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- Dec 5, 2013
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इधर देवा आधी रात को 3 बजे उठा और अपने गेराज में बने बेसमेंट में चला गया. और वही अपनी साधना में लीं हो गया. दो घंटे बाद जब वो उठा तो उसका शरीर नयी ताक़त से भरा हुआ था और उसका चेहरा गजब का चमक रहा था.
तभी वह फ़कीर बाबा आते है.
फब - देवा……………..
देवा हाथ जोड़ कर – प्रणाम बाबा
फब – आयुष्मान रहो पुत्र, ………..
………..देवा अब तुम्हरे अंदर बहोत साडी शक्तिया आ गयी है जो के तुम्हरे अंदर अब अपने आप नयी शक्तियों को बनती जाएगी. और उन शक्तियों को सँभालने के लीये तुम्हे अब परेशां भी नहीं होना पद रहा है क्यों के समय समय पर सम्भोग करने से तुम्हारा शरीर अब उन शक्तियों के दबाव को भी सहन करता जार अहा है. अन्यथा तुम्हरे अंदर की पोटष शक्ति इतनी बाद जाती के तुम अपना मानसिक संतुलन भी न बना पते न hi अपनी शक्तियों का सही तरीके से इस्तमाल कर पते. अब तुम कोई साधारण पुरुष नहीं रह गए हो. तुम किसी को भी सम्मोहित कर सकते हो, सुरक्षा घेरे बना सकते हो, दिव्या शक्तियों की सहायता से तुम बुरी ताक़तों से लड़ सकते हो, कोई ताक़त कोई अस्त्र शास्त्र तुम्हे मजबूर नहीं कर सकते, यदि तुम घायल भी हो जाओ तो तुम्हारे घाव कुछ hi पालो में ठीक हो सकते है, अपना pratiroop(clone) भी बना सकते हो, इन के आलावा भी बहोत कुछ तुम अपनी म्हणत से प्राप्त कर चुके हो मए बेहद खुश हु तुमसे देवा. अब तुम्हे वक़्त आने पे कई साडी शक्तिया और मिलती जाएगी.
देवा – सब आपका आशीर्वाद है baba.kintu मुझ जैसे मामूली इंसाने को आपने इतना खास बना दिया इस के पीछे क्या राज है?
फब – देवा अब वो वक़्त नजदीक है. जब तुम्हारे सरे सवालो के जवाब तुम्हे मिलेंगे. बस थोड़ा सा और रुक जाओ.
किन्तु आज मए तुम्हे कुछ बताने hi आया हु. कल तुम्हे अपनी शक्तियों का कुछ अंश पूनम को देना है. ये ऐसा hi होगा जैसे की कोई एक दिए से दूसरा दिया जलाता है. इससे रौशनी hi बढ़ती है पहले दिए की रौशनी नहीं घटती.
देवा – बाबा पूनम को? क्या मए कारन जान सक्तु हु बाबा?
फब - ……….पूनम कोई साधारण स्त्री नहीं है देवा. वो तुम्हारा जनम जनम का प्यार है. सेकड़ो वर्ष पहले तुम्हारा और उसका प्रेम शुरू हुआ था.
………जब वो तिलिस्म लोक की राजकुमारी थी और तुम नाग लोक के राजकुमार. तुम एक महँ योद्धा थे. तभी विशेष परिस्थितियों के षाले तुम्हारी मुलाक़ात पूनम से हुई थी और तुम दोनों का प्रेम शुरू हुआ लेकिन परिस्थितियों ने तुम दोनों को अलग कर दिया. उस के बाद मेरे hi कहने पे तुम दोनों आत्माओ ने गहरी समाधी ले ली जो सेकड़ो वर्षो की थी.
…….उस में तुम्हरे अंदर साड़ी शक्तिया आ गयी और पूनम की आत्मा के साथ होने की वजह से वो भी मजबूत हो गयी किन्तु उसे शक्तिया तुमसे hi प्राप्त हो सकती है. इसलिए कल तुम उसे अपनी शक्तियों का कुछ अंश डोज उस के बाद उस की आत्मा साडी शक्तिया खुद hi हासिल कर लेगी. अपनी तिलिस्मी शक्तिया भी.
देवा ये सब सुन कर हैरान था उसे यकीन नहीं हो रहा था. तभी उसे याद आया नागार्जुन जिसने उसे योद्धा कह के पूजकरा था .
देवा – बाबा हमारे इस जनम का क्या उद्देश्य है?
फब - वो भी जल्द hi तुम्हे पता चल जायेगा देवा. कल जब तुम पूनम को शक्ति डोज उस के बाद तुम्हे शलाका नाग लोक ले के जाएगी. ये शलाका कोई और नहीं पिछले जनम की पूनम की बहन hi hae.jise पूनम देखते hi पहचान लेगी. बाकि वह पहुंच के तुम्हे पता चलेगा.
…..क्यों की वो जानने का हक़ पूनम को भी है. इसलिए जब दोनों साथ होंगे तब तुम्हे पता chalega.ab मए चलता हु.
……फ़कीर बाबा चले गए लेकिन देवा के मन में उलझन पैदा कर के गए थे. देवा तो कभी आश्चर्य करता कभी खुश होता कभी टेंशन में आ जाता फिर उसने सब भगवन के भरोसे छोड़ा और बहार आ गया और लॉन में दौड़ते हुए वो दन के पास पंहुचा
देवा - क्या बाबू जी आज अखाड़े नहीं चलेंगे क्या?
