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# 15.
“आप फिलहाल अपने रूम में पहुंचिए मिस्टर अलबर्ट। क्यों कि अभी कुछ देर के लिए शिप की लाइट भी ऑफ हो गई थी। ऐसी स्थिति में शायद मिसेज अलबर्ट भी परेशान हों। मैं आपसे इस टॉपिक के बारे में बाद में बात करूंगा।“
यह कहकर सुयश, जेम्स हुक की तरफ बढ़ गया जो अब लगभग सभी कंट्रोल्स को चेक कर चुका था।
“कैप्टेन! शिप को चलाने वाले सभी मैकेनिकल यंत्र व व्हील तो सही काम कर रहे हैं।“ जेम्स हुक ने सुयश को अपनी तरफ आते देख बताना शुरु किया-
“पर शिप के सारे इलेक्ट्रानिक यंत्र, गेज, मीटर्स व ट्रांसमीटर सेट, पूरी तरह खराब हो चुके हैं। अब आप यह समझ लीजिए कि बाहरी दुनिया से फिलहाल हमारा संपर्क पूर्ण रुप से टूट चुका है। यहां तक कि हमारा दिशा सूचक यंत्र भी काम नहीं कर रहा है। इस समय तो हमें यह भी नहीं पता, कि हम किस दिशा में खड़े हैं।“
उधर रोजर व असलम को भी अब स्थिति की भयानकता का अंदाजा हो गया था। वह दोनों अभी तक, सिर झुकाए, चुपचाप खड़े हो कर बातें सुन रहे थे। सुयश ने ध्यान से जेम्स हुक की सारी बातें सुनी और फिर धीरे से एक हुंकारी भरते हुए, एक नजर रोजर व असलम पर मारी।
“सबसे पहले मैं आप लोगों को वास्तविक स्थिति से अवगत करा देना चाहता हूं।“ सुयश ने गंभीर स्वर में कहा-
“रोजर व असलम, तुम लोगों की एक छोटी सी गलती से, आज जहाज के सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में है। तुम्हें स्वयं नहीं मालूम कि तुम लो गोंने क्या किया है?“
“हम अपने किए की माफी मांगते हैं कैप्टन।“ सुयश की बातें सुनकर, रोजर ने धीरे से सिर उठाते हुए कहा-
“हम महसूस कर रहे हैं, कि हमसे वास्तव में बहुत बड़ी गलती हो गयी है, पर हम आपको यह विश्वास दिलाते हैं, कि भविष्य में फिर कभी ऐसी गलती नहीं करेंगे।“
असलम ने भी सिर उठाते हुए रोजर की हां में हां मिलायी। सुयश समझ गया कि उनको अब कुछ कहने की जरूरत नहीं है क्यों कि वह खुद ही समझ चुके हैं कि उनसे बहुत बड़ी गलती हो चुकी है।
“फिलहाल मैं तुम लोगों से इस बारे में बाद में बात करूंगा।“ सुयश ने कहा- “पहले हमारा काम शिप को, अपने वास्तविक रुट पर वापस लाना है, क्यों कि बारामूडा त्रिकोण का यह क्षेत्र, विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में गिना जाता है। और इस क्षेत्र के रिकार्ड ये कहते हैं कि आज तक जो भी जहाज इस क्षेत्र में आया है, वह वापस नहीं जा सका। इसका एक छोटा सा उदाहरण अभी आपने देखा भी है कि हमारे शिप के ऊपर से कोई उड़नतश्तरी नुमा, अजीब सा यान बहुत तेजी से निकला है। वह क्या था ? अभी इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है? पता है तो बस इतना, कि उस चीज के शिप के ऊपर से निकलते ही, हमारे सभी इलेक्ट्रॉनिक यंत्र खराब हो गए।“
