Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर - Page 4 - SexBaba
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Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर

# 25 .

3 जनवरी 2002, गुरुवार, 04:35;

कोल्ड स्टोर रूम में पहुंचकर सभी हैरान रह गए। क्यों कि लॉरेन की लाश सच में अपनी जगह पर नहीं थी।

“ओ माई गॉड! यह क्या ?“ एक गार्ड के मुंह से आश्चर्य भरे स्वर निकले।

“क्या हुआ?“ सुयश ने गार्ड को आश्चर्यचकित होते देख पूछ लिया।

“वो....वो.... सर! लॉरेन की लाश तो गायब है ही, पर जो गार्ड की लाश हम अभी-अभी छोड़ कर गए थे। वह भी गायब है।“ गार्ड ने डरते हुए जवाब दिया।

“क्याऽऽऽऽऽऽ?“ एक क्षण के लिए सभी के शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई।

“डरो मत! साफ-साफ शब्दों में बताओ कि जब तुम यहां आए तो तुमने क्या देखा ?“ ब्रैंडन ने गार्ड को हिम्मत बंधाते हुए कहा।

“जब हम दोनों...... मृत गार्ड की लाश को लेकर आए, तो हमने यह देखा कि जहां पर लॉरेन की लाश रखी गई थी। वह अब वहां पर नहीं थी। यह देखकर हम इतना डर गये कि डर की वजह से हम उस गार्ड की लाश को भी यहां छोड़कर आपको बताने के लिए भाग गए।“ इतना कहकर गार्ड चुप हो गया।

“यदि तुम गार्ड की लाश अभी यहां छोड़ कर गए हो तो फिर वह कहां चली गई?“ सुयश ने तेजी से इधर-उधर देखते हुए कहा।

तभी ब्रैंडन की नजर स्टोर के दूसरी साइड वाले दरवाजे की ओर गई, जो कि खुला हुआ दिख रहा था। ब्रैंडन ने सुयश को भी इशारे से खुला दरवाजा दिखाया। सुयश धीरे-धीरे चलता हुआ, उस पिछले दरवाजे के पास पहुंच गया। कुछ देर सोचने के बाद सुयश ने दरवाजे को धक्का दे पूरा खोल दिया।

वह दरवाजा डेक नं0 12 पर खुलता था। सुयश ने अपना सिर निकाल कर इधर-उधर देखा, पर अंधकार के सिवा उसे सामने कुछ नहीं दिखाई दिया।

“मिस्टर लारा !“ सुयश ने वापस स्टोर रुम के अंदर कदम रखते हुए लारा से मुखातिब हो कर कहा-

“क्या स्टोर रुम में ताला नहीं लगा था ?“

“नो सर! स्टोर रुम में तो ताला नहीं लगाथा। क्यों कि ना तो यहां पर कोई कीमती चीज रखी है, और ना ही किसी यात्री को इस दिशा में आने की इजाजत है। हां लेकिन इसके पीछे का यह दरवाजा अवश्य अंदर से बंद था।“ लारा ने सफाई देते हुए कहा।

“इसका मतलब जो भी लाश लेकर गया है, वह अगले दरवाजे से आया था और लाश लेकर पीछे के दरवाजे से निकल गया।“ सुयश ने स्टोर रूम में चहलकदमी करते हुए कहा।

“लेकिन सर कोई भला इन लाशों को क्यों ले गया ? उसे इन लाशों से क्या फायदा हो सकता है?“ जेनिथ ने सुयश से मुखातिब हो पूछ लिया।

“फिलहाल तो आपकी इस बात का जवाब अभी मेरे पास भी नहीं है मिस जेनिथ।“ सुयश ने जेनिथ के बाद तौफीक, असलम, ब्रैंडन, लारा , जैक, जॉनी, अलबर्ट, ऐलेक्स, क्रिस्टी व लोथार सहित वहां खड़े सभी के चेहरे पर बारी-बारी नजर डालते हुए कहा।

ब्रैंडन की भी निगाहें बहुत तेजी से स्टोर रूम में किसी क्लू के लिए फिर रहीं थीं। सुयश भी बहुत तेजी से कुछ सोच रहा था कि अचानक उसे शैफाली के कहे शब्द याद आ गए-

“अंकल! वैसे आपको अगर ब्रूनो की जरूरत पड़े, तो आप जरुर बताइएगा क्यों कि वह भी आपकी काफी मदद कर सकता है।“ यह ख्याल दिल में आते ही वह सभी को वहां रुकने को बोल सीधा शैफाली के रूम की ओर चल दिया।

चैपटर-8 3 जनवरी 2002, गुरुवार,

05:15; रूम के बाहर पहुंच कर सुयश ने एक बार नजर अपनी घड़ी पर मारी। घड़ी में सुबह के 05:15 का समय हुआ था। दरवाजे पर लगी घंटी पर एक बार उसकी उंगली ठिठकी, लेकिन फिर ना जाने कैसे उसने घंटी दबा ही दी।

कुछ देर के बाद रूम का दरवाजा खुला। दरवाजा खोलने वाला माइकल था। माइकल के चेहरे पर गहरी नींद के निशान स्पष्ट थे।

“क्या बात है कैप्टेन! आप इतने समय यहां ? सब ठीक तो है ना ?“ माइकल के स्वर में आश्चर्य के भाव थे।

“क्या मैं अंदर आ सकता हूं?“ सुयश ने माइकल का जवाब ना देते हुए उल्टा अपना एक सवाल और कर दिया।

“यस-यस क्यों नहीं ? आइये।“ माइकल दरवाजे के आगे से हटता हुआ बोला। सुयश धीरे से अंदर आकर एक सोफे पर बैठ गया।

“शैफाली सो रही है क्या ?“ धीरे से सुयश ने इधर-उधर____नजरें दौड़ाते हुए पूछा।

“हां वह तो अभी सो रही है।“ माइकल ने ना समझ में आने वाले भाव से जवाब दिया।

“दरअसल मुझे आपसे कुछ समय के लिए एक चीज चाहिए थी।“ सुयश ने समय ना बर्बाद करते हुए, सीधे टॉपिक पर आते हुए कहा।

“मुझसे भला क्या चाहिए आपको?“ माइकल हैरानी से सुयश को देखते हुए बोला। पर इससे पहले कि सुयश कुछ जवाब दे पाता, वातावरण में शैफाली की आवाज गूंजी-

“ब्रूनो चाहिए होगा, क्यों कैप्टेन अंकल मैंने सही कहा ना ?“ कमरे में शैफाली ने ब्रूनो के साथ प्रवेश करते हुए कहा।

“हाँ बेटे! हर बार की तरह तुम इस बार भी बिल्कुल सही हो।“ सुयश के चेहरे पर प्रशंसा के भाव उभरे-

“किन्हीं कारणों से मुझे कुछ देर के लिए ब्रूनो चाहिए था।“

“आप ब्रूनो को ले जा सकते हैं, बस एक छोटी सी शर्त है, आपको अगले स्टॉपेज पर ब्रूनो के लिए बिस्किट खरीद कर देना होगा और ब्रूनो के बाहर निकलने के प्रतिबंध को हटाना होगा।“ शैफाली ने मुस्कुराते हुए कहा।

“ठीक है, मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है।“ सुयश के चेहरे पर बेसाख्ता ही मुस्कान उभर आयी – “मैं वादा करता हूं कि मैं अगले स्टॉपेज पर ब्रूनो के लिए कुछ बिस्किट के पैकेट जरूर खरीदूंगा और इसे रूम से बाहर भी निकलने दूंगा।“

“फिर ठीक है।“ शैफाली ने अपनी सजीव सी लग रही नीली आंखों को शरारत भरे अंदाज में गोल गोल नचाते हुए कहा-

“अब आप ब्रूनो को अपने साथ ले जा सकते हैं।“ सुयश समझ गया कि शैफाली ने मौके का फायदा उठाकर अपनी बात मनवा ली।

शैफाली की चालाकी देखकर, चाहे थोड़ी देर के लिए ही सही, पर सुयश अपनी प्रॉब्लम भूल गया था। मगर जैसे ही सुयश को स्टोर रुम की याद आई, वह तुरंत उठ कर खड़ा हो गया। ब्रूनो मानो सबकी बातें समझ रहा था, वह धीरे-धीरे चलकर सुयश के पास आकर खड़ा हो गया।

“सॉरी कैप्टेन!....“ माइकल ने माफी मांगने वाले अंदाज में कहा- “शैफाली की बात का बुरा मत मानियेगा।“

“कोई बात नहीं ! मुझे आपकी बेटी की शर्त से कोई परेशानी नहीं है, बल्कि मैं यह कहूंगा कि आपकी बेटी का दिमाग बहुत तेज है। अच्छा चलता हूं। चलो ब्रूनो।“ यह कहकर सुयश ने धीरे से ब्रूनो के सिर पर हाथ फेरा और बाहर निकल गया।

ब्रूनो भी किसी आज्ञाकारी बालक की तरह सुयश के पीछे-पीछे चल दिया।

3 जनवरी 2002, गुरुवार, 05:45;

“क्या बात है कैप्टेन? आप कहां चले गए थे?“ असलम________ने आगे बढ़ते हुए सुयश से पूछ लिया।

सुयश ने असलम की किसी बात का जवाब ना देकर, सिर्फ ब्रूनो की तरफ इशारा किया। ब्रूनो पर नजर पड़ते ही असलम सारी बातें समझ गया।

“यह शिप पर इतना भयानक कुत्ता कहां से आया कैप्टेन? जबकि आप तो कह रहे थे कि शिप पर जानवरों का लाना मना है।“ जॉनी ने भयभीत नजरों से ब्रूनो को देखते हुए कहा।

“सब कुछ रखना पड़ता है।“ सुयश ने जैक की ओर देखते हुए कहा- “क्या पता कब किस चीज की जरूरत पड़ जाए?“ सुयश को अपनी तरफ घूरता देखकर, जैक ने घबरा कर अपना मुंह दूसरी तरफ घुमा लिया।

“लॉरेन की लाश कहां रखी गई थी?“ सुयश ने लारा की तरफ देखते हुए पूछा।

“उस टेबल पर।“ लारा ने एक तरफ रखी हुई एक लंबी सी स्ट्रेचर टाइप टेबल की ओर इशारा किया। सुयश ब्रूनो को लेकर उस टेबल तक पहुंचा और फिर उसने ब्रूनो को वहां सूंघने का इशारा किया।

ब्रूनो तुरंत उछलकर उस टेबल पर चढ़ गया और फिर टेबल को सूंघकर बहुत तेजी से पिछले दरवाजे की तरफ भागा। सभी लोग उसके पीछे-पीछे भागे। दरवाजे से निकल कर ब्रूनो डेक पर आ गया। उसने अपनी नाक को हवा में उठा कर कुछ सूंघने की कोशिश की और फिर कुछ आगे जा कर, एक ड्रम के पीछे कुछ सूंघने लगा। थोड़ी देर में वह ड्रम के पीछे से एक कपड़ा लेकर निकला। सुयश ने उस कपड़े को ब्रूनो से ले लिया।

वह कपड़ा एक खूबसूरत सा नीले रंग का चेकदार रुमाल था। ब्रूनो पुनः तेजी से डेक पर आगे की ओर भागा। सभी उसके पीछे थे। आगे जा कर ब्रूनो 2 खंभों के पास चक्कर लगाने लगा और फिर चुपचाप खड़ा हो गया।

जारी रहेगा.....…..✍️
 
# 26 .

“लगता है, लाश लेकर भागने वाले को पहले से ही पता था कि कुत्ते का सहारा लेकर उसे पकड़ा जा सकता है। इसलिए उसने ब्रूनो को ‘चकमा ‘ देने के लिए दो खंभों के बीच गणित के ‘8‘ की डिजाइन में भागकर उसे चकमा दे दिया।“ तौफीक ने ब्रूनो को खंभों के बीच चक्कर लगाते हुए देखकर कहा।

“इसका मतलब अपराधी बहुत चालाक है।“ सुयश ने सबको देखते हुए कहा-

“उसको पहले से ही पता था कि उसका पीछा कुत्ते से करवाया जा सकता है। इसलिए उसने पहले से ही उसका इंतजाम कर रखा था।“

“लेकिन कैप्टन अपराधी को ब्रूनो के बारे में कैसे पता चला ? जबकि यह बात तो बहुत कम लोग ही जानते थे।“ असलम ने आगे बढ़ते हुए कहा।

“तुमने बिल्कुल ठीक कहा असलम। अब हमें एक ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार करनी पड़ेगी, जिन्हें ब्रूनो के बारे में पता था।“ सुयश बोल तो असलम से रहा था, पर उसकी नजरें एक-एक करके सबके चेहरे का जायजा ले रही थी।

“लेकिन एक बात समझ में नहीं आई कैप्टेन।“ लोथार जो कि काफी देर से खामोश हो कर सबकी बातें सुन रहा था, बोल उठा- “कि आखिर अपराधी को लॉरेन की लाश ले जाने की क्या जरूरत थी ?“

“दैट्स द प्वाइंट मिस्टर लोथार।“ सुयश ने सोचते हुए कहा- “ये एक बहुत बड़ा प्वांइट है, कि आखिर अपराधी को लॉरेन की लाश में क्या दिलचस्पी हो सकती है?“

“शायद इसके बारे में मैं आपको कुछ बता सकूं कैप्टेन।“ क्रिस्टी ने सुयश पर निगाह मारते हुए कहा।

“आप!“ सुयश ने क्रिस्टी को अजीब सी नजरों से देखते हुए कहा।

“मेरा नाम क्रिस्टीना जोंस है। लोग मुझे क्रिस्टी भी कहते हैं। मैं मूलतः इटली की निवासी हूं, और लॉरेन की बेस्ट फ्रेंड भी हूं।“

“लॉरेन की बेस्ट फ्रेंड!“ जेनिथ ने आश्चर्य से कहा।

“जी हां ! मैं और लॉरेन एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। हमारी आपस में बहुत अच्छी दोस्ती थी।“ क्रिस्टी ने जेनिथ से मुखातिब हो कर कहा।

“पर लॉरेन ने तो कभी मुझे आपके बारे में नहीं बताया और ना ही मैंने शिप पर कभी आपको उसके साथ देखा।“ जेनिथ ने संदिग्ध स्वर में क्रिस्टी से कहा।

“इतने दिनों में उसके साथ रहकर यह बात तो आप भी जान गई होंगी कि लॉरेन ज्यादा लोगों को अपना दोस्त नहीं बनाती थी। वह बहुत रिजर्व टाइप की लड़की थी। यहां तक कि वह अपने दिल का राज भी जल्दी किसी को नहीं बताती थी। दरअसल कॉलेज के बाद वह फ्रांस चली गई और मैं इटली। इसलिए उसके बाद हम लोगों में सम्बन्ध-विच्छेद हो गया। इस बीच हमें एक दूसरे की कोई बातें पता नहीं चलीं। फिर काफी समय के बाद हम दोबारा इसी शिप पर मिले। कॉलेज की यादें फिर से ताजा हो गईं। तभी उसने बताया कि किस तरह वह आपके डांस ग्रुप में शामिल हुई और कैसे इस शिप पर पहुंची।“

क्रिस्टी ने थोड़ी देर रुककर फिर बोलना शुरु कर दिया- “शिप पर तो वह अक्सर मुझसे मिला करती थी। पर शायद कभी आपके साथ नहीं मिली। इसलिए हम दोनों की मुलाकात नहीं करवा सकी। वैसे कॉलेज के समय में उसका कोई बॉयफ्रेंड हुआ करता था, जो अक्सर उसे लेटर लिखा करता था। मैंने भी कई बार उसके लेटर पढ़े। पर आज तक कभी उससे मिल नहीं पाई थी। धीरे-धीरे कॉलेज के दिन भी खत्म हो गए। सभी अपने-अपने घर जाने लगे, तब भी मैंने उसके बॉयफ्रेंड से मिलने की लिए कहा, पर जाने क्यों उसने मिलाया नहीं। फिर जब इतने दिनों के बाद वह मुझे फिर से शिप पर मिली, तो मैंने फिर उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह आज भी उसके साथ इसी शिप पर है।“

