन में उसकी माँ ने बहुत तकलीफ उठायी हैं आज तक, वो बच्चा तो सबको प्यार देता रहता ह लेकिन उसका और उसके परिवार का जीवन बहुत कष्टदायक रहा ह, फिर अम्मा ने रिंकी को तुषार और अंजलि को कहानी शार्ट में सुनाई,

रिंकी को पता चला की तुषार उसके चाहा का बीटा ह याने उसका भाई, वो अपने भाई से चुद गई थी, उसका दिमाग हिल गया, और अनीता ने उसकी फीलिंग्स को भाप लिया था,

अनीता- रिंकी कभी भी तुझसे तुषार के बारे में पूछे तो सबको ये hi बताना जो मैंने कहा ह अभी, और तुम गाओं के तुषार को नहीं जानती न hi कभी मिली ह उससे

रिंकी- समझ गई माँ

अनीता- तुम्हारे बाप और चाचा की वजह से बहुत तकलीफ उठाई ह उन लोगो ने, हम उनकी तकलीफ काम नहीं क्र सकते, लेकिन उनकी कुछ सहायता तो क्र hi सकते हैं

रिंकी- आप चिंता मत करो मम्मी

अनीता ने तुषार को कॉल लगाई, उस टाइम तुषार पहाड़ो में बस चला रहा था, कमल और कोमल सो रहे थे, अनीता ने आज की साडी जानकरी तुषार को दे दी थी,

तुषार- ठंकु अनीता जी

अनीता- तुम्हारे लिए इतना तो क्र hi सकते हैं हम

सोनिया वापस सुरेश के पास आई और उसे सब बताया,

सुरेश- ये मटर बहुत गड़बड़ होता जा रहा ह

दोनों को नींद नहीं थी पूरी रात सोनिया सुरेश और सोहन बस डिस्कशन hi करते रहे, अलग अलग लोगो से मुलाकात करते रहे, प्लानिंग करते रहे, तभी सुरेश के पास मंत्री जी की कॉल आई,

सुरेश- मंत्री जी कॉल क्यों क्र रहे हैं

सोनिया- हो सकता ह वो कुछ साथ दे हमारा बात करो

सुरेश ने कॉल उठाया

सुरेश- नमस्कार मंत्री जी

मंत्री- चोपड़ा मेरी बेटी कहा ह

मंत्री की बात सुनकर तीनो की हालत ख़राब हो गई, फ़ोन स्पीकर पैर था,

सुरेश- बेटी मतलब वो तो आपके पास hi गई थी न

मंत्री- वो कल शाम से गायब ह

सुरेश- गायब ह ऐसे कैसे गायब ह

मंत्री- छोड़पा मुझे शक ह इसमें तेरा बीटा और बहु कमल और कोमल का हाथ ह अगर मेरी बेटी को कुछ हुआ न तो मैं तेरे पुरे खंडन को बर्बाद क्र दूंगा

सुरेश- ये आप क्या बोल रहे हैं वो ऐसा क्यों करेंगे

मंत्री- क्योकि वो मेरी बेटी को बर्बाद करने की प्लानिंग क्र रहे थे

सुरेश- पहले तो वो ऐसा करेगा नहीं फिर भी मैं पता करता हु आप चिंता मत कीजिये

मंत्री- जल्दी क्र चोपड़ा वर्ण अच्छा नहीं होगा,

फ़ोन काट गया

सुरेश- ये लड़का मुझे बर्बाद कर देगा ऐसा साप पैदा हुआ ह जो अपने hi बाप को बर्बाद क्र रहा ह,

सोनिया ने तुरंत कॉल लगाया कमल को, लेकिन उसने उठाया नहीं, उसने फिर कोमल को फ़ोन मिलाया, तो उसका फ़ोन भी उसके पास नहीं था, फिर सोनिया ने तुषार को कॉल लगाया उसने भी नहीं उठाया,

सोनिया- कोई भी नहीं उठा रहा फ़ोन

सुरेश- कुछ गड़बड़ ह जल्दी से आदमी भेजो वह

सोनिया- अभी भेजती हु

यहाँ फ़ोन उठाते भी कैसे, क्योकि रूम में एक चेयर पैर नंदनी बंधी हुई थी उसके पीछे 5 आदमी खड़े थे, कमल सामने एक चेयर पैर बैठा हुआ था, तभी कोमल अंदर आई, आ गया मेरा पार्सल


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कमल- है जान ये आ गया तुम्हारा पार्सल

कोमल- ठंकु जान ठंकु आज मैं इसे दिखाउंगी मैं क्या हु

नंदनी- ये सब क्या बतमीजी ह, तुम लोग जानते हो मैं मंत्री की बेटी हु मेरे पापा तुम्हारा क्या हाल करेंगे तुम जानते नहीं हो

कमल- तेरा बाप मंत्री ह वो जो करेगा बाद में करेगा पहले हमे जो करना ह हम तो कर ले, हमे कुछ करने के बाद तेरा बाप जो करेगा देख लेंगे

ननदनी को तुषार की बात याद आ गई, उसने कहा था मंत्री जी जो करेंगे बाद में करेंगे लेकिन तुम्हारे साथ जो गलत हो चुक्का होगा वो वापस नहीं आएगा,

तुषार की बात याद आकर ननदनी की रूह तक काँप गई

ननदनी- कोमल तुम ऐसा क्यों क्र रही हो, कमल मैं तुम्हारी भाभी हु

कोमल- चुप क्र साली कुटिया तुझे बड़ा घमंड ह अपने आप पैर आज तेरा घमंड मेरा ये लुंड तोड़ेगा,


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कोमल ने प्न वो रबर वाला लुंड अपनी कमर पैर बांध लिया, जिसे देख क्र पीछे खड़े आदमियों की हसी छूट गई

कमल- है क्या रहे हो भें के लोदो, अगर कोई हँसा तो तुम्हारी गांड भी इसे से मर लूंगा, इसे नंगी करो

सरे आदमी एक दम आगे आये और नंदनी के कपड़े फाड़ने लगे,

ननदनी- नहीं नहीं बचाओ बचाओ, प्लस आईएस मत करो कमल छोड़ दो मुझे प्लस कोई बचाओ ajhhhhhhhhhhhhhhhh

लेकिन उसकी कोण सुनने वाला था वह, कुछ hi देर में ननदनी नंगी चेयर पैर बैठी थी, बंधी हुई,


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कोमल- हे क्या चुहकइया ह इसकी बड़ी भरी भरी क्र राखी ह आज तेरी झुका झुका क्र लुंगी,

कमल- रुक जाओ जान अभी तो तमाशा शुरू होने दो

कोमल रुक गई

कमल- जाओ रे उसे भी ले आओ

दो आदमी चले गए बहार फिर वो अंदर आये तो एक चेयर पैर तुषार बंधा हुआ था,


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कोमल- कमल ये क्या ह इसे क्यों लाये हो यहाँ और बंधा क्यों ह

कमल- अरे जान इसकी इज्जत बचने के लिए hi तो ये ननदनी हम से भिड़ी थी न, तो आज इस तुषार के सामने hi ये अपनी इज्जत लुटवायेगी,

कोमल- कमल ये ठीक नहीं ह

कमल- बड़ी तकलीफ हो रही ह पूरी रात इससे चुद क्र कही तुम बदल तो नहीं गई

कोमल- ऐसी बात नहीं ह

कमल- उतरो रे इसके कपडे भी उतरो,

दो आदमियों ने तुषार के कपडे फाड़ दिए, तुषार नशे की हालत में था, वो खुद को कण्ट्रोल नहीं क्र प् रहा था,

तुषार के कपडे जैसे hi फाटे वो बिलकुल नंगा हो गया, और उसका लुंड किसी मीनार की तरह खड़ा था, तुषार बेसुध सात है लेकिन उसका लुंड पुरे जोश में था,