दन – नहीं देवा आज मेरे जाने की जरुरत नहीं. तुम वो सब सीख चुके हो जो मेरे पास था. अब तुम उसका अभ्यास करो.
देवा – ठीक है आज छोड़ देता हु आपको लेकिन आपको भी स्वस्थ रहने के लिए अखाड़े तो रोज चलना hi पड़ेगा. और है कल से भैया को भी ले जाना hae.mae उन्हें सिखाऊंगा भी जिससे मेरा अभ्यास भी होता रहेगा.
दन – बहोत खूब सोचा है देवा. वैसे भी रघु ने शराब पी पी कर अपना स्वस्थ बिगड़ दिया है अब उसे बनाना है. तो अखाड़े जाना hi पड़ेगा उसे.
देवा दिया को आवाज लगते हुए – अरे भाभी भैया कहा है?
दिया – वो आज उनकी तबियत कुछ ख़राब है वो सो रहे है.
देवा – अरे क्या हुआ उन्हें?
दिया – अचानक से शराब बंद कर दी है न तो शरीर कैंप रहा है. मैने खुद उन्हें कहा के अचानक कुछ नहीं करना चाहिए धीरे धीरे बंद कर देना अभी पी लीजिये…….
……. पर उन्होंने कहा के नहीं मैने देवा और बाबू जी को वचन दिया है. इसलिए अब चाहे जो हो जाये मेरे साथ मए नहीं पियुगा.
देवा – अरे इस में उदास होने की क्या बात है ये तो ख़ुशी की बात है. इससे उनका दर्द संकल्प दीखता है. आप चिंता मत कीजिये मए अभी उन्हें दवाई दे के साथ ले आता हु वो अभी मेरे साथ दौड़ने जायेगे.
दन – देवा बीटा उसकी तबियत ठीक नहीं तो उसे आराम करने दो.
देवा – अच्छा ठीक है अगर थोड़ी देर के बाद वो खुद सोना चाहेंगे तो मए जबरदस्ती नहीं करुगा. पर दवाई तो दे दू उन्हें.
देवा अपने क्लिनिक वाले कमरे में जाता है और पानी का गिलास आधा भर के उस में आँखे बंद कर के अपनी शक्ति दाल देता है. और पहुंच जाता है रघु के कमरे में
……… देवा – भैया उठो दवाई पी लो
रघु उठ कर दवाई पीटा है. और फिर लेट जाता है. 5 मिनट बाद वो आँखे खोलता है और एक भरपूर अंगड़ाई लेता है. देवा उसके सर पे हाथ रखता है तो रघु एक डैम फिट था.
रघु – अबे क्या पीला दिया भाई तूने मुझे तो लग रहा है के मए कभी बीमार था hi नहीं अभी एक घुसे में घोड़े को गिरा सकता हु इतनी ताक़त महसूस हो रही है.
देवा – अरे भैया ये साडी दवाइया मैने विदेश से मंगवाई है जो नीचे राखी है कमरे में. आज के बाद आपको न कभी दारू की तालाब सताएगी. न कभी आप इस वजह से बीमार होंगे. बल्कि आपको दारू का स्वाद भी याद नहीं आएगा.
रघु – तू सही कह रहा है भाई?
देवा – बिलकुल अब चलो
रघु – कहा ?
देवा – अरे अभी अखाड़े चलना है आपको मेरे साथ अब आपका शरीर भी मजबूत बनाना है.
रघु – तू सच मच देवता है यार.
देवा – क्या भाई चने पे चढ़ा रहे हो. चलो न
रघु उठ कर चल पड़ता है. नीचे सब दोनों भाइयो को जैसे hi देखते है चौंक जाते है रघु एक डैम फिट नजर आ रहा था उस के चेहरे पे एक डैम ताजगी थी.
देवा – अच्छा बाबू जी हम लोग आते है. और दोनों भाई निकल जाते है. अखाड़े पहुंचते है वह देवा रघु की कसरत शुरू से शुरू करवाता है. कोई 2 घंटे कसरत करने के बाद.
देवा – भाई अब आपको यहाँ रोज आना है कल से बाबू जी भी साथ आएंगे. अब आपको खुद को मजबूत बनाना है. देसी रियाज़ से. और जब समय मिले तो घर में छत पे जाकर गयम में भी कसरत करनी है. वो भी मए आपको सीखा दुगा……….
…………. कुछ हलकी कसरत मए भाभी को भी सीखा दुगा जिससे होने वाले बच्चे की सेहत अच्छी रहे और वो मजबूत पैदा हो. आपको उन दोनों का भी ध्यान रखना है अब.
रघु – है भाई अब तक जो मए नहीं कर पाया वो तूने किया , लेकिन अब जितना हो सकेगा मए करुगा परिवार के लिए भी और अपनी बीवी बच्चो के लिए भी.
फिर दोनों घर की और चल देते है. और घर आ कर नाहा धो कर तैयार हो कर नाश्ता करते हुए.
