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ये वही वक़्त था जब देव को खतरे का आभास हुआ था. क्यों की इधर पूनम कुछ पालो के लिए बेचैन जो हुई थी उसी बेचैनी के अहसास ने देव का ध्यान खिंच लिया था और देव सहित सभी उस पोर्टल में घुसे थे लेकिन जब वो निकले तो इसे पिपासु मि बदकिस्मती hi कहेगे की वो सब ठीक पिपासु के पीछे निकले जिन्हे पिपासु ने तो नहीं देखा लेकिन पूनम ने देख लिया था.
पूनम मुस्क्रत के - काश तू मुझसे hi लड़ता रहता तो शायद तू जिन्दा भी बच सकता था पिपासु. किन्तु अब तेरी मौत को स्वव्य्म तेरा भगवन भी नहीं रोक सकता क्यों की तूने इस लड़की को नहीं अपनी मौत को अपने सीने से लगाया हुआ है. जरा पलट कर देख.
पिपासु - तू मुझे बेवकूफ समझती है मए पलटूगा तो तू मुझ पर हमला कर देगी. मए नहीं पलटने वाला चल अपनी शक्तिया इस बोतल में दाल और आजा मेरे पास मेरी रहा…………….
तभी उसका वो हाथ जिस से उसने नीलम की गार्डन पकड़ी थी काट कर उसके जिसमे से अलग हो गया जो देव ने किया अपनी तलवार से और रूद्र ने पिपासु के गले में अपनी बाजुओं का फंदा लपेट के तेजी से ऊपर , ऊपर , और ऊपर उठता चला गया आसमान में. और हर पल अपनी गिरफ्त को कसता चला गया.
रूद्र – बहनचोद मेरी नीलम को छुआ तूने तेरी माँ को छोड़ू सेल एक बार तेरी माँ के भोसड़े में अपना लुंड दाल दुगा न तो तेरे जैसे वो रोज जानेगी. समझा और पैदा करती hi रहेगी जब तक जिन्दा रहेगी और तेरे जैसो को पैदा करते करते hi मर जाएगी फिर भी उसके भोसड़े में मेरा पानी ख़तम नहीं होगा. मादरचोद तूने छुआ कैसे मेरी नीलम को तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हम पर हमला करने की. बोल सेल गन्दी नेल के कीड़े.
पिपासु सिर्फ छटपटा रहा था. वो कुछ बोल hi नहीं पा रहा था.
तभी वह देव की आवाज़ गूंजती है – रूद्र नीचे ला इसे ये मरना नहीं चाहिए.
रूद्र – देव मए इसकी जान निकलने का बाद hi नीचे आउगा. इसने नीलम को छुआ है इसे जिन्दा तो अब ये धरती देखना नसीब नहीं होगा. इसीलिए मुझे मत रोक.
देव – मेरे भाई इसे इतनी आसान मौत देगा तू? बस इतनी सी सजा है क्या इसकी? नीचे ला इसे मए बताउगा हम पर हाथ डालने की सजा. हमारे साथियो के जिस्मो पे लगने वाली हर खरोच की सजा इसे मिलेगी. और नीलम पर हाथ डालने की सजा तो इसे मौत से भी भयानक दुगा मए. आजा नीचे आजा मेरे भाई.
रूद्र - उसकी गार्डन को दबोचे हुए hi नीचे की तरफ आता है लेकिन पिपासु को बहोत ऊपर से hi वो नीचे छोड़ देता है जो सीधा आकर देव के पैरो के पास गिरता है. उसकी हालत इस वक़्त बहोत ख़राब हो चुकी थी.
देव – पिपासु हमारी न तुमसे कोई दुश्मनी थी न hi तेरे पिशाचराज से फिर तुम लोगो ने हमारे खिलाफ खड़े होने का फैसला क्यों किया?
पिपासु – अघोरी के कहने पर वो इस जंगल में बैठा तुम सब की मौत का इंतज़ार कर रहा है. उसी के कहने पर पिशाचराज ने तुम लोगो को मरने के लिए मुझे भेजा था. मए तो मरुँगा hi लेकिन बचोगे तुम लोग भी नहीं मए तो कुछ नहीं हु लेकिन तुम लोग पिशाचराज को नहीं जानते. अब तक उनसे तुम लोगो की कोई जाती दुश्मनी नहीं थी मुझे मारते hi तुम लोग उनके सीधे दुश्मन बन जाओगे इसीलिए उनके क्रोध से बचना चाहते हो तो मुझे जाने दो मए उनसे बात कर के मन लगा वो तुम लोगो को कुछ नहीं कहेगा.
