Incest Modern family - Page 9 - SexBaba
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Incest Modern family

अपडेट 47

सुनील: सोनल बोर्ड्स ऑफ़ मेंबर की आज मीटिंग hai..tum ऑफिस आ जाना....



सुनील ने ब्रेकफास्ट के दौरान सोनल की और देखकर kaha...sabhi फॅमिली मेंबर्स डाइनिंग टेबल पर मौजूद थे...

सोनल: डैड आपकी जानकारी के लिए बता du...mene अपने साड़ी शेयर्स अवि के नाम ट्रांसफर कर दिए है इसलिए अब म आपकी कंपनी की बोर्ड मेंबर नहीं हु..

सोनल ने नास्ता करते हुए बड़े hi इत्मीनान से जवाब diya..jabki ये सुनकर काफी लोगो के मुँह खुल गए the...ye सुनकर सुनील ठगा सा रह गया...

सुनील: है तुमने बताया था मुझे hi याद नहीं आया....

सुनील ने जैसे जबर्ज़स्ती जवाब diya...m चुपचाप अपना नास्ता करने पर लगा था क्योंकि मुझे पता था की सोनल खुद इनको जवाब दे सकती है...

रवि: क्यों भाई तुमने अपने शेयर्स अवि के नाम क्यों kiye...ham तुम्हारे फ्यूचर हस्बैंड को क्या जवाब देंगे..

अंकल ने सोनल दी की और दखकर कहा...

सोनल: क्योंकि अंकल मेरे पास अपनी एजेंसी का hi बहुत लोड hai..mujhse टाइम मैनेज नहीं हो प् रहा tha...aur रही बात फ्यूचर हस्बैंड की तो अवि मेरी लाइफ मई सबसे पहले आता है...

दी ने बिना कोई झिजक के मेरी और देखा और उनसे बोलै...

निधि: वह भाई बड़ा प्यार है तुम दोनों भाई बहिन मई to..aur एक ये है हर वक़्त बस लड़ने मरने को तैयार रहते है..

आंटी ने शीतल और अभय की और इशारा करते हुए कहा...

सुनील: है भाई प्यार तो कुछ ज्यादा hi है...

डैड ने दी की और देखते हुए शायद टोंट maara...phir हम सब नास्ता करने लगे...

शीतल: सोनल... म भी आज तेरे साथ तेरे ऑफिस चालू... म अकेली यहाँ बोर हो जाती हु यर..

शीतल सोनल के रूम मई आकर उससे कहती है...

सोनल: ok जैसी तेरी मर्ज़ी है...

सोनल ने अपना बेग उठाते हुए कहा....

अवि: कहा yr...m भी तो चल रहा हु न...

मेने अंदर आते हुए दी को जाते देख कहा...

सोनल: तुझे आज माँ के साथ मार्किट जाना है...

दी ने मुझे देखते हुए कहा....

अवि: ो यर म तो भूल hi गया tha..mujhe माँ के साथ घर का सामान लेने जाना hai...ok म बाद मई आ जाऊंगा...

मेने दी को हुग करते हुए कहा...

सोनल: ok मेरी जान...

दी ने मुझे गाल पर किश करते हुए कहा...

शीतल: यर म भी तो तेरी बहिन हु मुझे भी तो गले से laga..m भी तो सोनल के साथ जा रही हु...

शीतल दी ने बांहे फैलाते हुए कहा...

अवि: ओह्ह मेरी बहिन...

मेने भी शीतल को हुग करते हुए kaha...dii ये देख मुस्कुराते हुए बहार जाने लगी..

अवि: आह्हःइसशहहह...

मेरे मुँह से एक सिसकारी nikli..kyonki शीतल दी ने मेरा लुंड जीन्स के ऊपर से hi पकड़कर दबा डाला tha...aur इससे पहले म कुछ और समझता वो मुझ से अलग हुयी और अपने दांतो को दांतो से काटा और मेरी और आँख मारकर बहार चली गयी.....

अवि: ो बस ये क्या tha...sheetal दी ने ऐसा क्यों kiya...ab इसे भी मेरा लुंड चाहिए kya..ha क्यों nahi...wo भी तो अपने hi सेज भाई से चुद रही hai...agar सोनल को पता चल गया न तो इसे जान से मार देंगी...

म बीएड पर बैठते हुए खुद सोचे जा रहा था..

अवि: हो सकता है उन्हिओंने मजाक मई ये हरकत की hai..wo बोल भी तो रही थी की वो मेरी साली लगती है सोनल के रिश्ते se..mujhe लगता ही म कुछ ज्यादा hi सोच रहा हु..

कुछ देर बाद म नीचे आने laga...dad,uncle और रिया भी निकल चुके थे... म माँ के रूम की और जाने लगा तो मेने देखा की निधि आंटी माँ के दुर के बहार कड़ी हुयी थी और उनका एक हाथ अपनी साड़ी के अंदर tha...wo शायद अपनी छूट मई उंगलिया चला रही थी...

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म कुछ समझ नहीं पा रहा tha...m वापस मुड़ने hi वाला hi था..

अवि: माँ के रूम मई ऐसा क्या हो रहा है जिसे देख अनूठी का ये हाल हो रहा hai...wese यार आंटी का जिस्म भी माँ की तरह काफी मस्त hai...gaand भी काफी बड़ी hai....Avi....kya सोच रहा है...

मेने अपने खयालो को झटका और माँ के रूम की और बढ़ने laga..mera लुंड अपना सर उठाकर खड़ा हो गया tha...tabhi आंटी ने मुझे देखा और एक पल के लिए वो jhijki...wo अपना हाथ अपनी साड़ी से बहार निकलने hi वाली थी कुछ सोच कर वापस अंदर दाल लिया और मेरी और देखकर उंगलिया चलने लगी...

निधि: आह्ह्ह्हींहह्ह्ह्ह.....

वो सिसकारी भी भर रही thi..tab मेने उन्हें इग्नोर करते हुए अंदर dekha...andar अंकित भैय्या माँ को घोड़ी बनाकर छोड़ रहे the...mom की सिसकियों की आवाज बहार तक आ रही thi..ye देख मेरा लुंड मानो आग उगलने लगा...


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मेने आंटी की और देखा तो वो मेरे लुंड के उभार को hi देख रही thi...ek पल दिमाग मई आया की आंटी को यही खड़े खड़े छोड़ दू... लेकिन फिर मेने अपने आपको sambhala...waha अनादर भी वो दोनों झड़ने लगे थे....

माँ: आह रात तो पता नहीं तू कहा गायब tha..ab सुबह hi सुबह तू मेरे ऊपर चढ़ गया...

माँ ने अपनी साड़ी उठाते हुए kaha..ab मुझसे और बर्दास्त नहीं हुआ और म अंदर रूम मई चला गया... मेने जाते hi माँ को पकड़ा और उन्हें जोरो से चूमने लगा... म उनके बूब्स जोरो से दबाने लगा..

माँ: ाःह ाराममम सीए बीत्तत्ता...

माँ ने सिसकारी भरते हुए kaha..mene उनके बूब्स पर अपना मुँह टिका दिया और उन्हें चॉसने लगा.. अंकित भैया सोफे पर बैठकर हमें देखने लगे और अपने मुरझाये हुए लुंड को खड़ा करने लगे... तब मेने माँ को बीएड पर झुकाया और अपने लुंड को उनकी गांड के चिढ़ पर लगाया...

माँ: अह्ह्ह अवि आराम सीई daaalllllllllllnaaaaaaaaaaa.......ahhhhhhhhhhh

और इससे पहले माँ और कुछ कहती मेने अपना लुंड उनकी गांड मई उतार diya..mera अभी तक आधा लुंड hi माँ की टाइट गांड के अंदर hi गया था...

माँ: aahhhhhhhhhhh ाववववीईई....

माँ को मजे और पैन का मिलाजुला सा आनंद mila...mene माँ की कमर को पकड़ा और एक और करारा ढाका maara..iske साथ hi मेरा पूरा लुंड माँ की गांड की दीवारों को चीरता हुआ अंदर घुस चूका tha...mom दर्द से अपना सर बीएड पर टिका लेती है.... मेने पीछे मुड़कर देखा तो आंटी बड़ी बड़ी आँखे किये हुए हमें hi देख रही थी...

मेने माँ को कमर से पकड़ा और दमदार धक्के लगाने laga..ye देख अब अंकित का लुंड भी फिरसे तन गया....

माँ: आहहहहह ढहिएरीईए....

माँ सिसकारी भरते हुए बोल रही thi...har धक्के से उनके चूतड़ लहरा जाते थे... अब अंकित उठा और बीएड पर आ gaya..usne माँ का सर बालो से पकड़ा और अपना 7 इंच लुंड माँ के मुँह मई उतार दिया और ढ़ाके लगाने लगा..


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अब माँ के दोनों छेड़ो मई हम दोनों भाइयो का लुंड धूम मचा रहा था.. कुछ देर तक ऐसे hi माँ को छोड़ने के बाद मुझे लगा की माँ थकने लगी है.. मेने उनकी गांड से अपना लुंड निकला और अंकित को ईशर kiya..Ankit ने माँ के मुँह से लुंड निकला और बीएड पर पीठ के बल लेत गया.. माँ समझ गयी की म क्या करना चाहता हु..

माँ: तू किसी दिन अपनी माँ की जान hi लेकर रहेगा...

माँ ने मुज्झे देखते हुए कहा और बीएड पर छोड़कर अंकित के लुंड पर बैठने लगी...

अंकित: आअह्ह्ह्ह ममममममम......

माँ: aahhhhhhhhhhh......

अब मेने माँ को अंकित के शरीर से चिपकाया जिससे माँ ककी गांड मुझे सही से नजर आने लगी.. मेने फिर से अपना लुंड माँ की गांड के छेड़ पर टिकाया और उन्हें कंढे से पकड़ कर एक ढककर maara.....mera आधे से ज्यादा लुंड माँ की गांड के अंदर tha..ek और धक्के के साथ मेरा पूरा लुंड माँ की गांड के अंदर घुस चूका था...

माँ: aahhhhhhhhhh maaaaaaaaaaa

माँ ने मजे से सिसकारी भरते हुए kaha...ab हम दोनों भाइयो ने माँ को छोड़ना शुरू कर दिया... मेने धक्के मरते हुए अनूठी को मुड़कर देखा तो उनका मुँह उत्तेजना से लाल हो रहा था... मेने उन्हें देखते हुए धक्के मरने शुरू किये....

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अंकित: आह्हः मॉम आप कितनी गरममम ho...apka मुक़ाबला कोईई नाहीइ कररर सकता...

अंकित नीचे दे धक्के मारते हुए बोलै...

माँ: आह्हः गरम तो हूँगी naaa...tabhi तो मेरे दोनों छेदु मई आह्हः मेरे बेटो के लुंड घुसे हुए है...

माँ ने सिसकरी भरते हुए kaha...mom इस बीच एक बार झाड़ चुकी थी...

अंकित: आह्हः माँ मेरा निकलने वाला हीी....

और अंकित ये बोलकर अंदर hi झड़ने लगता है.. झड़ने के बाद मेने माँ को उठाया और उन्हें बीएड पर लेता लिया... मेने अपना लुंड माँ की छूट पर रखा और एक hi धक्के मई पूरा उतार डाला...

माँ: आह्ह्ह्हह ावववीईई....

अब मेने माँ को बांहो मई भरा और उनके होंठ चूसता हुआ उनकी छूट छोड़ने laga...mom ने अपनी दोनों टाँगे मेरी कमर पर लपेट राखी थी... और बहुत देर बाद हम दोनों साथ hi झड़ने लगे थे...

अंकित: वह भाई अवि आज तो मज़ा hi आ गया....

अंकित हम दोनों को लिपटे देखकर कहता है...

अवि: अब जिसकी माँ इतनी कमाल की ho...maza तो आना hi hai..kyu मॉम...

मेने उनके तित को मुँह मई लेकर काट ते हुए कहा...

माँ: है मजा तो आएगा hi न तुम दोनों को.. जब अपनी माँ को किसी सलूट की तरह छोड़ते ho...aur ये तो दिनन बी दिन और बड़ा होता जाता है...

माँ ने मेरे लुंड को पकड़ते हुए कहा.. मेने पीछे देखा तो आंटी जा चुकी थी...

फिर हम फिरसे फ्रेश हुए.. इस बीच आंटी अपने कमरे मई hi थी...

अवि: आज आप ऑफिस नहीं गए क्या..

मेने निचे आकर अंकित की और देखकर कहा...

अंकित: nahi...darasal मुझे तुझसे कुछ बात करनी थी...

अवि: ok इतना माँ तैयार होकर आती है आप कहिये...

मेने बैठते हुए कहा...

अंकित: तू सच मई सोनल के लिए सीरियस है...

अंकित ने मुझे देखते हुए कहा...

अवि: भैय्या मेने आपसे कहा था की सोनल के बारे मई सोचना छोड़ dijiye..wo मेरी जिंदगी है...

मेने अंकित की और रौदे होते हुए कहा...

अंकित: म तो बस पूछ रहा था yr...ok जब तू उसके लिए सीरियस है तो ठीक है लेकिन तुझे मेरी एक काम मई हेल्प करनी पड़ेगी..

उसने मेरी और देखते हुए कहा..

अवि: क्या काम ही...

मेने उन्हें देखते हुए कहा..

अंकित: मुझे आंटी या शीतल को छोड़ना है..

भैय्या ने मुझे देख कहा.. म उनकी और सपाट चेहरे से देखने लगा..

अंकित: क्या हुआ...

वो मुझे ऐसे देख कहना lage..tabhi मेरी हसी छोट पड़ी...

अवि: सही है भाई जब ऐसे हॉट आइटम घर मई है तो फिर किसी और के बारे मई क्या sochna..theek है म देखता हु क्या हो सकता hai..agar वो मान गयी तो ठीक है.. लेकिन उनकी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं hoga..aur हां प्ल्ज़्ज़ अगर आप चाहते है की हम दोनों भाइयो के बीच मई कोई दरार न आये तो आप सोनल के बारे मई कभी भी गलत मत सोचना...

मेने एक तरह से वारं करते हुए कहा...

अंकित: ok मेरे bhai..wese एक और बात बतानी है tujhe...dad और अंकल मिलकर कल रात आंटी की चुदाई कर रहे थे...

अंकित ने मुझे देखते हुए कहा...

अवि: अच्छा चल तब तो बात बन जाएगी....

मेने अनजान बनते हुए कहा...

माँ: अवि चले....

माँ ने बहार आते हुए kaha...mom को देखकर हम दोनों के मुँह खुल gaye..unhone शार्ट ड्रेस पहनी हुयी thi..jisme उनकी गांड अऊ बूब्स उभर कर सामने आ रहे थे.. मेरा लुंड तो फिर से सर उठाने लगा था...

अवि: उफ्फ्फ्फ़ मममममम.....

मेने अपने लुंड को मसलते हुए कहा...

अंकित: मॉम्म अप्प्प कितनी हॉट लग रही हो...

माँ: मुझे तुम दोनों की नियत सही नहीं लग रही है.. म नहीं चाहती की तुम फिरसे मेरा बंद bajao..isliye म बहार जा रही हु...

माँ ने कहा और गांड मटकती हुयी चली गयी...

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अंकित: यर हमारी माँ कितनी हॉट hai...jab ये सामने होती है तो और सब औरत फीकी लगती है इनके samne...chal न एक और राउंड करते है...

अंकित ने अपना लुंड मसलते हुए कहा..

अवि: नहीं भैय्या मुझे माँ को मार्किट लेकर जाना है और फिर सोनल के ऑफिस भी जाना है...

मेने खड़े होते हुए कहा..

अंकित: चल फिर किसी और दिन sahi..mujhe भी ऑफिस जाना hai..achha एक बात बता तू सोनल को नाम से क्यों बुलाने लगा है...

उन्होंने मुझे देखते हुए कहा..

अवि: क्योंकि हम एक दूसरे से प्यार करते है..

मेने अपना चस्मा लगाया और बहार आ gaya..mom कार मई बैठी हुयी थी..

अवि: माँ एक राउंड और हो जाए..

मेने माँ की नंगी जांघ सहलाते हुए कहा...

माँ: तू तो घोडा है लेकिन म इंसान हु.. पूरी रात बेचारी सोनल को छोड़ता होगा और फिर दिन मई मुझे हर वक़्त अपने नीचे रखने की सोचता है...



माँ ने मेरा हाथ हटाकर kaha...phir हम दोनों चल दिया.. मार्किट मई सबकी नजर माँ की गांड से हैट hi नहीं रही thi..m भी मौका देखकर माँ की गांड और बूब्स सेहला देता था...
 
अपडेट 48

शीतल: अच्छा घरवालों को अपने रिश्ते के बारे मई कब बता रहे हो तुम लोग...



शीतल ने मेरी और दी की और देखकर कहा जब हम लंच करने बहार आये हुए the...ye सुनकर हम दोनों भाई बहिन एक दूसरे की और दखने लगे...

अवि: अभी क्या जल्दी है बता देंगे..

मेने शीतल को देखते हुए कहा..

शीतल: तुम्हे नहीं लेकिन मुझे तो जल्दी hai..m चाहती हु की मुझे मौसी मौसी कहने वाला जल्द से जल्द से आये...