देवा – बबाबू जी मैने कुछ सोचा है है कल से आप हमारे साथ अखाड़े चलेंगे. और वापस आ कर भैया, भाभी, माँ और पायल ऊपर गयम में कसरत करेगी. फिट रहने के लिए. उन के गयम वाले कपडे मए आज शहर से ले आउगा मुझे अभी शहर जाना है बैग की दवाइयों का आर्डर देने के लिए.
दन – ठीक है बीटा वैसे भी एक्सरइसीसे करने से, होने वाला बचा भी स्वस्थ होगा ये तुमने सही सोचा है. लेकिन तेरी माँ तो वैसे भी फिट है उसे क्या जरुरत है.
देवा – फिट है तो हमेशा फिट hi रहे उस के लिए.
दन – जैसा तू कहे बीटा.
रघु – अच्छा बाबू जी मए चलता हु खेत जा रहा हु.
देवा – भाई रुको
रघु – बोलो देवा
देवा उसे अपना मोबाइल देता है - भाई ये रख लो.
रघु – अब इसका मए क्या करुगा?
देवा – कुछ नहीं बस खेतो में बोर हो जाओ तो भाभी से बात कर लेना. और फिर मए भी तो शहर जा रहा हु न कोई काम हो तो बोल देना
रघु - ठीक है भाई
फिर रघु निकल जाता है.
देवा – बाबू जी वो मए कह रहा था की अगर आप लोग इजाजत दे तो क्या मए पूनम को भी साथ ले जाऊ? हम शाम तक आ जायेगे.
दन – भाई मुझे से क्या पूछता है संधान जी से पूछ लो मुझे कोई एतराज नहीं.
देवा पद्मा से – काकी अगर आप बुरा न मने तो क्या हम दोनों जाये. भरोसा रखिये मए पूनम को सही सलामत ले आउगा
पद्मा – देवा क्यों शर्मिंदा करता है? मए भला क्यों बुरा मानूगी ? और रही बात भरोसे की तो माँ बाप अपने बच्चो पे hi तो भरोसा करते है. और तुझ पे भरोसा नहीं करेंगे तो हम सब का कौन है जिस पर हम भरोसा कर सके. तुम दोनों ख़ुशी से जाओ.
फिर पूनम और देवा दोनों रर में बैठ कर शहर की तरफ निकल पड़ते है. देवा मस्त गाने चला देता है
पूनम – आप हमें क्यों ले आये हम क्या करेंगे यहाँ शहर में आ कर ?
देवा – क्यों तुम्हे मेरा साथ पसंद नहीं क्या?
पूनम ऐसी बात नहीं है देवा आप के आलावा मुझे और कुछ पसंद आ सकता है क्या? पर मए ये कह रही थी आप तो बिजी रहेंगे न शहर में.
देवा – नहीं पूनम मुझे शहर में कोई काम नहीं मुझे तुमसे कुछ बात करनी है. जिस के लिए घर या गाँव सही जगह नहीं थी. इसीलिए तुम्हे शहर लाया हु.
पूनम – देखो मुझे डराओ मत प्लीज बोलो ऐसी क्या बात है जो तुम घर या गाँव में नहीं बता सकते.
देवा – घबराने की जरुरत बिलकुल भी नहीं है. बल्कि आज मए तुम्हे वो खुश खबरि दुगा के तुम बिना मेरे कहे मेरे होठो को चबा जाओगी.
पूनम शरमाते हुए – कुछ भी….. मए एसिया कुछ नहीं करने वाली अब बताओ भी.
देवा – पहले तुम लोगो के लिए एक्सरसाइज के कपडे ले लेते है कल से तुम भी गयम ज्वाइन करोगी सब के साथ घर में ok?
पूनम - ok जी
फिर देवा माल के सामने गाडी रोकता है और वो लोग अंदर जाते है और सब के लिए गयम वाले कपडे खरीद लेते है जिसमे शॉर्ट्स स्पोर्ट्स ब्रा कुछ शूज वगैरह थे. देवा रघु के लिए भी कुछ कपडे खरीदता है और मोबाइल भी. फिर देवा और पूनम एक होटल में जाते है. और एक रूम लेकर वह चले जाते है.
पूनम – आपके इरादे कुछ खतरनाक लग रहे मेरे को.
देवा – क्यों जी ऐसा मैने क्या किया?
पूनम आपने होटल का रूम क्यों लिया है?
देवा – तुम लड़कियों की अकाल भी न…… कुछ भी सोचती हो यार. अरे मेरी जान तुम्हरे साथ प्यार तो मए अपने घर के बैडरूम में hi करुगा जब हमारी सुहागरात होगी फूलो से सजा कमरा और बिस्तर होगा और जब तुम पूरी दुल्हन के लिबास में होगी. ………
……….पूनम तो देवा की बातो से वो सन hi देखने लगी खुली आँखों से तभी………..
देवा – ऐसे घटिया होटल के सादे हुए कमरे में हम प्यार करेंगे क्या?
देवा की ऐसी बात सुन कर पहले तो पूनम चौंक गयी फिर शर्मा गयी.
पूनम - अच्छा मेरी जान नाराज मत हो बोलो क्यों आये है हम यहाँ.
देवा- पूनम अपनी आँखे बंद करो और गहरी साँस लो और अपना शरीर ढीला छोड़ दो.
