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Uuuuuuffffffffffffitna तगड़ा धक्का आआआआह्ह्ह्हह्ह मार hi डालेगा क्याआ
Sssssseeeeeeeeeeaaaaaaaaahhhhhh देवऔउउउउउउठ्हहहहहह….
देवा ने अब बिना रुके तेज धक्के मरने चालू कर दिए जिससे सावित्री की बड़ी बड़ी चूचिया तेजी से ऊपर नीचे हो कर हिलने लगी और देवा उन्हें देखते हुए सावित्री की बुर में अपना तगड़ा लुंड पेलने लगा.
देवा 10 मिनट सावित्री को पूरी तेजी से छोड़ता rah….aur चुदाई की मस्ती में सावित्री झड़ने लगी…
Savitri-aahh...mmaaiinnn...aaii...oohh...Deva...yeesss...yess.. aahhh...aaaiiiii...
और सावित्री झड़ने लगी और चुदाई की आवाज़े बदलने लगी
Aaahh…ahhh..yyeess…..uumm…fffuuuucchhh..ffuucchhh…ffuuccchh……yeeehh..yeeehh..aaahhh..oohh…aahhh..ahhh…. aahhh..ahahh….aaahhh
ऐसी आवाज़ों के साथ सावित्री झाड़ gai...uske झड़ते hi देवा ने लुंड निकल लिया और खड़ा हो कर सावित्री की छूट देखने लगा.....
सावित्री- aahh..Deva...kya हुआ...??
देवा- आज तुम्हारी छूट का उद्घाटन हो गया.. मेरे लुंड से.
सावित्री- hmm..par रात अभी बाकि है देवा.. और तेरा तो अब भी पूरा खड़ा है न.
देवा- जनता hu...maa चलो अब पलट jao...tumhe पलटा कर छोड़ता हु....
सावित्री तुरंत पलट कर बीएड पर कुटिया बन gai...aur देवा ने पीछे से लुंड को अंदर डाला और कमर पकड़ कर चुदाई सुरु कर दी...
सावित्री- aahhhh..Deva...bahut एक्सपर्ट हो छोड़ने me...aaahhh
देवा- है maa..ab बस देखते jao...tumhe कैसे- कैसे छोड़ता hu...ye lo....yeehhhhh
सावित्री- aaahhhh...aaram से Deva...ohh...oohh..aahhhh
Deva-yesss…ye.lo…yeeehhh..yeeehhh....
Savitri-aahh..ahahhhh..ahahh….yees...aur tteejj….aaahh..aur तीजज....
zooorr…sssee…aahahh…aaaiiiseee…hhhii…aahahh….zzoooorrr…ssee..
सावित्री पूरी मस्ती में आवाज़ करती हुई अपनी गांड पीछे कर- कर के देवा का लुंड ले रही thi.....aur देवा भी फुल मस्ती में सावित्री की छूट के परखच्चे उदा रहा था....
देवा- maa...lund की सवारी करोगी...
सावित्री- aaahh...ha deva...ha...karao na...aaj तो जो तू चाहेगा वो करुँगी एक अलग hi दुनिया में ले आया तू तो मुझे आज तक मेरी पूरी जिंदगी में ऐसी फीलिंग नहीं हुई मुझे देवा
देवा जल्दी से सोफे पर लेट गया और सावित्री को ऊपर आने का बोलै...
सावित्री अपनी छूट में लुंड भरते हुए देवा के ऊपर बैठ गई और देवा ने सावित्री की गांड पकड़ के उसे उछलना सुरु कर दिया....
देवा- मज़ा आया न maa...haa
सावित्री- uumm..haa deva...bahut...aahh..aahh..aahh..aaahh..
देवा- जम्प jump...yehhh..
सावित्री- ओह yes..oh yess..yess..yess..yess...
देवा- aahh...gand तो बड़ी मस्त hai...teri माँ ये भी मारनी पड़ेगी..
