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अंकिता – क्या कहा तुमने 150 लड़किया??
पब – हाँ, अपने ठाकुर भानु का नाम सुना है. उस की हवेली पे hi जाना है.
अंकिता – क्या ठाकुर साहब ने बेजा है. पैर उन जैसे अच्छे आदमी के यहाँ पैर 150लड़कियों का एक साथ बीमार होना कुछ समाज नहीं आया. वो वह पे इतनी लड़किया आये कहा से.
पब – (थोड़े गुस्से में) – भानु और अच्छा आदमी… वो सेटन है सेटन. आप चलो मेरे साथ में आपको बताता हु. सस्ते में सब बूत प्लीज चोलो नहीं तो वो सब लड़किया मर भी सकती है. और इसकी जिम्मेदार आप होगी.
अंकिता भी इतनी जिंदगियों को बचने के लिए उनके साथ चलने को तैयार हो जाती है. और अपना जरुरी सामान ले कर चल देती है उस दोनों के साथ. और हेल्पर को कहा देती है की सभी से कहा देना की मैं एक एमर्जेन्सी में गयी हु. रस्ते में पब अंकिता को बताता है. की वो एक ठाकुर है और उसने कामिनी को पाने के लिए भानु को ललकारा और भानु लड़ाई में हार गया और वह से भाग गया. और जब उसने हवेली की तलासी ली तो उसको एक तहखाना मिला. जिस में 186 लड़किया कैद है. भानु एक दल्ला था. जो लड़कियों को बेचता था. अंकिता को पहले तो यकीं नहीं होता. पैर कोई इस तरह का मज़ाक करेगा भी क्यों. और उसने ठाकुर की हवेली को एक बार देख भी रखा था. वो ऐडा को नहीं जानती थी. पैर कामिनी से उसकी मुलाकात 1-2 पार्टीज में हो चुकी थी. 30 मं में जब वो लोग हवेली पहुंचे और अंकिता ने कामिनी से बात की और उसने भी वो hi बताया तो अंकिता को पूरा विस्वास हो गया की पब सच बोल रहा है. पब उसकी आखों पे कपड़ा बंद केर गर्डर वाले रस्ते से उसको अंदर ले गया. और जुली को अंकिता से मिलवा दिया. अंकिता की भी इतनी लड़कियों की इतनी बुरी कंडीशन देख कर रोने लगी और फिर चक करने लगी. कुछ देर चक कर के बोली – मेरे तो समाज में hi नहीं आ रहा की क्या करू और कैसे करू. ये तो इस कंडीशन में है या तो इनको इसी कंडीशन में रहने दिया जाये. तो ये जिन्दा रहेगी. और यदि इनके दिमाग को अब और छेड़ा गया तो ये मर भी सकती है.
पब – क्या तुमको लगता है. की इस कंडीशन में किसी भी लड़की को रखना उचित है. क्या इस जिंदगी से अच्छा मूट नहीं है?
अंकिता (आँखों में आशु लिए) – हाँ सच कह रहे हो इस कंडीशन से तो अच्छा मूट है. पैर मैं या कोई और भी डॉ. ने इनको छेड़ा तो कुछ भी हो सकता है. और ये स्टेज 3 वलियो का तो मंद ी बंद किया हुआ है. मेने इसकी ट्रेनिंग का पूरा परोसिस भी देख लिया मुझको तो नहीं लगता कोई डॉ. कुछ कर सकता है.
अंकिता की बात सुन कर जुली और पब टूट से जाते है और रोने लगते है. और जुली तो अंकिता के पेअर पाकर लेती है
जुली – प्लीज डॉ. कुछ करो, मेरे किये की सजा इन मासूस लड़कियों को मत दो. आप जो बोलेगी जैसा बोलेगी में वो करने को तैयार हु. पैर इन लड़कियों को बच लो. मेने पूरी जिंदगी बहुत लड़कियों की जिंदगी ख़राब की है. आज एक मौका मिला है कुछ करने का प्लीज प्लीज … डॉ. …. इन अब को बच लो … नहीं तो हम सब भी मर जायेगे. ..
अंकिता से पब और जुली का रोना देखा नहीं गया. वो सोचने लगी क्या लड़का है ये. वह हॉस्पिटल में मुझको ऐसे घर रहा था जैसे कभी लड़की न देखि हो. और यहाँ इन नंगी लड़कियों के साथ कुछ गलत करने की जगह इनको बचने के लिए रो रहा है. और एक ये है जुली, जिसने खुद hi इन लड़कियों की ये हालत की है और अब खुद hi इनको बचने के लिए कुछ भी करने को तैयार है.
अंकिता – ठीक है मैं 1 स्टेज 2 वाली लड़की पे तरय करती हु. यदि सब अच्छा रहा तो में सब को ठीक कर दूगी. मैं कुछ दवाइया लिख रही हु. और इस खुजली का एंटी दोस भी लिख रही हु. ये तुम सहर से मगवा दो.