पूनम वैसे hi करती है तो देवा उसके सर पे हाथ रखता है और देवा के हाथ से नीली रौशनी निकल कर पूनम के अंदर सामने लगती है. ………
………थोड़ी देर के बाद देवा अपना हाथ हटा देता है. और उस के बाद पूनम धीरे धीरे आँखे खोलती है. और देवा को देखते hi उसकी आँखों में आंसू आ जाते है. उसके सामने उसके पिछले जनम की हर घटना फिल्म की तरह चल रही थी. और पूनम बस रोये जा रही थी थोड़ी देर के बाद पूनम दौड़ कर देवा के गले से लग जाती है.
पूनम – देव देव देव देव मेरे प्यारे देव आखिर हम मिल hi गए हमारा प्यार सच्चा निकला देव. आखिर हम फिर से मिल hi गए.
देवा की आँखों में भी आंसू आ जाते है. – हां पूनम हम मिल hi गए. हमें मिलना hi था. सेकड़ो सालो के बाद आखिर आज तुम फिर मेरी बहो में हो. दोनों hi एक दूजे को चूमने लगते है काफी देर तक जब वो दोनों अलग नहीं हो रहे थे तभी
उमठ ुम्मःहः ुखु ुखहु
ऐसी आवाज़ों से वो चौंकते है तो सामने कमर पे हाथ रखे शलाका कहदी मुस्करा रही थी.
पूनम – शलाका मेरी बहन तू कब आयी कैसी है तू ……..
……….फिर वो दोनों गले मिलती है और दोनों की आँखों से आंसू निकलने लगते है . इस मिलाप के बाद तीनो वही बिस्तर पे बैठ जाते है/
पूनम – देव आपने ये सब कैसे किया?
देवा – ये सब फ़कीर बाबा ने किया है पूनम
पूनम – फ़कीर बाबा से मिल चुके हो तुम
देवा – हां और उन्होंने hi मुझे एक अनपढ़ गवर जाहिल से इतना मजबूत और शक्तिशाली पड़ा लिखा बना दिया साथ hi इन सब में इस शलाका का भी पूरा हाथ है., मुझे तो कल रत hi पता चला की तुम कौन हो मए कौन हु ये शलाका कौन है . वार्ना अब तक फब और शलाका ने मुझे कुछ नहीं बताया था बस मेरी शक्तियों को जगाने में लगे हुए थे.
पूनम – शलाका तू इतने दिनों से देवा के साथ थी तू मुझसे मिलने क्यों नहीं आयी.
शलाका – दीदी मए नहीं आ सकती थी. मुझे जैसा आदेश था मए वैसा hi कर सकती थी . जब तक देवा खुद को तैयार न कर ले तब तक मुझे खुद को आपसे भी छुपा के रखना था. क्यों की ये बहोत लम्बी लड़ाई है इसमें अगर देव कमजोर रह जाता तो सब कुछ बिखर जाता. आप दोनों का मिलान फिर से अधूरा रह जाता और ये मए कैसे होने देती , इसलिए अपने दिल पे पथ्थर रख कर तुम्हारे सामने होते हुए भी तुमसे दूर रही. कई बार रातो को जब तुम सो रही होती थी तो तुम्हरे सिरहाने बैठ कर रोटी रहती थी तुम्हारे माथे को सहलाते हुए चूमते हुए तुम्हे देखा करती थी. पर अब ये भी तैयार है और इन्ही की शक्तियों से आपको सब याद आया है यानि अब आप भी तैयार हो. ……..
……….. मए तो एक तरह से आप दोनों को hi तैयार कर रही थी. म्हणत भले hi सिर्फ देवा कर रहा था लेकिन काम आप दोनों का बन रहा था.
पूनम – तिलिस्म लोक में सब कैसे है शलाका? माँ कैसी है बाबू जी कैसे है?
शलाका - यु तो सब ठीक है लेकिन ………….
पूनम – लेकिन क्या शलाका?
शलाका- बहोत बड़ी मुसीबत आने वाली है दोनों ग्रहो पर नाग लोक और तिलिस्म लोक कुछ भी सुरक्षित नहीं है. क्यों की देवा ने पिछले जनम में मरने से पहले दोनों ग्रहो को सुरक्षित करने के लिए शील्ड बना दी थी इस लिए अब तक सब ठीक है लेकिन अब उसका भी समय पूरा होने वाला है और नयी शील्ड को बनाना देवा की आलावा किसी के बस की बात नहीं . देवा इस बार वो शील्ड बनाएगा जिसमे आपकी भी शक्ति मिली होगी इससे फिर कभी शिलेड बदलने की जरुरत hi नहीं रह जाएगी करोडो सालो तक . या शायद अनंत काल तक. और दोनों गृह सुरक्षति हो जायेगे
देवा – ऐसी बात है तो हम ये काम तुरंत करेंगे.
शलाका नहीं देवा उस के लिए आपको पहले नाग लोक चलना होगा आगे का रास्ता आपको वही मिलेगा. और हम लोग आज रत को नाग लोक चलेंगे उस के बाद तिलिस्म नगरी.
देवा – तो फिर तय रहा आज रत 12 बजे हम चलेंगे नाग लोक. शलाका तुम पूरा इंतजाम कर देना.
शलाका – है ठीक है मए नागार्जुन को सन्देश भेज देती हु रात ठीक 12 बजे वो हमें लेने आ जायेगा.