तभी रूद्र ने उसकी पीठ पे जमा के लात मरी जिससे वो औंधे मुँह गिरा. तो रूद्र ने उसकी गांड पे फिर से लात मर दी
रूद्र - उठ सेल पूतना की औलाद. अबे हम डरते है तेरे उस खून चूसने वाले खटमल राजा से? वो हमारा सीधा दुश्मन बन जायेगा बोल के डरा रहा है हमें? सेल वो सीधा हमारा दुश्मन नहीं बनेगा सीढ़ी अपनी मौत चुनेगा समझा और वो कल का आता आज आ जाये, यहाँ घंटा फरक नहीं पड़ता. और तू सेल इस जनम में तो क्या आने वाले 70 जनम भी सोचेगा न तो हमारी हैसियत का अंदाज़ा भी न लगा पायेगा समझा. वो अघोरी, मन के चुटिया है लेकिन बेवकूफ वो भी नहीं जरा सोच अगर हमारा मुकाबला इतना hi आसान होता तो वो खुद न मार देता बे, तुम लोगो के पास क्यों आता नाक रगड़ता हुआ मदद की भीख मांगने? उसकी खुद की शक्तिया काम है क्या? सेल कुछ तो अकाल लगनी थी बस मुँह उठाये चले आये जैसे हम कोई बकरी के बच्चे है के जाकर हमारा खून चूस के आ जायेगा. तेरी मौत से तेरे राजा को गुस्सा नहीं बल्कि अकाल आएगी और जरा सी भी आयी न तो वो हम से दूर hi रहेगा. समझा.
देव – रूद्र की साडी बाटे सही है लेकिन फिर भी तू घबरा मत हम तुझे मरेंगे नहीं उल्टा तुझे जिन्दा छोड़ेगे, ताकि तुझे तेरा वो पिशाचराज hi मार सके. मए शर्त लगता हु के तुझे वो अपने हाथो से मरेगा. जिसकी तू अभी यहाँ ढींगे हेंक रहा थान ा वो खुद तुझे मौत देगा और तेरी लाश पे थूक के चला जायेगा.
रूद्र – ये क्या देव तू इसे जिन्दा छोड़ेगा. इसे जिसने हमारी गैर मौजूदगी में हमारे साथियो की जान लेनी चाही?
देव – है तो क्या हुआ बे, हमले योद्धाओ पे hi होते है और ये जरूरी तो नहीं के हर जंग में हम इनके साथ हो ऐसी छोटी मोती लड़ाइयों से इनकी ताक़त काम नहीं होगी बल्कि इनके हौसले बढ़ेंगे hi. तू चिंता मत लार. और रही बात इसकी सजा की तो इसे सजा हम नहीं हमारे साथी hi देंगे क्युकी इसने हमला इनपर किया है न. तो हम कहे को इन के मटर में पड़े. ये खुद संभल सकते है.
इतना कह कर देव हाथ बांध के साइड में खड़ा हो गया और रूद्र को भी इशारे से पास बुला लिया रूद्र कंफ्यूज सा उसके बाजु में जेक खड़ा हो गया. पर उसका मन बेचैन जरूर था.
तभी वह नीलम आती है जिसके हाथ में एक बहोत भरी और बड़ी तलवार थी नीलम बिना कोई बात किये पिपासु का बचा हुआ हाथ भी काट देती है. और दूसरा वार उसके जांघ पे करती है पिपासु किसी हलाल होते बकरे की तरह चिल्लाने लगता है. उसकी ऐसी चीखे सुनके रूद्र उछाल के अपनी सोच से बहार निकला और सामने का नजारा देख के खुश हो गया.
तभी गुरुम आगे आकर उसे बालो से पकड़ कर खड़ा करता है और नीलम से तलवार लेकर बाये से दये और दये से बाये तेजी से वार करता है जिससे उसके कंधे से कमर टेक क गहरा क्ष बन जाता है उसकी छाती और पेट काट चुक्का था जिससे भल भला के खून की नदिया बहने लगी तभी पूनम वो तलवार लेकर तेजी से वॉर करती है उसके मुँह पे जिससे वो तलवार उसके जबड़े की खाल को चीरती हुई निकल जाती है उसका आधा जबड़ा लटक जाता है, इससे पहले की पिपासु सम्भले रजनी आगे आकर अपना खंजर उसकी एक आंख में घोप देती है पिपासु की हालत बुरी हो चली थी के तभी नागार्जुन अपनी तलवार से उसकी पीठ पे वार करता है. और उसकी पीठ को चीयर देता है.
