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फ्रेंड्स ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है जिसका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं है. न hi इसमें लिखे गए किसी भी पत्र का कोई अस्तित्व है. ये कहानी सिर्फ मनोरंजन की दृष्टि से लिखी गयी है इस कहानी के द्वारा किसी भी जाती, धरम, समाज या व्यक्ति विशेष का अपमान करने का या उन्हें ठेस पहुंचने का कोई उद्देश्य नहीं है. यदि इस कहानी में कही किसी प्रकार की कोई भी समानता पाई जाती है तो ये महज एक इत्तेफ़ाक़ hoga.to कृपया इसे महज़ एक कहानी की तरह hi पढ़े और इसका मज़ा ले.
अपडेट 1
बात बहोत बार कही गयी है दुसरो का पता नहीं लेकिन मेरे मामले में ये सही है क ये मेरी पहली कहानी है. जो रेगुलर रीडर्स होंगे वो जान जायेगे. एक तो मेरी लैंग्वेज से दूसरे मेरी कहानी से. अब ज्यादा बाटे न करते हुए सीधे hi कहानी पर आते है. चाररेक्टर्स आते जायेगे और इंट्रो होता जायेगा. प्लीज गाइस मेरा हौसला टूटने मत दीजियेगा. आपके कमैंट्स मेरे लिए कीमती है.
एक बहोत hi घाना जांगले था जहा ऊँचे ऊँचे पेड़ थे वो इतने घने थे की सूरज की रौशनी भी उन्हें क्रॉस कर के जमीन पे नहीं आ रही थी. इसलिए वह अँधेरा, सीलन, और हलकी ठण्ड भी थी . उसी घने जंगल में एक अँधेरी गुफा थी . जिसमे किसी के जोर जोर से बोले जाने वाले अजीब से मंत्रो की आवाज़ आ रही थी.
अघोरी . . जी है वह एक लगभग नंगा शख्स बैठा है जिसका नाम है अघोरी. वो किसी पूजा में मग्न है उसके करीब hi दो बहोत hi खूबसूरत और नंगी लड़किया कड़ी थी. जिनके चुके बहोत बड़े बड़े थे और गांड भी लेकिन कमर एक डैम पतली दोनों के बाल खुले हुए थे और वो ऐसे कड़ी थी जैसे अघोरी के आदेश का इंतजार कर रही थी . तभी अघोरी ने उन्हें इशारे से नीचे बैठने को कहा और उनके बैठते hi एक चाकू ले के एक लड़की की जांघ पे हल्का सा कट लगा दिया जिससे खून निकलने लगा अघोरी ने अपने अंगूठे पे भी कट लगाया और अपने उसी अंगूठे से लड़की की जांघ से बहते खून को मिला के उठाया और अपने सामने धरती पे hi वो कुछ अजीब सी आकृति बनाए लगा. जब वो आदि टेडी लकीरे बना चूका तो दूसरी लड़की की, की जांघ पे भी वैसे चाकू से कट लगाया और अपने खून बहते अंगूठे से उस लड़की की जांघ से बहते खून को मिला के उठाया और जमीन पे बानी हुई आकृति पूरे करने लगा. जब वो आकृति पूरी बन गयी तब उसने कुछ पानी अपने हाथ में लेके मन्त्र पड़े जिससे उसका अंगूठा एक डैम ठीक हो गया और वही कुछ चीते दोनों लड़कियों की जांघो पे मरे जिससे लड़कियों की जकंग से बहता खून भी एक डैम गायब हो गया वो लड़किया फिर से कड़ी हो गयी वही पे. यहाँ अघोरी कुछ मंत्र पड़ता हुआ उस तस्वीर पे भस्म फेंकने लगा देखते hi देखते वह एक सांप क जोड़े की तस्वीर बन गयी और कुश समय बाद वह का दृश्य ऐसे लगने लगा जैसे टीवी पे कोई फिल्म चल रही हो एक जांगले वह भी दिखाई दे रहा था जिसमे वो दोनों सांप आगे बढ़ रहे थे अघोरी ने थोड़ी देर ध्यान से देखा और फिर ठहाका लगता हुआ हाथ हवा में हिलने लगा कोई कुछ समझ नहीं पा रहा था. पर तभी वह कुछ रौशनी हुई और एक बड़ा शख्स वह आ गया.
अघोरी- गुरदेव आप आ गए मए आपको hi बुलाने वाला था . ये देखिये मेरी सालो की म्हणत रंग लायी.
ये नाग और नागिन है जो इसी तरफ बाद रहे है और करीब एक महीने बाद इसी जंगल में प्रवेश करेंगे. तब मेरी मनोकामना पूरी हो जाएगी गुरुदेव.
