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- Dec 5, 2013
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अपडेट-27
कोमल नाम सुनकर ह्रदय की आँखे फटी रह गई, कोमल कोमल कोमल
ह्रदय- कोमल कमिसनीयर की बेटी,
औरत- तुम कैसे जानते हो
ह्रदय- आप यहाँ कैसे आप तो सब छोड़ क्र विदेश चली गई थी, आप यहाँ कैसे
कोमल- तुम मुझे कैसे जानते हो कोण हो तुम
ह्रदय- मैं आपका
ह्रदय इतना की बोल पाया था की पीछे से किसी ने ह्रदय को उठाया और दूर फैक दिया,
ह्रदय एक दीवार से टकराया, वो बड़ी फुर्ती से उठ क्र खड़ा हुआ, तो सामने वही मास्क वाला आदमी खड़ा था,
कोमल उसके पैरो में गिर पड़ी और गिड़गिड़ाने लगी,
कोमल- उसे माफ़ कर दो उसकी गलती नहीं ह, उसे जाने दो वो बच्चा ह
उस आदमी ने कोमल को एक लात मरी उसके मुँह से खून निकलने लगा, ये देख क्र ह्रदय को गुस्सा आ गया और वो उस आदमी की तरफ दौड़ पड़ा,
और एक जोर दर मुक्का उस आदमी के मुँह पैर जड़ दिया, जिससे वो दूर जाकर गिरा,
ह्रदय ने कोमल को उठाया
ह्रदय- आप ठीक ह न
कोमल कुछ बोल पति तभी पीछे से उस आदमी ने फिर ह्रदय पैर हमला कर दिया, अब दोनों की लड़ाई होने लगी,
ह्रदय आज गुस्से में था जिसका परिणाम उस आदमी को झेलना पद रहा था, लेकिन वो ह्रदय से कही भी काम नहीं पद रहा था, उस आदमी ने ह्रदय को उठाया और दूर फैक क्र मारा जिससे ह्रदय एक घर की दीवार से टकराया और दीवार गिर गई, दीवार के गिरने की आवाज से आस पास के लोग उठ गए, जल्दी hi वह भीड़ इकठा होने लगी,
इधर दोनों की लड़ाई पुरे जोर पैर थी, कोई भी रुकने थकने के लिए तैयार नहीं था, सूरज निकल आया था पूरा उजाला हो चुक्का था, तभी वह दृष्टि भी आ गई, और ह्रदय को उस आदमी से लड़ता देख घबरा गई,
दृष्टि- ह्रदय रुक जाओ प्लस रुक जाओ
ह्रदय- दृष्टि दूर रहो ये खतरनाक आदमी ह
दृष्टि- ह्रदय रुक जाओ ये हमारे साथ ह,
ह्रदय- इसने औरत पैर हाथ उठाया ह,
तभी वह शाक्षी भी आ गई और कोमल को वह देख क्र वो गुस्से में लाल हो गई और कोमल के पास पहुंची और उसके बाल पकड़ लिए और कोमल के मुँह पैर थपड मरने शुरू क्र दिए
शाक्षी- क्यों ऋ कलमुही यहाँ भी लड़ाई करवा दी, क्या चाहती ह तू
ह्रदय ने देखा की शाक्षी ने कोमल के बाल पकडे हुए हैं, ह्रदय की आँखे गुस्से में लाल हो गई और वो जोर से चिल्लाया,
ह्रदय- shakshiiiiiiiiiiii
उसकी आवाज इतनी तेज और जोर दर थी की शाक्षी दर के सहम गई, ह्रदय ने उस आदमी के मुँह पैर लगातार मुक्के बरसाने शुरू किये और उसे दूर फेंक क्र कोमल की तरफ डोडा, उसने शाक्षी को एक थपड मारा जिससे वो दूर जाकर गिरी,
उसके मुँह से खून आने लगा था,
दृष्टि- ह्रदय तुम ये क्या कर रहे हो, ये औरत इतने सम्मान के लायक नहीं ह, तुम नहीं जानते इसने क्या क्या किया ह,
ह्रदय- खामोश,
ह्रदय की आवाज से दृष्टि भी कैंप उठी
ह्रदय- इन्हे मैं बहुत अच्छे से जनता हु, तुम लोगो ने इनकी ये हालत की हुई ह, जिसने अपनी पूरी जवानी एक राजकुमारी की तरह जी ह, जिसके नाम से लोग कांपते थे उनकी ये हालत,
दृष्टि- तुम कैसे जानते हो इसे
ह्रदय- तुम्हे क्या लगा था तुम मुझे यहाँ भएका क्र लाइ हो मिस दृष्टि, मैं यहाँ खुद आया हु, और इस बेवकूफ औरत को भेजा मुझे रिझाने, जिसने यहाँ आते hi मेरा नाम बोल दिया जबकि किसी ने इसे मेरा नाम तक नहीं बताया था,
जितनी गिरी हुई बदचलन इसकी माँ थी ये उससे भी आगे निकल गई,
शाक्षी- तेरी ये हिम्मत
ह्रदय- हिम्मत देखि hi कहा ह तूने, शाक्षी रजनी की बेटी, उस रजनी की जिसने अपनी hi बेटी को मरने की कोशिश की, अपने hi परिवार को बर्बाद कर दिया,
शाक्षी- कोण हो तुम
ह्रदय- मैं हु तुषार का बीटा,
इतना सुनते hi कोमल की आँखे ख़ुशी से चमक उठी उसने आश्चर्य से ह्रदय को देखा, वही दृष्टि के आँखों में हैरत भरी पड़ी थी, शाक्षी दर क्र पीछे हो गई, और वही दूर अपना मुँह ढके हुए कड़ी थी जालिम दादी, जिसके चेरे पैर गुस्सा हैरत नफरत सब उभर आया था,
वो जोर से छिलाई- धामा मर दाल इसे
ह्रदय की नजर जालिम दादी पैर गई, तभी उस मास्क वाले आदमी ने ह्रदय पैर हुम्ला कर दिया, और दोनों की लड़ाई फिर होने लगी, लड़ाई इतनी जोर दर थी की ऐसा लग रहा था जैसे दो हठी आपस में टकरा रहे हो, दृष्टि और जालिम दादी को अपने आदमी की ताकत का पता था लेकिन वो ह्रदय की ताकत को देख क्र सुरप्रीसेड थे,
कोमल रट हुए ह्रदय को रोके जा रही थी, रुक जा बीटा रुक जा, प्लस रुक जा, मत लड़,
इधर जालिम दादी ने अपने 15-20 आदमी और बुला लिया, अब ह्रदय अकेला हो गया था, क्योकि ह्रदय की ताकत के लिए तो धामा की ताकत टक्कर दे रही थी, 20 आदमी और आ जाने से ह्रदय कमजोर पड़ने लगा,
दृष्टि- दादी रुक जाइये
जालिम दादी- आज इसका अंत होगा, हाहाहाहाहा आज ये यहाँ से जिन्दा नहीं जायेगा, इसके बाद उस अंजलि का कोई रक्षक नहीं बचेगा,
ह्रदय सामने गुंडों से लड़ रहा था तभी पीछे से धामा ने ह्रदय के सर पैर एक जोर दर वार किया जिसे उसका सर फैट गया और खून की धार भेने लगी, कोमल और दृष्टि ह्रदय की तरफ दौड़े, लेकिन धामा ने कोमल का हाथ पकड़ लिया और शाक्षी ने दृष्टि का,
बाकि आदमी ह्रदय की तरफ बढे तभी वह गाड़ियों की आवाज गूंज गई, कुछ गाड़िया बड़ी रफ़्तार से डोडी चली आ रही थी, और एक खुली जीप में कड़ी थी अंजलि जिसके हाथ में एक बन्दूक थी, जो ह्रदय की तरफ बढ़ा उसके सर में अंजलि ने गोली मर दी,