इधर देवा आधी रात को 3 बजे उठा और अपने गेराज में बने बेसमेंट में चला गया. और वही अपनी साधना में लीं हो गया. दो घंटे बाद जब वो उठा तो उसका शरीर नयी ताक़त से भरा हुआ था और उसका चेहरा गजब का चमक रहा था.
तभी वह फ़कीर बाबा आते है.
फब - देवा……………..
देवा हाथ जोड़ कर – प्रणाम बाबा
फब – आयुष्मान रहो पुत्र, ………..
………..देवा अब तुम्हरे अंदर बहोत साडी शक्तिया आ गयी है जो के तुम्हरे अंदर अब अपने आप नयी शक्तियों को बनती जाएगी. और उन शक्तियों को सँभालने के लीये तुम्हे अब परेशां भी नहीं होना पद रहा है क्यों के समय समय पर सम्भोग करने से तुम्हारा शरीर अब उन शक्तियों के दबाव को भी सहन करता जार अहा है. अन्यथा तुम्हरे अंदर की पोटष शक्ति इतनी बाद जाती के तुम अपना मानसिक संतुलन भी न बना पते न hi अपनी शक्तियों का सही तरीके से इस्तमाल कर पते. अब तुम कोई साधारण पुरुष नहीं रह गए हो. तुम किसी को भी सम्मोहित कर सकते हो, सुरक्षा घेरे बना सकते हो, दिव्या शक्तियों की सहायता से तुम बुरी ताक़तों से लड़ सकते हो, कोई ताक़त कोई अस्त्र शास्त्र तुम्हे मजबूर नहीं कर सकते, यदि तुम घायल भी हो जाओ तो तुम्हारे घाव कुछ hi पालो में ठीक हो सकते है, अपना pratiroop(clone) भी बना सकते हो, इन के आलावा भी बहोत कुछ तुम अपनी म्हणत से प्राप्त कर चुके हो मए बेहद खुश हु तुमसे देवा. अब तुम्हे वक़्त आने पे कई साडी शक्तिया और मिलती जाएगी.
देवा – सब आपका आशीर्वाद है baba.kintu मुझ जैसे मामूली इंसाने को आपने इतना खास बना दिया इस के पीछे क्या राज है?
फब – देवा अब वो वक़्त नजदीक है. जब तुम्हारे सरे सवालो के जवाब तुम्हे मिलेंगे. बस थोड़ा सा और रुक जाओ.
किन्तु आज मए तुम्हे कुछ बताने hi आया हु. कल तुम्हे अपनी शक्तियों का कुछ अंश पूनम को देना है. ये ऐसा hi होगा जैसे की कोई एक दिए से दूसरा दिया जलाता है. इससे रौशनी hi बढ़ती है पहले दिए की रौशनी नहीं घटती.
देवा – बाबा पूनम को? क्या मए कारन जान सक्तु हु बाबा?
फब - ……….पूनम कोई साधारण स्त्री नहीं है देवा. वो तुम्हारा जनम जनम का प्यार है. सेकड़ो वर्ष पहले तुम्हारा और उसका प्रेम शुरू हुआ था.
………जब वो तिलिस्म लोक की राजकुमारी थी और तुम नाग लोक के राजकुमार. तुम एक महँ योद्धा थे. तभी विशेष परिस्थितियों के षाले तुम्हारी मुलाक़ात पूनम से हुई थी और तुम दोनों का प्रेम शुरू हुआ लेकिन परिस्थितियों ने तुम दोनों को अलग कर दिया. उस के बाद मेरे hi कहने पे तुम दोनों आत्माओ ने गहरी समाधी ले ली जो सेकड़ो वर्षो की थी.
…….उस में तुम्हरे अंदर साड़ी शक्तिया आ गयी और पूनम की आत्मा के साथ होने की वजह से वो भी मजबूत हो गयी किन्तु उसे शक्तिया तुमसे hi प्राप्त हो सकती है. इसलिए कल तुम उसे अपनी शक्तियों का कुछ अंश डोज उस के बाद उस की आत्मा साडी शक्तिया खुद hi हासिल कर लेगी. अपनी तिलिस्मी शक्तिया भी.
देवा ये सब सुन कर हैरान था उसे यकीन नहीं हो रहा था. तभी उसे याद आया नागार्जुन जिसने उसे योद्धा कह के पूजकरा था .
देवा – बाबा हमारे इस जनम का क्या उद्देश्य है?
फब - वो भी जल्द hi तुम्हे पता चल जायेगा देवा. कल जब तुम पूनम को शक्ति डोज उस के बाद तुम्हे शलाका नाग लोक ले के जाएगी. ये शलाका कोई और नहीं पिछले जनम की पूनम की बहन hi hae.jise पूनम देखते hi पहचान लेगी. बाकि वह पहुंच के तुम्हे पता चलेगा.
…..क्यों की वो जानने का हक़ पूनम को भी है. इसलिए जब दोनों साथ होंगे तब तुम्हे पता chalega.ab मए चलता हु.
……फ़कीर बाबा चले गए लेकिन देवा के मन में उलझन पैदा कर के गए थे. देवा तो कभी आश्चर्य करता कभी खुश होता कभी टेंशन में आ जाता फिर उसने सब भगवन के भरोसे छोड़ा और बहार आ गया और लॉन में दौड़ते हुए वो दन के पास पंहुचा
देवा - क्या बाबू जी आज अखाड़े नहीं चलेंगे क्या?
