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- Dec 5, 2013
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तभी दीदी का ध्यान अपनी ड्रेस पर गया तो उन्होंने देखा की उनकी पेंटी दिख रही ह जिसे वो ड्रेस को निचे करके धक् ली और बोली
दीदी ,-- कब से करेंगे पंडित जी पूजा .
पंडित जी ,-- पहले रोहित जी से पूछ लो क्योंकि तुम्हे रात भर यहाँ रहना होगा.
दीदी,-- रोहित मेरी खातिर कुछ भी कर सकता ह .
पंडित जी ने मुझे आवाज लगाई तो में अंदर गया और बेथ गया .
अब आगे …………
पंडित जी,-- रोहित मेने तुम्हारी दीदी की हस्त रेखा अच्छे से देखि ह और तुम्हारी जो इच्छा ह वो भी पूरी हो सकती ह उसके लिए सोनाक्षी को विशेष पूजा करनी होगी .
में ,-- थैंक्स पंडित जी , मुझे अपनी दीदी को खुश देखना ह .
पंडित जी ,--तो तुम तैयार हो .
में ,-- पंडित ji,aapko जो करना ह कीजिये .बस मुझे मेरी दीदी खुश चाहिए.
पंडित जी,-- ठीक ह फिर आज दिन भी अच्छा ह अभी से शुरू कर देते ह . इसमें पूजा सामग्री का खर्चा देना होगा.
में ,-- जी आप शुरू कीजिये और खर्चे की चिंता मत कीजिये में आपको दे दूंगा.
पंडित जी,-- ठीक ह सोनाक्षी तुम तैयार हो ना पूजा के लिए .
दीदी ,-- जी पंडित जी .
पंडित जी ,-- चलो फिर तुम अनीता के पास जाओ और उसे बोलो की वो तुम्हे पूजा के लिए तैयार कर दे .
दीदी उठकर चली गयी तो पंडित जी ने मुझे कहा ,-- रोहित तुम्हारे देखने के लिए अनीता व्यवस्था कर देगी तुम उसके संपर्क में रहना .जैसे hi पूजा शुरू होगी वो तुम्हे बुला लेगी .
में ,-- ठीक ह पंडित जी .
इतना बोलकर पंडित जी अंदर चले गए और में वही कुर्सी पर सो गया लगभग एक घंटे बाद अनीता भाभी मेरे पास आयी और मुझे हिलाकर बोली ,-- चलिए अंदर पूजा शुरू होने वाली ह .
में अनीता भाभी को पकड़कर उनके होंठो चूमा और उनके साथ घर के पीछे की तरफ गया जहाँ एक रूम में पूजा होने वाली थी .अनीता भाभी ने मुझे एक छोटी सी खिड़की के पास बैठने का इशारा किया और अंदर चली गयी .
में खिड़की से अंदर देखा तो मेरा लुंड फुदकने लगा .अंदर दीदी एक फोटो के सामने बैठी थी जो मेने किसी देवता की नहीं देखि थी और पंडित जी उसके बगल में कुछ मंत्र बोल रहे थे.
दीदी एक सफ़ेद झीनी सी साड़ी में थी जिसके अंदर उन्होंने कुछ नहीं पहना था .दीदी का पूरा बदन साड़ी से चमक रहा था और उनकी गांड की दरार साफ़ दिख रही थी .

वहीँ पंडित जी मात्रा एक तोलिये में थे और उनका सीना बिलकुल नंगा और चिकना था . पंडित जी की छाती औरतों की तरह आगे निकली हुयी थी जो मेने पहली बार देखि थी .
पंडित जी मंत्र पढ़ रहे थे और दीदी हाथ जोड़कर बैठी थी वही अनीता भाभी भी उनके पास जाकर हाथ जोड़कर बैठी गयी पंडित जी ने कुछ देर मंत्र पढ़े और फिर बोले ,-- अनीता वो प्रसाद के लड्डू देना .
अनीता भाभी ने लड्डू का प्लेट दिए जिसमे चार लड्डू the.mne गौर से देखा एक लड्डू पर लाल रंग का निशान था . पंडित जी ने दीदी को फोटो के आगे लड्डू चढाने को कहा . दीदी घुटनो के बल बैठकर एक लड्डू फोटो पर चढ़ाई तो मेरा लुंड फड़क उठा क्योंकि दीदी की साड़ी के अंदर से उनकी छूट और गांड दोनों झलक दिख रही थी .