शीतल ने सोनल दी की और देखकर आँख mari...ye सुनकर दी थोड़ा शर्मा जाती है भले hi वो कितनी hi टफ क्यों न हो आखिर है तो एक लड़की hi न...

सोनल: शट up..sheetal...

दी ने मेरी और देखा और शीतल से कहा...

शीतल: अब इसमें चुप होने वाली कोनसी बात है yaar..tum दोनों अपने प्यार की निशानी को जन्म नहीं देना चाहते हो क्या...

सोनल: ये क्या बात हुयी yr...hamne अभी उस बारे मई सोचा नहीं hai..abhi पहले हमें घरवालों को बताना hai..pehle उस प्रॉब्लम को सॉर्ट आउट karle..uske बाद हम देखेंगे...

सोनल दी ने पानी पीते हुए कहा..

शीतल: है ये भी hai...achha ये बता तूने अपने सभी शेयर अवि के नाम क्यों कर diye..agar ये तुझे धोका देकर किसी और के साथ सेट हो गया तो...

ये सुनते hi मेरे गले मई खाना अटक सा जाता hai..mene खासते हुए तुरंत hi पानी उठाकर पिया...

सोनल: जब मेने अपनी लाइफ इसके नाम करदी है तो फिर शेयर क्या चीज़ hai..aur मुझे इसपर खुद से भी ज्यादा भरोसा है..

दी ने मुझे देखते हुए कहा..

शीतल: नहीं लेकिन फिर भी अगर इसने तुझे कभी चीट किया तो...

मुझे इस वक़्त शीतल पर इतना गुस्सा आ रहा था न की क्या बताऊ...

सोनल: अगर ऐसा हुआ तो पहले म इसका मर्डर करुँगी और फिर खुद मर जाउंगी...

सोनल दी ने एक बार मेरी और देखा और उससे kaha..m ये hi सोच रहा था की हम यहाँ ए hi kyu...khair किसी तरह हमारा खाना खत्म हुआ... म तो वह से अब सीधा घर आ गया था की पता नहीं शीतल फिर से क्या बात उठा दे...

म जैसे hi घर पहुंचा तो देखा की अंकित की कार भी आ रही है...

अवि: भैय्या आप इतनी जल्दी कैसे??

अंकित: क्या बताऊ यर ये लुंड किसी नयी छूट और गांड मई जाने के लिए तरस रहा hai...kuch कर न एरर..

अंकित ने मेरी और देखते हुए कहा..

अवि: ok म कोसिस करता हु आंटी को तेरे निचे लाने की..

मेने भैया को देखते हुए कहा...

अंकित: अरे मेरे निचे क्या दोनों दबाकर छोड़ेंगे न जैसे माँ को छोड़ते है...

अंकित ने अपने लुंड को पेण्ट के ऊपर से hi सहलाते हुए कहा..

अवि: नहीं मुझे नहीं करना hai..ha म आपकी हेल्प कर दूंगा...

मेने भैय्या को देखते हुए कहा...

अंकित: रिया को भी पता नहीं क्या हो गया है. मेने उसे कॉल किया था की चल आज चुदाई करते है तो उसने मुझे दो टूक जवाब दे दिया...

अंकित ने मेरी और देखते हुए कहा..

अवि: उसका मूड नहीं होगा बस...

और हम बाते करते करते अंदर आ गए..

वह आंटी बैठी हुयी मूवी देख रही थी जबकि माँ शयद अपने रूम मई thi...Aunty ने एक ब्लू ड्रेस पहनी हुयी थी जिसमे उनकी गोरी गोरी सुडोल जाएंगे दिख रही थी..

अवि: भैय्या आप आंटी के पास जाकर betho...unse बाते करो और उनके जिस्म को घूरते rehna...m अभी आता हु...

अंकित: ठीक है...

म अपने रूम मई आकर फ्रेश होने laga..fresh होने के बाद मई निचे जाने लगा तो मुझे रिया अपने रूम मई दिखाई दी.. उसने अपना रूम काफी वक़्त से अलग कर लिया था...

अवि: और रिया किसी है...

म उसके रूम मई आते हुए बोलै..

रिया: म ठीक हु तू बता तेरी लव लाइफ किसी चल रही है...

रिया ने लैपटॉप एक और रखते हुए कहा...

अवि: अच्छी चल रही hai..kya बात है तू अपने hi रूम मई क्यों बंद रहने लगी है...

मेने बैठते हुए उससे पूछा...

रिया: बस ऐसे hi यर.. म नहीं चाहती की म अब डैड के किसी भी गंदे प्लान का हिस्सा बनु..

रिया ने मुझे देखते हुए कहा...

अवि: अच्छा hai..to अब डैड से सेक्स भी नहीं करती है तू....

रिया: नहीं उस दिन से बस कल किया tha..jab डैड ने मुझे कॉल पर कॉल करने शुरू कर दिए थे...

अवि: लेकिन तुझे तो तेरी सेक्सुअल लाइफ काफी पसंद थी फिर क्यों...

रिया: अब भी पसंद है लेकिन डैड बस सोनल दी को अपने निचे लाने की hi बात करते है और म दोबारा से उनके साथ शामिल नहीं होना चाहती हु...

रिया ने मुझे देखते हुए कहा...

अवि: अच्छा तो तू बिना सेक्स के कैसे रह रही है...

रिया: क्यों मेरे बर्फ है यर..

रिया ने स्माइल करते हुए कहा...

रिया: वैसे तेरे लिए म हमेशा तैयार हु...

रिया नई अपने बूब्स को दबाते हुए कहा...

अवि: अच्छा माय pleasure....phir किसी और din..wese भैया कह रहे थे की तूने उन्हें भी सेक्स करने से मन कर दिया है...

रिया: नहीं ये वो बायत नहीं है बस कल से मेरी तबियत थोड़ी ठीक नहीं है...

रिया ने मुझे देखते हुए kaha..phir म नीचे आने लगा...

अवि: और आंटी क्या चल रहा है...

मेने उनके बूब्स को देखते हुए kaha...Ankit भी आंटी के पास hi बैठा था..

निधि: कुछ ख़ास nahi..bore हो रही थी तो सोचा की क्यों न मूवी hi देख ली जाए...

आंटी ने मुझे एक नजर देखते हुए कहा और मेरी ज़िप की और dekha..shayd वो सुबह का वाक़िया याद कर रही थी..

अवि: कोई बात नहीं अब आप बोर नहीं hogi..ham कंपनी देते है apko...kyu भाई..

मेने आंटी के पास बैठते हुए अंकित की और देखकर कहा...

अंकित: है यर म तो कबसे आंटी को देने को तैयार hu....company...

अंकित ने बड़े hi अजीब तरह से कहा...

अवि: वैसे आंटी आप आज बड़ी हॉट लग रही हो इस ड्रेस मई...

मेने आंटी की जांघो पर हाथ रखते हुए kaha...mujhe सुबह hi पता चल गया था की चची को बस चिंगारी दिखानी है वो पके हुए फल की तरह खुद hi हमारी बांहो मई गिर जायेगी...

निधि: अच्छा चची को हॉट बोलता hai..shaitaan कही का...

आंटी ने मेरे गाल पर हलके से मारते हुए कहा..

अवि: अब जब चची इतनी हॉट है तो म क्या कर सकता हु...

अब मेने आंटी की नंगी जांघो पर हाथ फिरना शुरू कर diya...Aunty की आँखों मई अब खुमारी साफ़ झलकने लगी थी...

आंटी: अवि ये क्या कर रहा है तू स्टॉप.. म तेरी चची हु...

आंटी न मेरे हाथ को पकड़ते हुए कमजोर सी आवाज़ मई कहा...

अवि: कुछ बभी तो नहीं कर रहा हु Aunty..bas अपनी आंटी को प्यार कर रहा हु....

अब मेने उनके कान के पास आकर धीमे सी आवाज़ मई kaha..Ankit अपने लुंड को मसलता हुआ हमें hi देख रहा था...

निधि: अह्ह्ह कोई देख लेगा बीटा....

अब आंटी हलकी हलकी सिसकारी भरते हुए kaha...ab म अपनी जीभ उनके कान की लौ मई घूमते हुए चाटने लगा था...

अवि: अरे आंटी आप भी तो हमारी माँ की तरह hi ho...ek बेटे को अपने माँ से प्यार करने से कोण रोक देगा...

म एक हाथ से उनकी जांघो को सेहला रहा था और अपनी जीभ से उनकी गर्दन को चाटने लगा था...

निधि: अह्ह्ह्हह ाववीईई.....

अब मेरा हाथ आंटी की पेंटी पर पहुंचा तो मेने पाया की आंटी की पेंटी बिलकुल गीली थी...

अंकित: सोनल....

तभी मेरे कानो मई अंकित की आवाज़ padi...mene सोनल का नाम सुनते hi तुरंत आंटी की जांघ से अपना हाथ हटाया और पीछे हो गया.. मेने जब पीछे मुड़कर देखा तो दी गेट मई थी....

अवि: हे भगवन बच गया...

मेने मन hi मन kaha...Aunty भी होश मई आ गयी थी और सीढ़ी होकर बेथ गयी...

शीतल: क्या बात है भाई चची भतीजे मूवी देख रहे है...

शीतल दी मेरे पास लगभग देहते हुए बेथ जाती है...

निधि: और क्या kare..tum सब तो घर से बहार थे...

शीतल: अरे माँ पूछो mat..m तो बहुत थक गयी हु... पता नहीं सोनल इतना काम कैसे कर लेती है..

शीतल ने सोनल की और देखते हुए कहा..

सोनल: अछ्हा तूने तो कुछ किया hi नहीं फिर कैसे थक गयी...

सोनल दी ने कहा..

सोनल: ok म फ्रेश होकर आती हु....

सोनल ने जाते हुए kaha...unke जाने के बाद म भी ऊपर आ गया...

अवि: सोना क्या कर रही हो...

मेने रूम मई आते हुए कहा...

सोनल: म कपडे चेंज कर रही hu..abhi आयति हु...

सोनल बाथरूम से कहती है...

अवि: ok आप दूर ओपन karo...mujhe आपको देखना है...

मेने दूर के पास आते हुए कहा..

सोनल: ok कर रही हु...

सोनल ने कहा लेकिन काफी देर तक कोई रिस्पांस नहीं आया...

अवि: सोना दूर ओपन करो न बेबी...

मेने प्यार से कहा...

सोनल: कर रही हु बाबा..

सोनल ने कहा और फिर काफी देर बाद दूर ओपन हुआ.. मेने दी की और देखा तो पता चला की दी ने मेरा कलपद कर दिया hai..wo तैयार होने के बाद बहार निकली थी...

अवि: आप न बहुत बेरहम हो...

मेने सोनल को हुग करते हुए कहा...

सोनल: और वो क्यों भला...

सोनल ने अनजान बनते हुए कहा...

अवि: मेने आपसे दूर ओपन करने के लिए बोलै था...

सोनल: है ताकि तू मुझे एक घंटे के लिए अपने से अलग होने hi नहीं deta..m सब जानती hu...chal नीचे चलते है...

डीई ने मुझसे अलग होते हुए कहा..

सोनल: ऐसे सदा सा मुँह मत bana..m रात को तेरे पास से कही भागी नहीं जा रही hu..chal..

दी ने मुझे देखते हुए kaha..phir हम नीचे आ गए और गपशप करने lage..Aunty बार बार मेरी और देखती और मुस्कुरा deti...phir हम सबने डैड और अंकल के आने के बाद खाना खाया और देर रात अपने रूम मई आ गए...

सुनील: क्या बात है आज तो बहुत गरम हो रही हो...

सुनील और रवि जैसे hi रूम मई आये तो निधि रवि के ऊपर झपट padi...to सुनील ने उसे देखते हुए कहा...

निधि: आह बाते मत करो और जल्दी से मुझे chodo..mujhse अब और कण्ट्रोल नहीं हो रहा है..

निधि ने रवि की ज़िप खोलते हुए उसका लुंड अपने मुँह मई लेकर चूसने lagi...ab सुनील ने भी अपने कपडे उतार फेंके और वह चुदाई का एक भयंकर तूफ़ान आया...

सुनील: तो इतनी गरम क्यों थी तू आज...

सुनील ने उससे कहा जब वो तीनो चुदाई के बाद अपनी साँसे ठीक कर रहे थे...

न िधि: अरे तुम्हे नहीं पता मेने आज क्या देखा जिसकी वजह से मेरी हालत सुबह से ख़राब थी...

निधि ने सुनील के सोये लुंड को पकड़ते हुए कहा...

रवि: ऐसा क्या देखा तूने...

निधि: जो मेने देखा न वो सुनके तुम दोनों के लुंड खड़े हो जाएंगे...

रवि: ऐसा क्या देखा तूने....

निधि: जब म आज सुबह रेनू की रूम की और जा रही थी...........

और निधि बताने लगी...

रवि: omg तो ये वजह है की अब रेनू को हमारे लुंड की जरुरत नहीं महसूस नहीं हो रही hai...jab वो अपने सेज बेटो का लुंड अपनी गांड और छूट मई ले रही है...

रवि ने मुझे देखते हुए कहा...

रवि: तुम्हे पता था की तुहारी बीवी तुम्हरे बेटो से चुदती है...



रवि ने सुनील के चेहरे पर कोई भाव न देखकर कहा...
 
अपडेट 49

अगली सुबह सोनल की आँख जल्दी खुल जाती hai..neend से बहार आते hi वो पाती है की वो दोनों भाई बहिन बिलकुल नंगे एक दूसरे से लिपटकर सो रहे the..Avi का सर सोनल की भारी छतियो पर टिका हुआ tha..sonal के चेहरे पर मुस्कराहट फ़ैल जाती है...

सोनल: सोते हुए कितना मासूम लगता है लेकिन रोमांस के वक़्त बिलकुल शैतान बन जाता hai...iska बस चले तो ये सुबह शाम मुझे अपने निचे से हिलने hi न de...gadha कही का...

सोनल अपने मन मई सोचते हुए कहती hai..aur अवि को प्यार से देखने लगती है.. फिर वो अवि को हटाने की कोसिस करती hai..lekin तभी अवि की आँख खुल जाती है...

अवि: गम माय मोस्ट ब्यूटीफुल वाइफ...

मेने दी के गुलाबी होंटो पर एक किश करते हुए कहा...

सोनल: गम मेरी jaan..chal अब मुझे उठने de...subah कब की हो गयी है...

दी ने मुझे प्यार से देखते हुए कहा...

अवि: हाय अब आप इतने प्यार से बोलोगी तो म कहा उठने वाला हु...

मेने डीई के गुलाबी होंटो को ललचायी नजरो से देखते हुए कहा...

सोनल: अवि nahii...aesa सोचना भी mat...tune वैसे भी मुझे सुबह 4 बजे तक जगा कर रखा tha...Aviii नहहीईई...

शायद ये hi प्यार था की दी मेरे आँखों से hi मेरे दिल की बात समझ गयी thi...lekin इस से पहले की दी मुझे कुछ और कहती हम दोनों के होंठो आपस मई जुड़ gaye...m सोनल के होंठो अपने होंठो मई लेकर चूसने laga...aur फिर दी भी मेरा साथ देने लगती है.. कभी म उनके होंठ अपने होंठो मई लेकर चूसता तो कभी wo...mera लुंड खड़ा तो पहले hi हो गया था अब वो दी के छूट के ऊपर जझटके मार रहा tha...mene एक हाथ से दी के बड़े बड़े बूब्स सहलाने शुरू कर diye...dii भी फुल गरम होने लगी thi...dii के हाथ किश करते हुए मेरी कमर और बालो मई घूम रहे थे..

कोई 5 मिंट दी के होंटो का रास पीने के बाद म नीचे आया और दी के बूब्स को मुँह मई भर कर चूसने laga..m उनकी चुकी को अपने मुँह मई अंदर तक लेने की कोसिस करता और फिर उनके टिट्स को हलके से काट लेता...

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सोनल: आह्ह्ह्ह ावववववीई चू मुझही कीसीई दींन पागलल कर दिग्गजाआए....

डीई ने सिसकते हुए मुझसे kaha....ab म एक हाथ से दी के बड़े बड़े बूब्स को दबाता तो एक बूब्स को मुँह मई लेकर चूस रहा था...

सोनल: आहहहहह धीरीई ाववववीईई....

मेने जोश जोश मई दी के टिट्स को अपने दांतो मई तेज़ी से दबा लिया तो डीई मजे से कराह padi...bahut देर तक दी के बूब्स का रसपान करने के बाद दी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मुझे वाइल्ड किश करने lagi...wo अब मेरे होंटो को अपने मुँह मई लेकर काटने चूसने लगी थी... फिर मेने दी की गोरी गर्दन पर अपने होंठ टिका दिए और चूसने लगा लेकिन अब हम दोनों काफी वाइल्ड होने लगे थे और म दी की गर्दन पर अपने दांत गाड़ने लगा...

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कुछ देर अच्छे से एक दूसरे को चूमने के बाद अब म नीचे आ गया और दी की छूट पर अपना मुँह टिका diya..dii की छूट किसी भट्टी की तरह गरम हो रही थी..

सोनल: aaahhhhhhhhhhhhhh......