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कोमल की नजर उसके लुंड पैर गई तो उसे हैरत हु पूरी रात चुदाई के बाद भी ये लुंड ऐसे कैसे खड़ा ह और कल से ज्यादा बड़ा और खतरनाक लग रहा ह, वही ननदनी की नजर तुषार पैर गई तो उसकी आँखे फटी रह गई, इतना खतरनाक नजारा था, वो कभी तुषार के फेस को देखती कभी उसके लुंड को,

कमल- हहहह सेल के पास औजार बहुत तगड़ा ह लेकिन आज के बाद नहीं रहेगा

कोमल- क्या मतलब ह तुम्हारा

कमल- हहहहह मतब मेरी जान तुमने जीतनेय मजे लेने थे रात में ले लिए आज के बाद इसके पास लुंड hi नहीं रहेगा,

कोमल- कमल ऐसा मत करो

नंदनी- तू जानवर ह कमल सच में जानवर ह

कमल- जानवर हहहहह जानवर तो तुम अभी देखोगी, जानवर तो अभी बंधा हुआ ह, देख रही हो इस जानवर का लुंड

नंदनी- कहना क्या चाहता ह तू

कमल- अभी ये जितनी शांति से बढ़ा हुआ ह कुछ hi देर में इसका जानवर जागने वाला ह, इसके अंदर वो ड्रग्स घूम रहा ह जो इसे जानवर बना देगा

कोमल- ड्रग्स

कमल- है जान तुमने hi तो दिया था एक नहीं बल्कि 4 गोलिया दी थी, वो एक गोली hi एक आदमी को हवसी बनाने के लिए काफी ह, इस ड्रग्स के बाद इंसान की ब्लड की रफ़्तार इतनी तेज हो जाती ह, उसके अंदर सेक्स की रेक्विरेमेंट इतनी बढ़ जाती ह की वो किसी का रपे भी क्र सकता ह, अगर उसने सेक्स नहीं किया तो उसकी खुद की हवस उसकी hi जान ले लेगी, दिमाग की नसे फैट जाएँगी, पागल भी हो सकता ह, और इसके अंदर तो 4-4 गोलिया गई ह सोचो ये क्या करेगा

कोमल- कमल ये तुमने क्या किया इसने क्या बिगाड़ा था तुम्हारा

कमल- इसने मेरी इंसल्ट की थी, मेरे hi बीएड पैर मेरी बीवी को छोड़ रहा था इसे तो इसकी सजा मिलेगी hi, और इसकी सजा ह ये अभी इस नंदनी को छोड़ेगा, नंदनी उसे रोकेगी तो ये उसका रपे करेगा, जहा तक मुझे उम्मीद ह ननदनी इसका हतियार नहीं जेल पायेगी, और जिस तरह से ये करेगा जरूर ये मर जाएगी, बच गई तो मैं मार दूंगा, पोस्टमार्टम में रपे आएगा, जो इसने किया होगा, इधर मैं इसे मर दूंगा इसका ये लुंड काट दूंगा, और हीरो बन जाऊंगा, दोनों एक साथ ख़तम मुझ पैर लगे केस भी ख़तम

कोमल- गुस्से में कमल मैं तुम्हे ये सब नहीं करने दूंगी

कमल- हरामजादी तुझे क्या लगा मैं तुझे छोड़ दूंगा तेरा भी यही हाल होगा,

करो रे इस भें की लोदी को नंगी करो, इन दोनों के मरने के बाद ये तुम्हारा इनाम होगी, इसे आज कल लुंड पसंद आने लगा ह तो तुम सब इसे लुंड देना, बस ख्याल रहे प्यार से, रपे ये जानवर करेगा इसका, फिर दोनों को मर दूंगा

कोमल- कमल तुम्हारी इतनी हिमायत

कमल ने एक थप्पड़ मारा कोमल को, दो आदमियों ने कोमल को पकड़ लिया, कमल ने खुद उसके कपड़े फाड् दिए, अब कोमल बिलकुल नंगी कड़ी थी वो अपने अंगो को छुपाने की कोशिश क्र रही थी,

आज उसे अहसास हो रहा था वो लड़कियों के साथ क्या क्या करती आई ह ये सब उसी की सजा थी,

कमल- पानी मारो रे इसके मुँह पैर सेल को उठाओ

तुषार के मुँह पैर पानी मारा गया तो तुषार को हल्का होश सा आया, उसने जबरदस्ती आपने आँखे खोली, और चारो तरफ देखा, कोमल और ननदनी नंगी थी, वो खुद भी नंगा बैठा था,

कमल- खोलो इसे और करने दो

तुषार के हाथ खोल दिए उसने उठने की कोशिश की लेकिन उठा नहीं गया वो गिर पड़ा, जैसे तैसे वो उठा तो उसका लुंड मीनार की तरह खड़ा हो गया,

कमल- चल टूट पद इन दोनों पैर उदा दे धजिया इनकी छूट की

तुषार ने अपने लुंड को पकड़ लिया और जोर से भींच लिया, ahhahhhhhhhhhhhhhhh

तुसाहर- क्या किया ह तूने मेरे साथ

कमल- हहहहह सेल मजे क्र न देख दो दो लड़किया नंगी पड़ी तेरे समाने

तुषार का दिमाग काम नहीं क्र रहा था, उससे चला नहीं जा रहा था वो लड़खड़ाता हुआ नंदनी के पास पंहुचा, उसने ननदनी की चूचियों पैर हाथ फिराया, नंदनी के मुँह से एक दम रोने की आवाज आई,


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तुषार ने उसका फेस देखा वोट क दम पीछे हाथ गया,

कमल- क्यों रोक रहा ह क्र ले मजे तुझे जीवन भर ऐसी सेक्सी माल नहीं मिलेगी

तुषार ने गुस्से से कमल को देखा लेकिन उसके अंदर कोई ताकत सी महसूस नहीं हो रही थी, या वो अपना दिमाग नहीं लगा प् रहा था, फिर वो कोमल की तरफ गया और उसे अपनी बहाओ में भर क्र मसलने लगा,

कोमल- ahhhhhhhhhhhhhh तुषार दर्द हो रहा प्लस ahhhhhhhhhhhhhh

तुसाहर ने उसे भी छोड़ दिया और एक तरफ गिर गया,

कमल- चलो रे छोड़ो इस भें की लोदी को,

तभी पांचो आदमी कोमल की तरफ आने लगे,

कोमल- नहीं नहीं रुक जाओ कमल ऐसा मत करो मैं तुम्हारी पत्नी हु कमल रोको इन्हे

कमल- वो तो तू तब भी थी जब रात में इससे चुद रही थी,

वही तुषार की हालत ख़राब हो रही थी, उसने खुद को सम्हालने के लिए टेबल का सहर लिया, फिर उसने एक जोर दर मुक्का टेबल पैर मारा और टेबल तोड़ दी,

टेबल टूटने से सभी एक डैम चौंक गए, फिर वापस कोमल की तरफ आने लगे, लेकिन नंदनी के दिमाग ने काम करना शुरू क्र दिया

नंदनी को समझ आ गया था की दुर्गस्य की वजह से तुषार अपने दिमाग पैर कण्ट्रोल नहीं क्र प् रहा ह वर्ण उसके अंदर ताकत वैसी hi ह और जैसे उसने मेरे आंसू देख क्र और कोमल के दर्द का अहसास करके खुद को रोका इसका मतलब वो लड़ सकता ह,

ननदनी- तुषार इस ड्रग्स से तुम कमजोर नहीं हुए हो बस दिमाग को कण्ट्रोल नहीं क्र प् रहे, अपना दिमाग कण्ट्रोल करो, मैं जानती हु तुम्हारे अंदर बहुत अच्छे ह, तुम्हारे अंदर कोई गलत फीलिंग्स नहीं ये ड्रग्स तुम्हे गलत करने पैर मजबूर नहीं क्र सकता तुम हिम्मत क्र सकते हो, लड़ो इससे प्लस लड़ो इससे