Gurudev(GD)- है अघोरी तेरी मनोकामना पूरी हो जाएगी लेकिन तू नहीं जनता क इसमें अभी कितनी मुश्किलें है. अभी बस तूने उन्हें ढूंढा hi है. अभी तू आने वाली मुश्किलों से अनजान है.
अघोरी- गुरुदेव कैसी भी मुश्किलें आ जाये मेरी शक्तियों के सामने उनकी कोई औकात नहीं. बस ये नाग नागिन मुझे मिल जाये फिर मए अपना उद्देश्य पूरा करुगा. और बन जाउगा सर्वशक्तिमान. कोई मुझे नहीं हरा पायेगा न hi कोई मुझे मार पायेगा.
गढ़- तू मेरा शिष्य है इसलिए तुझे आगाह करता हु. तेरे उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस नाग का मरना बहोत जरूरी है वो भी पूरी तरह. क्यों की ये hi तेरे काम में रुकावट दाल सकता. है. तुझे तो इस नागिन की जरुरत है न नाग को मार कर hi तू इस नागिन के साथ सम्भोग कर पायेगा उस से पहले नहीं. और याद रहे उस नाग को तुझे इस जंगल में आने से पहले मरना है क्युकी यहाँ आ कर उस नाग की शक्ति भी दस गुना बढ़ जाएगी और तेरी मुश्किलें भी बढ़ेगी.,
अघोरी- तो क्या मए उसे अभी मार दू?
GD-nahi उसे इस जंगल के बहार hi मरना जंगल के बहार जो गाँव है जब वो वह तक पहुंचे तब मरना है उसे क्यों क अभी वो रक्षा कवच में है अभी तू उनका कुछ नहीं बिगड़ पायेगा बल्कि अभी अगर तूने उन पे हमला किया तो तू फिर कई वर्षो तक उन्हें धुंध भी नहीं पायेगा. वो नाग अपनी नागिन को अपनी शक्तियों के कवच में छुपा लेगा . अभी वो लोग निश्चिन्त है इसलिए तुझे दिख रहे है.
अघोरी ठीक है गुरुदेव ऐसा hi होगा उसे मए जंगल के बहार वाले गाँव में पहुंचते hi मार दुगा अब से मेरी नजर हर पल उन पे रहेगी.
गढ़- मए अब भी कहता हु छोड़ दे ये सब इसमें तेरी जान भी जा सकती है.
अघोरी – नहीं गुडइव मए आपकी ये बात नहीं मानुगा.
गढ़- मुह्जे जो कहना था कह दिया बाकि तू जाने और तेरी किस्मत. इतना कहते hi गढ़ वह से चलेगये.
अघोरी फिर से ठहाके लगते हुए – क्या खूबसूरत नागिन है इसे अपने लुंड से छोड़ के इसका कुंवारा लहू निकलूंगा तभी मेरी आगे की योजना पूरी होगी. है है है है है है है है है ....
अपडेट 1
बात बहोत बार कही गयी है दुसरो का पता नहीं लेकिन मेरे मामले में ये सही है क ये मेरी पहली कहानी है. जो रेगुलर रीडर्स होंगे वो जान जायेगे. एक तो मेरी लैंग्वेज से दूसरे मेरी कहानी से. अब ज्यादा बाटे न करते हुए सीधे hi कहानी पर आते है. चाररेक्टर्स आते जायेगे और इंट्रो होता जायेगा. प्लीज गाइस मेरा हौसला टूटने मत दीजियेगा. आपके कमैंट्स मेरे लिए कीमती है.
एक बहोत hi घाना जांगले था जहा ऊँचे ऊँचे पेड़ थे वो इतने घने थे की सूरज की रौशनी भी उन्हें क्रॉस कर के जमीन पे नहीं आ रही थी. इसलिए वह अँधेरा, सीलन, और हलकी ठण्ड भी थी . उसी घने जंगल में एक अँधेरी गुफा थी . जिसमे किसी के जोर जोर से बोले जाने वाले अजीब से मंत्रो की आवाज़ आ रही थी.