अंजलि को वह देख क्र जालिम दादी का प्लान फ़ैल होता दिखा,
जालिम दादी- धामा सेक्सी दृष्टि निकालो यहाँ से
साक्षी और धामा तुरंत दादी के पीछे हो लिए, दृष्टि रोटी हुई ह्रदय को देखती हुई दादी के पीछे चल दी, कोमल भी तुरंत उनके पीछे चल दी,
ह्रदय ने कोमल का हाथ पकड़ लिया
ह्रदय- आप क्यों जा रही हो
कोमल- बीटा मेरा जाना जरुरी ह, अगर मैं उनके साथ नहीं गई तो सब बर्बाद हो जायेगा, लेकिन मुझे उम्मीद ह तू हमे ढूंढ लेगा, तू सबको ढूंढ लेगा, पुरे परिवार को ढूंढ ले, और जो भटक चुके ह उन्हें रास्ता दिखाना,
इतना बोल क्र कोमल दौड़ती हुई उनके पीछे चली गई,
अंजलि उनके पीछे जाना चाहती थी लेकिन ह्रदय की हालत ठीक नहीं थी,
अंजलि ने ह्रदय को गाड़ी में डाला और तुरंत हॉस्पिटल की तरफ दौड़ पड़ी,
ह्रदय- माँ वो कोमल मौसी
अंजलि- कोमल यहाँ कैसे, ये सब हो क्या रहा ह
ह्रदय- हमे उनके पीछे जाना चाहिए,
अंजलि- मेरे लिए तू ज्यादा जरुरी ह,
अंजलि के आदमियों ने पुरे गाओं को घेर लिया था, और दादी के आदमियों को कैद क्र लिया था,
अंजलि ह्रदय को लेकर हॉस्पिटल पहुंची, बाकि परिवार को भी खबर लग गई थी, पूरा परिवार हॉस्पिटल की तरफ दौड़ पड़ा,
डॉक्टर ने ह्रदय की पाटिया क्र दी, ज्यादा सीरियस नहीं था, तुरंत hi छुट्टी क्र दी,
सभी घर आ गए, पूरा परिवार एक साथ बैठा था, बस अन्य और रम्य वह नहीं थी,
ह्रदय- माँ आपने गलती क्र दी, उन्हें हाथ से जाने दिया
अंजलि- बस इस बारे में और कोई बात नहीं होगी, तुझसे ज्यादा जरुरी और कुछ नहीं ह, मैं अपना बीटा खो चुकी हु, दूसरे के लिए रिस्क नहीं ले सकती
ह्रदय- फिर क्या फायदा इस ताकत का जो इतने से खतरे से घबरा जाये, माँ ये मौका दुबारा नहीं मिलने वाला वो लोग सतर्क हो जायेंगे, अब उन्हें पता भी चल गया ह की कोण हु, अब आसान नहीं होगा
अंजलि- होगा सब होगा हम करेंगे, पहले थोड़ा रेस्ट करो और रात में सब एक साथ होंगे और अपनी अपनी जानकरी बताएँगे,
ाव्य गुस्से में मुँह फुलाए बैठी थी,
ह्रदय- तुम्हे क्या हुआ
वर्षा – ये नाराज ह, इसे अपने साथ क्यों नहीं लेकर गए,
ह्रदय- वह खतरा था, इसलिए तुम्हे लेकर नहीं गया, अगली बार जाऊंगा तो साथ लेकर जाऊंगा,
फिर सबने आराम किया और रात के खाने के बाद सब एक साथ बैठे थे, काम्य बहुत उदास बैठी थी, उसके चेरे पैर बेचैनी साफ़ दिख रही थी,
अंजलि- काम्य बेटी क्या हुआ तू इतनी दुखी क्यों ह, तुम्हे तो खुश होना छाइये की तुम्हारी माँ मिल गई हैं,
ाव्य- मेरी माँ ये हैं,
उसने नंदनी की तरफ इशारा किया,
काम्य- उस औरत ने कोई अच्छा काम नहीं किया ह, और अब भी वो दुश्मन के साथ रह रही ह,
ह्रदय- नहीं तुम गलत सोच रही हो, वो दुश्मन के साथ नहीं हो सकती, कोमल जैसी मजबूत लड़की ऐसे लाचारी में फाटे हाल में दरी हुई नहीं हो सकती, और वो आदमी उन पैर जुलुम कर रहा था, वो किसी का जुलम नहीं सेहन कर सकती थी, वो ऐसा कर रही ह उसके पीछे जरूर कोई बहुत बड़ी वजह ह,
अंजलि- सही कहा, कोमल को काबू में करना मतलब किसी शेरनी के मुँह में हाथ डालने जैसा ह, कुछ तो गड़बड़ ह,
ह्रदय- उन्होंने कहा था सबको ढूंढो, पुरे परिवार को ढूंढो और जो बहके हुए हैं उन्हें भी सही रस्ते लाना ह,
नंदनी- भेके हुए से उसका क्या मतलब था,
अंजलि- इस सब के पीछे वो औरत थी जो मुँह छिपाये दूर कड़ी थी,
ह्रदय- सही कहा, वही थी जो उन सबको कमांड क्र रही थी और उस आदमी को धामा कह क्र बुला रही थी,
अंजलि- धामा नाम के तो किसी आदमी को मैं नहीं जानती, लेकिन ये शाक्षी वह कैसे,
नैना- रजनी जी के मरने के बाद शाक्षी बगावत पैर उतर आई थी, फिर कोई औरत उनसे मिलने लगी थी, और फिर वो एक दिन बस चली गई, उसके बाद उसका कोई रिकॉर्ड नहीं ह, तब से आज दिखी ह,
दिया- राहुल मैनेजर के हिसाब से भी कोई औरत थी, जिससे वो दर रहा था,
सीमा- कोण हो सकती ह वो औरत
अंजलि- मेरा शक जहा जा रहा ह, अगर वही हुई तो बहुत hi खतरनाक हो सकता ह,
ह्रदय- कोण हो सकती ह माँ
अंजलि ने ह्रदय की तरफ देखा,
अंजलि- अभी नहीं पहले पूरी जानकरी इकठा कर ले उसके बाद, और अब मंजिल साफ़ ह, हमे पता ह क्या ढूंढ़ना ह, कहा से शुरू करना ह, गाओं में आदमी लगे हैं जानकरी निकलने में, कल उस औरत के गुंडों से मिलेंगे, शायद कुछ पता चल जाये, तब तक सब आराम करो
अंजलि ने सबको भेज दिया और खुद वर्षा के साथ अपने कमरे में चली गई,
ह्रदय के पास ाव्य वन्य नैना काम्य दिया और शनाया बैठे थे, शनाया ह्रदय से चिपकने की कोशिश कर रही थी, जिसे सब महसूस कर रहे थे, ह्रदय थोड़ा झेप रहा था,
वन्य और ाव्य के चेरे पैर दर्द साफ़ दिख रहा था, वन्य थोड़ा शर्मा रही थी, वही ाव्य ह्रदय के दर्द को फील करने की कोशिश कर रही थी,
तभी ह्रदय के फ़ोन पैर तम्मना की कॉल आई,
शनाया- ये क्यों कॉल क्र रही ह, इससे अब क्या मतलब ह,
ह्रदय- पता नहीं देखना पड़ेगा,
शनाया- इससे दूर रहो, ये अच्छे लड़की नहीं ह,
ह्रदय ने शनाया को देखा, उसकी आँखों में जलन साफ़ दिख रही थी, हालत समझते ह्रदय ने फ़ोन नहीं उठाया,
वही जालिम दादी शाक्षी दृष्टि धामा और कोमल, एक जंगल में बैठी थी,
दादी- हरामजादी तेरी वजह से सब बर्बाद हो गया,
दादी ने कोमल को एक थपड मारा,
कोमल- मैंने कुछ नहीं किया, आप लोग hi तो उसे गाओं में लाये,
दादी- दृष्टि तू इतनी बड़ी गलती कैसे क्र सकती ह, तू उसके बारे ठीक से कुछ नहीं जान पाई, तेरी गलती की वजह से आज सब बर्बाद हो जाता,