तुषार ने खुद को कण्ट्रोल करने की कोशिश की, उसने पूरी ताकत लगा क्र खुद को खड़ा किया ुर टेबल के टूटे हुए पेअर को उठा लिया, वो लड़खड़ाता हुआ आदमियों की तरफ चलने लगा,

कमल उसे देख क्र है रहा था- हाहाहा सेल इस ड्रग्स का असर तुझे उठने नहीं देगा मत लड़ खुद से पागल हो जायेगा, मुझे देख मैं इतना ड्रग्स लेता हु ये वाला मुझे भी पागल क्र देता ह,

तुषार ने आदमियों तरफ जाकर जोर से डंडा घुमाया जो एक आदमी को लगा और लगते hi वो घूम क्र जमीन पैर जा ग्रा, एक hi डंडे में उसका सर फैट गया,


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तुषार- हाआआआ तूने जवानी में ड्रग्स लेना शुरू किया और उससे तू पागल हुआ न सेल, मैंने तो माँ के दूध की जगह ड्रग्स hi लिए हैं सोच मैं कितना बड़ा पागल हूँगा,

फिर तुषार ने जो किया उसे देख क्र कमल की गांड फैट गई, तुषार ने उस डंडे को ऐसे घूमना शुरू किया जैसे तलवार चला रहा हो,


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सामने जॉब hi आया दूसरे वॉर के लिए उठा hi नहीं, फिर तुषार ने डंडा फेंका और खुद टूट पड़ा और एक की गार्डन पकड़ क्र पूरी मोड़ दी, कुछ hi पल में पांचो आदमी जमीन पर पड़े थे, पांचो मर चुके थे, कमल आँखे फाडे देख रहा था ये क्या हुआ,

तुषार का ये रूप देख क्र कोमल और ननदनी की भी गांड फैट गई, नंदनी को तुषार की ताकत का अहसास तो हो गया था लेकिन इतनी ताकत ये कभी नहीं सोचा था,

तुषार कमल के पास पंहुचा वो घबराया सा तुषार को देख रहा था, तुषार की आँखे लाल थी जिन्हे देख क्र कमल की और हालत ख़राब हो रही थी, तुषार ने एक मुक्का गुमा क्र कमल को मर दिया कमल किसी गुड्डे की तरह उड़ता हुआ दीवार से जा लगा, एक hi मुक्के में वो बेहोश हो गया,

कमल के गिरते hi तुषार ने अपना कण्ट्रोल छोड़ दिया और वो गिर पड़ा, कोमल दौड़ क्र उसके पास पहुंची

कोमल- तुषार उठो उठो तुषार

ननदनी- कोमल उसने अपनी हिम्मत जूता क्र जो किया ह अब उसका उठना मुश्किल ह

कोमल- हमे कुछ करना होगा

ननदनी- हम क्या कर सकते हैं और मैं तुम्हारे साथ मिल क्र क्यों कुछ करुँगी तुम मुझे बर्बाद करने ले हो न यहाँ

कोमल- तुम्हे मुझपर जो गुस्सा दिखाना ह दिखा लो लेकिन इस वक़्त इसे बचाना बहुत जरुरी ह और इसकी हालत बहुत ख़राब ह

नंदनी- डॉ. को बुलाते हैं

कोमल- हम किसी को नहीं बुला सकते यहाँ 5 -5 लाशे पड़ी हैं और कमल बेहोश पड़ा ह डॉ. के साथ पुलिस भी आएगी हम सब जेल चले जायेंगे

ननदनी- अब हम क्या करे

कोमल- तुषार hi कुछ क्र सकता ह लेकिन उसे होश में आना बहुत जरुरी ह,

ननदनी- लेकिन हम इसे होश में कैसे लाये

कोमल- इसकी ड्रग्स का असर काम करके वो इसके सेक्स करने से hi काम होगा

नंदनी- तुम पागल हो मैं कैसे क्र सकती हु

कोमल- क्यों नहीं क्र सकती ये तुम्हारे लिए लड़ सकता ह मर सकता ह तुम इसे बचने को इतना नहीं क्र सकती, मैं अकेली भी क्र लेती लेकिन बिना ड्रग्स के भी इसका स्टैमिना बहुत ज्यादा ह, इसने पूरी रात मेरी बेंड बजा के रख दी थी, अब तो ड्रग्स का नशा ह पता नहीं क्या क्या करेगा, मैं अकेली नहीं सम्हाल पाऊँगी,

ननदनी- क्या तुम रात इसके साथ किया, इतना बड़ा कैसे झेल गई मैं मर जाउंगी मुझे तो देख क्र hi दर लग रहा ह

कोमल- अगर आज खुद को बचाना ह तो इसे बहकाना hi होगा और इसे बचने के लिए कुछ तो क़ुरबानी देनी होगी, ये पक्का ह इसके निचे आने के बाद किसी और के निचे आने लायक नहीं रहोगी

ननदनी- उससे मुझे फरक नहीं पड़ता मुझे किसी के निचे नहीं आना, पहले मेरे हाथ तो खोलो और इस कमल को बांधो अगर ये होश में आ गया तो गड़बड़ हो जाएगी

कोमल ने नंदनी को खोला और कमल को बांध दिया,

ननदनी- अब, अब क्या करना ह

कोमल- करना क्या ह ये तो बेसूद ह हमे hi चढ़ना ह इस पैर

ननदनी- मुझे दर लग रहा ह

कोमल- पहले मैं लेती हु, फिर तुम करना, मैं आयल लेकर आती हु

नंदनी- यहाँ लाशे पड़ी ह इनके बिच कैसे कर्नेगे

कोमल- इसे अपने रूम में hi लेकर चलते हैं, फिर दोनों ने तुषार को सहारा देकर उठाया और बीएड पैर लिटा दिया, कमल को भी सामने hi बांध दिया,

ननदनी- इसे कैसे लेंगे देख रही ह कैसे कैसे खड़ा ह


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कोमल ने तुषार के लुंड पैर एक आयल डाला, ये आयल नार्मल आयल से कुछ ज्यादा hi चिकना था,

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ननदनी ये क्या ह

कोमल- ये वो आयल ह जिसे लगा क्र पोर्नस्टार इतने बड़े काळा काळा लुंड अपनी छूट और गांड में आसानी से ले लेती हैं

फिर कोमल ने अच्छे से लुंड पैर तेल की मालिश की


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फिर कोमल ने अपनी छूट पैर अच्छे से आयल लगया और तुषार के उप्पेर आ गई,

कोमल- नंदनी मैं कोशिश क्र रही हूत ुम मेरे पास आ जाओ, अगर मैं निचे न बैठ पाव तो प्लस तुम दबाव बना क्र निचे बैठा देना,

ननदनी उसके पास आ गयी, कोमल ने लुंड पकड़ा और अपनी छूट पैर लगाया और उस पैर बैठने लगी,


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आयल की वजह से लुंड छूट में घुसता चला गया, ahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh आज तो बहुत ज्याद ामोटा लग रहा ह ahhhhhhhhhhhhhhhhhh कोमल रुक गई तो ननदनी ने दबाव बनाना शुरू किया आधे से ज्यादा लुंड उसकी छूट में घुस गया,

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कोमल- रुक जाओ ahhhhhhhhhhhhh रुक जाओ पहले इतने पैर hi कोशिश करती हु छूट अभी गीली नहीं हुई पूरी तरह,

कोमल हलके हलके उप्पेर निचे होने लगी, कुछ hi देर में छूट को रहत हो गई, और हलके हलके धक्के कब तेज हो गए कोमल को भी पता नहीं चला, जल्दी hi पूरा लुंड उनकी छूट में घुस गया, नंदनी शोकेड सी कड़ी देख रही थी, उसकी छूट तो अभी से गीली हो चुकी थी,