देव – बस बहोत हुआ खेल. सबने हाथ साफ कर दिया न अब जाने दे इसे गुरुम, सरे रस्ते खोल दे. लेकिन पहले इन सैनिको की लाशे गायब कर.
गुरुम साडी लाशे एक सेकंड में गायब करता है और सरे रस्ते खोल देता है. पिपासु वह से रेंगता हुआ निकल जाता है.
रूद्र – देव उसे जिन्दा छोड़ के गलती तो नहीं कर रहे है अभी भी वक़्त है तू कहे तो इसे ख़तम कर दू.
देव – नहीं रे इसकी सजा इसे खुद इसका राजा देगा क्युकी अघोरी तो इसे लत मर के भगा देगा. और पिशाचराज इसकी नाकामी बर्दाश्त नहीं करेगा. और रही बात हमारी तो हम बैठे बिठाये महँ बन जायेगे उस पिशाचराज के सामने क्यों की हम चाहते तो पिपासु को मर सकते थे लेकिन हमने उसे जिन्दा छोड़ा. और वैसे भी जिस तलवार से उस पर हमले हुए उसके घाव कभी नहीं भरते पिशाचराज ने उसे न भी मारा तो वो ेडिया रगड़ रगड़ के खुद hi मर जायेगा और वो भी बहोत बुरी मौत. ये मन लो के हमने उसे जिंदगी नहीं दी बल्कि मौत से बदतर जिंदगी दी है. मौत तो इसकी मुक्ति हो जाती न पगले. और नीलम पे हाथ डालने वाले को भला मए मुक्त होने दे सकता हु क्या?
रूद्र - सही बोलै पर यार ये अघोरी कुछ ज्यादा नहीं फुदक रहा क्या ? चल न इसे मार के किस्सा hi ख़तम कर्त्रे है. अब तो हमारे पास रीज़न भी है.
देव – नहीं फुदक नहीं रहा अपना पाप का घड़ा भर रहा है. और क्या रीज़न देगा तू. के इसने हमला करवाया? जानते तो सब है लेकिन मानेगा कोई नहीं ऊपर वाली शक्तिया हम पर hi सवाल करेगी फ़कीर बाबा ने कहा था न के काम ऐसे करना की कोई सवाल न उठे.
रूद्र – ये फ़कीर बाबा भी न . इस बार मिलुंगा तो उनसे इस मटर पे जरूर बात करुगा यार बहोत परेशां कर रहा है ये चुटिया अघोरी.
तभी देव ऊपर देखता है तो उसे वह प्राण और प्रेतराज खड़े नजर आते है
देव – पूनम तुम सब लोग घर जाओ और आराम करो हम अपना काम अधूरा छोड़ के आये थे. हमें अभी जाना होगा.
पूनम – ठीक है जी आप लोग जाइये. कल मिलते है.
उधर रूद्र और नीलम सबको अनदेखा कर के गले मिले हुए थे.
देव – चल बे जहा देख वही शुरू हो जाता है और नीलम तू तो कुछ सबर कर.
नीलम शर्मा जाती है और रूद्र की बहो से निकल के पूनम के पास आकर कड़ी हो जाती है.
रूद्र – क्या भाई तू भी न . वो तो तू भाभी के साथ लगा हुआ था तो मैने सोचा के……
शलाका - है …..है… तुमने सोचा के तुम भी मौके पे चौका मर दो. सब एक जैसे hi हो?
नागार्जुन - सब एक जैसे मतलब मैने तो कुछ नहीं किया….
नागार्जुन की बात पे सब हंस दिए. और फिर सभी वह से घर को चले गए इधर देव फिर से पोर्टल खोल देता है तो रूद्र , देव और शलाका के साथ प्राण और प्रेतराज भी फिर से पोर्टल में प्रवेश कर जाते है और निकलते है सीधा मुंबई के उसी महल में.
प्रेतराज- वो सब क्या था देव?
देव – वो हमला हुआ था हमारे साथियो पर, पिशाचराज ने किया था.
प्राण - आपकी पिशाचराज से क्या दुश्मनी?