पब उससे वो परचा ले कर ऐडा को दे अत है. ऐडा के साथ अवनि को भी जाने को बोलता है. तो वो दोनों चली जाती है. जब तक अंकिता स्टेज 1 वाली लड़कीको का इलाज करने लगती है. उनकी कंडीशन तो जुली और उसकी टीम ने hi ठीक कर दे थी. पैर वो जो सीख चुकी थी उसको भूलना मुश्किल था. केवल 10 लड़की hi अपने घर जाने के लिए तैयार थी वाकई सब ने मन कर दिया था. सबका कहना था. की अब हम जायेगे तो कोई भी हमको नहीं अपनाएगा. इससे अच्छा तो मर जाये. या यही रहे. पब भी उनकी बात से सहमत था. वो दुखी था की वो कुछ नहीं कर प् रहा है किसी के लिए भी. उन 10 लड़कियों को जुली की टीम घर छोड़ने के लिए जा चुकी थी. बाकि लड़कियों के लिए पब ने जुली से कहा की अभी इन को स्टेज 2 और 3 वाली लड़कियों की देख भल में लगाओ और फिर वो कुछ सोचता है की क्या करना है. इन सब के लिए.
2 ऑवर में दवा भी आ जाती है और फिर सब लग जाते है काम पैर. स्टेज 2 की सभी लड़कियों की खुजली पैर वो एंटी दोस लगा दिया जाता है. कर पब नहीं लगा पता उसको नंगी लड़कियों को छूने में सरम आ रही थी तो वो बहार hi बेथ कर सब को देखता रहता है. दूसरी तरफ अंकिता भी अपने काम में लगी थी. वो एक लड़की को ठीक करने में लगी थी. कुछ देर बाद
जुली – सबको एंटी दोस लगा दिया है. पैर इनकी कंडीशन अभी भी बेसी hi है. बस खुजली बंद हो गई है. पैर तुम्हारी पारी अब ठीक है. वो अभी भी योग की मुद्रा में है.
पब – हम्म देखो डॉ. कोसिस कर रही है. भगवन करे की ये सफल हो जाये.
जुली – हाँ इनको सफल होना hi होगा. भगवन मुझको इनको बच्चन को मौका दे कर अब इनको नहीं मर सकता है.
तभी अंदर से अंकिता के चिल्लाने की आवाज आती है नहीं , नहीं , नहीं … ये नहीं हो सकता….
अंकिता – क्या कहा तुमने 150 लड़किया??
पब – हाँ, अपने ठाकुर भानु का नाम सुना है. उस की हवेली पे hi जाना है.
अंकिता – क्या ठाकुर साहब ने बेजा है. पैर उन जैसे अच्छे आदमी के यहाँ पैर 150लड़कियों का एक साथ बीमार होना कुछ समाज नहीं आया. वो वह पे इतनी लड़किया आये कहा से.
पब – (थोड़े गुस्से में) – भानु और अच्छा आदमी… वो सेटन है सेटन. आप चलो मेरे साथ में आपको बताता हु. सस्ते में सब बूत प्लीज चोलो नहीं तो वो सब लड़किया मर भी सकती है. और इसकी जिम्मेदार आप होगी.
अंकिता भी इतनी जिंदगियों को बचने के लिए उनके साथ चलने को तैयार हो जाती है. और अपना जरुरी सामान ले कर चल देती है उस दोनों के साथ. और हेल्पर को कहा देती है की सभी से कहा देना की मैं एक एमर्जेन्सी में गयी हु. रस्ते में पब अंकिता को बताता है. की वो एक ठाकुर है और उसने कामिनी को पाने के लिए भानु को ललकारा और भानु लड़ाई में हार गया और वह से भाग गया. और जब उसने हवेली की तलासी ली तो उसको एक तहखाना मिला. जिस में 186 लड़किया कैद है. भानु एक दल्ला था. जो लड़कियों को बेचता था. अंकिता को पहले तो यकीं नहीं होता. पैर कोई इस तरह का मज़ाक करेगा भी क्यों. और उसने ठाकुर की हवेली को एक बार देख भी रखा था. वो ऐडा को नहीं जानती थी. पैर कामिनी से उसकी मुलाकात 1-2 पार्टीज में हो चुकी थी. 30 मं में जब वो लोग हवेली पहुंचे और अंकिता ने कामिनी से बात की और उसने भी वो hi बताया तो अंकिता को पूरा विस्वास हो गया की पब सच बोल रहा है. पब उसकी आखों पे कपड़ा बंद केर गर्डर वाले रस्ते से उसको अंदर ले गया. और जुली को अंकिता से मिलवा दिया. अंकिता की भी इतनी लड़कियों की इतनी बुरी कंडीशन देख कर रोने लगी और फिर चक करने लगी. कुछ देर चक कर के बोली – मेरे तो समाज में hi नहीं आ रहा की क्या करू और कैसे करू. ये तो इस कंडीशन में है या तो इनको इसी कंडीशन में रहने दिया जाये. तो ये जिन्दा रहेगी. और यदि इनके दिमाग को अब और छेड़ा गया तो ये मर भी सकती है.