“यह नहीं हो सकता।“ जेनिथ ने चीखते हुए कहा- “वह मेरी बेस्ट फ्रेंड थी। वह मुझसे कोई बात नहीं छिपाती थी। अगर उसका कोई बॉयफ्रेंड होता या किसी से अफेयर होता, तो वह यह बात मुझसे जरूर बताती। आखिर वह लगभग 1 साल से मेरे साथ थी। मैंने कई बार उसके बारे में जानने की कोशिश की। पर हर बार वह यही कहकर बात को टाल दिया करती थी, कि उसका इस दुनिया में कोई नहीं है। मान लिया कि उसके कॉलेज टाइम में शायद उसका कोई बॉयफ्रेंड रहा भी हो। पर उसका बॉयफ्रेंड इस शिप पर है, यह बात सरासर झूठ है।“

“मुझे नहीं मालूम मिस जेनिथ कि उसने आपसे यह सब बातें क्यों छिपाई? लेकिन मेरा कहा हुआ एक-एक शब्द बिल्कुल सच है और मेरे पास इसका सबूत भी है।“ क्रिस्टी ने एक नजर वहां खड़े लोगों पर मारते हुए जवाब दिया।

“सबूत.....कैसा सबूत मिस क्रिस्टी !“ सुयश ने क्रिस्टी की आंखों में आंखें डाल कर पूछा।

“सबूत है लॉरेन का वह बॉयफ्रेंड, जो इस समय भी यहां मौजूद है।“ क्रिस्टी ने अपने शब्दों से एक विस्फोट सा किया।

“कौन है वो ?“ सुयश ने एक क्षण के लिए सब पर नजरें घुमाते हुए कहा।

वैसे क्रिस्टी की बात सुनकर वहां खड़े दो लोगों के माथे पर, इतनी ठंडी में भी पसीने की कुछ बूंदे आ गईं।

उसमें से एक तो ऐलेक्स था और दूसरा...........दूसरा लॉरेन का असली बॉयफ्रेंड था, जो कि वास्तव में ही वहां खड़ा था।

क्रिस्टी ने एक क्षण के लिए सब पर नजरें घुमाई, फिर उसकी नजरें ऐलेक्स पर जाकर टिक गईं।

“लॉरेन ने मुझे जिस आदमी से अपना बॉयफ्रेंड कहकर मिलवाया था, वह हैं मिस्टर ऐलेक्स।“ क्रिस्टी ने ऐलेक्स की ओर इशारा करते हुए कहा।

क्रिस्टी द्वारा ऐलेक्स का नाम पुकारते ही ऐलेक्स को ऐसा महसूस हुआ जैसे कि यमराज ने अपने यमदूतों को उसकी जान लेने का फरमान जारी कर दिया हो।

सुयश सहित अब सभी की निगाहें ऐलेक्स पर थीं। ऐलेक्स भी बड़ी हिम्मत का काम कर रहा था, वरना अब तक तो ऐसी हालत में उसे गिरकर बेहोश हो जाना चाहिए था।

“मैं.....मैं.........लॉरेन का बॉयफ्रेंड नहीं हूं।“ ऐलेक्स ने बिल्कुल घिघियाये स्वर में कहा- “मैं तो उसे ठीक तरह से जानता भी नहीं था।“

“लेकिन लॉरेन ने तो मुझे, तुमसे यही कहकर मिलवाया था।“ क्रिस्टी ने ऐलेक्स को घूरते हुए कहा।

“हां मिलवाया तो था। पर मैं उस समय उससे स्वयं थोड़ी देर पहले ही मिला था। अगर मुझे पता होता कि नौबत यहां तक आ जाएगी, तो मैं उससे उस समय बात ही ना करता।“ ऐलेक्स की बातों में बेबसी साफ नजर आ रही थी।

“मुझे पहले ही पता था कि तुम उसके बॉयफ्रेंड नहीं हो।“ क्रिस्टी ने इस बार मुस्कुराते हुए कहा।

“ये क्या हो रहा है?“ सुयश ने झुंझलाते हुए कहा- “मिस क्रिस्टी ! आप पहले ऐलेक्स को लॉरेन का बॉयफ्रेंड बता रही थीं और फिर अब आप ही कह रही हैं कि आपको पहले से ही पता था, कि ऐलेक्स लॉरेन का बॉयफ्रेंड नहीं है। क्या मतलब हुआ आपकी इन बातों का?“

“मैं आपको अभी सब बता रही हूं कैप्टेन! पर जरा पहले इन साहेबान को यह तो पता चल जाए, कि राह चलते किसी से दोस्ती कर, क्रिस्टी तक पहुंचने की सजा क्या हो सकती है?“ क्रिस्टी की बात सुनकर ऐलेक्स का सिर शर्म से झुक गया।

ऐलेक्स का झुका चेहरा देख क्रिस्टी ने पुनः बोलना शुरू कर दिया-“हाँ तो कैप्टेन, जब लॉरेन मुझसे दोबारा शिप पर मिली तो मैंने बातों ही बातों में, उससे उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, तो लॉरेन ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड भी इसी शिप पर सफर कर रहा है। जब मैंने उससे मिलाने को कहा, तो पहले उसने यह कहकर मना कर दिया कि उसका बॉयफ्रेंड इस शिप पर कुछ दुश्मनों से घिरा हुआ है। इसलिए वह उससे ही जल्दी नहीं मिल पाता, फिर भला वह मुझसे कैसे मिलेगा। मेरे ज्यादा जिद करने पर और किसी और को ना बताने का प्रॉमिस करने पर लॉरेन उसकी फोटो दिखाने को तैयार हो गई। अगले दिन जब वह पुनः मुझसे मिली, तो उसने मिस्टर ऐलेक्स से मेरा यह कहकर परिचय करवाया कि यही उसके बॉयफ्रेंड हैं। पर ऐलेक्स की बातों से ही मुझे इन पर शक हो गया था कि ये लॉरेन के ब्वॉयफ्रेंड नहीं हो सकते क्यों कि इन्हें लॉरेन के बारे में कुछ नहीं पता था। पर मैं यह नहीं समझ पाई कि लॉरेन ने मुझसे झूठ क्यों बोला ? और यह मिस्टर ऐलेक्स इस झूठ में क्यों शामिल हो गए?“

सुयश ने इस बार ऐलेक्स को देखते हुए कहा-

“हां तो मिस्टर ऐलेक्स अब आप यह बताएं कि आप लॉरेन की बातों में आकर क्यों उसके इस झूठ में शामिल हो गए?“ ऐलेक्स जो कि अब पहले से थोड़ा सामान्य हो चुका था, धीमे स्वर में बोला-

“दरअसल मैंने पहले दिन से ही, जब से इस शिप पर क्रिस्टी को देखा था, उन्हें अपना दोस्त बनाना चाहता था। मैंने कई बार मिस क्रिस्टी से बात भी करने की कोशिश की, पर इन्होंने मुझ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। उस दिन भी मैं इनसे बात करने के लिए इनके पीछे था, पर यह जाकर मिस्टर तौफीक और मिस्टर लोथार से बातें करने लगीं। यह देखकर मैं गुस्से से अपने आप पर बड़बड़ाने लगा। मेरी बड़बड़ाहट को सुनकर, उधर से जाती हुई लॉरेन मेरी तरफ आ गई और उसने जब मेरे दिल का हाल जाना, तो मुझ पर तरस खाकर क्रिस्टी से मुझे अपना दोस्त बताकर मिलवा दिया। मैं समझता था कि उसे मुझ पर दया आ गई, इसलिए उसने ऐसा किया था। पर अब मुझे लगता है, कि मैं गलत था। वह जानबूझकर मुझे फंसा रही थी।“

“आप यह कैसे कह सकते हैं कि उसने जानबूझकर आपको फंसाया?“ क्रिस्टी ने ऐलेक्स को देखते हुए पूछा।

“क्यों कि अब मुझे अच्छी तरह याद आ रहा है कि उसने मुझसे पहले कहा था कि मैं आपकी दोस्ती क्रिस्टी से करवा दूंगी, लेकिन उससे मेरा क्या फायदा ? फिर तुरंत ही उसने कहा कि अच्छा जाने दीजिए। वह आपको भी अपने बॉयफ्रेंड की फोटो नहीं दिखलाना चाहती थी, इसलिए उसने आपसे मुझको मिलवाकर अपना मतलब भी हल कर लिया।“ ऐलेक्स ने सफाई देते हुए सारी बातें सच-सच बता दीं।

“इसका साफ मतलब निकलता है कि लॉरेन का बॉयफ्रेंड अभी भी इस शिप पर है और वो नहीं चाहता था कि कोई उसे लॉरेन के साथ देखे।“ ब्रैंडन ने अपना तर्क देते हुए कहा-

“शायद उसने अपने जिन दुश्मनों का जिक्र लॉरेन से किया था, वह उन लोगों से लॉरेन को बचाना चाहता हो और आखिरकार वही हुआ जो वह नहीं चाहता था। किसी ने उसे लॉरेन से मिलते देख लिया होगा और उसी ने लॉरेन को मार दिया होगा । लेकिन अब सवाल यह उठता है कि लारेन की लाश भला कोई क्यों गायब करेगा और उसका लाश से क्या लेना-देना था।“

“यह भी तो हो सकता है कि लॉरेन की लाश में कोई सुराग हो, जिसे हटाने के लिए वह लाश को ले गया हो।“ ऐलेक्स ने सुयश व ब्रैंडन की ओर देखते हुए कहा।

“अगर लाश में कोई सुराग था तो उसे केवल सुराग गायब करना चाहिए था, ना कि लाश को।“ सुयश ने अपना तर्क देते हुए कहा-

“और सुराग हो किस तरीके का सकता है, या तो किसी फोटो के रूप में, जो लॉरेन के कपड़ों की जेब में पड़ी हो, या फिर किसी लॉकेट के रूप में, जो उसके गले में पड़ा हो, या फिर कातिल का कोई मैसेज या लेटर। और ये सारी चीजें आसानी से लाश के पास से हटाई जा सकती थीं, फिर भला लाश को गायब करने की क्या जरूरत थी ?“

“एक मिनट कैप्टन!“ लारा ने सुयश को टोकते हुए कहा- “आपने कहा कि सुराग फोटो या लॉकेट के रूप में हो सकता है। यदि फोटो थी तो वह भी किसी जान पहचान के व्यक्ति की होगी और लॉकेट तो हम लोग लॉरेन के गले से निकाल ही चुके थे। उसमें रेडियम के सिवा किसी भी प्रकार का और कोई क्लू नहीं मिला था। लेकिन उस लॉकेट से भी एक बात निकल कर सामने आई कि जिसने भी लॉरेन को लॉकेट दिया था। वह भी जरूर कोई अपना ही रहा होगा। तो लॉकेट और फोटो या फिर किसी भी प्रकार का लेटर, ये सारी ही चीजें ये बात साबित करती हैं, कि कातिल लॉरेन का कोई अपना जानने वाला ही था और जैसा कि मिस जेनिथ व मिस क्रिस्टी से पता चला है कि उसका इन दोनों के अलावा यदि कोई और जानने वाला था, तो वो था उसका बॉयफ्रेंड।“

“क्या कहने का मतलब है आपका?“ सुयश ने ना समझने वाले भाव से कहा।

जारी रहेगा..........✍️
 
# 27 .

“मतलब यह है कि कैप्टेन कि जिसने भी लॉरेन को मारा, सुराग वही हटाना चाह रहा होगा और आप जिस तरीके से सुराग की बात कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि वह किसी अपने का होगा। इसका साफ मतलब निकलता है कि लॉरेन का मर्डर उसके अपने बॉयफ्रेंड ने किया है। तभी तो वह लाश के पास से सुराग हटाना चाहता होगा।“ लारा ने कहा।

“हूँ.....!“ सुयश ने धीरे से हुंकारी भरी और फिर जेब से लॉरेन के गले से निकला, रेडियम लॉकेट निकालकर जेनिथ के चेहरे के आगे लहराया-

“मिस जेनिथ जिस समय लॉरेन का मर्डर हुआ, वह यही लॉकेट पहले थी। इस लॉकेट मे रेडियम लगा हुआ है, जो अंधेरे में भी चमकता है और इसी लॉकेट की वजह से कातिल अंधेरे में भी लॉरेन को निशाना बनाने में कामयाब हो गया। क्या आप बता सकती हैं कि लॉरेन के पास यह लॉकेट कब से था ? या फिर इसे किसने उसे दिया था ?“

“सॉरी ! यह लॉकेट मैंने कभी लॉरेन के पास नहीं देखा।“ जेनिथ ने ध्यान से लॉकेट को देखते हुए कहा।

“आप इसे ध्यान से देख कर ही बता रही हैं ना ?“ सुयश की आवाज में थोड़ा सा पैना पन दिख रहा था।

“इसमें भला ध्यान से देखने वाली कौन सी बात है?“ जेनिथ ने सुयश की आँखों में आँखें डालते हुए जवाब दिया-

“इसमें रेडियम है, जो अंधेरे में भी चमकता है और अगर यह लॉकेट पहले से ही लॉरेन के गले में होता तो दिन नहीं तो रात के अंधेरे में तो ये मुझे जरूर नजर आ जाता, क्यों कि हम लोग हमेशा रात में लाइट ऑफ करके सोते थे।“

कोई प्वाइंट ना निकलते देख सुयश ने उस लॉकेट को पुनः अपनी जेब में डाल लिया।

“हाँ तो मिस्टर लारा !“ सुयश पुनः लारा को देखते हुए बोला- “आप का कहना है कि लॉरेन का मर्डर उसके बॉयफ्रेंड ने किया। आपके तर्कों की मैं तारीफ करना चाहूंगा। लेकिन बात फिर से वहीं आकर खड़ी हो गई, कि मर्डर चाहे उसके बॉयफ्रेंड ने किया हो या किसी और ने। वह भला सुराग के साथ लाश को क्यों ले गया ?“

“यह भी तो हो सकता है कैप्टेन!“ अलबर्ट जो कि बहुत देर से इन लोगों की बातें सुन रहा था और समझ रहा था, बोल उठा-

“कि कातिल का सुराग लाश पर कहीं चिन्हित हो, जिसके कारण कातिल लाश को भी उठा ले गया हो।“

“मैं आपके कहने का मतलब नहीं समझा मिस्टर अलबर्ट कि आप किस तरह के चिन्हों की बात कर रहे हैं?“ असलम ने अलबर्ट से उलझे-उलझे से स्वर में कहा।

“आप मेरी ये अंगूठी देख रहे हैं कैप्टेन।“ अलबर्ट ने अपने दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहनी हुई अंगूठी को उतार कर सुयश को देते हुए कहा-

“इसको ध्यान से देखिये, आपको इस अंगूठी में क्या खास बात नजर आ रही है?“ सुयश ने आगे बढ़कर अंगूठी को हाथ में ले लिया और उसे ध्यान से देखने लगा।

“शायद इस पर कुछ बहुत ही महीन अक्षरों में लिखा हुआ है।“ सुयश ने इस बार जलते हुए बल्ब के नीचे जा कर उसे गौर से देखा। उस पर लिखा हुआ था- “मारिया की ओर से सप्रेम भेंट।“

“कुछ समझ में आया कैप्टेन?“ अलबर्ट ने अपने चश्मे को ठी क करते हुए कहा ।

“नहीं !“ सुयश ने अपने सिर को अगल-बगल हिलाते हुए कहा।

“यह अंगूठी मेरी पत्नी मारिया ने मुझे वैलेंटाइन डे के दिन भेंट की थी। हो सकता है कि लॉरेन के हाथ में कुछ ऐसी ही अंगूठी हो। जो कि मरने के बाद उसकी उंगलियां अकड़ जाने के कारण कातिल निकाल ना सका हो, इसलिए उसने लाश को ही उठाकर पानी में फेंक दिया हो।“

