Adultery BUDHHA TAILOR - Page 2 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery BUDHHA TAILOR

करीम पूर्वी को अब फर्श पे रख देता है… दोनों उस रूम मई नंगे hi थे… एक था काला … और एक थी गोरी.. मख्हन जैसे बदन की मालकिन … नाज़ुक सी… …

करीम कुछ डियर तक ऐसे hi पूर्वी को एक तुक देखता हैं.. फिर वो अपनी एक उंगली पूर्वी के चेहरे पर ले जाता हैं और उसके गलों से लेकर उसके गार्डन तक अपनी उंगली धीरे धीरे फेरने लगता हैं.........

फिर वो अपने एक उंगली पूर्वी के लैब पर रख देता हैं ...

let-me-touch-you-erotic.gif


और उसे अपने मुँह में लेकर चूसने का इशारा करता hain........Purvi भी बिना किसी विरोध के अपना मुँह हौले से खोल देती हैं और करीम की उंगली धीरे धीरे अपने मुँह में लेकर चूसने लगती हैं......

करीम फिर झट से अपनी दूसरी उंगली भी पूर्वी के मुँह में दाल देता हैं और पूर्वी बिना किसी विरोध के उसकी दोनों ऊँगली बरी बरी चूसने लगती हैं.......

करीम फिर से पूर्वी के और करीब आता हैं और एक तुक उसके ख़ूबसूरत चेहरे को देखता हैं .. फिर वो अपना होंठ पूर्वी के होंठों पर रख देता हैं और उसे बड़े हौले हौले चूसने लगता हैं.........

vijay-kiss-scene-kiss.gif


पूर्वी भी झट से अपने मुँह खोल लेती हैं और वो भी करीम के होंठों को धीरे धीरे चूसने लगती हैं.........

पूर्वी किसी मदहोशी के आलम में अपने होंठों को करीम के होंठों पर रखकर उसे हौले हौले चूस रही thi........Karim के मुँह से पान और बीड़ी का स्वाद धीरे धीरे उसके मुँह में भी जा रहा tha.......magar आज उसे ये सब कुछ बिलकुल बुरा नहीं लग रहा tha......ek नशा एक खुमार सा आज उसपर चाय हुआ tha......Karim धीरे धीरे अपने हाथों को भी हरकत कर रहा tha.........wo धीरे धीरे कभी अपने उँगलियों को पूर्वी की नंगी पीठ पर फेरता तो कभी उसके चेहरे पर........

करीम फिर अपना एक हाथ पूर्वी के राइट बूब्स पर रख देता हैं और उसे एक बार हौले से मसल देता hain........Purvi के मुँह से एक धीमी सी सिसकारी फुट पड़ती hain.......fir वो अपना दूसरा हाथ भी वहीँ पूर्वी के लेफ्ट बूब्स पर रख देता हैं और उसे भी धीरे से मसल देता hain......Purvi भी अपना दोनों हाथ अपने सीने पर रख देती हैं करीम के हाथों par........aur फिर वो करीम की ओरे अपना चेहरा लेजाकर उसके होंठों को दुबारा चूसने लगती हैं........

करीम एक नज़र पूर्वी की आँखों में देखता हैं फिर वो पूर्वी के होटों को अपने जीभ में लेकर फिर से चूसने लगता हैं और धीरे धीरे अपने दोनों हाथों पर दबाव भी बनाने लगता hain.........kabhi वो पूर्वी के दोनों बूब्स को अपने हाथों में लेकर मसलता तो कभी उसके दोनों निप्पल्स को अपनी उंगली के बीच लेकर दबाता........

तभी करीम उसे निचे पीठ के बल सुलाता हैं . करीम फिर उसके ऊपर आता हैं और अपने पूरे जीभ पूर्वी के पीठ पर फेरने लगता hain.......Purvi का इस वक़्त बहुत बुरा हाल tha.......baar बार उसके मुँह से सिसकरी निकल रही थी........

करीम - पूर्वी....... रानी …तेरा जिस्म बहुत खूबसूरत हैं........

पूर्वी एक नज़र करीम को देखती हैं फिर वो झट से अपने दोनों हाथ अपने सीने पर रख लेती हैं और वहीँ उठ कर बैठ जाती hain.........is वक़्त उसका चेहरा शर्म से बिलकुल लाल पढ़ गया था......

करीम झट से अपना एक हाथ पूर्वी के पवन के पास ले जाता हैं और फिर अपना वहीँ हाथ धीरे धीरे ऊपर की ओरे यानि पूर्वी के जांघों के तरफ बढ़ने लगता hain......jaise जैसे करीम का हाथ ऊपर की ओरे जाते हैं वैसे वैसे पूर्वी के चेहरे के भी भाव बदलते जाते hain.......aaj उसकी आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi.......vaasna उसकी आंखों से साफ़ चालक रही tha........Karim का हाथ जैसे hi पूर्वी के छूट के करीब जाता हैं पूर्वी झट से अपनी आँखें बंद कर लेती hain.......ye देखकर करीम मुस्कुरा पड़ता हैं........

करीम झट से अपना हाथ पूर्वी के छूट पर रख देता हैं और वहां पर अपनी उंगली धीरे धीरे फेरने लगता hain.......Purvi का इस वक़्त बहुत बुरा हाल tha.........wo hi समझ रही थी की आज उसपर क्या बीत रही hain.......thodi डियर तक करीम उसके छूट पर ऐसे hi अपनी उंगली का कमल दिखता हैं .

पूर्वी अब ऐसे बैठे थे की उसके दोनों घुटने उसने आपने आम के सामने खड़े किये हुई थी… और उस के बीच आपने चेहरा छुपा लिया था.. और करीम ने भी उसके दोनों घुटनो के नीचे से आपने एक हाट दाल के पूर्वी के छूट तक लेके गया था.. और वह अब वो पूर्वी के छूट के सात खेल रहा था..

अब करीम फिर से पूर्वी को पीठ के बल सुलाता है .. वैसे पूर्वी झट से अपने दोनों हाथ अपने सीने पर रख लेती हैं और अपनी आँखें दुबारा बंद कर लेती hain............Karim अपनी आँख फाड़े पूर्वी के ख़ूबसूरत बदन को देख रहा था.......

करीम फिर अपना हाथ आगे बढाकर पूर्वी के सीने पर से उसका हाथ हटा देता hain.........Purvi के दोनों बूब्स अब करीम के आँखों के सामने be-parda the........wo झट से पूर्वी को वहीँ लेटता हैं और तुरंत अपना होंठ पूर्वी के एक निप्पल्स पर रखकर उसे बड़े आराम से अपने मुँह में लेकर चूसने लगता hain........Karim के इस हरकत पर पूर्वी मनो उछाल पड़ती hain.......uske मुँह से aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa................sssssssssssssssss की सिसकारी फुट पड़ती हैं..........................

करीम – तेरे दूध कितने मस्त hain........mera तो कभी इससे मुन्न नहीं bharega.........jee तो करता हैं मैं इन्हें अपने मुँह में लेकर ऐसे hi चूसता रहूं.......

पूर्वी - aaahhhhhhhhhhhh.......sssssssss....Karim ..........

पूर्वी चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रही thi.......ek तरफ उसकी छूट गीली हो रही थी वहीँ उसकी सांसें भी अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी thi.........aab धीरे धीरे उसके जिस्म से उसका कण्ट्रोल पूरा ख़तम होने लगा tha........wo झट से अपना एक हाथ करीम के सर पर रख देती हैं और बड़े प्यार से उसके सर पर अपना हाथ फेरती hain.......Karim कभी उसके लेफ्ट निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसता तो कभी राइट निप्पल ko........kabhi कभी वो अपने हलके डेंटन से उसे काट भी leta........aur वहीँ अपने हाथों को पूर्वी के जिस्म के हर हिस्से पर फिरता.........

पूर्वी ने आपने दोनों पाँव नज़दीक लेकर रखे थे… अपनी छूट छुपाने क लिए.. अब करीम पूर्वी के दोनों पाँव को दूर करता है … वैसे करीम के सामने पूर्वी की पिंक छूट आ जाती है… करीम बहुत गौर से पूर्वी की छूट को देखने लगता है…

जब पूर्वी की छूट पर उसकी नज़र जाती हैं वो वहां पर अपना हाथों को ले जाने से नहीं रोक paata......uske छूट पर थोड़े थोड़े बाल थे … पूर्वी की छूट करीम की आँखों के सामने अब be-parda हो चुकी thi.......Purvi झट से अपनी आँखें बंद कर लेती hain.........Karim करीब 2 मिनट तक पूर्वी को एक तुक देखते hi रहता हैं........

करीम- ारे मेरे रानी.. तेरे छूट तो शडिशुद्धा औरत की तो लग नहीं रही है… लगता है तेरे शौहर ने इस्सकी अचे से नहीं ली है.. अबतक..

उस से पूर्वी को शर्म आते है… फिर पूर्वी अपनी छूट पर हाथ रखती है..

करीम- ारे क्या हुआ मेरे पूर्वी raani…dekhne दे न मुझे.. मैं आज तुजे सर से लेकर पवन तक नंगा देखना चाहता hoon.........main देखना चाहता हूँ की क्या तू बिन कपड़ों में भी इतनी hi ख़ूबसूरत लगती हैं........

पूर्वी एक नज़र करीम की ओरे देखती हैं फिर वो झट से अपना हाथ वहां से हटा लेती hain......aaj पूर्वी के ऐसे गोर बदन को देखकर करीम की आँखें चमक जाती हैं.......

आज पहली बार था जब पूर्वी किसी पराये मर्द के सामने इस हाल में thi......uske हस्बैंड के बाद करीम पहला मर्द था.......

करीम - मेरी raanii......kamal की ख़ूबसूरत हैं tu........maine जैसा तेरे बारे मई सोचा था उससे भी बढ़कर निकली तू ........

और करीम झट से पूर्वी के छूट पर अपना एक हाथ रख देता हैं जिससे पूर्वी सिसक पड़ती हैं..........

करीम फिर से पूर्वी के ऊपर आता हैं और अपना होंठ पूर्वी के आम पर रख देता हैं और उसे फिर से चूसने लगता hain.........Karim की हर हरकत पर वो बार बार तड़प उठती हैं....

इस वक़्त उसका एक हाथ पूर्वी के एक आम पर था जो वो उसे बड़ी hi बेरहमी से मसल रहा था वहीँ उसका दूसरा हाथ उसके गांड पर सरक रहा tha........Purvi के अंदर अब किसी बात का कोई विरोध नहीं था या यु कहो की अब विरोध पूरी तरह से ख़तम हो चूका था.......

अब करीम पूर्वी के गार्डन से अपनी जीभ फेरते हुए धीरे धीरे नीचे की ओरे सरकने लगता hain.........Purvi झट से अपनी आँखें बंद कर लेती hain........uske मुँह से धीमी धीमी सिसकारी निकलने लगती hain.........Karim फिर धीरे धीरे बढ़ते हुए पूर्वी के दोनों आम पर आता हैं और अपने मुँह में एक बार फिर से लेकर पूर्वी के दोनों निप्पल्स को बरी बरी से चूसने लगता हैं.......

पूर्वी का जिस्म से अब उसके कण्ट्रोल धीरे धीरे ख़तम होते जा रहा tha........Karim बड़े आराम से अपने जीभ का जादू पूर्वी के सरे बदन पर चला रहा tha..........Purvi की बेकरारी अब उसकी हरकतों से पता चल रही thi........thodi डियर बाद वो अपने जीभ पूर्वी के नैवेल पर रख देता हैं और वहां भी बड़े हौले हौले चाटने लगता hain........Purvi की सिसकारी एक बार फिर से तेज़्ज़ होने लगती hain......aab करीम के जीभ और पूर्वी की छूट के बीच कुछ hi दूरी का फासला था........

पूर्वी ाचे से जानती थी की करीम कुछ hi डियर में उसकी छूट पर भी अपना जीभ firayega.........uski छूट अब हुड्ड से ज़्यादा गीली हो चुकी thi........aankhein सुर्ख लाल हो गयी thi.........jaise जैसे करीम के जीभ उसके नैवेल के नीचे की ओरे जा रहे थी वैसे वैसे पूर्वी की सांसें धीरे धीरे बेकाबू होती जा रही thi........aane वाला पल उसके लिए एक्ससिटेमेंट से भरा tha........Karim का ऐसा ऊके जिस्म पर जीभ फेरना उसे मनो पागल करता जा रहा था........

अब वो पल भी आ गया था जब करीम की जीभ पूर्वी के छूट पर पहुँच गयी thi.......Karim थोड़े डियर वहीँ रुक जाता हैं … औरर पूर्वी की चूत सुंगता है…

करीम – पूर्वी रानीय.. तेरे छूट की खुसबू बहुत ाची hain......jee तो करता हैं की मैं इस खुसबू में हमेशा हमेशा के लिए खो जवां........ और

ऐसे hi तेरे छूट की खुशबू लेता राहु…
 
पूर्वी - आप सच में बहुत गंदे ho........aap को ज़रा भी शर्म नहीं आती.........

करीम ये सुनकर मुस्कुरा देता हैं…

करीम- मैंने क्या गलत कहा ........ मेरे रांड…

ऐसे कहते हुई पूर्वी को किश करता है…

करीम- - आप कितने गंदे लैंग्वेज उसे करते ho........aap को ज़रा भी शर्म नहीं आती की एक औरत के सामने क्या बोलना चाहिए..........

करीम - मैंने तो बिलकुल सही कहा है मेरी raand.......agar छूट को छूट नहीं कहूंगा तो और क्या कहूंगा........

पूर्वी का चेहरा एक बार फिर से शर्म से लाल पढ़ जाता हैं.

पूर्वी- आप नहीं सुधरोगे.........

करीम- तेरे जैसी मेरी रांड हो तो भला कौन सुधारना चाहेगा ........

ऐसे कहते हुई उसको किश करता है और दोनों हातो से उसके आम दबाता है…

kiss-siddarth.gif


करीम पूर्वी को एक नज़र देखता हैं फिर वो पूर्वी को वहीँ उठ के बैठने को कहता hain........Purvi झट से वहीँ बैठ जाती हैं अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाये.......

करीम – meri….chinal… रांड…. तुजे मेरा बड़ा काल लुंड चाहिए न…

पूर्वी शरमाते हुई कुछ नहीं कहती.. करीम जोर से उसके बाल पकड़ता है.. और जोर से उसे खींचता hai..us वजह से कुछ बाल टूथ भी जाते है….

करीम- चैनल… अब तू मुझे ऐसे hi देखती रहेंगी मेरी इन्ही आँखों mein........ek पल के लिए भी अपनी आँखें बंद नहीं होनी चाहिए जब मैं तेरी छूट chatunga.......agar तू अपनी आँखें बंद की तो मैं तुरंत तेरी छूट चेतना बंद कर दूंगा........ और तुजे ऐसा hi ननगा उठा कर बहार गेट पर तेरे नौकर के पास छोड़ दूंगा.. याद रख ..चैनल…

अब वो पल भी आ गया था जब करीम की जीभ पूर्वी के छूट पर पहुँच गयी thi.......Karim थोड़े डियर वहीँ रुक जाता हैं और पूर्वी को एक नज़र देखता hain…fir पूर्वी हाँ मई अपनी गार्डन करती है..

पूर्वी- मई आज आपकी हर बात मानूगी… आप जैसा चाहोगे .. वैसा hi होगा मेरे राजा…

पूर्वी ने ये बात कह तो दी थी मगर आज तक उसकी छूट किसी ने नहीं छाती थी.. उसका ये पहेला अनुभव था… उसने इस से पहले सिर्फ आपने पति के साथ सेक्स किया था और उसके पति ने कभी उसकी छूट नहीं छथि थी.. मगर आज न जाने क्यों उसे करीम की हर बात ाची लग रही thi......na जाने क्यों वो हर बात उसकी मान रही थी........

करीम- अपनी दोनों टांगें पूरा फैला.. दे … चैनल…

तभी करीम वह एक चेयर खींच लेता है और उसपर पूर्वी को बैठने का इशारा करता है… पूर्वी उस चेयर पर बैठ जाती है… चेयर को थोड़ा पीछे करीम करता है… वाल तक…

करीम वहीँ जमीन पर बैठ जाता हैं और पूर्वी वहीँ अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाकर चेयर पर बैठ जाती हैं और अपनी छूट करीम के मुँह के सामने रख देती hain.......aur करीम की ओरे एक तुक देखने लगती हैं और उसे आगे बढ़ने का इशारा करती hain.........uska दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा tha......choot तो हुड्ड से ज़्यादा गीली हो चुकी थी..........

तभी करीम धीरे से अपना मुँह पूर्वी के छूट के पास ले जाता हैं और बड़े गौर से पूर्वी के छूट को देकने लगता hain.......fir वो पूर्वी के दोनों छूट के फांकों को अलग करता hai…........Karim को उसके छूट के अंदर गुलाबी लिप्स साफ़ दिखाई देने लगता hain........Purvi की पूरी छूट उसके कामरुस से बुरी तरह से भीग गयी थी.......

करीम झट से अपनी जीभ आगे ले जाता हैं और वहीँ पूर्वी के छूट के दानों पर अपना जीभ रख देता हैं और बहुत धीरे से वहां चूम लेता hain.........Purvi के मुँह से एक ज़ोरों की सिसकारी फुट पड़ती हैं......

aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh......sssssssss..i.iiiiiiiiiii......aaaaaaaaaaaaa ........ करीम

करीम फिर धीरे धीरे अपने जीभ का कमल दिखता हैं और बहुत आराम से पूर्वी के छूट को चेतना शुरू करता hain......Purvi की लज्जात से उसका मुँह पूरा खुल जाता hain.........is वक़्त उसे सांस भी लेने में बहुत दिक्कत हो रही thi.........jaise जैसे वो अपनी जीभ उसके छूट पर फेर रहा था वैसे वैसे पूर्वी की बेकरारी बढ़ती जा रही thi.......baar बार उसकी आँखें बंद हो रही थी मगर वो झट से अपनी आँखें खोल लेती थी......... दर कर... करीम के जीभ अब उसके छूट के दानों से सरकते हुए उसके चीड़ में आ चुकी thi......wo अपनी जीभ धीरे धीरे उसे छूट के अंदर डालने की कोशिश कर रहा tha........Purvi इस वक़्त जानत में थी उसे इस वक़्त कोई होश नहीं tha................aaj एक लोफर से वो अपनी छूट चटवा रही thi.......uski सिसकारी इतनी ज़ोरों से निकल रही थी जिस से पूरे कमरे में उसकी आहें गूँज रही thi........aur ये आवाज सुनकर दरवाजे पर माइड आयी हुई थी… वो चुप चुप के ये सब देख रही थी..

करीम बीच बीच में पूर्वी की ओरे भी एक नज़र देख रहा था.........

करीम- आँखे.... band..mat...kar...raand.....

ऐसे कहते हुई उसके झैंग पर एक बार जोरदार मरता है...

पूर्वी- aaaahhhhhhhhhhaaaaaa..........

नहीं बंद करूंगीयी..... मेरे ..राज्ज्जा...

कभी कभी तो वो पूर्वी को देखकर hi उसकी छूट चाट रहा tha.......Purvi की आँखें इस वक़्त पूरी तरह से लाल हो चुकी thi.......aaj उसके अंदर इस हवस की कोई सीमा नहीं thi.......Karim बीच बीच में पूर्वी के छूट में पूरी गहराई तक अपना जीभ डालता तो पूर्वी वहीँ उछाल padti........aab उसके अंदर शर्म धीरे धीरे ख़तम होती जा रही thi.........aab वो अपने चरम सुख के बेहद करीब थी..........

करीम लगातार बिना रुके पूर्वी की छूट कहते जा रहा था और बीच बीच में वो पूर्वी की छूट को पूरा अपने मुँह में भी लेने की कोशिश करता जिस से पूर्वी और उछाल padti...........Karim इन सब में मन्ज़हा हुआ खिलाडी था… वो ाचे से जनता था की इस वक़्त पूर्वी की क्या हालत हो रही hogi.......wo बिना रुके और तेज़ी से अपनी जीभ आगे पीछे करता रहता हैं और पूर्वी उसे hi एक तुक देखते रहती hain.........kuch hi पलों के बाद वो घडी भी आ जाती हैं जब पूर्वी अपने चरम पर पहुँच जाती हैं..........

वो झट से करीम के सर पर अपने दोनों हाथ रख लेती हैं और अपनी कमर को आगे पीछे करने लगती hain.........aur कुछ hi डियर में वो लगभग वहीँ चीख पड़ती हैं.......

पूर्वी -aaaaaaaaaaaa......uuuuuuuu..s.sssssssssssssssss...iiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii........ooooooooooooooooooooooo....mmmmmmmmmmmmmmmmmmma.........aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

और इतना कहकर वो तेज़ी से झरने लगती hain.......aur वहीँ झट से चेयर पर पीठ के बल वाल के सहारे जो उसके पीठ के पेचेथी पड़ी रहती hain.........is वक़्त उसकी सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही thi........saansein पूरी तरह से बेकाबू हो चुके the...........jism पूरा काँप रहा tha.........Karim अभी भी पूर्वी के छूट से निकलते उसके काम रूस को कहते जा रहा tha.........Purvi झट से वहीँ नीचे बैठ जाती है… और फर्श पर किसी लाश की तरह पड़ी रहती hain........aab उसके जिस्म में कोई हरकत नहीं thi.......uske जिस्म की साडी गर्मी उसके छूट के रस्ते किसी लावा की तरह फुट कर बहार निकला गया था.........

करीम भी वहां से उठता हैं और झट से पूर्वी को अपनी बाहों में लेता हैं और उसके लबों पर अपना लैब रखकर उसे चूसने लगता hain.......is वक़्त करीम के मुँह में पूर्वी के छूट का रूस लगा हुआ था जो अब धीरे धीरे उसके मुँह में भी जा रहा tha.......magar पूर्वी को अब ये सब ाचा लगने लगा tha........wo भी बिना किसी झिझक के करीम के होंठों को चूसे जा रही thi..........kaafi डियर तक वो दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसते हैं.........

करीम फिर तुरंत उठता हैं और वहीँ पूर्वी के बगल में आकर बैठ जाता hain.......aur एक बार फिर से उसके जिस्म को सर से लेकर पवन तक देखने लगता हैं.........

पूर्वी एक नज़र करीम को देखती हैं फिर वो उसे देखकर धीरे से मुस्कुरा देती hain........fir वो झट से करीम के पास आती हैं और तुरंत वहीँ कड़ी होती हैं और करीम को एक ढाका देती hain........Karim झट से वही पर्श पर गिर पड़ता hain.........Purvi झट से उसके ऊपर आकर बैठ जाती हैं और फिर झुक कर उसके होंठों को चूम लेती हैं.......

पूर्वी फिर आगे बढ़कर करीम के पास जाती हैं ….....फिर वो बड़े गौर से उसके जिस्म को एक तुक देकने लगती hain.......Karim का कला जिस्म पर काळा काळा घने बाल the........Purvi उसके नंगे बदन को बड़े गौर से देख रही thi........Karim का जिस्म किसी पत्थर की तरह ठोस और मज़बूत tha........is वक़्त करीम के जिस्म पर कुछ भी कपड़ा नहीं था...... पूर्वी बड़े गौर से देख रही थी....... करीम के काळा लुंड को…

वो सोच रही थी की करीम का लुंड वाकई में बहुत बड़ा hai.......wo बड़े मुशकिओं से अपना थूक निगल पा रही thi.........ek तरफ फिर से उसकी छूट गीली होने लगी थी वहीँ उसके दिल में करीम के लुंड का ख्याल आते hi दुर्र भी लग रहा tha........pata नहीं वो इतना बड़ा लुंड अपने अंदर ले भी पायेगी या nahin........pata नहीं आने वाला वक़्त उसपर भरी पड़ने वाला था या मजा देनेवाला था…. .......................................

पूर्वी वहीँ कुछ डियर तक ऐसे hi खामोश बैठी रहती हैं उसे बिलकुल भी समझ में नहीं आ रहा था की वो ये सब कहाँ से शुरू karein........uske मुन्न में कहीं न कहीं अरमान जग रहे थे की वो करीम का मूसल देखें मगर अभी भी उसके अंदर काफी झिझक thi.......Karim मुन्न hi मुन्न बहुत खुस था और होता भी क्यों न आज उसकी साडी इच्छा जो पूरी हो रही thi........Purvi को ऐसे खामोश बैठा हुआ देखकर करीम धीरे से मुस्कुरा देता हैं...........

करीम – रांड ........ रुक क्यों gayi........aage बढ़ और मेरे इस प्यारे से मुन्ने से खूब प्यार kar........dekh कब से ये तेरे लिए तड़प रहा हैं........

पूर्वी एक नज़र करीम की आँखों में देखती हैं शर्म तो उसे अब भी आ रही थी मगर वो भी अब इस हवस की आग के सामने बिलकुल मज़बूर हो चुकी थी.......

करीम पूर्वी के बालो के पीछे से हाट डालता है और उसे आपने और खींचता है… . और अपने होठो को पूर्वी क होठ पर रख देता hai..Purvi क गरम होठो का स्पर्श होते hi करीम पागलो की तरह उसके गुलाब सी पंखुड़ियों जैसे होठो को पूरा मुँह में भरकर चूसना सुरु कर देता hai...Purvi तो जैसे काम वासना में बाह रही हो वो भी कश्रिम का अब खुल क साथ देने लगी thi...usne भी अपनी जीभ से उसके मुँह में डालकर चूसने lagi...dono क मुँह से घुटी घुटी सी सिसकारी की आवाज निकल रही thi...uuuuuuummmmmhhh uuummmmm.....hhhhhmmmmmmmwwww....

दोनों एक दूसरे की पीठ को कास क सहलाते हुए होठो की चूसै का मजा ले रहे rhe...Purvi की अब सांस फूलने लगी थी वो अपने होठो को कश्रिम क होठ से अलग कर रही थी लेकिन कश्रिम उसे कास क पकडे हुए tha...Purvi को सांस लेना मुश्किल हो रहा tha...usne पूरी ताकत से करीम को धकेल दिया और करीम थोड़ा पीछे हैट गया ...पूर्वी बहोत जोरो से हांफ रही thi...uski साँसे बहोत भरी चल रही thi...aur करीम भी निचे जमीं पर पड़ा हांफ रहा tha..jab दोनों की नजर आपस में टकराई तो दोनों हंस diye...ab धीरे धीरे दोनों की साँसे सामान्य हो गयी थी...

करीम खड़ा hua...aur वापस पूर्वी के पास आके खड़ा हो gaya...Purvi अपनी टांगो को मोड़ क बैठी हुयी thi...Karim पूर्वी के एकदम करीब आ गया उसकी जांघो के बीच उसका मस्त लुंड झूल रहा tha...jis पर नजर पड़ते hi पूर्वी क गाल शर्म से लाल हो gaye...wo एकटक करीम के टनटनाये लुंड को देख रही thi...uski छूट में खुजली मचने लगी thi..Purvi से रहा नहीं जा रहा tha........Purvi ने जब देखा की करीम का लुंड का सूपड़ा ऊपर निचे अपने आप हो रहा hai…ye देख के शर्म से उसके गाल लाल लाल हो gaye..Karim ने पूर्वी के सामने hi अपने लुंड को अपने हाथ में थम के हिलने लगा..

ये देख के पूर्वी का और भी ज्यादा बुरा हाल हो रहा tha..uski साँसे भरी होने लगी thi...chut में हलचल बढ़ गयी thi...kya करे उसे समझ में नहीं आ रहा tha..wo खुद करीम के लुंड को पकड़ना चाहती thi..uski गर्मी को महसूस करना चाहती thi..lekin उसे शर्म आ रही थी…

थोड़ी देर शांत रहने के बाद पूर्वी एक नज़र करीम की आँखों में देखती हैं… शर्म तो उसे अब भी आ रही थी मगर वो भी अब इस हवस की आग के सामने बिलकुल मज़बूर हो चुकी थी.......

कुछ डियर तक यु hi खामोश रहने के बाद वो नीचे घुटनों के बल वहीँ फर्श पर बैठ जाती हैं और एक तुक करीम के लुंड को देखने लगती hain.......fir वो हिम्मत करके अपना एक हाथ आगे बढाती hai…jaise hi उसका हाट करीम के लुंड को टच करता है वैसे वैसे पूर्वी की दिल की धड़कनें भी बढ़ती जा रही thi.......uske दिल में एक तरफ बेचैनी थी वहीँ दूसरी तरफ उसे दुर्र भी लग रहा tha......aab वो बहुत करीब से करीम का लुंड देख रही thi…Karim का फनफनाता हुआ लुंड पूर्वी के आँखों के सामने be-parda tha........itana बड़ा लुंड देखकर पूर्वी के होश उड़द जाते hain......itna बड़ा लुंड उसने कभी कल्पना भी नहीं की thi........Karim का लुंड करीब 10 इंच लुम्बा था और करीब 3.5 इंच की मोटाई में किसी नाग की तरह बिलकुल कला सा tha.......wo बड़े मुश्किलों से अपना थूक अपने गले के नीचे उतर पा रही thi......ek बार फिर से उसके छूट में गीलापन बढ़ गया tha.......aur वहीँ दूसरी तरफ दिल में दूर और घबराहट भी......