दृष्टि- उन्होंने अच्छी चल चली, लेकिन आप वह से भागी क्यों अंजलि सामने थी आपने उसे ख़तम क्यों नहीं किया, हमारे परिवार को बर्बाद करने वाली को ख़तम क्यों नहीं किया,
दादी- वो अकेली नहीं थी उसके साथ आदमी थे, और वो अकेली भी मेरे जैसी 10 पैर भरी ह, और अब उसके साथ में ह्रदय जैसा योद्धा ह,
शाक्षी- हमारे पास भी तो ये ह, इसका क्या अचार डालोगी,
दृष्टि- आंटी जबान सम्हाल क्र बात करो मेरे पापा के लिए,
शाक्षी- ये बस रिश्ते में तेरा बाप ह, वर्ण इसमें कोई जज्बात नहीं ह,
दृष्टि- जैसे आपके अंदर नहीं ह, रात में आप ह्रदय के साथ क्या कर रही थी देखा मैंने, आपको शर्म नहीं आई, एक जवान लड़के के साथ ये सब करते हुए, ची कितनी जलील और गिरी हुई औरत हो आप, क्या आपकी माँ भी ऐसी hi थी, ह्रदय बोल रहा था न, शायद वो जनता ह आपको
शाक्षी गुस्से में- जबान सम्हाल क्र लड़की वर्ण तेरी जबान खींच लुंगी
दृष्टि- हाथ तो लगा क्र दिखा, बिच में से चिर दूंगी,
दादी- बस चुप हो जाओ तुम दोनों, यहाँ सब बर्बाद हो रहा ह तुम आपस में hi लड़ रहे हो,
दृष्टि चुप हो गई, उसके दिमाग में बहुत हलचल थी, उसका दिमाग बहुत कुछ सोच रहा था, और उसका कारन था ह्रदय, ह्रदय की अच्छे उसे दूसरी तरफ सोचने पैर मजबूर क्र रही थी,
और आज पहेली बार उसे कोमल के लिए कुछ दया दिख रही थी, कोमल के पास मौका था भागने का लेकिन वो गई क्यों नहीं,
कोमल की आँखों में आंसू थे लेकिन फिर भी उसके फेस पैर आज एक सकूं सा था, इस सब में धामा बिलकुल शांत बैठा था जैसे कुछ हुआ hi न हो, उसे कुछ फरक नहीं पद रहा था,
शाक्षी- अब क्या करना ह, हमारे ठिकाने पैर तो कब्ज़ा हो गया,
दादी- ऐसे 100 ठिकाने ह मेरे तू चल, अब सीधा हुम्ला होगा, अब मेरा जानवर उन जलादो के साथ मिलकर ख़तम करेगा उन सबको, जब ये उनके साथ मिलेगा तो वो लड़का और अंजलि कुछ नहीं कर पाएंगे,
कोमल- तुम उन्हें नहीं रोक पाओगी, तुम्हारे पाप तुम्हे hi बर्बाद कर देंगे
दादी- खामोश, मुँह बंद रख अपना वर्ण यही जबान खींच लुंगी तेरी,
दादी सबको लेकर गाड़ी में बैठ क्र चल दी रात के अँधेरे में,
इधर अन्य और रम्य की घर बात हुई तो उन्हें सब पता चला, वो घर जाने के लिए बैचैन हो गई, वैसे भी यहाँ की काफी जानकरी उन्हें मिल चुकी थी, लेकिन कामिनी का असली मकसद सामने नहीं आया था,
इस लिए उन्होंने कुछ समय के लिए रुकने का फैसला किया, उन्होंने अंजलि को साडी जानकारी दे दी थी, जिससे तम्मना और उसके झूठे मां के पीछे जासूस लग चुके थे,
आश्रम में सुबह सुबह …..
एक आदमी- गुरु जी वह हुम्ला हुआ ह, उन लोगो को जगह छोड़ क्र भागना पड़ा,
बाबा- उस हरामजादी को नहीं पता क्या करना ह, उसे कितना भी समझा लो वो नहीं समझेगी, प्रतिशोध में अँधा इंसान कभी नहीं सुनता, वो उस लड़के की ताकत को अभी समझ नहीं पाई ह,
आदमी- गुरु जी, वो हमारे आश्रम में पहुंच चुकी ह,
बाबा- उससे कहो वह शांत रहे, और छुपी रहे, किसी को पता न चले वो आश्रम में ह, खास क्र उस औरत और उस लड़के को,
आदमी- गुरु जी हमे उनसे क्या दर
बाबा- अभी हम उससे लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, उसकी ताकत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही होगी, उसकी पूरी ताकत बढ़ने से पहले वो हमे चाहिए, अपनी पूरी ताकत लगाओ और उसे यहाँ लेकर आओ,
आदमी- हमने जो अब तक छुपा रखा ह उनका भी तो इस्तेमाल क्र सकते हैं,
बाबा- उनका इस्तेमाल होगा किन्तु पहले उसे यहाँ लाना होगा, लेकिन सावधानी से, उसे अहसास नहीं होना चाहिए उसके साथ क्या हो रहा ह
आदमी- ठीक ह गुरु जी, मैं कुछ गणिकाओं को भेजता हु, उसे रिझाने के लिए, और अपना आदमी भेजता हु उसे यहाँ तक लेन के लिए,
इतना बोल क्र आदमी चला गया, और बाबा फिर सोच में दुब गया,
तभी वह 4 गणिका आ गई, जो बिना बोले बाबा के कपडे उतरने लगी, बना आँख बंद करके लेट गया, कुछ hi पालो में वो बिलकुल नंगा लेता हुआ था, और चारो लड़किया भी बिलकुल नंगी थी, फिर बाबा उठा और सभी नंगे hi चल दिए और बहार आकर खुले आसमान के निचे बाबा एक बड़े से टब में बैठ गया, और चारो लड़किया और नहलाने लगी, कोई उसका बदन को मॉल रही थी तो कोई अपनी चूचियों से उसकी कमर को रगड़ रही थी, एक निचे बैठ क्र उसके विशाल लुंड की मालिश कर रही थी, बाकि लोग वह से ऐसे गुजर रहे थे जैसे ये बहुत hi नार्मल घटना हो,
फिर बाबा नाहा क्र नंगा hi अंदर आया और दो दूसरी लड़किया उसे कपडे पहनने लगी, तभी बाबा ने दो लड़कियों को सामने बैठाया और अपने खड़ा लुंड उसके मुँह में दे दिया और वो मजे से चूसने लगी,
जब तक लड़कियों ने बाबा को तैयार किया वो लड़किया बैठी लुंड चुस्ती रही, लेकिन बाबा झड़ने को तैयार नहीं था, लड़की का मुँह दर्द करने लगा था लेकिन वो रुक नहीं रही थी, फिर बाबा ने उसे अपने पेअर से hi दूर धकेला तभी दूसरी लड़की ने बाबा के लुंड को कपड़ो के अंदर किया और बाबा चल दिया बहार को, बहार उसके चेले खड़े थे जो उसे लेकर एक सभा में चले गए, जहा हजारो लोग बैठे हुए थे, बाबा के दर्शन पाने के लिए,
बाबा ने वह अपनी गद्दी पैर बैठ क्र लोगो को ज्ञान देना शुरू क्र दिया,
हवेली में ह्रदय उठा और निचे आया तो देखा पूरा परिवार एक साथ बैठा हुआ ह,
ह्रदय- क्या हुआ कुछ गड़बड़ हुई ह क्या सुबह सुबह
सीमा- नहीं बीटा सब ठीक ह बस सब एक साथ बैठे थे, अच्छा लग रहा था,
अंजलि- आओ बैठो, कैसी तबियत ह अब