प्रसाद चढ़ने के बाद दीदी ने लड्डू की प्लेट पंडित जी को दी तो उन्होंने एक लड्डू उठाकर खा लिया और एक अनीता भाभी को दे दिया .प्लेट में सिर्फ चार hi लड्डू थे और अब एक बचा था जिस पर निशान था जिसे पंडित जी ने दीदी को खाने को बोलै तो दीदी खा गयी .
पंडित जी कुछ मंत्र बोलने लगे तो दीदी और अनीता भाभी हाथ जोड़कर बैठी रही .पांच मिनट बाद पंडित जी बोले
पंडित जी ,-- सोनाक्षी , तुम्हारे शरीर में कोई हलचल हो रही ह क्या .
दीदी ,-- नहीं पंडित जी .
पंडित जी,-- तुम्हारे शरीर में अनीता .
अनीता भाभी,-- नहीं स्वामी .
पंडित जी कुछ मंत्र बोलकर फोटो के आगे हाथ जोड़ कर झुक गए और बोले,-- हे काम देवी इस औरत के शरीर में प्रवेश करो और इसके दोष दूर करो .
में पंडित जी को देखा उन्होंने एक छोटा सा टोलिया लपेट रखा था और अंदर चड्डी भी नहीं पहनी थी जिससे उनका लोढ़ा तना हुआ झूल रहा था . कुछ सेकंड में दीदी के बदन में हरकत हुयी और वो सिसकने लगी तो अनीता भाभी बोली .
अनीता भाभी,-- क्या हुआ सोनाक्षी दीदी .
दीदी ,-- मुझे जोर की खुजली हो रही ह निचे .
अनीता भाभी,-- स्वामी काम देवी ने अपना आशीर्वाद दे दिया ह सोनाक्षी दीदी को .
पंडित जी सीधे बैठकर ,-- सोनाक्षी तुम्हारे शरीर में कुछ हरकत हुयी .
दीदी ,-- जी खुजली हो रही ह निचे .
पंडित जी ,-- निचे मतलब योनि में
दीदी शर्माकर,-- जी ,
पंडित जी एक बार फिर फोटो के सामने झुके और बोले ,-- जय को काम देवी , आप ने इस औरत के जिस्म में असर दिखा दिया मतलब आप खुश हुयी .
पंडित जी ने दो अगरबत्ती जलाई और बोले ,-- हे काम देवी ,आप उसकी पूजा ख़तम होने तक इसके साथ hi रहना .
दीदी का बदन हरकत में आया और वो अपनी छूट को खुजाने को हाथ निचे ले गयी तो अनीता भाभी ने उनका हाथ पकड़ लिया और बोली ,-- नहीं सोनाक्षी , ये खुजली देवी की कृपा से हुयी ह ,खुजाओ मत .
दीदी ,-- भाभी बहुत जोर से खुजली हो रही ह .
अनीता भाभी,-- स्वामी इसकी खुजली का उपाय बताएं.
पंडित जी,-- अनीता , इसकी योनि में ठंडक वाल तेल लगाने को दे दो .
अनीता भाभी ने उठकर सोनाक्षी दीदी को एक तेल की शशि दी और बोली ,-- लो ये अपनी योनि में लगा लो .
दीदी ने तेल की शीशी ली और पंडित जी की तरफ देखा जो मंत्र पड़ने में व्यस्त थे इसलिए उन्होंने जल्दी से तेल हथेली में लिया और साड़ी के अंदर हाथ डालकर तेल लगा लिया .
कुछ देर तक पंडित जी मंत्र बोलते रहे पर दीदी की कस्मकश चालू रही तो दीदी ने अनीता भाभी से कहा ,-- बहुत खुजली हो रही ह भाभी अभी भी .
अनीता भाभी,-- स्वामी सोनाक्षी दीदी की खुजली अभी भी शांत नहीं हुयी .
पंडित जी,-- लगता ह इसलिए पर काम देवी पूरी कृपा हो चुकी ह . बहुत भाग्यशाली हो तुम सोनाक्षी जो काम की देवी इतनी जल्दी प्रसन्ना हो गयी . अनीता तुम एक काम करो इसको योनि में डालने को एक केला दे दो फिर खुजली नहीं होगी .