करीम पूर्वी को ऐसे अपने लुंड की ओरे घूरता हुआ पाकर वो मुस्कुरा पड़ता हैं......

करीम- क्यों … रांड . कैसा लगा मेरा hathyaar.......pasand आया की नहीं.........

पूर्वी अभी भी अपने ख्यालों में गम thi.......wo बस अपनी आँखें फाड़े करीम के लुंड को एक तुक देखे जा रही thi.......use कुछ समझ में नहीं आ रहा था की वो करीम की बाटिओं का क्या जवाब dein........uske हस्बैंड का भी लुंड ाचा था मगर इतना मोटा और लुम्बा तो बिलकुल भी नहीं tha......is वक़्त पूर्वी के चेहरे पर पसीने की कुछ बूँदें साफ़ दिखाई दे रहे थे ........वो एहि सोच रही थी की पता नहीं वो इतना बड़ा लुंड क्या अपने अंदर ले payegi......itna तो पक्का था की वो अगर इस मूसल को अपने अंदर लेगी तो उसकी छूट को फटने से कोई नहीं रोक sakta.......magar आज उसने करीम को कुछ भी करने की इज़ाज़त दे दी थी… ......मगर यहाँ तो उसकी hi सहमत आने वाली थी........

करीम - तूने कुछ कहा नहीं chinal.......mera ये हथ्यार तेरे को पसंद आया की नहीं..........

पूर्वी जैसे अपने ख्यालों से बहार आती हैं

पूर्वी-- aaa.....hhhhmmmmm इतना bada........patan नहीं मैं इसे अपने अंदर ले भी पाओंगी या नहीं??????

पूर्वी के मुन्न में उठ रहे भाव उसके चेहरे से साफ़ चालक रहे थे जिसमें कुछ दुर्र और घबराहट भी थे........

करीम – मेरी ..चैनल रांड…. पूर्वी… ये छूट ऐसी होती हैं जिस में बड़ा से बड़ा लुंड भी आसानी से समां जाता hain......tu चिटा मैट kar…tere छूट मई भी ये आराम से पूरा समां jayega.......aur तूने तो मुझसे कहा है कुछ भी कीजिये मेरे साथ..

पूर्वी- वो तो ठीक हैं .. मगर मेरी ये तो पूरी फैट जाएगी.......

करीम- क्या..

पूर्वी- मुझे नहीं पता…

करीम- वो तू मुझपर छोड़ दे...... अगर तुजे हेल्प चाहिए तो मई अपनी पद्मा रानी को बुलाता हु…

पद्मा का नाम सुनते hi पूर्वी मायूस हो जाती है.. और छोटा सा मु बनती है…

करीम- तेरे हेल्प भी हो jayegi..aur एकसाथ मालकिन और माइड को छोड़ना भी हो जायेगा…

ये सुनकर पद्मा खुश हो जाती है.. करीम ने चुप के देखा था की पद्मा ये सब कुछ देख रही है लेकिन अब तक पूर्वी को कुछ पता नहीं था…

पूर्वी गुस्से मई बोल पड़ती है..

पूर्वी- उसकी कोई जरूरत नहीं है..

करीम- तो ठीक है तू बस अब जल्दी से मेरे पप्पू को प्यार कर.. ये तेरे लिए तरस गया हैं........

ये बात सुनकर पद्मा थोड़ी मायूस हो जाती है…

पूर्वी फिर बहुत धीरे से अपना एक हाथ आगे बढाती हैं और करीम के लुंड को अपने हाथ में थम लेती हैं ......... बहुत मुश्किलों से करीम का लुंड उसके हथेली में पूरा समां रहा था ...... पूर्वी के हाथ रखने से करीम के मुँह से लजात भरी सिसकारी फुट पड़ती हैं ....... पूर्वी वहीँ अपने कोमल हाथों से करीम के लुंड को धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू करती हैं......... धीरे धीरे उसकी हाथों की रफ़्तार भी बढ़ने लगती hain......Karim अपनी आँख खोले पूर्वी के चेहरे को देख रहा था और वहीँ दूसरे हाथ से उसके निप्पल्स को भी मसल रहा था.......

करीम- पूर्वी रांड… इसे अपने मुँह में लेकर थोड़ा इसपर अपने जीभ भी फिरवो ना........

पूर्वी - आपका दिमाग ख़राब हो गया हैं क्या .....भला इतने गंदे चीज़ को मई आपने मू मई कैसे ले सकते हु.. और ये कितना मोटा है मेरे मुँह में कैसे jayega......main इसे अपने मुँह में नहीं ले पाओंगी.......

करीम- मेरी खातिर रांड…

पूर्वी- नहीं.. ले पोंगीइ..

करीम- ठीक है काम से काम इस को आपने जीभ से चाट तो ले… चैनल..

पूर्वी एक नज़र करीम की ओरे देखती हैं फिर वो आगे सरक कर अपने जीभ करीम के काळा लुंड पर रख देती hain.........aur बहुत धीरे से उसपर अपना जीभ फेरती hain........Karim न चाहते हुए भी ज़ोरों से सिसक पड़ता hain......uske मुँह से aaaaaaaaaaaaa...hhhhhhhhhhh....s.ssssssssss की आवाज़ फुट पड़ती हैं..........

करीम - हाँ ऐसे hi......tu इसे और ाचे से मेरा सुपडे को अपने मुँह में लेकर चूस ......मुझे बहुत मज़ा आ रहा है......

पूर्वी झट से एक नज़र करीम को देखती हैं फिर वो बिना सोचे अपने जीभ बहार निकल कर करीम के लुंड के सुपडे पर रख देती hain........jaise hi वो उसके लुंड पर अपना जीभ फेरती हैं करीम की हालत ख़राब होने लगती hain.....wo झट से पूर्वी के सर पर अपना हाथ रख देता हैं और उसके बालों से खेलने लगता hain.......dheere धीरे पूर्वी अब अपनी जीभ आगे पीछे निकल कर ाचे से करीम का लुंड चाट रही thi.......ek तरफ करीम लज्जत से सिसक रहा था वहीँ पूर्वी की भी छूट पूरी गीली हो रही थी.........

करीम - aaaa....hh.h....aise hi....Purvi........zara इसे अपने मुँह में और अंदर तक लेकर चूस na......bahut मज़ा आ रहा हैं.........

और करीम झट से अपनी आँखें बंद कर लेता हैं.........

पूर्वी एक नज़र करीम की ओरे देखती हैं.. करीम इस वक़्त जन्नत में tha.......uske मुँह से सीकरी बार बार निकल रही thi......Purvi थोड़ी सोचती है की इस को आपने मू मई लेने को लेकिन उसकी गंदगी की वजह से वो सोचना चूड देती है..

करीम- kyon..raand नहीं चूसेगी क्या..

पूर्वी- सॉरी…. मुजसे नहीं होगा…

करीम सोचता है पहले hi दिन इतना कुछ करवाना ठीक नहीं रहेगा..

करीम- ठीक है.. ज़रा मेरे ांडों को भी अपने जीभ से चाट न.........

पूर्वी फिर से आगे बढ़कर अपना जीभ करीम के बड़े बड़े दोनों बॉल्स पर रख देती हैं और वहां पर भी धीरे धीरे उसपर अपना जीभ फेरने लगती hain.......Karim इस वक़्त मज़े में अपनी आंखें बंद किये हुए tha........Purvi धीरे धीरे एक एक कर उसके दोनों बॉल्स पर अपना जीभ फेर रही thi........Karim के काळा काळा घने झांटें उसके मुँह में जा रहे the.....magar इस वक़्त उसे कोई होश नहीं tha.......thode डियर तक ऐसे hi करीम के दोनों ांडों को चूसने के बाद वो तुरंत वहां से अपना मुँह हटा लेती हैं.....
 
करीम पूर्वी को देखकर मुस्कुरा देता हैं और झट से पूर्वी को अपनी बाँहों में लेता हैं और उसके होंठों को चूसने लगता हैं........ फिर उसके गले को चूमने लगता है..

kangana_ranaut_shootout_at_.jpg


इस वक़्त पूर्वी के होंठों पर करीम के लुंड का रूस लगा हुआ था जो अब धीरे धीरे कुछ पूर्वी के मुँह में और कुछ करीम के मुँह में भी जा रहा tha........thodi डियर तक होंठों को चूसने के बाद वो पूर्वी को झट से वहीँ फर्श पर सुला देता हैं और उसके दोनों पवन उसके कंधे पर रख देता हैं.........

इस वक़्त पूर्वी की छूट और गांड करीम के आँखों के सामने पूरी खुल गयी thi.......wo झट से वहीँ फर्श पर नीचे बैठ जाता है और पूर्वी के छूट पर अपना होंठ रख देता हैं और फिर से उसके छूट पर अपना जीभ फेरने लगता hain........Purvi की लजात से आँखें एक बार दुबारा बंद हो जाती हैं और वो ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं......

करीम अपने एक हाथ से पूर्वी के निप्पल्स को मसल रहा था और वहीँ दूसरा हाथ वो तुरंत नीचे पूर्वी के छूट पर रख देता हैं और उसे बहुत धीरे से अपनी एक उंगली पूर्वी के छूट में अंदर दाल देता hain........Karim के इस हरकत से पूर्वी वहीँ ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं........

लजात से उसका मुँह एक बार फिर से पूरा खुल जाता hain.......magar इस बार करीम नहीं रुकता और अपना जीभ पूर्वी के छूट पर रखकर चाटने लगता हैं और एक तरफ से उसके छूट में ऊँगली दाल कर अंदर बहार करता हैं.........

धीरे धीरे वो अपना जीभ पूर्वी के गांड की तरफ ले जाता हैं और अपना होंठ पूर्वी के गांड के छेद पर रख देता हैं और बहुत हॉक्स से वहां पर चाट लेता hain......Karim के इस हरकत से पूर्वी मनो उछाल पड़ती hain.......is वक़्त पूर्वी की हालत फिर से ख़राब हो चुकी thi........Karim फिर अपने एक और उंगली पूर्वी के छूट में दाल देता हैं और तेज़ी से उसे भी आगे पीछे करने लगता हैं और वहीँ दूसरी तरफ उसकी गांड के छेद को भी अपने होंठों से चाटने लगता हैं........

पूर्वी के मुँह से aaaaaaaaaaaaaaa....ssssssssssss...hhhhhhhhhh....iiiiiiiiii की आवाज़ें बार बार निकल रही थी .......फिर से वो एक बार जनात में thi......aisa पहली बार था जब किसी ने उसकी गांड पर अपना जीभ फेरा ho........uski छूट एक बार फिर से बहुत हुड्ड तक गीली हो चुकी thi.......Karim लगातार ऐसे hi बिना रुके पूर्वी के गांड को कहते जा रहा था और वहीँ अपनी दोनों उंगिलयों से उसकी छूट में अपनी उंगली आगे पीछे कर रहा tha.......kareeb 5 मिनट के अंदर hi पूर्वी aaaaaaaaaaaaaaa.....ssssssssssssssssssssss....hhhhhhhhhhhh एक बार फिर से चीखते हुए झरने लगती hain......aur एक बार फिर से वहीँ फर्श पर किसी लाश की तरह ठंडी पढ़ जाती हैं.........

सेक्स का ऐसा मज़ा उसे आज तक कभी नहीं मिला tha.......aaj वो दो बार झाड़ चुकी thi.......aabhi भी उसके जिस्म में कंकापी हो रही थी उसे ऐसा लग रहा था मनो किसी ने उसके जिस्म से पूरा खून निचोड़ लिया ho.......wo बहुत मुश्किलों से अपने बेकाबू सांसों को अपने वश में करने की नाकाम कोशिश कर रही थी..........

करीम वहीँ चुप चाप पूर्वी को एक तुक देखकर मुस्कुरा रहा था..........

अभी तक पूर्वी दो बार फिराग हो चुकी थी वहीँ करीम का एक भी बार छुम नहीं निकला tha......wo इस वक़्त बहुत बेचैन सा लग रहा tha.......aab उसे और इंतज़ार नहीं हो रहा tha.....wo कैसे भी करके अपने अंदर इस आग को शांत करना चाहता था.......

करीम- पूर्वी अब वो वक़्त आ गया है… इस वक़्त से तू मेरी रांड…. बनेगी…. मई जब चौंगा.. तब मई तेरे छूट मरूंगा…

पूर्वी हां मई गार्डन हिलती है….

करीम- बता na..tu तैयार है न….

पूर्वी- हआ….

करीम- किस के लिए तैयार है…

पूर्वी- आपकी रांड बनाने के लिए…

करीम- रांड कैसे बनती है..

पूर्वी- जब आप मुझे करोगे तब मई आप की रांड बानगी…

करीम- क्या ..करोगे.. जरा विस्तार से बता…

images


पूर्वी- मुझे शर्म आती है गंदे वर्ड बोलने के लिए..

करीम- चल ..चैनल ..bol..nakhara mat..kar… अब तक बहोत ..नखरा .. कर चुकी है..

पूर्वी जिजकाते हुई कहते है….

पूर्वी- आप मेरी छूट जब मरोगे तब मई आपकी रांड बनूँगी…

करीम- किस से..

पूर्वी- आप के लुंड से….

करीम- अच्छी से बोल… ज्यादा नखरा मत कर… तेरे आदि बात सुनाने के लिए मई तेरा पति नहीं हु…

पूर्वी- आपका ये मुसल लुंड से जब आप मेरे नाज़ुक सी गुलाभी छूट मरोगे तब मई आपकी रांड बनूँगी…

करीम- ये हुई न बात…

करीम थोड़ी देर तक उसके छूट और गांड को ऐसे hi देखता है…. पूर्वी छुड़ाने के लिए तड़प रही थी… वो दर दर कर बोल hi पड़ी…

पूर्वी- प्ल्ज़ मेरी छूट मारो न…

करीम पूर्वी की तरफ देखते हुई उसके गांड के छेद पर अपनी उंगली रखता है… और बोल पड़ता है..

करीम- मुझे तेरे छूट से पहले गांड मारनी है..

ऐसे कहते हुई उसके गांड के छेद मई एक उंगली दाल देता hai..iss वजह से पूर्वी उछाल पड़ती है..

पूर्वी- आअह्हह्हआआ….

Nahi…plz…. ऐसे मत कीजियेगा… मई मर जाउंगी.. आप के मुसल लुंड से… आज तक मेरे गांड किसी ने नहीं मारी है….. मेरे पति को तो सदी के उप्पर से आपने गांड को हाट भी मई लगाना नहीं देती…

करीम- तो अच्छी बात है न… मुझे सील पैक माल बहोत पसंद है… छूट तो तेरे पति ने आलरेडी मरी है… मुझे गांड सीलपैक मिलेगी..

पूर्वी- ऐसा जुलुम मत कीजिये मुज पर… आज गांड नहीं दे सकती मई.. वैसे मेरे छूट तो सील पैक hi है न.. आप hi कहते हो न की मेरे पति ने मेरे अचे से नहीं ले है… इस वजह से वो सील पैक hi है…

करीम- वो ठीक hai…lekin मुझे तेरे गांड hi चाहिए..

पूर्वी- प्ल्ज़ इस बार छूट मर लो.. अगले बार मई प्रॉमिस करते हु आपको मेरे गांड जरूर दूंगी…

करीम कुश होता है…

करीम- प्रॉमिस….

पूर्वी – है… बाबा..

करीम – ठीक है… मई तेरे छूट मरता हु लेकिन पद्मा को बुलाना पड़ेगा…

करीम फिर एक चाल चलने की कोशिश करता है..

पूर्वी- वो क्यों..

करीम- मेरा इतना मोटा लुंड और तेरे छूट जब मरूंगा तो तू कण्ट्रोल नहीं कर पायेगी … तेरे मदद के लिए मई उसे बुलाता हु…

पूर्वी- nahi..nahii.. उसे नहीं…. मई आपके पाँव पड़ती हु.. वो मेरे माइड है.. उसके सामने ये मई नहीं कर सकती… मई सहन कर लुंगी.. मुझे कुछ नहीं होगा..

करीम- तू रोयेगी नहीं…

पूर्वी- मई कंटोल कर लुंगी… आप टेंशन मत लो..

करीम को पूर्वी को बेबस करना था.. इस लिए वो ये सब कुछ बोल रहा tha…use आज पूर्वी के साथ ताबडतोब चुदाई करनी थी..

करीम झट से पूर्वी को अपनी बाँहों में लेता हैं और अपना लुंड पूर्वी के छूट पर टिका देता hain........aab उसका लुंड पूरा तैयार था पूर्वी के छूट में अंदर जाने के लिए........

करीम पूर्वी के आँखों मई देखता है.. वो भी उसी के hi आँखों मई देखने ीागति है..

करीम- आज मई शहर के मला काँटी शेठ महरा की बहु को उसके hi घर मई उसके hi किचन मई फर्श पर छोड़ने जार अहा हु… इतने बड़े राईस घर के इतने खुभसूरत और ुन्छुए माल को… उनके पूर्वी बहुरानी को अपनी रांड बनाना जार अहा हु…

पूर्वी करीम के आँखों मई hi देख रही थी….

करीम- तू तैयार है न…

पूर्वी है मई गार्डन हिला रही थी…

करीम उस को जलील करके छोड़ना चाहता था….

करीम- बोल न….. पूर्वी….. मेरिइइइ… पूर्वी…. रनननदददद…..

पूर्वी- हआ… मई… तैयार.. हु… आप से छुड़ाने के लिए….

करीम झट से अपना लुंड पूर्वी के छूट पर रख देता हैं और फिर झट से पूर्वी के ऊपर लेट जाता hain..........tabhi करीम पूर्वी के दोनों हाथ सरकते हुए ऊपर की ओरे उसके सर के तरफ ले जाता हैं और अपने मज़बूत हाथों से कसकर उसे जकड लेता hain.......aur अपना एक हाथ नीचे अपने लुंड पर ले जाता हैं और वहीँ पूर्वी के छूट पर रखकर अपने लुंड का सूपड़ा वहीँ टिका देता हैं.......

करीम जैसे hi पूर्वी के छूट पर अपना लुंड रखता है और तभी तेज़ी से वो एक करकरे ढाका मरता हैं जिस से पूर्वी के आँखों से आंसू बहते hain.......uska लुंड तेज़ी से पूर्वी के छूट को चीरता हुआ अंदर की ओरे करीब 4 इंच तक समां जाता hai.......Purvi वहीँ चीख पड़ती हैं......

पूर्वी- nooooooooooooooooooooo……. करिममममममम….. ीसीएएएएए….. baharrrrrrrrrrrrrrrr……….. निकालूऊऊ…… बहोत्ततत्तत्त…. डरडडडडडडड…. हो .. rahaaaaaa…hai……

करीम झट से पूर्वी के होंठों पर अपना होंठ रख देता हैं और उसके लबों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगता हैं.........

करीम- पद्मा को बुलाओ क्या…

पूर्वी- नहीं.. nahiii..use…. मत… बुलाओ… आआआआह्ह्हह्हआआ…

पूर्वी की इस वक़्त हालत ख़राब thi.......Karim का मूसल जो अब लगातार उसके छूट के घेरे में धीरे धीरे उतरता जा रहा tha........Purvi दर्द से बहुत चीख रही थी मगर करीम लगातार उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसे जा रहा tha........jis से उसकी चीख उसके अंदर hi घुटती जा रही थी........

करीम तेज़ी से अपना लुंड एक बार बहार निकलता हैं और दुबारा उतनी hi तेज़ी से पूर्वी के छूट में पूरा उतरता चला जाता हैं........

पूर्वी- aaaaaaaahhhhhhhhhhaaa…….

Jaraaaaaaaaaaaa…. Dhireeeee..naaaa….

बहोत.. takaliffffffffff…. हो… रहियी… हैईईईई……

पूर्वी के आँखें उस दर्द को साफ़ बयां कर रहे थे की इस वक़्त उसके छूट में करीम का पूरा लुंड समां चूका hain..........Karim वहीँ बिना रुके तेज़ी से अपना लुंड आगे पीछे करने लगता हैं........

पूर्वी- plzzzzzzzzzzz…. थोड़े……….. दररररररर.. rukoooooooo..naaaaa….. अब बर्दास्त… nahiiiiiii..ho.. रहा है…

इस वक़्त वो करीम के सामने बिलकुल बेबस thi.........baar बार वो करीम से अपने आप को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी मगर हर बार उसे नाकामी hi हासिल होती..........

करीम अब पूर्वी के निप्पल को आपने मू मई लेकर चूस रहा था.. उसके आम को काट रहा था…

पूर्वी को इस वक़्त ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उसके छूट में कोई गरम लोहा का सरिया पूरा घुसा दिया ho........Karim का पूरा लुंड अब पूर्वी के छूट के अंदर tha.........Karim ने पूर्वी को इस तरह से पकड़ रखा था जिससे वो थोड़ी भी हिल नहीं पा रही thi........idher करीम तेज़ी से अपना लुंड आगे पीछे करना शुरू करता हैं.........

पूर्वी की छूट काफी हुड्ड तक टाइट thi........aur उसे बहुत मज़ा आ रहा tha......wahin पूर्वी हर पल टूटती जा रही thi......uske आँखों से आंसूं नहीं रुक रहे थे और इधर करीम लगातार उसके होंठों को चूसे जा रहा tha........takleef तो उसे बहुत हो रही थी करीम का लुंड अपने अंदर लेने में.......

करीब 10 मिनट पूर्वी की चुदाई करने के बाद अब पूर्वी को मज़ा आ रहा था… वो अब करीम का साथ दे रही थी… वो आहहहा… कर रही थी .. उसने आपने दोनों टाँगे उठाई थी और करीम के कमर पर लप्पेट ली हुई थी.. करीम ने हाथ छोड़ते hi वो करीम के बहो मई हाथ दाल के करीम को किश कर रही थी… उसे अब बहोत मज़ा आ रहा था…

पूर्वी- aaaahhhhhhhhhhhhaaaaaa…

मेरी… राजआआआ… ऐसे…. Hi…chodooooo..mujeee…….

करीम- मज़ा… आ रहा.. है क्या रांड…

पूर्वी- हआ.. मज़ाआ… आ रहा है…

करीम- तो रो क्यों रही थी..

पूर्वी- पहले बहोत दर्द हो रहा था अब मज़ा आ रहा है..

अब रूम में फैंच फैंच की आवाज़ें गूँज रही thi.......Karim के हर ढ़ाके से पूर्वी तड़प रही thi........Karim लगातार अपने लुंड को आगे पीछे कर रहा था........

करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद करीम का छुम निकल जाता हैं और वो पूर्वी के छूट में hi अपना लावा तेज़ी से निकलने लगता hain.........Karim झट से उसके ऊपर गिर पड़ता हैं और वहीँ हाफने लगता hain........kareeb 5 मिनट तक वो पूर्वी के ऊपर वैसे hi पड़ा रहता हैं फिर वो झट से अपना लुंड पूर्वी के छूट से बहार निकलता hain.......is वक़्त उसके लुंड पर पूर्वी के छूट से कुछ खून के बूँदें उसपर साफ़ चमक रहे थे.......

पूर्वी इस वक़्त पूरी नंगी हालत में वहीँ फर्श पर गम शूम सी लेती हुई thi.......uski छूट में बहुत दर्द हो रहा tha........aisa लग रहा था जैसे किसी ने वहां पर ब्लेड से चीयर दिया ho........wo काफी डियर तक वहीँ फर्श पर ऐसे hi पड़ी रहती है......

तभी माइड पद्मा छीलते हुई वह आती है… .. किचन मई .. वह दोनों नेक्ड एक दूसरे के बहो मई थे… करीम और पूर्वी..

पद्मा- बहुरानी.. बहुरानी… सॉरी सॉरी ….

उस को देख कर पूर्वी आपने बदन पर वह पड़ी साडी डालती है.. और उसपर चिलाती है..

पूर्वी- तू यहाँ क्यों आयी .. बहार से आवाज नहीं दे सकती क्या... मैनर्स नहीं है क्या तुजे…

पद्मा - इमरजेंसी थी मेमसाब

पूर्वी- इतनी क्या इमरजेंसी थी..

पद्मा - वो आपकी भाभी आयी है ..

पूर्वी छीलते हुए

पूर्वी- क्या

वो झट से उठा कर बैठ थी है ...

इस वजह से उसकी साडी उसके बदन से निचे गिर जाती है … उसके आम पद्मा देख रही थी.. पूर्वी झट से ये देख कर साडी थोड़ा उप्पर खिंच लेती है.. इस वजह से उसकी छूट ओपन हो जाती है.. पद्मा को वह खून दिखाए देता है.. वो मन hi मन मई सोचती है लगता है आज बहुरानी की किचेन मई सुहागरात हो गयी है..

पूर्वी- बहार जा... उसको हाल मई रुका दो.. यहाँ मत आने do...tuje दिमाग है

क्या.. मुझे यहाँ ऐसे सिचुएशन मई देखेंगे तो क्या हाल होगा पता है..

पद्मा- डरिये मत .. मैंने आलरेडी उनको उप्पर बैडरूम मई बिठा दिया है… don’t worry..aap अब ुटिये… अब प्यार बहोत हो गया.. फ्रेश हो जाएये.. नहीं तो आपकी भाभी निचे आ जाएगी…

पूर्वी- तू ज्यादा चालक मत बन.. बहोत स्मार्ट मत बन... वह जा... उनका टाइम पास कर... उनको निचे मत

एंड दे... और ये बात किसी को मत बता... समाजी..

पद्मा – कोनसे ….

दोनों हसती है..

अब वो धीरे से उठाने की कोशिश करते हैं मगर उठ नहीं पति तो पद्मा उसको सहारा देते है और लडखते हुए क़दमों से बहतरूम की ओरे जाती हैं......

पद्मा- बहोत जोर से चुदाई की क्या करीम ने…

पूर्वी- तू चुप बैत…

पद्मा- साहिब भी ऐसे आपको छोड़ते नहीं होंगे न… बहुरानी..

पूर्वी- तू ज्यादा शाहनी मत बन.. मुझे यहाँ चलना नहीं हो प् रहा है और तुजे मस्ती सूज रही है…

पद्मा- शयद ये आपकी सुहागरात है…

पूर्वी पद्मा को हलके से चपत मरती है गाल पर स्माइल देते हुई…

पद्मा- मैंने देखा है..

पूर्वी- क्या…

पद्मा- आप के छूट से खून आ रहा था..

पूर्वी- चुप कर…..

पद्मा- लगता है.. आप की सील करीम ने hi तोड़ी है आज.. साहिब इतने दिनों मई जो काम कर नहीं सके वो करीम ने एक hi दिन मई कर दिखाया… व मान गए … करीम....

पूर्वी शर्माती है …

पद्मा- साहब ने भी आप को ऐसे सुहागरात मई छोड़ा नहीं होगा न बहुरानी..

पूर्वी शरमाते हुई अपनी गार्डन निचे करती है..

vekkam-anjali.gif


पद्मा- बताई न…

पूर्वी- तू चुप बैठने का अब क्या लेगी..

पद्मा- बतायेना… आपको आपने पति अरुण साहब से मज़ा आया या ये नही शोहर करीम से…

पूर्वी शर्मा रही थी…

पूर्वी- तुजे पता है..

पद्मा- फिर भी मई आप के मु से सुनना चाहती हु..

पूर्वी- करीम से…

पद्मा – मुझे पता था… करीम बहोत अचे से छोड़ता है.. इस लिए तो जो भी औरत उस से चुदती है वो हर बार उस से फिर से छुड़ाने की इच्छा रखती है..

पूर्वी- चुप कर … तू बहोत गन्दी होती जा रही है..

पद्मा- मेरे दोनों बच्चे करीम के hi है… मई तो ये बोलती हु बहुरानी आप भी करीम से आपने पहला बच्चा ….

पद्मा कुछ बोल पति इस से पहले पद्मा के हूंठ पर पूर्वी आपने हाथ रख देती है..

पूर्वी- चुप कर… और यहाँ से बहार जा.. और भाभी को देख .. वो नीचे न आ पाए… समाजी….

पद्मा- जीई…

पद्मा फिर घूम कर वापिस आती है…

पद्मा- आप की सील आज तूती न….

पूर्वी- तू फिरसे आ गयी क्या…

पद्मा- बताये न..

