अपडेट – 239
पूनम - धोखा……….. देव के साथ dhokha…….mere देव के साथ धोखा करने का सोचा कैसे उसने.
शलाका - धोखा?? क्या बोल रही है किसने किया है धोखा देव के साथ बता मुझे पूनम.
तभी फिर से पूनम ने अपनी आंखे बंद की और फिर जब उसने आंखे खोली तो वो शांत थी.
शलाका - क्या हुआ पूनम तुझे बता मुझे किसने धोखा दिया है देव को किस की मौत आयी है?
पूनम - कुछ नहीं तू छोड़ परेशां न हो.
शलाका - देख पूनम अपनी मीठी बातो से मुझे मत बहला बता क्या हुआ है?
पूनम - अरे मेरी माँ कुछ नहीं हुआ.
शलाका - तो फिर तू अचानक वह से उठकर बहार क्यों आयी , तेरे माथे पे पसीना क्यों आया, तूने ये क्यों कहा देव के साथ धोखा, तू क्रोध में क्यों आयी और फिर अब तू मुस्करा क्यों रही है.
पूनम - अरे मेरी बहना कितना पढ़ती है तू मेरे चेहरे को अरे बोलै न मैने कुछ नहीं हुआ . और मुझे लगा था के उसने देव के साथ धोखा किया है . लेकिन अभी देव ने hi मुझसे संपर्क बनाया था. और उसने बहोत कुछ समझा दिया . तब मुझे याद आया के भला देव को कोई धोखा दे सकता है क्या?. लेकिन मन्ना पड़ेगा चल जबरदस्त चली है उसने.
शलाका - क्या कह रही है कसिने चल चली है. तू एक काम कर बस नाम बता और कुछ मत बोल आगे मए देख लगी उसे.
पूनम - नहीं शलाका उसे अपनी चल चलने दो अभी उसका समय चल रहा है. उसे सही वक़्त आने पे देख लगे. और रही बात नाम की तो वो कोई और नहीं बल्कि रजनी है.
शलाका - क्या?????? रजनी…….. लेकिन वो क्यों चल चलने लगी? हमने तो उसका कुछ नहीं बिगाड़ा न देव ने न किसी और ने, बल्कि देव ने तो उसे त्रिकाल के तिलिस्म से निकल क ीक तरह से जीवन दान दिया, उसे गुलामी से आज़ाद करवाया. फिर वो क्यों धोखा देगी? नहीं नहीं पूनम कुछ तो गलत है जरूर कोई ग़लतफ़हमी हुई होगी. फिर से चेक करना पड़ेगा. और वो मए खुद कर लगी तू टेंशन मत लेना.
पूनम - अरे यार देव से अभी बात होने के बाद मेरी टेंशन तो वैसे भी ख़तम हो गयी और रही बात रजनी ने ऐसा क्यों किया तो है कोई कारन, जो अभी तो ठीक ठीक मुझे भी नहीं पता लेकिन देव ने कहा है के सही वक़्त का इंतजार करना होगा. क्यों के जो बात हमें आज पता चली है वो बात देव शुरू से जनता था लेकिन उसने किसी को भनक भी नहीं लगने दी, जब हम सब आज भी किसी से कुछ नहीं कहा वो तो मुझे hi रजनी की बातो से कुछ छडयन्त्र की या जलन की बदबू आयी और मैने उसके बारे में जानने की कोशिश की लेकिन उसने अपने आपको छुपा के रखा है तू भी कोशिश कर के देख रजनी के बारे में कुछ नहीं जान पायेगी. उसने खुद को एक कोहरे में छुपा के रखा है तिलिस्मी कोहरे में जिसके पर कोई नहीं जा सकता सिर्फ बनाने वाला hi उस में घुस सकता है और इतना बहोत है उस पे शक करने के लिए लेकिन देव ने सब क्लियर कर दिया है ये कह कर की वो खुद को कितना भी छुपा ले देव सब जनता है उसके बारे में क्यों कैसे ये वक़्त आने पे पता चलेगा. लइकन देव का कहना है के हमें भी अपनी तिलिस्मी शक्तियों का इस्तेमाल करके ये बात छुपानी है की हमें उसकी गद्दारी का पता चल चूका है , अगर उसे ये भनक भी लग गयी तो सब गड़बड़ा हो जाएगी तू समझ रही है न. ये मन के चलो के हमें कुछ नहीं पता उससे पहले की तरह hi बाते करनी है, पहले की तरह hi मिल के चलना है उसे दिखाना है के हम सब उस पर भरोसा करते है. बस अब भरोसा करना नहीं है उस पर.
शलाका - मए तो समझ गयी लेकिन सही वक़्त आने पे उसे जरूर समझोगी के हमसे गद्दारी कर के उसने अपनी बहोत बुरी मौत को बुलाया है. हमें वो फसा नहीं सकती.
पूनम - देखेंगे अभी तो चलने दो जो चल रहा है वो वक़्त अभी बहोत दूर है.
फिर दोनों बहने अंदर आ जाती है.
नागार्जुन - भाई ये सब तो हम समझ hi गए लेकिन मुंबई हम क्यों नहीं जा सकते?
पूनम - सही बात है हमें भी मुंबई घुमनी है, क्यों रजनी ?
रजनी - है देव हमें भी लेके चलो न
देव – देख भाई नागार्जुन यहाँ के लिए भी कोई होना चाहिए इसीलिए तू नहीं जा रहा है अभी. दूसरी बात रही इन दो लेडीज की तो रजनी और माय डार्लिंग पूनम तुम दोनों भी समझो उस महल में पहले से भूत और चुड़ैले है तुम दोनों भी जाओगी तो कुछ ज्यादा नहीं हो जायेगा,
देव की बात सुन कर जहा सब मुस्कराने लगे वही पूनम
पूनम - अच्छा जी तो मए अब चुड़ैल हो गयी न आपके लिए. अच्छी बात है आओ जरा मेरे पास मए बताती हु मए कैसी चुड़ैल हु.
देव – अरे मेरे कहने का वो मतलब नहीं था यार.
रूद्र – है अब आया न उठ पहाड़ के नीचे थोड़ी देर पहले मेरी खिचाई हो रही थी. अब बोलो. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई भाभी को चुड़ैल बोलने की. भाभी ये बहोत गलत बात है.
देव – अबे ो रूद्र कहे को आग में घी दाल रहा है बे.
रूद्र – लो जी मए कौन सा घी दाल रहा हु. भाभी को चुड़ैल तो तुमने hi बोलै न
देव – चुप कर रूद्र. वार्ना पिटेगा अब मुझसे.
रूद्र - अरे जा बड़ा आया मुझे पीटने वाला. मेरी भाभी को चुड़ैल बोलता है और तू क्या समझता है मए चुप रहुगा.
देव – रूद्र मेरे बाप अब बस कर दे.
रूद्र - चल ठीक है अब की बार छोड़ देता हु लेकिन आइंदा भाभी को चुड़ैल न बोलना बे.
देव हाथ जोड़ के - समझ गया बाप अब चुप कर तो कुछ और बात कर ले.
सभी उनकी बहस से मजे ले रहे थे यु तो पूनम और शलाका भी लेकिन उनके अंदर एक तूफ़ान जनम ले चूका था.