दन – नहीं देवा आज मेरे जाने की जरुरत नहीं. तुम वो सब सीख चुके हो जो मेरे पास था. अब तुम उसका अभ्यास करो.
देवा – ठीक है आज छोड़ देता हु आपको लेकिन आपको भी स्वस्थ रहने के लिए अखाड़े तो रोज चलना hi पड़ेगा. और है कल से भैया को भी ले जाना hae.mae उन्हें सिखाऊंगा भी जिससे मेरा अभ्यास भी होता रहेगा.
दन – बहोत खूब सोचा है देवा. वैसे भी रघु ने शराब पी पी कर अपना स्वस्थ बिगड़ दिया है अब उसे बनाना है. तो अखाड़े जाना hi पड़ेगा उसे.
देवा दिया को आवाज लगते हुए – अरे भाभी भैया कहा है?
दिया – वो आज उनकी तबियत कुछ ख़राब है वो सो रहे है.
देवा – अरे क्या हुआ उन्हें?
दिया – अचानक से शराब बंद कर दी है न तो शरीर कैंप रहा है. मैने खुद उन्हें कहा के अचानक कुछ नहीं करना चाहिए धीरे धीरे बंद कर देना अभी पी लीजिये…….
……. पर उन्होंने कहा के नहीं मैने देवा और बाबू जी को वचन दिया है. इसलिए अब चाहे जो हो जाये मेरे साथ मए नहीं पियुगा.
देवा – अरे इस में उदास होने की क्या बात है ये तो ख़ुशी की बात है. इससे उनका दर्द संकल्प दीखता है. आप चिंता मत कीजिये मए अभी उन्हें दवाई दे के साथ ले आता हु वो अभी मेरे साथ दौड़ने जायेगे.
दन – देवा बीटा उसकी तबियत ठीक नहीं तो उसे आराम करने दो.
देवा – अच्छा ठीक है अगर थोड़ी देर के बाद वो खुद सोना चाहेंगे तो मए जबरदस्ती नहीं करुगा. पर दवाई तो दे दू उन्हें.
देवा अपने क्लिनिक वाले कमरे में जाता है और पानी का गिलास आधा भर के उस में आँखे बंद कर के अपनी शक्ति दाल देता है. और पहुंच जाता है रघु के कमरे में
……… देवा – भैया उठो दवाई पी लो
रघु उठ कर दवाई पीटा है. और फिर लेट जाता है. 5 मिनट बाद वो आँखे खोलता है और एक भरपूर अंगड़ाई लेता है. देवा उसके सर पे हाथ रखता है तो रघु एक डैम फिट था.
रघु – अबे क्या पीला दिया भाई तूने मुझे तो लग रहा है के मए कभी बीमार था hi नहीं अभी एक घुसे में घोड़े को गिरा सकता हु इतनी ताक़त महसूस हो रही है.
देवा – अरे भैया ये साडी दवाइया मैने विदेश से मंगवाई है जो नीचे राखी है कमरे में. आज के बाद आपको न कभी दारू की तालाब सताएगी. न कभी आप इस वजह से बीमार होंगे. बल्कि आपको दारू का स्वाद भी याद नहीं आएगा.
रघु – तू सही कह रहा है भाई?
देवा – बिलकुल अब चलो
रघु – कहा ?
देवा – अरे अभी अखाड़े चलना है आपको मेरे साथ अब आपका शरीर भी मजबूत बनाना है.
रघु – तू सच मच देवता है यार.
देवा – क्या भाई चने पे चढ़ा रहे हो. चलो न
रघु उठ कर चल पड़ता है. नीचे सब दोनों भाइयो को जैसे hi देखते है चौंक जाते है रघु एक डैम फिट नजर आ रहा था उस के चेहरे पे एक डैम ताजगी थी.
देवा – अच्छा बाबू जी हम लोग आते है. और दोनों भाई निकल जाते है. अखाड़े पहुंचते है वह देवा रघु की कसरत शुरू से शुरू करवाता है. कोई 2 घंटे कसरत करने के बाद.
देवा – भाई अब आपको यहाँ रोज आना है कल से बाबू जी भी साथ आएंगे. अब आपको खुद को मजबूत बनाना है. देसी रियाज़ से. और जब समय मिले तो घर में छत पे जाकर गयम में भी कसरत करनी है. वो भी मए आपको सीखा दुगा……….
…………. कुछ हलकी कसरत मए भाभी को भी सीखा दुगा जिससे होने वाले बच्चे की सेहत अच्छी रहे और वो मजबूत पैदा हो. आपको उन दोनों का भी ध्यान रखना है अब.
रघु – है भाई अब तक जो मए नहीं कर पाया वो तूने किया , लेकिन अब जितना हो सकेगा मए करुगा परिवार के लिए भी और अपनी बीवी बच्चो के लिए भी.
फिर दोनों घर की और चल देते है. और घर आ कर नाहा धो कर तैयार हो कर नाश्ता करते हुए.