पूर्वी- तुजे पता है तो फिर से क्यों पूछ रही है…

पद्मा- प्ल्ज़.. बता दो..

पूर्वी- हां….

शरमाते हुई..

cute-reaction-sneha.gif


पद्मा- तो मुझे बख़शिश चाहिए…

पूर्वी- हां.. दूंगी.. तू अब यहाँ से जा..

पद्मा वह से चली जाती है..

उसकी छूट पूरी तरह से सूज गयी thi......aur नीचे वहीँ फर्श पर खून के कुछ बूँदें और करीम का छुम का मिला जुला रूस भी साफ़ दिखाई दे रहे the.......wo धीरे धीरे पद्मा की हेल्प लेते हुई बाथरूम में जाती हैं और वहीँ शावर ों करती हैं और उसके नीचे जाकर कड़ी हो जाती हैं..........

शावर का ठंडा पानी उसके बदन पर किसी सुई की तरह चुभ रहा tha.........badan के हर हिस्से मई दर्द कर रहा tha.......wo एक बार अपने छूट की ओरे देखती हैं अब उसकी छूट पूरी तरह से फ़ैल गयी thi.........aur साइड साइड से कई जगह करीम के लुंड की रगड़ से चील भी गए थे..............

थोड़े डियर बाद वो वहीँ रखा टॉवल अपने नंगे बदन पर लपेटती हैं फिर वो झट से अपने बैडरूम में आकर नयी साड़ी पहन लेती है..

Nayanthara%2BVery%2BHot%2Bin%2BBlue%2BSaree%2BPhoto%2BCollection%2B%25283%2529.jpg
 
अब पूर्वी अपनी भाभी से मिलाने के लिए उप्पर आपने बैडरूम मई चली गयी .. पूर्वी और उसकी भाभी बातचीत करती है थोड़े देर तक … तभी पूर्वी को कॉल आता है उसके हस्बैंड का.. उनको कुछ डॉक्यूमेंट के डिटेल्स देने थे इस वजह से वो थोड़ा निचे आ जाती है … तब उसकी भाभी बालकनी मई चली जाती है… वो वह ठंडी हवा का मज़ा ले रही थी.. आपने बालो मई हाथ डालके वो वह मज़े ले रही थी.. ताभ्ही उसको देखने के लिए करीम उप्पर बालकनी मई चला जाता है… भाभी पिट करके उसके सामने खड़े थी..

Nayanthara%2BVery%2BHot%2Bin%2BBlue%2BSaree%2BPhoto%2BCollection%2B%25281%2529.jpg


भाभी को देख कर करीम मस्त हो जाता है…

करीम – waaahhhhhhhhhha……

Mashaaaaaaa……..aallahhhhhhhhhha..

क्या खूबसूरत है ये… दिल गार्डन गार्डन हो गया…

( बहोत धीरे से बोलता है)

लेकिन शयद भाभी ने ये सुन्ना था.. इसलिए वो घूम के कोण है ये देखने लगती है...

Nayanthara%2BVery%2BHot%2Bin%2BBlue%2BSaree%2BPhoto%2BCollection%2B%25288%2529.jpg


और करीम भाभी की तरफ देखने लगता है… भाभी भी उसके तरफ देख रही थी.. उसे बहोत गुस्सा आ रहा था.. एक नौकर.. कला.. बुद्धा ..मुझे इस तरफ गुर रहा था.. इस वजह से..

वैसे देखने मई भाभी कमल की थी.. और सदी मई थो और ज्यादा कमल दिखती थी… उसकी फिगर 34-26-36.. थी.. उसकी बड़े बड़े ूरोज़, पतली कमर और मोती गांड आगे वाले आदमी को पागल बना देती थी.. उसका गोरा मखमली बदन, काळा घने बाल उसके यौवन मई चार चाँद लगा रहे थे..

भाभी इतने टाइम से करीम उस को जो देख रहा था उस को देख कर बोल पड़ती है..

भाभी- ऐसे क्या देख रहा है…

करीम- हरियाली देख रहा हु..

भाभी- हरियाली कहा है यहाँ…

करीम- यहाँ तो हरियाली hi हरियाली hai..Ye हरयाली देख के मेरा दिल तो गार्डन गार्डन हो गया….

अब भाभी को उस का मतलब समाज मई आ गया था.. वो अपनी सदी ठीक थक कर लेती .. उसका नवल जो अबतक ओपन था वो अब सदी से धक् लेती है.. उसके बूब्स पर अचे से सदी ढकती है..

करीम (धीरे से) – अब ढकने से क्या फायदा है .. जो देखना था वो तो मई देख चुक्का हु…. बुलबुल

लेकिन ये बात भाभी समाज गयी की वो क्या बोल रहा hai…wo घूम जाती hai..aur धीरे से बोल पड़ती है…

भाभी- बट्टामीज… kahi..ka…

अब भाभी घूम चुकी thi…uski गांड करीम के सामने थे…

करीम- वहहहहहहा….. आगे कके मुक़ाबले पीछे से डबल कमला है.. ये बुलबुल तो…( धीरे से बोल्ट है है)

अब भाभी को बहोत गुस्सा आ रहा था इस बूढ़े पर.. वो घूम जाती है…

भाभी- ये बत्तमीज.. यहाँ से चला जा.. और ऐसा घूरना बंद कर.. वर्ण नौकरी से तुजे निकल दूंगी… दफा हो जा यहाँ से.

करीम कुछ बोल पता इस से पहले hi पूर्वी वह आ जाती है.. भाभी का गुस्सा देख कर पूर्वी समाज जाती है की करीम ने कुछ न कुछ किया होगा…

भाभी पूर्वी को कहती है..

भाभी- बहोत बत्तमीज नौकर है ये… कब से देख रही हु मुझे घूरता hi जा रहा है.. मई यहाँ से चले जाने को बोल रही हु फिर भी नहीं जा रहा है … एक नंबर का लोफर लग रहा है…

पूर्वी करीम को आँखों से hi यहाँ से चले जानो को इशारा करती है…..

aditi-rathore-naamkarann.gif


करीम वक़्त की नज़ाकत समाज के वह से चला जाता है..

पूर्वी- भाभी वो नौकर नहीं है.. एक टेलर है.. अम्मी ने उसे कुछ काम दिया hai..wahi करने आया है…. वो लोग ऐसे hi होते है… उनके तरफ आप ध्यान मत दो…

फिर पूर्वी और उसकी भाभी कुछ देर ऐसे hi इधर उधर की बाते कर रहे थे.. कुछ 20-25 मिनट तक.. फिर पूर्वी उनसे कहते है मई आपके लिए कॉफ़ी ले आती हु… थो आप थोड़ी शांत हो जोगी… अभी तक जितने बात भाभी और पूर्वी कर रही थी तब थोड़ा गुस्सा भाभी का काम हुआ था.. पूर्वी निचे किचन मई चली जाती और कॉफ़ी बना रही थी… वह करीम आ जाता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है… पूर्वी आहहहआ करती है..

पूर्वी- आह्ह्ह्हआआ… छोड़ दो मुझे…

करीम उसको घुमा लेता है और उसे किश करने लगता है…

romance-sunrise.gif


और उसके बूब्स भी मसल रहा होता है.. उसको उठा के किचन ोट्टा पे बिता देता है.. और किश फिरसे करना शुरू कर देता है..

करीम- तेरे भाभी तो मस्त हॉट माल है..

पूर्वी- तीखी मिर्ची है… देखा नहीं आप ने कैसे गुस्से मई थी.. मई कैसे तो उसको शांत करके आयी हु.. बोल रही थी की मई अम्मी और पापा को नौकर के बारे मई बता दूंगी… मतलब आप के बारे मई..

करीम- वो मई देख लूंगा… वैसे तीखी मिर्च मुझे पसंद hai..tu भी तो तीखी मिर्च थी…
 
पूर्वी- मई उनके सामने कुछ भी नहीं हु.. ऐसे मत दबाओ. अभी भी मेरे छूट दुःख रही है.. मई भाभी के सामने कैसे चली गयी मुझे hi पता है… चलने को बहुत तकलीफ हो रही है.. थोड़ा धीरे से नहीं कर सकते थे क्या..

करीम- एक दो दिन मई वो ठीक हो जायेगा.. लगता है तेरे भाभी तीखी मिर्च को पटना पड़ेगा hi..

पूर्वी- सोचना भी मत… नहीं तो वो बवाल मचा देगी… बहोत शोर मचती है वो… और वैसे भी मुझे नहीं लगता की वो आपसे पटेगी…

करीम- तुजे क्या लगता है वो मुजसे नहीं पटेगी..

पूर्वी- आपने नहीं देखा क्या कितने गुस्से मई थी आप पर… आप से नहीं पटेगी वो..

क- आधे घंटे मई पता दूंगा..

पूर्वी- 2 घंटे देती हु … नहीं पटेगी..

ये बाते करते वक़्त वो एक दूसरे को किश कर रहे थे

kabir-singh-kiara-advani.gif


और करीम पूर्वी के बूब्स को मसल भी रहा था…

क- चल पटके दिखा dunga…bol पटाने के बाद क्या देगी तू.

पूर्वी- वैसे सब कुछ तो दे चुकी हु.. और मेरे पास देने के लिए क्या बचा है..

क- बोल बोल क्या देगी..

पूर्वी थोड़ी देर सोचती है..

पूर्वी- वीएस वो आधे घंटे मई तो पटेगी भी नहीं, 2 घंटे मई भी नहीं पटेगी और 2 साल मई कुछ दाल गाल सकती है.. तो मेरे हारने का सवाल hi पैदा नहीं होता…

क- इतना सोच मत जल्दी से बता..

पूर्वी- मेरा एक आलिशान फ्लैट है.. उस ???? सोसाइटी मई.. वो आपके नाम कर दूंगी…

क- तेरे ससुर को नहीं पता चलेगा क्या

पूर्वी- वो मेरे पापा ने मुझे गिफ्ट दिया है..

क- तो ठीक है…

और उसे किश करने लग गया ..

regina-cassandra-regina.gif


तभी वह पद्मा आ जाती है.. और खांसती है.. उस वजह से उनका किश टूट जाता है.. पूर्वी बहोत गुस्से से उसकी तरफ देख रही थी..

regina-cassandra-regina.gif


पद्मा- वो आपकी भाभी को कुछ चाय या कॉफ़ी देने पड़ेगी न.. इस वजह से आयी हु..

पूर्वी- वो मई बना दूंगी…

तभी पद्मा उसके पास आती है.. करीम उसको आपने पास बुलाता है.. वो जैसे hi आती है एक हाट से उसे दबोच लेता है .. वैसे hi पूर्वी उसे दूसरे तरफ धकेल देते है…

पूर्वी - तू एक काम कर … वो कुछ सामन बहार से लाना है वो लिस्ट अम्मी जी ने बनायीं है वो लेके जा… अचे से सारा सम्मान लेकर आ.. थोड़े देर आपने घर पे भी रुख.. 2-3 घंटे मत आ… अगर उस से पहले जरूरत होगी थो मई तुजे कॉल कर लुंगी…

पद्मा- जी मालकिन….

अब पूर्वी अपनी भाभी को कॉफ़ी देने के लिए उप्पर जाने वाली थी की करीम उसके हाथ से कॉफ़ी ले लेता है..

क- मई चला जाऊंगा..

पूर्वी हसती है…..

regina-cassandra-ek-ladki-ko-dekha-toh-aisa-laga.gif


और कहती है..

प्लान बनाया क्या...

regina-cassandra-regina.gif


हाँ

करीम उप्पर चला गया … बालकनी मई भाभी बैठी थी..

क- मैडम… कॉफ़ी…

उसको देखकर भाभी को फिरसे गुस्सा आ जाता है…

बह- tu..firse आ गया..

क- कॉफ़ी देने आया हु….

बह- घर मई दूसरा कोई नौकर नहीं है क्या..

क- नहीं है.. वो माइड बहार गयी है.. और पूर्वी मैडम को तकलीफ देना नहीं चाहता था.. इस लिए मई ले आया आपकी कॉफ़ी..

फिर करीम निचे आपने नीज पर बैठता hai..bhabhi उसको देखती रहती है..

क- ी ऍम एक्सट्रेमेली सॉरी….. एक्चुअली मेरे कहने का वो मतलब नहीं था…

बी- तो क्या मतलब था..

क- आप देखिये न.. मौसम कितना सुहाना है.. चारो तरफ हराभरा मौसम है.. इस वजह से मैंने करीमली बोलै.. अगर मेरे वजह से आपको दुःख पहुंचा होगा तो रियली ी ऍम वैरी सॉरी…

बी- वर्ड गंदे उसे करते हो.. और अब सॉरी बोल रहे हो..

क- सचमुच मुझे आपको कुछ गलत नहीं कहना चाहिए था… मेरे गलती हो गयी…. इस वजह से तो मई माफ़ी मांग रहा हु.. रियली ी ऍम वैरी वैरी सॉरी…

भाभी थोड़ी हसती है…

बी- ठीक है…

क- आपने मुझे माफ़ कर दिया…

बी- हां…

क- थैंक यू वैरी मच..

बी- इंग्लिश वर्ड भी बोलना आता है..

क- आप जैसे खूबसूरत लेडीज के साथ बात करना पड़ेगा तो थोड़ी बहुत इंग्लिश बोलनी पड़ती है न… मैडम जी..

भाभी हसती है..

बी- मेरे साथ फ्लेर्टिंग मत कर…

करीम हसता है…

क- मई फ्लेर्टिंग नहीं कर रहा था तो सच बता रहा था…

बी- कुछ भी मत बोलो..

ये कहते हुई उसके चहरे पर थोड़ी स्माइल thi…Purvi को वो देख कर यकीं नहीं हो रहा था..

क- इस नाचीज़ को करीम कहते है… करीम टैलोरवाला..

करीम की अड्डा देख कर भाभी है पड़ती है..

बी- लगता है हिंदी फिल्मे बहोत देखते वो

क- हां..

बी- इस लिए तो ऐसे नौटंकी कर रहे हो…

क- इस मई नौटंकी क्या है..

पूर्वी- सीधा सीधा आपने नाम नहीं बता सकते क्या.. ये बैठ कर हीरो जैसे स्टाइल मर कर आपने नाम बता रहे हो…

ये कहकर वो है पड़ती है..

थोड़ी देर दोनों शांत रहते है..

क- आपका नाम क्या है…

बी- तुजे मेरे नाम से क्या करना है..

क- ऐसे hi ..

बी- ऐसे hi क्यों ..

क- मैंने मेरा नाम बताया ..अब आप आपने नाम बता दो..

बी- मैंने थोड़ा पूछा था तेरा नाम.. तूने hi बता दिया..

क- फिर भी ..आप आपने नाम बता दो न…

भाभी शरमाते हुई नीचे गार्डन कर के बोलती है..

looking-nazriya.gif


भाभी- शालिनी….

क- शालिनी… अच्छा नाम है… शालिनी…

भाभी ऐसे शरमाते हुई आपने नाम बता रही थी तब पूर्वी को यकीं नहीं हो रहा था की भाभी क्यों शर्मा रही है.. शायद भाभी भैय्या को भी कभी शर्मायी नहीं होगी ऐसा पूर्वी सोच रही थी.. आपने रूम से वो सब कुछ देख रही थी..

थोड़े देर दोनों शांत रहते है…

शालिनी - तू तो टेलर है न

क- है..

स- तो ऐसे काम कर लेता है..

क- हर जगह नहीं.. पर पूर्वी मैडम बीमार है न.. इस लिए कर रहा हु

स- पूर्वी को क्या हो गया..

क- उनको चलने मई तकलीफ है..

( रूम मई से पूर्वी सब देख रही थी.. उस को दर लग रहा tha..aab ये क्या बकेगा ये सोच कर)

हो जाती है कभी kabhi..jada होने के बाद..

स- क्या मतलब है तुम्हारा… ज्यादा होने के बाद..

क- कुछ काम ज्यादा हो गया होगा… इस वजह से हुआ होगा कुछ

करीम शालिनी की तरफ देखता है..

क- आप को क्या लगा..

स- कुछ नहीं..

स- घर मई इतने सरे नौकर है.. तो खुद काम करने की क्या जरूरत है..

क- कुछ काम खुद hi करने पड़ते है….

स- है वो तो है..

क- और पूर्वी मैडम दुसरो पर देपेंद नहीं रहती है..

स- पूर्वी के बारे मई बहुत कुछ पता है तुजको..

क- अब फ्रेंडशिप हो गयी है तो पता तो होगा hi न

sDiNwM-360.gif


s-Purvi ने तुजसे फ्रेंडशिप की … ( क्या सोच के की होगी)

फिर कुछ देर तक दोनों इधर उधर की बाते करने लगे थी… करीम के काम के बारे मई. और शालिनी के बारे mai..aab शालिनी एक कार्नर मई वाल को आपने पिट टच करके कड़ी थी.. उस पोज़ मई वो बहोत सेक्सी लग रही थी… करीम उस के तरफ देख कर कहता है..

क- शालिनी मैडम एक बात कहो…

स- कहो..

क- बुरा तो नहीं मानोगे न..

शालिनी थोड़ी देर सोचती है…..

स- ऐसे वैसे बात नहीं होगी तो मई क्यों बुरा मानूंगी…

क- अगर आप ये बालो की बूत आपने चहरे पर रखेंगे थो आप और खूबसूरत लगोगी….

शालिनी कुछ नहीं बोलती … और निचे देखने लगाती hai….Karim उसके पास जाता है… और उसके थोड़े बाल सामने लता है… और पीछे हैट जाता है… अभी भी शालिनी निचे देख रही थी…

क- देखो अब आप कितने खूबसूरत लग रही हो…. एकदम फटका माल…..

शालिनी उप्पर देखकर कहती है..

स- फिर से फ्लेर्टिंग सुरु की तूने मेरे साथ..

करीम हसता है और शालिनी के पास चला जाता hai…tab शालिनी बाजु हटके बालकनी के रेलिंग के पास कड़ी हो जाती है… दोनों थोड़ी देर शांत रहते है..

क- आप को कितने बच्चे है…

स- एक भी नहीं…

क- शादी को कितने साल हो गए है..

स- 3-4

क- फिर भी..

स- प्लानिंग की थी…

क- आप की और आप के हस्बैंड मई महीने मई कितने बार चुदाई होती है…

शालिनी गुस्से से देखते है..

क- sorry..sorry… सेक्स…

स- मेरे साथ गन्दी भाषा उसे मत करो… बता रही हु..

क- कितने बार होता है सेक्स

स- 3-4 बार

क- लास्ट कितने दिनों पहले हुई थी आपकी चुदाई..

फिर शालिनी उसको गुस्से से देखते है…

K-aab चुदाई को चुदाई नहीं तो क्या कहेंगे..

स- मुझे नहीं पता.. गंदे वर्ड्स मेरे सामने बोलना नहीं..

क- सॉरी सेक्स..

स- 15 दिन हो गए

करीम शालिनी के नज़दीक जाता hai..uske हाथ पे हाथ रखता hai..jo शालिनी ने रेलिंग पर रखा था… वो हाट हटके शालिनी वह से बाजु हैट जाते है..

स- मई निचे जाकर पूर्वी को देखती hu..use क्या हुआ है..

ये बात सुनकर पूर्वी झट से निचे भाग जाती है… और एक रूम मई जा के सो जाते है…. शालिनी वह सो रही पूर्वी के पास जाती है…

स- क्या हुआ..

पूर्वी- सर दर्द कर रहा है.. और बदन मई भी दर्द है..

स- ठीक है तुम आराम कर लो…..

पूर्वी सॉरी भाभी… आप आये हो और मई सोइ हुई हु ….

स- ारे ऐसा सोच मत.. तू सो जा मई तिमेपास कर लुंगी…

पूर्वी- हां आप टीवी देख लो..

स- हां टीवी भी देख लुंगी और वो जो तेरा टेलर है न उसके साथ भी कुछ गप्पे लड़ा लुंगी… अच्छा तिमेपास हो जायेगा..

पूर्वी- भाभी उस से जरा बच के… वो बहुत चालू चीज़ है वो..

स- तू टेंशन मत ले.. मई हैंडल कर लुंगी..

फिर शालिनी पूर्वी के बदन पर चदार दाल देते है… पूर्वी सोने का अच्छा नाटक कर रही थी…. शालिनी वह मिरर के सामने आपने को सजाने सवारने मई लग गयी थी… आपने बाल वो ठीक करती है… खुद का अचे से मेकअप करती है… फिर अपनी साडी अच्छे से बनती है.. वह जो पूर्वी का मेकअप का सामन था उसमे से लेके आपने को सजाना सवर्ण सुरु कर देते है… पूर्वी की एक अच्छी सी हेयर रिंग पहन लेती है.. एक अच्छी से हैरक्लिप भी पहन लेते है.. आपने ब्लाउज ठिठक करती है.. अब शालिनी करीम के लिए तैयार हो रही thi...Purvi सोच रही थी की ये भाभी को क्या हो गया.. इस काळा बूढ़े के लिए वो तैयार हो रही है…. शालिनी तैयार हो कर किचन मई जाती है और जूस की एक बोतल और पानी की एक बोतल लेके उप्पर चली जाती है… उप्पर बालकनी मई जब जाते है तब उसको देख कर करीम बहोत खुश होता है… उसका मेकअप देख ke..uske बदन से जो खुशबू आ रही थी उस से…. शालिनी जा के रेलिंग के पास कड़ी हो जाती है...

क- आप ने बहोत अच्छा काम किया.. मुझे बहुत प्यास लगी थी…

शालिनी उस को पानी की बोतल दे देती है…

क- आप जितने दिखने मई खूबसूरत है उतने hi आप अचे भी है…

शालिनी सिर्फ मुस्कुरा देती है…

क- शयद आप मेक उप करके आयी हो न.. मैडम..

स- बहुत स्मार्ट हो… तुजे पता कैसे लगा..

क- आप के बदन के खुशबू से…

शालिनी शर्मा जाती hai..aur रेलिंग के पास कड़ी हो जाती है.. करीम के तरफ पीठ करके वो कड़ी थी... अब रेलिंग पे हाट रख कर शालिनी जूस पेट है… करीम रेलिंग के पास चला जाता है… उस के थोड़ा करीब ….

क- आप हमें जूस नहीं देंगे क्या..

शालिनी निचे देख कर hi बोतल करीम की तरफ करती है… करीम वो बोतल से थोड़ा जूस पिता hai…aur फिर बोतल शालिनी को दे देता है… शालिनी थोड़ा पीती है… और बोतल करीम की तरफ देती है.. अब करीम जहा से शालिनी ने जूस पिया था.. वह आपने जीभ से चाटता है… वो शालिनी देखते है ..शर्माकर थोड़ा घूम जाती है.. अब करीम की तरफ उस की पीठ थी… करीम अब उसके पास आ जाता hai…uske शोल्डर के उप्पर से एक हाथ दाल कर वो शालिनी को जूस पिलाता है… शालिनी शरमाते हुई जूस पी रही थी..

ये नज़ारा देख कर पूर्वी खुद को हरी पति है… अब मेरा इतना आलिशान फ्लैट चला गया…. भाभी आप इतनी जल्दी क्यों मान गए… ऐसे अपनी मन hi मन मई कहती रहती है….

करीम शालिनी को एक हाट से जूस पीला रहा था और दूसरे हाट से उसके कमर मई दाल कर आपने खरीब खींचता है… अब करीम के हाथ से बोतल निचे गिर चुकी थी… और उसे हाट से वो शालिनी के कोमल लिप्स पर घुमा रहा था..

स- करीम मुझे छोड़ दो… ये सब टिक नहीं है..

क- क्यों… क्या हो गया..

स- मई शदीशुद्दा हु… ये सब करना ठीक नहीं होगा…

क- मई तो सिर्फ तुजे छोड़ना चाहता हु… तेरे साथ निकाह थोड़ा hi करना चाहता हु…..

स- फिर भी ये गलत है…

क- कुछ नहीं hoga…ek दिन की तो बात है…

स- पूर्वी उप्पर आ गयी थो …गज़ब हो जायेगा..

करीम उसके नैक के पीछे आपने जीभ से चाटने लगता है…

स- aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhaa……. ऐसा मत करो…..

क- पूर्वी नहीं आएगी… हमरे बीच…

स- तुजे कैसे पता…. वो नहीं आएगी ..

करीम उसके बाल थोड़ा उप्पर करता है और वह चाटने लगता है…

regik5-coupleromance.gif


स- बताओ न… क्या तुम्हारे और पूर्वी के बीच मई कुछ है क्या….

करीम अपनी गार्डन थेड़े कर के पूर्वी की तरफ देख रहा होता है.. जो विंडो से ये सब कुछ देख रही the…wo न न कहके आपने गार्डन घुमा कर करीम को बता करने से मन कर रही थी…

स- बताओ… न…

करीम आपने दोनों हाथ उसके हाथो से निचे से ले जेक उस के आम पर रख देता है… और आहिस्ता से उसे दबा रहा था…

स- aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhaaaa….

Aiseeee…hiiiii….dhireee…. धीरीईई…. करिममममम…..

उधर दूसरी और वो उसके पीठ को, शोल्डर को , नैक की बक्सीडे को किश करते जा रहा था….

स- बताओ न…. करीम… तुम्हारे और तुम्हारे पूर्वी मैडम के बीच कुछ है क्या…

क- हां… है… न….

उधर पूर्वी डर जाती है..

स- क्या…

क- हां… फ्रेंडशिप है न….

स- सिर्फ फ्रेंडशिप hai…kya… आगे कुछ nahi..kya..

क- तुम क्यों पूछ रही हो.. तुजे लगता है क्या हमारे बीच मई कुछ है..

स- मुझे नहीं लगता तुम दोनों के बीच कुछ होगा..

अब करीम उसको घूमता है और विंडो मई उसे बिठा देता है… बालकनी की तरफ वाली साइड मई…. उसको किश करना सुरु कर देता है..

kiss-in-love.gif


तभी शालिनी का मोबाइल बजता है… वो उसके पति का था… शालिनी उतना चाहती थी और करीम उसको उठता है.. शालिनी no no कर रही थी.. करीम उसको स्पीकर मोड पाई रख देता है..

शालिनी का हस्बैंड- hi..shalu डार्लिंग….

स- hi.. जणू

ह- कहा हो..

स- पूर्वी के यहाँ…

ह- वह कैसे..

स- आप को बताया था na..mere फ्रेंड अदिति की छोटी बहन की रसम है न… वह जाने के लिए आयी हु… पूर्वी और मई जाने वाले है न वह ..

ह- वो.. ी सी…

स- क्या हुआ…

ह- मई सोच रहा था… लास्ट कुछ महीने से मई आपको टाइम नहीं दे सका था.. आज हम साथ टाइम स्पेंड कर सकते थे… मुझे लगता है लास्ट 6 मंथ से हम सेक्स कर नहीं पाए थे.. आज मेरे पास टाइम था .. तो मई सोच रहा था…

( उसके हस्बैंड ने ऐसा कहा तो करीम शालिनी की तरफ देखने लगता है .. तब शालिनी नीचे देखने लगती है..)

vekkam-nayanthara.gif


स- वो तो सही है… लेकिन क्या करे आदित्य हमारे और पूर्वी के शादी के टाइम 10-10 दिन हमारे घर आयी थी…. थो हम लोगो का hi फ़र्ज़ बनता है न की हम भी उनके यहाँ इस टाइम पे अटेंड करे..

ह- ha..janu ु र राइट… ok ..एन्जॉय…

स- ok..janu..sorry..this टाइम..

ह- वैसे कितने दिन लगेगा..

स- 5-6 डेज ..

ह- ok… bye..

शालिनी फ़ोन रख देती है…

क- मुजसे झूट बोल रही थी.. 15 डेज.. और यह तो 6 महीने….

शालिनी नीचे देखते हुई सर खुजाने लगती है ..

sogam-nayanthara.gif


क- तो यही वजह है बच्चा न होने का…

स- शयद…

नीचे देखते हुई शालिनी कहती है..

करीम शालिनी के बालो से हाट घूमता है और उसके हैरक्लिप निकल देता है.. उसे लेडीज के बालो से खेलना बहोत अच्छा लगता था…
 
अब शालिनी के बाल खुले हुई थे…. और करीम लगातार उसको प्यासी नज़रो से देख रहा था.. शालिनी शर्म आ रही थी.. शर्माकर शालिनी विंडो से निचे उतर जाती है और निचे कड़ी हो जाती है.. और घूम जाती है..

तभी करीम ने शालिनी को पीछे से पकड़ लिया.

करीम- "शालिनी… डार्लिंग भगवान् ने तुम्हे इतने बड़े बड़े लाजवाब बूब्स दिए है… इस का तो कोई जवाब नहीं...”.

शालिनी ने कोई जवाब नहीं दिया.