रूद्र – दुश्मनी हमारी पिशाचराज से नहीं बल्कि उसी अघोरी से है और उसी ने पिशाचराज को लालच देकर अपने साथ मिलाया और हमारे साथियो पर हमला करवाया क्यों के वो जनता था हम लोग आस पास नहीं है उसने सोचा होगा के अगर हमला सफल हो गया तो हमारी आधी ताक़त ख़तम हो जाएगी और वो आधी लड़ाई तो बिना लाडे hi हमसे जीत लेगा. और अगर हमला सफल नहीं हुआ तो भी उसका कुछ नहीं जायेगा. क्यों की वो खुद इस हमले से बहार hi था.
प्रेतराज – हम्म्म मतलब ये अघोरी जरुरत से ज्यादा hi शातिर है.
देव – छोड़िये प्रेतराज हम लोग अपनी बात करते है. तो आप इस बोतल के रहस्य की बात कर रहे थे कुछ.
प्रेतराज - है देव हम यही कह रहे थे के मुझे जो आदेश मिला था वो मैने पूरा कर दिया है अब इससे आगे का अधिकार मेरे पास नहीं है. इसके बारे में आगे आपको पता चल जायेगा.
देव – ठीक है प्रेतराज अगर ऐसी बात है तो मए आपको मजबूर नहीं करुगा. और आपने जो ये मुझ तक पहुंचाया और इसमें आपको जितना कष्ट सहना पड़ा उसके लिए मए आप दोनों का सदैव आभारी रहुगा. आप दोनों का बहोत बहोत धन्यवाद.
प्रेतराज – ये तो हमारा सौभाग्य है देव के हमें ऊपरी ताक़तों ने इस काबिल समझा. और हमें ये कार्य सौंपा. लेकिन हमारा कार्य यही समाप्त नहीं होता देव.
देव – मए समझा नहीं प्रेतराज?
प्रेतराज – देव आपकी जुंग कोई मामूली नहीं है इसीलिए इसमें हमें भी आपके साथ रहने का आदेश मिला है और अब से हम आपके साथ है, बल्कि हमारी बेटी प्राण तो अब आप लोगो के hi साथ रहेगी जब तक आप चाहोगे. या जब तक ये जुंग पूरी नहीं हो जाती. यही आदेश है. इसके साथ hi जिस वक़्त भी आपको हमारी जरुरत होगी हम स्वयं अपनी पूरी सेना के साथ आप के बराबर में खड़े मिलेंगे.
देव – ये तो चमत्कार hi हो गया प्रेतराज आप सबका साथ हमें मिला इससे बड़ी ख़ुशी तो कोई हो hi नहीं सकती. आपका बहोत बहोत धन्यवाद्.
प्रेतराज - देव हम आपसे कुछ और भी कहना चाहते है.
देव – कहिये प्रेतराज?
प्रेतराज – देव हम नहीं जानते के जो हम कहने जा रहे है उसके बारे में आप कितना जानते है. बात ये है के ये जुंग सिर्फ अघोरी तक hi सिमित नहीं है ये तो आप जानते hi है उसके ऊपर भी कोई है और हम भले hi अभी आपसे दूर रहेंगे लेकिन हम अपनी पूरी कोशिश सिर्फ अघोरी के ऊपर कौन है ये जानने में लगाएंगे और अपने गुप्तचर भी. क्यों की हमारा काम यही से शुरू होता है इससे पहले हमें इस मामले में आगे बढ़ने की इजाजत नहीं थी वार्ना ये प्रयास भी हम पहले से करते. आपके पास अब साथियो की या तावतो की कमी नहीं है लेकिन वो सब आप यहाँ हो रही समस्याओ में लगा रहे है अभी आप लोग यही पे उलझे हुए है इसीलिए अघोरी से आगे क्या आहे इस पर आप काम नहीं कर पाएंगे. तो ये कार्य हमें सौपा गया है.
देव – ये तो बहोत अच्छी बात है प्रेतराज. आपको जैसे hi कुछ पता चलता है आप हमें बता दीजियेगा. हलाकि फ़कीर बाबा भी इसी प्रयास में है. लेकिन उन्हें खुद को भी छुपा कर रखना पद रहा है तो वो खुल कर उस ऊपरी ताक़त को धुंध नहीं प् रहे है. पर आप पर ये नियम लागू नहीं है शायद इसीलिए हमारी सहायक ऊपरी ताक़तों ने आपको इस कार्य के लिए चुना है मए आपके साथ साथ उनका भी दिल से धन्यवाद करता हु.
प्रेतराज – अब हमें चलना होगा देव. हमें इजाजत दीजिये.
देव – ठीक है प्रेतराज जल्द hi फिर मिलेंगे.