अनीता भाभी ने एक केला उठाया और बोली ,-- हे काम देव, आप काम देवी के कहर से बचाइए ताकि ये औरत अपनी पूजा पूरी कर सके.
दोनों मियां बीबी मेरी दीदी को लड़की के बजाय औरत बोल रहे थे जो की सही भी था पर उनके औरत बोलने का असली मतलब मुझे आगे चलकर पता चला.
अनीता भाभी ने केले को प्रणाम किया और दीदी को भी प्रणाम करने को बोलै तो दीदी भी केले को प्रणाम की .
अनीता भाभी ने फिर केले के ऊपर कुछ लाल पाउडर सा लगाया और दीदी को देकर बोली ,-- सोनाक्षी ,ले इसे अपनी योनि में घुसा ले .
दीदी कस्मकश में पद गयी उसी समय पंडित जी फिर से हाथ जोड़कर गांड ऊपर करके कुछ मंत्र पढ़ले लगे तो अनीता भाभी भी गांड ऊपर करके प्रणाम करने की मुद्रा में झुक गयी तो दीदी ने अपने साड़ी ऊपर करके जल्दी से केला अपनी छूट में घुसा लिया .
पंडित जी ,-- हे काम देव ,इस औरत को केले के रूप में ठंडक देते रहना .
पंडित जी की बात सुनकर दीदी के चेहरे पर शांति दिखी तो पंडित जी दीदी को बोले
पंडित जी,-- सोनाक्षी, अब मेरे साथ बोलो …हे काम देवी ……मेरी योनि को ….कामदेव के लायक …उनके प्रहार सहने ..और झेलने का आशीर्वाद दो .
दीदी ने पंडित के साथ बोलै तो पंडित जी बोले ,-- सोनाक्षी , तुम्हारी योनि में रास का संचार शुरू हुआ .
दीदी गरम आह भरके ,-- हाँ पंडित जी .
पंडित जी,-- ऐसे शर्माओ मत सोनाक्षी खुल कर बोलो तभी मुझे आगे की विधि शुरू करने में सहायता मिलेगी . तुम्हारी योनि ने काम रास का प्रवाह शुरू हुआ क्या .
दीदी ,-- जी , हो रहा ह .
पंडित जी फिर फोटो के आगे हाथ जोड़कर झुके और बोले ,-- जय हो काम देवी और काम देवता .
पंडित जी कुछ मंत्र बोले और एक दीपक जलाकर प्रणाम किये तो अनीता भाभी ने और सोनाक्षी दीदी ने भी प्रणाम किया .
पंडित जी ,-- सोनाक्षी , वैसे तो तुम एक औरत हो वो भी विधवा .
सोनाक्षी दीदी,-- जी .
पंडित जी,-- पर काम देवी ने प्रस्सन होकर तुम्हारी योनि में प्रवेश कर लिया ह और काम देवता भी प्रसन्ना हो चुके इसलिए तुम्हारे बदन पर ये सफ़ेद साड़ी पूजा के बाद हमेशा के लिए उतर जाएगी और तुम फिर से सुहागिन बन सकती हो .
सोनाक्षी दीदी,-- जी .
पंडित जी,-- अब तुम्हे काम देवी का आशीर्वाद मिल चूका ह इसलिए आज से तुम सफ़ेद वस्त्रों को त्याग कर सकती हो. चलो अब काम देवी का हाथ जोड़कर ध्यान लगाओ .
दीदी हाथ जोड़कर ध्यान लगाने लगी तो पंडित जी कुछ मंत्र बोलने लगे और तोलिये के अपने लुंड को निकलकर मसलने लगे . कुछ देर बाद पंडित जी बोले
पंडित जी ,-- सोनाक्षी तुम्हे आगे की पूजा इस तरह विधवा औरत के रूप ने नहीं करनी बल्कि काम देव को पूर्ण प्रसन्ना करने हेतु पूर्ण रूप से काम की देवी की तरह सज संवर कर उन्हें मोहित करना होगा .
सोनाक्षी दीदी,-- जी .
पंडित जी ,-- अनीता , तुम सोनाक्षी को लाल साड़ी पहनकर इसको कामुक महिला की तरह से तैयार करके विशेष पूजा रूम में लेकर आना ह .