“विश्व के अनसुलझे रहस्यों की यदि कोई लिस्ट बनाई जाए तो यह स्थान सबसे ऊपर रहेगा । सैकड़ों बाम्बर यान से लेकर ना जाने कितने शिप, इस रहस्यमयी क्षेत्र का शिकार बन चुके हैं। जितना मैंने इस क्षेत्र के बारे में सुना है, उसके हिसाब से इस पूरे क्षेत्र में, तीव्रतम विद्युत चुंबकीय तरंगे फैली हुई हैं, जो हर इस क्षेत्र में आने जाने वाले, शिप और यानों का संपर्क, दुनिया से काटकर, उनके पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ध्वस्त कर देती हैं। यान के यात्रियों का अपने यान पर से, इसी कारण से कंट्रोल खत्म हो जाता है और वह क्षतिग्रस्त हो जाता है। इसलिए दोस्तों इस मुसीबत की घड़ी में, हमें दूसरी अन्य समस्याओं से ध्यान हटाकर, सबसे पहले अपने शिप को इस रहस्यमई व खतरनाक क्षेत्र से निकालकर, अपने वास्तविक रूट पर लाना होगा।“
सुयश की बातें सुनकर हर आदमी तुरंत एक्शन में आ गया। उनके लिए यह विचार ही खतरनाक था, कि वह इस समय विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्र में हैं।
“कैप्टन यह कार्य पहले जितना आसान था, अब उतना ही मुश्किल है।“ रोजर ने अपनी प्रॉब्लम बताते हुए कहा-
“क्यों कि ना तो अब हमारे पास दिशा सूचक यंत्र है और ना ही ट्रांसमीटर सेट और बिना इन दोनों के, अब हम शिप को अपने वास्तविक रुट पर नहीं ला सकते।"
"इसलिए हमें सबसे पहले यह दिमाग लगाना होगा कि हमारा शिप है किस स्थिति में? क्यों कि इस समय बिना शिप की वास्तविक स्थिति जाने हुए, हम शिप को मोड़ेंगे कैसे?“
“और कैप्टेन हमारा दिशा सूचक यंत्र खराब हो जाने के कारण, हमें अपनी वास्तविक दिशा का भी ज्ञान नहीं हो पा रहा है।“ असलम ने अपने माथे पर छलक आए, हल्की पसीने की बूंदों को रुमाल से साफ करते हुए कहा-
“अगर दिन का समय होता तो सूर्य को देखकर, कुछ आइडिया लगाया भी जा सकता था। परंतु अंधेरी रात होने की वजह से तो आज चंद्रमा भी नहीं निकला है। फिर हम अपने जहाज की दिशा कैसे पता कर पायेंगे?“
“आप दिशा ज्ञान के लिए ज्यादा परेशान मत हो इए।“ सुयश ने कहा-
“क्यों कि अंधेरी रात में भी सितारों के द्वारा हमें दिशा ज्ञान हो सकता है। आकाश में जो 7 सितारों का समूह होता है। उसका आखिरी सितारा हमेशा उत्तर दिशा की ओर इशारा करता है और इस तारा मंडल की स्थिति पूरे वर्ष भर, एक ही रहती है। यानि कि इसमें कोई बदलाव नहीं होता। इसलिए आप दिशा ज्ञान को लेकर भ्रमित ना हों। अब रही शिप की इस समय की वास्तविक स्थिति के बारे में जानने की, तो आप लोगों को इसके लिए परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। मेरी अभी फ्लोरिडा के ऑफिसर से, कुछ देर पहले बात हुई थी, जिसमें उसने जहाज की वास्तविक स्थिति मुझे बताई थी।............ लारा ! जरा टेबल पर रखा, कॉपी और पेन तो उठाना।“
लारा ने तुरंत ट्रांसमीटर सेट के बगल में रखा, कॉपी और पेन उठा कर सुयश को दे दिया। सुयश ने पहले एक नजर कॉपी पर लिखे उस को आर्डीनेट्स पर मारी जो उसने स्टीफेन से सुनकर कॉपी पर लिखा था और फिर उस पर एक रेखा चित्र बनाने में व्यस्त हो गया। सभी की निगाहें अब उस कॉपी के पन्ने पर थीं, जिसमे सुयश बहुत तेजी से एक डायग्राम बना रहा था। थोड़ी देर की मेहनत के बाद सुयश ने डायग्राम पूरा कर लिया। उस डायग्राम में सुप्रीम की वास्तविक स्थिति बनी थी। जिसके बीच-बीच में, वह दूरियां और दिशा लिखी थीं, जो स्टीफेन ने कुछ देर पहले सुयश को बतायी थीं।