ये वही वक़्त था जब देव को खतरे का आभास हुआ था. क्यों की इधर पूनम कुछ पालो के लिए बेचैन जो हुई थी उसी बेचैनी के अहसास ने देव का ध्यान खिंच लिया था और देव सहित सभी उस पोर्टल में घुसे थे लेकिन जब वो निकले तो इसे पिपासु मि बदकिस्मती hi कहेगे की वो सब ठीक पिपासु के पीछे निकले जिन्हे पिपासु ने तो नहीं देखा लेकिन पूनम ने देख लिया था.
पूनम मुस्क्रत के - काश तू मुझसे hi लड़ता रहता तो शायद तू जिन्दा भी बच सकता था पिपासु. किन्तु अब तेरी मौत को स्वव्य्म तेरा भगवन भी नहीं रोक सकता क्यों की तूने इस लड़की को नहीं अपनी मौत को अपने सीने से लगाया हुआ है. जरा पलट कर देख.
पिपासु - तू मुझे बेवकूफ समझती है मए पलटूगा तो तू मुझ पर हमला कर देगी. मए नहीं पलटने वाला चल अपनी शक्तिया इस बोतल में दाल और आजा मेरे पास मेरी रहा…………….
तभी उसका वो हाथ जिस से उसने नीलम की गार्डन पकड़ी थी काट कर उसके जिसमे से अलग हो गया जो देव ने किया अपनी तलवार से और रूद्र ने पिपासु के गले में अपनी बाजुओं का फंदा लपेट के तेजी से ऊपर , ऊपर , और ऊपर उठता चला गया आसमान में. और हर पल अपनी गिरफ्त को कसता चला गया.
रूद्र – बहनचोद मेरी नीलम को छुआ तूने तेरी माँ को छोड़ू सेल एक बार तेरी माँ के भोसड़े में अपना लुंड दाल दुगा न तो तेरे जैसे वो रोज जानेगी. समझा और पैदा करती hi रहेगी जब तक जिन्दा रहेगी और तेरे जैसो को पैदा करते करते hi मर जाएगी फिर भी उसके भोसड़े में मेरा पानी ख़तम नहीं होगा. मादरचोद तूने छुआ कैसे मेरी नीलम को तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हम पर हमला करने की. बोल सेल गन्दी नेल के कीड़े.
पिपासु सिर्फ छटपटा रहा था. वो कुछ बोल hi नहीं पा रहा था.
तभी वह देव की आवाज़ गूंजती है – रूद्र नीचे ला इसे ये मरना नहीं चाहिए.
रूद्र – देव मए इसकी जान निकलने का बाद hi नीचे आउगा. इसने नीलम को छुआ है इसे जिन्दा तो अब ये धरती देखना नसीब नहीं होगा. इसीलिए मुझे मत रोक.
देव – मेरे भाई इसे इतनी आसान मौत देगा तू? बस इतनी सी सजा है क्या इसकी? नीचे ला इसे मए बताउगा हम पर हाथ डालने की सजा. हमारे साथियो के जिस्मो पे लगने वाली हर खरोच की सजा इसे मिलेगी. और नीलम पर हाथ डालने की सजा तो इसे मौत से भी भयानक दुगा मए. आजा नीचे आजा मेरे भाई.
रूद्र - उसकी गार्डन को दबोचे हुए hi नीचे की तरफ आता है लेकिन पिपासु को बहोत ऊपर से hi वो नीचे छोड़ देता है जो सीधा आकर देव के पैरो के पास गिरता है. उसकी हालत इस वक़्त बहोत ख़राब हो चुकी थी.
देव – पिपासु हमारी न तुमसे कोई दुश्मनी थी न hi तेरे पिशाचराज से फिर तुम लोगो ने हमारे खिलाफ खड़े होने का फैसला क्यों किया?
पिपासु – अघोरी के कहने पर वो इस जंगल में बैठा तुम सब की मौत का इंतज़ार कर रहा है. उसी के कहने पर पिशाचराज ने तुम लोगो को मरने के लिए मुझे भेजा था. मए तो मरुँगा hi लेकिन बचोगे तुम लोग भी नहीं मए तो कुछ नहीं हु लेकिन तुम लोग पिशाचराज को नहीं जानते. अब तक उनसे तुम लोगो की कोई जाती दुश्मनी नहीं थी मुझे मारते hi तुम लोग उनके सीधे दुश्मन बन जाओगे इसीलिए उनके क्रोध से बचना चाहते हो तो मुझे जाने दो मए उनसे बात कर के मन लगा वो तुम लोगो को कुछ नहीं कहेगा.