“पानी में फेंक दिया हो।“ सुयश ने अलबर्ट की इस बात से अपने दिमाग में घंटी सी बजती हुई महसूस की। उसने तुरंत हाथ में पकड़ा रुमाल असलम को पकड़ाया और जेब से कपड़े का वही फटा हुआ टुकड़ा निकाला, जो कि अलबर्ट से बात करते समय, उसे डेक की रेलिंग में फंसा हुआ मिला था। कपड़े को देखते ही वह बड़बड़ा उठा-

“वही है...... बिल्कुल वही है।“ सुयश ने तुरंत आगे बढ़कर जेनिथ के सामने उस कपड़े को लहराते हुए कहा- “क्या आप इस कपड़े के टुकड़े को पहचानती हैं मिस जेनिथ?“

“जी हाँ !“ जेनिथ ने कपड़े के टुकड़े को देखकर ऊपर-नीचे सिर हिलाते हुए जवाब दिया- “यह टुकड़ा उसी कपड़े का है, जो मर्डर के समय लॉरेन पहने हुए थी।

“ओ माई गॉड!“ सुयश को अब अपना सिर घूमता हुआ सा महसूस हो रहा था- “तो मेरा शक सही था। उस समय पानी में गिरने वाली चीज और कुछ नहीं, बल्कि लॉरेन की लाश ही थी। लेकिन यदि वह लॉरेन की लाश थी, तो उसे पानी में फेंककर भागने की बजाय कोई उसे लेकर स्वयं पानी में क्यों कूद गया।“ एक बार फिर सुयश के शंकित निगा हें प्रोफेसर अलबर्ट पर थीं।

“आप मुझे इस तरह से क्यों देख रहे कैप्टन? उस समय मैंने जितनी भी बातें कहीं थीं, वह सभी बिल्कुल सच थीं और यह बात मैं साबित भी कर चुका हूं।“ अलबर्ट ने फिर से सुयश को सफाई देते हुए कहा।

“पर कैप्टन, जो साया हमारे आगे-आगे भाग रहा था, यदि वो लॉरेन की लाश लेकर भाग रहा था और उसने उसे पानी में फेंक दिया तो यह हादसा तो डेक नंबर 16 पर हुआ था, जो कि यहां से काफी दूर है और ब्रूनो लाश के पास सूंघकर हमें डेक नंबर 12 पर लेकर आया। तो फिर लॉरेन की लाश आखिर डेक नंबर 12 से पानी में फेंकी गई या डेक नम्बर 16 से।“

लारा के विचारों में सोचनीय भाव थे। लारा की इस बात ने तो सुयश के लिए एक सवाल और खड़ा कर दिया। काफी देर तक जब वह कोई और तथ्य के बारे में नहीं सोच पाए तो फिर से उन बातों पर वापस आ गये।

सुयश ने पुनः जेनिथ की ओर इशारा करते हुए कहा- “मिस जेनिथ, क्या आप बता सकती हैं कि लॉरेन कोई अंगूठी पहनती थी या नहीं ?“

“नहीं कैप्टेन, लॉरेन को रत्न विज्ञान में कोई रुचि नहीं थी और ना ही वह किसी प्रकार की कोई अंगूठी पहनती थी।“ जेनिथ ने सुयश को जवाब दिया।

“तो यह भी तो हो सकता है कि उसने शरीर के किसी हिस्से में टैटू बनवा रखा हो। ब्रैंडन ने अपने विचार प्रकट किये।

“जी नहीं ! मैंने तो कभी उसके शरीर पर टैटू का कोई निशान नहीं देखा।“ जेनिथ ने कहा।

“मेरे कहने का मतलब है कि उसके शरीर पर भी किसी तरह का कोई सुराग हो सकता है। जिसकी वजह से कातिल उसकी लाश ले गया।“ अलबर्ट की बातों में दम था।

“आपकी बातें तो मुझे ठीक दिशा में जाती हुई दिखाई दे रही हैं। संभव है कुछ ऐसा ही हुआ हो ? लेकिन इससे एक बात तो बिल्कुल साफ है कि कातिल जो भी है, वह लॉरेन का बहुत खास है और वह शायद उसका बॉयफ्रेंड ही हो।“ सुयश ने कहा।

“लेकिन ये डेक नम्बर 12 और 16 का चक्कर तो कहानी को और ज्यादा उलझा रहा है।“ लारा ने कहा।

“यह भी तो हो सकता है कि पहले लॉरेन के बॉयफ्रेंड का दुश्मन लाश पर कब्जा लेकर, उस सबूतों को अपने पास रखना चाहता हो, और इसी इरादे से वह लॉरेन की लाश के पास गया हो। लेकिन अभी वह तलाशी ले ही रहा हो कि वहां पर लॉरेन का बॉयफ्रेंड आ गया हो, जिसकी वजह से वह दुश्मन स्टोर रूम से भागकर डेक नंबर 12 पर आकर छिप गया हो और उधर लॉरेन का बॉयफ्रेंड लाश को उठा कर डेक नंबर 16 की तरफ गया हो और उसने लाश पानी में फेंक दी हो।“ अलबर्ट के तर्क बहुत सटीक महसूस हो रहे थे।

“आप अपनी बात को स्वयं ही काट रहे हैं मिस्टर अलबर्ट।“ लारा ने बीच में बोलते हुए कहा- “एक तरफ आपने कहा था कि लाश लेकर कोई स्वयं समुद्र में कूद गया था और दूसरी तरफ आप कह रहे हैं कि लॉरेन के बॉयफ्रेंड ने लॉरेन की लाश पानी में फेंक दी हो।“

“देखिये मिस्टर लारा !“ अलबर्ट ने लारा को समझाते हुए कहा- “हमें वास्तविक कहानी की कोई जानकारी नहीं है, इसलिए हम अपने तर्कों द्वारा सिर्फ संभावना व्यक्त कर सकते हैं। हाँ तो मैं कह रहा था।“

अलबर्ट वापस सुयश की ओर मुड़ते हुए बोला- “कि ये भी हो सकता है कि लॉरेन के बॉयफ्रेंड ने शिप के नीचे के फ्लोर पर कहीं किसी रेलिंग से रस्सी जैसा कुछ बांध रखा हो। जब वह लाश लेकर पानी में कूदा तो हम लोग यह समझे कि जो भी चलते शिप से कूदा, वह पानी में डूब गया होगा। जबकि वह नीचे के फ्लोर से बंधी रस्सी पकड़ कर वापस शिप में आ गया हो।“

यह सुनकर किसी के मुंह से कोई शब्द नहीं निकला। जिसका साफ मतलब था कि किसी के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है।

“और कहानी बिल्कुल इससे उल्टी भी हो सकती है। यह भी हो सकता है कि लॉरेन का बॉयफ्रेंड पहले लाश के पास पहुंचा हो और बाद में दुश्मन के आ जाने की वजह से वह डेक नंबर 12 से भागा हो और उसका दुश्मन लॉरेन की लाश लेकर डेक नंबर 16 से पानी में कूदा हो और. ...........।“ कहकर अलबर्ट ने अपने शब्दों को अधूरा छोड़ दिया।

“और.....और.....क्या ? सुयश ने पूछा।

“और यह भी हो सकता है कि उसके दुश्मनों की संख्या अधिक हो और शिप से कुछ दूरी बना कर उनका कोई और शिप या छोटा स्टीमर चल रहा हो। जिससे उन्होंने कूदने वाले आदमी को बचा लिया हो।“ अलबर्ट ने कहा।

किसी और स्टीमर या शिप की बात को सुनकर वहां खड़े सभी व्यक्ति के कान खड़े हो गए। कुछ के चेहरे पर थोड़ी देर के लिए ही सही पर जीवन रूपी खुशी झलकी थी।

अलबर्ट की बात सुनकर असलम थोड़ा सा झुंझला उठा-

“आप संभावना ही व्यक्त करना चाहते हैं तो करिए, पर ये स्टीमर, दूसरा शिप या पनडुब्बी जैसी संभावना मत व्यक्त करिए। क्यों कि यहां पर सभी फंसे हुए हैं। वह कातिल भी और उसके दुश्मन भी। अगर ऐसी स्थिति में आसपास कोई और शिप या स्टीमर होता तो वह सब पहले अपनी जान बचाकर भाग चुके होते। और वैसे भी यह किसी सी.आई.ए. या के.जी.बी. के जासूस की कहानी या कोई साइंस फिक्शन नावेल नहीं है। यह एक रियल लाइफ है।“ असलम ने भड़कते हुए अलबर्ट को अच्छा खासा लेक्चर पिला डाला।

“मिस्टर असलम, मैंने तो यहां पर उड़नतश्तरी जैसी चीज देख ली जो कि शायद करोड़ों आदमियों में से किसी एक ने देखी होगी। तो जब ऐसी चीज दिख सकती है तो फिर यह स्टीमर, शिप या पनडुब्बी की संभावना क्यों व्यक्त नहीं की जा सकती।“

अलबर्ट ने कड़वा सा मुंह बनाते हुए असलम को करारा जवाब दिया। असलम के पास फिलहाल इस बात का कोई जवाब नहीं था।

“आप लोगों को परेशानी के इस दौर में मिल-जुल कर रहना चाहिए, ना कि लड़ते हुए। सो प्लीज, अगर आप सजेशन नहीं दे सकते, तो बोलिए भी मत।“ सुयश ने तुरंत बीच बचाव करते हुए असलम को डांट लगाई।

“हाँ तो मिस्टर अलबर्ट आप कह रहे थे कि लॉरेन का बॉयफ्रेंड लाश के पास पहले गया होगा या फिर बाद में। तो मुझे आपकी बाद वाली संभावना ज्यादा सही लग रही है। क्यों कि ब्रूनो को चकमा देने जैसा काम कोई शातिर अपराधी कर सकता है और वह निश्चित ही लॉरेन का बॉयफ्रेंड रहा होगा। क्यों कि जो व्यक्ति इतनी टेक्नीक से लॉरेन को मार सकता है, वही व्यक्ति ब्रूनो से भी बच सकता है। लेकिन अब सवाल यह है कि यदि लॉरेन का बॉयफ्रेंड लाश के पास पहले गया था और उसके दुश्मन बाद में, तो फिर ब्रूनो को उसके दुश्मनों की महक क्यों नहीं मिली ?“

“यहां पर एक संभावना यह भी हो सकती है कि लॉरेन की लाश उसके दुश्मन कल लेकर भागे थे, जबकि उसका बॉयफ्रेंड आज इस जगह पर आया हो, जब उसे लाश ढूंढने पर ना मिली हो, तो वह डेक नंबर 12 से भाग गया हो और चूंकि बाद में वही आया था, इसलिए ब्रूनो को सिर्फ उसी की खुशबू मिली हो।“ अलबर्ट ने कहा।

“हां यह बात हो सकती है। लेकिन एक बात और समझ में नहीं आई कि आखिर उसके बॉयफ्रेंड ने उसका मर्डर क्यों किया ? सुयश के शब्दों में अभी भी उलझन छिपी थी।

“मुझे तो ये समझ में नहीं आ रहा कि आखिर यह सब बातें उसने मुझसे क्यों छिपाए रखीं ?“ जेनिथ ने धीमे स्वर में कहा।

लेकिन इन सभी बातों का जवाब एक व्यक्ति को छोड़कर, किसी के पास नहीं था। पर इस समय उसके चेहरे पर भी उलझन के भाव थे। शायद कुछ ऐसा था जो कि उसकी समझ में भी नहीं आ रहा था। तभी सुयश को उस रुमाल की याद आई, जो ब्रूनो ने ड्रम के पीछे से ढूंढ कर निकाला था। सुयश ने तुरंत असलम की तरह मुड़कर उसके हाथ में पकड़े रुमाल की ओर इशारा किया।

असलम ने आगे बढ़ कर उस रुमाल को सुयश की ओर बढ़ा दिया। सुयश ध्यान से उलट-पुलट कर उस गहरे नीले रंग के चेकदार रुमाल को देखने लगा। रुमाल से भीनी-भीनी संदल की खुशबू आ रही थी। तभी सुयश की नजर उस रुमाल के ऊपर, दाहिने किनारे पर, बहुत ही खूबसूरत ढंग से, सफेद रंग से कढ़ी एक आकृति पर पड़ी।

आकृति बिल्कुल अंग्रेजी के ‘जे‘ अक्षर की तरह से थी। उस आकृति को देखकर सभी के मुंह से एक ही शब्द निकला-

‘जे‘ “इस ‘जे‘ आकृति का क्या मतलब हो सकता है कैप्टेन?“ लारा ने सुयश की ओर देखते हुए पूछा।

“इसका मतलब कि जो भी लाश को लेकर भाग रहा था या फिर लाश के पास गया था, यह रुमाल उसका है, और उसका नाम ‘जे‘ से शुरू होता है।“ सुयश ने अपना तर्क देते हुए कहा।

अब सभी का ध्यान ‘जे‘ से शुरू होने वाले नामों के बीच घूमने लगा। सुयश के दिमाग में जो नाम सबसे पहले कौंधा, वह था प्राइम सस्पेक्ट का सबसे प्रमुख दावेदार-

“जैक“ “हाँ तो मिस्टर जैक।“ सुयश ने जैक की ओर घूमते हुए उसके चेहरे के आगे रुमाल लहराया-

“कहीं ये रुमाल आपका तो नहीं है? क्यों कि आपका भी निशानेबाजी में तीसरा स्थान था। जो किसी को भी अंधेरे में मारने के लिए बहुत है।“

“मैं..... मैं..... भला लॉरेन को क्यों मारने लगा ?“ जैक ने एकदम से घबराते हुए कहा- “मैं तो उसे ठीक से जानता तक नहीं था और फिर भला उससे मेरी क्या दुश्मनी थी ? जो मैं उसे मारने की सोचता।“

जारी रहेगा.....……✍️
 
# 28 .

“हो सकता है कि आप ठीक कह रहे हों पर लॉरेन को मारने की वजह तो आपके पास भी थी।“ सुयश की आवाज में शंका के भाव थे।

“मेरे पास!“ जैक ने कांपते शब्दों से कहा।

“जी हां ! आपके पास।“ सुयश ने अपने शब्दों पर जोर देते हुए कहा- “क्यों कि जब आप उस दिन जबरदस्ती जेनिथ के रूम में घुसे थे, तो लॉरेन ने ही फोन पर हमें खबर दी थी। यानि उसी के कारण आप के मंसूबों पर पानी फिर गया था। तो फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि उसी गुस्से में आपने उसे मार दिया हो।“

“मैं ...... मैंने लॉरेन को नहीं मारा और फिर रुमाल पर ‘जे‘ अक्षर का मिलना यह तो साबित नहीं करता कि यह मेरा ही है। इस शिप पर और भी ‘जे‘ अक्षर वाले लोग हैं, आप उनसे क्यों नहीं पूछते?“ जैक के शब्दों में लड़खड़ाहट साफ नजर आ रही थी।

“आप सही कह रहे हैं और भी ‘जे‘ अक्षर वाले हैं।“ यह कहकर इस बार सुयश जॉनी की ओर घूमा ।

“हाँ तो मिस्टर जॉनी। कहीं ये रुमाल आपका तो नहीं है, क्यों कि लॉरेन से आपकी भी वही दुश्मनी थी जो जैक की थी और वैसे भी लाइट ऑन होने पर, लाश के सबसे पास में आप ही थे। आपने उस समय इसका कारण शर्त बताया था। पर अब तो मुझे यह लग रहा है कि आप उस समय झूठ बोल रहे थे और लॉरेन को आप ही ने मारा है।“ सुयश अपने शक की सुई जॉनी पर डालते हुए बोला। जॉनी सभी की आशा के विपरीत जवाब में हंस पड़ा-

“मुझे आपसे यह उम्मीद नहीं थी कैप्टेन। आप तो काफी समझदार लगते हैं। आपको तो पता होना चाहिए कि 0.22 एम.एम. की गोली यदि किसी को इतनी नजदीक से मारी जाए तो उसके चेहरे को पहचानना मुश्किल हो जाता और फिर अगर मैं लॉरेन को मारता तो क्या आप मुझे इतना बेवकूफ समझते हैं कि मैं स्टेज पर खड़ा रहता और सबसे बड़ी बात तो यह है कि अब यह बात तो साफ हो चुकी है कि लॉरेन को उसके बॉयफ्रेंड ने मारा। और अगर मैं लॉरेन का बॉयफ्रेंड होता, तो वह उस दिन, जिस दिन हम उसके कमरे में घुसे थे, बीच-बचाव करती, ना कि आपको फोन करके बुलाती। वैसे एक विशेष बात मैं आपको यह भी बता दूं कि यदि मुझे रिवाल्वर चलाना आता होता तो मैं निशानेबाजी प्रतियोगिता में भाग अवश्य लेता।“