और सोनल के मुँह से एक जोरदार सिसकारी छूट जाती है.. दी के हाथ मेरी सर पर आ गए थे और वो मेरे सर को अपनी छूट पर दबाने लगी थी....

सोनल: ाववववीईई मममम गगगआयियीईईईई.....

और कुछ देर बाद hi दी ये कहते हुए पानी छोड़ने lagi...m उनकी छूट से निकले पानी को मानो अमृत समझकर पीने laga..ek एक बूँद चाटने के बाद मेने अपना मुँह हटाया और दी की और द्ख तो दी आँखे बंद किये मजे की दुनिया मई thi...tab दी ने आँखे खोली और मुझे प्यार भरी नजरो से dekha...ab मेने उनकी टांगो को मोड़ा और अपना लुंड उनकी छूट के मुँह पर रखा और दी की और dekha...dii ने जैसे मुझे आँखों hi आँखों मई परमिशन dii...mene अब दी की कमर को पकड़ा और एक धक्का maara..dhakke के साथ hi मेरा आधा लुंड दी की छूट के अंदर उतर गया..

सोनल: aaaaaahhhhhhhhhhh ढहीीरररीीी...

डीई ने मुझे देखते हुए kaha...phir मेने एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लुंड दी की छूट की गहराइयो मई उतर gaya...di की आंखे मानो नशे मई बंद हो gayi...ab मेने दी को कमर से पकड़ा और धक्के लगाने laga...ab मेने दी के दोनों बड़े बूब्स को अपनी मुट्ठियों मई भरा और उनका सहारा लेकर दंडन दाहकके लगाने laga...har एक ढाकी के साथ hi दी के मुँह से सिसकारी निकल जाती hai...kareeb 15 मं दी को लगातार इसी तरह से छोड़ने के बाद मेने दी को घोड़ी बना दिया और पीछे से अपना लुंड उनकी छूट मई उतार दिया...

मेने दी की कमर को पकड़ते हुए दनादन धक्के लगाने शुरू कर diye..har एक धक्के के साथ दी की चूचिया झूल jaati...aur बहुत देर बाद म दी की छूट के अंदर hi झाड़ gya...jhadne के बाद म दी की कमर पर hi पड़ा अपने आपको सँभालने laga...kuch देर बाद दी सीढ़ी होकर लेत गयी और म उनके चूचियों पर सर रखकर लेत गया..

सोनल: तुझे मेने कितना बार बोलै है की अपना स्पर्म बहार निकला kar...lekin नहीं तुझे तो अंदर hi निकलना है...

दी मुझे देखकर झूठे गुस्स्से से कहती है..

अवि: क्यों आप मेरी बीवी नहीं हो क्या...

मेने उनकी गर्दन चूमते हुए कहा..

सोनल: है बीवी हु लेकिन सिर्फ इस रूम mai..bahar म तेरी बहिन हु और कुंवारी hu...kahi ऐसा न हो जाए की पता चले म प्रेग्नेंट हो गयी हु...

अवि: तो क्या hua...apko मेरे बच्चो की माँ नहीं बनना है क्या...

म अब उनके कान की लू को अपने मुँह मई लेते हुए बोलै...

सोनल: अवि पहले तू मुझे chhod....pata नहीं किस मिटटी का बना हुआ hai..har वक़्त बस मेरे ऊपर hi पड़े रहने का इरादा रखता hai..chhod mujhe...warna फिर से 1-1.5 घंटे के लिए तू शुरू हो जाएगा और फिर हमारे घरवाले हमें देखने आ जायेंगे की ऐसा क्या हुआ जो हम उठे नहीं है...

दी ने मुझे धक्का देते हुए कहा और उठकर अपनी ब्रा पहनने लगी...

अवि: कमाल है यर प्यार करो जब मुसीबत और न करो तब मुसीबत..

मेने उन्हें देखते हुए कहा...

सोनल: अब ये नौटंकी किस liye..tujhe तो हर वक़्त बस मेरे साथ बीएड पर hi रहना है...

कण्णुऊखककक कनककक

तभी दूर पर नॉक होता haii...aur हम दोनों एक दूसरे की और देखने लगते है...

सोनल: अवि जल्दी से बाथरूम मई जाए...

डीई जल्दी से मैक्सी पहनते हुए कहती है...

अवि: मुझे कही नहीं jaana.....aur वैसे भी घर मई सबको पता है हमारे बारे मई...

मेने भी दी को मन करते हुए कहा..

सोनल: क्या पता आंटी या अंकल हो...

शीतल: अरे यार कहा रह gaye..door खोलो...

तब सेहीतल ने दूर पीटते हुए kaha....tab जाकर दी ने दूर ओपन किया और मेने अपने ऊपर चादर दाल ली...

शीतल: कमाल है यर सुबह 6 बजे उठने वाले 8 बजे तक सो रहे haiiiii...wait सो नहीं रहे कुछ और कर रहे थे...

शीतल दी अंदर आते हुए बोली और मुझे देखकर कहा...

अवि: प्राइवेसी नाम की भी कोई चीज़ होती है यर...

मेने शीतल को देखते हुए कहा...

शीतल: ोये किसी privacy...puri रात तो तू इसके साथ hi होता है...

शीतल ने मुझे देखते हुए कहा...

सोनल: यर म फ्रेश होने जा रही हु...

दी ने बाथरूम की और जाते हुए कहा..

शीतल: ोये एक min...ye क्या है....

तभी शीतल ने दी को कहा और और उनकी गर्दन को देखते हुए कहा...

सोनल: क्या hai...chal मुझे लेट हो रहा है...

दी को पता था की वो किस बारे मई कह रही hai..kyonki दी की गर्दन पर मेरे दांतो के निशान हो रहे the...aur दी वाशरूम मई घुस गयी...

शीतल: बीटा तेरी लाटरी लग gayi...jo सोनल जैसी लड़की तुझे मिल गयी...

शीतल ने जैसे जलन से कहा और बीएड पर बेथ गयी...

अवि: क्यों आपको जलन हो रही है क्या...

शीतल: है होती तो है...

शीतल ने मेरी आँखों मई देखते हुए कहा और तभी उसने झट से चादर खींच li...mujhe पता hi नहीं चल की क्या हुआ है और जब मुझे होश आया मेने अपने नाग देवता को पिलो से छिपाया..

अवि: व्हाट थे फ़क yr...ye क्या हरकत है..

मुझे लगभग गुस्सा hi आ गया था...

शीतल: अरे गुस्सा मत ho...m भी देखना चाहती थी की आखिर वो क्या चीज़ है जिसकी वजह से इस घर की सब औरते तेरी दीवानी है...

शीतल ने मेरे लुंड की और इशारा करते हुए बड़ी hi सेक्सी वौइस् मई कहा..

अवि: मतलब क्या है आपका..

शीतल: बीटा मुझसे छिपाने की लोड नहीं hai..mujhe सब पता है की तू रिया और रेनू माँ को छोड़ चूका है...

शीतल ने मझे बड़ी hi सेक्सी वौइस् मई धीरे से कहा...

अवि: इसे कैसे pata..dii ने बताया hoga...yar दी भी न...

मेने खुद से hi बोलै...

शीतल: यर म भी तो तेरी बहिन hu..tere प्यार का कुछ हिस्सा मेरे लिए भी तो होना चाहिए...

शीतल ने अपनी चूचियों को दबाते हुए कहा जबकि मेरी आँखे हेरात से बड़ी होने लगी और मेरा हरामजादा लुंड झटके से खड़ा हो गया...

सोनल: क्या बाते हो रही है भाई...

तभी दी फ्रेश होकर aayi..aur मेने भगवन का शुक्र ऐडा kiya..aur झट से चादर दाल ली..

शीतल: कुछ नहीं ये हम भाई बहनो का सीक्रेट hai..kyu अवि...

शीतल ने मुझे देखते हुए कहा जबकि मुझसे कोई जवाब बन hi नहीं पड़ा...

सोनल: अच्छा जी..

और दी मिरर के सामने आकर अपने बाल सूखने lagi...unhone आज सूट सलवार पहना हुआ जिसमे वो हद से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी लेकिन म शीतल की वजह से ध्यान hi नहीं दे पाया..

शीतल: ये ऐसे क्यों लेता है इसे नास्ता नहीं करना है क्या..

शीतल ने मेरी और इशारा करते हुए दी से कहा...

सोनल: जब इसकी मर्ज़ी हो तब कर लेगा तू चल..

और दी शीतल को लेकर चली गयी..

अवि: अब शीतल दी के दिमाग मई क्या चल रहा hai..ab तक तो मुझे सिर्फ वहां hi था लेकिन अब तो उसने खुद hi प्रूफ कर दिया hai...lekin है तो साली कमाल ki..gaand भी बहुत बड़ी hai...avvviiii तुज्झे सोनल जान से मार देगी...

तब म होश मई आता हुआ उठा और फ्रेश होने चला गया...

-----

रवि: अरे भाई अवि कहा है वो तो सबसे पहले उठ जाता है...

रवि ने नास्ते के वक़्त मुझे न देख कर कहा..

शीतल: वो कल लेट सोया था इसलिए लेट उठा hai...wo आता होगा हम शुरू करते है...

शीतल ने अपने डैड को kaha...sheetal ने इस वक़्त एक ढीली सी टीशर्ट पहनी हुयी थी जिसमे से उसके बूब्स आधे से ज्यादा झाँक रहे the..tabhi सोनल की नजर अपने डैड पर पड़ती hai..sonal ने उसकी नजरो का पीछा किया तू पाया की वो शीतल के बूब्स को घूर रहे है..

सोनल: शीतल काम से काम ये कोई ढंग का तो पहन leti..upr से ब्रा भी नहीं पहनी है तूने...

सोनल ने उसके कान मई धीरे से कहा..

शीतल: यर मुझे यही सामने रखा मिला तो पहन लिया...

शीतल ने लापरवाही से कहा और सुनील की और देखा जो उसके hi बूब्स को घूर रहा tha...khair नास्ते के बाद सब अपने अपने काम पर निकल gaye..ab घर पर सिर्फ Renu,Nidhi,Avi और अंकित रह गए थे...

अवि: hello माय हॉट मॉम...

मेने किचन मई काम करती हुई माँ को पीछे से जाकर हुग करते हुए बोलै..

माँ: गम beta..raat मई कोई कसार रह गयी क्या जो तेरा शेर मुझसे चिपक रहा है...

माँ ने बर्तन साफ़ करते हुए अपनी गांड से चिपक रहे मेरे लुंड को फील करते हुए कहा...

अवि: माँ म चाहे दिनन रात चुदाई karlu..lekin मादरचोद बनने के लिए ये हमेशा तैयार रहता है...

मेने अपने खड़े होते हुए लुंड को माँ की गांड से भिड़ते हुए कहा...

माँ: आह्हः ममेरा शीररर betaaa...lekin मुझे अभी काम करना hai...isliye मुझे छोड़...

माँ ने मेरा लुंड अपनी गांड पर महसूस करते hi एक सिसकारी भरी और मुजहसे अलग हो गयी...

अवि: ok मॉम्म...

म बहार जाते हुए बोलै तो बहार हॉल मई अंकित बैठा हुआ था..

अवि: क्या हुआ भाई किस सोच मई डूबे हुए हो..

अंकित: कुछ नहीं यर पता नहीं तू आंटी की छूट कब dilwayega...mujhse तो अब बर्दास्त नहीं होता....

अवि: ok चलो पहले आंटी से hi निपटाते है..

म आंटी के रूम की और जाता हुआ bola..mere पीछे अंकित भी आने लगा...

अवि: hello माय सेक्सी आंटी..

मेने आंटी के रूम मई जाते हुए कहा जोकि इस स्लीवलेस साड़ी मई केहर धा रही thi...wo बीएड पर लेती हुई थी.

निधि: hello अवि आजा...

आंटी के चेहरे पर मुझे देखकर मुस्कान आ gayi..aur मम उनकी बगल मई जाकर लेत गया..

अंकित: ही ौन्तीय...

निधि: आओ तुम भी आओ...

ौन्नती बैठते हुए बोली..

अवि: और आंटी बड़ी हॉट लग रही हो आज तो...

मेने उन्हें आँख मारते हुए कहा...

निधि: achha..apni आंटी से फ़्लर्ट करता है..

आंटी ने मुझे हलके से काँधे पर मारते हुए कहा...

अवि: अरे जिसकी इतनी हॉट आंटी ho..wo फ़्लर्ट नहीं करेगा तो और क्या करेगा...

मेने उनके बूब्स की और घूरते हुए कहा जो की ब्लाउज से मानो लटक रहे थे..

निधि: अच्छा लगता है मेरे भतीजे अब बड़े होने लगे है..

अब आंटी की आवाज़ भारी सी होने लगी thi..unki चूचिया हलके से हार्ड होनी शुरू हो गयी थी...

अवि: है आंटी काफी बड़ा हो गया है..

मेने आंटी की हालत को देखते हुए अपने लुंड को दबाते हुए कहा जोकि बहुत देर से उछाल कूद कर रहा tha..ye देख आंटी की नजर मेरे हाथ पर चली gayi...unke टिट्स ब्लाउज से साफ़ झाँकने लगे the..unki आँखे मई मदहोशी छाने लगी थी...

निधि: हआ मुझे पता है काफी बड़ा हप गया hui...i मैं तुम दोनों हो गए हो..

आंटी ने नशीले स्वर मई kaha...aur तभी मेने अपना लुंड अपनी पेण्ट से बहार निकल liya...mera 9 इंच लंड देख आंटी की आँखे मानो चमक गयी..

निधि: हे bhagwan..Avi तू ये क्या कर रहा hai..m तेरी ौनतययययय hu...ise अंदर कर..

आंटी मेरे लुंड पर नजर टिकाये थूक गटकते हुए कहती hai..ye देख अंकित भी अपना 7 इंच लुंड निकल लेता है और सहलाने लगता है...

निधि: आंकक्कित्तत्त तुम भी.....

अवि: आंटी बस अब और कितना तडपाओगी अपने बच्चो को...

मेने आंटी के बूब्स को मसलते हुए कहा और तभी आंटी का सब्र का बांध टूट गया और वो मुझसे लिपट gayi..wo मुझसे बेहात्सा चूसने लगी thi...m भी उन्हें किश करने लगा tha...ab मेने उनका साड़ी का पल्लू निचे किया और उनके बड़े से बूब्स दबाने लगा tha...ye देख अंकित भी आ गया और आंटी के बूब्स दबाने laga...itne मई अंकित ने आंटी का ब्लाउज और ब्रा उतार fenki...ab मेने आंटी को बीएड पर धक्का दिया और और उनके बूब्स को अपने मुँह मई भर लिया..

निधि: आह्ह्ह्ह सच मई मेरी बच्चे अब बड़ी हो गयी हैई...

अनूठी ने मादकता से kaha...ab मेने अंकित को आँखों से इशारा kiya..to वो भी आकर एक बूब्स को मुँह मई लेकर चूसने laga..ab आलम ये था जैसे की एक माँ के दो बच्चे उसका दूध पि रहे हो और माँ का हाथ उन दोनों के सर पर हो...

अवि: आह्हः एक minnn..calll आ रहा है...

तभी मेने आंटी की और दखते हुए कहा..

निधि: सॉरी Aunty..phir किसी और din..filhal आप अंकित से काम चलिए...

मेने अंकित की और आँख मारते हुए आंटी से कहा और बहार चला आया....

अवि: ाः अब म इसका क्या karu...Sonal से किये वादे के चक्कर मई आज इतना हॉट आइटम छोड़ने से बच गया...

म बहार आकर अपने लुंड को देखते हुए bola...m वह से बहाना बनाकर निकला था..

अवि: अब तो इसकी प्यास सिर्फ मेरी माँ hi बुझाएगी...

और म कहता हुआ किचन मई चला गया और माँ को दबाकर छोड़ा..

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यहाँ सुनील के दिमाग से सुबह से शीतल hi घूम रही थी..

सुनील: यर ये मेरे घर मई इतने हॉट आइटम है तो फिर म खुद को कैसे कण्ट्रोल karu..dekh साली के बूब्स कितने बड़े है अभी से hi..tshirt से बहरा निकलने को तैयार हो रहे थे..

सुनील ने अपने खड़े लुंड को मरोड़ते हुए कहा...

सुनील: साला एक तो दिमाग खरब मेरा सोनल ने कर रखा hai..samjjhh नहीं आता म उसे कैसे chodu..saale दोनों भाई बहिन मिलकर मेरे प्लान पर पानी फेर देते hai..ab ऊपर से ये शीतल मुझे ऐसे अपने बूब्स दिखा रही है.. लगता है एक और छूट तेरा इंतज़ार कर रही है..

सुनील ने अपने लुंड को पकड़ते हुए बोलै...

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रवि: है मुझे सब पता है मेरी जान की इस घर मई क्या चल रहा है...

रवि ने फ़ोन पर बात करते हुए kaha...phir उधर से किसी औरत की आवाज़ आती है..

रवि: तू फ़िक्र मत कर मेरी jaan..bas हमारा प्लान एक बार काम कर jaaye..uske बाद सुनील की साडी जायदाद अपनी होगी और उसके घर की सरे औरते हमारी रंडिया बनकर रहेगी...

रवि ने मुस्कुराते हुए कहा...