तभी रूद्र ने उसकी पीठ पे जमा के लात मरी जिससे वो औंधे मुँह गिरा. तो रूद्र ने उसकी गांड पे फिर से लात मर दी
रूद्र - उठ सेल पूतना की औलाद. अबे हम डरते है तेरे उस खून चूसने वाले खटमल राजा से? वो हमारा सीधा दुश्मन बन जायेगा बोल के डरा रहा है हमें? सेल वो सीधा हमारा दुश्मन नहीं बनेगा सीढ़ी अपनी मौत चुनेगा समझा और वो कल का आता आज आ जाये, यहाँ घंटा फरक नहीं पड़ता. और तू सेल इस जनम में तो क्या आने वाले 70 जनम भी सोचेगा न तो हमारी हैसियत का अंदाज़ा भी न लगा पायेगा समझा. वो अघोरी, मन के चुटिया है लेकिन बेवकूफ वो भी नहीं जरा सोच अगर हमारा मुकाबला इतना hi आसान होता तो वो खुद न मार देता बे, तुम लोगो के पास क्यों आता नाक रगड़ता हुआ मदद की भीख मांगने? उसकी खुद की शक्तिया काम है क्या? सेल कुछ तो अकाल लगनी थी बस मुँह उठाये चले आये जैसे हम कोई बकरी के बच्चे है के जाकर हमारा खून चूस के आ जायेगा. तेरी मौत से तेरे राजा को गुस्सा नहीं बल्कि अकाल आएगी और जरा सी भी आयी न तो वो हम से दूर hi रहेगा. समझा.
देव – रूद्र की साडी बाटे सही है लेकिन फिर भी तू घबरा मत हम तुझे मरेंगे नहीं उल्टा तुझे जिन्दा छोड़ेगे, ताकि तुझे तेरा वो पिशाचराज hi मार सके. मए शर्त लगता हु के तुझे वो अपने हाथो से मरेगा. जिसकी तू अभी यहाँ ढींगे हेंक रहा थान ा वो खुद तुझे मौत देगा और तेरी लाश पे थूक के चला जायेगा.
रूद्र – ये क्या देव तू इसे जिन्दा छोड़ेगा. इसे जिसने हमारी गैर मौजूदगी में हमारे साथियो की जान लेनी चाही?
देव – है तो क्या हुआ बे, हमले योद्धाओ पे hi होते है और ये जरूरी तो नहीं के हर जंग में हम इनके साथ हो ऐसी छोटी मोती लड़ाइयों से इनकी ताक़त काम नहीं होगी बल्कि इनके हौसले बढ़ेंगे hi. तू चिंता मत लार. और रही बात इसकी सजा की तो इसे सजा हम नहीं हमारे साथी hi देंगे क्युकी इसने हमला इनपर किया है न. तो हम कहे को इन के मटर में पड़े. ये खुद संभल सकते है.
इतना कह कर देव हाथ बांध के साइड में खड़ा हो गया और रूद्र को भी इशारे से पास बुला लिया रूद्र कंफ्यूज सा उसके बाजु में जेक खड़ा हो गया. पर उसका मन बेचैन जरूर था.
तभी वह नीलम आती है जिसके हाथ में एक बहोत भरी और बड़ी तलवार थी नीलम बिना कोई बात किये पिपासु का बचा हुआ हाथ भी काट देती है. और दूसरा वार उसके जांघ पे करती है पिपासु किसी हलाल होते बकरे की तरह चिल्लाने लगता है. उसकी ऐसी चीखे सुनके रूद्र उछाल के अपनी सोच से बहार निकला और सामने का नजारा देख के खुश हो गया.
तभी गुरुम आगे आकर उसे बालो से पकड़ कर खड़ा करता है और नीलम से तलवार लेकर बाये से दये और दये से बाये तेजी से वार करता है जिससे उसके कंधे से कमर टेक क गहरा क्ष बन जाता है उसकी छाती और पेट काट चुक्का था जिससे भल भला के खून की नदिया बहने लगी तभी पूनम वो तलवार लेकर तेजी से वॉर करती है उसके मुँह पे जिससे वो तलवार उसके जबड़े की खाल को चीरती हुई निकल जाती है उसका आधा जबड़ा लटक जाता है, इससे पहले की पिपासु सम्भले रजनी आगे आकर अपना खंजर उसकी एक आंख में घोप देती है पिपासु की हालत बुरी हो चली थी के तभी नागार्जुन अपनी तलवार से उसकी पीठ पे वार करता है. और उसकी पीठ को चीयर देता है.