ह्रदय- मैं तो पहले भी ठीक था, लेकिन आप ने मेरे चक्कर में उन्हें जाने दिया,
अंजलि- हम उन्हें पकड़ लेंगे,
ह्रदय- कामिनी जी का कुछ पता चला
अंजलि- है तम्मना उसी की बेटी ह लेकिन नाजायज, और उसने तम्मना को हमारे खिलाफ पूरी तरह तैयार किया ह, बस अब तक ये पता नहीं चल पाया ह की उसका और क्या क्या मकसद ह और ये झूठा भाई कोण ह,
अंजलि की बात सुनकर रश्मि और आशिमा ने सर निचे क्र लिया,
अंजलि- तुम दोनों क्यों सर झुका रही हो, ये तुम्हारी गलती तोडना ह, उस औरत को सुधारना नामुमकिन ह, जो अपने स्वैर्त के लिए अपने परिवार को मरता छोड़ क्र किसी के साथ भाग गई, जो अपनी जिंदगी को अच्छा बनाने के चक्कर में अपने नवजात बच्चो को किसी और औरत को देकर भाग गई वो किसी की सगी नहीं हो सकती, इसलिए तुम उसके बारे में मत सोचो, तुम्हारी माँ मैं हु,
रश्मि- जी माँ आप हमारी माँ हो और हमे गर्व ह इस बात पैर,
वन्य- ह्रदय तुम्हे निधि से मिलना चाहिए एक बार
ह्रदय- क्यों
अंजलि- वन्य बोल रही ह तो मिल लेना, हमे उसकी जरुरत पद सकती ह,
ह्रदय- लेकिन माँ
अंजलि- मैंने क्या समझाया था, हमारा मकसद बहुत बड़ा ह, और उसमे जो लोग तुम्हारा फायदा उठाना चाहते हैं तुम उनसे अपना मतलब निकलना सीखो,
ह्रदय- ठीक ह माँ
अंजलि- तुम सब अपने अपने काम पैर जाओ, मैं ह्रदय और वर्षा जायेंगे उन आदमियों से बात करने,
ाव्य- मैं भी चालू क्या
अंजलि- अभी नहीं बेटी, तू अपनी बहेनो के साथ जा
ाव्य- मुझसे कोई कुछ काम नहीं करवाता, सब अपने अपने काम में लगे रहते हैं, ह्रदय ने कहा था अपने साथ लेकर जायेगा वो भी नहीं ले गया, मेरी किसी को जरुरत नहीं ह,
वन्य- ये कैसी बात कर रही ह, तेरी जरुरत सबसे ज्यादा ह, भ्रमसत्र का इस्तेमाल इन छोटे कामो में नहीं किया जाता,
वन्य की बात सुनकर सब है पड़े,
ाव्य वन्य को मरने डोडी,- मेरा मजाक उड़ाती ह,
उन्हें भागता देख वर्षा की आँखों में ख़ुशी के आंसू थे, वही अंजलि भी खुसी से फूली नहीं समां रही थी,
फिर सभी निकल गए, अंजलि ह्रदय और वर्षा पहुंचे एक सुमसान अड्डे पैर जहा 15 आदमी बंधे पड़े थे,
अंजलि- अगर तुम लोग चाहते हो मैं तुम्हे जिन्दा छोड़ दू तो जो जानते हो सब सच बता दो वर्ण इसकी ताकत तुम देख चुके हो अब मेरा गुस्सा देखोगे, एक एक का सर काट क्र उसके पिछवाड़े में न घुसा दिया तो मेरा नाम भी अंजलि नहीं,
सरे आदमी एक साथ- हम कुछ नहीं जानते हमे कुछ नहीं पता हम तो बस किराये के गुंडे हैं,
अंजलि- किराये के गुंडे जान देव पैर नहीं लगते,
एक आदमी बोलै- मैडम हमे नहीं पता था इसमें जान का भी खतरा ह, हमे तो बस उन लोगो की सुरक्षा के लिए रखा था, और एक आदमी के हाट पॉ तोड़ने थे, हमे नहीं पता था वो आदमी इतना ताकतवर निकलेगा, हम तो खामखा अपनी जान गवाने वाले थे, इतने तो पैसे भी नहीं मिलते हमे,
अंजलि समझ गई ये किराये के टैटू हैं, इनके पास ज्यादा जानकारी नहीं मिलेगी,
अंजलि- ठीक ह तुम जो भी जानते हो वो बता दो, मैं कुछ नहीं करुँगी,
एक आदमी- मैडम हमे तो इतना काम दिया गया था की इस गाओं में दबाव बना क्र रखे, कोई फालतू बोले तो हाथ पॉ तोड़ दो, बस वो बूढी औरत hi हमे आर्डर देती थी, उसके साथ एक जानवर जैसा आदमी था, हठी से भी ज्यादा ताकत ह उसमे, सारा काम वही करता था,
अंजलि- तुमने उस आदमी को देखा कभी
आदमी- नहीं वो हमेशा मुँह धक् क्र hi रहता था,
अंजलि- और वो बूढी औरत
आदमी- उसे देखा ह,
अंजलि- वैरी गुड, क्या नाम ह उसका
आदमी- सब उसे दादी बोलते हैं, नाम कभी नहीं सुना
वर्षा- कैसे पता लगाएंगे कोण ह
अंजलि ने एक पल के लिए आँखे बंद की, फिर झटके से फ़ोन निकला और एक पिछ ढूंढ क्र उस आदमी के सामने क्र दी,
अंजलि- गोर से देखो यही ह क्या
आदमी बड़ी गोर से तस्वीर देखने लगा,
अंजलि- पता नहीं चला क्या
आदमी- मैडम ये जवान ह और कपडे बहुत फासिओं के ह लेकिन वो बूढी ह और गाओं के कपडे पहनती ह, फिर भी 80 % ऐसी hi दिखती ह, इसकी आँखों से पता चल रहा ह,
अंजलि ने गुस्से में आँखे बंद क्र ली, और जोर से चीखी nhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
वह बैठे सभी गुंडे घबरा गए, ह्रदय भी घबरा गया,
ह्रदय- क्या हुआ माँ
वर्षा- माँ क्या हुआ
अंजलि- जिसका दर था, ये वही ह
वर्षा- कोण
अंजलि ने मोबाइल वर्षा के सामने कर दिया, जिसे देख क्र वर्षा अपनी जगह से कड़ी कड़ी hi गिर पड़ी,
ह्रदय ने उसे सम्हाला,
उधर शाक्षी जालिम दादी के सामने कड़ी थी,
शाक्षी- ऐसे कब तक छुपेंगे, तुमने बहुत hi ख़राब प्लान बनाया देखा हम कहा फास गए,
दादी- मेरा प्लान कभी फ़ैल नहीं होता 20 साल से मेरा प्लान कामयाब होता आया ह आगे भी होगा, अब मेरा ये जानवर उन सबको तबाह करेगा,
शाक्षी- लेकिन उसकी टक्कर के लिए वो ह्रदय ह न, उसके अंदर इससे भी ज्यादा ताकत ह, कमीने ने एक बार में hi छूट फाड़ दी, इस जानवर से छोड़ने के बाद भी इतना दर्द दिया की अब तक मजा आ रहा ह,
दादी- मतलब बाप पैर गया ह ताकत में भी और हतियार में भी
शाक्षी- दोनों में अपने बाप से आगे hi ह ताकत में भी और हतियार में भी,
दादी- लेकिन मुझसे नहीं बच पायेगा, तू जानती ह न मैं कोण हु,
वही दूसरी तरफ
ह्रदय- वर्षा मौसी सम्हालिए खुद को,
वर्षा- ये कैसे ये जिन्दा कैसे बच गई,
अंजलि- सरे सबूत ये hi गवाही दे रहे हैं, और अब तो सब कुछ खुल क्र सामने आ गया ह,
ह्रदय- कोण ह माँ किसकी बात कर रही हो,
इधर शाक्षी....