अनीता ,-- जी स्वामी .
दीदी ,-- कब से करेंगे पंडित जी पूजा .
पंडित जी ,-- पहले रोहित जी से पूछ लो क्योंकि तुम्हे रात भर यहाँ रहना होगा.
दीदी,-- रोहित मेरी खातिर कुछ भी कर सकता ह .
पंडित जी ने मुझे आवाज लगाई तो में अंदर गया और बेथ गया .
अब आगे …………
पंडित जी,-- रोहित मेने तुम्हारी दीदी की हस्त रेखा अच्छे से देखि ह और तुम्हारी जो इच्छा ह वो भी पूरी हो सकती ह उसके लिए सोनाक्षी को विशेष पूजा करनी होगी .
में ,-- थैंक्स पंडित जी , मुझे अपनी दीदी को खुश देखना ह .
पंडित जी ,--तो तुम तैयार हो .
में ,-- पंडित ji,aapko जो करना ह कीजिये .बस मुझे मेरी दीदी खुश चाहिए.
पंडित जी,-- ठीक ह फिर आज दिन भी अच्छा ह अभी से शुरू कर देते ह . इसमें पूजा सामग्री का खर्चा देना होगा.
में ,-- जी आप शुरू कीजिये और खर्चे की चिंता मत कीजिये में आपको दे दूंगा.
पंडित जी,-- ठीक ह सोनाक्षी तुम तैयार हो ना पूजा के लिए .
दीदी ,-- जी पंडित जी .
पंडित जी ,-- चलो फिर तुम अनीता के पास जाओ और उसे बोलो की वो तुम्हे पूजा के लिए तैयार कर दे .
दीदी उठकर चली गयी तो पंडित जी ने मुझे कहा ,-- रोहित तुम्हारे देखने के लिए अनीता व्यवस्था कर देगी तुम उसके संपर्क में रहना .जैसे hi पूजा शुरू होगी वो तुम्हे बुला लेगी .
में ,-- ठीक ह पंडित जी .
इतना बोलकर पंडित जी अंदर चले गए और में वही कुर्सी पर सो गया लगभग एक घंटे बाद अनीता भाभी मेरे पास आयी और मुझे हिलाकर बोली ,-- चलिए अंदर पूजा शुरू होने वाली ह .
में अनीता भाभी को पकड़कर उनके होंठो चूमा और उनके साथ घर के पीछे की तरफ गया जहाँ एक रूम में पूजा होने वाली थी .अनीता भाभी ने मुझे एक छोटी सी खिड़की के पास बैठने का इशारा किया और अंदर चली गयी .
में खिड़की से अंदर देखा तो मेरा लुंड फुदकने लगा .अंदर दीदी एक फोटो के सामने बैठी थी जो मेने किसी देवता की नहीं देखि थी और पंडित जी उसके बगल में कुछ मंत्र बोल रहे थे.
दीदी एक सफ़ेद झीनी सी साड़ी में थी जिसके अंदर उन्होंने कुछ नहीं पहना था .दीदी का पूरा बदन साड़ी से चमक रहा था और उनकी गांड की दरार साफ़ दिख रही थी .

वहीँ पंडित जी मात्रा एक तोलिये में थे और उनका सीना बिलकुल नंगा और चिकना था . पंडित जी की छाती औरतों की तरह आगे निकली हुयी थी जो मेने पहली बार देखि थी .
पंडित जी मंत्र पढ़ रहे थे और दीदी हाथ जोड़कर बैठी थी वही अनीता भाभी भी उनके पास जाकर हाथ जोड़कर बैठी गयी पंडित जी ने कुछ देर मंत्र पढ़े और फिर बोले ,-- अनीता वो प्रसाद के लड्डू देना .
अनीता भाभी ने लड्डू का प्लेट दिए जिसमे चार लड्डू the.mne गौर से देखा एक लड्डू पर लाल रंग का निशान था . पंडित जी ने दीदी को फोटो के आगे लड्डू चढाने को कहा . दीदी घुटनो के बल बैठकर एक लड्डू फोटो पर चढ़ाई तो मेरा लुंड फड़क उठा क्योंकि दीदी की साड़ी के अंदर से उनकी छूट और गांड दोनों झलक दिख रही थी .