इतना करके सुयश कुछ देर रुका और फिर कुछ सोचकर उसने दोबारा कलम चलानी शुरु कर दी। इस बार वह कुछ कैलकुलेशन कर रहा था। थोड़ी ही देर में सुयश ने अपना काम पूरा कर लिया। काम पूरा करने के बाद, सुयश ने वह पन्ना, बीच टेबल पर इस तरह रख दिया कि वह अब सभी को दिखायी दे रहा था। रोजर सहित अब सभी की निगाह सिर्फ और सिर्फ उस पन्ने पर थी। उस पन्ने पर सुयश ने ज्यामिती का प्रयोग करके, शिप का एक डायग्राम बनाया था और त्रिकोणमिती के फार्मूले लगा कर कुछ कैलकुलेशन भी की थी। सभी की नजरें, डायग्राम की तरफ देख, सुयश ने कहना शुरु किया-
“इस डायग्राम में मैंने ‘सुप्रीम’ की वास्तविक स्थिति दिखायी है। फ्लोरिडा के द्वारा बताए गए मैसेज के अनुसार, इस समय हमारा शिप 30 डिग्री नॉर्थ ईस्ट में, 80 नॉटिकल माइल, गलत दिशा में जा चुका है। और अब हमारा शिप, अपनी वास्तविक स्थिति से 56 डिग्री पश्चिमी देशांतर रेखाओं के मध्य इस जगह पर है।“ सुयश ने पेन से पेज पर एक जगह निशान लगाते हुए कहा-
“तो फिर मेरी कैलकुलेशन के हिसाब से, अगर हम ‘सुप्रीम’ को 120 डिग्री, दाहिने मोड़ते हैं और फिर 40 नॉटिकल माइल चलकर, 90 डिग्री बायें मोड़ते हैं तो हम अपने असली रास्ते पर आ जाएंगे। और फिर वह स्थिति हमारी पिछली स्थिति से 69 नॉटिकल माइल आगे होगी।“
सभी अब तारीफ वाली नजरों से सुयश को देख रहे थे। इतना स्ट्रांग कैलकुलेशन देखकर सभी समझ गये थे कि क्यूं इतनी छोटी उम्र में सुयश को इस शिप का कैप्टेन बनाया गया था। सुयश ने एक बार फिर सब पर नजर डाली और कह उठा-
“अगर आप लोगों को इस प्लान में किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो रही हो, तो आप साफ-साफ शब्दों में मुझे बता सकते हैं। या फिर आपके पास कोई इससे भी अच्छा प्लान हो, तो आपका स्वागत है।“
सुयश की बात सुन रोजर ने वहां खड़े हर इन्सान पर एक नजर मारी और फिर सबको संतुष्ट देख, बोल उठा-
“आप का प्लान बिल्कुल पर्फेक्ट है कैप्टन। हमें इसमें कोई बदलाव नहीं करना है।“
“ओ.के. तो फिर आप लोग अब शिप को, फिलहाल प्लान के मुताबिक मोड़िये। और जब शिप अपने वास्तविक रुट पर आ जाये तो मुझे बता दीजिएगा। उसके आगे क्या करना है? ये मैं आपको बाद में बताता हूं।“
यह कहकर सुयश ने वह कॉपी रोजर को पकड़ा दी। अब सुयश, जेम्स हुक की ओर मुड़कर बोला-
“मिस्टर जेम्स हुक, आपने शिप की खराबियां पता की या नहीं ?“
“यस कैप्टेन!“ जेम्स हुक ने सुयश को जवाब दिया- “हमारे शिप के पूरे इलेक्ट्रॉनिक यंत्र खराब हो चुके हैं। हमें तेजी से वह सारे यंत्र बदलने पड़ेंगे। परंतु पूरी लाइन में खराबी आ जाने के कारण, सारे यंत्र बदलने में बहुत समय लगेगा। जहां तक मेरा अंदाजा है, कि इस क्षेत्र में एका एक तीव्र विद्युत चुंबकीय तरंगे उत्पन्न हो गई थीं। जिसके कारण हमारे सारे इलेक्ट्रॉनिक यंत्र फेल हो गए थे।“