कोमल मजे से तुषार के लुंड पैर उछाल रही थी


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तुषार बिच बिच में होश में आ रहा था, लेकिन कोमल ज्यादा देर बर्दास्त नहीं क्र पाई और झाड़ गई, औरत झड़ने के बाद खुद लुंड पैर नहीं उछाल पति, वही कोमल के साथ हुआ उससे उछला नहीं गया छूट में गुदगुदी सी होने लगी, वो उठने लगी तो तुषार ने उसकी कमर पकड़ ली, और उतरने नहीं दिया, अब तुषार थोड़ा थोड़ा होश में आने लगा था, उसे मजा आ रहा था

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उसने कोमल की कमर पकड़ी और लुंड पैर उछलने लगा, कोमल की हालत ख़राब होने लगी थी, पूरी रात तुषार ने उसकी बजे थी, दिन निकलते hi फिर छुड़न ेलगी कोमल की छूट का तो भोसड़ा बन चुक्का था, कोमल के बार फि झड़ने लगी, अब उससे बर्दास्त नहीं हो रहा था, वो जबरदस्ती तुषार के उप्पेर से उठी,

कोमल- ननदनी जाओ तुम्हारी बरी

नंदनी- मुझे दर लग रहा ह,

कोमल- कुछ नहीं होगा मैं हु न चलो जल्दी से

नंदनी भी कोमल की तरह तुषार के उप्पेर आ गई, और निचे बैठने लगी, कोमल ने तुषार का लुंड पकड़ा और कोमल की छूट पैर लगाया, नंदनी निचे बैठने लगी, जैसे hi तुषार का टोपा नंदनी की छूट पैर लगा नंदनी की सिसकारी निकल गयी aaahhhhhhhhhhhhh,


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कोमल ने नंदनी के कंध ेपकड़े और नीच ेदबाने लगी, लुंड छूट को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया, ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh कोमल aahhhhhhhhhhhhhhh रुक जा मर गई aahhhhhhhhhhhhhhhhhh फैट गई ahhhhhhhhhhhhhhhh माँ ahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

कोमल ननदनी की चूचिया सहलाने लगी- बस बस ननदनी बस जल्दी hi मजा आएगा बस

ननदनी शांति से रुक गई, लूँ डस्की छूट में फास चुक्का था, न नंदनी निचे हो सकती थीं ा hi उप्पेर उठ प् रही थी, उसने आज तक सोहन का 5 इंच का लुंड hi अपनी छूट में लिया था, उसे बहार घूमे मस्ती का शोक था लेकिन वो सोहन के अलावा किसी से नहीं चूड़ी थी, आज चूड़ी तो गधे के लुंड से,

कोमल ने नंदनी की चुकी चुसनी शुरू क्र दी फिर निचे से उसकी छूट को रगड़ने लगी, जल्दी hi नंदनी की छूट पानी छोड़ने लगी, नंदनी ने हलकी हलकी कमर हिलनी शुरू की, तुषार ने नंदनी की कमर पकड़नी चाही लेकिन कोमल ने उसके हाथ अपने जांघो के निचे दबा लिए, अगर तुषार ननदनी की कमर पकड़ लेता तो शायद एक बार में hi पूरा लुंड उसकी छूट में घुसा देता, और ये नंदनी से झेला नहीं जाता,


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कुछ hi देर में छूट लुंड पैर उप्पेर निचे होने लगी, नंदनी ने पूरा लुंड अंदर लेने की कोशिश नहीं की, उसे तकलीफ हो रही थी इतना मोटा लुंड उसकी छूट में फसा था और नंदनी को अपने पैरो पैर बैठे बैठे hi छोड़ना था, कुछ hi देर में ननदने को मजा आने लगा, और वो झड़ने लगी,

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झड़ते hi वो उतर गई,

नंदनी- ये ऐस इन्ही झाड़ेगा



कोमल- तो पूरा जादू दिखते ह आ जाओ
 
अगला अपडेट आ गया ह जी इस बार जल्दी दिया ह

उम्मीद करती हु सबको पसंद आएगा

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अपडेट-51



कोमल ने तुषार का लुंड पकड़ा और चूसने लगी,

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कुछ देर नंदनी कड़ी रही, लेकिन वो भी उसके साथ लग गई, नंदनी को अब मजा आ रहा था तुषार के लुंड के साथ खेलने में, दोनों 30 मिनट तक उसका लुंड चुस्ती रही,

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उसके बाद कोमल फिर उसके लुंड पैर चढ़ गई और चुदाई की इस बार तुषार ने भी अपनी कमर चलाई, फिर नंदनी चढ़ गई इस बार लुंड पूरा उसकी छूट में घुसा था, जब दोनों झाड़ गई तो उन्होंने फिर तुषार का लुंड चूसा,

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इस बार तुषार के लुंड ने पिचकारी मर दी दोनों के मुँह पैर, कोमल ने तो रास चाट लिया लेकिन नंदनी बाथरूम में भाग गई साफ़ करने,

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लुंड हल्का होते hi तुषार ने उठने की कोशिश की

कोमल- लेते रहो

ननदनी भी आ गई तुषार ने उसे देखा, नंदनी ने बस उसे एक मुस्कान दी, तुषार उठ क्र बैठ गया,

उसका लुंड अभी भी खड़ा था,

नंदनी- कोमल तुषार को बाथरूम में लेकर चल ठन्डे पानी से नाहा क्र शायद कुछ रहत हो, फिर वो बाथरूम में ले गए काफी देर तुषार को शावर के निचे नहलेते रहे, लेकिन लुंड को कोई ठण्ड नहीं थी, वो तो खड़ा था, फिर कोमल लग गई उसका लुंड चूसने,


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कोमल- हम खुद करते करते थक गए हैं अब तुम करो तुषार

तुषार ने कोमल को खड़ा किया और बाथरूम की शीशे की दिवार से लगाया और लुंड पीछे से उसकी छूट में घुसा दिया, कुछ hi देर में तुषार ने रफ़्तार पकड़ ली,


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नंदनी बहार कड़ी शीशे में कोमल को चुड़ते हुए देख रही थी, 45 मिनट्स तक तुषार कोमल को बाथरूम में hi अलग अलग पोस्टिटोन में छोड़ता रहा, जब तक उसका रास खाई नहीं हो गया तुषार ने पूरा रास कोमल की छूट में भर दिया, इस बिच कोमल 2 बार झाड़ गई थी,

तुषार के झड़ते hi कोमल ने शावर चला दिया, तुषार नहाने लगा कोमल बाहर आ गई,

कोमल- नंदनी जाओ अब

नंदनी- यार दर लग रहा ह तेरी चुदाई देख क्र मेरी तो वैसे hi हालत ख़राब हो रही ह

कोमल- वो अब कण्ट्रोल में होने लगा ह जल्दी hi उसका असर काम हो जायेगा,

नंदनी सर निचे करके बाथरूम में चली गई, तुषार शावर के निचे खड़ा था, नंदनी उसके पीछे से जाकर चिपक गई, तुषार को नंदनी की कठोर चूचियों का अहसास हुआ, तुषार ने अपना एक हाथ पीछे लेजाकर नंदनी की नंगी गांड पैर रख दिया,


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पहेली चुदाई नंदनी ने खुद किट hi तो वो ज्यादा फील नहीं क्र पाई लेकिन अब तुषार का हाथ लगते hi नंदनी मचल उठी और तुषार को बहो में भींच लिया,

तुषार ने ननदनी को घुमा क्र सामने ले आया, नंदनी तुषार के सीने से चिपक गई, तुषार ने नंदनी को थोड़ी को पकड़ा और उप्पेर तुहाया, नंदनी ने नज़ारे झुका ली, तुषार ने नंदनी के होतो पैर अपने हॉट रख दिए,