जानती हु तुम्हे, तुमसे बड़ी जालिम कामिनी शायद कोई नहीं पैदा हो सकती,
दो तरफ एक साथ एक hi टॉपिक पैर चर्चा चल रही थी, उस जालिम दादी के नाम पैर,
और एक तरफ अंजलि और दूसरी तरफ जालिम दादी एक साथ बोले,
Anjali/dadi- सोनिया चोपड़ा, uska/mera नाम ह सोनिया चोपड़ा,
लेकिन कैसे वो जिन्दा कैसे ह,
कोमल नाम सुनकर ह्रदय की आँखे फटी रह गई, कोमल कोमल कोमल
ह्रदय- कोमल कमिसनीयर की बेटी,
औरत- तुम कैसे जानते हो
ह्रदय- आप यहाँ कैसे आप तो सब छोड़ क्र विदेश चली गई थी, आप यहाँ कैसे
कोमल- तुम मुझे कैसे जानते हो कोण हो तुम
ह्रदय- मैं आपका
ह्रदय इतना की बोल पाया था की पीछे से किसी ने ह्रदय को उठाया और दूर फैक दिया,
ह्रदय एक दीवार से टकराया, वो बड़ी फुर्ती से उठ क्र खड़ा हुआ, तो सामने वही मास्क वाला आदमी खड़ा था,
कोमल उसके पैरो में गिर पड़ी और गिड़गिड़ाने लगी,
कोमल- उसे माफ़ कर दो उसकी गलती नहीं ह, उसे जाने दो वो बच्चा ह
उस आदमी ने कोमल को एक लात मरी उसके मुँह से खून निकलने लगा, ये देख क्र ह्रदय को गुस्सा आ गया और वो उस आदमी की तरफ दौड़ पड़ा,
और एक जोर दर मुक्का उस आदमी के मुँह पैर जड़ दिया, जिससे वो दूर जाकर गिरा,
ह्रदय ने कोमल को उठाया
ह्रदय- आप ठीक ह न
कोमल कुछ बोल पति तभी पीछे से उस आदमी ने फिर ह्रदय पैर हमला कर दिया, अब दोनों की लड़ाई होने लगी,
ह्रदय आज गुस्से में था जिसका परिणाम उस आदमी को झेलना पद रहा था, लेकिन वो ह्रदय से कही भी काम नहीं पद रहा था, उस आदमी ने ह्रदय को उठाया और दूर फैक क्र मारा जिससे ह्रदय एक घर की दीवार से टकराया और दीवार गिर गई, दीवार के गिरने की आवाज से आस पास के लोग उठ गए, जल्दी hi वह भीड़ इकठा होने लगी,
इधर दोनों की लड़ाई पुरे जोर पैर थी, कोई भी रुकने थकने के लिए तैयार नहीं था, सूरज निकल आया था पूरा उजाला हो चुक्का था, तभी वह दृष्टि भी आ गई, और ह्रदय को उस आदमी से लड़ता देख घबरा गई,
दृष्टि- ह्रदय रुक जाओ प्लस रुक जाओ
ह्रदय- दृष्टि दूर रहो ये खतरनाक आदमी ह
दृष्टि- ह्रदय रुक जाओ ये हमारे साथ ह,
ह्रदय- इसने औरत पैर हाथ उठाया ह,
तभी वह शाक्षी भी आ गई और कोमल को वह देख क्र वो गुस्से में लाल हो गई और कोमल के पास पहुंची और उसके बाल पकड़ लिए और कोमल के मुँह पैर थपड मरने शुरू क्र दिए
शाक्षी- क्यों ऋ कलमुही यहाँ भी लड़ाई करवा दी, क्या चाहती ह तू
ह्रदय ने देखा की शाक्षी ने कोमल के बाल पकडे हुए हैं, ह्रदय की आँखे गुस्से में लाल हो गई और वो जोर से चिल्लाया,
ह्रदय- shakshiiiiiiiiiiii
उसकी आवाज इतनी तेज और जोर दर थी की शाक्षी दर के सहम गई, ह्रदय ने उस आदमी के मुँह पैर लगातार मुक्के बरसाने शुरू किये और उसे दूर फेंक क्र कोमल की तरफ डोडा, उसने शाक्षी को एक थपड मारा जिससे वो दूर जाकर गिरी,
उसके मुँह से खून आने लगा था,
दृष्टि- ह्रदय तुम ये क्या कर रहे हो, ये औरत इतने सम्मान के लायक नहीं ह, तुम नहीं जानते इसने क्या क्या किया ह,
ह्रदय- खामोश,
ह्रदय की आवाज से दृष्टि भी कैंप उठी
ह्रदय- इन्हे मैं बहुत अच्छे से जनता हु, तुम लोगो ने इनकी ये हालत की हुई ह, जिसने अपनी पूरी जवानी एक राजकुमारी की तरह जी ह, जिसके नाम से लोग कांपते थे उनकी ये हालत,
दृष्टि- तुम कैसे जानते हो इसे
ह्रदय- तुम्हे क्या लगा था तुम मुझे यहाँ भएका क्र लाइ हो मिस दृष्टि, मैं यहाँ खुद आया हु, और इस बेवकूफ औरत को भेजा मुझे रिझाने, जिसने यहाँ आते hi मेरा नाम बोल दिया जबकि किसी ने इसे मेरा नाम तक नहीं बताया था,
जितनी गिरी हुई बदचलन इसकी माँ थी ये उससे भी आगे निकल गई,
शाक्षी- तेरी ये हिम्मत
ह्रदय- हिम्मत देखि hi कहा ह तूने, शाक्षी रजनी की बेटी, उस रजनी की जिसने अपनी hi बेटी को मरने की कोशिश की, अपने hi परिवार को बर्बाद कर दिया,
शाक्षी- कोण हो तुम
ह्रदय- मैं हु तुषार का बीटा,
इतना सुनते hi कोमल की आँखे ख़ुशी से चमक उठी उसने आश्चर्य से ह्रदय को देखा, वही दृष्टि के आँखों में हैरत भरी पड़ी थी, शाक्षी दर क्र पीछे हो गई, और वही दूर अपना मुँह ढके हुए कड़ी थी जालिम दादी, जिसके चेरे पैर गुस्सा हैरत नफरत सब उभर आया था,
वो जोर से छिलाई- धामा मर दाल इसे
ह्रदय की नजर जालिम दादी पैर गई, तभी उस मास्क वाले आदमी ने ह्रदय पैर हुम्ला कर दिया, और दोनों की लड़ाई फिर होने लगी, लड़ाई इतनी जोर दर थी की ऐसा लग रहा था जैसे दो हठी आपस में टकरा रहे हो, दृष्टि और जालिम दादी को अपने आदमी की ताकत का पता था लेकिन वो ह्रदय की ताकत को देख क्र सुरप्रीसेड थे,
कोमल रट हुए ह्रदय को रोके जा रही थी, रुक जा बीटा रुक जा, प्लस रुक जा, मत लड़,
इधर जालिम दादी ने अपने 15-20 आदमी और बुला लिया, अब ह्रदय अकेला हो गया था, क्योकि ह्रदय की ताकत के लिए तो धामा की ताकत टक्कर दे रही थी, 20 आदमी और आ जाने से ह्रदय कमजोर पड़ने लगा,
दृष्टि- दादी रुक जाइये
जालिम दादी- आज इसका अंत होगा, हाहाहाहाहा आज ये यहाँ से जिन्दा नहीं जायेगा, इसके बाद उस अंजलि का कोई रक्षक नहीं बचेगा,
ह्रदय सामने गुंडों से लड़ रहा था तभी पीछे से धामा ने ह्रदय के सर पैर एक जोर दर वार किया जिसे उसका सर फैट गया और खून की धार भेने लगी, कोमल और दृष्टि ह्रदय की तरफ दौड़े, लेकिन धामा ने कोमल का हाथ पकड़ लिया और शाक्षी ने दृष्टि का,
बाकि आदमी ह्रदय की तरफ बढे तभी वह गाड़ियों की आवाज गूंज गई, कुछ गाड़िया बड़ी रफ़्तार से डोडी चली आ रही थी, और एक खुली जीप में कड़ी थी अंजलि जिसके हाथ में एक बन्दूक थी, जो ह्रदय की तरफ बढ़ा उसके सर में अंजलि ने गोली मर दी,