पब – क्या तुमको लगता है. की इस कंडीशन में किसी भी लड़की को रखना उचित है. क्या इस जिंदगी से अच्छा मूट नहीं है?
अंकिता (आँखों में आशु लिए) – हाँ सच कह रहे हो इस कंडीशन से तो अच्छा मूट है. पैर मैं या कोई और भी डॉ. ने इनको छेड़ा तो कुछ भी हो सकता है. और ये स्टेज 3 वलियो का तो मंद ी बंद किया हुआ है. मेने इसकी ट्रेनिंग का पूरा परोसिस भी देख लिया मुझको तो नहीं लगता कोई डॉ. कुछ कर सकता है.
अंकिता की बात सुन कर जुली और पब टूट से जाते है और रोने लगते है. और जुली तो अंकिता के पेअर पाकर लेती है
जुली – प्लीज डॉ. कुछ करो, मेरे किये की सजा इन मासूस लड़कियों को मत दो. आप जो बोलेगी जैसा बोलेगी में वो करने को तैयार हु. पैर इन लड़कियों को बच लो. मेने पूरी जिंदगी बहुत लड़कियों की जिंदगी ख़राब की है. आज एक मौका मिला है कुछ करने का प्लीज प्लीज … डॉ. …. इन अब को बच लो … नहीं तो हम सब भी मर जायेगे. ..
अंकिता से पब और जुली का रोना देखा नहीं गया. वो सोचने लगी क्या लड़का है ये. वह हॉस्पिटल में मुझको ऐसे घर रहा था जैसे कभी लड़की न देखि हो. और यहाँ इन नंगी लड़कियों के साथ कुछ गलत करने की जगह इनको बचने के लिए रो रहा है. और एक ये है जुली, जिसने खुद hi इन लड़कियों की ये हालत की है और अब खुद hi इनको बचने के लिए कुछ भी करने को तैयार है.
अंकिता – ठीक है मैं 1 स्टेज 2 वाली लड़की पे तरय करती हु. यदि सब अच्छा रहा तो में सब को ठीक कर दूगी. मैं कुछ दवाइया लिख रही हु. और इस खुजली का एंटी दोस भी लिख रही हु. ये तुम सहर से मगवा दो.
पब उससे वो परचा ले कर ऐडा को दे अत है. ऐडा के साथ अवनि को भी जाने को बोलता है. तो वो दोनों चली जाती है. जब तक अंकिता स्टेज 1 वाली लड़कीको का इलाज करने लगती है. उनकी कंडीशन तो जुली और उसकी टीम ने hi ठीक कर दे थी. पैर वो जो सीख चुकी थी उसको भूलना मुश्किल था. केवल 10 लड़की hi अपने घर जाने के लिए तैयार थी वाकई सब ने मन कर दिया था. सबका कहना था. की अब हम जायेगे तो कोई भी हमको नहीं अपनाएगा. इससे अच्छा तो मर जाये. या यही रहे. पब भी उनकी बात से सहमत था. वो दुखी था की वो कुछ नहीं कर प् रहा है किसी के लिए भी. उन 10 लड़कियों को जुली की टीम घर छोड़ने के लिए जा चुकी थी. बाकि लड़कियों के लिए पब ने जुली से कहा की अभी इन को स्टेज 2 और 3 वाली लड़कियों की देख भल में लगाओ और फिर वो कुछ सोचता है की क्या करना है. इन सब के लिए.
2 ऑवर में दवा भी आ जाती है और फिर सब लग जाते है काम पैर. स्टेज 2 की सभी लड़कियों की खुजली पैर वो एंटी दोस लगा दिया जाता है. कर पब नहीं लगा पता उसको नंगी लड़कियों को छूने में सरम आ रही थी तो वो बहार hi बेथ कर सब को देखता रहता है. दूसरी तरफ अंकिता भी अपने काम में लगी थी. वो एक लड़की को ठीक करने में लगी थी. कुछ देर बाद
जुली – सबको एंटी दोस लगा दिया है. पैर इनकी कंडीशन अभी भी बेसी hi है. बस खुजली बंद हो गई है. पैर तुम्हारी पारी अब ठीक है. वो अभी भी योग की मुद्रा में है.
पब – हम्म देखो डॉ. कोसिस कर रही है. भगवन करे की ये सफल हो जाये.
जुली – हाँ इनको सफल होना hi होगा. भगवन मुझको इनको बच्चन को मौका दे कर अब इनको नहीं मर सकता है.
तभी अंदर से अंकिता के चिल्लाने की आवाज आती है नहीं , नहीं , नहीं … ये नहीं हो सकता….