करीम- "जानती हो जान, जब पहली बार तुम्हारी टाइट गांड को साड़ी में देखा था तो मन किया था की वही पटक कर लुंड घुसा दू तेरी गांड में और तुम्हारे ये रसभरे होंठ देख कर जी करता है सारा रास निचोड़ लू इनसे"

करीम ने कहा और शालिनी को कंधे से पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया और अपने होंठ शालिनी की रसीले होंठो पर रख कर उन्हें चूसने लगा.

being-human.gif


करीम के मुँह से अपने बूब्स, गांड और होंठो की तारीफ सुन कर शालिनी की पंतय गीली हो गयी थी. करीम पूरी मस्ती में शालिनी के होंठ चूम रहा था. थोड़ी देर चुपचाप खड़े रहने के बाद शालिनी ने भी खुल कर किश करना शुरू कर दिया.

kiss-lip-kiss.gif


दोनों एक दूसरे के होंठो को ऐसे चूस रहे थे जैसे होंठो पर अमृत लगा हो.

इधर अपनी भाभी की करीम के मू से टैरिफ सुनकर और करीम अपनी भाभी के साथ जॉब hi कुछ कर रहा था वो देखकर और आगे जो होनेवाला था वो सोचकर पूर्वी को आपने आप पर गुस्सा आ रहा था.. उसे लग रहा था की शयद करीम मुझे छोड़ कर भाभी के पास हमेशा के लिए चला जायेगा…

शालिनी को चूमते चूमते करीम ने अपने हाथ शालिनी की बड़ी और टाइट गांड पर रख दिए और शालिनी की गांड को मसलने लगा. करीम की इस "हरकत" ने शालिनी की आग को और भड़का दिया. जोश में आकर शालिनी ने अपनी जीभ करीम के मुँह में घुसा दी. करीम भी पूरी तरह मस्ती मई शालिनी की जीभ को चूसने laga.aab करीम ने पीछे से साड़ी के अन्दर से आपने हाट अन्दर दाल दिया… ऊपर करीम के होंठ शालिनी की जीभ चूस रहे थे और नीचे करीम के हाथ शालिनी की पंतय के अंदर घुस चुके थे.

अपने एक हाथ से करीम, शालिनी की नंगी गांड मसल रहा था जबकि दूसरे हाथ को आगे लाकर शालिनी की छूट के ऊपर रख दिया और हलके से उसकी छूट को मसल दिया.

शालिनी को एक डैम से 440 वाल्ट का झटका लगा और वो करीम से अलग हो गयी. करीम के होंठो पर शालिनी की लार लगी हुई जिसे करीम अपनी जीभ से चाट रहा था. अब शालिनी बालकनी से ुंडार रूम मई चली गयी… उसको अन्दर आते हुई देखकर पूर्वी डरकर एक साइड मई जेक चुप गयी..

अन्दर शालिनी जेक एक साइड मई जेक कड़ी हो गयी.. करीम उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और पीछे से उसके साड़ी का पालू निकल कर निचे गिरा दिया और फिर उसके नंगे पिट पर आपने हाथ घूमने लग gaya..aise hi थोड़ी देर करने के बाद उसके पिट को चूमने लग गया. उसके नंगी पिट को, उसके शोल्डर को करीम चूमने लग गया.. थोड़ी देर तक वो शालिनी को चूमता hi रह गया.. अब करीम ने शालिनी को अपनी और घुमा लिया… अब उसके सामने शालिनी सिर्फ ब्लाउज पर थी.. उसके बूब्स को hi करीम देख रहा था.. इस वजह से शर्माकर शालिनी ने फिर से आपने पालू आपने बदन पर खिंच लिया और आपने ब्लाउज को धक् लिया…

अब करीम और शालिनी एक दूसरे को देख रहे the…thodi देर के बाद करीम ने आपने हूंठ शालिनी के गुलाभी हूंतो पर रख diye…Shalini और करीम का ये खेल पूर्वी एक कार्नर से चुप कर देख रही थी.. वैसे वो पूर्वी का बैडरूम था.. वह छुपने की बहोत साडी जगह थी… वो उन्दोनो को देख सकती थी लेकिन शालिनी को पता भी नहीं लग सकता था…

करीम और शालिनी दोनों बहुत मजे से एक दूसरे को किश कर रहे थे. किश करते करते करीम के हाथ शालिनी की गोल बूब्स पर पहुंच गए. करीम ने मस्ती में शालिनी के बूब्स दबा दिए. अब करीम धीरे धीरे शालिनी के बूब्स मसलते हुए उसे किश कर रहा था. थोड़ी देर और किश करने के बाद दोनों अलग हुए और apni-apni साँसे कण्ट्रोल करने लगे.

करीम शालिनी के बूब्स को ऐसे घर रहा था जैसे शेर अपने शिकार को. फिर करीम ने धीरे से शालिनी के सदी का पल्लू उसके बूब्स पर से हटा दियाऔर उसका ब्लाउज का निचला हिस्सा पकड़ा और उस को ऊपर उठाने लगा.

शालिनी - "करीम, प्लीज इसे मत निकालो न.. कही कोई आ न जाये!!!"

करीम - "कोई नहीं आएगा… शालिनी…”

अब करीम ने शालिनी को मैडम नहीं कहा था.. उस पर शालिनी ने स्माइल देते हुए उसको कहने की परमिशन दिए थी.. अब करीम के सामने सिर्फ ब्लाउज मई शालिनी कड़ी थी .. करीम ने आपने दोनों हाथ मई शालिनी के दोनों बूब्स हाथ मई पकड़ लिए थे.. और उसे जोर से दबा दिया…

शालिनी- oucccccchhhhhhhhhhhh…..

जराहा… धीरी.. से …दबावूओ…

करीम- क्यों…

शालिनी- dard….hotaaa…. हैईईई…

इधर पूर्वी ये देखकर हसती है… आपने मन hi मन मई बोलती है… ये मेरे भाई साहब नहीं है भाभीजी.. ये तो करीम है… बहोत जोर से दबाता है… अब आप को पता चल hi जायेगा…

करीम शालिनी को किश करते करते उसके बूब्स को दबा रहा था… थोड़े देर तक ऐसे hi दबाने के बाद शालिनी की नज़र निचे चली जाती है.. करीम के लुंड पर.. पंत मई उसने जो टेंट बनाया था उसपर… करीम तो शालिनी के बूब्स की मालिश करने मई वैस्ट था और शालिनी करीम का लुंड देखने मई…

थोड़ी देर बाद करीम ने शालिनी भाभी को अपने लुंड को घूरते रेंज हाथ पकड़ लिया. करीम और शालिनी भाभी की आँखे आपस में टकराई

naamkarann-adiza.gif


और करीम ने शालिनी भाभी का हाथ पकड़ कर अपने खड़े लुंड पर रख दिया. करीम के ऐसा करते hi शालिनी भाभी के जिस्म में 440 वाल्ट का झटका लगा.

शालिनी भाभी कड़ी हुई और तेजी से बहार जाने लगी. करीम ने शालिनी भाभी को पीछे से अपनी बहो में जकड लिया और शालिनी भाभी के बूब्स मसलने लगा. इस वक़्त दोनों खड़े थे और करीम ने भाभी को पीछे से पकड़ रखा था.

शालिनी- "uuuuuuuuuuummmmmmmm करीम मुझे जाने दो "

करीम ने पीछे से शालिनी के बूब्स को मसलते हुए उसके शोल्डर को किश किया…

करीम- शालिनी…. डार्लिंग….

शालिनी- hummmmmmmmmm

करीम- चुसोगे…..

शालिनी कुछ नहीं बोलती…

करीम- शालिनी… चुसोगे… क्या मेरा लुंड…

शालिनी न मई गार्डन हिलती है…

करीम ने उसके ब्लाउज के निचे से उसके ब्लाउज मई हाथ दाल diya..aab करीम के हाथ मई शालिनी के मुलायम बूब्स थे… वो उसे धीरे धीरे मस्सगे कर रहा था…

शालिनी- aaaaaaaaaaahhhhhhhaaa….

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaa…

करीम – अच्छा.. लग रहा है… kya…Shalini…

शालिनी है मई अपनी गार्डन हिलाते है.. करीम उसके बूब्स को दबाते हुई उसके गार्डन को, शोल्डर को किश कर रहा था..

करीम- माज़आआआ… आ रहा है क्या

शालिनी… मैडम..

शालिनी इस पर हसते है….

शालिनी- हा…..

करीम- मेरा लुंड चुसोगी क्या…

शालिनी- नहीं…

करीम- क्यों…

शालिनी कुछ नहीं बोलती..

करीम- इस से पहले चूसा है क्या किसी का..

शालिनी हां मई गार्डन हिलती है..

ये देखकर पूर्वी को धक्का लगता है… भाभी ने ये भी किया hai..aise सोच रही थी..

करीम- किश का

शालिनी- हस्बैंड का..

पूर्वी स्माइल करती है ये सुनकर..
 
करीम- तो अब मेरा चूस न…

स- नहीं…

क- क्यों

स- तेरा बड़ा है…

क- तो क्या होता है…

स- बहुत बड़ा है.. मुझे तकलीफ होगी..

क- नहीं.. होगी… चूस कर एक बार देख न.. प्ल्ज़..

2-4 बार रिक्वेस्ट करने के बाद शालिनी मान गयी करीम का लुंड चूसने मई.. पूर्वी ये सुनकर उछाल पड़ी..

अब करीम ने शालिनी को घुमा लिया औरर एक बार उसके गाल को चुम लिया





और उसके गुलाभी हूंतो को चूसने लगा ..





आपने एक हाथ मई शालिनी का हाथ पकड़ के पंत के ज़िप के पास ले गया… शालिनी ने एक हाट से करीम के पंत के ज़िप खोली और दूसरे हाट से उसके पंत के बटन खोल दिए.. अब करीम के पंत निकल के निचे गिर चुकी थी… करीम ने अपनी ुंदरपनत निचे कर दे… ुंदरपनत निचे करते hi करीम का तड़पता लुंड तुरंत बहार आ गया. करीम का तगड़ा 9" का लुंड शालिनी के सामने था. करीम के लुंड को बहुत देर से शालिनी घूर रही थी.

करीम- "ऐसे क्या देख रही हो, पहली बार लुंड देखा है क्या?"

करीम की बात सुन कर शालिनी हड़बड़ा गयी. … करीम का बड़ा और लम्बा सा कला लुंड देख शालिनी भाभी हैरान हो गयी. करीम का शैतान लुंड तैयार था. शालिनी भाभी ने पहली बार करीम का लुंड देखा था. करीम का लुंड देख कर शालिनी भाभी को अपनी पंतय में गीलापन महसूस हुआ.

शालिनी भाभी ये सोच रही थी वो ये कर सकती है या नहीं . दिमाग और छूट की इस लड़ाई में जीत छूट की हुई. शालिनी भाभी करीम के पास बैठ गयी और उसके लुंड को प्यासी नजरो से देखने लगी.

शालिनी अपने दाए हाथ से थोड़े देर लुंड को हिलती रही. शालिनी ने दाए हाथ से लुंड के निचले हिस्से को पकड़ कर पूरी तेजी से हिलाते हुए अपनी जीभ लुंड के चारो तरफ घुमाने लगी.





मस्ती का कारण करीम के हाथ अपने आप शालिनी के बालो पर चले गए और करीम धीमे धीमे आहे भरते हुए शालिनी के बालो को सहलाने लगा.

फिर अपने रेड लिप्स को खोल कर लुंड के सुपाड़ी को मुँह में भर कर चूसने लगी.





करीम की आँखे मस्ती में बंद हो गयी और वो अपने दाए हाथ से शालिनी के काले बालो को सहलाने लगा.

ये सन देख कर अंदर खड़े पूर्वी की हालत ख़राब हो रही थी.

शालिनी लुंड चूसने में एक दम माहिर लग रही थी. जल्दी hi शालिनी ने पूरी स्पीड से करीम के लुंड को चूसने शुरू कर दिया. मस्ती के कारण करीम की हलकी सिसकारियां निकलने लगी जोकि वह खड़े पूर्वी को साफ़ सुनाई दे रही थी.

करीम को बहुत मजा आ रहा था. लग रहा था शालिनी लुंड चूसने में माहिर है.. लेकिन अपने लुंड पर शालिनी की जीभ महसूस कर करीम को जन्नत का मजा मिल रहा था.

शालिनी पूरी तेजी से लुंड चूस रही थी ताकि करीम जल्दी झाड़ jaaye.lekin करीम एक पहुंचा हुआ खिलाडी था वो इतनी जल्दी झड़ने वाला नहीं था. शालिनी तेजी से अपना सर ऊपर निचे कर रही थी. करीम का लुम्बा लुंड शालिनी को अपने गले तक महसूस हो रहा था.

अब और कण्ट्रोल करना करीम के बस में नहीं था. क्युकी शालिनी फुल मस्ती और स्पीड में लुंड चूस रही थी. करीम के जिस्म ने झटके खाने शुरू कर दिया.

आखिरकार शालिनी की कड़ी म्हणत रंग लायी और करीम आँखे बंद करके मस्ती में झटके खाने लगा. शालिनी ने करीम के लुंड को मुँह से निकल दिया. उतने में hi करीम के लुंड ने बौछार शुरू कर दी. करीम का पूरा वीर्य बेडशीट पर गिर गया.

शालिनी ने जीभ से चाट चाट कर करीम का पूरा लुंड साफ़ कर दिया.

"साली रंडी" करीम ने मन में सोचा. "आज इसकी गांड जरूर मारुंगा तभी इसकी गर्मी शांत होगी" करीम ने अपने आप से कहा.

अब थोड़े देर के बाद शालिनी बीएड पे निचे गार्डन कर के बैठे है.. करीम उसको आपने तरफ खींचता है… और उसे बीएड पर लेता देता hai…aur थोड़ा पीछे हो जाता है... अब शालिनी बीएड पे आँखे बंद कर के लेते हुई थी..





और करीम उसको देख रहा था... करीम धीरे धीरे उसके पास आता है.. और उसके बदन को छूटा है.. धीरे धीरे आगे आकर करीम आपने हूंठ शालिनी के हूंतो पर रख देता है और उसे किश करने शुरू कर देता है…





किश करते करते उसकी सदी निकल देता है…

उसके हूंतो को किश करता करते निचे आकर उसके बूब्स को ब्लाउज के उप्पर से चूसने मई लग गया.. वैसे hi शालिनी तड़पने lagi..uske मू से मादक सिसकारियां निकलने लग गयी.. शालिनी अब तड़प रही थी… उसके ब्लाउज के उप्पर से बूब्स को चूसते हुई करीम आपने एक हाट उसके पेटीकोट से निचे से लेते हुई उसके पंतय तक ले gaya…aur उसके आँखों मई देखने लग गया..

करीम- अब बताओ शालिनी.. डार्लिंग… अब क्या करना है…





शालिनी ने शरमाते हुई आपने दोनों हाथो से आपने चेहरा धक् ले लिया..

करीम- बताओ न… शालिनी.. मैडम..

शालिनी – मुझे नहीं पता..

वैसे hi करीम उसके पंतय के उप्पर से रब करने लग गया.. वैसे वैसे शालिनी तड़पने लग गयी ..

करीम- तेरे छूट तो बहोत पानी छोड़ रही है.. शालिनी..

शालिनी- गंदे… kahi..ke..

अब करीम आपने दूसरे हाथ से शालिनी का पेटीकोट निकल देता है.. और उसके जांघ पर किश करता है.. साथ मई अब करीम शालिनी के पंतय को आपने एक उंगली से साइड मई करता है और उसके छूट के लब्बो पर अपनी उंगली रखता है…

शालिनी- पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़…….. waha…….nahiiiii…

करीम- क्यों..

शालिनी- पंतय के उप्पर से hi करो

करीम- मज़ा.. नहीं.. आएगा..

अब शालिनी करीम के सामने सिर्फ ब्लाउज और पंतय मई थी.. उसको करीम देखता hi रहता है.. …

शालिनी – ऐसा मत देखो…

करीम- क्यों…

शालिनी- मुझे शर्म आ रही है..

ये देखकर और सुनकर पूर्वी को हसी आ रही थी..





उसे अपनी भाभी की इज़्ज़त जाते हुई देखकर हसी भी आ रही थी और क्वारसिटी भी हो रही थी..

करीम- शर्मा क्यों रही हो… मजा ले लू..

शालिनी को ऐसे बाते करने की आदत नहीं थी… उसने करीम को जतका देके बीएड से उठाकर साइड मई जेक खड़े हो गयी.. उसकी गांड करीम की तरफ थी.. ऐसे शालिनी के जाने से करीम को गुस्सा आ रहा था..

शालिनी- जाओ.. तुम बहोत गंदे हो .. मुझे कुछ नहीं करना है तुम्हारे साथ..

शालिनी ऐसा कह कर साइड मई जाकर आँख बांध कर खड़े हो गयी…

करीम को तो गुस्सा आ रहा था शालिनी पर फिर भी गुस्सा कण्ट्रोल मई कर के करीम बीएड से उठा और शालिनी के पीछे खड़े होकर उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिरने लगा. थोड़ी देर पीठ सहलाने के बाद करीम अपने हाथ शालिनी के बूब्स पर ले गया और तेजी से उन्हें मसल दिया.





शालिनी- oooooooooouuuuuchhhhh क्या कर रहे हो दर्द होता है…

करीम- चुप कर साली रंडी … क्या pata…kitano से छुड़वा चुकी है .. और मुझे नखरे दिखा रही है, चुपचाप इसी पोज़ में रह और मई जो कर रहा हु मुझे करने दे ….

शालिनी – नहीं .. नहीं… मई ऐसे वैसे नहीं हु… पति के आलावा मई ये सब कुछ सिर्फ तुमसे से कर रही हु…

करीम- हां.. हआ.. पता है…

शालिनी के बूब्स को मसलने के बाद करीम ने शालिनी को गॉड में उठाया और बीएड पर पीठ के बल लेता दिया…

करीम- सचमुच ..शालिनी… तू पति के अलावा किसी से चूड़ी नहीं है..

शालिनी है मई गार्डन हिलती है..

करीम- तो मजा आएगा…

और उसे किश करने लग गया.. करीम उसका ब्लाउज निकल देता है.. और उसकी ब्रा निकल ने वाला था hi की शालिनी ने अपनी पीठ ऊपर कर के खुद hi अपनी ब्रा निकल दी..

उसके बूब्स को करीम देख रहा था.. उसके एक निप्पल को वो आपने मू मई ले लेता है..

शालिनी- aaahhhhhhhhhhhaaaaaa…

उसको चूस रहा था और साथ मई hi वो दयअस्र हाथ से उसने शालिनी की पंतय निकल दे.. शालिनी ने भी अपनी गांड उठाकर उसको साथ दे diya…Karim दूसरे बूब्स की चूस रहा था.. और अपनी उंगली से उसके प्यासी छूट के साथ खेल भी रहा था..

करीम पीछे आ गया और शालिनी की बिना झांटो वाली चिकनी छूट को देखने लगा. शालिनी की चिकनी छूट देखते hi करीम का लुंड और ज्यादा टाइट होने लगा.

करीम- इसकी छूट मार कर तो मजा आ जायेगा क्या चिकनी छूट है इसकी….

करीम ने शालिनी के तरफ देखते हुई कहा.

करीम ने शालिनी की तरफ देखते हुई अपनी मिडल फिंगर शालिनी की छूट में घुसेड़ दी …..

शालिनी - aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

करीम ने अपनी मिडल फिंगर शालिनी की छूट में घुसेड़ दी थी. करीम धीरे धीरे शालिनी की टाइट बुर में अपनी उंगली अंदर बहार करने लगा. शालिनी की हालत ख़राब हो रही थी. जब से शालिनी ने करीम का लुम्बा लुंड देखा था तब से hi उसकी छूट पानी छोड़ रही थी. और अब करीम के इस तरह उंगली डालने से शालिनी की आग और भड़क उठी थी.

.

शालिनी -"ooooooooooooooooooooohhhhhhhhhh………… uuuuuuuuuuummmmmmmmmmmm"

शालिनी अब पूरी मस्त हो चुकी थी.

करीम ने उंगली बहार निकाल ली.

करीम- प्ल्ज़ करो न ाचा लगता है…

शालिनी ने मस्ती से कहा.

.

करीम- लुंड दाल दू क्या??"

शालिनी - जो भी करना है करो लेकिन मेरी प्यास बुझा दो…

शालिनी भाभी का ये रूप देखकर पूर्वी को धक्के पे धक्का लग रहा था…

शालिनी को इस समय होश नहीं था की वो क्या कह रही है और इसका क्या अंजाम होगा.

शालिनी इतनी उत्तेजित हो चुकी थी के उसने करीम के कहने से पहले hi अपनी टाँगे उतके अपनी क्लीन शवेद छूट करीम के आगे कर दी.





शालिनी की बिना झांटो की छूट देख करीम का लुंड झटके शेठे लगा. करीम बहुत खुश था. वो सोचता है थोड़े देर पहले बहोत नाटक कर रही थी और अब मई इसकी छूट का भोसड़ा बना दूंगा.

करीम ने शालिनी की टंगे अपने कंधे पर राखी

और अपने लुंड पर थूक लगाया और शालिनी की छूट की फांके फैला कर आपने लुंड के सुपडे को उसके छेड़ पर टिका दिया और एक जोरदार शॉट मारा.

शालिनी - aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiieeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee …

शालिनी की आँखों से आंसू छलक आये थे. शालिनी की आँखों में आंसू देख कर करीम को बहुत खुसी हुई और साथ में उसने ये भी महसूस किया की शालिनी की छूट बहुत टाइट थी और उसके बहुत प्रयास के बाद सिर्फ लुंड का सुपाड़ा hi अंदर घुस पाया था.

शालिनी- "प्ल्ज़ बहार निकल लो, बहुत दर्द हो रहा है "

शालिनी ने रट हुए कहा.

करीम - "चुप कर साली चैनल, दुसरो से घोड़ी बांके चुदवाती होगी और रो ऐसे रही जैसे मैंने तेरी सील तोड़ दी हो…

करीम ने गुस्से से कहा.

.

शालिनी - मैंने आज तक आपने पति के अलावा किसी के साथ सेक्स नहीं किया है प्ल्ज़ मेरा विस्वास.......

शालिनी पूरा बोल पति इस से पहले करीम ने अपने होंठ शालिनी के लाल होंठो पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा.

करीम अब दूसरे हमले की तयारी में था. करीम ने एक बार फिर पूरी ताकत से शॉट मारा और इस बार लुंड शालिनी की छूट को फाड़ते हुआ आधा अंदर घुस गया.

करीम - aaaaahhhhhhhhhhhhh…..

करीम की चीख निकल गयी क्युकी शालिनी ने पूरी ताकत से अपने नाख़ून करीम के पीठ में गदा दिए थे.

.

शालिनी - अब पता चला दर्द क्या होता है?????

शालिनी ने करीम से कहा.

करीम - तू मुझे दर्द देगी .. साली रंडी आज तुझे ऐसे छोड़ूगा की महीने भर ठीक से चल नहीं पायेगी…

करीम ने कहा और तीसरा और आखिरी हमला करते हुए पूरा लुंड शालिनी की छूट की गहराई में उतर दिया.

शालिनी – ooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh..oooooo….

शालिनी ने एक और दर्द भरी सिसकी भरी. इसके बाद कमरे में सिर्फ 2 hi आवाज़े सुनाई दी. पहली वो जब लुंड पूरा अंदर जाता तो दोनों की जिस्म टकराते और थप की आवाज़ आती और इसके बाद शालिनी की दर्द भरी "आआह्ह्ह्ह" सुनाई देती. अगले 10 मिनट तक यही चलता रहा लेकिन उसके बाद शालिनी को भी मजा आने लगा और वो गांड उठा उठा कर मस्ती ने छुड़वाने लगी.

.

शालिनी - uuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmmmmmmmmmm…

दर्द भरी चीखो के जगह मस्ती भरी सिसकारियां कमरे में सुनाई दे रही थी. शालिनी अब तक 2 बार झाड़ चुकी थी जबकि करीम बिना रुके लगातार शालिनी को पेले जा रहा था.





करीम का स्टैमिना देख शालिनी भी हैरान थी. आज के जैसा मजा उसे कभी नहीं मिला था. करीम से पहले शालिनी ने सिर्फ आपने हस्बैंड से hi छुड़वाया था. शालिनी का पति उसको सिर्फ 5 मिनट छोड़ कर hi झाड़ जाता था.

करीम ने अपनी स्पीड और तेज कर दी थी. शालिनी समझ गयी की करीम झड़ने वाला है.

शालिनी - प्ल्ज़ अंदर मत निकलना

लेकिन करीम ने शालिनी की न सुनते हुए अपना पूरा माल शालिनी की छूट के गोदाम में भर दिया.

झड़ने के बाद करीम शालिनी के ऊपर से हैट कर साइड में लेट गया. अब दोनों थक कर सो गए ये देख कर पूर्वी निचे चली गयी… थोड़े देर बाद शालिनी और करीम उठ गए.. करीम का मैं अभी भी भरा नहीं था.. फिर उसने शालिनी को गरम करना शुरू कर दिया.. उसका मैं थो था शालिनी की गांड मरना लेकिन पहले hi दिन इतना कुछ करना उसे अच्छा नहीं लगा .. शयद इस वजह से शालिनी हाट से निकल भी सकते थी.. ये सोच कर करीम ने शालिनी की छूट मारना ठीक समाज.. फिर करीम ने सेकंड राउंड मरना शुरू कर दिया… कुछ 3-4 हॉर्स वो दोनों एक hi रूम मई थे… शालिनी को चलना भी संम्भव नहीं था.. इतनी उसकी छूट करीम ने मारी थी.. आज उसको उसके फ्रेंड के सिस्टर के रसम मई जाना था पूर्वी के साथ .. लेकिन चुदाई की वजह से उसने कल से जाने का डीडे किया .. साथ मई करीम भी जाने वाला tha…fir करीम निचे जाता है… उसने आज दोनों नयी छूट मारी थी… शदीशुद्दा थी लेकिन नयी थी…

निचे पूर्वी सोच रही थी इतने देर तक करीम उप्पर क्या कर रहा है..





उनकी चुदाई तो तब hi ख़तम हो गयी ..इतने देर तक करीम निचे कैसे नहीं आया है.. उसे अब दर लग रहा था.. उसे अपनी शालिनी भाभी से जलन भी हो रही थी.. की करीम निचे क्यों नहीं आ रहा है.. इतने टाइम मई वो 3-4 बार उप्पर जेक आ गयी थी.. दूर अन्दर से बंद था.. इस वजह से अन्दर क्या चल रहा है उसके बारे मई वो जान नहीं सकती थी… लेकिन अन्दर दोनों के बीच मई जो बातचीत चल रही थी वो थोड़ा बहुत सुन सकते थी… फिर जब दूसरे बार उनकी चुदाई शुरू हुई तब उस चुदाई की आवाज पूर्वी ने सुन ले थी.. ये सुन कर पूर्वी को रोना आ रहा था.. उसे लग रहा था की करीम अब उसके हाथ से चला जायेगा… इतने काम समय मई भाभी दूसरे बार चुदाई के लिए रेडी हो गयी इसका मतलब करीम को मुजसे ज्यादा भाभी पसंद आ गयी.. वो निचे जेक रोने लग गयी…

3-4 घंटे के बाद करीम निचे आ गया..

पूर्वी इस वक़्त लाल सूट में थी और उसने नीचे सफ़ेद रंग की लग्गी पहनी हुई thi.......uska कपडा हमेशा की तरह उसके बदन से पूरा चिपका हुआ tha....seene पर लाल चुनरी थे जो उसके बूब्स को ढके हुए the.........in कपड़ों में भी वो हमेशा की तरह आज भी बहुत खूबसूरत लग रही thi........jaise hi उसकी नज़र करीम पर जाती हैं वो घूर कर उसे सर से लेकर पवन तक एक नज़र डेक्टि हैं….. गुस्से से….





पूर्वी- हो गया क्या…

करीम हसते हुई..

करीम- हां… हो गया…. बहोत hi लाजवहाब माल है तेरी शालिनी भाभी…

पूर्वी- उसके चक्कर मई मुझे मत भूल न जाना…

पूर्वी गुस्से से कहती है…

करीम- तुजे कैसे भूलूंगा .. मेरी ..रांड… तेरे वजह से तो वो मिली है…

करीम पूर्वी के पास जाकर उसको आपने बहो मई लेकर कहता है…

पूर्वी आपने चहरे पर नाटकी गुस्सा लेट हुई कहती है…

पूर्वी- इतने देर उप्पर क्या कर रहे थे…

करीम- चुदाई.. तूने देखा तो न…

पूर्वी- वो तो कब की ख़तम हो गयी थी न..