“सबसे पहले आप यह बताइए कि क्या वास्तव में आपको रिवाल्वर चलाना नहीं आता ?“ सुयश ने शंकित स्वर में जॉनी को घूरते हुए पूछा।

“जी नहीं !“ जॉनी ने जवाब दिया।

“तो फिर आपको गोली के व्यास के बारे में इतनी अच्छी जानकारी कैसे है? और आपने यह कैसे जान लिया कि लॉरेन को 0.22 एम.एम. की ही गोली मारी गई थी।“ सुयश ने पुनः जॉनी पर एक नये सवाल का गोला दागा।

“मैंने उस दिन लॉरेन की लाश के पास से बरामद रिवाल्वर को देखा था। वह अमेरिकन मेड ‘कोल्ट‘ कंपनी की रिवाल्वर थी, जिसमें 0.22 एम.एम. की गोलियां ही पड़ती हैं। और रही बात रिवाल्वर और उसमें पड़ने वाली गोली की जानकारी की, तो वो मुझे जैक की रिवाल्वर में रुचि होने के कारण पता है। मैं हमेशा इसी के साथ रहता हूं। इसलिए मुझे भी फायर आर्म्स की अच्छी जानकारी हो गई है।“

सुयश को जब समझ में ना आया कि वह जॉनी से अगला सवाल क्या करे तो फिर वह अगले ‘जे‘ की तरफ घूम गया। और इस बार वह ‘जे‘ थी जेनिथ।

“हां तो मिस जेनिथ, आपका इस रूमाल के बारे में क्या ख्याल है? क्या यह आपका है? क्यों कि कत्ल होने के पहले आप स्टेज पर थीं, परंतु लाइट आने के बाद आप भी स्टेज से गायब थीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप ही ने अंधेरे का फायदा उठा कर लॉरेन को मार दिया हो।“ सुयश ने जेनिथ को देखते हुए कहा।

“क्या.......? क्या बात कर रहे हैं आप?“ जेनिथ का चेहरा एका एक जैसे दहकने लगा हो-

“मैं भला लॉरेन को क्यों मारूंगी ? वही तो एकमात्र मेरी सबसे प्रिय सहेली थी। मेरी भला उस से क्या दुश्मनी हो सकती है? और अगर मुझे उसे मारना होता तो मैं तो उसे सबसे आसानी से कहीं भी मार सकती थी। फिर भला इतना नाटक करके मैं उसे सबके सामने स्टेज पर क्यों मारती ? और वैसे भी मैं रिवाल्वर चलाना नहीं जानती। मुझे तो इसी बात का अफसोस है कि अगर उसे जान का खतरा था तो उसने मुझसे क्यों नहीं बताया ? उसने सारी बातें मुझसे क्यों छिपाये रखीं ? ............फिलहाल सॉरी कैप्टन, यह रुमाल मेरा नहीं है।“

“हूं........कह तो आप भी सही रही हैं।“ कहकर सुयश ने पुनः आसपास नजर दौड़ाई। पर अब वहां पर खड़े लोगों में से किसी का नाम ‘जे‘ से नहीं था।

कुछ क्षणों के लिए वहां पर एक निस्तब्ध सन्नाटा सा छा गया। इस समय सुबह का 7:00 बज रहा था। सूर्यदेव अपने इंद्रधनुषी रथ को लेकर आसमान में धीरे-धीरे आ रहे थे। समुद्र का पूर्व दिशा का पानी बिल्कुल सुनहरा सा प्रतीत हो रहा था। सारी रात इसी बहसबाजी में खत्म हो चुकी थी। लेकिन शायद बहस अभी खत्म नहीं हुई थी, क्यों कि असलम अब ध्यान से कैप्टन के हाथ में पकड़े रुमाल पर बनी उस ‘जे‘ आकृति को देख रहा था।

“क्या मैं यह रुमाल दोबारा देख सकता हूं कैप्टेन?“ असलम ने सुयश से रुमाल मांगते हुए कहा।

“हाँ....हाँ...... क्यों नहीं ?“ यह कहकर सुयश ने धीरे से रुमाल असलम की ओर बढ़ा दिया। असलम उलट-पुलट कर उस रुमाल को देख रहा था और सुयश उसे आशा भरी नजरों से देख रहा था कि शायद उसे कोई और क्लू मिल जाए।

असलम उस आकृति को ध्यान से देखने के बाद गहरी सांस लेकर बोला-

“कैप्टन आप दावे के साथ यह कैसे कह सकते हैं कि इस रूमाल पर कढ़ी हुई यह आकृति अंग्रेजी वर्णमाला का ‘जे‘ ही है?“

असलम की बात सुनकर सभी सकते में आ गए। अब पुनः सबकी निगा हें रुमाल पर कढ़ी उस आकृति पर थी।

“क्या कहने का मतलब है आपका ? क्या यह आकृति अंग्रेजी का ‘जे‘ नहीं बल्कि कुछ और है?“ सुयश ने असलम की ओर देखते हुए पूछा।

“कैप्टेन क्या आप उर्दू जानते हैं?“ असलम ने सुयश से सवाल के बदले सवाल करते हुए पूछा। “

नहीं !“ सुयश ने नकारात्मक अंदाज में अपना सिर हिलाते हुए जवाब दिया।

“कैप्टन, उर्दू का ‘लाम‘ अक्षर बिल्कुल इसी तरह होता है।“

“लाम! यह लाम का क्या मतलब होता है?“ सुयश ने रुमाल को पुनः ध्यान से देखते हुए पूछा।

“लाम का मतलब होता है कि जिस व्यक्ति का यह रुमाल है, उसका नाम अंग्रेजी के ‘एल‘ अक्षर से स्टार्ट हो सकता है।“ असलम ने कहा।

अब एक नया अक्षर लोगों के सामने निकल कर आ गया था।

“मिस्टर तौफीक! आप भी मुस्लिम हैं, और उर्दू जरूर जानते होंगे। जरा देखकर बताइये कि क्या असलम सही कह रहा है?“ सुयश तौफीक से मुखातिब हो बोल उठा।

“जी हाँ, मिस्टर असलम बिल्कुल ठीक कह रहे हैं।“ तौफीक ने पहली बार रुमाल को ध्यान से देखते हुए कहा।

“हाँ तो मिस्टर लोथार!“ सुयश ने एक बार फिर रुमाल को हवा में लहरा या- “क्या यह रुमाल आपका है? क्यों कि आपका भी नाम ‘एल‘ अक्षर से शुरू होता है, और आपका भी निशाना परफेक्ट है।“

“जी नहीं , यह रुमाल मेरा नहीं है।“ लोथार ने शांत और स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया- “और ना ही मुझे उर्दू आती है। यहां तक कि मैं तो लॉरेन से शिप से पहले कभी मिला भी नहीं था।

“आपका क्या ख्याल है मिस्टर लारा ?“ सुयश ने लारा की ओर रुमाल लहराते हुए कहा-

“क्या यह ‘लाम‘ ही हो सकता है?“

“यह सब आप मुझसे क्यों पूछ रहे हैं......सर।“ लारा ने घबराए स्वर में कहा- “कहीं आप मुझ पर तो शक नहीं कर रहे हैं?“

“क्यों आपका नाम भी तो ‘एल‘ से शुरू होता है और फिर लॉरेन की लाश तो आप ही की कस्टडी में रखी थी। हो सकता है कि आपने जानबूझकर स्टोर रुम में ताला ना लगाया हो और लाश आपने ही गायब की हो।“ सुयश के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थिरक उठी।

“मैं.....मैं......भला लाश क्यों ले जाऊंगा ?“ लारा अब पूरी तरह नर्वस हो चुका था-

“अगर मुझे लाश ले जानी होती तो मैं स्टोर रूम में ताला लगा कर भी लाश ले जा सकता था।“

“जरूर ले जा सकते थे, पर तब ताला ना टूटने की स्थिति में सभी का सीधा शक आप पर चला जाता।“ सुयश ने कहा।

“ठीक है मैं आपकी यह बात मानता हूं। लेकिन जिस समय कातिल लॉरेन की लाश को लेकर भाग रहा था। उस समय तो मैं आपके साथ उसका पीछा कर रहा था।“ लारा बोला !

इस बार लारा का तर्क बिल्कुल सही था और सुयश के पास इसका कोई जवाब नहीं था।

“कहीं ऐसा तो नहीं कहा कैप्टेन कि यह रुमाल लॉरेन का ही रहा हो और लाश लेकर भागते समय उसकी जेब से गिर गया हो।“ अलबर्ट ने एक बार फिर अपना सुझाव दिया। सुयश को अलबर्ट की बात जंच गई।

“आप ध्यान से देखिए इस रुमाल को मिस जेनिथ, कहीं ऐसा तो नहीं कि यह रुमाल लॉरेन का ही रहा हो।“ सुयश ने जेनिथ की तरफ रुमाल को बढ़ाते हुए कहा।

“जी नहीं ! मैंने ऐसा रुमाल कभी भी लॉरेन के पास नहीं देखा।“ जेनिथ ने ध्यान से रुमाल को देखते हुए कहा-

“हां यह बात अलग है कि वह सफेद धागे से अक्सर कपड़ों पर कढ़ाई किया करती थी।“

“अब आप सिर्फ इतना बता दीजिए मिस जेनिथ कि क्या लॉरेन को उर्दू आती थी ?“ सुयश ने जेनिथ से एक और सवाल कर दिया।

लेकिन इससे पहले कि जेनिथ कोई और जवाब दे पाती, क्रिस्टी बीच में बोल उठी-

“आती थी। लॉरेन को उर्दू सहित कई और भाषाएं भी आती थीं। नई-नई भाषाएं सीखना तो उसका शौक था।

“लेकिन यह रुमाल लॉरेन का नहीं हो सकता।“ जेनिथ ने रुमाल को गहरी नजरों से देखते हुए कहा- “और ना ही यह रुमाल मेरा हो सकता है।“

“तुम इतने दावे के साथ यह बात कैसे कह सकती हो ?“ सुयश ने जेनिथ की आँखों में देखते हुए पूछा।

“क्यों कि यह रुमाल लेडीज नहीं जेन्ट्स है।“ जेनिथ ने कहा।

जेनिथ की बात सुनकर सभी आश्चर्य से पुनः उस रूमाल को देखने लगे।

“जेनिथ बिल्कुल सही कह रही है।“ तौफीक ने जेनिथ की तरफदारी करते हुए कहा- “क्यों कि इस रुमाल का आकार काफी बड़ा है। जबकि लेडीज हमेशा छोटा रुमाल इस्तेमाल करती हैं।“

“तो अब ये भी फाइनल नहीं हो सकता, कि इस रुमाल पर ‘जे‘ लिखा है या फिर ‘लाम‘।“ सुयश ने कहा।

“एक मिनट रुकिए सर!“ इतना कहकर असलम ने पुनः उस रुमाल को सुयश के हाथों से ले लिया, और दोबारा उसे ध्यान से देखते हुए बोला- “अब यह बात तो मैं पक्के तौर पर कर सकता हूं, कि यह ‘जे‘ नहीं ‘लाम‘ ही है।“

“वो कैसे?“ लारा पूछ बैठा ।

“क्यों कि यह आकृति रुमाल के दाहिने कोने पर, ऊपरी साइड में बनी है।“ असलम ने कहा।

“क्या मतलब हुआ इसका ?“ सुयश ने प्रश्नवाचक शब्दों में पूछा।

“यदि यह अक्षर इंग्लिश में होता तो उसे रुमाल के बाएं कोने पर होना चाहिए था। क्यों कि इंग्लिश बाएं से दाएं लिखी जाती है। जबकि उर्दू दाएं से बाएं। अगर यह अक्षर किसी के नाम का पहला अक्षर है तो यह उर्दू में ही है और ‘लाम‘ ही है।“

असलम के तर्क काफी सटीक लग रहे थे।

“ऐसा जरूरी तो नहीं ।“ अलबर्ट ने असलम की बात को काटते हुए कहा- “क्यों कि कुछ लोग अपने रुमाल पर, नीचे दाहिनी साइड में अक्षरों की कढ़ाई करते हैं।“

“आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं प्रोफेसर।“ असलम ने अलबर्ट के शब्दों का जवाब देते हुए कहा- “कि कुछ लोगों के रुमाल पर नीचे की दाहिनी साइड में अक्षरों की कढ़ाई रहती है। लेकिन किसी भी रुमाल पर इंगिलश का अक्षर ऊपर की साइड में दाहिनी ओर आपको नहीं मिलेगा। ऐसा सिर्फ उसी दशा में संभव है, जबकि अक्षर उर्दू का कढ़ा हो।“

अब सभी असलम के तर्क से सहमत दिख रहे थे। कुल मिलाकर रुमाल से कोई विशेष निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका, सिवाय कुछ जटिल तर्को के।

अब सुयश सहित सभी वापस स्टोर रुम में आ गये।

जारी रहेगा......…✍️
 
# 29 .

चैपटर-9 3 जनवरी 2002, गुरुवार, 07:45;

सुयश की निगाहें पुनः स्टोर रूम में इधर-उधर फिरने लगी। वह मन ही मन कुछ तेजी से सोचता भी जा रहा था। एका एक सुयश तौफीक की ओर घूमा और बोल उठा-

“मिस्टर तौफीक, मैं आपसे एक बात पूछना चाहता हूं।“ तौफीक सुयश की ओर देखने लगा।

“आप तो आर्मी में मेजर हैं। आपकी प्रशिक्षण अवधि के दौरान, आपको बहुत सारी चीजें सिखाई गईं होगी। आप यह बताइए कि अगर कुत्ते को अपराधी की गंध सुंघाई जाती है, तो वह हमेशा उसी दिशा में क्यों भागता है? जिधर अपराधी गया है। उधर क्यों नहीं जाता ? जिधर से वह अपराधी आया था।“ यह प्रश्न सुनकर, सभी के चेहरे पर सुयश के प्रति तारीफ के भाव आ गए। क्यों कि इस पॉइंट के बारे में शायद कभी किसी ने नहीं सोचा था।

“क्यों कि जो चालाक अपराधी यह जान जाता है कि उसका पीछा जासूसी कुत्ते द्वारा कराया जा सकता है, वह आगे भागते हुए तो उस कुत्ते से बचने का इंतजाम करता है, परंतु वह जिस दिशा से आया था, मैं दावा कर सकता हूं कि उसने उस तरफ ऐसा इंतजाम नहीं किया होगा।“

सुयश ने ‘दावा ‘ शब्द पर जोर देते हुए, तेजी से अपने सीधे हाथ का मुक्का बना कर, अपने बाएं हाथ के पंजे पर जोर से मारते हुए कहा।

“देखिये कैप्टन! पहली बात तो यह है कि अधिकांशत: कुत्ते को अपराधी की कोई वस्तु, जैसे रुमाल, कपड़ा या कोई अन्य सामान सुंघाया जाता है, जिससे वह अपराधी के भागने की दिशा में जाता है। अगर कभी कुत्ते को वह जगह सुंघाई जाए तो उम्मीद है कि कुत्ता उस तरफ भी जा सकता है, जिधर से अपराधी आया था। लेकिन पुलिस वालों को हमेशा अपराधी पकड़ना होता है, इसलिए वह कुत्ते को उसी दिशा में जाने का इशारा करते हैं, जिस दिशा में अपराधी गया है।

वैसे एक बात और भी होती है, जिसकी वजह से कुत्ते को उस साइड नहीं ले जाया जाता, जिधर से वह अपराधी आया था, और वह वजह यह है कि अपराधी के शरीर की खुशबू, जिस तरफ वह गया है, उधर बढ़ती जाती है। जबकि जिधर से वह आया था, उसकी खुशबू वातावरण में मिलकर गायब होती जाती है। इसलिए भी कुत्ता उसी दिशा में जाता है, जिधर अपराधी गया है।“