रवि: है सुनील साला पहले से ही ठरकी hai...saala अपनी छूती बेटी को छोड़ता है और अब दुस्सरि बेटी को छोड़ने के चक्कर मई hai...uske बीते अपनी माँ को भी छोड़ते है और अपनी दोनों बहनो को bhi...salli कमल की फॅमिली hai...andar hi अंदर सब अपनी हवस मिटा रहे है...

फिर उधर से कुछ आवाज़ आती है...

रवि: है म भी सोच रहा हु की अपनी भतीजो का स्वाद चख hi lu...pehle रिया से hi शुरुआत करनी padegi..kyonki वो जल्दी से काबू मई आ jaayegi...aur रही सोनल वो साक्ष्यात हुस्न की देवी hai..use तो सोच रहा हु अपनी पर्सनल रखैल बना लू.. लेकिन मेरा बीटा भी उस पर फ़िदा है shayad..koi बात नहीं दोनों बाप बीटा मिलकर उसे अपनी रखैल बना लेंगे...



रवि ने हस्ते हुए कहा.........
 
अपडेट 50

अंकित: यर अवि हमारी चची तो बहुत ज्यादा हॉट hai...kasam से आज तो मज़ा hi आ गया...



जब म दोस्तों के साथ घूमकर शाम के वक़्त घर आया तो भैया मुझसे कहते है..

अवि: अछ्हा चलो अच्छा hai..ab अपना वादा याद रखियेगा आप...

मेने अपने कपडे चेंज करते हुए कहा.

अंकित: तू फ़िक्र मत kar..bas अगर शीतल की छूट और छोड़ने को मिल जाती तो मजा आ जायेगा...

भय्या अपने लुंड को रगड़ते हुए कहते है..

अवि: भैय्या धीरे धीरे खाइये वर्ण मुँह जल जाएगा...

मेने उनके पास बैठते हुए कहा..

अंकित: अवि जब सामने ऐसे गुलाबजामुन रखे हो तो किस्से कण्ट्रोल होगा...

अवि: चलो म कोसिस करता हु...

मेने भैय्या की हवस को बढ़ते हुए देख कहा...

अंकित: वैसे यार आंटी कह रही थी की तूने हमें क्यों ज्वाइन नहीं kiya...unhone तो आज मेरा कचूमर hi निकल दिया tha..mene उन्हें 4 बार choda..wo तो किसी रंडी की तरह खुद hi मेरे लुंड पर उछाल रही थी...

अंकित मुझे देखते हुए बोलै जबकि मेरा लुंड खड़ा होने लगता है ये सोचकर की आंटी ने कैसे छुड़ाया होगा...

तभी रूम मई अचानक से सोनल दी आ गयी...

सोनल: Avii...hii भैया...

सोनल दी ने भैय्या को वह देखकर कहा...

अंकित: hiii..chalo भाई म चलता hu..dinner पर मिलते है...

अंकित भैय्या ने वह से जाते हुए कहा..

सोनल: क्या बाते हो रही थी भाई...

दी ने अपना बेग रखते हुए कहा...

अवि: कुछ नहीं मेरी जान बस ऐसे hi...

मेने उन्हें अपनी बांहो मई भरते हुए कहा..

सवाल: अवि मुझे कुछ चुभ रहा hai..chhod muhe..pata नहीं हर वक़्त क्यों इतना एक्साइट रहते है..

दी ने मुझसे अलग होते हुए kaha..unka इशारा मेरे खड़े लुंड की तरफ था...

अवि: क्या यर म अपनी बीवी से प्यार भी नहीं कर सकता क्या..

मेने बीएड पर मायूसी से बैठते हुए कहा...

सोनल: ये ड्रामे बंद कर और ये बता तू आज ऑफिस क्यों नहीं आया tha...mera कॉल भी आंसर नही किया था...

दी ने मुझे देखते हुए कहा..

अवि: यार म उस वक़्त बिजी था और जब मेने आपको कॉल किया तो आपका no ऑफ था...

मेने बहाना बनाते हुए kaha..ab म उन्हें क्या बताता की म ब्रोकर का काम कर रहा hu...aur जिस वक़्त उनका कॉल आया म आंटी के बूब्स को मजा ले रहा था..

सोनल: है वो मेरी आज एक इम्प मीटिंग thi..wo काफी लम्बी चली इसलिए..

सुनील: और शीतल बीटा केसा रहा अज़ज़ का दिन...

सुनील ने शीतल को देख कहा जब वो अकेला लाउन्ज मई बैठा हुआ tha...sheetal अभी अभी नीचे आयी हुई थी..

शीतल: ठीक था tauji..aahh बस जरा सा थक गयी हु...

शीतल ने एक सेक्सी अंगड़ाई लेते हुए kaha..aesa करे से उसकी बड़ी बड़ी चूचिया और बहार को निकल जाती hai..jise देख सुनील की पेण्ट मई झटके शुरू हो जाते है...

सुनील: तुम मेरे साथ चला karo..m तुम्हे बिलकुल भी बोर नहीं होने दूंगा...

सुनील ने शीतल के बूब्स की और घूरते हुए कहा..

शीतल: achhaji..chalo देखूंगी म किसी दिन आपके ऑफिस आकर...

शीतल ने सुनील की पेण्ट का उभर देखते हुए कहा...

रेनू: शीतल आ जाओ बीटा खाना लग गया hai..sabko बुला लो..

रेनू ने शीतल को आवाज़ देते हुए kaha..uske बाद सब डिनर करने लगते है...

शीतल: आठ अभय ऑर्डर तेज़ज़्ज़ज़्ज़.....

शीतल ने सिसकारी भरते हुए kaha..wo इस वक़्त घोड़ी बानी हुयी थी और उड़के भाई का 7 इंच लम्बा लुंड उसकी छूट के अंदर बहार हो रहा था...

अभय: आह्हः मेरी रंडी बेहाननं ऑर्डर जोरर सीए लिए...

अभय उसकी कमर को पकड़ता हुआ और तेज़ी से धक्के लगाने लगा...

शीतल: आठ म झड़ने वाली huuuu...aahhh

और शीतल और झड़ने लगती hai..uske साथ hi अभय भी झड़ने लगता है और दोनों बिस्तर पर देह जाते है....

अभय: आठ यर डीई कसम से आप कमाल हो....

अभय एक साइड होकर अपनी साँसे सँभालते हुए बोलै...

शीतल: हां कमाल तो हु म तभी तो अपने भाई को अपने ऊपर चढ़ा रखा है...

शीतल ने एक आँख मारते हुए कहा....

अभय: ीरर्र डीई आज मेने न कुछ देखा है...

अभय ने शीतल के एक बूब्स को अपने हाथो से दबाते हुए कहा...

शीतल: क या देख लिया तूने...

अभय: ाअज़ न माँ अंकित भैय्या से चुद रही थी...

शीतल: व्हाट??

शीतल ये सुनकर उछाल कर पड़ी...

अभय: हां दी म सच बोल रहा hu..mene अपनी आँखों से देखा है और उसी वक़्त अवि तेजी को छोड़ रहा था...

अभय ने शीतल की और देख kaha..jabki शीतल सोच मई डूब जाती है...

अभय: कसम से यार dii...dono इतनी हॉट लग रही थी न की बस..

अभय अपने लुंड पर अपना हाथ रलखते हुए बोलै..

शीतल: की तू भी उनके ऊपर चढ़ जाए...

शीतल ने अभय की और देखकर कहा...

अभय: हां di..jab अवि अपनी सगी माँ को छोड़ रहा है तो म क्यों नहीं छोड़ सकता और कितना मजा आएगा न की जिस छूट से म निकला हु उसी छोट के अंदर अपना लुंड पेलुँगा...

अभय अपने खड़े होते हुए लुंड को मुठी मई भरकर कहता है..

शीतल: तो उसी वक़्त माँ की छूट मई अपना लुंड उतार देना था न...

शीतल ने उसके लुंड को अपने हाथ मई लेकर सहलाते हुए कहा..

अभय: बस उस वक़्त म कुछ नहीं समझ पा रहा tha...aahhh

शीतल: तो एक काम कर माँ के आस पास रहना शुरू karde..aur उनसे अपनी नजदीकियां बढ़ाए....

शीतल ये कहते हुए सिसक पड़ी जब उसकी बूब्स को अभय ने अपने मुँह मई भर लिया...

सोनल: क्या हुआ कुछ कहना चाहता है क्या तू मुझसे..

सोनल दी ंघत सूट पहनकर आते हुए बोली..

अवि: nahh,,nahi तो...

सोनल: तो फिर ऐसे क्यों सोच मई बैठा हुआ है तू..

सोनल दी बीएड पर आते हुए बोली और मेरी बांहो मई आ गयी...

अवि: नहीं बस ऐसे hi आप बताओ आपका दिन केसा गुज़रा ऑफिस मई..

मेने दी कक काँधे से पकड़ते हुए कहा...

सोनल: अच्छा था लेकिन मेने तुझे बहुत मिस किया...

डीई मेरी आँखों मई देखते हुए कहती है...

अवि: अच्छा jii..chalo म अब साडी कमी पूरी कर देता हु...

और म दी के ऊपर झुकता चला गया और उसके बाद हमारे बीच प्यार का खेल चलता रहा..

रिया: आअह्ह्ह्ह dad...apne छोड़ तो लिया मुझी....

रिया को छोड़ने के बाद सुनील उसके टिट्स को मुँह मई भरकर काट लेता है...

सुनील: क्या करू मेरी raand..mene आज काफी दिन बाद जो तुझे छोड़ा है...



सुनील उसके बूब्स को सहलाने लगता है....
 
अपडेट 51



दोपहर के बाद म कॉलेज से जब घर आया तो देखा की माँ आंटी के रूम के सामने कड़ी हुई है और उनका एक हाथ उनकी ड्रेस के अंदर tha..mujhe कॉलेज मई कुछ काम था इस वजह से म कॉलेज गया था... म आगे बढ़ा और जाकर माँ को पीछे से हुग कर लिया...

माँ: ओह्ह तू है....

माँ ने मुझे पीछे देखकर kaha..mene अंदर देखा तो भ्यैया आंटी को घोड़ी बनाकर छोड़ रहे the..aur आंटी की चूचिया किसी फुटबॉल की तरह से झूल रही थी..


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ये देख मेरा लुंड झट से खड़ा हो gaya...ye माँ ने अपनी गांड पर साफ़ महसूस किया..

माँ: लगता है तुझे भी निधि को छोड़ना है...

माँ न अपनी बड़ी सी गांड मेरे लुंड पर रगड़ते हुए कहा...

अवि: आठ माँ मुझे आंटी को नहीं अपनी हॉट माँ को छोड़ना है...

और ये कहते hi म माँ के ऊपर झपट पड़ा.. उसके बाद मेने माँ को अच्छे से छोड़ा...

माँ को छोड़ने के बाद म अपने रूम म आकर लेत gaya...meri आँख लग गयी thi...mujhe सपना आया जैसे म और सोनल दी कही बीच पर रोमांस कर रहे hai..jis वजह से मेरा लुंड अपनी पेण्ट फाड़कर बहार आने को तैयार हो gaya..lekin तभी मुझे लगा की मेरे लुंड पर किसी ने अपनी छूट टिकाये हुए है और मेरे लुंड पर उछाल रही है.. लेकिन म झट से आँखे खोलता hu...to मेरी आँखे फटी की फटी रह gayi...ye सपना नहीं सच था...

सामने मेरे लुंड पर एक लड़की बिलकुल नंगी अपनी चुत टिकाये हुए बैठी थी और धीरे धीरे उछाल रही thi...mene देखा मेरा पूरा लुंड उसकी छूट के अंदर घुसा हुआ tha..jabki उसके चेहरे पर भी हलके से दर्द का निशान झलक रहा tha....aur वो आँखे बंद किये हुए उछाल रही थी...

अवि: शीतललललल......

मेने अपने लुंड पर शीतल को देखकर हेरात से kaha....ye सुनकर उसने अपनी आँखे झट से खोली...

शीतल: आअह्ह्ह्ह ीी iii'mmm सोर्रीयययय ावईईई.....

उसने मेरी चेस्ट पर अपने हाथ रखते हुए तेज़ी से धक्के लगाने शुरू किये... मेरी हालत भी बड़ी ख़राब हो रही thi..wo किसी पोर्नस्टार की तरह मेरे लुंड पर उछाल रही thi...aur अपनी गांड को मेरे लुंड के चारो और घुमा रही थी..

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अवि: आह्ह्ह्हह्ह डीई ये गलत haiiii...hatttoooo...

मेने हिम्मत करके उसे अपने ऊपर से हटाना चाहा लेकिन उसने मेरे हाथो को पकड़कर अपने नंगे बड़े से बूब्स पर टिका diye...m अपने हाथ हटाना चाहता था लेकिन शीतल ने मेरे हाथ अपने से सताए रखेऔर धक्के लगाती रही....

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शीतल: आहहह ावईई मुज्झी माफ्फ kardeee...m जायबबब तेरी रूम मई आयी तेरा लुंड ज़िप से बहार निकला हुआ खड़ा thaa...mene अपने आपको बहुत्त रोका लेकिन तेरा लुंड ने मुझी ये सब करने पर मजबूररर अहहह कर दिया...

अवि: ड्डडीई hatooo...ye गलत हैईईई....

मेने फिरसे उसे अपने ऊपर से धकेलते हुए kaha..lekin वो मुझसे बुरी तरह से चिपकी हुयी थी..

शीतल: आह्हः ावईई पलज़्ज़ज़ मुझे मत्तट rokooo...akhir म भी तो तेरी बहिन हु na...ahahh तो फिर तू मेरे साथ क्यों नहीं कर सकता....

शीतल ने उछालते हुए मुझसे kaha...ab मेरी हिम्मत भी साथ छोड़ने लगी thi...aur मेरे हाथ उसके बूब्स पर ढीले पद gaye...ab शीतल दी मेरी और झुकी और मेरे होंठो पर अपने होंठ टिका diye...lekin म उसका साथ नहीं दे रहा tha...mujhe ये काफी गलत लग रहा tha..lekin अब मेरे जेहन पर सेक्स हावी होता जा रहा tha....uske बाद मेने भी शीतल के होंठ चूसने शुरू कर diye...aur उसे कमर से पकड़ कर ताबड़तोड़ धक्क्के लगाने laga...har एक धक्के के साथ शीतल के मुँह से सीकरी निकल जाती....


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बहुत देर तक इस तरह से छोड़ने के बाद शीतल झड़ने लगती hai...jhadne के बाद वो तुरंत hi वो मेरे लुंड से उठी और झट से मेरे पेरू की और मुँह करके फिरसे मेरे लुंड पर बेथ gayi...aur उसके बाद मेरे पेरो पर अपने हाथ रखकर तेज़ी से मेरे लुंड पर उछलने lagi...m तो मानो हवाओ मई उड़ रहा tha...jis तरह से वो मेरे लुंड पर उछल रही थी और फिर अपनी कमर को मेरे लुंड के चारो और ghumati..uska ये करना मुझे बहुत आउट ऑफ़ कण्ट्रोल कर रहा था..

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और ताभ्ही मेरा लावा फूटने को हुआ और मेने उसकी कमर को पकड़कर तेज़ी से झटके मारने laga..aur कुछ hi सेकंड बाअद म उसकी छूट मई झड़ने laga...saath hi वो भी मेरी साथ hi झाड़ gayi...jhadne के बाद वो मेरे पास बगल मई hi लेत गयी...

और अब मुझे एहसास होने लगा था की मेने क्या कर दिया hai...mene आज सोनल का भरोषा तोड़ दिया था...

शीतल: आह्ह्ह्ह Avii...tu वाक़ई मई कमाल का बाँदा hai..jitna मजा तूने मुझे दिया उतना मजा तो मुझे अपनी पहली चुदाई मई भी नहीं आया था...

शीतल दी मेरी और देखकर अपने बड़े से बूब्स को दबाते हुए बोली...

अवि: डीई ये हमने ठीक नहीं किया hai..pata है आपके ऐसा करने से मेरी लाइफ स्पोइल हो सकती है...

मेने अपनी पेण्ट को ऊपर चढ़ाते हुए उसे देखा और कहा...

शीतल: और म क्या करती Avi...m जब तेरे रूम मई आयी तेरा लुंड ज़िप से बहार निकला हुआ था.. ये देखकर म वापस जाना चाहती thi..lekin मेरी अंदर की लड़की ने तेरे इस मोठे नाग को देखकर कहा की nahi...ab तू hi बता जब तेरे लिए तेरी सगी बहाने hi पागल है तो म तो तेरी कजिन hu...m भी तुझे बहुत पसंद करती hu..m तो तुझे अपना बर्फ बनाना चाहती थी...

शीतल दी ने बड़ी hi मासूमियत से मुझे कहा..

अवि: लेकिन डीई ये गलत था अगर सूना....

शीतल: तू फिक्र मत कर Avi..sonal को इसके बारे मई कभी पता नै चलेगा.. लेकिन एक बात तू अच्छे से समज्झ ले मुझे इसका कोई भी अफ़सोस नहीं hai...agar तेरा कभी भी मेरे साथ करने का मन तो बिना झिजक कह dena..teri ये बहिन खुद hi तेरा लुंड अपनी छूट मई ले लेगी...