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कुछ देर तो नंदनी शांत रही फिर तुषार के साथ देने लगी, और दोनों मजे से एक दूसरे के होतो का रसपान करने लगे, तुषार का लुंड नंदनी के पिअत पैर दबा हुआ था, फिर नंदनी के तुषार के लुंड को मुठी में भर लिया और उप्पेर निचे करने लगी, तुषार का टॉप खुल बंद हो रहा था, जो नंदनी के मुँह में चला गया कुछ देर नंदनी ने तुषार का लुंड चूसा फिर तुषार ने नंदनी को उठाया और बहार ले आया जहा कोमल बीएड पैर थकी हुई लेती थी, तुषार ने ननदनी को कोमल के बराबर में लिटाया और उसकी टैंगो के बिच आकर लुंड उकसी छूट पैर रखा और धकेल दिया अंदर

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh नंदनी ने नशीली आँखों से तुषार को देखा, इस बस नंदनी को दर्द काम हुआ मजा ज्यादा अय्या, तुषार ने हलके हलके नंदनी को छोड़ना शुरू क्र दिया, नंदनी पुरे फीलिंग के साथ चुद रही थी, जिससे वो जल्दी hi झाड़ गई, फिर तुषार ने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से छोड़ने लगा,


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20 मिनट्स छोड़ने के बाद नंदनी फिर झाड़ गई,

नंदनी- ahhhhhhhhhhh अह्ह्ह तुषार बस बस अब बर्दास्त नहीं हो रहा प्लस निकला लो aahhhhhhhhhhhhhh,

तभी कमल को होश आ गया और उसने सामने का नजारा देखा तो उसकी आँखों में खून उतर आया,

कमल- रंडियो हरामजड़ियो परिवार की इज्जत ऐसे मजे से लुटवा रही हो

कोमल- सेल नाले तू तो परिवार की इज्जत उन गुंडों से लुटवा रहा था हम तो फिर भी प्यार क्र रहे हैं, अब तू देख कैसे तेरे सामने तेरी बीवी और भाभी असली मर्द से चुदती हैं, मैंने बहुत गलतिया की ह आज तक लेकिन आज पहेली बार कोई सही काम क्र रही हु, तेरी यही औकात ह तू देख कैसे छोड़ा जाता ह

कोमल ने नंदनी को हटाया और तुषार के लुंड को चुकने लगी

कोमल- देख कमल देख इसे कहते हैं लुंड ऐसे चूसा जाता ह,


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फिर कोमल तुषा रके सामने कुटिया बन गई,

कोमल- छोड़ो अपनी कुटिया को रंडी हु मैं तुम्हारी छोड़ो अपनी रंडी को मेरे दलाल पति के सामने छोड़ो उसकी बीवी को

कमल- कोमल मैं तुझे मर दूंगा

कोमल- तुषार दिखाओ इस नाले को कैसे छोड़ा जाता ह

तुषार ने कमल की आँखों में देखते हुए अपना लुंड कोमल छूट में घुसना शुरू क्र दिया

कोमल- ahhhhhhhhhhhhhhh देख कमल कैसे इतना बड़ा लुंड तेरी बीवी की छूट में घुस रहा ह मादरचोद देख aahhhhhhhhhhhhhhhhhh ये ह असली मर्द इसने तेरी माँ छोड़ी ह सोनिया भी चुदती ह इससे आज तेरी बीवी और भाभी भी चुद गई इसके लुंड और मुझे उम्मीद ह तेरी बहन भी एक दिन जरूर छुड़ेगी इस लुंड से, तू ऐसे hi पाने परिवार की औरतो की इससे चुड़ते देखेगा,

तुषार ने धक्के लगाने शुरू क्र दिए, वो लगातार धक्के लगाए जार है था,

कोमल- ahhhhhhhhhhhhhh तुषार मेरी जान मैं फिर आ रही हु मैं झाड़ रही हु मेरी छूट को फाड् दो अपनी रंडी की छूट को फाड़ दो कमल की रंडी बीवी की छूट फाड् दो तुषार aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh


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कोमल झाड़ क्र अलग हो गई तभी नंदनी सामने आ गई, और कमल की तरफ देखते हुए, तुषार कमल की भाभी को भी छोड़ दो, ये hi तो चाहता था न ये वही हो रहा ह, देख कमल तेरी पत्नी और तेरे भाई की पत्नी तेरे hi एम्प्लोयी से चुद रही ह,

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कुछ देर छोड़ने के बाद दोनों एक साथ झड़ने लगे तो तुसाहर ने लुंड बहार निकने लगा,

ननदने- नहीं तुषार अंदर hi क्र दो इस खानदान को वरिष्ठ भी तो देना ह आज मेरी कोक भर दो. तुषार ने पूरा रास नंदनी की छूट में भर दिया, दोनों एक दूसरे से चिपक गए पीछे से कोमल भी तुषार से चिपक गई,


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कमल कुर्सी पैर बंधा बंधा गुस्से में उबाल रहा था, कुछ दे शांत रहने के बाद भी तुषार का लुंड फिर उठने लगा,

कोमल और नंदनी एक साथ बोले- तुषार अब हिम्मत नहीं ह इसे धजय उदा दी ह हमारी प्लस कुछ और सोचो

कमल- कुछ नहीं क्र सकता ये 3 दिन तक लगातार भी छोड़ेगा तब भी इसका असर ख़तम नहीं होगा,

तुषार- मेरा फ़ोन कहा ह, कोमल लड़खड़ाती हुई गई और तुषार का फ़ोन उठा ले, तुषार ने सीधे अंजलि को कॉल लगाया और बताया ड्रग्स के बारे में, अंजलि ने 10 मिनट्स का टाइम लिया, तब तक तुषार ने किसी को कॉल किया, फिर अंजलि की कॉल आ गई,

अंजलि ने तुषार को कुछ दवाइया बताई और कुछ देसी इलाज बताया, सबसे पहले उसने कहा जितना हो सके दही पि ले या मक्खन खाये, उससे रहत मिलेगी उसके बाद दवाइया ले ले,

घर में ऐसा कुछ नहीं था खाने के लिए,

तुषार- हमे यहाँ से निकलना होगा, जल्दी से अपना सारा सामान उठाओ, तुम दोनों का एक भी सामान यहाँ नहीं होना चाहिए

नंदनी- क्या हुआ

तुषार- वो सब बाद में बताऊंगा लेकिन हमारे पास बस 20 मिनट्स ह यहाँ पुलिस आ ने वाली ह जल्दी करो

कोमल ने जल्दी से अपने कपडे और सामान इकठे करने शुरू क्र दिया, नंदनी ने उसकी हेल्प की, ननदनी ने कोमल के कपडे पहने और अपने फाटे हुए कपडे भी उठाये, और 15 मिनट्स में सामान लेकर बहार आ गए, तुषार ने बस में बिठाया और घर से दूर लेजाकर कड़ी क्र दी,

कुछ देर बाद आदेश के साथ पुलिस आ गई और अंदर लाशे और कमल मिल गए, आदेश को तुषार ने पहले hi यहाँ बुलवा लिया था जब कमल किसी पार्सल की बात क्र रहा था, तुषार को कुछ शक था कही कोई बड़ी गड़बड़ न हो जाये, इसलिए उसने सेफ्टी के लिए आदेश और उसकी टीम को इन्फॉर्म क्र दिया था, जो उसके फायदे का साबित हुआ,

तुषार- कोमल अगर कमल को सजा दिलवानी ह तो तुम्हे गवाही देनी पड़ेगी

कोमल- लेकिन उसके हर गुनाह में बराबर की हिस्से दर थी तो सजा मुझे भी मिलेगी

तुषार- अगर तुम सरकारी गवाह बन जाओगी तो शायद हम मिल क्र कुछ क्र सके और कमिश्नर साहिब भी सहायता क्र देंगे, नंदनी भी हेल्प क्र सकती ह, लेकिन तभी जब तुम साथ डौगी,