इतना कहकर तौफीक चुप हो गया। कुछ सोचकर सुयश ने ब्रूनो को फिर वही जगह सुंघाई, जहां पर लॉरेन की लाश रखी थी और फिर ब्रूनो को ‘बैक‘ का इशारा किया।

इशारा मिलते ही ब्रूनो बहुत तेजी से स्टोर रूम के अगले गेट से निकलकर, गैलरी के एक कोने की ओर दौड़ पड़ा। एक बार फिर सब ब्रूनो के पीछे थे। सुयश की तरकीब काम कर गई थी। ब्रूनो को कातिल की गंध पुनः मिल गयी थी। कुछ आगे जा कर ब्रूनो एक क्षण के लिए रुक गया। ऐसा लगा मानो वह गंध यहां आकर काफी कम हो गई हो।

कुछ क्षणों के बाद ब्रूनो ने अपनी नाक उठाकर जोर-जोर से सूंघा और पुनः धीरे-धीरे एक दिशा की ओर आगे बढ़ना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे चलता हुआ ब्रूनो एक दरवाजे के पास पहुंचकर रुक गया। कुछ देर सूंघने के पश्चात, वह उस दरवाजे पर खरोंच मारने लगा।

उस दरवाजे पर गणित के बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था- ‘एस-25‘ उस दरवाजे पर ब्रूनो के खरोंच मारते ही जेनिथ का गला सूखने लगा क्यों कि यह रुम उसी का था। ब्रूनो के उस रूम के दरवाजे को खरोंचने का साफ मतलब था, कि अपराधी लॉरेन की लाश के पास, इसी कमरे से निकल कर गया था।

सुयश चूँकि एक बार जेनिथ के रुम में आ चुका था। इसलिए वह तुरंत जेनिथ की ओर घूमता हुआ बोला- “ब्रूनो आपके रूम के दरवाजे पर अपने पंजे क्यों मार रहा है?“

“म....मुझे......क्या पता ?“ जेनिथ एका एक घबराए स्वर में बोली-

“मैं तो स्टोर रूम में आज से पहले कभी गई ही नहीं थी।“

“आप अपने रूम का दरवाजा खोलिए। अभी सच्चाई का पता चल जाएगा।“ ब्रैंडन ने जेनिथ को देखते हुए कहा।

“पर चाबी तो इस समय मेरे पास नहीं है।“ जेनिथ ने कहा।

“चाबी किसके पास है?“ सुयश ने जेनिथ से पूछा।

“मेरे सहयोगी कलाकार डारथी के रूम में।“

“चाबी वहां क्या कर रही है?“ सुयश ने शंकित स्वर में पूछा।

“वो मैं इस रुम में हमेशा ही लॉरेन के साथ रहती थी। लेकिन लॉरेन की मौत के बाद, जाने क्यों मुझे अकेलेपन से बहुत डर लगने लगा। इसलिए मैं अपना कुछ जरूरत का सामान लेकर, बगल वाले रूम में अपने दूसरे सहयोगी कलाकार डारथी के साथ जा कर रहने लगी थी।“ जेनिथ ने शांत भाव से जवाब दिया। सुयश को जाने क्यों जेनिथ सच बोलती हुई दिखी।

“जाइए जाकर पहले इस रूम की चाबी लेकर आइये।“ सुयश ने धीमे शब्दों में जेनिथ को आदेश देते हुए कहा।

जेनिथ तुरंत रुम नम्बर ‘एस-24‘ के दरवाजे पर पहुंच गयी। उसने एक पल के लिए कुछ सोचा और फिर डोर बेल पर उंगली रख दी। थोड़ी ही देर में रुम का दरवाजा खुल गया। दरवाजा खोलने वाली डारथी ही थी। उसकी आंखें देखकर लग रहा था कि अभी सोई ही हुई थी।

बाहर इतनी भीड़ देखकर वह आश्चर्य से भर उठी। लेकिन जेनिथ ने उसे कुछ समझाया और फिर उसके साथ रुम के अंदर चली गयी। बाकी के सभी लोग कुछ दूरी पर खड़े थे। इसलिए उन्हें दोनो की बातें सुनाई नहीं दी।

धीरे-धीरे समय बीतने लगा, पर जब काफी देर तक जेनिथ उस रुम से नहीं निकली, तो सुयश ने धीरे से लारा को इशारा किया। लेकिन इससे पहले कि लारा डारथी के रूम में जाकर, देरी का कारण पता लगा पाता, उसे जेनिथ बाहर निकलती हुई दिखाई दी। जेनिथ का उतरा हुआ चेहरा बता रहा था कि कहीं कोई प्रॉब्लम है?

“क्या हुआ मिस जेनिथ? चाबी कहां है?“ सुयश ने जेनिथ के उतरे हुए चेहरे को देखकर पूछा।

“पता नहीं कैप्टेन! चाबी तो मैंने अपने पर्स में ही रखी थी, पर अब वह वहां पर नहीं है। शायद किसी ने उसे गायब कर दिया है?“ जेनिथ ने डरते-डरते मायूस शब्द में सुयश से कहा।

“मुझे कुछ ऐसा ही शक था।“ सुयश ने शंकित नजरों से जेनिथ को देखते हुए कहा। इसके बाद सुयश लारा की तरफ पलट कर बोला-

“मिस्टर लारा, आप जाइये और रिसेप्शन से जेनिथ के रुम की दूसरी चाबी लेकर आइये।“ लारा , सुयश का आदेश मान तुरंत दूसरी चाबी लाने के लिए चला गया।

“मिस जेनिथ! क्या आपकी फ्रेंड डारथी को भी नहीं पता कि चाबी कहां है? या फिर कोई आपकी गैर हाजरी में आपसे मिलने आया हो।“ ब्रैंडन ने कहा।

“जी नहीं , मैंने यह सारी बातें उससे पूछ ली हैं। रूम में हम लोगों की उपस्थिति में कोई नहीं आया।“ जेनिथ के शब्दों में अभी भी चिंता के भाव थे।

“तो फिर आपके रूम से चाबी कौन निकाल कर ले गया ? सुयश ने कहा।

“मुझे नहीं पता। मैं इस समय स्वयं बहुत उलझन में हूं।“ जेनिथ ने जवाब दिया।

तब तक लारा दूसरी चाबी लेकर आ गया। असलम ने लारा से चाबी लेकर ‘की होल‘ में फंसाई और एक झटके से कमरे का लॉक खोल दिया। असलम ने दरवाजे को धीरे से धक्का दिया।

दरवाजा निःशब्द खुलता चला गया। जेनिथ सहित सभी के दिल इतनी तेजी से धड़क रहे थे। मानों दरवाजा खुलते ही उन पर मौत टूट पड़ेगी। अंदर कमरे में बिल्कुल अंधकार था।

जेनिथ धीरे से मरे-मरे कदमों से अंदर दाखिल हो गई। अंधकार इतना गहरा था कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। जेनिथ के हाथ धीरे से दरवाजे के बांयी साइड वाली दीवार की ओर गया। कुछ देर टटोलने के बाद कुछ बटन उसके हाथ में आ गए। जेनिथ ने एक झटके से खट्-खट् की आवाज के साथ, सारे बटन ऑन कर दिए।

पूरा कमरा दूधिया प्रकाश से नहा उठा। लेकिन उसके बाद जो नजारा सामने आया, उसे देखकर सभी आश्चर्य में पड़ गए। जेनिथ के कमरे का सामान, पूरे कमरे में इस तरह बिखरा हुआ था । मानो किसी ने उसके कमरे की तलाशी ली हो।

“यह सब क्या है? सुयश ने भी कमरे में प्रवेश करते हुए कहा। “पता नहीं? जेनिथ का स्वर उलझा-उलझा सा था- “मैं स्वयं नहीं समझ पा रही हूं कि ये सब क्या है?“

“ऐसा लगता है, जैसे किसी ने तुम्हारे कमरे की तलाशी ली हो।“ असलम ने भी कमरे में प्रवेश करते हुए कहा।

“आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं।“ जेनिथ ने कमरे पर नजर मारते हुए जवाब दिया।

“क्या आप जब कमरे से निकली थीं? तब भी सारा सामान यूं ही बिखरा पड़ा था।“ ब्रैंडन ने पूछा।

“जी नहीं। अगर मेरे रूम से निकलते समय, ये सब बिखरा पड़ा होता, तो कम से कम रूम में प्रवेश करते समय मुझे तो आश्चर्य नहीं होता।“

जेनिथ के शब्दों में अब थोड़ा रोष भी नजर आ रहा था। अब सुयश की निगाहें तेजी से कमरे में बिखरे हुए सामान पर फिरने लगी।

“इसका साफ मतलब निकलता है कि हम लोग सही सोच रहे थे।“ सुयश ने पूरे कमरे पर नजर दौड़ाने के बाद लारा की ओर घूमते हुए कहा-

“लॉरेन का बॉयफ्रेंड ही उसका कातिल है। पहले वह जेनिथ के कमरे में आया। शायद उसे कुछ ऐसे सबूत की तलाश थी, जो उसे फंसवा सकते थे। जब वह सबूत उसे यहां नहीं मिले तो वह उसे ढूंढने लॉरेन की लाश के पास पहुंच गया होगा।“

“हम अब बिल्कुल सही सोच रहे हैं कैप्टन।“ असलम ने भी कमरे पर एक गहरी निगाह मारते हुए कहा-

“लेकिन इससे दो बातें तो बिल्कुल साफ हो जाती हैं। पहली यह कि उसे पता था कि जेनिथ अपने रूम में नहीं है। क्यों कि इस तलाशी को देखते हुए यह साफ लग रहा है कि उसने अपना काम बड़ी तसल्ली से किया है। और दूसरा उसे यह भी पता था कि जेनिथ डारथी के रुम में है और इस कमरे की चाबी जेनिथ के पर्स में है। और यह सब वही कर सकता है जो जेनिथ को ठीक से जानता हो या फिर उसकी एक्टिविटी लगातार देख रहा हो।“

“बिल्कुल ठीक।“ सुयश ने असलम की तारीफ करते हुए कहा।

“कैप्टेन! मैं भी आपको एक बात ध्यान दिलाना चाहता हूं।“ ब्रैंडन ने कहा- “वह यह कि इस समय यहां जितने लोग खड़े हैं, अपराधी इसमें से नहीं है।“

“इस बात के कहने का आपके पास क्या लॉजिक है?“ अलबर्ट ने कहा।

“मेरे कहने का यह मतलब है कि यदि अपराधी इसमें से कोई होता तो ब्रूनो उसकी खुशबू सूंघकर उसे पहचान जाता और वहीं पकड़ लेता। जबकि ब्रूनो खुशबू सूंघकर बाहर की ओर भागा था।“ ब्रैंडन ने अपना तर्क देते हुए कहा।

“मैं तुम्हारी इस बात से सहमत नहीं हूं असलम।“ सुयश ने असलम की बात काटते हुए कहा- “क्यों कि अपराधी बहुत चालाक है। यह भी हो सकता है कि उसने भागते समय, कुत्ते को डॉज देने वाले स्प्रे का सहारा लिया हो। जिसके कारण उसके शरीर की खुशबू छिप गई हो। इसी कारण इन लोगों के बीच खड़े होने के बावजूद भी ब्रूनो कातिल को ना पहचान पा रहा हो।“

सुयश का तर्क इतना वजनदार था कि असलम उसकी बात काट नहीं पाया। उसके बाद सभी ने एक बार फिर कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया। पर इन्हें सबूत के नाम पर कमरे से एक तिनका भी ना मिला।

अब सभी लोग धीरे-धीरे कमरे से बाहर निकलने लगे। तभी कैप्टन की नजर सोफे के पास गिरे पड़े सिगरेट के एक टोटे पर गई। सुयश ने वहां रखे टिश्यू पेपर के रोल में से एक टिश्यू निकाल लिया और झुककर उस टिश्यू से सिगरेट का वह टुकड़ा उठा लिया। सिगरेट के बचे हुए टुकड़े पर लिखा ‘ट्रेंच‘ नाम दूर से ही नजर आ रहा था।

“मिस्टर लोथार!“ सुयश ने सिगरेट के टुकड़े को लोथार के चेहरे के सामने करते हुए कहा- “आप किस ब्रांड की सिगरेट पीते हैं?“

“जी... मैं....।“ लोथार ने अचकचाते हुए पूछा।

“जी हाँ..... आप ही।“ सुयश ने हामी भरते हुए कहा।

“ट्रेंच!“ लोथार ने सुयश के हाथ में थमे सिगरेट के टुकड़े को देखते हुए जवाब दिया।

“अभी-अभी मुझे कमरे से यह ट्रेंच नाम की सिगरेट का टुकड़ा पड़ा हुआ मिला है। कहीं जेनिथ के रुम में आप तो नहीं आए थे?“ सुयश ने लोथार को घूरते हुए पूछा।

“जी नहीं। रूम में मैं नहीं आया था और वैसे भी मैं आपको एक बात बता दूं कि ट्रेंच न्यूयॉर्क की फेमस सिगरेट में से एक है। इस शिप पर सफर करने वाले लोगों में से सैकड़ों लोग इस सिगरेट को पीते होंगे, फिर आप ये बात मुझसे ही क्यों पूछ रहे हैं?“ लोथार ने थोड़ा नाराज होते हुए जवाब दिया।

जारी रहेगा.........✍️
 
# 30 .

लोथार के इस जवाब पर सुयश को उससे कुछ कहते ना बना अतः वह पुनः जेनिथ की तरफ मुड़कर बोला-

“क्या आप या लॉरेन सिगरेट पीती थीं ?“

“जी नहीं ।“ जेनिथ ने संक्षिप्त सा उत्तर दिया।

“फिर तो यह सिगरेट का टुकड़ा जरुर उसी व्यक्ति का होगा, जिसने छिपकर रुम की तलाशी ली है।“ ब्रैंडन ने सुयश को देखते हुए धीमे स्वर में कहा।

सुयश ने ब्रैंडन की बात सुन धीरे से हाँ मे अपना सिर हिलाया और सिगरेट का वह टुकड़ा ब्रैंडन के हवाले करता हुआ ब ला-

“इसे भी लैब में भिजवा दो और इस पर से फिंगर प्रिंट उठाने की कोशिश करो। हो सकता है कि कातिल का को ई सुराग इस पर से भी मिल जाए।“ ब्रैंडन ने सिगरेट का वह टुकड़ा टिश्यू पेपर सहित ले लिया और अपनी जेब के हवाले कर दिया। अब सभी जेनिथ के रुम से बाहर आ गये।

“एक बात बताइये कैप्टेन कि लॉरेन की लाश तो चलिए उसके बॉयफ्रेंड या कातिल जो भी हो, वह ले गया। लेकिन जो गार्ड की लाश अभी तुरंत रखी गई थी, वह कहां चली गई? और इतनी जल्दी उसे कौन ले गया ?“ तौफीक ने सुयश से सवाल किया।

तौफीक की बातों में दम था। सुयश सहित अब सभी सस्पेंस के झूले में झूलने लगे।

“लगता है एक बार फिर स्टोर रूम में चलना पड़ेगा।“ सुयश ने जवाब दिया। एक बार फिर सभी स्टोर रूम की तरफ चल दिए।

“गार्ड की लाश कहां रखी थी ?“ सुयश ने स्टोर रुम में प्रवेश करते हुए, दोनों गार्डों से मुखातिब होते हुए कहा।

दोनों गार्डों ने डरते-डरते एक दिशा की ओर इशारा कर दिया। सुयश पहले तो उस स्थान को ध्यान से देखता रहा फिर उसने ब्रूनो को वहां सूंघने का इशारा किया। ब्रूनो धीरे-धीरे आगे बढ़ा और उस जगह को सूंघने लगा, जहां सुयश ने इशारा किया था। ब्रूनो ने कई बार जमीन को सूंघा और फिर अपनी नाक को हवा में उठा कर कुछ सूंघने की कोशिश की। पर ऐसा लग रहा था, जैसे वह कुछ समझ ना पा रहा हो।