शीतल दी ने पपेट के ऊपर से ही मेरे लुंड को दबाते हुए कहा..

अवि: मुझे वाशरूम जाना है...

उसकी बात सुनकर म कही फिर से कण्ट्रोल न खो du..islye मेने उठते हुए कहा और वाशरूम चला गया..

शीतल: आखिर कब तक Avi....kab तक बचेगा तू mujhse...mene तो अपना काम कर दिया है...

शीतल नंगी hi बीएड से उठी और सामने रखा अपना मोबाइल उठाते हुए बोली...

----------------

म अपने रूम मई बैठा हुआ आज जो कुछ भी हुआ उसके बारे मई सोच रहा था..

अवि: य्र्र ये मेने क्या कर diya..agar सोनल दी को पता चल गया to..ya तो वो मेरी जान ले लेगी या फिर अपनी जान दे legi..is शीतल का to...mujhe पहले से hi इसकी नियत पर शक हो रहा tha..wo ये कैसे कर सकती hai..wo तो सोनल दी की बेस्ट फ्रेंड है...

म अपने सर को अपने हाथो मई लेते हुए bola...meri समझ मई नहीं आ रहा था की मुझे अब आगे क्या करना चाहिए..

अवि: यर म अब क्या karu..agr मेने दी को ये सब बताया तो मुझे लगता है वो मुझसे बहुत दूर चली jaayegi...aur अगर नहीं बताया तो म कभी अपने आपको माफ़ नहीं कर पाउँगा....

म इन्ही सोचो मई गम tha..ab मेरा घर पर मन नहीं लग रहा tha..tab मेने अपनी बाइक उताहै और सड़को पर यूँही टहलने लगा...

-------

सोनल: माँ ये अवि कहा गया hai..jabse म ऑफिस से आयी हु तबसे दिखाई hi नहीं दे रहा है...

सोनल किचन मई जाकर अपनी माँ से पूछती है...

रेनू: पता नहीं beta..wo बहुत देर पहले घर से निकला था..

रेनू ने सोनल को देखते हुए kaha..joki परेशां लग रही थी..

रेनू: तू परेशां मत हो उसे कॉल करके dekh..kahi अपने दोस्तों के साथ घूम फिर रहा होगा...

रेनू ने अपनी बेटी के चेहरे पर परेशानी देख कहा..

सोनल: माँ मेने कॉल किया था लेकिन उसका मोबाइल भी ऊपर रूम मई hi hai..aur उसने आज सुबह से मुझे एक भी कॉल नहीं किया hai...aaz तक तो उसने कभी ऐसा नहीं किया है..

रेनू: ओह्ह्हो अपने हस्बैंड की इतनी फ़िक्र...

रेनू ने मुँह सा बनाकर कहा जिससे सोनल के चेहरे पर स्माइल आ जाती है..

सोनल: माँ आप भी ना...

सोनल शर्माकर कहती है...

रेनू: चल तू डाइनिंग टेबल पर beth..m खाना लगाती हु...

सोनल: नहीं माँ म डिनर अवि के साथ hi करुँगी...

सोनल कहते हुए वह से निकल गयी..

परिवार के लोग डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए the..lekin उनका ध्यान खाने पर काम और दूसरी जगह ज्यादा tha..sunil बैठा हुआ शीतल कोई बूब्स को घूरे जा रहा tha...jabki रवि रिया को खा जाने वाली नजरो से देख रहा tha..jabki अंकित शीतल और निधि को घूर रहा tha..aur वही अभय रेनू को...

सुनील: रवि लगता है अब हमें अपनी बेटियों के लिए जल्द से जल्द लड़का ढूंढना padega..hamari बेतिया तो काफी बड़ी हो गयी है..

सुनील ने शीतल के बूब्स को घूरते हुए कहा...

रवि: हआ तुम बिलकुल सही कह रहे हो काफी बड़े ी मैं बड़ी हो गयी है...

रवि रिया के बूब्स की और घूरते हुए bola..Renu इन दोनों की बातो को अच्छे से समझ रही थी..

शीतल: अभी कहा tauji..abhi तो हमने एन्जॉय भी नहीं किया hai..abhi तो हम बच्ची है...

शीतल ने बड़ी hi ऐडा से अपनी जीभ को अपने दांतो से काटते हुए kaha...ye देखकर रवि का लुंड फुंकार उठा..

खाना खाने के बाद रवि और सुनील हॉल मई अकेले बैठे हुए थे...

सुनील: यर Ravi...kyu न हमें कुछ नया एक्सपीरियंस करना chahiye...Nidhi को छोड़ कर तो अब हम बोर होने लगे है...

सुनील ने रवि की और देखते हुए कहा...

रवि: हां कह तो तुम बिलकुल ठीक रहे ho...lekin तुम्हे तो पता है हमें खून के रिस्तो की चुदाई करने की आदत लग चुकी hai..aur अब तो हमारी यहाँ बहिन है और न माँ...

रवि ने आँख मारते हुए कहा...

सुनील: है ठीक कहा लेकिन एक सबसे अच्छा रिस्ता है हमारे passs....baap बेटी...

सुनील ने रवि की और देखकर kaha...jabki रवि ये सुनकर सीधा होकर बेथ गया...

रवि: ये क्या कह रहे हो tum..ham अपनी hi बेटियों को कैसे...

सुनील: क्यों जब हम अपनी maa,behan और एक दूसरी की बीवियों को छोड़ सकते है तो बेटियों को क्यों nahi...aur सोच कितना मजा आएगा बेटीचोद बनने mai...aur तूने देखा नहीं हमारी बेतिया कितनी हॉट हो रही hai..is से पहले वो अपनी गर्मी किसी बहार वाले पर nikalwaaye..kyu न हम hi उनकी गर्मी निकाल दे...

सुनील राआवि को अपनी बातो मई फसा रहा था...

रवि: कह तो तुम बिलकुल ठीक रहे ho..mera लुंड तो ये सुनकर hi फुंकार मरने laga...lekin ये सब होगा कैसे...

रवि कुछ सोचते हुए बोलै..

सुनील: बस थोड़ा सा उन्हें बहलाना फुसलाना padega..aakhir है तो वो हमारा hi खून na..soch कितना मजा आएगा जब हम एक दूसरे की बेटियों को छोड़ेंगे...

सुनील अपने लुंड को अपने हाथो मई भरते हुए बोलै...

रवि: चलो कोसिस करके देखते hai..lekin मुझे तो सोनल को छोड़ना है...

रवि ने भी अपने लुंड को जागते हुए कहा...

सुनील: sonal...sach batau..to मेने हर मुमकिन कोसिस कर्ली उसे छोड़ने की लेकिन वो है की हाथ hi नहीं आती है...

सुनील आखिर उसे बताने लग जजाता है...

रवि: achhha..mtlb तुम बहुत पहले से बेटीचोद बनना चाहते हो लेकिन दाल नहीं gali...koi बात नहीं अब तुम्हारा छोटा भाई तुम्हारा साथ देगा सोनल को छोड़ने मई..

और वो दोनों थःके मार्के हसने लगते है...

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यहाँ सोनल अपने रूम मई बैठी हुई बस घडी को hi देखे जा रही thi...raat के 11 बजने को आये थे..

सोनल: पता नहीं अवि कहा hai..hey भगवन वो बस सही हो...

सोनल भगवन से प्राथना करते हुए boli..tabhi रूम का दूर ओपन होता है और अवि अंदर आता है..

सोनल: अवि कहा था tu..tujhe पता है म कितना दरी हुयी thi..tune शराब पी हुयी है...

सोनल दी मुझे देखते hi मुझसे लिपटते हुए कहती है और तभी उन्हें स्मेल आती है..

अवि: नाही too...mene तो basss...bas थोड़ी सी पीई है...

म लड़खड़ते हुए bola...jabki मेरी जबान भी लड़खड़ा रही थी...

सोनल: तू कहा था मुझे ये बता...

सोनल दी मुझे कंधे से सहारा देती हुई बीएड पर बिठाती है...

अवि: म कहा thaaa....waaahhhaaa..nnnaahhhhii.....mm कहा था...

अवि बोलता हुआ पीछे की और देह जाता है और आँखे बंद कर लेता है...

सोनल: Avi...AViiii मेरी जान आँखे खोल....

सोनल उसके माथे को सहलाते हुए बोली...

सोनल: ये तो सो gaya...lekin ये तो कभी ड्रिंक नहीं karta...lekin शुक्र है की ये ठीक है वर्ण पता नहीं कैसे कैसे विचार मन मई आ रहे थे...

सोनल उसे चादर ओढ़ते हुए बोली और फिर उसके शूज निकलती है और उस से लिपटकर सो जाती है..

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सुबह सोनल की आँखे खुलती है तो वो खुद को अवि की बांहो मई पाती hai..wo अवि की और देखती है तो वो उसे hi देखे जा रहा था...

सोनल: तू कब utha...aur पहले ये बता की कल कहा था तू पुरे din...tujhe पता है म कितना घबरा गयी थी...

सोनल को याद आते hi वो उठकर उसपर चिल्लाने लगती है...

अवि: यार वो म दोस्तों के साथ बहार चला गया tha..aur मेरा मोबाइल भी यही पर छूट गया था...

मेने बहाना बनाते हुए कहा...

सोनल: तो तेरा कोई भी फ्रेंड मोबाइल उसे नहीं करता होगा न... तुझसे ये नहीं हुआ की मुझे एक कॉल करदे....

दी पुरे गुस्से मई thi...gussa तो उन्हें रात से आ रहा था लेकिन शयद रात ड्रिंक करने की वजह से उन्होंने कुछ नहीं कहा....

अवि: यार sorryy..m कोई बहाना नहीं बना रहा hu..bas मुझसे गलती हुयी है...

अब मुझे गलती मानने के अलावा और कुछ नहीं sujha...m उन्हें सच बताना चाहता था लेकिन जो सिर्फ इस बात के लिए hi इतना गुस्सा थी की मेने उन्हें नहीं bataya...agar उन्हें सच पता चल गया तो कही वो खुद को hi कुछ न करले...

मेने अपने कान पकड़ते हुए सॉरी कहा...

सोनल: मेरी jaan...m तुझपर कोई बंदिशे नहीं लगा रही hu..bas म बहुत दर गयी thi..ki तूने कभी ऐसा नहीं किया....

दी मेरे चेहरे को अपने हाथो मई लेकर प्यार से कहती है...

अवि: मुझे पता है और म उसके लिए बहुत शर्मिंदा भी hu..aage से कभी ऐसा नहीं hoga..promise...

मेने दी के गालो को सहलाते हुए कहा...

सोनल: और तूने ड्रिंक क्यों की हुई thi...tu तो कभी शराब पिता भी नहीं है..

अवि: यर वो दोस्त की b'day पार्टी thi..unhone पीला दी...

मेने बहाना बनाते हुए kaha...aur ऐसा करते हुए म अपने आपको जैसे आग मई जलता हुआ महसूस कर रहा tha..jise मुझपर खुद से ज्यादा भरोसा hai..jo मुझे अपनी जान से ज्यादा चाहती hai...m उसे झूट बोल रहा हु...

सोनल: मुझे न तुझे कुछ बताना tha...m कल ऑफिस भी जल्दी आ गयी thi..lekin जनाब का तो कुछ भी अत पता नहीं था...

सोनल दी सीरियस होकर बोली..

अवि: बोलिये क्या बताना है...



सोनल: Avi...mujhe लगता है kiii..kiii मम प्रगग्गनैंट हु....
 
अपडेट 52

सोनल : Avii...mujhe लगता है kiii...kiii मम प्रगग्गनैंट हूँ...

दी ने मुस्कुराकर मेरी और देखते हुए कहा.

अवि : kyaaa...ap प्रेग्नेंट ho...keseeee...

ये सुनके मुझे समझ hi नहीं आया की म क्या रियेक्ट करू और क्या बोलू.

सोनल : keseee...tujhe नहीं पता kese...har बार बोलती थी की स्पर्म बहार निकलना लेकिन नहीं तुझे तो अंदर hi करना होता था

सोनल दी ने मेरी और गुस्से से देखते हुए कहा...

अवि : यर आप हिपर क्यों हो जाती ho..mera मतलब है आपको कैसे पता चला की आप प्रेग्नेंट ho..aur अगर आप अभी बेबी नहीं चाहती तो कोई बात नहीं अभी हमारे पास टाइम है तो

सोनल : वो मेने किट से चेक किया है to...aur एक मं टाइम है से क्या मतलब है तेरा..

दी मेरी और घूरते हुए बोली.

अवि : मतलब अब्ब्बोररटशण्ण...

मेने थूक गटकते हुए बोल hi दिया.

सोनल : अच्छा म हमारी प्यार की निशानी को इस दुनिया से आने से पहले hi मार दालु तू ये कहना चाहता है..

दी ने मुझे खा जाने वाली नजरो से देखते हुए कहा.

अवि : मेरा ये मतलब नहीं था, मुझे लगा आप नहीं चाहती हो अभी इसलिए बोलै मेने..

मेने दी को बीएड पर बैठते हुए कहा.

सोनल : तू पागल है क्या म क्यों नहीं चाहोगी एक लड़की का सपना होता है की वो जिस से प्यार करती है उसकी प्यार की निशानी को इस दुनिया मई लेकर आये..

दी ने मेरे हाथो को थमते हुए कहा..

सोनल : और म बस इस वजह से थोड़ा परेशां थी की अभी हमने इस बारे मई सोचा नहीं था मतलब अभी तो किसी को पता भी नहीं की हम शादी कर चुके है, तू समझ रहा है न..

दी ने मेरी और देखते हुए कहा...

अवि : म समझ रहा हु लेकिन म पापा बनने वाला हु..

मेने जैसे ख़ुशी से नाचते हुए बोलै..

सोनल : pagal...sab लोग नीचे है...

अवि : मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता, एक मं रुको म फ्रेश हो जाता हु फिर हम डॉक्टर के पास चलते है.

मेने दी को किश करते हुए कहा और वाशरूम मई घुस गया.

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यहाँ निचे सब लोग नास्ता करने के लिए रेडी थे.

रेनू : आ जाओ बीटा तुम दोनों भी नास्ता करलो...

माँ ने मुझे और दी को ऊपर से आते हुए देखकर कहा..

अवि : माँ हम नास्ता बहार karenge...muaahhh

मेने माँ की किश करते हुए कहा और हम दोनों निकल गए..

सुनील : देखा रवि कैसे दोनों हमेशा साथ साथ hi रहते है..

नास्ते के बाद डैड ने चाचा की और देखते हुए कहा जब वह पर सिर्फ वो दोनों hi बैठे थे.

रवि : कोई बात नहीं भाई, मेने सोच लिया है इनका क्या करना है. बस अज़ज़ क्यों न हम अपनी किसी बेटी का बंद बजाये...

चाचा ने अपने लुंड को मसलते हुए कहा..

सुनील : तू ठीक कह रहा है शीतल और सोनल के लिए तो अभी वेट है लेकिन चल आज तुझे मेरी छोटी बेटी के मजे दिलातु hu..wo साली भी किसी से काम नहीं है...

डैड ने अपने लुंड को मसला और वो दोनों फार्महाउस चले गए...

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डॉ. : कॉंग्रट्स आप दोनों पेरेंट्स बनने वाले है..

डॉ ने रिपोर्ट देखते हुए कहा जबकि हम दोनों भाई बहिन बहुत खुश थे..

अवि : थैंक्स डॉ, वैसे कोई प्रिस्क्रिप्शन वगेररह...

डॉ : अरे नहीं अभी तो इनिशियल स्टेज तो अभी कोई प्रॉब्लम नहीं आप दोनों एन्जॉय करो...

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इधर शीतल अपने रूम में टहल रही थी. जैसे वो किसी चीज का वेट कर रही thi...tabhi उसके मोबाइल की टोन बजने लगी.

शीतल : hello...

अननोन : hello मेरी जान..

उधर से एक मरदाना आवाज़ सुनाई दी..

शीतल : म बिलकुल ठीक, और अवि का लुंड अपनी छूट मई लेकर तो और भी ठीक हु..

शीतल ने अपनी छूट को मुट्ठी मई भेंनचते हुए कहा..

अननोन : साली रांड, तुझसे भी बर्दास्त नही हुआ na...chadh गयी अवि के लुंड पर जाकर...

शीतल : अच्छा, और जो आप अपनी सगी बेटी को अपने लुंड पर चढ़ाते हो और आज अपनी छोटी भतीजी को भी अपने लुंड पर चढाने वाले हो उसका क्या..

शीतल ने तंज़ कस्ते हुए कहा और आप समझ hi गए होंगे की दूसरी और रवि था..

रवि : क्या करू जानेमन अब जिसकी तुम जैसी बेटियां होगी वो कब तक कण्ट्रोल करेगा, खैर तू ये छोड़ ये बता प्लान कहा तक पहुंचा..

शीतल : डैड प्लान तो पूरा हो चूका है अब तो बस धमाका करने की देर है..

रवि : ठीक है मेरी जान चल अपना प्लान शुरू कर और अपने बाप के बारे मई भी कुछ जब से यहाँ आये है म सिर्फ तेरी गांड और बूब्स देखकर hi काम चला रहा हु..