कोमल- इस इंसान को सजा देने के लिए मैं कुछ भी करुँगी इसने आज जो मेरे साथ किया ह इसके बाद मैं इसे कभी माफ़ नहीं करुँगी,

तुषार- तो सीधे यहाँ से चंडीगढ़ पहुंच क्र सबसे पहले सरकारी गवाह बनो और यहाँ उसने क्या क्या किया उसके बारे में बताओ तुम दोनों के साथ उसने रपे की कोशिश की और अपने hi आदमियों से रपे करवाने की कोशिश की, और तुषार को यानि मुझे ड्रग्स दे दिया जिससे उसकी मोत हो गई और वो नदी में गिर गया,

नंदनी और कोमल एक साथ- क्या ये कैसे

तुषार- जो बोल रहा हु करो फ़िलहाल के लिए, मैं तुम्हे चंडीगढ़ की फ्लाइट में बैठा रहा हु यहाँ से आज hi वह पहुंच क्र केस डालो, ये इंसाने बहार नहीं आना चाहिए,

तुषार ने कोमल और नंदनी को चंडीगढ़ की फ्लाइट में बैठा दिया और बस को वापस उसी घर पैर लेकर खड़ा क्र दिया, आदेश को भी सब समझा दिया,

फिर तुषार ने अंजलि को कॉल लगाया और साडी कहानी समझा दी,

और शाम तक पुरे चंडीगढ़ में हंगामा हो गया, पहले से hi सुरेश चोपड़ा पैर कंपनी हड़पने के इल्जाम थे वही अब उसके बेटे कमल को पुलिस ने पकड़ लिया केस करने वाली उसी की दोनों बहुए थी, और एक कमिश्नर की बेटी तो दूसरी मंत्री की, कोमल तो हर जुर्म की साझी दर तो तो सरकारी गवाह बन गई, केस और मजबूत हो गया, इधर तुषार के अपने शहर में भी आदेश और मला ने तगड़ा केस थोक दिया, शाम तक कमल के पुराने सरे केस ओपन हो गए,

और पुलिस ने सबसे पहले उसे रिमांड पैर लिया जिसमे उससे किसी को न मिलने देने का फैसला आया,

अब सुरेश और सोनिया को खबर लगी तो उनके पैरो से तो जमीन hi खिसक गई, सुरेश चोपड़ा के साथ से सब निकल गया, मंत्री का साथ, कमिश्नर का साथ, बीटा जेल में J.S.S कंपनी हाथ से गई, दोनों बेटी साथ छोड़ गई, दोनों बहुओ ने साथ छोड़ क्र उल्टा केस क्र दिया,

वही सोनिया को खबर मिली की कमल ने तुषार को मर दिया तो उस पैर डबल झटका लगा, उसे यकीन था कमल ऐसा क्र सकता ह, वो तो पूरी तरह टूट गई, न कमल से मुलाकात हो रही थी न hi कोमल और नंदनी कुछ बात करने को तैयार थी,

उधर जब ये खबर अलका को लगी, उसकी तो हालत ख़राब हो गई, उसका रो रो क्र बुरा हाल हो गया था, उसने पुरे घर को तसह नहस क्र दिया था, वर्षा का भी रो रो क्र बुरा हल हो चुक्का था उसे नहीं पता था तुषार जिन्दा ह, वो खुद को hi नहीं सम्हाल प् रही थी अलका को कैसे सम्हालती, दोनों भेने घर में कैद सी हो गई थी, 2 दिन तक पूरा हंगामा उठा रहा,

इधर तुषार हॉस्पिटल चला गया जहा उसने ड्रग्स का अच्छे से इलाज करवाया,

दो दिन बाद वर्षा का दिमाग कुछ चलना शुरू हुआ तो उसने सोचा अंजलि दीदी की हालत तो और भी ख़राब हो रही होगी, तो वर्षा ने अंजलि को कॉल किया, उधर से अंजलि ने बड़े hi प्यार से hello कहा

वर्षा- अंजलि माँ आप ठीक ह न

अंजलि- मुझे क्या होगा मैं तो बिलकुल ठीक हु

वर्षा- आप ठीक कैसे रह सकती ह इतना बड़ा हादसा हुआ ह और आप ठीक हैं

अंजलि- हादसा कैसा हादसा

वर्षा- तुषार का

अंजलि- अरे ओह ओह तुम्हे जानकारी नहीं थी , गलती हुई गई बीटा, तुषार बिलकुल ठीक ह ये सब टुशु का hi किया धरा ह, तुम घबराओ नहीं वो ठीक ह

वर्षा को जैसे नै जिंदगी hi मिल गई हो,

वर्षा- आप सच बोल रही हैं न

अंजलि- है मेरी बच्ची बिलकुल सच

वर्षा- वो ह खा, उसकी वजह से मेरी और अलका की क्या हालत हुई ह हम बता नहीं सकते, अलका को तो डॉ. ने दवाई देकर सुला रखा ह वो तो बेचारी अपनी जान तक देने को तैयार ह

अंजलि- मुझे माफ़ क्र दे वर्षा मैं सच में भूल गई मुझे लगा तुषार ने तुम्हे बता दिया होगा, अभी तो वो वापस नहीं आया ह लेकिन कल घर पैर पार्टी ह तो अलका को वही ले आओ अपनी आँखों से देख लेगी तो ठीक हो जाएगी, कल वो जरूर आएगा

वर्षा- आने दो उसे ऐसी क्लास लुंगी याद रखेगा,

वर्षा तुरंत अलका के पास पहुंची,

वर्षा- अलका अलका बच्चा उठ, वो जिन्दा ह बच्चा वो जिन्दा ह

अलका ने धीरे से आँख खोली

वर्षा- है अलका वो जिन्दा ह बच्चा

अलका- आप सच कहे रही ह दीदी

वर्षा- तेरी कसम बहन

अलका वर्षा से लिपट गई और रोने लगी

वर्षा- बस क्र बस क्र अब क्यों रो रही ह तू

अलका- दीदी मैं उसके बिना नहीं रह सकती, मैं मर जाउंगी दीदी मैं मर जाउंगी,

वर्षा- खुद को सम्हाल बीटा ऐसा नहीं बोलते, इतना प्यार मत क्र की तेरी तकलीफ कभी ख़तम न हो पाए, अगर उसकी मज़बूरी हुई वो तेरा न हो पाया तो क्या होगा,

अलका- दीदी अगर तुषार मेरा नहीं हुआ तो मैं किसी की नहीं होउंगी, इस अलका को बस तुषार hi हाथ लगा सकता ह बाकि दुनिया में कोई नहीं

वर्षा- तू पहले उसकी फॅमिली से मिल ले फिर आगे क्या करना ह वही सोचेंगे

अलका- उसकी फॅमिली आई ह

वर्षा- कल हम जायेंगे उनके पास

अलका- वो भी मिलेगा वह

वर्षा- जरूर मिलेगा, अब खुद को ठीक क्र ऐसी हालत में मिलेगी उसकी फॅमिली से

अलका- मैं अभी ठीक करती हु खुद को,

और वो तुरंत अस्थि उससे उठा नहीं गया, कमजोरी बहुत आ गाइट hi जब से उसे तुषार की खबर मिली बिना कुछ खाये पिए बेसुध सी पड़ी थी,

वही अंजलि के घर में तेयारिया हो चुकी थी, शहर के बड़े बड़े लोगो को न्योता दिया जा चुक्का था, हवेली को सजा दिया गया था, और हवेली के बहार के लोन को मडप बना दिया गया था,

रश्मि और आशिमा को दुल्हन की तरह सजाने के लिए पूरी तैयारी क्र ली गई थी, सीमा दीपा और रूचि ने भी अपने लिए खरीदारी की थी,