अघोरी . . जी है वह एक लगभग नंगा शख्स बैठा है जिसका नाम है अघोरी. वो किसी पूजा में मग्न है उसके करीब hi दो बहोत hi खूबसूरत और नंगी लड़किया कड़ी थी. जिनके चुके बहोत बड़े बड़े थे और गांड भी लेकिन कमर एक डैम पतली दोनों के बाल खुले हुए थे और वो ऐसे कड़ी थी जैसे अघोरी के आदेश का इंतजार कर रही थी . तभी अघोरी ने उन्हें इशारे से नीचे बैठने को कहा और उनके बैठते hi एक चाकू ले के एक लड़की की जांघ पे हल्का सा कट लगा दिया जिससे खून निकलने लगा अघोरी ने अपने अंगूठे पे भी कट लगाया और अपने उसी अंगूठे से लड़की की जांघ से बहते खून को मिला के उठाया और अपने सामने धरती पे hi वो कुछ अजीब सी आकृति बनाए लगा. जब वो आदि टेडी लकीरे बना चूका तो दूसरी लड़की की, की जांघ पे भी वैसे चाकू से कट लगाया और अपने खून बहते अंगूठे से उस लड़की की जांघ से बहते खून को मिला के उठाया और जमीन पे बानी हुई आकृति पूरे करने लगा. जब वो आकृति पूरी बन गयी तब उसने कुछ पानी अपने हाथ में लेके मन्त्र पड़े जिससे उसका अंगूठा एक डैम ठीक हो गया और वही कुछ चीते दोनों लड़कियों की जांघो पे मरे जिससे लड़कियों की जकंग से बहता खून भी एक डैम गायब हो गया वो लड़किया फिर से कड़ी हो गयी वही पे. यहाँ अघोरी कुछ मंत्र पड़ता हुआ उस तस्वीर पे भस्म फेंकने लगा देखते hi देखते वह एक सांप क जोड़े की तस्वीर बन गयी और कुश समय बाद वह का दृश्य ऐसे लगने लगा जैसे टीवी पे कोई फिल्म चल रही हो एक जांगले वह भी दिखाई दे रहा था जिसमे वो दोनों सांप आगे बढ़ रहे थे अघोरी ने थोड़ी देर ध्यान से देखा और फिर ठहाका लगता हुआ हाथ हवा में हिलने लगा कोई कुछ समझ नहीं पा रहा था. पर तभी वह कुछ रौशनी हुई और एक बड़ा शख्स वह आ गया.
अघोरी- गुरदेव आप आ गए मए आपको hi बुलाने वाला था . ये देखिये मेरी सालो की म्हणत रंग लायी.
ये नाग और नागिन है जो इसी तरफ बाद रहे है और करीब एक महीने बाद इसी जंगल में प्रवेश करेंगे. तब मेरी मनोकामना पूरी हो जाएगी गुरुदेव.
Gurudev(GD)- है अघोरी तेरी मनोकामना पूरी हो जाएगी लेकिन तू नहीं जनता क इसमें अभी कितनी मुश्किलें है. अभी बस तूने उन्हें ढूंढा hi है. अभी तू आने वाली मुश्किलों से अनजान है.
अघोरी- गुरुदेव कैसी भी मुश्किलें आ जाये मेरी शक्तियों के सामने उनकी कोई औकात नहीं. बस ये नाग नागिन मुझे मिल जाये फिर मए अपना उद्देश्य पूरा करुगा. और बन जाउगा सर्वशक्तिमान. कोई मुझे नहीं हरा पायेगा न hi कोई मुझे मार पायेगा.
गढ़- तू मेरा शिष्य है इसलिए तुझे आगाह करता हु. तेरे उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस नाग का मरना बहोत जरूरी है वो भी पूरी तरह. क्यों की ये hi तेरे काम में रुकावट दाल सकता. है. तुझे तो इस नागिन की जरुरत है न नाग को मार कर hi तू इस नागिन के साथ सम्भोग कर पायेगा उस से पहले नहीं. और याद रहे उस नाग को तुझे इस जंगल में आने से पहले मरना है क्युकी यहाँ आ कर उस नाग की शक्ति भी दस गुना बढ़ जाएगी और तेरी मुश्किलें भी बढ़ेगी.,
अघोरी- तो क्या मए उसे अभी मार दू?
GD-nahi उसे इस जंगल के बहार hi मरना जंगल के बहार जो गाँव है जब वो वह तक पहुंचे तब मरना है उसे क्यों क अभी वो रक्षा कवच में है अभी तू उनका कुछ नहीं बिगड़ पायेगा बल्कि अभी अगर तूने उन पे हमला किया तो तू फिर कई वर्षो तक उन्हें धुंध भी नहीं पायेगा. वो नाग अपनी नागिन को अपनी शक्तियों के कवच में छुपा लेगा . अभी वो लोग निश्चिन्त है इसलिए तुझे दिख रहे है.
अघोरी ठीक है गुरुदेव ऐसा hi होगा उसे मए जंगल के बहार वाले गाँव में पहुंचते hi मार दुगा अब से मेरी नजर हर पल उन पे रहेगी.
गढ़- मए अब भी कहता हु छोड़ दे ये सब इसमें तेरी जान भी जा सकती है.
अघोरी – नहीं गुडइव मए आपकी ये बात नहीं मानुगा.
गढ़- मुह्जे जो कहना था कह दिया बाकि तू जाने और तेरी किस्मत. इतना कहते hi गढ़ वह से चलेगये.
अघोरी फिर से ठहाके लगते हुए – क्या खूबसूरत नागिन है इसे अपने लुंड से छोड़ के इसका कुंवारा लहू निकलूंगा तभी मेरी आगे की योजना पूरी होगी. है है है है है है है है है ....