शीतल : डैड, आप फ़िक्र मत करो एक बार हमारा मिशन पूरा हो जाने दो उसके बाद आप जब चाहो जिसको छोड़ लेना..

रवि : मुझे तो बस अब सोनल की गांड फाड़नी है, तू उसकी तैयारी कर...

शीतल : उसकी hi तैयारी कर रही हु मेरे बेटीचोद baap..ab मेरी बात ध्यान से सुनो, म आपको एक वीडियो भेज रही हु और......

शीतल ने अपना प्लान अपने पापा को समझाया.

रवि : तू फ़िक्र मत कर म सुनील का मोबाइल किसी भी तरह से ले लूंगा और मेरे पास भी एक वीडियो है जो की हमारे प्लान के लिए काफी है.

शीतल : माँ वाली न..

रवि : हां वही..

शीतल : ok तो म सेंड करती हु आप अपना काम करो...

शीतल ने ये बोलकर कॉल कट करदी.

शीतल : सॉरी सोनल, म तेरा दिल नहीं दुखाना चाहती लेकिन कहते है न की maa-baap की करनी का फल बच्चो को चुकाना पड़ता है तो बस म वो hi कर रही है.

शीतल ने अपने डैड के मोबाइल पर कुछ सेंड करते हुए खुद से कहा और आगे का सोचने लगी..

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यहाँ सोनल ऑफिस मई काम कर रही थी जबकि अवि डॉ के वह से hi कॉलेज के लिए निकल गया.

सोनल : अवि का बच्चा मेरी कोख मई है, म उसके बच्चे की माँ बनूँगी...

सोनल अपने पेट पर हाथ फेरकर खुद बी खुद hi शर्माने और मुस्कुराने लगती है.

सोनल : थैंक्यू मेरी जान अवि , मुझे दुनिया का सबसे बड़ा सुख देने के लिए..

सोनल खुद से hi बाते कर रही थी तभी उसका मोबाइल की टोन सुनाई दी..

सोनल : ये किसने भेजा hai..dad...ab इन्हे क्या क्या प्रोब है..

सोनल ने व्हाट्सप्प मसाज देखते हुए कहा और उसने व्हाट्सप्प ओपन किया तो उसके सुनील के मोबाइल नंबर से 2 मश्ग थे एक टेक्स्ट और एक video..sonal ने टेक्स्ट पढ़ना शुरू किया..

"म जनता हु की तू अवि को प्यार करती है और समझती है की वो भी तुझसे प्यार करता है और लेकिन तुझे एक बात बता दू की वो मेरा बीटा है और उसे औरतो का सिर्फ उसे करना आता है. और अगर तुझे यकीन नहीं आता तो ये वीडियोस देख लेना और, तेरी साडी ग़लतफहमी दूर हो जाएगी. की मर्द औरत से नहीं उसके जिस्म से प्यार करता है"

सोनल के हाथ ये पढ़कर एक बहार कांपने lage..aur उसने डरते हुए मन से एक वीडियो ओपन की तो उसने देखा की अवि और निधि एक दूसरे के बदन से खेल rahe(jab अवि निधि को अंकित क लिए रेडी कर रहा था). ये देखकर सोनल दिल जैसे फटने सा लगा हो वो वीडियो कुछ 2 मं की थी जिसमे वो दोनों बस एक दूसरे की जिस्म को सेहला रहे थे. सोनल ने डरते हुए दूसरी वीडियो प्ले की थी वो देखकर उसके हाथ से मोबाइल छोटकर नच्चे गिर गया और उसकी आँखों से आंसू बहने लगे. अब भले hi सोनल बहार से कितनी भी टफ दिखती हो, लेकिन अंदर से तो वो एक लड़की hi थी. वो जैसे निढाल हो गयी थी, उसका दिल टूट चूका था. और फिर उसने अपने ऑफिस की हर एक चीज़ को तोडना शुरू कर दिया लेकिन उसका गुस्सा इस से भी काम नहीं हुआ और गुस्से से भुनभुनाती हुई घर की और निकल गयी. वो घर पहुँचते hi सीधे अपने रूम मई गयी, वह शीतल मौजूद थी. जैसे hi उसने शीतल को देखा उसकी आँखे गुस्से से और लाल हो गयी और उसने शीतल के गाल पर एक साथ कई तमाचे लगा दिए...

chaattttaaaaaakkkkkkkkk...........chaattttaaaaaakkkkkkkkk........chaattttaaaaaakkkkkkkkk

सोनल : तूने मेरे साथ ऐसा क्यों किया शीतल, मेने तुझे अपना बेस्ट फ्रेंड मन था अपनी बहिन माना tha...phir तूने मेरे साथ ऐसा क्यों किया..

सोनल बीएड पर जैसे गिरते हुए रूट हुए बोली...

शीतल : सोनल मेरी बहिन, मेने किया क्या है ये तो बता...

शीतल ने जैसे अनजान बनते हुए कहा...

सोनल : क्या किया hai...ye देख....

और सोनल ने उसे अपने मोबाइल मई वो वीडियो दिखा दी, अब शीतल तो इन सबके लिए पहले से hi तैयार थी..

शीतल : देख सोनल मेरी बहिन म तुझे बताने hi वाली थी लेकिन मुझे अवि ने मन किया हुआ था...

सोनल : क्या अवि ने...

सोनल को फिर से अवि का नाम सुनकर गुस्सा चढ़ने लगा था..

शीतल : है लेकिन प्ल्ज़ तू उसे मत बताना की मेने तुझे बताया है, वो मुझपर तबसे चांस मार रहा जबसे म यहाँ आयी हु, पहले तो मुझे लगा वो वैसे hi फ़्लर्ट कर रहा है लेकिन एक दिन उसने मुझे सोता देख मुझपर टूट पड़ा और म भी कब तक बर्दास्त करती , म भी उसका साथ देने लगी. म तुझे सब बताना चाहती थी लेकिन उसने hi बोलै की हम सोनल से छुपा कर रखते है और एन्जॉय करते hai...plz तू उसे ये मत बताना...

शीतल अपना काम कर चुकी थी उसने सोनल के दिल मई नफरत का बीज बो दिया था.

सोनल : शीतल यहाँ से जाए, मुझे अभी तुझसे कोई बात नहीं करनी है...

शीतल : ठीक है म जाती हु लेकिन प्ल्ज़ मुझे माफ़ कर देना..

और ये बोलकर शीतल बहार आ gayi..aur अंदर सोनल की मानो दुनिया hi उजाड़ गयी थी..

सोनल : अवि तूने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, मेने तेरे लिए पूरी दुनिया को ठुकरा दिया और तूने सिर्फ मुझसे इस्तेमाल करने के लिए ये सब किया. डैड ने ठीक कहा आखिर तू उनका hi खून है, म पागल थी...

सोनल रट हुए बड़बड़ाये जा रही थी तब उसने कुछ सोचा और अपना जरूरी सामान समेटकर वह से निकल गयी...

-------------------

अवि : माँ सोनल ऑफिस से नहीं आयी अभी तक..

मेने माँ के रूम मई जाते हुए माँ से पूछा...

रेनू : है शीतल ने बताया था की वो दोपहर मई आयी थी और फिर चली भी गयी थी, म तो सो रही थी उस वक़्त मुझे बाद मई शीतल ने बताया..

अवि : पता नहीं उनका मोबाइल भी ऑफ है और वो ऑफिस से भी दोपहर मई निकल गयी...

मेने माँ की और देखते हुए बोलै..

रेनू : तुम दोनों एक दूसरे की इतनी फ़िक़र मत किया करो वो भी तुझे थोड़ी देर न देखे तो पागल सी हो जाती है और तू भी वैसा hi करता hai..wo कही मीटिंग वगैरह के लिए गयी होगी...

माँ ने मुझसे समझते हुए कहा..

अवि : शयद आप ठीक कह रही हो माँ, चलो आप मेरे लिए अच्छी से एक कॉफ़ी बनाओ तब तक म फ्रेश होकर आता हु...

मेने माँ को किश किया और अपने रूम मई आ गया..

अवि : यर सोनल कहा रह गयी, 9 बजने को आये hai...na hi उनका कुछ पता है और न hi उनका मोबाइल लग रहा है..

म टाइम देखते हुए खुद से बोलै..

अवि : मुझे hi बहार जाकर देखना पड़ेगा..

मेने अपनी बाइक की चाभी उठायी और बहार निकल गया.
 
अपडेट 53::

अवि : यार दोपहर से शाम हो गयी है, दी का कुछ पता hi नहीं चल रहा hai...na तो वो किसी मीटिंग पर गयी है, न hi घर hai...ek मं कही डैड ने तो दी के साथ कुछ गलत नहीं kiya...nahi नहीं डैड तो घर पर है वो nahi...to फिर सोनल गयी क्या..

शाम के टाइम मई एक जगह अपनी बाइक को रोक कर परेशानी और चिंता मई खुद से बात किये जा रहा था..

अवि : Avi...tu कैसे भूल सकता है यार.. कही दी अपने बंगलो पर तो नहीं चली गयी...

मेरे ये दिमाग मई आते hi मेने बाइक दी के घर की और दौड़ा दी और मुझे वह पहुँचाने मई 2 घंटे से ज्यादा लग गए बकज़ ये दूसरी सिटी मई था, और जैसे hi म गेट के बहार पहुंचा तो मुझे उम्मीद की किरण नजर आयी. क्योंकि पूरा घर रौशनी से जगमगा रहा था. जबकि लास्ट टाइम जब दी मुझे ये बंगलो दिखने लायी थी तब सिर्फ लॉन मई उजाला था.

अवि: रामु गेट खोल..

मेने गेटकीपर से कहा, उस से म पहले भी मिल चूका था जब दी मुझे ये बंगलो दिखने लायी थी..

रामु: साब aap..itni रात मई..

उसने घडी की और देखकर कहा, बकज़ उस वक़्त रात के 11 बज रहे थे..

अवि: जल्दी गेट खोल, मेडम अंदर hi है न..

मेने एक उम्मीद से उससे पूछा..

रामु : है मेमसाब, अंदर hi है..

ये सुनकर जैसे मेरी जान मई जान आयी...

"रामु, कोण है गेट पर.."

तभी मेरे कानो मई एक आवाज़ पड़ी तो मेने देखा की एक गार्ड बहार आकर बोलै, मेने उसे पहले नहीं देखा tha,wo देखने मई काफी hatta-katta था..

रामु : जस्सी ये मेमसाब के हस्बैंड है...

रामु ने उस गार्ड को मेरा इंट्रो करते हुए कहा. जब म और दी आये थे तो दी ने उसे मेरा इंट्रो अपने हस्बैंड के रूप मई कराया था..

जस्सी : ोू hello सर, सॉरी मेने आपको पहचाना नहीं...

अवि : कोई बात नहीं, जल्दी से गेट खोलो..

जस्सी : सॉरी सर, लेकिन हम गेट नहीं खोल सकते..

ये सुनकर मेरी झांटे सुलग उठी और म बाइक से उतारते हुए बोलै..

अवि : क्यों नहीं खोल सकते..

मेने गुस्से से उसकी और बढ़ते हुए कहा, म पहले से hi दी को लेकर काफी परेशां था ऊपर से इस जस्सी ने मुझे तापा दिया था.

रामु : saab..gussa मत kijiye...ye आर्डर मेमसाब ने दिए है की किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाए..

रामु ने हम दोनों के बीच आते हुए कहा, शयद उसे लगा की अब मामला बिगड़ सकता है और म उसकी बात सुनकर बिलकुल शांत सा हो गया.

अवि : kya..sonal ने तुमको मन किया hai..lekin म उसका हस्बैंड hu..jaldi से गेट खोलो..

रामु : सूर्य सब्जी लेकिन उन्होंने स्ट्रिक्टली बोलै था की आपको भी अंदर नहीं आने देना है..

उसने मुझे देखते हुए कहा जबकि ये सुनकर मेरा दिमाग भन्ना उठा.

अवि : देखो रामु, तुम्हारी मेमसाब ने बोलै हो या किसी और ne..m अंदर तो जाकर hi rahunga..pyaar से गेट खोलो वर्ण...

मेने गुस्से से भन्नाते हुए कहा..

सोनल : क्या हो रहा है waha...kaunnn...

तभी सोनल ने बालकनी मई आते हुए कहा और मुझे देखकर वो झटके से रुक गयी, शायद हमारी आवाज़े उसकी कानो मई पद चुकी थी..

अवि : सोनल कहा गायब हो आप दोपहर से, आपको पता भी है म दोपहर से आपको ढून्ढ रहा हु.. न hi आपका कॉल लग रहा है और न hi आपने मुझे एक कॉल तक ki..aur मुझे बिना बताया यहाँ चली aayi..aur अब ऊपर से आपके ये चमचे अंदर नहीं आने दे रहे hai..bol रहे है की अपने मुझे अंदर आने से मन किया है..

मेने शिकायत करते हुए उसे एक hi सांस मई सब बोल दिया..

अवि : एक min..aapne ये क्या हालत बना राखी है apni..aap रो रही थी...

तभी मेरी नजर सोनल दी के हुलिए पर पड़ी, उनकी आँखे रोने की वजह से लाल हो चुकी थी, बाल बिखरे पड़े the..aur ये देखकर मेरे दिल मई एक हूँक से उठी..

सोनल : तुझे क्या फ़र्क़ पड़ता है, तू जा यहाँ से और कभी मुझे अपनी शकल मत दिखाना..

ये कहते हुए दी की आँखों से आंसू छलक उठे और वो वापस अंदर चली gayi..jabki म उनके इस बेहवे के बारे मई समझ hi नहीं पा रहा था की आखिर वो ऐसा कर क्यों रही hai..ab मेरी समझ मई कुछ नहीं आ रहा था की म क्या करू..

अवि : Sona...sona..plz मुझसे आपसे बात करनी hai..oye जल्दी से गेट खोल वर्ण अब सारा गुस्सा तुम पर उतरेगा..

मेने गुस्से से गेट पर लात मारते हुए कहा..

जस्सी : सर, मेडम का आर्डर है तो गेट तो नहीं खुलेगा...

उसकी बात सुनके मुझे और गुस्सा चढ़ गया और म उसकी और badha..aur मेने उसका कलर पकड़ा और उसे मारने के लिए हाथ उठाया hi था की सोनल की आवाज़ फिर से कानो मई पड़ी..

सोनल : अवि मेरा यहाँ तमाशा मत बनाओ, प्ल्ज़ यहाँ से जाओ वर्ण म पुलिस बुला लुंगी..

दी ने मुझे नफरत से देखते हुए कहा और फिर से अंदर चली gayi..dii के मुँह से ये शब्द सुनते hi मेरे हाथ जस्सी के कलर से निचे आ gaye..mene कभी भी नहीं सोचा था की सोनल मेरे साथ ऐसा बेहवे करगेई, पुलिस बुलाने की धमकी देगी..

अवि : सोनल... म आपसे बात किये बिना तो नहीं जाने wala...jab तक आप मुझसे बात करके ये नहीं बता देती की बात क्या है म तब तक यहाँ से हिलूंगा भी नहीं...

मेने थोड़ा लॉडली बोलते हुए कहा और गेट के सामने hi अपनी बाइक पर बैठ गया. जबकि सोनल की और से कोई रिस्पांस नहीं aaya..tabhi मेरे दिमाग मई कुछ सवाल आने लगे..

अवि : रामु, सोनल यहाँ से किस वक़्त आयी थी..

मेने रामु की और देखते हुए कहा..

रामु : वो तो आज दोपहर मई hi आ गयी थी..

अवि : क्या वो सामान वगैरह भी लेकर आयी थी..

रामु : जी सब्जी, वो अपना सारा सामान लेकर आयी thi..aur वो जबसे आयी है तबसे रूए hi जा रही है, मेरी बीवी ने खाने के लिए पुछा तो उन्होंने खाने के लिए भी मन कर दिया..

ये सुनकर मुझे बहुत दुःख हुआ की जिस से मेने वादा किया था की म उनकी आँख मई एक आंसू तक नहीं आने दूंगा वो इतना रो रही hai..lekin मुझे समझ नहीं आ रहा था की आखिर बात क्या है.. और ऐसे hi रात बीतने लगी और ठण्ड भी भड़ने लगी... इस बीच दी ने सिर्फ एक बार विंडो से झाँक कर देखा था..

सोनल : ये ऐसे नहीं मानेंगे, बहुत ज़िद्दी है..

दी ने कुछ सोचा और बहार आकर रामु से बोली.

सोनल : Ramu..saab को अंदर आने दो...

और मेने जैसे कोई जुंग जीत ली ho..m दौड़कर अंदर gaya..aur जैसे hi मेने दी का हुलिया देखा तो म जैसे जमीन मई गड गया.. क्योंकि उस वक़्त तो अँधेरा और फासला ज्यादा होने से ज्यादा कुछ नजर नहीं आ रहा था. दी की आँखे सूज गयी थी, गालो पर ांसुआ के निशान बन चुके थे..

अवि : Sona...ye सब kya..kya हुलिया बना रखा है अपने..

मेने उनकी और आगे बढ़ते हुए कहा.

सोनल : मेरा नाम सोनल hai..aur दूर रहो मुझसे..

दी ने जैसे फुँकारते हुए कहा..