देव – बस बहोत हुआ खेल. सबने हाथ साफ कर दिया न अब जाने दे इसे गुरुम, सरे रस्ते खोल दे. लेकिन पहले इन सैनिको की लाशे गायब कर.
गुरुम साडी लाशे एक सेकंड में गायब करता है और सरे रस्ते खोल देता है. पिपासु वह से रेंगता हुआ निकल जाता है.
रूद्र – देव उसे जिन्दा छोड़ के गलती तो नहीं कर रहे है अभी भी वक़्त है तू कहे तो इसे ख़तम कर दू.
देव – नहीं रे इसकी सजा इसे खुद इसका राजा देगा क्युकी अघोरी तो इसे लत मर के भगा देगा. और पिशाचराज इसकी नाकामी बर्दाश्त नहीं करेगा. और रही बात हमारी तो हम बैठे बिठाये महँ बन जायेगे उस पिशाचराज के सामने क्यों की हम चाहते तो पिपासु को मर सकते थे लेकिन हमने उसे जिन्दा छोड़ा. और वैसे भी जिस तलवार से उस पर हमले हुए उसके घाव कभी नहीं भरते पिशाचराज ने उसे न भी मारा तो वो ेडिया रगड़ रगड़ के खुद hi मर जायेगा और वो भी बहोत बुरी मौत. ये मन लो के हमने उसे जिंदगी नहीं दी बल्कि मौत से बदतर जिंदगी दी है. मौत तो इसकी मुक्ति हो जाती न पगले. और नीलम पे हाथ डालने वाले को भला मए मुक्त होने दे सकता हु क्या?
रूद्र - सही बोलै पर यार ये अघोरी कुछ ज्यादा नहीं फुदक रहा क्या ? चल न इसे मार के किस्सा hi ख़तम कर्त्रे है. अब तो हमारे पास रीज़न भी है.
देव – नहीं फुदक नहीं रहा अपना पाप का घड़ा भर रहा है. और क्या रीज़न देगा तू. के इसने हमला करवाया? जानते तो सब है लेकिन मानेगा कोई नहीं ऊपर वाली शक्तिया हम पर hi सवाल करेगी फ़कीर बाबा ने कहा था न के काम ऐसे करना की कोई सवाल न उठे.
रूद्र – ये फ़कीर बाबा भी न . इस बार मिलुंगा तो उनसे इस मटर पे जरूर बात करुगा यार बहोत परेशां कर रहा है ये चुटिया अघोरी.
तभी देव ऊपर देखता है तो उसे वह प्राण और प्रेतराज खड़े नजर आते है
देव – पूनम तुम सब लोग घर जाओ और आराम करो हम अपना काम अधूरा छोड़ के आये थे. हमें अभी जाना होगा.
पूनम – ठीक है जी आप लोग जाइये. कल मिलते है.
उधर रूद्र और नीलम सबको अनदेखा कर के गले मिले हुए थे.
देव – चल बे जहा देख वही शुरू हो जाता है और नीलम तू तो कुछ सबर कर.
नीलम शर्मा जाती है और रूद्र की बहो से निकल के पूनम के पास आकर कड़ी हो जाती है.
रूद्र – क्या भाई तू भी न . वो तो तू भाभी के साथ लगा हुआ था तो मैने सोचा के……
शलाका - है …..है… तुमने सोचा के तुम भी मौके पे चौका मर दो. सब एक जैसे hi हो?
नागार्जुन - सब एक जैसे मतलब मैने तो कुछ नहीं किया….
नागार्जुन की बात पे सब हंस दिए. और फिर सभी वह से घर को चले गए इधर देव फिर से पोर्टल खोल देता है तो रूद्र , देव और शलाका के साथ प्राण और प्रेतराज भी फिर से पोर्टल में प्रवेश कर जाते है और निकलते है सीधा मुंबई के उसी महल में.
प्रेतराज- वो सब क्या था देव?
देव – वो हमला हुआ था हमारे साथियो पर, पिशाचराज ने किया था.
प्राण - आपकी पिशाचराज से क्या दुश्मनी?