रात को तीनो बहन एक hi रूम में बैठी थी,

दीपा- उस सुरेश चोपड़ा की वजह से मेरा सारा प्लान ख़राब हो गया

सीमा - हम सब बच गए ये hi ख़फ़ी ह

रूचि- हमे तो बचाना hi था लेकिन वो दिन बहुत खास था

दीपा- हम फिर ऐसा क्र सकते हैं क्या

रूचि- कैसे

दीपा- कल घर में शादी ह

सीमा- तो

दीपा- कल से अच्छा दिन और क्या होगा कल hi हम अपना काम करेंगे

रूचि- लेकिन माँ को कैसे समझायेंगे

दीपा- तुम माँ को मंदिर लेकर चलो वह जाकर कुछ तिगड़म भिड़ते हैं,

सीमा- सोच ले दीपू कही माँ हमारी hi बंद बजा दे

दीपा- कुछ नहीं होगा अब तुम दोनों जाओ और माँ को पातियो, वह का इंतजाम मैं करती हु

रूचि- ok

फिर रूचि और सीमा अंजलि के पास गई, और दीपा ने किसी को कॉल लगाया,

अंजलि अपने रूम में सामान समेत रही थी,

सीमा- माँ आप अकेले क्यों क्र रही हो ये सब

अंजलि- और कोण करेगा सबको अपना काम करना hi ह

सीमा- माँ हम नौकर रख ले अब तो हम नौकर रख सकते हैं न,

अंजलि- बीटा हम सब कुछ क्र सकते हैं लेकिन करेंगे नहीं, हम आज यहाँ हैं ये बड़ी बात ह, लेकिन हम कहा से आये हैं किन हालातो से निकल क्र आये हैं ये मत भूलना, तुम्हारे पापा ने लोगो के घर मजदूरी की ह, सोचो उन पैर कितना फरक पड़ता होगा, वो किसी के नौकर थे, ऐसे hi कोई तुम्हारे घर आएगा नौकर बांके तो उसका परिवार भी ऐसे hi सोचता होगा न,

सीमा- माँ आप ठीक बोल रही हैं, लेकिन इतने बड़े घर की साफ़ सफाई वो कैसे होगी

अंजलि- है ये जरूर सोचने वाली बात ह, उसके लिए शादी के बाद बात की जाएगी और जो नियम मैं बनाउंगी वो मन जायेगा

सीमा- ठीक ह

रूचि- माँ इतना सब हो गया, हम लोग मंदिर तक नहीं गए, क्या कल शादी से पहले हम सबको मंदिर नहीं जाना चाहिए

अंजलि- बीटा जाना तो चाहिए लेकिन कल काम hi इतना होगा कैसे जायेंगे

रूचि- सब हो जायेगा पापा यहाँ रहेंगे, मैं आप दीपा और सीमा दीदी चैलेंज,

अंजलि- हम चारो hi क्यों बाकि क्यों नहीं

रूचि- रश्मि और आशिमा जा नहीं सकते सचिन कपिल भी उनकी शादी ह तो घर के बहार नहीं जायेंगे, पापा यहाँ ाररेंग्मेंट देख लेंगे, हम होकर आते हैं

अंजलि- शादी के बाद सब चैलेंज न

रूचि- माँ प्लस चलो न जल्दी होकर आ जायेंगे आप जल्दी उठ क्र तैयार हो जाना और कोई सुंदर सी रेड साड़ी फेन क्र चलना

अंजलि- रेड hi क्यों

सीमा- माँ आप सवाल बहुत पूछती हो

अंजलि- अच्छा ठीक ह नहीं पूछती

रूचि- ये हुई न बात चलो जल्दी सो जाओ सुबह जल्दी उठना ह,

दोनों बहन उछलती हुई दीपा के पास भाग गई

अंजलि – पागल लड़किया ह बिलकुल

तभी सचिन और कपिल अंजलि के पास आये,

सचिन- माँ सब सही होगा न

अंजलि- सब सही होगा वो आ रही ह न

सचिन- है माँ उन्हें जनकली लग चुकी ह की हम ोग चंडीगढ़ में हैं

अंजलि- दोनों बच्चियों को कुछ जानकारी ह इस बारे में,

कपिल- नहीं माँ उन्हें कुछ नहीं पता क्या उन्हें बताना चाहिए

अंजलि- अभी नहीं,

कपिल- उनके साथ धोका नहीं होगा

अंजलि- तुम दोनों उनसे सच में प्यार करते हो न

दोनों भाई एक साथ- है माँ हम दिल से प्यार करते हैं, और वो भी हमे सच्चा प्यार करती हैं, तभी तो घर से भाग आई हैं,

अंजलि- वक़्त आने पैर उन्हें बताया जायेगा,

बस एक बात का ख्याल रहे, वो फेरो से पहले नहीं पहहनी चाहिए,

सचिन- हमारा एक दोस्त उन्हें ला रहा ह तो मैं उससे बात करके सब क्र दूंगा वो फेरो के बाद hi यहाँ पहुंचे,

अंजलि- जाओ अब सो जाओ कल बहुत बिजी दिन ह आराम नहीं मिलेगा

दोनों चले गए, अंजलि किसी सोच में दुब गई,

अगली सुबह पुरे घर में चहल पहल थी, सभी फंक्शन की तैयार में लगे हुए थे, वही अंजलि सीमा दीपा और रूचि निकल गए मंदिर की तरफ, अंजलि लाल सदी में बहुत खूबसूरत लग रही थी,


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मंदिर पहुंच क्र चारो ने भगवन के दर्शन किये, दीपा लगातार किसे से बात कर रही थी,

अंजलि- तू इतना कहा बिजी ह बार बार कॉल क्र रही ह

दीपा- कुछ नहीं माँ वो घर कुछ काम दिए हुए ह न उन्ही के बारे में जानकारी ले रही थी,

अंजलि- अब चले क्या

रूचि- माँ बस कुछ देर और, कितनी शांति ह यहाँ, वह देखो क्या हो रहा ह,

मंदिर के साइड में एक मडप सा बना हुआ था,

अंजलि- शायद किसी की शादी ह

सीमा- आओ माँ देखते हैं

अंजलि- हम क्या करेंगे देख क्र

दीपा- चलो न माँ

चारो वह पहुंच गए,

वह पहुंचते hi पंडित बोलै, दुल्हन को बुलाइये महूरत का टाइम मिक्ला जार है ह,

अंजलि चौंक गई,- दीपा ये तुझसे क्यों बोल रहे हैं

दीपा- माँ क्योकि इन्हे मैंने hi बुलाया ह

अंजलि- तू शादी क्र रही ह किस्से तूने बताया क्यों नहीं और ऐसे क्यों क्र रही ह शादी

दीपा- माँ रुको तो सुनो तो, मैं नहीं क्र रही शादी

अंजलि- फिर कोण क्र रहा ह,

अंजलि ने सीमा की तरफ देखा तो उसने न में सर हिला दिया, अंजलि ने रूचि की तरफ देखा उसने भी मुस्कुरा क्र न में सर हिला दिया,

अंजलि- ये क्या मजाक ह हो क्या रहा ह यहाँ

दीपा- शादी आपकी ह माँ

एक बम सा फूटा अंजलि के दिमाग में

अंजलि- क्या बकवास ह दीपा तेरा दिमाग ख़राब ह क्या

सीमा- क्यों माँ आपकी शादी नहीं हो सकती क्या

अंजलि- तुम लोगो का दिमाग ठिकान ेपर तो ह न मैं शादी शुदा हु मैं कैसे शादी क्र सकती हु

रूचि- कोण ह आपका पति, कब हुई आपकी शादी

अंजलि- वो वो

दीपा- बोलो माँ

अंजलि- मुझे कुछ नहीं बोलना, आज मेरे बेटो की शादी ह और तुम सब ये ड्रामा क्र रही हो