अवि: okk..ok..m दूर hi आप शांत हो जाओ पहले और मुझे ये बताओ ये सब क्या है, क्या हुआ है आपको..

मेने दी की और बेबसी से देखते हुए कहा..

सोनल : wow..kamal का एक्टर है tu..meri लाइफ बर्बाद करके मुझसे पूछ रहा है की मुझे क्या हुआ है..

और ये सुनकर मुझे धक्का लगा और जैसे मेरी बॉडी से रूह निकल गयी हो..

अवि : ये किसी बाते कर रही हो आप..

सोनल : बंद कर अपना ड्रामा और आज के बाद भूल जा की म तेरी कुछ लगती भी हु, मुझे अपनी शकल भी मत दिखाना...

सोनल ने नफरत से मेरी और देखते हुए कहा..

अवि : लेकिन दी मुझे बताओ तो सही की मेने आखिर ऐसा क्या किया है, क्या गलती की है मेने...

म अब भी समझने की कोसिस कर रहा था की आखिर हुआ क्या है..

सोनल : ओह्ह कितना मासूम बनकर दिखा रहा hai...achha तुझे जानना है न की तूने क्या kiya..ruk अभी दिखती हु...

और दी मोबाइल ढूंढ़ने लगी और मेरी और अपना मोबाइल बढ़ा दिया और जैसे hi मेने मेने वो दोनों वीडियोस देखि, मेरे पेरो टेल से जमीन खिसक गयी. अब म समझ गया की दी ऐसा बेहवे क्यों कर रही है..

अवि : दी मेरी बात suno..m आपको बताता....

सोनल : पलज़्ज़ज़ अपनी गन्दी जुबान से मुझे दी या सोना मत bol..kitna भरोसा किया था मेने तुझ पर.. तेरे लिए मेने ये पूरी दुनिया तक ठुकरा दी और tune...tune मेरे साथ ये सब किया.. आखिर तेरी रगो मई भी तो तेरे बाप का खून hai..jesa बाप वैसा beta...tune मेरा इस्तेमाल किया...

chattttaaaakkkkkkkkkk....chhaaattttaaaaaakkkkkkkkk...chhhaaaattttttaaaaaaaakkkkkkkk

और दी ये बोलते हुए आगे बढ़ी और मुझपर छांटो की बौछार कर दी और उसके बाद निचे बेथ कर रोने लगी...

अवि : दी मेरी बात तो सुनो plz..m आपको सब बताने....

मेने निचे बैठते हुए सोनल के हाथो को पकड़ते हुए बोलै की तभी उसने मेरे हाथो को झटक दिया..

सोनल : ख़बरदार अगर तूने मुझे छुआ था, निकल जा मेरे घर से और मेरी जिंदगी से bhi..mene पहले hi बोलै था की मुझे धोका मत देना...

और दी ये बोलकर बिलख बिलख कर रोने लगी, जबकि म बता नहीं सकता म केसा फील कर रहा था मेरी आँखों से भी दी की ये हालत देख कर आंसू बह रहे थे...

सोनल : अवि निकल जा यहाँ से इस से पहले की म कुछ उल्टा सीधा करदु, और अगर तू फिर यहाँ आया था म बता रही हु म कुछ कर लुंगी..

दी ने अपने आंसू साफ़ करते हुए मुझे वह से जाने के लिए कहा...

अवि : okk..m जाता हु लेकिन प्ल्ज़्ज़ आप कुछ ऐसा वैसा मत karnaa..agar आपको कुछ हो गया न तो म भी मर जाऊंगा..

मेने सिचुएशन को देखते हुए दी से बोलै..

सोनल : बंद कर अपने ये ड्रामे और निकल जा यहाँ से...

दी ने मेरा हाथ पकड़ कर बहार निकला और दूर बंद कर लिया.. और वो दूर से लग कर फफक फफक कर रोने लगी.. मुझे समझ नहीं आ रहा था म क्या karu..mere दिमाग ने साथ देना बंद कर दिया था... और म जैसे तैसे बहार पहुंचा और बाइक उठा कर घर चला गया. म अपने रूम मई पहुंचा और बीएड पर गिरकर दी की हालत के बारे मई सोचते हुए रोये जा रहा था और पता नहीं कब मेरी आँख लग गयी...

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यहाँ सुबह सब नास्ते की टेबल पर बैठे थे.

सुनील : तुम्हारा लाडला और लाड़ली कहा है, क्या सब के साथ ब्रेकफास्ट करने मई उन्हें प्रॉब्लम है.

डैड ने माँ की और देखते हुए कहा.

रेनू : अवि अभी सो रहा है और शायद सोनल कल मीटिंग के लिए गयी थी तो रात मई शायद वही पर रुक गयी थी.

माँ ने सिप लेते हुए कहा..

सुनील : ओह्ह, वैसे एक बात तो मानी पड़ेगी सोनल है बड़ी talented..mujhse एक पैसा भी लिए बिना इतनी बड़ी एजेंसी कड़ी कर दी है.. अगर वो मेरा साथ देती तो शायद हमारी इंडस्ट्री देश की no1 इंडस्ट्री बन जाती लेकिन nahi..usme तो घमंड कूट कूट कर भरा है..

डैड माँ की और देखते हुए बोले. और इस तरह से उनका नास्ता फिनिश हुआ..

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यहाँ शीतल और रवि आपस मई लगे हुए थे..

रवि : अह्ह्ह मेरी जाएं और अंदर तक leee....aahhhhhh....m गया.....

और रवि का माल शीतल के मुँह मई निकल जाता है जिसे शीतल झट से जातक लेती है...

रवि : अह्ह्ह मेरी रंडी बेटी क्या लुंड चूसती है तू, लेकिन छूट कब देगी.. म तरस रहा हु अपनी बेटी की छूट के लिए..

रवि ने अपनी बेटी के निप्पल दबाते हुए कहा..

शीतल : डैड घर म इतनी chahal-pehal रहती है की मौका hi नहीं मिलता इसी वजह से सिर्फ आपको आज ब्लोजॉब दी ताकि आपकी कुछ तो ठरक काम हो...

शीतल ने अपने डैड के लुंड को दबाते हुए कहा..

रवि : अच्छा ये बता ये प्लान कहा तक पहुंचा...

शीतल : अरे डैड, जैसा सोच था बिलकुल वैसे hi hua..ab सोनल तो गयी यहाँ se..jitna म उसे जानती हु अब वो इस घर मई नहीं आने wali...aur हम अब अपना प्लान आसानी से एक्सेक्यूटे कर सकते hai...kyonki हमारे प्लान मई सबसे बड़ा रोड़ा सोनल hi थी..

रवि : तूने ठीक कहा लेकिन अब म सोनल की गांड कैसे मरूंगा....

रवि ने अपने लुंड को हाथ मई लेते हुए कहा...

शीतल : डैड आपको सोनल की गांड चाहिए या ये प्रॉपर्टी... और सोनल न सही रिया तो है hi..

रवि : वैसे ठीक कहा तूने प्रॉपर्टी के लिए म सोनल की गांड भूल जाता हु और वैसे उसकी बहिन भी मस्त पटाखा hai...sali डैम निकल देती है..

और दोनों हसने लगते है..

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रेनू : दोपहर के 12 बजने को आये है और ये लड़का अब तक सो रहा है..

माँ मेरे रूम मई आते हुए बोले...

रेनू : अवि beta...uth जा और कितना सोयेगा तू...

माँ मेरे बालो मई हाथ फेरते हुए प्यार से बोल रही थी..

अवि : गुड morning...mom

और मेने उठते हुए माँ को एक हुग दिया..

रेनू : एक min..teri आँखे लाल क्यों हो रही hai...kya हुआ....

माँ ने मेरी आँखों को देखते हुए कहा...

अवि : कुछ नहीं माँ, म वाशरूम होकर आता हु..

मेने आँखे चुराते हुए कहा...

रेनू : ठीक है छुपा ले अपनी माँ से भी बाते..

माँ ने जैसे बुरा मानते हुए कहा...

अवि : माँ प्ल्ज़ अब आप मुझसे मात roothiye...m आपको बताता हु....

और मेने माँ को साडी बात बता दी..

रेनू : हे bhagwan...Avi तूने ये सही नहीं किया beta..tujhe पता है न वो तुझसे कितना प्यार करती है और तूने उसके साथ ये सब किया..

अवि : माँ अब आप भी मुझे गलत समझ रही ho...suniye ये सब कैसे हुआ..

और मेने माँ को शीतल के साथ सेक्स और आंटी के साथ हुए उस सन को बता दिया..

रेनू : ठीक है म मानती हु तूने निधि के साथ सेक्स नहीं किया और शीतल ने खुद तुझसे सेक्स लिया.. लेकिन दोनों बातो म तू इन्वॉल्व तो है न beta..aur तुझे पता है सोनल कितनी ज़िद्दी है..

माँ ने दुखी मन से कहा...

अवि : माँ आपको भी लगता है न की कुलप्रीत हु..

मेने माँ की और देखते हुए कहा..

रेनू : बीटा बच्चे चाहे जो कुछ भी करले माँ को सब सही hi लगता है लेकिन म वैसी माँ नहीं हु- मुझे लगता ह तूने गलत किया है और सोनल ने सही कहा की तुझमे और तेरे डैड मई क्या फ़र्क़ रह गया. बीटा सोनल ने तुझसे शादी की तू खुद सोच उसने कितना बड़ा सैक्रिफाइस किया तुझसे शादी करके. क्या उसने नहीं सोचा होगा की वो इस सोसाइटी को कैसे फेस करेगी, कैसे अपनी फॅमिली को फेस करेगी लेकिन उसने ये सब dar-kinaar करते हुए तुझसे शादी की क्योंकि वो तुझसे सच्चा और हद से भी ज्यादा प्यार करती थी.. और जो लड़की इतना प्यार करती हो वो उस लड़के को किसी के साथ नहीं बात सकती लेकिन सोनल ने तुझे मेरे साथ बांटा.. लेकिन ह तो वो भी एक लड़की न कब तक बर्दास्त करती वो...

माँ ने मेरे हाथो को अपने हाथो मई लेते हुए मुझे प्यार से समझाया..

अवि : माँ मुझे पता है सोनल मुझसे कितना प्यार करती है और म भी उनसे उतना hi प्यार करता हु, बस वो मुझे एक बार माफ़ करदे म कभी उसे शिकायत का मौका नहीं दूंगा..

मेने माँ को हुग करते हुए कहा और मेरी आँखों से आंसू बह निकले...

रेनू : तू लड़कियों की तरह कब से आंसू बहाने लगा, तुझे शर्म नहीं tu-tu मेरा शेर बीटा है. चल आंसू पूछ अपने.. देख सोनल अभी किसी की बात नहीं सुनेगी तो उस से अभी बात करने से कोई फायदा नहीं hai..ek दो दिन बीत जाने दे फिर म बात करती हु उस से...

अवि : ठीक है माँ..

रेनू : चल उठकर फ्रेश हो जा और निचे आकर नास्ता करले..

ये कहकर माँ चली गयी. और म नहाने के बाद अपने रूम से जैसे hi बहार निकला तो सोनल के रूम से अंकल और शीतल हस्ते हुए बहार आये और मुझे देखते hi चुप हो गए.

शीतल : गुड मॉर्निंग अवि.

रवि : आज बहुत देर से उठे बीटा..

उन दोनों ने मुझे देखते हुए कहा..

अवि : है अंकल वो रात लेट सोया था..

और म निचे नास्ता करने आ गया..

अवि : ये dono...kya चक्कर hai...kahi अंकल भी तो डैड की तरह शीतल को... कही ये सब शीतल ने तो नहीं kiya..are यार मेने तो ये भी नहीं देखा की वो वीडियोस दी को सेंड किसने की थी. अवि.. कुछ हो न हो लेकिन इस घर मई कुछ कुछ न तो चल रहा है.....
 
अपडेट 54

अवि : यर क्या बकवास है, मेरा नंबर अब तक ब्लैकलिस्ट मई डाला हुआ है...

अवि ने झल्लाते हुए सोनल का no डायल करते हुए कहा...

अवि : ऑफिस कॉल करके पूछता hu..lekin उनकी रात मई जो हालत थी उसे देख कर नहीं लगता की वो ऑफिस गयी होगी.. लेकिन मेरी सोनल बहुत स्ट्रांग है , एक बार कॉल करके देखता हु..

म खुद से hi बाते किये जा रहा था और आखिर कर उनके ऑफिस कॉल लगा diya..udhar से एक लड़की की आवाज़ सुनाई दी...

लड़की : hello *** एजेंसी, म आपकी क्या हेल्प कर सकती हु..

अवि : म अवि मित्तल बात कर रहा हु, क्या सोनल ऑफिस आयी है...

लड़की : गुड आफ्टरनून सर, जी मम ऑफिस आयी है, उनकी इस वक़्त मीटिंग चल रही है...

अवि : ok थैंक्यू...

और मेने कॉल कट करदी..

अवि : ये दी भी na...kabhi-kabhi मुझे बहुत हैरान कर देती है, खैर चलते है उनके ऑफिस फिर से उन्हें मानाने के लिए..

मेने कॉलेज से बाइक निकली और उनके ऑफिस की और बाइक दौड़ा दी...

अवि : होई टीना, किसी हो...

म दी के ऑफिस आ गया था तभी मेरी नजर सामने से आती हुई दी की सेक्रेटरी पर गयी...

टीना : म ठीक हु, आप कैसे है...

टीना ने उसे एक स्माइल पास करते हुए कहा...

अवि : बस ठीक hi हु, ये बताओ दी की मीटिंग और कितनी लम्बी चलेगी...

टीना : बस ख़तम होने hi वाली है वो सुबह से मीटिंग hi कर रही है..

अवि : ok थैंक्स Tina...wese मम का मूड केसा है..

मेने दी के बारे मई जान्ने के लिए टीना से पूछा..

टीना : मूड की तो आप पूछो hi मत, आज उन्होंने सबकी वाट लगा राखी hai..aaz से पहले मेने उन्हें कभी भी इतने गुस्से मई नहीं dekha..kya कुछ हुआ है घर पर..

तिने ने जैसे जासूसी वाले अंदाज़ मई मुझसे पूछा..

अवि : नहीं कुछ नहीं, बस उनका मूड थोड़ा ऑफ है to..chalo म दी के ऑफिस मई उनका वेट कर लेता हु..

टीना: ठीक है, म आपके लिए कॉफ़ी भेजती हु..

अवि : ok थैंक्स..

अवि : लगता है दी मेरा गुस्सा इन सब पर निकल रही है, जितना म उन्हें जानता हु इस वक़्त वो घायल शेरनी की तरह हो रही होगी.. तेरी वाट लगने वाली है beta..itna प्यार करने वाली लड़की का भरोसा तोडा है मेने तो मेरी भी वाट लग्न जायज़ है.. साली कामिनी शीतल मेरे लुंड पर खुद बैठी और इलज़ाम मुझ पर लग गया.. मुझे जाने क्यों लग रहा है ये सब शीतल hi कर रही है..

सोनल : तू यहाँ क्या कर रहा है...

म अभी अपनी सोचो से घिरा हुआ था की दी की आवाज़ ने मेरा ध्यान को भांग किया, जो की काफी सख्त थी..

अवि : होई सोना डरल....

सोनल : मेने पूछा तू यहाँ क्या कर रहा है, मेने तुझसे बोलै था की मेरी आँखों के सामने मत आना वर्ण म भूल जाउंगी की हम दोनों के बीच क्या रिस्ता था..

दी ने मेरी बात को बीच मई काट ते हुए गुस्से से बोली..

अवि : रिस्ता था से क्या मतलब है आपका...

उनकी बात को समझते हुए मेने उनसे पूछा..

सोनल : इतना नादान नहीं है तू जो इतनी सी बात समझ नहीं aati..ab निकल यहाँ से इस से पहले की म गार्ड्स को बुला कर तुझे यहाँ से धक्के मार कर निकलवा दू..

दी गुस्से से भिनभिनाते हुए boli...aur उनके चेहरे पर झलकता गुस्सा देख कर मेरी फैट रही थी..

अवि : मुझे आपसे 2 मं बात करनी है, क्या आप 2 मं के लिए अपना गुस्सा साइड नहीं रख सकती..

मेने उनकी और प्यार से देखते हुए कहा..

सोनल : देख अवि, म खुद को बहुत कण्ट्रोल कर रही हु की यहाँ कोई तमाशा न हो इसलिए चुप चाप यहाँ से निकल..

अब दी के चेहरे पर गुस्से के साथ साथ उनकी आँखों मई भी आंसू आ गए थे और मेने मौके को नजाकत को देखते हुए वह से जाना hi बेहतर समझा.. और म ऑफिस से बहार आ गया और बहार आते hi मुझे दी के ऑफिस से टूटने की आवाज़े आने लगी..

अवि : उफ्फ्फ इतना गुस्स्सा, ये इस गुस्से मई खुद का न नुकसान कर बैठे..

मेने चिंता करते हुए खुद से कहा...

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इधर फार्म हाउस पर रवि और सुनील बैठे हुए बाते कर रहे थे..

रवि : अब इस लुंड का क्या करे, रिया ने तो आने से मन कर दिया...