रूद्र – दुश्मनी हमारी पिशाचराज से नहीं बल्कि उसी अघोरी से है और उसी ने पिशाचराज को लालच देकर अपने साथ मिलाया और हमारे साथियो पर हमला करवाया क्यों के वो जनता था हम लोग आस पास नहीं है उसने सोचा होगा के अगर हमला सफल हो गया तो हमारी आधी ताक़त ख़तम हो जाएगी और वो आधी लड़ाई तो बिना लाडे hi हमसे जीत लेगा. और अगर हमला सफल नहीं हुआ तो भी उसका कुछ नहीं जायेगा. क्यों की वो खुद इस हमले से बहार hi था.
प्रेतराज – हम्म्म मतलब ये अघोरी जरुरत से ज्यादा hi शातिर है.
देव – छोड़िये प्रेतराज हम लोग अपनी बात करते है. तो आप इस बोतल के रहस्य की बात कर रहे थे कुछ.
प्रेतराज - है देव हम यही कह रहे थे के मुझे जो आदेश मिला था वो मैने पूरा कर दिया है अब इससे आगे का अधिकार मेरे पास नहीं है. इसके बारे में आगे आपको पता चल जायेगा.
देव – ठीक है प्रेतराज अगर ऐसी बात है तो मए आपको मजबूर नहीं करुगा. और आपने जो ये मुझ तक पहुंचाया और इसमें आपको जितना कष्ट सहना पड़ा उसके लिए मए आप दोनों का सदैव आभारी रहुगा. आप दोनों का बहोत बहोत धन्यवाद.
प्रेतराज – ये तो हमारा सौभाग्य है देव के हमें ऊपरी ताक़तों ने इस काबिल समझा. और हमें ये कार्य सौंपा. लेकिन हमारा कार्य यही समाप्त नहीं होता देव.
देव – मए समझा नहीं प्रेतराज?
प्रेतराज – देव आपकी जुंग कोई मामूली नहीं है इसीलिए इसमें हमें भी आपके साथ रहने का आदेश मिला है और अब से हम आपके साथ है, बल्कि हमारी बेटी प्राण तो अब आप लोगो के hi साथ रहेगी जब तक आप चाहोगे. या जब तक ये जुंग पूरी नहीं हो जाती. यही आदेश है. इसके साथ hi जिस वक़्त भी आपको हमारी जरुरत होगी हम स्वयं अपनी पूरी सेना के साथ आप के बराबर में खड़े मिलेंगे.
देव – ये तो चमत्कार hi हो गया प्रेतराज आप सबका साथ हमें मिला इससे बड़ी ख़ुशी तो कोई हो hi नहीं सकती. आपका बहोत बहोत धन्यवाद्.
प्रेतराज - देव हम आपसे कुछ और भी कहना चाहते है.
देव – कहिये प्रेतराज?
प्रेतराज – देव हम नहीं जानते के जो हम कहने जा रहे है उसके बारे में आप कितना जानते है. बात ये है के ये जुंग सिर्फ अघोरी तक hi सिमित नहीं है ये तो आप जानते hi है उसके ऊपर भी कोई है और हम भले hi अभी आपसे दूर रहेंगे लेकिन हम अपनी पूरी कोशिश सिर्फ अघोरी के ऊपर कौन है ये जानने में लगाएंगे और अपने गुप्तचर भी. क्यों की हमारा काम यही से शुरू होता है इससे पहले हमें इस मामले में आगे बढ़ने की इजाजत नहीं थी वार्ना ये प्रयास भी हम पहले से करते. आपके पास अब साथियो की या तावतो की कमी नहीं है लेकिन वो सब आप यहाँ हो रही समस्याओ में लगा रहे है अभी आप लोग यही पे उलझे हुए है इसीलिए अघोरी से आगे क्या आहे इस पर आप काम नहीं कर पाएंगे. तो ये कार्य हमें सौपा गया है.
देव – ये तो बहोत अच्छी बात है प्रेतराज. आपको जैसे hi कुछ पता चलता है आप हमें बता दीजियेगा. हलाकि फ़कीर बाबा भी इसी प्रयास में है. लेकिन उन्हें खुद को भी छुपा कर रखना पद रहा है तो वो खुल कर उस ऊपरी ताक़त को धुंध नहीं प् रहे है. पर आप पर ये नियम लागू नहीं है शायद इसीलिए हमारी सहायक ऊपरी ताक़तों ने आपको इस कार्य के लिए चुना है मए आपके साथ साथ उनका भी दिल से धन्यवाद करता हु.
प्रेतराज – अब हमें चलना होगा देव. हमें इजाजत दीजिये.
देव – ठीक है प्रेतराज जल्द hi फिर मिलेंगे.