करीम- सेकंड राउंड… छूट के बाद गांड…

ऐसे कहते हुई करीम पूर्वी की गांड दबाता है..

पूर्वी- ouchhhhhhhhhhhhhhhh…..

करीम- तू तो बहोत नखरा करती है… शालिनी ऐसा कुछ नहीं करती.. जो मांगता हु वो दे देती है…… तेरे जैसे नखरे नहीं करती…

पूर्वी- आज से मई भी आप जो मांगोगे वो दूंगी… कुछ नखरा नहीं कौरंगी…

करीम पूर्वी की गांड आपने दोनों हाथो से दबाता है…

पूर्वी- ोूउऊउउउउउउछहह…

करीम- तो फ्लैट कब देगी….

पूर्वी – जब आप चाहोगे..

करीम- और ये कातिल गांड …

पूर्वी- दर लगता है..

करीम- फिर से शुरू हो गयी तू….

पूर्वी- नखरा नहीं कर रही हु.. लेकिन डर लगता है… आप का लुंड बहोत बड़ा है.. और मेरे गांड अभी तक मेरे पति ने भी नहीं मारी है.. मेरा और मेरे पति का इस वजह से बहोत बार जगदा हुआ था .. इस लिए डर रही हु… लेकिन आप को नहीं बोल रही हु.. सिर्फ कुछ टाइम मांग रही हु… मई आप के लिए कुछ भी कर सकते हु..

करीम- क्या करेगी मेरे लिए …

पूर्वी- आप अंदर तो आओ… फिर बताते हु

फिर वो उसका हाथ पकड़ कर अंदर ले जाते है.. एक रूम mai..Purvi फिर जाकर दूर लॉक करती hain.......Purvi वहीँ इधर उधर टहल रही थी और करीम पूर्वी को घूरे जा रहा था........

करीम एक नज़र पूर्वी की ओरे देखता हैं

…. करीम को अभी भी कुछ समाज नहीं आ रहा tha........wo पूर्वी का इरादा बिलकुल भी नहीं समझ पा रहा tha.......pata नहीं वो आगे उसके साथ क्या करने वाली thi......Purvi को बहुत हंसी भी आ रही थी मगर वो अपनी हंसी उसके सामने बिलकुल भी ज़ाहिर नहीं कर रही थी......

करीम आँख फाड़े पूर्वी को एक तुक देखने लगता hain......Purvi वहीँ कड़ी मुस्कुरा रही thi.....is वक़्त उसके हाथों में एक नायलॉन की रस्सी थी.......

पूर्वी - अब आप वहां जाकर बैठ जाओ अपने दोनों हाथ पीछे करके ........

पूर्वी सामने रखे डाइनिंग चेयर पर करीम को बैठने का इशारा करती हैं ....... करीम जाकर वहीँ डाइनिंग चेयर पर बैठ जाता हैं और अपने दोनों हाथ उस चेयर के पीछे कर लेता hain........is वक़्त उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha.......wo थोड़ा कंफ्यूज हो गया था..

पूर्वी के चेहरे पर अभी भी मुस्कान thi.......wo तुरंत करीम के पास जाती हैं और उसके दोनों हाथ झट से अपने हाथों में पकड़कर वो उसे रस्सी से बाँड्ने लगती हैं...... पूर्वी उसके दोनों हाथ ाचे से उस रस्सी से बंद देती हैं और फिर वो झट से उस डाइनिंग टेबल पर आती हैं और करीम के सामने आकर उस टेबल पर उसके सामने बैठ जाती hain.......is वक़्त उसके दोनों पवन करीम के जांघों पर tha..........Karim उसे आँख फाड़े देखे जा रहा था......

करीम- अब तू क्या करनेवाली है…

पूर्वी- अब सवाल मत पूछो… सिर्फ देखते जाओ…

पूर्वी फिर वहीँ राखी कैची ुटठी हैं और करीम के सामने बड़ी ऐडा से घूमती hain.......Karim अब टोटाली कंफ्यूज हो गया था… उसे डोमिनाते होने की आदत नहीं थी लेकिन पहली बार उसको कोई औरत डोमिनाते कर रही थी …........ पूर्वी उस कैची की नोक करीम के होंठों पर रख देती hai.....aur फिर धीरे से मुस्कुरा देती हैं.......

पूर्वी- तुम्हें चुदाई का बहुत शौक हैं na.......aaj मैं तुम्हारा वो हाल करुँगी की तुम कभी किसी को छोड़ने के लायक नहीं रहोगे.......

आज पूर्वी करीम के सामने ओपन वर्ड्स उसे कर रही thi......halanki उसे बहुत झिजक हो रही थी ऐसे वर्ड्स उसे करने में मगर आज उसे ये सब में बहुत मज़ा भी आ रहा tha.....wo करीम के चेहरे पर बदले हुए भाव को पल पल देख कर उसका पूरा मज़ा ले रही थी.......

करीम हैरत से पूर्वी की ओरे अपनी आँख फाड़े उसे देखे जा रहा thi........wo बिलकुल भी पूर्वी को नहीं समझ पा रहा था की वो उससे चाहती क्या हैं........

पूर्वी - अब मैं तुम्हारी मर्दानगी डेक्टि हूँ की तुम कितने बड़े मर्द हो....... आपने आपको बहुत बड़े मर्द समझते हो न...... एक औरत से तुम्हारा दिल नहीं बरता नहीं है न….

करीम पूर्वी की आँखों मई देखते hi रहता है….

पूर्वी- सुबह मुजसे फ्लॉटिंन्ग की… उसके बाद मेरे सासु माँ से…. मुज से मज़े ले और थोड़ी hi देर मई उस माइड को छोड़ने को रेडी हो गए… अगर मई बीच मई नहीं आती तो उस माइड को छोड़ते…. फिर किचन मई मुझे छोड़ा और बाद मई थोड़ी hi देर मई मेरे कोमल से भाभी शालिनी भाभी को मेरे सामने छोड़ा… और ये सब कुछ मेरे हेल्प से किया और मुझे कह रहे हो की शालिनी भाभी मेरे जैसे नखरे नहीं करती… मई अगर नखरे करती तो तुम शालिनी भाभी छोड़ने को देते hi नहीं… समजे…. चूड़ाकड…. बूढ़े.. टेलर…

इस पर करीम हस्ता है…

पूर्वी- तुम बहुत मज़ा आता है न ये सब करने मई…. देख अब मई तेरा यहाँ रपे करुँगी….

करीम कसता है….

करीम- तू मेरा रपे करेगी…

पूर्वी- हआ………

फिर पूर्वी झट से उस कैची को करीम के कंधे पर रख देती हैं और तेज़ी से कटती चली जाती हैं.........

करीम- ये तू क्या कर रही है… तू पागल तो नहीं हो गयी न..

जैसे जैसे कैची चल रही थी वैसे वैसे करीम की हालत ख़राब हो रही thi....use बहुत सर्मिंदगी महसूस हो रही थी की वो कैसे उसके सामने बिलकुल नंगा hoga........aaj एक औरत एक मर्द की इज़्ज़त ुरतेगी एक बार ये सब उसके मुन्न में ख्याल आते hi वो अंदर से काँप उठता हैं..........

थोड़ी डियर तक पूर्वी अपने हाथों का कमल दिखती हैं फिर वो उसका शर्ट उस कैची से दो टुकड़ा कर देती hain......uska शर्ट उसके बदन से अलग हो जाता hain.........fir वो थोड़ा झुक कर नीचे करीम के पेण्ट के पास वो कैची लती हैं और फिर से उसे भी काटने लगती hain.....is समय पूर्वी के बूब्स करीम के मुँह के एक दम पास थे ....... एक बार तो उसके बूब्स करीम के मुँह से टच भी हो गए थे .. इस वजह से उसके लुंड में हलचल होना सुरु हो गयी थी.......

फिर पूर्वी उस टेबल से नीचे उतरती हैं और वहीँ नीचे फर्श पर बैठ कर करीम के पेण्ट को काटने लगती hain......Karim का पेण्ट भी उसके बदन से जुड़ा हो जाता हैं .....इस वक़्त उसके बदन पर सिर्फ एक अंडरवियर और बना था......

पूर्वी फिर से वहीँ टेबल पर आकर बैठ जाती हैं करीम के samne........Karim इस वक़्त पसीने से पूरी तरह से भीग चूका था...... ......मगर इधर पूर्वी मुन्न hi मुन्न मुस्कुरा रही thi.....aaj करीम की बेबसी पर उसे बड़ा मज़ा आ रहा था........

पूर्वी झट से अपने सीने से अपना दुपाता निकलती हैं और उसे अपने दोनों हाथों में ले लेती hain.......fir वो उसे थोड़ा सा फोल्ड करती हैं और फिर वो उस दुपटे को आगे बढाकर करीम के आँखों पर ले जाती हैं और उसके आँखों पर वहीँ दुपाता बंद देती हैं ........

करीम अब बस महसूस hi कर सकता tha........uski धीरे धीरे और हालत ख़राब हो रही थी........

पूर्वी फिर से उस कैची को अपने हाथों में लेती हैं और फिर से करीम के बना पर ले जाती हैं और उसे भी काटने लगती hain......kuch hi पलों में उसका बना भी उसके बदन से अलग हो जाता hain........aab उसका हाथ जैसे hi नीचे करीम के अंडरवियर पर जाता हैं करीम न चाहते हुए भी बोल पड़ता हैं......

करीम - बस .....ऐसा मुझे नंगा मुट्ठ करो.....

पूर्वी धीरे से मुस्कुरा देती हैं

पूर्वी - अरे वाह ये तो मैंने सोचा hi नहीं न…. सुबह तो मैंने तुजको ननगा देखा था na….............kya मैंने तुम्हें सुबह नंगा नहीं देखा tha........fir क्या अब कुछ नया हैं तुम्हारे पास जो मैं उसे देख loongi.......aur तुम्हारे हाथ बंधे हैं तो तुम मेरे साथ कुछ नहीं कर सकते…..

ऐसे कहते हुई पूर्वी हँसाने लगाती है…

करीम पूर्वी की बाटिओं को सुनकर एक दम खामोश हो जाता hain.....wo बिलकुल समझ नहीं पता की वो बोले तो क्या bole...........aabhi उसे पूर्वी किसी देवी का अवतार लग रही थी.........

पूर्वी - क्यों अब तुम्हें शर्म आ रही हैं.......... सुबह तो नहीं आ रही थी .. मुजसे फ़्लर्ट करते time….chinta मुट्ठ करो अब धीरे धीरे मैं तुम्हारी साडी शर्म एक एक कर उतर doongi.......fir आज के बाद तुम मुझसे शर्माना हमेशा के लिए छोड़ दोगे........

करीम का चेहरा इस वक़्त साफ़ बता रहा था की इस वक़्त उसकी क्या दशा हो रही हैं.......

पूर्वी - जानते हो सुबह जब तुमने मेरी चुदाई की थी तब के बाद मैं अभी तक सही से चल फिर भी नहीं पा रही हु .......मेरी छूट तुम्हारे इस लुंड से काफी हुड्ड तक फ़ैल गयी hain......aab मैं मेरे हस्बैंड को क्या जवाब doongi........bolo हैं कोई इसका जवाब तुम्हारे पास......

करीम आपने लुंड की टैरिफ सुनकर खुश हो गया tha…tabhi पूर्वी वो कैची उसके गार्डन पर ले जाती हैं और उसके नोक से वहां पर धीरे धीरे दबाव डालती hain.....Karim की दर्द से सिसरि निकल पड़ती hain......magar आज उसके अंदर थोड़ी भी हिम्मत नहीं थी की वो पूर्वी को किसी बात के लिए रोके.......

पूर्वी -लगता हैं तुम्हें गांड मरने का बहुत शौक hain......tum बस देखते जाओ मैं आज तुम्हारा कैसे गांड मरती हूँ......

पूर्वी के मुँह से ऐसी गन्दी बात सुनकर करीम अभी भी हैरत में tha........wo पूर्वी के इस बदले हुए रूप को बिलकुल भी नहीं समझ पा रहा था.......

करीम - matlab.......main...kuch.....samjha नहीं......

पूर्वी धीरे से मुस्कुरा देती हैं….

पूर्वी - बस देखते जाओ वो तो वक़्त hi बताएगा......

और पूर्वी फिर वो कैची करीम के ुंडेरवार के पास ले जाती हैं और उसे भी काटने लगती hain......kuch hi डियर में उसका अंडरवियर भी उसके बदन से अलग हो जाता hain.......aab करीम के जिस्म पर एक भी कपड़ा नहीं tha.........wo वहीँ चेयर पर बिलकुल नंगा बैठा हुआ tha......is वक़्त उसका लुंड भी मुरझाया हुआ tha.....Purvi ने उसे इतना डरा दिया था की उसके लुंड में आज बिलकुल जान नहीं रह गयी thi.....Purvi अपना एक हाथ आगे लेजाकर झट से करीम का लुंड अपने हाथों में थम लेती हैं और उसे कसकर मसल देती hain........Karim के मुँह से एक zordaar....aaaaaaaaa....sssssssssssss ...की सिसकारी फुट पड़ती हैं.......

पूर्वी - क्या हुआ तुम्हारे इस पप्पू ko.....urf मुन्ना ko.....ye तो बेचारा अभी मारा पड़ा hain......subah तो किसी नाग की तरह मुझे देखकर फुंकार रहा tha........aabhi क्या हुआ इसे.......

करीम - प्लीज बहुरानी .......मुझे और ज़लील मुट्ठ karo.......mujase कुछ गलती हुई क्या…

पूर्वी की हंसी नहीं रुक रही thi....aaj उसे करीम के साथ ये सब खेल खेलने में बड़ा मज़ा आ रहा था........

पूर्वी - अरे तुम तो अभी से हार मन gaye......mard हो थोड़ी मर्दों वाली बात karo........tum तो एक औरत से दुर्र गए......

करीम – बहुरानी….........

इससे आगे करीम एक शब्द कुछ नहीं बोल pata........Karim का पूरा शरीर पसीने में डूब गया tha.......Purvi की भी धड़कनें अब धीरे धीरे बढ़ने लगी thi.......aab उसकी सांसें एक बार फिर से भरी हो चुकी thi.......choot भी अब गीली हो चली thi.........wo बड़े गौर से करीम के लुंड को देख रही थी........

पूर्वी- एक बात सच बताओ…

करीम- कोनसी….

पूर्वी- मेरे ननद … पूजा की सहेली प्रिय की काजल भाभी से एक्साक्ट्ली तुम्हारा रिलेशन कैसा था..

करीम- कैसा था का क्या मतलब है..

पूर्वी- मतलब .. उसको छोड़ा था क्या..

करीम- उसको तो बहोत बार छोड़ा था .. उसकी जो बेटी है न वो मेरी hi है.. और..

पूर्वी- क्या…. वो बेटी तुम्हारी है.. और क्या..

करीम- है उसकी ननद प्रिय को भी छोड़ना था लेकिन वो मेरे हाथ से भाग गयी…

पूर्वी- बहोत कमीने हो..

पूर्वी हस्ती है..





पूर्वी - वैसे ये बताओ तुम्हें फलों (फ्रूट) में सबसे ज़्यादा क्या पसंद hain......angoor ,आम ,केला या कुछ और......

करीम का दिमाग इस वक़्त बिलकुल काम नहीं कर रहा था वो झट से पूर्वी के मुँह से जो सुनता हैं वो बोल देता हैं....

करीम - angoor......mujhe अंगूर बहुत पसंद hain.....magar क्यों????

पूर्वी - तुम सवाल बहुत पूछते ho.......thoda साबरा करो सब धीरे धीरे पता लग जायेगा.......

और पूर्वी तभी वहां से उठती हैं और झट से किचन में चली जाती hain......thode डियर बाद वो वापस आती हैं........ इस बार उसके हाथों में एक प्लेट थी जिसमें अंगूर रखे हुए the.......wo उस प्लेट को वहीँ टेबल पर रख देती hain........tabhi वो करीम के चेयर को वो डाइनिंग टेबल से थोड़ा पीछे सरका देती हैं...... फिर से वो जाकर उस ड्राइंग टेबल पर करीम के सामने बैठ जाती हैं अपने दोनों पवन करीम के जांघों पर rakhkar........is वक़्त उसकी आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi......aab उसके अंदर भी हवस पूरी तरह से जग गयी thi......uska जिस्म अब किसी आग के भत्ते की तरह तपने लगा tha.........wo झट से अपने दोनों हाथ आगे ले जाती हैं और करीम की आँखों में लगा अपना दुपाता खोल देती hain.........Karim धीरे धीरे अपनी आंखें खोलता hain......Purvi इस वक़्त ठीक उसके सामने बटिहि हुई थी.......

करीम को इस वक़्त बहुत शर्म आ रही thi.........sex के दौरान नंगा होना और इस तरह नंगा बैठने में बहुत फर्क होता hain......magar वो भी मज़बूर था उसके दोनों हाथ अभी भी बंधे हुए the......wo छह कर भी कुछ नहीं कर सकता था.........

पूर्वी फिर उस डाइनिंग टेबल से उतरती हैं और फिर करीम के जगहों पर आकर उसी चेयर पर बैठ जाती हैं अपना मुँह उसकी तरफ karke..........is वक़्त करीम और पूर्वी का फेस बिलकुल आमने सामने tha.......Karim को समझ नहीं आ रहा था की वो पूर्वी के इस बर्ताव से खुस होये या dukh.......uski तो वैसे भी दुर्र से गांड फटी पड़ी thi.....nahin तो ऐसी बाला उसकी गॉड में आकर बैठे और लुंड में हलचल न ho.......aisa संभव hi नहीं था.......

करीम फिर से हिम्मत जुटाकर कहता हैं

करीम – बहुरानी आप चाहती क्या hain.......mujhe जाने दिज्ये.......

पूर्वी उसे देखकर फिर धीरे से मुस्कुरा देती हैं

पूर्वी - अरे बाबा बताया to........tumhara rape.....aur कितनी बार कहूं tumse.......aab अगर ज़्यादा सवाल पूछोगे तो मुझसे बुरा और कोई नहीं होगा.......

पूर्वी झट से अपने जीभ आगे ले जाती हैं और करीम के गार्डन पर अपना होंठ रख देती hain.......aur वहीँ उसके पसीने को अपने जीभ से एक बार चाट लेती hain......uske मुँह में करीम का नमकीनी पानी उसके जीभ के रस्ते जा रहा tha.......Purvi के लिए ये भी एक नया एक्सपीरियंस था पर जो भी था बहुत मज़ेदार था.......

पूर्वी - जानते हो जब से तुम्हारा लुंड मेरे छूट के अंदर गया हैं तब से मैं तुम्हारे इस लुंड के लिए बहुत बेचैन हूँ...... मगर उस टाइम तुम्हरे ज़बरदस्ती की वजह से मुझे बिलकुल भी मज़ा नहीं aaya.......aab मैं तुम्हारे लुंड को अपने छूट के गहराई में ाचे से महसूस करना चाहती hoon.......bujhawoge न अपने लुंड से मेरी छूट की प्यास.......

करीम- हां.. रांड.. जरूर भुजङ्गा .. मोखा मिलेगा तो…

पूर्वी- कैसे….

करीम- आपने .. रखैल बनाकर.. रोज चौंदूगा….

पूर्वी हसती है..

और इतना कहकर पूर्वी झट से करीम का लैब चूम लेती हैं ...





और बहुत आहिस्ता से उसके जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसने लगती hain........Purvi के मुँह की गर्माहट से करीम अब समझ गया था की पूर्वी इस वक़्त बहुत गरम हैं........

अब उसका दुर्र बहुत हुड्ड तक कम हो गया tha........magar अभी भी उसे पूर्वी के इरादे नेक नहीं लग रहे the........ek बार तो पूर्वी करीम के नीचले होंठों को अपने डेंटन में लेकर ज़ोरों से काट लेती हैं जिससे करीम वहीँ दर्द से उछाल पड़ता hain......jiske वजह से उसके काळा होंठों से खून की लाग दाग दिखाई भी दे रहे the.........magar पूर्वी को करीम की कोई परवाह नहीं thi.......na जाने कितने डियर बाद अब करीम का पप्पू ने जमकर अंगड़ाई ली थी .........................................

पूर्वी वहीँ करीम की गॉड में अभी भी बैठी हुई उसके लबों को चूसे जा रही थी........





वो अपना एक हाथ झट से पीछे अपने सर पर ले जाती हैं और अपने बल में फंसा रिबन धीरे से खोल देती hain......aab उसके बल पूरे खुल गए the.....aur अब वो और भी हसीं लग रही thi.......is वक़्त उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा tha........udher कुछ वैसा hi हाल करीम का भी tha.......Purvi फिर अपना एक हाथ टेबल पर ले जाती हैं और वहीँ प्लेट में रखे कुछ अंगूर अपने हाथों में उठा लेती हैं और उसे अपने मुँह में रखकर करीम के सामने कहने लगती hain.........Karim बड़े गौर से पूर्वी को देखे जा रहा था.......

पूर्वी - आज मैं तुम्हें असली अंगूर का टास्ते karwungi........aaj के बाद तुम्हारा पसंदीदा फल अंगूर hi होगा.

और इतना कहकर पूर्वी धीरे से मुस्कुरा देती हैं.......

करीम अभी भी पूर्वी को सवाल भरे नज़रियों से देख रहा tha..........fir पूर्वी दो तीन अंगूर अपने मुँह में रख लेती हैं और उसे भी खाने लगती हैं फिर थोड़ा सा खाने के बाद वो झट से फिर अपना होंठ करीम के होंठों पर रख देती हैं और उसके होंठों को चूसने लगती हैं..........





अब पूर्वी के मुँह में रखा अंगूर पूर्वी के मुँह के रस्ते अब करीम के मुँह में धीरे धीरे जा रहे थे ......... करीम भी पूर्वी के होंठों को धीरे धीरे चूसने लगता hain........aur पूर्वी के मुँह में रखे अंगूर अपने मुँह में लेने लगता हैं.......

करीम फिर धीरे धीरे वो अंगूर एक एक कर अपने मुँह में लेकर उसे अपने गले के नीचे उतरता चला जाता hain........aaj पहली बार उसे अंगूर का रियल टास्ते मिला tha........Karim के चेहरे पर अभी भी मुस्कान थी........

करीम की नज़र इस समय पूर्वी के बूब्स को घूर रही थी......





पूर्वी भी समझ जाती हैं की इस वक़्त करीम की नज़र कहाँ पर hain.......is वक़्त पूर्वी के सीने पर उसका दुप्पटा नहीं था जिससे उसके बूब्स के क्लीवेरगे काफी हुड्ड तक बहार की ओरे दिखाई दे रहे थे .......

पूर्वी - क्या घूर रहे ho.....kabhi इससे पहले तुमने मेरे इन बूब्स को नहीं देखा क्या......

पूर्वी की ऐसी बाटिओं से करीम झट से अपनी नज़रें दूसरी तरफ फेर लेता hain......use कुछ समझ में नहीं आता की वो पूर्वी की बाटिओं का क्या जवाब दें.........

पूर्वी - अब क्या हुआ????? लगता हैं की तुम मुझसे शर्मा gaye......mujhe नहीं पता था की तुम्हें शर्म भी आती hain........magar तुम तो मेरी बेशर्मी देखना चाहते थे na.......kamal हैं मेरी बेशर्मी देखना चाहते हो और खुद मुझसे शर्मा रहे ho........ek मर्द होकर क्या तुम्हें ये सब शोभा देता हैं.......

पूर्वी करीम की तरफ देखकर धीरे से मुस्कुरा देती हैं

पूर्वी - लगता हैं तुम मेरी बाटिओं का बुरा मान gaye........khair कोई बात नहीं......

और पूर्वी करीम के गॉड से उतरती हैं और फिर से कैची अपने हाथों में लेती हैं और उसे नीचे की ओरे ....करीम के लुंड के तरफ ले जाती हैं और वहीँ उस कैची को बहुत आहिस्ता से घूमने लगती hain......ek बार फिर से करीम की गांड फट जाती hain.......wo एहि सोचने लगता हैं की कहीं पूर्वी उसका लुंड तो नहीं काट देगी उस कैची se......uska चेहरा दुर्र से एक बार फिर से पीला पढ़ गया था.......

पूर्वी फिर उस कैची को उसके लुंड पर ले जाती हैं और उसके झाटों को उस कैची से काटने लगती हैं

पूर्वी - कब से तुमने अपने लुंड के बाल नहीं kaate.......yahan तो तुमने पूरा जंगल ऊगा रखा हैं........

करीम -......6 मैंने में एक baar......kaat लेता हूँ......

करीम बहुत मुश्किल से इतना hi बोल पाटा हैं......

पूर्वी - chee.......sach में तुम बहुत गंदे हो...... ऐसे कैसे कोई औरत तुम्हारे पास आएगी और तुम्हारी रखैल बनेगी..

करीम- आती भी है और रांड भी बनती है.. और तुम जैसे तो रखैल भी बनती है..

पूर्वी- बहोत गुरूर है तुजे…

करीम पूर्वी की तरफ देखकर हस्ता है.. पूर्वी भी हसती है..

फिर पूर्वी वहीँ नीचे घुटनों के बल बैठ कर करीम के लुंड के बाल उस कैची से धीरे धीरे काटने लगती हैं ........ कुछ डियर तक वो ऐसे hi करीम के लुंड के सरे बाल साफ़ करती हैं फिर वहीँ रखा करीम का फटा कपड़ा अपने हाथों में लेती हैं और उससे ाचे से उसका लुंड साफ़ करती हैं ........ अब करीम का लुंड चमक रहा tha.......Purvi का एक हाथ अभी भी करीम के लुंड पर hi था .......

पूर्वी वहीँ रखा क्रीम अपने हाथों में लेती हैं और करीम के लुंड पर ाचे से मलने लगती हैं ....... मगर अभी भी उसके लुंड में कोई हलचल नहीं थी ...... जब थोड़ी हलचल होती तो पूर्वी कुछ ऐसा करती की उसकी दुर्र से गांड फट जाती और बेचारा उसका लुंड फिर से किसी कोमा में चला जाता........

पूर्वी फिर वहां से उठती हैं और झट से टेबल पर आकर बैठ जाती हैं और अपना एक पवन करीम के चेहरे पर ले जाती हैं......... करीम बड़े गौर से पूर्वी के इस हरकत को देख रहा tha.......aab धीरे धीरे उसे भी मज़ा आने लगा था .......... पूर्वी अपने पवन का अंगूठा करीम के होंठों पर रख देती हैं और वहां बहुत धीरे से फेरने लगती हैं ........ करीम फिर झट से अपना मुँह पूरा कॉल देता हैं और वो पूर्वी के अंगूठे को अपने मुँह में लेकर चूसने लगता हैं ...... करीम के इस हरकत से पूर्वी के जिस्म के रोएं एक बार फिर से खड़े हो जाते हैं....... और उसकी सांसें एक बार फिर से तेज़्ज़ हो जाती हैं ........

वो भी बड़े गौर से करीम के चेहरे को देखे जा रही thi.......hawas अब पूर्वी की आँखों में भी साफ़ देखि जा सकती thi....Karim अब सब कुछ भूल कर पूर्वी के पवन और उसके तलवे को अपने होंठों में लेकर चूस और चाट रहा tha.....use देखने में ऐसा लग रहा था जैसे उसे दुनिया की सबसे प्यार चीज़ मिल गयी ho.......Purvi की सांसें अब भरी होने लगी thi.......aab उसकी भी आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi......kafi डियर तक करीम पूर्वी के पवन के हर उंगली को बरी बरी से अपने मुँह में लेकर चूसता जार अहा था… आज उसे भी इसमें बड़ा मज़ा आ रहा था.........

पूर्वी फिर अपने हाथ में एक अंगूर लेती हैं और और उसे अपने पैरों के दोनों उंगली के बीच फंसा लेती हैं और फिर से उसे करीम के चेहरे के पास ले जाती hain......Karim बड़े गौर से पूर्वी के पैरों को एक तुक देख रहा tha......fir वो झट से आगे बढ़ता हैं और उसके पवन में फंसा अंगूर पर अपना जीभ ले जाता हैं और अगले hi पल वो उस अंगूर को अपने मुँह में लेकर खाने लगता हैं ....... पूर्वी ये देखकर अपने चेहरे पर मुस्कान लेन से नहीं रोक पाती ...... कुछ डियर तक ये सिलसिला ऐसे hi चलता हैं फिर पूर्वी कुछ और अंगूर झट से अपने मुट्ठी में लेती हैं और वहीँ करीम के सामने अपने ब्रा के अंदर वो एक एक कर सरे अंगूर डालने लगती हैं ........ करीम की आँखें एक बार फिर से चमक गयी थी .......