रूचि- ये ड्रामा नहीं ह माँ, ये हम तीनो बहेनो की इच्छा ह की आप एक पत्नी का जीवन भी जिए, आपने हम सबके लिए बहुत याग किया ह, अब खुद के लिए भी जीयो माँ

अंजलि- बीटा तू समझती क्यों नहीं मैं शादी शुदा हु

रूचि- एक कमरे में मांग में सिंदूर भरने को शादी नहीं कहते माँ, शादी यहाँ होगी और ये मैं आपसे रिक्वेस्ट नहीं क्र रही हु बता रही हु, अगर आप चाहती ह की आपका परिवार हमेशा ऐसे hi रहे तो आपको ये कदम उठाना hi होगा,

रूचि की बात सुनकर अंजलि की आँखे फटी रह गई, उसने दीपा की तरफ देखा, क्योकि ुए hi पता था की कमरे में क्या हुआ, अंजलि के पास शब्द ख़तम हो गए थे वो बार शर्म भरी नजरो से सबको देख रही थी, तभी पीछे से आवाज आई श्री मुझे देर हो गई, सबने पलट क्र देखा तो वह तुषार खड़ा था,

तुषार को देख क्र अंजलि को साडी कहानी समझ आ गई,

दीपा- चल जल्दी से वह बैठ जा

तुषार- वह क्यों कोई हवन ह क्या

अंजलि को समझ आ गया की तुषा रको भी कुछ नहीं पता

सीमा- तेरी जिंदगी का सबसे बड़ा हवन ह चल जल्दी से बैठ जा

तुषार हस्ते हुए अंजलि के पेअर छुए और वह बैठ गया,

दीपा- माँ चलिए बैठिये

अंजलि- दीपा नहीं बीटा ये नहीं हो सकता

रूचि- माँ मैं दुबारा नहीं कहूँगी अगर आपने बात नहीं मणि तो आप अपनी बेटी को खो देंगी

अंजलि- ऐसा मत करो

दीपा ने अंजलि का हाथ पकड़ा और तुषार के बगल में बैठा दिया, तुषार तुषार कंफ्यूज सा सब देख रहा था,

रूचि- पंडित जी शुरू कीजिये दूल्हा दुल्हन बैठ गए हैं

दूल्हा दुल्हन सुनते hi तुषार का दिमाग घूम गया, उसने अंजलि की तरफ देखा जिसके फेस पैर शर्म, मज़बूरी एक्सिटमेंट एक साथ नजर आ रही थी, फिर तुषार ने तीनो बहेनो को देखा, तुषार एक दम खड़ा होने लगा तो रूचि ने उसके कंधे पकड़ क्र वही बैठा दिया,

रूचि- तुझे मेरी कसम ह टुशु अगर तू यहाँ से उठा तो

तुषार- ये सब क्या क्र रहे हो तुम

दीपा- वही जो पहले hi हो जाना चाइये था,

तुषार- ये गलत ह

सीमा- सही गलत का फैसला हम नहीं करते वक़्त करेगा, तुम दोनों ने परिवार के लिए इतना किया ह अब हमारी बरी ह तुम्हारे लिए करने की

तुषार- लेकिन हमारा रिश्ता

दीपा ने तुषार को चुप रहने का इशारा किया, सामने पंडित भी था,

दीपा- जो हो रहा ह होने दे ये hi सही ह

अंजलि- दीपू बीटा ये तुम लोगो का हक़ ह

सीमा- हम अपना हक़ ले लेंगे, क्या ये आपका पति बनने के बाद हमसे दूर हो जायेगा

अंजलि- कभी नहीं,

दीपा- बस तो चुप चाप बैठिये और बस इस पल को अपना बेस्ट पल बनाओ

अनजलि चुप हो गई, तुषार ने थोड़ी हलचल की लेकिन रूचि उसके सर पर कड़ी हो गाइट hi,

पाणित ने मंत्र पढ़ने शुरू क्र दिए थे, अंजलि अभी भी बेचारी नजरो से तीनो बहेनो को देख रही थी, तुषार टेंशन में था ो बार बार रूचि को देख रहा था, दीपा और सीमा को तो सब पता था लेकिन रूचि उसे ये सब कैसे पता,

पंडित- दूल्हा दुल्हन का गत बंधन कीजिये,

तीनि बहेनो ने के साथ गठबंधन किया

पंडित- अब फेरो के लिए खड़े हो जाइये

दोनों बैठे रहे,

सीमा ने अंजलि को उठाया और रूचि ने तुषार को,

पंडित- अब फेरे लीजिये

दीपा और सीमा ने अंजलि की साडी पकड़ी और फेरे दिलाने लगी वही रूचि ने तुषार का हाथ पकड़ा और उसके साथ चलने लगी

पंडित- बेटियों आप साथ नहीं घूम सकती वर्ण आपके फेरे भी हो जायेंगे

तीनो हटने लगी तो अंजलि ने कहा- कोई नहीं हटेगा सब ऐसे hi घूमेंगे,

पंडित चौंक गया ये क्या बोल रही हो

अंजलि- पंडित जी आप अपना काम कीजिये मुझे मेरा काम करने दीजिये

पंडित ने मुँह बन डकर लिया और मंत्र पढ़ने लगा, सभी फेरे लेने लगे,

फेरे पुरे होने के बाद तुषार ने अंजलि को मंगलसूत्र पहनाया फिर उसकी मांग में सिंदूर भरा, अंजलि की आँखों में ख़ुशी के आंसू थे, वही दीपा और सीमा के फेस पैर ख़ुशी अलग hi दिख रही थी, वही रूचि थोड़ा उदास थी उसकी आँखे नाम थी,

अंजलि ने रूचि को देखा तो उसने एक फीकी सी स्माइल दी,

अंजलि- बीटा तेरा हक़ तुझे जरूर मिलेगा

दीपा- पंडित जी ये लीजिये 50000 रस और अपना मुँह हमेशा के लिए बंद रखना न आप हमे जानते हैं न hi हम आपको समझे

पंडित- बीटा मेरा काम शादी करवाना ह कोण किस्से कर रहा ह ये मेरा काम नहीं ह, मुझे आज्ञा दीजिये

पडित वह से चला गया,

सीमा- तो हमारी प्यारी भाभी जी हनीमून के लिए कहा जाना पसंद करेंगी

अंजलि- मर खेयेगी तू मुझसे

सीमा- हे अपनी सबसे बड़ी नानन्द को तू करके बोल रही हो

अंजलि- तू मुझसे पहले मेरे पति की पत्नी बन चुकी ह, और दीपा टब hi अब ड्रामा मत करो समझी

दीपा- हे काश हम भी शादी क्र पते,

अंजलि- तो की क्यों नहीं

दीपा- क्योकि ये आपका दिन ह हमारा नहीं

तुषार अलग खड़ा बस शामाये जार है था,

रूचि- अब तुम दोनों पति पत्नी हो तो ये शर्माने का काम बंद करो और तू आज से माँ मत बोलना समझा

तुषार- ऐसा कैसे हो सकता ह आज चाहे जॉब hi रिश्ता हो लेकिन सबस ेफेले मेरी माँ हैं

अंजलि- और हमेषा रहूंगी,

एक बात और धयान से सुनो ये बात हम पांचो के अलावा किसी को पता न चले,

सीमा- लेकिन घर में सब हैं तो छुपेगी कैसे

अंजलि- वो सब मैं क्र दूंगी तुम सब अपना मुँह बंद रखना

रूचि- वो तो क्र लेंगे लेकिन हमे नेग में क्या मिलेगा

अंजलि- वो मैंने सोचा हुआ ह क्या देना ह सही टाइम पैर दे दूंगी

अब घर चलो सब इंतजार क्र रहे होंगे,

वह से सब घर पहुंच गए,
 
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