रवि अपने लुंड को हाथ मई लेते हुए बोलै, दरअसल वो दोनों हरामी भाई यहाँ रिया का बंद बजने आये थे लेकिन रिया ने आने से मन कर दिया क्योंकि उसे कॉलेज मई कोई काम था..

सुनील : यर मेरी भी वही हालत है जो तेरी है, साली ने आज तो खड़े लुंड पर धोका दे दिया..

सुनील ने अपने लुंड को हाथ से मसलते हुए कहा...

सुनील : यार रवि मुझे अभी चुदाई करनी है तो करनी है, मुझसे और बर्दास्त नहीं होता..

और सुनील ने कहते हुए फिरसे रिया को कॉल लगा दिया..

सुनील : hello रिया, तू आ रही है या nahi...tere डैड का सेक्स करने का बहुत मन है बीटा, प्ल्ज़्ज़ फार्म हाउस पर ाज़ा, कॉलेज का काम फिर कर लेना...

सुनील ने अपने लुंड को मरोड़ते हुए कहा..

रिया: डैड प्ल्ज़ आप समझो मुझे आज प्रोजेक्ट सबमिट करना है, आपकी वजह से म पहले hi लेट हु आज लास्ट डेट से सबमिट करने की...

सुनील : ok ठीक है..

सुनील ने दुखी होते हुए कहा..

रिया : और डैड एक बात तो बताइये, जब आप अपनी बेटी को अपने भाई से छुड़वाते हो तो अंकल भी तो शीतल को आपसे छुड़वा सकते है.. या बस रिया hi इस घर की एकमात्र लड़की है , जिसे आप जब चाहे तब अपने निचे और दुसरो के निचे लेता देते है, मेरी अपनी भी कोई प्राइवेट लाइफ है..

और रिया ने अपने मन की भड़ास निकल कर कॉल कट करदी है...

सुनील : अब इसे क्या हो gaya...wese बात तो सही बोली इसने..

सुनील ने रवि की और देखते हुए कहा..

रवि : क्या हुआ क्या बोलै रिया ने..

सुनील : रिया ने बोलै की उसे प्रोजेक्ट सबमिट करना है और बोलै की जब अंकल अपनी भतीजी को छोड़ते है तो म भी तो अपनी भतीजी को छोड़ सकता हु..

सुनील ने रवि की और एकटक देखते हुए कहा..

रवि : है तो मेने कब मन किया लेकिन शीतल मानेगी या नहीं इसका क्या पता, रिया तो पहले से hi चुदती आयी है..

सुनील : भाई देख आगाज़ फुल मजे करने है तो तुझे कुछ भी करके शीतल को अब मुझसे छुड़वाना होगा वर्ण फिर तू रिया को भी भूल जा..

और इतना बोलकर सुनील वह से निकल गया..

रवि : साला मेरा भाई कभी नहीं बदलेगा, हमेशा छूट के लिए पागल रहता है.. और ये hi क्या साली हमारी फॅमिली मई सब hi ऐसे hai...chalo देखता हु शीतल से बात करके वो क्या बोलती है अब..

रवि खुद से बाते करते हुए कहता है और शीतल को कॉल करता और उसे मिलने के लिए फार्महाउस पर बुलाता है..

-------------------

रेनू : क्या हुआ मुँह पर 12 क्यों बजे है तेरे..

माँ ने मुझे देखते हुए कहा जब म घर आया..

अवि : दी की वजह से, वो मुझसे बात करने को तैयार hi नहीं है और आज ऑफिस मई...

और मेने माँ को सब कुछ बता दिया जो आज ऑफिस मई हुआ..

रेनू : ये तो होना hi था, गुस्सा तो उसमे कूट कूट कर भरा hai..uske एम्प्लाइज का अब भगवन hi भला करे..

अवि : माँ आप मेरे बारे मई सोचने की बजाये एम्प्लाइज के बारे मई सोच रही हो..

मेने झल्लाते हुए माँ से कहा..

रेनू : चल म बात करके देखती हु उस से, मुझे शाम मई उसके पास लेकर चलना..

अवि : ok माँ

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रवि : आठ इतने दिनों बाद आखिरकार मुझे अपनी बेटी को छोड़ने का मौका मिल hi गया, कसम से जो मजा अपनी बेटी को छोड़ने मई आता है न वो किसी को छोड़ने मई नहीं आता..

रवि अपना माल निकलने के बाद शीतल के बगल मई फैलते हुए बोलै. दोनों baap-beti ने अभी फार्महाउस पर एक दुमदार चुदाई की थी..

शीतल : तो आप कह रहे है की सुनील ने आपको पहले मुझे उनसे छुड़वाने के लिए कहा है..

शीतल छत की और देखते हुए बोली..

रवि : है उसने यही कहा मुझसे..

शीतल : ok...

शीतल कुछ सोचते हुए बोली, अब क्या सोच रही मेरी रंडी बेटी...

शीतल : कुछ नहीं डैड, चलो उनकी ख्वाइश पूरी कर देते है लेकिन उनके साथ डील करके..

रवि : मतलब..

शीतल : डैड आप मतलब छोडो अब आएगी जो करना है म करती हु आप बस अपनी बेटी की प्यास भुजाइये..

और वो दोनों फिर से चुदाई मई खो गए...

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रेनू : उसको बोलो उसकी माँ आयी है...

माँ ने रामु से कहा, हम दोनों इस वक़्त दी के बंगलो के गेट पर खड़े थे..

अवि : देखा माँ, उन्होंने मेरे लिए गार्ड रखे है मुझे अंदर आने से रोकने के लिए..

मेने जस्सी और रामु की और घूरते हुए kaha..tab तक रामु ने दी को कॉल करके बता दिया..

रामु : माँ जी आप अंदर जाइये, और साब आपको अंदर आने से मन किया है..

उसने मेरी और देखते हुए कहा और ये सुनकर मेरी झांटे hi सुलग गयी..

अवि : देखा माँ अपने, अब ये कुछ ज्यादा hi हो रहा hai..maana गलती मेरी थी लेकिन मेरी भी अपनी कुछ self-respect है...

मेने भी ताव मई आते हुए बोलै.

रेनू : चल तू यही पर रुक, म आती हु उस से बात करके..

ये बोलकर माँ अंदर चली गयी..

अवि : एक बार उनका गुस्सा शांत होने दो, सबसे पहले म तुम दोनों को यहाँ से निकलवाऊंगा..

मेने जस्सी और रामु की और देखते हुए कहा और बाइक पर जाकर बेथ गया..

सोनल : माँ, किसी हो आप...

सोनल ने अपनी माँ को देखकर उनके गले से लगते हुए कहा..

रेनू : म ठीक हु, तू किसी है और ये क्या हालत बना राखी है तूने अपनी..

माँ ने दी की सूजी और लाल आँखों को देखते हुए कहा..

सोनल : कुछ नहीं mom,bas वो रात म ठीक से सो नहीं पायी तो..

दी ने माँ से नजरे चुराते हुए कहा..

रेनू : बीटा म माँ हु तुम्हारी, म देखते hi बता सकती हु की मेरे बचे किस हाल मई है समझी... और वैसे भी अवि ने मुझे सब बता दिया है..

माँ ने दी के सर पर हाथ फेरते हुए कहा. अब दोनों सोफे पर बैठे हुए थे. दी सर नीचे किये हुए बैठी थी और उनकी आँखों मई पानी था..

रेनू : सोनल, bachhe..mujhe पता है तू केसा फील कर rahi...m समझ सकती हु.. लेकिन अपने आपको दुःख देना भी तो गलत है न और तू तो मेरी बहादुर बच्ची है..

माँ ने दी के सर पर हाथ फेरते हुए कहा और तभी दी माँ को गले से लगा कर फफक कर रो पड़ी..

सोनल : माँ आप जानती हो न म अवि से कितना प्यार करती थी, मेने उसे कभी भी किसी चीज़ के लिए नहीं रोका लेकिन उसने मुझे धोका दिया.. वो प्यार के लायक hi नहीं था माँ.. उसमे और डैड मई बिलकुल भी फ़र्क़ नहीं है वो दोनों एक जैसे hi hai..usne भी मुझसे प्यार का नाटक करके अपना मतलब पूरा किया है..

सोनल रट हुए बोल रही थी और उसे ऐसे रट देख रेनू की आँखों मई भी आंसू आ गए..

रेनू : सोनल बीटा पहले तू बिलकुल चुप हो...

माँ ने दी के ानु साफ़ करते हुए कहा...

रेनू : sonal..dekho बीटा.. म मानती हु अवि ने गलती की है लेकिन ये गलती उसने जान बूझकर नहीं की है.. उसने मुझे सब बताया है.. वो बता रहा था की शीतल ने ये सब जान बूझकर किया है, वो सो रहा था और शीतल ने उसके साथ ये sab..tu समझ रही है न..

रेनू ने उसे समझते हुए कहा..

सोनल : माँ म बच्ची नहीं हु, चलो म मान लेती हु शीतल ने ये सब किया लेकिन वो किसी नींद मई था की उसे पता नहीं चला और वैसे भी वो वीडियो मई अच्छा खासा जगा हुआ दिख रहा है.. कुल मिलकर यही है की उसने मेरा सिर्फ उसे किया है, आखिर खून तो उसकी रगो मई डैड का hi है..

सोनल ने अपने आपको शांत करते हुए कहा..

रेनू : सोनल उसकी रगो मई भले hi उसके बाप का खून है लेकिन वो सुनील से बिलकुल अलग है, और इस उम्र मई लड़को को सेक्स से कुछ ज्यादा hi लगाव होता hai....aur म मानती हु की शायद तुम दोनों के रिलेशन से पहले वो भी ऐसा hi ho...lekin तुम दोनों के रिश्ते के बाद अवि बिलकुल भी वैसा नहीं रहा.

सोनल : माँ आप उसकी तरफदारी करने यहाँ आयी है..

सोनल ने खड़े होते हुए कहा..

रेनू : बीटा म किसी की तरफदारी नहीं कर रही हु, बस म नहीं चाहती के मेरी बच्चे दुःख मई ho..yaha तू पता नहीं किस हाल मई है, उधर अवि न ठीक से खाता है न पीटा है, हर वक़्त बस अपने आपको धिकर्ता रहता है..

सोनल : म ठीक हु आप फ़िक्र मत कीजिये..

सोनल ने अपनी माँ की और देखते हुए स्माइल करते हुए कहा..

रेनू : बीटा इस मुस्कराहट के पीछे की असलियत मुझे पता है, म माँ हु तेरी तो मुझे ऐसा दिखने की जरुरत नहीं है..

ये सुनकर सोनल के चेहरे पर फिर से सडनेस आ जाती है..

रेनू : देख बीटा, तुम दोनों के बीच जो भी hua...use सॉर्ट आउट तुम्हे hi करना hai...aur जिसे हम प्यार करते है, जो हमारे लिए ख़ास होता है उसे एक मौका तो जरूर देना चाहिए और म जानती हु तुम दोनों एक दूसरे के लिए क्या मायने रखते हो... अगर तुम ऐसे hi करते रहोगे तो न तो तुम ठीक से रह पाओगी और न अवि...

माँ ने दी को प्यार से समझते हुए कहा...

सोनल : म ठीक हु और बिलकुल ठीक hu..bas अपने आप पर गुस्सा आता है की मेने लाइफ मई इतनी बड़ी गलती कैसे करदी.. अपने भाई से प्यार कर बैठी... ये सोचे समझे बिना की उसके लिए माँ बहिन सब का मतलब सिर्फ अपनी सेक्स इच्छा को पूरा करना है...

सोनल : खैर छोडो माँ, म आपके लिए कॉफ़ी लाती hu..wese आपको घर केसा लगा..

दी किचन मई जाते हुए बोली..

रेनू : बहुत अच्छा है बीटा, मुझे कभी भी मेरी बेटी की काबिलियत पर शक hi नहीं था.. भगवन करे तू ऐसे hi तरक्की करते रहे और हमेशा खुश रहे.. वैसे म तेरे लिए खुश हु की तू घर से निकल आयी..

माँ ने दी की और प्यार से देखते हुए कहा और फिर वो दोनों और बाते करनी लगी..

अवि : माँ सोनल से क्या बात हुयी है आपकी..

मेने कार ड्राइव करते हुए माँ से पूछा जब हम घर जा रहे थे..

रेनू : जो तूने किया उस से वो बहुत हर्ट हुयी है मुझे नहीं लगता वो इतनी आसानी से तुझे माफ़ करेगी.. और करेगी भी या नहीं..

अवि : माँ क्या बोल रही हो आप, और आपको पता है न मेने ये सब जान बूझकर नहीं किया...

रेनू : ठीक है मानती हु की शीतल ने तेरे सोने का फायदा उठाया लेकिन निधि के साथ तो तूने अपनी मर्ज़ी से किया था न..

माँ ने मेरी और देखते हुए कहा.

अवि : लेकिन माँ आंटी के साथ मेने सेक्स नहीं किया था...

रेनू : बीटा किसी का भरोसा तोड़ने के लिए सेक्स करना जरूरी नहीं होता, अगर आप किसी के बारे मई गलत भी सोचते हो तो वो भी भरोसा तोडना hi होता है.. और तू बता अगर सोनल ऐसा करती अगर वो किसी के साथ सेक्स...

अवि : मॉम्म....

मेने गुस्से से ब्रेक लगते हुए कहा...

रेनू : क्यों बीटा गुस्सा aaya..sirf इतनी सी बात सुनकर hi...ab जरा अपनी जगह पर सोनल को रख कर देख तुझे खुद पता चल jayega...chal अब जल्दी से ड्राइव कर लेट हो गए है....

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अवि : माँ ने ठीक hi तो कहा था अगर दी की जगह म होता तो क्या म दी को माफ़ कर paata..sorry मेरी जान

आपको मुझे माफ़ तो करना hi पड़ेगा और म वादा करता हु जिसने भी ये सब किया है उसकी तो म ऐसी वाट लगाऊंगा की वो भी याद करेगा की किस से पन्गा लिया फिर चाहे वो शीतल हो या डैड..

मेने दी की फोटो देखते हुए कहा..

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शीतल : क्या हुआ ताऊजी, आप इतनी रात मई yaha...neend नहीं आ रही है...

शीतल ने सुनील को लाउन्ज मई बैठे हुए देखा तो वो वह आकर बोलती है..



सुनील : अरे जिसकी ऐसी जवान और खूबसूरत beti-bhatizi हो उसे नींद कहा से आएगी...

सुनील ने निघ्त्य के ऊपर से hi शीतल के बूब्स को घूरते हुए कहा..

शीतल : ताऊजी आप भी ना..

शीतल ने जैसे शर्माते हुए कहा...

सुनील : वैसे तेरा हस्बैंड बहुत लकी होगा जो उसे ऐसी हॉट बीवी मिलेगी..

अब सुनील फुल चांस मारने की तैयारी मई था..

शीतल : ताऊजी लकी होने के लिए हस्बैंड बनने की जरुरत नहीं है, वो लकी तो कोई भी हो सकता है..

शीतल न अपने होंटो को अपने दांतो से दबाते हुए सुनील की और गूगली फेंकी...

सुनील : तो बीटा वो लकी इंसान बनने का मौका अपने ताऊजी को भी दे ना... आखिर तुझपर तेरे ताऊ का भी ता हक़ है..

सुनील ने बेशर्मी से अपनी लुंड को अपनी पेण्ट के ऊपर से hi दबाते हुए कहा..

शीतल : ताऊजी जिसका जो हक़ है म उसे उसका हक़ देने से पीछे नहीं हैट टी, और बाकि बात आपकी काबिलियत की है की आप उस हक़ के लायक हो या नहीं..

अब शीतल ने अपने एक बूब्स को दबाते हुए कहा और ये देखकर सुनील की जैसे आँखे बहार आने को तैयार हो गयी..

सुनील : बीटा एक बार तू आज़मा के तो देख अगर तुझे तेरी नानी याद नहीं दिला दी तो कहना...

सुनील अब उठकर शीतल के पास जाकर बेथ जाता है और उसकी जांघो को सहलाने लगता है..

शीतल : ahhhh...theek है ताऊजी एक बार आपको भी आज़मा लेती हु लेकिन आपको पहले अपनी भतीजी के लिए कुछ करना पड़ेगा...

सुनील : तू एक बार बोल, तेरे लिए कुछ bhi..sunil ने थोड़ा हाथ आगे बढ़ाते हुए उसकी छूट के पर रख दिया...

शीतल : आह्हः tauji..mujhe एक बिज़नेस करना और मुझे फिनांसर की जरुरत है...

सुनील : अच्छा मेरी भतीजी बिज़नेस करना चाहती hai..theek है सारा पैसा म lagunga..bas मुझे मेरी भतीजी रोज़ मेरी बांहो मई चाहिए...

शीतल : ठीक है ताऊजी आप अपना वादा पूरा कीजिये आपकी भतीजी आपकी सेवा करने से पीछे नहीं hategi..ahhh....anhi अभी nahi...pehle कल पेपर वगैरह का काम निपटा लेते है उसके बाद आप जहा बोलेगी जैसे बोलेगे, आपकी भतीजी आपकी हर बात मानेंगी..

शीतल ने सुनील का हाथ हटते हुए कहा और वह से मुस्कुराती हुई चली गयी...
 
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