पूर्वी की ये हरकत से अब उसका लुंड में मनो करंट दौड़ पड़ा tha.......wo ललचायी नज़रियों से पूर्वी के बूब्स को घूर रहा था ......



 
पूर्वी - ऐसे क्या देख रहे हो ........

करीम - ... kuch...nahin........bus ऐसे ...hi

पूर्वी धीरे से मुस्कुरा देती हैं और इस बार वो करीम के सामने आकर उससे सत्कार कड़ी हो जाती है और अपना दोनों बूब्स करीम के मुँह के पास ले जाती हैं ...... करीम बिना अपनी पलकें झपकाएं पूर्वी के दोनों बूब्स को घूरे जा रहा था.......

पूर्वी - अब अपनी आँखें फाड़े बस देखते hi रहोगे या कुछ करोगे भी ........

पूर्वी के मुँह से ऐसी बात सुनकर वो मुन्न hi मुन्न ख़ुशी से झूम उठता हैं ...... और अगले hi पल वो झट से अपना जीभ आगे बढ़ा कर पूर्वी के बूब्स पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से वहां पर चाटने लगता हैं ....... करीम के इस हरकत से पूर्वी मनो उछाल पड़ती हैं ........ उसकी पंतय लगभग पूरी तरह से भीग चुकी थी ....... वो भी अपना सीना करीम के और करीब ले जाती हैं और उसके जीभ पर अपना बूब्स धीरे धीरे रगड़ने लगती हैं .........

करीम अब एक पल भी डियर नहीं करना चाहता था ....... इस वक़्त उसके हाथ बंधे थे नहीं तो वो पूर्वी के इन नाजुक बूब्स को अपनी मुट्ठी में लेकर कसकर मसलना चाहता था और उसका पूरा रूस पीना चाहता था जो कुछ उसकी जवानी का था और कुछ अंगूर के पानी का ...... मगर अब उसे इस खेल में भी मज़ा आने लगा था .........

पूर्वी के मुँह से एक बहुत hi धीमी सिसकारी निकल रही थी ....... लज्जत से उसकी आँखें एक बार फिर से बंद हो गयी hi......... इधर धीरे धीरे करीम अपने जीभ की रफ़्तार बढ़ाते जा रहा था ........ पूर्वी फिर करीम का सर अपने हाथों में पकड़ लेती हैं और कसकर उसे अपने सीने पर ज़ोर से दबाने लगती हैं ....... करीम भी अब कहाँ रुकने वाला था ... इस वक़्त उसका लुंड अब पूरा खड़ा हो गया था ..........

पूर्वी की आँखें बिलकुल नशीली हो चुकी thi.......wo अब इस समय मदहोशी के आलम में thi........Karim के थूक से उसका सूट और ब्रा दोनों गीले हो गए थे और कुछ अंगूर के मिले जुले रूस से भी ....... कुछ डियर तक करीम ऐसे hi अपनी जीभ पूर्वी के निप्पल्स पर सूट के ऊपर से hi फेरता हैं .....तभी पूर्वी झट से उससे दूर हो जाती हैं.........

पूर्वी - लगता हैं तुम्हें भूक लगी hain........hain न.......

करीम जवाब में बस अपना सर हाँ में हिला देता हैं .........

पूर्वी - तुम फिक्र मुट्ठ करो आज मैं तुम्हारी भूख को पूरी तरह से शांत करुँगी ....... मैं तुम्हारे जैसी नहीं हूँ स्वार्थी .......

और इतना कहकर पूर्वी झट से अपना हाथ नीचे ले जाती हैं और अपना सूट उतरने लगती हैं ....... करीम किसी भूके कुत्ते की तरह पूर्वी के बदन को घूर रहा था ........ मनो किसी कुत्ते के सामने किसी ने हादी दाल दी हो ........ इस समय करीम की आँखों में भी कुछ वैसी hi भूक थी ......

पूर्वी बहुत आहिस्ता से अपना सूट करीम के सामने उतरने लगती हैं ......... शर्म तो उसे बहुत आ रही थी मगर मज़ा भी आ रहा था.. नीचे फर्श पर अपना सूट फेंक देती हैं ...... इस समय उसका भी जिस्म पसीने से पूरी तरह भीग गया था ....... फिर वो झट से अपना दोनों हाथ नीचे अपने कमर पर ले जाती हैं और अपने लग्गी को धीरे धीरे नीचे सरकने लगती हैं ...... जैसे जैसे उसकी लग्गी नीचे सरक रही थी वैसे वैसे करीम की बेताबी भी बढ़ती जा रही थी ........

कुछ hi पलों में पूर्वी के जिस्म पर उसकी सफ़ेद रंग की पंतय और ब्रा बस मौजूद थी ....... करीम का गाला बार बार सुख रहा था .... उसका लुंड अब पूर्वी के बदन को देखकर सलामी दे रहा था ....... इस वक़्त पूर्वी के ब्रा में वहीँ अंगूर रखे हुए थे ....... वो झट से अपने दूँ हाथ अपने सीने पर ले जाती हैं और अपने दोनों बूब्स को कसकर अपने दोनों हाथों से मसलने लगती हैं ....... अंगूर उसके हाथों के दबाव से फुट जाता हैं और उसका रूस पूरा उसके ब्रा को भीगोने लगता हैं........ इस समय करीम की हालत ख़राब थी वो बहुत मुश्किल से अपने आप को संभल रहा था .......

पूर्वी करीम को एक बार देखकर मुस्कुरा देती हैं .... फिर वो झट से अपने दोनों हाथ अपने पीठ पर ले जाती हैं और धीरे से अपना ब्रा का स्ट्राप भी खोल देती हैं और फिर एक हाथ नीचे अपने पंतय पर ले जाती हैं और उसे भी आहिस्ता आहिस्ता से सरकने लगती हैं ...... इस समय पूर्वी के अंदर की हवस पुरे चरम पर थी ....... उसे थोड़ी भी झिजक नहीं हो रही थी ये सब करने में .......... वो फिर करीम के पास आती हैं और अपना सीना एक बार फिर से उसके मुँह के पास ले जाती हैं ........ जैसे वो अपना दूध उसे पिलाने का निमंत्रण दे रही हो ........ करीम भी कहाँ रुकने वाला था ...... वो भी झट से अपने जीभ आगे बढाकर पूर्वी के ब्रा सहित वहां रखे अंगूर को अपने मुँह में लेकर एक एक कर खाने लगता हैं .....

और पूर्वी के मुँह से सिसकारी अअअअअअअ ... sssssssssssssss .. hhhhhhhhhhhhhhh एक बार फिर से फुट पड़ती हैं ...... वो अपने गिरते ब्रा को रोकने की बिलकुल कोशिश नहीं करती और कुछ डियर बाद उसका ब्रा उसके बदन से जुड़ा हो जाता हैं ...... इस समय पूर्वी के दूँ बूब्स करीम के आँखों के सामने be-parda थे ....... फिर पूर्वी बिना रुके अपनी पंतय भी धीरे से नीचे सरकते हुए उसे भी अपने बदन से अलग कर देती हैं ...... अब पूर्वी के जिस्म पर कपडे का एक रेशा भी मौजूद नहीं था ….

पूर्वी - ऐसे क्या देख रहे हो ..... मुझे तो तुम इस से पहले भी इस हाल में देख चुके हो .......

करीम –bahuraanii…tu सच में बहुत खूबसूरत हैं ........ तेरे को तो जितने बार देखो कभी जी नहीं भरता .........

पूर्वी करीम की बाटिओं से धीरे से मुस्कुरा देती हैं फिर वो झट से करीम के गॉड में आती हैं और दुबारा उसके गॉड में आकर बैठ जाती हैं और फिर से अपना लैब उसके लबों पर रखकर बड़े आराम से चूसने लगती हैं ....... करीम भी बिना डियर किया पूर्वी के होंठों को चूसने लगता हैं ........ इस समय करीम का थूक और पूर्वी का थूक और ऊपर से अंगूर का स्वाद दोनों का मिला जुला स्वाद एक दूसरे के मुँह में जा रहा था ..........

पूर्वी - कैसे लगा करीम तुम्हें अंगूर का टास्ते .......

करीम - क्या बतावों आज तक मैंने कभी ऐसा अंगूर नहीं खाया था ....... सच में बहुत लाजवाब हैं ....... अगर आपकी इज़ाज़त हो तो मैं तो इसे रोज़ खाना चाहूंगा .......

पूर्वी - अभी तुमने अंगूर ाचे से खाया hi कहा हैं ....... अब तो तुम्हें मैं आज इसका असली टास्ते करवोंगी ........

करीम एक बार फिर से पूर्वी के चेहरे की ओरे सवाल भरे नज़रियों से देखने लगता हैं.......

करीम - main.....main.....kuch समझा नहीं......

पूर्वी के चेहरे पर एक शरती मुस्कान थी ....... वो झट से करीम के गॉड से उठती हैं और फिर करीम का चेयर डाइनिंग टेबल के एक दम पास धकेल देती हैं ........ करीम बिलकुल नहीं समझ पा रहा था की पूर्वी आखिर क्या करना चाहती हैं ..........

पूर्वी फिर झट से उस डाइनिंग टेबल पर आती हैं और वहीँ करीम के सामने आकर बैठ जाती हैं ........ फिर वो अपने दोनों पवन करीम के सामने धीरे धीरे पूरा फ़ैलाने लगती हैं ....... पूर्वी की छूट अब करीम के आँखों के सामने be-parda थी ...... इस वक़्त उसकी छूट पूरी तरह गीली थी और उसके छूट के रूस से चमक रही थी ..... करीम बड़े गौर से पूर्वी के छूट को एक तुक देखे जा रहा था ....... वहीँ पूर्वी करीम के बदलते चहरे के एक्सप्रेशंस को पढ़ने की कोशिश कर रही थी .......

पूर्वी - ऐसे क्या देख रहे हो ...... आज इस छूट पर तुम्हारा पूरा हक़ हैं ........ इसे तुम जैसे चाहो वैसे इस्तेमाल करो .......... मगर .........

करीम - मगर ....... क्या

करीम के चहरे पर इस समय सवालिया निशान थे .......

पूर्वी – उस से पहले तुम्हें मेरी छूट चटनी पड़ेगी ....... और हाँ अगर थोड़ा ाचे से म्हणत करोगे तो तुम्हें फल भी उतना hi मीठा मिलेगा ....... अब ये तुमपर निर्भर करता हैं की तुम्हारे नसीब में कितना फल आता हैं .......

इतना कहकर पूर्वी के चेहरे पर शर्म की लाली आ जाती हैं और वो झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं ....... करीम वहीँ पूर्वी के चेहरे को एक तुक देखने लगता हैं ...... वो पूर्वी के कहे हुए बात एक बार फिर से गौर करने लगता हैं ......... और जब उसे थोड़ी डियर बाद पूर्वी की कही बात उसे समझ में आती हैं तो एक बार फिर से उसकी आंखें चमक जाती हैं ......

करीम अभी भी हैरान था पूर्वी के बदले हुए इस रूप को देखकर ........ वो बड़े गौर से पूर्वी के चहरे को एक तुक देख रहा था ....... फिर वो झट से आगे बढ़ता हैं और अपनी जीभ पूर्वी के जांघों पर रख देता हैं और बहुत आहिस्ता से वहां पर चाटने लगता हैं ...... और वैसे hi धीरे धीरे चाटते हुए वो पूर्वी के छूट के तरफ अपनी जीभ ले जाता हैं ......

पूर्वी की सांसें एक बार फिर से तेज़्ज़ हो चुकी थी ....... वो भी अपना पूरा पेअर करीम के सामने फैला देती हैं और अपनी छूट करीम के हवाले कर देती हैं ........

जैसे hi करीम की जीभ पूर्वी के छूट की पंखुड़ियों को टच करती हैं वैसे hi पूर्वी के मुँह से लज्जत भरी सिसकारी फुट पड़ती हैं .........

पूर्वी- aaaaaaaaaaaaahhhhhhaaa….

Aaaaaaaaaaaaaaahhhaaaa…..

वो फिर से अपनी आँखें खोल लेती हैं और एक तुक करीम के चहरे को देखने लगती हैं ......... करीम तो पुरे श्रद्धा से अपने जीभ का कमल पूर्वी के छूट पर दिखा रहा था .......... वो फिर अपनी जीभ पूर्वी के छूट पर ले जाता हैं और बहुत धीरे से उसके छूट को चूम लेता हैं ........ पूर्वी –aaaaaaaaaaaaa ............ sssssssssssssssssss ...... uuuuuuuuuuuuuiiiiiiii……. Maaaaaaaaaaaa……………

…………………………….

Mummmmmmmmmmmmmmyyy……

hhhhhhhhhhhhhhhh .........हैं ऐसे ...... hi ....... ..........

पूर्वी के मुँह से सिसकारी अब और तेज़्ज़ होती जा रही थी ....... इधर करीम भी अपनी पूरी जीभ पूर्वी के छूट के अंदर डालने की कोशिश में लगा हुआ था ....... पूर्वी वहीँ कसकर टेबल को अपने मुट्ठी में पकड़ी हुई थी ....... इस वक़्त उसे कुछ भी होश नहीं था ........ इस पल के लिए तो वो न जाने कब से तरस रही थी .......... ये पल उसके हस्बैंड ने कभी नयी दिलाया था पर आज करीम ने दिलाया था…

करीम की जीभ जैसे जैसे पूर्वी की छूट की गहराई में उतारते जाता हैं वैसे वैसे करीम के मुँह में अंगूर का स्वाद भी आने लगता हैं ...... वो झट से अपना सर वहां से हटा लेता हैं और पूर्वी को एक तुक देखने लगता हैं ........ पूर्वी उसे hi देखकर हौले हौले मुस्कुरा रही थी मगर उसका चेहरा पूरा लाल पढ़ गया था शर्म से ....... करीम फिर तो मनो पूर्वी के छूट पर टूट पड़ता हैं ......... वो अब पूर्वी के छूट में रखा अंगूर शेठे को बेताब हो गया था .........

करीम अब धीरे धीरे अपने जीभ को पूर्वी की छूट की गहराई में और अंदर की ओरे उतरता जा रहा था ...... और इधर पूर्वी लजात से सिसकक रही थी ......... थोड़े डियर तक वो पूर्वी के छूट पर अपना जीभ फेरता हैं मगर अंगूर उसके छूट से बहार नहीं निकालता है ....... तब पूर्वी अपने दोनों हाथ झट से नीचे की ओरे अपने छूट पर ले जाती हैं और उसे करीम के सामने पूरा फैला देती हैं ..... अब करीम की नज़रियों के सामने पूर्वी की गुलाबी चीड़ साफ़ नज़र आ रही थी और उसमें रखा कला अंगूर भी हल्का हल्का सा दिखाई दे रहा था .......

करीम झट से अपनी जीभ और अंदर डालता हैं और कसकर अपने मुँह पर ज़ोर लगता हैं और अपने मुँह से बहार की हवा को अंदर की ओरे खींचने लगता हैं .......... हवा के प्रेशर से थोड़ी डियर बाद पूर्वी के छूट में रखा एक अंगूर धीरे धीरे सरकते हुए उसके छूट के रस्ते बहार की ओरे आने लगता हैं ......... इस वक़्त वो अंगूर पूर्वी के छूट रूस से पूरी तरह भीगा हुआ था और अगले hi पल वो अंगूर करीम के मुँह में चला जाता हैं ...... वो तुरंत अपना मुँह वहां से हटा लेता हैं और पूर्वी को देखकर उस अंगूर को शेठे लगता हैं ......

पूर्वी - पूर्वी....... बहुरानी….. सच में अंगूर बहुत लाजवाब हैं ........ मैंने कभी ऐसा अंगूर आज तक नहीं खाया ......

करीम के मुँह से ऐसी बात सुनकर पूर्वी शर्म से अपनी नज़रें नीचे झुका लेती हैं ........

पूर्वी - तुम्हें ाचा लगा न ...... मैं जानती थी की तुम्हें ये ज़रूर पसंद आएगा ...... रुक क्यों गए ...... अभी तो मैंने और दो तीन अंगूर अपने छूट में तुम्हारे लिए संभलकर रखें हैं ........ क्या तुम उसे नहीं शेठ चाहोगे.......... करीम - मुझे यकीन नहीं होता पूर्वी की तुम मेरे लिए इतना कुछ सोच सकती हो ........ आज के बाद मैं हर रोज़ ऐसे hi अंगूर खाया करूँगा ......... खिलाओगी न मुझे ........

मेरीए……. पूर्वी … रअंदड्डड्डड्ड….

पूर्वी ये सुनकर धीरे से मुस्कुरा देती हैं और अपना सर हाँ में हिला देती हैं....... और फिर करीम झट से अपनी जीभ पूर्वी के छूट के अंदर पुश करता हैं और तेज़ी से अंदर रखा दूसरा अंगूर भी बहार की ओरे खींचने लगता हैं ......

पूर्वी- uiiiiiiiiiii………………. माआआआआ……….. आअह्ह्ह्हहआ.. आअह्हह्ह्ह्हह्हीईईइस्तआआआ……. जरररररररा.. dhireeeeeeeeeee……..

seeeeeeeeeeeeeeeeeeee ……..

करीम के इस हरकत से पूर्वी वहीँ चीख पड़ती हैं ........ और थोड़ी डियर बाद एक एक कर तीनों अंगूर पूर्वी के छूट के रास्ते बहार आते हैं ......... और करीम उसे एक एक कर सरे अंगूर को अपने गले के नीचे उतरता चला जाता हैं ...... इस बीच पूर्वी एक बार फिराग भी हो चुकी थी ........... और आठ में जो आखरी अंगूर बचता हैं वो करीम तुरंत अपने मुँह में लेता हैं और उसे पूर्वी के मुँह में रख देता हैं .........

पूर्वी भी एक नज़र करीम को देखती हैं फिर वो अंगूर को अपने गले के नीचे उतरती चली जाती हैं ...... एक बार फिर करीम नीचे की ओरे आता हैं और पूर्वी के छूट को चाटने लगता हैं .......





पूर्वी - aaaaaaaaaaaa ... sssssssssss .... h.hhhhhh ... iiiiiiiiiiiiiiii .. uuuuuuuuuuuuuuuuuuu ......

पूर्वी ऐसी आवाज करते हुए ज़ोरों से झरने लगती हैं ........ इस बीच वो दो बार फिराग हो चुकी थी ........ उसका जिस्म काँप रहा था और पसीने से पूरा भीगा हुआ था ......... वो बहुत मुश्किलों से अपने सांसों को संभल पा रही थी ......... काफी डियर तक वो ऐसे hi डाइनिंग टेबल पर किसी लाश की तरह पड़ी रहती हैं .......

पूर्वी करीम की ओरे बड़े प्यार से एक तुक देखने लगती हैं फिर वो झट से अपने होंठ करीम के होंठों पर रख कर उसके लबों को बड़े प्यार से चूसने लगती हैं ........ आज उसपर सेक्स का खुमार पूरी तरह से चाय हुआ था ...... अब वो इस सेक्स के नशे में पूरी तरह से डूबना चाहती थी ......

पूर्वी इस बार फिर वहां से उठती हैं और करीम के गॉड में आकर बैठ जाती hain........aur अपना एक हाथ झट से वो पीछे ले जाती हैं और करीम के हाथ में बंधी रस्सी धीरे से खोल देती हैं ....... करीम बिना डियर किया वो अपने दोनों हाथ आगे ले जाकर पूर्वी के दोनों आम को मसलने लगता हैं ...... पूर्वी के मुँह से फिर से सिसकारी फुट पड़ती हैं ...........





एक बार फिर से उसकी छूट की आग बहुत हुड्ड तक भड़क चुकी थी ......... दो बार झड़ने के बावजूद वो अब फिर से गरम हो रही थी ...... आज उसे खुद पर भी हैरानी हो रही थी ........

इस समय करीम पूर्वी के होंठों को चूसे जा रहा था ..... काफी डियर तक वो ऐसे hi उसका होंठ चूसता हैं फिर वो झट से उस से दूर हुत्त जाता हैं .........

पूर्वी फिर अपनी जीभ करीम के गार्डन पर ले जाती हैं और वहीँ उसके पसीने को अपने जीभ से चाटने लगती हैं ....... उसके मुँह में एक बार फिर से करीम का गन्दा पसीना उसके जीभ के रस्ते अंदर जा रहा था ....... मगर आज उसे सब कुछ ाचा लग रहा था ..... वो ऐसे hi अपनी जीभ फेरते हुए करीम के सीने पर ले जाती हैं और वहीँ भी ाचे से चाटने लगती हैं ...... फिर वो जैसे hi अपनी जीभ करीम के काळा काळा निप्पल्स पर ले जाती हैं करीम एक पल के लिए तो मनो उछाल पड़ता हैं .... आज तक उसके निप्पल्स पर किसी ने ऐसे जीभ नहीं फेरे थे ........

वो झट से पूर्वी के बल को अपनी मुठी में कसकर बीच लेता हैं ........ पूर्वी एक नज़र उसके आँखों में देखती हैं फिर वो मुस्कुराते हुए फिर से करीम के दोनों निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर बरी बरी से चूसने लगती हैं ........ करीम के मुँह से भी सिसकारी निकल रही थी .......

पूर्वी - अब तुम यहाँ पर आवो डाइनिंग टेबल पर ........

करीम भी झट से डाइनिंग टेबल पर आकर बैठ जाता हैं ........ पूर्वी उसे आपने हातो से पिट के बल सुला देती है…

पूर्वी फिर आगे बढ़ती है और करीम के लुंड को थामे हुए आगे पीछे करती है ........





ऐसे hi थोड़ी देर करने के बाद पूर्वी उसके लुंड पर अपना होंठ रखकर ....... बहुत आराम से अपनी जीभ उसपर पूरा फेरने लगती हैं ...... करीम ज़ोरों से सिसक पड़ता हैं ..... इस वक़्त उसकी लाजत से आंखें बंद हो गयी थी ..... पूर्वी के मुँह की गर्माहट ने उसके लुंड में मनो हलचल सी मचा दी थी ........ पूर्वी फिर अपनी जीभ करीम के लुंड के टोपे पर ले जाती हैं और उसके सुपडे को बड़े आराम से चाटने लगती हैं ....... फिर धीरे धीरे वो अपने चूसने की रफ़्तार बढ़ने लगती हैं ...... करीम इस समय जन्नत में था .......... पूर्वी अपनी जीभ करीम के लुंड पर चला रही थी जिस से करीम अब झरने के बेहद करीब था ........ कभी कभी वो नीचे अपनी जीभ फेरते हुए उसके लुंड के दोनों बॉल्स पर ले जाती और वहां भी चाट लेती ..........

इस वक़्त करीम का लुंड पूर्वी के थूक से पूरा गिला हो गया था और चमक रहा था ....... पूर्वी एक बार तो करीम के बॉल्स को अपने मुँह में पूरा लेकर चूस लेती जिस से करीम और उछाल पड़ता हैं ......... ऐसे hi काफी डियर तक वो करीम के लुंड से खेलती हैं ...... और इधर करीम का भी लुंड पर प्रेशर बढ़ने लगा था वो अब बहुत जल्दी उसका होने वाला था इस लिए वो झट से अपना लुंड पूर्वी के मुँह से हटा लेता हैं ........

पूर्वी उसे देखकर बहुत हौले हौले मुस्कुराने लगती हैं ....... तभी करीम वहां से उठता हैं और वो पूर्वी को अपने गॉड में उठा लेता हैं और उसे वहीँ टेबल पर सुला देता हैं ....... फिर वो वहीँ रखे दो तीन अंगूर अपने हाथों में लेता हैं और उसे पूर्वी के छूट के अंदर डालने लगता हैं ...... पूर्वी भी एक तुक करीम को देखे जा रही थी .......

पूर्वी - करीम अब जल्दी से अपना लुंड मेरे अंदर डालो और मेरी चुदाई करो ...... अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है ....... कब से मैं तुम्हारे इस लुंड के लिए तड़प रही हूँ .......

करीम भी मुस्कुराते हुए पूर्वी को अपनी बाँहों में ले लेता हैं और झट से उसके होंठों को चूसने लगता हैं ..... अब वो वक़्त आ गया था जब पूर्वी करीम के लुंड को अपने गहराई में महसूस करने वाली थी ....... जिस पल का करीम को भी बहुत शिद्दत से इंतज़ार था ........

करीम – पूर्वी बहुरानी… मैं अपना लुंड तेरी छूट में डालूंगा मगर ….

इतना कहकर करीम खामोश हो जाता हैं ....... पूर्वी एक नज़र करीम के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं .....

पूर्वी - मगर क्या ???? आज मुझे सब मंज़ूर हैं .... बोलो और कोई ख्वाहिश .......

करीम - मैं आज तुजे नहीं छोडूंगा बल्कि आज तू मुझसे छुडवेन्गी ........ आज मैं नीचे सौंगा और तू मेरे ऊपर चढ़कर मुझसे अपनी छूट छुडवेन्गी .........

पूर्वी का चेहरा शर्म से लाल पढ़ जाता है करीम के मुँह से ऐसी बात सुनकर .......

पूर्वी ने इससे पहले कभी इस तरह की पोजीशन में आपने हस्बैंड से चुदाई नहीं करवाई थी ...... उसे बहुत शर्म आर रही थी मगर कहीं न कहीं उसे ये सब ाचा भी लग रहा था ....... तभी करीम उसे अपने गॉड में उठा लेता हैं और टेबल पर जाकर पीठ के बल सो जाता हैं और फिर पूर्वी को अपने ऊपर आने का इशारा करता हैं ........

पूर्वी भी करीम को एक नज़र देखती हैं फिर वो झट से करीम के ऊपर आती हैं और अपनी छूट करीम के लुंड पर सटाकर बैठ जाती है...





जैसे hi उसकी छूट करीम के लुंड पर टच होती हैं पूर्वी के जिस्म के रोएं एक बार फिर से खड़े हो जाते हैं ...... उसकी धड़कनें एक बार फिर से तेज़्ज़ हो जाती हैं ........ करीम झट से अपने दोनों हाथों से पूर्वी के दोनों बूब्स को थम लेता हैं और पूरी ताक़त से उसे कसकर मसलना शुरू करता हैं ........ पूर्वी के मुँह से सिसकारी फिर से फुट पड़ती हैं .....

पूर्वी – आआआअह्हह्ह्ह्हह्हआआ……

jaaaaaraaaaaaaaaaa….. धीरीईईईई….

सीई………. Dabaaaooooooooooo….

Naaaaaaaaaaa… कॅरियम्मम्मम्मम..

करीम- धीरीईई.. सी…. मज़ा…. नहीं…. ाआता.. हैईईई.. मेरिइइइइ…

Raaaaaaanddddddddddd….

पूर्वी- darddddddddddddd… होऊ…

Rahaaaaaaaaaaaa…. हैईईईई……

इस वक़्त उसकी छूट पूरी तरह से गीली थी ...... पूर्वी फिर अपना एक हाथ करीम के लुंड पर ले जाती हैं और उसके लुंड को अपने छूट के छेद पर एडस्ट करती हैं और उसे फिर अंदर ढ़ाके मरने का इशारा करती हैं .......

करीम धीरे धीरे धक्के मरने लगता है ..





और आपने होंटो को पूर्वी के होंठों पर रख देता हैं और उसे चूसने लगता हैं … वहीँ अपने दोनों हाथों से पूर्वी के दोनों बूब्स को बेरहमी से मसलने लगता हैं ........ फिर वो अपना लुंड पर धीरे धीरे दबाव डालने लगता हैं ....... पूर्वी के मुँह से सिसकारी और तेज़्ज़ हो जाती हैं जब वो करीम का लुंड अपने छूट पर फील करती हैं .......

करीम फिर बिना एक पल के डियर किये एक ज़ोर का धक्का देता हैं और इस बार करीम का लुंड पूर्वी की छूट को चीरता हुआ अंदर करीब 3 इंच तक समां जाता हैं ...... इस वक़्त उसका सूपड़ा उसके छूट में पूरा उतर गया था .....

पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaa .......... sssssssssssssss ........... hhhhhhhhhhhhhhhhh ......... iiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

लज्जत से उसका मुँह पूरा खुल जाता हैं मगर करीम वैसे hi उसके मुँह में अपना होंठ रखकर चूसे जा रहा था ........ फिर से वो अपना लुंड थोड़ा सा बहार की ओरे निकलता हैं और फिर उतनी hi तेज़ी के साथ एक करारा धक्का मरता हैं जिस से उसका लुंड पूर्वी के छूट को चीरता हुआ करीब 6 िन्छ तक और अंदर उसके छूट में समां जाता हैं ....... इस बार उसके छूट में हल्का सा दर्द होता हैं मगर मज़े की कोई सीमा नहीं थी .......