प्रसाद चढ़ने के बाद दीदी ने लड्डू की प्लेट पंडित जी को दी तो उन्होंने एक लड्डू उठाकर खा लिया और एक अनीता भाभी को दे दिया .प्लेट में सिर्फ चार hi लड्डू थे और अब एक बचा था जिस पर निशान था जिसे पंडित जी ने दीदी को खाने को बोलै तो दीदी खा गयी .
पंडित जी कुछ मंत्र बोलने लगे तो दीदी और अनीता भाभी हाथ जोड़कर बैठी रही .पांच मिनट बाद पंडित जी बोले
पंडित जी ,-- सोनाक्षी , तुम्हारे शरीर में कोई हलचल हो रही ह क्या .
दीदी ,-- नहीं पंडित जी .
पंडित जी,-- तुम्हारे शरीर में अनीता .
अनीता भाभी,-- नहीं स्वामी .
पंडित जी कुछ मंत्र बोलकर फोटो के आगे हाथ जोड़ कर झुक गए और बोले,-- हे काम देवी इस औरत के शरीर में प्रवेश करो और इसके दोष दूर करो .
में पंडित जी को देखा उन्होंने एक छोटा सा टोलिया लपेट रखा था और अंदर चड्डी भी नहीं पहनी थी जिससे उनका लोढ़ा तना हुआ झूल रहा था . कुछ सेकंड में दीदी के बदन में हरकत हुयी और वो सिसकने लगी तो अनीता भाभी बोली .
अनीता भाभी,-- क्या हुआ सोनाक्षी दीदी .
दीदी ,-- मुझे जोर की खुजली हो रही ह निचे .
अनीता भाभी,-- स्वामी काम देवी ने अपना आशीर्वाद दे दिया ह सोनाक्षी दीदी को .
पंडित जी सीधे बैठकर ,-- सोनाक्षी तुम्हारे शरीर में कुछ हरकत हुयी .
दीदी ,-- जी खुजली हो रही ह निचे .
पंडित जी ,-- निचे मतलब योनि में
दीदी शर्माकर,-- जी ,
पंडित जी एक बार फिर फोटो के सामने झुके और बोले ,-- जय को काम देवी , आप ने इस औरत के जिस्म में असर दिखा दिया मतलब आप खुश हुयी .
पंडित जी ने दो अगरबत्ती जलाई और बोले ,-- हे काम देवी ,आप उसकी पूजा ख़तम होने तक इसके साथ hi रहना .
दीदी का बदन हरकत में आया और वो अपनी छूट को खुजाने को हाथ निचे ले गयी तो अनीता भाभी ने उनका हाथ पकड़ लिया और बोली ,-- नहीं सोनाक्षी , ये खुजली देवी की कृपा से हुयी ह ,खुजाओ मत .
दीदी ,-- भाभी बहुत जोर से खुजली हो रही ह .
अनीता भाभी,-- स्वामी इसकी खुजली का उपाय बताएं.
पंडित जी,-- अनीता , इसकी योनि में ठंडक वाल तेल लगाने को दे दो .
अनीता भाभी ने उठकर सोनाक्षी दीदी को एक तेल की शशि दी और बोली ,-- लो ये अपनी योनि में लगा लो .
दीदी ने तेल की शीशी ली और पंडित जी की तरफ देखा जो मंत्र पड़ने में व्यस्त थे इसलिए उन्होंने जल्दी से तेल हथेली में लिया और साड़ी के अंदर हाथ डालकर तेल लगा लिया .
कुछ देर तक पंडित जी मंत्र बोलते रहे पर दीदी की कस्मकश चालू रही तो दीदी ने अनीता भाभी से कहा ,-- बहुत खुजली हो रही ह भाभी अभी भी .
अनीता भाभी,-- स्वामी सोनाक्षी दीदी की खुजली अभी भी शांत नहीं हुयी .
पंडित जी,-- लगता ह इसलिए पर काम देवी पूरी कृपा हो चुकी ह . बहुत भाग्यशाली हो तुम सोनाक्षी जो काम की देवी इतनी जल्दी प्रसन्ना हो गयी . अनीता तुम एक काम करो इसको योनि में डालने को एक केला दे दो फिर खुजली नहीं होगी .