काफी देर सूंघने के बाद ब्रूनो धीरे-धीरे एक दिशा की ओर बढ़ा और स्टोर रुम में मौजूद लगभग 4 फुट ऊंचे लगी, एक खिड़की की ओर मुंह करके भौंकने लगा।

“इसका क्या मतलब हुआ?“ सुयश ने ना समझ में आने वाले लहजे में कहा- “यह खिड़की तो समुद्र की ओर खुलती है।“

“शायद किसी ने गार्ड की लाश इस खिड़की से समुद्र की ओर फेंकी है?“ असलम ने जवाब दिया।

सुयश ने धीरे से उस खिड़की के दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया। दरवाजा बिना आवाज किए समुद्र की ओर खुल गया। एकदम से आदमी को गला देने वाली ठंडी हवा का झोंका तेजी से अंदर आया। एक पल के लिए सभी सिहर से गये।

सुयश ने खिड़की के बाहर झांक कर देखा, लेकिन लहरों के सिवा उसे दूर-दूर तक कुछ ना दिखाई दिया। हाँ, ‘सुप्रीम’ के चलने से छिटक कर दूर होता हुआ, समुद्र का पानी जरूर आवाज कर रहा था। हर तरफ मौत की काली चादर के समान दहशत बिछी थी। कुछ देर तक देखते रहने के बाद सुयश उस खिड़की से दूर हट गया।

“कैप्टेन, यह खिड़की के नीचे पानी कैसा है?“ ऐलेक्स ने खिड़की के नीचे फर्श पर पड़े पानी की ओर इशारा करते हुए कहा। अब सभी का ध्यान नीचे पड़े पानी पर था।

“यह पानी तो समुद्र का है।“ अलबर्ट ने आगे बढ़कर पानी की एक बूंद को हाथों में लेकर देखते हुए कहा।

“आप क्या कहना चाहते हैं प्रोफेसर? कि कोई समुद्र से निकलकर इस खिड़की को खोल कर आया था और लाश को लेकर वापस समुद्र में चला गया ?“ असलम ने कहा।

“क्या बेवकूफी है? समुद्र की सतह यहां से लगभग 48 मीटर नीचे है। भला इतनी ऊंचाई तक बिना सहारे के कोई कैसे ऊपर आ सकता है?“ सुयश ने अजीब सी नजरों से असलम को देखते हुए कहा।

“तो फिर समुद्र का पानी यहां पर कैसे आया ?“ लारा ने कहा। लेकिन अब इसका जवाब किसी के पास नहीं था।

तभी अलबर्ट आगे बढ़ा और खिड़की के पास जा कर दूसरी ओर देखने लगा। थोड़ी देर देखने के बाद अलबर्ट ने अपने हाथ से, समुद्र की ओर से, खिड़की के कुछ नीचे हाथ लगाया और फिर अपना हाथ अंदर कर लिया। किसी के समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या कर रहा है? पर सभी की निगाहें अब अलबर्ट पर ही थीं। अंदर आकर अलबर्ट ने अपने अंगूठे से, अपनी दोनों उंगलियों को रगड़ा। अब उसके हाथ में पानी की बूंदों के समान कुछ नमी थी। सभी का ध्यान अब कुछ इस तरह से अलबर्ट की ओर था, जैसे वो किसी रहस्य को खोलने जा रहा हो। और आखिरकार अलबर्ट ने अपना मुंह खोला-

“बात कुछ समझ में नहीं आती, पर मेरे हाथों में लगी नमी यह साबित करती है कि कोई ना कोई समुद्र के अंदर से होकर खिड़की के रास्ते अवश्य आया था।“

“पर गार्ड की लाश को छोड़कर और दोबारा स्टोर रूम में आने में बामुश्किल 5 मिनट का समय लगा था। इस 5 मिनट में कौन इतनी तेजी से 48 मीटर चढ़कर लाश ले जा सकता है। ऐसा तो कोई जानवर भी नहीं कर सकता और वह भी तब, जबकि शिप अपनी पूरी स्पीड से चल रहा है।“ सुयश ने अपने दिमाग की सारी नसों पर जोर डालते हुए कहा।

कुछ देर किसी के मुंह से कुछ नहीं निकला। स्टोर रुम में एक सन्नाटा सा छा गया।

“यह भी तो हो सकता है कि जब गार्ड यहां लाश छोड़ने आये, उस समय कोई स्टोर रूम में पहले से ही रहा हो। और जब ये घबरा कर यहां से भागे हों तो उसने गार्ड की लाश खिड़की से पानी में फेंक दी हो या फिर स्वयं लेकर पानी में कूद गया हो।“ लोथार जो कि बहुत देर से चुप था, बोल उठा।

“हो सकता है कि कुछ ऐसा ही हुआ हो ?“ सुयश ने सिर पर पहनी कैप को उतार, बालों में हाथ से कंघी करते हुए कहा- “लेकिन फिर यह समुद्र का पानी खिड़की के नीचे कैसे आ गया और गार्ड की लाश का भला किसी को क्या काम?“

“यह भी हो सकता है कि लॉरेन का कातिल इस पूरे घटना क्रम को सुपरनेचुरल प्रॉब्लम शो करना चाहता हो, इसलिए उसने पहले जानबूझकर समुद्र का पानी खिड़की के नीचे बिखेर दिया हो। जिससे हमारा ध्यान गलत दिशा में लग जाए। और जानबूझकर गार्ड की लाश गायब की हो। जिससे हम लोग इसे सीरियल किलर या किसी जानवर का कारनामा समझें।“ अलबर्ट ने एक नया तथ्य पेश किया।

“हूं.......ऐसा हो सकता है।“ सुयश ने सिर हिलाते हुए कहा - “इसका मतलब है, कि हो सकता है कि वह हरा कीड़ा भी कोई अपने साथ दहशत फैलाने के लिए लाया हो। .. ........अब हम लोगों को आगे घटने वाली किसी भी घटना को सुपरनेचुरल ना मानकर एक मानवीय घटना माननी चाहिए और उसी हिसाब से समस्या को देखना चाहिए।“

किसी के पास अब बहस करने के लिए कुछ ना बचा था। पूरी रात बहस और सुराग ढूंढने में चली गई थी। इस समय सुबह का लगभग 9:00 बज चुका था। सभी रात भर के थके थे इसलिए अब सुयश ने सभी को अपने-अपने कमरों में जाने के लिए कह दिया।

जाते-जाते सबको हिदायत दे दी गई कि वह लोग तब तक सावधान रहें, जब तक कि उन्हें कोई किनारा ना मिल जाए।

3 जनवरी 2002, गुरुवार, 11:00; सूर्य की किरणें धीरे-धीरे सागर की लहरों पर तैरती हुई आगे बढीं और

“सुप्रीम” का एक हल्का सा चुंबन ले उसे अपने आगोश में समेट लिया ।।

एक सुबह हो गयी थी। जो रात भर के सोए थे, वह सभी जाग गये थे और जो रात भर के जागे थे, वह नींद के आगोश में चले गये थे।

‘सुप्रीम’ अपनी अंजानी डगर पर हौले-हौले चला जा रहा था। ना तो अब उसे मंजिल का पता था और ना ही दूरी का।

धीरे-धीरे अब शिप के सभी लोगों को पता चल गया था कि इस रहस्यमय क्षेत्र से बचकर निकलना मुश्किल है। सभी आपस में अटकलें लगा रहे थे कि अगली मुसीबत किस पर आयेगी ? और किस तरह की होगी ? सुप्रीम की भांति सूर्य भी अपने सफर पर चला जा रहा था, फर्क था तो सिर्फ इतना कि सूर्य को अपनी मंजिल का पता था जबकि सुप्रीम को अपनी मंजिल का कोई पता नहीं था।

सुप्रीम बिल्कुल एक अन्जाने सफर पर था। सुबह अब दोपहर में बदल चुकी थी। सुबह के सोए हुए लोग भी उठ चुके थे।

“तौफीक! तुम्हारा क्या ख्याल है? जेनिथ ने तौफीक की ओर देखते हुए कहा- “इन सब मुसीबतों के पीछे क्या कारण हो सकता है?“

“कुछ पक्के तौर पर कह नहीं सकता।“ तौफीक भी सोफे पर जेनिथ के बगल में बैठता हुआ बोला- “वैसे भी इस बारामूडा त्रिकोण के रहस्यमय क्षेत्र में जो ना हो जाए वह कम है।“

“तुम तो आर्मी में रह चुके हो और पापा कहते हैं कि आर्मी के लोग बहुत ही कठिन परिस्थितियों का भी बहादुरी से डटकर सामना करते हैं। क्या तुम्हें कभी ऐसा एहसास हुआ कि अगले किसी भी क्षण में हम लोगों की मौत भी हो सकती है?“ जेनिथ ने अपना चेहरा, तौफीक के चेहरे के पास लाते हुए कहा।

“मौत और हमारा तो चोली दामन का साथ है। पर यहां पर अफसोस यही है कि हमें दुश्मन का पता नहीं है। यानि कि हम मर तो सकते हैं, पर दुश्मन को मार नहीं सकते।“ तौफीक के शब्दों में निराशा के भाव झलके।

“वैसे तुम्हें क्या लगता है कि हम बचकर अपनी सभ्यता तक वापस पहुंच पायेंगे? क्या हमारे प्यार को दुनिया वाले नहीं देख पाएंगे?“ इस बार जेनिथ के शब्दों में हसरत की एक झलक साफ दिखाई दी।

“पता नहीं, पर मौत से पहले जो जिंदगी से हार गया, उसे डरपोक कहा जाता है। हम अंतिम दम तक इस ना दिखने वाली मौत से लड़ेंगे और वैसे भी मैं अपना काम खत्म किए बिना, इस दुनिया से नहीं जाने वाला।“ तौफीक ने रोष में आते हुए कहा।

जारी रहेगा……......✍️
 
# 31 .

“यह तुम बार-बार अपने किस काम की बात करते हो ?“ जेनिथ ने कहा।

“मैं यह बात तुम्हें अभी नहीं बता सकता, पर समय आने पर तुम्हें खुद-बा-खुद पता चल जाएगा।“ तौफीक की आंखों में, इस बार कठोरता के भाव थे।

“तौफीक.......!“ जेनिथ के इन शब्दों में थोड़ी थिरकन थी- “जाने क्यों आज मुझे बहुत डर लग रहा है?“

“डर......! डर किस बात का ?“ यह कहते हुए तौफीक ने, धीरे से जेनिथ के दाहिने हाथ को, अपने दोनों हाथों में ले लिया और प्यार से उसे सहलाते हुए बोला-

“मैं हूं ना तुम्हारे साथ। फिर भला तुम क्यों डरती हो ? और अगर कभी ज्यादा डर लगे, तो मेरा नाम अपने मन में तीन बार दोहराना, सारा डर अपने आप खत्म हो जाएगा।“

“वो.....कैसे भला ?“ जेनिथ ने तौफीक की आंखों में आंखें डालते हुए पूछा।

“मैं जब बहुत छोटा था। तभी मेरे अब्बा गुजर गए थे। फिर भी उनकी कुछ बातें मुझे आज भी याद हैं।“ तौफीक ने अतीत के समुंदर में छलांग लगाते हुए कहा-

“जब कभी मैं डर जाया करता था, तो मेरे अब्बा मुझे मेरा ही नाम तीन बार पुकारने को कहते थे। क्यों कि यह नाम अब्बा का ही रखा हुआ था। वो कहते थे कि तौफीक नाम का अर्थ उर्दू में बहादुर होता है और वास्तव में जब मैं अपना नाम पुकारता था, तो मेरा डर बिल्कुल खत्म हो जाता था।“

यह सुनकर जेनिथ ने धीरे से आंख बंद कर लिया।

“क्या हुआ?“ तौफीक ने जेनिथ को देखते हुए कहा।

“कुछ नहीं। मन में तुम्हारा नाम ले रही हूं।“ यह कहकर जेनिथ धीरे से तौफीक की ओर थोड़ा और खिसक गई।

“तौफीक, क्या आज मेरी एक इच्छा पूरी करोगे? जेनिथ के शब्दों में ख्वाहिश साफ झलक रही थी।

“क्या ?“ तौफीक ने पूछा।

“मुझे एक बार अपनी बाहों में भर लो।“

तौफीक अब लगातार जेनिथ की आंखों में देख रहा था। जहां उसे प्यार का अथाह सागर अठखेलियां करता हुआ साफ नजर आ रहा था।

“पता नहीं कब मौत का बुलावा आ जाए? क्या तुम इसे मेरी आखिरी इच्छा समझकर पूरी नहीं कर सकते?“ जेनिथ की आवाज में दुनिया भर का दर्द समाया हुआ था।

तौफीक कुछ देर सोचता रहा और फिर अपने दोनो बाजू किसी परिंदे के समान फैला दिये। जेनिथ किसी नन्हीं कली की तरह उसके बाजुओं में समा गयी। खुशी के मारे उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे। उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि मानो इस एक पल में, उसे दुनिया की सारी खुशियां मिल गई हों। एक नन्ही कली शाख से इस तरह चिपक गयी, मानो कोई उसे तोड़ ले जाना चाहता हो। लेकिन उसे स्वयं नहीं पता था कि वह खुद टूट कर बिखर रही है। वह तो जैसे इस बिखरते हुए एक पल में अपनी पूरी जिंदगी जी लेना चाहती थी।

3 जनवरी 2002, गुरुवार, 14:20;

ऐलेक्स गुमसुम सा डेक के एक कोने पर बैठा था। कभी वह अपनी इस बकवास सी जिंदगी के बारे में सोच रहा था। तो कभी उसे क्रिस्टी का भी ख्याल आ जाता था। लेकिन क्रिस्टी का अब वह अपनी सोचों से निकालकर फेंक देना चाहता था। ऐलेक्स को अब मालूम हो गया था कि क्रिस्टी एक ऐसा आसमान पर चमकता हुआ सितारा है, जिसे वह देख तो सकता है, पर चाहकर भी छू नहीं सकता।

लॉरेन के बारे में सोच-सोच कर उसे गुस्सा आ रहा था कि आखिर उसने लॉरेन की बात क्यों मानी ? उसी के कारण क्रिस्टी और नाराज हो गई। इन्हीं विचारों में गुम वह बैठा था। तभी एक वेटर एक खूबसूरत सा लाल रंग का गुलाब का फूल लेकर आया और ऐलेक्स की तरफ बढ़ाते हुए बोला-

“दिस इज फॉर यू मिस्टर ऐलेक्स।“

ऐलेक्स ने ना समझते हुए भी फूल को हाथों में ले लिया। ऐलेक्स ने पहले इधर-उधर देखा पर उसे दूर-दूर तक कोई ऐसा नहीं दिखाई दिया, जिसने कि उसे फूल भिजवाया हो। अब उसकी नजर फूल पर पड़ी। वह एक ताजा अधखिली कली थी, जिसकी 6 इंच लम्बी डंडी में दो छोटे-छोटे पत्ते भी लगे हुए थे।

ध्यान से देखने पर ऐलेक्स को यह महसूस हुआ कि पत्तों पर कुछ लिखा है? वह फूल को अपने चेहरे के और पास लाकर, पत्ती पर लिखी लिखावट को पढ़ने की कोशिश करने लगा।

दोनो ही पत्तियों पर ‘सॉरी ‘ लिखा हुआ था। “सॉरी !“ वह होंठों ही होठों में बुदबुदाया- “यह मुझे सॉरी कहने वाला यहां पर कौन आ गया ? ....... कहीं क्रिस्टी तो नहीं ? ... ....नहीं.....नहीं, क्रिस्टी नहीं हो सकती। वह भला मुझे सॉरी क्यों बोलेगी ? फिर...... कौन हो सकता है?“

अभी ऐलेक्स अपने विचारों में ही उलझा हुआ था कि तभी एक मधुर स्वर लहरी वातावरण में गूंज उठी।