अंजलि को वह देख क्र जालिम दादी का प्लान फ़ैल होता दिखा,
जालिम दादी- धामा सेक्सी दृष्टि निकालो यहाँ से
साक्षी और धामा तुरंत दादी के पीछे हो लिए, दृष्टि रोटी हुई ह्रदय को देखती हुई दादी के पीछे चल दी, कोमल भी तुरंत उनके पीछे चल दी,
ह्रदय ने कोमल का हाथ पकड़ लिया
ह्रदय- आप क्यों जा रही हो
कोमल- बीटा मेरा जाना जरुरी ह, अगर मैं उनके साथ नहीं गई तो सब बर्बाद हो जायेगा, लेकिन मुझे उम्मीद ह तू हमे ढूंढ लेगा, तू सबको ढूंढ लेगा, पुरे परिवार को ढूंढ ले, और जो भटक चुके ह उन्हें रास्ता दिखाना,
इतना बोल क्र कोमल दौड़ती हुई उनके पीछे चली गई,
अंजलि उनके पीछे जाना चाहती थी लेकिन ह्रदय की हालत ठीक नहीं थी,
अंजलि ने ह्रदय को गाड़ी में डाला और तुरंत हॉस्पिटल की तरफ दौड़ पड़ी,
ह्रदय- माँ वो कोमल मौसी
अंजलि- कोमल यहाँ कैसे, ये सब हो क्या रहा ह
ह्रदय- हमे उनके पीछे जाना चाहिए,
अंजलि- मेरे लिए तू ज्यादा जरुरी ह,
अंजलि के आदमियों ने पुरे गाओं को घेर लिया था, और दादी के आदमियों को कैद क्र लिया था,
अंजलि ह्रदय को लेकर हॉस्पिटल पहुंची, बाकि परिवार को भी खबर लग गई थी, पूरा परिवार हॉस्पिटल की तरफ दौड़ पड़ा,
डॉक्टर ने ह्रदय की पाटिया क्र दी, ज्यादा सीरियस नहीं था, तुरंत hi छुट्टी क्र दी,
सभी घर आ गए, पूरा परिवार एक साथ बैठा था, बस अन्य और रम्य वह नहीं थी,
ह्रदय- माँ आपने गलती क्र दी, उन्हें हाथ से जाने दिया
अंजलि- बस इस बारे में और कोई बात नहीं होगी, तुझसे ज्यादा जरुरी और कुछ नहीं ह, मैं अपना बीटा खो चुकी हु, दूसरे के लिए रिस्क नहीं ले सकती
ह्रदय- फिर क्या फायदा इस ताकत का जो इतने से खतरे से घबरा जाये, माँ ये मौका दुबारा नहीं मिलने वाला वो लोग सतर्क हो जायेंगे, अब उन्हें पता भी चल गया ह की कोण हु, अब आसान नहीं होगा
अंजलि- होगा सब होगा हम करेंगे, पहले थोड़ा रेस्ट करो और रात में सब एक साथ होंगे और अपनी अपनी जानकरी बताएँगे,
ाव्य गुस्से में मुँह फुलाए बैठी थी,
ह्रदय- तुम्हे क्या हुआ
वर्षा – ये नाराज ह, इसे अपने साथ क्यों नहीं लेकर गए,
ह्रदय- वह खतरा था, इसलिए तुम्हे लेकर नहीं गया, अगली बार जाऊंगा तो साथ लेकर जाऊंगा,
फिर सबने आराम किया और रात के खाने के बाद सब एक साथ बैठे थे, काम्य बहुत उदास बैठी थी, उसके चेरे पैर बेचैनी साफ़ दिख रही थी,
अंजलि- काम्य बेटी क्या हुआ तू इतनी दुखी क्यों ह, तुम्हे तो खुश होना छाइये की तुम्हारी माँ मिल गई हैं,
ाव्य- मेरी माँ ये हैं,
उसने नंदनी की तरफ इशारा किया,
काम्य- उस औरत ने कोई अच्छा काम नहीं किया ह, और अब भी वो दुश्मन के साथ रह रही ह,
ह्रदय- नहीं तुम गलत सोच रही हो, वो दुश्मन के साथ नहीं हो सकती, कोमल जैसी मजबूत लड़की ऐसे लाचारी में फाटे हाल में दरी हुई नहीं हो सकती, और वो आदमी उन पैर जुलुम कर रहा था, वो किसी का जुलम नहीं सेहन कर सकती थी, वो ऐसा कर रही ह उसके पीछे जरूर कोई बहुत बड़ी वजह ह,
अंजलि- सही कहा, कोमल को काबू में करना मतलब किसी शेरनी के मुँह में हाथ डालने जैसा ह, कुछ तो गड़बड़ ह,
ह्रदय- उन्होंने कहा था सबको ढूंढो, पुरे परिवार को ढूंढो और जो बहके हुए हैं उन्हें भी सही रस्ते लाना ह,
नंदनी- भेके हुए से उसका क्या मतलब था,
अंजलि- इस सब के पीछे वो औरत थी जो मुँह छिपाये दूर कड़ी थी,
ह्रदय- सही कहा, वही थी जो उन सबको कमांड क्र रही थी और उस आदमी को धामा कह क्र बुला रही थी,
अंजलि- धामा नाम के तो किसी आदमी को मैं नहीं जानती, लेकिन ये शाक्षी वह कैसे,
नैना- रजनी जी के मरने के बाद शाक्षी बगावत पैर उतर आई थी, फिर कोई औरत उनसे मिलने लगी थी, और फिर वो एक दिन बस चली गई, उसके बाद उसका कोई रिकॉर्ड नहीं ह, तब से आज दिखी ह,
दिया- राहुल मैनेजर के हिसाब से भी कोई औरत थी, जिससे वो दर रहा था,
सीमा- कोण हो सकती ह वो औरत
अंजलि- मेरा शक जहा जा रहा ह, अगर वही हुई तो बहुत hi खतरनाक हो सकता ह,
ह्रदय- कोण हो सकती ह माँ
अंजलि ने ह्रदय की तरफ देखा,
अंजलि- अभी नहीं पहले पूरी जानकरी इकठा कर ले उसके बाद, और अब मंजिल साफ़ ह, हमे पता ह क्या ढूंढ़ना ह, कहा से शुरू करना ह, गाओं में आदमी लगे हैं जानकरी निकलने में, कल उस औरत के गुंडों से मिलेंगे, शायद कुछ पता चल जाये, तब तक सब आराम करो
अंजलि ने सबको भेज दिया और खुद वर्षा के साथ अपने कमरे में चली गई,
ह्रदय के पास ाव्य वन्य नैना काम्य दिया और शनाया बैठे थे, शनाया ह्रदय से चिपकने की कोशिश कर रही थी, जिसे सब महसूस कर रहे थे, ह्रदय थोड़ा झेप रहा था,
वन्य और ाव्य के चेरे पैर दर्द साफ़ दिख रहा था, वन्य थोड़ा शर्मा रही थी, वही ाव्य ह्रदय के दर्द को फील करने की कोशिश कर रही थी,
तभी ह्रदय के फ़ोन पैर तम्मना की कॉल आई,
शनाया- ये क्यों कॉल क्र रही ह, इससे अब क्या मतलब ह,
ह्रदय- पता नहीं देखना पड़ेगा,
शनाया- इससे दूर रहो, ये अच्छे लड़की नहीं ह,
ह्रदय ने शनाया को देखा, उसकी आँखों में जलन साफ़ दिख रही थी, हालत समझते ह्रदय ने फ़ोन नहीं उठाया,
वही जालिम दादी शाक्षी दृष्टि धामा और कोमल, एक जंगल में बैठी थी,
दादी- हरामजादी तेरी वजह से सब बर्बाद हो गया,
दादी ने कोमल को एक थपड मारा,
कोमल- मैंने कुछ नहीं किया, आप लोग hi तो उसे गाओं में लाये,
दादी- दृष्टि तू इतनी बड़ी गलती कैसे क्र सकती ह, तू उसके बारे ठीक से कुछ नहीं जान पाई, तेरी गलती की वजह से आज सब बर्बाद हो जाता,