अनीता भाभी ने एक केला उठाया और बोली ,-- हे काम देव, आप काम देवी के कहर से बचाइए ताकि ये औरत अपनी पूजा पूरी कर सके.
दोनों मियां बीबी मेरी दीदी को लड़की के बजाय औरत बोल रहे थे जो की सही भी था पर उनके औरत बोलने का असली मतलब मुझे आगे चलकर पता चला.
अनीता भाभी ने केले को प्रणाम किया और दीदी को भी प्रणाम करने को बोलै तो दीदी भी केले को प्रणाम की .
अनीता भाभी ने फिर केले के ऊपर कुछ लाल पाउडर सा लगाया और दीदी को देकर बोली ,-- सोनाक्षी ,ले इसे अपनी योनि में घुसा ले .
दीदी कस्मकश में पद गयी उसी समय पंडित जी फिर से हाथ जोड़कर गांड ऊपर करके कुछ मंत्र पढ़ले लगे तो अनीता भाभी भी गांड ऊपर करके प्रणाम करने की मुद्रा में झुक गयी तो दीदी ने अपने साड़ी ऊपर करके जल्दी से केला अपनी छूट में घुसा लिया .
पंडित जी ,-- हे काम देव ,इस औरत को केले के रूप में ठंडक देते रहना .
पंडित जी की बात सुनकर दीदी के चेहरे पर शांति दिखी तो पंडित जी दीदी को बोले
पंडित जी,-- सोनाक्षी, अब मेरे साथ बोलो …हे काम देवी ……मेरी योनि को ….कामदेव के लायक …उनके प्रहार सहने ..और झेलने का आशीर्वाद दो .
दीदी ने पंडित के साथ बोलै तो पंडित जी बोले ,-- सोनाक्षी , तुम्हारी योनि में रास का संचार शुरू हुआ .
दीदी गरम आह भरके ,-- हाँ पंडित जी .
पंडित जी,-- ऐसे शर्माओ मत सोनाक्षी खुल कर बोलो तभी मुझे आगे की विधि शुरू करने में सहायता मिलेगी . तुम्हारी योनि ने काम रास का प्रवाह शुरू हुआ क्या .
दीदी ,-- जी , हो रहा ह .
पंडित जी फिर फोटो के आगे हाथ जोड़कर झुके और बोले ,-- जय हो काम देवी और काम देवता .
पंडित जी कुछ मंत्र बोले और एक दीपक जलाकर प्रणाम किये तो अनीता भाभी ने और सोनाक्षी दीदी ने भी प्रणाम किया .
पंडित जी ,-- सोनाक्षी , वैसे तो तुम एक औरत हो वो भी विधवा .
सोनाक्षी दीदी,-- जी .
पंडित जी,-- पर काम देवी ने प्रस्सन होकर तुम्हारी योनि में प्रवेश कर लिया ह और काम देवता भी प्रसन्ना हो चुके इसलिए तुम्हारे बदन पर ये सफ़ेद साड़ी पूजा के बाद हमेशा के लिए उतर जाएगी और तुम फिर से सुहागिन बन सकती हो .
सोनाक्षी दीदी,-- जी .
पंडित जी,-- अब तुम्हे काम देवी का आशीर्वाद मिल चूका ह इसलिए आज से तुम सफ़ेद वस्त्रों को त्याग कर सकती हो. चलो अब काम देवी का हाथ जोड़कर ध्यान लगाओ .
दीदी हाथ जोड़कर ध्यान लगाने लगी तो पंडित जी कुछ मंत्र बोलने लगे और तोलिये के अपने लुंड को निकलकर मसलने लगे . कुछ देर बाद पंडित जी बोले
पंडित जी ,-- सोनाक्षी तुम्हे आगे की पूजा इस तरह विधवा औरत के रूप ने नहीं करनी बल्कि काम देव को पूर्ण प्रसन्ना करने हेतु पूर्ण रूप से काम की देवी की तरह सज संवर कर उन्हें मोहित करना होगा .
सोनाक्षी दीदी,-- जी .
पंडित जी ,-- अनीता , तुम सोनाक्षी को लाल साड़ी पहनकर इसको कामुक महिला की तरह से तैयार करके विशेष पूजा रूम में लेकर आना ह .
अनीता ,-- जी स्वामी .