देवा – बबाबू जी मैने कुछ सोचा है है कल से आप हमारे साथ अखाड़े चलेंगे. और वापस आ कर भैया, भाभी, माँ और पायल ऊपर गयम में कसरत करेगी. फिट रहने के लिए. उन के गयम वाले कपडे मए आज शहर से ले आउगा मुझे अभी शहर जाना है बैग की दवाइयों का आर्डर देने के लिए.
दन – ठीक है बीटा वैसे भी एक्सरइसीसे करने से, होने वाला बचा भी स्वस्थ होगा ये तुमने सही सोचा है. लेकिन तेरी माँ तो वैसे भी फिट है उसे क्या जरुरत है.
देवा – फिट है तो हमेशा फिट hi रहे उस के लिए.
दन – जैसा तू कहे बीटा.
रघु – अच्छा बाबू जी मए चलता हु खेत जा रहा हु.
देवा – भाई रुको
रघु – बोलो देवा
देवा उसे अपना मोबाइल देता है - भाई ये रख लो.
रघु – अब इसका मए क्या करुगा?
देवा – कुछ नहीं बस खेतो में बोर हो जाओ तो भाभी से बात कर लेना. और फिर मए भी तो शहर जा रहा हु न कोई काम हो तो बोल देना
रघु - ठीक है भाई
फिर रघु निकल जाता है.
देवा – बाबू जी वो मए कह रहा था की अगर आप लोग इजाजत दे तो क्या मए पूनम को भी साथ ले जाऊ? हम शाम तक आ जायेगे.
दन – भाई मुझे से क्या पूछता है संधान जी से पूछ लो मुझे कोई एतराज नहीं.
देवा पद्मा से – काकी अगर आप बुरा न मने तो क्या हम दोनों जाये. भरोसा रखिये मए पूनम को सही सलामत ले आउगा
पद्मा – देवा क्यों शर्मिंदा करता है? मए भला क्यों बुरा मानूगी ? और रही बात भरोसे की तो माँ बाप अपने बच्चो पे hi तो भरोसा करते है. और तुझ पे भरोसा नहीं करेंगे तो हम सब का कौन है जिस पर हम भरोसा कर सके. तुम दोनों ख़ुशी से जाओ.
फिर पूनम और देवा दोनों रर में बैठ कर शहर की तरफ निकल पड़ते है. देवा मस्त गाने चला देता है
पूनम – आप हमें क्यों ले आये हम क्या करेंगे यहाँ शहर में आ कर ?
देवा – क्यों तुम्हे मेरा साथ पसंद नहीं क्या?
पूनम ऐसी बात नहीं है देवा आप के आलावा मुझे और कुछ पसंद आ सकता है क्या? पर मए ये कह रही थी आप तो बिजी रहेंगे न शहर में.
देवा – नहीं पूनम मुझे शहर में कोई काम नहीं मुझे तुमसे कुछ बात करनी है. जिस के लिए घर या गाँव सही जगह नहीं थी. इसीलिए तुम्हे शहर लाया हु.
पूनम – देखो मुझे डराओ मत प्लीज बोलो ऐसी क्या बात है जो तुम घर या गाँव में नहीं बता सकते.
देवा – घबराने की जरुरत बिलकुल भी नहीं है. बल्कि आज मए तुम्हे वो खुश खबरि दुगा के तुम बिना मेरे कहे मेरे होठो को चबा जाओगी.
पूनम शरमाते हुए – कुछ भी….. मए एसिया कुछ नहीं करने वाली अब बताओ भी.
देवा – पहले तुम लोगो के लिए एक्सरसाइज के कपडे ले लेते है कल से तुम भी गयम ज्वाइन करोगी सब के साथ घर में ok?
पूनम - ok जी
फिर देवा माल के सामने गाडी रोकता है और वो लोग अंदर जाते है और सब के लिए गयम वाले कपडे खरीद लेते है जिसमे शॉर्ट्स स्पोर्ट्स ब्रा कुछ शूज वगैरह थे. देवा रघु के लिए भी कुछ कपडे खरीदता है और मोबाइल भी. फिर देवा और पूनम एक होटल में जाते है. और एक रूम लेकर वह चले जाते है.
पूनम – आपके इरादे कुछ खतरनाक लग रहे मेरे को.
देवा – क्यों जी ऐसा मैने क्या किया?
पूनम आपने होटल का रूम क्यों लिया है?
देवा – तुम लड़कियों की अकाल भी न…… कुछ भी सोचती हो यार. अरे मेरी जान तुम्हरे साथ प्यार तो मए अपने घर के बैडरूम में hi करुगा जब हमारी सुहागरात होगी फूलो से सजा कमरा और बिस्तर होगा और जब तुम पूरी दुल्हन के लिबास में होगी. ………
……….पूनम तो देवा की बातो से वो सन hi देखने लगी खुली आँखों से तभी………..
देवा – ऐसे घटिया होटल के सादे हुए कमरे में हम प्यार करेंगे क्या?
देवा की ऐसी बात सुन कर पहले तो पूनम चौंक गयी फिर शर्मा गयी.
पूनम - अच्छा मेरी जान नाराज मत हो बोलो क्यों आये है हम यहाँ.
देवा- पूनम अपनी आँखे बंद करो और गहरी साँस लो और अपना शरीर ढीला छोड़ दो.