दृष्टि- उन्होंने अच्छी चल चली, लेकिन आप वह से भागी क्यों अंजलि सामने थी आपने उसे ख़तम क्यों नहीं किया, हमारे परिवार को बर्बाद करने वाली को ख़तम क्यों नहीं किया,
दादी- वो अकेली नहीं थी उसके साथ आदमी थे, और वो अकेली भी मेरे जैसी 10 पैर भरी ह, और अब उसके साथ में ह्रदय जैसा योद्धा ह,
शाक्षी- हमारे पास भी तो ये ह, इसका क्या अचार डालोगी,
दृष्टि- आंटी जबान सम्हाल क्र बात करो मेरे पापा के लिए,
शाक्षी- ये बस रिश्ते में तेरा बाप ह, वर्ण इसमें कोई जज्बात नहीं ह,
दृष्टि- जैसे आपके अंदर नहीं ह, रात में आप ह्रदय के साथ क्या कर रही थी देखा मैंने, आपको शर्म नहीं आई, एक जवान लड़के के साथ ये सब करते हुए, ची कितनी जलील और गिरी हुई औरत हो आप, क्या आपकी माँ भी ऐसी hi थी, ह्रदय बोल रहा था न, शायद वो जनता ह आपको
शाक्षी गुस्से में- जबान सम्हाल क्र लड़की वर्ण तेरी जबान खींच लुंगी
दृष्टि- हाथ तो लगा क्र दिखा, बिच में से चिर दूंगी,
दादी- बस चुप हो जाओ तुम दोनों, यहाँ सब बर्बाद हो रहा ह तुम आपस में hi लड़ रहे हो,
दृष्टि चुप हो गई, उसके दिमाग में बहुत हलचल थी, उसका दिमाग बहुत कुछ सोच रहा था, और उसका कारन था ह्रदय, ह्रदय की अच्छे उसे दूसरी तरफ सोचने पैर मजबूर क्र रही थी,
और आज पहेली बार उसे कोमल के लिए कुछ दया दिख रही थी, कोमल के पास मौका था भागने का लेकिन वो गई क्यों नहीं,
कोमल की आँखों में आंसू थे लेकिन फिर भी उसके फेस पैर आज एक सकूं सा था, इस सब में धामा बिलकुल शांत बैठा था जैसे कुछ हुआ hi न हो, उसे कुछ फरक नहीं पद रहा था,
शाक्षी- अब क्या करना ह, हमारे ठिकाने पैर तो कब्ज़ा हो गया,
दादी- ऐसे 100 ठिकाने ह मेरे तू चल, अब सीधा हुम्ला होगा, अब मेरा जानवर उन जलादो के साथ मिलकर ख़तम करेगा उन सबको, जब ये उनके साथ मिलेगा तो वो लड़का और अंजलि कुछ नहीं कर पाएंगे,
कोमल- तुम उन्हें नहीं रोक पाओगी, तुम्हारे पाप तुम्हे hi बर्बाद कर देंगे
दादी- खामोश, मुँह बंद रख अपना वर्ण यही जबान खींच लुंगी तेरी,
दादी सबको लेकर गाड़ी में बैठ क्र चल दी रात के अँधेरे में,
इधर अन्य और रम्य की घर बात हुई तो उन्हें सब पता चला, वो घर जाने के लिए बैचैन हो गई, वैसे भी यहाँ की काफी जानकरी उन्हें मिल चुकी थी, लेकिन कामिनी का असली मकसद सामने नहीं आया था,
इस लिए उन्होंने कुछ समय के लिए रुकने का फैसला किया, उन्होंने अंजलि को साडी जानकारी दे दी थी, जिससे तम्मना और उसके झूठे मां के पीछे जासूस लग चुके थे,
आश्रम में सुबह सुबह …..
एक आदमी- गुरु जी वह हुम्ला हुआ ह, उन लोगो को जगह छोड़ क्र भागना पड़ा,
बाबा- उस हरामजादी को नहीं पता क्या करना ह, उसे कितना भी समझा लो वो नहीं समझेगी, प्रतिशोध में अँधा इंसान कभी नहीं सुनता, वो उस लड़के की ताकत को अभी समझ नहीं पाई ह,
आदमी- गुरु जी, वो हमारे आश्रम में पहुंच चुकी ह,
बाबा- उससे कहो वह शांत रहे, और छुपी रहे, किसी को पता न चले वो आश्रम में ह, खास क्र उस औरत और उस लड़के को,
आदमी- गुरु जी हमे उनसे क्या दर
बाबा- अभी हम उससे लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, उसकी ताकत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही होगी, उसकी पूरी ताकत बढ़ने से पहले वो हमे चाहिए, अपनी पूरी ताकत लगाओ और उसे यहाँ लेकर आओ,
आदमी- हमने जो अब तक छुपा रखा ह उनका भी तो इस्तेमाल क्र सकते हैं,
बाबा- उनका इस्तेमाल होगा किन्तु पहले उसे यहाँ लाना होगा, लेकिन सावधानी से, उसे अहसास नहीं होना चाहिए उसके साथ क्या हो रहा ह
आदमी- ठीक ह गुरु जी, मैं कुछ गणिकाओं को भेजता हु, उसे रिझाने के लिए, और अपना आदमी भेजता हु उसे यहाँ तक लेन के लिए,
इतना बोल क्र आदमी चला गया, और बाबा फिर सोच में दुब गया,
तभी वह 4 गणिका आ गई, जो बिना बोले बाबा के कपडे उतरने लगी, बना आँख बंद करके लेट गया, कुछ hi पालो में वो बिलकुल नंगा लेता हुआ था, और चारो लड़किया भी बिलकुल नंगी थी, फिर बाबा उठा और सभी नंगे hi चल दिए और बहार आकर खुले आसमान के निचे बाबा एक बड़े से टब में बैठ गया, और चारो लड़किया और नहलाने लगी, कोई उसका बदन को मॉल रही थी तो कोई अपनी चूचियों से उसकी कमर को रगड़ रही थी, एक निचे बैठ क्र उसके विशाल लुंड की मालिश कर रही थी, बाकि लोग वह से ऐसे गुजर रहे थे जैसे ये बहुत hi नार्मल घटना हो,
फिर बाबा नाहा क्र नंगा hi अंदर आया और दो दूसरी लड़किया उसे कपडे पहनने लगी, तभी बाबा ने दो लड़कियों को सामने बैठाया और अपने खड़ा लुंड उसके मुँह में दे दिया और वो मजे से चूसने लगी,
जब तक लड़कियों ने बाबा को तैयार किया वो लड़किया बैठी लुंड चुस्ती रही, लेकिन बाबा झड़ने को तैयार नहीं था, लड़की का मुँह दर्द करने लगा था लेकिन वो रुक नहीं रही थी, फिर बाबा ने उसे अपने पेअर से hi दूर धकेला तभी दूसरी लड़की ने बाबा के लुंड को कपड़ो के अंदर किया और बाबा चल दिया बहार को, बहार उसके चेले खड़े थे जो उसे लेकर एक सभा में चले गए, जहा हजारो लोग बैठे हुए थे, बाबा के दर्शन पाने के लिए,
बाबा ने वह अपनी गद्दी पैर बैठ क्र लोगो को ज्ञान देना शुरू क्र दिया,
हवेली में ह्रदय उठा और निचे आया तो देखा पूरा परिवार एक साथ बैठा हुआ ह,
ह्रदय- क्या हुआ कुछ गड़बड़ हुई ह क्या सुबह सुबह
सीमा- नहीं बीटा सब ठीक ह बस सब एक साथ बैठे थे, अच्छा लग रहा था,
अंजलि- आओ बैठो, कैसी तबियत ह अब
ह्रदय- मैं तो पहले भी ठीक था, लेकिन आप ने मेरे चक्कर में उन्हें जाने दिया,
अंजलि- हम उन्हें पकड़ लेंगे,
ह्रदय- कामिनी जी का कुछ पता चला