सावित्री- aaahh...maar lena...ohh..yess..yess..yess..aaahhh...aahh...ab तो मए पूरी तेरी हो चुकी हु
करीब 5 मिनट बाद सावित्री फिर से झड़ने लगी और चुदाई की आवाज़े रूम में गूंजने लगी....
ahhh..ahh..ttthhppp..ttthhpp..tthhpp..aahhhh..yeeess..oohh..jjooorr…ssee..…aaahhhhh…tthhpp…tthhpp…oohh…yyeess…ahahhh..main gaaiiiii...aaaahhhh...
सावित्री के झड़ने के साथ hi देवा भी झड़ने के करीब आ गया... तो देवा ने सावित्री क वापस नीचे लिटाया और पूरा लुंड बहार निकल के एक hi धक्के में वापस दाल दिया अभी सावित्री सांस भी नहीं ले पायी थी के देवा के लुंड से उसकी छूट फिर से भर गयी
लेकिन इस बार देवा रुका नहीं और पूरी ताक़त से सावित्री की छूट में लुंड डालने लगा. कोई 15-20 धक्को में hi सावित्री का पूरा चेहरा लाल हो गया और उसने देवा के कंधे बड़ी जोर से पकड़ लिए और देवा ने अपना लुंड सावित्री की बुर में पूरा अंदर तक दाल कर एक डैम रुक गया और देवा के लुंड से बहोत तेज और बहतो गधा वीर्य निकला जिसे सावित्री ने अपनी कोख में पहुँचता हुआ महसूस किया. सावित्री के चेहरे पे एक तेज रौशनी चमकी उसका पूरा बदन hi उस रौशनी में नाहा गया जिसे सवित्र महसूस नहीं कर पायी क्यों की वो तो देवा के द्वारा छोड़े जा रहे उस गाढ़े वीर्य को अपने अंदर गिरता महसु करने में मगन थी.
कोई 8-10 तेज पिचकारियां छोड़ने के बाद देवा का शरीर कुछ ढीला हुआ तो सावित्री ने भी देवा के जिसमे से अपनी पकड़ को ढीला किया. दोनों की नजरे मिली तो देवा ने सावित्री के होठो पे चुम लिया. और उसके ऊपर से उठने लगा धीरे धीरे जैसे जैसे देवा का लुंड सावित्री की छूट से बहार आ रहा था सावित्री को एक अलग hi आनंद मिल रहा था. फिर देवा साइड में होकर लेट गया और गहरी साँसे लेने लगा.
कुछ देर बाद सावित्री देवा की तरफ पलट गयी और उसके सीने पे हाथ फिरते हुए उसके सीने को चुम लिया.
सावित्री - देवा ये हमने क्या कर दिया शायद ये गलत हुआ हमारे बीच. हमें ये नहीं करना चाहिए था.
देवा - नहीं माँ जो हुआ वो होना hi था इसके आलावा कोई चारा भी नहीं था.
सावित्री - वो तो सही है देवा लेकिन गलती मेरी भी थी मए भी बहक गयी थी. सच तो ये है के मैने तुझे और पद्मा को एक साथ देख लिया था देवा. और मए चाहती थी के पद्मा से पहले मए तुझे पाव क्यों की तू मेरा बीटा है और मए भी प्यासी थी मए मानती हु पद्मा गलत नहीं है वो कई सालो से प्यासी है तेरा हाथ पकड़ कर वो गलती नहीं कर रही है. हलाकि तू उसका होने वाला दामाद है लेकिन उसकी अपनी मजबूरिया है जिसकी वजह से मए उसे गलत तो नहीं कहुगी लेकिन मुझे उससे जलन होने लगी और मए उससे पहले तुझे पाना चाहती थी और वही हुआ . मैने तुझे उससे पहले प् hi लिया.
देवा –असल में ये एक अनुष्ठान hi था यही समझ लो. क्यों की ये सब जो हमारे बीच हुआ है वो सम्भोग नहीं नहीं था ये सब तो सिर्फ बाबू जी की जिंदगी को बचने के लिए hi हुआ है न.
सावित्री झटके से देवा की तरफ देखने लगती है उसकी आँखों से अचानक आंसू रुक गए थे.