कुछ पल तक करीम ऐसे hi अपने लुंड को वहीँ रोके रखता हैं फिर वो अबकी बार अपना पूरा लुंड तेज़ी से बहार निकलता हैं और इस बार उतने hi तेज़ी से अपना लुंड पूर्वी के छूट में पूरी गहराई तक उतरता चला जाता हैं ....... पूर्वी इस बार न चाहते हुए भी चीख पड़ती हैं

पूर्वी- मां...... mmmiiiiiiiiii……

aaaaahhhhhhhhhhhaaaaaaaaaa…..

Karimmmmmmmmmmmmmmmm….

Jarrrrrrrrrrrraaaaaaaaa……..

Dhireeeeeeeeeee..seeeeeeeeeee…..

उसके छूट के अंदर रखा अंगूर करीम के लुंड के हमले से फैट गया था जिस से उसका रूस उसके छूट से बहार की ओरे टपक रहा था ........ जो नीचे टेबल को पूरा गिला कर रहा था ....... पूर्वी को मनो ऐसा लगता हैं जैसे किसी ने उसके छूट में गरम लोहा दाल दिया हो .......

करीम कुछ डियर तक वैसे hi पूर्वी के छूट में अपना लुंड डेल रखता हैं ...... आज उसे सच में बहुत मज़ा आ रहा था ....... सुबह तो जल्दबाजी कई वजह से वो ऐसा मज़ा नहीं ले पाया था मगर अभी वो पूरा पूरा मज़ा लेना चाहता था ......... फिर कुछ डियर तक जब पूर्वी देखती हैं की करीम कुछ नहीं कर रहा तब वो खुद hi अपनी गांड उसके लुंड पर धीरे धीरे आगे पीछे करने लगती हैं .......





करीम इस वक़्त उसके दोनों निप्पल्स को बड़ी hi बेरहमी से मसल रहा था ....... जिस से उसके दोनों निप्पल्स पर लाल निशान पढ़ गए थे ....... और उधर पूर्वी वैसे hi करीम के होंठों को चूसे जा रही थी ........

इधर पूर्वी तेज़ी से अपनी कमर ऊपर नीचे हिलना शुरू करती हैं ....... और उधर करीम का लुंड पूरा उसकी छूट की गहराई में तेज़ी से अंदर बहार होने लगता हैं .......

पूर्वी - ssssssssssssssss .... aaaaaaaaaaaaaa ... iiiiiiiiiiiiiiii ......... eeeeeeeeeeeee

ऐसे आवाज़ें पूर्वी के मू से निकल रही थी ......

करीम - पूर्वी ज़रा खुल कर….. किसी रंडी की तरह मुझसे छुड़वा न ........

पूर्वी एक नज़र करीम को देखती हैं फिर वो तेज़ी से अपनी कमर आगे पीछे हिलने लगती हैं ......

करीम – हआ…. ऐसे…. Hi…. मेरी… रांड… पूर्वी… रांड… हआ..

पूर्वी करीम की तरफ देखकर हसती है..

करीम- तू तो अब बाजरू रांड से बेहतर चुदाई कर रही है…

पूर्वी- तुजे.. कैसे पता… तू बाजारू औरऑटो के तरफ जाता है क्या..

करीम- हआ.. जाता.. होऊ ..कभी कभी….

और ये कहकर पूर्वी के बूब्स को जोरदार दबाता है..

करीम- लेकिन उनकी छूट और आम तेरे जैसे कड़क नहीं होते है…

पूर्वी हसती है..

पूर्वी- चुप कर..

इस समय कमरे में फिक्छ ..... फूऊछ की आवाज़ें गूँज रही थी और ऊपर से पूर्वी और करीम के मुँह से सिसकारी से जो इस माहोल को और भी रंगीन बना रहा था ......... करीम और पूर्वी का जिस्म इस वक़्त पसीने से पूरी तरह से भीग गया था ...... करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद पूर्वी वहीँ हाफने लगती हैं और वहीँ करीम के जिस्म पर किसी लाश की तरह ठंडी पढ़ जाती हैं ....... एक बार फिर से वो झाड़ चुकी थी........

करीम भी पूर्वी के छूट की गर्माहट को अपने लुंड पर पल पल महसूस कर रहा था ....... करीम ये देखकर मुस्कुरा देता हैं फिर वो पूर्वी को वहीँ टेबल पर सुलाता हैं और उसके दोनों पवन उसके सर के पास कर देता हैं ...... अब पूर्वी की छूट और गांड करीम को न्योता दे रहे थी ..... इस पोजीशन में उसकी छूट और गांड पूरी तरह से खुल गयी थी ........

वो फिर अपना लुंड पूर्वी के छूट पर रखता हैं और इस बार बिना रुके तेज़ी से एक hi झटके में अपना पूरा लुंड अंदर पेल देता हैं ....... पूर्वी के मुँह से फिर से चीख निकल पड़ती हैं ........

पूर्वी- ahhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaa..

करीम को इस वक़्त बहुत मज़ा आ रहा था पूर्वी की छूट छोड़ने में ..... उसकी छूट एक दम टाइट थी ....... आज तक उसने हज़ारों लौडिया छोड़ी थी मगर इतनी टाइट छूट पहली बार छोड़ रहा था और वो भी इतने बड़े घर की बहु… शालिनी की भी इतनी hi टाइट छूट थी.. ........ वो भी पूर्वी की वजह से मिली थी..

करीम – पूर्वी ....एक बात कहूं .......

करीम पूर्वी को छोड़ते हुए पूछता हैं......

पूर्वी एक नज़र उसे देखती हैं इस वक़्त उसकी आँखें बिलकुल नशीली हो चुकी थी........

करीम – क्या तूने आज तक कभी मेरा इतना लम्बा और मोटा लुंड देखा हैं ...... क्या किसी ने कभी तेरी चुदाई मेरी जैसे की हैं ...... क्या कभी किसी ने तेरे इन दूधवों को मसाला है…

पूर्वी इस वक़्त सोचने समझने की स्थिति में बिल्कुल भी नहीं थी वो झट से बोल पड़ती हैं .....

पूर्वी – नहीं..

करीम- तेरे ... पति.. ने…

पूर्वी- नहीं..

करीम- मतलब तुम मई तुम्हारे पति से अच्छा छोड़ता हु..

ऐसे कहकर वो पूर्वी की आँखों मई देखता है…

पूर्वी- हां…

करीम के आँखों मई देखते हुई कहते है..

करीम- मतलब तेरे ये मस्त दूधवालों को तेरे पति से मई अच्छा मसलता हु..

पूर्वी- हां..

करीम- क्या तुजे ये अच्छा लगता है..

पूर्वी- हां..

करीम- क्या तुजे ये पसंद है..

पूर्वी- हां.

करीम- क्या तुजे मई पसंद हु..

पूर्वी- हां..

करीम- क्या तुजे मई तेरे शोहर से ज्यादा पसंद हु…

पूर्वी – हां..

करीम- मतलब तू तेरे शोहर को छोड़ के मेरे पास आ सकती है…

जब ये बात करीम करता है तो पूर्वी शांत हो जाती है. सिर्फ उसके आँखों मई देखते है..

करीम- बता न पूर्वी.. क्या तू मेरी बेगम बनेगी…. मेरी 4 तह बेगम…

पूर्वी सिर्फ उसकी आँखों मई देखती है… करीम हसता है .. और एक जोरदार किश करता है पूर्वी को…

करीम- मई कितना चुटिया हो.. तुजे मेरी बेगम बनाने की क्या जर्रोरत है.. बेगम वाली सारे काम तो तू ऐसे hi कर रही है.. तूने मुझे तेरा फ्लैट दे दिया है.. और तू मेरी रांड और रखेल बनाना को रेडी है…. रेडी है न..

पूर्वी हां मई गार्डन हिलती है…

करीम- मतलब तुजे मेरी बेगम बनाना की कोई जरूरत नहीं है.. लेकिन बेगम वाले सब काम करने होंगे .. करेगी न…

पूर्वी- हां.. करुँगी…

ऐसे कहते हुई पूर्वी करीम को किश करने लगती है..

पूर्वी - aaaa...sssss....hhhhh......please करीम अभी मेरी चुदाई करो बाद में ये साडी बातें करते हैं .......

करीम ये देखकर मुस्कुरा देता हैं ....

करीम फिर बिना एक पल के डियर किये अपना लुंड तेज़ी से और आगे पीछे करने लगता हैं और उधर पूर्वी की सिसकारी और तेज़्ज़ होती चली जाती हैं ...... करीम एक झटके में कभी पूरा लुंड पूर्वी के छूट से बहार निकलता और फिर उतनी hi तेज़ी से अंदर पूरा दाल देता ...... पूर्वी करीम के इस हमले से उछाल पड़ती ...... और करीब 5 मिनट के अंदर hi पूर्वी तेज़ी से चीखते हुए झरने लगती हैं ........ उसके मुँह से एक बार फिर से aaaaaaaaaaa....... ............ ssssssssssssssssssssssssssssssssssssss..............iuuuuuuuuuuuuuuuuuu........mmmmmmmmmmmmmmm.aaaaaaaaaaaaaa की सिसकारी निकल पड़ती हैं और वो वहीँ टेबल पर किसी लाश की तरह एक दम से ठंडी पढ़ जाती हैं..............

इधर करीम अभी भी अपना लुंड से पूर्वी की छूट की चुदाई कर रहा था ....... पूर्वी का दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा था ...... उसकी सां लेने से उसके दोनों बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे ....... करीम भी अब अपने चरम पर पहुँच गया था ....... तभी थोड़े डियर बाद करीम अपना लुंड पूर्वी के छूट से बहार निकल लेता हैं

करीम- इस को कहा निकालो…

पूर्वी सिर्फ करीम के तरफ देखने लगाती है..

करीम- इस नए शोहर से बच्चा पैदा करना चाहोगे क्या…

पूर्वी कुछ नहीं बोलती..

करीम- इस को तेरे छूट के अंदर उतर दू क्या…

पूर्वी करीम की तरफ hi देख रही थी .. कुछ सोचने के बाद वो ना मई गार्डन हिलती है.. स्माइल करते हुई.. फिर करीम आपने लुंड पूर्वी के मुँह के सामने ले जाता हैं ...... इस वक़्त उसके लुंड पर पूर्वी के छूट का पानी लगा हुआ था और अंगूर के छिलके भी कहीं कहीं दिखाई दे रहे थे .........

पूर्वी एक नज़र उसे देखती हैं फिर वो अपनी जीभ बहार निकल कर तेज़ी से करीम का लुंड को फिर से चूसने लगती हैं ...... करीम भी ज़ोरों से चीखते हुए झरने लगता हैं .........

करीम - aaaaaaaaaaaaa.........sssssssssss.. .......

उसका लुंड भी लावा उगलना शुरू कर देता हैं ....... उसका सारा छुम अब धीरे धीरे पूर्वी के मुँह को भरता जा रहा था ........ पूर्वी धीरे धीरे उसका सारा छुम अपने गले के नीचे उतरती चली जाती हैं ...... कुछ तो उसके होंठों के साइड से बहार की ओरे भी टपक रहा था ......... कुछ डियर तक वो करीम का लुंड पूरा अपने जीभ से साफ़ करती हैं ......... अब करीम का लुंड चमक रहा था ........

करीम पूर्वी के ऊपर गिर पड़ता हैं और कुछ डियर तक वैसे hi उसके ऊपर लेता रहता हैं ......... पूर्वी की आँखें इस वक़्त भी मदहोश थी ........ अब उसकी छूट की आग ठंडी हो चुकी थी ...... पूर्वी का पूरा जिस्म कैंप रहा था ......... अब उसके बदन में कोई ताक़त नहीं बची थी ...... उसके बदन की साडी गर्मी उसके छूट के रस्ते धीरे धीरे बहार निकलल रही थी ...... आज उसे चुदाई का जो मज़ा आया था वैसे मज़ा उसे आज तक कभी नहीं मिला था ......सुबह और अभी करीम ने पूर्वी की जो चुदाई की थी इस वजह से पूर्वी को जिंदगी मई पहली बार चुदाई का असली मतलब समाज मई आया था.. काफी डियर तक वो दोनों ऐसे hi एक दूसरे की बाँहों में बेसुध पड़े रहते हैं ........
 
करीम फिर थोड़ी डियर बाद वहां से उठता हैं और वहीँ पूर्वी को अपनी बाँहों में ले लेता हैं और उसके लबों को एक बार फिर से चूम लेता हैं ......

करीम – पूर्वी एक बात पुछु क्या..

पूर्वी के चेहरे पर शरती मुस्कान थी..





पूर्वी- अब कोनसी इच्छा बच्ची है.. आपकी….

पूर्वी हसते हुई कहता है …

करीम – पूर्वी… बहुरानी.. ( बहोत प्यार से ) आपने कभी आपने पति से अपनी गांड मरवाई हैं ...... क्या… क्यों की मुझे तो ऐसा नहीं लगता की छोटे मालिक ने कभी आपकी गांड मरी होगी .......

पूर्वी अड्डा के साथ कहती है..





पूर्वी- आप इतने प्यार से पूछ रहे हो तो मई इसका मतलब मई समाज गयी.. अब आपकी नज़र मेरे नाज़ुक गांड की तरफ है..

करीम – बताओ न पूर्वी.. रानीय..

करीम पूर्वी को बहू मई लेते हुई कहता है.. पूर्वी सब समाज रही थी की करीम के दिल मई क्या है .. किस वजह से करीम उस से इतने प्यार से बाते कर रहा है..

पूर्वी – मुझे पता है आपका क्या मकसद है … लेकिन आपको बता दू ...... कई बार मेरे पति से मेरा इस वजह से झगड़ा भी हो चूका हैं ......... मैंने अपनी गांड कभी भी अपनी पति को नयी दी …

करीम- पति को नहीं दी तो मुझे दे दो…

पूर्वी- मुझे समझ में नहीं आता की तुम मर्द लोग औरत के गांड के पीछे hi क्यों पड़े रहते हो .... पता नहीं इसमें तुम सब को क्या मज़ा मिलता हैं ...... मुझे नहीं मरवान कभी गांड .......... मैं ऐसे hi ठीक हूँ ...... न तुमसे न मेरी पति से…

करीम- एक बार दे दो…

पूर्वी- नहीं नहीं मैं कभी नहीं दूंगी… मैं वहां पर नहीं करवोंगी ........ मुझे बहुत दर्द होता हैं ......

करीम- नहीं होगा .. प्यार से कोरंगा..

पूर्वी- तुम और प्यार से…

करीम- सचमुच प्यार से कोरंगा…

पूर्वी - नहीं!!!! मैं वहां नहीं ले सकती तुम्हारा ......... मुझे hi पता है तुमने मेरी छूट का क्या हाल किया है ...... पता नहीं जब ये मेरी गांड में जाइएगा तो मेरी तो पूरी फट जाएगी ........ प्लीज करीम ......... मुझे सब मंज़ूर हैं मगर गांड नहीं........

करीम - फिर से नखरे........

पूर्वी- ये नखरे नहीं है…

पूर्वी की ऐसी बाटिओं से करीम मुस्कुरा पड़ता हैं..

करीम- आपकी ऐसे मस्त कड़क गांड आपके पति ने अभी तक नहीं मारी… ारे रे कितना नासमज है आपका पति… अगर मई आपका शोहर होता तो सुहागरात मई hi आपकी गांड और छूट की ओपनिंग करता ..

पूर्वी घूर कर एक नज़र करीम को देखती हैं …





पूर्वी - अब बंद करो अपनी ये बक बक ..... मुझे बाथरूम जाना है.. मेरे इतनी जोरदार चुदाई की है तूने की मुजसे अब चला भी नहीं जार अहा है.. मुझे बाथ रूम मई लेके चलो..
 
करीम - जो हुकुम पूर्वी ...... बहुरानी… आज आपने मेरे लिए इतना सब कुछ किया तो मेरा भी फ़र्ज़ बनता हैं की मैं आपकी सेवा करूँ .......

फिर करीम पूर्वी को अपनी गॉड में उठा लेता हैं और उसे वैसे hi उठाकर बाथ्ररोम मई लेकर जाता है ........

पूर्वी की गांड करीम की तरफ थी…

करीम - आपकी गांड तो इतनी सेक्सी हैं की बिना मरे तो किसी का दिल नहीं भरेगा .......

पूर्वी घूम कर करीम की तरफ देखती है.. उसके चहरे पर उसकी कातिल अड्डा थी..

करीम- आप भी कभी अपनी गांड मुझसे मरवा के देखो बहुरानी आपको भी बड़ा मज़ा आएगा ....... आज से ज्यादा..

पूर्वी- तुम फिर से सुरु हो गए.... मुझे कोई मज़ा करवाना नहीं है...

करीम - मैंने पहले hi कहा था की तुम शालिनी से ज्यादा नखरे करती वो...

पूर्वी करीम की तरफ गुस्से से देखते है..

करीम - शालिनी तो एक मिनट मई तैयार हो गयी...

पूर्वी जोरदार चिलाती है..

पूर्वी- क्या...

करीम ने झूठ बोलै था..

पूर्वी- क्या.. तुमने भाभी की गांड मारी ...

करीम- हां...

पूर्वी- कब

करीम- तुम निचे जाने के बाद...

पूर्वी - भाभी इतने जल्दी रेडी हो गयी...

करीम - हां... स्टार्ट मई नहीं बोलै लेकिन बाद मई रेडी हो गयी.... और तुम कितना नखरा कर रही हो.. तुम भी रेडी हो जाओ... ज्यादा दर्द होने नहीं दूंगा...

पूर्वी- दर्द बहोत होगा...

करीम- टेंशन मत लो.. मई हु न...

पूर्वी- तुम हो इस लिए तो डर लग रहा है... और तुम्हारा ये काला सांप.... इस से दर लगता है..

करीम- दर मत... मई आज रात को आने वाला हु.. तब तेरे गांड मुझे चाहिए..

पूर्वी- नहीं.. नही… मुझे बहोत दर्द होगा… मई रेडी नहीं हु.. तुम मत आओ…

करीम- कुछ नहीं होगा …

पूर्वी- तब घर पर सब होंगे.. मेरे हस्बैंड होंगे मेरे साथ.. इस मेरे बैडरूम मई… प्ल्ज़ ऐसा मत करो

करीम- डर मैट तेरे हस्बैंड को पता नहीं चलेगा…. तू सिर्फ रेडी रह.. तेरे ये कातिल गांड देने के लिए…..

पूर्वी- मुझे बहोत डर लग रहा है… मेरे हस्बैंड होंगे.. फिर घर पर अम्मी , पापा और मेरे ननद भी हूँगी… कैसे पॉसिबल है. कोई देख लेगा.. और हम कहा करेंगे..

करीम- डर मत.. सर्वेंट क्वार्टर मई karenge…padma के रूम मई….

पूर्वी- उसके रूम मई.. वो वही होंगी न…

करीम- उसको तो सब पता है

पूर्वी- हां.. उसे पता है लेकिन उसके सामने … नहीं बाबा मुजसे नहीं होगा..

करीम- उसको भी शामिल कर लेंगे..

पूर्वी हैरत से करीम की ओरे देखने लगती हैं

पूर्वी- नहीं.. नही.. ऐसे कैसे हो सकता है.. मैं कोई बाज़ारू रंडी तो नहीं हूँ की मई तुम किसी दूसरे औरत के साथ शेयर karu…kisi तीसरे के साथ मई ये सब नहीं कर सकती और वो भी माइड के साथ…

करीम - क्या बहुरानी ......तूने कभी ब्लू फिल्म नहीं देखि क्या ........ उसमें तो एक आदमी दो दो लड़कियां को एक साथ छोड़ता हैं ....... और वो मर्द उन दोनों औरतो की प्यास बुझाता हैं .....

पूर्वी - तुम सच में पागल ho......ye सब मुझसे नहीं होगा ......

करीम- चल.. अब नखरे मत कर… मई चलता हु.. रात को आऊंगा… और कल रसम को भी जाना है न…

पूर्वी न चाहते हुई भी करीम को हां बोलती है..

पूर्वी - रसम को तुम आ रहे हो..

करीम- तू अगर ले नहीं जाएगी तो शालिनी लेके जाएगी...

पूर्वी - मई कहा मन कर रही हु ... मई सिर्फ पूछ रही हु... रसम को अगर आना है तो आप को अच्छे से आना होगा.. ड्रेस अच्छा पहना पड़ेगा...

करीम- डर.. मत वो सब शालिनी करेगी... तू चिंता मत कर.. मई अब चलता हु

पूर्वी- रुको मुझे बहार तो छोड़ो … बीएड तक.. मई वह आराम कौरंगी.. तुम ने मेरी हालत बहोत ख़राब कर दी है… इस दो बार के चुदाई के बाद ऐसा लग रहा है जैसे सुबह से मेरे कितने आदमी ने चुदाई की है… तुम्हारा ये लुंड है या क्या है…

करीम हस्ता है.. और पूर्वी को बहू मई उठा लेता है.. जब बहू मई पूर्वी को उठता है तब करीम का लुंड फिर से टाइट हो गया था और वो पूर्वी की गांड को चूब रहा था…

पूर्वी- ये तो फिर से रेडी हो गया … तुम से ज्यादा कमीना तो ये लग रहा है…

करीम पूर्वी को बीएड पे लेता देता है..

करीम- ये फिर से एक राउंड मांग रहा है…

पूर्वी- नाहीइ.. नाहीई.. मई मर जाउंगी.. अब … मुझे अब चलना भी नहीं हो रहा है.. रात को अम्मी और अरुण आएगा तो उनके सामने जाने की , उनसे बात करने की थोड़ी तो ताकत मुज मई होनी चाहिए न… प्ल्ज़ अब मुझे छोड़ दो.. रात को तुम ाही रहे हो न… फिर कर लेना…

करीम - उनको बीमारी का बहाना कर दो और आराम करो

नहीं नहीं

करीम- कुछ भी नहीं होगा मेरी बेगम.. और वैसे भी

जब करीम की इच्छा होती है तो वो किस की भी नहीं सोनाटा…

ऐसे कहते हुई उसके पेअर थोड़े उठा लेता है और आपने मुसल लुंड पूर्वी के छूट मई दाल देता है.. पूर्वी रोने लगाती है.. प्ल्ज़ मत करो ऐसे hi बोल रही थी..

पूर्वी की जोरदार चुदाई शुरू कर देता है.. थोड़े देर बाद पूर्वी भी साथ देने लगाती है… पहले से hi दोनों थके हुई थे इस वजह से इस बार करीम का जल्दी हो जाता है…

करीम वह से अरुण का एक ड्रेस पहन कर चला जाता है.. पूर्वी ने उसका ड्रेस पहले से फाड़ दिया tha..iss वजह से

______________________________

करीम के जाने के बाद पूर्वी आपने ड्रेस पहन कर सो जाती है.. रात को माइड पद्मा उसे उठा लेते है…

पद्मा- क्या हुआ मेमसाब

पूर्वी- चुप कर.. तुजे तो सबकुछ पता है न..

पद्मा- फिर से एक बार.. एक दिन मई दो बार.. मान गए आपको मेमसाब..

पूर्वी हस्ती है..

पद्मा- लगता है आपको करीम काका बहोत पसंद आ गए है..

पूर्वी- चुप कर.. उसके सात चुदाई करती हो और उसे काका बोलती हो..

पद्मा- वो बात तो है.. लेकिन मेमसाब आप को करीम पसंद आया या उसका बड़ा सा लुंड..

पूर्वी- मुजसे ऐसे गन्दी बात मत कर..

पद्मा- बताइना मेमसाब

पूर्वी शर्माती है…

पूर्वी- दोनों..

पद्मा- लेकिन मेमसाब आप को हम पहले से hi बता देते है उस से जरा बच के रहना…

पूर्वी- तू तो उसके साथ सब कुछ करने के बाद मुझे अब ऐसे क्यों बोल रही हो

पद्मा- वैसे अब आप जान hi गए हो गए की वो कंडोम इस्तेमाल नहीं करता है.. ज्यादातर

पूर्वी- हां…

पद्मा- बहोत सरे बड़े घर की बहु बेटी को वो प्रेजेंट करता है.. ऐसे hi उसकी आदत है…

पूर्वी थोड़ी देर सोचती है…

पूर्वी- दरवाजा बंद कर और जरा मेरे मालिश कर देना.. बहुत बदन दर्द कर रहा है… और अम्मी को बोल देना की मेरे सर मई दर्द कर रहा है इस वजह से मई सोई हुई हु..

पद्मा वैसे कह के फिर से पूर्वी के रूम मई आते है…

पद्मा – कहा मालिश करने है…

पूर्वी- सब बदन पर कर.. मुजसे चला नहीं जार अहा है.. कमीने ने मेरे हालत बहोत ख़राब कर दी है..

पद्मा- उसको गाली भी दे रही हो आप और उसे छुड़वा भी लेते हो… आप का तो कुछ समाज मई नहीं आता मेमसाब..

पूर्वी- चुप कर और अचे से मालिश कर…

पद्मा- इतना hi बदन दर्द कर रहा है तो रात को उसको क्यों बुला लिया है आपने फिरसे उसे..

पूर्वी अपनी गार्डन घुमा लेती है… गुस्से से पद्मा की तरफ देखती है..

पूर्वी – मैंने कहा बुलाया है उसको… और तुजे कैसे पता

पद्मा हसते हुई कहती है..

पद्मा- जाते वक़्त उसने hi बताया था..

पूर्वी- क्या बतया .. मैंने उसको बुलाया है.. मई क्या पागल हु… सुबह से मेरे हालत इतने ख़राब की है और मई उसको क्यों बुलाओ

पद्मा- वैसे नहीं बोलै.. उसने .. सिर्फ वो आने वाला है… इतना hi बोलै..

पद्मा हसती है.. मालिश करते करते ..

पूर्वी- मेरे साथ मज़ाक कर रही है क्या…

पद्मा हसती है.. थोड़ी देर शांत रहने के बाद पद्मा बोलती है..

पद्मा – फिर रात को क्या करने का इरादा है..

पूर्वी- तुजे क्या करना है उस से..

पद्मा- मई तो ऐसे hi पूछ रही हु..

पूर्वी – तुजे तो उस के बारे मई इतना कुछ पता है तो तू hi बता..

पद्मा – शयद अब आपके गांड का नंबर है..

पूर्वी- क्या… क्या उसने तुजे बताया…

पद्मा- नहीं..

पूर्वी- तो तुजे कैसे पता

पद्मा – मई उसको अचे से जानती हु.. छूट के बाद वो गांड के पीछे hi पड़ा रहता है.. और वैसे आप के गांड का तो वो पहले से hi कायल है..

पूर्वी – तुजे उसने पहले hi बोलै था…

पद्मा हसते हुई..

पद्मा – हां

पूर्वी – कब

पद्मा- पहले hi …आप के चुदाई के पहले hi

पूर्वी- मतलब पहले से तू सब कुछ जानती थी..

पद्मा- हां…

पूर्वी- तू बहोत चालू है..

पद्मा हस्ती है..

पूर्वी – वैसे मैंने उसको नहीं बुलाया है… वो खुद hi आ रहा है.. मेरे गांड के पीछे पड़ा है वो…

इस पर दोनों हस्ती है..

पद्मा – तो रात को आप उसको गांड देने वाली हो..

पूर्वी – वैसे अभी तक कुछ सोचा नहीं है… बहोत बड़ा लुंड है उसका… इस वजह से दर लगता है…

पद्मा- मेमसाब.. अब आपके सोचने से कुछ नहीं होगा.. जो वो चाहेगा वही होगा.. अब आपके साथ

पूर्वी- चुप कर

और पद्मा को वो प्यार से थप्पड़ लगाती है..

पद्मा – वैसे मेमसाब साहिब ने कभी आपकी गांड ली है..

पूर्वी न मई गार्डन हिलती है..

पद्मा- फिर तो वो अब आपको नहीं छोड़ेगा… आप की तो कोई खैर नहीं..

पूर्वी – तू चुप कर .. अब तू यहाँ से चली जा… मुझे अब सोना है..

पद्मा- अभी आप सो लो … वैसे भी वो तो आपको रात मई सोने नहीं देने वाला है..

इस पर दोनों हँसाने लगाती है..

पूर्वी - वो….. वो जब रात को आएगा तो उसको तेरे रूम मई hi बिठा लेना.. और मुझे साल करना… नहीं तो वो अन्दर आएगा.. यहाँ अम्मी, पापा, अरुण या पूजा रहेगी …. किसी ने उसको देखा तो गड़बड़ हो जाएगी..

पद्मा – आप मत डरो …. मई सम्बल लुंगी….