अंजलि- है तम्मना उसी की बेटी ह लेकिन नाजायज, और उसने तम्मना को हमारे खिलाफ पूरी तरह तैयार किया ह, बस अब तक ये पता नहीं चल पाया ह की उसका और क्या क्या मकसद ह और ये झूठा भाई कोण ह,
अंजलि की बात सुनकर रश्मि और आशिमा ने सर निचे क्र लिया,
अंजलि- तुम दोनों क्यों सर झुका रही हो, ये तुम्हारी गलती तोडना ह, उस औरत को सुधारना नामुमकिन ह, जो अपने स्वैर्त के लिए अपने परिवार को मरता छोड़ क्र किसी के साथ भाग गई, जो अपनी जिंदगी को अच्छा बनाने के चक्कर में अपने नवजात बच्चो को किसी और औरत को देकर भाग गई वो किसी की सगी नहीं हो सकती, इसलिए तुम उसके बारे में मत सोचो, तुम्हारी माँ मैं हु,
रश्मि- जी माँ आप हमारी माँ हो और हमे गर्व ह इस बात पैर,
वन्य- ह्रदय तुम्हे निधि से मिलना चाहिए एक बार
ह्रदय- क्यों
अंजलि- वन्य बोल रही ह तो मिल लेना, हमे उसकी जरुरत पद सकती ह,
ह्रदय- लेकिन माँ
अंजलि- मैंने क्या समझाया था, हमारा मकसद बहुत बड़ा ह, और उसमे जो लोग तुम्हारा फायदा उठाना चाहते हैं तुम उनसे अपना मतलब निकलना सीखो,
ह्रदय- ठीक ह माँ
अंजलि- तुम सब अपने अपने काम पैर जाओ, मैं ह्रदय और वर्षा जायेंगे उन आदमियों से बात करने,
ाव्य- मैं भी चालू क्या
अंजलि- अभी नहीं बेटी, तू अपनी बहेनो के साथ जा
ाव्य- मुझसे कोई कुछ काम नहीं करवाता, सब अपने अपने काम में लगे रहते हैं, ह्रदय ने कहा था अपने साथ लेकर जायेगा वो भी नहीं ले गया, मेरी किसी को जरुरत नहीं ह,
वन्य- ये कैसी बात कर रही ह, तेरी जरुरत सबसे ज्यादा ह, भ्रमसत्र का इस्तेमाल इन छोटे कामो में नहीं किया जाता,
वन्य की बात सुनकर सब है पड़े,
ाव्य वन्य को मरने डोडी,- मेरा मजाक उड़ाती ह,
उन्हें भागता देख वर्षा की आँखों में ख़ुशी के आंसू थे, वही अंजलि भी खुसी से फूली नहीं समां रही थी,
फिर सभी निकल गए, अंजलि ह्रदय और वर्षा पहुंचे एक सुमसान अड्डे पैर जहा 15 आदमी बंधे पड़े थे,
अंजलि- अगर तुम लोग चाहते हो मैं तुम्हे जिन्दा छोड़ दू तो जो जानते हो सब सच बता दो वर्ण इसकी ताकत तुम देख चुके हो अब मेरा गुस्सा देखोगे, एक एक का सर काट क्र उसके पिछवाड़े में न घुसा दिया तो मेरा नाम भी अंजलि नहीं,
सरे आदमी एक साथ- हम कुछ नहीं जानते हमे कुछ नहीं पता हम तो बस किराये के गुंडे हैं,
अंजलि- किराये के गुंडे जान देव पैर नहीं लगते,
एक आदमी बोलै- मैडम हमे नहीं पता था इसमें जान का भी खतरा ह, हमे तो बस उन लोगो की सुरक्षा के लिए रखा था, और एक आदमी के हाट पॉ तोड़ने थे, हमे नहीं पता था वो आदमी इतना ताकतवर निकलेगा, हम तो खामखा अपनी जान गवाने वाले थे, इतने तो पैसे भी नहीं मिलते हमे,
अंजलि समझ गई ये किराये के टैटू हैं, इनके पास ज्यादा जानकारी नहीं मिलेगी,
अंजलि- ठीक ह तुम जो भी जानते हो वो बता दो, मैं कुछ नहीं करुँगी,
एक आदमी- मैडम हमे तो इतना काम दिया गया था की इस गाओं में दबाव बना क्र रखे, कोई फालतू बोले तो हाथ पॉ तोड़ दो, बस वो बूढी औरत hi हमे आर्डर देती थी, उसके साथ एक जानवर जैसा आदमी था, हठी से भी ज्यादा ताकत ह उसमे, सारा काम वही करता था,
अंजलि- तुमने उस आदमी को देखा कभी
आदमी- नहीं वो हमेशा मुँह धक् क्र hi रहता था,
अंजलि- और वो बूढी औरत
आदमी- उसे देखा ह,
अंजलि- वैरी गुड, क्या नाम ह उसका
आदमी- सब उसे दादी बोलते हैं, नाम कभी नहीं सुना
वर्षा- कैसे पता लगाएंगे कोण ह
अंजलि ने एक पल के लिए आँखे बंद की, फिर झटके से फ़ोन निकला और एक पिछ ढूंढ क्र उस आदमी के सामने क्र दी,
अंजलि- गोर से देखो यही ह क्या
आदमी बड़ी गोर से तस्वीर देखने लगा,
अंजलि- पता नहीं चला क्या
आदमी- मैडम ये जवान ह और कपडे बहुत फासिओं के ह लेकिन वो बूढी ह और गाओं के कपडे पहनती ह, फिर भी 80 % ऐसी hi दिखती ह, इसकी आँखों से पता चल रहा ह,
अंजलि ने गुस्से में आँखे बंद क्र ली, और जोर से चीखी nhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii
वह बैठे सभी गुंडे घबरा गए, ह्रदय भी घबरा गया,
ह्रदय- क्या हुआ माँ
वर्षा- माँ क्या हुआ
अंजलि- जिसका दर था, ये वही ह
वर्षा- कोण
अंजलि ने मोबाइल वर्षा के सामने कर दिया, जिसे देख क्र वर्षा अपनी जगह से कड़ी कड़ी hi गिर पड़ी,
ह्रदय ने उसे सम्हाला,
उधर शाक्षी जालिम दादी के सामने कड़ी थी,
शाक्षी- ऐसे कब तक छुपेंगे, तुमने बहुत hi ख़राब प्लान बनाया देखा हम कहा फास गए,
दादी- मेरा प्लान कभी फ़ैल नहीं होता 20 साल से मेरा प्लान कामयाब होता आया ह आगे भी होगा, अब मेरा ये जानवर उन सबको तबाह करेगा,
शाक्षी- लेकिन उसकी टक्कर के लिए वो ह्रदय ह न, उसके अंदर इससे भी ज्यादा ताकत ह, कमीने ने एक बार में hi छूट फाड़ दी, इस जानवर से छोड़ने के बाद भी इतना दर्द दिया की अब तक मजा आ रहा ह,
दादी- मतलब बाप पैर गया ह ताकत में भी और हतियार में भी
शाक्षी- दोनों में अपने बाप से आगे hi ह ताकत में भी और हतियार में भी,
दादी- लेकिन मुझसे नहीं बच पायेगा, तू जानती ह न मैं कोण हु,
वही दूसरी तरफ
ह्रदय- वर्षा मौसी सम्हालिए खुद को,
वर्षा- ये कैसे ये जिन्दा कैसे बच गई,
अंजलि- सरे सबूत ये hi गवाही दे रहे हैं, और अब तो सब कुछ खुल क्र सामने आ गया ह,
ह्रदय- कोण ह माँ किसकी बात कर रही हो,
इधर शाक्षी....
जानती हु तुम्हे, तुमसे बड़ी जालिम कामिनी शायद कोई नहीं पैदा हो सकती,
दो तरफ एक साथ एक hi टॉपिक पैर चर्चा चल रही थी, उस जालिम दादी के नाम पैर,
और एक तरफ अंजलि और दूसरी तरफ जालिम दादी एक साथ बोले,
Anjali/dadi- सोनिया चोपड़ा, uska/mera नाम ह सोनिया चोपड़ा,
लेकिन कैसे वो जिन्दा कैसे ह,