“फेल हो गए थे से क्या मतलब है आपका ?“ असलम जो कि इतनी देर से सिर्फ बातें सुनकर माहौल का जायजा ले रहा था, बोल उठा-
“यह भी तो हो सकता है, कि इस क्षेत्र में अभी तक विद्युत चुंबकीय तरंगे फैली हों, जो कि हमारे द्वारा बदले गई यंत्रों को पुनः खराब कर दें।“
“आगे इस क्षेत्र में यदि पुनः चुंबकीय तरंगे फैल जाएं, तो वह बात अलग है। लेकिन इस बात का तो दावा है, कि इस समय हम लोग जिस क्षेत्र में हैं। वहां पर तो, विद्युत चुंबकीय तरंगे बिल्कुल नहीं हैं।“ जेम्स हुक ने अपना एक हाथ मुक्का बनाते हुए, अपने दूसरे हाथ के पंजे पर मारा-
“क्यों कि हमारी लाइट्स एक बार ऑफ हो जाने के बाद पुनः ऑन हो चुकी हैं। अगर विद्युत चुम्बकीय तरंगें अभी भी यहां होतीं तो यह सारी लाइटें फिर से खराब हो जातीं। जिससे यह पता चलता है कि यह क्षेत्र विद्युत चुंबकीय तरंगों वाला क्षेत्र नहीं है।“
“इसका सीधा सा मतलब निकलता है।“ सुयश ने गहरी सांस छोड़ते हुए कहा- “कि जो अंतरिक्ष यान, अभी-अभी हमारे सिर के ऊपर से निकला । विद्युत चुम्बकीय तरंगे जरुर उसी से निकल रही होंगी, और उसके जाते ही, पूरा क्षेत्र पुनः सामान्य हो गया।“
“मुझे भी कुछ ऐसा ही लगता है।“ जेम्स हुक ने कहा- “फिलहाल हमारे सारे इंजीनियर्स, तेजी से जहाज की खराबी को दूर करने में लगे हैं और हम आशा करते हैं कि जल्द से जल्द वह इसे दूर कर लेंगे।“
“ठीक है। जैसे ही शिप की सारी प्रॉब्लम सही हो जाए, आप मुझे खबर कर दीजिएगा।“ सुयश ने जेम्स हुक से कहा।
सभी को इंसट्रक्शन देने के बाद सुयश वहां पड़ी एक खाली कुर्सी पर बैठ गया।
जारी रहेगा …….....
“आप फिलहाल अपने रूम में पहुंचिए मिस्टर अलबर्ट। क्यों कि अभी कुछ देर के लिए शिप की लाइट भी ऑफ हो गई थी। ऐसी स्थिति में शायद मिसेज अलबर्ट भी परेशान हों। मैं आपसे इस टॉपिक के बारे में बाद में बात करूंगा।“
यह कहकर सुयश, जेम्स हुक की तरफ बढ़ गया जो अब लगभग सभी कंट्रोल्स को चेक कर चुका था।
“कैप्टेन! शिप को चलाने वाले सभी मैकेनिकल यंत्र व व्हील तो सही काम कर रहे हैं।“ जेम्स हुक ने सुयश को अपनी तरफ आते देख बताना शुरु किया-
“पर शिप के सारे इलेक्ट्रानिक यंत्र, गेज, मीटर्स व ट्रांसमीटर सेट, पूरी तरह खराब हो चुके हैं। अब आप यह समझ लीजिए कि बाहरी दुनिया से फिलहाल हमारा संपर्क पूर्ण रुप से टूट चुका है। यहां तक कि हमारा दिशा सूचक यंत्र भी काम नहीं कर रहा है। इस समय तो हमें यह भी नहीं पता, कि हम किस दिशा में खड़े हैं।“
उधर रोजर व असलम को भी अब स्थिति की भयानकता का अंदाजा हो गया था। वह दोनों अभी तक, सिर झुकाए, चुपचाप खड़े हो कर बातें सुन रहे थे। सुयश ने ध्यान से जेम्स हुक की सारी बातें सुनी और फिर धीरे से एक हुंकारी भरते हुए, एक नजर रोजर व असलम पर मारी।
“सबसे पहले मैं आप लोगों को वास्तविक स्थिति से अवगत करा देना चाहता हूं।“ सुयश ने गंभीर स्वर में कहा-
“रोजर व असलम, तुम लोगों की एक छोटी सी गलती से, आज जहाज के सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में है। तुम्हें स्वयं नहीं मालूम कि तुम लो गोंने क्या किया है?“