सावित्री - ये तो तूने सही कहा मए भी कुछ देर के लिए तेरा प्यार प् कर इतनी भयंकर षड़यंत्र वाली बात तो भूल hi गयी थी.
देवा ने सावित्री को कास के अपने सीने से लगा लिया – अरे माँ जब तक मए हु बाबू जी की तरफ उठने वाली हर टेडी नजर को पहले मेरा सामना करना पड़ेगा और तेरा बीटा इतना कमजोर नहीं के उसे कोई यु hi हरा दे.
सावित्री देवा के गले से लगी हुई थी तो देवा ने शरारत से सावित्री की गांड की दरार में ऊँगली फिर दी
देवा – अब ये बताओ ये मुझे कब दे रही हो
सावित्री एक डैम देवा से दूर हो गयी और उसकी छाती में मुक्के मरने लगी
सावित्री - बदमाश पीछे से लेगा मुझे मरना चाहता है क्या एक तो इतना बड़ा घोड़े के जैसा है तेरा मए मर hi जोगी
देवा - तो क्या मुझे तुम अपनी गांड नहीं डौगी ?
सावित्री - अब तो सब कुछ तेरा hi है जो चाहे ले लो . एक बात कहु मुझे तुम्हरे साथ बहोत अच्छा लगा जिंदगी का एक नया अनुभव मिला. तुम सच में एक मर्द हो देवा. उम्मम्माह्ह्ह
देवा ने हस्ते हुए सावित्री को गले से लगा के चुम लिया और फिर अपने होठ सावित्री के होठो पे रख के चूसने लगा दोनों के बदन फिर से गर्माने लगे और अब सावित्री खुद देवा के ऊपर लेट कर देवा को तेजी से और गहराई से चूमने लगी. देवा ने भी सावित्री की चूचिया पकड़ के मरोड़नी शुरू कर दी बारिश जो रुक चुकी थी फिर से बदल गरजने लगे इधर कमरे में पलंग के ऊपर फिर से चुदाई का तूफ़ान उठने लगा उधर बहार बारिश फिर से तेज होने लगी. और दोनों hi काफी देर बरसते रहे कोई 4 बजे जाकर सावित्री को नींद आयी और देवा उठकर नहाने चला गया और फिर से नहाकर अपनी साधना में बैठ गया.
Uuuuuuffffffffffffitna तगड़ा धक्का आआआआह्ह्ह्हह्ह मार hi डालेगा क्याआ
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देवा ने अब बिना रुके तेज धक्के मरने चालू कर दिए जिससे सावित्री की बड़ी बड़ी चूचिया तेजी से ऊपर नीचे हो कर हिलने लगी और देवा उन्हें देखते हुए सावित्री की बुर में अपना तगड़ा लुंड पेलने लगा.
देवा 10 मिनट सावित्री को पूरी तेजी से छोड़ता rah….aur चुदाई की मस्ती में सावित्री झड़ने लगी…
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और सावित्री झड़ने लगी और चुदाई की आवाज़े बदलने लगी
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ऐसी आवाज़ों के साथ सावित्री झाड़ gai...uske झड़ते hi देवा ने लुंड निकल लिया और खड़ा हो कर सावित्री की छूट देखने लगा.....
सावित्री- aahh..Deva...kya हुआ...??
देवा- आज तुम्हारी छूट का उद्घाटन हो गया.. मेरे लुंड से.
सावित्री- hmm..par रात अभी बाकि है देवा.. और तेरा तो अब भी पूरा खड़ा है न.
देवा- जनता hu...maa चलो अब पलट jao...tumhe पलटा कर छोड़ता हु....
सावित्री तुरंत पलट कर बीएड पर कुटिया बन gai...aur देवा ने पीछे से लुंड को अंदर डाला और कमर पकड़ कर चुदाई सुरु कर दी...
सावित्री- aahhhh..Deva...bahut एक्सपर्ट हो छोड़ने me...aaahhh
देवा- है maa..ab बस देखते jao...tumhe कैसे- कैसे छोड़ता hu...ye lo....yeehhhhh
सावित्री- aaahhhh...aaram से Deva...ohh...oohh..aahhhh
Deva-yesss…ye.lo…yeeehhh..yeeehhh....