पूनम वैसे hi करती है तो देवा उसके सर पे हाथ रखता है और देवा के हाथ से नीली रौशनी निकल कर पूनम के अंदर सामने लगती है. ………
………थोड़ी देर के बाद देवा अपना हाथ हटा देता है. और उस के बाद पूनम धीरे धीरे आँखे खोलती है. और देवा को देखते hi उसकी आँखों में आंसू आ जाते है. उसके सामने उसके पिछले जनम की हर घटना फिल्म की तरह चल रही थी. और पूनम बस रोये जा रही थी थोड़ी देर के बाद पूनम दौड़ कर देवा के गले से लग जाती है.
पूनम – देव देव देव देव मेरे प्यारे देव आखिर हम मिल hi गए हमारा प्यार सच्चा निकला देव. आखिर हम फिर से मिल hi गए.
देवा की आँखों में भी आंसू आ जाते है. – हां पूनम हम मिल hi गए. हमें मिलना hi था. सेकड़ो सालो के बाद आखिर आज तुम फिर मेरी बहो में हो. दोनों hi एक दूजे को चूमने लगते है काफी देर तक जब वो दोनों अलग नहीं हो रहे थे तभी
उमठ ुम्मःहः ुखु ुखहु
ऐसी आवाज़ों से वो चौंकते है तो सामने कमर पे हाथ रखे शलाका कहदी मुस्करा रही थी.
पूनम – शलाका मेरी बहन तू कब आयी कैसी है तू ……..
……….फिर वो दोनों गले मिलती है और दोनों की आँखों से आंसू निकलने लगते है . इस मिलाप के बाद तीनो वही बिस्तर पे बैठ जाते है/
पूनम – देव आपने ये सब कैसे किया?
देवा – ये सब फ़कीर बाबा ने किया है पूनम
पूनम – फ़कीर बाबा से मिल चुके हो तुम
देवा – हां और उन्होंने hi मुझे एक अनपढ़ गवर जाहिल से इतना मजबूत और शक्तिशाली पड़ा लिखा बना दिया साथ hi इन सब में इस शलाका का भी पूरा हाथ है., मुझे तो कल रत hi पता चला की तुम कौन हो मए कौन हु ये शलाका कौन है . वार्ना अब तक फब और शलाका ने मुझे कुछ नहीं बताया था बस मेरी शक्तियों को जगाने में लगे हुए थे.
पूनम – शलाका तू इतने दिनों से देवा के साथ थी तू मुझसे मिलने क्यों नहीं आयी.
शलाका – दीदी मए नहीं आ सकती थी. मुझे जैसा आदेश था मए वैसा hi कर सकती थी . जब तक देवा खुद को तैयार न कर ले तब तक मुझे खुद को आपसे भी छुपा के रखना था. क्यों की ये बहोत लम्बी लड़ाई है इसमें अगर देव कमजोर रह जाता तो सब कुछ बिखर जाता. आप दोनों का मिलान फिर से अधूरा रह जाता और ये मए कैसे होने देती , इसलिए अपने दिल पे पथ्थर रख कर तुम्हारे सामने होते हुए भी तुमसे दूर रही. कई बार रातो को जब तुम सो रही होती थी तो तुम्हरे सिरहाने बैठ कर रोटी रहती थी तुम्हारे माथे को सहलाते हुए चूमते हुए तुम्हे देखा करती थी. पर अब ये भी तैयार है और इन्ही की शक्तियों से आपको सब याद आया है यानि अब आप भी तैयार हो. ……..
……….. मए तो एक तरह से आप दोनों को hi तैयार कर रही थी. म्हणत भले hi सिर्फ देवा कर रहा था लेकिन काम आप दोनों का बन रहा था.
पूनम – तिलिस्म लोक में सब कैसे है शलाका? माँ कैसी है बाबू जी कैसे है?
शलाका - यु तो सब ठीक है लेकिन ………….
पूनम – लेकिन क्या शलाका?
शलाका- बहोत बड़ी मुसीबत आने वाली है दोनों ग्रहो पर नाग लोक और तिलिस्म लोक कुछ भी सुरक्षित नहीं है. क्यों की देवा ने पिछले जनम में मरने से पहले दोनों ग्रहो को सुरक्षित करने के लिए शील्ड बना दी थी इस लिए अब तक सब ठीक है लेकिन अब उसका भी समय पूरा होने वाला है और नयी शील्ड को बनाना देवा की आलावा किसी के बस की बात नहीं . देवा इस बार वो शील्ड बनाएगा जिसमे आपकी भी शक्ति मिली होगी इससे फिर कभी शिलेड बदलने की जरुरत hi नहीं रह जाएगी करोडो सालो तक . या शायद अनंत काल तक. और दोनों गृह सुरक्षति हो जायेगे
देवा – ऐसी बात है तो हम ये काम तुरंत करेंगे.
शलाका नहीं देवा उस के लिए आपको पहले नाग लोक चलना होगा आगे का रास्ता आपको वही मिलेगा. और हम लोग आज रत को नाग लोक चलेंगे उस के बाद तिलिस्म नगरी.
देवा – तो फिर तय रहा आज रत 12 बजे हम चलेंगे नाग लोक. शलाका तुम पूरा इंतजाम कर देना.
शलाका – है ठीक है मए नागार्जुन को सन्देश भेज देती हु रात ठीक 12 बजे वो हमें लेने आ जायेगा.