--------------------------------------------------------------------------------------------------

अब पूर्वी सोई हुई थी… करीम ने रात का 10 बजे का टाइम दिया था पूर्वी को… जैसे hi करीम पद्मा के रूम मई पहुंचता है वैसे hi पद्मा पूर्वी को साल करती है.. पूर्वी पद्मा से शालिनी के बारे मई पूछता है … वो कोनसे रूम मई सोये हुई hai…padma सब कुछ बताते hai..thodi hi देर मई पूर्वी पद्मा के रूम मई आती है…. संजसवारकर.. एक निघ्त्य मई...





करीम झट से पूर्वी को अपनी बाँहों में पकड़ लेता हैं .......





पूर्वी भी धीरे से मुस्कुरा देती हैं ...... और पद्मा को कहते है तू यहाँ से बहार जा.. और कोई आएगा तो बता दे …

करीम - वैसे पूर्वी ........एक बात कहूं ......... तू अब दिन बा दिन निखरी जा रही hain.........aaj तो मुझे तू और भी ख़ूबसूरत लग रहीं hain......sab मेरे इस लुंड का कमल हैं .....लगता हैं........

पूर्वी - फिर से maska.......main ाचे से जानती हूँ की इसके पीछे तुम्हारा क्या मकसद हैं .......

करीम पूर्वी की गांड को मसलता है …

करीम – मई आज तेरे ये नाज़ुक गांड मारूंगा…

पूर्वी – नहीं… प्ल्ज़…. बहोत दर्द होगा

करीम - फिर से नखरा ........ आगरा मरूंगा तो गांड नहीं तो कुछ nahi…waise मेरे लिए तू अकेले नहीं है.. वो तो तू भी जानते है... तू अगर नहीं बोलेगे तो मई किसी दूसरे पास जा सकता हु... वैसे पद्मा भी रेडी है...

करीम ऐसे कहते हुई पद्मा की तरफ जाता है और उसे आपने गॉड मई बिठा लेता है.....

पूर्वी – करीम ......ये क्या पागलपन हैं...... मैं तुम्हें अपनी छूट तो दे रही हूँ ......... फिर मुझसे ऐसी be-rukhi किस liye........zidd छोड़ो न करीम ........

पूर्वी इस समय बहुत उलझन में फांसी हुई थी ....... अब वो करीम से एक पल भी दूर नहीं रहना चाहती थी ....... वो अपने हवस के आगे मज़बूर थी ........ काफी डियर तक वो ऐसे hi चुप रहती हैं ........

करीम - मुझे तेरा जवाब चाहिए ..........

पूर्वी - please...........ye कैसी ज़िद्द hain......maine ......

करीम – मुझे सिर्फ तेरे गांड चाहिए… समाजी…. नहीं तो गांड देने के लिए मुझे और भी ऑप्शन है… पद्मा रेडी hi है…. क्यों पद्मा तू मुझे गांड देगी न…

पद्मा हां मई गार्डन हिलती है…. पूर्वी पद्मा की तरफ गुस्से से देखते है…

पूर्वी- तू अभी तक बहार नहीं गयी क्या..

करीम गुस्से से बोलता है..

करीम – वो बहार नहीं जाएगी.. उसके सामने तेरे गांड मरूंगा मई आज…

पूर्वी - बस करो करीम ........ क्यों नहीं समझते तुम ......... मुझे वहां पर सेक्स पसंद नहीं .... पता नहीं क्यों मुझे बहुत घबराहट होती हैं ....... मैंने आज तक कभी अरुण को भी वहां पर सेक्स नहीं करने दिया ......... मई आज तुम्हारे लिए सांज सवार कर आयी हु.... और तुम ऐसे बोल ररहे हो..

करीम - मुझे नहीं सुन्नी तेरे ये बकवास ...... क्या इस से पहले मैंने किसी औरत की गांड नहीं मारी क्या.. ...... क्या उन तकलीफ हुई ...... नहीं ना ...... उन औरतो को तो बहुत मज़ा आया था … इस पद्मा की भी तो बहोत बार मारी है ........ इस को पूछ न…

पद्मा – मेमसाब .. आप करीम से गांड मरवा लो.. कुछ ज्यादा तकलीफ नहीं होगी…

पूर्वी पद्मा की तरफ गुस्से से देखता है…

करीम - ये तो बस तू मुझसे बहाना बना रहीं हैं ....... रहने दो तुजसे ये सब नहीं होगा ....... पद्मा तू इधर आ … आज तेरे hi गांड मरता हु….

और इतना कहकर करीम पूर्वी को ज़ोर से धक्का देता हैं और पद्मा के तरफ जाता है और पद्मा को आपने बहो मई ले लेता है . ... पूर्वी तुरंत आपने आप को संभालती हैं और फिर से करीम से आकर लिपट जाती हैं........

करीम - छोड़ मुझे .........

पूर्वी अब ाचे से जान गयी थी की करीम आज नहीं माननेवाला है ....... इस वजह से पूर्वी को करीम के आगे झुकना पड़ता हैं..... और वो करीम का कहना मान लेती हैं ........

पूर्वी - ठीक हैं करीम ........ अगर तुम्हारी एहि ज़िद्द हैं तो फिर एहि सही ......... मुझे तुम्हारी हर इच्छा मंज़ूर हैं ....... अगर तुम मेरी गांड मरना चाहते हो और अगर तुम्हें इसमें ख़ुशी मिलती हैं तो मुझे तुम्हारे ख़ुशी के लिए ये भी मंज़ूर हैं ........ लो निकल लो अपनी पूरी भड़ास ..... कर लो अपने सरे अरमान पूरे ...... अब मैं तुम्हें कभी किसी बात के लिए मन नहीं करूंगी ...... ये मेरा अब तुमसे वादा हैं ..........

पूर्वी झट से अपने सीने से दुपाता करीम की क़दमों में गिरा देती हैं ....... करीम उसे बड़े गौर से एक तुक देख रहा था .........

करीम - सोच लो पूर्वी फिर से एक बार ...... कहीं बीच मई तेरा इरादा तो नहीं बदल जायेगा .......

पूर्वी - नहीं ........अब मैं अपनी जुबान से पीछे नहीं हटूंगी ......... तुम मुझे जैसा चाहे वैसा आज़मा लो ........

करीम के चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी ........ अब वो पूर्वी को अपनी मुट्ठी में कर चूका था .......... अब उसका एक और सपना भी पूरा होने वाला था ........ वो औरत की छूट की आग से ाची तरह वाकिफ था ........ देखना ये था की अब करीम पूर्वी से आगे क्या क्या करवाता हैं ................................................

करीम झट से आगे बढ़ता हैं और पूर्वी का लैब चूम लेता हैं …..

करीम - अब तुम मेरे रंडी हो ....... अब तेरे जिस्म पर अब मेरा हक़ हैं ....... आज के बाद तेरे दो पति हैं ..... एक मैं ...... दूसरा छोटे मालिक … ....और हाँ मेरा जैसा जी करेगा मई तेरे जिस्म के साथ खेलुंग ...... हैं न .......

पूर्वी - हाँ करीम ......मेरा जिस्म पर अब तुम्हारा पूरा हक़ हैं ........ .मैं अब आपकी रंडी हूँ ......

पूर्वी की सांसें फिर से भरी हो चली थी ....... एक बार फिर से उसके जिस्म के रोएं खड़े हो गए थे ....... पूर्वी ने ये बात भले hi करीम से कह दी थी मगर वो ाचे से जानती थी की आने वाला वक़्त उसके लिए कितनी तकलीफ देने वाला हैं ...... करीम का मुसल लुंड उसकी क्या हालत करने वाला है वो अचे से जानती थी …. पद्मा के तरफ करीम न चला जाये ये उसको डर tha…saath मई छूट की प्यास भी थी … मगर उसे इस प्यास के लिए आज सब कुछ मंज़ूर था ........ करीम एक तुक पूर्वी के चेहरे को देख रहा था ....उसके चेहरे पर भी मुस्कान साफ़ झलक रहे थे ........

करीम का एक हाथ अभी भी पद्मा के कमर में था ...... फिर वो दूसरा हाथ पूर्वी के कमर मई डालता है …. अब सिचुएशन ये थी की इस काळा बूढ़े टेलर के एक साइड मई निहायती खूबसूरत , कोमल , सांज सावरकर तैयार हुई पूर्वी थी, जो एक निघ्त्य मई थी, और दूसरी बाजू मई एक 40 साल की सावली सी पद्मा थी… इन् दोनों की कभी भी बराबरी नहीं हो सकती थी… लेकिन करीम पूर्वी को जलील करने के लिए ये कर रहा था…

ऐसे सिचुएशन मई करीम पद्मा के गालो को किश कर रहा था… पूर्वी के कमर मई हाट डालते हुई… पूर्वी की तरफ वो देख भी नहीं रहा था… पूर्वी अभी भी सवाल भरे नज़रियों से करीम को देख रही थी ...... उसे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था की करीम आखिर ऐसा क्यों बेहवे कर रहा है ….

पूर्वी माउस होकर वह से जैसे hi जाने के लिए मुड़ती हैं करीम झट से पूर्वी का हाथ पकड़ लेता हैं ..... करीम के इस तरह हाथ पकड़ने से वो वहीँ रुक जाती हैं और करीम की ओरे एक तुक देखने लगती हैं ......

पूर्वी – मुझे क्यों रुकैया …. जो भी करना है उसके साथ hi करो….

पूर्वी गुस्से मई कहती है…

करीम कुछ नहीं बोलता और पूर्वी को अपनी तरफ खींचता है… और उसके गाल को किश करने लगता है.. पूर्वी भी अब कुछ ज़्यादा सवाल नहीं करती और झट से करीम के पास आती हैं और उसके गले लग जाती hain....Karim बड़े प्यार से उसके लबों को चूम लेता हैं ....... अब उसने दोनों को आपने आगे की तरफ ले लिया था और वो बारी बारी दोनों को चुम रहा था… ये ऐसे hi 5-10 मिनट चलता है…..

करीम – ये आपने कपडे उतर दो…. हमारे बीच ये दीवार को क्यों रखे हो….

पूर्वी - ाचा तो अब मेरे कपडे तुम्हारे लिए दीवार बन गए हैं ........ अगर ऐसी बात हैं तो फिर ये दीवार ऐसे hi रहने दो .......

पूर्वी धीरे से मुस्कुराते हुए कहती हैं.....

करीम झट से पूर्वी को अपने और करीब खींच लेता हैं और उसके कमर पर अपने दोनों हाथ रख देता हैं ….

करीम - उतरो न ये कपडे ..... तू मुझे बिन कपड़ों मई hi ज़्यादा ाची लगती हैं ......... अगर तू मेरी बीवी रहती तो मैं तुजको शादी के बाद कभी कपडे पहनने hi नहीं देता ....... बस हमेशा इसी तरह से रखता ........

इस पर पद्मा हसने लगाती है… पूर्वी घूर कर करीम को एक नज़र देखती हैं और एक नज़र पद्मा को …

पूर्वी - सच में तुम बहुत गंदे हो ........ जाओ अब मैं इसे नहीं उतरने वाली ....... और मैं तुम्हारी बीवी थोड़ी न हूँ की जो मैं तुम्हारी हर बात मानूंगी ....... ये सब तुम अपनी बीवी से जाकर कहो .........

इतना कहकर पूर्वी करीम से दूर हो जाती है …. तभी करीम पीछे से उसके पास आता हैं .... उसकी नज़र पूर्वी की गांड पर थी .... वो उसकी गांड को घूरते हुए अपना एक हाथ धीरे से अपने लुंड पर ले जाता हैं ...... और वहीँ पेण्ट के ऊपर से hi अपने लुंड को मसलने लगता हैं ......... फिर झट से वो पूर्वी के पास जाता हैं और अपना एक हाथ पूर्वी के सीने पर रख देता हैं और उसके एक बूब को पूरी ताकक से मसल देता हैं ...... पूर्वी न चाहते हुए भी ज़ोरों से सिस्का पड़ती हैं ..........

करीम फिर नहीं रुकता और फिर से अपनी जीभ पूर्वी के कान के नीचे रख कर बहुत आराम से चाटने लगता हैं .... करीम के इस हरकत से पूर्वी एक बार फिर से मचल जाती हैं ....... जैसे जैसे उसकी जीभ की रफ़्तार बढ़ रही थी वैसे वैसे पूर्वी की बेचैनी बढ़ती जा रही थी ....... उधर करीम के दोनों हाथ तेज़ी से हरकत कर रहे थे ...... वो कभी पूर्वी के बूब्स को मसल रहा था तो कभी उसकी गांड को ....... पूर्वी की धड़कें एक बार फिर से बहुत तेज़्ज़ हो चुकी थी ...... थोड़ी डियर बाद करीम पूर्वी के कपडे को एक एक कर उतरना शुरू करता हैं ...... पूर्वी इस वक़्त किसी बूथ की तरह करीम को अपने जिस्म पर पूरी मनमानी करने दे रही थी .......... करीम उसकी निघ्त्य निकलता हैं ........ और बाद में वो उसकी ब्रा और पंतय भी उसके जिस्म से अलग कर देता हैं ........ अब उस रूम मैं पूर्वी करीम के सामने एक बार फिर पूरी नंगी हालत में कड़ी थी ....... साथ मई उस रूम मई उसकी माइड भी थी… माइड का कायल आते hi पूर्वी को शर्म आ रही थी….

करीम - हाँ अब तू और भी हसीं लग रही हैं .........

इतना केखकर करीम एक बार फिर से पूर्वी के लैब चूम लेता हैं और कुछ डियर बाद वो पूर्वी को अपनी गॉड में उठाकर वहीँ बिस्टेर पर सुला देता हैं ........... पूर्वी एक तुक करीम को देख रही थी .......... जैसे hi उसकी नज़र माइड पर पड़ते है वो शर्म से अपनी आँखे बंद कर लेते है… और आपने हातो से आपने मू देख लेते है…

पूर्वी- पद्मा … तू यहाँ से चली जा… मुझे शर्म आ रही है…

पद्मा – मुझे क्या शर्माना मेमसाब… मई तो पहले से hi सब जानते हु…

पूर्वी – फिर भी तेरे सामने ये सब कुछ करना ….

पद्मा – कुछ नहीं होगा मेमसाब …. मई देखना चाहती हु की मेरे मेमसाब कैसे छुड़ाकर लेते है करीम से… और आपकी गांड की ओपनिंग करीम कैसे करता है… ये भी मुझे देखना है..

ऐसा कहकर पद्मा पूर्वी के हाँथ जो उसके चहरे पर थी उसे हटा लेते है…

पद्मा – मुजसे मत शरमाई … मेमसाब…

करीम फिर झट से पूर्वी के कान के पास जाता हैं और फिर से उसके कान के नीचे अपना जीभ बड़े हौले से फेरने लगता हैं … करीम के इस हरकत की वजह से पूर्वी अपनी आँखे खोलती है…

पूर्वी – मई ऐसा नहीं कर सकती … पद्मा तुम यहाँ से बहार चली जाओ….

करीम - क्या पूर्वी रानी ....... एक बार तो कहती हो की जो मैं कहूंगा वो तू करेगी और फिर से मन कर रही हो ........

पूर्वी – मई कहा मन कर रही हु… मई तो इस माइड को यहाँ से जाने के लिए मन कर रही हु…

पद्मा – मई यहाँ रहूंगी तो क्या फरक पड़नेवाला है मेमसाब….

पूर्वी – फर्क पड़ेगा पद्मा… तुम्हारे सामने ये सब मई नहीं कर sakati…muje शर्म आती है … ऐसा सेक्स तो मैंने कभी किया hi नहीं हैं ........

करीम – कुछ फरक नहीं पड़ता…

पूर्वी - तुम दोनों सच में पागल हो .........

करीम - तो फिर तू ये समझ ले की आज तू किसी पागल को अपनी छूट और गांड दे रहीं hain........main तो ऐसा hi हूँ........

और फिर करीम झट दे पूर्वी के निप्पल्स को अपनी मुँह में लेकर बड़े प्यार से चूसने लगता हैं ......... और अपनी जीभ धीरे धीरे फेरते हुए नीचे की ओरे बढ़ने लगता हैं पूर्वी के छूट के तरफ ......... पूर्वी एक बार फिर से बेचैन होने लगती हैं ...... करीम की बाटिओं से वो पूरी तरह से रोमांचित हो चुकी थी ....... मगर जो भी था उसे करीम की हर हरकत अब पसंद आ रही थी ........ करीम जैसे जैसे उसकी छूट की तरफ अपनी जीभ ले जा रहा था वैसे वैसे पूर्वी की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी ........ जैसे hi वो पूर्वी के छूट के पंखुड़ियों पर अपनी जीभ फेरता हैं पूर्वी न चाहते हुए भी ज़ोरों से सिसक पड़ती हैं ........ एक बार फिर से वो तड़प उठती हैं ......

पूर्वी - aaaaaaaaaaaaaaaa .... hhhhhhhhhhhhhhhhh …..

करीम फिर बिना डियर किये अपनी जीभ पूर्वी के छूट पर रख देता हैं और फिर से उसके छूट को चेतना शुरू करता हैं. ...... पूर्वी अपने पेअर करीम के सामने पूरा फैला देती हैं और अपने छूट को उसके जीभ पर धीरे धीरे रगड़े लगती hain.......is वक़्त उसकी आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi........nipples पूरी तरह से तन्न कर खड़े हो गए थे ........

पद्मा करीम के पीछे खड़े होकर दोनों की हरकते देख रही थी… उसने भी अब अपनी सदी का पालू निचे गिरा दिया था… वो अपनी मालकिन की हरकत देख रही थी…

पद्मा- मेरी मालकिन तो बहोत गरम हो गयी है…

पूर्वी उसकी तरफ देखत्ते है….

पूर्वी- तू चुप कर…. पद्मा…….

Aaaahhhhhhhhhhaaaaaaa…..

पद्मा – कितना गोरा बदन है करीम मेरे मालकिन का …. तेरे तो आज मज़ा hi मज़ा है करीम…

करीम – मख्हन … जैसा…

पद्मा- और उसकी छूट देख … न… कितने नाज़ुक है… गुलाबी छूट…. मेरी तो कितनी काली है… इतनी नाज़ुक गुअलभि छूट तू आज दो बार मारी क्या रे करीम…

पूर्वी- तू चुप कर … padmaaaaaaaaaaaaaaaa……

Plzzzzzzzzzzzzzzz……..

Aaahhaaaaaaaaaaa…….

Aaaaaahistaaaaaaaaaaaaaaaa…..

Karimmmmmmmmmmmmmmm….

करीम बहोत hi प्यार से पूर्वी की छूट चाट रहा था…

करीम – दो…. बारररर….. nahiiiiiiiiii…. तीनननननननन… बाअरर….

पद्मा – मतलब मालकिन आपने मुजसे झूट बोलै… अब हम एक hi लौड़े से छुड़ाते है… हम दोनों hi करीम की रांड है.. तो अब मुजसे ऐसे झूट नहीं बोलना है पूर्वी मैडम….

पद्मा मालकिन से मैडम पे आयी थी….

पूर्वी – aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa….

Hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaa……

पद्मा- करीम देख न.. उसके निप्पल कैसे तने हुई है… कितने गुलाभी है….

पूर्वी -- पद्मा … अब बस भी करेगी क्या…

पद्मा- पूर्वी मैडम .. सचमुच आपका बदन बहोत गोरा है .. आपकी छूट बहोत hi गुलाभी है.. और मेरे काली है.. आपको दिखाऊ क्या मेरी छूट….

पूर्वी झट से बोलती है…

पूर्वी- मुझे नहीं देखने है…

पद्मा अब पूर्वी के बाजू मई आकर बैठ गयी… और पूर्वी के एक निप्पल को आपने हाथ मई ले लिया…

करीम तो पुरे मुन्न से पूर्वी की छूट को चाट रहा था ....... अब पूर्वी भी झरने के बहुत करीब थी तभी करीम झट से अपने जीभ वहां से हटा लेता हैं ....... पूर्वी एक बार फिर से तड़प ुटठी हैं .......

पूर्वी – प्लीज ............... करीम .......... रुक क्यों gaye........meri आग को ठंडी करो naa.........aab मुझसे बर्दास्त नहीं होता ........ पल ..... इ ... आए .... ..s.s..eee...

पद्मा – है करीम … इस की आग अब ठण्ड कर hi लो… इस के छूट का और गांड का भोसड़ा बनादो…. ताकि ये किसी और से छुड़ाने के काबिल न रहे… आपने पति से भी… आज से ये तेरे रखैल है ... और मई रांड..... हाआआ... नाआ... पूर्वी मैडम ...

पूर्वी हां मई गर्दन हिलती है..

पद्मा - आज इससे ऐसे छोड़ना की ये आपने पति से आगे से छुड़वा न ले... सिर्फ तुजसे छुड़वाना होगा इससे... उसके पति का लुंड इससे आगे से पसंद hi न आये ऐसे छोड़ इससे करीम आज...

करीम एक नज़र पूर्वी को देखता हैं और फिर पद्मा को देखता है… वो धीरे से मुस्कुरा देता हैं ........ फिर वो झट से वो अपनी हाथ के दो फिंगर्स को पूर्वी के छूट के तरफ ले जाता हैं ......... पूर्वी उसकी हर हरकत को देख रही थी मगर रोकने की बिलकुल कोशिश नहीं कर रही थी ...... शायद उसे भी ये सब में मज़ा आ रहा था .......

______________________________

और वो दोनों फोगेर्स उसके छूट के अंदर डालता है... और उसे आगे पीछे करने लगता है... पूर्वी तड़प रही थी.. तड़प की वजह से वो अपनी गांड उप्पर उठा रही थी... उसके मू से जोर जोर से आवाजे आ रही थी.

पूर्वी - aaaaaaaahhhhhhhhhhhaa....

aiseeeeeeeeeee..... hiiiiiiiiiiiiiiiiiiii..mereeeeeeeee.... raaaajjjjjjjjjjjaaaaaaaaaaaa......

पद्मा- अब तो मेरे मालकिन मूड मई आ गयी है करीम...

पूर्वी - तू चुप कर... कक्कछिनाललललल....

करीम ने अपने दोनों हाथों से पूर्वी की छूट को पूरा फैला दिया… अब पूर्वी की छूट के अंदर के गुलाबी लिप्स साफ़ दिखाई दे रहे थे जो उसकी कामरुस में पूरी तरह से भीगे हुए थे...... करीम बड़े गौर से पूर्वी के छूट को एक तुक देख रहा था ........ फिर कुछ डियर बाद वो आपने जीभ उसके छूट की तरफ ले जाता है.. और अपनी जीभ उसके छूट के अन्दर दाल देता है… इस से पूर्वी जोरदार सिसक पड़ती है….

पूर्वी – aaaaaaaaaaaaaa………..

Hhhhhhhhhhhhaaaaaaaaa………

Mummmmmmmmmmmmm…….

iiiiiiiii……iiiiiiiiiiiii……

पद्मा- अब अम्मी नहीं करीम बोलै करो मेमसाब…

पूर्वी हस्ती है पद्मा को प्यार से चपत लगाती है… वैसे पद्मा पूर्वी का एक निप्पल आपने मू मई लेने की कोशिश करती है वैसे hi पूर्वी उसको मन करती है…

पद्मा – क्यों…

पूर्वी- मुझे पसंद नहीं है…

पद्मा – सिर्फ मर्दो का hi टास्ते अच्छा लगता है क्या आपको

पूर्वी – मुझे औरतो के साथ ये सब कुछ करना अच्छा नहीं लगता है…

करीम- कुछ नहीं होगा.. पद्मा बहोत अचे से चूसती है…

पूर्वी- प्ल्ज़.. करीम मुजसे नहीं होगा..

करीम- मई कह रहा हु.. कर लो एक बार..

और फिर पद्मा पूर्वी का एक निप्पल आपने मू मेल ेके चूस रही थी…

करीम बड़े हौले हौले उस अपनी जीभ को पूर्वी के छूट में अन्दर बहार कर रहा था .......... पूर्वी की छूट इस वक़्त पूरी तरह से गीली थी जिस से करीम की जीभ आसानी से अंदर की ओरे सरक रही थी ......... जैसे जैसे करीम की जीभ अंदर की ओरे जा रही थी वैसे वैसे पूर्वी की सांसें और भी तेज़्ज़ होती जा रही थी ........ एक अलग सा एक्ससिटेमेंट था इस खेल में ....... थोड़ी डियर बाद करीम अपनी जीभ को पूर्वी के छूट में पूरा अंदर दाल देता हैं ....... पूर्वी बड़े आराम से उसको अन्दर लेती रहती hain.....wo अपने छूट को कोई हरकत नहीं कर रही थी........

करीम फिर थोड़ा पीछे आता है और आपने मू उप्पर उठा लेता है… करीम फिर एक एक कर अपने सरे कपडे निकलने लगता हैं ....... पूर्वी उसे hi एक तुक देख रही थी ......... जब उसके बदन से सरे कपडे उतर जाते हैं तब करीम फिर से पूर्वी के पास आता हैं और उसके होंठों को बड़े प्यार से चूमने लगता हैं ...... पूर्वी भी उसका पूरा साथ देती हैं ........ इधर करीम उसके हूंतो को चूस रहा था और पद्मा उसके निप्पल को चूस रही थी…

करीम धीरे से पूर्वी के कानो मई कहता है…

करीम- पद्मा का ब्लाउज निकल दो…

पूर्वी न चाहते हुई भी पद्मा का ब्लाउज निकल देते है…. उसे बहोत घिन आ रही थी ये साब करते हुई.. और वो भी आपने माइड के साथ.. लेकिन करीम की वजह से उसे करना पद रहा था ….

करीम फिर से उसके हूंतो को चूस रहा था … फिर वो उसके दूसरे आम को आपने मू मई लेता है… एक आम को पद्मा ने आपने मू मई लिया था और दूसरे आम को करीम ने आपने मू मई लिया था… थोड़े देर ऐसे hi चलता है…

करीम - अब तू मेरे लुंड को पूरा अपने मुँह में लेकर चूस… जैसा दोपहर को चूसा था .........

पूर्वी करीम की बाटिओं को सुनकर चौंक जाती हैं .......

पूर्वी - क्या???? मई ये नहीं कर सकती….

करीम- थोड़े देर पहले तो किया था न तूने…

पूर्वी – तब हम दोनों hi थे… इस पद्मा के सामने नहीं कर सकती…

करीम- पद्मा को क्यों शर्मा रही है…. अब तक तो इस के सामने ये सब कुछ किया था न..

पूर्वी- मई नहीं कर सकती.. अब तक तो ठीक था.. ये नहीं कर सकती इस के सामने..

करीम पूर्वी की बाटिओं को सुनकर मुस्कुरा देता हैं …

करीम - वैसे पूर्वी …. तेरे जानकारी के लिए बता दूँ की तू अगर नहीं करेगी तो ये पद्मा करेगी…

पूर्वी – मुजसे नहीं होगा… जिस से करवना होगा उसे करवा लो..

पूर्वी गुस्से मई बोलती है…

करीम – तो ठीक है.. पूर्वी…. मुझे इस से कुछ फर्क नहीं पड़ता की मेरा लुंड तू चूसे या तेरे माइड पद्मा या तेरे भाभी शालिनी…. ......इस से मेरे कौन सी इज़्ज़त घाट जाएगी ......... वैसे तेरे भी कोनसी इज़्ज़त घटने वाली है… तू मेरा लुंड अकेली चूसेगी या और किसी के सामने.. तूने भी पहले भी ये मान लिया हैं की तू मेरे रंडी हैं ......... फिर इससे तुजको क्या फर्क पड़ता हैं की तू इस माइड के सामने चूस या अकेले मैं…

पद्मा – क्या .. करीम तूने इस के भाभी को भी छोड़ा क्या …

इस पर करीम बोलने से पहले hi पूर्वी झट से बोल पड़ती है..

पूर्वी – नहीं.. अभी तक तो नहीं… लेकिन शालिनी भाभी के पीछे पड़ा है…

(पूर्वी अपनी भाभी के बारे मई पद्मा को नहीं बताना चाहती थी…)

इस बात पर करीम के चहरे पर कातिल हसी आ जाती है .. और पद्मा को अब समाज मई आता है की क्यों करीम शालिनी मेमसाब की रूम पूछ रहा था..

पूर्वी बिलकुल नहीं समाजः पा रही थी की वो करीम की बाटिओं का क्या जवाब दें ....... कुछ डियर तक सब शांत रहते है….

करीम- चल पद्मा रानी.. अब तू hi मेरे इस लुंड को चूस….

करीम के ऐसे कहने पर पूर्वी कुछ सोचती है और कुछ पल के बाद वो भी धीरे से मुस्कुरा देती हैं .........

पूर्वी - सच में तुम बहुत बड़े कामिनी हो .........

पद्मा उठाती है … करीम का लुंड चूसने के लिए… उसके हाथ को पकड़कर पूर्वी निचे बिता देते है…
 
Back
Top