“हम अपने किए की माफी मांगते हैं कैप्टन।“ सुयश की बातें सुनकर, रोजर ने धीरे से सिर उठाते हुए कहा-
“हम महसूस कर रहे हैं, कि हमसे वास्तव में बहुत बड़ी गलती हो गयी है, पर हम आपको यह विश्वास दिलाते हैं, कि भविष्य में फिर कभी ऐसी गलती नहीं करेंगे।“
असलम ने भी सिर उठाते हुए रोजर की हां में हां मिलायी। सुयश समझ गया कि उनको अब कुछ कहने की जरूरत नहीं है क्यों कि वह खुद ही समझ चुके हैं कि उनसे बहुत बड़ी गलती हो चुकी है।
“फिलहाल मैं तुम लोगों से इस बारे में बाद में बात करूंगा।“ सुयश ने कहा- “पहले हमारा काम शिप को, अपने वास्तविक रुट पर वापस लाना है, क्यों कि बारामूडा त्रिकोण का यह क्षेत्र, विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में गिना जाता है। और इस क्षेत्र के रिकार्ड ये कहते हैं कि आज तक जो भी जहाज इस क्षेत्र में आया है, वह वापस नहीं जा सका। इसका एक छोटा सा उदाहरण अभी आपने देखा भी है कि हमारे शिप के ऊपर से कोई उड़नतश्तरी नुमा, अजीब सा यान बहुत तेजी से निकला है। वह क्या था ? अभी इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है? पता है तो बस इतना, कि उस चीज के शिप के ऊपर से निकलते ही, हमारे सभी इलेक्ट्रॉनिक यंत्र खराब हो गए।“
“विश्व के अनसुलझे रहस्यों की यदि कोई लिस्ट बनाई जाए तो यह स्थान सबसे ऊपर रहेगा । सैकड़ों बाम्बर यान से लेकर ना जाने कितने शिप, इस रहस्यमयी क्षेत्र का शिकार बन चुके हैं। जितना मैंने इस क्षेत्र के बारे में सुना है, उसके हिसाब से इस पूरे क्षेत्र में, तीव्रतम विद्युत चुंबकीय तरंगे फैली हुई हैं, जो हर इस क्षेत्र में आने जाने वाले, शिप और यानों का संपर्क, दुनिया से काटकर, उनके पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ध्वस्त कर देती हैं। यान के यात्रियों का अपने यान पर से, इसी कारण से कंट्रोल खत्म हो जाता है और वह क्षतिग्रस्त हो जाता है। इसलिए दोस्तों इस मुसीबत की घड़ी में, हमें दूसरी अन्य समस्याओं से ध्यान हटाकर, सबसे पहले अपने शिप को इस रहस्यमई व खतरनाक क्षेत्र से निकालकर, अपने वास्तविक रूट पर लाना होगा।“
सुयश की बातें सुनकर हर आदमी तुरंत एक्शन में आ गया। उनके लिए यह विचार ही खतरनाक था, कि वह इस समय विश्व के सबसे खतरनाक क्षेत्र में हैं।
“कैप्टन यह कार्य पहले जितना आसान था, अब उतना ही मुश्किल है।“ रोजर ने अपनी प्रॉब्लम बताते हुए कहा-
“क्यों कि ना तो अब हमारे पास दिशा सूचक यंत्र है और ना ही ट्रांसमीटर सेट और बिना इन दोनों के, अब हम शिप को अपने वास्तविक रुट पर नहीं ला सकते।"
"इसलिए हमें सबसे पहले यह दिमाग लगाना होगा कि हमारा शिप है किस स्थिति में? क्यों कि इस समय बिना शिप की वास्तविक स्थिति जाने हुए, हम शिप को मोड़ेंगे कैसे?“
“और कैप्टेन हमारा दिशा सूचक यंत्र खराब हो जाने के कारण, हमें अपनी वास्तविक दिशा का भी ज्ञान नहीं हो पा रहा है।“ असलम ने अपने माथे पर छलक आए, हल्की पसीने की बूंदों को रुमाल से साफ करते हुए कहा-