Savitri-aahh..ahahhhh..ahahh….yees...aur tteejj….aaahh..aur तीजज....
zooorr…sssee…aahahh…aaaiiiseee…hhhii…aahahh….zzoooorrr…ssee..
सावित्री पूरी मस्ती में आवाज़ करती हुई अपनी गांड पीछे कर- कर के देवा का लुंड ले रही thi.....aur देवा भी फुल मस्ती में सावित्री की छूट के परखच्चे उदा रहा था....
देवा- maa...lund की सवारी करोगी...
सावित्री- aaahh...ha deva...ha...karao na...aaj तो जो तू चाहेगा वो करुँगी एक अलग hi दुनिया में ले आया तू तो मुझे आज तक मेरी पूरी जिंदगी में ऐसी फीलिंग नहीं हुई मुझे देवा
देवा जल्दी से सोफे पर लेट गया और सावित्री को ऊपर आने का बोलै...
सावित्री अपनी छूट में लुंड भरते हुए देवा के ऊपर बैठ गई और देवा ने सावित्री की गांड पकड़ के उसे उछलना सुरु कर दिया....
देवा- मज़ा आया न maa...haa
सावित्री- uumm..haa deva...bahut...aahh..aahh..aahh..aaahh..
देवा- जम्प jump...yehhh..
सावित्री- ओह yes..oh yess..yess..yess..yess...
देवा- aahh...gand तो बड़ी मस्त hai...teri माँ ये भी मारनी पड़ेगी..
सावित्री- aaahh...maar lena...ohh..yess..yess..yess..aaahhh...aahh...ab तो मए पूरी तेरी हो चुकी हु
करीब 5 मिनट बाद सावित्री फिर से झड़ने लगी और चुदाई की आवाज़े रूम में गूंजने लगी....
ahhh..ahh..ttthhppp..ttthhpp..tthhpp..aahhhh..yeeess..oohh..jjooorr…ssee..…aaahhhhh…tthhpp…tthhpp…oohh…yyeess…ahahhh..main gaaiiiii...aaaahhhh...
सावित्री के झड़ने के साथ hi देवा भी झड़ने के करीब आ गया... तो देवा ने सावित्री क वापस नीचे लिटाया और पूरा लुंड बहार निकल के एक hi धक्के में वापस दाल दिया अभी सावित्री सांस भी नहीं ले पायी थी के देवा के लुंड से उसकी छूट फिर से भर गयी
लेकिन इस बार देवा रुका नहीं और पूरी ताक़त से सावित्री की छूट में लुंड डालने लगा. कोई 15-20 धक्को में hi सावित्री का पूरा चेहरा लाल हो गया और उसने देवा के कंधे बड़ी जोर से पकड़ लिए और देवा ने अपना लुंड सावित्री की बुर में पूरा अंदर तक दाल कर एक डैम रुक गया और देवा के लुंड से बहोत तेज और बहतो गधा वीर्य निकला जिसे सावित्री ने अपनी कोख में पहुँचता हुआ महसूस किया. सावित्री के चेहरे पे एक तेज रौशनी चमकी उसका पूरा बदन hi उस रौशनी में नाहा गया जिसे सवित्र महसूस नहीं कर पायी क्यों की वो तो देवा के द्वारा छोड़े जा रहे उस गाढ़े वीर्य को अपने अंदर गिरता महसु करने में मगन थी.
कोई 8-10 तेज पिचकारियां छोड़ने के बाद देवा का शरीर कुछ ढीला हुआ तो सावित्री ने भी देवा के जिसमे से अपनी पकड़ को ढीला किया. दोनों की नजरे मिली तो देवा ने सावित्री के होठो पे चुम लिया. और उसके ऊपर से उठने लगा धीरे धीरे जैसे जैसे देवा का लुंड सावित्री की छूट से बहार आ रहा था सावित्री को एक अलग hi आनंद मिल रहा था. फिर देवा साइड में होकर लेट गया और गहरी साँसे लेने लगा.