“क्या मैं यहां बैठ सकती हूं?“ ऐलेक्स ने आवाज को सुन अपना सिर ऊपर उठाया।

पिंक कलर की चुस्त टी.शर्ट और ब्लैक जींस पहने जो सुंदरता की मूरत खड़ी थी, वह यकीनन क्रिस्टी ही थी, ऐलेक्स को एक बार तो जैसे यकीन ही नहीं हुआ कि वह जाग रहा है या सपना देख रहा है। ऐलेक्स को कुछ सोचता हुआ देख, क्रिस्टी ने पुनः मुस्कुराते हुए पूछ लिया-

“क्या मैं यहां बैठ सकती हूं?“

“यस.... यस..... व्हाई नाट?“ ऐलेक्स ने घबरा कर कहा।

क्रिस्टी सामने वाली कुर्सी पर बैठ गयी। उसे इतना पास में बैठते देख ऐलेक्स घबराहट के मारे खड़ा हो गया।

“क्या आप कहीं जा रहे हैं?“ क्रिस्टी ने ऐलेक्स को खड़ा होते देख पूछ लिया।

“जी..... नहीं तो !“ ऐलेक्स अभी भी सामान्य नहीं हो पाया था।

“तो फिर आप खड़े क्यों हो गये? बैठिए ना।“ क्रिस्टी ने इठलाते हुए ऐलेक्स की घबराहट का मजा लिया।

“जी..... जी हां !“ यह कहकर ऐलेक्स धीरे से अपनी कुर्सी पर बैठ गया।

पर घबराहट अभी भी पूरी तरह से उसके ऊपर हावी थी ।जिसके कारण उसके हाथ कांप रहे थे।

क्रिस्टी ने धीरे से अपना हाथ बढ़ाकर, ऐलेक्स का कांपता हुआ हाथ, अपने हाथों में ले लिया।

“क्या बात है? आपके हाथ क्यों कांप रहे हैं? आपकी तबियत तो ठीक है ना ?“ क्रिस्टी के होंठों से निकलते हर एक शब्द में शोखी झलक रही थी।

“जी.... हां..... तबियत तो बिल्कुल ठीक है।“ क्रिस्टी के हाथ रखने पर ऐलेक्स के हाथों का कांपना और बढ़ गया- “बस......वो थोड़ी ठंडक आज ज्यादा है ना इसीलिए।“

“आपको मेरा भेजा हुआ फूल कैसा लगा ?“ क्रिस्टी ने टॉपिक चेंज करते हुए कहा।

“जी....... अच्छा था ।“ ऐलेक्स के मुंह से बड़ी मुश्किल से बोल फूट रहे थे।

ऐलेक्स इस तरह बार-बार इधर-उधर देख रहा था, जैसे किसी चोर को कोहिनूर के पास बैठा दिया गया हो।

“फूल के पत्तियों पर कुछ लिखा भी हुआ था ? आपने वह पढ़ा कि नहीं?“ क्रिस्टी ने बड़ी शाइस्तगी से फुसफुसा कर कहा।

“जी.... पढ़ा।“ ऐलेक्स ने जवाब दिया।

“मैं आपसे माफी मांगती हूं। कल सबके सामने मैंने आपका नाम ले लिया। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था।“ कहते कहते झुककर क्रिस्टी ऐलेक्स के काफी पास आ गई।

“क....क......कोई बात नहीं। आपने फि...र मुझे बचा भी .....तो लिया था।“

क्रिस्टी को इतना पास देखकर अब ऐलेक्स के दिल की धड़कन बहुत तेज हो गई।

“तो क्या आपने मुझे माफ कर दिया?“ क्रिस्टी अब ऐलेक्स के और पास आ गई।

“ज....जी.....जी हाँ।“ ऐलेक्स ने घबरा कर अपनी कुर्सी को थोड़ा पीछे की ओर झुकाया।

“वैसे मुझे आपसे एक बात और करनी थी।“ क्रिस्टी ने सस्पेंस भरे स्वर में फुसफुसा कर कहा।

“क्....क्या ?“

क्रिस्टी का चेहरा अब बिल्कुल ऐलेक्स के चेहरे के पास था।

ऐलेक्स लगातार अपनी कुर्सी पीछे झुकाता जा रहा था। तभी एक झटके से आगे बढ़कर क्रिस्टी ने ऐलेक्स के होंठों को चूम लिया।

“आई लव यू!“

घबराहट की अधिकता के कारण ऐलेक्स इतना पीछे हटा कि वह कुर्सी सहित वहीं जमीन पर ढेर हो गया। उधर क्रिस्टी अपने प्यार का इजहार कर तेजी से उठी और ऐलेक्स को गिरता देख, खिलखिलाती हुई, भागते कदमों से ऐलेक्स से दूर चली गई।

ऐलेक्स हक्का-बक्का सा वहीं गिरा पड़ा रहा। उसके कानों में क्रिस्टी की खिलखिलाहट गूंज रही थी।

“बड़ी______खतरनाक बला है।“ ऐलेक्स ने अपने माथे पर आये पसीने को धीरे से पोंछते हुए कहा।

जारी रहेगा.........✍️
 
# 32 .

चैपटर-10 3 जनवरी 2002, गुरुवार, 15:50; न्यूयॉर्क बंदरगाह, अमेरिका !

“स्मिथ......! ‘सुप्रीम’ का कुछ पता चला ?“ रॉबर्ट ने कुर्सी पर बैठे-बैठे पूछा- “आज उसे गायब हुए 3 दिन बीत गये हैं।“

“नो सर......सुप्रीम की कोई रिपोर्ट नहीं मिल रही है। अंतिम समय जब उससे संबंध स्थापित हुआ था तो वह बारामूडा त्रिकोण के रहस्यमय क्षेत्र में क्षेत्र में लगभग 80 नॉटिकल माइल तक प्रवेश कर गया था। फिर अचानक ना जाने क्या हुआ कि हमारा उससे संपर्क टूट गया और वह भी अन्य जहाजों की तरह बारामूडा त्रिकोण के खतरनाक अंधेरों में खो गया।“ स्मिथ ने कहा।

“हमारे लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि हमारे बहुत से वी.आई.पी. लोग भी उस शिप में हैं, जिनके गायब होने का मतलब पूरे विश्व में तहलका मच जाना है। हम कब तक आखिर ये खबर मीडिया से छिपाए रखेंगे। आज नहीं, तो कल उन्हें पता चल ही जाएगा। कुछ करना होगा स्मिथ......? कुछ करना होगा ? यह समस्या हमारे हाथ पर हाथ रखने से हल नहीं होगी।“

“यस सर, बिल्कुल सही कह रहे हैं आप। और वैसे भी शिप जैसे ही अगले स्टापेज पर नहीं पहुंचेगा। वहां से पूरी दुनिया को पता ही चल जायेगा, पर यह समझ में नहीं आया सर कि आखिर शिप के लोगों ने शिप को जानबूझकर गलत दिशा में क्यों मोड़ा ?“ स्मिथ ने दिमाग पर जोर डालते हुए कहा।

“तुम शायद भूल रहे हो स्मिथ कि इंटरपोल द्वारा हमें जो मैसेज मिला था। वह यह था कि जहाज पर कुछ अपराधी टाइप के व्यक्ति भी चढ़ गए हैं, जो शिप को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह भी तो हो सकता है कि उन अपराधियों ने शिप के कंट्रोल रूम पर कब्जा कर लिया हो और वही शिप को गलत दिशा में ले जा रहे हों।“ राबर्ट ने अपने विचार व्यक्त किये।

“सॉरी सर, लेकिन यह बात मेरी समझ में नहीं आती। क्यों कि यदि अपराधियों ने शिप पर कब्जा किया होता तो पहली बात तो वो उसे बारामूडा त्रिकोण जैसे खतरनाक क्षेत्र में नहीं ले जाते और दूसरी बात वह हमसे संपर्क स्थापित कर, अपनी कोई मांग मनवाने की कोशिश करते।“ स्मिथ ने तर्क देते हुए कहा।

लेकिन इससे पहले कि राबर्ट और कुछ कह पाता, एक जूनियर अधिकारी फिंच ने कमरे में प्रवेश किया। उसके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं।

“सर....सर.... वो..... वो.....!“ फिंच ने हकलाते हुए कहा।

“ये क्या वो...वो लगा रखा है?“ राबर्ट ने आने वाले को कसकर डांट लगाते हुए कहा- “साफ-साफ बताते क्यों नहीं ? क्या हुआ?“

“वो सर, एक आदमी बाहर खड़ा है और वह आपसे मिलने की जिद कर रहा है। कह रहा है कि आपसे कुछ विशेष बात करनी है?“ फिंच ने अपनी बात को घबराते हुए पूरा किया।

“तो इसमें इतना घबराने की क्या बात है? क्या नाम है उसका ?“ स्मिथ ने पूछा।

“सर.....वो अपना नाम असलम बता रहा है। कह रहा है कि वह “सुप्रीम” का सेकेंड असिस्टेंट कैप्टन है।“ फिंच ने शब्दों का बम फोड़ते हुए कहा।

“सांय.....सांय.....सांय।“ राबर्ट और स्मिथ को ऐसा लगा जैसे किसी ने उनके सिर पर बम फोड़ दिया हो।

“क्या...........?“ राबर्ट उछलकर अपनी सीट से खड़ा हो गया- “भेजो..... जल्दी भेजो उसे। ‘सुप्रीम’ खतरे में है।“

आदेश मिलते ही फिंच तुरंत बाहर की ओर भागा।

“ये कैसे हो सकता है स्मिथ? अगर ये असलम है तो सुप्रीम पर सेकेंड असिस्टेंट बन करके जो व्यक्ति गया है, वह कौन है?“

“पता नहीं सर.......पर जो भी है। मुझे सुप्रीम बहुत खतरे में महसूस हो रहा है।“

स्मिथ भी सस्पेंस के झूले में झूल रहा था। तभी फिंच एक व्यक्ति को लेकर अंदर दाखिल हुआ। आने वाले के बाल बिखरे हुए थे। दाढ़ी भी बढ़ी हुई थी। ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने पिछले 10 दिनों से दाढ़ी ना बनायी हो। उसके माथे पर एक सफेद पट्टी बंधी हुई थी।

“कौन हो तुम?“ राबर्ट की कड़कदार आवाज कमरे में गूंज उठी।

“मैं सुप्रीम का सेकेंड असिस्टेंट कैप्टन असलम हूं।“ आने वाले आगन्तुक ने जवाब दिया।

“झूठ बोल रहे हो तुम। असलम तो सुप्रीम के साथ सफर पर जा चुका है। तुम कोई बहरूपिये हो ?“ स्मिथ ने भी गहरी निगाहों से असलम को घूरते हुए कहा।

“मेरी बात का विश्वास मानिए, मैं ही असली असलम हूं। जो भी व्यक्ति सुप्रीम पर असलम बनकर गया है, वह बहुरुपिया है।“ असलम ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा।

“तुम्हारे पास कोई प्रूफ है कि तुम ही असलम हो।“ राबर्ट ने विचलित शब्दों में पूछा।

“मेरे पास इस समय तो कोई प्रूफ नहीं है, लेकिन आप सर जेरार्ड को बुलाइये। उन्होंने ही मुझे सुप्रीम के लिए चुना था। वह मुझे जानते हैं।“

असलम के शब्दों में गजब का कॉन्फिडेंस था। असलम का कॉन्फिडेंस देख राबर्ट भी एक बार तो हिल गया।

फिर राबर्ट ने स्मिथ को गहरी निगाहों से देखते हुए इशारा किया। स्मिथ तुरंत टेलीफोन पर झपटा और सर जेरार्ड का इक्सटेंशन नम्बर डायल कर दिया। 2 रिंग के बाद ही दूसरी तरफ से फोन उठा लिया गया।

“हैलो सर! मैं स्मिथ बोल रहा हूं। क्या आप जरा देर के लिए तुरंत राबर्ट सर के केबिन में आ सकते हैं। कुछ इमर्जेन्सी है।“ स्मिथ ने रिक्वेस्ट भरे अंदाज में पूछा।

दूसरी तरफ से ‘हां ‘ बो लकर फोन रख दिया गया। स्मिथ ने राबर्ट को देखकर धीरे से ‘हां ‘ में सिर हिलाया।

थोड़ी देर के लिए कमरे में सन्नाटा छा गया। बामुश्किल 2 मिनट में ही जेरार्ड राबर्ट के कमरे में थे। जेरार्ड के आते ही सभी अपनी जगह से खड़े हो गये। जेरार्ड ने एक नजर कमरे में बैठे सभी लोगों पर मारी और फिर स्वयं एक चेयर पर बैठ गया।

“हां बोलिए मिस्टर स्मिथ, आपने मुझे क्यों बुलाया ?“ जेरार्ड ने स्मिथ को देखते हुए कहा।

“सर, आपको तो पता ही है कि सुप्रीम से कुछ दिन पहले हमारा सम्पर्क टूट गया था।“ स्मिथ ने बिना टाइम वेस्ट किये, बोलना शुरु कर दिया-

“और उसके बारे में हमें कोई न्यूज नहीं मिल पा रहा था। पर इतने दिनों के बाद आज ये एक महाशय यहां पर आये हैं और यह कह रहे हैं कि ये सुप्रीम के सेकेंड असिस्टेंट कैप्टन असलम हैं। इनका कहना है कि ये यहां से शिप के साथ गये ही नहीं थे, जबकि शिप का पूरा स्टाफ यहां से अपने नियत समय पर जा चुका है। इन्होने ये भी कहा कि इनका सेलेक्शन आपने किया था और आप इन्हें पहचानते हैं।“

स्मिथ की बात सुन पहली बार जेरार्ड ने असलम को ध्यान से देखा।

“सर, आप तो मुझे पहचान रहे हैं ना।“ असलम ने जेरार्ड को याद दिलाते हुए कहा-

“मैं असलम......याद है इन्टरव्यू के दौरान मैंने आपके चश्मे के लिए एक सलाह दी थी।“

“यस...यस.....मिस्टर स्मिथ, ये आदमी सौ प्रतिशत असलम ही है।“ जेरार्ड ने याद करते हुए कहा-

“पर अगर ये यहां पर है.....तो असलम बनकर सुप्रीम पर कौन गया है?“

जेरार्ड की बात सुनकर राबर्ट ने अपना सिर पकड़ लिया।

“सॉरी सर पर इस बारे में हमें भी कुछ नहीं पता।“ स्मिथ ने हकबकाये स्वर में जवाब दिया।

“हां, अब आप बताइए मिस्टर असलम कि आप के साथ क्या हुआ जिससे आप इतने दिनों के बाद हमारे पास पहुंचे।“ राबर्ट ने असलम से पूछा।

“जिस दिन मुझे शिप पर अपना कार्ड लेकर, सबसे अपना परिचय कराने जाना था। उस दिन मैं सुबह अपने समय पर अपने घर से निकला। आगे दो-तीन मोड़ को पार करने के बाद एक सुनसान रोड जाती है, जिसके दूसरी तरफ एक भयानक झरना बहता है। मैं जब वहां पर पहुंचा, तो रोड के पास एक बाइक गिरी पड़ी थी और उसके पास एक आदमी पड़ा कराह रहा था। मैंने अपनी कार को किनारे लगाया और उतर कर उस आदमी के पास पहुंचा। जैसे ही मैं उसको देखने लगा, अचानक उसने मेरे ऊपर हमला कर दिया। उसने मेरे सिर पर पता नहीं किस चीज से दो-तीन चोट मारी। मैं थोड़ी ही देर में बेहोश हो गया। मुझे जब होश आया तो मैंने अपने आपको एक बूढ़े की झोपड़ी में पाया।

उस बूढ़े ने मुझे बताया कि मैं उसे झरने के किनारे एक पत्थर से अटका हुआ मिला था। मैं लगभग 7 दिनों के बाद होश में आया था। फिर लगभग 3 दिन मुझे उठकर चलने-फिरने में लगे। मैं जैसे ही इस लायक हो गया कि थोड़ा चल-फिर सकूं, तुरंत भागकर आपके पास पहुंच गया।“