“अगर दिन का समय होता तो सूर्य को देखकर, कुछ आइडिया लगाया भी जा सकता था। परंतु अंधेरी रात होने की वजह से तो आज चंद्रमा भी नहीं निकला है। फिर हम अपने जहाज की दिशा कैसे पता कर पायेंगे?“
“आप दिशा ज्ञान के लिए ज्यादा परेशान मत हो इए।“ सुयश ने कहा-
“क्यों कि अंधेरी रात में भी सितारों के द्वारा हमें दिशा ज्ञान हो सकता है। आकाश में जो 7 सितारों का समूह होता है। उसका आखिरी सितारा हमेशा उत्तर दिशा की ओर इशारा करता है और इस तारा मंडल की स्थिति पूरे वर्ष भर, एक ही रहती है। यानि कि इसमें कोई बदलाव नहीं होता। इसलिए आप दिशा ज्ञान को लेकर भ्रमित ना हों। अब रही शिप की इस समय की वास्तविक स्थिति के बारे में जानने की, तो आप लोगों को इसके लिए परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। मेरी अभी फ्लोरिडा के ऑफिसर से, कुछ देर पहले बात हुई थी, जिसमें उसने जहाज की वास्तविक स्थिति मुझे बताई थी।............ लारा ! जरा टेबल पर रखा, कॉपी और पेन तो उठाना।“
लारा ने तुरंत ट्रांसमीटर सेट के बगल में रखा, कॉपी और पेन उठा कर सुयश को दे दिया। सुयश ने पहले एक नजर कॉपी पर लिखे उस को आर्डीनेट्स पर मारी जो उसने स्टीफेन से सुनकर कॉपी पर लिखा था और फिर उस पर एक रेखा चित्र बनाने में व्यस्त हो गया। सभी की निगाहें अब उस कॉपी के पन्ने पर थीं, जिसमे सुयश बहुत तेजी से एक डायग्राम बना रहा था। थोड़ी देर की मेहनत के बाद सुयश ने डायग्राम पूरा कर लिया। उस डायग्राम में सुप्रीम की वास्तविक स्थिति बनी थी। जिसके बीच-बीच में, वह दूरियां और दिशा लिखी थीं, जो स्टीफेन ने कुछ देर पहले सुयश को बतायी थीं।
इतना करके सुयश कुछ देर रुका और फिर कुछ सोचकर उसने दोबारा कलम चलानी शुरु कर दी। इस बार वह कुछ कैलकुलेशन कर रहा था। थोड़ी ही देर में सुयश ने अपना काम पूरा कर लिया। काम पूरा करने के बाद, सुयश ने वह पन्ना, बीच टेबल पर इस तरह रख दिया कि वह अब सभी को दिखायी दे रहा था। रोजर सहित अब सभी की निगाह सिर्फ और सिर्फ उस पन्ने पर थी। उस पन्ने पर सुयश ने ज्यामिती का प्रयोग करके, शिप का एक डायग्राम बनाया था और त्रिकोणमिती के फार्मूले लगा कर कुछ कैलकुलेशन भी की थी। सभी की नजरें, डायग्राम की तरफ देख, सुयश ने कहना शुरु किया-
“इस डायग्राम में मैंने ‘सुप्रीम’ की वास्तविक स्थिति दिखायी है। फ्लोरिडा के द्वारा बताए गए मैसेज के अनुसार, इस समय हमारा शिप 30 डिग्री नॉर्थ ईस्ट में, 80 नॉटिकल माइल, गलत दिशा में जा चुका है। और अब हमारा शिप, अपनी वास्तविक स्थिति से 56 डिग्री पश्चिमी देशांतर रेखाओं के मध्य इस जगह पर है।“ सुयश ने पेन से पेज पर एक जगह निशान लगाते हुए कहा-
“तो फिर मेरी कैलकुलेशन के हिसाब से, अगर हम ‘सुप्रीम’ को 120 डिग्री, दाहिने मोड़ते हैं और फिर 40 नॉटिकल माइल चलकर, 90 डिग्री बायें मोड़ते हैं तो हम अपने असली रास्ते पर आ जाएंगे। और फिर वह स्थिति हमारी पिछली स्थिति से 69 नॉटिकल माइल आगे होगी।“