कुछ देर बाद सावित्री देवा की तरफ पलट गयी और उसके सीने पे हाथ फिरते हुए उसके सीने को चुम लिया.
सावित्री - देवा ये हमने क्या कर दिया शायद ये गलत हुआ हमारे बीच. हमें ये नहीं करना चाहिए था.
देवा - नहीं माँ जो हुआ वो होना hi था इसके आलावा कोई चारा भी नहीं था.
सावित्री - वो तो सही है देवा लेकिन गलती मेरी भी थी मए भी बहक गयी थी. सच तो ये है के मैने तुझे और पद्मा को एक साथ देख लिया था देवा. और मए चाहती थी के पद्मा से पहले मए तुझे पाव क्यों की तू मेरा बीटा है और मए भी प्यासी थी मए मानती हु पद्मा गलत नहीं है वो कई सालो से प्यासी है तेरा हाथ पकड़ कर वो गलती नहीं कर रही है. हलाकि तू उसका होने वाला दामाद है लेकिन उसकी अपनी मजबूरिया है जिसकी वजह से मए उसे गलत तो नहीं कहुगी लेकिन मुझे उससे जलन होने लगी और मए उससे पहले तुझे पाना चाहती थी और वही हुआ . मैने तुझे उससे पहले प् hi लिया.
देवा –असल में ये एक अनुष्ठान hi था यही समझ लो. क्यों की ये सब जो हमारे बीच हुआ है वो सम्भोग नहीं नहीं था ये सब तो सिर्फ बाबू जी की जिंदगी को बचने के लिए hi हुआ है न.
सावित्री झटके से देवा की तरफ देखने लगती है उसकी आँखों से अचानक आंसू रुक गए थे.
सावित्री - ये तो तूने सही कहा मए भी कुछ देर के लिए तेरा प्यार प् कर इतनी भयंकर षड़यंत्र वाली बात तो भूल hi गयी थी.
देवा ने सावित्री को कास के अपने सीने से लगा लिया – अरे माँ जब तक मए हु बाबू जी की तरफ उठने वाली हर टेडी नजर को पहले मेरा सामना करना पड़ेगा और तेरा बीटा इतना कमजोर नहीं के उसे कोई यु hi हरा दे.
सावित्री देवा के गले से लगी हुई थी तो देवा ने शरारत से सावित्री की गांड की दरार में ऊँगली फिर दी
देवा – अब ये बताओ ये मुझे कब दे रही हो
सावित्री एक डैम देवा से दूर हो गयी और उसकी छाती में मुक्के मरने लगी
सावित्री - बदमाश पीछे से लेगा मुझे मरना चाहता है क्या एक तो इतना बड़ा घोड़े के जैसा है तेरा मए मर hi जोगी
देवा - तो क्या मुझे तुम अपनी गांड नहीं डौगी ?
सावित्री - अब तो सब कुछ तेरा hi है जो चाहे ले लो . एक बात कहु मुझे तुम्हरे साथ बहोत अच्छा लगा जिंदगी का एक नया अनुभव मिला. तुम सच में एक मर्द हो देवा. उम्मम्माह्ह्ह
देवा ने हस्ते हुए सावित्री को गले से लगा के चुम लिया और फिर अपने होठ सावित्री के होठो पे रख के चूसने लगा दोनों के बदन फिर से गर्माने लगे और अब सावित्री खुद देवा के ऊपर लेट कर देवा को तेजी से और गहराई से चूमने लगी. देवा ने भी सावित्री की चूचिया पकड़ के मरोड़नी शुरू कर दी बारिश जो रुक चुकी थी फिर से बदल गरजने लगे इधर कमरे में पलंग के ऊपर फिर से चुदाई का तूफ़ान उठने लगा उधर बहार बारिश फिर से तेज होने लगी. और दोनों hi काफी देर बरसते रहे कोई 4 बजे जाकर सावित्री को नींद आयी और देवा उठकर नहाने चला गया और फिर से नहाकर अपनी साधना में बैठ गया.