“इसका मतलब शिप पर यह पहचानने वाला कोई नहीं था कि असलम कौन है?“ स्मिथ ने पूछा।

“दरअसल इंटरव्यू में सेलेक्शन हो जाने के बाद, हमारे सारे डाक्यूमेंट्स जमा कर लिए गये और एक आई-कार्ड बना कर दे दिया गया। शिप के चलने के एक हफ्ते पहले उसका एक टेस्ट ड्राइव किया गया। उसी दिन शाम को शिप पर एक पार्टी रखी गयी। उस दिन शिप का एक अधिकारी, आई-कार्ड को चेक कर, सभी चालक दल का परिचय एक-दूसरे से कराने वाला था।“ असलम ने कहा।

“इसका मतलब उस अधिकारी ने फंक्शन वाले दिन, ठीक से डाक्यूमेंट चेक नहीं किये।“ जेरार्ड ने राबर्ट को घूरते हुए, खा जाने वाले अंदाज में कहा।

राबर्ट ने सटपटा कर दूसरी तरफ निगाह फेर ली। शायद उसे अपनी गलती का एहसास हो गया था।

“मेरे होश में आने पर, मैंने सबसे पहले अपने कपड़ों के जेबें चेक कीं। परंतु कार्ड सहित मेरे सारे डॉक्यूमेंट वहां से गायब थे। हो सकता है जो मेरा नाम लेकर शिप में गया, उसने मेरी फोटो की जगह अपनी लगा कर किसी तरह से अधिकारियों को धो खा दे दिया हो।“ असलम ने जेरार्ड की तरफ देखते हुए कहा।

“यानि कि अब ये फाइनल हो गया कि जो व्यक्ति असलम बनकर शिप में गया है, वह नकली है।....... सर ये भी तो हो सकता है कि उसी ने शिप को जान बूझकर बारामूडा त्रिकोण के क्षेत्र में डाल दिया हो।“ स्मिथ ने राबर्ट को देखते हुए कहा।

“बारामूडा त्रिकोण के क्षेत्र में!“ असलम ने चैंकते हुए कहा।

“जी हां, इस समय ‘सुप्रीम’ बारामूडा त्रिकोण के रहस्यमयी क्षेत्र में जाकर गायब हो चुका है।“ राबर्ट ने जवाब दिया। कहकर स्मिथ ने जितनी भी जानकारी उसके पास थी, वह सब असलम को बतादी।

“इसका मतलब हमारा पहला काम सुप्रीम को खोजकर उसे वास्तविक रूट पर वापस लाना है और शिप के कैप्टेन को नकली असलम से सावधान करना है।“ असलम ने जोश में आते हुए कहा।

“लेकिन कैसे?“ स्मिथ के शब्दों में बेचैनी भरी थी।

“मुझे अपने जान की बाजी लगानी होगी क्यों कि शिप में यात्रा कर रहे, सभी यात्रियों की जान मेरी जान से कहीं बहुत अधिक है।“ असलम अब भावुक लग रहा था।

“आपको अब और परेशान होने की जरुरत नहीं है मिस्टर असलम।“ जेरार्ड के शब्दों में अब भूकम्प जैसे भाव थे- “आप अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। अभी आपको आराम करना चाहिए, रही बात सुप्रीम की तो यह जिम्मेदारी अब आप मुझ पर छोड़ दीजिए। इस मैटर को अब मैं पर्सनली हैण्डिल करुंगा। और हां, हमें इतनी जरुरी इंफार्मेशन देने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया “ इतना कहकर जेरार्ड अपनी कुर्सी से खड़ा हो गया।

जेरार्ड के खड़े होते ही बाकी सब भी उनके साथ खड़े हो गये। जेरार्ड के इशारे पर फिंच, असलम को हॉस्पिटल लेकर चला गया। जेरार्ड ने एक नजर राबर्ट और स्मिथ पर मारी और बोले-

“अब से ठीक दो घंटे बाद आप दोनो लोग मेरे रुम में मुझसे आकर मिलिए।“ इतना कहकर जेरार्ड तेजी से कमरे से बाहर निकल गये।

जारी रहेगा..........✍️
 
# 33 .

3 जनवरी 2002, गुरुवार, 18:30; न्यूयॉर्क बंदरगाह, अमेरिका।

ठीक दो घंटे के बाद राबर्ट और स्मिथ, जेरार्ड के रुम में बैठे थे। जेरार्ड इस समय अपने रुम में चहलकदमी कर रहे थे। उस रुम में एक अजनबी और भी बैठा था, जिसे राबर्ट और स्मिथ नहीं जानते थे। उस अजनबी का व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली दिख रहा था-

“लगभग 6.5 फुट की हाइट, कर्ली बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, लोहे जैसे ठोस हाथों में उभरी हुई मसल्स, बलिष्ठ शरीर।“

राबर्ट और स्मिथ एक पल में उस अजनबी के व्यक्तित्व से इंप्रेस हो गये। फिलहाल कमरे में निस्तब्ध सन्नाटा व्याप्त था। अब सभी को इंतजार था तो बस जेरार्ड के बोलने का। कुछ देर रुम में टहलने के बाद जेरार्ड वापस आकर अपनी चेयर पर बैठ गये। उन्होंने पहले वहां पर मौजूद सभी लोगों पर नजरें डाली और फिर बोल उठे-

“सबसे पहले मैं आप लोगों का परिचय करा दूं।“

“इनका नाम व्योम है, ये सी.आई.ए. के एक काबिल एजेंट हैं।“ जेरार्ड ने उस अजनबी की तरफ इशारा करते हुए कहा।

“सी.आई.ए.!“ राबर्ट और स्मिथ के मुंह से आश्चर्य भरे स्वर निकले।

“जी हां !“ जेरार्ड ने हामी भरते हुए कहा- “मुझे नहीं लगता कि अब ‘सुप्रीम’ का केस हम लोग और हैण्डल कर पायेंगे। इसलिए मैंने यह केस सी.आई.ए. के हवाले कर दिया है।“

“ये मिस्टर व्योम हैं।“ जेरार्ड ने कुछ देर रुककर फिर बोलना शुरु कर दिया- “ये भारतीय मूल के जरुर हैं, पर इन्हें अमेरिकन नागरिकता प्राप्त है, मैंने इन्हें सुप्रीम की सारी जानकारी दे दी है। और मिस्टर व्योम इस मिशन पर जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।“

“और ये मिस्टर राबर्ट और मिस्टर स्मिथ हैं।“ जेरार्ड ने राबर्ट और स्मिथ का परिचय व्योम से कराते हुए कहा- “सुप्रीम का सारा अधिकारिक कार्य, यही लोग संभाल रहे हैं।“ व्योम ने आगे बढ़कर राबर्ट और स्मिथ से बड़ी गर्मजोशी से हाथ मिलाया।

व्योम के हाथ मिलाने के तरीके से ही राबर्ट और स्मिथ को व्योम की ताकत का अंदाजा हो गया। अब सभी की निगाहें व्योम की तरफ थीं। सभी को अपनी तरफ देखता देख, व्योम ने बोलना शुरु कर दिया-

“मैं समय ना बर्बाद करते हुए सीधे प्वांइट पर आता हूं। सबसे पहले मुझे उस जगह के लोकेशन को-आर्डीनेट चाहिए, जहां से ‘सुप्रीम’ से आखिरी बार सिग्नल मिला था।“

“ठीक है, मैं आपको बारामूडा त्रिकोण का मैप और उस लोकेशन के को आर्डीनेट आपको दे देता हूं।“ राबर्ट ने व्योम को देखते हुए कहा- “और क्या चीज आपको चाहिए होगी ?“

“अगर हो सके तो मुझे बारामूडा द्वीप से एक पानी पर उतरने वाला हेलीकॉप्टर दिला दीजिए। मैं उसी से सुप्रीम को ढूंढने की कोशिश करुंगा।“ व्योम ने अपना प्लान शेयर करते हुए कहा।

“शायद आपको पता नहीं है कि उस क्षेत्र में तीव्र विद्युत चुम्बकीय तरंगे विद्यमान हैं, जो आपके हेली कॉप्टर को ज्यादा आगे नहीं बढ़ने देंगी।“ स्मिथ ने कहा।

“मालूम है, सब मालूम है इसलिए तो मैं आपसे पानी पर उतरने वाला हेलीकॉप्टर मांग रहा हूं, जिससे अगर कहीं मेरा हेलीकॉप्टर खराब भी हो जाए, तो मैं आसानी से उसे उतार सकूं। इस तरह का जो नया टू सीटर हेली कॉप्टर आया है, उसमें एक टरबाइन मोटर भी लगी होती है। जिससे मौका पड़ने पर उसे मोटरबोट की तरीके से भी इस्तेमाल किया जा सकता है और यह टरबाइन मोटर चूंकि इलेक्ट्रानिक नहीं होती इसलिए उस पर विद्युत चुम्बकीय तरंगों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।“

व्योम का जुनून देखकर एक बार तो राबर्ट भी कुर्सी से उठ कर खड़ा हो गया।

“आई लाइक योर प्लान मिस्टर व्योम।“ राबर्ट ने व्योम की तारीफ करते हुए कहा- “मैं जल्दी ही आपके लिए ये सब व्यवस्था करवाए देता हूं। क्या आपको इस मिशन के लिए कोई और साथी चाहिए होगा ? आई मीन हेलीकॉप्टर का पायलेट वगैरह।“

“जी नहीं !“ व्योम ने मना करते हुए कहा- “वैसे मैं अपने बारे में आपको बता दूं, मैं मार्शल आर्ट में एक्सपर्ट हूं। मैं 25 मिनट तक अंडर वाटर बिना सांस लिए स्विम कर सकता हूं। मैं सभी तरीके के हथियार चलाना जानता हूं। मैं दुनिया की 10 से भी ज्यादा भाषा बोल लेता हूं। और मैं हेलीकॉप्टर सहित सभी तरीके के वेहैकिल ड्राइव कर लेता हूं। इसलिए मुझे किसी भी तरह की हेल्प की जरुरत नहीं है और वैसे भी मैं नहीं चाहता कि इस खतरनाक मिशन में मेरे अलावा कोई और अपनी जान खतरे में डाले।“ व्योम की बातें सुन अब जेरार्ड भी इंप्रेस दिख रहे थे।

“ओ.के. मिस्टर व्योम, मैं अभी सारी व्यवस्थाएं करवाता हूं।“ यह बोल स्मिथ तुरंत कमरे से बाहर निकल गया।

4 जनवरी 2002, शुक्रवार, 08:00; बारामूडा द्वीप।

व्योम न्यूयार्क से तुरंत एक प्लेन पकड़कर बारामूडा द्वीप के लिए रवाना हो गया। एयरपोर्ट से निकलकर वह सीधे बारामूडा द्वीप के बंदरगाह पर पहुंचा। वहां उसने जैसे ही अपना परिचय दिया, उसे उसकी पसंद का एक हेलीकॉप्टर दे दिया गया। जिसका फ्यूल टैंक फुल का इंडीकेशन दिखा रहा था। व्योम ने हेलीकॉप्टर के अंदर प्रवेश किया। कुछ ही देर में व्योम हेलीकॉप्टर सहित हवा में था।

लगभग 8 घंटे हेलीकॉप्टर ड्राइव करने के बाद व्योम को समुद्र में खड़ा एक विशालकाय क्रूज दिखाई दिया। सिग्नल देकर व्योम ने अपना हेलीकॉप्टर उस क्रूज पर उतार लिया। वहां उसके हेली कॉप्टर का फ्यूल टैंक दोबारा से फुल कर दिया गया।

“मिस्टर व्योम, अब से 20 घंटे के बाद हमारा क्रूज उस जगह पर पहुंच जाएगा, जहां से कि हमें ‘सुप्रीम’ का अंतिम सिग्नल मिला था।“

क्रूज के अधिकारी ने व्योम को देखते हुए कहा- “उससे आगे हम लोगों की जाने की इजाजत भी नहीं है। क्यों कि उसके आगे बारामूडा त्रिकोण का वह खतरनाक क्षेत्र शुरू हो जाता है, जहां जाकर कोई अभी तक वापस नहीं आया। तब तक आप क्रूज पर आराम कर सकते हैं। जब हम उस जगह पर पहुंच जाएंगे तो आपको बता देंगे।“ इतना कहकर क्रूज के उस अधिकारी ने एक गार्ड को व्योम का रूम दिखाने के लिए कह दिया।

कुछ देर तक डेक पर खड़े हो कर व्योम ढलते हुए सूर्य को देखता रहा। ऐसा लग रहा था कि जैसे वह मौत से दो-दो हाथ करने को बेताब हो। फिर व्योम धीरे से उस गार्ड के साथ चल दिया।

4 जनवरी 2002, शुक्रवार, 15:00; “सुप्रीम”

सुप्रीम मंथर गति से चल रहा था। दोपहर के लगभग 3:00 बज रहे थे। शिप पर असलम देर से सोने की वजह से अभी नहीं उठा था। वह बहुत गहरी नींद में सो रहा था कि तभी अचानक रूम की डोर बेल बजने से उसकी नींद खुल गई। उठते ही पहले असलम ने आंखें मसल कर घड़ी पर नजर डाली। तब तक डोर बेल कई बार बज चुकी थी।

असलम ने तेजी से उठकर रुम का दरवाजा खोला। बाहर सिक्योरिटी इंचार्ज लारा खड़ा था। उसकी भी लाल आंखें इस बात की गवाही दे रहीं थीं कि वह भी ठीक से सो नहीं पाया है।

“सर, जल्दी चलिए दूर कहीं एक और आईलैंड दिखाई दे रहा है।“ लारा ने घबराए स्वर में कहा।

“एक और आईलैंड?“ असलम के स्वर में आश्चर्य झलका।

“जी हां.....।“ लारा ने हामी भरते हुए कहा।

“तुमने कैप्टेन से इसके बारे में बताया कि नहीं ?“ असलम ने जल्दी-जल्दी वाशबेसिन से पानी ले मुंह पर छींटे मारते हुए पूछा।

“अभी नहीं ! मैंने सोचा पहले आपको बता दूं। वैसे अब मैं कैप्टेन को ही बताने जा रहा हूं।“ लारा ने कहा।

“कैप्टन को लेकर तुरंत डेक नंबर 21 पर पहुंचो। मैं वहीं जा रहा हूं।“

इतना कहकर असलम ने झटके से अपने पैरों में स्लीपर डाला और तेजी से पास में रखी दूरबीन उठाकर, बिना दरवाजा लॉक किये, डेक नंबर 21 की ओर भागा।

असलम कुछ ही देर में डेक नंबर 21 पर था। चूंकि इस साइड में यात्रियों का आना मना था। इसलिए यहां भीड़ नहीं थी। सिर्फ शिप के स्टाफ के ही 8-10 आदमी थे। असलम ने दूरबीन अपनी आंखों पर चढ़ाई और उस आईलैंड को देखने लगा।

वैसे अब शिप आईलैंड से ज्यादा दूरी पर नहीं था और वह नंगी आंखों से भी दिखाई दे रहा था। जैसे-जैसे असलम ध्यान से उस आइलैंड को देखता जा रहा था, उसके चेहरे पर आश्चर्य के भाव बढ़ते जा रहे थे।

“ओऽऽ नो.....यह कैसे संभव है?“ असलम के मुंह से आश्चर्य भरा स्वर निकला।

“क्या... कैसे संभव है?“ सुयश ने पीछे से आते हुए कहा।

सुयश की आवाज सुन असलम ने दूरबीन अपनी आंखों के आगे से हटायी और पीछे देखा। उसे पीछे खड़े लारा व सुयश दिखाई दिये। असलम ने बिना कुछ कहे, दूरबीन सुयश के हाथों में पकड़ा दी।

सुयश ने भी दूरबीन को आंखों पर चढ़ा कर उस आईलैंड को देखना शुरू किया। अब सुयश के चेहरे पर भी आश्चर्य के भाव थे। वह लगभग 10 मिनट तक बारीकी से उस आईलैंड को देखता रहा और फिर होठों ही होठों में बुदबुदाया-

“वही है....बिल्कुल वही है।“

जारी रहेगा..........✍️
 
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