सभी अब तारीफ वाली नजरों से सुयश को देख रहे थे। इतना स्ट्रांग कैलकुलेशन देखकर सभी समझ गये थे कि क्यूं इतनी छोटी उम्र में सुयश को इस शिप का कैप्टेन बनाया गया था। सुयश ने एक बार फिर सब पर नजर डाली और कह उठा-
“अगर आप लोगों को इस प्लान में किसी प्रकार की कोई दिक्कत हो रही हो, तो आप साफ-साफ शब्दों में मुझे बता सकते हैं। या फिर आपके पास कोई इससे भी अच्छा प्लान हो, तो आपका स्वागत है।“
सुयश की बात सुन रोजर ने वहां खड़े हर इन्सान पर एक नजर मारी और फिर सबको संतुष्ट देख, बोल उठा-
“आप का प्लान बिल्कुल पर्फेक्ट है कैप्टन। हमें इसमें कोई बदलाव नहीं करना है।“
“ओ.के. तो फिर आप लोग अब शिप को, फिलहाल प्लान के मुताबिक मोड़िये। और जब शिप अपने वास्तविक रुट पर आ जाये तो मुझे बता दीजिएगा। उसके आगे क्या करना है? ये मैं आपको बाद में बताता हूं।“
यह कहकर सुयश ने वह कॉपी रोजर को पकड़ा दी। अब सुयश, जेम्स हुक की ओर मुड़कर बोला-
“मिस्टर जेम्स हुक, आपने शिप की खराबियां पता की या नहीं ?“
“यस कैप्टेन!“ जेम्स हुक ने सुयश को जवाब दिया- “हमारे शिप के पूरे इलेक्ट्रॉनिक यंत्र खराब हो चुके हैं। हमें तेजी से वह सारे यंत्र बदलने पड़ेंगे। परंतु पूरी लाइन में खराबी आ जाने के कारण, सारे यंत्र बदलने में बहुत समय लगेगा। जहां तक मेरा अंदाजा है, कि इस क्षेत्र में एका एक तीव्र विद्युत चुंबकीय तरंगे उत्पन्न हो गई थीं। जिसके कारण हमारे सारे इलेक्ट्रॉनिक यंत्र फेल हो गए थे।“
“फेल हो गए थे से क्या मतलब है आपका ?“ असलम जो कि इतनी देर से सिर्फ बातें सुनकर माहौल का जायजा ले रहा था, बोल उठा-
“यह भी तो हो सकता है, कि इस क्षेत्र में अभी तक विद्युत चुंबकीय तरंगे फैली हों, जो कि हमारे द्वारा बदले गई यंत्रों को पुनः खराब कर दें।“
“आगे इस क्षेत्र में यदि पुनः चुंबकीय तरंगे फैल जाएं, तो वह बात अलग है। लेकिन इस बात का तो दावा है, कि इस समय हम लोग जिस क्षेत्र में हैं। वहां पर तो, विद्युत चुंबकीय तरंगे बिल्कुल नहीं हैं।“ जेम्स हुक ने अपना एक हाथ मुक्का बनाते हुए, अपने दूसरे हाथ के पंजे पर मारा-
“क्यों कि हमारी लाइट्स एक बार ऑफ हो जाने के बाद पुनः ऑन हो चुकी हैं। अगर विद्युत चुम्बकीय तरंगें अभी भी यहां होतीं तो यह सारी लाइटें फिर से खराब हो जातीं। जिससे यह पता चलता है कि यह क्षेत्र विद्युत चुंबकीय तरंगों वाला क्षेत्र नहीं है।“
“इसका सीधा सा मतलब निकलता है।“ सुयश ने गहरी सांस छोड़ते हुए कहा- “कि जो अंतरिक्ष यान, अभी-अभी हमारे सिर के ऊपर से निकला । विद्युत चुम्बकीय तरंगे जरुर उसी से निकल रही होंगी, और उसके जाते ही, पूरा क्षेत्र पुनः सामान्य हो गया।“
“मुझे भी कुछ ऐसा ही लगता है।“ जेम्स हुक ने कहा- “फिलहाल हमारे सारे इंजीनियर्स, तेजी से जहाज की खराबी को दूर करने में लगे हैं और हम आशा करते हैं कि जल्द से जल्द वह इसे दूर कर लेंगे।“
“ठीक है। जैसे ही शिप की सारी प्रॉब्लम सही हो जाए, आप मुझे खबर कर दीजिएगा।“ सुयश ने जेम्स हुक से कहा।
सभी को इंसट्रक्शन देने के बाद सुयश वहां पड़ी एक खाली कुर्सी पर बैठ गया।
जारी रहेगा …….....